भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष डा० राजीव बिन्दल ने बाहर से प्रदेश में आने वाले लोगों के सहयोग के लिए प्रदेश व जिला स्तर पर कमेटियों का गठन किया है। जिसमें रामस्वरूप शर्मा, सांसद को मण्डी संसदीय क्षेत्र, राकेश शर्मा (बबली), प्रदेश अध्यक्ष किसान मोर्चा, को हमीरपुर संसदीय क्षेत्र, वीरेन्द्र चौधरी, प्रदेश सचिव, को कांगड़ा संसदीय क्षेत्र तथा संजय सूद, प्रदेश कोषाध्यक्ष को शिमला संसदीय क्षेत्र का प्रमुख बनाया गया है। भाजपा अध्यक्ष ने बताया कि इसी प्रकार जिला स्तर पर 3-3 सदस्यों की कमेटी का गठन किया गया है जिसमें राजेन्द्र बोद्ध को जिला लाहौल स्पिति का प्रमुख तथा संजीव कुमार एवं शमशेर सिंह को सदस्य बनाया गया है। इसी प्रकार जिला कुल्लू प्रमुख भीम सेन होंगे तथा जोगिन्द्र शुक्ला व अखिलेश कपूर सदस्य, जिला मण्डी प्रमुख रणवीर सिंह होंगे तथा महेन्द्र पाल तथा प्रियंता शर्मा सदस्य, जिला सुन्दरनगर का प्रमुख दलीप कुमार ठाकुर को बनाया गया है और ओमप्रकाश एवं हुकम चंद ठाकुर सदस्य होंगे। जिला किन्नौर का प्रमुख संजीव हारा होंगे तथा राजपाल नेगी व यशवंत सिंह सदस्य, जिला हमीरपुर का प्रमुख बलदेव शर्मा को बनाया गया है और उनके साथ हरीश शर्मा व अभयवीर सिंह सदस्य होंगे। जिला ऊना प्रमुख मनोहर लाल शर्मा तथा राजकुमार पठानिया व अर्जन सिंह सदस्य, जिला बिलासपुर प्रमुख स्वतंत्र संख्यान, आशीष ढिल्लो व नवीन शर्मा सदस्य, जिला देहरा प्रमुख संजीव शर्मा व अभिषेक पाधा तथा जगदीप डढवाल सदस्य, जिला चम्बा प्रमुख योग सिंह तथा धीरज नरयाल व वीरेन्द्र ठाकुर सदस्य, जिला कांगड़ा प्रमुख चंद्रभूषण नाग तथा रमेश बराड़ व सचिन शर्मा सदस्य, जिला नूरपुर प्रमुख रमेश राणा तथा सतीश शर्मा व रणवीर सिंह को सदस्य, जिला पालमपुर प्रमुख हरिदत शर्मा तथा विजय भट्ट व देवेन्द्र राणा को सदस्य तथा जिला शिमला प्रमुख रवि मेहता तथा उनके साथ गगन शर्मा व अंजना शर्मा सदस्य तथा जिला महासू प्रमुख अजय श्याम व शशिभूषण तथा संजय वर्मा को सदस्य, जिला सिरमौर का प्रमुख श विनय कुमार गुप्ता तथा राजेन्द्र ठाकुर व बलदेव कश्यप को सदस्य तथा जिला सोलन का प्रमुख आशुतोष वैद्य तथा नंदराम कश्यप व अमर सिंह परिहार को सदस्य बनाया गया है। डा० बिन्दल ने बताया कि यह कमेटी रामस्वरूप शर्मा, सांसद की अध्यक्षता में कार्य करेगी।
केंद्र सरकार ने कोरोनावायरस से लड़ाई के लिए हिमाचल प्रदेश को 952 करोड़ रुपए का विकास राजस्व घाटा अनुदान जारी किया है। यह दूसरी मासिक किश्त है जो हिमाचल समेत 14 राज्यों को जारी की गई है। केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामले मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर विकास राजस्व घाटा अनुदान की दूसरी समान मासिक किस्त जारी की गई है। यह राज्यों को कोरोना संकट के दौरान अतिरिक्त संसाधन प्रदान करेगा। इसके तहत 14 राज्यों को 6,195.08 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। 13 मई को होगी कैबिनेट की बैठक हिमाचल कैबिनेट की बैठक बुधवार 11 बजे बुलाई गई है। इस बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित फैसले होंगे। एपीएल के राशन की कटौती, बिजली बोर्ड और शिक्षा विभाग से संबंधित फैसले होंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में यह बैठक राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ में होगी। नहीं खुलेंगे स्कूल, छुट्टियां समाप्त होते ही कॉलेजों में परीक्षाएं होंगी शुरू वहीं, कोरोना वायरस से बचाव के लिए हिमाचल के सरकारी और निजी स्कूलों को अभी खोलने का सरकार जोखिम नहीं उठाना चाहती है। ऐसे में स्कूलों को 31 मई तक बंद रखने का फैसला लिया गया है। कॉलेजों में 25 मई से होने वाली छुट्टियों को 18 मई से 10 जून तक देने का विचार है। इन छुट्टियों के समाप्त होते ही कॉलेजों में परीक्षाएं शुरू होंगी। शिक्षा विभाग ने 17 मई को लॉकडाउन समाप्त होने के बाद शैक्षणिक गतिविधियां शुरू करने के लिए एक्जिट प्लान तैयार कर लिया है। 13 मई को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
बाहरी राज्यों से आने वाले स्थानीय लोग 13 मई को ऊना से एचआरटीसी के ऊना डिपो की बसों से आकर चंबा जिला में प्रवेश करेंगे। इन 9 बसों में 200 व्यक्ति आएंगे। सभी लोगों को चंबा जिला की सीमा में रिसीव करने के लिए विभिन्न उपमंडलों के कार्यकारी मजिस्ट्रेट ड्यूटी के लिए तैनात कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रोटोकॉल के मुताबिक स्वास्थ्य जांच करेंगी। उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट विवेक भाटिया ने बताया कि जिला में बाहर से आने वाले ऐसे सभी लोगों को क्वॉरेंटाइन करने की सुविधाएं तय कर ली गई हैं। सभी उपमंडलों के एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि वे क्वॉरेंटाइन सुविधाओं में सभी एहतियातों का भी पूरा ख्याल रखें और इनकी निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि कुछ क्वॉरेंटाइन सुविधाओं का स्वयं भी जायजा लिया है और आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उपायुक्त ने बताया कि सरु में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के नए होस्टल ब्लॉक को भी क्वॉरेंटाइन सुविधा के लिए चिन्हित कर लिया गया है। जल शक्ति विभाग और बिजली बोर्ड को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द इस भवन में बिजली ,पेयजल इत्यादि की सुविधाएं उपलब्ध करें ताकि इसका उपयोग भी संस्थागत क्वॉरेंटाइन सुविधा के तौर पर किया जा सके। जिला के सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में और ऐसे भवन चिन्हित करने और उनमें सुविधाएं जुटाने के लिए भी कहा गया है ताकि आने वाले समय में बाहरी राज्यों से आने वाले चंबा जिला के स्थानीय लोगों को क्वॉरेंटाइन किया जा सके। उन्होंने कहा कि संस्थागत क्वॉरेंटाइन की 14 दिनों की अवधि के बाद होम क्वॉरेंटाइन की अगली अवधि भी बहुत ही महत्वपूर्ण है। ऐसे में होम क्वॉरेंटाइन हुए व्यक्ति की निगरानी के लिए भी अब पंचअस्त्र निगरानी विधि अपनाई जा रही है ताकि कोई भी व्यक्ति होम क्वॉरेंटाइन के नियमों की अनदेखी किसी भी सूरत में ना कर सके। उन्होंने कहा कि होम क्वॉरेंटाइन एक ऐसा समय है जिसमें ना केवल उस व्यक्ति बल्कि उसके परिवार को भी पूरी जागरूकता और संवेदनशीलता के साथ कोरोना वायरस संक्रमण की गंभीरता को समझते हुए अपनी जिम्मेदारी को हर हाल में पूरा करना होगा तभी हम कोरोना महामारी की इस लड़ाई में कोरोना वायरस को हरा पाने में सक्षम होंगे। उपायुक्त ने एक बार फिर पंचायती राज प्रतिनिधियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे इस आपदा की घड़ी में अपने पद के उत्तरदायित्व के अलावा अपनी सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी को भी समझते हुए होम क्वॉरेंटाइन को सबसे बड़ी प्राथमिकता देकर होम क्वॉरेंटाइन किए लोगों की निगरानी में प्रशासन का पूरा सहयोग करें।
उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट विवेक भाटिया ने बताया कि लॉक डाउन अवधि के दौरान चंबा जिला में बागवानों को अब तक 11 लाख 87 हजार रुपए की अनुदान सहायता राशि मुहैया की जा चुकी है। लॉक डाउन में बागवानी विभाग के अधिकारियों का एकमात्र लक्ष्य बागवानी से जुड़ी सभी योजनाओं का लाभ बागवानों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि बागवानी विभाग एक विशेष कार्य योजना के तहत काम करते हुए बागवानों की सभी समस्याओं और शंकाओं का समाधान तुरंत प्रतिक्रिया दे कर प्राथमिकता के आधार पर करे। विवेक भाटिया ने कहा कि बागवानी विभाग को ये हिदायत भी दी गई थी कि वे खुम्ब उत्पादकों को भी उनकी फसल को मंडी तक पहुंचाने में विभाग आवश्यक मदद दे। इस अवधि में खुम्ब उत्पादक द्वारा करीब 70 क्विंटल खुम्ब उपभोक्ताओं तक पहुंचाई गई। बागवानों को उनकी जरूरत और मांग केेेे अनुरूप कर्फ्य पास भी जारी किए गए ताकि उन्हें बगीचों में आवश्यक कार्य निपटाने में दिक्कतों का सामना ना करना पड़े। उपायुक्त ने कहा कि चंबा जिला का काफी क्षेत्र बागवानी के तहत आता है और बागवानी वहां की आर्थिकी का बहुत बड़ा आधार भी है। विवेक भाटिया ने कहा कि चंबा जिला में कृषि और पशुपालन के अलावा बागवानी क्षेत्र भी विशेष तौर से ग्रामीण आर्थिकी का बहुत बड़ा आधार है। बागवानी विभाग को इसी के मद्देनजर सभी आवश्यक कदम उठाने चाहिए ताकि सभी पात्र बागवान योजनाओं से लाभान्वित हो सकें। उपायुक्त ने जानकारी देते हुए बताया कि बागवानी विभाग उद्यान विकास योजना के तहत पावर टिलर मुहैया करने के अलावा पुष्प क्रांति योजना में पुष्प उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए भी सहायता राशि उपलब्ध करता है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश कृषि योजना के तहत बागवानों को बागवानी के औजार अनुदान पर दिए जाते हैं। मधुमक्खी पालन को व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए मुख्यमंत्री मौन पालन योजना में भी बागवानों के लिए सुविधाएं उपलब्ध हैं। बागवानी विभाग ओला अवरोधक जाली लगाने के लिए भी अनुदान राशि उपलब्ध करता है। बागवानी विभाग द्वारा सेब और अन्य फल पौधों के बेहतर स्वास्थ्य और अच्छी क्वालिटी के फल लेने के लिए जिले के सभी सरकारी पौध संरक्षण केंद्रों के माध्यम से बागवानों को सरकारी अनुदान राशि पर दवाइयां भी वितरित की गई। उपायुक्त ने बागवानों का आह्वान करते हुए कहा कि जिला में फलों की पैदावार के साथ-साथ पुष्प उत्पादन की भी बहुत बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं। बागवानों को पुष्प उत्पादन की ओर भी अपना रुझान बढ़ाना चाहिए ताकि वे फूलों की खेती करके अच्छा मुनाफा कमा सकें।
आयुर्वेदिक विभाग बिलासपुर द्वारा कोविड-19 महामारी कोरोना वायरस के रोकथाम के लिए जिला बिलासपुर में सीमावर्ती कार्यकर्ताओं (फ्रंट लाईन वर्कस) में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक काढा मधुयष्टियादी कषाय के 3 हजार पैक्ट जिला स्तर पर कार्यरत विभिन्न विभागों के कार्यालयों में वितरित किए जा चुके है। उपायुक्त राजेश्वर गोयल और जिला आयुर्वेदिक डाॅ. जमीर खान चंदेल ने सभी विभागीय प्रमुखों से कहा है कि कोविड-19 महामारी कोरोना वायरस से निपटने के लिए सीमावर्ती कार्यकर्ताओं (फ्रंट लाईन वर्कस) को वितरित करना सुनिश्चित करें ताकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सके।
जिला दंडाधिकारी सोलन केसी चमन ने कोरोना वायरस संक्रमण के दृष्टिगत जिला में बाहरी राज्यों से आने वाले व्यक्तियो की निगरानी के संबंध में आवश्यक आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार बाहरी राज्यों के रेड जोन से आ रहे सभी परिवारों एवं व्यक्तियों को सोलन जिला में स्थित अंतरराज्यीय बैरियर पर संस्थागत क्वारेनटाइन किया जाएगा। इन सभी व्यक्तियों को 14 दिन की सक्रिय निगरानी में रखा जाएगा। ओरेंज जोन तथा ग्रीन जोन से आ रहे सभी परिवारों एवं व्यक्तियों को 14 दिन के लिए होम क्वारेनटाइन किया जाएगा। विशेष परिस्थितियों में जैसे कि गर्भवती स्त्रियां, नवजात शिशुओं की माताएं तथा गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को होम क्वारेनटाइन किया जाएगा। आदेशों के अनुसार होम क्वारेनटाइन की निगरानी के लिए जिला दंडाधिकारी सोलन द्वारा जारी 07 स्तरीय प्रणाली एवं इससे संबंधित दिशा-निर्देशों का अनिवार्य पालन सुनिश्चित बनाया जाएगा। जो व्यक्ति होम क्वारेनटाइन नियम का उल्लंघन करेगा उसे ग्राम पंचायत में स्थित संस्थागत क्वारेनटाइन में भेज दिया जाएगा और उसके विरूद्ध महामारी अधिनियम, 1897 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। आदेशों के अनुसार यदि किसी मामले में संशय उत्पन्न होता है तो उक्त व्यक्ति ऐसे मामले में संबंधित उपमंडलाधिकारी से आगामी दिशा-निर्देश प्राप्त करेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।
जनजातीय पांगी घाटी को चंबा जिला मुख्यालय से जोड़ने वाले चंबा- किलाड़ वाया साच पास सड़क मार्ग को इस महीने के अंत तक खोल दिया जाएगा। विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज ने लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ इंजीनियरों के साथ सड़क बहाली के कार्य का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के चलते दूरस्थ पांगी घाटी को सड़क मार्ग के जरिए भी जिला मुख्यालय के साथ जोड़ना प्रदेश सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इस दिशा में लोक निर्माण विभाग द्वारा युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। विधानसभा उपाध्यक्ष ने कहा कि वे स्वयं सड़क बहाली के कार्य की रोज समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किलाड़- चंबा सड़क के वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल होने के बाद पांगी घाटी सड़क मार्ग के साथ भी देश के अन्य हिस्सों के साथ जुड़ जाएगी। आपात स्थिति में पांगी घाटी के लिए हवाई सेवा के साथ सड़क यातायात सुविधा भी उपलब्ध हो जाएगी। हंस राज ने ये भी कहा कि सड़क बहाली का काम पूरा हो जाने के बाद पांगी घाटी के किसानों को भी अपने उत्पाद सड़क मार्ग के जरिए मंडियों तक पहुंचाने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी।
पूर्व मंत्री व विधायक श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र राम लाल ठाकुर ने कोरोना महामारी के चलते हुए प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से प्रदेश में कोविड-19 के मामले बढ़ते जा रहे है व चिंता का विषय है जबकि अब तक हिमाचल प्रदेश कोरोना फ्री राज्य घोषित होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि जैसे ही बाहरी राज्यों से लोंगो का आवागमन हिमाचल प्रदेश में हुआ उसमे प्रदेश सरकार राज्यो के एंट्री पॉइंट्स पर पुख्ता व्यवस्था न कर पाने पर यह मामले बढ़े है। जहाँ-जहाँ पर प्रदेश के एंट्री पॉइंट्स थे वहां पर प्रदेश सरकार का स्वास्थ्य विभाग बाहर से आने वाले लोंगो की प्राथमिक जांच करने में ही असफल रहा। इन एंट्री पॉइंट्स पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के पास उपयुक्त स्वास्थ्य जांच इंस्ट्रूमेंट्स न होने से इन लोंगो की शुरुआती जांच भी नहीं हो पाई जिसके कारण बाहरी राज्यो से आने वाले लोग प्रदेश मे प्रवेश कर गए और अब इन लोंगो की सेहत की देखभाल सिर्फ और सिर आशा वर्करों या वार्ड पंचो के हवाले कर दी गई है। राम लाल ठाकुर ने यह भी कहा कि इस महामारी के समय प्रदेश सरकार ने जो 80 प्रतिशत लोंगो की स्वास्थ्य जांच का दावा किया है वह सरासर गलत है। यह सारा दावा प्रदेश सरकार का आशा वर्करों के द्वारा इक्कठी की गई रिपोर्टों के आधार पर है। बहुत सी आशा वर्करों को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी फोन पर निर्देश देते है कि अपनी पंचायत के लोगों की बीमारियों के बारे में पता लगाओ। अब यह बताओ कि एक पंचायत को सिर्फ दो आशा वर्करों के सहारे छोड़ देना कहां तक उचित है और फिर क्या यह स्वास्थ्य वर्कर क्या स्वास्थ्य विषय विशेषज्ञ है? उन्होंने कहा कि मेरी सलाह प्रदेश सरकार को है कि यदि कोविड 19 जैसी महामारी से लड़ना है तो स्वास्थ्य विशेषज्ञों, प्रशानिक अधिकारियों और सरकार के पक्ष और विपक्ष के नेताओं को साथ लेकर एक सयुक्त टीम का गठन करना चाहिए ताकि कोई बुनयादी योजना बन सके और इस महामारी को मात दी जा सके, केवल विडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के सहारे सरकार नहीं चल सकती है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि आज लॉक डाउन का पचासवां दिन है अभी तक तो प्रदेश के हर जिला अस्पताल में कोरोना टेस्टिंग की सुविधा दी जानी चाहिए थी। उन्होंने यह भी कहा 50 दिन लॉक डाउन होने के बावजूद भी अभी तक भी कोरोना के मरीजों के लिए कोई पर्याप्त इसोलेशन वार्डस विकसित नहीं हो पाए हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि कोरोना की लड़ाई में बहुत सी वित्तिय धांधलियों को भी जन्म दिया गया है जो कि एक गम्भीर व चिंता का विषय है। इसकी भी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
Chief Minister Jai Ram Thakur while addressing the members of Zila Parishad, BDC members and Panchayat Pradhans of various Gram Panchayats of Hamirpur and Una districts through video conferencing from Shimla said that they were playing a vital role in fighting the COVID-19 in the State by sensitizing people regarding importance of isolation and social distancing to break the cycle of the virus. Chief Minister said during the last few days as many as one lakh Himachalis stranded in various parts of the Country have come back to the State and about 55000 were expected to come back within next few days. He said that since few of them were coming from red or orange zones it was essential to ensure proper medical check up of these persons and to keep them under quarantine. He said that State Government has launched ‘Nigah’ programme to keep close watch on people coming from other States. He said the programme aims to sensitize people of the State to ensure proper protocol to avoid corona infection. Jai Ram Thakur said that the panchayat pradhans must ensure that they keep a close surveillance on people arriving in their areas from other parts of the country. He said efforts must be made that pradhans alongwith ASHA workers and other health functionaries visit the house of such persons before their arrival, so that the family members could be educated regarding social distancing even within the family. Chief Minister said that the pradhans were also doing a commendable job in motivating people to download ‘Aarogya Setu App’. He said that they were also distributing face masks and face covers besides providing food to poor and needy. He also urged the pradhans to ensure proper sanitization of their panchayats to check outbreak of any disease. He said that they should also educate the people regarding social stigma associated with the disease as it was fight against the disease and not the infected person. Jai Ram Thakur said that it was due to the strong and dynamic leadership of Prime Minister Narendra Modi that the magnitude of COVID-19 was not so alarming as compared to other developed countries. He said that Prime Minister during the video conferencing with the Chief Ministers of the States yesterday has urged the people to collectively fight corona but at the same time try to live with this pandemic with care and precautions. Chief Minister said that all the panchayat pradhans must help the family members who have limited accommodation to ensure proper social distancing by providing them isolated accommodation in community centres, panchayat ghar and mahila mandal bhawans etc. He said that proper vigil should be kept on the persons to ensure that they does not jump from home quarantine. He said that if a person was found that he was not following the home quarantine norms, the matter should be brought before the district administration so that he could be kept under institutional quarantine. Jai Ram Thakur said that elected representatives of Panchayati Raj Institutions must also come forward to start various developmental activities in their respective panchayats. He said that work under MNREGA be expedited but at the same time it must be ensured that proper social distancing norms were followed. Rural Development Minister Virender Kanwar thanked the Chief Minister for sparing his valuable time to guide the elected representatives of PRIs in the wake of COVID-19 pandemic. Pradhan of Gram Panchayat, Jambali of Bijhari block in Hamirpur district Satish Soni, Pradhan Gram Panchayat Kakkar of Bamsan Block in Hamirpur district Jyoti Thakur, Pradhan Gram Panchayat Anu in Hamirpur district Sunder Dhiman, Pradhan Gram Panchayat Amb Tika of Amb Block in Una district Darshran Singh and Pradhan Gram Panchayat Laroli of Amb Block in Una district also shared their views during the video conferencing. Director Rural Development and Panchayati Raj Lalit Jain conducted the proceeding of the video conferencing. Chief Secretary Anil Khachi, Secretary Rural Development Dr. R.N. Batta and Director Information and Public Relations Harbans Brascon were also present during the meeting.
युवा कांग्रेस ने कहा है कि अगर बिलासपुर के स्वारघाट में क्वॉरेंटाइन किए गए युवक की मौत की निष्पक्षता के साथ जांच नही हुई तो क्षेत्र के लोगो के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा और इसकी जिम्मेवारी प्रदेश सरकार और प्रशासन की होगी। युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव आशीष ठाकुर बिलासपुर में पत्रकारों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से मांग की है कि बिलासपुर जिला के स्वारघाट क्वारंटाइन सेंटर में रखे गए युवक की मौत की गुथी को सुलझाने के लिए इस मामले की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए, जो भी लोग इसमे संलिप्त पाए जाते है उनके खिलाफ कठोर से कठोर सजा का प्रावधान होना चाहिए।आशीष ठाकुर ने कहा कि आईजीएमसी शिमला में जिस तरह उक्त युवक के शव के साथ अमानवीयता का व्यवहार हुआ है वो बहुत ही निंदनीय है जिसने हिन्दू समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाई है,युवा नेता ने कहा कि इस तरह के कृत से उस युवक के परिवार पर क्या बीती होगी इसका अंदेशा लगाना भी सम्भव नही है। आशीष ठाकुर ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि भविष्य में शवों के साथ अमानवीयता का व्यवहार न हो उसके लिए ठोस नीति बनाए।
नर्बदा देवी ठाकुर भाषा शिक्षिका राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोट-तुंगल तहसील कोटली जिला मण्डी हिमाचल प्रदेश को कोरोना काव्य "सांझा संग्रह" में अपनी रचनाओं "आधा शहर गांव आ गया","अदृश्य आतंकी" , "ये जंग सीमा पर नहीं है" और प्रधानमंत्री केयर फंड में योगदान के लिए निखिल प्रकाशन समूह आगरा उत्तर प्रदेश द्वारा 11 मई 2020 को "कोरोना वरियर सम्मान" से ऑनलाईन सम्मानित किया गया। इन्होंने अपनी ये रचनाएं 4 मई 2020 को निखिल प्रकाशन समूह आगरा उत्तर प्रदेश को भेजी थी जो कोरोना काव्य "सांझा संग्रह"में प्रकाशन हेतु चुन ली गई है।
सड़कें पहाड़ की भाग्य रेखाएं हैं। हिमाचल जैसे पहाड़ी प्रदेश में जन-जन तक विकास के लाभ सड़कों के माध्यम से ही पहुंचते हैं। सड़कें ही किसानों तथा बागवानों की उपज को मंडियों तक तथा उद्योगों से उत्पादों को लोगों तक पहुंचाती हैं। लोक निर्माण विभाग प्रदेश में सड़क निर्माण एवं रखरखाव के साथ-साथ अन्य विकास संबंधी निर्माण गतिविधियों का प्रमुख अभिकरण है। विभाग अपने इन कार्यों के माध्यम से प्रदेश के विकास को गति प्रदान कर रहा है। कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश सरकार से कार्य आरंभ करने की अनुमति मिलते ही एक साथ करोड़ों रुपये के कार्य आरंभ कर न केवल विकास की नींव को मज़बूत करना आरंभ किया है अपितु प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति भी प्रदान की है। प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस के खतरे के मध्य विभिन्न विभाागों को सभी एहतियाती उपाय अपनाते हुए विभिन्न विकास कार्य आरंभ करने की अनुमति प्रदान की। इसका उद्देश्य जहां विकास कार्यों को समयबद्ध पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ना है वहीं ज़रूरतमंद एवं गरीब व्यक्तियों को श्रम के माध्यम से लाभ पहुंचाना भी है। सोलन जिला में लोक निर्माण विभाग ने इस दिशा में ठोस कार्य आरंभ किया है। जिला में 11 मई, 2020 तक लोक निर्माण विभाग द्वारा अनुमति मिलने के उपरांत लगभग 63 करोड़ रुपये की लागत से 80 निर्माण कार्य आरंभ किए गए हैं। इनके माध्यम से 786 श्रमिकों को लाभान्वित किया गया है। जिला में कोविड-19 के दृष्टिगत अनुमति मिलने के उपरांत 55 सड़क निर्माण कार्य, 05 पुल निर्माण कार्य तथा 20 भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। सड़क निर्माण कार्यों में 553, पुल निर्माण कार्य में 44 तथा भवन निर्माण कार्य में 189 कामगार लाभान्वित हो रहे हैं। लोक निर्माण विभाग द्वारा सोलन शहर की यातायात संबंधी अनेक समस्याआंे को दूर करने वाले तथा शिमला, सोलन एवं सिरमौर के किसानों एवं बागवानों की उपज को सुगमता से मंडियों तक पहुंचाने वाले शामती बाईपास के रूके हुए निर्माण कार्य को भी आरंभ कर दिया गया है। इस पर लगभग 16 करोड़ रुपये व्यय होंगे। शहर के साथ लगती ग्राम पंचायत कोठों में लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे बहुद्देशीय सभागार का निर्माण कार्य भी आरंभ हो गया है। यह सभागार विभिन्न कलाओं के मंचन एवं अन्य गतिविधियों के लिए बहुपयोगी सिद्ध होगा। जिला में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग 15 करोड़ रुपये के 12 विभिन्न कार्य तथा नाबार्ड द्वारा वित्त पोषित लगभग 12 करोड़ रुपये के 10 आवश्यक निर्माण कार्य भी आरंभ कर दिए गए हैं। सोलन में 08 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किए जा रहे परिधि गृह का कार्य भी आरंभ हो गया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा सोलन मंडल में 13 सड़कों के निर्माण कार्य में 110 श्रमिकों, 01 पुल के निर्माण कार्य में 03 श्रमिकों तथा 05 भवनों के निर्माण कार्य में 65 श्रमिकों को लाभान्वित किया जा रहा है। कसौली मंडल में 22 सड़कों के निर्माण कार्य में 208 श्रमिक, 02 पुलों के निर्माण कार्य में 11 श्रमिक तथा 06 भवनों के निर्माण कार्य में 42 श्रमिक लाभान्वित हो रहे हैं। जिला के अर्की मंडल में 04 सड़क निर्माण कार्यों में 42 श्रमिक तथा 01 भवन निर्माण कार्य में 05 श्रमिकों को लाभान्वित किया जा रहा है। नालागढ़ मंडल में 16 सड़क निर्माण कार्यों से 183, 02 पुल निर्माण कार्यो से 30 तथा 08 भवन निर्माण कार्यों से 77 कामगारों को लाभ मिल रहा है। लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता कैप्टन एसपी जगोता ने कहा कि प्रदेश सरकार से अनुमति मिलने के उपरांत विभिन्न निर्माण कार्य आरंभ किए गए हैं। सभी निर्माण कार्यों में कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत सोशल डिस्टेन्सिग सहित अन्य नियमों का पालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग के 290 श्रमिक जिला में सड़कों के रखरखाव के कार्य में भी संलग्न हैं। विभाग के 60 श्रमिक प्रशासन को ज़रूरतमंद व्यक्तियों को खाद्य सामग्री प्रदान करने में भी सहायता पहुंचा रहे हैं।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर राजभवन में नर्सों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कोरोना काल में नर्सें समाज को बहुत बड़ा योगदान दे रही हैं। वे खुद के संक्रमण होने के खतरे के बावजूद अपनी जान की परवाह किए बिना ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाने में जुटी हैं। 12 मई को मनाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर नर्सों के इसी योगदान को नमन करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 को ‘अंतरराष्ट्रीय नर्स वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। फ्लोरेंस नाइटिंगेल के त्याग व समर्पण को याद करते हुए हम इस व्यवसाय से जुड़े सभी कोरोना योद्धाओं का आभार व्यक्त करते हैं। राज्यपाल ने सिस्टर निवेदिता राजकीय नर्सिंग काॅलेज (एसएनजीएनसी), शिमला की प्रधानाचार्य ऊषा मेहता, दीन दयाल उपाध्याय जोनल अस्पताल, शिमला की मैट्रन परवीन सूद, कमला नेहरू अस्पताल, शिमला की नर्सिंग अधीक्षक वीना कौंडल तथा इंदिरा गांधी मेडिकल काॅलेज, शिमला की नर्सिंग अधीक्षक सुनीता शर्मा को सम्मानित किया। राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
अर्की भाजपा मंडल की बैठक वीडियो कांफ्रैंसिंग के माध्यम से हुई । बैठक की अध्यक्षता अर्की भाजपा के मंडलाध्यक्ष देवेंद्र उपाध्याय ने की। महामंत्री यशपाल कश्यप ने बताया कि इस बैठक में मंडल, जिला,प्रदेश कार्यकारीणी के पदाधिकारयों व सदस्यों ने भाग लिया। शिमला संसदीय क्षेत्र के प्रभारी एवं प्रदेश उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल,प्रदेश सचिव पायल वैद्य ने भी कांफ्रैस के माध्यम से बैठक में भाग लिया । मंडलाध्यक्ष उपाध्याय ने बताया कि अर्की भाजपा मंडल की यह दसवीं वीडियो कांफ्रैस थी जिसमें बूथ स्तर हो रही गतिविधियों पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर पीएम केयर फंड,सीएम केयर फंड,राशन देने बारे तथा कोरोना पर चर्चा की गई। इसके साथ ही पन्ना प्रमुखों के साथ अन्य बिंदुओं पर चर्चा की गई।
लाहौल स्पीति की स्थिति क्षेत्र में अब ढिंगरी मशरूम की खेती व्यापक स्तर पर की जाएगी। कृषि एवं जनजातीय प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ रामलाल मार्कंड़य सोमवार को एडीसी कार्यालय में विभिन्न विभागों के कार्य की समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि स्पीति में मटर की फसल काफी प्रचलित है। लेकिन अब ढिंगरी मशरूम की फसल को यहां पर विकसित करने के लिए कार्य तीव्र गति से चला हुआ है। इसी कड़ी में 50 किसानों को मशरूम की खेती करने के बारे में प्रशिक्षित किया गया है तथा उन्हें ढिंगरी मशरूम के स्पून तैयार करके हॉर्टिकल्चर विभाग ने वितरित कर दिया है। स्पीति में पर्यटन का बहुत बड़ा कारोबार है । ऐसे में यहां पर उगने वाली ढिंगरी मशरूम की खपत यह पर हो जाया करेगी। अभी तक चिचिम कलजग लादे प्रगतिशील किसान ढिंगरी मशरूम की खेती पिछले कुछ सालों से कर रहा है। उसके सारे प्रयोग सफल हुए हैं और सालाना 150 किलो से अधिक मशरूम की पैदावार कर रहा है। अपनी पूरी फसल को स्पीति के होटल होम स्टे में ही बेच देता है। स्पीति का तापमान मशरूम की पैदावार के के लिए उपयुक्त है ऐसे में स्पीति के हर गांव में मशरूम की खेती की जा सकती है । प्रशिक्षित किसान इस बार ढिंगरी मशरूम की खेती करेंगे। साथ ही साथ किस तरह और पैदावार को बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए भी कार्य करेंगे । जब यहां पर ढिंगरी मशरूम की फसल काफी अधिक हो जाया करेगी तो उसे प्रदेश के अन्य जिलों प्रदेश से बाहर भी बेचने का प्रयास किया जाएगा। मंत्री रामलाल मार्कंडेय ने बताया कि सभी किसानों को मुफ्त में ढिंगरी मशरूम की स्पून दी गई है।बैठक में एडीएम ज्ञान सागर नेगी सहित अन्य विभागों के अधिकारी टी ए सी सदस्य राजेन्द्र बोध भी विशेष तौर पर मौजूद रहे। प्राकृतिक खेती है आपको बताते चलें कि ढिंगरी मशरूम खेती करने के लिए खेती के प्राप्त किसी अवशेषों का प्रयोग किया जा सकता है जैसे कि सूखा हो उसने फफूंद नहीं लगी होनी चाहिए। मटर, जौ और गेहूं के भूसे का प्रयोग किया जाता है। औषधीय गुणों से भरपूर इसमें बहुत औषधीय गुण पाए जाते हैं। दवाई के लिए भेजता इस्तेमाल किया जा रहा है। ढिंगरी मशरूम में प्रोटीन होती है। इसके साथ ही कैल्शियम, पोटेशियम, सोडियम, फास्फोरस , आयरन आदि होते है। इसके सेवन से लेते केंसर प्रतिरोधी क्षमता, खून में कोलेस्ट्रॉल कम करने की क्षमता, ब्लड शुगर कम करने की क्षमता, आदि के लिए काफी चर्चित है ऐसे में जहां इस ढिंगरी मशरूम की फसल से लोगों की आय बढ़ेगी इसके साथ ही स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर भोजन उपलब्ध हो पाएगा। पर्यावरण के लिए आवश्यक ढिंगरी मशरूम ,उत्तम भोजन, सेहत और वातावरण इन तीनों समस्या का समाधान करती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि अन्य फसलों की तरह उपजाऊ भूमि नहीं चाहिए होता है। छोटे किसानों के लिए उपयुक्त होता है । इसकी जैव परिवर्तन क्षमता अधिक होती है। और उगने के लिए प्रयोग किए जा रहे पदार्थ के अनुपात में मशरूम का उत्पादन अच्छा होता है ग्रामीण क्षेत्रों में आसानी से उगाया जा सकता है बेरोजगारों के लिए रोजगार का साधन बन सकता है । महिलाओं के लिए घर द्वार पर रोजगार के साधन उपलब्ध हो जाएंगे। ग्रामीण महिला स्व सहायता समूह मशरूम का अचार , सुखा मशरूम मशरूम पाउडर आदि बनाकर अपनी आर्थिकी सुदृढ़ कर सकते हैं।
ग्राम पंचायत धुन्दन के पसल वाला में सोमवार को प्रकाश चंद की गोशाला में अचानक आग भड़क गई। आग की वजह से गोशाला में रखा चारा और इमारती लकड़ी जलकर राख हो गए है। गनीमत रही कि गोशाला में बंधे मवेशियों को समय रहते बचा लिया गया। हालांकि आग की लपटों से एक गाए और भैंस आंशिक रूप से झुलस गए है। शार्ट सर्केट को आग लगने की वजह बताया जा रहा है। घटना में लगभग काफी नुकसान हुआ है। गांव के अन्य लोगों ने गोशाला से धुआं उठते देखा और इसकी सूचना गोशाला के मालिक को दी। फायर चौकी अर्की को घटना की सूचना दी गई।लगभग तीस मिनटों में दमकल की गाड़ी मैके पर पहुँच गयी। अग्निशामक टीम प्रभारी धर्म सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी टीम में मदन लाल, कर्म चंद, राम गोपाल शामिल थे। उन्होंने लगभग 45 मिनटों की मुश्कत के बाद आग पर काबू पा लिया और गोशाला से सटे दो मकानों को आग की भेंट चढ़ने से बचा लिया गया। आग की वजह से किसान का लगभग तीन लाख का नुकसान हुआ है।
सिप्ला कम्पनी के साइट हैड संजय मिश्रा और एच.आर. हैड मृणाल कांति ने सिप्ला लिमिटेड बद्दी की ओर से मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को हिमाचल प्रदेश एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅन्स फंड के लिए 50 लाख रुपये का चैक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. राजन उप्पल ने खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिला के सभी स्वास्थ्य खण्डों में कोविड-19 के संभावित रोगियों के क्वारेनटाइन, उनके रक्त नमूने एकत्र करने वाली टीमों तथा कोविड-19 देखभाल केंद्र के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं। डॉ. राजन उप्पल मासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में जिला में कोविड-19 के दृष्टिगत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनके गुप्ता ने कोरोना वायरस संक्रमण, रक्त नमूने लेने एवं अन्य सुरक्षा मानकों के विषय में विस्तृत जानकारी प्रदान की। बैठक में सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित बनाएं। बैठक में मलेरिया व डेंगू रोकथाम विषय पर भी विचार-विमर्श किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अजय सिंह ने कहा कि मलेरिया तथा डेंगू से बचाव के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर जन जागरण अभियान चलाया जाना चाहिए। बैठक में मलेरिया तथा डेंगू संबंधी जागरूकता पोस्टर एवं बैनर मुख्य स्थानों पर लगाने के निर्देश भी दिए गए। डॉ. मुक्ता रस्तोगी ने बैठक में क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम, एचआईवी एड्स व स्वैच्छिक रक्तदान आदि के विषय में जानकारी दी। बैठक में सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों ने कोरोना वायरस संक्रमण एवं जिला में कार्यान्वित किए जा रहे अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जानकारी दी।
कहलूर सेवा विकास संस्थान बिलासपुर द्वारा पूरे षहर को सेनेटाइज करने के बाद अब अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए सोमवार से बेसहारा पशुओं के रखरखाव का जिम्मा उठाया है। इसके लिए प्रथम चरण में पषुओं के लिए पानी की व्यवस्था करना है। यह जानकारी देते हुए संस्थान के प्रधान सन्नी कुमार और महासचिव पंडित भरत डोगरा ने बताया कि इस कड़ी में सोमवार को धौलरा रोड़ के डायवर्सन पर स्थित पानी की टंकी की सफाई के साथ नीचे पशुओं को पीने के पानी के लिए बनाई गई खुरली की सफाई की गई। उन्होंने बताया कि यहां पर कुछ मरम्मत की आवष्यक्ता है। एक दो दिन में मरम्मत कार्य कर यहां पर पशु पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी। उन्होने बताया कि गर्मियों के मौसम में पशु पक्षियों को पानी की समस्या आम हो जाती है। पानी के लिए पशुओं को मजबूरन गोविंद सागर झील की ओर जाना पड़ता है जहां पर इन दिनों दल-दल का साम्राज्य है और पशु इसमें फंस जाते हैं। कई बार पशु यहां पर काल का ग्रास भी बन जाते हैं। महासचिव भरत डोगरा ने बताया कि नगर के प्रत्येक सेक्टर में ऐसे स्थान खोजे जाएंगे जहां पर पशुओं के पीने के लिए पानी की व्यवस्था हो सके। ऐसे स्थानों पर छोटी-छोटी टंकियों का निर्माण संस्था द्वारा करवाया जाएगा तथा पशुओं को पानी की किल्लत न हो इसके लिए ऐसी व्यवस्था की जाएगी। इस दौरान पानी के स़्त्रोतों को भी संवारने का काम किया जाएगा। सोमवार के इस अभियान उपप्रधान मनीष कौंडल, सहसचिव अजय राणा, विवेक आनंद, विनय कुमार, दीपक, रजत, गौरव ने अपना अहम योगदान दिया।
उपमंडल अधिकारी (ना.) घुमारवीं शशिपाल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा ४ मई को जारी आदेशानुसार जिला बिलासपुर के नागरिक चिकित्सालय घुमारवीं को डेडीकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि आदेश के अनुसार जिला बिलासपुर में कोरोना (कोविड-19 ) वायरस के संदिग्ध और ऐसे लोगों जिनमें कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है (सस्पेक्टेड और कंफर्म) की देखभाल एवं उपचार इस अस्पताल में किया जाना निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि आदेश के अनुसार दिनांक 11 मई से नागरिक चिकित्सालय घुमारवीं में आपातकालीन एवं मरीजों को अस्पताल में दाखिल कर उनका उपचार करने की सेवाएं बंद कर दी गई हैं। उन्होंने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार कोविड-19 से संबंधित व्यक्तियों एवं मरीजों के उपचार के लिए अस्पताल प्रशासन द्वारा 5 टीमों का गठन कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि उपमंडल की जनता स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भराड़ी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरलोग, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुठेडा या जिला अस्पताल बिलासपुर की सेवाएं प्राप्त कर सकते है। खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं ने बताया कि जब तक इस अस्पताल में कोरोना वायरस (कोविड़-19)से संक्रमित कोई व्यक्ति इलाज के लिए नहीं आता है तब तक अस्पताल प्रशासन ने आम जनता की दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए प्रातः 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक बाहय रोगी विभाग की सेवाए सुचारू रूप से बनाएं रखने का फैसला लिया है, लेकिन जैसे ही कोरोना वायरस से संक्रमित कोई रोगी अस्पताल में उपचार हेतु दाखिल होता है उसी समय वाह्य रोगी विभाग की यह सेवा भी तुरंत प्रभाव से बंद कर दी जाएगी।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने ऑनलाइन ज्ञापन के माध्यम से कुलपति के समक्ष ICDEOL में हुई 25-30% फीस वृद्धि के मामले को रखा। जिसमें विद्यार्थी ने परिषद् ने जुलाई 2019 के सत्र के साथ हो रहे अन्याय की तरफ उनका ध्यान केंद्रित किया । इसमें इकाई अध्यक्ष विशाल वर्मा व इकाई मंत्री मुनीष वर्मा ने बताया की ICDEOL में जो फीस वृद्धि हुई है वो अधिसूचना जनवरी 2020 में जारी हुई थी परंतु वह फीस अब जुलाई 2019 में ICDEOL में दाखिला लेने वाले छात्रों पर भी लागू की जा रही है, जो तर्कसंगत नहीं है। इसमें विद्यार्थी परिषद् ने साफ शब्दों में प्रशासन से माँग करते हुए कहा कि यह फीस उन्ही छात्रों पर लागू होनी चाहिए जिन्होंने जनवरी 2020 में ICDEOL में दाखिला लिया हो न जुलाई 2019 में दाखिला लेने वाले छात्रों पर । जुलाई 2019 में दाखिला लेने वाले छात्रों पर पुरानी फीस संरचना ही लागू की जाए। इस ज्ञापन के माध्यम से विद्यार्थी परिषद् ने प्रशासन से आशा की कि विद्यार्थी परिषद की माँग को संज्ञान में लेते हुए इसपर तुरंत प्रभाव से कार्यवाही की जाए तथा साथ ही प्रशासन को चेतावनी भी दी की अगर विद्यार्थी परिषद की इस माँग पर जल्द कार्यवाही नहीं की जाती तो विद्यार्थी परिषद लॉक डाउन के तुरंत बाद स्थिति सामान्य होने पर प्रशासन के खिलाफ हल्ला बोलेगी।
कृषि उत्पादन विपणन समिति (एपीएमसी) सोलन में अपनी उपज विक्रय करने के लिए आने वाले तथा देश की विभिन्न मंडियों से सब्जी एवं फल इत्यादि लेकर पहुंच रहे चालकों की सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक उपाय किए गए हैं। यह सभी उपाय कोरोना वायरस के खतरे से सफलतापूर्वक निपटने के लिए सुनिश्चित बनाए गए हैं। यह जानकारी एपीएमसी सोलन के सचिव डॉ. रविंद्र कुमार शर्मा ने दी। रविंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि एपीएमसी में किसानों-बागवानों एवं अन्य की सुविधा के लिए इन्फ्रारेड थर्मल स्केनर स्थापित कर दिया गया है। इसके माध्यम से एपीएमसी सोलन में आने वाले सभी व्यक्तियों का तापमान मापा जाएगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के दृष्टिगत एपीएमसी सोलन में कांच का एक कैबिन स्थापित किया गया है। तापमान की जांच के लिए व्यक्ति इस कैबिन के अंदर बैठेगा जबकि जांच के लिए व्यक्ति कैबिन के बाहर खड़ा होगा। इन्फ्रारेड तरंग के माध्यम से तापमान मापा जाएगा। उन्होंने कहा कि सब्जी मंडी में सभी आने वाले व्यक्तियों की प्रविष्टि दर्ज की जाएगी। इसमें व्यक्ति का नाम, पता और तापमान अंकित रहेगा। यह जानकारी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के साथ साझा की जाएगी ताकि संक्रमण की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। रविंद्र शर्मा ने कहा कि कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत एपीएमसी सोलन में पांव द्वारा संचालित हस्त प्रक्षालन प्रणाली (फुट ऑपरेटिड हैण्ड वॉश सिस्टम) भी स्थापित की गई है। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली के माध्यम से हाथ धोने के लिए पांव से बटन दबाना होगा। हाथ धोने के उपरांत ही व्यक्ति का तापमान मापा जाएगा। इसके माध्यम से सब्जी मंडी में स्वच्छता सुनिश्चित बनाने एवं विभिन्न संक्रमण से बचाव में सहायता मिलेगी। एपीएमसी के सचिव ने कहा कि कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत सब्जी मंडी में सुरक्षा उपाय अपनाने के साथ-साथ किसानों को समयबद्ध लाभ पहुंचाने की दिशा में भी सकारात्मक कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सोलन जिला के किसानों द्वारा उगाई जा रही ब्रॉकली एवं अन्य एक्सोटिक किस्मों की सब्जियों को बेहतर मूल्य पर विक्रय करने का प्रबंध सुनिश्चित बनाया गया है। इसके लिए रिलायंस फ्रेश तथा बिग बास्केट की सहायता ली गई है। किसान रिलायंस फ्रेश के साथ जिला के जनेड़घाट में तथा बिग बास्केट के साथ सलोगड़ा स्थित एकत्रिकरण केंद्र से सपंर्क स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि एपीएमसी सोलन द्वारा अभी तक लगभग 9.50 करोड़ रुपये मूल्य का 42 हजार क्विंटल मटर विक्रय किया गया है। सभी किसानों को ऑनलाइन भुगतान सुनिश्चित बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यह गत वर्ष की तुलना में लगभग 15 हजार क्विंटल अधिक है। रविंद्र शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशानुसार एपीएमसी सोलन किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलवाने एवं बेहतर विक्रय सुविधाएं प्रदान करने के लिए कृतसंकल्प हैं। उन्होंने किसानों एवं बागवानों से आग्रह किया कि उचित जानकारी एवं लाभप्रद मूल्य अर्जित करने के लिए एपीएमसी सोलन से संपर्क करें।
वैश्विक महामारी कोरोना के चलते लगभग पिछले 50 दिनों से जँहा सभी लोग लॉक डाउन है। तो वन्ही एक ऐसा वर्ग भी है जो इस दौरान अपने स्वास्थ्य की परवाह किए बगैर लगातार कोरोना की इस लड़ाई में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। जी हां हम बात कर रहे हैं उन सफाई कर्मचारियों की जो सुबह से शाम तक क्षेत्र की साफ सफाई में जुटे रहते है। सोमवार इन्ही योद्धाओं के सम्मान के लिए क्षेत्र की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने कुनिहार में एक कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें नायब तहसीलदार दौलत राम चौधरी के हाथों इन सफाई कर्मचारियों को हैंडटावल, साबुन, सेनेटाइजर, मास्क व ग्लब्ज देकर सम्मानित करवाया गया। नायब तहसीलदार व संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने इन सफाई कर्मचारियों के कार्य की खूब प्रशंसा कर इनके स्वास्थ्य की कामना की। इस अवसर पर सर्व एकता मंच कुनिहार के अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर, नव चेतना संस्था के प्रधान कुलदीप कंवर, एहसास कल्याण समिति के अध्यक्ष रुमित ठाकुर, हरजिंदर ठाकुर, प्रदीप चौधरी, सुभाष ठाकुर आदि मौजूद रहे।
लाडली फाउंडेशन के राज्य उपाध्यक्ष एवं रेनबो स्टार क्लब के मुख्य सलाहकार निर्मला राजपूत एवं जिला कार्यकारी अध्यक्ष रेखा बिष्ट ममता, की संयुक्त अगुवाई में कोरोना वायरस के चलते प्रभाव को देखते हुए, बिलासपुर शहर में कुल्लू मनाली रोड में रहने वाले लोगों तथा स्थानीय नागरिकों को मास्क एवं सैनिटाइजर बांटे गए। लाडली फाउंडेशन के कार्यकारी अध्यक्ष रेखा बिष्ट में जिला प्रशासन राजेश्वर गोयल अनुरोध किया कि अगर सामाजिक क्षेत्र में युवा स्वयंसेवकों की जरूरत पड़ती है तो शहर के सभी प्रमुख संस्थाओं रेनबो स्टार क्लब, हिंदू मुस्लिम राष्ट्रीय मंच सर्वधर्म समभाव, शिव शक्ति विकास समिति, विशाल हिंदू सभा इत्यादि का सहयोग लेकर लगभग लगभग सैकड़ों युवाओं की युवा समाजसेवियों की टीम हमारी तैयार है। लाडली फाउंडेशन के राज्य अध्यक्ष शालू ने बताया कि पूरे प्रदेश में लाडली फाउंडेशन के पदाधिकारी एवं समाजसेवी कोराना वायरस के चलते लोगों को मुफ्त सैनिटाइजर मास्क व भोजन लगातार पिछले कई दिनों से बांट रहे हैं।
उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट विवेक भाटिया ने कहा कि चंबा जिला के जो व्यक्ति ट्रेन के जरिए ऊना पहुंचेंगे उन्हें हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम की 14 बसें चंबा जिला वापिस लाएंगी। पथ परिवहन निगम की यह बसें 13 मई को चंबा जिला में प्रवेश करेंगी। इन बसों के माध्यम से आने वाले लोगों को चिकित्सकीय जांच के बाद क्वॉरेंटाइन केंद्रों में भेज दिया जाएगा। उपायुक्त ने यह भी कहा कि जो व्यक्ति होम क्वॉरेंटाइन के सभी नियमों का पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा उन्हें होम क्वॉरेंटाइन से निकालकर संस्थागत क्वॉरेंटाइन में भेज दिया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि होम क्वॉरेंटाइन किए व्यक्ति की यह नैतिक जिम्मेदारी भी बनती है कि वह ना केवल अपनी, अपने परिवार बल्कि पूरे समुदाय की भी चिंता करे। वर्तमान परिप्रेक्ष्य की बात करें तो कोरोना वायरस से हम तभी जीत पाएंगे जब हम सभी जरूरी एहतियातों का पालन सख्ती से करेंगे। उन्होंने बताया कि चंबा जिला के सभी उपमंडलों में पंचायत क्वॉरेंटाइन केंद्र बन रहे हैं और अब बाहर से आने वाले सभी व्यक्तियों को इन केंद्रों में 14 दिन की अवधि पूरी करनी होगी। इस अवधि के बाद 14 दिनों के लिए वे होम क्वॉरेंटाइन में रहेंगे। लेकिन इस दौरान भी उन्हें अब सभी नियमों की आवश्यक तौर पर अनुपालना करनी ही होगी। होम क्वॉरेंटाइन में पंचअस्त्र मैकेनिज्म से निरंतर निगरानी की जाएगी। उपायुक्त ने आम जनमानस से भी अपील करते हुए कहा कि वे कोरोना वायरस संक्रमण की गंभीरता को समझते हुए विशेष कर होम क्वॉरेंटाइन के सभी आवश्यक नियमों की अनदेखी न करें और यदि कोई अनुपालना करने में कोताही बरत रहा है तो उसकी जानकारी तुरंत दें ताकि उस व्यक्ति के कारण अन्य लोग प्रभावित ना हों। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में पंचायती राज संस्थाओं के सभी प्रतिनिधियों की भी सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि ना केवल अपने क्षेत्र में लोगों को जागरूक करें बल्कि होम क्वॉरेंटाइन, सोशल डिस्टेंसिंग समेत अन्य सभी एहतियातों को मानना हर हाल में सुनिश्चित करवाएं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डाॅ प्रकाश दरोच ने बताया कि जिला से अब तक 721 लोगों के सैंपल कोविड-19 के लिए लैब जांच के लिए आई जी एम सी शिमला भेजे गए, उनमें से 657 सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं और 2 की रिपार्ट अभी तक पाजिटिव आई है। शेष 62 सैंपलों की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। उन्होंने बताया कि अब बाहर से बहुत ज्यादा संख्या में लोग अपने-अपने घरों को आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले सभी व्यक्तियों का बाॅर्डर पर स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है और उन्हें अब इंस्टीचयूशनल क्वारंटाईन में रखा जाएगा और सरकार के सभी आदेशों का पालन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आम जनता में किसी को भी बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ हो तो वो अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र जाकर बताएं में जाकर कोरोना टैस्ट अवश्य करवाएं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार कार्यस्थल पर सामाजिक दूरी व मास्क अनिवार्य कर दिऐ है। उन्होंने बताया कि घर से बाहर जाने पर मास्क का प्रयोग अनिवार्य है तथा सार्वजनिक स्थानों पर थूकना भी दण्डनीय अपराध माना गया है।
जिला कांग्रेस अध्यक्षा अंजना धीमान ने कोरोना योद्धाओं को उनके काम के लिए सम्मानित किया। उन्होंने सोशल डिस्टेंसिनग के नियम का पालन करते हुए कोरोना योद्धाओं को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ये वही योद्धा है जो समाज मे जागरूकता को फैला रहे है और लोगों को कोरोना जैसी महामारी से बचने के लिए सही नियम पर कायदे बता रहे है। उन्होंने इस मौके पर एस डी एम घुमारवीं शशि पाल शर्मा व उनके सहायक स्टाफ और डी एस पी राजेन्द्र जसवाल घुमारवीं व उनके सहायक पुलिस स्टाफ को भी सम्मानित किया और इस कठीन घड़ी में उनके अदम्य साहस की सराहना की। इस मौके पर उनके साथ ब्लॉक कांग्रेस घुमारवीं के अध्यक्ष जगीर सिंह मेहता, महिला मंडलो की सदस्य व अन्य सामाजिक संस्थाओं से जुड़े हुए लोग व राजीव शर्मा, सुनील कुमार ,मनोहर लाल, राहुल, विजय व ध्यानचंद व अन्य लोग भी मौजूद थे। अंजना धीमान ने कहा कि जिला जिला कांग्रेस इस महामारी की घड़ी में कोरोना योद्धाओं के साथ खड़ी है और सामाजिक नियमो का पालन करते हुए लोगों को इस महामारी से लड़ने हेतु हर सम्भव सहायता करेगी। अंजना धीमन ने कहा जिला में कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी इस महामारी से निपटने के लिए किसी न किसी रूप में सहायता प्रदान की है और आगे भी करती रहेगी। अंजना धीमान ने इस मौके पर कोरोना योद्धाओं को फूल देकर सम्मानित किया और मास्क व सेनेटाइजर भी बांटे। उन्होंने सभी लोगों से एक बार फिर अपील की कि सोशल डिस्टेंसिनग के महत्व को समझना बहुत आवश्यक है नहीं तो इस बीमारी की कीमत पूरे विश्व को चुकानी पड़ेगी।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में अब जिले के भीतर आवाजाही के लिए कर्फ्यू पास बनाना अनिवार्य नहीं होगा। हालांकि एक से दूसरे जिले में जाने के लिए कर्फ्यू पास अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जिलों के डीसी और एसपी के साथ हुई बैठक में यह फैसला लिया है। देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हिमाचलियों को अपने गृह क्षेत्र आने की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के प्रत्येक जिला की संस्थागत क्वारंटीन सुविधा को मजबूत करना होगा। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और राज्य के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान कही। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के 68000 लोगों ने राज्य में प्रवेश करने के लिए ई-पास के लिए आवेदन किया है। उन्होंने कहा कि अधिक संख्या में लोग रेड जोन क्षेत्रों से आएंगे, इसलिए उन्हें संस्थागत क्वारंटाइन सुविधा की आवश्यकता होगी। उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में इस तरह की सुविधाओं की पर्याप्त संख्या में पहचान कर उन्हें चिन्हित करें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ये केन्द्र व्यस्त क्षेत्रों से दूर हों और इनमें शौचालय इत्यादि जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहे। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में उचित स्वच्छता व्यवस्थता को सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेड जोन से आने वाले सभी लोगों और इंफ्लुएंजा जैसे लक्षणों वाले सभी लोगों को संस्थागत क्वारंटाइन में रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पूरी तरह से चिकित्सकीय जांच की जानी चाहिए और उसके बाद ही यह तय किया जाएगा कि उसे संस्थागत क्वारंटाइन या होम क्वारंटाइन के अन्तर्गत रखा जाना है। जय राम ठाकुर ने कहा कि बेंगलुरु से विशेष ट्रेन 13 मई को सुबह 6.00 बजे ऊना पहुंचेगी और थिविम, मड़गांव और करमाली (गोवा) से एक और विशेष ट्रेन 15 मई, 2020 को ऊना पहुंच जाएगी। उन्होंने उपायुक्त ऊना को निर्देश दिए कि बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की प्रदेश वापसी के सभी आवश्यक इंतजाम किए जाएं ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और स्थिति सामान्य बनी रहे। उन्होंने कहा कि राज्य में आने वाले लोगों की चिकित्सा जांच सुनिश्चित करने के उपरांत ही उन्हें उनके सम्बन्धित जिलों में जाने दिया जाए। उन्होंने कहा कि इन लोगों की सुविधाएं प्रदान के लिए भोजन के पैकेट, पानी आदि की व्यवस्था भी की जानी चाहिए। उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री टी.एस. रावत से बात कर वहां फंसे हिमाचलियों की सहायता प्रदान करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार फंसे हुए हिमाचलियों को देहरादून तक पहुंचाने की पर्याप्त व्यवस्था करने के लिए सहमत हो गई है, जहां से उन्हें उनके घरों तक पहुंचाया जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि जिला के अंदर आवाजाही की अनुमति अब बिना पास के दी जानी चाहिए जबकि बद्दी पुलिस जिला जिसमें बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र भी शामिल है को छोड़कर दूसरे जिलों के लिए आवाजाही की अनुमति परमिट से दी जाए। उन्होंने राज्य में आर्थिक गतिविधियां शुरू करने की जरूरत पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि होम क्वारंटाइन को और प्रभावी बनाने के लिए प्रणाली विकसित करने के लिए भी कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि उपायुक्तों से कहा कि जिन घरों में लोगों को होम क्वारंटाइन रखा गया है ऐसे घरों पर नजर रखने के लिए पंचायती राज संस्थाओं व स्वास्थ्य कर्मियों के प्रतिनिधियों को आवश्यक रूप से शामिल किया जाए ताकि कोई भी व्यक्ति होम क्वारंटाइन का उल्लघन न कर सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थागत क्वारंटाइन सुविधाएं इस तरह से बनाई जाए कि जो लोग भुगतान करने के इच्छुक है उन्हें भुगतान के आधार पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाए। जय राम ठाकुर ने कहा कि शीघ्र ही लगभग 300 विद्यार्थी यूक्रेन से चंडीगढ़ पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि इन सभी छात्रों को संस्थागत क्वारंटाइन में रखा जाएगा। मुख्य सचिव अनिल खाची ने कहा कि राज्य से जाने वाले प्रवासी मजदूरों को एक साथ न भेज कर इन्हें चरणबद्ध तरीके से भेजा जाए और मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए उन्हें राज्य में ही रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाएं। पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरडी, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर.डी. धीमान, प्रधान सचिव ओंकार शर्मा व जेसी शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू ने भी अपने विचार रखे। राज्य के उपायुक्तों ने देश के विभिन्न भागों से आने वाले लोगों की सुविधा के लिए अपने-अपने जिलों में उनके द्वारा की गई व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्र के सभी प्रांतों के प्रदेश अध्यक्ष एवं जिला परिषदों के अध्यक्ष- उपाध्यक्ष साथ संवाद किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा के जिला पंचायत अध्यक्षों व उपाध्यक्षों के साथ कोरोना महामारी को रोकने के उपायों के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सभी ने एक सूत्र में बंधकर सामने से इस लड़ाई को लड़कर काफी हद तक विजय हासिल की है। हिमाचल प्रदेश से जगत प्रकाश नड्डा ने कांगड़ा की जिला परिषद के अध्यक्ष मधु गुप्ता, जिला हमीरपुर के आमलेट के उपाध्यक्ष चंदूलाल, किन्नौर से प्रीतेशवरी नेगी और हमीरपुर के जिला परिषद के अध्यक्ष राकेश ठाकुर से फीडबैक लिया। सभी जिला परिषद के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष ने इस पहल को अपने आप में बड़ा बताया जिससे इनको पता लगा कि भारतवर्ष में किस प्रकार से अन्य जिला परिषद के सदस्य कार्य कर रहे हैं इस सब को बहुत कुछ सीखने को भी मिला। कांगड़ा से जिला परिषद मधु गुप्ता ने राष्ट्रीय नेतृत्व को बताया कि भारतीय जनता पार्टी रात दिन कार्य कर रहे हैं और ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है जो यहां भूखा रहा है। उन्होंने बताया कि पालमपुर में महिला मोर्चा बहुत अच्छा कार्य कर रही है और बड़ी मात्रा में फेस मास्क वितरित कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि कहीं जिला परिषद के सदस्यों ने अपना 1 माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया है। जिला हमीरपुर से जिला परिषद उपाध्यक्ष चंदूलाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बताया कि उनकी पंचायत ने अभी तक 7 से 8 क्विंटल राशन वितरित कर दिया है और प्रधानमंत्री राहत कोष में ₹31000 की राशि जुटाई है। उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय प्रशासन के सभी अधिकारी यहां पर अच्छा काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व द्वारा जिस प्रकार सामाजिक दूरी एवं प्रवासियों के साथ कार्य करने के बारे में चर्चा की वह बहुत लाभदायक थी। किन्नौर की प्रीतेशवरी नेगी ने बताया कि उनका जिला ग्रीन जोन है और यहां पर भाजपा एवं संगठन अच्छा कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि बाहर से आने वाले लोगों को होम क्वॉरेंटाइन में किस प्रकार रखना चाहिए उसके बारे में अच्छा ज्ञान प्राप्त हुआ। हमीरपुर के जिला परिषद राकेश ठाकुर का कहना है कि उन्होंने केंद्र नेतृत्व को बताया कि यहां पर बाहर से 9212 कामगार थे जिनको दो बार यह पंचायत राशन दे चुकी है जिसके अंदर 19 किलो राशन था। उन्होंने बताया कि परिषद द्वारा पीएम केयर में ₹100000 और सीएम केयर में ₹500000 दिए गए हैं। यहां पर 170 क्वॉरेंटाइन सेंटर है और सभी जिला परिषद के सदस्य अच्छी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सभी जिला परिषद राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से वार्ता करके बहुत प्रफुल्लित हुए और उन्होंने कहा कि यह बहुत अच्छी पहल है ।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने कोविड-19 महामारी के दौरान अपनी कार्य योजना के तहत अपने विभिन्न दायित्वों को अंजाम दिया है। जिला में लॉक डाउन लागू होते ही जिला प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण विभाग को अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन को लेकर विशेष दिशा निर्देश जारी किए थे। कोरोना संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला में चलाए गए एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान में भी विभाग के फील्ड कर्मचारियों ने अपनी भूमिका निभाई। 130 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर कार्य किया। उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट विवेक भाटिया ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग की हर घर तक पहुंच है। कोरोना वायरस की इस लड़ाई में विभाग के गांव स्तर के कर्मी सक्रिय और प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि विशेषकर होम क्वॉरेंटाइन लोगों पर पैनी निगाह रखने में भी यह कर्मी अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए कार्य करें। कोई व्यक्ति उल्लंघन करता है तो उसकी तुरंत सूचना दी जाए ताकि उस व्यक्ति को ना केवल संस्थागत क्वॉरेंटाइन किया जाए बल्कि उसके खिलाफ कार्रवाई भी अमल में लाई जा सके। उपायुक्त ने कहा कि लॉक डाऊन अवधि के दौरान विभाग के नियमित कार्यों के अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग ने मास्क तैयार करके उन्हें आम जनमानस में वितरित करने का भी महत्वपूर्ण दायित्व निभाया। उपायुक्त विवेक भाटिया ने ये भी बताया कि 150 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने ना केवल 10,213 मास्क घर में तैयार किए बल्कि उनका वितरण भी किया जो एक सराहनीय कदम है। इसके अलावा 19 महिला स्वयं सहायता समूहों ने भी 3816 मास्क तैयार करके वितरित किए। उपायुक्त ने कहा कि जिला में संचालित किए गए एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान में भी कार्यकर्ताओं द्वारा सक्रिय सहयोग दिया गया। लॉक डाऊन के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अप्रैल माह में 6 माह से 6 वर्ष तक के 47986 बच्चों, 8306 गर्भवती और धात्री माताओं के अलावा 11 से 14 वर्ष की आयु तक की स्कूल जाने वाली 218 बालिकाओं को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के माध्यम से पूरक पोषाहार बांटा गया। कोविड महामारी के दौरान प्रवासी मजदूरों के 52 बच्चों और 15 माताओं को भी विभाग द्वारा राशन वितरित किया गया। मई माह में भी अब तक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों में ही 6 माह से 6 वर्ष तक के 47980 बच्चों, 8462 गर्भवती व धात्री महिलाओं के अलावा 11 से 14 वर्ष तक की आयु की स्कूल जाने वाली 218 बालिकाओं को कर्फ्यू में छूट की अवधि के दौरान पूरक पोषाहार वितरित किया जा चुका है। विवेक भाटिया ने बताया कि लॉक डाऊन के दौरान घरेलू हिंसा उत्पीड़न के विरुद्ध उठाए गए कदमों में घरेलू हिंसा उत्पीड़न से संबंधित मामलों के समाधान के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी की अध्यक्षता में टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इसमें सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन अधिकारियों के मोबाइल नंबरों को आम जनमानस तक पहुंचाया गया है ताकि इसके माध्यम से घरेलू हिंसा उत्पीड़न की जानकारी दी जा सके। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी हर दिन रैंडम आधार पर 25 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से दूरभाष पर बात करके ये सुनिश्चित कर रहे हैं कि आंगनवाड़ी केंद्रों द्वारा सभी दिशा निर्देशों का पालन किया जा रहा है।
पठानकोट से जसूर में कारोबार करने वाले दुकानदारों को अपना कोविड टेस्ट दिखाने के बाद ही क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया ने सोमवार को जसूर कस्बा के कारोबारियों के साथ अहम बैठक के बाद यह बात कही। उन्होंने कहा कि कस्बा में सीमांत राज्य से जसूर में कारोबार करने वाले करीब 77 लोग हैं, चूंकि पठानकोट कोरोना संक्रमित जोन में होने के बाद सरकार के ही आदेश थे कि जो भी उक्त जगह से आएगा, वह अपनी टेस्ट रिपोर्ट प्रशासन को दिखा कर ही अंदर आ सकता है। पठानिया ने कहा बैठक में अधिकांश लोगों का मत था कि पठानकोट से जसूर में कारोबार करने वाले दुकानदारों को प्रशासन के मानकों पर सही उतरने के बाद ही प्रवेश दिया जाए। इसके लिए प्रतिबद्ध हैं। पठानिया ने कहा कि कुछ लोग बिना वजह मामले को तूल देने में जुटे हुए हैं और बतौर विधायक होने के चलते मुझे बेवजह इस विवाद में घसीटा जा रहा है। पठानिया ने कहा जो भी कारोबारी औपचारिकता पूरी कर कस्बा में अपनी दुकान खोलता है, उसका स्वागत है। लेकिन उसे प्रतिदिन आवागमन की अनुमति कतई नहीं दी जाएगी, बल्कि कस्बा में रहकर ही लाकडाउन का पालन करना होगा। बकौल पठानिया इस वक्त नूरपूर क्षेत्र में करीब 6600 लोग बाहरी राज्यों से आए हैं, जिनकी निगरानी के लिए दिन रात प्रशासन जुटा हुआ है और उसी का परिणाम है कि क्षेत्र में कोई भी कोरोना संक्रमित केस नहीं है। ऐसे में सुरक्षा की लिहाज से ऐसा कोई भी कदम नही उठाया जाएगा, जिससे क्षेत्र का सुरक्षा घेरा टूटे। उन्होंने लोगों से अपील की है कि संकट की इस घड़ी में सरकार और प्रशासन की समस्या बढ़ाने की बजाय सहयोग करें, ताकि इस जंग को मिलकर जीता जा सके।
कर्फ्यू ढील के दौरान आड इवन फार्मूले की धज्जियां उड़ाने वाले वाहन चालको के खिलाफ पुलिस प्रशासन सख्त हो गया है जिसके चलते कुनिहार पुलिस सोलन मार्ग कोठी चोंक में नाका लगाकर उन वाहनों के चलान काटती नजर आई जो बिना वजह अपनी निजी गाडियों को सडको पर घुमा रहे थे। चलान से बचने के लिए कई वाहन चालक तरह तरह के बहाने बनाते भी नजर आये कोई अपने वाहन में हवा भरवाने का बहाना बनाता दिखाई दिया तो कुछ किसी जरूरत मंद साथी को छोड़कर आने का बहाना बनाते दिखाई दिए। गौर है कि कुनिहार क्षेत्र अर्की उपमंडल का सबसे बड़ा व्यपारिक क्षेत्र है व् यंहा दूरदराज के अधिकतर लोग अपनी अपनी निजी गाडियों में खरीदारी करने यंहा पंहुच रहे हैं कर्फ्यू ढील के दौरान उक्त क्षेत्र में अक्सर वाहनों की आवाजाही भी अधिक हो जाती है। जिला सोलन में कर्फ्यू में ढील के दौरान वाहनों की आवाजाही के लिए प्रशासन की ओर से ऑड-ईवन फार्मूला शुरू किया गया है। गत एक सप्ताह से उक्त योजना पर कार्य भी शुरू हो गया है। हालांकि अभी भी अधिकतर ग्रामीण लोगों को ऑड-ईवन के बारे में अधिक जानकारी नहीं है, पहले एक दो दिन पुलिस प्रशासन की ओर से भी कुनिहार क्षेत्र में वाहन चालको को इसके बारे में जागरूक किया गया था। कुनिहार थाना प्रभारी जीत सिंह ने कहा कि कुनिहार क्षेत्र में कर्फ्यू ढील के दौरान बेवजह अपनी निजी गाडियों को सडको पर उतारने वाले वाहन चालको के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा निजी वाहनों के लिए आड इवन का फार्मूला लागु किया गया है इसके बावजूद भी कई वाहन चालक तरह तरह के बहाने बनाकार सडको पर अपने वाहन इधर उधर घुमा रहे हैं पुलिस द्वारा नाका लगाकर ऐसे वाहनों के चलान काटे गए हैं व कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने लोगो से अपील की है कि सरकार व जिला प्रसासन के दिशा निर्देशों का पालन कर कोरोना की लड़ाई में सहयोग करें।
कोरोना वायरस के चलते प्रदेश में कर्फ्यू लगा हुआ है और ऐसे में मजदूर ओर गरीबो को खाने के लिए तरसना न पड़े इसको लेकर स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ धार्मिक संस्थाओं व उपमडल करसोग मे अनेक दानी सज्जन मदद के लिए आगे आ रहे है। वही महिलाएं भी अपनी अहम भूमिका निभा रही है। इसी कड़ी में महिला मडल पोखी द्वारा 5000 रु की राशि एस डी एम करसोग के माध्यम से मुख्यमंत्री राहत कोष मे दी गई। वहीं महिला मंडल पोखी की प्रधान नैना देवी ने कहा कि अभी तक उपमडल करसोग के अनेको महिला मडलो ने कोरोना वायरस के चलते अपनी अहम भूमिका निभाई है तथा सभी महिला मंडलो ने अपना भरपूर सहयोग दिया है। ऐसे समय में जहां तक संभव हो जरूरतमंदो की मदद के लिए हमें आगे आना चाहिए। इसमे इनके साथ समाजसेवी कृष्ण लाल व महिला मंडल सचिव जमना देवी भी उपस्थित रहे।
किसानों की तैयार गेंहू की फसल जिसका कटाई व गहाई का काम जोरो पर चल रहा है पर कुदरत की मार पड़ रही है। वीरवार रात को जँहा आंधी, बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों की गेंहू व नगदी फसलों को नुकसान पहुंचाया तो वन्ही रविवार सुबह भारी आंधी तूफान व बारिश से क्षेत्र में किसानों की फसल को नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि तैयार व कटी फसल को बेवक्त हो रही इस आंधी तूफान व बारिश से काफी नुकसान हो रहा है। अगर ऐसे ही बारिश होती रही तो हमारी सारी फसल नष्ट हो जाएगी व अधिकतर किसानो की कृषि ही रोजी रोटी है। जो किसान कृषि पर ही निर्भर है उन्हें अपने परिवार के पालन पोषण की चिंता सता रही है। रविवार सुबह तूफान व बारिश से फसलों को जँहा भारी नुकसान हुआ तो वन्ही कई जगह तूफान की वजह से बड़े बड़े पेड़ भी टूट गए जिसकी वजह से क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति पर भी असर पड़ा व विभाग द्वारा कई घण्टो की मशक्कत के बाद विद्युत आपूर्ति को दरुस्त किया गया।
कोरोना महामारी से लड़ने में एहतियात और सोशल डिस्टेंसिंग का कितना महत्व है ये बीते हफ्तों में साबित भी हुआ है। चंबा जिला में भी बाहर से आने वाले लोगों को संस्थागत या होम क्वारंटाइन किया गया। संस्थागत क्वारंटाइन में तो चूंकि निगरानी की एक तय व्यवस्था निश्चित रहती है लेकिन होम क्वारंटाइन में व्यक्ति पूरे प्रोटोकॉल का पालन कर रहा है या नहीं इसकी निरंतर और प्रभावी निगरानी का कोई तय जरिया नहीं था। काफी कुछ होम क्वारंटाइन हुए व्यक्ति की जागरूकता और अनुपालना पर निर्भर रहता था। इन तमाम बातों के मद्देनजर चम्बा जिला के उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट विवेक भाटिया ने अनूठी पहल करके एक पंच स्तरीय मूल्यांकन मैकेनिज्म तैयार किया है और इसे नाम दिया पंचअस्त्र का। विवेक भाटिया ने बताया कि दरअसल पंचतंत्र एक ऐसा मैकेनिज्म बनाया है जो न केवल होम क्वारंटाइन किए व्यक्ति की प्रभावी निगरानी का हथियार बनेगा बल्कि जिले में होम क्वॉरेंटाइन सभी व्यक्तियों का एक डेटाबेस भी तैयार होगा। जिले के सभी एसडीएम को अपने उपमंडल की टीम का प्रमुख बनाया गया है। उपमंडल स्तर पर एसडीएम डीएसपी, बीडीओ व खंंड स्वास्थ्य अधिकारी के समन्वय से निगरानी के काम को लगातार अंजाम देंगे। जमीनी स्तर पर राजस्व, स्वास्थ, पुलिस और ग्रामीण विकास विभागों के कर्मचारियों के अलावा स्थानीय वॉलंटियरों जिनमें एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एंड गाइड, महिला और युवक मंडल शामिल हैं। निगरानी कर्मी नियमित तौर पर होम क्वारंटाइन किए व्यक्ति के घर जाकर यह सुनिश्चित बनाएंगे कि व्यक्ति द्वारा होम क्वारंटाइन की पूरी अनुपालना की जा रही है। होम क्वारंटाइन के व्यक्ति की स्वास्थ्य जांच के अलावा उसे आवश्यक सलाह भी दी जाएगी। इस निगरानी व्यवस्था की सबसे खास बात यह रहेगी कि व्यक्ति का जियो टैग किया फोटो विजिट किए गए समय के साथ भेजना होगा। इससे निगरानी और पुख्ता व प्रभावी साबित होगी। निगरानी कर्मी यह भी देखेंगे कि होम क्वारंटाइन व्यक्ति को खांसी, जुकाम व अन्य लक्षण तो नहीं हैं। यदि लक्षण पाए जाते हैं तो इसकी तुरंत सूचना दी जाएगी। संबंधित पंचायत और नगर निकाय अपने यहां बाहर से आने वाले व्यक्तियों की दो तरह से सूची तैयार करेंगे। इसमें एक सूची वह बनेगी जिसमें हिमाचल प्रदेश के ग्रीन जोन क्षेत्र से व्यक्ति आया होगा। दूसरी सूची उन लोगों की तैयार की जाएगी जो हिमाचल प्रदेश के या हिमाचल प्रदेश के बाहर के रेड जोन क्षेत्र से आए होंगे। जिला प्रशासन द्वारा तैयार किए गए इस विशेष मैकेनिज्म में किसी भी स्तर पर अवहेलना होने की सूरत में आपदा प्रबंधन अधिनियम, हिमाचल प्रदेश (कोविड-19) रेगुलेशन- 2020 के अलावा आचरण नियमों के तहत कार्रवाई के प्रावधान भी रखे गए हैं ताकि इसका कार्यान्वयन ठोस तरीके से हो सके।
लॉकडाउन के कारण जेएनवी कुनिहार के 9वीं कक्षा के माइग्रेट विद्यार्थी रविवार जेएनवी पुणे महाराष्ट्रा से कुनिहार पहुंच ही गए। 7 मई को हिमाचल के प्रवेश द्वार परवाणू पहुंचे इन 21 विद्यार्थियों को जिला प्रशासन ने होटल शिवालिक में रखा, जंहा इन सभी विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। 9 मई की शाम को सीआरआई कसौली से इन सभी की स्वास्थ्य चिकित्सा रिपोर्ट नेगटिव निकली। रविवार को विद्यालय के अध्यापक कमलेश कुमार व सचिता मेडम के साथ परवाणू से यह बच्चे घर की ओर रवाना हुए। जिन्हें प्रशासन की सहमति से होम क्वारन्टीन किया गया। बच्चो के कुछ अभिवावक अपने अपने बच्चो को परवाणू, धर्मपुर से अपने साथ घर ले गए। इनमें से 6 विद्यार्थी करीब 2 बजे कुनिहार के कोठी चौकपहुंचे जँहा पहले से ही इनके अभिभावक बच्चों को रिसीव करने पहुंचे हुए थे। एक दूसरे को देखकर अभिभावक व बच्चे काफी खुश थे। लेकिन कोरोना के चलते प्रसासन के दिशा निर्देशों के अनुसार सोसल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए दूर से ही एक दूसरे को निहारते रहे। यंहा से इन बच्चो के अभिवावक इन्हें घर ले कर गए। कोठी चोक पर एसएचओ कुनिहार जीत सिंह ने सभी बच्चो व अभिवावकों को प्रशासन की ओर से जरूरी हिदायते दी।इस दौरान क्वारन्टाइन अवधि में घर से बाहर न निकलने को कहा। वन्ही विद्यालय की ओर से अध्यापक कमलेश कुमार ने उपायुक्त सोलन का धन्यवाद किया कि परवाणू में बच्चो के रहने व खान पान की बहुत ही अच्छी व्यवस्था की गई थी। अति सवेदनशील क्षेत्र से आने के कारण सभी बच्चो की करोना सम्बन्धी जांच की गई जोकि नेगटिव आई व बच्चो को प्रशासन की ओर से जरूरी हिदायते देकर होम क्वारन्टीन किया गया।
समाज के हर वर्ग के समावेशी और समान विकास के साथ-साथ राज्य की प्रगति के लिए ग्रामीण क्षेत्रों का विकास महत्वपूर्ण है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रगति की संभावनाओं को पूरा किया जा सके और विकास का लाभ जमीनी स्तर पर हर वर्ग तक पहुंच सके। लाॅकडाउन का समय ऐसा कठिन समय रहा है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में कामगारों, अकुशल श्रमिकों और विशेष रूप से गरीबी की कगार पर रहने वाले लोगों को गुजर बसर और अपनी आजीविका कमाने तथा दिन-प्रतिदिन की जरूरतों को पूरा करने के लिए रोजगार के साधनों की तलाश थी। बेरोजगारों और कम रोजगार पा रहे लोगों के लिए काम के अवसरों को बढ़ाने के लिए तथा ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक बहुआयामी विकासात्मक रणनीति तैयार की गई जो विकास को बनाए रखने के साथ-साथ आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगी। कोरोना वायरस के दौरान मनरेगा योजना के तहत विकास और रोजगार सृजन कार्यक्रम सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए समावेशी विकास का एक मजबूत माॅडल बनकर उभरा है। हिमाचल सरकार ने बढ़ाई मजदूरी केंद्र और राज्य सरकार ने लाॅकडाउन की अवधि के दौरान श्रमिकों के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए पहल की और राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा कार्यों को शुरू किया। परिणामस्वरूप ग्रामीण क्षेत्रों में विकासात्मक कार्य शुरू हुए और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को अकुशल श्रमिकों को लाभ मिला, जिससे कोविड-19 के प्रकोप के दौरान इस वर्ग के लोगों को निरन्तर आय के स्रोत मिल रहे हैं। हिमाचल सरकार ने मनरेगा मजदूरों की मजदूरी 185 प्रति दिन रुपये से बढ़ाकर 198 रुपये प्रति दिन की है, जिससे मनरेगा के मजदूरों को लाभ मिला है। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को पूरा करने के दौरान राज्य सरकार के आपसी सामाजिक सुरक्षा और मास्क पहनने के सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है। शिमला जिले में किए जा रहे 1985 कार्य शिमला जिले में ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से 1985 कार्य किए जा रहे हैं, जिसमें 10471 श्रमिकों को काम पर लगाया गया है। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के माध्यम से जिला में 20,73,253 रुपये की राशि विकास कार्य पूर्ण होने के पर मनरेगा श्रमिकों के खाते में हस्तांतरित की जाएगी। जिले के बसंतपुर खंड में 116, चौहारा में 47, चौपाल में 253, जुब्बल में 108, कुपवी में 43, मशोबरा में 193, ननखड़ी में 77, नारकंडा में 139, रामपुर बुशहर में 548, रोहडू में 73 और ठियोग खंड में 388 कार्य प्रगति पर हैं। मनरेगा कार्यों को पूरा करने के लिए विभिन्न विकासात्मक योजनाओं के कार्यों को सम्मिलित किया गया है ताकि इन कार्यों में लगे व्यक्तियों को निरंतर कार्य प्रदान किया जा सके। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में जल संचयन टैंक, भूमि समतलन, पौधारोपण और लघु सिंचाई परियोजनाएं शामिल हैं।
अम्बुजा सीमेंट कंपनी में कार्यरत ट्रक आपरेटर माल भाड़े की अदायगी समय पर करने की मांग कर रहे है। यूनियनों ने समय पर पेमेंट न करने की सूरत में ढुलाई कार्य बंद करने की चेतावनी दी है। हालांकि कंपनी द्वारा कुछ पेमेंट तो कर दी गई है लेकिन अभी भी करोड़ों रुपये कंपनी की तरफ बकाया है। एसडीटीओ ट्रक ऑपरेटर यूनियन द्वारा कम्पनी को माल भाड़े की अदायगी समय पर करने का नोटिस भेजा है। एसडीटीओ के प्रधान रत्न मिश्रा ने बताया कि उन्होंने कंपनी को नोटिस के माध्यम से समय पर पेमेंट करने को कहा है। नोटिस में स्पष्ट किया है कि कंपनी पहले की तरह वीकली पेमेंट का सिस्टम लागू नही करती तो ढुलाई कार्य बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कंपनी पर उनकी सोसायटी का लगभग पांच करोड़ रुपये का बकाया है जिसमें से एक करोड़ की पेमेंट हुई है। पेमेंट न होने की सूरत में ऑपरेटरों द्वारा ढुलाई कार्य को सुचारु रखना संभव नही है। लॉक डाउन के दौरान सभाओं द्वारा एफडीयां तुड़वाकर आर्थिक संकट से जूझ रहे ऑपरेटरों को पेमेंट की गई है। उन्होंने बताया कि सभी यूनियनों की मैनजमेंट से बात हो चुकी है। सभी ऑपरेटर वीकली पेमेंट की मांग कर रहे है और ऐसा न होने पर ढुलाई कार्य बंद करने के पक्ष में है। एडीकेएम यूनियन के प्रधान बालक राम का कहना था कि तीन करोड़ 65 लाख भाड़े की राशि पेंडिंग थी जिसमें से दो करोड़ 98 लाख की पेमेंट कम्पनी द्वारा कर दी गयी है 70 लाख अभी भी बकाया है।उन्होंने कम्पनी प्रबन्धन से वीकली माल भाड़े की अदायगी के सिस्टम को लागू करने की मांग की है। उधर कंपनी प्रबंधन इस बारे में कोई टिप्पणी करने से बच रहा है। कंपनी का पक्ष जानने के लिए फोन पर सम्पर्क किया गया तो कंपनी के अधिकारियों ने फोन नही उठाया।
कोरोना वायरस के चलते लाॅकडाउन की वजह से ग्राम पंचायत घणागुघाट के शेरपुर में उत्तर प्रदेश मुरादाबाद से आए 7 मजदूर अपने घर जाना चाह रहे हैं, लेकिन पैसा न होने की वजह से 2 महीने से वहीं फंसे हुए हैं। मजदूर प्रदीप ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश गांव जगनिया डाकखाना सिरसी तहसील बिलारी जिला मुरादाबाद से 17 मार्च को घर से चले थे और 19 मार्च को शेरपुर पहुंचे थे। उन्हें शेरपुर से मोहल गांव तक सड़क संपर्क सड़क मार्ग पर गटका तथा रोड़ी बिछाने के लिए बुलाया गया था लेकिन उनके आने के 2 दिन बाद ही लाॅकडाउन शुरू हो गया जिस कारण वे कोई भी काम नहीं कर पाए। उनका ठेकेदार उन्हें यह कहकर चला गया कि वह जल्दी आकर उन्हें खर्चा के लिए पैसे देगा लेकिन लाॅकडाउन हो जाने के कारण दो महीने व्यतीत हो जाने पर भी अभी तक ठेकेदार ने की सहायता नहीं की है। मजदूरों ने कहा कि उनके साथ दो महिलाएं भी हैं जिनमें एक ९ महीने से गर्भवती है। मजदूरों ने कहा कि वे एक कमरा किराए पर लेकर उसी में रह रहे हैं खाने को राशन नहीं है। अब तक कुछ राशन पंचायत प्रधान द्वारा दिया गया था अब उनके पास न कुछ खाने को है न जेब में पैसा है उनका कहना है कि उन्हें यदि सरकार किसी भी तरह उन्हें घर भेज देती है तो वह किसी भी सूरत में घर जाना चाह रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि वे इस संदर्भ में एसडीएम अर्की को भी अवगत करवा चुके है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि उन्हें जल्द से जल्द घर भेजे। पंचायत प्रधान धनीराम रघुवंशी ने कहा कि वह 2 महीने से इनकी हर संभव सहायता कर रहे हैं लेकिन अब ये घर जाना चाह रहे हैं, जिसका प्रबंध सरकार को करना चाहिए।
गर्मियों के मौसम में पानी की कीमत उससे ज्यादा कोई नहीं जान सकता जो वास्तव में प्यासा हो। मनुष्य तो पानी का प्रबंध कहीं न कहीं से कर लेता है लेकिन पशु पक्षी उनके लिए पानी का प्रबंध करना बहुत मुश्किल हो जाता है क्योंकि बात यदि शहरों की करें तो शहरों में ही पानी की व्यवस्था बहुत कम होती है। इसलिए प्यास के मारे पशु पक्षी गोविंद सागर झील की ओर रुख करते हैं, जिससे कई बार भारी भरकम पशु गोविंद सागर झील की दलदल में फंस भी जाते हैं। ऐसे में नगर के रोडा सेक्टर में रहने वाले आर्किटेक्ट विकास भारद्वाज ने ऐसा नायाब तरीका खोजकर समाज में अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। विकास के इस प्रयास से न सिर्फ पशुओं पक्षियों की प्यास बुझेगी बल्कि उनके घर के छोटे से गार्डन और क्यारियों में भी पानी की कोई किल्लत नहीं रहेगी। रोचक पहलू यह है कि विकास ने व्यर्थ बह रहे पानी का सुदुपयोग किया है। यहां पानी आईपीएच विभाग द्वारा पूरे नगर को सप्लाई किए जाने वाले पानी का वह अंश है जो लोगों द्वारा उनकी पेयजल पाइपों को हवा न आने की सूरत में कट लगाने के बाद व्यर्थ बहता है। आर्यन पब्लिक स्कूल और ट्रांसफार्मर के समीप ऐसी कई पाइप दिखाई देती है जो नीचे की ओर रिहायशी मकानों में जा रही है लेकिन लोगों द्वारा पानी सही तरीके से मिलने के लिए इन लोहे की पाइप के पर कट लगाए जाते हैं ताकि हवा का दबाव सही तरीके से बना रहे और उन्हें पानी मिलता रहे। ऐसे में व्यर्थ बहने वाले पानी को आर्किटेक्ट विकास भारद्वाज ने अपनी तरकीब से व्यर्थ बहने वाले पानी का सदुपयोग किया बल्कि बेसहारा पशुओं और पक्षियों को भी 24 घंटे पानी की सुविधा मिली है। भारद्वाज ने बताया कि उन्होंने सुबह शाम लीक हो रही पाइपों को पर प्लास्टिक की बोतलों को बांधा तथा उन्हें छोटी-छोटी नालियों के माध्यम से सारा पानी एकत्रित किया और एक टंकी का निर्माण अपने खर्चे पर किया। वेस्ट बह रहे इस पानी को इस टंकी में एकत्रित किया और उसके बाद अंडर ग्राउंड पाइप के माध्यम से छोटी-छोटी क्यारियों और गार्डन में लगे फूल पौधों को पानी हर रोज मिलता है। उन्होंने बताया कि लॉक डॉन पीरियड में उन्हें यह सब काम करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इसके लिए उन्होंने किसी की कोई मदद नहीं ली है तथा।अधिकांश उस सामान को इसमें प्रयोग किया जो घर में बेकार पड़ा हुआ था। विकास भारद्वाज के इस प्रयास से जहां लोगों में पानी की वेस्टेज को रोकने के लिए और उसका सदुपयोग करने के लिए प्रेरणा मिलती है वही बेसहारा जानवरों के लिए भी यह एक पुण्य कार्य है। विकास भारद्वाज द्वारा बनाए गए इस लोकल प्रोजेक्ट को देखने के लिए नगर के लोग रौड़ा सेक्टर पहुंच रहे हैं तथा इससे प्रेरणा ले रहे हैं। वही, हिप्र पैराग्लाईडर एसोसिएशन के महा सचिव अतुल खजूरिया ने बताया कि नगर के हर सेक्टर में इस प्रकार की समस्या आम है जहां पर लोगों ने अपने घरों में पानी की सप्लाई की समुचित व्यवस्था को लेकर लोहे की पाइपों में कट लगाए हुए है। यदि इस प्रकार पानी को संग्रहित कर उसका सही प्रयोग किया जाए तो पानी की किल्लत से निजात दिलाने में यह एक कारगर प्रयास साबित होगा। विकास भारद्वाज द्वारा किया गया यह कार्य प्रेरणाप्रद है।
कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र (बीबीएन) में बाहर से आए व्यक्तियों को होम क्वारेनटाईन करने के सम्बन्ध में पुलिस बल पूर्ण तत्परता के साथ कार्यरत है। यह जानकारी पुलिस अधीक्षक बद्दी रोहित मालपानी ने दी। उन्होंने कहा कि इन व्यक्तियों का होम क्वारेनटाईन सुनिश्ख्ति बनाने एवं इन्हें इस विषय में जागरूक करने के लिए पुलिस बल जहां बाहर से आए सभी व्यक्तियों का भौतिक सत्यापन कर रहा है वहीं पंचायत एवं वार्ड स्तर पर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। रोहित मालपानी ने कहा कि 26 अप्रैल, 2020 से 09 मई, 2020 की प्रातः 08.00 बजे तक पुलिस जिला बद्दी में बाहर से आए कुल 576 व्यक्तियों को होम क्वारेनटाईन किया गया है। पुलिस इन सभी का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित बना रही है ताकि किसी भी व्यक्ति द्वारा इस नियम की अनुपालना में कोताही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि 09 मई, प्रातः 8.00 बजे से 10 मई, 2020 प्रातः 8.00 बजे तक पुलिस जिला बद्दी से 349 वाहनों में कुल 723 व्यक्तियों ने आवागमन किया। उन्होंने कहा कि इनमें से बिलासपुर जिला के लिए 57 वाहनों में 104 व्यक्ति, चंबा जिला के लिए 19 वाहनों में 64 व्यक्ति, हमीरपुर जिला के लिए 34 वाहनों में 64 व्यक्ति, कांगड़ा जिला के लिए 43 वाहनों में 103 व्यक्ति, कुल्लू जिला के लिए 06 वाहनों में 12 व्यक्ति, मंडी जिला के लिए 59 वाहनों में 124 व्यक्ति, पुलिस जिला बद्दी के लिए 81 वाहनों में 153 व्यक्ति, शिमला जिला के लिए 01 वाहन में 01 व्यक्ति, सिरमौर जिला के लिए 02 वाहनों में 08 व्यक्ति, सोलन जिला के लिए 21 वाहनों में 34 व्यक्ति तथा ऊना जिला के लिए 26 वाहनों में 56 व्यक्तियों ने आवागमन किया। उन्होंने क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों के प्रधानों, सचिवों तथा नगर परिषद नालागढ़ एवं बद्दी के अध्यक्ष एवं पार्षदों से आग्रह किया कि बाहर से आए व्यक्तियों के होम क्वारेनटाइन के संबंध में पूरी जानकारी रखें और उपमंडल प्रशासन को भी अवगत करवाएं। उन्होंने कहा कि होम क्वारेनटाईन का नियम कोरोना वायरस की श्रंखला को तोड़ने में अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल इस दिशा में सतत कार्यरत है तथा सभी निर्देशों की अनुपालना के साथ-साथ जांच एवं स्क्रीनिंग के कार्य को सुनिश्चित बनाया जा रहा है।
बिलासपुर के उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने कहा है कि बिलासपुर में जिन दो व्यक्तियों के कोरोना सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं वे दोनों ही बिलासपुर के नहीं है। बिलासपुर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि इन दोनों को स्वारघाट और गरा मोड़ा बैरियर में चेकिंग के दौरान क्वॉरेंटाइन किया गया था और दोनों के सैंपल भेजे गए थे जोकि पिछली रात को ही सैंपल वापस आए हैं और यह दोनों पॉजिटिव पाए गए। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों गुरुग्राम और अहमदाबाद से आए दोनों ड्राइवरों को मेडिकल कॉलेज नेरचौक शिफ्ट किया गया । उन्होंने बताया कि इन चालकों के साथ आने वाली सवारियों को भी क्वॉरेंटाइन किया गया है जिन्हें स्वारघाट और नैना देवी में रखा गया है। यह दोनों ड्राइवर सवारियां लेकर जिला मंडी और जिला कांगड़ा के बैजनाथ जा रहे थे। उपायुक्त ने बताया कि बिलासपुर जिले के अंतर राज्य बैरियर गरा मोड़ा तथा जिला स्तरीय बैरियर स्वारघाट में स्वास्थ्य विभाग की टीमें अपना कार्य मुस्तैदी से कर रही हैं और हर आने जाने वाली की पूरी तरह से जांच की जा रही है।
सदर विधानसभा क्षेत्र के युवा नेता एवं प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर ने कहा है कि जिस तरह आए दिन देवभूमि में धड़ा धड़ कोरोना के मामले बढ़ते ही जा रहे है यह बहुत ही चिंतनीय विषय है। उन्होंने जनता से घरों पर रहने की अपील की है। मीडिया के माध्यम से युवा नेता ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि जो सीमेंट प्लांट प्रदेश में चल रहे है फिलहाल कुछ दिनों के लिए उनके ऊपर रोक लगा देनी चाहिए साथ मे कम्पनी को आदेश जारी किए जाए कि जब तक कार्य बंद रहेगा तब तक ट्रक ऑपरेटरों ओर उनके ड्राइवरों के खर्च की जिम्मेवारी कम्पनी वहन करेगी। आशीष ठाकुर ने कहा कि कम्पनियों ने प्रदेश ओर इन ऑपरेटर भाईओं के सर पर करोड़ों रुपये कमा रखे है। आज प्रदेश में हलात ये है कि अन्य प्रदेशों की अपेक्षा सीमेंट की दाम भी सबसे ज्यादा भी हमारे प्रदेश में हैं। युवा नेता ने कहा कि इस समय सरकार को चाहिए कि बाहरी प्रदेशो की टैक्सियों पर तुरन्त प्रभाव से रोक लगे और जो हिमाचल प्रदेश के लोग बाहरी प्रदेशो में फंसे हुए है उन्हें लेकर आने के लिए अपने प्रदेश से ही वाहन भेजे जाएं ताकि देवभूमि हिमाचल की जनता सुरक्षित रह सके।
बिलासपुर से कोरोना वारियर्स के लिए आए सैनिटाइजर की एक गाड़ी कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के लिए भाजपा के जिलाध्यक्ष स्वतंत्र सांख्यान और जिला महामंत्री आशीष ढिल्लो ने रवाना की। यह सैनिटाइजर राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कोरोना वारियर्स के लिए भेजे हैं। नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए यह सैनिटाइजर भेजे हैं। नड्डा ने कोरोना वारियर्स का विशेष धन्यवाद किया है कि इस विकिट परिस्थिति में भी डॉक्टर्स, नर्सेज, पुलिस अधिकारी, कर्मचारी, मीडिया के साथी और सफाई कर्मचारी अपने परिवार को छोड़ कर देश सेवा में लगे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया है कि देश मे कोई भी व्यक्ति भूखा ना सोए और सभी क्षेत्रों मे कोरोना वारियर्स का विशेष धन्यवाद किया जाए। जिला अध्यक्ष स्वंतंत्र सांख्यान ने कोरोना वारियर्स का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जो दिन रात अपनी सेवाएं देकर कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से लड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है। उन के योगदान, साहस और सेवा के लिए हृदय से सारी भाजपा सभी वारियर्स का अभिनंदन करती है। उन्होंने कहा कि देश के सभी नागरिक पूरी ईमानदारी से अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन कर रहे हैं। इन संकट के क्षणों में सभी कोरोना वारियर्स मानवता के सुरक्षित भविष्य के लिए इस लड़ाई की अग्रिम पंक्ति में खड़े हैं, इन के साहस निस्वार्थ सेवा के दृढ़ निश्चय ने ही भारत को इस विषम परिस्थिति में सही रास्ते पर रखा हुआ है। इन की कर्तव्यनिष्ठा कर्तव्य परायणता और निष्ठा के समक्ष सभी नतमस्तक हैं। उन्होंने कहा कि सभी को पूर्ण विश्वास है कि कोरोना वारियर्स की निस्वार्थ सेवा के कारण भारत बहुत जल्द कोरोना के खिलाफ लड़ाई में विजयी होगा।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) सिरमौर के प्रमुखों के साथ दूरभाष पर बातचीत कर राज्य की अर्थव्यवस्था को बहाल करने और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए उनके बहुमूल्य सुझाव लिए। राज्यपाल ने उन्हें 17 मई, 2020 तक स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन आदि से संबंधित एक अवधारणा नोट भेजने का भी आग्रह किया ताकि सरकार को इसका लाभ मिल सके। बातचीत में निदेशक, आईआईटी मंडी टिमोथी गोन्जालव्स और आईआईएम, सिरमौर की निदेशक डाॅ. नीलू मित्रा ने भाग लिया। राज्यपाल ने कहा कि कोविड-19 के उपरान्त विश्व में परिस्थितियां बदल जाएंगी। हम पहले ही व्यवसायों, संस्थानों और सरकारों के कामकाज में बदलाव का सामना कर रहे हैं। अर्थव्यवस्था इस संकट से बुरी तरह प्रभावित हुई है और लाखों लोगों को अपनी आजीविका से हाथ धोना पड़ा है। हमें अर्थव्यवस्था को पुनः बहाल करने की जरूरत है ताकि लोगों को आजीविका के अवसर प्राप्त हो सकें। हमें लोगों को सुरक्षित और स्वस्थ रखने की भी जरूरत है। उन्होंने कहा कि ये दोनों प्रसिद्ध संस्थान आर्थिक गतिविधियों को पुनर्जीवित करने में सुझाव देकर अपनी अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के बाद स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, उद्योग, हस्तशिल्प इत्यादी क्षेत्रों को विश्व भर में फिर से खड़ा करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि तकनीक इसमें बड़ी भूमिका निभा सकती है और संसाधनों के प्रबंधन के लिए हमें नए साधनों की भी आवश्यकता है। राज्यपाल ने उनसे कहा कि वे हिमाचली परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रखते हुए अपनी टिप्पणी भेजें। उन्होंने आग्रह किया कि इसके अलावा, वैश्विक महामारी में अन्य क्षेत्रों स्वास्थ्य, टेलीमेडिसिन एंड तकनीक, ऑन-लाइन शिक्षा, विशेष शिक्षा, पर्यटन, ऑन-लाइन पर्यटन, सोशल मीडिया का उपयोग, डिजिटल मीडिया प्लेटफाॅर्म पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता हैै।
बाहरी राज्यों से वापस आने के इच्छुक हिमाचलियों को चिकित्सा जांच और संस्थागत क़्वारन्टाइन के उपरान्त ही अपने घर जाने दिया जाएगा। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज राज्य सरकार द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए कही। इन नोडल अधिकारियों को देश के अन्य भागों में फंसे लोगों राज्य में वापिस लाने के लिए संबंधित राज्य सरकारों से समन्वय स्थापित करने के लिए नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार देश के विभिन्न भागों में फंसे हिमाचलवासियों की सुरक्षा के प्रति चिंतित हैं उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों कोघर भेजने से पहले उन्हें क़्वारन्टाइन अवधि में रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब, महाराष्ट्र और देश के अन्य रेड जोन से आने वाले हिमाचलियों की कोविड-19 के लिए जांच की जाएगी। जय राम ठाकुर ने नोडल अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि उन्हें जिन राज्यों का कार्यभार सौंपा गया है, उनके नोडल अधिकारियों के साथ समन्वय बनाए रखें ताकि फंसे हुए हिमाचलियों को वापस लाने का मामला संबंधित राज्यों की सरकार के साथ जल्द से जल्द उठाया जा सके। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को वापस लाने में प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे राज्य के 52,763 लोगों ने कोविड ई-पास के लिए आवेदन किया है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश में फंसे देश के विभिन्न राज्यों के लगभग 63,044 लोग अपने राज्यों को वापिस जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अब तक अन्य राज्यों के 30,219 लोग यहां से जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में वापस जाने के इच्छुक लोगों को उनकी सुचारू वापसी के लिए सभी संभव सुविधाएं प्रदान की जाएं। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को प्रदेश में ही रहने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए ताकि श्रमिकों के अभाव में विकास परियोजनाएं प्रभावित न हों। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार के आग्रह पर केंद्र सरकार ने गोवा में फंसे हिमाचल प्रदेश के लोगों को राज्य में वापस लाने के लिए थिविम/मड़गांव/करमाली से ऊना तक विशेष रेलगाड़ी चलाने के लिए सहमति प्रदान की है। यह विशेष रेलगाड़ी 13 या 14 मई, 2020 को गोवा से चलेगी। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु में फंसे हिमाचल प्रदेश के लोगों को वापस लाने के लिए 11 मई को बेंगलुरु से ऊना के लिए एक और स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। राज्य सरकार, केंद्र सरकार से महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, बिहार इत्यादी राज्यों से भी ऐसी ही ट्रेनें शुरू करने का आग्रह करने पर विचार कर रही है ताकि वहां फंसे हिमाचल प्रदेश के लोगों को सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि उचित सामाजिक दूरी को सुनिश्चित करने के लिए ऊना स्थित रेलवे स्टेशन पर पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। वहां पर मास्क, सैनिटाइजर योजना के पैकेट का भी प्रबन्ध किया जाएगा। लोगों की सुविधा के लिए वहां पर जिलावार अलग काउंटर स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब, उत्तराखंड, हरियाणा और राजस्थान में फंसे हिमाचलियों को वापस लाने के लिए भी राज्य सरकार आवश्यक व्यवस्था करेगी।
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कोरोना आपदा से राहत देने के के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बनाए गए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज से हिमाचल प्रदेश को लगभग 244 करोड़ से ज़्यादा राशि ट्रांसफ़र कर दिए जाने की जानकारी दी है। अनुराग ठाकुर ने कहा "आज पूरी दुनिया कोरोना वायरस की चपेट में है और इस इस वैश्विक आपदा से निपटने के लिए सभी देश युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं। हमारा देश भी इस से अछूता नहीं है। जिसे देखते हुए देश की मोदी सरकार अपने नागरिकों को स्वस्थ व सुरक्षित बनाए रखने के लिए सभी सम्भव उपाय कर रही है। कोरोना आपदा के संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने नेतृत्व में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज का गठन किया गया है जिसके अंतर्गत ग़रीबों, मज़दूरों, किसानों, विधवाओं व दिव्यांगजनों के लिए आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया है। पूरे देश में अब तक 39 करोड़ से भी ज़्यादा लोगों को 34 हज़ार 800 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।” अनुराग ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भी ज़रूरतमंदों प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज का पूरा लाभ मिला है। पीएम किसान योजना के 8 लाख 70 हज़ार से भी ज़्यादा लाभार्थियों को 174 करोड़ रुपए से ज़्यादा की राशि उनके खातों में ट्रांसफ़र कर दी गई है। पीएम जनधन योजना के 6 लाख 13 हज़ार से ज़्यादा खाताधारकों के बैंक खातों में 30 करोड़ से ज़्यादा की राशि केंद्र सरकार द्वारा ट्रांसफ़र कर दी गई है।राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के तहत 1 लाख 11 हज़ार से अधिक वृद्धों, विधवाओं और दिव्याँगों को लगभग 5 करोड़ 59 लाख रुपए से अधिक की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। बिल्डिंग एंड कंस्ट्रक्शन फंड के 90 हज़ार से अधिक लाभार्थियों को 17 करोड़ 95 लाख से अधिक की आर्थिक मदद केंद्र सरकार द्वारा की गई है। ईपीएफ़ओ के 3700 से ज़्यादा लाभार्थियों को 8 करोड़ 30 लाख रुपए से ज़्यादा की राशि ट्रांसफ़र कर दी गई है। इसके अतिरिक्त उज्ज्वला योजना के अंतर्गत लगभग 1 लाख 13 हज़ार सिलेंडरों की अब तक बुकिंग हुई थी जिसमें से लगभग 1 लाख 12 हज़ार मुफ़्त गैस सिलेंडर लोगों को वितरित किए जा चुके हैं। हिमाचल प्रदेश के अंदर अब तक लगभग 24 लाख लोगों को 12 हज़ार मीट्रिक टन खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके अतिरिक्त लॉकडाउन के प्रथम चरण से अभी तक केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को अप्रैल माह तक विभिन्न मदों के लिए कुल 1,821 करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं। अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारत सरकार कोरोना से निपटने के लिए सभी ज़रूरी व प्रभावी कदम उठा रही है। यह वक्त पूरी एकजुटता के साथ इस आपदा से निपटने व अपनी राष्ट्रीय एकता को दिखाने का है। इस समय हमें पूरे संयम और दृढ़ संकल्प के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा सुझाए सभी उपायों का कड़ाई से पालन करने की आवश्यकता है। सतर्कता से ही कोरोना के संक्रमण की रोकथाम संभव है। हम स्वयं संक्रमित होने से बचेंगे और दूसरों को भी संक्रमित होने से बचाएँगे व हम सब मिल कर कोरोना को हराएंगे।
कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) के नेता संजय चौहान ने कहा कि पार्टी का मानना है कि शिमला शहर के बीचोबीच स्थित जिला अस्पताल रिपन(डी डी यू) को डेडिकेटेड कोविड-19 अस्पताल बनाने का सरकार का फैसला बिना सोचे समझे व जल्दबाजी में लिया गया फैसला है। उन्होंने कहा कि पार्टी मांग करती है कि इस फैसले को तुरन्त वापिस ले तथा इसमें नियमित ओ पी डी आरम्भ कर जनता को राहत प्रदान की जाए। सरकार द्वारा 21 मार्च, 2020 को कोविड-19 के बारे में बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में भी पार्टी ने सुझाव दिया था कि आई जी एम सी व रिपन(डी डी यू) अस्पताल में नियमित ओ पी डी जारी रखी जाए व नवबहार स्थित इंडस अस्पताल को तुरन्त डेडिकेटेड कोविड19 अस्पताल बनाया जाए। परन्तु सरकार ने इस पर कोई ध्यान नही दिया।उन्होंने कहा कि पहले आईजीएमसी में एक महीने से अधिक समय तक ओ पी डी बन्द कर जनता को परेशानी में डाला गया और अब रिपन(डी डी यू) अस्पताल जिसमे शिमला शहर व बाहर से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं इसे कोविड19 के लिए डेडिकेटेड अस्पताल बना दिया है और ओ पी डी बन्द कर जनता को और अधिक परेशानी में डाल दिया है। उन्होंने बताया कि ये निर्णय बिल्कुल भी सही नहीं है और इसे सरकार को जनहित में तुरन्त बदलना चाहिए। संजय चौहान ने कहा कि सरकार द्वारा लॉकडाउन व कर्फ्यू को लागू किए आज 45 दिन से अधिक समय हो गया है परन्तु अभी भी सरकार कोविड19 से निपटने के लिए कोई ठोस रणनीति व कार्यनीति नहीं बना पाई है और तदर्थवाद पर ही कार्य कर रही है। सरकार न तो आवश्यकता अनुसार टेस्ट कर पा रही है और न ही जो लोग कोविड19 के संभावित व प्रभावित मरीज है उनके लिए उचित व्यवस्था कर पा रही है। इनको क्वारंटाइन करने के लिए कोई भी न तो ठोस योजना है न ही कार्यक्रम हैं। अभी तक अधिकांश जिलों में तो उचित क्वारंटाइन केंद्र भी स्थापित नही किये गए हैं। जहाँ कहीं स्थापित किये गए हैं वहाँ रहने, खाने, साफ सफाई व अन्य मूलभूत आवश्यकताएं भी उपलब्ध नहीं करवाई गई है। सी.पी.एम.मांग करती है कि सरकार रिपन(डी डी यू) अस्पताल को डेडिकेटेड कोविड19 अस्पताल बनाने के निर्णय को तुरन्त बदल कर इसमें ओ पी डी तुरन्त आरम्भ कर जनता को इस विषम परिस्थिति में राहत प्रदान की जाए तथा इंडस अस्पताल को डेडिकेटेड कोविड19 अस्पताल बनाया जाए। राज्य के बाहर से आ रहे सभी लोगो का टेस्ट कर उनकी क्वारंटाइन करने की स्थानीय स्तर पर उचित व्यवस्था की जाए। क्वारंटाइन केंद्रो में रहने, खाने, साफ सफाई व अन्य मूलभूत आवश्यकताओं को सुचारू रूप से उपलब्ध करवाया जाए। राज्य सरकार को इस कोविड19 से निपटने व इससे बाहर निकलने के लिए जंग की भांति एक ठोस रणनीति बना कर कार्य करना होगा। सी.पी.एम. इससे निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाये गए सकारात्मक कार्यों में पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।
हिमाचल में कोरोना वायरस के मामले पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहे हैं। रविवार प्रदेश में कोरोना वायरस को दो और पॉजिटिव मामले आए हैं। 36 वर्षीय उक्त मरीज दो दिन पहले ही अहमदाबाद से लौटा है, जहां वह ड्राइवर की नौकरी करता है। वन्ही दूसरे मामले में गुरुग्राम से लौटे 46 वर्षीय व्यक्ति का कोविड सैंपल भी पॉजिटिव पाया गया है। वह मरीज गुरुग्राम में ड्राइवर की नौकरी करता है। दोनों के सैंपलों की जांच आईजीएमसी शिमला में की गई है। इन दोनों को बिलासुपर में क्वारंटीन किया गया था। बता दे कि अब प्रदेश में कुल 54 कोरोना पॉजिटिव मामले आ चुके हैं और वर्तमान में 13 एक्टिव केस उपचाराधीन है। दो की मौत हुई है। 35 लोग स्वस्थ होकर घर चले गए हैं और चार लोग हिमाचल से बाहर चले गए हैं।
कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने शिमला में कोरोना संक्रमित मंडी जिला के एक व्यक्ति के देर रात किए गए अंतिम संस्कार को अति दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा है कि उक्त व्यक्ति की मृत देह का घोर अपमान हुआ है। इसके लिए सरकार भी पूरी तरह दोषी है। विक्रमादित्य सिंह ने इस धटना पर गहरा क्षोव व्यक्त करते हुए कहा है कि वह इस पूरे मामले को सुन कर अति व्यथित है। एक ऐसा नोजवान व्यक्ति जिस का भरा पूरा परिवार हो और एक गंभीर बीमारी का शिकार हो गया हो, उसकी मृत देह से इस प्रकार का कृत्य की उसे रात को ही बगैर उसके परिवार के लावारिस की तरह अग्नि के समर्पित कर दिया जाए और वह भी डीज़ल या मिट्टी तेल से जला दिया जाए, कही न कही सरकार की सम्वेदनहीनता को साफ दर्शाता है। विक्रमादित्य सिंह ने इस मुद्दे पर लोगों के गुस्से को जायज ठहराते हुए कहा है कि जिस परिवार का यह व्यक्ति गंभीर बीमारी का शिकार बना और अंतिम संस्कार में वह परिवार उसका मुंह तक न देख सका और न ही उसका कोई कर्म धर्म कर सका उस परिवार, उसके माता पिता पर क्या गुज़र रही होगी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। यह सरकार इतनी संवेदनहीन होगी, उन्होंने कभी इसकी कल्पना भी नहीं कि थी। विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि उक्त व्यक्ति के मृत शरीर का अपमान तो हुआ ही साथ ही देश के हिन्दू धर्म व कानून का भी उल्लंघन हुआ है। उन्होंने कहा है कि सरकार को इस पूरे मसले पर प्रभावित परिवार से माफी मांगते हुए उसके परिवार को मुआवजा देना होगा।


















































