प्रदेश सरकार के आग्रह पर केंद्र सरकार ने गोवा में फंसे हिमाचल प्रदेश के लोगों को राज्य में वापस लाने के लिए गोवा के थिविम/मड़गांव/करमाली से ऊना के लिए विशेष रेलगाड़ी चलाने के लिए सहमति प्रदान की है। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कोरोना महामारी के दृष्टिगत देशभर में लगाए गए लाॅकडाउन के कारण गोवा में फंसे प्रदेश के लोगों से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लोगों को वापस लाने के लिए उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री पियूष गोयल से गोवा से ऊना तक विशेष ट्रेन चलाने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि हिमाचलियो को वापस लाने के लिए केंद्रीय रेल मंत्री ने 13 या 14 मई, 2020 को विशेष रेलगाड़ी चलाने के लिए सहमति प्रदान की है। जय राम ठाकुर ने कहा कि गोवा में राज्य के 1204 लोग फंसे हुए हैं, जिनमें मंडी जिला के 398, कुल्लू जिला के 246, कांगड़ा जिला के 241, चंबा जिला के 105, शिमला जिला के 70 और सोलन जिला के 43 लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार देश के विभिन्न भागों में कार्य कर रहे राज्य के लोगों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने घर वापस आने वाले लोगों के कौशल और विशेषज्ञता का पूरी तरह से उपयोग करने के प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि घर वापसी के बाद उन्हें होम क्वारंटीन में रहना होगा। गोवा में फंसे हिमाचली युवाओं देवा ठाकुर, महेंद्र सिंह, संजय कुमार और किशोर लाल ने उन्हें घर वापस लाने के किए गए प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह, वन मन्त्री गोविन्द सिंह ठाकुर और पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जमवाल ने कहा की हिमाचल प्रदेश कि कांग्रेस पार्टी के नेता सिर्फ नकारात्मक राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा कि हम हिमाचल प्रदेश में सभी जगह नजरें गड़ाए बैठे हैं इससे स्पष्ट होता है की कांग्रेस के नेता नजरें गड़ाने के सिवा और कोई कार्य नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने कहा की कांग्रेस के नेता गण बताएं की बूथ स्तर पर या मंडल स्तर पर कितने सेवा प्रकल्प कांग्रेस पार्टी ने शुरू किए। भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल के नेतृत्व में विभिन्न सेवा कार्य किए जिसमें राशन के पैकेट बांटना, राशन किट बांटना, मास्क वितरण करना, पीएम केयर फंड में राशि जुटाना और मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए धन संग्रह करना। इसी प्रकार से कांग्रेस पार्टी बताए की कितने सेवा कार्य उन्होंने इस वैश्विक महामारी के समय किए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी में केवल राजनीति चमका अभियान चल रहा है जिसके अंतर्गत सभी कांग्रेस के नेतागण बयानबाजी कर अपनी अपनी राजनीति चमकाने में लगे हैं और आश्चर्यजनक बात यह है कि हर एक नेता का पक्ष अलग होता है। कोई कहता है कि बाहरी राज्यों से लोग आने चाहिए तो दूसरा कहता है कि नहीं आने चाहिए। कांग्रेस पार्टी पहले यह स्पष्ट करें कि वह चाहती क्या है, उनकी मंशा क्या है। उन्होंने कहा आज इस संकट की घड़ी में राजनीति छोड़ समाज सेवा करनी चाहिए अपितु कांग्रेस के नेता केवल राजनीति कर रहे हैं और सेवा नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा की पूरा विश्व जब इस महामारी से एक युद्ध लड़ रहा है तब कांग्रेस पार्टी केवल सरकारों और अन्य राजनीतिक दलों की गलतियां ढूंढने में लगी है कि किस प्रकार से वह देश और प्रदेश में नकारात्मक राजनीति कर सके और माहौल बिगाड़ सके। उन्होंने कहा कि जनता ने सब देखा है कि किसने सकारात्मक कार्य किया है और किसने नकारात्मक कार्य किए हैं फैसला जनता ही लेगी । कांग्रेस को सीख लेनी चाहिए कि देशभर में कांग्रेस पार्टी का वर्चस्व समाप्त होते जा रहा है, आज कांग्रेस पार्टी के पास ना तो नेता है ना ही नीति।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा द्वारा बिलासपुर जिला के लिये 12000 सैनिटाइजर बिलासपुर में पहुंच गए। जिला भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र सांख्यान ने बताया कि कोरोना महामारी के संकट के समय राष्ट्रीय अध्यक्ष ने विशेष रूप से बिलासपुर के लिए ये सैनिटाइजर भेजे हैं। ये सैनिटाइजर कोरोना वारियर्स के लिए भेजे गए हैं जो कि इस कठिन समय में भी अपनी सेवाएं दे रहें हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा ने बिलासपुर के बारे में पूरी जानकारी ली और बधाई दी कि बिलासपुर जिला अभी तक ग्रीन जोन में है। उन्होंने बिलासपुर के लोगों का आभार प्रकट किया कि जनता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बताए दिशा निर्देशों का पालन किया। इस संकट के समय देश औऱ प्रदेश की सरकार का सहयोग किया। उन्होंने विशेष रूप से कोरोना वारियर्स का धन्यवाद किया जो अपने परिवार को छोड़ कर अपनी सेवाएं दे रहे। जिला अध्यक्ष स्वतंत्र सांख्यान ने बताया कि शनिवार को जिले के तीन मंडलों सदर, घुमारवीं और झंडूता की बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्पन्न हुई। इन बैठकों में सभी जानकारियां सांझा की और राष्ट्रीय अध्यक्ष का संदेश कार्यकर्ताओ तक पहुंचाया गया। बैठक मे आगामी दिनों में पार्टी की गतिविधियों पर चर्चा की गई और सभी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया गया कि कर्फ्यू में ढील दी गई इस समय लोगों को सोशल डिस्टेंस का पालन करने के लिए जागरूक किया जाए ताकि इस महामारी से सभी बच कर रहें।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने चंबा और कांगड़ा जिला के पंचायत प्रधानों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। चंबा के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में इस मौके पर उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट विवेक भाटिया भी मौजूद रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद उन्होंने कहा कि जिला में होम क्वॉरेंटाइन किए गए लोगों की निगरानी और जन जागरूकता पैदा करने में पंचायत प्रधान की सबसे अहम जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी घर में व्यक्ति को होम क्वॉरेंटाइन किया है तो उस घर को चिन्हित किया जा रहा है। होम क्वॉरेंटाइन व्यक्ति के साथ संबंधित पंचायत प्रधान निरंतर संपर्क बनाए रखेंगे ताकि उसका घर में रहना और नियमों का पालन सुनिश्चित बने। इसके अलावा कोई व्यक्ति यदि बाहर से आकर पंचायत में प्रवेश करता है तो पंचायत प्रधान इसकी भी तुरंत सूचना स्थानीय प्रशासन को दे ताकि उसकी आवश्यक चिकित्सकीय जांच की जा सके। उपायुक्त ने प्रधानों से ये आह्वान भी किया किया कि वे अपने क्षेत्र में मास्क तैयार करने और उन्हें वितरित करने में भी अपनी भागीदारी का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि कपड़े के होममेड मास्क भी उतने ही उपयुक्त हैं। ग्रामीण अपने रोजमर्रा के आवश्यक कार्य करते समय मास्क को उपयोग में लाएं और साथ में सोशल डिस्टेंसिंग का भी ख्याल रखें। उपायुक्त ने यह भी कहा कि कोरोना केवल एक वायरस संक्रमण है। कोरोना मरीज को कोई सामाजिक धब्बा ना लगाएं। इस दिशा में जनमानस को जागरुक करने के लिए सभी स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि अपनी नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी को समझते हुए कार्य करें। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई सिर्फ और सिर्फ कोरोना संक्रमण से है और लोगों को किसी भी प्रकार की अफवाहों को फैलाने से भी रोका जाना चाहिए। विवेक भाटिया ने कहा कि राज्य सरकार ने जिला में मनरेगा कार्यों को शुरू करने की छूट दी है। तमाम कार्य जिला में चल भी रहे हैं लेकिन इस दौरान कामगार सभी जरूरी एहतियातों का पालन करना सुनिश्चित बनाएं।
उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट विवेक भाटिया ने कहा कि चंबा जिला के सभी होम क्वॉरेंटाइन की अब पंच अस्त्र से निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा अंतर जिला और अंतर राज्य से आने वाले व्यक्तियों के लिए अलग-अलग मैकेनिज्म तैयार कर लिया गया है। प्रदेश के अंतर जिला में रेड और ऑरेंज जोन से आने वालों को पंचायत क्वॉरेंटाइन केंद्रों में रखा जाएगा जबकि ग्रीन जोन से आने वालों को होम क्वॉरेंटाइन में रखा जाएगा लेकिन अब उनकी निगरानी पहले से और प्रभावी और सटीक रहेगी और यह एक पंच अस्त्र निगरानी होगी। यानि यदि होम क्वॉरेंटाइन में रहने वाला व्यक्ति होम क्वॉरेंटाइन के तय प्रोटोकॉल का पालन नहीं करता है तो उसके बारे में जानकारी तुरंत मिलेगी और उसे सीधे संस्थागत क्वॉरेंटाइन के लिए भेज दिया जाएगा। विवेक भाटिया ने बताया कि अंतर राज्य के लिए रेड और ऑरेंज जोन के अलावा ग्रीन जोन से आने वालों को बफर क्वॉरेंटाइन में रखा जाएगा। बफर क्वॉरेंटाइन की दो श्रेणियां रखी गई हैं। एक वह जो संस्थागत बफर क्वॉरेंटाइन होंगे जहां निशुल्क सुविधाएं दी जाएंगी। इसके अलावा पेड क्वॉरेंटाइन की सुविधा भी रखी गई है ताकि यदि कोई व्यक्ति पेड क्वॉरेंटाइन में रहना चाहता है तो उसके लिए यह विकल्प भी मौजूद रहेगा। उन्होंने बताया कि पेड क्वॉरेंटाइन में रहने वाले व्यक्ति की भी तय अवधि तक पूरे प्रोटोकॉल के साथ निगरानी की जाएगी। पेड क्वॉरेंटाइन संबंधित एसडीएम द्वारा चिन्हित कर लिए गए हैं। विवेक भाटिया ने जानकारी देते हुए बताया कि चंडीगढ़ से जिन 241 लोगों जिनमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल थे, उन्हें राज्य पथ परिवहन निगम की 10 बसों के माध्यम से अब उनकी संबंधित पंचायतों तक पहुंचा दिया गया है। उन्होंने कहा कि इनमें से जो नमूने लिए गए थे उनकी नेगेटिव रिपोर्ट आने के बाद यह कदम उठाया गया है। लेकिन अब यह सभी 14 दिनों के लिए होम क्वॉरेंटाइन में रहेंगे और जिला प्रशासन द्वारा तैयार की गई पंच अस्त्र निगरानी व्यवस्था के तहत अपनी होम क्वॉरेंटाइन अवधि को पूरी करेंगे। उपायुक्त ने लोगों से आग्रह भी किया कि यदि उन्हें किसी व्यक्ति के बारे में सूचना प्राप्त होती है जो होम क्वॉरेंटाइन के नियमों का पालन नहीं कर रहा तो उसकी जानकारी मोबाईल नम्बर 94594-54968 पर साँझा करें। उनकी पहचान को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा।
कोरोना संक्रमण को लेकर जिला में चलाई गई एक्टिव केस फाइंडिंग मुहिम के तहत 5 लाख 9 हजार लोगों की जांच की जा चुकी है। उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट विवेक भाटिया ने बताया कि इस मुहिम के तहत 610 टीमों का गठन किया गया था। इस दौरान टीमों द्वारा संभावित लक्षणों से युक्त 330 सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा टेस्टिंग की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाते हुए मोबाइल सैंपलिंग वैन के माध्यम से विभिन्न स्वास्थ्य खंडों में जाकर नमूने एकत्रित किए जा रहे हैं। अब तक इस तरह के 774 संभावित लक्षणों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए। जिला मुख्यालय स्थित अस्पताल में विशेष तौर से शुरू फ्लू क्लीनिक चलाया गया है। जिसमें अलग से 41 नमूने लिए गए। उपायुक्त ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा टेलीमेडिसिन सुविधा के जरिए भी घर में बैठे लोगों को चिकित्सा परामर्श दिया जा रहा है। घर में बैठे लोगों को स्वास्थ परामर्श के लिए 10 डॉक्टरों की अलग टीम भी बनाई गई है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में आशा वर्कर के माध्यम से टीबी, लेप्रोसी, एड्स तथा अन्य बीमारियों से ग्रसित करीब 400 लोगों को उनके घर द्वार तक दवाइयां पहुंचाई जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस की किसी भी संभावना से निपटने के लिए जिले में आयुर्वेदिक अस्पताल बालू और जनजातीय भवन बालू को डेडीकेटेड कोविड केयर सेंटर जबकि सिविल अस्पताल डलहौजी को डेडीकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर बनाया गया है। जिला के एंट्री प्वाइंटों पर भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्क्रीनिंग टीमों को तैनात किया गया है। उपायुक्त ने कहा कि चंबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी अलग से आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया जा चुका है।
बिलासपुर अस्पताल ओपीडी भवन में हाथों को सेनेटाइज करने के लिए ऑटो सेंसर यंत्र की स्थापना की गई। शनिवार को इस यंत्र का शुभारंभ एसएमओ एवं शिशु रोग विषेशज्ञ डॉ. सतीश शर्मा ने अन्य चिकित्सा अधिकारियों की देखरेख में किया। यह ऑटो सेनेटाइज सैंसर रामप्रताप, दाखां देवी चेतराम धर्मार्थ न्यास द्वारा भेंट किया गया है। डॉ. सतीश शर्मा ने बताया कि इन दिनों कोरोना वायरस यानि कोविड-19 का प्रकोप पूरे विश्व में है तथा भारत देश भी इससे अछूता नहीं है। यह बिलासपुर का यह सौभाग्य है कि यहां पर कोई भी कोरोना का मामला नहीं है। बावजूद इसके हम सभी को एहतियात बरतनी चाहिए तथा कोविड-19 के नियमों का पालन इमानदारी से करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस ऑटो सेंसर के लगने से यहां पर आने वाले सभी मरीजों और तीमारदारों को इसका लाभ मिलेगा। डॉ सतीश शर्मा ने बताया कि यह एक स्वचालित यंत्र है जिसके नीचे हाथ रखने मात्र से उतनी मात्रा में सैनिटाइजर निकलेगा, जितना दोनों हाथों के लिए आवश्यक है। हाथ हटाने के बाद यह यंत्र स्वतः ही बंद हो जाता है। इस मौके पर उनके साथ रामप्रताप दाखां देवी चेतराम धर्मार्थ न्यास के संयोजक किस्मत कुमार, शांति स्वरूप, एमएस डॉ. राजेश आहलुवालिया व सीनियर फार्मासिस्ट विनोद भारद्वाज मौजूद थे।
शुक्रवार रात, चोर हाटकोट शनि मंदिर के ताले तोड़ कर चढ़ावे पर हाथ साफ कर गए। मंदिर के पुजारी पुष्पेंद्र शर्मा ने चोरी की वारदात की शिकायत पुलिस थाना कुनिहार में की। करोंना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए पुलिस विभाग इन दिनों जँहा प्रशासन के दिशा निर्देशो के अनुसार अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। तो वहीँ क्षेत्र में चोर सक्रिय होकर मंदिरों को अपना निशाना बना रहे है। शुक्रवार की रात्रि जंहा चोर शनि मंदिर के दोनों दानपात्रों को उठा कर ले गए तो वहीँ क्षेत्र में चर्चा है कि दो चार दिन पहले राधा कृष्ण मंदिर हाटकोट व घोडीदेवी मंदिर के दानपात्रों को तोड़ कर चोर उसकी नगदी पर हाथ साफ कर चुके है। शनि मंदिर के दोनों दानपात्र मंदिर से शिव गुफा को जाने वाली सड़क के साथ खेतो में टूटे हुए मिले। दोनों दान पात्रों में से चोर चढ़ावे को निकाल कर रफूचक्कर हो गए। कोरोना वायरस के चलते जँहा सभी लोग घरों के अंदर लॉक डाउन है तो वन्ही क्षेत्र में चोरी की वारदात पुलिस के लिए एक चुनौती से कम नही है। अब देखना यह है कि पुलिस कितनी जल्दी इन चोरों तक पहुंच पाती है। इस विषय बारे में जब थाना प्रभारी कुनिहार जीतसिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि शनिमंदिर हाटकोट से चुराए गए दानपत्रो की वारदात को अंजाम देने वाले अज्ञात व्यक्ति तक पुलिस बहुत शीघ्र पंहुच जाएगी। इसके लिए क्षेत्र की दुकानों के बाहर लगे सी. सी. टी वी. की फुटेज को भी खंगाला जा रहा है। इसके अतिरिक्त कुछ सन्दिग्ध व्यक्तियों से भी पूछताछ शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि मंदिरों में सी. सी. टी. वी. कैमरों के अतिरिक्त चौकीदार होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मंदिरों में चढावे की रकम को भी प्रतिदिन सांयकाल को मंदिर समिति द्वारा निकाल लेना चाहिए।
कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र (बीबीएन) में होम क्वारेनटाईन नियम का पूर्ण पालन सुनिश्चित बनाया जा रहा है। इसके लिए पुलिस बल द्वारा बाहर से आए सभी व्यक्तियों की भौतिक जांच की जा रही है। यह जानकारी पुलिस अधीक्षक बद्दी रोहित मालपानी ने दी। रोहित मालपानी ने कहा कि 08 मई, 2020 को क्षेत्र में कुल 545 व्यक्ति बाहर से पंहुचे। पुलिस द्वारा इन सभी का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है और इनके होम क्वारेनटाईन में रहने की जांच की जा रही है। इन 545 व्यक्तियों में से 63 व्यक्ति बरोटीवाला, 195 व्यक्ति बद्दी, 125 व्यक्ति नालागढ़, 63 व्यक्ति रामशहर, 29 व्यक्ति दभोटा तथा 70 व्यक्ति जोघों क्षेत्र में आए है। उन्होंने कहा कि 08 मई, प्रातः 8.00 बजे से 09 मई, 2020 प्रातः 8.00 बजे तक पुलिस जिला बद्दी से 394 वाहनों में कुल 886 व्यक्तियों ने आवागमन किया। उन्होंने कहा कि इनमें से बिलासपुर जिला के लिए 54 वाहनों में 106 व्यक्ति, चंबा जिला के लिए 16 वाहनों में 55 व्यक्ति, हमीरपुर जिला के लिए 29 वाहनों में 75 व्यक्ति, कांगड़ा जिला के लिए 56 वाहनों में 158 व्यक्ति, किन्नौर जिला के लिए एक वाहन में 04 व्यक्ति, कुल्लू जिला के लिए 05 वाहनों में 07 व्यक्ति, मंडी जिला के लिए 72 वाहनों में 179 व्यक्ति, पुलिस जिला बद्दी के लिए 55 वाहनों में 98 व्यक्ति, शिमला जिला के लिए 04 वाहनों में 08 व्यक्ति, सिरमौर जिला के लिए 02 वाहनों में 04 व्यक्ति, सोलन जिला के लिए 68 वाहनों में 133 व्यक्ति तथा ऊना जिला के लिए 32 वाहनों में 59 व्यक्तियों ने आवागमन किया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि 09 मई, 2020 तक बरोटीवाला यातायात बैरियर से बीबीएन क्षेत्र में विभिन्न उद्योगों के 220 कर्मी भी पंहुचे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा क्षेत्र के ट्रक यूनियन कार्यालय में भी जवानों की तैनाती की गई है ताकि कार्य के समय सोशल डिस्टेन्सिग सहित अन्य नियमों का पालन पूर्ण रूप से हो। उन्होंने क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों के प्रधानों, सचिवों तथा नगर परिषद नालागढ़ एवं बद्दी के अध्यक्ष एवं पार्षदों से आग्रह किया कि बाहर से आए व्यक्तियों के होम क्वारेनटाइन के संबंध में पूरी जानकारी रखें और उपमंडल प्रशासन को भी अवगत करवाएं। उन्होंने कहा कि पुलिस बल इस दिशा में पूर्ण रूप से सजग है तथा सभी निर्देशों की अनुपालना के साथ-साथ जांच एवं स्क्रीनिंग के कार्य को सुनिश्चित बनाया जा रहा है।
कोरोना वायरस के खतरे से दीर्घावधि में सफलतापूर्वक निपटने के लिए जिला पुलिस बद्दी द्वारा बहुआयामी रणनीति के तहत कार्य किया जा रहा है। यह जानकारी पुलिस अधीक्षक बद्दी रोहित मालपानी ने दी। रोहित मालपानी ने कहा कि पुलिस बल जहां बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र में व्यक्तियों एवं वाहनों की आवाजाही को केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत सुनिश्चित बना रहा है वहीं ग्राम पंचायत स्तर पर पंचायती राज संस्थाओं के चुने हुए प्रतिनिधियों को जागरूक भी किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इसी कड़ी में पुलिस ने क्षेेत्र की ग्राम पंचायत भुड, लेही, गुल्लरवाला, भटोलीकलां तथा ढेला में ग्राम पंचायत प्रधानों एवं वार्ड सदस्यों के साथ बैठक आयोजित कर उन्हें कोरोना वायरस के खतरे से निपटने और होम क्वारेनटाईन के विषय में जागरूक किया। इन ग्राम पंचायतों में बताया गया कि कोविड-19 से सफलतापूर्वक निपटने के लिए न केवल स्वंय सचेत रहना होगा अपितु आपने आस-पाास के परिवेश पर भी ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सभी से आग्रह किया गया कि अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में ग्राम वासियोें को कोविड-19 एवं इससे निपटने के लिए अपनाई जाने वाली सावधानियों के विषय में बताएं। कोरोना वायरस के बारे में लोगों की शंकाओं का समाधान करें। बाहर से आने वाले व्यक्तियों की सूचना तुरन्त प्रशासन एवं पुलिस को प्रदान करें। उन्होंने कहा कि कोरेाना वायरस संक्रमण की श्रंखला को तोड़ने के लिए बाहर से आने वाले लोगों को होम क्वारेनटाईन किया जाना आवश्यक है। होम क्वारेनटाईन का सख्ती से पालन करवाना सम्बन्धित ग्राम पंचायत अथवा नगर परिषद वार्ड के नुमाईदों का भी कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में सभी को सजग रहना होगा। होम क्वारेनटाईन हुए व्यक्तियों को ग्राम स्तर पर यह बताया जाना आवश्यक है कि होम क्वारेनटाईन नियम को तोड़ने पर विभिन्न अधिनियमों के तहत सख्त कार्रवाही की जाएगी। रोहित मालपानी ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया गया कि गावों में लोगों को जागरूक करने और डर तथा भ्रम की स्थिति को दूर करने के लिए समय-समय पर सकारात्मक प्रचार करें। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इस अवसर पर प्रधानों तथा वार्ड सदस्यों की इस सम्बन्ध में शंकाओं और समस्याओं का समाधान भी किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस अन्य ग्राम पचांयतों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगी। रोहित मालपानी ने कहा कि क्षेत्र में आने वाले वाहनों एवं व्यक्तियों की आवाजाही को सरल बनाने के लिए भी पुलिस बल कार्यरत हैं। एक और जहां क्षेत्र के विभिन्न यातायात बैरियरों पर पुलिस तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमें यह सुनिश्चित बना रही हैं कि वाहनों के यात्रियों को कोई परेशानी न हो वहीं सरल आवाजाही के लिए योजनाबद्ध कार्य भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने यातायात बैरियर बरोटीवाला पर समर्पित लेन प्रणाली लागू की है। प्रथम लेन अर्थात बायीं लेन बसों, कर्मचारियों के हल्के वाहनों के लिए है जबकि बायीं से दूसरी लेन विभिन्न उद्योगों के दैनिक आधार पर आने-जाने वाले प्रबन्ध निदेशकों, निदेशकों एवं वरिष्ठ प्रबन्धन के लिए है। इस प्रणाली से यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने में सहायता मिलेगी। पुलिस अधीक्षक ने सभी से आग्रह किया कि कोविड-19 से निपटने के लिए प्रशासन तथा पुलिस को सहयोग दें और नियमों का पालन सुनिश्चित बनाएं।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिमला से जिला चम्बा और कांगड़ा की विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधानों से आग्रह किया कि प्रदेश सरकार को कोविड-19 के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अपना सहयोग दें तथा उनसे बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों को होम क्वारन्टीन का सख्ती से पालन करवाने को कहा। मुख्यमंत्री ने प्रधानों से उनके गांवों में बाहरी राज्यों से आने वाले किसी भी व्यक्ति की सूचना संबंधित अधिकारियों के साथ सांझा करने को कहा, ताकि उन लोगों की शीघ्रता से स्वास्थ्य जांच की जा सके और यदि आवश्यकता हो तो उन्हें कवारंटाइन में रखा जा सके। उन्होंने कहा कि यह कोरोना महामारी को फैलने से रोकने में सहायक सिद्ध होगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रधानों को लोगों को फेस मास्क और फेस कवर बनाने और वितरित करने के लिए भी प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस महामारी को रोकने के लिए यह आवश्यक नहीं कि केवल सर्जिकल और ब्रांडिड मास्क का ही उपयोग किया जाए, बल्कि घर में बने कपड़े के मास्क का भी इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोगों को इस महामारी के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए और उन्हें किसी भी प्रकार की अफवाहों को फैलाने से भी रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों से वापस आए लोग, जिन्हें होम कवारंटाइन में रखा गया है, पंचायत प्रधान उनसे बेहतर संबंध बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें कोरोना से लड़ना है, न कि कोरोना रोगियों के प्रति समाज में भेदभाव उत्पन्न करना है। उन्होंने कहा कि यह एक विषाणुजनित संक्रमण है और इसके प्रति कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने प्रधानों को उनके क्षेत्र में हो रहे विभिन्न विकासात्मक कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत होने वाले कार्यों को शीघ्र शुरू किया जाना चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि श्रमिक सामाजिक दूरी बनाए रखे और फेस मास्क का उपयोग करें। जय राम ठाकुर ने कहा कि सभी पंचायत प्रधानों को भी लोगों को सामाजिक समारोहों व धार्मिक कार्यों से दूर रहने के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे लोगों को अपने कृषि कार्य करने के दौरान भी सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए प्रेरित करें तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि उनके क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति भोजन के बिना न रहे और बाहरी राज्यों से आए मजदूरों का विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन घरों के सदस्य होम कवारंटाइन में रखे गए है उन्हें उचित ढंग से चिन्हित किया जाए और प्रधान उनसे लगातार सम्पर्क में रहे ताकि वे लोग होम कवारंटाइन के दौरान घरों से बाहर न निकलें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि होम कवारंटाइन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पहले उल्लंघन पर उन्हें संस्थागत कवारंटाइन में रखा जाएगा । ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकासात्मक कार्य आरम्भ करने और मनरेगा के अन्तर्गत पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अगुवाई में राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 महामारी से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए उठाए गए कदमों की भी सराहना की।
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने फेसबुक पर संवाद ‘शिक्षा पर चर्चा’ के माध्यम से जानकारी दी है कि हिमाचल के सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली, छठी व नवीं और 11वीं के दाखिले कोरोना वायरस के खतरे के चलते प्रभावित नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग ने इसके लिए नई योजना तैयार कर ली है। कर्फ्यू के बीच ही स्कूल के प्रधानाचार्य, मुख्य अध्यापक व कुछ नॉन टीचिंग स्टाफ को स्कूल बुलाया जाएगा और छात्रों के दाखिले किए जाएंगे। उन्होंने कहा 11 मई को अहम बैठक होने जा रही है। बैठक के बाद विभाग की ओर से इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए जाएंगे। उन्होंने इस दौरान जून के पहले सप्ताह में 10वीं और अंतिम सप्ताह में 12वीं का रिजल्ट घोषित करने की बात भी कही है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम जून महीने के पहले सप्ताह में घोषित कर दिया जाएगा। इसके लिए पेपर चेकिंग का कार्य पूरा होने वाला है। 12वीं कक्षा के भूगोल और कंप्यूटर साइंस का पेपर जल्द करवाया जाएगा। उन्होंने कहा है कि ये सब चीजें हालात सामान्य होने पर निर्भर करता है। उन्होंने बताया कि कॉलेजों और विश्वविद्यालय की परीक्षाएं जुलाई महीने में होंगी। परीक्षाएं होने के तुरंत बाद मूल्यांकन का कार्य शुरू हो जाएगा। जुलाई में ही दाखिले भी शुरू हो जाएंगे। सितंबर महीने से कॉलेज और विवि में नया सत्र शुरू हो जाएगा।
कोरोना जैसी महामारी के चलते बिलासपुर में जहां स्वयंसेवी संस्थाएं असहाय लोगों की विभिन्न प्रकार से मदद कर रही हैं तथा विभिन्न राजनीतिक दल भी अपने अपने तरीके से सिनेटाइजर मास्क व अन्य जरूरत का सामान जरूरत मंदों को उपलब्ध करवा रहे हैं। ऐसे में बिलासपुर स्थित औद्योगिक क्षेत्र के कुछ लोगों ने बिलासपुर जिला मुख्यालय के एक ऐसे परिवार की मदद करके नाम कमाया है जिसे इस लॉक डाउन के चलते आर्थिक तंगी सामने आई थी। इन लोगों ने अपना नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि उक्त परिवार को नगद राशि ₹10000 उपलब्ध करवाई गई है। इन लोगों ने कहा कि दान तो ऐसा होना चाहिए कि दाएं हाथ से देते हुए बाएं हाथ को पता न चले। इन लोगों ने बिलासपुर के सभी निवासियों से आग्रह किया है कि अपने आस पास देख कर सुनिश्चित करें कि कहीं कोई परिवार वास्तव में संकट का सामना न कर रहा हो क्योंकि कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो अपने आप कुछ भी नहीं बोलते। इन लोगों ने कहा कि आने वाले समय में भी इसी तरह से उक्त परिवार की और मदद की जाएगी।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमण्डल की बैठक में प्रदेश में शराब की बिक्री पर अतिरिक्त लाइसेंस फीस (कोविड सैस) लगाने का निर्णय लिया गया। अब देसी शराब की प्रति बोतल पर पांच रुपये शुल्क, आई।एम।एफ।एल। प्रति बोतल पर 10 रुपये, भारत में निर्मित बीयर/आर।टी।डी। प्रति बोतल/कैन पर पांच रुपये, विदेश से आयातित शराब (बी।आई।ओ।) प्रति बोतल पर 25 रुपये, बीयर/आर।टी।डी। (बी।आई।ओ।) प्रति बोतल/कैन पर 10 रुपये, भारतीय वाइन/साइडर की प्रति बोतल पर 10 रुपये और वाइन/साइडर (बी।आई।ओ।) की प्रति बोतल पर 25 रुपये कोविड सैस लगाया जाएगा। मंत्रिमण्डल ने यह भी निर्णय लिया कि उद्योगों (एल-19 ए लाइसेंस) द्वारा स्वच्छता उत्पादों को बनाने के लिए प्रयोग किए जाने वाली सभी प्रकार की स्पिरिट पर उत्पाद शुल्क 10।50 रुपये से बढ़ाकर 15 रुपये प्रति बल्क लीटर किया जाएगा। कोविड-19 आर्थिक पुनरुत्थान (इकाॅनोमिक रिवाइवल) के लिए गठित मंत्रिमण्डल उप समिति ने विकासात्मक कार्यों में तेजी लाने, विभिन्न क्षेत्रों में संसाधनों को जुटाने और विभिन्न क्षेत्रों के सहयोग के लिए अपनी सिफारिशों के बारे में मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुति दी। उप समिति ने यह भी सिफारिश की बाहरी राज्यों से वापिस आये हिमाचलियों से उनके कौशल योग्यता की जानकारी ली जाए और इसे राज्य के श्रम एवं रोजगार और उद्योग विभाग के साथ साझा किया जाए ताकि उनकी योग्यता को उपलब्ध क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जा सके। मंत्रिमण्डल ने आगामी कृषि और बागवानी फसलों की कटाई के दृष्टिगत उपाय भी सुझाए। मंत्रिमण्डल उप समिति ने खनन कार्यों के कारण राजस्व क्षति को कम करने और फोरेस्ट क्लीयरेंस में तेजी लाने की सिफारिश भी की। मंत्रिमण्डल ने कफ्र्यू छूट अवधि को पांच घंटे से बढ़ाकर सात घंटे करने को भी स्वीकृति प्रदान की। शहरी स्थानीय निकाय में प्रत्येक घर में 120 दिन का अकुशल रोजगार गारंटी प्रदान करने के उद्देश्य से शहरी क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा बढ़ाने और मजदूरी का कार्य करने वालों को कौशल श्रम प्रदान कर स्वयं का उद्यम स्थापित कर सब्सिडी से जुड़ी क्रेडिट। एंटरप्रेंयुरशिप प्रशिक्षण के लिए मंत्रिमण्डल ने मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गांरटी योजना को सहमति प्रदान की। इससे शहरी अधोसंरचना को मजबूत करने और शहरी स्थानीय निकायों में गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाओं को प्रदान करने में सहायता मिलेगी। इस महत्वकांक्षी योजना के अन्तर्गत 25।20 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है। प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और रोजगार की संभावनाओं को सृजित करने के लिए मंत्रिमंडल ने जिला सोलन के वाकनाघाट में एडीबी (एशियन डवेल्पमेंट बैंक) कार्यक्रम के अन्तर्गत पर्यटन, आतिथ्य क्षेत्रों सहित सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के लिए विशेष केन्द्र स्थापित करने को स्वीकृति प्रदान की। इससे उत्कृष्टता केंद्र के विद्यार्थियों को अन्तरराष्ट्रीय परिदृश्य में उनके शैक्षणिक अभिलेख एवं कार्य अनुभव को मजबूती मिलेगी और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। मंत्रिमण्डल ने राज्य सरकार के सभी कर्मचारियों और सरकारी उपक्रमों, बोर्ड, विश्वविद्यालय इत्यादि के कर्मचारियों से एच।पी। एस।डी।एम।ए। कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅंस फंड में उदारतापूर्वक अंशदान करने का आग्रह किया।
भारतीय जनता पार्टी ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग को कोरोना से लड़ने के लिए हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है। 25 मार्च से 6 मई तक पहला चरण पूरा करते हुए 400 वीडियो कॉन्फ्रेंस करके 15000 से अधिक कार्यकर्ताओं को समाज सेवा के लिए प्रेरित किया जिसके परिणामस्वरूप 17,70,411 फेस मास्क, 1,00,581 मोदी राशन किट जनता को उपलब्ध करवाई गई। 5 मई से भाजपा संवाद का दूसरा चरण शुरू हुआ। डॉ बिन्दल ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के समस्त वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से संवाद किया और उन्हें हर पोलिंग बूथ पर पन्ना प्रमुखों से सम्पर्क करने का आवाहन किया। इस प्रकार लगभग 1000 वीडियो कॉन्फ्रेंस करके प्रदेश के कोने-कोने में बैठे हुए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की चिंता करने का लक्ष्य निर्धारित किया। भाजपा अध्यक्ष ने भाजपा नेताओं से कहा कि कोरोना से लड़ाई, लम्बी लड़ाई हैं और हमें इसके लिए स्वयं भी तैयार रहना होगा और समाज को भी तैयार करना होगा। डॉ बिन्दल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होनें हिमाचल प्रदेश में आर्थिक व विकासात्मक गतिविधियां को पुनः शुरू किया है। भाजपा अध्यक्ष डॉ राजीव बिन्दल ने सरकार से बलपूर्वक कहा कि नकदी फसलें जिसमें आडू, चैरी, सेब, टमाटर, लहसुन, प्लम, खुरमानी, मटर इनकी गंभीरता से चिंता करें। किसान को उसकी पैदावार का उचित दाम मिले, यह आवश्यक है। भाजपा अध्यक्ष ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के कार्यकर्ताओं की भावना के अनुरूप यह कहा है कि हिमाचल से बाहर रह रहे हिमाचलियो को लाने के लिए जो प्रक्रिया शुरू की है उसे जारी रखा जाए और प्रदेशवासियों से अपील की है कि बाहर से आने वाले भाई-बहनों को नियम की परिधि में रहते हुए सहयोग करें।
अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस दिवस पर जिला रेडक्रॉस समिति सोलन द्वारा क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में रक्त शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में अतिरिक्त उपायुक्त सोलन विवेक चंदेल ने 34वीं बार रक्तदान किया। अतिरिक्त उपायुक्त ने इस अवसर पर कहा कि रक्तदान महादान है तथा सभी को इस पुनीत कार्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित बनानी चाहिए। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि रक्तदान जैसे परोपकार के कार्य में बढ़चढ़ कर भाग लें क्योंकि उनके द्वारा दिया गया रक्त अमूल्य मानव जीवन को बचाने में सहायक हो सकता है। विवेक चंदेल ने कहा कि जिला रेडक्रॉस समिति सोलन अपनी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से पीडि़त व ज़रूरतमंदों को सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के खतरे के कारण घोषित कर्फ्यू अवधि में यह आवश्यक है कि युवा स्वेच्छा से रक्तदान करें ताकि आवश्यकता पड़ने पर अस्पतालों में रक्त की कमी न हो।
भारतीय जनता पार्टी जिला बिलासपुर की बैठक जिला के अध्यक्ष स्वतंत्र सांख्यान की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्पन्न हुई। इस बैठक में केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मंत्री अनुराग ठाकुर, सदर के विधायक सुभाष ठाकुर, घुमारवीं के विधायक राजेन्द्र गर्ग, झंडूता के विधायक जे आर कटवाल, प्रदेश के महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, जिला के प्रभारी नवीन शर्मा, प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य, जिला के पदाधिकारी, चारो मंडलो के अध्यक्ष व महामंत्री उपस्थित रहे। जिला के अध्यक्ष स्वतंत्र सांख्यान ने सबसे पहले सभी का स्वागत किया औऱ उसके बाद उन्होंने सभी नेताओं औऱ कार्यकर्ताओ का धन्यवाद किया जिन्होंने कोरोना जैसे भयानक बीमारी के समय जरूरत मंद लोगो को खाना वितरित किया व लोगों को इस बीमारी से बचने के सरकार के द्वारा बताए गए दिशा निर्देश से अवगत करवाया। जिला अध्यक्ष ने बताया कि जिला में 60788 लोगों को खाने के पैकेट दिए गए, 9344 लोगों को सूखा राशन व अन्य आवश्यक वस्तुओं को वितरित किया, जिला में 146100 फेस कवर वितरित किए, 1860 सैनिटाइजर बांटे गए, इस अभियान में 36836 लोग लाभान्वित हुए। आरोग्य सेतु एप 51609 को डाऊनलोड करवाई, पीएम रिलीफ फंड में 23,44,600रूपए का योगदान दिया और सीएम फंड में 49,49,174 रुपये का योगदान दिया गया। इस सारे अभियान में बहुत सी सामाजिक संस्थाओं, महिला मंडलों, संयुक्त व्यापार मण्डल ने भाग लिया जिसके लिए जिला के सभी नेताओं ने इन संस्थाओं का आभार प्रकट किया। सभी नेताओं ने चिकित्सा अधिकारी ,डॉक्टर, नर्सों, पुलिस अधिकारी, पुलिस कर्मचारियों, प्रेस और मीडिया के बंधु और सफाई कर्मचारियों का विशेष रूप से धन्यवाद किया। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने जिला भाजपा के द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होंने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि इस कोरोना जैसे वैश्विक महामारी के समय केंद्र सरकार के द्वारा जनता की सुविधा अनुसार सभी वर्गों के लिए योजना बनाकर इस संकट के समय सहायता कर रही है। सदर के विधायक सुभाष ठाकुर ने मंत्री अनुराग ठाकुर को प्रदेश के बाहर जो लोग रह रहे है उन्हें हो रही असुविधा के बारे में जानकारी दी। अब केंद्र सरकार देश के बाहर रह रहे लोगों को वापिस भारत ला रही है, कुछ देशों में बिलासपुर के लोग भी फंसे हैं उनको भी वापिस भारत लाया जाए। इस पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि वो उन लोगो की लिस्ट भेजे जिन्हें कोई समस्या आ रही है उसका समाधान किया जाएगा और देश के बाहर फंसे बिलासपुर के लोगों को भी वापिस उनके घर लाया जाएगा। उन्होंने सभी नेताओं से आग्रह किया कि इस अभियान को आगे भी सुचारू रूप से चलाया जाए ताकि राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के आह्वान को बल मिले जिसमे उन्होंने कहा है कि कोई भी व्यक्ति इस देश में भूखा ना सोए और जनता को किसी प्रकार की असुविधा ना हो।
खण्ड विकास अधिकारी सदर, बिलासपुर मनमोहन शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि निदेशक पंचायती राज विभाग द्वारा जारी आदेशों की अनुपालना में कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम हेतु विकास खण्ड सदर बिलासपुर के कार्यालय द्वारा विकास खण्ड सदर की समस्त 39 ग्राम पंचायतों के प्रधान, उपप्रधान व पंचायत सदस्यों को निगरानी करने हेतु नामित किया गया है व सम्बन्धित पंचायत सचिव को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध में जारी अधिसूचना खण्ड विकास कार्यालय सदर द्वारा सभी पंचायतों को जारी कर दी गयी है। उन्होंने विकास खण्ड सदर के अन्र्तगत सभी क्वारटाईन किए गए व किए जा रहे व्यक्तियों को सूचित किया है कि वे किसी भी स्तर पर कोविड-19 के नियमों की उल्लघंना न करें चूंकि निगरानी हेतु नामित सभी पंचायत पदाधिकारियों/नोडल।अधिकारियों द्वारा हर समय आपकी प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने सभी से अपेक्षा की है कि संयम बरते, क्वारटाईन के समय सभी नियमों की पालना सुनिश्चित करें ताकि आपके साथ-साथ आपका परिवार, पंचायत व समाज सुरक्षित रहें। उन्होंने सभी पंचायत पदाधिकारियों/नोडल अधिकारियों को निर्देश जारी किये है कि यदि कोई भी क्वारटाईन किया गया व्यक्ति कोविड-19 के नियमों की उल्लघंना करते हुआ पाया जाता है तो तुरन्त उसकी सूचना उपमण्डलाधिकारी (ना0) सदर, बिलासपुर और सम्बन्धित क्षेत्र के पुलिस थाना या चैकी प्रभारी या खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय में तुरन्त देना सुनिश्चित करें ताकि अविलम्ब उस व्यक्ति के विरूद्व कोविड-19 के प्रावधानों के अनुसार विभिन्न धाराओं के अंतर्गत समय पर कारवाई की जा सके।
जिला प्रशासन सिरमौर ने कर्फ्यू में दी जा रही ढील को अब सात घंटों तक बढ़ा दिया है। अब दुकानें सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक खुली रहेंगी। इस बारे में जानकारी देते हुए जिला दण्डाधिकारी सिरमौर डॉ आर के परुथी ने बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि केवल कर्फ्यू में दी जा रही ढील की अवधि को बढ़ाया गया है बाकि सभी निर्देश पूर्व में जारी आदेशों के अमरूप ही रहेंगे।
जिला बिलासपुर में स्थापित छोटे-बड़े उद्योग जिला के आर्थिक विकास में अहम भूमिका का निर्वहन करते हैं। कोविड-19 कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के संक्रमण के कारण कफर्यू/लाॅकडाऊन के चलते जिला में कोविड-19 के दिशा निर्देशों में दी गई सभी हिदायतों की अनुपालना करते हुए औद्योगिक ईकाइयों को पुन चलाने की छूट प्रदान करने से राहत मिली है। इससे उद्यमियों के चेहरे से धीरे-धीरे निराशा के बादल छंटने लगे हैं और उनका उत्साह बढ़ने लगा है। जिला के औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित डोगरा हौजरी फैक्ट्री के ऋषभ डोगरा ने बताया कि जिला में कोरोना वायरस से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा उन्हें फेस मास्क और पीपीई किट बनाने की अनुमति मिली थी। उन्होंने बताया कि डाक्टरों के सहयोग से 200 पीपीई किटें तैयार की गई जिन्हें की क्षेत्रीय अस्पताल में प्रयोग में लाया जा रहा है। इसके अतरिक्त अब तक 1 लाख से भी अधिक फेस मास्क तैयार किए जा चुके हैं जिन्हें कोठीपुरा में बन रहे एम्स और अन्य सामाजिक संस्थाओं को 6 रूपए प्रति मास्क की दर से दिया गया। इसके अतिरिक्त उनके द्वारा अन्य जरूरतमंद लोगों को फेस मास्क निःशुल्क भी वितरित किए जा रहे है। उन्होंने बताया कि हौजरी को चलाने के दौरान सरकार द्वारा जारी सभी दिशा निर्देशों का पालन किया जा रहा है। हौजरी द्वारा सभी कामगारों को नियमित वेतन दिया जा रहा है और केवल 33 प्रतिशत स्टाफ को ही काम पर लगाया गया है और कामगारों को फेस मास्क और सैनीटाईजर उपलब्ध करवाए गए हैं। इसके साथ ही हौजरी में कार्यस्थल पर सामाजिक दूरी का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। फैक्ट्री और पूरे प्रांगण को दिन में 3 बार सेनेटाईज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हौजरी में 15 वर्कर कार्यरत हैं जिसमें 11 महिलाएं और 4 पुरूष कार्य कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि 4 महिलाएं तो ऐसी हैं जो की सिलाई का काम जानती थी और लाॅकडाऊन/कर्फयू में बंद होने के दौरान बेरोजगार थी। उन्हें कहीं भी काम नहीं मिल रहा था। उन्हें भी इस दौरान हौजरी से जोड़ा गया और रोजगार प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि केवल 30 प्रतिशत स्टाफ को ही कार्य करने के लिए बुलाया गया है और कार्य करने के लिए उचित दूरी पर मशीने लगाई गई है, जहां हर टेबल पर सेनेटाईजर उपलब्ध करवाया गया है और फेस मास्क दिए गए है। उन्होंने बताया कि कार्यरत स्टाफ के लिए दोपहर का भोजन करने के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है। उन्हें दो समूहों में बांटा गया है जिसमें बैठने हेतु उचित सामाजिक दूरी निर्धारित की गई है। स्वच्छ वातावरण को देखकर महिलाएं भी नियमित रूप से कार्य करने के लिए आ रही है और बंद होने के कारण हौजरी में जो कार्य लम्बित पड़ा था उसे पूरा करने में जुटी हुई हैं।
सदर विधानसभा क्षेत्र से युवा नेता एवं प्रदेश युवा कांग्रेस महासचिव आशीष ठाकुर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से मांग की है कि प्रदेश के अंदर जितने भी मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवम खण्ड चिकित्सा अधिकारी है उन्हें आदेश जारी किए जाएं कि वो प्रदेश की सीमाओं पर खुद जाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच करें ताकि उन्हें भी स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की सही स्थिति का जायजा हो सके। उन्होंने कहा कि हमारे स्वास्थ्य कर्मचारी प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी का शिकार हो रहे है। आज उनके पास लोगों की स्वास्थ्य जांच करने के लिए प्रयाप्त संसाधन नहीं है जिससे कि वो अन्य राज्यों से आ रहे लोगों की उचित स्वास्थ्य जांच कर सके ताकि कोरोना जैसी महामारी से देवभूमि को बचाया जा सके। आशीष ठाकुर ने स्वास्थ्य विभाग पर आरोप लगाया है कि इनके कानों में जूं तक नही रेंगती है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों उन्होंने स्वास्थ्य कर्मचारियों को पीपीई किट मुहिया करवाने का मामला उठाया था ताकि हमारे स्वास्थ्य कर्मी बिना डर के लोगों का सही परीक्षण कर पाएं पर स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक न भी अपने कर्मियों को पीपीई किट्स ओर न ही सही गुणवत्ता के ग्लब्स मुहिया करवाये है। यह बहुत ही चिंतनीय विषय है। आशीष ठाकुर ने कहा कि हमारे स्वास्थ्य कर्मी अपनी ओर अपने परिवार की जान को जोखिम में उठाकर रात दिन लोगों की सेवा में लगे हुए है पर स्वास्थ्य विभाग जिस तरह से इनकी अनदेखी कर रहा है वह निंदनीय है। उन्होंने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से सवाल खड़ा किया है कि अगर स्वास्थ्य विभाग का कोई कर्मी उनकी अनदेखी की वजह से पॉजिटिव पाया गया तो क्या सरकार और प्रशासन उसकी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार है? आशीष ठाकुर ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वो स्वास्थ्य विभाग को आदेश जारी करें और जल्द से जल्द स्वास्थ्य कर्मचारियों को पीपीई किट्स और अच्छी गुणवत्ता के ग्लव्स मुहैया करवाए जाएं, अन्यथा युवा कांग्रेस को सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए मजबूर होना पड़ेगा और उसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग की होगी।
विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर 8 मई को जिला अस्पताल बिलासपुर ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह रक्तदान शिविर जिला रेडक्रॉस समिति के तत्वावधान में व व्यास रक्तदाता समिति व विश्वकर्मा मन्दिर समिति के सहयोग से आयोजित किया गया। यह जानकारी जिला रेडक्रॉस समिति के सचिव अमित गौतम, व्यास रक्तदाता समिति के अध्यक्ष कर्ण चन्देल व विश्वकर्मा मन्दिर समिति के सचिव अनीश ठाकुर ने दी। उन्होंने बताया कि विश्व मे कोरोना वायरस का संकट दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इस संकट में ब्लड बैंकों में रक्त की कमी भी आ रही है। इस रक्त की कमी को पूरा करने के लिए विश्व रेडक्रॉस दिवस पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। रक्तदान शिविर में 23 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एमएस राजेश अहलूवालिया, ब्लड बैंक इंचार्ज डॉक्टर सचिन शर्मा, स्टाफ नर्स भावना ठाकुर, वरिष्ठ लेब टेक्नीशियन कमल किशोर मेहता, सुरेश कुमार, श्याम लाल बंसल, लेब टेक्नीशियन पूनम, श्याम व व्यास नगर समिति की तरफ से अरयन्तिका शर्मा, अभिषेक डोगरा, अंशुल चन्देल ने रक्तदान शिविर में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि रक्तदान शिविर में नीना देवी, नरेश टण्डन, अंकित, कमल, लखनपाल, मुकेश नड्डा, राजेंद्र रिंकू ने ओ पॉजिटिव, राहुल कांगा, कपिल गुप्ता, सुनील, अमित, अनीश ठाकुर ने ए पॉजिटिव रक्तदान किया, रजत शर्मा, राजेन्द्र शर्मा, दीपक पाटिल, सिद्धार्थ बंसल, विशाल ठाकुर, बीरेंद्र ठाकुर ने बी पॉजिटिव, रमेश राणा,राजकुमार, देशराज, हेमन्त शर्मा, कर्ण चन्देल ने ए बी पॉजिटिव रक्तदान किया।
अम्बुजा सीमेंट कंपनी द्वारा पिछ्ले डेढ़ माह से रोक कर रखे ट्रक आपरेटरों के भाड़े का करोड़ो रुपऐ का भुगतान शुक्रवार को कर दिया गया है। इस से सैंकड़ों ट्रक आपरेटरों ने राहत की सांस ली है तथा सभी ट्रक आपरेटरों ने इसके लिए प्रदेश सरकार का धन्यवाद किया है। दी बाघल लैंड लूजर परिवहन सहकारी सभा के पूर्व उपाध्यक्ष एवं सदस्य जगदीश शर्मा सहित सभा के अध्यक्ष सदस्य विशाल शर्मा, धनीराम ठाकुर, जगरनाथ, बाबूराम शर्मा, वीरेन्द्र शर्मा, सतीश शर्मा, ललित शर्मा, सुनील कुमार, राजकुमार, श्यामलाल, बालकराम, कमल कुमार, प्रकाश महाजन आदि सभी सदस्यों ने प्रेस को जारी ब्यान में कहा है कि सैंकड़ो ट्रांसपोटरों द्वारा 21 मार्च से पहले अम्बुजा कंपनी का सीमेंट व क्लींकर का ढुलाई कार्य किया था जिसका करोडों रुपऐ कंपनी द्वारा लॉकडाऊन की आड़ में पिछले डेढ़ माह से दबा कर रखा गया था और बहाना यह बनाया जा रहा था कि कंपनी का हैड ऑफिस महाराष्ट्र में है जो लॉकडाउन की वजह से बन्द पड़ा है। जबकी इसके बावजूद भी कंपनी द्वारा अपने कामगारों को कई करोड़ रुपए वेतन के रुप में भुगतान किया गया। कंपनी के इस रवैये से सैकड़ो ट्रांसपोटरों को लॉकडाउन के चलते भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था। दी बाघल लैंड लूजर परिवहन सहकारी सभा के उपरोक्त सभी सदस्यों ने प्रदेश सरकार से ओपरेटरों के करोड़ों रुपयों के भुगतान को कंपनी द्वारा करवाने बारे सरकार से अपना हस्तक्षेप करने के लिए लिखित में मांग की थी जिसके बाद प्रदेश सरकार के हस्तक्षेप से आज सभी ट्रांसपोटरों के भाड़े का करोड़ों रुपयों का भूगतान कंपनी द्वारा कर दिया गया है। जिसमें दी बाघल लैंड लूजर परिवहन सहकारी सभा का लगभग ढाई करोड़ रुपये का भुगतान शामिल है। इस हेतु उपरोक्त सभी ट्रक ओपरेटरों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का धन्यवाद किया है।
प्रदेश सरकार के निर्देश पर कोविड-19 से बचाव के लिए अग्रिम पंक्ति में तैनात विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मियों को आयुर्वेद विभाग द्वारा रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि के लिए तैयार किया गया विशेष काढ़ा प्रदान करना आरंभ कर दिया गया है। यह जानकारी जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. राजेंद्र शर्मा ने दी। डॉ. राजेंद्र शर्मा ने कहा कि आयुर्वेदिक विभाग द्वारा विशेष रूप से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए मधुयष्टियादि कषाय (काढ़ा) तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह काढ़ा सर्वप्रथम कोरोना संक्रमण के विरूद्ध आवश्यक सेवाओं के लिए तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस का सबसे अधिक प्रभाव व्यक्ति के श्वसन तंत्र पर होता है। यह काढ़ा व्यक्ति श्वसन तंत्र को मज़बूत बनाकर रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, आयुर्वेद विभाग, पुलिस, समेकित बाल विकास परियोजना, सफाई कर्मी, कोविड-19 के पॉजिटिव मामलों तथा आवश्यक सेवाओं में कार्यरत विभागों को यह काढ़ा उपलब्ध करवाना आरंभ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को इस काढ़े के लाभ और सेवन के विषय में जानकारी प्रदान की जा रही है। डॉ. राजेंद्र शर्मा ने कहा कि आयुर्वेद में वर्णित दिनचर्या, योग और व्यायाम के माध्यम से व्यक्ति विभिन्न बीमारियों से अपना बचाव कर सकता है। इस दिशा में आयुष मंत्रालय द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन सभी के अनिवार्य है।
अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर स्वर्ण एजुकेशनल एण्ड वैलफेयर ट्रस्ट (सेवा) के सौजन्य से सोलन शहर में वृद्ध महिलाओं की देखभाल के लिए चलाए जा रहे डे केयर सेंटर ‘खुशी’ की सदस्य शशि प्रभा गुप्ता ने यहा उपायुक्त सोलन केसी चमन को राज्य रेडक्रॉस समिति में अंशदान स्वरूप 50 हजार रुपये का चैक भेंट किया। डे केयर सेंटर खुशी की सभी महिलाओं द्वारा एकत्र की गई 16 हजार रुपये की राशि का चैक भी इस अवसर पर सेंटर की वरिष्ठतम सदस्य तृप्ता चौधरी द्वारा उपायुक्त को जिला कोविड-19 फंड के लिए भेंट किया गया। केसी चमन ने राज्य रेडक्रॉस समिति तथा जिला कोविड-19 फंड में उदारतापूर्वक अंशदान करने के लिए खुशी डे केयर सेंटर की सभी सदस्यों तथा शशि प्रभा गुप्ता का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस समिति द्वारा हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में ज़रूरमंद एवं गरीब व्यक्तियों की सहायता के लिए अनेक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक शशि प्रभा गुप्ता द्वारा राज्य रेडक्रॉस समिति को दिया गया अंशदान पूरे समाज के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। एक बुजुर्ग महिला की इस दिशा में सोच एवं समाज के प्रति कर्तव्य भावना सभी को रेडक्रॉस के लिए उदारतापूर्वक अंशदान करने और समिति के माध्यम से पीडि़त मानवता की सेवा के लिए प्रेरित करेगी। केसी चमन ने कहा कि खुशी डे केयर सेंटर की सभी बुजुर्ग महिलाओं द्वारा कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत जिला कोविड-19 फंड को अंशदान करना सभी नागरिकों को राह दिखाएगा। उन्होंने कहा कि अपने पूरे जीवन के अनुभवों को समेटे इन बुजुर्ग महिलाओं द्वारा किया गया अंशदान वास्तविक अर्थों में सर्वोच्च है। उन्होंने आशा जताई कि समाज की धरोहर इन बुजुर्ग महिलाओं द्वारा किए गए अंशदान से समाज के सभी वर्ग इस दिशा में बढ़चढ़ कर कार्य करने के लिए प्रेरित होंगे। केसी चमन ने डे केयर सेंटर खुशी के माध्यम से जिला की सभी बुजुर्ग महिलाओं से आग्रह किया कि वे संकट की इस घड़ी में अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें और अपना समय घर पर ही बिताएं। डे केयर सेंटर खुशी ऐसा पहला केंद्र है जो पूर्ण रूप से बुजुर्ग महिलाओं को समर्पित है। गत 05 वर्षों में इस केंद्र से सोलन की अनेक बुजुर्ग महिलाएं किसी न किसी रूप में जुड़ी रही हैं और यह केंद्र वरिष्ठ महिलाओं की समस्याओं को सुलझाने का मंच बनकर भी उभरा है।
रेहड़ी-फड़ी तहबाजारी सम्बंधित सीटू का प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त से मिला व उन्हें ज्ञापन सौंपा। विजेंद्र मेहरा ने नगर निगम शिमला के आयुक्त से मांग की है कि शिमला नगर निगम के दायरे में कार्यरत सभी तहबाजारियों को दुकानदारों की तर्ज़ पर कार्य करने की इजाज़त दी जाए। आयुक्त ने आश्वासन दिया है कि वह इस संदर्भ में उपायुक्त शिमला को प्रस्ताव भेज कर उचित कदम उठाने का आग्रह करेंगे। उन्होंने कहा है कि कोरोना महामारी के चलते सभी समुदायों का रोजगार किसी न किसी रूप में प्रभावित हुआ है। इसमें विशेष तौर पर रेहड़ी फड़ी तहबाजारी के रोजगार में लगे लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। ये लोग रोज़ कमाकर परिवार को पालन-पोषण करने वाले लोग हैं। प्रदेश सरकार व प्रशासन ने दुकानों को वैकल्पिक दिनों में खोलने की इजाज़त दी है जोकि स्वागत योग्य कदम है। परन्तु सबसे गरीब लोग रेहड़ी फड़ी तहबाजारी का कार्य करते हैं व उन्हें अपना कार्य करने की इजाज़त नहीं दी गई है। ये लोग लोग सबसे गरीब शहरी लोग हैं। बाबू राम ने कहा है कि भारत सरकार ने माननीय उच्चतम न्यायालय के दिशानिर्देशों पर मार्च 2014 में स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट बनाया था। इस कानून के तहत रेहड़ी फड़ी तहबाजारी का कार्य करने वाले लोगों को संविधान के अनुच्छेद 21 के जीने के अधिकार व अनुच्छेद 14 के समानता के अधिकार के तहत जीविका अर्जित करने का अधिकार दिया गया है। कोरोना के कारण पिछले डेढ़ महीनों में इस कार्य में लगे लोगों का रोजगार पूरी तरह खत्म हो गया है व परिवार के लिए भोजन की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो गया है इसलिए रेहड़ी फड़ी तहबाजारी को भी कारोबारियों की तर्ज़ पर कार्य करने की इजाज़त दी जाए। अगर प्रशासन यह व्यवस्था नहीं करता है तो फिर नगर निगम शिमला के पास जिन भी लोगों ने स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के अनुसार पंजीकृत होने के लिए सर्टिफिकेट ऑफ वैंडिंग व आई कार्ड देने के लिए आवेदन किया है उन्हें राज्य सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन के अनुसार 8250 रुपये की प्रति महीना आर्थिक मदद अप्रैल और मई महीनों के लिए जारी की जाए।
राजस्व विभाग के आपदा प्रबन्धन सेल ने प्रदेश और सभी जिला मुख्यालयों पर आपातकालीन संचालन केंद्र स्थापित किए हैं जो रात-दिन कार्य कर रहे हैं ताकि लोगों को आपदा की स्थिति में सूचना और समन्वय की सुविधा दी जा सके। प्रदेश आपातकालीन केंद्र का 1070 और जिले के आपातकालीन केंद्रों का टोल फ्री नंबर 1077 है। आपातकालीन संचालन केंद्र राष्ट्रीय संचार तंत्र का भाग है। यह केंद्र संचार नेटवर्क विफल होने की स्थिति में संचार के अन्य साधन उपलब्ध करवाता है, ताकि फील्ड और केंद्र सरकार की सरकारी संस्थांए नुकसान और क्षति का जायजा लेने में सक्षम रहें और उचित कार्यवाही कर सके। इन आपातकालीन संचालन केंद्रों में आई-सेट, वी-सेट, एनआईसी नेटवर्क, वीएचएफ सेट्स इत्यादि सूचना तंत्र है। भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण ने प्रदेश के आपातकालीन संचालन केंद्रों को सुदृढ़ करने के लिए 20 लाख रुपये की धनराशि जारी की है। प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी आपातकालीन संचालन केंद्रों के मोबाईल फोन नेटवर्क को हिमाचल प्रदेश आपातकालीन संचालन केंद्र मैनुअल- 2011 के प्रावधान के अनुसार और अधिक सुदृढ़ करने का फैसला लिया है। ये फोन अस्थाई रूप से राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किए गए नोडल अधिकारियों को देश के विभिन्न भागों में फंसे हिमाचली और अन्य फंसे हुए लोगों के आवागमन की सुविधा के लिए अन्य राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए प्रदान किए गए हैं। राज्य सरकार ने जब इन नोडल अधिकारियों को नियुक्त किया था उस समय उनके व्यक्तिगत मोबाइल फोन काॅल्स, व्हाट्सऐप और एस.एम.एस. से भर गए और उनके लिए इन सभी को संभालना मानवीय रूप से मुश्किल हो रहा था। इस स्थिति में नोडल अधिकारियों को तत्काल काॅल प्राप्त करना और सेवाएं प्रदान करना मुश्किल हो रहा था, अब संचार की इस अतिरिक्त सुविधा के साथ इन अधिकारियों ने अपना कार्य और विभिन्न राज्य सरकारों के साथ सम्पर्क स्थापित करना शुरू कर दिया है। उन्होंने अपने समकक्षों के साथ अन्य राज्यों में फंसे हुए हिमाचलियों और प्रदेश में अन्य राज्यों के निवासियों की सूची सांझा की है। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया है कि वह अब तक पंजीकृत हिमाचलियों को जल्द प्रदेश वापस की सुविधा प्रदान करें। अब तक http//covid19epass.hp.gov.in पोर्टल में 80 हजार से अधिक लोगों ने अपना पंजीकरण कर दिया है और यह संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। राज्य नोडल अधिकारी एवं प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा को मोबाइल नंबर 9459461355, संयुक्त नोडल अधिकारी एवं निदेशक पर्यटन यूनुस को 9459485243 पर संपर्क किया जा सकता है। सचिव सूचना एवं जन सम्पर्क रजनीश को हरियाणा नई दिल्ली व एनसीआर का नोडल अधिकारी बनाया गया है, जिन्हें मोबाइल नंबर 9459461361 पर संपर्क किया जा सकता है। तमिलनाडू, आंध्र प्रदेश व तेलंगाना के नोडल अधिकारी एवं सचिव वित्त अक्षय सूद को 9459472832, मंडलायुक्त शिमला और जम्मू-कश्मीर, लद्दाख व उत्तराखंड के नोडल अधिकारी राजीव शर्मा को 9459455714, झारखण्ड व उड़ीसा के लिए श्रम आयुक्त एसएस गुलेरिया को 94594-55279, राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर को उत्तर प्रदेश के लिए 94594-55841, पर संपर्क किया जा सकता है। विशेष सचिव देवदत्त शर्मा को बिहार के लिए 94594-57046, निदेशक हिप्पा चंद्र प्रकाश वर्मा को सहायक राज्य नोडल अधिकारी बनाया गया है, जिन्हें 94594-57107, महाराष्ट्र, गोवा प पुडुचेरी के लिए निदेशक ऊर्जा मानसी सहाय ठाकुर को 94594-73112, केरल, लक्षद्वीप व कर्नाटक के लिए निदेशक वित्त सुदेश मोख्टा को 94594-57061 और पंजाब, चंडीगढ़ एवं मोहाली के लिए निदेशक ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज ललित जैन को 94594-85157, राजस्थान, गुजरात, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं द्वीव के लिए विशेष सचिव ऊर्जा हेमराज बैरवा को 94594-57292, असम, मिंजोरम, अरूणांचल प्रदेश, मणिपुर, नागालैंड, त्रिपुरा व मेघालय के लिए निदेशक कार्मिक मनमोहन शर्मा को 94594-57476, अंडमान एवं निकोबार और सिक्किम के लिए निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा रोहित जम्वाल को 94594-57587 और मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं तेलंगाना के लिए विशेष सचिव वन एवं उद्योग नीरज कुमार को 94594-57659 पर सम्पर्क किया जा सकता है। प्रदेश से बाहर जाने वाले और बाहरी राज्यों से प्रदेश में आने वाले लोगों से आग्रह किया गया है कि वे ऑनलाइन प्लेटफाॅर्म http//covid19epass.hp.gov.in पर खुद को पंजीकृत करें और नोडल अधिकारियों द्वारा किए जाने वाले प्रबन्धों की प्रतीक्षा करें। ये लोग किसी भी सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 0177-2626076, 2626077, 2622204, 2629688, 2629439, 2628940, 2629939 और 2659791 तथा टोल फ्री नंबर 1800 180 2185 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार से अनुरोध किया है कि ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना’ के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश को इस शर्त में छूट दी जाए कि इस योजना का लाभ केवल उन्हीं उपक्रमों को मिलेगा, जिनमें 90 प्रतिशत अथवा इससे अधिक कर्मचारी 15 हजार रुपए प्रतिमाह की दर से वेतन प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रावधान करने से प्रदेश के अधिकांश लोग लाभान्वित होंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री को लिखे एक पत्र में जय राम ठाकुर ने कहा है कि समाज के कमजोर वर्गों को लाभान्वित करने के लिए केंद्र सरकार ने यह योजना मार्च, 2020 में आरम्भ की थी। इस योजना में प्रावधान किया गया है कि संगठित क्षेत्र में कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों की सहायता की जाए। इसके लिए केंद्र सरकार कर्मचारी भविष्य निधि में तीन महीने के लिए सीधे उनके खाते में जमा करेगी। योजना का लाभ वे कर्मचारी उठा पाएंगे, जहां 100 कर्मचारियों तक की संख्या वाले उपक्रमों में प्रतिमाह 15 हजार रुपये से कम वेतन प्राप्त करने वाले कर्मचारियों की संख्या 90 प्रतिशत या इससे अधिक हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई औद्योगिक चैम्बरों और संगठनों ने मामला उठाया था कि राज्य की कई औद्योगिक इकाइयों में ऐसे 90 प्रतिशत कर्मचारी नहीं है, जो 15 हजार रुपये प्रतिमाह से कम वेतन ले रहे हैं। इसलिए अन्य कम वेतन पाने वाले इन इकाइयों के कर्मचारी इस योजना का लाभ उठाने से वंचित रह सकते हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि इस स्थिति से कर्मचारियों और प्रबन्धन के बीच भ्रम और अविश्वास की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, क्योंकि आम धारणा यह है कि सरकार उन सभी कर्मचारियों के लिए ईपीएफ का अंशदान करती है, जो 15 हजार रुपये प्रतिमाह की दर से वेतन प्राप्त कर रहे हैं।
नगर निगम शिमला की मेयर सत्या कौंडल और उनका पूरा परिवार होम क्वारंटीन हो गया है। सत्या कौंडल के बहु बेटा 28 अप्रैल को दिल्ली से लौटे थे। स्वास्थ्य विभाग को उनकी ये सूची 4 मई को मिली है जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें उनके परिवार सहित होम क्वारंटाइन कर दिया है। सत्या कौंडल व उनके परिवार होम क्वारंटाइन होने की स्थिति में सत्या कौंडल के परिवार का कोई सदस्य बाहर नही निकल सकेगा। ऐसे में प्रशासन द्वारा रोजमर्रा के जरूरी सामान को उनके घर पर ही पहुंचाया जाएगा।
उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ प्रशान्त देष्टा ने कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत नालागढ़ उपमण्डल में उपमण्डलाधिकारी कार्यालय एवं विभिन्न तहसील कार्यालयों में सभी प्रकार की अनुमति एवं पास बनवाने के लिए वट्स एप नम्बर जारी किए हैं ताकि लोगों को इन कार्यों के लिए किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रशान्त देष्टा ने इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी देते हुए कहा कि यह व्हाट्सएप नंबर नम्बर जन सुविधा के दृष्टिगत जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उपमण्डलाधिकारी कार्यालय नालागढ़ में अनुमति एवं पास बनवाने के लिए व्हाट्सएप नंबर 70187-21698 एवं 94180-07833, वाहन पास के लिए 98160-10888, निर्माण कार्य के लिए 93185-00689 तथा विवाह एवं अन्य कार्य के लिए 82639-89872 पर आवेदन किया जा सकता है। प्रशान्त देष्टा ने कहा कि तहसील कार्यालय बद्दी में विभिन्न पास बनवाने के लिए व्हाट्सएप नंबर 94180-55038 तथा 98827-17116 पर आवेदन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि तहसील कार्यालय रामशहर में विभिन्न पास बनवाने के लिए व्हाट्सएप नंबर 96251-35979, 94183-23129 तथा 70185-02670 पर आवेदन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पंजैहरा में विभिन्न पास बनवाने के लिए व्हाट्सएप नंबर 98163-05813, 94186-28526 तथा 82197-00045 पर आवेदन किया जा सकता है। प्रशान्त देष्टा ने कहा कि तहसील कार्यालय नालागढ़ में विभिन्न पास बनवाने के लिए व्हाट्सएप नंबर 98051-19444, 94592-73443, 98826-45544 तथा 94189-15873 पर आवेदन किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि विभिन्न पास बनवाने एवं अनुमतियां प्राप्त करने के लिए उपरोक्त व्हाट्सएप नंबर नम्बरों का प्रयोग करें।
विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज ने बचत भवन में आयोजित बैठक में कोरोना वायरस से निपटने को लेकर चंबा जिला में अब तक उठाए गए कदमों की समीक्षा की। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि विशेष तौर से होम क्वॉरेंटाइन में रहने वाले लोगों की निरंतर और प्रभावी निगरानी करने में पंचायत प्रधान, सचिव, ग्राम रोजगार सेवक और आशा वर्कर की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि होम क्वॉरेंटाइन में रहने वाले व्यक्तियों को पूरी निगरानी में रखा जाएगा और जो इस प्रोटोकॉल का पूरे तरीके से पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि बाहर से चंबा जिला में प्रवेश करने वाले लोगों को ना केवल अपनी बल्कि अपने परिवार और समाज की सुरक्षा को भी पूरी तरह से सुनिश्चित बनाना होगा। विधानसभा उपाध्यक्ष ने जिला प्रशासन और कोविड- 19 की लड़ाई के साथ जुड़े विभागों के कार्यों और गतिविधियों पर पूरा संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि चूंकि अब चंबा जिला के जो लोग अन्य क्षेत्रों में रहते थे और अब वापस चंबा आ चुके हैं, ऐसे में उन्हें आवश्यक क्वॉरेंटाइन सुविधा में रखना और उनकी निरंतर निगरानी सुनिश्चित करना अब और प्रभावी बनाना होगा। विधानसभा उपाध्यक्ष ने कहा कि चंबा जिला के विभिन्न क्वॉरेंटाइन केन्द्रों में करीब 1900 बिस्तरों की व्यवस्था उपलब्ध है। इसके अलावा असिम्पटोमेटिक पॉजिटिव के इलाज के लिए जिला आयुर्वेद अस्पताल में 20 जबकि ट्राइबल भवन मेें 7 0 बिस्तरों की सुविधा भी उपलब्ध है। चंबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बी ब्लॉक में भी आइसोलेशन वार्ड में 20 बिस्तरों की व्यवस्था मौजूद है। विधानसभा उपाध्यक्ष ने चंबा मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को कहा कि इस समय स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज निश्चित तौर पर कोरोना संक्रमण की लड़ाई में निरंतर काम कर रहे हैं। लेकिन चंबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल से अन्य बीमारियों से ग्रसित रोगियों को अनावश्यक तौर पर रेफर ना करके यथासंभव उनके इलाज को भी यहां सुनिश्चित बनाने की दिशा में कार्य किया जाए। विधानसभा उपाध्यक्ष ने बताया कि ना केवल केंद्र सरकार बल्कि स्वयं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर प्रदेश के सभी जिलों में कोविड- 19 को लेकर लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने भी हिमाचल प्रदेश द्वारा कोरोना वायरस से बचाव को लेकर उठाए गए कदमों की सराहना की है। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि हम सब के सहयोग और प्रयासों से कोविड- 19 की इस लड़ाई को अवश्य जीतेंगे। लेकिन इसमें समाज का भी सौ फ़ीसदी योगदान मिलना उतना ही आवश्यक है। इस मौके पर उपायुक्त विवेक भाटिया ने विधानसभा उपाध्यक्ष को बताया कि जिला प्रशासन ने कुछ नए मैकेनिज्म तैयार किए हैं ताकि होम क्वॉरेंटाइन में रहने वालों की निरंतर व सटीक निगरानी की जा सके। इसको लेकर पूरे जिले में पंचायत क्वॉरेंटाइन सेंटर भी तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बाहरी क्षेत्रों से 10 बसों के माध्यम से जिन 241 लोगों ने जिला में प्रवेश किया था उनमें से लिए गए सभी सैंपल नेगेटिव पाए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि रेड जोन से आने वाले व्यक्तियों को 14 दिन का संस्थागत क्वॉरेंटाइन हर हाल में पूरा करना ही होगा। उन्होंने कहा कि यह सभी एहतियातें इसलिए बरती जा रही हैं ताकि आने वाले समय में जल्द चंबा जिला को पूरी तरह से कोरोना मुक्त किया जा सके। बैठक में पुलिस अधीक्षक डॉ मोनिका के अलावा चंबा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर पुरुषोत्तम पुरी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं चिकित्सा अधीक्षक चंबा मेडिकल कॉलेज डॉ राजेश गुलेरी, एसडीएम चंबा शिवम प्रताप सिंह, जिला पर्यटन विकास अधिकारी विजय कुमार, सहायक आयुक्त रामप्रसाद, कृषि उपनिदेशक सुरेश शर्मा, विषय वस्तु विशेषज्ञ बागवानी राजीव चंद्रा के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
सोलन जिला में 06 मई, 2020 को प्रवेश हुए सभी 1067 व्यक्तियों की निर्देशानुसार भौतिक जांच पुलिस द्वारा सुनिश्चित की जा रही है। यह जानकारी उप पुलिस अधीक्षक सोलन रमेश शर्मा ने दी। रमेश शर्मा ने कहा कि इन सभी 1067 व्यक्तियों को पुलिस द्वारा सम्पर्क कर सभी दिशा-निर्देशों की अनुपालना करने और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के नियमानुसार होम क्वारेनटाइन में रहने के निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी को आरोग्य सेतु ऐप अनिवार्य रूप से डाउनलोड करने के लिए भी कहा गया है। उप पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इन 1067 व्यक्तियों में से 357 व्यक्तियों को सोलन क्षेत्र में, 108 व्यक्तियों कंडाघाट क्षेत्र में, 156 व्यक्तियों को धर्मपुर क्षेत्र में, 78 व्यक्तियों को कसौली क्षेत्र में, 45 व्यक्तियों को परवाणू क्षेत्र में, 179 व्यक्तियों को अर्की क्षेत्र में, 107 व्यक्तियों को दाड़लाघाट क्षेत्र में तथा 17 व्यक्तियों को बागा क्षेत्र में होम क्वारेनटाइन किया गया है। उन्होंने कहा कि यूटीसीएल कम्पनी बागा में कार्यरत 06 कर्मचारियों को वहीं पर होम क्वारेनटाईन किया गया है। कुनिहार चैकी क्षेत्र में 20 लोगों को होम क्वारेनटाइन किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस नियंत्रण कक्ष सोलन द्वारा भी ऐसे 136 व्यक्तियों से संपर्क साधा जा रहा है जो होम क्वारेनटाइन हैं। रमेश शर्मा ने कहा कि पुलिस सभी व्यक्तियों को होम क्वारेनटाइन किए जाने का कारण एवं होम क्वारेनटाइन की अवधि में पालन किए जाने वाले निर्देशों की जानकारी दे रही है। सभी को बताया जा रहा है कि आदेशों की अनुपालना न करने पर नियमानुसार विधि सम्मत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उप पुलिस अधीक्षक ने जिला की सभी ग्राम पंचायतों के प्रधानों, सचिवों, नगर परिषद सोलन, नगर परिषद परवाणू के अध्यक्षों, पार्षदों एवं कार्यकारी अधिकारियों तथा नगर पंचायत अर्की के पार्षदों एवं सचिव सहित विभिन्न कैंट बोर्डों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से आग्रह किया है कि अपने क्षेत्र में बाहर से आने वाले व्यक्तियों की जानकारी जिला प्रशासन को उपलब्ध करवाएं ताकि कोविड-19 के खतरे को समाप्त किया जा सके। उन्होंने बाहर से जिला में आए व्यक्तियोें से भी आग्रह किया है कि विभिन्न निर्देशों का पालन करें तथा पूरी तरह होम क्वारेनटाईन ही रहें।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने लोगों से आग्रह किया है कि दीर्घावधि में कोरोना वायरस के खतरे से निपटने के लिए सोशल डिस्टेन्सिग का पालन करें और घर से बाहर मास्क पहन कर ही जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन तथा जन-जन के सहयोग से इस महामारी को सफलतापूर्वक हराया जाएगा। डाॅ. सैजल सोलन जिला के अर्की उपमण्डल में नगर पंचायत अर्की और कुनिहार क्षेत्र में 2000 से अधिक मास्क वितरित करने के उपरान्त पंचायती राज प्रतिनिधियों एवं स्थानीय निवासियों से विचार-विमर्श कर रहे थे। डाॅ. सैजल ने कहा कि कोविड-19 जैसे संक्रामक रोगों से बचाव के लिए जहां हमें अपनी दिनचर्या में कुछ बदलाव लाने आवश्यक हैं वहीं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मन्त्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देंशों का पालन करना भी ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के दिनचर्या सम्बन्धी नियम रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत करने में सहायक हैं। उन्होंने कहा कि योग एवं प्राणायाम तथा नियमित व्यायाम सभी के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मन्त्री ने कहा कि सोशल डिस्टेन्सिग का पालन कोराना वायरस संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने में विशेष रूप से सहायक सिद्ध हुआ है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि दो व्यक्तियों के मध्य कम से कम एक मीटर की सामाजिक दूरी बनाए रखने में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनकर जाना भी आवश्यक है। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वे अपने घर पर ही कपड़े से मास्क तैयार करें और नियमित रूप से मास्क का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संकट को समाप्त करने के लिए केन्द्र एवं प्रदेश सरकार को जन-जन का सहयोग अपेक्षित है। डाॅ. सैजल ने इस अवसर पर उपस्थित पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि अपने क्षेत्र में बाहर से आने वाले लोगों को होम क्वारेनटाईन में रखने के नियम का पालन सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने इस अवसर पर अर्की उपमण्डल में होम क्वारेनटाईन किए गए व्यक्तियों के विषय में पूर्ण जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। डाॅ. सैजल ने पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों से क्षेत्र में कफ्र्यू के कारण उत्पन्न परिस्थितियों की जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न समस्याओं का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित बनाया जा रहा है। सहकारिता मंत्री ने इस अवसर पर उपमण्डल में खाद्यान्न भण्डार, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं सहित अन्य आवश्यक सेवाओं की जानकारी भी प्राप्त की। उपमण्डलाधिकारी अर्की विकास शुक्ला ने इस अवसर पर उपमण्डल में कफ्र्यू अवधि में किए गए उपायों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि अर्की उपमण्डल में 850 व्यक्ति होम क्वारेनटाईन की अवधि पूर्ण कर चुुके हंै। वर्तमान में 278 व्यक्तियों को होम क्वारेनटाईन किया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी वन्दना चैहान ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल के मार्गदर्शन में सोलन जिला में अभी तक 16,000 से अधिक मास्क वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन मास्क को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं कुछ स्वंय सेवी संस्थाओं द्वारा तैयार किया गया है। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रत्न सिंह पाल, भाजपा मण्डल अर्की के अध्यक्ष डी.के. उपाध्याय, एपीएमसी सोलन के सदस्य दिलीप सिंह पाल सहित जिला परिषद सदस्य, बीडीसी सदस्य एवं पंचायती राज संस्थाओं के अन्य प्रतिनिधि तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और स्थानीय निवासी इस अवसर पर उपस्थित थे।
जिला सिरमौर में कोविड-19 हॉटस्पॉट कन्टेनमेंट जोन में रखी गई पांवटा साहिब विकास खण्ड की ग्राम पंचायत हरीपुरखोल पंचायत को हॉटस्पॉट कन्टेनमेंट जोन से बाहर कर दिया गया है यह आदेश जिला दण्डाधिकारी सिरमौर डॉ आर के परूथी ने दिए। उन्होनें बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार इन ग्राम पंचायतों में पिछले 28 दिनों से कोई भी कोरोना संबंधित मामला सामने नही आया है जिस कारण हरीपुरखोल पंचायत को अब हॉटस्पॉट कन्टेनमेंट जोन से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि माजरा, मिश्रवाला, पुरुवाला, पिलीवाला, हरीपुरखोल और पलोडी ग्राम पंचायतों को पहले ही हॉटस्पॉट कन्टेनमेंट जोन से बाहर कर दिया गया था। उन्होनें बताया कि जिला सिरमौर की इन पंचायतों के कुछ क्षेत्रों मे 11 मार्च, 2020 को 14 मरकज जमातियों ने प्रवास किया था जिस कारण 9 अप्रैल 2020 को इन सभी पंचायतों को हॉटस्पाट कंटेन्मेंट जोन में रखा गया था जिसे अब बहाल कर दिया गया हैं। उन्होनें बताया कि हरिपुरखोल ग्राम पंचायत, ग्रामीण क्षेत्र में पड़ने वाली सभी दुकानें, शॉपिंग मॉल को छोड़कर कर्फ्यू में ढील के दौरान प्रातः 09ः00 बजे से दोपहर 02ः00 बजे तक रविवार का दिन छोड़कर दैनिक आधार पर खोलने की अनुमति होगी व सभी दुकानदार मास्क के साथ अपने यहां काम कर रहे 50 प्रतिशत श्रमिक ही तैनात कर पाएंगे और सामाजिक डिस्टेंसिंग मानदंड बनाए रखेंगे। उन्होनें बताया कि सब्जियों और फलों की दुकानों, डेयरी की दुकानों, उचित मूल्य की दुकानों, बेकरी इकाइयों, आवश्यक वस्तुओं को बेचने वाली स्टैंडअलोन दुकानें और शराब की दुकानें प्रातः 09ः00 बजे से दोपहर 02ः00 बजे तक दैनिक आधार पर खोलने की अनुमति होगी। हालांकि, आहता को खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि सभी दुकानदार अपनी दुकानों के अंदर व बाहर जमीन पर कम से कम 1 मीटर की दूरी पर वेटिंग एरिया में स्थायी मार्किंग करेंगे और सोशल डिस्टेंसिंग लागू करेंगे तथा बाल काटने वाले सैलून, नाई की दुकानें, ब्यूटी पार्लर, स्पा अगले आदेशों तक बंद रहेंगे व ढाबों, मिठाई की दुकानों को कर्फ्यू में छूट के दौरान खोलने की अनुमति होगी। रेस्तरां पकाये हुए भोजन को काउंटर बिक्री के लिए प्रातः 09ः00 बजे से दोपहर 02ः00 बजे के बीच ही खोल पाएंगे। रेस्तरां या बार को खोलने की अनुमति नहीं होगी। इन आदेशों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति पर आईपीसी के तहत धारा 269,270 और 188 के तहत कानुनी कार्यवाही की जाएगी।
कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत हिमाचल प्रदेश सरकार गैर सरकारी संगठनों के समन्वय से राज्य में 24 खाद्य शिविरों में लगभग तेरह हजार प्रवासियों को भोजन उपलब्ध करवा रही है। राज्य सरकार के अधिकारी इन शिविरों में स्थिति पर निगरानी रख रहे हैं। जिला बिलासपुर में 689 लोग, चंबा में 2,688, कांगड़ा में 238, किन्नौर में दो, कुल्लू में 678, मंडी में 245, शिमला में 1,379 और सिरमौर जिले में 6,834 लोगों ने इन भोजन शिविरों में भोजन प्रदान किया गया है। इसके अलावा, 19 राहत शिविरों और आश्रय स्थलों में पांच सौ से अधिक व्यक्तियों को आश्रय प्रदान किया गया है। स्कूलों और मंदिरों में स्थापित ये राहत शिविर और भोजन शिविर काॅविड-19 के कारण लाॅकडाउन में फंसे हुए प्रवासी लोगों को भोजन की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं। इनमें से कांगड़ा जिला में संचालित तीन राहत शिविर और आश्रय में 89 व्यक्ति, कुल्लू के एक शिविर में आठ व्यक्ति, मंडी के एक शिविर में 18 व्यक्ति, शिमला के दो शिविरों में 94 व्यक्ति, सिरमौर के पांच शिविरों में 69 व्यक्ति और सोलन के सात शिविरों में 234 व्यक्तियों को आवास की सुविधा दी जा रही है। लाॅकडाउन के परिणामस्वरूप उत्पन्न हुई परिस्थितियों के बारे में कई प्रवासी मजदूरों ने बताया कि उनके पास मूलभूत घरेलू खर्चों को वहन करने के लिए भी पैसे नहीं थे और उस समय, राज्य सरकार ने इन असमर्थ लोगों का खर्च वहन करने की पहल की। राज्य सरकार द्वारा की गई अपील के परिणामस्वरूप, कार्यस्थल पर ही छः हजार से अधिक व्यक्तियों को उनके नियोक्ताओं द्वारा आश्रय और भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रवासी मजदूरों को भोजन और आश्रय के अलावा, राज्य के जरूरतमंद लोगों को भी लगभग दस लाख राशन और भोजन के पैकेट प्रदान किए गए हैं। जिला किन्नौर में नेपाली मूल के मजदूर दिल बहादुर व राजन ने बताया राज्य सरकार ने उन्हें संकट के समय में राहत प्रदान करते हुए आवश्यक सुविधाएं दी। इसी प्रकार किन्नौर में कार्य करने वाले उत्तर प्रदेश के मुन्ना व अमर चन्द ने भी राज्य सरकार की प्रशंसा करते हुए बताया कि उन्हें भी सरकार ने हर संभव राहत प्रदान की है। राष्ट्रीय लाॅकडाउन ने उन प्रवासी मजदूरों के लिए कठिनाई पैदा कर दी थी, जिन्हें कोविड-19 के कारण पैदा हुई परिस्थितियों में काम से हाथ धोना पड़ा, जिससे उनको भोजन तक की परेशानी हो चुकी थी। राज्य सरकार लाॅकडाउन की अवधि के दौरान इन प्रवासी कृषि मजदूरों, औद्योगिक श्रमिकों और अन्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भोजन और आश्रय सहित पर्याप्त सहायता प्रदान करना सुनिश्चित कर रही है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने मण्डी जिला के सिराज विधान सभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत प्रधानों से वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से बातचीत करते हुए कहा कि वे यह सुनिश्चित बनाए कि उनके क्षेत्रों में देश के विभिन्न हिस्सों से वापस आने वाले लोग होम क्वारंटाइन और सोशल डिस्टेंसिंग के मापदंडों की पूर्ण रूप से अनुपालना करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत प्रधानों को बाहर से आने वाले लोगों के परिजनों को भी अपने परिवार में सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए प्रेरित करना चाहिए। बाहर से आने वाले लोगों को अलग शौचालय का प्रयोग करने के लिए कहा जाए और अगर ऐसी सुविधा उपलब्ध न हो तो शौचालय को समुचित तरीके से सेनेटाईज किया जाए। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को भी लोगों को जागरूक बनाना चाहिए कि वे किसी भी प्रकार के धार्मिक एवं सामाजिक समारोह में शामिल न हो, क्योंकि इससे कोरोना वायरस फैलने का खतरा बढ़ जाता है। जय राम ठाकुर ने कहा कि पंचायती राज संस्थानों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को यह भी सुनिश्चित बनाना चाहिए कि उनके गांव में जो भी व्यक्ति बाहर से आया है, वह घर में क्वारन्टीन की समय अवधि पूरा करे। इसके अतिरिक्त लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए किए गए उपायों के बारे में भी जागरूक किया जाना चाहिए और उन्हें चेहरा ढकने अथवा मास्क का प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रधान यह भी सुनिश्चित करें कि यह लड़ाई कोविड-19 महामारी के विरूद्ध है, न कि उन लोगों के जो इस बीमारी से ग्रसित हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग को सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के साथ-साथ कार्य शुरू करने की मंजूरी प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत सभी कार्यों को सुविधाजनक और तीव्रता से पूरा किया जाए, लेकिन साथ ही सुरक्षित सामाजिक दूरी को भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय बाजारों और सार्वजनिक स्थानों को सेनेटाईज करने के लिए पर्याप्त प्रयास किए जाएं और दुकानदारों को उनकी दुकानों में मास्क का उपयोग और सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए कहा जाना चाहिए। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के लिए परिवहन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है। इस अवसर पर विभिन्न पंचायतों के प्रधानों ने भी अपने विचार रखे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रदेश सरकार के विभिन्न उच्च अधिकारियों के साथ राज्य में कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत उत्पन्न स्थिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह देश के विभिन्न भागों से प्रदेश में लौटे लोगों द्वारा क्वारंटाइन नियमों का सख्ती से पालन करना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के अन्य भागों से प्रदेश में लौट रहे सभी लोगों की जांच की जाएगी और इसके पश्चात यह निर्णय लिया जाएगा कि उस व्यक्ति को होम क्वारंटाइन या संस्थागत क्वारंटाइन में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों से हिमाचल प्रदेश लौट रहे सभी लोगों का पूरा विवरण रखा जाएगा और रेड जोन से आने वाले लोगों को क्वारंटाइन केंद्रों में रहना आवश्यक होगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य में फंसे अन्य प्रदेशों के लोग विशेषकर विद्यार्थियों और श्रमिकों को उनके राज्य वापस जाने के लिए सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार अन्य राज्यों में फंसे लोगों को हिमाचल प्रदेश वापस लाने के लिए पर्याप्त प्रबंध किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहले से ही प्रदेश के बाहर प्रवासी श्रमिकों, तीर्थ यात्रियों, पर्यटकों, विद्यार्थियों और अन्य लोगों के आवागमन को समन्वित करने के लिए नोडल अथाॅरिटी की सहायता के लिए पर्याप्त संख्या में सहायक अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में संस्थागत केंद्रों को चिन्हित किया जाना चाहिए और इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि जहां तक संभव हो यह आवासी और व्यस्त क्षेत्रों से दूर एकांत स्थान पर हों। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग जो होम क्वारंटाइन का नियम तोड़ते हैं, उन्हें तुरंत संस्थागत क्वारन्टीन में स्थानांतरित कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि देश के अन्य भागों से प्रदेश में वापस लौटने वाले लोगों के लिए नियमानुसार पास जारी किए जाने चाहिए, ताकि राज्य के प्रवेश द्वारों पर अनावश्यक भीड़ से बचा जा सके। मुख्य सचिव अनिल खाची, पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरडी, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर.डी. धीमान, प्रधान सचिव ओंकार शर्मा और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू, सचिव सूचना एवं जन सम्पर्क रजनीश भी बैठक में उपस्थित थे।
भारत सरकार कोरोना रूपी महामारी से लाखों लोगों का जीवन बचाने में सफल रही है। इसके लिए हम प्रधानमंत्री की हार्दिक प्रशंसा करते हैं। यह बात हिमाचल प्रदेश सेवानिवृत कर्मचारी कल्याण मंच के मीडिया प्रभारी भूप चंद अत्री एवं प्रदेश उपाध्यक्ष बृज लाल ठाकुर द्वारा, प्रदेश अध्यक्ष बलराम पूरी के दिशा निर्देशों द्वारा एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कही गई। उन्होंने कहा कि देश एवं प्रदेश भारी आर्थिक संकट में गुजर रहा है लेकिन इसके उपरांत भी भारत सरकार की उदार आर्थिक सहयोग में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एवं परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर के सफल प्रयासों द्वारा हिमाचल परिवहन निगम से सेवानिवृत हुए 6500 कर्मचारियों के लिए मार्च माह की पैंशन जारी कर दी है। इसके लिए हिमाचल परिवहन सेवानिवृत कल्याण मंच प्रदेश के मुख्यमंत्री का धन्यवाद करता है तथा कल्याण मंच आशा करता है कि भविष्य में भी प्रदेश सरकार सेवानिवृत कर्मचारियों के लंबित पड़े समस्त भुगतानों को प्रदान करने के लिए सफल प्रयास करेगी। उन्होंने उम्मीद जताई है कि उन्हें एक न एक दिन पूरे जीवन के खून पसीने की कमाई अवश्य मिलेगी तथा सेवानिवृत कर्मचारी परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर के नेतृत्व में एक दिन की पेंशन लगभग 35 लाख रूपये मुख्यमंत्री राहत कोष में प्रदान करेंगे ।
बीएल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार में विद्यालय के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य पर और स्कूलों में महामारी के कारण आई हुई आर्थिक गिरावट को मध्य नजर रखते हुए विद्यालय प्रबंधन समिति में अभिभावकों को राहत देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है जिसने सत्र 2020 2021 में कोई भी annnual fund, admission fees नहीं ली जाएगी। विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने बताया कि सरकार के अगले निर्देश जारी होने पर ही इस सत्र मैं सिर्फ महीने की ट्यूशन फीस व रजिस्ट्रेशन फीस ही ली जाएगी। मां सरस्वती की असीम अनुकंपा से इस विद्यालय में पहले से 50 बच्चे फ्री एजुकेशन प्राप्त कर रहे हैं वह 200 से अधिक बच्चे आधी फीस देकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यह सुविधा इस सत्र में भी जारी रहेगी। विद्यालय प्रबंधन समिति के इस निर्णय से सभी अभिभावकों को राहत मिलेगी। विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने सभी अभिभावकों को यह संदेश दिया है कि आज पूरा संसार को कोरोना नामक वैश्विक महामारी से जूझ रहा है, हम इस मुश्किल की घड़ी में आपके साथ हैं। इस मुश्किल घड़ी में आप अपना व अपने परिवार पूर्ण रूप से ध्यान रखें। इस मुश्किल समय में हम नहीं चाहते कि हमारे बच्चे पढ़ाई व अन्य गतिविधियों से वंचित रहे इसके लिए हमारे विद्यालय प्रबंधन समिति ने ऑनलाइन अध्ययन शुरू किया है जिसके माध्यम से बच्चे पढ़ाई व अन्य गतिविधियों पर निरंतर ध्यान दे रहे हैं। इस नवीन अध्ययन के लिए हम अपने अध्यापक वर्ग का भी दिल की गहराई से धन्यवाद करते हैं। हमारे शिक्षण संस्थान का मुख्य उद्देश्य है कि बच्चों का सर्वागीण विकास हो सके। आप सभी के निरंतर सहयोग से बी एल सेंट्रल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने 25 वर्ष इस साल सफलतापूर्वक पूर्ण किए हैं। आप सभी अभिभावकों ने 25 वर्ष इसे अपना संस्था की तरफ प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रुप से सहयोग दिया है वह पूरी तरह से सराहनीय है। इन 25 सालों में जिसने भी इस विद्यालय का सहयोग दिया है हम उनके सहयोग का धन्यवाद करते हैं। अब यह हमारा नैतिक कर्तव्य बनता है कि आज इस मुश्किल की घड़ी में हम आपके साथ खड़े रहे। इस महामारी की वजह से जो पूरे देश की आर्थिक स्थिति में जो गिरावट आई है उसे हम भी भलीभांति समझते हैं इस मुश्किल घड़ी में आप सभी को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। विद्यालय अध्यापक अभिभावक संघ के अध्यक्ष ने भी विद्यालय पर अभिभावकों की तरफ से विद्यालय द्वारा दी गई राहत की प्रशंसा की है।
ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के धमोग गांव में दिन-दहाड़े तेंदुए ने एक गाय को नोच कर अपना शिकार बनाया है। इन दिनों दाड़लाघाट तथा इसके आसपास के क्षेत्रों में तेंदुए ने आतंक का माहौल बना रखा है। अभी 10 दिन पहले गांव धुंदन में तेंदुए ने 2-3 गोवंशों उनको अपना शिकार बनाया था और अब वीरवार के दिन धमोग गांव के नेकराम ने जब अपनी गउओं को बाघल होटल के पास चराने छोड़ा था तो दिन के 11:00 बजे ही घात लगाए बैठे तेंदुए ने उसकी गाय पर झपटा मारकर उसे नोच डाला। नेकराम ने बताया कि यह तेंदुआ उसी क्षेत्र में कई दिनों से देखा जा रहा है, जिसकी सूचना वन विभाग को दे दी गई थी। वन विभाग ने नेक राम को जल्दी ही उस क्षेत्र में पिंजरा लगाने का आश्वासन दिया है, क्योंकि वन विभाग के पास एक ही पिंजरा है जो अभी धुंदन के स्यारी गांव में लगाया गया है जहां कुछ दिन पहले तेंदुए ने कई गोवंशों को अपना शिकार बनाया था। वन परिक्षेत्र अधिकारी गुरुदेव शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि नेकराम को इस नुकसान का मुआवजा दिलवाया जाएगा और शीघ्र ही इस क्षेत्र में पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ा जाएगा।उन्होंने लोगों को भी हिदायत दी कि लोग रात के समय घर से बाहर न निकलें।
जिला मुख्यालय पर चौगान में कोरोना संक्रमण की लड़ाई में फ्रंट लाइन में रहकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने वाले कोरोना वॉरियर्स को विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज द्वारा सम्मानित किया गया। इनमें गैर सरकारी संस्थाएं, पंचायत प्रतिनिधि और कर्मचारी भी थे। इस मौके पर चंबा के उपायुक्त विवेक भाटिया, पुलिस अधीक्षक डॉ मोनिका, एसडीएम चम्बा शिवम प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश गुलेरी और सहायक आयुक्त राम प्रसाद भी मौजूद रहे। इस दौरान विधानसभा उपाध्यक्ष ने सभी कोरोना वॉरियर्स की सराहना करते हुए कहा कि कोरोना महामारी की इस लड़ाई में मेडिकल, पुलिस, सफाई कर्मियों के अलावा गैर सरकारी संस्थाएं भी अपनी अमूल्य भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। विधान सभा उपाध्यक्ष द्वारा जिनको सम्मानित किया गया उनमें चंबा के मेडिकल ऑफिसर हेल्थ डॉ गुरमीत कटोच, जिला निगरानी अधिकारी डॉ जालम सिंह, खंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज ठाकुर, खंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पद्मा अग्रवाल, खंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ ऋषि पुरी, खंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सतीश फोतेदार, खंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मानसिंह, खंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अंकित शर्मा, एमडी मेडिसिन डॉ संजय कुमार, ईएनटी विशेषज्ञ डॉक्टर राकेश ठाकुर, मेडिकल ऑफिसर डॉ पुनीत पराशर, मेडिकल ऑफिसर डॉ करण हितेशी, मेडिकल ऑफिसर डॉ अंशुल, मेडिकल ऑफिसर डॉ क्षितिज शर्मा, लैब टेक्नीशियन रोहित ठाकुर, मेल हेल्थ वर्कर अश्वनी कुमार, डाटा प्रोसेसिंग असिस्टेंट जीवन प्रकाश, डाटा एन्ट्री ऑपरेटर पंकज पठानिया, इंचार्ज 108 एंबुलेंस योगराज, सहायक उपनिरीक्षक पुलिस बलराज, सहायक उप निरीक्षक पुलिस अशोक कुमार, सहायक उपनिरीक्षक पुलिस कुलदीप कुमार, सहायक उप निरीक्षक पुलिस राकेश गौड़ा, राजनगर पंचायत प्रधान राजीव ठाकुर और सचिव जयवंती कुमारी, संदीप कुमार टीजीटी प्रभारी थुलेल क्वॉरेंटाइन सेंटर, प्रधान ग्राम पंचायत रिंडा नीरजा देवी और पंचायत सचिव कमल कांत, तहसीलदार चंबा रोशन लाल शर्मा, खंड विकास अधिकारी चंबा ओपी ठाकुर, वरिष्ठ सहायक एसडीएम कार्यालय चंबा राकेश महाजन, नायब तहसीलदार चम्बा संदीप कुमार के अलावा सलूणी तहसील के भेलू गांव निवासी पवन कुमार, वरिष्ठ नागरिक सावित्री देवी जंदरोटिया, बहुमुखी प्रतिभावान कलाकार विवेक शर्मा, सेवा भारती और प्रेरणा द इनसिपरेशन संस्थाएं भी शामिल रहीं।
आईजीएमसी में वीरवार एक महिला ने दम तोड़ दिया है। जानकारी के अनुसार महिला को अस्थमा भी था। महिला को सांस लेने में दिक्कत आ रही थी जिसके चलते उसे वीरवार सुबह अस्पताल लाया गया था। वह बुधवार को ही परिवार सहित एक टैक्सी में सवार होकर पंजाब के पटियाला से वापस शिमला लौटी थी। उसके बाद से वह शिमला के नाभा स्थित अपने घर पर होम क्वारंटाइन में थी। हालांकि ये नहीं कहा जा सकता है कि वह कोरोना संक्रमित थी। उसकी टेस्ट रिपोर्ट आने पर ही इस बात का खुलासा हो पाएगा। घटना की पुष्टि एएसपी प्रमोद शुक्ला ने की है।
सदर विधानसभा क्षेत्र के युवा नेता एवं प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर और उनके युवा सहयोगियों ने सदर विधानसभा क्षेत्र की नौणी पंचायत में जनता को मास्क वितरित किये। इस मौके पर युवा नेता ने जनता को सम्बोधित करते हुए कहा कि जितना सम्भव हो सके अपने घरों पर ही रहें। अगर अति आवश्यक कार्य से घर से बाहर निकलना भी पड़े तो मास्क का हमेशा प्रयोग करें। उन्होंने जनता से अपील की है कि सोशल डिस्टेनसिंग का पालन करे ताकि जल्द से जल्द हम इस वैश्विक बीमारी से छुटकारा पा सके। आशीष ठाकुर ने चिंता जताते हुए कहा है कि जिस तरह से आये दिन देवभूमि में कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आ रहे है यह प्रदेश की जनता के लिए चिंतनीय विषय है। आशीष ठाकुर ने कहा कि फिलहाल हमारे जिला बिलासपुर में कोई भी कोरोना पॉज़िटिव मामला नही है इसलिए हमें इस समय और ज्यादा सतर्क रहने और सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है। उन्होंने बाहरी प्रदेशों से जिला बिलासपुर में आये लोगो से भी मीडिया के माध्यम से अपील की है कि वो लोग होम क्वारन्टीन में रहें और अपने परिवार, समाज और देवभूमि को इस महामारी से बचाने में सहयोग करें। इस मौके पर वार्ड सदस्या रानी धीमान, सदर युवा कांग्रेस महासचिव विकास ठाकुर एवं युवा समाजसेवी कमल किशोर उनके साथ मास्क वितरण में सम्मिलित रहे।
जयराम कैबिनेट की अहम बैठक शुक्रवार को होने जा रही है। यह बैठक राज्य सचिवालय की जगह अब पीटर हॉफ में होगी। कोरोना के संकट से जूझ रही जनता को राहत देने के लिए जयराम कैबिनेट की बैठक में कई अहम निर्णय हो सकते है। वंही बैठक में दूसरे कई राज्यों की तर्ज पर हिमाचल में भी शराब पर कोरोना सेस लगाने पर विचार किया जा सकता है। माना जा रहा है कि शराब के दाम में भी कुछ फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है। बैठक में कैबिनेट सब कमेटी की सिफारिशों पर मंथन की संभावना है। इसके अलावा बैठक में लॉकडाउन में आम लोगों को हो रही परेशानियों को कम करने के लिए और रियायत देने पर भी निर्णय हो सकता है। बता दे ये बैठक सुबह 11 बजे शुरू होगी।
करोना के कहर के बीच हिमाचल प्रदेश के लिए एक और दुखद खबर आई है। मंडी के सरकाघाट के 21 वर्षीय युवक की करोना से आईजीएमसी शिमला में मौत हो गई थी। इसके बाद साथ मे आयी इसकी माँ के कोरोना सेम्पल लिए गए थे। जिसकी रिपोर्ट देर रात्रि को आई है जो कि पॉजिटिव है। इसके साथ ही अब आईजीएमसी शिमला में एक क्रोना पॉजिटिव मामला उपचाराधीन है। बताया जा रहा है कि जब यह युवक इलाज के लिए दिल्ली गया था तो इसकी मां भी इसके साथ थी। इस प्रकार जो प्रदेश कोरोना मुक्ति की दहलीज पर खड़ा था वो एक बार फिर कोरोना के चंगुल में फंसता नजर आ रहा है। प्रदेश में कोरोना के 6 एक्टिव मामले हो गए हैं जबकि कोरोना संक्रमितों कुल संख्या 46 हो गई है।
कोरोना वायरस से निपटने के लिए प्रदेश सरकार व प्रसासन पूरी गम्भीरता से दिन रात जुटा हुआ है , हर मन्त्री, विधायक, पार्टी अधिकारी इससे लड़ाई लड़ रहे हैं। इसी कड़ी में वीरवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ राजीव सहजल व प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल कुनिहार पहुंचे। कुनिहार विकास खण्ड कार्यालय सभागार में उन्होंने आंगनवाड़ी, आशा वर्कर, पंचायत प्रतिनिधियों, बीडीसी सदस्यों के साथ कोरोना को लेकर प्रदेश सरकार के दिशा निर्देशों को सांझा किया। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यो से हिमाचल के लोग अपने घर वापिस आ रहे है। पंचायत स्तर पर ऐसे बाहरी राज्यो से आने वाले लोगो के बारे में सूचना प्रशासन तक पहुंचाए, ताकि उन्हें घरों में करोंटाइन करके कोरोना के वायरस को फैलने से बचाया जा सके। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से अपनी, अपने परिवार व समाज की सुरक्षा की अपील की। इस दौरान विभाग द्वारा बनाए गए मास्क भी मौजूद लोगों में बांटे गए। इस दौरान मंत्री महोदय ने लॉकडाउन से लोगो को आ रही समस्याओं को जाना और कहा कि वायरस से बचने के लिए एहतियात के तौर पर जो उपाय करने है,उन्हें अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाये। राहत के तौर पर जो कार्य सरकार के द्वारा किए जा रहे है उन पर भी इस बैठक में चर्चा की गई। इस दौरान प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रत्तन सिंह पाल, मंडल अध्यक्ष देवेंद्र कुमार शर्मा, खण्ड विकास अधिकारी विवेक पॉल, एसबीपीओ संजय वर्मा, सीडीपीओ विनोद गौत्तम, डीपीओ वंदना चौहान, जिला परिषद सदस्य कंचन माला, बीडीसी सदस्य सीमा महंत, गीता ठाकुर, दलीप पाल, राजेश शर्मा सहित कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कोरोना वायरस के खतरे के कारण घोषित क्फ्र्यू और 10वीं तथा 12वीं कक्षा की अगले वर्ष होने वाली बोर्ड की परीक्षाओं ने छात्रों को यह सोचने पर विवश कर दिया था कि उनका बहुमूल्य एक वर्ष अब कैसे बच पाएगा। संकट के इस समय में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की तकनीक के प्रयोग के साथ प्रदेश की युवा पीढ़ी को घर बैठे शिक्षा प्रदान करने की सोच ने सभी को आस बंधाई। मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने राज्य के कोने-कोने में सुलभ दूरदर्शन चैनल के माध्यम से ‘हिमाचल में ज्ञानशाला-हर घर पाठशाला’ आरंभ की। हिमाचल दूरदर्शन ज्ञानशाला ने आरंभ होते ही प्रदेश के 10वीं तथा 12वीं कक्षा के छात्रों को न केवल पाठ्यक्रम के अनुरूप जानकारी प्रदान करने का सूत्रपात किया अपितु उन्हें तकनीक के माध्यम से अपने घर पर ही शिक्षा प्राप्त करने के मूलमंत्र से अवगत भी करवाया। सोलन जिला के नालागढ़ उपमंडल के कोहू गांव की 10वीं कक्षा की छात्रा हिमा देवी ने दूरदर्शन के माध्यम से आरंभ की गई ज्ञानशाला के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ज्ञानशाला ने उनकी शिक्षा की सबसे बड़ी चिंता और चुनौती को दूर कर दिया है। अब वे प्रतिदिन प्रातः 10.00 बजे से दोपहर 1.00 बजे तक अत्यन्त ही सरल पद्धति से अपने पाठ्यक्रम को सीख पा रही हैं। जिला की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लोहारघाट के 12वीं कक्षा के छात्र लखविन्द्र सिंह का कहना है कि सूचना प्रौद्योगिकी के युग में प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ज्ञानशाला के माध्यम से न केवल उनका एक वर्ष बर्बाद होने से बचा लिया अपितु कोरोना संकट के समय में बेहतर शिक्षा भी उपलब्ध करवाई। कोहू गांव की 10वीं कक्षा की छात्रा अंजना देवी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लौहारघाट की 12वीं कक्षा की कमलेश कुमारी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दिग्गल की 10वीं कक्षा की छात्रा पायल धीमान, इसी विद्यालय की 12वीं कक्षा की छात्रा अनु सहित जिला के अनेक छात्र प्रदेश सरकार की इस पहल से गदगद हैं। सोलन जिला के अर्की उपमंडल के गांव बथालंग की 12वीं कक्षा में पढ़ रही रूचिका, गांव मांडला की 10वीं कक्षा की वैशाली भी दूरदर्शन के हिमाचल चैनल पर प्रतिदिन कक्षा लगा रही हैं। इन छात्राओं का कहना है कि ज्ञानशाला के माध्यम से हम दैनिक कक्षा की तरह ही गणित, अंग्रेजी एवं विज्ञान जैसे विषयों की बारीकियों को आसानी से समझ पा रहे हैं। ई-लर्निंग एवं शिक्षण अर्थात हिमाचल दूरदर्शन ज्ञानशाला के माध्यम से 10वीं तथा 12वीं कक्षा के छात्र प्रतिदिन अपने घर पर ही शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। शिक्षा विभाग द्वारा इन कक्षाओं के लिए हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम के अनुसार यह कार्यक्रम तैयार किया गया है। छात्रों की सुविधा के लिए अध्यापकों ने विद्यालयवार व्हट्सऐप ग्रुप बनाए हैं। इन ग्रुप के माध्यम से छात्रों को दैनिक गृह कार्य प्रदान किया जाता है और उनकी शंकाओं का निवारण किया जाता है। सोलन जिला में सोलन, अर्की, कुनिहार, कण्डाघाट तथा दाड़लाघाट क्षेत्र में छात्र सिटी चैनल के माध्यम से चैनल संख्या 804 पर हिमाचल दूरदर्शन ज्ञानशाला का लाभ उठा रहे हैं। कसौली, परवाणु, धर्मपुर, सोलन, बरोटीवाला तथा नालागढ़ में फास्टवे के माध्यम से चैनल संख्या 95 पर हिमाचल दूरदर्शन ज्ञानशाला का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। सुबाथु एवं साथ लगते क्षेत्रों में परवाणु सैटेलाईट सर्विसिज द्वारा चैनल संख्या 33 पर हिमाचल दूरदर्शन ज्ञानशाला का प्रसारण नियमित रूप से किया जा रहा है। छात्र http://www.education.hp.gov.in तथा https://cut.ly/hargharpathshala के माध्यम से घर पर ही आॅनलाईन वीडियो एवं वर्कशीट भी देख सकते हैं। युवा पीढ़ी को सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से ज्ञानवान बनाने की प्रदेश सरकार की यह पहल वास्तविक अर्थों में छात्रों के लिए संजीवनी बनकर उभरी है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि अपनी जान जोखिम में डालकर देश के विभिन्न राज्यों में फंसे हिमाचलियों को वापिस लाने के कार्य में लगे हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के चालकों व परिचालकों की मृत्यु होने पर उनके परिवार को सरकार ने 50 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान देने का निर्णय लिया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार कोविड-19 से निपटने में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और उन्हें सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरण जैसे मास्क, दस्ताने इत्यादि उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के दृष्टिगत राजस्थान के कोटा, दिल्ली, चण्डीगढ़ ट्राई सिटी-मोहाली, पंचकूला व चण्डीगढ़ सहित देश के अन्य हिस्सों में भारी संख्या में फंसे हिमाचली विद्यार्थियों को हिमाचल प्रदेश वापिस लाने में एचआरटीसी के चालकों व परिचालकों के योगदान की सराहना की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी वाराणसी के विभिन्न शिक्षा संस्थानों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हिमाचल प्रदेश के 22 विद्यार्थियों को सुरक्षित वापिस भेजने के प्रबन्धों के लिए आभार व्यक्त किया। इन विद्यार्थियों के वीरवार तक वापिस पहुंचने की संभावना है।
एसडीएम डॉ सुरेन्द्र ठाकुर ने बताया है कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से पिछले दिनों में नूरपुर उपमंडल के अंतर्गत 2734 लोग बाहरी राज्यों अथवा जिलों से ग्रीन और येलो पास के माध्यम से अपने-अपने घरों में पहुंचे है। उन्होंने बताया कि इस पास सुविधा के तहत प्रशासन द्वारा जिन लोगों को 28 दिनों के लिए होम क्वारंटाइन में रखा गया हैं, उन्हें क्वारंटाइन प्रोटोकॉल के तहत निर्धारित सभी मानदंडों को घर में रह कर पूरी तरह अपनाना होगा। उन्होंने बताया कि ऐसे लोग यदि घरों से बाहर निकलने की कोशिश करेंगे तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। उन्होंने होम क्वारंटाइन किए गए लोगों को आगाह किया है कि वे घरों से बाहर न निकलें। अगर कोई व्यक्ति बाहर घूमते पाया जाता है तो उसके खिलाफ मामला दर्ज करने के साथ उसे 28 दिनों तक इंस्टिटूशनल क्वारंटाइन में भेजा जाएगा।
उपमण्डल घुमारवीं में कोविड-19 की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रबन्धों का उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने जायजा लिया। उन्होंने घुमारवीं के दकडी चैक में ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों से लाॅकडाउन के दौरान वाहनों से संबंधित एकत्रित की जा रही जानकारी के बारे में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने वहां पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्थापित किए गए चिकित्सा केन्द्र जहां पर बाहर से आ रहे वाहनों में सफर कर रहे यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग कर रहे है के बारे में भी जानकारी ली और उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उपायुक्त ने संत निरंकारी मिशन भवन घुमारवीं में स्थापित क्वारंटाईन केन्द्र में रह रहे लोगों से बातचीत की तथा उन्हें दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने दधोल में निर्माणाधीन पुल के कार्य का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ठेकेदार को निर्माण स्थल पर मजदूरों को सामाजिक दूरी बनाए रखने और सैनीटाईजर का प्रयोग करने के नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला बिलासपुर की सीमा तरघेल में स्थापित पुलिस पोस्ट पर तैनात पुलिस उप अधीक्षक घुमारवीं से लाॅकडाउन में आने जाने वाले वाहनों की संख्या व दर्ज की जानेवाली सूचनाओं की जानकारी ली। उन्होंने इस स्थान पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों से अपनी थर्मल स्क्रीनिंग भी करवाई। उपायुक्त ने विभिन्न स्थानों पर लोगों को आवश्यक हिदायत देते हुए लोगों को सामाजिक दूरी बनाए रखने और मास्क को प्रयोग करने के तथा बार-बार हाथ धोने, अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने के लिए कहा।


















































