जयसिंहपुर/नरेंदर डोगरा: उपायुक्त कर्मचारी संघ इकाई उपमंडल जयसिंहपुर का चुनाव संदीप कुमार सूद अधीक्षक वर्ग-2 तहसील कार्यालय जयसिंहपुर और यशपाल शर्मा अधीक्षक वर्ग-2 की अध्यक्षता में हुआ। इसमें योगेश राणा को प्रधान, सुरजीत कुमार को उपप्रधान, खुशी राम कनिष्ठ सहायक को महासचिव, अशोक कुमार को कोषाध्यक्ष और शुभम शर्मा को प्रेस सचिव चुना गया।
हिमाचल प्रदेश में विधवा महिलाओं को मकान बनाने के लिए चार लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी। हिमाचल प्रदेश सरकार ऐसी विधवा महिलाओं के लिए मकान बनाने में मदद करेगी, जो भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत हैं। भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत सभी पात्र महिलाओं को मकान बनाने के लिए चार लाख रुपए की वित्तीय सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार विधवाओं, दिव्यांग महिलाओं और एकल नारियों को उनके मकान बनाने के सपने को साकार करने के लिए वित्तीय मदद देने की पहल कर रही है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड, विवाह के लिए वित्तीय सहायता, मातृत्व लाभ, शिक्षा सहायता, चिकित्सा देखभाल, पेंशन, विकलांगता पेंशन, दाह संस्कार व्यय, आकस्मिक मृत्यु के लिए राहत, छात्रावास सुविधाएं और विधवा पेंशन सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं लागू कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सभी वर्गों के उत्थान के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। मकान बनाने के लिए आर्थिक मदद में घर के लिए तीन लाख रुपए और रसोई, शौचालय और स्नानघर जैसी आवश्यक सुविधाओं के लिए एक लाख रुपए की अतिरिक्त मदद भी शामिल होगी। इसका फायदा उठाने के लिए महिलाओं को बोर्ड में पंजीकृत होना चाहिए। पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 कार्य दिवस पूरे करने चाहिए और उनकी वार्षिक आय 2.50 लाख रुपए से कम होनी चाहिए। पात्र महिलाओं को जरूरी कागजों समेत श्रम अधिकारी के जरिए इस योजना के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए स्वीकृति मिलने के बाद वित्तीय मदद सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
देहरा के समीप बनखंडी में विराजमान माँ बगलामुखी के चरणों में गांव खलेटा के लोक गायक संदीप बगलामुखी का भजन यूट्यूब पर रिलीज कर दिया गया है I ये भजन माँ के मंदिर बनखंडी में ही फिल्माया गया है I इस भजन को स्वयं लिखा व गाया संदीप बगलामुखी वाले ने है व इसका संगीत कुमार गौरव द्वारा दिया गया है I भजन में महामाई का गुणगान किया गया है, जिसमे बताया गया है कि माँ को पीले वस्त्र व पीले फूल अत्यधिक प्रिय हैं, यहाँ तक की माँ को प्रशाद भी पीले रंग का ही अर्पित किया जाता हैI भजन के संदर्भ में संदीप से हुईं बात में उन्होंने कहा कि वे माँ का गुणगान करके ही इस मुकाम तक पहुंचे हैं, उन्ही के नाम का सहारा लेकर वे आगे बढ रहे हैं इसीलिए लोगों में वे संदीप बगलामुखी वाला के नाम से जाने जाते हैंI संदीप ने बताया कि इस से पहले भी उनके गाए गाने “दो बोतला, मुंडू चंगरा दा, धारा पर बंगलु आदि गानों को लोगों ने बहुत प्यार दिया है और अब महामाई के भजन को भी काफ़ी पसंद किया जा रहा है I भजन को संदीप बगलामुखी यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है।
जयसिंहपुर/नरेंदर डोगरा: कंवर दुर्गा चंद राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर में आज वोकेशनल कोर्स का प्रमाण पत्र महाविद्यालय के छात्रों को वितरित किया गया। इस समारोह का आयोजन वोकेशनल कोर्स की प्रशिक्षिका कंचन के द्वारा किया गया। इस समारोह में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. उपेन्द्र शर्मा बतौर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। समारोह में वोकेशनल कॉर्स के नोडल अधिकारी प्रो. रविन्द्र कुमार एवं डॉ इंदर कुमार भी उपस्थित रहे। इस समारोह में कॉर्स के सभी पंजीकृत छात्र मौजूद रहे। वोकेशनल कोर्स का मुख्य उद्देश्य छात्रों का सर्वांगीण विकास करना है। साथ ही छात्रों को सामान्य विषय के अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों में व्यावहारिक कौशल और ज्ञान प्रदान करना है । महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो उपेन्द्र शर्मा ने समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए इस कॉर्स को सफलतापूर्वक पूर्ण करने की बधाई दी और साथ ही उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
हिमाचल प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी वार्षिक आंतरिक कॉलेज खेलो का आयोजन मिनेर्वा फार्मेसी कॉलेज में किया गया, जिसमे लॉरेट शिक्षण संस्थान के फार्मेसी के विद्यार्थियों ने वॉलीबॉल, बैडमिंटन, चैस, क्रिकेट और कब्बडी में भाग लिया। ये स्पोर्ट्स मीट 16 नवंबर से लेकर 20 नवंबर तक करवाई गई। लॉरेट संस्थान के प्राचार्य एवं कैंपस निर्देशक डॉ. एम एस आशावत, विभाग अध्यक्ष डॉ विनय पंडित ,डॉ. सी. पी एस. वर्मा और डॉ अमरदीप ने छात्रों को उनकी जीत पर बधाई दी। संस्थान के स्पोर्ट्स मीट्स के कोर्डिनेटर एसोसिएट प्रो. शिव कुमार खुशवा, स्पोर्ट्स इंचार्ज सहायक प्रो. अक्षय ठाकुर ने भी विद्यार्धियों का हौसला बढ़ाया। इस स्पोर्ट्स मीट में शिक्षण संस्थान की वॉलीबॉल टीम ने दूसरा स्थान और हैंडबॉल में भी दूसरा स्थान हासिल किया, जिसमें वॉलीबॉल टीम के कप्तान पारुल ठाकुर और हैंडबॉल टीम के कप्तान गौरव थे। हर साल की तरह इस साल भी संस्थान की खेल टीमों ने अच्छा प्रदर्शन कर संसथान का मान बढ़ाया। इस उपलब्धि पर लॉरेट शिक्षण संस्थान के प्रबंध निर्देशक डॉ. रण सिंह ने शुभकामनाएं दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की I
जन सेवा, पी.डी.एस. का खाद्य वितरण और लोगों की उत्कृष्ट सेवाओं के लिए देहरा क्षेत्र की दी करियाडा कॉपरेटिव एग्रीकल्चर सर्विस सोसाइटी लिमिटेड सहकारी सभा को ज्वाली में आयोजित जिला स्तरीय सहकारिता सम्मेलन में मुख्यातिथि कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार ने उपमंडल देहरा से 21वीं बार लगातार अव्वल रहने का अवार्ड देकर सम्मानित किया। उन्होंने सभा के प्रधान अजीत लाल शर्मा, सचिव सुरिंदर सिंह ठाकुर,कार्यकारिणी सदस्य में उप प्रधान तारा चन्द डोगरा,कश्मीर सिंह,भूप सिंह प्रीतम चन्द को बधाई दी। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने की। कार्यक्रम में जिला पंजीयक सहकारी सभा संतोष कुमार, सहायक पंजीयक देहरा वीना भाटिया, जिला निरीक्षक अधिकारी विजय कुमार,निरीक्षक यशवीर को- ऑप्रेटिव महासंघ के जिला अध्यक्ष करनैल राणा, कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के निदेशक वीरेंद्र गुलेरिया, सहकारिता विभाग से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी व क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। अधिक जानकारी देते हुए सभा के सचिव सुरिंदर ठाकुर ने बताया कि यह सहकारी सभा जनता के लिए 24 घण्टे काम करती है वहीं सभा में पीडीएस के अलावा इलेक्ट्रॉनिक सामग्री का वाजिव दामों पर वितरण करती है।
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC) को बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने निगम के 18 होटलों को ‘सफेद हाथी’ करार देते हुए इन्हें बंद करने के आदेश जारी किए हैं। न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल की एकल पीठ ने एचपीटीडीसी कर्मचारियों द्वारा दायर एक सिविल रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया गया है। न्यायाधीश ने कहा कि बार-बार अदालती हस्तक्षेप और विस्तृत निर्देशों के बावजूद निगम इन परिसंपत्तियों को पुनर्जीवित करने या उन्हें लाभकारी बनाने में विफल रहा है। न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि सार्वजनिक संसाधनों को ऐसे उपक्रमों पर बर्बाद नहीं किया जा सकता जो लगातार वित्तीय रूप से घाटे में चल रहे हैं। चैल में प्रतिष्ठित पैलेस होटल, धर्मशाला में होटल धौलाधार और मनाली में होटल लॉग हट्स सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों की 18 संपत्तियों में पिछले कुछ वर्षों में आश्चर्यजनक रूप से होटलों के अधिकतर कमरे खाली पड़े रहे। अदालत ने एचपीटीडीसी के प्रबंध निदेशक को 25 नवंबर तक इन इकाइयों को तत्काल बंद करने का निर्देश दिया, और अनुपालन के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया। इसके अलावा, रखरखाव के लिए केवल आवश्यक कर्मचारियों को ही रखा जाएगा, जबकि बाकी को अन्य कार्यशील इकाइयों में जनशक्ति की कमी को दूर करने के लिए फिर से तैनात किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय ने एक अलग मामले में दिल्ली में स्थित हिमाचल भवन को भी जब्त करने का आदेश दिया है। जिससे एक बिजली कंपनी को नीलामी के माध्यम से अपना बकाया वसूलने की अनुमति दी गई है। जिन 18 होटलों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं उनमे, द पैलेस होटल चायल, होटल गीतांजलि, डलहौजी, होटल बाघल दाड़लाघाट, होटल धौलाधार धर्मशाला, होटल कुणाल धर्मशाला, होटल कश्मीर हाउस धर्मशाला, होटल एप्पल ब्लॉसम फागू, होटल चंद्रभागा केलोंग, होटल देवदार खजियार,होटल गिरीगंगा खड़ापत्थर,होटल मेघदूत कियारीघाट, होटल सरवरी कुल्लू , होटल लॉग हट्स मनाली, होटल हडिम्बा कॉटेज मनाली, होटल कुंजुम मनाली,होटल भागसू मैक्लोडगंज, होटल द कैसल नग्गर, होटल शिवालिक परवाणू शामिल हैं।
प्रदेश सरकार प्रवक्ता स्कूल न्यू कैडर में अनुबंध पर नियुक्त कर्मचारियों के लिए वरिष्ठता लाभ लागू करेगी। सरकार ने भर्ती एवं पदोन्नति (आरएंडपी) नियमों में उल्लिखित प्रक्रिया का पालन करते हुए अनुबंध के आधार पर नियुक्त किए गए प्रत्यक्ष भर्ती कर्मचारियों के लिए वरिष्ठता लाभ लागू करने का निर्णय लिया है। उच्च न्यायालय की ओर से ताज मोहम्मद एवं अन्य बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य शीर्षक से सीडब्ल्यूपी संख्या 2004/2017 पर आए फैसले के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है। फैसले के तहत स्कूल-न्यू कैडर के कर्मचारियों सहित ऐसे कर्मचारियों के लिए वरिष्ठता का दावा स्वीकार किया गया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्कूल-न्यू कैडर में कई याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर मामले में अनुबंध के आधार पर नियुक्त किए गए प्रत्यक्ष भर्ती कर्मचारियों की वरिष्ठता स्थिति पर सवाल उठाया गया था। याचिकाकर्ताओं ने अपनी प्रारंभिक अनुबंध नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता को मान्यता देने की मांग की थी। उच्च शिक्षा निदेशालय ने अब एक कार्यालय आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि लेक्चरर (स्कूल-न्यू) कैडर की वरिष्ठता को फैसले के अनुरूप संशोधित किया जाएगा। इसमें 2014 से 2023 के बीच पदोन्नत और सीधी भर्ती वाले दोनों शामिल हैं। शिक्षा निदेशक के अनुसार इस प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अनुबंध नियुक्तियों और पदोन्नतियों दोनों के लिए नियुक्ति के वर्ष को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठता सूची का अंतराल है। लेक्चरर (स्कूल-न्यू) कैडर जिसे 2019 में पीजीटी (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) कैडर से फिर से नामित किया गया था, अपने 50 फीसदी पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से और अन्य 50 फीसदी टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) कैडर से पदोन्नति के माध्यम से भरता है। लेक्चरर कैडर के लिए वरिष्ठता को पहले 31 दिसंबर 2013 तक अंतिम रूप दिया गया था। लगभग 11,000 प्रवक्ताओं की सूची इस दौरान तैयार हुई थी। अदालत के फैसले के बाद वरिष्ठता सूची को अब 2014 के बाद से सीधी भर्ती वाले लोगों को शामिल करने के लिए संशोधित किया जाएगा। इस कदम से टीजीटी कैडर की वरिष्ठता पर भी असर पड़ने की संभावना है, जो लेक्चरर पदों के लिए फीडर कैडर के रूप में कार्य करता है। टीजीटी की वरिष्ठता न्यायालय के आदेश द्वारा निर्धारित नए दिशा-निर्देशों के साथ संरेखित करने के लिए संशोधनों से गुजर सकती है, जिससे पदोन्नति के क्रम में संभावित परिवर्तन हो सकते हैं। निदेशालय के कार्यालय आदेश के अनुसार वरिष्ठता को समायोजित किया जाएगा, लेकिन अंतिम वरिष्ठता सूची संबंधित पक्षों की उचित आपत्तियों को शामिल करने के बाद ही जारी की जाएगी।
रिपोर्ट: विनायक ठाकुर, ज्वालामुखी खुंडिया पुलिस ने हाल ही में बकरा चोरी के एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ कर क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत दी है। मामला ज्वालामुखी उपमंडल के अंतर्गत गांव झौला का है, जहां बलदेव सिंह निवासी जरुंडी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके तीन बकरे और एक बकरी चोरी हो गए हैं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की और कुछ ही दिनों में चोरी हुए बकरों को बरामद कर लिया। इस मामले में 24 वर्षीय दीपक पुत्र अशोक कुमार (गांव गजरोडा, तहसील जयसिंहपुर) और 23 वर्षीय गोरव सिंह पुत्र अशोक कुमार (गांव उतरापुर, तहसील जयसिंहपुर) को गिरफ्तार किया गया है। Box: चोरी का सामान और उपकरण बरामद जांच के दौरान, पुलिस ने चोरी में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल (HP56A 4215), ताला तोड़ने के औजार, एक लोहे की दराट, टॉर्च और अन्य उपकरण बरामद किए। चोरों ने कुबूल किया है कि उन्होंने भवारना और लंबागांव थाना क्षेत्रों में भी 7-8 बकरियों की चोरी को अंजाम दिया है। पक्ष.... थाना प्रभारी रणजीत परमार ने बताया कि चोरों को 20 नवंबर को फिर अदालत में पेश किया जाएगा। जल्द ही इनके बाकी कारनामों का भी खुलासा होगा।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने आज ऐतिहासिक रिज पर भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती पर उन्हें पुष्पाजंलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में इंदिरा गांधी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी निर्णयों ने भारत को मजबूत आधार प्रदान कर सशक्त बनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि सुधार और बैंकों का राष्ट्रीयकरण इंदिरा गांधी की दूरदर्शी नीतियों का प्रमाण हैं, जिससे आम आदमी लाभान्वित हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। इस अवसर पर उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक हरीश जनारथा, रंजीत सिंह राणा, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, पार्षद, उपायुक्त अनुपम कश्यप और अन्य लोग उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश में उद्योगों को सस्ती बिजली का प्रबंध करने के लिए सरकार बड़ा कदम उठा सकती है। हालांकि अभी तक यह केवल एक सुझाव है, लेकिन सामने आया है कि उद्योगों को बिजली देने के लिए अलग से नई कंपनी का गठन किया जाए। इसमें बिजली बोर्ड से ही उन पुराने प्रोजेक्टों को वापस लिया जाए, जो 40 साल से ज्यादा समय से उत्पादन में है। क्योंकि एक शर्त राज्य सरकार की निजी कंपनियों के लिए भी है कि 40 साल पुराने प्रोजेक्ट वह सरकार को सौंप देंगी। लिहाजा इसे बिजली बोर्ड पर भी लागू करने की सोच है। सूत्रों के अनुसार सरकार द्वारा बनाई गई कैबिनेट सब-कमेटी के सामने इस तरह का सुझाव आया है और उसने आगे सीएम से भी इस बात पर चर्चा की है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री सुक्खू ने इसको नकार दिया है और उनका मानना है कि बोर्ड के ढांचे से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती, परंतु आने वाले समय में इस मामले को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है, क्योंकि कुछ अधिकारी भी इस हक में है। अधिकारियों का मानना है कि इससे उद्योगों के लिए सरकार एक अलग व्यवस्था कर सकेगी और जो निवेशक यहां पर बिजली को लेकर अब परेशान हो रहे हैं, उनकी दिक्कत दूर हो सकती है। क्योंकि उद्योगों को अब दूसरे राज्य भी सस्ती बिजली देने लगे हैं और यहां पर बिजली का टैरिफ बढ़ रहा है, जिससे उद्योगपतियों में नाराजगी है। उनकी नाराजगी को दूर करने के लिए यदि सरकार बिजली क्षेत्र की नई कंपनी उद्योग क्षेत्रों में ही स्थापित कर दे और उसके माध्यम से केवल उद्योगों के लिए बिजली का वितरण करे, तो इससे उद्योगों को सस्ती बिजली का इंतजाम हो सकता है। वैसे यह इतना ज्यादा आसान नहीं है, परंतु फिर भी कैबिनेट सब-कमेटी अपनी ओर से सरकार के सामने इस तरह का सुझाव जरूर रखेगी। इसको लेकर सब-कमेटी ने काफी मंथन भी किया है। मुख्यमंत्री सुक्खू के साथ रविवार को अभियंताओं व कर्मचारियों के ज्वाइंट फ्रंट की जो बैठक हुई है, उसमें भी यह मुद्दा उठा है, मगर इस पर कोई बात नहीं बन पाई। क्योंकि बिजली बोर्ड में कर्मचारियों पर लगने वाली लागत काफी ज्यादा है और पेंशनरों का बड़ा खर्र्च बोर्ड पर है। उससे यहां बिजली के टैरिफ पर असर पड़ रहा है। बिजली का टैरिफ इससे महंगा हो गया है और अब उद्योगों को सरकार उस कद्र सस्ती बिजली नहीं दे पा रही है जितनी उसे देनी चाहिए। पिछले दिनों एक रूपए सबसिडी इसमें सरकार ने कम की थी, जोकि 100 किलोवॉट से ज्यादा बिजली इस्तेमाल करने वाले उद्योगों पर लागू हुई थी, मगर इस पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दी, जिससे भी सरकार फंस गई है। हिमाचल प्रदेश में उद्योगों को भी सस्ती बिजली देना जरूरी है। बिजली बोर्ड के चार ऐसे प्रोजेक्ट बताए जा रहे हैं, जो 40 साल से ऊपर हो चुके हैं और उनसे उत्पादन हो रहा है। उनकी पूरी बिजली का इस्तेमाल बिजली बोर्ड ही करता है और उससे सरकार को कोई लाभ नहीं मिल रहा। ऐसे में अब कैबिनेट सब-कमेटी के सुझावों को सरकार मानती है या नहीं, यह देखना होगा।
शिमला: हिमाचल में पिछले कई महीनों से कमर तोड़ महंगाई की समस्या से जूझ रहे लाखों लोगों को डिपुओं में भी राहत नहीं मिल रही है। हालत ये है कि नवंबर महीना बीतने को है, लेकिन प्रदेश भर के 4500 से ज्यादा डिपुओं में उपभोक्ताओं को इस महीने सरसों के तेल सहित तीन दालों का कोटा उपलब्ध नहीं हुआ है, जिसके चलते बाजार से महंगे रेट पर खाद्य वस्तुएं खरीद कर रसोई चलाने को उपभोक्ता मजबूर हैं। पिछले महीने फेस्टिव सीजन में लोगों का पहले ही जेब खर्च ज्यादा हुआ है। ऐसे में डिपुओं में तेल और दाल का कोटा न मिलने से लोगों की जेब और टाइट हो गई है। वहीं, प्रदेश के अधिकतर डिपुओं में तो उपभोक्ताओं को पिछले महीने भी सरसों का तेल नहीं दिया गया है, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। वहीं, डिपुओं में सरसों का तेल और दालों का कोटा कब तक उपलब्ध होगा? इस बात की भी उपभोक्ताओं को कोई जानकारी नहीं मिल रही है। उचित मूल्यों की दुकानों से कोटा गायब होने से लाखों परिवार अब बाजार से 200 रुपए लीटर सरसों का तेल और 100 से 120 रुपए किलो दालें खरीदने के लिए मजबूर है। हालात ये है कि मंडी समेत अन्य जिलों में तो उपभोक्ताओं को पिछले कई महीने भी डिपुओं में सरसों का तेल और दालों का कोटा नहीं मिला है, जिससे उपभोक्ता पिछले दो महीनों से बाजार से महंगे भाव पर सरसों का तेल और दालें खरीदने को विवश हैं। खुले बाजार में सरसों के तेल की कीमतें आसमान छूने लगी हैं, लेकिन डिपुओं में उपभोक्ताओं को सस्ते रेट पर दिए जाने वाले सरसों के तेल के भाव में पिछले करीब तीन महीने से कोई बदलाव नहीं हुआ हैं। हिमाचल सरकार उपभोक्ताओं को एक राशन कार्ड पर अधिकतम दो लीटर सरसों का तेल दे रही है। इसमें एपीएल और बीपीएल उपभोक्ताओं को 123 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से सरसों का तेल उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, टैक्स पेयर कार्ड धारकों को यही सरसों का तेल 129 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से दिया जा रहा है। पिछले महीने त्योहारी सीजन में सरकार ने उपभोक्ताओं को डिपुओं में जाकर जरूरत के मुताबिक सरसों का तेल खरीदने की सुविधा भी दी थी, लेकिन सरकार का ये दावा कुछ ही दिनों में ही हवा हो गया था। हिमाचल में डिपुओं में उपभोक्ताओं को दालें भी सस्ते भाव पर उपलब्ध करवाई जाती हैं। इसमें बीपीएल परिवारों को उड़द की दाल 58 रुपए किलो के हिसाब से दी जाती है। एपीएल परिवारों को उड़द की दाल 68 रुपए किलो मिलती है। इसके अलावा टैक्स पेयर को डिपुओं में 93 रुपए किलो उड़द की दाल उपलब्ध कराई जाती है। इसी तरह से बीपीएल परिवारों को मलका की दाल 56 रुपए प्रति किलो के हिसाब से दी जाती है। एपीएल परिवारों को मलका दाल 66 रुपए किलो और टैक्स पेयर के लिए मलका की दाल का भाव अभी 91 रुपए तय किया गया है। डिपुओं में एपीएल परिवारों को चना दाल अभी तक 48 रुपए किलो दी जाती है। वहीं, बाजार में इन तीनों ही दालों का भाव 100 से 120 रुपए प्रति किलो है। हिमाचल प्रदेश में कुल राशन कार्ड धारकों की संख्या 19 लाख 65 हजार 589 है। जो 4500 से ज्यादा डिपुओं के जरिए सस्ते राशन की सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। डिपुओं के जरिए उपभोक्ताओं को आटा, चावल, तीन अलग-अलग किस्म की दालें, सरसों का तेल और नमक बाजार से सस्ते रेट पर उपलब्ध करवाया जाता है। महंगाई के कारण डिपुओं में सरसों के तेल की अधिक मांग रहती है। सरसों के तेल के कोटे को कोई भी उपभोक्ता नहीं छोड़ता है। ऐसे में प्रदेश में हर महीने डिपुओं में 34 लाख लीटर तेल की खपत रहती है, जिस पर सरकार सब्सिडी के तौर पर लाखों रुपए खर्च करती है।
ज्वाली/संजीव खटटा: नशे के खिलाफ कड़ा संदेश देते हुए जिला नूरपुर पुलिस ने ज्वाली के ट्यूकर निवासी सोहन सिंह की संपत्ति जब्त कर दी है। सोहन सिंह, जो नशे के सौदागरों के नेटवर्क का अहम हिस्सा था, की कुल संपत्ति 1 करोड़ 42 लाख 47 हजार 322 रुपये की है। कैसे फंसा आरोपी? 23 दिसंबर को पुलिस ने ज्वाली के अमनी में मंडी जिला निवासी श्याम लाल को 1 किलो 43 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया था। जांच की कड़ियां जोड़ते-जोड़ते पुलिस ट्यूकर निवासी सोहन सिंह तक पहुंची। पौंग डैम क्षेत्र से सोहन सिंह की गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने उसकी चल-अचल संपत्तियों की गहन जांच की और सक्षम प्राधिकारी, नई दिल्ली से अनुमति लेकर यह कड़ा कदम उठाया। क्या-क्या जब्त हुआ? एसपी नूरपुर के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियों में एक आलीशान मकान, एक ट्रैक्टर, एक बोलेरो गाड़ी, एक हुंडई कार शटरिंग का सामान और माता और पत्नी के नाम पर खरीदी गई जमीन को जब्त किया है। नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ यह कार्रवाई नूरपुर पुलिस का एक सख्त संदेश है। जनता से भी अपील की गई है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में पुलिस का साथ दें।
बाबा कांशीराम राजकीय महाविद्यालय डाडा सिबा में उच्चतर शिक्षा निर्देशालय हिमाचल प्रदेश शिमला के निर्देश अनुसार डॉ सुशील कुमार बस्सी प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय ज्वालामुखी, तथा डॉक्टर अनिल गौतम प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय नादौन की अगुवाई में महाविद्यालय का रैंकिंग हेतु निरीक्षण किया गया। इस का उद्देश्य महाविद्यालय में विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं का आंकलन एवं निरीक्षण करना था, जिस के आधार पर आगे महाविद्यालय को ग्रेडिंग दी जा सके। महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य प्रो जतिंदर कुमार ने डॉक्टर सुशील बस्सी और अनिल गौतम का स्वागत किया। तत्पश्चात निरीक्षण दल ने निरीक्षण कर के महाविद्यालय की गुणवत्ता को ओर बेहतरीन बनाने हेतु महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इस अवसर पर निरीक्षण दल के सदस्यों में प्रो. बलजीत, यशपाल, अनिल ओर अधीक्षक कुलदीप उपस्थित रहे। वहीं महाविद्याल की अभिभावक शिक्षक संघ के प्रधान परवीन बाला, पूर्व प्रधान अंजना और पिंकी भी उपस्थित रहे। महाविद्यालय की तरफ से प्रो. दविंदर, ख़ेम चंद, शीतल देवी, पलक ओर सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष अंजना मौजूद रहे।
हिमाचल में अब 70 साल से ज्यादा के बुजुर्गों का घरद्वार पर ही उपचार होगा। स्वास्थ्य विभाग को फोन पर सूचना देने के बाद मोबाइल एंबुलेंस घर जाएगी। इसमें एक डॉक्टर, फार्मासिस्ट और नर्स होंगी। इस एंबुलेंस में दवाइयां, ऑक्सीजन सिलिंडर और अन्य जरूरी उपकरण भी रहेंगे। मौके पर उपचार करने के बाद डॉक्टर को लगे कि मरीज को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत है तो उन्हें साथ ही लाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक मरीजों के घर-द्वार पर ही टेस्ट भी होंगे। इसकी रिपोर्ट ऑनलाइन घर भेजी जाएगी। इसके लिए मरीज या उनके तीमारदारों का मोबाइल नंबर लिया जाएगा। सीएम सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग को इस योजना को जल्द शुरू करने को कहा है। जिलों में नजदीकी अस्पताल से लोगों के घरों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें भेजी जाएंगी। यह सुविधा अभी उन क्षेत्रों व पंचायतों में होगी जहां सड़क सुविधा रहेगी। उपचार और दवाएं निशुल्क दी जाएंगी।मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि सीएम सुक्खू ने विभाग को इस दिशा में काम करने को कहा है।
हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग की पहली पायलट भर्ती की सीबीटी परीक्षा का नतीजा निकालने का पेच सुलझ गया है। अब आयोग को ट्रेजरी से कोड मिलने के बाद एडसिल एजेंसी को करीब 36 लाख के भुगतान का रास्ता साफ हो गया है। कोष विभाग से नवगठित आयोग के नामित कर्मचारी को ट्रेजरी कोड मिलने के बाद जल्द ही अब एजेंसी को भुगतान होगा। परीक्षा के आयोजन का 36 लाख का बिल कोष विभाग को भेजा गया है। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग को अपना जीएसटी नंबर भी मिल गया है। ऐसे में परीक्षाओं के आयोजन से लेकर तमाम वित्तीय गतिविधियों को पूरा करने में दिक्कत पेश नहीं आएगी। हिमाचल प्रदेश नवगठित आयोग की ओर से ऑपरेशन थियेटर असिस्टेंट (ओटीए) पोस्ट कोड 1073 के 162 पदों की कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) का आयोजन बीते मार्च में किया गया था। सीबीटी के तहत पायलट आधार पर यह पहली भर्ती राज्य आयोग की ओर से एडसिल एजेंसी के जरिये करवाई गई थी। इस भर्ती को करवाने की एवज में एजेंसी ने आयोग को 36 लाख का बिल दिया था। इस बिल के भुगतान को लेकर पिछले सात माह से पेच फंसा हुआ था। आयोग का ट्रेजरी कोड सृजित नहीं होने से बिल नहीं बन पा रहा था। भंग कर्मचारी चयन आयोग में साल 2022 में इस भर्ती को विज्ञाप्ति किया गया था। पेपरलीक के चलते आयोग भंग हो गया था। नवगठित राज्य आयोग ने 30 मार्च 2024 को इसकी सीबीटी परीक्षा करवाई। इस भर्ती को पायलट भर्ती के तौर पर एडसिल एजेंसी के माध्यम से करवाया गया। दो साल बाद अभ्यर्थियों का परिणाम का इंतजार जल्द ही खत्म होगा। प्रदेश सरकार के कोष विभाग से किसी भी विभाग को फंड जारी करने के लिए विभाग अथवा सरकारी संस्था का ट्रेजरी कोड सृजित किया जाता है। उस संस्था के एक कर्मचारी को इस कोड को संचालित करने के लिए नामित किया जाता है। बाकायदा आईडी और पासवर्ड कर्मचारी के बनाए जाते हैं। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग में यह औपचारिकताएं अब पूरी कर ली गई है। सीबीटी के परिणाम के बाद होगा दस्तावेजों का मूल्याकंन ओटीए की भर्ती की सीबीटी भर्ती के परीक्षा परिणाम को आउटसोर्स एजेंसी की ओर से घोषित किया जाएगा, लेकिन अंतिम परिणाम हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग की ओर से ही जारी किया जाएगा। आयोग के सचिव विक्रम महाजन ने कहा कि आयोग ने कोष विभाग के समक्ष ओटीए भर्ती के आयोजन का बिल प्रस्तुत कर दिया है। आयोग को अपना जीएसटी नंबर भी मिल गया है।
सिरमौर: कहते हैं कि मां जैसा इस दुनिया में कोई दूसरा नहीं है। एक मां अपने जिगर के टुकड़े के लिए कुछ भी कर सकती है या यूं कहे कि किसी भी हद तक जा सकती है। अपने बेटे की जिंदगी बचाने के लिए वो खुशी-खुशी मौत को भी गले लगा सकती है। मां की मामता का भावुक कर देने वाला एक मामला हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला से सामने आया है। मां का रिश्ता सभी रिश्तों से अनमोल यूं ही नहीं है। कई ऐसे उदाहरण हैं जब मां ने अपने लाल का जीवन बचाने के लिए हंसते-हंसते मौत को गले लगा लिया हो। ऐसा ही उदाहरण जिला सिरमौर के शिलाई क्षेत्र में सामने आया है। कांडो भटनोल पंचायत के गांव बोहल में शनिवार को रंगड़ों के हमले से मां ने अपने तीन साल के मासूम को बचाते हुए अपनी जान दे दी। जानकारी के अनुसार अनु (28) अपने घर के पास ही घास काटने गई थी। वह बेटे को भी साथ ले गई थी। अचानक घासन में खड़ीक के पेड़ पर बने छत्ते से रंगड़ों ने मां-बेटे पर हमला कर दिया। अनु ने अपने सिर से ढाठू उतारकर बेटे को ढका और अपनी आगोश में ले लिया। इससे बेटा बच गया, लेकिन रंगड़ों ने अनु को बुरी तरह काटा। उसने शिमला में मजदूरी कर रहे अपने पति को फोन के माध्यम से इसकी जानकारी दी। चीखने की आवाजें सुनकर आसपास के लोग पहुंचे महिला के चीखने की आवाजें सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और उपचार के लिए उसे शिलाई अस्पताल ले जाया गया। यहां से महिला व बच्चे को हायर सेंटर रेफर किया गया, लेकिन महिला ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। बच्चे का नाहन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में उपचार चल रहा है। वह खतरे से बाहर है।
जयसिंहपुर/ नरेंदर डोगरा: एंग्लो इंडियन पब्लिक स्कूल लोअर लंबागांव में एक दिवसीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बतौर स्कूल के प्रधानाचार्य चंद्रभान ने मुख्य अतिथि शिरकत की। इस एक दिवसीय खेल प्रतियोगिता में स्कूल के बच्चों ने विभिन्न प्रकार की खेलकूद प्रतियोगिता में भाग लिया। इस प्रतियोगिता में स्कूल के सभी शिक्षकों के साथ अभिभावकों ने खेल प्रतियोगिताओं का खूब आनंद उठाया तथा अंत में स्कूल के प्रधानाचार्य चंद्रभान ने इस एक दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता को सफल बनाने के लिए सभी का धन्यवाद किया।
** सूखे की मार झेल रहे किसानों को मिलेगी राहत पर्यटन भी पकड़ेगा गति लंबे अरसे बाद मौसम ने करवट बदली है। शनिवार को रोहतांग सहित शिंकुला व बारालाचा दर्रे में बर्फ के फाहे गिरे हैं। बादल छा जाने से रोहतांग के निकटवर्ती स्थलों में भी हिमपात की उम्मीद बढ़ गई है। लंबे समय से सूखे की मार झेल रहे किसानों व पर्यटन कारोबारियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। शनिवार को बर्फ की उम्मीद लिए रोहतांग दर्रे में पांच सौ से अधिक पर्यटक वाहनों में लगभग चार हजार पर्यटक पहुंचे। बर्फ न पडऩे से उन्हें निराशा हुई, लेकिन ठंडा मौसम देख पर्यटक खासे उत्साहित हुए। देर शाम को दर्रे में बर्फ के फाहे गिरे। शनिवार को शिंकुला व बारालाचा दर्रे में बर्फ के फाहे गिरे, लेकिन लेह लद्दाख सहित जंस्कार घाटी की ओर वाहनों की आवाजाही सुचारू रही। देश भर के पर्यटक मनाली में हिमपात होने का इंतजार कर रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश में विभिन्न श्रेणियों की 7,600 पदों की आउटसोर्स भर्तियों पर ब्रेक लग गई है। राज्य हाईकोर्ट के फैसले के बाद इलेक्ट्राॅनिक्स काॅरपोरेशन ने भर्ती प्रक्रिया बंद कर दी है। शिक्षा विभाग में 6,200 प्री प्राइमरी शिक्षकों सहित एनएचएम में नर्स, ओटी टैक्नीशियन और फार्मासिस्ट सहित अन्य श्रेणियों की 1400 पदों पर भर्तियां होनी हैं। दरअसल शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग ने इन भर्तियों का इलेक्ट्राॅनिक्स काॅरपोरेशन को जिम्मा सौंपा है। अब कोर्ट ने काॅरपोरेशन के माध्यम से भर्तियाें पर रोक लगा दी है।सरकार भर्तियों को शुरू करने के लिए हाईकोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखने की तैयारियों में जुट गई है। 21 नवंबर को इस मामले की सुनवाई होनी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने कॉरपोरेशन के तहत पंजीकृत सभी कंपनियों का डाटा बेवसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। जब तक सभी कंपनियों का डाटा वेबसाइट पर अपलोड नहीं होगा, तब तक आउटसोर्स भर्तियों पर रोक लगाई गई है। इस कारण इन दिनों काॅरपोरेशन के तहत होने वाली भर्तियों को लेकर प्रक्रिया थम गई है। शिक्षा विभाग ने बीते दिनों काॅरपोरेशन को 6200 प्री प्राइमरी शिक्षकों से संबंधित नियम तैयार कर भेजे थे। काॅरपोरेशन ने इन पदों पर भर्ती के लिए आउटसोर्स कंपनियों का चयन शुरू करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी। इसी बीच हाईकोर्ट की रोक के चलते यह काम बंद हो गया है। वहीं राज्य लोकसेवा आयोग की परीक्षा पास करने पर शिक्षा विभाग ने हिंदी विषय के 113 और फिजिक्स विषय के 45 नए स्कूल प्रवक्ताओं को नियुक्तियां दे दी हैं। शनिवार को उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से नियुुक्ति आदेश जारी किए गए। प्रवक्ताओं को 25,800 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा। इनकी नियुक्ति अनुबंध आधार पर की गई है। तय कार्यकाल को पूरा करने के बाद इन्हें नियमित किया जाएगा। सभी नवनियुक्त प्रवक्ताओं को दस दिनों के भीतर पद ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार विपक्ष के दुष्प्रचार से विचलित नहीं होगी और प्रदेश की जनता की भलाई के लिए काम करती रहेगी। रामपुर के दत्तनगर में हिमाचल के सबसे बड़े मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट के लोकार्पण अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार की मदद के बिना प्राकृतिक आपदा से प्रभावित 23 हजार परिवारों का पुनर्वास किया। सीएम ने कहा कि प्रदेश के किसानों से लिए जाने वाले दूध के दाम सरकार अगले साल के बजट में और बढ़ाएगी। अभी सरकार किसानों से गाय का दूध 45 रुपये और भैंस का दूध 55 रुपये प्रतिलीटर के हिसाब से खरीद रही है। पूर्व जयराम सरकार ने बिना बजट और पर्याप्त स्टाफ के शिक्षण और स्वास्थ्य संस्थान खोले। चुनावी लाभ के लिए 5,000 करोड़ की रेवड़ियां बांटीं। सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार पशुपालन विभाग में 900 पशु फार्मासिस्टों की भर्ती करने जा रही है, ताकि पशुपालकों को घरद्वार पर बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के कार्यों के कारण ही हिमाचल गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं देने में देशभर में पिछड़ गया। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार देवी-देवताओं और जनता के आशीर्वाद से हर चुनौती पर विजय प्राप्त कर रही है। राजनीतिक चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करते हुए कांग्रेस पार्टी के विधायकों की संख्या फिर से 40 हो गई है।
हिमाचल में सैलानियों की संख्या में इजाफा हुआ है। वीकेंड पर एक साथ तीन छुट्टियों के चलते हिमाचल में टूरिस्ट की संख्या बढ़ी हैं। शिमला, कुफरी, कसौली, चायल, नारकंडा, मनाली और धर्मशाला में बड़ी संख्या में टूरिस्ट उमड़े हैं। प्रदेश के होटलों में ऑक्यूपेंसी बढ़कर 50 फीसदी तक पहुंच गई है। रोहतांग सहित प्रदेश की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी के बाद सैलानियों का आकर्षण बढ़ा है। विंटर टूरिस्ट सीजन से पहले हिमाचल में सैलानियों की संख्या बढ़ने से पर्यटन कारोबारी उत्साहित हैं। रोहतांग में हुई बर्फबारी के बाद बाहरी राज्यों के सैलानियों ने मनाली का रुख करना शुरू कर दिया है। बीते एक सप्ताह में मनाली पहुंचने वाले सैलानियों की संख्या करीब दोगुनी हो गई है। शिमला, कसौली, चायल, कुफरी और नारकंडा में भी वीकेंड पर टूरिस्टों की आवाजाही बढ़ गई है। शिमला के रिज मैदान और मालरोड पर शुक्रवार को सैलानियों की खूब चहलपहल रही। कुफरी में सैलानियों ने घुड़सवारी का लुत्फ उठाया। नारकंडा की हाटू पीक पहुंचने वाले सैलानियों की संख्या बढ़नी शुरू हो गई है। शुक्रवार को कसौली में सैलानियों की संख्या बढ़ने से ट्रैफिक जाम की समस्या पेश आई। फेडरेशन ऑफ ऑल हिमाचल होटल एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि लांग वीकेंड पर हिमाचल के पर्यटन स्थल सैलानियों से गुलजार हो गए हैं। विंटर टूरिस्ट सीजन से पहले वीकेंड पर टूरिस्टों की संख्या बढ़ने से आने वाले दिनों में अच्छे कारोबार की उम्मीद है। रोहतांग में हुई बर्फबारी के बाद मनाली में सैलानियों की संख्या में इजाफा हुआ है। वीकेंड पर तीन दिन की छुट्टियों के पैकेज के चलते भारी संख्या में सैलानी हिमाचल पहुंचे हैं। होटलों में ऑक्यूऐंसी 50 फीसदी तक पहुंच गई है। अच्छी बर्फबारी हाेने पर सैलानियों की संख्या में बूम आएगा
** 13 देशों के 107 पायलट लेंगे भाग धर्मशाला: कांगड़ा जिले के धर्मशाला के पास नरवाणा स्थित पैराग्लाइडिंग साइट में धौलाधार पैराग्लाइडिंग एक्यूरेसी प्री-वर्ल्ड कप का आयोजन किया गया है, जिसके लिए आयोजकों ने पूरी तरह से तैयारियां कर ली हैं और आज से यानी 16 नवंबर से 20 नवंबर तक आयोजित की जाएगी। इस प्रतियोगिता के लिए 13 देशों के 107 पायलट ने पंजीकरण करवा है। यही नहीं आयोजकों द्वारा नरवाणा रोड के समीप ही नई लैंडिंग साइट भी विकसित की जा रही है। ऐसे में अगले साल नरवाणा पैराग्लाइडिंग साइट में एक्यूरेसी प्री-वर्ल्ड कप से भी बड़ा आयोजन होने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी नरवाणा पैराग्लाइडिंग साइट पर एक्यूरेसी प्री-वर्ल्ड कप का आयोजन किया गया था, जिसमें देश-विदेश के पायलटों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की थी। नरवाणा पैराग्लाइडिंग साइट की वर्तमान लैंडिंग साइट लोगों के खेतों में है। यही नहीं लैंडिंग साइट के साथ लोगों के घर भी हैं, ऐसे में साल भर मौसम साफ होने पर पैराग्लाइडिंग गतिविधियों का संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अब नई लैंडिंग साइट पर भी काम शुरू हो चुका है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश में हाल ही में हाईकोर्ट में सीपीएस की नियुक्तियां निरस्त होने के बाद प्रदेश मंत्रिमंडल की आज बैठक होगी। शिमला स्थित प्रदेश सचिवालय में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली मंत्रिमंडल की इस बैठक में हाईकोर्ट में सीपीएस की नियुक्तियां निरस्त होने पर चर्चा हो सकती है। वहीं, प्रदेश की सुक्खू सरकार का दो साल का कार्यकाल 11 दिसंबर को पूरा होने जा रहा है। ऐसे में कैबिनेट की मीटिंग में दो साल का कार्यकाल पूरा होने को लेकर मनाए जाने वाले जश्न को लेकर भी चर्चा हो सकती है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में करुणामूलक आधार पर नियुक्ति देने से संबंधित विषय को लेकर गठित मंत्रिमंडलीय उपसमिति की सिफारिशों पर बैठक में चर्चा होने की संभावना है। इसी तरह से विधानसभा का शीतकालीन सत्र भी होना है, जिस पर भी कैबिनेट की चर्चा हो सकती है। हिमाचल में आगामी बजट को लेकर सरकार ने अपनी तैयारियां भी शुरू कर दी है। इसको लेकर मुख्यमंत्री पहले ही मंत्रिमंडल के सहयोगियों और अधिकारियों के साथ बैठक कर चुके हैं, जिसमें मंत्रियों से अपने-अपने विभागों से संबंधित प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है, ताकि इसे बजट में शामिल करके आम जनता को फायदा पहुंचाया जा सके। हिमाचल में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है। प्रदेश में साल 2022 हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की भी गारंटी दी थी। हर बार कैबिनेट की मीटिंग में सरकार का नए पदों को सृजित कर इन्हें भरे जाने का प्रयास रहता है। ऐसे में आज आयोजित होने वाली कैबिनेट की बैठक में विभिन्न विभागों में और भी नए पद सृजित किए जा सकते हैं। इसको देखते हुए युवाओं को कैबिनेट की मीटिंग से काफी उम्मीदें रहती है। सीएम सुक्खू की अध्यक्षता में पिछली कैबिनेट बैठक 22 अक्टूबर को आयोजित हुई थी, जिसमें मंत्रिमंडल ने वन विभाग में 2,061 वन मित्रों की नियुक्ति को मंजूरी दी थी। इसी तरह से कैबिनेट ने मुख्यमंत्री आरोग्य पशुधन योजना के तहत प्रदेश के पशु चिकित्सालय में सालों से सेवाएं दे रहे GPVA को नियमित करने के लिए 964 पद सृजित किए थे। वहीं, कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग में वर्क इंस्पेक्टर के 100 पदों को भरने की भी मंजूरी दी गई थी। इसके अलावा सुक्खू कैबिनेट ने डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, हमीरपुर में 150 स्टाफ नर्स के पद भरने का भी फैसला लिया था। इसी तरह से मंत्रिमंडल ने चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर में सामान्य चिकित्सा, शिशु रोग, सामान्य शल्य चिकित्सा, अस्थि रोग, एनेस्थीसिया और रेडियोलॉजी विभागों में छह एसोसिएट प्रोफेसर के पद और 10 सहायक प्रोफेसर पद सृजित कर भरने का भी फैसला लिया गया था।
डाडा सीबा के विश्रामगृह में शुक्रवार को व्यापार मंडल के प्रधान राजेंद्र सिंह गोगा की अगुवाई में सभी व्यापारियों ने दुकानदार पवन शर्मा का टोपी पहनाकर व समृति चिन्ह देकर का मान सम्मान किया गया। पवन शर्मा पिछले 32 वर्षों से डाडा सीबा बाजार में मनियारी की दुकान के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे अब उन्होंने अपनी दुकान सयूलखड में स्थानांतरित कर दी है । पवन शर्मा व्यक्तिगत तौर पर बहुत ही मिलनसार हंसमुख ईमानदार व्यक्तित्व के मालिक है इस मौके पर डाडा सीबा के पूर्व प्रधान धर्मचंद, व्यापार मंडल के उप प्रधान सूरज वर्मा, दंगल कमेटी के प्रधान रितेश शर्मा ,नवजीत सिंह, गुरमीत, रमेश कुमार, रजत सूद, काका, प्रवीण मेहता ,जितेंद्र सिंह, कृष्ण दत शर्मा, आकाश शर्मा ,काका रिंकू ,राजू मैहरा, नवीन मेहता, रमेश मेहता व सोनू मेहरा इस मौके पर उपस्थित रहे
बाल विकास परियोजना देहरा के अधीन उपमंडल ज्वालामुखी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के तीन तथा आंगनबाड़ी सहायिका के 17 रिक्त पद भरे जाएंगे। बाल विकास परियोजना अधिकारी देहरा सुशील शर्मा ने जानकारी दी कि ग्राम पंचायत मझीण के मझीण केंद्र , ग्राम पंचायत मझीण के दबकेहड़ केंद्र, ग्राम पंचायत सिहोरपाई के जजबाड़ केंद्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद भरे जाने हैं। वहीं मझीण के दबकेहड़, टिप्परी के डुहक, कमलोटा के कमलोटा, हड़ोली के बाह, बदोली के डोल, खुंडिया के अंबाडा, सिहोरपाई के बन चेल्लिया, जखोटा के वोहल जागीर , अलूहा के भौंरन, थिल के थिल, हिरण के हिरण, टिहरी के कण्डा टिहरी, सलिहार के काई, अधवाणी के जटेहड़, गाहलियां के बल्ला, डोहग देहरियां के ठाणा , नाहरबन के पंजयाड़ा केंद्रों में सहायिका के पद भरे जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन पदों के लिए पात्र उम्मीदवार सादे कागज पर अपने संपूर्ण दस्तावेजों सहित 9 दिसंबर 2024 शाम 5 बजे तक बाल विकास परियोजना अधिकारी देहरा के कार्यालय में आवेदन जमा करवा सकते हैं। आवेदन के लिए 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग की महिला उम्मीदवार ही पात्र होंगी। उम्मीदवार उसी आंगनबाड़ी केंद्र के सर्वे क्षेत्र की स्थाई निवासी हो। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के लिए जमा दो पास होना आवश्यक है। उम्मीदवार के परिवार की समस्त साधनों से वार्षिक आय 50 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। जिन महिला उम्मीदवारों ने उपरोक्त पदों के लिए पहले से आवेदन किया हुआ है, उन्हें दोबारा करने की आवश्यकता नहीं है।
कथोग स्तिथ लॉरेट इंस्टिट्यूट में डिपार्टमेंट ऑफ़ फार्मसूटिक्स एव इंटरनल क्वालिटी अशुरन्स सेल के दवारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का विषय कैरेक्टराइजेशन ऑफ़ नैन पार्टिकल्स एंड पार्टिकल रियोलॉजी था। इस अवसर पर मुख्यबक्ता मिस्टर अमित भाटिआ प्रोडक्ट स्पेसलिस्ट ऐमिल लिमिटेड दिल्ली, मिस्टर मंजीत सिंह सीनियर बिज़नेस मैनेजर ऐमिल लिमिटेड चंडीगढ़, मिस्टर राजीव कुमार असिस्टेंट बिज़नेस मैनेजर रहे। संस्थान के प्रबंधक एवं निर्देशक डॉ रण सिंह वर्चूअली इस कार्यक्रम में मौजूद रहे। लॉरेट संसथान के प्राचार्य एवं कैंपस निर्देशक डॉ एम एस आशावत ने मुख अतिथियों का स्वागत गुलदस्ता भेंट करके किया। इस कार्यक्रम में दो सौ से ज्यादा प्रतिभागियों ने भाग लिया। डॉ एम एस आशावत ने सम्भोधित करते हुआ कहा कि स्वागत भाषण कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्यों को स्पष्ट करता है, जिससे सभी प्रतिभागियों में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। स्वागत भाषण से समारोह की गरिमा बढ़ती है और एक सौहार्दपूर्ण वातावरण बनता है। मुख्य वक्ताओं ने नैनोटेक्नोलाजी के बारे में जानकारी साँझा की उन्होंने बताया नैनोटेक्नोलॉजी, विज्ञान और इंजीनियरिंग की एक शाखा है, जिसमें परमाणुओं और अणुओं में हेरफेर करके नई संरचनाओं, उपकरणों, और प्रणालियों को डिज़ाइन किया जाता है। परमाणु स्तर पर परिवर्तन करके, शोधकर्ता किसी पदार्थ के रासायनिक और भौतिक गुणों को बदल सकते हैं। इससे बेहतर सहनशीलता और बढ़ी हुई चालकता सहित बेहतर गुणों वाली नई मैक्रोटेक्नोलॉजी विकसित हो सकती है और नैनोटेक्नोलाजी विज्ञानं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है उन्होंने छात्र छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा नैनोटेक्नोलॉजी से ऊर्जा क्षेत्र, कृषि , चिकिस्तक आदि क्षेत्रों में अपने भविष्य को निखार सकते हैं। साथ ही साथ उन्होंने ने पार्टिकल रियोलॉजी के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा रियोलॉजी का फ़ार्मास्यूटिकल क्षेत्र में कई तरह से इस्तेमाल किया जाता है। कण रियोलॉजी, रियोलॉजी और कण मापदंडों के बीच संबंधों को समझने से जुड़ा है। रियोलॉजी, पदार्थों के प्रवाह और गति के अध्ययन से जुड़ा विषय है। इसमें तरल पदार्थ और ठोस दोनों शामिल हैं। इस कार्यक्रम में एच ओ डी डॉक्टर विनय पंडित एवं डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो सी पी एस वर्मा, डॉ परवीन, डॉ अमरदीप अंकलगी, डॉ अदिति, एसोसिएट प्रो शिव कुमार खुशवा, डॉ मयंक, डॉ स्वाति सहायक प्रोफेसर डिंपल, सहा प्रो अर्चना, सहा प्रो देव राज तथा स्टाफ के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में स्टेट काउंसिल ऑफ वोकेशनल ट्रेनिंग (एससीवीटी) की परीक्षाएं ऑनलाइन करवाने का फैसला लिया है। इसके कारण जहां कागजों की बचत होगी तो वहीं परिणाम भी समय पर निकाला ज सकेगा। बता दें कि तकनीकी शिक्षा बोर्ड की ओर से हर वर्ष औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में एससीवीटी परीक्षा ऑफलाइन मोड पर करवाई जाती है। इस प्रणाली में समय के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। लिहाजा, अब बोर्ड ने बदलाव करते हुए परीक्षा का संचालन ऑनलाइन मोड पर करवाने का फैसला लिया है। इसके लिए बोर्ड की ओर से पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। इस बार से अब ऑनलाइन ही परीक्षाएं करवाई जाएंगी। एससीवीटी की परीक्षाएं ऑनलाइन करवाने के लिए सितंबर में ट्रायल हुआ था। प्रदेश भर में स्थापित 15 केंद्रों पर ऑनलाइन मोड पर 23 ट्रेडों की परीक्षाएं करवाई गई थीं। ट्रायल सफल रहा था। सिर्फ दो ट्रेडों की परीक्षाएं ऑनलाइन नहीं हो पाई थीं, क्योंकि उन विषयों का अधिकतर भाग थियोरी पर आधारित था। ऑनलाइन आयोजित हुई परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों से एमसीक्यू प्रश्न पूछे गए थे। ऑनलाइन परीक्षा के दौरान टाइमर कंप्यूटर स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा, जिसके चलते अभ्यर्थियों को समय का भी साथ-साथ पता चलता रहेगा। ऑनलाइन परीक्षा का एक फायदा यह भी होगा कि अगर परीक्षा के दौरान विद्युत आपूर्ति बाधित होती है तो परीक्षा का समय भी रुक जाएगा। जैसे ही फिर बिजली आएगी, तो परीक्षा का टाइम वहीं से शुरू होगा, जहां से बिजली गुल हुई थी। हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड ने एससीवीटी परीक्षाओं के आयोजन के लिए एक नई पहल की है। इस बार से ट्रेड शुरु होने के दौरान ली जाने वाली एससीवीटी परीक्षाओं का आयोजन कंप्यूटर आधारित परीक्षण (सीबीटी) के तहत लिया गया है। इससे जहां कागज की की बचत हुई है, वहीं अन्य भी कई प्रकार के लाभ मिले हैं हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर ने दिसंबर व जनवरी माह में प्रस्तावित परीक्षाओं के लिए परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि 16 नवंबर तक बढ़ाई है। पूर्व में आवेदन के लिए 12 नवंबर तक का समय प्रदान किया गया था, परंतु कुछेक विद्यार्थी निजी कारणों से आवेदन नहीं कर पाए थे। अब तिथि बढ़ने से स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षा के नियमित सेमेस्टर और रि-अपीयर के विद्यार्थी 16 नवंबर तक बिना विलंब शुल्क के ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भर सकते हैं। तकनीकी विवि के परीक्षा नियंत्रक कमल देव सिंह कंवर ने कहा कि दिसंबर 2024 और जनवरी 2025 में प्रस्तावित परीक्षा की संभावित तिथियां भी घोषित कर दी हैं। विद्यार्थी उपरोक्त तिथि तक ऑनलाइन माध्यम से परीक्षा फॉर्म भर सकते हैं।
हिमाचल में 15 नवंबर से मौसम करवट बदल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार पश्चिमी हिमालय में 14 नवंबर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। हालांकि इस दौरान अधिक वर्षा व हिमपात के आसार नहीं हैं। कांगड़ा व कुल्लू में हल्की वर्षा, लाहुल स्पीति, चंबा व कुल्लू के ऊपरी क्षेत्रों में बर्फ के हल्के फाहे गिर सकते हैं। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में वर्षा व हिमपात की संभावना नहीं है। प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में सुबह कोहरा पड़ना जारी है। ऊना जिला में 10 दिन तक घना कोहरा पड़ने की संभावना है। मंडी, कांगड़ा व हमीरपुर जिले शिमला से अधिक ठंडे है। बुधवार को शिमला का न्यूनतम तापमान 10.6, मंडी का 9.3 और कागंडा व हमीरपुर का 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है। मौसम विभाग ने हमीरपुर, मंडी व बिलासपुर के कई क्षेत्रों में 17 नवंबर तक कोहरे को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। कोहरे के कारण प्रदेश में सुबह और शाम ठंड काफी बढ़ गई है। दोपहर को धूप लोगों को परेशान कर रही है। करीब डेढ़ माह से वर्षा न होने से किसान व बागवान परेशान हैं। आने वाले दिनों में वर्षा नहीं हुई तो किसानों व बागवानों की मुश्किल बढ़ सकती है। प्रदेश में शुष्क ठंड से फिलहाल राहत नहीं मिलने वाली है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले चार दिन तक मंडी, बिलासपुर, ऊना और कुछ अन्य स्थानों पर सुबह व शाम घना कोहरा छाया रहेगा। इससे यातायात सेवाएं प्रभावित होंगी। 15 व 16 नवंबर को एक-दो ऊंचे क्षेत्रों में हिमपात और वर्षा की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के बाद मुख्य संसदीय सचिवों के सचिवालय में कार्यालय खाली कराने के आदेश जारी कर दिए गए हैं और कुछ दफ्तर खाली भी कर दिए गए हैं। सीपीएस के साथ लगाया गया स्टाफ भी वापस बुला दिया गया है। गाड़ियां इनसे वापस ले ली गई हैं। प्रदेश सरकार ने बुधवार शाम को ही यह आदेश जारी किए। यहीं नहीं इन सीपीएस को सरकार की ओर से दी गई सभी सुख सुविधाएं भी हट जाएंगी। सरकारी कोठियां भी खाली करनी होंगी। बुधवार को हाईकोर्ट के फैसले के बाद सचिवालय में सीपीएस के कमरों में सन्नाटा पसरा रहा। कई भी सीपीएस सचिवालय में नहीं देखे गए। सात मंत्रियों के साथ ही इन सीपीएस ने गोपनीयता की शपथ ली थी। सक्खू सरकार में मुख्य संसदीय सचिव मोहन लाल ब्राक्टा को विधि विभाग, संसदीय कार्य विभाग और बागवानी विभाग, रामकुमार को नगर नियोजन विभाग, उद्योग विभाग और राजस्व, आशीष बुटेल को शहरी विकास विभाग के साथ शिक्षा विभाग में मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के साथ अटैच किया गया। वहीं, मुख्य संसदीय सचिव किशोरी लाल को पशुपालन विभाग, ग्रामीण विकास के साथ पंचायती राज विभाग की जिम्मेवारी सौंपी गई। संजय अवस्थी को स्वास्थ्य जनसंपर्क और लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई। मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर को ऊर्जा, वन, परिवहन और पर्यटन विभाग विभाग का जिम्मा सौंपा गया। यह छह मुख्य संसदीय सचिव अलग-अलग विभागों के मंत्रियों की काम में मदद करने का जिम्मा दिया गया। हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश सरकार ने मुख्य संसदीय सचिव से स्टाफ हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। वरिष्ठ निजी सचिव भूरी सिंह राणा, तहमीना बेगम और विशेष निजी सचिव सत्येंद्र कुमार सहित अन्य स्टाफ को वापस बुलाया गया है। अब कार्मिक विभाग की ओर से इनकी अलग से नियुक्ति के आदेश जारी किए जाएंगे। राज्यपाल से मंजूरी के बाद यह फैसला लिया गया है। इसके साथ ही सरकार ने सीपीएस के स्टाफ के कर्मचारी यानकी देवी, सुनीता ठाकुर, उत्तम चंद, चेतन, संदीप, चंद्र, धर्मपाल, रविंद्र, नेत्र सिंह, मोहिंद्र, विनोद, टिक्कम राम, नीरज और भूपिंद्र को वापस बुलाने के आदेश जारी किए हैं।हिमाचल हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि प्रदेश में सीपीएस/पीएस की नियुक्ति का कानून फैसला आने तक लागू था। अयोग्यता अधिनियम 1971 के तहत सीपीएस/ पीएस की नियुक्तियों को संरक्षण दिया गया था, लेकिन इस फैसले के बाद मुख्य संसदीय सचिवों व संसदीय सचिवों की नियुक्ति को ऑफिस ऑफ प्रॉफिट माना जाएगा। एेसे में यदि अब सीपीएस नियुक्त होते हैं, तो उनकी विधायकी भी जाएगी।
जयसिंहपुर/नरेंदर डोगरा: जयसिंहपुर के पूर्व विधायक रविन्द्र धीमान ने उच्च न्यायालय के फैसले को एक सराहनीय फैसला करार देते हुए फैसले का स्वागत किया है। प्रैस के जारी बयान में पूर्व विधायक ने कहा है कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने छ: चीफ पार्लियामेंट सेक्रेटरी बनाकर मंत्रियों जैसी सुविधाएं देकर के हिमाचल की जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला था। भाजपा पहले से ही इसका विरोध करती रही है छ: चीफ पार्लियामेंट सेक्रेटरी बनाना असवैंधानिक था लेकिन कांग्रेस सरकार ने छ: चीफ पार्लियामेंट सचिव बनाकर उन्हें कैबिनेट का दर्जा दिया था।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) की नियुक्तियों के सांविधानिक दर्जे पर बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने सीपीएस एक्ट को निरस्त कर दिया है। इसके तहत सीपीएस को दी जा रही सभी सुविधाओं को खत्म कर दिया गया है। अब छह मुख्य संसदीय सचिव अब सिर्फ विधायक के ताैर पर ही कार्य करेंगे। कोर्ट ने सीपीएस की नियुक्तियों को असांविधानिक बताया है। इस मामले में अदालत में पीपल फॉर रिस्पॉन्सिबल गवर्नेंस संस्था की ओर से वर्ष 2016 में याचिका दायर की गई थी। अदालत में दूसरी याचिका कल्पना और तीसरी भाजपा नेता पूर्व सीपीएस सतपाल सत्ती सहित अन्य 11 भाजपा के विधायकों की ओर से दायर की गई थी। इन तीनों याचिकाओं में मूल प्रश्न हिमाचल प्रदेश में 2006 में बनाया गया एक्ट है। इसके तहत पहले भाजपा सरकार ने अपने विधायकों को सीपीएस बनाया था। अब कांग्रेस सरकार ने छह विधायकों को सीपीएस बनाया है। सरकार ने इस मामले में बहस के लिए सुप्रीम कोर्ट के दो वरिष्ठ अधिवक्ता नियुक्त किए। भाजपा की ओर से दी गई याचिका में कहा गया है कि सीपीएस पद का संविधान में प्रावधान नहीं है और भारत के संविधान के अनुच्छेद 164 के तहत प्रदेश में 15 प्रतिशत से ज्यादा मंत्रिमंडल नहीं बनाया जा सकता, जिससे हिमाचल में संख्या 12 ही हो सकती है। सीपीएस बनाने के बाद यह संख्या 17-18 पहुंच जाती है। अब हाईकोर्ट ने सीपीएस नियुक्ति एक्ट को निरस्त कर दिया है। वर्तमान कांग्रेस सरकार में छह मुख्य संसदीय सचिव है। सुक्खू सरकार ने अर्की विधानसभा क्षेत्र से संजय अवस्थी, कुल्लू से सुंदर सिंह, दून से राम कुमार, रोहड़ू से मोहन लाल ब्राक्टा, पालमपुर से आशीष बुटेल और बैजनाथ से किशोरी लाल को सीपीएस बनाया है। प्रदेश में सीपीएस का मूल वेतन 65 हजार रुपये है। भत्ते मिलाकर ये वेतन 2.20 लाख रुपये प्रति महीना पहुंच जाता है। इसके अलावा सीपीएस को गाड़ी, स्टाफ अलग भी मुहैया करवाया जाता है। विधायकों और सीपीएस के वेतन में 10 हजार रुपये का अंतर है। विधायकों का वेतन और भत्ते प्रति माह 2.10 लाख रुपये है। कुल मिलाकर सीपीएस को मिलने वाले सुविधाओं पर ही सवाल उठते रहे हैं। वैसे सीपीएस की नियुक्ति पर सियासी संग्राम देश के तमाम राज्यों में होता आया है। पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2013 में 10 सीपीएस नियुक्त किए थे। प्रेम कुमार धूमल ने वर्ष 2007 में दूसरी बार सत्ता में आए तो उनके नेतृत्व वाली सरकार ने 18 महीने के कार्यकाल के बाद 2009 में तीन सीपीएस की नियुक्ति की थी। इनमें सतपाल सिंह सत्ती, वीरेंद्र कंवर व सुखराम चौधरी शामिल थे। हिमाचल प्रदेश संसदीय सचिव (नियुक्ति, वेतन, भत्ते, शक्तियां, विशेषाधिकार और सुविधाएं) अधिनियम 2006 के मुताबिक सीपीएस को मंत्री की तरह कार्य करने की पहले से ही मनाही है। इसके तहत ही सीपीएस नियुक्तियां होती आई हैं। हालांकि, असम और हिमाचल प्रदेश में सीपीएस के लिए बनाए नियमों में भिन्नता है।
** ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी, मैदानी क्षेत्रों में धुंध का अलर्ट जारी हिमाचल प्रदेश में फ़िलहाल मौसम शुष्क चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार कल से लाहौल- स्पीति, चंबा, कांगड़ा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे इन क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है। इसके अलावा मंडी, बिलासपुर और हमीरपुर में घनी धुंध का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा है कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के चलते आने वाले दिनों में कुछ एक जिलों में तापमान तीन डिग्री तक गिर सकते हैं। उन्होंने कहा कि 14 और 15 नवंबर को उतरी भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते चंबा, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति में हल्की फुल्की बारिश और अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने के आसार बन रहे हैं। मानसून अलविदा होने के बाद से प्रदेश में न के बराबर बारिश हुई है, जिसके चलते अक्टूबर में 95 फीसदी कम बारिश आंकी गई है और नवंबर में भी अभी तक कोई बारिश नहीं हुई है ।
विजिलेंस ने डेढ़ हजार क्विंटल राशन के गबन मामले में गोदाम इंचार्ज के खिलाफ धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है। अब विजिलेंस जल्द ही आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश करेगा। मंगलवार को विजिलेंस थाना धर्मशाला में राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के देहरा स्थित गोदाम के तत्कालीन इंचार्ज संजीव कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। विजिलेंस ने जांच में पाया कि विधानसभा क्षेत्र देहरा की जनता के लिए आया 1500 क्विंटल राशन राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के गोदाम में तो पहुंचा, लेकिन गोदाम से क्षेत्र के विभिन्न राशन डिपुओं और उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचा। आरोप है कि गोदाम इंचार्ज ने राशन कहीं गायब कर दिया। गोदाम इंचार्ज को हमीरपुर ट्रांसफर किया गया है। जांच पूरी होने के बाद मामला शिमला स्थित निदेशालय में विचाराधीन है। सरवण सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम धर्मशाला देहरा गोदाम इंचार्ज पर राशन गबन करने के आरोप लगे थे। विजिलेंस ने मामले की जांच की है और आरोप सही पाए गए। आरोपी के खिलाफ धारा 420, 409, 465, 471 और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
जयसिंहपुर/ नरेंदर डोगरा: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के 'संतों को राजनीति में नहीं आना चाहिए ' और भगवे वस्त्रों वाले बयान पर जयसिंहपुर के पूर्व विधायक रविंद्र धीमान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि खड़गे को भारत का सनातनी इतिहास पढ़ना चाहिए और याद दिलाया कि कई महान संतों ने आजादी की लड़ाई में हिस्सा लिया था।आदिकाल से ही भारत की राजनीति में साधु संतों का अमूल्य योगदान रहा है, जिसके भारत के समृद्ध इतिहास में कई उदाहरण मिलते हैं। रविंद्र धीमान ने अपने जारी बयान में कहा कि भगवा रंग पहनकर राजनीति न करने की सलाह यदि खड़गे सनातनी समाज को दी है तो राजनीति में सफेद और हरे रंग को पहनने के लिए भी उन्हें विशेष धर्म के लोगों को अधिकृत कर देना चाहिए था । उन्होंने कहा कि भाजपा वस्त्रों के रंग को देखकर राजनीति नहीं करती। गेरुआ वस्त्र धारण व्यक्ति अपना सम्पूर्ण जीवन ही समाज और संस्कृति को न्यौछावर कर देता है। ऐसा घटिया बयान देने से परहेज करना चाहिए उनका यह कथन सनातनी समाज की भावनाओं का खुलेआम क्रूर मजाक है तथा हिन्दू समाज को उकसाने के समान है। योगी के भगवा वस्त्र और सिर मुड़वाने पर उपहास करना संभवतः कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की मुसलिम तुष्टिकरण की राजनीति को दर्शाता है क्या वह बिना मूंछ के दाढ़ी वाले लोगों को और उनके पहनावे पर भी कोई टिप्पणी करेंगे? उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस भी बहुत सारे संतों को राजनीति में लेकर आई थी। यह अलग बात है कि अब कांग्रेस में संतों को सम्मान नहीं मिलता तथा केवल धर्म और जाति की राजनीति करने वाली उनकी पार्टी में कोई साधु संत जाने को तैयार नहीं है।
शिमला: हिमाचल में 80 फीसदी से ज्यादा आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में बसती है, जिनकी आजीविका खेतीबाड़ी पर निर्भर है, लेकिन पिछले कुछ सालों में जंगली जानवरों की लगातार बढ़ती समस्या के कारण बहुत से किसानों ने खेती बाड़ी के पारंपरिक पेशे को छोड़ना शुरू कर दिया है और अब रोजी रोटी की तलाश में शहर की तरफ पलायन कर रहे हैं। ऐसे में सुक्खू सरकार ने किसानों की पीड़ा को समझते हुए नई पहल की है, जिसके तहत अब सरकार सोलर फेंसिंग की जगह कांटेदार तार व जाली से बाड़बंदी को बढ़ावा दे रही है। इस तरीके से की गई बाड़बंदी ज्यादा मजबूत और लंबे समय तक टिकेगी। कांटेदार तार व जाली से बाड़बंदी के लिए सुक्खू सरकार किसानों को 70 फीसदी की सब्सिडी का लाभ देगी। बाकी का पैसा किसानों को अपनी जेब से खर्च करना होगा। वहीं, अब सरकार ने सोलर फेंसिंग के लिए सब्सिडी नहीं देने का फैसला लिया है। ऐसे में जिन किसानों व बागवानों ने पहले ही सोलर फेंसिंग के लिए आवेदन किया है। अब उन्हें भी नए सिरे से कांटेदार तार व जाली के लिए एप्लिकेशन देनी होगी। कृषि विभाग के सभी उप निदेशकों व अन्य फील्ड स्टाफ को इसको लेकर किसानों के बीच प्रचार व प्रसार करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस योजना का लाभ लेने के लिए लोक मित्र केंद्र से अपना आवेदन कर सकते हैं। किसानों को बाड़बंदी के लिए आवेदन करते समय कई दस्तावेज लगाने जरूरी हैं। इसमें आधार कार्ड, जमीन के खाता खतौनी, बैंक पासबुक के पहले पन्ने की फोटोकॉपी, जाति प्रमाण पत्र और बाढ़ लगाने का एस्टीमेट होना आवश्यक है। बाड़बंदी के लिए 'पहले आओ पहले पाओ' के आधार पर स्वीकृति दी जाएगी। वहीं, लोहे के एंगल के साथ 6 फुट ऊंची कांटेदार तार बाड़ लगाने के लिए 416 रुपए की जगह 291 रुपए प्रति मीटर की दर से अनुदान दिया जाएगा। इसी तरह से लोहे के एंगल के साथ जालीदार तार की बाड़ लगाने पर 640 की जगह 448 रुपए प्रति मीटर की दर से अनुदान मिलेगा। हिमाचल में अभी भी 80 फीसदी से ज्यादा की ग्रामीण आबादी कृषि और बागवानी पर निर्भर है। प्रदेश में 9.97 लाख परिवार खेती बाड़ी के पारंपरिक पेशे से जुड़े हैं। इनमें 1 हेक्टेयर से कम जमीन वाले सबसे अधिक 7.15 लाख मार्जिनल किसान है। इसी तरह से 1 से 2 हेक्टेयर जमीन होल्डिंग वाले लघु किसानों की संख्या 1.74 लाख है। 2 से 4 लैंड होल्डिंग सेमी मीडियम किसानों की संख्या 0.82 लाख है। इसके अलावा 4 से 10 हेक्टेयर मध्यम किसानों की संख्या 0.26 लाख है। वहीं, 10 हेक्टेयर से अधिक लैंड होल्डिंग वाले किसानों की संख्या सबसे कम 0.03 लाख है।
स्वास्थ्य फिटनेस सर्टिफिकेट न देने वाले जिले के स्कूलों में तैनात मिड-डे-मील वर्करों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसकी शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को लेकर सरकार और विभाग ने यह निर्णय लिया है। हर छह माह बाद सरकारी स्कूलों में कार्यरत मिड-डे-मील वर्करों को फिटनेस सर्टिफिकेट देना होगा। इसकी जांच के लिए जल्द शिक्षा विभाग की टीम भी स्कूलों का निरीक्षण कर जांच करेंगी। स्कूलों में मिड-डे मील के तहत तैनात कर्मियों को हर छह माह बाद अपने स्वास्थ्य की जांच करवानी होगी। इससे स्पष्ट होगा कि खाना बनाने वाले कर्मी किसी गंभीर बीमारी की चपेट में तो नहीं हैं। मिड डे मील वर्करों का एनएफएसए के तहत मेडिकल होगा। यह फैसला स्वच्छ भोजन को लेकर लिया गया है। इसके अलावा खाना बनाते समय टोपी, ग्लब्स समेत अन्य स्वच्छता का भी ध्यान रखना होगा। स्कूल एमडीएम प्रभारी को भी स्वच्छता समेत अन्य व्यवस्था का ध्यान रखना होगा। फिटनेस सर्टिफिकेट या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर स्कूल मुखिया के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा राशन की निगरानी का जिम्मा स्कूल मुखिया और मिड डे मील इंचार्ज को सौंपा है। राशन की गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर स्कूल मुखिया के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसमें कितने बच्चों ने दोपहर का भोजन खाया इसकी भी एसएमएस से जानकारी देनी होगी। जिला नोडल अधिकारी एमडीएम राज कुमार पराशर ने बताया कि जिले के स्कूलों में कार्यरत मिड-डे-मील वर्करों और सहायकों के लिए स्वास्थ्य फिटनेस सर्टिफिकेट देना अनिवार्य किया है। इसमें हर छह माह बाद कर्मी को स्वास्थ्य की जांच करवानी होगी। इसके अलावा रसोईघर में स्वच्छता समेत अन्य व्यवस्थाओं का ध्यान रखने के भी निर्देश दिए है। इसके लिए जल्द स्कूलों का निरीक्षण कर जांच की जाएगी।
जयसिंहपुर/नरेंद्र डोगरा: जयसिंहपुर के अंतर्गत लोअर लंबागांव में 17 नवंबर से क्रिकेट प्रतियोगिता शुरू होने जा रही है। मोटिवेशन फिटनेस क्लब के प्रधान विकास राणा ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस बार भी क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है, ताकि युवा पीढ़ी को खेल प्रतियोगिता के माध्यम से नशे से दूर रखा जा सके। यह क्रिकेट प्रतियोगिता डीएवी पब्लिक स्कूल लोअर लंबागांव के मैदान में आयोजित होगी, उन्हें बताया कि इस प्रतियोगिता की एंट्री फीस₹1100 रहेगी व विजेता टीम को 11 हजार और उपजेता को 5100 देकर सम्मानित किया जाएगा। इस क्रिकेट प्रतियोगिता का अनीश ट्रेडर लंबागांव द्वारा स्पॉन्सर किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए विकास राणा 98171 65857,राकेश सोनी 9816705692 से संपर्क कर सकते हैं।
हिमाचल हाईकोर्ट ने बीआरसीसी के लिए एक कार्यकाल से ज्यादा आवेदन करने के मामले में दायर जेबीटी और टीजीटी की याचिका खारिज कर दी है। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने याचिका खारिज करते हुए सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया। अदालत ने कहा है कि जेबीटी और टीजीटी की नियुक्ति का उद्देश्य छात्रों को शिक्षा प्रदान करना है। सरकार की ओर से अदालत में कहा गया था कि प्रदेश के स्कूलों में बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद खाली हैं, ऐसे में उन्हें दोबारा बीआरसीसी नियुक्त नहीं किया जा सकता। याचिकाकर्ता ने सरकार की अधिसूचना को हाईकोर्ट में चुनौती दे दी। अधिसूचना में कहा गया था कि जो एक बार बीआरसी के रूप में काम कर चुके हैं वह इन पदों के लिए फिर से आवेदन नहीं कर सकते हैं। बीआरसीसी नियुक्त किए अध्यापकों का मुख्य कार्य छात्रों को पढ़ना है। याचिकाकर्ता विभिन्न स्कूलों में जेबीटी शिक्षक के रूप में नियुक्त किए गए थे। वर्ष 2017 में जेबीटी शिक्षक के रूप में उनकी नियुक्ति के दौरान उन्हें बीआरसी के रूप में कार्य करने के लिए नियुक्त किया गया।
** मंत्री ने की जयसिंहपुर हलके की विकास योजनाओं की समीक्षा जयसिंहपुर/नरेंद्र डोगरा: आयुष, युवा सेवाएँ एवं खेल मंत्री, यादविंदर गोमा ने मंगलवार को पंचरुखी में लोक निर्माण, जल शक्ति विभाग और विकास खंड लंबागांव, सुलह व पंचरुखी की विभिन्न विकास योजनाओं के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में विधानसभा क्षेत्र जयसिंहपुर में तीनों विकास खंड़ों द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किया जा रहे विकासात्मक कार्यों की समीक्षा के दौरान आयुष मंत्री ने विकासात्मक कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि आमजन को विकास का समय पर लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में लेट लतीफी और गुणवत्ता के साथ कोई भी समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विधायक निधि से भी सभी पंचायतों को लोगों की मांगों के अनुरूप विकास कार्यों के लिए धनराशि उपलब्ध करवाई गई है। उन्होंने इन कार्यों को तय सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने लोगों को मनरेगा के तहत ज्यादा से ज्यादा रोजगार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आवंटित धनराशि का लोगों के मांगों के अनुसार विकास कार्यो के निर्माण में सदुपयोग करने को कहा। लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए यादविंदर गोमा ने कहा कि लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग के तहत लगभग 50 करोड रुपए की लागत से सड़क, भवन इत्यादि के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने विभाग को सीआरएफ के तहत बालू से तिनबड़ सड़क का प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और नाबार्ड व अन्य परियोजना के तहत निर्माणाधीन सभी सडक़ों के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की।
** 90 अंकों की लिखित परीक्षा, निगेटिव मार्किंग हिमाचल प्रदेश में 1,088 पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती के लिए करीब 1.15 लाख आवेदन पहुंचे हैं। राज्य लोकसेवा आयोग के पास ऑनलाइन आवेदन करने का अभ्यर्थियों के पास मंगलवार को आखिरी दिन था। बीते दिनों आवेदन करने में तकनीकी समस्याएं आने पर आयोग ने तारीख बढ़ाई थी। पहले आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 अक्तूबर तय की गई थी। इस दौरान तक 92 हजार आवेदन हुए थे। अब कुल आवेदनों की संख्या बढ़कर 1.15 लाख पहुंच गई है। पुलिस कांस्टेबल भर्ती में पुरुषों के लिए 708 और महिलाओं के लिए 380 पद आरक्षित हैं। लिखित परीक्षा पास करने वालों की पुलिस विभाग शारीरिक दक्षता परीक्षा लेगा। पुलिस विभाग में यह भर्ती विशेष कांस्टेबल पदनाम में की जा रही है। चयनित विशेष पुलिस कांस्टेबलों को नशे की रोकथाम का काम दिया जाएगा। भर्ती परीक्षा पास करने वालों का डोप टेस्ट भी होगा। 18 से 25 वर्ष की आयु के अभ्यर्थी भर्ती के लिए पात्र हैं। चयनित विशेष पुलिस कांस्टेबलों को लेवल तीन में 20200-64000 रुपये के पे बैंड में वेतन मिलेगा। शारीरिक मानक परीक्षण और शारीरिक दक्षता परीक्षण से युक्त शारीरिक परीक्षण हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग की ओर से निर्धारित और संचालित किया जाएगा, जो आयोग को ऊंचाई के लिए दिए गए अंकों के साथ योग्य उम्मीदवारों की सूची प्रदान करेगा। शारीरिक परीक्षण में सफल अभ्यर्थियों को आयोग की ओर से करवाई जाने वाली दो घंटे की अवधि की ऑफलाइन बहुविकल्पीय वस्तुनिष्ठ प्रकार की लिखित परीक्षा में प्रवेश दिया जाएगा। लिखित परीक्षा में 90 अंक होंगे और निगेटिव मार्किंग होगी। शारीरिक परीक्षण और लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को पुलिस विभाग की ओर से किए जाने वाले दस्तावेज सत्यापन के लिए आयोग के कार्य नियमों के अनुसार विचार के क्षेत्र के अनुसार शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। वे दस्तावेज सत्यापन के दौरान उम्मीदवारों को एनसीसी प्रमाण पत्र के अंक भी प्रदान करेंगे।
** शिविर मे कुल 62 स्वंयसेवी ले रहे है भाग जसवां:परागपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत पीएम बाबा काशीराम राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डाडा सीबा में मंगलवार को सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रम व नशे के खिलाफ शपथ दिलाते हुए सात दिवसीय एनएसएस शिविर का शुभारंभ हो गया। स्कूल प्रधानाचार्य सुदर्शन कुमार की अध्यक्षता मे आयोजित हुए इस एनएसएस शिविर मे बतौर चीफ गेस्ट कामगार एवं कर्मचारी कल्याण बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष ठाकुर सुरेंद्र सिंह मनकोटिया ने शिरकत की। कार्यक्रम अधिकारी अशवनी सपेहिया , महिला अधिकारी देवना भारती ने जानकारी देते हुए कहा कि इस एनएसएस शिविर मे कुल 62 स्वंयसेवी छात्र छात्राएँ भाग ले रहे है जिसमे 32 लड़कियां व 30 बंलटियर छात्र भाग ले रहे है। इस मौके पर स्कूल प्रधानाचार्य सुदर्शन कुमार व एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी अशवनी सपेहिया ने मुख्य अतिथियों का जोरदार स्वागत किया तो बही चीफ गेस्ट कामगार एवं कर्मचारी कल्याण बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष ठाकुर सुरेन्द्र सिंह मनकोटिया ने बंलटियर छात्रो के नशे के खिलाफ शपथ दिलाते हुए उन्हें ऐसे प्रदार्थो से दूर रहने की सलाह दी । वही कार्यक्रम के पहले दिन 62 बंलटियर छात्र छात्राओं ने जहां सुबह वहां इलाके भर मे प्रभात फेरी निकाल कर दिनचर्या की शुरुआत की और इसके पश्चात स्कूल कैम्पस के आस-पास बिखरा कूडा कर्कट ठीकाने लगाया ।
ब्लाक खंड परागपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत बठरा में एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोप लगे है, लिहाजा पचायत मे भिन्न-भिन्न निर्माण कार्य के मस्टरौल पर अब कामगारों की फर्जी हाजरियां लगाकर 42 हजार 900 रुपये का घोटाला करने के सगीन अरोप लगे है । शिकायत कर्ता की बात माने तो जहां निर्माण कार्य पर कामगारों की फर्जी हाजरियां लगाई गई है वहां निर्माण कार्य हुआ ही नहीं है और बिना काम किए बगैर ही सरकार के 42 हजार 900 रुपये सभा के फंड से निकाल लिए, ब्लाक खंड अधिकारी परागपुर मुकेश ठाकुर ने इस बारे जांच करने के उपरांत पचायत प्रधान व सचिव को 42 हजार 900 रुपये की रिकवरी होने की बात कही है । सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पंचायत से 42900 रुपए की रिकवरी होगी, जिसके बारे रिपोर्ट बीडीओ और डीपीओ को भेज दी है। इस बारे परीक्षित धीमान ने आरटीआई के तहत जानकारी मांगी। जानकारी के मुताबिक जब सभा फंड से 42900 रुपए निकलने की जांच की गई तो मामला सही पाया गया। पंचायत इंस्पेक्टर देशराज ने बताया कि इस इस मामले में पंचायत के पदाधिकारियों पर 42900 रुपए की पेनल्टी लगाना तय है। आपको बता दें कि पंचायत पदाधिकारियों में एक ही दिन एक व्यक्ति की हाजरी कई जगह लगाई थी, जिसके चलते यह कार्यवाही हुई है। सूत्रों ने बताया कि वह व्यक्ति कागजों में हर काम पर हाजिर था, बस उसकी उम्र 39 साल, 36 साल और 34 साल बताई है कहा जा रहा है कि इस मामले में वार्ड मेंबर भी काम होने से मुकर गए है। सूत्रों ने कहा कि इस मामले में बठरा पंचायत के प्रधान और सचिव को 42900 रुपए की रिकवरी भरने पड़ेगी। आपको बता दें कि बठरा पंचायत में पहले भी इस तरह के भ्रष्टाचा के आरोप लग चुके हैं। जहां उपप्रधान ने प्रशिक्षु बेटे की हाजरियां मनरेगा के काम में लगा दी थी। उधर संबंध में वी डी ओ मुकेश कुमार परागपुर से बात की उन्होंने बताया बठरा पंचायत में जो पंचायत के कार्यों में घपला बाजी हुई थी उसकी जांच की गई 42900 रिकवरी डाली गई है। इस संबंध में बठरा पंचायत की प्रधान सुनीता देवी से बात की गई तो उन्होंने बताया इन कामों के जो मिस्टरोल निकले गए हैं । वह पंचायत सचिव ने अपनी मर्जी से मस्टरोल निकाले हैं। इस बारे में मुझे कोई भी जानकारी नहीं है आज आरटीआई के तहत जब रिपोर्ट आई है तो मुझे इस बारे में जानकारी हुई है।
** 1200 को मिलेगा रोजगार हिमाचल में निवेशकों ने 24 नए उद्योग स्थापित करने के लिए उद्योग विभाग के पास आवेदन किया है। कई बड़े औद्योगिक घराने करीब 600 करोड़ रुपये का निवेश कर यहां अपने उद्योग लगाएंगे। इन उद्योगों में प्रदेश के करीब 1,200 लोगों को रोजगार मिलेगा। राज्य एकल खिड़की स्वीकृति एवं निगरानी प्राधिकरण (सिंगल विंडो) की बैठक में निवेशकों के आवेदनों को मंजूरी मिलेगी। जिन नए उद्याेगों के लिए आवेदन आए हैं उनमें फार्मा, पैकेजिंग, फूड और हेल्थकेयर से संबंधित उद्योग शामिल हैं। सिंगल विंडो की बैठक मुख्यमंत्री सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित होती है। उद्याेग विभाग ने बैठक के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से समय मांगा है। सीएम सेे समय मिलने के बाद बैठक होगी। 23 जुलाई को सिंगल विंडो की बैठक हुई थी। इसमें नए उद्योग स्थापित करने और मौजूदा इकाइयों के विस्तार को 25 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई थी। उसके बाद चार महीनों से बैठक नहीं हुई है। निर्वाना कंकरीट लिमिटेड ने भी हिमाचल में निवेश को लेकर दिलचस्पी दिखाई है। कंपनी प्रबंधन के अधिकारियों ने सोमवार को सचिवालय में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना से मुलाकात की। बैठक में हिमाचल में सीमेंट उद्योग स्थापित करने की संभावनाओं पर विस्तृत विचार विमर्श हुआ। आने वाले दिनों में निर्वाना कंकरीट लिमिटेड के प्रतिनिधि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भी मुलाकात करने वाले हैं।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने वर्ष 2025-26 सत्र से एनईपी-2020 के तहत चार वर्षीय स्नातक डिग्री कोर्स शुरू करने के लिए कवायद तेज कर दी है। एचपीयू ने यूजी कोर्स का एक साल का पाठ्यक्रम भी तैयार कर लिया है। शेष बचे पाठ्यक्रम को तैयार करने के लिए कमेटी गठित की गई है। विवि ने एक साल के पाठ्यक्रम को बोर्ड ऑफ स्टडीज, फैकल्टी और एकेडमिक काउंसिल से एक माह में मंजूरी दिलवाने का लक्ष्य रखा है। विवि का दावा है कि पाठ्यक्रम का 90 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। अब इसे एकेडमिक काउंसिल से मंजूरी दिलवाना बाकी है। इसके बाद इसे विवि की ईसी से भी मंजूरी जरूरी है। एनईपी के तहत चार वर्षीय स्नातक डिग्री कोर्स शुरू होने से फिर से सेमेस्टर सिस्टम लागू होना है। इसके लिए विवि में फिर से परीक्षा प्रणाली सहित बड़ा बदलाव किया तय है। पूरे देश में सेमेस्टर सिस्टम के तहत ही विश्वविद्यालयों ने एनईपी को यूजी में लागू किया है। इससे पहले रूसा के लागू किए जाने पर 2012-13 से 2017 तक विवि में सेमेस्टर सिस्टम लागू किया गया था। वर्ष 2017 में फिर से वार्षिक परीक्षा प्रणाली शुरू हुई थी। अभी विवि पिछले सेमेस्टर सिस्टम और वर्तमान वार्षिक प्रणाली दोनों के तहत परीक्षाएं संचालित कर रहा है। चार वर्षीय यूजी डिग्री कोर्स शुरू होने पर परीक्षा प्रणाली के साथ-साथ एकेडमिक शेड्यूल में बड़ा बदलाव होना है। विवि पाठ्यक्रम को मंजूरी दिलवाने और आर्डिनेंस में नए रेगुलेशन लागू करने जैसी आवश्यक प्रक्रिया को कम से कम समय में पूरा करने का काम शुरू कर चुका है। इसके लिए एक माह की समय सीमा तय की गई है।एनईपी-2020 के तहत यूजी का चार वर्षीय डिग्री कोर्स शुरू करने के लिए बनी कमेटी में शामिल कॉलेज प्राध्यापक नए सिस्टम को सेमेस्टर की जगह वार्षिक प्रणाली में लागू करने की मांग कर रहे है। कॉलेज प्राध्यापक संघ की अध्यक्ष डॉ. वनिता सकलानी और सचिव संजय कांगो ने कहा कि सभी कॉलेजों में चार साल के डिग्री कोर्स के लिए मूलभूत सुविधाएं कम हैं। डिग्री कोर्स रिसर्च के साथ चरणबद्ध तरीके से बड़े कॉलेजों में चरणों में लागू किया जाए। छोटे कॉलेजों में तीन साल की डिग्री ही जारी रहे। प्रदेश में 48 के करीब कॉलेज ऐसे हैं जहां सिर्फ पांच शिक्षक भी पूरे नहीं हैं। करीब 20 कॉलेज ऐसे हैं जहां बहुत ठंड होने से तीन से चार महीने भी कक्षाएं संभव नहीं हैं, ऐसे में वहां पढ़ाई जारी रखना, परीक्षाएं करवाने समेत खेल गतिविधियों करवाना भी मुश्किल होता है।
हिमाचल में आपदा राहत राशि कहां खर्च की गई, इसको लेकर सरकार ने सभी उपायुक्तों से रिपोर्ट तलब की है। कई जगह राहत राशि का सही उपयोग नहीं होने की शिकायतें मिलने पर राज्य सरकार ने यह कदम उठाया है। जिस काम के लिए राशि जारी की गई है, क्या मौके पर काम हुआ है या नहीं? इसकी रिपोर्ट सरकार ने डीसी से मांगी है। हाल ही में सचिवालय में डीसी और एसपी के साथ बैठक में भी राशि के दुरुपयोग का मामला उठा था। इस पर मुख्यमंत्री ने डीसी से रिपोर्ट तलब कर दी। राशि उन लोगों को दी गई, जिनके आपदा में घर ढह गए थे। कइयों की जमीन बाढ़ के चलते बह गई। सरकार आर्थिक तंगी के बावजूद हिमाचल में भारी बरसात से प्रभावित लोगों के लिए 4,500 कराेड़ रुपये का आपदा राहत पैकेज लाई थी। इसमें 3,500 करोड़ रुपये सरकार ने अपने संसाधनों से खर्च किया, जबकि 1,000 करोड़ मनरेगा के तहत व्यय किया गया। सरकार ने पूरी तरह से क्षतिग्रस्त 3,500 मकानों के निर्माण के लिए सात-सात लाख की मदद करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही घर बनाने के लिए सीमेंट भी सरकारी रेट (280 रुपये प्रति बैग) पर दिया। आवास निर्माण के दौरान बिजली-पानी का खर्चा भी सरकार ने उठाया। कच्चे-पक्के मकानों को नुकसान पहुंचने पर आर्थिक मदद 15 से 25 गुणा बढ़ाई गई। हिमाचल में 16 हजार से अधिक घर आपदा से पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। विधानसभा मानसून सत्र में भी इस मसले पर तीन दिन तक बहस हुई। प्रदेश में राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और केंद्र से हिमाचल को विशेष राहत पैकेज की मांग का प्रस्ताव रखा गया। मगर भाजपा ने प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया। प्राकृतिक आपदा के चलते हिमाचल सरकार ने अपने स्तर पर 4,500 करोड़ का राहत पैकेज घोषित किया था। राहत राशि प्रभावितों को दी गई है। इसका सही तरीके से इस्तेमाल किया है या नहीं, उपायुक्तों से रिपोर्ट मांगी गई है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गुम्मर में चल रहे एन एस एस विशेष शिविर का रंगारंग कार्यक्रमों के साथ समापन हो गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य जोगिन्दर कुमार स्थानीय पाठशाला गुम्मर ने शिरकत की , कैम्प के दौरान स्वंयसेवकों ने शिविर के दौरान सीखी हुई सभी बातों को अपने जीवन में उतारें और समाज में एक उदाहरण प्रस्तुत करें और समाज का विकास करने पर अपना सहयोग करें। इस उपलक्ष्य पर प्रधानाचार्य जोगिन्दर कुमार, एन एस एस प्रभारी शिव राम और मीनाक्षी वर्मा व अन्य अध्यापक शामिल रहे । एन एस एस प्रभारी शिव राम ने शिविर के दिनचर्या को विस्तार पूर्वक बताया और एन एस एस शिविर में सभी का स्वागत परेड के द्वारा किया और सभी का एन एस एस की तरफ से धन्यवाद किया।
जयसिंहपुर/ नरेंद्र डोगरा : कंवर दुर्गा चंद राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर में आज महाविद्यालय की पुस्तकालय में पुस्तकों की लेन-देन की प्रक्रिया को डिजिटलाइज़ किया गया । इसके अंतर्गत महाविद्यालय की पुस्तकों के लेन-देन का ब्यौरा कंप्यूटर के माध्यम से रखा जाएगा । इस डिजिटलाइज्ड प्रक्रिया का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. उपेंद्र शर्मा के द्वारा किया गया। इस प्रक्रिया में महाविद्यालय की लाइब्रेरी कमेटी व अन्य सदस्य मौजूद रहे, जिसमें डॉ अर्पित कायस्थ, डॉ आस्था गुप्ता, प्रो सरजनी नेगी, प्रो पूनम शर्मा, मुकेश चंद, और गगन कुमार शमिल रहे । इस कार्य में महाविद्यालय के पुस्तकालय विभाग के सदस्य तृप्ता देवी, रंजीत कुमार व गगन कुमार का विशेष योगदान रहा । इस प्रक्रिया के बाद पुस्तकों का लेन - देन समय की बचत के साथ-साथ ऑनलाइन माध्यम से और आसान हो जाएगा, जिससे छात्रों के साथ-साथ शिक्षक व गैर शिक्षक वर्ग को बहुत सुविधा होगी। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. उपेन्द्र शर्मा ने इस उपलब्धि के लिए पुस्तकालय विभाग के सदस्य व महाविद्यालय पुस्तकालय कमेटी को बधाई दी।
हिमाचल प्रदेश में फ़िलहाल मौसम शुष्क चल रहा है। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ जम्मू कश्मीर में सक्रिय हो चुका है, जिसका प्रभाव आज देर रात तक लाहौल- स्पीति, चंबा कांगड़ा के ऊंचाई वालके क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना देखने को मिल सकता है और अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। वहीं इस अवसर पर मौसम विभाग के निर्देशक कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि वैसे तो कुछ दिनों तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रहे थे परंतु अब जिस तरह से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है जिसके चलते आने वाले दिनों में कुछ एक जिलों में तीन डिग्री तक गिर सकते हैं । वहीं उन्होंने कहा कि 14 नवंबर और 15 नवंबर को उतरी भारत में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते चंबा , कांगड़ा ,लाहौल-स्पीति में एक बार फिरसे एक बार हल्की फुल्की बारिश और अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना होने के आसार बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि धुंध की बात की है तो वह भाखड़ा बांध के आसपास का क्षेत्र बिलासपुर में पिछले चार पांच दिनों से सुबह और शाम के समय घने कोरे की संभावना बनी हुई है, जिसके चलते विजिबिलिटी बहुत ही कम बनी हुई है।
हिमाचल प्रदेश में ग्रामीणों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए अब नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में सरकार ने सभी जिलों के उपायुक्तों से प्रस्ताव मांगे हैं। यदि नई पंचायतें बनती हैं, तो कई पंचायतों की सीमाएं भी बदलेंगी और उनका पुनर्सीमांकन भी किया जाएगा। आने वाले दिसंबर में पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं, और इसकी तैयारियाँ पहले से ही शुरू हो चुकी हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 में भी पंचायत चुनाव से पहले 412 नई पंचायतें बनाई गई थीं। अब सवाल उठता है कि नई पंचायतों के गठन की मांग क्यों की जा रही है। इसके कई कारण हैं, जैसे जनसंख्या में वृद्धि, प्रशासनिक और विकासात्मक जरूरतें, जब किसी क्षेत्र की जनसंख्या बढ़ती है, तो उस पर पंचायतों का दबाव भी बढ़ता है। ऐसे में नए क्षेत्रों को कवर करने के लिए अधिक पंचायतों का गठन किया जाता है। साथ ही, दूर-दराज के क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन, शिक्षा, सड़क, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भी नई पंचायतों के गठन की प्रमुख वजह है। इसलिए, अब नई ग्राम पंचायतों के गठन के लिए उपायुक्तों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। यदि नियमानुसार नई पंचायतों का गठन आवश्यक हुआ, तो इसे लागू किया जाएगा।


















































