Chancellor Bahra University Sh.Gurvinder singh Bahra welcome Dr. B S Nagendra Parashar on joining as VC Bahra University. Dr.Parashr is Doctorate from National institute of engineering Bengluru. He has experience of more than 30 years in Education. Dr. Parashar has written two text books on (Elements of manufacturing process and cellular manufacturing systems as integrated approach) along with 50 research papers published in reputed international and national journals.Dr Parashar has served with top educational institutions of country like BITS Pilani, PES University Bengluru, Presidency University Bengluru, KL University Guntur Andhra Pradesh, GMR Foundation. Parashar has a expertise in Academics, industrial tie-ups and designing various programmes. He added that he feels lucky to serve in Himachal The land of gods and dieties and serve the people of state.along he stressed on to make sure with all his past experience to take Bahra University to next- gen level so that students specially from Himachal can get world class education at their door steps with high class infrastructure and affordability. PRO Bahra University Gaurav Bali added that University is lucky enough to serve under such a dynamic leader. On this ocassion Registrar Vineet Kumar, Director admissions and marketing Bahra University Anurag Avasthi, were present along with University staff.
सोलन के वाकनाघाट स्थित बाहरा विश्वविद्यालय के नए वाइस चांसलर डॉ बीएस नागेंद्र पराशर ने अपना कार्यभार संभाल लिया है। डॉक्टर पराशर द्वारा कई किताबें लिखी जा चुकी है और उनके 50 से अधिक रिसर्च पेपर भी छप चुके हैं। बाहरा विश्वविद्यालय के चेयरमैन गुरविंदर सिंह बाहरा की उपस्थिति में नए वाइस चांसलर ने अपना कार्यभार संभाला। इस मौके पर उन्होंने आश्वासन दिया कि वे गुणात्मक शिक्षा पर बल देंगे और विश्वविद्यालय वह यहां पर शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र-छात्राओं के बेहतर भविष्य को तैयार करने के लिए कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा तभी सफल होती है जब शिक्षा ग्रहण करने के बाद इंसान अपनी योग्यता से अपना अच्छा कैरियर बनाने में कामयाब होता है। डॉ पराशर इससे पहले सीसीएस यूनिवर्सिटी बेंगलुरू में बतौर प्रो वाइस चांसलर वर्ष 2019 से लेकर सेवाएं दे रहे थे। इससे पहले वर्ष 2015 से 2018 तक 3 साल के लिए वे प्रेसीडेंसी विश्विद्यालय में बतौर वाइस चांसलर कार्यत रहे हैं। वर्ष 2012 से 2015 तक आंध्र प्रदेश की जीएमआर वारालक्ष्मी फॉउंडेशन में डायरेक्टर (एजुकेशन), वर्ष 2009 से 2012 तक केएल विश्वविद्यालय गुंटुर में प्रो वाइस चांसलर व डीन एकेडमिक्स के तौर पर कार्य कर चुके हैं। डॉ पराशर ने 11 साल 1998 से लेकर 2009 तक असिस्टेंट डीन के तौर पर बीटीएस पिलानी में अपनी सेवाएं दी थी। बाहरा विश्वविद्यालय के नए वाईस चांसलर के कार्यभार संभालने के बाद विश्वविद्यालय के चेयरमैन गुरविंदर सिंह बाहरा ने उम्मीद जताई कि डॉ पराशर का अनुभव विश्वविद्यालय के स्टाफ व छात्र छात्राओं को मिलेगा और आगामी समय में इसके सार्थक परिणाम सामने आएंगे।
विकासखण्ड सोलन की पट्टाबरावरी पँचायत के पँचायत कार्यालय में मंगलवार को 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को सपॉट बुकिंग के तहत वैक्सीन लगाई गई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पट्टाबरावरी की चिकित्सा अधिकारी डॉ कृतिका गांधी ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार को टीकाकरण अभियान में पटाबरावरी व आसपास के गांवों से आए 120 पुरुषों व महिलाओं को वेक्सीन लगाई गई। उन्होंने क्षेत्रवासियों से वैक्सीन लगाने व मास्क, सैनिटाइजर, सामाजिक दूरी का पालन करने की अपील की। तथा समय समय पर सरकार व प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करने की भी लोगों से अपील की ताकि हम व हमारा समाज कोरोना से बचा रहे। इस टीकाकरण शिविर को सफल बनाने में हैल्थ वर्कर करूणा तनवर, डाटा ऑपरेटर चंचल, आशा वर्कर दिब्या व गीतादेवी का सहयोग रहा। शिविर की यह जानकारी पूर्व बीडीसी सदस्य एवं अध्यक्ष पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन इकाई पट्टाबरावरी - हरिपुर डी डी कश्यप ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।
चिकित्सको की पेन डाउन स्ट्राइक आज तीसरे दिन भी जारी रही। पंजाब में कल से लागू हो रहे छठे पे कमीशन को प्रदेश में भी जारी करने की मांग पर चिकित्सक दो घण्टे की पेन डाउन स्ट्राइक पर है। कुनिहार नागरिक चिकित्सालय में भी इस का असर देखने को मिल रहा है। रूटीन की ओपीडी बन्द है व सिर्फ आपातकाल सेवाएं ही जारी है। इस दो घण्टे की स्टाइक के कारण मरीजो को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हॉस्पिटल में मरीज व तीमारदारों की काफी भीड़ इकठा होने के कारण 11.30 पर ओपीडी खुलने पर कोविड काल मे सामाजिक दूरी बना पाना जटिल समस्या बन सकती है। सिविल हॉस्पिटल कुनिहार के इंचार्ज डॉ सिद्धार्थ ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कल से पंजाब में छठा पे कमीशन लागू हो रहा है व प्रदेश के चिकित्सको की यही मांग है कि प्रदेश सरकार पंजाब की तर्ज पर छठे पे कमीशन को जल्द लागू करे।स्वास्थ्य सुविधाओं पर उन्होंने बताया कि जनरल ओपीडी दो घण्टे तक बन्द है व सिर्फ आपातकाल सेवाएं ही दी जा रही है।
जैसे जैसे लॉक डाउन खुल रहा है वैसे वैसे क्षेत्र में चोर भी सक्रिय होने शुरू हो गए हैं। चोरों ने मन्दिरो को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। शिव गुफा के समीप विश्वकर्मा मन्दिर व वहीं नव निर्मित शिव मंदिर के ताले तोड़कर उसमे रखी कुछ नगदी ले जाने में चोर कामयाब रहे। जानकारी के अनुसार रविवार रात्री चोर कई मंदिरों की रैकी करते रहे। उनका प्रमुख निशाना यहां की प्रसिद्ध शिव तांडव गुफा का दानपात्र व अन्य कीमती स्थान था। विश्वकर्मा मंदिर का ताला तोड़कर जब चोर शिव गुफा परिसर में प्रवेश कर गए तो वहां पर सोए सेवादार जाग गए उनके ललकारने पर चोरी करने आए दो युवक वहां से अंधेरे में झाडिय़ों में भाग गए। पुलिस सोमवार को मौके पर पहुंची तथा वहां से साक्ष्य एकत्रित किए। थाना प्रभारी कुनिहार इंसपेक्टर अंकुश डोगरा ने कहा कि शक के आधार पर कुछ लोगो से पूछताछ की जा रही है तथा भविष्य में ऐसी वारदातों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस गश्त को बढ़ाया जाएगा।
राजस्व जिला सोलन के टोल नाका परवाणु व शेष बचे आबकारी ठेकों का वर्ष 2021-22 के लिए आबंटन ऑक्शन कम टैंडर के माध्यम से आज किया गया। यह आवंटन उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव की अध्यक्षता में किया गया। यह जानकारी आज यहां उप आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी सोलन हिमांशु पंवर ने दी। हिमांशु पंवर ने कहा कि सोलन जिला की एक आबकारी इकाई (देहूंघाट व जाबली परवाणु) की ऑक्शन कम टैंडर के माध्यम से अधिकतम निविदा मै. राजेश एण्ड कम्पनी द्वारा मु. 8,51,00,000 रुपए दी गई। परवाणु टोल नाका के लिए अधिकतम निविदा मु. 9,41,54,940 रुपए जो कि आरक्षित मूल्य से 21 प्रतिशत अधिक है, जितेन्द्र सिंह पार्टनर ऑफ मै. जितेन्द्रा एसोसिएटस द्वारा दी गई। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर विनोद कश्यप, समाहर्ता संयुक्त आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी (मुख्यालय), पर्यवेक्षक वसुन्धरा उप आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी (मुख्यालय), वे स्वंय तथा विभागीय अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
डॉ यशवंत सिंह परमार औदयानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय,नौणी के विस्तार शिक्षा निदेशालय ने राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंध संस्थान (मैनेज) हैदराबाद के सहयोग से जलवायु परिवर्तन और अनुकूलन पर तीन दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण का आयोजन किया। प्रशिक्षण में 111 प्रतिभागियों ने भाग लिया जिसमें विश्वविद्यालय के 54 संकाय और 10 छात्रों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 25 वैज्ञानिक, 12 विषय विशेषज्ञ और 10 छात्र जो अंडमान, जम्मू-कश्मीर, असम, उड़ीसा, तमिलनाडु, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों से संबंधित थे। कुलपति डॉ. परविंदर कौशल समापन समारोह के मुख्य अतिथि रहे, जबकि डॉ. पी चंद्रशेखर, डायरेक्टर मैनेज गेस्ट ऑफ ऑनर रहे। डॉ. दिवेंद्र गुप्ता, निदेशक विस्तार शिक्षा, डॉ. एनबालासुब्रमण्यम, पाठ्यक्रम निदेशक; डॉ. सी.एल. ठाकुर, संयुक्त निदेशक (प्रशिक्षण) और डॉ. परमिंदर कौर बावेजा ने भाग लिया। डॉ. बवेजा ने मुख्य अतिथि, गेस्ट ऑफ ऑनर और प्रतिभागियों का स्वागत किया। प्रशिक्षण के बारे में डॉ. सी.एल. ठाकुर ने बताया कि प्रशिक्षण में मौसम संबंधी डेटाबेस और प्रबंधन के विकास की बुनियादी अवधारणाओं, पश्चिमी हिमालय पर जलवायु परिवर्तन परिदृश्य और इसके परिणाम, तापमान और वर्षा पैटर्न, और बदलती जलवायु के तहत मौसम संबंधी उपकरणों की भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा हुई। कुछ अन्य विषयों में वायु, मिट्टी, पानी की गुणवत्ता और बागवानी फसलों के कवक और वायरल रोगों पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव शामिल रहा। इसके अलावा प्रतिभागियों को COVID-19 महामारी में हिमालयी इलाकों में बदलती जलवायु परिस्थितियों, जलवायु परिवर्तन और कीट प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन परिदृश्य और बागवानी व्यवसाय के लिए बागवानी फसलों की भेद्यता और अनुकूलन क्षमता के बारे में भी अवगत करवाया गया। प्रशिक्षण के दौरान जलवायु-स्मार्ट कृषि को बढ़ावा देने के लिए विस्तार रणनीतियों पर भी कई व्याख्यान शामिल रहे। प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए डॉ कौशल ने कहा कि एक ऐसी ट्रेनिंग जिसमें कृषि, बागवानी से संबंधित अत्यधिक महत्व के विषयों को शामिल किया गया जिसमे देश भर से लाइन विभाग के पेशेवरों, वैज्ञानिकों और छात्रों की इतनी विविध सभा का भाग लेने से नई तकनीक और पर्यावरण से संबंधित ज्ञान सभी तक पहुंचेगा। उन्होंने पारिस्थितिक तंत्रों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए जलवायु स्मार्ट कृषि प्रौद्योगिकियों और अनुकूलन रणनीतियों को तैयार करने पर जोर दिया। डॉ. कौशल ने कहा कि विश्वविद्यालय मैनेज द्वारा चलाए जा रहे ऐसे प्रशिक्षणों और कार्यक्रमों में भविष्य में भी सहयोग करना चाहेगा। जलवायु-स्मार्ट कृषि प्रौद्योगिकियों के बारे में बोलते हुए डॉ. पी. चंद्रशेखर ने कहा कि सभी जलवायु प्रौद्योगिकियों को पैकेज का एक हिस्सा बनना चाहिए ताकि विस्तार कर्मियों द्वारा इसका प्रसार कर सके। डॉ. दिवेंद्र गुप्ता ने संसाधन व्यक्तियों और शोध छात्रों के प्रशिक्षण के महत्व और विश्वविद्यालय द्वारा की जा रही विभिन्न विस्तार गतिविधियों के बारे में बताया।
जिला एवं सत्र न्यायालय सोलन, कण्डाघाट, अर्की, कसौली एवं नालागढ़ न्यायालय परिसर में 10 जुलाई, 2021 को लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन की सचिव गुरमीत कौर ने दी। गुरमीत कौर ने कहा कि लोक अदालत में विभिन्न मामलों का निपटारा समझौते के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में आपराधिक कम्पांऊडेबल, अपराध, एनआई अधिनियम, धन वसूली इत्यादि के मामलों की सुनवाई कर निपटारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में सड़क दुर्घटना मुआवजा, श्रम विवाद, बिजली एवं पानी के बिल, तलाक के अतिरिक्त वैवाहिक विवाद, भूूमि अधिग्रहण के मामले, वेतन एवं भत्तों तथा सेवानिवृत्ति से सम्बन्धित मामलों की सुनवाई कर निपटारा भी किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन की सचिव ने कहा कि लोक अदालत में ऐसे मामलों का निपटारा भी होगा जो न्यायालय में अभी तक दायर नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में अपने मामलों का निपटारा करने के इच्छुक व्यक्ति 10 जुलाई, 2021 से पूर्व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन के कार्यालय में सादे कागज़ पर आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई मामला अदालत में विचाराधीन है तो उसी अदालत में भी आवेदन किया जा सकता है। गुरमीत कौर ने कहा कि समझौते का प्रयास करने के लिए प्री लोक अदालत बैठक (प्री लो अदालत सिटिंग) भी करवाई जाएगी। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नम्बर 01792-220713 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
सोलन जिला की उपायुक्त कृतिका कुल्हारी ने मीडिया से आग्रह किया है कि कोविड-19 से बचाव के लिए लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करें ताकि सोलन जिला शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त करे और जन-जन सुरक्षित रह कर विकास प्रक्रिया में अपना पूर्ण योगदान दे सके। कृतिका कुल्हारी ने आज प्रेस वार्ता को सम्बोधित किया। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण की दर एवं मामलों में कमी आ रही है किन्तु इस संकट से बचाव के लिए नियम पालन एवं सावधानी अपनाई जानी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में लोकतंत्र के चैथे स्तम्भ माडिया की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि सार्वजनिक स्थानों पर नाक से ठोडी तक ढकते हुए मास्क पहनना, सोशल डिस्टेन्सिग नियम की पालना तथा बार-बार अपने हाथ साबुन अथवा एल्कोहल युक्त सेनिटाईजर से धोने के सम्बन्ध में जन-जन को जागरूक करने में सहायक बनें। उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान समय में आवश्यकता पड़ने पर सक्रियता के साथ कोविड परीक्षण करवाना जरूरी है ताकि समय रहते उपचार कर हानि से बचा जा सके। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि खांसी, जुखाम, बुखार जैसे लक्ष्ण होने पर तुरन्त कोविड परीक्षण करवाएं और नियम पालन कर अपने परिवार और समाज को सुरक्षित रखें। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की सम्भावित तृतीय लहर से निपटने के लिए प्रशासन सभी स्तरों पर तैयारी कर रहा है और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को सभी उपकरण एवं व्यवस्थाएं सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए गए है। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि सोलन जिला में महिला एवं बाल कल्याण गतिविधियों को सुदृढ़ करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला प्रशासन पूर्ण रूप से सजग है और जन-जन को राहत पंहुचाने के लिए जिला प्रशासन सदैव कार्यरत रहेगा।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धुन्दन में 100 लोगों को कोविड-19 के विरुद्ध स्वास्थ्य विभाग द्वारा वेकसीन लगाई गई। Nपीएचसी धुन्दन की वैक्सीनेशन टीम ने आशा वर्कर्स के साथ मिलकर 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के 100 लोगों का टीकाकरण किया। स्कूल की एनएसएस इकाई के कार्यक्रम अधिकारी पीसी बट्टू ने इस अभियान मे पूर्णकालीन कार्य कर टीम का सहयोग किया। एनएसएस के स्वयं सेवियों ने अपने घरों से लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित कर सराहनीय सहयोग किया। कार्यक्रम अधिकारी सन्तोष बट्टू जो कि वर्तमान में वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नम्होल में कार्यरत है, उन्होंने भी इस अवसर पर सेवाएं प्रदान की। प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर तथा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एनएसएस इकाई तथा नम्होल और धुन्दन के कार्यक्रम अधिकारियों का उचित प्रबंधन तथा सकारात्मक सहयोग के लिए सहर्ष धन्यवाद किया।
सोलन जिला की परिधि में अश्वनी खड्ड के भीतर एवं आस-पास के क्षेत्र में सभी अनाधिकृत पर्यटकों एवं व्यावसायिक गतिविधियों पर तुरन्त प्रभाव से प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। जिला दण्डाधिकारी सोलन कृतिका कुल्हारी ने आपराधिक दण्ड संहिता की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस सम्बन्ध में आवश्यक आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार अश्वनी खड्ड के किनारे ऐसे स्थानों जहां जल के दूषित होने की सम्भावना है, वहां पर खान-पान स्टाल, कियोस्क, ढाबा, होटल इत्यादि चलाने एवं स्थापित करने पर भी प्रतिबन्ध रहेगा। नदी में नहाना एवं पिकनिक इत्यादि गतिविधियां आयोजित करने पर पूर्ण प्रतिबन्ध रहेगा। नदी के किनारों अथवा जल में किसी भी प्रकार का कचरा फैंकने की सख्त मनाही है। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि सोलन शहर तथा आस-पास के क्षेेत्रों के लिए पेयजल का स्त्रोत अश्वनी खड्ड है तथा पिकनिक जैसी गतिविधियां आयोजित कर जल स्त्रोत को दूषित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रकार की गतिविधियां स्वास्थ्य के लिए घातक सिद्ध हो सकती हैं। नदी के जल स्तर में अचानक वृद्धि से ऐसी गतिविधियां जान-माल की बड़ी क्षति का कारण भी बन सकती हैं। इन आदेशों के उल्लंघन पर दोषियों के विरूद्ध विधि सम्मत कार्रवाही अमल में लाई जाएगी। यह आदेश तुरन्त प्रभाव से लागू हो गए हैं तथा आज से दो माह की अवधि तक प्रभावी रहेंगे।
उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा है कि हिमफैड के जिला सोलन के परवाणू में स्थापित कंट्री लिक्कर बाॅटलिंग संयंत्र को स्थानान्तरित नहीं किया जाएगा और इसका संचालन हिमाचल प्रदेश सामान्य उद्योग निगम द्वारा ही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संयंत्र के बेहतर क्रियान्वयन के लिए कार्य योजना बनाई जाएगी। उन्होंने आज हिमफैड और हिमाचल प्रदेश सामान्य उद्योग निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की। उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए प्रयासरत है तथा निगमों और बोर्डों के कर्मचारियों व अधिकारियों के हितों की रक्षा के लिए वचनबद्ध है। बैठक में हिमफैड के अध्यक्ष गणेश दत्त और निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चंडी अर्की को ग्राम पंचायत कशलोग के पूर्व प्रधान ने 500 टाइलें दान की।कश्लोग पंचायत के पूर्व प्रधान वेद प्रकाश ने पाठशाला की सीढ़ियां बनाने के लिए 500 टाइले दान कर एक सराहनीय कार्य किया है।इससे पहले भी वह पाठशाला विकास में निरंतर योगदान देते रहे हैं।इस पुनीत कार्य के लिए स्कूल के प्रधानाचार्य भूपेंद्र गुप्ता,स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष टेकचंद एवं समस्त विद्यालय परिवार ने वेद प्रकाश का आभार व्यक्त किया है और आशा व्यक्त की है की वह भविष्य में भी इसी तरह अपना सहयोग पाठशाला के विकास में देते रहेंगे।
ग्राम पंचायत बरायली के जालपा युवक मंडल बस्याणा (छाम्ब) के युवाओं ने चल्यावन वार्ड से पंचायत सदस्य पवन कुमार की अध्यक्षता में शमशानघाट व आसपास के गांव की साफ सफाई की। जानकारी देते हुए पंचायत सदस्य पवन कुमार ने बताया कि बारिश होने की वजह से शमशान घाट के आस पास बहुत घास हो गई थी यहां एक पानी का स्रोत है जहां लोगो के पशु पानी पीने जाते थे, परन्तु अब पशुओं के ना जाने की वजह से उस में मिट्टी और घास हो गई थी उस तालाब को समस्त युवाओं ने मिलकर साफ किया। साफ सफाई के दौरान समस्त युवाओं ने कहा कि हम सभी मिलकर जीतने भी पीने के पानी के प्राकृतिक स्रोत है उनकी सफाई करेंगे ताकि बरसात में बीमारियों से बचाव हों सके।इस अभियान में धर्मचंद,बंटू,अनिल,धर्मपाल,कार्तिक,महेन्द्र,भूपेंद्र,विनोद कुमार,सारू सहित अन्य सदस्यों ने अपना सहयोग दिया।
देश को आजाद हुए सात दशक बीत चुके हैं। देश डिजिटल इंडिया की तरफ बढ़ रहा है। पर,कुछ क्षेत्र ऐसे हैं,जहां आज भी विकास की किरण नहीं पहुंची है। ऐसा ही हाल ब्लॉक कुनिहार के अंतर्गत ग्राम पंचायत बैरल के गांव मट्रेच का हैं। जहां आजादी के सात दशक बीतने के बाद भी आज तक गांव तक पहुंचने के लिए कोई भी सड़क नहीं बनी है और न ही इस गांव तक पहुंचने के लिए ढंग के रास्ते हैं। गांव में सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है,जबकि इस गांव की दूरी बेरल सड़क व मलोखर सड़क से मात्र 4 किलोमीटर है।गांव में बीमार पड़ने पर लोग पीड़ित को चारपाई पर उठाकर अस्पताल ले जाते हैं। कई बार तो सड़क तक पहुंचने से पहले ही बीमार आदमी की मृत्यु हो जाती है, ऐसा यहाँ पर कई लोगों के साथ हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि हर बार चुनाव के समय नेताओं के द्वारा सड़क बनाने का आश्वासन दिया जाता है,लेकिन चुनावों के बाद कोई भी नेता गांव की तरफ नहीं देखता है। लोगों ने बताया कि जिलाधिकारी से लेकर कई नेताओं और मंत्रियों को भी गांव में सड़क निर्माण के लिए आवेदन दिया। लेकिन इसके बावजूद भी आज तक प्रशासन ने गांव में सड़क निर्माण के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। वहीं ग्रामीणों में नंद लाल,किशोरी लाल,धर्मपाल,केशव राम,जगदीश,लेखराम,परस राम,पूर्ण चंद,अनन्त राम,भगत राम,कांशी राम का कहना है कि इस गांव में एक भी सार्वजनिक शौचालय तक नहीं है और न ही सरकार द्वारा कोई जहमत इस बारे उठाई गई है,यहीं से पता लग जाता है कि यहां कितना विकास हुआ है। कई बार लड़कियों को इन रास्तों से अकेले ही आना और जाना पड़ता है और डर के मारे गांव में तकरीबन 80% बच्चे लड़के और लड़कियां ऐसे हैं जो आठवीं तक भी पढ़ नहीं पाए हैं। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत से लेकर स्थानीय विधायक तक फरियाद लगाई लेकिन आज तक कोई भी सुविधा इस गांव तक नहीं पहुंच पाई।वहीं जंगली रास्ता होने के चलते जंगली जानवरों के हमले का डर भी बना रहता है। पीडीएफ का राशन भी महिलाओं को सर पर ढोना पढ़ता है। जिसके चलते लोंगो में रोष है। उनकी सरकार से प्रार्थना है कि शीघ्र ही किसी भी स्रोत से उन्हें सड़क व पैदल मार्ग बनाए। गांव में सड़क नहीं होने से आने-जाने में लोगों को काफी परेशानी होती है। बीमारी की हालत में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। सड़क की समस्या को देखते हुए जिला परिषद बिलासपुर से इस विषय मे बात करके व जिला उपायुक्त सोलन से सड़क की समस्या को उठाया जाएगा, ताकि गांव मटरेच के लोगों को जल्द से जल्द सड़क सुविधा मिल सके।
प्रकृति ने मनुष्य जीवन के हित के लिए बहुत सी प्राकृतिक संपदाएं संजोई हुई है जिन से मनुष्य अपने जीवन में सुख भोग सके और अपने जीवन में आने वाली समस्याओं का समाधान कर सके। फलदार पौधे,सब्जियां,जड़ी-बूटियां,खनिज इत्यादि बहुत सी ऐसी प्राकृतिक संपदाएं हैं,जो मनुष्य के सामने सुलभ है लेकिन आवश्यकता है तो केवल कर्म करने की, कर्म करने पर मनुष्य अनहोनी को भी होनी में परिवर्तित कर सकता है,ऐसा ही कर्म करने वाले अर्की उपमण्डल के घनागुघाट पंचायत के ध्यानपुर गांव के बागवान राजेन्द्र ठाकुर ने 5800 फुट की ऊंचाई पर सेब उत्पादन कर एक मिसाल पेश की है।उन्होंने सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती से सेब का उत्पादन कर लोगों की सेहत का ख्याल रखा है।उन्होनें अपने बगीचे में तैयार सेब की पहली खेप 22 जून 2021 को उतर प्रदेश के एक निजी कम्पनी को भेजी है। इस कम्पनी ने 280 रुपये प्रति किलो के हिसाब से सेब की खरीद की है। वहीं अगली खेप भेजने की तैयारी है। राजेंद्र ठाकुर ने जहाँ पिछले वर्ष अन्ना, द्वारफसेट गोल्डन, हरीमन, रेडलम गाला, जेरोमाइन व स्कारलेट 2 सेब की किस्मों के पौधों से पैदावार लेकर सबको आश्चर्यचकित किया था। वहीं इस वर्ष के सीजन में अर्की से सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती से तैयार सेब की पहली खेप बाज़ार में भेजकर एक सभी को हैरान किया है। राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि उन्होंने एसपीएनएफ से तैयार किया सेब बाज़ार में भेज दिया है। यह सेब उतर प्रदेश की एक निजी कम्पनी को सीधे उनके बगीचे से बेचा गया है,जिसका दाम 280 रुपये प्रति किलो के हिसाब से गया है।उन्होनें कहा कि उनका इस वर्ष 3 टन सेब होने की उम्मीद है। राजेंद्र ठाकुर ने लॉकडाउन में अपनी नौकरी गवां चुके अर्की के युवाओं से कृषि व सेब बागवानी करने का आग्रह करते हुए कहा कि उनका वातावरण व जलवायु कृषि व सेब के लिए उपयुक्त है।बस जरूरत है मेहनत व लग्न की। उन्होंने कहा कि वे ऐसा कर आत्मनिर्भर बन सकते है। बता दे कि राजेंद्र ठाकुर ने अभी तक अपने बगीचे में करीब साढ़े आठ सौ सेब के पौधें विभिन्न प्रजातियों के लगाएं है जो अच्छी पैदावार दे रहे है।राजेंद्र ठाकुर का लक्ष्य है कि वह अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक सेब की पैदावार कर लोगों को इसके प्रति प्रेरित करे ताकि अर्की उपमण्डल के पहाड़ी क्षेत्र भी सेब उत्पादन में एक नाम कमा सके।
उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हारी ने तीन दिवसीय राज्य स्तरीय मां शूलिनी मेला के सूक्ष्म रूप से सफल आयोजन के लिए सभी का आभार व्यक्त किया है। कृतिका कुल्हारी ने मेले के सफल आयोजन के लिए विशेष रूप से सोलन एवं आस-पास के क्षेत्रों के निवासियों, पुजारी वर्ग, कल्याणा वर्ग, व्यापारी वर्ग तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 संकट के समय विभिन्न नियमों का पूर्ण पालन करते हुए मां शूलिनी की शोभा यात्रा सभी के सहयोग से ही निर्विघ्न सम्पन्न हुई है। उन्होंने आशा जताई कि मां शूलिनी की असीम कृपा से आने वाला समय सभी के लिए सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य एवं आशा की नई किरण लाएगा और जन-जन को कोरोना संक्रमण से मुक्ति प्राप्त होगी।
सोलन की अधिष्ठात्री देवी मां शूलिनी को समर्पित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय मां शूलिनी मेला आज विधिवत रूप से संपन्न हुआ। कोविड-19 नियमों के तहत सूक्ष्म पूजा अर्चना के उपरांत मां शूलिनी गंज बाजार स्थित प्राचीन मंदिर में अपनी बहन से मिलने के बाद वापिस अपने पीठ पधारी। जिला प्रशासन सोलन ने कोविड-19 संकट के मध्य सोलन में आस्था एवं नियमों के बीच सन्तुलन बनाते हुए मां शूलिनी की शोभा यात्रा को सूक्ष्म रूप से निर्विघ्न सम्पन्न करवाकर धार्मिक परम्पराओं के निर्वहन तथा आमजन के विश्वास को बनाए रखने का श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत किया है। सोलन की नव नियुक्त उपायुक्त कृतिका कुल्हारी ने मां शूलिनी की शोभा यात्रा को कोविड-19 नियमों के तहत निर्विघ्न सम्पन्न करवाने के लिए यह सुनिश्चित किया कि शोभा यात्रा न केवल सूक्ष्म रूप से आयोजित हो अपितु कोविड-19 से सुरक्षा के लिए स्थापित नियमों का पूर्ण पालन भी हो। जिला दण्डाधिकारी ने कोरोना महामारी के मध्य आयोजन को सफल बनाने के लिए मां की शोभा यात्रा के आने-जाने के समय पर उन क्षेत्रों में कफ्र्यू लगाने के आदेश दिए जहां से सामान्य रूप से माता की शोभा यात्रा निकलती है। सोलन की जनता ने इन आदेशों का पूर्ण पालन किया। इससे न केवल शोभा यात्रा सफल रूप से आयोजित हुई आयोजित हुई अपितु लोगों की अटूट आस्था भी अक्षुण्ण रही। मां शूलिनी की वापिसी के समय आज उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक वर्मा, उपपुलिस अधीक्षक सोलन योगेश दत्त जोशी, उपपुलिस अधीक्षक रमेश शर्मा, तहसीलदार गुरमीत नेगी, मन्दिर के पुजारी तथा कल्याणा वर्ग के नुर्माइंदे उपस्थित रहे।
शास्त्री बेरोजगार संघ का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक जिला सोलन रोशन जसवाल से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा उपनिदेशक को ज्ञापन भी सौपा। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि जिला सोलन में शास्त्री बैच वाइज भर्ती का साक्षात्कार 17/18 फरवरी 2021 को लिया गया था। लेकिन 5 महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक शिक्षा विभाग द्वारा परिणाम घोषित नहीं किया गया। बेरोजगार संघ के सदस्यों ने कहा कि अगर जल्द परिणाम घोषित नहीं किया गया तो मजबूर उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा,जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी हिमाचल प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग की होगी। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव मदन शर्मा,जिला अध्यक्ष मनोहर शर्मा, राहुल, शुभम, अंकुश, दिलीप, राकेश नड्डा उपस्थित रहे।
बरसात होते ही लोक निर्माण विभाग की सड़कें अपनी बदहाली के आँसू रोने पर मजबूर हो जाती है। ऐसी ही एक सड़क है ग्राम पंचायत कुंहर के अंतर्गत आने वाली घडियाच-बजोट-कुईरु सड़क। इस सड़क की हालत इन दिनों इतनी खराब है कि यहाँ से पैदल चलना भी खतरे से खाली नहीं है। वहीं इस सड़क मार्ग से रोजाना छोटे बड़े वाहन गुजरते है, लेकिन सड़क की खस्ताहालत होने से इन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय पंचायत के उपप्रधान विनोद ठाकुर, चैत राम, ब्रेस्तु राम, मदनलाल, मेहर चंद, कैलाश चंद का कहना है कि इस सड़क मार्ग से रोजाना दर्जनों वाहनों का आवगमन है। वहीं इस सड़क मार्ग से लोग अपनी आवश्यक वस्तुओं सहित सहकारी राशन डिपू के आते है,लेकिन इन दिनों सड़क की दयनीय हालत है। सड़क मार्ग पर ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण का कार्य किया जा रहा था, लेकिन 2 माह से यह भी बन्द पड़ा है। उन्होंने कहा कि सड़क के जगह-जगह टूटने के कारण बरसात का सारा पानी लोगों की जमीनों व खेतों में जा रहा है, जिससे उनका नुकसान हो रहा है। लोगों ने लोक निर्माण विभाग से गुहार लगाई है कि इस सड़क मार्ग की दशा में सुधार किया जाए ताकि लोगों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो। जब इस बारे में सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग अर्की जगतपाल शर्मा से बात की तो उन्होंने बताया कि जेसीबी मशीन को भेजकर सड़क को दुरुस्त करवा दिया जाएगा।
ग्राम पंचायत दाड़लाघाट में भांग उन्मूलन कार्यक्रम का आयोजन पुलिस थाना दाड़लाघाट के सौजन्य से किया गया। एसएचओ दाड़लाघाट जीत सिंह ने बताया कि भांग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत परिसर व साथ लगती निजी भूमि व सरकारी भूमि में भांग को उखाड़ा गया। इस क्षेत्र में साफ सफाई आदि की गई। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर स्थानीय लोगों व बच्चों को नशे की बुराइयों बारे में भी अवगत करवाया गया। इस अवसर पर एसएचओ दाड़लाघाट जीत सिंह, हेड कांस्टेबल सुनील कुमार, बृजमोहन, विक्रम सिंह, खेम सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धुंदन की एनएसएस इकाई ने मादक द्रव्य निषेध दिवस पर एक जागरूकता अभियान चलाया।आभासी कक्ष के माध्यम से कार्यक्रम अधिकारी पीसी बट्टू ने स्वयंसेवियों को बताया कि नशीली दवाओं या नशीले पदार्थों का सेवन करने वालों की संख्या दिन प्रति बढ़ते देख संयुक्त राष्ट्र संघ ने सन् 1987 से इस दिवस को मनाने की घोषणा की थी। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य जनता में इसके अवैध उत्पादन और सेवन के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना तथा इसकी अवैध तस्करी और इससे जुड़े खतरों के बारे में लोगों को अवगत करवाना है। इस दिवस पर जीवन में कभी भी नशा न करने के प्रति सभी स्वयंवियों को शपथ दिलाई गई।स्वयं सेवियों में हिमानी भगत, हिमानी कौशल, प्रवीण कुमार, रोहित आदि ने चित्रकला के माध्यम से नशा मुक्ति के लिए लोगों को जागरूक किया। एनएसएस इकाई के लगभग 32 स्वयंसेवियों ने निबंध लेखन गतिविधि में भाग लिया। प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर ने बच्चों को नशीले पदार्थों का सेवन न करने का संकल्प लेने के लिए कहा।
जिला दण्डाधिकारी सोलन कृतिका कुल्हारी ने 23 जून, 2021 को जारी आदेशों के सम्बन्ध में आवश्यक शुद्धिपत्र जारी किया है। इस शुद्धिपत्र के अनुसार जिला सोलन में सभी बाजारों, माॅल, दुकानों, रेस्तरां, ढाबा, खान-पान के अन्य स्थलों एवं बार इत्यादि को सप्ताहांत (वीकेण्डज) पर 23 जून, 2021 को जारी आदेशों में प्रदत्त समय के अनुसार खोलने की अनुमति रहेगी। सभी बाजार एवं दुकानों के लिए सप्ताह में अवकाश दिवस कोरोना कफ्र्यू लागू होने से पूर्व जारी परम्परा के अनुसार रहेगा। अन्य सभी छूट, शर्तें इत्यादि 23 जून, 2021 को जारी आदेशों के अनुसार रहेगीं।
अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन प्राइवेट आईटीआई दाड़लाघाट ने अंतराष्ट्रीय नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी दिवस का ऑनलाइन आयोजन किया। इस मौके पर कार्यक्रम का आगाज जीएसटी टैली के प्रशिक्षक राज कुमार गुप्ता ने किया।इस दौरान राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर पर अवैध नशीली दवाओं की तस्करी किस तरह से हो रही है और उनके लिए टारगेट ग्रुप सबसे पहले हमारे देश का नौजवान व युवा पीढ़ी है के बारे में विचार सांझा किए। इस मौके पर संस्थान के प्रशिक्षुओं ने भी अपने विचार साँझा किए। जिसमें रीना,हिमाशी,सुमित,सीमा वर्मा आदि ने वर्तमान समय में नशाखोरी के प्रभाव व उससे बचने के ऊपर अपना वक्तव्य रखा।इस दौरान विभिन्न ट्रेड के छात्रों ने चित्रकला प्रतिस्पर्धा में भी भाग लिया तथा इसके माध्यम से नशे से बचने के लिए संदेश दिया।संस्थान के प्रधानाचार्य राजेश शर्मा ने इस मौके पर सामुदायिक सहयोग व सामुदायिक भागेदारी को अहम बताते हुए इस लड़ाई से लड़ने के लिए सभी को आगे आने का आग्रह किया,क्योंकि नशा एक ऐसा खतरा है। जिससे अपराध,भ्रष्टाचार,आतंकबाद व गरीबी जैसी समस्याएं उत्पन्न होती है। नशीली दवा तस्करी के साथ-साथ,अवैध मानव तस्करी भी हमारे समाज के लिए एक बहुत बड़ी समस्या है,जिसको हम जागरूकता व एक शपथ लेते हुए की कम से कम अपनी जिंदगी में एक इन्सान को तो इस चंगुल से बचाएंगे। इस मौके पर संस्थान के प्रशिक्षकों सहित लगभग 115 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया।
हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग द्वारा स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण विभाग के सौजन्य से 28 व 29 जून 2021 को कॉलेज विद्यार्थियों के लिए विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। दाड़लाघाट महाविद्यालय के प्राचार्य जनेश कपूर ने बताया कि खण्ड चिकित्सा अधिकारी अर्की से प्राप्त सूचना के अनुसार 28 व 29 जून 2021 को राजकीय महाविद्यालय दाड़लाघाट में विशेष टीकाकरण केन्द्र संचालित किया जाएगा। जनेश कपूर ने सभी सम्बंधित विद्यार्थियों व कर्मचारियों से आग्रह किया है कि जिन्हें अभी तक वैक्सीन टीका नहीं लगा है वे सभी महाविद्यालय में पहुंच कर टीका लगवाना सुनिश्चित करें।
कुनिहार :- थाना कुनिहार में अंकुश डोगरा ने नए थाना प्रभारी(एस एच ओ) के रूप में पदभार संभाला है। कुनिहार प्रेस क्लब के सदस्यों ने शिनवार को उनसे शिष्टाचार भेंट कर उनका स्वागत कर उन्हें बधाई दी। भेंट के दौरान क्षेत्र के कई विषयों पर चर्चा हुई व कुछ समस्याओं से क्लब के सदस्यों ने थाना प्रभारी को रूबरू करवाया। थाना प्रभारी ने कहा कि कानून व्यवस्था को सही रखना व समाज मे बढ़ रहे नशे पर लगाम लगाना पहली प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने सभी क्षेत्र वासियों से अपील की है कि अगर किसी भी तरह की कोई जानकारी अगर किसी के पास हो तो उसे जरूर पुलिस को बताएं। सूचना देने वालों का नाम गुप्त रखा जाएगा। भेंट के दौरान क्लब की संरक्षिका प्रतिभा कंवर,अक्षरेश शर्मा,चंद्रप्रकाश नेगी,रणजीत ठाकुर,लोकेंद्र कंवर व हरजिंदर ठाकुर मौजूद रहे।
बीएल सेंट्रल पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार छात्रा नैंसी ठाकुर को ITBP विभाग ने पैंतीस हजार की स्कॉलरशिप प्रदान की है I जानकारी देते हुए विद्यालय अध्यक्ष ने बताया कि विद्यालय में बारहवीं कक्षा में पढ़ रही छात्रा नैंसी ठाकुर को ITBP पुलिस विभाग से पैंतीस हजार की स्कॉलरशिप मिली है I उन्होंने बताया कि नैंसी ठाकुर ने दसवीं कक्षा में 95.8 फीसदी अंक लिए थे, जिसके कारण नैंसी ठाकुर का ITBP पुलिस विभाग द्वारा इस स्कॉलरशिप के लिए चयन हुआ था। विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने छात्रा नैंसी ठाकुर व् उसकी माता रेखा ठाकुर को इस उपलब्धि के लिए बहुत बधाई दी है I उन्होंने नैंसी ठाकुर की विद्यालय के वार्षिक गतिविधियों में सराहनीय कार्य करने एवं शैक्षिणिक स्तर में अव्वल रहने के लिए प्रशंसा की है I विद्यलय अभिभावक संघ के अध्यक्ष रतन तंवर, विद्यालय प्रधानाचार्य पुर्शोतम लाल, मुख्याध्यापिका सुषमा शर्मा, उप- प्रधानाचार्य किरण लेखा, विद्यालय समन्वयक रामेश्वर कुमार और विद्यालय के सभी अध्यापक वर्ग ने इस उपलब्धि के लिए छात्रा नैंसी ठाकुर और उसके अभिभावकों को बधाई दी। विद्यालय प्रधानाचार्य ने बताया कि विद्यालय के बच्चें हर क्षेत्र उब्लाधियाँ हासिल कर विद्यालय व इलाके का नाम रोशन कर रहे हैं I
सोलन जिले के सभी दिव्यांगों को सूचित किया जाता है कि ऐसे सभी लोग अपना यूनीक डिसेबिलिटी आईडी (UDID) बनवा लें ताकि उनको एक स्मार्ट कार्ड मिल जाए जिसमें दिव्यांगों से संबंधित सारी जानकारी होगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजन उप्पल ने सोलन जिले के सभी दिव्यांगों से आग्रह किया है कि सभी अपना यूनीक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड (UDID) बनवा लें यह जानकारी ऑनलाइन रहेगी वह दिव्यांगों को कोई भी प्रमाण पत्र लेकर नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें सभी सुविधाएं एक ही स्मार्ट कार्ड से मिल जाएगी। यदि यूनीक डिसेबिलिटी आईडी (UDID) बनवाने से संबंधित कोई जानकारी चाहिए तो कृपया स्थानीय आशा वर्कर या स्वास्थ्य कार्यकर्ता से संपर्क कर सकते हैं। वह नजदीकी लोक मित्र केंद्र में जाकर अपना (UDID) बनवा सकते हैं अतः सभी दिव्यांगों को सूचित किया जाता है कि सभी अपना यूनीक डिसेबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड बनवा ले।
कोविड-19 टीकाकरण अभियान के अंतर्गत सोलन जिला के विदेश जाने वाले सभी लाभार्थियों को सूचित किया जाता है कि 18 साल से ऊपर के विदेश जाने वाले सभी लोगों को विशेष सुविधा के लिए बुधवार 30 तारीख को कविड का टीका क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में लगाया जाएगा। यह जानकारी डीआईओ (स्वास्थ्य) डॉ गगनदीप ने देते हुए बताया कि विदेश जाने वाले लाभार्थियों को पहला टीके लगे हुए 28 दिन हो चुके हैं और वह बुधवार को दूसरा टीका अवश्य लगवा ले। विदेश जाने वाले ऐसे सभी लोग अपने साथ पासपोर्ट, पहले टिक्के का सर्टिफिकेट, पढ़ाई और नौकरी का दस्तावेज साथ में अवश्य लाएं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजन उप्पल ने ये जानकारी साझा करते हुए बताया कि कुछ समय के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट सिर्फ ठोडो ग्राउंड सोलन में ही किया जाएगा इसके अतिरिक्त आयुर्वेदिक अस्पताल रबौण में आरटीपीसीआर टेस्ट कुछ दिनों के लिए बंद किए गए हैं।
राज्य स्तरीय शूलिनी मेला शुक्रवार को विधिवत पूजा अर्चना के साथ आरम्भ हुआ। कोविड़-19 के संकट के कारण मेला सुक्ष्म पूजा अर्चना के साथ आरम्भ हुआ। सभी की सुरक्षा के दृष्टिगत इस वर्ष भी मेले में किसी भी प्रकार का आयोजन नहीं किया जा रहा है। परम्परा के अनुरूप सोलन की अधिष्टात्री देवी माॅ शूलिनी अपनी बहन से मिलने गंज बाजार स्थित प्राचीन मंदिर पहूंची। यहां उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हारी ने विधिवत रूप से सम्पूर्ण जनता की और से माता शूलिनी का स्वागत किया। कृतिका कुल्हारी ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि एवं स्वास्थ्य की कामना की। उन्होने आशा जताई की माॅ शूलिनी के आर्शिवाद से समुचा विश्व, देश एवं प्रदेश कोरोना महामारी से मुक्त होगा। इससे पूर्व आज प्रातः पूजा अर्चना के साथ माता की यात्रा की तैयारियां आरम्भ हुई। उपमण्ड़लाधिकारी सोलन अजय यादव ने यात्रा से पूर्व आयोजित हवन में भाग लिया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सोलन अभिशेक यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक वर्मा, तहसीलदार गुरमीत सिंह नेगी सहित मंदिन के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।
ग्राम पंचायत कुँहर व जघून में जिला परिषद सदस्य भुवनेश्वरी शर्मा, ग्राम पंचायत कुँहर की प्रधान निशा व सरयांज पंचायत के प्रधान रमेश ठाकुर ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा भेजी गई होमआइसोलेशन किट लोगों के घर जाकर वितरित की। इस आइसोलेशन किट में रोगियों के लिए निर्देशिका, थर्मामीटर, च्यवनप्राश, काढ़ा, सैनिटाइजर, मास्क, मल्टी विटामिन, विटामिन-सी तथा जिक की गोलियां,आयुर्वेदिक दवाई कुदनीर, मुख्यमंत्री का पत्र, शीघ्र स्वास्थ्य लाभ संदेश कार्ड आदि सभी वस्तुओं की सूची शामिल है। इस अवसर पर कुंहर पंचायत की प्रधान निशा ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार कोरोना महामारी को लेकर गम्भीर है व कोरोना से जंग लड़ने के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पूरा विश्व इस महामारी की चपेट में है ऐसे में हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में कोरोना महामारी से जंग लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश जल्द कोरोना मुक्त होगा व पहले की तरह जीवन सामान्य हो जाएगा।
डॉक्टर श्याम प्रसाद मुखर्जी की पुण्य तिथि पर पंचायत मांगू (संघोई) में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रदेश भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार बबली ने पहला पौधा लगा कर वृक्षारोपण कार्यक्रम की शरुआत की। भाजपा मंडल अर्की के सचिव नागेंद्र कौशल ने जानकारी देते हुए बताया कि आने वाले समय में दो पंचयतों के दस गांवों में लगभग एक हजार नेटिव पेड़ पौधे रोपित कर बड़े होने तक उनकी देखरेख करने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम में पंचायत प्रधान बलदेव ठाकुर और उपाध्यक्ष जिला किसान मोर्चा ओम प्रकाश,लीला धर,रमेश,भीम प्रकाश,कर्म चन ठाकुर, नरेश कुमार,कमल शर्मा सहित पार्टी के विभिन्न कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पुलिस थाना दाड़लाघाट में एक अज्ञात वाहन चालक द्वारा एक व्यक्ति को घायल कर फरार होने का मामला दर्ज हुआ है। जिया लाल पुत्र क्याला राम निवासी गांव गानणा भराड़ीघाट ने ब्यान किया है कि 23 जून 2021 की रात को उसे गांव के एक व्यक्ति ने फोन पर सूचना दी कि उसके पिता क्याला राम नलाग के पास घायल अवस्था में सड़क किनारे पड़े हैं। इस सूचना पर वह और उसकी माता नलाग पंहुचे जहां पर उसने अपने पिता को सड़क की बांई ओर घायल अवस्था में पड़े हुए देखा। उसके पिता को किसी अज्ञात वाहन चालक द्वारा लापरवाही से वाहन चलाते हुए चोट पंहुचाई गई है और वह चालक मौका से बिना रुके फरार हो गया है। जिस सन्दर्भ में पुलिस थाना दाड़लाघाट में अभियोग धारा 279,337 भारतीय दण्ड संहिता,187 मोटर वाहन अधिनियम में पंजीकृत किया गया।डीएसपी प्रताप सिंह ठाकुर ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आगामी कार्यवाही अम्ल में लाई जा रही है।
पुलिस पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन कुनिहार के प्रधान धनीराम तंनवर एवं कार्यकारिणी पदाधिकारी सदस्यों गुरुदयाल चौधरी ,केदार ठाकुर, मुनीलाल चौहान, वीना चौहान, आशा राणा, पुष्पा सूद, जगदीश चौहान, श्यामलाल ठाकुर, सतपाल सिंह, लेख राम काईथ, रतिराम शर्मा, संतराम चंदेल, शमशेर सिंह, रूपराम ठाकुर, पतराम पंवर, दीप राम ठाकुर ,नागेद्र ठाकुर ,श्यामलाल भाटिया ,राजेंद्र शर्मा इत्यादि ने अपने संयुक्त बयान में कहा है कि कुल्लू के भुंतर में जो घटना पुलिस अफसर व पुलिस कर्मचारियों द्वारा वीआईपी ड्यूटी के दौरान पेश की गई उसकी पुलिस पेंशनर एसोसिएशन कड़े शब्दों में निंदा करती है। ऐसी घटना हिमाचल प्रदेश में शायद ही पहले कभी हुई हो। यह तो जांच में ही पता चलेगा की पहल किसने की, मगर यहां बहुत ही शर्मसार घटना हुई है। हमने अपने लंबे कार्यकाल के दौरान कभी भी इस प्रकार की घटना होते हुए नहीं देखी जिसके कारण पूरे पुलिस विभाग पर आम लोगो का भरोसा उठ गया है। जिला के एसपी आईपीएस अफसर के खिलाफ यह कारनामा सही नहीं था। यह घटना आम लोगों में मजाक बनकर रह गई। पुलिस पेंशनर एसोसिएशन मांग करती है कि इसमें दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
जिला दण्डाधिकारी सोलन कृतिका कुल्हारी ने कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत छूट तथा प्रतिबन्धों के सम्बन्ध में आवश्यक आदेश जारी किए हैं। यह आदेश प्रदेश के मुख्य सचिव एवं राज्य कार्यकारी समिति के अध्यक्ष द्वारा 22 जून, 2021 को जारी आदेशों की अनुपालना में जारी किए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार जिला के सभी बाजार, माॅल एवं दुकानें रात्रि 08.00 बजे तक खुली रहेंगी। फार्मेसी एवं दवा की दुकानों का समय प्रतिबन्धित नहीं है तथा यह दुकानें सामान्य कार्य समय के अनुसार खुली रहेंगी। दुकानदारों एवं विक्रेताओं को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी कोविड-19 सुरक्षा मानकों की अनुपालना सुनिश्चित बनानी होगी। रेस्तरां, ढाबे, खान-पान स्थल एवं बार रात्रि 10.00 बजे तक खुले रह सकेंगे। इन सभी स्थलों पर कोविड-19 सुरक्षा मानकों की अनुपालना सुनिश्चित बनानी होगी। प्रथम जुलाई, 2021 प्रातः से सभी सरकारी, सार्वजनिक उपक्रम, स्थानीय निकाय एवं स्वायत्त संस्थाओं के कार्यालय शत-प्रतिशत उपस्थिति के साथ कार्य करेंगे। सभी अधिकारी कार्यस्थल पर कोविड-19 बवाच एवं सुरक्षा मानकों की अनुपालना सुनिश्चित बनाएंगे। सभी प्रकार के सामाजिक, अकादमिक, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक एवं अन्य समागमों में कुल क्षमता के 50 प्रतिशत तक की उपस्थिति की अनुमति होगी। इण्डोर एवं बन्द स्थानों में यह अनुमति अधिकतम 50 व्यक्तियों तक की होगी। खुले स्थानोें पर होने वाले आयोजनों में अधिकतम 100 व्यक्तियों के सम्मिलित होने की अनुमति होगी। सभी स्थानों पर कोविड-19 सुरक्षा मानकों की पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित बनानी होगी। कोविड-19 सुरक्षा मानकों की पूर्ण अनुपालना के साथ अन्तिम संस्कार में 50 व्यक्तियों के सम्मिलित होने की अनुमति होगी। इन आदेशों के अुनसार सभी सिनेमा हाॅल, मनोरंजन पार्क, थियेटर एवं सभागार, समागम स्थल, क्लब हाऊस, गोल्फ कोर्स तथा व्यायामशालाओं को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ रात्रि 10.00 बजे तक खुला रहने की अनुमति है। इन सभी स्थलों पर कोविड-19 सुरक्षा मानकों की अनुपालना सुनिश्चित बनानी होगी। खेल परिसरों को आऊटडोर खेल गतिविधियों सहित अन्य खेल गतिविधियों के लिए खोला जा सकता है। अनुबन्ध खेल की अनुमति नहीं है। दर्शकों को आने की अनुमति नहीं है। इन सभी स्थलों पर कोविड-19 सुरक्षा मानकों तथा प्रदेश युवा सेवाएं एवं खेल विभाग द्वारा जारी मानक परिचालन प्रक्रिया की अनुपालना सुनिश्चित बनानी होगी। चिकित्सा महाविद्यालय, आयुर्वेदिक महाविद्यालय, दन्त चिकित्सा महाविद्यालयों, नर्सिंग एवं फार्मेसी महाविद्यालयों को इस कार्यालय द्वारा 13 जून, 2021 को जारी आदेशों के अनुरूप पुनः खोलने की अनुमति होगी। इजींनियरिंग महाविद्यालयों, पालीटैक्निक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को प्रथम जुलाई, 2021 से खोलने की अनुमति है। इस सम्बन्ध विस्तृत दिशा-निर्देश तथा मानक परिचालन प्रक्रिया तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा जारी की जाएगी। अन्य सभी शिक्षण, प्रशिक्षण एवं कोचिंग संस्थान आगामी आदेशों तक बन्द रहेंगे। धार्मिक स्थलों को केवल दर्शन के लिए प्रथम जुलाई, 2021 से खोलने की अनुमति होगी। सभी धार्मिक स्थलों पर कोविड-19 से बचाव के लिए नियम अनुपालना तथा भाषा, कला एवं संसकृति विभाग द्वारा जारी मानक परिचालन प्रक्रिया की अनुपालना सुनिश्चित बनानी होगी। कीर्तन, भजन, जगराता इत्यादि की अनुमति नही है। प्रथम जुलाई, 2021 से अन्तरराज्जीय सार्वजनिक परिवहन बस सेवा, स्टेज एवं अनुबन्धित कैरियेज की आवाजाही की अनुमति कुल सीट क्षमता के 50 प्रतिशत के साथ प्रदान की गई है। परिवहन विभाग द्वारा जारी मानक परिचालन प्रक्रिया का पूर्ण पालन सुनिश्चित बनाना होगा। जिला में प्रवेश के लिए ई-पास की आवश्यकता नहीं है। आदेशों के अनुसार सार्वजनिक स्थानों, शाॅपिंग क्षेत्र, दुकानों, बाजार, माॅल, कार्यस्थलों एवं सार्वजनिक तथा निजी परिवहन में उचित प्रकार से मास्क पहनना अनिवार्य है। मास्क नहीं तो सेवा नहीं (नो मास्क नो सर्विस) की नीति की पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित बनाई जाएगी। उचित प्रकार से मास्क न पहनने पर दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। सार्वजनिक स्थानों पर दो व्यक्तियों के मध्य कम से कम 06 फीट की दूरी रखनी आवश्यक है। सार्वजनिक स्थानों में थूकने पर नियमानुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। सार्वजनिक स्थानों पर पान, गुटका, तम्बाकू एवं अन्य सामान उत्पादों का सेवन प्रतिबन्धित है। इन आदेशों की अवहेलना पर भारतीय दण्ड संहिता के प्रावधानों, आपदा प्रबन्धन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 तथा हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम, 2007 के अनुरूप कार्रवाही की जाएगी। यह आदेश निर्धारित स्थानों पर तिथि निर्धारण के अतिरिक्त तुरन्त प्रभाव से लागू हो गए हैं।
जिला दण्डाधिकारी सोलन कृतिका कुल्हारी ने कोविड-19 के दृष्टिगत 25 जून से 27 जून, 2021 को सोलन की अधिष्ठात्री देवी मां शूलिनी के मन्दिर में पारम्परिक पूजा-अर्चना तथा बड़ी संख्या में लोगों को एकत्र होने से रोकने, कोविड-19 के दृष्टिगत सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन आपराधिक दण्ड संहिता की धारा 144 के तहत आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार 25 जून, 2021 को प्रातः 10.00 बजे से सांय 03.00 बजे तक तथा 27 जून, 2021 को दिन में 03.00 बजे से 06.00 बजे तक लोक निर्माण विभाग विश्रााम गृह, सोलन से पुराना उपायुक्त कार्यालय सोलन तक, पुराना उपायुक्त कार्यालय सोलन से कोटलानाला चौक से शिल्ली मार्ग पर जौणाजी मार्ग सम्पर्क बिन्दु तक तथा लोअर बाजार, गंज बाजार, लक्कड़ बाजार, सर्कलुर रोड़, अप्पर बाजार से ओल्ड कोर्ट रोड तक वाहनों तथा लोगों की आवाजाही पर पूर्ण रोक रहेगी। इन क्षेत्रों में 25 जून को प्रातः 10.00 बजे से सांय 03.00 बजे तक तथा 27 जून, 2021 को दिन में 03.00 बजे से सांय 06.00 बजे तक सभी दुकानें भी बन्द रहेंगी। इस अवधि में क्षेेत्रीय अस्पताल सोलन के समीप स्थित दवा की दुकानें खुली रह सकेंगी यह प्रतिबन्ध रोगी वाहन, अग्निशमन वाहन, कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के निए प्रयुक्त वाहन तथा मां शूलिनी मेला की परम्परा निभाने के लिए नियुक्त व्यक्तियों पर लागू नहीं होंगे। जिला दण्डाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक सोलन को निर्देश दिए हैं कि उक्त क्षेत्रों में तथा मन्दिर के आसपास 25 जून प्रातः 06.00 बजे से 27 जून, 2021 की सांय 07.00 बजे तक समुचित संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाए। आदेशों की अवहेलना पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत कार्रवाही की जाएगी। यह आदेश 25 जून को प्रातः 10.00 बजे से सांय 03.00 बजे तक तथा 27 जून, 2021 को दिन में 03.00 बजे से सांय 06.00 बजे तक प्रभावी रहेंगे।
हिमाचल प्रदेश बागवानी विकास परियोजना के प्रबंधित परागण घटक के तहत राज्य के मधुमक्खी पालकों के लिए 'मधुमक्खी प्रजनन' पर 21 दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण का शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण का संचालन कीट विज्ञान विभाग, डॉ वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी द्वारा किया जा रहा है। ऑनलाइन प्रशिक्षण में राज्य के विभिन्न जिलों के 36 मधुमक्खी पालक भाग ले रहे हैं। डॉ. बलराज सिंह मधुमक्खी और परागणकों पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (ए आई सी आर पी) के परियोजना समन्वयक उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि रहे। डॉ. हरीश कुमार शर्मा, प्रधान वैज्ञानिक और कार्यक्रम के समन्वयक ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य राज्य के मौजूदा मधुमक्खी पालकों की क्षमता को बढ़ाना है ताकि वे गुणवत्ता वाली रानी मधुमक्खी का उत्पादन और आपूर्ति कर सकें और अपनी मधुमक्खी कॉलोनी का वैज्ञानिक ढंग से प्रबंधन कर सकें जिससे उनकी आय बढ़ाने में मदद मिल सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल में प्रशिक्षित मधुमक्खी पालकों द्वारा परागण सेवाओं के लिए 18,000 से अधिक मधुमक्खी कॉलोनी को उपलब्ध करवाया जा रहा है। अपने सम्बोधन में डॉ. बलराज सिंह ने कॉलोनी चयन, रानी पालन और कॉलोनी रखरखाव की नवीनतम ज्ञान के साथ राज्य के मधुमक्खी पालकों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए विश्वविद्यालय और कीट विज्ञान विभाग के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जैसे कृषि और बागवानी की तरह, अच्छा उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री सबसे महत्वपूर्ण है। उसी तरह एक अच्छी कॉलोनी के लिए एक अच्छी गुणवत्ता वाली रानी मधुमक्खी की आवश्यकता होती है। उनका विचार था कि वैज्ञानिकों और मधुमक्खी पालकों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शहद उत्पादन को और बढ़ावा देना चाहिए, क्योंकि राज्य का एक बड़ा क्षेत्र इसके लिए उपयुक्त है। 2016 और 2019 में देश में सर्वश्रेष्ठ केंद्र का पुरस्कार प्राप्त करने के लिए विश्वविध्यालय की सराहना की। विस्तार शिक्षा निदेशक और कीट विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दिवेंद्र गुप्ता ने अपने संबोधन में मधुमक्खी पालकों के लिए रानी पालन की आवश्यकता और महत्व पर जोर दिया और रानी उत्पादन उद्यम के विकास के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि सेब के बगीचे में प्रबंधित परागण की भूमिका को लेकर विभाग द्वारा 2018 से अब तक कई प्रदर्शन, जागरूकता शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। डॉ. गुप्ता ने बताया कि विश्वविद्यालय ने कोरोना के कारण किसानों तक अपनी पहुंच को प्रभावित नहीं होने दिया है और तकनीकी फिल्मों के माध्यम से वैज्ञानिक सूचनाओं के प्रसार और ऑनलाइन प्रशिक्षण और ऑनलाइन किसान मेलों जैसी कई पहल शुरू की गई हैं। कीट विज्ञान विभाग ने मधुमक्खी प्रजनन पर दो ऑनलाइन 21-दिवसीय संस्थागत प्रशिक्षण और प्रशिक्षित मधुमक्खी प्रजनकों के लिए पांच दिनों के दो रिफ्रेशर पाठ्यक्रम आयोजित किए हैं ताकि उन्हें रानी पालन के तकनीकी ज्ञान से लैस किया जा सके। हिमाचल प्रदेश बागवानी विकास परियोजना के तहत प्रबंधित परागण घटक में हिमाचल में परागणकों और परागण के महत्व को ध्यान में रखते हुए शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य परागण के लिए मधुमक्खियों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उद्यमशीलता विकास मॉडल स्थापित करना था। परागण घाटे के कारण फसल की विफलता को कम करने के लिए कुछ फसलों पर मधुमक्खियों के विकल्प के रूप में भँवरे जैसे अन्य परागणकों का उपयोग करने के लिए प्रौद्योगिकी विकसित करना है। सेब के बागों में प्रबंधित परागण के कार्यान्वयन से फ्रूट सेट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और राज्य के बागवानों की बेहतर उपज हुई है। राज्य बागवानी मधुमक्खी प्रजनक योजना के तहत एचपी-एचडीपी के प्रबंधित परागण घटक के तहत प्रशिक्षित 62 प्रगतिशील मधुमक्खी पालकों को बागवानी विभाग में मधुमक्खी प्रजनक के रूप में पंजीकृत किया गया है, जबकि सात प्रशिक्षुओं को लघु स्तर पर रानी पालन शुरू करने के लिए प्रत्येक को 3 लाख रुपये का वित्त पोषण मिला है।
भारतीय प्रशासनिक सेवा की वर्ष 2013 बैच की अधिकारी कृतिका कुल्हारी ने आज उपायुक्त सोलन के रूप में कार्यभार सम्भाला। कृतिका कुल्हारी ने पदभार सम्भालने के उपरान्त जिला के अधिकारियों से बैठक कर विकासात्मक कार्योें एवं कोविड-19 स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के तीव्रतम गति से विकसित हो रहे सोलन जिला में निर्धरित मानकों के अनुरूप विकास कार्यां में आशातीत वृद्धि करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए नियमों की अनुपालना एवं शत-प्रतिशत कोविड टीकाकारण की शीघ्र प्राप्ति के लिए वे कार्यरत रहेंगी। कृतिका कुल्हारी ने बिरला इंस्टीटयूट ऑफ साईस एण्ड टैक्नोलाॅजी पिलानी से बीटैक किया है। उन्होंने अपनी परिवीक्षाधीन अवधि जिला बिलासपुर एवं सिरमौर में पूर्ण की। वे हमीरपुर एवं नाहन में उपमण्डलाधिकारी के पद पर कार्यरत रहीं। जिला सोलन के उपायुक्त का कार्यभार सम्भालने से पूर्व कृतिका कुल्हारी ऊना जिला के अतिरिक्त उपायुक्त, हिमऊर्जा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा निदेशक महिला एवं बाल विकास के पद पर कार्य कर चुकी हैं।
रौड़ी पंचायत के अन्तर्गत रौड़ी गांव के पूर्व पंचायत सदस्य जगदीश शर्मा ने रौड़ी गांव की ओर जाने वाले मुख्य सड़क मार्ग को दुरुस्त करवाया। जगदीश शर्मा ने कहा कि उस सड़क पर रोजाना सेंकडों लोग पैदल चलते हैं व सैंकड़ो छोटी बड़ी गाड़ियाँ रोजाना इस मार्ग से गुजरती हैं,इस मार्ग के किनारे बनी बरसात के पानी की निकास नालियां पिछले एक साल से पानी के साथ बहकर आई मिट्टी से बुरी तरह बन्द पड़ी थी। जिस कारण बरसात का बहता पानी और मिट्टी बीच सड़क में जमा हो रही थी।जिस कारण पैदल चलने वाले लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था।जब कई दिनों तक इस मार्ग की सुध किसी ने नहीं ली तो उन्होंने अम्बुजा सीमेंट कम्पनी के अधिकारियों को इस बारे में अवगत करवाया। अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन के आधिकारियों ने तुरंत कम्पनी की लेबर भेजकर इन बन्द पड़ी नालियों को दुरुस्त किया और यहां पड़ी लगभग दो टिप्पर मिट्टी और कचरा उठवाया। ताकि लोगों को कोई परेशानी न हो।
21 जून को पुरे विश्व भर में योग दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत में भी इसे बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। सभी ने अपने स्तर पर योग किया और कई जगहों पर ऑनलाइन माध्यम से भी योग किया गया। योग दिवस पर सोलन होम्योपैथिक कॉलेज में भी ऑनलाइन माध्यम से योग दिवस को मनाया गया। सभी स्टाफ मेंबर्स और विद्यार्थियों ने ऑनलाइन माध्यम से एक दूसरे से जुड़ कर योग दिवस को मनाया। वही सोलन होमेओपेथी कॉलेज के प्रधानाचार्य ने बताया की कॉलेज के सभी स्टाफ मेंबर्स और विद्यार्थियों ने ऑनलाइन माध्यम से योग दिवस को मनाया और सभी ने इसमें बढ़ चढ़ कर भाग लिया। उन्होंने कहा की योग को हमे अपने दिन चर्या में शामिल करने से सभी लोग स्वस्थ रहे सकते है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में कार्यरत है और इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जुलाई माह में सोलन में आधुनिक अस्पताल, मातृ एवं शिशु अस्पताल तथा ट्रामा सैंटर की आधारशिला रखी जाएगी। डाॅ. सैजल आज इस सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। डाॅ. सैजल ने कहा कि सोलन में अत्य आधुनिक अस्पताल, मातृ एवं शिशु अस्पताल तथा ट्रामा सैंटर के निर्माण के लिए लगभग 79 बाीघा भूमि चिन्हित की गई है। उन्होंने कहा कि शिलान्यास के उपरान्त अस्पताल का निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाएगा। निर्मित होने पर यह अस्पताल सोलन, शिमला एवं सिरमौर के वासियों सहित पर्यटकों के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल के प्रथम चरण के निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस अस्पताल के निर्माण के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई हैं। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अस्पताल निर्धारित समय में निर्मित हो ताकि लोगों को इसका यथोचित लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि सोलन शहर के मध्य में स्थापित अस्पताल पूर्व की भान्ति कार्यरत रहेगा। डाॅ. सैजल ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि अस्पताल के गुणवत्तायुक्त एवं समयबद्ध निर्माण के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी स्तरों पर विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं को स्तरोन्नत कर रही है ताकि लोगों को क्षेत्रीय स्तर पर ही अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो सकें। राज्य सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण के मध्य सभी जिलों में मूलभूत स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत बनाया जा रहा है तथा ऑक्सीजन आपूर्ति सहित आवश्यक जीवनदायिनी दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में कोविड-19 रोगियों की सहायता के लिए वृहद स्तर का ऑक्सीजन संयन्त्र स्थापित किया गया है। इस सयन्त्र में 1000 लीटर प्रति मिनट की दर से जीवनदायिनी ऑक्सीजन का उत्पादन होगा। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में कोविड स्पेशल आईसीयू वार्ड में 06 वैंटिलेटर स्थापित कर दिए गए हैं। अस्पताल में एक्स-रे सयन्त्र भी आरम्भ कर दिया गया है। आयुष मंत्री ने कहा कि कोविड रोगियों को पूर्ण स्वास्थ्य प्रदान करने के लिए आरम्भ किया गया ‘आयुष घर द्वार’ कार्यक्रम सफलता के नवीन सोपान स्थापित कर रहा है। डाॅ. सैजल ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन को निर्देश दिए कि कोविड-19 से बचाव के लिए सभी वर्गों के टीकाकरण कार्य में और तेजी लाई जाए ताकि कोई भी टीकाकरण से छूटने न पाए। उन्होंने इस अवसर पर शामती बाईपास सहित जिला के अन्य विकासात्मक कार्यों की समीक्षा की और विभिन्न निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर पूर्व परिवहन मंत्री एम.एन. सोफत तथा प्रदेश भापजा कार्यकारिणी सदस्य डाॅ. राजेश कश्यप ने अस्पताल निर्माण के सम्बन्ध में बहुमूल्य सुझाव दिए। डाॅ. सैजल ने तदोपरान्त आधुनिक तकनीक युक्त अस्पताल, मातृ एवं शिशु अस्पताल तथा ट्रामा सैंटर के लिए चिन्हित भूमि का निरीक्षण किया तथा आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने इस अवसर पर जन समस्याएं भी सुनीं और इनके निवारण के लिए निर्देश जारी किए। एपीएमसी सोलन के अध्यक्ष संजीव कश्यप, भाजपा मण्डल सोलन के अध्यक्ष मदन ठाकुर, भाजपा के नन्द राम कश्यप, धर्म चन्द गुलेरिया, भरत साहनी, चन्द्रमोहन शर्मा, उपायुक्त सोलन के.सी.चमन, उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियन्ता एस.पी. जगोता, तहसीलदार सोलन गुरमीत नेगी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राजन उप्पल, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. एस.एल वर्मा, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियन्ता अरविन्द शर्मा, भाजपा के अन्य नेता एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
कुनिहार : जिला पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन के जिला अध्यक्ष के डी शर्मा ,महासचिव जगदीश पंवर व प्रेस सचिव डी डी कश्यप ने एक प्रेस नोट रिलीज करते हिमाचल सरकार से आग्रह किया है कि प्रदेश सरकार सेवा निवृत्त कर्मचारियों को पंजाब के तर्ज पर छटे वेतन आयोग की सिफारिशों को शीघ्र लागू करें। उन्होंने कहा कि संगठन सरकार से यह भी आग्रह करता है कि सेवा निवृत्त कर्मचारियों के 65,70 व 75 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर दिए जाने वाले 5,10 व 15 प्रतिशत भत्ते मुल पेंशन में पंजाब सरकार के तर्ज पर जोड़ने के आदेश पारित करें। यह पेंशनरों की बहुत पुरानी मांग है जिसे सरकार को जल्द पूरा करना चाहिए।
बीएल स्कूल ने योग दिवस के उपलक्ष पर वर्चुअल माध्यम से विद्यार्थियों को योग करवाया। बच्चों को इस अवसर पर जानकारी देते हुए बताया गया कि योग करने से कोई भी व्यक्ति रोगी नहीं बन सकता, अगर कोई रोग आ भी जाए तो दोबारा से निरोगी बन जाता है। योग एक साधना पद्धति के साथ-साथ चिकित्सा पद्धति है। योग को जीवन शैली का अनिवार्य अंग बनाना चाहिए। मैनेजर वीना बक्शी ने बताया कि योग करने से व्यक्ति शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से तंदुरुस्त रहता है। प्रधानाचार्या रुचिका बक्शी ने रोग को समाप्त करने के लिए कहा कि विद्यार्थियों को प्रतिदिन प्रातः काल योग करना चाहिए। चेयरमैन अशोक ने बताया कि योग हमें नकारात्मकता से सकारात्मकता का रास्ता बनाने में सहायता करता है। इसलिए हम सब को प्रातः काल योग करना चाहिए।
अटल शिक्षा कुञ्ज, कालूझिंडा स्थित आईईसी यूनिवर्सिटी में सोमवार, 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन ऑनलाइन माध्यम से किया गया। जिसमें विश्वविद्यालय के पदाधिकारिओं, शिक्षकों व गैर-शिक्षक कर्मचारिओं सहित सभी छात्रों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर प्रमाणित योग प्रशिक्षक डॉ० रणधीर कदम ने सभी को वर्चुअल माध्यम से वज्र आसन, गऊमुख आसन, भुजंग आसन, नौकासन, सहित अनुलोम, विलोम, कपालभाती और प्राणायाम द्वारा आधुनिक युग के तनाव को झेलने और आत्मविश्वास बढ़ाने के गुर सिखाये। उन्होंने अच्छे स्वास्थ्य के लिए योग-आसन, फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने के लिए सांस लेने की तकनीक और समग्र स्वास्थ्य और कल्याण के लिए ध्यान लगाना भी सिखाया। योग गुरु ने इस अवसर पर आईईसी विश्वविद्यालय के छात्रों और कर्मचारियों के उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए प्रसन्नता व्यक्त की और भविष्य में भी मिलकर काम करने की बात कही। इस अवसर पर आईईसी विश्वविद्यालय के कुलपति भी उपस्थिति रहे। उन्होंने योग को आज के दिन के लिए सीमित न रखते हुए इसे अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की प्रेरणा दी।
सप्तम अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज डाक विभाग सोलन मण्डल द्वारा अपने मुख्य डाकघरों सोलन व नाहन में विशेष कैंसिलेशन जारी किया गया। यह जानकारी अधीक्षक डाकघर सोलन मण्डल ने दी। उन्होंने कहा कि सोलन व नाहन स्थित मुख्य डाकघरों में आज आरक्षित होने वाली एवं वितरित की जाने वाली सभी डाक वस्तुओं को इस कैंसिलेशन से छापा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्य डाकघरों की सम्पूर्ण डाक इस कैंसिलेशन से छपने के कारण यह कैंसिलेशन व सन्देश घर-घर पक पंहुचेगा। उन्होंने कहा कि गत एक सप्ताह से सोलन मण्डल के सभी डाकघरों द्वारा डाक को एक अन्य सन्देश ‘बी विद योग, बी एट होम’ से भी छापा जा रहा है ताकि सभी लोग योग दिवस को कोविड-19 के दृष्टिगत घर पर ही मनाएं।
प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन सोलन के निर्देशानुसार आज कण्डााघाट उपमण्डल की ग्राम पंचायत सिरीनगर के पंचायत भवन का कब्जा नगर पंचायत कण्डाघाट के सचिव को दिलाया गया। इसके अतिरिक्त नगर पंचायत कण्डाघाट क्षेत्र में ग्राम पंचायत सिरीनगर की मौजूद सभी परिसम्पतियां व देनदारियां ग्राम पंचायत से नगर पंचायत को स्थानातंरित की गई। यह जानकारी उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. विकास सूद ने दी। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत सिरीनगर के पास वर्तमान में स्थाई भवन उपलब्ध न होने के कारण इस भवन के उपरी तल को एक माह के लिए ग्राम पंचायत सिरीनगर को अस्थाई रूप से दिया गया है। यह निर्णय उपायुक्त सोलन के निर्देशानुसार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस भवन के धरातल का कब्जा नगर पंचायत सचिव के पास रहेगा। डाॅ. सूद ने कहा कि यह कार्यवाही नगर पंचायत कण्डाघाट एवं ग्राम पंचायत सिरीनगर के प्रतिनिधियों की सहमति से जनहित में अमल में लाई गई। इस अवसर पर तहसीलदार कण्डाघाट अमन राणा, खण्ड विकास अधिकारी एच.सी. शर्मा, नायब तहाीलदार सत्यव्रत शर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
मिनी सचिवालय सोलन में फोटोस्टेट मशीन स्थापित करने के लिए 08 जुलाई को नीलामी आयोजित की जाएगी। यह जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अनुराग चन्द्र शर्मा ने दी। अनुराग चन्द्र शर्मा ने कहा कि यह नीलामी 08 जुलाई को प्रातः 11.00 बजे आयोजित होगी। उन्होंने कहा कि नीलामी में भाग लेने के इच्छुक व्यक्तियों को धरोहर राशि के रूप में 15,000 रुपए का ड्राफ्ट अथवा चैक उपायुक्त सोलन के नाम पर बनाकर प्रार्थना पत्र के साथ संलग्न करना होगा। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी के लिए अतिरिक्त उपायुक्त सोलन के कार्यालय में सम्पर्क किया जा सकता है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का प्रतिनिधिमंडल आज हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय की समस्याओं को लेकर तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ राम लाल मारकंडा से उनके कार्यालय में मिला। प्रतिनिधिमंडल ने तकनीकी शिक्षा मंत्री को विश्वविद्यालय की समस्याओं से अवगत करवाया तथा ज्ञापन सौंपा। प्रदेश मंत्री विशाल वर्मा ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद लगभग पिछले 3 वर्षों से हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय के अंदर चल रही विभिन्न समस्याओं के लिए आंदोलनरत है। परंतु प्रशासन और सरकार की नाकामियों की वजह से तकनीकी विश्वविद्यालय की समस्या तस से मस बनी हुई है। हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय में वर्ष 2018 से 8 पाठ्यक्रमों को शुरू किया गया है जिसमें लगभग 450 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। परंतु बहुत दुर्भाग्य की बात है की इन 8 पाठ्यक्रमों में शिक्षा देने के लिए गेस्ट फैकेल्टी का सहारा लिया जा रहा है और इन विभिन्न विषयों में एक भी नियमित शिक्षक की नियुक्ति नहीं हो पाई है। तकनीकी विश्वविद्यालय में 42 शिक्षकों के पद आज भी खाली है। इसी के साथ विश्वविद्यालय में गैर शिक्षक पदों की भारी कमी है जिसकी वजह से अनेकों समस्याएं उत्पन्न हो रही है। विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि तकनीकी विश्वविद्यालय में शिक्षकों और गैर शिक्षक पदों पर नियमित भर्तियां शीघ्र की जाए। हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय में अगर फीस की बात की जाए तो वहां पर निजी विश्वविद्यालय से भी ज्यादा भारी भरकम फीस छात्रों से लूटी जा रही है। न ही विश्वविद्यालय में सब्सिडाइज्ड और नॉन सब्सिडाइज सीटों का प्रावधान है। भारी भरकम फीस होने की वजह से बहुत सारे गरीब छात्र उच्च शिक्षा अर्जित नहीं कर पाते हैं। 2010 में स्थापित हुआ हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय आज भी आधारभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। 2019 में माननीय मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा विश्वविद्यालय के लिए 10 करोड की आवर्ती अनुदान की घोषणा की जाती है लेकिन विश्वविद्यालय को यह राशी नियमित रूप से नहीं मिल रही है। तकनीकी शिक्षा मंत्री द्वारा शीघ्र इन मांगों को पूरा करने हेतु आश्वासन दिया गया है। यदि शीघ्र इन मांगों को पूरा नहीं किया जाता है अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद आने वाले समय में अपने आंदोलन को और तेज करेगी। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश मंत्री विशाल वर्मा, प्रदेश जनसंपर्क प्रमुख आशीष शर्मा, प्रदेश सहमंत्री शिल्पा, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य कोमल वेकटा, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष विशाल सकलानी मौजूद रहे।
अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन हर वर्ष गांव में बच्चों, उनके अभिभावकों, महिलाओं, और जन समुदाय के साथ 21 जून को योग दिवस मनाता आ रहा है। आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष में कंपनी के इकाई प्रमुख मनोज श्रीवास्तव ने सभी को बधाई दी। एसीएफ द्वारा विभिन्न विद्यालय के बच्चों अभिभावक वर्ग एसएमसी के सदस्य और जन समुदाय के लिए आर्ट ऑफ लिविंग के माध्यम से वर्चुअल सेशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में कार्यक्रम प्रबंधक भूपेंद्र गांधी ने योगा दिवस पर अपने विचार रखे। इसके पश्चात योगाचार्य अभिषेक सरोज और स्वाति शुक्ला ने बच्चों को सूर्य नमस्कार, भ्रामरी प्राणायाम, अनुलोम विलोम और अन्य योग संबंधित गतिविधियां करवाई। साथ ही बच्चों को यह भी बताया कि योग का हमारे जीवन में क्या महत्व है और हमें इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। इस मौके पर शिक्षा खंड अर्की और धुंदन के बच्चों सहित लगभग 210 लोगों ने भाग लिया।
ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के स्यार गांव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 1 दिन का कोविड स्क्रीनिंग कैंप लगाया गया। यह कैंप दाड़लाघाट के प्रधान बंसी राम भाटिया तथा उपप्रधान हेमराज की देखरेख में लगाया गया। पंचायत प्रधान ने बताया कि इस स्क्रीनिंग कैंप में सभी लोगों के आरटी-पीटीसीआर परीक्षण किए गए। उन्होंने बताया कि गांव के लोगों में कोविड-19 के आरटीपीसीआर टेस्ट करवाने के लिए काफी उत्साह देखा गया। युवाओं , महिलाओं, बुजुर्गों ने इस टेस्ट को करवाने में काफी रूचि दिखाई और बिना किसी संकोच के बढ़-चढ़कर इस कैंप में भाग लिया। इस गांव के कुल 103 लोगों के आरटीपीसीआर टैस्ट परीक्षण किए गए। पंचायत प्रधान ने यह भी बताया कि आरटीपीसीआर टेस्ट में जो लोग पॉजिटिव आएंगे बाद में उन लोगों के परिवार के सदस्यों के टेस्ट भी करवाए जाएंगे। इस स्क्रीनिंग कैंप में पंचायत प्रधान बंसी राम भाटिया और प्रधान हेमराज, स्यार वार्ड से पंचायत सदस्य अमर देई तथा गांव के गणमान्य लोग शामिल रहे।


















































