राज्य सरकार ने प्रदेश में मौजूदा सेब सीजन के दौरान बाहरी राज्यों के ट्रक चालकों को विशेष पथ कर (स्पेशल रोड टैक्स) से छूट प्रदान की है। हिमाचल में प्रवेश करने वाले दूसरे राज्यों के ट्रक चालक जो नेशनल परमिट के तहत कवर नहीं हैं, को अन्य राज्यों में आलू और सेब के परिवहन के लिए विशेष पथ कर से तुरंत प्रभाव से छूट प्रदान की गई है। परिवहन विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज यहां यह जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार बागवानों और किसानों के हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। परिवहन विभाग द्वारा बागवानों और किसानों के उत्पादों के परिवहन को सुगम बनाने तथा उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेब और आलू के परिवहन के लिए विशेष पथ कर से छूट प्रदान करने से सभी हितधारकों को मदद मिलेगी। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मानसून तथा सेब सीजन के दृष्टिगत परिवहन विभाग द्वारा सभी तैयारियां समयबद्ध पूर्ण की गई हैं। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर सभी एहतियाती उपाय पूर्ण किए गए हैं। उन्होंने सभी हितधारकों से सड़क सुरक्षा नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
**अब और बढ़ सकती है मुश्किलें ** मांगें नहीं मानी तो कार्यालयों की चाबियां सौंपेंगे पटवारी और कानूनगो **जनता परेशान, सरकार नहीं ले रही सुध प्रदेश भर में पिछले 10 दिनों से लोगों के हिमाचली प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र आदि जैसे ज़रूरी प्रमाण ऑनलाइन तो बन ही नहीं रहे थे मगर अब ये सुविधाएं कुछ हद तक ऑफलाइन भी बंद हो सकती है। पहले इन सभी कामों के लिए जनता को सरकारी दफ्तरों में भटकना पड़ रहा था मगर अब दफ्तरों पर भी ये काम मुश्किल हो सकते है और इसका कारण है ग्रामीण राजस्व विभाग के अधिकारियों की सुक्खू सरकार से नाराज़गी। दरअसल राजस्व विभाग में कार्यरत पटवारियों और कानूनगो को स्टेट कैडर का दर्जा दिए जाने के फैसले से ग्रामीण राजस्व विभाग के अधिकारी सुक्खू सरकार के खिलाफ भड़क गए हैं और ये एलान कर दिया है कि अब वो न सिर्फ ऑनलाइन सुविधाएं बल्कि अतिरिक्त कार्यों के कार्यालयों की चाबियां भी वापस सौंप देंगे। महासंघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर स्टेट कॉडर बनाने के फैसले से सरकार पीछे नहीं हटती है तो 25 जुलाई से एडिशनल पटवारी और कानूनगो सर्कल का काम देखना बंद कर दिया जाएगा यानि उन कार्यालयों की चाबियां सरकार को सौंप दी जाएगी जिनका उनके पास अतिरिक्त कार्यभार है, और अगर इसके बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हुई और उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो महासंघ पेन डाउन हड़ताल शुरू कर देगा। ज़ाहिर है अगर ऐसा हुआ तो प्रदेश के लोगों को बहुत ज़्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। नगर निगमों, नगर परिषद, नगर पंचायतों और पंचायतों के तहत लोगो के बोनोफाइड सर्टिफकेट, करेक्टर सर्टिफिकेट, इनकम सर्टिफिकेट, ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट, ओबीसी सर्टिफिकेट, कास्ट सर्टिफिकेट, एग्रीकल्चर सर्टिफिकेट, अन-इम्पलायमेंट सर्टिफिकेट, लैंड होल्डिंग सर्टिफिकेट, PM किसान सम्मान निधि योजना की ऑनलाइन रिपोर्टिंग जैसे काम बंद हो जाएंगे। यही नहीं प्रदेश सरकार 18 से 59 आयु वर्ग की महिलाओं को 1500 मासिक पेंशन दे रही है, जिसके लिए इन दिनों कल्याण अधिकारी के पास फार्म भरे जा रहे हैं, जिसके लिए हिमाचली बोनोफाइड प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। अब महिलाएं 1500 मासिक पेंशन लेने के लिए भी फॉर्म जमा नहीं कर पाएगी। इतना कुछ होने पर भी सरकार ने अभी तक महासंघ को वार्ता के लिए नहीं बुलाया है। ऐसे में सरकार के अड़ियल रवैये के कारण आम जनता खासी परेशान है। फर्स्ट वर्डिक्ट मीडिया से खास चर्चा करते हुए हिमाचल संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ के अध्यक्ष सतीश चौधरी ने बताया कि 12 जुलाई की कैबिनेट मीटिंग में सरकार ने पटवारी-कानूनगो को स्टेट कॉडर बनाने का फैसला लिया था। अभी पटवारी और कानूनगो दोनों ही जिला कॉडर है। पटवारी और कानूनगों की भर्ती भी जिला कॉडर के हिसाब से हुई है। अब उन्हें अचानक स्टेट कॉडर बना देने से सीनियोरिटी प्रभावित होगी। इससे प्रमोशन में देरी होगी और स्टेट कॉडर में मर्ज होने से सीनियोरिटी में ये लोग पीछे चले जाएंगे। उन्होंने ये भी बताया कि पटवारी क़ानूनंगो को इसलिए जिला कॉडर में रखा गया, क्योंकि अपने जिला में उन्हें लोकल बोल-चाल और एरिया के बारे में जानकारी होती है। यदि उनका दूसरे जिला में ट्रांसफर हो जाता है तो इससे उन्हें बोल-चाल और एरिया समझने में वक्त लगेगा। इससे काम में एफिशिएंसी नहीं आएगी। भर्ती एवं पदोन्नति नियम के हिसाब से उन्हें जिला कॉडर में ही रखा जाना चाहिए। बता दें कि प्रदेश में राजस्व विभाग के अंतर्गत सेवाएं दे रहे पटवारी एवं कानूनगो की संख्या 3350 के करीब है। इसके अलावा सेटलमेंट विभाग में भी इस वर्ग के सैंकड़ों कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। कैबिनेट के फैसले के बाद पटवारी कानूनगो सभी ऑफिशियल वॉट्सऐप ग्रुप से भी एग्जिट कर चुके है। हिमाचल में राजस्व विभाग में कार्यरत पटवारी एवं कानूनगो को स्टेट कैडर में डालने का निर्णय पिछली साल 18 नवंबर को भी लिया गया था, लेकिन उसी दिन देर शाम तक हिमाचल प्रदेश संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ के विरोध के बाद सरकार ने फैसला वापस ले लिया था । सरकार का निर्णय 12 घंटे भी नहीं टिक पाया था। लेकिन अब सरकार ने फिर से पटवारी और कानूनगो स्टेट कैडर का दर्जा दे दिया हैं। ।
सोलन विकास खण्ड के तहत पट्टाबरौरी पंचायत के निर्माणाधीन बांके बिहारी मंदिर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव के उपलक्ष्य पर शनिवार से आयोजित चार दिवसीय कृष्ण भागवत कथा को मंगलवार को विधिवत रूप से विराम दिया गया। जानकारी देते हुए सेवा धाम के मीडिया प्रभारी डी डी कश्यप ने बताया कि जिला सोलन के प्रसिद्ध ख्याति प्राप्त कथा वाचक व बांके बिहारी विश्व मंगलम सेवा धाम के प्रमुख संस्थापक तथा धर्म प्रचारक हरिजी महाराज ने इस चार दिवसीय कथा में कृष्ण भगवान की अनेकों लीलाओं का विस्तृत वर्णन किया। इस दौरान स्थानीय लोगों के अलावा प्रदेश के हर कोने से हरि जी महाराज के शिष्यों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपने गुरु का आशीर्वाद लेकर क्था को श्रवण किया। डी कश्यप ने बताया कि कथा के दौरान कसौली विधानसभा के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने भी अपनी हाजरी लगाकर कथा व्यास से आशीर्वाद लिया। इस मौके पर विधायक ने पट्टाबरावरी मुख्य मार्ग से एक किलोमीटर निर्माणाधीन बांके बिहारी मंदिर तक सड़क मार्ग पक्का करने के लिए 3 लाख रुपए देने की घोषणा की। कथा व्यास ने सुदामा भक्त व कृष्ण मिलन की कथा ,रुकमणी विवाह सहित अनेकों कथा के प्रश्नग सुनाकर श्रोताओं को भाव भीभोर कर दिया। हवन व पूर्णाहुति के साथ कथा को विधिवत विराम दिया गया।आयोजकों द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंदिर निर्माण कमेटी के सदस्य देविंद्र शर्मा,अमर सिंह कौंडल,ख्यालीराम,कन्हैया राम,संतराम,नेकराम कौंडल,निर्मला,जीतराम, सहित सैंकड़ों महिला व पुरुष मौजूद रहे।
ज्वालामुखी उपमंडल के तहत पड़ते खुंडिया में बुधवार को व्यापार मण्डल की बैठक का आयोजन हुआ, जहां पर खुंडियां बाजार की साफ सफाई व्यवस्था पर चर्चा हुई और बड़े समय से खाली चले व्यापार मण्डल के प्रधान पद हेतु भी चर्चा की गई । जिस में सर्वसम्मति से नायक ए डी शर्मा को व्यापार मंडल खुंडिया का प्रधान चुना गया साथ मे हतिंदर राणा को उप प्रधान एवं सुरेश पाल राणा को सचिव नियुक्त किया गया। वहीं मुकेश कुमार पूर्व उप प्रधान, जनक राज प्रधान खुंडियां, प्रताप राणा, रॉकी राणा विक्रम सिंह, प्रधान छिलगा सचिन राणा, हरदीप राणा, निकुंश कुमार सदस्य नियुक्त किए गए।
शिमला में राज्य सचिवालय के समीप बुधवार सुबह दृष्टि बाधित संघ ने मांगों को लेकर चक्का जाम किया। सचिवालय से कुछ दूरी पर सड़क पर बैठकर संघ के सदस्यों ने चक्का जाम कर नारेबाजी की। इस दौरान उनकी पुलिस के साथ धक्का मुक्की भी हुई। पुलिस की ओर से संघ सदस्यों को जबरन सड़क से उठाया गया। कुछ दृष्टि बाधितों की तबीयत भी बिगड़ गई। दृष्टि बाधित संघ बैकलॉग की भर्तियां नहीं होने से गुस्साया हुआ है। संघ के सदस्यों ने बताया कि सरकार ने कई बार मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया, कई बार वार्ता भी हुई लेकिन आज तक समाधान नहीं हुआ। कहा कि यदि सुनवाई नहीं हुई तो 1 से 15 अगस्त तक लगातार चक्का जाम व प्रदर्शन होगा। इसकी जिम्मेदार सरकार की होगी। दृष्टि बाधित संघ के अनुसार पहले भी कई बार चक्का जाम व अनशन कर चुके हैं, लेकिन मांगों का समाधान नहीं हो पाया है।
हिमाचल प्रदेश में नेशलन हाईवे अथॉरिटी (NHAI) के तहत फोरलेन प्रोजेक्ट्स का निर्माण लगातार जारी है। कालका और शिमला को जोड़ने वाले फोरलेन का काम चल रहा है और अब एनएचआई को बड़ी कामयाबी मिली है। यहां पर ढली-कैथलीघाट फोरलेन पर बन रही शुंगल टनल का ब्रेक-थ्रू हो गया और टनल के दोनों छोर मिल गए हैं। 40 किमी लंबे इस स्ट्रेच पर 2 हजार करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, कैथलीघाट से ढली फोरलेन में 10 किलोमीटर की 10 टनल्स बनाई जाएंगी। इनमें से एक सुरंग टनल के दोनों छोर मिल गए हैं। शोघी के पास शुंगल में 708 मीटर की लंबी यह टनल बन गई और अब इसका काम अंतिम पड़ाव पर है। हिमाचल प्रदेश में एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित मंगलवार को सुरंग की ब्रेकथू सेरेमनी में शामिल हुए। बता दें कि शुंगल टनल का काम साल 2023 में शुरू हुआ था और फिलहाल, नौ और टनल बननी बाकी हैं, जिनका काम दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।एनएचआई के क्षेत्रीय प्रमुख अब्दुल बासित ने बताया कि सुरंग के निर्माण में 200 मजदूरों और 50 मशीनों की तैनाती की गई है। 90 करोड़ में बन रही यह सुरंग डबललेन है और इससे यात्रा का समय और ईंधन की बचत होगी। बासित ने बताया कि सुरंग का निर्माण पर्यावरण मानकों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। उन्होंने बताया कि टनल के निर्माण से पहाड़ी की कटिंग बच गई और इस वजह से 5 हजार पेड़ कटान से बच गए। उन्होंने बताया कि पुल में एक पिलर की ऊंचाई तीन कुतुब मीनार(150 मीटर) से भी ज्यादा है। शकराल पुल के पिलर की ऊंचाई 210 मीटर है, जोकि करीब तीन कुतुब मीनार के बराबर है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह कितना चुनौतीपूर्ण कार्य है।
**पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई की शुरू हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के अंतर्गत पुलिस थाना रोहड़ू क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया है। सुंगरी-समरकोट सड़क पर देर रात एक कार शडेनाली के समीप 150 मीटर गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में कार सवार 5 लोगों में से 2 की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 3 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद रोहड़ू अस्पताल से आईजीएमसी शिमला रैफर किया गया है। बताया जा रहा है कि कार सवार सभी लोग शादी समारोह में कैटरिंग का काम करने आए थे। वहीं पुलिस ने हादसे को लेकर मामला दर्ज कर लिया है तथा आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। हादसे में मर गए लोगों की पहचान 25 वर्षीय लक्की शर्मा निवासी गांव भोजपुर, डाकघर सूई सुराड़, तहसील सदर बिलासपुर और 23 वर्षीय ईशांत निवासी गांव व डाकघर नवगांव, तहसील अर्की, जिला सोलन के रूप में हुई है। वहीं घायलों में 23 वर्षीय राकेश निवासी गांव बिरल व तहसील अर्की, 19 वर्षीय भरत उर्फ कर्ण निवासी गांव जेंडर बसंतपुर, तहसील सुन्नी, जिला शिमला और 19 वर्षीय पंकज निवासी गांव मोहली, डाकघर धनावली ननखड़ी, जिला शिमला शामिल हैं।
**रिजल्ट को लेकर अभ्यर्थियों ने किया प्रदर्शन हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग कार्यालय के बाहर क्रमिक अनशन पर बैठे कनिष्ठ कार्यालय सहायक आईटी (जेओए आईटी) पोस्ट कोड-817 के अभ्यर्थियों से मंगलवार को विधानसभा क्षेत्र बड़सर के विधायक इंद्र दत्त लखनपाल और विधानसभा क्षेत्र हमीरपुर से विधायक आशीष शर्मा मिले और उनके साथ धरने पर बैठे। इस दौरान दोनों विधायकों ने अभ्यर्थियों को उनकी तरफ से हर संभव मदद का आश्वासन दिया और कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे को जोर-जोर से सरकार के समक्ष रखेगी। बीते 5 वर्षों से इन अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद भी सरकार इस पोस्ट का अंतिम परिणाम घोषित नहीं कर रही है। जो बेहद शर्मनाक है। विधायक लखनपाल ने कहा कि इस मुद्दे को वह कॉंग्रेस विधायक होते हुए भी कई बार सरकार के समक्ष रख चुके हैं लेकिन सरकार ने इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया। इस मुद्दे के प्रति सरकार नकारात्मक रवैया अपनाए हुए है। वहीं विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि अगर सरकार जल्द से जल्द इस पोस्ट कोड का परिणाम घोषित नहीं करती है तो भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे को लेकर कड़े कदम उठाएगी और सरकार का पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि पहले भी इन अभ्यर्थियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े थे और आगे भी खड़े रहेंगे। सरकार ने न तो एक लाख नौकरियों का वायदा पूरा किया और न ही जो परीक्षाएँ युवाओं ने उतीर्ण की है उनके परिणाम निकाले। जिस कारण युवाओं का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। दोनों विधायकों ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि इस लंबित परिणाम को जल्द से जल्द घोषित कर युवाओं को राहत प्रदान की जाए।
जयसिंहपुर: कंवर दुर्गा चंद राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर में आज महाविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2024-25, बीए, बीएससी, बी कॉम, बीसीए प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए इंडक्शन /ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया गया। इस प्रोग्राम में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रोफ़ेसर उपेंद्र शर्मा द्वारा की गई। मंच संचालन प्रो. किरण शर्मा ने किया। इस प्रोग्राम का उद्देश्य छात्रों को उनके चुने हुए कोर्सेज के बारे में तथा महाविद्यालय की सभी सुविधाओं से अवगत करवाना रहा। महाविद्यालय के प्राचार्य ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्र ही हमारे कल का भविष्य हैं उन्हें सही रास्ता दिखाना ही एक अच्छे प्राध्यापक और महाविद्यालय का प्रथम उद्द्येशय होता है। डॉ. रविंद्र जग्गी बीसीए समन्वयक ने छात्रों को बीसीए कोर्सेज के बारे में अवगत करवाया तथा सभी विषयों के प्रोफ़ेसरों से परिचय भी करवाया। तत्पश्चात डॉ. अर्पित कायस्थ पीजीडीसीए समन्वयक ने सभी नए छात्रों को छात्रवृति योजनाओं के बारे में अवगत करवाया व छात्रवृत्ति आवेदन भरने के लिए जरूरी दस्तावेज़ जैसे कि माता-पिता के नाम से इनकम सर्टिफिकेट, कैटेगरी सर्टिफिकेट, आई.आर.डी.पी सर्टिफिकेट। साथ ही एनएसपी पोर्टल पर कैसे अप्लाई करना है यह भी बताया। महाविद्यालय के द्वारा दी गई ऑप्शनल लैपटॉप स्कीम के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गई। कार्यक्रम का समापन महाविद्यालय का दौरा करवा कर किया गया।
शिमला: भाजपा किसान मोर्चा की राज्य सोशल मीडिया सहसंयोजक व पार्षद रचना झीना शर्मा ने कहा कि मोदी सरकार ने 'सबका साथ, सबका विकास' के मूल मंत्र की भावना के तहत बजट देश के सर्वांगीण विकास का दिया है। उन्होंने कहा कि इस बजट में भी किसान बागवान को सरकार ने अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है और किसान की तकनीक को बढ़ाने के साथ-साथ अनेक क्रांतिकारी घोषणाएं बजट में की है ,जिससे आने वाले समय में किसान व बागवान को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की प्राथमिकताओं में किसान व बागवान रहे हैं और लगातार मोदी सरकार कृषि व बागवानी की चिंता कर रही। रचना शर्मा ने कहा कि अन्नदाताओं को लागत पर कम से कम 50% मार्जिन देने का वायदा सभी मुख्य फसलों के लिए उच्चतर न्यूनतम समर्थन मूल्यों की घोषणा करके पूरा कर दिया गया है। अब किसानों को खेती-बाड़ी के लिए कृषि और बागवानी की 32 फसलों के लिए उच्च पैदावार वाली 109 नई किस्में जारी की जाएंगी। वैज्ञानिक संस्थानों और ग्राम पंचायतों के माध्यम से अगले 2 वर्षों में एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए सहायता प्रदान की जाएगी और मुख्य बाजारों के नजदीक सब्जी उत्पादन क्लस्टर स्थापित करने की घोषणा भी की गई है। कुल मिलाकर यह सभी बजट प्रावधान निश्चित रूप से किसानों की आय को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल में गत वर्ष जो आपदा आई उसको लेकर के विशेष रूप से वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि सरकार बहुउद्देशीय विकास की योजनाओं में सरकार को इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में मदद करेगी, इससे पहले भी केंद्र की सरकार ने 1700 करोड़ से अधिक की मदद हिमाचल को की है ।उन्होंने कहा कि यह सराहनीय है , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिमाचल को अपना दूसरा घर मानते हैं और यह बात बजट में साबित हुई की हिमाचल के लिए विशेष स्थान प्रधानमंत्री के लिए है।
सोलन: एलआर इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज के छात्रों और संकाय सदस्यों ने सोलन में सदर थाना कोटलानाला और महिला पुलिस स्टेशन का दौरा किया। यह यात्रा एक शैक्षिक पहल का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य कानून के छात्रों को पुलिस संचालन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के कामकाज के बारे में व्यावहारिक अंतर्दृष्टि प्रदान करना था। यात्रा के दौरान, छात्रों ने स्टेशनों के दिन-प्रतिदिन के कामकाज को समझने के लिए पुलिस अधिकारियों के साथ काम किया। उन्हें सुविधाओं का दौरा कराया गया और शिकायत दर्ज करने, जांच प्रक्रियाओं और सामुदायिक पुलिसिंग के प्रयासों सहित पुलिस के काम के विभिन्न पहलुओं का अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने कानून और व्यवस्था बनाए रखने में कानून प्रवर्तन के सामने आने वाली चुनौतियों और इन मुद्दों के समाधान के लिए किए गए उपायों के बारे में भी बताया। महिला पुलिस थाने में महिलाओं की सुरक्षा और घरेलू हिंसा से संबंधित मामलों से निपटने पर विशेष जोर दिया गया। छात्रों ने पीड़ितों के लिए सहायता प्रणालियों और ऐसे मामलों में अपनाई जाने वाली कानूनी प्रक्रियाओं के बारे में सीखा। अधिकारियों ने पुलिसिंग में लैंगिक संवेदनशीलता के महत्व और महिलाओं को अपराधों की रिपोर्ट करने के लिए एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करने में महिला पुलिस स्टेशन की भूमिका पर प्रकाश डाला। यात्रा का समापन एक संवादात्मक सत्र के साथ हुआ जहां छात्रों को सवाल पूछने और अधिकारियों के साथ विभिन्न कानूनी और प्रक्रियात्मक पहलुओं पर चर्चा करने का अवसर मिला। इस प्रत्यक्ष अनुभव ने छात्रों को उनके शैक्षणिक अध्ययन के पूरक के रूप में मूल्यवान ज्ञान और कानून प्रवर्तन के व्यावहारिक पहलुओं की गहरी समझ प्रदान की। डॉ. आर. पी. नैनता प्रिंसिपल एल. आर. इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज ने पुलिस विभागों के सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया और अच्छी तरह से कानूनी पेशेवरों को आकार देने में इस तरह की यात्राओं के महत्व पर जोर दिया। एल. आर. इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज ने अपने छात्रों के व्यावहारिक सीखने के अनुभव को बढ़ाने के लिए विभिन्न कानूनी और कानून प्रवर्तन संस्थानों में इसी तरह की यात्राओं का आयोजन जारी रखने की योजना बनाई है।
** पकड़े जाने पर 25 वर्ष की आयु तक नही बनेगा लाइसेंस, 1 अगस्त से अंडर ऐज ड्राइविंग के चालान करने पर होगा फोकस इंदौरा: मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के तहत नियमों का उलंघन करने पर मोटे जुर्माने और सख्त सजा का प्रावधान रखा है, जिसके तहत आज ट्रैफिक टूरिस्ट एवं रेलवे पुलिस कंदरोडी ने ट्रैफिक नियमों की उलंघना करने वालो को दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने तथा गाड़ी चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया, वही चौंकी प्रभारी विक्रमजीत सिंह तथा हेड कांस्टेबल पवन कुमार, कांस्टेबल विनोद कुमार, कांस्टेबल सैम सिंह ने बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट गाड़ी चलाने वालों को रोककर ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए कहा, चौंकी प्रभारी विक्रमजीत सिंह ने कहा कि आज हमने सभी वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों की पालना करने के लिए हिदायत दी है लेकिन 1 अगस्त से ट्रैफिक नियमों की उलंघना करने वालो पर सख्ती से शिकंजा कसा जाएगा। वही उन्होंने कहा कि अगर कोई नाबालिग लड़का या लड़की 1 अगस्त के बाद वाहन चलाता पकड़ा गया तो सबसे पहले उसका 25000 रुपए चालान होगा और माता-पिता मे से किसी एक को जेल हो सकती है।
1 अगस्त से 26 अगस्त 2024 तक आयोजित की जाएगी किन्नर -कैलाश यात्रा-2024 यह जानकारी आज यहां उपमण्डलाधिकारी कल्पा डॉ. मेजर शशांक गुप्ता ने दी। उन्होंने बताया कि यात्रा के लिए पंजीकरण करवाना आवश्यक रहेगा तथा पंजीकरण 25 जुलाई, 2024 को प्रातः 11ः00 बजे से आरंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यात्री ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी माध्यम से पंजीकरण करवा सकते हैं। आफलाईन पंजीकरण के लिए जिला पर्यटन विभाग से सम्पर्क किया जा सकता है तथा ऑनलाईन पंजीकरण के लिए https://hpkinnaur.nic.in पर जाकर पंजीकरण किया जा सकता है तथा आफलाईन पंजीकरण के लिए उसी दिन तागलिंग गांव में जाकर किया जा सकता है। उन्होनें बताया कि एक दिन में 200 ऑनलाईन व 150 आफलाईन पंजीकरण करवाए जाएगें व एक व्यकित एक से ज्यादा बार पंजीकरण नहीं करवा सकते है तथा मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य होगा और मेडिकल फिटनेस फॉर्म 25 जुलाई 2024 से इसी वैबसाईट पर उपलब्ध होगा तथा मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र जारी होने की तिथि से एक सप्ताह तक ही मान्य होगा।
** लोक निमार्ण विभाग, राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण और सीमा सडक संगठन को अभी से सडकों की स्थिति को सुदृढ करने के उचित कदम उठाने के दिए निर्देश किन्नौर जिला में आगामी सेब सीजन के दृष्टिगत सेब की फसल को सुरक्षित और जल्दी मण्डियों तक पहुॅचानें की तैयारियों को लेकर उपायुक्त सभागार में बैठक का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त किन्नौर डॉ अमित शार्मा ने की। उन्होनें कहा कि इस वर्ष जिला किन्नौर में लगभग 33 लाख पेटी सेब के उत्पादन का अनुमान है। जिसके लिए लगभग 8 हजार ट्रकों की आवश्यता होगी। सेब की फसल को जल्दी और निर्बाध रूप से मंण्डियों तक पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग और सर्म्पक सडकों की स्थिति बेहतर होना अति आवश्यक है। उन्होनें लोक निमार्ण विभाग, राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण और सीमा सडक संगठन को अभी से सडकों की स्थिति को सुदृढ करने के उचित कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होनें निगुलसरी और नाथपा में ब्लाक होने वाले प्वाइंट पर पर्याप्त मशीनरी तैयार रखने के निर्देश दिए और रात्रि के समय भी सेब के सीजन में यातायात सुचारू रखने के लिए हाई मास्क लाईट लगाने पर भी चर्चा की गई। उन्होनें बागवानी विभाग के अधिकारीयों को जिला के तीनों विकास खण्डों से निर्यात होने वाले सेब की पेटियों का रिकार्ड रखने के निर्देश दिए। उन्होनें ने जिला के बागवानों से आग्रह किया कि अपने सेब के फसल का बीमा करवाएं ताकि किसी भी तरह के नुकसान की स्थिति में उचित मुआवजा मिल सके। उन्होनें पुलिस विभाग के अधिकारियों से आग्रह किया कि जिला के बागवनों के साथ किसी भी प्रकार की ठगी न हो इसलिए कन्ट्रोल रूम स्थापित करना सुनिश्चि करें । उन्होनें ट्रक युनियन के पदाधिकारियों को सेब ढोने वाले वाहनों में जी0पी0एस0 सिस्टम लगाने के भी निर्देश दिए। बैठक का संचालन उपनिदेशक बागवानी भूपेन्द्र सिंह नेगी ने किया व विभिन्न मदों पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी पूह विनय मोदी, पुलिस अधीक्षक अभिषेक तथा किन्फेड के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
ज़िला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सोलन, केन्द्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सी.बी.आर.आई.) रुड़की, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में आज यहां आपदा के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों के बारे में जागरूक करने के दृष्टिगत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता उपमण्डलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल ने की। डॉ. पूनम बंसल ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य ज़िला सोलन में आपदा से होने वाले नुकसान को न्यून से न्यून करने के प्रति लोगों को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि सी.बी.आर.आई. रुकड़ी की तकनीकी टीम के सहयोग से उपमण्डल कण्डाघाट की ग्राम पंचायत सायरी तथा ममलीग के लगभग 1500 घरों का भूकम्प तथा भूस्खलन से बचाव के लिए मूल्यांकन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन से समुदायों के सामने आने वाले आपदा जोखिमों को कम करने के लिए कार्य योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में आपदा के विभिन्न पहलुओं जैसे भूकम्प, भूस्खलन, बाढ़, आगजनी, बादल फटना इत्यादि विषयों पर सारगर्भित चर्चा की गई। कार्यशाला में लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, ज़िला ग्रामीण विकास अभिकरण तथा खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय के 45 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस अवसर पर सी.बी.आर.आई. रुड़की के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. अजय चौरसिया, डॉ. विश्वजीत सहित ज़िला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के सौजन्य से जिला श्रम कल्याण विभाग किन्नौर द्वारा टी डोंग जल विद्युत परियोजना मूरंग में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें हिमाचल प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नर देव सिंह कंवर ने बतौर मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने श्रमिकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड अधिनियम 1996 के अनुसार वे सभी कामगार जो भवन, मार्गों, सड़क, सिंचाई, जल निकास, तट बंध, बाढ़ नियंतरण, टेलीफोन लाइनों, संचार माध्यमो व अन्य कार्य में अपनी सेवाएं किसी भी रूप में दे रहे है वे सभी श्रमिक कामगार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत हो सकते है। नर देव सिंह कंवर ने बताया कि पंजीकरण के लिए भवन एवं अन्य सन्निर्माण कार्य में कार्यरत श्रमिकों की आयु 18 से 60 वर्ष के मध्य होनी अनिवार्य है तथा पिछले 12 माह में न्यूनतम 90 दिन तक भवन एवं अन्य निर्माण कार्य में काम किया होना अनिवार्य है। पंजीकरण के लिए कामगार को संबंधित जिला श्रम अधिकारी के कार्यालय में आधार कार्ड, बैंक पास बुक की प्रति, राशन कार्ड, परिवार रजिस्टर की प्रति तथा दो पासपोर्ट फोटो श्रम कल्याण अधिकारी के कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी। उन्होने श्रम कल्याण अधिकारी जिला किन्नौर सपन जसरोटिया को निर्देश दिए कि श्रमिकों के हितों में मिलने वाले लाभों के बारे में उन्हें अधिक से अधिक जागरुक किया जाए ताकि श्रमिकों को राज्य सरकार द्वारा प्रदान किये जाने वाले लाभों से वंचित न रहना पड़े। इस अवसर पर उन्होंने श्रमिको की समस्याओं को भी सुना गया तथा उनकी समस्याओं का जल्द से जल्द निवारण करने का आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने 36 श्रमिकों को भवन एवं सहनिर्माण पहचान पत्र भी प्रदान किए। इस अवसर पर जिला परिषद उपाध्यक्षा प्रिया नेगी, प्रधान ग्राम पंचायत अकपा शशि कला, सहायक वित्तीय नियंत्रक नरेश चौहान, अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पूह प्रेम नेगी, एडवोकेट प्रताप नेगी, सहित टी डोंग जल विद्युत परियोजना के पदाधिकारी व कर्मचारी तथा श्रम विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
**टीबी मुक्त अभियान में पंचायतों की सहभागिता होगी सुनिश्चित टीबी मुक्त हिमाचल संकल्प को पूरा करने के लिए ग्राम पंचायतों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी इस के लिए प्रत्येक माह की 24 तारीख को स्वास्थ्य खंड स्तर पर निक्षय दिवस मनाया जाएगा। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश गुलेरी ने मंगलवार को क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की मासिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश गुलेरी ने कहा कि प्रत्येक माह एक रविवार को 32 जोखिमपूर्ण आबादी में टीबी रोग का पता लगाने लिए आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से के सन्डे एसीएफ अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत 14190 लोगों की जांच की जा चुकी है । डॉ. गुलेरी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला कांगड़ा में ग्राम पंचायत स्तर पर 814 टीबी फोरम गठित किये गए हैं तथा 562 की बैठक का आयोजन भी किया जा चुका है, जबकि शेष 252 की बैठक भी इसी माह आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 1012 निक्षय मित्र बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि समाज से कोई भी व्यक्ति निक्षय मित्र बन सकता है और टीबी के रोगियों को मानोसमाजिक सहायता के साथ पोषण आहार किट दे सकता है उन्होंने बताया कि जिला में टीबी के साथ जी रहे 1223 लोगों को पोषण आहार किटें वितरित की गई हैं। बैठक का संचालन करते हुए डॉ. राजेश सूद जिला स्वास्थ्य व क्षय रोग उन्मूलन अधिकारी जिला कांगडा ने बताया कि जिला में टी बी के रोगी की पहचान उपरांत उपचार सफलता की दर लगभग 86 प्रतिशत है व व्यस्क टीबी टीकाकरण अभियान के अंतर्गत 16 जुलाई तक लगभग 99 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। इस अवसर पर डॉ. आत्मिका नायर व डॉ. कामेश परामर्शदाता विश्व स्वास्थ्य संगठन, जिला के खण्ड चिकित्सा अधिकारी, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी उपस्थित थे। ।
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत सभी प्रवास श्रमिकों के राशन कार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत सभी प्रवासी श्रमिकों के राशन कार्ड बनाना जरूरी है ताकि सभी प्रवासी श्रमिकों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से मुफ्त राशन उपलब्ध करवाया जा सके। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों की पहचान और उन्हें राशन कार्ड जारी करने के लिए ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में कमेटियों का गठन भी किया गया है इसमें ग्रामीण क्षेत्रों पंचायत निरीक्षक की अध्यक्षता में ग्राम पंचायत प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव तथा स्थानीय उचित मूल्य की दुकान पर सहकारी सभा के विक्रेता को शामिल किया गया है तथा विकास खंड अधिकारियों को नोडल आफिसर के रूप में शामिल किया गया है ताकि कोई भी प्रवासी श्रमिक राशन कार्ड से वंचित नहीं रह सकें। उन्होंने कहा कि ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिक जिनका किसी भी राज्य में राशन कार्ड नहीं बना है, ऐसे सभी श्रमिक राशन कार्ड बनाने के लिए पात्र होंगे इस के लिए उन्हें ई-श्रम कार्ड, और आधार कार्ड की प्रति उपलब्ध करवानी होगी। उपायुक्त ने सभी ग्राम पंचायतों तथा नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों से आग्रह करते हुए कहा कि अपने अपने क्षेत्रों में पात्र प्रवासी परिवारों की पहचान में सहयोग सुनिश्चित करें ताकि सभी श्रमिक परिवारों को राशन कार्ड के माध्यम से गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ मिल सके।
चंबा: बरसात के मौसम में हिमाचल में सड़क हादसों की संख्या बढ़ती जा रही है। चालक की लापरवाही, सड़कों की खस्ता हालत इसके प्रमुख कारण हैं। रोजाना कई लोग हादसों में अपनी जान से हाथ धो रहे हैं। चंबा के भरमौर में नेशनल हाई-वे पर दुर्गेठी धार में बीती देर रात एक कार दुर्घटनाग्रस्त होकर रावी नदी में जा गिरी। कार में सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौ*त हो गई, जबकि एक घाय*ल हो गया। सूचना पाते ही पुलिस थाना भरमौर से एक टीम मौके पर पहुंच दुर्घटना के कारणों की जांच में जुट गई है। खबर की पुष्टि पुलिस थाना भरमौर ने की है। जानकारी के अनुसार बीती देर रात एक कार चंबा से भरमौर की ओर जा रही थी। इस दौरान दुर्गेठी गांव के पास कार हादसे का शिकार हो गई और नदी में जा गिरी। हादसे का पता मंगलवार सुबह चला, जब सड़क से गुजर रहे लोगों ने एक कार रावी नदी में गिरी हुई देखी। लोगों को नदी किनारे एक व्यक्ति औंधे मुंह गिरा हुआ दिखाई दिया। इसी बीच जिला परिषद सदस्य अनिल ढकोग भी स्थानीय लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और पुलिस थाना भरमौर की सूचना दी। फायर बिग्रेड टीम की मौजूदगी में स्थानीय लोग दुर्घटनाग्रस्त वाहन तक पहुंचे। इस दौरान एक सवार घाय*ल अवस्था में नदी किनारे चट्टान के बीच मिला, जिसे तुरंत उठाकर सड़क तक पहुंचाया और बाद में एंबुलेंस से उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया, जबकि दूसरे की गंभीर चोट लगने से मौ*त हो चुकी थी। दरअसल कार के लुढ़कते समय दोनों ही छिटक कर बाहर गिर गए थे और नदी किनारे चट्टानों के बीच फंस गए थे। बहरहाल पुलिस थाना भरमौर की एक टीम ने मौके पर पहुंच कर श*व को अपने कब्जे में ले लिया है और अगली कारवाई शुरू कर दी है।
** हिमाचल में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, तीन जिलों के लिए बाढ़ का जोखिम हिमाचल प्रदेश के कई भागों में आज भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी शिमला में मौसम खराब बना हुआ है। सुबह से शहर व आसपास भागों में रुक-रुककर बारिश जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कई भागों में 24 से 27 जुलाई तक भारी बारिश का येलो अलर्ट है। 29 जुलाई तक कई स्थानों पर बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। बीती रात कांगड़ा में बारी बारिश हुई। इस बार हिमाचल में मॉनसून की गति प्रवेश के बाद से धीमी पड़ गई है। बार बार अचानक बाढ़ और भरी बारिश की चेतावनी के बावजूद अच्छी बारिश नहीं हो रही हैं। उधर, आईएमडी हाइड्रोमेट डिवीजन नई दिल्ली की ओर से प्रदेश के लिए राष्ट्रीय आकस्मिक बाढ़ मार्गदर्शन बुलेटिन जारी किया गया है। इसके अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, चंबा और शिमला जिलों के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बाढ़ का जोखिम होने की संभावना है।
जिला कुल्लू की पर्यटन नगरी मनाली में पुलिस की टीम ने एक बार फिर से गोवंश से भरे हुए दो ट्रक पकड़े हैं। पुलिस ने ट्रक ड्राइवरों पर मामला दर्ज कर लिया है। वहीं, एक ट्रक ड्राइवर मौके से भाग निकला है, जिसकी पुलिस द्वारा तलाशी की जा रही है। आरोपी ट्रक के ऊपर भूसा और नीचे गोवंश भरकर ले जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने अब सभी गोवंश को अपने कब्जे में ले लिया है और आरोपियों पर पशुओं के प्रति क्रूरता एवं पशु चोरी का मामला दर्ज किया है। मनाली पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक मामला हवलदार गृह रक्षक ठाकुर देव ने दर्ज करवाया। उन्होंने बताया कि वो वर्तमान में एआरटीओ धर्म कान्टा बाहंग में तैनात हैं। जब वो अपने स्टाफ के साथ एआरटीओ धर्म कान्टा बाहंग में मौजूद थे, तो उसी समय मनाली की तरफ से दो ट्रक (नंबर JK 19A 2916 और JK 14F4473) आए। हवलदार गृह रक्षक ठाकुर देव ने बताया कि जब ट्रक को रूटीन चेकिंग के लिए रोका गया तो, एक ट्रक ड्राइवर ने अपना नाम बरकत अली और उसके हेल्पर ने अपना नाम मोहम्मद अख्तर बताया। दोनों जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं। इसी दौरान दूसरे ट्रक का ड्राइवर मौके से भाग खड़ा हुआ, जबकि उसी ट्रक में बैठे उसके हेल्पर ने अपना नाम मोहम्मद यासीन बताया, वो जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले का रहने वाला है। ये दोनों ट्रक तिरपाल लगाकर बंद किए हुए थे। जांच करने पर पाया गया कि दोनों ट्रकों में पशु जोर जबरदस्ती व क्रूरता से डाले गए थे। हवलदार गृह रक्षक ठाकुर देव ने बताया कि जब मौके पर जांच के दौरान पशुओं की गिनती की गई तो ट्रक नंबर JK 19A 2916 में 03 बैल, 10 गाए और ट्रक नंबर JK 14F4473 में 06 गाए, 04 बैल क्रूरतापूर्वक बंद किए गए थे, जिसके कारण इन 23 पशुओं को अनावश्यक पीड़ा और यातना पहुंची है। पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि मौके से फरार ट्रक ड्राइवर की तलाश जारी है। मामले की पुष्टि एसपी कुल्लू डॉ. कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन ने की है। उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।
सिरमौर: जिला मुख्यालय नाहन में गत 14 जुलाई की रात नशे के कारोबार में संलिप्त आरोपी बाप-बेटे और पोते के मामले में हाल में दबोचा गया एक अन्य आरोपी रजनीकांत पुलिस हिरासत में मामले से जुड़े कई राज खोल सकता है। फिलहाल इस पूरे केस को लेकर गठित एसआईटी मामले में हर पहलू से जांच कर रही है। दरअसल नाहन में 24.40 लाख रुपए की नकदी और विभिन्न तरह के नशे की खेप के साथ दबोचे गए आरोपी बाप-बेटे-पोते सहित मामले में हाल ही में दबोचे गए एक अन्य आरोपी रजनीकांत को पुलिस ने सोमवार को अदालत में पेश किया। इससे पहले तीन आरोपियों प्रेम चंद, उसके बेटे सागर और पोते संग्राम को अदालत ने 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था। इन तीनों को भी पुलिस ने सोमवार को ही पुनः अदालत में पेश किया, जहां से आरोपी प्रेम चंद को न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश देकर नाहन जेल भेज दिया है, जबकि आरोपी सागर व उसके बेटे संग्राम की पुलिस हिरासत की अवधि को बढ़ाया गया है। सागर व संग्राम सहित मामले में एजेंट के तौर पर काम करने वाले चौथे आरोपी रजनीकांत को अदालत ने 26 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस के अनुसार आरोपी रजनीकांत पहले से पुलिस गिरफ्त में आए तीन आरोपियों का रिश्तेदार बताया जाता है। मामले में अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। दूसरी तरफ पुलिस के जानकारों की मानें तो एसआईटी मामले में बैकवर्ड लिंकेज की जड़ तक पहुंचने के लिए कड़ी मशक्कत कर रही है। हालांकि ये बाद में ही पता चलेगा कि पुलिस सफल हो पाती है या नहीं, क्योंकि बैकवर्ड लिंकेज की जड़ तक पहुंचने के लिए हजारों किलोमीटर की खाक तो छाननी ही पड़ सकती है। साथ ही इस तरह के अधिकतर मामलों में बैकवर्ड लिंकेज के सरगना भूमिगत भी हो चुके होते हैं। हालांकि एसआईटी इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है, लिहाजा मामले में अन्य गिरफ्तारियों से इंकार नहीं किया सकता। चूंकि अभी आरोपी रजनीकांत से भी पूछताछ होना बाकी है। बता दें कि पहले से गिरफ्तार तीन आरोपियों के बैंक खाते पुलिस ने पहले ही दिन सीज कर दिए थे। वहीं, आरोपी सागर नाहन शहर में खुद का जिम भी चला रहा था।
शिमला: हिमाचल में होमस्टे नियम-2024 के नियमों के बदलाव का मामला अब 25 जुलाई को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में जाएगा, जिसमें मंत्रिमंडलीय उप-समिति की होमस्टे नियम-2024 के नियमों में बदलाव को लेकर दिए गए सुझावों को मंजूरी मिल सकती हैं। शिमला में सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक में होमस्टे नियमों में बदलाव को लेकर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन सिंह की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। इस दौरान प्रदेश में धारा 118 के नियमों की अवहेलना करके अवैध रूप से चल रहे होमस्टे पर कार्रवाई करने को लेकर चर्चा हुई। हिमाचल में बिना पंजीकरण के होमस्टे चलाने वालों पर भी गाज गिर सकती है। वहीं, पंजीकरण के दौरान जारी किए जाने वाले लाइसेंस की अवधि भी पांच साल से घटाकर दो साल की जा सकती है। इसी तरह से होमस्टे के रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण शुल्क में बढ़ोतरी पर विचार किया जा रहा है। इस बैठक में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह व नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी, पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन रघुवीर सिंह बाली ने भी अपने सुझाव रखे। इस बैठक में पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग की निदेशक मानसी सहाय ठाकुर उपस्थित रहीं। बता दें कि सरकार के ध्यान में धारा-118 की अवहेलना कर खोले गए होमस्टे को लेकर शिकायतें मिली हैं। हिमाचल प्रदेश में बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकल्प के तौर पर होमस्टे खोलने की योजना शुरू की गई थी। ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए साल 2008 में होमस्टे, बेड एंड ब्रेकफास्ट इकाइयां खोले जाने की योजना लागू की गई थी। इसके बाद कुल्लू, लाहौल-स्पीति व शिमला में बड़ी संख्या में होमस्टे खुले हैं। प्रदेश भर में कुल 4289 होम स्टे हैं, जिसमें कुल 17,222 कमरे हैं। इनकी बेड कैपेसिटी 26,727 है। वर्तमान में सबसे अधिक होमस्टे कुल्लू में हैं। यहां 1040 होमस्टे चल रहे हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर शिमला में 805 होमस्टे हैं। इसी तरह से लाहौल-स्पीति में 718 होमस्टे हैं। प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा में होमस्टे की संख्या 431 है। सोलन में कुल 328 होमस्टे स्थापित हो चुके हैं। चंबा में 322, मंडी में 241, किन्नौर में 202, सिरमौर में 123, बिलासपुर में 44, ऊना में 18 और हमीरपुर में होमस्टे की संख्या 17 है। हिमाचल के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बाहरी राज्यों के बहुत से लोगों ने सरकार से धारा-118 के तहत रिहायशी मकानों की अनुमति लेकर होमस्टे खोल दिए हैं।
बिलासपुर स्कूल में महिला शिक्षक निलंबित, फर्जी शिक्षण संस्थान से बीएड की डिग्री लेकर कर रही थी नौकरी
यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन की लिस्ट में उत्तर प्रदेश में फर्जी शिक्षण संस्थान के रूप में दर्ज शिक्षा परिषद से डिग्री लेकर एक महिला टीचर हिमाचल में मजे से नौकरी कर रही थी। दिलचस्प व हैरान कर देने वाली बात है कि महिला टीजीटी (ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर) के रूप में आठ साल की सेवा भी पूरी कर चुकी थी। महिला टीचर ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित फर्जी शिक्षण संस्थान भारतीय शिक्षा परिषद से बीएड की डिग्री हासिल की थी। ये डिग्री फेक निकली है। इस पर एक्शन लेते हुए हिमाचल सरकार के शिक्षा विभाग ने महिला टीचर को सेवाओं से टर्मिनेट यानी बर्खास्त कर दिया है। महिला बिलासपुर के एक सरकारी स्कूल में टीजीटी के तौर पर पढ़ा रही थी। इस महिला अध्यापक ने नियुक्ति के दौरान अपने दस्तावेजों में बीएड की फर्जी संस्थान से हासिल डिग्री लगा दी थी। इस फर्जीवाड़े पर शिक्षा विभाग ने ये एक्शन लिया है। महिला टीचर हिमाचल के बिलासपुर जिले के एक सरकारी स्कूल में वर्ष 2016 में नियुक्त हुई थी। नियमों के अनुसार अनुबंध पर नियुक्ति की गई थी। महिला टीचर की सेवाकाल के अनुबंध पीरियड का समय पूरा हुआ और शिक्षा विभाग में ये टीचर वर्ष 2020 में रेगुलर हो गई। जिस समय महिला शिक्षक के रेगुलर होने की औपचारिकताएं पूरी की जा रही थीं, उस समय दस्तावेजों की जांच की गई। जांच में यह पाया गया कि उत्तर प्रदेश के जिस शिक्षण संस्थान से महिला टीचर ने बीएड की डिग्री हासिल की है, उसे यूजीसी ने फर्जी संस्थान की कैटेगरी में डाला हुआ है। फिर प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने यूजीसी के साथ पत्राचार आदि किया। यूजीसी की तरफ से बताया गया कि उपरोक्त शिक्षा परिषद फर्जी शिक्षण संस्थान की लिस्ट में है। जांच के बाद शिक्षा विभाग ने महिला टीजीटी को नोटिस जारी किया। इस पर महिला टीचर ने अदालत का रुख किया। अदालत में भी मामले पर सुनवाई में डिग्री से जुड़े दस्तावेजों को लेकर ये पुष्टि हुई कि डिग्री फर्जी घोषित किए गए संस्थान से ली गई है। अदालत ने शिक्षा विभाग को उचित एक्शन लेने के आदेश दिए। अदालत के निर्देश ऐसे थे कि महिला को पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की भी अनुमति नहीं मिल पाई। अदालत में रखे गए तथ्यों से ये पुष्ट हुआ कि दस्तावेज (बीएड डिग्री) फर्जी संस्थान से हासिल किए गए हैं। इस पर शिक्षा विभाग ने महिला टीचर की सेवाओं को बर्खास्त कर दिया है।
राजधानी शिमला के पास बालूगंज में स्थित मानसिक रोगी अस्पताल के डॉक्टर की कथित तौर पर लापरवाही को लेकर एक ट्रस्ट ने हिमाचल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर संज्ञान लेने की गुहार लगाई। हाईकोर्ट ने इस पत्र को जनहित याचिका मानते हुए राज्य सरकार व संबंधित डॉक्टर को नोटिस जारी किया है। पत्र में लिखा गया है कि बालूगंज स्थित मानसिक रोगी अस्पताल में तैनात डॉक्टर की लापरवाही के कारण मरीजों की हालत दयनीय है। अदालत ने इस पर सरकार व डॉक्टर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। ये पत्र मेंटल हेल्थ वेलनेस चैरिटेबल ट्रस्ट शिमला के अध्यक्ष की तरफ से लिखा गया है। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के नाम लिखे पत्र पर ही अदालत ने यह जनहित याचिका दर्ज की है। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एमएस रामचंद्र राव व न्यायमूर्ति सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के बाद राज्य सरकार के मुख्य सचिव सहित स्वास्थ्य सचिव, स्वास्थ्य निदेशक, शिमला के डीसी और एसपी को नोटिस जारी किए। मामले पर सुनवाई 29 सितंबर को निर्धारित की गई है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम-2017 में दी गई मनोचिकित्सक की योग्यता पूरी न करने के बावजूद आदित्य नामक डॉक्टर पिछले लगभग दो साल से इस अस्पताल में तैनात है। ये डॉक्टर लगभग दस साल से शिमला व आसपास के अस्पतालों में ही सेवाएं दे रहा है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि यह डॉक्टर सप्ताह में एक या दो बार ही अस्पताल आते हैं। ये भी आरोप है कि जब से डॉ. आदित्य ने स्वास्थ्य विभाग में काम करना शुरू किया है तब से उन्हें इस प्रकार ही ड्यूटी करने की आदत है। मानसिक रोग चिकित्सालय में ऐसे लापरवाह एवं अनुपस्थित रहने की आदत रखने वाले चिकित्सक की तैनाती मानसिक रोग से पीड़ित मरीजों के साथ आपराधिक अन्याय है। आरोप है कि इतने महान पेशे के बावजूद, इस डॉक्टर ने सरकारी कर्तव्य का मजाक उड़ाया है और विभाग ने भी उसके इस लापरवाह रवैये पर आंखें मूंद रखी हैं। मानसिक रोगी अस्पताल में गरीब व असहाय मरीज भर्ती हैं। उन्हें विशेष केयर की जरूरत है। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को लिखे पत्र में बताया गया है कि डॉ. आदित्य के माता-पिता स्वास्थ्य विभाग से बहुत वरिष्ठ पदों से सेवानिवृत्त हुए हैं। यही मुख्य कारण है कि नौकरी में पूरी तरह से लापरवाही बरतने के बावजूद कोई भी उन्हें कोई भी कुछ कहने की हिम्मत नहीं करता है। आरोप है कि डॉ. आदित्य सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी की मदद से शिमला और उसके आसपास अपने स्थानांतरण और पोस्टिंग में हेरफेर करता रहा है। पत्र के माध्यम से हाईकोर्ट से ये अनुरोध किया गया है कि एडीएम/एडीसी रैंक के किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी या वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के माध्यम से मामले की जांच कराई जाए। साथ ही बायोमीट्रिक मशीनों और सीसीटीवी से तथ्यों की जांच करके अस्पताल में उनके प्रदर्शन/उपस्थिति की स्थिति का पता लगाया जाए। पत्र में उपरोक्त डॉक्टर के खिलाफ गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने की मांग भी की गई है और उन्हें तुरंत शिमला से बाहर स्थानांतरित कर किसी दूर-दराज के क्षेत्र में तैनात करने की गुहार लगाई गई है।
**आईजीएमसी में 600 स्टाफ नर्स और 43 ऑपरेशन थियेटर असिस्टेंट की तैनाती जल्द मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज स्वास्थ्य विभाग की बैठक में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार मेडिकल कॉलेजों में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास के साथ-साथ डॉक्टरों, पैरा मेडिकल स्टाफ और तकनीशियनों के खाली पदों को भर रही है ताकि लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त करने में कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी शिमला में बेहतर चिकित्सा सेवाएं और अटल सुपर स्पैशिएलिटी संस्थान चमियाणा में डॉक्टरों के पदों को भर कर विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। प्रदेश सरकार आईजीएमसी शिमला के इमरजेंसी मेडिसन विभाग को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। यहां चिकित्सा अधिकारियों के 30 पद भरे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और सहायक स्टाफ के लिए कार्य स्थल पर बेहतर माहौल उपलब्ध करवाया जा रहा है ताकि वे बिना बाधा अपने दायित्व का निर्वहन कर सकें। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को बहुत ज्यादा प्रचलित बीमारियों पर अध्ययन करने के निर्देश दिए ताकि डॉक्टरों और अन्य सुविधाओं को आवश्यक अनुपात में बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी में 600 स्टाफ नर्स और 43 ऑपरेशन थियेटर असिस्टेंट को शीघ्र ही तैनात किए जाएंगे ताकि मरीजों को समय पर उचित उपचार मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों को आधुनिक और बेहतर तकनीकी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश सरकार के पास बजट की कोई कमी नहीं है। राज्य सरकार आईजीएमसी में आधुनिक उपकरणों और मशीनों की खरीद के लिए 25 करोड़ रुपये देने जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को और ज्यादा सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार पूरा सहयोग प्रदान करेगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, विधायक हरीश जनारथा, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी और अन्य अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
** उपायुक्त ने लोक मित्र संचालकों को वितरित कीं आधार किट्स ** 5 वर्ष तथा 15 वर्ष के बच्चों के आधार अपग्रेडेशन होगा निशुल्क उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि कांगड़ा जिला के स्कूलों में बच्चों के आधार कार्ड अपडेट करने के लिए अभियान आरंभ किया जाएगा ताकि बच्चों को आधार कार्ड अपडेट करवाने में किसी भी तरह की असुविधा नहीं हो। सोमवार को उपायुक्त हेमराज बेरवा ने अपने कार्यालय में समग्र शिक्षा अभियान के तहत लोक मित्र संचालकों को आधार किट्स वितरित करने के उपरांत कहा कि सभी स्कूलों में आधार कार्ड अपडेट करवाने के लिए उपरोक्त लोक मित्र संचालक कैंप आयोजित करेंगे। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि पांच वर्ष तथा पंद्रह वर्ष की आयु पूर्ण होने पर भी बच्चों को आधार कार्ड अपडेट करवाना जरूरी है इस के लिए स्कूल के बच्चे अपने अपने मुख्यध्यापकों या प्रधानाचार्यों से संपर्क करें ताकि आधार कार्ड अपडेट करवाने के लिए उचित कदम उठाए जा सकें। उन्होंने कहा कि छात्रवृतियां तथा अन्य सुविधाओं के लिए आधार कार्ड की लिकेंज जरूरी है, अगर आधार कार्ड अपडेट नहीं होगा तो छात्रवृतियां या अन्य सुविधाओं के लिए बच्चों को परेशानी हो सकती है। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने बाल विकास अधिकारियों को भी शून्य से पांच वर्ष आयुवर्ग के बच्चों के आधार कार्ड बनाने के लिए अभिभावकों को प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं इस के लिए आंगनबाड़ी स्तर पर शून्य से पांच वर्ष आयुवर्ग के जिन बच्चों के आधार कार्ड नहीं बने हैं उसका डाटा बेस तैयार करने के लिए कहा गया है।अतिरिक्त उपायुक्त सौरभ जस्सल ने कहा कि सभी नागरिकों को दस वर्ष में एक बार आधार कार्ड अपडेट करवाना जरूरी है तथा यूडीआईए की ओर से आधार अपडेग्रेशन के लिए 14 सितंबर 2024 अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि आधार एक अतिमहत्वपूर्ण दस्तावेज है इसके माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की सभी योजनाओं का लाभ मिलता है। इसलिए इसका अपडेटेड होना जरुरी और लाभदायक है. अगर आपका आधार अपडेटेड होता है तो आपको केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में बहुत आसानी होती है।
सरकार का चाबुक चलते ही ठेकेदारों ने लंबित सड़कों और भवनों के कार्य तेज रफ्तार से शुरू कर दिए हैं। 150 में से 80 ठेकेदारों ने ब्लैकलिस्ट के डर से लंबित कार्य निपटाए हैं। शेष को लोक निर्माण विभाग की ओर से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। अब लोक निर्माण विभाग के क्वालिटी कंट्रोल विंग की ओर से सड़कों और भवनों के गुणवत्ता की जांच की जा रही है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) चरण-1 और 2 के तहत हिमाचल प्रदेश में 170 सड़कों, पुलों और भवनों, डंगों का काम पूरा नहीं किया गया था। ऐसे में लोक निर्माण विभाग ने लापरवाह ठेकेदारों को डिफाल्टर सूची में डाल दिया। अब इन्हें चरण-3 में सड़क निर्माण के कार्य भी नहीं दिए जा रहे थे। वर्ष 2005 से 2023 तक पीएमजीएसवाई के दो चरण पूरे हो गए हैं। इनमें कई सड़कों का कार्य संतोषजनक नहीं रहा है। हिमाचल में चरण-3 के तहत 2,600 करोड़ रुपये की सड़कों का काम हो गया है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह पहले ही कह चुके हैं कि नाबार्ड के तहत विधायक प्राथमिकता की कई सड़कें ऐसी हैं, जिनका काम समय पर पूरा नहीं हुआ है या फिर धीमी गति से किया जा रहा है। ऐसे ठेकेदारों पर भी पेनल्टी लगाई जाएगी। ठेकेदारों की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार की सख्ता का असर दिखना शुरू हो गया है। कई लापरवाह ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की गई। अधिकांश ठेकेदारों ने लंबित कार्य निपटाए हैं। सड़कों और भवन निर्माण पूरा करने के लिए समय अवधि तय होती है। उसी अवधि के बीच काम को पूरा करना होता है।
डिजिटल लिटरेसी कैंप का आयोजन ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के तहत ग्राम पंचायत खुंडिया में आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों ने भाग लिया । मुख्य अतिथि के तौर पर तहसीलदार खुंडिया राहुल शर्मा ने भाग लिया। वह इस कैंप में एसएचओ खुंडियां प्रधान, ग्राम पंचायत खुंडिया, प्रधान ग्राम पंचायत छिलग, प्रधान व्यापार मंडल , शाखा बैंक प्रबंधक यूको बैंक खुंडिया व स्थानीय लोगों द्वारा भाग लिया गया व विभिन्न वक्ताओं ने साइबर क्राइम, साइबर फ्रॉड, साइबर ठगी इत्यादि पर लोगों को जागरूक किया। कैंप में तहसीलदार खुंडिया राहुल शर्मा शाखा प्रबंधक यूको बैंक खुंडिया अनिल कुमार, एसएचओ खुंडिया रणजीत सिंह परमार ,कानूनगो बलवीर सिंह द्वारा डिजिटल लिटरेसी बारे उपस्थित लोगों को जागरूक किया गया व सबसे महत्वपूर्ण युवा वर्ग से शिवम राणा आईटी साइबर के बारे में बहुत ही बेहतर ढंग से उपस्थित सभा को जागरूक किया, जिनके अभिभाषण से प्रसन्न होकर सुनील कुमार द्वारा 500 शिवम राणा को उपहार स्वरूप दिया गया ।
भाजपा युवा नेता आश्रय शर्मा ने आज जारी बयान में कहा कि लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह हिमाचल की सीमा से बाहर जाते और वापिस हिमाचल आते समय अपने ही बयानों से पलट जाते हैं। उन्होंने कहा कि आज जिस तरह से उन्होंने देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को लेकर बयान दिया कि हिमाचल की जनता ने उन्हें जवाब दिया है, वो शायद यह भूल गए हैं कि हिमाचल की और विशेषकर मंडी लोकसभा क्षेत्र की जनता ने उन्हें अपने जनादेश देकर नकार दिया है। आश्रय ने कहा कि जब लोक निर्माण मंत्री कुछ मांगने दिल्ली जाते हैं तो भाजपा के केंद्रीय मंत्रियों की तारीफ करते हैं और वापिस आते ही उनको देश के प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों में कमियां दिखाई देने लगती हैं, जिससे उनके पूर्व बयानों का वह स्वयं ही कटाक्ष कर देते हैं। आश्रय ने कहा कि वह उनको याद दिलाना चाहते हैं कि पिछले छह महीनों में वह एक बार इस्तीफा देकर फिर शाम को इस्तीफा वापिस ले चुके हैं और अगर वह इस दौरान अपने बयानों का आकलन करें तो उनमें ही विरोधाभास साफ नजर आता है। आश्रय ने कहा कि देवभूमि की जनता ने भाजपा पर पूरा विश्वास जताया है और चारों लोकसभा सीट भाजपा की झोली में डालकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के विधायकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, जबकि कांग्रेस को 61 विधानसभा में जनता ने नकार दिया है, तो बेहतर होगा कि लोक निर्माण मंत्री जिनके अपने विधानसभा क्षेत्र में भी कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में लीड नहीं मिल पाई, वो आत्मचिंतन करें।
ज़िला रोज़गार अधिकारी जगदीश कुमार ने बताया कि मैसर्ज़ वर्मा ज्वैलर्स सोलन में 23 पदों की भर्ती के लिए कैंपस इंटरव्यू 26 जुलाई, 2024 को ज़िला रोज़गार कार्यालय सोलन में आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सिक्योरटी गार्ड के एक पद के लिए भी कैंपस इंटरव्यू 26 जुलाई, 2024 को आयोजित किया जाएगा। जगदीश कुमार ने कहा कि इन पदों के लिए उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता दसवीं, ग्रेजुएट, एम.बी.ए., एम.बी.ए. (एच.आर.), कम्प्यूटर आई.टी., कम्प्यूटर ऑपरेटर प्रोग्रामिंग एसीस्टैंट (कोपा) पास होनी चाहिए तथा आयु 20 से 59 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उक्त पदों की विस्तृत जानकारी के लिए आवेदक विभागीय पोर्टल ई.ई.एम.आई.एस. पर लॉगइन कर प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पंजीकरण के लिए उम्मीदवारों को ई.ई.एम.आई.एस. पर कैंडीडेट लॉगईन टैब के माध्यम से पंजीकृत करने के उपरांत अपनी रजिस्ट्रेशन प्रोफाईल पर अधिसूचित रिक्तियों के लिए अपनी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर आवेदन कर सकते है। उन्होंने कहा कि आवेदक का नाम रोज़गार कार्यालय में पंजीकृत होना अनिवार्य है। ज़िला रोज़गार अधिकारी ने कहा कि उपरोक्त पदों के लिए कैंपस इंटरव्यू ज़िला रोज़गार कार्यालय सोलन में 26 जुलाई, 2024 को प्रातः 10.30 बजे से आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार अधिक जानकारी के लिए कार्यालय दूरभाष नम्बर 01792-227242 तथा मोबाईल नम्बर 78768-26291 पर भी सम्पर्क कर सकते हैं।
शूलिनी विश्वविद्यालय में "एचआर उत्कृष्टता के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता की शक्ति का दोहन" शीर्षक से दो दिवसीय एचआर कॉन्क्लेव का समापन कार्य, रचनात्मकता और एआई प्रगति के भविष्य पर चर्चा के साथ हुआ। कॉन्क्लेव के दौरान, शूलिनी यूनिवर्सिटी के सह-संस्थापक और अध्यक्ष इनोवेशन एंड मार्केटिंग, आशीष खोसला और शूलिनी ऑनलाइन और डिस्टेंस लर्निंग के निदेशक प्रो. अमर राज सिंह ने "अनलीशिंग क्रिएटिविटी एंड लर्निंग विद जेनेरेटिव एआई: द" शीर्षक से एक सत्र आयोजित किया। पैनल चर्चा, "गिग इकोनॉमी एंड द फ्यूचर ऑफ वर्क: मैनेजिंग ए हाइब्रिड वर्कफोर्स" का नेतृत्व डॉ. पूजा वर्मा ने किया। पैनलिस्टों में डिजीमंत्रा में ग्लोबल ऑपरेशंस के वीपी बिक्रमजीत सिंह और सोनालिका ग्रुप में एचआर मैनेजर उत्कर्ष कुमार, सोपरा स्टेरिया में टैलेंट एक्विजिशन के प्रमुख प्रसून प्रभजन और निवा बुपा हेल्थ में मानव संसाधन के महाप्रबंधक स्वर्णप्रीत सिंह शामिल थे , जिन्होंने लचीलेपन को संतुलित करने पर चर्चा की और गिग अर्थव्यवस्था में स्थिरता, साथ ही व्यवसायों को हाइब्रिड कार्यबल मॉडल को अपनाने की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया । दूसरे दिन की शुरुआत शूलिनी विश्वविद्यालय के मुख्य शिक्षण अधिकारी डॉ. आशू खोसला की ज्ञानवर्धक बातचीत से हुई, जिन्होंने रचनात्मकता और एआई के अभिसरण के बारे में बात की। डॉ. आशु ने कहा, रचनात्मकता विचारों से शुरू होती है और नवाचार की ओर ले जाती है, जो सहयोगात्मक वातावरण में पनपती है। उन्होंने अलग-अलग सोच का प्रदर्शन करते हुए "30 सर्कल चैलेंज" में प्रतिभागियों को शामिल किया, और प्रवाह, लचीलेपन, मौलिकता और विस्तार को मापने के लिए क्रिएटिव थिंकिंग (टीटीसीटी) के टोरेंस टेस्ट की शुरुआत की।"अकादमिक क्षेत्र में उद्योग की भूमिका," भारत में केपीएमजी के एसोसिएट निदेशक सचिन शर्मा, शूलिनी विश्वविद्यालय में प्रबंधन विज्ञान संकाय के डीन मुनीश सहरावत और प्रोफेसर प्रदीप शर्मा के साथ एक दंडात्मक चर्चा की गई। प्रसून प्रभजन, हेड टैलेंट एक्विजिशन सोप्रा स्टेरिया, गौरव सैनी, ग्लोबल सीएचआरओ वाधवानी फाउंडेशन सभी ने कॉर्पोरेट करियर के लिए छात्रों को तैयार करने में लाइव इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स, सीएसआर गतिविधियों और एआई-संचालित टूल की प्रासंगिकता पर जोर दिया। दूसरे पैनल चर्चा, "एचआर में एआई को लागू करना: सर्वोत्तम अभ्यास," का संचालन शूलिनी विश्वविद्यालय के शैक्षणिक मामलों के प्रोफेसर निदेशक डॉ. प्रोफेसर मंजूनाथ बी.आर. ने किया और इसमें पैनलिस्ट आनंद पचौरी, हेड एल और ओडी जिंदल स्टेनलेस, गौरव सैनी शामिल थे। ग्लोबल सीएचआरओ वाधवानी फाउंडेशन, डॉ. नायपाल, और प्रो. तरुण गुप्ता, निदेशक संचालन, शूलिनी ऑनलाइन। उन्होंने मानव क्षमताओं का विस्तार करने, उत्पादकता बढ़ाने और दैनिक गतिविधियों को सरल बनाने में एआई के महत्व पर चर्चा की। कॉन्क्लेव में प्रोफेसर आशीष खोसला और डॉ. पूजा वर्मा द्वारा संपादित और अदिति शर्मा द्वारा डिजाइन की गई पुस्तक "स्मार्ट एचआर विद एआई: लीवरेजिंग एआई फॉर वर्कफोर्स एक्सीलेंस" का विमोचन भी हुआ। पुस्तक में मानव संसाधन नेताओं, शूलिनी विश्वविद्यालय और एसआईएलबी संकाय के योगदान शामिल हैं। पुस्तक समय प्रबंधन को बढ़ाने और संचालन को सुव्यवस्थित करने के लिए एआई-संचालित समाधानों के महत्व पर प्रकाश डालती है। कार्यक्रम का समापन डॉ. पूजा वर्मा के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिन्होंने सभी आयोजकों, टीम के सदस्यों, स्वयंसेवकों और प्रबंधन को उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। डॉ. वर्मा ने संस्थान के विकास के लिए उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग के महत्व को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज संकटमोचन हनुमान मंदिर में धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर व परिवार के अन्य सदस्यों सहित माथा टेका और पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर भोरंज से विधायक सुरेश कुमार और कृषि उत्पाद विपणन समिति (एपीएमसी) शिमला-किन्नौर के अध्यक्ष देवानंद वर्मा भी उपस्थित रहे।
**सुबह 10 बजे पहुंचना सुनिश्चित करें कांगड़ा, ऊना व चम्बा के अभ्यर्थी कारागार एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग हिमाचल प्रदेश में वार्डरों के पदों की भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा में उत्तीर्ण हो चुके जिला कांगड़ा, ऊना व चम्बा के अभ्यर्थियों के लिए लिखित परीक्षा 28 जुलाई, 2024 (रविवार) को निर्धारित की गई है। अधीक्षक कारागार, लाला लाजपत राय जिला एवं मुक्त सुधार गृह धर्मशाला विकास भटनागर ने बताया कि जेल वार्डर की लिखित परीक्षा का केंद्र राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि 28 जुलाई दोपहर 12 बजे से लिखित परीक्षा प्रारंभ हो जाएगी। बकौल अधीक्षक कारागार, लिखित परीक्षा में भाग लेने वाले अभ्यर्थी परीक्षा शुरू होने से दो घण्टे पूर्व (प्रातः 10 बजे) निर्धारित परीक्षा केंद्र में पहुंचना सुनिश्चित करें। अभ्यर्थी जेल वार्डर की लिखित परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) कारागार विभाग की वेबसाइट एचपीपीआरआईएसओएनएस डॉट एनआईसी डॉट आईएन या अपनी पंजीकृत ई-मेल से दिनांक 23 जुलाई, 2024 के बाद डाउनलोड कर सकते हैं। परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए चयन बोर्ड द्वारा यही प्रवेश पत्र मान्य होगा। उन्होंने बताया कि लिखित परीक्षा में भाग लेने वाले अभ्यर्थी अपने साथ काला व नीला बॉल पेन तथा कार्डबोर्ड लेकर आएं।
जिला शिमला के आदर्श केन्द्रीय कारागार कण्डा के एक प्रवक्ता ने आज बताया कि 17 जनवरी से 20 जनवरी, 2024 तक पुलिस लाइन भराड़ी में पुरूष और महिला वार्डर के पदों पर उत्तीर्ण हुए अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा 28 जुलाई, 2024 को दोपहर 12 बजे राजकीय महाविद्यालय, संजौली (शिमला) में निर्धारित की गई है। अभ्यर्थी निर्धारित परीक्षा केन्द्र में लिखित परीक्षा आरम्भ होने से दो घण्टे से पूर्व प्रातः 10 बजे पहुंचना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि सभी उत्तीर्ण अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र कारागार की वैबसाइट admins.hp.nic.in//hpprisons से एवं अपने पंजीकृत ई-मेल के माध्यम से 23 जुलाई, 2024 के बाद डाउनलोड कर सकते हैं। प्रवेश पत्र डाउनलोड करना सभी अभ्यर्थियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा हॉल में किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रानिक उपकरण तथा परीक्षा केन्द्र में अपना वाहन साथ लाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अतिरिक्त अभ्यर्थी अपने साथ कार्ड बोर्ड, काला एवं नीला बॉलपैन लाना सुनिश्चित करें। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नम्बर-0177-2628852 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नवनिर्वाचित विधायकों कमलेश ठाकुर, हरदीप सिंह बावा और आशीष शर्मा के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया। प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित विधायकों को शुभकामनाएं दीं। नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर, विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार, मंत्रीगण और विधायकगण भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश की जनता ने खरीद-फरोख्त की राजनीति को सिरे से नकार दिया है। भाजपा ने लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार को गिराने का षड़यंत्र रचा जिसके फलस्वरूप प्रदेश में विधानसभा उप-चुनावो की स्थिति उत्पन्न हुई। कांग्रेस पार्टी ने जनता के सामने भाजपा के षड़यंत्र का पर्दाफाश किया जिसके कारण कांग्रेस पार्टी को जनादेश मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों का संख्या बल एक बार फिर 40 हो गया है। भाजपा के षड़यंत्र के कारण प्रदेश में चार माह तक विकासात्मक कार्य बाधित हुए। उन्होंने भाजपा के नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें नकारात्मक राजनीति त्यागकर प्रदेश का समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार को सहयोग देना चाहिए। भाजपा नेताओं को प्रदेश और यहां के लोगों के हितों के लिए केंद्रीय सरकार की परियोजनाओं में अड़ंगे नहीं डालने चाहिए। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले साल प्राकृतिक आपदा के दौरान लोगों को राहत पहुंचाने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया। वर्तमान प्रदेश सरकार ने सरकारी क्षेत्र में 28 हजार नौकरी के अवसर सृजित किए हैं, जबकि पिछली भाजपा सरकार ने 5 वर्षों के कार्यकाल के दौरान केवल 20 हजार नौकरियां सृजित की थीं, जिनमें से अधिकतर मामले कानूनी दाव-पेच में फंस गए थे। मुख्यमंत्री ने पिछली भाजपा सरकार द्वारा अत्याधिक ऋण लेने की आलोचना करते हुुए कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश के विकास कार्यों में निवेश करने की बजाय ऋण लेने का कार्य किया। वर्तमान प्रदेश सरकार विरासत में मिली देनदारियों को पूरा करने के लिए ऋण ले रही है। उन्होंने कहा कि गत एक वर्ष के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों के फलस्वरूप राज्य की आर्थिक स्थिति में 20 प्रतिशत सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार प्रदेश और प्रदेश के लोगों के हितों के लिए निरन्तर कार्य कर रही है और हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं।
हिमाचल में दूध खरीद मूल्य बढ़ने का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। महिलाएं घर में खेती बाड़ी के काम में पुरुषों का सहयोग करने के साथ दुग्ध कारोबार से जुड़ कर आर्थिक तौर पर भी आत्मनिर्भर हो रही हैं। इसका बड़ा उदाहरण प्रदेश में 1148 ग्राम दुग्ध सहकारी समितियां हैं, जिनके कुल सदस्यों की संख्या 47,905 हैं। इनमें अकेले महिलाओं की संख्या 19,388 तक पहुंच गई है। प्रदेश सरकार ने दूध कारोबार को ऊंचाई देने के लिए राज्य में 11 दुग्ध संयंत्र और 116 बल्क मिल्क कूलर भी स्थापित किए हैं। हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में दुग्ध उत्पादन से जुड़ी गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिसे बढ़ावा देने के लिए सरकार ने दूध के खरीद मूल्य में एक मुश्त भारी बढ़ोतरी की है। प्रदेश में गाय के दूध का खरीद मूल्य 45 रुपए और भैंस के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य 55 रुपए प्रति लीटर तय किया गया है, जिसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की पशुपालन में रुचि बढ़ी है। प्रदेश में पशुपालन से जुड़ी महिला घर द्वार पर दूध बेच कर हर महीने औसतन 12 हजार से 15 हजार की कमाई कर रही हैं। इसके अलावा महिलाएं कृषि और बागवानी के क्षेत्र में भी पुरुषों का सहयोग कर रही हैं। प्रदेश सरकार दुग्ध प्रसंस्करण और इसकी गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दे रही है, जिसके लिए प्रदेश में दुग्ध संयंत्रों का भी चरणबद्ध तरीके से उन्नयन किया जा रहा है। हिम-गंगा योजना के तहत जिला कांगड़ा स्थित ढगवार में 250 करोड़ रुपये की लागत से विश्व स्तरीय दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। इस संयंत्र की क्षमता को बढ़ाकर 3 लाख लीटर प्रतिदिन करने की योजना है। इस संयंत्र में अत्याधुनिक तकनीक से दूध का पाउडर बनाया जाएगा, जिसमें मांग से अधिक दूध को लंबे समय तक संरक्षित किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त दही, खोया, घी, आइसक्रीम, फ्लेवर्ड मिल्क, पनीर और अन्य उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे। इस संयंत्र में अल्ट्रा हीट तकनीक से पैकिंग की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। प्रदेश में दूध कारोबार को उद्योग के तौर पर स्थापित करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसके लिए स्थानीय युवाओं को किसानों व एकत्रीकरण केंद्रों से दूध प्रसंस्करण संयंत्रों तक दूध ले जाने के लिए 200 रेफ्रिजरेटर मिल्क वैन उपलब्ध करवाने के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार ने दुग्ध संयंत्र कुल्लू, हमीरपुर, नाहन और दुग्ध संयंत्र ऊना की क्षमता 20-20 हजार लीटर करने की योजना भी बनाई है। दुग्ध विपणन प्रक्रिया और इसके परिवहन का युक्तिकरण भी किया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन समितियों के पंजीकरण कार्य में तेजी लाई है, इसके लिए समितियों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जा रहा है। वहीं मिल्कफेड के ट्रेडमार्क ‘हिम’ का केंद्र सरकार से पंजीकरण करवाया गया है। प्रदेश मिल्कफेड की ओर से राज्य में 102 ऑटोमेटिक मिल्क कलेक्शन यूनिट स्थापित किए गए हैं और दूर-दराज के क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण दूध एकत्र करने के लिए 320 लीटर क्षमता के 55 मिल्क कूलर छोटी समितियों को उपलब्ध करवाए गए हैं।
किन्नौर के कल्पा ब्लॉक में निर्माणाधीन 450 मेगावाट कड़छम शोगंटोंग जल विद्युत परियोजना समय पर तैयार न होने से सरकार को प्रतिवर्ष 60 करोड़ रुपये की क्षति पहुंच रही है। सूत्रों के अनुसार इस परियोजना का निर्माण होने से हिमाचल सरकार को विद्युत उत्पादन की 12 प्रतिशत रॉयल्टी मिलनी है। 2017 में तैयार होने वाली परियोजना का समय काफी लंबा खिंच गया है। इसके चलते सरकार को अब तक अरबों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। सरकार के साथ-साथ जिले की छह पंचायतों के ग्रामीणों को भी नुकसान झेलना पड़ रहा है। बताते चलें कि हिमाचल प्रदेश पावर कोरपोरेशन लिमिटेड की 450 मेगावाट कड़छम शोगंटोंग जल विद्युत परियोजना के निर्माण कार्य की मुख्य ठेकेदार पटेल कंपनी है, जबकि पटेल कंपनी ने आगे 27 ठेकेदारों को काम दिया है। पटेल कंपनी ने इस परियोजना के निर्माण कार्य को वर्ष 2012 में शुरू किया था, जो करीब 12 वर्ष की लंबी अवधि गुजर जाने के बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। परियोजना के निर्माण कार्य का लक्ष्य 2017 निर्धारित किया गया था, लेकिन एचपीपीसीएल और पटेल कंपनी की लेटलतीफी के चलते सरकार ने 2026 तक परियोजना का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में हो रहे कार्यों को देखकर लगता नहीं कि 2026 तक भी इस परियोजना का कार्य पूरा हो पाएगा। एचपीपीसीएल और पटेल कंपनी के ढुलमुल रवैये को देखते हुए सरकार को अभी करोड़ों रुपये का और नुकसान होगा। वहीं, समय के साथ-साथ पावर प्लांट बनाने की लागत भी बढ़ती जाएगी। गौर रहे कि एचपीपीसीएल प्रबंधन की फरवरी से बैठक नहीं हो पाई है। इसके चलते पटेल कंपनी को बजट के अभाव से जूझना पड़ रहा है और परियोजना का कार्य धीमी गति से चल रहा है। बजट की कमी के कारण कंपनी ने मई से पावर हाउस, नहर का काम, सर्च कर्क्स का काम शुरू किया है। सिर्फ डैम का काम शुरू नहीं हो पाया है। बजट मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा- बीरेंद्र शर्मा, महाप्रबंधक, पटेल कंपनी दिसंबर 2026 तक 450 मेगावाट कड़छम शौंगटों परियोजना का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। बैराज के लिए 7 हेक्टेयर जमीन का जल्द ही अधिग्रहण किया जाएगा- खेम सिंह ठाकुर, प्रबंध निदेशक, पावर कॉरपोरेशन, हिमाचल प्रदेश 450 मेगावाट कड़छम शौंगटों परियोजना का कार्य एचपीपीसीएल ने पटेल कंपनी को दिया है। इन दोनों की आपसी लड़ाई के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाना में सोमवार से यूरोलॉजी विभाग की ओपीडी चलेगी। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज की न्यू ओपीडी में अब पहले की तरह मरीजों को उपचार नहीं मिलेगा। लिहाजा ऊपरी शिमला के अलावा सिरमौर, सोलन, मंडी, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, चंबा और ऊना जिला से आने वाले मरीजों को न्यू आईएसबीटी से चलने वाली बस सेवा से सीधा भट्ठाकुफर पहुंचना होगा। यहां से चलने वाली बस से मरीज अस्पताल पहुंच सकेंगे। अटल सुपर स्पेशलिटी आर्युविज्ञान संस्थान (चमियाना) में यूरोलॉजी विभाग की ओपीडी सुबह 9:30 से शाम 4:00 बजे तक सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को चलेगी। हालांकि अस्पताल पहुंचने के लिए मरीजों को परेशानी न झेलनी पड़े इसके लिए मरीज आईजीएमसी से सुबह 9:00 बजे जाने वाले टेंपो ट्रेवलर से चमियाना अस्पताल पहुंच सकते हैं। बताया जा रहा है कि ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह से आग्रह किया है कि परिवहन विभाग को निर्देश जारी करवाएं कि अटल सुपर स्पेशलिटी आर्युविज्ञान संस्थान (चमियाना) के लिए आईजीएमसी से नियमित टेंपो ट्रेवलर चलाएं। इसके अलावा निचले क्षेत्रों से जो मरीज भट्ठाकुफर पहुंचते हैं उन्हें यहां से अस्पताल पहुंचने के लिए शटल बस सेवा आरंभ करवाएं। मरीजों को परेशानी पेश न आए इसलिए परिवहन विभाग से टेंपो ट्रेवलर के अतिरिक्त चक्कर लगाने के लिए चिट्ठी के माध्यम से अवगत करवाया गया है।
फोरलेन शमलेच टनल में एक बाइक दीवार से टकरा गई। जिसमें बाइक चालक की मौ*त हो गई है। बताया जा रहा है कि बाइक सवार तेज रफ्तार में था, जिस कारण यह हाद*सा हुआ है। इसकी सूचना पुलिस को स्थानीय लोगों ने दी, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर श*व कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मृत*क की पहचान 19 वर्षीय राहुल पुत्र राकेश कुमार निवासी गांव बठोल धर्मपुर के रुप में की है। एसपी सोलन गौरव सिंह ने मामले की पुष्टि की है।
हिमाचल सरकार ने प्रदेश में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए शिमला विकास योजना में संशोधन किया है, जिसका उद्देश्य राज्य की राजधानी में हरित पट्टी क्षेत्र का विस्तार करना है, जिसमें शहर और उसके उपनगर दोनों शामिल हैं। शिमला विकास योजना 2041 के अनुसार, हरित पट्टी क्षेत्र में आवासीय निर्माण को सख्ती से विनियमित किया जाएगा। निर्माण केवल उन भूखंडों पर ही अनुमति दी जाएगी, जिनमें पेड़ नहीं हैं। पेड़ वाले किसी भी भूखंड को, चाहे वह हरा हो या सूखा, हरित भूखंड के रूप में नामित किया जाएगा, जिससे किसी भी निर्माण गतिविधि पर रोक लगेगी। वर्तमान में हरित पट्टी के रूप में नामित क्षेत्रों में बाईपास और कार्ट रोड, नाभा वन, फागली और लालपानी वन, बेमलो वन, हिमलैंड वन, खलिनी और छोटा शिमला वन क्षेत्र और योजना में विस्तृत कई अन्य क्षेत्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, सरकार ने हरित पट्टी पदनाम के तहत नए क्षेत्रों को शामिल करने का निर्णय लिया है। ये क्षेत्र हैं रिट्रीट, मशोबरा बैंड, टुकडा एंड्री, शिव मंदिर एंड्री, ताल और गिरी, डीपीएफ खलिनी, बीसीएस मिस्ट चैंबर और परिमहल, इससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा ।
हिमाचल प्रदेश में रोजगार का सपना देख रहे युवाओं के लिए सुनहरा अवसर है। सरदार पटेल विश्वविद्यालय में गेस्ट टीचर के लिए साक्षात्कार आयोजित किए जा रहे है। यह साक्षात्कार 23 जुलाई से सरदार पटेल विश्वविद्यालय में ही होंगे। एसपीयू में 35 गेस्ट टीचर्स की भर्ती की जानी है। ऐसे युवा जिन्होंने पीएचडी या नेट क्वालीफाई किया है, वह इन पदों के लिए एलिजिबल होंगे। चयनित होने पर इन युवाओं को 35 हजार रुपए मासिक वेतन दिया जाएगा। उम्मीदवारों का चयन वॉक इन इंटरव्यू के माध्यम से होगा। एसपीयू ने पीएचडी और नेट पास युवाओं के लिए 23, 24 और 25 जुलाई को वॉक इन इंटरव्यू रखे हैं। साक्षात्कार प्रो. कुलपति कार्यालय में होंगे। यूनिवर्सिटी में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ, अंग्रेजी, योग, ईवीएस, इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री, कंप्यूटर साइंस, बॉटनी, जूलॉजी, पर्यावरण विज्ञान मैनेजमेंट, हिस्ट्री और पब्लिक में इन टीचर्स की भर्ती होगी। 23 जुलाई को सुबह 11 बजे केमिस्ट्री, मैथ, अंग्रेजी और योग, ईवीएस गेस्ट फैकल्टी के इंटरव्यू होंगे। 12 बजे केमिस्ट्री, 1 बजे इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री और 3 बजे कंप्यूटर साइंस गेस्ट फैकल्टी के लिए इंटरव्यू होगा। 24 जुलाई को सुबह 11 बजे बॉटनी, 12 बजे जूलॉजी, 1 बजे एनवायर्नमेंटल साइंस गेस्ट फैकल्टी के लिए इंटरव्यू होगा। 25 जुलाई को सुबह 11 बजे मैनेजमेंट, 12 बजे की इतिहास और एक बजे पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के लिए इंटरव्यू में लिया जाएगा। उम्मीदवारों को अपने आवेदन पत्र के साथ मार्कशीट, प्रमाण पत्र, डिग्री और अन्य दस्तावेजों लाने होंगे। गेस्ट टीचर की नियुक्ति पूरी तरह से अस्थायी आधार और एक सुख सेमेस्टर के लिए है। यहां इन्हें किसी भी स्तर पर नियमितीकण, स्थायी पद नहीं दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में इस बार मानसून भले ही 27 जून को दस्तक दे दी हो, लेकिन राज्य में मानसून सीजन में बारिश उम्मीद से काफी कम हुई है। प्रदेश में कम हुई बारिश को देखते हुए मानसून को कमजोर माना जा रहा है। इस मानसून सीजन में 1 जून से अब तक 43 प्रतिशत कम बारिश हुई है। 27 जून को हिमाचल प्रदेश में पहुंचे दक्षिण-पश्चिम मानसून के कमजोर और अनिश्चित बने रहने के कारण अब तक प्रदेश में 43 फीसदी कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 1 जून से 21 जुलाई के बीच सामान्य बारिश 266.4 मिमी की के मुकाबले सिर्फ 151.6 मिमी ही बारिश हुई। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश के बावजूद, राज्य के सभी 12 जिलों में बारिश की कमी दर्ज की गई। जुलाई माह में 21 जुलाई रविवार तक प्रदेश में 36 प्रतिशत बारिश में कमी दर्ज की गई है, जिसमें प्रदेश भर में 165.3 मिमी बारिश के मुकाबले महज 105.1 मिमी बारिश हुई है। मौसम विभाग शिमला कार्यालय ने प्रदेश में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए सोमवार और मंगलवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार और मंगलवार को राज्य के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में अगले 2 से 3 दिनों में मानसून की गतिविधि बढ़ने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश में मध्यम तीव्रता की व्यापक वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार इस सोमवार और मंगलवार को बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, चंबा, कुल्लू, सोलन और सिरमौर में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। मौसम विभाग ने स्थानीय लोगों और बागवानों को बागवानी और खड़ी फसलों के नुकसान होने, कमजोर संरचनाओं को आंशिक नुकसान, तेज हवाओं के कारण कच्चे घरों और झोपड़ियों को नुकसान होने की आशंका जताई है। वहीं, मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए यातायात में व्यवधान और निचले इलाकों में जलभराव को लेकर लोगों को आगाह किया गया है। हिमाचल प्रदेश में 27 जून को मानसून के एंट्री से लेकर अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 40 लोगों की मौ*त हो चुकी है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार बारिश के कारण राज्य को 329 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
हिमाचल में आज सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर सहित तीन नवनिर्वाचित विधायक आज शपथ लेंगे। विधानसभा में नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह रखा गया है। सीएम की पत्नी कमलेश ठाकुर देहरा से चुनाव जीती हैं। इसी तरह से नालागढ़ विधानसभा सीट से हरदीप सिंह चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने हैं। हमीरपुर विधानसभा सीट पर आशीष शर्मा भाजपा टिकट पर चुनाव जीतने के बाद दूसरी बार विधायक पद की शपथ लेंगे। ऐसे में अब विधानसभा सदस्यों की संख्या 68 हो जाएगी। हिमाचल विधानसभा में अब सदस्यों की संख्या 68 हो जाएगी। इसमें कांग्रेस विधायकों की संख्या 40 होगी। प्रदेश में 27 फरवरी को घटे राजनीतक घटनाक्रम से पहले भी कांग्रेस विधायकों की संख्या 40 थी। इसी तरह से भाजपा विधायकों की संख्या अब बढ़कर 28 तक पहुंच गई है। पहले यही संख्या 25 थी। वहीं, अब विधानसभा में एक भी निर्दलीय विधायक नजर नहीं आएगा। इससे पहले तीन निर्दलीय विधायक चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे, लेकिन तीनों निर्दलीय विधायकों ने 22 मार्च को अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था और भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी, जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने 3 जून को स्वीकार किया। ऐसे में खाली हुए तीन विधानसभा क्षेत्रों देहरा, नालागढ़ व हमीरपुर में 10 जुलाई को मतदान हुआ, जिसमें देहरा से कांग्रेस के टिकट पर कमलेश ठाकुर और नालागढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी हरदीप सिंह बावा ने चुनाव जीता। वहीं, हमीरपुर सीट पर भाजपा प्रत्याशी आशीष शर्मा चुनाव जीतकर दूसरी बार विधायक बने हैं। हिमाचल विधानसभा के सदन में अब इतिहास बनने जा रहा है। वह ऐसे कि इस बार विधानसभा में पहली बार पति और पत्नी की जोड़ी एक साथ नजर आएगी। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू नादौन से और उनकी धर्म पत्नी कमलेश ठाकुर देहरा से उपचुनाव जीतकर पहली विधायक बनी हैं। ये जोड़ी अब मानसून सत्र में विधानसभा के एक साथ नजर आएगी। इससे पहले सदन में पिता-पुत्र पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह की जोड़ी नजर आ चुकी है। जो वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद सदन में एक साथ दिखे थे। हिमाचल विधानसभा में एक और इतिहास बन गया है। यहां पहली बार ऐसा हुआ है कि पांच साल के कार्यकाल के लिए चुने गए तीन विधायक अलग अलग पार्टी चिन्ह पर चुनाव जीतने के बाद दूसरी बार विधायक विधायक बने हैं। इसमें धर्मशाला से वर्ष 2022 में कांग्रेस टिकट पर सुधीर शर्मा चुनाव जीतकर विधायक बने थे और अब 2024 के उपचुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतने के बाद फिर से विधायक बने हैं। इसी तरह से बड़सर से इंद्रदत्त लखनपाल 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के चुनाव चिन्ह पर विधायक बने थे, अब 2024 के उपचुनाव में भाजपा टिकट पर चुनाव जीत कर फिर से विधायक बन गए हैं। इन दोनों ही विधायकों को शपथ दिलाई जा चुकी है। वहीं हमीरपुर सीट से आशीष शर्मा वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में पहली बार निर्दलीय चुनाव लड़े और पहली बार विधायक बने थे। अब 2024 के उपचुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर फिर से विधायक बने हैं, जो आज विधायक पद की शपथ लेंगे।
कांगड़ा जिले के पालमपुर सिविल अस्पताल के क्रश्ना टेस्टिंग लैब में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक महिला को दूसरे डायबिटीज मरीज की रिपोर्ट थमा दी गई, जिसके बाद महिला को मजबूरन 5 दिन तक डायबिटीज की दवा खानी पड़ गई । मिली जानकारी के अनुसार एक महिला उपचार के लिए सिविल अस्पताल आई तो डॉक्टर ने उन्हें कुछ टेस्ट करवाने के लिए कहा तो उन्होंने सरकार की ओर से अधिकृत क्रश्ना लैब में 16 जुलाई को सैंपल दिए। जब रिपोर्ट मिली तो महिला ने डॉकटर को रिपोर्ट दिखाई। डॉक्टर ने भी महिला का शुगर लेवल ज्यादा होने पर एक हफ्ते की दवाई दे दी। लेकिन पांच दिन की दवाई खाने के बाद महिला की तबियत बिगड़ी और वो डॉक्टर के पास पहुंची तो डॉकटर ने देखा कि वो रिपोर्ट जिसे देखकर महिला को दवाई दी थी ये रिपोर्ट 62 वर्षीय मरीज किसी पुरुष की है, जिनका शुगर लेवल 300 से ज्यादा था। इसके बाद पीड़ित महिला क्रश्ना लैब गई जब महिला को असली रिपोर्ट दी तो इसमें महिला का शुगर स्तर सामान्य था। उन्होंने अस्पताल प्रशासन सहित सरकार से इस पर कार्रवाई की मांग की है।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में गुरुपूर्णिमा महोत्सव का सफल आयोजन हुआ। इसकी अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. निवासवरखेड़ी ने की। उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से छात्रों का मार्गदर्शन किया । इस कार्यक्रम के मुख्यातिथि के रूप में आई आई टी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा उपस्थित रहे। उन्होंने मद्भगवद्गीता के व्यवहारिक पक्ष को छात्रों के सामने रखा और मोक्ष का मार्ग दिखाने वाले गुरु की महिमा का गुणगान किया। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सभी परिसरों ने अपनी प्रस्तुतियां प्रस्तुत की। जिससे विविध राज्यों की संस्कृति एवं भव्य भारत का दर्शन सम्भव हो पाया। कार्यक्रम में सारस्वत अतिथि के रूप में होशियारपुर स्थित साधु आश्रम से प्रो. रितु बाला उपस्थित रही। साथ ही स्वामी परमानन्द महाराज की पूजा अर्चना से वेदव्यास परिसर पावन हुआ एवं गुरु महिमा की परम्परा का भी परिपालन किया गया। सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए वेदव्यास की निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी ने कहा कि विश्वविद्यालय स्तरीय कार्यक्रम के आयोजन से हमारा परिसर स्वयं का धन्य मानता है। इस अवसर पर परिसरीय छात्रों ने विविध उपहारों के द्वारा प्राध्यापकों को सम्मानित किया। इस दौरान परिसरीय प्राध्यापक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
जसवां - प्रागपुर विधानसभा क्षेत्र के दोदूँ स्थित माता चामुंडा के प्रांगण में गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर स्थानीय लोगों ने पीपल एवं बरगद के पेड़ सामूहिक रूप से रोपे और वहीं ग्रामीणों ने सभी से निवेदन भी किया कि इस बरसात में ज़्यादा से ज़्यादा धरती पर पोधारोपण करें व उससे भी ज़्यादा है बच्चों की तरह जब तक ये पेड़ वृक्ष का रूप धारण नहीं कर लेते इन्हें जंगली जानवरों व आग से जलने से बचाने का भरसक प्रयास भी सुनिश्चित करें। वहीं इस पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित स्थानीय निवासी विनोद शर्मा ने कहा कि दिखावे के लिए पेड़ों का लगाना ही नहीं अपितु इन्हें संजोना भी हमारा प्रथम कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि पौधे और पेड़ जलवायु परिवर्तन से लड़ते हैं जो पृथ्वी को नष्ट कर रहे हैं। वे हमारे द्वारा साँस ली जाने वाली हवा को भी फ़िल्टर करते हैं और पर्यावरण से सभी हानिकारक रासायनिक गैसों और गंधों को अवशोषित करते हैं। इसके अलावा, वे हानिकारक कार्बन डाइऑक्साइड को लेते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं। वहीं उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर विभिन्न जीव-जंतु पौधों के कारण ही हम जीवित रह पाते हैं। यदि हम एक दिन के लिए भी पृथ्वी से पौधों को हटा दें तो मनुष्य का जीवित रहना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे हम सब को पेड़ की महत्वता समझनी होगी ।
जिला कुल्लू के खोखन गांव में मेला देखने गए एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौ*त हो गई है। भुंतर पुलिस की टीम ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों के बयान दर्ज कर लिए हैं। वहीं, भुंतर पुलिस ने श*व का पोस्टमार्टम करवाने के बाद श*व मृत*क के परिजनों को सौंप दिया है। भुंतर पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक मृत*क का नाम रमेश था। वो कुल्लू जिले के टेहनसेरी मौहल का रहने वाला था। रमेश खोखन गांव में मेला देखने के लिए आया हुआ था। रात के समय वो अपने किसी रिश्तेदार के घर सोने के लिए चला गया था, लेकिन सुबह ग्रामीणों ने देखा कि वो किसी के घर के बाहर पड़ा हुआ है। ऐसे में उन्होंने तुरंत इस बारे में भुंतर पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और श*व को अपने कब्जे में लेने के बाद पोस्टमार्टम के लिए कुल्लू अस्पताल में भेज दिया। भुंतर पुलिस के मुताबिक रमेश की मौ*त कैसे हुई है, इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। पुलिस ने मामले में आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की पुष्टि एसपी कुल्लू डॉ. कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन ने की है।
जिला कुल्लू के थाने के तहत स्कूटी और इनोवा कार की टक्कर हुई थी। इस सड़क हादसे में स्कूटी सवार की मौ*त हो गई है। यह हादसा 19 दिन पहले हुआ था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृत*क की पहचान धर्मेंद्र कुमार के तौर पर हुई है जो कुल्लू जिले के जाणा का रहने वाला है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक पतलीकूहल थाने में सड़क हादसे को लेकर मामला दर्ज कर लिया गया है। इस हादसे में स्कूटी सवार शख्स घाय*ल हुआ था। घाय*ल को उपचार के लिए आईजीएमसी शिमला लाया गया था जहां उसका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान घाय*ल की मौ*त हो गई। यह सड़क हादसा बीती दो जुलाई को पेश आया था। धर्मेंद्र स्कूटी लेकर पतलीकूहल की तरफ आ रहा था। पतलीकूहल से कुछ दूरी पर इनोवा गाड़ी नंबर एचपी 66-8523 के साथ उसकी टक्कर हो गई। इसके बाद स्कूटी सवार युवक को उपचार के लिए कुल्लू अस्पताल लाया गया जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे आईजीएमसी शिमला के लिए रेफर किया गया। यहां पर आज सुबह शख्स की मौ*त हो गई।
हिमाचल के वन आच्छंदित क्षेत्रों को विस्तार प्रदान करने और पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत प्रदेश सरकार निरंतर प्राथमिकता से कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार ने शिमला नियोजन क्षेत्र के अंतर्गत शिमला शहर और उप नगरों के लिए शिमला विकास योजना में संशोधन किया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार शिमला के सतत विकास के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। सरकार की इस पहल से भूमि कटाव को कम करने और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। शिमला विकास योजना 2041 के अंतर्गत हरित क्षेत्र में आवासीय निर्माण को नियोजित किया जाएगा। इसके तहत वृक्ष रहित भूखंडों पर ही निर्माण कार्यों की अनुमति प्रदान की जाएगी। हरे या सूखे पेड़ों वाली भूमि को हरित भूखंड के रूप में नामित किया जाएगा, जिस पर निर्माण कार्यों पर रोक रहेगी। वर्तमान में ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में बाई-पास और कार्ट रोड़, नाभा वन, फागली और लालपानी वन, बेम्लोई वन, हिमलैंड वन, खलीनी और छोटा शिमला वन क्षेत्र तथा कई अन्य क्षेत्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त ग्रीन बेल्ट के अंतर्गत नए क्षेत्रों में रिट्रीट, मशोबरा बंद, टुकदा आंदरी, शिव मंदिर आंदरी, ताल और गिरी, डीपीएफ खलीनी, बीसीएस मिस्ट चैम्बर और परिमहल को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की इस पहल का लक्ष्य शिमला के नैसर्गिक सौंदर्य को संरक्षित रखना है और आने वाली पीढ़ी के लिए हरा भरा भविष्य सुरक्षित रखना है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य कर सतत विकास को अधिमान दिया जा रहा है। हिमाचल भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। इसके दृष्टिगत प्रदेश सरकार अवैध निर्माण पर रोक लगाकर शिमला में नियोजित निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि शिमला का प्राकृतिक सौंदर्य बरकरार रहे और अधिक से अधिक संख्या में पर्यटक शिमला की ओर रूख करें। शिमला का हरित आवरण शिमला शहर सहित उत्तर भारत को प्राण वायु प्रदान करता है। हरे भरे क्षेत्र तापमान को नियंत्रित करने का कार्य करते हैं। शिमला के हरित क्षेत्र में वृद्धि कर प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण और यहां भ्रमण के लिए आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की दिशा में भी कार्य कर रही है, ताकि वह यात्रा का अविस्मरणीय अनुभव प्राप्त कर सकें।


















































