मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को देश की एक इंडिपेंडेंट एजेंसी आईएएनएस -सी वोटर सर्वे द्वारा किए गए सर्वेक्षण के आधार पर देश का बेस्ट परफार्मिंग मुख्यमंत्री और भाजपा शासित राज्यों में सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री घोषित किए जाने पर भाजपाइयों ने खुशी जताई है। मुख्यमंत्री की इस उपलब्धि पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल, अर्की मण्डल अध्यक्ष देवेन्द्र उपाध्याय व अन्य पदाधिकारियों, जिला सह मीडिया प्रभारी इंद्रपाल शर्मा व जिला के सभी पदाधिकारियों के अलावा व्यापार मण्डल कुनिहार के अध्यक्ष सुमित मित्तल ने खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि छोटे से प्रदेश हिमाचल के लिए बड़े गर्व की बात है कि पूरे देश के भाजपा शासित मुख्यमंत्रियों में हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को यह उपलब्धि हासिल हुई है। मुख्यमंत्री की इस उपलब्धि से पूरे देश मे हिमाचल का नाम रोशन हुआ है। इससे साबित होता है कि ईमानदार व परिश्रमी छवि के मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश में सम्मान विकास करवाने व हर चुनोती का सामना करने का जज्बा रखते हैं।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन के निर्देश पर जिला में कोविड-19 के दृष्टिगत लोगों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देशों के अनुरूप जागरूक करने के साथ-साथ निरीक्षण अभियान भी आरम्भ किया गया है। यह जानकारी तहसीलदार सोलन गुरमीत नेगी ने दी। गुरमीत नेगी ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आवश्यक बचाव निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सभी सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना, 02 व्यक्तियों के मध्य लगभग 6 फीट अर्थात 02 गज की दूरी रखना तथा नियमित अंतराल पर साबुन से हाथ धोना अथवा एल्कोहल युक्त सेनिटाइजर का प्रयोग अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जिला दण्डाधिकारी के निर्देश पर इस सम्बन्ध में नियमित रूप से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत लोगों को इन बचाव उपायों की जानकारी दी जा रही है। इसी के साथ-साथ मास्क न पहनने वालों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए औचक निरीक्षण भी आरम्भ कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा 02 जून से यह निरीक्षण आरम्भ किए गए हैं। गुरमीत नेगी ने कहा कि सोलन शहर में इन निरीक्षणों के तहत अभी तक 14 व्यक्तियों को मास्क न पहनने के लिए जुर्माना किया गया। प्रत्येक व्यक्ति से जुर्माने के रूप में 500-500 रुपये वसूले गए। निरीक्षण कार्यवाही के तहत शहर में विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों में जाकर भी इस सम्बन्ध में जांच की गई। उन्होंने कहा कि जुर्माना वसूलने के साथ-साथ सभी लोगों को कोविड-19 के दृष्टिगत मास्क पहनने के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। गुरमीत नेगी ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि कोविड-19 संक्रमण से स्वयं को अपने परिजनों को तथा अन्य नागरिकों को बचाने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर अवश्य मास्क पहने, सोशल डिस्टेन्सिग की अनुपालना करें और नियमित रूप से हाथ धोएं। उन्होंने कहा कि जिला दण्डाधिकारी के निर्देश पर नियमित रूप से शहर में निरीक्षण किए जाएंगे और बचाव उपाय न मानने वालों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस अवसर पर जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक मिलाप शांडिल भी उपस्थित रहे।
वैश्विक महामारी कोरोना के चलते लोग इससे बचने व जागरूक करने के लिए अपने अपने स्तर पर कार्य कर रहे है। इसी क्रम में उपमंडल से सेवड़ा चण्डी के निवासी व सामाजिक कार्यकर्ता सुशील ठाकुर ने पुलिस थाना दाड़लाघाट, ग्राम पंचायत नवगांव, सन्याडी मोड़, चाखड़, बुघार में मास्क वितरित किए। प्रदेश कांग्रेस सेवादल के उपाध्यक्ष सुशील ठाकुर ने बताया कि पुलिस थाना दाड़लाघाट प्रशासन व ग्राम पंचायत नवगांव, सन्याडी मोड़, चाखड़, बुघार के पंचायत प्रतिनिधियों सहित जरूरतमंद लोगों को उन्होंने मास्क वितरित किए। सुशील ठाकुर ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में लोगों को निःशुल्क 30 हज़ार मास्क वितरण करने का प्रण लिया है। जिसको लेकर वह अब तक 25 हज़ार मास्क लोगों को वितरित भी कर चुके है। उन्होंने कहा कि मास्क बनाने के लिए कच्चा माल व जरूरतमन्द तक मास्क वितरण करने का कार्य वे खुद कर रहे हैं। सुशील ठाकुर ने मास्क बनाने के लिए कई पंचायतों के महिला मंडल की महिलाओं को इस कार्य को करने के लिए प्रोत्साहित किया है जिसको लेकर वह उन्हें रोजगार भी मुहैया करवा रहे है। सुशील ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 महामारी से बचने के लिए सभी को सकारात्मक सोच रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बीमारी से लड़ने के लिए लोग प्रशासन द्वारा दी गयी हिदायतों का पालन करें। उन्होंने कहा कि सभी सामाजिक दूरी बनाकर रखे व अफवाहों पर ध्यान न दे।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने कोविड-19 के दृष्टिगत प्रदेश में बाहरी राज्यों से आने वाले व्यक्तियों की पूर्ण जानकारी रखने, उनमें कोविड-19 के लक्षणों का ब्यौरा, मानक के अनुसार परीक्षण तथा उनकी क्वारनेटाइन अवधि के विषय में प्रदेश सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार जिला के टीटीआर परवाणू तथा बद्दी में स्थापित चेकपोस्ट राज्य में बाहरी राज्यों से होने वाले आवागमन के दृष्टिगत क्रियाशील रहेंगे। पुलिस अधीक्षक सोलन तथा पुलिस अधीक्षक बद्दी यह सुनिश्चित बनाएंगे कि राज्य में बाहरी राज्यों से होने वाला आवागमन आदेशों के अनुरूप केवल प्रवेश पत्र/अनुमति पत्र के माध्यम से ही हो। अंतररराज्यीय चेकपोस्ट पर भीड़ एकत्र न होने देने के लिए इन व्यक्तियों के प्रवेश समय को क्रमबद्ध किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन यह सुनिश्चित बनाएंगे कि उपरोक्त चेकपोस्ट के माध्यम से प्रदेश में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को ऐसे सूचनाप्रद पैम्फलेट उपलब्ध करवाए जाएं जिनमें होम क्वारेनटाइन की आवश्यकता एवं तरीके के बारे में विवरण दिया हो। पुलिस विभाग इन अंतरराज्यीय नाकों पर ‘कोविड-19 ई-पास सत्यापन’ एप्लीकेशन का प्रयोग कर यह सुनिश्चित बनाएगा कि ई-पास पर दर्शाए गए क्यूआर कोड को स्केन कर जानकारी सर्वर को प्रदान की जाए। यदि किसी कारणवश क्यूआर कोड स्केन नहीं हो पा रहा है तो प्रवेश पत्र की संख्या मैनुअली दर्ज की जाए तथा अन्य सभी जानकारियां प्रक्रिया अनुसार प्रस्तुत की जाएं। सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अथवा नगर पंचायत के सचिव सम्बन्धित पंचायत, नगर परिषद अथवा नगर पंचायत के माध्यम से यह सुनिश्चित बनाएंगे कि अंतरराज्यीय नाकों से प्रवेश करने वाले जिलावासी निर्धारित स्थान तक पहुंचे। यदि जिला से सम्बन्धित कोई व्यक्ति ई-पास में दर्शाए गए सोलन जिला के निर्धारित स्थान तक नहीं पहुंच पाता है तो उसे अपने क्षेत्राधिकार में सक्रिय रूप से तलाशा जाए अथवा निगरानी में रखा जाए। यदि कोई व्यक्ति निर्धारित स्थान तक नहीं पहुंचता है तो उसके विरूद्ध हिमाचल प्रदेश महामारी रोग (कोविड-19), नियमन 2020 एवं अन्य उपयुक्त अधिनियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। सोलन जिला से चिकित्सा, व्यापार अथवा अन्य आधिकारिक कार्य के लिए राज्य से 48 घण्टे से कम की अवधि के लिए अनुमति प्राप्त कर बाहर जाने वाले ऐसे व्यक्तियों को क्वारेनटाइन नहीं किया जाएगा जिनमें कोविड-19 का कोई लक्षण नहीं है। बीमारी के लक्षण वाले व्यक्तियों की निगरानी की जाएगी तथा सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन यह सुनिश्चित बनाएंगे कि उनका कोविड-19 के लिए परीक्षण किया जाए। सम्बन्धित पुलिस अधीक्षक, जिला के सभी उपमण्डलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन यह सुनिश्चित करेंगे कि बाहरी राज्यों से आने वाले सभी व्यक्ति अनिवार्य रूप से 14 दिन के लिए क्वारेनटाइन में रहें। फ्लू तथा इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षणों वाले व्यक्तियों को 14 दिन की अतिरिक्त निगरानी में रहना होगा। सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अथवा नगर पंचायत के सचिव यह सुनिश्चित बनाएंगे कि बाहरी राज्यों से आने वाले ऐसे सभी यात्रियों को 14 दिन के लिए होम क्वारेनटाइन किया जाए जो 48 घण्टे से अधिक की अवधि के लिए प्रदेश से बाहर रहे हों और जो ऐसे शहरों से न आ रहे हों जिन्हें कोविड-19 संक्रमण के लिए उच्च श्रेणी स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है। इन सभी व्यक्तियों को 14 दिन की अतिरिक्त निगरानी में रहना होगा। यदि इन व्यक्तियों में फ्लू अथवा इन्फ्लुएंजा के लक्षण पाए जाते हैं तो यह व्यक्ति या तो निगरानी कर्मी को सूचित करेंगे अथवा टोल फ्री नम्बर 104 पर सूचना देंगे। सम्बन्धित पुलिस अधीक्षक, जिला के सभी उपमण्डलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन यह सुनिश्चित बनाएंगे कि कोविड-19 संक्रमण के लिए उच्च श्रेणी स्थल के रूप में चिन्हित शहरों से यात्रा करने वाले सभी अंतरराज्यीय यात्रियों को संस्थागत क्वारेनटाइन किया जाए और इस सम्बन्ध में स्वास्थ्य मानकों का पूर्ण पालन किया जाए। कोविड-19 संक्रमण के लिए मुम्बई, चेन्नई, अहमदाबाद, थाने, पूना, हैदराबाद, थिरूवल्लूर, कोलकाता अथवा हावड़ा, इंदौर, जयपुर, जोधपुर, चेंगलपट्टू तथा दिल्ली राज्य (नई दिल्ली, शाहदरा, दक्षिण दिल्ली, उत्तर-पूर्वी एवं दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली जिलों के अतिरिक्त) को उच्च श्रेणी स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है। इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित उच्च कोविड-19 संक्रमित शहरों को इस सूची में जोड़ा जाएगा। जिला के सभी उपमण्डलाधिकारी एवं खण्ड चिकित्सा अधिकारी यह सुनिश्चित बनाएंगे कि संस्थागत क्वारेनटाइन केन्द्र से होम क्वारेनटाइन के लिए तब तक किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ा जाएगा जब तक प्रयोगशाला अथवा स्वास्थ्य विभाग से इस सम्बन्ध में लिखित पुष्टि प्राप्त नहीं हो जाती। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन यह सुनिश्चित करेंगे कि यदि किसी व्यक्ति में क्वारेनटाइन अथवा निगरानी अवधि में कोविड-19 जैसे लक्षण पाए जाते हैं तो उसके रक्त नमूने एकत्र कर परीक्षण किया जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन यह सुनिश्चित बनाएंगे कि अंतरराज्यीय यात्रा करने वाले बिना लक्षण वाले यात्रियों विशेषकर आयु एवं रोग के अनुसार अति संवेदनशील जनसंख्या का क्रमरहित (रेन्डम) परीक्षण किया जाए ताकि समय पर बीमारी का पता लगाकर इन्हें आईसोलेट किया जा सके और बीमारी को फैलने से रोका जा सके। जिला दण्डाधिकारी ने आदेश दिए हैं कि बाहरी राज्यों से आने वाला कोई भी यात्री 28 दिन की निगरानी अवधि में घर पर या बाहर 60 वर्ष से अधिक आयु के किसी व्यक्ति अथवा मधुमेह, उच्च रक्तचाप, दमा, गुर्दा रोग से पीड़ित या अन्य रोगियों से नहीं मिलेगा। यदि किसी व्यक्ति का कोविड-19 संक्रमण के लिए परीक्षण पाॅजिटिव पाया जाता है तो मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन मानक अनुसार इस सम्बन्ध में कार्रवाई अमल में लाएंगे।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घनागुघाट में पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून को बच्चों के घर पर पौधारोपण का कार्यक्रम आयोजित करेगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय के सभी विद्यार्थियों को ऑनलाइन व्हाट्सएप के माध्यम से पर्यावरण दिवस के मनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस दिन विद्यार्थी मास्क पहने हुए उचित दूरी का पालन कर अपने घरों के आसपास साफ सफाई के साथ साथ पौधारोपण करने तथा अपने परिवार व गांव के अन्य लोगों को स्वच्छता व पर्यावरण के बारे में जागरूक करेंगे। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों के लिए पर्यावरण विषय पर आधारित नारा लेखन, चित्रकला व भाषण प्रतियोगिता का आयोजन भी व्हाट्सएप ग्रुप के व ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा तथा सभी विद्यार्थियों को पर्यावरण शपथ भी भेजी जाएगी। विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रकाश शर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए एनएसएस इकाई के स्वयंसेवक व कार्यक्रम अधिकारी देशराज गिल, किंगफिशर इको क्लब प्रभारी दीपक ठाकुर व समस्त छात्र मुख्य रूप से भाग लेंगे। विजय चंदेल, देवेंद्र कौंडल, अशोक कुमार, रामलाल, कार्यालय अधीक्षक सहायक ज्वाला दास, मदन ठाकुर, शांति देवी सहित समस्त स्टाफ विद्यालय में उपस्थित रहकर छात्रों का ऑनलाइन मार्गदर्शन करेंगे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक ने 6वें राज्य वित्तायोग के गठन को अपनी सहमति दी है। आयोग पंचायतों तथा स्थानीय शहरी निकायों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करेगा। आयोग राज्य के संचित कोष से पंचायतों और शहरी निकायों के कर निर्धारण, डयूटी, टोल और शुल्क ग्रांट इन एड देने के साथ-साथ अन्य सभी मामले, जिनमें पंचायत और शहरी निकायों की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ होगी, के बारे में राज्यपाल को सिफारिश करेगा। मंत्रिमंडल ने जल शक्ति विभाग में जल रक्षक/ पैरा फीटर और पैरा पम्प ऑपरेटरों के मानदेय में 300 रुपये प्रति माह की वृद्धि की है, अब जल रक्षक को 3300 रुपये प्रति माह जबकि पैरा फीटर और पैरा पम्प ऑपरेटरों को 4300 रुपये प्रति माह का मानदेय मिलेगा। बैठक ने राज्य के ग्रामीण/शहरी क्षेत्रों में 3/2 बिस्वा भूमि की पात्रता के लिए आय मानदंड में संशोधन करने के लिए आवासहीन व्यक्तियों/परिवारों की मौजूदा 50,000 रुपये प्रतिवर्ष आय को बढ़ाकर एक लाख रुपये प्रतिवर्ष करने की मंजूरी दी है ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस योजना का लाभ मिल सके। मंत्रिमंडल ने वर्ष 2020-21 के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के माध्यम से ई-टेंडर के आधार पर कक्षा 1, 3, 6 और 9वीं कक्षाओं के स्कूली विद्यार्थियों को अटल स्कूल वर्दी योजना के तहत स्कूल बैग की खरीद, आपूर्ति और वितरण के लिए अपनी मंजूरी दी। इससे इस वर्ग के 2,56,514 विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। मंत्रिमंडल द्वारा राज्य आपदा शमन कोष गठित करने तथा आपदा शमन व्यय को पूरा करने के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 तथा 2011 के नियमों के तहत वित्त प्रबंधन के लिए दिशा-निर्देशों को मंजूरी प्रदान की, क्योंकि आपदा तैयारी, प्रतिक्रिया और गतिविधियां एक अलग राज्य आपदा प्रबन्ध कोष के तहत आती हैंै। इस कोष के अन्तर्गत राज्य आपदा जोखिम प्रबंधन कोष का 20 प्रतिशत हिस्सा इस्तेमाल किया जाएगा जो कि वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान 90.80 करोड़ रुपये होगा। इसके अतिरिक्त 50 करोड़ रुपये की राशि भूकम्प और भूसंखलन जोखिमों के लिए राज्य आपदा शमन कोष से अनुमोदित की गई है। मंत्रिमंडल मंडी जिला के थुनाग में रेशम बीज उत्पादन केंद्र स्थापित करने तथा इसके संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 4 पदों को सृजित करने तथा भरने की भी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिला के सुलह विधनसभा क्षेत्र में राजकीय बहुतकनीकी संस्था खोलने तथा इस संस्थान के प्रबधन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 29 पदों को सृजित तथा इन्हें भरने की स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने मंडी जिला के नागरिक अस्पताल टिहरा में सुचारु कामकाज के लिए विभिन्न श्रेणियों के और 3 पदों को सृजित और भरने की मंजूरी प्रदान की।
डॉ॰ यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने शैक्षणिक वर्ष 2020-21 के लिए अपने स्नातक, एमएससी और एमबीए एग्रीबिजनेस कार्यक्रमों के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। विश्वविद्यालय ने यह निर्णय कोरोना वाइरस के कारण छात्रों और अभिभावकों को हुई कठिनाइयों को देखते हुए लिया है। विश्वविद्यालय अपने चार घटक कॉलेजों- मुख्य परिसर में कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर और कॉलेज ऑफ फॉरेस्ट्री, हमीरपुर के नेरी में कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री और मंडी जिला के थुनाग में बागवानी महाविद्यालय में बीएससी बागवानी और बीएससी वानिकी कार्यक्रमों में डिग्री प्रदान करता है। इसके अलावा छात्र नेरी महाविद्यालय में बी टेक जैव प्रौद्योगिकी कार्यक्रम के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। स्नातक कार्यक्रमों में सामान्य सीटों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई तक बढ़ाई जा चुकी है। स्व-वित्तपोषण सीटों के लिए 31 जुलाई तक आवेदन किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, एमएससी और एमबीए (एग्रीबिजनेस) कार्यक्रमों के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि भी 15 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। विश्वविद्यालय मुख्य परिसर और नेरी महाविद्यालय में एमएससी की डिग्री प्रदान करता है। औद्यानिकी में एंटोमोलॉजी, फ्लोरिकल्चर और लैंडस्केप आर्किटेक्चर, फूड टेक्नोलॉजी, फ्रूट साइंस, मॉलिक्यूलर बायोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी, प्लांट पैथोलॉजी, सीड साइंस एंड टेक्नोलॉजी, स्पाइस, प्लांटेशन और ऍरोमैटिक प्लांट्स और सब्जी विज्ञान जैसे विषयों में एमएससी की जा सकती हैं। वानिकी में छात्र कृषि अर्थशास्त्र, एग्रोफोरेस्ट्री, पर्यावरण विज्ञान, पर्यावरण प्रबंधन, वन आनुवंशिक संसाधन, औषधीय और सुगंधित पौधे, माइक्रोबायोलॉजी, सिल्विकल्चर, मिट्टी विज्ञान, सांख्यिकी और लकड़ी विज्ञान और प्रौद्योगिकी में एमएससी के लिए आवेदन कर सकते हैं। स्नातक, एमएससी और एमबीए एग्रीबिजनेस के लिए प्रवेश परीक्षा की तिथि की अधिसूचना बाद में जारी की जाएगी। एमबीए और पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन करने की तिथि अपरिवर्तित रहेगी। एमबीए और पीएचडी के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि क्रमशः 17 जुलाई और 15 जुलाई है। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है और इच्छुक छात्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.yspuniversity.ac.in पर लॉगइन करके आवेदन कर सकते हैं। प्रत्येक कार्यक्रम के लिए कुल सीटों के साथ विस्तृत प्रवेश सूचना वेबसाइट पर देखी जा सकती है।
कांग्रेस के नेताओं द्वारा मुख्यमंत्री से त्यागपत्र मांगे जाने पर कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं कार्यकर्ताओं को भ्रष्टाचार पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। वह बिलासपुर में पत्रकारों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस पार्टी की केंद्र और प्रदेश सरकारों में असंख्य घोटाले हुए हो और जिस पार्टी के राष्ट्रीय और प्रदेश नेता भ्रष्टाचार के आरोपों के तहत जमानत पर हो उस पार्टी के नेता दूसरों पर आरोप लगाए या उन्हें शोभा नहीं देता। भारतीय जनता पार्टी ने भ्रष्टाचार से ना कभी समझौता किया है ना करेगी। शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार भी भ्रष्टाचार के प्रति अपनी जीरो टॉलरेंस की नीति पर कायम है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सचिवालय में सैनिटाइजर घोटाला उजागर हुआ तो तुरंत विजिलेंस की जांच के आदेश दिए वह जांच चल रही है। स्वास्थ्य विभाग में यह मामला सामने आया भ्रष्टाचार का तो स्वास्थ्य निदेशक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई और जांच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जिस तरह से भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त एक्शन लिया और कार्यवाही की भारतीय जनता पार्टी इसके लिए उनका स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि जिस तरह पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र दिया वह भी काबिले तारीफ है। उन कोई आरोप नहीं था। मीडिया में सिर्फ इतनी बात आ रही थी कि उस घोटाले में कहीं ना कहीं किसी भाजपा नेता का हाथ है। भारतीय जनता पार्टी के मुखिया होने के नाते प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते उन्होंने नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र दिया यह एक बहुत ही बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस मुद्दे पर कांग्रेसी अपना वक्तव्य दें उन्हें कतई शोभा नहीं देता क्योंकि ना तो उन्होंने कभी इन मुद्दों पर कार्रवाई की है और ना ही कभी उन मुद्दों पर नैतिकता के आधार पर कभी त्यागपत्र दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सख्त रवैया अपनाया है अब भी इसके साथ कोई समझौता नहीं करेगी। मुख्यमंत्री को दी बधाई एक स्वतंत्र एजंसी द्वारा मुख्यमंत्री को बेस्ट परफॉर्मेंस अवार्ड मिलने पर शर्मा ने उन्हें बधाई दी और कहा कि इससे स्वयं साबित हो जाता है कि मुख्यमंत्री किस जज्बे के साथ प्रदेश की सेवा कर रहे हैं। जिस किसी को मिलेगी जिम्मेदारी वो निभायेगा इस प्रश्न पर कि उनके नाम की चर्चा प्रदेश अध्यक्ष के लिए हो रही है। इसके जबाब में शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का राष्ट्रीय नेतृत्व का फैसला होता है। वह जिसने कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देते हैं तो कार्यकर्ताओं से कोई जिम्मेदारी सम्भालता है। इसमें कहीं कोई व्यक्तिगत व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं होता।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इकॉनोमिक पैकेज में एम एस एम ई की परिभाषा में संशोधन की घोषणा की थी। केंद्रीय मंत्रिमंडल की 1 जून की 2020 की बैठक में उसे पुनः संशोधित किया गया है जो जुलाई 2020 में लागू होगी। लघु उद्योग भारती इस बात की सराहना की है कि बहुत लंबे अरसे से विचाराधीन विषय को लागू किया गया। लघु उद्योग भारती हिमाचल प्रदेश के महामंत्री विकास सेठ ने बताया की, बड़ा संतोष का विषय है कि सरकार ने हमारी मांग पर निवेश को पूर्ववत रखते हुए, वार्षिक बिक्री को जोड़ा है। इसके अतिरिक्त सरकार से यह मांग करते हैं की कुछ बिंदुओं को इस अधिसूचना में जोड़ा जाए। सर्वप्रथम एमएसएमई के कहलाने के लिए भारतीय स्वामित्व की शर्त होना आवश्यक हो। सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योगों को मेक इन इंडिया के तहत बढ़ाने के लिए जरूरी है कि परिभाषा में यह निश्चित किया जाए कि सेवा क्षेत्र और व्यापार को अलग से परिभाषित किया जाए, एवं भारत सरकार के एमएसएमई विभाग की वर्ष 2018 -19 की रिपोर्ट के अनुसार देश में सूक्ष्म उद्योग 89% लघु उद्योग 10.5% और मध्यम .5% हैं। इसलिए बैंकों द्वारा कर्ज के आवंटन में एवं सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों के द्वारा खरीदी में आरक्षण सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योगों की संख्या के अनुसार विभाजित होना चाहिए। लघु उद्योग भारती बहुत आशान्वित है कि सरकार हमारे द्वारा दिए गए सुझावों को गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए अधिसूचना में जुड़ेगीं, जिससे प्रधानमंत्री द्वारा घोषित आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी भारत में एमएसएमई के योगदान को देखा जा सकेगा।
आज किया है परमार्थ उन सबने जिनको कभी समझा नहीं इस दुनिया ने अचानक हुए (करोना) युद्ध के हमले में सच्ची वीरता दिखाई इन्होंने कभी सोचा ना था यह वक्त भी आएगा एक आंधी की तरह सब को बहा ले जाएगा नमन है ऐसे वीरों को जिन्होंने बदला तस्वीरों को स्वजनों से बढ़कर परमार्थ किया अपनी बहादुरी का सच्चा सबूत दिया मानवता के इतिहास में साहस का बलिदान दिया अपने हर कर्म को अंजाम दिया ना की परवाह अपनी ना परिवार की बस आगे बढ़ कर सबका साथ दिया आगामी समय के लिए एक इतिहास दिया कार्यक्षेत्र कोई भी रहा हो इनका फिर भी एकता का परिचय दिया देश के सेनापति का हर एक आदेश मान्य किया ऐसे योद्धा पहली बार हुए जो बिना हथियार लड़े कूद पड़े जंग में जन कल्याण के लिए धन्यवादी हैं हम ऐसे वीरों के जो खेल गए खेल तकदीरों के ऐसी ही महान हस्तियों ने कार्य किए दानवीरों के हम सौभाग्यशाली हैं, जो छत्रछाया मिली इन सज्जनों की वरना हाल सभी जानते हैं, दूर देश के जनमानयों की मेरे भी हाथ उठे दुआ में सम्मान मिले इन्हें प्यार मिले जिनके कारण परमार्थ के फूल खिले धन्यवाद! भारती बहल जिला मंडी (हि.प्र.)
बिलासपुर पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ छेड़े गए अभियान में वुधवार देर रात्री को एक और कामयाबी हाथ लगी है। सुरक्षा शाखा की टीम ने चाय की एक दूकान से भारी मात्र में अंग्रेजी शराब बरामद की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुरक्षा शाखा की टीम संजीव पुंडीर के नेत्रित्व में मुख्य आरक्षी केवल किशोर व आरक्षी चंचल सिंह सहित थाना भराड़ी की टीम के साथ क्षेत्र में गस्त कर रहे थे। जब यह टीम गश्त करती हुई लादौर की तरफ गई तो वहा सुरक्षा शाखा टीम प्रभारी संजीव पुंडीर को एक चाय की दूकान पर भारी मात्रा में कुछ पेटियां दिखी। जिस पर उन्हें शक हुआ उअर उन्होंने शक के आधार पर जब इस चाय की दूकान पर छापेमारी कर इसकी तलाशी ली तो इन पेटियों में भारी मात्रा में महंगी अंग्रेजी शराब बरामद हुई। इस चाय की दूकान से कुल 34 पेटियां अंग्रेजी शराब बरामद हुई जिसमे वैट 69, ब्लैंडर प्राइड, मैक्डोवल, रॉयल स्टैग, इम्पीरियल ब्लू, बडवाईजर, अफ्रीकाना, ऑफिसर चॉइस, ब्लैक विस्की, ग्रीन लेबल, डीएसपी ब्लैक, एक्विटी, ओल्ड मोक, ब्लू डाईमंड, अरेस्टोक्रैट, ओसी ब्लू, आल सीजन, बियर तथा संतरा देसी शराब बरामद हुई। जब पुलिस ने इस शराब के बारे में चाय के दुकानदार से कागज़ मांगे तो वह प्रस्तुत नही कर सका। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी व्यक्ति को गिरफ्तार कर भराड़ी थाने में HP एक्ससाइज एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया। आरोपी व्यक्ति की शिनाख्त किशोरी लाल पुत्र चुनी लाल के रूप में हुई है। गौर तलब है कि सुरक्षा शाखा की इस टीम ने टीम प्रभारी संजीव पुंडीर के नेत्रित्व में नशे का अवैध करोवार करने वाले लोगो की नाक में दम कर रखा है और इस टीम ने जिला के विभिन्न हिस्सों में बारी मात्र में नशे के कारोवार करने वाले लोगो से भारी मात्रा में नशीला सामान बरामद कर उन्हें गिरफ्तार किया है। बिलासपुर पुलिस की यह टीम नशे के खिलाफ लगातार सर्जिकल स्ट्राइक करती जा रही है।
पुलिस थाना नूरपुर की पुलिस चौकी रैहन के अंतर्गत आते क्षेत्र रौड़ के निवासी अशवनी कुमार पुत्र देस राज से नारकोटिक्स विभाग की टीम ने बुधवार रात लगभग पौने ग्यारह बजे| रैहन स्टेडियम के पास 2 किलो 400 ग्राम चूरा पोस्त भुक्की बरामद की। बुधवार देर रात नारकोटिक्स विभाग के इंचार्ज हैड कांस्टेबल अर्जुन सिंह, कांस्टेबल सोम राज,अजय कुमार व गुरुदीप सिंह ने गुप्त सूचना के आधार पर रैहन स्टेडियम के पास नाका लगाया हुआ था। इतने में रात लगभग पौने ग्यारह बजे फ़तेहपुर से रैहन की तरफ एक स्कूटी न. एचपी 88-4719 आईं। स्कूटी सवार को नारकोटिक्स विभाग की टीम रोका। रैहन स्टेडियम के पास नारकोटिक्स विभाग की टीम द्वारा पकड़ा गया स्कूटी सवार जिससे दो किलो 400 ग्राम चूरा पोस्त भूकी बरामद हुई। टीम को देखकर स्कूटी सवार अशवनी कुमार घबरा गया। नारकोटिक्स विभाग की टीम ने उससे पूछताछ करके जब तलाशी ली तो उसकी स्कूटी की सीट के नीचे बने लगेज बॉक्स से 2 किलो 400 ग्राम चूरा पोस्त भूक्की बरामद की गई। टीम ने आरोपी स्कूटी सवार के खिलाफ मादक प्रदार्थ एक्ट के तहत मामला दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है। डीएसपी डॉ साहिल अरोड़ा ने मामले की पुष्टि की है।
वीरवार को, मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने दे दी। आयोग पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करेगा और राज्यपाल को इन पंचायतों की वित्तीय स्थिति और शहरी स्थानीय निकायों के करों, कर्तव्यों, टोलों और फीस के निर्धारण, पंचायतों को सहायता अनुदान के निर्धारण में सुधार के बारे में सिफारिशें करेगा। राज्य के समेकित कोष और पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों के ध्वनि वित्त के संबंध में किसी भी अन्य मामले से। मंत्रिमंडल ने जल शक्ति विभा में जल रक्षक / पैरा फिटर और पैरा पंप ऑपरेटरों के मानदेय में रु 300 प्रति माह। इस वृद्धि के साथ, अब जल रक्षक को रु 3300 प्रति माह जबकि पैरा फिटर और पैरा पंप ऑपरेटरों को रु का मानदेय मिलेगा। 4300 प्रति माह। इसने राज्य के ग्रामीण / शहरी क्षेत्रों में 3/2 बिस्वास भूमि की पात्रता के लिए आए मानदंड में संशोधन करने के लिए आवासहीन व्यक्तियों / परिवारों को मौजूदा रुपये से बढ़ाकर इसे मंजूरी दी। 50,000 से रु प्रतिवर्ष एक लाख, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस योजना का लाभ मिल सके। कैबिनेट ने वर्ष 2020 के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के माध्यम से ई-टेंडर के आधार पर स्कूल, पहली, तीसरी, 6 वीं और 9 वीं कक्षाओं के स्कूली छात्रों को अटल स्कूल वर्डी योजना के तहत स्कूल बैग की खरीद, आपूर्ति और वितरण के लिए अपनी मंजूरी दी। इससे इन वर्गों के 2,56,514 छात्रों को लाभ होगा। इसने एक राज्य आपदा शमन कोष बनाने का निर्णय लिया और शमन पर खर्चों को पूरा करने के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 और नियम, 2011 के तहत निधि के प्रशासन के लिए दिशानिर्देशों को मंजूरी दे दी, क्योंकि राज्य के रूप में जाना जाता एक अलग कोष के तहत तैयारियों और प्रतिक्रिया गतिविधियों को कवर किया जाता है। आपदा प्रबंधन कोष - इस फंड के तहत, राज्य आपदा जोखिम प्रबंधन फंड का 20 प्रतिशत शमन के लिए उपयोग किया जाएगा, जो रु चालू वित्त वर्ष के लिए 90.80 करोड़। इसके अलावा, रु राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण निधि से राज्य में पहाड़ी राज्यों में भूकंपीय और भूस्खलन जोखिमों के प्रबंधन के लिए 50 करोड़ की सिफारिश भी की गई है। इसने इस केंद्र को बनाने के लिए मंडी जिले के थुनाग में रेशम कीट बीज उत्पादन केंद्र स्थापित करने और विभिन्न श्रेणियों के चार पदों को भरने के लिए अपनी सहमति दी। मंत्रिमंडल ने इस संस्था के प्रबंधन के लिए कांगड़ा जिले के सुलह विधान सभा क्षेत्र में एक नया सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थान खोलने के लिए और विभिन्न श्रेणियों के 29 पदों को भरने के लिए अपनी मंजूरी दी। इसने अपनी सुचारू कार्यप्रणाली के लिए जिला मंडी के सिविल अस्पताल तिहाड़ में विभिन्न श्रेणियों के तीन और पदों को बनाने और भरने का निर्णय लिया।
समाज सेवा के क्षेत्र में कुछ नाम ऐसे भी होते हैं जो बिना किसी लाग लपेट और पब्लिसिटी के अपना काम गुप्त तरीके से करते रहते हैं। ऐसी ही एक शख्सियत हिमाचल राज्य सहकारी बैंक से सेवा निवृत्त होने वाली सीनियर मैनेजर मीरा भोगल भी हैं। जो अभी हाल ही में बैंक की बिलासपुर शाखा से बतौर सीनियर मैनेजर के पद पर सेवानिवृत्त हुई है। 1962 में जन्मी मीरा भोगल साधारण परिवेश में पली-बढ़ी किंतु अपनी मेहनत व लगन से वह इस उपरोक्त उच्च पद तक पहुंची। पिछले कई वर्षों से इंटरनेशनल संस्था आर्ट ऑफ लिविंग से जुड़ कर विभिन्न शिविरों में भाग लिया और संस्था का संदेश जन-जन तक पहुंचाया और यह क्रम अभी भी जारी है। इसके अलावा कई अन्य पाठशालाओं में, विभिन्न जरूरतमंद लोगों में कुछ ना कुछ सहयोग अवश्य किया। मीरा भोगल ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में मास्टर की डिग्री हासिल करने के बाद पर्सनल मैनेजमेंट में डिप्लोमा किया था। इनके बारे में कहा जाता है कि जहां भी कहीं जरूरत होती है चुपके से सहयोग देने के लिए खड़ी हो जाती है। चाहे शिक्षा जगत हो, अस्पताल में लंगर अनुदान के लिए सहयोग हो, बिलासपुर में बने शहीद स्मारक की बात हो या किसी असहाय की मदद करनी हो मीरा खामोशी से अपना सहयोग करती रहती है। जिनकी भी यह सहायता करती हैं उन्हें बाद में पता चलता है कि मीरा भोगल ने उनकी सहायता कर दी। मीरा गूगल के पति डीएस भोगल भी पंजाब नेशनल बैंक में कार्यरत थे और 31 मार्च 2017 को एस ए अधिकारी के रूप में सेवानिवृत्त हुए। बिलासपुर राज्य सहकारी बैंक की शाखा में सेवानिवृत्ति के दिन इन्हें सभी ने भावपूर्ण विदाई दी और इनके द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। इस उपलक्ष्य पर सहकारी बैंक के निदेशक राम गोपाल ठाकुर व राकेश गौतम तथा जिला प्रबंधक नागेन्द्र शर्मा, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रेम कौशल, महासचिव अनिल चौहान, शाखा प्रबंधक रमेश भारद्वाज एवं जिला बिलासपुर के समस्त बैंक कर्मचारियों ने इस अवसर पर मीरा भोगल को उज्जवल भविष्य एवं स्वास्थ्य लाभ की शुभकामनाएं दीं।
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश में कार्यरत ऐसे सभी कर्मचारियों, अधिकारियों और अग्रिम पंक्ति के कर्मचारी, जो कोविड-19 के दृष्टिगत डयूटी पर तैनात किए गए हैं, की मृत्यु होने पर उनके परिवारों को प्रदेश सरकार ने एचपी एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅंस फंड में से 50 लाख रुपये की अनुग्रह अनुदान राशि देने की अनुमति दी है। उन्होंने कहा कि वे स्वास्थ्य कार्यकर्ता, जिनके लिए भारत सरकार, स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा पहले ही बीमा योजना की घोषणा कर दी थी, वे इसमें शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि राजस्व व आपदा प्रबंधन विभाग के पास विभिन्न निगमों, बोर्डों, स्वायत्त निकायों और एजेंसियों द्वारा उनके अधिकारियों, कर्मचारियों को इस निर्णय के दायरे में लाने हेतु प्रतिवेदन प्राप्त हो रहे है, क्योंकि वे कोविड-19 महामारी से लड़ने की प्रक्रिया में भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के उपरांत प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी विभागों के साथ-साथ निगमों, बोर्डों, स्वायत्त निकायों और विभिन्न एजेंसियों में काम करने वाले सभी अधिकारियों, जो कोविड-19 के दृष्टिगत राहत उपायों के लिए कार्य कर रहे हैं, को इसके अन्तर्गत कवर करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण मृत्यु होने पर कोविड-19 से सम्बन्धित डयूटी पर स्वच्छता के काम में लगे नगर निगम शिमला की सैहब सोसायटी के नियमित, आउटसोर्स, अनुबंध, दैनिकभोगी कर्मचारियों को भी इसके अन्तर्गत लाया गया है। कोविड-19 महामारी के दौरान केवल आधिकारिक डयूटी में तैनात, जिनका कोविड-19 महामारी से लड़ने में कोई भूमिका नहीं है, वे इस अनुग्रह अनुदान राशि के पात्र नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि एक्टिव केस फाइंडिंग, कोविड -19 संस्थानों में कार्यरत हेल्थ वर्कर, क्वारंटीन केन्द्र में प्रबन्धन के लिए तैनात लोग, प्रवासियों के आने और जाने के कार्य के लिए तैनात लोग, हिमाचल पथ परिवहन निगम के चालक एवं परिचालक तथा पर्यवेक्षण कार्यों के लिए तैनात निगम के अधिकारी, खाद्यान्न, राशन की आपूर्ति कार्यों में लगे कर्मचारी, स्वच्छता कार्यकर्ता, पुलिस के सुरक्षाकर्मी व होमगार्ड इत्यादि को पात्र फ्रंटलाइन कार्यों में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण मृत्यु होने पर प्रमाणित करने वाले संबंधित सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाणीकरण के बाद ही राशि का भुगतान किया जाएगा। इसमें सक्षम चिकित्सा अधिकारी द्वारा स्पष्ट रूप से दर्शाया गया हो कि मृत्यु कोविड-19 महामारी के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि अनुग्रह अनुदान राशि का भुगतान विभाग के मुखिया द्वारा कोविड-19 महामारी के कारण मृत्यु होने का प्रमाण पत्र देने के उपरांत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस राशि का दावा करने वाले को कानूनी उत्तराधिकारी होने के साथ इससे सम्बन्धित अन्य प्रमाण पत्र भी देने होंगे।
जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर तथा शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश में पटवारी भर्ती परीक्षा में कोई भी अनियमितता नहीं हुई है यह उच्च न्यायालय के निर्णय से स्पष्ट हो गया है। विपक्ष द्वारा इस मामले को व्यर्थ में उछाला जा रहा है। इस मामले में विपक्ष के आरोप पूरी तरह से तथ्यहीन व निराधार है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रदेश में 1200 पटवारी भर्ती करने का निर्णय लिया था, जिसके लिए प्रदेशभर से लगभग 3,00,000 अभ्यार्थियों ने आवेदन किया था। 17 नवंबर 2019 को इस भर्ती की लिखित परीक्षा प्रदेश के विभिन्न उपायुक्तों के माध्यम से जिलों के विभिन्न केंद्रों में ली गई। इस भर्ती को कुछ व्यक्तियों ने हिमाचल प्रदेश माननीय उच्च न्यायालय में चुनौती दी व भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया तथा अधिवक्ता के माध्यम से हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई। हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस याचिका का विस्तृत जवाब दाखिल किया है, जिसमें स्पष्ट कहा है कि इस भर्ती में कोई भी व किसी भी तरह की अनियमितता नहीं हुई है तथा इस याचिका को चुनौती देने वालों में से एक अभ्यर्थी तो परीक्षा में भी उपस्थित नहीं हुआ था। महेन्द्र सिंह ठाकुर और सुरेश भारद्वाज ने कहा कि उच्च न्यायालय ने 8 जनवरी 2020 को इस पटवारी भर्ती मामले की जांच सीबीआई को करने के लिए कहा। सीबीआई ने गहन जांच पड़ताल करने के बाद अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट, प्रदेश उच्च न्यायालय को प्रस्तुत की। सीबीआई ने 29 मई 2020 को माननीय उच्च न्यायालय में बंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट सौंपी। 2 जून 2020 को माननीय उच्च न्यायालय ने सीबीआई की विस्तृत जांच रिपोर्ट का अवलोकन किया, व यह स्पष्ट पाया कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस पटवारी भर्ती परीक्षा प्रक्रिया में कोई भी अनियमितता नहीं की थी और इस पटवारी भर्ती को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि जब उच्च न्यायालय पटवारी भर्ती की जांच करवाने के निर्देश दिए तो प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया था कि इस पटवारी भर्ती की जांच प्रदेश व देश की किसी भी जांच एजेंसी से करवाने के लिए तैयार है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस पटवारी भर्ती में पारदर्शिता का पालन किया है। प्रदेश की वर्तमान सरकार भर्ती व अन्य सभी मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित कर रही है। सीबीआई की रिपोर्ट व हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के इस फैसले से यह स्पष्ट हो गया कि इस पूरी भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरती गई थी और किसी भी तरह की कोई अनियमितता नहीं हुई थी।
जिला कांगड़ा के फतेहपुर को कोरोना का जोरदार झटका लगा है। एक साथ ही फतेहपुर में तीन कोरोना पॉजिटिव के मामले सामने आए हैं। एक साथ तीन लोगों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के समाचार से लोग सहम गए हैं। उपमंडल फतेहपुर की पंचायत लुठियाल के बडा़ल गांव का 30 वर्षीय व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया है जोकि 27 मई को मध्य प्रदेश से लौटा था जोकि संसारपुर टैरेस में इंसिट्यूशनल क्वारन्टीन था। गोलवां का 25 वर्षीय युवक कोरोना संक्रमित पाया गया है। उक्त युवक कार चलाता था तथा कंटेन्मेंट जोन से आल्टो कार के माध्यम से अपने भाई और उसके दोस्त को चंडीगढ़ छोड़ने भी गया था जिस एवज में उस पर कंटेन्मेंट जोन की उलंघना का भी केस दर्ज है। फतेहपुर की हाड़ा पंचायत का 22 वर्षीय युवक भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है जोकि 29 मई को फ्लाइट के जरिए दिल्ली पहुंचा था व फतेहपुर के शिबा पैलस मे क्वारन्टीन था। इसके अतिरिक्त गंगथ से भी एक 31 वर्षीय व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया है जोकि गंगथ में होम क्वारंटाइन था। बताया जाता है कि उक्त व्यक्ति गंगथ में एक सुनार के पास कारीगर कर रूप।में काम करता था और किसी अन्य प्रदेश से तालूक रखता था। तब्लीगी जमात के सदस्य के बाद गंगथ का यह दूसरा मामला है। इससे पूर्व भी गंगथ के लोग कंटेन्मेंट जोन में रह चुके है अतः उन्हें फिर डर सताने लगा कि उन्हें फिर से कंटेन्मेंट ज़ोन की असुविधा न उठानी पड़ी। वहीं एसडीएम फतेहपुर बलवान चन्द ने बताया कि गोलवां वार्ड नम्बर 4 से जो युवक कंटेन्मेंट जोन से गाड़ी लेकर कुछ लोगों को छोड़ने चला गया था, उसकी हिस्ट्री को खंगाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि उसके संपर्क में आए लोगों के भी सैंपल लिए जाएंगे।
दिनाक 03 जून 2020 को NSUI मंडी के पूर्व जिला अध्यक्ष आज़ाद गुमरा ने कोरोना माहमारी के चलते छात्रों के स्वास्थय को मद्देनजर कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों को प्रोमोट करने की पुरजोर मांग उठाई है। आज कोरोना माहमारी के चलते शैक्षणिक वर्ष बाधित हुआ है। शैक्षणिक कैलेंडर में देरी के साथ-साथ विश्वविद्यालय में ना ही कक्षा संचालित हो पाई है और ना ही पाठ्यक्रम पूरा हुआ है, जिसके बिना परीक्षाएं आयोजित करना सही नहीं होगा। साथ ही प्रदेश में बिना बुनियादी ढाँचे व कनेक्टिविटी के कारण ऑनलइन परीक्षाएं करवाना भी सभव नहीं है। कोरोना महामारी के चलते विश्वविद्यालय का ऐकडेमिक कलैंडर काफी गड़बड़ा गया है, वहीं कोरोना वायरस के लगातार पाँव पसारने के बीच परीक्षाएं करवाना संभव नहीं लग रहा है। परीक्षाएं करवाने पर छात्रों के स्वास्थय पर असर भी हो सकता है। NSUI सरकार से व विश्वविद्यालय प्रशाशन से यह मांग करती है कि सनातक प्रथम, द्वितीय वर्ष और स्रातकोत्तर प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को गत वर्ष के मूल्यांकन के आधार पर प्रोमोट किया जाए वहीं सनातक व स्तरातकोत्तर अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थियों गत औसत के 10 प्रतिशत अधिक अंको से उत्तीर्ण किया जाए। साथ ही NSUI ने यह भी मांग रखी है कि जो 2015 -2016 सत्र के छात्र है जिनकी डिग्री अभी तक पूरी नहीं हो पाई है और उनका यह अंतिम चांस था, उन छात्रों के भविष्य को मद्देनजर रखते हुए उन्हें डिग्री दी जाए।
शिक्षा, विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कुसुम्पटी क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कायम करते हुए कोविड-19 के तहत उनके द्वारा किए गए सक्रिय सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल में कोई भी कोरोना संक्रमण मामला सामने नहीं आया, जो भी मामले यहां पाए गए हैं वह उनकी ट्रैवल हिस्ट्री बाह्य आगमन रही है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग ने लाॅकडाउन की स्थिति का सामना किया। जनप्रतिनिधियों द्वारा सेवा परमोधर्म के भाव को प्रदर्शित करते हुए लोगों को विभिन्न तरीकों व स्तरों पर निरंतर सहायता प्रदान की जाती रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विभिन्न गतिविधियों को चरणबद्ध रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है ताकि आर्थिक नुकसान की भरपाई के साथ-साथ कोरोना संक्रमण से बचाव भी सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से कोई भी प्रदेश में संक्रमण का मामला नहीं आया, इसके लिए जांच की संख्या बढ़ाई जा रही है। उन्होंने अंदेशा जताया कि आने वाले समय में संक्रमण की गति में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन खुलने की स्थिति में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सरकार के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं व समाज के प्रत्येक वर्ग को मिलकर समन्वय स्थापित करना होगा। उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत कार्यों को शुरू करें, जिससे विकासात्मक कार्यों को तरक्की तथा रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने बताया कि अनलाॅक-3 के बाद ही स्कूलों को खोलने का विचार किया जाएगा, जिसके लिए आप सभी लोगांे से सुझाव आमंत्रित है। कोरोना से बचाव के लिए व्यक्तिगत तौर पर सभी को सजग व सचेत रहना अत्यंत आवश्यक है, जिसके तहत विभिन्न सलाहों को मानते हुए फेस मास्क को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचे तथा लोगों में भी ऐसे आयोजनों को न करने के प्रति जागृति प्रदान करें। उन्होंने कहा कि सामाजिक दूरी बनाएं रखने, इन्स्टीच्यूशनल अथवा होम क्वाॅरेंटाइन में रखे गए व्यक्ति द्वारा इसके अनुपालना की जा रही अथवा नहीं इसके बारे में विभिन्न स्तरों पर पंचायती राज व अन्य जनप्रतिनिधि भी निगरानी रखें तथा व्यवस्था बनाने में सहयोग प्रदान करें ताकि कोरोना संक्रमण से समाज को बचाया जा सके। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों से सुझाव आमंत्रित किए, जिसमें स्कूलों, किसानों, बागवानों तथा व्यापारियों से संबंधित सुझाव शामिल किए गए। इस अवसर पर कुसुम्पटी के व्यापारियों ने दुकानों के समयावधि को बढ़ाने के लिए शिक्षा मंत्री का धन्यवाद किया। वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग में कुसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के नगर निगम पार्षद, पंचायत प्रधान, बीडीसी सदस्य, जिला परिषद सदस्य एवं अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर, हिमाचल प्रदेश के साइकिलिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष, दिनेश मल्होत्रा और पूर्व आईएएस अधिकारी ने आज राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से भेंट की और उन्हें एसोसिएशन की गतिविधियों के बारे में बताया। राज्यपाल ने साइकिलिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने के उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए कहा कि दुनिया कोविड-19 से जूझ रही है, जिसने हमारे जीने के तरीके को बदल दिया है और इस समय में हमारे राज्य में साइकिल गतिविधियां चलाने की अत्याधिक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि साइकिल परिवहन का सरल रूप है, क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है। उन्होंने कहा कि देश में बहुत सारे ऐसे सुन्दर स्थल हैं, जो साइकिल पर्यटन को लोकप्रिय बनाने के लिए पसंदीदा स्थल हो सकते हैं। हिमाचल प्रदेश और इसके कुछ विशेष क्षेत्र इस सूची में सर्वोच्च स्थान पर हैं। मल्होत्रा ने कहा कि राज्य में साइकिलिंग के खेल को विकसित करने के लिए मंच प्रदान करने के लिए एसोसिएशन का गठन किया गया है। राज्य के लोगों के बीच पर्यटन, स्वास्थ्य और फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए साइकिल को लोकप्रिय गतिविधि के रूप चलाना है। राज्यपाल के एडीसी मोहित चावला और एसोसिएशन के अवैतनिक सचिव और अन्य सदस्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
जल शक्ति एवं बागवानी मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर और शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को देश की एक इंडिपेंडेंट एजेंसी आईएएनएस-सी वोटर सर्वे द्वारा किए गए सर्वेक्षण के आधार पर देश का बैस्ट परफाॅर्मिंग मुख्यमंत्री और भाजपा शासित राज्यों में सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री घोषित किए जाने पर बधाई दी है। मंत्रियों ने कहा कि ये सर्वे संबंधित राज्यों में सभी मुख्यमंत्रियों की संतोषजनक (सेटिस्फेक्शन) रेटिंग के आधार पर किया गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सेटिस्फेक्शन का शुद्ध प्रतिशत 73.96 है, जो कि अधिकांश बड़े राज्यों की तुलना में बहुत अधिक है। उन्होंने बताया कि सेटिस्फेक्शन का शुद्ध प्रतिशत कर्नाटक में 67.21 प्रतिशत, असम में 67.17 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 58.73 प्रतिशत, गुजरात में 58.53 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 57.81 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय सेटिस्फेक्शन का औसत 57.36 प्रतिशत है। महेन्द्र सिंह और सुरेश भारद्वाज ने कहा कि राज्य के लिए भी यह गौरव का बात है कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को भाजपा शासित राज्यों में देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री के रूप में स्थान दिया गया है और देश के 7वें सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री के रूप उभरे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश न केवल मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के गतिशील नेतृत्व में प्रगति और समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है, बल्कि राज्य में कोरोना महामारी से भी प्रभावी तरीके से निपट रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सर्दी, जुखाम जैसे लक्षणों वाले लोगों की पहचान करने के लिए शुरू किए गए एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान जैसे कदमों की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी सराहना की है।
राज्य सरकार प्रदेश में निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण मुहैया कर और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध करवा, निवेश करने के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से काॅर्पोरेट मामलों के निदेशक सीटी पावर लिमिटेड नई दिल्ली एस.के.मिश्रा के साथ बातचीत के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अनेक मनभावन पर्यटन स्थल और जलवायु स्वास्थ्यवर्धक होने के कारण पर्यटन के क्षेत्र में निवेश की आपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य में सतत पर्यटन विकास के लिए एक पर्यटन नीति तैयार की है। उन्होंने कहा कि पर्यटन से युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उपलब्ध होने के अलावा राज्य के विकास में मदद मिलेगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य में बहने वाली पांच प्रमुख नदियां भी हिमाचल प्रदेश को पनबिजली उत्पादन के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अच्छी धूप और और साफ-सुथरा वातावरण भी राज्य को सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए एक आदर्श गंतव्य बनाते हैं। मुख्यमंत्री ने काॅरपरेट मामले, सीटी पावर लिमिटेड के निदेशक को आश्वासन दिया की राज्य सरकार कम्पनी के निवेश के प्रयासों में हर सम्भव सहायता प्रदान करेगी। काॅरपरेट मामले, सीटी पावर लिमिटेड के निदेशक एस. के. मिश्रा ने मुख्यमंत्री को प्रदेश में 250 मेगावाट क्षमता के सौर उर्जा संयत्रों को स्थापित करने की इच्छा से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि कम्पनी मुख्य रुप से प्रदेश के शिमला, कांगड़ा और मंडी जिले में एक पांच सितारा होटल की स्थापना करने के लिए भी इच्छुक है। उन्होंने कहा कि कम्पनी राज्य में अमेरिकी होटल चेन ब्रांड एमजीएम को आरम्भ करने के लिए प्रयासरत है। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग राम सुभग सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा, सचिव पर्यटन देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव डाॅ.आर.एन. बत्ता भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष डॉ.धनीराम शांडिल ने कहा है कि पार्टी में अनुशासनहीनता को किसी भी स्तर पर सहन नही किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि पार्टी के नियम सभी के लिए बराबर है और सभी को इसके नियमों का पालन करना होगा। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पुनर्गठन के बाद समिति की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए शांडिल ने सभी पदाधिकारियों व नेताओं को अनुशासित रहने का आह्वान करते हुए कहा कि अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर नही की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ताओं व नेताओं को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दिशानुसार कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी की एकता के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए। शांडिल ने पार्टी कार्यकर्ताओं व नेताओं की प्रेस में एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी को भी अनुशासनहीनता के दायरे में लाते हुए इस समिति के सदस्यों की जिम्मेदारीयां तय कर दी।इसके तहत विधायक पवन काज़ल सामान्य शिकायतें, चेतराम ठाकुर प्रिंट मीडिया व वीरेंद्र सूद सोशल मीडिया व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर पार्टी विरोधी खबरों व अपने नेताओं के विरुद्ध किसी भी बयानबाजी पर कड़ी नज़र रखेंगे जबकि वरिष्ठ अधिवक्ता शर्मिला पटियाला को सदस्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। बैठक में शांडिल के अतिरिक्त समिति के सदस्य पवन काज़ल, चेतराम ठाकुर, वीरेंद्र सूद मौजूद थे। बाद में समिति ने प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर से भेंट कर इस समिति में उन्हें शामिल करने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने उन्हें आश्वासन दिया कि समिति पूरी निष्ठा और किसी भी शिकायत पर बगैर किसी पक्षपात के अपना कार्य करेगी।
3 जून 2020, हिमाचल प्रदेश :केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कोरोना आपदा से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गये प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज से अब तक 43 करोड़ लोगों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज से 53248 करोड़ रुपए ट्रांसफ़र किए जाने की जानकारी दी है। अनुराग ठाकुर ने कहा”कोरोना महामारी से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हर ज़रूरी कदम उठा रही है। इस आपदा की विभिषिका से देशवासियों को राहत पहुँचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज दिया था। अब तक इस पैकेज से 43 करोड़ से अधिक लोगों को 53228 करोड़ रुपए की सहायता पहुँचाई जा चुकी है। महिला जनधन खाताधारकों को पहली किश्त 10029 करोड़ की 20.05 करोड़ लाभार्थीयों व दूसरी किश्त 10315 करोड़ की 20.63 करोड़ लाभार्थीयों को ट्रांसफ़र किए जा चुके हैं।2.81 करोड़ वृद्ध, विधवा, दिव्यांग व वरिष्ठ नागरिकों को 2814 करोड़,8.19 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत 16394 करोड़,2.3 करोड़ बिल्डिंग एवं निर्माण श्रमिकों को 4313 करोड़,59.43 लाख कर्मचारियों के ईपीएफ़ का 24% सहयोग 895 करोड़, उज्ज्वला योजना के अंतर्गत लगभग 9000 करोड़ रुपए का लाभ इन योजनाओं के लाभार्थीयों को दिया जा चुका है।” आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा "आत्मनिर्भर भारत पैकेज बनाते समय हमने विभिन्न सेक्टर के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक चर्चा की थी और उसी के अनुरूप नीतियाँ बनाईं।सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने 100 प्रतिशत आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना के तहत 10,361.75 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने जून महीने के पहले दो दिनों में इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम के तहत 3892.78 करोड़ का ऋण सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को उपलब्ध कराया है।इन उपायों से रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे व इसका सबसे ज़्यादा लाभ छोटे शहरों को मिलने वाला है।”
हिमाचल प्रदेश पुलिस पेंशनर्स वेलफेयर एसोशियेशन कुनिहार के अध्यक्ष धनीराम तनवर, गुरदयाल सिंह चोधरी, जगदीश चौहान,आशा ठाकुर, पुष्पा सूद, जगदीश गर्ग, लेखराम कायथ, कंवर शमशेर सिंह,संतराम चंदेल, राजेन्द्र शर्मा, केदार ठाकुर पतराम पंवर, मुनिलाल चोहान, बीना देवी,दिपराम ठाकुर, रूपराम ठाकुर, रतिराम शर्मा सहित अन्य सदस्यों ने संजय कुंडू (आईपीएस) के प्रदेश पुलिस महानिदेशक बनने पर उन्हें बधाई संदेश भेजा है। एसोशियेशन ने कहा कि जब केन्द्र से वापिस हिमाचल प्रदेश आये व् प्रदेश मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के पद पर आसीन हुए थे तब भी प्रदेश पुलिस पेंशनर्स ने एक वरिष्ठ आई पी एस आफिसर होने के नाते शुभकामनाए दी थी। एसोशियेशन द्वारा प्रदेश पुलिस महानिदेशक को दिए बधाई संदेश पत्र में कहा है, कि एसोशियेशन आपसे पूरी आशा करती है कि हम सभी जिन्होंने 35 से 40 वर्ष विभिन्न पदों पर रहते हुवे प्रदेश की सेवा की है व् आप अपने पुलिस परिवार की तरह एसोशियेशन की समस्याओं का निवारण करेंगे जैसा कि पिछले कई वर्षों से एसोशियेशन के आग्रह पर पूर्व डी जी पी मिन्हास महदोय ने प्रदेश के सभी पुलिस अधिक्षको को आदेश दिए थे कि जब भी पुलिस पेंशनर्स किसी भी कार्य के लिए थाना चौकी में आए तो उनको सम्मान पूर्वक सुना जाए व् पेंशनर्स के साथ वर्ष में दो बार पुलिस लाइन में बैठक रखी जाये व उनके अनुभवों का लाभ उठाकर समस्याओ को हल करे। इसी प्रकार पूर्व डी जी पी अश्वनी कुमार जो अपनी योग्यता से सी बी ई चीफ व् गवर्नर के पद पर रहे जब वह बतोर डी जी पी किसी भी थाना का निरीक्षण करने आते थे तो सबसे पहले उस थाना के सभी पुलिस पेंशनर्स को आमंत्रित करके उनकी समस्याओ बारे चर्चा करते थे। हिमाचल प्रदेश पुलिस पेंशनर्स वेलफेयर एसोशियेशन ने कहा कि यह भी एक सच्चाई है कि हर अधिकारी को एक न एक दिन अपने पद से सेवानिवृत होना है। हालत सामान्य होने के उपरान्त एसोशियेशन के सभी सदस्य आपसे मुलाक़ात करेंगे।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री एवं विधायक राकेश जम्वाल ने अपने प्रैस वक्तव्य में कहा कि कांग्रेस पार्टी ने कोरोना संकट के कारण आई वैश्विक आपदा को भी पार्टी के लिए फंड इकट्ठा करने का माध्यम बना लिया है और प्रदेश की जनता की सहायता के नाम पर अपने केन्द्रीय नेतृत्व से पैसा मांग कर अपनी जग हसाई करवा रही है। जबकि हकीकत यह है कि कांग्रेस पार्टी ने कोरोना संकट में प्रदेश में कोई भी जनसेवा का कार्य नहीं किया है केवल अपनी राजनीति चमकाने के लिए और मीडिया की सुर्खियों में बने रहने के लिए झूठी बयानबाजी करने का काम किया है और अब प्रदेश की जनता की मदद के बहाने अपनी हाईकमान को झूठे आंकड़े भेजकर अपनी जेबें भरने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा महामंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने कोरोना संकट में प्रदेश में 7.5 लाख मास्क, 2.5 लाख सैनिटाईजर और 11 हजार पीपीई किटस बांटने, 2 लाख 40 हजार लोगों को खाना बांटने, 9800 लोगों को टिकट देने तथा 5 हजार लोगों की चिकित्सीय मदद की ऐवज में 12 करोड़ रू0 खर्च करने का दावा अपनी हाईकमान के सामने प्रस्तुत किया है, जोकि वास्तविकता से कोसो दूर है। इस तरह के झूठे आंकड़े प्रस्तुत कर कांग्रेस पार्टी के नेता न केवल स्वयं को बल्कि अपनी पार्टी को भी धोखे में रख रहे हैं। ऐसी भयंकर महामारी में भी झूठ की राजनीति करना कांग्रेस पार्टी की संकीर्ण मानसिकता का परिचायक है। राकेश जम्वाल ने कहा कि एक ओर कांग्रेस पार्टी जनसेवा के बदले सहायता राशि की मांग कर रही है और दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं ने कोरोना संकटकाल के दौरान प्रदेश की जनता की निस्वार्थ भाव से सेवा की है। अब तक भाजपा ने 5 लाख से अधिक लोगों को भोजन के पैकेट, 1 लाख से अधिक लोगों को सूखा राशन की किटें, 22 लाख से अधिक मास्क, 10 करोड़ से अधिक की राशि का प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान दिया है, परन्तु इन सब सेवा कार्यों की बदले किसी राशि की मांग नहीं की है। भाजपा महामंत्री ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कोरोना महामारी में बेहतरीन कार्य किए हैं। इस दौरान प्रदेश सरकार ने प्रदेश में तथा प्रदेश के बाहर रह रहे प्रत्येक हिमाचलवासी के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन बखूबी किया है। प्रदेश से बाहर रह रहे हिमाचलियों को वापिस प्रदेश में लाकर उन्हें राहत प्रदान की है। हालांकि बाहर से लाए गए लोगों से हिमाचल में कोरोना के मामले बढ़े हैं लेकिन इन सबके बावजूद भी हिमाचल प्रदेश की स्थिति अन्य राज्यों के मुकाबले बेहतर है और प्रदेश में कोरोना के मरीजों के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार भी हो रहा है। राकेश जम्वाल ने कांग्रेस को सलाह देते हुए कहा कि यदि आप प्रदेश की जनता की वास्तव में सेवा करना चाहते हैं तो दलगत राजनीति से उपर उठकर मीडिया में झूठी बयानबाजी कर उन्हें गुमराह करना बंद करें और सकारात्मक रवैया अपनाते हुए इस महामारी से निपटने में प्रदेश सरकार का सहयोग करें।
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने दाड़लाघाट सब उपमंडल के अंतर्गत ईएसआई अस्तपाल, तहसील कार्यालय, नवनिर्मित सीएचसी के भवन और अम्बुजा सीमेंट कंपनी दाड़लाघाट में अपनी टीम के साथ औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उपायुक्त सोलन केसी चमन के साथ, सीएमओ सोलन, उपमंडलाधिकारी अर्की, बीएमओ अर्की, तहसीलदार अर्की, नायब तहसीलदार दाड़लाघाट व अन्य विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे। उपायुक्त सोलन केसी चमन ने आला अधिकारियों से कोविड-19 के चलते दाड़लाघाट क्षेत्र में विभिन्न विषयों पर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने ईएसआई अस्तपाल में जाकर वहां के स्टाफ से स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं को मुहैया करवाने के आदेश दिए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि तहसील कार्यालय में लोगों को किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े और लोगों की जरूरत वाले जरूरी दस्तावेज उन्हें समय पर मिलना चाहिए, ऐसे आदेश कर्मचारियों और अधिकारियों को दिए। उधर सीएचसी के नवनिर्मित अस्तपाल को चालू करने के साथ साथ कोविड-19 डेडिकेटेड अस्तपाल की तैयारी व उचित व्यवस्था को लेकर सीएमओ सोलन, उपमंडलाधिकारी अर्की व बीएमओ अर्की को जल्द से जल्द इसे पूर्ण रूप से तैयार करने के लिए आदेश दिए। इसके साथ ही बखालग में कोविड केअर सेंटर की व्यवस्था को लेकर उक्त अधिकारियों से उन्होंने जानकारी जुटाई। इस दौरान दाड़लाघाट क्षेत्र में स्थापित अम्बुजा सीमेंट कंपनी में चल रही गतिविधियों को लेकर वहां के उच्च प्रबंधन को निर्देश व हिदायत दी कि कोविड 19 के मद्देनजर उद्योग परिसर में सरकार द्वारा दी गई सभी गाइडलाइंस का पालन करे।इस मौके पर उपायुक्त सोलन केसी चमन ने कहा कि कोविड-19 के दृष्टिगत समाज के सभी वर्गों के हित के दृष्टिगत घोषित कर्फ्यु में चरणबद्ध ढील दी जा रही है ताकि सामाजिक-आर्थिक विकास सुनिश्चित बनाकर जन-जन को कोरोना वायरस के विरूद्ध सजग रहने के लिए प्रेरित किया जा सके। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे सदैव सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का प्रयोग करें व सार्वजनिक क्षेत्र में दूरी बनाकर रखें और नियमित अंतराल पर अपने हाथ साबुन अथवा सेनिटाइजर से साफ करते रहें। उन्होंने कहा कि सावधानी अपनाकर ही कोविड-19 को हराया जा सकता है।इस अवसर पर उपायुक्त सोलन केसी चमन, सीएमओ सोलन डॉ राजन उप्पल, उपमंडलाधिकारी अर्की विकास शुक्ला, बीएमओ अर्की राधा शर्मा, तहसीलदार अर्की संत राम शर्मा, नायब तहसीलदार दाड़लाघाट बसंत लाल राजटा, सब तहसील दाड़लाघाट में वरिष्ठ सहायक राजेन्द्र सिंह ठाकुर, पूर्व उपप्रधान दाड़लाघाट राजेश गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
उप-निदेशक बागवानी डाॅ. विनोद शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि देश के उतरी भागों मुख्यत उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में टिड्डी दल का भयंकर प्रकोप देखा गया है जिसके चलते किसानों को भारी मात्रा में नुकसान का सामना करना पड़ा है। उन्होंने बताया कि टिड्डी दल फसलों पर दिन के समय पर हमला करता है और रात को टिड्डी दल विश्राम करता है। उन्होंने बताया कि टिड्डी दल को रात में आराम नहीं करने देना चाहिए जिसके लिए किसानों को इससे प्रभावित इलाकों में रात के समय ही कीटनाशकों का छिडकाव करना चाहिए जिसमें मैलाथियान 50 प्रतिशत ई.सी. 3.7 एम.एल/लीटर पानी, मैलाथियान 25 प्रतिशत डब्ल्यूपी 7.4 ग्राम/लीटर पानी, क्लोरोपाईरोफास 20 प्रतिशत ई.सी. 2.4 एम.एल./लीटर पानी, क्लोरोपाइराॅस 50 प्रतिशत ई.सी. 1.0 एम.एल./लीटर पानी शामिल है। उन्होंने किसानों को सलाह देते हुए कहा कि छिडकाव करते समय मास्क, दस्ताने, चश्मा और एपरन का प्रयोग जरूर करें। उन्होंने बताया कि इस छिडकाव को फसल काटने के 12 से 15 दिन पहले करना चाहिए। उन्होंने बताया कि इन टिड्डी दलों का ब्रीडिंग समय जून-जुलाई से अक्तूबर-नवम्बर तक होता है। उन्होंने बताया कि टिड्डी दल खाली पडे खेतों में अण्डें देते हैं जिन्हें नष्ट करने के लिए खेतों में गहरी नालियां खोद कर पानी से भर दें ताकि इससे इसकी संख्या को बढने से रोका जा सके। उन्होंने बताया कि एक टिड्डी दल दिन भर में 100-150 किलोमीटर तक उड़ सकती है और 20-25 मिनट में ही पूरी फसल बर्बाद कर सकती है। उन्होंने बताया कि इसके हमले से बचने के लिए किसान थालियां या टीन आदि का शोर करके भी टिड्डी दल को भगाते है ताकि टिड्डी दल के हमले से फसलो को बचाया जा सके।
हिमाचल सरकार द्वारा हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें चलाने का निर्णय तो ले लिया गया है लेकिन इस बात का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जो चालक और परिचालक बसों को लेकर जा रहे हैं, उनके रहने और खाने की व्यवस्था कैसे की जाएगी। बिलासपुर में एक ऐसा उदाहरण सामने आया है जिसमें बिलासपुर से भ्यूंखर गांव को गई पथ परिवहन निगम की बस के चालक परिचालक को वहां के ग्रामीणों ने नल से पानी तक भी भरने नहीं दिया। परिणाम स्वरूप यह बस का रूट आज कैंसिल करना पड़ा है। यही दिक्कत है अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में जा रही रूटों पर भी आ रही हैं ना तो चालक और परिचालकों के रहने की कोई व्यवस्था की गई है और ना ही उनके खाने और पीने का कोई प्रावधान है। अगर बात करें सवारियों की तो निश्चित रूप से अभी लोग बसों में नहीं बैठ रहे हैं और सवारियां बहुत कम है। जिसके चलते रेवेन्यू भी कम ही इकट्ठा हो रहा है। बिलासपुर से पहले दिन 35 रूट भेजे गए थे तथा उन रूटों पर कुल आमदनी 54584 रुपए हुई थी जबकि दूसरे दिन 52 रूट बहाल किए गए जिन पर कुल आमदनी 86609 रुपये हुई। हैरानी तो इस बात की है कि परिचालकों को हाथ से टिकट काटने को कहा गया ह लेकिन लोग हाथ से कटे टिकट नही ले रहे। पता चला है कि टिकट काटने की 216 मशीनों में से 148 मशीनें खराब है और 68 मशीनें ऐसी हैं जो रुक-रुक कर चलती है। इस बारे में परिचालकों ने कई बार अपने अधिकारियों को बताया, लेकिन किसी के कान पर जूं नहीं रेंगी जबकि यह मामला। पिछले एक डेढ़ वर्ष से चला आ रहा है। बुधवार को बिलासपुर से दो और रुट भी आरम्भ किये हैं जिनमे मल्यावर तथा जाहु के रूट शामिल हैं। बाहरी जिलों से बसें नालागढ़ ,चम्बा व शिमला से आ रही हैं और बिलासपुर को क्रॉस कर रही हैं। इस बारे में बिलासपुर पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक पवन शर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा नोटिफिकेशन जारी की गई है। उसमें पंचायत प्रधान को चालकों और परिचालकों के रहने और खाने की व्यवस्था करने को कहा गया है। लेकिन पिछले दो दिनों में किसी भी पंचायत प्रधान ने इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं की है। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से भी भ्यूंखर रूट बंद कर दिया गया है क्योंकि जब चालक और परिचालक को खाने और रहने की व्यवस्था नहीं होगी तो बसे इस तरह से कैसे चलाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा जो टिकटों को काटने की खराब मशीनें हैं, वह शिमला गई है और नई मशीनें अप्रैल में आनी थी, लेकिन कोविड -19 के कारण वह सप्लाई नहीं आ पाई है। इस बारे में शीघ्र ही उचित कार्रवाई की जा रही है।
जिला भाजपा के अध्यक्ष स्वतन्त्र सांख्यान और जिला महामंत्री आशीष ढिल्लों ने कांग्रेस पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी के राज्य अध्यक्ष नैतिकता की दुहाई देते नहीं थकते है जो 12 करोड़ का पैसा उन्होंने कोविड 19 के लिए कांग्रेस पार्टी के नाम पर इक्कठा किया उसका हिसाब किताब अब क्या कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी जी को देना पड़ेगा या फिर कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी को देना पड़ेगा। जिला अध्यक्ष ने कहा कि राजा वीरभद्र का परिवार तो पहले ही जमानत पर चल रहा। अभी भ्र्ष्टाचार के खिलाफ की ज़ीरो टॉलरेंस नीति पर अभी अभी कांग्रेस ने हर जिले में उपायुक्तों के माध्यम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपे थे जिसमें जिला बिलासपुर में कांग्रेस के बड़े नेता शामिल थे। जिला अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस की जिला अध्यक्षा ने तो बच्चों के गुलको के पैसों तक की जांच तक मांग डाली थी तो जो मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए थे। लेकिन कांग्रेस ने तो कांग्रेसियों के पैसों भी नहीं छोड़ा। अब भाजपा के राज्य अध्यक्ष तो अपनी नैतिक जिम्मेदारी तो ले चुके है तो अब क्या प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आँखे मूंद ली है और अनैतिकता का लबादा ओढ़ लिया है। प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष तो पहले की लोकसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व नेता विपक्ष पर पार्टी फंड और हेलीकॉप्टर की मस्ती की बात कह चुके और अगर कांग्रेस पार्टी ने इसकी अपनी अंतरिम जांच पूरी कर ली है तो कोविड 19 के दौरान खर्च किये 12 करोड़ रुपयों की भी जांच करवा लें या फिर त्यागपत्र देकर भ्रष्टाचार के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस नीति का पालन करे।जिला भाजपा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष से नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र देने की मांग करती है।
नवयुग सेरा ग्राम देवता सुधार समिति की कार्यकारिणी की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति के प्रधान अमर चंद शर्मा ने की बैठक में एक प्रस्ताव पास कर आपत्ति व्यक्त की गई कि गांव सेरा के जंगलों में जो पेड़ों का कटान पिछले 5 से 7 वर्षों में किया गया है तथा गत दिनों ग्राम पंचायत पारनु के गांव कनोह में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई की गई है उसका सुधार समिति पुरजोर विरोध करती है। प्रस्ताव में कहा गया है कि जंगलों के खत्म होने से ग्राम पंचायत कश्लोग के गांव सेरा में पहले ही पानी के स्त्रोत खत्म होने की कगार पर है तथा विभाग ने भी पिछले 25 से 30 वर्षों में कोई भी पेड़ सेरा के जंगलों में नहीं लगाया है, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष है। वहीं वर्तमान में ग्राम पंचायत पारनू के गांव कनोह में जो जंगलों की अंधाधुंध कटाई चल रही है, उससे ग्रामीणों में अधिक रोष व्याप्त है। एक जून को एक लाइव वीडियो वायरल हुआ था जिसमें पेड़ों की कटाई दिखाई गई थी, जिसके बाद वन विभाग के कर्मचारियों ने नवयुग सेरा ग्राम देवता सुधार समिति गांव सेरा के प्रधान अमर चंद शर्मा से संपर्क किया और आश्वासन दिया है कि आने वाली बरसात में ग्राम सेरा, कनोह में देवदार, बान आदि के बूटे लगाए जाएंगे तथा इसके बाबत एक प्रस्ताव पत्र विभाग ने मांगा है। सेरा गांव के ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रस्ताव पत्र विभाग को भेजने पर रजामंदी जाहिर की तथा यदि आश्वासन को विभाग पूरा करेगा तो सभी ग्रामीण विभाग के आभारी रहेंगे तथा आश्वासन पूरा न होने पर आगामी रणनीति बनाई जाएगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. प्रकाश दरोच ने जानकारी देते हुए बताया कि शिवा आयुर्वेदिक निजी मेडिकल काॅलेज चांदपुर में बनाए गए कोरोना केयर सैंटर में मरीजों की सभी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है ताकि उन्हें किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि मरीजों के उपचार में लगे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों को मरीजों की देखभाल करने के लिए तैनात किया गया है। विभाग द्वारा मेडिकल अधिकारियों/कर्मचारियों को पूर्ण सतर्कता बरतते हुए उनके बचाव के लिए गुणवतायुक्त पी.पी.ई. किट (व्यक्तिगत सुरक्षा किट), एन-95 मास्क, ट्रिप्पल लेयर मास्क, ग्लब्ज, हैंड सैनीटाईजर इत्यादि उपलब्ध करवाए गए है। उन्होंने बताया कि शिवा आयुर्वेदिक निजी मेडिकल काॅलेज चांदपुर में उपचाराधीन मरीजों और तैनात फ्रंट लाईन स्टाॅफ के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क सुबह का नाशता, दोपहर का भोजन और रात्रि को भी स्वच्छ भोजन और पीने के लिए मिनरल वाॅटर बोतलें उचित मात्रा में उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त उपचाराधीन मरीजों के लिए साबुन, टूथब्रश, पेस्ट, तोलिए इत्यादि भी उपलब्ध करवाए जा रहे है। उन्होंने बताया कि मरीजों और तैनात फ्रंट लाईन वर्कर स्टाॅफ के स्वास्थ्य के दृष्टिगत उचित कदम उठाए जा रहे है। उनके स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का कोई भी समझौता नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की एक सप्ताह की ड्यूटी लगाई जाती है उसके उपरांत उन्हें 14 दिन के लिए जिला के बेहतरीन होटलों में निःशुल्क ठहराने व खाने इत्यादि की व्यवस्था भी की गई है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता, मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का दुसरे कार्यकाल का पहला वर्ष स्वर्णिम रहा है,जिसे वैश्विक इतिहास में स्वर्णाअक्षरों में लिखा जाएगा। केंद्र की मोदी सरकार के दुसरे चरण के प्रथम वर्ष पुरा होने पर बरागटा ने कहा कि अनुच्छेद 370,जो देश के लिए अभिशाप थी।उसे मोदी सरकार ने अपने दुसरे कार्यकाल में सर्वप्रथम समाप्त कर ये संदेश दिया कि भाजपा कोई भी निर्णय वोट बैंक के लिए नही करती उसके लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA )विधेयक हो या सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर राम मंदिर निर्माण हेतु ट्रस्ट गठन,तीन तलाक जैसे अभिशाप बन चुके कानून का खात्मा,प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि,बागवानों के उथान के लिए स्वीकृत सीए स्टोर तथा प्रोसेसिंग प्लांट, छोटे व्यापारियों को पेंशन, करतारपुर साहिब कॉरिडोर, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना जैसी योजनाओं से देश के जनसेवक और प्रधान सेवक के रूप में सच्चे ह्दय से मोदी के प्रधानमंत्रित्व काल में हुए यह कार्य निसंदेह स्वर्णाक्षर में लिखे जाएगे। बरागटा ने कहा कि वर्तमान समय में कोरोना माहमारी में सम्पूर्ण विश्व को निर्णय क्षमता से प्रभावित किया है। 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज देकर देश के गरीबों को भी इससे लाभांवित किया है जिससे देश को पुनः मुख्य धारा में लाया जा सके। उन्होंने इसके लिए भी केन्द्र सरकार को बधाई दी है।
सोलन शहर के लिए यह बहुत खुशी की खबर है की सोलन के स्थानिय निवासी डॉ आर एन बत्ता (आईएएस) अपनी सेवा-निवृत्ति के बाद हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री कार्यालय मे सलाहकार पद के साथ साथ प्रधान निजी सचिव की भी ज़िम्मेदारी समभालेंगे। इस समाचार से सोलन क्षेत्र मे एक खुशी की लहर है। बत्ता, राजकीय स्नातकोत्तर महाविध्यालय सोलन के छात्र रह चुके है और सोलन के लोगो मे एक आशा की किरण जाग्रत हुई है की इनकी नियुक्ति से सोलन के विकास की गतिशीलता भी बड़ेगी। कुल राकेश पंत (पूर्व अध्यक्ष, नगर परिषद सोलन), मुकेश गुप्ता (अध्यक्ष, व्यापार मण्डल सोलन ), मनोज गुप्ता (महासचिव, व्यापार मण्डल सोलन ), पुनीत शर्मा (पार्षद ) विश्व किर्ति सूद, आशीष शर्मा, जतिन साहनी, प्रोफेसर आर के पठानिया, engg L.C.Gupta, चन्द्र कांता सूद, किरण कश्यप, राजीव ठाकुर(पूर्व पार्षद), किशन ग्रोवर, हरिमोहन शर्मा, जगमोहन मल्होत्रा आदि ने उन्हें बधाई दी है व उनके उज्वल भविष्य की कामना की है।
किन्नौर ज़िला में भी कोरोना वायरस ने दस्तक दे दी है। ज़िले में 2 कोरोना पॉज़िटिव मामले सामने आए हैं। ये दोनों सांगला निवासी है जो दिल्ली से आए हैं। जानकारी के अनुसार ये एक ही परिवार के है जिनमें व्यक्ति की उम्र 45 वर्ष और महिला 40 वर्ष की है। जबकि 10 साल के बच्चे का सेम्पल दोबारा लिया गया है। इन्हें इंस्टीच्यूशनल क्वारंटाइन सेंटर उरनी मे रखा गया था। अब कोविड केअर सेंटर रिकांगपिओ लाया जा रहा है। मामले की पुष्टि सीएमओ किन्नौर डॉ सोनम नेगी ने की है।
इंडियन आइडल सीजन-2 अपनी मखमली आवाज के दम पर लोगों के दिलों पर राज करके उपविजेता के रूप में पहचान बनाने वाले रैहन निवासी अनुज शर्मा का नया हिंदी गाना 'मंजिलें भी उसकी थी, रास्ता भी उसका था', मंगलवार को यू ट्यूब पर रिलीज हो गया। साया फ़िल्मज के बैनर तले गए उक्त गाने के संगीतकार विरगी-वीर, गीतकार बोमिया राजा जबकि एलबम का नाम मंजिलें हैं। गाने को चंडीगढ़ व पौंग डैम झील किनारे फिल्माया गया है। गाने में सूचि बिरगी ने मॉडल के रूप में डेव्यू किया है। इससे पहले अनुज शर्मा का एक पंजाबी फ़िल्म में गाया गाना "सोहना तू हजार, तैनूं दसां बार बार, लॉक डाउन के दौरान 8 अप्रैल को रिलीज हुआ था। जिसे यू ट्यूब पर एक लाख से ज्यादा लोगों ने पसन्द किया है। वहीं सोशल मीडिया में गाया पहाड़ी गाना "सायें- सायें मत कर रावीये, मिंझो तेरा डर लगदा भी लोगों को बेहद पसंद आया। इंडियन आइडल में अपनी मधुर आवाज से सभी को आश्चर्यचकित करने वाले अनुज शर्मा को मशहूर संगीतकार व जज अनु मलिक ने हिमाचल का मीठा सेव कहकर संबोधित किया।
शिक्षा, विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने भाजपा महिला मोर्चा हिमाचल प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया। अभियान के तहत महिला मोर्चा द्वारा प्रदेश भर में फेस मास्क एवं साबुन वितरित किए जाएंगे। शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा द्वारा 30 लाख फेस कवर वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 26 लाख फेस कवर महिला मोर्चा द्वारा वितरित किए गए हैं। उन्होंने भाजपा महिला मोर्चा हिमाचल प्रदेश की समस्त कार्यकारिणी को इस नेक कार्य के लिए बधाई दी। इस अवसर पर भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष रशमी सूद, महामंत्री शीतल व्यास, बंदना गुलेरिया, पूर्व महापौर मधू सूद, पूर्व पार्षद भारती सूद, जिला शिमला महिला मण्डल प्रधान अनीला कश्यप, मण्डल अध्यक्ष ममता गुप्ता व कुसुम्पटी प्रत्याशी ज्यौति सैन उपस्थित थे।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व निदेशक जन सम्पर्क, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड (एचपीएसईबी) रमा देवी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उनका निधन चंडीगढ़ में हुआ। वे 84 वर्ष की थीं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग में भी अपनी सेवाएं दी थीं। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने रमा शर्मा के निधन पर शोक व्यक्त किया है और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य में पश्मीना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए निरन्तर प्रयासरत है। राज्य में वर्तमान में एक हजार किलो ग्राम पश्मीना ऊन का उत्पादन हो रहा है और अगले पांच वर्षों में इसे दोगुना करने का लक्ष्य है। पशुपालन मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने बताया कि राज्य सरकार केंद्र प्रायोजित राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत प्रदेश के बर्फीले क्षेत्रों के बीपीएल परिवारों को चंगथंगी और चिगू नस्लों की लगभग 638 बकरियों का वितरण करेगी। राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत पश्मीना के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लाहौल-स्पीति, पांगी घाटी और किन्नौर जिला के बीपीएल परिवारों को चंगथंगी बकरियों की 29 इकाइयों (प्रत्येक इकाई में 10 मादा- एक नर) और चिगू बकरी की 29 इकाइयों (10 मादा- एक नर) को वितरित किया जाएगा। प्रत्येक इकाई के लिए सरकारी ऐजेंसियां लगभग सत्तर हजार रुपये खर्च करेगी। बकरियों की 90 प्रतिशत लागत केन्द्रीय सरकार द्वारा वहन की जाएगी, जबकि राज्य सरकार और व्यक्तिगत लाभार्थी शेष दस प्रतिशत लागत को समान अनुपात में साझा करेंगे, इस प्रकार पांच-पांच प्रतिशत लागत राज्य सरकार और व्यक्तिगत लाभार्थियों दोनों द्वारा साझा की जाएगी। बकरियों के वितरण की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इस वित्त वर्ष के दौरान लक्षित परिवारों को पशुधन वितरित किये जाएंगे। वर्तमान में मुख्य रूप से दारचा, योची, रारिक-चीका गांवों और लाहौल की मयार घाटी, स्पीति के हंगांग घाटी लांगजा क्षेत्र और किब्बर तथा जिला किन्नौर के नाको, नामग्या और लिओ गांव के अलावा चंबा जिला के पांगी घाटी के कुछ क्षेत्रों में पश्मीना का उत्पादन किया जाता है। राज्य में लगभग दस संगठित शाॅल निर्माण इकाइयां हैं, जो पश्मीना ऊन के उत्पाद बनाती हैं, जो शिमला जिला के रामपुर बुशहर, मंडी जिला के सुंदरनगर और मंडी, कुल्लू जिला के शमशी और हुरला तथा किन्नौर जिला के सांगला और रिकाॅंग पिओ में स्थापित हैं। लगभग 90 प्रतिशत पश्मीना ऊन का उपयोग शाॅल, स्टाॅल और मफलर बनाने के लिए किया जाता है और 10 प्रतिशत का उपयोग ट्वीड के कोट जैसे अन्य उत्पाद बनाने में किया जाता है। राज्य में पश्मीना ऊन उत्पादकों द्वारा मुख्य रूप से खुदरा बिक्री और निजी खरीद के माध्यम से बेची जाती है। प्रदेश की सफेद और ग्रे रंग की पश्मीना ऊन का उपयोग मुख्य रूप से राज्य की संगठित शाॅल निर्माण इकाइयों में किया जाता है। प्रदेश में पश्मीना उत्पादक अपनी ऊन की लाभकारी कीमत प्राप्त कर रहे हैं और वर्तमान में खरीददार एक किलो कच्ची पश्मीना ऊन के लिए 3500 रुपये प्रदान कर रहे हैं। ऊन की अच्छी गुणवत्ता तथा अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में पश्मीना उत्पादों की मांग बढ़ने के साथ इनके मूल्य में वृद्धि भी हो रही है। हिमाचल प्रदेश के हथकरघा क्षेत्र के संगठित और गैर संगठित क्षेत्र में लगभग 10 से 12 हजार बुनकर कार्य कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में बकरियांे की संख्या लगभग 2500 है और प्रदेश सरकार इनकी संख्या बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
नगर के साथ लगती ग्राम पंचायत बांमटा की प्रधान सीमा चंदेल ने हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम बिलासपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि परिवहन निगम के बसों के साथ सेवाएं दे रहे चालकों और परिचालकों की जानकारी ग्राम पंचायत बांमटा से साँझा की जाए। उन्होंने बताया कि बामटा पंचायत का क्षेत्र एचआरटीसी कॉलोनी, वर्कशाप के चारों तरफ लगता है। इस पंचायत के 3 वार्ड निहाल, दनोह, कोसरियां, एचआरटीसी कॉलोनी व कार्यशाला से बिल्कुल सटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि परिवहन निगम ने 1 जून से अपनी बसें चलाने का निर्णय लिया है तो एचआरटीसी कालोनी व कार्यशाला से बाहर से चालकों परिचालकों का आना.जाना शुरू हो जाएगा। सीमा चंदेल ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते किसी भी। संक्रमित होने की संभावना बनी रहती है। जैसा कि उनकी पंचायत के परिचालक जो परिवहन निगम की बस के साथ सेवाएं देकर आए थे, कोविड-19 के संक्रमित पाए गए थे, इससे महामारी फैलने का खतरा पैदा हो गया था। इसलिए किसी भी अवांछित स्थिति से बचने व आपके व प्रशासन के सहयोग के लिए ग्राम पंचायत बामटा पूर्ण सहयोग हेतु सदैव तत्पर है। सीमा चंदेल ने एचआरटीसी प्रषासन से आग्रह किया है कि वह भविष्य में परिवहन निगम में सेवाएं दे रहे चालकों व परिचालकों की जानकारी ग्राम पंचायत बामटा को मुहैया करवाएं ताकि किसी अवांछित व अप्रिय घटना से समय रहते बचा जा सके।
हिमाचल प्रदेश राज्य पत्रकार महासंघ ने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि 60 वर्ष की आयु प्राप्त कर चुके एवं वरिष्ठ पत्रकारों को देश के अन्य कितने ही राज्यों की भांति अपनी–पूर्व घोषणाओं पर शीघ्र अमल करते हुए उपयुक्त पेंशन दिए जाने की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री को राज्य पत्रकार महासंघ द्वारा दिए गए एक विस्तृत ज्ञापन में पत्रकार महासंघ के राज्य प्रधान जयकुमार ने कहा है कि यद्यपि इससे पूर्व भी मुख्यमंत्री हिमाचल के वरिष्ठ पत्रकारों को पेंशन दिए जाने की घोषणाएँ करते रहे हैं, जबकि स्वयं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी हिमाचल में मुख्यमंत्री का दाईत्व संभालते ही शिमला में आयोजित एक स्वागत समारोह में पत्रकारों को पेंशन दिये जाने की घोषणा की थी, जिस पर अमल किया जाना अभी शेष है। जयकुमार ने कहा कि देश में कितने ही अन्य राज्यों के अतिरिक्त हिमाचल के पड़ोसी राज्य पंजाब ने भी पत्रकारों को 12 हज़ार और हरियाणा में 11 हज़ार मासिक पेंशन दी जा रही है। उन्होने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि हिमाचल के पत्रकारों को भी इस सुविधा को दिये जाने के शीघ्र आदेश दिये जाएँ।
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए इस समय पूरा देश एकजुट होकर खड़ा है। इस संकट की घड़ी में लोग भरपूर सहयोग प्रदान करने के लिए आगे आ रहे हैं। इस विकट परिस्थिति से उबरने के लिए राम प्रताप दाखा देवी चेत राम धमार्थ न्यास हिमाचल प्रदेश द्वारा उपायुक्त राजेश्वर गोयल को एच.पी.कोविड-19 सोलीडिटरी रिस्पोंस फंड में 1 लाख रूपये तथा पी.एम. केयर फंड में 51 हजार रुपये का चैक भेंट किया। ट्रस्ट द्वारा जिला बिलासपुर के विभिन्न स्थानों पर लोगों की सुविधा के लिए आठ सैंसर आधारित हैंड सैनिटाईजर मशीनें भी लगवाई गई है ताकि लोग बिना स्पर्श किया स्वचालित मशीनों द्वारा अपने हाथ सैनिटाईज कर सके। इसके अतिरिक्त ट्रस्ट द्वारा आई.जी.एम.सी. शिमला में भी लगभग 1 लाख रुपये से थर्मल स्क्रेनर भी लगवाया गया है। ट्रस्ट द्वारा कोरोना योद्धाओं को सम्मानित करने की श्रृंखला में शिमला 230 स्वच्छता कर्मियों को कंबल भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर ट्रस्ट के सचिव व राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्राण कार्यवाह किस्मत कुमार, अध्यक्ष सरदार गुरूदयाल सिंह व उपाध्यक्ष इन्द्र सिंह डोगरा उपस्थित रहे।
गत तीन माह से रिक्त चले जिला लोक सम्पर्क अधिकारी बिलासपुर के पद पर कृष्ण पाल ने जिला लोक सम्पर्क अधिकारी बिलासपुर का कार्यभार संभाल लिया। इससे पहले कृष्ण पाल सुदंरनगर में बतौर सहायक लोक सम्पर्क अधिकारी के पद पर तैनात थे। बिलासपुर में वह पदोन्नत होकर जिला।लोक सम्पर्क अधिकारी के पद आए है। उन्होंने सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग में अपनी पहली तैनाती बतौर सहायक।लोक सम्पर्क अधिकारी निदेशालय में 1 जून, 2007 को दी थी। उसके उपरांत उन्होंने उप मण्डल जोगिन्द्र नगर में लगभग पांच वर्ष कार्य किया, उसके।उपरांत जिला मुख्यालय मण्डी में लगभग चार वर्ष सेवाएं दी, तदोपरांत जिला सिरमौर के मुख्यालय नाहन में कार्य किया। नाहन से स्थानांनतरण उपमण्डल सुदंरनगर में कार्य संभाला। सुदंरनगर से पदोन्नत होकर 29 मई को जिला लोक सम्पर्क अधिकारी बिलासपुर का कार्यभार संभाला।
श्री नयना देवी विस क्षेत्र के लिए नावार्ड और विधायक प्राथमिकता कोटे से कोरोड़ों की राशि मंजूर हुई है। इस राशि से सड़क और पुलों का निर्माण किया जाएगा। यह जानकारी देते हुए विधायक रामलाल ठाकुर ने बताया कि क्षेत्र के विकास उनकी प्राथमिकता है। हर क्षेत्र में लोगों को सड़क सुविधा मिले इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। ठाकुर ने बताया कि नावार्ड के तहत श्री नयना देवी विस क्षेत्र के गांव घोड़ी से सायर सड़क 2.8 किमी के लिए 2.60 करोड़ मंजूरी मिली है। ठाकुर ने बताया कि विधायक प्राथमिकता निधि के तहत मैथी से सैकली और गंभरौला खड्ड के पुल की डीपीआर के लिए 5.93 करोड़ की मंजूरी मिली है। जबकि गलुआ से चलैहला सड़क के लिए 4.92 करोड़ की डीपीआर मंजूर की गई है। जबकि दयोथ लागघाट जामली सड़क की डीपीआर के 5.25 करोड़ मंजूर हुई है। ठाकुर ने कहा कि क्षेत्र का विकास उनकी प्राथमिता है। उन्होंने कहा श्री नयना देवी क्षेत्र में हर गांव व व्यक्ति का विकास हो इसके लिए वह लगातार कार्य कर रहे है। उन्होंने उक्त सड़कों और पुल के बनने के क्षेत्र के और विकास होगा। ठाकुर ने कहा कि श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र में विकास के कार्यो को लेकर कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र के हर कार्य के लिए उनकी प्राथमिकता पहले भी रही है और आगे भी रहेगी।
बिलासपुर सदर के पूर्व विधायक एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बंबर ठाकुर ने कहा है कि अली खड्ड पर बने जबल पुल के समीप मारकंड-माकड़ी पंचायत के गाँव संदौली में एक नाले पर निर्मित किए जाने वाले कल्वर्ट के दोनों ओर की विंग वाल्स पिछले कई वर्षों से लाखों रुपए खर्च करके निर्मित की जा चुकी हैं, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार और इसके नेताओं तथा संबन्धित विभाग की लापरवाही के कारण लोगों की कठिनाइयों व समस्याओं की खुली अवहेलना करते हुए इस अधूरे पड़े कार्य को पूरा करने के लिए कल्वर्ट पर स्लैब तक नहीं डाला गया है, जिस कारण लोग भारी मुसीबतों का सामना करने को विवश है। बंबर ठाकुर ने कहा कि पिछले दिन उन्होने इस क्षेत्र का दौरा किया और ग्रामीणों ने विभिन्न समस्याओं के बार में उन्हें अवगत करवाते हुए उनके शीघ्र निराकरण करवाने का आग्रह किया है। बंबर ठाकुर ने कहा कि उन्होने विधायक रहते इस कल्वर्ट के लिए 4.50 लाख रुपए स्वीकृत करवाए थे, किन्तु न जाने फिर भी इस अधूरे पड़े कल्वर्ट को पूरा करने में इतनी लापरवाही क्यूँ बरती जा रही है। उन्होने कहा कि अब बरसात का मौसम शुरू होने वाला है और कोरोना के बाद स्कूल के बच्चों को इस पुली के अभाव में आर- पार आना -जाना कठिन हो जाएगा। बंबर ठाकुर ने कहा कि संदोली से बरोग, ठोडु, मंगरोट, मकड़ोग उठाऊ सिंचाई योजना काफी समय से खराब पड़ी हुई है, जिस कारण इन सभी गांवों के किसानों की सिंचित होने वाली भूमि बंजर पड़ी है और किसानों को भारी आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है। उन्होने कहा कि इस स्कीम की मोटरें कुछ वर्ष पूर्व चोरी हो गई थी इसलिए नई मोटरें स्थापित करने के लिए और स्कीम को सुचारु रूप से चलाने के लिए उन्होने 18 लाख रुपए स्वीकृत करवाए थे, किन्तु वह पैसा भी खर्च नहीं किया गया है और स्कीम को चालू न करने से किसान मटर, अदरक और टमाटर आदि फसलें न उगा पाने के कारण भारी आर्थिक हानि उठानी पड़ी है। उन्होने खेद व्यक्त किया कि जिन योजनाओं व कार्यों के लिए कांग्रेस सरकार ने धन उपलब्ध करवा कर निर्माण कार्य शुरू करवा दिया था, वे भी अधूरे पड़े हैं और उन्हें जान -बूझ कर पूरा नहीं किया जा रहा है। उन्होने कहा कि सरकार लोगों की कठिनाइयों के प्रति बिलकुल भी गंभीर नहीं दिख रही है और लोग विभिन्न कठिनाइयाँ व परेशानिया झेलने को विवश हो रहे हैं। उन्होने सरकार को चेतावनी दी कि यदि इन कार्यों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो वे कोरोना संपात होने पर संबन्धित ग्रामीणों को साथ लेकर संघर्ष करने एवं सड़कों पर उतरने के लिए विवश होंगे, जिसका सारा उत्तरदायित्व सरकार पर होगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डाॅ० प्रकाश दरोच ने बताया कि जिला से अब तक 1885 लोगों के सैंपल कोविड-19 के लिए लैब जांच के लिए आई जी एम सी शिमला भेजे गए, उनमें से 1749 सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं और 18 की रिपोर्ट अभी तक पाॅजिटिव आई है और इनमें से 7 ठीक हो गए हैं। शेष 118 सैंपलों की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। उन्होंने बताया कि आज कल बाहर से बहुत ज्यादा संख्या में लोग अपने-अपने घरों को आ रहें हैं सभी की बार्डर पर स्वास्थ्य जांच की जा रही है और जो रैड जोन क्षेत्र से आ रहे हैं उन्हें इनस्टीचयूशनल क्वारनटाईन में रखा जा रहा है और 5 से 7 दिनों के अन्दर उनका कोरोना टैस्ट किया जा रहा है और नैगेटिव आने पर ही उन्हें होम क्वारंटाईन में भेजा जा रहा है। उन्होंने होम क्वारंटाईन के बारे में दिशा निर्देश देते हुए बताया कि व्यक्ति को चाहिए कि वे हवादार एक कमरे में रहें जिसमें कि पृथक शौचालय साथ हो को प्राथ्मिकता दी गई है। अगर उसी कमरे में कोई दूसरा परिवार का सदस्य ठहरा हो तो वह आपस में कम से कम एक मीटर की दूरी अवश्य बनाए रखें। घर के भीतर बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं, बच्चों व सह बीमारी वाले व्यक्ति दूर रहें। घर में केवल अपने कमरे तक ही सीमित रहें। किसी भी स्थिति में सामाजिक, धार्मिक, शादी व शोक मनाने इत्यादि जगहों पर न जाएं। उसे हमेशा सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों का पालन करना चाहिए अपने हाथों को हमेशा साबुन, पानी से अच्छी तरह धोएं या एल्कोहल युक्त सेनेटाइजर का उपयोग करें। उन्होंने बताया कि घरेलू वस्तुओं जैसे गिलास, कप, खाना खाने के बर्तन, तौलिया, बिस्तर इत्यादि को दूसरों के साथ सांझा न करें। हर समय मास्क पहने, मास्क को प्रत्येक 6 से 8 घण्टे में बदलें और उसका सही निपटारा करें। प्रयोग किए गए मास्क को पुनः उपयोग में न लाएं। मरीजों के द्वारा/देखभाल करने वाले/निकट संपर्क वाले लोगों द्वारा घर में देखभाल के दौरान प्रयोग किए गए मास्क का निपटारा ब्लीचिंग घोल 5 प्रतिशत या 1 प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोराइड घोल से विसंक्रमित करने के पश्चात उसे जला दे या गहरा दबा दें। प्रयोग किए गए मास्क पूरी तरह से संक्रमित हो जाते हैं। यदि खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ के लक्षण हों तो उसे नजदीक के स्वास्थ्य संस्थान में सम्पर्क करें।
भारतीय भाषा संस्थान, मैसूर द्वारा भारतीय भाषाओं में भाषा शिक्षा प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के लिए आवेदन की अंतिम तिथ 15 जुलाई, 2020 तक बढ़ाई गई है। यह जानकारी उर्दू शिक्षण तथा अनुसंधान केंद्र सोलन के प्राचार्य प्रभारी तारिक़ खान ने दी। तारिक़ खान ने कहा कि इस पाठ्यक्रम की अवधि 10 माह है और पाठ्यक्रम में केंद्र सरकार की आरक्षण नीति के अनुसार विभिन्न वर्गों के लिए आरक्षण का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 07 क्षेत्रीय भाषा केंद्रों में उपलब्ध करवाया जा रहा है। इनमें से एक उर्दू शिक्षण तथा अनुसंधान केंद्र, सपरून, सोलन भी है। इस संस्थान में वर्ष में 10 माह का उर्दूू भाषा में प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम के लिए शैक्षणिक योग्यता स्नातक उपाधि तथा आयु 45 वर्ष है। आवेदक ने संस्थान के किसी भी क्षेत्रीय भाषा केंद्र से पूर्व में प्रशिक्षण प्राप्त न किया हो। आवेदक उस भाषा के लिए आवेदन न करें जिसे वे पहले से जानते हों। उन्होंने कहा कि सभी पद ऐसे अध्यापकों के लिए आरक्षित हैं जो सरकारी विद्यालय अथवा सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में छठी से दसवीं कक्षा तक पढ़ाते हों और कम से कम 03 वर्ष तक पढ़ाने का अनुभव रखते हों। उन्होंने कहा कि अंतिम वेतन प्रमाण पत्र के आधार पर प्रतिमाह वेतन प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही 800 रुपये प्रतिमाह वृद्धि भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि बीएड, एमएड अभ्यर्थी भी प्रशिक्षण में प्रवेश के लिए पात्र हैं। इन्हें 5000 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा। स्नातक उपाधि प्राप्त आवेदक भी प्रशिक्षण के लिए पात्र होंगे। उन्हें प्रतिमाह 800 रुपये वृत्ति प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिक जानकारी भारतीय भाषा संस्थान मैसूर की वैबसाइट www.ciil.org पर प्राप्त की जा सकती है। आवेदन पत्र प्राप्त करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 जुलाई, 2020 की गई है। अधिक जानकारी के लिए क्षेत्रीय भाषा केंद्र एकक, भारतीय भाषा संस्थान मैसूर से दूरभाष नंबर 0821-23451-56 तथा सोलन स्थित केंद्र से दूरभाष नंबर 01792-223424 पर संपर्क किया जा सकता है।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने प्रदेश सरकार द्वारा जारी आदेशों की अनुपालना में औद्योगिक कामगारों एवं कर्मियों के आवागमन के लिए स्टेज कैरियेज वाहनों (बसों) में कुल क्षमता के 60 प्रतिशत यात्री लाने-ले जाने के सम्बन्ध में संशोधित आदेश जारी किए हैं। यह संशोधित आदेश केन्द्रीय गृह मन्त्रालय तथा हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप किए गए हैं। आदेशों में यह संशोधन प्रदेश सरकार द्वारा 31 मई, 2020 को जारी उन निर्देशों के अनुरूप किया गया है जिनमें स्टेज कैरियेज, सार्वजनिक परिवहन (हिमाचल पथ परिवहन निगम एवं निजी बसों) में कुल क्षमता के 60 प्रतिशत यात्रियों के साथ परिवहन की अनुमति दी गई है। संशोधित आदेशों के अनुसार कामगारों एवं कर्मियों को लाने-ले जाने के लिए प्रयुक्त वाहन को इनके वाहन में चढ़ने से पूर्व सेनिटाइज करना आवश्यक होगा। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं और आगामी आदेशों तक लागू रहेंगे।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने सोलन जिला के अर्की उपमण्डल के बखालग के समीप बाहवां में कोविड-19 के दृष्टिगत स्थापित किए जा रहे अस्थाई अस्पताल का निरीक्षण कर सम्बन्धित अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश जारी किए। डाॅ. सैजल ने इस अवसर पर कहा कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए यह आवश्यक है कि विभिन्न स्थानों पर ऐसे अस्थायी अस्पताल स्थापित किए जाएं ताकि कोविड-19 के खतरे को न्यून किया जा सके। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों से इस विषय में पूर्ण जानकारी प्राप्त की। उन्होंने स्थापित किए जा रहे कोविड-19 अस्पताल के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण किया तथा रोगियों के लिए शौचालय इत्यादि की व्यवस्था को भी जांचा। उपमंडलाधिकारी अर्की विकास शुक्ला ने कहा कि इस अस्थायी अस्पताल में लगभग 150 बैड लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यहां योग एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा परामर्श भी उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत बात्तल के कार्यालय के समीप चिकित्सको तथा अन्य पैरामेडिकल स्टाफ के ठहरने की व्यवस्था की जा रही है। यह चिकित्सक 14 दिन अपनी डयूटी देने के उपरांत 07 दिन क्वारेनटाइन रहेंगे। इस अवसर पर अर्की के पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल, भाजपा मंडल अर्की के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार उपाध्याय, जिला किसान मोर्चा अध्यक्ष रमेश ठाकुर, भाजपा किसान मोर्चा के दलीप पाल, अन्य पदाधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी अर्की डाॅ. राधा शर्मा, पंचायत प्रतिनिधि एवं अन्य उपस्थित थे।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि कोविड-19 के दृष्टिगत समाज के सभी वर्गों के हित के दृष्टिगत प्रदेश में घोषित कफ्र्यू में चरणबद्ध ढील दी जा रही है ताकि सामाजिक-आर्थिक विकास सुनिश्चित बनाकर जन-जन को कोरोना वायरस के विरूद्ध सजग रहने के लिए प्रेरित किया जा सके। डाॅ. सैजल आज सोलन जिला के अर्की विधानसभा क्षेत्र में अग्रिम कोरोना योद्धाओं को सम्मानित करने के उपरांत उपस्थित पंचायती राज प्रतिनिधियों एवं अन्य से विचार-विमर्श कर रहे थे। डाॅ. सैजल ने इस अवसर पर अर्की में जल शक्ति विभाग, पुलिस, प्रशासन, राजस्व एवं सफाई कर्मियों को ‘कोरोना योद्धा अवार्ड ऑफ़ एक्सीलेंट सर्विसिज-2020’ से सम्मानित किया। उन्हांेने कोविड-19 के दृष्टिगत विभिन्न विभागों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा से कार्य करने के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि महामारी के इस समय में जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी सजग रहकर समाज के व्यापक हित के लिए कार्यरत हैं वहीं अनेक स्वयंसेवी संस्थाएं एवं व्यक्ति प्रदेश सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि सभी के लिए आय के साधन सृजित करने और आर्थिक विकास को गति प्रदान करने के लिए कफ्र्यू में चरणबद्ध ढील दिया जाना आवश्यक है। इसके माध्यम से विशेष रूप से समाज के कमजोर वर्गों को अपनी आजीविका के लिए अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे में जहां विभिन्न विभागों का दायित्व अधिक बढ़ गया है वहीं आम लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस सहित विभिन्न संक्रमणों से बचाव के लिए जन-जन को केन्द्र एवं प्रदेश सरकार को सहयोग देना होगा। डाॅ. सैजल ने लोगों से आग्रह किया कि वे सदैव सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का प्रयोग करें, दो व्यक्तियों के मध्य कम से कम 6 फीट अर्थात 02 गज की दूरी बनाकर रखें और नियमित अंतराल पर अपने हाथ साबुन अथवा सेनिटाइजर से साफ करते रहें। उन्होंने कहा कि सावधानी अपनाकर ही कोविड-19 को हराया जा सकता है। उन्होंने सभी से ‘एस’ अर्थात सेनिटाइजर, ‘एम’ अर्थात मास्क तथा ‘एस’ अर्थात सोशल डिस्टेन्सिग (एसएमएस) स्मरण कर जीवन में उतारने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आपदा के इस समय में केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों की सहायता के लिए अनेक प्रयास किए गए हैं। जन धन खातों के माध्यम से जहां वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई गई है वहीं मनरेगा के तहत ग्राम स्तर तक विकास सुनिश्चित बनाने के साथ लोगांे की आर्थिक रूप से सहायता भी की जा रही है। डाॅ. सैजल ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सुयोग्य नेतृत्व में प्रदेश सरकार कोविड-19 के विरूद्ध योजनाबद्ध कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री स्वयं दैनिक आधार पर सभी जिला उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों से नियमित जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। इसी के आधार पर प्रदेश सरकार दैनिक योजना बनाकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण भारतीय जनता पार्टी द्वारा भी सघन प्रयास किए जा रहे हैं। पार्टी के सदस्यों द्वारा राष्ट्रीय तथा प्रदेश स्तर पर स्थापित कोविड राहत कोष में 10.50 करोड़ रुपये भेंट किए गए हैं। महिला मोर्चा द्वारा राज्य में 20 लाख मास्क बांटे गए हैं। इस अवसर पर अर्की के पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल, भाजपा मंडल अर्की के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार उपाध्याय, जिला किसान मोर्चा अध्यक्ष रमेश ठाकुर, भाजपा किसान मोर्चा के दलीप पाल, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य ओपी गांधी एवं जयनंद शर्मा, भाजपा महिला मोर्चा की अर्की मंडल की अध्यक्ष विनती मुकुल, सचिव प्रभा भारद्वाज, पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य आशा परिहार, नगर पंचायत अर्की के पार्षद, पूर्व पार्षद, उपमंडलाणिकारी अर्की विकास शुक्ला, जल शक्ति विभाग की अधिशाषी अभियंता कंचन शर्मा, एसडीओ कुलदीप गुप्ता, खंड चिकित्सा अधिकारी अर्की डाॅ. राधा शर्मा, पंचायत प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


















































