जिला दण्डाधिकारी राजेश्वर गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला में कर्फ्यू ढील का समय बढ़ाकर प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध में अन्य शर्तें पूर्वत जारी रहेंगी और यह आदेश आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे। उन्होंने बताय कि अभी तक जिला में गत दिन तक 1001 लोगों के सैंपल कोविड-19 की जांच हेतु लिए जा चुके है जिनमें से 994 सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं और 7 की रिपार्ट अभी तक पाॅजिटीव जिनमें से 2 मामलें नेगेटिव हो चुके है और 5 मामलें अभी एक्टिव है। उन्होंने बताया कि 2 व्यक्तियों को नेरचैक और 3 व्यक्तियों को शिवा आर्युेवेदिक मेडिकल काॅलेज में रखा गया है। यह सभी मामलें इंटर स्टेट डिटेक्ट हुए है। इनमें 6 मामलें बाहरी राज्यों और जिलों से है, केवल एक मामला जिला बिलासपुर के बार्डर दबट मजारी से सम्बन्ध रखता है। उन्होंने बताया कि बाहरी राज्यों से आने वाले सभी लोगों की बैरियर पर आने वाले स्वास्थ्य की जांच की जा रही है और उन्हें क्वारंटाईन किया जा रहा है। बार्डर पर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग के कर्मचारी कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपनी ड्यूटी को अंजाम दे रहे है और कोरोना वायरस को बार्डर पर डिडेक्ट किया जा रहा है, वहीं विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की टीमें स्वारघाट और गड़ामोडा में है जहां पर वे बाहर आने वाले लोगों का डाटा एन्ट्री कर रहे है। उन्होंने बताया कि रैड जोन क्षेत्र से आने वाले सभी व्यक्तियों को इनस्टीचयूशनल क्वारंटाईन में रखा जा रहा है और 5 दिनों के उपरांत उनका कोरोना टैस्ट किया जा रहा है तथा ग्रीन जोन और ओरेंज जोन से आने वाले व्यक्तियों को होम क्वारंटाईन में रखा जा रहा है। जिला में शिवा आयुर्वेदिक मेडिकल काॅलेज कोविड केयर सैंटर और कोविड हेल्थ सैंटर घुमारवीं अस्पताल में और डेडिकेटिड कोविड अस्पताल नेरचैक में बनाया गया है। अभी तक बाहरी राज्यों से 138 व्यक्ति प्रदेश में पहुंच चुके है। बाहरी राज्य से आने वाले व्यक्ति जैसे ही बार्डर क्राॅस करते है उनकी सूचना तुरंत सम्बन्धित पंचायत स्तर तक व्ह्टप ग्रुप के माध्यम से दे दी जाती है। उन्होंने बताया कि पंचायत और शहरी निकाय के पदाधिकारी को सर्विलैंस पर्सनल के रूप में नियुक्त किया है।
जिला सिरमौर में कोरोना महामारी के चलते हुए लॉकडाउन के दौरान कोरोना वारियर्स में शामिल एनएसएस व एनसीसी के स्वयंसेवकों को गत एक माह से अधिक समय तक जिला में लोगों को जागरूक करने के लिए तैनात किया गया था। उपायुक्त सिरमौर डॉ आर के परूथी ने उनकी सेवाओं के अंतिम दिन नाहन में तैनात 10 कैडेटस को उपायुक्त कार्यालय के सभागार में प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनकी द्वारा दी गई अमूल्य सेवाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को मास्क पहनने व सेनेटाइजर का इस्तेमाल तथा सामाजिक दूरी बनाए रखने जैसी आदतों के बारे में जागरूकता फैलाने में एनसीसी व एनएसएस स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि अब यह एनएसएस व एनसीसी स्वयंसेवक अपनी पंचायतों, गांव व घरों में जाकर लोगों को आयुष किट, सामाजिक दूरी, मास्क पहनने, कम से कम 20 सेकेण्ड तक साबुन से हाथ धोने व सेनेटाइजर के इस्तेमाल की आदत को आगामी समय में भी बनाए रखने का प्रचार अपने क्षेत्रों में करेंगे। उन्होंने बताया कि आयुष किट के इस्तेमाल से कोरोना महामारी से लड़ने में हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी तथा साथ ही दूसरे रोगों से भी बचाव होगा। एनएसएस व एनसीसी के स्वयंसेवक अपने क्षेत्र के लोगों विशेषकर छोटे बच्चें तथा 60 साल से अधिक के बर्जुग, होम क्वारन्टीन में रह रहे व्यक्तियों के मनोबल को बढावा देगे तथा होम क्वारन्टीन के दौरान घर से बाहर न निकलने के लिए जागरूक करेंगे तथा आयुष किट के उपयोग के लिए प्रेरित करेंगे।
Chief Minister Jai Ram Thakur was presented a cheque of Rs. 10,13,820 by Vice President Khatri Sabha Mandi Dr. Naresh Vaidya on behalf of the Khatri Sabha Mandi towards ‘HP SDMA COVID-19 State Disaster Response Fund. Chief Minister thanked for this noble gesture and said that this would go a long way in motivating the others to contribute generously towards this Fund. General Secretary State Child Welfare Council Payal Vaidya, M.P. Vaidya, Manish Kapoor, Sudhanshu Kapoor, Pankaj Kapoor, Sapan Sehgal, Rajneesh Kapoor and Dr. Sidharth Malhotra were also present on the occasion.
उपायुक्त काँगड़ा राकेश प्रजापति ने कहा है कि कर्फ्यू में ढील का समय अगले आदेशों तक प्रतिदिन सुबह 7 से दोपहर 2 बजे तक होगा। इस अवधि के दौरान दुकानें खुली रहेंगी। मॉर्निंग वॉक और रनिंग टाइमिंग पहले की तरह ही रोजाना सुबह 5:30 बजे से सुबह 7 बजे तक होगी।लेकिन मास्क पहनना आवश्यक है और दुकानदारों सहित सभी के लिए सामाजिक दूरी को सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा और उन्हें अपनी दुकानों के बाहर प्रत्येक 1.5 मीटर की दूरी पर हलकों को चिह्नित करना होगा। डीसी ने बताया कि स्टांप वेंडर और डॉक्यूमेंट्री राइटर हर सोमवार और गुरुवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रख सकते हैं। तहसीलदार कार्यालयों में प्रतिदिन सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक भूमि का पंजीकरण किया जा सकता है। सैलून और ब्यूटी पार्लर मालिक अधिसूचित अधिकारियों से निर्धारित प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अपने आउटलेट खोल सकते हैं। इन उपक्रमों के मालिकों को श्रम अधिकारी के माध्यम से आवेदन करना होगा और अपने संबंधित उप-प्रभागों में प्रशिक्षण प्राप्त करना होगा। उन्हें प्रशिक्षण के बाद अपना सैलून और पार्लर खोलने की अनुमति दी जाएगी। राकेश प्रजापति ने बताया कि सभी सरकारी और निजी कार्यालय अधिसूचना के अनुसार बने रहेंगे और सभी वर्ग तीन और चार कर्मचारी रोटेशन के आधार पर अपने कार्यालयों में भाग लेंगे। यदि कोई कर्मचारी लक्षणों जैसे फ्लू से पीड़ित है, तो स्वास्थ्य अधिकारियों को तुरंत सूचित किया जाना चाहिए और इन परिस्थितियों में कार्यालय परिसर को साफ कर दिया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि दूसरे राज्यों और जिलों में जाने के लिए कर्फ्यू पास होना अनिवार्य था। ई-पास पाने के लिए जिला प्रशासन की वेबसाइट पर आवेदन किया जा सकता है।
कुनिहार विकास सभा के प्रधान धनीराम तनवर, गोपाल पंवर, विनोद जोशी, भागमल तनवर, ज्ञान ठाकुर, बलबीर चौधरी, दीपराम ठाकुर, बाबूराम तनवर, प्रेम राज चौधरी, कंवर राजेंद्र सिंह ने अपने संयुक्त ब्यान में प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग की है कि आप द्वारा 25 जनवरी 2019 को राजत्व दिवस पर कुनिहार में रावमापा छात्र कुनिहार को अटल आदर्श विद्यालय बनाए जाने की घोषणा को पूरा कर क्षेत्र वासियों को इस तौफे से नवाजे। उन्होंने कहा कि अब इस विद्यालय के खुलने के बीच आ रही अड़चन को कैबिनेट द्वारा नियमो में संसोधन कर हटा दिया गया है तो अब इसे पूरा करने का सही समय आ गया है जिससे कुनिहार व आसपास की दर्जनों पंचायतों के लोगो को इसका लाभ प्राप्त होगा व सदा जनता आपकी आभारी रहेगी। सभा सदस्यों ने कहा है कि कुनिहार विकास सभा को कुछ समय पहले लिखित आस्वासन दिया गया था कि कुनिहार की कोठी घाटी में जो जमीन 29 बीघा 4 बिस्वा 55 सालों से शिक्षा विभाग के नाम से दर्ज है वन्ही पर इस विद्यालय का निर्माण करने पर विचार हो रहा है तो अब समय आ गया है कि जो भूमि पहले ही शिक्षा विभाग के नाम दर्ज है व कुनिहार -सुबाथू मुख्य मार्ग पर मौजूद है और इसमें कोई कानूनी अड़चन भी नही है। इस घोषणा के पूरी होने से जनता में प्रदेश सरकार की कथनी व करनी पर विशवास बना रहेगा। कुनिहार विकास सभा ने शीघ्र अति शीघ्र मुख्यमंत्री से इस घोषणा को अमलीजामा पहनाने की मांग की है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एचआरटीसी के उपाध्यक्ष विजय अग्निहोत्री को पद से हटा कर कार्रवाई कर साबित करें कि मुख्यमंत्री हिमाचल की जनता के कर्तव्यों के प्रति ईमानदार हैं। यह बात एनसीसी एस सी विभाग के राष्ट्रीय संयोजक सुरेश कुमार, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजिंदर जार, महासचिव सुनील शर्मा बिट्टू, पूर्व विधायक कुलदीप सिंह पठानियां, पूर्व जिला अध्यक्ष नरेश ठाकुर ने कही। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में जहां जिला के सभी विधायकों, कांग्रेस जिला अध्यक्ष एवं अन्य कांग्रेस नेताओं और आम जनता को नियमों और कानूनों का हवाला देकर घर से बाहर निकलने पर रोक दिया गया था वहीं एचआरटीसी उपाध्यक्ष विजय अग्निहोत्री को नियमों को ताक पर रख कर किसने विधानसभा क्षेत्र नादौन में घूम कर अपने फोटो को सोशल मीडिया पर प्रचार करने की अनुमति दी। कोरोना संक्रमण काल में अग्निहोत्री द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ाई गई। फाहल पंचायत में विजय अग्निहोत्री के 12 करीबियों जो मुम्बई से आए थे को अनावश्यक रूप से लाभ देने लिए नादौन की तत्कालीन एसडीएम किरण भडाना द्वारा 12 मई को मना करने के बाद,13 मई को किसके दबाव में आकर जिलाधीश ने नियम और कानून उन 12 व्यक्तियों को लाभ देने के लिए बदल दिए। जिलाधीश पर नियम और कानून बदलने के लिए किसका दबाव था इसकी जांच होनी चाहिए। एचआरटीसी उपाध्यक्ष विजय अग्निहोत्री ने आपदा प्रबंधन एक्ट को कोरोना संक्रमण काल में तार-तार कर दिया था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री यह भी स्पष्ट करें कि सरकार को कोरोना संक्रमण की आपदा के समय ऐसी क्या आवश्यकता आ गई थी कि 13 मई को एसडीएम नादौन किरण भडाना का तबादला कर दिया गया। प्रदेश सरकार पर एसडीएम का तबादला करने पर किसका दबाव था यह भी मुख्यमंत्री स्पष्ट करें। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर लोगों के प्रति अपनी जवाबदेही को स्पष्ट करते हुए एचआरटीसी उपाध्यक्ष विजय अग्निहोत्री को पद से हटा कर उनके खिलाफ कार्रवाई करें ताकि आम जनता का विश्वास सरकारों पर बना रहे ।
एक जुटता व मन मे जज्बे के कारण ही समाज मे कई मिसाले कायम होती है। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला में कुनिहार से लगती जाडली पंचायत का रायकोट बोकरा गांव, कोरोना लॉक डाउन के दौरान सामुदायिक सहभागिता की ऐसी ही एक अनूठी मिसाल कायम करते हुए गांव तथा गांव के आस पास की प्रगति के लिए अनेक कार्य कर रहा है। गौरतलब है की कोरोना संकट के बाद गांव के जो युवा क्षेत्र के बाहर कार्य में लगे थे वो सभी गांव में समय रहते वापस आ गए थे तथा सभी ने मिलकर सामाजिक दूरी के साथ साथ सरकार द्वारा बताए नियमों का पालन करते हुए गांव में प्रगति कार्य जैसे गांव तथा गांव के आस पास की सफाई, जल के प्राकृतिक स्त्रोत की सफाई, कोरोना संकट में जरूरतमंदों को राशन सप्लाई, खेतों में ट्रेक्टर ले जाने के लिए सड़क इत्यादि को अंजाम दे रहे हैं। लम्बे समय से गांव की बड़ी समस्या खेतों में ट्रेक्टर ले जाने की थी तथा जहाँ देश इस वक़्त कोरोना की मार झेल रहा है वहीँ गांव में सभी ने मिलकर पैसे इकट्ठे कर स्वयं भी श्रम दान किया तथा हर खेत तक ट्रेक्टर की सुविधा को अंजाम दिया। इस कार्य में श्रमदान के साथ लगभग 50000 रूपए गांव वालो ने लगाए। गांव का कहना है की अगर जिला प्रशासन की तरफ से कोई सहायता मिलती है तो चल रहे कार्यों में मजबूती आएगी तथा बरसात में होने वाले नुक्सान से बचा जा सकेगाI भविष्य में भी बोकरा गांव सामाजिक कार्य, जरूतमंदो की सहायता, रक्त दान, श्रम दान इत्यादि के लिए दृढ़ संकल्पित है। गावं वालो ने इस कार्य में सहयोग के लिये साथ ही लगते इशुआ गावं के रोशन शर्मा का आभार व्यक्त कियाI
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने सोलन जिला की वर्ष 2020-21 की 3630.22 करोड़ रुपए की वार्षिक ऋण योजना का विमोचन किया। यह वार्षिक योजना राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण बैंक की संभाव्यता आधारित योजना के अनुरूप जिला के अग्रणी बैंक यूको बैंक द्वारा तैयार की गई है। के.सी. चमन ने इस अवसर पर कहा कि वर्ष 2020-21 में सोलन जिला में बैंकों के लिए कुल 3630.22 करोड रुपए के ऋण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष में कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों के लिए 971.63 करोड़ रुपए, लघु एवं सूक्ष्म उद्योग क्षेत्र के लिए 1526.20 करोड़ रुपए, अन्य प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों के लिए 532.39 करोड़ रुपए तथा अप्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों के लिए 600 करोड़ रुपए का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गत वर्ष सोलन जिला के लिए 3143 करोड़ रुपये की वार्षिक ऋण योजना जारी की गई थी। उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान समय में ऋण के माध्यम से रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिला में कार्यरत विभिन्न बैंकों को सभी ग्राम पंचायतों एवं गांव तक बैंकों की पहुंच सुनिश्चित बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को बैंकों द्वारा ऋण प्रदान करने के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही वित्तीय योजनाओं से सभी को लाभान्वित किया जा सकता है। के.सी. चमन ने जिला के विभिन्न बैंकों से आग्रह किया कि कृषि क्षेत्र तथा अन्य प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों के लिए बैंक अधिक से अधिक ऋण उपलब्ध करवाएं। इससे जहां इन क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित होगा वहीं बैंक अपने निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी सफल रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में सोलन जिला ने सर्वप्रथम वार्षिक ऋण योजना जारी की है तथा सभी लक्ष्यों को प्राप्त करने एवं लोगों को लाभान्वित करने में भी सोलन जिला अग्रणी रहना चाहिए। यूको बैंक के जिला प्रबन्धक बी.डी. सांख्यान ने इस अवसर पर कहा कि ऋण योजना को भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देशानुसार नाबार्ड द्वारा तैयार की गई संभावना आधारित योजना (पीएलपी) को आधार मानकर तैयार किया गया है। डीडीएम नाबार्ड अशोक चैहान, जोगिन्द्रा केन्द्रीय सहकारी बैंक के महाप्रबन्धक टशी सन्डूप, यूको बैंक के मुख्य प्रबन्धक वी.के राजदान तथा भारतीय स्टेट बैंक के ऋण प्रबन्धक पवन कुमार सौंखला इस अवसर पर उपस्थित थे।
पूर्व मंत्री व विधायक राम लाल ठाकुर ने केंद्र सरकार व उसकी सहयोगी संस्थाओं पर जबरदस्त वैचारिक हमला करते हुए कहा है कि देश के रक्षा क्षेत्र में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट को मंजूरी दे गई है अब क्या आर. एस. एस. गहन निंद्रा में सो गया है, वह रक्षा क्षेत्र में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट के मुद्दे पर चुप क्यों है? उन्होंने कहा कि क्यों अब केंद्र की सरकार स्वदेसी अपनाने का ढिंढोरा पीट रही है और दूसरी और फॉरेन इन्वेस्टमेंट को मंजूरी दे रही है यह दोहरी मानसिकता नहीं तो और क्या है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि आर. एस. एस. एक अम्ब्रेला ऑर्गेनाइजेशन है जिसके अधीन अनेको अन्य संस्थाए काम करती है जिसमे से भाजपा एक है और वर्ष 1991 में बनी स्वदेशी जगरण मंच भी है, लेकिन अब न तो विदेशी निवेश के मुद्दे पर स्वदेशी जागरण मंच बोल रहा है और आर एस एस की तो बोलती ही बंद हो गई है। उन्होंने कहा कि जब वर्ष 1984 में स्वर्गीय राजीव गांधी जी देश मे कंप्यूटर क्रान्ति की बात करते थे तो भाजपा और आर. एस. एस. बैलगाड़ी की बात करते थे, अब वही भाजपा व आर.एस.एस. फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप व ट्विटर को अपनी ढाल बना कर बैठे है। अब कहां है वह आर. एस. एस के विचारक जो स्वदेशी की बात करते थे? कोविड19 जैसी विश्वव्यापी आपदा के समय आर एस एस जैसी संस्थाए क्यों गायब हो गई है। क्यों आर एस एस एक ऐसी संस्था बन गई है जो सिर्फ भाजपा को चुनवों में समर्थन दिलाने व आमजन को बरगलाने तक सीमित रह गई है, क्योंकि अब यह साफ हो गया है कि आर एस एस की कथनी व करनी में वर्ष 1925 से ही यह अंतर रहा है। अब जब देश मे मज़दूरों का पलायन हो रहा है जिनकी संख्या करीब दस करोड़ चालीस लाख है तो अभी तक क्यों नहीं मजदूरों के लिए केंद्र सरकार ने राहत शिविर लगाए है। जबकि इतिहास गवाह है कि जब 1947 में देश का विभाजन हुआ था तो उन लोगों के पलायन की संख्या दोनों देश के बीच करीब 75-75 लाख थी तब भी उस समय की तत्कालीन नेहरू सरकार ने जगह जगह राहत शिविरों के माध्यम से लोगों को सुविधाएं प्रदान की थी लेकिन दूसरी तरफ अब जहां पर भारतीय मजदूर संघ अपने सदस्यता करीब डेढ़ करोड़ होने का दावा कर रहा है तो अभी भी केंद्र की भाजपा सरकार इस पलायन से भयभीत मजदूरों को राहत देने की जगह विदेशी निवेश पर जोर दे रही यह कहां का न्याय है। आखिर अब इस देश मे आर एस एस, स्वदेशी जागरण मंच व भारतीय मजदूर संघ कहाँ है वह क्यों नहीं अपनी सहभागिता से बनाई गई केंद्र की भाजपा की सरकार को देश की बुनयादी समस्याओं के बारे में पूछ पा रहे है? इसके दो ही कारण हो सकते है या तो आर एस एस व सहयोगी संस्थाओं ने अपनी संस्कृति व विचारधारा बदल ली है या फिर केंद्र की भाजपा सरकार के आगे घुटने टेक दिए हैं और केंद्र की भाजपा सरकार आकड़ो के जंजाल में फंसा कर देश के लोगों को जीना सिखा रही है। जबकि ठीक इसके विपरीत महात्मा गांधी की ग्राम स्वरोजगार अवधारणा को यू. पी. ए. की मनमोहन सिंह सरकाए ने अमलीजामा पहना कर मनरेगा जैसी बुनियादी फायदा देने वाली व ग्रमीण रोजगार को बढ़ाने वाली यह योजना इस देश को दी थी। जब वर्ष 2014 को भाजपा और एन डी ए की सरकार बनी थी तब मनरेगा जैसी आधारभूत योजना को हाशिये पर धकेल दिया गया था, पर अब जब देश महामारी के दौर से गुजर रहा है तो मनरेगा जैसी योजना के लिए चालीस हजार करोड़ जैसे बड़े बजट का प्रावधान करना कहीं न कहीं महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज की धारणा को बल देता है न कि जाति धर्म के आधार पर बंटवारे को।
बंद करो मोमबत्ती जलाना संस्कारों के दीये जलाओ तुम दिन के उजाले में मोमबत्ती रातों को कहर न ढाओ तुम बंद करो सड़कों पर भीड़ लगाना घरों में ही अपने सपूतों को समझाओ तुम मत छीनों किसी असहाय की आबरू सुनसान डगर पे हो सकती है तुम्हारी माँ बहन भी उसकी जगह देखो इस नजर से बहसी बनना छोड़ दो, नेक इंसान बन जाओ तुम बंद करो मोमबत्ती जलाना संस्कारों के दीये जलाओ तुम हाथों में है मोमबत्ती मन में कपट का घोर अंधेरा है चौराहे पर रैली, वीराने में लूट क्या यही भारत मेरा है? दूधमुंही बच्ची हो या 80 वर्ष की दादी अम्मा सबको बहसियों की गंदी नजरों ने घेरा है बंद करो यह नकली रोशनी जब मन में विलासिता का अँधेरा है अपने अंतर्मन में ज्ञान का एलईडी लगाओ तुम बंद करो मोमबत्ती जलाना संस्कारों के दीये जलाओ तुम दिन के उजाले में मोमबत्ती जलाते हो रात के अँधेरे में बहसी बन जाते हो क्यों आज बेटियां घरों में ही सुरक्षित नहीं है होती है आए दिन ऐसी घटनाएं, इनसे कौन परिचित नहीं है नारी है कोई भोग का सामान नहीं, इस सोच से ऊपर उठ जाओ तुम बंद करो मोमबत्ती जलाना संस्कारों के दीये जलाओ तुम धिक्कार है ऐसी सोच पर, क्यों सूरज को रोशनी दिखाते हो दिन भर सड़कों पर रैली, रात को लूट मचाते हो मैं कहती हूॅ॑, मत बनो देवता! इंसान ही बन जाओ तुम सुनसान अँधेरी सड़कों पर किसी मासूम का आँचल तार-तार न बनाओ तुम बंद करो मोमबत्ती जलाना संस्कारों के दीये जलाओ तुम। रचनाकार : नर्बदा देवी ठाकुर भाषा शिक्षिका राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोट तुंगल तहसील कोटली जिला मण्डी हिमाचल प्रदेश
कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत प्रदेश का जल शक्ति विभाग एक ओर जहां सभी को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवा रहा है वहीं यह भी सुनिश्चित बना रहा है कि किसानों को आवश्यकतानुसार सिंचाई योग्य जल प्राप्त हो। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जल शक्ति विभाग के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं। सभी घरों तक स्वच्छ जल तथा खेतों को सिंचाई योग्य पानी उपलब्ध करवाने के साथ-साथ विभाग अपनी विभिन्न योजनाओं के मुरम्मत इत्यादि कार्य पूर्ण करने, जल भण्डारण टैंकों की सफाई सुनिश्चित बनाने, सभी पेयजल योजनाओं में विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के अनुसार क्लोरिनेशन करने तथा ग्रीष्म ऋतु के इस काल में लोगों को स्वच्छ जल के विषय में लोगों को जागरूक करने के कार्य पूर्ण कर रहा है। सोलन जिला में वर्तमान में कुल 795 जलापूर्ति योजनाएं कार्यरत हैं। इनमें से 318 योजनाएं सोलन मंडल, 227 योजनाएं नालागढ़ मंडल तथा 250 योजनाएं अर्की मंडल में लोगों को स्वच्छ जल तथा सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवा रही हैं। कोविड-19 संक्रमण के दृष्टिगत जलशक्ति वृत सोलन ने सर्वप्रथम अपने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रदेश सरकार द्वारा जारी विभिन्न नियमों से अवगत करवाया और उन्हें सोशल डिस्टेन्सिग नियम की अनुपालना के साथ-साथ क्षेत्रीय स्तर तक सेनेटाइजेशन एवं लगातार हाथ धोने के बारे में जागरूक किया। इसका उद्देश्य सभी कर्मियों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित बनाना था। विभाग के सोलन, नालागढ़ तथा अर्की मंडलों ने सर्वप्रथम विभिन्न पेयजल एवं जलापूर्ति योजनाओं के मुरम्मत एवं रखरखाव कार्यों को पूर्ण किया ताकि लोगों को दीर्घ अवधि में कोई समस्या न आए। सभी योजनाओं का भौतिक निरीक्षण किया गया। विभाग द्वारा तदोपरान्त जलापूर्ति के लिए निर्मित भण्डारण टैंकों की सफाई सुनिश्चित बनाई गई। जिला में कुल 1586 जल भण्डारण टैंक हैं। पेयजल के लिए निर्मित टैंकों की मानक अनुसार क्लोरिनेशन की गई। विभाग ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में हैण्डपम्पों की मुरम्मत भी की ताकि ऐसी बस्तियों में पेयजल की कमी न हो जहां जलापूर्ति का मुख्य साधन हैण्डपम्प है। जल शक्ति वृत सोलन ने इन कार्यों के साथ-साथ निर्माण गतिविधियां भी आरम्भ कीं। आवश्यक कार्यों के साथ-साथ निर्माणाधीन 33 योजनाओं का कार्य आरम्भ किया गया। इन निर्माण कार्यों के माध्यम से अभी तक कुल 240 श्रमिकों को लाभान्वित किया गया है। सभी निर्माण कार्यों में सरकार द्वारा जारी आदेशों एवं सोशल डिस्टेन्सिग इत्यादि का पूर्ण ध्यान रखा गया है। सोलन मंडल में 04 निर्माणाधीन योजनाओं के माध्यम से 27, अर्की मण्डल में 15 निर्माणाधीन योजनाओं के अन्तर्गत 81 तथा नालागढ़ जल शक्ति मंडल में 14 निर्माणाधीन योजनाओं के तहत 132 श्रमिकों को लाभान्वित किया गया है। जल शक्ति विभाग ने निर्माण कार्यों के अन्तर्गत इस संकट काल में भी अनुमति मिलते ही सत्त रूप से निर्माण करते हुए नालागढ़ उपमण्डल के बद्दी शहर की 34 करोड़ रुपये की मल निकासी योजना का कार्य पूर्ण कर लिया है। जबकि नालागढ़ शहर की 17 करोड़ रुपये लागत की मल निकासी योजना का 95 प्रतिशत कार्य पूरा किया गया है। विभाग अपने इन मूलभूत कार्यों के साथ-साथ लोगों को ग्रीष्म ऋतु में होने वाले जलजनित रोगों के विषय में नियमित रूप से जागरूक कर रहा है। सभी को स्वच्छ पेयजल का महत्व और बीमारियों से बचाव के विषय में बताया जा रहा है। विभाग लोगों को जल की एक-एक बूंद को संरक्षित करने के सम्बन्ध में भी जागरूक बना रहा है।
कोरोना वायरस के चलते प्रदेश में कर्फ्यू लगा हुआ है और ऐसे में मजदूर ओर गरीबो को खाने के लिए तरसना न पड़े इसको लेकर स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ धार्मिक संस्थाओं व उपमंडल करसोग मे अनेक दानी सज्जन मदद के लिए आगे आ रहे है। वही इसमे महिला मंडल भी अपनी अहम भूमिका निभा रहे है। इसी कडी मे महिला मडल थर्मी द्वारा 4100 रु की राशि एस डी एम करसोग के माध्यम से मुख्यमंत्री राहत कोष मे दी गई। साथ ही समाजसेवी रजनीश ठाकुर भी मौजुद रहे। वहीं महिला मंडल थर्मी की प्रधान रीना कुमारी ने कहा कि अभी तक उपमडल करसोग के अनेको महिला मडलो ने कोरोना वायरस के चलते अपनी अहम भूमिका निभाई है तथा सभी महिला मंडलो ने अपना भरपूर सहयोग दिया है और ऐसे समय में जहां तक संभव हो जरूरतमंदों की मदद के लिए हमें आगे आना चाहिए। इसमे इनके साथ महिला मंडल सचिव शाता ठाकुर व खेम सिंह ठाकुर भी उपस्थित रहे।
प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, केन्द्रीय राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष डॉ० राजीव बिन्दल, पूर्व मुख्यमंत्री प्रो० प्रेम कुमार धूमल, शांता कुमार, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरषोतम गुलेरिया, प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, त्रिलोक कपूर, राकेश जम्वाल सहित समस्त भाजपा परिवार ने किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश मीडिया प्रभारी देवेन्द्र ठाकुर कुनपूरी के पिता एवं पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता, पार्टी के पुराने स्तंभ विश्राम तथा सोलन मण्डल के वार्ड नं० 6 के बूथ नं० 80 के पन्ना प्रमुख विवेक सूद (लोटी) के आकस्मिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। भाजपा नेताओं ने शोक संत्पत परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें व परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
बी एल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार के मुकुल संदल ने कनिष्ट वर्ग में ऑनलाइन चित्रकला प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त किया हैI जानकारी देते हुए विद्यालय अध्यक्ष ने बताया की जिला सोलन में राष्ट्रीय विज्ञानं दिवस के मौके पर प्रारम्भिक उप- शिक्षा विभाग सोलन ने जिला स्तरीय ऑनलाइन चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया था जिसमे विभिन्न विद्यालयों के छात्र- छात्राओं ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया थाI प्रारम्भिक शिक्षा विभाग सोलन के ओर से इस प्रतियोगिता के ऑनलाइन परिणाम घोषित कर दिए गए है जिसमे जिला सोलन के निजी विद्यालयों में हमारे विद्यालय से छात्र मुकुल संदल ने कनिष्ट वर्ग में पहला स्थान प्राप्त किया हैI विद्यालय अध्यक्ष ने यह भी बताया की इस उपलब्धि पर मुकुल को शिक्षा विभाग से एक हजार की राशि इनाम के रूप में ऑनलाइन दी जाएगीI विद्यालय अध्यक्ष ने इस उपलब्धि पर छात्र मुकुल संदल और उसके अभिभावकों को भी बधाई दी है I विद्यालय अध्यक्ष ने बताया की COVID -19 के चलते इस प्रतियोगिता का आयोजन ऑनलाइन घर पर ही करवाया गया था जिसमे अद्यापकों का बहुत योगदान रहा हैI उन्होंने इस उपलब्धि पर विज्ञान अध्यापिका ज्योति नेगी और कला अध्यापिका भानुप्रिया को भी बधाई दी हैी विद्यालय अध्यक्ष ने इस तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन करने के लिए प्रारम्भिक उप-शिक्षा निदेशक सोलन व् जिला साइंस सुपरवाइसर अमरीश शर्मा का धन्यवाद व्यक्त किया हैI विद्यालय अध्यापक अभिभावक संघ के अध्यक्ष रतन तंवर, विद्यालय के प्रधानाचार्य, उप-प्रधानाचार्य, मुख्याध्यापिका अन्य सभी अध्यापक वर्ग ने इस उप्ब्लाब्धि पर मुकुल को और उसके अभिभावकों को बधाई दी हैI
हिमाचल प्रदेश पी टी ए अनुबंध अध्यापक संघ का एक प्रतिनिधि मंडल नियमितीकरण के सन्दर्भ में प्रदेशाध्यक्ष हरीश ठाकुर की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिला और मुख्यमंत्री राहत कोष में तेरह लाख ग्यारह हजार एक सौ ग्यारह रुपए का ड्राफ्ट भेंट किया। इस मौके पर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज भी मौजूद रहे जहां पी टी ए अध्यापकों के नियमितीकरण की रूपरेखा तय की गई। मंगलवार, दिन में प्रतिनिधिमंडल विधि सचिव से मिला और नियमितीकरण पर कानूनी राय ली गई उसके पश्चात प्रतिनिधिमंडल शिक्षा सचिव, शिक्षा निदेशक व एडवोकेट जनरल से मिला और अतिशीघ्र नियमितीकरण पर गहनता से मंथन किया गया। गौरतलब है कि पी टी ए अध्यापक लगभग पिछले 14 वर्षों से शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं लेकिन पी टी ए, पैरा, पैट, जी बी यू की नियुक्तियों के सम्बन्धित मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के चलते सरकार पी टी ए अध्यापकों का नियमितीकरण नहीं कर पा रही थी हालांकि वर्तमान सरकार गतवर्ष समस्त पी टी ए अध्यापकों को नियमित अध्यापकों के बराबर वेतन दे रही है। अब जबकि सुप्रीम कोर्ट ने विरोधियों की सभी याचिकाओं को खारिज़ कर दी हैं और हिमाचल सरकार की इन भर्तियों को जायज ठहराते हुए ऊक्त मामले में हिमाचल हाई कोर्ट के दिसम्बर 2014 में पक्ष में दिए गए फैसले को बरकरार रखकर इस वर्ग के नियमितीकरण के दावे को और भी मजबूत कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णायक फैसले से हजारों शिक्षक परिवारों का भविष्य सुरक्षित हुआ है। प्रदेशाध्यक्ष हरीश ठाकुर ने कहा कि आज का दिन पी टी ए अध्यापकों के लिए ऐतिहासिक दिन है क्युकी आज हजारों पी टी ए अध्यापकों के शीघ्र नियमितीकरण की नीव रख दी गई है जिससे अतिशीघ्र हजारों परिवारों के स्वर्णिम भविष्य की शुरुआत होगी क्यूंकि मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि बहुत जल्द पी टी ए अध्यापकों को नियमितिकण का तोहफा दिया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल में उपाध्यक्ष अमित मुखिया, बोवी घेदटा, बलदेव ठाकुर, रवि ठाकुर, वीरेंद्र ठाकुर, कपिल वरसांटा आदि मौजूद रहे।
हिमाचल में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मंगलवार को कांगड़ा जिले में कोरोना का नया मामला आया है। चंबा के चुवाड़ी के 21 वर्षीय युवक की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। युवक 13 मई से कांगड़ा जिला के डमटाल में एक निजी क्वारंटाइन सेंटर में भर्ती था। उपायुक्त कांगड़ा राकेश प्रजापति ने मामले की पुष्टि की है। जानकारी के अनुसार चंबा जिला का युवक दुबई से लौटा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने युवक को डमटाल से बैजनाथ स्थित कोविड-19 केयर सेंटर शिफ्ट कर दिया है। वहीं, हिमाचल में मंगलवार को तीन और मरीजों ने कोरोना महामारी का मात दे दी। इनमें कांगड़ा जिले से भाई-बहन समेत तीन मरीज शामिल है। स्वास्थ्य विभाग ने कोविड-19 केयर सेंटर बैजनाथ में भर्ती कांगड़ा उपमंडल के झीरबल्ला गांव के भाई-बहन और नगरोटा बगवां उपमंडल के घीण गांव के युवक के सैंपल सोमवार को जांच के लिए भेजे थे, जिनकी मंगलवार को रिपोर्ट निगेटिव आई है। सीएमओ कांगड़ा डॉ. गुरदर्शन गुप्ता ने ने बताया कि तीनों को घर भेज दिया है। आगामी सात दिन तक स्वास्थ्य विभाग इन पर निगरानी रखेगा।
शहरी विकास मंत्री सरवीण चैधरी ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा प्रदान करने के दृष्टिगत प्रत्येक घर को 120 दिनों का रोजगार प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने इस वित्त वर्ष में मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारन्टी योजना आरम्भ की है। उन्होंने कहा कि यह योजना वर्तमान कोविड-19 महामारी के समय दिहाड़ीदार श्रमिकों के कौशल विकास, उन्हें बेहतर आजीविका के अवसर प्रदान करने और अपने उपक्रम स्थापित करने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करने के उद्देश्य के साथ शुरू की गई है। सरवीण चैधरी ने कहा कि इस योजना से शहरी अधोसंरचना सुदृढ़ होगी और शहरी निकायों में गुणात्मक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
राजस्व विभाग ने आगामी मानसून सीजन के दृष्टिगत विभिन्न विभागों, उपायुक्तों और अन्य संस्थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं ताकि इस दौरान सार्वजनिक व निजी सम्पत्तियों को न्यूनतम नुकसान हो तथा बहुमूल्य मानव जीवन की रक्षा की जा सके। राजस्व विभाग एवं आपदा प्रबन्धन के प्रधान सचिव ओंकार चन्द शर्मा ने बताया कि लोक निर्माण विभाग, नगर निगमों और पंचायती राज संस्थानों को नालियों, चैनलों और नालों की सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश आपदा के लिए संवेदनशील राज्य है इसलिए यह आवश्यक है कि लोगों को प्रारम्भिक चेतावनियां और आवश्यक जानकारी प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि ऊर्जा विभाग के अधिकारियों से कहा गया है कि नदी तट के आस-पास रहने वाले लोगों को पूर्व सूचना देने के लिए उपयुक्त प्रणाली के साथ तैयार रहे। इसके अतिरिक्त यह निर्देश भी दिए गए हैं कि आवश्यकता पड़ने पर संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने कहा कि आपात स्थितियों के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री का प्रबन्ध करने तथा राहत एवं बचाव दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात करने के लिए तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में होमगार्ड की कम्पनियों को भी तैयार रहने के लिए कहा गया है और आपात प्रतिक्रया के लिए अग्निशमन सेवाओं की भी सहायता ली जाएगी। ओंकार चन्द शर्मा ने कहा कि जल शक्ति विभाग को लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने तथा जल स्त्रोतों की नियमित सफाई के निर्देश दिए गए हैं।
कांगड़ा जिला के जीरबल्ला के भाई-बहिन कोरोना को मात देकर सकुशल घर लौट आए हैं, मंगलवार को उपायुक्त कांगड़ा राकेश प्रजापति, पुलिस अधीक्षक विमुक्त रंजन तथा सीएमओ ने उनके घर जाकर पुष्पगुच्छ भेंटकर उनको बधाई दी तो भाई और बहिन ने डीसी-एसपी को उनके घर आने और कुशलक्षेम पूछने के लिए थैंक्यू कहा, इन क्षणों के प्रत्यक्षदर्शी बने परिजन तथा गांव के लोग भी गदगद हो गए। इस अवसर पर सीएमओ गुरदर्शन तथा बीएमओ भी विशेष तौर पर उपस्थित रहे। उपायुक्त ने कहा कि यह बहुत खुशी का समय है कि जीरबल्ला के दोनों भाई बहिन ठीक होने के उपरांत अपने परिवार में सकुशल लौट आए हैं। उन्होंनेे कहा कि कोरोना जैसी बीमारी से डरने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर किसी भी स्तर पर सामाजिक भेदभाव नहंीं होना चाहिए तथा लोगों को भी इस बारे जागरूक होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कोरोना कोई सामाजिक कलंक नहीं है और कोरोना रोगियों तथा उनके परिवारों के प्रति भी किसी तरह का भेदभाव का दृष्टिकोण समाज में नहीं पनपना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों को स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करनी चाहिए इसके साथ ही अपने गांव या परिवार में बाहरी क्षेत्रों से आने वाले व्यक्तियों के बारे में तुरंत प्रशासन को सूचित करना चाहिए ताकि समाज को सुरक्षित रखा जा सके और कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। इस दौरान उपायुक्त ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि घरों से बेवजह बाहर नहीं निकलें तथा लॉकडाउन का पूरा अनुपालन सुनिश्चित करें। गौरतलब है कि झीरबल्ला के उक्त भाई बहिन की कोरोना संक्रमण की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने दोनों को बैजनाथ आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया था। आइसोलेशन में रहने के बाद युवक व युवती की कोरोना रिपोर्ट नेगटिव आई। मंगलवार को दोनों को एंबुलेंस के द्वारा अपने घर पहुंचे तो क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। कोरोना संक्रमण की वजह से किया गया था आइसोलेट दोनों बताते हैं कि कोरोना संक्रमण पाए जाने के बाद उन्हें आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था जहां स्वास्थ्य विभाग ने बहुत ही अच्छी तरह से देखभाल की व दवाईयां समय पर दीं। कोरोना वायरस से जंग जीते दोनों ने बताया कि अब वह स्वस्थ होकर घर लौट आएं हैं उनके लिए आज खुशी का बहुत बड़ा दिन है। सामाजिक दूरी का रखें ध्यान किसी को भी नजला, खांसी व बुखार है तो तुरन्त स्वास्थ्य विभाग से सम्पर्क करें। उन्होंने सभी लोगों से लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन करने के साथ सोशल डिस्टेसिंग अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि वे पूरी तरह से ठीक हो गये हैं और उनकी कोरोना रिपोर्ट नेगटिव आई है अब वह अपने घर पर ही रहेंगे और मास्क का लगातार प्रयोग करेंगे और तब तक करेंगे जब तक कोरोना जैसी बीमारी जड़ से खत्म नहीं हो जाती। इस दौरान सोशल डिस्टेसिंग का पूरी तरह से पालन किया गया।
राज्य सरकार ने कोविड-19 के दौरान प्रदेश में आरकरर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वकांक्षी कदम उठाए हैं। प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, बागवानी, कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों में विकास के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में मत्स्य उत्पादन हजारों लोगों की जीविकार्जन का मुख्य साधन हैं और प्रदेश की आर्थिकी को संबल प्रदान करने में भी इस क्षेत्र की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। कोराना महामारी के कारण राज्य में मत्स्य उत्पादन गतिविधियो पर भी विपरीत प्रभाव पड़ा है। इस क्षेत्र को मंदी से उबारने के लिए प्रदेश सरकार ने 20 अप्रैल, 2020 को मछुआरों को जलाशयों एवं नदियों में मछली पकड़ने के लिए अनुमति प्रदान की और मत्स्य गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए कई कदम उठाए। प्रदेश सरकार द्वारा मत्स्य पालकों को 76 हजार 650 मछली बीज उपलब्ध करवाए गए और 77 हजार 245 मछली बीज बिलासपुर स्थित भाखड़ा डैम में फिश केजिज में डाले गए। हिमाचल प्रदेश की ट्राऊट मछली की देशभर में भारी मांग है। राज्य में ट्राउट मछली की उत्पादन दर को बनाए रखने के लिए प्रदेश के विभिन्न भागों में चलाए जा रहे विभिन्न ट्राउट फार्म को 5,900 किलोग्राम ट्राउट फीड और राज्य के निजी ट्राउट पालकों को भी 3,239 किलोग्राम ट्राउट फीड उपलब्ध करवाई गई। प्रदेश में 20 अप्रैल, 2020 के उपरांत 17549 किलोग्राम मछलियां विभिन्न रिटेल आउटलेट में विक्रय की गईं। मत्स्य विभाग द्वारा लाॅकडाउन के दौरान मछुआरों को कोरोना महामारी से बचने के उपायों, स्वच्छता तथा सामाजिक दूरी बनाए रखने के बारे में जागरूक किया गया। मछली पकड़ने के उपकरणों, किश्ती, जाल इत्यादि को निरंतर सैनिटाईज किया जा रहा है। मत्स्य पालकों को मत्स्य परिवहन के लिए विभाग द्वारा पास जारी करने के साथ-साथ अन्य जरूरी सेवाएं भी प्रदान की जा रही हैं। मत्स्य विभाग द्वारा सामाजिक दूरी के नियम की पालना सुनिश्चित बनाते हुए अनुसंधान एवं विकास कार्यों के साथ-साथ विभिन्न योजनाओं के दक्षतापूर्ण कार्यान्वयन के लिए भी दक्ष प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत मछुआरों के लिए 20 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान से समुद्री एवं अंतर्देशीय गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए 11 हजार करोड़ रुपये तथा आवश्यक आधारभूत संरचना के लिए नौ हजार करोड़ रुपये से मछुआरों की सहायता करने का प्रावधान किया गया है। इससे हिमाचल प्रदेश में भी मत्स्य पालन तथा अन्य गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रदेश में मत्स्य पालन विभाग द्वारा लाॅकडाउन में मत्स्य गतिविधियों से जुड़े परिवारों और किसानों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं। यह प्रयास किया जा रहा है कि देशव्यापी लाॅकडाउन के दौरान उनकी आर्थिकी को संबल प्रदान करने के साथ-साथ उनके लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का कार्यान्वयन भी समयबद्ध रूप से किया जाए।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए निर्देश दिए कि संस्थागत क्वारंटाइन में रखे गए लोगों की नियमित चिकित्सा जांच सुनिश्चित बनाने के साथ-साथ क्वारंटाइन केंद्रों में पर्याप्त सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डाॅक्टरों की टीम क्वारंटाइन केंद्रों का दौरा अवश्य करे ताकि वहां रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। बुजुर्गो और लंबी बीमारी से पीड़ित मरीजों को सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं और जरूरत पड़ने पर उन्हें स्वास्थ्य संस्थानों में स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ने पर होटलों को भी संस्थागत क्वारंटाइन केंद्रों के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। इससे इन केंद्रों में रहने वाले लोगों का मनोबल भी बढ़ेगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि जिला प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि देश के अन्य हिस्सों से आने वाले हिमाचलियों के घर पहुंचने से पहले ही पंचायती राज संस्थाओं के चुने हुए प्रतिनिधियों को उनकी सूचना उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मी बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की घर वापसी से पहले ही ऐसे लोगोें के घरों का दौरा करें ताकि उसके परिवार के सदस्यों को शारीरिक दूरी बनाने के महत्व के बारे में जागरूक किया जा सके। स्वास्थ्य कर्मियों और पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को सुनिश्चित करना होगा कि ऐसे घरों में अलग कमरों और शौचालयों की उचित सुविधा हो। यदि सुविधा उपलब्ध नहीं हो तो ऐसे लोगों को नजदीक के पंचायत घर, युवक मंडल भवन, महिला मंडल भवन और सामुदायिक केंद्रों में स्थानांतरित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रवासी मजदूरों की सुविधा के लिए प्रदेश में राष्ट्रीय योजना ”वन नेशन-वन राशन कार्ड“ शुरू की है। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि प्रवासी मजदूरों को दो माह तक निःशुल्क खाद्य सामग्री मिले। उन्होंने कहा कि जिन मजदूरों के पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें भी प्रति व्यक्ति पांच किलोग्राम गेहूं या चावल और प्रति माह एक किलोग्राम दाल निःशुल्क दी जाएगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि संस्थागत व होम क्वारंटाइन से बाहर आने वाले लोगों को अन्य लोगों को को कोविड-19 के बारे में जागरूक बनाने के लिए ब्रांड एंबेसडर के रूप में कार्य करने के लिए प्रेरित करने के प्रयास किए जाने चाहिए।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के चौथे चरण में शिमला तथा बिलासपुर जिला के पंचायत प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आज उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा कर्मचारियों की भूमिका को सराहा और उनसे फीडबैक ली। सीएम ने सभी को आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए। उन्होंने कहा कि जहां पंचायत प्रतिनिधियों ने कोरोना के प्रति जागरूकता में बढ़-चढ़ कर कार्य किया वहीं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से मास्क बनाकर भी वितरित किए गए। अब पीपीई किट्स बनाने का कार्य भी स्वयं सहायता समूह कर रहे हैं, जिन्हें फ्रंट लाइन वर्कर्स को प्रदान किया जा रहा है। ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में ऊना से शामिल हुए। कंवर ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के मार्गदर्शन में बहुत से हिमाचल वासियों को चरणबद्ध तरीके से वापस लाया जा रहा है। ऐसे में अब पंचायत प्रतिनिधियों को होम क्वारंटाइन में रहने वाले लोगों पर निगरानी रखनी होगी। उन्होंने कहा कि बाहर से आ रहे लोगों को रोजगार प्रदान करना प्रदेश सरकार का दायित्व है, इसीलिए 2500 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। जिसे मनरेगा, एनआरएलएम, 15वें वित्तायोग के तहत एक वर्ष के भीतर खर्च किया जाएगा। इस धनराशि से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।
थाना कुनिहार में एक युवती के शिकायत पत्र के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर युवती के पति को गिरफ्तार किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार झारखण्ड निवासी युवती करमेला ने पुलिस थाना कुनिहार में अपने पति मुकेश के खिलाफ लिखित शिकायत दी कि हम काफी समय से कुनिहार में लेबर का काम करते है। हमारी शादी को 3 साल हो गए है व हमारे एक 18 माह की बेटी भी है। करमेला ने कहा है कि उसका पति मुकेश हर रोज शराब पीकर मारपीट करता है। पिछले कल भी मेरे पति ने मेरे साथ मारपीट की व जान से मारने की धमकी देते हुए खुद भी फांसी लगाकर खुदखुशी की बात कर रहा था। इस बारे थाना प्रभारी जीत सिंह ने बताया कि मुकेश पर मामला दर्ज कर इसका मैडिकल करवा कर इसे गिरफ्तार कर हवालात में डाल दिया गया है ताकि यह कोई बड़ा अपराध न कर दे। बुधवार को इसे एस डी एम अर्की के सामने पेश कर अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
रक्तदान के पीछे एक कारण यह भी है कि दानी यह नहीं जानता कि उसका रक्त किस को जा रहा है तथा लेकिन इतना तय होता है कि रक्त उस व्यक्ति के लिए है जो जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। ऐसे में किसी का जीवन बचाने से बड़ा और कोई कार्य नहीं हो सकता है। यह बात अपने जीवन में पहली बार रक्तदान करके लौटी बिलासपुर की शालिनी शर्मा ने कही। नवज्योति सीनियर सेकेंडरी स्कूल बिलासपुर की प्रिंसीपल तथा अंतर्राष्ट्रीय इनरव्हील क्लब बिलासपुर की प्रेजिडेंट शालिनी शर्मा हांलाकि समाज सेवा में अपना कार्य किसी न किसी रूप से जारी रखती हैं लेकिन रक्तदान की भी मन में इच्छा थी जो मंगलवार को पूर्ण हुई। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल से जब रक्तदान के लिए काॅल आई तो वे अपने पति गोंविद घोष के साथ जिला अस्पताल पहुंची और रक्तदान ही नहीं किया बल्कि इस पुनीत कार्य को लेकर मन की तमाम भ्रांतियां भी दूर हुईं। शालिनी शर्मा ने बताया कि मानवता का यही मर्म है कि इन्सान को इन्सान का जीवन बचाने के लिए रक्तदान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि रक्त की जरूरत किसी को भी पड़ सकती हैं ऐसे में रक्तदान करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। शालिनी शर्मा ने इंटरनेशनल इन्नरव्हील क्लब के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह दुनिया का सबसे बड़ा महिलाओं का एकमात्र क्लब है जो कि सरकार से किसी भी प्रकार की सहायता के बिना चलता है। उन्होंने समाज की सेवा में रूचि रखने वाली महिलाओं से अपील की है कि वे ज्यादा से ज्यादा महिलाएं इस क्लब से जुड़े और मानवता की सेवा में जीवन का कुछ समय लगाएं। वहीं शालिनी शर्मा के पति गोविंद घोष जो कि स्वयं एक कर्मठ समाज सेवी हैं, ने बताया कि रक्तदान एक पावन काम हैं तथा सभी को ऐसे कामों में बढ़चढ़ कर भाग लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के चलते लगे लाॅकडाउन में अस्पतालों के ब्लड बैंकों में रक्त की कमी हुई है। ऐसे में समाजसेवी संस्थाओं और युवाओ को स्वेच्छा से इस काम के लिए आगे आना चाहिए ताकि रक्त के अभाव में किसी की जान न जा सके। व्यास नगर रक्तदाता समिति के अध्यक्ष कर्ण चंदेल ने बताया कि शालिनी शर्मा ने पहली बार रक्तदान किया है, जो कि अन्य मातृशक्ति के प्रेरणा की बात हैं। उन्होंने सभी का आहवान करते हुए कहा है कि सभी लोगों को रक्तदान करना चाहिए।
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने शिमला से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों तथा प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण देश की अर्थ-व्यवस्था के साथ-साथ शिक्षा पर भी प्रभाव पड़ा है। विद्यार्थियों की सुरक्षा भविष्य की रक्षा है। हमें इस संक्रमण के चक्र को रोकने के लिए सरकार द्वारा जारी किए सभी निर्देशों का पालन करना है तथा शिक्षा प्रणाली को और मजबूत करना है। प्रदेश सरकार ने इस संकट के समय में शिक्षा क्षेत्र को और सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं, जिसमें ऑनलाइन कक्षाएं, दूरदर्शन पर शैक्षणिक कार्यक्रम तथा विभिन्न उपाय शामिल है। उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में निजी विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिसके कारण आज हिमाचल प्रदेश शिक्षा हब के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निजी विश्वविद्यालयों के हितों को ध्यान में रख कर कोविड-19 के दौरान राज्य में शिक्षा व्यवस्था बनाए रखने पर विचार कर रही है। इन विश्वविद्यालयों को आने वाली समस्याओं तथा उचित मांगों पर अवश्य विचार किया जाएगा ताकि इनका समाधान किया जाए। ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा प्रदान करना बेहद लाभदायक सिद्ध हो रहा है तथा इस दौर में तकनीक का सदुपयोग किया जा रहा है। शिक्षा प्रदान करना एक महान सेवा है, जिसमें जितना भी सहयोग किया जा कम है। इससे पूर्व, विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों तथा प्रतिनिधियों ने शिक्षा मंत्री को विश्वविद्यालयों में वर्तमान में किए जा रहे उपायों तथा प्रबन्धों से अवगत करवाया। सभी ने कोविड-19 महामारी के दौरान ऑनलाइन शिक्षा पर बल देते हुए भविष्य में इसका अधिक उपयोग करने पर सहमति जताई। उन्होेंने शिक्षा मंत्री के समक्ष अपनी आर्थिक समस्याएं भी रखीं तथा विद्यार्थियों से संबंधित कई मुद्दों पर भी चर्चा की। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश उच्चतर शिक्षा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. सुनील गुप्ता, हिमाचल प्रदेश निजी शैक्षणिक संस्थान नियामक आयोग के सदस्य डाॅ. एस.पी. कटयाल तथा आयोग के सचिव एम.डी. शर्मा भी उपस्थित थे।
जिला दंडाधिकारी सोलन केसी चमन ने जिला के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ तथा परवाणू क्षेत्र में आवश्यक एवं गैर जरूरी वस्तुओं के सेवा प्रदाताओं, प्राधिकृत थोक विक्रेताओं, वितरकों तथा बैकिंग सेवाएं प्रदान करने वाले बैंकर की सुविधा के लिए कोविड-19 के दृष्टिगत आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार प्रदेश से बाहर से आवश्यक एवं गैर जरूरी वस्तुओं के सेवा प्रदाताओं, प्राधिकृत थोक विक्रेताओं, वितरकों तथा बैकिंग सेवाएं प्रदान करने वाले बैंकर को बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ तथा परवाणू क्षेत्र में अपने कार्य के लिए आने के लिए वन टाइम प्रवेश अनुमति प्राप्त करनी होगी। इसके लिए शर्तें निर्धारित की गई है। इसके अनुसार बाहर से आने वाले इन सभी व्यक्तियों को प्रदेश के सोलन जिला के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र में आने के लिए निर्धारित प्रपत्र पर ई-मेल के माध्यम से पुलिस अधीक्षक बद्दी को तथा परवाणू क्षेत्र के लिए पुलिस थाना परवाणू को आवागमन से पूर्व सूचना देनी होगी। इन्हें आधिकारिक लेटर हेड पर पुलिस अधीक्षक बद्दी अथवा पुलिस थाना परवाणू को आवागमन से पूर्व लिखित में सूचित करना होगा। यह सूचना ई-मेल के माध्यम से उपरोक्त ई-मेल पतों पर दी जा सकती है। आदेशों के अनुसार इन्हें पूर्व चिन्हित क्वारेनटाईन सुविधाओं में रहना होगा। इन्हें अपना कार्य इन पूर्व चिन्हित क्वारेनटाईन सुविधाओं से ही करना होगा। वे 14 दिनों की अनिवार्य क्वारेनटाइन अवधि पूरा होने तक उपलब्ध कर्मियों के माध्यम से अपना कार्य एवं लेखा प्रबन्धन सुनिश्चित बनाएंगे। इस संबंध में पुलिस द्वारा प्रति जांच की जाएगी। यह व्यक्ति स्थानीय जनता एवं पूर्व से रह रहे कर्मियों के साथ मेलजोल नहीं रखेंगे। सोशल डिस्टेन्सिग सहित अन्य नियमों का पालन सुनिश्चित बनाएंगे। आदेशों की अवहेलना पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं और आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे।
जिला दंडाधिकारी सोलन केसी चमन ने कोविड-19 के दृष्टिगत सोलन जिला में सैलून तथा बार्बर की दुकानों को पुनः खोलने के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन दिशा-निर्देशों का पालन सभी सैलून मालिकों तथा बार्बर के लिए अनिवार्य होगा। इन दिशा-निर्देशों के अनुसार सैलून तथा बार्बर की दुकानों के प्रवेश द्वार पर एवं भीतर 70 प्रतिशत एल्कोहल आधारित सेनिटाइजर उपलब्ध होना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को इनमें प्रवेश से पूर्व अपने हाथों को सेनिटाइज करना अनिवार्य होगा। बार्बर की दुकान एवं सैलून में प्रत्येक ग्राहक का पंजीकरण किया जाएगा। ग्राहकों को ऑनलाइन या फोन पर कार्य के लिए समय लेना होगा। उन्हें सीधा दुकान अथवा सैलून पर आकर कार्य करवाने से बचना होगा। इसका उद्देश्य यही है कि एक समय पर दुकान अथवा सैलून में ग्राहक एकत्र न हों। ग्राहकों के मध्य कम से कम 02 मीटर की दूरी बनाए रखने की व्यवस्था अनिवार्य रूप से रखनी होगी। प्रत्येक ग्राहक के जाने के उपरांत कुर्सी को एक प्रतिशत सोडियम होइपोक्लोराइड घोल से स्वच्छ किया जाना आवश्यक है। ऐसे ग्राहकों को कार्यस्थल अथवा सैलून में सेवा देने पर प्रतिबंध होगा जो खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ, बहती नाक या गले में खराश जैसे लक्षणों का सामना कर रहे हों। बार्बर शॉप एवं सैलून में शैविंग व थ्रैडिंग की अनुमति नहीं होगी। ग्राहक का मास्क पहनना अनिवार्य होगा। कार्य करने वाले व्यक्ति को मास्क, टोपी एवं दस्ताने पहनना अनिवार्य होगा। केवल डिस्पोजेबल दस्ताने, तोलिया तथा गाउन का प्रयोग ही किया जा सकेगा। कंघी, ब्रश, रोलरर्स, स्ट्रीकिंग कैप, क्लिपर्स, गार्ड और कैंची इत्यादि को साफ करके सूखी स्थिति में रखना होगा। सभी उपकरणों को पहले साबुन और पानी से धोना होगा एवं तदोपरांत एल्कोहल अथवा स्पीरिट से उपचारित करना होगा। बिना साफ किए गए उपकरणों का प्रयोग नहीं किया जा सकता। दुकान अथवा सैलून के प्रतीक्षा क्षेत्र में कोई पत्रिका एवं खाने का सामान नहीं रखा जाना चाहिए। दुकान के दरवाजों के हैंडल, रैलिंग, कुर्सियां, ग्राहक काउंटर और भुगतान उपकरण जैसी बार-बार स्पर्श होने वाली सतहों को साफ और कीटाणूरहित रखना होगा। प्रत्येक सुबह एवं सांय परिसर व दुकान में 01 प्रतिशत सोडियम होईपोक्लोराइड के साथ पोछा लगाना और सभी सतहों को छिड़काव से कीटाणूरहित बनाना आवश्यक है। स्टाइलिस्ट कर्मी को लिखित में यह प्रस्तुत करना होगा कि उन्हें फ्लू जैसा कोई लक्षण नहीं है और वे पिछले 14 दिनों से न तो राज्य से बाहर गए हैं और न ही किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हैं। सभी बार्बर एवं सैलून संचालक इन दिशा-निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करेंगे तथा संबंधित उपमंडलाधिकारी इसकी नियमित निगरानी करेंगे। वे इस संबंध में जिला दंडाधिकारी कार्यालय सोलन को प्रतिदिन रिपोर्ट प्रेषित करना भी सुनिश्चित करेंगे। उपरोक्त निर्देशों की अवहेलना पर नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने कहा कि प्रदेश सरकार जन सहयोग से राज्य में कोविड-19 संक्रमण के दृष्टिगत विभिन्न नियमों का पालन करवाने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि जन-जन के सहयोग से ही कोरोना वायरस संक्रमण का स्थायी हल निकाला जा सकेगा। डॉ. सैजल सोलन विधानसभा क्षेत्र के तहत कण्डाघाट उपमण्डल की विभिन्न ग्राम पंचायतों में 1200 से अधिक मास्क वितरित करने के उपरान्त पंचायती राज प्रतिनिधियों एवं स्थानीय निवासियों से विचार-विमर्श कर रहे थे। डॉ. सैजल ने क्षेत्र में दाउंटी, सायरी, ममलीग, सतड़ोल, कुफ्टू तथा कनैर में मास्क वितरित किए, लोगों की समस्याएं सुनीं और कोविड-19 से बचाव के विषय में जागरूक किया। डॉ. सैजल ने कहा कि वर्तमान में कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए एहतियाती उपाय अपनाने आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि सभी को सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना चाहिए, सोशल डिस्टेन्सिग नियम के तहत 02 व्यक्तियों के मध्य कम से कम 02 गज की दूरी रखनी चाहिए और बार-बार अपने हाथ सेनेटाइज करने चाहिए अथवा साबुन से धोने चाहिएं। उन्होंने कहा कि सभी इन नियमों से परिचित हैं और कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक है कि जन-जन इनका पालन करें। उन्होंने आग्रह किया कि इस सम्बन्ध में अपने परिचितों एवं आसपास के लोगों को भी अवगत करवाएं ताकि कोरोना संक्रमण के चक्र को तोड़ा जा सके। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा सही समय पर देशभर में लॉकडाउन करने और तदोपरान्त केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू बनाए रखने से कोरोना वायरस के विरूद्ध युद्ध में व्यापक लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अगुवाई में न केवल विभिन्न नियमों के विषय में लोगों को जागरूक किया गया अपितु समाज के सभी वर्गों को राहत पहुंचाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य भी किया गया। डॉ. सैजल ने कहा कि उन्होंने स्वयं सोलन जिला में किसानों की उपज को सही समय पर मंडियों तक पहुंचाने और पशु चारे की कमी न होने के विषय में जिला प्रशासन को निर्देश दिए। इसका इन वर्गों को समय पर लाभ मिला। उन्होंने कहा कि इस महामारी से सफलतापूर्वक लड़ने के लिए जहां सरकार, प्रशासन एवं लोगों का समन्वय आवश्यक है वहीं पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उन्होंने आग्रह किया कि पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में इस विषय में लोगों को जागरूक बनाएं। डॉ. सैजल ने कहा कि मास्क कोरोना के विरूद्ध लड़ाई में प्रथम हथियार एवं सुरक्षा चक्र है। सभी को दीर्घ अवधि में मास्क पहनने के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में जाने का एक उद्देश्य यह भी है कि लोगों को घर पर ही सूती कपड़े से मास्क बनाने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने आग्रह किया कि सभी स्तरों पर महिला शक्ति न केवल अपने परिजनों के लिए मास्क बनाएं अपितु कुछ संख्या में इन्हें अन्य को भी बांटे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने व्यापक स्तर पर मास्क तैयार करने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं अन्य का आभार व्यक्त किया। उन्होंने संकट काल में विभिन्न आवश्यक सेवाओं को सुचारू बनाए रखने तथा अपने कार्य के द्वारा लोगों को राहत पहुंचाने एवं सफाई कर्मियों सहित अन्य सभी का धन्यवाद किया। उन्होंने सभी स्थानों पर जन समस्याएं सुनीं और लोगों को विश्वास दिलाया कि चरणबद्ध आधार पर इनका निराकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुफ्टू में जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक की शाखा खोली जाएगी। उन्होंने ‘पीएम केयर्ज फण्ड’ में 28 हजार रुपये तथा मुख्यमंत्री सोलिडेरिटी फण्ड में अंशदान करने के लिए ग्राम पंचायत ममलीग का आभार व्यक्त किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी वंदना चौहान ने घर मास्क तैयार करने के बारे में जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर दुग्ध पशु सुधार सभा सोलन के अध्यक्ष रविंद्र परिहार, जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष विजय ठाकुर, भाजपा मंडल सोलन के अध्यक्ष मदन ठाकुर, जिला भाजपा महामंत्री नंदलाल कश्यप, ग्राम पंचायत काहला की प्रधान नारायणी देवी, ग्राम पंचायत ममलीग की प्रधान द्रोपती देवी, ग्राम पंचायत सायरी की प्रधान अंजू राठौर, ग्राम पंचायत कनैर की प्रधान कमलेश शर्मा, ग्राम पंचायत काहला के उप प्रधान ललित कुमार, वार्ड सदस्य पार्वती एवं लालचंद, पूर्व प्रधान रामस्वरूप, उपमंडलाधिकारी कण्डाघाट डॉ. संजीव धीमान, सीडीपीओ पवन गुप्ता सहित अन्य प्रतिनिध एवं ग्रामवासी उपस्थित थे।
नोवल कम्युनिटी फाउंडेशन के स्वयंसेवियों ने फतेहपुर में अस्पताल, उपमंडलाधिकारी कार्यालय, पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, कांगड़ा कॉपरेटिव बैंक, बाल विकास परियोजना अधिकारी आफिस, बिजली विभाग फतेहपुर और पुलिस थाना फतेहपुर को सेनेटाइज किया। फाउंडेशन के सदस्यों का मानना है कि कोरोना योद्धा दिनरात इस महामारी से लड़ रहे हैं और अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे में नोवल कम्युनिटी फाउंडेशन भी अपने दायित्व से कैसे पीछे हट सकती है। फाउंडेशन के अध्यक्ष ने बताया कि फतेहपुर में जो नया कोविड सेंटर बनेगा उसमे अलग अलग संस्थाओ के साथ मिलकर नोवल कम्युनिटी फाउंडेशन उपायुक्त और उपमंडलाधिकारी के दिशाअनुसार काम करेगा।
वैश्विक महामारी कोविड-19 के दृष्टिगत देश भर में घोषित लॉकडाउन के कारण अपने परिजनों से दूर सोलन के उन 41 व्यक्तियों ने उस समय ईश्वर का आभार व्यक्त किया जब 02 माह के अन्तराल के उपरान्त वे अपने प्रदेश पहुंचे। महाराष्ट्र से विशेष रेलगाड़ी के माध्यम से ऊना पहुंचे 605 हिमाचलियों ने रेलवे स्टेशन पर कदम रखते ही राहत की सांस ली। इन 605 व्यक्तियों में 41 व्यक्ति जिला सोलन के हैं। इनमें 35 पुरूष तथा 06 महिलाएं हैं। इन सभी 41 व्यक्तियों को प्रदेश पथ परिवहन निगम की बसों के माध्यम से नालागढ़ पहुंचाया गया। यहां इन सभी का पूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। इन सभी को संस्थागत क्वारेनटाइन किया गया है। महाराष्ट्र के मुम्बई में काम करने वाले सोलन जिला के कसौली के गढ़खल के रहने वाले कपिल अत्री ने इस संकट काल में घर से इतनी दूर कार्यरत हिमाचल वासियों को राज्य तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश सरकार तथा सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे जीवन भर प्रदेश सरकार के आभारी रहेंगे। सोलन के शिल्ली के रहने वाले अग्रज शर्मा ने कोविड-19 के कारण उत्पन्न खतरे के दृष्टिगत उन्हें अपने घर तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार तक आग्रह पहुंचाने के बाद न केवल उन्हें पहले बस के द्वारा समीप के रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया गया और फिर विशेष रेलगाड़ी के माध्यम से हिमाचल तक। नालागढ़ के मितियां के रहने वाले राजेंद्र महाराष्ट्र में मजदूरी कर अपना और अपने परिजनों का जीवनयापन कर रहे हैं। लॉकडाउन के कारण उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। उन्होंने प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि न केवल उनकी पुकार सुनी गई अपितु उन्हें अपने घर तक भी पहुंचाया गया। अन्य सभी प्रदेशवासियों ने भी इस आपातकाल में सही समय पर सहायता करने के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी विवेक चंदेल ने इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर देश के विभिन्न राज्यों से विशेष रेलगाडि़यों के माध्यम से सोलन जिला के निवासियों को निर्धारित संस्थागत क्वारेनटाइन स्थलों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक देश के अलग-अलग राज्यों से 156 सोलन वासियों को वापिस लाया गया है। उन्होंने कहा कि इन सभी व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है और प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशानुसार इन्हें क्वारेनटाइन सुविधा में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन प्रदेश सरकार के निर्देश पर विभिन्न राज्यों से आने वाले सोलन वासियों की सुविधा के लिए कृतसंकल्प है। इस दिशा में सभी एहतियाती प्रबंध सुनिश्चित बनाए गए हैं।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शिमला और बिलासपुर जिलों की विभिन्न ग्राम पंचायतों के पंचायत प्रधानों को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्बोधित करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी से प्रभावी तरीके से लड़ने के लिए प्रदेश सरकार को अपना पूरा समर्थन प्रदान करने के लिए पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) के चुने हुए प्रतिनिधियों का धन्यवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी जरूरतमंदों और गरीबों को फेस मास्क और भोजन उपलब्ध कराने में अह्म भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि अधिकांश पंचायतों ने लोगों को सामाजिक दूरी बनाए रखने और घरों से बाहर जाने के दौरान फेस मास्क और फेस कवर का उपयोग करने के लिए प्रेरित करने में भी बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों से कहा कि वह यह भी सुनिश्चित करें कि प्रवासी मजदूरों के पास खाने के लिए भोजन और रहने के लिए आश्रय भी हो। जय राम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केंद्र सरकार का देश के लिए 20 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक सुधार पैकेज प्रदान करने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पैकेज में समाज के सभी वर्गों के कल्याण की परिकल्पना की गई है। उन्होंने कहा कि इस पैकेज से राज्य को काफी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा के लिए 40,000 करोड़ अतिरिक्त धनराशि प्रदान की गई है, जो निश्चित रूप से राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में विकासात्मक बुनियादी ढांचे में सुधार के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अधिक अवसर पैदा करने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि एमएसएमई के लिए पैकेज के बारे में घोषणाओं से राज्य में कोविड-19 के बाद के औद्योगिक क्षेत्र में भी मदद मिलेगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार को देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हजारों हिमाचली लोगों से ‘एसओएस’ संदेश मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और उन्हें वापस लाने के लिए हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि इस कारण से राज्य में कोरोना रोगियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए सामाजिक दूरी और रोकथाम ही एकमात्र उपाय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य राज्यों से आने वाले सभी लोगों को क्वारंटीन में रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी पंचायती राज संस्थाओं के चुने हुए प्रतिनिधियों की भूमिका इस समय और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को होम क्वारंटीन के नियमों का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए और यदि कोई व्यक्ति क्वारंटीन नियमों का पालन नहीं करता है इस बात को जिला प्रशासन के ध्यान में लाया जा जाए, ताकि उल्लंघनकर्ता को संस्थागत क्वांरटीन केंद्र में स्थानांतरित किया जा सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रधान हमारे लोकतांत्रिक व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है क्योंकि वे लोकतंत्र के जमीनी संस्थानों के मुखिया हैं। उन्होंने कहा कि उनके संबंधित क्षेत्रों के विकास के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों के विकास में उनकी सक्रिय भूमिका सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि प्रधानों को गरीब और प्रवासी मजदूरों को भोजन और आश्रय प्रदान करने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचायतों को लोगों के लिए फेस कवर और मास्क प्रदान करने के लिए भी आगे आना चाहिए। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने वीडियो कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि कोरोना महामारी ने देश की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रदेश के लोगों को राज्य में वापस लाने के लिए सक्रिय-दृष्टिकोण अपनाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आज तक देश के विभिन्न हिस्सों से पांच रेल गांडियां, फंसे हुए हिमाचलियों को वापस लाकर प्रदेश में पहुंच चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी लोगों को उचित चिकित्सा जांच के बाद उनके घरों तक पहुंचा दिया गया हैं। अब पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों का कर्तव्य बन जाता है कि वे यह सुनिश्चित करे कि कोई भी व्यक्ति होम क्वारंटीन का उल्लंघन न करें। अध्यक्ष जिला परिषद शिमला धर्मिला हरनौट, अध्यक्ष जिला परिषद बिलासपुर अमरजीत सिंह बग्गा, प्रधान ग्राम पंचायत नरैण जिला शिमला नरेश, प्रधान ग्राम पंचायत बलाघाड़ बिलासपुर रचना देवी, प्रधान ग्राम पंचायत बैहल बिलासपुर राम कुमार शर्मा, प्रधान ग्राम पंचायत नंदपुर, जुब्बल शिमला शकुंतला देवी, प्रधान ग्राम पंचायत कुई, रोहडू शिमला सुरिंद्र वर्मा ने भी इस अवसर पर अपने विचार सांझा किए।
कुनिहार क्षेत्रवासियों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योकि क्षेत्र के एक गांव में मिला जंगली जानवर का शावक कोई तेंदुए का नहीं अपितु जंगली बिल्ली का बच्चा था जो अपनी मादा बिल्ली से बिछड कर किसी की मलकियत में आ गया होगा। यह बात वन मंडलाधिकारी कुनिहार सतीश नेगी ने कही है उन्होंने कहा कि सम्भवतः वन में कई प्रकार के वन्य प्राणी विचरकर रिहायशी इलाको तक पंहुच जाते हैं। उन्होंने कहा कि कुनिहार के खनोल गांव में किसी ग्रामीण को मिला जंगली शावक कोई तेंदुए का बच्चा नहीं है अपितु एक जंगली बिल्ली का शावक था जिसे रेस्क्यू करके उसी स्थान के वन परिक्षेत्र में छोडकर करीब दो दिनों तक उसकी मोनिटरिंग की गई। उन्होंने कहा कि वन्य प्राणी विभाग शिमला को भी उक्त शावक की फोटो वीडियो सहित कुछ डिटेल भेजी गई थी, जिसमे उन्होंने भी स्पष्ट किया कि यह कोई तेंदुए का शावक नहीं अपितु जंगली बिल्ली का बच्चा है जो कुनिहार वन परिक्षेत्र में बहुत कम पाया जाता है। सतीश नेगी ने कहा कि कुनिहार क्षेत्र वासियों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं हैं। उन्होंने सभी लोगो से अपील करते हुए कहा कि वन परिक्षेत्र में अकेले न जाए। अगर किसी की मलकियत में कोई जंगली जानवर दिखाई दे तो उसकी सुचना तुरंत विभाग को दे। गौर रहे कि कुनिहार पँचायत के खनोल गाँव के एक ग्रामीण के आंगन में 14 मई की रात को जंगली बिल्ली का एक बच्चा पहुंच गया जिसे ग्रामीणों ने तेंदुए का बच्चा समझ लिया और क्षेत्र में तेंदुए के होने का भय हो गया। लेकिन 15 मई को जब ग्रामीणों ने इसे वन विभाग को सौंपा तो वन विभाग ने वन्य प्राणी विभाग से सम्पर्क कर इसका जंगली बिल्ली का बच्चा होने की पुष्टि की और विभाग ने इसे उसी जंगल मे छोड़ दिया ताकि बच्चा अपने परिवार से मिल सके।
लाडली फाउंडेशन के राज्य उपाध्यक्ष एवं रेनबो स्टार क्लब के मुख्य सलाहकार निर्मला राजपूत एवं लाडली फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष अनीता शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष रेखा बिष्ट (ममता), वरिष्ठ उपाध्यक्ष रश्मि गौतम एवं सदर ब्लॉक अध्यक्ष रीना ठाकुर की संयुक्त अगुवाई में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एडीएम बिलासपुर विनय कुमार को कोरोना महामारी के चलते जिला बिलासपुर में कुशल प्रशासन और जनता को बेहतर सुविधा प्रदान करने हेतु सम्मानित किया गया। लाडली फाउंडेशन के ब्लॉक अध्यक्ष रीना ठाकुर (शीतल) ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन का जनता को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए बहुत ही सक्रिय योगदान रहा है जिसके लिए पूरा जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन बधाई का पात्र है।
राजकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक पाठशाला डियारा सेक्टर को क्वारंटीन सेंटर बनाने के विरोध में नगर वासी लामबंद हो गए हैं। इसी आशय को लेकर उपायुक्त को बाकायदा एक पत्र लिखकर इस सेंटर का विरोध दर्ज कर इसे और कहीं शिफ्ट करने की मांग की है। प्रैस को जारी बयान में कर्मवीर, राहुल घई, मोहम्मद आरिफ, इंशात घई, रजनी देवी, संदीप कुमार, अशरफ खान, रजिया, निशा देवी, रीता देवी, सोनिया, नीना देवी, अनवर बेगम, अजय कुमार, विशाल, अमित, सपना, सौरव, अर्जुन, नीरू, नेहा आदि दर्जनों लोगों ने जिला वाल्मिकी सभा के प्रधान अशोक कुमार की अगवाई जिला प्रशासन से एक स्वर में क्वारंटाइन सेंटर को यहां से शिफ्ट करने की मांग उठाई है। जिला प्रधान अशोक कुमार ने कहा है कि डियारा सेक्टर में इससे पूर्व कई बार जलजनित रोग अपने पांव पसार चुके हैं। डेंगू के अप्रत्याशित मामले किसी से छुपे नहीं हैं जबकि पीलिया, डायरिया, आंत्रशोथ जैसे मामले बड़ी मात्रा में प्रकाश में आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर क्वारंटाइन सेंटर खोलने की कवायद चल रही है। उसके आसपास घनी आबादी है तथा अधिकांश लोगों की आवाजाही साथ लगती सड़कों पर सुबह शाम होती है। ऐसे में यह संक्रमण यहां के लोगों को भी अपना शिकार न बना ले इसके लिए प्रशासन से अनुरोध किया कि इस क्वारंटाइन सेंटर को नगर के बाहर शिफ्ट करें ताकि संभावित खतरे से समय रहते टला जा सके। लोगों ने उपायुक्त बिलासपुर से सकारात्मक कार्यवाही की उम्मीद जताई हैै।
उपमंडल आनी के अंतर्गत कुठेड़ पंचायत के कुठेड़, कटाहर व लौंण लोट में रविवार रात तेंदुए ने दुधारू गाय को पशुशाला में हमला बोलकर उन्हें बुरी तरह नोचकर मौत के घाट उतार दिया। स्थानीय कुठेड़ पंचायत की प्रधान रोशनी देवी ने इसकी सूचना पुलिस,पशुपालन विभाग व वन विभाग को दी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस व पशुपालन विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर तेंदुए के हमले से मृत व जख्मी हुए गायों का निरीक्षण व छानबीन की। प्रधान रोशनी देवी ने बताया कि उनकी पंचायत के गांव कुठेड़, कटाहर व लौण लोट में तेंदुए ने पिछले तीन दिन में लगातार गांव में धाबा बोलकर 4 दुधारू गायों को नोंचकर उन्हे मौत के घाट उतारा है, जबकि 6 गायों को नोचकर उन्हें बुरी तरह से जख्मी किया है। जिन लोगों की गायों को तेंदुए ने मारा है उनमें मरने किशोरी लाल कुठेड़ की 2 गाय, दूनी चन्द कुठेड़ की एक गाय और प्रीतम कटाहर की एक गाय शामिल हैं, जबकि सत पाल लौण लोट, यशपाल कटाहर, किशोरीलाल कुठेड़ व प्रीतम कटाहर की एक-एक गाय और दुनी चन्द कुठेड़ की 2 गायों को बुरी तरह जख्मी किया है। प्रधान रोशनी देवी ने इस बारे में सरकार से प्रभावित लोगों को उचित मुआवजे की मांग की है और वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने की मांग की है। उन्होंने कहा कि तेंदुए के लगातार हमलों से ग्रामीण बेहद ख़ौफ़ज़दा है। लोगों को भय है कि तेन्दुआ आने वाले दिनों में ग्रामीणों पर भी हमला बोल सकता है, ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से वन विभाग इस विषय को गम्भीरता से लेकर तेंदुए को पकड़ने के लिए पंचायत क्षेत्र में जल्द पिंजरा लगाए। उधर इस बारे में वन मण्डलाधिकारी चंद्रभूषण शर्मा ने बताया कि कुठेड़ क्षेत्र में तेंदुए द्वारा गायों पर किये गए हमलों को लेकर संबंधित वन परिक्षेत्र अधिकारी को उचित दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
सदर विधानसभा क्षेत्र के युवा नेता एवं प्रदेश महासचिव आशीष ठाकुर ने प्रदेश सरकार और प्रशासन पर आरोप लगाया है कि पिछले दिनों बिलासपुर ज़िला के स्वारघाट क्वारंटाइन सेंनटर में कुहमझवाड़ पंचायत के लेंगड़ी गांव के हँस राज नामक युवक की मौत हो गई थ। मौत के बाद लोगो के विरोध को देखते हुए मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश सरकार जय राम ठाकुर ने प्रशासन को आदेश जारी किए थे कि 5 दिनों में उक्त युवक की मौत की मैजेस्ट्रीयल जांच हो जिसमें एडीएम बिलासपुर को इस मामले की जांच करने के लिए जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। पर आज 7 दिन पूरे हो जाने के बावजूद भी इस मामले की रिपोर्ट को सार्वजनिक नही किया जा रहा है। आशीष ठाकुर ने कहा कि उक्त युवक बहुत ही गरीब परिवार से सम्बन्ध रखता है। पर बड़े दुर्भाग्य की बात है कि इस युवक के परिवार को आज तक सरकार और प्रशासन की तरफ से आर्थिक मदद नही पहुंचाई गई है। आशीष ठाकुर ने कहा कि अभी तक इस युवक की परिजनों को न तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट सौंपी गई है न ही मृत्यु प्रमाण पत्र दिया गया है। युवा नेता ने कहा कि आज तक जो युवक हंस राज के साथ था उसके भी ब्यान पुलिस विभाग द्वारा नही लिए गए है। युवा नेता ने मुख्यमंत्री से पुनः मांग की है कि इसकी जांच रिपोर्ट को जल्द से जल्द सार्वजनिक किया जाए और दोषियों के खिलाफ़ कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए। उक्त युवक के परिवार को गुजर बसर के लिए आर्थिक तौर पर मदद की जाए और उसके परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी क्षेत्र में रोजगार दिया जाए। अन्यथा सदर विधानसभा क्षेत्र के लोगो के साथ मिलकर एक बड़े आंदोलन की रूप रेखा तैयार की जाएगी और उसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार एवम जिला प्रशासन की होगी।
कोविड-19 कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत महाराष्ट्र से 16 व्यक्ति बिलासपुर पहुंचे। यह लोग महाराष्ट्र से ऊना तक विशेष रेलगाड़ी के माध्यम से आए, उसके उपरांत इन्हें हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस के द्वारा बिलासपुर लाया गया। महाराष्ट्र से आए 16 व्यक्ति जिनमें 15 पुरुष जिन्हें जवाहर नवोदय विद्यालय कोठीपुरा व 1 महिला विद्युत विश्राम गृह में इनस्टीटयूशनल क्वारनटाईन में रखा गया है। अपने घर पहुँचने पर सभी व्यक्तियों ने प्रदेश सरकार द्वारा उनके महाराष्ट्र से लाने की प्रबंध करने के लिए धन्यवाद किया। लोगों ने बताया कि सफर में उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ा, प्रदेश सरकार ने उनके सफर के दौरान सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की हुई थी।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री डीवी सदानन्द गौड़ा से अनुरोध किया है कि हिमाचल प्रदेश के लिए एक बल्क ड्रग पार्क स्वीकृत किया जाए। केंद्रीय मंत्री को लिखे पत्र में जय राम ठाकुर ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश बल्क ड्रग्स और जैनरिक दवाइयों के उत्पादन में एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है तथा देश व विदेशों में बाजार में व्यापक स्तर पर पकड़ बनाई है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में संचालन कर रही औद्योगिक इकाइयों ने बल्क ड्रग पार्क स्थापित करने में विशेष रुचि दिखाई है। इन इकाइयों ने विशेषकर सोलन जिला के बद्दी बरोटीवाला क्षेत्र में यह पार्क विकसित करने की इच्छा जताई है, जो पहले ही एक फार्मा हब है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश में क्रिटिकल की-स्टार्टिंग सामग्री, ड्रग इंटरमीडिएट्स और एक्टिव फार्मास्यूटिकल सामग्री के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक लाभकारी योजना की घोषणा की है। केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित इस योजना से भारतीय फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज को महत्वपूर्ण दवाओं और रसायनों के निर्माण में वैश्विक प्रतिस्पर्धा, आत्मनिर्भरता और अत्याधुनिक तकनीकों के अनुकूलन को प्राप्त करने में सक्षम बनाया जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि अगर हिमाचल प्रदेश के लिए इस प्रकार का एक बल्क ड्रग पार्क आवंटित किया जाता है तो राज्य निश्चित रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दवा उद्योग की आवश्यकता को पूरा करने में सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरेगा।
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि विभिन्न देशों में फंसे हिमाचल प्रदेश के 29 व्यक्तियों को केंद्र सरकार अभी तक स्वदेश ला चुकी है। इनमें 19 को दिल्ली, पांच को केरल और पांच को पंजाब में क्वारंटाइन में रखा गया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्णय के अनुसार सभी यात्रियों को 14 दिनों के संस्थागत क्वारंटाइन में रखा जाएगा। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने इन सभी यात्रियों की स्वास्थ्य जांच की है और फिलहाल उन्हें दिल्ली, केरल और पंजाब के विभिन्न होटलों में क्वारंटाइन में रखा गया है। दिल्ली पहुंचे 19 लोगों में सिरमौर जिला से एक, मण्डी जिला से एक, कांगड़ा जिला से एक, हमीरपुर जिला से दो, सोलन जिला से तीन और शिमला जिला से 11 व्यक्ति संबंधित हैं। इसी प्रकार मालदीव से पांच हिमाचली केरल और पांच दुबई से अमृतसर पहुंचे हैं, जिन्हें वहां की सरकारों ने क्वारंटाइन में रखा है। प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के होटल होलीडे होम शिमला, होटल पाईनवुड बड़ोग, होटल धौलाधार व होटल भागसू धर्मशाला और होटल टी-बड पालमपुर को इन यात्रियों के संस्थागत क्वारंटाइन के लिए चयनित किया है। इन होटलों में ठहरने व भोजन की सुविधा के लिए 50 प्रतिशत रियायत के साथ किराया निर्धारित किया गया है। प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य इन यात्रियों की नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए पर्याप्त संख्या में डाॅक्टरों व पैरा मेडिकल स्टाफ की व्यवस्था करेगी। अगर 14 दिनों के उपरांत उन्हें कोविड-19 के लिए नेगेटिव पाया जाता है तो घर में क्वारन्टीन में रहने की स्वीकृति दी जाएगी। जिन लोगों को पाॅजिटिव पाया गया, उन्हें प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिन्हित कोविड अस्पतालों में स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में स्थित आवासीय आयुक्त कार्यालय के अधिकारियों को इस संदर्भ में किसी सहायता के लिए संपर्क किया जा सकता है। कोई भी व्यक्ति प्रधान आवासीय आयुक्त संजय कुंडू को मोबाइल नंबर 98181-53766, उप आवासीय आयुक्त विवेक महाजन को मोबाइल नंबर 88028-03672, ओएसडी समन्वय सुशील कुमार शिमला को मोबाइल नंबर 98685-39423 और आईजीपी ज्ञानेश्वर सिंह को उनके मोबाइल नंबर 97110-01001 पर सम्पर्क कर सकता है।
Chief Minister Jai Ram Thakur said that under Mukhya Mantri Swavlamban Yojna investment subsidy at 25 percent was being provided for projects having investment upto Rs. 60 lakh for youth and 30 percent for projects having investments upto Rs. 60 lakh for women entrepreneurs. He said that five percent interest subsidy would also be provided for a period of three years. Jai Ram Thakur was presiding over a meeting with various Industrial Associations regarding roadmap for recovery of industrial sector in the wake of corona pandemic here today. He said that the State Government has also taken up the matter with the Union Government for relaxation of the condition under Pradhan Mantri Garib Kalyan Yojna under which the benefit of this scheme could be availed by those enterprises where 90 percent or more employees are drawing wages less than Rs. 15,000/- per month, besides payment of wages of lockdown period from ESIC funds. Jai Ram Thakur said that the State Government has also deferred demand charges of power by three months and power bill payment has been deferred without late fee by HPSEB. He said that last date for filling acknowledgement of declaration under HP (Legacy Case Resolution) Scheme 2020 has been extended to 30th September, 2020. He said that State Government has taken several steps to facilitate operations of essential goods industries throughout the lockdown period and other industries during the second period. Chief Minister said that the industrialists of the State had provided all possible help to the State by making contributions towards the PM CARES and HP SDMA COVID-19 State Disaster Response Fund or even by providing free masks and food to the needy. He said that no one had anticipated of this situation but by collective efforts we were fighting this pandemic successfully. He said that it was due to the farsighted and strong leadership of Prime Minister Narendra Modi that COVID-19 cases in our country were less than most of the developed countries. He said that challenges also provide us opportunities and we should come forward to accept these challenges and convert them into opportunities. Jai Ram Thakur said that the ‘Atamnirbhar Bharat’ package announced by the Prime Minister was the biggest economic package of independent India. He said that this package envisages building a self sufficient and self reliant India post COVID. He said that about 300 units in the country were manufacturing PPE kits in the country in a short period of two months whereas once it was totally dependent on China. He said this was the best example of challenge converted into opportunity. Chief Minister said that MSME sector has been badly affected due to COVID-19 pandemic. He said that about 95 percent of the industries in the State fall under MSME categories. He said that steps should be taken to derive maximum benefits of this package to revive these units. He assured that all the issues raised by the industrialists would be considered sympathetically. Chief Minister said that industry was playing a major role in development and progress of the State. He said that Government was providing various incentives to Medium, Small and Micro Enterprises (MSME) under Industrial Policy 2019, such as rebate of 50 percent, 60 percent and 70 percent of rate/premium on land cost, stamp duty and registration fee at the rate of 50 percent, 30 percent and 10 percent of applicable rates in category ‘A’, ‘B’ and ‘C’ respectively, 100 percent exemption on CLU besides 50 percent subsidy of maximum Rs. 20 thousand towards the cost of preparation of Detailed Project Report and obtaining certification. Jai Ram Thakur said that an economic incentive of Rs. 50 thousand crores under Rs. 20 lakh crore economic package was offered by the Central Government to ensure the availability of funds (Liquidity) required for medium, small and micro industries (MSME). He said that this would encourage those wanting to set up new MSME units and those who are already incurring losses, due to certain reasons, would also get the facility to take an additional loan with this. Chief Minister said that there was also a provision to provide an amount of Rs. 3 lakh crores for giving loans to MSME, without any collateral security and this loan would be given for a period of 4 years and 100 percent guarantee would be given by Government. He said that up to one year exemption would be provided for repayment of the principal amount of these loans. He expressed hope that with these incentives, the MSME in the State would get boost in a big way. Jai Ram Thakur said that payment of 12 percent of employer and 12 percent employee contributions was being made into EPF accounts of eligible establishments under Pradhan Mantri Garib Kalyan Yojna. He said that earlier this incentive was provisioned for the months of March, April and May,2020 which has now been extended upto August, 2020. Industries Minister Bikram Singh Thakur said that the State Government was committed to provide all possible assistance to the industry for its proper revival which got badly affected due to the COVID-19 pandemic. He said the main objective of this meeting was to derive maximum benefits of the economic package of Rs. 20 lakh crore announced by the Union Government. Additional Chief Secretary Industries Manoj Kumar welcomed the Chief Minister and other dignitaries. Director Industries Hansraj Sharma made a detailed presentation on the occasion. Representatives of various industrial associations also raised their issues and gave their suggestions on the occasion. Chief Secretary Anil Khachi, Additional Chief Secretaries, Principal Secretaries and Secretaries also attended the meeting.
अर्की पुलिस ने एक महिला के खिलाफ होम क्वारंटाइन के दौरान प्रोटोकाल पूरी तरह से न अपनाने पर मामला दर्ज किया है। आरोप है कि होम क्वारंटाइन की गई महिला अपने परिवार के सदस्यों व पंचायत प्रतिनिधि के साथ सीधे अस्पताल की ओपीडी में पहुंच गई। जिसके कारण क्वारंटाइन प्रोटोकाल की अनदेखी की गई। इस संबंध में बीएमओ अर्की ने इसकी शिकायत एसडीएम अर्की विकास शुक्ला से की और फिर मामला पुलिस में दर्ज करवाया गया। शिकायत में कहा गया है कि महिला को होम क्वारटाइन में रखा गया था। सोमवार को इस महिला को इसका पिता व एक अन्य व्यक्ति अर्की अस्पताल लाए तथा इन्होंने कोविड प्रोटोकोल का पालन प्रौपर तौर पर नहीं किया तथा उलंघन करते हुए सीधे ओपीडी व एमरजैसी वार्ड में आ गए। डीएसपी अर्की प्रताप सिंह ठाकुर ने मामला दर्ज किए जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई की जा रही हैं।
जिला पठानकोट जोकि नूरपुर का ही नहीं समूचे जिला काँगड़ा का प्रमुख व्यापारि कस्बा है। थोक, स्पेयर पार्ट, इत्यादि का कारोबार काँगड़ा के साथ जिला पठानकोट साँझा करता है, के क्षेत्र मामून जोकि जिला काँगड़ा के उपमंडल नूरपुर से स्टा हुआ क्षेत्र है में कोरोना मरीजों की तादात लगातार बढ़ती जा रही ह। यह पठानकोट के प्रशासन के लिए ही नहीं बल्कि जिला काँगड़ा के नूरपुर तथा इंदौरा के प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय बना हुआ ह। मामून के वार्ड नम्बर 19 के वासी की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के पश्चात उसे ज़िला पठानकोट के सिविल अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। बाद में अमृतसर के गुरु नानक मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करवाया था का पिछले एक महीने से इलाज चल रहा था l कुछ दिनों से उसकी हालत गंभीर बनी हुई थ। उसको 6 घण्टों से वेंटिलेटर पर रखा गया था, जिसकी सोमवार सुबह मौत हो गई l अमृतसर अस्पताल में इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि मृतक कोरोना वायरस पीड़त था व उसे सांस लेने में परेशानी थी l गुरु नानक अस्पताल प्रशासन ने मृतक के शव को पठानकोट प्रशासन के सपुर्द कर दिया है l वहीं इस सबंधी एसएमओ भूपिंदर सिंह ने बताया कि मृतक की अंतिम दो रिपोटें नेगिटिव आई थी। अगर उसकी सेहत में सुधार हो जाता तो आज उसको अस्पताल में छुट्टी मिल जाती l वहीं देर शाम कोमृतक के पैतृक गांव मामून के श्मशान घाट पर एम्बुलेंस के द्वारा लाया गया तथा प्रशासन की देखरेख में उसका का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
कांगड़ा लोकसभा क्षेत्र के सांसद किशन कपूर ने कहा कि कांगड़ा व चम्बा क्षेत्र के स्वास्थ्य व पुलिस विभाग के प्रथम पंक्ति में खड़े कोरोना योद्धाओं के लिए सांसद निधि से 23 लाख रूपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस राशि में से 8 लाख 50 हजार रुपये चम्बा के लिए स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस राशि से स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के लिए पीपीई किट(व्यक्गित सुरक्षा उपकरण किट) व पुलिस विभाग के कर्मचारियों के लिए सेनिटाईजर, थ्री लेयर मास्क, दस्ताने व फेस शील्ड इत्यादि की खरीद की जाएगी। किशन कपूर ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्य व पुलिस विभाग के कर्मचारी दिन-रात अपने परिवार से दूर रहकर हमारी सेवा में लगे हुए हैं अतः सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें सामान उपलब्ध करवाना अत्यंत आवश्यक है। किशन कपूर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा कर कोरोना संकट काल के दौरान लॉक डाउन से होने वाली आर्थिक क्षति की भरपाई का अत्यंत ही महत्वपूर्ण पग उठाया है। उन्होेेंने कहा कि भारत के इतिहास में पहली बार इतना बड़ा पैकेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस आर्थिक पैकेज में सभी वर्गों का पूर्ण ख्याल रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह पैकेज आत्मनिर्भर भारत की कड़ी में पहला पग होगा जिसके कारण सरकार का 5 ट्रिलियन डॉलर आर्थिकी का संकल्प पूरा होगा। उन्होंने कहा कि इससे हमारे घरेलू उद्योगों, मध्यवर्गीय व सब प्रकार के उद्योगों को बढावा मिलेगा और देश में बेरोजगारी दूर होगी। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए जिला कांगड़ा के टांडा मेडिकल कॉलेज के लिए वेंटिलेटर की खरीद के लिए 33 लाख रुपये व चम्बा मेडिकल कॉलेज के लिए वेंटिलेटर की खरीद के लिए 33 लाख रुपये अपनी सांसद निधि से दिये हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र और प्रदेश की सरकार इस महामारी को रोकने तथा लोगों की सुरक्षा के लिए व्यापक स्तर पर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट की इसी चुनौती को अपनी दूरदर्शिता से अवसर में बदलने का सफल प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि इस महामारी से बचने के लिए सरकार के निर्देशों का पालन करना अति आवश्यक है तथा सामाजिक दूरी बनाए रखने में ही हम सबकी सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट से निपटने के लिए प्रदेश सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि गरीब तथा निर्धन लोगों को सस्ता राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है।
फतेहपुर तहसील के अंतर्गत गोलवां गाँव में 4 दिन पूर्व दिल्ली से आए कोरोना पॉजिटिव युवक के घर व आसपास एन डी आर एफ की टीम द्वारा फतेहपुर प्रशासन की देखरेख में सेनेटाइज किया गया। एन डी एफ आर की टीम ने घर व गली में यहां भी संक्रमण की सम्भाबना हो सकती थी ,बारीकी से मुआयना कर कोरोना के समूल नाश हेतु सेनेटाइज किय। इसी के साथ सोमवार को कोरोना पीड़ित 22 वर्षीय छात्र की माता पिता व बहन सहित 12 अन्य पड़ोसियों के कोरोना टेस्ट भी लिए। वही स्वास्थ्य अधिकारी फतेहपुर आर के मेहता ने बताया कि सोमबार को लिए इन 15 टेस्ट की रिपोर्ट मंगलबार शाम तक आने की सम्भाबना है । बताया जाता है कि उक्त छात्र दिल्ली से घर आकर अपने घर मे ही क्वारन्टीन हो गया था और वह किसी से नही मिला फिर भी प्रशासन अपनी तरफ से कोई कोताही नही बरतना चाहता और परिजनों व अन्य लोगों के कोरोना टेस्ट लिए गए। वही पीड़ित छात्र बैजनाथ स्थित कोविड केयर सेंटर में उपचाराधीन है।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत कर विश्वविद्यालय स्तर पर शैक्षणिक गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार, बागवानी एवं वाणिकी विश्वविद्यालय, नौणी के कुलपति प्रो. परमिन्दर कौशल, कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर के कुलपति प्रो. अशोक सरयाल, तकनीकी विश्वविद्यालय, हमीरपुर के कुलपति प्रो. एस.पी. बंसल, क्लस्टर विश्वविद्यालय मंडी के कुलपति प्रो. सी.एल. चमन और अटल मेडिकल एण्ड रिसर्च विश्वविद्यालय, नेरचैक के कुलपति प्रो. सुरेन्द्र कश्यप ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में भाग लिया। राज्यपाल ने मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा सुझाए गए विभिन्न आॅनलाइन पोर्टल के उपयोग, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप परीक्षाओं की तैयारी और अगले सत्र को लेकर रोडमैप, कोविड-19 के दौरान विश्वविद्यालय की भूमिका, ऑनलाइन शिक्षा व कक्षाओं की अभी तक की स्टे्टस रिपोर्ट, वालंट्यिर्स की भूमिका, हिन्दी में शिक्षण की सुविधा इत्यादि विषयों को लेकर जानकारी हासिल की। इस अवसर पर, राज्यपाल ने पिछले 55 दिनों से लाॅकडाउन के दौरान ऑनलाईन कक्षाओं को लेकर सभी कुलपतियों की सराहना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि 31 मई तक लाॅकडाउन-4.0 में भी सभी विश्वविद्यालय दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए फाॅलो-अप, दक्षता व जागरूकता का परिचय देंगे। उन्होंने कहा कि कुलपतियों के साथ पहली वीडियो कांफ्रेंस में उन्होंने आॅनलाइन एजुकेशन पर बल दिया था, जिस पर सभी ने काम किया। उन्होंने कहा कि यह मौका है कि इस तकनीक का ज्यादा से ज्यादा उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा की तकनीक के माध्यम से कोई भी व्यवस्था क्यों न बने लेकिन विद्यार्थियों के साथ संपर्क बनाये रखा जाना चाहिए। दत्तात्रेय ने कहा कि विद्यार्थियों की मनोस्थिति को जानने की कोशिश की जाए और विशेषकर आॅनलाइन व्यवस्था मेें उन्हें क्या समस्या है, इसकी प्रतिक्रया ली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के वालंटियर तैयार करने के लिए उन्होंने कहा है जिसकी वजह विद्यार्थियों में सेवा भाव पैदा करना है। राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों द्वारा जागरूकता के लिए अपनाये गए गांव के बारे में भी उनकी प्रतिक्रिया को सांझा किया। उन्होंने स्थानीय भाषा के उपयोग की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश के ऐसे क्षेत्र जहां नेटवर्क की समस्या है और गरीब बच्चे जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं हैं, के बारे में भी विकल्पों पर बातचीत की। इस अवसर पर, कुलपतियों ने अपनी प्रतिक्रिया में बताया कि 90 प्रतिशत तक उन्होंने अपना पाठ्यक्रम पूरा कर दिया है। ऑनलाइन पुस्तकालय सुविधा दी जा रही है। शोधकार्य जारी है और प्रवेश परीक्षाओं के लिए समितियां गठित की जा चुकी हैं। जागरूकता कार्यक्रम पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कुछ प्रशासनिक स्टाफ को बुलाने का आग्रह किया, ताकि प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ विकासात्मक गतिविधियों को भी जारी रखा जा सके।
सेना प्रशिक्षण कमाण्ड शिमला के जनरल अफसर कमाडिंग-इन-चीफ लैफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से उनके आधिकारिक निवास ओक ओवर में भेंट की। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के सेवारत और सेवानिवृत सैनिकों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से सेना बिलासपुर जिला के झण्डुत्ता और मण्डी जिला के सुन्दरनगर में सीएसडी कैंटीन खोलने को सहमत हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से उठाया था। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश के ऊना से हिमाचल पथ परिवहन निगम की 7 बसों जरिए 132 लोगों को चंबा लाया गया। उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट विवेक भाटिया ने बताया कि इन सभी को राजपत्रित अधिकारियों और पुलिस एस्कॉर्ट के साथ जिला की सीमा में प्रवेश कराया गया। इस दौरान उनके खाने-पीने और स्वास्थ्य संबंधी सभी प्रबंध प्रशासन द्वारा किए गए ताकि उनको किसी भी किस्म की दिक्कत का सामना ना करना पड़े। उन्होंने बताया कि कल रात को ऊना से चली तीन बसों में कुल 42 व्यक्तियों को जिला चंबा में लाया गया। जबकि सुबह ऊना से चली चार बसों में भी 90 लोग वापिस पहुंचे हैं। विवेक भाटिया ने ये भी बताया कि सोमवार पठानकोट से भी हिमाचल पथ परिवहन निगम की 7 बसों में 146 लोग पहुंचे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इनकी स्क्रीनिंग की गई और उन्हें अब क्वॉरेंटाइन में भेज दिया गया है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि अब कोई भी व्यक्ति जब जिला की सीमा में प्रवेश करेगा तो पंजीकरण के साथ ही उसकी जानकारी का संदेश सीधे उसकी पंचायत के सचिव को भी चला जाएगा।
एक तरफ कोरोना वायरस के चलते जहां प्रशासन व सरकार द्वारा लॉकडाउन का पालन करने की अपील जनता से कर रही है और इसे सुनिश्चित बनाने के लिए नियम व कानून का सहारा ले रही है। वहीं नशा तस्करों में न तो कोरोना का भय नजर आ रहा है और न ही नियम कानून का सम्मान अथवा खौफ नाम की कोई चीज इनमें है और यह नशा तस्करी के अपने गोरखधंधे से बाज नहीं आ रहे। ऐसा ही एक मामला जिला कांगड़ा के कंडवाल में सामने आया है जिसमें स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल सेल व सीआईडी की टीम ने एक 31 वर्षीय युवक को नशीले कैप्सूल सहित गिरफ्तार किया है। मामले के संदर्भ में जानकारी देते हुए राज्य मादक द्रव नियंत्रण दल कांगड़ा के डिप्टी एसपी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि कंडवाल व आसपास नशीले पदार्थ की तस्करी को अंजाम दिया जा सकता है। जिस पर सेल व पुलिस के सब इंस्पेक्टर मोहिंद्र कुमार, मानद मुख्य आरक्षी कश्मीर सिंह, आरक्षी रॉकी कुमार व गृह रक्षक दल के रछपाल को वहां गश्त करने व मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। इस दौरान टीम जब कंडवाल स्थित बाड़ी खड्ड नामक स्थान पर पहुंची तो एक युवक मोटरसाइकिल ( एचपी 38डी 0664 ) पर सवार होकर जसूर की तरफ आ रहा था। जिसे रोके जाने पर वह लॉकडाउन में वाहन ले जाने का कोई पास न दिखा पाया और उससे 86 नशीले कैप्सूल रिडले बरामद किए गए। पुलिस ने उससे बरामद कैप्सूल को जब्त कर उसके मोटरसाइकिल भी कब्जा में ले लिया है। पुलिस के अनुसार युवक ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह छन्नी गांव से यह कैप्सूल लेकर आया है। युवक की पहचान कुलदीप उर्फ टीटू पुत्र प्रेमचंद निवासी गांव बौड, डाकघर जसूर, तहसील नूरपुर जिला कांगड़ा बताई है। ऊधर एसएसपी कांगड़ा विमुक्त रंजन ने बताया कि उक्त युवक के विरुद्ध एनडीपीएस अधिनियम के साथ-साथ लॉकडाउन के उल्लंघन का मामला भी दर्ज किया जाएगा।
जिला दंडाधिकारी सोलन केसी चमन ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों के अनुरूप सोलन जिला में कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत घोषित कर्फ्यू के संबंध में आवश्यक आदेश जारी किए हैं। यह आदेश सोमवार से आगामी आदेशों तक जारी रहेंगे। यह आदेश केन्द्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों तथा हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव एवं राज्य कार्यकारी समिति के अध्यक्ष द्वारा जारी आदेशों के अनुरूप किए गए हैं। जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार सोलन जिला में कर्फ्यू ढील का समय पूर्व की भांति प्रातः 8.00 बजे से सांय 3.00 बजे तक निर्धारित किया गया है। अनावश्यक गतिविधियों के लिए सांय 7.00 बजे से प्रातः 7.00 बजे तक व्यक्तियों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। इन आदेशों के अनुसार विद्यालय, महाविद्यालय, शिक्षण, प्रशिक्षण एवं कोचिंग संस्थान इत्यादि पूर्व की भांति बंद रहेंगे। ऑनलाइन तथा दूरवर्ती शिक्षण प्रणाली की अनुमति है और इसे प्रोत्साहित किया जाएगा। स्वास्थ्य, पुलिस, सरकारी कर्मियों, स्वास्थ्य सुरक्षा कर्मियों तथा पर्यटकों सहित कर्फ्यू के कारण फंसे व्यक्तियों के लिए क्वारेनटाईन सुविधा के रूप में प्रयोग में लाए जा रहे होटलों, रेस्तरां तथा अन्य आतिथ्य सेवाओं के अतिरिक्त सभी होटल, रेस्तरां एवं आतिथ्य सेवाएं बंद रहेंगी। रेस्तरां से भोज्य पदार्थ लेकर जाने और खाद्य वस्तुओं की होम डिलीवरी के लिए रसोई कार्यशील रहेगी। सभी सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, व्यायाम शालाएं, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थियेटर, बार एवं सभागार, सम्मेलन हॉल तथा अन्य समान स्थान बंद रहेंगे। सभी सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, अकादमिक, सांस्कृतिक, धार्मिक समारोहों, अन्य सभाओं एवं बड़े आयोजनों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इन आदेशों के अनुसार चिकित्सा व्यावसासियों, नर्सों, पैरामेडिकल कर्मियों, स्वच्छता कर्मियों तथा रोगी वाहनों के अंतरराज्यीय एवं राज्य के भीतर निर्बाधित आवागमन की अनुमति दी गई है। बाजार परिसरों के संबंध में आदेश दिए गए हैं कि इन परिसरों में स्थापित ऐसी दुकानें 03 मई, 2020 को निर्धारित दैनिक सारिणी के अनुसार खोली जा सकेंगी जिनका प्रवेश एवं निकासी द्वार पृथक एवं स्वतन्त्र है। दुकानें खोलने का क्रम 03 मई, 2020 को जारी आदेशों के अनुरूप रहेगा। रविवार को किराना, दवा तथा ऑप्टिशियन जैसी आवश्यक सेवाओं के अतिरिक्त अन्य सभी दुकानें बंद रहेंगी। रविवार, बुधवार तथा शुक्रवार को प्रातः 8.00 बजे से सांय 3.00 बजे के मध्य बार्बर शॉप तथा ब्यूटी पार्लर खोले जा सकेंगे। इन सेवा प्रदाताओं के लिए दिशा-निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे। पूर्व निर्धारित क्वारेनटाइन सुविधाओं से औद्योगिक कामगारों को जिला के भीतर कार्यस्थल तक आने-जाने की अनुमति होगी। इसके लिए यह आवश्यक होगा कि इन कामगारों ने ऐसे स्थानों पर 14 दिन का समय पूरा कर लिया हो। दोपहिया वाहनों पर केवल एक कर्मी तथा औद्योगिक कामगार को आवागमन की अनुमति होगी। राष्ट्रीय निर्देशों के अनुरूप 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, अस्वस्थ व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं तथा 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे केवल आवश्यक जरूरत एवं स्वास्थ्य उद्देश्य को छोड़कर अपने आवास से बाहर नहीं जाएंगे। सभी सरकारी एवं निजी कार्यालयों में कार्यरत कर्मियों को अपने उपयुक्त मोबाइल फोन पर आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड कर इस पर नियमित रूप से अपनी स्वास्थ्य स्थिति अपडेट करनी होगी। सार्वजनिक स्थानों पर निर्धारित मानक परिचालन प्रक्रिया अपनानी होगी। औद्योगिक संस्थानों तथा व्यक्तियों के आवागमन के लिए पूर्व में जारी निर्धारित परिचालन प्रक्रिया लागू रहेगी। सरकारी कार्यालयों के कार्य के सम्बन्ध में आदेश हिमाचल प्रदेश सरकार के कार्मिक विभाग द्वारा अलग से जारी किए जाएंगे। आदेशों के उल्लंघन पर आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 51 से 60, भारतीय दंड संहिता की धारा 188 तथा अन्य विधिक नियमनों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
कोविड-19 कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत महाराष्ट्र से 43 और गोवा से 9 व्यक्ति बिलासपुर पहुंचे। यह लोग महाराष्ट्र और गोवा से ऊना तक विशेष रेलगाड़ी के माध्यम से आए, उसके उपरांत इन्हें हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों के द्वारा बिलासपुर लाया गया। महाराष्ट्र से आए 43 व्यक्ति जिनमें 5 बच्चें भी शामिल है को जवाहर नवोदय विद्यालय कोठीपुरा में तथा गोवा से पहुंचे 9 व्यक्तियों को जीवन ज्योति नर्सिंग स्कूल चांदपुर में इनस्टीचयूशनल क्वारनटाईन में रखा गया है। बिलासपुर पहुँचाने पर सभी लोगों के चेहरे पर खुशी झलक रही थी। सभी व्यक्तियों ने घर पहुँचाने के लिए प्रदेश सरकार का आभार प्रकट किया।


















































