राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धुंदन की एनएसएस इकाई ने सात दिवसीय योग शिविर के समापन तथा अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के शुभअवसर पर विशेष यौगिक क्रियाएं कर लोगों को योग के प्रति जागरूक किया। यह शिविर 15 जून से लेकर 21 जून तक चला। जिसमें एनएसएस के लगभग 30 स्वयंसेवकों ने अपने परिवारजनों सहित रोज भाग लिया। योग कक्षा सुबह 5:30 से 7:00 बजे तक आयोजित की जाती रही। इस आयोजन में स्वयंसेवियों ने अपने घरों में रह कर अपने परिजनों के साथ वर्चुअल योग किया। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी पीसी बट्टू ने अपने परिवार सहित घर से ऑनलाइन आसन, प्राणायाम व ध्यान की जानकारी लोगों को दी। कार्यक्रम अधिकारी के नेतृत्व में छात्रों ने सर्वांग आसन, वृक्ष आसन, शीर्ष आसन, शव आसन तथा सूर्य नमस्कार आदि किए। प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर ने सभी को योग दिवस की बधाई देते हुए हिमानी भगत, प्रवीण कुमार, हिमानी कौशल, चेतन, पुष्पेंद्र, श्रुति, निधि सहित नीतिका के प्रयासों की सराहना की।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 22 जून को सोलन जिला के कण्डाघाट उपमण्डल में 132 के.वी विद्युत उप केन्द्र में आवश्यक रख-रखाव कार्य के दृष्टिगत इस केन्द्र के अधीन आने वाले विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत अपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी सहायक अभियन्ता रमेश शर्मा ने दी। उन्होंने कहा कि इस के दृष्टिगत कण्डाघाट क्षेत्र के वाकनाघाट, छावशा, चामल, दोची व आस-पास के क्षेत्रों में प्रातः 09.00 बजे से सांय 05.00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि में लोगों से सहयोग की अपील की है।
सप्तम अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज सोलन जिला के 25,000 से अधिक लोगों ने वर्चउल माध्यम से मुख्यमन्त्री जयराम ठाकुर की उपस्थिति में योग के माध्यम से निरोग रहने के सूत्रों को आत्मसात किया। सोलन में जिला स्तरीय कार्यक्रम पण्डित दीन दयाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आयोजित किया गया। सप्तम अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस कोविड-19 प्रोटोकोल के अन्तर्गत सभी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए आयोजित किया गया। प्रदेश खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरूषोत्तम गुलेरिया ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में भारत आज पुनः विश्व का मार्ग प्रशस्त कर रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व को योग भारत की देन है तथा वर्तमान में पुनः सभी योग के सूत्रों से स्वस्थ रहने एवं बेहतर जीवनशैली अपनाने की ओर अग्रसर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन योग के नियमित अभ्यास एवं आहार-विहार के नियमों को अपनाकर न केवल निरोग रहा जा सकता है अपितु असाध्य रोगों से मुक्ति भी प्राप्त की जा सकती है। पुरूषोत्तम गुलेरिया ने कहा कि आयुष घर-द्वार कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश सरकार ने कोविड-19 पोजिटिव रोगियों को स्वस्थ रखने के लिए जहां आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के सहयोग से नियमित योग अभ्यास कार्यक्रम आरम्भ किया है वहीं योग को घर-घर तक पंहुचाने के लिए ऑनलाइन समूह बनाकर लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि योग कोे जीवन का अभिन्न अंग बनाएं और अपनी दिनचर्या को आयुर्वेद के नियमों के अनुरूप व्यवस्थित करें। प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी सदस्य डाॅ. राजेश कश्यप ने कहा कि रोग निवारण में योग की महत्ता सर्वविदित है। उन्होंने कहा कि हम सभी का यह कत्र्वय है कि जन-जन को प्रतिदिन योगाभ्यास के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से विभिन्न रोगों से बचा जा सकता है।उपायुक्त सोलन के.सी. चमन ने सभी से आग्रह किया कि अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि के लिए नियमित योगभ्यास करें। उन्होंने कहा कि योग न केवल रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है अपितु स्वस्थ जीवन शैली अपनाने में सहायक भी बनता है। के.सी. चमन ने कहा कि वर्तमान के भाग-दौड़ के समय में मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के लिए योग अत्यन्त आवश्यक है। उन्होंने कहा कि योग दिवस का आयोजन एवं आयुष घर-द्वार कार्यक्रम के माध्यम से लोग, योग के लाभों से व्यवहारिक रूप से परिचित हो रहे हैं। इस अवसर पर प्रदेश खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरूषोत्तम गुलेरिया, प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी सदस्य डाॅ. राजेश कश्यप, योग भारती के राष्ट्रीय संयोजक श्रीनिवास मूर्ति, उपायुक्त सोलन के.सी. चमन, उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव, उपपुलिस अधीक्षक रमेश शर्मा, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डाॅ. राजेन्द्र शर्मा सहित, अन्य गणमान्य व्यक्ति, अन्य चिकित्सक एवं पैरा मेडीकल कर्मी उपस्थित थे।
बीएल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार ने 21 जून को ऑनलाइन के माध्यम से अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मनायाI इस ऑनलाइन अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन पर डीआर भट्टी समन्वयक एनएसएस जिला सोलन व एनएसएस प्रभारी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चामियां ने ऑनलाइन माध्यम से बतौर मुख्यातिथि एवं विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकित कीI इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि विद्यालय अध्यक्ष ने बच्चों को योग दिवस की बधाई दी और बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि योग न केवल हमारे शारीर को ही ठीक रखता है, अपितु हमारे मानसिक दिमाग को भी ताज़ा करता है। योग करने से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। मुख्यातिथि ने अपने सम्बोधन में विद्यालय के सभी बच्चों को और अध्यापकों को अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस की बधाई दी I उन्होंने एनएसएस स्वंयसेवकों को उनकी गतिविधियों, कर्तव्यों, सेवायों और एनएसएस के इतिहास के बारे जानकारी दीI उन्होंने विद्यालय द्वारा इस कोरोना काल के चलते भी ऑनलाइन प्रबंध करते हुए योग दिवस को मनाया इसके लिए विद्यालय प्रबंधन, अध्यापकों, विद्यालय की एनएसएस प्रभारी पूनम शर्मा की सराहना कीI अंत मे विद्यालय समन्वयक रामेश्वर ठाकुर, मुखायाध्यपिका सुषमा शर्मा, किरण लेखा जोशी, सुमन शर्मा, मीरा कौशल, रजनी सूद ने भी ऑनलाइन संबोधित करते हुए सभी बच्चों को योग दिवस की बधाई दी और योग के महत्व पर प्रकाश डालाI इस ऑनलाइन अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस पर विद्यालय के प्रधानाचार्य पुर्शोतम लाल, उप प्रधानाचार्य किरण जोशी, मुख्याधिपिका सुषमा शर्मा, एनएस एस प्रभारी पूनम शर्मा, एनसीसी प्रभारी अमर देव, शारीरिक शिक्षिका अरुणा शर्मा, लायन एको क्लब प्रभारी ज्योतिका शर्मा, मीरा कौशल, सुमन शर्मा, गाइड कप्तान रजनी सून, सभी इक्कैयों के बच्चे, अन्य अध्यापक वर्ग भी मौजूद रहे।
इग्नू अध्ययन केंद्र कुनिहार द्वारा केंद्र समन्वयक रोशन लाल शर्मा की अध्यक्षता में ऑनलाइन परिचय सभा का आयोजन किया गया। रोशन लाल शर्मा ने विद्यार्थियों को इग्नू की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने ई-कंटेंट, ई- मोबाईल एप, क्षेत्रीय इग्नू केंद्र की फेसबुक पर डिजिटल सामग्री के उपयोग बारे विस्तृत जानकारी साझा की। शर्मा ने अध्ययन केंद्र कुनिहार की गतिविधियों के विषय मे अवगत करवाते हुए कहा कि जुलाई 2021 सत्र के लिए ऑनलाइन माध्यम से नई एडमिशन 10 जून से शुरू होगी। इसके अलावा विद्यार्थियों को सत्रीय कार्य परीक्षा फार्म, पुनः पंजीकरण की जानकारी भी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से मास्क, सैनिटाइजर का उपयोग व दो गज की सामाजिक दूरी रखने की अपील की। इस परिचय सभा मे अध्ययन केंद्र के काउंसलर डॉ मनोज, वीना कुमारी व 50 विद्यार्थियों ने भाग लिया। रोशन लाल शर्मा ने सभी का परिचय सभा में भाग लेने के लिए धन्यवाद किया।
हिमाचल प्रदेश अपने धार्मिक स्थानों और देवी-देवताओ के मंदिरों के लिए पुरे देश भर में जाना जाता है। ऐसा ही एक मंदिर हिमाचल के सोलन जिले में शूलिनी माता मंदिर के नाम से विख्यात है। यह लोकप्रिय शूलिनी मंदिर देवी शूलिनी को समर्पित है, यह मंदिर इस क्षेत्र के सबसे पुराने और पवित्र मंदिरों में से एक माना जाता है। हर साल इस मंदिर में जून के महीने में राज्यस्तरीय मेले का आयोजन किया जाता है। जिसे बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। सोलन के लोगों में इस देवी के प्रति गहरी आस्था व विश्वास रखते है। देवी भागवत पुराण में माँ दुर्गा के बहुत से नामों के बारे में बताया गया है, जिसमें शूलिनी नाम भी मौजूद है। ऐसी मान्यता है कि दशम गोबिंद सिंह जी ने माँ शूलिनी की स्तुति करके आशीर्वाद प्राप्त किया था. माँ शूलिनी के प्रकट होने की कथा भी बहुत ही रोचक और दिलचस्प है। पौराणिक कथा के अनुसार माँ शूलिनी सात बहनों में से एक थी। बाकि की बहनें ज्वाला जी, हिंगलाज देवी, नैना देवी, लुगासना देवी और तारा देवी के नाम से जानी जाती हैं. माता शूलिनी साक्षात देवी मां दुर्गा का स्वरूप है। शूलिनी देवी को भगवान शिव की शक्ति माना जाता है। कहते हैं जब दैत्य महिषासुर के अत्याचारों से सभी देवता और ऋषि- मुनि तंग हो गए थे, तो वे भगवान शिव और विष्णु जी के पास गए और उनसे सहायता मांगी थी। तो भगवान शिव और विष्णु के तेज से भगवती दुर्गा प्रकट हुई थी। जिससे सभी देवता खुश हो गए थे और अपने अस्त्र-शस्त्र भेंट करके दुर्गा मां का सम्मान किया था। इसके बाद भगवान शिव ने त्रिशूल से एक शूल देवी मां को भेंट किया था, जिसकी वजह से देवी दुर्गा मां का नाम शूलिनी पड़ा था। ये वही त्रिशूल है, जिससे मां दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था। ख़ास बात यह है की माता शूलिनी देवी के नाम से सोलन शहर का नामकरण हुआ था। बघाट रियासत की राजधानी हुआ करता सोलन नगर सोलन नगर बघाट रियासत की राजधानी हुआ करता था। इस रियासत की नींव राजा बिजली देव ने रखी थी। बारह घाटों से मिलकर बनने वाली बघाट रियासत का क्षेत्रफल 36 वर्ग मील में फैला हुआ था। इस रियासत की प्रारंभ में राजधानी जौणाजी इसके बाद कोटी और बाद में सोलन बनी। राजा दुर्गा सिंह इस रियासत के अंतिम शासक थे। रियासत के विभिन्न शासकों के काल से ही माता शूलिनी देवी का मेला लगता आ रहा है। जानकारों के अनुसार बघाट रियासत के शासक अपनी कुलश्रेष्ठा की प्रसन्नता के लिए मेले का आयोजन करते थे। बदलते समय के दौरान यह मेला आज भी अपनी पुरानी परंपरा के अनुसार चल रहा है। माता शूलिनी के इस मंदिर का पुराना इतिहास बघाट रियासत से जुड़ा हुआ है। बघाट रियासत के लोग माता शूलिनी को अपनी कुलदेवी के रूप में मानते थे, तभी से माता शूलिनी बघाट रियासत के शासकों के लिए उनकी कुलदेवी के रूप में पूजी जाती है। मंदिर का इतिहास मंदिर के पुजारी से मिली जानकारी के अनुसार माँ शूलिनी का इतिहास बघाट रियासत से जुड़ा हुआ है. कहते हैं सदियों पहले बघाट रियासत की राजधानी जौणाजी हुआ करती थी, ये उस समय की बात है जब इस प्रदेश में राजाओं का राज हुआ करता था । बताया जाता है की इस दौरान राजा को एक सपना आया और सपने में माँ शूलिनी देवी ने उनको दर्शन दिए, जिसमें देवी माँ ने कहा कि मैं जौणाजी में रहती हूँ और वहां धरती के नीचे से मेरी मूर्तियों को निकाला जाए. इसके बाद ही राजा ने जौणाजी में खुदाई शुरू करवा दी और वहां से माँ शूलिनी देवी की और दो अन्य देवताओं की मूर्तियाँ निकलीं। इसके बाद तत्काल ही राजा ने इन मूर्तियों को सोलनी गाँव में स्थापित कर दिया। जिसके बाद यहाँ पर राजा द्वारा मंदिर का निर्माण किया गया। मंदिर बनने के बाद लोगों से इस देवी को अपनी कुलदेवी माना। मेले के दौरान निकाली जाती है भव्य शोभा यात्रा शूलिनी माता मेला हर वर्ष जून माह में मनाया जाता है, इस दौरान माता पुरे शहर के भ्रमण पर निकलती है। माता की पालकी को फूलों से सजाया जाता है, इसके बाद माता के जयकारों के बीच शूलिनी मंदिर से यह शोभा यात्रा निकलती है। माता की पालकी को प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा भी उठाया जाता है व माता का आशीर्वाद लेकर शोभा यात्रा को शुरू किया जाता है। यदि मुख्यमंत्री किसी कारणवश मेले में नहीं पहुंच पाते है तो जिला उपायुक्त इसकी सभी रस्मे निभाते है। मंदिर से निकलने के बाद शहर में जगह -जगहों पर शूलिनी माता की पालकी का लोगों द्वारा भव्य स्वागत किया जाता है। इस दौरान सोलन शहर में लोगों का सैलाब उमड़ जाता है। शहर का भ्रमण करने के बाद माता गंज बाजार स्थित अपनी बहन से मिलने पहुंचती है और वहां पर दो दिनों तक माता की झांकी को रखा जाता है। मां प्रसन्न हो तो दूर होते हैं प्रकोप मान्यता है कि माता शूलिनी के प्रसन्न होने पर क्षेत्र में किसी प्रकार की प्राकृतिक आपदा या महामारी का प्रकोप नहीं होता है, बल्कि सुख-समृद्धि व खुशहाली आती है। मेले की यह परंपरा आज भी कायम है। कालांतर में यह मेला केवल एक दिन ही अर्थात् आषाढ़ मास के दूसरे रविवार को शूलिनी माता के मंदिर के समीप खेतों में मनाया जाता था। सोलन जिला के अस्तित्व में आने के पश्चात् इसका सांस्कृतिक महत्व बनाए रखने तथा इसे और आकर्षक बनाने के अलावा पर्यटन की दृष्टि से बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तरीय मेले का दर्जा प्रदान किया गया और इसे तीन दिवसीय उत्सव का दर्जा प्रदान किया गया है। मौजूदा समय में यह मेला जहां जनमानस की भावनाओं से जुड़ा है, वहीं पर विशेषकर ग्रामीण लोगों को मेले में आपसी मिलने-जुलने का अवसर मिलता है जिससे लोगों में आपसी भाईचारा तथा राष्ट्र की एकता व अखंडता की भावना पैदा होती है। जगह- जगह भंडारों का आयोजन इस राज्य स्तरीय मेले के दौरान खास बात यह रहती है की स्थानीय लोगों द्वारा शहर में जगह-जगह लंगर दिए जाते है। तीन दिनों तक चलने वाले इस मेले में प्रतिदिन शहर व आसपास के क्षत्रों में लोगों द्वारा लंगर लगाए जाते है। बता दें की हिमाचल में किसी भी मेले में तीन दिनों तक लगातार लंगर आयोजित नहीं किये जाते है। मेले के दौरान लोग माँ शुलिनी का प्रसाद समझकर इन लंगरों को ग्रहण करते है। शूलिनी मेले के दौरान शहर में काफी भीड़ लोगों की देखने को मिलती है। कोरोना की वजह से इस वर्ष भी सूक्ष्म तरीके से मनाया जाएगा मेला कोरोना के चलते सरकार ने कई बंदिशे प्रदेश में लगाई है, इसी के चलते बीते वर्ष शूलिनी मेले को सूक्ष्म तरीके से मनाया गया। मंदिर में सभी रस्मे व पूजा -पाठ कर माता की शोभायात्रा कोरोना नियमों के तहत निकाली गई। इस यात्रा में मंदिर के पुजारी सहित माता के कारगार व प्रशासन के कुछ अधिकारी मौजूद रहे थे। इसके साथ ही कोरोना के चलते कोई भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किये गए। इस बार भी मेले को सूक्ष्म तरीके से प्रशासन द्वारा आयोजित किया जाएगा। मेला 25 से 27 जून तक मनाया जाएगा जिसको लेकर प्रशासन ने अधिसूचना भी जारी कर दी है। सोलन शहर में बना हुआ भव्य मंदिर माता शूलिनी का भव्य मंदिर सोलन शहर के दक्षिण दिशा में बना हुआ है। इस मंदिर के अंदर माता शूलिनी के अलावा अन्य देवी-देवताओं की भी पूजा होती है जिसमे शिरगुल देवता,माली देवता इत्यादि की मूर्तियां विद्यमान हैं। कहते हैं कि मेले के जरिये मां शूलिनी शहर के भ्रमण पर निकलती हैं और जब वापस आती हैं, तो अपनी बहन के पास दो दिन के लिए रुकती हैं। यही वजह है कि मेले का आयोजन किया जाता है।
बाघल विकास परिषद ग्याणा का एक प्रतिनिधिमंडल माइनिंग एरिया के लोगों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन भी सौपा। प्रतिनिधिमंडल ने अंबुजा कंपनी द्वारा की जा रही अवैज्ञानिक तरीके से माइनिंग-ब्लास्टिंग ओर माइनिंग एरिया के लोगों के हितों की रक्षा व वर्ष 1992 में जो लिखित समझौतों को निष्पक्ष रूप से लागू करने के बारे में अवगत करवाया। ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि माइनिंग एरिया के लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार की अनदेखी के बारे में सरकार को अवगत करवाया गया। बाघल विकास परिषद के अध्यक्ष परसराम ने बताया कि वर्ष 1992 में लिखित समझौते के अनुसार लैंड लूजर व प्रभावित परिवारों को अंबुजा सीमेंट कंपनी द्वारा आजतक 30 साल से उनको उनके अधिकारों से वंचित रखा गया है। जिसका मुख्य उदाहरण दाड़लाघाट में ट्रांसपोर्ट सेक्टर है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में दाड़लाघाट में 7 सोसायटियां कार्यरत हैं। जिनमें 2868 सदस्य हैं और उनमें से माइनिंग एरिया की 5 पंचायतों के मात्र 601 सदस्य हैं। परस राम ने बताया कि 1992 के कुछ एक महत्वपूर्ण तथ्य है जो लोगों को आजतक भी पता नहीं हैं। जैसे लैंड लूजर व प्रभावित परिवारों को अंबुजा के शेयर में लैंड लूजर परिवारों को अंबुजा शेयर का प्रावधान, लैंड लूजर व प्रभावित कर्मचारी को उनकी योग्यता व अनुभव के आधार पर वेतन व पदभार, सामाजिक स्वास्थ्य सुविधा, जैसे शिक्षा, पेयजल आपूर्ति, 246 / 2002 भूमि अधिग्रहण टेम्परिंग मामला, 1325 बीघा भूमि अधिग्रहण रेवन्यू स्कैम करोड़ों का घोटाला आदि। बाघल विकास परिषद के अध्यक्ष परसराम ने बताया कि उपरोक्त तथ्यों पर सौहार्दपूर्ण वार्तालाप के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कड़ा संज्ञान लेते हुए आश्वासन दिया कि अगर इस तरह की अनदेखी हो रही हैं तो जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान किया जाएगा ताकि लैंड लूजर परिवारों के लोगों के हितों की रक्षा की जा सके। इस मौके पर दया राम, रूप राम, नंद लाल, हुकुम चंद भी मौजूद रहे।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धुंदन की एनएसएस इकाई ने कोरोना महामारी के चलते शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार प्रतिभा उत्सव मनाया। इस आयोजन में विद्यालय की एनएसएस इकाई योग सप्ताह मना रही है। इस श्रृंखला मे प्रतिभा उत्सव के अंतर्गत विशेष आसन छात्रों ने किए। कार्यक्रम अधिकारी पीसी बट्टू ने बताया कि इस उत्सव में एनएसएस के लगभग 25 स्वयं सेवकों ने भाग लिया। पीसी बट्टू ने आभासी कक्ष से सूक्ष्म व्यायाम, आसन, प्राणायाम, मुद्राओं व एक्यूप्रेशर की जानकारी दी। स्वयंसेवियो ने शीर्षासन, सर्वांगासन, वृक्षासन, पश्चिमोत्तानासन, धनुरासन आदि कई आसनों को स्वयं करके स्वस्थ रहने का जागरूकता अभियान चलाया। प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर ने स्वयं सेवियों के इस जागरूकता अभियान की सराहना की।
हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मन्त्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार रोज़गारोन्मुखी शिक्षा प्रदान करने पर बल दे रही है तथा इस दिशा में शूलिनी विश्वविद्यालय सोलन द्वारा स्थापित ‘सैंटर ऑफ एक्सीलेंस फाॅर डायरेक्ट सैलिंग इन एकेडमिक्स’ विशेष रूप से लाभदायक सिद्ध होगा। गोविन्द सिंह ठाकुर आज सोलन के शूलिनी विश्वविद्यालय में ‘सैंटर ऑफ एक्सीलेंस फाॅर डायरेक्ट सैलिंग इन एकेडमिक्स (सीईडीएसए)’ के शुभारम्भ अवसर पर उपस्थित शिक्षाविदों एवं अन्य को सम्बोधित कर रहे थे। प्रदेश के शिक्षा मन्त्री गोविन्द सिंह ठाकुर तथा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मन्त्री राजिन्द्र गर्ग ने शूलिनी विश्वविद्यालय सोलन में नव स्थापित इस ‘सैंटर ऑफ एक्सीलेंस फाॅर डायरेक्ट सैलिंग इन एकेडमिक्स’ का विधिवत शुभारम्भ किया। गोविन्द सिंह ठाकुर शुभारम्भ के अवसर पर वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े रहे जबकि राजिन्द्र गर्ग इस अवसर पर विश्वविद्यालय में उपस्थित रहे। ‘सैंटर ऑफ एक्सीलेंस फाॅर डायरेक्ट सैलिंग इन एकेडमिक्स (सीईडीएसए)’ द्वारा इसी वर्ष से डायरेक्ट सैलिंग में पीजी डिप्लोमा करवाया जाएगा। सीईडीएसए विश्व का दूसरा तथा भारत का पहला ऐसा केन्द्र होगा तथा यह केन्द्र डायरेक्ट सैलिंग के क्षेत्र में भारत की स्थिति को सुदृढ़ करने में सहायक बनेगा। ‘सैंटर ऑफ एक्सीलेंस फाॅर डायरेक्ट सैलिंग इन एकेडमिक्स (सीईडीएसए)’ इण्डियन डायरेक्ट सैलिंग ऐसोसिएशन (आईडीएसए) तथा शूलिनी विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आरम्भ किया गया है। शिक्षा मन्त्री ने कहा कि वर्तमान संकटकाल ने हम सभी को शिक्षा तथा आय के ऐसे साधन अपनाने के लिए प्रेरित किया है जो इस समय से पूर्व कम प्रचलन में थे। उन्होंने कहा कि संकट के इस काल ने यह भी समझाया है कि अच्छी आय के लिए हमें तकनीक का बेहतर उपयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि इस दिशा में सैंटर ऑफ एक्सीलेंस फाॅर डायरेक्ट सैलिंग इन एकेडमिक्स के माध्यम से नवीन सम्भावनाएं तलाशने में सहायता मिलेगी। वंही,शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीके खोसला ने पाठ्यक्रम की विस्तृत जानकारी प्रदान की। विश्वविद्यालय के उप कुलपति प्रो. अतुल खोसला ने कहा कि इस प्रयास के माध्यम से उद्योग तथा शिक्षा क्षेत्र को एक साथ लाकर रोज़गार के अधिक अवसर सृजित करने में सहायता मिलेगी। इस अवसर पर शूलिनी विश्वविद्यालय के संस्थापक विशाल आनंद, आईडीएसए की अध्यक्ष रिनी सान्याल ने भी अपने विचार रखे। पंजाब सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अतिरिक्त निदेशक सिमरजोत कौर ने भी इस अवसर पर ऑनलाइन अपने विचार रखे। इस अवसर शूलिनी विश्वविद्यालय की सरोज खोसला, पूनम नंदा, आईडीएसए के उपाध्यक्ष रजत बैनर्जी सहित अनके गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह का हिमाचल प्रदेश से भी गहरा नाता रहा है। उनका सोलन के कसौली में अपना बंगला है, जहां वह अकसर आया करते थे। यहां के ऐतिहासिक कसौली क्लब के भी वह सदस्य थे। मिल्खा सिंह गर्मियों में खासकर इन दिनों कसौली क्लब में होने वाले कसौली वीक में भाग लेने आते थे। लेकिन देश मे कोरोना फैलने के बाद वह यहां नहीं आ पाए। मिल्खा सिंह व उनकी पत्नी निर्मल मिल्खा सिंह दोनों ही कसौली में आम मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे। आज दोनों के ही दुनिया से रुख्सत होने से कसौली स्थित उनका घर भी वीरान हो गया है, जहां उनको अक्सर देखा जाता था। वंही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि यह खेल जगत के लिए यह अपूर्णीय क्षति है। उनका जीवन खिलाड़ी वर्ग के लिए सदैव प्रेरणादायक रहेगा।
दाड़लाघाट में पारनु लिंक रोड पर ग्रामीण लोग सोलन से कंधर जाने वाले बस का इंतज़ार के रहे थे, लेकिन बस अपने पुराने रुट से न जाकर दाड़लामोड़ होकर कंधर जा रही थी। जिसके चलते ग्रमीणों ने इसका विरोध किया। स्थानीय लोगों को जैसे इस बात की सुचना मिली उन्होंने बस को बीच रस्ते में ही रोक लिया। और बस चालक से उसे अपने पुराने गंतव्य पर चलने के लिए कहा। लेकिन बस चालक ने उन्हें बताया की बस अब अपने पुराने रुट पर नहीं चलेगी, जिसके बाद स्थनीय लोगों खासा रोष देखने को मिला। इसके बाद चालक को आरएम सोलन बात करनी पड़ी। सोलन आरएम ने बस को उसके पुराने रुट से चलने के निर्देश दिए। इन लोगों में पारनु पंचायत के प्रधान केशव राम, उपप्रधान खेमराज, बुघार पंचायत के उप प्रधान मंसाराम, पूर्व प्रधान विद्यासागर व पूर्व उप प्रधान मनी राम भी जनता के साथ मौजूद रहे।
ग्राम पंचायत घणागुघाट के ध्यानपुर गांव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 1 दिन का कोविड स्क्रीनिंग कैंप लगाया गया। यह कैंप घणागुघाट की प्रधान मधुबाला तथा उपप्रधान प्रवीण कुमार की देखरेख में लगाया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र घणागुघाट की एमओ इंचार्ज डॉ कविता ने बताया कि इस स्क्रीनिंग कैंप में लोगों के रैपिड और आरटीपीटीसीआर दोनों प्रकार के परीक्षण किए गए। जो लोग शूगर जैसे रोगों से पहले ही ग्रस्त है उनके आरटीपीसीआर टेस्ट किए जा रहे हैं। वंही युवाओं व् जिन्हें इस प्रकार का कोई रोग नहीं है उनके रैपिड टेस्ट किए जा रहे हैं। आज इस गांव के कुल 51 लोगों के टैस्ट परीक्षण किए गए। जिनमें से 10 लोगों के आरटी पीसीआर तथा 41 लोगों के रैपिड टेस्ट लिए गए। डॉ कविता ने बताया कि जिन 41 लोगों के रैपिड टेस्ट द्वारा जांच की गई वे सभी नेगेटिव पाए गए है।आरटीपीसीआर टेस्ट में जो लोग पॉजिटिव आएंगे उन लोगों के परिवार के सदस्यों के टेस्ट भी किए जाएंगे। इस स्क्रीनिंग कैंप में पूर्व प्रधान धनीराम रघुवंशी सीएमओ प्रगति, तिलक राज, आशा वर्कर हीरा, गीता, राजकुमार इत्यादि ने भाग लिया।
डॉ यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में आईसीएआर एनएएचईपी की संस्थागत विकास योजना के तहत 'कृषि अनुसंधान सेवाओं की तैयारी और एग्रोफोरेस्ट्री में नेट पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया था। यह व्याख्यान डॉ.अरुण कुमार हांडा, प्रधान वैज्ञानिक सह नोडल अधिकारी-आईसीएआर केंद्रीय कृषि वानिकी अनुसंधान संस्थान, झांसी द्वारा दिया गया। व्याख्यान वर्चुअल माध्यम से दिया गया था। यह वेबिनार विश्वविद्यालय द्वारा पूर्व छात्रों द्वारा दिये जा रहे लैक्चर की श्रृंखला के तहत आयोजित किए जा रहे कई वेबिनार का हिस्सा है। वेबिनार में ऑनलाइन माध्यम से 100 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। डॉ हांडा ने केंद्रीय कृषि वानिकी अनुसंधान संस्थान के बारे में बताया। अपने व्याख्यान में डॉ हांडा ने कृषि अनुसंधान सेवाओं के महत्व, पात्रता, पाठ्यक्रम, परीक्षा के लिए पैटर्न और आईसीएआर में कृषि वानिकी के महत्व जैसे विषयों पर चर्चा की। उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए उपयोगी टिप्स भी छात्रों से साझा किए। उन्होंने छात्रों से स्मार्ट वर्क करने का आग्रह किया और निर्धारित समय सारिणी के भीतर लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए टाइम टेबल का पालन करने के कई उदाहरण दिए। उम्मीदवारों द्वारा की गई गलतियों और पुराने वर्षों के प्रश्न पत्रों पर भी चर्चा की गई। वार्ता का संचालन एक्टिविटी इंचार्ज डॉ.एच पी संख्यान ने किया और आईडीपी टीम ने उनका सहयोग दिया। आईडीपी के प्रधान अन्वेषक डॉ केके रैना ने एआरएस परीक्षा पर प्रकाश डालने और प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में छात्र कैसे सफल हो सकते हैं, इस पर प्रकाश डालने के लिए डॉ हांडा का धन्यवाद दिया।
कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए 21 जून से 30 जून तक किए जाने वाले कोविड-19 टीकाकरण के लिए दो श्रेणियां बनाई गई हैं तथा फ्रंट लाईन वर्करों की सूची में कुछ और श्रेणियां सम्मिलित की गई हैं। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डाॅ.राजन उप्पल ने आज यहां एक प्रेस वार्ता में दी। डाॅ.उप्पल ने कहा कि 21 जून से 30 जून तक किए जाने वाले कोविड-19 टीकाकरण के लिए प्रथम श्रेणी ‘ए’ में 45 वर्ष से अधिक आयुवर्ग तथा स्वास्थ्य कर्मचारी एवं अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता सम्मिलित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि दूसरी श्रेणी ‘बी’ में 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग को शामिल किया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि प्रथम श्रेणी में सम्मिलित व्यक्तियों का टीकाकरण बृहस्पतिवार, शुक्रवार तथा शनिवार एवं द्वितीय श्रेणी वालों का टीकाकरण सोमवार, मंगलवार तथा बुधवार को किया जाएगा। इन दिवसों पर सार्वजनिक अवकाश होने पर भी टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रविवार को टीकाकरण नहीं किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में रहने वाले 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग को टीकाकरण के लिए पूर्व की भान्ति ऑनलइन स्लाॅट बुकिंग करवानी होगी। यह बुकिंग टीकाकरण से एक दिन पूर्व दिन में 12.00 बजे से 01.00 बजे तक की जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग की टीकाकरण के लिए टीकाकरण स्थल पर ही बुकिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि ट्रक चालकों, ट्रक क्लीनरों, निजी बस ऑपरेटरों, चालकों, परिचालकों, टैक्सी यूनियन आपरेटरों, चालकों तथा होटलों में कार्यरत सभी कर्मचारियों को अब टीकाकरण के लिए फ्रंट लाईन वर्करों की सूची में सम्मिलित किया गया है। इन सभी को टीकाकरण के लिए प्रमाण पत्र उनके मालिकों अथवा नियोक्ता द्वारा प्रदान किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में प्रतिदिन 200, नागरिक अस्पतालों में 150 तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 100 व्यक्तियों का टीकाकरण किया जाएगा। सोलन जिला में अब तक लगभग 32 प्रतिशत जनसंख्या का टीकाकरण किया गया है। जिला में लगभग 02 लाख 24,000 लोगों का कोविड-19 से बचाव के लिए टीकाकरण किया गया है। जिला में कोरोना संक्रमण से स्वस्थ होने की दर में सत्त वृद्धि हो रही है तथा वर्तमान में सोलन जिला में कोविड-19 से ठीक होने की दर 97 प्रतिशत हो गई है। डाॅ.उप्पल ने सभी से आग्रह किया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए नियमों का पालन करें तथा सार्वजनिक स्थानों पर नाक से ठोडी तक ढकते हुए मास्क पहनें, सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करें और बार-बार अपने हाथ साफ करते रहें। उन्होंने कहा कि खांसी, जुखाम अथवा बुखार होने की स्थिति में शीघ्र अपना आरटीपीसीआर परीक्षण करवाएं। उन्होंने कहा कि समस्या की स्थिति में हेल्पलाइन नम्बर 1077 पर बात कर सकते हैं अथवा सोलन में दूरभाष नम्बर 01792-220049, 01792-221234 तथा 01792-220882 पर भी अपनी समस्या का समाधान पा सकते हैं।
योग के माध्यम से जन-जन को निरोग रखने एवं स्वस्थ जीवन शैली अपनाने की दिशा में सभी को प्रेरित करने के लिए आयुर्वेद विभाग सोलन द्वारा आज से वर्चउल माध्यम से पूर्व योग दिवस गतिविधियां आरम्भ की गई। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डाॅ. राजेन्द्र शर्मा ने वर्चउल माध्यम से आरम्भ की गई गतिविधियों का विधिवत शुभारम्भ किया। डाॅ.राजेन्द्र शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि आयुर्वेद विभाग सोलन द्वारा सप्तम अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूर्व योग दिवस गतिविधियां आरम्भ की गई हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण जन-जन को योगाभ्यास में पारंगत बनाने और दिनचर्या को व्यवस्थित बनाने के लिए यह गतिविधियां जूम और फेसबुक जैसे लोकप्रिय सोशल मीडिया पर आॅनलाईन आरम्भ की गई हैं। उन्होंने कहा कि यह गतिविधियां 19 एवं 20 जून, 2021 को भी आॅनलाईन आयोजित की जाएंगी। जूम और फेसबुक पर लाईव प्रसारित की जा रही इन गतिविधियों के माध्यम से नियमित योगाभ्यास के द्वारा स्वस्थ रहने के सूत्र से अधिक से अधिक लोगों को अवगत करवाने का प्रयास किया जा रहा है। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी ने कहा कि 21 जून को आयोजित किए जा रहे सप्तम अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस पर भी ऑनलाइन व्यवहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि आज आयोजित योगाभ्यास में डाॅ. पूनम जरेट, डाॅ.सीमा, डाॅ.जयपाल गर्ग, डाॅ. प्रवीण शर्मा और डाॅ. शोभा ने ऑनलाइन प्रतिभागियों को ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, पादहस्तासन, दण्डासन, भद्रासन, वक्रासन, उष्टासन, शंशाकासन, मकरासन, मण्डूकासन, भुंजगासन, शलासन, सेतबन्धु आसन, पवनमुक्तासन, शवासन जैसे बहुपयोगी आसनों सहित कपालभाति, अनुलोम, विलोम, भ्रामरी जैसे प्राणायाम की जानकारी दी गई और समुचित अभ्यास करवाया गया। डाॅ.आशा मधानिया द्वारा इस अवसर पर कोविड-19 से बचाव में योग की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। डाॅ. शर्मा ने कहा कि यह सभी योगासन विभिन्न रोगों को दूर करने एवं जीवन शैली को सुधारने में अत्यन्त कारगर हैं। उन्होंने कहा कि अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग के प्रचार-प्रसार के लिए आयुर्वेद विभाग सोलन द्वारा अभी तक 211 व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि ‘आयुष घर द्वार’ कार्यक्रम के माध्यम से कोविड-19 रोगियों को पूर्ण स्वास्थ्य प्राप्त करने में सहायता करने के साथ-साथ अधिक से अधिक लोगों को कार्यक्रम के साथ जोड़ा जा रहा है। ‘आयुष घर द्वार’ कार्यक्रम के अन्तर्गत सोलन जिला में 79 व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। इन समूहों को भी अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के साथ जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि अभी तक जिला में योग के प्रचार-प्रसार के लिए कुल 290 व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर 20,345 लोगों को इनमें जोड़ा जा चुका है। nउन्होंने कहा उपायुक्त सोलन के.सी. चमन के निर्देश पर जिला में लाईव योगाभ्यास गतिविधियों को जन-जन तक पंहुचाने के लिए विभाग प्रयासरत है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वर्चउल माध्यम से आयोजित की जा रही पूर्व योग दिवस गतिविधियों का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि लोग विभाग के फेसबुक पेज Facebook.com/ayurvedsolan से जुड़ कर लाभान्वित हो सकते हैं।
गत दिनों कोरोना से पॉजिटिव हुई पंचायत मांगल के गांव सहनाली में ग्रामीण लोगो को होम आइसोलेशन किट प्रदान की गयी। इस दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने कोरोना पीड़ित मरीज़ों का हाल चाल भी जाना। ग्राम पंचायत मांगल की प्रधान उर्मिला रघुवंशी व उपप्रधान सीता राम ठाकुर ने लोगों से अपील कि है की कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखने पर सभी होना कोरोना टेस्ट करवाएं समय से करवाए ताकि संक्रमण की रोकथाम समय पर हो सके। उन्होंने कहा कि सामाजिक दूरी बनाए रखे व मास्क का प्रयोग करें तथा सभी लोग कोविड-19 की रोकथाम हेतु टीकाकरण अवश्य करवाएं। उन्होंने लोगों को विश्वास दिलाया कि सरकार और प्रशासन उनकी हर सम्भव मदद के लिए हर समय तैयार है। इस मौके पर पंचायत प्रधान मांगल उर्मिला रघुवंशी, उप प्रधान सीताराम ठाकुर, भाजपा मंडल सचिव व समाजसेवी धनीराम चौहान, वार्ड मेंबर किरण वर्मा, शेर सिंह, नरपत राम मौजूद रहे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नगर इकाई सोलन के कार्यकर्ताओं ने झुग्गी झोम्पडी रहने वाले 25 गरीब परिवारों को राशन बांटा। नगर इकाई अध्यक्ष डॉ० राजेश ने कहा कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर बहुत भयानक रूप ले चुकी है। ऐसे में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कोविड-19 के इस दौर में भी लगातार लोगों के प्रति जागरूकता एवं सेवा कार्य में लगी हुई है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थी परिषद अपने स्थापना काल से ही लगातार छात्र हित व समाज हित में कार्य करती आ रही है। इस महामारी के दौर में भी विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता पूरे देश भर में लोगों के प्रति जागरूकता एवं सेवा कार्य करने में लगी है। इसी दौरान विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रान्त द्वारा "मिशन रक्षक" अभियान 15 से 25 जून तक चलाया जायेगा। जिसके दौरान नगर इकाई सोलन ने चामुण्डा कालोनी में रहने वाले 25 परिवारों को राशन बांटा गया। ऐसे में पूरे जिला सोलन में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को वैक्सीनेशन के प्रति जागरूक करेंगे। इस अभियान के तहत सभी कार्यकर्ता गांव के पंचायतों के प्रधान से सम्पर्क करेंगे। साथ में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता अस्पताल में जाकर वैक्सीनेशन के दौरान अपनी निःस्वार्थ सेवाएं भी प्रदान करेगी।
कृषि विज्ञान केंद्र सोलन के वैज्ञानिकों द्वारा कुनिहार क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा किया गया। याग दौरा 20 हैक्टेयर क्षेत्र में दलहनी व तिलहनी फसलों पर फ्रंट लाइन प्रदर्शन लगने के उदेश्य से किया गया है। केन्द्र के प्रभारी डॉ जितेन्द्र चौहान ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र को सोलन जिले में दलहनी व तिलहनी फसलों के कम उत्पादन को देखते हुए, अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन द्वारा जिले में इन फसलों के अंतर्गत क्षेत्रफल बढ़ाने का कार्य दिया गया है। इस कार्यक्रम की संयोजक डॉ भारती शुक्ला ने बताया कि सोलन जिले के 10 हैक्टेयर क्षेत्र में दलहनी व 10 हैक्टेयर क्षेत्र में तिलहनी फसलों पर प्रदर्शन लगाए जाएंगे। इसके मद्देनज़र कुनिहार विकास खंड के जयालंग, जाबल, भूमति, डाडल आदि गावों में किसानों को माश व सोयाबीन की उन्नत किस्मों के बीज वितरित किए गए। इस कार्य के क्रियान्वयन में कुनिहार खंड के विषय वाद विशेषज्ञ मनोज शर्मा ने पूर्ण सहयोग दिया। डॉ चौहान ने बताया कि विगत वर्षों में कुनिहार क्षेत्र में मक्की की फसल को फॉल आर्मी वर्म कीट से काफी नुकसान पहुंचा था। इस वर्ष कीट के नियंत्रण के लिए कुनिहार खंड के घनागुघाट, डूमैहर एवं डाडल गावों में प्रदर्शन लगाए जाएगें। केन्द्र के कीट वैज्ञानिक डॉ अनुराग शर्मा ने बताया कि रसायनों के इस्तेमाल के अलावा सौर ऊर्जा द्वारा चलित लाईट ट्रेन इस कीट के नियंत्रण में बहुत कारगर है जिनका प्रदर्शन किसानों के खेत में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त वैज्ञानिक दल ने किसानों के खेतों का भ्रमण किया और सब्जियों में लगने वाले रोग एवं कीटों का त्वरित समाधान दिया।
आईसीएआर राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना की संस्थागत विकास योजना के तहत खरीदी गई 697 पुस्तकों को डॉ.वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के कुलपति डॉ परविंदर कौशल ने छात्रों और कर्मचारियों को समर्पित की। ये नवीनतम प्रकाशन बागवानी, वानिकी, प्रबंधन और संबद्ध विषयों पर आधारित हैं। यह पुस्तकें लगभग 10 लाख रुपये की लागत से खरीदी गई हैं और विश्वविद्यालय के सत्यानंद स्टोक्स पुस्तकालय में रखी गई हैं। इन पुस्तकों के अलावा छात्रों को उनके संबंधित विषयों में नवीनतम साहित्य से लैस करने के लिए परियोजना के तहत 5 लाख रुपये के अन्य प्रकाशन भी खरीदे जा रहें है। इस अवसर पर डॉ परविंदर कौशल ने आईडीपी के सभी सदस्यों को छात्र सुविधाओं में सुधार के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय किसी भी छात्र के जीवन के सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है और इसलिए इसे सभी आधुनिक शिक्षण सुविधाओं के साथ लिंक करने का हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए। डॉ. कौशल ने कहा कि विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों को सभी पुस्तकालय सेवाओं के बारे में अवगत किया जाना चाहिए ताकि वह इनका पूरा इस्तेमाल कर सकें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों के लिए एक वन-स्टॉप सॉफ्टवेयर समाधान खरीदेगा जिससे छात्र आईसीएआर की सभी ई-सेवाओं के लिए एक जगह पर ही लॉगिन क्र सकेंगे। डॉ. कौशल ने शिक्षकों से कहा कि वे छात्रों को कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए प्रोत्साहित करें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे खुद को वायरस से सुरक्षित रख सकें।
दाड़लाघाट में वर्षों से आयोजित होने वाला मेला कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के कारण इस वर्ष भी नहीं लग सका। लेकिन इस बार कोरोना कर्फ्यू व सरकार द्वारा ऐसे आयोजनों पर रोक के चलते इस मेले की केवल रस्में ही निभाई गई। सब उपमंडल के अंर्तगत धुन्दन दंगल के अगले दिन ग्राम पंचायत दाड़लाघाट में आयोजित होने वाला दंगल कोरोना महामारी के चलते दूसरे वर्ष भी अखाडा पूजन कर मनाया गया। पंचायत प्रधान दाड़लाघाट बंसी राम भाटिया ने बताया कि कोरोना की भेंट चढ़ा दाड़लाघाट के दंगल कुश्ती में हिमाचल प्रदेश के अलावा दिल्ली, पंजाब, हरियाणा,उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर के पहलवान भाग लेते है। परंतु कोविड-19 के चलते दो वर्षों से कुश्ती न आयोजित करके केवल कुश्ती की प्रक्रिया पूरी कर परम्पराओ को निभाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी विधिवत रूप से झंडा व पूजन अर्चना कर परम्पराओं को निभाया गया। वहीं ईश्वर से प्रार्थना की गई कि जल्द से जल्द कोरोना महामारी पर काबू पाया जा सके व लोग खुशहाल जीवन व्यतीत कर सके। इस मौके पर पंचायत प्रधान बंसी राम भाटिया, उपप्रधान हेमराज, श्याम सिंह चौधरी, मोहन सिंह ठाकुर, कमल कौंडल, ललित कुमार गौतम, उमेश कुमार, महेश कुमार, मस्त राम, नेम चंद, पवन शर्मा, धनीराम, शारदा ,पिंकी, विमला, हेमलता, कांता सहित अन्य मौजूद रहे।
कोरोना महामारी के इस दौर में सभी समाजिक संस्थाऐं मदद के लिए आगे आ रही हैं। इसी के चलते अर्की के लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत एक बेलदार भी अपनी खून पसीने की कमाई का एक हिस्सा कोविड फंड के लिए दान कर समाज में एक उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। अर्की के गांव बातल से संबंध रखने वाले सेवानिवृत बेलदार दिनेश चंद ने आज एसडीएम अर्की विकास शुक्ला को कोविड फंड हेतू दो हजार रूपये दान दिए। एसडीएम शुक्ला ने बताया कि यह सज्जन इससे पूर्व भी कई बार दान कर चुके हैं तथा इनके द्वारा दान की गई राशि का अब तक कुल छब्बीस हजार रूपये हो चुका है। शुक्ला का कहना था कि दिनेश चंद की सामाहिक दायित्वों के प्रति जिम्मेदारी प्रशंसा और समर्पण की भावना काबिले तारीफ व समाज के सभी वर्गाें के लिए एक उदाहरण है।
सोलन में वाहनों की फिटनेस एवं चालक लाईसेंस जारी करने के लिए कार्यक्रम निर्धारित कर दिया गया है। यह जानकारी आज यहां क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी हर्ष अमरेन्द्र सिंह ने प्रदान की। हर्ष अमरेन्द्र सिंह ने कहा कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सोलन में चालक लाईसंेस जारी करने के लिए ड्राईविंग टैस्ट 22 तथा 23 जून को अयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह टेस्ट बसाल स्थित हेलीपैड में आयोजित किए जाएंगे। वाहन फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने के लिए 25 जून की तिथि निर्धारित की गई है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने कहा कि 22 जून को केवल उन्हीं व्यक्तियों के लिए ड्राईविंग टैस्ट आयोजित किया जाएगा जिनके लर्निंग लाइसेंस क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सोलन द्वारा जारी किए गए हैं। 23 जून को केवल उन्हीं व्यक्तियों के लिए ड्राईविंग टैस्ट आयोजित किया जाएगा जिनके लर्निंग लाइसेंस पंजीकरण एवं लाईसेंस प्राधिकरण सोलन (उपमण्डलाधिकारी सोलन) द्वारा जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ड्राईविंग टेस्ट के बेहतर प्रबन्धन के लिए टोकन व्यवस्था आरम्भ की गई है। उन्होंने सभी लर्नर लाईसेंस धारकों से आग्रह किया कि ड्राईविंग टेस्ट के लिए निर्धारित तिथि से पूर्व सोलन में अपना टोकन वहां से प्राप्त करें जहां से उनका लर्नर लाईसेंस बना है। उन्होंने कहा कि टोकन के बिना ड्राईविंग टेस्ट में भाग नहीं लिया जा सकेगा। हर्ष अमरेन्द्र सिंह ने कहा कि वाहन फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने के लिए 25 जून को हिमाचल पथ परिवहन निगम की सोलन स्थित कर्यशाला के समीप मार्ग पर वाहनों की फिटनेस जांची जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी को कोविड-19 प्रोटोकोल का पालन करना होगा। उन्होंने आग्रह किया कि ड्राईविंग टेस्ट तथा फिटनेस के लिए सभी उचित प्रकार से मास्क पहन कर आएं तथा सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करें।
सोलन में आज पूर्व गर्भाधान एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम (पीएनडीटी अधिनियम) की जिला सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ.राजन उप्पल ने की। डाॅ.राजन उप्पल ने कहा कि सोलन जिला में वर्तमान में कोविड-19 महामारी पर नियन्त्रण के साथ-साथ लिंगानुपात में समानता लाने के लिए विभिन्न स्तरों पर योजनाबद्ध कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व गर्भाधान एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम के सफल कार्यान्वयन के लिए विभाग को आमजन के सत्त सहयोग की आवश्यकता है। गर्भ में पल रहे शिशु की लिंग जांच अपराध है। इस दिशा में विभाग द्वारा अल्ट्रासाऊंड क्लिीनिकों की नियमित जांच की जाती है तथा अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाही अमल में लाई जाती है। डाॅ.उप्पल ने कहा कि ज़िला में कुल 33 अल्ट्रासाऊंड क्लीनीक पंजीकृत हैं और वर्ष 2020-21 में जिला में पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम के अन्तर्गत कुल 95 निरीक्षण किए गए हैं। जिला प्रशासन के सहयोग से कार्यान्वित किए जा रहे, इन प्रयासों के सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला में ग्रामीण स्तर तक आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सहायिकाओं द्वारा लोगों को लिंग जांच न करवाने तथा लड़का-लड़की में समानता के विषय में जागरूक करने के सकारात्मक परिणाम दृष्टिगोचर हो रहे हैं। प्रदेश में पूर्व गर्भाधान एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम के तहत अल्ट्रासोनोग्राफी क्लीनिक एवं अल्ट्रासाऊंड मशीनों का पंजीकरण ऑनलाइन किया जा सकता है। बैठक में पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम के बारे में में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। जानकारी दी गई कि पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम के तहत जन्म से पूर्व शिशु लिंग की जांच पर पाबंदी है तथा ऐसे में अल्ट्रासांऊड करवाने वाले व्यक्तियों या करने वाले चिकित्सक, लैब कर्मी को सजा और जुर्माने का भी प्रावधान है। बैठक में नागरिक अस्पताल कण्डाघाट के लिए अल्ट्रासाउंड मशीन क्रय करने को स्वीकृति प्रदान की गई। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन की पुरानी अल्ट्रासाउंड मशीन को जैविक कचरे के रूप में निपटान को भी बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई। समिति के सदस्यों की उपस्थिति में ही इस मशीन का निपटारा किया गया। जिला न्यायवादी एम.के.शर्मा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. मुक्ता रस्तोगी, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ.एस.एल.वर्मा, रेडियोलाॅजिस्ट डाॅ. सन्दीप जैन, स्त्री रोग विशेषज्ञ डाॅ. मनीष मित्तल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅ. धर्मेन्द्र बैठक में उपस्थित थे।
कुनिहार में पट्टाबरावरी पँचायत के पँचायत कार्यालय में बुधवार को 18 से 44 आयु वर्ग के 70 महिला व पुरषों ने स्लॉट बुकिंग करवाने के बाद वैक्सीन लगवाई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पटाबरावरी की चिकित्सा अधिकारी कृतिका गांधी ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना महामारी के बचाव हेतु यह टीकाकरण मुफ्त किया जा रहा है। उन्होंने लोगो से इस टीकाकरण अभियान में बढ़चढ़ कर आगे आने की अपील की है। ताकि सरकार द्वारा कोरोना से लड़ाई का अभियान जल्द पूरा हो व इस बीमारी से प्रदेश व देश मुक्त हो सके। उन्होंने बताया कि इस टीकाकरण शिविर को सफल बनाने में फार्मासिस्ट निशा, हैल्थ वर्कर करुणा तनवर, निधि, दिव्या, गीता देवी आदि ने अहम भूमिका निभाई। यह जानकारी एक प्रैस विज्ञप्ति के माध्यम से पूर्व पँचायत समिति सदस्य डीडी कश्यप ने दी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि सरकार व प्रशासन के द्वारा जारी दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करते रहे।
उपमण्डलाधिकारी कण्डघाट डाॅ. विकास सूद ने उपमण्डल स्तर पर कार्यरत विभिन्न विभागों को मानसून सीजन के दृष्टिगत तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। डाॅ. सूद कण्डाघाट उपमण्डल में आगामी माॅनसून सीजन की तैयरियों के सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। डाॅ. सूद ने कहा कि वर्षा के मौसम में एहतियात बरतने एवं क्षेत्रीय स्तर तक तैयारियां पूरी रखने से सम्भावित आपदा से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों को जानो-माल की क्षति को न्यून करने के लिए टीम भावना के के साथ कार्य करना होगा। उपमण्डलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि क्षेत्र की स्थिति के अनुसार विभिन्न सम्पर्क मार्गों को खुला रखें और ऐसे सभी क्षेत्र चिन्हित करें जहां भूस्खलन हो सकता है अथवा मार्ग धंसने की सम्भावना है। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे स्थानों पर सूचना पट्ट लगाए जाएं ताकि लोग सचेत रहें। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि विद्यालयों के जल भण्डारण टैंकों की शीघ्र सफाई सुनिश्चित बनाएं और इस सम्बन्ध में 15 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए कि प्राकृतिक जल स्त्रोतों तथा जल भण्डारण टैंकों की समयबद्ध सफाई सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी जल स्त्रोतांे की समुचित क्लोरिनेशन करने के निर्देश भी दिए। उन्हांेने विभिन्न जल स्त्रातों से एकत्र पेयजल नमूनों की जांच करने के निर्देश भी दिए। डाॅ. सूद ने नगर पंचायत व पंचायती राज संस्थाओं को निर्देश दिए कि वर्षा जल की समुचित निकासी के लिए नालियों तथा बड़े नालों से अवरोधों को हटाया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को विभिन्न जल जनित रोगों से बचाव के लिए समुचित मात्रा में दवा का भण्डारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि विभिन्न कार्य समयबद्ध पूरे किए जाएं और कोविड नियमों की अनुपालना सुनिश्चित हो। उन्होंने आवश्यक साजो-सामान तैयर रखने के निर्देश भी दिए। नगर पंचायत कण्डाघाट के उपाध्यक्ष मुनीष सूद, तहसीलदार कण्डाघाट अमन राणा, खण्ड विकास अधिकारी एच.सी. शर्मा, नायब तहसीलदार सत्यव्रत शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
कुनिहार क्षेत्र से सम्बंध रखने वाले पूर्व मंत्री स्व हरिदास ठाकुर के बड़े बेटे इंद्रसिंह ठाकुर का बुधवार सुबह चंडीगढ़ के 33सी लैंडमार्क निजी अस्पताल में देहान्त हो गया। एकाएक उनके मृत्यु की सूचना मिलते ही सम्पूर्ण कुनिहार क्षेत्र शोकाकुल हो गया। इंद्र सिंह ठाकुर कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे जिनका पहले आई जी एम सी शिमला में ईलाज चला उसके बाद स्वास्थ्य में सुधार न होने के कारण उनके परिजन उन्हें चंडीगढ़ के निजी अस्पताल में ले गए लेकिन बुधवार सुबह वह अपनी जिंदगी की जंग हार गए। उनके पैतृक गांव खाड़ी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। प्रदेश की राजनैतिक गलियारों में भी इंद्रसिंह ठाकुर का बहुत बड़ा नाम है। क्योकि वह युवा अवस्था मे ही कई युवा संगठनों के साथ मिलकर सक्रिय हो गए थे। वर्तमान में वह कांग्रेस पार्टी के कई बड़े बड़े पदों का दायित्व सम्भाले हुए थे । अधिकतर समय शिमला में रहने के बावजूद भी उन्होंने अर्की विधान सभा क्षेत्र के विकास कार्यो में अहम भूमिका निभाई है।
वीरवार 17 जून को सिविल अस्पताल कुनिहार में दिव्यांग लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी। गणपति एजुकेशन सोसायटी के समन्वयक रोशन लाल शर्मा व हैल्थ सुपरवाइजर कृष्ण चन्द वर्मा ने कुनिहार के आसपास सभी पंचायतों के दिव्यांग लोगों को इस स्पेशल कैम्प में वेक्सिनेशन का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि 18 साल से ऊपर हर दिव्यांग को अपने साथ आधार कार्ड,दिव्यांग प्रमाण पत्र या यु डी आईडी साथ लानी होगी। रोशन लाल शर्मा ने बताया कि सोसायटी की ओर से हर दिव्यांग को मास्क व सैनिटाइजर वितरित किए जाएंगे व इनके जलपान की व्यवस्था भी सोसायटी की तरफ से की जाएगी।
कुनिहार में मोबाइल विक्रेता द्वारा एक युवती के साथ अश्लील बात करना मँहगा पड़ गया। इसको लेकर युवती के परिजनों ने पुलिस थाना कुनिहार में मोबाइल विक्रेता के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी है। जानकारी के अनुसार कुनिहार क्षेत्र से सम्बन्ध रखने वाली एक युवती मोबाइल खरीदने के लिये पुराने बस स्टैंड पर मोबाइल की दुकान पर गई थी । युवती ने मोबाइल विक्रेता से कोई सेकंड हैंड मोबाइल दिखाने को कहा। जिस पर मोबाइल विक्रेता ने कहा कि सेकंड हैंड फोन 1800 रुपये का है। युवती ने कहा कि उसके पास सिर्फ 1500 रुपये ही है इसमे कोई कीपैड वाला ही फ़ोन दे दो। मोबाइल विक्रेता ने कहा कि वह 800 रुपये में आ जायेगा अगर तुम्हें टच वाला ही फ़ोन चाहिए तो तुम्हे एक रात मेरे साथ गुजारनी होगी । इसके बदले टच वाला फ़ोन केवल 1000 में दे दूंगा। युवती यह सब बातें सुनकर काफी घबरा गई व रोते रोते वँहा से भागकर तुरन्त सारी बात अपनी माता को बताई। उस समय युवती के पिता कहीं काम से बाहर गये थे। पिता काम से वापिस घर आये तो युवती कि माता ने उनको सारी बात बताई । युवती के परिजनों ने स्थानीय पुलिस थाना में मोबाइल विक्रेता के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी ।मामले की पुष्टि करते हुवे ड़ी एस पी सोलन रमेश शर्मा ने बताया कि कुनिहार में एक मोबाइल विक्रेता के खिलाफ शिकायत आई है। जिसको लेकर मामला दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है।
कुनिहार : कुनिहार क्षेत्र में समाज सेवा का जाना माना चेहरा हाटकोट पंचायत की पूर्व प्रधान रही नर्वदा कंवर का देहांत हो गया। तीन चार महीनों से अस्वस्थ चल रही कंवर ने मंगलवार शाम को कुल्लू में अपनी बेटी के घर पर अंतिम सांस ली। कुल्लू से उनके दामाद व बेटी ने कंवर की पार्थिव देह को पैतृक गावँ मुकराड़ी कुनिहार पहुँचाया।इनका अंतिम संस्कार वीरवार को इनके बेटे के अमेरिका से आने के बाद गावं के श्मशान घाट पर किया जाएगा । 1952 में जन्मी नर्वदा कंवर को कुनिहार क्षेत्र में सामाजिक क्षेत्र में अग्रणी भूमिका के लिए जाना जाता है। विकलांग,विधवा व बुजुर्गों के लिए पेंशन का हक दिलवाने,गरीब लड़कियों की शादी के लिये सरकार से आर्थिक योगदान हो या फिर किसी गरीब के लिए स्वास्थ्य सुविधा के लिये हमेशा आगे रहती थी। वर्ष 2000 से 2005 तक हाटकोट पंचायत के प्रधान पद पर रहते उन्होंने कई विकासात्मक कार्य किए है। प्राचीन शिव तांडव गुफा के सौन्दर्यकरण के लिए विभिन्न विभागों से आर्थिक योगदान दिलवाकर गुफा को विश्व मानचित्र पर स्थान दिलवाने के लिए नर्वदा कंवर की उल्लेखनीय भूमिका को भी हमेशा याद किया जायेगा। उनके निधन की खबर सुनते ही पूरा क्षेत्र शोकाकुल हो गया। विभिन्न सामाजिक,राजनीतिक व धार्मिक संगठनों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।
दाड़लाघाट : विश्व रक्तदाता दिवस के मौके पर विख्यात पर्वतारोही और एवरेस्ट समूह की दुर्गम पुमोरी चोटी फतह करने वाली पहली भारतीय महिला बलजीत कौर ने सुरजपुर पंचायत में स्वयं खून दान कर रक्तदान शिविर का उद्घाटन किया।शिविर में 45 लोगों ने रक्तदान किया।जिसमें ग्राम पंचायत की तीन महिलाएं भी शामिल थीं।फाउंडेशन के ट्रस्टी एवं शिविर के संयोजक संजीव शर्मा ने बताया कि सुरजपुर पंचायत के गांव पथेड़ में पंचायत के साथ मिलकर यह शिविर लगाया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता अर्की के एसडीएम विकास शुक्ला ने की।उच्च रक्तचाप होने की वजह से एसडीएम रक्तदान नही कर पाए।बलजीत कौर और विकास शुक्ला ने रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र देकर उनका हौसला बढ़ाया।उमंग फाउंडेशन ने बलजीत कौर को सम्मानित भी किया।सूरजपुर पंचायत के प्रधान ओमप्रकाश शर्मा ने 37 वीं बार रक्तदान किया।वे और सायरी पंचायत की प्रधान अंजू राठौड़ कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि थे।नेपाल तिब्बत सीमा पर दुर्गम चोटी पुमोरी फतेह कर सोलन जिले में अपने घर लौटी बलजीत कौर ने कहा कि नियमित तौर पर रक्तदान करती हैं। उन्होंने कहा कि युवा रक्तदान को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।इससे वे बेबस मरीजों का जीवन बचाएंगे और स्वस्थ रहने के साथ-साथ नशे की बुराई से भी बचेंगे।संजीव शर्मा ने बताया कि उमंग फाउंडेशन की ओर से ट्रस्टी विनोद योगाचार्य,सवीना जहां,नीलम कंवर,डॉ. पूनम नेगी और गोपाल दास ने शिविर में सहयोग दिया।सूरजपुर पंचायत की ओर से प्रधान ओम प्रकाश शर्मा,उप प्रधान कामेश्वर,नरेश,कर्म सिंह कंवर,कानू राम,विमला देवी और कान्ता ठाकुर ने शिविर में भागीदारी की।आईजीएमसी ब्लड बैंक की टीम ने रक्त संग्रह किया।पंचायत प्रधान ओमओम प्रकाश शर्मा और उनकी टीम ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला पथेड़ के स्टाफ का भी शिविर में योगदान के लिए।
सोलन जिला में कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए 17 जून, 2021 को दिव्यांग जन के टीकाकरण के लिए विशेष अभियान कार्यान्वित किया जाएगा। यह जानकारी आज मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राजन उप्पल ने दी। डाॅ. उप्पल ने कहा कि इस विशेष अभियान के तहत 17 जून, 2021 को जिला के 06 कोविड-19 टीकाकरण केंद्रों पर दिव्यांगजनों का कोविड से बचाव के लिए टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान में जिला के 18 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के लगभग 3300 दिव्यांगजन का टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 17 जून को आयोजित किए जा रहे विशेष टीकाकरण शिविर में जिला के अर्की, चण्डी, धर्मपुर, नालागढ़ चिकित्सा खण्ड मुख्यालय व सायरी चिकित्सा खण्ड के मुख्यालय कण्डाघाट स्थित स्वास्थ्य संस्थानों में दिव्यांगजनों का टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में भी 17 जून को ही दिव्यांग जन के लिए विशेष टीकाकरण शिविर आयोजित होगा। उन्होंने 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी दिव्यांगों से आग्रह किया है कि इस विशेष टीकाकरण शिविर में अपना यूडीआईडी (यूनीक आईडी फाॅर पर्सन्ज विद डिस्ऐबिलीटिज) साथ लाएं। यूडीआईडी के आधार पर शिविर में ही उनका पंजीकरण के उपरान्त टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यूडीआईडी उपलब्ध न होने की स्थिति में दिव्यांग जन चिकित्सा प्रमाण पत्र एवं आधार नम्बर साथ लाना अनिवार्य है। उन्होंने सभी दिव्यांग जन से टीकाकरण के लिए आधार नम्बर साथ रखने का आग्रह किया। डाॅ. उप्प्ल ने जिला के 18 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के सभी दिव्यांगजन से इस शिविर में टीकाकरण करवाने का आग्रह किया।
कुनिहार क्षेत्र के साथ लगते शलाह, मयाणा- जाबल, शिव शंकरगढ़ व् सूरठा गाँव सम्पर्क सड़क की खस्ता पड़ी हालत के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क कच्ची एवं पथरीली होने के कारण जगह जगह ल्हासे पड़े हुए है । जानकारी के अनुसार कंडाघाट उपमंडल के अंतर्गत आने वाली सड़क कुनिहार ममलीग मार्ग के शलाह से लगभग 7 किलो मीटर दूर केंची मोड जाबल जमरोट तक सम्पर्क सड़क है उक्त सड़क का निर्माण लगभग 4 वर्ष पूर्व किया गया था। सड़क कच्ची होने के कारण इसके रखरखाव का कार्य ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। ग्रामीणों ने रोष व्याप्त करते हुए कहा कि सरकार एवं लोक निर्माण विभाग उक्त सम्पर्क सड़क की और कोई ध्यान नही दे रहे है। जबकि इस सड़क से कई छोटे बड़े गाँव की जीवन रेखा जुड़ी है । ग्रामीणों में संतराम, तुलसीराम, कुमार चंद, धर्मदास, ओमप्रकाश ,प्यारेलाल ,मेदराम ,स्वरुप, बिशनदास ,गीताराम ,देविंदर कुमार, रूपचंद ,दीप राम के अतिरिक्त पूर्व पंचायत समिति सदस्य डी डी कश्यप आदि ने कहा कि 4 वर्ष पूर्व कुनिहार ममलीग मुख्यमार्ग के शलाह से जाबल जमरोट तक लगभग 7 किलो मीटर एक सम्पर्क सड़क का निर्माण किया गया था। लेकिन कच्ची सड़क निर्माण कार्य के पश्चात किसी ने इसकी सुध नहीं ली। बरसात होने के कारण जगह जगह मलवा एवं पेड़ो की टहनियाँ सड़क में गिरी हुई है विभाग इस और ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि उक्त सड़क सलाह, मयाणा ,शिव शंकरगढ़,जाबल ,सड़क नाला ,सूरठा आदि गाँव को जोड़ती है। सड़क की खस्ता हालत के चलते ग्रामीण अपनी नगदी फसलों को उठाकर कई किलोमीटर मुख्य मार्ग तक लाने को मजबूर हो गए है ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग उप मंडल कंडाघाट से आग्रह किया है कि सड़क ही हालत में शीघ्र सुधार किया जाए ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो।
प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग बद्धों की शिक्षा को लेकर कितनी चिंतित है। इसका उदाहरण शास्त्री की बैच वाइज भर्ती को देखकर लगाया जा सकता है। बार-बार ज्ञापन देने व प्रार्थना के बावजूद अभी तक शास्त्री भर्ती का परिणाम घोषित नहीं किया है, जबकि भर्ती से संबंधित सारी औपचारिकताएं फरवरी माह में पूरी कर दी गई थी| बेरोजगार शास्त्री संघ हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष लेखराज शर्मा व सचिव मदन शर्मा तथा आचार्य रविंद्र कुमार ने बताया कि वे इस विषय में कई बार विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मिल चुके हैं, परंतु उन्हें मात्र आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं हुआ है। इसी विषय पर संघ के पदाधिकारियों ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से बृहस्पतिवार को मिलने का निर्णय लिया है। बेरोजगार अभ्यर्थियों का कहना है कि कई लोगों की आयु 45 वर्ष से ऊपर हो चुकी है उनके लंबे इंतजार में विराम कब लगेगा? अतः बेरोजगार संघ सरकार व शिक्षा विभाग से मांग करता है, कि साक्षात्कार के नतीजे शीघ्र घोषित करें। उन्होंने बताया कि अगर एक सप्ताह के अंदर उनकी मांग नहीं मानी गई तो अगले सप्ताह सभी शास्त्री मुख्यमंत्री तथा शिक्षा मंत्री को अपनी शास्त्री की उपाधियां सौंप देंगे तथा अनशन करने पर मजबूर हो जाएंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग की होगी| प्रदेश के सभी पदाधिकारी वीरवार को सुबह 12 बजे सचिवालय व शिक्षा निदेशालय में अपना मांग पत्र सौंपेंगे।
18 प्लस आयु वर्ग के युवाओं में कोविड वेक्सीन लगवाने को लेकर उत्साह नजर आ रहा है। यही कारण है कि जिला कांगड़ा की भटोली फकोरियां डिस्पेंसरी के बाहर सुबह से ही भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। कोविड वेक्सीन लगवाने आए युवाओं युवा एक-दूसरे को कोविड से बचाव के प्रति जागरूक करते भी नजर आए। वेक्सीन लगवाने आए युवाओं ने मास्क पहने हुए थे। लाइन लंबी होने के चलते कुछ युवा डिस्पेंसरी के बाहर पेड़ की छाया में बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। जिस तरह से कोरोना का दौर चल रहा है, कोई वेक्सीन लगवाकर खुद को सुरक्षित करना चाहता है। यही वजह है कि 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोग भी इसमें आगे आ रहे हैं।
कुनिहार :भारतीय राज्य पेंशनर्ज महासंघ हिमाचल प्रदेश महामंत्री इंद्र पाल शर्मा व कर्मचारी महा संघ के पुर्व अध्यक्ष गोपाल दास वर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मण्डल शिमला के पीटर हाफ में केंद्रीय वित राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ,पुर्व मुख्यमन्त्री प्रेम कुमार धुमल ,संगठन मन्त्री पवन राणा व प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप से मिला। महासंघ के प्रदेश महा मन्त्री इन्दर पाल शर्मा ने बताया की पैशनरो की लम्बे समय से चली आ रही प्रमुख मांगो के बारे में इन नेताओं को अवगत कराया तथा सरकार से इन मांगो को पुरा करवाये जाने के लिये सरकार से बात करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि महासंघ ने सरकार से इन प्रमुख मांगो को प्रदेश में होने वाले उप चुनाव से पहले पुरा करने की मांग की है। इसे लेकर पैन्शनरो में भारी रोष है। इस अवसर पर महासंघ जिला सोलन के महामन्त्री स्यामानन्द शांडिल, वित्त सचिव ओमप्रकाश गर्ग, चैतराम आदि उपस्थित रहे।
सोलन :परवाणू से लेकर चम्बाघाट तक एनएच में आई ज़मीन के मालिकों को एनएचएआई ने मुआवज़ा देकर खाली करवाया था। इसके बावजूद कई मकान ऐसे थे जिनके मालिकों ने मुआवज़ा लेने के बाद भी मकान खाली नहीं किये और टूटे हुए घरों में दोबारा निर्माण कार्य करवाना शुरू कर दिया था। 350 के करीब ऐसे भवन हैं जिनको तोड़ा जाना था जिनके बिजली पानी के कनेक्शन पहले ही काट दिए गए थे। लेकिन इनमे से 75 मकान मालिकों ने इन्हें खाली नहीं किया और इनमे ही रहना जारी रखा। साथ ही पुनर्निर्माण शुरू कर दिया था। उच्च न्यायालय ने भी कार्रवाई करते हुए सम्बंधित अधिकारियों और एनएचएआइ को लताड़ लगाईं और इन्हें खाली करवाने के आदेश दिए। जिसके बाद प्रशासन ने आज इन पर कार्रवाई की है और इन मकानों को तोड़ा जा रहा है।
दाड़लाघाट :ग्राम पंचायत बरायली की बनिया देवी महिला मंडल बुडम की प्रधान रेणु ठाकुर की अध्यक्षता में सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान बनिया देवी महिला मंडल की प्रधान रेणु ठाकुर ने बनिया देवी महिला मंडल की सदस्यों को जागरूक किया। इस मौके पर बनिया देवी महिला मंडल द्वारा जलस्रोत तथा आसपास की सफाई की और कचरे को एकत्र कर उसका निष्पादन किया। इस अवसर पर महिला मंडल की प्रधान रेणु ठाकुर, उपप्रधान उर्मिला, कोषाध्यक्ष मोनू, प्रेमलता, लीलावती, सीता चंदेल, लता चंदेल, मीरा चंदेल, गोदावरी, हेमा, सत्या, सुनीता, धनवंती, रीना ठाकुर सहित अन्य महिलाएं मौजूद रही।
कुनिहार : शिव ताण्डव गुफा विकास समिति कुनिहार के अध्यक्ष रामरतन तनवर के पिता राम दयाल तनवर का रविवार शाम देहान्त हो गया। अपने ग्रह क्षेत्र गांव कोठी में उन्होंने अंतिम सांस ली।वे कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके देहान्त पर सम्भव चैरिटबल सोसायटी की संयोजिका प्रतिभा कंवर,गुफा विकास समिति के उपाध्यक्ष अमरीश ठाकुर,सचिव गोपाल कृष्ण शर्मा,गुमान,साहिल,हरिकृष्ण,चमन लाल मल्होत्रा,अमन मल्होत्रा,दीपक अरोड़ा,राम सिंह,विनोद सहित सभी समिति सदस्यों ने शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति व पीड़ित परिवार को इस दुख को सहन करने की भगवान से प्रार्थना की है।
शिमला: कोरोना संकट से विश्व भर में कोई भी अछूता नहीं है, इसके चलते इस बार फिर सोलन जिला के अर्की उपमंडल के बाड़ी धार में होने वाला "बाड़ी मेला" नही होगा। कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते मेलों के आयोजन को रद्द कर दिया गया है। बता दें कि बाड़ा देव पांच पांडव अर्की उपमंडल के ही नही अपितु पूरे प्रदेश और देश के आराध्य देव माने जाते है और इन्हें पाँच पाण्डव बाड़ादेव के नाम से पूरे प्रदेश में जाना जाता है। इस वार्षिक मेले के साथ प्रदेश के लाखों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है और हर वर्ष इन मेलों में लोगों का भारी हुजूम उमड़ता है, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते सरकार ने जो दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उसके तहत ऐसे किसी भी आयोजन को नहीं किया जा सकता जहां पर बड़ी संख्या में भीड़ इकट्ठी होनी हो। कोरोना वैश्विक महामारी के चलते हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों के बंद रखने के दृष्टिगत बाड़ादेव पाँच पाण्डव मंदिर समिति सरयांज बाड़ीधार व ग्राम पंचायत सरयांज के संयुक्त तत्वाविधान में यह निर्णय लिया गया है कि इस वर्ष दिनांक 15 जून , 2021 को बाड़ीधार में होने वाले धार्मिक मेले का आयोजन नहीं किया जाएगा। यह निर्णय कोरोना महामारी के दृष्टिगत हिमाचल सरकार के दिशा - निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। बाड़ादेव पांच पाण्डव मन्दिर समिति ने लिखित में प्रशासन को दिया है कि कोरोना महामारी के चलते इस बार मेला आयोजित नहीं होगा। बाड़ादेव मन्दिर समिति प्रदेश के सभी श्रद्धालुओं से अपील करती है कि सभी अपने घरों में ही रहे एवं घर से ही पूजा - अर्चना करें व सरकार के दिशा - निर्देशों का पालन करें।
दाड़लाघाट :विकास खंड कुनिहार की दूरदराज क्षेत्र की ग्राम पंचायत मांगल में आसमान से बरसी आफत के कारण कंधर-बैरल मार्ग की कटिंग का फेंका मलबे से वहां के वाशिंदो को भारी नुकसान हुआ है। नुकसान के कारण गांव दवारलू की बावड़ी भी नुकसान की वजह से क्षतिग्रस्त हो गई। पंचायत मांगल के गांव दवारलू,नानिहास,डंगोयल धार,बानधार के लोग पिछले 7 दिनों से पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। इसके चलते ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने जल शक्ति विभाग से पेयजल संकट से निजात दिलाने की मांग की है। गांव के लालमन, बाबूराम, देवीराम, राजकुमार, गोविंद राम, संत राम, नीम चंद ने बताया कि पिछले दिनों बारिश के पानी से कंधर-बेरल रोड़ की कटिंग का फैंके हुए मलबे से दवारलू गांव की बावड़ी क्षतिग्रस्त होने से पंचायत प्रतिनिधियो ने पीने का पानी दवारलू को निजी वाहन के माध्यम से पानी मुहैया कराया। स्थानीय लोगों ने कहा पिछले सात दिनों से पेयजल की किल्लत चल रही है। मवेशियों के लिए भी पानी मुहैया करवाना मुश्किल हो रहा है।जबकि गृहिणियों को रसोई सहित अन्य दिनचर्या के कार्यों को निपटाने में असुविधा हो रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी प्रबंधन ने पंचायत प्रतिनिधियों की लोगों को पानी उपलब्ध कराने में मदद करने से इनकार किया। कंपनी प्रबंधन के मनाही से स्थानीय जनता में भारी रोष है। लोगों ने कहा कि जल शक्ति विभाग से आग्रह है कि बावड़ी के जलस्त्रोत को बचाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर करेट वायर लगवाएं व तुरन्त क्षतिग्रस्त बावड़ी का कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने विभाग से मांग की है कि जल्द पेयजल उपलब्ध करवाया जाए। उधर,जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता ओमप्रकाश ने बताया कि मोटर खराब व बिजली ना होने की वजह से पानी की आपूर्ति नही हुई,लेकिन लोगों को अब परेशानी का सामना नही करनापड़ेगा। पेयजल की आपूर्ति सुचारू रूप से करके स्थानीय लोगों को पेयजल आपूर्ति की समस्या से निजात मिल जाएगी।
दाड़लाघाट :विकास खंड कुनिहार की दूरदराज क्षेत्र की ग्राम पंचायत मांगल में आसमान से बरसी आफत के कारण कंधर-बैरल मार्ग की कटिंग का फेंका मलबे से वहां के वाशिंदो को भारी नुकसान हुआ है। नुकसान के कारण गांव दवारलू की बावड़ी भी नुकसान की वजह से क्षतिग्रस्त हो गई। पंचायत मांगल के गांव दवारलू,नानिहास,डंगोयल धार,बानधार के लोग पिछले 7 दिनों से पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। इसके चलते ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने जल शक्ति विभाग से पेयजल संकट से निजात दिलाने की मांग की है। गांव के लालमन, बाबूराम, देवीराम, राजकुमार, गोविंद राम, संत राम, नीम चंद ने बताया कि पिछले दिनों बारिश के पानी से कंधर-बेरल रोड़ की कटिंग का फैंके हुए मलबे से दवारलू गांव की बावड़ी क्षतिग्रस्त होने से पंचायत प्रतिनिधियो ने पीने का पानी दवारलू को निजी वाहन के माध्यम से पानी मुहैया कराया। स्थानीय लोगों ने कहा पिछले सात दिनों से पेयजल की किल्लत चल रही है। मवेशियों के लिए भी पानी मुहैया करवाना मुश्किल हो रहा है।जबकि गृहिणियों को रसोई सहित अन्य दिनचर्या के कार्यों को निपटाने में असुविधा हो रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी प्रबंधन ने पंचायत प्रतिनिधियों की लोगों को पानी उपलब्ध कराने में मदद करने से इनकार किया। कंपनी प्रबंधन के मनाही से स्थानीय जनता में भारी रोष है। लोगों ने कहा कि जल शक्ति विभाग से आग्रह है कि बावड़ी के जलस्त्रोत को बचाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर करेट वायर लगवाएं व तुरन्त क्षतिग्रस्त बावड़ी का कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने विभाग से मांग की है कि जल्द पेयजल उपलब्ध करवाया जाए। उधर,जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता ओमप्रकाश ने बताया कि मोटर खराब व बिजली ना होने की वजह से पानी की आपूर्ति नही हुई,लेकिन लोगों को अब परेशानी का सामना नही करनापड़ेगा। पेयजल की आपूर्ति सुचारू रूप से करके स्थानीय लोगों को पेयजल आपूर्ति की समस्या से निजात मिल जाएगी।
दाड़लाघाट :अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन प्राइवेट आईटीआई दाड़लाघाट के सौजन्य से कोविड-19 जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया।सत्र का उद्देश्य आईटीआई के प्रशिक्षुओं के अभिभावकों की ओर से कोविड-19 से संबंधित संशयों को दूर करना था।संस्थान की ओर से प्रशिक्षुओ के परिवार वालों का कुशलक्षेम जानने के लिए कॉल की गई थी।उस दौरान अभिभावकों ने कोविड से संबंधित संशयो को दूर करने तथा जागरूकता सत्र के लिए निवेदन किया था।जिसकी पूर्ति के लिए अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन के स्वास्थ्य समन्वयक अजीत सिंह को आमंत्रित किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के प्रधानाचार्य राजेश शर्मा ने छात्रों तथा अभिभावकों का कुशलक्षेम जानकर स्वागत भाषण के साथ किया।इसके पश्चात अजीत सिंह ने कोविड तथा वैक्सीनेशन को लेकर विस्तृत जानकारी अभिभावकों के साथ साझा की।इस दौरान कोविड से प्रभावित अभिभावकों और छात्रों को मानसिक तौर पर सुदृढ़ रहने के लिए प्रोत्साहित किया।कार्यक्रम का समापन प्रशिक्षक मोनिका ने सभी अभिभावकों छात्रों स्वास्थ्य समन्वयक तथा समस्त श्रोताओं का आभार व्यक्त करके किया।
सोलन : जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत छूट तथा प्रतिबन्धों के सम्बन्ध में आवश्यक आदेश जारी किए हैं। यह आदेश प्रदेश के मुख्य सचिव एवं राज्य कार्यकारी समिति के अध्यक्ष द्वारा 11 जून, 2021 को जारी आदेशों की अनुपालना में जारी किए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार जिला में ‘मास्क नहीं तो सेवा नहीं’ (नो मास्क-नो सर्विस) की नीति की पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित बनाई जाएगी। जिला के सभी बाजार एवं दुकानें सोमवार से शुक्रवार तक प्रातः 09.00 बजे से सांय 05.00 बजे तक (08 घण्टे के लिए) खुले रहेंगे। सभी बाजार एवं दुकानें शनिवार एवं रविवार को बन्द रहेंगी। सब्जी, दूध, दुग्ध उत्पाद, मीट, मछली, अण्डों एवं रोज़मर्रा की ज़रूरतों की दुकानें शनिवार तथा रविवार को भी प्रातः 09.00 बजे से सांय 05.00 बजे तक खुली रहेंगी। फार्मेसी एवं दवा की दुकानें सामान्य कार्य समय के अनुसार खुली रहेंगी। दुकानदारों एवं विक्रेताओं को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी कोविड-19 सुरक्षा मानकों की अनुपालना सुनिश्चित बनानी होगी।राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थापित सभी ढाबे, खान-पान स्थल, वाहन मुरम्मत एवं कलपुर्जों की दुकानें पूर्व में जारी आदेशों के अनुसार खुली रहेंगी। जिला में उचित मूल्य की दुकानें 20 मई, 2021 को जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार कार्यशील रहेंगी। आगामी आदेशों तक 04 कर्मियों तक की संख्या वाले सभी कार्यालय पूर्ण संख्या के साथ कार्य करेंगे। सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, स्थानीय निकायों एवं स्वायत्त संस्थाओं के अन्य कार्यालय आगामी आदेशों तक 50 प्रतिशत कर्मियों के साथ कार्यशील रहेंगे। विभागाध्यक्ष अथवा कार्यालयाध्यक्ष क्रमवार उपस्थिति के सम्बन्ध में आवश्यकतानुसार निर्णय ले सकेगें। सभी कार्यालयों में कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन किया जाएगा। दिव्यांग, गर्भवती एवं धातृ महिलाओं को कार्यालय आने से छूट रहेगी और ऐसे कर्मचारी अपने घर से कार्य कर सकेंगे। अपने घर से कार्य कर रहे सभी कर्मियों को आवश्यकता पड़ने पर कार्यालयाध्यक्ष द्वारा तुरन्त कार्यालय बुलाया जा सकेगा। जिला प्रशासन कार्यालय 06 मई, 2021 को जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार कार्यशील रहेगा। चिकित्सा महाविद्यालय, आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं दन्त चिकित्सा महाविद्यालयों को 23 जून, 2021 से पुनः खोलने की अनुमति होगी। नर्सिंग एवं फार्मेसी महाविद्यालयों को 28 जून, 2021 से पुनः खोलने की अनुमति होगी। इस सम्बन्ध मंे विस्तृत दिशा-निर्देश तथा मानक परिचालन प्रक्रिया स्वास्थ्य एवं परिवार कल्यण विभाग द्वारा जारी की जाएगी। अन्य सभी शिक्षण, प्रशिक्षण एवं कोचिंग संस्थान आगामी आदेशों तक बन्द रहेंगे। सभी प्रकार के सामाजिक, अकादमिक, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक एवं अन्य समागम आगामी आदेशों तक प्रतिबन्धित रहेंगे। विवाह एवं अन्तिम संस्कार में अधिकतम 20 व्यक्तियों के सम्मिलित होने की अनुमति होगी। पर्यटन इकाइयों को पर्यटन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुसार आरम्भ किया जा सकेगा। ऐसे सभी स्थानों पर कोविड-19 सुरक्षा मानकों की पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित बनानी होगी। इन आदेशों के अुनसार सभी सिनेमा हाॅल, व्यायामशालाएं, खेल परिसर, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थियेटर एवं सभागार तथा ऐसे अन्य स्थल आगामी आदेशों तक बन्द रहेंगे। हेयर कटिंग सेलून, ब्यूटी पार्लर को कोविड-19 सुरक्षा मानकों की पूर्ण अनुपालना तथा जिला दण्डाधिकारी द्वारा पूर्व में जारी मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुसार खोला जा सकेगा। धार्मिक स्थल आम जन के लिए बन्द रहेंगे किन्तु यहां परम्परा अनुसार दैनिक पूजा की अनुमति होगी। सार्वजनिक तथा अनुबन्धित परिवहन सेवा एवं स्टेज कैरियेज का अन्तर राज्यीय परिवहन प्रतिबन्धित रहेगा। जिला सोलन में सभी प्रकार के अन्तर राज्यीय आवागमन का अनुश्रवण कोविड ई-पास साॅफ्टवेयर (http://covid19epass.hp.gov.in) पर पंजीकरण के माध्यम से किया जाएगा। इसका उद्देश्य संगरोध आवश्यकता का अनुश्रवण तथा कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के मामले में उनके सम्पर्क में आए व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित करना है। सोलन जिला में आने के इच्छुक सभी व्यक्तियों को उपरोक्त आॅनलाईन साॅफ्टवेयर पर अपना विवरण अंकित करना होगा। सोलन जिला में प्रवेश पर यह जानकारी सम्बन्धित व्यक्तियों के साथ साझा की जाएगी। आरटीपीसीआर परीक्षण की पूर्व नेगेटिव रिपोर्ट की आवश्यकता नहीं होगी। अन्तर जिला एवं सोलन जिला से प्रदेश के अन्य जिलों के लिए सार्वजनिक परिवहन बस सेवा, स्टेज एवं अनुबन्धित कैरियेज की आवाजाही के लिए कुल सीट क्षमता के 50 प्रतिशत के साथ अनुमति प्रदान की गई है। परिवहन विभाग द्वारा जारी मानक परिचालन प्रक्रिया का पूर्ण पालन सुनिश्चित बनाना होगा। निजी वाहन, ऑटो रिक्शा, टैक्सी को पंजीकृत सीट क्षमता एवं कोविड-19 सुरक्षा मानकों की अनुपालना के साथ आवागमन की अनुमति होगी। आदेशों के अनुसार सार्वजनिक स्थानों, कार्यस्थलों एवं सार्वजनिक परिवहन में उचित प्रकार से मास्क पहनना अनिवार्य है। सार्वजनिक स्थानों पर दो व्यक्तियों के मध्य कम से कम 06 फीट की दूरी रखनी आवश्यक है। सार्वजनिक स्थानों में थूकने पर नियमानुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। सार्वजनिक स्थानों पर पान, गुटका, तम्बाकू एवं अन्य सामान उत्पादों का सेवन प्रतिबन्धित है। 65 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के व्यक्ति, गम्भीर रोगी, गर्भवती एवं धातृ महिलाओं तथा 10 वर्ष से कम आयुवर्ग के बच्चों को स्वास्थ्य एवं आवश्यक कारणों के अतिरिक्त घर से बाहर आवाजाही न करने का परामर्श दिया गया है। इन आदेशों की अवहेलना पर भारतीय दण्ड संहिता के प्रावधानों, आपदा प्रबन्धन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 तथा हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम, 2007 के अनुरूप कार्रवाही की जाएगी। यह आदेश 14 जून, 2021 की प्रातः 06.00 बजे से प्रभावी माने जाएंगे।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धुंदन के एनएसएस यूनिट ने विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर स्वयंसेवकों ने विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया। इस दौरान चित्रकला,निबंध लेखन तथा कविता पाठ के माध्यम से बालकों का शिक्षा पर अधिकार पर अपने भाव प्रकट किए। हिमानी भगत ने सुंदर कविता पाठ से सभी को भावविभोर कर दिया। हिमानी कौशल ने सुंदर निबंध लिखकर बाल श्रम के विरुद्ध प्रहार किया। नितेश गुप्ता,दिव्यांशु,प्रवीण कुमार,श्रुति तथा रोहित कौशल ने चित्रकला के माध्यम से प्रतियोगिता के रूप में भाग लिया। यह सारे आयोजन कोविड-19 के कारण ऑनलाइन ही आयोजित हुए।कार्यक्रम अधिकारी पीसी बट्टू व डॉक्टर करुणा ने बालकों को उनके कर्तव्य और प्राकृतिक अधिकारों के बारे में बताया कि विश्व में बाल श्रम एक बहुत बड़ी गंभीर समस्या है,जिससे समाज का भविष्य धूमिल हो जाता है।प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर ने सभी की रचनाओं को देखकर उनकी सराहना की तथा बाल श्रम के विरुद्ध स्वयंसेवकों को अपनी भूमिका एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में निभाने का अनुरोध किया। इस कार्यक्रम में लगभग 50 स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डाॅ. राजन उप्पल ने जिला में 45 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के सभी व्यक्तियों, हेल्थ केयर वर्कर, फ्रन्ट लाइन वर्कर एवं अन्य प्राथमिकता समूहों से आग्रह किया है कि वे कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए अपना प्रथम टीकाकरण 19 जून, 2021 तक करवा लें। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि उक्त सभी समूहों के लिए टीकाकरण की प्रथम खुराक 19 जून, 2021 तक ही दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस समूह के लिए टीकाकरण 19 जून, 2021 तक मंगलवार, बुधवार, शुक्रवार एवं शनिवार को किया जाएगा। डाॅ. उप्पल ने कहा कि 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के लिए टीकाकरण सोमवार तथा बृहस्पतिवार को किया जाएगा। इसके लिए 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के लाभार्थियों को कोविन पोर्टल अथवा आरोग्य सेतु ऐप पर पंजीकरण करवाना होगा। उन्होंने कहा कि पंजीकरण के उपरान्त कोविन पोर्टल अथवा आरोग्य सेतु ऐप पर टीकाकरण तिथि पर जाकर तिथि व स्थान चुनें। तदोपरान्त ओटीपी के साथ जो सन्देश आएगा, को अपने पहचान पत्र के साथ टीकाकरण स्थल पर लाना होगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के टीकाकरण के लिए पंजीकरण, टीका लगने से 02 दिन पूर्व किया जाएगा। सोमवार के टीकाकरण के लिए पंजीकरण शनिवार को तथा बृहस्पतिवार के टीकाकरण के लिए पंजीकरण मंगलवार को किया जाएगा। यह पंजीकरण निर्धारित दिवस पर दिन में 2.00 बजे से 2.30 के मध्य किया जाएगा। डाॅ. उप्पल ने कहा कि जिला में सभी टीकाकरण स्थलों पर कोविड-19 के लिए जारी एसओपी का पालन सुनिश्चित बनाया जा रहा है। उन्होंने सभी समूहों से आग्रह किया कि निर्धारित तिथियों पर अपना टीकाकरण अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि टीकाकरण कोविड-19 महामारी के विरूद्ध कारगर सुरक्षा कवच है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि टीकाकरण के उपरान्त भी बचाव नियमों की अनुपालना सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर नाक से ठोडी तक ढकते हुए मास्क पहनें, उचित सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करंे और बार-बार अपने हाथ अपने हाथ साबुन अथवा एल्कोहलयुक्त सेनिटाइजर से धोते रहें। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि कोविड-19 के बारे में सहायता के लिए हेल्पलाइन नम्बर 1077 पर सम्पर्क करें। सोलन में दूरभाष नम्बर 01792-220049, 01792-221234 तथा 01792-220882 पर कोविड-19 से सम्बन्धित समस्या का निवारण प्राप्त किया जा सकता है।
दवा गुणवत्ता के लिए विस्तृत मानक परिचालन प्रक्रिया का पालन आवश्यक : राज्य दवा नियन्त्रक नवनीत मारवाह
हिमाचल प्रदेश में निर्मित की जा रही दवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने एवं दवाओं के नशीले पदार्थों के रूप में दुरूपयोग को रोकने के लिए विस्तृत मानक परिचालन प्रक्रिया तैयार की गई है। प्रदेश के दवा निर्माताओं के लिए इस मानक परिचालन प्रक्रिया की अनुपालना आवश्यक है। यह जानकारी राज्य दवा नियन्त्रक नवनीत मारवाह ने दी। नवनीत मारवाह ने कहा कि प्रदेश मेें दवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने एवं इनके दुरूपयोग को रोकने के लिए दवा उत्पादन एवं इनके विक्रय के समय पर विस्तृत पग उठाए जा रहे हैं। इनके माध्यम से यह सुनिश्चित बनाया जा रहा है कि राज्य में उत्पादित की जा रही दवाओं की गुणवत्ता विश्व स्तरीय हो और किसी भी स्तर पर इनका दुरूपयोग न हो सके। राज्य दवा नियन्त्रक ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा इस सम्बन्ध में जारी अधिसूचना के अनुरूप विस्तृत मानक परिचालन प्रक्रिया तैयार की गई है। इस एसओपी के अनुसार उत्पाद लाइसेंस के लिए आवेदन करते समय दवा निर्माता को लाइसेंस प्राधिकारी के समक्ष दवा विक्रेता के साथ किया गया समझौता एवं दवा लाईसेंस प्रस्तुत करना अनिवार्य है। उद्योग स्थल से दवाओं को भेजते समय दवा निर्माता को स्थानीय दवा निरीक्षक, सम्बन्धित पुलिस अधीक्षक एवं उस राज्य के दवा नियन्त्रक को ईमेल के माध्यम से सूचित करना जरूरी है जहां दवाओं का विक्रय किया जाना है। इससे सूचना के आदान-प्रदान में सहायता मिलती है एवं निरीक्षण व्यवस्था सुदृढ़ होती है। उन्होंने कहा कि मानक परिचालन प्रक्रिया के सम्बन्ध में दवा निर्माताओं को उचित जानकारी प्रदान की गई है ताकि अनुपालना में कोई कोताही न हो। नवनीत मारवाह ने कहा कि दवाओं के सम्बन्ध में उत्पादकों को प्रदान की जा रही अनुमतियों की नियमित समीक्षा की जाएगी और यह सुनिश्चित बनाया जाएगा कि दवाओं का दुरूपयोग न हो। उन्होंने कहा कि औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम की अनुपालना भी सुनिश्चित बनाई जा रही है। राज्य दवा नियन्त्रक ने कहा कि मानक परिचालन प्रक्रिया की अनुपालना के साथ-साथ नियमित निरीक्षण भी किए जा रहे हैं। प्रदेश में औचक एवं नियमित निरीक्षण के लिए दवा निरीक्षकों द्वारा कार्य किया जा रहा है। इस कार्य में आवश्यकतानुसार पुलिस की सहायता ली जा रही है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तायुक्त दवा उत्पादन सुनिश्चित बनाने एवं दवा संयोजन का नशीली दवा के रूप में दुरूपयोग रोकने के लिए ऐसे दवा निर्माताओं की जानकारी पुलिस के साथ साझा की जाती है। उन्होंने कहा कि दवा गुणवत्ता एवं दवा संयोजन के नशीली दवाओं के रूप में दुरूपयोग को रोकने के लिए मार्च 2019 से राज्य में प्रदेश एवं जिला स्तर पर संयुक्त कार्यबल गठित किया गया है। इस कार्यबल में प्रदेश पुलिस, नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो तथा प्रदेश दवा नियन्त्रण प्रशासन के अधिकारियों को सम्मिलत किया गया है। यह कार्यबल ऐसे सभी दवा निर्माता स्थलों का निरीक्षण सुनिश्चित बना रहा है जहां दवा संयोजन का दुरूपयोग हो सकता है। प्रदेश में दवा नियन्त्रक द्वारा औचक निरीक्षण के लिए 05 टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों ने सोलन, ऊना, सिरमौर और कांगड़ा जिलों में गत एक सप्ताह में 53 दवा निर्माता इकाईयों का निरीक्षण किया। 43 मामलों में किसी भी तरह का दुरूपयोग नहीं पाया गया। उन्होंने कहा कि 10 मामलों में जांच जारी है। इनमें से 02 मामलों में दवा निर्माण रोकने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। अन्य 02 मामलों में भण्डार सील कर दिया गया है तथा 06 अन्य मामलों में रिकाॅर्ड दिखाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। नवनीत मारवाह ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल को सर्वश्रेष्ठ दवा निर्माता हब बनाने के लिए कृतसंकल्प है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए दवा नियंत्रक के माध्यम से आवश्यक पग उठाए जा रहे हैं।
अर्की उपमंडल के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सरयांज के दूरदराज के गांव में अभी तक इंटरनेट का सिग्नल ही नहीं पंहुच पाया है। जिसके कारण स्कूली बच्चो को अपनी ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण करने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार बच्चों को अपने गांव से दूर पहाडियों पर जाकर सिग्नल तलाशना पड़ता है। जिसके कारण बच्चो की शिक्षा पर तो असर पड ही रहा है, वंहा उनके परिजनों को भी जंगली जानवरों खतरा सत्ता रहा है। बता दें कि ग्राम पंचायत सरयांज के अंतर्गत आने वाले गाँव गरुड़ नाग, चुडावली, नलिलान क्वालंग डोलरी, मनोल आदि गाँव अभी भी इनटर्नेट सुविधाओं से वंचित है। उक्त गाँव के ग्रामीणों एवं स्कूली बच्चो को भारी परेशानियों का सामना करना पड रहा है। प्रीति, दीपक, रोहित गौतम, कविता गौतम, पूनम गौतम, ध्रुव, जोगिन्द्र, कमलेश, नीलम, ललिता, उप प्रधान प्रकाश गौतम आदि ने कहा कि पंचायत के अधिकतर गांव में इंटरनेट सुविधा नही है। जिससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। वंही प्रधान रमेश ठाकुर का कहना है कियश विषय उनके संज्ञान में है। इससे सम्बंधित विभाग से बात हुई है जिसके चलते शीघ्र ही समस्या का समाधान किया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महा सचिव संजय अवस्थी ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अर्की से भाजपा के पूर्व प्रत्याशी द्वारा कोविड किट बांटने का कार्यक्रम सिर्फ राजनीति से प्रेरित है। पूरा समाज कोविड महामारी से त्रस्त है और ऐसे समय में स्थानीय भाजपा नेता द्वारा इस तरह की राजनीति करना स्वीकार्य नही है। यदि वे जनता के सच्चे हितैषी है तो सर्वप्रथम अर्की विधानसभा क्षेत्र में जो विकास कार्य ठप्प पड़े है ,उन्हें शुरू करवाएं। लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाएं। उन्होंने कहा कि आज दाड़लाघाट के सीएचसी का भवन सफेद हाथी बना हुआ है। दाड़लाघाट व जयनगर के डिग्री कॉलेज भवन का निर्माण शुरू नहीं किया गया है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बने करीब चार साल हो गए है, मगर अर्की क्षेत्र के लिए यह नेता एक भी नई योजना जनहित में नही ला पाए है।
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने आयुष विभाग को निर्देश दिए है कि 21 जून को आयोजित होने वाले अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के सम्बन्ध में लोगों को जागरूक किया जाए ताकि लोग योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। केसी चमन आज यहां अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। केसी चमन ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत इस वर्ष भी अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया जाएगा। इसके लिए आयुष निदेशालय द्वारा वर्चुअल लिंक प्रेषित किया जाएगा। अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर वर्चुअल कार्यक्रम प्रातः 7.00 बजे से 7.45 बजे तक आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 19 तथा 20 जून 2021 को जिला आयुष विभाग द्वारा प्रातः 8.00 बजे से 8.45 बजे तक वर्चुअल माध्यम से पूर्व योग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों के माध्यम से आयुष विभाग के योग प्रशिक्षक विभिन्न योग आसनों एवं स्वस्थ जीवनशैली की जानकारी प्रदान करेंगे। आयुष विभाग द्वारा जूम, फेसबुक तथा यू-टयूब जैसे सोशल मीडिया माध्यमों के लिंक द्वारा यह गतिविधियां करवाई जाएंगी। उपायुक्त ने जिला के सभी कार्यालय प्रमखों को निर्देश दिए कि वे इस लिंक को अपने कर्मचारियों के साथ-साथ विभागीय व्हट्सऐप एवं फेसबुक समूहों के साथ साझा करें ताकि अधिक से अधिक लोग योग दिवस के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित हो सकें। उन्होंने कहा कि आयुष विभाग द्वारा विभिन्न विभागों के व्हट्सऐप समूह तैयार किए जाएंगे ताकि सभी योग से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि विभिन्न विश्वविद्यालयों के उप कुलपति तथा महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों से आग्रह किया जाएगा कि अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़ने के लिए प्रदान किए गए लिंक को अपने आधिकारिक समूह एवं छात्रों के साथ साझा करें। केसी चमन ने कहा कि अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं तथा आशा कार्यकर्ताओं का सहयोग भी लिया जाएगा। इन्होंने स्वास्थ्य सम्बन्धी विभिन्न जानकारी के लिए पहले ही व्हट्सऐप समूह तैयार किए हैं। इनके माध्यम से ग्रामीण स्तर तक लोगों को योग गतिविधियों से जोड़ा जा सकेगा। रोटरी क्लब, लाॅयन क्लब, इन्नर व्हील क्लब एवं अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं की सेवाएं भी इस कार्य के लिए प्राप्त की जाएंगी। उपायुक्त ने कहा कि आयुष विभाग द्वारा कोविड-19 पाॅजिटिव होम आईसोलेटिड रोगियों के लिए 02 जून से ‘आयुष घर द्वार’ कार्यक्रम के तहत योग गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। आयुष घर द्वार कार्यक्रम के तहत जिला सोलन में होम आईसोलेशन रोगियों को 79 व्ह्टसऐप समूहों के माध्यम से योग के माध्यम से स्वस्थ रहने के विषय में जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित बनाया जाएगा कि इन व्हट्सऐप समूहों में अन्य श्रेणियां भी जोड़ी जाएं ताकि प्रत्येक समूह में 100 सहभागी हों। आयुष विभाग की ओर से बैठक में जानकारी दी गई कि विभाग 21 जून, 2021 को सांयकाल में एक आदान-प्रदान सत्र आयोजित करने की रूपरेखा तैयार कर रहा है। इस सत्र में हमारे शरीर पर प्राणायाम के प्रभावों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष रमेश ठाकुर, उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव, उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ महेन्द्र पाल गुर्जर, वन मण्डल अधिकारी नालागढ़ यशुदीप सिंह, समादेशक गृह रक्षा डाॅ. शिव कुमार शर्मा, उपण्डलाधिकारी अर्की विकास शुक्ला, उपमण्डलाधिकारी कसौली डाॅ. संजीव धीमान, उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. विकास सूद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राजन उप्पल, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डाॅ. राजेन्द्र शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बद्दी नरेंद्र कुमार, उप पुलिस अधीक्षक सोलन योगेश दत्त जोशी, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक नरेंद्र धीमान, जिला पंचायत अधिकारी मोती लाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
पायुक्त सोलन केसी चमन ने जिला के सभी उपमण्डलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे मानसून सीजन के दृष्टिगत सभी विभागों के मध्य उचित समन्वय स्थापित करें ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में टीम भावना के साथ कार्य करते हुए नुकसान को कम किया जा सके। उपायुक्त आज यहां दक्षिण-पश्चिम मानसून की तैयारियों के सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। केसी चमन ने कहा कि सभी सम्बन्धित विभाग आगामी मानसून सीजन के दृष्टिगत सभी तैयारियों को पूर्ण रखें और यह सुनिश्चित बनाएं कि कोविड-19 प्रोटोकोल की अनुपालना में कोई कोताही न हो। उन्होंने सम्भावित आपात स्थिति से पूरी सजगता के साथ निपटने के निर्देश भी दिए। उपायुक्त ने सभी उपमण्डलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे उपमण्डल स्तर पर मानसून सीजन के दृष्टिगत आवश्यक कदम उठाएं और यह सुनिश्चित बनाएं कि आवश्यकता के समय प्रभवित क्षेत्र में राहत पहुंचाने में विलम्ब न हो। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, नगर निगम सोलन, अन्य शहरी निकायों तथा पंचायती राज संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में वर्षा काल की तैयारियों के लिए गतिविधियों को शीघ्र पूर्ण करें। उन्होंने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राकृतिक जल स्त्रोतों तथा जल भण्डारण टैंकों की समयबद्ध सफाई सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी जल स्त्रोतांे की समुचित क्लोरिनेशन करने के निर्देश भी दिए। उन्हांेने माह में कम से कम 02 बार पेयजल नमूनों की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल के योग्य न रहे जल स्त्रोेतों के समीप ‘न पीने योग्य पानी’ का बोर्ड स्थापित करने के आदेश भी दिए। नगर निगम सोलन तथा अन्य शहरी निकाय व पंचायती राज संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वर्षा जल के समुचित निकासी के लिए नालियों तथा बड़े नालों में अवरोधों को हटाया जाए क्योंकि अवरोध के कारण एकत्र हुआ जल आपदा का बड़ा कारण बन सकता है। केसी चमन ने कहा कि जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण तथा पंचायती राज विभाग के अधिकारी मौसम विभाग तथा केन्द्रीय जल आयोग द्वारा समय-समय पर जारी चेतावनियों एवं परामर्श का उचित प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। यह सुनिश्चित बनाया जाए कि इस सम्बन्ध में जारी चेतावनी लोगों तक शीघ्र पहुंचे। इसके लिए आकाशवाणी, दूरदर्शन तथा सोशल मीडिया का उचित उपयोग किया जाए। उपायुक्त ने राजस्व, लोक निर्माण, जल शक्ति विभाग तथा हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड लिमिटिड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला में भूस्खलन संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर स्थानीय लोगों को इस सम्बन्ध में जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मार्ग, जलापूर्ति योजनाएं विद्युत लाईनें एवं क्षेत्र जो कि भूस्खलन अथवा बाढ़ से प्रभावित हो सकते हैं को चिन्हित किया जाए। उपायुक्त ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल जनित रोगों के उपचार के लिए आवश्यक दवाइयों का भण्डारण समुचित मात्रा में रखें। उन्होंने समुचित मात्रा में क्लोरिन पाउडर तथा गोलियों का भण्डारण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सभी उपमण्डलाधिकारियों को निर्देश दिए कि स्क्रब टाइफस एवं डेंगू जैसी बीमारियों से निपटने के लिए भी पूरी तैयार रखें और इस सम्बन्ध में लोगों को जागरूक बनाएं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग आवश्यक खाद्य वस्तुओं की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धतता सुनिश्चित करे। नगर निगम सोलन, नगर परिषद नालागढ़, नगर परिषद बद्दी, नगर परिषद परवाणू, नगर पंचायत अर्की तथा नगर पंचायत कण्डाघाट के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे पेड़ों को चिन्हित करें जिनके गिरने की संभावना है ताकि समय रहते इस दिशा में उचित कार्यवाही की जा सके। केसी चमन ने जिला के सभी उपमण्डलों में उचित स्थानों पर आपदा के समय प्रभावित व्यक्तियों के आश्रय के लिए स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष रमेश ठाकुर, उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव, उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ महेन्द्र पाल गुर्जर, वन मण्डल अधिकारी नालागढ़ यशुदीप सिंह, समादेशक गृह रक्षा डाॅ. शिव कुमार शर्मा, उपण्डलाधिकारी अर्की विकास शुक्ला, उपमण्डलाधिकारी कसौली डाॅ. संजीव धीमान, उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. विकास सूद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राजन उप्पल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बद्दी नरेंद्र कुमार, उप पुलिस अधीक्षक सोलन योगेश दत्त जोशी, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक नरेंद्र धीमान, जिला पंचायत अधिकारी मोती लाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


















































