भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिन्दल ने केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के एक साल की उपलब्धियों को ऐतिहासिक, अभूतपूर्व और शानदार बताते हुए कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत एक बार पुनः विश्व गुरू बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि यह एक वर्ष का कार्यकाल देश की अखंडता, संप्रभुसत्ता, गौरव को बढ़ाने वाले के साथ देश के जनमानस की दशा और दिशा बदलने वाला है। उन्होंने कहा कि आज 130 करोड़ देशवासी अपने यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर अराध्य की तरह पूर्ण श्रद्धा और विश्वास करते हैं और अपनी जान छिड़कते हैं। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार का यह एक वर्ष का कार्यकाल देश और दुनिया को नई दिशा देने वाला है। डा. बिन्दल ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा अभूतपूर्व साहस और दृढ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए देश की आजादी के समय से लंबित जम्मू कश्मीर के मामले को एक झटके में निपटाते हुए धारा 370 और 35 ए को समाप्त कर ‘एक देश एक निशान’ के फार्मूले को लागू कर अखंड भारत की परिकल्पना को साकार किया है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक निर्णय से जम्मू कश्मीर के हमारे भाई गर्व के साथ सिर उठा कर चल रहे हैं और हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्य जम्मू कश्मीर और लददाख केन्द्र शासित प्रदेश के लिए नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा जारी किए गए है। डा. बिन्दल ने कहा कि मुस्लिम समाज की महिलाओं के साथ दशकों से चले आ रहे भेदभाव को समाप्त करते हुए तीन तलाक की कुरीति को अवैध घोषित कर नरेन्द्र मोदी ने मुस्लिम महिलाओं को आजादी से जीने का अधिकार दिया है। उन्होंने कहा कि पडौसी देशों में धर्म के आधार पर भेदभाव का शिकार भारतवंसियों को भारत की नागरिकता प्रदान करने का जो कानून लाया है वह अपने आप में महान युगांतकारी निर्णय है। उन्होंने कहा कि भगवान राम लला जो राजनीतिक दलों के तुच्छ दृष्टिकोण के कारण दशकों से टेंट में रखे गए थे उनके लिए आयोध्या में भव्य मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हो गया हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की स्थिति तो ऐसी है कि वह अपनी सांप्रदायिक सोच के कारण भगवान राम के अस्तित्व को मानने को तैयार नहीं है, जबकि हम भारतीयों की हर सांस में प्रभु श्री राम बसते हैं। डा. बिन्दल ने कहा कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नडडा जी के नेतृत्व में सरकार और संगठन स्तर पर जिस प्रकार कोरोना महामारी से निपटपने के लिए अभूतपूर्व पग उठाए गए उसकी प्रशंसा यूएनओ, डब्ल्यूएचओ और अमेरिका जैसे देशों ने की है। उन्होंने कहा कि मोदी अपने शानदार जन हितैषी निर्णयों और दृढ़ इच्छा शक्ति के फलस्वरूप ग्लोबल लीडर के रूप में उभरे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण प्रभावित देश के 130 करोड लोग जिसमें, श्रमिक वर्ग, किसान, बागवान, गरीब जनता, मध्यम वर्ग, लघु एवं मध्यम उद्योग समूह आदि को राहत प्रदान करते हुए 20 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज भारत के इतिहास की सबसे बड़ी राहत राशि पैकेज है। डा. राजीव बिन्दल ने कहा कि प्रदेश की जयराम ठाकुर सरकार ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में शानदार कार्य किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के इस संकट काल में प्रदेश भाजपा सरकार और भाजपा संगठन ने जिस मुस्तैदी से गरीब और जरूरतमंद लोगों की सेवा की है उसकी देश और प्रदेश में भूरि-भूरि प्रशंसा हो रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी में हिमाचल का कोई भी व्यक्ति भोजन के अभाव में भूख नहीं सोया, रोगी को समय पर दवा मिली और वरिष्ठ नागरिकों तथा अन्य जरूतमंदों की प्रमुखता से देखभाल की गई, यह प्रदेश की जयराम ठाकुर सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है।
कुनिहार के विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी जो क्षेत्र में करोना महामारी से लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है का सम्मान भाजपा अर्की मण्डल की ओर से किया गया। मण्डल अध्यक्ष देवेंद्र कुमार शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रत्तन सिंह पाल विशेष रूप से उपस्तित रहे। इस दौरान विकास खण्ड कुनिहार, वन्य, स्वास्थ्य, पुलिस, विद्युत, लोक निर्माण विभाग, कृषि, सिंचाई एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को इस आपातकाल में बतौर करोना योद्धाओं के रूप में अपने विभागीय दायित्व के साथ साथ मानवता की मिसाल पेश करने के लिए मण्डल की ओर से स्मृति चिन्ह, पटका, हैंड सेनेटाइजर व मास्क देकर सम्मानित किया गया। कुनिहार क्षेत्र में सफाई कार्य के लिए सफाई कर्मचारीयो को भी सम्मानित किया गया। मण्डल अध्यक्ष ने सभी विभागीय अधिकारियों का स्वागत व धन्यवाद किया। तो वहीँ रत्तन सिंह पाल ने सभी अधिकारियों को प्रदेश सरकार के दिशानिर्देशनुसार व विभागीय आदेशो के तहत अपने फर्ज को बखूबी निभाने के लिए प्रशंसा करते हुए कहा कि करोंना की इस लड़ाई में सभी विभागों का सहयोग सराहनीय रहा है जिसे हमेशा याद रखा जायेगा। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से डॉ श्रुति व थाना कुनिहार एसएचओ जीत सिंह ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में सुरेश जोशी, इंद्रपाल शर्मा, दलीप पाल, विषय ठाकुर, चेत राम, आरपी जोशी, राजेन्द्र धीमान, कौशल्या कंवर, उषा शर्मा,सीमा महंत, राजीव शर्मा, राजेश शर्मा, दौलत राम चौधरी, सतीश नेगी, विवेक पॉल, विकास ठाकुर, महेंद्र चौधरी, राज कुमार शर्मा, पुनीत शर्मा, कृष्ण चन्द वर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे।
कांग्रेस पार्टी के तेजतर्रार नेता एवं पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने पिछले कुछ दिनों से अखबारों की सुर्खियां बने स्वास्थ्य विभाग में हुए कथित घोटाले का कडा संज्ञान लेते हुए भाजपा सरकार पर करारे प्रहार करते हुए कहा है कि प्रदेश की जयराम ठाकुर सरकार और केंद्र की मोदी सरकार कथित नौटंकी और ड्रामाबाजी बंद करे। उन्होने कहा कि हिमाचल में सार्वजनिक हुए स्वास्थ्य निदेशक द्वारा कथित लेनदेन अथवा घूसख़ोरी के मामले को लेकर नैतिकता का हवाला देकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष द्वारा दिए गए त्याग पत्र के बाद मामले की कथित विजिलेन्स से जांच करवाने और केंद्रीय भाजपा नेत्रत्व द्वारा सारे मामले की रिपोर्ट तलब करने की बजाए यातो मुख्यमंत्री से त्याग पत्र लिया जाए या फिर भाजपा सरकार के गले - गले तक कथित भ्रष्टाचार में संलिप्त होने के आरोपों अथवा एक के बाद एक घोटाले किए जाने के कानूनी अपराध के लिए दंडित करते हुए हिमाचल सरकार को तुरंत बर्खास्त किया जाए। बंबर ठाकुर ने कहा कि बेशर्मी की भी हद होती है, किन्तु भाजपा नेता अखबारों में ऐसे वक्तव्य दे रहे हैं जैसे भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरने के बाद इसने कोई बहुत बड़ा तीर मार दिया हो अथवा कोई बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली हो। उन्होने कहा कि अब तो भाजपा के बड़े- बड़े नेताओं ने भी स्वीकार करना शुरू कर दिया है कि हिमाचल के कुछ अधिकारी जो ऐसा कृत्य कर रहे हैं, क्या वे सेवा कर रहे हैं, या लुटेरों की फौज है । बंबर ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से ही भाजपा शासन में हो रहे घपलों –घोटालों का पर्दाफाश करती आ रही है, लेकिन जानबूझ कर इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया और अब जब मामला सार्वजनिक हो गया तो मजबूरी में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष से इस्तीफा लिया गया। उन्होने कहा कि विभाग मुख्यमंत्री के पास और इस्तीफा भाजपा अध्यक्ष दे, यह बात किसी के भी समझ से परे है। उन्होने कहा कि इस समय प्रदेश में कितने ही ऐसे मामले हैं, जिनकी जांच सरकार करने से कतरा रही है। उन्होने कहा कि बिलासपुर मे कथित सुरक्षा किटें खरीद घोटाला, शिमला में सेनेटाईजर घोटाला और स्वास्थ्य विभाग रिश्वत घोटाला की गूंज सारे प्रदेश में जन -जन तक पहुँच जाने पर अब भाजपा नेता इतने बौखला गए हैं कि उन्हें अपना मुंह छुपाने तक को जगह नहीं मिल रही है। बंबर ठाकुर ने कहा कि भाजपा के जो नेता यह कर अपने भ्रष्टाचार को उचित बताने का प्रयास कर रहे हैं कि कांग्रेस राज में घोटाले करने वाली पार्टी के नेताओं को इस मामले में कुछ भी बोलने का अधिकार नहीं है। उन्हें नहीं भूलना चाहिए कि जिन नेताओं ने कांग्रेस राज में भ्रष्टाचार किया उन्हें कांग्रेस पार्टी सरकारों ने ही सलाखों के पीछे पहुंचाया और उन्हे दंडित करवाया किन्तु भाजपा इन गंभीर अपराधों में फसने वालों को जांच के बहाने बचाने का प्रयास कर रही है, जो देश व समाज के लिए कतईतौर पर उचित नहीं है। उन्होने मांग कि भ्रष्टाचार के इन सभी मामलों की जांच सी बी आई को सौंपी जाये और दोषियों को हर सूरत दंडित किया जाए।
आईपीएस अफसर और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के प्रधान सचिव संजय कुंडू हिमाचल के अगले डीजीपी होंगे। सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। डीजीपी सीता राम मरडी 31 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। संजय कुंडू सीएम जयराम ठाकुर के करीबी अधिकारियो में गिने जाते हैं। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटने के बाद आईपीएस संजय कुंडू को प्रिंसिपल सेक्रेटरी टू सीएम लगाया था। हालांकि डीजीपी के लिए 3 आईपीएस अफसर 1984 बैच के सोमेश गोयल, 1989 बैच के एसआर ओझा और 1989 बैच के ही संजय कुंडू के नाम का पेनल यूपीएससी ने फाइनल कर सरकार को भेजा था। लेकिन सरकार ने कुंडू को डीजीपी बनाने का फैसला किया है। संजय कुंडू एक जून से कार्यभार संभालेंगे।
पूरी दुनिया का एक ही रोना, ये कोरोना कैसी बीमारी है। हर देश में फैल रहा संक्रमण, बन गयी बीमारी से महामारी है।। चारों ओर मचा है हाहाकार, कोरोना से प्रभावित दुनिया सारी है। अपनों से मिल रहा वायरस उपहार, क्या बीमारी से हमारी रिश्तेदारी है।। बन्द कमरे में बिखर गयी जिन्दगी, गरीबों पर पड़ रही भारी है। कामकाज सब बन्द हो गये, चारों तरफ फैली बेरोजगारी है।। अपनी यात्रा के राज छुपाकर, लोगों से मेलजोल जारी है। कुछ लोगों की ना समझी से ही, फैल रही ये महामारी है। एक दिन जरूर हारेगा कोरोना, पर अभी खेलनी शायद लंबी पारी है। सामाजिक दूरी से ही होगा बचाव, ये समझना,समझाना नैतिकता हमारी है।। लॉक डाउन के नियमों का पालन ही, करने में हमारी समझदारी है। बीमार,बुजुर्ग और बच्चों का ख्याल रखना, ये हमारी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।। सन्देश दे रही है सुनीता, छूने से भी फैल रही महामारी है। समझदारी से लेंगे काम तो, अन्त में जीत निश्चित ही हमारी है। सुनीता चौहान करसोग हिमाचल प्रदेश
स्वास्थ्य विभाग के पीपीई किट घोटाले में गिरफ्तार कथित आरोपी स्वास्थ्य निदेशक अजय गुप्ता को सत्र न्यायालय ने जमानत दे दी है। हालांकि विजिलेंस गुप्ता का 5 दिन का रिमांड मांग रही थी लेकिन जिला सत्र ने ये कह कर उनकी मांग को ख़ारिज कर दिया कि 10 दिनों में उन्होंने गुप्ता से क्या पूछताछ की। ऑडियो क्लिप के अलावा विजिलेंस के पास गुप्ता के ख़िलाफ़ क्या सबूत है? इस पर विजिलेंस संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई। गुप्ता के वकील कश्मीर सिंह ठाकुर ने दलील दी कि पीपीई किट ख़रीद कमेटी में स्वास्थ्य सचिव और डिप्टी डायरेक्टर का ज्यादा रोल है। ऐसे में गुप्ता को बेवजह गिरफ्तार किया गया है। जिला सत्र न्यायाधीश ने ये भी कहा कि इस दौरान गुप्ता गवाह और किसी को फ़ोन नहीं करेंगे। यदि कोई गड़बड़ी करते हैं तो उनकी जमानत रद्द करने के लिए विजिलेंस कोर्ट आ सकती है। इसलिए ये जमानत सशर्त दी गयी है। बता दे कि 26 मई को जिला सत्र न्यायाधीश ने उन्हें 5 तीन के पुलिस रिमांड पर भेजा था। गुप्ता को स्वास्थ्य विभाग में मेडकिल ख़रीद घोटाले में विजिलेंस ने गिरफ्तार किया है। एक 43 सेकंड का ऑडियो वायरल होने के बाद गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था।
कुल्लू जिला कोरोनामुक्त हो गया है। इस जिला में कोरोना संक्रमण का केवल एक पाजीटिव मामला सामने आया था। अब उसकी दूसरी रिपोर्ट नेगेटिव आ गई है। जिलाधीश डाॅ. ऋचा वर्मा ने बताया कि मुंबई से विशेष रेलगाड़ी से ऊना और वहां से एचआरटीसी बस के माध्यम से 18 मई को कुल्लू पहुंचे आनी के एक 23 वर्षीय युवक की रिपोर्ट पाजीटिव आई थी। कुल्लू जिला में अभी तक कोरोना संक्रमण का यही एक मामला सामने आया था। इस संक्रमित युवक को जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में स्थापित कोविड केयर सेंटर के आईसोलेशन वार्ड में रखा गया था। हालांकि, उसमें बुखार, सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण नहीं थे, लेकिन सैंपल की जांच रिपोर्ट में वह पाजीटिव पाया गया था। डाॅ. ऋचा वर्मा ने बताया कि जिला कोविड केयर सेंटर के नोडल अधिकारी डाॅ. विकास डोगरा, आयुर्वेद विभाग के चिकित्सकों, फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारियों ने संक्रमित युवक के स्वास्थ्य पर चैबीस घंटे नजर रखी तथा उसकी नियमित जांच की। उसके भोजन के लिए डाॅक्टरों ने विशेष डाइट चार्ट बनाया था तथा अन्नापूर्णा चेरिटेबल सोसाइटी के माध्यम से उसे खाना उपलब्ध करवाया गया। जिलाधीश ने बताया कि आयुर्वेद विभाग के चिकित्सकों ने वीडियो संदेशों के माध्यम से योगाभ्यास करवाया। वन, परिवहन, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने भी कई बार वीडियो काॅल करके इस युवक का उत्साहवर्द्धन किया। जिलाधीश ने बताया कि शनिवार सुबह प्राप्त हुई संक्रमित युवक की दूसरी रिपोर्ट नेगेटिव आई है और वह पूरी तरह स्वस्थ है। शनिवार को ही उसे अस्पताल से छुट्टी दी जा रही है। कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में जीत के लिए जिलाधीश ने उक्त युवक व उसके परिजनों के अलावा स्वास्थ्य विभाग और आयुर्वेद विभाग की पूरी टीम को भी बधाई दी है। डाॅ. ऋचा वर्मा ने कहा कि जिलावासियों को कोरोना से घबराने की आवश्यकता नहीं है। कोरोना को हराने के लिए बस कुछ सावधानियां बरतने की ही जरुरत है। अगर सभी लोग आम दिनचर्या में सावधानी बरतेंगे तो कुल्लू जिला को हम कोरोना से बचा सकेेंगे।
प्रदेश सचिवालय में तय रेट से महंगे दाम पर सैनिटाइजर बेचने के मामले में हिमाचल सरकार ने सचिवालय के सुपरिटेंडेंट को निलंबित कर दिया है। सचिवालय प्रशासन की विभागीय जांच के बाद कार्रवाई अमल में लाई है। सचिवालय सामान्य प्रशासन सचिव देवेश कुमार ने इसकी पुष्टि की है। अभी इस मामले में विजिलेंस जांच चल रही है लेकिन उससे पहले विभाग की ओर से की गई कार्रवाई में सुपरिटेंडेंट की संलिप्ता को देखते हुए उसे निलंबित किया गया है। जानकारी के मुताबिक 50 रुपए के सैनिटाइजर पर 130 रुपए की मोहर लगाने के लिए आरएंडआई ब्रांच के इस अधिकारी ने सरकारी ठेकेदार पर दबाव बनाया था। सुपरिटेंडेंट को जब सरकारी ठेकेदार ने 130 रुपए की मुहर लगाने के लिए इंकार कर दिया तो उसने जबरन उसे कंट्रोल रूम में बैठा कर मुहर लगाने दी। इस मामले में 18 मई को विजिलेंस ने सचिवालय के मुख्य गेट की सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लिया था। जिसे खंगालने पर पाया गया है कि आरएंडआई का यह अधीक्षक और सरकारी ठेकेदार सरकारी गाड़ी में साथ आते है। उसके बाद सचिवालय प्रशासन ने भी इसमे विभागीय कार्रवाई शुरू की और अब अधीक्षक को निलंबित कर दिया है। बहरहाल अभी इस मामले में ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है ओर सचिवालय अधीक्षक को निलंबित किया गया है। अभी इस मामले में और भी कई परते खुल सकती है। Attachments area
उपायुक्त राजेश्वर गोयल और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ० प्रकाश दरोच ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला में प्रवेश करने वाले सभी व्यक्तियों के स्वास्थ्य की गड़ामौडा तथा स्वारघाट में टैस्टिंग और स्क्रिनिंग की जा रही है। उसके उपरांत ही उन्हें आगे भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि बिलासपुर में अभी तक 18 मामलें कोविड-19 के पाजिटिव आए है जिनमें से 11 मामलें अन्य राज्य तथा अन्य जिला से सम्बन्धित है। उन्होंने बताया कि 7 लोग जोकि जिला बिलासपुर से सम्बन्धित है उनमें से ६ लोगों को संस्थागत क्वारंटाईन और होम क्वारंटाईन में रखा गया था। उन्होंने बताया कि एक मामला एचआरटीसी के परिचालक कोविड-19 पाजिटिव आया है वह प्रदेश से बाहर नहीं गए थे। उन्होंने बताया कि परिचालक बिलासपुर से सोलन गए थे और उसके उपरांत शिमला, मण्डी होते हुए बिलासपुर आए थे। उन्होंने बताया कि परिचालक बिलासपुर में कार्यरत 18 राजस्थान के प्रवासी मजदूरों को पूर्ण मेडिकल स्क्रिनिंग के उपरांत सोलन लेकर गए थे और वापिसी में सोलन प्रशासन द्वारा राजस्थान से सोलन पहुंचे तीन व्यक्तियों को बिलासपुर लेकर आए थे। उन्होंने बताया कि इन तीनों व्यक्तियों को संस्थागत क्वारंटाईन किया गया है। उन्होंने बताया कि बस परिचालक सरकारी दिशा निर्देशों के अनुसार अपनी कर्तव्य ड्यूटी का निर्वहन कर रहा था। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय प्रबंधक एच.आर.टी.सी. बिलासपुर को समय-समय पर लिखा गया है कि वह अपने कर्मचारियों का क्षेत्रीय अस्पताल में स्वास्थ्य प्रशिक्षण करवाना सुनिश्चित करें। उसी के फलस्वरूप परिचालक अपने स्वास्थ्य का प्रशिक्षण करवाने के लिए 26 मई को क्षेत्रीय अस्पताल में गए और 27 मई देर रात उनकी रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव आई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तुरंत उसके निवास स्थान गए और उसके प्राईमरी और स्कैंडरी सम्पर्क की पूर्ण जानकारी ली। उसके उपरांत सीएमओ द्वारा पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाई गई और जिला दण्डाधिकारी द्वारा बामटा पंचायत के वार्ड नम्बर 11, एचआरटीसी क्लोनी के वार्ड नम्बर 1, दनोह और कोसरियां एवं गुरूद्वारा मार्किट, गांधी मार्किट और काॅलेज चैक मार्किट को कंटेनमेंट जोन और रौड़ा सेक्टर नम्बर 3, कोसरियां वार्ड ऑफ़ एम.सी. बिलासपुर, निहाल-1, आईटीआई बिलासपुर, मेक मार्किट बिलासपुर, चंगर सेक्टर बिलासपुर को बफर जोन बनाने की अधिसूचना जारी कर दी गई। उन्होंने बताया कि कंटेनमेंट जोन में लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन और सभी विभागों के आपसी समन्वय और तालमेल के साथ लोगों को सभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति घर-द्वार पर उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि कंटेनमेंट जोन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक्टिव केस फाइडिंग के तहत 9 टीमें नियुक्त की गई है जोकि घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच करेंगी और लक्षण पाए जाने पर उनके सैंपल लिए जाएंगे। उन्होंने लोगों से अपील की है कि भयभीत न हो, संयम रखें और कोविड-19 के दिशा निर्देशों की अनुपालना करें और यदि कोई लक्षण दिखें तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग से सम्पर्क करें।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने केन्द्र सरकार से चैधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर को केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के रूप में परिवर्तित करने की मांग की है ताकि समूचे उत्तरी पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को इसका लाभ मिल सके। इस संदर्भ में केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा है कि वर्ष 1993 में मणिपुर के इम्फाल में केन्द्रीय विश्वविद्यालय स्थापित किया गया था और उत्तरी पश्चिमी हिमालय क्षेत्र के छह राज्यों के महाविद्यालयों को इसके साथ जोड़ा गया था। वर्ष 2014 मेें केन्द्र सरकार ने बिहार के पूसा में एक और केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय खोलने की योजना बनाई। जय राम ठाकुर ने कहा कि उत्तरी पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 3.1 करोड़ की जनसंख्या वास करती है और कुल 3,31,993 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के अन्तर्गत जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, केन्द्र शासित राज्य तथा हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड राज्य फैले हैं। यह पूरा क्षेत्र जैव विविधता में समृद्ध है और इसमें प्राकृतिक संसाधन जैसे खनिज, पानी और वन की प्रचूरता होने के कारण यह क्षेत्र विभिन्न फसलों के उत्पादन के लिए उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश इस क्षेत्र का प्रमुख राज्य है और सतलुज, रावी, ब्यास, चिनाब और यमुना नदियां यहां से बहती हैं। राज्य में कृषि व सम्बद्ध क्षेत्रों में बहुत क्षमता है और यदि यहां केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना होती है तो जहां शोध एवं अनुसंधान कार्य को गति मिलेगी, वहीं समूचे उत्तरी पश्चिमी हिमालय क्षेत्र के लोग खुशहाल बनेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर केन्द्र स्थल में स्थापित है और हवाई जहाज, रेल व सड़क मार्ग से जुडा हुआ है। इससे संस्थान में पर्याप्त अधोसेरचना उपलब्ध है। इसका परिसर 615 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है और इसके साथ कृषि, पशु औषधालय एवं पशु विज्ञान, सामुदायिक विज्ञान जैसे महाविद्यालय सम्बद्ध है तथा 12 क्षेत्रीय शोध स्टेशन, सब-स्टेशन, 8 कृषि विस्तार केन्द्र का नेटवर्क भी जुड़ा हुआ है। जय राम ठाकुर ने कहा कि भारत सरकार राज्य सरकार की इस मांग को मान लेती है तो दोनों को लाभ होगा, क्योंकि केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए न्यूनतम संसाधनों और लागत की आवश्यकता पड़ेगी। यह केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा कृषि विश्वविद्यालय बनकर उभर सकता है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को यहां वर्तमान अधोसंरचना श्रमशक्ति का लाभ मिलेगी, जब कि राज्य को केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के रूप में एक उत्कृष्ट संस्थान मिलेगा।
भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल ने एक प्रैस बयान में कहा कि विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता एवं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के दूसरे कार्यकाल का प्रथम वर्ष 30 मई 2020 को पूरा होने जा रहा है। उन्होनें कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार-2 का एक वर्ष का कार्यकाल ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरा रहा, कई दशकों से देश के आम जनमानस की इच्छाओं एवं आकांक्षाओं का सपना पूरा हुआ, जैसे तीन तलाक की समाप्ति हेतु कानूना बनाना, धारा-370 को हटाना, लद्दाख को अलग केन्द्र शासित राज्य बनाना, अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करना, शरणार्थियों के लिए नागरिक संशोधन कानून बनाना आदि प्रमुख उपलब्धियां हैं। इसके अतिरिक्त कोरोना संकट के समय जब पूरा विश्व इस महमारी बुरी तरह प्रभावित है, ऐसे में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने समय रहते लॉक डाउन की घोषणा सहित अन्य प्रभावी कदम उठाये। इन कदमों के लिए विश्व के कई देशों व संगठनों ने माननीय प्रधानमंत्री की सराहना भी की। भाजपा महामंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार के स्वर्णिम एक वर्ष के कार्यकाल पूर्ण होने पर कल यानि 30 मई, 2020 को सांय 4.00 बजे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा फेसबुक लाईव के माध्यम से राष्ट्र को सम्बोधित करेंगे। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश के बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक के सभी नेता व कार्यकर्ता इस फेसबुक लाईव से जुड़ेंगे और अन्य लोगों को भी उनके सम्बोधन सुनने का आग्रह करेंगे। उन्होनें कहा कि भाजपा प्रधानमंत्री जी के "आत्मनिर्भर भारत" के संकल्प को पूरा करने के लिए लोगों से स्वदेशी चीजे अपनाने व लोकल को वोकल बनाने का भी आग्रह करेगी। त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि आगामी समय में भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री द्वारा लिखित एक पत्र जिसमें आत्मनिर्भर भारत का संकल्प विश्व कल्याण हेतु भारत की भूमिका एवं कोविड-19 के फैलने से बचाव हेतु सावधानियों एवं स्वस्थ रहने हेतु अच्छी आदतों के संकल्प के आह्वान को देश भर में 10 करोड़ घरों तक पहुंचाएगी। साथ ही प्रदेश के सातों मोर्चां द्वारा संपर्क अभियान चलाया जाएगा जिसमें प्रत्येक मंडल पर बड़े पैमाने पर फेस कवर व सैनिटाइजर वितरित किए जाएंगे। स्थानीय एवं स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करने हेतु सभी कार्यकर्ता संकल्प लेंगे तथा "डिजीटल सम्पर्क" के माध्यम से प्रत्येक बूथ पर व्हाट्सएप ग्रुप का गठन किया जाएगा तथा पार्टी की पत्रिका दीप कमल संदेश का डिजिटल प्रकाशन होगा। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश "वर्चुअल रैली" करने जा रही है जिसमें 750 से अधिक की संख्या वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जुड़ेगी। प्रत्येक मोर्चा प्रदेश भर में 500-500 लोगों को जोड़ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से वर्चुअल रैली करेंगे और इन वर्चुअल रैलियों के माध्यम से मोदी सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की आर्थिक घोषणाओं एवं योजनाओं की समाज के सभी वर्गों के बीच में व्यापक रूप से चर्चा की जाएगी। इन कार्यक्रमों को धरातल पर उतारने के लिए पार्टी ने मुझे त्रिलोक जम्वाल, प्रदेश महामंत्री को कार्यक्रम का प्रांत संयोजक लगाया है और संसदीय क्षेत्रानुसार भी संयोजकों की नियुक्ति भी कर दी गई है जिसमें हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव कटवाल, मण्डी संसदीय क्षेत्र में प्रदेश उपाध्यक्ष धनेश्वरी ठाकुर, प्रदेश सचिव पायल वैद्य शिमला संसदीय क्षेत्र तथा कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में प्रदेश सचिव विशाल चौहान इन कार्यों को विशेष रूप से देखेंगे।
उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर तथा वन मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने एक संयुक्त वक्तव्य में कहा है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार जब जब भी प्रदेश में सत्ता में रही है, प्रदेश में भ्रष्टाचार के नये आयाम स्थापित हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी की सरकार अपने कार्यकाल के दौरान बुरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त थी उस पार्टी के नेताओं को नैतिकता की बात करना शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि विगत कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार का जो रिकार्ड बना उसकी गिनती करना भी संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने विगत कार्यकाल में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर था। उन्होंने कहा कि तत्कालीन सरकार का ध्यान प्रदेश के विकास की ओर कम तथा अपने मुख्यमंत्री को कोर्ट-कचहरी से बचाने में व्यतीत हुआ। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में यह पहली बार हुआ कि जब प्रदेश का मुखिया और उनका पूरा परिवार जमानत पर रहा। बिक्रम सिंह और गोविन्द ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा प्रदेश में शराब के थोक व्यापार के लिए गठित किए गए हिमाचल प्रदेश बेवरेज लिमिटेड की स्थापना से प्रदेश केे राजस्व को 200 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। उन्होंने कहा कि इसका एकमात्र उद्देश्य अपने चहेतों को करोड़ों रूपये का लाभ पहुंचाना था। उद्योग मंत्री एवं वन मंत्री ने कहा कि इस लिमिटेड की स्थापना तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह तथा तत्कालीन आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चैधरी द्वारा विभाग की संस्तुति को नजरअंदाज करते हुए की गई थी। उन्होंने कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा कम्पनी के गठन के लिए उचित समय दिए बिना की गई थी, जबकि उस समय प्रदेश में एल-1 व एल-13 थोक विक्रय लाईसेंस की एक सुदृढ़ प्रक्रिया उपलब्ध थी। मंत्रियों ने कहा कि कम्पनी को डिस्टलरों व बोटलरों से शराब खरीद कर परचून वितरकों को जारी करनी थी। इसमें उधार लेन-देन नहीं होना था और हिमाचल प्रदेश बेवरेज लिमिटेड को केवल नकद भुगतान के बाद ही परचून विक्रेताओं को शराब पहुंचानी थी। उन्होंने कहा कि इस कम्पनी ने ऐसा नहीं किया और परचून विक्रेताओं को उधार पर शराब दी जिससे कम्पनी को भारी नुक्सान हुआ और परचून विक्रेताओं के पास भारी मात्रा में उधार फंस गया। इसके अतिरिक्त चार कम्पनियों को भंडारण लाईसेंस दिए गए जिनमें रंगड़ बूरूरी, सीबकस, ब्लयू लाईन व जी.आई. सी. शामिल है। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस थानों में 14 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं तथा उगाही के लिए के प्रदेश की विभिन्न अदालतों में 20 सिविल सूट दर्ज किया गए हैं। इन मंत्रियों ने कहा कि हिमाचल प्रदेश बेवरेज लिमिटेड को तात्कालीन प्रदेश कांग्रेस सरकार द्वारा प्रदेश के ऊना, चम्बा तथा किन्नौर जिलों में परचून व्यापार करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि परचून व्यापार कम्पनी के किसी भी अनुच्छेद का हिस्सा नहीं था व न ही इसके लिए कम्पनी को प्राधिकृत किया गया था। उन्होंने कहा कि इन तीन जिलों में कम्पनी का परचून व्यापार बुरी तरह से प्रभावित हुआ और प्रदेश के राजस्व को 67 करोड़ रूपये का नुक्सान हुआ।
राज्य सरकार ने संस्कृत को दूसरी भाषा का दर्जा दिया है और अब इस भाषा को और अधिक व्यावहारिक व सरल बनाने के प्रयास होने चाहिए ताकि इसे जनता के बीच लोकप्रिय बनाया जा सके। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के न्यूजलेटर का विमोचन करने के बाद यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड द्वारा न्यूजलेटर को हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी में लाने का प्रयास वास्तव में प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोरोना महामारी के कारण लाॅकडाउन में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। राज्य सरकार ने विद्यार्थियों को गृह शिक्षण सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से दूरदर्शन ज्ञानशाला कार्यक्रम भी शुरू किया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि बोर्ड को सभी परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रयास करना चाहिए ताकि परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों को अनुचित साधनों का उपयोग करने से रोका जा सके। उन्होंने मार्च, 2019 की परीक्षा में असफल हुए विद्यार्थियों को स्टेट ओपन स्कूल प्रशिक्षणार्थियों के साथ-साथ उनके शैक्षणिक वर्ष को बचाने के लिए एक अवसर प्रदान करने के लिए बोर्ड के प्रयासों की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूली पाठ्यक्रम में नैतिक शिक्षा, वैदिक गणित और व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। हिमाचल प्रदेश बोर्ड आॅफ स्कूल एजुकेशन धर्मशाला के अयक्ष डाॅ. सुरेश कुमार सोनी ने बोर्ड की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि पहली बार स्कूलों में 45 परीक्षा केंद्रों का प्रबंधन ‘सावित्री बाई फुले’ के नाम से महिला कर्मचारियों द्वारा किया जाएगा, जो भारत की पहली महिला शिक्षक और 1848 में पुणे में पहले भारतीय गर्ल स्कूल की संस्थापक थीं। उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न स्कूल परिसरों में 1,09,315 पौधे भी लगाए गए हैं। निदेशक उच्च शिक्षा डाॅ. अमरजीत शर्मा और शिक्षा बोर्ड और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
क्षेत्र में किसानों की तैयार टमाटर की फसल को एकाएक बिमारी लगने की वजह से किसानो को अब अपनी रोजी रोटी की चिंता सताने लग गई है। कुनिहार क्षेत्र से करीब 4 किलो मीटर दूर कंडला, आऊन, शीत, सियारी आदि गांवों में टमाटर खीरा आदि फसल अचानक रोग ग्रस्त होना शुरू हो गई जिसके कारण किसानो की चिंताएं बढ़ना शुरू हो गई है। हैरानगी का विषय यह है कि जिन खेतों में तैयार टमाटर के पौधे सूखने लगे उन खेतों में सिंचाई की कोई कमी नहीं थी व् किसानो द्वारा समयानुसार कीटनाशक दवाइयों का भी छिडकाव किया गया। लेकिन किसानों द्वारा हजारों रुपए बीज ,कीटनाशक व अन्य सामान पर खर्च करने के बाद किसानों की तैयार फसलें खराब हो रही है। किसानों का कहना है कि उन्होंने लोन खेती के लिए लोन ले रखा है खेतीबाड़ी ही हमारी रोजी रोटी का साधन है अगर ऐसे ही फसलें खराब होती रही तो हमे रोजी रोटी के लाले पड़ जाएंगे व परिवार का पालन पोषण मुश्किल हो जाएगा। दूसरी समस्या देश में जारी लॉक डाउन के चलते किसान तैयार उत्पादों को भी सब्जी मंडी तक नहीं पंहुचा पा रहे हैं जैसे तैसे करके अगर फसल को मंडी तक भी पंहुचाया जा रहा है तो उसका पर्याप्त लाभ किसानो को नहीं मिल पा रहा है। किसान हिरा लाल नानक चंद नरोत्तम दास राजकुमार नरेश कुमार जट्टू राम आदि ने कहा कि टमाटर एवं अन्य तैयार मौसमी सब्जियां अचानक रोग ग्रस्त होने लग गई है व् किसानो को भारी मात्रा में आर्थिक नुक्सान झेलना पड़ा है। कुनिहार एवं आस पास के अधिकतर गांव में किसान टमाटर के साथ साथ अन्य मौसमी सब्जियों का भारी मात्रा में उत्पादन तैयार करते हैं । उन्होंने कहा कि अगर क्षेत्र में ही तैयार टमाटर एवं अन्य मौसमी सब्जियों के लिए मंडी स्थापित होती तो किसानो को इधर उधर की मंडियों के चक्कर नहीं काटने पडेंगे। उन्होंने सरकार से मांग करते हुवे कहा कि किसानों को कुछ आर्थिक सहायता की जाए व कुनिहार क्षेत्र में तैयार उत्पादन की खपत हेतु सब्जी मंडी को खोला जाए। इसी विषय बारे जब सदस्य मार्किट कमेटी सोलन एवं प्रदेश सचिव किसान मोर्चा दलीप पाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि देश में जारी लॉक डाउन के चलते किसानो के तैयार उत्पादनों को मंडियों तक पंहुचना थोडा कठिन हो रहा है। कुनिहार क्षेत्र में सब्जी मंडी खोले जाने का विषय प्रदेश मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जा चूका है व् उन्होंने आश्वाशन दिया है कि क्षेत्र में किसानो की सुविधा के लिए भव्य सब्जी मंडी की इमारत बनाई जायेगी। इसी विषय बारे कृषि वाद विशेषज्ञ कृषि ब्लॉक कुनिहार मनोज शर्मा ने किसानो को सलाह दी कि एैसी स्थिति में टमाटर की फसल में कारब्रियो टाप 2 ग्राम दवाई एक लीटर पानी में घोल का स्प्रे कर सकते हैं। एक सप्ताह के पश्चात कर्जेट एम् 8 करीब ढाई ग्राम दवाई एक लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करे । इसके अतिरिक्त खीरे में सट्रेपलोसाइकलिंन एक ग्राम दवाई 10 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव किया जा सकता है। एक सप्ताह पश्चात कापर आ1सी1लोराइड 3 ग्राम दवाई एक लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करे। उन्होंने किसानो को सलाह दी कि टमाटर खीरा अथवा अन्य मौसमी सब्जियों के सूखे पत्तों को तोडकर खेत से दूर गढ्ढा बनाकर ठिकाने लगाए। अधिक जानकारी के लिए किसान कार्यलय में कार्य दिवस के दौरान सम्पर्क कर सकते हैं।
बीजेपी के बेड़े में भ्रष्टाचार के छेद होने के बाद अब इसके कई मुसाफिर सुरक्षित ठिकानों की ओर छलांगें लगाने लगे हैं क्योंकि उनको लग रहा है कि सत्ता सुख का यह बेड़ा कभी भी डूब सकता है। यह बात राज्य कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने प्रेस बयान में कही है। राणा ने कहा कि जो सरकार जीरो क्रप्शन टोलरेंस की दलीलें व दुहाई देती थी, उसी सरकार के आधे कार्यकाल में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। महामारी के आतंक के बीच हेल्थ विभाग में उजागर हुए बेखौफ भ्रष्टाचार ने सरकार की चुलें हिला कर रख दी है। सरकार के शुरू दिन से ही हेल्थ विभाग भ्रष्टाचार की सुर्खियां बटोर रहा है। हेल्थ विभाग में बेखौफ चल रहे भ्रष्टाचार ने पहले हेल्थ मिनिस्टर की विकेट उड़ाई, फिर सफाई, दुहाई व बचाव के प्रयासों ने कई अफसरों को बली का बकरा बनाया। यह दीगर है कि सरकार पर हावी-प्रभावी 2-4 अफसरों की जुंडली ने सरकार की आंखों का तारा बन कर अपने सिहांसनो को महफूज रखा है। हेल्थ विभाग में लगातार चला आ रहा भ्रष्टाचार कोरोना महामारी के दौरान भी बदस्तूर चला आ रहा है। मामला सेनेटाइजर खरीद में कर्रप्शन का हो या पीपीई किट खरीद का घोटाला हो या फिर हिमुडा की जमीन खरीद में करोड़ों के लेने देन के संगीन आरोप हों भ्रष्टाचार बेखौफ चलता रहा और सरकार यह दलीलें देती रही कि उनका दामन पाक-साफ है। मसला पुलिस या पटवारियों की भर्ती का हो या विश्वविद्यालयों में डिग्रियों की खरीद फरोख्त का हो या फिर ताजा कड़ी में भ्रष्ट तंत्र व नेताओं के भ्रष्टाचार गठबंधन का हो, जिसके प्रकोप ने अब रुष्ट व असंतुष्ट भाजपाईयों के आक्रोश में पार्टी मुखिया व सरकार के दामन को दागदार किया है, इस सरेआम चल रहे भ्रष्टाचार से अब जनता का विश्वास इस सरकार से पूरी तरह उठ चुका है। जनता अब यह सोचने पर मजबूर है कि क्या यह उसी सरकार के लोग हैं जिन्होंने जीरो कर्रप्शन टोलरेंस के वायदे व बातें करके जनादेश हासिल किया है और अब भ्रष्टाचार का कोई मौका नहीं चूक रहे हैं। जहां कोरोना महामारी आम जनता के लिए आपदा का सबब साबित हो रहा है, वहीं सरकार के भ्रष्ट तंत्र में यह महामारी भ्रष्टाचार से इस तंत्र की तिजोरियां भरने का मौका साबित हो रही है। राणा ने कहा कि आज जनता और विपक्ष ही नहीं बीजेपी के अपने लोग भी सरकार में चल रहे भ्रष्टाचार से आजिज आ चुके हैं और अब सरकार ने अपने बचाव में खुद के मंत्री, मुखियों की बली लेने का सिलसिला शुरू हुआ है, जबकि कई भ्रष्टाचार के असली बकरों को बचाने के लिए सरकार अब भरपूर प्रयास में जुट गई है।
शिरडी साईं बाबा भगत संगठन एच पी जोन परवाणू द्वारा नगर परिषद के सफाई कर्मचारी करोना योद्धाओं को शुक्रवार को एक कार्यक्रम के माध्यम से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत उन्हें तिलक लगा, हार पहना तथा आरती उतार कर की गई। तदोपरांत उनको खाकी रंग का वर्दी के सूट का कपड़ा भेंट किया गया। इस सम्मान को पाकर कोरोना योद्धा अत्यंत प्रसन्न हुए। उसके उपरांत उन्हें प्रसाद के रूप में हलवा काले छोले वितरित किए गए। शिर्डी साईं बाबा भगत संगठन द्वारा कोरोना योद्धाओं के लिए कैसे सिलवाने का भी पूर्ण प्रबंध किया गया था। संगठन ने दर्जी द्वारा उनकी पैमाइश भी करवाई। दर्ज़ी 10 दिन के अंदर उनको यूनिफार्म सील कर दे देंगे।
मन में यदि समाज के प्रति सच्ची सेवा का भाव हो तो पद, प्रतिष्ठा व सम्पन्नता महत्वहीन हो जाती है। ऐसी सोच रखने वाले ही समाज को एक नई राह दिखाकर संकट से सफलतापूर्वक लड़ने का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इसी भाव को चरितार्थ किया है सोलन जिला के अर्की उपमण्डल के बात्तल के रहने वाले दिनेश चंद ने। संकट की इस घड़ी में जहां लोग कोरोना वायरस के डर से सहमे हुए हैं वहीं ऐसे भी नागरिक हैं जो पीड़ित मानवता की सेवा के लिए अपना सर्वस्व योगदान देकर सहायता करने का प्रयास कर रहे हैं। दिनेश चंद ने आज उपमण्डलाधिकारी कार्यालय अर्की पहुंचकर उपमण्डलाधिकारी अर्की विकास शुक्ला को जिला कोविड-19 फण्ड के लिए अपनी 02 माह की पैंशन भेंट की। उन्होंने इस फण्ड के लिए 24 हजार रुपये की नकद राशि भेंट की। दिनेश चंद प्रदेश के लोक निर्माण विभाग से मेट के पद से सेवानिवृत हुए हैं। उन्होंने कोरोना वायरस के खतरे के कारण उत्पन्न संकट के इस समय में सभी को उदारतापूर्वक जन-जन की सेवा का संदेश दिया। उम्र के इस पड़ाव पर भी कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत अपनी पैंशन की राशि को भेंट करना प्रशंसनीय है। उनके इस समर्पण और सेवा भाव को सभी द्वारा सराहा जा रहा है। उपमण्डलाधिकारी अर्की विकास शुक्ला ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि दिनेश चंद स्वयं यह राशि भेंट करने उनके कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के इस वरिष्ठ नागरिक ने समाज सेवा की दिशा में सभी को राह दिखाई है। एक पैंशनभोगी द्वारा अपनी 02 माह की पूरी पैंशन कोविड फण्ड में दान करना दिनेश चंद की उदारता, सहृदयता और समर्पण का परिचायक है। उन्होंने आशा जताई कि दिनेश चंद के इस सेवाभाव से समाज के समाज के सभी वर्ग प्रेरित होंगे। दिनेश चंद ने कहा कि संकट के इस समय में वे भी अपना योगदान करना चाहते थे। उन्होंने इस निमित्त 02 माह की अपनी पैंशन भेंट की है ताकि यह राशि पीड़ित मानवता के काम आए। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न खतरे के समय में वे ईश्वर से सभी के स्वास्थ्य की कामना करते हैं।
आगामी मानसून के मौसम में प्राकृतिक आपदाओं से बचने के लिए जिला ने तैयारियां शुरू कर दी है। सभी विभाग अपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 15 दिन के भीतर कार्य योजना तैयार करें ताकि आपदा के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पडे और होने वाले नुक्सान को कम किया जा सके। यह बात उपायुक्त बिलासपुर राजेश्वर गोयल ने मानसून सीज़न के लिए तैयार रहने तथा जान-माल की क्षति से बचाव के लिए बुलाई गई अधिकारियों की बैठक को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने सम्बन्धित विभागों को मानसून में होने वाले नुकसान से निपटने के लिए पूर्व में ही पर्याप्त प्रबन्ध करने और पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि गर्मियों में होने वाली आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए जिला में वन रक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है। उन्होंने बताया कि अभी तक जिला में 8 आगजनी की घटनाएं घटित हुुई है जोकि गत वर्ष की तुलना में कम है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी जंगलों को आग से बचाने के लिए सतर्क रहना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं के सदस्य भी जंगलों को आगजनी की घटनाओं से बचाने के लिए से अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए जिला में आपदा रक्षक तैयार किए गए है ताकि आपदा की स्थिति में आपदा रक्षकों की सेवाएं ली जा सकें। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को भूसखलन वाले क्षेत्रों, खतरनाक सड़कों को चिन्हित् करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्युत विभाग को सुचारू विद्युत व्यवस्था बनाने और पर विद्युत ट्रांसफार्मर के नजदीक क्षेत्र को साफ रखने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर परिषद को भी निर्देश दिए की सड़क के किनारे पेड़ों की टहनियों और झाड़ियों छटांई सुनिश्चित करें। उन्होंने जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए की वह जल भण्डारन टैंको और अन्य पेयजल स्त्रोतों को साफ रखने तथा जल निकासी व्यवस्था को सूचारू बनाए ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति उपलब्ध करवाई जा सके। उन्होंने पेयजल स्त्रोतों का नियमित क्लोरीनेशन करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अधिशाषी अभियन्ता को निर्देश दिए की जिला में हाईड्रेन्टस को सुचारू रूप से फंकशनल रखे और अगर कोई खराब है तो उन्हें ठीक करवाएं और जिन हैंडपम्प में पानी पीने योग्य नहीं है वहां पर बोर्ड लगाए जाए। उन्होंने बताया कि जो लोग बोरबेल लगाने के इच्छुक है वे ग्राउंड वाॅटर ऐथोरटी से अनुमति ले सकते है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, एम.सी को निर्देश दिए की वे डेंगू और मलेरिया इत्यादि रोगों से बचने के लिए फोगिंग और स्प्रे करना सुनिश्चित करें। उन्होने सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को मानसून पूर्व तैयारियां करने तथा आपदा प्रबंधन से जुडे सभी संसाधनों की सूची बनाने और सभी आवश्यक वस्तुओं एवं राहत बचाव कार्य में उपयोग होने वाले यंत्र व उपकरणों को दुरूस्त रखने के भी निर्देश दिए।
हिमाचल प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री व श्री नयना देवी जी के विधायक राम लाल ठाकुर ने कोविड 19 महामारी पर देर से संज्ञान लेने के मामले पर केंद्र सरकार पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि हमारे प्रधानमंत्री अगर समय पर फैसला लेते तो यह दिन नहीं देखने पड़ते, जितना भयाभह रूप यह महामारी दिन प्रतिदिन लेती जा रही है। वह हमारी मानव सभ्यता के मिटने की और इशारा कर रही है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्विटर के माध्यम से जानकारी देते हुए 12 फरवरी को देश के ऊपर कोविड 19 महामारी के बारे में चेताया था कि यह जल्द ही भारतवर्ष में पैर पसार रहा है और इससे एक तो महामारी फैलेगी दूसरे गंभीर आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ेगा। (इस चेतावनी की प्रतिलिपि भी आज मै आपको इस प्रेस नोट के साथ संलगित कर रहा हूं) तो देश के प्रधानमंत्री व उनके सिपहसालारों ने राहुल गांधी का मज़ाक उड़ाया था और इस गम्भीर महामारी को लेकर अमेरिका और अन्य यूरोपियन देशों का मुंह ताकने लगे थे की कब वह इस महामारी से लड़ेंगे तो फिर उनकी देखा देखी में हम भी अपनी रणनीति बनाएंगे। राम लाल ठाकुर ने कहा कि इस महामारी को भांपने वाले हमारे डॉक्टरों व वैज्ञानिकों की भी नहीं सुनी गई क्योंकि हमारे डॉक्टरों, वैज्ञानिकों व राहुल गांधी के बोलने से देश के प्रधानमंत्री का अहम आड़े आ जाता था। राम लाल ठाकुर ने तथ्यों पर आधारित बात करते हुए कहा देश मे कार्यरत 126 एयरपोर्ट हैं जिनमे से केवल 34 एयरपोर्टों पर अंतराष्ट्रीय उड़ाने होती है अगर केवल उन 34 एयरपोर्टों को ही सील कर दिया होता या फिर उन अंतरास्ट्रीय एयरपोर्टों पर बाहर से आने वाले लोंगो को संस्थागत क्वारंटाइन कर दिया होता तो देश मे इतने गंभीर हालत नहीं होते और नही देश में लॉकडाउन होता, लेकिन देश के प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि तो केवल घंटी बजाने, थाली बजाने और मोमबत्ती या दिया जलाने वाली ही निकली। उन्होंने कहा मुझे अफसोस होता है कि लॉक डाउन बिना तैयारी के कर दिया गया देश मे जो गरीब मजदूरों का हाल हुआ उनकी जिम्मेदारी अब कोई नही ले रहा है। राम लाल ठाकुर ने फिर से आकड़ो का प्रहार करते हुए कहा कि देश मे करीब 19000 हज़ार ट्रेनें है यदि यह व्यवस्थित रूप से चलाई होती तो करीब दो से ढाई करोड़ मज़दूरों को उनके स्थानों पर प्रतिदिन पहुँचाया जा सकता था और जिन मजदूरों ने अपने घरों में ट्रेनों से वापिसी करनी थी। इनकी संख्या करीब 10 करोड़ 40 लाख के करीब थी मात्र पांच सात दिनों में यह सारी व्यवस्था गरीब मज़दूरों को छोड़ने की हो सकती थी लेकिन देश के प्रधानमंत्री और उनके सिपहसालारों को तो महामारी को उत्सव में बदलने का प्रयास जो करना था और अब जब रेल यात्रा और हवाई यात्रएं देश मे खोली तो कोई यात्री जाने को तैयार नहीं, यह सब बिना किसी आधरभूत योजनाओं के की गई तैयारियां का परिणाम है और अब देश का हर नागरिक और आमजन इसके परिणाम भुगत रहा है, लेकिन जिम्मेदारी सरकार में कोई नहीं ले रहा है।
जिला कांग्रेस अध्यक्षा अंजना धीमान ने कहा है कि सरेआम चल रहे भ्रष्टाचार से जनता का विश्वास सरकार से पूरी तरह उठ गया है। प्रदेश सरकार घोटालों की सरकार बन कर रह गई है। उन्होंने कहा कि कोविड 19 जैसी विश्वव्यापी माहामारी के समय भी यदि इस तरह से घोटाले हो रहे हैं तो बाकी समान्य समय में प्रदेश सरकार क्या करती होगी। उन्होंने कहा कि एक तरह तो देश व प्रदेश की सरकार प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री राहत कोष में दान देने की लोगों से अपील करती है और दूसरी और सरकार में बैठे लोग घोटालों को अंजाम दे रहे है। यह सरकार की आमजन के प्रति असंवेदनशील और भ्र्ष्ट दृष्टि को दर्शाता है। इस मुद्दे पर अब क्यों नहीं प्रदेश भाजपा का कोई बड़ा नेता बोल पा रहा है, क्यों प्रदेश के मुख्यमंत्री खामोश हैं। चूंकि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हिमाचल प्रदेश से हैं वह क्यों चुप्पी साधे हुए है, जो कि ऐसी कौन से दुहाई देनी पड़ी की अब नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना पड़ गया। उन्होंने कहा कि एक सस्ती लोकप्रियता के आधार पर और लोंगो को ऊंचे सब्ज बाग दिखा कर भाजपा ने जब जब सत्ता हासिल की तब तब बुनियादी तौर पर भाजपा लोंगो की नज़रो से गिरी है और धरातल से भाजपा का नाम मिटा है। उन्होंने कहा कि मामला सेनेटाइजर खरीद में क्रप्शन का हो या पीपीई किट खरीद का घोटाला हो या फिर हिमुडा की जमीन खरीद में करोड़ों के लेन देन के संगीन आरोप हों भ्रष्टाचार बेखौफ चलता रहा और सरकार यह दलीलें देती रही कि उनका दामन पाक-साफ है। मसला पुलिस या पटवारियों की भर्ती का हो या विश्वविद्यालयों में डिग्रियों की खरीद फरोख्त का हो या फिर ताजा कड़ी में भ्रष्ट तंत्र व नेताओं के भ्रष्टाचार गठबंधन का हो हिमाचल दागदार हुआ है।इसके पीछे सिर्फ जयराम सरकार है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के दामन को दागदार करने वालों को कभी भी
अतिरिक्त उपायुक्त विवेक चंदेल ने आज कोविड-19 के दृष्टिगत सोलन जिला के नालागढ़ उपमण्डल में स्थापित विभिन्न क्वारेनटाईन केन्द्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं जांची और उचित दिशा-निर्देश जारी किए। विवेक चंदेल ने इस अवसर पर बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र के विभिन्न क्वारेनटाईन केन्द्रों में बाहर से आने वाले लोगों को ठहराने के लिए किए गए प्रबंधों, भोजन व्यवस्था, स्वच्छता, पंजीकरण इत्यादि के विषय में पूर्ण जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विभिन्न केन्द्रों में इस संबंध में व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए निर्देश जारी किए। उन्होंने क्वारेनटाईन केन्द्रांे में शौचालय सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया। अतिरिक्त उपायुक्त ने इस अवसर पर कहा कि कोविड-19 के दृष्टिगत प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन यह सुनिश्चित बना रहा है कि प्रदेश में अन्य राज्यों से प्रवेश कर रहे लोग स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देशानुसार निश्चित अवधि के लिए क्वारेनटाईन केन्द्रों में ही रूकें ताकि सम्भावित संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। इन केन्द्रों में लोगों के रहने की उचित व्यवस्था की गई हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन नियमित रूप से इन केन्द्रों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहा है ताकि व्यवस्थाओं में अधिक से अधिक सुधार लाया जा सके। विवेक चंदेल ने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर विभिन्न शिक्षण संस्थानों में स्थापित क्वारेनटाईन केन्द्रों को बंद कर दिया जाएगा। यहां रह रहे लोगों को अन्यत्र भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देशानुसार क्वारेनटाईन केन्द्र में अवधि पूरी करने वाले स्वास्थ्य परीक्षण के उपरान्त उनके घर भेजा जा रहा है। उन्होंने क्वारेनटाईन केन्द्रों में नियुक्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि यहां लोगों का पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि इन केन्द्रों में आवश्यकतानुसार चिकित्सक भी नियमित रूप से यहां रहने वालों का निरीक्षण करते रहें। उन्होंने क्वारेनटाईन केन्द्रों में रह रहे लोगों से बातचीत कर उनका कुशलक्षेम भी जाना। उन्होंने उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ प्रशांत देष्टा से इस सम्बन्ध में पूरी जानकारी प्राप्त की। पुलिस अधीक्षक बद्दी रोहित मालपानी, कोविड-19 के दृष्टिगत बीबीएन क्षेत्र में तैनात हिमाचल प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी शुभकरण सिंह, बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुधीर शर्मा, हिमाचल प्रशासनिक सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारी संकल्प गौतम सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
21वीं सदी में भारत ने विज्ञान, शिक्षा, तकनीकी, सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य जैसे सभी क्षेत्रों में विकास मे नए आयाम स्थापित किए हैंे। भारतवासियों ने यह कल्पना भी नहीं की थी कि उसे कोरोना वायरस नामक महामारी से मानव जीवन के अस्तित्व को बचाने की लड़ाई लड़नी होगी। कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत प्रदेश सरकार संचार तकनीक के विभिन्न माध्यमों का प्रयोग कर लोगों को सूचारू रूप से सूचनाएं प्रदान कर रही है। प्रदेश सरकार लोगों तक सही सूचनाएं उपलब्ध करवाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। सरकार ने राज्य और जिला स्तर पर आपातकालीन परिचालन केन्द्र स्थापित किए हैं। प्रदेश और प्रदेश के बाहर रह रहे लोगों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नम्बर- 0177-2622204, 2629688, 2629939 सहित टोल फ्री नम्बर- 1070 और 1077 स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, जिला स्तरीय आपातकालीन परिचालन केन्द्र के लिए अतिरिक्त दूरभाष नम्बर भी जारी किए हैं। बिलासपुर जिला के लिए 01978-224901, चम्बा के लिए 01899-226951, हमीरपुर के लिए 01972-221277, कांगड़ा के लिए 01892-229050, किन्नौर के लिए 01786-223151, कुल्लू के लिए 01902-225630, लाहौल-स्पिति के लिए 01900-202509, मण्डी के लिए 01905-226201, शिमला के लिए 0177-2800880, सिरमौर के लिए 01702-226401, सोलन के लिए 01792-220882 और ऊना जिला के लिए 01975-225045 दूरभाष नम्बर स्थापित किए गए हैं। अन्य राज्यों में रहने वाले हिमाचली लोगों की सहायता के लिए भी हेल्पलाइन नम्बर-0177-2626076 और 2626077 स्थापित किए गए हैं। चण्डीगढ़ के लिए 0172-5000103, 5000104 तथा मोबाइल नम्बर-81463-13167 व 99888-98009 और दिल्ली के लिए 011-23711964, मोबाईल नम्बर-96685-39423 व 88028-03672 नम्बरों के माध्यम से लोगों को जानकारी उपलब्ध करवाने के साथ-साथ किरयाने का सामान, भोजन, आश्रय और दवाइयां प्रदान कर लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। प्रदेश के सभी जिलों के आपातकालीन परिचालन केन्द्रों में भी टोल फ्री नम्बर-1077 स्थापित किया गया है। यह नम्बर 24 घण्टे सक्रिय रहता है। इन हेल्पलाइन नम्बरों की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक हजारों लोगों ने इन नम्बरों पर फोन कर अपनी समस्याएं सरकार तक पहुुंचाई और प्रदेश सरकार ने भी इन समस्याओं का समाधान कर लोगों तक राहत पहुंचाई है। इन हेल्पलाइन पर आवश्यक दवाओं, खाद्य सामग्री, चिकित्सीय जांच आदि समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचा कर इनका समाधान किया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा तेलंगाना में फंसे हमीरपुर जिला के ललित कुमार हो या जुब्बल के कुलदीप सूद इन जैसे हजारों लोगों को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से ही समय पर सहायता प्रदान करने पर इन लोगों ने प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया है। लाॅकडाउन लगने के कारण चण्डीगढ़ में फंसे दीपेन्द्र को आशा नहीं थी कि वह इतने कम समय में अपने घर लौट पाएंगे। दीपेन्द्र ने प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध करवाए गए हेल्पलाइन नम्बर पर फोन कर अधिकारियों को अपनी समस्या से अवगत करवाया। दीपेन्द्र जैसे हजारों लोग जो प्रदेश में अपने घर लौटने के इच्छुक है, इन हेल्पलाइन सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। प्रदेश आपातकालीन परिचालन केन्द्र में स्थापित इन नम्बरों में 24 मार्च, 2020 से 23 मई, 2020 तक 46,570 काॅल का आदान-प्रदान किया गया है, जिनमें से 46,007 काॅल विभिन्न प्रकार की जानकारी प्राप्त करने हेतु की गई। देश के विभिन्न भागों में रह रहे प्रदेशवासियों को कोविड-19 से जुड़ी जानकारी, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, क्वारन्टीन अवधि, शारीरिक दूरी संबंधी जानकारी भी केन्द्र द्वारा स्थापित नम्बरों के माध्यम से लोगों को प्रदान की जा रही है। इन हेल्पलाइन नंबरों से लोगों को जागरूक करने के लिए 563 काॅल की गई हैं। जिले में स्थापित केन्द्रों में भी लगातार हजारों की संख्या में काॅल आ रही हैं। इसमें सबसे अधिक कुल्लू जिला में 8,704 काॅल के माध्यम से लोगों ने विभिन्न प्रकार की जानकारी हासिल की। इसके अतिरिक्त चम्बा जिला के आपातकालीन कक्ष में 2,098, सिरमौर में 2,042, हमीरपुर में 1,825, सोलन में 700, ऊना में 526, किन्नौर में 509, मण्डी में 416, बिलासपुर में 241 और लाहौल-स्पीति में 15 काॅल आई हैं। इन केन्द्रों का संचालन करने वाले अधिकारियों के अनुसार अधिकतर काॅल प्रदेश वापसी, होम और संस्थागत क्वारंटीन नियम, कोविड-19 जांच, ई-पास, दवाईयों की उपलब्धता और रेड, आॅरेंज और ग्रीन जोन से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए की गई हैं। अधिकारियों के अनुसार इस सुविधा का लाभ वरिष्ठ नागरिकों, प्रवासी श्रमिकों सहित गम्भीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों को विशेष रूप से मिल रहा है।
उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने स्वास्थ्य विभाग के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी डेंगू की रोकथाम के लिए अभी से ही जुट जाएं ताकि समय रहते इस रोग को फैलने से रोका जा सके। यह बात उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने डेंगू, मलेरिया तथा अन्य जल जनित रोगों की रोकथाम के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। बैठक में उचित सामाजिक दूरी की पूर्ण रूप से अनुपालना की गई। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि लोगों को डेंगू के रोग के बारे में पंचायतों और शहरी क्षेत्रों में होर्डिंग्ज लगाकर और प्रचार सामग्री वितरित करके लोगों में जागरूकता का संदेश फैलाए जिन-जिन स्थानों पर डेंगू के रोग के फैलने की अधिक संभावनाएं रहती हैं। उन्होंने जल शक्ति विभाग, लोक निर्माण विभाग तथा नगर परिषद को आपसी समन्वयकता से कार्य करने को कहा ताकि जल जनित रोगों को फैलने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि पंचायत व वार्ड स्तर व समितियों का गठन करके डेंगू की रोक थाम के लिए आगामी कार्य योजना बनाने के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन करना सुनिश्चित करें ताकि लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक पग उठाए जा सकें। उन्होंने कहा कि जिला में डेगू से प्रभावित अति संवेदनशील व संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर उन पर गहन दृष्टि बनाएंतथा विभिन्न माध्यमों से प्रचार करके लोगों को सचेत व जागरूक करें। उन्होंने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों से कहा कि जल भंडारण टैंको को समय रहते साफ करवाएं व आस-पास पानी एकत्रित ना हो इसके लिए आवश्यक प्रबन्ध करना सुनिश्चित करें। उन्होंने लोगों से भी आग्रह किया कि वे घरों में भी स्थापित पानी की टंकियों की सफाई व पानी के ठहराव के संदर्भ में पूर्ण जागरूकता से अच्छे नागरिक होने का कर्तव्य निभाएं ताकि किसी भी स्तर की लापरवाही के कारण डेंगू को पनपने का अवसर ना मिलें। उन्होंने लोगों से आहवान किया कि डेंगू का ईलाज संभव है, इसे घबराएं नहीं, डेंगू के रोग की आंशका होने पर तुरंत क्षेत्रीय हस्पताल में जांच करवाना सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने सीएमओ को निर्देश देते हुए कहा कि डेंगू के संदर्भ में समस्त बीएमओ अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने आवश्यक ठोस कदम उठाएं। उन्होंने पंचायत विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि पंचायतों में उपलब्ध सभी पारम्परिक जल स्त्रोतों की सफाई व क्लोरीनेशन करना सुनिश्चित करें। उन्होंने जल शक्ति विभाग और स्वास्थ्य आवश्यक सहयोग देने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि पानी की शुद्धता की जांच करने के लिए समय-समय पर पानी के सैंपल लेना भी सुनिश्चित करें ताकि लोगों को शुद्ध पेयजल मिल सके और जल जनित रोगों से भी बचा जा सके। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास विभाग आपसी समन्वय से लोगों को जागरूक करंे। उन्होंने आरएम एचआरटीसी को भी निर्देश दिए कि वे टायरों इत्यादि में पानी एकत्रित न होने दें। टायरों को पूर्णतय ढक कर रखें। सीएमओ डा० प्रकाश दड़ौच ने डेंगू के लक्षणों के संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि तेज सिर दर्द व बुखार, मांस पेशियों तथा जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, जी मिचलाना अथवा उल्टी होना व नो, मुह, मसूंड़ों से खून आने की स्थिति में तुरंत क्षेत्रीय अस्पताल में संपर्क करें। उन्होंने बताया कि डायरिया रोग के निदान के लिए क्षेत्रीय हस्पताल के अतिरिक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, उप स्वास्थ्य केन्द्रों के अतिरिक्त आंगनबाड़ी केन्द्रों में भी ओआरएस व सम्बन्धित दवाईयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
प्रदेश में फसलों को टिड्डी दल के हमले से बचाने के दृष्टिगत कृषि विभाग सोलन ने किसानों के लिए आवश्यक परामर्श जारी किया है। यह जानकारी उपनिदेशक कृषि डाॅ. पीसी सैनी ने दी। डाॅ. सैनी ने कहा कि यह टिड्डी दल हवा के साथ क्षेत्र विशेष में पहुंचता है। उन्होंने कहा कि जब यह टिड्डी दल किसी विशेष क्षेत्र में पहुंचता है तो तुरंत इसका उपचार रसायन इत्यादि के साथ किया जाना चाहिए। उपनिदेशक कृषि ने कहा कि टिड्डी दल का समूह एक दिन में 150 से 200 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है। इनका समूह एक वर्ग किलोमीटर से कई सौ किलोमीटर तक का होता है। यह समूह दिन में उड़ता है तथा रात को किसी जगह बैठकर विश्राम करता है। उन्होंने कहा कि भारत में टिड्डी दल का समूह पाकिस्तान की तरफ से राजस्थान के रास्ते प्रवेश कर गया है। फसल को इनके कारण होने वाले व्यापक नुकसान के दृष्टिगत हिमाचल प्रदेश के कुछ जिलों में इस सम्बन्ध में चेतावनी जारी की गई है। उन्होंने कहा कि सोलन जिला के लिए भी यह चेतावनी जारी की गई है। डाॅ. पीसी सैनी ने कहा कि उचित प्रबंधन से किसान टिड्डी दल को खेतों से दूर रख सकते हैं। प्रभावित खेतों के आसपास कृषक ड्रम अथवा बर्तनों इत्यादि से तेज आवाज निकाल कर टिड्डी दल को फसल से दूर रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि टिड्डी दल के समूह पर कलोरपायरीफाॅस 20 ईसी (ईमल्सीफाईड कन्सनट्रेशन) का 2.5 मिलीलीटर प्रति लीटर जल में मिलाकर अथवा मेलाथियाॅन (यूएलबी) का 10 मिलीलीटर प्रति लीटर जल में मिलाकर या लैम्ब्डा सयलोथ्रिन 4.9 प्रतिशत सीएस का 10 मिलीलीटर प्रति लीटर जल में मिलाकर ट्रेक्टर माउंटेड स्प्रेयर अथवा रोकर स्प्रेयर से छिड़काव करें। यह छिड़काव शाम अथवा रात के समय करें क्योंकि टिड्डियां रात के समय बैठकर आराम करती हैं। उन्होंने कहा कि किसान खेत में फसल से दूर आग जला सकते हैं, जिसमें टिड्डी दल आकर्षित होकर जलकर समाप्त हो जाएगा। उन्होंने आग्रह किया कि किसान विभाग द्वारा इस सम्बन्ध में जारी किए गए परामर्श का अनुसरण करें ताकि टिड्डी दल के हमले की सम्भावना में क्षति को न्यून किया जा सके।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया ने कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह के उस बयान को हास्यास्पद बताया है जिसमें उन्होंने नैतिकता के आधार मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से इस्तीफे की मांग की है। राकेश पठानिया ने विक्रमादित्य सिंह को याद दिलाया कि उस वक्त उनकी नैतिकता कहां थी, जब उनके पिता और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निजी आवास पर मुख्यमंत्री रहते हुए ई.डी. व सी.बी.आई. का छापा पड़ा था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की नैतिकता उस समय कहां थी, जब कांग्रेस के मुख्यमंत्री का अधिकतर समय सी.बी.आई. की अदालतों में गुजरता था। पठानिया ने कहा कि विक्रमादित्य सिंह को उस समय नैतिकता की याद क्यों नही आई, जब उनके परिवार द्वारा सेब की ढुलाई के लिए कथित तौर पर स्कूटर व टैंकरों के नम्बर दिए गए थे। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार कांग्रेस के कार्यकाल में ही काॅपरेटिव बैंक भर्ती घोटाला भी सुर्खियों में रहा, जिसमें चेहतों को रेवड़ियो की तरह नौकरियां बांटी गई थीं। क्या उस समय विक्रमादित्य सिंह व उनके परिवार को नैतिकता का ध्यान नहीं रहा? नूरपुर के विधायक ने कहा कि विक्रमादित्य सिंह को नैतिकता का बात करने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि उनका पूरा परिवार ही जमानत पर है। उन्होंने कहा कि जिनके घर शीशे के होते हैं उन्हें दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फैंकने चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी नैतिकता पर चलने वाली पार्टी है तथा प्रदेश पार्टी के अध्यक्ष डाॅ. राजीव बिंदल द्वारा नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दिया जाना इस बात को दर्शाता है कि भाजपा के लिए नैतिकता के ऊपर कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि जबकि वास्तविकता यह है कि डाॅ. बिंदल पर किसी भी प्रकार का इस बारे में कोई भी आरोप नहीं है। पठानिया ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर एक स्वच्छ छवि व ईमानदार नेता हैं और जैसे ही सोशल मीडिया में कथित तौर पर लेन-देन की ऑडियो कैसेट आई तुरन्त कार्रवाई करते हुए निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं को बर्खास्त कर दिया और उनके विरूद्ध जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी तथा दोषियों के विरूद्ध सख्ती कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में प्रदेशवासियों को स्वच्छ एवं पारदर्शी प्रशासन प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि वहीं दूसरी ओर कांगेस पार्टी की सरकार का विगत पांच वर्ष का कार्यकाल कोर्ट कचहरी में ही व्यतीत हुआ था तथा उनका प्रदेश के विकास तथा लोगों के कल्याण के बारे में कोई ध्यान नहीं था। उन्होंने केवल अपने बचाव में ही पांच वर्ष व्यतीत कर दिए। राकेश पठानिया ने कहा कि कोविड महामारी के इस दौर में भी कांग्रेस नेता को इस तरह की ओच्छी राजनीति सूझ रही है, जबकि प्रदेश सरकार तथा भारतीय जनता पार्टी इस अवधि के दौरान प्रदेशवासियों को कोरोना महामारी से बचाने के लिए अनेक सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने इस अवधि में जरूरतमंदों को ‘मोदी खाद्य किटें’ बांटी और लाखों लोगों को मास्क व सैनिटाइजर उपलब्ध करवाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी बताए कि उन्होंने प्रदेशवासियों के लिए इस दौरान क्या किया है? राकेश पठानिया ने विधायक विक्रमादित्य सिंह को सलाह दी कि उन्हें इस तरह की अनर्गल बयानबाजी से गुरेज करना चाहिए क्योंकि वे अभी राजनीतिक तौर पर अपरिपक्व हैं और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के विरूद्ध इस तरह की बयानबाजी उन्हें शोभा नहीं देती।
कोरोना के दृष्टिगत लगे लाॅकडाउन के कारण, जब लाखों लोग जो अपनी नौकरी खो चुके थे, अपनी आजीविका को बनाए रखना मुश्किल हो रहा था और अपने घर लौटने के लिए उत्सुक थे, हिमाचल प्रदेश सरकार ने अन्य राज्यों से सभी हिमाचलियों को वापस लाने के लिए पर्याप्त संख्या में विशेष ट्रेनों, बसों के माध्यम से उनकी प्रदेश वापसी सुनिश्चत की। देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे राज्य के लोगों को सहायता देने के उद्देश्य से, राज्य सरकार ने देश के विभिन्न हिस्सों से प्रदेश वापसी का अभियान भी चलाया। राज्य सरकार ने 25 मई, 2020 तक विभिन्न प्रावधानों के माध्यम से 1,40,104 लोगों को वापस राज्य में लाया है। कांगड़ा के लगभग 61556, हमीरपुर के 16292 लोग, सोलन के 15728 लोग, मंडी के 10306 लोग, शिमला के 7274 लोग, ऊना के 6599 लोग, सिरमौर के 6109 लोग, बिलासपुर के 6071 लोग, चंबा के 5337 लोग, कुल्लू के 3739 लोग, किन्नौर के 870 लोग और लाहौल-स्पीति के 223 लोग विभिन्न राज्यों से वापस लाए गए हैं। लगभग 5474 व्यक्तियों को ट्रेनों के माध्यम से प्रदेश वापस लाया बाहरी राज्यों में फंसे हिमाचल प्रदेश के लोगों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए, केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के अनुरोध पर विशेष ट्रेनें भी चलाईं, जिसके माध्यम से राज्य में लगभग 5474 व्यक्ति पहुंचे हैं। एक विशेष ट्रेन 26 मई को दिल्ली से ऊना पहुंची जिसमें 271 लोग सवार थे। 25 मई को चेन्नई सेंट्रल, तमिलनाडु से पठानकोट के चक्की बैंक रेलवे स्टेशन पर लगभग 211 लोग पहुंचे। 24 मई को दो विशेष ट्रेनें, अहमदाबाद से एक, ऊना रेलवे स्टेशन पर 545 व्यक्ति और दूसरे व्यक्ति चक्की बैंक रेलवे स्टेशन, महाराष्ट्र के पठानकोट से 580 व्यक्तियों को लेकर पहुंची। 23 मई को त्रिवेंद्रम, केरल से पठानकोट होते हुए हिमाचल प्रदेश के 35 लोगों को लेकर एक ट्रेन आई। लगभग 118 व्यक्तियों को हैदराबाद से वापस लाया गया और 20 मई को ट्रेन के माध्यम से पठानकोट पहुंचे। पुणे से ऊना के लिए एक और विशेष ट्रेन 19 मई को लगभग 617 व्यक्तियों को लेकर आई और मुंबई से ऊना रेलगाड़ी 18 मई को पहुंची, जिसमें 697 व्यक्ति थे। रेलगाड़ियों में प्रदेश पहुंचे नागरिक बीते 18 मई को बाहर फंसे हुए हिमाचलियों को लेकर आने वाली तीन रेलगाड़ियां राज्य में वापस पहुंची, जिसमें 259 व्यक्ति चेन्नई से पठानकोट पहुंचे, 589 गोवा से ऊना पहुंचे और 697 मुंबई से पहुंचे। राज्य के लगभग 1486 व्यक्तियों को थिविम, मडगांव करमाली (गोवा) से ऊना के लिए एक विशेष ट्रेन के माध्यम से गोवा से प्रदेश वापस लाया गया, जो 15 मई को ऊना पहुंची। नागपुर से पठानकोट तक 78 व्यक्तियों को ले जाने के लिए विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई थी। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार के प्रयासों से हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों के माध्यम से भी राज्य के लोगों को वापिस लाया गया। राज्य के 140 छात्रों को वापस लाने के लिए हिमाचल सड़क परिवहन निगम की नौ बसों को परवाणू से कोटा भेजा गया। ट्राई-सिटी क्षेत्र में फंसे 3500 से अधिक लोगों को चरणबद्ध तरीके से 144 बसों में लाया वापस चंडीगढ़ (ट्राइसिटी) में फंसे लोगों को सहायता भी दी गई, जिसके लिए बसों को बैचों में भेजा गया। ट्राई-सिटी क्षेत्र में फंसे 3500 से अधिक लोगों को चरणबद्ध तरीके से 144 बसों में वापस राज्य में लाया गया। 3 मई, 2020 को पहले बैच में ट्राई-सिटी क्षेत्र में फंसे 1314 व्यक्तियों को 51 बसों में वापस प्रदेश में लाया गया, जिसमें कांगड़ा जिले के 609 लोग, हमीरपुर जिले के 335 लोग, ऊना जिले के 132 लोग और चंबा जिले के 238 लोग शामिल थे। वापस लाए गए लोगों की हुई इन्फ्लुएंजा लक्षणों की जांच बीते 4 मई को 49 बसों में दूसरे बैच को प्रदेश में लाया गया, जिसमें मंडी जिला के 622 लोग, बिलासपुर जिले के 365 लोग, कुल्लू जिले के 191 और लाहौल-स्पीति जिले के 61 लोगों सहित 1239 लोगों को अन्य स्थानों से प्रदेश वापस लाया गया। इसी प्रकार तीसरा बैच 5 मई को राज्य के पांच जिलों के 1006 व्यक्तियों को 44 बसों में ट्राइसिटी से वापस लाया गया, जिसमें शिमला जिले के 585, सोलन जिले के 150, सिरमौर जिले के 170, किन्नौर जिले के 89 और बिलासपुर जिले के 12 लोग शामिल थे। यह देश के विभिन्न राज्यों में फंसे हुए हिमाचल के लोगों को राज्य में सुरक्षित वापस लाने का सबसे बड़ा अभियान था। इन सभी वापस लाए गए लोगों की इन्फ्लुएंजा लक्षणों की जांच की गई और इसके बाद उन्हें होम क्वारन्टीन में रखा गया। आप भी डाउनलोड करें आरोग्य सेतु ऐप प्रदेश सरकार ने राज्य में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं और उन्हें आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा गया है और साथ ही सामाजिक शिक्षा के महत्व के बारे में सूचना शिक्षा संचार (आईईसी) सामग्री प्रदान की जा रही है। इनके अलावा, हिमाचल प्रदेश के 29 निवासी, जिन्होंने विभिन्न उद्देश्यों के लिए लाॅकडाउन से पहले विभिन्न देशों की यात्रा की थी, उन्हें भी अन्य देशों से देश में वापस लाया गया है, जिनमें से 19 को दिल्ली में, पांच को केरल और पांच को पंजाब में रखा गया है। इसके बाद क्वारन्टीन अवधि पूरी होने पर उन्हें हिमाचल प्रदेश वापस लाया जाएगा।
भाव मेरे मन के जागे, जीत गए कुछ मन की राग ये बदलाव आज किस तरह का जमाने में आ गया हर इंसान मतलबी सा हो गया। रिश्ते भी रिश्ते नहीं रहे, हर एक रिश्ता अजनबी सा हो गया, इंसानियत कहां खो गई, इंसान के खिलाफ हो गया कुदरत का कहर कुछ यूं देखा हमने, आज इंसान कैद, और जानवर आजाद हो गया। कुदरत के आगे सब डर से गए अमीरी के नशे में चूर थे, वह भी वक्त के आगे झुक से गए। इंसान अब भी ना तू समझा तो कहर बहुत बरस जाएगा, कुदरत का कहर कुछ यू बरसा, जो छोड़ गए थे कुछ अपने, आज वह भी अपनों के लिए तरसा। याद आ गया मुझे अपने बचपन का जमाना, मां बापू का प्यार और उनका धमकाना, आज फिर वो संस्कार लौट कर आए, जो इस पाश्चात्य सभ्यता को नहीं थे भाय। धरती मां जिसको बांझ सा था कर दिया , आज वह खेत खलियान फिर से हैं लहराए, घर से गए बुद्धू घर को लौट आए, सुबह का भूला शाम को घर आए तो बुलाना कहलाए। कुछ इस तरह से मंजू के मन के भाव आज जाग आए, वाह री कुदरत तूने टूटे हुए रिश्ते फिर से है मिलवाए, ये थे मेरे मन के भाव जो आज बाहर निकल कर के आए। मंजुला वर्मा भाषा अध्यापिका जिला मंडी हिमाचल प्रदेश
फेसबुक पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट की गई है जिसकी शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। दरअसल मामला ये है कि फेसबुक पर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर उनकी छवि को बिगाड़ने के आरोप को लेकर राजधानी शिमला में मामला दर्ज किया गया है। शिक्षा मंत्री के ओएसडी ममराज पुंढीर की शिकायत पर छोटा शिमला थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 465, 469 व 67 आईटी एक्ट में केस दर्ज किया है। शिमला पुलिस के अनुसार मामराज पुंढीर ने शिकायत में कहा है कि मनोज ने 27 मई तथा राकेश मन्डोत्रा व राकेश जिन्टा ने 28 मई को अपनी फेसबुक में शिक्षामंत्री सुरेश भारद्वाज के खिलाफ झूठी व आपत्तिजनक समाचार पत्र की खबर को अपलोड किया है कि मंत्री ने अपने सियासी रसूख के चलते केन्द्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला में अपने एक करीबी को प्रोफेसर के पद पर नियुक्त किया है। इसे लेकर सोशल मीडिया में मंत्री के खिलाफ भ्रामक प्रचार कर उनकी बेदाग छवि को धूमिल किया जा रहा है। उधर, एसपी शिमला ओमा पति जंबाल ने पुष्टि करते हुए कहा कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
सोलन जिला का हर वर्ष 28 व 29 मई को मनाया जाने वाला जिला स्तरीय माँ चण्डी मेला वैश्विक महामारी की वजह से नहीं हो सका। मेला कमेटी के प्रधान रमेश ठाकुर व मन्दिर समिति के प्रधान चन्द्र मोहन शर्मा ने बताया वैश्विक महामारी के चलते सरकार व प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए इस बार मेले को स्थगित किया गया। इस बार केवल सामाजिक दूरी का पालन करते हुए माँ चण्डी की विधिवत पूजा अर्चना कर माँ को झण्डा अर्पित किया गया व चण्डी माँ से सभी के स्वास्थ्य व खुशहाली की कामना की गई। इस मौके पर बलबन्त ठाकुर, हँसराज शर्मा, देवेंद्र डोगरा, हरिराम, धर्मेंद्र वर्मा, विनोद डोगरा बलबीर ठाकुर सहित सभी कमेटी सदस्य उपस्थित रहे।
जिलाधीश डाॅ. ऋचा वर्मा ने कहा है कि कुल्लू जिला में क्वारंटाइन सेंटरों की स्थापना के लिए अधिगृहीत किए शिक्षण संस्थानों को पूरी तरह सेनिटाइजेशन के बाद ही संस्थान प्रमुखों को वापस सौंपा जाएगा। इस संबंध में सभी एसडीएम, बीडीओ, उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक और स्थानीय निकायों के अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए गए हैं। डाॅ. ऋचा वर्मा ने बताया कि आने वाले समय में जब भी प्रदेश सरकार शिक्षण संस्थानों को खोलने का निर्णय लेगी तो क्वारंटीन सेंटरों के लिए अधिगृहीत किए गए शिक्षण संस्थानों के भवनों को खाली करना पड़ेगा। गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार इन भवनों को खाली करने के बाद इनकी संपूर्ण सेनिटाइजेशन अनिवार्य है। जिलाधीश ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और गृह मंत्रालय के कड़े दिशा-निर्देशों के मद्देनजर जिला में शिक्षण संस्थानों के अधिगृहीत भवनों को पूरी तरह सेनिटाइज किया जाएगा। उन्होंने सभी एसडीएम, बीडीओ, नगर निकायों के कार्यकारी अधिकारियों और पंचायत सचिवों को निर्देश किए कि वे उक्त भवनों की संपूर्ण सेनिटाइजेशन सुनिश्चित करें और इन्हें वापस सौंपने से पहले संस्थान प्रमुखों से प्रमाण-पत्र या रसीद भी लें। जिलाधीश ने उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक और प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक को भी गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इस दुख की घड़ी में जहाँ पूरा विश्व महामारी की चपेट में है। जहाँ अन्य स्कूल ऑनलाइन पढाई का बहाना बनाकर अभिभावकों से फीस की मांग कर रहे है, वहीं दूसरी तरफ हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी तहसील सूंदर नगर के नौलखा स्थित सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल ने अभिभावकों को राहत देते हुए एडमिशन फीस और दो महीने की फीस माफ् कर दी है, जो मध्यम वर्ग के लिए बहुत बड़ी राहत की बात है क्योकि इस आपदा की घड़ी में सबसे ज्यादा माध्यम वर्ग ही प्रभावित है और इस विद्यालय की यह पहल बहुत ही सराहनीय है | प्रिन्सिपल ऋतु राणा ने अभिभावकों को यह भी निर्देश दिए कि बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखें तथा होम वर्क समय पर कार्रवाएं और फीस की चिंता बिल्कुल न करे। महामारी के इस दौर में हम आपके साथ है।
स्वास्थ्य विभाग के घोटाले में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल के इस्तीफे पर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष व विधायक सुखविंद्र सिंह सूक्खू ने प्रदेश सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि सरकार स्पष्ट करे, बिंदल का इस्तीफा क्यों लिया गया। स्वास्थ्य विभाग के घोटाले में भाजपा के कौन बड़े नेता शामिल हैं, जिनके चलते बिंदल को प्रदेशाध्यक्ष की कुर्सी का त्याग करना पड़ा। सरकार उनके भी नाम सार्वजनिक करे। क्या बिंदल का इस्तीफा लेकर मामले को दबाने की कोशिश हो रही है। क्योंकि, पहले भी सरकार इस घोटाले को दबा चुकी है। सूक्खू ने कहा कि पूर्व मंत्री रविंद्र रवि के पत्र बम ने इसकी परतें खोल दी थीं, लेकिन सरकार ने घोटालेबाजों पर कार्रवाई के बजाए रवि के खिलाफ ही जांच बिठा दी थी। स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से घोटाले होते आ रहे हैं, जिन्हें लेकर ही रवि ने पत्र लिखा था, लेकिन सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। वह घोटाले का पहला अध्याय था, दूसरा अध्याय कोरोना काल में शुरू हुआ और 5 लाख के लेनदेन का ऑडियो वायरल होने पर भ्रष्टाचार उजागर हो गया। कोरोना जैसी आपदा में भी भ्रष्टाचार ने भाजपा का असली चेहरा बेनकाब कर दिया है। जिनके काम-धंधे बंद, उन्हें राहत दे सरकार सुखविंद्र सूक्खू ने कहा है कि सरकार उन्हें राहत दे जिनके काम-धंधे पूरी तरह से बंद पड़े हैं। आपदा में दान दी जा रही राशि खर्च करने के लिए है, जमा करने के लिए नहीं। सरकार प्रदेश में राहत किसे दे रही यह पता ही नहीं चल रहा। वकीलों, छोटे दुकानदारों, नाई-धोबी, कामगारों व जिनकी नौकरी चली गई है, सरकार को उन्हें बतौर राहत जल्दी 10000 रुपये आर्थिक मदद देनी चाहिए। पीटीए टीचर्स को भी तुरंत उनकी रुकी हुई सेलरी दी जाए। कोरोना पॉजिटिव को घर भेजना बड़ी चूक सूक्खू ने कहा कि कोरोना नियंत्रण को लेकर सरकार एक के बाद एक गलतियां कर रही है। जब प्रदेश के लोगों को बाहर से लाना चाहिए था, तब लाए नहीं, जब लोग संक्रमित हो गए तो उन्हें लाकर पूरे प्रदेश को खतरे में डाल दिया। हमीरपुर में 15 कोरोना पॉजिटिव को नेगेटिव बताकर घर भेजना बड़ी प्रशासनिक लापरवाही है। सरकार को उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए। संस्थागत संगरोध में हो रहा भाई भतीजावाद भी खत्म हो।
मौसम की बेरुखी किसान-बागवानों पर भारी पड़ रही है। एक ओर कोरोना का कहर लोगों को सता रहा है तो वहीं मौसम का बदला मिज़ाज किसानों के लिए नई दिक्कतें ला रहा है। बीच-बीच में हो रही ओलावृष्टि से किसान बागवानों की कमर टूट गई है। वीरवार दोपहर बाद आनी में मौसम ने अपना मिज़ाज बदला और भारी आंधी-तूफ़ान के साथ साथ बारिश और ओलबृष्टि भी हुई। भारी बारिश होने से नालों में पानी का जलस्तर अचानक बढ़ने से पानी सड़कों पर आ गया जिससे वाहन चालकों व राहगीरों को काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। वहीं आनी, निरमण्ड के कई क्षेत्रों में एक बार फिर ओले से भारी नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि से सेब की फसल काफी हद तक प्रभावित हो गई है। गौर रहे इससे पूर्व भी कई बार ओलावृष्टि ने किसान-बागवानों की सेब, आलू, मटर जैसी फसलों को बर्बाद कर दिया था। जिस कारण बागवानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। इस बार बागवान अच्छी सेब की पैदावार होने की उम्मीद कर रहे थे। पहले लगातार तेज बारिश और ओलावृष्टि ने सेब की सेटिंग को काफी नुकसान पहुंचाया है। इलाके में बागवानों के घर का खर्चा सेब व अन्य फसलों की पैदावार पर ही निर्भर करता है। सेब की पैदावार ठीक ठाक हो जाए तो बागवानों को साल भर का खर्चा निकल जाता है। मौसम की बेरुखी तो वहीं कोरोना का कहर सता रहा है। बागवानों ने कहा कि ओलावृष्टि ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर कर रख दिया है। ओलावृष्टि से सेब की फसल पूरी तरह प्रभावित हो गई है। इस बार बागवानों को सेब की पैदावार न के बराबर होने का भय सता रहा है। किसान-बागवानों ने सरकार व कृषि विभाग से हुए नुकसान का जायज़ा लेने और आगामी कार्रवाई की मांग की है ।
कृषि विभाग के निदेशक डाॅ. आर.के. कौंडल ने बताया कि बड़े पैमाने पर रेगिस्तानी टिड्डों के संभावित आक्रमण के कारण प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों से इन टिड्डियों द्वारा फसलों को नष्ट करने की सूचना प्राप्त हुई है और प्रदेश में भी इनके आक्रमण की आशंका है, जिसके कारण प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि विशेषकर कांगड़ा, ऊना, बिलासपुर और सोलन जिले हाई अलर्ट पर हैं। उन्होंने कहा कि टिड्डियों की गतिविधियों पर निरंतर नजर रखने तथा किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए फील्ड अधिकारियों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने किसानों को टिड्डियों की किसी भी गतिविधि की रिपोर्ट अपने निकटतम कृषि अधिकारियों को तुरन्त देने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि यह रेगिस्तानी टिड्डे आमतौर पर हवा के साथ लगभग 16 से 19 किमी प्रति घंटे की गति से हवा के साथ उड़ते हैं और एक दिन में लगभग 5 से 130 किमी या इससे अधिक की दूरी तय कर सकते हैं। कृषि निदेशक ने बताया कि सभी फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि वे टिड्डियों के हमले के प्रति किसानों में जागरूकता लाएं और उन्हें कीटनाशकों का छिड़काव करने के लिए प्रेरित करंे। उन्होंने कहा कि इसके बचाव के लिए 30 लीटर पानी में 200 ग्राम मैथेरिजियम और बाॅवरिया जैसे जैव कीटनाशक का घोल बना कर छिडकाव करना लंबे समय तक प्रभावी होगा। उन्होंने कहा कि जैव नियंत्रण प्रयोगशाला, कांगड़ा और मंडी को इन जैव कीटनाशकों को पर्याप्त मात्रा में तैयार करने के निर्देश दिए गए है। कृषि निदेशक ने कहा कि वर्तमान में राज्य के किसी भी हिस्से से टिड्डियों की गतिविधियों की कोई सूचना नहीं है और टिड्डी नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि अधिकारियों को टिड्डियों की गतिविधियों पर नजर रखने और खेतों में टिड्डियों की किसी भी गतिविधि की रिपोर्ट कृषि निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए गए है।
हि.प्र. राज्य सहकारी बैंक सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण संघ के अध्यक्ष बी.डी. काजल ने संघ की ओर से मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को एचपी एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅंस फंड में 1.11 लाख रुपए का चैक भेंट किया। इसके अतिरिक्त, राज्य भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व सचिव महेन्द्र रोहाल और भाजपा किसान मोर्चा जिला शिमला के पूर्व अध्यक्ष चन्दन शर्मा ने भी इस फंड में 51 हजार रुपये का अंशदान किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए उनका आभार व्यक्त किया। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल ने जारी एक प्रैस बयान में कहा कि हिमाचल प्रदेश भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के प्रति अपनी "जीरो टॉलरेंस" की नीति पर कायम है। उन्होनें कहा कि प्रदेश की सरकार मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ाई लड़ रही है। मुख्यमंत्री के ध्यान में भ्रष्टाचार का जो भी मामला आया, उसके खिलाफ तुरंत कार्यवाही के आदेश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक की कथित ऑडियो क्लिप जारी होते ही बिना समय गवाए कार्यवाही अमल में लाई गई। विजिलैंस की जांच शुरू करके निदेशक स्वास्थ्य विभाग को सस्पैंड कर तुरंत गिरफ्तार किया गया और आगे की जांच जारी है। त्रिलोक जम्वाल ने आगे कहा कि भाजपा के पूर्व अध्यक्ष डॉ राजीव बिन्दल ने नैतिकता के आधार पर अपने पद से केवल इसलिए इस्तीफा दिया, क्योंकि कुछ तथाकथित लोग निराधार बयानबाजी करके भाजपा पर अंगुली उठा रहे थे। इसलिए उन्होनें अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझते हुए अपने पद से त्यागपत्र दिया ताकि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो सके और भाजपा हर प्रकार की जांच के लिए तैयार भी है। भाजपा महामंत्री ने कहा कि कांग्रेसी नेताओं का भाजपा को नैतिकता का पाठ पढ़ाना "खुद मियां फजीहत औरों को नसीहत" कहावत को चरितार्थ करता है। जिस पार्टी ने भ्रष्टाचार में कीर्तिमान स्थापित किए हों, जो पार्टी खुद आकंठ भ्रष्टाचार में लिप्त हो और अनेकों भ्रष्टाचार के आरोप उनके ऊपर लगे हो, उनका दूसरों को नैतिकता की सीख देना हास्यास्पद है। त्रिलोक जम्वाल ने कहा सर्वविदित है कि आज पूरा विश्व कोरोना महामारी से त्रस्त है और इस वैश्विक महामारी के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने जहां समाज सेवा के कार्य प्रारंभ कर प्रदेश की जनता की सेवा की वहीं कांग्रेस पार्टी ने इस संकटकाल में भी केवल राजनीति ही करने का काम किया। भाजपा ने पूरे प्रदेश में 5 लाख से अधिक भोजन पैकेट, एक लाख से अधिक सूखा राशन, 22 लाख से अधिक मास्क बांटे और साथ ही प्रधानमंत्री राहत कोष और मुख्यमंत्री राहत कोष में 9 करोड़ से अधिक का अंशदान दिया। उन्होनें कांग्रेस पार्टी के नेताओं से प्रश्न करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी बताएं कि कोरोना संकट के दौरान उन्होनें प्रदेश की जनता के लिए क्या किया ? वे बताएं कि इस संकटकाल में उन्होनें कौन सी समाज सेवा की ? परन्तु उनके पास इसका कोई भी जवाब नहीं होगा क्योंकि कोरोना कालखण्ड में कांग्रेसी नेता ’’बयान बहादुर’’ बनकर रह गए और कांग्रेसी नेताओं में बयानबाजी करने में एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ सी लग गई, जोकि निंदनीय है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल के नेता अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए और प्रदेश की जनता को गुमराह करने के लिए मीडिया में निराधार बयानबाजी कर जनता में अपनी उपस्थिति बनाए रखना चाहते हैं परन्तु प्रदेश की जनता उनके द्वारा फैलाई जा रही झूठी अफवाहों में नहीं आने वाली। इस पूरे प्रकरण को भारतीय जनता पार्टी के साथ अप्रत्यक्ष रूप से जोड़ना कांग्रेस पार्टी की एक कुटिल चाल मात्र है जिसमें वे कभी कामयाब नहीं होंगे। त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जल्दी ही सच्चाई सबके सामने आ जाएगी और दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा ।
प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन सोलन द्वारा 1586 व्यक्तियों को हरियाणा के कालका से विशेष श्रमिक रेलगाड़ी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के फैजाबाद एवं अन्य जिलों के लिए भेजा गया। । उपमण्डलाधिकारी सोलन रोहित राठौर की देख-रेख में यह सभी व्यक्ति अपने-आने गंतव्य स्थल की और रवाना हुए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन संवेदनशीलता के साथ इन व्यक्तियों को उनके घर पंहुचाने के लिए प्रयासरत है। अत्यन्त गर्मी एवं लू के कारण होने वाले निर्जलीकरण (डीहाईड्रेशन) के दृष्टिगत जिला प्रशासन सोलन द्वारा यात्रियों को ओ.आर.एस सहित अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाई गई हैं। उन्हांेने कहा कि छोटे बच्चों के लिए दूध इत्यादि की भी पूर्ण व्यवस्था की गई है। यह सामान राधा स्वामी सत्संग ब्यास, सोलन, रोटरी क्लब सोलन, केमिस्ट एसोसिएशन सोलन, एस मार्ट सोलन द्वारा दिया गया है। रोहित राठौर ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश जाने वाले इन व्यक्तियों को प्रदेश पथ परिवहन निगम की 60 बसों के माध्यम से कालका पहंुचाया गया। रेलवे स्टेशन पर सभी यात्रियों के लिए भोजन, जल इत्यादि की पूर्ण व्यवस्था की गई थी। उन्होंने कहा कि इन 1586 व्यक्तियों में सोलन जिला के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ से 763, सोलन से 54, परवाणु से 157, शिमला जिला के रामपुर से 41, शिमला से 28, जिला सिरमौर से 115, जिला किन्नौर से 22, जिला ऊना से 222, जिला कांगड़ा से 63 तथा जिला बिलासपुर से 121 व्यक्ति उत्तर प्रदेश गए। भारतीय प्रशासनिक सेवा की परिवीक्षाधीन अधिकारी रितिका जिन्दल, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सुरेश सिंघा, जिला खनन अधिकारी कुलभूषण सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि धैर्य बनाए रखे घबराएं नहीं, प्रशासन उनके सहयोग के लिए हमेशा तत्पर है। उन्होंने लोगों से उचित सामाजिक दूरी बनाए रखने, मास्क पहनने तथा बार-बार हाथ धोने और सैनीटाईजर का उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि जिला से अब तक 1478 लोगों के सैंपल कोविड-19 के लिए लैब जांच के लिए आई जी एम सी शिमला भेजे गए, उनमें से 1450 सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं और 18 की रिपोर्ट अभी तक पाॅजिटीव आई है जिनमें से 4 लोग ठीक हो चुके है और 14 मामले अभी तक एक्टिव है। शेष 10 सैंपल की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। उन्होंने बताया कि 23 मई को जिला में कफ्र्यू को आगामी आदेशों को बढ़ाने के आदेश जारी कर दिए गए है। यह भी आदेश जारी किए गए है कि सैलून, ब्यूटी पार्लर, हेयर ड्रेसर की दुकानें मंगलवार को छोड़कर खुली रहेंगी। जिला के 250 हेयर ड्रेसर को स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया है और जिन्हें ट्रेनिंग नहीं दी गई है उन्हें दिशा निर्देशों की काॅपी उपलब्ध करवा दी गई है। उन्होंने बताया कि 25 मई को विधानसभा क्षेत्र झंडूता के गांव डुहक के।रहने वाले व्यक्ति जोकि होम क्वारंटाईन में थे उनके पाजिटिव आने के पश्चात उस गांव तथा निकट तम छः गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया था और झंडूता के सुनहानी और कोटली को बफर जोन बनाया गया है। उन्होंने बताया कि 28 मई को ग्राम पंचायत बामटा तहसील सदर जिला बिलासपुर के गांव दनोह में एक व्यक्ति कोरोना पाजिटिव पाया गया है इस कारण गांव दनोह के आसपास के क्षेत्र निहाल, दनोह, कोसरियां गांवों को जो ग्राम पंचायत बामटा।में पड़ते हैं तथा नगरपरिषद के क्षेत्र के अन्तर्गत एचआरटीसी क्लोनी वार्ड नम्बर 1 नगर परिषद बिलासपुर गुरूद्वारा मार्किट, गांधी मार्किट व काॅलेज चौक मार्किट को कोविड-19 कंटेनमेंट जोन व नगरपरिषद के वार्ड नम्बर 1 के शेष बचे क्षेत्र, रौडा सेक्टर नम्बर 3, कोसरियां वार्ड, निहाल नम्बर 1, आईटीआई बिलासपुर तक व मेन मार्किट व चंगर सेक्टर को बफर जोन घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि कंटेनमेंट जोन में पूरी तरह से आवाजाही बंद रहेगी तथा कर्फ्यू में दी गई ढील नहीं मिलेगी। उन्होंने बताया कि आवश्यक वस्तुओं जैसे दूध, सब्जी, राशन, दवाईयां सप्लाई करने के लिए एसडीएम सदर की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है जिन्होंने आपूर्ति शुरू कर दी है। इसके तहत सभी को कोविड-19 के दिशानिर्देशों को पालन करना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि कंटेनमेंट जोन में एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान चलाया जाएगा जिसमें लोगों के सैंपल लिए जाएंगे।
सदर विधानसभा क्षेत्र के युवा नेता एवं प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर और पूर्व जिला परिषद सदस्य बसन्त राम सन्धु व जिला महासचिव एनएसयूआई नरेश कुमार ने सदर विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों का दौरा कर जनता का कुशलक्षेम जाना और लोगों को कोरोना महामारी से बचाव के लिए मास्क वितरित किए। इस मौके युवा नेता आशीष ठाकुर ने कहा कि जिस तरह से देवभूमि में आए दिन मामले बढ़ रहे है यह बहुत ही चिंतनीय विषय है। उन्होंने कहा कि इस महामारी से अब हमारा जिला भी अछूता नही रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि सरकार अपना निर्णय बदले ओर बाहरी राज्यो से आने वाले लोगों को चाहे वो किसी भी ज़ोन से आ रहे हों उन्हें इंस्टिट्यूशनल क्वारंटाइन में रखे और सभी लोगों का कोरोना टेस्ट करवाए अन्यथा पूरे प्रदेश में मामले धड़ाधड़ बढ़ते ही जायेंगे। उन्होंने प्रदेश सरकार से भी सवाल पूछा है कि सदर विधानसभा की पंचायतों में जो क्वारंटाइ। सेंटर बने है वँहा लोगो को खाना मुहिया करवाने की जिम्मेदारी किसकी बनती है। उन्होंने कहा कि उन्हें सूत्रों से पता चला है कि पंचायत घरों में बने क्वारंटाइन सेंटरों में रह रहे लोगो को अपने घरों से खाने की व्यवस्था करनी पड रही है जिससे कि कोरोना संक्रमण के बढ़ने की पूर्ण आशंका बनी हुई है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की है कि जल्द से उन लोगों के खाने की व्यवस्था क्वारंटाइन सेंटर में की जाए। साथ मे उन्होंने जनता से अपील की है कि वो अपने घरों में रहकर खुद को ओर अपने समाज को सुरक्षित रखने में योगदान दे।
सचिव ग्रामीण विकास डाॅ. आर.एन. बत्ता ने बताया कि भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से प्रदेश की मुख्यमंत्री एक बीघा योजना की सराहना करते हुए इस योजना को देश भर में लागू करने की घोषणा की है। डाॅ. आर.एन. बत्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर द्वारा गत सप्ताह इस योजना का शुभारम्भ किया गया था। उन्होंने कहा कि इस योजना में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की परिकल्पना की गई है। इस योजना केे तहत एक महिला या उसका परिवार जिनके पास एक बीघा (या 0.4 हेक्टेयर) तक की भूमि है, वह सब्जियों और फलों को उगाने के लिए बैकयार्ड किचन गार्डन तैयार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना में 5,000 स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लगभग 1.50 लाख महिलाएं शामिल होंगी।
नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया ने आज यहां मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को ज़िला कांगड़ा के जसूर मार्किट के व्यापारियों की ओर से एचपी एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅंस फंड में 2.50 लाख रुपए का चैक भेंट किया। उन्होंने इस अवसर पर सेनेटाइजर मशीन भी भेंट की। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अंशदान कोरोना महामारी से लड़ने में सहायक सिद्ध होगा।
कोरोना वायरस महामारी ने दुनिया के लिए कई चुनौतियां पेश की हैं। भारत भी इस बीमारी से लड़ रहा है। कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है। राज्य सरकार कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए शारीरिक दूरी को प्रोत्साहित कर रही है। संकट के इस समय में बहुत से लोगों ने इस बीमारी के कारण अपनी आजीविका खो दी है और अपने मूल राज्य की ओर रूख किया है। राज्य में 25 अप्रैल, 2020 से लेकर अब तक 1.40 लाख लोग वापस आ चुके हैं और लोग अभी भी आ रहे हैं। राज्य सरकार ने इन पेशेवर लोगों की क्षमता का दोहन करने का निर्णय लिया है, जिससे राज्य की श्रमशक्ति में भी बढ़ौतरी होेगी। कफ्र्यू के इस समय में भ्रम और अनिश्चितता को देखते हुए, राज्य सरकार लोगों के लिए एक लाभकारी योजना आरंभ कर लोगों को सुरक्षित रखने की तैयारी में बहुमूल्य योगदान दे रही है। शहरी क्षेत्र में आजीविका सुरक्षा बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री शहरी अजीविका गारंटी योजना शुरू की गई है, जो इस वित्तीय वर्ष में हर घर में 120 दिनों का गारंटीड मजदूरी रोजगार प्रदान करेगी। इस योजना को हिमाचल प्रदेश के सभी शहरी स्थानीय निकायों और छावनी बोर्ड में लागू किया जाएगा। राज्य सरकार इस संकट में लोगों को प्रभावशाली प्रोत्साहन के रूप में यह योजना प्रदान कर रही है। लोगों की मदद करने के लिए उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने मेें यह एक बड़ा कदम है। योजना का उद्देश्य मजदूरी से जुड़े व्यक्तियों के कौशल संवर्धन में मदद करना है ताकि उन्हें बेहतर आजीविका के अवसर प्रदान किए जा सकें। इसके अतिरिक्त उद्यमिता प्रशिक्षण के साथ-साथ सब्सिडी लिंक्ड क्रेडिट लिंकेज प्रदान करके अपने उद्यम स्थापित करना और शहरी बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने तथा शहरी स्थानीय निकायों में गुणवत्ता नागरिक सुविधाओं के प्रावधान द्वारा लोगों को बेहतर आजीविका के अवसर प्रदान करना भी योजना के लक्ष्यों में शामिल है। प्रत्येक घर के सभी वयस्क सदस्य काम करने के लिए पात्र होने के लिए पंजीकरण कर सकते हैं। उन्हें शहरी स्थानीय निकायों के अधिकार क्षेत्र में रहना और शहरी स्थानीय निकायों द्वारा प्रदान की जा रही परियोजनाओं या स्वच्छता सेवाओं में अकुशल कार्य करने के लिए तैयार रहना अनिवार्य होगा। काम करने के लिए अधिकतम आयु सीमा 65 वर्ष होगी। इस योजना के तहत योग्य पात्र लाभार्थी को दीन दयाल अंतोदय-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत ऋण के लिए आवेदन करने की सुविधा होगी। लाभार्थियों को पंजीकरण के सात दिनों के भीतर एक जाॅब कार्ड जारी किया जाएगा। पात्र लाभार्थी को पंजीकरण के 15 दिनों के भीतर रोजगार दिया जाएगा अन्यथा शहरी स्थानीय निकायों द्वारा लाभार्थी को रोजगार भत्ते के रूप में 75 रूपये प्रतिदिन का भुगतान किया जाएगा। पुरुष और महिला श्रमिकों दोनों को समान वेतन का भुगतान किया जाएगा। 15 दिनों के रोजगार के पूरा होने के सात दिनों के बाद पखवाड़े के आधार पर शहरी स्थानीय निकायों द्वारा पात्र लाभार्थियों के बैंक खाते में मजदूरी की राशि सीधे जमा की जाएगी। पात्र लाभार्थी को योजना के तहत रोजगार प्रदान करने के बाद दीन दयाल अंतोदय-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत सरकार द्वारा अधिसूचित की गई न्यूनतम मजदूरी के साथ अधिकतम चार सप्ताह के लिए कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले पात्र लाभार्थियों को दीन दयाल अंतोदय-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के स्वरोजगार कार्यक्रम के तहत बैंकों से जोड़ा जाएगा। लाभार्थियों को राज्य सरकार और केंद्र सरकार की किसी भी योजना के तहत चल रहे या नए स्वीकार्य कार्य में रोजगार प्रदान किया जाएगा, जिसके लिए शहरी स्थानीय निकायों के पास धन उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, लाभार्थियों को 15वें वित्त आयोग या 5वें राज्य वित्त आयोग के तहत किसी भी स्वीकार्य कार्य के लिए, जिसके लिए शहरी स्थानीय निकायों को अनुदान सहायता प्रदान की गई है और ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2016 और स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वीकार्य स्वच्छता कार्यो और सेवाओं में भी रोजगार प्रदान किया जाएगा। राज्य सरकार इस योजना के माध्यम से सभी लोगों तक पहुंच रही है। यह योजना रोजगार के लिए बाहर जाने की तुलना में अपने प्रदेश वापिस आने वाले लोगों को गृह राज्य में रहने में सक्षम बनाएगी, जिससे सभी को सुरक्षित रखा जा सकेगा। यह पहल वर्तमान परिस्थितियों में भी सर्वश्रेष्ठ तरीकों पर बल देती है और हमें स्मरण दिलाती है कि हम संकट में भी सही उपायों से परिस्थितियों को सकारात्मक बना सकते हैं।
उपमंडलाधिकारी करसोग ने कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा समय समय पर दिए गए दिशा निर्देशों का पालन करने व सहयोग देने के लिए उपमंडल की जनता का धन्यवाद कीया है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में करसोग उपमंडल में ग्रीन और ऑरेंज जोन से आए सभी 140 लोगों को होम कवारन्टीन में रखा गया है जबकि रेड जोन से आए 37 लोगों को प्रशासन द्वारा विभिन्न संस्थागत होम कवारन्टीन में रखा गया है तथा 34 लोगों को होम कवारन्टीन समय पूरा करने के उपरांत घर भेजा जा चुका है। संस्थागत होम कवारन्टीन में रखे सभी लोगों को सुविधा प्रदान करने के लिए कर्मचारी तैनात किए गए हैं ताकि उन्हें किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े। तथा उपमंडलाधिकारी करसोगने सुरेन्द्र ठाकुर ने सभी लोगों से अपील करते हुए कहा कि लोग अफवाहों पर विश्वास न करें। करसोग उपमंडल में अभी तक कोई भी कोरोना से संक्रमित मामला सामने नहीं आया है। उन्होने कहा कि कुछ लोगों द्वारा उपमंडल करसोग मे कोरोना पाजिटिव केस के वारे मे अफवाहे फैलाई जा रही है जो कि गलत है। उन्होंने सोशल मीडिया में भ्रम फैलाने वाले लोगों के साथ कानूनी कार्रवाई करने की भी जानकारी दी। बीमार व्यक्ति स्वाथ्य चेकअप के लिए जा सकते है अस्पताल उपमंडलाधिकारी करसोग ने कहा कि लोग अपने स्वास्थ्य चेकअप के लिए करसोग अस्पताल में जा सकते हैं। अस्पताल में सोशल डिस्टेनसिंग व मास्क का प्रयोग जरूर करें जिससे आपकी सुरक्षा के साथ समाज के दूसरे लोगों की सुरक्षा भी निहित है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से लाइफ साइंस एंड बायोटेक/फार्मा उद्योग सीआईआई उत्तरी क्षेत्र समिति के सदस्यों के साथ बातचीत करते हुए उद्योगपतियों, विशेष रूप से फार्मा उद्योग द्वारा कोविड-19 महामारी से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रदेश सरकार को पूर्ण सहयोग देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने भी प्रदेश में स्थित सभी फार्मा उद्योगों को कोविड-19 के दौरान उनके उत्पादन को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए अपना पूर्ण सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने न केवल उद्योग को हर संभव सहायता प्रदान की, बल्कि इन क्षेत्रों में श्रमिकों के सुचारू आवागमन को भी सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि आज 90 प्रतिशत से अधिक फार्मा उद्योगों ने अपना उत्पादन शुरू कर दिया है और बद्दी में फार्मा उद्योगों द्वारा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन निर्माण से न केवल घरेलू उपभोक्ताओं की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा किया जा रहा है, बल्कि इसकी आपूर्ति अमेरिका जैसे देशों को भी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सोलन जिले के बद्दी-बरोटीवाला क्षेत्र में इस तरह के बुनियादी ढांचे का निर्माण करने पर विचार कर रही है, जहां विभिन्न उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों को आपातकाल की स्थिति में उनके रहने का प्रबन्ध किया जा सके। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बद्दी-बरोटीवाला और नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ उद्योगपतियों को भी सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने उद्योगपतियों से पीएम केयर्स और हि.प्र. एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅन्स फंड में उदारतापूर्वक अंशदान करने का भी आग्रह किया, जो कोरोना वायरस से प्रभावी रूप से लड़ने में सहायक सिद्ध होगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण, राज्य सरकार ने बद्दी-बरोटीवाला क्षेत्र में अंतर राज्य आवागमन पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन अब राज्य सरकार ने इसमें छूट देने का फैसला लिया है और ट्राई सिटी में आने वाली औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले श्रमिकों को कुछ प्रतिबंधों के साथ आवागमन की अनुमति दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश पर्याप्त मात्रा में दवाइयो और जैनरिक दवाइयों के उत्पादन के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरा है और देश के भीतर तथा बाहर बाजार के एक बड़े हिस्से पर अपनी पकड़ बनाई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रदेश के सोलन जिला के बद्दी बरोटीवाला क्षेत्र में एक बल्क ड्रग पार्क स्थापित करने का आग्रह किया है, जो पहले से ही एक फार्मा हब है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की विभिन्न फार्मा इकाइयों ने भी राज्य में बल्क ड्रग पार्क स्थापित करने में रूचि दिखाई है। उन्होंने केंद्र सरकार से हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य की भूमि मापदंडों में ढील देने का भी आग्रह किया। जय राम ठाकुर ने कहा कि यदि हिमाचल प्रदेश के लिए इस तरह के बल्क ड्रग पार्क का आवंटन किया जाएगा तो प्रदेश निश्चित रूप से देश में सक्रिय दवा सामग्री (एपीआईएस) और ड्रग इंटरमीडिएट्स के उत्पादन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन जाएगा, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दवा उद्योग की जरूरतों को पूरा करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश में महत्वपूर्ण की-स्टार्टिंग मैटेरियल/ड्रग इंटरमीडिएट्स और सक्रिय दवा सामग्री (एपीआईएस) के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक लाभकारी योजना की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि रसायन और उर्वरक मन्त्रालय द्वारा प्रस्तावित इस योजना से भारतीय फार्मासीटिकल उद्योग को महत्वपूर्ण दवाइयों और रसायनों के निर्माण में वैश्विक प्रतिस्पर्धा, आत्म निर्भरता और आधुनिक तकनीकों के अनुकूलन को प्राप्त करने में सक्षम बनाया जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि उद्योगपतियों की उचित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। सीआईआई उत्तरी क्षेत्र समिति के अध्यक्ष डाॅ. दिनेश दुआ ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया और उद्योगपतियों के विभिन्न मुद्दों को प्रस्तुत किया। समिति के सह अध्यक्ष बी.आर. सीकरी, वरिष्ठ निदेशक ग्लोबल काॅरपोरेट अफेयर्स अभूत हेल्थकेयर राकेश चितकारा, हैड काॅरपोरेट अफेयर्स सिपला आदिल इस्लाम और प्लांट हैड ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल सुनील ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए।
अखिल भारतीय सीमेंट मज़दूर महासंघ (भारतीय मजदूर संघ) के राष्ट्रीय उपमहासचिव ओमप्रकाश शर्मा ने कहा है कि श्रम कानून में संशोधन करने से श्रमिकों को भारी नुकसान है। 1862 कलकत्ता फेक्ट्री श्रमिकों ने 12 से 8 घण्टे कराने के लिए आंदोलन किया था। इसके बाद सभी राज्यों में आंदोलन हुए फिर 1948 में फेक्ट्री एक्ट बना। इसमें आठ घण्टे काम का प्रावधान किया गया और नियम लागू किए गए।आज कुछ प्रदेशों ने श्रम समय 8 से 12 घण्टे करने की योजना तैयार की है। सरकार द्वारा ट्रेड यूनियन एक्ट 1926 के अधिकार को समाप्त करने की तैयारी है जो पूर्णतया मज़दूर विरोधी हैं क्योंकि इससे 33 प्रतिशत श्रमिक बेरोजगार हो जाएगा। ओमप्रकाश शर्मा ने कहा है कि सरकार का नैतिक दायित्व बनता है कि बड़े शहरों से आए हुए प्रवासी श्रमिकों के लिए एक्ट-79 की पालना हो लेकिन नही की जा रही है। आपदा के समय श्रमिकों को सरकार किराया देकर उचित स्थान पर पहुंचाए लेकिन यह भी नहीं हो रहा है जो सरकार के ऊपर बहुत बड़ा प्रश्नचिन्ह है क्योंकि वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान सबसे अधिक परेशानी पीड़ा प्रवासी मज़दूरों ओर उनके परिवार जनों को हुईं हैं। इस संकट के समय सरकार का दायित्व बनता है कि श्रमिकों के जीवन यापन के लिए उचित योजना बनाई जाएं जिससे उनका पालन पोषण और राष्ट्र निर्माण का कार्य चल सकें। ओमप्रकाश शर्मा ने कहा कि कॉरपोरेट घराने के पक्ष में श्रम कानून को कमजोर किया जा रहा है इससे आने वाला समय श्रमिकों कठिन होगा। श्रम कानूनों में परिवर्तन श्रमिकों के हितों पर कुठाराघात है। लॉक डाउन के पूर्व भारत मे 44 श्रम कानून थे। केंद्र सरकार ने इसको चार कोड में लाने की प्रक्रिया पहले ही चालू कर दी थी दो कोड लॉक डाउन के पूर्व आ गए थे। इस समय वेतन कटौती ओर छंटनी रिकॉर्ड स्तर पर है इस समय इन कानूनों की श्रमिकों को सबसे ज्यादा जरूरत थी भाजपा शासित प्रदेशों में तेजी से श्रमिक विरोधी नीतियां लागू की जा रही है जिसका सीधा प्रभाव आने वाले चुनाव में अवश्य पड़ेगा क्योंकि श्रमिकों की पीड़ा, परेशानी और दर्द जो नहीं समझेगा उसे भारत की जनता जनार्धन कभी माफ नहीं करेगी।
खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक सुनील कुमार गुंटा ने दाड़लाघाट में दबिश दी। इस दौरान किराना और सब्जी की 10 दुकानों की पड़ताल की गई। इस कार्रवाई के दौरान 10 दुकानों पर जाकर रेट लिस्ट और दामों को जांचा गया। सब्जी की दुकानों पर कारोबारियों को लोगों से अधिक कीमत वसूलने पर कार्रवाई की गई। इस दौरान 440 किलो सब्जी को मौके पर जब्त किया गया और नियमों की अवहेलना नहीं करने की हिदायत भी दी गई। खाद्य आपूर्ति विभाग अर्की के निरीक्षक सुनील कुमार गुंटा ने बताया कि दाड़लाघाट में किराना और सब्जी की दुकानों पर दबिश दी गई। सब्जी कारोबारियों को अधिक कीमत वसूलने पर कारवाई कर 440 किलो सब्जी को जब्त किया गया।
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री व विधायक राम लाल ठाकुर प्रदेश सरकार व स्थानीय प्रशासन को घेरते हुए कहा कि एकदम से जो बिलासपुर जिला मुख्यालय को कन्टेनमेंट जोन और बफर जोन घोषित किया गया वह कहीं न कहीं स्थानीय प्रशासन व प्रदेश सरकार की ढील का नतीजा है। एक तरह जहां विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रतिदिन कोविड19 से बचने के उपायों व सावधानियों को खुल कर बता रहा है तो प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग व स्थानीय प्रशासन क्यों नहीं पूरे एहतियात बरत रहा है। प्रदेश परिवहन के परिचालक का आपातकालीन स्थियों में ड्यूटी देना, अन्य प्रदेशों में फंसे हिमाचल के लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाना एक बड़े जोखिम का काम होता है। उन्होंने कहा अगर मैं कहूं तो यह एक कोरोना योद्धा का साहस है लेकिन इनके साहस और इनकी देखभाल का जिम्मा तो इनके विभाग, स्थानीय प्रशासन व प्रदेश सरकार का है। जब प्रदेश सरकार या अन्य जिलों के स्थानीय प्रशासन ने कोविड 19 महामारी के चलते जिन-जिन गाड़ियों का इस्तेमाल लोंगो को प्रदेश से बाहर छोड़ने व लाने का काम किया तो क्या उनके चालकों, परिचालकों और अन्य स्टाफ के सदस्यों को संस्थागत कोरोनटीन क्यों नहीं किया? उन्होंने कहा कि आज जिला मुख्यालय बिलासपुर में जिस तरह से परिवहन निगम के परिचालक में कोरोना महामारी के संक्रमण पाए गए है वह गंभीर चिंता का विषय है, उस परिचालक को संस्थागत कोरोनटीन करना चाहिए था न कि होम कोरोनटीन करना चाहिए था और उसका तुरन्त कोविड 19 का टेस्ट करवाकर ही अगला निर्णय लेना चाहिए था, जबकि यह एक प्रदेश सरकार, स्थानीय प्रशासन व हिमाचल पथ परिवहन निगम की बड़ी त्रुटि है, कि उनकी नाक तले एक बहुत बड़ी भूल हुई है। राम लाल ने चुटकी लेते हुए और प्रदेश सरकार पर फब्तिय कसते हुए कहा कि सरकार को चाहिए कि जो इस गंभीर महामारी के समय जो स्वास्थ्य विभाग की खरीद फरोख्त में हेराफेरी करने से अगर वक्त मिल गया है तो प्रशासनिक व्यवस्था पर भी जरा ध्यान दे दे। क्योंकि जिस लापरवाही से आज जिला मुख्यालय बिलासपुर को कंटोनमेंट जोन और बफर जोन घोषित किया गया है कहीं प्रदेश के अन्य स्थानों में ऐसी स्थिति न आ जाए। वैसे ही लोगों के मन मे भय की स्थिति बनी हुई है उसके ऊपर आर्थिक मंदी का यह दौर और उसके ऊपर से सरकार व प्रशासन की लापरवाही कहीं पूरे प्रदेश की जनता को न ले डूबे। उन्होंने कहा कि कोविड 19 महामारी से निपटने के बहाने की अन्य घोटालों को भी अंजाम दिया जा रहा है और प्रदेश सरकार व प्रशासन बिल्कुल भी संवेदनशील नही है जिससे लोगों का वर्तमान सरकार से विश्वास ही उठ गया है।
एसडीएम सदर रामेश्वर दास ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम पंचायत बामटा तहसील सदर जिला बिलासपुर के गांव दनोह में एक व्यक्ति कोरोना पाजिटिव पाया गया है। इस कारण गांव दनोह के आसपास के क्षेत्र को जिला प्रशासन ने निहाल, दनोह, कोसरियां गांवों को जो ग्राम पंचायत बामटा में पड़ते हैं तथा नगरपरिषद के क्षेत्र के अन्तर्गत एचआरटीसी क्लोनी वार्ड नम्बर1 नगर परिषद बिलासपुर गुरूद्वारा मार्किट, गांधी मार्किट व काॅलेज चैक मार्किट को कोविड-19 कंटेनमेंट जोन व नगरपरिषद के वार्ड नम्बर 1 के शेष बचे क्षेत्र, रौडा सेक्टर नम्बर 3, कोसरियां वार्ड, निहाल नम्बर 1, आईटीआई बिलासपुर तक व मेन मार्किट व चंगर सेक्टर को बफर जोन घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि कंटेनमेंट जोन में पूरी तरह से आवाजही बंद है, इसलिए समस्त इलाकावासियों से निवेदन है कि उपरोक्त कंटेनमेंट जोन व आसपास के इलाको के लोग अपने घरों से बाहर न निकले। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में आना जाना व सड़कों पर घुमना पूर्ण रूप से प्रतिबन्धित किया गया है। अवहेलना की सूरत में धारा 188 आईपीसी के तहत कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। आपकी सुविधा के लिए प्रशासन एवं पंचायत व नगरपालिका संयुक्त रूप से क्षेत्र के लोगों को जरूरत की आवश्यक चीजे उपलब्ध करवाएंगी जैसे दूध, सब्जी, राशन, दवाईयां मुहैया करवाने का निर्णय लिया गया है इसलिए सबसे पहले अपने वार्ड मैम्बर या नगर परिषद से सम्पर्क करें। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त रजनी कालिया, निरीक्षक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग बिलासपुर को उपरोक्त कार्यों हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिनसे सम्पर्क किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे धैर्य बनाए रखे घबराएं नहीं, प्रशासन एवं नगरपालिका, पंचायत का सहयोग करें। उन्होंने बताया कि नगरपालिका व पंचायत सहयोग के लिए 24 घण्टे तैयार है।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटिड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार 30 मई, 2020 को 11 केवी हिमाचल कण्डक्टर की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड के सहायक अभियंता दिनेश ठाकुर ने दी। उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत 30 मई को, 2020 को प्रातः 11.00 बजे से दोपहर 1.00 बजे तक नगाली, बड़ोग, चेवा, कोरों कैंथड़ी, बाड़ा, कायलर, देहूंघाट व आसपास के क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि में लोगों से सहयोग की अपील की है।


















































