** चालक व परिचालक सहित सभी सवारियां सुरक्षित कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर चक्कीमोड़ के समीप तंबू मोड़ में हरियाणा रोडवेज की बस अनियंत्रित होकर सड़क से बाहर निकल गई। हादसे में किसी को चोट नहीं आई है। चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा होने से टल गया। सभी सवारियां सुरक्षित बताई जा रही हैं। हादसे के बाद कई यात्री दूसरी बसों में अपने गंतव्य की ओर निकल गए।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) में पीजी कोर्स की करीब 248 सीटें अभी भी खाली हैं। 22 विभागों में खाली पड़ी इनसब्सिडाइज्ड और नॉन सब्सिडाइज्ड सीटों को भरने के लिए 16 अगस्त तक आवेदन मांगे गए हैं। किस विभाग में कितनी सीटें खाली हैं, इसकी पूरी जानकारी विवि की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. बीके शिवराम ने बताया कि खाली सीटों पर क्वालीफाइंग एग्जाम की मेरिट आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। खाली सीटों के लिए विद्यार्थी 16 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं। खाली सीटों की श्रेणी को बदलकर भरे जाने की प्रक्रिया विवरणिका में दिए नियमों के तहत की जाएगी। सीटों को भरने की प्रक्रिया के तहत प्रवेश पाने वाले विद्यार्थी छात्रावास सुविधा के लिए पात्र नहीं होंगे। एचपीयू की ओर से जारी ब्योरे के मुताबिक नॉन सब्सिडाइज्ड श्रेणी में अधिक सीटें खाली हैं। एमएफए पहाड़ी मिनिएचर पेंटिंग में 12, एमए ग्रामीण विकास में 9, एमसीए में 2 (पीडब्लूडी), एफवाईआईसीटीटीएम में 20, पीजी डिप्लोमा इन पापुलेशन स्टडीज में 3, एमए सोशल वर्क 3 (सामान्य श्रेणी), एमएससी एनवायरमेंटल साइंस में 2 सीटें खाली हैं। एमए एजुकेशन में 10, एमए विजुअल आर्ट में 4, एमएबी ग्रामीण विकास 14, एमएफए पहाड़ी मिनिएचर पेंटिंग में 15, एमए ग्रामीण विकास में 3, एमए डिफेंस एंड स्ट्रेटेजिक स्टडीज में 11, एमए पापुलेशन में 15, एमसीए में 2 जनरल, 10 एससी व 2 पीडब्ल्यूडी, एमएससी डाटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में एचपीयू जरनल 13, एसटी एक, एससी तीन, पीडब्ल्यूडी की एक सीट है। इसके अलावा एमए जेएमसी में एक नॉन, बीएचएम में 22, एफवाईआईसीटीटीएम में 10, एमटीटीएम में 10, पीजी डिप्लोमा इन पापुलेशन स्टडीज में 5, बेचलर इन लाइब्रेरी साइंस में 8, एमएससी माइक्रोबायोलॉजी में 3, एमए आर्कियोलॉजी एंड एनिशिएंट हिस्ट्री में 10, एमए योग स्टडीज में 1, डिप्लोमा इन योग स्टडीज में 5, पीजीडीडीडीएम में 6 और एमएससी एनवायरमेंटल साइंस में 3 सीटें खाली हैं।
मुकेश अग्निहोत्री ने सोनिया गांधी को सरकार और संगठन की गतिविधियों से अवगत कराया। जलशक्ति और परिवहन विभाग की योजनाओं की जानकारी भी दी। प्रदेश में बारिश से हुए नुकसान से भी अवगत कराया। वहीं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता और ठियोग से विधायक कुलदीप राठौर ने शुक्रवार को नई दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल, महासचिव मुकुल वासनिक, प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ल, फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की सदस्य व सांसद रजनी पाटिल से मुलाकात की। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के दौरान राठौर ने सरकार और संगठन की गतिविधियों से अवगत कराया। मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में हो रहे नुकसान की भी जानकारी दी। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर के दिल्ली दौरे से प्रदेश संगठन में बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। चुनावों के दौरान निष्क्रिय रहे पदाधिकारियों की संगठन से जल्द छुट्टी हो सकती है। बीते दिनों मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी राष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं। इसी कड़ी में अब राठौर की मुलाकात के राजनीतिक गलियारों में कई मायने निकाले जा रहे हैं। ऐसे में आसार हैं कि आने वाले दिनों में संगठन में बड़ा फेरबदल हो सकता है।
एनएच के साथ लगतीं जिलों की सड़कों की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग ने केंद्र से पैसा जारी करने के लिए रिमाइंडर भेजा है। सड़कों को दुरुस्त करने के लिए 52 करोड़ रुपये मांगे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से इस मामले को उठा चुके हैं। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी गडकरी से यह मामला उठाया है। बीते साल बरसात में आई प्राकृतिक आपदा के चलते हिमाचल में कई नेशनल हाईवे बंद हो गए थे। ऐसे में जिला सड़कों से वाहनों की आवाजाही हुई। उस दौरान केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हिमाचल दौरे के दौरान केंद्र को प्रस्ताव भेजने की बात कही थी। हिमाचल में आपदा के चलते 17 पुल ढह गए। अकेले लोक निर्माण विभाग को 2913.05 करोड़ का नुकसान हुआ है। अन्य विभागों की अपेक्षा यह बहुत ज्यादा है। इन सड़कों की हालत दयनीय बनी हुई है। सड़कों पर गड्ढे पड़े हैं। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि एनएच बंद होने से वाहनों की आवाजाही जिला सड़कं और संपर्क मार्ग सहारा बने थे। केंद्र सरकार ने सड़कों को ठीक करने के लिए पैसा देने की हामी भरी थी, अभी यह पैसा नहीं मिला है।
डाक विभाग, देहरा मण्डल के अंतर्गत आने वाले सभी डाकघरों, उप डाकघरों, और शाखा डाकघरों, मे हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत बिक्री के लिए तिरंगे उपलब्ध हैं, जिसकी बिक्री 10 अगस्त से शुरू हो जाएगी। यह पहल "हर घर तिरंगा" अभियान के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना और प्रत्येक नागरिक के घर पर तिरंगा लहराना है। इसका बिक्रय मूल्य 25 रुपए प्रति झण्डा तय किया गया है। तिरंगा खरीदने के इच्छुक नागरिक अपने नजदीकी डाकघर से संपर्क कर सकते हैं। यह अभियान 15 अगस्त, 2024 तक चलेगा। नागरिकों से अनुरोध है कि वे समय पर अपना तिरंगा खरीदकर इस राष्ट्रव्यापी अभियान में हिस्सा लें और देश की एकता और अखंडता का प्रतीक तिरंगा अपने घर पर फहराएं।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने आज हिमाचल प्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) ग्रामीण क्षेत्र में गारंटिड रोजगार अवसर प्रदान कर ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिकी सुदृढ़ करने और इन क्षेत्रों में अधोसंरचना निर्माण से गांवों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदेश की लगभग 90 प्रतिशत आबादी बसती है और मनरेगा के तहत एक वर्ष में 100 कार्य दिवस का गारंटिड रोजगार प्रदान किया जाता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा मनरेगा के तहत अतिरिक्त बीस दिनों के कार्य दिवस का प्रावधान किया गया है, जिस पर होने वाला सम्पूर्ण खर्च प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने अप्रैल, 2024 से मनरेगा दिहाड़ी को 240 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दिहाड़ीदारों को लाभान्वित किया है। बैठक के दौरान वित्त वर्ष 2023-24 की वार्षिक रिपोर्ट को स्वीकृति प्रदान की गई और अवगत करवाया कि वित्त वर्ष 2023-24 में हिमाचल प्रदेश में 344 लाख से अधिक कार्य दिवस अर्जित किया गए, जिनमें से 64 प्रतिशत कार्य दिवस महिलाओं द्वारा अर्जित किए गए। वित्त वर्ष 2024-25 में जुलाई तक 144 लाख कार्य दिवस अर्जित किए गए हैं। मनरेगा को प्रदेश में लागू करने से अब तक इसके तहत 11 लाख 71 हजार 739 कार्यों में से लगभग 86 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि शेष कार्य निर्माणाधीन हैं। बैठक में बताया गया कि वित्त वर्ष 2023-24 में मनरेगा के तहत 1288 करोड़ 24 लाख रुपये से अधिक व्यय किया गया। वित्त वर्ष 2024-25 में जुलाई तक लगभग 688 करोड़ रुपये खर्च किए गए और 99 प्रतिशत से अधिक मामलों में समय पर मजदूरी का भुगतान किया जा चुका है। बैठक में हिमाचल प्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद के नामित सदस्यों ने परिषद के समक्ष अपने सुझाव प्रस्तुत किए। ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि परिषद के समक्ष आए सुझावों को लोगों के कल्याणार्थ एवं पंचायती राज संस्थानों को सुदृढ़ करने के दृष्टिगत प्रभावी रूप से केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। बैठक में निदेशक ग्रामीण विकास एवं आयुक्त मनरेगा राघव शर्मा, निदेशक मत्स्य पालन विवेक चन्देल और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज लोक निर्माण विभाग तथा राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभिन्न परियोजनाओं की लंबित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और बारिश के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की मरम्मत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि नाबार्ड के पास विभाग की विभिन्न परियोजनाओं से संबंधित 35 डीपीआर वर्तमान में लंबित हैं। उन्होंने इन लम्बित डीपीआर को शीघ्र मंजूरी देने की आवश्यकता पर बल दिया और अधिकारियों को सभी आवश्यक औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए ताकि इन परियोजनाओं पर शीघ्र कार्य आरम्भ किया जा सके। उन्होंने कहा कि विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन के लिए डीपीआर को शीघ्र मंजूरी प्रदान करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में तेजी आएगी, जिससे क्षेत्र के लोग लाभान्वित होंगे। लोक निर्माण मंत्री ने हाल ही में हुई बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों के मरम्मत कार्य की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को क्षतिग्रस्त पुलों की मरम्मत और सड़कों की बहाली में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि क्षेत्र के लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक डॉ. विवेक पठानिया और लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय वेदव्यास परिसर बलाहर में "सेहत अपने हाथों में" विषय पर एक महत्वपूर्ण व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. गुरिन्द्र सिंह ने "दर्द को बिना दवाइयों के कैसे ठीक कर सकते हैं" इस विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। डॉ. सिंह ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में तनाव और दर्द प्रबंधन के लिए कई प्राकृतिक और गैर-औषधीय उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने ध्यान, योग, एक्युप्रेशर, और विभिन्न व्यायामों के महत्व पर बल दिया। वहीं उच्च रक्तचाप और कमर दर्द जैसी आम समस्याओं के लिए फिजियोथेरेपी के लाभों की भी चर्चा की। डॉ. गुरिन्द्र सिंह का व्याख्यान अत्यंत प्रभावशाली रहा। उन्होंने स्वास्थ्य के प्रति एक समग्र दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया, जिसमें शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों शामिल हैं। उनके व्याख्यान ने सभागार में मौजूद समस्त छात्र छात्राओं एवं शिक्षकों को यह समझने में मदद की कि कैसे वे अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव करके अपने स्वास्थ्य में सुधार ला सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने डॉ. सिंह के साथ एक संवादात्मक सत्र में भाग लिया।जहाँ उन्होंने विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी प्रश्नों के उत्तर दिए । इस अवसर पर परिसर निदेशक प्रो सत्यम कुमारी, विभिन्न विषयों के विभागाध्यक्ष,सहायकाचार्य,कर्मचारी एवं छात्र छात्राएं मौजूद रहे।
राजकीय महाविद्यालय डाडासीबा में नागपंचमी के अवसर पर छात्रों के बीच मेहंदी प्रतियोगिता करवाई गई । यह प्रतियोगिता इको क्लब के तत्वावधान में करवाई गई। इस बीच प्रोफेसर देवेन्द्र सिंह, प्रोफेसर खेमचंद और प्रोफेसर शीतल ने नागपंचमी का सम्बन्ध प्रकृति से जोड़कर अपने अपने विचार रखे । इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान निलाक्षी , द्वितीय स्थान गीतिका और तृतीय स्थान आरूषी ने हासिल किया। इस अवसर पर प्राचार्य ने भी छात्रों को नागपंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए अपने विचार रखे । इस अवसर पर वाणिज्य संकाय के प्रो. रामपाल और प्रो. पलक सिंह भी मौजूद रहे ।
हिमाचल प्रदेश भवन और अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने आज नई दिल्ली में केंद्र सरकार के श्रम महानिदेशक एवं अतिरिक्त सचिव कमल किशोर सोन और श्रम निदेशक पीके जिन्ना से भेंट की। उन्होंने श्रम महानिदेशक को प्रदेश में श्रमिकों के कल्याण के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए कई कारगर कदम उठा रही है। उन्होंने श्रम महानिदेशक से श्रमिकों के बच्चों के लिए डे बोर्डिंग स्कूल और सुविधा केंद्रों की स्थापना करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के लिए बीओसीडब्ल्यू अधिनियम 1996 के तहत वित्त पोषण का प्रावधान किया जाए। उन्होंने बीओसीडब्ल्यू अधिनियम के तहत प्रशासनिक व्यय सीमा को 5 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी करने का भी आग्रह किया ताकि इन कार्यक्रमों का अधिक प्रभावी कार्यान्वयन किया जा सके। कंवर ने श्रमिकों और उनके आश्रितों को विशिष्ट और उन्नत स्तर का कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए एजेंसियों को सूचीबद्ध करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने इन सुझावों के सफल क्रियान्वयन के लिए निरंतर समर्थन और मार्गदर्शन का आग्रह किया। उन्होंने महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए श्रम महानिदेशक और श्रम निदेशक का आभार व्यक्त किया। श्रम महानिदेशक ने उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि नीति निर्धारण के दौरान प्रदेश के हितों का पूरा ख्याल रखा जाएगा। इस मौके पर वित्तीय अधिकारी नरेश चौहान भी उपस्थित थे।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव बाली ने आज धर्मशाला के ग्रीन प्लाजा 3 पार्क, नजदीक शहीद स्मारक में पौधारोपण कर एक विशेष वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शिखा लखनपाल ने बताया कि हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, शिमला के तत्वाधान में आयोजित वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ करते हुए आज जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव बाली ने पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने बताया कि राजीव बाली ने औषधीय पौधे आंवला को रोपित कर इस अभियान की शुरुआत की। उन्होंने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज के हर वर्ग को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित किया। राजीव बाली ने उपस्थित सभी लोगों को पर्यावरण की सुरक्षा और संवर्धन के प्रति जागरूक किया और इस दिशा में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। इस वृक्षारोपण अभियान के माध्यम से उन्होंने एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि ‘हमारा भविष्य हमारे वृक्षों में निहित है। इस दौरान प्रीति ठाकुर अध्यक्ष वक्फ बोर्ड धर्मशाला, राजेश चौहान अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मशाला, अनिल कुमार अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट धर्मशाला, नितिन मित्तल मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट धर्मशाला, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिखा लखनपाल, तथा ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास श्वेता नरूला ने भी पौधरोपण में भाग लिया। इस अभियान में सबको सम्मिलित करते हुए प्रभागीय वन अधिकारी दिनेश शर्मा, वन विभाग के कर्मचारी और राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, धर्मशाला की जमा एक की छात्राओं के साथ मिलकर पौधरोपण किया गया। उन्होंने बताया कि धर्मशाला में आयोजित वृक्षारोपण अभियान में आंवला, जामुन, बेहड़ा और अर्जुन जैसे औषधीय और छायादार पौधे लगाए गए, जो न केवल पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं बल्कि स्थानीय जैव विविधता को भी समृद्ध करेंगे।
** 27 अगस्त तक जमा कर सकते हैं आवेदन बाल विकास परियोजना धर्मशाला के अधीन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के तीन तथा आंगनबाड़ी सहायिका के 17 रिक्त पद भरे जाएंगे। बाल विकास परियोजना अधिकारी धर्मशाला रमेश जागवान ने जानकारी दी कि ग्राम पंचायत ढगवार के मसरेहड़ केंद्र, ग्राम पंचायत पासू पंतेहड़ के देहरू केंद्र तथा ग्राम पंचायत जूहल के बनगोटू में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद भरे जाने हैं। वहीं नगर निगम धर्मशाला के वार्ड नम्बर-1 के टैंगलवुड, वार्ड नम्बर-4 के कोतवाली बाजार, वार्ड नम्बर-7 के डिपो बाजार, वार्ड नम्बर-8 के उपरेहड़ तथा वार्ड नम्बर-15 के ठेहड़ केंद्रों में आंगनवाड़ी सहायिका के पद भरे जाने है। साथ ही ग्राम पंचायत रसेहड़ के रसेहड़, योल के लहसर, बरवाला के थम्बा, कजलोट के अप्पर सुधेड़, सुक्कड़ के खास सुक्कड़, शीला के शीला-2, गगल के गगल-2, मंदल के निचली भड़वार, ढगवार के मसरेहड़, झियोल के घियाणा खुर्द, नरवाणा खास के बलेहड़ तथा नरवाणा-2 केंद्रों में भी सहायिका के पद भरे जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन पदों के लिए पात्र उम्मीदवार सादे कागज पर अपने संपूर्ण दस्तावेजों सहित 27 अगस्त शाम 5 बजे तक बाल विकास परियोजना अधिकारी धर्मशाला के कार्यालय में आवेदन जमा करवा सकते हैं। आवेदन के लिए 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग की महिला उम्मीदवार ही पात्र होंगी। उम्मीदवार उसी आंगनबाड़ी केंद्र के सर्वे क्षेत्र की स्थाई निवासी हो। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के लिए जमा दो पास होना आवश्यक है। उम्मीदवार के परिवार की समस्त साधनों से वार्षिक आय 50 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इच्छुक अभ्यर्थी अधिक जानकारी के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारी धर्मशाला के कार्यालय के मोबाइल नम्बर 7018095512 तथा 9418687263 में संपर्क कर सकते हैं। जिन महिला उम्मीदवारों ने उपरोक्त पदों के लिए पहले से आवेदन किया हुआ है, उन्हें दोबारा करने की आवश्यकता नहीं है।
** ज़िला स्तरीय शिकायत निवारण समिति की बैठक आयोजित स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने कहा कि शिकायत निवारण और सुशासन एक दूसरे के पूरक हैं और प्रदेश सरकार शिकायतों के त्वरित एवं उचित समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। डॉ. शांडिल आज यहां ज़िला स्तरीय शिकायत निवारण समिति की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ज़िला प्रशासन की संवेदशीलता आमजन को समय पर सहायता पहुंचाने और उनके समस्याओं के निवारण में महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी अधिकारियों से आग्रह किया कि समस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय बनाए रखें और समस्याओं को निर्धारित समयावधि में सुलझाएं। डॉ. शांडिल ने कहा कि समस्या निवारण के साथ-साथ विकास कार्यों को गति प्रदान करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को समय पर पूर्ण करने से जहां धन की बचत होती है वहीं नागरिकों को समय पर सेवाएं मिलती हैं। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों को समय पर पूरा करें। उन्होंने कहा कि जन-जन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, गुणावत्तायुक्त शिक्षा, अच्छी सड़कें और सामाजिक सेवाएं प्रदान करना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दिशा में योजनाबद्ध कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में उपस्थित सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी सदस्यों से आग्रह किया कि नशे की सर्वव्यापी समस्या के समाधान के लिए एकजुट होकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि नशे पर नियंत्रण पाने के लिए हम सभी को सामुहिक रूप से आत्मचिंतन कर युवाओं को सही राह दिखानी होगी। इस दिशा में राज्य सरकार जहां रोज़गार एवं स्वरोज़गार बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही है वहीं नशा निवारण केन्द्रों को आवश्यकताओं के अनुरूप मज़बूत बनाया जा रहा है। उन्होंने सभी से पौधरोपण कार्यक्रमों में बढ़-चढ़ कर भाग लेने और पौधों की देखभाल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सहित ज़िला के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल कर्मियों की कमी को दूर करने के लिए पद भरने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि सुबाथू, डगशाई व कसौली सिविल क्षेत्र को छावनी क्षेत्र से बाहर करने के लिए जन भावनाओं का सम्मान हो। उन्होंने ज़िला में फोरलेन निर्माण वाले क्षेत्रों में प्राकृतिक जल स्त्रोतों के जीर्णोद्धार और विभिन्न स्थानों पर सम्पर्क मार्ग निर्माण के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को निर्देश देने के लिए कहा। उन्होंने नौणी में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन के निर्माण के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं राजस्व विभाग को समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने क्यारी-खिन्ना मार्ग के निर्माण कार्य की समस्या को एक माह की अवधि में सुलझाने के निर्देश भी दिए। डॉ. शांडिल ने कहा कि भ्रष्टाचार के विरूद्ध प्रदेश सरकार की नीति ज़ीरो टॉलरेंस की है और इस दिशा में नियमित कार्य किया जा रहा है। बैठक में कुल 108 मदों पर सारगर्भित चर्चा कर अधिकांश का निपटारा सुनिश्चित बनाया गया। बैठक में अवगत करवाया गया कि गत वर्ष आई आपदा के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए राहत राशि प्रदान की गई है और प्रदेश सरकार द्वारा घोषित विशेष पैकेज के तहत भी सहायता प्रदान की जा रही है। नालागढ़ शहर में पेयजल समस्या के निदान के लिए लगभग 22 करोड़ रुपए की योजना निर्माणाधीन है। बैठक में जानकारी दी गई कि सुबाथू क्षेत्र के ग्राम खालटू में वोल्टेज की समस्या के निदान के लिए शीघ्र ही नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा। धर्मपुर क्षेत्र में जल समस्या सुलझाने के लिए पुरानी योजना का संर्वद्धन और नई योजना बनाई जा रही है। उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने विश्वास दिलाया कि ज़िला शिकयत निवारण समिति की बैठक में प्रस्तुत विभिन्न शिकायतों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित बनाया जाएगा। अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय कुमार यादव ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष शिव कुमार, प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव रमेश ठाकुर, खण्ड कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, ज़िला कांग्रेस समिति की उपाध्यक्ष संधीरा दुल्टा, कांग्रेस महासचिव संजय भण्डारी, समिति के गैर सरकारी सदस्य, पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजकुमार चंदेल, नगर निगम सोलन की आयुक्त एकता काप्टा, विभिन्न उपमण्डलाधिकारी एवं विभिन्न विभागो के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
**हिमाचल के राजनीतिक मसलों पर की चर्चा सीएम और कांग्रेस अध्यक्ष के बाद अब प्रदेश के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष और विधायक कुलदीप राठौर दिल्ली पहुंच गए है और दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खड़गे सहित कई नेताओं के साथ मुलाकात की। राठौर ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को हिमाचल में सरकार और संगठन को लेकर चर्चा की खास कर संगठन को मजबूत करने की बात कही। राठौर के दिल्ली जाने से सियासी सरगर्मियां भी तेज हो गई है। कुलदीप राठौर पहले भी संगठन के लोगो को सरकार में तरजीह न देने को लेकर बयान दे चुके है। सूत्रों की माने तो कुलदीप राठौर ने संगठन को मजबूत करने का आग्रह किया।
समेज त्रासदी के बाद आज नोगली में एक महिला का शव बरामद हुआ है। शव की पहचान कल्पना केदारटा पत्नी जयसिंह के तौर पर हुई है, जो कि ग्रीनको हाइड्रो प्रोजेक्ट में कार्यरत थी। रेस्क्यू टीम द्वारा शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रामपुर अस्पताल भेजा जा रहा है। ये जानकारी एसडीएम निशांत तोमर ने दी। समेज में आज रेस्क्यू ऑपरेशन का नौवां दिन है। त्रासदी के बाद अब तक 15 शव बरामद किए गए हैं, जिनमें से 4 शवों की शिनाख्त कर ली गई है।
समेज त्रासदी के बाद से चल रहे सर्च ऑपरेशन के नौवें दिन आज सुबह सुन्नी डैम के नजदीक दोघरी क्षेत्र में चार शव बरामद हुए है। प्रथम दृष्टया में दो शव पुरुषों के हैं और एक लड़की का शव है, जिसकी उम्र 14 से 15 साल बताई जा रही है। इसके साथ ही एक अन्य शव क्षत-विक्षत हालत में मिला है। यह भी प्रथम दृष्टया में महिला का बताया जा रहा है। यह जानकारी उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने दी। उन्होंने कहा कि शव क्षत-विक्षत है। शवों को रेस्क्यू किया जा रहा है, जिसके बाद इन्हे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में भेज दिया जाएगा। इसके साथ ही जिला प्रशासन कुल्लू को भी इसके बारे में सूचना दे दी गई है।
हिमाचल में मानसून सीजन में भारी बारिश से मचने वाली तबाही को रोकने के लिए सरकार ने अब सख्त कदम उठाए हैं। बरसात में भारी बारिश से नालों और नदियों में जलस्तर बढ़ने से साथ लगते भवन बाढ़ की चपेट में आने से हर साल जान और माल का काफी अधिक नुकसान हो रहा है। वहीं, इस साल 31 जुलाई की आधी रात को भी तीन जिलों शिमला, कुल्लू और मंडी में भी बादल फटने की घटना से नालों और खड्डों में बाढ़ आ गई, जिसमें 53 लोग लापता हुए थे। इसी तरह से कई घर बाढ़ की चपेट में आने से जमींदोज हो गए। भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने नालों और नदियों के साथ भवन बनाने के लिए नियम और शर्तों को सख्त बना दिया है। हिमाचल प्रदेश में अब लोगों को नालों और नदियों के साथ भवन निर्माण के समय नियमों की पालना करनी होगी। अब उचित दूरी के बाद ही मकान बनाने की अनुमति होगी, जिसके लिए सरकार ने नियम तय कर दिए हैं। इन नियमों के मुताबिक नालों से 5 मीटर और नदी से 7 मीटर छोड़कर ही भवन निर्माण करना होगा। इन नियमों को राजपत्र में प्रकाशित कर दिया गया है। इसके लिए जनता से सुझाव और आपत्तियां भी मांगी गई थी, जिसके बाद अब सरकार ने नियमों को लागू कर दिया है। इससे पहले नालों से 3 और नदियों से 5 मीटर की दूरी पर भवनों का निर्माण किया जाता था, लेकिन प्रदेश में पिछले साल मानसून सीजन में आई प्राकृतिक आपदा की वजह से नालों और नदी के किनारे बने भवनों को सबसे अधिक नुकसान हुआ था। इस साल भी तीन जिलों में बादल फटने की घटना हुई है, जिससे नालों में बाढ़ आने की वजह से कई घर इसकी चपेट में आ गए और 53 लोग पानी के तेज बहाव में बह गए, जिनकी तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस दौरान कई शव भी बरामद हुए हैं। ऐसे में सरकार ने नालों और नदियों के साथ भवन निर्माण को लेकर तय नियमों में बदलाव किया है, ताकि प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान को रोका जा सके। ये नियम सूख चुकी खड्डों और नालों के किनारे बनने वाले भवनों पर भी लागू होंगे।
कुंडी में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी नव युवक मंडल कुंडी द्वारा जन्माष्टमी के उपलक्ष पर खेल-कूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें इस बार विक्रम शर्मा क्रिकेट मेमोरियल कप का भी आयोजन किया जाएगा, जो 12 अगस्त से 26 अगस्त तक आयोजित होगा। इसमें इच्छुक टीमें 11 अगस्त तक रजिस्ट्रेशन करवा सकती है। सभी टीमों को रजिस्ट्रेशन के लिए 2100 रुपए फीस रखी गई हैं, जिसमें विजेता टीम को 51000 व उपविजेता टीम को 11000 रुपए की नकद राशि दी जाएगी।
** प्रधानाचार्य ने चयनित विद्यार्थियों को किया सम्मानित इंदौरा: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मोहटली की +2 कक्षा की दो छात्राओं रिया और कल्पना का रिवालसर में हुए स्काउट एवं गाइड कैंप में राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए चयन हुआ हैं। इसमें उन्हें राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ-साथ कल्पना का चयन अगले वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त करने हेतु टेस्टिंग के लिए भी हुआ है। विद्यालय में पहुंचने पर प्रधानाचार्य बलविंदर कुमार ने चयनित विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस उपलब्धि के लिए विद्यालय को पूर्व स्काउट एंड गाइड प्रभारी नीलम कुमारी का महत्वपूर्ण योगदान रहा जिनके मार्गदर्शन मे यह उपलब्धि हासिल हुई हैं। इस अवसर पर स्कूल के स्काउट एंड गाइड प्रभारी अजय शर्मा, सीमा कुमारी, उप प्रधानाचार्य शैलजा कौशल, प्रवक्ता रविंद्र कुमार, विजय कुमार, सतपाल, सतीश कुमार, सविता भूषण, मुकेश कुमारी, सुनील कुमार, रूपलाल, सुमन ठाकुर, सुजाता ( D P E ) इंद्रजीत सिंह, प्रदीप शर्मा , राजीव ( एल ए ) उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स डिप्लोमा इन एलिमेंटरी एजुकेशन (डीएलएड) की स्पोर्ट्स काउंसलिंग में दस्तावेज न दिखा पाने अभ्यर्थियों को मुख्य श्रेणी में शामिल करेगा। इन अभ्यर्थियों को उनके पासिंग क्राइटेरिया के अनुसार आगे होने वाली काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा लेने का अवसर दिया जाएगा। उनकी स्पोर्ट्स कोटे की पात्रता को रद्द कर उन्हें जल्द ही आगे होने वाली मुख्य काउंसलिंग में हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा। स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से डीएलएड-2024-26 के लिए जून में प्रदेश भर में 107 परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश परीक्षा करवाई थी। इस दौरान 17,646 अभ्यर्थियों ने भाग लिया था, जिनमें से शिक्षा बोर्ड ने 5,579 अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया था। इसके बाद शिक्षा बोर्ड ने स्पोर्ट्स कोटे की सीटें भरने को पहली और दो अगस्त को काउंसलिंग प्रक्रिया हुई। इसमें 116 अभ्यर्थियों को शार्टलिस्ट किया गया। इसमें सामान्य, एससी, एसटी और ओबीसी स्पाेर्ट्स श्रेणी में सर्टिफिकेटों की जांच पड़ताल पहली और दो अगस्त को बोर्ड मुख्यालय में की। दो दिन चली इस काउंसलिंग प्रक्रिया में कुल 62 अभ्यर्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। बोर्ड प्रबंधन की ओर से की गई दस्तावेजों की वेरिफकेशन के बाद अब 52 अभ्यर्थियों के दस्तावेज संबंधित कोटे की सीटें भरने के लिए सही पाए गए हैं, जबकि अन्य अभ्यर्थियों की स्पोर्ट्स कोटे की श्रेणी को रद्द कर दिया गया है। खेल श्रेणी के अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के दौरान खेलकूद प्रमाण पत्रों के आधार पर अंक प्रदान करने के लिए पात्र नहीं माना गया है। जिन्होंने अपने प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं करवाए हैं। उनकी खेल श्रेणी को रद्द कर उन्हें मुख्य श्रेणी में शामिल किया गया है। इसके अलावा जो अभ्यर्थी काउंसलिंग के दौरान अनपुस्थित रहे हैं, उन्हें भी मुख्य श्रेणी में शामिल किया गया है। अब यह अभ्यर्थी आगे होने वाली काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे।
स्कूली बच्चों के लर्निंग लेवल का मूल्यांकन करने के लिए हिमाचल में परख सर्वेक्षण-2024 नवंबर में होगा। समग्र शिक्षा निदेशालय, उच्च शिक्षा निदेशालय और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। सर्वेक्षण की तैयारियों को लेकर वीरवार को समग्र शिक्षा निदेशालय शिमला में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा, उच्च शिक्षा निदेशक डा. अमरजीत शर्मा, अतिरिक्त उच्च शिक्षा निदेशक संजीव सूद, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, अतिरिक्त प्रारंभिक शिक्षा निदेशक बीआर शर्मा सहित जिलों के उप शिक्षा निदेशक, डीपीओ और समग्र निदेशालय में तैनात नोडल अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में सर्वेक्षण के लिए बच्चों को तैयार करने की मकसद से सभी स्कूलों में जीरो पीरियड ( जीरो आवर) लगाने के निर्देश दिए गए। इनमें उन कक्षाओं के बच्चों की तैयारियां कराई जाएंगी जिनका सर्वेक्षण होना है। इस अवसर पर समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा है कि राज्य सरकार परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण-24 में बेहतर प्रदर्शन को लेकर बेहद गंभीर है। साल 2021 में कराए गए नेशनल अचीवमेंट सर्वे में हिमाचल का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। ऐसे में इस सर्वे से पहले हिमाचल के स्कूलों में स्टेट लेवल अचीवमेंट सर्वे कराया गया था, जिससे कि बच्चों के सीखने के स्तर का आकलन किया जा सके। हालांकि इस सर्वे हम कुछ में बेहतर नहीं कर पाए हैं। ऐसे में परख सर्वेक्षण के लिए कड़ी मेहनत करने की जरूरत है।
जिला कुल्लू में नशा तस्करों पर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में पुलिस की टीम ने 107 ग्राम हेरोइन के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने हेरोइन को अपने कब्जे में ले लिया है और अब आरोपियों को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। वहीं, आरोपियों से पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है कि और कौन-कौन लोग इनके साथ शामिल हैं और कहां से वो ये नशा लेकर आए थे। एसपी कुल्लू डॉ. कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन ने बताया कि पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर शाड़ाबाई में खेम राज के रिहायशी मकान की नियमानुसार चैकिंग की, तो इस दौरान घर से 107 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। वहीं, पुलिस ने खेम राज (उम्र 34 साल) निवासी भुंतर, प्रवेश कुमार (उम्र 32 साल) निवासी लुधियाना और भोला दत्त (उम्र 42 साल) निवासी भुंतर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया हैं। तीनों आरोपियों के कब्जे में बड़ी मात्रा में हेरोइन बरामद की है। तीनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस थाना भुंतर में धारा 21, 29 मादक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले में पुलिस की जांच जारी है।
जिला मंडी में चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे पर औट के खोती नाला के पास एक 18 टायर वाला ट्रक बीती रात पलट गया। इस ट्रक पर हेवी मशीनरी लदी हुई थी। ट्रक पलटने के कारण चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे खोती नाला से आगे बड़ी गाड़ियों के लिए बंद हो गया है। घटना वीरवार रात करीब 9:00 की है। वहीं, हादसे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और आगामी कार्रवाई शुरू की। गनीमत रही की हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। एएसपी मंडी सागर चंद्र ने बताया कि चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे पर 18 टायर का एक ट्रक हेवी मशीनरी लेकर गुजर रहा था। तभी खोती नाला के पास ये ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट जाता है, हालांकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है कि ये ट्रक मशीनरी लेकर कहां जा रहा था। इस ट्रक के सड़क पर पलटने से नेशनल हाईवे पर बड़ी गाड़ियों की आवाजाही बंद हो गई है, जबकि छोटी गाड़ियों को एक तरफा ट्रैफिक रोक-रोक कर भेजा जा रहा है। मंडी से कुल्लू की ओर आने वाली सभी भारी गाड़ियों को पंडोह के आर्मी ट्रांजिट कैंप व मंडी के बिंद्रवणी में रोका जा रहा है। वहीं, मनाली से मंडी की ओर आने वाले भारी वाहनों को औट से पीछे रोक दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में शुक्रवार सुबह भूकंप के झटके दर्ज किए गए। जानकारी के अनुसार भूकंप सुबह करीब 9:53 बजे आया। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.3 आंकी गई है और इसका केंद्र जमीन के भीतर पांच किलोमीटर की गहराई पर था। हालांकि, भूकंप से किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। बता दें हिमाचल भूकंप की दृष्टि से सिस्मिक जोन चार और पांच में आता है। कांगड़ा, चंबा, लाहौल, कुल्लू और मंडी भूकंप की दृष्टि से सबसे अति संवेदनशील क्षेत्र हैं।
हिमाचल में अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए सुक्खू सरकार ने कड़ा फैसला लेते हुए स्टडी लीव के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। स्टडी लीव पर जाने वाले अधिकारी-कर्मचारी को पूरा नहीं, अब सिर्फ 40 फीसदी वेतन ही मिलेगा। वहीं, 24 महीने तक के अध्ययन अवकाश के लिए प्रशासनिक की जगह अब वित्त विभाग अनुमति देगा। प्रशासनिक विभाग से शक्तियां वापस ले ली गई हैं। इसके लिए केंद्रीय सिविल सेवाएं अवकाश नियम -1972 को बदला गया है। नए नियम को केंद्रीय सिविल सेवाएं अवकाश हिमाचल प्रदेश नियम -2024 नाम दिया गया है। वर्ष 1986 से लेकर प्रशासनिक विभाग ही 24 महीने तक की स्टडी लीव के लिए अनुमति देता आया है। अब वित्त विभाग ही तय करेगा कि किसी विभाग के अधिकारी या कर्मचारी को अवकाश पर भेजना है या नहीं। हर साल बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी स्टडी लीव पर जाते हैं। अध्ययन अवकाश के दौरान उन्हें सरकार की ओर से पूरा वेतन दिया जाता है। स्टडी लीव पर अधिक कर्मचारियों-अधिकारियों के रहने से जहां विभागों में प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होता रहा है, वहीं सरकारी कोष को भी बड़ा नुकसान होता रहा है। अब देश या देश से बाहर ली गई अध्ययन छुट्टी के दौरान सरकारी कर्मचारी-अधिकारी को 40 प्रतिशत वेतन मिलेगा। इसके अलावा महंगाई भत्ता और मकान किराया भी मिलेगा। अवकाश वेतन का भुगतान सरकारी कर्मचारी की ओर से यह प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के बाद होगा कि वह किसी अंशकालिक रोजगार के संबंध में किसी भी छात्रवृत्ति, वजीफे या पारिश्रमिक की प्राप्ति नहीं कर रहा है।
पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा लोक सेवा आयोग करवाएगा | आज सुक्खू कैबिनेट में इसको लेकर मजूरी दी गई है| हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक गुरुवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। करीब पांच घंटे चली मंत्रिमंडल की बैठक में 36 एजेंडों पर विस्तृत चर्चा हुई| पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा लोक सेवा आयोग के माध्यम से करने के निर्णय को भी मंजूरी दी है| ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्व सरकार द्धारा फ्री पानी का निर्णय खत्म वित्तीय संकट से जूझ रही सुक्खू सरकार ने आज़ बिजली के बाद अब पानी की रियायत को भी खत्म कर दिया है। शिमला सचिवालय में हुई मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कैबिनेट बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्व सरकार द्धारा फ्री पानी देने के निर्णय को खत्म करते हुए पानी के कनेक्शन पर 100 रुपए महीना फिक्स तय किया है। इसके पीछे जल शक्ति विभाग में घाटे का हवाला दिया गया है। जबकि 50 हजार से कम आय वाले लोगों, विकलांगो, एकल महिला को मुफ्त पानी मिलता रहेगा। आपदा प्रभावित 89 परिवारों का सारा खर्चा तीन महीने तक उठाएगी सरकार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक में 1 अगस्त को कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में हुए बादल फटने में अपनी जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की। दुखी परिवारों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए आपदा प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जिनके घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं उन्हें क्रमशः 10,000 और 5,000 रुपये प्रति माह किराए पर देने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा 1 अगस्त, 2024 से 31 अक्टूबर, 2024 तक तीन महीने की अवधि के लिए मुफ्त राशन, एलपीजी री-फिल, बर्तन और बिस्तर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, बादल फटने से प्रभावित परिवारों को 50,000 रुपये की तत्काल वित्तीय राहत वितरित की जाएगी एचआरटीसी की बसों में पुलिस जवानों को सरकारी कार्य के लिए ही मिलेगी मुफ्त सेवा वहीं एचआरटीसी की बसों में पुलिस जवानों को केवल सरकारी कार्य के लिए मुफ्त सेवा मिलेगी अन्यथा उसको सेवा का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा कैबिनेट ने आबकारी एवम काराधान विभाग दो विंग में विभाजित करने को मंजूरी दी है। जिसमें एक विंग जीएसटी और दूसरा काराधन विभाग होगा।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से आज हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवाएं (एच.पी.ए.एस.) के 18 परिवीक्षाधीन अधिकारियों ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश के लोगों के कल्याण के लिए समर्पण भाव से कार्य करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि लोगों के कल्याण के लिए प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई कल्याणकारी नीतियों और योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में अधिकारियों की महत्त्वपूर्ण भूमिका रहती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक वर्ग को लाभान्वित करने के लिए राज्य सरकार ने नीतियों में सकारात्मक बदलाव किए हैं। उन्होंने अधिकारियों को जमीनी स्तर पर इन सकारात्मक बदलावों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए कहा। उन्होंने अधिकारियों को समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए सेवा भाव से कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक के दौरान, एच.पी.ए.एस. अधिकारियों ने प्रशिक्षण के अनुभव मुख्यमंत्री के साथ साझा किए और मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि प्रदेश के लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर और निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क राजीव कुमार इस अवसर पर उपस्थित थे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल 09 अगस्त, 2024 को सोलन के प्रवास पर रहेंगे। डॉ. शांडिल 09 अगस्त को प्रातः 11.00 बजे उपायुक्त कार्यालय सोलन में ज़िला स्तरीय शिकायत निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश सोलन अरविंद मल्होत्रा ने आज ज़िला न्यायालय परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण में सभी से अपनी भूमिका निभाने का आग्रह किया। ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश ने इस अवसर पर सोलन के अतिरिक्त ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, अन्य न्यायिक दण्डाधिकारियों, ज़िला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव, ज़िला बॉर एसोसिएशन, ज़िला अधिवक्ता एवं वन विभाग के अधिकारियों के साथ न्यायालय परिसर में पौधरोपण किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि पर्यावरण संरक्षण हम सभी का दायित्व है और पौधरोपण कर पृथ्वी को सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि रोपित पौधों की सुरक्षा आवश्यक है ताकि रोपित पौधें वृक्ष बनकर जीवन को सुरक्षित रख सकें। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि पौधरोपण में भागीदार बनें और भावी पीढ़ियों के सुखद भविष्य में सहयोग दें। इस अवसर पर विभिन्न प्रजातियों के लगभग 25 पौधे रोपित किए गए। अतिरिक्त ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश सोलन पंकज, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी सोलन रमणीक शर्मा, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी सोलन शर्मा, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी आर. मेहुल शर्मा, ज़िला बॉर एसोसिएशन के अध्यक्ष आलोक भारद्वाज, ज़िला अधिवक्ता संजय पंडित, वनमण्डलाधिकारी एच.के. गुप्ता सहित ज़िला न्यायालय के अधिकारी, कर्मचारी तथा वन विभाग के कर्मचारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी किन्नौर डॉ. सोनम नेगी ने आज यहां जानकारी देते हुए बताया कि जनजातीय जिला किन्नौर के निचार उपमण्डल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचार में 12 अगस्त, 2024 से एकीकृत स्वास्थ्य जागरूकता अभियान के तहत स्वास्थ्य जांच शिविर एवं सघन अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान का शुभारंभ उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा द्वारा किया जाएगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सौजन्य से आरंभ होने वाले इस अभियान के अंतर्गत जिला के विभिन्न स्थानों पर निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाएंगे ताकि किन्नौर जिला के लोगों को उनके घर-द्वार के निकट बेहतर व निःशुल्क उपचार उपलब्ध हो सके। इस स्वास्थ्य जांच शिविर में लोगों को मुफ्त दवाईयां भी प्रदान की जाएंगी। डॉ. सोनम नेगी ने बताया कि इस निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर में छाती का एक्स-रे, रक्तचाप की जांच, हीमोग्लोबिन, टी.बी., एचआईवी, हेपेटाइटिस बी व सी, यौन संचारित रोग व मधुमेह जैसे रोगों की निःशुल्क जांच की जाएगी तथा जिन लोगों को उपचार की आवश्यकता होगी उनका उपचार क्षेत्रीय अस्पताल रिकांग पिओ लाकर किया जाएगा। उन्होंने जिला के सभी लोगों से अपील की है कि वे इन निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का लाभ उठाएं तथा उनके घर-द्वार के निकट उपलब्ध करवाई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त करे।
**अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक आयोजित उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि हिमकेयर योजना को बंद करने की प्रदेश सरकार की कोई मंशा नहीं है। इस योजना की कुछ कमियों को दूर कर इसे और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिल सके। अग्निहोत्री आज हिमकेयर कार्ड और आयुष्मान भारत कार्ड के संबंध में गठित मंत्रिमंडलीय उप-समिति की पहली बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, कृषि मंत्री चंद्र कुमार, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा बतौर सदस्य मौजूद थे। उन्होंने कहा कि विपक्ष अफवाह फैला रहा है कि प्रदेश सरकार ने हिमकेयर योजना को बंद कर दिया है, जो सरासर गलत है। सच्चाई यह है कि राज्य सरकार ने कुछ अनियमितताएं पाए जाने के बाद केवल निजी अस्पतालों को इस योजना के दायरे से बाहर करने का निर्णय लिया है। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लोगों को सरकारी अस्पतालों में हिमकेयर कार्ड के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधा जारी रहेगी। हिमकेयर कार्ड से स्वास्थ्य लाभ लेने पर सरकार द्वारा हर स्तर पर निगरानी रखी जाएगी। ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां मेडिकल बिल और उपचार की लागत में बहुत ज्यादा अंतर पाया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा अभी निजी अस्पतालों को 150 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना है जबकि सरकारी अस्पतालों को 307 करोड़ की अदायगी की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस योजना के अंतर्गत कुल 457 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा सीमा निर्धारित करने के कारण प्रदेश में आयुष्मान भारत कार्ड का लाभ लेने वाले पांच लाख 32 हजार परिवार ही पंजीकृत हैं, जबकि प्रदेश में ऐसे 14 लाख 83 हजार परिवार हैं, जिन्हें आयुष्मान भारत योजना में पंजीकृत किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार आयुष्मान भारत योजना को प्रदेश में संचालित करने के लिए हर वर्ष केवल 50 करोड़ रुपये ही प्रदान करती है। इस वित्त वर्ष के शुरुआती छह माह में ही यह 50 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जा चुकी है। शेष बचे महीनों में आयुष्मान के तहत सभी देनदारियों का भुगतान प्रदेश सरकार को करना होगा, जिसकी अनुमानित लागत 100 करोड़ रुपये से अधिक है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान से जुड़े व्यय के संदर्भ में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से बातचीत की जाएगी। स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बैरी, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. राकेश शर्मा और उप-निदेशक हिमकेयर व आयुष्मान भारत देवेंद्र कुमार भी इस मौके पर उपस्थित थे।
** विद्यालय में 8 से 17 अगस्त तक मनाया जाएगा शिक्षा सप्ताह शिक्षा विभाग के आदेशानुसार प्रदेश के हर विद्यालय में 8 अगस्त से 17 अगस्त तक शिक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है, इसी कड़ी में आज छात्र विद्यालय कुनिहार में भी शिक्षा सप्ताह का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर हाटकोट पंचायत प्रधान जगदीश अत्री मुख्य अतिथि तथा उप प्रधान रोहित जोशी व एस एम सी अध्यक्ष रंजीत ठाकुर विशेष तौर पर मौजूद रहे। विद्यालय के कार्यकारी प्रधानाचार्य भूपेंद्र कौशिक ने बताया कि नई शिक्षा नीति की चौथी वर्षगांठ पर यह शिक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य मुख्य रूप से बच्चों के अभिभावकों व आम जनता को नई शिक्षा नीति के तहत जो नए परिवर्तन व नए सुधार सुझाए गए है बारे जानकारी देकर उन्हें जागरूक करना है। तथा इस नीति को सभी के सहयोग से जमीनी स्तर पर लागू करना है । उन्होंने ने बताया कि पूरे सप्ताह प्रत्येक दिन किसी विशेष थीम को मध्य नजर रखते हुए मनाया जाएगा जिससे विद्यार्थियों का कौशल विकास,खेल खेल में सीखना,शिक्षा को विद्यार्थियों के लिए सरल व रोचक बनाना,डिजिटल टेक्नोलॉजी से जोड़ना, जिससे बच्चो का सर्वांगीण विकास हो सके ,उनमें उत्तरदायित्व की भावना जागृत हो सके और वे अच्छे नागरिक बनकर राष्ट्र की सेवा कर सके। मुख्य अतिथि व विशेष अतिथियों ने आज बच्चों द्वारा अलग अलग विषय पर पोस्टरों पर लिखे स्लोगनो व बनाए गए मॉडलों को देखकर खूब सराहना की। मुख्य अतिथि जगदीश अत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति में किए गए परिवर्तन व दिए गए सुझावों से बच्चो को पढ़ने में रुचि बढ़ेगी। इस अवसर पर प्रधान ग्राम पंचायत हाटकोट जगदीश अत्री,उप प्रधान रोहित जोशी, कार्यकारी प्रधानाचार्य भूपेंद्र कौशिक, एस एम सी अध्यक्ष रंजीत ठाकुर, सतीश शर्मा, रक्षा शर्मा, संजू देवी, माला देवी,दुर्गानंद शास्त्री,कमलेश ,सुधीर गर्ग, लीला शंकर, सुरेश कुमार, आदि मौजूद रहे।
विद्युत बोर्ड पैन्शनर्ज फॉर्म इकाई ज्वालामुखी की बैठक सेवानिवृत लेखा अधिकारी सुरेश कुमार शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें इकाई अध्यक्ष इंजिनियर एस० एस० चम्बिआल, सचिव जसवंत सिंह, इंजिनियर चम्बेल सिंह, इंजिनियर बी के शर्मा, इंजिनियर नील कंठ दत्ता, राजेंदर कुमार, केएल शर्मा सहित काफी पैन्शनर्ज ने भाग लिया। बैठक में विद्युत बोर्ड कर्मचारी यूनियन के पूर्व में रहे प्रदेशाध्यक्ष व विद्युत बोर्ड पैन्शनर्ज फोरम के जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाडा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने पैन्शनर्ज को सम्बोधित करते हुए कहा कि विद्युत बोर्ड का प्रबन्धक वर्ग 01-01-2016 से पहले सेवानिवृत कर्मचारियों को संशोधित वेतन मानों व संशोधित ग्रैच्युटी का अतिशीघ्र भुगतान करे और मार्च 2023 के बाद सेवानिवृत कर्मचारियों के ग्रैच्युटी व लीव इनकैशमेंट जैसे वित्तीय लाभों की अदायगी अतिशीघ्र करने की मांग की, उन्होंने कहा की प्रदेश सरकार द्वारा 01-01-2016 से पहले सेवानिवृत कर्मचारियों को आयु सीमा के आधार पर संशोधित पेन्शन की बकाया राशी का भुगतान किया जाए। खरवाडा ने कहा कि हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों की तरज पर कम्यूट पेंशन की अवधि 15 साल से घटा कर 10 साल 8 महीने की जाए और 10 साल 8 महीने की अवधि पूरा कर चुके पैन्शनर्ज की कम्यूटेशन की कटौती बंद की जाए और जिन पैन्शनर्ज की कटौती ज्यादा समय तक हुई है उसकी अतिरिक्त राशी उन्हें वापिस की जाए। खरवाडा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से विद्युत बोर्ड लिमिटेड में अतिशीघ्र पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की, उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कई बार सार्वजानिक मंचों से विद्युत बोर्ड लिमिटेड में पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा कर चुके हैं लेकिन पुरानी पेंशन की बहाली ना होने के चलते कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। कुलदीप सिंह खरवाडा ने विद्युत बोर्ड लिमिटेड के प्रबन्धक वर्ग से अतिशीघ्र विद्युत बोर्ड पैन्शनर्ज फोरम के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाने की मांग की ताकि आपसी बात चीत के माध्यम से पैन्शनर्ज की समस्याओं का समाधान हो सके।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के प्रवेशद्वार भुंतर में देह व्यापार का भंडाफोड़ हुआ है। एक होटल में देह व्यापार का धंधा चल रहा था। पुलिस ने जब यहां देर रात दबिश दी तो दो कमरों से महिलाओं को रेस्क्यू किया। देह व्यापार के इस धंधे को दो नेपाली महिलाएं अंजाम दे रही थीं। पुलिस ने कुल 8 लड़कियों को यहां से पकड़ने के बाद उनका कुल्लू अस्पताल में मेडिकल करवाया है। एसपी कुल्लू डॉ. कार्तिकेयन गोकुल चंद्रन ने कहा कि महिला थाना कुल्लू में मामला दर्ज किया गया है।
राजकीय उच्च विद्यालय खरड़हट्टी समिति में वर्ष 2024-2027 के लिए विद्यालय प्रबंधन समिति के कार्यकारिणी गठन हेतु आम सभा का आयोजन किया गया, जिसमें सर्वसम्मति से हेमराज पाल को एस एम सी का अध्यक्ष चुना गया। अभिभावक माया देवी ने अध्यक्ष पद के लिए हेमराज पाल के नाम का प्रस्ताव रखा और अभिभावक तृप्ता देवी ने इसका अनुमोदन किया। समिति के अन्य सदस्यों में शान्ति देवी सलाहकार, तृप्ता देवी, भूमा देवी, पुष्पा देवी, माया देवी, बिमला देवी, रेशमा देवी, हर्मिला देवी, कल्पना देवी, चन्द्रकान्ता, गीता देवी, संगीता देवी, धनीराम सदस्य व मंजू शर्मा वार्ड सदस्य को कार्यकारिणी में शामिल किया गया। मुख्याध्यापक मनोज कुमार ठाकुर को सचिव चुना गया। इस अवसर पर प्रबंधन समिति के पूर्व अध्यक्ष ईश्वर दास शर्मा, विद्यालय की अध्यापिका अनीता ठाकुर, मोनिका ठाकुर, रंजना कुमारी, मनोज कुमार शर्मा, सत्यपाल, हेमंत कुमार, विकास कुमार, प्रेम देवी, कमलेश देवी भी उपस्थित रहे।
**अंडर 14 खेलकूद प्रतियोगिता में मिनर्वा स्कूल घुमारवीं के खिलाड़ी छात्रों ने बेहतरीन प्रदर्शन **जोनल स्तर में शानदार प्रदर्शन करने पर जिला स्तर के लिए 5 खिलाड़ी चयनित अंडर 14 खेलकूद प्रतियोगिता में मिनर्वा स्कूल घुमारवीं के खिलाड़ी छात्रों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पनोह में आयोजित खेलकूद प्रतियोगिता में स्कूल के छात्रों ने वॉलीबॉल में विजेता रहते हुए खिताब पर कब्जा जमाया, जबकि बैडमिंटन प्रतियोगिता में रनरअप रहते हुए रनरअप की ट्राफी अपने नाम की। जोनल स्तर की प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने पर वॉलीबॉल टीम के लिए दीक्षांत ठाकुर, कार्तिक, ध्रुव ठाकुर चेस में आद्यंत सिंह मल्होत्रा व बैडमिंटन में नैतिक भारद्वाज का चयन जिला स्तर की प्रतियोगिता के लिए हुआ है। यह खिलाड़ी हटवाड़ स्कूल में 15 से 18 अगस्त तक होने वाली जिला स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेंगे। पाठशाला प्रधानाचार्य प्रवेश चंदेल ने बच्चों को बेहतर प्रदर्शन प्रदर्शन करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा जोनल स्तर के बाद अब बच्चे जिला स्तर की प्रतियोगिता में भी शानदार प्रदर्शन कर स्कूल का नाम रोशन करेंगे। जोनल स्तर की प्रतियोगिता में वॉलीबॉल टीम में वंशज ठाकुर, ध्रुव ठाकुर, कार्तिक, वैभव राज, चेतन ठाकुर, दीक्षांत ठाकुर, पद्म विभूषण, कृष शर्मा, नैतिक, अभिनव शर्मा ने भाग लिया, जबकि बैडमिंटन में नैतिक भारद्वाज, अनिरुद्ध, ईशान भारद्वाज, अधिवंश चंदेल, अंकुश राणा में भाग लिया। इसके अलावा चेस प्रतियोगिता में आद्यंत सिंह मल्होत्रा, ध्रुव ठाकुर, ईशान कपिल व ईशान भारद्वाज ने भाग लिया। प्रधानाचार्य प्रवेश चंदेल ने सभी खिलाड़ी छात्रों, शारीरिक शिक्षकों व स्कूल स्टाफ को बधाई दी।
राजकीय आदर्श माध्यमिक पाठशाला बाल विद्यालय परागपुर में एसएमसी कमेटी का गठन किया गया। यह गठन सत्र 2024-25 के लिए वीरवार को स्कूल के प्रधानाचार्य सीमा कौशल की अध्यक्षता में सर्वसम्मति से किया गया, जिसमें पूर्व बीडीसी सुनील चौहान को तीसरी बार एसएमसी कमेटी का प्रधान नियुक्त किया गया। वाहिब कैलाशी, पवन कुमार, तमन्ना, मीनाक्षी, वंदना, सिद्धार्थ रॉय, अनुराधा, सपना, सावित्री, रोशन लाल, बेबी, बबली, मीनू बाला, बबिता, अजय, इंदु बाला रेखा ,सुरक्षा, गायत्री देवी, भावना को कमेटी का सदस्य चुना गया। वहीं सुनील चौहान ने कहा कि स्कूल में कोई भी समस्या न आए इसका प्रयास किया जाए ,स्कूल प्रबंधन के साथ मिलकर विद्यालय व छात्रों के उत्थान के लिए कार्य किया जाएगा। एसएमसी कमेटी प्रधान बनने पर प्रधानाचार्य सीमा कौशल ने समस्त नई कमेटी को बधाई दी। इस दौरान सुभाष कुमार, अरविंद कुमार, डीपी अंछरा ठाकुर, रवि ठाकुर, प्रदीप ठाकुर इत्यादि लोग उपस्थित रहे।
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नलेटी में सतनाम सिंह ने प्राचार्य पद वीरवार को ग्रहण किया। इससे पहले वह केंद्रीय विद्यालय-1 जालंधर कैंट में अपनी सेवाएं दे रहे थे। प्राचार्य सबसे पहले विद्यालय के कर्मचारियों व विद्यार्थियों से मिले व एक परिवार की तरह कार्य करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि विद्यालय पहले से ही पढ़ाई व अनुशासन में अच्छा है व भविष्य में ऐसा ही रहेगा। बच्चे ही राष्ट्र का धन है और वही आगे चलकर एक अच्छे नागरिक की भूमिका अदा करेंगे। उन्होंने केंद्रीय विद्यालय संगठन की मूल भावना को आगे बढ़ाने का विश्वास दिलाया।
हिमाचल प्रदेश की कुछ जगहों पर आज मौसम विभाग ने भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया हैं। शिमला शहर में भारी बारिश से पेड़ गिरने से गाडिय़ों को नुकसान पहुंचा है। कई इलाकों में भूस्खलन का खतरा मंडरा गया है। सांगटी, कृष्णानगर व संजौली में बहुमंजिला भवन खतरे की जद में हैं। वहीं, जोगिंद्रनगर उपमंडल में बुधवार को भारी बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। भूस्खलन के कारण सियुरी से छपरोट सडक़ बंद हो गई है। मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बीच हिमाचल प्रदेश के कई भागों में भारी बारिश दर्ज की गई है। करसोग उपमंडल में भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। कई मार्गों पर आवाजाही ठप है। खराब मौसम के कारण विभिन्न स्थानों पर उत्पन्न स्थितियों और बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत उपमंडल के सभी सरकारी और गैर-सरकारी शिक्षण संस्थानों में गुरुवार को एक दिन की छुट्टी घोषित की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कई भागों में दस अगस्त तक बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आठ और नौ तथा 11 से 13 अगस्त के लिए यलो अलर्ट जारी हुआ है। प्रदेश भर में बीते 24 घंटे के दौरान हुई बारिश में 748 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। इनमें पीडब्ल्यूडी को 312 करोड़ रुपए का नुकसान दर्ज हुआ है।
** मंडी-कुल्लू-शिमला में बाढ़ में बहे लोगों की तलाश में सर्च आपरेशन जारी बादल फटने की घटना के सात दिन बाद शिमला के सुन्नी में दो शव बरामद हुए हैं। अब तक तीनों जिलों में 21 शव बरामद किए जा चुके हैं। बुधवार को शिमला में मिले दोनों शव महिलाओं के हैं और दोनों की पहचान रितिका और रचना के रूप में हुई है। यह दोनों शव सुन्नी डैम से बरामद किए गए हैं। शिमला में अब तक बरामद शवों की संख्या 11 हो गई है। हालांकि इनमें से अब तक चार की ही पहचान हो सकी है। अन्य बरामद शवों को पहचान के लिए आईजीएमसी शिमला में रखा गया है, जबकि परिजनों के डीएनए सैंपल लैब में भेजे गए हैं। इसके अलावा शिमला में ही बरामद दो शवों का बुधवार को अंतिम संस्कार किया गया। रेस्क्यू अभियान में मिले शवों को शिनाख्त के बाद परिजनों को सौंप दिया था। इनकी पहचान रचना उम्र 23 वर्ष गांव सूगा नजदीक सरपारा और दूसरे शव की पहना प्रीतिका पुत्री राजकुमार पांडे झारखंड निवासी के तौर पर हुई थी। उधर, कुल्लू और मंडी में बुधवार को चलाए गए सर्च अभियान के दौरान कोई भी शव नहीं मिल पाया है। यहां सर्च अभियान को जारी रखने का फैसला किया गया है। मंडी में अब भी एक और कुल्लू में दस लोग लापता हैं। कुल्लू के तीन लोग शिमला की तरफ बहे हैं। इनकी पहचान के लिए परिजनों के डीएनए सैंपल लिए गए हैं। समेज त्रासदी को लेकर चल रहे सर्च अभियान में अभी तक दस शवों को बरामद किया जा चुका है। सभी शवों का पोस्टमार्टम करवा दिया गया है। सर्च आपरेशन के दौरान बरामद शवों को पोस्टमार्टम करवाने के बाद आईजीएमसी शिमला के शव गृह में रखा जा रहा है। जिन शवों की पहचान नहीं हो पा रही है उनके डीएनए मैच किए जा रहें। शिमला में मंगलवार को मिले एक युवक के शव को लेकर दोबारा संशय बन गया है। इस शव को पहले कांगड़ा के युवक का बताया जा रहा था। हालांकि युवक के अभिभावकों ने शव को पहचानने से इनकार कर दिया है। इसके बाद युवक का शव परिजनों को नहीं सौंपा है। हालांकि पहचान के लिए युवक के परिजनों का डीएनए सैंपल लिया गया है। इसके मिलान के बाद ही पहचान हो पाएगी। गौरतलब है कि शिमला से 33 लोग लापता हो गए थे। इनमें से ज्यादातर बेहद खराब हालत में बरामद हो रहे हैं। इन शवों को पहचानने के लिए डीएनए की मदद ली जा रही है। अब गुरुवार को नौंवे दिन भी शिमला, मंडी और कुल्लू से लापता लोगों की तलाश की जाएगी।
**दिखाने होंगे ये ज़रूरी दस्तावेज, तभी होगा बदलाव ! अब आधार कार्ड में जन्मतिथि और नाम बदलवाना आसान नहीं रहा। अब पहले की तरह आधार कार्ड में डेट ऑफ़ बर्थ या नाम नहीं बदला जाएगा। अब UIDAI यानी यूनीक आईडेंटिटीफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने अब नियमो में कई बलाव किए है। अब आधार कार्ड में डेट ऑफ़ बर्थ चेंज करवाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र और हाई स्कूल की मार्कशीट दिखाना ज़रूरी हो गया है। बिना जन्म प्रमाणपत्र के आधार कार्ड में डेट ऑफ़ बर्थ और नाम में कोई भी बदलाव नहीं किए जा सकेंगे। इसके साथ ही जन्मतिथि में बदलाव करने के लिए एक व नाम में कोई बदलाव करने के लिए सिर्फ दो बार ही मौका दिया जाएगा। वही हाईस्कूल पास न करने वाली महिलाएं व पुरुषों के लिए जन्म प्रमाण पत्र दिखाना जरूरी है तभी आपके आधार कार्ड में डेट ऑफ़ बर्थ और नाम में बदलाव किया जा सकेगा।
जिला कुल्लू की मणिकर्ण घाटी में बीते दिनों तीन सैलानी को रेस्क्यू करने गई टीम में शामिल एक होमगार्ड का जवान गिरने से घायल हो गया। ऐसे में रेस्क्यू टीम फिर से होमगार्ड के जवान को रेस्क्यू करने के लिए घटनास्थल पर गई और स्थानीय लोगों की मदद से अब होमगार्ड जवान को रेस्क्यू कर लिया गया है। होमगार्ड का अस्पताल इलाज किया जा रहा है और उसकी हालत अब स्थिर है। कुल्लू होमगार्ड के कमांडेंट निश्चित सिंह नेगी ने बताया, बीते दिनों मणिकर्ण घाटी के कायलूधार में तीन सैलानी फंस गए थे और होमगार्ड व रेस्क्यू टीम तीनों सैलानियों को रेस्क्यू करने के लिए गई। इस दौरान टीम में शामिल एक होमगार्ड का जवान गिरने से घायल हो गया। होमगार्ड को रेस्क्यू करने के लिए फिर से एक रेस्क्यू टीम भेजी गई और स्थानीय लोगों की मदद से उसे रेस्क्यू भी कर लिया गया। वहीं, होमगार्ड के घायल जवान को स्ट्रेचर पर लिटाकर रेस्क्यू टीम द्वारा मुख्य सड़क तक लाया गया। करीब 10 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद होमगार्ड जवान को मंगलवार रात 12 बजे के बाद सड़क तक पहुंचाया और उसके बाद उसे उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू लाया गया। जहां उनका इलाज चल रहा है। कुल्लू होमगार्ड के कमांडेंट निश्चित सिंह नेगी ने बताया, रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान होमगार्ड का जवान गिर गया था और उसकी पीठ में चोट आई थी। उसके बाद घटनास्थल के लिए एनडीआरएफ, होमगार्ड और स्थानीय युवाओं को रेस्क्यू के लिए भेजा गया था। अब घायल जवान की हालत बेहतर है। गौरतलब है कि कुल्लू जिले के तहत मणिकर्ण घाटी के मलाणा में बीती 31 जुलाई की रात को बादल फटा था, जिसके चलते नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया था और रास्ते भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिसके चलते कई सैलानी मणिकर्ण की घाटियों में फंस गए थे, जिन्हें बचाव दल द्वारा सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने रैगिंग के मामलों को रोकने के लिए एंटी रैगिंग कमेटी का गठन कर दिया है। बुधवार को एचपीयू ने कमेटी को अधिसूचित कर दिया है और वेबसाइट पर सदस्यों के नंबर और ईमेल एड्रेस जारी कर दिए हैं। छात्र मोबाइल नंबर या फिर ईमेल के माध्यम से सीधे कमेटी सदस्यों से रैगिंग की शिकायत कर सकते हैं। एचपीयू ने कॉलेजों के लिए अलग से कमेटी गठित की है। हालांकि, कॉलेजों में भी एंटी रैगिंग कमेटियों का अलग से गठन किया जाता है। अगर कॉलेज स्तर पर समस्या नहीं निपटती है तो छात्र उक्त कमेटी के पास अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. बीके शिवराम की अध्यक्षता में बनी एचपीयू की एंटी रैगिंग कमेटी में अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. ममता मोक्टा, चीफ वार्डन प्रो. आरएल जिंटा, अधिष्ठाता संकाय लाइफ साइंस, काॅमर्स एंड मैनेजमेंट, एआर डीएस कार्यालय, और एससीए अध्यक्ष को शामिल किया गया है। इसके अलावा एंटी रैगिंग कमेटी एचपीयू परिसर में डीएस प्रो. बीके शिवराम, डीन संकाय सोशल साइंस, चीफ वार्डन, निदेशक यूआईटी, निदेशक यूसीबीएस, यूआईएलएस, अतिरिक्त चीफ वार्डन और एआर डीएस बतौर सदस्य शामिल किए हैं। एचपीयू से संबद्ध कॉलेजों के लिए बनाई एंटी रैगिंग कमेटी में डीएन कॉलेज और निदेशक कॉलेज विकास परिषद के अलावा प्रो अर्पणा नेगी और प्राचार्य संजौली कॉलेज सदस्य होंगे। सभी सदस्यों के ई मेल और लैंडलाइन नंबर विवि की वेबसाइट पर अपलोड हैं। छात्र रैगिंग और परिसर में पेश आ रही समस्याओं को ई मेल और कॉल कर दर्ज करवा सकेंगे। विवि के कुलसचिव ने विवि के आम छात्र-छात्राओं की समस्याएं सुनने और निपटारे के लिए छात्र शिकायत निवारण कमेटी का गठन अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. ममता मोक्टा की अध्यक्षता में किया है। इसमें चीफ वार्डन प्रो. आरएल जिंटा, के अलावा प्रो. नीलिमा कंवर, प्रो. जीता राम, प्रो. मनु सूद और एआर, एसओ डीएसडब्लू कार्यालय सदस्य बनाए गए हैं।
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में स्क्रब टायफस से पीड़ित (91) मरीज की मौत हो गई है। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी से इस साल की यह पहली मौत है। आईजीएमसी में पंथाघाटी के रहने वाले 91 साल का पीड़ित मरीज कई दिनों से अस्पताल में उपचाराधीन था। 29 जुलाई को मरीज को मेडिकल आईसीयू में दाखिल किया गया जबकि 2 अगस्त को मरीज का स्क्रब टेस्ट पॉजिटिव आया। मरीज बुखार और सांस लेने में तकलीफ से जूझ रहा था। गंभीर स्थिति में होने के कारण मरीज की बुधवार को मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मरीज उच्च रक्तचाप, मधुमेह, गुर्दे के रोग समेत अन्य बीमारियों से भी जूझ रहा था। इसके अलावा मरीज ने निजी अस्पताल में भी जांच करवाई थी। लेकिन अब अस्पताल ने स्क्रब से मरीज की मौत के बाद इलाज के लिए आए मरीजो को सचेत करना शुरू कर दिया है। आईजीएमसी का दावा है कि वर्ष 2024 में अब तक कुल 301 स्क्रब टायफस के सैंपल की जांच की है। इसमें 44 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
हिमाचल प्रदेश कैबिनेट की बैठक आज मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में होगी। इस बैठक में कई अहम फैसले होंगे। विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े पदों को भरने की कैबिनेट में मंजूरी मिल सकती है। इसमें मानसून के दौरान बादल फटने से हुई घटनाओं के बाद राहत और पुनर्वास कार्यों से संबंधित चर्चा भी हो सकती है। आपदा में हुए नुकसान को लेकर राहत पैकेज पर सरकार निर्णय ले सकती है।पिछले साल आई आपदा के बाद एक तय अवधि के लिए सरकार ने अपने स्तर पर विशेष पैकेज दिया था। इस बार भी पीड़ितों को आवास सुविधा देने जैसे निर्णय हो सकते हैं। इसके अलावा हिमकेयर योजना में पाई गई अनियमितताओं पर चर्चा और स्वास्थ्य विभाग में ऐसी योजनाओं में विभिन्न सुधारों के लिए मंत्रिमंडलीय उपसमिति की रिपोर्ट भी राज्य कैबिनेट की बैठक में रखी जा सकती है।
आउटसोर्स कर्मियों लंबित के वेतन का जल्दी भुगतान करे सरकार सिर्फ़ बयानबाज़ी ही नहीं जनहित के काम भी करे सरकार शिमला : शिमला से जारी वक्तव्य में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार बयानबाजी से ही काम चलाना चाहती है। हर दिन अख़बारों में बयान आते हैं कि जल्दी ही भर्ती के परिणाम घोषित होंगे। नई नौकरियां निकाली जाएगी। लेकिन यह बातें सिर्फ़ ज़ुबानी जमा खर्च से आगे नहीं बढ़ पाते हैं। हर रोज़ मुख्यमंत्री या किसी न किसी मंत्री द्वारा भर्ती परिणामों के जल्दी से जल्दी जारी होने, नई भर्तियां निकाले जाने की खबरें ही आती हैं। लेकिन कभी परिणाम आने की खबर नहीं आई। सरकार बयानबाजी के आगे नहीं बढ़ पाई है। डेढ़ साल से युवा सड़कों पर इंतज़ार कर रहे हैं। आश्वासनों से थककर युवा कर्मचारी चयन आयोग के दफ़्तर के बाहर क्रमिक अनशन पर बैठे हैं। इतने लंबे समय तक सिर्फ़ आश्वासनों से काम नहीं चल सकता है। अब कोरी बयानबाजी करने के बजाय सरकार को परिणाम जारी करना चाहिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि कई विभागों में काम कर रहे आउटसोर्स कर्मियों को लंबे समय से वेतन नहीं मिल रहा है। बहुत से लोग फ़ोन करके बताते हैं कि वेतन नहीं मिल रहा है। जवाबदेह अधिकारी बजट न होने का हवाला देकर टरका देते हैं। कब तक मिलेगा यह भी पता नहीं। घर से बाहर रह कर काम कर रहे लोगों को हर महीनें रहने-खाने का खर्च भी वहन करना पड़ता है। इसके अलावा और भी पारिवारिक ज़िम्मेदारियां होती है। ऐसे में लोगों को यदि चार-चार, छः-छः माह तक वेतन नहीं मिलेगा तो कैसे काम चलेगा। इस तरह से लंबे समय तक वेतन लटका कर रखना संवेदनहीनता है। सरकार लोगों से जुड़े मुद्दों को संवेदनशील होकर सुलझाए। आउटसोर्स कर्मियों के बकाया वेतना के भुगतान के साथ समय पर वेतन देने का प्रावधान करे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि डेढ़ साल से सरकार सिर्फ़ आश्वासन के सहारे चल रही है। अब बयानबाजी से काम नहीं चल सकता है। सरकार अब काम करे और लोगों की समस्याओं का हल निकाले। डेढ़ साल से एक दो हफ़्ते में परीक्षा परिणाम जारी होंगे, जैसे बयान सुन-सुनकर सब थक गए हैं। अब प्रदेश के युवाओं को आश्वासन नहीं भर्ती का परिणाम चाहिए। सरकार जल्दी से जल्दी लंबित पड़ी परीक्षाओं के परिणाम निकाले और नई भर्तियों की घोषणा करे।
धर्मशाला, 07 अगस्त। हिमाचल प्रदेश विवि क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र खनियारा में शिक्षा सत्र 2024-25 में विभिन्न संकायों में रिक्त सब्सिडाइज तथा नाॅन सब्सिडाइज सीटों को भरने के लिए 12 अगस्त को क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र में काउंसलिंग रखी गई है। यह जानकारी क्षेत्रीय केंद्र के निदेशक प्रो डीपी वर्मा ने देते हुए बताया कि हिमाचल विवि द्वारा एमए संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, अर्थशास्त्र, एम काॅम, एमएससी गणित, एमसीए तथा एमएससी ज्यूलाॅजी में रिक्त सब्सिडाइज तथा नाॅन सब्सिडाइज सीटों के लिए इच्छुक अभ्यर्थी 12 अगस्त को दस बजे आवेदन फार्म तथा 200 रूपये के आईपीओ तथा डिमांड डाफ्ट सहित काउंसलिंग में भाग ले सकते हैं। मेरिट के आधार पर ही सीटें भरी जाएंगी। इसके अतिरिक्त जिन अभ्यर्थियों ने विवि में पहले आवेदन नहीं किया है सामान्य वर्ग के 700 रूपये का डाफ्ट तथा एससीएसटी वर्ग के अभ्यर्थी 350 का डाफ्ट संलग्न करना होगा। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा देने वाले छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा सभी आवेदनकर्ताओं को आवेदन पत्र के साथ स्नातक विषय की प्रति सीजीपीए सहित लगाना अनिवार्य होगी अन्यथा फार्म स्वीकार नहीं किया जाएगा इसके साथ डाक द्वारा भेजे गए आवेदन पत्र मान्य नहीं होंगे। में प्रवेश परीक्षा ली थी तथा उसी के आधार पर उत्तीर्ण छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त एमएससी ज्यूलाॅजी, पीजीडीसीए में भी प्रवेश मेरिट के आधार पर दिया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी हिमाचल प्रदेश विवि तथा क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र की बेवसाइट से प्रवेश फार्म डाउनलोड कर सकते हैं तथा निर्धारित तिथि के अनुसार कार्यालय में जमा करवा सकते हैं।
कुनिहार:- 1अगस्त से 7अगस्त तक हर वर्ष मनाए जाने वाला विश्व स्तनपान दिवस वृत कुनिहार में भी बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया।स्वास्थ्य परवेक्षिका अरुणा शर्मा ने महिलाओ को शिशु को स्तनपान करवाने के लाभ से अवगत करवाया।उन्होंने बताया कि हर मां को 6 माह तक शिशु को केवल स्तनपान ही करवाना चाहिए। स्तनपान से बच्चा हुष्टपुष्ट व निरोगी रहता है। मां के दूध में किसी भी रोग से लडने की ताकत होती है। इसलिए कम से कम पहले 6 महीने शिशु को केवल अपना दूध ही पिलाएं। इसके अलावा महिलाओ को पौष्टिक आहार बारे भी जानकारी प्रदान की गई। इस शिविर में स्वास्थ्य कर्मचारी मीना राठौर,वृत की सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता,दूध पिलाने वाली माताओं व अन्य ग्रामीण महिलाओ ने भाग लिया।
हिमालयन आईटीआई लगबलियाना में विश्व की प्रसिद्ध कंपनी एम एस गोदरेज & बॉयसी एमएफजी लिमिटेड मोहाली सीटीसी 14940 रुपए पर प्रतिमाह ओर, एम/एस मिंडा कराइकु लिमिटेड सीटीसी 16263 रुपए प्रतिमाह सैलेरी पर 600 से अधिक बेरोजगार युवाओं को 9 अगस्त 2024 को रोजगार देने आ रही है। इसमें अपेरिंग युवा भी भाग ले सकते हैं आईटीआई पास युवा भाग भी ले सकते हैं। इसमें आईटीआई के प्रधानाचार्य आनंद कुमार का कहना है कि इसमें वे युवा भाग ले सकते हैं जिनकी आयु 18 से 30 वर्ष के बीच में है ओर इसमें ट्रेड हैं - इलेक्ट्रिशियन , फिटर ,मोटर मैकेनिक व्हीकल,इलेक्ट्रॉनिक ,मशीनिस्ट ,ट्रेक्टर मैकेनिक ,वेल्डर ,पेंटर ,टर्नर डीजल मैकेनिक मैं आईटीआई पास हो भाग ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त कंपनी की तरफ से विशेष सुविधा के रूप में कैन्टीन ओर बस की सुविधा सब्सिडाईजड रेट पर दी जाएगी। प्रत्येक विद्यार्थी वांछित प्रमाण पत्र साथ लेकर सुबह 9 बजे से पहले हिमालयन आईंटीआईं के प्रांगण में पहुंचना सुनिश्चित करें।
सोलन पब्लिक स्कूल द्वारा 3 अगस्त को समन्वय अंतर विद्यालय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सोलन जिला के लगभग 22 विद्यालयों के 250 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में सुर संगम, क्रिएटिव स्पार्क, ग्रेट डिबेटर ,डायनेस्टी ऑफ़ डांस जैसी प्रतियोगिताएं शामिल थी। इस प्रतियोगिता में डगशाई पब्लिक स्कूल असाधारण प्रदर्शन के साथ खड़ा रहा तथा अलग-अलग श्रेणियों में टाइनी फैशनिस्टा, सुर संगम (जूनियर्स), सुर संगम (सीनियर), द ग्रेट डिबेटर्स, डायनेस्टी ऑफ डांस (जूनियर कैटेगरी) में पहला स्थान हासिल किया। डगशाई पब्लिक स्कूल को समन्वय 2024 का ओवरऑल विजेता घोषित किया गया। समन्वय कार्यक्रम में डगशाई पब्लिक स्कूल की यह लगातार पांचवीं जीत है। विद्यालय के प्रिंसिपल सरदार तेजिंदर जीत ने इस उपलब्धि को छात्रों और शिक्षकों की कड़ी मेहनत और समर्पण का प्रमाण बताया तथा उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए उन्हें हार्दिक बधाई दी।


















































