327 करोड़ रुपए से की जा रही है ई-बसों की खरीद मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां हिमाचल पथ परिवहन निगम की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार निगम को आर्थिक घाटे से उबारने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी और निगम को आत्मनिर्भर बनाएगी। उन्होंने कहा कि बस सेवा सुविधाएं प्रदेश के लोगों के लिए जीवन रेखा का कार्य करती है क्योंकि प्रदेश में परिवहन का यह मुख्य साधन है। हिमाचल पथ परिवहन निगम लोगों को सुलभ और सुविधाजनक परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाता है और निगम के 12 हजार कर्मचारी इस संस्था की नींव हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि निगम को हरित परिवहन प्रणाली में परिवर्तित किया जा रहा है और विश्वसनीय परिवहन सेवा के लिए निगम में इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े को शामिल किया गया है। वर्तमान में निगम की 110 ई-बसें और 50 ई-टैक्सियां कार्यशील हैं। इसके अतिरिक्त, निगम को आर्थिक घाटे से उबारने की दिशा में सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए 327 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं और अतिरिक्त दो हजार टाइप-2 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद प्रक्रिया चल रही है। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि निगम धार्मिक स्थानों में बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत है। इस कड़ी में पहले चरण में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अयोध्या के लिए छह बसों की सुविधा दी गई है और आवश्यकता पड़ने पर इनकी संख्या में वृद्धि की जा सकती है। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में निगम विश्वसनीय परिवहन सेवाएं उपलब्ध करवा रहा है। उन्होंने कहा कि गत सात माह से निगम के कर्मचारियों और पेंशनरों को हर माह के पहली तारीख को वेतन और पेंशन मिल रहा है, जबकि पिछली भाजपा सरकार के दौरान कर्मचारियों और पेंशनरों को आठ से 10 दिनों के बाद वित्तीय अदायगी की जाती थी।
**जूनियर रेडक्रास स्वयं सेवकों ने भी पौधरोपण अभियान में लिया भाग हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्रास सोसायटी और वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पौध रोपण अभियान में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने बतौर मुख्यतिथि भाग लिया। उन्होंने शिमला के अन्नाडेल के निकट ग्लेन में देवदार का पौधा रोपित किया। अभियान में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला अन्नाडेल स्कूल के जूनियर रेडक्रास स्वयं सेवकों ने 250 पौधे रोपित किए। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि हम सभी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है। उन्होंने पौध रोपण अभियानों में सहभागिता सुनिश्चित कर प्रदेश के हरित आवरण को बढ़ाने की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पौधे लगाने के साथ-साथ हमें उनका संरक्षण भी सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बढ़ रही प्राकृतिक आपदाएं चिंता का विषय है, जिसके लिए हमें पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य सरकार और समाज के सामूहिक प्रयास से सितंबर, 2024 तक 80 करोड़ और मार्च, 2025 तक 1.4 अरब पौधे लगाना है। राज्यपाल ने कहा कि इस अभियान में हर व्यक्ति अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण योजना के तहत पौधारोपण के लिए वन विभाग को 150 करोड़ रुपये का बजट भी आवंटित किया है। इस राशि का उद्देश्य राज्य में हरित आवरण को विस्तार प्रदान कर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष वन विभाग ने राज्य में नौ हजार हेक्टेयर भूमि पर पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा, जिला प्रशासन और वन विभाग के अधिकारी और राज्य रेडक्रास के स्वयं सेवक भी उपस्थित थे।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि शिक्षा में सुधार वर्तमान राज्य सरकार की प्राथमिकता है। हिमाचल प्रदेश की साक्षरता दर सात से 83 प्रतिशत पहुंच गई है। प्रदेश के अस्तित्व में आने के समय लगभग 300 शिक्षण संस्थान थे, जो आज बढ़कर 16 हजार से ज्यादा हो गए हैं। सरकार मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने पर विशेष ध्यान दे रही है। इसको लेकर शिक्षा विभाग में 7,000 खाली पद भरे जा रहे हैं। राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ शिमला में मंगलवार को अमर उजाला के मेधावी छात्र सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में आधारभूत ढांचा मजबूत किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिले। इसके लिए शिक्षा में क्लस्टर सिस्टम लागू किया है। इससे स्कूलों की तस्वीर बदल रही है। बच्चों में प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ी है। संसाधनों का उचित उपयोग हो रहा है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में भी बेहतर शिक्षा के लिए प्रयास कर रही है। वर्तमान सरकार ने अध्यापकों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भ्रमण कराया है। विदेशों की अच्छी शिक्षा प्रणाली समझकर प्रदेश में लागू करने के प्रयास हो रहे हैं। शिक्षा ढांचा मजबूत करने के लिए विद्यार्थियों की शून्य संख्या वाले 99 स्कूल बंद करने का फैसला लिया है। पांच और पांच से कम विद्यार्थी संख्या वाले स्कूल मर्ज कर रहे हैं। दो से तीन किलोमीटर के दायरे में स्कूलों को मर्ज किया जा रहा है।
नागा बाबा शिव शक्ति दंगल कमेटी ढलियारा द्वारा हर वर्ष की भांति इस बार भी भव्य दंगल का आयोजन होगा। जानकारी देते हुए कमेटी प्रधान वीरेंद्र मनकोटिया ने बताया कि इस बार यह ऐतिहासिक मेला तीन दिवसीय होगा, जिसकी शुरुवात 20 सितंबर से होगी और समापन 22 सितंबर को होगा। यही नहीं इस बार यह कुश्ती दंगल का कार्यक्रम भव्य स्तर पर होगा, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान अपना दम खम दिखाएंगे। कमेटी प्रधान वीरेंद्र मनकोटिया ने बताया कि ठाकुर कॉलेज के सामने पंचायत के ग्राउंड में इसका आयोजन रहेगा। वहीं 20 तारिक को स्टार नाइट का आयोजन भी होगा, जिसमें हिमाचली कलाकार अपना कला का जादू बिखेरेंगे, तदोपरान्त 21 व 22 को हिमाचली पहलवान दम खम दिखाएंगे। वहीं 22 को अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान अपनी पहलवानी दिखाएंगे । इस दौरान कुलदीप डीसी, रितेश, मंदीप राणा,गोलू ,मोहित ,बलजीत इत्यादि उपस्थित रहे।
**पुरानी सुविधाएं बंद और खाने-पीने की चीजें महंगी कर रही है सरकार **सरकार सुनिश्चित करे कि आपदा प्रभावितों को न होने पाए कोई परेशानी शिमला से जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष ने सरकार द्वारा डिपुओं में मिलने वाले सरसों के तेल के दाम बढ़ाने पर सरकार की आलोचना की है। सरकार के किसी भी फ़ैसले से प्रदेश की जनता को कोई राहत नहीं मिल रही है। प्रदेश में ऐसी सरकार पहली बार आई है, जिसका हर फ़ैसला सरकार के लिए आफ़त बनता है। कभी डीज़ल के दाम तो कभी बिजली-पानी के दाम बढ़ाकर सरकार प्रदेश के लोगों को महंगाई के मुंह में झोंकती है तो कभी सीमेंट, स्टील और गृह निर्माण में आने वाली चीजों के दाम बढ़ाकर। अब सरकार ने सरसों के तेल के दाम में दस परसेंट से ज़्यादा की वृद्धि कर दी है। आपदा से जूझ रहे प्रदेशवासियों के लिए यह फ़ैसला परेशान करने वाला है। सरकार को इस तरह के जनविरोधी फ़ैसलों से बाज आना होगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार सभी को परेशान करने का काम कर रही है। सरकार पुरानी सुविधाएं बंद कर रही है, जिससे लोगों के जेब पर बोझ बढ़ रहा है। जो योजनाएं चल भी रही हैं वहां मिलने वाली सुविधाओं की क़ीमतें बढ़ा रही हैं। डीपुओं में मिलने वाले तेल की क़ीमतें बढ़ाने का असर लाखों लोगों पर पड़ेगा। इसी तरह सरकार द्वारा हिम केयर जैसी योजना को निजी अस्पतालों में बंद कर दिया गया है। प्रदेश भर में लोग परेशान हो रहे हैं, इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों पर ही उन्हें निर्भर होना पड़ रहा है। सिर्फ़ सरकारी अस्पताल में इलाज होने की वजह से अब वेटिंग का समय बढ़ रहा है, जिससे अनावश्यक देरी हो रही है। इलाज में देरी जोखिम भरी होती है। सरकार इस बात को न जाने क्यों समझना नहीं चाहती है। इसी तरह प्रदेश वासियों को मिलने वाली फ्री बिजली को भी बंद करने की तरकीबें निकाल रही है, जिससे इस योजना को बंद किया जा सके। सरकार का काम जनहित की योजनाएं चलाना है न कि चल रही योजनाओं को बंद करना या उन्हें जटिल बनना।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश भर में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी है। बारिश की वजह से नुक़सान न हो इस दिशा में काम करना चाहिए। हर स्तर पर सतर्कता बरती जानी चाहिए। पहली बारिश में ही भारी नुक़सान हुआ। बड़ी संख्या में लोगों के घर नष्ट हो गए या रहने लायक़ नहीं बचे। बहुत घर ख़तरे के दायरे में भी आए हैं। ऐसे लोगों को हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आपदा प्रभावितों को किसी प्रकार की को समस्या न हो, सरकार यह सुनिश्चित करे।
**एक पौधा मां के नाम अभियान के तहत रोपे पौधे राजगढ़ की ग्राम पंचायत देवठी मझगांव के स्वयं सहायता समूह शिरवा द्वारा एक पौधा मां के नाम अभियान के तहत पौधा रोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सेवानिवृत सूबेदार सुरेश ठाकुर ने बताया कि यह पौधारोपण में समूह की महिलाओं और स्थानीय लोगो द्वारा भाग लिया गया। इस कार्यक्रम के दौरान 50 देवदार के पौधे लगाए गए। इस अवसर पर चाय और मिष्ठान का प्रबंध लायक राम चौहान द्वारा किया गया। महिला मंडल देवठी मझगाँव की प्रधान पुष्पा वर्मा ने कहा कि प्रकृती का सरंक्षण करना हम सभी का दायित्व है और सभी को हर वर्ष बढ़चढ़ कर पौधरोपण करना चाहिए। उन्होंने पिछले वर्ष लगाए गए पौधों की अच्छी देखभाल के लिए स्वयं सहायता समूह को 1100 रुपए की राशि प्रदान कर प्रोत्साहित किया।
राजकीय महाविद्यालय खुंडियां में बी.कॉम, बीएससी और बीए प्रथम वर्ष के छात्रों को कॉलेज के विभिन्न नियमों और विनियमों से परिचित कराने के लिए इंडक्शन प्रोग्राम का आयोजन किया गया । सभी स्टाफ सदस्यों ने प्रिंसिपल सर और छात्रों का औपचारिक स्वागत किया। छात्रों को विषयों से संबंधित जानकारी दी गई । इस कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमरजीत लाल, स्टाफ सदस्य और छात्र-छात्राओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रिंसिपल सर ने बताया कि हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी शिमला ने शनिवार को बीकॉम प्रथम वर्ष का परिणाम घोषित कर दिया है, जिसमें राजकीय महाविद्यालय खुंडियां का परिणाम शत-प्रतिशत रहा है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमरजीत लाल ने सभी छात्रों, अभिभावकों और स्टाफ सदस्यों को बधाई दी तथा अन्य छात्रों को भी कड़ी मेहनत से पढ़ाई करने और अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छात्रों को कॉलेज में अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया और सत्र 2024-25 के उपक्रमों के लिए शुभकामनाएं दीं।
हिमाचल प्रदेश में 31 जुलाई को आधी रात में आई त्रासदी को 5 दिन बीत गए हैं। मगर इस तबाही में लापता हुई जिंदगियों की तलाश अभी भी जारी है। मंडी के तेरंग से लेकर रामपुर के समेज तक, आज 6ठे दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। समेज गांव में 5 दिन बीत जाने के बाद भी लापता लोगों का कोई सुराग नहीं मिला है। समेज में लापता लोगों के परिजनों के डीएनए सैंपल लिए गए हैं, ताकि शव मिलने पर उसकी पहचान की जा सके। वहीं, मंडी के तेरंग में भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। यहां लापता 10 लोगों में से 8 के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि बाकि 2 की तलाश जारी है। मंडी के चौहार घाटी राजबन गांव में सर्च ऑपरेशन के छठे दिन 9वां शव बरामद हुआ है। गौरतलब है कि 31 जुलाई की रात को पद्धर उपमंडल के इस इलाके में बादल फटने के बाद तबाही मच गई थी, जिसमें 10 लोग लापता हो गए थे। मंगलवार को 46 साल की खुडी देवी का शव बरामद हुआ है जबकि 30 वर्षीय हरदेव की तलाश जारी है। सर्च ऑपरेशन में एनडीआरएफ से लेकर एसडीआरएफ, पुलिस और होमगार्ड के 100 जवान लगे हुए हैं। सर्च ऑपरेशन के लिए मशीन भी पहुंच गई है। कुल्लू, रामपुर और मंडी में बादल फटने और फ्लैश फ्लड के बाद मची तबाही के बाद ऑपरेशन लगातार जारी है। छठे दिन भी राहत और बचाव टीमें तीनों स्थानों पर लापता लोगों की तलाश कर रही हैं। मानसून के सीजन में हिमाचल में बारिश हर साल तबाही मचाती है जिसमें जान और माल का काफी नुकसान होता है। हिमाचल प्रदेश में 27 जून से शुरू हुए मानसून में अब तक 37 बादल फटने या फिर फ्लैश फ्लड की घटनाएं हुई हैं, जिसमें 11 लोगों की मौत हुई हैं जबकि 46 लोग लापता हैं। ये सभी लोग 31 जुलाई की रात और एक अगस्त की सुबह कुल्लू, मंडी और शिमला के रामपुर में बादल फटने के बाद से लापता हैं। अब तक के मानसून सीजन में 83 मकान, 14 दुकान और 23 गौशालाएं तबाह हो गई हैं। वहीं 38 घरों को नुकसान पहुंचा है और 56 मवेशियों की भी मौत हुई है। हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक इस बार के मानसून सीजन में 18 लैंडस्लाइड की घटनाएं हुई हैं।
कुल्लू: पर्यटन नगरी मनाली के पलचान में अब जल्द बाईपास सड़क बनेगी। केंद्र सरकार ने भी पलचान बाईपास मार्ग को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी है। इस सड़क के बनने से पर्यटकों की रोहतांग पास और अटल टनल होते हुए लाहौल-लेह जाने की राह आसान हो जाएगी। सात किलोमीटर लंबे इस बाईपास मार्ग पर 88.53 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रावधान किया गया है। इस योजना के अनुसार यह मार्ग नेहरूकुंड से पलचान तक सड़क को बाईपास करेगा और सोलंगनाला के पास तक यह सड़क बनाई जाएगी। इस बाईपास सड़क में 3 ब्रिज बनाने की योजना भी है। इस बाईपास के बनने से नेहरूकुंड से लेकर पलचान तक लगने वाले जाम से भी निजात मिलेगी और पर्यटक भी अटल टनल से होते हुए लाहौल घाटी तक आसानी से आ-जा सकेंगे, क्योंकि नेहरूकुड से लेकर पलचान तक रोहतांग पास और अटल टनल की तरफ जाने वाले सैलानियों को एक ही सड़क से जाना पड़ता है। इसके कारण उन्हें कई घंटों तक जाम का सामना करना पड़ता है। अब बाईपास सड़क बन जाने के बाद पर्यटकों को टनल, लाहौल और लेह-लद्दाख जाने में परेशानी नहीं होगी। इस बाईपास पर पहला ब्रिज नेहरूकुंड में ब्यास नदी पर बनेगा और उसके बाद सोलंग सोलंगनाला के पास 2 ब्रिज बनेंगे। इन 2 पुलों में एक पिछले दिनों तबाही मचाने वाले अंजनी नाले पर भी बनाने की योजना है। ऐसे में अब इस बाईपास सड़क निर्माण के लिए केंद्र सरकार से अंतिम मंजूरी मिलने का इंतजार है। इस पलचान बाईपास सड़क का निर्माण बीआरओ (सड़क सीमा संगठन) करेगा। डीएफओ कुल्लू एंजल चौहान ने बताया कि, 'डबललेन बईपास सड़क निर्माण के लिए करीब 15 हैक्टेयर भूमि का उपयोग किया जा रहा है,जिसमे 8 हैक्टेयर से अधिक निजी और 6.48 हैक्टेयर सरकारी भूमि जद में आएगी। इस भूमि का अधिग्रहण कर लोगों को इसका मुआवजा देने का कार्य आरंभ किया जा चुका है, जबकि इस सड़क के निर्माण के लिए वन विभाग को दिए जाने वाले 1 करोड़ 40 लाख रुपए, एनपीवी और सीए देने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। सोलंगनाला और अटल टनल की तरफ जाने के लिए बाईपास बनाने की फाइनल अप्रूवल आनी है। वन विभाग ने इसकी सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। अंतिम मंजूरी आने के बाद बाईपास सड़क निर्माण की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।
**स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल होंगे मुख्यातिथि पैंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ इकाई सायरी अपना 19वां स्थापना दिवस समारोह 8 अगस्त, 2024 को प्रातःग्यारह बजे सायरी बस स्टैंड के समीप राठौर निवास में धूमधाम आयोजित करेगा। यह जानकारी देते हुए संघ के जिला मीडिया प्रभारी डीडी कश्यप ने बताया कि समारोह में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल मुख्यातिथि के रूप में भाग लेंगे। जबकि समारोह की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश पैंशनर्ज कल्याण संघ के राज्याध्यक्ष आत्माराम शर्मा करेंगे। इसके अतिरिक्त अखिल भारतीय सेवानिवृत अर्ध सैनिक बल के अध्यक्ष बीके शर्मा समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लेंगे। पैंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ इकाई सायरी के अध्यक्ष बेलीराम राठौर व जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष जीआर भारद्वाज ने संयुक्त बयान में कहा है कि इस बार इकाई 19वां स्थापना दिवस समारोह मना रही है। इकाई के उपरोक्त पदाधिकारियों ने बताया कि जिला पैंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन के जिलाध्यक्ष केडी शर्मा को भी विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। बेलीराम राठौर व जीआर भारद्वाज ने जिला कार्यकारिणी के तमाम पदाधिकारियों तथा जिला की सभी यूनिटों के कार्यकारिणी सदस्यों से आह्वान किया है कि वह 8 अगस्त की प्रातः ग्यारह बजे सायरी यूनिट के 19वें स्थापना दिवस समारोह में बढ़ चढ़कर भाग लें।
उपमंडल ज्वालामुखी तहसील खुंडियां की सुप्रसिद्ध समाजसेवी संस्था स्माइल फाउंडेशन ने मंगलवार को आदर्श विद्या मंदिर हाई स्कूल खुंडियां में विद्यार्थियों को फलदार पौधे बांटे तथा ग्लोबल वार्मिंग के बारे अवगत किया। संस्था के मीडिया प्रभारी रिटायर्ड कर्नल एम एस राणा ने बताया कि इनका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पौधारोपण से जोड़ कर आगामी पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है। भीषण गर्मी, आग से वन्य संपदा को हुए नुकसान, सुखा तथा ग्लोबल वार्मिंग के दुष्परिणामों से प्रेरित हो कर संस्था ने अपने फंड व वन विभाग के सहयोग से इस वर्ष विद्यार्थियों को एक हजार पौधे बांट कर पर्यावरण को बचाने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर संस्था के सक्रिय सदस्य सूबेदार अश्वनी कुमार, राजिंद्र, बंटी, सन्नी आदि मौजूद रहे।
**पोस्टमार्टम के लिए सीएचसी भेजा समेज त्रासदी के बाद से चल रहे सर्च ऑपरेशन के छठे दिन आज सुबह सुन्नी डैम के करीब डोगरी में एक शव बरामद हुआ है। यह शव पुरुष का है। यह जानकारी अतिरित उपायुक्त अभिषेक वर्मा ने दी। उन्होंने कहा कि पुरुष का शव सही हालात में है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सी एच सी सुन्नी के लिए भेज दिया गया है। कुल्लू प्रशासन को भी इसके बारे में सूचना दे दी गई है। उन्होंने कहा सर्च ऑपरेशन तीव्र गति से चला हुआ है। अभी तक छह शव सर्च ऑपरेशन के दौरान बरामद किए जा चुके है।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया करेंगे समारोह की अध्यक्षता ज़िला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह हर वर्ष की भान्ति इस वर्ष भी सोलन के ऐतिहासिक ठोडो मैदान में आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी आज उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने इस संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ज़िला स्तरीय समारोह की अध्यक्षता करेंगे। मुख्य संसदीय सचिव (ग्राम एवं नगर नियोजन, उद्योग एवं राजस्व विभाग) एवं दून विधानसभा क्षेेत्र के विधायक राम कुमार चौधरी तथा मुख्य संसदीय सचिव (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लोक निर्माण तथा सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग) एवं अर्की विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजय अवस्थी समारोह में विशिष्ट अतिथि होंगे। मनमोहन शर्मा ने कहा कि मुख्यातिथि सर्वप्रथम कारगिल शहीद स्मारक पर कृतज्ञ प्रदेशवासियों एवं ज़िलावासियों की ओर से स्वतंत्रता सेनानियों तथा शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। मुख्यातिथि द्वारा प्रातः 11.00 बजे ठोडो मैदान में ध्वजारोहण किया जाएगा। पुलिस, होमगार्ड्स तथा विभिन्न स्कूलों की एन.सी.सी. तथा स्काउटस एण्ड गाइड्स की टुकड़ियो द्वारा मार्चपास्ट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों एवं अन्य को सम्मानित भी किया जाएगा। उत्कृष्ट कर्मचारियों को सूची सभी विभागों को उपायुक्त कार्यालय सोलन को 10 अगस्त, 2024 तक उपलब्ध करवानी होगी। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे जिसकी रिहर्सल 12 अगस्त, 2024 को प्रातः 11.00 बजे ठोडो मैदान में होगी। उपायुक्त ने विभिन्न विभागों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए निर्धारित उत्तरदायित्वों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने कहा कि बारिश के दृष्टिगत मैदान को कार्यक्रम के लिए तैयार रखा जाए ताकि सभी कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हों। उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लोक निर्माण, जल शक्ति, पुलिस, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग तथा नगर निगम सोलन को कार्यक्रम के विषय में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। मनमोहन शर्मा ने सभी विभागों एवं विद्यालयों से आग्रह किया कि इस कार्यक्रम में उपस्थिति सुनिश्चित बनाएं। सहायक आयुक्त विवेक शर्मा ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त अजय यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजकुमार चंदेल, नगर निगम की संयुक्त आयुक्त डॉ. प्रियंका चन्द्रा, उपमण्डलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजन उप्पल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
विद्युत उपमंडल कुनिहार के अंतर्गत आने वाले सभी उपभोक्ताओं को सूचित किया जाता है। 220 केवी कुनिहार (जाब्बल जमरोट) से निकलने वाले 33 केवी सायरी फीडर के नियमित रखरखाव एवं मरम्मत तथा 33 केवी सबस्टेशन सायरी, 11 केवी यार्ड, 33 केवी यार्ड के रखरखाव तथा 33 केवी जाबल जमरोट से सायरी लाइन पर आने वाले पेड़ों/झाड़ियों टहनियों की कटाई-छंटाई के कारण 8अगस्त गुरुवार को प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक विद्युत आपूर्ति बंद रहेगी। यह जानकारी इंजीनियर मोहिंदर सिंह चौधरी सहायक अभियंता विद्युत उपमंडल एचपीएसईबीएल कुनिहार ने दी उन्होंने बताया कि खंड सायरी के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों शारडाघाट, बांजणी, कुम्हेली, प्लास्टा, शलाह, काकड़ा, सतरोल, ममलीग, जाखड़िया बशील, बकेशु, बेहली,चनौर, चपला, सेरीघाट, खनोल, टिक्कर, कल्हा, सायरी ,कांशीपट्टा, लल्याणा, कुफ्टू कनेअर, सेरैर , रुगडा खजरी, बनगढ़, कुफ्टू आदि क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यदि किसी कारणवश शटडाउन के दिन कार्य नहीं हो पाता है तो अगले दिन ही कार्य किया जाएगा। उन्होंने प्रभावित उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत चलाई जा रही मिशन शक्ति योजना के अंतर्गत एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन कुनिहार पंचायत हॉल में किया गया। इस शिविर में तीनो पंचायतों कुनिहार, हाटकोट व कोठी की महिला मण्डल प्रधान,स्वयं सहायता समूह की महिलाएं,आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व अन्य ग्रामीण महिलाओं ने भाग लिया। जिला समन्वयक रेनू शर्मा व शीतल मेहता ने इस 100दिनों के विशेष जागरूकता अभियान के बारे जानकारी देते हुए बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के घटते लिंगानुपात में कमी लाना तथा समाज में बालिकाओं व महिला अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं व महिलाओं को अपने कर्तव्यों के साथ अपने अधिकारों का ज्ञान होना भी जरूरी है तभी वो समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकती है। इस शिविर के माध्यम से महिलाओ ने अपने अधिकारों के साथ साथ अन्य सुविधाओं बारे भी जानकारी हासिल की। वन स्टॉप सेंटर में पीड़ित महिलाओ को दी जाने वाली सुविधा के बारे जानकारी के साथ महिला सहायता नंबर 181 बारे भी महिलाओं को जागरूक किया गया। इस शिविर में स्वास्थ्य कर्मचारी मीना राठौर,अरुणा शर्मा सहित लगभग 90 महिलाओ ने भाग लिया।
हिमाचल प्रदेश में 31 जुलाई को आधी रात में आई त्रासदी को 5 दिन बीत गए हैं। मगर इस तबाही में लापता हुई जिंदगियों की तलाश अभी भी जारी है। मंडी के तेरंग से लेकर रामपुर के समेज तक, आज 6ठे दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। समेज गांव में 5 दिन बीत जाने के बाद भी लापता लोगों का कोई सुराग नहीं मिला है। समेज में लापता लोगों के परिजनों के डीएनए सैंपल लिए गए हैं, ताकि शव मिलने पर उसकी पहचान की जा सके। हीं, मंडी के तेरंग में भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। यहां लापता 10 लोगों में से 8 के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि बाकि 2 की तलाश जारी है।
जिला मंडी के पंडोह में 9 मील के पास अजीबोगरीब घटना सामने आई है। यहां आईपीएच विभाग की लाइन में बिजली का कंरट दौड़ रहा है, जिसका वीडियो भी विभाग के एक कर्मचारी ने बनाया है। वीडियो में आईपीएच कर्मचारी ने बिजली बोर्ड पर आरोप लगाते हुए कहा कि शिकायत करने के बाद भी बिजली बोर्ड का कोई कर्मचारी सुध लेने नहीं आया और बार-बार पाइपों में करंट न होने की बात कह रहे हैं। वहीं, वीडियो में पानी की पाइप में करंट दौड़ते हुए साफ देखा जा सकता है। पानी की पाइपों में करंट दौड़ने की यह घटना जल शक्ति विभाग के मझवाड़ खंड के तहत आने वाले 9 मील की है। जल शक्ति विभाग में कार्यरत फिटर लेखराम ने मौके पर वीडियो बनाकर बताया कि 9 मील क्षेत्र में बिछाई गई पानी की पाइपों में बिजली का करंट दौड़ रहा है, जिसकी शिकायत स्थानीय ग्रामीण सूरत राम बिजली बोर्ड पंडोह कार्यालय में 5 बार करवा चुके हैं, लेकिन बिजली बोर्ड के कर्मचारी इस लाइन को चेक करने के बजाय आनाकानी करने में लगे हुए हैं। लेखराम ने बताया कि इस करंट की वजह से उनकी जान को भी खतरा बना हुआ है। इस लाइन में पानी की एक पाइप को दुरूस्त करते हुए उनकी खुद की उंगली में एक बार जोर का झटका भी लग चुका है। इसके अलावा इस करंट के कारण गांव के सभी लोगों पर भी खतरा बना हुआ है। वहीं, इस बारे में विद्युत उपमंडल पंडोह के सहायक अभियंता दीना नाथ से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामला उनके ध्यान में आया है, जिसके बाद तुरंत मौके पर कर्मचारी भेज दिए गए हैं। जहां पर भी फाल्ट मिलेगा उसे जल्द से जल्द ठीक किया जाएगा। दीना नाथ ने लोगों से अपील की है कि अगर ग्रामीणों को कहीं भी इस तरह की समस्या पेश आती है, तो विभाग को इसकी सूचना दें।
जिला कुल्लू की मणिकर्ण घाटी के मलाणा में डैम के क्षतिग्रस्त होने से सड़कों को खासा नुकसान पहुंचा है, जिसके चलते यहां पर 25 से ज्यादा सैलानी फंस गए थे। ऐसे में अब सैलानियों को रसोल की पहाड़ियों से होते हुए रेस्क्यू किया गया है। मलाणा में सैलानियों को स्थानीय लोगों और रेस्क्यू टीम की मदद से रसोल की पहाड़ियों से अब जरी लाया गया है। सोमवार सुबह से ही सभी सैलानियों को मलाणा से निकालकर जरी पहुंचाया गया। बता दें कि रविवार को सैलानियों ने जिला प्रशासन से उन्हें मलाणा से बाहर निकालने का आग्रह किया था। मलाणा पंचायत के उप प्रधान राम जी ठाकुर ने बाताया, मलाणा में 25 से ज्यादा सैलानी फंसे हुए थे। ऐसे में अब प्रशासन द्वारा ये फैसला लिया गया कि इन सैलानियों को रसोल के रास्ते बाहर निकाला जाए, क्योंकि मलाणा के रास्ते क्षतिग्रस्त हैं। इसके लिए प्रशासन की ओर से रेस्क्यू टीम भेजी गई और स्थानीय लोगों ने भी इसमें काफी मदद की है। अब प्रशासन से ये आग्रह है कि वे यहां पर जल्द से जल्द सड़क को ठीक करें और मलाणा गावं की ओर जाने वाले पुल का भी निर्माण करें, ताकि लोगों को आवागमन में आसानी हो सके। एसडीएम कुल्लू विकास शुक्ला ने बताया, "सैलानियों को रसोल के रास्ते से बाहर निकाला गया और सभी सैलानी सुरक्षित हैं। मलाणा गांव को जोड़ने के लिए सड़क और पुल का कार्य भी जल्द किया जाएगा। गौरतलब है कि 31 जुलाई की रात को मलाणा में बादल फटा था, जिसके कारण मलाणा डैम क्षतिग्रस्त हो गया और पार्वती नदी में भी बाढ़ आ गई, जिससे मलाणा के पुल समेत वहां की सड़कों को खासा नुकसान पहुंचा और मलाणा का सबसे संपर्क टूट गया। इस दौरान 25 से ज्यााद सैलानी मलाणा में फंस गए थे, जिन्हें अब प्रशासन ने रसोल की पहाड़ियों के रास्ते जरी पहुंचा दिया है और वहां से उन्हें अपने-अपने घरों के लिए रवाना कर दिया है। वहीं, अस्थाई तौर पर मलाणा में भी ग्रामीणों ने लकड़ी के पुल का निर्माण किया है, ताकि लोगों को मलाणा से बाहर आने-जाने में परेशानी न हो।
हिमाचल प्रदेश में कई दिनों की भारी बारिश के कारण जल प्रलय की स्थिति पैदा हो गई है। प्रदेश में जगह-जगह अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के चलते मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग और 87 अन्य सड़कें बंद हो गई हैं। हिमाचल पुलिस ने बताया कि भारी बारिश के चलते चंद्रभाग नदी का जल स्तर बढ़ गया है। लाहौल और स्पीति जिले में दो जगहों पर अचानक बाढ़ आ गई और जिंग जिंगबार के पास मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग 3 पर पानी और मलबा आ गया। वहीं, अगले तीन दिन मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है और मौसम विभाग ने सात और आठ अगस्त के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, उत्तराखंड में केदारनाथ धाम और उसके रास्ते में फंसे लोगों को मौसम साफ होने के बाद सुरक्षित निकालने के काम में तेजी आई है। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने बताया कि भारी बारिश के चलते चंद्रभाग नदी का जल स्तर बढ़ गया है। लाहौल और स्पीति जिले में दो जगहों पर अचानक बाढ़ आ गई और जिंग जिंगबार के पास मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग 3 पर पानी और मलबा आ गया। इसके चलते दारचा और सरचू पुलिस चेक पोस्ट पर अगले आदेश तक यातायात रोक दिया गया। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) राजमार्ग से मलबा हटाने में जुटा है। मौसम विभाग ने पूर प्रदेश, विशेषतौर पर कांगड़ा, हमीरपुर और चांबा जिलों में भारी बारिश के चेतावनी दी है और खराब मौसम को लेकर दो दिन के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के अन्य भागों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर अतिवृष्टि के बाद अलग-अलग स्थानों पर फंसे यात्रियों और स्थानीय लोगों का रेस्क्यू पांचवें दिन भी जारी रहा। सोमवार को 1,401 लोगों का रेस्क्यू किया गया। एमआई-17, चिनूक सहित अन्य हेलिकॉप्टर से 645, पैदल मार्ग से 584, भीमबली-लिनचोली-चौमासी मार्ग से 172 यात्री व स्थानीय लोगों को निकाला गया। पांच दिन में 11,775 यात्रियों का रेस्क्यू किया जा चुका है।
हिमाचल प्रदेश के राजकीय बहुतकनीकी संस्थानों में लीट और पैट डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में अभ्यर्थी को अब सीधा प्रवेश मिल जाएगा। हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा विभाग जल्द ही राजकीय बहुतकनीकी संस्थानों में लीट और पैट डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की रिक्त सीटों के लिए सीधा प्रवेश प्रक्रिया शुरू करेगा। इस दौरान अभ्यर्थियों को संबंधित बहुतकनीकी संस्थानों में मौके पर ही फार्म भरकर मेरिट में आने के बाद सीट कंफर्म करवानी होगी। तकनीकी शिक्षा विभाग जल्द ही संस्थान स्तर पर होने वाली इस स्पॉट काउंसलिंग राउंड के लिए शेड्यूल जारी करेगा। जानकारी के अनुसार, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण हिमाचल प्रदेश की ओर से पहले ऑनलाइन और फिर बाद में सेंटरलाइज्ड स्पॉट काउंसलिंग के जरिए तीन वर्षीय डिप्लोमा (पैट) और दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स (लीट) में सीटें भरी गई हैं, लेकिन अभी भी कई राजकीय और निजी बहुतकनीकी संस्थानों में कई कोर्सों में सीटें रिक्त पड़ी हुई हैं। हालांकि, तीन वर्षीय डिप्लोमा कोर्स के लिए सेंटरलाइज्ड स्पॉट काउंसलिंग के जरिए 6 अगस्त को सुंदरनगर में काउंसलिंग प्रक्रिया होगी, लेकिन दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स के लिए 3 अगस्त को सेंटरलाइज्ड स्पॉट काउंसलिंग राउंड संपन्न हो चुका है। उसके बाद भी लीट में कई सीटें रिक्त पड़ी हैं। अब इन सीटों को भरने के लिए तकनीकी शिक्षा विभाग स्पॉट काउंसलिंग राउंड को शुरू करेगा। इस राउंड के तहत जिस संस्थान में किसी कोर्स से संबंधित सीटें रिक्त होंगी, तो उन्हें इस स्पॉट राउंड के जरिए भरा जाएगा। दो वर्षीय डिप्लोमा लीट के किस कोर्स में सिविल इंजी. 5 और मैकेनिकल इंजी.14 , ऑटोमोबाइल इंजी 35 और कंप्यूटर इंजी. 3, इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजी. 48,इंस्ट्रुमेंटेशन इजी. 4 और 7 मेकाट्रोनिक्स की। प्रदेश के बहुतकनीकी संस्थानों में विभिन्न कोर्सों की रिक्त सीटें भरने के लिए सुंदरनगर में काउंसलिंग प्रक्रिया हुई थी। अभी भी कुछ कोर्सों में सीटें रिक्त रह गई हैं। इन सीटों को भरने के लिए अब संस्थान स्तर पर काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जंबल में एसएमसी कमेटी का गठन किया गया। यह गठन सत्र 2024-25 के लिए सोमवार को स्कूल के प्रधानाचार्य परमजीत सिंह की अध्यक्षता में सर्वसम्मति से किया गया। जिसमें सुभाष चंद् को दूसरी बार एस एमसी कमेटी का सर्व सहमती से प्रधान नियुक्त किया गया। अर्चना कौशल, मोनिका चौधरी, सुषमा देवी, सरवजीत कौर ,मीरां ,किशोरी लाल, शशि पाल, संदीप पाल, तरसेम कुमारी व अमिता को कमेटी का सदस्य चुना गया। इस अवसर पर कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
जसवां-परागपुर विस क्षेत्र के विधायक व पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा है कि सुक्खू सरकार के कार्यकाल में उनके चहेतों व सगे-संबधियों के कारण प्रदेश अब ‘अवैध खनन’ के खेल का बड़ा ‘स्टेडियम’ बन चुका है। इससे प्रदेश के कई भागों में पर्यावरण असंतुलन का खतरा पैदा हो गया है, लेकिन सरकारी संरक्षण में पल-बढ़ रहे खनन माफिया पर हाथ डालने की बजाय अधिकारी मूकदर्शक बने नजर आ रहे हैं। जसवां में पत्रकारों से बातचीत में सोमवार को बिक्रम ठाकुर ने कहा कि पूरी सरकार प्रदेश में खनिज संपदा को लूटने में लगी हुई है , ऐसे में सरकार की मंशा, नीयत और कथनी पर अब सवाल उठने लाजिमी हैं । मुख्यमंत्री में जरा भी नैतिकता है तो वे बताएं कि अपने संबधियों और बद्दी में सीपीएस द्वारा खड्डाें व नालों का जो सीना छलनी किया जा रहा है या अब तक किया गया है, उस पर कार्रवाई के साथ अपना पक्ष स्पष्ट करें। सीएम सुक्खू के सगे सम्बंधी जब खनन मामलों में सलिंप्त हैं तो वे दूसरे लोगों पर कैसे कार्यवाही करेंगें । बिक्रम ठाकुर ने कहा कि यदि सरकार के संरक्षण में चहेतों का बाल बांका नहीं हो रहा है तो यह भी तय है कि इसकी आड़ में कई और लोग भी अवैध माइनिंग से जुड़कर लाखों रुपये के बारे-न्यारे हर दिन कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संपदा की इस तरह से हो रही लूट पूर्व में किसी सरकार के कार्यकाल में नहीं थी, लेकिन सुक्खू सरकार ने अपने मित्राें को नियम-कानून की धज्जियां उड़ाने की अघोषित अनुमति दे रखी है । सुक्खू सरकार की कथनी व करनी में दिन-रात का अंतर है। बिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा अब इस मुद्दे पर चुप बैठने वाली नहीं है । कांग्रेस सरकार के विरूद्ध तथ्यों सहित खनन माफिया का भंडाफोड़ किया जाएगा और इस मामले को विधानसभा पटल में भी उठाया जाएगा। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद अनुराग ठाकुर मुद्दों के साथ बात करते हैं और उनकी जिस टिप्पणी से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी व कांग्रेस समेत इंडी गठबंधन के कुछ नेता असहज हैं, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि अनुराग ने सच काे सच कहा है और किसी को आपत्ति है तो वह इधर-उधर की बातों की बजाय मुद्दे पर आकर खुद को स्पष्ट करे। केवल पुतले जलाने से इस संवेदनशील मामले से नहीं बचा जा सकता । अनुराग द्वारा जिस ढंग और प्रखरता से सवाल उठाया गया, उसका जबाव देने में विपक्ष पूरी तरह से बैकफुट पर नजर आया। देश में जाति जनगणना की बात करने वाले राहुल गांधी को अपनी जाति और धर्म बताने में आपत्ति क्यों है ।
मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद कंगना रनौत हिमाचल प्रदेश में आपदा प्रभावितों से मुलाकात करने के लिए आ रही हैं| वे मंगलवार को आपदा प्रभावितों के साथ मुलाकात करेंगी| उनका सुबह नौ बजे जिला शिमला और जिला कल्लू के सीमावर्ती गांव समेज में जाकर आपदा प्रभावितों से मुलाकात करने की योजना है| वे यहां समेज गांव में आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा करेंगी और पीड़ित परिवारों से भी मुलाकात करेंगी| इसके बाद में रामपुर से कुल्लू के बागीपुल के लिए रवाना होंगी| बागीपुल में दोपहर 12:30 बजे आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा करेंगी और लोगों से मुलाकात भी करेंगी| सके बाद दोपहर 1:40 पर वे निरमंड पहुंचेंगी| आज शाम सात बजे रामपुर आएंगी कंगना रनौत कंगना रनौत के हिमाचल दौरे पर उनके साथ आने के विधायक लोकेंद्र कुमार, रामपुर विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के प्रत्याशी रहे कौल नेगी, रामपुर बीजेपी मंडल अध्यक्ष कुलवीर खूंद और आनी मंडल अध्यक्ष योगेश भार्गव मौजूद रहेंगे| मंडी की संसद कंगना रनौत सोमवार शाम 7 बजे ही रामपुर पहुंच जाएंगी और उनका ठहराव एसजीवीएन गेस्ट हाउस में होगा|
सोलन: सोने के दाम लगातार बढ़ रहे है और स्वर्णकारों ने अनुसार दीपावली तक सोने के दामों में और इजाफा हो सकता है। बढ़ते दामों के देखते हुए इन दिनों ग्राहक खूब सोने के खरीददारी कर रहे है। वही सोलन के प्रसिद्ध भूषण ज्वेलर्स में भी इन दिनों ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। ग्राहकों की मांग और पसंद को देखते हुए शोरूम प्रबंधन द्वारा इस वर्ष आभूषणों की विशेष रेंज तैयार करवाई गई है। हर वर्ग और तबके के ग्राहकों का ख्याल रखते हुए इन आभूषणों को तैयार करवाया गया है, जिन्हें ग्राहक खूब पसंद कर रहे हैं। भूषण जेवेलर्स में चाहे स्वर्ण आभूषण हो, हीरे के आभूषण या चांदी के आभूषण व अन्य वस्तुएं, भूषण ज्वेलर्स में बेहतरीन रेंज उचित दाम पर उपलब्ध है। इसमें एंटीक, कुंदन, टेंपल, पारंपरिक पहाड़ी ज्वेलरी की पूरी रेंज आकर्षक डिजाइन के साथ शोरूम में उपलब्ध है, जो ग्राहकों को खूब भा रही है। इसके अतिरिक्त चांदी के आभूषणों में बैंकॉक की ज्वेलरी, टरकियन, इटालियन चेन की विभिन्न किस्में भी ग्राहकों के लिए उपलब्ध है।
श्रावण मास के तीसरे सोमवार को एतिहासिक एवं प्राचीन स्वयं भू -शिवलिंग के दर्शनार्थ सुबह 5 बजे से ही श्रद्धालु भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया| बम-बम भोले नाथ जी के जयकारे लगाते भक्तजन जलाभिषेक करते हुए बेलपत्री, भांग, धतूरा इत्यादि शंकर भगवान जी को अर्पित करते हुए नतमस्तक हुए|आज हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने अपनी मन्नते मांगी| सावन मास में भोलेनाथ की पूजा करने का विशेष महत्व होता है| इस दौरान संपूर्ण भक्ति का भरपूर फल मिलता है प्राचीन शिव मंदिर सुधार सभा काठगढ़ के प्रधान ओम प्रकाश कटोच,प्रेस सचिव सुरिंदर शर्मा,ने जानकारी देते हुए कहा कि सभा द्वारा अयोजित सावन मास महोत्सव की कड़ी में 6जुलाई से 14जुलाई तक जोगिंदर शास्त्री महाराज अरणीय जम्मू वाले जी द्वारा संगीतमय शिवपुराण कथा का आयोजन बाद दोपहर 2बजे से 4बजे तक किया जायेगा|
जिला पुलिस नूरपुर द्वारा नशे के खिलाफ चलाए गए अभियान के अंतर्गत 20 अप्रैल को पुलिस द्वारा थाना डमटाल के अधीन छन्नी में गुप्त सूचना के आधार पर नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई अमल में लाई गई थी, जिसमें रूबी पत्नी अजय कुमार निवासी छन्नी तहसील इंदौरा जिला कांगड़ा के रिहायशी मकान से तलाशी के दौरान 26.18 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था , जिस पर उपरोक्त आरोपी को गिरफ्तार कर उस पर अभियोग की धारा 21 एनडीपीएस पंजीकृत किया गया था | उपरोक्त अभियोग की जांच के दौरान पाया गया कि आरोपी रूबी पत्नी अजय कुमार को एनडीपीएस एक्ट के अधीन दर्ज कई मामलों में गिरफ्तार किया गया था, तथा उसके कब्जे से कई बार हीरोइन बरामद हुई थी, लेकिन कई बार गिरफ्तार होने के बावजूद भी उसने नशे का अवैध व्यापार जारी रखा तथा नशे के व्यापार का आतंक अपराधी बन चुकी थी | जिस पर 8 मई 2024 को पुलिस अधीक्षक नूरपुर अशोक रतन के द्वारा एक प्रस्ताव होम सेक्रेटरी हिमाचल प्रदेश को भेजा गया था , जिस पर कार्रवाई करते हुए रूबी पत्नी अजय कुमार के खिलाफ डिटेक्शन ऑर्डर जारी किया है , जानकारी के लिए बता दे कि हिमाचल प्रदेश राज्य का तीसरा मामला है जिसमें डिटेक्शन अथॉरिटी के द्वारा किसी व्यक्ति के विरुद्ध निरुद्ध रखने के आदेश जारी किए हैं , किसी महिला को निरूद्ध रखने के मामले में या पहला मामला है, यहां पर यह भी वर्णित किया जाता है कि इससे पहले के दोनों मामले भी पुलिस अधीक्षक नूरपुर अशोक रतन द्वारा ही भेजे गए थे, जिस पर डिटेक्शन अथॉरिटी के द्वारा आरोपियों को निरुद्ध रखने के आदेश जारी किए गए थे|
विकासार्थ विद्यार्थी जिला नूरपुर द्वारा ,इंदौरा में पौधारोपण अभियान का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि ग्राम पंचायत भपू उप प्रधान अभिमन्यु कंवर जी विशिष्ट अतिथि सुनील दत्त और पंचायत प्रधान जुगाल किशोर रहे | विकासार्थ विद्यार्थी हर वर्ष पौधारोपण अभियान का आयोजन करती है इस बार जिला नूरपुर के इंदौरा स्थित घण्डरा में पौधारोपण अभियान का आयोजन किया गया। जिसमें इंदौर महाविद्यालय के छात्राओं और क्षत्रिय महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने और स्थानीय लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। पौधारोपण अभियान में कई प्रकार के पौधे रोपे गए। पंचायत उप प्रधान अभिमन्यु कंवर ने कहा कि वर्तमान समय, प्रकृति के साथ हो रहे दोहन को बचाने का समय है। पिछले कई सालों से हम देखते हैं कि बरसात के मौसम में हिमाचल प्रदेश में किस तरह से तबाही मचा रही है, इसके पीछे का कारण मनुष्य खुद है जो प्रकृति का दोहन शोषण कर रहा है अंधाधुन पेड़ काटे जा रहे हैं लेकिन विद्यार्थी परिषद विकासार्थ विद्यार्थी के माध्यम द्वारा हर साल प्रकृति को बचाने के लिए इस तरह के अभियान निरंतर करती रहती है जो कि अपने आप में सराहनीय कदम है। सुनील दत्त जी ने कहा आम जनमानस को भी इस तरह की संस्थाओं के साथ मिलकर प्राकृतिक को बचाने का संकल्प लेना चाहिए।
शिमला: प्रदेश में फिलहाल मानसून सामान्य चल रहा है आने वाले 7 और 8 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है शिमला मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश के तीन जिला चंबा, कांगड़ा और मंडी में कुछ चुनिंदा इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. वहीं बीते 24 घंटों में प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मॉनसून सामान्य रहा है| बीते 24 घंटे के दौरान हिमाचल प्रदेश में सामान्य बारिश रिकार्ड की गई है | इस दौरान बारिश का प्रभाव प्रदेश के उत्तर क्षेत्र में अधिक देखने को मिला है. खास तौर पर लाहौल स्पीति, किन्नौर और कल्लू ज़िला के ऊंचाई वाले इलाकों में अधिक बारिश दर्ज की गई है| उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में भी प्रदेश कि ज्यादातर हिस्सों में सामान्य बारिश होने का अनुमान है. मगर 7 और 8 अगस्त की रात प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है| इस दौरान जिला चंबा, कांगड़ा और मंडी के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है|
पांवटा साहिब: उपमंडल पांवटा साहिब के देवीनगर में पुलिस टीम ने एक नशा तस्कर के घर छापेमारी कर 59 लाख रुपए से अधिक की नकदी बरामद की है। आरोपी फरार हुआ है तथा पत्नी से पुलिस पुछताछ कर रही है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार संजय कुमार पुत्र मंगत राम निवासी वार्ड नंबर 10 देवीनगर, पांवटा साहिब नशे का कारोबार करता है। रविवार को पांवटा साहिब पुलिस ने संजय कुमार के घर छापेमारी की। लेकिन आरोपी संजय कुमार छापेमारी से पहले ही घर से फरार हो गया। पुलिस ने घर की तलाशी के दौरान एक अलमारी में 500-500 के मंडल बरामद किए। जब पुलिस ने रुपए की गिनती की तो 59 लाख 10 हजार 100 रूपए निकले। पुलिस ने संजय कुमार की पत्नी पूनम से पैसे के मामले में पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि आरोपी संजय कुमार के घर 15 अगस्त, 2017 को छापेमारी की गई थी छापेमारी के दौरान आरोपी को 16.89 ग्राम स्मैउपमंडल पांवटा साहिब के देवीनगर में पुलिस टीम ने एक नशा तस्कर के घर छापेमारी कर 59 लाख रुपए से अधिक की नकदी बरामद की है। आरोपी फरार हुआ है तथा पत्नी से पुलिस पुछताछ कर रही है।क के साथ गिरफ्तार किया था। उसके बाद फिर पुलिस ने 6 फरवरी, 2020 को छापेमारी की थी, इस दौरान भी पुलिस ने आरोपी से 2.40 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि आरोपी काफी समय से पांवटा साहिब में नशे का कारोबार करता है। रविवार को की गई छापेमारी में आरोपी के घर से लाखों रूपए की नकदी बरामद की गई है। जबकि आरोपी फरार हो गया है। पुलिस टीम इस मामले में गहनता से जांच कर रही है। उधर, एएसपी अदिति सिंह ने बताया कि पुलिस टीम ने एक व्यक्ति के घर में छापेमारी की है। छापेमारी के दौरान घर से 5910100 रूपए की नकदी बरामद हुई है। पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।
शिमला: रामपुर के समेज गांव में बादल फटने से हुई त्रासदी के बाद आज पांचवे दिन सुन्नी डैम के करीब डोगरी से दो डेड बॉडी रिकवर की गई है। एक शव 14 से 17 साल की लड़की और दूसरा शव पुरुष का बताया जा रहा है. बीते कल भी सुन्नी डैम से एक युवती का शव बरामद किया गया था। ये शव समेज गांव में बाढ़ के कारण लापता हुए लोगों के हो सकते हैं, लेकिन अभी तक शवों की पहचान नहीं हो पाई है। अतिरिक्त उपायुक्त अभिषेक वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि लड़की का शव सही हालात में है। वहीं पुरुष की शव क्षत विक्षत है। चेहरे की पहचान नहीं हो पा रही है। कुल्लू प्रशासन को भी इसके बारे में सूचना दे दी गई है. दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सीएचसी सुन्नी के लिए भेज दिया गया है. सर्च ऑपरेशन तीव्र गति से चला हुआ है|
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज चौड़ा मैदान, शिमला से यातायात के सुचारू संचालन और सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत शिमला और नूरपुर पुलिस जिला के लिए हाई विज़िबिलिटी क्षमता की 25 पेट्रोलिंग मोटर साइकिलों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए अनेक नवीन कदम उठाए गए हैं। प्रथम चरण के दौरान लगभग 3.72 करोड़ रुपये की लागत से शिमला के लिए 19 और नूरपुर पुलिस जिला के लिए छह पेट्रोलिंग मोटर साइकिलें प्रदान की गई हैं। शिमला जिला में पुलिस के लिए 30 हैंडहेल्ड स्पीड गन, 10 बॉडी वॉर्न कैमरे, 18 एल्को सेंसर, 30 वाहन संचालित गति संकेतों की स्थापना, 80 विस्तार योग्य अवरोध, 225 रिफ्लेक्टिव जैकेट, 115 रिचार्जेबल बैटन, 200 ट्रैफिक कोन, 70 इंटरलॉकिंग प्लास्टिक बैरिकेड और 30 सर्च लाइट उपलब्ध करवाई गई हैं। इसी तरह कांगड़ा और मंडी जिलों में सड़क सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा यातायात प्रवर्तन, निगरानी, बचाव और सड़क दुर्घटनाओं के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया में पुलिस की क्षमता में सुधार के लिए 27 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न प्रकार के उपकरणों की खरीद की जा रही है। उपकरणों में राजमार्ग पेट्रोलिंग के लिए शिमला, कांगड़ा और मंडी के लिए 42 चार पहिया वाहन और कांगड़ा और मंडी के लिए 27 दो पहिया वाहन, क्षेत्र प्रवर्तन के लिए 14 इंटरसेप्टर वाहन, बचाव कार्यों के लिए रेकर वाहन और हैंडहेल्ड स्पीड गन, बचाव कार्यों के लिए हाइड्रोलिक उपकरण, आपातकालीन बैग, वाहन संचालित गति संकेत सहित विभिन्न उपकरण खरीदे जा रहे हैं। इन उपकरणों की खरीद मार्च, 2025 से पहले पूरी कर ली जाएगी और इन्हें शिमला, कांगड़ा और मंडी जिलों के पुलिस स्टेशनों में वितरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस के लिए विभिन्न गश्त निगरानी बचाव और आपातकालीन प्रतिक्रिया उपकरण खरीदने के लिए लगभग 90 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। शिमला में एकीकृत सड़क सुरक्षा प्रवर्तन प्रणाली स्थापित करने के लिए लगभग 61.57 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। यह प्रणाली शिमला, कांगड़ा, मंडी जिलों में विभिन्न सड़कों पर 214 चिन्हित स्थानों पर एआई सुविधा से लैस 532 कैमरों से जुड़ी होगी। उन्होंने कहा कि सड़क इंजीनियरिंग में सुधार के लिए लोक निर्माण विभाग के लिए दीर्घकालीन कार्य योजना, पुलिस के लिए गश्त, सड़क सुरक्षा प्रवर्तन में सुधार के लिए उपकरणों की खरीद सहित पुलिस और लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। कार्यक्रम के दौरान जिम, खाना क्लब मंडी की ओर से अध्यक्ष विकास कपूर और सचिव अचल कपूर ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए दो लाख एक हजार रुपये का चेक मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू को भेंट किया। कार्यक्रम के दौरान लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार चौधरी, विधायक हरीश जनारथा, उपाध्यक्ष वन विकास निगम केहर सिंह खाची, पुलिस महानिदेशक डॉ. अतुल वर्मा, एडीजीपी अभिषेक त्रिवेदी, निदेशक सूचना एवं जन संपर्क राजीव कुमार, आयुक्त नगर निगम भूपिंदर अत्री, हिमाचल प्रदेश सड़क एवं अवसंरचना विकास निगम के निदेशक पवन कुमार शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार के सरल जीवन से प्रेरणा लेकर हम सभी को अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने चाहिएं। डॉ. शांडिल गत सायं सिरमौर कल्याण मंच सोलन द्वारा डॉ. यशवंत सिंह परमार की 118वीं जयंती पर आयोजित समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने कहा कि प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार के कुशल नेतृत्व में किए गए संघर्ष के कारण ही आज हम सभी गर्व से हिमाचली कहलाते है। उन्होंने कहा कि डॉ. परमार का व्यक्तित्व निश्चल एवं अपनत्व से परिपूर्ण था और वह सदैव निस्वार्थ भावना से कार्य करते थे। उनके प्रयासों ने न केवल हिमाचल को पहाड़ी राज्य के रूप में पहचान मिली बल्कि उनके द्वारा प्रदेश के विकास की सुदृढ़ नींव भी रखी गई। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डॉ. परमार ने पहाड़ के विकास के लिए अथक प्रयास किए और उनके द्वारा विकास की दिखाई गई राह पर चलकर आज हिमाचल देश में अन्य राज्यों के लिए विकास का आदर्श बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में डॉ. परमार के विकसित प्रदेश के लक्ष्य को पूरा करने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को स्वरोज़गार के पथ पर अग्रसर करने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं आरम्भ की गई हैं ताकि डॉ. परमार के दिखाए गए मार्ग के अनुरूप हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। डॉ. शांडिल ने कहा कि स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार का मानना था सड़कंे विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्र के विकास की भाग्य रेखाएं होती हैं और सड़क निर्माण पहाड़ को विकसित बनाने में महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत को पक्की सड़क से जोड़ा जा रहा है ताकि ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति और मज़बूत हो सके। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर तुलसी राम चौहान को डॉ. यशवंत सिंह परमार सम्मान और महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित ‘श्रीहाट’ को सिरमौर सम्मान से सम्मानित किया। उन्होंने इससे पूर्व स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार को कृतज्ञ प्रदेशवासियों की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने इस अवसर पर सिरमौर कल्याण समिति को 05 लाख रुपए देने की घोषणा भी की। इस अवसर पर चूडेश्वर सांस्कृतिक दल द्वारा रंगारंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। सिरमौर कल्याण मंच के अध्यक्ष प्रदीप ममगई ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और विभिन्न मांगंे प्रस्तुत कीं।स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार के पौत्र आनन्द परमार इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज चौड़ा मैदान, शिमला से यातायात के सुचारू संचालन और सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत शिमला और नूरपुर पुलिस जिला के लिए हाई विज़िबिलिटी क्षमता की 25 पेट्रोलिंग मोटर साइकिलों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए अनेक नवीन कदम उठाए गए हैं। प्रथम चरण के दौरान लगभग 3.72 करोड़ रुपये की लागत से शिमला के लिए 19 और नूरपुर पुलिस जिला के लिए छह पेट्रोलिंग मोटर साइकिलें प्रदान की गई हैं। शिमला जिला में पुलिस के लिए 30 हैंडहेल्ड स्पीड गन, 10 बॉडी वॉर्न कैमरे, 18 एल्को सेंसर, 30 वाहन संचालित गति संकेतों की स्थापना, 80 विस्तार योग्य अवरोध, 225 रिफ्लेक्टिव जैकेट, 115 रिचार्जेबल बैटन, 200 ट्रैफिक कोन, 70 इंटरलॉकिंग प्लास्टिक बैरिकेड और 30 सर्च लाइट उपलब्ध करवाई गई हैं। इसी तरह कांगड़ा और मंडी जिलों में सड़क सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार यातायात प्रवर्तन, निगरानी, बचाव और सड़क दुर्घटनाओं के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया में पुलिस की क्षमता में सुधार के लिए 27 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न प्रकार के उपकरणों की खरीद की जा रही है। उपकरणों में राजमार्ग पेट्रोलिंग के लिए शिमला, कांगड़ा और मंडी के लिए 42 चार पहिया वाहन और कांगड़ा और मंडी के लिए 27 दो पहिया वाहन, क्षेत्र प्रवर्तन के लिए 14 इंटरसेक्टर वाहन, बचाव कार्यों के लिए रेकर वाहन और हैंडहेल्ड स्पीड गन, बचाव कार्यों के लिए हाइड्रोलिक उपकरण, आपातकालीन बैग, वाहन संचालित गति संकेत सहित विभिन्न उपकरण खरीदे जा रहे हैं। इन उपकरणों की खरीद मार्च, 2025 से पहले पूरी कर ली जाएगी और इन्हें शिमला, कांगड़ा और मंडी जिलों के पुलिस स्टेशनों में वितरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस के लिए विभिन्न गश्त निगरानी बचाव और आपातकालीन प्रतिक्रिया उपकरण खरीदने के लिए लगभग 90 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। शिमला में एकीकृत सड़क सुरक्षा प्रवर्तन प्रणाली स्थापित करने के लिए लगभग 61.57 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। यह प्रणाली शिमला, कांगड़ा, मंडी जिलों में विभिन्न सड़कों पर 214 चिन्हित स्थानों पर एआई सुविधा से लैस 532 कैमरों से जुड़ी होगी। उन्होंने कहा कि सड़क इंजीनियरिंग में सुधार के लिए लोक निर्माण विभाग के लिए दीर्घकालीन कार्य योजना, पुलिस के लिए गश्त, सड़क सुरक्षा प्रवर्तन में सुधार के लिए उपकरणों की खरीद सहित पुलिस और लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। कार्यक्रम के दौरान जिम, खाना क्लब मंडी की ओर से अध्यक्ष विकास कपूर और सचिव अचल कपूर ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए दो लाख एक हजार रुपये का चेक मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू को भेंट किया। कार्यक्रम के दौरान लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार चौधरी, विधायक हरीश जनारथा, उपाध्यक्ष वन विकास निगम केहर सिंह खाची, पुलिस महानिदेशक डॉ. अतुल वर्मा, एडीजीपी अभिषेक त्रिवेदी, निदेशक सूचना एवं जन संपर्क राजीव कुमार, आयुक्त नगर निगम भूपिंदर अत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
डॉ. परमार का जीवन सभी के लिए प्रेरणास्रोतः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज हिमाचल प्रदेश विधानसभा परिसर शिमला में हिमाचल निर्माता और प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार की 118वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि डॉ. परमार एक महान और दूरदर्शी व्यक्तित्व थे, जिन्होंने प्रदेश के विकास की मजबूत आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. परमार का सम्पूर्ण जीवन हिमाचल प्रदेश के लिए समर्पित रहा है। वर्तमान में प्रदेश विकास की राह पर अग्रसर है, यह डॉ. परमार का सपना था। डॉ. परमार ने प्रदेश का इतिहास ही नहीं, बल्कि भूगोल को भी बदला। उन्होंने प्रदेश की सीमाओं को और बड़ा किया। हिमाचल का अस्तित्व डॉ. परमार की अतुलनीय देन है। उन्होंने कहा कि डॉ. परमार को हिमाचल की संस्कृति और पर्यावरण के संरक्षक के रूप में भी जाना जाता है, उन्हें पर्यावरण से बहुत लगाव था। उन्होंने प्रदेश की सबसे बड़ी सम्पदा वनों के संरक्षण को सदैव ही अधिमान दिया। डॉ. परमार ने प्रदेश को हरित राज्य बनाने का मार्ग प्रशस्त किया। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हमें डॉ. परमार के सिद्धांतों और उनके दिखाए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार हिमाचल का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने के दृष्टिकोण से कार्य कर रही है। आर्थिक तंगी के बावजूद प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। सरकार द्वारा हर क्षेत्र में गुणात्मक बदलाव लाए जा रहे हैं। शिक्षा, जल विद्युत, पर्यटन व खाद्य प्रसंस्करण आदि क्षेत्रों में अनेक नवोन्मेषी पहल की जा रही हैं। सरकार द्वारा सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ नीतिगत बदलाव लाए जा रहे हैं। बेहतर प्रबन्धन के फलस्वरूप इस वर्ष सरकार ने 2200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया है। प्रदेश सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए कार्य कर रही हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डॉ. अंशुक अत्री व डॉ. राजेन्द्र अत्री द्वारा लिखित पुस्तक ‘परमारः हिमाचल के शिल्पकार’ और डॉ. अंशुक अत्री द्वारा अंग्रेजी भाषा में लिखित पुस्तक ‘द क्राफ्टिंग ऑफ हिमाचल प्रदेश’ का विमोचन किया। उन्होंने डॉ. परमार की जीवनी पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने रिज मैदान स्थित डॉ. यशवंत सिंह परमार की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने डॉ. परमार की जीवनी पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने डॉ. परमार को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के स्वरूप में डॉ. परमार का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के गठन के समय राज्य की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, लेकिन डॉ. यशवंत सिंह परमार ने उन चुनौतियों का मजबूती से सामना किया और प्रदेश को बड़ी-बड़ी बाधाओं से बाहर निकाला। उन्होंने कहा कि वर्ष 1971 में प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त करने में डॉ. परमार की अहम भूमिका रही है। उनके द्वारा प्रदेश हित में किए गए कार्यों को सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने पुस्तकों के माध्यम से भी प्रदेश को नई दिशा दी। वर्तमान सरकार प्रदेश को आत्मनिर्भर राज्य बनाने की परिकल्पना के साथ दृढ़ इच्छा शक्ति से आगे बढ़ रही है। डॉ. परमार की दूरदर्शी सोच को साकार किया जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि डॉ. परमार ने हर क्षेत्र में प्रदेश के सर्वांगीण विकास का लक्ष्य निर्धारित किया था। उन्होंने सदैव ही हिमाचल की संस्कृति का संरक्षण और संवर्द्धन किया तथा प्रदेश को विशेष पहचान दिलाई। विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू और व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार के प्रति हर व्यक्ति आदर और श्रद्धा का भाव रखता है। वह सादगी, सच्चाई और ईमानदारी के धनी थे। उनका जीवन सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। डॉ. परमार ने विकसित हिमाचल की परिकल्पना की और आज हम निरंतर इस लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहे हैं। इस अवसर पर सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग द्वारा डॉ. यशवंत सिंह परमार के जीवन पर आधारित वृतचित्र भी प्रदर्शित किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, कृषि मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, मुख्य संसदीय सचिव मोहन लाल बराक्टा व राम कुमार, उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया, विधायक संजय रतन, जीत राम कटवाल, मलेन्द्र राजन, हरीश जनारथा, कैप्टन रंजीत सिंह राणा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान, उपाध्यक्ष हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम केहर सिंह खाची, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कौल सिंह ठाकुर व डॉ. राधा रमण शास्त्री, पूर्व विधायक, नगर निगम के पूर्व महापौर, निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क राजीव कुमार, विभिन्न जनप्रतिनिधि, निदेशक भाषा एवं कला संस्कृति विभाग पंकज ललित, सचिव विधानसभा यशपाल शर्मा, नगर निगम के आयुक्त भूपेन्द्र अत्री और अन्य व्यक्तियों ने भी डॉ. परमार को पुष्पांजलि अर्पित की।
**साहित्य और संस्कृति एक दूसरे पूरक: मनमोहन शर्मा उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि साहित्य और संस्कृति एक दूसरे के पूरक है तथा साहित्य के माध्यम से संस्कृति जन-जन तक पहुंचती हैं। मनमोहन शर्मा आज यहां सिरमौर कल्याण मंच सोलन द्वारा हिमाचल प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार की 118वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय विचार गोष्ठी एवं कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे थे। मनमोहन शर्मा ने कहा कि राजनीति के साथ-साथ साहित्य की विभिन्न धाराएं संस्कृति के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं। उन्होंने कहा कि साहित्य ज्ञान का बड़ा स्रोत है। साहित्य के माध्यम से विभिन्न विषयों को समाज के सामने प्रस्तुत किया जाता है, और समाज बेहतर दिशा की ओर अग्रसर हो सकता है। उन्होंने कहा कि साहित्यकारों ने सदैव ही आम लोगों की समस्याओं को उजागर करते हुए समाधान के लिए लोगों को प्रेरित किया है। उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार ने हिमाचल के विकास को दिशा देने के साथ-साथ पहाड़ की संस्कृति के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि डॉ. परमार पहाड़ की संस्कृति से विशिष्ट लगाव रखते थे और उनका सदा यह प्रयास रहा कि पहाड़ की संस्कृति, लोक परम्पराओं और हस्तशिल्प को विश्व में पहचान दी जाए। उन्होंने अपने सरल जीवन के माध्यम से हिमाचली संस्कृति की जानकारी लोगों तक पहुंचाई। उपायुक्त ने इस अवसर पर के.आर. कश्यप द्वारा लिखित ‘सोलन जन-पद की लोक कथाएं’ पुस्तक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया गया। जिसमें 60 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। उन्होंने इससे पूर्व डॉ. वाई.एस. परमार की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष शिव कुमार, ग्राम पंचायत नौणी के प्रधान मदन हिमाचली, सिरमौर कल्याण मंच सोलन के अध्यक्ष प्रदीप, महासचिव यशपाल कपूर, उपाध्यक्ष एस.एस. परमार, बलदेव चौहान, गगन चौहान, सतपाल ठाकुर, वीरेन्द्र कंवर, रमेश शर्मा, नरेन्द्र चौहान, राजेन्द्र थापा, रीचा शर्मा सहित अन्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
** मानसिक तनाव दूर करने में खेल महत्वपूर्ण: डॉ. शांडिल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने कहा कि ब्रिज जैसे खेल हमारे मानसिक तनाव को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डॉ. शांडिल आज यहां 8वीं ऑल ओवर इंडिया हिमाचल ओपन ब्रिज प्रतियोगिता के समापन समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने कहा कि वर्तमान समय की व्यस्तता में ऐसी प्रतियोगिताएं लोगों में मेले-जोल बढ़ाने तथा उन्हें मानसिक रूप से स्वस्थ रखने में अहम हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को किसी न किसी खेल में भाग लेना चाहिए ताकि वह शारीरिक तौर पर स्वस्थ और मानसिक तौर पर एकाग्र बन सकें। उन्होंने कहा कि खेल सभी की ऊर्जा का बेहतर उपयोग करने में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने युवा पीढ़ी का आह्वान किया कि नशे से दूर रहें और ऐसे खेलों में ध्यान केन्द्रित करें ताकि उनके मानसिक विकास को मज़बूती प्रदान हो सके। उन्होंने इस अवसर पर 8वीं ऑल ओवर इंडिया हिमाचल ओपन ब्रिज प्रतियोगिता की स्मारिका का विमोचन भी किया। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर हिमाचल ब्रिज एसोसिएशन को अपनी ऐच्छिक निधि से 02 लाख रुपए देने की घोषणा की। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर 8वीं ऑल ओवर इंडिया हिमाचल ओपन ब्रिज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर रही मोनिका जाजू टीम, द्वितीय स्थान पर रही वैदिक टीम तथा तृतीय स्थान पर रही लेक माई लव टीम को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस प्रतियोगिता में देश की 23 टीमों के लगभग 100 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस अवसर पर जोगिन्द्र सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव सुरेन्द्र सेठी, खण्ड कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, ज़िला कांग्रेस समिति की उपाध्यक्ष संधारा दुल्टा, उपमण्डलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल, पुलिस उपाधीक्षक अनिल धौलटा, हिमाचल प्रदेश प्रथम गर्ल बटालियन एन.सी.सी. सोलन के आदेशक कर्नल संजय शांडिल, हिमाचल प्रदेश ब्रिज एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद गुप्ता, सचिव हतिन्द्र सिंह, संयुक्त सचिव धीरज सूद, ब्रिज फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष प्रसाद बी.कैनी, अरुण सेन, रोहित शर्मा, पूर्व पुलिस महानिदेशक हिमाचल प्रदेश पृथ्वी राज सहित अन्य व्यक्ति तथा प्रतिभागी उपस्थित थे।
पालमपुर की बेटी डॉक्टर श्वेता सूद को पशु चिकित्सा में उनके अतुल्य योगदान के लिए इंडिया इंटरनैशनल पोल्ट्री एक्सपो 2024 में" बेस्ट इन्फ्लुएन्सियल फीमेल वेटेरिनारियन अवार्ड 2024" से सम्मानित किया गया। गत रात्री पुणे में आयोजित इंडिया इंटरनैशनल पोल्ट्री एक्सपो 2024 के समापन समारोह में उन्हें यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्हें यह पुरस्कार पशु विज्ञानं में अनुसन्धान के माध्यम से पशुओं में बेहतर पौषण , पशु फीड की गुणबत्ता और पशुओं के स्वास्थ्य से जुड़े बिभिन्न मुद्दों पर अनुसन्धान के लिए दिया गया। डॉक्टर श्वेता सूद मुलत काँगड़ा जिला के पालमपुर से सम्बन्ध रखती हैं और पालमपुर में उनकी आरम्भिक शिक्षा के बाद उन्होंने पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय के वेटेरिनरी और एनीमल साइंस कॉलेज से 2007 में मास्टर्स डिग्री ग्रहण की। उन्होंने इण्डियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट कोलकत्ता से सीनियर मैनेजमेंट प्रोग्राम की डिग्री हासिल की। उन्होंने अपना कैरियर राज्य सरकार में पशु चिकित्स्क के रूप में शुरू किया तथा बाद में बेहतर कैरियर की तलाश में उन्होंने कॉर्पोरेट सेक्टर ज्वाइन किया। वह इस समय एनीमल हेल्थ केयर पर ऑस्ट्रेलिया के प्रतिष्ठित कंपनी ज़मीरा के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर के प्रतिष्ठित पद पर कार्यरत हैं। उसका परिवार मुलतपालमपुर में रहता है और बह अपने पति और बेटे के साथ पुणे में रहती हैं तथा यहीं उनका कार्य क्षेत्र भी है।
शिमला जिले में रामपुर के समेज में आज चौथे दिन भी सर्च ऑपरेशन जारी है। सुबह से ही घटनास्थल पर एनडीआरएफ, सेना, पेरामिलिट्री के जवान सर्च ऑपरेशन जुटे चुके हैं। समेज गांव में आई त्रासदी को 4 दिन हो चुके हैं, लेकिन तबाही के निशान हर ओर फैले हुए हैं। समेज में 5 एलएनटी और 301 जवान सर्च ऑपरेशन में जुटे हुए हैं। एसडीएम रामपुर निशांत तोमर ने बताया कि आज सुबह से ही सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। इस मौके पर एसडीएम रामपुर खुद मौके पर मौजूद रहे। वहीं, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर भी आज समेज क्षेत्र का दौरा करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने समेज के आपदा प्रभावित परिवारों के लिए रामकृष्ण मिशन के सौजन्य से भेजी जा रही राहत सामग्री के वाहन को रामपुर में आज पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने रवाना किया। इस दौरान पूर्व सीएम ने कहा कि 'इस आपदा में आम लोग और गैर सरकारी संस्थान आगे आई और बढ़-चढ़कर सहयोग कर रही हैं। इसके लिए उनकी जितनी प्रशंसा की जाए वह कम है। रामपुर से आज लगभग 6 लाख के करीब राहत सामग्री प्रभावित परिवारों के लिए रवाना की गई है। जिन लोगों के परिवार के सदस्य गए हैं हम उनको नहीं लौटा सकते, लेकिन जख्मों पर मरहम लगाने का प्रयास कर सकते हैं। पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने बताया कि समेज और बागीपुल, मंडी में भी इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें 50 के करीब अभी भी लोग लापता हैं। यह हिमाचल प्रदेश के लिए बेहद ही दुखद घटना है। इसको लेकर प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा जी से भी बात की गई है। वो भी सहायता करने का प्रयास करेंगे। इस घटना से वो भी चिंतित हैं। आने वाले समय में इस तरह की घटनाएं न हो उसके लिए अध्ययन करने की आवश्यकता है और इस पर काम भी शुरू कर दिया गया है।
कुनिहार: पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन इकाई पट्टा बरावरी-हरिपुर के अध्यक्ष डीडी कश्यप व महासचिव जगदेव गर्ग ने प्रेस को जारी ब्यान में कहा कि पट्टा बरावरी- हरिपुर पेंशनर इकाई का तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है और नई कार्यकारिणी के चुनाव के लिए 11 अगस्त को ठीक 11 बजे पट्टा बरावरी पंचायत के समुदाय भवन के नजदीक प्राचीन दुर्गा माता मंदिर परिसर में जरनल हाउस का आयोजन रखा गया है। उन्होेंने कहा कि जाड़ली पंचायत, हरिपुर पंचायत, जाबल झमरोट तथा पट्टाबरावरी पंचायत के सभी पेंशनर सदस्यों से अनुरोध किया है, कि नई कार्यकारिणी के गठन के लिए अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करे। उन्होंने पुरानी कार्यकारिणी के पदाधिकारियों से भी आग्रह किया कि 11अगस्त को ठीक 11 बजे पट्टाबरावरी के दुर्गामाता मंदिर परिसर में पहुंच कर नई कार्यकारिणी के गठन में अपना सहयोग करे।
शिमला: सुन्नी के डैम क्षेत्र में चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान रविवार सुबह एक शव बरामद किया गया है। सुबह सात बजे स्थानीय लोगों को डैम के एक किनारे पर एक शव दिखाई था। इसकी सूचना सर्च ऑपरेशन में लगी टीम को दी गई। इसके बाद टीम ने शव को पानी से बाहर निकाला। शव एक महिला का है, जिसकी उम्र 20 से 25 वर्ष के करीब है। महिला की एक टांग शरीर के हिस्से के साथ नहीं थी। इसके साथ ही सिर का ऊपरी हिस्सा भी नहीं है। चेहरे पर काफी चोटें लगी हैं। महिला के कानों में टॉप्स है। रेस्क्यू टीम ने शव को सीएचसी सुन्नी में पोस्टमाटर्म के लिए भेज दिया है। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि एक शव सुन्नी में चल रहे सर्च अभियान में बरामद हुआ है। अभी इसकी पहचान नहीं हो पाई है, लेकिन प्रथम दृष्टया से यह शव हाल ही का लगता है। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है। शव की पहचान का काम तीव्र गति से चला हुआ है। इसके साथ ही कुल्लू प्रशासन को भी शव की पहचान के लिए सूचित कर दिया गया है। गौरतलब है कि रामपुर में 31 जुलाई को बादल फटने के बाद 36 लोग लापता हैं उनका अभी तक कोई पता नहीं चला है। बता दें कि समेज गांव में बादल फटने की घटना के बाद कुछ लोगों सतलुज नदी में बहने की संभावना है। ऐसे में इनकी तलाश के लिए समेज से करीब 120 किलोमीटर दूर सुन्नी-तत्तापानी में सर्च ऑपरेशन चलाया गया है, क्योंकि बादल फटने और बाढ़ आने से जैसी घटना होने पर 90 फीसदी शव कोल डैम साइट में शिमला-मंडी जिले की सीमा पर स्थित दोगरी गांव के आसपास ही मिलते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए गुरुवार दोपहर से पुलिस और प्रशासन की टीमें यहां सर्च ऑपरेशन में जुटी हैं।
मंडी: पंडोह डैम के सभी पांचों गेट फंक्शनल हो गए हैं और अब बीबीएमबी प्रबंधन द्वारा पावर जनरेशन पर फोकस किया जा रहा है। बता दें कि भारी मात्रा में सिल्ट आने के कारण पंडोह डैम के दो गेट जाम हो गए थे, जिन्हें खोल पाना संभव नहीं हो पा रहा था। ऐसे में चंडीगढ़ से बीबीएमबी के चेयरमैन टेक्निकल टीम के साथ मौके पर पहुंचे और इन्हें खोलने का कार्य शुरू हुआ। बीबीएमबी के मजदूरों और बड़ी-बड़ी मशीनों की मदद से बीती शाम को करीब 7 बजे डैम के गेट नंबर 2 को खोल दिया गया और यहां से पानी की निकासी शुरू कर दी गई। गेट नंबर 2 के खुलने के बाद से गेट नंबर 1 के पास जमा हुई सिल्ट भी निकलने लग गई, जिससे गेट नंबर 1 को खोलना आसान हो गया और रात करीब 10 बजे इसे भी खोल दिया गया। अब डैम के सभी पांचों गेट पूरी तरह से फंक्शनल हैं और सभी से थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। बीबीएमबी के चीफ इंजीनियर सुनील दत्त शर्मा ने सभी गेट फंक्शनल होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया, "गेट जाम होने के कारण कुछ लोग घबरा गए थे, जबकि घबराने वाली कोई जरूरत नहीं थी। जाम हुए गेट को खोलना मुश्किल काम था, लेकिन इसे सभी के प्रयासों से अब खोल दिया गया है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू 15 अगस्त को देहरा में राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। उनके अलावा जिलास्तरीय कार्यक्रमों में भी मंत्रियों की ड्यूटी तय की गई है। जिला स्तरीय कार्यक्रमों में राज्य विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया सोलन, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री शिमला, कर्नल धनीराम शांडिल हमीरपुर, चंद्र कुमार ऊना, हर्षवर्धन चौहान लाहौल स्पीति के केलांग, जगत सिंह नेगी किन्नौर के रिकांगपिओ, रोहित ठाकुर चंबा, अनिरुद्ध सिंह नाहन, विक्रमादित्य सिंह कुल्लू, राजेश धर्माणी मंडी और यादविंद्र गोमा बिलासपुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। उधर, उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने बताया कि 15 अगस्त को सुबह 11 बजे देहरा के शहीद भुवनेश डोगरा स्टेडियम में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरुआत होगी। इस दौरान मुख्य संसदीय सचिव आशीष बुटेल और किशोरी लाल भी समारोह में शिरकत करेंगे। समारोह के लिए पुलिस विभाग, लोक निर्माण विभाग, जलशक्ति विभाग, भाषा विभाग, नगर परिषद देहरा सहित अन्य सभी विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर उनकी भूमिका से अवगत करवा दिया गया है। राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर देहरा में एसडीएम शिल्पी बेक्टा की अध्यक्षता में बैठक हुई। उपमंडल स्तर के अधिकारियों और नगर परिषद के प्रतिनिधियों के साथ हुई इस बैठक में एसडीएम ने व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के लिए सबको जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि देहरा में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए परेड का पूर्वाभ्यास 12, 13, 14 अगस्त को किया जाएगा।
उपमंडल ज्वालामुखी के तहत पुलिस थाना खुंडियां के अंतर्गत ग्राम पंचायत पिहडी गलोटी में एक 32 वर्षीय युवक की पहाड़ी से गिरकर मौत होने का मामला सामने आया है। गांव पंचायत पिहडी गलोटी के प्रधान विक्रम सिंह ने बताया कि उक्त व्यक्ति घास काटने के लिए गया था और वहां पहाड़ी से पैर फिसल गया और नीचे गहरी खाई में जा गिरा। प्रधान विक्रम सिंह का कहना है कि उक्त व्यक्ति की शादी अभी सात-आठ माह पहले ही हुई थी। मृतक अपने पीछे माता पिता व पत्नी को छोड़ गया। पुलिस थाना खुंडियां प्रभारी रणजीत सिंह परमार ने बताया कि देर रात फोन के माध्यम से सूचना मिली कि एक व्यक्ति दुर्ग खड्ड के पास पहाड़ी से नीचे गिर गया है और उसका कुछ भी अता-पता नहीं लग रहा है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंच कर पूरी रात सर्च आपरेशन किया तो पाया कि उक्त व्यक्ति पहाड़ी से लगभग 400 फीट नीचे मृत अवस्था में पड़ा हुआ है। थाना प्रभारी रणजीत सिंह परमार ने बताया कि उक्त मृतक व्यक्ति की पहचान सुमित कुमार पुत्र विक्रम सिंह डाकघर घरना तहसील खुंडियां जिला कांगड़ा के रूप में हुई है। पुलिस ने परिजनों के बयान कलमबद्ध किए और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल देहरा भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया। पुलिस धारा 194 के मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई जारी रखी है।
जवाली विधानसभा क्षेत्र की पंचायत ढोल के दुराना गांव के शुभम धीमान 26 साल की उम्र में शहीद हो गए हैं। शुभम धीमान पुत्र स्वर्गीय रूमाल सिंह जो कि 14 डोगरा रेजीमेंट में थे व वर्तमान में लेह में अपनी सेवाएं दे रहे थे वह शुक्रवार शाम को लेह में अपनी ड्यूटी करते हुए गाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के कारण शहीद हो गए। शुभम धीमान अभी अविवाहित थे। वह अपने पीछे माता संतोष देवी उम्र 53 साल और बड़ा भाई पंकज कुमार को छोड़ गए हैं। शुभम धीमान का बड़ा भाई पंकज धीमान लखनऊ में प्राईवेट नौकरी करता है। शुभम धीमान के पिता भी आर्मी से रिटार्यड हुए थे व डेढ़ साल पहले ही उनका देहांत हुआ है। इस परिवार के ज्यादातर सदस्य आर्मी की पृष्ठभूमि से संबंधित रहे हैं। शुभम धीमान डेढ़ महिना पहले ही छुट्टी काट कर गया था। उसके चाचा कैप्टन सतीश धीमान व दूसरे चाचा सूबेदार मेजर रिटायर्ड जोगिंद्र धीमान ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले कल रात को सेना की तरफ से दुर्घटना के बारे जानकारी दी थी, लेकिन शनिवार सुबह बेटे के शहीद होने की सूचना दी गई। सेना की तरफ से बताया है कि पार्थिव शरीर रविवार को दोपहर 2 बजे तक गांव में पहुंच जाएगा। वहीं, पंचायत प्रधान शालू, मेजर पीसी आजाद, उपप्रधान साधू राम राणा, कैप्टन दूनी सिंह, सूबेदार मेजर अवतार सिंह पठानिया, रक्षपाल शास्त्री, कैप्टन पवन सिंह, कैप्टन हरवंस सिंह राणा, कैप्टन जगदीश राणा, कैप्टन बलदेव सिंह राणा सहित दुराना गांव के लोगों ने छोटी उम्र में वीर जवान शुभम के इस तरह से जाने पर गहरा दुख प्रकट किया।
रामपुर: शिमला जिले के उपमंडल रामपुर में समेज त्रासदी के तीसरे दिन सर्च ऑपरेशन खत्म होने के बाद देर रात को डीसी शिमला अनुपम कश्यप ने बड़ी समीक्षा बैठक बुलाई। ये बैठक मोनाल कॉन्फ्रेंस हॉल एसजेवीएनएल रामपुर में आयोजित की गई, जिसमें ये फैसला लिया गया कि रविवार यानी आज से समेज में सर्च ऑपरेशन के लिए 6 एलएनटी मशीनों की मदद ली जाएगी। इसके साथ ही तैनात रेस्क्यू टीम में भी वृद्धि की जाएगी। डीसी शिमला अनुपम कश्यप ने कहा कि लोक निर्माण विभाग को प्रभावित सभी सड़कों को जल्द से जल्द बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। जल शक्ति विभाग को सभी प्रभावित पेयजल आपूर्ति की लाइनें जल्द बिछाने के निर्देश दिए हैं। विद्युत विभाग को तीन दिनों में प्रभावित क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य आपूर्ति विभाग को 37 प्रभावित परिवारों को एक महीने का मुफ्त राशन मुहैया करवाने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग को टीडी नियमों के मुताबिक प्रभावितों को लकड़ी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। डीसी शिमला ने बताया कि समेज में सर्च ऑपरेशन के दौरान एक मेडिकल टीम नियुक्ति की जाएगी। रविवार से रेस्क्यू और मेडिकल टीम सुबह से लेकर शाम तक घटनास्थल पर ही सक्रिय रहेगी। बैठक के दौरान अभी तक के सर्च ऑपरेशन और रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। एसपी शिमला संजीव गांधी ने बैठक को संबोधित किया। इस दौरान आर्मी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, होमगार्ड, सीआईएसएफ, अग्निशमन के अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान जमीनी स्तर पर आ रही चुनौतियों के बारे में चर्चा की। बैठक में सर्च ऑपरेशन को लेकर आगामी रणनीति भी तैयार की गई। गौरतलब है कि 31 जुलाई की रात को रामपुर में भारी बारिश हुई और समेज गांव की पहाड़ियों में बादल फट गया। जिसके चलते गांव के साथ बहते नाले में बाढ़ आ गई। बादल फटने के चलते फ्लैश फ्लड आया, जिसमें भारी मात्रा में मलबा और बड़ी-बड़ी चट्टानें थी। लोग घरों में सो रहे थे जब ये सैलाब आया और सबको बहा ले गया। 1 अगस्त की सुबह तक समेज गांव का अस्तित्व ही मिट गया। जहां कभी एक भरा-पूरा गांव हुआ करता था, अब वहां हर ओर सिर्फ मलबा ही मलबा है। इस त्रासदी में 36 लोग लापता हैं, जिनका अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। आज समेज में रेस्क्यू ऑपरेशन का चौथा दिन है, लेकिन किसी का कोई नामोनिशान नहीं है।
जिला कुल्लू में पुलिस की नशा तस्करों पर कार्रवाई लगातार जारी है। इसी के तहत पर्यटन नगरी मनाली के साथ लगते प्रीणी में पुलिस की टीम ने दो आरोपियों के कब्जे से 882 ग्राम चरस बरामद की है। पुलिस ने चरस को अपने कब्जे में ले लिया और अब दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। वहीं, दोनों आरोपियों से इस बात की पूछताछ की जा रही है कि आखिर वो कहां से यह चरस लेकर आए थे और आगे किसे बचने के लिए जा रहे थे। एसपी कुल्लू डॉ. कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन ने बताया कि कुल्लू की एंटी नारकोटिक्स ट्रैफिक फोर्स की टीम ने प्रीणी नाला पुल पास पुराना ग्रीन टैक्स बैरियर में नाकाबंदी की हुई थी। इस दौरान एक गाड़ी (नंबर HP 01K 9279) को रूटिन चेंकिग के लिए रोका गया, तो चैकिंग के दौरान गाड़ी सवार व्यक्ति से 882 ग्राम चरस बरामद की। आरोपी की पहचान शिवू राम (उम्र 40 वर्ष) निवासी बालीचौकी जिला मंडी और भीमी राम (उम्र 61 वर्ष) निवासी मनाली के तौर पर हुई है। मामले को लेकर दोनों आरोपी शिवू राम व भीमी राम के खिलाफ पुलिस थाना मनाली में धारा 20, 25 व 29 मादक पदार्थ अधिनियम के तहत केस दर्ज करके गिरफ्तार किया गया है। मामले को लेकर आगामी जांच जारी है।
हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में पीटीए, पीरियड, एसएमसी और वर्क लोड आधार पर शिक्षकों और गैर शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक लगा दी गई है। इस बाबत उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को आदेश जारी कर दिए हैं। पत्र में स्पष्ट किया है कि ऐसी नियुक्तियों के लिए सरकार से वित्तीय मदद नहीं दी जाएगी। भविष्य में कानूनी अड़चनें पड़ने पर संबंधित शिक्षण संस्थान प्रमुख ही जिम्मेवार होंगे। ऐसे मामले सामने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सरकार के पास लगातार इस प्रकार की नियुक्तियां किए जाने की शिकायतें आई हैं। ऐसी नियुक्तियां होने के बाद संबंधित शिक्षक या गैर शिक्षक की ओर से स्थायी तौर पर रखने को लेकर कोर्ट की शरण ली जा रही है। ऐसे में सरकार ने इस बाबत सख्ती बरतते हुए स्कूल स्तर पर इस प्रकार की नियुक्तियां नहीं करने के आदेश जारी किए हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि स्कूलों में अस्थायी तौर पर किसी भी शिक्षक या गैर शिक्षक को नियुक्त नहीं किया जा सकता है। जिन स्कूलों में इस प्रकार की नियुक्तियां दी गई हैं, वहां की रिपोर्ट तलब की गई है। सरकार की ओर से इन नियुक्तियों के लिए वित्तीय मदद नहीं दी जाएगी।
कुनिहार उप इकाई की मासिक बैठक स्थानीय रेस्टोरेन्ट में ई० रत्न तनवार की अध्यक्षता मे आयोजित की गई । बैठक में सदस्यों को बोर्ड की विभिन्न गतिविधियो से अवगत करवाते हुए सभा अध्यक्ष से लोगों को आगामी चुनौतियों से सावधान रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जो बोर्ड के लिए मन्त्रिमण्डलीय उप समिति मंत्री राजेश धर्माणी की अध्यक्षता में गठित की गई है उसकी सिफारिशो पर ही विद्युत बोर्ड का भविष्य निर्धारित होगा । यदि सिफारिशे बोर्ड व कर्मचारी विरोधी होंगी तो उससे विद्युत पैन्शनर वर्ग भी अछूता नहीं रहेगा । इसलिए समय की यही मांग है कि सभी कर्मचारी व पैन्शनर्ज अपनी एकता को अभी से मजबुत बनाए रखे तथा भविष्य के लिए अपनी रणनीति तैयार कर ले । ई तनवर ने हिमाचल प्रदेश सरकार व विद्युत बोर्ड प्रबन्धन वर्ग से मांग की है कि जैसे हरियाणा सरकार ने पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय के विभिन्न मुकदमों की अपीले स्वीकार करने के बाद सभी पैशनर्ज जिन्हे लगभग 11 वर्ष या ज्यादा सेवानिवृति के हो चुके हैं उनकी कम्युटेशन रिकवरी को स्थगित करने के आदेश जारी किए है उसी आधार पर हिमाचल के पेन्शनर्ज की कम्युटेशन रिकवरी को 10 वर्ष 8 महिने पूरे होने पर स्थगित कर दिया जाए । धरातल में विद्युत सप्लाई का ढ़ाचा पूरी तरह से चरमरा चुका है इसलिए सैक्शन लेवल तक फिल्ड कर्मचारियो की भर्ती करके इस नामवर आर्गेनाईजेशन का अस्तित्व बचाया जाए । कर्मचारियो को ओपीएस तुरन्त लागू किया जाए। पेंशनर्ज को ग्रेच्यूटी 'लीव एनकैशमेंट ' कम्युटेशन तथा अन्य सभी रोके गए देयलाभ तुरन्त जारी किए जाए । बहुत से पैन्शनर्ज तो इन लाभों का स्वाद चखे बिना ही परलोक सिधार चुके हैं जो कि इस बोर्ड को बहुत ही शर्ममाक बात है। बहुत से पैन्शनर्ज की 7- 8 बर्षो बाद भी पे फिक्शेषन नहीं हो पाई है जिसे अकाऊंटस ऑफिसर पेंशनर्ज को संज्ञान लेते हुए जांच कर तुरन्त पैन्शनर्ज को नए पे स्केल मे फिक्स किया जाए । यह भी संगठन के संज्ञान में आया है कि 65-70 व 75 वर्ष की आयु पुर्ण कर चुके पेंशनर्ज की आवश्यक पैन्शन आलाऊंस नही दिया जा रहा है उसे भी जल्दी पैन्शन के साथ एरियर सहित दिया जाए। हिमाचल प्रदेश सरकार से मांग की गई कि जल्द से जल्द 12% डीए जारी किया जाए ताकि पैन्शनर्ज व कर्मचारी इस भयानक मंहगाई के दौर से बाहर निकल सके । सभा में बोर्ड द्वारा मुख्य लेखा अधिकारी से केन्द्रीय कार्यकारिणी के मांग पत्र पर बातचीत के लिए कार्यकारिणी को आमंत्रित किए जाने की भी भत्सर्ना की गई कि इतने शार्ट टर्म नोटिस पर खराब मौसम के दौरान दो दिनों के अन्दर पुरे प्रदेश से सदस्यों का शिमला पहुंचना असम्भव है तथा हमारे मांग पत्र के सभी विषय केवल मुख्य लेखा अधिकारी के अधिकारक्षेत्र में नहीं आते उनमें से बहुत से विषय बोर्ड प्रबन्धन व बोर्ड सैक्रिटेरिएट के अधिकार क्षेत्र में आते हैं अतः बोर्ड से केन्द्रीय कार्यकारिणी ने इसी लिए इस मिटिंग को स्थगित कर आगामी दिनों में आयोजित करने का आग्रह 2-8-2024 को लिखे पत्र द्वारा कर दिया है । बैठक में बहुत दूर दराज के क्षेत्रो से पधारे लगभग 60 सम्मानीय सदस्यो ने भाग लिया तथा पांच नए सदस्यो ने एसोसिएशन की सदस्यता ग्रहण की ।
** चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रदान की जाएंगी विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज डॉ. राजेंद्र प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय टांडा, जिला कांगड़ा तथा इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों को सशक्त करने के लिए साधन और संसाधनों को व्यापक स्तर पर सृजित और सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और पर्याप्त स्टाफ की समुचित तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों को भविष्य की जरूरतों और तकनीक के आधार पर सुदृढ़ करने तथा संसाधन सृजन पर बल दिया। उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर विषयों की सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सभी स्वास्थ्य संस्थानों में कमियों को चिन्हित कर उनका उचित समाधान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणात्मक चिकित्सा देखभाल के लिए छह मरीजों के अनुपात पर एक स्टाफ नर्स तैनात की जाएगी। मुख्यमंत्री ने डॉ. राजेन्द्र प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय टांडा की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए कहा कि अस्पताल में चिकित्सकों से परामर्श के लिए प्रतीक्षा अवधि कम की जाएगी और परामर्श अवधि बढ़ाई जाएगी, जिसके लिए पर्याप्त संख्या में चिकित्सक तैनात किए जाएंगे। मरीजों के पंजीकरण के लिए पंजीकरण कांउटर की संख्या भी बढ़ाई जाएगी ताकि लोगों को चिकित्सक से परामर्श के लिए अधिक इंतजार न करना पड़े। बैठक में बताया गया कि टांडा चिकित्सा महाविद्यालय में वर्ष 2023 में मेडिसिन विभाग में 72,069 मरीजों, ऑर्थोपेडिक्स में 56,124, जनरल सर्जरी में 25,856 मरीजों सहित सभी विभागों में कुुल 6,05,489 मरीजों ने चिकित्सा सुविधा का लाभ उठाया। मुख्यमंत्री ने टांडा महाविद्यालय में विभिन्न परियोजनाओं के निर्माण कार्य की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में 100 बिस्तर क्षमता का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन मेंटल हेल्थ विकसित किया जा रहा है जिसे शीघ्र ही कार्यशील कर दिया जाएगा तथा बीएससी नर्सिंग कक्षाएं भी शुरू की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों, पैरा मेडिकल तथा अन्य श्रेणियों के विभिन्न पदों को भरने की स्वीकृति भी दी। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला की समीक्षा करते हुए इसमें विभिन्न श्रेणियों के पदों के सृजन और लोगों को विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों से संबंधित सभी निर्णय व्यापक स्तर पर जन कल्याण भावना के दृष्टिकोण से लिए जाएं। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में विभिन्न भवनों की मरम्मत के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2023 में इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय के मेडिसिन विभाग में 1,43,291 मरीजों, आर्थोपेडिक्स विभाग में 85,161, जनरल सर्जरी विभाग में 77,012 मरीजों सहित सभी विभागों में 8,72,829 मरीजों ने चिकित्सा सुविधा का लाभ उठाया। सुक्खू ने कहा कि अटल सुपर स्पेशिएलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाणा को भी निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है। बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, उपाध्यक्ष राज्य योजना बोर्ड भवानी सिंह पठानिया, विधायक संजय रतन, मलेंद्र राजन व हरीश जनारथा, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. राकेश शर्मा, टांडा व शिमला चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य व चिकित्सा अधीक्षक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
** बोले, जनसमस्याओं का त्वरित निदान सुनिश्चित करें अधिकारी पर्यटन निगम के अध्यक्ष कैबिनेट रैंक मंत्री आरएस बाली ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान किए जाएंगे ताकि ग्रामीण क्षेत्रों से युवाओं का पलायन नहीं हो सके और घर द्वार पर ही रोजगार प्राप्त हो सके। शनिवार को पर्यटन निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने नगरोटा के ओबीसी भवन में जनसमस्याएं सुनने के उपरांत कहा कि कि स्टार्ट अप योजना को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं की विशेष तौर पर कैरियर कांउसलिंग भी की जाएगी ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा स्टार्टअप के साथ जुड़कर स्वाबलंबी बन सकें।उन्होंने कहा कि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में नगरोटा विधानसभा क्षेत्र के गांव और गरीब का विकास करना मेरा प्रथम कर्तव्य है। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव और गरीब के विकास कार्यो में किसी भी तरह की कोताही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा विधानसभा क्षेत्र में बड़े विकास कार्यो के साथ.साथ गांव और गरीबों तक विकास पहुंचाना सबसे महत्वपूर्ण कार्य है ताकि प्रत्येक व्यक्ति तक सभी तरह की मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा सके। उन्होंने कहा कि गांव और गरीब की समस्याओं को जानने के लिए उन्होंने पंचायत संवाद कार्यक्रम शुरू किया है, जिसके अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र की प्रत्येक पंचायत के ग्रामीणों से मिलकर उनकी प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। उन्होंने प्रत्येक गांव के अति निर्धन परिवारों के सदस्य को रोजगार के अवसर देने के कार्य को भी प्रमुखता में लिया है ताकि इन परिवारों का जीवन बेहतर हो सके। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को उसके उचित हकदार तक पहुंचना हमारा प्रथम लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आम जनमानस की शिकायतों का त्वरित निदान सुनिश्चित करने के लिए कारगर कदम उठाए जाएं। इस अवसर पर एसडीएम मुनीष शर्मा, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी सुरेश वालिया, अधिशासी अभियंता आईपीएच विवेक ठाकुर, अधिशासी अभियंता बिजली विभाग कमल चैधरी, कांग्रेस के उपाध्यक्ष प्रताप रियाड़, महिला कांग्रेस अध्यक्ष कुंता देवी, महासचिव अरूण कटोच, महासचिव नरेंद्र धीमान, शहरी कांग्रेस के उपाध्यक्ष नीरज दुसेजा प्रताप रियाड वरिष्ठ उप प्रधान,महासचिव ,अजय सिपहिया,अजय भनियारी,रोशन लाल खन्ना,अशोक स्रोत्री, सुमितर मसंद,राज मल,अशोक गौतम, गिरीश धवन,सोनु कटोच, मुकेश मेहता ,जोनू , केहर सिंह,कुलदीप कौशल,स्वरूप चौहान,अशोक मल्होत्रा,प्रकाश चंद,संजय शर्मा,वीना ठाकुर, नरेंद्र ,कुलदीप धीमान,राहुल धीमान, दिनेश शर्मा अधिवकता प्रेम राणा, डिंपी कटोच, शामिल रहे।


















































