सोलन में पेयजल की गुणवत्ता जांचने के लिए जल शक्ति विभाग द्वारा एक मुहीम चलाई जा रही है। विभाग द्वारा क्षेत्र के सभी स्त्रोतों की जल-जाँच संबंधी अभियान चलाया जा रहा है। जल शक्ति विभाग मंडल अधिशासी अभियंता सोलन के दिशा निर्देशों अनुसार समस्त स्कूलों, आंगनबाड़ियों केंद्रों व शहर के जल स्त्रोतों की टेस्टिंग की जा रही है। कोरोना काल में स्वछता को ध्यान में रखते हुए यह मुहीम चलाई गई है। पानी की टेस्टिंग से उसकी गुणवत्ता की जांच की जाएगी। जिसके चलते लोगों तक साफ जल पहुंचेगा। विभाग द्वारा कोरोना संकट में यह सहरानीय कदम उठाया गया है। बता दें कि बीआरसी जय देव व उनकी टीम के द्वारा क्षेत्र के हर गांव व पंचायत में जाकर यह जल जाँच की जा रही है।
कोट बेजा : सोलन जिला के धर्मपुर विकास खंड की ग्राम पंचायतों में पिछले वर्ष मनरेगा योजना के तहत हुए विकास कार्यों का निर्माण सामग्री का करीब 2 करोड़ से अधिक की राशि का भुगतान मैटीरियल सप्लायरों का नहीं हो पा रहा है। साथ ही पिछ्ले वर्ष से मनरेगा योजना के तहत हुए विकास कार्यों में लगे मिस्त्रीयो की दिहाड़ी मजदूरी का पैसा भी उन्हे नहीं मिल पा रहा है। और विभिन्न पंचायतों के मैटीरियल सप्लायरों का अपना कार्य चलाना मुश्किल हो गया है वहीं मिस्त्रियो का पैसा ना मिलने से वह अपने को ठगा सा महसूस कर रहै है। चंडी पंचायत के प्रधान बलवंत ठाकुर ने बताया कि पंचायत कार्यों के निर्माण के लिए मैटीरियल सप्लायरों द्वारा निर्माण सामग्री उपलब्ध करवाई जाती है। जिसमे जनरल फंड का पैसा शीघ्र आ जाता है तथा मनरेगा के मैटीरियल का पैसा चार पांच माह में आता रहा है। लेकिन इस बार बहुत लंबे अरसे से मनरेगा मैटीरियल का पैसा नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया है कि मनरेगा में मिस्त्री को मैटीरियल की श्रेणी में रखा गया है। जिसमे मात्र 267 रुपए मिस्त्री की दिहाड़ी लगाने वाले को पिछले वर्ष से अदायगी नहीं हो पा रही है। जिस कारण वश इस महंगाई के इस दोर में मिस्रियों को अपने परिवार के पालन पोषण कि चिंता सता रही है उन्होंने बताया कि एक ओर सरकार प्रशाशन मनरेगा में कार्यों का टारगेट देती रही है वहीं दूसरी ओर सरकार समय पर भुगतान नहीं कर रही है । बलवंत ठाकुर ने बताया कि कई बार इस मुद्दे को लेकर प्रशाशन के समक्ष उठा चुके है। उन्होंने बताया कि पिछले आठ माह से लंभित पडे कार्यों का सीमेंट भी उपलब्ध नहीं हो पाया है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर एवं पंचायती राज मंत्री श्री विरेन्द्र कंवर से मांग कि है कि पिछले वर्ष के लंबित पैसों का भुगतान किया जाए.उधर इस विषय में विकास खंड अधिकारी धर्मपुर सुभाष अत्री ने बताया कि मनरेगा मैटीरियल , मिस्रियों की पेमेंट नहीं हुई है जैसे ही हमारे पास पैसा आता है खातों में डाल दिया जाएगा
सोलन : डॉ यशवंत सिंह औदयानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में पिछले दिनों, चार नए वैधानिक अधिकारियों ने कार्यभार संभाला। इसमें निदेशक अनुसंधान, विस्तार शिक्षा निदेशक, छात्र कल्याण अधिकारी और लाइब्रेरियन शामिल है। अर्थशास्त्री डॉ रविंदर शर्मा ने विश्वविद्यालय के निदेशक अनुसंधान के पद का कार्यभार संभाला। इससे पूर्व डॉ शर्मा विश्वविद्यालय के विस्तार शिक्षा निदेशक के पद पर कार्य कर रहे थे। उनके स्थान पर कीट वैज्ञानिक डॉ दिवेन्द्र गुप्ता ने विवि के विस्तार शिक्षा निदेशालय में निदेशक के पदभार संभाला है। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के सत्यानन्द स्टोक्स पुस्तकालय में सब्जी विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ हेम राज शर्मा ने लाइब्रेरियन के पद पर जॉइन किया। किट वीज्ञान विभाग के डॉ जेके डूबे ने विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण संगठन में स्टूडेंट वेलफ़ैरऑफिसर के रूप में जॉइन किया है।
दाड़लाघाट: पोंटा साहिब से ट्रांसफर होकर आए नायब तहसीलदार इंदर कुमार ने सब उपमंडल दाड़लाघाट की उप तहसील में पहुंचकर बतौर नायब तहसीलदार अपना कार्यभार संभाल लिया है। दाड़लाघाट में इससे पहले नायब तहसीलदार का कार्यभार बंसत लाल राजटा देख रहे थे, जिनकी सेवानिवृत्त होने के बाद इंदर कुमार को नियुक्त किया गया है। कार्यभार संभालने के बाद नायब तहसीलदार इंदर कुमार ने कहा कि सभी कर्मचारी व अधिकारी अपने काम में पारदर्शिता बरतें और समय पर काम निपटाएं, ताकि उप तहसील में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। उन्होंने कहा कि इलाके के लोगों के कामकाज पूरी लगन मेहनत के साथ पहल के आधार पर किए जाएंगे। यदि फिर भी किसी व्यक्ति को कोई परेशानी आती है,तो उनसे सीधा संपर्क कर सकते है। नायब तहसीलदार इंदर कुमार ममलीग के गांव शारडाघाट के रहने वाले हैं। इंदर कुमार ने कहा कि राजस्व विभाग में सेवाएं चुनौतीपूर्ण काम होता है, लेकिन बावजूद इसके पूरी लग्न व निष्ठा से स्थानीय लोगों को राजस्व संबंधी अपनी सेवाएं देंगे। उप तहसील दाड़लाघाट में नए नायब तहसीलदार के कार्यभार संभालने के बाद जहां उपतहसील कार्यो को निपटाने में गति मिलेगी, वहीं लोगों को भी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जारी विकासात्मक योजनाओं को जनता तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाड़ीधार व कांगरी धार में पर्यटन की दृष्टि से बढ़ावा व दाड़लाघाट क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रूप से करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए उचित कदम उठाने की बात कही तथा लोगों से अपील भी की कि वह नियमों का पालन करें तथा बिना वजह घरों से बाहर न निकले।
नालागढ़ : सोलन जिला के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) में औद्योगिकीकरण की गति के साथ-साथ पर्यावरण को स्वच्छ एवं आबोहवा को शुद्ध रखने के लिए वन विभाग निरंतर प्रयासरत है। इस दिशा में नालागढ़ वन मण्डल द्वारा योजनाबद्ध कार्य किया जा रहा है। नालागढ़ वन मण्डल द्वारा बीबीएन क्षेत्र में गत 02 वर्षों में यह सुनिश्चित बनाया गया है कि एक ओर जहां वन भूमि से अवैध अतिक्रमण को हटाया जाए वहीं दूसरी ओर हरित आवरण में भी वृद्धि की जाए। गत 02 वर्षों में वन मण्डल नालागढ़ के अन्तर्गत 67 हैक्टेयर (889 बीघा) वन भूमि से अतिक्रमण हटाया गया है। वर्ष 2019-20 में वन परिक्षेत्र अधिकारी नालागढ़ तथा वन खण्ड अधिकारी सैनीमाजरा में अपनी टीम के साथ क्षेत्र के मगनपुरा, बीड प्लासी एवं सैनीमाजरा क्षेत्रों में अतिक्रमण के 29 मामलों में कार्यवाही कर 46 हेक्टेयर वन भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त करवाया गया है। वर्ष 2020-21 में ढेरोवाल क्षेत्र में अतिक्रमण के 17 मामलों का निपटारा किया गया और 21 हैक्टेयर वन भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त करवाया गया। वन भूमि की सुरक्षा के लिए मुक्त करवाई गई भूमि की चेन लिंक फेन्सिग करवाई गई है। नालागढ़ वन मण्डल द्वारा अवैध कब्जे से मुक्त करवाई गई 46 हैक्टेयर वन भूमि पर पौधरोपण किया गया और 34 हजार 600 पौधे रोपित किए गए। शेष 21 हैक्टेयर वन भूमि पर इस वर्ष पौध रोपण किया जाएगा। अतिक्रमण के 06 अन्य मामले नालागढ़ वन मण्डल के वन मण्डलाधिकारी के समक्ष लम्बित हैं। इनमें भी शीघ्र ही निष्कासन आदेश जारी कर अतिक्रमण हटाने के सम्बन्ध में कार्यवाही की जाएगी। वन मण्डलाधिकारी नालागढ़ यशुदीप सिंह ने इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी देते हुए कहा कि अपने अधिकार क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ाना और वन भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त करना विभाग का मुख्य दायित्व है। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए औचक निरीक्षण के साथ-साथ नियमित गश्त सुनिश्चित बनाई जाती है। बीबीएन क्षेत्र में औद्योगिक विकास के लिए यह आवश्यक है कि क्षेत्र के पर्यावरण को स्वच्छ रखा जाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों को साफ-सुथरी आबोहवा के लिए जाना जाता है और वन विभाग इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि वन भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त करवाने के लिए वन खण्ड अधिकारी सैनीमाजरा सोमनाथ एवं वन रक्षक बीड प्लासी तरसेम लाल को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए हैं। यशुदीप सिंह ने लोगों से आग्रह किया कि वन भूमि पर अवैध कब्जे के सम्बन्ध में सम्बन्धित क्षेत्र के वन अधिकारी सूचित करें ताकि इस दिशा में त्वरित कार्यवाही अमल में लाई जा सके।
दाड़लाघाट : उप तहसील दाड़लाघाट के अंर्तगत आने वाली बरायली, दाड़लाघाट, रौडी पंचायत के लगते गांव डवारु, शमेली, ककेड, बुडमो, गवाह, मझेड, नौणी, स्यार, खाता, रौडी, बटेड,पछिवर में भाजपा नेता व हिमको फेडरेशन के चेयरमैन रत्न सिंह पाल ने एक दिवसीय दौरे के दौरान कोरोना पीड़ित मरीजों को होम आइसोलेशन किटें प्रदान कीं साथ ही उनका हाल चाल भी जाना। उन्होंने लोगों को विश्वास दिलाया कि सरकार और प्रशासन उनकी हर सम्भव मदद के लिए हर समय तैयार है। उन्होंने कहा कि इस आपदा की स्थिति में लोगो की सहायता के लिए आगे आयें, इस विषय को राजनैतिक दृष्टिकों से न देखें। इस दौरान बरायली पंचायत की प्रधान रीता शर्मा, उपप्रधान कृष्ण चंद भट्टी, रौडी पंचायत की प्रधान रीना शर्मा, दाड़लाघाट पंचायत के प्रधान बंसी राम भाटिया, उपप्रधान हेमराज, स्नेहलता, सरोज गौतम, बसंत लाल, हीरा देई, पवन कुमार, जगदीश्वर शुक्ला, बालकराम शर्मा, पवन गौतम, मदन शर्मा, नरेश शर्मा सहित तीनों पंचायत के वार्ड सदस्य मौजूद रहे।
दाड़लाघाट : दाड़लाघाट क्षेत्र के व्यस्त रहने वाले एनएच 205 अम्बुजा चौक पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहेगा। दाड़लाघाट अम्बुजा चौक पर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने चार सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए हैं।इसका कंट्रोल रूम पुलिस थाना दाड़लाघाट में बनाया गया है। पुलिस थाने की देखरेख में कंट्रोल रूम का संचालन होगा। यहां से अम्बुजा चोक, बिलासपुर व शिमला हाईवे में आने जाने वालों की पुलिस की सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से नजर रहेगी। अम्बुजा चोक सहित बस स्टैंड व एसबीआई बैंक की तरफ से घूमने वाले हर वाहन व हर आने-जाने वाला सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रहेगा। हाई क्वालिटी के कैमरे में 50 मीटर तक दायरे में हर वस्तु स्पष्ट नजर आएगी।नियंत्रण कक्ष में कैमरे में कैद हर गतिविधि का रिकार्ड रहेगा।इससे अपराधिक मामलों को तुरंत सुलझाने में सहूलियत मिलेगी।इसके साथ ही दाड़लाघाट में आए दिन बढ़ रही सड़क दुर्घटना,चोरी,तस्करी आदि की घटनाओं पर अंकुश लगेगा। यहां स्थापित किए जाएंगे सीसीटीवी:- एक कैमरा शालाघाट स्थित शिमला बिलासपुर मार्ग पर लगाया जायेगा।इस कैमरे से विभिन्न रूटों से आने जाने वाले वाहनों पर पैनी नजर रहेगी। इसके अलावा एक कैमरा कुनिहार के बीच लगाया जाएगा। मनचलों पर कसेगा शिकंजा:- पुलिस ने ये कैमरे अम्बुजा चौक के बिल्कुल मध्य में जहां पर लोगों की ज्यादा आवाजाही रहती है वहां पर स्थापित किए हैं।इससे छात्राओं, युवतियों व महिलाओं को आने जाने में किसी भी तरह की कोई परेशानी नही होगी। दाड़लाघाट में अम्बुजा चौक में चार सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए है। जबकि शालाघाट व कुनिहार में भी तीसरी आंख की नजर रहेगी। इसकी प्रक्रिया दाड़लाघाट से शुरू हो गई है और कंट्रोल रूम दाड़लाघाट थाना में बनाया गया है।
कुनिहार :अर्की उपमंडल के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सरयांज के दूरदराज के गांव में अभी तक इंटरनेट का सिग्नल ही नहीं पंहुच पाया है। जिसके कारण स्कूली बच्चो को अपनी आनलाइन शिक्षा ग्रहण करने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार बच्चो को अपने गांव से दूर पहाड़ियों पर जाकर सिग्नल तलाशना पड़ता है। जिसके कारण बच्चो की शिक्षा पर तो असर पड़ ही रहा है लेकिन बच्चो के अभिवाको को इस बात का डर हमेशा रहता है कि बच्चे जंगल में जाकर शिक्षा ग्रहण कर तो रहे है लेकिन वंहा जंगली जानवरों का भी हमेशा खतरा बना रहता है। इसलिए गांव के कुछ लोग बच्चो के साथ रहते है। गाँव में इंटरनेट सुविधा न होने की वजह से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यदि गाँव में कोई बीमार पड़ जाए तो दूरभाष पर सम्पर्क करना मुश्किल हो जाता है। इसके अतिरिक्त किसी परिजन से भी बात करनी हो तो बड़ी ही मशक्कत के बाद फोन का सिग्नल तलाशना पड़ता है। जानकारी के अनुसार वर्ष 1985 86 में विकास खंड कुनिहार की ग्राम पंचायत सूरजपुर से कुछ क्षेत्र काटकर ग्राम पंचायत सरयांज बनाई गई थी। ग्रामीणों की मांग पर वर्ष 2005 -6 में सरयांज में एक निजी कम्पनी का टावर लगा दिया गया। लेकिन अभी भी उक्त टावर का सिग्नल बहुत से गाँव तक नही पंहुच पा रहा है। ग्राम पंचायत सरयांज के अंतर्गत आने वाले गाँव गरुड़ नाग, चुडावली ,नलिलान क्वालंग डोलरी ,मनोल आदि गाँव अभी भी इनटर्नेट सुविधाओं से वंचित है। जिस कारण उक्त गाँव के ग्रामीणों एवं स्कूली बच्चो को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रीति, दीपक, रोहित गौतम, कविता गौतम,पूनम गौतम, ध्रुव ,जोगिन्द्र, कमलेश ,नीलम ,ललिता ,उप प्रधान प्रकाश गौतम आदि ने कहा कि पंचायत के अधिकतर गांव में इंटरनेट सुविधा नही है। बच्चो कि शिक्षा प्रभावित हो रही है सिग्नल न होने के कारण बच्चे जंगलो में जाकर पढ़ाई करते है। सरकार गांव कि इस समस्या के बारे में सुध ले व् शीघ्र इंटरनेट टावर लगाये। प्रधान रमेश ठाकुर ने कहा कि यह विषय मेरे संज्ञान में है व् सम्बंधित विभाग से इस बारे में बात हुई है। इस बाबत मुझे आश्वासन दिया गया है कि शीघ्र ही समस्या का समाधान होगा ।
दाड़लाघाट :वन खंड अधिकारी दानोघाट व वन परिक्षेत्र दाड़लाघाट के कर्मचारियों ने वन मंडल अधिकारी कुनिहार एचके गुप्ता के निर्देशानुसार पंचायत सेवड़ा चंडी के गांव बड़ोग में लोगों को तेंदुए के आतंक से सावधानियां बरतने की हिदायत दी है। ज्ञात रहे कि इन दिनों गांव बड़ोग में तेंदुए के आतंक से लोग सहमे हुए हैं। वन खंड अधिकारी सत्य देव शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि गांव बड़ोग तथा आस पास आजकल ग्रामवासियों ने कई बार तेंदुए को घूमते हुए देखा है। शिकायत मिलने पर वन विभाग के कर्मचारियों ने गांव बड़ोग के ग्रामीणों से अपील की है कि ग्रामीण सावधानीपूर्वक अपना कार्य करें,ताकि जंगली जानवरों से किसी भी प्रकार के जान माल का नुकसान न हो। उन्होंने कहा कि बच्चों व बजुर्गों को घर से बाहर अकेले मत भेजें, वहीं खेतों में कार्य करने के लिए व घासनी में घास काटने के लिए समूहों में बाहर निकलें व शोर मचाते हुए ही बाहर जाएँ, हो सके तो कुछ दिनों तक रात के समय घर से बाहर न निकलें। उन्होंने कहा कि ज्यादातर रात को पटाखे व ढोलक का उपयोग करें, ताकि शोर सुनकर जंगली जानवर अन्य स्थान के लिए भाग जाए। सत्य देव शुक्ला ने कहा कि अगर रात के समय घर से बाहर जाना ही पड़े, तो उपलों व जलती हुई लकड़ी का उपयोग करें, अगर किसी को भी जंगली जानवर दिखता है तो न ही उसे मारे व न ही उससे किसी भी प्रकार की शरारत करें,क्योंकि ऐसा करने पर जंगली जानवर नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारी के निर्देशानुसार गांव बड़ोग के लोगों को सावधानियां बरतने की हिदायत दी गई। इस मौके पर वन खंड अधिकारी दानोघाट सत्य देव शुक्ला,वन रक्षक चंडी बीट संजय कुमार,पूनम कुमारी,वन कर्मी टेक चंद मौजूद रहे।
जिला युवा सेवा एवं खेल विभाग सोलन द्वारा वर्ष 2020-21 में एक वर्ष के निःशुल्क कम्प्यूटर प्रशिक्षण के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह जानकारी जिला युवा सेवा एवं खेल अधिकारी सुदेश धीमान ने आज दी। सुदेश धीमान ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 02 युवाओं को प्रवेश दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम हिमाचल प्रदेश राज्य युवा बोर्ड द्वारा आयोजित करवाया जाएगा। इस प्रशिक्षण के लिए इच्छुक युवा 25 जून, 2021 तक जिला युवा सेवा एवं खेल विभाग सोलन में आवश्यक प्रमाण पत्रों सहित आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कम्प्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम में राष्ट्रीय इलेक्ट्राॅनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी, भारत सरकार तथा प्रदेश सरकार से मान्यता प्राप्त संस्थान द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। सुदेश धीमान ने कहा कि कम्प्यूटर प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षणार्थी की आयु 18 से 35 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। प्रशिक्षणार्थी की शैक्षणिक योग्यता जमा दो होनी अनिवार्य है। तथा उसके घर से कोई भी व्यक्ति सरकारी या अर्धसरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए। प्रशिक्षणार्थी के घर की वार्षिक आय 02 लाख से कम होनी चाहिए। ग्रामीण युवाओं को प्राथमिकता दी जायेगी। प्रशिक्षणार्थी जिला सोलन का स्थायी निवासी होना चाहिए। जिन प्रशिक्षणार्थियों ने पहले कम्पयूटर प्रशिक्षण प्राप्त किया हो वह इस प्रशिक्षण शिविर के लिए आवेदन न करें। उन्होंने कहा कि उक्त शर्तों को पूरा करने वाले सभी इच्छुक युवा दिनांक 25 जून, 2021 तक जिला युवा सेवा एवं खेल विभाग सोलन में उक्त प्रमाण पत्रों सहित आवेदन कर सकते हैं। इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी के लिए कार्यालय के दूरभाष नम्बर 01792-223462 पर किसी भी कार्यदिवस पर सम्पर्क किया जा सकता है।
कोविड-19 महामारी के संकटकाल में विशेष रूप से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) गरीब एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को आर्थिक संबल प्रदान करने का सशक्त आधार बनकर उभरा है। प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित बना रही है कि मनरेगा के माध्यम से न केवल विकास कार्यों को गति मिले अपितु समय पर भुगतान भी सुनिश्चित हो ताकि संकट के इस समय में जरूरतमंद व्यक्तियों की समय पर सहायता हो सके। जिला प्रशासन सोलन ग्रामीण क्षेत्रों में यह प्रयास कर रहा है कि मनरेगा के माध्यम से गरीब एवं जरूरतमंद व्यक्तियों का आर्थिक सहारा बना जाए। मनरेगा विकासात्मक गतिविधियों को गति प्रदान करने का माध्यम भी बन रहा है। वित्त वर्ष 2020-21 में मनरेगा के माध्यम से सोलन जिला में विभिन्न विकास कार्यों पर लगभग 28 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इस अवधि में जिला के पांचों विकास खण्डों में 09 लाख 98 हजार 111 श्रम दिवस अर्जित कर 1310 विकासात्मक कार्य पूर्ण किए गए हैं। 5803 विकास कार्य निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। जिला में ग्रामीण क्षेत्रों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत भूमि विकास, व्यक्तिगत डंगों इत्यादि एवं जल संरक्षण निर्माण कार्यों की अनुमति दी गई है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सभी 05 विकास खण्डों में मनरेगा के तहत कार्य कार्यान्वित किए जा रहे हैं। निर्माण कार्यों में न केवल गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है अपितु निर्माण सामग्री की उपलब्धतता भी समय पर सुनिश्चित बनाई जा रही है। जिला के धर्मपुर विकास खण्ड में वित्त वर्ष 2020-21 में मनरेगा के तहत 234 निर्माण कार्य पूर्ण किए गए जबकि 1312 विकास कार्यों का निर्माण प्रगति पर है। इन कार्यों पर लगभग 07 करोड़ रुपए व्यय किए गए। धर्मपुर विकास खण्ड में इस अवधि में 256240 श्रम दिवस अर्जित कर अधिक से अधिक लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। कण्डाघाट विकास खण्ड में लगभग 02 करोड़ 99 लाख रुपए खर्च कर 184 विकास कार्य पूर्ण किए गए। विकास खण्ड में 732 विकास कार्य निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। कण्डाघाट विकास खण्ड में 120703 श्रम दिवस अर्जित किए गए। कुनिहार विकास खण्ड में इस समय अवधि में मनरेगा के तहत 236 निर्माण कार्य पूरे किए गए जबकि 1165 कार्यों का निर्माण प्रगति पर है। इस अवधि में कुनिहार विकास खण्ड में 179401 श्रम दिवस अर्जित किए गए और लगभग 05 करोड़ 13 लाख रुपए का भुगतान किया गया। नालागढ़ विकास खण्ड में मनरेगा के तहत किए जा रहे कार्यों पर वित्त वर्ष 2020-21 में 7.39 करोड़ रुपए खर्च किए गए। इस अवधि में नालागढ़ विकास खण्ड में 257476 श्रम दिवस अर्जित कर 447 विकास कार्यों को पूर्ण किया गया। 1695 विकास कार्य निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। सोलन विकास खण्ड में वित्त वर्ष 2020-21 में मनरेगा के तहत विभिन्न विकास कार्यों के लिए 184291 श्रम दिवस अर्जित किए गए। यहां 209 विकास कार्य पूर्ण किए गए जबकि 899 विकास कार्यों का निर्माण प्रगति पर है। यहां इस अवधि में लगभग 05 करोड़ 05 लाख रुपए व्यय किए गए। अतिरिक्त उपायुक्त सोलन एवं जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक अनुराग चन्द्र शर्मा ने इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी देते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के समय में जिला प्रशासन मनरेगा के माध्यम से विकास कार्यों को गति प्रदान करने एवं ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद लोगों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कह कि वित्त वर्ष 2020-21 में सोलन जिला में 2344 परिवारों ने 100 दिन का रोजगार पूर्ण किया है। जिला में इस अवधि में 20156 आवासों के 28523 व्यक्तियों को मनरेगा के तहत रोजगार प्रदान किया गया। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम जहां ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार वं स्वरोजगार के विभिन्न अवसर सृजित करने में सहायक बन रहा है वहीं कोविड-19 महामारी के संकट समय में ग्रामीणों के लिए आशा की किरण भी बनकर उभरा है।
कुनिहार :पुलिस पेंशनर एसोसिएशन ने सरकार व पुलिस महानिदेशक से मुख्य मांगो पर विचार करने का किया आग्रह
कुनिहार :मंगलवार को पुलिस पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन कुनिहार ने त्रैमासिक वर्चुअल मीटिंग प्रधान धनीराम तंनवर की अध्यक्षता में कार्यकारणी पदाधिकारी गुरदयाल चौधरी ,जगदीश चौहान ,पुष्पा सूद ,आशा राणा ,संतराम चंदेल, केदार ठाकुर, श्यामलाल ठाकुर ,लेख राम काईथ, राजेंद्र शर्मा ,मुनि लाल चौहान ,दीप राम ठाकुर ,श्यामलाल भाटिया ,पतराम पंवर, रुप राम ठाकुर, रती राम शर्मा इत्यादि ने अपनी मुख्य मांगों पर सरकार व पुलिस महानिदेशक से गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। मुख्य मांगों में पुलिस कैंटीन को फौजी तर्ज पर मोबाइल कैंटीन के तौर पर हर थाना क्षेत्र में तारीख फिक्स करके सस्ता सामान उपलब्ध करवाना क्योंकि बहुत से पेंशनर इस हालत में नहीं है कि वह जिला की पुलिस लाइन से सामान प्राप्त करें। पुलिस पेंशनर व कर्मचारियों के बच्चों के लिए फौजी तर्ज पर पुलिस भर्ती में कुछ स्थान आरक्षित करना। पुलिस विभाग में काफी समय से हवलदार के पद पर 14,15 साल रहना पड़ता है तब कहीं जाकर उसको अगले पद के कोर्स करने के लिए भेजा जाता है जिसके कारण उसे उचित समय पर प्रमोशन नहीं मिलती क्योंकि इस समस्या से अपने कार्यकाल के दौरान हम में से भी बहुत से लोगों ने इसे झेला है। क्योंकि विभाग ने सीधी भर्ती बहुत ज्यादा शुरू कर रखी है। कुछ महीने पहले एसोसिएशन ने मीडिया के सहयोग से आशा रानी की शिकायत पर पुलिस के उच्च अधिकारियों से आग्रह किया था कि बहुत ही दुख की बात है कि इनके पति स्वर्गीय राजकुमार जो पुलिस कार्यालय सोलन में कार्यरत थे उनकी बीमारी के कारण डेढ़ साल पहले निधन हुआ मगर आज तक इस विधवा गरीब महिला को अपने पति के आर्थिक लाभ नहीं मिले किसी भी प्रकार की पेंशन जीपीएफ ग्रेचटी एक पैसा नहीं मिला जिसकी फाइल सोलन और शिमला के दफ्तरों में अब भी चक्कर काट रही है। यह अपने पति के पूरे अधिकारों से वंचित है। इसके 2 बच्चे हैं जिनकी पढ़ाई भी बंद हो चुकी है व इसे सरकारी क्वार्टर से भी निकाल दिया गया। अब यह महिला अपने बच्चों के साथ दर-दर भटक रही है मगर पुलिस विभाग इसके केस को गंभीरता से नहीं सुलझा रहा है। बैठक में कहा गया कि अगर इसके केस का फैसला 15 दिन के अंदर नहीं होता है तो एसोसिएशन मजबूर होकर मुख्य न्यायालय में याचिका दायर करेगी।
डॉ यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में आज कोरोना महामारी से बचाव के लिए चलाए गए कोविड 19 टीकाकरण अभियान के तहत 220 कर्मचारियों को टीका लगाया गया। विश्वविद्यालय द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से यह टीकाकरण अभियान चलाया गया। विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों और स्टाफ एवं छात्र कल्याण संगठन ने साथ मिलकर इस अभियान को चलाया। विश्वविद्यालय के 18-44 आयु वर्ग के फ्रंट लाइन वर्कर्स और 45 वर्ष के आयु से ऊपर के कर्मचारियों और अन्य लोगों को टीका लगाया गया जिसमें 87 वर्षीय श्रीमती चंचल भी शामिल थी। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी कर्मचारियों को टीकाकरण अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। 12 जून को विश्वविद्यालय के शेष बचे कर्मचारियों के लिए एक बार फिर से टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा।
सन्त निरंकारी मिशन सोलन की विभिन्न शाखाओं कुम्हारहट्टी, सोलन, दधोग, कण्डाघाट व नौणी के सहयोग से सन्त निरंकारी सत्संग भवन सोलन में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 67 युनिट रक्त एकत्रित किया गया। इस शिविर का शुभारम्भ उपायुक्त सोलन केसी चमन ने किया। केसी चमन ने कहा कि रक्तदान महादान है तथा कोविड-19 के इस दौर में सभी को इस पुनीत कार्य में आगे आकर सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण उत्पन्न राष्ट्रीय आपदा जैसी स्थिति मे मानवता की सेवा में धार्मिक संस्थाएं अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। समाज सेवा के कार्य में सन्त निरंकारी मिशन का विशेष योगदान है। उन्होंने इस पुनीत कार्य के लिए सतगुरू माता सुदीक्षा जी महाराज का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कोविड का खतरा अभी टला नहीं है और सभी को चाहिए कि वे कोरोना वायरस से बचाव के लिए सभी निर्धारित नियमों का पालन करें। सन्त निरंकारी मिशन सोलन के संयोजक विवेक कालिया ने कहा कि मिशन द्वारा गत 21 फरवरी 2021 को भी 76 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया था। उन्होंने कहा कि मानवता की सेवा में लगातार प्रयासरत सन्त निरंकारी मिशन सतगुरू माता सुदीक्षा जी महाराज की अनुकम्पा से दिल्ली के बुराड़ी रोड़ में 1000 बिस्तरों वाला कोविड 19 ट्रिटमैंट सैंटर सुचारू रूप से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सोलन जिला के नालागढ़, कांगड़ा जिला के कछयारी और मण्डी व हमीरपुर जिला के अंतर्गत धरेटी में 25-25 बिस्तरों वाले कोविड उपचार केन्द्र सुचारू रूप से सरकार के सहयोग से कार्यरत हैं। इन कोविड उपचार केन्द्रों पर प्रत्येक बिस्तर के साथ ऑक्सीजन कन्सट्रेटर की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले रोगियों को तीनों समय के भोजन सहित मिशन के सेवादारों द्वारा अन्य सुविधएं भी उपलब्ध करवाई जा रही है। इस अवसर पर मिशन के शिमला क्षेत्र के क्षेत्राीय संचालक नरेन्द्र कश्यप ने विशेष रूप से शिरकत की तथा उपायुक्त से भविष्य में मिशन की ओर से हर सम्भव सेवायें प्रदान करने की पेशकश भी की।
नौणी : डॉ. एम के ब्रह्मी, डॉ वाईएस परमार बागवानी और वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के पर्यावरण विज्ञान विभाग में कार्यरत संकाय ने कुलपति डॉ. परविंदर कौशल के ओएसडी के रूप में कार्यभार संभाला है। डॉ. ब्रह्मी ने नौणी विवि से बीएससी और एमएससी (वानिकी) की डिग्री प्राप्त करने के बाद वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने 2003 में एनएईबी के क्षेत्रीय केंद्र में एक शोध सहयोगी के रूप में विश्वविद्यालय से जुड़े और 2010 में पर्यावरण विज्ञान विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में नियुक्त हुए। डॉ. ब्रह्मी ओएसडी के रूप में कार्य करने के अलावा, कुलपति सचिवालय के योजना एवं कार्यान्वयन प्रकोष्ठ के प्रभारी के रूप में भी काम करेंगे। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. कौशल का नई ज़िम्मेदारी देने के लिए आभार व्यक्त किया। विश्वविद्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने डॉ ब्रह्मी को बधाई दी।
सोलन :जिला युवा सेवा एवं खेल विभाग सोलन द्वारा नोडल युवा क्लब योजना के अन्तर्गत वर्ष 2021-23 के लिए नोडल क्लब तथा युवा स्वयंसेवी का चयन किया जाना है। यह चयन सोलन जिला के पांचों विकास खण्डों के लिए किया जाएगा। यह जानकारी जिला युवा सेवा एवं खेल अधिकारी सुदेश धीमान ने आज दी। सुदेश धीमान ने कहा कि नोडल क्लब तथा युवा स्वयंसेवी के चयन के लिए आवेदन 20 जून, 2021 तक भेजे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि नोडल योजना के अन्तर्गत चयनित युवा मण्डल को 35 हजार रुपए की सांस्कृतिक एवं खेल सामग्री तथा स्वयंसेवी को प्रतिमाह 03 हजार रुपये मानदेय प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नोडल क्लब का चयन युवा क्लब द्वारा गत 3 वर्षो की गतिविधियों के आधार पर किया जाएगा। नोडल क्लब के चयन के लिए पंजीकृत युवा मण्डल को अपनी 03 वर्षों की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। सुदेश धीमान ने कहा कि युवा स्वयंसेवी के चयन के लिए सम्बन्धित युवक मण्डल से 3-4 सक्रिय युवाओं के नाम, बायोडाटा तथा मोबाईल नम्बर विभाग के सोलन कार्यालय को प्रेषित करने होंगे। इन युवाओं की आयु 28 वर्ष से कम होनी चाहिए तथा शैक्षणिक योग्यता कम से कम 12वीं होनी चाहिए। ऐवे युवा समाज सेवा के कार्य में रूचि रखने वाले होने चाहिएं। उन्होंने कहा कि उक्त सभी शर्तों को पूर्ण करने वाले युवक मण्डल तथा युवा अपना आवेदन पत्र दिनांक 20 जून, 2021 तक जिला युवा सेवा एवं खेल कार्यालय, समीप पुराना उपायुक्त कार्यालय सोलन में स्वयं अथवा डाक के माध्यम से प्रेषित कर सकते हैं। आवेदन प्रपत्र कार्यालय के ईमेल पते sportsofficesolan@gmail.com पर भी भेजा जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय के दूरभाष नम्बर 01792-223462 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग सोलन द्वारा आज जिला के अर्की उपमंडल के शालाघाट एवं अन्य स्थानों पर लोगों को लघु नुक्कड़ नाटिका के माध्यम से भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूरी बनाने और नियम पालन के सम्बन्ध में समझाया गया। विभाग से सम्बंधित शिव शक्ति कलामंच के कलाकारों ने आज शालाघाट एवं आसपास के क्षेत्रों में कोरोना वायरस बनकर लोगों को सीख दी। कलाकारों ने जब ‘मेरा नाम कोरोना है और मैं भीड़-भाड़ वाले स्थानों तथा सामाजिक समारोहों में अत्यधिक निवास करता हूं। ऐसे स्थानों पर जो भी व्यक्ति मुझे बिना मास्क के सोशल डिस्टेन्सिग का पालन करते हुए मिलता है तो उसे में रोग ग्रस्त कर देता हूं’ कहा तो सभी दृश्य जीवंत हो गए। कलाकारों ने शालाघाट चैक पर जहां नाटकीय अंदाज में लोगों को कोविड-19 से बचाव के लिए विभिन्न उपायों की जानकारी दी वहीं प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन द्वारा कोविड-19 के दृष्टिगत जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने का भी आग्रह किया। लोगों को सामाजिक समारोहों में कम से कम संख्या में उपस्थित होने के लिए जागरूक किया गया। लोगों को बताया गया कि कोविड-19 जैसा भयावह रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इससे बचने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का नियमित प्रयोग, उचित सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन तथा समय-समय पर हाथों को साबुन या एल्कोहल युक्त सेनिटाईजर से साफ करते रहना आवश्यक है। कलाकारों ने लोगों को संदेश दिया कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। ऐसे स्थानों में जाने से कोरोना वायरस के फैलने का खतरा अधिक है तथा इससे पूरे परिवार तथा आसपास के लोगों के कोविड-19 से संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है। यदि ऐसी जगह जाना भी पड़े तो मास्क एवं सेनिटाइजर का प्रयोग जरूर करें। लोगों को जानकारी दी गई कि कोरोना वायरस का खतरा अभी बना हुआ है। लोगों को बताया गया कि कोरोना बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन कोविड-19 महामारी से बचाव में अत्यंत कारगर है। लोगों से आग्रह किया गया कि कोविड-19 बीमारी के लक्षणों को छुपाएं नहीं और तुरंत चिकित्सक की सलाह अवश्य लें। लोगों से आग्रह किया गया कि खांसी, बुखार तथा जुखाम जैसे लक्षण होने पर बिना किसी संकोच के अपनी कोविड जांच अवश्य करवाएं।
ऊँचा परमाणु स्थित तालाब में परवाणू के दमकल विभाग द्वारा आज फिर मछलियों को बचाने के लिए अपनी सेवाएं प्रदान की। साथ ही कसौली से उपमंडल अधिकारी नागरिक द्वारा भी मौके का निरीक्षण किया गया व मछलियों के संरक्षण एवं तालाब की सुंदरता को बनाये रखने के लिए नगर परिषद अध्यक्ष के साथ मौके पर चर्चा की। उन्होंने बताया की हमें बड़ी खुशी है कि हमारी दी गई सलाह से नगर परिषद अध्यक्ष बहुत खुश हुए और इस पर सकारात्मक कदम उठाने के लिए हमें आश्वासन दिया। हम आभारी हैं दमकल विभाग के जो लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं तथा निशा शर्मा के जिन्होंने अपने फर्ज को समझते हुए इस कार्य में अपने को पूरी तरह से समर्पित कर दिया।
कुनिहार के साथ लगती जाबल झमरोट पँचायत के गाँव जाबल व झमरोट के अधिकतर ग्रामवासियों को काफी लंबे समय से पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। इन गांवों में अधिकतर परिवारों को पानी नही पहुंच पाता है। कुछ लोग गांव मे टुलू पम्प का प्रयोग भी कर रहे है इसके अलावा पानी छोड़ने की अवधि भी बहुत कम है। इसी मुद्दे को लेकर इन ग्रामवासियों ने पँचायत प्रधान सीमा सहगल की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया व पेयजल आपूर्ति की समस्या का सही व सुचारू ढंग से कैसे समाधान हो के बारे में विस्तृत चर्चा भी की। कई सुझावों पर सहमति के बाद अधिशासी अभियंता अर्की को मांग पत्र के माध्यम से सभी कनेक्शन चैम्बर बनाकर दिए जाएं,पाइप लाइन में पानी छोड़ने का समय कम से कम 3 घण्टे हो, पानी का वितरण सभी को समान रूप से हो इसके लिए विभागीय कर्मचारी निगरानी रखे और डारेक्ट लाइन से टुलूपम्प का इस्तेमाल करने वालों पर नियमानुसार विभागीय कार्यवाही हो व प्रति परिवार एक ही कनेक्शन दिया जाए आदि सुझाव मांग पत्र में दिए गए है। ग्रामवासियों ने आई पी एच अर्की अधिशासी अभियंता से पानी की समस्या को जल्द हल करने की मांग की है। इस बैठक में बीडीसी सदस्य अमर सिंह परिहार, संजीव परिहार, दयानन्द परिहार, श्री राम परिहार, देवेंद्र वर्मा, अक्षय कुमार, अंशुल ठाकुर, देवीसरन, कृष्ण लाल, जितेंद्र, मनोज, जियालाल, ज्ञान चन्द, सीसराम, जियालाल, राम प्यारी, हरदेई ,पुष्पा पाल, नीलम आदि उपस्थित रहे।
शारदा पब्लिक स्कूल कश्लोग के बच्चों ने पर्यावरण दिवस मनाया। इस अवसर पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता व प्रश्नोत्तरी का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता को लेकर बच्चों में खुशी की लहर थी। इन प्रतियोगिताओं का आयोजन स्कूल के अध्यापकों द्वारा किया गया। इस मौके पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में तीन टीमें थी, जिसमे पहली टीम पानी, दूसरी टीम पौधे, तीसरी टीम पृथ्वी थी। इस प्रतियोगिता में दूसरी टीम विजेता रही।गूगल मीट के माध्यम से इन प्रतियोगिताओं को किया गया। इस अवसर पर बच्चों ने अपने घरों में पौधे लगाए। इन गतिविधियों की मदद से छात्रों ने हमारे जीवन में पौधों के महत्व को सीखा और पर्यावरण सरंक्षण के बारे में जागरूकता फैलाई। स्कूल की मुख्याध्यापिका शिवानी ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि स्कूल के अध्यापकों द्वारा यह आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण आज पूरा देश इस महामारी से जूझ रहा है, बहुत जल्दी यह समस्या ठीक हो जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि घर पर रहे सुरक्षित रहे और सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करें।
अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन प्राइवेट आईटीआई दाडलाघाट में पर्यावरण दिवस को वर्चुअल मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्यातिथि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पर्यावरण विषय के प्रोफेसर डॉ पवन कुमार अत्री रहे। कार्यक्रम की शुरूआत सोनू शर्मा ने मुख्यातिथि के स्वागत शब्दों के साथ की। इस दौरान छात्रों के बीच प्रश्नोतरी का आयोजन किया गया। जिसमें 15 छात्रों ने भाग लिया। इसमें उत्साह टीम प्रथम रही। जबकि पोस्टर मेकिंग में भी छात्रों ने बढ-चढ़ कर भाग लिया। जिसमें दिव्या एसएमओ ट्रेड की छात्रा प्रथम रही। इस मौके पर मौजूद कार्यक्रम में सभी ने अपने विचार भी साझा किए। कुछ छात्रों ने यह शपथ ली की यह एक वृक्ष को अपनाएंगे व उसकी देख भाल करेंगे। उन्होंने पर्यावरण को बचाने के लिए इस समय क्या जरूरत है व एक जिम्मेवार नागरिक होने के नाते हमारा इस समय क्या क्या कर्तव्य है इसके ऊपर अपने विचार सांझा किए। डॉ पवन वर्तमान में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पर्यावरण विषय के प्रोफेसर है। जिन्होंने प्रदेश, देश व अंतर्राष्ट्रीय मंचो पर पर्यावरण के मुद्दों पर अपना कर्तव्य दिया है। इस कार्यक्रम में लगभग 170 छात्रों सहित अध्यापक वर्ग ने भाग लिया।
दूरदराज के क्षेत्र राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल मांगल में काफी दिनों से रिक्त चल रहे फार्मासिस्ट के पद पर शशि पाल ने पदभार संभाल लिया है। इस पद को भरने के लिए मांगल, बागा (करोग) व बैरल तीनों पंचायत की जनता ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, स्वास्थ्य मंत्री राजीव सहजल, बीजेपी नेता व हिमकोफेड के चेयरमैन रत्न सिंह पाल का आभार जताया है। जनता की मांग पर हिमकोफेड के चेयरमैन रत्न सिंह पाल के प्रयासों से यह कार्य पूर्ण हो सका है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि शीघ्र पीएचसी व जीएएच मांगल में डॉक्टर, नर्स, उप स्वास्थ्य केंद्र हवानी में एमपीडब्ल्यू, बैरल में एमपीडब्ल्यू व स्कोर में उप स्वास्थ्य केंद्र में खाली चल रहे पदों को भी जल्द से जल्द भरा जाए। लोगों ने परगना मांगल की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एंबुलेंस की भी मांग की है। स्थानीय लोगों ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मांगल में हिंदी और इतिहास के प्रवक्ता के पद भरने पर भी धन्यवाद किया है। वहीं बैरल में एएनएम की नियुक्ति हेतु भी धन्यवाद किया है। इस दौरान भाजपा मंडल सचिव धनीराम चौहान, किसान मोर्चा अर्की मंडल उपाध्यक्ष अजीत सेन, कार्यकारिणी सदस्य हुकमचंद, चंपा चौहान, मछुआर संघ के प्रधान दीतू राम ठाकुर, बीजेपी जिला सदस्य लालमन चौहान, बीजेपी वरिष्ठ नेता बृज लाल चौहान, दयानंद शर्मा, भगत राम चौहान, प्रेम लाल चौहान, चुन्नीलाल चौहान, सोसायटी प्रधान मुंशी राम चौहान, ग्राम पंचायत मांगल की प्रधान उर्मिला रघुवंशी, उपप्रधान सीताराम ठाकुर, प्रधान ग्राम पंचायत बेरल ललिता व समस्त जनता ने सरकार का खाली चल रहे पदों को भरने के लिए धन्यवाद किया है।
हिमाचल प्रदेश के सोलन की बेटी बलजीत कौर ने माउंट एवरेस्ट समूह की पुमोरी चोटी पर फतह हासिल की है। अपने इस पर्वतारोहण अभियान के बाद बलजीत कौर रविवार को सोलन पहुंचेंगी। बलजीत और उनकी साथी पर्वतारोही राजस्थान की गुणबाला शर्मा 7161 मीटर ऊंची चोटी पुमोरी पर विजय हासिल करने वाली पहली भारतीय महिलाएं बन गई हैं। 12 मई की सुबह 8.40 पर पहले बलजीत कौर पुमोरी चोटी पर पंहुची और उसके कुछ ही देर बाद गुणबाला शर्मा भी शिखर पर पहुंचीं। बलजीत के साथ नूरी शेरपा और गुणबाला के साथ गेलू शेरपा ने इस अभियान को पूरा किया। पुमोरी चोटी एवरेस्ट पर्वत श्रृंखला की कठिन चोटी है और सोलन की बलजीत ने इस पर विजय हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला होने का गौरव हासिल किया है। इससे पहले 10 मई को दो भारतीय पुरुषों कुल्लू के हेमराज और स्तेंजिन नोरबो ने भी पहले भारतीय युगल के रूप में पुमोरी को फतह किया था।
आज 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य पर राजकीय महाविद्यालय सोलन के एनसीसी कैडेट्स द्वारा पौधारोपण किया गया। लोगो को पोस्टर और वीडियो के माध्यम से बदलते पर्यावरण के प्रति जागरूक किया। महाविद्यालय के एनो लेफ्टिनेंट सोहन सिंह नेगी ने बताया कि सीनियर अंडर ऑफिसर नीरज रावत और अन्य सभी केडेट्स एक हफ्ते से विश्व पर्यावरण दिवस की तयारी कर रहे थे। सभी कैडेट्स द्वारा कोविड 19 के दिशा निर्देशों के तहत अपने घरों के आस पास पौधे लगाए गए और भविष्य में उन पौधों को एक पेड़ में विकसित होने तक उनकी देखरेख की प्रतिज्ञा ली।
The Department of Environmental Science, Dr. YS Parmar University of Horticulture and Forestry, Nauni celebrated World Environment Day-2021 through virtual mode. The theme of the event was ‘Ecosystem Restoration’ with the slogan ‘Recreation, Re-imagination and Restoration of Ecosystem’. This year, World Environment Day is special and will kick start the UN Decade on Ecosystem Restoration programme for 2021-2030 period. Speaking at the event, Professor S K Bhardwaj, Head, Department of Environmental Science gave a brief background on World Environment Day. He said that by celebrating this day, we all can show our gratitude to mother nature for everything it has blessed us with. He added that nature gives us signals to mend our ways and work towards the protection and conservation of the environment. He pointed out that COVID pandemic has proved that the unbalanced use of natural resources by humans has caused irreversible changes in nature. He said that the time is right to take action at the individual level to prevent, halt and reverse the degradation of the ecosystem so that the balance is restored and this planet can be saved for future generations. More than 65 undergraduate and postgraduate students and faculty of the university attended the online event. Various competitions like slogan writing, painting, photography, short video and quiz were organized virtually. Kanchan, Neha Awasthi, Sakshi Verma secured first prizes in slogan writing, painting and nature photography competitions respectively. Amita Sharma, a first year PhD student stood first in the online quiz competition. The short video competition was won by Ashima Raina. Students along with faculty members took a pledge to conserve and restore natural ecosystems on an individual basis. Vote of thanks was proposed by Dr. Pratima Vaidya.
वैश्विक महामारी कोविड-19 के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग से सम्बन्द्ध शिव शक्ति कलामंच के कलाकारों ने आज सोलन जिला के कुनिहार विकास खण्ड में नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को कोरोना से बचाव का संदेश दिया। कलाकारों ने कुनिहार के प्रमुख स्थानों पर लोगों से जहां कोविड-19 से बचाव के लिए विभिन्न उपायों के पालन का आग्रह किया वहीं उन्हें कोविड-19 टीकाकरण के लिए भी प्रेरित किया गया। लोगों को बताया गया कि कोविड-19 से बचाव के लिए अपना टीकाकरण अवश्य करवाएं। टीकाकरण से घबराएं नहीं और टीके की दोनों खुराक लें। चिकित्सकों द्वारा बताए गए नियमों का पालन करें। टीकाकरण के लिए कोविन पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाएं। लोगों को सामाजिक समारोहों में कम से कम संख्या में उपस्थित होने के लिए जागरूक किया गया। लोगों को बताया गया कि कोविड-19 एक ऐसा संक्रामक रोग है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इससे बचने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का नियमित प्रयोग, उचित सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन तथा समय-समय पर हाथों को साबुन या एल्कोहल युक्त सेनिटाईजर से साफ करते रहना आवश्यक है। कलाकारों ने लघु नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को संदेश दिया कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। ऐसे स्थानों में जाने से कोरोना वायरस के फैलने का खतरा अधिक है तथा इससे पूरे परिवार तथा आसपास के लोगों के कोविड-19 से संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है। कलाकारों ने कुनिहार में नागरिक अस्पताल, मुख्य बाजार कुनिहार तथा पुराने बस अड्डे के समीप लोगों को अवगत करवाया कि मानवीय जीवन बहुमूल्य है और स्वस्थ रहकर ही व्यक्ति अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास एवं निर्माण में योगदान दे सकता है। लोगों से आग्रह किया गया कि सकारात्मक सोच के साथ नियम पालन करें। लोगों को अवगत करवाया गया कि जन-जन के हित में प्रदेश सरकार समयानुसार जनहितैषी निर्णय ले रही है। हम सभी का कर्तव्य है कि प्रदेश सरकार को पूर्ण सहयोग प्रदान करें ताकि कोविड-19 के संकट से सभी की रक्षा की जा सके। किन्तु प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन के ये प्रयास तभी पूर्ण रूप से सफल हो सकते हैं जब हम कोविड नियमों का कड़ाई से पालन करें। लोगों को बताया गया कि एक दूसरे से हाथ न मिलाएं तथा उचित सोशल डिस्टेन्सिग बनाए रखें। लोगों से आग्रह किया गया कि अभिभावदन के रूप में नमस्कार करें। कोविड-19 के बारे में कोई जानकारी चाहते हैं या आपको कोई समस्या है तो हेल्पलाइन नम्बर 1077 पर बात करें। सोलन में दूरभाष नम्बर 01792-220049, 01792-221234 तथा 01792-220882 पर भी अपनी समस्या का समाधान पा सकते हैं।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धुन्दन की एनएसएस इकाई ने विश्व पर्यावरण दिवस पर ऑनलाइन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।जिसकी अध्यक्षता प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर ने की। इस आयोजन में लगभग 50 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। मुख्य वक्ता कुमारी ज्योत्सना ने वर्चुअल कक्षा के माध्यम से पर्यावरण पर अपनी प्रस्तुति दी। इसके माध्यम से स्वयंसेवियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक तथा समाज में स्वयंसेवियों की पर्यावरण को सुरक्षित रखने में भूमिका पर विचार रखें। कार्यक्रम अधिकारी पीसी बट्टू ने स्वयंसेवकों से अपील की कि वे सामाजिक चेतना के कर्तव्य में अपनी भूमिका का निर्वहन ईमानदारी के साथ करें तभी आने वाली पीढ़ियों के लिए यह पर्यावरण अनुकूल रह सकता है। प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर ने सभी साथियों से आग्रह किया कि वे अपनी जिम्मेदारी को अच्छी तरह से समझ कर स्वयं और अपने आस पड़ोस में सभी को पर्यावरण के प्रति जागरूक करें तभी इस दिवस को मनाने का लाभ होगा। इस अवसर पर कई स्वयंसेवियों ने चित्रकला व स्लोगन के माध्यम से अपनी प्रतिभा का आकर्षक प्रदर्शन किया तथा अपने आस-पड़ोस वह गांव में इसके माध्यम से परिवारों को जागरूक करने का समाजिक कार्य किया। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारियों तथा प्रधानाचार्य व अन्य स्वयंसेवकों ने एक-एक पौधा लगा कर पर्यावरण सुरक्षा का संदेश दिया। अंत में कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर करुणा ने मुख्य वक्ता कुमारी ज्योत्सना तथा प्रधानाचार्य सहित सभी के प्रति आभार प्रकट किया तथा निवेदन किया कि एनएसएस के स्वयंसेवी राष्ट्रीय चेतना के इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाएं।
ग्राम पंचायत सूरजपुर में विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर प्रधान, उपप्रधान तथा सभी वार्ड सदस्यों ने औषधीय पौधे बांटे। इस दौरान धुन्दन जिला परिषद वार्ड सदस्य भुवनेश्वरी शर्मा विशेष तौर पर मौजूद रही। इस दौरान कोरोना संक्रमण के चलते पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक नरेंद्र बरागटा, चेयरमैन बार काउंसलिंग हिमाचल प्रदेश रमाकांत शर्मा, अधिवक्ता हिमाचल प्रदेश कोर्ट प्रदीप शर्मा, निवासी गांव कुलावण लेखराज तथा देश और प्रदेश में जिन लोगों ने अपनी जान गवाई है उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए 2 मिनट का मौन रखा। इस दौरान सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए वार्ड सदस्यों की मदद से लगभग 100 औषधीय पौधे लोगों में वितरित किये गए। इस मौके पर पर्यावरण संरक्षण की भी शपथ दिलवाई गयी। पंचायत प्रधान ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि आने वाले समय में पंचायत द्वारा पर्यावरण के बचाव के लिए ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा उन्होंने पौधे उपलब्ध करवाने के लिए अर्की फ्रेंड्स ग्रुप के एडमिन हरीश कुमार शर्मा का धन्यवाद किया।
सोलन : बी. एल. स्कूल में विश्व पर्यावरण दिवस का ऑनलाइन आयोजन किया गया जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। 2021 की थीम पर आधारित पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली पर विद्यार्थियों ने प्राकृतिक सौंदर्य के सुंदर चित्र, चित्रकला और स्लोगन आदि प्रस्तुत किए। स्कूल की प्रधानाचार्या रुचिका ने विद्यार्थियों से कहा कि किस प्रकार जंगलों को नया जीवन देकर, पेड़ पौधे लगाकर बारिश के पानी को संरक्षित करके तालाबों का निर्माण करने से पारिस्थितिकी तंत्र को फिर से रिस्टोर कर सकते हैं। विद्यार्थियो ने सुंदर-सुंदर चित्रों द्वारा यह दर्शाया कि कैसे पर्यावरण को हम स्वच्छ और सुरक्षित रख सकते हैं। स्कूल की प्रबंधक वीना बक्शी ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों द्वारा विद्यार्थियों में पेड़ पौधे लगाने की रुचि जागृत होती है और साथ ही साथ उन्हें यह ज्ञात होता है कि ऑक्सीजन हमारे जीवन के लिए कितनी आवश्यक है।
दाड़लाघाट क्षेत्र की पंचायत सेवड़ा चंडी के गांव बड़ोग में इन दिनों तेंदुए का आतंक मचा हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले लगभग 5 दिनों से लोग डर के साये में जी रहे हैं। तेंदुए ने गांव के बीचों बीच एक गौशाला से गाय की बछड़ी को उठा ले गया, जैसे ही ग्रामीणों ने शोर मचाना सुना शुरू किया तो तेंदुए ने बछड़ी को वही घायल अवस्था मे छोड़कर भाग गया। इसको देख लोगो में दहशत का माहौल बना हुआ है।स्थानीय लोगों में महेश ठाकुर, मनीष ठाकुर, तन्मय शर्मा, पंकज ठाकुर, दीपक ठाकुर, ईश्वर सिंह ने बताया कि दिन ढलने के बाद घर से बाहर निकलने से भी डर लगता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वन विभाग को जल्द से जल्द इस तेंदुए को पकड़ना चाहिए ताकि लोग चेन की सांस ले सके। इस बारे जब वन मण्डल अधिकारी कुनिहार एचके गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने कहा कि लोगों की समस्या को देखते विभाग की टीम को मौके पर भेज कर समस्या का समाधान जल्द से जल्द किया जाएगा।
ग्राम पंचायत मांगल के कंधर,द्वारलु,टिकरू तथा ग्राम पंचायत बेरल के सिहारली,बेरल और पारला क्यार में दो दिन पूर्व आसमान से बरसी आफत के कारण वहां के वासिंदों की जमीनों को भारी नुक़सान हुआ है। लोगों के भारी नुकसान को देखकर राजनीतिक पार्टियों के नेता हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव संजय अवस्थी तथा भाजपा नेता हिमकोफेड के चेयरमैन रतन सिंह पाल ने विभागीय अधिकारियों से लोगों को फौरी राहत देने की मांग की थी,जिस पर एक्शन लेते हुए,लोगों के नुकसान का जायजा लेने के लिए वन विभाग,राजस्व विभाग,जल शक्ति विभाग,लोक निर्माण विभाग व पुलिस विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया।बीडीसी सदस्य बनीता देवी,ग्राम पंचायत मांगल की प्रधान उर्मिला,उप प्रधान सीताराम व बेरल की प्रधान ललिता देवी,उपप्रधान अजीत सिंह,बेरल के पूर्व प्रधान श्यामलाल ने भी नुकसान का जायजा लिया।मौके पर जाकर अधिकारियों ने पाया कि लोगों की जमीन का बहुत नुकसान हुआ है लोगों की जमीन के साथ लगते नालों और जंगलों में भी बहुत भूस्खलन हुआ है,जिसके कारण लोगों की जमीनों को मलबे ने तहस-नहस कर दिया है।लोगों की गाड़ियां मलबे में दब गई है,गौशालाएं दब गई हैं तथा पानी के प्राकृतिक स्रोत मलबे में दबकर गुम हो गए हैं।विभागीय अधिकारियों तथा कर्मचारियों द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है। मौके पर बीओ रोशन लाल,वन रक्षक पंकज कुमार,मांगल से पटवारी कृष्ण प्रकाश,राजस्व विभाग के कर्मचारी नीमचंद,एसएचओ बागा भूपेंद्र सिंह,पंचायत सचिव बैरल वंदना गुप्ता उपस्थित रही।
हिमाचल प्रदेश विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने दाड़ला के जिला पालक डा.नर्वदेश गौतम की अगुवाई में दाड़लाघाट के सार्वजनिक स्थलों पर सेनिटाइजर का छिड़काव करवाया।उन्होंने वैश्विक महामारी कोविड-19 बारे लोगों को जागरूक किया और आयुष क्वाथ भी वितरित किया। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे इस महामारी पर काबू पाने के लिए सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन करें,सभी मास्क लगाएं,बार-बार हाथ धोएं, 2 गज की दूरी बनाए रखें। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र में चल रहे गौ सदन का निरीक्षण भी किया।इस मौके पर उनके साथ जिला अध्यक्ष रामचंद्र पाल,जिला मन्त्री दिलीप सिंह ठाकुर,जिला बजरंग दल संयोजक अनिल शर्मा,सत्संग प्रमुख सतीश शर्मा तथा रमेश ठाकुर आदि कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे।
वैश्विक महामारी कोविड-19 के दृष्टिगत समग्र शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेशभर में कल अर्थात 04 जून, 2021 को ऑनलाइन शिक्षक-अभिभावक संवाद (ईपीटीएम) आयोजित किया जाएगा। प्रदेश के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर इस ईपीटीएम का शुभारम्भ करेंगे। यह जानकारी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाईट) सोलन के मीडिया समन्वयक डाॅ.राम गोपाल शर्मा ने दी। डाॅ. राम गोपाल शर्मा ने कहा कि ईपीटीएम में सोलन जिला से 15 शिक्षक तथा 15 अभिभावक भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के समय में अभिभावकों एवं शिक्षकों को ऑनलाइन पढ़ाई तथा छात्रों को आ रही समस्याओं से परिचित होने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा ईपीटीएम का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डाईट सोलन के प्रधानाचार्य चन्द्र मोहन शर्मा सोलन से इस कार्यक्रम का समन्वय स्थापित करेंगे। डाॅ. राम गोपाल शर्मा ने कहा कि ईपीटीएम में हर घर पाठशाला, साप्ताहिक व्हाट्स एप क्विज, लाइव क्लासेज, अभिभावकों से उनके बच्चों के लिए मोबाइल फोन की उपलब्धतता, घर पर स्कूल कार्य के लिए टाइम टेबल, छात्रों के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य तथा ऑनलाइन शिक्षण को और प्रभावी बनाने के सुझावों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि ईपीटीएम में दोहरा संवाद होगा। इसमें अभिभावक भी अपने बच्चों से सम्बन्धित जानकारी प्राप्त करेंगे और अपने सुझाव भी देंगे। अभिभावकों के इन सुझावों को राज्य स्तर पर प्रेषित किया जाएगा। 04 जून को शिक्षा मंत्री द्वारा शुभारम्भ करने के उपरान्त सभी विद्यालय अपने स्तर पर कक्षा के अनुसार ईपीटीएम का आयोजन करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रभारी शिक्षक अभिभावकों से स्वीकृति फार्म प्राप्त कर इसकी रिपोर्ट जिला के माध्यम से राज्य को प्रेषित करेंगे।
सोलन: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन द्वारा होम आईसोलेशन में रह रहे कोविड-19 रोगियों को विशेष दवाई किट उपलब्ध करवाई जा रही है। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डाॅ. राजन उप्पल ने दी। डाॅ. उप्पल ने कहा कि इस विशेष दवाई किट में 03 प्रकार की दवाईयां उपलब्ध करवाई गई हैं। उन्होंने कहा कि इस दवाई किट में इन दवाओं को ग्रहण करने के सम्बन्ध में पूर्ण निर्देशों की जानकारी भी दी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य घर पर एकान्तवास में उपचाराधीन कोविड-19 रोगियों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाना है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि जिला में दवाईयों की यह किट आशा व स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से होम आईसोलेशन में रह रहे रोगियों तक पहुंचाई जा रही है। उन्होंने होम आईसोलेशन में रह रहे सभी रोगियों से आग्रह किया कि वे अपना आत्मबल बनाए रखें तथा सकारात्मक रहें। उन्होंने आग्रह किया कि रोगी कोविड-19 के सम्बन्ध में सभी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए समय पर अपनी दवाई लें। चिकित्सकों के निर्देश में समय पर दवाई लेना एवं पौष्टिक आहार ग्रहण करना कोविड-19 रोगियों के लिए आवश्यक है। प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन के निर्देश में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन द्वारा यह सुनिश्चित बनाया जा रहा है कि एकान्तवास में रह रहे कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी शीघ्र स्वस्थ हों। विभाग पूरा प्रयास कर रहा है कि पाॅजिटिव रोगियों को दवा की किट समय पर मिले और उन्हें किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
अर्की विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत मांगल और बैरल की दो पंचायतों मे पिछले कल भारी बारिश से काफी नुकसान हुआ है। भारी बारिश के कारण लोगो के रिहायशी मकान, पशुशाला, रास्ते, सड़के,पेयजल पाइप लाइनें, बिजली के खंबे आदि बाढ़ की चपेट में आए है। वहीं कुछ वाहनों के मलबे में दबने से भारी नुक़सान हुआ है। जिसको लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव राजेंद्र ठाकुर तथा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अर्की के अध्यक्ष रूप सिंह ठाकुर ने कहा कि बुधवार को भारी बारिश के कारण इस प्राकृतिक आपदा से लोग डरे व सहमे हुए हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार जिला प्रशासन तथा स्थानीय प्रशासन से लोगों के नुकसान का सही आंकलन करके तुरंत प्रभावित लोगो को उचित मुआवजा देने की मांग की है। तथा बाढ़ से बिजली, पानी, सड़कों का जो नुकसान हुआ है उसे यथा शीघ्र दुरुस्त करवाया जाए।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी की अध्यक्षता में आज यहां जिला के अधिकारियों के साथ दक्षिण-पश्चिम मानसून ऋतु की तैयारियों को लेकर बैठक का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि मौसम विभाग के अनुसार जिला में 23 जून, 2021 तक मानसून प्रवेश करेगा। इस बार जिला में मानसून ऋतु सामान्य व सामान्य से ऊपर रहने की संभावना जताई जा रही है। उन्होंने जिला के समस्त अधिकारियों को निर्देश देते हुए बताया कि सभी विभाग अभी से मानसून ऋतु से संबंधित सभी तैयारियां पूर्ण कर ले ताकि इस दौरान किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, नगर निगम शिमला तथा पंचायती राज विभाग के प्रतिनिधियों से समय रहते वर्षा जल के प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए नालों एवं चैनलों आदि की सफाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मौसम विभाग द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान को सभी विभागों के साथ सांझा किया जाएगा ताकि समय रहते लोगों को मौसम के संदर्भ में जागरूक किया जा सके। उन्होंने समस्त उपमण्डलाधिकारियों को संवेदनशील जनसंख्या की मैपिंग करने के निर्देश दिए ताकि आपदा के समय उनको सुरक्षित स्थान पर स्थानातंरित किया जा सके। उन्होंने बताया कि जिला में भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की पहचान की जाएगी तथा उन स्थानों पर पर्याप्त मशीनरी उपलब्ध की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला के सभी स्थानों पर मानसुन ऋतु के लिए आवश्यक सामग्री की वस्तुओं का भण्डारण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राहत एवं बचाव के लिए होमगार्ड एवं अग्निश्मन विभाग के अधिकारियों को विभिन्न स्थानों पर अपने जरूरी सामान की उपलब्धता सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए गए है ताकि आपदा के समय उसका प्रयोग किया जा सके। उन्होंने समस्त उपमण्डलाधिकारियों को अपने क्षेत्र में स्वयंसेवियों को चिन्हित करके उनकी होमगार्ड से प्रशिक्षण करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने उपमण्डलाधिकारियों को वन विभाग तथा बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ सामुहिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए ताकि खतरनाक पेड़ों को काटने तथा बिजली के खम्भों एवं लाईनों को दुरुस्त किया जा सके। उन्होंने जल शक्ति विभाग को बरसात के दिनों में साफ पानी मुहैया करवाने तथा नालों एवं भण्डारण टैंक आदि की सफाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सभी विभाग बरसात के दिनों में आपदा से हुए नुकसान का पूरा ब्यौरा एचपीएसडीएमए पोर्टल पर अपलोड करें।
दाड़लाघाट में लगातार हो रही भारी बारिश से जहां जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया, वहीं क्षेत्र में कई जगह सड़के ल्हासे गिरने से अवरूद्ध हो गई। दूरदराज की ग्राम पंचायत कंधर के गांव टिकरू व कंधर गांव में बारिश से भारी तबाही होने से नुकसान हुआ है। हालांकि जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन करोड़ों की संपत्ति मलबे के नीचे दब चुकी है। जबकि ग्राम पंचायत बैरल में बारिश से काफी नुकसान हुआ है। ग्राम पंचायत मांगल की प्रधान उर्मिला देवी व उपप्रधान सीता राम ठाकुर ने बताया कि मलबे से कई छोटी गाड़ियां दब चुकी हैं। लोगों के घरों में पानी और मलबा घुसा है। वहीं कुछ ग्रामीणों की गऊशाला को भी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा पानी के स्रोत भी दब चुके हैं। वहीं अपने गंतव्य स्थान तक आने जाने रास्ते भी बह चुके हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कंधर बैरल को जाने वाले मार्ग भी अवरुद्ध हो गए हैं। सब तहसील दाड़लाघाट के वरिष्ठ सहायक ने कहा कि पटवारी को मौके पर स्थिति का जायजा लेने के लिए भेजा गया है।
ग्राम पंचायत घनागुघाट में 2 जून को मेले का आयोजन किया जाता है। लेकिन इस बार कोरोना कर्फ्यू व सरकार द्वारा ऐसे आयोजनों पर रोक के चलते इस मेले की केवल रस्में ही निभाई गई। इसकी जानकारी देते हुए स्थानीय पंचायत के उप प्रधान प्रवीण ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 के चलते इस बार खेल मैदान में आयोजित होने वाले मेले व दंगल का आयोजन नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि आज पंचायत प्रधान मधुबाला की अध्यक्षता में कोविड नियमों की पालना करते हुए देवी देवताओं व अखाड़े की पूजा अर्चना कर मेले की रस्म को निभाया गया, वहीं ईश्वर से प्रार्थना की गई कि जल्द से जल्द कोरोना महामारी पर काबू पाया जा सके व लोग खुशहाल जीवन व्यतीत कर सके। इस मौके पर बीडीसी सदस्य दीपिका,वार्ड सदस्य कुलदीप,धर्मपाल, देवीचंद, कुसुम लता, सावित्री व सोनिया सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
वैश्विक महामारी कोविड-19 के संकट के सम्बन्ध में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के प्रचार वाहन के माध्यम से आज सोलन शहर के विभिन्न स्थानों पर आॅडियो संदेश एवं ध्वनि प्रसार सेवा के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। सोलन शहर के बाईपास, पुराने उपायुक्त कार्यालय, पुराना बस अड्डा, सपरून चैक, देहूंघाट तथा नए बस अड्डे के समीप कोविड-19 नियमों की अनुपालना करने के लिए प्रेरित किया गया। लोगों को संदेश के माध्यम से अवगत करवाया गया कि कोरोना वायरस का खतरा अभी टला नहीं है। इससे बचाव के लिए प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन द्वारा कुछ दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए हैं। लोगों से आग्रह किया गया कि मास्क इस प्रकार से पहनें कि नाक से लेकर ठोडी तक का हिस्सा पूरी तरह से ढका रहे। लोगों को बताया गया कि यदि मास्क सही प्रकार से नहीं पहना है तो मास्क लगाने का कोई लाभ नहीं है। क्योंकि नाक और मुंह को खुला रखने से कोरोना वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है। लोगों से आग्रह किया गया कि सार्वजनिक स्थानों पर हर समय मास्क पहनकर रखें। 02 व्यक्तियों के मध्य इतनी दूरी जरूर बनाएं कि किसी के छींकने या खांसने से सुरक्षित बचा जा सके। लोगों को बताया गया कि बार-बार अपने हाथ साबुन अथवा एल्कोहल युक्त सेनिटाइजर से धोने से कीटाणुओं से बचा जा सकता है। लोगों को बताया गया कि कोविड-19 महामारी से बचाव इसलिए भी आवश्यक है कि एक व्यक्ति के साथ उसका पूरा परिवार जुड़ा है। अपनो के लिए अपनी सुरक्षा जरूर करें। लोगों से आग्रह किया गया कि खांसी, बुखार तथा जुखाम जैसे लक्षण होने पर बिना किसी घबराहट के अपनी कोविड जांच अवश्य करवाएं। लोगों को जानकारी दी गई कि कोविड-19 से बचाव के लिए अपना टीकाकरण अवश्य करवाएं। लोगों को बताया गया कि टीकाकरण से घबराएं नहीं और टीके की दोनों खुराक लें। चिकित्सकों द्वारा बताए गए नियमों का पालन करें। टीकाकरण के लिए कोविन पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाएं। कोविड-19 के बारे में कोई जानकारी चाहते हैं या आपको कोई समस्या है तो हेल्पलाइन नम्बर 1077 पर बात करें। सोलन में दूरभाष नम्बर 01792-220049, 01792-221234 तथा 01792-220882 पर भी अपनी समस्या का समाधान पा सकते हैं। जिला के सभी उपमण्डलों में सभी उपमण्डलाधिकारी के निर्देशानुसार सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग द्वारा आॅडियो अथवा प्रचार वाहन के माध्यम से लोगों को कोविड-19 से बचाव के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन द्वारा कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में भी सघन बचाव एवं जागरूकता अभियान कार्यान्वित किया जा रहा है। इस कार्य में स्वयंसेवी संस्थाओं की सहायता ली जा रही है। यह जानकारी आज यहां जिला कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. अजय सिंह ने दी। उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से लोगों को कोविड-19 महामारी के विषय में जागरूक करने के साथ-साथ ग्रामीण स्तर पर लोगों को कोविड जांच के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है। डाॅ. अजय सिंह ने कहा कि कोविड-19 से बचाव में सुरक्षा उपायों की अनुपालना ही कारगर है और इसके लिए आवश्यक है कि कोरोना संक्रमण की समय-समय पर जांच करवाई जाए। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जनचेतना अभियान कार्यान्वित किया जा रहा है। जनचेतना अभियान के तहत विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से जिला के ग्रामीण स्तर तक लोगों को कोविड-19 परीक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में आज सोलन के सुबाथू स्थित केन्टोमेंट जनरल हाॅस्पिटल (सीजीएच) में स्वयंसेवी संस्था हेल्प ऐज इंडिया के सहयोग से 11 व्यक्तियों की कोविड जांच की गई। सीजीएच सुबाथू की टीम द्वारा स्थानीय लोगों को यह सुविधा प्रदान की गई। डाॅ. अजय सिंह ने कहा कि कोविड-19 जैसी भयावह बीमारी की रोकथाम के लिए ‘जहां बीमार, वहीं उपचार’ की पद्धति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जिला के विभिन्न गांवों में लोगों को कोविड-19 परीक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अभियान के अन्तर्गत 26 ग्रामीण क्षेत्रों में इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। एक ओर जहां लोग स्वेच्छा से परीक्षण के लिए तैयार हो रहे हैं वहीं टीकाकरण के प्रति भी रूचि दिखा रहे हैं। सीजीएच सुबाथू के डाॅ. शैलेन्द्र अवस्थी तथा डाॅ. सतिन्द्र कुमार ने अवगत करवाया कि सीजीएच अस्पताल में अब कोविड-19 जांच की सुविधा उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को कोविड-19 जांच के लिए अब सोलन या धर्मपुर नहीं जाना पड़ेगा। क्योंकि यह सुविधा अब सुबाथू में ही उपलब्ध है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि खांसी, जुखाम तथा बुखार के लक्षण होने पर अपनी कोविड जांच करवाएं तथा समीप के चिकित्सा केन्द्र में जाकर चिकित्सक की सलाह लें। इस कार्य में देरी रोगी के लिए गम्भीर परिणाम उत्पन्न कर सकती है। इस अवसर पर हेल्प ऐज इंडिया के परियोजना प्रभारी मनोज राज वर्मा, पैरामेडिकल स्टाफ तथा अन्य उपस्थित थे।
भारतीय मानव कल्याण महासमिति जिला सोलन में जगदीश ठाकुर को जिलाध्यक्ष पद पर ताजपोशी से इलाके में खुशी की लहर है। जगदीश ठाकुर दाड़लाघाट पंचायत से सम्बंध रखते है। इससे पूर्व वे पंचायत दाड़लाघाट के पूर्व उपप्रधान,ब्लॉक कांग्रेस अर्की में महासचिव व कुनिहार बीडीसी के पूर्व उपाध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके हैं। जगदीश ठाकुर को जिलाध्यक्ष बनाने पर स्थानीय लोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान विधायक अर्की राजा वीरभद्र सिंह,कांग्रेस पार्टी प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर, भारतीय मानव कल्याण महासमिति के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश अवस्थी, मुकेश अग्निहोत्री, सुखविंदर सिंह सुक्खू, रामलाल ठाकुर, प्रदेश महासचिव संजय अवस्थी, जिला सोलन कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शिव कुमार व ब्लॉक कांग्रेस अर्की के अध्यक्ष रूप सिंह ठाकुर का धन्यवाद किया है। इस अवसर पर सोमा कौंडल, संजय ठाकुर, अमर चंद पाल, सुशील ठाकुर, डॉ मस्त राम शर्मा, सतीश कश्यप, राजेश गुप्ता, अनिल गुप्ता, सुरेंद्र वर्मा, प्रेम केशव, हेमंत वर्मा, रोशन वर्मा, कमल कौंडल, ऋषि देव शर्मा, राजेंद्र रावत, रमेश ठाकुर, रीना शर्मा, जीत राम ठाकुर, कृष्ण चंद भट्टी, बंसी राम भाटिया, हेमराज, राजेश शर्मा, मदन शर्मा, सत्या पाल शर्मा, मोहन सिंह ठाकुर, सुरेश गांधी, इंदर सिंह चौधरी, चेतराम ठाकुर, हेतराम ठाकुर, शंकर लाला, मनोज गौतम, पवन शर्मा, जीत राम ठाकुर, रामदत्त ठाकुर, महेंद्र सोनी, कपिल ठाकुर, विद्या सागर ठाकुर, सोहन लाल ठाकुर, हरि सिंह, जय सिंह ठाकुर, दीपक गजपति ने नेताओं का आभार जताया है कि जगदीश ठाकुर को मिली इस जिम्मेवारी से इलाके में कांग्रेस पार्टी मजबूत होगी।
ग्राम पंचायत सुरजपुर के प्रधान ओम प्रकाश शर्मा ने कोरोना वैक्सीन की ऑनलाइन बुकिंग की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए है। उन्होंने कहा है कि गरीब व कम पढ़े लिखे लोग वैक्सीन की बुकिंग नही करवा पा रहे है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए उन्होंने पंचायत स्तर पर कोविड मैनजमेंट टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए दिन रात मेहनत कर रही है। यही कारण है कि पंचायत में अब तक एक दो ही एक्टिव केस बचे है पंचायत लगभग कोरोना मुक्त हो चुकी है। सरकार की ऑनलाइन वैक्सीन बुकिंग की प्रक्रिया की वजह से एक बार फिर मामले बढ़ सकते है क्योंकि उनकी पंचायत में वैक्सीन लगवाने के लिए अधिकतर लोग जिला के बाहर से पहुँच रहे है जिनकी वजह से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। वैक्सीन की बुकिंग करवाने के बाद जो लोग नही आ रहे उनकी वजह से वैक्सीन स्थानीय लोगों को भी नही लग पा रही है। हाल ही में उप स्वास्थ्य केंद्र पिपलुघाट में बुक हुई 100 डोज में से सिर्फ 83 लोगों ने ही वैक्सीन लगवाई 17 डोज वापिस भेजनी पड़ी जिसे उसी दिन पंचायत के लोगों को लगाया जा सकता था। उन्होंने सरकार से वैक्सीन की बुकिंग ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफ लाइन या ऑन द स्पॉट करने की मांग की है।
औद्योगिक नगर बददी के दवा उद्योगपति एवं क्योरटेक गु्रप आफ इंडस्ट्रीज के प्रबंधक निदेशक डा. सुमित सिंगला को लघु उद्योग भारती फार्मा कमेटी हिमाचल के वाईस चेयरमैन का दायित्व सौंपा गया है। उनकी घोषण आज फार्मा कमेटी के प्रांतीय चेयरमैन चिरंजीव सिंह ठाकुर ने बददी दौरे के दौरान प्रदेशाध्यक्ष राजीव कंसल की सहमति से की है। यह पद लंबे समय से खाली चला आ रहा था। डा. सुमित सिंगला 2006 से बददी के काठा में क्योरटैक एवं आईबीएन हर्बल के नाम से दवा उद्योग चला रहे हैं और समय समय पर फार्मा उद्योगों की समस्याएं केंद्र व राज्य सरकार के समक्ष उठाते रहे हैं। सिंगला लंबे समय से अखिल भारतीय संगठन लघु उद्योग भारती हिमाचल के सक्रिय सदस्य हैं। उनका यहां के औद्योगिक व सामाजिक विकास में अहम योगदान है। फार्मा कमेटी के प्रांतीय चेयरमैन चिरंजीव सिंह ठाकुर ने बताया कि सुमित सिंगला की संगठन के प्रति निष्ठा व समर्पण देखकर उनकी नियुक्ति राज्य प्रधान राजीव कसंल की सहमति से इस पद पर की गई है। वहीं दूसरी ओर अपनी नियुक्ति के बाद सुमित सिंगला ने कहा कि वो पूरे प्रदेश के फार्मा उद्यमियों को संगठन का सदस्य बनाएंगे इसको मजबूत करेंगे। उन्होने कहा कि उनको जो जिम्मेदारी सौंपी गई है उसको वह ईमानदारी ने निभाने का प्रयास करेंगे। उन्होने कहा कि वह शीघ्र ही प्रदेश का दौरा करेंगे और दवा उद्यमियो की समस्याओं को प्रदेश कार्यालय तक पहुंचाएंगे ताकि उनका समयबद्व तरीके से निराकरण हो सके। इस अवसर पर प्रदेश सह सचिव अनिल मलिक, देवेंद्र राणा व संदीप चौधरी भी उपस्थित थे।
कोविड-19 जैसी भयावह वैश्विक महामारी से पार पाने के लिए आवश्यक है समन्वित व समर्पित प्रयास। प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार जिला प्रशासन सोलन समर्पित प्रयासों के माध्यम से एक ओर जहां कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों को संबल प्रदान कर रहा है वहीं इस दिशा में लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। जिला प्रशासन सोलन द्वारा कोविड-19 रोगियों की सहायता के लिए कार्यान्वित की जा रही हेल्पलाइन सर्वे भवन्तु सुखिनः की मूल भावना को साकार कर रही है। इस हेल्पलाइन पर कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों को न केवल औषधि लेने का तरीका बताया जा रहा है अपितु उन्हें मानसिक रूप से मज़बूत रहने के बारे में भी अवगत करवाया जा रहा है। यह सब सम्भव हो रहा है स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण व आयुष विभाग के समन्वित प्रयासों से। सोलन जैसे सीमांत जिला में कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए जहां नियम पालन पर बल दिया जा रहा है वहीं कोविड हेल्पलाइन के माध्यम से लोगों तक सही जानकारी एवं परेशानी की स्थिति में समाधान भी सुनिश्चित बनाया जा रहा है। जिला प्रशासन के सघन प्रयासों का ही परिणाम है कि जिला स्तर पर स्थापित हेल्पलाइन के माध्यम से 4366 होम आईसोलेटिड कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों को दूरभाष के माध्यम से उचित जानकारी प्रदान की गई और उनका मनोबल बढ़ाया गया। कोविड-19 रोगियों की सहायता के लिए जिला स्तर पर स्थापित आपात संचालन केन्द्र में 03 आयुर्वेदिक चिकित्सक तैनात किए गए हैं। दूरभाष पर चिकित्सक का परामर्श रोगियों के लिए रामबाण सिद्ध हो रहा है। जिला स्तरीय हेल्पलाइन के माध्यम से लोगों की कोविड सम्बन्धी समस्याओं का समाधान भी हो रहा है। मई माह में ही कोविड-19 सम्बन्धी जानकारी प्राप्त करने के लिए 128 लोगों ने हेल्पलाइन का सहारा लिया। लोगों की सुविधा के लिए जिला मुख्यालय पर जिला आपात संचालन केन्द स्थापित किया गया है। यहां दूरभाष नम्बर 01792-220049 तथा 01792-220882 एवं 1077 पर त्वरित सहायता प्राप्त हो रही है। 7 मई, 2021 से 31 मई, 2021 तक इन हेल्पलाइन नम्बरों का हजारों लोग लाभ उठा चुके हैं। लोग ई-पास, कोरोना कफ्र्यू सूचना आवाजाही के सम्बन्ध में तथा राशन इत्यादि की समस्या के बारे में केन्द्र में स्थित टीम को अवगत करवाते हैं। जानकारी मिलने पर सम्बन्धित प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत करवाया जाता है और वहां से समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित होता है। दूरभाष नम्बर 01792-221234 पर लोगों को कोविड-19 से सम्बन्धित चिकित्सा सहायता, स्वास्थ्य समस्या तथा कोविड-19 जांच के बारे में जानकारी मिल रही है। हेल्पलाइन नम्बर के माध्यम से होम आईसोलेशन में रह रहे रोगियों को मानसिक रूप से संबल प्रदान किया जा रहा है और उन्हें बताया जा रहा है कि आईसोलशन का मतलब निर्धारित अवधि में अपने घर पर एकान्त वास में रहना। यह नियम पालन कोरोना रोगियों और उनके आसपास के परिवेश को रोगमुक्त रखने में महत्वपूर्ण है। प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन के जनहितैषी निर्णयों की सफलता आमजन की इन निर्णयों पालन करने की प्रतिबद्धता के साथ ही पूर्ण हो सकती है। इसके लिए यह आवश्यक है कि लोग कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने में प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा किया जाए रहे निर्णयों का पालन करें और आवश्यकता पड़ने पर इन हेल्पलाइन नम्बरों का लाभ उठाएं।
ग्राम पंचायत धुन्दन में पंचायत समिति कुनिहार को उपाध्यक्ष मनोहर लाल ने सेनेटाइज़ करवाया। इस मौके पर धुन्दन के बाजार,डाकघर,नागरिक अस्पताल,पशु औषधालय सहित अन्य जगहों पर सेनेटाइजेशन करवाया गया। उपाध्यक्ष मनोहर लाल ठाकुर (सोनू) ने कहा कि वह जन सेवा भाव से इस कार्य को करते आ रहे है। उन्होंने कहा बाज़ार खुलने से अब सभी दुकानों में आवाजाही शुरू हो गई है।इसके साथ ही अस्पताल में 18 से 45 वर्ष के लोगों के लिए वैक्सीन का टीका लगना शुरू हो गया। इस टीकाकरण में जिला बिलासपुर,मंडी व हमीरपुर इत्यादि से लोग धुन्दन पहुंच रहे है। जिस कारण बाहरी लोगों के आने से सेनेटाइज़ करने का काम बहुत जरूरी था। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्होंने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व स्थानीय विधायक वीरभद्र सिंह द्वारा दिए गए ऑक्सीमीटर चिकित्सकों को भेंट किए गए व लोगों को कोरोना महामारी को लेकर जागरूक भी किया गया। इस मौके पर अमरचंद,वीरेंद्र,गीतेश शर्मा भी मौजूद रहे।
अटल शिक्षा नगर, कालूझंडा स्थित आईईसी यूनिवर्सिटी में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी "विश्व तंबाकू निषेध दिवस" मनाया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी विभागों ने "कमिट टू क्विट" विषय पर विभिन्न ऑनलाइन सतरो का आयोजन कर छात्रों को तम्बाकू के बुरे प्रभावों के बारे में विस्तार से समझाया। कोरोना महामारी के चलते इस कार्यक्रम का आयोजन वर्चुअल माध्यम से किया गया जिसका उद्देश्य किसी भी रूप में तंबाकू के उपयोग को हतोत्साहित करना और छात्रों को तम्बाकू के कारण मुंह, फेफड़े, यकृत, हृदय पर हानिकारक प्रभाव और कैंसर आदि गंभीर स्वास्थ्य खतरों के बारे में जागरूक करना था। इस कार्यक्रम में छात्रों को विश्व स्वास्थ्य संगठन के खुलासे से भी अवगत करवागा गया जिसमें तम्बाकू सेवन को कई तरह के श्वसन संबंधी रोगों का कारण बताया गया है, और तम्बाकू उत्पादों के सेवन करने वाले लोगों में सामान्य लोगों की तुलना में कोविड-19 संक्रमण की संभावना अधिक बताई गई है। कार्यक्रम के अंत में (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन से निर्देशानुसार) सभी छात्रों को धूम्रपान व अन्य किसी भी प्रकार के तम्बाकू उत्पादों का सेवन नहीं करने एवं अपने परिचितों को भी धूम्रपान व अन्य तम्बाकू उत्पादों का सेवन नहीं करने के लिए प्रेरित करके तम्बाकू मुक्त समाज निर्माण की शपथ दिलाई गई। आईईसी यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट ने इस कार्यक्रम के सफल आयोजन पर सभी को बधाई दी और भविष्य में तम्बाकू मुक्त समाज निर्माण के उद्देश्य को पूरा करने के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।
वैश्विक महामारी कोविड-19 के दृष्टिगत जिला में लागू कोरोना कफ्र्यू के दौरान खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग सोलन द्वारा खुले बाजार में आवश्यक वस्तुओं की अनावश्यक मूल्य वृद्वि पर अकुंश लगाने के उद्देश्य से विभागीय प्रर्वतन स्टाफ द्वारा निरन्तर निरीक्षण किए जा रहे है। यह जानकारी जिला नियन्त्रक नरेन्द्र कुमार धीमान ने आज यहां दी। नरेन्द्र कुमार धीमान ने कहा कि इस अवधि के दौरान विभाग द्वारा आवश्यक वस्तुओं की दुकानों, उचित मूल्य की दुकानों व गैस एजैंन्सियों के कुल 375 निरीक्षण किए गए। दोषियों के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही के अनुरूप 596 किलोग्राम फल व सब्जियां, 02 रसोई गैस सिलैण्डर व 10 किलोग्राम चिकन जब्त किया गया। विभिन्न मामले आवश्यक कार्यवाही के लिए समाहर्ता अदालत में प्रस्तुत किए गए तथा 4525 रूपये की राशि सरकारी कोष में जमा करवाई गई। कुछ मामलों में कार्यवाही प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा खुले बाजार में कार्यरत राशन के थोक विक्रेताओं का पंजीकरण केन्द्र सरकार के पोर्टल में करवाया जा रहा है तथा थोक विक्रेता साप्ताहिक तौर पर अपने स्टाॅक का इन्द्राज इस पोर्टल में करेंगे ताकि केन्द्र सरकार द्वारा राशन के उपलब्ध स्टाॅक का आंकलन द्वारा किया जा सके। लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत उपलब्ध करवाऐ जा रहे खाद्यान्नों के अतिरिक्त जिला के एनएफएसए उपभोक्ताओं को प्रधानमन्त्री गरीब कल्याण योजना के अन्तर्गत मई माह में कुल 6821 क्विंटल गेहूं, 4454 क्विंटल चावल निःशुल्क उपलब्ध करवाए गए। योजना के अन्तर्गत जून, 2021 में भी एनएफएसए उपभोक्ताओं को प्रति माह प्रति लाभार्थी 03 किलोग्राम गेहूं व 02 किलोग्राम चावल निःशुल्क उपलब्ध करवाया जाएगा। नरेन्द्र कुमार धीमान ने कहा कि उचित मूल्य की दुकानों में पारदर्शिता के उद्देश्य से जिला के उपभोक्ताओं को पीओएस मशीनों द्वारा स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार के राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला में कार्यरत उचित मूल्य दुकानधारकों व पैट्रोल पम्पों में कार्यरत कर्मचारियों को कोविड-19 का टीका लगाने के लिए विभाग द्वारा आवश्यक प्रमाण पत्र भी जारी किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज शिमला से वर्चुअल माध्यम द्वारा जिला सोलन के रबौण में राधा स्वामी सत्संग ब्यास केन्द्र में 3.90 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मेकशिफ्ट कोविड अस्पताल का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मेकशिफ्ट अस्पताल में 200 ऑक्सीजनयुकत बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध है, जो कोविड रोगियों को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस अस्पताल में रोगियों की स्वास्थ्य देखभाल के लिए 100 चिकित्सक, स्टाॅफ नर्स और अन्य पैरामेडिकल कर्मी उपलब्ध हैं और रैपिड टैस्टिंग के लिए प्रयोगशाला भी स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड रोगियों पर निगरानी रखने के लिए इस अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। रोगियों के मनोरंजन के लिए यहां सेंटरलाइजड टीवी स्क्रीन भी स्थापित की गई है। जय राम ठाकुर ने कहा कि इस अस्पताल का निर्माण कार्य 14 दिनों की रिकार्ड समय अवधि के भीतर पूरा किया गया है। इसका निर्माण 17 मई, 2021 को शुरू किया गया था। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए 200 मजदूरों को लगाया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में कोविड महामारी से प्रभावशाली तरीके से निपटने पर विशेष बल दिया है। उन्होंने कहा कि राधा स्वामी सत्संग ब्यास ने प्रदेश को कोविड महामारी से लड़ने के लिए मंडी, परौर और सोलन में मेकशिफ्ट कोविड अस्पताल स्थापित करने के लिए अपनी सम्पत्तियां प्रदान कर राज्य सरकार को सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि राज्य में कोई भी कोविड रोगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे। सरकार ने कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए अनेक पहल की है और कोविड-19 रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित किए हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य अधोसंरचना क्षमता निर्माण पर विशेष बल दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से केन्द्र सरकार ने राज्य के ऑक्सीजन ढ़ाकर 7755 किया है, जिससे ऑक्सीजन भण्डारण क्षमता 27 मीट्रिक टन हो गई है। उन्होंने कहा कि बिस्तरों की क्षमता को भी 1200 बढ़ाकर लगभग 5000 कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कोविड-19 मरीजों की समयबद्ध पहचान पर विशेष बल दे रही है ताकि उन्हें समय पर उपचार प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि रोगियों को कोविड अस्पतालों और कोविड देखभाल केन्द्रों में उचित और समयबद्ध उपचार सुनिश्चित हो। यह संतोष का विषय है कि गत कुछ दिनों में रिकवरी रेट 89 प्रतिशत हो गया है। सरकार होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों से लगातार संपर्क रखा जाना चाहिए ताकि उनके स्वास्थ्य मानकों की निगरानी की जा सके और उन्हें उपयुक्त उपचार प्रदान किया जा सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि होम आइसोलेशन में रह रहे रोगियों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए राज्य सरकार उन्हें कोविड-19 किट प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह किट कोविड-19 मरीजों को जल्द से जल्द उपलब्ध करवाई जाएं। उन्होंने इस महामारी से निपटने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा राज्य को दी जा रही सहायता के लिए धन्यवाद दिया। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि प्रदेश में कोविड-19 स्थिति से निपटने में विभिन्न धार्मिक संगठनों और गैर सरकारी संगठनों की भूमिका सराहनीय है। क्षेत्र के लोगों को बेहतर कोविड उपचार प्रदान करने के उद्देश्य से सोलन में इस मेकशिफ्ट अस्पताल के निर्माण कार्य को रिकाॅर्ड समय में पूरा किया गया है। सांसद और भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में कोरोना की पहली लहर से निपटने में सफल रही है और दूसरी लहर से भी सफलतापूर्वक बाहर निकलेगी। उपाध्यक्ष खादी बोर्ड पुरषोत्तम गुलेरिया, सोलन के भाजपा नेता डाॅ. राजेश कश्यप, सोलन नगर निगम की महापौर पुनम ग्रोवर, उपायुक्त सोलन के.सी. चमन सोलन में उपस्थित रहे, जबकि स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी शिमला में मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित थे।
सोलन में सामाजिक कार्यों में अग्रणी गुरूद्वारा सिंह सभा सपरून कोरोना काल में बीते वर्ष की भांति इस वर्ष में समाजसेवा में अग्रणी भूमिका निभा रही है। सभा लंगर व अन्य सुविधाओं के साथ-साथ अब लोगों को फ्री ऑक्सीजन भी मुहैया करवा रही है। गुरूद्वारा सिंह सभा सपरून सोलन के चैयरमेन अमरप्रीत सिंह पुंज व प्रधान मनमोहिन्दर सिंह ने बताया कि सोलन में यदि किसी कोरोना संक्रमित रोगी को ऑक्सीजन की जरूरत है तो वह उनके मोबाइल नंबर 9816327027और 9817837212 पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सिंह सभा जरूरतमंद को फ्री ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मुहैया प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि संकटकाल में लोगों की मद्द करना हमारा नैतिक दायित्व है और सभा जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा तैयार है।
सोलन जिला में कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के टीकाकरण का अगला सत्र 31 मई, 2021 को आयोजित किया जाएगा। यह सत्र 29 स्थानों पर आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डाॅ.राजन उप्पल ने शनिवार को दी। डाॅ. उप्पल ने कहा कि 31 मई को आयोजित होने वाले टीकाकरण सत्र में 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के 2880 व्यक्तियों को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस टीकाकरण के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पूर्ण हो चुका है। टीकाकरण केवल उन्हीं लाभार्थियों का किया जाएगा जिन्होंने ऑनलाइन पंजीकरण करवाया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि 31 मई, 2021 को 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के लिए अर्की चिकित्सा खण्ड में नागरिक अस्पताल अर्की, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र धुन्दन, ईएसआई दाड़लाघाट, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नवगांव, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बात्तल, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र घणागुघाट, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बैंज की हट्टी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चण्डी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भूमती, नागरिक अस्पताल कुनिहार तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र डूमैहर में टीकाकरण सत्र आयोजित किया जाएगा। डाॅ. उप्पल ने कहा कि चण्डी चिकित्सा खण्ड में 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरोटीवाला, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पट्टा महलोग, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चण्डी में टीकाकरण होगा। उन्होंने कहा कि धर्मपुर चिकित्सा खण्ड में क्षेत्रीय अस्पताल सोलन, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र धर्मपुर, स्वास्थ्य उप केन्द्र गड़खल, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सुबाथू तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नौणी में 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग का टीकाकरण होगा। डाॅ. उप्पल ने कहा कि नालागढ़ चिकित्सा खण्ड में 18 से 44 वर्ष तक के लाभार्थियों के लिए टीकाकरण सत्र सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नालागढ़, स्वास्थ्य उप केन्द्र मंझोली, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सांई, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लोहारघाट, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बरूणा, नागरिक अस्पताल बद्दी तथा स्वास्थ्य उप केन्द्र राजपुरा में आयोजित किए जाएंगे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि सायरी चिकित्सा खण्ड में 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के लिए टीकाकरण सत्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कण्डाघाट, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सायरी तथा स्वास्थ्य उप केन्द्र कदौर में आयोजित होंगे। उन्होंने कहा कि 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के लाभार्थियों को टीकाकरण के लिए सर्वप्रथम कोविन पोर्टल अथवा आरोग्य सेतु ऐप पर निर्धारित तिथि को निर्धारित समय पर अपना पंजीकरण करवाना होगा। उन्होंने कहा कि सोमवार को होने वाले टीकाकरण के लिए पंजीकरण का कार्य शनिवार को तथा बृहस्पतिवार को होने वाले टीकाकरण के लिए पंजीकरण का कार्य 02 दिन पूर्व अर्थात मंगलवार को किया जा सकता है। पंजीकरण के लिए समय दिन में 2.30 बजे से सांय 3.00 बजे तक निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के लिए पंजीकरण के उपरान्त तिथि व स्थान चिन्हित किया जाएगा। तदोपरान्त लाभार्थी के मोबाइल नम्बर पर ओटीपी आएगा। उन्होंने कहा कि तिथि एवं स्थान निर्धारित होने के उपरान्त लाभार्थी को मोबाइल पर प्राप्त संदेश एवं अपना पहचान पत्र साथ लेकर टीकाकरण के लिए आना होगा।


















































