हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल स्पीति में 24 घंटे के भीतर दूसरी बार हिली धरती। रिएक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.2 मापी गई। जमीन के अंदर इसकी गहराई 5 किलोमीटर रही। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (एनसीएस) के मुताबिक, वीरवार सुबह 9 बजकर 49 बजे तीन से चार बार धरती कांपी। बुधवार रात में भी यहां लाहौल स्पीति में 3.2 तीव्रता का भूकंप आया था। हिमाचल में आपदा के बीच बार-बार भूकंप के झटकों से लोग डरे व सहमे हुए है। हालांकि तीव्रता कम होने के कारण किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। लाहौल स्पीति जिला जोन 5 में आता है, जो भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है।
पुलिस थाना मनाली में बीते कल पंजीकृत हत्या के प्रकरण में संलिप्त दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है | पिछले कल को पुलिस थाना मनाली में सूचना प्राप्त हुई कि अलेउ में एक व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा हुआ है जिस सूचना पर उप नि0 नारायण अन्वेषणाधिकारी पुलिस थाना मनाली अन्य पुलिस कर्मियों सहित मौके पर रवाना हुए तो होटल मनाली ग्रैंड अलेउ से करीब 200-250 मीटर आगे पगडंडी रास्ते के दाहिनी तरफ पर एक व्यक्ति मृत अवस्था में पाया गया। मौके पर उपस्थित पवन कुमार पुत्र श्री धनी राम निवासी गांव सुकराईं बाईं डाकघर वाथरी तहसील डलहौजी जिला चम्बा उम्र 48 वर्ष हाल-मैनेजर होटल मनाली ग्रैंड अलेऊ मनाली का ब्यान कलमबन्द किया गया। जिसके मुताबिक मृतक का नाम व पता सुभाष चन्द पुत्र मान सिंह निवासी गांव धार चानणा डा0 ऊरन त0 व थाना कुपवी जिला शिमला हिमाचल प्रदेश उम्र 32 वर्ष बतलाया तथा बतलाया कि मृतक सुभाष उपरोक्त होटल मनाली ग्रैंड अलेऊ में बतौर सहायक मैनेजर तैनात था। मृतक सुभाष चन्द अपनी पत्नी व दो बच्चों सहित अपने साढू राजीव कुमार निवासी अलेऊ के मकान में किराए पर रहता था। जिसका मकान होटल से 500-600 मीटर की दूरी पर चचोगा की तरफ है। मौके पर पुलिस अधीक्षक कुल्लू भी आए थे तथा घटनास्थल का निरीक्षण क्षेत्रीय न्यायालिक विज्ञान प्रयोगशाला मण्डी के विशेषज्ञों से करवाया गया। यह एक ब्लाईंड मर्डर था लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए इस ब्लाईंड मर्डर की गुत्थी को महज चंद घंटों में ही सुलझाने में सफलता हासिल की है तथा आरोपी राजीव कुमार उम्र 32 वर्ष पुत्र अमर सिंह निवासी बजाथल डाकघर व तहसील नेरवा ज़िला शिमला तथा बीरबल उम्र 32 वर्ष पुत्र मोहन सिंह निवासी रोलिंग डाकघर तहसील पधर ज़िला मण्डी को स्थानीय पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए 24 घंटे के भीतर आज दिनांक 02.08.2024 को मनाली में प्रक्रिया अनुसार गिरफ्तार किया गया है।मृतक सुभाष चन्द की लाश को पोस्टमार्टम के लिए लाल बहादुर शास्त्री मैडिकल कॉलेज नेरचौक जिला मण्डी भेजा गया है और दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत रिमाण्ड हासिल करने के लिए न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
लाहौल-स्पीति: उदयपुर से पांगी-किलाड मार्ग (SKTT) पर काडू नाला के पास पत्थर गिरने से रोड ब्लॉक हो गया है। लाहौल एवं स्पीति पुलिस अधीक्षक ने लोगों को सूचित करते हुआ कहा कि दिनांक 30/06/2024 को उदयपुर से पांगी-किलाड मार्ग पर काडू नाला के पास रोड ब्लॉक होने के कारण मार्ग पर बड़े पत्थर गिर गए थे। जिस पर प्रभारी पुलिस चौकी तिंदी एवं उनकी टीम मौके पर पहुंच कर वाहनों एवं लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले आए। बीआरओ द्वारा मार्ग खोलने का कार्य किया जा रहा है पर लगातार पत्थर गिरने के कारण सड़क को साफ करने के काम में देरी हो रही है। तिंदी में लगभग 22 वाहन, जिनमें 8 भारी मोटर वाहन (HMV), 3 टैक्सियाँ और अन्य कैंपर सड़क अवरुद्ध होने के कारण रुके हुए हैं, जिनमें लगभग 80 लोग हैं। पुलिस चौकी तिंदी के सहयोग से इन लोगों को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, फॉरेस्ट रेस्ट हाउस, रोहन होमस्टे जिनमे कुल 10 कमरों में ठहराया गया है और कुछ लोग अपने रिश्तेदारों के घरों में रुके है। अभी स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है और जिला पुलिस द्वारा नियमित रूप से इन लोगों की खैर-खबर ली जा रही है। जिला पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि सभी की जरूरतें पूरी हों और किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
** क्यू॰आर॰टी॰ बैठक में पुष्प उत्पादन पर दिया बल डॉ यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के पुष्प एवं भूदृश वास्तुकला विभाग’ में दो दिवसीय क्यू॰आर॰टी॰ की बैठक का आयोजन किया गया। इसमें पुष्प कृषि अनुसंधान निदेशालय, पुणे के अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के तहत देश भर के 7 केंद्रों के पुष्प वैज्ञानिकों ने भाग लिया। बैठक के उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल मुख्य अतिथि रहे। प्रो चंदेल ने क्यू.आर.टी. के अध्यक्ष डॉ एस.के. चक्रवर्ती और सदस्यों डॉ प्रीतम कालिया, डॉ सी अस्वथ, डॉ रंजीत कुमार, डॉ व राममूर्ति और पुष्प अनुसंधान निदेशालय के निदेशक डॉ के.वे. प्रसाद का स्वागत किया। इस अवसर पर प्रो. चंदेल ने कहा कि पुष्प उत्पादन का देश की बढ़ती अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका है क्योंकि किसानों की आय को दो से तीन गुना बढ़ाने में यह बहुत मददगार हो सकती है। उन्होनें सभी वैज्ञानिकों को नई तकनीकों के विकास करने की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। बैठक के पहले दिन सभी विश्वविद्यालयों से आए वैज्ञानिकों ने अपने अपने केन्द्रों द्वारा वर्ष 2018-2023 के बीच किए गए अनुसंधान कार्यों पर प्रस्तुति दी, जिसकी समीक्षा की गई। दूसरे दिन पुष्प विज्ञान विभाग का क्षेत्र का भ्रमण किया, जिसमें अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के विभिन्न प्रयोगों का आकलन किया गया। क्यू.आर.टी. के सभी सदस्यों द्वारा नेटिव ओरनामेंटल्स पर किए गए कार्यों का सहराया गया। अध्यक्ष द्वारा विभाग द्वारा बनाए गए कारनेशन के म्यूटेंट्स, गुलदाउदी एवं एल्स्ट्रोमीरिया की ओपन पोलिनेटेड सिलेक्शन एवं ग्लैडिओलस के हाइब्रिड पर शोध कार्यों पर वैज्ञानिकों को बधाई दी। विभाग की ड्राई फ्लावर प्रयोगशाला का भी भ्रमण किया गया। इसके पश्चात हिमाचल प्रदेश के पुष्प उत्पादकों एवं वैज्ञानिकों की संवाद बैठक की गई, जिसमें कारनेशन उत्पादक सुरेश चंदेल, जिप्सोफिला एवं कारनेशन उत्पादक रवि दत्त शर्मा एवं व्यर्थ फूलों की अगरबत्ती बनाने वाली कंपनी युवान वेंडरज के प्रबंध निदेशक रविंद्र पराशर ने अपने-अपने अनुभव एवं समस्याओं का साझा किया। सभी किसानों ने उनके विकास में पुष्प विभाग के वैज्ञानिकों की भागीदारी की प्रशंसा की और संतोष जताया। धारों की धार में प्रगतिशील किसान कारण ठाकुर की कारनेशन के पॉलीहाउस का भ्रमण भी किया। इस बैठक में विभाग के हैड डॉ एस.आर. धीमान सहित सभी वैज्ञानिकों ने भाग लिया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के शिक्षा एवं सूचना प्रभाग रिकांग पिओ द्वारा विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत अम्बेडकर भवन में कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पहली अगस्त से सात अगस्त तक किन्नौर में स्तनपान सप्ताह मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य नवजात शिशुओं को छः माह तक केवल स्तनपान कराने के लिए महिलाओं को प्रेरित किया जाएगा। जिला किन्नौर में स्तनपान कराने की प्रतिशत्ता 98 प्रतिशत है इसको शत-प्रतिशत करना है। जैसा कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा बताया जाता है कि माँ का पहला दूध बच्चे के लिए पहली वैक्सीन का काम करता है जो नवजात शिशु में रोग-प्रतिरोध क्षमता को बढ़ाता है। इसलिए छः माह तक नवजात शिशु को केवल स्तनपान ही करवाएं। डॉ. सोनम नेगी ने बताया कि स्तनपान कराने वाली महिलाओं को स्तन कैंसर की बहुत कम सम्भवानाएं होती हैं और प्रसूति महिला को प्रसूति से हुए घाव भरने में सहायता मिलती है। स्तनपान कराने वाली महिला को अवसाद, मधुमेह इत्यादि बीमारियां होने का भी कम खतरा होता है। इस कार्यशाला में नारा-लेखन प्रतियोगिता, क्विज प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें महिला मण्डल, स्वयं सहायता समूहों, महिला जन-प्रतिनिधियों, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग की महिलाओं ने भाग लिया और एक लघु-नाटिका के द्वारा भी स्तनपान कराने का संदेश दिया गया। इन प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाली महिलाओं को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोनम नेगी द्वारा सम्मानित भी किया गया। जिला शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अन्वेषा नेगी ने भी इस अवसर पर स्तनपान कराने के फायदों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की तथा इसके सकारात्मक पहलुओं पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के शिक्षा एवं सूचना प्रभाग से हेमलता, विभिन्न महिला मण्डलों, स्वयं सहायता समूहों, महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग की महिलाएं उपस्थित रहीं।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जिला मंडी के जोगिन्द्रनगर में 110 मेगावाट की शानन जल विद्युत परियोजना को लेकर जारी कानूनी लड़ाई के संदर्भ में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस परियोजना पर सर्वोच्च न्यायालय में प्रदेश सरकार का मामला मजबूती से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि प्रदेश के लोगों के हितों की रक्षा हो सके। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से प्रदेश के लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार हिमाचल के अधिकारों को वापिस लेने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश काल के दौरान शानन जल विद्युत परियोजना का निर्माण किया गया था। वर्ष 1925 में मंडी के तत्कालीन राजा जोगिन्द्र बहादुर और पंजाब के मुख्य अभियंता के बीच 99 वर्षों के लिए लीज़ समझौता हस्ताक्षरित हुआ था। उस समय से ही इसका प्रशासनिक अधिकार पंजाब के पास है। इस वर्ष 2 मार्च, 2024 को लीज़ समाप्त हो गई है। यह परियोजना हिमाचल प्रदेश के क्षेत्र अधिकार में हैं और पंजाब सरकार को अविलम्ब इस परियोजना को हिमाचल प्रदेश को लौटा देना चाहिए। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के लोगों के हितों को प्राथमिकता प्रदान करते हुए प्रदेश सरकार इस परियोजना से लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कानूनी कार्रवाई को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार परियोजना को हासिल करने के लिए एक मजबूत मामला तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, हिमाचल प्रदेश के महाधिवक्ता अनूप रतन, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चन्द शर्मा, प्रधान सचिव देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, विशेष सचिव अरिन्दम चौधरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
**डायरिया की रोकथाम के लिए 31 अगस्त तक आयोजित किया जा रहा जागरूकता अभियान **09 अगस्त को आयोजित होगा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने वर्षा ऋतु में विभिन्न जनजनित रोगों की रोकथाम के लिए सभी सम्बन्धित विभागों को पूर्ण तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं। मनमोहन शर्मा आज यहां जल जनित रोगों की रोकथाम के सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मनमोहन शर्मा ने कहा कि गर्मी एवं वर्षा ऋतु के समय जल जनित रोगों के साथ-साथ डेंगू जैसे रोग होने की सम्भावना अधिक होती है। ऐसे में यह आवश्यक है कि स्वच्छ पेयजल की उपलब्धतता पर ध्यान दिया जाए और किसी भी स्थान पर पानी न खड़ा होने दिया जाए। उन्होंने इस सम्बन्ध में स्वास्थ्य विभाग, जल शक्ति विभाग, लोक निर्माण विभाग एवं नगर परिषद परवाणू को संयुक्त टीमें गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह टीमें नियमित अंतराल पर प्रभावित क्षेत्रों में फोगिंग सुनिश्चित बनाएंगे, विभिन्न पेयजल आपूर्ति भण्डारण टैंको और पारम्परिक जल स्त्रोतों का निरीक्षण कर स्वच्छता सुनिश्चित करेंगी। उन्होंने कहा कि यह टीमें लोगों को जल जनित रोगों के विषय में जागरूक भी करेंगे। उन्होंने सम्बन्धित विभागों को बरसात के मौसम में लोगों को दूषित पानी का उपयोग न करने के विषय में जागरूक करने तथा समय-समय पर प्राकृतिक जल स्त्रोतों की जांच करने के निर्देश भी दिए। उपायुक्त ने कहा कि ज़िला में डायरिया रोग की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा 31 अगस्त, 2024 तक जागरूकता अभियान आयोजित किया जा रहा है। जागरूकता अभियान के तहत लोगों को डायरिया रोग के लक्षणों एवं बचाव के विषय में जागरूक बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ज़िला में 09 अगस्त, 2024 को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। इस दिन स्कूलों बच्चों को कृमि मुक्त दवा एलबेंडाजोल और विटामिन ए की खुराक दी जाएगी। मनमोहन शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के समय में जल जनित रोगों से बचाव के साथ-साथ विभिन्न दुर्घटनाओं से निपटने के लिए आवश्यक उपाय सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाइयों का भण्डारण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजकुमार चंदेल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजन उप्पल, ज़िला चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित रंजन, ज़िला पंचायत अधिकारी जोगिन्द्र राणा, विभिन्न खण्ड चिकित्सा अधिकारी सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
** पदाधिकारियों ने ली दायित्व निभाने की शपथ पेंशनर्ज वेलफेयर एसोसिएशन राजगढ़ खण्ड इकाई द्वारा लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में नवगठित कार्यकारिणी सदस्यों के लिए शपथ समारोह का आयोजन किया गया। प्रदेश कार्यकारिणी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरिदत्त शर्मा ने समस्त पदाधिकारियों को पद संगठन के प्रति समर्पित रहने की शपथ दिलाई। समस्त कार्यकारिणी सदस्यों ने पेंशनर्ज वेलफेयर एसोसिएशन के प्रति तन, मन व धन से सेवा करने के लिए तत्पर रहने, दिए गए दायित्व को निष्ठा से निभाने, जाती- धर्म और राजनीती से ऊपर उठकर पेंशनर्ज बंधुओ और समाज के प्रती समर्पित रहने तथा संघ के संविधान के अनुसार कार्य करने की शपथ ग्रहण की। राजगढ़ इकाई के अध्यक्ष विजय भारद्वाज ने कहा कि पेंशनर्ज वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा सभी पेंशनर्ज बंधुओ की हर तरह की समस्याओं का पहले भी निवारण किया गया है और भविष्य में भी निवारण करने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश कोली समाज के राज्य कार्यकारी अध्यक्ष एवं पेंशनर कल्याण संघ कुनिहार यूनिट के प्रधान जगदीश सिंह ने अपना 79वां जन्म दिवस समारोह अपने पैतृक गांव ग्राम पंचायत पट्टाबरावरी के पन्याली में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया। इस अवसर पर पंचायत प्रधान हरीश कौशल सहित दर्जनों पेंशनरों ने यहां पहुंचकर जगदीश सिंह को जन्म दिवस की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ एवं सुखमय जीवन की कामना की। पेंशनर यूनिट पट्टाबरावरी के प्रधान डी डी कश्यप ने बताया कि इस मौके पर जगदीश सिंह ने सभी के साथ मिलकर पट्टाबराबरी में निर्माणाधीन बांके बिहारी मंदिर परिसर व सड़क के दोनो ओर जामुन, भेड़ा, आंवला, बांस, दाड़ू, अमरूद, शीशम आदि विभिन्न प्रजाति के 105 पौधे रोपित किए। पौधारोपण कार्यक्रम के बाद जगदीश सिंह ने पंचायत प्रधान सहित पेंशनरों को शॉल देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर रूपेंद्र कौशल, राम नाथ कश्यप, परमानंद गर्ग, दौलत राम गर्ग, ख्याली राम कश्यप, रमेश कश्यप, जगदेव गर्ग, ख्याली राम, प्रेम चंद कश्यप, कन्हैया लाल, डी डी कश्यप, जी आर शेख आदि पेंशनर मौजूद रहे। अंत में जगदीश सिंह ने सभी को भोजन करवाया।
**प्रदेश में अभी जारी रहेगा बारिश का दौर हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान अधिकांश क्षेत्रों में बारिश हुई है, जिसमें कुछ स्थानों पर भारी बारिश से तबाही का मंजर देखने को मिला है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के कुछ भागों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के विज्ञानिक संदीप कुमार ने बताया कि बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश में अधिकांश क्षेत्रों में बारिश हुई है, कुछ जिलों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है। चंबा, कांगड़ा, बिलासपुर हमीरपुर, सोलन शिमला में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई है। आज चंबा कांगड़ा कुल्लू मंडी में एक दो स्थानों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी है। 2 से 6 अगस्त तक कुछ स्थानों में भारी बारिश का येलो अलर्ट है। इस दौरान ऊना, बिलासपुर, सोलन, मंडी, सिरमौर, शिमला, चंबा, कांगड़ा में एक दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में लोगो को नदी नालों के नजदीक न जाने की सलाह है क्योंकि भारी बारिश के बाद फ्लैश फ्लड की स्थिति बन सकती है।
जिला कुल्लू में बीती रात हुई भारी बारिश के चलते रायसन में सड़क बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है, जिसके चलते वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। ऐसे में अब लेफ्ट बैक होते हुए कुल्लू से मनाली के लिए गाड़ियों को भेजा जा रहा है। वहीं, सैंज में भी नदी में बाढ़ आने के चलते सड़क बह गई है। इसके अलावा सड़क किनारे खड़ी की गई एक बस और एक ऑल्टो कार भी पानी में बह गई। वहीं, पारला भुंतर में भी एक निर्माणाधीन भवन पार्वती नदी की भेंट चढ़ गया है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोग अपने घरों को खाली कर रहे हैं। जिला प्रशासन के द्वारा भी लोगों से आग्रह किया गया है कि वह नदी नालों से दूर रहें। बीती रात हुई भारी बारिश के चलते कुल्लू जिले में नदी नाले उफान पर हैं और कई जगह पर लोगों का संपर्क भी सबसे कट गया है। ऐसे में जिला प्रशासन भी नुकसान का जायजा लेने में जुट गया है और प्रभावित परिवारों की मदद के लिए भी कार्य किया जा रहा है। कुल्लू जिले के जिया गांव में भी पार्वती नदी में आई बाढ़ के चलते भूमि कटाव हुआ है, जिससे नदी किनारे बने घरों को खतरा पैदा हो गया है। जिया गांव के ग्रामीण संजीव कुमार और मेघ सिंह ने बताया कि यहां पर नदी किनारे से लोगों को हटाया जा रहा है। हालांकि अभी तक घरों को नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन अगर दोपहर को फिर से भारी बारिश होती है तो इससे नदी किनारे बने मकान ढह सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान भारी बारिश से तबाही हुई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भारी बारिश से हुई तबाही को लेकर सचिवालय में आपात बैठक की और सभी जिलों से नुकसान की रिपोर्ट लेने के साथ सभी संबंधित जिलों के उपायुक्तों को रेस्क्यू में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अभी तक की जानकारी के मुताबिक शिमला, कुल्लू और मंडी में 50 लोग बादल फटने की घटनाओं से लापता हैं, जबकि तीन लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं और 3 लोग सुरक्षित निकाले गए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि भारी बारिश से तीन जिलों ने नुकसान हुआ है। रामपुर के झाखड़ी समेज खड्ड में 36 लोग लापता हैं जिसमें दो लोगों के शव बरामद हो गए हैं, जबकि दो लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इसी तरह मंडी पधर में 9 लोग लापता हैं एक शव बरामद हो गया है एक व्यक्ति को जख्मी हालत में बाहर निकाल लिया है। कुल्लू के मलाणा में पॉवर प्रॉजेक्ट के डैम को भी भारी नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री ख़ुद मौके के लिए रवाना हो रहे हैं। मौके पर राहत बचाव कार्य के लिए NDRF,SDRF, ITBP सहित स्थानीय प्रशासन जुटा हुआ है और रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्मी को भी अलर्ट पर रहने को कहा गया है। केन्द्र सरकार में मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा से फोन पर बात हुई और हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है।
**फसलों की बर्बादी पर किसान अब मुआवजे की आस में कुनिहार क्षेत्र में लंबे समय बाद बुधवार रात भारी बारिश हुई, जिससे लोगो को गर्मीं से तो काफी राहत मिली लेकिन इस बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने किसानों की मक्की की फसल खेतो में ही बिछा दी। किसानों को भारी नुकसान हुआ है और किसान अपनी बर्बाद फसल को देखकर मायूस हो गए है। किसानों का कहना है कि पहले तो बारिश न होने की वजह से आधी से ज्यादा फसल वैसे ही बर्बाद हो चुकी थी और रही-सही कसर बुधवार रात हुई बारिश के साथ चली तेज हवा ने पूरी कर दी। गौर रहे कि क्षेत्र में अधिकतर किसान खेती बाड़ी करके अपना व अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं और फसल की अच्छी पैदावार के लिए बारिश पर ही निर्भर रहते है। गांव हरीपुर, सहबार, नमोल, हरडी, उच्चागांव, थावना आदि के किसानों वीरेंद्र, शंकर, मदन, जयपाल, राकेश, विक्रम, संतलाल, रोशन आदि ने बताया कि इस बार पहले बारिश हुई ही नहीं, जिससे आधी से ज्यादा मक्की सहित नगदी फसलें बर्बाद हों गई, लंबे समय बाद बुधवार रात जब अच्छी बारिश हुई तो लगा कि अब कुछ फसल आ जाएगी, लेकिन जब सुबह उठकर फसल को देखा तो मक्की की फसल खेतो में बिछी पड़ी थी। किसानों ने सरकार से इस बार मौसम के कारण बर्बाद हुई फसल का उचित मुआवजा देने की मांग की है।
रामपुर: श्रीखंड महादेव यात्रा के रास्ते में बीती रात के समय बादल फटने की घटना सामने आई है। बीती रात करीब एक बजे कुर्पन खड्ड में बादल फटने से फ्लैश फ्लड आ गया और खड्ड का जलस्तर बढ़ गया, जिससे श्रीखंड महादेव यात्रा के पहले पड़ाव बेस कैंप सिंह गाड में दर्जनों दुकानें चपेट में आने की सूचना है। वहीं, बागीपुल में बस स्टेंड, करीब 10 मकान और 20 गाड़ियां बाढ़ में बह गई हैं, जबकि केदस और ढरोपा तक जगह-जगह पुल बहने से लोगों के आवागमन का संपर्क पूरी तरह से कट गया है। तहसीलदार निरमंड जय गोपाल शर्मा ने बताया कि बीती रात को श्रीखंड महादेव यात्रा मार्ग पर कुर्पन खड्ड में बदल फटने से बेस कैंप सिंह गाड में भरी नुकसान हुआ है। वहीं, बागीपुल में निरमंड और बागीपुल को जोड़ने वाला पुल भी बह गया है और नया पुल भी बह गया है। बाढ़ में छोटे बड़े मकान बह गए हैं। इसमें होटल दुकानें, पटवारखाना भी बह गया है और 7 से 10 लोगों के लापता होने की सूचना है ,जिसमें एक परिवार के 5 लोगों और एक बुजुर्ग महिला, दो नेपाली मूल के लोगों के लापता होने की सूचना है। तहसीलदार जय गोपाल शर्मा ने बताया कि केदस में एक मकान बाढ़ की चपेट में आया है और केदस पुल भी बह गया है। वहीं, कोयल पुल के बहने से निथर का रामपुर निरमंड से संपर्क कट गया है। तहसीलदार ने बताया कि राहत और बचाव कार्य के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और रेस्क्यू टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी है।
हिमाचल में बारिश ने एक बार फिर से कोहराम मचा दिया है। कुल्लू के निरमंड, मलाणा और मंडी जिला की चौहार घाटी के तेरंग में बादल फटा है। बारिश से आई बाढ़ में कई मकान, स्कूल और अस्पताल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। तीनों जगह पर करीब 40 लोग लापता हो गए हैं। मंडी में दो लोगों के शव मिले हैं, जबकि 35 लोगों सुरक्षित बचा लिया गया है। इसी बीच प्रशासन ने पद्धर के सभी स्कूल और शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए हैं। जानकारी के अनुसारा मंडी जिला में देर रात्रि भयंकर बारिश के कारण भारी तबाही हुई है। जिला की चौहार घाटी के तेरंग गांव में बादल फटने से 11 लोग बह गए हैं, वहीं तीन घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मंडी प्रशासन ने एयरफोर्स से मदद मांगी है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम मौके पर रवाना हो गई है। इसके अलावा चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग मंडी से पंडोह, डयोड और दवाडा तक बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। पंडोह ट्रांजीट कैंप के जागर नाले के पास सडक़ का नामोनिशान मिट गया है, जबकि नो मील के पास सडक़ बरसात के कारण ब्यास की ओर धंस रही है, जबकि चार मील में भी भूस्खलन जारी है है। डयोड और दवाडा में भी मलवा आने से सडक़ मार्ग बंद है। भारी बारिश के कारण पंडोह डैम का जलस्तर काफी बढ़ गया है, जिसके चलते डैम के सभी गेट खोल दिए गए हैं। इससे ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों को सावधान रहने के निर्देश जारी किए है। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन राहत एवं बचाव दल के साथ धम्चयाण के लिए रवाना हो गए हैं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ व एसडीआरएफ को बुलाया गया है। प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान के लिए वायुसेना की मदद मांगी है। बादल फटने की घटना, मौसम विभाग की चेतावनी और संपर्क मार्गों के बंद होने के कारण जिला प्रशासन ने पद्धर करसोग उपमंडल के शिक्षण संस्थानों में आज छुट्टी घोषित कर दी है।
जिला कुल्लू के कई क्षेत्रों समेत आनी और निरमंड में बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में आनी और निरमंड उपमंडल के तहत आने वाले तमाम शिक्षण संस्थान 1 अगस्त 2024 को बंद रहेंगे। बीती रात हुई भारी बारिश के कारण निरमंड उपमंडल में विभिन्न स्थानों पर बाढ़ आने सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। वहीं, आनी उपमंडल में भी कई सड़क मार्गों के बंद होने के कारण प्रशासन द्वारा ये फैसला लिया गया है। एसडीएम आनी नरेश वर्मा और एसडीएम निरमंड मनमोहन सिंह ने बतााय कि एहतियात के तौर पर यह फैसला लिया गया है। उन्होंने आम लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि भारी बारिश के समय नदी नालों से दूर रहें। अनावश्यक सफर न करें। लैंडस्लाइड संभावित वाले क्षेत्रों में न जाएं। एसडीएम आनी नरेश वर्मा का कहना है कि बंद सड़क मार्गों को खोलने का कार्य जारी कर दिया गया है। वहीं, एसडीएम निरमंड मनमोहन सिंह का कहना है कि उपमंडल में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य सुबह से जारी है। प्रशासन आम लोगों की हरसंभव सहायता के लिए तत्पर है। बता दें कि कुल्लू जिले में बीती रात हुई भारी बारिश के चलते जगह-जगह बादल फटने के मामले सामने आए हैं। मणिकर्ण के मलाणा में बादल फट गया। निरमंड इलाके में भी बादल फटने से करीब 10 घर फ्लैश फ्लड में बह गए। वहीं, कई लोगों के लापता होने की भी सूचना है। भारी बारिश के चलते पलचान में ब्यास नदी में बाढ़ आ गई है। जिले में जगह-जगह बारिश-बाढ़ के चलते सड़कें टूट गई हैं और नदी-नालों का जलस्तर भी बहुत ज्यादा बढ़ गया है।
हिमाचल प्रदेश में बरसात के दौरान ऊपरी इलाकों में बादल फटने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। ताजा मामला शिमला जिले के रामपुर का है। रामपुर के झाकड़ी में आज समेज खड्ड में बादल फटने की घटना सामने आई है। आज यानी गुरुवार सुबह तड़के समेज खड्ड में हाइड्रो प्रोजेक्ट के नजदीक बादल फटा, जिसने इलाके में भारी तबाही मचाई। वहीं, बादल फटने की सूचना मिलते ही रामपुर उपमंडल प्रशासन, एनडीआरएफ, सीआईएसएफ, होमगार्ड और मेडिकल टीम घटनास्थल पर पहुंच गए। एसडीएम रामपुर निशांत तोमर ने बताया कि अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक बादल फटने के कारण प्रभावित क्षेत्र से 36 लोगों के लापता होने की बात कही जा रही है। वहीं, इस तबाही के चलते सड़कें भी जगह-जगह से टूट गई हैं और बंद हैं, जिसके चलते रेस्क्यू टीम दो किलोमीटर पैदल चल कर उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंची है। रेस्क्यू टीम ने राहत बचाव कार्य शुरू कर दिया है। एसडीएम रामपुर ने बताया कि आईटीबीपी, स्पेशल होम गार्ड की टुकड़ी को भी रेस्क्यू दल में शामिल किया गया है। सारी टीमें एक जुट होकर रेस्क्यू कार्यों में जुटी हुई है। एंबुलेंस समेत सभी आधारभूत सुविधाएं रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान तैनात की गई हैं। एसडीएम रामपुर निशांत तोमर ने बताया कि आपदा में लापता लोगों की खोज के लिए रेस्क्यू टीम द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। लोगों को बचाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। बादल फटने की सूचना मिलते ही घटनास्थल के लिए डीसी शिमला अनुपम कश्यप और एसपी संजीव गांधी भी रवाना हो गए हैं। डीसी शिमला अनुपम कश्यप ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ की टीम, पुलिस, रेस्क्यू दल घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। राहत बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। डीसी शिमला ने बताया कि अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर दिया गया है, जिसमें पुलिस, होमगार्ड, अग्निशमन दल, सुन्नी डैम प्रबंधन सहित अन्य विभागों को शामिल किया गया है।
जिला कुल्लू में बीती रात के समय हुई भारी बारिश ने खूब तबाही मचाई है। जिला कुल्लू की मणिकर्ण घाटी की बात करें तो यहां पर मलाणा में बीती रात के समय बादल फट गया, जिसके चलते मलाणा पावर प्रोजेक्ट को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे पार्वती नदी में बाढ़ आ गई है और शाट सब्जी मंडी का भवन भी बाढ़ की चपेट में आ गया है। इसके अलावा जिया व आसपास के ग्रामीण इलाकों को भी खतरा पैदा हो गया है। जिला प्रशासन के द्वारा नदी किनारे रहने वाले लोगों को वहां से हटाया जा रहा है, ताकि किसी प्रकार का जानी नुकसान ना हो सके. इसके अलावा मनाली के पलचान में भी ब्यास नदी में बाढ़ आ गई है, जिसके चलते कई जगह पर सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। कुल्लू मनाली के रायसन में भी सड़क क्षतिग्रस्त होने के चलते यहां पर बड़े वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है। ऐसे में पुलिस व प्रशासन की टीम अनाउंसमेंट करके लोगों को नदी वालों से दूर रहने का भी आग्रह कर रही है। वहीं, निरमंड इलाके के बागी पुल में करीब 10 मकान बह गए हैं और एक दर्जन के करीब लोग भी फिलहाल लापता बताए जा रहे हैं। पुलिस व प्रशासन की टीम भी बागी पुल के लिए रवाना हो गई है और इसके अलावा एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच रही है, ताकि प्रभावित लोगों के लिए राहत बचाव कार्य किया जा सके। डीसी कुल्लू तोरुल एस रवीश ने बताया कि बीती रात हुई बारिश से पार्वती और ब्यास नदी में बाढ़ आ गई है। ऐसे में लोग नदी नालों का रुख बिल्कुल भी न करें।
**अब तक 11 अभ्यर्थियों की बिगड़ी तबियत **1 को हुआ डेंगू सिस्टम के आगे बेबस हो गए है और दो वक्त की रोटी के मोहताज हो गए है, यह कहना है JOA IT पोस्ट कोड 817 के उन अभियर्थियों का जो परिणाम घोषित होने का इंतज़ार कर रहे है और धरने पर बैठे है। इन अभियर्थीओं का कहना है कि उनकी आस अब ख़त्म हो रही है, अभियर्थी बीमार हो रहे है। आपको बता दे कि धरने पर बैठे इन अभ्यर्थियों में से अभी तक 11 अभ्यर्थी बीमार हो चुके हैं, जिनमे से एक अभ्यर्थी तो डेंगू का शिक्कार हो गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि 2020 में विज्ञापित पदों पर JOA IT पोस्ट कोड 817 का अभी तक अंतिम परिणाम जारी नहीं हो पाया। आयोग से बीते सालों से तमाम कानूनी लडाई लड़ने के बाद भी अभ्यर्थी सड़को पर बैठने के लिए मजबूर है। पहले 36 दिन तक कड़ी ठण्ड में शिमला के चौड़ा मैदान में बैठे रहे अब फिर से जब चयन आयोग हमीरपुर ने तारीख पर तारीख दी तो बच्चो को मजबूरी में इस बरसात के मौसम में आयोग के बाहर बैठने के लिए मजबूर कर दिया। इन अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर हम में से किसी को भी कुछ होता है तो उसकी जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ सरकार होगी।
आज संयुक्त पटवारी एवं कानुनगो महासंघ की बैठक उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा के साथ हुई। बैठक में जिलाधीश द्वारा पटवारी-कानूनगो का जिला से राज्य संवर्ग किए जाने बारे व पटवारी एवं कानुनगो द्वारा ऑनलाइन कार्य बन्द करने के साथ पटवारी अतिरिक्त प्रभार की चाबियां सौंपने के बारे विस्तृत चर्चा हुई। बैठक मे जिला अध्यक्ष अमनदीप सिंह द्वारा बताया गया कि पटवारी एवं कानुनगो ने अभी तक कोई हड़ताल नहीं की है, परंतु संसाधनों से जो ऑनलाइन कार्य किए गए जा रहे थे बस उन्हे छोड़ा गया है, जबकि प्रमाण पत्र लिखित तौर पर बना कर जनहित मे कार्य किया जा रहा है, जिससे कि आम जनता को भी परेशानी नहीं आ रही है। साथ ही अतिरिक्त प्रभार वाले कार्यालयों में सरकार से नई भर्तियां करने की गुहार भी महासंघ द्वारा लगाई गई है। जिला अध्यक्ष अमनदीप द्वारा बताया गया कि महासंघ जिलाधीश के माध्यम से सरकार से अपील की है कि वह पटवारी एवं कानूनगों के राज्य स्तरीय कैडर या राज्य स्तरीय तबादला पुनः नीति के निर्णय पर विचार करे कि जनहित के कार्य सुचारु रूप से चले आ रहे हैं वैसे ही चलते रहें।
हिमाचल प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक अच्छी खबर है। प्रदेशभर में अगस्त में आने वाले बिजली के बिल पहले की ही तरह आएगें यानी अगर आपने 125 यूनिट से काम बिजली खर्च की है तो आपके बिजली के बिल इस बार भी पिछले महीनो की तरह ही जीरो आने वाले है और अगर आपने 125 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च की है तो आपको सब्सिडाइज्ड रेट पर ही बिल आएगा। हाल में ही कैबिनेट की बैठक में ये निर्णय लिया गया था कि प्रदेश में मिल रही मुफ्त बिजली का लाभ अब सभी को नहीं मिलेगा, बल्कि इसके लिए कुछ शर्ते राखी गई है लेकिन इसको लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है की आखिर कौन-कौन इसके दायरे में आएगें। सरकार मुफ्त बिजली योजना में कुछ अमेंडमेंट करने पर विचार कर रही है। इसको लेकर लाभार्थियों के लिए कुछ शर्ते में लागू होनी है, लेकिन वो शर्ते क्या होगी और कब से शुरू होगी इसको लेकर अभी कोई आदेश जारी नहीं हुए है। उम्मीद जताई जा रही है मॉनसून सत्र के बाद इसमें कोई बड़ा बदलाव हो सकता है। फिलहाल निश्चिंत रहिए इस महीने भी आपको योजना के पुराने शर्तों के आधार पर ही बिल आएंगें।
वेस्ट वॉरियर संस्था के सहयोग से आज सोलन ज़िला के कसौली उपमण्डल की ग्राम पंचायत कसौली गड़खल में उपमण्डलाधिकारी कसौली नारायण सिंह चौहान ने सुखा कचरा संग्रहण के लिए वेस्ट बैंक का शुभारम्भ किया। उन्होंने सुखा कचरा संग्रहण वाहन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। नारायण सिंह चौहान ने कहा कि वेस्ट बैंक का उद्देश्य कचरा संग्रहण करना है। उन्होंने कहा कि वेस्ट वॉरियर संस्था ने ग्राम पंचायत कसौली गड़खल के साथ मिलकर सांझा प्रयासों से पंचायत के 03 वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण प्रणाली की शुरूआत की गई है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज के लिए कचरा प्रबंधन की आदत को अपनाना नितांत आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अग्राह किया कि नष्ट होने योग्य कचरे और नष्ट नहीं होने योग्य कचरे को अलग-अलग कर कचरा उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें ताकि क्षेत्र को स्वच्छ व सुंदर रखा जा सके। इस अवसर पर ग्राम पंचायत कसौली गड़खल के प्रधान राम सिंह, पंचायत सचिव पवन कुमार, एस.ई.बी.पी.ओ. धर्मपुर राम स्वरूप वर्मा, वेस्ट वॉरियर संस्था से दीपक बुमरा, सुनील कटवाल, आरजु शर्मा, आशीष ठाकुर, पलक शर्मा, मुकदर सिंह, ईशा, भारती सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।
आज राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला से प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर की अध्यक्षता में नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ का प्रतिनिधि मंडल मिला l प्रदीप ठाकुर ने महामहिम महोदय को अवगत करवाया की हिमाचल प्रदेश के 136000 कर्मचारीयों का 9000 करोड़ रुपए केंद्र सरकार के पास है l जो पुरानी पेंशन बहाली के बाद कर्मचारियों तथा प्रदेश सरकार को वापिस मिलना चाहिए l इस विषय से संबंधित राज्यपाल को ज्ञापन दिया और आग्रह किया कि यह राशि प्रदेश सरकार तथा प्रदेश के कर्मचारियों की है और पुरानी पेंशन बहाल होने के उपरांत अब प्रदेश का तथा प्रदेश के कर्मचारियों का पैसा जो एनपीएस (NPS) में योगदान के रूप में केंद्र के पास जमा है वह जल्द से जल्द हिमाचल प्रदेश सरकार तथा कर्मचारियों को वापिस मिलना चाहिए l राज्यपाल ने इस उपलक्ष्य पर कहा कि वह इस विषय को केंद्र सरकार के समक्ष उठाएंगे और आश्वस्त किया की वह अपनी ओर से माननीय प्रधानमंत्री को पत्र लिखेंगे l नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के महासचिव भरत शर्मा ने कहा केंद्र से 9000 करोड़ रुपए की वापसी के लिए हमारे प्रयास जारी है l गत माह उपयुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री को केंद्र सरकार से शेयर वापिस हेतु ज्ञापन सौंपे गए थे और आज इस विषय से संबंधित ज्ञापन राज्यपाल को दिया गया है l आने वाले समय में लोकसभा तथा राज्य सभा सांसद के माध्यम से भी इस विषय पर ज्ञापन दिए जाएंगे l हमारे प्रयास तब तक जारी रहेंगे जब तक राज्य सरकार तथा कर्मचारियों का शेयर एनएसडीएल (NSDL) से वापिस नही आ जाता l इस मौके पर राज्य महासचिव भरत शर्मा, जिला शिमला नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के महासचिव नारायण सिंह, हिमराल संगठन सचिव अमर देव, उपाध्यक्ष विजय ठाकुर, जिला मंडी उपाध्यक्ष दिनेश तथा अन्य पदाधिकारी इस मौके पर उपस्थित रहे l
ज्वालामुखी उपमंडल के तहत खुंडियां के जरुडी में रस्सी का फंदा लगाकर कमरें में पंखे के लिए लगाए गए कुंडे से झूलकर एक पोस्टमास्टर की मौत होने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान अजित सपुत्र विक्रम बाबनियाँ उम्र 24 वर्ष निवासी महेंद्रगढ़ हरियाणा के रूप में हुई है, जोकि खुंडिया के तहत पड़ते गांव जरूडी तहसील मझींन में एक किराए के कमरें में रहता था और डाकघर में पोस्टमास्टर के पद पर कार्यरत था। बहरहाल पुलिस ने इस संदर्भ में मामला दर्ज कर आगामी कारवाई शुरू कर दी है, साथ ही युवक का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए देहरा अस्पताल भेज दिया है। मामले की पुष्टि डी एस पी ज्वालाजी आर पी जसवाल ने की है। जानकारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली की तहसील मझींन के जरूडी में एक युवक ने फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी खुंडियां रंजीत परमार के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने मौके पर जाकर इस मामले को लेकर मकान मालिक सहित अन्य लोगों के बयान दर्ज किए। बताया जा रहा है की पुलिस को मृतक के पास से किसी भी तरह का कोई सुसाइड नोट बरामद नही हुआ है, जिससे इस मामले पर पर्दा उठ सके। बहरहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। ज्वालामुखी और खुंडियां में हफ्ते भर के अंदर ही फंदे पर झूलने से ये तीसरी मौत होने का मामला सामने आया है। आखिर नौजवान इस तरह के कदम क्यूं उठा रहे है, ऐसे में पुलिस भी पूरे मामले की तह से जानकारी हासिल कर रही है।बता दें की ज्वालामुखी के बाद खुंडियां का ये तीसरा मामला पेश आया है जहां एक और युवक ने रस्सी का फंदा लगाकर पंखे के लिए बनाए कुंडे से लटककर अपना जीवन समाप्त कर लिया। इससे पहले ज्वालामुखी और खुंडियां के युवक ने फंदा लगाकर अपनी इहलिला समाप्त की थी और अब ये तीसरा मामला फिर से सामने आया है।
लॉरेट फार्मेसी शिक्षण संस्थान ने हर आँगन एक पौधा अभियान के सहयोग से किया पौधरोपण, इस अभियान के मुख्यसंचालक मिस्टर विवेक शर्मा है। शिक्षण संसथान के प्राचार्य डॉ. एम एस आशावत ने कहा कि जिस प्रकार शरीर को पोषण के लिए भोजन की आवश्यकता होती है, ठीक उसी प्रकार पर्यावरण को शुद्ध रखने के लिए पेड़-पौधों की आवश्यकता होती है। पेड़-पौधे पर्यावरण की अशुद्धियों को सोख लेते हैं और हमें शुद्ध वायु देते हैं। इसकी निरंतरता बनाए रखने के लिए हमें अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने चाहिए। पेड़-पौधे लगाने के बाद उनका संरक्षण करना भी बहुत अनिवार्य है। इस मौके पर डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. सी पी एस वर्मा और हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट डॉ. विनय पंडित ने भी पौधरोपण करते हुए सभी को सन्देश दिया की पेड़-पौधे हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। इनसे पृथ्वी पर ऋतु चक्र बना रहता है। ऋतु चक्र को संतुलित बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाना और उनका संरक्षण करना अनिवार्य है। हमें पौधे का पेड़ बनने तक बच्चों की तरह संरक्षण करना चाहिए। पौधा पेड़ बनकर हमें फल देता है। वहीं एक पेड़ सैकड़ों जिंदगियां बचाने में सक्षम होता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अज्ञानता और स्वार्थ के चलते पेड़ों की कटाई कर देते हैं। इससे पर्यावरण को नुकसान होता है।
जयसिंहपुर : कंवर दुर्गा चंद राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर में आज वनस्पति विज्ञान विभाग तथा पर्यावरण क्लब (इको क्लब) के संयुक्त तत्वावधान में महाविद्यालय परिसर में स्थित हर्बल उद्यान में पौधारोपण किया गया। इस उद्यान में बहुत सारे औषधीय पौधे और जड़ी बूटियों का पौधारोपण किया गया। इस पौधारोपण में अश्वगंधा, घृतकुमारी, तुलसी, नीम, कपूर, वनप्षा, केलालिली आदि जैसे औषधीय फूल व पौधों का रोपण किया गया। पौधारोपण अभियान प्राचार्य प्रो. उपेन्द्र शर्मा के द्वारा पौधारोपण करने के साथ शुरू किया गया। इस अभियान में महाविद्यालय के समस्त शिक्षक व गैर शिक्षक वर्ग शामिल रहे तथा सभी ने पौधारोपण में अपना योगदान दिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए प्राचार्य महोदय ने वनस्पति विज्ञान विभाग की प्रो. पूनम शर्मा व ईको कल्ब के सभी सदस्यों को बधाई दी व आभार व्यक्त किया। इस पौधारोपण अभियान के दौरान प्राचार्य प्रो. उपेन्द्र शर्मा, प्रो रविंद्र जग्गी, डॉ अर्पित कायस्थ, प्रो विकास कलोत्रा, डॉ इंद्र कुमार, डॉ खुशी राम भगत, प्रो सुमिक्सल सूद, प्रो किरण शर्मा, प्रो सचिन कुमार, प्रो अंशु देवी, प्रो हरजिंद्र सिंह, प्रो ललिता शर्मा, डॉ आस्था गुप्ता, प्रो सरजनी नेगी, प्रो शिवानी शामिल रहे।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के वेदव्यास परिसर में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन समिति की बैठक हुई, जिसका आयोजन परिसर निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी की अध्यक्षता में किया गया। समिति के संयोजक डॉ. मनोज ने बैठक का आरंभ किया। इस बैठक में परिसर के आंतरिक गुणवत्ता हेतु विभिन्न पक्षों पर गंभीरता से चर्चा हुई, जिसमें मुख्य रूप से परिसर की आधारभूत संरचना के सुधार एवं निर्माण पर आम सहमति नजर आई। वहीं परिसर में छात्रों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुस्तकालय के नए भवन निर्माण हेतु भी विस्तार पूर्वक चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त छात्रों की सुविधाओं के लिए प्रत्येक क्लास रूम में डिजिटल बोर्ड एवं नए पंखे लगवाने पर भी विचार किया गया। बैठक के समापन पर समिति के सचिव विक्रमजीत ने सबका धन्यवाद किया। बैठक के दौरान आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन समिति के समस्त सदस्य, समस्त विभागाध्यक्ष,अनुभाग अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने कम विद्यार्थी संख्या वाले स्कूलों के पुर्नगठन व शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। इस संबंध में सरकार की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। बीते दिनों हुई कैबिनेट बैठक के फैसले के बाद सरकार ने राज्य में शून्य विद्यार्थी संख्या वाले 99 स्कूलों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें 89 प्राथमिक तथा 10 माध्यमिक स्कूल शामिल हैं। इसी तरह पांच या पांच से कम विद्यार्थी संख्या वाले प्राथमिक स्कूलों को उनके दो किलोमीटर की परिधि में स्थित दूसरे प्राथमिक या माध्यमिक स्कूल(जहां पांच से अधिक बच्चे हों) में समाहित (मर्ज) करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पांच या पांच से कम विद्यार्थी संख्या वाले माध्यमिक स्कूलों को उनके तीन किलोमीटर की परिधि में स्थित दूसरे माध्यमिक स्कूल( जहां पांच से अधिक बच्चे हैं) में मर्ज करने को कहा है। इसके साथ ही प्रदेश में सभी अध्यापकों के तबादले वर्ष में केवल एक बार, शैक्षणिक सत्र के समापन पर ही किए जाएंगे। 31 जुलाई, 2024 के बाद शैक्षणिक सत्र में किसी भी शिक्षक का तबादला नहीं होगा। शिक्षा विभाग में जेबीटी और एचटी का तबादला (अंतर पोस्टिंग) आपस में किया जाएगा, बशर्ते हर जीपीएस में एक ही एचटी कार्यरत रहेगा। एचटी भी अध्यापन कार्य करेंगे। बंद या मर्ज किए गए स्कूलों में कार्यरत अध्यापकों को पद सहित नजदीक के स्कूलों या अधिक विद्यार्थी संख्या वाले अन्स्कूलों में सचिव शिक्षा के अनुमोदन के बाद स्थानांतरित किया जाएगा। इसके बाद भी अगर शिक्षक उपलब्ध होंगे तो उनका एक पूल निदेशक स्तर पर बनाया जाएगा व उन्हें अवश्यकता अनुसार स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा । कई पाठशालाओं में बच्चों की संख्या कम हो रही है तथा अध्यापकों की संख्या या समान है या ज्यादा हो रही है। ऐसे में बच्चों की संख्या के अनुपात के अनुसार अध्यापकों का भी समायोजन किया जाएगा । यह प्रक्रिया वर्तमान में लागू अधिसूचना के अनरूप प्रशासनिक विभाग की ओर से पूरी की जाएगी। प्रशासनिक पदों पर विद्यालयों में कार्यरत मुख्याध्यापक, प्रिंसिपल अपने प्रशासनिक कार्य के अतिरिक्त कम से कम एक कक्षा में अपने विषय को पढ़ाएंगे। इसके अतिरिक्त, प्राथमिक स्कूलों के केंद्रीय मुख्य शिक्षक तथा मुख्य शिक्षक भी जेबीटी के समकक्ष ही अध्यापन कार्य करेंगे। अध्यापन संबंधी कार्य को इनकी एसीआर में भी अंकित किया जाएगा। प्रदेश के सभी स्कूलों में सुबह प्रार्थना सभा में बच्चों के लिए शारीरिक व्यायाम करना अनिवार्य होगा, जिसके लिए कम से कम 15 मिनट का समय निर्धारित होगा तथा शारीरिक शिक्षक ही यह जिम्मेदारी निभाएंगे। शारीरिक शिक्षक जिस भी स्कूल, स्कूल कलस्टर में तैनात हैं, वे वहां सभी कक्षाओं तथा कलस्टर में शामिल सभी स्कूलों के बच्चों को शारीरिक व्यायाम /खेल गतिविधियां करवाएंगे। जिन स्कूलों में कोई शारीरिक शिक्षक नहीं हैं, वहां अन्य कोई अन्य अध्यापक यह कार्य करवाएगा। इसके अतिरिक्त सुबह की प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान भी अवश्य गाया जाएगा। प्रार्थना सभा सर्वधर्म समभाव को बढ़ाने वाली होगी। साथ ही 'ऐ मालिक तेरे बंदे हम व 'इतनी शक्ति हमे देना दात्ता.. को भी प्रार्थना के रूप में शामिल किया जाएगा। प्रत्येक स्कूल में प्रतिदिन खेल,शारीरिक प्रशिक्षण का एक पीरियड जरूर होगा। स्कूलों में सीपीआर तथा प्राथमिक चिकित्सा की ट्रेनिंग दी जाएगी। सभी बंद किए गए या समाहित किए गए स्कूलों की अचल संपत्तियों, संसाधनों को किसी भी अन्य संस्था अथवा विभाग को स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। बल्कि उक्त संसाधनों, संपत्तियों को शिक्षा विभाग की अनुमति एवं संबंधित स्थानीय निकायों की सहमति से सामुदायिक पुस्तकालयों, व्यायामशालों एवं खेलकूद गतिविधियों के केंद्र के रूप में उपयोग में लाया जाएगा, जिला लाहौल एवं स्पीति में 121 और जिला किन्नौर में 29 ऐसे प्राथमिक स्कूल हैं, जिनमें बच्चों की संख्या पांच या पांच से कम है। ऐसी स्थिति में आवासीय विद्यालय की संभावना को तलाशा जाएगा। इसे पायलट के तौर पर लाहौल एवं स्पीति तथा किन्नौर जिले मे शुरू किया जाएगा । शिक्षा विभाग की ओर से कुछ स्थानों पर लड़कों और लड़कियों की पढ़ाई के लिए अलग-अलग स्कूलों को चलाया जा रहा है। इन स्कूलों में भी बच्चों की संख्या कम हो रही है। ऐसे में जहां ऐसा करना संभव हो, इन स्कूलों को एक ही स्कूल में मर्ज करके सह शिक्षा स्कूल के रूप में चलाया जाएगा ताकि बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान की जा सके। साथ ही उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग किया जा सके। ऐसे मामलों का मामलावार निर्णय सचिव शिक्षा के स्तर पर लिया जाएगा। शिक्षा सचिव ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को इन निर्णयों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए आगामी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। साथ ही इन निर्णयों को लागू करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया भी तदानुसार तैयार करना सुनिश्चित करने को कहा है।
ऊना: प्रवर्तन निदेशालय द्वारा आयुष्मान भारत योजना में धांधली के आरोपों को लेकर बुधवार सुबह ऊना जिला मुख्यालय के एक निजी अस्पताल में छापेमारी की। हालांकि ये छापेमारी सिर्फ अस्पताल परिसर ही नहीं, बल्कि इसके साथ-साथ अस्पताल संचालक के मेहतपुर-बसदेहड़ा स्थित घर और अस्पताल के ही एक कर्मचारी के पंजाब के नंगल स्थित घर में की गई। ये तीनों ही स्थान ऊना के एक ही अस्पताल से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। जिस पर आयुष्मान भारत योजना में बड़े स्तर पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। बुधवार सुबह डायरेक्टर ऑफ एनफोर्समेंट की तीन टीमों ने ऊना जिला मुख्यालय के एक निजी अस्पताल संचालक के घर और अस्पताल के एक कर्मचारी के नंगल स्थित घर पर दबिश दी। जिला मुख्यालय के चंडीगढ़ धर्मशाला नेशनल हाईवे पर स्थित निजी अस्पताल बांके बिहारी हेल्थकेयर में बुधवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने छापेमारी की। छापेमारी में आयुष्मान भारत योजना से जुड़े हुए कई दस्तावेजों को भी ईडी द्वारा खंगाला जा रहा है। वहीं, ईडी द्वारा अस्पताल के रिकॉर्ड के साथ-साथ अस्पताल संचालक और कर्मचारी के घर से भी कई चीजों को जब्त किया जा सकता है। वहीं, इस छापेमारी से जिलेभर में हड़कंप का माहौल है। मामला आयुष्मान भारत योजना की धांधली से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसके चलते 23 जनवरी 2023 को हिमाचल प्रदेश स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा भी धोखाधड़ी के आरोप में इस अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। प्रवर्तन निदेशालय की इस छापेमारी में सिर्फ ऊना जिले का बांके बिहारी हेल्थकेयर निजी अस्पताल ही नहीं, बल्कि कांगड़ा स्थित फोर्टिस और बालाजी अस्पतालों के नाम भी शामिल हैं। वहीं, इसमें हिमाचल प्रदेश के बड़े राजनीतिक चेहरों के ठिकानों पर भी ईडी ने छापेमारी शुरू कर दी है। इसमें कांग्रेस विधायक आरएस बाली और कांग्रेस नेता डॉ. राजेश शर्मा का भी नाम शामिल है। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा साझा की जानकारी के मुताबिक इस मामले को लेकर दिल्ली चंडीगढ़ सहित हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, ऊना, शिमला, मंडी और कुल्लू के करीब 19 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई है।
** केंद्र सरकार के पास साल 2018 से थी लंबित शिमला: देश में दूसरे राज्यों को रोशन करने वाले हिमाचल के हिस्से एक और बड़ी कामयाबी आई है। केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने वन संरक्षण अधिनियम चरण-2 के तहत किन्नौर जिले में शोंगटोंग-कड़छम जल विद्युत परियोजना के लिए करीब 85 बीघा जमीन के उपयोग की स्वीकृति प्रदान कर दी है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस परियोजना के निर्माण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ये स्वीकृति केंद्र सरकार के पास वर्ष 2018 से लंबित थी। प्रदेश सरकार के निरंतर प्रयासों से यह महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि परियोजना का कार्य पूरा करने के लिए पुल निर्माण के लिए इस भूमि की आवश्यकता थी। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वन संरक्षण अधिनियम के तहत यह स्वीकृति केंद्र सरकार के पास लंबे समय से विचाराधीन थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने कड़े प्रयास करते हुए स्वीकृति प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से प्रथम चरण की स्वीकृति 19 मार्च, 2024 को प्रदान की गई थी। इसके बाद राज्य सरकार ने आवश्यक नियमों व शर्तों की अनुपालना रिपोर्ट सैद्धांतिक मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को सौंपी और केंद्र सरकार से अंतिम स्वीकृति के लिए आग्रह किया। सीएम ने कहा कि शोंगटोंग-कड़छम जल विद्युत परियोजना राज्य की विद्युत उत्पादन क्षमता को बढ़ाएगी। जो राज्य की आर्थिकी को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी। 450 मेगावाट शोंगटोंग कड़छम जल विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य 2012 में अवॉर्ड किया था, जो नवंबर 2026 तक पूरा होना है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि परियोजना से विद्युत उत्पादन के लिए एक ट्रांसमिशन लाइन बिछाई जा रही है। परियोजना का कार्य समय पर पूरा करने के लिए ट्रांसमिशन की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि प्रदेश सरकार को कोई वित्तीय नुकसान न हो। सीएम सुक्खू ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के साथ-साथ जल विद्युत का दोहन करना प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि ऊर्जा क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाला प्रमुख क्षेत्र है। राज्य सरकार ने विभिन्न पहलों से प्रदेश में हरित उद्योग को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है, जिससे ये प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान कर सके।
हिमाचल प्रदेश वन निगम ने वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान 2.17 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान 8 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2023-24 में 10.04 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया। पिछले वर्ष मानसून के प्रकोप के कारण शिमला शहर में क्षतिग्रस्त हर 618 पेड़ों की लकड़ी को बेचकर भी निगम ने 2.50 करोड़ रुपये का लाभ कमाया। हाल ही में शिमला में राज्य वन विकास निगम की 214वीं निदेशक मंडल की बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी निगम के इन प्रयासों की सराहना की। इसी कड़ी में अगर सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन में स्थित वन निगम नाहन के डिवीजन ऑफिस की बात करें, तो इस ऑफिस ने सिर्फ टैंडर फार्म की बिक्री से ही 6.50 लाख रुपये कमाए। यही नहीं यहां 72 लाख की सेविंग भी की गई। वन निगम को फायदे में लाने के लिए डिवीजन ऑफिस द्वारा कुछ इनोवेशन सहित अन्य कार्य किए गए। इसी के चलते कुछ ही समय में वन निगम नाहन का यह कार्यालय कमाऊ पूत बनकर सामने आ रहा है। यही नहीं इस वित्त वर्ष में प्रॉफिट के लक्ष्य को भी करीब 2 करोड़ रुपए बढ़ाया गया है, ताकि वन निगम को ज्यादा से ज्यादा फायदे में लाया जा सके। वन निगम नाहन कार्यालय के मंडलीय प्रबंधक एके वर्मा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में 1972 में वन निगम की स्थापना की गई और तभी से जिला मुख्यालय नाहन में भी निगम का डिवीजन ऑफिस चल रहा है। जंगलों से सूखे-गिरे पेड़ों को काटने के अलावा बिरोजे से संबंधित काम वन निगम देखता है। यह कार्य वन विभाग स्वयं न करके वन निगम को देता है और निगम इन सूखे व गिरे पेड़ों को काटकर उनके लॉट बनाकर लकड़ी को डिपो के जरिए से विक्रय करता है।
कांगड़ा जिला के मुख्यालय धर्मशाला में अब हुड़दंग करने वालों और ओवरस्पीड राइडर्स की खैर नहीं, क्योंकि इन पर अब पुलिस की निगरानी बढ़ने वाली है। हुड़दंगियों और ओवरस्पीड राइडर्स पर निगरानी के लिए धर्मशाला में 6 इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) इंस्टॉल किए जा रहे हैं, जिन्हें जल्द ही शुरू किया जाएगा। वहीं, आईटीएमएस के जरिए शहर और शहर से आने-जाने वाले रास्तों पर यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों पर पुलिस की कड़ी नजर रहेगी। बता दें कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत कांगड़ा पुलिस धर्मशाला में आईटीएमएस इंस्टॉल कर रही है, जिससे शहर को हुड़दंगियों और ओवरस्पीड राइडर्स से राहत मिल सके। अभी तक कांगड़ा जिले में 2 आईटीएमएस संचालित किए गए हैं, जिनमें एक धर्मशाला सिविल लाइन में है और दूसरा ज्वालामुखी में इंस्टॉल किया गया है। एएसपी कांगड़ा वीर बहादुर ने बताया कि शहर में 6 नए आईटीएमएस में से 3 पालमपुर रोड में कचहरी के साथ, सिद्धबाड़ी में और शीला चौक से पास्सू को जाने वाले मार्ग पर लगाए जाएंगे, जबकि बाकी तीन चीलगाड़ी, सकोह और धर्मशाला-सुधेड़ रोड पर इंस्टॉल किए जाएंगे। आईटीएमएस इंस्टॉल होने के बाद शहर में ओवर स्पीड करने वालों की तादाद में भी कमी आएगी और गाड़ियों की स्पीड भी नियंत्रित होगी, जबकि मौजूदा समय में कई दोपहिया और चौपहिया गाड़ियां तेज रफ्तार से दौड़ती हुई दिखाई देती हैं। एएसपी वीर बहादुर ने बताया कि धर्मशाला शहर में अब बड़ी गाड़ियों की स्पीड लिमिट 25 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है, जबकि छोटी गाड़ियों की स्पीड लिमिट 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है। वहीं, मैदानी इलाके में ये स्पीड 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है। आईटीएमएस लगने के बाद शहर में रोड किनारे जगह-जगह पर स्पीड लिमिट के बोर्ड लगाए जाएंगे, जिससे लोग ट्रैफिक रूल्स का पालन करें, गाड़ियों को ओवरस्पीड में न चलाएं और हुड़दंग न मचाएं।
** डीएफओ को 25 पेड़ कटवाने की पॉवर हिमाचल में अब जंगलों में गल-सड़ रहे सूखे पेड़ों को आसानी से काटा जा सकेगा। सरकार ने सूखे पेड़ों पर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है। इसके तहत अब वन रक्षक अपने स्तर पर दो पेड़ और वन मंडल अधिकारी 25 पेड़ काटने की अनुमति दे सकता है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को इस संबंध में एसओपी जारी की है। हालांकि राज्य सरकार ने पिछले साल ही जंगलों में सूख रहे पेड़ों को काटने संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए थे। इस अवधि के दौरान वन विभाग और निगम ने बीते वर्ष 15 हजार क्षतिग्रस्त पेड़ों को प्रसंस्कृत किया। इससे लकड़ी की बिक्री से राजस्व प्राप्त हुआ। इसके परिणामस्वरूप राज्य सरकार की रॉयल्टी आय मात्र डेढ़ वर्ष में 35 से बढक़र 70 करोड़ रुपए हो गई। प्रदेश सरकार ने एक रणनीतिक फैसला लेते हुए वन विभाग की निर्माण शाखा को बंद करने का निर्णय लिया। इसे वानिकी गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा वन बीट से सर्किल तक योजना में बेहतर काम करने पर वन विभाग के कर्मचारियों को नवाजा जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी विभागों में बड़े बदलाव के फैसले लिए हैं। इनमें वन विभाग भी शामिल है। अब डीएफओ जंगलों में गले-सड़ेे पेड़ों को बेचने और काटने की अनुमति दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एफसीए में स्टेज वन की अनुमति प्राप्त होने के बाद वन मंडल अधिकारी वनों को काटने की अनुमति दे सकता है। इसका बड़ा फायदा फोरलेन के प्रोजेक्ट में मिलेगा। वन विभाग खुद पेड़ों को काटने की प्रक्रिया शुरू कर पाएगा और इसे ठिकाने भी लगाएगा।
** मुख्यमंत्री बोले, बच्चों में देशभक्ति की भावना जगाने का रहेगा प्रयास प्रदेश सरकार विद्यार्थियों का समग्र एवं समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यार्थियों में राष्ट्रीयता और देशभक्ति की भावना जागृत करने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूलों में राष्ट्रगान के साथ प्रात:कालीन प्रार्थना सभा आयोजित का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त सभी उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में प्रतिदिन अनिवार्य रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराने का भी निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से युवा पीढ़ी में एकता और देशभक्ति की भावना जागृत हो। इससे विद्यार्थी भविष्य में राष्ट्र के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे। प्रदेश सरकार ने कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत शिक्षा प्रणाली में विभिन्न सुधारात्मक कदम उठाए हैं और शिक्षा प्रणाली में इन निर्णयों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुधार राज्य सरकार की समग्र शिक्षा प्रदान करने की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हैं। प्रदेश सरकार की पहल से विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने और उनमें आदर्श नागरिक की जिम्मेदारियां पैदा करने में सहायता मिलेगी। सरकार का लक्ष्य बच्चों में राष्ट्रीयता की भावना जागृत कर अखंड भारत के निर्माण के लिए तैयार करना है। प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों का शारीरिक विकास सुनिश्चित करने के लिए शारीरिक शिक्षा और योग को पाठ्यक्रम में अनिवार्य विषय बनाने का निर्णय लिया है। इससे सभी स्कूलों में विद्यार्थी प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट शारीरिक व्यायाम करेंगे। इस दौरान शारीरिक शिक्षक एवं अन्य अध्यापक विद्यार्थियों को व्यायाम करवाना सुनिश्चित करेंगे। सीएम ने कहा कि स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के सहयोग से विद्यार्थियों को सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को जीवन रक्षक कौशल का ज्ञान मिलेगा।
** ट्रांसप्लांट और अंगदान के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण उपलब्धि पर किया जाएगा सम्मानित डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा अस्पताल को उभरते राष्ट्रीय प्रत्यारोपण और अंग पुनप्र्राप्ति केंद्र पुरस्कार(इमर्जिंग नेशनल ट्रांसप्लांट एंड ऑर्गन रेट्रीवाल सेंटर अवार्ड) के लिए पूरे भारत में श्रेष्ठ पुरस्कार से नवाजा जाएगा। राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (एनओटीटीओ) की ओर से 14 वें भारतीय अंगदान दिवस के अवसर पर भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव गणपतराव जाधव और अनुप्रिया पटेल द्वारा टांडा मेडिकल कॉलेज व अस्पताल को तीन अगस्त को नई दिल्ली में पुरस्कार से नवाजा जाएगा। इस तरह पूरे भारत में श्रेष्ठ रहने पर डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा अस्पताल के नाम एक और कीर्तिमान स्थापित हो जाएगा। राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन के निदेशक डा. अनिल कुमार की ओर से टीएमसी को इस समारोह के लिए आमंत्रित किया गया है। टीएमसी के प्रधानाचार्य डा. मिलाप शर्मा शनिवार को दिल्ली में भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा के हाथों से यह पुरस्कार प्राप्त करेंगे। यह हिमाचल प्रदेश के लिए गौरव के क्षण होंगे। यह सब टांडा मेडिकल कालेज व अस्पताल के प्रधानाचार्य डा. मिलाप शर्मा के बेहतरीन निर्देशन व नेफ्रोलॉजी विभाग के एचओडी विभागाध्यक्ष डा. अभिनव राणा, विषेशज्ञ किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन डा. अमित शर्मा के अथक प्रयासों से संभव हो पाया हैै।
** विक्रमादित्य बोले, सरकारी अस्पतालों में अभी भी हो रहा इलाज पूर्व सरकार ने बिना बजट के ही प्रदेश में हिमकेयर योजना शुरु की थी। जिसके चलते प्रदेश के प्राईवेट अस्पतालों की करोड़ों की देनदारी हो चुकी है। यह बात प्रदेश के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मंडी में जिला जन शिकायत निवारण समिति की पहली बैठक के उपरांत कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हिमकेयर योजना सरकारी अस्पतालों में निरंतर जारी है। यह योजना केवल प्राइवेट अस्पतालों में हिमकेयर योजना को बंद किया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने इस योजना को बिना बजट के शुरू किया था। यह योजना सरकार के अंतिम छह महीनों में उसी तरह से शुरू की गई थी, जिस तरह से 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना थी। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की और जोगिंद्रनगर से कुल्लू तक वाया भुभूजोत होते हुए नया एनएच बनाने की मांग रखी है। इससे कुल्लू जिला के पर्यटन को नए पंख लगने के साथ ही मंडी जिला को भी इसका लाभ मिलेगा। सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ योजना का चौथा चरण जल्द ही लागू होने जा रहा है। इस चरण में ऐसे गांवों को सडक़ सुविधा से जोडऩे का प्रावधान होने वाला है जिनकी आबादी 100 या 200 है। उन्होंने कहा केंद्र सरकार के साथ समन्वय बनाकर विकास कार्यों को पूरा किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में बैचवाइज आधार पर चयनित 221 टीजीटी के स्कूल बदल दिए गए हैं। बुधवार को ही इन शिक्षकों को स्कूलों में पद ग्रहण करना होगा। बीते सप्ताह प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने विद्यार्थियों के कम दाखिलों वाले स्कूलों में कई शिक्षकों को नियुक्तियां दे दी थीं। एक ही स्कूल भी दो-दो नवनियुक्त शिक्षकों को आवंटित कर दिए गए। इन गलतियों के सामने आने के बाद निदेशालय ने कुछ नियुक्तियों को रोक लगाई और मंगलवार को इस बाबत संशोधित अधिसूचना जारी की गई। टीजीटी आर्ट्स में 127, मेडिकल में 37 और नॉन मेडिकल में 57 शिक्षकों को अब नए स्कूलों में तैनाती दी गई है। 23 जुलाई को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने अधिसूचनाएं जारी कर कई शिक्षकों के स्कूलों में बदलाव किए थे। 24 जुलाई की सुबह इन संशोधित आदेशों को रोक दिया गया। स्कूल आवंटित करने की प्रक्रिया में कई खामियां रहने के चलते यह राेक लगाई गई थी। कुछ शिक्षकों को ऐसे स्कूलों में भी भेज दिया गया जहां पहले से पर्याप्त संख्या में टीजीटी नियुक्त थे। मामला ध्यान में आते ही निदेशालय ने नवनियुक्त शिक्षकों के संशोधित नियुक्ति निर्देशों को आगामी फैसले तक रोक दिया था। अब इन शिक्षकों को नए सिरे से स्कूल आवंटित कर दिए गए हैं। शिक्षा विभाग ने बीते दिनों 1049 टीजीटी का बैचवाइज आधार पर चयन किया है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को पत्र जारी कर पांच से अधिक विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूलों में ही बैचवाइज आधार पर चयनित जेबीटी को नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को अतिरिक्त निदेशक की ओर से जारी पत्र में कहा गया कि जिन स्कूलाें में विद्यार्थियों की संख्या 20 से अधिक है और वहां प्रतिनियुक्ति पर शिक्षक हैं तो ही नियुक्ति की जाए। जिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या अधिक है और शिक्षकों की तैनाती कम है, वहां भी शिक्षकों को नियुक्तियां देने में प्राथमिकता दी जाए। शिक्षकों को ऐसे स्कूलों में नियुक्त न किया जाए जहां विद्यार्थियों की संख्या पांच से कम हो। ऐसे स्कूलों को जल्द ही नजदीकी स्कूलों में मर्ज किया जाना है। प्रदेश में शिक्षकों का युक्तिकरण करने के साथ ही अब गैर शिक्षकों के युक्तिकरण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों से उनके कार्यालयों सहित स्कूलों में आवश्कता से अधिक तैनात गैर शिक्षकों का ब्योरा तलब किया है। इसके लिए एक परफार्मा भी जारी किया गया। स्कूल में कितने विद्यार्थियों के दाखिले हैं, गैर शिक्षकों के कितने पद सृजित हैं, कितने पदों पर नियुक्तियां हैं, कितने पद रिक्त हैं, गैर शिक्षक यहां पर कितने समय से कार्यरत है। इसकी जानकारी निदेशालय को देने के लिए कहा गया है।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में वेदांत विभाग की एक संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें "भगवान दास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय" हरिद्वार के वेदांत विभाग के सहायकाचार्य आदित्य प्रकाश ने वेदांत में जीव स्वरूप पर अपना विचार पस्तुत किया। वेदांत विषय के सहायकाचार्य डा रघु बी राज ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। अदित्य प्रकाश ने जीवात्मा की आत्मा के स्वरूप की एकता का प्रतिपादन करते हुए आस्तिक नास्तिक दर्शनों में जीव का क्या स्वरूप है, इसका सम्यक रूप से प्रतिपादन किया। उन्होंने बताया कि वेदांत जीव ब्रह्म की एकता का प्रतिपादन करता है जीव ब्रह्म भाव को कैसे प्राप्त होता है इसका भी उन्होंने उल्लेख किया। इस संगोष्ठी में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय वेदव्यास परिसर के निदेशक प्रो.सत्यम कुमारी ने सर्व दर्शनों में जीव संप्रत्यय मोक्ष प्राप्ति के साधन पर विशेष रूप से चर्चा की। इस संगोष्ठी का क्रियान्वयन वेदान्त विभाग के अध्यक्ष प्रो मंजूनाथ भट्ट ने किया। संगोष्ठी के इस कार्यक्रम का संचालन डा प्रिंस चक्रवर्ती ने किया। कार्यक्रम के अंत में डा राजन मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर परिसर निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी सहित वेदांत विभागाध्यक्ष प्रो. मंजूनाथ भट्ट, शिक्षा शास्त्री विभागाध्यक्ष प्रो शीशराम व वेदांत विभाग के समस्त सहायकाचार्य एवं छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे।
सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग में निजी सहायक के पद पर तैनात जयपाल चौधरी के सम्मान में आज सेवानिवृत्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। निदेशक राजीव कुमार की अध्यक्षता में छोटा शिमला स्थित निदेशालय में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। सूचना एवं जन सम्पर्क परिवार की ओर से शुभकामनाएं देते हुए राजीव कुमार ने जयपाल चौधरी की बहुमूल्य सेवाओं की सराहना की और उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। संयुक्त निदेशक महेश पठानिया ने उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए अपने अनुभव साझा किए। जयपाल चौधरी 4 जून, 1988 को आशुटंकक के पद पर नियुक्त हुए और 36 वर्ष से अधिक समय तक विभाग में विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं प्रदान की। इस अवसर पर विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने कहा कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही विभिन्न योजनाएं लक्षित वर्गों का सम्बल बन रही हैं। मनमोहन शर्मा आज यहां ज़िला स्तरीय सार्वजनिक वितरण समिति एवं ज़िला स्तरीय सतर्कता समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मनमोहन शर्मा ने कहा कि सोलन ज़िला में 340 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से जनवरी, 2024 से जून, 2024 तक विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं को लगभग 13,285 क्विंटल चीनी, लगभग 69,186 क्विंटल चावल, लगभग 1,07,244 क्विंटल आटा, लगभग 19581 क्विंटल उड़द, चना, मूंग एवं मलका दाल, 11,32,141 लीटर खाद्य तेल तथा लगभग 3013 क्विंटल आयोडाईज्ड नमक वितरित किया गया। उन्होंने कहा कि ज़िला में 340 उचित मूल्य की दुकानों में से 202 दुकानें सहकारी सभाओं, 130 व्यक्तिगत, 02 महिला मण्डलों तथा 06 ग्राम पंचायतों द्वारा संचालित की जा रही हैं। मनमोहन शर्मा ने कहा कि सोलन ज़िला में वर्तमान में 19 गैस एजेन्सियों के माध्यम 2,04,334 पंजीकृत घरेलू गैस उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि ज़िला में उपभोक्ताओं तक घरेलू गैस वितरित करने की जानकारी पूर्व में पहुंचनी चाहिए ताकि सभी बिना किसी परेशानी के घरेलू गैस प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित बनाया जाना चाहिए कि रसोई गैस का वितरण निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार हो। बैठक में ज़िला के विभिन्न स्थानों पर आवश्यकता एवं मांग के अनुसार उचित मूल्य की दुकानें खोलने के लिए चयनित स्थानों पर विचार-विमर्श भी किया गया। उपायुक्त ने सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उचित मूल्य की दुकानों का समय-समय पर निरीक्षण करते रहें ताकि उचित मूल्य पर बेहतर गुणवत्ता की खाद्य सामग्री बिल के साथ उपभोक्ताओं को उपलब्ध हो। बैठक में स्कूली बच्चों की मिड डे मील, गर्भवत्ती एवं धात्री महिलाओं तथा 06 माह से 06 वर्ष तक के बच्चों को पोषाहार सहित अन्य विषयों पर सारगर्भित चर्चा की गई। ज़िला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नरेन्द्र कुमार धीमान ने विभागीय कार्य प्रणाली एवं आवश्यक मदों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा डॉ. शिव कुमार, ज़िला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) कविता गौतम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष कैप्टन रामेश्वर सिंह ठाकुर ने आज राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को आयोग के अन्य सदस्यों की उपस्थिति में वर्ष 2023-24 के लिए आयोग की 53वीं वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। राज्यपाल ने इस अवधि के दौरान आयोग के लक्ष्यों को प्राप्त करने में किए गए प्रयासों के लिए आयोग के सभी सदस्यों, अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी।
राज्य सरकार के प्रयासों से विद्यार्थियों में जागृत होगी देशभक्ति की भावनाः मुख्यमंत्री प्रदेश सरकार विद्यार्थियों का समग्र एवं समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यार्थियों में राष्ट्रीयता और देशभक्ति की भावना जागृत करने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूलों में राष्ट्रगान के साथ प्रातःकालीन प्रार्थना सभा आयोजित का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, सभी उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में प्रतिदिन अनिवार्य रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराने का भी निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से युवा पीढ़ी में एकता और देशभक्ति की भावना जागृत हो। इससे विद्यार्थी भविष्य में राष्ट्र के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत शिक्षा प्रणाली में विभिन्न सुधारात्मक कदम उठाए हैं और शिक्षा प्रणाली में इन निर्णयों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों का शारीरिक विकास सुनिश्चित करने के लिए शारीरिक शिक्षा और योग को पाठ्यक्रम में अनिवार्य विषय बनाने का निर्णय लिया है। इससे सभी स्कूलों में विद्यार्थी प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट शारीरिक व्यायाम करेंगे। इस दौरान शारीरिक शिक्षक एवं अन्य अध्यापक विद्यार्थियों को व्यायाम करवाना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के सहयोग से विद्यार्थियों को सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों कोे जीवन रक्षक कौशल का ज्ञान मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुधार राज्य सरकार की समग्र शिक्षा प्रदान करने की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हैं। प्रदेश सरकार की पहल से विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने और उनमें आदर्श नागरिक की जिम्मेदारियां पैदा करने में सहायता मिलेगी। सरकार का लक्ष्य विद्यार्थियों की दिनचर्या में इन गतिविधियों को शामिल कर उनमें राष्ट्रीयता की भावना जागृत कर अखंड भारत के निर्माण के लिए तैयार करना है।
जिला कुल्लू की नगर पंचायत भुंतर में नगर पंचायत सचिव के द्वारा रेहड़ी फहड़ी वालों पर जहां बीते दिन कार्रवाई की गई थी। तो वहीं अब रेहडी संचालकों ने नगर पंचायत सचिव के खिलाफ मोर्चा खोल दिए है। रेहडी संचालको ने भुंतर बाजार में एक रोष रैली निकाली और नगर पंचायत भुंतर के कार्यालय के बाहर भी धरना प्रदर्शन किया। रेहडी संचालकों का कहना है कि वह यहां पर लगभग 35 सालों से कारोबार कर रहे हैं और इस कारोबार से ही अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं, लेकिन अब नगर पंचायत भुंतर के सचिव उनके रोजगार को छीन कर उनके पेट पर लात मार रही है। भुंतर रेहडी फड़ी के प्रघान भीमू व रेहड़ी संचालक देवेंद्र कुमार, दिले राम, राम सिंह का कहना है कि वह कई सालों से यहां पर अपना कारोबार कर रहे हैं। लेकिन कुछ दिनों से नगर पंचायत के सचिव द्वारा उन्हें अपने स्थान से हटाया जा रहा है। जो बिल्कुल भी सही नहीं है। नगर पंचायत को भी इस बात की जानकारी है कि वह सब कितने सालों से यहां पर कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में नगर पंचायत के सचिव द्वारा जो कार्रवाई की जा रही है। वह बिल्कुल भी सही नहीं है। नगर पंचायत को चाहिए कि वह उनके लिए विशेष स्थान की व्यवस्था करें। ताकि भुंतर शहर की भी सुंदरता बनी रह सके और रेहडी संचालकों को भी रोजगार के लिए दिक्कत का सामना न करना पड़े। वही नगर पंचायत भुंतर के सचिव हर्षित शर्मा ने बताया कि भुंतर शहर को साफ रखने की दिशा में यह कदम उठाए जा रहा है। प्रशासन के आदेशों के अनुशार ही यह कर्रवाई की जा रही है। रेहडी संचालकों के द्वारा उन्हें अपना एक मांग पत्र दिया गया है और इस मांग पत्र को वे प्रशासन के समक्ष रखेंगे। ताकि रेहडी संचालकों को भविष्य में दिक्कत का सामना न करना पड़े। वहीं नगर पंचायत प्रधान मीना ठाकुर का कहना है कि रेहड़ी फड़ी वालों को हटाने बारे हमें कोई भी सूचना नहीं दी गई है । पूरा भुंतर शहर हमारा एक परिवार की तरह है किसी का भी रोजगार नहीं उजड़ना चाहिए । अगर सरकार इन्हें उठाना चाहती है तो इससे पहले इनके रोजगार चलाने की व्यवस्था भी करें। इन्हें कहीं ऐसा स्थान दिया जाए जहां पर यह अपना रोजगार चला सके और अपने परिवार का पालन पोषण कर सके । साथ ही नगर पंचायत की प्रधान मीना ठाकुर ने कहा कि भुंतर सहित पूरे जिला में कूड़े की बहुत ज्यादा समस्या उत्पन्न हो गई है । डंपिंग साइड के बीना हालत बहुत खराब हो गए हैं। सरकार शीघ्र कूड़ा डंपिंग के लिए भी जमीन उपलब्ध करवाएं ताकि कूड़े की समस्या का हल निकल जाए।
**औषधीय खेती की ओर जाइका वानिकी परियोजना की पहल जनजातीय जिला किन्नौर के निगानी और तरांडा में कडू के 1 लाख पौधे रोपे गए। प्रदेश में वन महोत्सव का आगाज होते ही जाइका वानिकी परियोजना ने औषधीय खेती की ओर नई पहल शुरू कर दी। इसके मद्देनजर वन परिक्षेत्र निचार के अंतर्गत ग्राम वन विकास समिति निगानी और हर्बल ग्रुप निगानी के सौजन्य से छोत कंडा में कडू के 50 हजार पौधे रोपे। इसी तरह से ग्राम वन विकास समिति तरांडा और तरांडा मां हर्बल ग्रुप तरांडा के सौजन्य से तरांडा में कडू के 50 हजार पौधे रोपे गए। प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण योजना वन समृद्धि-जन समृद्धि योजना को ध्यान में रखते हुए जाइका वानिकी परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सेवानिवृत हिमाचल प्रदेश वन सेवा अधिकारी सीएम शर्मा, वन परिक्षेत्र अधिकारी निचार मौसम धरैक, उप वन परिक्षेत्र अधिकारी निचार नरेश कुमार, सुखराम, वन रक्षक विकास, मेला राम, वानिकी परियोजना से विषय वस्तु विशेषज्ञ किन्नौर राधिका नेगी, तकनीकी इकाई समन्वयक प्रियंका नेगी समेत हर्बल गु्रप और ग्राम वन विकास समिति के सदस्यों ने कडू के पौधे रोपने में अपना योगदान किया। गौरतलब है कि औषधीय खेती के लिए बीते 19 जुलाई को वन परिक्षेत्र निचार के अंतर्गत निगुलसरी में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया था, जिसमें वानिकी परियोजना के जैव विविधता विशेषज्ञ डा. एसके काप्टा ने लोगों को कीमती जड़ी-बूटी की खेती के लिए जागरुक भी किया। ऐसे में आने वाले दिनों में औषधीय पौधे रोपे जाएंगे।
हिमाचल परिवहन निगम सेवानिवृत कर्मचारी कल्याण मंच मण्डी द्वारा मंगलवार को मांगों को लेकर बस स्टैंड से जिलाधीश कार्यालय तक विरोध रैली निकाली गई। रैली के दौरान परिवहन मंत्री व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इस विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष बलराम पूरी व कार्यकारी अध्यक्ष बृज लाल ठाकुर ने कहा कि सेवानिवृत कर्मचारी कल्याण मंच ने समय- समय पर मांग पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री को अवगत करवाया है। परन्तु आश्वासनों के अलावा कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि बहुत से सेवानिवृत कर्मचारी जीवन के अपने अंतिम पड़ाव में है और सरकार द्वारा उनको सड़क पर उतरने के लिए मजबुर किया जा रहा हैं। कहा कि कर्मचारियों की लगभग 300 करोड़ देनदारिया बाकी है, जबकि कई कर्मचारी के तो उच्च न्यायालय सें निर्णय उनके हक में आ चुके है।लेकिन निगम प्रबन्धन उच्च न्यायालय के फैसलों की भी अवमानना कर उनको लागू करने में टालमटोल कर रहा है, जबकि कई सेवानिवृत कर्मचारी तो अपने वित्तीय लाभों के इन्तजार करते करते स्वर्ग सिधार गए है। उन्होंने कहा कि 24 जून को कल्याणमंच की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक मंडी में हुई थी। उसमें सरकार को 15 जूलाई तक का समय दिया गया था। परन्तु सरकार की तरफ से उन्हें वार्ता के लिए कोई भी पत्र प्राप्त नही हुआ। इसलिए कल्याण मंच ने तय कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश के सभी जिलाधीशों के माध्यम से सीएम सुक्खू को ज्ञापन प्रेषित किया हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार व निगम प्रबन्धक मांगों पर विचार नहीं करता है और देय भत्ते जल्द जारी नहीं करते है, तो दूसरे चरण में निगम मुख्यालय तथा सचिवालय के साथ विधान सभा का घेराव करने से भी गुरेज नहीं करेंगे।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण किन्नौर द्वारा आज यहां पुलिस अधीक्षक अभिषेक एस के विवरण पश्चात् आपदा प्रबंधन दल को काशंग ग्लेश्यिर स्थल के लिए रवाना किया गया ताकि वहां पर कृत्रिम झील से उत्पन्न खतरे का अध्ययन किया जा सके और जिला प्रशासन को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जा सके। पुलिस अधीक्षक किन्नौर अभिषेक एस ने आपदा प्रबंधन दल को इस कार्य के लिए शुभकामनाएं दीं तथा इस संदर्भ में विभिन्न पहलुओं पर जानकारी प्रदान की।
जिला जनजातीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय रिकांग पिओ में आज रोगी कल्याण समिति की बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति विश्व की प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति है। इस चिकित्सा पद्धति से रोग को जड़ से खत्म करने की क्षमता होती है। बहुत से असाध्य रोग भी आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से ठीक हो जाते हैं। उन्होंने इस अवसर पर पुरूष व महिला वॉर्डों, क्षार सूत्र, पंचकर्म का भी निरीक्षण किया। बैठक में रोगी कल्याण समिति की आय बढ़ाने के लिए भी विस्तृत चर्चा की गई। 2024-25 के लिए अनुमोदित बजट किया गया। बैठक में मेडिकल फिटनैस सर्टिफिकेट की फीस को 150 से 200 रुपये करने की मंजूरी दी गई। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. इंदु शर्मा ने उपायुक्त का स्वागत किया और रोगी कल्याण समिति की विभिन्न गतिविधियों पर प्रकाश डाला। डॉ. शालिनी गुप्ता ने बैठक का संचालन किया तथा चिकित्सालय के अंतरंग विभाग में दाखिल रोगियों के लिए पका हुआ भोजन, सफाई व्यवस्था, गाड़ियों की पार्किंग फीस, विभिन्न प्रकार के चिकित्सा परीक्षण करने इत्यादि पर विस्तारपूवर्क चर्चा की गई। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष निहाल चारस, डॉ. कविराज, डाईट प्रधानाचार्य कुलदीप नेगी, ग्राम पंचायत कोठी के प्रधान ओम प्रकाश सहित सरकारी और गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।
** वृक्षारोपण को आदत में शुमार करें, राष्ट्र निर्माण में पर्यावरण संरक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका : डॉ. शांडिल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने आज सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत तुंदल के रुड़ा गांव में 75वें वन महोत्सव एवं पौधारोपण अभियान की अध्यक्षता की। इस राज्य स्तरीय अभियान का विधिवत शुभारंभ मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा शिमला से वेबीनार के माध्यम से किया गया, जिसमें प्रदेश भर के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से विधायक व अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने वेबीनार के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री से इस अवसर पर संवाद भी किया और अभियान की सफलता के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर अमरूद का पौधा रोपित किया। इसके उपरांत उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पर्यावरण के संरक्षण में पौधरोपण का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के इस दौर में अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए हम सभी को आगे आना चाहिए। उन्होंने उपस्थितजनों का आह्वान किया कि वे न केवल पौधों का रोपण करें, बल्कि एक पेड़ बनने तक इनकी निरंतर देखभाल भी करें। उन्होंने कहा कि हरित वन क्षेत्र को बढ़ाने की दिशा में वर्तमान प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व में कई पहल कर रही है। इसके लिए खाली पड़े सूखे पहाड़ों पर एक समग्र अभियान के तहत पौधरोपण किया जा रहा है। वन संपदा के संरक्षण एवं उचित दोहन के लिए भी प्रदेश सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। नियमों में आवश्यक बदलाव करते हुए वन अधिकारियों की शक्तियां भी बढ़ाई गई हैं ताकि वर्षा अथवा भूस्खलन इत्यादि से गिरे पेड़ों के उचित निस्तारण के लिए त्वरित कदम उठाए जा सकें। इससे लकड़ी की जरूरत पूरी होगी और वन विभाग के राजस्व में भी वृद्धि सुनिश्चित हो सकेगी। डॉ. शांडिल ने कहा कि वन महोत्सव पर पौधरोपण को केवल औपचारिकता न समझें और इन रोपित किए गए पौधों का एक परिजन की तरह पालन पोषण भी करें। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वह जन्मोत्सव तथा अन्य समारोह में उपहार के रूप में पौधे प्रदान करें और इससे न केवल पर्यावरण का संरक्षण होगा बल्कि पृथ्वी माँ का वरदान भी हमें मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम सभी को वृक्ष श्रृंखला को पुनः जीवित करना है और वृक्षों की संख्या बढ़ानी है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विकास एक निरंतर प्रक्रिया है और हमें पर्यावरण से समन्वय बनाते हुए इस दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा वृक्ष लगाने से जलस्तर बढ़ेगा, ग्लेशियर पुनर्जीवित होंगे और इससे पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा। फलदार पौधे लगाने की योजना का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए क्षेत्र चिह्नित हों, जिससे बंदरों का आतंक कम होगा और खेती का भी संरक्षण सुनिश्चित होगा। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे वृक्ष लगाने को अपनी आदत में शुमार करें। उन्होंने स्कूली बच्चों से भी आग्रह किया कि लक्षित तौर पर वृक्ष लगाएं और इसके लिए स्कूल प्रबंधन प्रतिस्पर्धाओं का भी आयोजन करें, जिसमें एन.सी.सी. और एन.एस.एस. को भी शामिल करें। उन्होंने कहा कि हम वृक्षों की देखभाल करेंगे तभी हमारे यह प्रयास सार्थक होंगे और राष्ट्र निर्माण में पर्यावरण संरक्षण सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से संबद्ध नाट्य दल द्वारा प्रस्तुत पर्यावरण संरक्षण से संबंधित लघु नाटिका एवं समूह गान की प्रशंसा करते हुए कहा कि विभाग लोगों तक उपयोगी जानकारी का प्रचार-प्रसार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस अवसर पर डॉ. शांडिल ने स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनी और सम्बन्धित अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। इससे पहले वन मंडलाधिकारी सोलन एच.के. गुप्ता ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और पौधारोपण अभियान पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। ए.सी.एफ. चंद्रिका शर्मा ने उपस्थितजनों का धन्यवाद किया। पौधरोपण के इस अभियान में गर्ल्स एन.सी.सी. की कैडेट्स, स्कूली बच्चों तथा स्थानीय जनता ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दौरान आंवला, दाड़ू, जामुन, बाण और अमरूद इत्यादि विभिन्न प्रजातियों के लगभग 101 पौधे रोपित किए गए। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से संबद्ध लोकनाट्य दल द्वारा इस अवसर पर वन संरक्षण एवं प्रदेश सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित रंगारंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव रमेश ठाकुर, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संजीव ठाकुर, स्थानीय पंचायत की प्रधान चित्रलेखा व उप प्रधान ज्ञान, ग्राम पंचायत नौणी के प्रधान मदन हिमाचली, ग्राम पंचायत सकोड़ी के पूर्व प्रधान सुरेंद्र तथा उप प्रधान इंद्र, बांजणी पंचायत के पूर्व प्रधान प्रेम, राजेश ठाकुर, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह, उपमंडलाधिकारी (नागरिक) कंडाघाट सिद्धार्थ आचार्य, प्रथम हि.प्र. गर्ल्स बटालियन एन.सी.सी. सोलन के आदेशक कर्नल संजय शांडिल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजन उप्पल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व अन्य व्यक्ति तथा ग्रामीण उपस्थित थे।
**वर्दी में विदेशी महिला से आपत्तिजनक लाइव चैटिंग पर कार्रवाई हिमाचल पुलिस के एक कांस्टेबल को वर्दी में एक विदेशी महिला से आपत्तिजनक लाइव बातचीत करना महंगा पड़ गया। मामला संज्ञान में आते ही पुलिस विभाग ने संबंधित कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया है। यह मामला सिरमौर जिले से जुड़ा है। सिरमौर जिले के एसएसपी रमन कुमार मीणा ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है। बताया कि रहा है कि सोशल मीडिया पर नाहन व अन्य स्थानों पर एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में सिरमौर पुलिस का एक कांस्टेबल पुलिस वर्दी में एक विदेशी महिला के साथ आपत्तिजनक इशारों व बातचीत करते हुए स्पष्ट तौर पर देखा जा रहा है। एक पुलिस जवान के वर्दी में इस तरह की आपत्तिजनक इशारे व अन्य हरकतें खाकी को भी दागदार कर रही है। कांस्टेबल की लाइव वीडियो चैटिंग में विदेशी महिला को आपत्तिजनक इशारों से महिला को उकसाने का प्रयास कर रहा है। इसके बाद यह वीडियो वायरल हुआ। इसी बीच जैसे ही यह वीडियो एसएसपी सिरमौर के पास पहुंची, तो उन्होंने भी इस मामले को गंभीर बताया। साथ ही एसएसपी ने चंद घंटों में ही विभागीय कार्रवाई करते हुए अनुशासनहीनता की बात करार दिया। गौरतलब है कि कुछ ही समय पहले सिरमौर पुलिस के एक हेड कांस्टेबल जसवीर सैनी का भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें हेड कांस्टेबल ने पुलिस के आला अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद खूब बवाल मचा था। इस मामले में हेड कांस्टेबल को सस्पेंड किया गया है और एसआईटी उक्त मामले की आगामी जांच कर रही है, जिसके चलते सिरमौर पुलिस पर कई सवाल उठाए गए थे। अब इस मामले के सामने आने से फिर से सिरमौर पुलिस पर सवाल उठना शुरू हो गए हैं।
जिला कुल्लू की पर्यटन नगरी मनाली के साथ लगते पलचान नाले में एक बार फिर से बाढ़ आ गई है, जिसके चलते नाले का पानी पलचान पुल के ऊपर से बह रहा है। ऐसे मनाली लेह सड़क मार्ग एक बार फिर गाड़ियों की आवाजाही के लिए बंद हो गया है। पुल पर गाड़ियों की आवाजाही बंद होने से दोनों और लंबा जाम लग गया है। मनाली लेह मार्ग के बाधित होते ही बीआरओ की मशीनरी भी मौके पर तैनात कर दी गई है। जैसे ही नाले का जलस्तर कम होता है। उसके बाद सड़क मार्ग को बहाल करने का काम शुरू कर दिया जाएगा। बीती रात के समय जिला कुल्लू के ऊपरी इलाकों में भारी बारिश हुई है। जिसके चलते अब नदी नालों का जलस्तर भी बढ़ गया है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से भी आग्रह किया है कि वह नदी नाले के किनारे का रुख न करें। बीती रात के समय अचानक पलचान नाले का जलस्तर बढ़ गया और नाले के ऊपर पानी का बहाव शुरू हो गया। ऐसे में प्रशासन के द्वारा फिलहाल मनाली लेह सड़क मार्ग को बंद कर दिया गया है। वहीं, उम्मीद जताई जा रही है कि दोपहर बाद पानी का जलस्तर कम होने पर इस सड़क मार्ग को गाड़ियों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि बीते दिनों ही बादल फटने के चलते यहां पर चार मकान बह गए थे। ऐसे में अभी भी ब्यास नदी पलचान गांव के लिए खतरा बनी हुई है। फ्लैश फ्लड के चलते पहले भी मनाली-लेह मार्ग बंद हो गया था, जिसके चलते लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।


















































