स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत विकास खण्ड कुनिहार की कोठी, हाटकोट व कुनिहार पंचायत के सफाई कर्मचारियों को लॉकडाउन के दौरान कुनिहार जनपद में स्वच्छता अभियान को निरंतर जारी रखने के लिए सम्मानित किया गया। खण्ड विकास अधिकारी कुनिहार विवेक पॉल द्वारा प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन द्वारा घोषित पहले लॉकडाउन से तीसरे लॉकडाउन तक कुनिहार शहर में उक्त तीनों पंचायत के सफाई कर्मियों को शहर में सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सोमवार को इन्हें स्वच्छ भारत मिशन के तहत मास्क, हैंड सेनेटाइजर व ग्लब्ज देकर सम्मानित किया गया। खण्ड विकास अधिकारी विवेक पॉल ने बताया, कि इस विकट समय मे इन सफाई कर्मचारियों द्वारा कुनिहार में साफ सफाई का पूरा कार्य पूरी लगन व शिद्दत से करते हुए एक करोंना योद्धा की तरह अपना फर्ज निभाया है। इनके द्वारा शहर की सफाई व्यवस्था बनाये रखने के लिए खण्ड विकास कार्यालय परिसर में आज स्वच्छ भारत अभियान के तहत सम्मानित किया गया। इस दौरान विवेक पॉल खण्ड विकास अधिकारी, संजय वर्मा एसबीपीओ, बलविंदर कौर एलएसईओ,नीलम पंचायत सब इंस्पेक्टर,अनिल सहित कुनिहार विकास खण्ड के कर्मचारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां प्रवासी मजदूरों के लिए वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के अंतर्गत खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग की अंतरराज्यीय पोर्टेबिलिटी योजना का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से उपभोक्ताओं को देश में कहीं भी उचित मूल्य की दुकानों से राशन लेने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि इसे राशन कार्ड की राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी योजना के अंतर्गत किया जाएगा और योजना से देश के लगभग 67 करोड़ लोगों लोगों को लाभ मिलेगा जिनमें हिमाचल प्रदेश के लाखों लोग भी शामिल हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश के लगभग आठ करोड़ प्रवासी मजदूरों को दो महीने के लिए मुफ्त अनाज देने का निर्णय लिया है। जिन मजदूरों के पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें भी हर महीने प्रति व्यक्ति निःशुल्क पांच किलो आटा अथवा चावल और एक किलो दाल प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश को 2864.46 टन खाद्य सामग्री आवंटित की गई है जिससे प्रदेश सरकार को लक्षित समूहों तक राशन प्रदान पहंुचाने में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू, सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति अमिताभ अवस्थी और निदेशक खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आबिद हुसैन सादिक भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
खंड विकास अधिकारी कुनिहार द्वारा ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के कोविड-19 के योद्धा सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया। खंड विकास अधिकारी विवेक पाल ने ग्राम पंचायत भवन के हॉल में कोविड-19 के योद्धा सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया। विवेक पाल ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में हमारे समाज के कुछ वर्ग बहुत बड़ा जोखिम उठाकर कोरोना महामारी से लड़ रहे हैं और सरकार द्वारा दी गई हिदायतों का पालन करते हुए, समाज की सेवा कर रहे है। उन योद्धाओं को सम्मान देकर उनका उत्साह बढ़ाना हमारा दायित्व बन जाता है। उन्होंने करुणा के इन योद्धाओं को मास्क, गलब्स और सैनिटाइजर भी प्रदान किया। पंचायत प्रधान सुरेंद्र शुक्ला ने इस अवसर पर कहा कि इन कर्मचारियों ने बिना किसी ब्रेक के निरंतर सफाई करने की जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है अतः यह लोग वास्तविक रूप से इस सम्मान की पात्र हैं। उन्होंने लोगों से विनम्र आग्रह किया की इस महामारी की जंग को जीतने के लिए सभी लोग सफाई का विशेष ध्यान रखें और सरकार द्वारा दी गई हिदायतों का ईमानदारी से पालन करें। इस अवसर पर पंचायत प्रधान सुरेंद्र शुक्ला, उपप्रधान लेखराज चंदेल, पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र, पवन कुमार, सिलाई अध्यापिका मीरा देवी तथा अन्य लोग उपस्थित रहे।
सामाजिक संस्था लाडली फाउंडेशन जिला अध्यक्ष अनीता शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष रेखा बिष्ट (ममता), वरिष्ठ उपाध्यक्ष रश्मि गौतम एवं सदर ब्लॉक अध्यक्ष रीना ठाकुर की संयुक्त अगुवाई में उपायुक्त बिलासपुर राजेश्वर गोयल के माध्यम से राज्यपाल हिमाचल प्रदेश को ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में मांग की गई की बिलासपुर शहर में सीबीएसई संबंधित एक प्रतिष्ठित प्राइवेट स्कूल भारी भरकम मासिक फीस एवं वार्षिक फीस अलग से ली जा रही है जिस पर लगाम लगाई जाए तथा बिलासपुर वासियों को राहत दी जाए। एलकेजी से पांचवी कक्षा तक लगभग 2000 मासिक फीस ली जा रही है तथा छठी से बारहवीं कक्षा तक 2000 से लगभग 3000 तक मासिक फीस ली जा रही है। बिना अभिभावकों की सहमति व मीटिंग के बगैर ही हर साल फीस बढ़ा दी जाती है। स्कूल में अभिभावकों व टीचर की प्रबंधन कमेटी का निर्माण नहीं किया गया है ताकि अभिभावक अपने फीस व शिक्षा के प्रति अपनी बात रख सकें। अभिभावकों को गुमराह करने के नाम पर एलएमसी लोकल मेनेजमेंट कमेटी का निर्माण किया है और इस में उन लोगों को लिया गया है जिनके बच्चे स्कूल में पढ़ते ही नहीं है स्कूल में पीटीए एव एलएमसी में लगभग 11 बच्चों के आंभिवावको को लेने का निर्देश दिया जाए। जिनका स्कूल में पढ़ रहे अभिभावकों द्वारा चयन किया जा सकता है। जब नया विद्यार्थी स्कूल में पहली बार प्रवेश करता है तो उसकी एडमिशन फीस ली जाती है तथा मासिक फीस इत्यादि तो ठीक है लेकिन हर साल प्रत्येक साल उसी बच्चे का वार्षिक शुल्क के नाम पर बच्चों के अभिभावकों को गुमराह कर जेब में हाथ डाला जाता है। जब प्रत्येक महीने मासिक फीस दे रहे हैं तो यह वार्षिक फीस किस चीज की है जिसे तुरंत रूप से बंद किया जाना चाहिए। प्रतिष्ठित प्राइवेट स्कूल की वार्षिक करोड़ों का टर्नओवर है। निवेदन है की कोरोना महामारी के चलते अप्रैल और मई महीने की मासिक फीस माफ की जाए तथा वार्षिक फीस जो पुराने छात्र हैं उनकी बिल्कुल भी ना ली जाए। वार्षिक फीस के नाम पर करोड़ों रुपए स्कूल इकट्ठा कर रहा है जिसका कोई औचित्य नहीं बनता जबकि हजारों रुपए मासिक फीस अभिभावकों द्वारा दी जा रही है। इसलिए जनहित में आपसे निवेदन है कि व्यक्तिगत रूप से इन चार समस्याओं व प्रार्थना का जल्द से जल्द हल निकाल कर बिलासपुरी जनता को राहत प्रदान करें जिनके पास सिर्फ एक ही सीबीएससी संबंधित स्कूल है। इसी का फायदा उठाकर स्कूल प्रबंधन अपने मनमर्जी करता है। इस अवसर पर लाडली फाउंडेशन के सभी पदाधिकारियों ने उपायुक्त बिलासपुर राजेश्वर गोयल को जिला बिलासपुर कोरोना महामारी से सुरक्षित रखने हेतु फूल देकर भी सम्मानित किया। इस मौके पर ग्राम पंचायत नोणी की प्रधान एवं लाडली फाउंडेशन की राज्य उपाध्यक्ष निर्मला राजपूत भी विशेष तौर पर मौजूद रहीं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डाॅ० प्रकाश दरोच ने बताया कि कोविड-19 की बजह से कफ्र्यू को 1 महीने से ज्यादा समय हो गया ह। इस दौरान छोटे बच्चों को मानसिक समस्याएं न झेलनी पड़े इसके लिए बच्चों में साकारात्मक गतिविधियों का सृजन करे ताकि उनकेे मानसिक स्वास्थ्य को स्वस्थ्य बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि संकट की इस घड़ी में स्कूल बंद होने की बजह से बच्चों की नियमित आदत को बनाए रखने के लिए उन्हें असाइनमेंटस करने को दे और उनकी प्रोग्रेस भी देखें। उन्होंने बताया कि ऐसे बक्त में बच्चों की बोरियत को खत्म करने के लिए उन्हें उनकी रुची अनुसार व्यायाम, योगाभ्यास, डांसिग या क्राफ्ट जैसी अन्य इंडोर गति विधियों मे शामिल करें। बच्चों द्वारा पूछे गए प्रश्नों, भ्रम व चिंताओं का चित्रों और ड्राॅइंग के माध्यम से रचनात्मक उतर दें। उन्होंने बताया कि इस समय बच्चों की चिंताओं और प्रकोप से सम्बंधित उनके प्रश्नों के उतर देकर उन्हें आश्वस्त करने का प्रयास करें तथा उनकी ओर ध्यान देते उनके साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं। उन्होंने बताया कि बच्चों को दोस्तों और परिजनों से फोन या वीडियो काॅल के माध्यम से बात करने के लिए प्रोत्साहित करें तथा उन्हें एक साथ रोचक गतिविधियों में शामिल करें। उन्होंने बताया कि बच्चों के भावनात्मक संकेतों पर नजर रखते हुए, कोविड-19 के बारे उनके प्रश्नों को नजरअंदाज ना करें और उन्हें समझाएं कि सही देखभाल से सभी चीजें बेहतर हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि सबसे महत्वपूर्ण यह है कि आप अपने बच्चे की सेहत का अच्छे से ध्यान रखें और सुनिश्चित करें कि बच्चे खांसते व छींकते समय शिष्टाचार को अपनाते हुए अपने मुंह और नाक को कोहनी से ढक लें व नियमित हाथ धोने की आदत को बनाये रखें। उन्होंने बताया कि बच्चों में कोविड-19 के लक्षणों पर नजर रखें, यदि बच्चा बीमार हो तो आवश्यकता पडने पर चिकित्सक के पास जाएं। ये सुनिश्चित करें कि बच्चे स्वस्थ भोजन और अच्छी नींद लें। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य सम्बधित जानकारी के लिए व्ह्टस-ऐप नम्बर 01792227328 पर संपर्क करें।
सोमवार जिला प्रशासन कुल्लू ने ऑटो चालकों को ऑटो चलाने की अनुमति दे दी है। प्रशासन के निर्देशानुसार ऑटो चालक कर्फ्यू के दौरान बिना किसी पास के ऑटो चला सकेंगे। ऑटो में केवल एक सवारी ले जाने की अनुमति दी गई है। प्रशासन के इस फैसले से ऑटो चालकों ने राहत की सांस ली है। जिला कुल्लू में ऑटो चालक लंबे समय से ऑटो चलाने की अनुमति मांग रहे थ परंतु उन्हें अनुमति नहीं मिल रही थी। सोमवार को जिला प्रशासन व ऑटो यूनियन के बीच हुई बैठक में ऑटो चालकों को एक सवारी के साथ ऑटो चलाने की अनुमति मिल गई है। साथ ही ऑटो चालकों को केंद्र सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने व सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। वहीं यदि कोई ऑटो चालक एक से ज्यादा सवारी ले जाता हुआ पकड़ा गया तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
Gurukul International Senior Secondary School में लॉक डाउन के चलते छात्रों के सर्वागीण विकास के लिए विद्यालय की प्रधानाचार्य गुरप्रीत माथुर के निर्देशानुसार कक्षा तृतीय से कक्षा बारहवीं तक के छात्रों से विभिन्न प्रकार की गतिविधियां करवाई जा रही है ताकि छात्र पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के क्रियाकलापों में व्यस्त रह कर कुछ नया सीख समय का सदुपयोग कर सकें। इन गतिविधियों के तहत क्ले मॉडलिंग, पेपर फ्लावर मेकिंग, शगुन के लिफाफे तथा कठपुतली के माध्यम से शिक्षाप्रद कहानियां सुनाना जैसी प्रतियोगिताएं कराई गई। निर्णायक मंडल ने अपने निर्णय से प्रथम द्वितीय तथा तृतीय स्थान निकाला। मातृ दिवस के अवसर पर प्रत्येक छात्र से अपनी माता के लिए कुछ विशेष उपहार व्यंजन आदि बनाने को कहा गया ताकि वह सीमित साधनों में अपनी जननी को अमूल्य उपहार भेंट कर सकें। लॉक डाउन के दौरान समय-समय पर प्रधानाध्यापिका द्वारा अभिभावकों से वीडियो कॉलिंग द्वारा बातचीत भी की जा रही है। उनकी समस्याएं-सुझावों पर ध्यान भी दिया जा रहा है। प्रतियोगिता परिणाम कक्षा-तृतीय-क्ले मॉडलिंग प्रतियोगिता प्रथम द्वितीय तृतीया 3 (A ) अनन्या गगत ध्वनि बंसल रिद्विका शर्मा 3 (B ) अभय कश्यप अनवि उद्धव कक्षा-चार-पेपर फ्लावर मेकिंग 4 (A ) राजवीर इंदरवीर लक्षित 4 (B ) हान्या शर्मा स्वस्तिक वर्मा दैविक कक्षा-पांच-शगुन कार्ड मेकिंग 5 (A ) आहना आनंद जतिन कश्यप अन्विता दुबे, सेजल शर्मा 5 (B ) अभिराज साहा सानवी धनतियान कासनी कठपुतली प्रतियोगिता परिणाम कक्षा- छह से आठवीं मुस्कान वर्मा 8 (A ) नित्य गुप्ता 8 (B ) हिमांशी शर्मा 6 (A ), अर्पिता पुंडीर 7 (A ) सांत्वना पुरस्कार : संस्कृति ठाकुर कक्षा- नवी से बारहवीं रितिका बस्ता 10 (A ) टिया ठाकुर 10 (A ) ट्विंकल शर्मा 9 (A ) सूर्यांश टंगरा 9 (A ) सांत्वना पुरस्कार : राशि वर्मा 12 (कॉमर्स)
हिमाचल प्रदेश का पर्यटन उद्योग जो कि अपना मेजर टूरिस्ट सीजन खो चुका है वो केवल सरकार की मदत की उम्मीद कर रहा था। हिमाचल में पर्यटन को पटरी पर आने के लिए कम से कम 12 से 18 महीने का समय लग सकता है इतना लंबा समय बिना कमाई के पर्यटन उधमियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।हिमाचल में पर्यटन इकाइयों का 60% के करीब रेवेन्यू अप्रैल ,मई तथा जून में ही एकत्रित होता है जिससे सारे वर्ष के फिक्स्ड खर्चे चलते है। इस वर्तमान सिथिति में पर्यटन कारोबार को पटरी पर आने के लिए एक वर्ष से पहले कोई उम्मीद नही की जा सकती। पर्यटन कारोबारियों को उम्मीद थी कि हिमाचल पर्यटन उद्योग के लिए एक विशेष पैकेज की घोषणा की जाएगी ताकि पर्यटन उद्योग को जिंदा रखा जा सके। परन्तु जो 20 लाख करोड़ की राहत पैकेज की घोषणा की गई उसमे पर्यटन के नाम पर कुछ भी नही दिया गया जिसके कारण पर्यटन से जुड़े कारोबारी बहुत आहत हुंए है। आज समूचे हिमाचल की associations के मेम्बेर्स सोचने पर मजबूर हो गए है कि आने वाले समय में वह किस तरह सस्टेन करेंग। उन्होंने हिमाचल सरकार को डिमांड चार्जर्स हटा कर होटल कारोबारियों को कुछ राहत देने के लिए आभार व्यक्त किया है। परंतु अन्य मुद्दे जैसे प्रॉपर्टी टैक्स, गरबाजे फी, पानी व बिजली की डोमेस्टक टैरिफ चार्ज करने sewerage सेस इत्यादि में सरकार ने कोई छूट नही दी है, जबकि सारे होटलों का कारोबार ही पूर्ण रूप से बंद पड़ा है। ऐसे वक्त में उनसे ये चार्जेज चार्ज करना न्यायसंगत नही है। इसी तरह पर्यटन उद्यमियों को ब्याज रहित ऋण उपलब्ध करवाने की आवश्यकता थी ताकि टूरिज्म यूनिट्स अपने फिक्स्ड खर्चो का बोझ उठा सके तथा स्टाफ को बनाए रखने के लिए कुछ स्टाफ अल्लोवंस देने की आवशकता थी परंतु ऐसी कोई भी राहत सरकार द्वारा नही दी गई। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि जब तक पर्यटन उद्योग अपने पैरों पर खड़ा नही होता पर्यटन इकाइयों से जुड़े कर्मचारी जो अपने गांव जा चुके है उन्हें मनरेगा के अंतर्गत उनके गाँव में ही रोजगार दिया जाए तथा जो कर्मचारी शहरों में रहते ह। ऊन्हे अर्बन एम्प्लॉयमेंट स्कीम के अंतर्गत रोजगार दिया जाए ताकि covid 19 के चलते उनकी भी रोजी रोटी चल सक। लगभग 50 करोड़ रुपये के करीब प्रति माह कर्मचारियों को वेतन के रूप में दिया जाता थ। वह दे पाने में पर्यटन से जुड़े ऊधमयों के लिए नामुमकिन है क्यूंकि Covid 19 की महामारी के चलते सभी पर्यटन इकाइयों का काम बंद पड़ा है। यदि उधमियों को कोई राहत न मिली तो उन्हें मजबूरन स्टाफ की छंटनी करने पर विचार करना पड़ सकता है। आल हिमाचल अस्सोशशन्स ऑफ हॉस्पिटेलिटी एंड टूरिज्म फेडरेशन ने सरकार से आग्रह करेगी कि उनके द्वारा दी गई माँगों पर पुनः विचार किया जाए ताकि हिमाचल के पर्यटन उद्योग को बचाया जा सके, जो कि हिमाचल की कुल जीडीपी का 7% का हिस्सा प्रदान करती है। उन्होंने आशा जताई है कि सरकार हिमाचल के पर्यटन उद्योग के लिए एक एक विशेष पैकेज की शीघ्र घोषणा करेग।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि कोविड-19 जैसी महामारी से निपटने के लिए हम सभी को विभिन्न दिशा-निर्देशों का दीर्घावधि में पालन सुनिश्चित बनाने के लिए संकल्पित होना होगा। डाॅ. सैजल सोेलन जिला के कण्डाघाट उपमण्डल की ग्राम पंचायत चायल, झाझा तथा सकोड़ी में 1000 से अधिक मास्क वितरित करने के उपरान्त पंचायती राज प्रतिनिधियों एवं स्थानीय निवासियों से विचार-विमर्श कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित फेस मास्क वितरित किए और कोरोना योद्धाओं को सम्मानित किया। डाॅ. सैजल ने इस अवसर पर कहा कि कोविड-19 पर विजय प्राप्त करने के सरकारी प्रयास जन सहयोग के बिना सफल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि जब तक लोग स्वेच्छा से सोशल डिस्टेन्सिग का पालन करने, घर से बाहर सदैव मास्क पहन कर जाने और नियमित रूप से साबुन से हाथ धोने का संकल्प नहीं लेंगे तब तक कोरोना वायरस संक्रमण से बचा नहीं जा सकेगा। उन्होेंने कहा कि लोगों को यह समझना होगा कि स्वस्थ एवं सुरक्षित रहने के यह तीन नियम कोविड-19 के विरूद्ध श्रेष्ठ सुरक्षा चक्र हैं और इन्हें न मानकर लोग अपने परिवार एवं पूरे समाज को खतरे में डाल देंगे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि इस दिशा में लोगों को स्वंय जागरूक होना होगा। लोग न केवल स्वंय इन तीन नियमों का पालन करें अपितु अन्य से भी इनकी अनुपालना करवाएं। उन्होेंने कहा कि यदि लोग बिना मास्क के आने-जाने वाले तथा सोशल डिस्टेन्सिग न करने वाले लोगों से इनके पालन का आग्रह करें तो ही नियमों की शत-प्रतिशत अनुपालना सुनिश्चित होगी। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्राम वासियों से आग्रह किया कि अपने क्षेत्र में बाहरी राज्यों से आए व्यक्तियों की सूचना स्थानीय प्रशासन को दें और ऐसे व्यक्तियों का होम क्वारेनटाईन पूरा करवाएं। डाॅ. सैजल ने इस अवसर पर स्थानीय निवासियोे की विभिन्न समस्याओं को सुना और इनके निपटारे का विश्वास दिलाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार क्षेत्र में पुष्पों की बिक्री न होने के कारण हुए नुक्सान से परिचित है और इस दिशा में हर सम्भव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि क्षेेत्र से टमाटर की फसल को समय पर मण्डियों तक पंहुचाने के लिए प्रशासन द्वारा उचित प्रबन्ध किए जाएंगे। सहकारिता मंत्री ने इस अवसर पर सफाई कर्मियों को सम्मनित भी किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी वन्दना चैहान ने इस अवसर पर महिलाओं को घर पर ही मास्क बनाने की विधि की व्यवहारिक जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर भाजपा मण्डल सोलन के अध्यक्ष मदन ठाकुर, अन्य पदाधिकारी, विभिन्न ग्राम पंचायतोें के प्रधान, उप प्रधान अन्य प्रतिनिधि, सीडीपीओ कण्डाघाट पवन गुप्ता सहित ग्रामवासी उपस्थित थे।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा ने जुब्बल नावर कोटखाई के पंचायत प्रतिनिधियों से सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में महामारी की रोकथाम के लिए तय गाइड लाइंस की अनुपालना, आईसोलेशन सुविधा की व्यवस्था और होम क्वारंटाइन पर निगाह बनाए रखने के लिए तत्पर रहें। नरेंद्र बरागटा ने जुब्बल नावर कोटखाई के पंचायत प्रधानों, उप प्रधानों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग से बातचीत की। उन्होंने कहा कि राज्य में कोविड-19 के खिलाफ इस लड़ाई में वायरस संक्रमण के चक्र को तोड़ने में आईसोलेशन व्यवस्था और सामाजिक दूरी के प्रति लोगों को जागरूक करने में पंचायत प्रतिनिधि महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। नरेंद्र बरागटा ने कहा कि सभी पंचायत प्रधानों को उन परिवार के सदस्यों की मदद करनी चाहिए, जिनके पास सीमित आवास सुविधा हैं। ऐसे लोगों को सामुदायिक केंद्रों, पंचायत घर और महिला मंडल भवनों आदि में आईसोलेशन के लिए अलग-अलग आवास सुविधाएं प्रदान करवाएं, जिससे उचित सामाजिक दूरी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि होम क्वारंटाइन न में रखे लोगों पर नजर रखी जानी चाहिए, जिससे वे होम क्वारंटाइन का उल्लंघन न करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति होम क्वारंटाइन के नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है तो जिला प्रशासन के समक्ष मामला लाया जाना चाहिए। इससे उसे संस्थागत क्वारंटाइन में रखा जा सकेगा। उन्होंने प्रधानों से किसी भी बीमारी के प्रभाव से बचने के लिए अपनी पंचायतों में सफाई की उचित व्यवस्था करने का भी आग्रह किया। बरागटा ने कहा कि जुब्बल नावर कोटखाई की सभी पंचायतों के लिए सीधा विभिन्न योजनाओं के तहत दो वर्षो में लगभग 15 करोड़ जारी किए गए है उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि इस राशि को जल्द विकास कार्यो में खर्च करे ताकि जनमानस को इसका लाभ मिल सके।
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अपने निर्वाचन क्षेत्र अर्की में कोरोना के दृष्टिगत की समीक्षा बैठक
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अपने निर्वाचन क्षेत्र अर्की में कोरोना माहमारी और उसकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक समीक्षा बैठक की। बैठक में एसडीएम विकास शुक्ला, डीएसपी ठाकुर, तहसीलदार संत राम शर्मा, स्वास्थ्य व कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे। वीरभद्र सिंह ने कहा कि यहां के लोगों को कोई समस्या न हो इसका पूरा ख्याल रखा जाए। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी समस्या आती है तो उन्हें सीधे तौर पर बताया जाए। उन्होंने कहा कि लॉक डाउन की वजह से उनका पहले यहां आना संभव नही हो सका। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही इस निर्वाचन क्षेत्र का विस्तृत दौरा करेंगे। एसडीएम ने वीरभद्र सिंह को बताया कि अर्की तहसील में कोरोना पोसिटिव का कोई भी मामला नही आया है। उन्होंने कहा कि अर्की उप मंडल विधानसभा की 45 पंचायतें अर्की में है, जबकि 12 पंचायतें नालागढ़ तहसील के अंतर्गत आती है। उन्होंने बताया कि उन्होंने यहां मास्क व सेनेटाइजर भेजे हैं। इसका वितरण प्रधानों, पंचायत सदस्यों, आशा वर्कर के माध्यम से किया गया। इसके अलावा जगह जगह सोडियम हाइपोकोलॉइड का छिड़काव भी किया जा रहा है, जिससे इस संक्रमण पर रोक लग सके। शुक्ला ने बताया कि उन्होंने 200 पीपीई किट और 750 एन 95 मास्क खरीद कर स्वास्थ्य विभाग को दिए गए है। उन्होंने बताया कि आज दिन तक जरूरतमंदों को 5358 राशन की किट्स वितरित किए गए। उन्होंने बताया कि अर्की उप मंडल से 1257 प्रावसी मजदूरों को उनके घरों को भेजनें की पूरी व्यवस्था की गई। उन्होंने बताया कि इस दौरान 1578 लोग जो प्रदेश के बाहरी राज्यों के रेड जॉन से यहां आए थे उनका सही ढंग से होम क्वारन्टीन किया गया, और यही कारण रहा है कि इस उप मंडल में कोई भी कोरोना पोसिटिव नही हुआ। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने यहां 149 कोरोना टेस्ट किए और यह सभी नेगेटिव पाए गए। शुक्ला ने बताया कि अर्की उपमंडल में 8 क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए है। इनमें 200 अधिक लोगों को ठहराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस उपमंडल में सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने अपने दायित्वों का सही ढंग से पालन कर रहें है। वह इस सब की पूरी मोनिटरिंग कर रहें है।
प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिन्दल भाजपा महिला मोर्चा हिमाचल प्रदेश की 100 कार्यकर्ता से वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से सम्वाद करते हुए उन्हें 21 लाख 17 हजार 900 फेस मास्क बनाने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि फेस कवर बनाना, बांटना, व लगाना केवल भाजपा व भाजपा महिला मोर्चा की देन है और शेष समाज ने अब इसका अनुसरण किया है। राजीव बिन्दल ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नडडा ने हिमाचल प्रदेश वासियों के लिए अपनी ओर से 2.5 लाख मास्क भिजवाएं हैं जो कि 18 मई को शिमला पहुंच रहे है, जिसके लिए प्रदेशवासियों की ओर से उनका आभार जताया है। वीडियो कांफ्रेस में बोलते हुए डा. बिन्दल ने कहा कि कोरोना संकट से जूझता हुआ देश व हिमाचल प्रदेश 3 लाॅक डाउन पूरे कर चुका है और चौथा लाॅकडाउन 18 मई से शुरू होने वाला है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश का 20 मार्च से 17 मई तक का सफर प्रदेशवासियों के लिए अनेक प्रकार के कष्टों से भरा रहा, प्रतिदिन रोटी कमा कर खाने वालों के लिए, किसान, बागवान, रेहड़ी वाला, फड़ी वाला, छोटा दुकानदार, मजदूर सभी के लिए बहुत सी परेशानियां लेकर आया। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में हिमाचलवासियों ने जिस धैर्य का परिचय दिया, कफर्यू की पूर्ण रूपेण अनुपालना की वे बधाई एवं धन्यवाद के पात्र हैं। उनकी बुद्धिमत्ता, अनुशासन और हिमाचल प्रदेश सरकार के कुशल प्रबन्धन के कारण हिमाचल प्रदेश में कोरोना का फैलाव बहुत सीमित रहा इसके लिए जय राम ठाकुर बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस मुददे की बात न करके केवल मीडिया की सुर्खियां बटोरने के लिए अलग-अलग ध्यानात दे रही है। अब 20 लाख करोड़ रुपये का पैकेज देश भर को दे दिया है, उसका सीधा लाभ हिमाचल प्रदेश को मिलेगा। हिमाचल के किसानों को, बागवानों को मजदूर को मछली उत्पादक, मधु मक्खी पालक की, पशुपालक को, छोटे मझौले उद्योगों को, रेहड़ी-फड़ी, छोटे दुकानदार को सभी को इसका लाभ मिलेगा, नए उद्योग लगाने के लिए और उद्योगों से रोजगार सृजन के लिए विकास के लिए धन की उपलब्धता के रूप में पैकेज का लाभ होगा। इतना सब कुछ हो रहा है परन्तु इस पर कांग्रेस खामोश है, चुप तो होना ही था, क्योंकि उनको यह उम्मीद भी न थी कि जीडीपी का 10 प्रतिशत पैकेज के रूप में दिया जा सकता है। आओ हम सब मिलकर हिमाचल को विकास के माडल के रूप में प्रस्तुत करें।
मुस्लिम कमेटी जामा मस्जिद रौेड़ा सेक्टर जिला बिलासपुर की विडियो कांफ्रेसिंग के ज़रिये बैठक का आयोजन किया गया। कमेटी के प्रधान जनाब मोहम्मद हारून ने बताया के कमेटी के सदस्यों से कोरोना वायरस और लाॅकडाउन के विषय में चर्चा हुई। जिस में खास तौर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों से अपील की गई के वे इस मुश्किल की घड़ी में आगे आए और गरीब, मजदूर और असहाय लोगों की बराबर मदद करते रहें। उन्होंने कहा कि रमजान के मायनों और अल्लाह की ईबादत को सार्थक करने के लिए अपने पड़ोस में कोई आदमी भूखा न सोए कोई तकलीफ में न हो, सभी की मदद करें। हारून ने कहा कि यह रमजान का पवित्र महीना है और इस बारे में इस्लाम कहता है कि यह महीना दुखों के निवारण और हमदर्दी का महीना है। इस माह में ही नहीं सभी को जीवन में यह असूल बनाना होगा कि ऐसा कभी न करें कि वह भर पेट खाना खाए और पड़ोसी भूखा सोए। अपने साथ दूसरों की सुख सुविधा का ध्यान रखकर सामथ्र्य अनुसार जितना ज्यादा हो सके, सेवा भाव से मानवता का धर्म निभाएं, क्योंकि यही इस्लाम है। मोहम्मद हारून ने बताया के मुस्लिम कमेटी ने दो लाख रुपए गरीबों में राशन के लिए मंजूर किए और एक दो दिन में गरीबों तक ये राशन पहुँचा दिया जाएगा। उन्होंने सभी लोगों से अपील के ईद से पहले सदकतुल फितरय दान दिया जाता है उसे ईद से पहले गरीबों तक पहुँचा दिया जाएं। हारून ने कहा कि लाॅकडाउन में सरकार द्वारा निर्देषित नियमों का पालन करें तथा अल्लाह से सभी दुआ करें कि यह बुरा दौर जल्द से जल्द समाप्त हो जाए और फिर से अमन चैन की आवोहवा में इन्सानियत सांस लेने के काबिल बनें।
इंटरनेशनल इनरव्हील क्लब का वर्ष 2020-21 के लिए थीम "लीड द चेंज "रखा गया है। समस्त विश्व में इनरव्हील क्लब इसी थीम पर कार्य करेंगे। यह जानकारी बिलासपुर क्लब की प्रेसिडेंट शालिनी शर्मा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए दी। उन्होंने बताया कि इंटरनेशनल इनरव्हील क्लब डिस्ट्रिक्ट 307 की वेब ऑफिसियल ट्रेनिंग जूम बैठक द्वारा आयोजित की गई जिसमें हिमाचल, पंजाब, जम्मू-कश्मीर क्लबों के सभी पदाधिकारियों ने भाग लिया। सबसे पहले चेयरमैन अनीता भल्ला ने बैठक को संबोधित करते हुए सभी पदाधिकारियों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि वैसे यह आयोजन जालंधर में 15 मई को होना था लेकिन कोरोना महामारी के चलते हैं और लॉक डाउन होने के कारण इसे जूम पर आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में 52 लोगों के प्रेसिडेंट तथा 20 एग्जीक्यूटिव ऑफिसर ने भाग लिया। उन्होंने 2020 और 21 के सेशन के लिए सभी का स्वागत किया और क्लब ऑफिसर ट्रेनिंग का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि 2019 और 20 में जो भी प्रोजेक्ट किए गए हैं वह सब सदस्यों की मेहनत और उत्साह से ही सफल हुए हैैं। इसके बाद पास्ट डिस्टिक चेयरमैन 307 नम्रता सिंहानिया ने इनरव्हील की मीटिंग में इनरव्हील क्लब के प्रोटोकॉल की आवश्यकता और कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताया। अपने संबोधन में इनरव्हील क्लब की 2020 -21 इनकमिंग चेयरमैन सोनिका गुप्ता ने कहा कि इस वर्ष विश्व स्तर पर इनरव्हील थीम लीड द चेंज रखा गया है। उन्होंने कहा कि आज जो भी परिवर्तन हो रहे हैं, हमें उनकी प्रतीक्षा नहीं करनी होगी और इनके साथ ही आगे बढ़ना होगा। इस तरह यह लोगों को हर प्रकार के परिवर्तन के लिए जागरूक करने का वर्ष है। यह थीम पूरे विश्व का थीम है। गौर रहे कि इंटरनेशनल इनरव्हील क्लब इंटरनेशनल संस्था है। उन्होंने प्रशिक्षण के उद्देश्य इसके चुनाव, मतपत्र और मतदान के बारे में भी जानकारी भी दी। उन्होंने यह भी कहा कि क्लब की सारी गतिविधियां और कार्य ई-सिस्टम के द्वारा ही चलेंगे और सारी कार्रवाई पेपरलेस रहेगी। एसोसिएशन प्रेसिडेंट (राष्ट्रीय ) वसुधा चंद्रचूड़ ने कहा कि विश्व थीम के साथ राष्ट्रीय स्तर का थीम "होप " रहेगा। जिसमें एच फॉर हेल्थ एंड हाइजीन, ए फॉर ओल्ड पीपल एंड ऑर्फन, पी फॉर पैट्रियोटिज्म और ए फॉर एनवायरमेंट विषय रखे गए हैं। इस पर काम करने व इनरव्हील की पब्लिसिटी करने की बात भी उन्होंने कही ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को इसमें जोड़कर इसके महत्व के बारे में वे सब जान सके। बिलासपुर क्लब की प्रेसिडेंट शालिनी शर्मा ने बताया कि बिलासपुर क्लब ने 2019- 20 में विभिन्न गतिविधियों के अलावा "मिशन ममता" पर काम किया है। और इसके तहत अनाथालय के एक बच्चे को गोद लेकर उसका खर्चा करने का बीड़ा भी इसके सदस्यों ने उठाया है। इसके अलावा अन्य गतिविधियों में वस्त्र अर्पण अभियान और स्वच्छता कार्यक्रम को भी चलाया गया था। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक महिलाओं को इनरव्हील से जुड़ने के लिए इस वर्ष का लक्ष्य रखा गया है ताकि इस इंटरनेशनल क्लब के साथ जुड़कर समाज सेवा के कार्य किए जा सकें। उन्होंने बताया कि इनरव्हील क्लब स्वायत संस्था है और सरकार से किसी प्रकार की सहायता नहीं लेता है इसके सदस्य ही आपस मे कंट्रीब्यूट करते हैं।
अर्की जल शक्ति मंडल के दाड़ला सब डिवीजन की अंतिम व दूरस्थ व दुरुह बैकवर्ड एरिया मांगल उठाऊ पेयजल योजना की तीनों स्टेजिज़ का अधिशाषी अभियंता कंचन शर्मा ने अपनी टीम के साथ निरीक्षण किया। कंचन शर्मा अपनी टीम के साथ लगातार 8 घंटों की पैदल चढ़ाई व उतराई पार करते हुए तृतीया व द्वितीय चरण का निरीक्षण करते हुए पहाड़ की तलहटी में स्थित योजना के प्रथम चरण पर पहुंची जहां उन्होंने स्कीम के कार्यों का निरीक्षण, अपने जलकर्मियों की कोविड के दौरान रहन सहन व जल स्रोत का निरीक्षण किया। प्रथम चरण पर पहुंचकर कंचन वहां कार्यरत अपने जल कर्मियों के लिए भावुक हो गईं। जहां आज हम कोविड के समय में अपनी ड्यूटी पर तैनात होकर गर्वित हो रहे हैं, वहीं ये जलकर्मी ताउम्र इन कठिन परिस्थितियों में बिना कोई सम्मान की चाहना से, बिना कोई डिमांड के चुपचाप काम कर रहे हैं। हालांकि इस योजना का प्रथम चरण आटोमेटिड है पर यहां स्त्रोत के रखरखाव व सफाई के लिए पहुंचना ही पड़ता है। सैंचुरी एरिया में स्थित इस योजना में बाघ, भालू, जंगली सुअर व अन्य जंगली जानवरों से दो चार होना ये अलग बात है।1989 में कमीशनड इस स्कीम का जीर्णोद्धार करने को है जिसके लिए कंचन शर्मा ने आदेश दे दिए हैं। इसके साथ ही द्वितिय व तृतीय चरण की आटोमेशन के लिए भी एस्टिमेट बनाने के आदेश दे दिए हैं।जल्द ही इस स्कीम को पूर्ण रुप से आटोमेटिड कर दिया जाएगा। कंचन शर्मा ने जनमानस से अनुरोध किया है कि कृपया वो जल कर्मियों का सम्मान करें। जल कर्मी बड़ी कठिन व भयानक परिस्थितियों में भी बहुत बार जान को जोखिम में डालकर अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं तो केवल इसलिए कि हमें घर बैठकर पानी पीने को मिले। जहां एक बार भी पहुंचकर वापिस आना कठिन है वहां ये लोग रोज् जाते हैं। कंचन शर्मा ने यह भी बताया कि तृतिय चरण का बिजली विभाग का ट्रांसफोर्मर बहुत पुराना हो चुका है जो बार बार खराब होकर हमारी स्कीम को बाधित करता है। इसका नवीनीकरण करवाया जाए। उन्होंने बिजली विभाग से अनुरोध किया है कि वे वहां पर इलेक्ट्रिक पोल लगवा दिए जाएं तो सर्दी व बरसात में जल कर्मियों को आने जाने की दिक्कत न हो। कंचन शर्मा के साथ कनिष्ठ अभियंता ओम प्रकाश, जितेंद्र, स्कीम पर कार्यरत जल कर्मी व कांट्रैक्टर भी थे जो वहां पहले भी कार्य कर चुके हैं।
नुरपर उपमंडल के तहत पुन्दर पंचायत के मनेड़ गांव के वार्ड नौ में शनिवार को कोरोना पाजिटिव का एक मामला सामने आने के पश्चात इस वार्ड को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। एसडीएम डॉ सुरेन्द्र ठाकुर ने इस एरिया का पुलिस व अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। सुरेन्द्र ठाकुर ने क्षेत्र का दौरा करने के बाद जानकारी देते हुए बताया कि कोविड-19 के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए इस वार्ड को कंटेनमेंट जोन घोषित करने के साथ-साथ पूरी तरह से सील कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस पंचायत के जौंटा के वार्ड एक व दो सहित मनकोट के वार्ड तीन को बफर जोन में रखा गया है, जबकि साथ लगती खेल पंचायत के मट गांव के वार्ड 4 को भी बफर जोन की श्रेणी में रखने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। एसडीएम ने बताया कि इन क्षेत्रों में कर्फ्यू में किसी भी तरह की ढील नहीं रहेगी। आम लोगों तथा वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण रोक रहेगी। केवल मेडिकल सेवाओं, आवश्यक सेवाओं के लिए तैनात कर्मचारी या लोग विशेष अनुमति पत्र के साथ ही आवाजाही कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि गांव के प्रवेश तथा निकास हेतु नाके स्थापित कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि नाकों पर पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों की टीमों को तैनात किया गया है जो गांव में बाहर से आने वाले लोगों की थर्मल स्कैनिंग करने सहित उनकी हर जानकारी दर्ज करेंगे। उन्होंने कहा कि कंटेनमेंट जोन में सभी तरह के निर्माण कार्यों पर भी रोक रहेगी। उन्होंने कहा कि सभी लोग अपने घरों में रहें तथा निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि आदेशों की अवहेलना करने पर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र को सैनिटाइज करने का कार्य शुरू कर दिया गया है जो शाम तक पूरा कर लिया जाएगा। कोविड-19 पॉजिटिव के संपर्क में आए लोगों के भी होंगे टैस्ट सुरेन्द्र ठाकुर ने बताया कि पॉजिटिव मरीज 8 मई को गुरुग्राम से गांव के एक अन्य व्यक्ति के साथ टैक्सी के द्वारा अपने घर मनेड़ गांव पहुंचा था तथा प्रशासन द्वारा इन सभी लोगों को होम क्वारंटाइन किया गया था। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा इस व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों की पहचान की जा रही है तथा संपर्क में आए सभी लोगों के सेंपल लिए जाएंगे ताकि किसी भी स्तर पर कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों को क्वारंटाइन भी किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति इस संक्रमित के संपर्क में आया हो तो वह इसकी सूचना तुरन्त प्रशासन को देना सुनिश्चित करें। सुरेन्द्र ठाकुर ने बताया कि कंटेनमेंट जोन में प्रशासन के स्तर पर आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि होम डिलीवरी के दौरान भी कोविड-19 प्रोटोकॉल की अनुपालना सुनिश्चित की जाएगी तथा सभी हो मास्क पहनाना जरूरी होगा। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में रहने वाले सभी लोगों को आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना भी अनिवार्य किया गया है, ताकि आसपास के क्षेत्रों में कोरोना सक्रंमितों के बारे में जानकारी हासिल हो सके। नायब तहसीलदार देस राज ठाकुर, एसएचओ मोहन भाटिया, जेई राकेश चौधरी, पंचायत प्रधान सरला कुमारी, उपप्रधान देव राज सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
सदर विधानसभा क्षेत्र के युवा नेता एवम प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर और उनके सहयोगियों ने कोरोना योद्धाओंं को मास्क वितरित किए।इस कड़ी में उन्होंने पुलिस विभाग के जवानों,पत्रकार बन्धुओं,बिजली विभाग के कर्मचारियों से मिलकर उनका कुशलक्षेम पूछा ओर मास्क दिए। इस मौके पर आशीष ठाकुर ने इन योद्धायों के समपर्ण को सराहा उन्होंने कहा कि ये लोग अपने जान माल की परवाह किए बिना लोगो की सेवा में रात दिन लगे हुए है ताकि लोगो को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। उन्होंने पत्रकार बन्धुओं का भी आभार व्यक्त किया जो विपरीत परिस्थितियों में भी लोगों को महत्वपूर्ण सूचनाएं पहुंचा रहे है और लोगों को कोरोना से बचाव के लिए लगातार प्रेरित कर रहे हैं। आशीष ठाकुर ने बिजली विभाग के योगदान को सराहते हुए कहा है कि इस विभाग ने भी रात दिन सेवाएं दी है उसके लिए वो हमेशा विभाग के आभारी है।
प्रशासन द्वारा प्रदेश में बाहरी राज्यों से आने वाले नागरिकों को होम क्वारंटाइन तो किया जा रहा है, इसके बावजूद अभी भी कुछ लोग कोरोना वैश्विक महामारी को गंभीरता से नही ले रहे हैं व होम क्वारंटाइन नियमो की अवेहलना करते साफ दिखाई दे रहे हैं। कुछ ऐसा ही एक मामला अर्की निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कुनिहार क्षेत्र में सामने आया है। जब क्षेत्र में होम क्वारंटाइन व्यक्तियों की स्वास्थ्य सम्बंधित जांच की जा रही थी तो एक व्यक्ति मौके पर मौजूद ही नहीं था जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस प्रशासन भी सकते में आ गया व सूचना के करीब तीन घण्टो के भीतर ही पुलिस ने उक्त व्यक्ति को जिला सोलन के कंडाघाट में दबोच लिया। जानकारी के अनुसार गत शनिवार को नागरिक चिकित्सालय कुनिहार में क्षेत्र के उन लोगो को अपनी स्वास्थ्य सम्बंधित जांच हेतु बुलाया गया था, जिनके अपने घर मे होम क्वारंटाइन के 7 से 14 दिन पूरे होने वाले थे। स्वास्थ्य जांच में आए व्यक्तियों में से कुनिहार पंचायत के उच्चा गांव के एक व्यक्ति के न आने के कारण उसे दूरभाष पर सम्पर्क किया गया तो वह कोई संतोषजनक उत्तर न देने की वजह से आशा वर्कर व एक स्वास्थ्य कर्मी उक्त व्यक्ति के घर गए जँहा उन्होंने पाया कि होम क्वारंटाइन व्यक्ति अपने घर मे नही है व उन्होंने इसकी जानकारी तुरन्त स्थानीय थाना को दे दी। जिसके पश्चात थाना प्रभारी जीत सिंह ने तुरंत कार्यवाही करते हुए उक्त व्यक्ति के फोन की लोकेशन को ट्रेस आउट किया व पाया कि वह व्यक्ति कुनिहार से करीब 60 किलो मीटर दूर कंडाघाट में है। पुलिस टीम ने उसे तुरंत अपनी हिरासत में लेकर कुनिहार लाया जंहा उसे प्रशासनिक होम शेल्टर राधा स्वामी सत्संग भवन कुनिहार सेंटर में रखा गया। इस बारे में डीएसपी सोलन रमेश शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि उक्त युवक के खिलाफ आपीसी की धारा 188,269,271 के तहत मामला दर्ज करके आगामी कार्यवाही की जा रही है व इस व्यक्ति को प्रशासनिक होम सेंटर में आगामी 14 दिनों के लिए क्वारन्टीन किया गया है।
लाहौल-स्पीति के लोगों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने में ‘‘ढींगरी मशरूम’’ नए नगदी उत्पाद के तौर पर उभर कर सामने आया है। वानस्पतिक नाम ‘‘प्लुरोटस ओस्ट्रीटस’’ के नाम से भी पहचाने जाने वाले इस ढींगरी मशरूम ने स्पीति घाटी के लोगों के लिए आय के नए द्वार भी खोले हैं। नगदी उत्पाद के तौर पर अपनी जगह बना रहे इस ढींगरी मशरूम से स्पीति घाटी में नए अध्याय का सूत्रपात हुआ है। लामाओं, पौराणिक बौद्ध मठों की धरती और बर्फ से आछांदित पहाड़ों की चोटियां स्पीति क्षेत्र को दुनिया भर के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाती है। अब यह क्षेत्र ओएस्टर (मशरूम) के उत्पादन और निर्यात में अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार है। 300 रुपए प्रतिकिलो बिक रहा ‘‘ढींगरी मशरूम’’ स्पीति के चिचिम गांव के कलजग लादे का कहना है कि मटर की खेती के अलावा अब स्पीति के किसानों ने अपनी आर्थिकी को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए ढींगरी मशरूम उत्पादन को अपनाया है। उन्होंने कहा कि वे 2015 से स्पैटुला के आकार की यह मशरूम प्रजाति उगा रहे हैं एवं अब बागवानी विभाग के अतिरिक्त प्रयासों से विभाग के विषय बाद विशेषज्ञ लोगों को ढींगरी मशरूम उगाने की तकनीक सिखा रहे हैं। लादे प्रतिदिन 150 किलोग्राम ‘‘ढींगरी मशरूम’’ का उत्पादन कर रहे हैं और काजा के स्थानीय होटलियर्स व होम स्टे में लगभग 250 रुपए से लेकर 300 रुपए की दर से प्रति किलो तक बेच रहे है तथा महमानों को उनके पसंदीदा लजीज व्यंजन परोस रहे हैं। गीले भूसे में उगता है ‘‘ढींगरी मशरूम’’ ‘‘ढींगरी मशरूम’’ उगाने के लिए अब तक क्षेत्र के 50 किसानों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है और उन्हें कमरे के तापमान के अनुसार ढींगरी मशरूम उगाने के लिए पॉली बैग भी वितरित किए गए हैं। मशरूम का उत्पादन अधिक होने पर जहां इसका उपयोग अचार, मशरूम पाउडर, दवाइयां इत्यादि बनाने में किया जा सकेगा वहीं इससे महिलाओं को उनके घर द्वार पर रोजगार के अवसर भी प्रदान होंगे। ढींगरी मशरूम को गीले भूसे में उगाया जाता है। इसका बीज तीस दिन से पुराना नहीं होना चाहिएं बीज की मात्रा 250 से 300 ग्राम प्रति 10 से 12 किलोग्राम गीले भूसे की दर से होनी चाहिए। गीला भूसा और बीज को एक प्लास्टिक के टब में अच्छी तरह से मिलकर पाॅलीथीन बैग में 4 से 6 किलोग्राम गीला भूसा भर दिया जाता है। इसे उगाने में खाद का प्रयोग नहीं किया जाता। यह मशरूम औषधीय गुणों से भरपूर है और प्रोटीन युक्त भोजन बनाने के लिए सबसे उपयुक्त है। कोलेस्ट्रोल और शुगर के मरीजों के लिए उपयुक्त है ढींगरी मशरूम ढींगरी मशरूम में उचित मात्रा में विटामिन सी और बी काॅम्प्लेक्स पाई जाती है। इसमें प्रोटीन की मात्रा 1.6 से लेकर 2.5 प्रतिशत तक है। इसमें मानव शरीर के लिए जरूरी खनिज लवण जैसे पोटेशियम, सोडियम, फास्फोरस, लोहा और कैल्शियम भी पाए जाते है। एंटीबायोटिक के गुण होने के साथ यह मशरूम कोलेस्ट्रोल को भी नियंत्रित करता है और शुगर के मरीजों के लिए भी उपयुक्त है। एक जानकारी यह भी ओएस्टर मशरूम सबट्राॅपिकल पर्वतीय क्षेत्रों में 10 से 24 डिग्री सेंटीग्रेड और 55-75 प्रतिशत के बीच वाले तापमान में एक वर्ष में 6 से 8 माह की अवधि के लिए उगाया जाता है। साफ सूखे धान के पुआल को 18 घंटे पानी में भिगोया जाता है और मास्टर स्पाॅन की एक बोतल कुलथ पाउडर के साथ मिलाया जाता है। फिर इस मिश्रण को पाॅलीथीन बैग में भर कर कमरे के तापमान पर रख दिया जाता है। पाॅलीथीन बैग में भरे इस मिश्रण को नियमित रूप से तब तक पानी दिया जाता है, जब तक कि मशरूम उगना शुरू नहीं हो जाते। औषधीय गुणों से भूरपूर यह ढींगरी मशरूम स्पीति घाटी सेे बाहर भी सम्मानीय वातावरण क्षेत्रों में भी उगाया जा सकेगा, जिससे प्रदेश की कृषक आर्थिकी को और अधिक संबल मिलेगा।
रामपुर बुशैहर में कोविड-19 से प्रथम पंक्ति में लड़ रहे कोरोना योद्धाओं को राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा द्वारा दिए गए 300 सेनेटाइजरों को आयुर्वेदिक स्वास्थ्य विभाग, खनेरी अस्पताल, एसडीएम कार्यालय, पुलिस विभाग सहित अन्य आवश्यक सेवाओं में सदैव तत्पर रहने वाले अधिकतर महकमों में सेनेटाइजरों का वितरण किया। इसके अतिरिक्त इन समस्त फ्रंटलाइन योद्धाओं को इनकी सुरक्षा के मद्देनजर लगभग 5000 मास्कों का वितरण किया गया। इस मुश्किल दौर में हमारे इन वॉर्रिएर्स को उचित सुरक्षा संबंधित चीजों को मुहैया कराना हमारी प्राथमिकता है। यदि ये सुरक्षित रहेंगे तभी वायरस संक्रमित व्यक्ति का इलाज संभव होगा। इनके बगैर इस covid-19 की जंग को जीतने की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इस अवसर पर मण्डल के वरिष्ठ एवं युवा कार्यकर्त्ता मौजूद रहें।
UHL विद्युत परियोजना में उत्पादन शुरू करने के पहले दिन ही एक हादसा पेश आया , जिसमें करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। कई सालों के इंतजार के बाद शनिवार रात करीब 11.30 बजे उत्पादन शुरू हुआ था। आठ मेगावाट बिजली उत्पादन शुरू कर सप्लाई हमीरपुर के मट्टन सिद्ध ग्रीड को भेजी जा रही थी। करीब एक घंटे बाद 12.30 बजे इंजीनियरों ने लोड 8 से बढ़ाकर 16 मेगावाट करने के लिए प्रेशर बढ़ाया तो पाॅवर हाउस से 150 मीटर की दूरी पर पैन स्टॉक में ब्लास्ट हो गया। पानी के प्रेशर तेज़ होने के कारण पॉवर हाउस की दीवार को तोड़कर अंदर घुस गया। पाॅवर हाउस पूरी तरह पानी व मिट्टी से भर गया। इस दौरान एक इंजीनियर ने हिम्मत कर पेन स्टॉक वॉल्व बन्द कर दिया। पावर हाउस में पानी भर जाने से 30 कर्मचारी अंदर फंस गए थे, जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद सुबह के समय रेस्क्यू किया गया।
मनुष्य जीवन वही सार्थक है जो निष्काम भाव से सेवा साधना में संलग्न है। इसको वाक्य को साबित किया है अंकुश गुप्ता व उनकी टीम ने । अंकुश व उनकी टीम ने अपने उत्कृष्ट कार्यों से समाज सेवी के रूप में अपनी पहचान करवाई है। उन्होंने अपनी टीम के साथ एक मुहिम शुरू की है ताकि उनके आसपास कोई भी व्यक्ति भूखा ना रहे। वह 23 मार्च से लगातार इस मुहिम को चला रहे हैं। इसी कड़ी में शनिवार को अंकुश गुप्ता के साथ एसएसपी चंडीगढ़ नीलांबरी विजय जगदले, एरिया काउंसलर शक्ति प्रकाश देवशाली, एरिया एसएचओ जसबीर सिंह, मेंदल अध्यक्ष सतबीर ठाकुर, दीपक शर्मा, शिव राणा, सुशील पांडे, ललित गाबा, गौरव ठाकुर, गुरमीत मन्नी, मनदीप, सुभाष कुमार, लकी , विशाल, सुभाष मौर्य, शिला नाथ गुप्ता, अमित, सौरव, गोपाल बेनीवाल ने संजय कॉलोनी में 3000-3500 मास्क और रात का भोजन वितरित किया। अंकुश बताते है कि इस तरह वे आगामी दिनों में भी जरूरमन्दों की यथासम्भव मदद करेंगे। उन्होंने अपनी टीम का भी आभार व्यक्त किया व कहा कि बिना इनके सहयोग के यह कार्य सफल नही जो सकता। इनका अहम योगदान रहा है।
जिला दण्डाधिकारी सिरमौर डॉ० आर के परूथी ने 24 मार्च और 20 अप्रैल 2020 को जारी किए आदेशों की निरंतरता में आदेश जारी करते हुए बताया कि जिला में बैंकों, वितीय संस्थानों, जीवन बीमा और विभिन्न विभागों तथा निजी मालिकों द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों पर कर्फ्यू ढील की समय सीमा, सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक, लागू नहीं होगी।
चंबा जिला प्रशासन द्वारा बाहरी राज्य से चम्बा जिला में गर्मियों के सीजन के दौरान आने वाले गुज्जरों को लेकर कुुछ एहतियातों के साथ दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक गुज्जर अपने पशुओं के झुंड के साथ अपनी चरागाहों का रुख करेंगे। इस दौरान वे किसी रिहायशी इलाके में नहीं जाएंगे। किन्हीं परिस्थितियों से यदि परिवार के सदस्य पीछे रह जाते हैं तो उन्हें पंचायत स्तरीय क्वॉरेंटाइन केंद्रों में रखा जाएगा जिसकी निगरानी और देखरेख संबंधित प्रधान और वार्ड सदस्य के अलावा पंचायत सचिव करेंगे। चंबा जिला की सीमा में जैसे ही यह प्रवेश करेंगे उसी समय बॉर्डर पर तैनात टीम इसकी तुरंत सूचना संबंधित खंड विकास अधिकारी और पुलिस को देगी ताकि उसी के अनुरूप इनकी व्यवस्था को अमलीजामा पहनाया जा सके। चूंकि गुज्जर पड़ोसी राज्य के रेड या ओरेंज जोन से आएंगे इसलिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को रैंडम आधार पर उनके सैंपल लिए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं। पंचायत प्रधानों को भी यह हिदायत दी गई है कि वे गुज्जरों के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री धारों तक पहुंचाने के लिए मैकेनिज्म तैयार करें ताकि उनकी मूवमेंट को रिहायशी क्षेत्रों के लिए सीमित किया जा सके और उन्हें भुगतान के आधार पर सभी आवश्यक खाद्य सामग्री भी मुहैया होती रहें। जारी किए गए निर्देशों की प्रतियां पुलिस अधीक्षक चंबा के अलावा जिला के पांगी उपमंडल को छोड़कर अन्य उपमंडलों के एसडीएम को भी भेज दी गई हैं। उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट विवेक भाटिया ने बताया कि यह निर्देश हिमाचल प्रदेश महामारी रोग (कोविड- 19) (संशोधन) रेगुलेशन 2020 की धारा 3 के तहत जारी किए गए हैं।
जिला प्रशासन द्वारा 3 मई को जारी दिशा निर्देशों में आंशिक संशोधन करते हुए नए निर्देशों के तहत हिमाचल प्रदेश के बद्दी से आने वाले सभी व्यक्तियों को बफर क्वॉरेंटाइन केंद्रों में रखने की हिदायत जारी की है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के अंतर जिला से आने वाले व्यक्तियों को अब पंचायत स्तरीय क्वॉरेंटाइन के बजाय होम क्वॉरेंटाइन रहना होगा। लेकिन इसमें यह शर्त रहेगी कि उसके घर में पर्याप्त जगह हो ताकि वह अपने आप को सही तरीके से होम क्वॉरेंटाइन कर पाए। यदि ऐसा नहीं हो सकेगा तो उसे समीपवर्ती क्वॉरेंटाइन सुविधाओं में भेज दिया जाएगा। होम क्वॉरेंटाइन के बेहतर संचालन के लिए जैसे ही व्यक्ति जिला के बॉर्डर चेक पोस्ट से एंट्री करेगा तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित खंड विकास अधिकारी के अलावा पंचायत प्रधान और सचिव को भेज दी जाएगी। खंड विकास अधिकारी यह सुनिश्चित बनाएंगे कि व्यक्ति होम क्वॉरेंटाइन के सभी प्रोटोकॉल का पालन करे। इसको लेकर व्यक्ति और उसके परिवार जनों को जागरूक करने के साथ परामर्श भी दिया जाएगा। होम क्वॉरेंटाइन हुए व्यक्ति की पंचअस्त्र प्रोटोकॉल के तहत निगरानी करने की जिम्मेदारी संबंधित निगरानी कर्मी और पर्यवेक्षक अधिकारी की तय की गई है।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने जिला सोलन से बाहर जाने वाले तथा जिला में बाहरी राज्यों से आने वाले व्यक्तियों के सुचारू एवं क्रमबद्ध आवागमन के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। यह नियुक्तियां आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005 की धारा 34 तथा हिमाचल प्रदेश महामारी रोग (कोविड-19) संशोधन नियमन 2020 की धारा 03 के तहत प्रदत्त शक्तियोें का प्रयोग करते हुए की गई हैं। यह सभी नोडल अधिकारी अतिरिक्त उपायुक्त एवं जिला नोडल अधिकारी विवेक चन्देल की पूर्ण देख-रेख में कार्य करेंगे। इन आदेशों के अनुसार क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सोलन सुरेश सिंघा को बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखण्ड तथा उत्तर पूर्वी राज्यों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन राज्यों के व्यक्तियों के सुचारू एवं क्रमबद्ध आवागमन के लिए इनसे मोबाईल नम्बर 82198-91321 पर सम्पर्क किया जा सकता है। खनन अधिकारी सोलन कुलभूषण शर्मा को उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, पंजाब, हरियाणा, जम्मू एवं कश्मीर तथा दिल्ली के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन राज्यों के व्यक्तियों के सुचारू एवं क्रमबद्ध आवागमन के लिए इनसे मोबाईल नम्बर 82628-20001 पर सम्पर्क किया जा सकता है। प्रदेश विद्युत बोर्ड के एसडीओ सन्नी कुमार जगोता कोे महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात तथा गोआ के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन राज्यों के व्यक्तियों के सुचारू एवं क्रमबद्ध आवागमन के लिए इनसे मोबाईल नम्बर 94591-75377 पर सम्पर्क किया जा सकता है। जिला योजना अधिकारी नरेश शर्मा को देश के अन्य शेष राज्यों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन राज्यों के व्यक्तियों के सुचारू एवं क्रमबद्ध आवागमन के लिए इनसे मोबाईल नम्बर 70182-12114 पर सम्पर्क किया जा सकता है। जिला के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र में इस सम्बन्ध में समग्र प्रबन्धन का कार्य हिमाचल प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी शुभकरण सिंह देखेंगे। वे उक्त क्षेत्र में सुचारू एवं क्रमबद्ध आवागमन के लिए पुलिस अधीक्षक बद्दी, उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ एवं बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी के साथ सम्न्वय स्थापित कर कार्य करेंगे।
सदर विधानसभा क्षेत्र के युवा नेता एवं प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर और उनके युवा साथियों ने कोरोना योद्धायों को सम्मानित करने की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए शनिवार जिलाधीश बिलासपुर राजेश्वर गोयल, पुलिस अधीक्षक बिलासपुर दिवाकर शर्मा, एसी टू डीसी सिद्धार्थ आचार्य, जिला प्रशासन में कार्यरत संदीप ठाकुर, वार्ड नम्बर 11 से पार्षद नवीन वर्मा, पत्रकारों कुलदीप चन्देल, अश्वनी पंडित, संजय शर्मा, विकास, जितेंद्र, संतोष, अभिषेक सोनी, राजू सेन व बिलासपुर जिला के नगर परिषद के तमाम अधिकारियों व सफाई कर्मचारियों को पुष्प भेंट कर सम्मानित किए। इस मौके पर नगर परिषद के कर्मचारी जिन्हें युवा नेता ने सम्मानित किया उनमें पूर्व पार्षद वार्ड नम्बर 8 रोहित कुमार, पूर्ण चन्द, मूर्ति देवी, सूरजभान, दीपक, नविता देवी, आशीष, बलबीर, सुख राम, अजय, प्रदीप, गुरुदेव, अंकु, विजय कुमार, राजेश, अंशुल, रोहित, राज कुमार, कमलेश, सरोज कुमारी, सरोज किशोर, बबिता, सत्या देवी, संजय, नीलम, सोनू को मौजूद रहे। इस मौके पर युवा नेता ने सभी का आभार व्यक्त किया उन्होंने कहा कि इस आपदा की घड़ी में इनका जनसहयोग सराहनीय है। आशीष ठाकुर ने कहा कि ये लोग अपनी जान माल की परवाह किए बिना जनसेवा में लगातार जुटे हुए है। युवा नेता ने नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों के तारीफों के पुल बांधते हुए कहा कि ये लोग पूरे शहर की सफाई के साथ साथ पूरे शहर को रात दिन सेनेटाइज़ करने का जो कार्य कर रहे है यह खुद में ही बहुत बड़ी बात है। आशीष ठाकुर ने पार्षद नवीन वर्मा का भी आभार व्यक्त किया। ठाकुर ने कहा कि कोरोना काल खत्म होने के बाद वो एक बड़ा कार्यक्रम करेंगे और सभी कोरोना योद्धायों को एक बड़े मंच पर सम्मानित करेंगे। युवा नेता ने जनता से अपील की है कि वो अपने घरों में रहकर खुद को सुरक्षित रखे। इस मौके पर युवा नेता के साथ नरेश कुमार,कमल किशोर व आशिफ हुसैन साथ मे मौजूद रहे।
जिला बिलासपुर में रेडक्रॉस सोसायटी ने काफी संख्या में बाहरी राज्यों से आए प्रवासी मजदूरों को लाॅकडाउन कर्फ्यू के दौरान खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाई। जिला रैड क्राॅस सोसाइटी के अध्यक्ष एवं उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने बताया कि रैड क्राॅस सोसाइटी को प्रवासियों, जरूरतमंदों तथा असहाय लोगों को भोजन की व्यवस्था करने के दिशा-निर्देश दिए। इस पर तुरंत जिला रैड क्रॉस सोसाइटी ने प्रैस क्लब बिलासपुर, बाबा विश्वकर्मा मंदिर डियारा, राम नाटक क्लब डियारा, श्री दुर्गा संकीर्तन मण्डल डियारा, श्री दुर्गा माता लंगर समिति।चंगर बिलासपुर से समन्वय स्थापित किया और बाबा विश्वकर्मा मंदिर डियारा को फूड कैंप बनाया गया और वहां से भोजन पका कर पैदल चल रहे लोगों के लिए तथा विभिन्न बस्तियों में रह रहे प्रवासी मजदूरों को जगह-जगह पर (नौणी चौक, बस स्टैंड, कन्द्रौर, घागस, गर्ल स्कूल बिलासपुर, लुहणू, डियारा सैक्टर बिलासपुर, टाडू चौक, ओएल, कॉलेज यार्ड के समीप इत्यादि) 39 बस्तियों में दो वैनों के माध्यम से 196 परिवारों के 713 सदस्यों जिनमें 10 साल से छोटे 47 बच्चों को 25 दिनों तक लगातार दो समय के लिए 35 हजार 650 भोजन के पैकेट्स उपलब्ध करवाए गए। इसके अतिरिक्त प्रेस क्लब बिलासपुर के सहयोग से बस स्टैंड के बाहर प्रतिदिन आपातकालीन सेवा में कार्यरत कर्मियों और अन्य राज्यों में जाने वाले ट्रकों, एम्बुलेंस और आवश्यक सामग्री की आपूर्ति में लगे वाहनों के चालकों, परिचालकों के लिए भोजन व्यवस्था की गई। प्रैस क्लब द्वारा लगातार 38 दिनों तक 600 भोजन प्रतिदिन के हिसाब से 22 हजार 800 भोजन वितरित किया गया। जिला रैड क्रॉस सोसाइटी के पास जैसे ही पुलिस कंट्रोल रूम, जिला आपदा आपातकालीन केन्द्र और स्थानीय प्रशासन के माध्यम से सूचना प्राप्त होती थी, उस सूचना को संकलित करके तुरंत जरूरमंदों तक जिला स्वयंसेवकों के माध्यम से खाना उपलब्ध करवाया जाता रहा। इन सभी व्यवस्थाओं में अनीश ठाकुर, विशाल ठाकुर, राज कुमार(राजी), अजय चंदेल, पारस गौतम, सुनील पंवर, रितेश मेहता, विनय कुमार, मदन कुमार, सुनील गुप्ता, सुख देव, राज पाल कपिल, संजीवन शर्मा, राजेंद्र कुमार, दीपक पाटिल, पीयूष शर्मा, अभय गुप्ता, दीपक कुमार, कर्ण चंदेल, प्रताप सिंह भल्ला, कुलभूषण मेहता, विकाश पुण्डीर, विशाल दीप वर्मा, दिनेश डोगरा, सुशील पुण्डीर, गोंविद घोष, विजय उपाध्याय, सुभाष ठाकुर, गौरव शर्मा, विजय कुमार, अनूप शर्मा, गोल्डी, विकाश, सीमा राव, अश्वनी पण्डित, वंसीधर शर्मा, संजय शर्मा, विजय चंदेल, जितेंदर, सतीश शर्मा, अभिषेक सोनी, सूरज प्रकाश, राकेश शर्मा और प्रदीप कालिया इत्यादि वालंटियर्स ने लगातार पूरी निष्ठा और समर्पण भाव से कार्य करके कर्तव्य परायणता का परिचय दिया और निःस्वार्थ भाव से सेवा की।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डाॅ. राजन उप्प्ल ने कहा कि सोलन जिला के डेंगू सम्भावित क्षेत्रों में विभिन्न नगर परिषदों एवं ग्राम पंचायतों के सहयोग से मच्छर नाशक स्प्रे एंव फोगिंग इत्यादि सुनिश्चिति बनाई जाएगी ताकि डेंगू एवं मच्छरों के कारण होने वाली वाली अन्य बीमारियों से बचाव हो सके। डाॅ. उप्पल आज यहां राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी को सम्बोधित कर रहे थे। डाॅ. उप्पल ने कहा कि सभी क्षेत्रों में लोगों से आग्रह किया जाएगा कि अपने घरों में मच्छर नाशक स्प्रे करें और यहां-वहां पानी एकत्र न होने दें। उन्होंने कहा कि लोगों को डेंगू सहित मच्छरों के कारण होने वाली वाली विभिन्न बीमारियों के विषय में जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में रक्तदाताओं की डेंगू के लिए जांच को बढ़ाया जाएगा ताकि संक्रमण को न्यून किया जा सके। उन्होंने कहा कि आवश्यक सावधानियों से डेंगू सहित मलेरिया एवं चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचा जा सकता है। इस दिशा में सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा। डाॅ. उप्पल ने कहा कि वर्तमान में कोविड-19 के खतरे के साथ-साथ गर्मी के मौसम में होने वाली अन्य बीमारियों ये लोगों को बचाने और इस दिशा में जागरूक किया जाना जरूरी है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के इस सम्बन्ध में जारी निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि डेंगू जैसे रोग से बचाव के लिए और लोगों को जागरूक करने के लिए हर वर्ष स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस आयोजित किया जाता है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एन.के. गुप्ता, जिला कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. अजय सिंह, सूचना एवं जन शिक्षण अधिकारी सुरेश शर्मा, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के पर्यवेक्षक देवरत्न शर्मा, सरोजना शर्मा, शशि गुलेरिया, स्मृति गौतम व स्वास्थ्य शिक्षिका सुषमा शर्मा सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे। इस अवसर पर स्वास्थ्य खण्ड सायरी सहित अन्य स्वास्थ्य खण्डों में भी राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर कार्यक्रम आयेाजित किए गए।
गत दिनों हंस राज पुत्र चिरंजी लाल गांव बल्ह चुरानी तहसील सदर जिला बिलासपुर हिमाचल प्रदेश की हुई मृत्यु पर दु:ख जताते हुए मां लक्ष्मी टैक्सी ऑपरेटर यूनियन बरमाणा के प्रधान चमन ठाकुर ने कहा कि यूनियन अपनी ओर से मृतक हंसराज के परिजनों से मिलकर उन्हें 10 हजार का चैक सौंपेगी। ज्ञात हो हंसराज अपने टैक्सी मालिक जितेंदर कुमार के साथ सवारी छोडऩे अपनी टैक्सी लेकर मध्य प्रदेश गया हुआ था वापिस 07 तारीख को आने पर हंसराज जितेंदर कुमार को स्वारघाट में कोरोना टेस्ट के लिए क्वारंटाइन कर लिया गया था इस दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी। हंसराज की मौत के लिए कई संस्थाओं ने डॉक्टर और वहां के कर्मचारियों पर प्रश्नचिन्ह लगाए हैं। मां लक्ष्मी टैक्सी ऑपरेटर्स यूनियन बरमाणा के प्रधान चमन ठाकुर ने कहा कि जो टैक्सी हंसराज चलाता था वह टैक्सी मां लक्ष्मी टैक्सी ऑपरेटर्स यूनियन बरमाणा में कार्य करती थी। उन्होंने बताया कि हंसराज बहुत ही मेहनती व्यक्ति था तथा बहुत ही गरीब परिवार से ताल्लुक रखता था, और अपने परिवार का सहारा था। उसकी कमाई से ही परिवार चलाता था। चमन ने बताया कि यूनियन आगे भी उसके परिवार की यथा संभव सहायता करेगी तथा उन्होंने सरकार व जिला प्रशासन से भी मांग की है कि वह हंसराज की अचानक हुई मृत्यु की निष्पक्ष जांच करे तथा उसके परिवार के भरण-पोषण में भी सहायता करें ताकि उसके गरीब परिवार को इन्साफ मिल सके।
कोविड-19 कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत जिला बिलासपुर से सम्बन्धित 11 लोग महाराष्ट्र से पठानकोट ट्रेन के माध्यम से पहुँचे। जिन्हें हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस के द्वारा पठानकोट से बिलासपुर लाया गया। इनमें से 9 पुरूष, 1 महिला और 1 बच्चा शामिल है। बिलासपुर पर सभी लोगों ने राहत की सांस ली और घर पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार का आभार प्रकट किया। बिलासपुर पहुंचे सभी 11 व्यक्तियों को शिवा इंजीनियरिंग काॅलेज चांदपुर में इनस्टीटयूशनल क्वारनटाईन में रखा गया है।
Chief Minister Jai Ram Thakur while addressing Panchayat Pradhans of various Gram Panchayats of Solan and Sirmour districts through video conferencing from Shimla today urged them to give their wholehearted support to the State Government to sensitize the people of their respective areas regarding COVID-19 and also ensure that the people who had arrived from other parts of the country do not jump home quarantine. Jai Ram Thakur said that Pradhans were one of most important part of democratic setup, as they head the grass root institutions of the democracy. He said that their proactive role in development of their areas as well as in social issues was of paramount importance. He said that Pradhans should come forward to help the poor and migrant labourers by providing them food and shelter. He said that panchayats must also come forward to provide face covers and masks to people. Chief Minister said that as many as 1.15 lakh people have arrived in the State from various parts of the country and about 60,000 more have registered for returning to the State. He said that mass arrival of people from different parts of the country has resulted in increase in the number of COVID-19 patients. He said that there was only one active patient on 1st May, which today has gone upto 34 today. He assured that there was no need to panic as Government was fully prepared to fight the virus and with the help of people of the State, Himachal Pradesh would soon become a corona free state in the country. Jai Ram Thakur said that collective efforts were required to tackle the situation. He said that Pradhans must educate people regarding importance of home quarantine. He said that no one should be allowed to jump home quarantine and if a person does not obey quarantine protocol the same could be brought to the notice of the district administration, so that the violator could be sent for institutional quarantine. Rural Development and Panchayati Raj Minister Virender Kanwar while welcoming the Chief Minister said that the steps taken by the State Government to tackle the cases of Corona have been appreciated even by the Prime Minister Narendra Modi. He said that adequate funds have been made available for panchayats. He said that works under MNREGA would be taken in hand in large scale at the earliest and the same should be expedited. Chairman Zila Parishad Solan Dharampal, Member Zila Parishad Sirmaur Vinay Gupta, Pradhan Gram Panchayat Sataun, Sirmaur Rajneesh Chauhan, Pradhan Gram Panchayat Radiyali Solan Indu Vaidya also shared their views on the occasion. Director Rural Development and Panchayati Raj Lalit Jain conducted the proceedings of the meeting. Vice Chairman State Civil Supplies Baldev Tomar, Secretary Rural Development and Panchayati Raj Dr. R.N. Batta and other officers were present on the occasion.
जिला के बड्सर उपमंडल के ग्राम पंचायत दादडु के तेजछ गांव में एक व्यक्ति के कोरोना वायरस के संक्रमण होने की पुष्टि हुई है। इसे जिला के कोविड 19 सेंटर में भेजा जा रहा है। 36 वर्षीय यह व्यक्ति 13 मई 2020 को मुंबई से टैक्सी में यहां वापस लौटा था और स्थानीय स्तर पर संस्थागत संगरोध केंद्र में रखा गया था। गत 14 मई 2020 को इसके नमूने जांच हेतु लिए गए थे और शनिवार दोपहर बाद इसकी रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इसके साथ टैक्सी में दो अन्य व्यक्ति भी मुंबई से वापस आए थे जिनमें से एक दादाडु पंचायत के ही कुंनवी गांव का रहने वाला है जबकि दूसरा नादौन उपमंडल के पत्ररेल पंचायत से है। इनके अन्य प्राथमिक एवं द्वितीय संपर्कों के बारे में जानकारी एकत्र की जा रही है। सम्बंधित एसडीएम को क्षेत्र को सील करने के निर्देश दिए गए है।
पूरा देश वैश्विक आपदा कोरोना से जूझ रहा है। लॉकडाउन में सभी लोग घर में हैं। इस आपदा में भी अपनी जान की परवाह किए बिना आम जनता की बेहतरी के लिए जो लोग रात दिन डटे हैं उनके उत्साह वर्धन के क्रम में समाज का भी कुछ दायित्व बनता है। ग्राम पंचायत धुन्दन के गांव टुयरु के ग्रामीणों द्वारा ऐसे कोरोना महावीरों का सम्मान किया गया। शुक्रवार को ग्राम पंचायत धुन्दन के प्रधान प्रेम लाल, उपप्रधान त्रिलोक ठाकुर व महिला मंडल की सदस्यों, स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस थाना दाड़लाघाट के एसएचओ मोती सिंह, ट्रैफिक इंचार्ज कमला वर्मा, कॉन्स्टेबल राकेश, मंजीत, दिनेश राणा, हेड कॉन्स्टेबल बृजमोहन, एचएसजी बालक राम सहित दसेरन नाके में डयूटी कर रहे पुलिस थाना के सदस्यों को सम्मानित किया गया। पंचायत धुन्दन के ग्रामीणों में पंचायत प्रधान प्रेम लाल, उपप्रधान त्रिलोक ठाकुर, आशा वर्कर गीता देवी, पूर्ण चंद, गोपाल, सुनीता, बबली, महिला मंडल की सदस्यों व स्थानीय ग्रामीणों ने कोरोना वायरस को फूल मालाओं से सम्मानित किया।
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के दौरान श्रमिक संगठनों से चर्चा किए बिना श्रम कानूनों में किए गए बदलाव में आपत्ति जताते हुए अखिल भारतीय सीमेंट मज़दूर महासंघ के राष्ट्रीय उप महासचिव ओमप्रकाश शर्मा ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश औद्योगीकरण एवम आर्थिक विकास के पक्ष में है किंतु श्रमिकों, कर्मचारियों के हितों की अनदेखी नहीं की जा सकती। जैसे कि वर्तमान में श्रम कानूनों में बदलाव हेतु संगठनों से विचार विमर्श भी करना चाहिए, किंतु श्रम कानूनो में बदलाव के संदर्भ में ऐसा नहीं किया रहा है जो पूर्णतः अनुचित एवम एक पक्षीय है। इसी संदर्भ में अम्बुजा सीमेंट कर्मचारी संघ (भारतीय मजदूर संघ) ने एक पत्रक मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को दिया है। इस पत्र में कहा गया है कि यदि हिमाचल में इस प्रकार का मज़दूर विरोधी श्रम कानून लागू होगा तो इससे उद्योग में अशांति का वातावरण होगा जिससे ओधोगिक शांति प्रभावित होगी क्योंकि मजबूरन श्रमिकों को आंदोलन करने के लिए विविश होना पड़ेगा तथा इसी संदर्भ में 20 मई को विरोध दिवस मनाया जाएगा। जिन जिन राज्यों में श्रम विरोधी कानून लागू किया है, भारतीय मजदूर संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने पुरजोर विरोध किया है। 8 घण्टे से बढ़ाकर 12 घण्टे ड्यूटी करना और इसकी योजना बनाना ऐसा कभी नहीं हुआ। यहां तक कि गैर लोकतांत्रित देशों में भी ऐसा नहीं किया गया, लेकिन वर्तमान सरकार ने साबित कर दिया कि यह सरकार पूर्णतया मज़दूर विरोधी है। इसका जवाब मज़दूर चुनाव के समय अवश्य देंगे क्योंकि मज़दूर विरोधी नीति मज़दूर कभी सहन नहीं करेगा। सीमेंट उद्योगों के लिए सरकार ने अभी तक कोई नीति नहीं बनाई है। यहां पर श्रमिक 25 सालों से कार्य कर रहें हैं लेकिन पक्के होने की नीति सरकार ने लागू नहीं की है। संगठन से वार्तालाप करके कुछ श्रमिकों को पक्का किया गया है। सरकार यह भी अनदेखी कर रही है, इसलिए सरकार इस विषय चिंतन करें अन्यथा भविष्य में केवल विरोध होगा, मज़दूर विरोधी श्रम कानून के लिए आंदोलन होगा। अन्यथा मज़दूर विरोधी श्रम क़ानून को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाएं।
कांग्रेस सरकार में सीपीएस रहे आल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सचिव तथा घुमारवीं के पूर्व विधायक राजेश धर्माणी ने आरोप लगाया है कि कोरोना महामारी के चलते कुछ भाजपा नेताओं द्वारा मनमानी की जा रही है और अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके रेड जोन से आए लोगों को क्वॉरेंटाइन सेंटर से निकालकर उनके घर भेजा जा रहा है। धर्माणी घुमारवीं में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि घुमारवीं के वर्तमान विधायक द्वारा नैना देवी में क्वॉरेंटाइन किए गए लोगों को घर भेजने के बारे में एक अधिकारी को फोन किया गया। जब उस अधिकारी ने ऐसा करने से मना किया तो अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके उक्त विधायक ने उस अधिकारी पर दबाव बनाया और उन लोगों को वहां से निकलवा कर अपने घर भिजवा ही दिया। धर्माणी ने कहा कि इस तरह से यह खतरा और अधिक बढ़ गया है और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि रेड जोन से लोग नेताओं की सिफारिश से होम क्वारंटाइन किए जा रहे हैं जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। धर्माणी ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में राजनीति इतनी हावी हो गई है कि अधिकारियों को स्वतंत्र रूप से कार्य नहीं करने दिया जा रहा जिसका जीता जागता उदाहरण नादौन की एसडीएम को तब्दील करके चंबा भेजना है। उन्होंने कहा कि नादौन की एसडीएम को भाजपा नेता की बात ना माने जाने का दंड दिया गया है। उन्होंने बिलासपुर प्रशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि बिलासपुर जिला प्रशासन ने रेड जोन से आने वाले लोगों को संस्थागत क्वारंटाइन किया जिसकी वजह से चार कोरोना संक्रमित लोगों की पहचान हुई। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत के प्रधानों व सदस्यों को भी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए जाएं क्योंकि इन्हें बार-बार क्वॉरेंटाइन सेंटरों में जाना पड़ता है। जिसकी वजह से ये भी संभावित खतरे में आ जाते हैं। इनकी सुरक्षा का भी प्रबंध किया जाए और इनका बीमा भी किया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि राधा स्वामी सत्संग ब्यास प्रबंधन से बातचीत की जाए और इनके सत्संग भवन जो मूलभूत सुविधाओं से सुसज्जित हैं को संस्थागत क्वारंटाइन के लिए उपयोग में लाया जाए। स्कूलों को क्वारंटाइन केंद्र बनाने से वहां दाखिला लेने जा रहे छात्रों को संक्रमण का खतरा है। वहीं कई स्कूलों में क्वारंटाइन किए लोग आधारभूत सुविधाओं से भी वंचित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पर्यटन विभाग के होटलों में कमरों की कम दरें तय करके इस्तेमाल किये जाएं और जो लोग किराया देकर क्वारंटाइन पीयरड में रहना चाहें उन्हें इसकी इजाजत दी जाए।
फतेहपुर उपमंडल के अंतर्गत पौंग डैम जलाशय में शनिवार को एक तैरती हुई लाश मिली जिसे देखकर लोगो मे दहशत फैल गई। लोगों ने इसकी सूचना तत्काल स्थानीय पंचायत व पुलिस थाना फतेहपुर को दी। शव की शिनाख्त शुक्रवार को पौंग जलाशय में डूबे मछुआरे के रूप में हुई । जानकारी के अनुसार गत दिवस जगनोली गांव का रमेश उर्फ गुड्डू नाम का मछुआरा अपने एक सहयोगी के साथ पौंग जलाशय में नाव पर बैठकर जाल लगाने गया था कि नाव में पानी भरने लगा जिस कारण नाव डगमगाने लगी और रमेश ने नाव से छलांग लगा दी जबकि दूसरा सहयोगी नाव पर चप्पू लगाकर किनारे तक पहुंच गया। बाहर निकल कर उसने शोर मचाया तो स्थानीय लोग व प्रशासन मौके पर पहुंच गया। काफी मशक्कत करनी के बाद भी रमेश का कोई अता पता न चला और अंधेरा हो गया। आखिरकार शनिवार सुबह रमेश का शव तैरता हुआ जलाशय के किनारे मिला। पंचायत पूर्व उपप्रधान रणवीर सिंह ने शव की शिनाख्त करते हुए बताया कि शव जगनोली निवासी रमेश उर्फ गुड्डू का ही है। वहीँ फतेहपुर थाना प्रभारी रमेश शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को देर तक शव की तलाश की परन्तु अंधेरा होने के कारण कामयावी न मिल सकी। इस बीच शनिवार एन एफ डी आर की टीम को भी बुलाया गया था परन्तु टीम के पहुंचने से पहले ही रमेश उर्फ गुड्डू का शव तैरता हुआ पौंग डैम जलाशय के तट पर मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
कोरोना वायरस के चलते प्रदेश में कर्फ्यू लगा हुआ है और ऐसे में मजदूर व् गरीबो को खाने के लिए तरसना न पड़े इसको लेकर स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ धार्मिक संस्थाओं व उपमडल करसोग मे अनेक दानी सज्जन मदद के लिए आगे आ रहे है। वही इसमे महिला मंडल भी अपनी अहम भूमिका निभा रहे है। इसी कडी मे महिला मडल शलोगी द्वारा 5100 रु की राशि एस डी एम करसोग के माध्यम से मुख्यमंत्री राहत कोष मे दी गई व महिला मडल बहल द्वारा 2100रु की राशि रैड क्रास सोसाईटी को दी गई तथा इनके द्वारा लोगो को 300 मास्क भी बांटे गए। इनके साथ समाजसेवी रजनीश ठाकुर भी मौजुद रहे। वहीं महिला मंडल वहल की प्रधान SD ठाकुर ने कहा कि अभी तक उपमंडल करसोग के अनेको महिला मंडलो ने कोरोना वायरस के चलते अपनी अहम भूमिका निभाई है तथा सभी महिला मंडलो ने अपना भरपूर सहयोग दिया है। ऐसे समय में जहां तक संभव हो जरूरतमांदो की मदद के लिए हमें आगे आना चाहिए। इसमे इनके साथ महिला मंडल सचिव सरिता ठाकुर भी उपस्थित रहे।
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष व विधायक सुखविंद्र सिंह सूक्खू ने कोरोना योद्धा के रूप में कार्य कर रहे अधिकारियों के तबादलों को लेकर सरकार को घेरा है। उन्होंने सीएम जयराम ठाकुर से पूछा है कि भाजपा नेता विजय अग्निहोत्री के दबाव में नादौन की एसडीएम का तबादला चंबा जिले के सलूणी में किस मज़बूरी में किया गया। उन्होंने कहा कि अगर तबादला इतना जरूरी था तो क्या कोरोना संक्रमण खत्म होने के पश्चात नहीं किया जा सकता था। विधायक सुक्खू ने कहा कि ऐसी क्या मज़बूरी थी कि कोरोना योद्धा के रूप में कार्य कर रही आईएएस अधिकारी को बदलना पड़ा। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा है कि वह स्पष्ट करें कि संबंधित एसडीएम द्वारा सरकार के ही आदेशों की पालना करने के बाद भी क्यों तबादला कर दिया गया। उन्होंने कहा कि बाहर फंसे लोगों को लाने में भी पिक एंड चूज हो रहा है। नादौन पूर्व भाजपा विधायक विजय अग्निहोत्री आपदा प्रबंधन एक्ट की धज्जियां उड़ाने में लगे हुए हैं। सूक्खू ने कहा, सीएम को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि विजय अग्निहोत्री के इशारे पर ही क्यूं कर्फ्यू पास जारी किए जा रहे है। कर्फ्यू पास के लिए आम लोगों को क्यूं इतनी जद्दोजहद करनी पड़ रही है और कांग्रेस से जुड़े लोगों के कर्फ्यू पास क्यूं रद्द किए जा रहे है? एसडीएम नादौन के तबादले के बजाए सरकार को पूर्व विधायक के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी क्योंकि, पूर्व विधायक सत्ता की धौंस जमाकर अधिकारियों को डरा धमका रहे हैं। उन्होंने दबाव बनाकर दूसरे प्रदेशों से आए अपने करीबियों को घर में क्वारंटीन कराया हुआ है और जबकि बाकी अन्य लोगों को कॉलेज व स्कूलों में क्वारंटीन करने के नाम पर परेशान किया जा रहा है। सरकार ये दोहरा मापदंड क्यों अपना रही है। सूक्खू ने सीएम से इसकी जांच कराने की मांग की है। साथ आपदा प्रबंधन एक्ट की उल्लंघना के दोषी नेताओं पर मामला दर्ज करने का अनुरोध किया है। सुक्खू ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को सलाह दी है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए एक कारगर नीति बनाई जानी चाहिए ना कि कोरोना योद्धाओं के तबादलों की सूची। कोरोना योद्धा के रूप में कार्य कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को मुख्यमंत्री के संरक्षण की जरूरत है ताकि प्रदेश में कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सके। यही सही मायनों में कोरोना योद्धाओं के लिए सम्मान और पुरस्कार है।
भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा हिमाचल को एक लाख बीस हजार मास्क वितरण का कार्य शुक्रवार सुलयाली औन्द और ठेहड़ पंचायतों से शुरू हो गया। विधायक राकेश पठानियाँ के दिशा निर्देशों के अनुरूप मंडल अध्यक्ष कुलदीप पाठक और प्रदेश युवा मोर्चा के सचिव भवानी पठानियाँ समूची विधानसभा में कातिल कोरोना के खिलाफ अग्रिम मोर्चे पर डटे रहेंगे और मास्क वितरण में अवश्य दिशा निर्देश देंगे। पार्टी की रीढ़ अर्थात बूथ अध्यक्ष, बूथ लेवल अधिकारी और बूथ पालक विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे । कड़ी में आज सुलयाली पंचायत में 2600 औन्द पंचायत में 1100 व ठेहड़ पंचायत में 2200 मास्क वितरित किये गए। विधायक राकेश पठानियाँ ने आहवान किया है कि सभी लोग मास्क पहनने व सामाजिक दूरी का पालन करना सीख लें क्योंकि अब हमे जीवन कोरोना के साथ ही जीना है और जरूरत इस बात की है कि अपनी रोग क्षमता को बढ़ाकर कोरोना को हमे हर हाल में मात देनी है। मास्क वितरण टीम में मंडल अध्यक्ष के अतिरिक्त सुदर्शन लाला, जोगिंदर सिंह, व मंडल सचिव वरुण पठानिया भी उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश के ऊना तक रेल जबकि उसके बाद हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम की बसों में कुल 128 लोग आज चंबा जिला की सीमा में प्रवेश कर गए। उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट विवेक भाटिया ने बताया कि जिला के एंट्री पॉइंट पर सभी की स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद उन्हें निगम की बसों के जरिए उनके गंतव्य स्थानों के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि इन 128 में सर्वाधिक 54 लोग चंबा उपमंडल के हैं। जबकि भटियात के 51, डलहौजी के 14, भरमौर के 6, चुराह का 1 व सलूणी उप मंडल के 2 व्यक्ति इसमें शामिल हैं। उपायुक्त ने बताया कि इन सभी लोगों को 14 दिनों के लिए होम क्वॉरेंटाइन किया जा रहा है। यह सभी लोग गोवा से आए हैं और गोवा ग्रीन जोन में आता है। इसीलिए इन्हें संस्थागत क्वॉरेंटाइन के बजाय होम क्वॉरेंटाइन में रहना होगा। उपायुक्त ने बताया कि इन सभी को होम क्वॉरेंटाइन का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें यह भी बताया गया है कि उनकी पंच अस्त्र मैकेनिज्म से निगरानी की जाएगी और यदि कोई व्यक्ति इसकी अवहेलना करेगा तो उसके खिलाफ कार्यवाही तो होगी साथ में उसे संस्थागत क्वॉरेंटाइन में भेज दिया जाएगा। विवेक भाटिया ने जानकारी देते हुए बताया कि चंबा जिला में इस समय कुल 55 बफर क्वॉरेंटाइन सुविधाएं मौजूद हैं। इनमें से 37 वर्तमान में एक्टिव हैं और इनमें 797 व्यक्ति रह रहे हैं। इस समय चंबा जिला में उपलब्ध संस्थागत क्वॉरेंटाइन में 2366 लोगों को रखने की क्षमता मौजूद है और इसे और भी बढ़ाया जा रहा है।
क्वारंटाइन केंद्रों में सभी एहतियातों के साथ योगा और व्यायाम की कक्षाएं की जाएं सुनिश्चित : उपायुक्त
चंबा जिला के संस्थागत क्वारंटाइन केंद्रों में रहने वाले लोगों के साथ अब चंबा जिला के उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट विवेक भाटिया वीडियो कॉलिंग के जरिए ऑनलाइन रूबरू रहेंगे। इन केंद्रों में रहने वाले लोगों के साथ दोहरा संवाद कायम करने के मकसद से शुरू इस मुहिम को जिला प्रशासन ने वार्तालाप मुहिम का नाम दिया है। इस मुहिम के तहत उपायुक्त इन केंद्रों में रहने वाले लोगों के साथ वीडियो कॉलिंग करके बातचीत करेंगे। इसके माध्यम से जहां वे उनको पेश आने वाली समस्याओं से अवगत होंगे बल्कि उन्हें संस्थागत क्वारंटाइन के बाद होम क्वारंटाइन के दौरान कौन-कौन सी एहतियातों को बरतना है उसके बारे में भी जागरूक किया जाएगा। इस मुहिम के तहत उपायुक्त ने शेरपुर स्थित क्वॉरेंटीन केंद्र में रह रहे कुछ व्यक्तियों के साथ वीडियो कॉलिंग के माध्यम से बातचीत की। उन्होंने क्वारंटाइन केंद्र के नोडल अधिकारी को कहा कि वह केंद्र में सोशल डिस्टेंसिंग के अलावा अन्य सभी जरूरी एहतियातों के साथ लोगों के लिए सुबह के समय योगाभ्यास जबकि सायं व्यायाम की कक्षाएं सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इससे ना केवल क्वारंटाइन केंद्र में रहने वाले लोगों का बेहतर समय व्यतीत होगा बल्कि वे शारीरिक और मानसिक तौर पर भी अपने आप को सुदृढ़ कर पाने में पूरी तरह से कामयाब होंगे। उपायुक्त ने बातचीत में उनसे कहा कि वे कोरोना वायरस संक्रमण की गंभीरता को समझते हुए ना केवल संस्थागत क्वॉरेंटीन बल्कि होम क्वारंटाइन में रहते हुए भी बताए गए सभी नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि ऐसा करने पर ना केवल आपकी अपनी सुरक्षा सुनिश्चित होगी बल्कि आप अपने परिवार को भी कोरोना के इस खतरे से निजात दिला पाने में सक्षम होंगे। उपायुक्त ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग केे साथ मास्क पहनना और साबुन के साथ हाथ धोना सभी लोग अपनी रोजमर्रा की आदतों में शुमार करें। उपायुक्त ने यह भी कहा कि जिला के सभी संस्थागत क्वारंटाइन केंद्रों में जहां पर व्यक्तियों के सामूहिक तौर पर हाथ छूते हैं उन सभी जगहों को सैनिटाइज करने को लेकर भी पूरी गंभीरता बरती जाए। विवेक भाटिया ने जोर देते हुए कहा कि इस समय यह लड़ाई बीमारी के साथ है। जो व्यक्ति संक्रमित रहे थे या जो क्वारंटाइन केंद्रों में रह रहे हैं उनके प्रति आसपास के समुदाय और समाज का दृष्टिकोण और सोच सकारात्मक रहनी चाहिए। बाहर से आने वाले व्यक्तियों को संस्थागत क्वारंटाइन केंद्रों में इसलिए रखा जाता है ताकि उनकी चिकित्सकीय जांच होने के साथ-साथ यह देखा जाए कि उनमें कोरोना के लक्षण तो नहीं हैं। निगरानी में तय अवधि पूरी करने के बाद वे होम क्वॉरेंटीन में भी 14 दिन नियमों का पालन करेंगे। सरकार द्वारा मेडिकल का यह प्रोटोकॉल इसलिए निर्धारित किया गया है ताकि सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य जरूरी एहतियातों के साथ हम कोरोना वायरस को पूरी तरह से हरा सकें।
कोरोना वायरस संकट के दृष्टिगत अतिरिक्त उपायुक्त सोलन विवेक चंदेल ने इस जागरूकता एवं मार्गदर्शन सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि कोरोना वायरस संकट के कारण देश में लॉकडाउन एवं प्रदेश में घोषित कर्फ्यू के दिशा-निर्देशों से सभी भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने कहा कि बार्बर का कार्य समाज के लिए बहुपयोगी है और इस दृष्टि से यह आवश्यक है कि न केवल बार्बर अपितु समाज के सभी वर्ग प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन को सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जब भी प्रदेश सरकार द्वारा बार्बर की दुकान एवं सैलून खोलने का निर्णय लिया जाएगा तो बार्बर एवं सैलून संचालकों को कुछ दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। इनका उद्देश्य सभी को कोरोना वायरस के खतरे से बचाना है। सत्र में भारतीय प्रशासनिक सेवा की परिवीक्षाधीन अधिकारी डॉ. निधि पटेल तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मुक्ता रस्तोगी ने बार्बर को आवश्यक दिशा-निर्देशों एवं सावधानियों के बारे में अवगत करवाया। बार्बर को बताया गया कि कार्य आरम्भ होने पर उन्हें ग्राहकों को ऑनलाइन या फोन पर समय लेने के लिए कहना होगा और सीधा दुकान अथवा सैलून पर आकर कार्य करवाने से बचना होगा। इसका उद्देश्य यही है कि एक समय पर दुकान अथवा सैलून में ग्राहक एकत्र न हों। उन्हें बताया गया कि ग्राहकों के मध्य कम से कम 02 मीटर की दूर बनाए रखने की व्यवस्था अनिवार्य रूप से रखनी होगी। प्रत्येक ग्राहक के जाने के उपरांत कुर्सी को एक प्रतिशत सोडियम होइपोक्लोराइट घोल से स्वच्छ किया जाना आवश्यक है। उनसे आग्रह किया गया कि ऐसे ग्राहकों को कार्यस्थल अथवा सैलून में आने से मना करें जो खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ, बहती नाक या गले में खराश जैसे लक्षणों का सामना कर रहे हों। बार्बर को बताया गया कि कार्य करने वाले व्यक्ति को मास्क, टोपी एवं दस्ताने पहनना अनिवार्य होगा। केवल डिस्पोजेबल दस्ताने, तोलिया तथा गाउन का प्रयोग ही किया जा सकेगा। कंघी, ब्रश, रोलरर्स, स्ट्रीकिंग कैप, क्लिपर्स, गार्ड और कैंची इत्यादि को साफ करके सूखी स्थिति में रखना होगा। सभी उपकरणों को पहले साबुन और पानी से धोना होगा एवं तदोपरांत एल्कोहल अथवा स्पीरिट से उपचारित करना होगा। सभी से आग्रह किया गया कि बिना साफ किए गए उपकरणों का प्रयोग न करें। सैलून संचालको एवं बार्बर को बताया गया कि दुकान अथवा सैलून के प्रतीक्षा क्षेत्र में कोई पत्रिका एवं खाने का सामान न रखें। दुकान के दरवाजों के हैंडल, रैलिंग, कुर्सियां, ग्राहक काउंटर और भुगतान उपकरण जैसे उच्च स्पर्श सतहों को साफ और कीटाणूरहित रखें। वॉशरूम को भी साफ और कीटाणूरहित रखें। सभी बार्बर एवं स्टाईलिस्ट कर्मी को लिखित में यह प्रस्तुत करना होगा कि उन्हें फ्लू जैसा कोई लक्षण नहीं है और वे पिछले 14 दिनों से न तो राज्य से बाहर गए हैं और न ही किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हैं। भारतीय प्रशासनिक सेवा की परिवीक्षाधीन अधिकारी रीतिका, सहायक आयुक्त भानु गुप्ता सहित शहर के बार्बर एवं सैलून संचालक सत्र में उपस्थित थे।
कोविड-19 कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत 23 लोग आज गोआ से बिलासपुर पहुंचे। यह लोग गोआ से ऊना तक विशेष रेलगाड़ी के माध्यम से आए, उसके उपरांत इन्हें हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस द्वारा बिलासपुर लाया गया। इनमें से 21 पुरूष और 2 महिलाएं शामिल है। बिलासपुर पहुँचे लोगों ने चैन की सांस ली और घर पहुँचाने के लिए प्रदेश सरकार का आभार प्रकट किया। सभी 23 व्यक्तियों को स्वास्थ्य प्रशिक्षण के उपरांत जीवन ज्योति नर्सिंग स्कूल चांदपुर में इंस्टीट्यूटनल क्वार्टआइन में रखा गया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बद्दी नरेश कुमार शर्मा ने बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) क्षेत्र में सभी से आग्रह किया है कि वे वैश्विक महामारी कोविड-19 के खतरे को कम करने एवं इस संकट से प्रभावी रूप से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस को सहयोग दें तथा क्षेत्र में चोरी-छिपे विभिन्न पंगडंडियों इत्यादि से प्रवेश करने वाले बाहरी व्यक्तियों की सूचना पुलिस को प्रदान करें। नरेश कुमार शर्मा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बरोटीवाला तथा भटोलीकलां में इस सम्बन्ध में ग्राम पंचायत प्रधानों एवं ग्रामीणों को जागरूक कर रहे थे। नरेश कुमार शर्मा ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार सभी एहतियाती उपाय अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में बाहरी राज्यों से अपने घर पहुंच रहे व्यक्तियों के विषय में स्थानीय स्तर पर जानकारी आवश्यक है। इसके लिए जरूरी है कि ग्राम पंचायत स्तर पर प्रधानों एवं सचिवों तथा वार्ड स्तर पर पार्षदों को इन व्यक्तियों के आने एवं होम क्वारेनटाइन की सूचना हो। उन्होंने सभी ग्राम पंचायत प्रधानों से आग्रह किया इस दिशा में जागरूक रहें और पूरी जानकारी प्रशासन एवं पुलिस के साथ साझा करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति होम क्वारेनटाइन नियम का उल्लंघन करता है तो इसकी सूचना पुलिस को दें। ऐसे व्यक्ति को संस्थागत क्वारेनटाइन किया जाएगा और उसके विरूद्ध विधि सम्मत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। नरेश कुमार शर्मा ने कहा कि जिला पुलिस विभिन्न पगडंडियों एवं छिपे रास्तों से क्षेत्र में आने वाले व्यक्तियों को रोकने के लिए प्रयासरत हैं। इस दिशा में पूर्ण सफलता जन सहयोग से ही सम्भव है। उन्होंने आग्रह किया कि ऐसे छिपे रास्तों के बारे में पुलिस को भी जानकारी दें और स्वयं भी इनकी निगरानी करें ताकि ऐसा कोई भी व्यक्ति क्षेत्र में प्रवेश न पा सके जो कोरोना संक्रमित हो। उन्होंने इस अवसर पर क्षेत्रवासियों को अन्य विभिन्न जानकारियां प्रदान की और उनकी शंकाओं का समाधान किया। इस अवसर पर पंचायत प्रधान, सचिव तथा ग्रामवासी उपस्थित थे।
गणपति एजुकेशनल सोसाइटी कुनिहार विशेष अध्ययन केंद्र इग्नू विश्वविद्यालय ने जनवरी 2020 सत्र के लिए प्रवेशित लर्नरो के लिए विशेष परिचय सभा का आयोजन किया। यह परिचय सभा विशेषत: टेलीफोन कॉल द्वारा पूरी की। यह कदम अध्ययन केंद्र द्वारा कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए लिया। केंद्र के समन्वयक रोशन लाल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि अधिकतर विद्यार्थी ग्रामीण परिवेश से सम्बंधित है इसलिए परिचय सभा का माध्यम उनके साधनों के अनुरुप चुना गया। इस माध्यम से लर्नरो को इग्नू शिक्षा प्रणाली तथा अध्ययन काल में विद्यार्थी तथा केंद्र की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। मुख्यता काउंसलिंग की उपयोगिता असाइनमेंट प्रस्तुतिक़रण परीक्षा अनुसूची ऑनलाइन सुविधा पर प्रकाश डाला गया साथ ही विद्यर्थियों द्वारा पूछे प्रशनो के उत्तर भी दिए गए। समन्वयक रोशन लाल शर्मा ने बताया कि जून 2020 परीक्षा का स्थगन हुआ है तथा आगामी जानकारी हेतु विद्यार्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट , अध्ययन केंद्र के सम्पर्क में रहे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिन्दल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना महामारी से निपटते हुए जिस प्रकार देश के किसानों, श्रमिकों और आम व्यक्ति के हितों को ध्यान में रखकर 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है वह शानदार है। आर्थिक पैकेज के तीसरे चरण में किसान को समृद्ध करने के लिए एक शानदार घोषणा की गई है। किसान की पैदावार को स्टोर करने के लिए, उत्पादन की बिक्री सही दाम पर हो इसके लिए 1 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान करना किसान के, पशुपालन को सुदढ़ व लाभकारी बनाने के लिए 15,000 करोड़ रुपये व पशुओं के टीकाकरण के लिए 13 हजार करोड़ रुपये व मधुमक्खी पालन के लिए 500 करोड़ रुपये व किसान की फसलों की डाईवर्सिफिकेशन के लिए, हबर्ल खेती के लिए 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान करना देश के किसान को खड़ा करेगा। इसी तरह फूड इकाइयों को मजबूत करने के लिए और लोकल ब्रांड के लिए 10-10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मछली पालन के लिए 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान अर्थात किसान को मदद करने सहित कुल करीब 2 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक पैकेज के दूसरे चरण में किसानों और श्रमिकों के भोजन, आवास और उनकी अन्य जरूरतों को ध्यान में रख एक बहुत बड़े पैकेज का ऐलान वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण व श्री अनुराग ठाकुर द्वारा घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि वन नैशन वन राशन कार्ड और किसान के्रटिड कार्ड के तहत 30 हजार करोड़ रुपये रुपये का ऐलान अपने आप में बहुत बड़ी सेवा है। डा. बिन्दल ने कहा कि वन नैशन, वन राशन कार्ड गरीब और जरूरतमंद लोगों विशेष कर प्रवासी श्रमिकों के लिए वरदान सिद्ध होगी। अब श्रमिक अपने मूल प्रदेश के बाहर भी राशन सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि फंसे हुए प्रवासियोें के लिए अगले दो महीने तक निशुल्क अनाज का वितरण केन्द्र सरकार द्वारा सुनिश्चित बनाया जा रहा है। इस कार्य पर 3,500 करोड़ रुपये दो महीने में खर्च किए जाएंगे। इस योजना के तहत 5 किलो अनाज और एक किलो चना प्रति परिवार दिया जाएगा लगभग 8 करोड़ फंसे हुए प्रवासियों को लाभ हेागा। उन्होंने कहा कि आर्थिक पैकेज के तहत श्रमिकों/शहरी गरीबों के लिए सस्ती रेंटल हाउसिंग काॅम्पलेक्स बनाए जाने का प्रावधान अत्यंत प्रशंसनीय हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को रियायती ब्याज दर पर संस्थागत ऋण प्रदान करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड 2 लाख करोड़ रुपये का रियायती ऋण दिए जाएंगे। इस वास्ते किसानों के लिए 30 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त इमरजेंसी वर्किंग कैपिटल फंडिंग का प्रावधान किया गया है। इससे लघु और सीमांत किसानों को मिलेगा लाभ मिलेगा। इसके तहत ग्रामीण सहकारी बैंकों और आआरबी के तहत लगभग 3 करोड़ किसानों ज्यादातर छोटे किसानों को लाभ होगा। डा. बिन्दल ने कहा कि आर्थिक पैकेज में एमआईजी के लिए सीएलएसएस के विस्तार के माध्यम से आवास क्षेत्र को 70 हजार करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिये जाने का प्रावधान किया गया है। पहले से जारी सीएलएसएस को 31 मार्च 2021 तक किया बढ़ाया गया है और अभी तक 3.32 लाख परिवार इसका लाभ उठा चुके हैं। उन्होंने 1500 करोड़ रुपये के मुद्रा शिशु लोन के प्रावधान पर भी प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि इसके तहत मुद्रा के तहत आने वाले छोटे व्यवसाय सबसे अधिक लाभान्वित होंगे। इसी प्रकार स्टीट वेंडर्स के लिए 5000 करोड़ रुपये के विशेष क्रेडिट सुविधा प्रदान करने का प्रावधान किया जा रहा है। क्योंकि कोविड के कारण स्टीट वेंडरों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पडा है और एक माह के भीतर यह योजना शुरू कर दी जाएगी। इससे करीब 50 लाख स्ट्रीट वेंडरस लाभान्वित होंगे। डा. बिन्दल ने कहा कि विरोधी दल अगर अपनी वोटों की राजनीति को अलग रख दे तो उन्हें इन सौगातों का स्वागत करना पड़ेगा। कांग्रेस के केन्द्रीय नेता व प्रदेश के नेता इस राहत पैकेज से ध्यान बंटाने के लिए तरह-तरह के अनर्गल बयानबाजी में लगे है। पिछले एक शताब्दि में ऐसा संकट देश पर नहीं आया और न ही कभी इतना बड़ा राहत पैकेज किसी ने दिया जिसमें किसान, बागवान, मजदूर, रिक्शा, ऑटो चलाने वाला, छोटा रोजगार करने वाला, ठेला लगाने वाला, खमचा लगाने वाला, उद्योग में भवन, सड़क निर्माण के काम करने वाला मजदूर, छोटा उद्योग धंधा करने वाला व्यक्ति सभी लाभान्वित हुए हैं। कांग्रेस नेतृत्व के अभाव में, देशहित के दृष्टिकोण के अभाव में व प्रदेश कांग्रेस के नेता अपनी सुपरमेसी की जंग में गरीब का नुकसान करने पर आतुर हैं।
भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश स्तर पर बाहर से आने वाले हिमाचलियों की व्यवस्थाओं की देखभाल के लिए एक उच्च स्तर समिति का गठन किया है। इस समिति को दायित्व दिया है कि वह सभी क्वारेंटाइन सेंटर जाकर वहां की व्यवस्था देखें और जहां भी सहयोग की जरूरत हो प्रशासन का सहयोग करें। इस कड़ी में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिन्दल ने सिरमौर जिला भाजपा अध्यक्ष विनय गुप्ता के साथ कालाआंब में स्थापित क्वारेंटाइन सेंटर का दौरा किया और प्रदेश सरकार की ओर से प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं को बेहतरीन बताया। डा. बिन्दल ने इस अवसर बताया कि क्वारेंटाइन सेंटर में चिकित्सक, पैरा मैडिकल, पुलिस कर्मी व कोविड 19 में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे अन्य कर्मी समर्पण भाव से अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेंटर में भोजन व्यवस्था, स्वच्छता व्यवस्था सुचारू है तथा बाहर से आने वाले सभी हिमाचलियों का का कोविड -19 टेस्ट किया जा रहा है। डा. बिन्दल ने क्वारेंटाइन सेंटरों में बेहतरीन व्यवस्था जुटाने के लिए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर सरकार को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार मुस्तैदी से कार्य करते हुए कोरोना महामारी की जंग में दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ बेतहरनी सेवाएं और व्यवस्थाएं प्रदान कर रही है। ज्ञातव्य रहे कि क्वारेंटाइन सेंटरों में बाहर से आने वाले हिमाचलियों के सहयोग के लिए राम स्वरूप शर्मा, सांसद मंडी संसदीय क्षेत्र की अध्यक्षता में प्रदेश में एक कमेटी का गठन किया गया है जिसमें चारों संसदीय क्षेत्रों में राकेश शर्मा, वीरेन्द्र चैधरी, संजय सूद के साथ रामस्वरूप को प्रभारी बनाया गया है। भाजपा के 17 जिलों में 17 अध्यक्ष और 34 महामंत्री इस कार्य के लिए लगाए गए है। हिमाचल प्रदेश से बाहर जाने वाले प्रवासी मजदूरों के बारे में भी समुचित व्यवस्था भाजपा सरकार द्वारा की गई है।
उपायुक्तों को पंचायती राज संस्थानों और शहरी स्थानीय निकायों के चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ उचित समन्वय बनाए रखना चाहिए, ताकि वह अपने संबंधित क्षेत्रों में बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के आगमन के बारे में अग्रिम जानकारी प्रदान कर सकें। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कोरोना वायरस के दृष्टिगत वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के दौरान सभी जिलों के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से कही। मुख्यमंत्री ने ‘निगाह’ टीम को आशा कार्यकर्ताओं और अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के साथ बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के परिवारों को उनके आने से पूर्व ही उचित सामाजिक दूरी और पृथीकरण (आईसोलेशन) के महत्व के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वह यह भी सुनिश्चित करें कि होम क्वारन्टीन के अंतर्गत आने वाले व्यक्तियों के लिए अलग शौचालय के अलावा सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए पर्याप्त आवास सुविधा उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि यदि उनके पास ऐसी सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो पंचायतों द्वारा उन्हें उचित क्वारन्टीन के नियमों के अनुसार रहने की सुविधा उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। जय राम ठाकुर ने कहा कि रेड जोन से आने वाले सभी लोगों को संस्थागत क्वारन्टीन में रखा जाएगा और पांच-सात दिनों के बाद उनके कोविड परीक्षण के उपरांत, रिपोर्ट नेगेटिव पाए जाने पर ही उन्हें होम क्वारन्टीन के लिए स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऑरेंज और ग्रीन जोन के क्षेत्रों से आने वाले लोगों को होम क्वारन्टीन में रखा जाए और उनका रेंडम परीक्षण किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि होम क्वारन्टीन के लिए फुलप्रूफ मैकेनिज्म बनाने की आवश्यकता है, क्योंकि किसी भी प्रकार की ढील नुकसानदेह साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि होम क्वारन्टीन के नियमों का उल्लंघन करने वालों से सख्ती से निपटा जाना चाहिए। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में अब विकासात्मक कार्य शुरू कर दिए गए हैं, इसलिए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और मनरेगा के श्रमिकों को कफ्र्यू में छूट अवधि के उपरांत भी कार्य करने की अनुमति दी जानी चाहिए। इससे उन्हें विभिन्न विकासात्मक कार्यों को निर्धारित समय पर पूरा करने के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा के उपरांत बैंक कर्मियों को भी सामान्य रूप से कार्यालय में कार्य करने की आवश्यकता है, ताकि इस आर्थिक पैकेज का सही से उपयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि इन्हें कफ्र्यू के दौरान भी स्वतन्त्र आवागमन की अनुमति प्रदान की जानी चाहिए।
हिमाचल प्रदेश के पर्यटन उद्योग पर कोरोना महामारी का सबसे ज्यादा असर पड़ा है। यदि हम अन्य पर्यटन राज्यों की बात करें तो गोवा, राजस्थान, कर्नाटक, केरल, इन राज्यों के पर्यटक स्थलों में मार्च से लेकर नवंबर तक ऑफ सीजन रहता है, परंतु हिमाचल का मुख्य सीजन अप्रैल-मई तथा जून में होता है। इस दौरान सभी पर्यटन कारोबारियों का सारे वर्ष की लगभग 60% से भी अधिक रेवेन्यू अप्रैल मई और जून के दौरान ही एकत्रित किया जाता है जिससे पर्यटन इकाइयों को सारे वर्ष के लिए फिक्स्ड खर्चों को वहन करने में मदद मिलती है। अप्रैल तथा मई का महीना हमारे हाथों से खिसक चुका है। पर्यटन से जुड़े लोग उम्मीद कर रहे थे कि शायद पंजाब हरियाणा तथा चंडीगढ़ ग्रीन जोन में आ गए तो हमारा जून के महीने से कुछ व्यापार चल पड़ेगा परंतु इन सभी राज्यों में कोविड के केस बढ़ रहे हैं जिसके कारण इन राज्यों के बॉर्डर खुलने की उम्मीद नहीं की जा सकती। इस प्रकार होटल यदि दोबारा से संचालित करने हो तो उसके लिए कम से कम 2 से 3 महीने का टाइम लग सकता है क्योंकि दोबारा से होटल मेंटेनेंस करवाने तथा अन्य इंतजाम करने होटल को नई गाइडलाइंस के मुताबिक सारे सेफ्टी मैजर्स का प्रावधान करने में समय लगेगा। इसी तरह टूरिस्टो की आमद सितंबर तथा अक्टूबर में बढ़ती है, जब बंगाल तथा गुजरात से अधिकतर पर्यटक हिमाचल घूमने आते हैं, परंतु यह दोनों राज्य के कारण बहुत अधिक प्रभावित है। यही कारण है कि हिमाचल में पर्यटन शुरू होने में कम से कम 1 वर्ष का समय लग सकता है। इतन लंबा समय सरकार की मदद के बिना काटना असंभव है। इस कारण टूरिस्ट इंडस्ट्री पर काले बादल मंडराने लगे हैं। सभी पर्यटन से जुड़े स्टेक होल्डर इस बात से बहुत चिंतित है। पर्यटन एक ऐसा उद्योग है जो कि अन्य उद्योगों या दुकानों की तरह खुलते ही शुरू हो जाए ऐसा नहीं है। इस को पटरी पर लाने में समय लगता है। यह भी निश्चित है कि जब तक कोविड 19 की कोई वैक्सीन नहीं आ जाती तब तक पर्यटक घूमने से परहेज करेंगे। समय रहते इसका समाधान न किया गया तो पर्यटन उद्योग को बचाना नामुमकिन हो जाएगा। यदि हम माने की हालत सुधरते ही यह सब कुछ खुल जाए तो भी सरकार को टूरिज्म इंडस्ट्री को आने वाली 1 वर्ष के लिए कई तरह की रियायत देनी पड़ेगी ताकि पर्यटन उद्योग दोबारा से अपने पैरों पर खड़ा हो सके। इन्हीं सब बिंदुओं को नजर में रखते हुए TOURISM INDUSTRY STAKE HOLDERS ASSOCIATION ने 9 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है जो कि सरकार को इस मौजूदा हालात में पर्यटन उद्योग को कैसे पटरी पर लाए, टूरिज्म यूनिट के खुलने के बाद आने वाली परिस्थितियों का क्या उपाय किया जाए, सरकार की तरफ से क्या मदद की आवश्यकता पड़ेगी तथा सरकार द्वारा क्या कदम उठाए जाएं ताकि डोमेस्टिक टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा सके, इन सभी बिंदुओं को लेकर रिपोर्ट तैयार कर दो हफ्तों के भीतर सरकार को सबमिट करेगी ताकि पर्यटन उद्योग को जीवित रखा जा सके। इस 9 सदस्यी कमेटी में होटल चैप्टर, रेस्टोरेंट्स चैप्टर, एडवेंचर स्पोर्ट्स तथा रूरल टूरिज्म चैप्टर से विभिन्न सदस्यों को शामिल किया गया है तथा इसके अलावा दो एडवाइजर भी बनाए गए है। इस कमेटी में अनिल भारद्वाज, यात्रा अध्याय; राज चौहान, यात्रा अध्याय; नीरज गुप्ता, होटल cgcape; पार्टप चौहान, ग्रामीण पर्यटन अध्याय; अनिल सकिया साहसिक अध्याय; आदित्य पाल सिंह रेस्तरां अध्याय; राहुल चावला होटल चैप्टर; पानी बरसाती पानी के खेल और साहसिक अध्याय व निशांत नाग एडवेंचर चैप्टर को सदस्य चुना गया है। साथ ही अनिल वालिया होटल अध्याय व मोहिंदर सेठ प्रेजिडेंट Tourism Industry Stake holders Association को सलाहकार के रूप में चुना गया है। इसी तरह मोहिंदर सेठ एसोसिएशन ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म के संयोजक ने सभी 19 एसोसिएशन को भी सूचित किया है वह भी इस प्रकार की कमेटियों का गठन कर सुझाव दें ताकि सरकार की समक्ष एक विस्तृत रिपोर्ट सभी एसोसिएशन की तरफ से स्टेट फोरम द्वारा सबमिट की जा सके।


















































