मनाेज शर्मा। दाड़लाघाट राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चंडी अर्की में डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथोरिटी सोलन की ओर से संविधान एवं विधि व्यवस्था जागरुकता का व्याख्यान आयोजित किया गया। इस दौरान न्यायालय अर्की से एडवोकेट नीलम शर्मा ने कानून व्यवस्था की महत्ता पर प्रकाश डाला। कानून का प्रयोग, अधिकार कर्तव्य के प्रयोग के विषय में विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि आज कई सबसे बड़ी समस्या युवा वर्ग में फैलता नशा है। इससे युवा वर्ग का भविष्य अंधकारमय हो जाता है। अतः हमें अपने अधिकारों का उपयोग पता होना चाहिए तथा अपने भविष्य को उज्जवल बनाना चाहिए। इनके साथ एडवोकेट माधुरी भी उपस्थित रहीं। प्रधानाचार्य भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि आज का सत्र निश्चित ही छात्रों को संविधान में प्रदत्त अधिकारों की जानकारी एवं प्रयोग समझने की दृष्टि से महत्वपूर्ण था। इसके लिए प्रधानाचार्य ने इस कार्यक्रम के आयोजक डीएलएसए सोलन का आभार व्यक्त किया। विद्यालय में आए अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सम्पूर्ण विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहा।
मनोज कुमार। कांगड़ा राजकीय महाविद्यालय तकीपुर में सड़क सुरक्षा के अंतर्गत आज सेमिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एनएन शर्मा ने की। कार्यक्रम का आरंभ दीप प्रज्वलन से किया गया। इस कार्यक्रम में भरत भूषण एसएचओ कांगड़ा को रिसोर्स पर्सन के रूप में आमंत्रित किया गया। एसएचओ भारत भूषण ने विद्यार्थियाें को सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं के विषय में जानकारी दी। इसके अतिरिक्त दुर्घटनाओं से बचाव, सड़क यातायात नियमों के बारे में बताया गया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एनएन शर्मा ने रोड सेफ्टी के अंतर्गत की गई विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य ने रिसोर्स पर्सन भरत भूषण को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में डॉ सुरेंद्र सोनी, डॉ भगवान दास, प्रो. विजय, प्रो. पवन, डॉ प्रीति वाला, डॉ. अश्विनी शर्मा, प्रोफ़ेसर श्रुति, डॉ. स्नेह, प्रो. लेखराज, रोड सेफ्टी के प्रभारी प्रोफ़ेसर सतपाल एवं विद्यार्थी कोविड-19 एसओपी की पालना करते हुए उपस्थित रहे।
मनीष ठाकुर। इंदाैरा ठाकुरद्वारा के प्राइमरी स्कूल में कार्यरत अध्यापक विवेक कुमार शर्मा के पुत्र अर्चित सरोच ने नौवीं कक्षा की ऑल इंडिया सैनिक स्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण कर अपने अभिभावकों तथा अपने विद्यालय का नाम रोशन किया है। अर्चित के दादा प्रीतम चंद शिक्षा विभाग में वीपीओ तथा दादी सोमा देवी सीएसटी रिटायर हैं। अर्चित ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने दादा-दादी को दिया है।
छठी कक्षा के लिए 22 तथा कक्षा नवमीं के लिए 7 विद्यार्थी हुए उत्तीर्ण फर्स्ट वर्डिक्ट। घुमारवीं अपनी परंपरा को कायम रखते हुए, प्रतिष्ठा को बढ़ाते हुए और इस करोना काल में भी अपना अनुशासन बरकरार रखते हुए घुमारवीं स्थित गुणात्मक व मात्रात्मक पढ़ाई के लिए मशहूर, मिनर्वा वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय व विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की उच्च स्तरीय कोचिंग का प्रयाय बन चुके मिनर्वा स्टडी सर्कल ने वर्ष 2022 की सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा में अपनी सफलता की एक और इबारत लिखी है। सैनिक स्कूल में कक्षा छठी व कक्षा नवमी के लिए आयोजित 2022 की प्रवेश परीक्षा इस वर्ष 9 जनवरी को एनटीए द्वारा पूरे भारतवर्ष में विभिन्न परीक्षा केंद्राें पर आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम सोमवार देर शाम को घोषित किया गया। मिनर्वा संस्थान से इस परीक्षा के लिए पढ़ाई/कोचिंग प्राप्त कर कक्षा छठी के लिए वैदिक शर्मा, पुत्र विनय शर्मा, अभिमन्यु शर्मा, पुत्र अश्वनी शर्मा, अक्षित शर्मा, पुत्र सुभाष चंद, अंतरिक्ष पुत्र नीरज कुमार, आराध्य रत्न भारद्वाज पुत्र राकेश कुमार, आर्यन पराशर पुत्र कमलेंद्र कुमार, अश्विका, पुत्री नवीन कुमार, आयुष जसवाल पुत्र मोहिंद्र सिंह, नंदिनी धीमान पुत्री नरोतम दत्त, रेयांश शर्मा पुत्र विपिन शर्मा, रोहित सूद पुत्र मोहित सूद, सारांश भारद्वाज पुत्र कुलदीप राम, शौर्य शमा पुत्र कपिल शमा, वेदाक्षी शर्मा पुत्री विनोद कुमार, आकाश भंडारी पुत्र अशोक कुमार, तरूण शर्मा पुत्र यशपाल, सोरव कुमार, पुत्र पवन कुमार, अनमोल शर्मा पुत्र मनदीप शर्मा, समीक्षा चौहान पुत्री पवन सिंह, अभिनंदन ठाकुर पुत्र राजेश ठाकुर, आयाशनी पुत्री कमल कुमार तथा वरूण गौतम, पुत्र सतीश कुमार ने ये परीक्षा उत्तीर्ण की है। इसके साथ कक्षा नवमी के लिए करण राज पटियाल पुत्र राज कुमार पटियाल, आदित्य कशयप पुत्र प्रवीण कुमार, आर्यन कृष्ण शर्मा पुत्र अजय कुमार शर्मा, इशांत जसवाल पुत्र मोहिंद्र सिंह, अंकुश पुत्र आनंद किशोर, विहान पुत्र रेखा कुमारी तथा दिक्षांत कुमार पुत्र राजेश कुमार ने इस बहुप्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा को उत्तीर्ण कर जहां एक ओर सभी को गौरवान्वित किया है। वहीं, दूसरी ओर अपने-अपने उज्जवल भविष्य की नींव को और सुदृढ़ किया है। इस अवसर पर जहां एक ओर इन सभी बच्चों के घरों पर खुशी का माहौल है। वहीं, दूसरी ओर मिनर्वा संस्थान में भी सबके चेहरे खुशी से सराबोर है तथा इसी खुशी को जाहिर करते हुए मिनर्वा वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य तथा मिनर्वा स्टडी सर्कल के संस्थापक व संयोजक प्रवेश चंदेल तथा मिनर्वा स्टडी सर्कल के मुख्य प्रबंधक राकेश चंदेल ने सभी उत्तीर्ण विद्यार्थियों, उनके माता-पिता, परिवारजनों व संस्थान के सभी अध्यापकों व कर्मचारियों का मिनर्वा में विश्वास जताने और इस उपलब्धि के लिए सभी का धन्यवाद कर सभी के उज्जवल भविष्य की कामना की। मिनर्वा स्टडी सर्कल के मुख्य प्रबंधक राकेश चंदेल ने बताया इस वर्ष की सैनिक स्कूल परीक्षा के लिए संस्थान जुलाई या अगस्त 2022 से कोचिंग कक्षाएं शुरू करेगा तथा उन्होंने ये भी बताया कि एनटीएससी, क्लैट, जेईई व नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की सुचारू रूप से पढ़ाई के लिए इस वर्ष से मिनर्वा स्टडी सर्किल दस जमा एक के साथ-साथ नवमी तथा दसवीं की कोचिंग भी जमा एक व जमा दो के आधार शुरू कर रहा है, जिसके लिए आजकल संस्थान में पंजीकरण प्रक्रिया जारी है।
-मिनर्वा स्टडी सर्कल घुमारवीं के 25 विद्यार्थियों ने उत्तीर्ण की सैनिक स्कूल 2022 प्रतियोगी परीक्षा -छठी कक्षा के लिए 19 तथा कक्षा नवमीं के लिए 6 विद्यार्थी हुए उत्तीर्ण -कक्षा छः के लिए वैदिक शर्मा 225 अंक व कक्षा नौ के लिए करण राज पटियाल 254 के सर्वाधिक अंक अपनी परम्परा को कायम रखते हुए, प्रतिष्ठा को बढ़ाते हुए और इस करोना काल में भी अपना अनुशासन बरकरार रखते हुए घुमारवीं स्थित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की उच्चस्तरीय कोचिंग का पर्याय बन चुके मिनर्वा स्टडी सर्कल ने वर्ष 2022 की सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा में अपनी सफलता की एक और इबारत लिखी है। सैनिक स्कूल में कक्षा छठी व कक्षा नवमी के लिए आयोजित सन् 2022 की प्रवेश परीक्षा इस वर्ष 9 जनवरी को एन॰टी॰ ए॰ द्वारा पूरे भारत वर्ष में विभिन्न परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित की गई थी जिसका परिणाम सोमवार देर शाम को घोषित किया गया। इस अवसर पर जहाँ एक ओर सफल हुए सभी बच्चों के घरों पर खुशी का माहौल है वहीं दूसरी ओर मिनर्वा संस्थान में भी सबके चेहरे खुशी से सराबोर है। इन्होंने की परीक्षा पास : मिनर्वा स्टडी सर्कल से इस प्रतियोगी परीक्षा के लिए कोचिंग प्राप्त कर कक्षा छठी के लिए वैदिक शर्मा पुत्र श्री विनय शर्मा, अभिमन्यु शर्मा पुत्र श्री अश्वनी शर्मा, अक्षित शर्मा पुत्र श्री सुभाष चन्द, अन्तरिक्ष पुत्र श्री नीरज कुमार, आराध्य रत्न भारद्वाज पुत्र श्री राकेश कुमार, आर्यन पराशर पुत्र श्रीकमलेन्द्र कुमार, अश्विका पुत्री श्री नवीन कुमार, आयुष जसवाल पुत्र श्री मोहिन्दर सिंह, नन्दिनी धीमान पुत्री श्री नरोतम दत्त, रेयांश शर्मा पुत्र श्री विपिन शर्मा, रोहित सूद पुत्र श्री मोहित सूद, सारांश भारद्वाज पुत्र श्री कुलदीप राम, शौर्य शर्मा पुत्र श्री कपिल शर्मा, वेदाक्षी शर्मा पुत्री श्री विनोद कुमार,आकाश भण्ड़ार पुत्र श्री अशोक कुमार, तरूण शर्मा पुत्र श्री यशपाल, सोरव कुमार पुत्र श्री पवन कुमार, अनमोल शर्मा पुत्र श्री मनदीप शर्मा तथा समीक्षा चौहान पुत्री श्री पवन सिंह ने ये परीक्षा उत्तीर्ण की है। इसके साथ कक्षा नवमी के लिए करण राज पटियाल पुत्र श्री राजकुमार पटियाल, आदित्य कशयप पुत्र श्री प्रवीण कुमार, आर्यन कृष्ण शर्मा पुत्र श्री अजय कुमार शर्मा, इशांत जसवाल पुत्र श्री मोहिन्दर सिंह, अंकुश पुत्र श्री आन्नद किशोर, तथा विहान पुत्र श्रीमति रेखा कुमारी ने इस बहुप्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा को उत्तीर्ण कर जहाँ एक ओर सभी को गौरवान्वित किया है वहीं दूसरी ओर अपने-अपने उज्जवल भविष्य की नींव को और सुदृढ किया है। प्रबंधन ने की छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना : मिनर्वा स्टडी सर्कल के संस्थापक व संयोजक प्रवेश चन्देल तथा संस्थान के मुख्य प्रबंधक राकेश चन्देल ने सभी उत्तीर्ण विद्यार्थियों, उनके माता-पिता, परिवारजनों व संस्थान के सभी अध्यापकों/कर्मचारियों का मिनर्वा में विश्वास जताने के लिए आभार जताया तथा सभी छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना की। जुलाई में शुरू होगी कोचिंग कक्षाएं : मिनर्वा स्टडी सर्कल के मुख्य प्रबंधक राकेश चन्देल ने बताया कि इस वर्ष की सैनिक स्कूल परीक्षा के लिए संस्थान जुलाई या अगस्त 2022 से कोचिंग कक्षाएं शुरू करेगा तथा उन्होंने ये भी बताया कि एन॰टी॰ एस॰सी॰, क्लैट॰, जे॰ई॰ई॰ व नीट॰जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की सुचारू रूप से पढाई के लिए इस साल से मिनर्वा स्टडी सर्कल दस जमा एक के साथ-साथ नवमी तथा दसवीं की कोचिंग भी जमा एक व जमा दो के आधार शुरू कर रहा है जिसके लिए आजकल संस्थान में पंजीकरण प्रक्रिया जारी है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। दाड़लाघाट राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सरयांज में चल रहे सात दिवसीय एनएसएस शिविर का समापन हुआ। समापन समारोह में पंचायत प्रधान सरयांज रमेश ठाकुर मुख्यातिथि रहे, जबकि पंचायत समिति सदस्य रीता ठाकुर व विद्यालय प्रबंधन समिति प्रधान जगदीश शर्मा विशेष अतिथि के रूप उपस्थित रहे। समापन समारोह की अध्यक्षता प्रधानाचार्य प्रेम लाल नेगी ने की। इस दौरान शिविर में स्वयंसेवकों ने एनएसएस प्रभारी दीपक ठाकुर के मार्गदर्शन में एक सुव्यवस्थित दिनचर्या का पालन करते हुए प्रतिदिन सराहनीय कार्य किए। शिविर के दौरान स्वयं सेवकों द्वारा विद्यालय, पंचायत कार्यालय सरयांज, मंदिर परिसर मनोल, बुइला व पट्टा में क्यारियों व रास्तों का निर्माण और रखरखाव किया गया व विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इस मौके पर बाड़ादेव मंदिर परिसर में भी क्यारियों का निर्माण व पौधरोपण किया गया। शिविर के दौरान स्वयं सेवकों ने नियमित रूप से योगाभ्यास किया। बौद्धिक सत्र में स्वयं सेवकों को स्वास्थ्य, कैरियर, योग, मोबाइल सदुपयोग, संस्कार व जीवन मूल्यों पर विशेष जानकारी प्रदान की गई। स्वयंसेवक मंजु, दिक्षा देवी, ज्योति त्यागी, उमेश, जीवन व उमेश कुमार को उत्कृष्ट स्वयं सेवक पुरस्कार दिया गया। शिविर को सफल बनाने में गांव सरयांज, बुइला, मनोल व पट्टा के लोगों ने भी सराहनीय योगदान दिया। प्रधानाचार्य प्रेम लाल नेगी, पंचायत प्रधान रमेश ठाकुर, पंचायत समिति सदस्य रीता ठाकुर व विद्यालय प्रबंधन समिति प्रधान जगदीश शर्मा ने एनएसएस प्रभारी दीपक ठाकुर सभी स्वयंसेवकों व समस्त विद्यालय परिवार को इस सात दिवसीय शिविर के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। इस मौके पर विद्यालय सरयांज के अध्यापकों, स्थानीय ग्रामीणों सहित स्वयंसेवक मौजूद रहे।
उद्यांश सूद। लडभड़ोल क्षेत्र के निजी स्कूल भारती ज्ञान पीठ की छात्रा सुरभी और छात्र आदर्श ने सैनिक स्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। सुरभी और आदर्श की इस सफलता से उसके माता पिता खुश हैं। वहीं, क्षेत्र में भी खुशी का माहाैल है। सुरभी और आदर्श की इस सफलता पर स्कूल प्रधानाचार्या मोनिका शर्मा ने दोनों बच्चों को बधाई दी और उसके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने सुरभी और आदर्श के माता-पिता को भी बधाई देते हुए कहा की भारती ज्ञान पीठ अपने बच्चों को निःशुल्क कोचिंग प्रदान करवाता है। उन्होंने स्कूल के अध्यापकों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने करोना के दौर में भी बच्चों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। वहीं, सुरभी के माता-पिता ने भी स्कूल के अध्यापकों के प्रयास को सराहा है और बेटी की सफलता का श्रेय स्कूल के अध्यापकों को दिया है। आदर्श के माता-पिता ने भी स्कूल प्रबंधन और अध्यापकों को इसकी कामयाबी का श्रेय दिया है। सुरभी और आदर्श भी अपनी इस सफलता से खुश हैं।
मनाक्षी साेनी। हमीरपुर भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही व्यवसायिक शिक्षा में औद्याेगिक भ्रमण विद्यार्थियों को उद्योग एवं अन्य विभागों के कार्य संबंधी वातावरण से अवगत करवाने मे सहायक सिद्ध हो रहा है। इसी कड़ी में रावमा पाठशाला भोटा के 20 विद्यार्थियों ने भारत संचार निगम एक्सचेंज हमीरपुर मे औद्याेगिक भ्रमण किया। जिसमें छात्रों ने स्विचिंग टेक्नोलॉजी, ब्रॉडबैंड एवं फाइबर से संबंधित कार्य की जानकारी ली। बीएसनल के अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने बच्चों को बीएसनल के अलग-अलग कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। इस एक दिवसीय भ्रमण मे स्कूल की व्यवसायिक शिक्षिका इति शर्मा बच्चों के साथ उपस्थित रही। स्कूल प्रधानाचार्या अंजू मल्होत्रा ने कहा कि व्यवसायिक शिक्षा बच्चों के सर्वांगीण विकास तथा भविष्य में रोजगार के अवसर प्राप्त करने मे सहायक सिद्ध हो रही है। इस दिशा में सरकार के प्रयास काफी सराहनीय है।
मनाेज कुमार । कांगड़ा राजकीय महाविद्यालय तकीपुर में सड़क सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत आज निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने इस प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति विद्यार्थियों में जागृति पैदा करना है। इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपने निबंध लेखन में सड़क पर होने वाली दुर्घटनाएं, सड़क सुरक्षा नियम एवं दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों का उल्लेख किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एनएन शर्मा उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद दिया तथा चार पहिया वाहन सीट बेल्ट लगाकर और दाे पहिया वाहन हेलमेट लगाकर चलाने का संदेश भी दिया। इस प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका में प्रो. विजय कुमार एवं प्रो. श्रुति शर्मा रहे। इस कार्यक्रम में डॉ प्रीति वाला, प्रो. लेखराज, रोड सेफ्टी क्लब के प्रभारी प्रो. सतपाल एवं विद्यार्थी कोविड-19 एसओपी की पालना करते हुए उपस्थित रहे।
अंग्रेजी व विज्ञान-गणित के रिक्त सैकड़ों पदों पर नवीन चयनसूचि जारी करने की रखी मांग फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला एसएलपी वापसी के बाद भी रीट भर्ती 2016 में रिक्त पड़े सैकड़ों पदों पर नवीन चयनसूचि जारी कर नियुक्ति देने की मांग जोर पकड़ने लगी है। मंगलवार को वर्षों से नियुक्ति का इंतजार कर रहे दर्जनों बेरोजगारों ने जयपुर पहुंचकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को इस बाबत लिखित ज्ञापन सौंपा। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता व पूर्व राज्यमंत्री गोपाल केसावत की अगवाई में पीड़ित अभ्यर्थियों ने उक्त भर्ती के मामले में एसएलपी वापस लेने के ऐतिहासिक निर्णय पर मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया। साथ ही सरकार के उक्त कदम के बाद भी रिक्त पड़े सैकड़ों पदों पर नवीन सूचि जारी कर वर्षों से भटक रहे पात्र बेरोजगारों के लिए नई सूचि जारी कर यथाशीघ्र नियुक्ति दिलवाने हेतु लिखित ज्ञापन सौंपा। बेरोजगारों ने ज्ञापन की मार्फत सीएम को अवगत करवाया कि वर्तमान में उक्त भर्ती में अंग्रेजी व विज्ञान-गणित के करीब 600 पद रिक्त हैं। इसलिए नई चयनसूचि जारी कर सरकार के एसएलपी वापसी के ऐतिहासिक कदम को सार्थक साबित करते हुए बेरोजगारों को यथाशीघ्र नियुक्ति दिलवाई जाए। मुख्यमंत्री ने उपस्थित प्रतिनिधिमंडल को मामले में सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। बेरोजगारों के दल में सोना टेलर, पूनम शेखावत, रिछपाल दून, रवि, अल्का, राजीव शर्मा, राकेश शर्मा, सुभाष यादव, दिनेश ओलान, देवेंद्र चाहर व पुरुषोत्तम वर्मा सहित दर्जनों अभ्यर्थी शामिल रहे। क्यों अटका है मामला रीट भर्ती-2016 वर्षों से लंबित है। गत वर्ष राजस्थान सरकार ने बेरोजगार हित में सुप्रीम कोर्ट से एसएलपी वापस लेकर रिक्त पदों को भरने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया था, लेकिन निदेशालय ने बिना कागजात सत्यापन किए ही अस्थायी चयनसूचि जारी कर मामले से पल्ला झाड़ लिया था। कागजात सत्यापन के दौरान अंग्रेजी व विज्ञान-गणित के करीब 600 अभ्यर्थी अपात्र व अनुपस्थित पाए गए हैं, जिससे अस्थायी सूचि में से करीब आधे पद रिक्त रह गए हैं।
फर्स्ट वर्डिक्ट। दाड़लाघाट राजकीय प्राथमिक पाठशाला ग्याणा में शिक्षा संवाद व विद्यालय का सहारा समुदाय हमारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया।इस दौरान विद्यालय प्रभारी ज्योति महाजन ने विद्यालयों के कार्यों, विद्यार्थियों का शिक्षण स्तर तथा एनईपी-2020 के अंतर्गत एफएलएन तथा निपुण भारत और निपुण हिमाचल के लक्ष्यों के बारे सभी के साथ चर्चा की, जबकि विद्यालय में सीखने कि प्रक्रिया प्रभावी बनाने तथा बच्चों का सर्वांगीण विकास करने बारे चर्चा की गई। ज्योति महाजन ने बताया कि शिक्षा संवाद के दौरान मार्च में होने वाली वार्षिक परीक्षा के लिए बच्चों की तैयारी करवाने के लिए अभिभावकों से आग्रह किया। इस अवसर पर प्रबंधन कमेटी के प्रधान राकेश, आशु, शर्मिला, नेकराम, मस्त राम, धनीराम सहित विद्यालय के एसएमसी कमेटी के सदस्य व अभिभावक सहित अन्य मौजूद रहे।
रंजीत सिंह। कुनिहार इग्नू स्पेशल स्टडी सेंटर कुनिहार में जुलाई सत्र-2021 के छात्रों के लिए परिचय सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में इग्नू स्पेशल स्टडी सेंटर कुनिहार के कॉर्डिनेटर डॉ रोशन लाल शर्मा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। डॉ रोशन लाल शर्मा ने इग्नू से जुड़े सभी नए छात्रों को उनके सभी पाठ्यक्रमों संबंधी विस्तृत व महतवपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाई। साथ ही उन्होंने स्पेशल स्टडी सेंटर के बारे जानकारी देते हुए बताया कि कुनिहार में यह सेंटर 8 वर्षों से कार्य कर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और दूरवर्ती माध्यम से गुणात्मक शिक्षा प्रदान कर रहा है। इस परिचय सभा मे सभी नए छात्रों का स्वागत कर उनके द्वारा पूछे प्रश्नों का निदान किया गया। काउंसलरों द्वारा छात्रों के विषयों से जुड़ी समस्याओं का समाधान भी किया गया। साथ ही छात्रों को सत्रीय कार्यक्रम व परिक्षा फार्म व असाइनमेंट आदि जानकारियों से अवगत करवाया गया। समन्वयक ने बताया कि हर रविवार को काउंसलरों द्वारा पाठ्यक्रमों सम्बन्धी जानकारी प्रदान की जाएगी। इस बैठक में सुरेंद्र कुमार, अंजना ठाकुर, वीना कुमारी व चंद्रकांता आदि शामिल रहे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शाहपुर रैत शिक्षा खंड के दो अध्यापक ओम प्रकाश केंद्र मुख्य शिक्षक केंद्र सलावना व पवन धीमान मुख्य शिक्षक राजकीय प्राथमिक पाठशाला अंनसुई से सेवानिवृत्त हुए हैं। पवन धीमान ने कुल 26 वर्ष 6 महीने शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं दी। ओम प्रकाश ने कुल सेवा 33 वर्ष 10 महीने शिक्षा विभाग में सेवाएं दी। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी कमलेश पठानिया, प्रीतम ठाकुर ने दोनों अध्यापको को शुभकामनाएं दी। प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा आयोजित विदाई समारोह में शिक्षक संघ द्वारा दोनों अध्यापकों को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर खंड प्रधान राजीव शर्मा और महासचिव पंकज मनकोटिया ने दोनों अध्यापकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक का देश निर्माण में बहुमूल्य योगदान रहता है और शिक्षक संघ ने दोनों अध्यापकों के योगदान को खूब सराहा। इस अवसर पर बीआरसीसी सुनील धीमान, केंद्र मुख्य शिक्षक अरविंद धीमान, विजय कुमार, मिंटो देवी, निशा कुमारी, उर्मिला देवी, जगीर सिंह व सतनाम कौर और अलग सेंटर के अध्यापक शामिल रहे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। दाड़लाघाट हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ संगठनात्मक जिला दाड़लाघाट का कर्तव्य बोध कार्यक्रम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सरयांज में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्यातिथि प्रांत उपाध्यक्ष नरेंद्र कपिल रहे। इस दौरान जिला संगठन मंत्री अमर देव ने मंच संचालन करते हुए सर्वप्रथम समस्त उपस्थित शिक्षकों का परिचय मुख्यातिथि को करवाया। उसके पश्चात प्रमुख उद्बोधन के लिए आए नरेंद्र कपिल ने कर्तव्य बोध विषय पर अपने विचारों से सभी उपस्थित अध्यापकों व विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कर्तव्य को परिभाषित करते हुए कहा कि एक शिक्षक का बच्चों के प्रति कर्तव्य बच्चों का शिक्षकों के प्रति कर्तव्य हमारा अपने परिवार के प्रति तथा समाज के प्रति क्या कर्तव्य है। बड़े ही सहज व सुंदर ढंग से कई प्रेरक उदाहरणों की सहायता से समझाया। उन्होंने बच्चों को भी उनके कर्तव्यों का बोध करवाया। अध्यापकों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज का एक महत्वपूर्ण भाग है, उसे यूं ही राष्ट्र निर्माता नहीं कहते, उसे अपनी उत्तरदायित्व को समझना होगा तथा ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए समाज को एक नई दिशा देनी होगी, तभी समाज भी शिक्षकों का सम्मान करेगा। उन्होंने अपने संघ के उद्देश्य को परिभाषित करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ जो कि अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की प्रेरणा से कार्य करता है। यह एक ऐसा संगठन है, जो न केवल शिक्षक हित की बात करता है, बल्कि एक ऐसी शिक्षा व्यवस्था की बात करता है, जो राष्ट्र के हित में हो, शिक्षक भी शिक्षा के हित में हो। वे अपना कर्तव्य समझें, तभी समाज भी शिक्षक के हित में रहेगा। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष व प्रधानाचार्य सरयांज प्रेमलाल नेगी, जिला मंत्री प्रदीप चंदेल, मीडिया प्रभारी भीम सिंह, कार्यकारिणी सदस्य रमेश ठाकुर, डॉक्टर मुक्तेश, देवी सिंह, पुष्पेंद्र कुमार, केशव वर्मा, अमर सिंह, वीरेंद्र कुमार, दीपक ठाकुर, सरोज व कक्षा 11वीं व 12वीं के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
मनोज कुमार। कांगड़ा राजकीय महाविद्यालय तकीपुर में सड़क सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत पेंटिंग, पोस्टर मेकिंग और स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने इन प्रतियोगिताओं में बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। इन प्रतियोगिताओं का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागृति पैदा करना है। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सड़क सुरक्षा को दर्शाते हुए चित्रकारी के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। इसी कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों ने सड़क सुरक्षा से संबंधित नारे लिखकर छात्र-छात्राओं को जागरूक किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एनएन शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने महाविद्यालय में विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद दिया। इन प्रतियोगिताओं में निर्णायक मंडल की भूमिका में डॉ सुरेंद्र सोनी, डॉ भगवान दास एवं डॉ अश्विनी शर्मा रहे। इस कार्यक्रम में डॉ प्रीति वाला, प्रोफ़ेसर लेखराज, रोड सेफ्टी क्लब के प्रभारी प्रोफेसर सतपाल एवं विद्यार्थी कोविड 19 एसओपी की पालना करते हुए उपस्थित रहे। वहीं, चित्रकारी प्रतियोगिता सात्विक शर्मा प्रथम, पस्थान काजल द्वितीय स्थान, बनिता तृतीय स्थान पर रही। इसी प्रकार पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में कामना देवी प्रथम स्थान, रजत कुमार द्वितीय स्थान, ज्योति एवं अंकिता तृतीय स्थान पर, नारा लेखन प्रतियोगिता बनिता प्रथम स्थान, ज्योति द्वितीय स्थान व अंकिता तृतीय स्थान पर रही।
डाडा सीबा के 25 वर्षीय आशीष भाटिया ने यूजीसी नेट परीक्षा पास करके क्षेत्र में अपने रिजल्ट का लोहा मनवाया है। आशीष भाटिया ने बताया कि हाल ही में उनका यह रिजल्ट आया जिसमें वह पास हुए हैं। आशीष भाटिया ने अपनी 10वीं एवं 12वीं की पढ़ाई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डाडा सीबा से की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई ढलियारा कॉलेज से की है। इस परीक्षा को पास करने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की जिसकी सफलता का श्रेय उन्होंने अपने स्वर्गीय पिता धर्म चन्द और माता चम्पा देवी को दिया है। 25 वर्षीय आशीष की इस सफलता से क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ उठी है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पलौहड़ा की वोकेशनल टीम का तीन दिवसीय कार्यक्रम संपन्न हो गया। इसके तहत वोकेशनल विषय के विद्यार्थियों ने टूर गाइड बनने के अलावा, टेलीकॉम, फूड प्रेपरेशन और संचार प्रक्रिया की बारीकियां जानी। स्कूल प्रधानाचार्य मोहिंद्र पठानिया ने बताया कि वोकेशनल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्कूल में कंप्यूटर शिक्षा के साथ टूरिज्म एवं कम्युनिकेशन विषय की पढ़ाई भी करवाई जाती है। वहीं, टूरिज्म प्रवक्ता सुनील शर्मा और कम्युनिकेशन प्रवक्ता गोविंद लाबरा का कहना है कि स्कूल में बच्चों का स्किल डिवेल्पमेंट पर विशेष लेक्चर आयोजित करवाए जाते हैं। बच्चों को व्यवसायिक क्रम से जोड़ने के लिए तीन दिवसीय कार्यक्रम से जोड़ा गया और इन बच्चों को जवाली के ही बीएम होटल ले जाकर खाना बनाने से लेकर परोसन तक की कला से अवगत करवाया गया। इसके अलावा ऑपटिकल फाइवर की जानकारी भी बच्चों को दी गई। इस मौके पर कंपनी संचालक अजय कुमार और नीरज गुलेरिया ने भी बच्चों को टूर प्रबंधन व कम्युनिकेशन की जानकारी दी।
वाणिज्य एवं प्रबंधन समिति एवं अर्थशास्त्र विभाग द्वारा किया गया कार्यक्रम मनाेज कुमार। कांगड़ा अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय महाविद्यालय तकीपुर में 'केंद्रीय बजट 2022- 23' पर सेमिनार का आयोजन वाणिज्य एवं प्रबंधन समिति एवं अर्थशास्त्र विभाग द्वारा किया गया। सेमिनार का शुभारंभ करते हुए कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ एनएन शर्मा ने मुख्य वक्ता का स्वागत करते हुए छात्रों को इस प्रतियोगी युग में उनके सर्वांगीण विकास हेतु इस प्रकार के कार्यक्रम के आयोजन को मील पत्थर बताया। कार्यक्रम के मुख्यातिथि डॉ मंजीत सिंह, सहायक प्रोफेसर गवर्नमेंट कॉलेज नगरोटा बगवां थे। इस अवसर पर उन्होंने केंद्रीय बजट के सभी पक्षों सामाजिक, आर्थिक और विकास के लिए केंद्र सरकार की दूरदर्शिता से अभिहित करवाया। इस अवसर पर उन्होंने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर प्रणाली पर विस्तृत व्याख्यान दिया और बताया कि किन-किन तरीकों से सरकार को राजस्व आय होने की संभावना है। इस अवसर पर बी.कॉम के छात्र राहुल ने बजट के विभिन्न बिंदुओं पर अपने विचार रखे, प्राचार्य डॉ एनएन शर्मा ने छात्र की सराहना करते हुए राहुल को बेस्ट ओरेटर अवार्ड से सम्मानित कर प्रेरणा संदेश दिया तथा आह्वान किया की छात्र-छात्राओं को अपने संसाधनों के अनुरूप व्यावहारिक होते हुए पूर्ण लगन के साथ कृत संकल्प होकर अपने उद्देश्य की प्राप्ति हेतु कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। मंच संचालन एवं कार्यक्रम का संयोजन डॉ स्नेह लता ने किया। सेमिनार के मुख्य संयोजक डॉ. भगवान दास तथा सह संयोजक प्रोफेसर पवन धीमान तथा सभी प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।
मनाेज कुमार। कांगड़ा राजकीय महाविद्यालय मटौर में सड़क सुरक्षा एवं यातायात संकेतों के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए महाविद्यालय के सड़क सुरक्षा क्लब ने आज महाविद्यालय में पोस्टर मेकिंग एवं नारा लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया। महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने इस प्रतियोगिता में बड़े ही उत्साह के साथ भाग लिया। सड़क सुरक्षा क्लब के संयोजक डॉक्टर प्रवेश गिल ने इस अवसर पर सड़क का प्रयोग करने वाले वाहन चालकों, पैदल यात्रियों व अन्य वाहनों के संबंध में विस्तार से बताया। राहगीरों चालक राहगीरों के कर्तव्य ओवर स्पीड, ओवरलोडिंग व टिप्पलिंग आदि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। इस गतिविधि में महाविद्यालय के लगभग 50 विद्यार्थियों ने पोस्टर मेकिंग और नारा लेखन में भाग लिया। इसमें पोस्टर मेकिंग में शालिनी बीए तृतीय ने प्रथम, अमृता बीकॉम द्वितीय, तुषार बीकॉम तृतीय स्थान पर रहे। वहीं, नारा लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान सूरज बीए दो, द्वितीय स्थान पायल बीकॉम दो व तृतीय स्थान सुरेंद्र बीकॉम तीन विजेता रहे।
यूजी एवं पीजी परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि आगे बढ़ाने की उठाई मांग फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने शनिवार विभिन्न छात्र मांगों को लेकर परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन सौंपा। विद्यार्थी परिषद ने ज्ञापन के द्वारा प्रशासन से मांग कि छात्रों से संबंधित इस मांग को प्रशासन जल्द पूरा करें। इकाई अध्यक्ष आकाश नेगी ने बताया कि आज विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता अपनी मांग को लेकर परीक्षा नियंत्रक से मिले। अपनी मांग को लेकर आकाश ने कहा कि आजकल विश्वविद्यालय में फाइनल एग्जाम के ऑनलाइन फॉर्म भरने का दौर चला है, लेकिन हम देखते हैं कि अभी भी सैकड़ों छात्रों की लॉगिंन आईडी अभी तक नहीं खुल रही है, जो कि प्रशासन की खामियों को दर्शाती है। लॉगिंन आईडी नहीं खुलने के कारण छात्र अपने एग्जाम फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं। इसमें तकनीकी खामियां होने के कारण इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ता है, जो कि छात्रों के साथ सरासर अन्याय है। आकाश ने कहा कि प्रशासन दो बार परीक्षा फॉर्म भरने की तिथियों को आगे बढ़ा चुका है, लेकिन अभी भी बहुत से छात्रों की लॉगिंन आईडी खुल नहीं रही है, जिसके कारण छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसीलिए विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि जो कि 19 फरवरी है, उसे आगे बढ़ा दिया जाए, ताकि सभी विद्यार्थी अपना परीक्षा फॉर्म भर पाए। आकाश ने कहा कि विद्यार्थी परिषद आशा करती है कि विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द से जल्द उनकी इन मांगों को पूरा करेगा। साथ ही साथ उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए भी कहा कि अगर जल्द से जल्द इन छात्र मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो आने वाले समय में प्रशासन को विरोध का सामना करना पड़ेगा, जिसके लिए प्रशासन स्वंय जिम्मेदार होगा।
मनाेज शर्मा। दाड़लाघाट अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन प्राइवेट आईटीआई दाड़लाघाट में वित्तीय साक्षरता सप्ताह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन यूको बैंक दाड़लाघाट के प्रबंधक गौरव शर्मा ने अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन प्राइवेट आईटीआई में करवाया। इसी दौरान महेश, मदन एसएलसी ऑफिसर ने प्रशिक्षणार्थियों को सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न प्रकार की दुर्घटना बीमा पॉलिसी के बारे में जागरूक किया तथा एक सफल उद्यमी बनने के लिए सरकार को बहुत-सी योजनाओं के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के वित्तीय विषय डिजिटल चुनो सुरक्षा के साथ इस कार्यक्रम में भरत आनंद एजीएम आरबीआई ने भारतीय रिजर्व बैंक प्रत्येक वर्ष चुनिंदा महत्वपूर्ण वित्तीय विषय के बारे में आम जनता को जागरूक करता आ रहा है। इसी कड़ी में इस बार सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग जिसमे यूपीआई, नेट बैंकिंग और एटीएम के माध्यम से सुरक्षित वित्तीय लेन-देन किया जाता है।अंत में संस्थान के प्रधानाचार्य राजेश कुमार शर्मा ने कार्यक्रम में आए मेहमानों का उनके द्वारा बताए की जानकारी के लिए संस्थान की ओर से धन्यवाद किया। कार्यक्रम में संस्थान के 70 प्रशिक्षणार्थियों और प्रशिक्षकों ने भाग लिया।
रंजीत सिंह। कुनिहार छात्र विद्यालय कुनिहार की प्रबंधन समिति का प्रतिनिधिमंडल वीरवार को समिति अध्यक्ष रणजीत सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में विद्यालय की समस्याओं व मांगों को लेकर शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप से मिला। उन्हाेंने सांसद को विद्यालय की समस्याओं से अवगत करवाकर एक मांग पत्र दिया, जिसमें विद्यालय के कार्यों को फंड उपलब्ध करवाने की मांग की गई। सांसद ने प्रबंधन समिति को आश्वस्त करते हुए शीघ्र ही फंड की व्यवस्था करवाने का आस्वासन दिया। इस मौके पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल, मंडल अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा, विद्यालय प्रधानचार्य बीएस ठाकुर व समिति के सभी सदस्य मौजूद रहे।
मनीष ठाकुर। इंदौरा मिनर्वा कॉलेज आफ एजुकेशन इंदौरा चंगराडा में आज तृतीय सत्र के छात्रों ने प्रथम सत्र के छात्रों के विद्यार्थियों के लिए फ्रेशर पार्टी का आयोजन किया इस में सभी छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया। मिनर्वा कॉलेज के अध्यक्ष जे एस पटियाल बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने नए प्रशिक्षु अध्यापकों के मंगल भविष्य की शुभामनाओं के साथ स्वागत किया और मिनर्वा कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ प्रशांत शर्मा द्वारा भी विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए शुभकमनाएं दी और इस कार्यक्रम के दौरान मनीष को मिस्टर फ्रेशर और संकेतिका को मिस फ्रेशर चुना गया। वहीं, सचिन को मिस्टर टैलेंटेड और शिखु को मिस टैलेंटेड चुना गया। आजाद को मिस्टर हैंडसम और अनीता को मिस ब्यूटीफुल चूना गया और परफोरमेंस के लिए संदीप, परमेस और देश राज को भी मंच पर सम्मानित किया गया। इस उपलक्ष्य पर कॉलेज की प्रबंधक कमेटी की महासचिव कमलेश पटियाल भी उपस्थित रहीं और उन्होंने सभी विद्यार्थियों को अपना आशीर्वाद और आगे बढ़ने के लिए उत्साहित किया।
रंजीत सिंह। कुनिहार इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के अंतर्गत राजकीय उच्च विद्यालय खरड़ हट्टी की नौवीं कक्षा की छात्रा प्रियंका शर्मा ने विद्यालय व क्षेत्र का नाम रोशन किया है। यह जानकारी विद्यालय मुख्य अध्यापिका ममता गुप्ता ने दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत प्रियंका शर्मा को 10,000 प्रोत्साहन राशि सरकार द्वारा अपना प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए दी गई है। इससे विद्यालय व पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। ममता गुप्ता ने इस सफलता का श्रेय विज्ञान अध्यापक शशिकांत को दिया। जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से प्रियंका को इस मुकाम पर पहुंचाया। वहीं, विद्यालय अध्यापकों व एसएमसी अध्यक्ष व सदस्यों ने इस उपलब्धि के लिए छात्रा को बधाई दी। वहीं, प्रियंका गुप्ता से जब बात की गई, तो उन्होंने इस सब का श्रेय अपने माता-पिता व अध्यापकों को दिया।
मनाेज कुमार। कांगड़ा ग्राम पंचायत ठाकुरद्वारा द्वारा आज राजकीय उच्च विद्यालय ठाकुरद्वारा स्कूल के प्रांगण की सफाई करवाई। जिसमें पंचायत के प्रधान प्रकाश चंद, उपप्रधान प्रवीण कुमार, वार्ड पंच जोगिंदर सिंह, मुख्याध्यापक प्रवेश कुमार शर्मा और स्कूल का स्टाफ भी माैजूद रहा और स्कूल के आस-पास पड़ी गंदगी को भी साफ किया गया। बच्चों तथा आसपास के लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।मुख्याध्यापक ने कहा ऐसे अभियान हम हमेशा ही चलाते रहते हैं, तो जो स्कूल में स्वच्छता का ध्यान रखा जा सके। साथ ही मुख्याध्यापक ने ग्राम पंचायत ठाकुरद्वारा का भी धन्यवाद किया, जो हमेशा ही समय-समय पर अपना सहयोग देती रहती है।
रंजीत सिंह । कुनिहार द एसवीएन स्कूल ने आज लीड स्कूल संगठन के साथ संयोजन किया। पिछले दो वर्षों से काेरोना काल के कारण शिक्षा स्तर में जो पिछड़ापन आया है, उस स्तर को ऊंचा उठाने के लिए एसवीएन स्कूल ने यह कदम उठाया। साथ ही भविष्य की कई प्रतियोगी परीक्षाओं में विद्यार्थी सफलता हासिल कर सके विद्यालय का यह भी प्रयास रहेगा। स्कूल चेयरमैन टीसी गर्ग ने बताया कि लीड स्कूल अकादमी संस्था से 3000 राष्ट्रीय व 500 अंतरराष्ट्रीय स्कूल जुड़े हैं। इस संस्था के माध्यम से विद्यार्थियों को नई तकनीकी शिक्षा प्रणाली से शिक्षित किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लीड अभिभावक एप के द्वारा अभिभावक अपने बच्चों की शिक्षा संबंधी पूर्ण जानकारी हासिल कर सकते हैं। नई शिक्षा नीति के अनुसार पहली से आठवीं तक कोडिंग सिखाई जाएगी व स्कूल को 100 प्रतिशत स्मार्ट स्कूल बनाते हुए हर कक्षा में एक स्मार्ट एलईडी होगी। जिसके माध्यम से बच्चों को रचनात्मक व रुचि पूर्ण तरीके से शिक्षा दी जाएगी। अंग्रेजी को एक विषय की तरह न पढ़ाकर कौशल की तरह पढ़ाया जाएगा। इस संयोजन कार्यक्रम का स्वागत करते हुए स्कूल प्रबंधक लूपिन गर्ग ने कहा कि हम विद्यार्थियों का संपूर्ण विकास चाहते हैं। इसलिए बाल्यकाल से ही इस तरह की शिक्षा प्रणाली से रोजगार परक शिक्षा पाकर विद्यार्थी कॅरियर की ऊंचाई तक पहुंचेगा। इस अवसर पर स्कूल प्रधानाचार्य उमा यादव, स्कूल के सभी अध्यापकगण, अकादमी सदस्य निशांत जिंदल, हरविंदर सिंह, संजीव चौहान व विजय सैनी मौजूद थे।
प्रेम ठाकुर। धर्मपुर राजकीय महाविद्यालय धर्मपुर में पिछले काफी समय से प्रवक्ताओं के पद रिक्त चले हुए हैं, जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई में मुश्किल आ रही हैं और सबसे बड़ी बात यह है कि यह पद साईंस विषय के हैं और अभी तक बच्चों के प्रेक्टिकल तक नहीं हुए हैं और न ही सही तरीके से पढ़ाई हुई है। परीक्षा सिर पर है और बच्चों को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है। एबीवीपी इकाई अध्यक्षा कुमारी स्मृति व इकाई सचिव अश्वनी सोठा सहित समस्त एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि तुंरत इन पदों पर नियुक्ति की जाए। इन्होंने कहा कि जब तक स्थाई नियुक्ति नहीं होती है, तब तक सरकाघाट कॉलेज से अस्थाई नियुक्ति पर प्रवक्ता भेजे जाएं, ताकि जो बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है, उससे निजात मिल जाए। इन्होंने बताया कि इसके बारे में जल्दी ही प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के जलशक्ति मंत्री ठाकुर महेंद्र सिंह से भी मिलकर यहां प्रवक्ताओं की नियुक्ति की मांग करेगा और साथ ही एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने एसडीएम के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व डायरेक्टर उच्च शिक्षा को भेजा है। वहीं, महाविद्यालय के प्राचार्य को भी ज्ञापन देकर तुंरत यहां प्रवक्ताओं की नियुक्ति की मांग की है। जब इस बारे में महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. रमेश शर्मा से बात की गई, तो उन्होंने बताया इसके बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया है और जल्दी ही यहां प्रवक्ताओं की नियुक्ति हो जाएगी।
रंजीत सिंह। कुनिहार बॉयज वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनीहार में विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक समिति अध्यक्ष रणजीत सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में सर्वसम्मति से विद्यालय की समस्याओं पर चर्चा हुई, जिसमें लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता अर्की को विद्यालय के खेल मैदान के बाकी बचे हुए कार्य को जल्द पूरा करके विद्यालय प्रशासन को सौंपने बारे प्रस्ताव डाला गया, ताकि कोरोना पाबंदियों के बाद 17 फरवरी से सभी कक्षाओं के लिए खुले स्कूलों में पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके। वहीं, विद्यालय के पुराने अनसेफ भवन को गिराने का काम चला हुआ है, जो जल्द ही पूरा हो जाएगा। इसकी जगह विज्ञान भवन बनाना प्रस्तावित है व बजट में इस भवन के लिए प्रावधान रखा गया है। विज्ञान भवन के जल्द निर्माण हेतु बजट राशि को देने के लिए विद्यालय प्रबंधन समिति जल्द प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलेंगे, ताकि विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई सही ढंग से चल सके। इस तरह विद्यालय की अन्य समस्याओं बारे भी चर्चा की गई। बैठक में विद्यालय प्रधानाचार्य बीएस ठाकुर, हाटकोट पंचायत प्रधान जगदीश अत्री, कुनिहार पंचायत प्रधान राकेश ठाकुर, प्रतिभा कंवर, दुर्गानंद शास्त्री, एसएमसी उपाध्यक्ष देशलता, सलाहकार अकरेश शर्मा, गोपाल चंद, अनुराधा, दीक्षा, कांता, रमा, रीता, संजू, सुमन व बीना आदि उपस्थित रहे।
नवीन । बंजार बंजार शनिवार को राजकीय महाविद्यालय बंजार में रोज़गार मेला का आयोजन किया गया, जिसमें बंजार विधानसभा के विधायक सुरेंदर शोरी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। कार्यक्रम के आरंभ में महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. नीरज कपूर ने परंपरानुसार मुख्यातिथि का कुल्लवी टोपी और पुष्पगुच्छ से स्वागत किया। तत्पश्चात महाविद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत करने के पश्चात प्राचार्य प्रोफ़ेसर नीरज कपूर ने मुख्यातिथि एवं उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए रोज़गार मेले की जानकारी देते हुए कार्यक्रम के सयोंजक प्रोफसर सुरेश कुमार को बधाई देते हुए जनवरी में सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में प्रक्षिक्षण लेने गए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी। उस के पश्चात टीपीएसडीएम के निदेशक अनिल शर्मा ने कार्यक्रम के उद्देश्य के बारे में अपने विचार सांझा किए। इस मेले में भाग लेने वाले विद्यार्थियों में हुताशन और श्यामा दुग्गल ने प्रक्षिक्षण के समय अपने अनुभव को सांझा किया। इस मौके पर मुख्यातिथि ने अपने संबोधन में कहा कि यह हम सब के लिए हर्ष का विषय है कि राजकीय महाविद्यालय बंजार की गिनती उत्कृष्ट महाविद्यालय में की जाती है। उन्होंने अपने आशीर्वचन में कहा कि बंजार घाटी में ऐसा कोई गांव नहीं है, जहां पर्यटक जाना नहीं चाहता, निकट भविष्य में इस घाटी में होम स्टे की अपार संभावनाएं हैं। इस लिए पयर्टन के क्षेत्र में युवाओं का भविष्य उज्ज्वल है। पयर्टन को बढ़ावा देने के लिए युवाओं को बढ़-चढ़कर कर भाग लेना चाहिए। इसके लिए प्रदेश सरकार कई संस्थाओं के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए प्रयासरत है। मुख्यातिथि ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर के दृढ़ संकल्प और समर्पण भाव से परिश्रम करो, तो निश्चित रूप से सभी को परिश्रम का फल अवश्य मिलेगा। अपने संबेधन के अंत में मुख्यातिथि ने सभी अतिथियों एवं विद्यार्थियों को फागली की शुभकामना दी। इस कार्यक्रम में मुख्यातिथि ने प्रशिक्षण में भाग लेने गए विद्यार्थियों में देवेंद्र वर्मा और श्यामा देवी को सर्वश्रेष्ठ स्वयं सेवी और रविठाकुर और चन्द्रकान्ता को सर्वक्षेष्ठ प्रशिक्षु से सम्मानित किया गया तथा सभी प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र दे कर सम्मानित किया गया। तत्पश्चात कैरियर कॉउन्सिल के संयोजक प्रो. सुरेश कुमार ने मुख्यातिथि सुरेंदर शोरी विधायक बंजार विधानसभा क्षेत्र के अनिल शर्मा एवं उपस्थित समस्त अतिथियों के प्रति धन्यवाद किया। इस शुभावसर पर आशा शर्मा, नगर पंचायत अध्यक्ष धर्मेंद्र नेगी, चिराग ठाकुर व कपिल शर्मा आदि उपस्थित रहे। डॉ रेणुका थपलियाल प्रो. भूगोल विभाग ने सफल मंच संचालन किया। अंत में राष्ट्र गान से कायक्रम का समापन हुआ।
फर्स्ट वर्डिक्ट। मंडी धर्मपुर उपमंडल के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धर्मपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना का एक दिवसीय शिविर का शुभारंभ प्रधानाचार्य सुरेंद्र ठाकुर की अध्यक्षता में किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रभारी जय पाल भरमौरिया व रजनी ठाकुर ने बताया कि एक दिवसीय शिविर में लगभाग 30 स्वयंसेवी ने भाग लिया। शिविर में पाठशाला के चारों तरफ सफाई और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता अभियान किया गया व स्वयंसेवकों को अच्छे अनुशासन में रहने व समाज में अच्छी पहचान बनाने का आह्वान किया और स्कूल के प्रधानाचार्य ने बच्चों को अपना आशीर्वाद देते हुए उनसे समाज के सभी कार्यों में अपना सहयोग देने की अपील की और पर्यावरण सरंक्षण के बारे में भी स्वयंसेवियों को अवगत करवाया।
विनायक ठाकुर। देहरा सरस्वती वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मे शिक्षा ग्रहण करने बाले डाडासिबा के गांव गुरनवाड से शिक्षिका पुष्पा देवी पत्नी सुदर्शन कुमार के घर जन्मे शिवम कौशल ने साबित कर दिया कि भविष्य उज्ज्वल बनाने के लिए मंजिल चाहे कितनी भी मुश्किल क्यों न हो बस हौसला बुलंद होना चाहिए रास्ता खुद व खुद कदम चूमता है। जी हां बचपन से ही एमबीबीएस डॉक्टर बनने का सपना देख रहे गरली केे गांव गुरनबाड के शिवम कौशल ने सपना साकार कर दिखाया है। पहली कक्षा से दसवीं तक सरस्वती वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गरली में शिक्षा ग्रहण करने वाले शिवम कौशल ने नीट की परीक्षा मे 720में से 534 अंक यानी हिमाचल प्रदेश भर मे 267वां रेंक हासिल कर हमीरपुर के नामी डाकटर राधाकृष्ण मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के लिए चायन हुआ है, जो कि क्षेत्र व माता-पिता के लिए बडे़ गर्व की बात है। शिवम कौशल की माता पुष्पा देवी गरली राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मे लैक्चार व पिता सुदर्शन कुमार सरस्वती वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गरली मे बतौर उप-प्रधानाचार्य अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं, शिवम कौशल ने अपनी शानदार सफलता के लिए स्कूल प्रधानाचार्य ललित शर्मा व अपने माता-पिता को दिया है। होनहार शिवम कौशल आगे चल कर हार्ट विशेषज्ञ डॉक्टर बनकर हिमाचल भर के लोगों की रात दिन सेवा करना चाहता है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। दाड़लाघाट सरकार के आदेशों के बाद आज 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं शुरू हो गई है। इसी कड़ी में आज राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धुंदन में प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर की अध्यक्षता में प्रातः कालीन सभा का आयोजन किया गया। प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर ने सभी बच्चों व स्टाफ के सदस्यों से सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी मास्क पहने व उचित दूरी बनाए रखे। इस अवसर पर वरिष्ठ प्रवक्ता नरेंद्र कपिला, राकेश कुमार, धनी राम, अमर सिंह वर्मा, नरेंद्र लाल, विनोद कुमार, नरेंद्र कुमार, धर्मदत्त, सुमन, अनिता कौंडल, प्रवीण कुमार, वीना, मुकेश कुमार, रेखा, विजय कुमार, जागृति, रेणुका, नीलम शुक्ला, सुषमा, किरण बाला, नीलम ठाकुर, मंजू, जितेंद्र चंदेल, रजनीश गर्ग व अन्य स्टाफ उपस्थित रहा।
रनजीत सिंह । कुनिहार एसवीएन विद्यालय कुनिहार के छात्र मुकुल पाल ने विद्यालय की नींव में एक और स्वर्ण पत्थर जोड़ इसे और मजबूत बना दिया है। मुकुल पाल पुत्र जगमोहन सिंह पाल गांव डूमैहर, जिसका चयन एमबीबीएस के तहत लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज मंडी में हुआ है। मुकुल एसवीएन विद्यालय का नर्सरी से प्लस टू तक का विद्यार्थी रहा है, जिसने हर बार अपनी काबिलियत से अध्यापकों व अपने अभिभावकों का सिर ऊंचा किया है। ये पहले भी दो बार मेरिट स्कॉलरशिप प्राप्त कर चुके हैं और इस बार एमबीबीएस में प्रवेश पाकर एक बार फिर इन्होंने अपनी काबिलियत को साबित किया। बातचीत में मुकुल ने बताया कि वह डॉक्टर बन अपने माता-पिता के सपने को पूरा करना चाहते हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय एसवीएन स्कूल के सभी अध्यापकों को दिया, जिन्होंने हर विषय में विस्तृत रूप से ज्ञान प्रदान कर हमेशा उनका मार्गदर्शन किया और अपने माता-पिता को धन्यवाद दिया, जिनके शुभ-आशीर्वाद से वो आज इस सफलता को प्राप्त कर पाए हैं। उनकी इस सफलता से पुरे एसवीएन स्कूल में खुशी की लहर है। विद्यालय प्रधानाचार्य टीसी गर्ग ने मुकुल पाल को उनकी इस सफलता पर शुभकामनाएं देते हुए आगे भी इसी तरह सफलता की सीढ़ीयों पर आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया। साथ ही विद्यालय के अन्य विद्याार्थियों को संदेश दिया कि उन्हें भी मुकुल पाल जैसा दृढ़- निश्चयी और महत्वाकांक्षावान होना चाहिए।
नितिन भारद्वाज। राजगढ़ उपमंडल राजगढ़ के राहुल तोमर और पल्लवी मेहता का चयन एमबीबीएस के लिए हुआ है। सरकारी स्कूल से शिक्षा ग्रहण करने वाले दोनों ने नीट परीक्षा पास कर राजगढ़ क्षेत्र का नाम रोशन किया है। राहुल तोमर राजगढ़ की सैर जगास पंचायत के पबियाना गांव से है और वह पीजीआई में निदेशक के पद से सेवानिवृत्त पदम श्री डॉ जगत राम के भतीजे है और उनके पिता किसान है। राहुल तोमर ने बताया कि विरासत को आगे बढ़ाने का निर्णय उन्होंने दसवीं कक्षा में ही ले लिया था। जब भी वह अपने ताया डॉ जगत राम को लोगों की सेवा करते देखते थे, तो उसी वक्त मन में ठान लिया था की आगे चल कर वह भी डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करेंगे और अंत में सफल भी हो गए। राहुल तोमर का चयन मेडिकल कॉलेज नाहन के लिए हुआ है। वहीं, राजगढ़ की कोटि पधोग पंचायत के ग्राम कुफर की पल्लवी मेहता भी चिकित्सक बनकर क्षेत्र का नाम रोशन करेगी। पल्लवी ने भी अपनी शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय राजगढ़ से ग्रहण की है। पल्लवी स्वतंत्रता सेनानी तुलसीराम की पढ़पोती है। उनके पिता नरेंद्र मेहता किसान व माता शकुंतला मेहता गृहणी है। पल्व्वी ने दो वर्ष कोचिंग ली और तीसरे प्रयत्न में नीट की परीक्षा उतीर्ण की। उन्होंने कहा जो बच्चे नीट की तैयारी कर रहे हैं, वे मेहनत के साथ सयंम भी रखे और हतोत्साहित न हो। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष थोड़ी सी कमी रह गयी थी, लेकिन मेहनत और सयंम के साथ उन्होंने इस वर्ष यह परीक्षा उतीर्ण की। पल्लवी ने कहा कि यह सफलता उनके लक्ष्य की और पहला कदम है। उन्होंने इस सफलता में योगदान देने वाले सभी का आभार प्रकट किया। सरकारी स्कूल में पड़े दोनों बच्चों की सफलता से यह सिद्द हो गया कि यदी सही दिशा में मेहनत की जाए, तो स्कूल मायने नही रखता और कोइ भी लक्ष्य प्राप्त कर सकता है।
क्रान्ति सूद। जोगिंद्रनगर राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कन्या की छात्रा पल्लवी का चयन इंजिनियरिंग के लिए हुआ है। पल्लवी एनआईटी हमीरपुर से अपनी पढ़ाई पूरी करेंगी। पल्लवी के पिता चन्द्रमणी विज्ञान स्नातक पद पर करसोग में तैनात हैं। वहीं, उनकी माता नित्रा ठाकुर पाठशाला गृहणी हैं। पाठशाला प्रधानाचार्य डा. सुनील ठाकुर ने पल्लवी, उसके माता-पिता एवं उसे पढ़ाने वाले सभी अध्यापको, प्राध्यापकों को मुबारिकबाद दी है। एसएमसी प्रधान सुनील कुमार ने की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया व पल्लवी एवं स्कूल के सदस्यों को बधाई दी व पल्लवी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। धर्मशाला अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अपने स्थापना काल 1949 से ही समाज हित व राष्ट्रहित के साथ-साथ छात्र हित की मांगों को लेकर हमेशा अग्रसर रहता है। हाल ही में केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश की वेबसाइट पर 27 जनवरी, 2022 से ऑनलाइन कक्षाओं के लिए एक सूचना जारी की गई थी, जिसमें यह भी बताया गया था कि वर्तमान सत्र की परीक्षाएं कोविड के कारण परिस्थितियां अनुकूल होने पर करवाई जाएंगी। विश्वविद्यालय में छात्रों के 19 विभाग प्रतिनिधि हैं, इस विचार पर उनसे भी परामर्श लिया जा सकता था, परंतु प्रशासन द्वारा किसी भी प्रतिनिधि से इस बारे में कोई भी बात नहीं हुई थी तथा विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों का मानना था की यदि अगले सत्र की पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी, तो छात्र अपने वर्तमान सत्र की पढ़ाई और आने वाले सत्र की पढ़ाई में उलझा रह जाएगा। छात्र दोनों ही सत्रों के लिए खुद को तैयार नहीं कर पाएगा। इसीलिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने छात्र हितों की बात करते हुए चार दिन पहले केंद्रीय विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक के माध्यम से कुलपति को एक ज्ञापन सौंपा गया था, जिसमें इस मांग को प्रमुखता से उठाया गया था कि पहले वर्तमान सत्र की परीक्षाओं को पूर्ण किया जाए तथा उसके बाद ही अगला सत्र शुरू किया जाए, ताकि छात्रों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। अतः आज विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्र हित को ध्यान में रखते हुए यह सूचना जारी की गई है कि 14 फरवरी से विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कोविड नियमों का ध्यान रखते हुए ऑफलाइन माध्यम से परीक्षाएं करवाई जाएंगी।
हिमाचल प्रदेश में नई शिक्षा नीति में पाठ्यक्रमों में कई तरह के बदलाव देखने को मिले हैं। स्कूलों में टर्म प्रणाली शुरू हुई है। वहीं 2023 तक एससीआरटी चार पैटर्न में पाठ्यक्रम को तैयार कर रहा है। यह चार पैटर्न प्री प्राइमरी जिसमें प्री-कक्षाएं शामिल होंगी। हिमाचल प्रदेश में नई शिक्षा नीति के तहत प्रौढ़ शिक्षा को शामिल किया जाएगा। इसके लिए अलग से पाठ्यक्रम बनेगा। चार पैटर्न में बनाए जा रहे इस पाठ्यक्रम को वर्ष 2023 तक तैयार किया जाएगा। इसके लिए एससीआरटी काम कर रही है। वहीं स्कूल एजूकेशन में पहली से 12वीं तक की कक्षाओं को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा टीचर एजूकेशन, जिसमें अध्यापकों को ट्रेनिंग करवाने से संबंधित कार्य होगा, जबकि चौथा पैटर्न अडल्ट शिक्षा पाठ्यक्रम होगा। एससीआरटी वर्ष 2023 तक पाठ्यक्रम तैयार कर देगी। प्रौढ़ शिक्षा का पाठ्यक्रम तैयार कर इस पंचायत स्तर पर शुरू किया जाएगा। इस दौरान उन लोगों शामिल किया जाएगा, जोकि अक्षर ज्ञान से पूरी तरह से अनभिज्ञ हैं। ऐसे लोगों को शिक्षित करने के लिए प्रौढ़ पाठ्यक्रम को तैयार कर उन्हें शिक्षित किया जाएगा। इस दौरान स्कूल के अध्यापकों सहित पंचायत प्रतिनिधि भी अपनी अहम भूमिका निभाएंगे।
शीतकालीन स्कूलों में तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं दिसंबर में होंगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के पहले प्रावधान को प्रदेश में इसी सत्र से हिमाचल प्रदेश सरकार लागू करने जा रही है। इन कक्षाओं के प्रश्नपत्र स्कूल शिक्षा बोर्ड तैयार करेगा। उत्तर पुस्तिकाओं की जांच क्लस्टर, ब्लाक और जिला स्तर पर होगी। ग्रीष्मकालीन स्कूलों में मार्च में इन कक्षाओं की बोर्ड आधारित परीक्षाएं होंगी। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति का नया प्रावधान लागू होते ही तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों पर अधिक फोकस किया जा रहा है। अब इन कक्षाओं में भी विद्यार्थियों को अंकों के आधार पर अगली कक्षाओं में भेजा जाएगा। कम अंक लाने पर विद्यार्थी फेल भी होंगे। जुलाई 2021 में हुई कैबिनेट बैठक में तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों की भी परीक्षाएं लेने का फैसला लिया गया था।
हिमाचल प्रदेश में करीब दो साल बाद सोमवार से पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों के लिए भी स्कूल खुल गए हैं। सोमवार को पहले दिन स्कूल पहुंचे बच्चों का शिक्षकों ने कहीं तिलक लगाकर स्वागत किया तो कहीं टॉफियां भी बांटी गईं। पहली के बच्चों ने पहली बार तो दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों ने करीब पौने दो वर्ष बाद स्कूल परिसर में प्रवेश किया। वंही प्रदेश में पहले दिन पहली और दूसरी कक्षा के 65 फीसदी बच्चे स्कूलों में पहुंचे। सोमवार को पहली से पांचवीं कक्षा में 68.90 फीसदी, छठी से आठवीं कक्षा में 70.95 फीसदी और नौवीं से बारहवीं कक्षा में 66.0 फीसदी विद्यार्थियों ने हाजिरी दर्ज करवाई। सभी स्कूलों में कोरोना प्रोटोकाल का सख्ती से में पालन करवाया गया। उधर, निजी स्कूलों में प्राइमरी कक्षाओं में अपेक्षाकृत बच्चे कम आए।
केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं के लिए अंतिम बोर्ड परीक्षा से पहले फर्स्ट टर्म एग्जाम की शुरुआत की जा रही है। इस परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र भी जारी होने लगे हैं। कोरोना महामारी के कारण परीक्षा की प्रक्रिया में हुए इस परिवर्तन के बाद सीबीएससी स्टूडेंट्स को एक और सुविधा भी दी जाएगी। प्रथम चरण की इस परीक्षा के लिए बोर्ड की ओर से 5 जुलाई को एक सर्कुलर जारी किया गया था जिसमें इस बात की जानकारी पहले ही साझा की जा चुकी है। बोर्ड एग्जाम की फर्स्ट टर्म परीक्षा के लिए 18 अक्टूबर को डेटशीट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए स्टूडेंट्स CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर विज़िट कर सकते हैं। बोर्ड छात्रों को उपलब्ध कराई जाने वाली आन्सर बुकलेट में उत्तर देने के लिए 4 विकल्प तो होंगे ही, इसके अलावा प्रत्येक 4 वैकल्पिक उत्तरों के बाद प्रत्येक प्रश्न के सामने एक वृत्त और एक बॉक्स भी मौजूद होगा जहां बॉक्स का प्रयोग दिए गए आन्सर को बदलने के लिए किया जाएगा, वहीं पांचवें वृत का प्रयोग छात्रों द्वारा इस बात की पुष्टि करने के लिए करना होगा कि स्टूडेंट्स को इस प्रश्न का उत्तर नहीं आता है। इसलिए इस नॉट अटेंप्टेड वृत को भरना होगा। ऐसा न करने पर उस सवाल को अमान्य घोषित कर दिया जाएगा। बता दें कि परीक्षा से पहले स्कूल छात्रों को इस सैंपल शीट को भरने व जवाब देने का अभ्यास कराएंगे। इसके लिए बोर्ड द्वार सभी स्कूल प्रशासन को पहले ही अवगत कराया जा चुका है। वंही यह परीक्षा 90 मिनट की होगी, परीक्षा वस्तुनिष्ठ प्रकार की होगी, एग्जाम के दौरान कोविड नियमों का पालन करना होगा तथा यह एग्जाम केवल क्वालिफ़ाइंग नेचर का होगा, इसके लिए कोई अतिरिक्त रिजल्ट जारी नहीं किया जाएगा।
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के महाविद्यालयों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स अब एनसीसी को एक विषय के रूप में ले सकेंगे। नई शिक्षा नीति के मुताबिक चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के तहत आने वाले समय में सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में स्नातक स्तर के स्टूडेंट्स को एनसीसी इलेक्टिव विषय के रूप में पढ़ने का अवसर प्राप्त होगा। धर्मशाला महाविद्यालय की ओर से आयोजित एनसीसी कैंप में ऑफिसरकमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल भूपेंद्र सिंह खनका ने बताए कि अब विद्यार्थी एनसीसी विषय भी पड़ेंगे। उन्होंने बताया कि विश्व के युवाओं का सबसे बड़ा यूनिफॉर्म संगठन है। उन्होंने बताया कि एनसीसी को इलेक्टिव सब्जेक्ट के रूप में चुने जाने के लिए यूजीसी के दिशा निर्देशों के अनुसार 6 सेमेस्टर और 24 क्रेडिट पॉइंट में बांटा गया है। विद्यार्थियों को पूरे कोर्स में 24 क्रेडिट प्वाइंट भी मिलेंगे। इससे कैडेट को बी और सी सर्टिफिकेट व सेना में भर्ती के लिए होने वाली परीक्षाओं में भी लाभ होगा। वर्तमान में प्रदेश में कुरुक्षेत्र स्थित गुरुकुल और एनआईआईटी में ही एनसीसी को वैकल्पिक विषय के रूप में पढ़ाया जा रहा है। अब इस व्यवस्था को सभी कॉलेजों में लागू किया जाएगा। प्रदेश में 10 सरकारी और 24 निजी विश्वविद्यालय हैं। इसके अलावा 267 राजकीय और एडेड महाविद्यालय हैं, जहां के विद्यार्थियों को इस नई व्यवस्था का लाभ मिलेगा। वर्तमान में एनसीसी कैडेट्स बी और सी सर्टिफिकेट के लिए होने वाली गतिविधियां व बटालियन के शिविर ही लगा पाते हैं। लेकिन एनसीसी के विषय के रूप में आने के बाद इसका सेमेस्टर के हिसाब से पाठ्यक्रम बनेगा। जिसके अनुसार नियमित कक्षाएं भी लगेंगी। वर्तमान में मैप रीडिंग भी बोर्ड आदि पर होती हैं। भविष्य में सेना की तरह आधुनिक संसाधनों पर विद्यार्थियों को ज्ञान मिलेगा। मैप रीडिंग भी जीपीएस सिस्टम के माध्यम से करवाई जाएगी। युद्ध कौशल, फायरिंग और हथियार चलाने का भी प्रशिक्षण मिलेगा।
हिमाचल प्रदेश में करीब दो साल प्रदेश के स्कूलों में कल वापिस रौनक लौटी है। स्कूलों में करीब 21 माह बाद बुधवार को तीसरी से सातवीं कक्षा के विद्यार्थी स्कूलों में पहुंचे। बुधवार को स्कूलों में तीसरी से पांचवीं कक्षा तक 50 फीसदी और छठी से 12वीं कक्षा तक 61 फीसदी विद्यार्थियों ने उपस्थिति दर्ज करवाई। बुधवार को कहीं तिलक लगाकर तो कहीं फूल बरसा कर विद्यार्थियों का स्कूलों में स्वागत किया गया। सभी सरकारी स्कूलों में थर्मल स्क्रीनिंग से स्कूल गेट पर तापमान जांचा गया। फेस मास्क पहनने वालों को ही परिसर में प्रवेश दिया गया। बता दें कि 15 नवंबर से पहली और दूसरी कक्षा के विद्यार्थी भी स्कूल आए।
हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में 2 साल बाद आज से फिर रौनक लौटेगी। बीती कैबिनेट की बैठक में हुए फैसले के अनुसार आज यानि बुधवार से तीसरी से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों की स्कूलों में नियमित कक्षाएं लगेंगी। इसके लिए प्रदेश के सभी स्कूलों के लिए गाइडलाइन भी जारी की गयी है। जिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या अधिक है, उन स्कूलों में एक दिन छोड़कर या सुबह-शाम के सत्र में कक्षाएं लगेंगी। माइक्रो प्लान के आधार पर कक्षाओं में विद्यार्थी बैठाए जाएंगे। स्कूल गेट पर विद्यार्थियों व शिक्षकों का थर्मल स्क्रीनिंग से तापमान जांचा जाएगा। अगर किसी विद्यार्थी या शिक्षक-गैर शिक्षक में बुखार के लक्षण मिले तो गेट से ही उन्हें वापिस घर भेज दिया जाएगा। स्कूलों में सभी के लिए फेस मास्क पहनना अनिवार्य रहेगा। वंही स्कूलों में लंच ब्रेक का समय अलग-अलग रहेगा। स्कूल आने और जाने के समय में भी कक्षावार पांच से दस मिनट का अंतर होगा। प्रार्थना सभा और खेलकूद सहित एकत्र होने वाली सभी गतिविधियां बंद रहेंगी। सरकारी स्कूलों में नियमित कक्षाएं शुरू होने के बावजूद हर घर पाठशाला कार्यक्रम के तहत ऑनलाइन शिक्षण सामग्री भेजने की प्रक्रिया भी आगामी आदेशों तक जारी रहेगी। यदि स्कूल में कोई संक्रमित विद्यार्थी पाया जाता है तो 48 घंटे तक स्कूल बंद रखा जाएगा।
सीबीएसई बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए जरूरी खबर है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा दसवीं, बारहवीं के टर्म-1 परीक्षाओं के लिए एडमिट कार्ड को जारी कर दिया है। जो भी उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, वह बोर्ड के आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जाकर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने दसवीं और बारहवीं की टर्म-1 परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। बोर्ड विद्यार्थियों को उसी शहर में परीक्षा केंद्र की सुविधा देने जा रहा है, जिस शहर में वे परीक्षा के दौरान मौजूद रहेंगे। इसके लिए विद्यार्थियों को अपने स्कूल से संपर्क करना होगा। इसके बाद स्कूल की ओर से बोर्ड को सूचित किया जाएगा। सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा कि बोर्ड के संज्ञान में आया है कि काफी बच्चे अपने स्कूल वाले शहर में नहीं हैं। ऐसे में बोर्ड परीक्षा सेंटर बदलने का विकल्प दिया जा रहा है। यह घोषणा समय से पहले की जा रही है ताकि छात्रों को समय पर जानकारी मिल सके। बोर्ड का स्कूलों व छात्रों से अनुरोध है कि वह निरंतर सीबीएसई की वेबसाइट के संपर्क में रहें। जैसे ही छात्रों को सेंटर विकल्प बदलने के संबंध में सूचित किया जाएगा, वैसे ही उन्हें स्कूलों से तय समय-सारिणी के भीतर अनुरोध करना होगा। यह समय सारिणी जल्द ही घोषित की जाएगी और यह कम अवधि की होगी। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा केंद्र का शहर बदलने के अनुरोध को तय शेड्यूल के बाद स्वीकार नहीं किया जाएगा। सीबीएसई दसवीं की परीक्षाएं 30 नवंबर से 11 दिसंबर और 12वीं की परीक्षाएं 1 से 22 दिसंबर तक होनी हैं। सीबीएसई द्वारा इस तरह के फैसले से विद्यार्थियों को राहत की उम्मीद मिलने की उम्मीद है।
पिछले सप्ताह स्कूल शिक्षा बोर्ड की वर्चुअल बैठक में हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ द्वारा टर्म परीक्षाओं को लेकर सुझाव दिए गए थे। जिसमें से बहुत से सुझावों को बोर्ड की ऑफलाइन बैठक में मान लिया गया है। स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन सुरेश सोनी की अध्यक्षता में संपन्न हुई बैठक में शिक्षक महासंघ के प्रांत अध्यक्ष पवन कुमार, जिला कांगड़ा के अध्यक्ष जोगिंदर शर्मा और मंडी विभाग के प्रमुख शशि शर्मा ने भाग लिया। सुंदरनगर में जारी प्रेस बयान के माध्यम से जानकारी देते हुए प्रदेश मीडिया प्रभारी दर्शन लाल ने बताया कि महासंघ द्वारा शीतकालीन अवकाश को देखते हुए फर्स्ट टर्म की परीक्षाओं को 5 दिसंबर से पहले संपन्न करवाने की बात कही गई थी। बैठक में इस संबंध में बोर्ड द्वारा फर्स्ट टर्म की परीक्षाओं को नवंबर से शुरू करके 5 दिसंबर तक समाप्त करने का निर्णय लिया है। इसके साथ शीतकालीन अवकाश के बाद सेकंड टर्म की परीक्षाओं के लिए बच्चों को तैयारी के लिए कम समय मिल रहा था। जिसे लेकर महासंघ द्वारा सेकंड टर्म की परीक्षाओं को 15 अप्रैल के बाद करवाने बारे अपनी सहमति प्रदान कर दी है। इसके साथ बैठक में फर्स्ट टाइम की परीक्षाओं का मूल्यांकन स्थानीय स्कूल स्तर पर करने का निर्णय लिया गया है। पांचवी से आठवीं कक्षा तक की पंजीकरण शुल्क माफ करने के साथ 9वी से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की फर्स्ट और सेकंड टर्म बोर्ड परीक्षा शुल्क में ₹100 की रियायत प्रदान किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। शिक्षक महासंघ के पदाधिकारियों ने इस संबंध में सरकार और बोर्ड का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बोर्ड द्वारा कोविड-19 के चलते उत्पन्न हुई परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी निर्णय विद्यार्थियों और अध्यापकों के हित में लिए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश में 11 अक्तूबर से आठवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की रोजाना कक्षाएं लगाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अभी नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को स्कूल बुलाया जा रहा था। इसमें हफ्ते के पहले तीन दिन दसवीं और 12वीं की कक्षाएं और अगले तीन दिन नॉन बोर्ड नौवीं तथा ग्यारहवीं की कक्षाएं लगाई जा रही थीं। उधर, स्कूलों में नियमित कक्षाएं शुरू करने की तैयारियों के बीच निदेशालय ने कोविड ड्यूटी में नियुक्त शिक्षकों को रिलीव करने की मांग की है। शिक्षा निदेशालय ने इस बाबत जिला उपायुक्तों और सीएमओ को पत्र भेजे हैं।
हिमाचल में शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी स्कूलों में सेफ्टी ऑडिट के लिए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिशा-निर्देश जारी किये गए हैं। इसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों व वर्कर्स के लिए सुरक्षा प्रदान की जाएगी। बताया जा रहा हैं कि यह ऑडिट 2 तरह का होगा। पहला नॉन स्टक्चर, दूसरा स्टक्चर नॉन स्टक्चर में देखा जाएगा कि जो पेड़ लगे है वह कितने पुराने हैं, कहीं गिरने की कगार में तो नहीं है, स्कूल में ऐसा स्थान तो नहीं जो अप्रिय घटना को न्योता दे रहा है एवं, फेंसिग ठीक से है की नहीं। स्ट्रक्चर में प्राकृतिक आपदा से सावधान रहने के लिए ध्यान दिया जाएगा कि भवन की हालत ठीक है की नहीं या उसे पुनः स्थापित करने की आवश्यकता है की नहीं। भवन की नीव कितनी गहरी है, छत की लकड़ी पुरानी तो नहीं हुई है। जिला उपनिदेशकों ने स्कूलों को निर्देश जारी किये हैं कि वह राज्य लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों से संपर्क साधकर यह ऑडिट करवाएं। आडिट करवाने के बाद स्कूल सेफ्टी का सर्टिफिकेट भी उक्त अधिकारी से लें।
निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग के पास कुछ निजी उच्च शिक्षण संस्थानों में पैसा लेकर नकल करवाने और विद्यार्थियों से निजी काम करवाने की शिकायतें पहुंचीं हैं। प्रदेश के 451 निजी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की मंगलवार से जांच होगी। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए आयोग ने प्रदेश के सभी निजी शिक्षण संस्थानों में दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता को जांचने का फैसला लिया है। आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने एक्ट में मिले अधिकारों का प्रयोग करते हुए जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। शिकायतकर्ताओं ने संस्थानों के नाम और पते सहित कई अन्य तथ्य भी आयोग के समक्ष पेश किए हैं। मंगलवार से आयोग की जांच कमेटी निजी संस्थानों का दौरा करेगी। इन संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार चल रहे कोर्सों को जांचा जाएगा। किस कोर्स में कितने विद्यार्थी दाखिल हैं, शिक्षकों की योग्यता क्या है। कोर्स सरकार से मंजूर हैं या नहीं। कितने संस्थानों को नैक से मान्यता मिली है। राष्ट्रीय रैकिंग में संस्थानों की स्थिति कैसी है। ऑनलाइन शिक्षा देने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जा रही है। संस्थानों के आधारभूत ढांचे को भी जांचा जाएगा। जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद आयोग के अध्यक्ष सरकार और राज्य विश्वविद्यालय व तकनीकी विश्वविद्यालय को अपनी रिपोर्ट देंगे। डिग्री कॉलेजों सहित बीएड कॉलेजों, तकनीकी कॉलेजों, मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों, फार्मेसी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों का निरीक्षण किया जाएगा।
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान चेयरमैन सचिन जस्वाल एवं उनकी समस्त कार्यकारिणी ने एक संयुक्त बयान में कहा है कि इस वर्ष प्रदेश सरकार एवं शिक्षा विभाग और शिक्षा बोर्ड ने नौवीं से 12वीं कक्षा के परीक्षा शेड्यूल में बदलाव कर उन्हें 2 टर्म में करने का जो निर्णय लिया है, जिसमें पहले टर्म की परीक्षाएं नवंबर माह में 50% सिलेबस के आधार पर करवाने तथा दूसरे टर्म की परीक्षा मार्च में बाकी बचे 50% सिलेबस के आधार पर करवाने का जो निर्णय आनन-फानन में लिया है। उससे संघ आहत है और संघ का कहना है कि इस तरह के नीतिगत निर्णय लेने से पहले शिक्षा विभाग एवं शिक्षा बोर्ड को अभिभावकों एवं शिक्षक संगठनों तथा शिक्षाविदों से सलाह मशवरा करना चाहिए था क्योंकि यह निर्णय कोविड की परिस्थितियों के मध्यनज़र छात्रों एवं शिक्षकों के हित में तो बिल्कुल भी सही नहीं है, यदि परीक्षाओं को दो टर्म में बांटना है तो दोनों टर्म को बराबर समय अवधि के आधार पर ही बांटना उचित है। यह कहां तक सार्थक है कि यदि एक टर्म के लिए आप 8 महीनों का समय देते हैं तो दूसरी टीम के लिए 4 महीने का समय निर्धारित किया गया है, जबकि सिलेबस दोनों टर्म में आधा-आधा आना है l विशेषकर शीतकालीन स्कूलों के बारे में अगर विचार किया जाए l


















































