श्रमिकों को जिस दिन का इंतजार था वो आखिर आ ही गया। अपने घर जाने को तरस रहे श्रमिकों के चेहरे पर आखिर मुस्कान आ ही गई। कुछ एक के चेहरे पर स्वजनों से मिलने की खुशी थी तो कुछ एक लोग हिमाचल में बिताए समय को याद कर भावुक दिखे। मौका था, श्रमिक स्पेशल ट्रैन से अपने घर को रवाना होने का। कालका रेलवे स्टेशन पर सभी श्रमिको के चेहरे भावना- कल्पना से परिपूर्ण थे। श्रमिकों की माने तो उनके कई सपनें इस बीमारी के चपेट में पीस गए। बच्चों को अच्छी शिक्षा, अपने गांव में पक्का मकान बनाने व परिवार के भविष्य के लिए दो पैसे बचाने की उम्मीद से मजदूरी करने आए सभी अधूरे सपनों के साथ वापिस लौटे। छोटे बच्चें जिन्हें खेल के अलावा शायद किसी और चीज़ का ज्ञान भी न था वो भी सोशल डिस्टनेसिंग, मास्क और सैनिटाइजर की महत्त्वता को समझ कर अपने माता पिता के साथ खड़े थे। बता दें,आज कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत हरियाणा के कालका से सोमवार को हिमाचल के सोलन जिला से झारखण्ड राज्य के निवासियों को विशेष श्रमिक रेलगाड़ी के माध्यम से वापिस उनके प्रदेश भेजा गया। अतिरिक्त उपायुक्त सोलन विवेक चन्देल की अगुवाई में झारखण्ड के कुल 829 व्यक्तियों को कालका रेलवे स्टेशन से धनबाद के लिए रेलगाड़ी के द्वारा भेजा गया। इन 829 व्यक्तियों में 780 व्यक्ति बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र से, 28 व्यक्ति परवाणु से, 13 व्यक्ति सोलन से तथा 08 व्यक्ति कण्डाघाट से धनबाद के लिए रवाना किए गए। इस दौरान जिला प्रशासन की टीम ने पूर्ण व्यवस्था के साथ श्रमिकों को विदा किया और आशा जताई कि सभी सकुशल अपने घर पहुँचेंगे। एसडीएम सोलन रोहित राठौर, एसडीएम नालागढ़ प्रशान्त देष्टा, सहायक आयुक्त परवाणु विक्रम नेगी, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सुरेश सिंघा, हिमाचल प्रशासनिक सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारी संकल्प गौतम, जिला खनन अधिकारी कुलभूषण सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी इस दौरान मौजूद थे। नियमो की पालना कर पहुंचाया कालका.... - 26 व 28 मई को भी श्रमिक ट्रेन होगी रवाना सभी यात्रियों को प्रदेश पथ परिवहन निगम की बसों द्वारा सोशल डिस्टेन्सिग सहित अन्य नियमों की पालना करते हुए कालका पंहुचाया गया। कोविड-19 के दृष्टिगत जिला प्रशासन यह सुनिश्चित बना रहा है कि लोग बिना किसी परेशानी एवं भय के अपने घर तक सुरक्षित पहुंचें। कालका से ही 26 मई, 2020 को उत्तर प्रदेश के मऊ तथा 28 मई, 2020 को फैजाबाद के लिए श्रमिक ट्रेन रवाना होगी। इन रेलगाड़ियों में जाने के लिए प्रदेश स्तर पर सम्बन्धित नोडल अधिकरियों के माध्यम से पंजीकरण करवाया जा सकता है। - विवेक चन्देल अतिरिक्त उपायुक्त
हिमाचल प्रदेश के करणी सेना के अध्यक्ष पियूष चंदेल ने कहा है कि स्वास्थ्य घोटाले की उचित और सीबीआई जांच होनी चाहिए तथा पर्दे के पीछे छिपे सभी चेहरे बेनकाब होने चाहिए। पियूष बिलासपुर में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात यह है कि भ्रष्टाचार करने वाले कोरोना जैसी महामारी के इस भयानक काल में भी भ्रष्टाचार करने से पीछे नहीं हट रहे। उन्होंने कहा कि जिस तरह से ऑडियो में बातचीत के दौरान स्पष्ट हुआ है कि इस सप्लाई के लिए स्वास्थ्य निदेशक द्वारा पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। यह भी पता चला है कि उक्त स्वास्थ्य निदेशक की सेवा वृद्धि की अर्जी मुख्यमंत्री कार्यालय में किसी नेता द्वारा पहुंचाई गई थी और उसे स्वास्थ्य वृद्धि दिए जाने का मामला सरकार के अधीन था। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस सारे मामले की निष्पक्ष जांच करवाए जाने की मांग भी की और कहा कि ऐसे कौन से तार हैं जो किस नेता से जुड़े हुए हैं। यह तभी संभव हो सकता है जब इस सारे मामले की सीबीआई से जांच करवाई जाए। उन्होंने कहा कि पहले भी हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री अपनी निष्पक्षता के लिए जाने जाते रहे हैं इसलिए करणी सेना चाहती है कि इस मामले की भी निष्पक्ष जांच हो और भ्रष्टाचार में जो चेहरे डूबे हुए हैं, वह बेनकाब हो पर सामने आए। यह भी पता चले कि जिस किसी भी बड़े नेता का इनको संरक्षण प्राप्त है, वह भी सामने आना चाहिए ताकि आम जनता को पता चल सके कि कौन इस घोटाले के पीछे हैं?
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने आज केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मणिपुर की राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला, अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता व कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद गुलाम नबी आजाद, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन और राज्य के मुसलमान भाईयों को दूरभाष के माध्यम से ईद-उल-फितर की बधाई दी। राज्यपाल ने आशा व्यक्त की है कि यह त्योहार देश में एकता, शांति और आपसी भाई-चारे की भावना को और मजबूत करेगा।
वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण से जहां पूरी दुनिया प्रभावित है वहीं हिमाचल प्रदेश के किसानों ने इसे एक अवसर के रूप में लिया है। प्रदेश के किसान इस कोरोना काल में अपने खेत-खलियान और बाग-बगीचों से जुड़कर प्रदेश में प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा देने में आगे आए हैं वहीं कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी अपने कदम आगे बढ़ाते हुए डिजिटल तकनीक व मोबाइल क्रान्ति को खेतों तक पहुंचा कर खेती से जोड़ दिया है। व्हाट्सएप पर दिए जा रहे है खेती के टिप्स संकट के इस समय में किसानों की आर्थिकी को बनाए रखने, समस्याओं के समाधान व उन्हें खेती संबंधी सलाह देने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा सोशल मिडिया व्हाट्सएप का सहारा लिया जा रहा है जिसके लिए ब्लाॅक, जिला व राज्य स्तर पर व्टसएप ग्रुप बनाए गए है। कृषि अधिकारी वीडियो काॅलिंग के माध्यम से किसानों के खेतों तक पहुंच कर लाइव रू-ब-रू होकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे है और व्हाट्सएप पर ही किसानों को प्राकृतिक खेती करने के भी टिप्स दे रहे हैं। प्रदेश में 94 कृषि ग्रुप किए सक्रिय कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा विभिन्न स्तरों पर प्रदेश भर में लगभग 94 व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। इन ग्रुपों से लगभग 5676 किसानों का अभी तक जोड़ा जा चुका है। कृषि अधिकारी इन ग्रुपों के माध्यम से प्राकृतिक खेती के सही जानकारी किसानों को दे रहे हैं। ब्लाॅक स्तर पर 80 व्हाट्सएप ग्रुप, जिला स्तर पर 12 ग्रुप और प्रदेश स्तर पर 2 व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए है। प्रदेश के सभी 80 ब्लाॅकों में बनाए गए कृषि ग्रुपों से लगभग 4 हजार, जिला स्तर पर बनाए गए 12 ग्रुपों से लगभग 500 किसानों को जोड़ा गया है जबकि प्रदेश स्तर पर बनाए गए 2 व्हाट्सएप ग्रुपों से लगभग 1176 किसानों व अधिकारियों को जोड़ा गया है। इसके अलावा प्रत्येक ब्लाॅक में तीन अधिकारी और जिला स्तर पर प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एसएमएस और डीपीडी की तैनाती भी की गई है, जो लाॅकडाउन के दौरान भी किसानों के साथ फोन के माध्यम से लगातार संपर्क में हैं। 2921 पंचायतों में खड़े किए जा चुके है माॅडल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सरकार की ओर से दो वर्ष पूर्व प्रदेश में शुरू की गई प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती विधि से अभी तक 54 हजार किसान जुड़ चुके हैं। 70 हजार से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। प्रदेश में अब तक 2151 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती की जा रही है। वर्ष 2022 तक समूचे प्रदेश को प्राकृतिक खेती से जोड़ने के लक्ष्य के तहत प्रदेश की 2921 पंचायतों में सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती विधि के माॅडल खड़े किए जा चुके हैं। किसानों को सस्ते दामों पर तैयार आदान मिल सके इसके लिए 312 संसाधन भंडार भी तैयार किए गए हैं। नए किसानों का प्रेरित कर रहे पहले से जुड़े लोग लाॅकडाउन के दौरान इन किसानों ने अपने साथ हजारों नए किसानों को जोड़कर प्रदेश को प्राकृतिक खेती राज्य बनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ाएं हैं। प्रदेश में लाॅकडाउन के कारण जहां किसानों के लिए मास ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित नहीं हो पा रहे है वहां पर संकट के इस समय में पहले से ही प्राकृतिक खेती कर रहे किसान नए किसानों को न केवल सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती विधि को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं बल्कि प्राकृतिक खेती करने की विधि के अनेक माॅडल भी किसानों के खेतों में खड़े करवाए हैं। प्राकृतिक खेती अपनाने वाले नए किसान बताते हैं कि खेती की इस विधि को अपनाने में उन्हें बाजार से कुछ भी खरीद कर लाने की जरूरत नहीं होती है, खेती में प्रयोग होने वाले सभी आदान घर पर और घर के आसपास ही मिल जाते हैं। किसानों की उपज को मंडियों तक पहुंचाने के लिए भी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत प्रयास किए जा रहे है ताकि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सके। प्रकाशित की जा रही है सफलता की कहानियां किसानों को सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती विधि की तकनीक आसान और सरल भाषा में समझ आ सके इसके लिए विशेष साहित्य भी तैयार किया गया है। प्राकृतिक खेती परियोजना की राज्य कार्यान्वयन इकाई की ओर से प्राकृतिक खेती विधि की तकनीक को लेकर 6 पुस्तकों का संकलन किया गया है। किसान इन पुस्तिकाओं में बताई गई विधि और कृषि सलाह को पढ़कर अपने खेतों में आदानों को प्रयोग कर सके। प्राकृतिक खेती के प्रति किसानों को आकर्षित करने के लिए, प्राकृतिक खेती को अपना चुके सफल किसानों की कहानियों का भी प्रकाशन किया जा रहा है। दी जा रही है कृषि सलाह प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के कार्यकारी निदेशक प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने बताया कि लाॅकडाउन के दौरान किसानों को आ रही समस्याओं का हर संभव समाधान किया जा रहा है। फसल को लगने वाली विभिन्न बीमारियों से फसल बचाव के संबंध में भी समय-समय पर किसानों का कृषि सलाह दी जा रही है जिसके लिए व्हाट्सएप का प्रयोग भी किया जा रहा है। किसानों के प्रदेश भर में व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिन्दल व प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा से विस्तृत चर्चा के उपरांत भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप व ओ०बी०सी० मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ओ पी चौधरी ने मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारियों व जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी हैं, तदानुसार :- ओ०बी०सी० मोर्चा (पदाधिकारियों में) :-योगराज मैहरा, ज्वाली, देशराज बागी, शाहपुर, रमेश सैनी, सुन्दरनगर, नीलम चौधरी, नादौन को उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसी प्रकार राजकुमार धनोटिया, चिंतपूर्णी तथा रामलोक धनोटिया, ज्वालामुखी को महामंत्री नियुक्त किया गया है। सुभाष चौधरी, पांवटा, सुभाष सिंह, नूरपुर, रामेश्वर शर्मा, रेणुका जी, सचिव का कार्यभार संभालेंगे। कमल चौधरी, कुटलैहड़ को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। जिलाध्यक्षों में :- सतपाल, चुराह को जिला चमबाव, अनिल कुमार को जिला बिलासपुर, देशराज चौधरी, सुलह को जिला पालमपुर, मलकीत सिंह, ज्वाली को जिला नूरपुर, बिहारी लाल खट्टा, नगरोटा बगवां को जिला कांगड़ा, अतुल कौशल चौधरी, ज्वालामुखी को जिला देहरा, दुष्यंत कुमार महंत को जिला कुल्लू, रसील सिंह मनकोटिया, हमीरपुर को जिला हमीरपुर, चक्रधर भंडारी, पच्छाद को जिला सिरमौर, राजकुमार डोगरा, चिंतपूर्णी को जिला ऊना, संतोष कुमार भारद्वाज को जिला सोलन, कपूर चंद, द्रंग को जिला मण्डी, धर्मप्रकाश वर्मा, शिमला ग्रामीण को जिला शिमला, हरि सिंह, चौपाल को महासू तथा भारत कुमार को जिला सुन्दरनगर का जिलाध्यक्ष बनाया गया है। अनुसूचित जाति मोर्चा (पदाधिकारियों में) :- नितेन कुमार, सुन्दरनगर व अजय कबीर, जयसिंहपुर को महामंत्री बनाया गया है। इसी तरह मेला राम दरोच, ऊना, देवराज कश्यप, कसुम्पटी, युवराज कपूर, मण्डी, इंद्र सिंह गांधी, बल्ह को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। राकेश डोगरा, जुब्बल कोटखाई, नरेश कुमार जसवाल, सुजानपुर, अनिता राणा, देहरा, मल्लिका धीमान, हमीरपुर व सुशील कुमार, शिमला को सचिव बनाया गया है। आलम चंद, कुल्लू को कोषाध्यक्ष, मंगल संदीप, ठियोग को सोशल मीडिया संयोजक व अमर सिंह, सिराज को सोशल मीडिया सह संयोजक का कार्यभार दिया गया है। बाबूराम, अर्की मीडया प्रभारी व सुन्दर सिंह, पांवटा साहिब को सह मीडिया प्रभारी का दायित्व दिया गया है। अधिवक्ता जगजीत बग्गा प्रवक्ता होंगे तथा गौरव कश्यप कार्यालय सचिव का दायित्व संभालेंगे। जिलाध्यक्षों में :- विजय भारद्वाज को जिला चम्बा, अश्वनी गिल को जिला कांगड़ा, केवल सिंह को जिला नूरपुर, अशोक कुमार भारद्वाज को जिला देहरा, मदन लाल को जिला पालमपुर, विमल सेन को जिला लाहौल स्पिति, मोहन सिंह भारती को जिला कुल्लू, किशोर को जिला मण्डी, गोविन्द राम को जिला सुन्दरनगर, मदन लाल को जिला हमीरपुर, किशन लाल चंदेल को जिला बिलासपुर, सूरम सिंह को जिला ऊना, अमर संधू को जिला सोलन, सत्यप्रकाश मानक को जिला शिमला, विनोद बुशैहरी को जिला महासू, रूप सिंह को जिला सिरमौर तथा दिलीप सिंह को जिला किन्नौर जिलाध्यक्ष बनाया गया है। फोटो में सांसद एवं अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष सुरेश कश्यप एवं ओ०बी०सी० मोर्चा के अध्यक्ष ओ पी चौधरी
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राकेश शर्मा (बबली) ने मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारियों व जिलाध्यक्षों की घोषणा की जिसमे अर्की विधान सभा क्षेत्र से दलीप पाल को जँहा किसान मोर्चे का प्रदेश सचिव तो वन्ही रमेश ठाकुर को जिला सोलन का जिलाध्यक्ष बनाया गया है। इनकी नियुक्ति से अर्की मण्डल अध्यक्ष देवेंद्र उपाध्याय, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जयनन्द शर्मा, प्रदेश कार्यकारणी सदस्य ओमप्रकाश गांधी, जिला उपाध्याय राजेश महाजन, उपाध्यक्ष कला ठाकुर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सन्तराम ठाकुर, जोगिन्द्रा बैंक उपाध्यक्ष किशन चन्द शर्मा, कोषाध्यक्ष भाजपा अर्की मण्डल पुरुषोत्तम ठाकुर, जिला सचिव राकेश गौतम, पूर्व महामन्त्री मस्त राम शर्मा, पूर्व किसान मोर्चा अध्यक्ष राम चन्द पाल, मण्डल सचिव अनूप चौहान, रूपराम शर्मा, प्रभा भारद्वाज, युवा मोर्चा अध्यक्ष योगेश गौतम, सोनू सोनी, मण्डल सचिव विनोद सोनी, राजीव शर्मा, अनिल गर्ग, गोपाल शर्मा, ओमप्रकाश( दिउ),सन्तराम कौंडल, कौशल्या कंवर, आशा परिहार, विनोद ठाकुर, सन्तराम भारद्वाज, कमल ठाकुर,एपीएम सदस्य सन्तोष शुक्ला,सुरेंद्र ठाकुर,मस्तराम महाजन व कुलदीप आदि ने दलीप पाल व रमेश ठाकुर को इस नियुक्ति पर बधाई दी है व दलीप पाल व रमेश ठाकुर सहित उपरोक्त सभी लोगों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ राजीव बिन्दल, प्रदेश संग़ठन मंत्री पवन राणा, प्रदेश उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम गुलेरिया, रतन सिंह पाल, प्रदेश किसान मोर्चा डॉ राकेश शर्मा (बबली), कार्यकारी अधिकारी शिशु भाई धर्मा व जिला अध्यक्ष आशुतोष वैद्य का इस नियुक्ति के लिए आभार व्यक्त किया है।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने औद्योगिक इकाईयों के कर्मियों, कामगारों, वरिष्ठ अधिकारियों, प्रोत्साहकों, व्यवसायियों, सेवा प्रदाताओं, कच्चे माल के आपूर्तिकर्ताओं, निरीक्षण प्राधिकरणों तथा विभिन्न केन्द्रीय एवं राज्य सरकार के संगठनों के कर्मचारियों, केन्द्र एवं राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों और बैकों के कर्मियों के लिए सोलन जिला में स्थित कार्यस्थलों तक अन्तरराजयीय आवागमन के लिए मानक परिचालन प्रक्रिया सम्बन्धी आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार जारी मानक परिचालन प्रक्रिया के तहत जो औद्योगिक इकाईयां अपने कामगारों एवं कर्मियों को जिला सोलन के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन), परवाणु तथा अन्य क्षेत्रों में दैनिक आधार पर लाना चाहती हैं, उन्हें व्यक्तिगत रूप से वन टाईम अनुमति के लिए यात्रा योजना की हार्ड कापी के साथ आवेदन करना होगा। बीबीएन क्षेत्र में स्थापित उद्योगों के लिए यह आवेदन उप निदेशक उद्योग बद्दी तथा जिला के अन्य क्षेत्रों में स्थापित उद्योंगों के लिए यह आवेदन महा प्रबन्धक जिला उद्योग केन्द्र सोलन को किया जाएगा। आवेदन के साथ निर्धारित प्रपत्र पर कर्मियों एवं कामगारों की विस्तृत जानकारी संलग्न करनी होगी। इकाई के प्राधिकृत अधिकारी को मानक परिचालन प्रक्रिया अनुपालन के विषय में लिखित में प्रस्तु करना होगा। सक्षम प्राधिकरण आवेदन प्राप्त होने के उपरान्त जांच कर अनुमति के सम्बन्ध में सम्बन्धित इकाई को सूचित करेगा। तदोपरान्त सम्बन्धित औद्योगिक इकाई द्वारा अनुमति की प्रति क्षेत्रानुसार पुलिस अधीक्षक बद्दी अथवा उप पुलिस अधीक्षक परवाणु को प्रस्तुत की जाएगी। कार्यस्थल के तीन किलोमीटर के दायरे में रहने वाले कर्मी एवं कामगार अपने आवास से कार्यस्थल तक सम्बन्धित पथकर बैरियर अथवा निर्धारित मार्ग से पहचान पत्र दिखाकर पैदल आवागमन कर सकेंगे। कन्टेनमेंट जोन के अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों से आने वाले उद्योग मालिक तथा वरिष्ठ प्रबन्धन अधिकारी प्रत्येक दूसरे दिवस पर अपने अथवा उद्योग द्वारा प्रदत्त वाहन में आवागमन कर सकेंगे। उद्योग कर्मियों को उद्योग के सैनिटाईज वाहन में आवास से उद्योग तक लाया-जे-जाया जाएगा। पांच सीट वाले वाहन में कुल तीन तथा सात सीट वाले वाहन में कुल चार व्यक्ति आवागमन कर सकेंगे। बस में गृह मन्त्रालय के निर्देशानुसार आवागमन होगा। सभी कर्मियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। सैनिटाईजर वाहन में उपलब्ध करवाया जाएगा। वाहन में चढ़ने से पूर्व प्रत्येक कर्मी के तापमान की जांच होगी तथा उनसे बीमारी के सम्बन्ध में लक्षण इत्यादि पूछकर उद्योग द्वारा इसका रिकार्ड रखा जाएगा। वाहन में कर्मी सोशल डिस्टेन्सिग नियम सहित गृह मन्त्रालय के निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित बनाएंगे। हिमाचल प्रदेश में प्रवेश के उपरान्त यह वाहन कार्यस्थल पर जाकर ही रूकेंगे। रास्ते में किसी कर्मी को उतरने की अनुमति नहीं होगी। उद्योग मे प्रवेश के उपरान्त मानक परिचालन प्रक्रिया का पालन करना होगा तथा कार्य समय में यह कर्मी उद्योग परिसर के बाहर नहीं जा सकेंगे। कार्य करते समय एवं भोजनावकाश में भी मानक परिचालन प्रक्रिया का पालन करना होगा। कार्य उपरान्त वापिस जाने से पूर्व भी प्रत्येक कर्मी के तापमान की जांच होगी। विभिन्न केन्द्रीय एवं राज्य सरकार के संगठनों के कर्मचारियों, केन्द्र एवं राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों और बैकों के कर्मियों, वरिष्ठ अधिकारियों, प्रोत्साहकों, व्यवसायियों, सेवा प्रदाताओं, कच्चे माल के आपूर्तिकर्ताओं निरीक्षण प्राधिकरणों के लिए भी मानक परिचालन प्रक्रिया सम्बन्धी आदेश जारी किए हैं। विभिन्न केन्द्रीय एवं राज्य सरकार के संगठनों के कर्मचारियों, केन्द्र एवं राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों और बैकों के कर्मियों, वरिष्ठ अधिकारियों, प्रोत्साहकों, व्यवसायियों, सेवा प्रदाताओं, कच्चे माल के आपूर्तिकर्ताओं, निरीक्षण प्राधिकरण, जो अन्य राज्योे से सोलन जिला में आवागमन करना चाहते हैं, को मार्ग योजना के साथ ई-मेल अथवा अन्य ईलैक्ट्रानिक माध्यमों से आवेदन करना होगा। बीबीएन क्षेत्र में स्थापित संस्थानों के लिए यह आवेदन पुलिस अधीक्षक बद्दी तथा जिला के अन्य क्षेत्रों में स्थापित संस्थानों के लिए यह आवेदन उप पुलिस अधीक्षक परवाणु को किया जाएगा। सक्षम प्राधिकरण आवेदन प्राप्त होने के उपरान्त जांच कर अनुमति के सम्बन्ध में सम्बन्धित आवेदनकर्ता को सूचित करेगा। कन्टेनमेंट जोन के अतिरिक्त अन्य बाहरी क्षेत्रों से आने वाले अनुमति प्राप्त व्यक्ति पहचान पत्र एवं अनुमति दिखाकर अपने अथवा संस्थान के वाहन में आवागमन कर सकेंगे। वाहनों को उचित रूप से सैनिटाईज करना होगा तथा सोशल डिस्टेन्सिग सहित गृह मन्त्रालय द्वारा जारी अन्य निर्देशों का पालन करना होगा। हिमाचल प्रदेश में प्रवेश के उपरान्त यह वाहन कार्यस्थल पर जाकर ही रूकेंगे। रास्ते में किसी को उतरने की अनुमति नहीं होगी। संस्थान में प्रवेश के उपरान्त मानक परिचालन प्रक्रिया का पालन करना होगा। सभी के लिए मास्क पहनना तथा गृह मन्त्रालय द्वारा जारी अन्य निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। संस्थान के आस-पास के क्षेत्र में रहने वाले कर्मी अपने आवास से कार्यस्थल तक सम्बन्धित पथकर बैरियर अथवा निर्धारित मार्ग से पहचान पत्र एवं अनुमति दिखाकर पैदल आवागमन कर सकेंगे। इन आदेशों के अनुसार उपरोक्त मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुरूप वन टाईम अनुमति समुचित है तथा प्रत्येक आवागमन के लिए अन्य किसी पास इत्यादि की आवश्यकता नहीं है। यह आदेश 26 मई, 2020 से प्रभावी होंगे तथा आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे।
26 मई को जिला काँगड़ा के उपमंडल फतेहपुर तथा रैहन के आस पास इलाको में बिजली रहेगी बंद। उपमंडल फतेहपुर बिद्युत बिभाग के द्वारा शनिवार को एक प्रैस नोट जारी किया है जिसमें सर्वसाधारण को सूचित करते हुए, रोहित गुलेरिया सहायक अभियंता विद्युत उपमंडल रैहन तथा फतेहपुर निर्देशानुसार 26/05/20 को 33kv लाइन फतेहपुर से रैहन एवं 33/11kv उपकेंद्र रैहन के आवश्यक कार्य एवं रख रखाव हेतु विजली की आपूर्ति बाधित रहेगी। बिजली आपूर्ति वाले स्थानों के नामों की सूची में रैहन, राजा का तलाव, नेरना, खेर, दीनी, छत्तर, मकडोली, घेटा हैं। इन सूचीवद्व इलाकों में बिजली सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक बाधित रहेगी। अभियंता रोहित गुलेरिया ने सभी लोगों से अपील की है कि उक्त इलाकों से संबंधित लोग इस रख-रखाव के कार्य में विभाग का सहयोग करें।
कांग्रेस महासचिव रजनीश किमटा ने प्रदेश में कई दिनों से बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए कहा है कि यह कहीं न कही इस महामारी के प्रति सरकार की लापरवाही नजर आ रही है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में बढ़ते मामलों का कारण मुख्य द्वार पर सही तरीके से जांच ना होना माना जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब से प्रदेशवासियों को अपने घर आने की अनुमति सरकार ने दी है, तभी से इसका आंकड़ा दिनों दिन तेजी से बढ़ रहा है। उनका कहना है कि प्रदेश के हर रोज कमर्शियल वाहन एक राज्य से दूसरे राज्यों में आ जा रहें है। ऐसे में इनके चालकों और परिचालकों की भी किसी भी प्रकार के कोई भी सेंपल या टेस्ट नहीं लिए जा रहें है जो चिन्ता का विषय है। उनका कहना है कि कोरोना की रोकथाम के लिए को लेकर सरकार के सब उपाय राम भरोसे ही चल रहें है न तो डॉक्टरों के पास पर्याप्त पीपीई किट्स ही है और न ही पर्याप्त कोई सुरक्षा व्यवस्था। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के सभी प्रवेश द्वारों पर इस समय सभी लोगों की ब्लड सेम्पलिंग और यात्रा हिस्ट्री को नोट किये जाने की बहुत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस मामलें में किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही सहन नही की जानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री के उस बयान पर भी आपत्ति जताई है जिससे उन्होंने प्रदेश कोरोना डेस्टिनेशन बनाने की बात कही थी। उनका कहना है कि इस प्रकार का कोई भी निर्णय प्रदेशहित में नहीं होगा। इससे प्रदेश को इस महामारी का प्रकोप से नहीं बचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सरकारी व्यवस्था के आगे बेबस से नजर आ रहें है। देश प्रदेश में इस महामारी के चलते जब स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख ही इसके उपकरणों की आपूर्ति के लिए सीधे घूस खा रहा हो तो ऐसे में मुख्यमंत्री भी अपनी किसी जबाबदेही और जिम्मेदारी से नहीं बच सकतें। उनका कहना है कि इस पूरे मामलें की निष्पक्ष जांच जल्द की जानी चाहिए। आरोपी को किस राजनेता का संरक्षण प्राप्त है उसे भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश में सरकारी दफ्तरों में अब 50 फीसदी स्टाफ रहेगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव कार्मिक आरडी धीमान ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। नए आदेश 26 मई मंगलवार से लागू होंगे। क्लास 1 और 2 अफसरों का दफ्तरों में आना अनिवार्य होगा, जबकि 50 फीसदी बाकी तृतीय और चतुर्थ श्रेणी स्टाफ हर दिन रोस्टर के हिसाब से हाजिरी देगा। कर्मचारियों के आने और जाने के लिए दो ग्रुप होंगे। पहला सुबह दस से शाम पांच बजे, जबकि दूसरा साढ़े दस से शाम साढ़े पांच बजे तक कार्यालय में रहेगा। बता दें इससे पहले दफ्तरों में 30 फीसदी स्टाफ डयूटी दे रहा था।कर्मचारियों को फोन पर आरोग्य ऐप अपलोड करना अनिवार्य है। बड़ी बैठकें नहीं होंगी। कर्मचारियों को सामाजिक दूरी के साथ-साथ मास्क या फेस कवर पहनना होगा। ये आदेश कंटेनमेंट जोन और उसके आसपास के क्षेत्रों के कार्यालयों के लिए लागू नहीं होंगे। इसके अलावा घर रहने वाले कर्मी स्टेशन नहीं छोडेंगे। रोस्टर के दौरान घर पर रहने वाले कर्मियों का वेतन नहीं कटेगा। हिमाचल प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, अगले आदेशों तक बंद रहेंगे।
जैव विविधता दिवस के अवसर पर चिन्मया विद्यालय नौणी (सोलन ) की हरित वसून्धरा इको क्लब द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों द्वारा जैव विविधता के संरक्षण के महत्व पर चित्रकला, नारा लेखन और निबंध लेखन प्रतियोगिताओं के द्वारा प्रतिभा का प्रदर्शन किया गया। चित्रकला प्रतियोगिता में माध्यमिक वर्ग में वसुधा और रचित प्रथम, मोक्ष द्वितीय और पलक तृतीय स्थान पर रहे। उच्च वर्ग में पीयूष प्रथम, राधिका द्वितीय और दिया तृतीय रहे।वरिष्ठ वर्ग में सरस्वती और विदुषी प्रथम भावना द्वितीय और श्वेता तृतीय स्थान पर रहे। नारा लेखन प्रतियोगिता में ऐंजल, दिया और सान्या अपने-अपने वर्ग में प्रथम, प्राची और रित्विका द्वितीय तथा स्पर्श और भावना तृतीय स्थान पर रहे। निबंध लेखन में भावना, सरस्वती और सान्या ने क्रमशः प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। सभी प्रतियोगिताएं आन लाइन आयोजित की गईं यह जानकारी देते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य शुभोजीत घोष ने कहा कि विद्यालय खुलने पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी छात्र -छात्राओं को पुरस्कृत किया जाएगा ।प्रतियोगिताओं का आयोजन और संचालन इको क्लब प्रभारी ममता शर्मा द्वारा किया गया।
सोशल मीडिया में यह अफवाह फैलाई जा रही है कि 31 मई, 2020 से हिमाचल प्रदेश की सीमाओं को सील कर दिया जाएगा और देश के अन्य हिस्सों से आने वाले लोगों को सीमाओं पर संस्थागत क्वारंटाइन में रखा जाएगा। प्रदेश सरकार के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि यह समाचार पूरी तरह गलत, मनगढ़ंत और तथ्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कोविड-19 महामारी के मद्देनजर लाॅकडाउन के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे लोगों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। प्रवक्ता ने कहा कि राज्य की सीमाओं की कोई सीलिंग नहीं होगी और लोगों की आवाजाही जारी रहेगी। हालांकि सभी व्यक्तियों और वाहनों के अंतरराज्यीय आवागमन के लिए मौजूदा व्यवस्था के अनुसार पास की आवश्यकता होगी। प्रदेश सरकार ने लोगों का आह्वान किया है कि वे इस प्रकार की अफवाहों से न घबराएं क्योंकि राज्य सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है।
मन मे लगन हो और कुछ करने का इरादा तो किसी भी कार्य को मुमकिन किया जा सकता है। ऐसा ही कार्य कर दिखाया है ठाकुर हरिदास मैमोरियल गऊ सेवा समिति कुनिहार ने जो पिछले 21 वर्षों से इस पुनीत कार्य को निरन्तर करती चली आ रही है। जी हां हम बात कर रहे हैं कुनिहार पँचायत के बझोल घाटी के गौशाला की जिसकी शुरूआत 1999 में सड़कों पर बेसहारा छोड़ी 5 गायों के पालन पोषण से राजेन्द्र ठाकुर द्वारा की गई थी व आज इस गौशाला में 100 से ऊपर बेसहारा गौवंश समिति की देख रेख में पल रहा है। लोग इधर उधर से रात के अंधेरे में गौवंश को छोडजाते थे व यह गौवंश सड़को पर बेसहारा घूमता रहता था जो लोगों की फसलों को भी नुकसान पहुंचाता था तो कई बार लोगों पर हमला भी कर देता था। लोगों की यह समस्या गौशाला की वजह से दूर हो गई है। समिति द्वारा जँहा इस बेसहारा गौवंश को छत दी गई है तो वंही इनके खाने पीने, नहाने व स्वास्थ्य की देखभाल भी समिति द्वारा बखूबी की जा रही है। इनकी सेवा व देखरेख के लिए समिति द्वारा 6 लोग रखे गए है जो दिनरात इनकी देखभाल कर रहे हैं। समिति अध्यक्ष राजेन्द्र ठाकुर द्वारा किए इस कार्य की क्षेत्र के लोग खूब सराहना करते हैं। लोगों का कहना है कि इस बेसहारा छोड़े गौवंश को गौशाला मिलने से हमारी फसलें भी सुरक्षित हो गई है व इधर उधर सड़को पर घूमता गौवंश कई बार लोगों पर हमला भी कर देता था जिससे लोग निडर होकर बाजार आ जा सकते हैं। समिति सदस्य अमरीश ठाकुर ने बताया कि गौशाला में साफ सफाई की उचित व्यवस्था के साथ साथ गौवंश के खाने पीने व स्वास्थ्य जांच का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। हफ्ते में दो बार लगभग डेढ़ किवंटल दलिया पकाकर गौवंश को परोसा जाता है। उन्होंने बताया कि लोगों का सहयोग भी समय समय पर इस पुनीत कार्य में मिलता रहता है।
एपीएमसी चेयरमैन एवं पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष अमर ठाकुर को प्रदेश में किसान मोर्चा महामंत्री की कमान सौंपी गई है। अमर ठाकुर ने वर्ष 2005 में राजनीति में कदम रखते हुए पंचायती राज संस्थानों के चुनाव में कदम रखा और ग्राम पंचायत कुंगश से प्रधान पद के प्रबल दावेदार के रूप में चुनाव के लिए खड़े हुए। इस चुनाव में भारी मतों से इनकी जीत हुई। वर्ष 2005 से 2010 तक बतौर पंचायत प्रधान अपनी पंचायत के लोगों के अथाह विकासात्मक कार्य किए। अपने कार्यकाल में जहां ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए कार्य किया वहीं गरीब परिवारों को पंचायत की ओर से हर सम्भव सहायता प्रदान कर एक नई पहचान की ओर बढ़ते गए। इस दौरान अमर ठाकुर ने कई सार्वजनिक कार्य करके लोगों के दिलों में एक अच्छे और सच्चे नेता की पहचान भी कायम की। भारतीय जनता पार्टी में सक्रिय होने की वजह से वर्ष 2010 को अमर ठाकुर भारतीय जनता पार्टी मण्डल आनी के अध्यक्ष चुने गए। वर्ष 2010-2014 के कार्यकाल में बतौर भाजपा मंडल अध्यक्ष पार्टी को एक नई मजबूती प्रदान करते हुए सभी कार्यकर्ताओं को एक सूत्र में फ़िरोया । अपनी प्रभावपूर्ण एवं कुशल शैली और नम्र व्यवहार के चलते पार्टी की शान में कई तगमें जड़े। राज्य और केंद्र के भाजपा नेताओं के साथ काम करते करते अमर ठाकुर ने पार्टी में अपना वर्चस्व कायम रखा और पार्टी को बुंलदियों तक पहुंचाने में डटे रहे। यही कारण था कि अमर ठाकुर वर्ष 2014 को एक बार पुनः आनी भाजपा मंडल के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। इस दौरान भी अपनी अपनी कार्यशैली को बरकरार रखते हुए भाजपा के लिए कई आयाम स्थापित किये । वर्ष 2014 से 2018 तक इस पद पर रहते हुए इस समय अन्तराल के मध्य में विधानसभा चुनावों में विधानसभा आनी से विधायक किशोरी लाल सागर की जीत ने इनकी मेहनत को चार चांद लगा दिए। ये इनकी मेहनत और लगन का ही नतीज़ा था कि अपने कुशल नेतृत्व में हर बूथ पर जाकर कार्यकर्ताओं में एक नए जोश और ऊर्जा का संचार करवाया। हालांकि कुछ समय के लिए अमर ठाकुर भाजपा मंडल आनी के महामंत्री पद पर भी रह चुके है। अपने जीवन में निरन्तर संघर्षशील अमर ठाकुर एपीएमसी (जिला कुल्लू एवं लाहौल स्पीति) के चैयरमैन नियुक्त किए गए। उसके बाद प्रदेश भाजपा कार्यसमिति में सदस्य चुने गए और अब प्रदेश में किसान मोर्चा के महामंत्री की कमान सौंपी गई है। उनकी इस नियुक्ति से सम्पूर्ण भाजपा मंडल समेत समस्त भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है। अमर ठाकुर ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिन्दल, प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा, वन, परिवहन, युवा खेल विभाग मंत्री गोबिन्द ठाकुर, कृषि एवं जनजातीय मंत्री राम लाल मारकण्डा, सांसद मण्डी रामस्वरूप शर्मा, ओएसडी मुख्यमंत्री शिशु धर्मा, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष राकेश बबली, प्रदेश महामंत्री व प्रभारी मण्डी संसदीय क्षेत्र राकेश जम्बाल, प्रदेश उपाध्यक्ष व प्रभारी जिला कुल्लू संजीव कटवाल जिला अध्यक्ष भीम सैन शर्मा, विधायक बंजार विधानसभा क्षेत्र सुरेन्द्र शौरी विधायक आनी विधानसभा क्षेत्र किशोरी लाल विस्तारक मण्डी संसदीय क्षेत्र सुरेश शर्मा का आभार व्यक्त किया है।
करोडो रूपये खर्च करते हूए उठाऊ पेयजल योजना स्थापित करने के बावजुद उप मड़ल करसोग के देव बड़ेयोगी उठाऊ पेजल योजना के दो मोटरे खराब होने के कारण सात पंचायतो के लोगो को पानी की किल्लत का सामना करना पड रहा है ज़िसमे बिन्दला, शाकरा , बगशाड, सावीधार (जसल), मेहरन, थली और कांढा इत्यादी पंचायते शामिल है। इसमे कुल तीन मोटरे है ज़िसमे से एक पिछले कई सालो से खराब पडी है और दुसरी पिछले लगभग दो महीनो से खराब पडी है। एक मोटर जो चालू हालात मे है ये भी सूचारू रुप से काम नही कर रही है। स्वर्ण भूमि युवक मडल बगशाड ने कई बार विभाग को अवगत भी करवाया लेकिन न ही तो मोटरे बदली जा रही है और न ही समस्या से निजात दिलाने के लिए कोई प्रभावशाली कदम उठाया गया। सेवा सुरक्षा सहयोग के प्रभागिय निदेशक टी सी बरागटा,युवक मड़ल प्रधान कमल ठाकुर और संस्थापक संजय ठाकुर ने जानकारी देते हूए बताया कि इस योजना का बड़े योग मे बना स्टोर टैंक एक लाख फ्जानवे हजार लिटर का है ज़िसमे हर रोज तीन से चार फूट पानी ही आ रहा है जोकी इतने बड़े एरीये के लिए पर्यापत नही है पिने का पानी न मिलने के कारण कुछ लोगो को घोड़े और खच्चर के ऊपर कई किलो मिटर दुर पानी लाना पड रहा है। अगर इस उठाऊ पेजल योजना को नियमित रुप से नही चलाया गया को सिंचाई व जन स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं जे ई बुली चन्द ने बताया कि बहुत जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा व मोटर ठीक करवाने का काम शुरु कर दिया गया है।
पूर्व मंत्री व विधायक श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र राम लाल ठाकुर ने मेडिकल घोटाले को लेकर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने भ्र्ष्टाचार के मामले पर ज़ीरो टॉलरेंस की नीति की घोषणा की थी लेकिन जब भी भाजपा की सरकारें बनी तब तब भ्र्ष्टाचार ने अपनी चरम सीमाएं लांघी हैं प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग ही इनके भ्र्ष्टाचार का अड्डा बना है। ठाकुर ने कहा कि जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरेआम कैमरे पर रिश्वत लेते पकड़े गए थे तब पूरे देश ने वह देखा था। ठीक उसी दौरान भाजपा की सरकार हिमाचल प्रदेश में भी थी तब सबसे बड़ा स्वास्थ्य विभाग का घोटाला वर्ष 1997 से लेकर 1999 तक प्रदेश में चर्चा में रहा था। उस घोटाले की सी. ए. जी. की रिपोर्ट आज भी मौजूद है। यह घोटाला 84 लाख 7 हजार 750 रुपये के था। उस समय के स्वास्थ्य मंत्री आज भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष है। आज भी कांग्रेस के पास वह सीएजी की रिपोर्ट मौजूद है। यह 84,07,750 लाख रुपये की दलाली के प्रमाण इस रिपोर्ट में लिखित में है, दुख तो इस बात का भी है कि वर्ष 2003 में जो सरकार बनी तब भी इस घोटाले को उजागर नहीं किया गया। इस घोटाले में स्वास्थ्य विभाग के दो निदेशक जेल में रहे थे, इसके भी प्रमाण मौजूद है। अब जब वर्तमान स्वास्थ्य निदेशक अजय कुमार गुप्ता स्वास्थ्य विभाग के घोटाले ने गिरफ्तार हुए है और 5 लाख रुपए के लेनदेन की ऑडियो सामने आ चुकी है और पिछले कल उनकी क्रिटीकल केअर यूनिट से भी कहीं नौ बार किसी फोन से बात करने की बात उजागर हुई है। तो मैं पूछता हूं भाजपा की भ्र्ष्टाचार के बारे में ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अब कहां है, वह कौन सा भाजपा का बड़ा नेता है जिसका नाम सामने आ रहा है, क्यों भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जो कि स्वयं हिमाचल प्रदेश से है वह चुप है, क्यों प्रदेश के मुख्यमंत्री इस घोटाले पर कबूतर और बिल्ली का खेल खेल रहे है। उन्होंने भाजपा की सरकार और भाजपा के नेताओं से कहा कि कुछ तो शर्म की होती क्योंकि इन विपरीत स्थितियों में भी कोरोना जैसी महामारी के दौरान भी अगर ऐसी घिनोनी हरकत की जा रही है तो सामान्य समय मे क्या क्या किया जाता होगा। यह विषय बहुत ही गंभीर है इसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री, मंत्री व भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को भी लोगों को जबाब देना पड़ेगा। इसी कड़ी को मै यदि अपने जिला बिलासपुर से जोडूं तो कोविड 19 के तहत जितनी भी जिला स्तर पर स्वास्थ्य विभाग ने खरीदारी की है वह भी सवालों के घेरे में आ चुकी है, वहां पर भी जो कोविड19 से लड़ने हेतु जो किटें खरीदी गई क्या उनका क्वालिटी स्टैण्डर्ड पहले चेक किया गया था, क्या जिन संस्थाओं से यह किटें खरीदी गई थी क्या वह इन्हें बेचने के लिये अधिकृत थी। इस सारे गड़बड़ी और घोटाले के पीछे भाजपा के अंदर ही एक गिरोह काम कर रहा है और वह गिरोह भी उसी बड़ी संस्था का हिस्सा लगता है जिसके नीचे भाजपा व भाजपा की सरकारें काम करती है। उन्होंने कहा कि क्या यही है भाजपा की भ्र्ष्टाचार के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस नीति।
एचआरटीसी पेंशनर्स कल्याण संगठन नूरपुर के महासचिव रघुवीर सिंह ने पेंशनर्स की व्यथा ज़ाहिर करते हुए कहा है की हिमाचल प्रदेश की लाइफ लाइन कहलाए जाने वाली एचआरटीसी की बसों के चालक व परिचालक अपनी जिंदगी को जोखिम में डालकर कैसे कैसे पांगी, लाहौल स्पीति की घाटियों में तंग व घुमावदार खतरनाक मार्गों पर प्रदेश की जनता की सेवा करते हैं, परंतु अफसोस होता है कि जब यह कर्मचारी जब सेवानिवृत्त होंगे इन्हें अपनी पेंशन तथा अन्य आर्थिक लाभों के लिए 3-4 वर्षों तक इंतजार करना पड़ेगा। इस दौरान इन्हें या तो उधार मांग मांग कर या मजदूरी करके घर परिवार चलाना पड़ता है। उन्होंने कहा की एक ओर सरकार वरिष्ठ नागरिकों को पूरा पूरा सम्मान देने तथा उचित देखभाल करने की बात कहती है तो वही परिवहन निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन तथा अन्य आर्थिक लाभों से सालों साल वंचित रखती है। इसी तरह जिन पुराने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन लग चुकी है उन्हें भी प्रायः तीसरे महा पेंशन का भुगतान हो रहा है। अर्थात आज तक अप्रैल माह की पेंशन का भुगतान अभी शेष है। कांग्रेस सरकार के समय भी परिवहन मंत्री ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की बार-बार आर्थिक प्रताड़ना की थी तथा सरकार बदलने पर आस बांधी थी कि अच्छे दिन आएंगे परंतु विभाग की सोच नहीं बदली। आज भी पेंशनर्स का हजारों रुपए महंगाई भत्ता बकाया पेंडिंग है। गत फरवरी में परिवहन निगम की बीओडी की बैठक में पेंशनर्स को 4% अंतरिम राहत देने की का फैसला हुआ था परंतु इस अदायगी पर भी कैंची चल चुकी है। क्या इसे ही वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान कहते हैं? चिंता का विषय है। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से अनुरोध किया है कि परिवहन निगम के पेंशनर की सुध लें ताकि यह लोग बुढ़ापे में अपना सामान्य गुजर बसर कर सके।
रूकमणि कुंड में लाॅकडाउन के समय अनाधिकृत रूप नहाने आ रहे लोगों को रोकने के लिए हांलाकि शिकायत के बाद पुलिस ने दो जवानों की वहां पर डयूटी लगाई हैै। बावजूद इसके इस काम को रोकने के लिए जनप्रतिनिधि और ग्रामीण भी आगे आए हैं। रविवार को बाकायदा कमेटी का गठन जांगला पंचायत के प्रधान किशोरी लाल की अध्यक्षता में किया गया जिसमें सर्वसम्मति से कमेटी का नाम मां रुक्मणि कुंड सेवा समिति रखा गया तथा इसकी कमान अभिषेक चंदेल को सौंपी गई। किशोरी लाल व कुलदीप कुमार को संरक्षक बनाया जबकि पवन ठाकुर को सचिव, राजकुमार चंदेल, नीलम चंदेल, तुलसी राम को उपाध्यक्ष, संजीव चंदेल, प्रभात चंदेल, राजेंद्र चंदेल को सह-सचिव का दायित्व सौंपा गया। नवनियुक्त अध्यक्ष अभिषेक चंदेल ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते तब तक किसी को भी रूकमणि कुंड में नहाने की इजाजत नही होगी। उन्होंने कहा कि यहां पर काफी दिनों से देखा जा रहा है कि कुछ लोग मौज मस्ती के लिए कुंड में नहाने के लिए आते रहते हैं। जबकि इस समय पूरे देश में कोरोना महामारी फैली हुई है तथा कुछ लोग यहां पर नहाने के लिए आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस कुंड का पानी करीब 20 पंचायतों के लोग पीते हैं। वक्त के साथ संभावित खतरों को देखते हुए ऐहतियात जरूरी है। चंदेल ने कहा कि यूं तो निगरानी के तौर पर कमेटी सदस्य भी पुलिस प्रशासन का सहयोग करेंगे। यदि कोई व्यक्ति यहां पर नहाता हुआ पाया जाता है या नियमों की अवहेलना करता हुआ पाया जाता है तो उसके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी और एक हजार रूपए जुर्माना मौका पर वसूला जाएगा। यही नहीं मंदिर कुड के प्रवेश द्वार पर सूचना पट लगाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। गौर हो कि धार्मिक आस्था की दृश्टि से रूकमणि कुंड की महत्व पौराणिक है लेकिन कोरोना वायरस के कारण अब ऐहतियातन इसे बंद किया गया है।
लॉकडाउन के बीच दूसरे राज्यों में फंसे लोगों की घर वापिसी का सिलसिला लगातार जारी है। केरल से रविवार को एक विशेष ट्रेन में दोपहर बाद 35 हिमाचलियों को लेकर पठानकोट रेलवे स्टेशन पर पहुंची जहां पर एसडीएम डॉ सुरेन्द्र ठाकुर, नायब तहसीलदार देस राज ठाकुर सहित उपस्थित अन्य नोडल अधिकारियों ने उनका तालियों से स्वागत किया। गौरतलब है कि इससे पूर्व भी एक विशेष ट्रेन 484 हिमाचलियों को लेकर ठाणे महाराष्ट्र से पठानकोट पहुंची थी। इस बारे में जानकारी देते हुए एसडीएम सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि इन सभी लोगों को एचआरटीसी की विशेष बसों के द्वारा अपने-अपने जिलों में बनाए गए संस्थागत क्वारंटाइन केंद्रों के लिए भेजा गया है। उन्होंने बताया कि कांगड़ा ज़िला के यात्रियों को प्रशासन द्वारा कोटला में बनाए गए संस्थागत क्वारंटाइन केंद्र में भेजा गया है, जबकि अन्य जिलों के यात्रियों को उनके जिलों में बनाए गए संस्थागत क्वारंटाइन केंद्रों में रखा जाएगा, जहां पर प्रशासन द्वारा इनके ठहरने खान-पान की विशेष व्यवस्था की गई है। धर्मशाला से छोटू राम जो केरल से आया था व तनुजा के अतिरिक्त अन्यों के चेहरों पर देवभूमि में पहुंचने की खुशी साफ झलक रही थी।
प्रदेश भाजपा महामंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र प्रभारी त्रिलोक जम्वाल ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी प्रारंभ से ही इस कोरोना महामारी के कारण उपजी आपातकाल स्थिति से निपटने के लिए "सेवा प्रकल्पों" के माध्यम से जन-जन तक पहुंचने के लिए कार्यरत है। उन्होंने हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के पदाधिकारियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि इस वैश्विक महामारी के संकट काल में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्त्ताओ को संगठन प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल के नेतृत्व में प्रदेश की जयराम सरकार के साथ मिलकर खुद की सम्भाल करते हुए मानव सेवा कार्यों को सतत आगे बढ़ाना जारी रखना होगा और जयराम सरकार की जनहितैषी नीतियों को प्रचार प्रसार के साथ लोगों तक पहुंचाने के लिए भी निर्विवाद आगे बढ़ें।उन्होंने बताया कि अभी तक संसदीय क्षेत्र की 454 वीडियो कांफ्रेंस बैठकों का आयोजन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि स्थानीय सांसद अनुराग ठाकुर के प्रयासों से इस संसदीय क्षेत्र में उनके द्वारा पोषित एसएमएस स्वास्थ्य सेवा देशभर में सेवा प्रकल्प का अनूठा उदाहरण है। ऐसा प्रतीत हो रहा है आज मानो कि "मानवसेवा- श्रम" और भाजपा एक दूसरे का पर्याय बन गए हों। उन्होंने बताया कि प्रदेश के कार्यकर्त्ताओं को सेवा कार्यों से जुड़ने का मार्गदर्शन जहां प्रधानमंत्री मोदी जी के द्वारा कोरोना महामारी से निपटने के लिए 130 करोड़ लोगों के हित में लिए जा रहे प्रशासनिक फैसलों के साथ-साथ भावनात्मक निर्णयों में वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा घोषित "आत्मनिर्भर भारत अभियान" है, वहीं पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा कार्यकर्त्ताओं के साथ सम्वाद और बचाव हेतु "फेस कवर व सेनेटाइजर" वितरित कर सेवा कार्य को आगे बढ़ाने में उनकी अग्रणी भूमिका प्रेरणादायक रही है। त्रिलोक ने कहा कि प्रदेशाध्यक्ष डॉ बिंदल के निर्देशानुसार हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्त्ता निरंतर सेवा कार्यों को ज़रूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए संकल्पित होकर जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक हमीरपुर ससंदीय क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्त्ताओं ने कुल 1768 बूथों पर 21674 फ़ूड पैकेट्स व 248458 राशन किट मुहैया करवाकर 324157 लाभार्थियों तक पहुंचने में सफलता पाई है।वहीं पर 2,75,096आरोग्य सेतु एप्प डाउनलोड 5,09,209 फेस कवर वितरित किये जा चुके है और साथ ही पीएम केयर्स फण्ड में 46,88,706 लाख एवम सीएम रिलीफ कोविड फण्ड में 1,39,58,453 करोड़ की राहत राशि को जन सहयोग से एकत्रित किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान परिस्थितियां महामारी के चलते प्रतिकूल हैं और आने वाले लम्बे समय तक इसी महामारी के साथ ही पार्टी के काम को बढ़ाना होगा। त्रिलोक ने बताया कि जयराम सरकार ने भी इस वैश्विक महामारी से निपटने के लिए प्रदेश के हरेक ज़िला में जहां पर संगरोध केंद्रों की संख्या में बढ़ोतरी की है वहीं पर अलग से कोविड सेंटर तय कर दिए गए हैं । जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि संक्रमित मरीजों के अधिक से अधिक टेस्ट हो सके इसके लिए टेस्ट करने की व्यवस्था को भी बढाया गया है। उन्होंने बताया कि जहां सभी वर्गों की आर्थिकी को बचाने की कोशिश में जयराम सरकार ने लॉकडाउन में 11 नए उद्योगों को मंजूरी देकर प्रदेश में ही युवाओं के लिए रोज़गार सृजन की एक ओर फल की है।इन उद्योगों के स्थापित होने से प्रदेश में 332.50 करोड़ का निवेश आएगा।यही नहीं प्रदेश में जयराम सरकार 15वें वित्तायोग की सिफारिशों को लागू कर ग्राम पंचायत में 70 फीसदी, व पंचायत समितियों व जिला परिषद को 15-15फीसदी राशि जारी कर गांव के विकास में गांव के ही प्रतिनिधियों को मजबूत करने जा रही है उन्होंने बताया कि सरकार के इस साहसिक फैसले से प्रदेश को केंद्र सरकार से 429 करोड़ की धन राशि प्राप्त होगी। त्रिलोक ने कहा कि धैर्यपूर्वक "बीमारी से लड़ना है, न कि बीमार से" अभी तक इस लाईलाज महामारी के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए सोशल डिस्टेसिंग को ही जीवन में अपनाना होगा और लोगों को अधिक सजग रहने के लिए आरोग्य सेतु एप्प डाउनलोड करना अतिआवश्यक हो गया है।
कोरोना महामारी की वजह से 22 मार्च को जब देश भर में लाॅक डाउन हुआ तब देश और प्रदेश के सामने यह चुनौती थी कि जरूरतमंद लोगों के लिए जन सेवा के कार्य को किस प्रकार एक्टिव रखा जा सके। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसी बीच संकट मोचक बनकर सामने आए ग्लोबल लीडर बनकर उभरे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नडडा ने सेवा कार्य के लिए हिमाचल भाजपा को एक विशेष कार्य योजना दी. मुख्यमंतरी जयराम ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिन्दल, संगठन महामंत्री पवन राणा की तिकड़ी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के मार्गदर्शन में कार्य योजना को धरातल पर उतारा। भाजपा उपाध्यक्ष एवं शिमला संसदीय क्षेत्र के प्रभारी पुरूषोत्तम गुलेरिया ने कहा कि भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिन्दल और संगठन मंत्री पवन राणा की मार्गदर्शन में लाॅकडाउन में जन सहयोग और जन सेवा के लक्ष्य को सामने रखते हुए अपना ब्ल्यूप्रिंट तैयार किया ताकि कोई भी व्यक्ति भोजन के अभाव में भूखा ना सोए, दवा के अभाव में उसका स्वास्थ्य खराब न हो, व किसी बजुर्ग व असहाय व्यक्ति को कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने सारी उर्जा ओर रिसोर्स को इसी जनसेवा कार्य के लिए समर्पित किया, परिणाम यह हुआ कि सरकार और संगठन के बीच बेहतरीन तालमेल के साथ सेवा कार्य आगे बढ़ा और इस समय की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि प्रदेश में भोजना के अभाव में कोई भी श्रमिक अथवा अन्य कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं सोया, और न ही किसी रोगी को उपचार के सम्बन्ध में कोई परेशानी हुई। पुरूषोत्तम गुलेरिया ने कहा कि प्रदेश में कोरोना महामारी के बीच भाजपा संगठन द्वारा 22 लाख से अधिक फेस कवर, 5 लाख जरूरतमंदोे को भोजन पैकेट, 1.10 लाख मोदी राशन किटं बांटी गई और पीएम केयर्स में 1.91 करोड रुपये तथा 8.37 करोड़ मुख्यमंत्री कोविड फंड में जमा किए गए। उन्होंने कहा कि संगठन को एक्टिव मोड पर रखने के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिन्दल और संगठन मंत्री पवन राणा ने डिजिटल माध्यम से वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर से लेकर प्रदेश और प्रदेश स्तर से लेकर मंडल स्तर के भाजपा के कार्यकर्ताओं ने आपस में संवाद किया। प्रदेश में अब तक 1484 वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से 31560 भाजपा कार्यकर्ता आपस में संवाद कर चुके हैं। यही नहीं बूथ स्तर पर पन्ना प्रमुखों तक भाजपा द्वारा वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से अपने कार्यकर्ताओं को जनसेवा के लिए प्रेरित किया जा रहा है। गुलेरिया ने कहा कि संभवतः प्रदेश में पहली बार ऐसा हुआ है कि राष्ट्रीय आपदा के समय जनता में फेक न्यूज के माध्यम से भ्रम और पैनिक फैलाने वालों के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ताओं के फीड बैक के आधार पर प्रदेश सरकार ने कार्रवाई करने निर्णय लिया। जिसके लिए सरकार ने प्रदेश में साईबर क्राईम सेल के तहत फेक न्यूज मानिटरिंग यूनिट का गठन किया जिसमें अब तक 40 मामले दर्ज हो चुके हैं। जिसमें 5 मामलों में एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है। कुछ मामलों में क्षमा याचना के बाद सम्बन्धित व्यक्ति को चेतावनी देकर छोड़ा गया हैं। गुलेरिया ने कहा कि यह सब प्रदेश भाजपा सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल का नतीजा है कि आज हिमाचल प्रदेश कोरोना संकट के बीच काफी हद तक सेफ जोन में दिखाई पड़ता है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल कांग्रेस ने कोरोना के दौरान न तो प्रदेश सरकार और न ही प्रदेश की जरूरतमंद जनता को कोई सहयोग दिया है। कांग्रेस नेता केवल आपनी राजनीति चमकाने के लिए केन्द्र और राज्य सरकार के द्वारा किए जा रहे कार्यों में अड़चन लगाने में जुटे रहे।
तय बाजारी फड़ी छोले कुलचे यूनियन ने शिक्षा, विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज से भेंट कर अन्य आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ उनके कार्यों को आरम्भ करने के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि लाॅकडाउन-4 के तहत रेस्टोरेंट, हलवाई, ढाबा वालों को सामान घर ले जाने की अनुमति प्रदान की गई है। छोले कुलचे वालों का कार्य भी इसी श्रेणी में आता है। मंत्रिमण्डल द्वारा इस वर्ग को रियायत प्रदान करते हुए कार्य करने की अनुमति दी गई है, जिसके तहत लोग इनसे भी सामान पैक करवा कर ले जा सकते हैं। उन्होंने यूनियन को इस दौरान स्वच्छता मानकों को अपनाने जिसके तहत मास्क, गल्बस, हेड मास्क आदि लगाने तथा सोशल डिस्टेसिंग का विशेष ख्याल रखने की हिदायत दी। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि सभी लोग नियमों का पालन करें। इससे जहां इन कार्य कुशल लोगों को काम करने का मौका मिलेगा वहीं इनकी स्थिति भी सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में जिनके पास काम नहीं है उन्हें मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गांरटी योजना के तहत भी कार्य उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंत्रिमण्डल के निर्णय का जिला दण्डाधिकारी जल्द ही आदेश देंगे। उन्होंने तय बाजारी यूनियन के पदाधिकारियों व सदस्यों को मास्क भी वितरित किए। इस अवसर पर मण्डलाध्यक्ष राजेश शारदा, पार्षद बृज सूद, छोटे कुलचे तय बाजारी यूनियन के प्रधान कमलेश कुमार गुप्ता, उप-प्रधान सुरेन्द्र, रामदेव व नसीर सहित लगभग 70 लोग उपस्थित थे।
प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर ने कहा कि आज देश वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से गम्भीर परिस्थितियों से गुजर रहा है और इस समय में समाज के हर वर्ग को एकजुट होकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है ताकि देश इस वैश्विक महामारी से जल्द से जल्द निजात पा सके। पर देखने मे ऐसा आ रहा है कि आज के समय मे भी कुछ धर्म के ठेकेदार धार्मिक आस्थायों का सहारा लेकर लोगो को भर्मित कर राजनीति कर रहे है। आशीष ठाकुर ने सभी समुदाय के लोगों से निवेदन किया है द्वेष की राजनीति छोड़ देश हित के लिए एकजुट हो जाएं। युवा नेता ने सरकार और प्रशासन से भी मांग की है कि जो लोग आज के समय मे समाज को विभाजित करने की कोशिश कर रहे है और जो लोग कानून का उलंघन कर रहे है उनकी निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के साथ सख्ती से पेश आया जाए ताकि देश का हर वर्ग खुद को सुरक्षित महसूस करे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिन्दल व प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा से विस्तृत चर्चा के उपरांत भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ0 राकेश शर्मा (बबली) ने मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारियों व जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी हैं, तदानुसार :- उपाध्यक्ष पद पर :- 1) देवेन्द्र ठाकुर कूनपुरी, सोलन, 2) चमन सिंह डडवाल, नुरपूर, 3) नरेश चौहान, चौपाल 4) बलराम बबलू, कुटलैहड़ तथा 5) काहन सिंह, मण्डी सदर के नामों की घोषणा की है। महामंत्री पद पर :- 1) अमर ठाकुर, आनी तथा 2) संजीव देष्टा, शिमला। सचिव पद :- 1) दलीप पाल, अर्की 2) प्रकाश चंद, भटियात 3) सुनील कुमार, पच्छाद 4) रविन्द्र ठाकुर, धर्मपुर तथा 5) संजीव शर्मा, जसवां प्रागपुर, सचिव पद का कार्यभार संभालेंगे। प्रवक्ता के पद पर :- 1) आनंद शर्मा, धर्मशाला तथा 2) परिवेश, झंडूता को नियुक्त किया गया है। मीडिया प्रभारी :- 1) राकेश कुमार, बैजनाथ तथा मदन राणा, कुटलैहड़ मीडिया प्रभारी का कार्यभार संभालेंगे। कार्यालय मंत्री :- महेन्द्र शर्मा, शिमला ग्रामीण, होंगे। जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा करते हुए किसान मोर्चा अध्यक्ष ने बताया कि सर्वश्री बालम सिंह ठाकुर, डलहौजी को जिला चम्बा, रविन्द्र कुटलैहडि़या, ज्वाली को जिला नूरपुर, मंजीत, शाहपुर को जिला कांगड़ा, दलीप चंद, जयसिंहपुर को जिला पालमपुर, कुलदीप सिंह राणा, देहरा को जिला देहरा, रमेश रावालिंग, केलांग को जिला लाहौल स्पिति, बलकार सिंह, कल्पा को जिला किन्नौर, दीपक शर्मा, चौपाल को जिला महासू, रामचंद्र शर्मा सुन्दरनगर को जिला सुन्दरनगर, रमेश जम्वाल, जोगिन्द्रनगर को जिला मण्डी, टिकम ठाकुर, मनाली को जिला कुल्लू, अविनाथ मनन, ऊना को जिला ऊना, अर्जुन सिंह ठाकुर, सुजानपुर को जिला हमीरपुर, सुरेन्द्र भारती, श्री नैनादेवी जी को जिला बिलासपुर, संजीव चौहान (पिंकू), शिमला को जिला शिमला, रमेश ठाकुर, अर्की को जिला सोलन तथा साधुराम चौहान, शिलाई को जिला सिरमौर का जिलाध्यक्ष बनाया गया है। किसान मोर्चा अध्यक्ष डॉ0 राकेश शर्मा (बबली) ने कहा कि मोर्चा के कार्यसमिति सदस्यों की घोषणा शीघ्र ही कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिन्दल व प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा से विस्तृत चर्चा के उपरांत भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद राजबली ने मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारियों व जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी हैं, तदानुसार :- उपाध्यक्ष पद पर :- 1) अबास भट्ट, चम्बा, 2) सुलेमान, सिरमौर, 3) काशमदीन, नूरपुर 4) ताज मोहम्मद, बिलासपुर के नामों की घोषणा की है। महामंत्री पद पर :- 1) यकूब खान, चम्बा तथा 2) आरिफ, सिरमौर को नियुक्त किया गया है। सचिव पद :- 1) सवीना बेगम, चम्बा 2) माजिद अली, देहरा 3) नूरमाही, मण्डी 4) मोहन कपूर बोद्ध, लाहौल स्पिति का कार्यभार संभालेंगे। कोषाध्यक्ष :- श्री गुलाम मोहम्मद, ऊना होंगे। प्रवक्ता का दायित्व :- नाजर अली, सिरमौर, यूसुफ अली, कुल्लू, ईलम दीन, हमीरपुर संभालेंगे। मीडिया प्रभारी :- छोटू खान, सोलन होंगे। सह-मीडिया प्रभारी के पद पर :- शमून अख्तर, ऊना, तथा संजू शेख, शिमला को नियुक्त किया गया है। आई0टी0 प्रमुख :-यूनुस खान, सिरमौर होंगे तथा सह आई0टी0 प्रमुख :- राज कुमार बोद्ध, किन्नौर तथा रफीक पोशवाल, हमीरपुर होंगे। जिलाध्यक्षों में :- सर्वश्री गुलजार अहमद, चम्बा सदर को जिला चम्बा, बाग हुसैन, इंदौरा को जिला नुरपूर, अब्दुल गनी, धर्मशाला को जिला कांगड़ा, जलाल दीन ज्वालामुखी को जिला देहरा, आलमदीन, सुलह को जिला पालमपुर, सोनम तोबगे, लाहौल स्पिति को जिला लाहौल स्पिति, मोहम्मद अली, बंजार को जिला कुल्लू, आफताब, नाचन को जिला सुन्दरनगर, जीदीन, हमीरपुर को जिला हमीरपुर, मुनीर अख्तर, सदर को जिला बिलासपुर, गुफार मोहम्मद, नालागढ़ को जिला सोलन, शमशेर अली, पांवटा साहिब को जिला सिरमौर, जमील सिद्दकी, शिमला को जिला शिमला, गुलाम रसूल, चौपाल को जिला महासू, रफीक मोहम्मद, दं्रग को जिला मण्डी, बशीर मोहम्मद, चिंतपूर्णी को जिला ऊना तथा अमीर लाम्बा, किन्नौर को जिला किन्नौर का जिलाध्यक्ष बनाया गया है। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद राजबली ने कहा कि मोर्चा के कार्यसमिति सदस्यों की घोषणा शीघ्र ही कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिन्दल व प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा से विस्तृत चर्चा के उपरांत भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जवाहर शर्मा ने मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारियों व जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी हैं, उपाध्यक्ष पद पर :- 1) राकेश कुमार जिला चम्बा, 2) सतप्रकाश, जिला लाहौल स्पिति, 3) गोकल ठाकुर जिला पालमपुर 4) विरेन्द्र नेगी, जिला किन्नौर के नामों की घोषणा की है। महामंत्री पद पर :- 1) देवराज चौधरी, जिला सोलन तथा 2) संतोष राज नेगी, जिला किन्नौर को नियुक्त किया गया है। सचिव पद :- 1) हंसराज, जिला सिरमौर 2) रवि जुल्कान, जिला चम्बा 3) अशोक वशिष्ट जिला कांगड़ा 4) अजीत कुमार, जिला लाहौल स्पिति 5) नसीब चौधरी, जिला सोलन का कार्यभार संभालेंगे। कोषाध्यक्ष :- सुरत राम, जिला लाहौल स्पिति होंगे। जिलाध्यक्षों में :- मदन सिंह को जिला किन्नौर, धनीराम चौहान को सोलन, रमेश कुमार को सिरमौर, अमित शर्मा को नूरपुर, राजीव शर्मा को लाहौल स्पिति, कमल को बिलासपुर, श्याम सिंह को कांगड़ा, शमशेर चंद को देहरा, पवन कुमार को चम्बा, छोवांग दोरजे को महासू, जोगिन्द्र रणौत को पालमपुर, ओंकार नाथ कसाना को ऊना, शरव नेगी को कुल्लू, सुरेश कटारिया को मण्डी तथा मोहन नेगी को जिला सुन्दरनगर का जिलाध्यक्ष बनाया गया है। भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जवाहर शर्मा ने कहा कि मोर्चा के कार्यसमिति सदस्यों की घोषणा शीघ्र ही कर दी जाएगी।
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) के नेता संजय चौहान ने कहा कि पार्टी प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग में चल रहे व्यापक भ्रष्टाचार पर गंभीर चिंता व्यक्त करती है और मांग करती है कि इसकी उच्च न्यायालय के जज द्वारा निष्पक्ष जांच करवाई जाए व जो भी दोषी है उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि कोविड19 महामारी के नाम पर सरकार के द्वारा किए गए खर्च को सार्वजनिक करे। इस कोविड19 महामारी से उत्पन्न विषम परिस्थिति के समय प्रदेश सचिवालय व स्वास्थ्य विभाग में हुए व्यापक भ्र्ष्टाचार से प्रदेश की बीजेपी सरकार की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में आ गई है। सचिवालय में सैनिटाइजर घोटाले व स्वास्थ्य विभाग में निदेशक की गिरफ्तारी के पश्चात बीजेपी से जुड़े नेताओं के नाम सामने आने से इसकी गंभीरता से देखते हुए इस निष्पक्ष जांच की संभावनाएं और भी अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार में सत्ता के करीबी राजनेता, अफसरशाही व ठेकेदार का गठजोड़ के भ्र्ष्टाचार को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। यदि सरकार इसकी निष्पक्ष जांच नहीं करवाती है तो यह प्रदेश की सरकार द्वारा लोकतंत्र व जनता से विश्वासघात होगा। सचिवालय में सैनिटाइजर को लेकर हुए घोटाले का पर्दाफाश हुए व विजिलेंस जांच के आदेश को करीब 20 दिन से अधिक समय हो गया है परन्तु अभी तक कोई भी ठोस कानूनी कार्यवाही शुरू की गई है और न ही कोई भी गिरफ्तारी हुई है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग में हुए व्यापक घोटाले में निदेशक के घर मे छापेमारी में पुख्ता सबूत मिलने के बाद उनकी गिरफ्तारी के पश्चात जिस प्रकार से सरकार इस जांच को आगे ले जा रही है उससे सरकार की मंशा पर भी सवालिया निशान लगता है। क्योंकि इसमे स्पष्ट है कि कई और लोग भी इस घोटाले में संलिप्त है और पुख्ता सबूत होने के बावजूद अभी तक उनमें से किसी पर भी कोई कार्यवाही नहीं की गई है और न ही कोई गिरफ्तार किया गया है। सरकार प्रदेश की जनता के प्रति जवाबदेह है और उसे स्पष्ट करना होगा कि क्या सरकार इन घोटालों में अन्य दोषियों को बचाने का कार्य कर रही हैं और जिनके नाम इन घोटालों में उजागर हुए हैं इनमें से कुछ सत्ता के करीबी होने के कारण सरकार ने इस पर चुप्पी साद ली है। जनता द्वारा कोविड19 महामारी के लिए सरकार के आह्वान पर पी एम केयर फण्ड व हि.प्र. कोविड19 सोलिडेरिटी रेस्पॉन्स फण्ड में खुल कर दान किया है। परन्तु इन घोटालों से जनता के द्वारा दिए गए इस दान के दुरुपयोग की आशंका भी जनता के मन मे पैदा हो गई है। इसके लिए सरकार को इसमें किए गए खर्च का स्पष्टीकरण देना होगा ताकि जनता को भी मालूम हो कि सरकार उनके मेहनत की कमाई का कैसे उपयोग कर रही है। इसके अतिरिक्त इस दौरान केंद्र व अन्य संस्थाओं से आए धन को किस प्रकार से सरकार ने ख़र्च किया है इस पर भी श्वेतपत्र जारी करे। ऐसी विषम परिस्थिति में प्रदेश सरकार में इस प्रकार के घोटालों व भ्र्ष्टाचार ने हिमाचल प्रदेश की सरकार की छवि पर भी बुरा असर पड़ता दिख रहा है। आज हिमाचल प्रदेश जोकि देश के बेहतर राज्यों में जाना जाता है पर भी इस प्रकार की घटनाओं से इसकी साख पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में प्रदेश की जनता सरकार से इस प्रकार के भ्र्ष्टाचार व घोटालों पर रोक लगाने के लिए निष्पक्ष जांच व दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की अपेक्षा करती है।
भौगोलिक दृष्टि से भले ही ऊना प्रदेश का एक छोटा जिला है लेकिन इस जिले को प्रदेश का खाद्यान्न भंडार कहलाने का गौरव भी हासिल है।सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं और नवीनतम कृषि तकनीक का पूरा फायदा उठा कर यहां के किसान न केवल अपनी आर्थिकी समृद्ध कर रहे हैं बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। अन्न उत्पादन और बेमौसमी सब्जियों की खेती में तो इस जिला के किसानों ने नाम कमाया ही है, साथ ही इस जिला को आलू उत्पादन में भी प्रदेश का एक अग्रणी जिला बनाया है। इस बार लाॅकडाउन की लंबी अवधि के बीच भी यहां आलू की बंपर फसल हुई है, जिससे किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। वैसे भी ऊना जिला की कृषि उपज में आलू फसल का अहम स्थान है। आलू उत्पादन यहां वर्ष में दो बार रवि व खरीफ मौसम में किया जाता है। आलू की यह पैदावार कृषकों की आय में महत्वपूर्ण योगदान देती है। जिला के कृषि उप निदेशक डाॅ. सुरेश कपूर ने बताया कि रबी मौसम में 922 हेक्टेयर भूमि से 13830 मीट्रिक टन जबकि खरीफ मौसम में 947 हेक्टेयर क्षेत्र से 14205 मीट्रिक टन आलू प्राप्त होता है और इस बार भी जिला में आलू की बंपर फसल हुई है। जिला में तैयार आलू की उपज को जिला सहित अन्य बाहरी मंडियों में बेचा जाता है। इसके साथ-साथ इस आलू को चिप्स बनाने के लिए भी प्रयोग किया जाता है। कृषि विभाग द्वारा कृषकों से आलू 1800 रुपये से 2200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से क्रय किया गया गया है, जिससे कृषकों को काफी लाभ मिला है। कृषि विभाग द्वारा कृषकों को कुफरी ज्योति का बीज अनुदान पर उपलब्ध करवाया गया था जिससे आलू की अच्छी पैदावार हुई है। कोविड-19 के कारण लंबे लाॅकडाउन की वजह से कृषकों को डर था कि कहीं उनकी फसल खेतों में ही न रह जाए परन्तु उनकी यह आशंका निर्मूल साबित हुई। कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा आलू की फसल की कटाई व मार्किटिंग की उचित व्यवस्था की गई। विभाग द्वारा कृषकों व मजदूरों को 4450 कफ्र्यू पास जारी किए गए और अधिकारियों ने स्वयं कृषकों के खेतों में जाकर किसानों की हर संभव सहायता की। विभाग द्वारा कृषकों को निःशुल्क मास्क, दस्ताने व सेेनेटाइजर भी उपलब्ध करवाए गए और उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग के लिए भी जागरूक किया गया। इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा कृषकों को खरीफ मौसम में बीजाई हेतु मक्की व चारा के बीज भी 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना महामारी के संकट काल में लाॅकडाउन के बीच भी जिस तरह किसानों की पूरी मदद की गई और उनके खाद्यान्न उत्पादन के विपणन की पूरी व्यवस्था की गई , उससे किसान सरकार का आभार व्यक्त कर रहे हैं।
समरहिल में तीन मंजिला मकान का टॉप फ्लोर जलकर राख हो गया है। आग सुबह तकरीबन 4 बजे लगी। 3 मंजिला मकान में लगी आग पर अग्निशमन विभाग ने काबू पा लिया है। आग एटिक में लगी थी जिसमें 2 बैडरूम, फर्नीचर बिस्तर इत्यादि जलकर राख हो गए। टॉप फ्लोर लकड़ी का बना हुआ था इसलिए आग तेजी से भड़क गई। अनुमान के मुताबिल इसमें लाखों का नुकसान हुआ है। आग लगने का कारणों का अभी तक पता नही चल पाया है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमण्डल की बैठक में शिमला जिले के ठियोग विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक राकेश वर्मा के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेश में 15वें केन्द्रीय वित्त आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाएगा, जिसके अन्तर्गत आयोग से अभी तक प्राप्त अनुदानों में से 70 प्रतिशत ग्राम पंचायतों, 15 प्रतिशत पंचायत समितियों और 15 प्रतिशत जिला परिषदों को आवंटित किया जाएगा, ताकि वे विभिन्न विकास गतिविधियां चला सकें। कोविड-19 के कारण देश व प्रदेश में जारी लाॅकडाउन के कारण शिक्षण संस्थानों को केवल ट्यूशन फीस लेने की ही अनुमति दी जाएगी। मंत्रिमण्डल ने कांगड़ा जिला में पशु औषधालय नगरोटा बंगवा को आंचलिक पशु औषधालय के रूप में स्तरोन्नत करने और विभिन्न श्रेणियों के सात पद सृजित करने व भरने का निर्णय लिया। बैठक में बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान, लोगों व संस्थाओं को इन्हें अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने और राज्य में गौ-अभयारण्य व गौ-सदनों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से बेसहारा पशुओं का पुनर्वास योजना आरम्भ करने को स्वीकृति प्रदान की गई। प्रारम्भिक चरण में गौ-सदनों, गौशालाओं और गौ- अभयारण्य में रखी गई प्रत्येक गाय के लिए पांच सौ रुपये देने का फैसला किया गया है। पशुपालन विभाग को भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप गायों की टैगिंग का कार्य शीघ्र पूरा करने के लिए कहा गया है। दुष्कर्म व यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पोस्को) के मामलों की सुनवाई के लिए एक वर्ष की अवधि के लिए शिमला, किन्नौर जिला के लिए रामपुर और सिरमौर जिला के लिए नाहन में फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय स्थापित करने का निर्णय लिया है। कार्य लेन-देन के लिए भुगतान और लेखा प्रक्रिया में पारदर्शिता, सटीकता और दक्षता प्राप्त करने तथा भुगतान व रसीद उपकरणों की पेयरिंग में विलम्ब को दूर करने के उद्देश्य से मंत्रिमण्डल ने जल शक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग के कार्यों को पूर्णतयः ट्रेजरी मोड में स्थानान्तरित करने और पहली जुलाई, 2020 से एलओसी प्रणाली को समाप्त करने का निर्णय लिया। बैठक में चार विशेष भू-अधिग्रहण इकाइयों को एक मार्च, 2020 से 28 फरवरी, 2021 तक एक वर्ष के लिए विस्तार देने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही पहले से ही उपलब्ध स्टाफ के साथ कार्य करने की भी अनुमति प्रदान की गई है। इन इकाइयों में बिलासपुर, पंडोह-1, पंडोह-2 और शाहपुर शामिल हैं, जहां कीरतपुर-बिलासपुर-नेरचैक-पंडोह, पंडोह-टकोली, टकोली-कुल्लू-मनाली और पठानकोट-चक्की-मण्डी फोर लेन परियोजनाओं के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण होना है। मंत्रिमण्डल ने राष्ट्रीय उच्च मार्ग 21-ए बद्दी-नालागढ़-स्वारघाट की फोर लेनिंग के लिए भूमि अधिग्रहण के उद्देश्य से विशेष भू-अधिग्रहण इकाई नालागढ़ को पहली जनवरी, 2020 से 31 दिसम्बर, 2020 तक आगामी एक और वर्ष का विस्तार मंजूर किया है। बैठक में कांगड़ा जिला के देहरा गोपीपुर में क्षेत्र के पूर्व एवं सेवारत सैनिकों की सुविधा के दृष्टिगत ईसीएचएस पाॅलीक्लीनिक एवं ईसीएम, सीएसडी कंटीन स्थापित करने के लिए केन्द्रीय रक्षा मंत्रालय के पक्ष में निःशुल्क भूमि हस्तांतरित करने को अपनी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमण्डल ने प्रदेश की स्थानीय भट्ठियों (डी-2) से एल-19ए लाइसेंस के अन्तर्गत परमिट जारी करते वक्त स्थानान्तरण शुल्क लागू करने का निर्णय लिया। यह निर्णय सभी प्रकार के स्पिरिट जैसे इथाइल अल्कोहल, इथेनोल, इएनए, रेक्टिफाइड स्पिरिट्स और एब्सोल्यूट अल्कोहल आदि के प्रापण के संदर्भ में लिया गया है, जिनका प्रयोग सैनिटाइजर के निर्माण में होता है। इन स्पिरिट्स का प्रापण 4.50 रुपये प्रति बल्क लीटर होगा। इस निर्णय से राजकोष में लगभग 5 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व आएगा। बैठक में एल-3, एल-4, एल-5 और एल-4ए व एल-5ए बार लाइसेंस के लिए लाइसेंस शुल्क तथा वर्ष 2020-21 के लिए प्रो-रेटा आधार पर न्यूनतम गारंटी कोटा लागू करने का निर्णय लिया। मंत्रिमण्डल ने प्रदेश के सभी जिला दण्डाधिकारियों को दंड प्रक्रिया संहिता (सीसीपी), 1973 की धारा 144 (1) के अन्तर्गत जारी किए गए आदेशों को 30 जून 2020 तक बढ़ाने के लिए अधिकृत किया। मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना-2019 को और अधिक लाभकारी बनाने के लिए मंत्रिमण्डल ने इसमें संशोधन का निर्णय लिया है। इसके अनुसार इस योजना के अन्तर्गत स्वीकृत इकाइयांे में बैंक द्वारा आवंटित की गई ऋण की पहली किस्त के एक वर्ष भीतर विनिर्माण व सेवा उपक्रमों में व्यावसायिक उत्पादन आरम्भ करना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त यदि इन इकाइयों की स्थापना हिमाचली मूल की विधवा ने किया हो और उसकी उम्र 45 वर्ष तक हो, उस स्थिति में पात्र अनुदान की राशि 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत की गई है। बैठक में श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय डिग्री कालेज एवं अस्पताल, नेरचैक में बीएससी नर्सिंग की सीटें 40 से बढ़ाकर 60 करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने को स्वीकृति प्रदान की गईं। मंत्रिमण्डल ने आईजीएमसी शिमला में रेडियोलाॅजी एवं गेस्ट्रोएन्टरोलाॅजी विभाग में सहायक प्रोफेसर और टांडा मेडिकल काॅलेज में सहायक प्रोफसर एनाॅटमी एवं पेडियट्रिक्स का एक-एक पद सृजित करने व भरने का निर्णय लिया।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी झण्डुता के अध्यक्ष सतीश चंदेल की अध्यक्षता में अपने फ्रन्टल संगठनों के सहयोग से एसडीएम झण्डुता, नायब तहसीलदार झण्डुता, एसएचओ झण्डुता, खण्ड चिकित्सा अधिकारी झण्डुता तथा खण्ड विकास अधिकारी झण्डुता एवं उनके कार्यालय में काम कर रहे सभी अधिकारियों तथा कर्मचारियों को कोरोना महामारी के विरुद्ध लड़ी जा रही जंग में फ्रन्ट पर काम करने के लिए उन्हें पुष्प गुच्छ, मास्क, सैनीटाइजर आदि देकर सम्मानित किया।
कोविड-19 महामारी के कारण बनी लाॅकडाउन की स्थिति को प्रवासी मजदूरों के जनजीवन पर बुरा प्रभाव पड़ा है। जिसका एक मुख्य कारण उनके पास संसाधनों की कमी और लाॅकडाउन में मजदूरी के अवसर कम होना है। ऐसे कई प्रवासी मजदूर हैं जिनके पास बाजार से मास्क लेना भी मुश्किल है। ऐसी ही समस्या को ध्यान में रखते हुए शिमला शहर की निवासी सुषमा सूद ने डा. हेडगेवार स्मारक समिति के सहयोग से विकासनगर के 100 प्रवासी मजदूरों को हस्त से निर्मित मास्क आबंटित किए। हिमाचल शिक्षा समिति के संगठन मंत्री तिलक राज ने प्रवासी मजदूरों को कोविड-19 महामारी के बारे जागरूक किया। साथ ही कार्यस्थल पर मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की भी सलाह दी। इस अवसर पर उनके साथ विद्यालय के प्रधानाचार्य लेखराज सहित आरोग्य भारती के रोहिताश सूद और डा. हेडगेवार स्मारक समिति के संगठन मंत्री विजय भी उपस्थित रहे।
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि कुछ शरारती तत्व सोशल मीडिया में यह अफवाह फैला रहे हैं कि हिमाचल प्रदेश में अनिश्चितकाल के लिए कफ्र्यू लागू करने और तीन दिनों तक सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे, जो पूर्णतया आधारहीन और असत्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है और लोग इस प्रकार के भ्रामक प्रचार पर विश्वास नहीं करें। पूर्व में जारी निर्देशों के अनुसार ही कफ्र्यू जारी रहेगा लेकिन सरकारी कार्यालयों को बंद करने संबंधी कोई निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उन लोगों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करेगी जो संकट के इस समय में लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।
कुनिहार से करीब 12 किलो मीटर दूर सायरी घाट के एक छोटे से गांव बशोल में वर्षों पुराने सूखे पीपल के तल से शिला स्वरुप भगवन नरसिंह, माता जगतम्बा व दो अन्य छोटी छोटी शिला रूपी विष्णु व् हनुमान की प्रतिमाएं निकली है। इन प्रतिमाओं पर ग्रामीणों की काफी आस्था देखी जा रही है। इतना ही नहीं जिस स्थान पर उक्त शिलाएं निकली है उस स्थान पर वर्षों से ग्रामीण भगवान नरसिंह के स्थान से पूजा अर्चना करते आए हैं। लेकिन देश में जारी लॉक डाउन के चलते अभी उक्त स्थान पर कोई बड़ा अनुष्ठान नहीं किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार सायरीघाट से महज तीन किलोमीटर दूर बशोल गांव में पुरातन ठाकुर द्वारा मंदिर भी स्थापित है व् इस मंदिर में भी कई वर्षों पुराने शिला स्वरुप दो हनुमान की मूर्तियां स्थापित है व् ग्रामीणों की मान्यता है कि यह शिला स्वरुप हनुमान की मूर्तियां भी इसी स्थान से खुदाई के दौरान सामने आई थी। कुछ महीने पहले मंदिर में पूजा अर्चना एवं प्रशाद हेतु सुखी लकडियों की आवश्यकता थी जिसके लिए मंदिर के समीप ही वर्षों पुराने सुख चुके पीपल के पेड़ को गिराने लगे तो पेड़ के तल के अंदर खोल में एक बड़ी पत्थर की शिला सामने निकल आई व् कुछ माह पूर्व भी गांव में आए देव गुर ने भी उक्त शिला स्वरुप को भगवान नरसिंह जी का स्वरुप बताया है। तत्पश्चात उक्त पत्थर के आस पास की झाडियों आदि की सफाई की गई व् शिला स्वरुप भगवान नरसिंह माता भगवती भगवान विष्णु व् हनुमान की शिलाओं की प्राण प्रतिष्ठा की गई। पंडित कृष्ण लाल अर्चुत ने बताया कि वर्षो पुराना पीपल का वृक्ष सुख चूका था कुछ माह पहले हवन यग्य प्रशाद हेतु लकडियों के लिए सूखे पीपल को गिराने लगे तो तल से एक बड़ी शिला स्वरुप भगवान नरसिंह जी का प्राकट्य हुआ। थोड़ी गहरी खुदाई के बाद दो अन्य हनुमान व् विष्णु के स्वरुप की शिलाए भी निकली है। उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर यह शिलाएं निकली है उस स्थान पर ग्रामीण वर्षों से भगवान नरसिंह के स्थान से पूजा अर्चना करते चले आ रहे है। प्राचीन ठाकुर द्वरा मंदिर में स्थापित हनुमान की प्रतिमाऐं भी इसी स्थान में कई वर्षों पहले खुदाई के दौरान निकली थी।
करोना संक्रमण के चलते लॉक डाउन के कारण धुंदन पंचायत के गांव चमाकड़ी के किसान धनीराम शर्मा लाखों रुपए के फूलों की तैयार फसल की कंपोस्ट खाद बनाने के लिए मजबूर हैं। लाॅकडाउन के चलते फूलों की खपत वाली सभी गतिविधियां बंद पड़ी हैं जिस कारण वह ग्रीन हाउस पर तैयार की गई फूलों की फसल बाजार में नहीं भेज पा रहे हैं। धनीराम ने फूलों की खेती के लिए बैंक से 11लाख रुपए का ऋण लिया था। उन्होंने लिलियम प्रजाति के बीज बेंगलुरु से मंगवाए जिस पर उनका लगभग ₹4 लाख खर्च आया। इसके अतिरिक्त पैकिंग खाद उत्पादन में प्रयोग होने वाले अन्य अन्य उपकरणों पर लगभग ₹5 लाख का निवेश किया लेकिन दुर्भाग्यवश लॉक डाउन के चलते फूलों की तैयार फसल को बाजार तक नहीं पहुंचाया जा रहा है। उनका कहना है कि आमदनी न होने की वजह से बैंक के खाते भी एनपीए हो गए हैं। धनीराम कहते हैं कि इस साल फसल तो अच्छी थी लेकिन बाजार में न भेजने के कारण अब उन्हें उसकी कंपोस्ट खाद ही बनानी पड़ रही है।क्योंकि इस प्रजाति के फूलों का बीज तैयार करना भी उनके बूते में नहीं है और उन पौधों को पशुओं को भी नहीं खिलाया जा सकता क्योंकि उस पर दवाइयां तथा अनेक प्रकार का छिड़काव किया गया है। लिहाजा उन्होंने उन पौधों से कंपोस्ट तैयार करना ही उचित समझा। धनीराम ने कहा कि मेरे जैसे छोटे किसानों के लिए यह कुदरत की एक बहुत बड़ी चपत है अब यदि सरकार हम लोगों को कुछ मुआवजा देकर सहारा दे दे तो हम भविष्य में इस प्रकार की फसल उगाने में सक्षम हो पाएंगे अन्यथा इस भारी-भरकम नुकसान से उबर पाना उनके वश की बात नहीं है। सोलन उद्यान विभाग के उपनिदेशक राजेंद्र कुमार का इस विषय में कहना है कि फिलहाल अभी तक सरकार की ओर से उन्हें कोई गाइडलाइन जारी नहीं हुई है लेकिन उन्होंने अपने स्तर पर जिला भर में पुष्प उत्पादकों के नुकसान की रिपोर्ट बनाकर उद्यान विभाग निदेशालय को भेज दी है।
एक ओर जहां सपूर्ण विश्व कोरोना जैसी सर्वव्यापी महामारी के संकट से गुजर रहा है, तो दूसरी तरफ हिमाचल प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी घोटाले करने में व्यस्त है। करणी सेना हिमाचल के प्रदेश अध्यक्ष पीयूष चन्देल ने सोशल मीडिया में फेसबुक के माध्यम से प्रदेश की जयराम सरकार पर कड़ा प्रहार किया है तथा इस घोटाले में लिप्त सभी अधिकारियों की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि जांच के लिए सीबीआई या हाई कोर्ट के सिटिंग जज की अध्यक्षता में जांच समिति बनाई जानी अत्यंत आवश्यक है ताकि जनता द्वारा दिए गए कोविड फंड घोटाले में सचाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि ऐसे समय मे इस घोटाले ने हिमाचल की छवि को पूरी तरह से खराब किया है और जहां लोग इतनी महामारी में भी आर्थिक तंगी के कारण मुख्यमंत्री राहत कोष या कोविड फंड में भरपूर योगदान दे रहे है, खुद की परवाह किए बिना क्षेत्र की जनता एव कोरोना पीडितों को मदद पहुँचे इस मंशा से सरकार की खुलकर मदद कर रहे थे वहीं प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग जोकि वर्तमान में मुख्यमंत्री के अधीन है उसी विभाग के निदेशक डॉ० अजय गुप्ता इसी फंड की हेराफेरी करते हुए पाए गए और विजिलेंस द्धारा गिरफ्तार भी किए जा चुके हैं। ऐसी कोरोना महामारी में भ्र्ष्टाचार कर रहे बड़े नेताओं को बिल्कुल भी शर्म नहीं है कि जनता पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। हाल ही में बिलासपुर में भी सस्ती पीपीई किट एव कोविड रेपिड टेस्ट किटों की गुणवत्ता पर कई सवाल उठये जा चुके हैं तथा अब तो इस घोटाले के तार किसी बड़े भाजपा नेता के साथ जुड़ते नज़र आ रहे है। प्रदेश सरकार सार्वजनिक करें कि आखिर इस वायरल ऑडियो में कौन से बड़े नेता का व्यक्ति सौदेबाजी कर रहा था और पांच लाख की घूस का सच क्या है। बड़े नेता में साथ अटैच तीन कर्मचारियों को क्यों ड्राप कर दिया गया है। चंदेल ने कहा कि मुख्यमंत्री जवाब दे कि हाल ही में सरकार के दो बड़े नेताओं के डीओ नोट में इसी स्वास्थ्य निदेशक की नॉकरी की एक्सटेंशन के लिए सिफारिश की जा चुकी है । पीयूष चन्देल ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार की नाकामी सबके सामने आ चुकी है, मुख्यमंत्री की अधिकारियों पर कोई पकड़ नहीं रही है । जब ऐसे संकट काल मे स्वास्थ्य विभाग ही सुरक्षित नहीं है तो जो ख़रीदारी इस विभाग के आला अधिकारियों ने कोविड 19 के लिए पूर्व में की है वह भी जांच के घेरे में है। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा दान किए गए कोविड फंड में खुलेआम हेराफेरी हो रही है क्यूँकि यह मामला मुख्यमंत्री के विभाग का है इसलिए करणी सेना हिमाचल प्रदेश इस मामले की जाँच CBI या हाई कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में होने की माँग करती है।
शिमला जिला के किसानों एवं बागवानों के एक प्रतिनिधिमण्डल ने शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से भेंट कर फलों व सब्जियों के सुचारू विपणन के प्रबन्ध करने का आग्रह किया। प्रतिनिधिमण्डल ने कहा कि प्रदेश में अगले माह से उत्पादित होने वाले फलों व सब्जियों का उत्पादन आरम्भ हो जाएगा, जिसे देखते हुए सेब व अन्य उत्पादों की पैकिंग सामग्री और इन उत्पादों को विभिन्न मण्डियों तक भेजने के लिए सुचारू यातायात व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण बाहरी राज्यों से आने वाले फल एवं सब्जी क्रेताओं के यहां प्रवेश व उनके स्वास्थ्य जांच की भी उचित व्यवस्था करने की आवश्यकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि विषम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पैकिंग सामग्री और ढुलाई भाड़े के नियंत्रण की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से यह भी आग्रह किया कि संकट के समय में मजदूरों को नेपाल व भारत के अन्य राज्यों से हिमाचल प्रदेश लाने के लिए समय रहते उचित प्रबन्ध किए जाएं। उन्होंने फलों व सब्जियों के भंडारण के लिए कोल्ड स्टोर की उचित व्यवस्था करने का भी आग्रह किया। प्रतिनिधिमण्डल ने सब्जी एवं स्टोन फ्रूट के लिए समय पर पैकिंग सामग्री उपलब्ध करवाने, फलों एवं सब्जियों को मंडियों तक पहुंचाने के लिए यातायात सुचारू व्यवस्था और एपीएमसी सहित अन्य एजेंसियों के माध्यम से उत्पादों का सुनियोजित विपणन करने के लिए मुख्यमंत्री व प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार सदैव किसानों व बागवानों के हितों की रक्षा के लिए समर्पित है और अगले महीने से उत्पादित होने वाले फलों व सब्जियों के विपणन और पैकिंग के लिए समुचित प्रबंध किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित बनाएगी कि किसानों-बागवानों को किसी प्रकार की असुविधा और नुकसान न हो। वरिष्ठ भाजपा नेता संदीपनी भारद्वाज, जिला भाजपा अध्यक्ष रवि मेहता, एपीएमसी किन्नौर और शिमला के अध्यक्ष नरेश शर्मा सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी और किसानों एवं बागवानों के प्रतिनिधि इस अवसर पर उपस्थित थे।
पूर्व मंत्री व विधायक श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र राम लाल ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर बेरोजगारी के मुद्दे पर निशाना साधा उन्होंने कहा कि धर्मशाला में प्रदेश सरकार द्वारा की गई इन्वेस्टर मीट के कोई परिणाम सामने नहीं आए है। उन्होंने कहा न ही कोई इन्वेस्टमेंट हुई और न ही किसी युवा को रोजगार मिला। यह इन्वेस्टर मीट महज के राजनैतिक सोशे से ज्यादा कुछ भी नही था। इसके विपरीत प्रदेश सरकार आर्थिक मोर्चे पर विफल हो चुकी है। प्रदेश सरकार को कोविड 19 की वजह से बेरोजगार हुए लोंगो का डाटा प्रदेश के सामने रखना चाहिए और प्रदेश सरकार को यह भी बताना चाहिए कि कितनी औद्योगिक इकाइयां इस दौरान बंद हो चुकी है। कोविड19 वजह से अपना रोजगार खो चुके युवाओं और बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों के बारे में एक व्यापक नीति प्रदेश सरकार को बनानी चाहिए ताकि इस मंदी के दौर में कुछ फायदा लोगों को मिल सके। राम लाल ठाकुर ने कहा देश की आर्थिक स्थिति बड़ी विकराल रूप ले रही है जिसका सीधा प्रभाव हिमाचल प्रदेश की जनता पर भी पड़ रहा है। जो देश की आर्थिक व्यवस्था पर आंकड़े नजर आ रहे है महामंदी की और इशारा कर रहे है। उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने 2020 में भारत की वृद्धि दर सिर्फ 1.9 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। उसने कहा है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था 1930 के दशक की महा मंदी के बाद सबसे खराब दौर से गुजर रही है। कोरोना की महामारी ने दुनिया भर की आर्थिक गतिविधियां रोक दी है. अगर आईएमएफ का अनुमान सही साबित होता है तो 1991 के उदारीकरण के बाद यह भारतीय अर्थव्यवस्था का सबसे खराब प्रदर्शन होगा और दूसरी तरफ सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में गिरावट के बाद अब बढ़ती महंगाई दर भी सरकार के लिए मुश्किल बन गई है और दूसरी तरफ राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक़ उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा महंगाई दर में बढ़ोतरी हुई है। ठाकुर ने कहा कि दिसंबर में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 7.35 फ़ीसदी हो गई है जो नवंबर में 5.54 फ़ीसदी थी। इसके बाद जनवरी से लेकर मई 2020 खाद्य महंगाई दर में भी बेतहाशा वृद्धि दर्ज की गई है और ऊपर से कोविड 19 की मार तो ऐसी दशा में प्रदेश पर बेरोजगारी का बढ़ना और उधोगों का बंद होना चिंता का विषय है जिसके बारे में सोचना होगा।
आम आदमी पार्टी के जिला संयोजक पूर्णेद्र मोहन कश्यप ने कहा है कि प्रदेश की जयराम ठाकुर सरकार और केंद्र की नरेंद्र मोदी भाजपा सरकारों को जनता को बताना चाहिए कि वे अपने चुनावी वादों, जिनके आधार पर उन्होने जनता की वोटें लेकर सत्ता प्राप्त की है, के अनुसार अब पेट्रोल व डीजल के रेट क्यूँ कम नहीं कर पाए हैं और वे कौन से कारण हैं जिनकी वजह से विदेशों से काला धन वापिस भारत में लाकर प्रत्येक के खाते में मुफ्त में 15-15 लाख डालने में असफल रही हैं? पूर्णेद्र मोहन कश्यप ने कहा कि वास्तव में भाजपा के खाने के दाँत और तथा दिखाने के और हैं, अन्यथा कोई कारण नहीं था कि देश की 130 करोड़ जनता से वादे करके मुकर जाते। पूर्णेद्र मोहन कश्यप ने कहा कि देश के करोड़ों पढे–लिखे बेरोजगार युवक–युवतियों को प्रति वर्ष 2 करोड़ नौकरियाँ के सब्जबाग दिखाए गए, किन्तु सत्ता के सिंहासन पर बैठ कर पहले नोट बंदी और फिर जी एस टी लगा कर लोगों का सारा कारोबार ठप्प कर दिया, जिस कारण रोजगार देना तो दूर, जिन्हें रोजगार मिला भी था वह भी खत्म हो गया। उन्होने कहा कि 2003 में जब प्रदेश में भाजपा सरकार थी, तो प्रदेश में नौकरियाँ ठेके पर देनी आरंभ कर दी और पेंशन की सुविधा छीन ली गई जबकि खाली पड़े पदों को भरने की बजाए खत्म करने कि प्रक्रिया अपनाई जाने लगी है। आज युवा वर्ग जगह-जगह रोजगार की तलाश में सड़कों की खाक छान रहा है। उन्होने कहा कि किसानों को खेती करना कठिन कर दिया गया है, क्यूँ कि बीजों, कीट नाशक दवाइयों और खाद के दाम अत्याधिक बढ़ा दिये गए है, जबकि जिन किसानों ने अपनी फसलों को जंगली जानवरों, सुअरों और बंदरों से बचाने के लिए बंदूकें रखी थी उनके लाईसेंस पंजीकरण और रिन्यूयल की फीस उनकी पहुँच से बाहर कर दी गई है, जिस कारण वे अपनी फसलों की रक्षा तक करने से वंचित कर दिये गए हैं। उन्होने सरकार से मांग की कि इन सभी मामलो में गंभीरता से विचार करके उपयुक्त सुधार लाया जाए।
कांग्रेस पार्टी के प्रमुख नेता एवं पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश में पिछले अढ़ाई वर्षों से नियम-कानून और संविधान की नहीं बल्कि कथित तानाशाही और भ्रष्टाचार की सरकार चल रही है और सरकार अधिकारियों की कठपुतली बन कर उनके इशारों पर नाच रही है, जबकि प्रदेश की जनता विभिन्न प्रकार की कठिनाइयों व समस्याओं को झेलने को विवश है। उन्होने कहा कि शिमला स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में मुख्यमंत्री की नाक के नीचे सेनेटाईजर घोटाला और पिछले दिन स्वास्थ्य विभाग के निदेशक पर दवाइयों की खरीद करने के नाम पर भारी राशि की डील करने के आरोप में पाँच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजे जाना सरकार की कार्यप्रणाली सबके सामने उजागर हुई है। उन्होने कहा कि पिछले अढ़ाई वर्षों में प्रदेश पर करोड़ों रुपयों के कर्ज का बोझ लादने का काम किया गया लेकिन फिर भी विकास कार्य ठप्प पड़े हुए हैं। उन्होने कहा कि ऐसा कोई महीना नहीं गया होगा जब सरकार को चलाने और अपने शाही खर्चों तथा हेलिकॉप्टर को उड़ाने के लिए कर्ज न लिया हो। उन्होने कहा कि हालत यह हो गए हैं कि कर्मचारियों और पेंशनरों को वेतन व पेंशन देने के लिए भी सरकार हर माह या तो केंद्र की ओर देखती है या फिर कर्ज लेकर इन सस्थाओं को चला पा रही है। उन्होने कहा कि अब कोरोना के नाम पर आम जनता से धन एकत्रित करने और उन्हें कोई भी सुविधा उपलब्ध करवाए बिना उनकी जेबों को खाली करने पर ध्यान दिया जा रहा है। बंबर ठाकुर ने आरोप लगाया कि जो सरकार प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त करने के बड़े- बड़े दावे करके सत्ता में आई है, वह अब गले- गले तक भ्रष्टाचार में लिप्त होती पाई जा रही है। पहले मुख्यमंत्री की नाक के नीचे सेनेटाईजर घोटाला होने का मामला उजागर हुआ और अब आम जनता एवं निर्धनों को दी जाने वाली दवाइयों पर खर्च होने वाले धन की लूट का प्रमाण स्वास्थ्य विभाग के शिमला स्थित निदेशक के पकड़े जाने और उन्हें पाँच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजे जाने से सच्चाई सबके सामने खुल कर आई है। बंबर ठाकुर ने कहा कि कोरोना से निपटने के लिए कोई भी ठोस कदम उठाने में सरकार पूरी तरह से असफल सिद्ध हुई है। अस्पतालों में डाक्टरों को कोरोना सेफ़्टी किटें उपलब्ध न करवाए जाने के कारण साधारण रोगियों की चेकअप तक नहीं कर पा रहे हैं और अधिकांश रोगी बिना इलाज के भगवान को प्यारे हो रहे हैं। बंबर ठाकुर ने कहा कि केंद्र में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व में केंद्र में स्वास्थ्य मंत्री रहे जगत प्रकाश नड्डा जिले के विकास के लिए एक भी योजना नहीं ला पाए हैं और जो योजनाएँ पूर्व सरकारों द्वारा लाई गई थी उन पर भी कार्य आरंभ करवाने में भाजपा पूरी तरह से असफल रही है। उन्होने कहा कि बैरी दड़ोला – लुहनू पुल, कलोल की आई टी आई और बंदला का हाईड्रो इंजीनियरिंग कालेज आज तक बिलासपुर में शुरू नहीं करवा पाये हैं जबकि एम्स में ओ पी डी चालू करने की बड़ी बड़ी डींगें हाँकी गई, जो आज तक शुरू नहीं की गई । रोगियों को सरकारी अस्पतालों में उपयुक्त इलाज सुविधा न मिल पाने के कारण प्राईवेट अस्पतालों में लाखों रुपए खर्च करके इलाज करवाने को विवश होना पड़ रहा है। उन्होने आरोप लगाया कि जिन कुछ लोगों की दुकानदारी भाजपा के सहारे चल रही है या फिर कथित करोड़ों रुपयों के ठेके लेकर मालोमाल हो रहे हैं, वे उन पर आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबान में झाँके और बेतुके आरोप लगाना बंद करे अन्यथा उन्हें इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।
सदर विधानसभा क्षेत्र के युवा नेता एवम प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर ने बिलासपुर जिला के स्वारघाट क्वारन्टीन सेंटर में हुई हँसराज की मौत के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट और रेफरल पर्ची में दी गइ जानकारी के आधार पर प्रदेश सरकार ओर स्वास्थ्य विभाग से मीडिया के माध्यम से कुछ सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि बिलासपुर अस्पताल की आपात ओपीडी में एक घंटे तक हंसराज को रखा गया तो उसके सिर पर लगी चोट जिसे मौत का कारण माना जा रहा है उसके उपचार के लिए क्या प्रयास हुए। ठाकुर ने कहा यदि वह नाजुक हालत में था क्योंकि पेशाब की नाली उसे लगाई गई थी तो फिर उसके साथ एंबुलेस में कोई नर्स अथवा डाक्टर क्यों नहीं भेजा गया। आशीष ने कहा कि बिलासपुर से शिमला पहुंचने में एंबुलेंस को सवा पांच घंटे कैसे लगे। क्या पौने नौ बजे का समय जो रेफरल पर्ची में दिया गया वह सही है। आशीष ठाकुर ने बताया कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने 5 दिन में मैजेस्ट्रीयल जांच पूरी करने के आदेश जारी किए थे पर 11 दिन बीत जाने तक भी कोई जांच रिपोर्ट सांझा नही की गई है। युवा नेता ने प्रदेश सरकार और जांच अधिकारी से मांग की है कि उक्त मामले की निष्पक्ष जांच हो ओर दोषियों को सख्त सजा मिले अन्यथा लॉक डाउन खत्म होने के बाद क्षेत्र के लोगो के साथ मिलकर मजबूरन आंदोलन किया जाएगा और इसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और प्रशासन की होगी।
22 मई 2020 को अंबुजा सीमेंट वर्कर्स यूनियन दाड़लाघाट(सम्बंधित सीटू) ने प्रदेश व केन्द्र सरकारों द्वारा श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी परिवर्तनों के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन में उचित सामाजिक दूरी का पालन करतें हूऐ भाग लिया। देश का मजदूर वर्ग कोरोना महामारी के कारण भारी मुसीबत में है। इसी दौरान 14 करोड़ लोगों की नौकरी चली गई है। कारखानों में मजदूरों की छंटनी हो रही है। मजदूरों को पूंजीपतियों द्वारा मार्च और अप्रैल का वेतन तक नहीं दिया गया है। लाखों मजदूर मजबूरी में बच्चों को कंधों पर उठाकर तपती धूप में, नंगे पांव, भूखे प्यासे अपने घर जाने के लिए पैदल चलने पर मजबूर कर दिए गए हैं। स्थिति इतनी भयंकर है कि कई गर्भवती महिलायें प्रसव पीड़ा से कराहते हुए सड़कों पर ही बच्चों को जन्म दे रही हैं। प्रवासी मजदूर भूख से तड़प रहे हैं और सरकारें कुम्भकर्ण की नींद सोई हुई हैं। वे पूंजीपतियों के साथ मिलकर श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी बदलाव को अमलीजामा पहना रही हैं। लाचार मजदूरों पर सरकार द्वारा पूंजीपतियों के साथ मिलकर यह हमला किया जा रहा है। इन हमलों में श्रम कानूनों में 8 घंटे के बजाय 12 घंटे काम लेना, मनरेगा मजदूरों को काम न देना, जब चाहे छंटनी कर देना व ई.पी.एफ. सुविधा छीनना आदि शामिल है। कोरोना महामारी के कारण प्रदेश की तमाम जनता एक तरफ महामारी के गम्भीर खतरे से त्रस्त है वहीं दूसरी ओर इस महामारी से उत्पन्न आर्थिक व सामाजिक संकट ने जनता का सुख चैन छीन लिया है। लोग आर्थिक व सामाजिक रूप से भारी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। इस से सबसे बुरी तरह से मजदूर वर्ग प्रभावित व पीड़ित हुआ है। इसके फलस्वरूप लागू हुए लॉक डाउन व कर्फ्यू से भारी संख्या में मजदूरों की छंटनी हो गयी है। उद्योगों में कार्यरत मजदूरों के बड़े हिस्से को मार्च-अप्रैल 2020 के वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। असंगठित क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले श्रमिक वर्ग का बहुत बड़ा हिस्सा इस महामारी से आर्थिक तौर पर बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मजदूर वर्ग पर आई इस विपदा के दौर में उसे आर्थिक-सामाजिक मदद की दरकार थी। उसे प्रदेश सरकार की सहानुभूति की ज़रूरत थी ताकि वह इस संकट काल से बाहर निकल कर अपना गुज़र बसर कर पाता। परन्तु अफसोस कि उसे सहानुभूति व आर्थिक मदद के बजाए और विपदाओं में धकेला जा रहा है। हिमाचल प्रदेश व केंद्र सरकार द्वारा श्रम कानूनों में संशोधन व परिवर्तन की प्रक्रिया इसी कड़ी का एक हिस्सा है। प्रदेश सरकार ने देश की मान्यता प्राप्त ट्रेड यूनियनों से इन श्रम कानूनों के संशोधन के संदर्भ में बात तक करना जरूरी नहीं समझा। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि यह सब कुछ पूंजीपतियों,कारखानेदारों व उद्योगपतियों के मुनाफों को बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। पूंजीपतियों के मुनाफे को बढ़ाने के लिए मजदूरों द्वारा पिछले सौ वर्षों में हासिल किए गए अधिकारों को छीना जा रहा है। कामकाजी जनता के बहुतायत को देश में पिछले 59 दिनों की तालाबंदी की प्रक्रिया में नौकरियों की बंदी, वेतन की हानि, निवास से बेदखली आदि अमानवीय कष्टों में झोंक दिया गया है। इन लोगों को मुनाफे के भूखे नियोक्ता वर्ग द्वारा भूखी अस्तित्व विहीन वस्तुओं में घटाकर रख दिया गया है। इस पर वर्तमान सरकार ने, इन कामकाजी लोगों को वास्तव में गुलामी के स्तर पर लाने के लिए, इन पर अपने फनों और पंजों के साथ हमला कर दिया है। केंद्र सरकार ने इस क्रूर कवायद को शुरू करने के लिए अपनी आज्ञाकारी राज्य सरकारों को खुला छोड़ देने की रणनीति बनाई है। भाजपा नेतृत्व की गुजरात सरकार ने अगुआई करते हुए एकतरफा रूप से फैक्टरी एक्ट के अनुसार वैध मुआवजे के बगैर दैनिक कामकाज का समय 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दिया। हरियाणा और मध्य प्रदेश की सरकारों ने भी इसी ओर कदम बढ़ाए हैं। इसके बाद पंजाब और राजस्थान में राज्य सरकारों की ओर से भी इसी तरह दैनिक कामकाज का समय 12 घंटे तक बढ़ाने की अधिसूचना जारी करने की सूचना मिली है, जो जाहिर है कि कॉर्पोरेट वर्ग के निर्देशों पर है। अब महाराष्ट्र व त्रिपुरा की सरकारें भी कथित तौर पर उसी दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इस दिशा में सबसे नए हैं उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के अधिक आक्रामक कदम, जो अपने कॉर्पोरेट आकाओं के हुक्म पर लगभग सभी श्रम कानूनों के दायरे से कॉर्पोरेट नियोक्ताओं को दायित्वों से मुक्त करने के लिए लाए गए हैं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने 1000 दिन, यानी तीन साल के लिए फैक्ट्री अधिनियम, मध्य प्रदेश औद्योगिक संबंध अधिनियम, औद्योगिक विवाद अधिनियम, ठेका श्रम अधिनियम आदि जैसे विभिन्न श्रम कानूनों के तहत नियोक्ताओं को उनके मूल दायित्वों से मुक्त करने के लिए प्रशासनिक आदेश/अध्यादेश के जरिये परिवर्तन के निर्णय की घोषणा की है। इसके चलते नियोक्ताओं को "अपनी सुविधानुसार" श्रमिकों को काम पर रखने या निकाल बाहर करने(लगाओ व भगाओ-हायर एंड फायर) के लिए सशक्त बनाया गया है; और उक्त अवधि के दौरान प्रतिष्ठानों में श्रम विभाग का हस्तक्षेप नहीं होगा। इतना ही नहीं, नियोक्ताओं को मध्य प्रदेश श्रम कल्याण बोर्ड को प्रति श्रमिक 80 / - रुपये के भुगतान से भी छूट दी गई है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश सरकार ने 6 मई 2020 को आयोजित अपनी मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के सभी प्रतिष्ठानों को तीन साल की अवधि के लिए सभी श्रम कानूनों से छूट देने का फैसला किया है, जिसे अध्यादेश के माध्यम से अधिसूचित किया जाएगा। यह भी जानकारी है कि त्रिपुरा में भाजपा सरकार ने दैनिक कामकाज के समय को 12 घंटे तक बढ़ाने का प्रस्ताव किया है और साथ ही 300 कर्मचारियों तक को रोजगार देने वाले सभी प्रतिष्ठानों में नियोक्ताओं की सुविधा के अनुसार श्रमिकों को काम पर रखने और निकालने (लगाओ व भगाओ-हायर एंड फायर) की अनुमति दी है। यह आशंका है,कि अधिकांश अन्य राज्य सरकारें, विशेष रूप से वे जो भाजपा और उसके सहयोगियों द्वारा शासित हैं, विकास के नाम पर दूसरों के साथ प्रतिस्पर्धा करने और अपनी अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार की संदिग्ध दलील पर राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए इसी रास्ते का अनुसरण करेंगे। वास्तव में, कामकाजी जनता पर यह अमानवीय अपराध किया जा रहा है। पूंजीपतियों द्वारा मजदूरों के शोषण को तेज करने की इस कड़ी में अब हिमाचल प्रदेश भी जुड़ गया है जहाँ की सरकार ने 21 अप्रैल 2020 की अधिसूचना के ज़रिए कारखाना अधिनियम के तहत काम के घण्टों को आठ से बारह करने पर मुहर लगा दी है। इस सरकार ने 13 मई 2020 की कैबिनेट बैठक में कारखाना, ठेका मजदूरी व औद्योगिक विवाद अधिनियम में मजदूर विरोधी संशोधन किए 1. हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, पंजाब व त्रिपुरा जैसे राज्यों में श्रम कानूनों में किए गए अथवा प्रस्तावित मजदूर विरोधी संशोधनों को तुरन्त वापिस लिया जाए। 2. फैक्टरी एक्ट, कॉन्ट्रैक्ट लेबर एक्ट, इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स एक्ट में बदलाव व 8 घण्टे की डयूटी को 12 घण्टे करने का निर्णय मजदूरों के अधिकारों पर कठोर प्रहार है। प्रदेश सरकार ने 21 अप्रैल 2020 को अधिसूचना जारी करके कारखाना अधिनियम(फैक्ट्रीज एक्ट)1948 की धारा 51, धारा 54, धारा 55 व धारा 56 में बदलाव करके साप्ताहिक व दैनिक काम के घण्टों, विश्राम की अवधि व स्प्रैड आवर्ज़ में बदलाव कर दिया है। काम के घण्टों की अवधि को आठ से बढ़ाकर बारह घण्टे कर दिया है। इस से न केवल मजदूरों की छंटनी होगी अपितु कार्यरत मजदूरों की बंधुआ मजदूरों जैसी स्थिति हो जाएगी इसलिए इस निर्णय को वापिस लिया जाए। 3. सरकार ने 13 मई 2020 को हुई कैबिनेट की बैठक में संविदा श्रमिक अधिनियम(कॉन्ट्रैक्ट लेबर एक्ट) 1970 की धारा 1(4)में संशोधन कर दिया है। इस तरह कॉन्ट्रैक्ट लेबर एक्ट में श्रम क़ानूनों को लागू करने के लिए किसी भी स्थापना में बीस ठेका मजदूरों की शर्त को बढ़ाकर तीस कर दिया है। इस तरह ठेका कर्मियों की भारी संख्या को श्रम कानून के दायरे से बाहर कर दिया है। 4. इसी केबिनेट बैठक में कारखाना अधिनियम(फैक्ट्रीज़ एक्ट) 1948 की धारा 2(m)(i), 2(m)(ii), 65(3)(iv) व 85(1)(i) में मजदूर विरोधी परिवर्तन किये गए हैं तथा कारखाना की परिभाषा को पूरी तरह बदल कर रख दिया गया है। इसके अनुसार ऊर्जा संचालित कारखाना की सीमा को दस से बढ़ाकर बीस मजदूर व बगैर ऊर्जा के संचालित कारखाना की सीमा को बीस से बढ़ाकर चालीस मजदूर करके मज़दूरों की भारी संख्या को कारखाना अधिनियम के दायरे से बाहर कर दिया गया है। इसी अधिनियम की धारा 65(3) में संशोधन करके ओवरटाइम कार्य के घण्टों को 75 से बढ़ाकर 115 कर दिया गया है। इस अधिनियम में धारा 106(b) जोड़ कर उद्योगपतियों को कानून की अवहेलना पर दी जाने वाली सज़ा व कठोर कार्रवाई में बिना शर्त छूट दी गयी है। ये निर्णय मजदूर विरोधी हैं। कारखाना अधिनियम में बदलाव व श्रम कानूनों के निलंबन से मजदूर एम्प्लॉईज़ कंपनसेशन एक्ट 1923, वेतन भुगतान अधिनियम 1936, इंडस्ट्रियल एम्प्लॉयमेंट(स्टैंडिंग ऑर्डरज़) एक्ट 1946,फैक्ट्रीज एक्ट 1948, न्यूनतम वेतन कानून 1948, ईएसआई एक्ट 1948,ईपीएफ एक्ट 1952, मेटरनिटी बेनेफिट एक्ट 1961, बोनस एक्ट 1965, इकुअल रयुमनरेशन एक्ट 1976, इंटर स्टेट माइग्रेंट वर्कमैन एक्ट 1979 आदि चौदह तरह के श्रम कानूनों के दायरे से मजदूर बाहर हो जाएंगे। 5. प्रदेश सरकार ने कैबिनेट बैठक में औद्योगिक विवाद अधिनियम(इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स एक्ट) 1947 की धारा 22(1),25(F)(b) व 25(K) में बदलाव के लिए उचित कदम उठाने की सिफारिश की बात की है। यह पूर्णतः मजदूर विरोधी है। सरकार के इन कदमों ने मजदूरों पर कई प्रकार के हमलों का दरवाजा खोल दिया है। धारा 22(1) में बदलाव से मजदूरों के हड़ताल करने के अधिकार पर कटौती होगी। धारा 25(F)(b) में बदलाव से छंटनी व छंटनी भत्ता की पक्रिया पूरी तरह उद्योगपतियों के पक्ष में हो जाएगी। धारा 25(K) में बदलाव से छंटनी,ले ऑफ व तालाबंदी के विशेष प्रावधानों के लिए मजदूरों की संख्या को एक सौ से बढ़ाकर तीन सौ करने की सिफारिश की गई है जिस से प्रदेश के दो-तिहाई उद्योगों के हज़ारों मजदूरों को भारी नुकसान होगा। 6. केंद्र सरकार ने ईपीएफ हिस्सेदारी को 12 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने की घोषणा की है। यह कदम मजदूर विरोधी है व लंबे समय के लिए उद्योगतियों को फायदा पहुंचाने वाला है। आशा है कि प्रदेश व केन्द्र सरकार सभी मजदूर विरोधी संशोधनों को अविलम्ब रद्द करेंगे। सीटू मजदूर ने इस संदर्भ में उचित सकारात्मक पहलकदमी की उम्मीद की हैं
कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने देशव्यापी लॉक डाउन के चलते प्रदेश के प्रमुख व्यवसाय होटल उद्योग पर पड़े विपरीत प्रभाव पर चिन्ता जताते हुए इसके उत्थान के लिए कोई प्रभावी कदम उठाने की सरकार से मांग की है। उन्होंने कहा है कि पिछले तीन महीनों से यह उद्योग पूरी तरह बंद है और इस पूरे साल इसके चलने की कोई उम्मीद उन्हें नही लगती। होटल एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल का प्रतिनिधित्व करते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से भेंट कर विक्रमादित्य सिंह ने उनसे इनके सुझावों पर सहानभूति पूर्वक विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि देश प्रदेश में तालाबंदी के चलते यह होटलियर अपने बिजली, पानी, टैक्स के अतिरिक्त अपने कर्मचारियों को वेतन देने में भी असमर्थ है। उन्होंने कहा कि इन व्यवसाइयों को तुंरत गोआ, केरल व राजस्थान की तरह राहत दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें कोई राहत तुरन्त नही दी जातो तो उन्हें मजबूरन अपने होटलों में भी तालाबंदी करनी पड़ सकती है। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों में तालाबंदी के दौरान के बैंक ऋणों में ब्याज दर को माफ़ करना, इस अवधि के बिजली, पानी व अन्य सभी करो, टेक्स को निरस्त करना, सभी कर्मचारियों को सरकारी कोष से इस अवधि का वेतन देने, आगमी 2 सालो तक जीएसटी में छूट देना आदि है। ज्ञापन में इन लोगों ने सरकार से प्रदेश में ऐसी टूरिज़म पालिसी बनाने की मांग की जिसमें इसे व्यापक स्तर पर बढावा मिल सके। इसके तहत इसको विशेष बजट, सुरक्षित यात्रा के साथ साथ हेलिपैड के निर्माण करने को कहा गया, जिससे प्रदेश में पर्यटकों की आवाजाही तेज हो सके। विक्रमादित्य सिंह ने इस दौरान उम्मीद जताई कि मंत्रिमंडल की बैठक में इसपर कोई सार्थक निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह प्रदेश में होटल व्यवसाय को पुनर्जीवित करने के लिए हर सम्भव कोशिश करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में विक्रमादित्य सिंह के साथ संजय सूद, अनिल वालिया, प्रिंस कुकरेजा प्रमुख तौर पर थे।
पूरा देश कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न स्थितियों से जूझ रहा है और राज्य और राज्य के बाहर लोगों को सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत लगे लाॅकडाउन के कारण देश के विभिन्न भागों में फंसे लोगों को राज्य सरकार हर संभव सहायता प्रदान करना सुनिश्चित कर रही है। राज्य सरकार ने प्रदेश में अपने घर लौटने के इच्छुक व्यक्तियों की पहचान करने के लिए हेल्पलाइन सेवा की शुरूआत की है। देश के विभिन्न भागों में फंसे हुए हिमाचलियों को वापस लाने के लिए डाटा संकलित कर आवश्यक व्यवस्था शुरू की गई है। प्रदेश सरकार ने अन्य राज्यों में फंसे हिमाचल के लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए नोडल अधिकारियों को भी नियुक्त किया गया है। राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने चलाई विशेष रेलगाड़ियां कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत लोगों को सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से, देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे लोगों को निकालने का काम भी किया गया है। हिमाचल प्रदेश के फंसे हुए लोगों को आवागमन की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार द्वारा विशेष रेलगाड़ियां भी चलाई गईं। लोगों की सामूहिक रूप से प्रदेश वापसी के अलावा, देश के अन्य भागों में फंसे हुए व्यक्तियों को भी सहायता प्रदान की जा रही है। जिला कांगड़ा की पालमपुर उपमण्डल के गांव मलकेहड़ के 25 साल के दीपेन्द्र मिश्रा, जो चंडीगढ़ में प्रशिक्षण ले रहे थे, लाॅकडाउन के कारण वहां फंस गए थे। दीपेन्द्र ने राज्य के फंसे हुए लोगों की सहायता के लिए राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए हेल्पलाइन नंबर पर काॅल किया। उन्हें 26 अप्रैल को अन्य विद्यार्थियों के साथ हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में हिमाचल भवन चंडीगढ़ से सोलन लाया गया और बाद में कांगड़ा भेज दिया गया। हिमाचल वापस पहुंचने पर ली राहत की सांस मुंबई में काम करने वाली किन्नौर जिला की मुस्कान ने कहा कि होटल बंद होने के कारण उनके पास प्रदेश वापस आने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा था। उसने अपने गृह राज्य में पहुंचने पर प्रसन्नता व्यक्त की। शिमला जिले के सुन्नी के अमित कुमार, जो पुणे के एक होटल में काम करते थे, उन्होंने ऊना रेलवे स्टेशन पर पहुंचने पर कहा कि उन्हें लाॅकडाउन के कारण घर पर वापस पहुंचने की कोई उम्मीद नहीं थी, लेकिन प्रदेश सरकार के प्रयासों ने इसे संभव बना दिया। गोवा से ऊना पहुंचे मनाली के राजन लामा ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की और सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। इसी तरह, नगरोटा बगवां की नोमिता चौधरी, जो मोहाली में नर्सिंग संस्थान में काम कर रही थीं और साथ ही साथ कोचिंग भी ले रही थीं, लाॅकडाउन के बाद वापस अपने पैतृक स्थान पर पहुंच गईं। इन सभी लोगों को राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रदेश सरकार के गंभीर प्रयासों से वापस लाया गया है। रेलगाड़ी से पहुंचाए प्रदेश के विभिन्न जिलों के नागरिक पुणे से एक विशेष रेलगाड़ी 19 मई को 617 लोगों को लेकर ऊना पहुंची, जिसमें कांगड़ा के 215 हमीरपुर के 68, मंडी के 63, बिलासपुर के 16, कुल्लू के 37, सोलन के 41, सिरमौर के नौ, चंबा के 28, किन्नौर के दो, शिमला के 63 और ऊना के 70 लोग शामिल थे। इसी तरह मुंबई से एक और विशेष रेलगाड़ी 18 मई को 697 लोगों को लेकर ऊना पहुंची, जिसमें कांगड़ा के 242, हमीरपुर के 169, मंडी के 103, शिमला के 40, चंबा के 26, कुल्लू के 10, किन्नौर के 10, बिलासपुर के 43, ऊना के 38 और सिरमौर और सोलन जिलों के आठ-आठ लोग शामिल थे। गोवा के त्रिविम, मड़गांवो, करामली से एक विशेष रेलगाड़ी के माध्यम से 15 मई को लगभग 1486 लोग ऊना पहुंचे। इनमें जिला चंबा के 128 व्यक्ति, कांगड़ा के 322, मंडी के 415, बिलासपुर के 24, शिमला के 80, किन्नौर का एक, सोलन के 37, सिरमौर के 20, हमीरपुर के 53, कुल्लू के 397, लाहौल-स्पीति के दो और ऊना के सात लोग थे। विद्यार्थियों को वापस लाने के लिए भेजीं एचआरटीसी की बसें नागपुर से पठानकोट तक 78 व्यक्तियों, मुंबई से ऊना तक 736 व्यक्तियों और पुणे से ऊना तक 546 व्यक्तियों को वापस लाने के लिए भी विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई। राज्य के 140 छात्रों को वापस लाने के लिए हिमाचल सड़क परिवहन निगम की नौ बसों को परवाणू से कोटा भेजा गया। चंडीगढ़ (ट्राइसिटी) में फंसे लोगों को सहायता भी दी गई, जिसके लिए बसों को बैचों में भेजा गया। ट्राई-सिटी क्षेत्र में फंसे 3500 से अधिक लोगों को चरणबद्ध तरीके से 144 बसों में वापस राज्य में लाया गया। 3 मई, 2020 को पहले बैच में ट्राई-सिटी क्षेत्र में फंसे 1314 व्यक्तियों को 51 बसों में वापस प्रदेश में लाया गया, जिसमें कांगड़ा जिले के 609 लोग, हमीरपुर जिले के 335 लोग, ऊना जिले के 132 लोग और चंबा जिले के 238 लोग शामिल थे। दूसरे बैच में 49 बसों में वापस लाए हिमाचली 4 मई को 49 बसों में दूसरे बैच को प्रदेश में लाया गया, जिसमें मंडी जिला के 622 लोग, बिलासपुर जिले के 365 लोग, कुल्लू जिले के 191 और लाहौल-स्पीति जिले के 61 लोगों सहित 1239 लोगों को अन्य स्थानों से प्रदेश वापस लाया गया। इसी प्रकार तीसरा बैच 5 मई को राज्य के पांच जिलों के 1006 व्यक्तियों को 44 बसों में ट्राइसिटी से वापस लाया गया, जिसमें शिमला जिले के 585, सोलन जिले के 150, सिरमौर जिले के 170, किन्नौर जिले के 89 और बिलासपुर जिले के 12 लोग शामिल थे। यह देश के विभिन्न राज्यों में फंसे हुए हिमाचल के लोगों को राज्य में सुरक्षित वापस लाने का सबसे बड़ा अभियान था। इन सभी वापस लाए गए लोगों की इन्फ्लुएंजा लक्षणों की जांच की गई और इसके बाद उन्हें होम क्वारन्टीन में रखा गया। आरोग्य सेतु ऐप करवाई जा रही डाउनलोड प्रदेश सरकार ने राज्य में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं और उन्हें ‘‘आरोग्य सेतु ऐप’’ डाउनलोड करने के लिए कहा गया है और साथ ही सामाजिक शिक्षा के महत्व के बारे में सूचना शिक्षा संचार (आईईसी) सामग्री प्रदान की जा रही है। इनके अलावा, हिमाचल प्रदेश के 29 निवासी, जिन्होंने विभिन्न उद्देश्यों के लिए लाॅकडाउन से पहले विभिन्न देशों की यात्रा की थी, उन्हें भी अन्य देशों से देश में वापस लाया गया है, जिनमें से 19 को दिल्ली में, पांच को केरल और पांच को पंजाब में रखा गया है। इसके बाद क्वारन्टीन अवधि पूरी होने पर उन्हें हिमाचल प्रदेश वापस लाया जाएगा।
सदर के विधायक सुभाष ठाकुर ने कहा है कि कोरोना काल में भी कुछ कांग्रेसी मित्र राजनीति कर रहे हैं जो कि उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के चुने हुए विधायकों की भी जिम्मेवारी बनती है कि इस समय राष्ट्र की एकता में अपना योगदान दें तथा जिस तरह से प्रधानमंत्री ने अपनी दूर दृष्टि से इस संकट से निपटने के लिए योजनाएं बनाई हैं उन पर अमल करें। बिलासपुर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के निर्णय भी फलीभूत हुए हैं तथा बहुत हद तक कोरोना पर काबू पाने की कवायद स्पष्ट सामने आ रही है। उन्होंने तमाम कोरोना वारियर्स का आभार प्रकट किया कि संकट की इस घड़ी में वह लोगो की सुरक्षा के लिए खड़े हैं। उन्होंने पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, सफाई कर्मचारी, जिला प्रशासन के साथ-साथ पत्रकारों का भी आभार प्रकट किया। उन्होंने इस अवसर पर बिलासपुर प्रेस के सभी सदस्यों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया। सरकार ने बाहर रह रहे लोगों का रखा ध्यान ठाकुर ने कहा कि हिमाचल सरकार ने राज्य के बाहर विभिन्न प्रदेशों में रह रहे लोगों तथा पढ़ रहे छात्र- छात्राओं का पूरा ध्यान रखा और उन्हें चरणबद्ध तरीके से हिमाचल लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा निर्देशित कार्यक्रम के अनुसार यह सब किया जा रहा है। लोगों में कोरोना से वचाव के प्रति बढ़ी जागरूकता विधायक सुभाष ठाकुर ने कहा कि कोरोना काल के चौथे लॉक डाउन में लोगों में जागरूकता बढ़ी है तथा अब हर कोई अपने आप को कोरोना से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमें कोरोना के साथ जीने का अभ्यास डालना चाहिए। बिलासपुर सदर में सभी विकास कार्य आरम्भ ठाकुर ने बताया कि बिलासपुर सदर में सारे विकास कार्य आरंभ हो चुके हैं। इस समय एम्स का निर्माण कार्य और हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज के भवन निर्माण का कार्य आरंभ हो चुका है तथा वही एसीसी और बागा सीमेंट कारखाने भी उत्पादन करने लगे हैं। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग ने सड़कों का कार्य और आईपीएच विभाग ने पेयजल योजनाओं का कार्य आरंभ कर दिया है वहीं मनरेगा के कार्य भी हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि सदर की विभिन्न सड़कों पर लगभग 50 करोड़ रुपये व्यय किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कोलडैम योजना से एक लाख लोगों को पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। वहीं 2.25 करोड रुपए की लागत से 25 नए टैंक भी बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बरमाणा, बैरी रजादयँ, देवली पंजगाईं , धार टटोह व हरनोड़ा के लिए 24 करोड रुपए की एक पेयजल योजना की टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस अवसर पर जिला भाजपा के अध्यक्ष स्वतंत्र सांख्यान तथा महामंत्री आशीष ढिलों व युवा मोर्चा के विनोद ठाकुर भी उपस्थित रहे।
प्रधान भवन एवं सड़क निर्माण यूनियन सोलन इकाई संबंधित सीटू की बैठक जोगिंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन किया गया। बैठक में सरकार द्वारा श्रम कानूनों में लाए गए बदलावों के बारे में चर्चा की गई। उन्होंने श्रम कानूनों को सस्पेंड करने की नीति व श्रम कानूनों में बदलाव का विरोध जताया। उन्होंने कुल 15 बिंदुओं पर चर्चा की और अपनी मांगे सामने रखी। उनकी मांगे कुछ इस प्रकर से है : 1. 8 घण्टे की डयूटी को बढ़ाकर 12 घण्टे करने का निर्णय वापिस लो 2. श्रम कानूनों को सस्पेंड करने की नीति नहीं चलेगी, श्रम कानूनों में बदलाव नहीं चलेगा 3. मजदूरों की छंटनी नहीं चलेगी, मजदूरों को समय पर वेतन दो व वेतन कटौती नहीं चलेगी 4. दिल्ली सरकार की तर्ज पर मजदूरों को 15006 रुपये न्यूनतम वेतन दो 5. मनरेगा में प्रत्येक मजदूर को 120 दिन का कार्य दो व उन्हें न्यूनतम वेतन दो 6. आयकर सीमा से बाहर सभी मजदूरों को मुफ्त राशन व 7500 रुपये की मासिक मदद दो 7. निर्माण मजदूरों को 2000 रु की घोषित मासिक मदद तुरन्त दो 8. 2000 रु की मदद गैर पंजीकृत निर्माण मजदूरों को भी दो 9. फैक्ट्रीज़, कॉन्ट्रैक्ट लेबर व इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स एक्ट में बदलाव नहीं चलेगा 10. मजदूरों को मार्च-अप्रैल का वेतन दो 11.फूल देना व हेलीकॉप्टरों से फूल बरसाना बंद करो 12. कोरोना वॉरियरज़ को शारीरिक व सामाजिक सुरक्षा दो कोरोना कार्य में लगे सभी कर्मियों को बीमा सुविधा दो 13. कोरोना फ्रंटलाइन वर्करज को 50 लाख रुपये का बीमा कवर दो 14. जन स्वास्थ्य के लिए व्यापक पैकेज की घोषणा करो 15. श्रम कानूनों को सस्पेंड करने की नीति नहीं चलेगी, श्रम कानूनों में बदलाव नहीं चलेगा।
हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र परवाणू में कांग्रेस कमेटी द्वारा सीमाओं पर तैनात करोना योद्धाओं को फूल मालाएं पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने विशेष कर के पुलिस कर्मचारियों को, जोकि दिन रात अपनी जान को जोखिम में डालकर सेवाएं देते हैं, यह लोग 12 -12 घंटे ड्यूटी पर तैनात रहते हैं, को सम्मानी किया गया। ज्ञात रहे कि पूरे विश्व में कारोना का कहर अपनी जड़े फैलाए बैठा है, इससे निबटने के लिए सभी प्रदेश वासी अपना अपना योगदान दे रहे हैं। शनिवार को नगर परिषद के प्रांगण से कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रमेश चौहान, नगर परिषद के अध्यक्ष ठाकुर दास शर्मा, नगर परिषद के मनोनीत पूरब पार्षद संदीप चौहान, हरीश शर्मा, श्री शिर्डी साईं संगठन प्रदेश अध्यक्ष सतीश बेरी, नगर पार्षद संजय यादव, कांग्रेस की कंचन मेहरा इन सभी लोगों ने करोना योद्धाओं को सम्मानित किया। रमेश चौहान ने नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों को होम्योपैथिक की दवाई जिसका नाम और सैनिक एलाऊ 30 आयुष कंपनी द्वारा मान्यता प्राप्त होम्योपैथिक दवाई वितरित की गई। इस दवाई के सेवन से इन लोगों को काम करने की क्षमता बढ़ती नजर आएगी। यह लोग दिन रात अपनी सेवाएं प्रदेश को देते हैं।
उपायुक्त कांगड़ा राकेश प्रजापति ने कहा कि बाहरी राज्यों से ट्रेन में आने वाले नागरिकों के मेडिकल चेकअप तथा संस्थागत क्वारंटाइन केंद्रों में ठहराने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। उपायुक्त कांगड़ा राकेश प्रजापति ने शुक्रवार को चक्की बैंक पठानकोट केंट रेलवे स्टेशन से नागरिकों को संस्थागत क्वारंटाइन सेंटर तक पहुंचाने के व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए गए तथा पठानकोट के डीएसपी, एसडीएम तथा रेलवे के अधिकारियों के साथ मीटिंग भी की गई। इस दौरान पुलिस अधीक्षक विमुक्त रंजन, एडीएम मस्त राम, डीएसपी डा साहिल अरोड़ा तथा एसडीएम सुरेंद्र ठाकुर सहित विभिन्न अधिकारी उपस्थित थे। उपायुक्त राकेश प्रजापति ने कहा कि पठानकोट कैंट रेलवे स्टेशन से एचआरटीसी की बसों के माध्यम से नागरिकों को संस्थागत क्वारंटाइन सेंटर में पहुंचाया जाएगा, क्वारंटाइन सेंटर में सभी नागरिकों के सेंपल भी लिए जाएंगे व सभी क्वारंटाइन सेंटर्स को नियमित तौर पर सेनेटाईज भी किया जा रहा है। उपायुक्त ने कहा कि हिमाचल पर्यटन निगम के होटलों में भी पेड क्वारंटाइन की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि बाहर से आए नागरिक के पास अलग मकान, शौचालय इत्यादि की व्यवस्था हो तो उसे भी वहां पर प्रोटोकॉल की अनुपालना करते हुए स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में क्वारंटाइन करने का प्रावधान भी किया गया। बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं बुर्जुगों को स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में होम क्वारंटाइन में रखने की व्यवस्था भी की गई। उपायुक्त ने कहा कि बाहर से आने वाले सभी नागरिकों को सामाजिक दूरी की अनुपालना के साथ ही क्वारंटाइन केंद्रों तक पहुंचाने के दिशा निर्देश भी दिए गए हैं। कर्फ्यू नियमों का उल्लंघन करने पर चार के खिलाफ एफआईआर उपायुक्त राकेश प्रजापति ने कहा कि कर्फ्यू के दौरान नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। शुक्रवार को मंगरेला में किरयाने की दुकान कर्फ्यू में खोलने तथा जयसिंहपुर बाजार में रेहड़ी लगाने वाले के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है इसी तरह से नौहरा बैजनाथ तथा नुरपुर में बाहरी राज्य से बिना अनुमति के पहुंचे दो लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। उपायुक्त राकेश प्रजापति ने कहा कि कांगड़ा जिला में कर्फ्यू में ढील का समय प्रातः सात से दोपहर बजे तक का है तथा इसके समयावधि के अतिरिक्त दुकानें खोलने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि होम क्वारंटाइन किए गए लोगों को भी घरों में ही रहना सुनिश्चित करना होगा अन्यथा उनके खिलाफ भी आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
शिमला जिला के रोहडू स्थित बखीरना में पब्बर नदी पर बने डबल लेन पुल के निर्माण के दौरान उचित पर्यवेक्षण और निगरानी में लापरवाही के लिए राज्य सरकार ने तत्कालीन अधिशाषी अभियंता, लोक निर्माण विभाग मण्डल रोहड़ू, रवि भट्टी को निलंबित कर दिया है। वह वर्तमान में ठियोग में तैनात हैं। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता, रोहड़ू नरेंद्र सिंह नाइक और कनिष्ठ अभियंता, सिविल, रोहड़ू सेक्शन विजय कुमार को भी इस पुल के निर्माण कार्य के दौरान उचित पर्यवेक्षण और निगरानी में कोताही के लिए निलंबित किया गया है। पब्बर नदी पर बना यह पुल इस माह की 13 तारीख को क्षतिग्रस्त हो गया था। प्रधान सचिव पीडब्ल्यूडी जे.सी. शर्मा ने आज यहां यह जानकारी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के निर्देश पर राज्य सरकार ने इस पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारणों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार इस पुल के निर्माण में तकनीकी खामियों के अलावा, उचित पर्यवेक्षण और निगरानी में लापरवाही को भी इंगित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की विस्तृत जांच की गई है और मुख्यतः इन तीनों अभियन्ताओं को इस चूक के लिए जिम्मेदार पाया है। उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और निर्माण कार्य से जुड़े अन्य अधिकारियों/कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। जे.सी. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के नेतृत्व में राज्य सरकार विकासात्मक कार्यों के गुणवत्तापूर्ण निर्माण को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस संबंध में किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से कांगड़ा जिले में सेवारत और सेवानिवृत सैनिकों की सुविधा के लिए सीएसडी डिपो खोलने का आग्रह किया। केंद्रीय रक्षा मंत्री को लिखे पत्र में, मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे सेवारत और सेवानिवृत सैनिक हैं, जिन्होंने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ देश की सेवा की है और सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई रक्षा प्रतिष्ठान, इकाइयां और उनके द्वारा चलाई जा रही यूनिट रन कैंटीन हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कोई सीएसडी डिपो नहीं है, जिसके कारण प्रदेश की यूनिट रन कैंटीन हरियाणा के अंबाला और पंजाब के पठानकोट में स्थित सीएसडी डिपो पर निर्भर है।


















































