हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों द्वारा हुडदंग मचाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला राजधानी शिमला का है। जहां तेज रफ्तार गाड़ी की खिड़की से बाहर निकल कर एक महिला पर्यटक रील बना रही है। जिस पर अब पुलिस ने संज्ञान लेते ही गाड़ी के मालिक को चालान ठोका है। एसपी शिमला संजीव गांधी ने बताया कि शिमला के प्रमुख पर्यटन स्थल मशोबरा से ढली की ओर आते हुए एक हरियाणा नंबर की चलती गाड़ी से एक महिला पर्यटक बाहर लटकती हुई नजर आई। इस दौरान गाड़ी भी तेज रफ्तार में दौड़ रही थी, जबकि गाड़ी के आगे एक ट्रक चल रहा था। गाड़ी की पिछली सीट पर बैठा एक शख्स गाड़ी की खिड़की से बाहर लटकती महिला की रील बना रहा था। एसपी ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम को पीछे अन्य गाड़ी में सवार एक अन्य शख्स ने अपने मोबाइल पर कैद किया और सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया, जिस पर संज्ञान लेते हुए शिमला पुलिस ने मामले में गाड़ी के मालिक का चालान काटा है। एसपी शिमला ने कहा कि शिमला पुलिस किसी भी सूरत में नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं करेगी। इस तरह गाड़ी से बाहर लटकना नियमों के खिलाफ है। इससे न सिर्फ अपनी बल्कि दूसरों की जान भी जोखिम में आ जाती है। एसपी शिमला ने बताया कि मामले में शिमला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गाड़ी मालिक का मोटर वाहन एक्ट की धारा- 184 के तहत दो हजार 500 रुपए चालान किया है। इसके अलावा गाड़ी चला रहे ड्राइवर का लाइसेंस भी सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश भी की गई है। शिमला पुलिस ने लोगों से नियमों के दायरे में रहकर ही घूमने-फिरने की अपील की है।
जिला अस्पताल बिलासपुर में उस समय अफरा-तफरी का माहौल हो गया, जब सोमवार को अचानक बिना किसी सूचना के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी अस्पताल पहुंच गए। दरअसल जिला अस्पताल को लेकर लगातार शिकायतें आ रही थी, जिसके चलते कैबिनेट मंत्री ने अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। अस्पताल पहुंचने पर मंत्री ने स्वास्थ्य सुविधाओं की जांच की और मौके पर अस्पताल प्रबंधन को कई जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। इस दौरान कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी ने मातृ एवं शिशु अस्पताल भवन, ट्रॉमा सेंटर, सामान्य ओपीडी का भी निरीक्षण किया। अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद कैबिनेट मंत्री ने बताया कि बीते कुछ दिनों से समाचार पत्रों और स्थानीय लोगों की जरिए से उन्हें क्षेत्रीय अस्पताल के मातृ एवं शिशु अस्पताल में महिलाओं को बैठने के लिए उचित व्यवस्था न होने और अस्पताल में शौचालय के बंद होने की शिकायतें मिल रही थी। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने बताया कि मातृ एवं शिशु अस्पताल भवन के धरातल में गायनी और शिशु रोग एक्सपर्ट ओपीडी है। दोनों ओपीडी में एक दिन में करीब 300 से ज्यादा मरीजों का इलाज किया जाता है, जिसके चलते मरीजों और तीमारदारों को बैठने की पर्याप्त सुविधा नहीं मिल रही है। उन्होंने मौके पर एमएस बिलासपुर और सीएमओ को अस्पताल भवन में अतिरिक्त बेंच लगाने और एसी या बड़े पंखों का इंतजाम करने के निर्देश दिए। इसके अलावा मंत्री ने अस्पताल प्रशासन को मातृ एवं शिशु अस्पताल भवन के बाहर वेटिंग एरिया का निर्माण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दो दिनों के अंदर वेटिंग एरिया के निर्माण के लिए एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जल्द से जल्द वेटिंग एरिया का निर्माण किया जाए और लोगों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा मिल सके। मंत्री ने डीसी बिलासपुर आबिद हुसैन सादिक को अस्पताल में वेटिंग एरिया के निर्माण के लिए हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी ने ट्रॉमा सेंटर में बंद पड़े शौचालय को जल्द से जल्द सुचारू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को अस्पताल में खराब पड़े शौचालयों की जल्द मरम्मत के निर्देश दिए। इस दौरान मंत्री ने मरीजों और तीमारदारों से बातचीत की और क्षेत्रीय अस्पताल में इलाज के दौरान पेश आ रही दिक्कतों के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान डीसी बिलासपुर आबिद हुसैन सादिक, सीएमओ प्रवीण कुमार, एमएस एके सिंह समेत विभिन्न विभागों के विभाग अध्यक्ष मौजूद रहे।
जिला कुल्लू की मणिकर्ण घाटी में बादल फटने का मामला सामने आया है। मणिकर्ण के तोष में आधी रात के समय हुई भारी बारिश के चलते बादल फट गया। वहीं, बादल फटने के कारण तोष नाले में दो दुकानें बह गई, जबकि चार अस्थाई रूप से बनाए गए शेड भी इसकी चपेट में आ गए। हालांकि इससे कोई जानी नुकसान तो नहीं हुआ, लेकिन नाले के साथ लगते घरों और होटल में मलबा घुस गया है। वहीं, बादल फटने के बाद नाले के साथ लगते घरों के लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगह निकल गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार तोष में आधी रात के समय अचानक नाले में बादल फट गया। बादल फटने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों तुरंत अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। ऐसे में नाले में आए मलबे के कारण एक शराब की दुकान सहित एक अन्य दुकान बह गई। इसके अलावा चार अस्थाई रूप से बनाए गए शेड पूरी तरह से बह गए, जबकि नाले के साथ लगते घरों और होटल में मलबा घुसने से काफी नुकसान पहुंचा है। तोष नाले में बादल फटने की सूचना मिलते ही प्रशासन व पुलिस की टीम भी मौके की और रवाना हो गई है और अब नुकसान के कारणों की रिपोर्ट भी प्रशासन के द्वारा तैयार की जाएगी। डीसी कुल्लू ने कहा कि राजस्व विभाग की टीम को मौके की ओर रवाना कर दिया गया हैं। प्रभावित लोगों की प्रशासन के द्वारा मदद की जाएगी। इसके अलावा अगर किसी घर को खतरा होगा तो प्रभावित परिवार के रहने की व्यवस्था भी प्रशासन के द्वारा की जाएगी। गौरतलब है कि बीते दिनों भी मनाली में बादल फटने की घटना सामने आई थी, जिसके चलते फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई थी। वहीं, अब मणिकर्ण घाटी में भी बादल फटने के बाद फ्लैश फ्लड की घटना सामने आई है।
घुमारवीं में इंटक से संबंधित ऑल हिमाचल पीडब्ल्यूडी-आईपीएच एंड कांट्रैक्चुअल वर्कर्ज यूनियन की राज्य स्तरीय कार्यकारणी की बैठक प्रदेशाध्यक्ष दीप धीमान की अध्यक्षता मे हुई। इसमें जल शक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग में कार्यरत कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा की गई। बैठक में वाटर गार्ड संघ के प्रधान भूपेंद्र चंदेल ने कहा कि वाटर गार्डों को प्रत्येक माह उनका मासिक वेतन नहीं मिल रहा है और उन्हे रेगलुर के बाद बकाया राशि का भुगतान अभी तक नहीं किया है। इंटक महासचिव जगतार सिंह बैंस ने कहा कि यूनियन जलशक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग के प्रत्येक अनुभाग में कर्मचारियों को सदस्य बनाएगी और उनकी समस्याओं का निवारण करवाने का प्रयास करेगी। हिमाचल प्रदेश के सभी निर्माण प्रोजेक्टों मे भी कामगारों को युनियन का सदस्य बनाकर उन्हें हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण श्रम कल्याण बोर्ड से मिलने वाली सुविधाओं को दिलाएगी। उन्होंने कहा कि हर वर्ष में चार बार यूनियन की राज्य कार्यकारणी की चार बैठके होंगी।
बेरोजगार कला अध्यापक संघ ने कड़ा ऐतराज करते हुए कहा है कि हिमाचल प्रदेश सरकार उन गरीब बच्चों और गरीब अभिभावकों के साथ भदा मजाक कर रही है, जिस सरकार ने बेरोजगारों को बड़े-बड़े सपने दिखाए थे कि हम सत्ता में आते ही ऐसे काम करेंगे जो पूर्व सरकार ने नहीं किए थे। लेकिन उसके विपरीत सरकार कर रही है। संघ के अध्यक्ष बलवंत सिंह ने कहा है कि सरकार स्कूलों को बंद कर रही है और कुछ मर्ज कर रही है। संघ के पदाधिकारी ने कहा है कि स्कूल में बच्चे ना होने का कारण टीचरों की भर्ती न होना है । हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लगभग 17000 से ज्यादा पद खाली चल रहे हैं। और जिन स्कूलों में टीचर नहीं थे उसमें अभिभावक बहुत बार अपना विरोध प्रदर्शन भी कर चुके हैं और कई जिलों में उपयुक्त के मध्य और एसडीएम के मध्य से मांग पत्र दे चुके हैं। और मंत्री विधायकों के द्वारा भी अपने मांग पत्र दे चुके हैं। एसएमसी कमेटीयां भी टीचर भर्ती को लेकर धरना-प्रदर्शन और चका जाम तक कर चुकी हैं। तथा टीचर रखने को लेकर कई स्कूलों के बच्चे अपना विरोध कर चुके हैं और स्कूल में टीचर ना होने पर सोशल मीडिया प्रींट मिडिया में भी कभी बार दिखाया गया है, लेकिन सरकार ने उन स्कूलों में टीचर रखने के बजाय स्कूलों को बंद करने तथा मर्ज करने का फैसला लिया है। जो निंदनीय है राज्य कार्यकारिणी संघ के अध्यक्ष बलवंत, उपाध्यक्ष जगदीश ठाकुर, महासचिव विजय चौहान, सहसचिव पाल सिंह, कोषाध्यक्ष शक्ति प्रसाद , संगठनमंत्री संतोष नांटा मुख्य सलाहकार सुखराम मिडिया प्रभारी अशोक कुमार और सीमा कुमारी और समस्त सदस्यों तथा जिला के समस्त अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा सदस्यों ने माननीय मुख्यमंत्री, माननीय शिक्षा मंत्री तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों से आग्रह किया है कि स्कूल बंद करने की बजाय स्कूलों में टीचर तथा अन्य स्टाफ रखने पर बल दें। न कि स्कूलों को बंद करने का निर्णय लें संघ ने कहा है कि सरकार को 2 साल का कार्यकाल खत्म होने पर है लेकिन रोजगार देने की बजाय बेरोजगारों को मानसिक तनाव में डाला जा रहा है। संघ ने कहा है कि अभी तक जो भी रिजल्ट घोषित नहीं हुए हैं उनको जल्द से जल्द घोषित किया जाए और नई भर्तियों को जल्द से जल्द भरा जाए। संघ ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश के बेरोजगारों ने सरकार बनाने में अपनी एहम भुमिका निभाई है। क्योंकि बेरोजगार दवका पूर्व सरकार से तंग आ चुका था और उनको उम्मीद थी कि कांग्रेस सरकार आते ही बेरोजगार युवाओं के साथ न्याय करेगी, लेकिन वर्तमान सरकार ने तो पूर्व सरकार की तरह राह पकड़ रखी है संघ के पदाधिकारी ने मुख्यमंत्री से और शिक्षा मंत्री से अनुरोध किया है कि हिमाचल प्रदेश के जितने भी सरकारी स्कूलों में कर्मचारी हैं उनको निर्देश करें कि वह अपने बच्चे सरकारी स्कूलों में डालें अन्यथा उनको किसी भी तरह का सरकारी लाभ नहीं दिया जाएगा। संघ ने कहा है कि जब सरकार सरकारी नौकरी वाले टीचरों को इतनी बड़ी सैलरी दे रही है तो क्यूं ना सरकार ऐक्शन ले कि वो अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाए। खुद सरकारी नौकरी पर लगे हैं और खुद के बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाए जा रहे हैं। जब मुख्यमंत्री जी इतने बड़े पैमाने पर फैसले ले रहे हैं तो फिर ऐसा फैसला लेने में देरी क्यूं । संघ ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में सभी कर्मचारियों पर सरकार को निर्देश करना चाहिए। क्योंकि सरकार कर्मचारियों की हर एक बात को पुरा करने पर बचनबद्ध है। संघ ने कहा है कि इस बात को सभी एजुकेशन संगठनों को सरकार से उठाना चाहिए। कि सरकारी स्कूलों को बंद ना करे। बल्कि टीचर भर्ती करें। संघ के पदाधिकारी ने कहा है कि चार-पांच साल पहले सरकारी स्कूलों में अच्छी एनरोलमेंट थी लेकिन जैसे-जैसे स्कूलों में टीचरों की संख्या कम होती गई वैसे-वैसे स्कूलों में पढ़ाने के लिए कोई भी टीचर नहीं रहा तो मजबूरी में लोगों को प्राइवेट स्कूलों का रुख करना पड़ा, लेकिन हिमाचल प्रदेश के लोगों के पास इतनी बड़ी इनकम नहीं है कि वह भारी भरकम फीस प्राइवेट स्कूलों में भरकर अपने बच्चों को शिक्षा दें। हिमाचल प्रदेश के अभी भी ऐसे कई स्कूल हैं जहां पर अभिभावक अपने पैसे देकर और उन सरकारी स्कूलों में अपनी तरफ से टीचर रखकर बच्चों को शिक्षा ग्रहण करवा रहे हैं। संघ ने कहा है कि कोविड के टाइम भारी मात्रा में प्राइवेट स्कूलों से बच्चे निकाल कर सरकारी स्कूलों में डाले गए थे। लेकिन जब अभिभावकों को इस बात का पता चला कि सरकारी स्कूलों में तो टीचर ही नहीं है तो 2 साल के बाद फिर बच्चों को दोबारा से अभिभावकों को प्राइवेट स्कूलों में डालना पड़ा। बेरोजगार कलाध्यापक संघ ने मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री और समस्त मंत्रीयों विधायकों से निवेदन किया है कि ऐसा कदम ना उठाएं जिससे कांग्रेस सरकार को इसका नुकसान उठाना पड़े, लेकिन जैसा इलेक्शन के समय प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने बेरोजगारों से वादा किया था उस वादे के मुताबिक मुख्यमंत्री और सरकार फैसले लें। संघ ने कहा है कि मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश के सरकारी मिडिल स्कूलों में 100 की लगी शर्त को हटाने का कई बार विश्वास दे चुके हैं। लेकिन अभी तक 100 बच्चों की कंडीशन को समाप्त नहीं किया गया है। संघ मुख्यमंत्री से अनुरोध करता है कि इसकी अधिसूचना जारी करें और कला अध्यापकों की 1600 पोस्टें प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों में खाली चल रही है उन्हें जल्द से जल्द भरे।
जिला सिरमौर के उपमंडल पांवटा साहिब में हिट एंड रन का मामला सामने आया है। मामले में बाइक सवार एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, महिला के पति को भी हादसे में चोटें आई हैं। घटना के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया, जिसे पांवटा साहिब पुलिस ने ट्रक सहित दबोच लिया है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। हादसा सोमवार शाम पांवटा साहिब पुलिस थाना के तहत बेहड़ेवाला में सामने आया हैं। पुलिस को बेहड़ेवाला से सड़क दुर्घटना की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौके पर पाया कि एक ट्रक ने बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी है और ड्राइवर ट्रक समेत मौके से फरार हो गया है। एएसपी अदिति सिंह ने बताया कि ट्रक की टक्कर लगने से बाइक सवार 24 वर्षीय सूरज को चोटें आई हैं, जबकि बाइक पर सूरज के पीछे बैठी उसकी 20 वर्षीय पत्नी मोनिका की हादसे में मौके पर ही मौत हो गई है। पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और घायल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहीं, सूचना मिलते ही पुलिस ने ट्रक ड्राइवर को उसके ट्रक समेत पकड़ लिया है।
पटवारियों और कानूनगो के हड़ताल पर होने से प्रदेश में लोगों के 1.30 लाख से ज्यादा ऑनलाइन आवेदन लंबित हैं, मगर आज भी ये मसला हल नहीं हो पाया। दरअसल आज हिमाचल के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और पटवारी-कानूनगो के बीच सचिवालय में हड़ताल से सम्भंदित एक महत्वपूर्ण बैठक हुई मगर इस बैठक में दोनों के बीच सहमति नहीं बन पाई। पटवारी-कानूनगो जिला से बाहर ट्रांसफर के लिए तैयार नहीं है, जबकि सरकार ने इसी मंशा से इन्हें स्टेट कैडर बनाया है। मीटिंग में सहमति नहीं बनने के बाद हिमाचल संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी संघ ने अपना विरोध जारी रखने का ऐलान कर दिया है। इनकी हड़ताल से प्रदेश के लोग परेशान हैं। पटवारी-कानूनगो राज्य कैडर बनाए जाने के विरोध में 15 दिनों से ऑनलाइन काम नहीं कर रहे। इन्होंने सरकारी ऑफिशियल व्हाट्सएप ग्रुप से भी एग्जिट कर रखा है। यही नहीं एडिशनल चार्ज वाले पटवारी-कानूनगो सर्किल दफ्तर की चाबियां भी ये लोग संबंधित एसडीएम और तहसीलदार को सौंप चुके हैं। इनकी हड़ताल के कारण बोनाफाइड सर्टिफिकेट, चरित्र प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, ओबीसी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, कृषि प्रमाण पत्र, बेरोजगारी प्रमाण पत्र, भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र और पीएम किसान सम्मान निधि योजना की ऑनलाइन रिपोर्टिंग जैसे काम 15 दिन से नहीं हो पा रहे। बीते 6 दिन से एडिशनल चार्ज वाले दफ्तरों में भी काम ठप हो गया है। इससे लोगों के राजस्व संबंधी महत्वपूर्ण काम नहीं हो पा रहे हैं।वहीं इस मसले पर राजस्व मंत्री जगत नेगी का कहना है कि सरकार ने जनहित को देखते हुए इन्हें स्टेट कैडर बनाया है और पटवारी-कानूनगो इसके विरोध की सही वजह नहीं बता पा रहे है। ऐसे में अब नियमों के तहत इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी की आज संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी (पटवारी व कानूनगो) महासंघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक हुई। बैठक में प्रतिनिधिमंडल ने राजस्व मंत्री से वेतन विसंगतियों को दूर करने सहित विभिन्न मांगों पर विचार करने का आग्रह किया। राजस्व मंत्री ने कहा कि पटवारी व कानूनगो के जिला कैडर को राज्य कैडर में करने का निर्णय जनहित में लिया गया है। इस संबंध में प्रदेश की जनता से भी सरकार को सुझाव प्राप्त हुए। प्रदेश सरकार ने व्यापक दृष्टिकोण के साथ यह फैसला जनहित में लिया है। उन्होंने कहा कि पटवारी व कानूनगो का राज्य कैडर किए जाने से उनकी वरिष्ठता, पदोन्नति और उन्हें मिलने वाले भत्तों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सरकार ने सिर्फ राज्य कैडर का निर्णय लिया है, जबकि भर्ती और पदोन्नति नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि पटवारी व कानूनगो आने वाले समय में नायब तहसीलदार और तहसीलदार पदोन्नत होंगे। राज्य कैडर होने से दूसरे जिलों में कई वर्षों से कार्यरत पटवारी व कानूनगो को अपने जिले में वापसी का मार्ग भी प्रशस्त होगा। इससे उन्हें भी अपने जिले में सेवाएं देने का अवसर प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुछ सरकारी सेवाओं को छोड़कर जनहित में अधिकांश सेवाएं राज्य कैडर में की जा चुकी हैं। राजस्व मंत्री ने कहा कि पटवारी व कानूनगो के काम बंद करने से प्रदेश की जनता के राजस्व संबंधी कई कार्य लंबित हैं, आम लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सरकार का दायित्व है कि वह आम आदमी की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करे। इसी के दृष्टिगत आवश्यक कार्रवाई करने पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। वर्तमान सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान अनेक कर्मचारी हितैषी निर्णय लिए हैं। सरकार ने कर्मचारियों को पुरानी पेंशन देकर सम्माजनक जीवन जीने का मार्ग प्रशस्त किया है। कर्मचारियों को समय-समय पर अन्य भत्तों का भी भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महासंघ की अन्य मागों पर गंभीरता से विचार कर रही है। इस मौके पर निदेशक भू-रिकॉर्ड सीपी वर्मा, अतिरिक्त सचिव राजस्व बलवान चंद और अवर सचिव राजस्व सीमा सागर भी उपस्थित थी।
जिला नियन्त्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले जिला किन्नौर डॉ मेजर शशांक गुप्ता ने बताया कि निरीक्षक चंदू लाल नेगी, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के द्वारा रिकांग पिओ बाजार में 15 फल एवं सब्जी विक्रेताओं का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिला दंडाधिकारी जिला किन्नौर स्थित रिकांगपिओ द्वारा निर्धारित थोक व प्रचून, लाभांश एवं मूल्य सूची प्रदर्शन करने के सम्बन्ध में जांच की गई। उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में 5 विक्रेताओं द्वारा निर्धारित लाभांश से अधिक विक्रय मूल्य वसूले जाने के कारण तथा मूल्य सूची प्रदर्शित न करने पर 78 किलो ग्राम सब्जी, जब्त कर 5840 रूपये का जुर्माना किया गया। इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा हिमाचल प्रदेश जीव अनाशित कूड़ा कचरा अधिनियम 1995 के अंतर्गत परिसर में सड़े-गले सब्जियों व कचरा पाए जाने के कारण 7 व्यापारियों का निरीक्षण किया गया तथा अनियमितताएँ पाए जाने पर 3 व्यापारियों से 2000 रुपए जुर्माना वसूल किया गया। उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में कुल 22 निरीक्षण किए गए, जिनमें से 8 व्यापारियों से अनियमितताएँ पाए जाने पर कुल 7840/- रुपये जुर्माना के वसूले गए। इसके अतिरिक्त जिला नियन्त्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले जिला किन्नौर ने व्यापारियों को निर्देश जारी किए गए कि गली- सड़ी फल/ सब्जियों को अलग कर उचित माध्यम से नष्ट करना सुनिश्चित करे, उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार का निरीक्षण जनहित में जारी रहेंगे व दोषी पाए जाने पर इससे अधिक जुर्माना वसूला जाएगा।
हिमाचल प्रदेश की पूर्व भाजपा सरकार ने अपने पिछले स्वर्णिम कार्यकाल में विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाए प्रदेश की जनता को समर्पित की जिसमें हिमकेयर योजना पूर्व जयराम सरकार की महत्वपूर्ण योजना थी। जो सरकार द्वारा 1 जनवरी, 2019 को लागू की गई थी। चेतन बरागटा ने कहा कि जो लोग आयुष्मान भारत योजना से छूट गए थे उन लोगों को कैशलेस इलाज देने के लिए पूर्व भाजपा सरकार ने हिमकेयर योजना बनाई। वर्तमान में हिमाचल और हिमाचल से बाहर 292 अस्पतालों में हिम केयर कार्ड की सुविधा दी जा रही थी और इनमें से 141 निजी अस्पताल थे। हिमकेयर कार्ड से इलाज करवाने में प्रदेश की देवतुल्य जनता को काफी सुविधा हो रही थी। लेकिन हाल ही मे सुक्खू सरकार के मंत्रिमंडल ने हिम केयर कार्ड को निजी अस्पतालों में चलाने से इनकार कर दिया है। साथ ही हिमाचल में सरकारी कर्मचारियों के लिए भी हिम केयर कार्ड अब प्रतिबंधित रहेगा। जिस फैसले से प्रदेश की जनता को आहत और निराश है। जिससे सिद्ध होता है प्रदेश की ये काँग्रेस सरकार जन और कर्मचारी विरोधी सरकार है। चेतन बरागटा ने कहा काँग्रेस की सरकार ने पिछले 20 महीने मे 20 हजार करोड़ का लोन लिया,लेकिन जयराम सरकार के समय से चल रही सभी जन कल्याणकारी योजनाओं को बारी-बारी बंद करने का निर्णय कर रही है। क्या काँग्रेस सरकार अपने मित्रो के ऐशो आराम के लिए लोन ले रही है। चेतन बरागटा ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि इस फैसले को तुरंत प्रभाव से वापिस ले,अन्यथा भाजपा इस फैसले के विरोध मे उग्र आंदोलन करेगी।
हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड ने टेट परीक्षा की फीस में बढ़ोतरी की है, जिस पर प्रदेश के जेबीटी वा बी एड प्रशिक्षु काफी नाराज है ,फीस बढ़ोतरी पर जेबीटी / डी एल एड प्रशिक्षित बेरोजगार संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश परयाल ने बताया कि इस प्रकार अचानक टेट की फीस दुगनी करना छात्र हित में नही हैं ,जहाँ उन्हें पहले 500 या 800 फीस देनी पड़ती थी वही अब 1000 ओर 1600 कर दी गई है, जिस से प्रदेश के प्रशिक्षु आर्थिक रूप के साथ-साथ मानसिक रूप से भी परेशान हैं । उन्होंने कहा कि आज कल का दौर प्रदेश के युवाओं के लिए बहुत मानसिक तनाव भरा है, क्योंकि 4,5 वर्षो से जेबीटी भर्ती कमिश्नन के माध्यम से नहीं हुई है । पिछली बार 2019 में ही जेबीटी कमिश्नन हुआ है ,उसके बाद कोई भर्ती कमिश्नन के माध्यम से नही हुई, जिसकी वजह से प्रदेश के युवा मानसिक रूप से बहुत परेशान हैं , उस पर यह अचानक टेट फीस में बढ़ोतरी करना उनके जले पर नमक छिड़कने जैसा हो गया है। जगदीश परयाल ने बताया कि प्रदेश सरकार अब पूर्ण बहुमत की सरकार बन चुकी है प्रदेश के युवाओं ने जब सरकार मुश्किल में थी तो उन्हें समझा है और उनका साथ दिया है ,अब मुख्यमंत्री को प्रदेश के युवाओं की ओर भी अपना ध्यान देने की जरूरत है ,उन्होंने कहा कि अगर सरकार आर्थिक रूप से कमजोर है तो इसका बोझ प्रदेश के बेरोजगारो के कंधों पर ना डाले, इसका समाधान निकाले ओर जल्द ही कमिश्नन के माध्यम से भर्ती करवाना शुरू करें । प्रदेश के 12 लाख से अधिक बेरोजगार युवाओ को मुख्यमंत्री से बहुत उम्मीदें है मुख्यमंत्री इनके बारे में भी कुछ सोचे क्योंकि भर्ती की अधिसूचना सिर्फ अखबारों तक ही सीमित रह गईं है आए दिन सरकार की तरफ से खबर आती है भर्तियों की परन्तुं अभी तक कोई भी भर्ती कमीशन के माध्यम से शुरू नहीं हुईं है। साथ ही उन्होंने कहा कि जेबीटी लगभग 9 महीनों से लंबित बैच वाइज भर्ती का परिणाम जल्द से घोषित किया जाए ,जिसके लिए लोग 15-15 सालों से नोकरी लगने का इंतजार कर रहे हैं । सरकार अगर समय पर भर्ती कराती है तभी प्रदेश की शिक्षा में गुणवत्ता आएगी । उन्होंने कहा कि शिक्षा बोर्ड धर्मशाला अपने टेट की फीस बढ़ोतरी पर पुनः विचार करे और जो फीस पहले ली जाती थी वही फीस ली जाए अन्यथा प्रदेश के युवाओं को मजबूरन सड़को पर उतरना पड़ेगा ।
उपमंडल देहरा के अन्तर्गत पड़ते ख़बली के लोगों ने सीएम सुक्खू व विधायक देहरा कमलेश ठाकुर से मांग की है कि पटवार वृत्त पाइसा का नाम ख़बली किया जाए। लोगों का कहना है कि यह पटवार वृत 100 वर्षों से पूर्व ब्रिटिश काल में अस्तित्व में आया था। कालान्तर में पटवार वृत पाइसा का विभाजन हुआ और एक नया पटवार वृत अम्ब अस्तित्व में आया व पटवार वृत पाइसा के विघटन के कारण महाल पाइसा पटवार वृत अम्ब के अन्तर्गत आ गया, जबकि जो पुर्नगठन उपरान्त पटवार वृत पाइसा रह गया। उसमें पाइसा नाम का कोई महाल नहीं है। दूसरे पटवार वृत पाइसा का भवन भी गांव खबली में निर्मित है। इसलिए पटवार वृत पाइसा का नाम बदलकर पटवार वृत खबली किया जा सके । इस मांग को लेकर समूची ख़बली की जनता लामबंद हो गई है और वाकायदा पंचायत सचिव के माध्यम से एक प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू व विधायक देहरा कमलेश ठाकुर को भेज कर मांग की है कि सरकार इस विसंगति को दूर करके पटवार व्रत पाइसा का नाम बदलकर पटवार व्रत ख़बली किया जाए।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज हिमाचल प्रदेश राज्य वन विकास निगम की 214वीं निदेशक मंडल की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने अधिकारियों को निगम के डिपो में रखी गई ईमारती लकड़ी की निस्तारण प्रक्रिया में तेजी लाने के आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए, ताकि इसे गलने से बचाया जा सके। उन्होंने वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) के प्रथम चरण की मंजूरी के उपरांत रेखागत परियोजनाओं के दायरे में आने वाले पेड़ों को काटने के लिए वन मंडल अधिकारियों (डीएफओ) सहित निगम के अधिकारियों को शक्तियां सौंपने की संभावनाएं तलाशने को कहा, ताकि इस प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य वन विकास निगम पहली बार एफसीए मंजूरी के उपरांत ब्यास नदी से खनन गतिविधियां शुरू करेगा। उन्होंने निगम को दोषी ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने और उनके खिलाफ वसूली की कार्रवाई शुरू करने तथा भविष्य में निविदाओं में उनके भाग लेने पर रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने निगम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि निगम ने वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान 2.17 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान आठ करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2023-24 में 10.04 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया। उन्होंने कहा कि वन निगम में कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए 100 वन वीरों को नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि प्रदेश सरकार वन निगम को आत्मनिर्भर और लाभप्रद बनाने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। निदेशक मंडल ने 2022-23 के लिए निगम के कर्मचारियों को अतिरिक्त लाभ प्रदान करने को स्वीकृति प्रदान की, जिससे 227 कर्मचारी लाभान्वित होंगे। बैठक में निगम के दैनिक भोगियों की दिहाड़ी 400 रुपये करने का भी निर्णय लिया गया। इसके अलावा, निगम के सभी कर्मचारियों को 1 अप्रैल, 2024 से चार प्रतिशत महंगाई भत्ते की एक और किश्त जारी करने तथा दो वर्ष का अनुबन्ध कार्यकाल पूरा करने वाले 80 कर्मचारियों को नियमित करने का भी निर्णय लिया गया। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पिछले वर्ष मॉनसून के प्रकोप के कारण शिमला शहर में 618 पेड़ क्षतिग्रस्त हुए, जिनकी लकड़ी बेचकर 2.50 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है। इस मौके पर वन निगम ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए मुख्यमंत्री को 51 लाख रुपये का चेक भेंट किया। वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, प्रधान सचिव वन अमनदीप गर्ग, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, प्रधान मुख्य वन अरण्यपाल राजीव कुमार, निगम के प्रबन्ध निदेशक पबनेश शर्मा, विशेष सचिव (वित्त) रोहित जमवाल और गैर-सरकारी सदस्य कृष्ण चंद, नीलम ठाकुर, तोग सिंह ठाकुर, मदन शर्मा, गंगा सिंह, अनिल ठाकुर, कृष्ण कुमार और योगेश महाजन भी बैठक में उपस्थित थे।
राजकीय महाविद्यालय ढलियारा के इग्नू अध्ययन केंद्र -1140 ने जनवरी-2024 सत्र के छात्रों के लिए प्रेरणा सभा का आयोजन किया गया इग्नू केंद्र -1140 के सह-समन्वयक डॉ. संजीव कुमार ने इग्नू के छात्रों को दूरवर्ती शिक्षा माध्यम से सबसे बड़े विश्वविद्यालय द्वारा संचालित स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी तथा छात्रों को इग्नू के साल भर चलने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी देते हुए ऑनलाइन और ऑफलाइन सुविधाएं जो इग्नू की वेबसाइट पर मिलती हैं उनके बारे में छात्रों को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों की शंका का भी समाधान किया और इग्नू अध्ययन केंद्र से निरंतर जुड़े रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इग्नू एक प्रतिष्ठित संस्था है। यह हर साल दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा की सुविधा उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित किया। ताकि वह जीवन में एक सफल मुकाम हासिल कर सकें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अगर कोई समस्या आ रही है तो वह एक निश्चित समय पर फोन द्वारा या स्वयं भी केंद्र पर आकर जानकारी हासिल कर सकते हैं।
जवाहर नवोदय विद्यालय कुनिहार में आज 31वें एनवीएस रीजनल कबड्डी खेलों का शुभारंभ रंगारंग कार्यक्रमों के साथ किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुदेश मोख्टा, आई०ए०एस० व वर्तमान में एमडी एचपीएमसी रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि वह स्वयं जवाहर नवोदय विद्यालय ठियोग शिमला के छात्र रहे हैं। खेलों का हमारे जीवन में अत्यधिक महत्व है। यह हमारे शारीरिक विकास के साथ ही मानसिक विकास में भी अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेल छात्रों के समग्र विकास और वृद्धि के लिए आवश्यक हैं। विभिन्न खेल खेलने से उन्हें टीम वर्क, नेतृत्व, जवाबदेही, धैर्य और आत्मविश्वास जैसे जीवन कौशल सीखने में मदद मिलती है और उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया जाता है। उन्होंने विभिन्न क्लस्टरों से आए हुए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय प्राचार्य के० के० यादव द्वारा मुख्य अतिथि महोदय का आभार प्रकट किया गया तथा विद्यार्थियों को उत्साह पूर्वक कबड्डी खेलों में प्रतिभाग करने हेतु प्रोत्साहित किया गया। उन्होंने कहा कि खेल मानसिक, शारीरिक, और सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। यह हमारे जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाता है और हमें सकारात्मक रूप से सोचने, संघर्ष करने, और जीतने की क्षमता प्रदान करता है। रीजनल कबड्डी मीट में विभिन्न क्लस्टरों से आए हुए कुल 180 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। इसमें जे एंड के- 1. जे एंड के 2, पंजाब-1, पंजाब-2 तथा हिमाचल क्लस्टर हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 के अंतर्गत कुल 12 मैच खेले जाने हैं तथा इसका समापन 31 जुलाई को फाइनल के साथ किया जाएगा। कार्यक्रम की प्रस्तुति वरिष्ठ शिक्षक वीर सिंह के द्वारा की गई तथा कार्यक्रम का समापन वरिष्ठ शिक्षक योगेश कुमार पाठक द्वारा सभी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।
पूर्व सैनिक संघ एवं वीर नारी संघ का चुनाव ज्वालामुखी उपमंडल के तहत खुंडिया के बाजार में सम्पन्न हुआ। जिस मे सर्वसम्मति से कैप्टन रमेश राणा को अध्यक्ष चुना गया। इस चुनाव मे सौ से अधिक पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों ने हिस्सा लिया वहीं चुनाव के लिए तीन व्यक्तियों ने नामांकन किया था, लेकिन चुनाव के वक़्त अन्य लोगों ने अपना नाम वापिस ले लिया और कैप्टन रमेश राणा को अध्यक्ष निर्विरोध चुन लिया गया, साथ में सुबेदार राय सिंह पुखरू पंचायत और सूबेदार हरभजन सिंह देहरु पंचायत को उपाध्यक्ष एवं कैप्टन सुभाष चंद राणा बारी कलां पंचायत को महा सचिब और कैप्टन दिलबाग सिंह अलुहा पंचायत को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया साथ मे नायक ए डी शर्मा खुंडियां को मीडिया प्रभारी चुना गया, साथ ही संस्था के पूर्व अध्यक्ष कैप्टन देश राज राणा ने अपना कार्यभार कैप्टन रमेश राणा को सौंपा। ये संस्था 1984 से पूर्व सैनिकों एवं सैनिक विधवाओं एवं वीर नारियों की सेवा करती आ रही है, ये चुनाव कर्नल एम एस राणा की अध्यक्षा मे सम्पन्न हुआ। आखिर मे जिन पूर्व सैनिकों ने इस संस्था को खड़ा किया था और जो आज इस संसार मे नही हैं साथ ही इलाके के वीर सैनिक जो देश के लिए शहीद हुए हैं उन की याद मे दो मिनट का मौन रख के उनको श्रधांजलि दी है।
ऊना मुख्यालय के साथ लगते लालसिंगी में पास लेने को लेकर पंजाब रोडवेज के बस चालक व परिचालक ने पिकअप चालक के साथ मारपीट की है। यहीं नहीं, मारपीट के दौरान पिकअप का शीशा तक तोड़ दिया। पुलिस ने पीडि़त सुरेंद्र सिंह निवासी बरनोह की शिकायत पर पंजाब रोडवेज बस के चालक शमशेर सिंह व परिचालक हैप्पी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में सुरेंद्र सिंह ने बताया कि वह अपनी गाड़ी में कुल्लू से सामान लेकर जालंधर गया था। जालंधर में सामान उतारकर अपने घर बरनोह आ रहा था तो पंडोगा में एक रोडवेज की बस से पास लेने की कोशिश की, ड्राइवर पास नहीं दे रहा था। ईसपुर मोड़ के पास बड़ी बस से पास ले लिया। इसके बाद वह बार-बार हॉर्न मारकर इसे परेशान करने लगा। लालसिंगी के पास पहुंचा तो उपरोक्त बस के ड्राइवर ने बस पिकअप के आगे लगा दी और कंडक्टर ने लोहे की रॉड से हमला कर गाड़ी का फ्रंट का शीशा तोड़ दिया। इस दौरान मेरी जेब से 17 हजार रुपए किराया कहीं गिर गया। एसपी राकेश सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
**पंजाब के अफसरों के साथ चर्चा कर संशोधित किए जाएंगे रूट पंजाब सरकार के परिवहन विभाग के अधिकारी शिमला पहुंच गए हैं। वहां के परिवहन सचिव और परिवहन आयुक्त के साथ शिमला में सोमवार को बैठक होगी, जिसमें इंटर स्टेट बस रूट परमिट को लेकर समीक्षा की जाएगी। इसमें पंजाब की ओर से कुछ आपत्तियां हैं, जिनको दूर करने का प्रयास होगा। रूट परमिट की निर्धारित सीमा से ज्यादा पंजाब की सडक़ों पर हिमाचल के प्राइवेट बस ऑपरेटर चल रहे हैं, जिनको लेकर पंजाब सरकार शिकायत कर रही है। जो समझौता हिमाचल और पंजाब के बीच में हुआ है उसके तहत पांच हजार किलोमीटर एरिया तक रूट परमिट वैद्य हैं, लेकिन यहां पंजाब की सीमा से सटे क्षेत्रों से प्राइवेट बसें दूसरी ओर जा रही हैं और वो लगातार सरकार के साथ हुए समझौते का उल्लंघन कर रही हैं। ऐसे में पंजाब के परिवहन अधिकारी इस मामले पर चर्चा करने और रूट परमिट को रिवाइज करने की बात कर रहे हैं, जिसे लेकर आज बैठक हैं । हिमाचल की तरफ से प्रदेश के प्रधान सचिव परिवहन आरडी नजीम इस बैठक में हिस्सा लेंगे, जिनके साथ निदेशक डीसी नेगी व अन्य अधिकारी मौजूद होंगे। रूट परमिट की वर्तमान लिमिट से पंजाब को नुकसान हो रहा है ऐसा पंजाब सरकार का मानना है। लिहाजा इसे संशोधित करने की मांग हो रही है और देखना होगा कि इसमें हिमाचल क्या कहता है। पंजाब के अधिकारी अपने आंकड़े रखेंगे जिन पर हिमाचल के अधिकारी सहमत होते हैं, तो बात आगे बढ़ेगी। प्रधान सचिव परिवहन इस बैठक से पहले रविवार शाम को शिमला पहुंचे। उन्होंंने कहा कि यह बैठक दोनों राज्यों के रूट परमिट से जुड़े मसले को लेकर अहम है और आपस में मिलकर हम समाधान निकालेंगे।
सरकारी खर्च पर नियंत्रण और वित्तीय प्रबंधन में सुधार के लिए हिमाचल प्रदेश के वित्त विभाग ने सभी विभागों को निर्देश जारी किए हैं। विभागों को 31 अक्तूबर तक विस्तृत व्यय रिपोर्ट वित्त विभाग को प्रस्तुत करनी होगी। इसमें बचतों और निर्धारित से अधिक बजट व्यय का ब्योरा देना होगा। वित्तीय वर्ष की पहली छमाही के लिए वास्तविक खर्च और शेष महीनों के लिए अनुमानित खर्च की रूपरेखा देनी होगी। दूसरी आधिक्य एवं बचत विवरणिका में आठ महीनों यानी 30 नवंबर तक का वास्तविक व्यय और शेष चार महीनों के संभावित व्यय की जानकारी देनी होगी। अनुपूरक बजट अनुरोध इस जानकारी पर आधारित होंगे। वित्त विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार ने सभी प्रशासनिक सचिवों को इन आदेशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के अनुसार सरकार ने देखा है कि हाल के वर्षों में कई विभाग जरूरत से ज्यादा खर्च कर रहे हैं और संभावित बचत का आकलन कम कर रहे हैं। वे आधिक्य और बचत के भी अनुमानित आंकड़े दे रहे हैं। इससे गलत वित्तीय योजना और अनावश्यक बजट अनुरोध सामने आए हैं। इस विषय के समाधान के लिए विभागों को अब किसी भी अधिक खर्च या बचत के लिए स्पष्ट और उचित कारण बताने होंगे। वित्त विभाग ने सटीक वित्तीय आंकड़ों के महत्व पर जोर दिया है। किसी भी विसंगति को जांचा जाएगा। इन निर्देशों के अनुसार प्रथम आधिक्य एवं अभ्यर्पण विवरणिकाएं 31 अक्तूबर तक वित्त विभाग को उपलब्ध हो जाना चाहिए। इसके अंतर्गत चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों यानी 30 सितंबर तक के वास्तविक व्यय और बकाया महीनों के संभावित व्यय के आंकड़े दर्शाए जाने चाहिए। इसी जिन लेखा शीर्षों और मानकों में बचतें दर्शाई जा रही हैं, उनमें विभागध्यक्ष डीडीओ से पहले ही सरेंडर लेना सुनिश्चित किया जाए। वित्त विभाग को इन बचतों को ई-बजट सॉफ्टवेयर में लेना होता है। इन निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने को कहा गया है।
नशे ने युवाओं को अपनी गिरफ़्त में ले लिया है, जिसे लेकर पुलिस की धरपकड़ भी तेज हो गई है। आजकल चिट्टा नामक नशा खूब युवाओं को अपने चंगुल में ले रहा है, इसे लेकर सोमवार सुबह ही पुलिस ने एक युवा के पास शिमला के पुराने बस अड्डे के पास चिट्टा पकड़ा है हालाँकि जैसे ही उसे पकड़ा उसने उसे नज़दीक घास में फेंक दिया लेकिन संबंधित पुलिस ने उससे चिट्टे का कुछ भाग बरामद किया है और और कथित आरोपी को पकड़ लिया गया है।
**भारी बारिश की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने 31 जुलाई तक जारी किया अलर्ट हिमाचल प्रदेश में मानसून की शुरुआत से लेकर अब तक बारिश के कारण हुई दुर्घटनाओं में 56 लोगों की मौ*त हो चुकी है। आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार 27 जून को मानसून ने हिमाचल में दस्तक देने से लेकर अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 56 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, इस मानसून सीजन में अब तक राज्य को ₹410 करोड़ का नुकसान हुआ है। वहीं, एक बार फिर से मौसम विभाग ने 31 जुलाई तक 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, 21 लोगों की मौ*त ऊंचाई से गिरने से, 18 की डूबने से, 8 लोगों की सांप काटने और आठ लोगों की बिजली के झटके लगने से मौ*त हुई है, जबकि एक व्यक्ति की मौ*त अचानक आई बाढ़ में हुई है, जबकि भूस्खलन या बादल फटने से किसी की मौ*त नहीं हुई है। आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार इ, मानसून सीजन में अब तक करीब 100 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं, लोक निर्माण विभाग को सबसे ज्यादा ₹172 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसके बाद बागवानी विभाग को ₹139 करोड़ का नुकसान हुआ है। शिमला मौसम विभाग ने 31 जुलाई तक राज्य के आठ जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की चेतावनी दी है। मौसम विभाग ने प्रदेश में भारी बारिश होने की आशंका को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है । प्रदेश में 2 अगस्त तक बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने तेज हवाओं के कारण बागानों, खड़ी फसलों, कमजोर संरचनाओं और कच्चे घरों को नुकसान पहुंचने और निचले इलाकों में जलभराव की चेतावनी दी है । राज्य के कुछ हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश जारी रही। सिरमौर जिले के धौला कुआं में 123 मिमी बारिश हुई, जबकि नाहन में 74.5 मिमी, कटौला में 40.2 मिमी, पालमपुर में 32 मिमी, पांवटा साहिब में 31.2 मिमी, धर्मशाला में 27.6 मिमी, सुंदरनगर में 26.8 मिमी और बैजनाथ में 25 मिमी बारिश हुई। राज्य में 1 जून से 27 जुलाई तक 40 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिसमें औसत 321.2 मिमी के मुकाबले 194 मिमी बारिश हुई है। इस बीच अकेले जुलाई महीने में बारिश की कमी 33 प्रतिशत रही। क्योंकि राज्य में 1 से 27 जुलाई तक 220.1 मिमी की सामान्य बारिश के मुकाबले 147.5 मिमी बारिश हुई।
** बद्दी की स्टेसालिट कंपनी में इलेक्ट्रिशियन का करता था काम एक स्थानीय कंपनी में मशीन की चपेट में आने कामगार की मौ*त हो गई। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर श*व कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। बताया जा रहा है कि कामगार कंपनी में इलेक्ट्रिशियन का काम करता था। मृत*क के चाचा ने कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। इसके आधार पर पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार 32 वर्षीय अभिषेक वर्मा निवासी सुराजमाजरा जुड्डी बद्दी डीआईसी प्लाट नंबर 25 में स्थित स्टेसालिट कंपनी में बिजली का काम करता था। ड्यूटी के दौरान वह मशीन की चपेट में आ गया। इससे वह बेहोश हो गया। उसे बद्दी के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। यहां चिकित्सकों के उसे मृ*त घोषित कर दिया। मृत*क के चाचा ज्ञान चंद शील ने बताया कि भतीजा अभिषेक वर्मा की कंपनी की लापरवाही के चलते मौ*त हो गई है। उन्होंने कंपनी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। एएसपी डॉ. अशोक वर्मा ने बताया कि पुलिस ने श*व को पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी में 5 वर्षीय मासूम से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि आरोपी 14 साल का नाबालिग बताया जा रहा है। फिलहाल आरोपी को 9 अगस्त तक सुधार गृह ऊना भेजा गया है। जानकारी के अनुसार बल्ह पुलिस थाना के अंतर्गत 14 वर्षीय नाबालिग ने 5 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। रोती-बिलखती बच्ची ने जब परिजनों को यह सारी बात बताई तो उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई, जिसके बाद पुलिस थाना बल्ह में बच्ची की बुआ ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और मासूम का मेडिकल कॉलेज नेरचौक में मेडिकल करवाया गया। इसके अलावा आरोपी को न्यायालय पीएमजेजेबी मंडी के समक्ष पेश किया गया जहां से उसे 9 अगस्त तक सुधार गृह ऊना भेजा गया है। डीएसपी मुख्यालय देवराज ने पुष्टि की है।
हिमाचल के सोलन में भूस्खलन हुआ है। सोलन जिले में कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर अखबार लेकर जा रही एक गाड़ी पर पहाड़ी से पत्थर गिर गया। इस हाद*से में एक व्यक्ति मौ*त हो गई है, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घाय*ल हो गए। सभी घाय*लों को उपचार के लिए ईएसआई अस्पताल परवाणू ले जाया गया। जहां इन घाय*लों का इलाज चल रहा है। वहीं, पहाड़ी से कालका-शिमला एनएच 5 पर पत्थरों के गिरने से इस मार्ग पर एक लेन पूरी तरह बाधित हो गया। इसके कारण सड़क पर गाड़ियों का लंबा जाम लग गया है। हाद*सा आज सोमवार सुबह 2:30 बजे हुआ है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इस हादसे में दुर्घटनाग्रस्त हुई बोलेरो (PB 08C P9686) एनएच 5 पर पलट गई, इस दुर्घटना में देव राज (40 वर्ष) की मौ*त हुई है, जो जिला कपूरथला पंजाब का रहने वाला था। वहीं, घाय*लों की पहचान कुलदीप सिंह (40 वर्ष) (निवासी गढ़शंकर जिला होशियारपुर पंजाब), भावुक पुत्र (23 वर्ष) और वंदना सोंधी (43 वर्ष) (निवासी मोहल्ला जालंधर सिटी पंजाब) के रूप में हुई है। तीनों घाय*लों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
आज सोमवार को एक बार फिर से सोने के भाव में गिरावट आई है। सावन महीने के दूसरे सोमवार को सोना सस्ता हुआ है। बता दें कि देश के ज्यादातर राज्यों में पिछले एक हफ्ते के अंदर सोना 6000 रुपये तक सस्ता हुआ है। 29 जुलाई को भारत में सोने की कीमतें 70,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास है। इस रेट में हाई प्योरिटी वाले सोने के लिए प्रीमियम शामिल है, जिसमें 24 कैरेट सोने की कीमत 68,990 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट सोना की कीमत 63,240 रुपये प्रति 10 ग्राम है। इस बीच, चांदी की कीमत 84,400 रुपये प्रति किलोग्राम रही। सरकार ने हाल ही में सोने और चांदी सहित विभिन्न उत्पादों पर सीमा शुल्क में कटौती की है। कीमती धातुओं के सिक्कों, सोने/चांदी की खोज और सोने और चांदी की छड़ों पर मूल सीमा शुल्क (बीसीडी) 15 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी कर दिया गया। सोने और चांदी के डोर के लिए इसे 14.35 फीसदी से घटाकर 5.35 फीसदी कर दिया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी के भाव में तेजी देखने को मिल रही है। शनिवार को एक औंस सोने की कीमत 2387 डॉलर थी, सोमवार तक इसमें 7 डॉलर की तेजी आई और यह 2394 डॉलर पर पहुंच गई। फिलहाल एक औंस चांदी की कीमत 28.06 डॉलर है।
हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग में कांस्टेबल भर्ती के नियमों में कई बदलाव किए हैं। पहली बार उम्मीदवार को लंबाई के अतिरिक्त अंक मिलेंगे। भर्ती होने वाले अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग के बाद पहली बार कमांडो कोर्स करवाया जाएगा। प्रदेश में 1,226 पदों को लेकर जल्द भर्ती प्रकिया शुरू होने वाली है। लोकसेवा आयोग के माध्यम से यह भर्ती की जानी है। पुलिस मुख्यालय ने भर्ती नियम की शर्तें लागू की हैं। भर्ती में एक जनवरी 2024 के आधार पर अभ्यर्थियों की आयु सीमा को गिना जाएगा। भर्ती नियमों की शर्तों के अनुसार पुरुष उम्मीदवार को 5 फुट 7 इंच से कम लंबाई पर कोई अंक नहीं मिलेगा। 5 फुट 7 इंच से ज्यादा और 5 फुट 8 इंच से कम लंबाई होने पर 1 अंक, 5 फुट 8 इंच से ज्यादा और 5 फुट 9 इंच से कम लंबाई पर 2 अंक, 5 फुट 9 इंच से ज्यादा और 5 फुट 10 इंच से कम लंबाई पर 3 अंक और 5 फुट 10 इंच से ज्यादा और 5 इंच 11 इंच से कम लंबाई पर 4 अंक, 5 फुट 11 इंच से ज्यादा और 5 फुट 12 इंच से कम लंबाई के 5 और 6 या इससे अधिक इंच लंबाई होने पर 6 अंक मिलेगें। इसी तरह महिला उम्मीदवारों को 5 फुट 3 इंच से ज्यादा लेकिन 5 फुट 4 इंच से कम लंबाई पर 1 अंक, 5 फुट 4 इंच से ज्यादा लेकिन 5 फुट 5 इंच से कम लंबाई पर 2 अंक, 5 फुट 5 इंच से ज्यादा लेकिन 5 फुट 6 इंच से कम लंबाई पर 3 अंक, 5 फुट 6 इंच से ज्यादा और 5 फुट 7 इंच से कम लंबाई पर 4 अंक, 5 फुट 7 इंच से ज्यादा और 5 फुट 8 इंच से कम लंबाई पर 5 अंक और 5 फुट 8 इंच से ज्यादा लंबाई होने पर 6 अंक मिलेंगें। पुरुष उम्मीदवारों को 5 मिनट 30 सेकंड में 1,500 मीटर दौड़ और महिला उम्मीदवारों को 800 मीटर दौड़ 3 मिनट 45 सेकंड में पूरी करनी होगी। दौड़ के लिए अलग से मौका नहीं मिलेगा। इसी तरह पुरुष उम्मीदवारों को 1.35 मीटर ऊंची कूद और महिला उम्मीदवारों को 1.10 मीटर की ऊंची कूद लगानी होगी। इसके लिए तीन मौके मिलेंगे। पुरुष उम्मीदवारों को 14 सेकंड में 100 मीटर और महिला उम्मीदवारों को 17 सेकंड में दौड़ पूरी करनी होगी। इसी तरह पुरुष उम्मीदवारों को चार मीटर और महिला उम्मीदवारों को तीन मीटर लंबी छलांग लगानी होगी। इसके लिए तीन मौके दिए जाएंगे। पुलिस भर्ती के लिए 18 से 26 वर्ष की उम्र के सामान्य उम्मीदवार, 18 से 28 वर्ष के अनुसूचित जाति-जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, गोरखा और प्रतिष्ठित खिलाड़ी और 20 से 29 वर्ष की उम्र के होमगार्ड पात्र होंगे।
**पहाड़ में सुक्षित सफर को लेकर किया जाएगा ट्रक ऑपरेटर को जागरूक बीते दिनों हिमाचल सरकार ने सेब सीजन को मद्देनज़र रखते हुए बाहर से आने वाले ट्रक ऑपरेटरों को स्पेशल टैक्स से छूट देने का फैसला किया था अब इसके साथ बाहर से आने वाले ट्रक आपरेटरों को सडक़ सुरक्षा का पाठ भी पढ़ाया जाएगा। इस बार विशेष रूप से ट्रक आपरेटरों के लिए सडक़ सुरक्षा जागरूकता अभियान प्रदेश में चलेगा, जिसके लिए बागबानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने परिवहन विभाग के अधिकारियों एक बैठक की थी जिसमे ये निर्देश दिए गए हैं कि ट्रक चालकों को सडक़ सुरक्षा के बारे में बताएं। प्रदेश की सभी मंडियों में सडक़ सुरक्षा जागरूकता को लेकर प्रचार किया जाएगा। मंडियों में पहुंचने वाले ट्रक आपरेटरों से चर्चा की जाएगी, उनको बताया जाएगा कि पहाड़ में वह कैसे सुरक्षित सफर करें। मंडियों में विशेष रूप से प्रचार सामग्री लगाई जाएगी जहां जागरूकता को लेकर सभी तरह की जानकारियां दी जाएंगी। इसके अलावा सीजन के दौरान नेशनल हाई-वे पर भी सडक़ सुरक्षा का पाठ पढ़ाने के लिए इंतजाम किए जाएंगे।
विधायक के मसरूर पहुंचने पर गदगद हुए क्षेत्रवासी, ढोल-नगाड़ों से किया स्वागत देहरा: युवाओं के लिए घर के नजदीक रोजगार के संसाधान उपलब्ध हों, इसके लिए मसरूर मंदिर क्षेत्र को आने वाले समय में विकसित किया जाएगा। मसरूर मंदिर क्षेत्र में पर्यटन के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो सकते हैं। इस दृष्टि से सरकार आने वाले समय में इस स्थान को विकसित करेगी। विधायक बनने के बाद आज पहली बार मसरूर पहुंचने पर कमलेश ठाकुर ने यह बात कही। चुनाव जीतने के बाद पहली दफा मसरूर पहुंची विधायक बेटी को देखकर क्षेत्रवासी गदगद हो गए। स्थानीय लोगों ने फूल मालाएं पहनाकर, ढोल-नगाड़ों के साथ कमलेश ठाकुर का गर्मजोशी से स्वागत किया। मसरूर पहुंचने पर कमलेश ठाकुर ने सबसे पहले प्रसिद्ध मसरूर मंदिर में शीश नवाकर अपने दौरे की शुरुआत की। क्षेत्र की जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मसरूर का ऐतिहासिक मंदिर हमारी प्रसिद्ध धरोहर होने के साथ-साथ पर्यटन के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण है। इसको देखते हुए मसरूर मंदिर और उसके साथ लगते क्षेत्र को भी सरकार योजनाबद्ध तरीके के विकसित करेगी। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना और उसके अनुरूप व्यवस्थाओं को खड़ा करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि देहरा विधानसभा क्षेत्र में पौंग के साथ लगता क्षेत्र, मसरूर मंदिर सहित अनेक ऐसे महत्वपूर्ण स्थान हैं जिन्हें योजनाबद्ध ढंग से विकसित किया जाए तो पर्यटन और रोजगार के अपार अवसर उपलब्ध हो सकते हैं। कमलेश ठाकुर ने कहा कि इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए देहरा विधानसभा को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करते हुए युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध करवाने की दिशा में वे काम करेंगी। विधायक कमलेश ठाकुर से बड़ी संख्या में मिलने आए स्थानीय लोगों ने जहां उनका स्वागत कर उनके विचारों को सुना, वहीं अपनी समस्याओं को भी उनके समक्ष रखा। लोगों की समस्याओं को सुनते हुए कमलेश ठाकुर ने मौके पर ही अधिकतम का निपटारा किया तथा शेष के समयबद्ध निवारण हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि देहरा विधानसभा क्षेत्र में सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करना उनकी प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि देहरा विधानसभा क्षेत्र में लोग सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहें, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। इस दौरान राज्य औद्योगिक विकास निगम के उपाध्यक्ष विशाल चम्बियाल, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग सुरेश वालिया, अधिशाषी अभियंता जल शक्ति विभाग अनीश ठाकुर, आरएम देहरा कुशल कुमार, प्रधान ग्राम पंचायत मसरूर प्रवेश, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष हरिओम शर्मा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
आज सोलन के एक नीजी होटल मे हुई बैठक मे शेयर होलडर और बैंक को लेकर बहुत से मुद्दो पर विचार विमर्श हुआ। आज शेयर होलडर की पुरानी बनी अस्थायी बॉडी को सर्वसम्मति से रद्द किया गया और नई रैगुलर बॉडी का चायन भी किया गया जिसमें सोम प्रकाश गुप्ता को प्रधान, शशी कांत गुप्ता को उपप्रधान, विजेंदर गुप्ता को फाईनैस सैकटरी, जय प्रकाश शर्मा को जरनल सैकटरी,महेंद्र नाथ सोफात और जगन नाथ निराला को सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया। बैठक मे ये निर्णय लिया गया कि जल्द ही बॉडी का विस्तार किया जाएगा तथा बॉडी को पंजीकृत करवाया जाएगा।बैठक मे विशेष रूप से अरूण गोयल, प्यारेलाल गुप्ता, सुखदेव रतन ,सीजे कपूर, बृजमोहन शर्मा, ज्ञानचंद गुप्ता, रमेश अग्रवाल, डाक्टर ओम प्रकाश अत्री व अन्य शेयर धारक मौजूद रहे|
** प्रदेश सरकार के 18 माह के कार्यकाल में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के सत्ता में आने के बाद से हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। राज्य में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2022 की पहली छमाही में राज्य ने 86.42 लाख पर्यटकों का स्वागत किया, जबकि जून 2024 के अंत तक यह संख्या बढ़कर 1,00,87,440 हो गई। प्रदेश सरकार राज्य में पर्यटन अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर नवोन्मेषी प्रयास कर रही है। सरकार के प्रयासों से राज्य में पर्यटन को पंख लगे हैं। पर्यटकों की संख्या में हुई उल्लेखनीय वृद्धि का श्रेय क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा की गई सफल पहलों और प्रयासों को जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में पर्यटन उद्योग के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा सुनिश्चित करने के साथ कई कदम उठाए हैं। सड़क नेटवर्क और हवाई सम्पर्क सुविधा को सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तारीकरण जारी है, जबकि बेहतर हवाई संपर्क सुनिश्चित करने के लिए राज्य के हर जिला मुख्यालय में हेलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। पांच हेलीपोर्ट का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। शिमला से बेहतर हवाई संपर्क सुनिश्चित करने के लिए संजौली हेलीपोर्ट को जल्द ही कार्यशील किया जाएगा। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2018 की पहली छमाही में 89 लाख पर्यटक, 2019 में 99.57 लाख, 2020 में 22.04 लाख, 2021 में 19.75 लाख और 2022 में 86.42 लाख पर्यटकों ने प्रदेश का भ्रमण किया। दिसंबर 2022 में सत्ता में आने के बाद कांग्रेस सरकार ने राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानते हुए पर्यटन विकास को प्राथमिकता दी है। लाहौल-स्पीति के चंद्रताल, काजा और तांदी व किन्नौर के रकछम, नाको, चांगो और खाब में नए पर्यटन स्थलों को विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा कुफरी के समीप हसन वैली में स्काई वॉक ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का वार्षिक 5 करोड़ पर्यटकों को आकर्षित करने का लक्ष्य है, इसके लिए सरकार साहसिक पर्यटन को प्रोत्साहित कर रही है, वहीं धार्मिक और ग्रामीण पर्यटन सैलानियों के अनुभव को चिरस्मरणीय बना रहा है। वर्ष 2024-25 के बजट में मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश को अगले 10 वर्षों में समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के लिए अपने दृष्टिकोण को रेखांकित किया है, जिसमें प्रदेश को एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह दृष्टिकोण एक खुशहाल, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध, स्वस्थ, सक्षम, सुदृढ़ और आत्मनिर्भर हिमाचल प्रदेश के लक्ष्य को रेखांकित करता है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिले को राज्य की पर्यटन राजधानी घोषित किया गया है। पर्यटकों के अनुभव को अविस्मरणीय बनाने के लिए यहां अधोसंरचना का विकास किया जा रहा है। बिलासपुर के गोबिंद सागर और ऊना के अंदरौली में जलक्रीड़ा पर्यटन गतिविधियां शुरू की जा रही हैं। स्थानीय लोगों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए पौंग बांध में गर्म हवा के गुब्बारों से पर्यटन गतिविधियां संचालित करने की तैयारी है। पर्यटकों की आमद को ध्यान में रखते हुए, पर्यटन के चरम सीजन के दौरान दुकानों को 24 घंटे खुला रखने की अनुमति देने का निर्णय लिया गया है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज चंबा के ऐतिहासिक मिंजर मेले में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने मधुर कुंजड़ी-मल्हार गीतों की धुनों के बीच मिंजर ध्वज फहराकर मेले का औपचारिक शुभारम्भ किया। इस मौके पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया और अन्य लोग भी उपस्थित रहे। राज्यपाल ने कहा कि अपनी समृद्ध परंपराओं के लिए प्रसिद्ध मिंजर मेला हिमाचल प्रदेश की अनूठी संस्कृति को प्रदर्शित करता है और भाईचारे और बंधुत्व की भावना को बढ़ावा देता है। राज्यपाल ने मिंजर उत्सव को प्राचीन लोक परंपराओं, विश्वासों और आस्थाओं के साथ गहरे संबंधों का प्रतीक बताया। उन्होंने प्रदेश में बढ़ रही नशे की लत को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इस बुराई के खिलाफ सामूहिक जागरूकता पर बल देते हुए कहा कि सभी को बुराई का एकजुट होकर सामना करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी सामाजिक संरचना नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे असामाजिक तत्वों का मुकाबला करने के लिए संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण बेहद महत्वपूर्ण है। राज्यपाल ने इस अवसर पर पूर्व सैनिकों को उनकी अनुकरणीय सेवाओं तथा वीर-नारियों को भी सम्मानित किया। मेला कमेटी के अध्यक्ष एवं जिला चंबा के उपायुक्त मुकेश रेप्सवाल ने आयोजन समिति की ओर से राज्यपाल का स्वागत किया। उन्होंने मिंजर मेले के दौरान आयोजित की जाने वाली गतिविधियों और इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में भी विस्तार से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के नाम समर्पित की गई है। पुलिस अधीक्षक और मिंजर मेला खेल कमेटी के अध्यक्ष अभिषेक यादव ने भी कमेटी की ओर से राज्यपाल को सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल और लेडी गवर्नर को मिंजर भेंट की गई। मेला कमेटी की ओर से उपायुक्त ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया और विधायक नीरज नैय्यर तथा डीएस ठाकुर को भी समानित किया। इससे पहले राज्यपाल ने प्राचीन लक्ष्मी नारायण मंदिर में मिंजर अर्पित कर माथा टेका और आशीर्वाद प्राप्त किया। राज्यपाल ने विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों द्वारा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ भी किया। राज्यपाल ने मिंजर मेला खेल प्रतियोगिता के शुभारम्भ की औपचारिक घोषणा की। उन्होंने लड़कियों की टीमों के बीच खेला गया कबड्डी मैच भी देखा। उन्होंने जिला रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से जरूरतमंदों को स्वास्थ्य उपकरण वितरित किए तथा रक्तदाताओं को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर भारी संख्या में लोग मौजूद थे।
**नगरोटा में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का ऐलान धर्मशाला बस अड्डे की घोषणा स्व. जीएस बाली ने की थी उस निर्माण को उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री पूरा करेंगें । यह शब्द शनिवार को नगरोटा में स्व. जीएस बाली की स्मृति में आयोजित चार दिवसीय मेले के समापन अवसर पर बतौर मुख्यातिथि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहे । उन्होंने कहा कि जीएस बाली ने राज्य के विकास में अमूल्य योगदान दिया है तथा सरकार में काबीना मंत्री रहते हुए अपने से संबंधित विभागों के आधुनिकीकरण के लिए पहल की है। मैं यह घोषणा करता हूं कि धर्मशाला बस अड्डे का नाम स्व. जीएस बाली के नाम पर रखा जाएगा । उन्होंने कहा कि अगर बाली न होते तो टांडा में शिमला के बराबर टांडा मेडिकल कालेज न होता और न ही राजीव गांधी इंजीनियरिंग कालेज होता। राजीव गांधी स्वरोजगार योजना लागू की है। इस योजना के तहत परिवहन विभाग ने ई-टैक्सी स्कीम लागू की है, जिसमें ई-टैक्सी खरीदने पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। वाहन पंजीकरण के नंबरों को आम जनता के लिए खोल दिया गया है, विभिन्न विशेष पंजीकरण नंबरों के लिए ई-नीलामी के माध्यम से 11 करोड़ से भी ज्यादा खजाने में जमा हुआ है। एचआरटीसी बसों के रखरखाव से संबंधित खर्चों को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीयकृत इनवेंटरी प्रबंधन प्रणाली लागू की गई है। परिवहन निगम ने गत वर्ष अपने बेड़े में 210 नई बसें, 11 वोल्वो बसें, 18 इनोवा क्रिस्टा तथा 12 टैम्पों शामिल किए हैं। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, आयुष मंत्री यादवेंद्र गोमा, सीपीएस किशोरी लाल, सीपीएस आशीष बुटेल, विधायक मलेंद्र राजन, जगजीवन पाल, भवानी पठानिया , राकेश कालिया, प्रकाश चौधरी व अजय महाजन सहित गणमान्य लोग उपस्थित थे। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी स्व. जीएस बाली को याद करते हुए कहा कि जीएस बाली एक दूरदृष्टा नेता थे, जो हमेशा आम जनता की सेवा के लिए तत्पर रहते थे । इस अवसर पर मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने भी जीएस बाली को नमन करते हुए उनके कार्यों को याद किया।
**62 हजार के स्टॉक में से अब तक मात्र दस हजार बिके **मार्केट से कम दरों पर कार्टन खरीद रहे बागबान, क्वालिटी घटिया **एचपीएमसी ने सभी स्थानों पर पहुंचा दिए हैं बॉक्स हिमाचल प्रदेश में सेब सीजन शुरू हो गया है और यूनिवर्सल कार्टन में ही सेब मंडियों में लाया जाने लगा है। सेब सीजन की शुरुआत में ही बागबान कार्टन खरीदकर रखते हैं, ताकि जैसे-जैसे तुड़ान शुरू हो उसे कार्टन में भरना शुरू कर दें। सरकार ने अच्छी क्वालिटी का कार्टन उपलब्ध करवाने के लिए एचपीएमसी को निर्देश दे रखे हैं, जिसने कार्टन मंगवा भी लिया और नजदीक के स्थानों तक पहुंचा भी दिया है, मगर उनसे कार्टन खरीदने के लिए कोई नहीं आ रहा। जानकारी के अनुसार एचपीएमसी ने बागबानों को यूनिवर्सल कार्टन उपलब्ध करवाने के लिए 62 हजार कार्टन जुटाए हैं। जिन कंपनियों को टेंडर के बाद एचपीएमसी ने काम दिया है उनसे कार्टन की खरीद की जा रही है और बढिय़ा क्वालिटी का कार्टन लिया है। इन कंपनियों से आने वाले कार्टन की बाकायदा टेस्टिंग करवाई जा रही है और यह टेस्टिंग बागबानी विभाग अपनी लैब में कर रहा है। टेस्टिंग के बाद पहुंच रहे कार्टन को लेने के लिए बागबान तैयार नहीं है, जिसकी जगह वह मार्केट से यूनिवर्सल कार्टन खरीद रहे हैं। बताया जाता है कि एचपीएमसी ने जो 62 हजार कार्टन मंगवाया है उसमें से केवल 10 हजार के करीब कार्टन ही बिक पाया है। इससे साफ है कि बागबान किसी भी तरह का रूझान नहीं दिखा रहे हैं। यहां तक की नजदीक के क्षेत्रों में एचपीएमसी ने कार्टन पहुंचा दिया है। मार्केट से एचपीएमसी का कार्टन डेढ़ रुपए महंगा मिल रहा है मगर इसकी गुणवत्ता की जिम्मेदारी खुद एचपीएमसी की है। मार्केट के कार्टन की गुणवत्ता को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। बागबानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि यदि बागबान कार्टन एचपीएमसी से लेंगे तो उसकी गुणवत्ता की जिम्मेदारी भी एचपीएमसी की होगी। अब मार्केट से किस क्वालिटी का ले रहे हैं इसमें कुछ नहीं किया जा सकता। इसे लेकर चाहे कोई जितनी भी शिकायत करे सरकार कुछ नहीं कर सकती है। सेब पेटियों की गुणवत्ता को लेकर विपक्षी दल भाजपा के नेता भी सवाल उठा रहे हैं, परंतु जब एचपीएमसी से लोग कार्टन ले ही नहीं रहे तो इसमें सरकार क्या कर सकती है। सरकार बागबानों को कार्टन मुहैया करवाने के लिए प्रयास कर रही है, लेकिन बागबान अपनी मर्जी से कार्टन ले रहे हैं। ऐसे में विपक्ष के सवाल भी सरकार गंभीरता से नहीं ले रही। बता दें कि एचपीएमसी का कार्टन 53 रुपए से लेकर 65 रुपए तक मिल रहा है। यह अलग-अलग श्रेणी का कार्टन है, जिसमें व्हाइट और ब्राउट कार्टन अलग-अलग क्वालिटी का है। इसमें एचपीएमसी डेढ़ रुपए ज्यादा वसूल रही है, लेकिन गुणवत्ता की जिम्मेदारी भी ले रही है।
उपायुक्त किन्नौर डॉ अमित कुमार शर्मा ने आज किन्नौर जिले के 40 बागवानों के दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग जिला के बाहर उच्च बागवानी संस्थानो में बागवानों का प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम आयोजित करता रहता हैं, जिसके तहत जनजातीय जिला किन्नौर के 40 बागवानों का दल 5 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर जो कि 29 जुलाई 2024 से 2 अगस्त 2024 तक शीतोष्ण फलों के उत्पादन एवं प्रबंधन पर डॉ यंशवन्त सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी सोलन में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भविष्य में इस तरह के प्रशिक्षण शिविर महिला बागवानों के लिए आयोजित किए जाएंगे ताकि जिला में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल सके।
हिमाचल प्रदेश की एक बड़ी आबादी कृषि और कृषि संबंधित कार्यों से आजीविका अर्जित करती है। मेहनतकश किसान खून-पसीना बहाकर खेतों से सोना उगाते हैं। अन्नदाता को उनकी मेहनत का वाजिब दाम मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अनेक महत्त्वकांक्षी योजनाएं शुरू की हैं। प्रदेश सरकार की राजीव गांधी प्राकृतिक खेती स्टार्ट-अप योजना किसानों की आय में बढ़ोतरी का मार्ग प्रशस्त करेगी। योजना के प्रथम चरण में प्रत्येक पंचायत से 10 किसानों को रसायनमुक्त खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। योजना के अंतर्गत लगभग 36 हजार किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना से जुड़ने वाले किसानों द्वारा प्राकृतिक रूप से तैयार गेहूं को 40 रुपये और मक्की को 30 रुपये प्रति किलो के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। देश में गेहूं और मक्की पर दिया जाने वाला यह सबसे अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य होगा। किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने की प्रदेश सरकार की मुहिम रंग ला रही है। वर्तमान में प्रदेश के 1,78,643 किसान-बागवान परिवारों ने प्राकृतिक खेती पद्धति को अपनाया है। प्रदेश में 24,210 हेक्टेयर भूमि पर इस विधि से खेती की जा रही है और चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के 9.61 लाख किसान परिवारों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के अंतर्गत वित्त वर्ष 2023-2024 में 1275.31 लाख रुपये व्यय कर 37,087 किसानों को लाभान्वित किया गया और 13,176 हेक्टेयर भूमि को प्राकृतिक भूमि के अधीन लाया गया है। प्राकृतिक खेती उत्पादों की बिक्री के लिए 10 मंडियों में स्थान निर्धारित कर आधारभूत अधोसंरचना का निर्माण किया जा रहा है। किसान एवं उपभाक्ताओं के मध्य पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु नवोन्मेषी पहल की गई है। पर्यावरण संरक्षण, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने और फसल उत्पादन लागत को कम करने में प्राकृतिक खेती योजना मील पत्थर साबित हो रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू सभी वर्गों व क्षेत्रों का समग्र और समान विकास करने के लिए समुचित प्रयास कर रहे हैं। कृषि क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इस क्षेत्र को बढ़ावा प्रदान करने के लिए शुरू की गई योजनाओं के सकारात्मक परिणाम धरातल पर देखने को मिल रहे हैं।
** पर्यावरण का संरक्षण हम सभी का दायित्व: अरविंद मल्होत्रा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आज सोलन जिला की ग्राम पंचायत सेरी के गांव कालाघाट (शिल्ली) में पौधरोपण अभियान एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जागरूकता कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायाधीश सोलन अरविंद मल्होत्रा ने की। उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक पौधारोपण कर पर्यावरण के संरक्षण में योगदान देना है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण हम सभी का दायित्व है। वर्तमान में पर्यावरण की सुरक्षा ही भविष्य को हरा-भरा बना कर रख सकती है। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से आग्रह किया कि वे इस अभियान से जुड़कर अधिक से अधिक पौधारोपण करें ताकि भविष्य में यह पौधे, पेड़ बनकर सभी के लिए लाभदायक बन सकें। इस जागरूकता कार्यक्रम में हिमगिरी कल्याण आश्रम शिल्ली के बच्चों द्वारा पौधारोपण किया गया। इस दौरान देवदार, बान, अमलोक और पाज़ा के 100 पौधे रोपित किए गए। इस अवसर पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सोलन रमणीक शर्मा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन आकांक्षा डोगरा, कनिष्ठ मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोर्ट नंबर 2 सोलन आर.मेहुल शर्मा, रेंज ऑफिसर सोलन एल.आर. चौहान, डिप्टी रेंजर नीलम ठाकुर, प्रधान बार एसोसिएशन सोलन आलोक भारद्वाज, सचिव बार एसोसिएशन सोलन अंकुश शर्मा अधिवक्ता उमेश शर्मा सहित हिमगिरी कल्याण आश्रम शिल्ली के बच्चे उपस्थित थे।
कुल्लू: हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। युवा पीढ़ी नशे के दलदल में धंसती जा रही है। पुलिस नशा तस्करों पर लगाम लगाने के लिए दिन-रात प्रयास कर रही है। आय दिन पुलिस नशा तस्करों को गिरफ्तार भी कर रही है। इसके बाद भी नशा तस्करी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। अब युवा पीढ़ी भी नशा तस्करी में संलिप्त होती जा रही है। कुल्लू में नशा तस्करों पर कुल्लू पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है और आए दिन नशा तस्करी से जुड़े हुए लोगों को गिरफ्तार भी किया जा रहा है। बीते दिन भी कुल्लू पुलिस की टीम ने चरस-हेरोइन की तस्करी के आरोप में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। वहीं, अब सैंज घाटी में अफीम की तस्करी करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है । पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं, आरोपी से इस बात की पूछताछ की जा रही है कि वह कहां से यह अफीम लेकर आया था और आगे किसे बेचने के लिए जा रहा था । पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस थाना सैन्ज की टीम ने भलान में गश्त के दौरान छापे राम (35 वर्ष) निवासी जौली डाकघर भलान तहसील सैन्ज के कब्जे से 273 ग्राम अफीम बरामद की है। आरोपी के खिलाफ पुलिस थाना सैन्ज में मादक पदार्थ अधिनियम की धारा 18 के तहत अभियोग दर्ज किया गया है। वही, इस अभियोग में जांच जारी है।
जवाली-जसूर मार्ग पर बस और स्कूटी की टक्कर में घाय*ल स्कूटी चालक नीरजा (45) पत्नी प्रदीप कुमार निवासी भरमाड़ की देर शाम अस्पताल में मौ*त हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार नीरजा शनिवार सायंकालीन अपनी स्कूटी से मायके राजा का तालाब की तरफ जा रही थी कि जवाली की तरफ आ रही बस ने हरनोटा फाटक के नजदीक स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर होने पर महिला घाय*ल हो गई। घाय*ल महिला को साथ के निजी अस्पताल लाया गया और वहां से परिजन उसको पठानकोट के निजी अस्पताल ले गए लेकिन देर रात को महिला ने दम तोड़ दिया। नीरजा जिला चंबा के सरकारी स्कूल में बतौर टीजीटी कार्यरत थी। जवाली पुलिस ने बस चालक के खिलाफ केस दर्ज करके श*व को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जबकि आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। एसपी नूरपुर अशोक रतन ने बताया कि पुलिस ने बस चालक के खिलाफ केस दर्ज करके श*व को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जबकि आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
**अस्वस्थता के चलते थे अस्पताल में भर्ती, इलाज के दौरान ही हो गया निधन पंचरुखी : ग्राम पंचायत भरवाना के वार्ड भुआणा नरेलू के 26 वर्षीय सैनिक अजय राणा की बीमारी के कारण मौ*त हो गई। पंचायत के उपप्रधान आदर्श सूद ने बताया कि अजय 2018 में भर्ती हुए थे। मौजूदा समय में अजय 8 डोगरा रैजीमैंट जम्मू के बड़ी ब्राह्मणा में तैनात थे। पिछले एक माह के करीब अजय पीलिया की बीमारी से जूझ रहे थे। उनका उपचार आर्मी अस्पताल आरआर दिल्ली में हो रहा था, जहां उनकी मौ*त हो गई। इनके पिता भी फौजी थे। उनकी मौ*त भी ड्यूटी के दौरान किसी हादसे में हो गई थी। अजय की सगाई भी हो चुकी थी। अजय का पार्थिव शरीर रविवार को पैतृक गांव पहुंचेगा। अजय के परिवार में उनकी दो बहने थी जिनकी शादी हो चुकी है। बुजुर्ग मां का इकलौता सहारा भी छिन गया। अभी कुछ महीने पहले ही अजय राणा की रिंग सरमनी हुई थी और ग्राम पंचायत भरवाना के उप प्रधान आदर्श सूद ने बताया कि जनवरी 2025 में ही उनकी शादी होना तय हुई थी। रविवार को अजय राणा का अंतिम संस्कार भरवाना में किया जाएगा।
** स्व साधना म्यूजिकल ग्रुप कंडा शिव गुफा में करेगा भोले का गुणगान सावन मास के दूसरे सोमवार 29 जुलाई को स्व साधना म्यूजिकल ग्रुप कंडा द्वारा कुनिहार की प्रसिद्ध प्राचीन शिव ताण्डव गुफा में भोले का गुणगान किया जाएगा। गुफा विकास समिति के मीडिया प्रभारी मनु भारद्वाज ने बताया कि सावन के हर सोमवार गुफा विकास समिति व शंभू परिवार के सौजन्य से शिव भक्तों के लिए भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। इस सोमवार 29 जुलाई को भी यह आयोजन होगा। इसके अलावा इस दिन स्व साधना म्यूजिकल ग्रुप कंडा के कलाकारों द्वारा भोले की चौकी लगाकर भोले का गुणगान किया जाएगा। समिति व शंभू परिवार ने सभी शिव भक्तों व क्षेत्र वासियों से गुफा में विराजमान प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन कर भोले की चौकी में हाजरी भरने व भंडारा ग्रहण करने की अपील की है। समिति अध्यक्ष राम रतन तनवर ने बताया कि समिति व शंभू परिवार के सदस्यों के सहयोग से कार्यक्रम की सभी तयारियां पूर्ण कर ली गई है। उन्होंने शिव भक्तों से अपील की है कि कोई भी भक्त गुफा के अंदर धूप न जलाएं व कतार बध होकर गुफा में प्रवेश कर शिवलिंग के दर्शन करें।
सिरमौर: हरियाणा और उत्तराखंड की सीमाओं के साथ सटी सिरमौर जिले की पांवटा साहिब घाटी में अब एनाइडर सिस्टम जंगली जानवरों से लोगों की सुरक्षा करेगा। शुरुआती चरण में वन्य प्राणी विभाग ने जंगली जानवरों विशेषकर हाथियों के हमले से प्रभावित बहराल और पलहोड़ी गांवों के पास आधुनिक सुविधाओं से लैस यह दो उपकरण स्थापित किए है। अपनी तरह के इस विशेष इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की खास बात यह है कि इससे जंगलों के पास रहने वाले लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सकेगा। वहीं, इस सिस्टम से जंगली जानवर भी दूर भागेंगे। दरअसल उपमंडल पांवटा साहिब में कर्नल शेरजंग नेशनल पार्क सिम्बलवाड़ा मौजूद है। 28 स्क्वायर किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले इस नेशनल पार्क में पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के राजा जी नेशनल पार्क और हरियाणा के कलेसर नेशनल पार्क से अक्सर जंगली जानवरों का आवागमन होता है। इसका बड़ा कारण यह है कि कलेसर पार्क के साथ सिम्बलवाड़ा नेशनल पार्क की सीमाएं भी लगती है। विशेष तौर पर एक लम्बे अरसे से यमुना नदी पार कर बहराल से होते हुए हाथियों का यहां आवागमन हो रहा है। सिम्बलवाड़ा के साथ बहराल और पलहोड़ी रिहायशी इलाके है। लिहाजा अक्सर इन क्षेत्रों में हाथी खेतों में फसलों इत्यादि को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। यही नहीं पूर्व में सिम्बलवाड़ा पार्क में टाइगर की चहलकदमी भी हो चुकी है। बहराल और पलहोड़ी ही नहीं बल्कि पांवटा साहिब घाटी के कई इलाकों में हाथियों का आवागमन होता है। हाथियों द्वारा रिहायशी इलाकों में जानमाल के नुकसान की कई घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। हाथियों की रिहायशी इलाकों में दस्तक देने जैसी इसी गंभीर समस्या को देखते हुए वन्य प्राणी विभाग शिमला द्वारा लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर उचित व कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में नेशनल पार्क सिम्बलवाड़ा के साथ लगते हाथी प्रभावित क्षेत्रों बहराल और पलहोड़ी गांवों के पास वन्य प्राणी विभाग द्वारा यह दो एनाइडर सिस्टम स्थापित किए गए हैं, ताकि जंगली जानवरों विशेषकर हाथियों से लोगों के जान-माल की सुरक्षा की जा सके। सिम्बलवाड़ा नेशनल पार्क के आरएफओ सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि एनाइडर सिस्टम यानी एनिमल इंट्रूजन डिटेक्शन एंड रेपेलेंट सिस्टम। यह एक ऐसा वार्निंग एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, जो जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान की रोकथाम के लिए बेहद कारगर माना जाता है। यह उपकरण अपनी रेंज में आने वाले जंगली जानवरों की आहट को दूर से ही भांप लेता है। यह उपकरण सोलर लाइट पर आधारित है, जो दिन के साथ-साथ रात में भी काम करता है। 30 मीटर की दूरी तक सेंसर के जरिए किसी भी जंगली जानवर को सेंस करके यह उपकरण एलईडी फ्लैश से उन्हें चौंकाकर अलग-अलग तरह की आवाजें निकालते हुए अलार्म बजाता है। इससे डरकर जंगली जानवर गांव की तरफ न आकर जंगलों की तरफ भाग जाते हैं। सिम्बलवाड़ा नेशनल पार्क के रेंज फॉरेस्ट आफिसर सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि पार्क के साथ लगते गांव के लोगों की सुरक्षा के लिए वन विभाग द्वारा कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में पार्क के साथ लगते गांव बहराल और पलहोड़ी में दो एनाइडर सिस्टम स्थापित किए गए हैं, ताकि जंगली जानवरों विशेषकर हाथियों से लोगों की सुरक्षा की जा सके। उन्होंने कहा कि जंगली जानवर के आगमन की सूरत में इस उपकरण में जोरदार अलार्म बजता है, जिससे जानवर गांव की तरफ न आकर दूर जंगल की तरफ भाग जाते हैं।
** करसोग में करसोग-चामुंडा जी बस सेवा सहित लगभग एक दर्जन रूटों पर फिर चलेगी एचआरटीसी की बसें राज्य सरकार द्वारा जनहित में चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और युवाओं को रोजगार से जोड़ने के संबंध में लिए जा रहे निर्णयों से युवा वर्ग को रोेजगार मिलने के साथ-साथ आमजन को भी सुविधा मिलने लगी है। हिमाचल पथ परिवहन निगम में हाल ही में हुई परिचालकों (कंडक्टरों) के पदों पर भर्तियों से, जहां सैंकड़ों युवाओं को रोजगार मिला है, वहीं इन भर्तियों से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोगों का हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों के माध्यम से आवागमन भी आसान हुआ है। हिमाचल पथ परिवहन निगम में हुई नई बस कंडक्टर भर्ती से करसोग क्षेत्र भी लाभान्वित हुआ है। इस भर्ती में निगम के करसोग डिपो को भी 16 नए परिचालक मिले है। इनके आने से करसोग बस डिपो में लंबे समय से बंद चल रहे अनेक बस रूट फिर से बहाल हो गए है। करसोग विधानसभा क्षेत्र के अतिरिक्त, साथ लगते सुंदरनगर, सराज विस क्षेत्र के लोगों को भी इस भर्ती से लाभ पंहुचा है। इन विस क्षेत्रों के लिए करसोग से चलने वाली विभिन्न बस सेवाओं ही बहाली होने से ग्रामीण व दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों का आवागमन आसान हुआ है। प्रदेश में एचआरटीसी में हाल ही में कंडक्टरों के लगभग 400 पदों पर हुई नई भर्ती में से करसोग बस डिपो को 16 कंडक्टर मिले हैं। इनमें 15 पुरुष और एक महिला कंडक्टर शामिल है। इनके आने से वर्तमान में परिचालकों की कमी के कारण करसोग क्षेत्र व इसके साथ लगते सुंदरनगर क्षेत्र व सराज क्षेत्र के बंद चल रहे बस रुटों पर फिर से एचआरटीसी की बसें दौड़ने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोग लाभान्वित होंगे। कंडक्टर्स के लिए निर्धारित आवश्यक 15 दिन का प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत बंद चल रहे सभी रूटों को क्रमवार शुरू करने की एचआरटीसी की योजना है। जिससे की तीन विधानसभा क्षेत्र के लोगों को बस सुविधा प्राप्त होगी। परिचालकों की कमी के कारण एचआरटीसी के करसोग डिपो में लंबे समय से बंद चल रही करसोग चामुंडा जी बस सेवा, करसोग मंडी बस सेवा फिर बहाल होने से लोगों को इन स्थानों के लिए आवगमन की सुविधा प्राप्त होगी। इसके अतिरिक्त, वर्तमान में करसोग क्षेत्र की करसोग जरल बस सेवा, पांगना फेगल लोकल बस सेवा, करसोग जंजैहली बस सेवा, छतरी मुद्रिका बस सेवा, करसोग से गाड़ागुशैणी बस सेवा सहित अन्य स्थानों के लिए फिर से बस सेवा शुरू करने की तैयारी है। कंडक्टरों की नियुक्ति के उपरांत सभी रूटों पर बस सेवाओं के बहाल होने से जरल, पंडार, जाच्छ, सोरता, पांगणा, सरही, फेगल, छतरी, मिहाच, गाड़ागुशैणी, मगरू, जंजैहली इत्यादि क्षेत्रों के हजारों लोगों को आवागमन ही सुविधा मिलने से लाभान्वित होंगे। एचआरटीसी करसोग के आरएम हुमेश कुमार का कहना है कि सभी 16 कंडक्टरों को 29 जुलाई, 2024 को क्षेत्रीय कार्यालय करसोग में डाॅक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया गया है। डाॅक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद सभी परिचालकों को नियुक्ति पत्र जारी किए जाएंगे व उनकी ज्वाइनिंग ली जाएगी। ज्वाइनिंग के उपरांत परिचालकों को 15 दिन का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद परिचालकों को बसों के साथ रूट पर तैनात किया जाएगा।
आईटीआई नैहरनपुखर में डिजिटल साक्षरता को लेकर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस जागरूकता शिविर मे साइबर क्राइम, सोशल मीडिया, कृत्रिम बुद्धिमता,(एआई) , साइबर पूलिंग, ऑनलाइन ठगी, धोखाधड़ी वाली फोन कॉल्स बारे संस्थान प्रशिक्षणार्थिओं को जागरूक किया गया । इस मौके पर नाइब तहसीलदार अश्वनी कुमार व उनके साथ आए आईटी एक्सपर्ट राहुल चौधरी, संस्थान प्रधानाचार्य ई॰ ललित मोहन, आईटी एक्सपर्ट रवि गुलेरिया, व संस्थान के अनुदेशक उपस्थित रहे। आईटी एक्सपर्ट रवि गुलेरिया साइबर क्राइम के सभी विषयों पर बारीकी से जानकारी दी। इस मौके पर नाइब तहसीलदा अश्वनी कुमार जी ने बताया की साइबर क्राइम और ग्राहकों के साथ बैंक धोखाधड़ी के साथ साथ अन्य ऑनलाइन व सोश्ल आपराधिक गतिविधियां दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। ऐसे अपराधों पर रोक लगाने के लिए सरकार द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं व इस प्रकार के जागरूकता शिविरों से अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इस मौके पर संस्थान प्रधानाचार्य ई॰ ललित मोहन ने इस डिजिटल साक्षारता को लेकर जागरूकता शिविर के सफल आयोजन को लेकर सभी संस्थान प्रशिक्षणार्थिओं को जागरूक रहकर सपने आस पास भी सभी को जागरूक रहने को कहा व इस शिविर के आयोजन मे आए हुए सभी अतिथियों का धन्यवाद किया।
जयसिंहपुर: हिमाचल में रोजगार देने के नाम पर कांग्रेस हर दिन युवाओं के रोजगार के रास्ते बंद कर रही है। सरकार की स्टार्टअप गारंटी पूरी तरह फ्लॉप हो चुकी है। जयसिंहपुर भाजयुमो अध्यक्ष शिवा कटोच ने सुक्खू सरकार पर सवाल उठते हुए कहा कि सरकार की स्टार्टअप योजना का क्या हुआ? सरकार बने डेढ़ साल से ज्यादा का समय हो गया है पर अब तक इस योजना से प्रदेश के कितने युवाओं को लाभ मिला। चुनाव के समय कांग्रेस ने जो गारंटी दी थी कि हर विधानसभा क्षेत्र के युवाओं के लिए 10 करोड़ के हिसाब से 680 करोड़ रुपये के स्टार्टअप फंड का प्रबंध कर दिया जाएगा, जिससे युवा अपने लिए रोजगार के साधन जुटाएंगे और अन्य लोगों को रोजगार भी देंगे। कांग्रेस के नेताओं ने स्टार्टअप योजना के लिए युवाओं से चुनाव से पूर्व ही फॉर्म भी भरवा लिए थे। चुनाव हुए डेढ़ साल से ज्यादा का समय हो गया है लेकिन अभी तक इस योजना के तहत एक भी व्यक्ति इसका लाभ नहीं उठा पाया है। अब बहुत समय हो गया है सुक्खू सरकार सालों से लंबित पड़े प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणाम घोषित करें और उन्हें रोजगार दे। सरकार इस तरह से युवाओं के भविष्य की अनदेखी नहीं कर सकती। पहले से चल रही स्वावलंबन योजना को बंद कर स्वीकृत प्रोजैक्ट रोक दिए गए हैं। पूर्व मे जयराम सरकार ने स्वावलंबन योजना के तहत प्रदेश में कुल 721 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। सरकार की इस योजना के अंतर्गत ₹200 करोड़ की अनुदान राशि प्रदान की गई है। इसमे कुल 4377 इकाइयां स्वीकृत हुई, इनमे 11674 लोगो को रोजगार मिला।अगर इस योजना को बंद नहीं किया जाता तो प्रदेश में रोजगार के हजारों साधन और राजस्व पैदा होते, लेकिन सुक्खू सरकार की बदले की भावना से काम करने की वजह से प्रदेश के युवाओं को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
**राष्ट्रपति निवास घूमने के इच्छुक लोगों के लिए होगी सुविधा शिमला स्थित राष्ट्रपति निवास में अब हिमाचल पथ परिवहन की बस में फ्री टूर करवाया जाएगा। दरअसल 25 जुलाई को देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपना दो साल का कार्यकाल पूरा किया। इस मौके पर हिमाचल के छराबड़ा स्थित राष्ट्रपति निवास की ओर से लोगों को विशेष सुविधा दी जा रही है। राष्ट्रपति निवास घूमने के इच्छुक पर्यटकों और लोगों को एचआरटीसी की मुफ्त बस सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। एचआरटीसी की ये बस शिमला की लिफ्ट के पार्किंग के नजदीक से छराबड़ा तक चलाई जा रही है। एचआरटीसी की इस बस में आवाजाही पूरी तरह फ्री है। राष्ट्रपति निवास घूमने के इच्छुक लोग इस सुविधा का फायदा उठा सकते हैं। फिलहाल, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को लोगों को ये फ्री बस सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। अप्रैल, 2023 में शिमला स्थित राष्ट्रपति निवास को आम जनता के दीदार के लिए खोला गया था। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला ऐतिहासिक इमारतों का शहर है। ब्रिटिश काल के दौरान यहां बनी हर एक इमारत खुद में एक कहानी समेटे हुए खड़ी है। साल 1850 में भी कोटी के राजा ने एक ऐसी इमारत का निर्माण करवाया था, जिसे मौजूदा दौर में राष्ट्रपति निवास के तौर पर जाना जाता है। साल 1850 में इस ऐतिहासिक इमारत में सिर्फ एक ही मंजिल थी। साल 1860 में एमसी कमिश्नर लॉर्ड विलियम ने कोटी के राजा से इस इमारत को लीज पर लिया था। उस वक्त उन्होंने इस भवन को लीज पर लेने के लिए 2 हजार 825 रुपए की भारी-भरकम राशि चुकाई थी। साल 1890 में इस इमारत में दो मंजिल बनवाई गई। ये ऐतिहासिक इमारत 10 हजार 628 वर्ग फीट में फैली है। आजादी से पहले इस ऐतिहासिक इमारत में वायसराय रहा करते थे। वे ऑब्जर्वेटरी हिल पर बने वायसराय लॉज की इमारत से वीकेंड पर यहां आया करते थे। वायसराय लॉज की इस इमारत को आज इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडी के नाम से जाना जाता है, जो कि साल 1888 में बन कर तैयार हुई थी।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण किन्नौर द्वारा सांगला और काशंग कण्डों में बनी ग्लेशियर झीलों के सर्वेक्षण को लेकर उपायुक्त कार्यालय में बैठक का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त किन्नौर डॉ अमित कुमार शर्मा ने की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जिला के सांगला और काशंग कण्डों में बनी ग्लेशियर झीलों का सर्वेक्षण किया जाएगा, जिसके लिए 1 अगस्त 2024 से केन्द्रीय एजेंसी सी० डेक० का एक दल किन्नौर पहुंचेगा उसके साथ एन० डी० आर० एफ० , एस० डी० आर० एफ० , पुलिस, गृह रक्षा, डोगरा स्काउड, आईटीबीपी, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक और प्रशासन के सदस्य भी इस सर्वे टीम के साथ जाऐगें। उन्होंने बताया कि इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य इन झीलों का विभिन्न पहलुओं से गहन अध्ययन करना है। इस सर्वे में यह अनुमान लगाया जाएगा कि इन झीलों से भविष्य में आसपास के क्षेत्रों को कोई खतरा उत्पन्न न हो। उन्होंने ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए संबंधित विभागों को उचित कदम उठाने के दिशा निर्देश दिए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अभिषेक एस, आईटीबीपी कमांडेंट बसंत नोगल, उपमंडलाधिकारी कल्पा डॉ मेजर शशांक गुप्ता, आदेशक गृह रक्षा पंकज शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी स्वास्थ्य डॉ.अनवेशा नेगी, जिला आपदा प्रबंधन से कुलदीप सिंह व नरेंद्र कायथ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
युवा कांग्रेस ने विकास पुरुष जी.एस.बाली की जयंती पर दी श्रद्धांजलि प्रदेश में विभिन्न ज़िलों में युवा कांग्रेस ने पूर्व मंत्री स्व. जी.एस.बाली की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की I इस दिन जगह-जगह रक्तदान शिविर, अस्पतालों और बाल आश्रमों में फल वितरण, स्कूली छात्रों में एजुकेशन किट जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए I हिमाचल के दिग्गज नेता रहे स्व. जी.एस.बाली के जन्मदिन पर हर वर्ष कांगड़ा में बाल मेला मनाया जाता रहा है, जहां बड़े स्तर पर रोज़गार मेला आयोजित किया जाता रहा है I उनके स्वर्गवास के बाद भी उनके सपुत्र एवं केबिनेट रेंक पर्यटन कार्पोरेशन के चेयरमेन रघुवीर सिंह बाली ने इस परम्परा को जारी रखते हुए इस वर्ष भी नगरोटा में बाल रोज़गार मेला आयोजित किया है I युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष निगम भंडारी ने कहा कि स्व जी.एस बाली का हिमाचल और हिमाचल के युवाओं के लिए योगदान हमेशा याद किया जाएगा I सरकार में केबिनेट मंत्री रहते हुए बाली हमेशा युवा कांग्रेस के युवाओं के कामों को तरजीह देते थे I निगम भंडारी ने बताया कि समाज सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित करने बाली का समाजिक जीवन में अविस्मरणीय योगदान रहा है I कोविड महामारी के दौरान अपनी जान की परवाह किए बगैर भी जी.एस.बाली ने पूरे प्रदेश में कोरोना किट बाँट कर सैंकड़ों परिवारों की सेवा की I
**माता नैना का धूमधाम से मनाया गया जाग उत्सव हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू के पीपलागे गांव में दहकते अंगारों पर भक्तों ने देव नृत्य किया। वहीं, माता नैना का जाग उत्सव भी धूमधाम के साथ मनाया गया। इस उत्सव को देखने के लिए जिला कुल्लू के अलावा प्रदेशभर से श्रद्धालु उमडे़। इस जाग उत्सव में माता भद्रकाली,माता कोयला,माता शीतला,माता नागराणी अपने कारकूनों ओर हारियानों सहित विशेष रूप से शामिल हुई। माता के पुजारी अमित महंत ने बताया कि इस मौके पर भजन मंडली ने भजन कीर्तन के माध्यम से माता की महिमा का बखान कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया। रात्रि एक बजे माता नैना, भद्रकाली अपने, कारकूनों, हारियानो सहित ढोल नगाड़े के साथ मंदिर में प्रवेश किया और अंगारों के चारों ओर परिक्रमा की। माता की शक्ति के आगे श्रद्धालु भी नतमस्तक हो गए। इस धार्मिक कार्यक्रम को देखने के लिए जिला कुल्लू व मंडी ,क्षेत्र के सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ी। लगभग 2:00 बजे माता नैना और भद्रकाली ने अपने कारकूनों, हारियानों व देवलुओं के साथ ढोल-नगाड़ों की थाप पर मंदिर में प्रवेश कर देवालय के साथ अंगारों के चारों ओर परिक्रमा की। इसके बाद जलते अंगारों के बीच हुए नृत्य का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।भद्रकाली माता के पुजारी अमित महंत ने बताया कि इस जाग की अद्भुत बात यह है कि यहां पर माता के गुरु, चेलियां आग के अंगारों पर चलते हैं और माता रानी की कृपा से किसी के भी पैर में आंच तक नहीं आती। उन्होंने बताया कि जाग के दिन माता ने सभी भक्तों के दुखों का निवारण किया और सभी को मनवांछित फल प्रदान किया। वही, माता रानी जाग उत्सव में नारियल के माध्यम से सभी भक्तों के ग्रहों का निवारण करती हैं।
शिमला: पुरुष एवं महिला वार्डर के पदों की भर्ती के लिए 28 जुलाई 2024 को तीन केन्द्रों में परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। जिला शिमला, सोलन, सिरमौर और किन्नौर के 421 अभ्यर्थियों के लिए राजकीय महाविद्यालय, संजौली (शिमला), जिला मंडी, कुल्लू, बिलासपुर व हमीरपुर के 1050 अभ्यर्थियों के लिए वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी में परीक्षा का आयोजन होगा। जिला मंडी, कांगड़ा, चंबा और ऊना के 1149 अभ्यर्थियों के लिए राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला जिला कांगड़ा में परीक्षा का आयोजन होगा। कामगार एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग के डीजीपी एसआर ओझा ने बताया कि बताया कि दोपहर 12 बजे परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने अभ्यर्थियों को सूचित किया कि निर्धारित परीक्षा केन्द्रों में लिखित परीक्षा आरम्भ होने से दो घंटे पूर्व प्रातः 10 बजे पहुंचना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि सभी अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र कारागार की वेबसाइट https://hpprisons.nic.in/ से एवं अपने पंजीकृत ई-मेल के माध्यम से डाउनलोड कर सकते हैं। प्रवेश पत्र डाउनलोड करना सभी अभ्यर्थियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। परीक्षा हॉल में पेन, कार्डबोर्ड, एडमिट कार्ड एवं पहचान पत्र के अतिरिक्त कोई भी सामग्री ले जाने की सख्त मनाही है। इसके साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, इलेक्ट्रॉनिक वॉच, वायरलेस डिवाइस, ब्लूटुथ, इयरफोन, इलेक्ट्रॉनिक गेजेट्स और बैग इत्यादि ले जाने की भी अनुमति नहीं होगी। परीक्षा केन्द्र परिसर में अपना वाहन साथ लाने की अनुमति नहीं होगी। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नम्बर-0177-2628852 पर सम्पर्क किया जा सकता है। बत दें कि जेल वॉर्डर के 91 पदों (पुरुष 77, महिला 14) पर 23-11-2-23 के लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी की थी। इसके लिए 22 दिसंबर 2023 तक ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। फ़िज़िकल टेस्ट पास करने के बाद अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा रविवार को आयोजित होगी। लिखित परीक्षा में अनारक्षित वर्ग के लिए 50 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के लिए 40 प्रतिशत अंक लाना आवश्यक है।
मंडी: चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर आज यानी 27 जुलाई से लेकर 31 जुलाई तक मंडी से पंडोह के बीच रोजाना दो घंटे गाड़ियों के पहिए थमे रहेंगे। नेशनल हाईवे पर 4 मील से 9 मील तक पहाड़ी पर हवा में लटके बड़े-बडे बोल्डरों व चट्टानों को हटाने के लिए हाईवे को बंद किया जा रहा है। इन बोल्डरों व चट्टानों से नेशनल हाईवे पर लगातार लैंडस्लाइड का खतरा बना हुआ है, जिसके लिए हाईवे पर रोजाना सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक वाहनों की आवाजाही पूर्ण रूप से बंद रहेगी। छोटे वाहन आने जाने के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल कर सकेंगे, जबकि बड़े वाहनों को एनएच खुलने का इंतजार करना होगा। डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि एनएचएआई की तरफ से प्रशासन को निवेदन प्राप्त हुआ था कि मंडी से पंडोह के बीच कुछ ऐसे स्थान हैं जहां पर लैंडस्लाइड का खतरा बना हुआ है। खासकर कुछ स्थानों पर बड़े-बड़े पत्थर और चट्टानें पहाड़ी पर लटकी हुई हैं जो कभी भी गिरकर तबाही मचा सकती हैं। ऐसे में इन पत्थरों और चट्टानों को हटाना जरूरी है। वहीं, कुछ स्थानों पर लैंडस्लाइड के कारण मलबा गिरा हुआ है जिसे भी हटाना जरूरी है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस कार्य को तुरंत प्रभाव से करने के निवेदन को स्वीकार करते हुए 5 दिनों तक हाईवे को रोजाना दो घंटों तक बंद रखने का फैसला लिया गया है। इस दो घंटे की ब्रेक के दौरान मंडी से कुल्लू-मनाली की तरफ जाने वाले वाया कमांद-कटौला-बजौरा होते हुए जा सकेंगे। अगर कोई कुल्लू से आ रहा है तो वे पंडोह से वाया गोहर-चैलचौक-डडौर होते हुए जा सकेंगे। वैकल्पिक मार्गों से सिर्फ छोटे वाहनों को जाने की अनुमति होगी।


















































