प्रदेश सरकार के सघन प्रयासों से वैश्विक महामारी कोविड-19 के खतरे के मध्य चेहरे पर संतोष का भाव लिए हुए 37 लोग बुधवार को गोवा से सोलन पहुंचे। यह सभी प्रदेश के उन 1473 व्यक्तियों में से हैं जिन्हें विशेष रेलगाड़ी द्वारा गोवा से ऊना लाया गया। ऊना से ये 37 लोग प्रदेश पथ परिवहन निगम की बसों में परवाणू पहुंचे जहां स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत इन सभी को संस्थागत क्वारेनटाइन किया गया है। इन 37 लोगों में 33 पुरूष व 04 महिलाएं हैं। गोवा में होटल व्यवसाय से जुड़े 28 वर्षीय युवा ललित शर्मा मूल रूप से सोलन तहसील के सेर बनेड़ा गांव के रहने वाले हैं। उन्होंनेे परवाणू पहुंचने पर प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार अन्य राज्यों में रह रहे हिमाचलियों के लिए मसीहा बनकर उभरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में घर तक पहुंचाने के लिए वे राज्य सरकार का धन्यवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में जहां प्रदेश सरकार का साथ मिला वहीं परवाणू तक पहुंचाने में विभिन्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पूर्ण सहयोग प्रदान किया। गोवा में ही होटल व्यवसाय से जुड़ी 23 वर्षीय ऊषा कसौली तहसील की कुम्मारहट्टी के बाड़ा गांव की रहने वाली है। अपने प्रदेश पहुंचने पर उन्होंने राज्य सरकार का धन्यवाद किया। सोलन के रबौन के रहने वाले 24 वर्षीय शुभम शर्मा गोवा में एक दुकान में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि संकट के इस समय में वे राज्य सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण के कारण ही अपने घर तक पहुंचे हैं। इससे पूर्व बैंगलूरू से एक विशेष रेलगाड़ी के माध्यम से भी हिमाचल के लोग ऊना तक पहुंचे थे। इनमें से सोलन जिला के विभिन्न स्थानों के रहने वाले 59 लोगों को इन्डोर स्टेडियम बद्दी में संस्थागत क्वारेनटाइन किया गया है। इन 59 लोगों में से नालागढ़ उपमंडल की रामशहर तहसील के रन्धाला गांव के रहने वाले रूपलाल, लूनस के रहने वाले वीर सिंह तथा नालागढ़ के रहने वाले कमल ने अपनी गृह जिला पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी विवेक चंदेल ने इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार देश के अन्य राज्यों से विशेष रेलगाडि़यों के माध्यम से सोलन जिला के निवासियों को विशेष रूप से निर्धारित संस्थागत क्वारेनटाइन स्थलों तक पहुंचाया जा रहा है। अभी तक बैंगलूरू तथा गोवा से सोलन जिला से संबंधित 96 लोगों को लाया गया है। उन्होंने कहा कि इन सभी व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है और प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशानुसार इन्हें क्वारेनटाइन सुविधा में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत सभी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए यह सुनिश्चित बना रहा है कि सोलन जिला में सभी एहतियाती उपाय पूर्ण हों और लोगों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
लाॅकडाउन के दौरान प्रदेश सरकार के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक एवं स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा गरीब व जरूरतमंदों को राशन व आवश्यक वस्तुएं निरंतर उपलब्ध करवाई जा रही है। शिक्षा, विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने शिमला के बैनमोर वार्ड के फाईव बैंच क्षेत्र में हेल्पेज इंडिया संस्था द्वारा बुजुर्गों एवं जरूरतमंद लोगों को खाद्य एवं स्वच्छता सामग्री वितरण आयोजन के अवसर पर यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हेल्पेज इंडिया संस्था राष्ट्रीय स्तर पर बुजुर्गों की सेवा के लिए तत्पर रहती है। उन्होंने बताया कि आज बुजुर्ग व उनके परिवारजनों के लिए यहां 40 खाद्य व स्वच्छता किटें प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि इस किट में परिवार के लिए चावल, आटा, मलका, दाल चना तथा काले चना दाल, रिफाईंड, सरसों का तेल, सोया बड़ी, नमक, हल्दी पाउडर, मिर्ची पाउडर, गर्म मसाला, रेड लेबल चाय, चीनी, डिटरजेंट साबुन, डिटरजेंट पाउडर तथा साबुन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त मास्क व गलब्स भी इन्हें प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लाॅकडाउन के दौरान प्रत्येक व्यक्ति तक खाद्य एवं आवश्यक वस्तुएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरान कोई व्यक्ति भूखा न रहें इस संदर्भ में सरकार द्वारा भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विगत दिनों जाखू में अग्निकांड से प्रभावित तीन परिवारों को कंबल आदि भी प्रदान किए गए। हेल्पेज इंडिया के हिमाचल राज्य प्रमुख डाॅ. राजेश ने बताया कि प्रदेश व शिमला के विभिन्न क्षेत्रों में लाॅकडाउन के दौरान बुर्जुगों व उनके परिवारों को सरवाईवल किट प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि शिमला शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बुजुर्गों को राशन किट प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला शिमला में 406 राशन व स्वच्छता सामग्री किट वितरित की जाएगी, जिसके तहत 1600 लोग इससे लाभान्वित होंगे। इस दौरान महापौर नगर निगम सत्या कौंडल, उप-महापौर शैलेन्द्र चैहान, बैनमोर पार्षद डाॅ. किमी सूद, जाखू वार्ड की पार्षद अर्चना धवन, मण्डलाध्यक्ष राजेश शारदा, हेल्पेज इंडिया के प्रोग्राम मैनेजर आनंद कुमार, होम केयर मैनेजर कुशल सिंह, हाउसिंग बोर्ड वेलफेयर एसोसिएशन बैनमोर के अध्यक्ष सीपी मेहता, उपाध्यक्ष राम दास, महा सचिव सुर्जन सिंह भी उपस्थित थे।
सदर विधानसभा क्षेत्र के युवा कांग्रेस नेता एवं प्रदेश महासचिव आशीष ठाकुर और उनके युवा साथियों ने बिलासपुर जिला के कोरोना योद्धायों को पुष्प देखर सम्मानित किया। इस कड़ी में युवाओं ने श्री नैना देवी जी विधायक राम लाल ठाकुर, सदर उपमंडलाधिकारी रामेश्वर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारियों व कर्मचारियों को, पुलिस के नोजवानों को, जिला प्रशासन के कर्मचारियों को व पत्रकारों को सम्मानित किया। इस मौके पर राम लाल ठाकुर ने युवाओं को सेनेटाइज़र भेंट किए। इस मौके पर युवा नेता आशीष ठाकुर के साथ समाजसेवी कमल किशोर, आशिफ हुसैन, अभय, रजत मौजूद रहे। युवा नेता ने कहा कि कोरोना योद्धायों ने इस वैश्विक महामारी में बहुत अहम भूमिका निभाई है। ये लोग अपनी जान की परवाह किए बिना जिस तरह रात दिन लोगो की सेवा में जुटे हुए है यह बहुत ही सराहनीय है। उनके कार्य को देखकर युवा नेता और उनकी टीम ने उन्हें सम्मानित करने का निर्णय लिया। युवा नेता ने कोरोना योद्धायों ओर उनके परिवार के कुशलक्षेम के लिए भगवान से प्राथना की ओर लोगो से अपील की है कि वो अपने घरों पर रहकर अपने दायित्व का निर्वहन करे ताकि इस वैश्विक महामारी पर शीघ्र अति शीघ्र नियंत्रण पाया जा सके।
कांग्रेस के पूर्व मंत्री जीएस बाली ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि उन्हें ज्ञात हुआ कि हिमाचल सरकार बसों का किराया डेढ़ गुना बढ़ाने पर विचार कर रही है। उन्होंने सरकार के इस फैसले पर हैरानी जताते हुए कहा कि आम जनता खासकर गरीब तबका जो ज्यादातर बसों में सफर करता है करोना संकट से पहले ही आर्थिक और मानसिक रूप से त्रस्त है। लोगों को जीविका उपार्जन के लिए भी जूझना पड़ेगा। इस समय उन पर आर्थिक रूप से वोट डालना कहीं से भी उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि गांव से लोग रोज नौकरी करने शहरों या छोटे कस्बों की ओर जाते हैं किराए में वृद्धि होने से आमद का हिस्सा खर्च हो जाएगा तो कमएंगे क्या? उन्होंने कहा की यदि सोशल डिसटेंसिंग के कारण निजी आपरेटर बसो को वर्तमान किराए पर चलाने के लिए चिंतित हैं तो डीज़ल पर वैट कम करके निजी आपरेटरों को राहत दी जाए, साथ ही सालाना जमा होने वाले करों में भी कमी की जाए। उनका कहना है कि सरकार को किराया न बढ़ाकर इस संकट से उत्पन्न आर्थिक नुकसान को फिलहाल अपने ऊपर झेलना चाहिए न कि गरीब लोगों पर बोझ बढ़ाना चाहिए। गरीबों को अभी रोजगार सुचारू होने, आर्थिकी को पटरी पर लाने घर परिवार के भविष्य की चिंता से पार पाना है।
कुंजूम माता मंदिर कमेटी (लोसर) ने शुक्रवार को अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ज्ञान सागर नेगी के माध्यम से कोविड फंड में डेढ़ लाख रुपए की राशि चेक के माध्यम से दी। इस मौके पर जिला दंडाधिकारी ज्ञान सागर नेगी ने कमेटी के पदाधिकारियों का आभार जताया। इसके साथ ही कहा कि कोरोना वायरस की आपदा के समय स्पीति में कई लोग इस तरह राहत राशि कोविड फंड में दे रहे है और स्थानीय प्रशासन की मदद भी कर रहे है। कोरोना वायरस को लेकर लोग नियमों का पालन सख्ती से कर रहे है। यही नहीं गृह और संस्थागत संगरोध का पालन भी लोग कर रहे है। इस मौके पर अन्य अधिकारी भी मौजूद थे । कुंजुम माता मंदिर कुंजुम दर्रा लाहुल स्पीति का एक महत्वपूर्ण स्थान है। इस पास के द्वारा स्पीती घाटी में दाखिल होया जाता है। कुंजुम दर्रा का नाम यहाँ पर कुंजुम माता के नाम पर पड़ा है। यह मन जाता है की जिसका मन सच्चा होता है माता उसका हाथ से चिपका हुआ सिक्का माता की मुर्ति में चिपक जाता है। अतः इसकी कारण यहाँ पर श्रद्धालु अपनी आस्था को प्रकट करने क लिए माता की मूर्ति पर सिक्के चिपकाने का प्रयास करते हैं। कुंजुम पास के पास चन्द्र ताल है जोकि राष्ट्रीय राजमार्ग 22 पर स्थित है।
उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट विवेक भाटिया ने जानकारी देते हुए बताया कि चंबा जिला में लॉक डाऊन के दौरान 9718 रसोई गैस के सिलेंडर मुफ्त रिफिल किए जा चुके हैं ताकि गरीब लोगों को असुविधाओं का सामना ना करना पड़े। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत इस अवधि में अब तक 27155 क्विंटल मुफ्त चावल भी गरीब वर्ग के लोगों को मुहैया किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग और नागरिक आपूर्ति निगम को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी आवश्यक खाद्य वस्तुओं और रसोई गैस की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में उपभोक्ताओं तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विभाग के फील्ड स्टाफ निरंतर निगरानी रखें ताकि सभी उपभोक्ताओं तक आवश्यक खाद्य सामग्री पहुंचना सुनिश्चित हो। उपायुक्त ने यह भी बताया कि अब तक जिला के 127398 राशन कार्ड धारकों को 28919 क्विंटल आटा और 19221 क्विंटल चावल उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से उपलब्ध करवाया जा चुका है। इसके अलावा 3409 क्विंटल दालें जबकि 223397 लीटर खाद्य तेल भी उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा चुका है। उपायुक्त ने बताया कि जिला की 539507 की आबादी को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत लॉक डाऊन के दौरान आटा, चावल दालें, खाद्य तेल, रसोई गैस और अन्य सभी आवश्यक खाद्य वस्तुएं उपलब्ध करवाई जा रही है और इसकी लगातार निगरानी भी हो रही है। उपायुक्त ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली का नेटवर्क समूचे जिला में सभी गांवों तक फैला है। ऐसे में डिपो होल्डरों का भी यह दायित्व है कि वे लोगों में सोशल डिस्टेंसिंग के अलावा विशेष तौर से होम क्वारंटीन के सभी नियमों का पालन करने को लेकर लोगों में जागरूकता पैदा करें ताकि कोरोना वायरस संक्रमण से पूरी तरह से हम अपना बचाव करने में सक्षम साबित हो सकें।उन्होंने कहा कि अब होम क्वारंटीन की निगरानी और कड़ी कर दी गई है। कुछ नए नियम जोड़े गए हैं जिनमें होम क्वारंटीन की अवहेलना होने पर व्यक्ति का परिवार भी उत्तरदायी होगा।
अंकुश गुप्ता व उनकी टीम ने समाज सेवा का कार्यों में अपना नाम दर्ज करवाया है। उन्होंने अपनी टीम के साथ एक मुहिम शुरू की है ताकि उनके आसपास कोई भी व्यक्ति भूखा ना रहे। वह 23 मार्च से लगातार इस मुहिम को चला रहे हैं। इस मुहिम के चलते वह 2500 से 3000 लोगों को संजय कॉलोनी में और 200 से 250 लोगों को पीजी सेक्टर 29 में भोजन बांटा रहे है। वह भोजन बनाते व वितरित करते समय social distancing बनाए रखने तथा मास्क व ग्लव्स का प्रयोग करने का पूरा ध्यान रखते हैं। खाने के साथ-साथ उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद के 10000 लोगों को मास्क वितरित किए जो कि sector-29b में बांटे गए। अंकुश गुप्ता की टीम में वार्ड नंबर 20 के पार्षद सत्य प्रकाश देवशालि, अध्यक्ष सतबीर सिंह दीपक शर्मा, सुशील पांडे, शिव राणा, ललित गाबा, गौरव ठाकुर, मनदीप, मनी, विशाल, सौरव, अमित, विराज, सुभाष, लकी व मुकेश शामिल है साथ ही उनके इस प्रयास में उनके मित्र जो ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं जिसमें मनोज गुप्ता, परमिंदर, अमन, स्पर्श, सुनील पुरी व कनाडा से सौरभ गुप्ता और रंजीत चौहान के साथ साथ रविंद्र सिंह और ऑफशोर अकाउंटेंट्स अपना योगदान दर्ज करवा रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष संजय टंडन, मेयर राज बाला मलिक तथा जिला प्रधान मनु भसीन का धन्यवाद किया है जिन्होंने समय-समय पर उनका साथ दिया है।
कोरोना वायरस के चलते प्रदेश में कर्फ्यू लगा हुआ है और ऐसे में मजदूर और गरीबो को खाने के लिए तरसना न पड़े इसको लेकर स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ धार्मिक संस्थाओं व उपमडल करसोग मे अनेक दानी सज्जन मदद के लिए आगे आ रहे है। वही महिलाएं भी अपनी अहम भूमिका निभा रही है। इसी कड़ी मे महिला मडल नराहन द्वारा C M राहत कोष मे 4100 रु की राशि एस डी एम करसोग के माध्यम से दी गई। वहीं महिला मंडल नराहन की प्रधान मीना ठाकुर ने कहा कि अभी तक उपमडल करसोग के अनेको महिला मडलो ने कोरोना वायरस के चलते अपनी अहम भूमिका निभाई है तथा सभी महिला मंडलो ने अपना भरपूर सहयोग दिया है। ओर ऐसे समय में जहां तक संभव हो जरूरत मदो की मदद के लिए हमें आगे आना चाहिए।
भारतीय जनता पार्टी अर्की की नगर इकाई की पन्ना प्रमुखों की बैठक वीडियो कांफ्रैंसिंग के माध्यम से हुई। बैठक की अध्यक्षता नगर इकाई के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने की। इस बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल व अर्की मंडल के अध्यक्ष डीके उपाध्याय विशेष रूप से शामिल रहे। नवीन गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में अर्की नगर भाजपा की ओर से लाॅकडाउन के दौरान पीएम केयर फंड व सीएम केयर फंड में राशि जमा करने, फेस मास्क वितरित करने तथा प्रवासी मजदूरों को राशन वितरित करने के बारे में चर्चा की गई। प्रदेश उपाध्यक्ष रतन पाल ने अर्की नगर के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होने कहा कि अर्की भाजपा मंडल द्वारा महिला मंडल को दिया गया मास्क बनाने का कार्य भी समय पर पूरा कर लिया गया जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। इस बैठक में प्रभा भारद्धाज, गौरव गुप्ता, मनोज कुमार, राजीव शर्मा, मनसाराम, कांता भाारद्धाज तथा केके भारद्धाज सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।
उपमंडल की ग्राम पंचायत सरयांज के प्रमुख लोग प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल से मिले। इस अवसर पर लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए पाल के समक्ष अपने क्षेत्र की समस्याओं को रखा। लोगों ने मूल रूप से उनके क्षेत्र में आ रही पेयजल समस्या को प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष के समक्ष रखा। उन्होने लोगों को आश्वस्त किया कि वे उनकी समस्या को अधिकारियों के समक्ष रखेंगे तथा शीघ्रातिशीघ्र उनका समाधान करवाएंगे। इस अवसर पर अर्की भाजपा के पूर्व मंडलाध्ष्क्ष रमेश ठाकुर, कमल कांत ठाकुर, सोहन लाल, राजेंद्र कुमार, बलदेव, हेतराम, देवी चंद, दयाराम, संवारू राम, मस्तराम, यतेंद्र कुमार व पवन कुमार मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने विगत दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्र के लिए घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की दूसरी श्रृंखला में मुख्यतः समाज के पिछड़े वर्गों विशेषकर प्रवासी मजदूरों, श्रमिकों रेहड़ी-फड़ी वालों, छोटे व्यापारियों व किसानों को अनेक प्रोत्साहन दिए जाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा श्रमिक वर्गों के हितों की रक्षा के लिए उचित धन राशि उपलब्ध करवाई गई है, जिससे प्रदेश सरकार राज्य में रह रहे श्रमिकों को और भी संतोषजनक व्यवस्था कर सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘एक राष्ट्र-एक राशन कार्ड’ के सिद्वान्त के अनुसार सभी प्रवासी मजदूर देश के किसी भी कोने में अपने राशन कार्ड के माध्यम से किसी भी उचित मूल्य की दुकान से राशन लेने के लिए अधिकृत हो जाएंगें। उन्होंने कहा कि यह राशन कार्ड की राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी योजना के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे पूरे देश में लगभग 67 करोड लोगों के लाभान्वित होने की सम्भावना है तथा हिमाचल प्रदेश में भी लाखों लोग लाभान्वित होंगे। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रवासी मजदूरों की सुविधा के लिए केन्द्र सरकार ने प्रत्येक प्रवासी मजदूर को बिना राशन कार्ड के भी 5 किलोग्राम गेहूं या चावल तथा एक किलोग्राम दाल उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है, जो एक प्रशंसनीय पहल है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गरीब विशेषतः प्रवासी व्यक्तियों को घर, बिजली, पानी देने के सरकार के प्रयासों के तहत शहरों में प्रवासी मजदूरों को कम किश्तों पर किराए का मकान/आवास सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने ऐसे मुद्रा शिशु ऋण धारकों को, जिन्होने 50 हजार से कम का ऋण लिया है, के लिए 3 माह के लिए किश्त अदा करने की छूट के बाद 2 प्रतिशत की दर से ब्याज उपदान देने का निर्णय लिया है, जो छोटे व्यापारियों व किसानों के लिए वरदान सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि अब इस निर्णय से सभी रेहडी-फड़ी, ठेला इत्यादि लगाने वाले मजदूर 2 से 10 हजार रुपये तक की राशि की ऋण सुविधा के पात्र होंगें। जय राम ठाकुर ने कहा कि केन्द्र सरकार ने ऐसे मध्यम वर्ग के सबसे निचले स्तर की आय में आने वाले परिवारों, जिनकी आय 6 से 18 लाख वार्षिक है, के लिए ऋण आधारित सब्सिडी योजना के तहत दी जा रही सुविधा को वर्ष 2020-2021 तक जारी रखने का निर्णय लिया है, जो ऐसे परिवारों को भारी राहत देगी। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से आवास निर्माण क्षेत्र में निर्माण सामग्री, परिवहन तथा कामगारों को बढ़ावा मिलेगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के लिए भी अनेक प्रोत्साहन घोषित किए गए हैं, जिनमें किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से आसान ऋण उपलब्ध करवाना है, जिससे प्रदेश के लगभग 8.68 लाख किसान लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि यह ऋण मछुआरों एवं पशुपालकों को भी उन्ही शर्तों पर उपलब्ध करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि रबी फसलों की कटाई के उपरान्त होने वाले कार्यों के लिए सभी छोटे व मझोले किसानों को नाबार्ड के माध्यम से आपातकालीन कार्यशील पूंजी फंड (Emergency Working Capital Fund) उपलब्ध करवाया जाएगा। प्रदेश के सभी किसान इसका लाभ ले सकते हैं क्युकी प्रदेश में अधिकतर किसान लघु/मध्यम वर्ग से सम्बन्धित हैं। यह कार्य प्रदेश के सहकारी बैंकों व क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के माध्यम से किया जाएगा।
विधायक सुखराम चौधरी, बलवीर वर्मा तथा परमजीत सिंह पम्मी ने मीडिया में जारी किए गए नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, विधायक राजेन्द्र राणा तथा विक्रमादित्य सिंह के बयान की कड़ी भत्र्सना करते हुए कहा कि ऐसे समय में जब देश व प्रदेश कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी से लड़ाई लड़ रहा है, उन्हें इस प्रकार की बेतुकी और निराधार बयानबाजी से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश जहां सरकार कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है वहीं दूसरे राज्यों में फंसे हिमाचलवासियों की घर वापसी के लिए भी विशेष रूप से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक हजारों लोगांे को वापस लाया गया है और सरकार ने उनकी समुचित चिकित्सा जांच के बाद होम क्वारंटीन में रखने की व्यवस्था भी की है ताकि इस वायरस का संक्रमण न फैले। विधायकों ने कहा कि संकट के इस वक्त में विपक्ष की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह सरकार का साथ दे लेकिन इसके ठीक विपरीत विपक्ष अभी भी राजनीतिक लाभ उठाने के लिए भ्रामक और निराधार बयानबाजी कर रहा है। लेकिन प्रदेश की प्रबुद्ध जनता स्थिति से भलीभांति अवगत है और कांग्रेस नेताओं के बहकावे में नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं तथा आम जनता को लाभान्वित करने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन की स्थिति में ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट के परिणामों को लेकर सवाल उठाकर मुकेश अग्निहोत्री जग हंसाई का पात्र बने हैं। उन्हें मालूम होना चाहिए कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से हजारों करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित हुआ है और कई हजार करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर समझौता ज्ञापन भी हस्ताक्षरित हो चुके हैं जिससे न केवल प्रदेश में औद्योगिक विकास होगा बल्कि हजारों लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष को सलाह दी है कि वह ओच्छी राजनीति न करें और कोरोना वायरस से निपटने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करें और सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाते हुए अगर कोई प्रभावी सुझाव हों तो प्रस्तुत करें।
धर्मशाला के विधायक विशाल नैहरिया ने प्रेस बयान जारी करते हुए कहा कि कोविड-19 विश्वव्यापी महामारी से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की तारीफ हो रही है। देश को कोविड-19 से बचाने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार उत्कृष्ठ कार्य कर रही है, तो हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जी के नेतृत्व में कोरोना जैसी विश्वव्यापी महामारी से प्रदेशवासियों को बचाने के लिए सरकार दिन-रात लगी हुई है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बधाई के पात्र हैं। कोविड-19 महामारी से देशवासियों की जिंदगी को बचाने के लिए तीन चरणों के लोकडाउन के बीच करीब दो माह से देश में आर्थिक गतिविधियां बंद हैं। इससे देश और देशवासियों को आर्थिक रूप से नुकसान हुआ है, लेकिन इस नुकसान से देशवासियों को बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई २० लाख करोड़ रुपये की आत्मनिर्भर भारत अभियान की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस घोषणा के बाद मध्यम वर्ग को आत्मनिर्भर बनने के लिए सहायता मिलेगी। योजना से देश के गरीब नागरिक, श्रमिक, प्रवासी मजदूर, पशुपालक, मछुआरे, किसान, संगठित क्षेत्र व असंगठित क्षेत्र के व्यक्ति, काश्तकार, कुटीर उद्योग, लघु उद्योग मध्यमवर्गीय उद्योग, होटल तथा टेक्सटाइल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को लाभ मिलेगा। वहीँ पीएम मोदी राहत पैकेज से 10 करोड़ मजदूरों को लाभ होगा, एमएसएमई से जुड़े 11 करोड़ कर्मचारियों, इंडस्ट्री से जुड़े 3।8 करोड़ लोगों, टेक्सटाइल इंडस्ट्री से जुड़े 4।5 करोड़ कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। हिमाचल प्रदेश में अधिकतर लोग लघु, कुटीर और मध्यम उद्योगों से ही संबंध रखते हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की इस घोषणा के बाद हिमाचलवासियों को खासा लाभ मिलेगा।
बिलासपुर जिले के स्वारघाट में क्वारंटाइन किए गए 12 लोगों में से हमीरपुर के युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है और यह युवक अहमदाबाद से यहां पहुंचा था और उन्हें स्वारघाट में रखा गया था। याब इसे शिवा आयुर्वेद कॉलेज, बिलासपुर शिफ्ट किया जा रहा है। इस बात की पुष्टि उपायुक्त बिलासपुर राजेश्वर गोयल ने की है कि एक व्यक्ति पॉजिटिव पाया गया है जो हमीरपुर का रहने वाला है। यह अपने परिवार के साथ था तो इसकी रिपोर्ट पॉजिटिव है। यह अहमदाबाद से आ रहे थे इसकी पत्नी की रिपोर्ट नेगेटिव है। सिर्फ बच्चे की रिपोर्ट आना बाकी है।
जिला दण्डाधिकारी सिरमौर डॉ०आर के परूथी ने सीआरपीसी 1973 की धारा 144 (1) (2) के तहत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए विकास खण्ड पांवटा साहिब के क्षेत्र संत तेजा सिंह कॉलोनी से तारुवाला गुरुद्वारा, आदर्श कॉलोनी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्र) तारूवाला से संपूर्ण हरिओम कॉलोनी और वार्ड नंबर 13 से रोज ऑर्किड स्कूल तक के संपूर्ण क्षेत्र को कोविड-19 के दो पॉजीटीव मामले सामने आने के बाद सील करने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि आपदा की स्थिति को छोड़कर, इस सम्पूर्ण क्षेत्र में सभी प्रकार की आवाजाही व सभी प्रकार के समारोह, प्रदर्शन, बैठके, जलूस, रैली, कार्यशाला, सामुदायिक व सभी प्रकार के धार्मिक आयोजन पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। इस दौरान प्रतिबंधित क्षेत्र के अंदर स्थित सभी दुकानें व वाणिज्यिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। उन्होंने बताया कि सील किए गए क्षेत्र में सभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति नगर परिषद् पांवटा साहिब के कार्यकारी अधिकारी द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद पांवटा सहिब को जिला प्रशासन द्वारा इस कार्य के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त समय-समय पर कार्यकारी अधिकारी सम्पूर्ण क्षेत्र को सेनेटाइज भी करेंगे। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए कार्यकारी अधिकारी के मोबाईल नम्बर 94180-16613 पर सम्पर्क कर सकते है। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति इन आदेशों का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो उस व्यक्ति के विरूद्व आईपीसी की धारा 269, 270 और 188 तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51, 54 और 56 के तहत कानुनी कार्यवाही की जाएगी।
उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट विवेक भाटिया ने आदेश जारी करते हुए सायं 7 बजे से लेकर सुबह 7 बजे तक जिले में गैर जरूरी गतिविधियों के लिए आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया है। इस प्रतिबंध से आवश्यक जरूरतों और स्वास्थ्य संबंधी कारणों को छूट रहेगी। आदेश में यह भी कहा गया है कि चंबा जिला की सीमा में भी सायं 7 बजे से लेकर सुबह 7 बजे तक गैर जरूरी उद्देश्यों के लिए एंट्री पर भी प्रतिबंध रहेगा। आदेश में सभी एसडीएम को दिए निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे प्रबंध जिला के एंट्री प्वाइंटों पर करें ताकि यदि कोई गैरजरूरी उद्देश्य से जिला में प्रवेश करना चाहता है तो उसके ठहरने की व्यवस्था सायं 7 बजे के बाद वहीं पर की जा सके। जिला मजिस्ट्रेट ने एक अन्य आदेश भी जारी किया गया है जिसमें यह प्रावधान रखा गया है कि यदि कोई व्यक्ति होम क्वॉरेंटाइन अथवा पंचायत स्तरीय क्वॉरेंटाइन में नियमों की अवहेलना करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा उसे बफर क्वॉरेंटाइन में भेजा जाएगा। आदेश में यह भी कहा गया है कि जिला में ड्राइवरों की आवाजाही को अनुमति दी गई है लेकिन इसमें यह शर्त रहेगी कि वे जब अपनी ड्यूटी पर नहीं होंगे तब वे घर पर ही रहेंगे। यदि कोई ड्राइवर आदेश की अवहेलना करता पाया गया तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी और उसे 14 दिन के लिए बफर क्वॉरेंटाइन में भेज दिया जाएगा। इस आदेश में अब ये भी प्रावधान भी किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति होम क्वॉरेंटाइन या पंचायत स्तरीय क्वॉरेंटाइन में नियमों की अनदेखी करता है तो उस व्यक्ति के परिवार को भी जिसमें उत्तरदायी माना जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। जिला के सभी एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र में डेडीकेटेड बफर क्वॉरेंटाइन सुविधा तैयार रखें ताकि जो लोग नियमों की अवहेलना करेंगे उन्हें क्वॉरेंटाइन केंद्रों में रखा जाएगा।
भारतीय डाक विभाग द्वारा उप डाकघर डलहौज़ी में सामान्य सेवा केंद्र की शुरुआत की गई। सामान्य सेवा केंद्र का शुभारंभ अधीक्षक डाक सेवाएं विजय धीमान ने किया। इस मौके पर विजय धीमान ने बताया कि इस सेवा केंद्र के माध्यम से लोगों को 111 सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी जिनमें आधार सेवा, पैन कार्ड, पासपोर्ट सेवा, एफएएसएसआई लाइसेंस आवेदन, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, जीवन प्रमाण पत्र, आईआरसीटीसी टिकट बुकिंग, इलेक्शन, एनपीएस, रोजगार संबंधी सेवाएं, हिमाचल प्रदेश पंच परमाणन, बैंकिंग सेवा, जीवन बीमा प्रीमियम, भारत बिल पेमेंट सेवा और आयकर रिटर्न जैसी सेवाएं भी शामिल रहेंगी। इस मौके पर निरीक्षक डाकघर राकेश सिंह के अलावा राकेश कुमार और शकुन चौना भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने केंद्रीय विदेश मंत्री डाॅ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर से आग्रह किया कि वे मंडी जिला की धर्मपुर तहसील के ग्राम टोर जाजर के दूनी चंद के सुपुत्र मनोज कुमार को हरसंभव मदद प्रदान करने के लिए यूएई के रियाद दूतावास अधिकारियों के साथ मामला उठाएं, जो रियाद में काम कर रहा है और कोविड-19 पाॅजिटिव पाया गया है। जांच और प्रारंभिक उपचार के बाद उसे स्थानीय अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और जिस कंपनी में वह काम कर रहा था, उसे वहां से निकाल दिया गया है। केंद्रीय विदेश मंत्री को लिखा पत्र केंद्रीय विदेश मंत्री के साथ दूरभाष के माध्यम से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लड़का संकट में है, क्योंकि उसे आवश्यक भोजन, दवा आदि उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मनोज कुमार को आवश्यक सहायता प्रदान करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में केंद्रीय विदेश मंत्री को एक पत्र भी लिखा है। युवक से वीडियो कॉल के माध्यम से की वार्ता इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने मनोज कुमार से वीडियो काॅल कर बातचीत की और आश्वासन दिया कि उन्होंने इस सम्बन्ध में केंद्र सरकार के समक्ष मामला उठाया है और उसे हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ने भी मनोज कुमार के साथ बात की।
उद्योग एवं श्रम व रोजगार मंत्री बिक्रम सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्र के लिए घोषित आर्थिक पैकेज का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए की गई घोषणाओं से हिमाचल प्रदेश को बहुत लाभ होगा और औद्योगिक उत्पादन भी बढ़ेगा। बिक्रम सिंह ने कहा कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में लगभग 55 हजार एमएसएमई औद्योगिक इकाइयां हैं। यह कुल इकाइयों का 98 प्रतिशत हैं और एमएसएमई की रोजगार सृजन में 93 प्रतिशत भागीदारी है। कुल औद्योगिक उत्पादन में एमएसएमई का हिस्सा 85 प्रतिशत है। इस तरह हिमाचल प्रदेश एक एमएसएमई राज्य है। उद्योग मंत्री ने कहा कि आज की गई घोषणाओं में एमएसएमई की नई परिभाषा जिसमें सूक्ष्म वर्ग (माइक्रो कैटेगिरी) के लिए निवेश की सीमा को 25 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये कर दिया गया है तथा टर्न ओवर की सीमा एक करोड़ रुपये तक रखी है, इससे छोटे उद्योगपतियों को लाभ होगा। इसी तरह लघु उद्योगों के लिए निवेश सीमा 5 करोड़ रुपये से 10 करोड़ रुपये कर दी है और मध्यम उद्योगों के लिए 10 करोड़ से 20 करोड़ रुपये कर दी गई है, जिससे उन्हें लाभ होगा। बिक्रम सिंह ने कहा कि एमएसएमई उद्योगों को 3 लाख करोड़ का कर्ज, चार सालों में वापस करना होगा। कर्ज में डूबे लघु उद्योगों को 20 हजार करोड़ रुपये का कर्ज दिया जाएगा, किसी तरह की भी गारंटी की आवश्यकता नहीं होगी। इससे उद्यमियों को कच्चे माल की आपूर्ति तथा अन्य खर्चों के लिए धन उपलब्ध हो पाएगा और अपना कारोबार बढ़ा सकेंगे। उन्होंने कहा कि 200 करोड़ रुपये तक का टैंडर अब ग्लोबल टैंडर नहीं होगा। इससे घरेलू औद्योगिक उत्पादन बढ़ेगा। इसका सीधा लाभ एमएसएमई इकाइयों को होगा। 31 अक्तूबर, 2020 तक कोई गारंटी फीस नहीं होगी। इससे 45 लाख इकाइयों को लाभ मिलेगा। फंड आॅफ फंडस की घोषणा से अच्छे काम करने वाली इकाइयों को प्रोत्साहन मिलेगा। उद्योग मंत्री ने कहा कि ई-मार्केट लिंक की उपलब्धता से एमएसएमई की इकाइयों को अपने उत्पाद की बिक्री में सुविधा मिलेगी। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते में राशि जमा करने की अवधि तीन महीने और बढ़ा दी गई है।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कहा है कि मिली जानकारी के अनुसार कोरोना माहमारी को लेकर सरकार की विफलता दिखाने वाले प्रदेश के 6 पत्रकारों पर पुलिस मामलें बनाने पर प्रशासन की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की आजादी पर यह सीधा प्रहार है, जिसे कभी सहन नही किया जा सकता। कुलदीप राठौर ने एक बयान में कहा कि एक तरफ सरकार अभिव्यक्ति की आजादी की बड़ी बड़ी बातें करती है तो दूसरी तरफ इसका गला घोंटने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि आज देश मे मीडिया को सच दिखाने, बोलने और लिखने की आजादी पर जिस प्रकार सेज़ अप्रत्यक्ष प्रतिबंध लगाया गया है वह बड़ी चिन्ता का विषय बन गया है। उन्होंने कहा है कि आज देश में स्वायत्तता एवं संवेधानिक संस्थाओं के अधिकार क्षेत्र का भी हनन किया जा रहा है, जो देश के लोकतंत्र और इसकी आजादी पर सीधा प्रहार है। राठौर ने मीडिया की आजादी पर किसी भी प्रकार के अंकुश की निंदा करते हुए प्रदेश के इन सभी पत्रकारों पर की गई एफआईआर को तुरन्त निरस्त करने की मांग सरकार से की है।
लगभग डेढ़ साल से कुनिहार में अटल आदर्श विद्यालय खुलने में फंसा पेच आखिर निकल ही गया जिससे लम्बे समय से यह स्कूल खुलने की राह देख रहे कुनिहार वासियों को स्कूल खुलने की आस जग गई है। गौर रहे कि 25 जनवरी 2019 को पूर्ण राजत्व दिवस के मौके पर रावमापा छात्र कुनिहार के मैदान में स्वयं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कुनिहार में अटल आदर्श विद्यालय खोलने की घोषणा की थी जिससे कुनिहार क्षेत्र व साथ लगती दर्जनों पंचायतो के लोगों में भारी खुशी थी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा का स्थानीय जनता व सामाजिक संस्थाओं ने तहदिल से स्वागत करते हुए समाचार पत्रों व चैनलों के माध्यम से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया था लेकिन लोगों में तब निराशा छा गई जब पता चला कि नियमो के अनुसार जिस विकास खण्ड में नवोदय विद्यालय होंगे वँहा यह विद्यालय नही खुलेंगे। लेकिन अब खबरों के मुताबिक कैबिनेट द्वारा अटल आदर्श विद्यालय की गाइड लाइन में संसोधन किया गया है जिसमे अब नवोदय विद्यालय की कंडीशन को हटा दिया गया है। इस खबर से कुनिहार व आसपास के क्षेत्र में खुशी की लहर है। लोगों व सामाजिक संस्थाओं का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा को पूरा होने का समय आ गया है व अब जल्द ही कुनिहार में अटल आदर्श विद्यालय खोलने की अधिसूचना भी जारी होने की पूरी उमीद है। एयरपोर्ट एडवाइजरी कमेटी के निदेशक तथा जिला मीडिया सह प्रभारी इंद्रपाल शर्मा सहित विभिन्न सामाजिक संस्थाओं सर्व एकता मंच के राजेन्द्र कुमार ठाकुर,नव चेतना संस्था के कुलदीप कंवर, एहसास कल्याण समिति अध्यक्ष रुमित ठाकुर, विकास सभा कुनिहार के अध्यक्ष धनीराम तनवर,सम्भव चेरिटेबल सोसायटी की अध्यक्षा कौशल्या कंवर,हरजिंदर ठाकुर,कुलदीप पंवर सहित लोगों ने एक स्वर में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि अब शीघ्रातिशीघ्र लम्बे समय से घोषित अटल आदर्श विद्यालय की आधार शिला रखकर क्षेत्र वासियों को इस सौगात से नवाजे जिससे सभी अटकलों को विराम लगे। क्षेत्र के लिए इस सौगात से क्षेत्र वासी आपके सदा आभारी रहेगें। रावमापा छात्र कुनिहार के एस एम सी अध्यक्ष रणजीत ठाकुर के अनुसार विद्यालय सम्बन्धी जमीन व अन्य औपचारिकताएं पूरी कर विभाग को पहले ही भेजी जा चुकी है। अगर अन्य कोई औपचारिकता होगी तो उसे पूरा कर दिया जाएगा। इस बारे जब भाजपा मण्डल अध्यक्ष अर्की देवेंद्र उपाध्याय से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा अर्की विधान सभा क्षेत्र के कुनिहार में अटल आदर्श विद्यालय खोलने की घोषणा में आ रही दिक्कत लगभग खत्म हो चुकी है।व शीघ्र ही मुख्यमंत्री जी से आग्रह कर इस घोषणा को पूरा करवाया जाएगा।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं नाहन के विधायक डॉ. राजीव बिंदल ने जिला प्रशासन को कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत पांव द्वारा संचालित 11 हस्त प्रक्षालन मशीनें (फुट ऑपरेटिड हैण्ड वॉश मशीन) भेंट की। डॉ. राजीव बिंदल ने इस अवसर पर कहा कि कोविड-19 के खतरे से निपटने के लिए जन-जन को दीर्घावधि के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि इस खतरे से निपटने के लिए हम सभी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सुझाए मार्ग एवं दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करना होगा। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि कोविड-19 के दृष्टिगत घर से बाहर एवं सार्वजनिक स्थानों पर 02 व्यक्तियों के माध्यम कम से कम 02 गज़ की दूरी रखें और सदैव फेस मास्क पहने। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि स्वयं को सुरक्षित रखने के लिए अपने हाथ सेनेटाइज करें या साबुन से अच्छी तरह धोएं। डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि यह पांव द्वारा संचालित हस्त प्रक्षालन मशीनें कोविड-19 से बचाव के लिए सुरक्षा की दृष्टि से बेहतर हैं। उन्होंने कहा कि इनके माध्यम से सभी के लिए यही संदेश है कि नियमों का पालन करें, स्वयं भी सुरक्षित रहें और सभी की सुरक्षा में अपना योगदान भी दें। उन्होंने कहा कि इन मशीनों को बघाट बैंक के निदेशक पवन गुप्ता के सुपुत्र द्वारा तैयार किया गया है। डॉ. राजीव बिंदल ने आशा जताई कि जिला प्रशासन सोलन कोविड-19 के खतरे से निपटने के लिए विभिन्न आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कर आम जन को राहत देने के लिए तत्पर रहेगा। इस अवसर पर प्रदेश खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरूषोत्तम गुलेरिया, बघाट बैंक के अध्यक्ष पवन गुप्ता, सोलन से विधानसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवार रहे डॉ. राजेश कश्यप, जोगिंद्रा बैंक के अध्यक्ष विजय ठाकुर, दुग्ध पशु सुधार सभा के अध्यक्ष रविंद्र परिहार, जिला भाजपा महामंत्री नंदलाल कश्यप, भाजपा मंडल सोलन के अध्यक्ष मदन ठाकुर, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र ठाकुर, महामंत्री भरत साहनी, सचिव संजीव मोहन, व्यापार मंडल सोलन के अध्यक्ष मुकेश गुप्ता, उपायुक्त सोलन केसी चमन, अतिरिक्त उपायुक्त विवेक चंदेल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
पेय जल योजना पनौल-अमरपुर के बारे में घुमारवीं के विधायक राजेंद्र गर्ग द्वारा दिया गया बयान हास्यास्पद है और वह इस बारे में झूठ बोल रहे हैं कि उन्होंने इस योजना का कार्य वर्तमान स्थल पर शुरू होने के समय विरोध किया था। उन्होंने कहा कि गर्ग को कुछ भी बोलने से पहले इन तथ्यों का अवलोकन करना चाहिए। धर्माणी ने कहा कि यह योजना जब 1985 में बननी शुरू हुई और बाद में इसका संवर्धन होने का कार्य शुरू हुआ तब यह क्षेत्र बिलासपुर सदर का हिस्सा था। इस योजना की आधारशिला उस समय के विधायक डॉ बाबू राम गौतम ने रखी थी और इसके संवर्धन की शिला उस समय के मंत्री जे पी नड्डा ने 2009 में रखी थी। गर्ग ने कैसे और कहां विरोध किया यह बात सबकी समझ से बाहर है। धर्माणी ने कहा कि गर्ग का एक विशेष योगदान यह रहा कि जैसे ही यह क्षेत्र घुमारवीँ विधान सभा क्षेत्र का हिस्सा बना। इन्होने अपनी पार्टी के बूथ अध्यक्ष से उनकी जमीन में निर्मणाधीन ओवरहैड टैंक का कार्य रुकवा दिया था और भजपा सरकार बनने के बाद पूर्ण किया जबकि इस योजना को बनाने के लिए स्थानीय लोगों के साथ धर्माणी परिवार ने भी इस योजना के लिए भूमि दान दी थी। पेय जल योजना करंगोड़ा व बाड़ी-मझेड़वां के संवर्धन की प्रस्तावना स्व कर्म देव धर्मानी ने रखी थी जिसे उन्होंने पहली बार विधायक बनने पर दोबारा प्राथमिकता में डाला था। इसकी डीपीआर पूर्व में रही भाजपा सरकार के समय बनी थी तब गर्ग ने इसके सोर्स का विरोध क्यों नहीं किया। अब झूठी वाहवाही लूटने के लिए झूठी खबरें देकर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन सच यही है कि गर्ग के सपने में भी इस तरह का प्रस्ताव नहीं था। धर्माणी ने कहा कि गर्ग कांग्रेस सरकार के कार्यों का श्रेय लेने के लिए हाथ-पाँव मार रहे हैं जिन कार्यों को पहले रोकने का प्रयास किया था और जब घुमारवीँ ब्लॉक कांग्रेस ने 'ढोल बजाओ-सरकार जगाओ' कार्यक्रम शुरु किया तो दबाव में आकर इस तरह की झूठी ब्यान बाजी की जा रही है। पेयजल योजना पनौल-अमरपुर और पेय जल योजना करंगोड़ा व बाड़ी-मझेड़वां के लोगों को शुद्ध पेयजल मिले इसके लिए रॉ वाटर सीर खड्ड में घुमारवीं शहर से ऊपर की तरफ से उठाने का कार्य कांग्रेस सरकार के समय शुरु किया था, पाइप लाईन डाली गई थी जो कि उच्च मार्ग-103 के विस्तारीकरण कार्य की वजह से रोका गया था। हमारे द्वारा दोनों योजनाओं के लिए रॉ वाटर कॉमन पाईप से लाया जा रहा था जो वर्तमान सरकार ने अलग-2 कर दिया। हमारी प्रस्तावना से यह कार्य 55 लाख में पूर्ण होना था जिसके लिए भजपा सरकार 850 करोड़ खर्च कर रही है और करोडों रू से बने हुए ढ़ांचे बर्बाद हो जाएंगे। जल शक्ति मिशन कोई नई योजना नहीं है सिर्फ कान्ग्रेस सरकार द्वारा शुरु की गई ए आर डी डब्ल्यू पी योजना का नाम बदला है। केंद्र सरकार ने इस योजना में पिछले 4 साल तक एक पैसा भी प्रदेश सरकार को नहीं दिया जिससे उन लोगों को नुकसान हुआ जिनको 4 सालों में इस योजना के तहत लाभ मिलना था। केंद्र व राज्य में भजपा सरकार होने, बिलासपुर से नड्डा का राज्य सभा सांसद व भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष होने, स्थानीय लोक सभा सांसद का केंद्रीय मंत्री होने, महेंद्र धर्मानी का मुख्यमंत्री का ओएसडी होने और त्रिलोक जम्वाल का मुख्यमंत्री का राजनैतिक सलाहकार होने जैसी अनुकूल परिस्थितयों के बावजूद विधायक के तौर पर 3 सालों का कार्यकाल निराशाजनक रहा। विधायक को उपरोक्त क्रित्यों के लिए घुमारवीँ की जनता से क्षमा मांगनी चाहिए क्योकि उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष रत्न सिंह पाल द्वारा अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत दाड़ला के विभिन्न गांव के विकास हेतु धन उपलब्ध करवाने के लिए दाड़ला पंचायत के प्रधान सुरेंद्र शुक्ला व उपप्रधान लेखराज चंदेल ने उनका आभार व्यक्त किया है। कुछ समय पूर्व शमेली, बरायली और स्यार के लोग गांव की समस्याओं को लेकर अपने लोकप्रिय नेता रत्न सिंह पाल से मिले थे जिसमें शमेली गांव के लोगों ने दाड़लाघाट से स्तोटी शिव नगर रोड़ व डवारु से शमेली गांव को लिंक रोड के लिए धन उपलब्ध करवाने की मांग की थी। उस संपर्क मार्ग हेतु 2,50,000 रुपये रत्न सिंह पाल ने सरकार से स्वीकृत करा लिया है और बरायली के लोगों ने दाड़लाघाट से स्तोटी शिव नगर रोड से बरायली प्रायमरी स्कूल तक लिंक रोड को धन उपलब्ध कराने की डिमांड की थी। इस संपर्क सड़क हेतु भी रत्न सिंह पाल ने 100,000 सरकार से स्वीकृत करवा लिया है। स्यार काटली जावी के लोग स्यार से जावी तक रोड़ को पक्का करने बारे मांग की गई थी तो अभी प्रथम चरण में स्यार से एसवीएम स्कूल तक रौड को पक्का करने के लिए 400,000 रुपये रत्न सिंह पाल ने सरकार से इस लिंक रोड को स्वीकृत करा लिया है। एसवीएम स्कूल तक पक्का होने के बाद दूसरे चरण में एसवीएम से जावी को भी पक्का करने के लिए धन उपलब्ध कराने को भी रत्न सिंह पाल ने आश्वासन दिया है। दाड़लाघाट पंचायत के लिए प्रदेश उपाध्यक्ष 7,50,000 रुपये की डिमांड की गई थी इन लिंक रोड की मांगों को भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रत्न सिंह पाल ने पूरा किया है। इसके लिए दाड़लाघाट से पंचायत प्रधान सुरेंद्र शुक्ला, उप प्रधान लेख राज चंदेल, पंचायत सदस्य नरेंद्र चोधरी, पंचायत सदस्य अरुण गौतम, पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र, बालक राम शर्मा, नरेश गौतम, राकेश गौतम, जगदीश शुक्ला, बंटू शुक्ला,बिंदु शर्मा, अनिल, पवन, ओम प्रकाश, हेम राज, पवन शर्मा, राजेश गौतम, गोरी शंकर, भगत राम, तारा चंद, बालक राम, पवन, मुनीश, नरेश, वीरेंद्र कुमार, धनी राम भटी, नरेश शर्मा ओर दाड़लाघाट पंचायत के समस्त लोगों की तरफ से रत्न सिंह पाल का बहुत बहुत धन्यवाद व आभार व्यक्त किया है।
हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत कामगारों के खाते में प्रदेश सरकार ने पैसे डाले है जिसका व्यापार मंडल बिलासपुर स्वागत करता है। व्यापार मंडल बिलासपुर के अध्यक्ष सुनील गुप्ता, शान अली, महासचिव सुरेंद्र गुप्ता, वरिष्ठ उपप्रधान तरुण टाडू, उपप्रधान नवीन ठाकुर, राल लाल, दीपक शर्मा, अनु सौरभ, सह सचिव चन्द्रशेखर हांडा, राज वर्मा, सलाहकार राजपाल दबड़ा, नरेंद्र खन्ना, कोषाध्यक्ष अमित गुप्ता, आयोजन मंत्री अजय चन्देल, करीम खान, प्रेस सचिव अर्पण सन्त व असिस्टेंट सेकेट्री राजेश कुमारी जम्वाल ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा है कि इससे लौकडाउन के चलते इन गरीब कामगारों को कुछ राहत मिलेगी। व्यापार मंडल ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इनके साथ साथ जो कामगार दुकान एवम वाणिज्य अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत है उन्हें भी ये राशि प्रदान की जाए क्योंकि लौकडाउन के दौरान उन कामगारों को भी काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। व्यापार मंडल के प्रधान सुनील गुप्ता व महासचिव सुरेंद्र गुप्ता ने कहा कि इसके साथ ही पंजीकृत व गैर पंजीकृत मंझोले दुकानदार, बार्बर, ब्यूटी पार्लर, खोखा, रेहड़ी वालों को भी यह राशि सरकार द्वारा उन्हें मुहैया करवाई जानी चाहिए। लौकडाउन के चलते हर वर्ग के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है व पड़ रहा है लेकिन सरकार ने कुछ वर्ग को तो राहत प्रदान कर दी है लेकिन कुछ वर्ग अभी भी इस समस्या से जूझ रहे है। व्यापार मंडल बिलासपुर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग करता है कि उनकी इस मांग पर ध्यान देते हुए इन कामगारों को भी राहत प्रदान की जाए।
जिला दंडाधिकारी सोलन केसी चमन ने कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत जिला के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्रों से तैयार उत्पादों को देश के विभिन्न भागों में समय पर पहुंचाने के उद्देश्य से सेवा प्रदाताओं के आवागमन की सुविधा एवं नियमन के लिए मानक परिचालन प्रक्रिया(एसओपी) के संबंध में आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार सभी सेवा प्रदाताओं एवं निरीक्षण प्राधिकरणों को इस संबंध में लिखित में प्रस्तुत करना होगा। जिला के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र के लिए उपनिदेशक उद्योग बद्दी को वेबसाइट पर तथा सोलन जिला के शेष क्षेत्रों के लिए जिला उद्योग केंद्र सोलन के महा प्रबंधक को वेबसाइट पर लिखित में प्रस्तुत करना होगा। आदेशों के अनुसार जब भी सेवा प्रदाता अथवा निरीक्षण प्राधिकरण औद्योगिक इकाई में आएंगे तो प्रत्येक ऐसे दौरे की मार्ग योजना (रूट प्लान) संबंधित पुलिस अधिकारी को प्रस्तुत करनी होगी। बीबीएन क्षेत्र के लिए पुलिस अधीक्षक बद्दी तथा अन्य क्षेत्रों के लिए पुलिस उपाधीक्षक परवाणू को दौरे की तिथि से एक दिन पूर्व इस संबंध में सूचित करना होगा। यह एसओपी केवल जिला के औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत औद्योगिक इकाईयों में आने वाले सेवा प्रदाताओं एवं निरीक्षण प्राधिकरणों के लिए है। सेवा प्रदाता तथा निरीक्षण प्राधिकरण औद्योगिक इकाई में केवल औद्योगिक मशीनरी की मुरम्मत एवं रखरखाव तथा गुणवत्ता नियंत्रण इत्यादि के लिए ही आ पाएंगे। इस विषय में जिला के संबंधित उद्योग द्वारा निर्धारित प्रपत्र पर लिखित में प्रस्तुत किया जाएगा। संबंधित उद्योग द्वारा आने वाले व्यक्तियों की विस्तृत जानकारी भी निर्धारित प्रपत्र पर दी जाएगी। संबंधित औद्योगिक इकाई में उक्त कार्य के लिए अपने कर्मी भेजने वाली संस्था भी निर्धारित प्रपत्र पर लिखित में प्रस्तुत करेगी। औद्योगिक इकाई का प्रबंधन यह सुनिश्चित बनाएगा कि बाहर से आने वाला सेवा प्रदाता इकाई में कार्यरत कामगारों एवं कर्मियों के साथ मेलजोल न करें। इन सेवा प्रदाताओं को राज्य में आने की अनुमति निर्धारित शर्तों पर प्रदान की जाएगी। इसके अनुसार इन सेवा प्रदाताओं का कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्तियों के साथ कोई संबंध एवं ऐसे क्षेत्रों की यात्रा का इतिहास नहीं होना चाहिए। इन सेवा प्रदाताओं के प्रवेश का नियमन प्रवेश स्थल के अनुसार बीबीएन क्षेत्र के लिए बरोटीवाला बैरियर तथा परवाणू के लिए पुराना बैरियर होगा। बैरियर पर ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा इनकी स्क्रीनिंग की जाएगी। संबंधित व्यक्ति को आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करनी होगी और दैनिक आधार पर अपनी सूचना अद्यतन करनी होगी। संबंधित पुलिस अधिकारी द्वारा स्वीकृत मार्ग योजना का पूर्ण पालन करना होगा। इस संबंध में मार्ग योजना का पालन न करने एवं बिना आवश्यक अनुमति के पाए जाने पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। सभी को सोशल डिस्टेन्सिग एवं सेनेटाइजेशन सहित प्रदेश सरकार एवं जिला दंडाधिकारी द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गए है तथा आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे।
प्रदेश की प्रमुख संस्था रेनबो स्टार क्लब के संस्थापक ईशान अख्तर की अगुवाई जिला बिलासपुर में कोरोना वायरस के चलते पुलिसकर्मियों को बेहतर सेवाएं देने के लिए सम्मानित किया गया। रेनबो स्टार क्लब के मुख्य सलाहकार निर्मला राजपूत एवं सह सचिव तनवीर खान ने बताया कि द्वितीय चरण में सुपर मार्केट टाडू चेतना चौक में ड्यूटी दे रहे पुलिस कर्मचारियों को देश हित में कोरोना से बचाने हेतु रिफ्रेशमेंट कीट एवं फूल देखकर देकर सम्मानित किया गया। रेनबो स्टार क्लब के प्रधान अजय कौशल ने बताया कि पूरे प्रदेश में भारत हिमाचल रेनबो स्टार क्लब के पदाधिकारी देश की अग्रणी सामाजिक संस्थान लाडली फाउंडेशन एवं हिंदू मुस्लिम राष्ट्रीय मंच सर्वधर्म समभाव के सहयोग से सभी कोरोना योद्धाओं को सम्मानित करेंगे। इसी मुहिम में बिलासपुर से कोरोना योद्धाओं को सम्मानित करने की मुहिम छेड़ी गई है। जिला के सभी ब्लॉकों में तैनात पुलिस विभाग स्वस्थ विभाग सफाई कर्मचारियों इत्यादि प्रमुख अन्य सामाजिक संस्थाओं के क्रोना योद्धाओं को सम्मानित विभिन्न विभिन्न चरणों में किया जाएगा। इस मौके पर प्रमुख सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी अनीता शर्मा, रेखा बिष्ट, अनिता जसवाल, शीला सिंह, निशा देवी, ज्योति कुमारी, पंडित सत्यदेव शर्मा, रीना ठाकुर, शीतल, रश्मि गौतम, नीतीश कुमार, वासुदेव, पवन कुमार, शालु इत्यादि सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सदर विधानसभा क्षेत्र के युवा नेता एवम प्रदेश महासचिव आशीष ठाकुर ने वीरवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरलोग में चिकित्सा विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को सेफ्टी गाउन वितरित किए। युवा नेता ने कहा कि यह सेफ्टी गाउन नैना देवी जी विधानसभा क्षेत्र के विधायक राम लाल ठाकुर ने उनके आग्रह पर उन्हें मुहिया करवाये।आशीष ठाकुर ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर अरुण, स्टाफ नर्स प्रेम लता, फार्मासिस्ट राजिंदर, लैब टेक्नीशियन के के चन्देल, स्टाफ नर्स मोमिना, सफाई कर्मचारी परमानंद मौजूद थे जिन्हें सेफ्टी गाउन दिए। इस मौके पर युवा नेता ने कहा कि वैश्विक महामारी जिस तरह देव भूमि में अपने पावँ पसार रही है यह गहन चिंतनीय विषय है। आशीष ठाकुर ने कहा कि चिकित्सा विभाग के लोग दिन रात जनता की सेवा में लगे हुए है, पर सरकार ओर विभाग उनकी अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से पुनः मांग की है कि बॉर्डर्स पर तैनात स्वास्थ्य कर्मचारी जो दिन रात बाहरी प्रदेशो से आने वाले लोगो की स्वास्थ्य जांच कर रहे है, उन्हें पीपीई किट्स मुहिया करवाई जाए साथ मे आशीष ठाकुर ने जनता से अपील की है कि वो अपने घरों में ही रहे। आशीष ठाकुर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने बिलासपुर के स्वारघाट क्वारन्टीन सेंटर में कुहमझवाड़ के युवक की मौत के ऊपर कड़ा संज्ञान लेते हुए मैजेस्ट्रीयल जांच के आदेश प्रशासन को जारी किए है। युवा नेता ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि उक्त मामले की निष्पक्षता के साथ जांच हो ताकि दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिल सके। युवा नेता ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि उक्त युवक बहुत ही गरीब परिवार से सम्बद्ध रखता था,उक्त युवक के परिवार को सरकार की तरफ से आर्थिक मदद की जाए ताकि इस दुख की घड़ी में युवक का परिवार अपना गुजर बसर कर सके साथ मे उसके परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी क्षेत्र में रोजगार दिया जाए। इस मौके पर उनके साथ आशीष चन्देल व मनीष चन्देल मौजूद रहे।
Chief Minister Jai Ram Thakur gave a clarion call to the Pradhans of Gram Panchayats and other elected representatives of grass root level democratic institutions to come forward to ensure effective management and execution of home quarantine facilities in the State to check spread of corona pandemic in their respective areas. Chief Minister was addressing the elected representatives of Panchayati Raj Institutions of Mandi and Kullu districts through video conferencing from Shimla. He said that since over one lakh Himachalis stranded in various parts of the country had returned to the State and about 60,000 have expressed their willingness to return to the State in the wake of coronavirus. Jai Ram Thakur said that although the State Government had decided to keep those coming from red zones in institutional quarantine but still there was possibility of corona infection from even those coming from green or orange zones. He said that since they were being kept under home quarantine, therefore, it was essential that proper protocol was maintained to ensure that other members of the families do not get infected. Chief Minister urged the Panchayat pradhans to give their wholehearted cooperation in effectively implementing the ‘Nigah’ programme launched by the State Government. He said that this programme envisages to keep a vigil on those under home quarantine so that they do not jump from the quarantine. He said that PRIs representatives should come forward to motivate the family members to maintain social distancing with the person undergoing home quarantine. Jai Ram Thakur said that the PRIs representatives should gather prior information regarding arrival of a person from other parts of the country in their respective areas and also visit the house of the person in advance, so that appropriate steps could be taken for proper isolation of the person. Chief Minister also urged the Pradhans to effectively undertake various developmental works in their respective areas. He said that this would not only ensure that the pace of development goes uninterrupted but would also provide employment to the local populace. He said that steps should also be taken to effectively execute works under MNREGA as government had provided adequate funds for the same. He said that Prime Minister Narendra Modi has announced Rs. 20 lakh crore financial package to ensure welfare of each and every section of the society. He said that this was the biggest economic package post independence which envisages economic revival and economic upliftment of all. Rural Development and Panchayati Raj Minister Virender Kanwar thanked the Pradhans for their wholehearted cooperation to the Government in checking the spread of coronavirus. Chairperson Zila Parishad Mandi Sarla Thakur, Pradhan Gram Panchayat Namhog Kullu Kishan Chand, Pradhan Gram Panchayat Kehad Mandi Ajana Kumari, Member Zila Parishad Kullu Hiteshwar, Pradhan Gram Panchayat Kharagarh Kullu Jai Singh and other pradhans also shared their views on the occasion. Chief Secretary Anil Khachi, Secretary Rural Development Dr. R.N. Batta, Director Rural Development and Panchayati Raj Lalit Jain and other senior officers were also present on the occasion.
कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत सोलन जिला में बाहरी राज्यों से आने वाले व्यक्तियों की पूरी जानकारी अद्यतन एवं त्रुटिरहित रखने एवं होम क्वारेनटाइन किए गए व्यक्तियों के विषय में उचित जानकारी के उद्देश्य से एक सॉफ्टवेयर आरंभ करने के विषय में संबंधित अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण सत्र की अध्यक्षता उपायुक्त सोलन केसी चमन ने की। केसी चमन ने इस अवसर पर कहा कि यह सॉफ्टवेयर सोलन जिला में बाहरी राज्यों से प्रवेश करने वाले होम क्वारेनटाइन किए गए व्यक्तियों की पूरी जानकारी रखने के विषय में तैयार किया गया है। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से सोलन जिला में बाहरी राज्यों से प्रवेश किए उन व्यक्तियों की जानकारी प्रशासन, पुलिस तथा संबंधित थाने के पास पहुंच जाएगी जो होम क्वारेनटाइन हैं। सॉफ्टवेयर पर यह जानकारी एक ऐप के माध्यम से पहुंचेगी। इस ऐप को सभी संबंधित अधिकारियों एवं होम क्वारेनटाइन किए गए व्यक्तियों को अपने मोबाइल फोन पर डाउनलोड करना होगा। उन्होंने कहा कि इस मोबाइल ऐप को बवअपकबवदजतवसण्पद के माध्यम से केवल गूगल क्रोम से डाउनलोड किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐप के माध्यम से क्वारेनटाइन किए गए व्यक्तियों की सूचना जीपीएस लोकेशन के द्वारा सॉफ्टवेयर तक पहुंच जाएगी। वास्तविक डाटा पुलिस व प्रशासन के पास हर समय उपलब्ध रहेगा। केसी चमन ने कहा कि इस सॉफ्टवेयर एवं ऐप का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि होम क्वारेनटाइन तोड़ने अथवा क्वारेनटाइन क्षेत्र से बाहर जाने वाले व्यक्ति की सूचना तुरंत संबंधित पुलिस थाने व प्रशासन को जिओ फेन्स तकनीक के माध्यम से मिल जाएगी। इससे ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित कर संस्थागत क्वारेनटाइन करने में सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित समय अवधि में होम क्वारेनटाइन किए गए व्यक्ति को निर्धारित अंतराल पर अपनी सेल्फी आवास के बाहर इस संबंध में प्रदर्शित पोस्टर के साथ खींचकर अपलोड करनी होगी। उपायुक्त ने कहा कि कोविड-19 के खतरे से निपटने के लिए सभी को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने सभी ग्राम पंचायत प्रधानों, जिला की सभी नगर परिषदों के अध्यक्षों एवं पार्षदोें, सभी उपमंडलाधिकारियों, तहसीलदारों, खंड विकास अधिकारियों तथा अन्य संबंद्ध अधिकारियों से आग्रह किया कि अपने-अपने क्षेत्र में होम क्वारेनटाइन किए गए व्यक्तियों की पूरी जानकारी रखें। बैठक में पुलिस अधीक्षक सोलन अभिषेक यादव, अतिरिक्त उपायुक्त विवेक चंदेल, भारतीय प्रशासनिक सेवा की परिवीक्षाधीन अधिकारी डॉ. निधि पटेल एवं रितिका, उपमंडलाधिकारी सोलन रोहित राठौर, उपमंडलाधिकारी कंडाघाट डॉ. संजीव धीमान, उपमंडलाधिकारी अर्की विकास शुक्ला, विभिन्न खंड विकास अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रदेश सरकार द्वारा सार्वजानिक वितरण प्रणाली के तहत एपीएल परिवारों को सब्सिडी के सस्ते राशन से बाहर करने के निर्णय पर हैरानी जताते हुए कहा है कि इस निर्णय से आम लोगों के जीवन पर विपरीत और व्यापक असर पड़ेगा। उन्होंने कहा है कि आज देश आर्थिक मंदी के साथ साथ कोरोना माहमारी से लड़ रहा है, ऐसे में बढ़ती महंगाई से आम लोगों को राहत दी जानी चाहिए न कि उन पर महंगाई थोपनी चाहिए। वीरभद्र सिंह ने कहा है कि प्रदेश में आधे से ज्यादा लोग मिडल क्लास परिवार के ही है।लोग खेती बाड़ी,या बागवानी या फिर छोटा मोटा कारोवार करके अपना व अपने परिवार का बसर कर रहें है।उन्होंने कहा है कि प्रदेश में पूर्व कांग्रेस सरकार ने देश मे बढ़ती महंगाई व प्रदेश के लोगों की आर्थिकी को देख कर ही डिपुओं के माध्यम से सस्ते अनाज देने की एक बड़ी व्यवस्था शुरू की थी। इसके लिए उनकी सरकार ने हमेशा ही उचित बजट का प्रावधान भी किया पर आज यह व्यवस्था कही न कही टूटती सी नज़र आई है। वीरभद्र सिंह ने प्रदेश सरकार को अपने इस फैंसले पर पुनः विचार करने की सलाह देते हुए कहा है कि इस समय जबकि देश गंभीर चुनोतियों से गुज़र रहा है ऐसे में लोगों के साथ न तो कोई अन्याय होना चाहिए और न ही किसी प्रकार का भेदभाव।उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार को जल्द ही ऐसी कोई योजना बनानी चाहिए जिससे बढ़ती महंगाई पर काबू हो सकें साथ ही बेरोजगारी की बढ़ती समस्या कम हो सकें। उन्होंने प्रदेश सरकार को यह भी सलाह दी है कि उन्हें केंद्र से ओर विशेष आर्थिक मदद की मांग करनी चाहिए और धन का पूरा सदुपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के लोगों पर इस समय न तो किसी भी प्रकार कर, टेक्स लगना चाहिए और न ही इस समय उनसे कोई बसूली की जानी चाहिए।
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) नेता संजय चौहान ने कहा कि हमारी पार्टी प्रदेश सरकार द्वारा कैबिनेट बैठक में राशन में दी जाने वाली सब्सिडी में कटौती व 9 लाख से ज़्यादा ए पी एल राशनकार्ड धारकों को दिए जाने वाले राशन की कीमतों में की गई वृद्धि के निर्णय की कड़ी निंदा करती है तथा इस जनविरोधी निर्णय को तुरन्त वापिस लेने की मांग करती है। सरकार के इस जनविरोधी व अतार्किक निर्णय से स्पष्ट हो जाता है कि सरकार महामारी की आढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को समाप्त करने का कार्य कर रही है। इस निर्णय से पहले ही आर्थिक संकट से जूझ रहे गरीब मजदूर, किसान, ठेका व अन्य कर्मचारी तथा छोटा व्यापारी जो रोज मेहनत कर अपनी रोजी रोटी अर्जित करते हैं वो अत्यंत प्रभावित होंगे और इनका संकट और अधिक बढेगा। उन्होंने कहा कि आज वैश्विक महामारी से पैदा हुई इस विषम परिस्थिति में जहाँ सरकार को आर्थिक संकट से जूझ रही जनता को राहत प्रदान करने के लिए कार्य करना चाहिए व राहत प्रदान करनी चाहिए थी वहीं सरकार जो कुछ छोटी मोटी मदद दे भी रही थी उसे भी महामारी के नाम पर छीन रही है। आज देश व प्रदेश में सरकार द्वारा लॉकडाउन व कर्फ्यू लागू किये 50 दिन से अधिक समय हो गया है जिसके कारण अधिकांश मजदूरों, किसानों, ठेका कर्मचारियों, छोटे व्यापारियों व अन्य वर्गो का काम धंधा लगभग बिल्कुल बन्द रहा है और कोई भी कमाई नहीं हो पाई है। इसके कारण इनके सामने एक गंभीर आर्थिक संकट खड़ा होने से इनको रोजी रोटी से भी वंचित होना पड़ गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी विषम परिस्थिति में जहां देश व प्रदेशवासियों को सरकार से आर्थिक व अन्य रूप से राहत की दरकार है और प्रधानमंत्री ने देश मे 20 लाख करोड़ रुपये राहत के रूप में देशवासियों के लिए घोषणा भी की है। ऐसी स्थिति में प्रदेश सरकार द्वारा राशन की सब्सिडी में की गई कटौती का निर्णय बिल्कुल भी तार्किक व न्यायसंगत नही है। एक ओर प्रदेशवासी प्रधानमंत्री द्वारा घोषित राहत की इंतजार कर रहें हैं और इसके विपरीत प्रदेश सरकार के द्वारा इस घोषणा के एक दिन बाद ही इस राशन सब्सिडी में कटौती का निर्णय ले लिया जिसने प्रदेशवासियों को स्तब्ध कर दिया है। प्रदेश सरकार का इस निर्णय के पीछे ये तर्क देना कि इससे प्रति वर्ष 71 करोड़ (जो कि कुल दी जा रही खाद्य सब्सिडी का लगभग 65 प्रतिशत है) की बचत होगी बिल्कुल ही अतार्किक व समझ से परे है। आखिर सरकार ऐसी वैश्विक महामारी से पैदा हुई इस विषम परिस्थिति में प्रदेश की आर्थिक संकट से जूझ रही आधी से अधिक आबादी को राशन को महंगा कर उसे इससे वंचित कर रही है। प्रदेश सरकार का यह निर्णय भारत के संविधान की मूल भावना व मानवाधिकारों का हनन है क्योंकि देश व प्रदेश की जनता को रोटी व अन्य मूलभूत आवश्यकताएं उपलब्ध करवाना सरकार का संवैधानिक उत्तरदायित्व है। प्रदेश सरकार यदि आज इस राशन में सब्सिडी में कटौती के पीछे अपनी आर्थिक दशा ठीक न होना कारण दे रही है तो इसके लिए सरकार द्वारा प्रदेश में अपनाई जा रही आर्थिक नीतियां ही जिम्मवार है। एक ओर सरकार अनावश्यक इवेंट व कार्यक्रम आयोजित कर, महंगी गाड़ियां की खरीद कर और अनावश्यक मद्दों पर फजूलखर्च कर करोडों रुपये लुटवा रही है और इसकी पूर्ति प्रदेश की आधी से ज़्यादा आबादी के राशन की सब्सिडी में कटौती करके कर रही है। सरकार का यह तर्क बिल्कुल भी जायज़ नहीं है क्योंकि इसका प्रावधान सरकार ने पहले ही बजट में कर रखा है। सरकार यदि गम्भीर आर्थिक संकट से जूझ रही है तो मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा धन को राशन में सब्सिडी के लिए प्रयोग में ला सकती हैं क्योंकि खाद्यान्न की उपलब्धता जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सी.पी.एम.मांग करती हैं कि प्रदेश सरकार अपने संवैधानिक उत्तरदायित्व को ध्यान में रख कर इस खाद्य सब्सिडी में की गई कटौती के निर्णय को तुरन्त वापिस ले और बी पी एल, ए पी एल व सभी को सार्वजनिक वितरण प्रणाली से सस्ता राशन उपलब्ध करवाए तथा इसका सार्वभौमिकरण किया जाए। आटा, चावल, दालों, चीनी, तेल व अन्य वस्तुओं की कीमतों में की गई वृद्धि तुरन्त वापिस की जाए। सभी को 10 किलो प्रति व्यक्ति के हिसाब से तीन महीने के लिए सस्ता राशन उपलब्ध करवाया जाए ताकि प्रदेश में इस विषम परिस्थिति से उत्पन्न संकट से जूझ रही जनता को रोजी रोटी उपलब्ध हो सके।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित हिमाचल प्रदेश बागवानी विकास परियोजना के तहत ई-उद्यान पोर्टल तथा इसी पोर्टल का मोबाइल एप्लीकेशन का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पोर्टल के माध्यम से उद्यान विभाग की विभिन्न सेवाओं के लिए मैनेजमेंट इन्फार्मेशन सिस्टम तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल में बागवानी संबंधित सभी योजनाओं की जानकारी किसानों तथा अन्य हितधारकों को आसानी से उपलब्ध होगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि बागवानी विकास परियोजना के तहत इस व्यवस्था से लाभार्थियों को फलों की नर्सरी का रजिस्ट्रेशन, पौधों की मांग, बागवानी से संबंधित औजार इत्यादि की मांग, कीटनाशकों की खरीद, खुम्ब के लिए कम्पोस्ट की मांग, मधुमक्खी छत्तों की मांग, सब्सिडी इत्यादि बागवानी क्षेत्र की सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि यह पोर्टल उद्यान विभाग के अधिकारियों के लिए भी ऑनलाइन प्रोसेसिंग की सुविधा प्रदान करेगा जिससे बागवानों को समय पर सेवाएं प्रदान करने में सुविधा होगी। यह सेवा हिमाचल प्रदेश पब्लिक सर्विस गारंटी एक्ट के तहत सिटीजन चार्टर के तहत कार्य करने में भी मद्दगार सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि यह पोर्टल विभाग की सभी सुविधाओं के लिए सिंगल विंडो का कार्य करेगा जिससे किसान सभी सुविधाओं का लाभ घर बैठे ही उठा सकेंगे। जय राम ठाकुर ने बागवानों से आग्रह किया कि वे इस पोर्टल का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने उद्यान विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे बागवानों द्वारा वांछित जानकारी को इस पोर्टल के माध्यम से तुरन्त प्रदान करें, जिससे विभाग के कार्यालयों में लोगों की आवाजाही कम हो सकेगी और यह पोर्टल कोविड-19 महामारी के समय जारी दिशा निदेर्शों के तहत सामाजिक दूरी बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने विगत दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश के मुख्यमंत्रियों के साथ आयोजित वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग में भी दिल्ली की आजादपुर मंडी में कोरोना के अधिक मामले सामने आने के कारण इस मंडी के बार बार बंद होने से उत्पन्न स्थिति से बचने के लिए प्रदेश के बागवानों को उनके उत्पादों को बेचने के लिए वैकल्पिक मंडी स्थापित करने का आग्रह किया है ताकि प्रदेश के बागवानों को अपने उत्पाद बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। बागवानी मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश बागवानी विकास परियोजना की विशेषताओं से मुख्यमंत्री का अवगत कराया।
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के नेता अपनी राजनीति चमकाने में लगे हैं इसीलिए इस प्रकार की बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह कहना गलत है कि सरकार किसी भी प्रकार के सुझाव नहीं ले रही है। कांग्रेस अगर बैठक करके एकमत में अगर अपना सुझाव पत्र भेजेगी तो सरकार उसको अपनाएगी और उस पर विचार करेगी । रणधीर शर्मा ने कहा कि कभी कांग्रेस का एक नेता तो कभी दूसरा सुझाव देता है तो कभी तीसरा सुझाव देता है, पर कोई एक सुझाव नहीं दे पा रहा है । उन्होंने कहां की कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सरकार को उसकी सफलता का परिणाम पत्र दे दिया है तो जितने भी कांग्रेस के छोटे नेता जो बयान देते हैं उनकी बयानबाजी से कोई फर्क नहीं पड़ता है । उन्होंने सैनिटाइजर घोटाला पर बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस इस घोटाले पर जो हल्ला मचा रही है वह गलत है। जिस प्रकार से प्रदेश के मुख्यमंत्री ने यह मामला सामने आते ही उस पर कार्रवाई की मांग की और इस मामले में एफआइआर भी दर्ज हो गई है, यह दिखाता है कि सरकार किस गति से कार्य करती है और गलत को रोकने की कोशिश भी करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सरकार के और केंद्र सरकार के अच्छे कार्य तो दिखते नहीं है जिस प्रकार से सभी गरीबों के खाते में दो 2000 के पहुंचाना महिला के हाथों में पांच पांच वाक्य बचाना और इतने महीने कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं सोया इस प्रकार के कार्य कांग्रेस को दिखते नहीं है पर कांग्रेस नकारात्मक बयानबाजी करती है और अपनी राजनीति चमकाने में लगी है। उन्होंने कहा एक तरफ एक व्यक्ति इनकम टैक्स दे रहा है और दूसरी जगह सबसे ड्रिंक ले रहा है यह अपने में ही विरोधाभास है आज के संकट के समय यह अच्छा निर्णय है और सभी को मिलकर इस को अमलीजामा पढ़ाना चाहिए और इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 18 मई से पहले सरकार कर सकती है अपने निर्णयों की घोषणाएं जितनी भी सुझाव सरकार के पास आए हैं उनमें से अलग-अलग ग्रीन जोन ऑरेंज जोन और रेड जोन के लिए निर्णय ले सकती है, आर्थिक गतिविधियां जल्द ही प्रदेश में बढ़ने वाली है। उन्होंने कहा कोविड-19 फण्ड का दुरुपयोग नहीं हुआ है, जो मोबाइल फोन सरकार ने लिए है जिस का ज़िक्र कांग्रेस बार बार कर रही है,उसका पैसा 3 महीने पहले ही आपदा प्रबंधन समिति को प्राप्त हुआ था और उसी पैसे से यह मोबाइल फोन लिए है। कांग्रेस के नेता ने तो कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ पा रहे है ना तो कांग्रेस जनता के हितों की लड़ाई लड़ पा रही है। उन्होंने कहा कांग्रेस हास्य का पात्र बन चुकी है और एक प्रतिनिधिमंडल राजभवन में मिलने गया था जिसमें कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी उपस्थित नहीं थे।
पंजाब से सटे हिमाचल के प्रमुख व्यापारिक कस्बे डमटाल में जम्मू-जालंधर हाईवे पर एक निजी बस हादसे का शिकार हुई है। हादसा डमटाल पुलिस थाना के तहत सघेड़ पुल के पास हुआ है। उत्तर प्रदेश की निजी दिल्ली से 18 विद्यार्थियों को जम्मू कश्मीर के कारगिल छोड़ने जा रही थी। सघेड़ पुल के पास बस अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बस में ड्राइवर और कंडक्टर समेत कुल 20 लोग सवार थे। इनमें से 18 घायल हैं, जिनमें पांच की हालत गंभीर है। जानकारी के अनुसार, नियंत्रण खोने के बाद बस सीधा सड़क किनारे बने डिवाइडर को तोड़ते हुए बिजली के ट्रांसफार्मर से जा टकराई। 5 घायलों को इलाज के लिए पठानकोट के अस्पताल में भेज गया है। प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को जम्मू मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। सभी विद्यार्थी लदाख के रहने वाले हैं। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। थाना डमटाल के प्रभारी हरीश गुलेरिया ने बताया कि सूचना मिलते ही थानां डमटाल की टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए गए हैं। चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर बस कब्जे में ली गई है। डीएसपी नूरपूर डॉक्टर साहिल अरोड़ा ने मामला दर्ज होने की पुष्टि की है ।
कोरोना महामारी के चलते बाहर से आने वाले कई लोग जहां सरकार के दिशानिर्देशों को दरकिनार कर क्वारंटाइन का उल्लंघन कर रहे हैं वहीं आनी के घोरला गांव के पवन श्याम ने प्रशासन के आग्रह पर खुद को होम क्वारंटाइन कर मिसाल पेश की है। पवन क्वारंटाइन हुए भी तो घऱ से करीब 16 किलोमीटर दूर करीब 8 हजार फीट की ऊंचाई पर। उनका परिवार घोरला गांव में रहता है जोकि करीब 5 हजार फीट की ऊंचाई पर है। वह छह महीने बाद राजस्थान से घर लौटे हैं। 2 मई को घर लौटने के बाद वह घर नहीं गए, परिवार वालों से दूर से ही मिले। काफी समय बाद घर लौटने के कारण 7 साल और डेढ़ साल की बेटी को गले लगाने का मन था लेकिन परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सीधे होम क्वारंटाइन के स्थान की ओर चल पड़े। 2 मई के बाद से पवन अकेले 8 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित अपने सेब के बगीचे में बने घर में क्वारंटाइन है। वह अकेले ही खाना बनाते हैं और अपनी देखभाल भी खुद ही कर रहे हैं। पवन श्याम आनी उपमंडल के पलेही पंचायत के घोरला गांव के रहने वाले हैं। राजस्थान में ऑलफ्रेश कंपनी में काम करते हैं। लॉकडाउन लगने के बाद घर आने की कोशिश की लेकिन प्रदेश सरकार से 30 अप्रेल को घर आने की अनुमति मिली। वह 2 मई को लुहरी पहुंचे। पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने होम क्वारंटाइन में रहने का आग्रह किया। इसके बाद पवन ने घर से करीब 4 घंटे की पैदल दूरी और 16 किलोमीटर सड़क की दूरी पर नित्थर के बुआई नामक स्थान पर अपने बगीचे में बने घर में खुद को क्वारंटाइन किया। पवन का कहना है कि वह राजस्थान के रेड जोन से आए हैं। 24 मार्च से 30 अप्रेल तक राजस्थान में घर के अंदर ही रहे। घर लौटने के पश्चात परिवार और समाज को प्राथमिकता देते हुए खुद को नित्थर के बुआई में क्वारंटाइन किया। हालांकि पवन के पास खुद को अपने परिवार के पास घोरला गांव में भी खुद को क्वारंटाइन करने का विकल्प था लेकिन वो कोई जोखिम लेना नहीं चाहते थे, इसलिए वो 8 हजार फीट की ऊंचाई पर खुद को क्वारंटाइन करने चले गए। पवन का कहना है कि उन्हें कोरोना महामारी के लक्षण अभी तक नहीं दिखें हैं। हल्की सिरदर्द हुई थी लेकिन प्रशासन द्वारा दवा उपलब्ध करवाने के बाद अब ठीक है। उनका कहना है कि क्वारंटाइन समाप्त होने के बाद ही वह घर जाएंगे। उन्होंने प्रदेश के बाहर से आने वाले लोगों से अपील की है कि क्वारंटाइन का इमानदारी से इसलिए पालन करें क्योंकि ये आपके परिवार और समाज का बीमारी से बचाव का सवाल है। स्थानीय लोग पवन श्याम द्वारा खुद को इस तरह क्वारंटीन करने के फैसले की सराहना कर रहे हैं। एसडीएम आनी चेत सिंह का कहना है कि बाहर से आने वाले लोगों को क्वारंटाइन किया जा रहा है। ऐसे में यदि कोई सरकारी आदेशों को दरकिनार करता है या क्वारंटाइन का उल्लंघन करता है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। चेत सिंह ने लोगों से यह भी अपील की है कि सरकार के दिशा निर्देशों का लोग इमानदारी से पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें और अपने परिवार-समाज को बीमारी से बचाने के लिए बाहर से आने वाले लोग क्वारंटाइन सही प्रकार पालन करें।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक रणधीर शर्मा ने कांग्रेस नेताओं पर लगातार तथ्यहीन बयानबाजी करने का अरोप लगाया है। उन्होनें कहा कि मीडिया की सुर्खियों में बने रहने के लिए कांग्रेसी नेता निराधार आरोप लगाकर सनसनी फैलाने का प्रयास करते हैं। कोरोना महामारी के संकट के इस दौर में इस तरह की तथ्यहीन व निराधार बयानबाजी करना किसी को शोभा नहीं देता। इस तरह की बयानबाजी से प्रदेश की जनता का मनोबल गिरता है। शर्मा ने कहा कि कांग्रेसी नेता स्वारघाट से युवक की मौत का जो मुद्दा उठा रहे हैं उसकी मैजिस्ट्रीयल जांच के आदेश मुख्यमंत्री जी ने दे दिए है। इसी तरह महंगी दरों पर सैनिटाईजर खरीदने के मुद्दे पर एफआईआर दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए जा चुके हैं, इसके बावजूद भी इन मुद्दों को उठाने का क्या औचित्य है। कांग्रेसी नेताओं को जांच का इंतजार करना चाहिए। उन्होनें कहा कि इसके अलावा जनता के पैसे से 3 लाख रू० के मोबाईल खरीदने का आरोप भी तर्कसंगत नहीं है, क्योंकि यह मोबाईल जनता द्वारा जो हिमाचल प्रदेश कोविड-19 सोलिडिट्री रिस्पांस फंड में पैसा दिया है उसमें से नहीं खरीदे गए हैं बल्कि यह मोबाईल केन्द्र सरकार द्वारा तीन महीने पहले नेशनल डिजास्टर मेनेजमैंट फंड के तहत जारी 20 लाख रू० में से खरीदे गए हैं, क्योंकि इसमें मोबाईल खरीदने का प्रावधान था और इन मोबाईलों का इस्तेमाल सम्बन्धित अधिकारी आपदा के दौरान ही करेंगे। शर्मा ने कहा कि कांग्रेसी नेता संकट के इस दौर में इस तरह की निराधार व तथ्यहीन बयानबाजी करने से बाज आए और कोरोना संकट से निपटने के लिए प्रदेश सरकार को रचनात्मक सहयोग दें।
देश व दुनिया में दिन प्रति दिन कोरोना वायरस के बढ़ते मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। इस से स्मार्ट सिटी चंडीगढ़ भी अछूती नहीं रही है। यहाँ आए दिन कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। तो वही दूसरी ओर लोग ठीक भी हो रहे हैं। अब तक चंडीगढ़ में कुल 35 लोगों ने कोरोना से जंग जीत ली है। बुधवार को चंडीगढ़ पीजीआई से 5 कोरोना पॉजिटिव मरीज ठीक होकर अपने घर पहुंच चुके हैं l इनमें एक दो महीने की बच्ची भी शामिल है जिसने इस महामारी से जंग जीत ली है l
होम्योपैथिक कॉलेज कुमारहट्टी ने सोलन व्यापार मंडल के साथ मिलकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए तकरीबन 500 लोगों को मुफ्त दवाई का वितरण किया। काॅलेज के डॉक्टर अंकित दुबे, डॉ मनीष तिवारी व डॉ अवनीश ने व्यापार मंडल सोलन के अध्यक्ष मुकेश गुप्ता के सहयोग से माल रोड़ और अप्पर बाजार की दुकानों पर इस Arsenicum Album 30 दवा को बांटकर दुकानदारों को कोरोना महामारी से बचने के लिए व दवाई के इस्तेमाल और फायदे के बारे मे जागृत किया, वहीं डॉक्टरों की टीम ने पंजाब नेशनल बैंक सोलन के पूरे स्टाफ को भी दवाई का वितरण किया। इस टीम ने पंजाब नेशनल बैंक के मैनेजर का सहयोग के लिए धन्यवाद किया। कुमारहटी होम्योपैथिक के डॉक्टरों की टीम ने व्यापार मंडल अध्यक्ष मुकेश गुप्ता को बताया की उनका लक्ष्य हर व्यापारी तक इस दवा को निशुल्क पहुंचाना है क्योंकि व्यापारी हर रोज बहुत से ग्राहकों से मिलता है तो उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता सुदृढ़ होनी चाहिए। मुकेश गुप्ता ने डाक्टरों की टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने व्यापारी वर्ग के बारे में सकारात्मक सोच रखते हुए हमारे व्यापारी भाईयों को कोरोना से लड़ने के लिए मुफ्त में दवा उपलब्ध करवाई। मुकेश गुप्ता ने इसके लिए होम्योपैथिक कॉलेज कुमारहट्टी के प्रबंधन का आभार व्यक्त किया। इस समय पूरा देश व विश्व करोना जैसी महाविनाशक बीमारी से जंग लड़ रहा है। इस बीमारी में सरकार को विभिन्न संस्थाएं सहयोग कर रही है, ताकि हम करोना को हरा सकें और आमजन को इस महाविनाशक बीमारी से बचा सकें। इस समय आयुष मंत्रालय हर आमजन की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार की दिशा निर्देश जारी कर रहा है, इसके लिए चाहे आयुर्वेदिक काढ़ा हो या होम्योपैथिक दवाई हो साथ ही इस बीमारी से बचने के लिए आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल करने की सलाह भी दी जा रही है। इसी क्रम में होम्योपैथिक काॅलेज कुमारहट्टी ने आमजन को मुफ्त दवा वितरण का अभियान शुरू किया है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमण्डल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार का कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत लगाए लाॅकडाउन के कारण प्रभावित अर्थ-व्यवस्था से निपटने के लिए देश को 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा के लिए उनका धन्यवाद किया। मंत्रिमण्डल ने कहा कि यह आर्थिक पैकेज कमजोर वर्गों, एमएसएमई, व्यापार समुदाय, कामगारों व आम जनता को आवश्यक राहत प्रदान कर देश की अर्थ-व्यवस्था को पुनर्जिवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह पैकेज भारत को मजबूत, जीवंत और आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। मंत्रिमण्डल ने रोजगार के अधिक अवसर सृजित करने, लघु एवं छोटी इकाइयों के नियोक्ताओं व छोटे ठेकेदारों को सुविधा प्रदान करने के लिए काॅन्ट्रेक्ट लेबर (आर एंड ए) अधिनियम, 1970 (1970 का 37वां) को प्रदेश में लागू करने के लिए धारा-1 सब सेक्सन-4 में जरूरी संशोधन को अनुमति प्रदान की। संशोधन में अनुबन्ध रोजगार की सीमा को 20 से बढ़ाकर 30 श्रमिक करने का प्रस्ताव है। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश, उत्पादन और व्यापार करने में आसानी के लिए भी सहायता मिलेगी। मंत्रिमण्डल ने फैक्ट्री एक्ट 1948 में ऑफिसेस को कम्पाउंड करने के लिए धारा-2 (एम) (प), 2 (एम) (पप), धारा-65 (3) (पअ), धारा-85(1) (प) में संशोधन करने और नई धारा 106 (बी) की प्रविष्टि करने की अनुमति दी। इससे राज्य में छोटी इकाइयों में उत्पाद गतिविधियों के लिए श्रमिकों की वर्तमान सीमा 10 और 20 को बढ़ाकर क्रमशः 20 और 40 किया जाएगा। इस संशोधन से छोटी विनिर्माण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा और श्रमिकों को रोजगार के अधिक अवसर सृजित होंगे। इसी तरह, वर्तमान में कोई भी कर्मचारी किसी भी तिमाही में अधिकतम 75 घंटे ओवर टाइम काम कर सकता है। लेकिन धारा-65 के खंड (4) 3 संशोधन में इस सीमा को बढ़ाकर 115 घंटे करना प्रस्तावित है। इसमें ओवरटाइम का भुगतान साधारण मजदूरी की दर से दोगुना करने की शर्त होगी, ताकि श्रमिकों को आय के अधिक अवसर मिल सकें। मंत्रिमण्डल ने औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (1947 का 14वां) की धारा-22, (1) धारा 25 एफ (बी) धारा-25-के में संशोधन करने पर भी अपनी सहमति दी। इससे औद्योगिक निवेश, उत्पादन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य में व्यापार करने में आसानी होगी। इससे औद्योगिक प्रतिष्ठानों को अनुकूल और व्यापार मित्र वातावरण पर्यावरण सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी और कामगारों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मंत्रिमण्डल ने जिला मंडी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टीहरा को 50 बिस्तरों वाले नागरिक अस्पताल में स्तरोन्नत करने की मंजूरी प्रदान की। मंत्रिमंडल ने कुल्लू जिले के भेखली में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने के लिए अपनी स्वीकृति प्रदान की। बैठक में जिला सिरमौर की तहसील नाहन में ग्राम कंुडला (गुमटी) में मैसर्स एल्को स्पिरिट्स प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में आश्रय पत्र की वैधता अवधि को बढ़ाने का निर्णय लिया गया, ताकि कंपनी को परियोजना के काम को पूरा करने में सुविधा हो सके, इसमें कोविड-19 महामारी के कारण विलम्ब हो रहा था। मंत्रिमंडल ने पोस्ट कोविड-19 इकाॅनोमिक रिवाइवल के लिए गठित मंत्रिमंडलीय सब कमेटी के प्रस्ताव पर आयकर दाताओं को लक्षित सार्वजनिक वितरण योजना के तहत सब्सिडी का लाभ पाने से एक साल के लिए बाहर रखने की मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने बीपीएल/प्राथमिकता वाले परिवारों के लाभार्थियों के चयन के लिए ऊपरी आय सीमा को बढ़ाकर 45000 रुपये प्रस्तावित किया। इससे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम परिवारों की संख्या 1,50,000 तक बढ़ जाएगी, जिससे वे 3.30 रुपये प्रति किलो गेहूं आटा और 2 रुपये प्रति किलो चावल बहुत ही रियायती दरों पर लेने के लिए पात्र हो जाएंगे। राज्य सरकार द्वारा एपीएल परिवारों को दी जा रही दालों, खाद्य तेल और चीनी पर सब्सिडी के युक्तिकरण के लिए भी अपनी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में 15 अटल आदर्श विद्यालय खोलने का निर्णय लिया, ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के आदेशों पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू, जो गुणवत्ता नियंत्रण सैल के अध्यक्ष भी है, ने जिला शिमला के रोहड़ू (बाईपास) में पब्बर नदी पर निर्माणाधीन बखीरना पुल के ढह जाने की जांच के लिए तीन सदस्यीय गुणवत्ता नियंत्रण दल का गठन किया है। संजय कुंडू ने कहा कि इस दल में अधीक्षक अभियन्ता दीपक शर्मा, अधिशाषी अभियन्ता ललित ग्रोवर और सहायक अभियन्ता देवेश ठाकुर शामिल होंगे। संजय कुंडू ने इन अधिकारियों को इस मामले की रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। संजय कुंडू ने कहा कि इस मामले की रिपोर्ट के अनुसार दोषी के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
प्रदेश सरकार द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत ग़रीबी रेखा से ऊपर वाले लोगों के राशन में 50 प्रतिशत की कटौती को गलत करार देते हुए कांग्रेस ने इसका कड़ा विरोध किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने सरकार के इस निर्णय को भेदभावपूर्ण बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही पहले तो लाखों लोगों को गरीबी रेखा की सूची से बाहर कर दिया था और अब उनके राशन में कटौती का फरमान जारी कर मध्यम वर्ग के ऊपर कुठाराघात किया है। केंद्र सरकार की नज़रों में ऊंचा उठने के चक्कर में सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों के आंकलन का पैमाना बदल कर इस वर्ग के साथ बड़ा अन्याय किया है। उन्होंने कहा है कि उस समय कहा गया था कि जिन लोगों को ग़रीबी रेखा से बाहर किया है उनका आर्थिक स्तर ऊपर किया जाएगा लेकिन नतीजा यह हुआ कि पात्र लोग गरीबी रेखा से बाहर हो गए और अब उनको दी जाने वाली रियायतों में कटौती कर उनके साथ अन्याय किया गया है। उन्होंने कहा कि ये फैसला तर्कसंगत नहीं है।मध्यम वर्ग के कर्मचारी के वेतन एवं डी ए में कटौती करके पहले ही सरकार ने अन्याय किया है।मध्यम वर्ग के कर्मचारी, छोटे दुकानदार, व्यपारी, निजी क्षेत्र में काम करने वाले लाखों लोग इस फैसले से प्रभावित होंगे। उन्होनें कहा कि करोना संकट में पहले ही सभी वर्गों की कमर टूटी पड़ी है। बेरोज़गारी चरम पर पहुंच गई है ,किसान-बागवान को उचित दाम और मार्किटिंग की उचित व्यवस्था न होने के कारण उसकी कमर टूट चुकी है। ऐसे में जनवितरण प्रणाली में भी कटौती करने का कांग्रेस पार्टी कड़ा विरोध करती है। उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग को दी जाने वाली ये सुविधा जारी रखी जानी चाहिए और इनको करोना के लॉक डाउन काल के बिजली पानी के बिलों में भी रियायत देनी चाहिए तथा छोटे दुकानदारों को बिजली बिल में कमर्शियल रेट में भी राहत देनी चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष ने गरीबी रेखा के नीचे रहने वालों के लिए भी आय सीमा को 45 हज़ार किए जाने को कम बताया है। उन्होंने कहा कि इसकी सीमा बड़ाई जानी चाहिए जिससे कि गरीबी रेखा के नीचे रहने वालों का सही आकलन करके राहत दी जा सके। कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि यह समय किसी भी वर्ग को दी जाने वाली राहत में कटौती का नहीं बल्कि और राहत देने का है। राठौर ने कहा है कि प्रदेश सरकार का यह जल्दबाजी में लिया गया फैसला है जिसका कांग्रेस कड़े शब्दों में विरोध करती है। उन्होंने इस फैंसले को तुरन्त वापस लेने की मांग की है।कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि किसान और बागवान हिमाचल की आर्थिकी की रीढ़ हैं लेकिन इनके बारे में सरकार ने कोई भी राहत का पैकज न दे कर कृषि बागवानी क्षेत्र को निराश किया है।
हिमाचल प्रदेश डाक सेवा के निदेशक दिनेश कुमार मिस्त्री तथा सहायक पोस्ट मास्टर जनरल बिशन सिंह ने राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से भेंट की। उन्होंने राज्यपाल को डाक सेवाओं के माध्यम से राज्य में लाॅेकडाउन अवधि के दौरान दी जा रही सेवाओं की जानकारी दी। डाक विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश भर में लगभग 4 लाख पैंशन भोगियों को उनके घरद्वार पर पैंशन राशि का भुगतान किया गया है। डाक विभाग के इण्डिया पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) द्वारा 25 मार्च, 2020 से आज दिन तक 11413 लेने-देन के माध्यम से लगभग 5 करोड़ की राशि का भुगतान भी घरद्वार पर किया गया है। प्रदेशभर से देशभर के लिए लगभग 7000 ग्राहकों को दवाइयां पहुंचाई गई। प्रतिदिन देशभर के लिए लगभग 250 पार्सल, जिनमें कैंसर से संबंधित दवाइयां शामिल हैं, की बुकिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में जरूरी डाक के वितरण के लिए हर रोज़ सरकारी एवं निजी वाहनों के माध्यम से डाक का निपटान किया जा रहा है। लगभग 170 जरूरतमंद लोगों को 30 क्विंटल राशन का आवंटन भी किया गया है। दत्तात्रेय ने कोरोना महामारी के दौरान डाक विभाग द्वारा आम लोगों को दी जा रही सेवाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि विभाग के सभी कर्मी कोरोना योद्धाओं की अग्रणी पक्ति में सेवाएं दे रहे हैं। विशेषकर, पैंशन वितरण का कार्य करते हुए सकारात्मक संदेश दे रहे हैं। उन्होंने ऊना जिले के डाक अधीक्षक राम तीर्थ शर्मा और उनकी टीम का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने 30000 खाताधारकों को 12 करोड़ रुपये से अधिक की राशि घर-घर जाकर देकर उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने विभाग में तकनीकी का पूर्ण उपयोग करते हुए सेवाओं को विस्तार देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विशेषकर प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों, किन्नौर और लाहुल-स्पीति के इलाकों में आधुनिक तकनीक का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पारम्परिक तरीकों में अब बदलाव की आवश्यकता है।
जयराम कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता पीटरहॉफ में हुई। कैबिनेट ने पीएम नरेंद्र मोदी का देश के लिए 20 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज घोषित करने के फैसले का स्वागत किया। इस आर्थिक पैकेज का हिमाचल को भी लाभ होगा। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। कैबिनेट ने आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने के लिए कई फैसले लिए हैं। कैबिनेट ने अनुबंध श्रम अधिनियम की धारा-1 में जरूरी संशोधन को मंजूरी दी। इसके तहत अब 20 के बजाय 30 लोग उद्योग में अनुबंध पर रखे जा सकेंगे। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश और उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। कारखाना अधिनियम में भी संशोधन को मंजूरी दी गई। इससे छोटी औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा और श्रमिकों को अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इसमें श्रमिकों की संख्या 20 से 40 की गई है। सरकार के अनुसार इससे श्रमिकों को ज्यादा से ज्यादा अर्जन के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही औद्योगिक विवाद अधिनियम में भी संशोधन को मंजूरी दी गई। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश, उत्पादन बढ़ेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। कैबिनेट ने फैसला लिया है कि राशन में दी जाने वाली सब्सिडी अब आयकर देने वाले डेढ़ लाख उपभोक्ताओं को एक साल तक नहीं मिलेगी। इसके अलावा दाल, चीनी और तेल पर सब्सिडी कम कर दी गई है। दूसरी तरफ बीपीएल राशनकार्ड धारकों को पहले की तरह की सब्सिडी दी जाएगी। वहीं, आय सीमा को बढ़ाकर करीब 45 हजार रुपये कर दिया गया है। इससे एपीएल के करीब डेढ़ लाख उपभोक्ताओं को बीपीएल की तरह आटा और चावल मिल पाएगा। इस तरह डेढ़ लाख आयकर देने वाले उपभोक्ताओं की सब्सिडी खत्म होगी, जबकि डेढ़ लाख नए उपभोक्ता शामिल होंगे। आयकर देने वालों की सब्सिडी में पूरी तरह से कटौती की गई है। जबकि सभी उपभोक्ताओं के चीनी, दाल और तेल की सब्सिडी में भी थोड़ी-थोड़ी कटौती की गई है कैबिनेट बैठक में एक से दूसरे जिले में वाहनों की आवाजाही शुरू करने पर भी चर्चा हुई। साथ ही 50 फीसदी क्षमता के साथ बसों को चलाने पर भी चर्चा हुई। लॉकडाउन-3 खत्म होने के बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा।
पूर्व मंत्री व विधायक श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र राम लाल ठाकुर ने कहा कि कोविड -19 जैसी विश्वव्यापी महामारी के दौरान देश के प्रधानमंत्री ने 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की है जो कि देश के सकल घरेलू उत्पाद का दस प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि उनके भी राजनैतिक जीवन मे इतना बड़ा राहत पैकेज पहले कभी नहीं आया था। इस बारे उन्होंंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि यह समय है कि प्रदेश में छोटे -छोटे कुटीर व लघु उद्योग स्थापित करने चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को चाहिए कि प्रदेश में किसानों व बागवानों को खास प्रोत्साहित किया जाए ताकि हमारे छोटे- छोटे किसान, फल-फूल उत्पादक, दुग्ध उत्पादक, सब्जी उत्पादक सुदृढ़ हो सके और हमारे गाँव आत्मनिर्भर हो कर मान सम्मान का जीवन जी सके। राम लाल ठाकुर ने जोर देकर कहा कि इस आपदा ने यह साबित कर दिया जब तक हमारे गांव के किसान व बागवान सुदृढ़ नहीं होंगे तब तक हम विदेशों की तरह ही ताकते रहेंगे और हमारा देश व प्रदेश तरक्की नहीं कर पाएगा। उन्होंने कहा कि आज लगता है कि महात्मा गांधी कितने प्रासंगिक थे उन्होंने ग्राम स्वराज की अवधारणा पर हमेशा जोर दिया था जो आज की परिस्थितियों में एकदम सच साबित होती नजर आती है। उन्होंने बताया कि जब वह पहली बार मंत्री बने तो उस समय के प्रधानमंत्री मंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी भी यही कहते थे कि जब तक सरकार का एक-एक पैसा देश के सबसे गरीब किसान व मजदूर तक नहीं पहुच जाता तब तक सरकार को सतत प्रयास करते रहना होगा। पूर्व को यूपीए सरकार के द्वारा चलाई गई मनरेगा योजना भी उसी कड़ी का प्रारुप है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इतना बड़ा राहत पैकेज देश के प्रधानमंत्री ने घोषित किया है केंद्र और प्रदेश में भी भाजपा सरकार है, वित्त राज्य मंत्री भी इस प्रदेश से है, प्रदेश के चारों सांसद भी इसी सरकार के है और राष्ट्रीय भाजपा के अध्यक्ष भी यहीं से हैं बहुत बड़ा मौका प्रदेश के किसानों व बागवानों और मजदूरों के उत्थान का है कि अगर सभी केंद्र की सरकार के समक्ष कोई छोटे-छोटे कुटीर व लघु उद्योगों से सम्बंधित, किसानों व बागवानों व मज़दूरों से सम्बंधित एक व्यापक जनयोजना रखें और इस राहत पैकेज का लाभ उठाएं तो प्रदेश में रोजगार भी बढ़ेगा और महात्मा गांधी, स्व लाल बहादुर शास्त्री, स्व राजीव गांधी के द्वारा सोची देश के अंतिम आदमी के उत्थान के बारे में योजना भी साकार रूप ले सकती है। उन्होंने बताया कि मनरेगा जैसी आमजन की योजना व ग्राम स्वराज की अवधारणा को इससे बल भी मिलेगा और प्रदेश और सुदृढ़ और आत्मनिर्भर होगा।
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि लाॅकडाउन अवधि के दौरान महिलाओं की शिकायतों के निवारण के लिए, हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग ने फोन पर परामर्श प्रदान करने के लिए तीन काउंसलर नामित किए हैं, जिनसे 9805520079, 9805520097 और 9736011071 पर सम्पर्क किया जा सकता है। प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग ने लाॅकडाउन की अवधि के दौरान पीड़ित महिलाओं तक पहुंचने और उनकी शिकायतों के निवारण के लिए व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9459886600 भी शुरू किया है। उन्होंने कहा कि शिकायतें आयोग की ईमेल आईडी shimlahpscw@gmail.com पर भी दर्ज की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा आयोग से उनके कार्यालय नंबरों 0177-2622929 व 0177-2627171 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डाॅ० प्रकाश दरोच ने बताया कि जिला से अब तक 815 लोगों के सैंपल कोविड-19 के लिए लैब जांच के लिए आई०जी०एम०सी० शिमला भेजे गए, उनमें से 758 सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं और 2 की रिपार्ट अभी तक पाॅजिटीव आई है। शेष सैंपल की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। उन्होंने बताया कि आज कल बाहर से बहुत ज्यादा संख्या में लोग अपने-अपने घरों को आ रहें हैं सभी की बाॅर्डर पर स्वास्थ्य जांच की जा रही है और सरकार के आदेशानुसार जो रैड जोन क्षेत्र से आ रहे हैं उन्हें इंस्टिटूशनल क्वारनटाईन में रखा जाएगा और बाकी को डाॅक्टर की अनुमति के हिसाब से रखा जाएगा, सरकार द्वारा निर्धारित सभी आदेशों का पालन किया जा रहा है।
सम्पूर्ण भारत में कोरोना वाईरस ‘‘कोविड 19 के कारण लाॅकडाउन के चलते सभी शिक्षक्षण संस्थान बन्द चल रहे हैं । वहीं हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा महत्वकांशी हर घर पाठशाला कार्यक्रम के तहत् ऑन लाईन पाठ्यक्रम सामग्री उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त अभी हाल ही में दूरदर्षन, व रेडियो के माध्यम् से भी पाठ्यक्रम को लागू किया जा रहा है। लेकिन लाहौल स्पिति के स्पिति उपमण्ड़ल के विषम परिस्थितियों एवं इन्टरनेट सेवा के अभाव में, यहां हर घर पाठशाला पूर्णतः लागू करने में कठिनाई आई है। इस समस्या के मध्य नज़र अतिरिक्त ज़िला दण्ड़ाधिकारी ज्ञान सागर नेगी के दिशा निर्देषानुसार, स्पिति शिक्षा खण्ड़ के तत्वाधान में, आफ लाईन ‘‘हर घर पाठशाला 2020’’ के तहत् शिक्षण कार्यक्रम चला रहें है, जिसमें स्पिति उपमण्डल के 27 रिसोर्स पर्सनस एवं 7 कर्लकों को ‘‘आफ लाईन अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में प्रतिनियुक्त किया गया है । साथ ही सभी पाठशाला (प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक, वरिष्ठ माध्यमिक) प्रभारियों को अध्ययन सामग्री को घर-घर पहुंचाने एवं निरीक्षण का दायित्व दिया गया है। समस्त प्रतिनियुक्त शिक्षक एवं अन्य कर्मचारी लाॅक डाउन के समस्त नियमों का पालन कर रहें है व सामाजिक दूरी और मास्क का उपयोग अनिवार्य कर दिया है। कुमारी देकित डोलकर, प्रर्धानाचार्या राजकीय वरिश्ठ माध्यमिक पाठषाला काजा एवं नोडल अधिकारी, आफ लाईन ‘‘हर घर पाठषाला कार्यक्रम 2020’’ के अनुसार शिक्षण कार्यक्रम के तहत् पहली से पांचवी कक्षा के कुल 527 छात्र एवं छात्रायें तथा छठी से बारहवीं कक्षा के कुल 490 छात्र एवं छात्रायें लभान्वित हो रहें है और छात्र-छात्राओं के अभिभावक भी इस कार्यक्रम से काफी उत्साहित है क्योंकि उनके बच्चे इन्टरनेट सुविधाओं के अभाव में भी घर बैठकर सूचारू रूप से पढ़ाई कर पा रहे हैं। ऑफ लाईन ‘‘हर घर पाठशाला कार्यक्रम 2020 ’’ अध्ययन् सामग्री का वितरण नोड़ल अधिकारी की निगरानी में प्रत्येक शनिवार को किया जाता है। इसी कडी में अपने विधान सभा क्षेत्र के दौरे में स्पिति आये डा0 राम लाल मारकण्डा, कृषि, जनजातीय विकास व सूचना एवं प्रोद्योगिकी मन्त्री हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस अनूठे प्रयास की प्रशंसा की व इस कार्यक्रम को सफल बनाने का श्रेय यहां प्रतिनियुक्त रिसोर्स परर्सनस व समस्त कर्मचारियों को दिया। उन्होंने कहा कि पूरे हिमाचल प्रदेश में स्पीति क्षेत्र ऐसा है जहां पर इस तरह का कार्यक्रम प्रशासन ने शुरू किया है। घर घर बच्चो के लिए स्टडी मैटेरियल मुहैया करवाया जा रहा है। हर शनिवार को बच्चो को असाइनमेंट दी जाती है जिसका फिर मूल्यांकन किया जाता है। जब तक लॉक डाउन है स्पीति में इसी तरह बच्चों को घर घर पढ़ाया जा रहा है।
कोविड-19 कोरोना वायरस महामारी जैसी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए लाॅकडाउन/कफ्र्यू के दौरान जिला रैड क्राॅस सोसाइटी बिलासपुर मानवीय सेवा में लगे फ्रंट लाईन वर्करज की सहायता करके पुण्य का काम कर महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जिला रैड क्राॅस सोसाइटी कर्मठ, समर्पित और कतव्र्यनिष्ठ स्वयं सेवकों के माध्यम से अग्रणी पंक्ति में काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मी, पुलिस जवान, सफाई कर्मचारी, सैनीटाईज करने वाले कर्मी, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करवाने वालों की सहायता के लिए दिन-रात जुटे हुए है। जिला रैड क्राॅस सोसाइटी के स्वयं सेवी कडकती धूप में काम करने वाले फ्रंट लाईन वर्करज को चाय, पानी, भोजन, मास्क और सैनीटाईजर उपलब्ध करवाकर उन्हें सहयोग प्रदान कर रहे है। रैड क्राॅस वाॅलंटियर्स अपने वाहनों के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर जाकर आवश्यकता अनुसार संकट की इस घड़ी में लोगों के उपयोग में लाई जाने वाली वस्तुएं उपलब्ध करवाकर राहत प्रदान कर रहे है ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। इसी कड़ी में जिला रैड क्राॅस सोसाइटी बिलासपुर द्वारा कोका-कोला कम्पनी के सहयोग से 25 मार्च से लगातार प्रतिदिन स्वास्थ्य कर्मी, पुलिस जवान, सफाई कर्मचारी, सैनीटाइज करने वाले कर्मी, आशा वर्करस, गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाने वाले और सहयोग में लगे विभिन्न स्वयं सेवियों को पेयजल उपलब्ध करवा के पुण्य का काम कर रही है। अभी तक 3 हजार से भी अधिक पानी की बड़ी बोतलें उपलब्ध करवा चुकी है।
प्रदेश मे न्यूरो सर्जरी को लाने और इसे डवेलप करने मे महत्वपूर्ण योगदान देने वाले डा. आर सी ठाकुर ने सोमवार को श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल कालेज एंव अस्पताल के प्रिसींपल का कार्य भार संभाल लिया। डा. आर सी ठाकुर नेरचौक मेडिकल कालेज मे ही जनरल सर्जरी विभाग मे प्रोफेसर और बतौर विभागाध्यक्ष कार्य कर रहे थे। इससे पहले यहां के प्रिसींपल व प्रदेश के जाने माने हार्ट सर्जन डा. रजनीश पठानिया को आईजीएमसी का प्रिसींपल बनाए जाने के बाद डा. आर सी ठाकुर को नेरचौक मेडिकल कालेज के प्रिसींपल का कार्यभार सौंपा है। नेरचौक मेडिकल कालेज मे प्रिसींपल की जिम्मेवारी संभालने के बाद डा. आर सी ठाकुर ने कहा कि अब वह नेरचौक मेडिकल कालेज मे भी न्यूरो सर्जरी का सेटअप बनाने के लिए प्रयास करेंगे। उन्होने कहा कि यहां एक्सीडेंट रेसो भी ज्यादा है और ऐसे मे न्यूरो सर्जरी सेंटर यहां की जरूरत भी है। उन्होने कहा कि नेरचौक मेडिकल कालेज का इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत अच्छा है और वह इसे और बेहतर बनाने का प्रयास करेगें। लौहुल जिला से संबध रखने बाले डा. आर सी ठाकुर ने 1992 मे आईजीएमसी मे बतौर एसीस्टेटं प्रोफेसर ज्वाईन किया था जबकि शिमला से पहले वह पीजीआई चंडीगढ़ मे सात वर्ष कार्यरत रहे। डा. आर सी ठाकुर ने 15 साल आईजीएमसी के न्यूरो सर्जरी डिपार्टमेंट मे बतौर एचओडी अपनी सेवाएं दी और आईजीएमसी तथा टांडा मे न्यूरो सर्जरी के सेंटर चलाने का श्रेय भी डा. आर सी ठाकुर को ही जाता है। उन्होने कहा कि नेरचौक के इस अस्पताल को सपर्पित कोविड 19 अस्पताल बनाया गया है और अभी उनका फोकस इसी ओर है।


















































