एक सियासी साजिश के तहत केंद्र राज्यों को लगातार कमजोर कर रहा है। देश के लोकतंत्र में यह पहली बार हुआ है कि बिजनेस टायकून की तर्ज पर मार्केट के आधार पर शुरू हुई बीजेपी की सियासत में केंद्र राज्यों को लगातार कमजोर करने के हथकंडे अपना रहा है। यह बात राज्य कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने यहां जारी प्रेस बयान में कही है। राणा ने कहा कि राज्यों को पंगु बनाने में केंद्र की इस सियासी साजिश में सबसे खराब हाल कांग्रेस शासित राज्यों का है। जबकि बीजेपी शासित राज्य भी केंद्र की इस सियासी साजिश में लगातार पिस रहे हैं। राणा ने बताया कि जीएसटी टैक्स के रूप में केंद्र को हर रोज हजारों करोड़ रुपया जाता है, लेकिन जब राज्यों को जीएसटी की हिस्सेदारी देने की बात आती है तो केंद्र कांग्रेस शासित राज्यों से ऐसे व्यवहार करता है जैसे कांग्रेस शासित राज्य कोई भिखमंगे हों व केंद्र नादिरशाह हो। राणा ने कहा कि राजस्व के विभाज्य पूल में अब केंद्र के प्रस्तावित कदम के तहत राज्य की हिस्सेदारी घटाई जा रही है। यह कदम राज्यों को गरीब व गुलाम बनाने जैसा साबित होगा। केंद्र राज्य के संसाधनों को लगातार हड़प रहा है। जिसके चलते संघीय ढांचा पूरी तरह समाप्त होने की कगार पर है। राणा ने कहा कि केंद्र की यह साजिशें व राज्यों के प्रति दुर्भाव की यह सियासत लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है क्योंकि केंद्र अब राज्यों से हिटलर शाही सियासत जैसा व्यवहार कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस हकीकत से इस वक्त कांग्रेस ही नहीं एनडीए के सहयोगी भी परेशान हैं व आक्रोश से भरे हुए हैं। आजाद हिंदोस्तान के इतिहास में जब संघीय ढांचे की संरचना की गई होगी तब किसी ने यह कल्पना भी नहीं की होगी कि एक दिन केंद्र ही राज्य को कमजोर करने व संघीय ढांचे को खत्म करने की सियासी साजिशें रचेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र की सियासी दुर्भावना के चलते राज्यों पर लगातार कर्जा बढ़ रहा है क्योंकि अब देश में अधिकांश राज्यों को कर्जा लेकर ही गुजर बसर करना पड़ रहा है, जबकि राज्य पहले ही कर्जे के पहाड़ के नीचे दबे हुए हैं। ऐसे में केंद्र राज्यों को मदद करने की बजाय कमजोर करने की सियासी साजिशें रच रहा है जो कि लोकतंत्र के लिए घातक है।
आज सीएम जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हिमाचल कैबिनेट की बैठक की जाएगी। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। कैबिनेट स्कूल पूरी तरह खोलने और कॉलेज के फर्स्ट और सेकेंड ईयर के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा अगली कक्षाओं में प्रमोट करने को लेकर भी फैसला कर सकता है। इसके अलावा उपभोक्ताओं को घर-द्वार पर सस्ता राशन मुहैया कराने के लिए 50 राशनकार्डों पर भी डिपो खोलने और प्याज की आसमान छूतीं कीमतों पर मंथन किया जाएगा। सरकार ने उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे प्याज के भाव पर नजर रखें। प्रतिदिन प्याज के दाम सरकार को भेजने के लिए कहा गया है। सरकार डिपो में भी आलू और प्याज बेचने पर विचार कर रही है। हालांकि, पूर्व में भी प्याज के दाम बढ़ने से सरकार ने डिपो में प्याज भेजा था, लेकिन सप्ताह बाद दाम गिरने से यह प्याज डिपो में ही खराब हो गया था। दसवीं और बारहवीं की बोर्ड कक्षाओं के लिए नवंबर से नियमित कक्षाएं शुरू हो सकती हैं। शिक्षा विभाग ने दो विकल्पों सहित इस बारे में सरकार को प्रस्ताव भेजा है। पहले विकल्प के तहत दसवीं और बारहवीं, दूसरे विकल्प के तहत नौवीं से बारहवीं तक की कक्षाओं को खोलने की योजना है। पहली से आठवीं तक की कक्षाओं को शुरू करने को लेकर अभी सरकार का कोई विचार नहीं है।
सुजानपुर विधायक राजेंद्र राणा ने केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मंत्रालय मंत्री भारत सरकार अनुराग ठाकुर पर चुटकी लेते हुए कहा है कि 3 वर्ष बीतने पर घोषणा हुई है निर्माण कार्य शुरू करवाने में कितना समय लगेगा यह बात भी सार्वजनिक करें। विधायक राजेंद्र राणा ने केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर के उस बयान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सुजानपुर में खोखे बनने चाहिए यह बात सुनकर खुशी हुई लेकिन यह बनेंगे कब इस बात को बताना भी वह अपनी जिम्मेदारी समझें। उन्होंने कहा कि पूर्व में जब कांग्रेस सरकार थी उस समय उन्होंने खोखे बनाने के लिए तमाम औपचारिकताएं जो महत्वपूर्ण थी जिसमें सबसे महत्वपूर्ण कार्य भूमि स्थानांतरण था उसको उन्होंने खुद करवाया था लेकिन सत्ता पलटने के बाद भाजपा ने 3 साल में सुजानपुर में क्या विकास कार्य किए हैं इस बात का बखान भी वित्त राज्य मंत्री को करना चाहिए था लेकिन बड़े अफसोस की बात है कि केवल मात्र कांग्रेस को कोसने का कार्य सांसद महोदय करते हैं। लेकिन आज 3 वर्ष बीत जाने के बाद उन्हें फिर से इन खोखो को बनाने की याद आई है तो हम उनकी इस बात का स्वागत करते हैं लेकिन निर्माण कार्य कब शुरू होगा इस बात का भी पता लग जाना चाहिए। उन्होंने अनुराग ठाकुर के सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जब पूरा प्रदेश और सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र कोविड-19 वैश्विक महामारी से तड़प रहा था लेकिन तब सांसद दिल्ली में बैठे हुए थे तब उन्हें इस क्षेत्र की याद नहीं आई। तब उन्होंने यहां की जनता की सुध बुध लेना मुनासिब नहीं समझा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को कोसने के बजाय अगर वित्त राज्य मंत्री बेहतरीन कार्य करने में विश्वास रखें तो लोगों को फायदा होगा प्रदेश की जनता को फायदा होगा लेकिन 3 वर्ष बीत जाने के बावजूद जो भाजपा सरकार बजट जारी होने के बावजूद टाउन हॉल का निर्माण कार्य शुरू नहीं करवा पाई। वह अब किस बजट को जारी कर के खोखे बनाने का वायदा कर रही है। केवल झूठी बातें सांसद चुनावी बेला पर करते आए हैं। अब एक बार फिर से उन्होंने झूठ का पुलिंदा सबके सामने रखा है लेकिन खोखे बनाने के लिए उन्होंने किस हैंड से बजट जारी करवाया है इस बात को भी सार्वजनिक करे। हर चीज का श्रेय लेना सांसद की पुरानी आदत है लेकिन सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता हर चीज को बखूबी जानती है कि कौन सी चीज कहां से आई है और कौन सी चीज को यहां पर लाने में किसका योगदान है।
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार के ढाई साल पूरा होने के बाद से बहुप्रतीक्षित प्रशासनिक फेरबदल सोमवार देर रात हो गया। कार्मिक विभाग ने सात जिलों के डीसी समेत कुल 21 आईएएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी कर दिए हैं। इनमें चंबा जिले के उपायुक्त, राजधानी शिमला, ऊना, किन्नौर, बिलासपुर, लाहौल स्पीति और हमीरपुर जिले के डीसी बदल दिए गए। सदस्य सचिव राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आदित्य नेगी को डीसी शिमला लगाया गया है। इसके अलावा विवेक भाटिया को हटाकर विशेष सचिव राजस्व एवं निदेशक पर्यावरण विज्ञान एवं तकनीकी दुनी चंद राणा को डीसी चंबा, विशेष सचिव ऊर्जा हेमराज बैरवा को डीसी किन्नौर, एमडी पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम राघव शर्मा को डीसी ऊना, एमडी एचपीएमसी देबश्वेता बनिक को डीसी हमीरपुर, निदेशक टीसीपी रोहित जम्वाल को डीसी बिलासपुर और नगर आयुक्त शिमला पंकज राय को डीसी लाहौल-स्पीति लगा दिया है। वहीं, डीसी शिमला रहे अमित कश्यप को श्रम आयुक्त के साथ-साथ एमडी सामान्य उद्योग निगम का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। इसी तरह डीसी ऊना रहे संदीप कुुमार को बिजली बोर्ड के निदेशक कार्मिक, डीसी किन्नौर गोपाल चंद को विशेष सचिव ऊर्जा, डीसी हमीरपुर हरिकेश मीणा को निदेशक ऊर्जा, डीसी बिलासपुर राजेश्वर गोयल को एमडी एचपीएमसी के साथ-साथ प्रोजेक्ट डायरेक्टर बागवानी विकास सोसायटी शिमला, प्रबंध निदेशक एग्रो इंडस्ट्रियल पैकेजिंग इंडिया लिमिटेड और एग्रो इंडस्टरीज कॉरपोरेशन का भी अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।
सात महीनों के लम्बे इंतज़ार के बाद सोमवार को प्रदेश भर में 10 वीं और 12 वीं के बच्चे स्कूल पहुंचे। शिक्षा विभाग द्वारा जारी एसओपी के मुताबिक स्कूल आ रहे बच्चों के लिए तमाम सावधानियां बरती जा रही हैं। छात्रों को थर्मल स्क्रीनिंग व सैनिटाइज करने के बाद ही स्कूलों में एंट्री मिल रही है। अभिभावकों के सहमति पत्र के साथ स्कूल आने वाले छात्रों को शिक्षक कक्षाओं में नियमित रूप से पढ़ाएंगे। कोरोना वायरस के चलते बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों की पढ़ाई और प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार ने शिक्षकों से गाइडेंस लेने स्कूल आने वाले विद्यार्थियों को कक्षाओं में बिठाकर पढ़ाने का फैसला लिया है। वहीं जारी गाइडलाइन्स के मुताबिक शिक्षक छात्रों पर स्कूल आने का दबाव नहीं डाल सकते। विद्यार्थियों की अटेंडेंस नहीं लगेगी। केंद्र की एसओपी का सख्ती से पालन किया जाएगा। अभिभावक बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते हैं तो उनके लिए ऑनलाइन कक्षाएं भी जारी रहेंगी।
महंगाई व महामारी से जूझ रही त्रस्त जनता को सरकार ने फिर से तगड़ा झटका दिया है। इस बार आउटस्टैंडिंग रिकवरी के नाम पर बिजली के बिल बढ़ाकर प्रदेश के नागरिकों के लिए नई परेशानी पैदा की गई है। महंगाई व महामारी में पिस चुकी जनता का अब रोज किसी न किसी बहाने सरकार कचूमर निकालने पर आमादा हो गई है। यह बात राज्य कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने यहां जारी प्रेस बयान में कही है। राणा ने कहा कि पूरे प्रदेश भर से उन्हें यह शिकायतें मिली हैं कि जिनका बिजली का बिल 1000 रुपए खपत के हिसाब से बनता है, उनको आउटस्टैंडिंग के नाम पर 2 हजार रुपए और जोड़कर तीन-तीन हजार रुपए बिल थमाया जा रहा है। ऐसे ही अगर किसी व्यवसासी का बिल 10 हजार रुपए बनता है तो उसे 20 हजार रुपए आउटस्टैंडिंग रिकवरी देनी होगी। कमोवेश लूट की यह स्थिति समूचे प्रदेश में एक जैसी है। जहां कोरोना के कारण बेरोजगारी से त्रस्त जनता महंगाई से जैसे-कैसे जूझने में लगी है। इस पर सरकार किसी न किसी बहाने अब नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ डालकर वसूली में लगी हुई है। राणा ने कहा कि सरकार बिजली के बिलों पर स्थिति स्पष्ट करे। क्योंकि यह पहला मौका नहीं है जब बिजली के बिल एक बार फिर बढ़े हैं। इससे पहले बिजली की दरें बढ़ाई गईं। उसके बाद सरचार्ज व सर्विस चार्ज के नाम पर वसूल की गई। अब आउटस्टैंडिंग रिकवरी के नाम पर वसूली की जा रही है। राणा ने कहा कि उन्हें लोगों ने बताया कि उनकी कोई भी आउटस्टैंडिंग नहीं बनती थी। बावजूद इसके बिजली विभाग ने उनके बिल में आउटस्टैंडिंग दिखाई है।
हिमाचल प्रदेश में आए दिन कोरोना के मामलों में इज़ाफ़ा हो रहा है। आलम ये है की अब हिमाचल सरकार भी इस से अछूती नहीं रही है। बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार कोरोना संक्रमित पाए गए है। परमार के अलावा प्रदेश भर में 234 नए मामले आए। इन मामलो में शिमला से 46, कुल्लू से 34, मंडी से 31, सिरमौर से 27, बिलासपुर से 23, सोलन से 22, काँगड़ा से 17, हमीरपुर से 16, चम्बा 9, लाहौल 5 और ऊना में 4 केस सामने आए हैं। वहीं नेरचौक में उपचारधीन दो लोगों की मौत भी हुई है। बुधवार को परमार की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उनसे पहले मुख्यमंत्री, बंजार के विधायक और शहरी विकास मंत्री भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। बंजार के विधायक सुरेंदर शौरी के साथ सरकार के नुमाइंदों में कोरोना संक्रमितों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। विधायक के प्राथमिक संपर्क में आए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पहले पॉजिटिव पाए गए और फिर कृषि मंत्री रामलाल मारकंडा की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। हालाँकि अब उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है। मुख्यमंत्री से पहले शहरी विकास मंत्री सुरेश भरद्वाज भी परिवार समेत कोरोना की चपेट में आए थे। वहीं, उनसे पहले बिजली मंत्री सुखराम चौधरी, जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर भी कोरोना संक्रमित हुए थे। हिमाचल प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल मामले 18008 पहुंच गए हैं। वहीं, अब तक सूबे में 250 लोगो की कोरोना से मौत हो चुकी है। हालांकि, बीते कुछ दिन से सूबे में कोरोना के मामलों में गिरावट देखी गई है। अब 200 से नीचे केस रिपोर्ट हो रहे हैं, जबकि इससे पहले 300 से 400 लोग संक्रमित प्रतिदिन आ रहे थे।
कोरोना कल के बिच महीनो से बंद पड़ी अंतर्राज्यीय बस सेवा आखिरकार बुधवार को बहाल कर दी गई। 25 रूटों पर शुरू हुई बसों में पहले ही दिन से यात्रियों का जमावड़ा देखने को मिला। पेहले ही दिन बसों में 70 से 100 फीसदी ऑक्यूपेंसी रही। यात्रियों के is रिस्पांस को देखते हुए HRTC ने 35 और नए रुटों पर बस सेवा बहाल करने का फैसला लिया है। साथ ही इंटरस्टेट बस सेवा के लिए आज से यात्रियों को ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी मिलेगी। बुधवार को ऑनलाइन पोर्टल न खोलने की वजह से यात्रियों को काफी परेशानी हुई थी।
बॉलीवुड सुपरस्टार गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा मंगलवार सुबह मां चिंतपूर्णी के दरबार में शीश नवाने पहुंची हैं। उन्होंने आज माता के दर्शन किए और अपने परिवार के कुशलक्षेम के लिए मन्नत मांगी। सुनीता आहूजा ने बताया कि वह माता चिंतपूर्णी के दरबार में लंबे समय से आना चाह रही थी लेकिन देश भर में चल रहे लॉकडाउन के चलते वे यहां नहीं पहुंच पाई। अब जैसे जैसे परिस्थितियों सामान्य हो रही हैं वैसे ही उन्होंने मां चिंतपूर्णी के दरबार पहुंच शीश नवाया है। मंदिर के पुजारियों ने सुनीता आहूजा से मंदिर में पूजा अर्चना करवाई। वहीं उन्हें माता की चुनरी और चित्र भेंट कर सम्मानित भी किया गया। बता दें गोविंदा का परिवार पहले भी कई बार माता के दर्शन करने आ चूका है।
आज से हिमाचल प्रदेश के सभी स्कूलों में 100 फीसदी शिक्षक व गैर शिक्षक लौट आएं हैं। सरकार द्वारा 12 अक्टूबर से सभी स्कूलों में नई व्यवस्था लागु कर दी है। वहीं स्कूलों को स्कूल आने वाले विद्यार्थियों की संख्या और कमरों के हिसाब से माइक्रो प्लान बना कर 17 अक्टूबर तक शिक्षा उपनिदेशकों को भेजने को खा गया है। साथ ही 15 से 17 अक्टूबर तक ई-पीटीएम कर अभिवावकों के साथ भी संवाद स्थापित करने कोख गया है। हालांकि विद्यार्थियों के स्कूलों में नियमित तौर पर बुलाने के फैसले का अभी इंतज़ार रहेगा। केंद्र सरकार द्वारा 15 अक्तूबर के बाद शिक्षण संस्थान खोलने का फैसला राज्य सरकारों पर छोड़ा गया है। हिमाचल में इसको लेकर कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया जाना था पर BJP के विधायक के पॉजिटिव आने के मुख्यमंत्री क्वारंटाइन हो गए। कारणवश कैबिनेट की बैठक स्थगित करनी पड़ी। ऐसे में शिक्षा विभाग अपने स्तर पर फैसला लेते हुए अब स्कूलों को छात्रों के लिए खोलने से फ़िलहाल इनकार किया है। केंद्र की एसओपी को लागू करते हुए शिक्षा विभाग ने फिलहाल सोमवार से सौ फीसदी शिक्षकों और गैर शिक्षकों को बुलाने का फैसला लिया है। 12 से 16 अक्तूबर तक विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोलने का माइक्रो प्लान बनाया जाएगा।
एनआईटी हमीरपुर में डायरेक्टर विनोद यादवा के विरुद्ध अब एनआईटी प्रशासन एफआईआर दर्ज करवाए। क्योंकि उनकी बर्खास्तगी के बाद अब यह साबित हो गया है कि विनोद यादवा एनआईटी में कथित भर्ती घोटाले के मुख्य आरोपी हैं। यह बात राज्य कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने यहां जारी प्रेस बयान में कही है। उन्होंने कहा कि अब जब केंद्रीय जांच समीति यह साबित कर चुकी है कि एनआईटी हमीरपुर के डायरेक्टर विनोद यादवा इस कथित भर्ती घोटाले के दोषी साबित हो चुके हैं तो उनके खिलाफ एफआईआर करने में देरी क्यों की जा रही है। राणा ने कहा कि एनआईटी के डायरेक्टर विनोद यादवा की कारगुजारी के चलते एनआईटी में 100 के करीब भर्ती किए गए लोगों से करोड़ों के लेनदेन के भी आरोप लगे हैं। जिसकी जांच होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि अगर सच में ही बीजेपी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात करती है तो अब केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय व एनआईटी प्रशासन को आरोपी डायरेक्टर के खिलाफ अपराधिक गतिविधियों के आरोप में एफआईआर दर्ज होनी जरुरी है। राणा ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा गठित समीति की रिपोर्ट में उन्हें दोषी पाया गया है। जिस कारण से उनकी सेवाओं को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया गया है। राणा ने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों की गंभीरता का पता इस बात से साफ चलता है कि केंद्रीय मंत्रालय ने उन्हें नोटिस देने तक का जोखिम नहीं उठाया है और उनकी सेवाओं को समाप्त करते हुए उन्हें तीन महीने की बेसिक पगार थमाकर चलता किया है। राणा ने कहा कि वह इस भ्रष्टाचार के बड़े मामले की शिकायत लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश निशंक पोखरियाल के साथ बोर्ड ऑफ गवर्नर के चेयरमैन चंद्रशेखर को लगातार करते रहे हैं, जबकि इस मामले की शिकायत उन्होंने सबूतों के साथ हिमाचल प्रदेश सीबीआई के एसपी को भी की है। उन्होंने कहा कि मैथ व कंप्यूटर साईंस के साथ अन्य कई विभागों में सैकड़ों लोगों की भर्तियां कथित आरोपों के लेनदेन के बीच नेपोटिज्म के आधार पर हुई हैं। जिनकी अब जांच होनी स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि आरोपी डायरेक्टर की इस कारगुजारी के चलते एनआईटी हमीरपुर की रैंकिंग गिर कर 98वें रैंक पर जा पहुंची थी। इन सब मामलों की जांच के लिए एफआईआर होनी जरुरी है, ताकि जिन लोगों के साथ इस बेखौफ धांधली के चलते अन्याय हुआ है, उन्हें न्याय मिल सके।
आज प्रदेश में कोरोना से दो मौते हो गई हैं। बता दें नेरचौक मेडिकल कॉलेज में बिलासपुर के एक व्यक्ति और एक कुल्लू के व्यक्ति की मृत्यु हो गई हैं। बिलासपुर निवासी मृतक 58 वर्ष का था और कई अन्य गंभीर बीमारियों से भी ग्रसित था। कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से देर रात उसने दम तोड़ दिया। वहीं कुल्लू निवासी मृतक ने शुक्रवार सुबह दम तोडा। वह 55 वर्षीय थे व कुल्लू के भुंतर से ताल्लुक रखते थे।
सुप्रीम कोर्ट ने 2630 एसएमसी शिक्षकों को राहत पहुंचाई है। बता दें SC ने हिमाचल हाईकोर्ट के एसएमसी शिक्षकों की नियुक्तियां रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी के माध्यम से हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाले शिक्षक संघ अध्यक्ष मनोज रोंगटा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी गई है। मनोज रोंगटा ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर का SC में प्रदेश सरकार की ओर से एसएलपी दायर करने और शिक्षकों के हित में खड़े होने के लिए आभार जताया है। बता दें की हिमाचल प्रदेश HC ने बीते महीने 2630 एसएमसी शिक्षकों की नियुक्तियां रद्द करने का फैसला सुनाते हुए इनकी जगह छह माह में नियमित शिक्षकों की भर्ती करने का फैसला दिया था। ये एसएमसी शिक्षक प्रदेश के दूर दराज क्षेत्रों में काफी वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। सरकार ने स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए अस्थाई तौर पर इनकी तैनाती की थी। एसएमसी शिक्षकों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को लेकर मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही थी। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए शिक्षकों के साथ प्रदेश सरकार ने भी एसएलपी दायर की थी।
कोरोना पॉजिटिव विधायक के समपर्क में आने के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने खुद को क्वारंटाइन कर लिया था। मुख्यमंत्री के तीन दिन क्वारंटाइन होने के कारण 9 अक्तूबर को प्रस्तावित कैबिनेट की मीटिंग टल गई है। मिली जानकारी के अनुसार 8 अक्टूबर को मुख्यमंत्री का कोरोना टेस्ट किया जाएगा। बता दें सीएम तीन दिनों के लिए स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में हैं, ऐसे में अब कैबिनेट की बैठक ताल दी गई है। इस बार की कैबिनेट बैठक को अहम मन जा रहा था। इस बार इंटरस्टेट बसों के चलने और स्कूल खोलने जैसे मुद्दों पर फैसले होने वाले थे।
मंगलवार को अटल टनल रोहतांग के पास बड़ा हादसा होते-होते टला है। बता दें मनाली-केलांग मार्ग पर, अटल टनल से करीब डेढ़ किलोमीटर आगे, आलू की बोरियों से लदा ट्रक एक कार पर पलट गया। गनीमत रही उस समय कार में मौजूद व्यक्ति ने ट्रक की स्पीड को भांप लिया और कार से छलांग मार सुरक्षित दूरी पर चला गया, वर्ना बड़ा हादसा हो सकता था। जानकारी के मुताबिक कार हरयाणा से हिमाचल घूमने आए पर्यटकों की थी व हादसे के समय हाईवे के किनारे पर पार्क थी। इस दौरान विपरीत दिशा से आता हुआ एक ट्रक अचानक कार पर पलट गया। ऑय विटनेसेस की मने तो हादसे से पहले गाड़ी की पिछली सीट पर एक व्यक्ति बैठा हुआ था जिसने ट्रक की स्पीड भांपते हुए सुरक्षित जगह के लिए छलांग लगा दी। हालाँकि कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई पर व्यक्ति बाल-बाल बचा। रिपोर्ट्स के मुताबिक हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया।
प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी के हिमाचल दौरे के बाद कुल्लू के बंजार से विधायक सुरेंदर शौरी के कोरोना पॉजिटिव आने से हड़कंप मच गया है। बता दें कि 3 अक्टूबर को पीएम ने रोहतांग अटल टनल का शुभारम्भ किया था। उस दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और वन मंत्री राकेश पठानिया पीएम के संपर्क में रहे। अब वहीं बीते कल कुल्लू के बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जिस के बाद से ही सीएम ने खुद को क्वारंटाइन कर लिया है। बताया जा रहा है कि सीएम पॉजिटिव आए विधायक के प्राइमरी कांटेक्ट में थे। स्वास्थ्य विभाग को शौरी के कोरोना पॉजिटिव होने की रिपोर्ट टनल उद्घाटन कार्यक्रम से एक दिन पहले 2 अक्तूबर को ही मिल गई थी। हिमाचल सरकार की इस बड़ी चूक से पीएम मोदी के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर के लिए भी कोरोना का खतरा पैदा हो गया है। इस खबर ने हिमाचल में हड़कंप मचा दिया है। स्वास्थ्य विभाग कि इस चूक से सीएम कार्यालय से लेकर पीएम कार्यालय तक कोरोना का खतरा मंडरा रहा है। मुख्यमंत्री कि माने तो शौरी के पॉजिटिव होने की जानकारी उन्हें 3 अक्तूबर को मिली थी। उन्होंने बताया कि अभी तक प्रधानमंत्री कार्यालय को इसकी जानकारी नहीं दी गई है। वहीं, अटल टनल कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी से नजदीक से बात करने वाले वन मंत्री राकेश पठानिया भी संक्रमित विधायक के संपर्क में आए थे। वह भी आइसोलेट हो गए हैं। पठानिया ने कहा कि शौरी के पॉजिटिव आने की जानकारी मुख्यमंत्री के क्वारंटीन होने के बाद मिली है। उन्होंने बताया कि शौरी से दूर से ही उनकी मुलाकात हुई थी और दोनों ने ही मास्क लगाए थे। फिर भी कोविड प्रोटोकॉल के तहत खुद को क्वारंटीन कर लिया है। मुख्यमंत्री, मंत्री के क्वारंटीन होने के बाद सीएम से ही प्रदेश के कई दिग्गज नेता, राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल, भाजपा के संगठन महामंत्री पवन राणा समेत अन्य क्वारंटीन हो गए हैं। वही शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा है कि उन्होंने विधायक से मुलाकात नहीं की थी। इस वजह से वह अभी तक क्वारंटीन नहीं हुए हैं।
परिवहन विभाग की ओर से इंटरस्टेट बसों में व्यवस्था को लेकर एसओपी तैयार कर दी गई है। जारी निर्देशों के मुताबिक अब हिमाचल सरकार द्वारा बहरी राज्यों के लिए जाने वाली बसों में बच्चों, बुजुर्गों व बीमार व्यक्तियों के लिए सीटें आरक्षित की जाएंगी। सीट नंबर 2 से 6 तक सीटें इनके लिए रिज़र्व रहेंगी, वहीं 1 नंबर सीट कंडक्टर के लिए रहेगी। कंडक्टर सवारियों को बस में चढ़ने से पहले टिकट देगा। साथ ही बिना मास्क बसों में किसी को सफर नहीं करने दिया जाएगा। परिवहन विभाग ने एसओपी तैयार कर सरकार को भेज दी है। अब इस मामले को कैबिनेट बैठक में लाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक इंटर स्टेट बसें 60 प्रतिशत सीटों के साथ शुरू होंगी। डीलक्स बसों में 50 प्रतिशत सीटों पर यात्री सफर कर सकेंगे। यानी अब 100 सीटर बसों में 50 यात्री सफर कर सकेंगे।
हमीरपुर। जिला में सोमवार को आरटी पीसीआर टैस्ट में 14 लोग कोरोना पाॅजीटिव पाए गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. अर्चना सोनी ने बताया कि पाॅजीटिव पाए गए लोगों में भोरंज उपमंडल के गांव कक्कड़ की 51 वर्षीय, 63 वर्षीय और 28 वर्षीय तीन महिलाएं, गांव मुुंडखर के तीन लोग 9 वर्षीय लड़का, 10 वर्षीय लड़का और 69 वर्षीय व्यक्ति शामिल है। कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के प्राथमिक संपर्क के कारण नादौन के गांव टिल्लू के तीन लोगों 62 वर्षीय व्यक्ति, 57 वर्षीय महिला और 30 वर्षीय महिला, गांव अणु कलां के दो लोगों 75 वर्षीय बुजुर्ग तथा 17 वर्षीय लड़की की रिपोर्ट पाॅजीटिव आई है। लेह से लौटा टौणी देवी के गांव छत्रैल का 21 वर्षीय युवक, टौणी देवी में बिहार से आया 29 वर्षीय व्यक्ति और जलाड़ी क्षेत्र के गांव मतियाल का 28 वर्षीय व्यक्ति भी कोरोना संक्रमित पाया गया है।
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हिमाचल आने पर स्वागत है, लेकिन इस बार प्रदेश प्रेम भाषणों में नहीं हकीकत में दिखा कर जाएं। यह बात राज्य कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने यहां जारी प्रेस बयान में कही है। राणा ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी हों या इंदिरा गांधी हो, जब-जब हिमाचल आए हैं, तब-तब उन्होंने हिमाचल के प्रति अपना स्नेह प्रदर्शित करते हुए हिमाचल को बड़े-बड़े पैकेज व बड़ी-बड़ी विकास योजनाएं समर्पित की हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस रोहतांग टनल का उद्घाटन करने आज हिमाचल पहुंचे हैं। वह रोहतांग टनल भी कांग्रेस के हिमाचल के स्नेह व सम्मान की देन है, जो अब देश और प्रदेश के विकास के बड़े सपने को साकार कर रही है। हिमाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा देने वाली पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने सपना देखा था। रोहतांग टनल का सपना 1983 में इंदिरा गांधी द्वारा जनजातीय जिला की पहली महिला विधायक स्वर्गीय लता ठाकुर के आग्रह पर देखा था। 1984 में इसका जियोलॉजिक्ल सर्वे किया गया। 2005 यूपीए वन में इस प्रोजेक्ट को कैबिनेट क्लीयरेंस मिली जबकि 2009 में यूपीए टू ने इस प्रोजेक्ट को बजट के प्रावधान के सहित पूर्व पीएम मनमोहन सिंह द्वारा क्लीयर किया गया। 28 जनू 2010 को रोहतांग टनल का शिलान्यास कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी द्वारा किया गया। जिसका उद्घाटन करने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब हिमाचल पहुंचे हैं। राणा ने कहा कि सरकारें आती है, जाती हैं। विकास सतत क्रिया है, जो कि सरकारों के दम पर आगे बढ़ता है, लेकिन इसमें यह कह देना कि रोहतांग टनल बीजेपी ने बनाई है, तो यह गलत होगा जबकि असलियत यह है कि कांग्रेस के काम को बीजेपी ने आगे बढ़ाकर अब उद्घाटन तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रधानमंत्री रहते हुए संभवत यह तीसरा दौरा है जबकि प्रधानमंत्री बनने से पहले वह सुजानपुर भी आए थे। प्रधानमंत्री के हर दौरे में जन संवाद के दौरान हिमाचल प्रेम खूब छलका है, लेकिन यह प्रेम अब तक सिर्फ भाषणों तक ही सीमित रहा है। उन्होंने कहा, मेरा प्रधानमंत्री से निवेदन है कि अगर बकौल मोदी वह हिमाचल को अपना दूसरा घर मानते हैं व सच में हिमाचल की देवभूमि व वीरभूमि से प्रेम करते हैं तो महंगाई, बेरोजगारी व महामारी के साथ कर्जे के पहाड़ के नीचे दबे प्रदेश को इस दौरे में कोई बड़ा पैकेज देकर राहत देकर जाएं। राणा ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री मोदी के हिमाचल से दूसरे घर जैसे रिश्ते हैं तो रिश्ते दिखाने के लिए नहीं निभाने के लिए होते हैं? और इस बार वह बड़े पैकेज की घोषणा करके इन रिश्तों को निभाकर जाएं।
अटल टनल रोहतांग के बाद अब प्रधानमंत्री मोदी ने लाहौलियों को एक और बड़ी सौगात दी है। बता दें अटल टनल रोहतांग के उत्तरी पोर्टल में पीर पंजाल की पहाड़ी में जल्द ही बुद्ध की एक विशाल प्रतिमा बनाई जाएगी। यह प्रतिमा लगभग 328 फीट यानि 100 मीटर ऊंची होगी। यह प्रतिमा अफगानिस्तान के बामियान की तर्ज बनाई जाएगी। इस निर्माण में लगभग 500 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस प्रोजेक्ट को खुद प्रधानमंत्री ने सहमति दी है। हिमाचल सरकार के इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। प्रतिमा का निर्माण केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की देखरेख में गुजरात की एक निजी फर्म को सौंपा जाएगा। सिस्सू गांव के पार विख्यात वॉटर फाल के पास पीरपंजाल की पहाड़ी को कुरेद कर बुद्ध प्रतिमा बनाई जाएगी। इस निर्माण से जनजातीय क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और आय के नए द्वार खुलेंगे।
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में चलते काफिले के दौरान सड़क हादसे में हिमाचल के सिरमौर का 42 वर्षीय जवान शहीद हो गया। सिरमौर के धारटीधार इलाके की नौनी (जामटा) पंचायत के कटीयार गांव के सुरेश कुमार, सेना की 155 टी ए बटालियन में शोपियां में तैनात थे। गत 29 सितंबर को सेना की लगभग 100 गाड़ियों का काफिला जम्मू से श्रीनगर के लिए निकाला। उनमें से बीच की गाड़ी उधमपुर के समीप दूसरी गाड़ी को बचाने के चक्कर में दुर्घटनाग्रस्त हो गई जिसमें हवलदार सुरेश कुमार भी सवार थे जिन्हें दुर्घटना के बाद सैनिक अस्पताल ने मृत घोषित कर दिया। 30 सितंबर को शहीद की पार्थिव देह उधमपुर से घर के लिए रवाना कर दी गई। देर रात शहीद की पार्थिव देह नाहन पहुंची और रात को नाहन मे ही रखी गई। गुरूवार को प्रातः 8:00 बजे शहीद की पार्थिव देह भूतपूर्व सैनिक संगठनों व स्थानीय लोगों के कफिले के साथ शहीद के पैतृक गांव कतयाड़ के लिए लाया गया। रास्ते में कई स्थानों पर लोगों ने पुष्प वर्षा की। पिता जोगेंद्र सिंह, माता शीला देवी व शहीद की पत्नी शीला देवी तथा बेटे आर्यन एवं विवेक व परिवार तथा गांव के लोग पार्थिव देह को देखकर बिलखने- चिल्लाने लगे। गांव तथा पूरे इलाके में शोक की लहर है। शहीद के जेष्ठ पुत्र विवेक ने पवित्र देह को मुखाग्नि दी। उपस्थित सभी लोगों ने भारत माता की जय, शहीद सुरेश अमर रहे के नारे लगाए। उपस्थित सभी लोगों ने शहीद के परिवार के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हुए दिवंगत आत्मा को शांति के लिए भगवान से प्रार्थना की। नौनी ग्राम पंचायत के प्रधान नरेश ठाकुर ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर श्मशान घाट के लिए पहाड़ी और संकरा रास्ता होने के बावजूद भी साफ-सफाई तथा देह संस्कार के लिये बहुत अच्छी व्यवस्था की जिसके लिए सभी लोगों ने उनकी सराहना की। इस मौके पर मुख्यतः परिवार के सदस्यों और सगे संबंधियों के अलावा डीसी सिरमौर डॉ० आर के परूथी, अतिरिक्त एसपी सिरमौर बबीता राणा, एसडीएम विवेक, नाहन के विधायक डाॅ राजीव बिंदल, भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा-शिलाई से अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह चौहान, सचिव नरेंद्र सिंह ठुंडू, पूर्व सैनिक सगंठन धारटीधार, पूर्व सैनिक सगंठन रेणुका जी- सगड़ाह, भूतपुर्व सैनिक सगंठन नाहन, स्थानीय पंचायत व गांव के प्रतिनिधि व अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
हिमचाल प्रदेश में कोरोना महामारी का कहर जारी है। प्रदेश में कोरोना का आंकड़ा 15 हज़ार पार करने वाला है। वीरवार को भी कोरोना ने प्रदेश में कहर दिखाया। आज दोपहर तक 21 लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आए हैं, इनमें कांगड़ा से 2 व ऊना से 19 मामले सामने आए हैं। वहीं 6 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हुई है। इसके अलावा 218 मरीज स्वस्थ हुए हैं। इसी के साथ प्रदेश में कोरोना का आंकड़ा 14997 पर पहुँच गया है, वहीं 11588 लोगों ने कोरोना संक्रमण को मात दी है। प्रदेश में अब 3197 मामले सक्रिय हैं व 187 मरीजों की मौत हो चुकी है।
राज्य कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने प्रेस बयान में कहा है कि स्वास्थ्य के साथ शिक्षा के नाम पर भी जमकर फर्जीवाड़े व मनमानियों का दौर बीजेपी की सत्ता में बदस्तूर जारी है जिस कारण से योग्यतावान व क्षमतावान प्रतिभाएं प्रदेश में अपने आप को कुंठित व प्रताडि़त महसूस कर रही हैं। राणा ने खुलासा करते हुए कहा कि प्रदेश की एकमात्र सेंट्रल यूनिवर्सिटी में चली मनमानियों के बीच अब विशेष विचारधारा के नाम पर चमचागिरी करने वाले लोगों को नियुक्तियां दी गई हैं। इन नियुक्तियों में तमाम नियमों को दरकिनार किया गया है जिससे सेंट्रल यूनिवर्सिटी में कार्यरत बेहतर प्रदर्शन करने वाले सब्जेक्ट एक्सपर्ट खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। राणा ने कहा कि शिक्षा किसी और विषय की और नियुक्ति किसी और विषय में नियुक्ति करने के कारनामे को भी सेंट्रल यूनिवर्सिटी ने अंजाम दिया है। सेंट्रल यूनिवर्सिटी में सियासी पार्टी के कार्यकर्ताओं की वफादारी की तर्ज पर नियुक्तियां की जा रही हैं जिससे कि वहां कार्यरत अधिकांश स्टाफ में सिस्टम व सरकार के प्रति लगातार आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्लांट साइंस सब्जेक्ट में सिर्फ पीएचडी बॉटनी के लोगों को नियुक्ति देने का नियम है, लेकिन इस यूनिवर्सिटी में इस विषय की पढ़ाई के लिए बायोटेक व बायोकेमिस्ट्री के लोगों को नियुक्ति देकर अपनी पॉवर के मिसयूज कर मनमानी का परिचय दिया है। सेंट्रल यूनिवर्सिटी की इस मनमानी से प्रदेश के अनेक योग्य उच्चशिक्षा प्राप्त युवा अपनी अनदेखी से परेशान हैं। जिसको लेकर कुछ लोगों ने न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया है। राणा ने कहा कि यह पहली यूनिवर्सिटी नहीं है जो बीजेपी के राज में मनमानी पर उतरी है। इससे पहले एनआईटी हमीरपुर, आईआईएम नाहन में भी नियुक्तियों को लेकर धांधली के आरोप लग चुके हैं जबकि मानव भारती यूनिवर्सिटी सोलन तो लाखों फर्जी डिग्रियां बेचने के लिए विश्वभर में कुख्यात हो चुकी है।
प्रधानमंत्री के दौरे तक अटल टनल को सील कर दिया गया है। उद्घाटन तक किसी को भी अटल टनल में प्रवेश की अनुमति नहीं है। आज उद्घाटन की तैयारियों का जायज़ा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के काफिले को भी अटल टनल पार करने के लिए विशेष अनुमति लेनी पड़ी। मुख्यमंत्री का काफिला लाहुल की तरफ अटल टनल के नाॅर्थ पोर्टल सिस्सु में रोका गया। उनके काफिले में एक वाहन वाहन ज्यादा था जिस कारण एसपीजी ने उनके काफिले को रोक दिया। एसपीजी के अधिकारियों ने दिल्ली से अनुमति ली जिसके बाद ही मुख्यमंत्री के काफिले को आगे बढ़ने की इजाज़त दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के मद्देनजर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर तैयारियों का जायज़ा लेने आज सुबह लाहुल-स्पीति के सिस्सू पहुंचे। जयराम ठाकुर वहां जिला प्रशासन कुल्लू व लाहुल-स्पीति के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। साथ ही वह सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों के साथ भी बैठकें करेंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एक अक्टूबर तक वहां पर मौजूद रहेंगे।
प्रदेश में कोरोना से मौत का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। बुधवार को भी प्रदेश में कोरोना से दो मौते हुई हैं। शिमला के आईजीएमसी में कोरोना से दो व्यक्तियों ने दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार एक व्यक्ति सिरमौर के नहान और दूसरा जिला शिमला के घणाहटी का रहने वाला बताया जा रहा है। सिरमौर निवासी मृतक 62 वर्षीय था व नाहन से आईजीएमसी के लिए रेफर किया गया था। 28 सितम्बर को व्यक्ति का टेस्ट हुआ जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी और देर रात इनकी मौत हो गई है। शिमला निवासी मृतक का 28 सितम्बर को ही रैपिड एंटीजेन टेस्ट हुआ था और रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
प्रधानमंत्री मोदी के 3 अक्टूबर को मनाली आ रहे हैं। लेकिन PM के दौरे से पहले पुलिस को मानली में एक गाड़ी से 3 रिवाल्वर बरामद हुई हैं। रिवाल्वर पकड़े जाने के बाद से ही पुलिस व सुरक्षा एजेंसियां और भी ज़्यादा सतर्क हो गई है और पहरा कड़ा कर दिया गया है। पुलिस ने प्रीणी के एक उद्योगपति की गाड़ी से ये हथियार बरामद किए हैं। तीन में से दो रिवाल्वर के लाइसेंस हैं जबकि एक अवैध हैं। ये सभी हरियाणा में बनी हैं और दो के प्रदेशस्तरीय लाइसेंस हैं, ऐसे में इन्हें दूसरे राज्य में ले जाना अपराध हैं। ये कामयाबी पुलिस को प्रीणी में चेकिंग करते हुए मिली। इस मामले में पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके बाद से पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों ने होटलों में भी चेकिंग का काम शुरू कर दिया है।
जम्मू-कश्मीर में हिमाचल का एक जवान शहीद हो गया है। जानकारी के मुताबिक, जवानों को लेकर सेना का वाहन उधमपुर से श्रीनगर की तरफ जा रहा था, जो उधमपुर से कुछ ही दूरी पर जाकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें 2 जवानों की मौत हो गई। इन दो जवानों में से एक हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में नाहन विधानसभा क्षेत्र के कांडों का कथ्याड इलाके से ताल्लुक रखता है। जवान का नाम सुरेश कुमार, उम्र 47 साल बताई जा रही है। शहीद के परिवार में दो बेटे, पत्नी व बूढ़े मां-बाप हैं। शहादत की खबर मिलते ही गांव में मातम का माहौल है। शहीद जवान का पार्थिव शरीर बुधवार को गांव लाया जाएगा।
शनिवार, हिमाचल कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हो रही है। इस बैठक में प्रधानमंत्री के दौरे के साथ साथ पर्यटन विकास, कोरोना व ऐसे कई अन्य अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। आज की इस बैठक में बाहरी राज्यों के लिए बसें चलाने और डिपुओं में पॉस मशीनों से राशन देने पर भी फैसला हो सकता है। बैठक में शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर, मंत्री सरवीण चौधरी व अन्य नेतागण शामिल हुए है। हालांकि बैठक से सरकार के दो मंत्री नदारद रहे। उद्योग एवं परिवहन मंत्री बिक्रम ठाकुर और पंचायती राज एवं पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर अनुपस्थित रहे। बिक्रम ठाकुर स्टाफ सदस्य के संक्रमित पाए जाने के बाद क्वारंटाइन हैं।
राज्य कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने भाजपा पर तीखा हमला किया है। जारी प्रेस बयान में राणा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा की बीजेपी जनादेश से विश्वासघात कर रही है व जनादेश के बहुमत का भी लगातार दुरुपयोग कर रही है। राणा ने खुलासा किया है कि केंद्र की तर्ज पर सत्ता को कारोबार का जरिया मान चुकी बीजेपी प्रदेश के संसाधनों को भी दोनों हाथों से लूटने में लगी है। राणा ने कहा कि केंद्रीय कांगड़ा बैंक में हुए खुलासे के मुताबिक बैंक के चेयरमैन को नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए कागजों के हेरफेर के तिकड़मों के चलते लाखों रुपए का लाभ दिया जा रहा है। राणा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश कॉर्पोरेशन एक्ट 1968 तथा नियम 1971 की धारा 41एफ के चलते किसी ऐसे व्यक्ति को बैंक का निदेशक नहीं बनाया जा सकता है, जो कि बैंक से कोई प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ ले रहा हो। यही प्रावधान बैंक के उपनियमों की धारा 29सी में भी रखा गया है, लेकिन केंद्रीय कांगड़ा बैंक की कलाकारी का नमूना यह रहा कि बैंक के चेयरमैन को लाखों का लाभ देने के लिए 1 मार्च 2018 को एफिडेविट दायर करवाया गया कि वह अपने पारिवारिक जसूर स्थित भवन के अपने हिस्से का किराया नहीं लेंगे। यह भवन केंद्रीय कांगड़ा बैंक को किराए पर दिया गया है। इतना ही नहीं परोक्ष लाभ की इस जुगाड़बंदी में किराया न लेने व अन्य कार्य करने का अधिकार बैंक के चेयरमैन ने अपने चाचा को दे दिया। 3890 रुपए से शुरू हुए इस बैंक के किराए को यकायक बढ़ाकर 1 मार्च 2019 को 28 हजार रुपए कर दिया और गजब यह रहा कि किराए की बढ़ोतरी का फैसला बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक में किया गया। जिसके चेयरमैन खुद केंद्रीय कांगड़ा बैंक के चेयरमैन रहे, तथा बैंक के प्रबंधक निदेशक भी इस बैठक में मौजूद रहे। इतना ही नहीं 1 मई 2007 से 30 अप्रैल 2012 तक 32280 रुपए किराए की बढ़ोतरी 22 मार्च 2019 को की गई। फिर 1 मई 2012 से लेकर 28 फरवरी 2019 तक फिर से किराए की बढ़ोतरी करके 48544 कर दी, जिसका भुगतान भी आनन-फानन में 22 अप्रैल 2019 को बैंक द्वारा कर दिया गया। राणा ने कहा कि बीजेपी का यह कारनामा यह बताने के लिए काफी है कि लोग इस पार्टी में सत्ता का कारोबार करने के लिए पद हासिल करते हैं व संसाधनों की लूट के लिए नियमों को ताक पर रखते हैं। वहीं, आम आदमी को महंगाई व बेरोजगारी की सौगात देते हैं।
भाजपा की तेज़तर्रार नेता व पूर्व मंत्री श्यामा शर्मा ने सोमवार को पंचकूला के एक निजी अस्पताल में आखिरी सासें लीं। उनके आकस्मिक निधन से पुरे हिमाचल प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है। बता दें श्यामा पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं। सोमवार को अचानक उनकी तबियत बिगड़ी और उन्हें नाहन स्थित मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ से उन्हें चंडीगढ़ PGI रेफेर कर दिया गया पर श्यामा ने बीच रस्ते में ही दम तोड़ दिया। पूर्व मंत्री श्यामा ने 16 सितम्बर को ही प्रधानमंत्री मोदी को फेसबुक पर शुभकामनाएं प्रेषित की थीं, पर उस समय कौन जनता था वह चंद रोज़ में दुनिया को अलविदा कह देंगी। श्यामा अपनी आखिरी समय तक राजनीती व समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय रहीं। उनका राजनितिक करियर 42 सालों का रहा। वह तीन बार विधायक और एक बार मंत्री भी रहीं। उन्होंने भाजपा को जिला सिरमौर में पहचान दिलाई व संगठन के लिए कई बड़े कार्य किए। उन्होंने छात्र राजनीती से अपना करियर शुरू किया। उन्होंने पहली बार 1977 में नाहन विधानसभा से चुनाव लड़ा था और जीत भी हासिल की। श्यामा शर्मा नाहन से तीन बार विधायक 1977, 1982 व 1990 में रही। 1977 में वह तात्कालीन सरकार मेें पंचायती राज, खाद्य एवं आपूर्ति तथा विधि मंत्री रही। इसके बाद प्रेम कुमार धूमल की सरकार में राज्य योजना बोर्ड की उपाध्यक्ष भी रही। मुख्यमंत्री ने जताया शोक हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पूर्व मंत्री श्यामा शर्मा के निधन पर शोक जताया है। सीएम ने कहा श्यामा शर्मा ने पार्टी और जनता की निस्वार्थ एवं समर्पण भाव से सेवा की है। भगवान उनकी दिवंगत आत्मा काे शांति प्रदान करे व परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दे।
कृषि विभाग के आने से किसान मनपसंद दामों पर देश में कहीं भी अपनी फसल किसी को भी बेचने के लिए स्वतंत्र हो जाएंगे। इससे पहले की व्यवस्था में किसान केवल अपने ही राज्य की मंडियों में अपनी फसल बेच पाते थे। हमीरपुर से जारी प्रेस नोट जारी करते हुए भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी अंकुश दत्त शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के लोग कृषि विधायकों के बारे में मनगढ़ंत बातें कहकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। कृषि विधायक आने के बाद किसानों के पास दो तरीके होंगे वह चाहे तो अपनी फसल मंडियों के माध्यम से बेचे और जिसका उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलता रहेगा और दूसरा यह कि विदेश में किसी भी व्यापारी को अपने मनपसंद ऊंचे दामों पर अपनी फसल सीधा बेच सकते हैं। जिला मीडिया प्रभारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि किसानों को आज तलक उनके अधिकारों से वंचित रखा गया, जब कपड़ा उत्पादक, बर्तन उत्पादक आदि या अन्य किसी भी प्रकार का उत्पादन करने वाले लोग अपने उत्पाद को देश में कहीं भी बेच सकते हैं तो केवल किसान ही क्यों केवल अपने ही राज्य में सिर्फ मंडियों के माध्यम से ही अपनी फसल को बेचने के लिए सीमित किए गए। नए प्रावधानों के लागू हो जाने के बाद किसान अपनी फसल को मंडियों में या फिर मनचाही कीमतों पर देश में कहीं भी किसी को बेच सकते हैं। अनाज मंडियों के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद पहले ही की तरह होती रहेगी। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग में अनुबंध पैदावार की जो बात की गई है उसमें स्पष्ट कहा गया है कि पैदावार खरीदने का समझौता ज्यादा से ज्यादा 5 वर्ष का होगा और इस समझौते में सिर्फ पैदावार खरीदने की बात होगी, ना की जमीन खरीदने या फिर जमीन को गिरवी रखने की। जब किसान बीज बोएगा उससे पहले उसकी फसल की कीमत का समझौता होगा और जब फसल तैयार हो जाएगी तो फसल उठाने से पहले व्यापारी फसल की दो तिहाई कीमत समझौते के अनुसार अदा करेगा और और उसके 3 दिन के भीतर ही बाकी की एक तिहाई कीमत भी किसान को अदा करेगा। किसान अपनी फसल की मनपसंद कीमत व्यापारी से पहले ही तय कर लेगा जो उसे निश्चित रूप से मिलेगी। जिला मीडिया प्रभारी ने कहा कि बंपर फसल होने की सूरत में कई बार बहुत अधिक मात्रा में अनाज के सड़ने से किसानों की मेहनत बेकार हो जाने की समस्या भी कृषि विधेयक आ जाने से दूर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल ज्वाइन कृषि विधायकों का विरोध कर रहे हैं वह चाहते हैं कि किसान आज भी अनगिनत बंधनों में जकड़ा रहे और किसानों को उनकी फसल का सही दाम न मिले और वह सभी लोग बिचौलियों के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं जो किसानों की मेहनत की कमाई पर डाका डालते हैं।
शिक्षकों और विद्यार्थियों को स्कूलों में बुलाने को लेकर अगले सप्ताह एसओपी जारी होगी। केंद्र सरकार से जारी अनलॉक-4 की गाइडलाइन के अनुसार 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को 21 सितंबर से स्कूलों में बुलाने को हरी झंडी मिल गई है। केंद्र ने अभिभावकों के सहमति पत्र पर बच्चों को स्कूलों भेजने को मंजूरी दी है। केंद्र ने इसका अंतिम फैसला राज्य सरकारों पर छोड़ा है। केंद्र की ओर से बीते दिनों एसओपी भी जारी की गई है। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग ने भी एसओपी तैयार कर अंतिम मंजूरी के लिए फाइल शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर को भेज दी है। केंद्र से जारी गाइडलाइन में 30 सितंबर तक स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों को बंद रखने का फैसला लिया गया है। हालांकि, केंद्र सरकार ने राज्यों को अपने स्तर पर फैसले लेने के लिए कुछ छूट भी दी है। प्रदेश शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार ने कंटेनमेंट जोन से बाहर वाले स्कूलों में नवीं से जमा दो कक्षा को शुरू करने के लिए एसओपी जारी कर दी है। हिमाचल ने भी अपनी एसओपी तैयार कर ली है। केंद्र सरकार ने 21 सितंबर से 50 फीसदी शिक्षकों और गैर शिक्षकों को भी स्कूल बुलाने को कह दिया है। ऐसे में पहली से आठवीं कक्षा की ऑनलाइन पढ़ाई की मानीटरिंग 21 सितंबर से शिक्षक स्कूल आकर ही करेंगे। एसओपी में शिक्षकों और विद्यार्थियों के आने-जाने को लेकर सभी नियम तय किए जाएंगे।
भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने जारी एक प्रैस बयान में कहा कि विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 17 सितम्बर को जन्मदिवस है तथा पार्टी प्रत्येक वर्ष प्रधानमंत्री का जन्मदिवस "सेवा सप्ताह’’ के रूप में मनाती है। प्रत्येक वर्ष पार्टी के सभी कार्यकर्ता विभिन्न प्रकार के सेवा के कार्यक्रम पूरे सप्ताहभर करके प्रधानमंत्री की दीर्घायु व स्वस्थ जीवन की कामना करते हैं। यह सेवा सप्ताह 14 सितम्बर से 20 सितम्बर, 2020 तक पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा जिसके लिए प्रदेश उपाध्यक्ष राम सिंह को प्रभारी बनाया गया है। सुरेश कश्यप ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का 70वां जन्मदिवस है इसलिए इस सेवा सप्ताह में प्रत्येक मण्डल में कम से कम 70 दिव्यांगों को विभिन्न प्रकार के कृत्रिम अंग एवं उपकरण प्रदान करने का पार्टी ने निर्णय लिया है। इसी प्रकार गरीब भाईयों एवं बहनों को आवश्यकतानुसार चश्में प्रदान किए जाएंगे। उन्होनें कहा कि प्रत्येक जिले में गरीब बस्ती एवं अस्पतालों में कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए फल वितरण के कार्यक्रम किए जाएंगे तथा कोविड-19 से प्रभावित 70 लोगों को स्थानीय आवश्यकतानुसार एवं अस्पताल के माध्यम से प्लाजमा डोनेट किए जाएंगे। इस कार्यक्रम के लिए प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री प्रवीण शर्मा को प्रभारी बनाया गया है।
सरकार ने 4 सितंबर को कैबिनेट बैठक में धार्मिक स्थलों को खोलने का निर्णय लिया था जिसके बाद आज प्रदेश में धार्मिक स्थलों को खोल दिया गया है। इसे ले कर एसओपी जारी किए गए। देवभूमि हिमाचल प्रदेश में भी आज सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। शिमला स्थित प्रसिद्ध तारादेवी मंदिर , जाखू मंदिर एवं संकटमोचन मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं ने दिशा-निर्देशों के अनुसार ही दरशन किए। एसओपी के तहत मंदिर परिसरों में सभी तैयारियां की जा चुकी हैं। सराहन स्थित प्रसिद्ध मां भीमाकाली मंदिर में सुबह सात से शाम साढ़े छह बजे तक भक्तों को माता के दर्शन करने की अनुमति रहेगी। शाम सात बजे मंदिर के कपाट बंद होंगे। मां चिंतपूर्णी का दरबार सुबह 9 से शाम 7 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए खुलेगा। श्रद्धालु प्रसाद ले जा सकेंगे, लेकिन इसे चढ़ाने पर मनाही रहेगी। श्री नयना देवी जी मंदिर में रोजाना एक हजार श्रद्धालु दर्शन कर पाएंगे। मंदिर में 60 साल से अधिक और 10 साल से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के प्रवेश पर फिलहाल रोक रहेगी। शक्तिपीठ बज्रेश्वरी मां के दर्शन भक्त सुबह सात से शाम सात बजे तक करेंगे। मां चामुंडा के दर्शन भी इसी समय हो सकेंगे। हरियाणा और हिमाचल की सीमा पर त्रिलोकपुर स्थित माता बालासुंदरी मंदिर, पांवटा साहिब के ऐतिहासिक गुरुद्वारे में सुरक्षा के विशेष इंतजाम हैं। दियोटसिद्ध स्थित बाबा बालक नाथ मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को ई-पास बनवाना होगा। मंदिर प्रतिदिन सुबह छह बजे खुलेगा और शाम 7 बजे बजे बंद होगा। प्रतिदिन लगभग 500 श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी जाएगी।
मेष आज के दिन आत्ममथंन कई मुश्किलों से बाहर निकालने में आपकी मदद करेंगे। ऑफिशियल कार्यों में भी जल्दबाजी के चलते गलती होने की प्रबल आशंका बनी हुई है, हो सकता है पिछला कार्य पुनः करना पड़ जाए। कारोबार को बढ़ाने के लिए अपनी क्षमता व योग्यता का पूरा प्रदर्शन करेंगे जिसमें सफलता भी मिलेगी। युवाओं के कुछ सपने अधुरे रहने से मन उदास रहेगा। सेहत में शारीरिक कमजोरी महसूस होगी जो किसी स्वास्थ्य संबंधित बीमारी का कारण बन सकती है, थैरपी लेने के लिए समय उपयुक्त चल रहा है। घर पर रहते हुए सदस्यों के साथ फैमली डिनर की प्लानिंग कर सकते हैं। वृष आज के दिन मन में द्वंद की स्थिति रहेगी जो कार्यों में अनेक अवरोध डाल सकती है। जिस पर आप सबसे ज्यादा विश्वास करते हैं, वहीं अविश्वास का कारण बन सकता है। कर्मक्षेत्र में सहकर्मियों से संपर्क को कमजोर न होने दें, वर्तमान समय में यह बेहद जरूरी है। व्यावसायिक गतिविधियाँ सामान्य रूप से चलती रहेंगी, साथ ही छोटे-मोटे निवेश करने के लिए दिन उपयुक्त है। हेल्थ की बात करें तो आंखों में दर्द या इंफेक्शन की समस्या उत्पन्न हो सकती है इसका तुरंत इलाज करना ही सही रहेगा, अन्यथा भविष्य में परेशानियां झेलनी पड़ेगी. संतान से संबंधित कोई शुभ सूचना मिलने की संभावना है। मिथुन आपके मूड में बारंबार परिवर्तन आने के कारण मन में अनिश्चितता रहेगी । परिणामस्वरूप मानसिक अस्वस्थता अनुभव करेंगे। पारिवारिक सदस्यों के साथ बातचीत करके और आवश्यक लगे तो विशेषज्ञों की सलाह लेकर बेचैनी कम कर सकेंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखने की गणेशजी की सलाह है। कर्क गणेशजी की कृपा से आज आप जो कुछ भी विचार करेंगे और युक्ति-प्रयुक्तियों को अजमाएँगे उसमें आपको सफलता मिलेगी। विद्यार्थी अध्ययन में अच्छा प्रदर्शन करेंगे तथा अधूरे कार्य पूरे होंगे। आप अपनी कल्पनाशक्ति का अच्छा चमत्कार दर्शा सकेंगे। संक्षेप में आज का दिन आपके लिए खुशी का और विविधतापूर्ण रहेगा सिंह आज के दिन आध्यात्मिकता की तरफ भी थोड़ा रूझान बढ़ाना चाहिए, जिससे आप प्रसन्नता व आत्मिक शांति का अनुभव करेंगे। ऑफिशियल कार्य समय रहते पूर्ण होंगे जिससे अन्य कार्यों के लिए भी पर्याप्त समय मिलेगा। व्यापारियों का बैंकिग संबंधित कार्य में रुकावट आने की वजह से मन में झुंझलाहट रहने की आशंका है। युवाओं को मनपसंद विषयों में अच्छे परिणाम मिलने से वह प्रसन्न रहेंगे। मुंह में छालें हो सकते हैं, यह समस्या पेट की गर्मी की वजह से होगी। संतान की हैबिट्स पर ध्यान रखें. अगर आपकी संतान छोटी है तो खेलते समय उसका विशेष ध्यान रखें, गिर कर चोट लग सकती है। कन्या आशावादी बनें और उजले पक्ष को देखें। आपका विश्वास और उम्मीद आपकी इच्छाओं व आशाओं के लिए नए दरवाज़े खोलेंगी। भविष्य में अगर आपको आर्थिक रुप से मजबूत बनना है तो आज से ही धन की बचत करें। आपका मज़ाकिया स्वभाव सामाजिक मेल-जोल की जगहों पर आपकी लोकप्रियता में इज़ाफ़ा करेगा। आप अपने प्रिय की बांहों में आराम महसूस करेंगे। आज अनुभवी लोगों से जुड़कर जानने की कोशिश करें कि उनका क्या कहना है। यदि आपको व्यस्त दिनचर्या के बाद भी अपने लिए समय मिल पा रहा है तो आपको इस समय का सदुपयोग करना सीखना चाहिए। ऐसा करके अपने भविष्य को आप सुधार सकते हैं। आप और आपका हमदम एक-दूसरे से आज एक-दूसरे की ख़ूबसूरत भावनाओं का इज़हार कर सकेंगे। तुला ससुराल वालों से नाराजगी और किसी बात को लेकर लड़ाई हो सकती है। बात करते समय अपना संयम न खोए किसी पेचीदा बात को रखते समय ना सीमा का उल्लंघन करें, ना होने दें। वरिष्ठ व्यक्ति की जिद के आगे आज आपको झुकना पड़ेगा। अहंकार आपका सबसे बड़ा शत्रु होगा। बहुत कष्ट से किए हुए काम में असफलता मिल सकती है। लेकिन, अपना आत्मविश्वास कम ना होने दें। अगर बात किसी जमीन से जुड़े मुद्दे की है, तो अपनी बात पर कायम रहें। वृश्चिक शारीरिक बीमारी के सही होनी की काफ़ी संभावनाएँ हैं और इसके चलते आप शीघ्र ही खेल-कूद में हिस्सा ले सकते हैं। जो लोग काफी वक्त से आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे उन्हें आज कहीं से धन प्राप्त हो सकता है जिससे जीवन की कई परेशानियां दूर हो जाएंगी। अपने जीवन-साथी के साथ प्यार, अपनापन और स्नेह महसूस करें। मुहब्बत की टीस आज रात आपको सोने नहीं देगी। आप क़ामयाबी ज़रूर हासिल करेंगे – बस एक-एक करके महत्वपूर्ण क़दम उठाने की ज़रूरत है। आपके पास समय तो होगा लेकिन बावजूद इसके भी आप कुछ ऐसा नहीं कर पाएंगे जो आपको संतुष्टि दे। जीवनसाथी के साथ एक आरामदायक दिन बीतेगा। धनु आज का दिन आपके लिए मध्यम रूप से फलदायक रहेगा। आपको अपने विरोधियों से कुछ परेशानी हो सकती है। घर परिवार के लोग किसी बात को लेकर वाद-विवाद कर सकते हैं। आप एक बुद्धिमान व्यक्ति की तरह उन्हें कोई काम की सलाह देंगे जो बहुत काम आएगी। शादीशुदा लोगों के गृहस्थ जीवन के लिए दिनमान अच्छा रहेगा। प्रेम जीवन बिता रहे लोग रिश्ते में कुछ दिक्कतें महसूस करेंगे। आपका प्रिय गुस्से में आकर आपको उल्टा सीधा बोल सकता है। इनकम सामान्य रहेगी और सेहत बढ़िया रहेगी। काम के सिलसिले में दिनमान आपके पक्ष में रहेगा। मकर अच्छी चीज़ों को ग्रहण करने के लिए आपका दिमाग़ खुला रहेगा। नौकरी पेशा से जुड़े लोगों को आज धन की बहुत आवश्यकता पड़ेगी लेकिन बीते दिनों में किये गये फिजुलखर्च के कारण उनके पास पर्याप्त धन नहीं होगा। कोई ऐसा रिश्तेदार जो बहुत दूर रहता है, आज आपसे संपर्क कर सकता है। आप रोमांटिक ख़यालों और सपनों की दुनिया में खोए रहेंगे। दफ़्तर की राजनीति हो या फिर कोई विवाद, चीज़ें आपके पक्ष में झुकी नज़र आएंगी। खेलकूद जीवन का जरुरी हिस्सा है लेकिन खेलकूद में इतने भी व्यस्त न हो जाएं कि आपकी पढ़ाई में कमी आ जाए। मुमकिन है कि आपके माता-पिता आपके जीवनसाथी को कुछ शानदार आशीर्वाद दें, जिसके चलते आपके वैवाहिक जीवन में और निखार आएगा। कुंभ आपके लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाएंगे और सेहत को लेकर थोड़े चिंतित हो सकते हैं लेकिन परिवार वालों का सहयोग हर काम में आपको मिलेगा जिससे काम के सिलसिले में आपको अच्छे नतीजे मिलेंगे। आपके मित्र और आपके साथ काम करने वाले लोग आपको सपोर्ट करेंगे। प्रेम जीवन बिता रहे लोगों के लिए दिनमान अच्छा रहेगा। शादीशुदा लोगों के गृहस्थ जीवन में तनाव दिखाई देगा। मीन ऐसी गतिविधियों में शामिल हों जो रोमांचक हों और आपको सुकून दें। धन का आगमन आज आपको कई आर्थिक परेशानियों से दूर कर सकता है। वैवाहिक बंधन में बंधने के लिए अच्छा समय है। आज के दिन रोमांस के नज़रिए से कोई ख़ास आशा नहीं की जा सकती है। कामकाज के मोर्चे पर आपकी कड़ी मेहनत ज़रूर रंग लाएगी। हितकारी ग्रह कई ऐसे कारण पैदा करेंगे, जिनकी वजह से आज आप ख़ुशी महसूस करेंगे। आपके जीवनसाथी की कामकाज को लेकर व्यस्तता आपकी उदासी का कारण बन सकती है।
पहाड़ों की वादियों के बीच बसे चंबा शहर का सौंदर्य और इतिहास बहुत ही निराला है। यहां की वादियां और इमारतें बहुत सी कहानियां सुनाती हैं। ऐसे ही एक कहानी है रानी सुनैना की। रानी सुनैना यानी बलिदान और साहस कि मूर्ति। ये चंबा रियासत की वो रानी है जिन्होंने अपनी प्रजा और राज्य के उत्थान के लिए बिना किसी हिचकिचाहट के अपना बलिदान दे दिया। यूं तो चंबा शहर रावी और साल नदी के मध्य में बसा है पर एक समय ऐसा भी था जब यह शहर पीने के पानी की किल्लत से जूझ रहा था। दो नदियों के बीच बसे होने के बावजूद भी यहां पीने के लिए पानी की एक बूंद नहीं थी। उस समय चम्बा रियासत के राजा साहिल वर्मन हुआ करते थे। राजा भी इस समस्या से पूर्णतः वाकिफ थे पर वो करते भी क्या। एक रात उनकी पत्नी, रानी सुनैना को उनकी कुल देवी ने स्वप्न में दर्शन दिए और कहा कि राज घराने में से किसी को बलिदान देना होगा तभी पानी की कमी पूरी होगी। जब राजा साहिल वर्मन को रानी सुनैना ने पूरी कहानी सुनाई तो राजा वर्मन बलिदान देने के लिए तैयार हो गए। फिर रानी सुनैना ने सोचा यदि राजा बलिदान देंगे तो उनका सुहाग छिन जाएगा और राज्य के सर से भी साया उठ जाएगा, और यदि उनके पुत्र राजकुमार युगाकर बलिदान देते है तो कुल का दीपक बुझ जाएगा और वंश को आगे कौन बढ़ाएगा। ये सब सोचकर रानी सुनैना ने स्वयं बलिदान देने का फैसला लिया। इस निर्णय से पुरी चंबा रियासत में शोक व विस्मय की लहर दौड़ गई। आखिरकार रानी सुनैना बलिदान देने के लिए महल से निकल पड़ीं। आंखों में आंसू लिए उनके इस काफिले में चंबा की जनता भी शामिल थी। रास्ते मे सूही के मढ़ से रानी सुनैना ने आखिरी बार चंबा शहर पर नज़र डाली और फिर आगे बढ़ते हुए ये काफिला मलून नामक स्थान पर रुक गया। ममता और बलिदान की मूरत रानी सुनैना बलिदान देने से पहले कहा 'मेरी इच्छा है कि मेरी याद में हर वर्ष मेला लगे। इस मेले को सिर्फ स्त्रियां मनाएं और पुरुष इस में भाग न लें और न ही राज परिवार की बहुएं इस में भाग लें। इस मेले में पूजा केवल राज परिवार की कुंवारी कन्या के हाथों करवाई जाए।' बस इतना कहकर रानी सुनैना ने जिंदा समाधि ले ली। उसी समय पानी की धार फूट पड़ी और रानी सुनैना का बलिदान चंबा के लोगों के लिए अमृत बन कर बहने लगा। रानी सुनैना के बलिदान को याद करते हुए राजा साहिल वर्मन ने जिस स्थान से रानी सुनैना ने आखिरी बार चंबा को देखा था उसी सूही के मढ़ नामक स्थान पर उनके मंदिर का निर्माण करवाया। हर वर्ष इस जगह सूही के मेले का भी आयोजन किया जाता है। ये मेला 3 दिन तक चलता है और यहां केवल बच्चे और महिलाएं ही उपस्थिति दर्ज करवाते है। महिलाएं रानी की प्रशंसा में लोकगीत गाती हैं और समाधि तथा प्रतिमा पर फूल की वर्षा की जाती है।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे है। वहीं, मौत का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार सुबह कोरोना से एक और मौत का मामला सामने आया है। बिलासपुर की 57 वर्षीय महिला ने आईजीएमसी में दम तोड़ दिया है। वहीं, एक सरकाघाट और तीसरा शिमला के व्यक्ति की मौत हुई है। इसके साथ ही प्रदेश में कोरोना से मौत का आंकड़ा 60 पहुंच गया हैै। प्रदेश में संक्रमितों का कुल आंकड़ा 7660 पहुंच गया है। 2234 सक्रिय मामले हैं। 5359 मरीज ठीक हो गए हैं। बता दें सोमवार को 262 कोरोना पॉजिटिव मामले आए थे।
10 सितंबर से पहले पहले सभी विस्तारक अपने अपने मण्डलों में पार्टी द्वारा उनको दिए गए लक्ष्यों को हासिल करें। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की वर्चुअल बैठक में उपस्थिति पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल ने यह बात कही। शनिवार को शाम 5:00 बजे पार्टी द्वारा हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की वर्चुअल बैठक का आयोजन किया गया जिसमें प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, केंद्रित वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर भी उपस्थित रहे। वर्चुअल बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों को सम्बोधित करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रो० प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि जिस तरह धर्मपुर एवं बड़सर मण्डल विस्तारक योजना के तहत निर्धारित समय से पहले ही अपने लक्ष्य प्राप्ति की ओर अग्रसर हैं, उसी तरह अन्य मण्डलों को भी 10 सितम्बर से पहले पहले विस्तारक योजना के तहत दिए गए कार्य को पूरा कर लेना चाहिए।
पहाड़ी भाषा एवं संस्कृति को संरक्षित रखने की बेहतरीन सोच के साथ, तेज़ी से आगे बढ़ रहा है दी मॉडर्न फोक नोट। हाल ही में रिलीज़ हुए दी मॉडर्न फोक नोट 6 को दुनिया भर में पसंद किआ जा रहा है । ए सी भरद्वाज द्वारा गाई गई इन सीरीज को प्रदेश और देश के साथ साथ विश्व के भी अन्य 35 देशों की जनता से भरपूर प्यार मिल रहा है । इस प्यार की ख़ास वजह यह भी है कि मॉडर्न फोक नोट एक नई सोच ले कर सामने आया है जिसमे उन्होंने युवाओं के बीच लोक संगीत का रुझान बढ़ाने के लिए, मॉडर्न बीट्स एवं पहाड़ी गानों का मिश्रण किया है। मॉडर्न फोक नोट की 5 सीरीज पहले ही यू ट्यूब पर आ चुकी हैं जिन्हें दुनिया भर से बहुत प्यार एवं सम्मान मिला है । मॉडर्न नोट 6 इसी सीरीज को आगे बढ़ाते हुए प्रसारित किया गया , एवं कुछ ही दिनों में 3 लाख से भी ज़्यादा लोगों द्वारा देखा जा चूका है।
हिमाचल के चंबा में दो स्वास्थ्य कर्मियों समेत तीन कोरोना पाॅजिटिव मरीज पाए गए है। इनमें एक सीआईडी यूनिट चंबा का कर्मचारी भी शामिल है। 4 सितम्बर को जाँच के लिए कुल 239 सैंपल लिए गए थे जिसमे से तीन पोसिटिव पाए गए है, वहीं 176 सैम्पल की रिपोर्ट आना अभी बाकि है। पॉजिटिव पाए गए तीन व्यक्तियों में से एक 26 वर्षीय महिला है जो की JLNMC चम्बा की स्वस्थ्य कर्मी है। DIET सरु का एक 26 वर्षीय स्वास्थ्य कर्मी जो की इंस्टीटूशनल क्वारंटाइन में था, और एक 41 वर्षीय CID यूनिट चम्बा का कर्मचारी भी कोरोना पोसिटिव पाया गया है। चम्बा जिले में संक्रमितों का आंकड़ा 478 पहुंच गया है। 112 सक्रिय मामले हैं और 361 मरीज ठीक हो चुके हैं। इसके अलावा मंडी से 12 नए मामले, काँगड़ा से 9 नए मामले और कुल्लू से 1 नया पॉजिटिव मामला सामने आया है जिनकी पूरी जानकारी आना अभी बाकी है। इसके साथ ही प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का कुल आंकड़ा 6855 पहुंच गया है। 1823 सक्रिय मामले हैं। 4932 मरीज ठीक हो गए हैं। 45 मरीज राज्य के बाहर चले गए हैं और 51 की मृत्यु हो चुकी है।
प्रदेश में कोरोना से एक और मौत हो गई है। डॉ वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन में एक 70 वर्षीय महिला ने वीरवार देर रात दम तोड़ दिया। सिरमौर में कोरोना से यह तीसरी मौत हुई है। मृतक महिला पांवटा साहिब की रहने वाली थी जिसे 1 सितंबर को पांवटा साहिब सिविल अस्पताल से डॉ वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। डायबटीज व हाईपरटेंशन रोग से ग्रसित इस महिला का नाहन मेडिकल कॉलेज में कोरोना टेस्ट पॉजिटिव पाया गया था। 3 सितंबर को देर रात आइसोलेशन वार्ड में भर्ती इस महिला ने दम तोड़ दिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सिरमौर डॉ केके पराशर ने बताया कि पांवटा साहिब में कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत मृतक का अंतिम संस्कार किया गया है। इसी के साथ प्रदेश में अब कोरोना संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा 48 हो गया है।
निदेशक सेना भर्ती कर्नल तनवीर सिंह मान ने बताया कि पड्डल मैदान जिला मण्डी में 6 अक्तूबर से 14 अक्तूबर, 2020 तक सेना भर्ती कार्यालय मण्डी द्वारा जिला शिमला, सोलन, सिरमौर और किन्नौर के युवाओं के लिए भारतीय सेना में भर्ती का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह भर्ती सैनिक तकनीकी (पुरुष), सैनिक तकनीकी (गोला बारुद परीक्षक) (एटी)(पुरुष), सैनिक तकनीकी (उड्डयन) (एक्स गु्रप)(पुरुष) तथा सैनिक तकनीकी (उपचार सहायक) (एन ए) (पुरुष) पदों के लिए होगी। उन्होंने बताया कि मापदण्ड और योग्यता के लिए सेना भर्ती कार्यालय, शिमला, हिमाचल प्रदेश द्वारा जारी 06 अगस्त, 2020 की अधिसूचना भारतीय सेना की वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर देखें। उल्लेखनीय है कि जो उम्मीदवार सेना भर्ती रामपुर बुशैहर शिमला में सैनिक तकनीकी वर्ग के लिए सेना भर्ती कार्यालय, शिमला द्वारा 16 फरवरी, 2020 को जारी अधिसूचना के तहत पहले पंजीकृत हो चुके है, उनको भी दोबारा पंजीकरण करना है।
कार्यकर्ताओं की मेहनत के दम पर पार्टी मिशन 2022 को निश्चित रूप से पूरा करेगी। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल ने टौणीदेवी में पार्टी द्वारा आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में उपस्थित विस्तारकों व अन्य पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए यह बात कही। पार्टी द्वारा प्रदेश भर में चलाई जा रही विस्तारक योजना के तहत रविवार को हमीरपुर ज़िला के सुजानपुर मण्डल के टौणीदेवी में एक दिवसीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन किया गया था। इस प्रशिक्षण वर्ग में धर्मपुर भोरंज एवं सुजानपुर मंडल के विस्तारकों सहित अन्य पदाधिकारियों ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मार्गदर्शन प्राप्त किया। प्रशिक्षण वर्ग में विशेष रुप से पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक कमलेश कुमारी एवं हमीरपुर जिला के प्रभारी व प्रदेश प्रवक्ता अजय राणा उपस्थित रहे। प्रशिक्षण वर्ग में उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि विस्तारक योजना के तहत पार्टी द्वारा दिये गए कार्यों को कार्यकर्ता विश्वास के साथ पूरा करें। विस्तारक योजना के तहत दिए गए काम को कार्यकर्ता यदि पूर्ण स्पष्टता एवं तन्मयता से करेंगे तो निश्चित रूप से यह कार्य 2022 के चुनावों में पार्टी के लिए सहायक सिद्ध होंगे। पूर्व मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी ने ढाई वर्ष पहले ही चुनावों की तैयारी में जुट जाने का निर्णय लिया है, निश्चित रूप से कार्यकर्ताओं की मेहनत के बल पर पार्टी का मिशन 2022 पूरा होगा। प्रशिक्षण वर्ग में उपस्थित विस्तारकों को संगठन महामंत्री पवन राणा के माध्यम से विस्तारपूर्वक तकनीकी बारीकियों के बारे में जानकारी प्राप्त हुई। ज़िला प्रभारी अजय राणा ने विस्तारक योजना के तहत मतदान केंद्र स्तर पर चलाई जाने वाली गतिविधियों की जानकारी विस्तारपूर्वक कार्यकर्ताओं को दी। ज़िला महामंत्री ने प्रशिक्षण वर्ग में पहुंचे सभी विस्तारकों का अभिनन्दन किया और ज़िले में प्रभावी रूप से इस योजना पर काम होगा ऐसा विश्वास पार्टी को जताया। इस अवसर पर वंदना गुलेरिया, देशराज शर्मा, विरेन्द्र ठाकुर, विजय बहल, अंकुश दत्त शर्मा, अनिल शामा, अशोक ठाकुर, तिलक राज बहल,रिंटू,अनिल परमार, दिनेश ठाकुर, कपिल शामा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
राज्य कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने यहां जारी प्रेस बयान में कहा है कि कठिन आर्थिक हालातों में जनता का कचूमर निकालने पर आमादा हुई सरकार ने अब बिजली की दरों में भारी इजाफा किया है। संड्री चार्जेस, सर्विस चार्जेस, मीटर रेंट व अन्य चार्जेस के नाम पर अब आम आदमी की जेबों पर डाका डाला गया है। कोविड-19 के दौरान बिगड़ी अर्थव्यवस्था के कारण जहां आम आदमी का जनजीवन लगातार परेशानी से घिरा है, वहीं दूसरी ओर सरकार आम आदमी पर अनावश्यक वित्तिय बोझ लाद रही है। आलम यह है कि कोविड-19 के दौरान भी बंद रही दुकानों व संस्थानों के बिजली के बिल हजारों में आए। बाद में पता चला कि इन बिलों की रीडिंग अंदाजन ही डालकर लोगों पर और बोझ डाला गया है। अब आलम यह है कि बिजली के बिल भरने के लिए भी गांव के लोगों को बैंक और सोसायटियों से कर्जा उठाना पड़ रहा है। कोविड-19 में जिन लोगों की नौकरियां चली गई हैं, उन लोगों के लिए हजारों के बिल भरना और भी मुश्किल साबित हो रहा है। राहत की बातें कर रही सरकार जमीनी हकीकत में आम जनता को कहां राहत दे रही है, यह तो सरकार ही बता सकती है लेकिन असल में जमीनी हालात यह हैं कि चारों ओर से बढ़ रही महंगाई के बीच आम आदमी का कचूमर निकल चुका है। जनता के पास पढ़ाई, दवाई जैसे मूलभूत सुविधाओं के लिए धन का भारी टोटा चल रहा है और उधर सरकार तरह-तरह के टैक्स व बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को और महंगा करके आम आदमी पर लगातार बोझ बढ़ाने में लगी हुई है। राणा ने कहा कि विभाग से जब जनता महंगी बिजली व सर्विस चार्जेस, सर्विस चार्जेस, मीटर रेंट के बारे जानकारी लेना चाह रही है तो विभाग के अधिकारी बता रहे हैं कि इस बारे में अभी तक उन्हें कोई टैरिफ ऑर्डर नहीं मिला है। यह सब बिजली विभाग का आईटी सेल शिमला से जरनेट करता है और इसी आईटी सेल ने कोविड के दौरान लोगों को ऑन एवरेज हजारों और लाखों के बिल भी भेजे थे। ऐसे में हैरानी की बात यह है कि विभाग के पास अभी तक टैरिफ आर्डर पहुंचे नहीं हैं, लेकिन बिजली के बिल तरह-तरह के चार्जेस लगाकर बढ़ा दिए गए हैं। महंगी बिजली पर एक तुर्रा यह भी दिया जा रहा है कि कुछ चार्जेस ऑडिट विभाग की तरफ से भी लगाए जाते हैं और यह उपभोक्ताओं के पिछली देनदारियों के रहते हैं। उन्होंने कहा कि हकीकत में किसी भी उपभोक्ता को यह जानकारी नहीं रहती है कि उनकी पिछली देनदारी क्या है। उनके होश तो तभी फाख्ता होते हैं, जब पिछली देनदारी बताकर, तो कभी चार्जेस रेट बढ़ाकर, तो कभी सब्सिडी कम करने की बात कह कर, तो कभी महंगी बिजली के नाम पर हजारों के बिल उनको थमा दिए जाते हैं। राणा ने कहा कि आलम यह है कि अब बाहरी प्रदेशों में बिजली सस्ती है और हिमाचल में बिजली महंगी हो रही है राणा ने कहा कि अब प्रदेश में 5 रुपए 45 पैसे प्रति यूनिट तक की दर से उपभोक्ताओं से पैसे वसूले जा रहे हैं जो कि आम आदमी की बदहाल हो चुकी अर्थव्यवस्था के बीच कुठाराघात है।
मौजूदा सियासी दौर में देश में सच के ऊपर संकट लगातार गहराता जा रहा है। यह दीगर है कि सच का अपना एक कुदरती स्वभाव है कि उसे जितने जोर से दबाने का प्रयास किया जाता है, वह उतनी ही तेजी से बाहर आता है। देश और प्रदेश में प्रचंड बहुमत से जीती सरकारों के राज में अगर देश सोशल मीडिया के एक टवीट से हिल रहा है तो यह बताने के लिए काफी है कि देश में अभी भी सच के साथ चलने वाले हिम्मतवर लोग मौजूद हैं। यह बात राज्य कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने जारी प्रेस बयान में कही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सियासत के दौर में यह सवाल आम आदमी के जहन में कौंध रहा है कि क्या सच अब सत्ता का गुलाम हो कर रह जाएगा। राणा ने कहा कि आजादी के बाद कांग्रेस ने लगातार संघर्ष करते हुए जिन संवैधानिक संस्थाओं को देश हित में स्थापित किया था। वह संवैधानिक संस्थाएं जैसे चुनाव आयोग, संघ लोक सेवा आयोग और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जातियों के लिए राष्ट्रीय आयोग और बैंक इत्यादि अब संकट के दौर से गुजर रही हैं। यहां तक कि अब मीडिया, न्याय पालिका व जांच एजेंसियों का भी राजनीतिक प्रतिशोध के चलते दुरुपयोग करने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का विरोध करने वालों को देश का विरोधी करार दिया जा रहा है। सच बोलने वालों को सजायाफता मुजरिम करार देने की साजिशें रच कर, देश के आम नागरिक को खौफजदा करने का खतरनाक खेल लोकतंत्र के भविष्य के लिए घातक साबित होगा यह तय है। राणा ने कहा कि राजनीति से ऊपर उठकर सोचें तो अगर हम अपनी आवाज की रक्षा नहीं कर सके, तो आम आदमी का इस देश में कोई रखवाला नहीं बचेगा। लोकतंत्र में रहते हुए दुनिया की सबसे बड़ी माने जाने वाली डेमोक्रेसी में अगर लोग सच नहीं बोल सकेंगे या सच के पक्ष में खड़ा रहने की हिम्मत नहीं जुटा पाएंगे तो यह डेमोक्रेसी किस काम की है यह सोचने जैसी बात है। राणा ने कहा कि एक-एक संस्थान का डेमोक्रेटिक स्पेस एक साजिश के तहत खत्म किया जा रहा है जिसके चलते जनता के हक में काम करने की कार्यशैली को भी खत्म किया जा रहा है। गणतंत्र के स्तंभों के अधिकारों का हनन निरंतर जारी है। राज्य और केंद्र की सरकारें एक तानाशाह की तरह राजकाज को चलाने के हथकंडे अपना रही हैं। आलम यह है कि देश में सच बोलने पर पाबंदी बढ़ रही है और प्रदेश में अगर आम आदमी के हक में अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए विपक्ष सच की आवाज उठा रहा है तो इस पर प्रदेश सरकार को गुस्सा आ रहा है जिससे लगता है कि अब सियासत सच को अपना गुलाम बनाने पर आमादा हो चुकी है।
बीती रात हमीरपुर जिला में 8 कॉरोना पॉजिटिव के मामले सामने आए थे जिसमें बड़सर उपमडल की एक महिला पॉजिटिव आई है, जो 17 अगस्त को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज हमीरपुर आई थी, और गायनी रोग से पीड़ित थी। उसको उपचार के लिए वहां पर दाखिल भी किया गया, जिसका 20 तारीख को ऑपरेशन हुआ। हालात बिगड़ते देख मेडिकल कॉलेज हमीरपुर ने उसे टेंडर रेफर कर दिया, पर पिछली रात जब रिपोर्ट आई तो वह कोरोना पॉजिटिव पाई गई। जैसे ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन को इसकी जानकारी मिली तो हॉस्पिटल में हड़कंप का माहौल देखने को मिला और बाद में उस वार्ड को सैनिटाइज किया गया। बताया जा रहा है कि जो महिला पॉजिटिव आई है हॉस्पिटल में और जगहों पर भी घूमी थी और अन्य लोगों के संपर्क में भी आई होगी, जिसके कारण तीन-चार दिन जो भी वहां उपचार के लिए आए थे उनमें भी डर बना हुआ है। महिला के पॉजिटिव आने के बाद लोग उपचार के लिए हॉस्पिटल जाने से भी डर रहे हैं।
विकासखंड प्रागपुर की कौलापुर पंचायत के गांव जटोली चाकरां में पिछले 8 सालों से चल रहे पशु औषधालय को सरकार द्वारा बंद कर देने पर लोगों में गहरा रोष है। ग्रामीणों ने बंद किए कार्यालय पर अपना ताला जड़कर सरकार को चेतावनी दी है कि वह पशु औषधालय का सामान न निकाले अन्यथा वह किसी भी हद तक जाने को मजबूर होंगे। इस दौरान लोगों ने सरकार एवं स्थानीय विधायक एवं मंत्री विक्रम ठाकुर पर जमकर भड़ास निकाली उनके विरोध में नारे भी लगाए जबकि कुछ पंचायत प्रतिनिधियों ने भी बढ़ चढ़कर ग्रामीणों का सहयोग किया ।
15 अगस्त 2020 को स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष पर जिला कांग्रेस कमेटी हमीरपुर द्वारा बड़सर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत लोडर के रोपडी गांव में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेंद्र जार की अध्यक्षता में वन महोत्सव आयोजन किया गया जिसमें पूर्व सीपीएस बड़सर विधायक इंद्र दत्त लखनपाल ने मुख्य अतिथि के रुप में शिरकत की। इस मौके पर ग्राम पंचायत लोडर के पंचायत कार्यालय में स्वतंत्रा दिवस मनाया गया जहां स्थानीय पंचायत प्रधान राकेश रानी द्वारा झंडा फहराने की रस्म अदायगी की गई। जिलाध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा की इस स्वतंत्रता दिवस को स्वर्णिम बनाने के लिए आज यहां पर वृक्षारोपण का कार्यक्रम भी किया गया जिसमें पूरे जिले से पार्टी के कार्यकर्ता, पदाधिकारी व स्थानीय पंचायत के लोगों का पूरा सहयोग मिला। उन्होंने सभी से अनुरोध किया की वृक्षारोपण को एक मुहिम के रूप में हमें आगे बढ़ाना है ताकि हम अपने पर्यावरण को बचा सके और प्रदूषण नियंत्रण कर सके। मुख्य अतिथि इंद्र दत्त लखनपाल ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता की लड़ाई में किस तरह से हमारे वीर योद्धाओं की भूमिका रही उसके बारे में विश्लेषण किया और युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा की हमारे अंदर उस तरह का जज्बा होना चाहिए ताकि हम अपने देश और प्रदेश के लिए कुछ कर सके। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए भी प्रमुखता से प्रेरित किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक कुलदीप पठानिया एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी कमल पठानिया सचिव, सुनील शर्मा बिट्टू सचिव, बलविंदर सिंह बबलू सचिव, जिला नीलम ठाकुर, जगजीत ठाकुर नरेश लखन पाल, होशियार सिंह, पवन कालिया, केवल कुमार, मनोहर लाल कानूनगो, सुरेश पटियाला, कैप्टन ज्योति प्रकाश, कैप्टन एस के सुन्नी, मिंटू प्रधान बनी पंचायत, शरण प्रसाद पूर्व अध्यक्ष भॊटा नगर पंचायत, सुशील शर्मा, मनोज कुमार मनजीत ठाकुर व सभी ब्लॉकों के पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य व सभी अग्रणी संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
वो दौर था 1857 का, पूरे देश में क्रांति की ज्वाला भड़क रही थी। ऐसे में पहाड़ों की शांत वादियों में लगी चिंगारी भी कम नहीं थी। धीमें से सुलग रही इस क्रांति की चिंगारी ने जब विकराल रूप लिया तब लगभग पूरा हिमाचल इसकी जद में आ गया। 20 अप्रैल 1857, वो दिन जब पहली बार हिमाचल प्रदेश में अंग्रेज़ों के खिलाफ धधक रही ज्वाला ने विकराल रूप धारण किया। क्रांति का आगाज़ हुआ कसौली से। अंबाला राइफल डिपो के छह भारतीय सैनिकों ने कसौली थाने को आग के हवाले कर दिया। अंग्रेजों के सुरक्षित गढ़ कही जाने वाली कसौली छावनी पर हुए इस हमले से गोरे बौखला उठे और उन्होंने अन्य छावनी क्षेत्रों व कंपनी सरकार के कार्यालयों की सुरक्षा कड़ी कर दी। गोरों ने कई क्रांतिकारियों को जेलों में डाल दिया और कईयों को सूली पर चढ़ा दिया, पर सैनिकों का बलिदान ज़ाया नहीं गया। कसौली से भड़की इस ज्वाला ने पूरे हिमाचल में आज़ादी की अलख जगा दी। इसके बाद डगशाई छावनी, सुबाथू, कालका व जतोग में क्रांति की लहर दौड़ी। उधर कांगड़ा, नूरपुर, धर्मशाला, कुल्लू-लाहुल, सिरमौर व अन्य रियासतों में भी विद्रोह प्रखर हो गया। बुशहर के राजा शमशेर सिंह, कुल्लू-सिराज के युवराज प्रताप सिंह, सुजानपुर के राजा प्रताप चंद गुप्त रूप से क्रांतिकारियों की गतिविधियों में संलिप्त हो गए। 11 मई को अंग्रेजों को मेरठ, दिल्ली और अम्बाला में विद्रोह की सुचना मिली। गोरों ने कसौली, सुबाथू, डगशाई व जतोग की छावनियों को अंबाला कूच का आदेश दिया। भारतीय सैनिकों ने इस आदेश का खुले तौर पर विद्रोह किया और बगावत का ऐलान कर दिया। 13 मई को जतोग में गोरखा रेजिमेंट ने सूबेदार भीम सिंह के नेतृत्व में देशी सैनिकों ने अंग्रेजों पर धावा बोल दिया। सिर्फ 45 क्रांतिकारियों ने 200 अंग्रेजों को धूल चटा दी। सैनिकों ने कसौली ट्रेजरी को लूटा और जतोग की तरफ बढ़ने लगे। इस बारे में अंग्रेज़ों के तत्कालीन कमिश्नर पी. मैक्सवैल ने अपनी डायरी में जिक्र किया है और हैरानी जताई है कि कैसे मुट्ठीभर क्रांतिकारियों ने अपने से चार गुना अधिक अंग्रेजी सेना को हरा दिया था। इसके बाद विद्रोह की डोर स्थानीय पुलिस ने अपने हाथों में ली। स्थानीय पुलिस गार्ड के दरोगा बुद्धि सिंह जतोग पर कब्जे के लिए रवाना हो गए। जतोग पहुँचते पहुँचते रास्ते में अंग्रेजी सेना ने कुछ क्रांतिवीरों को पकड़ लिया तो कुछ मारे गए। जबकि बुद्धि सिंह ने गोरों के हाथों मरने से भला स्वयं को गोली मरना समझा और वो शहीद हो गए। पहाड़ी रियासतों में क्रांति योजनाबद्ध तरीके से हो रही थी, जिसके लिए एक गुप्त संगठन बना हुआ था, जिसके सदस्य सूचनाओं को यहां-वहां पहुंचाया करते थे। पहाड़ों में इस क्रांति के नेता पंडित राम प्रसाद वैरागी थे। वैरागी सुबाथू मंदिर में पुजारी थे। वे संगठन पत्रों के माध्यम से संदेश भेजा करते थे। 12 जून 1857 को इस संगठन का कुछ पत्र अंबाला के कमिश्नर जीसी बार्नस के हाथ लगे, जिसमें दो पत्र राम प्रसाद वैरागी के भी थे। इसके साथ ही संगठन का भेद खुल गया। वैरागी को पकड़ कर अंबाला जेल में फांसी पर चढ़ा दिया गया। क्रांतिकारियों को सहयोग न मिला व अंग्रेज़ों ने 1857 के विद्रोह को दो महीनो में ही दबा दिया और प्रदेश में लगी विद्रोह की ज्वाला कुचल दी गई।
जब जब स्वतंत्रता संग्राम की बात की जाती है तो पहाड़ के जांबाज़ों का ज़िक्र न हो ऐसा हो नहीं सकता। स्वतंत्रता संग्राम में हिमाचल प्रदेश के सपूतों ने महात्मा गांधी के साथ कदम से कदम मिलाकर जो योगदान दिए वो किसी से कम नहीं। देवभूमि के वीर सपूतों ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ जो आंदोलन का बिगुल बजाया तो उसकी गूंज पूरे भारत वर्ष को सुनाई दी। चाहे 1857 की महाक्रांति हो या 15 अगस्त 1947 तक का आंदोलन हो, छोटे से पहाड़ी प्रदेश हिमाचल ने भी इनमें अहम भूमिका निभाई। आजादी की लड़ाई के लिए हिमाचल में गुरिल्ला बम बने। सशस्त्र क्रांतियां हुईं। हजारों क्रांतिकारियों ने पूरे दमखम से स्वतंत्रता के लिए लड़ाई लड़ी। तो आज स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर हम उन्हीं कुछ स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में जानेंगे। पंडित राम प्रसाद वैरागी उस समय पूरे देश में क्रांति के संचालन के लिए एक गुप्त संगठन बनाया गया था। पहाड़ों में इस क्रांति के नेता पंडित राम प्रसाद वैरागी थे। वैरागी सुबाथू मंदिर में पुजारी थे। वे संगठन को पत्रों के माध्यम से संदेश भेजा करते थे। 12 जून 1857 को इस संगठन के कुछ पत्र अंबाला के कमिश्नर जीसी बार्नस के हाथ लगे, जिसमें दो पत्र राम प्रसाद वैरागी के भी थे। इसके साथ ही संगठन का भेद खुल गया। वैरागी को पकड़ कर अंबाला जेल में फांसी पर चढ़ा दिया गया। क्रांतिकारियों को सहयोग नहीं मिला और अंग्रेज़ों ने 1857 के विद्रोह को दो महीनो में ही दबा दिया और प्रदेश में सुलगी विद्रोह की ज्वाला कुछ समय के लिए शांत हो गई। 'हिमाचल निर्माता' डॉ॰ यशवंत सिंह परमार डॉ॰ यशवंत सिंह परमार, हिमाचल निर्माता के नाम से भी जाने जाते हैं। हिमाचल के पहले मुख्यमंत्री डाॅ. परमार ने हिमाचल में विकास की नींव रखी थी। सिरमौर में जन्मे परमार सिरमौर की रियासत में 11 साल तक सब जज और मजिस्ट्रेट रहे। उसके बाद न्यायाधीश के रूप में 1937-41 तक अपनी सेवाएं दीं। इसी दौरान वह सुकेत सत्याग्रह प्रजामंडल से जुड़े। नौकरी की परवाह न करते हुए उन्होंने स्वतंत्रता की लड़ाई में अपना पूरा योगदान दिया। उनके ही प्रयासों से यह सत्याग्रह सफल हुआ। 'पहाड़ी गांधी' बाबा कांशी राम पहाड़ी गांधी कहे जाने वाले बाबा कांशीराम ने आज़ादी की लड़ाई में बेहद अहम भूमिका निभाई। उन्होंने जब तक भारत को आजादी नहीं मिल जाती तब तक काले कपड़े पहनने की शपथ ली थी। बाबा कांशी राम ने अपने पहाड़ी गीतों और कविताओं से पहाड़ी राज्य हिमाचल और देश को आजादी के लिए जगाने में सराहनीय प्रयास किए। उन्होंने गांव-गांव घूमकर अपने लिखे लोकगीतों, कविताओं और कहानियों से अलख जगाई। कांशी ने पहली बार पहाड़ी बोली को लिखा और गा-गाकर लोगों को राष्ट्रीय आंदोलन से जोड़ा। सरोजनी नायडू ने उन्हें बुलबुल-ए-पहाड़ के खिताब से नवाजा। 1930 और 1942 के बीच वो 11 बार जेल गए और अपने जीवन के 9 साल सलाखों के पीछे काटे। जेल के दिनों में लिखी हर रचना उस वक्त लोगों में जोश भरने वाली थी। ‘समाज नी रोया’, ‘निक्के निक्के माहणुआं जो दुख बड़ा भारा’, ‘उजड़ी कांगड़े देश जाना’ और ‘कांशी रा सनेहा’ जैसी कई कविताएं मानवीय संवेदनाओं और संदेशों से भरी थीं। दौलतराम सांख्यान आजादी की लड़ाई में बिलासपुर के महान स्वतंत्रता सेनानी दौलतराम सांख्यान के संघर्ष को आखिर कौन भुला सकता है। बिलासपुर में प्रजामंडल का गठन कर दौलतराम सांख्यान ने ब्रिटिश सरकार को सीधी चुनौती देकर कई मुश्किलें खड़ी कर दीं थी। ब्रिटिश सरकार ने उन्हें इस मुहिम के लिए कई यातनाएं दीं। अंग्रेजी सरकार ने उनकी चल-अचल संपत्ति तक जब्त कर ली थी। इतना ही नहीं 11 जून 1946 से 12 अक्तूबर 1948 तक रियासत से निष्कासित कर दिया गया। इसके बावजूद स्वतंत्रता संग्राम के इस सेनानी ने हार नहीं मानी और डट कर अंग्रेजों का सामना किया। कैप्टन राम सिंह ठकुरी वहीं आजाद हिंद फौज के सिपाही और संगीतकार कैप्टन राम सिंह ठकुरी ने भारत के राष्ट्र गान जन गन मन की धुन तैयार की है। उन्होंने अपनी वीरता के लिए किंग जार्ज-पंचम मेडल प्राप्त किया। जब सुभाष चंद्र बोस ने उनसे मुलाकात की तो उन्हें वोइलिन भेंट की, जिसे वह हमेशा अपने पास रखते थे। उन्होंने 'कदम-कदम बढ़ाए जा-खुशी के गीत गाए जा' जैसे सैकड़ों ओजस्वी गीतों की धुनों की रचना की। 15 अगस्त 1947 को राम सिंह के नेतृत्व में आईएनए के आर्केस्ट्रा ने लाल किले पर शुभ-सुख चैन की बरखा बरसे गीत की धुन बजाई। कौमी तराना नाम से यह गीत आजाद हिंद फौज का राष्ट्रीय गीत बना, इस गीत की ही धुन को बाद में जन-गण-मन की धुन के रूप में प्रयोग किया गया। पदम् देव पदमदेव जिला शिमला के गांव भनोल से ताल्लुक रखते थे। उन्होंने 1930 में असहयोग आंदोलन और सिविल अवज्ञा में(सिविल डिसओबेडिएंस) में भाग लिया। वह हिमालय रियासती प्रजा मंडल के संस्थापक सदस्य थे और गरीबी व अस्पृश्यता(अनटचेबिलिटी) के खिलाफ लड़े थे। 1952 में वह विधानसभा के लिए चुने गए और राज्य के पहले गृह मंत्री बने। 1957 में वह लोकसभा, 1962 में क्षेत्रीय परिषद और फिर 1967 में विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए। वह कविराज के नाम से मशहूर थे। यश पाल उस समय यश पाल कॉलेज में ही थे जब उनकी मुलाकात भगत सिंह और सुखदेव से हुई। उन्होंने चरमपंथी समूह हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी (एचएसआरए) को ज्वाइन किया। एचएसआरए ने 1929 में लॉर्ड इरविन को ले जाने वाली ट्रेन को उड़ाने की योजना बनाई थी। यशपाल ने उस में बम से विस्फोट किया था। कई नेताओं की गिरफ्तारी के बाद यशपाल ने चंद्रशेखर आजाद को एचएसआरए को फिर से संगठित करने में मदद की। 1932 में उन्हें गिरफ्तार किया गया और वह 6 साल तक जेल में रहे। वह एक प्रतिभाशाली लेखक थे और प्रसिद्ध किताब ‘सिम्बालोकन’ सहित कई पुस्तकें लिखी थीं। उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार और पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। शिवानंद रामौल, पूर्णानंद, सत्य देव, सदा राम चंदेल, सत्यानंद स्टोक्स, ठाकुर हजक सिंह इत्यादि ऐसे अन्य प्रमुख स्वतंत्रता सैनानी रहे हैं जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में अपना योगदान दिया था। आज भले ही यह हस्तियां हमारे बीच नहीं हैं पर उनके दिए गए बलिदान को कृतज्ञ राष्ट्र कभी नहीं भूल सकता।


















































