भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने टोक्यो ओलंपिक में शानादर प्रदर्शन करते हुए तीसरे दौर (नॉकआउट) में जगह बना ली। ग्रुप जे के अपने दूसरे मुकाबले में सिंधु ने हांगकांग की च्युंग एनगान को 21-9 और 21-16 से शिकस्त दी। उन्होंने दूसरे मैच में अपने प्रतिद्वंदी पर 36 मिनट में जीत दर्ज की। टोक्यो ओलंपिक में बैडमिंटन स्पर्धा में भारत की एक मात्र उम्मीद पीवी सिंधु बची हैं। इस जीत के साथ दुनिया की नंबर 7 बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने च्युंग एनगान यी के खिलाफ अपनी जीत का रिकॉर्ड 6-0 कर लिया है। इससे पहले दोनों खिलाड़ियों के बीच पांच मुकाबले खेले गए और हर बार सिंधु जीतने में सफल रहीं। पीवी सिधु के आगे हांगकांग की खिलाड़ी की यह छठी हार है।
हिमाचल प्रदेश में मंगलवार रात से जारी भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। प्रदेश भर में 14 लोग लापता हो गए हैं। लाहौल स्पीति के तोजिंग नाले में आई बाढ़ से 10 लोग लापता हो गए हैं। कुल्लू जिला में 25 वर्षीय महिला अपने चार वर्षीय बच्चे के साथ पार्वती नदी में बह गई है। इसके अलावा कुल्लू में दिल्ली की एक पर्यटक महिला और एक स्थानीय व्यक्ति भी लापता है। किन्नौर में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। शिमला-कालका नेशनल हाइवे जगह-जगह भूस्खलन से बंद हो गया है। इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। हमीरपुर की पटेरा पंचायत के पास सड़क पर बस पलट गई हालांकि सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं। मंगलवार रात से बुधवार सुबह आठ बजे तक प्रदेश में सबसे अधिक बारिश धर्मशाला में 101 मिलीमीटर रिकार्ड हुई। राजधानी शिमला में भी कई जगह भूस्खलन होने से गाड़ियां दब गई हैं। प्रदेश भर में सैकड़ों सड़क मार्गों पर वाहनों की आवाजाही ठप पड़ गई है।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश में किन्नौर जिले के लैंडस्लाइड होने से नौ पर्यटकों की दुखद मृत्यु पर गहरा शोक प्रकट किया है और कहा कि मैं इस हृदयविदारक हादसे का समाचार सुनकर अत्यंत दुखी और स्तब्ध हूँ । नड्डा ने कहा कि अत्यंत दुःख की इस घड़ी में मैं दुर्घटना में जान गंवाने वाले सभी पर्यटकों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करता हूँ । दुःख की इस घड़ी में भारतीय जनता पार्टी पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। मुझे बताया गया है कि हिमाचल प्रदेश की भाजपा सरकार एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रभावितों की मदद के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं । मृतकों एवं घायलों के लिए आर्थिक मुआवजे की भी घोषणा की गई है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वे दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवारों को इस विपत्ति को सहने की क्षमता प्रदान करें। मैं इस दुर्घटना में घायल व्यक्तियों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। ज्ञात हो कि किन्नौर में हुए हादसे पर प्रधानमंत्री ने भी गहरा दुःख प्रकट किया है और मृतकों एवं घायलों के लिए अनुग्रह राशि की भी घोषणा की है ।
कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा अभिनीत फिल्म शेरशाह की रिलीज डेट की घोषणा होने के बाद फैंस काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। अभिनेत्री कियारा आडवाणी ने मंगलवार को अपने इंस्टाग्राम पर फिल्म का नया पोस्टर रिलीज कर कैप्टन की वीरता और सहास को याद किया है। इस पोस्टर में अभिनेता सिद्धार्थ युद्ध में क्रॉसफायर के बीच पोजीशन लिए हुए चिल्लाते दिख रहे हैं। पोस्टर में पत्थर भी हवा में उठते हुए दिखाई दे रहे हैं। ‘शेरशाह प्राइम पर 12 अगस्त को रिलीज हो रही है।’ आपको बता दें कि कैप्टन विक्रम बत्रा ने कारगिल युद्ध में प्वाइंट 4875 को हांसिल करने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्हें अपने अदम्य साहस और अपने रणकौशल के लिए मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। कैप्टन विक्रम बत्रा 7 जुलाई 1999 को कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हो गए थे। वहीं अभिनेत्री कियारा आडवाणी शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा की मंगेतर डिंपल चीमा का किरदार निभा रही हैं।
देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर की रफ्तार धीमी पड़ने के बाद एक बार फिर गति पकड़ती नजर आ रही है। तीसरी लहर की आशंका के बीच देश में एक बार फिर दैनिक कोविड मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। देश में पिछले 24 घंटे में 42,123 नए कोरोना मरीज मिले हैं और 3998 लोगों की मौत हो गई। देश में बीते दिन हुई मौतें पिछले 39 दिनों में सबसे ज्यादा हैं। इससे पहले 11 जून को 3996 लोगों की मौत हुई थी। भारत में एक दिन में कोविड-19 से मौत के 3,998 मामले सामने आने के बाद देश में इस महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 4,18,480 हो गई। महाराष्ट्र के 14वीं बार संक्रमण के आंकड़ों का मिलान करने के कारण एक दिन में मौत के इतने मामले सामने आए हैं।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में पुलिस टीम को बड़ी कामयाबी मिली है। सदर थाना के पास लगाए हुए नाके के दौरान पुलिस ने उत्तराखंड की एक महिला और युवक से 18 लाख रुपये की हिमालयन वियाग्रा (जड़ी-बूटी) के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी कुल्लू से लेकर यह जड़ी-बूटी उत्तराखंड ले जा रहे थे। सदर थाना के पास नाके में पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया गया। पुलिस अनुसार, मंगलवार शाम को बाइक को टक्कर मारने के बाद पुलिस ने नाका लगाया था। कार सवारों पर बाइक को टक्कर मारने का आरोप था। इसलिए पुलिस ने मनाली की ओर से आ रही होंडा सिटी कार को चेकिंग के लिए रोका तो सवार पुलिस को देखकर घबरा गए। पुलिस को शक हुआ और चेकिंग के लिए गाड़ी से नीचे उतारा। गाड़ी की सीट के नीचे एक जड़ी बूटियों से भरा बैग मिला। पुलिस ने पूरी जांच पड़ताल की तो यह जड़ी-बूटी हिमालयन वियाग्रा निकली और बाजार में इसकी कीमत प्रति किलो 20 लाख रुपये आंकी गई है। 900 ग्राम इसका वजन है। क्या है हिमालयन वियाग्रा यह एक तरह का जंगली मशरूम है जो कैटरपिलर्स को मारकर उस पर पनपता है। इसे कॉर्डिसेप्स साइनेसिस और जिस कीड़े के कैटरपिलर्स पर ये उगता है उसका नाम हैपिलस फैब्रिकस है। विभिन्न स्थानों पर इसे अलग-अलग नाम से जाना जाता है। इसे यारचगुम्बा, यत्सा गनबू, यार्त्सा गनबा, यत्सुगुंबू और कीड़ा जड़ी नाम से जानते हैं। तिब्बत में यत्सा गनबू का अर्थ है ग्रीष्मकालीन घास सर्दी कीड़ा। इसे कीड़ा-जड़ी इसलिए कहते हैं, क्योंकि ये आधा कीड़ा है और आधा जड़ी है। चीन-तिब्बत में इसे यारशागुंबा कहा जाता है। सबसे आसान भाषा में इसे हिमालय वियाग्रा के नाम से जानते हैं।
उपराज्यपाल प्रशासन ने महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए जम्मू-कश्मीर डोमिसाइल प्रमाणपत्र धारक से शादी करने वाली महिला अथवा पुरुष को डोमिसाइल का पात्र मान लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने नए नियम की अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके तहत प्रदेश में डोमिसाइल प्रमाणपत्र धारक से शादी करने पर दूसरे राज्य की महिला या पुरुष भी अब डोमिसाइल प्रमाणपत्र हासिल कर सरकारी नौकरी के पात्र होंगे। इससे पूर्व की व्यवस्था में केवल 15 वर्ष तक जम्मू-कश्मीर में रहने, निर्धारित अवधि तक प्रदेश में सेवाएं देने और विद्यार्थियों के लिए निर्धारित नियमों के तहत ही डोमिसाइल प्रमाणपत्र का प्रावधान था। मंगलवार को सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिसूचना जारी कर डोमिसाइल प्रमाणपत्र नियमों में सातवां क्लॉज जोड़ा है। अधिसूचना के अनुसार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 309 का प्रयोग कर जम्मू-कश्मीर सिविल सर्विसेज (डीसेंट्रलाइजेशन एंड रिक्रूटमेंट) एक्ट 2010 की धारा 15 के तहत दिए गए नियमों के तहत सातवां क्लॉज जोड़ा गया है। डोमिसाइल प्रमाणपत्र नियमों के इस सातवें क्लॉज में स्पाउस आफ डोमिसाइल की श्रेणी जोड़ी गई है। इसमें न तो पति और ना ही पत्नी का जिक्र किया गया है। यानी इस श्रेणी के आवेदक को डोमिसाइल के लिए अपने जीवनसाथी का डोमिसाइल प्रमाणपत्र और विवाह प्रमाणपत्र जमा करवाना होगा। ऐसे आवेदकों को तहसीलदार डोमिसाइल प्रमाणपत्र जारी कर सकेंगे। जिला उपायुक्त अपील प्राधिकारी होंगे।
जगन्नाथ धाम को चार वैष्णव धामों में से एक माना जाता है। ओडिशा के पूरी में विराजमान भगवान जगन्नाथ को भगवान विष्णु के पूर्ण कला अवतार श्रीकृष्ण का ही एक रूप माना जाता हैं। महाप्रभु जगन्नाथ को कलयुग का भगवान भी कहते है। पुरी में जगन्नाथ स्वामी अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलराम के साथ निवास करते है। इसे श्री क्षेत्र, श्री पुरुषोत्तम क्षेत्र, शाक क्षेत्र, नीलांचल, नीलगिरि और श्री जगन्नाथ पुरी भी कहते हैं। यहां लक्ष्मीपति ने तरह-तरह की लीलाएं की थीं। ब्रह्म और स्कंद पुराण के अनुसार यहां भगवान विष्णु पुरुषोत्तम नीलमाधव के रूप में अवतरित हुए और सबर जनजाति के परम पूज्य देवता बन गए। सबर जनजाति के देवता होने के कारण यहां भगवान जगन्नाथ का रूप कबीलाई देवताओं की तरह है। पहले कबीले के लोग अपने देवताओं की मूर्तियों को काष्ठ से बनाते थे। जगन्नाथ मंदिर में सबर जनजाति के पुजारियों के अलावा ब्राह्मण पुजारी भी हैं। ज्येष्ठ पूर्णिमा से आषाढ़ पूर्णिमा तक सबर जाति के दैतापति जगन्नाथ जी की सारी रीतियां करते हैं। भगवान जगन्नाथ के मंदिर में आज भी कई ऐसे चमत्कार होते है जिसका जवाब विज्ञान के पास भी नहीं है। आंखों पर पट्टी बांध बदली जाती हैं मूर्तियां : भगवान जगन्नाथ और अन्य प्रतिमाएं उसी साल बदली जाती हैं जब साल में आसाढ़ के दो महीने आते हैं। इस मौके को नव-कलेवर कहते हैं। नई मूर्तियों का हिन्दू विधिवत तरीके से स्थापन किया जाता है। मूर्ति बदलने की इस प्रकिया से भी कई रोचक किस्से जुड़े है। इस विधि के दौरान मंदिर परिसर के साथ लगते क्षेत्र में बिजली काट दी जाती है और पूरा परिसर अँधेरे में डूब जाता है। मुख्य पुजारी के आँखों पर पट्टी बाँधी जाती है, कपाट के बाहर जवान तैनात होते है और मंदिर के भीतर जाने की किसी भी सूरत में अनुमति नहीं मिलती। केवल मुख्य पुजारी को ही प्रवेश करने की अनुमति होती है जो मूर्ति को बदलते है। पुजारी के हाथ में दस्ताने होते है वो पुरानी मूर्ति से “ब्रह्म पदार्थ” निकालता है और नई मूर्ति में डाल देता है। ब्रह्मा पदार्थ को लेकर कई सवाल बरकरार : ये ब्रह्म पदार्थ क्या है आजतक किसी को पता नहीं चल पाया, इसे आजतक किसी ने नही देखा पर इससे जुड़ी कई किवदंतियां है और कई रोचक किस्से। इस ब्रह्म पदार्थ का संबंध भगवान श्री कृष्ण से है। मगर, आज तक कोई भी पुजारी ये नहीं बता पाया कि महाप्रभु जगन्नाथ की मूर्ति में आखिर ऐसा क्या है। कुछ पुजारियों का कहना है कि जब हमने उसे हाथ में लिया तो कुछ उछलने जैसा प्रतीत हुआ। मानों जैसे खरगोश उछल रहा हो या जैसे दिल धड़क रहा हो। ब्रह्मा पदार्थ को लेकर सभी के मन में कई सवाल है जिसका जवाब आजतक किसी को पूर्णता नहीं मिल पाया। सबसे आगे बलराम का रथ, पीछे - पीछे श्रीकृष्ण : जगन्नाथ की यात्रा दुनिया की सबसे बड़ी रथयात्रा मानी जाती है। हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भगवान जगन्नाथजी की पुरी में रथ यात्रा निकाली जाती है। रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ के अलावा उनके बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा का रथ भी निकाला जाता है। इस रथ यात्रा को लेकर मान्यता है कि एक दिन भगवान जगन्नाथ की बहन सुभद्रा ने उनसे द्वारका के दर्शन कराने की प्रार्थना की थी। तब भगवान जगन्नाथ ने अपनी बहन की इच्छा पूर्ति के लिए उन्हें रथ में बिठाकर पूरे नगर का भ्रमण करवाया था और इसके बाद से इस रथ यात्रा की शुरुआत हुई थी। जगन्नाथ की रथ यात्रा के बारे में स्कंद पुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और ब्रह्म पुराण में भी बताया गया है, इसलिए हिंदू धर्म में इसका विशेष है। रथयात्रा के लिए भगवान बलराम, श्रीकृष्ण और देवी सुभद्रा के लिए तीन अलग-अलग रथ निर्मित किए जाते हैं। सबसे आगे बलराम जी का रथ, उसके बाद बीच में देवी सुभद्रा का रथ और सबसे पीछे भगवान जगन्नाथ श्रीकृष्ण का रथ होता है। बलरामजी के रथ को 'तालध्वज' कहते हैं, जिसका रंग लाल और हरा होता है। देवी सुभद्रा के रथ को 'दर्पदलन' कहा जाता है, जो काले या नीले और लाल रंग का होता है, जबकि भगवान जगन्नाथ के रथ को 'गरुड़ध्वज' कहते हैं। इसका रंग लाल और पीला होता है। इन रथों के निर्माण में किसी भी प्रकार के कील या अन्य किसी धातु का प्रयोग नहीं होता है। रथों के लिए काष्ठ यानि लकड़ी का चयन बसंत पंचमी के दिन से शुरू होता है। जगन्नाथ मंदिर से रथयात्रा शुरू होकर यह रथ गुंडीचा मंदिर पहुंचते हैं। यहां भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा सात दिनों के लिए विश्राम करते हैं। भगवान जगन्नाथ के दर्शन को आड़प-दर्शन कहा जाता है। प्रतिमा में है ब्रह्मा जी का वास : ऐसी मान्यता है कि मंदिर में मौजूद प्रतिमा के अंदर ब्रह्मा जी का वास है। जब श्रीकृष्ण ने धर्म स्थापना के लिए धरती पर अवतार लिया तब उनके पास अलौकिक शक्तियां थी लेकिन शरीर मानव का था। जब धरती पर उनका समय पूरा हो गया तो वो शरीर त्याग कर अपने धाम चले गए। इसके बाद पांडवों ने उनका अंतिम संस्कार किया लेकिन शरीर ब्रह्मलीन होने के बाद भी उनका हृदय जलता रहा। पांडवों ने इसे जल में प्रवाहित कर दिया। जल में हृदय ने लट्ठे का रूप धारण कर लिया और ओडिशा के समुद्र तट पर पहुंच गया व यही लठ्ठा राजा इंद्रद्युम्न को मिल गया। आज तक अधूरी है मूर्तियां: मान्यताओं के मुताबिक नरेश इंद्रद्युम्न, जो भगवान विष्णु के भक्त थे उन्हें स्वयं श्री हरि ने सपने में दर्शन दिए और कहा कि पुरी के समुद्र तट पर तुम्हें एक लकड़ी का लठ्ठा मिलेगा, उस से मूर्ति का निर्माण करवाओ। राजा जब तट पर पहुंचे तो उन्हें लकड़ी का लट्ठा मिल गया। अब उनके सामने यह प्रश्न था कि मूर्ति किससे बनवाएं। कहा जाता है कि भगवान विष्णु और स्वयं विश्वकर्मा के साथ एक वृद्ध मूर्तिकार के रूप में प्रकट हुए। वृद्ध मूर्तिकार ने कहा कि वे एक महीने के अंदर मूर्तियों का निर्माण कर देंगें लेकिन इस काम को एक बंद कमरे में अंजाम देंगें। एक महीने तक कोई भी इसमें प्रवेश नहीं करेगा और न कोई तांक-झांक करेगा, चाहे वह राजा ही क्यों न हों। महीने का आखिरी दिन था, कमरे के भीतर से कोई आवाज नहीं आ रही थी। कोई हलचल न देख राजा विचलित हुए और वे अंदर झांककर देखने लगे लेकिन तभी वृद्ध मूर्तिकार दरवाजा खोलकर बाहर आ गए और राजा को बताया कि मूर्तियां अभी अधूरी हैं, उनके हाथ और पैर नहीं बने हैं। राजा को अपने कृत्य पर पश्चाताप हुआ और उन्होंने वृद्ध से माफी भी मांगी लेकिन उन्होंने कहा कि यह मूर्तियां ऐसे ही स्थापित होकर पूजी जाएगी। अधूरी बनी तीनों मूर्तियां मंदिर में स्थापित की गईं। आज भी भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं सुभद्रा की मूर्तियां उसी अवस्था में हैं। विश्व प्रसिद्ध है मंदिर की पाकशाला : मंदिर के रसोईघर को दुनिया का सबसे बड़ा रसोईघर माना जाता है। मंदिर में 752 चूल्हों पर 500 रसोइए और 300 सहयोगी रसोइए साल भर भोग बनाने के कार्य में जुटे रहते हैं। मंदिर के रसोई घर में जहां महा प्रसाद बनता है वहां बर्तन केवल मिट्टी के होते हैं। यहां बनने वाले भोजन के सात पात्र एक के ऊपर एक रखकर पकाए जाते हैं। अचंभित करने वाली बात ये है की भोग सबसे पहले नीचे नहीं ऊपर के पात्र में पकता है। मंदिर में हमेशा एक ही मात्रा में भोग बनता है लेकिन भक्त की संख्या या घटने पर भी भोग कम या ज्यादा नहीं पड़ता। इतना ही नहीं मंदिर का कपाट बंद होते ही भोग भी खत्म हो जाता है। यह रहस्य भी कोई नहीं सुलझा पाया : जगन्नाथ मंदिर करीब चार लाख वर्ग फीट एरिया में है। इसकी ऊंचाई 214 फीट है। आमतौर पर दिन में किसी वक्त किसी भी इमारत या चीज या इंसान की परछाई जमीन दिखाई देती है लेकिन जगन्नाथ मंदिर की परछाई कभी किसी ने नहीं देखी। इसके अलावा मंदिर के शिखर पर जो झंडा लगा है, उसे लेकर भी बड़ा रहस्य है। इस झंडे को हर रोज बदलने का नियम है। मान्यता है कि अगर किसी दिन झंडे को नहीं बदला गया तो शायद मंदिर अगले 18 सालों के लिए बंद हो जाएगा। इसके अलावा ये झंडा हमेशा हवा की विपरीत दिशा में उड़ता है। मंदिर के शिखर पर एक सुदर्शन चक्र भी है। कहा जाता है कि पुरी के किसी भी कोने से अगर इस सुदर्शन चक्र को देखा जाए तो उसका मुंह आपकी तरफ ही नजर आता है। इसी तरह प्रभु जगन्नाथ मंदिर के ऊपर से परिंदे नहीं गुजरते, ये भी एक रहस्य है। अचंभित करने वाला सिंहद्वार का रहस्य : जगन्नाथ पुरी मंदिर समुद्र किनारे पर है। मंदिर में एक सिंहद्वार है, कहा जाता है कि जब तक सिंहद्वार में कदम अंदर नहीं जाता तब तक समंदर की लहरों की आवाज सुनाई देती है, लेकिन जैसे ही सिंहद्वार के अंदर कदम जाता है लहरों की आवाज खत्म हो जाती है। इसी तरह सिंहद्वार से निकलते वक्त वापसी में जैसे ही पहला कदम बाहर निकलता है, समंदर की लहरों की आवाज फिर आने लगती है। इसके पीछे क्या कारण है इसका जवाब आजतक किसी को नहीं मिल पाया है। सोने के झाड़ू से किया जाता है मार्ग साफ: सूर्योदय से पहले ही रथयात्रा की तैयारियां शुरू हो जाती है। इस यात्रा की एक और खास बात है, इसके शुरू होने से पहले इसके मार्ग को 'सोने की झाड़ू' से साफ किया जाता है। इसके बाद रथों की पूजा की जाती है, फिर रथों को खींचकर जगन्नाथ मंदिर से 3 कि.मी. दूर गुंडीचा मंदिर ले जाते हैं। इस स्थान को भगवान की मौसी का घर कहते है, जहां तीनों भाई-बहन 7 दिनों तक आराम करते हैं और इसके बाद फिर आषाढ़ माह के दसवें दिन सभी रथ वापस मंदिर की ओर प्रस्थान करते हैं। वापसी की यह यात्रा 'बहुड़ा यात्रा' कहलाती है।
"I AM NOT THAT IRRESPONSIBLE THAT I WILL DIE WITHOUT FULFILLING MY RESPONSIBILITIES FOR MY COUNTRY " ये शब्द है उस वीर जवान के जिसे अपनी जान से ज़्यादा अपने देश की परवाह थी। कारगिल युद्ध की जीत के लिए कई योद्धाओं ने बलिदान दिया था। शहादत का जाम पीने वाले इन्हीं योद्धाओं में से एक थे दिल्ली के कैप्टन अनुज नय्यर। सेना के एक ऐसे अधिकारी, जिनकी बहादुरी की गाथा आज भी याद कर लोग गर्व महसूस करते हैं। अनुज की शहादत की बात याद कर उनको जानने वाले आज भी भावुक हो जाते हैं। अनुज का जन्म 28 अगस्त 1975 को दिल्ली में हुआ था। उनके पिता एस.के. नय्यर दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में प्रोफेसर थे। इस लिहाज से उनके घर पर पढ़ाई का अच्छा माहौल था मगर अनुज को फिर भी कलम से ज्यादा बन्दूक से प्यार हो गया। शुरुआती पढ़ाई के लिए उनका दाखिला धौला कुआं के आर्मी पब्लिक स्कूल में कराया गया था। बचपन से ही उनके मन में देश भक्ति का जज्बा कूट-कूट कर भरा था। 24 साल की उम्र में शहादत को लगाया गले : 1999 में, भारतीय सेना ने जम्मू कश्मीर के कारगिल क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना और अर्धसैनिक बलों द्वारा बड़े पैमाने पर घुसपैठ का पता लगाया। भारतीय क्षेत्र से पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ने के लिए सेना ने तेजी से अपनी सेना को जुटाया। 17 जाट क्षेत्र में तैनात बटालियनों में से एक थी। अनुज नय्यर 17 जाट रेजीमेंट के अधिकारी थे। जिस वक्त कारगिल की जंग में वो शामिल हुए, उस वक्त उनकी उम्र 24 साल से भी कम थी। टाइगर हिल के पश्चिम में प्वाइंट 4875 के एक हिस्से पिंपल कॉम्प्लेक्स को खाली कराने की जिम्मेदारी 17 जाट रेजिमेंट के कैप्टन अनुज नय्यर को दी गई। चोटी की ऊंचाई थी करीब 16 हजार फीट। प्वाइंट 4875 पर पाकिस्तानी सेना ने कई भारी भरकम बंकर बना रखे थे। असल में इसकी पोजिशन ऐसी जगह पर थी, जहां से एक झटके में जंग का रुख बदल दिया जा सकता था। हालांकि, यहां तक पहुंचना आसान नहीं था। यह पॉइंट हजारों फीट की ऊंचाई पर था। वहां से फेंका जाने वाला एक पत्थर भी अनुज और उनके साथियों के लिए जानलेवा हो सकता था। पर बिना इस पर कब्ज़ा जमाये भारत के लिए युद्ध जीतना मुमकिन नहीं था। इसलिए कप्तान अनुज नय्यर व उनकी टीम ने बिना किसी हवाई समर्थन की प्रतीक्षा किए चोटी को सुरक्षित करने का फैसला किया। एक दल के साथ कैप्टन नैय्यर ने 6 जुलाई 1999 की रात को चढ़ाई शुरू की। कदम-कदम पर मौत से सामना होना तय था। लेकिन कैप्टन नय्यर साथियों के साथ आगे बढ़ते रहे। कैप्टन नय्यर की सोच थी कि किसी भी तरह से इस पोस्ट को खाली करवाना है, जिसके लिए वह साथियों के साथ दबे पांव आगे बढ़ रहे थे। इसी बीच नय्यर की टीम के कमांडर के जख्मी होने के चलते टीम को दो टुकडिय़ों में बांट दिया गया। एक टीम को लेकर कैप्टन विक्रम बत्रा आगे बढ़े और दूसरी टीम के साथ कैप्टन अनुज दुश्मन पर टूट पड़े। वह तेजी से चोटी की ओर बढऩे लगे। अचानक पाकिस्तानी घुसपैठियों को उनके होने की आहट हो गई और उन्होंने अनुज की टीम पर फायर शुरू कर दिया। कैप्टन ने साथियों के साथ मिलकर दुश्मन को करारा जवाब दिया। जब अनुज नय्यर की यूनिट भारी मोर्टार फायर के बीच आगे बढ़ रही थी तभी उनकी टीम के लीड सेक्शन ने दुश्मन के 3-4 बंकरों के स्थान की सूचना उन्हें दी। कैप्टेन अनुज आगे बढ़े और रॉकेट लॉन्चर और ग्रेनेड से पहले बंकर को नष्ट कर दिया। इसके बाद वे फिर भारी गोलाबारी में वे 7 जवानों के साथ आगे बढे और दो और बंकरों को नष्ट कर दिया। युद्ध के दौरान, कपटिन नय्यर ने 9 पाकिस्तानी सैनिकों का खात्मा कर डाला और तीन मध्यम मशीन गन बंकरों को नष्ट कर दिया। इसके बाद कंपनी ने आखिरी बचे बंकर पर हमला करना शुरू कर दिया, लेकिन इसे साफ करते समय, एक दुश्मन आरपीजी ने सीधे कैप्टेन नय्यर को टक्कर मार दी, जिससे उनकी जान चली गई। इस बीच पाकिस्तानी घुसपैठियों ने वापस आकर प्वाइंट 4875 पर कब्जा करना चाहा, लेकिन पीछे से दूसरी टीम के साथ कैप्टन बत्रा पहुंच चुके थे। उन्होंने घुसपैठियों का काम तमाम कर दिया। तिरंगा फहराने से पहले कप्तान बत्रा भी दुश्मन की गोलियों की बौछार से शहीद हो गए। हालांकि 4875 पर 7 जुलाई को ही झंडा फहरा दिया गया। पिंपल कॉम्प्लेक्स पर जीत ने टाइगर हिल पर फिर से कब्जा करने का मार्ग प्रशस्त किया जिससे अंततः पाकिस्तान को नियंत्रण रेखा के पार वापस जाना पड़ा। तिरंगे में लिपटे कैप्टन अनुज की शहादत यात्रा जब निकली थी तो 3 किलोमीटर के दायरे में सड़कें दोनों ओर भरी पड़ी थीं। लोग नम आंखों से इस वीर सपूत को नमन कर रहे थे। कैप्टन अनुज नैय्यर को युद्ध में अनुकरणीय वीरता के लिए मरणोपरांत महावीर चक्र (भारत का दूसरा सर्वोच्च वीरता पुरस्कार) दिया गया। जंग पर जाने से पहले लौटे सगाई की अंगूठी : बताते हैं कि कैप्टन अनुज नैय्यर जंग पर अपनी सबसे कीमती चीज़, यानी सगाई की अंगूठी नहीं ले जाना चाहते थे। उन्होंने अपने सीनियर को वो अंगूठी दी और कहा था कि ये अंगूठी उनकी मंगेतर को वापिस लौटा दें। सीनियर ने कहा कि तुम खुद देना, जिसके जवाब में उन्होंने कहा कि मैं जंग पर जा रहा हूं वापस लौटूंगा या नहीं, मालूम नहीं। लौट आया तो दोबारा इसे पहन लूंगा वरना आप इसे मेरे घर भेज देना और मेरा संदेश दे देना। दुर्भाग्यवश इस जंग से अनुज वापस नहीं लौट सके, लेकिन वह पूरे देश के हीरो हैं। 10 सितम्बर को होने वाली थी शादी अनुज नय्यर की मां बताती है कि अनुज ने उन्हें ये नहीं बताया था की वो जंग में जा रहे है। वो उनसे ये कह कर गए थे की उन्हें श्रीनगर में पोस्ट किया जा रहा है। कुछ समय बाद जब उनके कुछ दोस्त अनुज के घर उनका कुछ सामान लेने आए तब उनकी मां को ये मालूम हुआ की उनका बेटा जंग के मैदान में है। उनकी मां बताती है की अनुज ने उन्हें एक चिट्ठी लिखी थी जिसमें उन्होंने ये लिखा था की वो वापिस आकर अपने मां बाबा की एनिवर्सरी मनाएंगे। 28 अगस्त को अनुज का जन्मदिन था और 10 सितम्बर को उनकी शादी होने वाली थी मगर वो लौट कर नहीं आ पाए।
पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जीएस बाली की सियासती चाल अब दिल्ली पहुंच गई है। वे पिछले दाे दिनों से पार्टी के केंद्रीय नेताओं से मिशन 2022 के लिए मंथन कर रहे हैं। सूत्राें से मिली जानकारी के मुताबिक जीएस बाली अभी कुछ दिन दिल्ली में ही डटे रहेंगे। गाैरतलब है की बीते दिनों जीएस बाली ने मीडिया में सीएम पद पर जिला कांगड़ा का जिक्र किया था और वे कुछ दिन बाद दिल्ली दाैरे पर निकल गए। हालांकि अगले साल चुनाव हाेने के लिए अभी समय हैं, लेकिन उससे पहले तीन विधानसभा सीटाें और मंडी संसदीय सीट पर उपचुनाव भी हाेना है। जिला कांगड़ा का फतेहपुर, शिमला का जुब्बल-काेटखाई और साेलन जिले का अर्की विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव हाेना है। साथ ही 17 विधानसभा सीटाें वाला मंडी संसदीय क्षेत्र भी है।
कोरोना संक्रमण के दैनिक मामलों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। वहीं कोरोना महामारी की दूसरी लहर में देश में संक्रमित मरीजों का आंकड़ा रविवार रात दो करोड़ पार पहुंच गया, जो देश में कुल संक्रमितों की संख्या के दो तिहाई से अधिक है। असम सरकार ने सोमवार को घोषणा की कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर राज्य में ईद के अवसर पर लोगों के समूह में एकत्रित होने की इजाजत नहीं होगी। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री केशव मेहता ने लोगों से त्योहार अपने-अपने घरों में मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मस्जिदों में अधिकतम पांच लोगों को नमाज अदा करने की इजाजत होगी। राज्य में बुधवार को ईद-उल-अजहा का त्योहार मनाया जाएगा।
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बस और ट्रक की टक्कर में 30 यात्रियों की मौत हो गई और 40 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। इनमें से 4 की हालत गंभीर है। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। हादसा मुजफ्फरगढ़ के डेरा गाजी खान के पास तनुसा रोड पर हुआ। हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई गई है। घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल के चिकित्साकर्मियों ने बताया कि 18 लोगों की अस्पताल पहुंचने से पहले मौत हो चुकी थी। बाकी घायलों का इलाज जारी है। इसमें कुछ की हालत गंभीर है।
कोरोना महामारी की तीसरी लहर दो-तीन सप्ताह बाद ही आ सकती है। इसके पीछे जिम्मेदार भीड़ होगी, न कि दूसरी लहर की तरह किसी राज्य का कोई चुनाव। अगस्त से देश में कोरोना की तीसरी लहर दिखाई दे सकती है। अगस्त में आने वाली लहर के दौरान रोजाना एक लाख से अधिक मामले सामने आ सकते हैं। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के मुख्य संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. समीरन पांडा ने यह आशंका जताते हुए कहा डॉ. पांडा ने कहा कि राज्यों में विधानसभा चुनाव और कोविड सतर्कता नियमों का उल्लंघन दूसरी लहर की बड़ी वजह बना था। इस बार भी लोगों का बेपरवाह होना, अनियंत्रित भीड़ और टीकाकरण पूरा होने से पहले सब कुछ खोलने की आजादी तीसरी लहर के मुख्य कारण बन सकते हैं। इससे पहले कोरोना टीके पर बनी पैनल के प्रमुख डॉ. वीके पॉल ने भी कहा था कि देश के लिए आगामी 100 से 125 दिन सबसे कठिन हैं, क्योंकि इन्हीं दिनों में टीकाकरण को 50 से 60 फीसदी पार ले जाना है और इसी अवधि में नई लहर को फैलने से रोकना भी है। जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. चंद्रकांत लहरिया का कहना है कि अब भी देश दूसरी लहर से बाहर निकलने का प्रयास कर रहा है, लेकिन अगर लोगों ने साथ नहीं दिया तो बाहर आने से पहले तीसरी लहर में देश प्रवेश कर जाएगा।
कोरोना संकट के बीच संसद का मानसून सत्र शुरू हो गया। संसद पहुंच कर पीएम मोदी ने कहा कि धारदार सवाल पूछें, लेकिन सरकार को जवाब देने का मौका भी दें। संसद के दोनों सदनों में कार्यवाही शुरू होते ही कोरोना की दूसरी लहर, महंगाई और चीन से जुड़े मामले और पत्रकारों-नेताओं की जासूसी को लेकर हंगामा शुरू हो गया। लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर फिर हंगामा हुआ, जिसके चलते कार्यवादी दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उच्च सदन में भी अपने मंत्रिपरिषद का परिचय नहीं दे पाए। इससे पहले, पीएम अपने मंत्रिपरिषद का परिचय दे रहे थे, तब जमकर हंगामा हुआ, जिस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आपत्ति जताई।
आज घरेलू बाजार में सोने और चांदी की वायदा कीमत में गिरावट आई। एमसीएक्स पर सोना वायदा 48076 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। पिछले सत्र में सोना 400 रुपये लुढ़का था। चांदी 0.4 फीसदी नीचे 68000 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही। पीली धातु पिछले साल के उच्चतम स्तर (56200 रुपये प्रति 10 ग्राम) से करीब आठ हजार रुपये नीचे है। वैश्विक बाजारों में सोने की कीमतें सपाट थीं। कोरोना के डेल्टा संस्करण में वृद्धि वैश्विक आर्थिक सुधार को नुकसान पहुंचा सकती है। शुक्रवार को करीब एक फीसदी गिरने के बाद आज हाजिर सोना 1,812.83 डॉलर प्रति औंस पर रहा। अन्य कीमती धातुओं में चांदी 0.6 फीसदी गिरकर 25.50 डॉलर प्रति औंस पर थी और प्लैटिनम 0.2 फीसदी गिरकर 1100.55 डॉलर पर पहुंच गया। अमेरिकी डॉलर तीन महीने के उच्च स्तर के करीब पहुंच गया।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा कार्य एवं खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर से भेंट की। मुख्यमंत्री ने अनुराग सिंह ठाकुर को कैबिनेट मंत्री बनने पर बधाई दी और कहा कि यह राज्य के लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री ने राज्य में खेलों के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, विशेषकर इंडोर स्टेडियम के निर्माण के बारे में भी चर्चा की, जिससे राज्य के युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने में मदद मिल सके। अनुराग सिंह ठाकुर ने राज्य को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप और उप-आवासीय आयुक्त पंकज शर्मा भी मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित थे।
पेट्रोल डीजल की कीमतों ने आम आदमी को लंबे समय से परेशान किया है। शनिवार को तेल की कीमतों में एक बार फिर उछाल देखने को मिला। देश के कुछ राज्यों में तेल 100 रु प्रति लीटर से ज्यादा की कीमत पर बिक रहा है। देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमतों में दो दिन बाद उछाल देखने को मिला है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत में 30 पैसे का इजाफा हुआ है और पेट्रोल अब 101.54 से बढ़कर 101.84 हो गया है और इसी के साथ डीजल कीमत बिना बदलाव के साथ 89.87 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है। इसी के साथ चार महानगरों की बात की जाये तो मुंबई में पेट्रोल 107.83 रुपये और डीजल 97.45 रुपये प्रति लीटर की कीमत पर है। चेन्नई में पेट्रोल 102.49 रुपये और डीजल 94.39 रुपये प्रति लीटर की कीमत से बिक रहा है। कोलकाता में पेट्रोल 102.08 रुपये और डीजल 93.02 रुपये प्रति लीटर के रेट से बिक रहा है। वहीं, मध्यप्रदेश की बात करें तो यहां के कुछ शहरों में पेट्रोल 112 रुपये प्रति लीटर से अधिक की कीमत पर बिक रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री स्व.वीरभद्र सिंह की एक खासियत स्कूलाें के अध्यापकाें काे आज भी याद दिलाती हैं। हालाँकि प्रदेश के सीएम हाेने के नाते उनका टूअर प्राेग्राम पहले ही तय हाेता था, मगर कभी-कभी लीग से हटकर स्कूल प्रबंधन काे भी चकित रहने के लिए मजबूर करते थे। रामपुर स्थिति पदम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के प्रिंसिपल समेत पूरा स्कूल प्रबंधन 1997 में स्व.वीरभद्र सिंह काे देख हैरान रह गए। इसी स्कूल में उस वक्त प्रिंसिपल टीएस बाेज्ञाटाे नेगी थे। टीएस बाेज्ञाटाे नेगी ने बताया कि उस साल जब स्कूल में कक्षाएं चल रही थी और सभी अध्यापक समेत पूरा स्टाफ डयूटी दे रहे थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह का काफिला शिमला से रामपुर की ओर पहुंचा और अचानक उनकी गाड़ी स्कूल गेट पास रुक गई। स्व. वीरभद्र सिंह के साथ उनकी धर्म पत्नी प्रतिभा सिंह भी साथ आई थी। हालाँकि स्कूल में आने का उनका काेई प्राेग्राम नहीं था। स्व. वीरभद्र सिंह प्रिंसिपल ऑफिस पहुंचे ताे टीएस बाेज्ञाटाे नेगी भी दंग रह गए। उन्हाेंने स्व.वीरभद्र सिंह काे अपनी कुर्सी पर बैठने के लिए कहा, लेकिन उन्हाेंने यह कह कर इनकार कर दिया कि इस कुर्सी पर सिर्फ आप ही बैठ सकते हैं। ऐसा कह कर स्व.वीरभद्र सिंह और उनकी धर्म पत्नी प्रतिभा सिंह प्रिंसिपल ऑफिस में लगे साेफे पर ही बैठ गए। गाैरतलब है कि रामपुर बुशैहर का यह स्कूल स्व. वीरभद्र सिंह के पिता स्व.पदम सिंह के नाम पर है। टीएस बाेज्ञाटाे नेगी कहते हैं कि प्रदेश काे ऐसा मुख्यमंत्री आज तक नहीं मिला और न ही मिलेगा। जाे अपना काफिला राेक कर स्कूल में औचीक निरीक्षण करने पहुंचे। बताया जाता है कि यह उस जमाने का स्कूल है जिस वक्त हिमाचल में विश्वविद्यालय की स्थापना ही नहीं हुई थी।
राजा वीरभद्र सिंह के निधन से पुरे प्रदेश की जनता गमगीन है। रामपुर क्षेत्र के लोगों में शोक की लहर है। रामपुर के स्थानीय लोगों ने वीरभद्र सिंह को न केवल राजा बल्कि एक पिता का दर्जा भी दिया है। वीरभद्र सिंह के अंतिम दर्शन करने पहुंचे बड़ी संख्यां में लोगों की आँखे नम है। स्थानीय लोगों का कहना है कि "वीरभद्र सिंह हमारे पिता थे,आज हमने अपने पिता को खो दिया, बहुत याद आयेंगे राजा साहिब"
शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अपने अंतिम सफर पर निकलेंगे। रामपुर के रीति-रिवाजो के अनुसार गाजे बाजे के साथ राजा वीरभद्र सिंह को किया जाएगा विदा।
शनिवार को फिर पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी हुई है। सरकारी तेल कंपनियों की ओर से पेट्रोल -डीज़ल के दामों में इज़ाफ़ा हुआ है। डीजल की कीमत 26 से 28 पैसे बढ़ी हैं जबकि पेट्रोल की कीमत 34 से 35 पैसे तक बढ़ी है। बता दें कि अब दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई में भी पेट्रोल की कीमत 100 रुपये पार हो गई है। मुंबई में कई दिनों पहले ही पेट्रोल शतक लगा चुका है। दिल्ली में पेट्रोल का दाम 100.91 रुपये जबकि डीजल का दाम 89.88 रुपये प्रति लीटर है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 106.93 रुपये व डीजल की कीमत 97.46 रुपये प्रति लीटर है। जानकारी के लिए बता दें कि प्रतिदिन सुबह छह बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है। सुबह छह बजे से ही नई दरें लागू हो जाती हैं। पेट्रोल व डीजल के दाम में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इसका दाम लगभग दोगुना हो जाता है। इन्हीं मानकों के आधार पर पर पेट्रोल रेट और डीजल रेट रोज तय करने का काम तेल कंपनियां करती हैं। डीलर पेट्रोल पंप चलाने वाले लोग हैं। वे खुद को खुदरा कीमतों पर उपभोक्ताओं के अंत में करों और अपने स्वयं के मार्जिन जोड़ने के बाद पेट्रोल बेचते हैं। पेट्रोल रेट और डीजल रेट में यह कॉस्ट भी जुड़ती है।
वैश्विक महामारी कोरोना से एक ओर आम जनता पहले ही त्रस्त है तो दूसरी ओर बढ़ती महंगाई थमने का नाम नहीं ले रही है। खाने-पीने के सामान से लेकर पेट्रोल-डीजल तक महंगा हो गया है, जिसका सीधा असर जनता की जेब पर पड़ा है। अमूल के बाद अब मदर डेयरी ने भी ग्राहकों को झटका दिया है। मदर डेयरी ने दिल्ली-एनसीआर में दूध के दाम बढ़ा दिए हैं। इसमें दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। नई कीमत 11 जुलाई 2021 यानी कल से लागू होगी। उच्च इनपुट लागत के कारण कंपनी ने दूध के दाम बढ़ा दिए हैं। कंपनी ने आखिरी बार दिसंबर 2019 में दूध की कीमतें बढ़ाई थीं। मदर डेयरी ने कहा कि नई कीमतें सभी दूध वेरिएंट के लिए लागू होंगी। कंपनी ने बयान में कहा कि, 'कंपनी कुल इनपुट लागत पर मुद्रास्फीति के दबाव का सामना कर रही है, जो पिछले एक साल में कई गुना बढ़ गई है, साथ ही महामारी के कारण दूध उत्पादन भी प्रभावित हुआ है।'
केरल में जीका वायरस के 14 मामले सामने आए हैं। राज्य सरकार की ओर से दी गई जानकारी में इस बात की पुष्टि की गई है। इसके साथ ही प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री ने भी यह माना है कि पाबंदियां हटने से भी राज्य में कोरोना के मामलों की बढ़ोतरी हुई है। केरल में कोविड-19 के मामले बढ़ने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस पर चिंता व्यक्त करने के बीच राज्य सरकार ने शुक्रवार को कहा कि पाबंदियों में ढील देने से मामलों में बढ़ोतरी हुई और उम्मीद है कि अब मामले कम होंगे। स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि लॉकडाउन लागू करने, निषिद्ध क्षेत्रों को चिह्नित करने और सरकार द्वारा जोर शोर से जांच और संपर्क का पता लगाने जैसे एहतियाती उपायों के चलते बड़ी संख्या में लोगों का चिकित्सा उपचार सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि संक्रमित व्यक्तियों की संख्या राज्य की चिकित्सा क्षमता से अधिक न हो ताकि बिस्तर या ऑक्सीजन की अनुपलब्धता के कारण किसी की मृत्यु न हो। जॉर्ज ने कहा कि वायरस के प्रसार को रोकने के लिए टीकाकरण ही एकमात्र उपाय है।
बांग्लादेश की राजधानी ढाका के बाहरी क्षेत्र में एक फैक्टरी में आग लगने से 52 लोगों की मौत हो गई है और 50 से अधिक लोग झुलस गए। दमकल अधिकारियों के अनुसार नारायणगंज के रूपगंज में शेजान जूस फैक्टरी में गुरुवार की शाम लगभग पांच बजे आग लग गई। ऐसी आशंका है कि आग इमारत के भूतल से लगी और रसायनों तथा प्लास्टिक की बोतलों की मौजूदगी के कारण तेजी से फैल गई। हाशेम फूड्स लिमिटेड के कारखाने की इमारत में आग बुझाने के लिए दमकल की 18 गाड़ियां लगी हुई हैं। इसके अनुसार लोग अपने उन प्रियजनों की तलाश में इमारत के सामने एकत्र हो गए हैं, जो अभी भी लापता हैं। लापता लोगों में से 44 श्रमिकों की पहचान की पुष्टि की गई है। इस बीच, नारायणगंज जिला अग्निशमन सेवा के उप निदेशक अब्दुल्ला अल अरेफिन ने बताया कि आग पर पूरी तरह से काबू पाने में कुछ समय लगेगा। उन्होंने कहा कि जब तक आग पर काबू नहीं पाया जाता, तब तक यह कहना संभव नहीं है कि इस हादसे में कितना नुकसान हुआ है और आग लगने का कारण क्या है। जिला प्रशासन ने घटना की जांच के लिए पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।
शिमला : डाॅ श्यामा प्रसाद मुखर्जी नेशनल रूर्बन मिशन के तहत विकासखंड टुटू की ग्राम पंचायत सांगटी-सन्होग के मानला गांव में कृषि विभाग के माध्यम से एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिला लोक सम्पर्क अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। शिविर की अध्यक्षता करते हुए कृषि विभाग विषयवाद विशेषज्ञ डाॅ केके सिंह ने उपस्थित किसानों को जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा कृषि विभाग के माध्यम से किसानों के कल्याणार्थ अनेकों योजनाएं चलाई गई है जिसका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा जागरूकता शिविर के माध्यम से पारंपरिक खेती के स्थान पर आधुनिक खेती करने करने के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है ताकि किसान आत्मनिर्भर बन सके शिविर में प्राकृतिक खेती करने, उत्तम किस्म के बीज बोने, कीटनाशक दवाइयों के प्रयोग, कृषि उपकरण, पॉलीहाउस लगाने की प्रक्रिया, सोलर फेंसिंग तथा जैविक खेती के फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। शिविर में किसानों को विभिन्न किस्मों के बीज भी वितरित किए गए । सांगटी-सन्होग पंचायत के उप प्रधान मनोज शर्मा ने उनके क्षेत्र में कृषि प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने के लिए विभाग का आभार व्यक्त करते हुए शिविर को किसानों के लिए लाभदायक बताया । उन्होंने विभाग से आग्रह किया कि ऐसे कृषि शिविर हर पंचायत क्षेत्र में लगाए जाने चाहिए ताकि किसानों को आधुनिक खेती से होने वाले लाभ की जानकारी मिल सके और किसान नकदी फसलें पैदा कर आत्मनिर्भर बन सके। शिविर मेें कृषि प्रसार अधिकारी शीला शर्मा, पंचायत के सभी वार्ड सदस्यों सहित क्षेत्र के लगभग 35 से 40 लोगों ने भाग लिया।
केंद्र सरकार के मंत्रालयों में हुए बदलाव के बाद हरदीप सिंह पुरी ने पेट्रोलियम मंत्री की जिम्मेदारी संभाल ली है। जब देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं। तेल की कीमतों में हो रही वृद्धि के खिलाफ देशभर में विरोध हो रहा है। कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पेट्रोल 100 रुपये लीटर को पार कर गया है। वहीं डीजल भी 100 रुपये लीटर से ऊपर निकल गया है। जिम्मेदारी संभालने के बाद पूरी ने पेट्रोलियम मंत्री बनाए जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया और कहा कि वे धर्मेंद्र प्रधान के अच्छे काम को जारी रखेंगे। इस दौरान पुरी ने कहा कि यह ऐसा मंत्रालय है जिसका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से देश के हर नागरिक से संबंध है। हालांकि उन्होंने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी से जुड़े सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया। इस मामले में उन्होंने कहा कि अभी उन्हें जिम्मेदारी संभाले कुछ ही समय हुआ है और वे इस मसले को समझने के बाद ही इस बारे में बात करना चाहेंगे। उन्होंने कच्चे तेल और गैस के घरेलू उत्पादन बढ़ाने की जरूरत बताई और कहा कि उनका जोर भारत को गैस आधारित अर्थव्यवस्था बनाने पर होगा। किसी भी इकॉनमी के लिए ऊर्जा अहम होती है। मौजूदा समय में एनर्जी की कुल खपत में गैस की हिस्सेदारी 15 फीसदी है। उन्होंने बताया कि इसे बढ़ाकर 20 से 30 फीसदी करने की जरूरत है।
रेल मंत्रालय की कमान संभालते ही मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बड़े बदलाव का एलान कर दिया है। रेलमंत्री की घोषणा के मुताबिक, मंत्रालय से जुड़े विभाग के कर्मचारी और अधिकारी अब दो शिफ्टों में काम करेंगे। रेल, संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कार्यालय से एक नोट जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि रेलमंत्री के निर्देश के अनुसार तत्काल प्रभाव से मंत्रालय के सभी स्टाफ दो शिफ्ट में काम करेंगे। पहली शिफ्ट सुबह 7 बजे से शुरू होगी और शाम 4 बजे तक चलेगी। जबकि दूसरी शिफ्ट दोपहर बाद 3 बजे से शुरू होकर देर रात 12 बजे तक चलेगी। रेलवे बोर्ड के अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस आदेश के अनुसार सिर्फ मंत्री सेल के लोग आएंगे। निजी और रेलवे स्टाफ पहले की तरह ही काम करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में 43 नेताओं को शामिल किया गया है। इनके नाम हैं, नारायण राणे, सर्बानंद सोनोवाल, डॉ. वीरेंद्र कुमार, ज्योतिरादित्य सिंधिया, रामचंद्र प्रसाद सिंह, अश्विनी वैष्णव, पशुपति कुमार पारस, किरेन रिजिजू, राजकुमार सिंह, हरदीप सिंह पुरी, मनसुख मंडाविया, भूपेंदर यादव, परषोत्तम रुपाला, जी किशन रेड्डी, अनुराग सिंह ठाकुर, पंकज चौधरी, अनुप्रिया सिंह पटेल, सत्यपाल सिंह बघेल, राजीव चंद्रशेखर, शोभा करांडलाजे, भानु प्रताप सिंह वर्मा, दर्शना विक्रम जरदोश, मीनाक्षी लेखी, अन्नपूर्णा देवी, ए नारायणस्वामी, कौशल किशोर, अजय भट्ट, बीएल वर्मा, अजय कुमार, चौहान देवसिंह, भगवंत खुबा, कपिल मोरेश्वर पाटिल, प्रतिमा भौमिक, सुभाष सरकार, भागवत किशनराव कराड, राजकुमार रंजन सिंह, भारती प्रवीण पवार, बिश्वेश्वर तुडु, शांतनु ठाकुर, मुंजपारा महेंद्रभाई, जॉन बरला, डॉ. एल मुरुगन, नीशीथ प्रमाणिक।
देश में कोविड की दूसरी लहर के बीच बुधवार को कोविड-19 के नए मामलों में वृद्धि दर्ज की गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार बुधवार को भारत में पिछले 24 घंटे में 43,733 नए मामले सामने आए हैं. इस दौरान, 930 लोगों की मौत हुई है। कोरोना से मौतों के आंकड़े में वृद्धि हुई है जबकि यह आंकड़ा मंगलवार को 553 पर था। कोविड से अब तक 4,04,211 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं रिकवरी रेट की बात की जाए तो रिकवरी रेट 97.18 प्रतिशत पर है और साप्ताहिक संक्रमण दर 2.39 फीसदी पर है ,जबकि दैनिक पॉजिटिविटी रेट 2.29 फीसद है, जो लगातार 16 दिन से तीन प्रतिशत के नीचे बना हुआ है। इसी के साथ वैक्सीनेशन अभियान के तहत, अब तक देश में वैक्सीन की कुल 36.13 करोड़ खुराक दी जा चुकी है. इसमें पहला और दूसरा दोनों डोज दोनों शामिल है। पिछले 24 घंटे में 36,05,998 डोज दी गई हैं। टेस्टिंग की बात की जाए तो यह बढ़कर 42.33 करोड़ पर पहुंच गया है।
कोवीड काल में बॉलीवुड ने अपने कई दिगज कलाकारों को खोया है। बुधवार को भी बॉलीवुड के एक बहुत बड़े कलाकार संसार को अलविदा कहे गए। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार ने बुधवार को अपनी अंतिम सांस ली और दुनिया को अलविदा कह गए। दिलीप कुमार की उम्र 98 वर्ष थी और वह पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे, जिस वजह से वह अकसर खबरों में रहा करते थे। उनकी हालत खराब होने पर 30 जून को उन्हें मुंबई के हिंदुजा अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। उनकी पत्नी सायरा बानो भी पूरे समय उनके साथ ही थीं। उस समय सायरा बानों ने दिलीप कुमार के फैंस को आश्वासन दिया था कि उनकी हालत स्थिर है। लेकिन आज उनकी मृत्यु हो गयी। दिलीप कुमार और सायरा बानों अपने रिश्ते को लेकर काफी मशहूर रहे हैं। उनके प्यार का सुबूत आज भी सोशल मीडिया पर छाई उनकी तस्वीरें बयां करती हैं। जिनमें सायरा बानों उनका ख्याल रखती नजर आती हैं। दिलीप कुमार का मध्य प्रदेश से भी गहरा नाता रहा है। दिलीप कुमार ने अपनी फिल्मों की शूटिंग के दौरान मध्य प्रदेश में लंबा समय बिताया है।
मंत्रिमंडल विस्तार से पहले कई राज्यों के राज्यपाल बदले गए है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कई राज्यों के राज्यपालों को बदल दिया है। राजस्थान से आने वाले दलित नेता और केंद्र में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत को कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कर्नाटक, मध्यप्रदेश और हिमाचल समेत आठ राज्यों में नए राज्यपाल नियुक्ति किए हैं। राजेंद्रन विश्वनाथ अर्लेकर को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। बंडारू दत्तात्रेय को हरियाणा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। मिजोरम के राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लई को गोवा का राज्यपाल बनाया गया है। हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य को त्रिपुरा का गवर्नर बनाया गया है। त्रिपुरा के राज्यपाल रमेश बैस को झारखंड का राज्यपाल बनाया गया है। इसके अलावा हरि बाबू कंभमपति को मिजोरम का राज्यपाल और मंगूभाई छगनभाई पटेल को मध्यप्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
तीरथ सिंह रावत के इस्तीफे के बाद उत्तराखंड भाजपा विधायक दल की बैठक में भाजपा विधायक दल ने युवा नेता पुष्कर सिंह धामी को अपना नया नेता चुन लिया है। धामी उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री होंगे। धामी कुमाऊं क्षेत्र के उधम सिंह नगर जिले की खटीमा सीट से दो बार विधायक रह चुके हैं और उनकी उम्र मात्र 45 वर्ष है। पुष्कर के संघ से बेहद अच्छे रिश्ते है और पुष्कर सिंह धामी को केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह का करीबी माना जाता है। वह पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी भी रह चुके हैं। धामी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्होंने एलएलबी की शिक्षा प्राप्त की है और 2017 के चुनाव में उन्होंने वकालत को अपना पेशा बताया था।
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री ने एक बार फिर इस्तीफा दे दिया। बीते शुक्रवार शाम को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अपना इस्तीफा राजयपाल को सौंपा। कांग्रेस ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद से तीरथ सिंह रावत के इस्तीफे के बाद शनिवार को भाजपा पर ‘सत्ता की बंदरबांट' करने का आरोप लगाया और दावा किया कि “खिलौनों की तरह मुख्यमंत्री बदलने” के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा जिम्मेदार हैं। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि अब उत्तराखंड की जनता चुनाव का इंतजार कर रही है ताकि वह स्थिर और प्रगतिशील सरकार के लिए कांग्रेस को मौका दे सके। उन्होंने दिल्ली, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में अतीत की भाजपा सरकारों में कई मुख्यमंत्रियों को बदलने जाने का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘भाजपा के एक ही कार्यकाल में मुख्यमंत्री बदलने का इतिहास है. भाजपा खिलौनों की तरह मुख्यमंत्री बदलती है. यही उत्तराखंड में हो रहा है.'' सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि इस स्थिति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जेपी नड्डा जिम्मेदार हैं। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा, ‘‘भाजपा ने उत्तराखंड में पहले भी तीन-तीन मुख्यमंत्री बदले थे और इस बार भी तीसरा मुख्यमंत्री बनाने की तैयारी में हैं। हम तो कहेंगे कि अगले छह महीनों में दो-तीन और बदल दीजिए ताकि देश में सबसे ज्यादा मुख्यमंत्री बदलने का रिकॉर्ड बन जाए.'' इसके अलावा कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया की ‘‘यह भाजपा नेतृत्व की लापरवाही और नासमझी है। एक ऐसे मुख्यमंत्री को उत्तराखंड पर थोपा गया जो विधानसभा का सदस्य नहीं है। भाजपा ने खुशहाल देवभूमि को बदहाल करने के लिए यह सब किया है.'' गौरतलब है कि उत्तराखंड में पैदा हुए संवैधानिक संकट के बीच मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने चार माह से भी कम समय तक पद पर रहने के बाद शुक्रवार देर रात राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को अपना इस्तीफा सौंप दिया। राजभवन पहुंचकर अपना इस्तीफा देने के बाद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने पत्रकारों को बताया कि उनका इस्तीफा देने की मुख्य वजह संवैधानिक संकट था जिसमें निर्वाचन आयोग के लिए उपचुनाव कराना मुश्किल था। उन्होंने कहा,‘‘संवैधानिक संकट की परिस्थितियों को देखते हुए मैंने अपना इस्तीफा देना उचित समझा.''
तीरथ सिंह रावत ने उत्तराखंड के सीएम पद से इस्तीफा दे दिया है। इसी के साथ उत्तराखंड में पिछले कई दिनों से जारी सियासी गलियारों में हलचल भी काफी बढ़ गई है। राज्य को एक बार फिर नया मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है। इस सिलसिले में दोपहर तीन बजे बीजेपी विधायक दल की अहम बैठक करने जा रही है। साथ तीरथ सिंह रावत कई बार अपने बयानों के जरिये काफी सुर्ख़ियों में भी रहे है। उनके द्वारा दिए गए उल जलूल बयां तो सबको याद ही है अब उनका उत्तराखंड के सीएम पद से इस्तीफा देना भी बीजेपी के लिए संकट बन गया है इसी कड़ी में बैठक में उत्तराखंड के नए सीएम को लेकर ऐलान संभव है। मुख्यमंत्री रावत के इस्तीफे के बाद बीजेपी विधायक दल की बैठक देहरादून में दोपहर तीन बजे बुलाई गई है। यह बैठक पार्टी हेडक्वार्टर में होगी। बीजेपी के मीडिया इंचार्ज मनवीर सिंह चौहान ने बताया कि इस बैठक का नेतृत्व उत्तराखंड बीजेपी के अध्यक्ष मदन कौशिक करेंगे।
उत्तर प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव आज होना है। जिला पंचायत चुनावों के बाद से ही उत्तर प्रदेश में राजनीती गर्माती हुई नज़रआरही है। भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी की ओर से दावा किया जा रहा था कि उन्हीं के सबसे ज्यादा जिला पंचायत सदस्य जीते हैं और अध्यक्ष भी उन्हीं के बनेंगे। यूपी के 75 जिलों में से आज 53 सीटों पर वोटिंग होने वाली है। 22 जिला पंचायत अध्यक्ष प्रदेश में निर्विरोध चुने जा चुके हैं, जिनमें से 21 बीजेपी के 1 जिला पंचायत अध्यक्ष सपा से निर्विरोध चुना गया है। 45 सीटों पर बीजेपी और एसपी के बीच सीधा मुकाबला है। यदि मतदान की बात करे तो शनिवार सुबह 11 बजे से मतदान शुरू हो जाएगा और दोपहर 3 बजे आरम्भ होगा वोटिंग के बाद तत्काल काउंटिंग शुरू की जाएगी। मतगणना के नतीजे भी आज देर शाम तक घोषित कर दिए जाएंगे। यूपी प्रशासन के मुताबिक राज्य में मतदान और मतगणना की सारी व्यवस्था हो चुकी है। पोलिंग बूथों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं। यूपी के 53 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए आज मतदान है. चंदौली, हापुड़, सुल्तानपुर, मिर्जापुर, रायबरेली, मथुरा, फिरोजाबाद, बिजनौर, हमीरपुर मुजफ्फरनगर, सोनभद्र, बलिया, गाजीपुर, उन्नाव, हरदोई, कुशीनगर, मैनपुरी, प्रतापगढ़, कन्नौज और जालौन में भी जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव होने हैं। हालंकि मतदान के परिणाम के बाद ही तय हो पाएगा की किस पार्टी के पीला में अधिक वोट पड़े है।
Covid-19 के दैनिक मामलों में मंगलवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। लेकिन बुधवार को एक बार फिर से Covid-19 के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया की पिछले 24 घंटों में देश में Covid के 45951 नए मामले सामने आये हैं, जबकि Covid के कारण 817 मरीजों की मौत हुई है। इसके अलावा बीते 24 घंटों में 60729 मरीज ठीक भी हुए हैं और इसी के साथ रिकवर मरीजों की संख्या बढ़कर 2,94,27,330 हो गई हैं। नए मामले सामने आने के बाद देश में कोरोना के कुल मामले अब 3,03,62,848 हो गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में कोरोना वायरस से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और रिकवरी रेट इस समय 96.92 फीसदी है। रिकवरी रेट बढ़ने से देश में एक्टिव मामलों की संख्या में कमी आई है और वर्तमान में एक्टिव मामलें 5,37,064 बचे हैं। इसके अलावा देशभर में चल रहे टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोरोना वायरस वैक्सीन की कुल 33,28,54,527 डोज दी जा चुकी हैं।
बॉलीवुड से फिर एक दुखद खबर सामने आई है, मशहूर अभिनेत्री मंदिरा बेदी के पति और डायरेक्टर-प्रोड्यूसर राज कौशल का बुधवार सुबह निधन हो गया। मिली जानकारी के अनुसार राज कौशल की मौत हार्ट अटैक की वजह से हुई है, राज कौशल की उम्र मात्र 49 वर्ष थी। बता दे राज कौशल ने रविवार को ही दोस्तों के साथ पार्टी की थी और सोमवार को सोशल मीडिया पर फोटो शेयर कर बताया था कि 'उनका रविवार का दिन शानदार रहा।' गौरतलब है कि राज ने 'प्यार में कभी-कभी', 'शादी का लड्डू', 'एंथनी कौन है' जैसी फिल्मों को डायरेक्ट किया था तो वहीं उन्होंने 'माई ब्रदर निखिल', 'शादी का लड्डू' 'प्यार में कभी-कभी' जैसी फिल्मों को प्रोड्यूस भी किया था। उनकी अकस्मात मौत से बॉलीवुड में एक बार फिर से शोक की लहर है।
केंद्र सरकार ने प्राइवेट अस्पतालों द्वारा सीधे टीका खरीदने पर अहम कदम उठाये है। जिसमे हर महीने वैक्सीन खरीदने की सीमा को तय किया गया है। केंद्र ने इस मामले को लेकर SOP भी जारी कर दी है। ये नई व्यवस्था 1 जुलाई से लागू हो जाएगी। वैक्सीन के आवंटन का फॉर्मूला जारी करते हुए केंद्र ने आदेश जारी किया है, इन आदेशों के अनुसार अस्पताल ने एक हफ्ते में जितना टीकाकरण किया है उससे उसका रोजाना का औसत निकालकर अस्पताल को टीके का आवंटन किया जाएगा और जितनी संख्या आएगी उससे अधिकतम दुगना टीके ही प्राइवेट अस्पताल खरीद सकते हैं। हालांकि पहले ऐसी व्यवस्था नहीं थी। इसके अलावा जो अस्पताल पहली बार टीके के अभियान में शामिल हो रहे हैं उन्हें अस्पताल में मौजूद बिस्तर के आधार पर टीके का आवंटन किया जाएगा।
पंजाब में मानसा के एक कबाड़ी ने भारतीय सेना से 6 कंडम हेलिकॉप्टर खरीदे हैं जिन्हें देखने के लिए लोगों का तांता लगा हुआ है। हेलिकॉप्टर का भार 10 टन प्रति हेलिकॉप्टर है जो बोली के माध्यम से खरीदे गए हैं। इन हेलिकॉप्टरों में से एक मुंबई की पार्टी ने ले लिया है जबकि दो लुधियाना के होटल मालिक ने खरीद लिये और बाकी हेलिकॉप्टर मानसा में खड़े हैं जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बन रहे है। पंजाब में कबाड़ का सामान रखने में मिट्ठू कबाड़िया जाना-माना नाम है। भारतीय वायु सेना से कबाड़ में से हेलिकॉप्टर खरीद कर जब मानसा का कबाड़ी तीन हेलिकॉप्टर लेकर मानसा पहुंचा तो उनको देखने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। सारा शहर ही हेलिकॉप्टर के अंदर और बाहर खड़े होकर फोटो खिंचवाने लगा जिससे शहर में खुशी होने पर पर कबाड़ी के चेहरे पर भी खुशी साफ तौर पर झलक रही थी। शहर में एक तरफ तो हेलिकॉप्टर मनोरंजन का साधन बन रहे हैं तो दूसरा इस कबाड़ी परिवार के लिए यह लाभ का सौदा भी बन रहा है क्योंकि होटलों में और टूरिस्ट प्लेसेस पर इन हेलिकॉप्टर को खड़ा कर लोगों को वहां पर आने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रणौत सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहती हैं। वो अक्सर किसी ना किसी सामाजिक-राजनीतिक और फिल्मी मुद्दे पर अपने विचार रखती हैं जिसकी चर्चा होने लगती है और कई बार उनके विचार विवाद में बदल जाते हैं। हाल ही में कंगना रणौत ने देश का नाम बदलने की बात कह दी है। कंगना ने इच्छा जताई है कि इंडिया का नाम बदलकर भारत कर देना चाहिए। इंडिया नाम ब्रिटिश लोगों ने रखा था और ये गुलामी की पहचान है। कंगना रणौत का कहना है कि, 'ब्रिटिश लोगों ने इंडिया नाम रखा था जब हम उनके गुलाम थे। ये नाम भी उसी गुलामी का प्रतीक है। हर नाम का मतलब होता है और ब्रिटिश ये बात जानते थे इसलिए उन्होंने ना सिर्फ जगह के नाम ही दिए बल्कि लोगों और ऐतिहासिक इमारतों को भी नाम दे दिया। ऐसे में इस नाम को बदल देना चाहिए और इसे सिर्फ भारत ही रहने देना चाहिए। अब वक्त आ गया है कि हम उसी सम्मान को वापस पाएं। जब हम अपनी सभ्यता और संस्कृति से जुड़ेंगे तभी भारत का भी विकास होगा'।
केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी आज कुल्लू पहुँच रहे है। जानकारी के अनुसार चीन से सटे सामरिक मार्गों का मुद्दा उठाने की तैयारी है। जनजातीय विकास मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा सीमावर्ती लाहौल-स्पीति क्षेत्र की दो सड़कों समदो-ग्रांफू और तांदी-संसाली नाला को स्थायी रूप से सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को सौंपने का मामला उठाएंगे। वर्ष 1979 और 2012 से ये सड़कें कभी लोक निर्माण विभाग तो कभी बीआरओ के पास आती-जाती रही हैं। दोनों सड़कों की हालत दयनीय है। लिहाजा, इन्हें बीआरओ को सौंपने की बात की जाएगी। केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी बुधवार दोपहर बाद 3:30 बजे कुल्लू के भुंतर एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। वह परिवार के साथ पांच दिन के लिए कुल्लू-मनाली आ रहे हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बुधवार को कुल्लू पहुंचेंगे। 24 जून को मुख्यमंत्री सुबह 8:15 बजे गडकरी से मुलाकात करेंगे। 10:00 बजे गडकरी के साथ अटल टनल रोहतांग जाएंगे। 12:30 बजे गडकरी हिमाचल प्रदेश के लिए विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इसके अलावा निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर मुख्यमंत्री के साथ समीक्षा बैठक करेंगे।
कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के नए म्यूटेशन डेल्टा प्लस वैरिएंट के बारे में ICMR के वैज्ञानिक और जानकारी जुटा रहे हैं। एनआईवी पुणे में आईसीएमआर यह पता लगा की कोशिश कर रहा है कि क्या भारत बायोटेक की कोवैक्सीन नए स्ट्रेन को न्यूट्रलाइज कर सकती है या नहीं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रतिनिधि का कहना है कि वैक्सीन डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ काम करती है। स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बताया कि भारत में कोविशील्ड और कोवैक्सीन डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ प्रभावी हैं। उन्होंने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि डेल्टा वायरस पर अलग-अलग वैक्सीनों का क्या प्रभाव है इसके बारे में जानकारी उपलब्ध है और इसे जल्द साझा किया जाएगा। वहीं, हेल्थ एक्सपर्ट और वायरोलॉजिस्ट ने इस बात की ओर इशारा किया है कि डेल्टा प्लस वैरिएंट वैक्सीन और इन्फेक्शन इम्यूनिटी दोनों को चकमा दे सकता है। मैक्स हेल्थकेयर के इंटर्नल मेडिसिन के डायरेक्टर रोमेल टिक्कू ने कहा कि जो आंकड़े मौजूद हैं वो देखकर यही लगता है कि मोनोक्लोनल एंटीबॉडी ट्रीटमेंट डेल्टा स वैरिएंट के खिलाफ असरदार नहीं होगा। हालांकि, हमें इस दावे को और मजबूत करने के लिए और आंकड़ों की जरूरत है।
एक तरफ देश में कोरोना वैक्सीन को लेकर तरह-तरह की अफवाहें फैली हुई हैं, लोग इस डर में वैक्सीन नहीं लगवा रहे हैं कि कहीं बीमारी से ज्यादा परेशानी उन्हें वैक्सीन से न हो जाए। लेकिन कुछ लोग अपने साहस और समझदारी से बाकी लोगों के लिए प्रेरणा भी बन रहे हैं, ऐसी ही एक प्रेरणा दी है चाईबासा के गुलशन लोहार ने। चाईबासा के गुलशन लोहार के दोनों हाथ नहीं हैं। लेकिन उनमें हिम्मत इतनी है कि उन्होंने एक जागरूक नागरिक होने का उदाहरण पेश किया है। गुलशन लोहार के दोनों हाथ नहीं है इसलिए उन्होंने अपनी जांघ पर वैक्सीन लगवाई है। जिसे देखकर आसपास मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों ने भी उनकी तारीफ़ की है।
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। कठुआ जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने बुधवार को एक मादक पदार्थ तस्कर को मार गिराया। तस्कर से 135 करोड़ की हेरोइन बरामद की गई है। बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने बताया कि घटना सीमा चौकी (बीओपी) हीरानगर सेक्टर के पंसार क्षेत्र की है। बीएसएफ कर्मियों ने तस्कर को सीमा पार से भारतीय क्षेत्र में दाखिल होने की कोशिश करते देखा और तभी उसे चेतावनी दी लेकिन वह माना नहीं और वहां से भागने लगा। इसके बाद बीएसएफ के गोली चलानी पड़ी। तस्कर की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
Delhi registered seven deaths due to COVID-19 on Saturday, the lowest in over two months (since April 1). The national capital also saw 135 fresh cases of coronavirus infection as the positivity rate dipped to 0.18 per cent, data released by the state government said. The death count dipped to single digit for the first time since April 1, taking the number of total fatalities to 24,907. Delhi has been witnessing a fall in Covid numbers for the past few days. The city, on Friday, recorded 165 cases with a positivity rate of 0.22 per cent, while the death count had stood at 14. On Thursday, 158 cases with a positivity rate of 0.20 per cent, and 10 deaths were reported, indicating a significant fall in the count of daily fatalities due to the virus.
कोरोना की तीसरी लहर कई देशों में आ चुकी है। वहीं, भारत में इस तीसरी लहर के आने की प्रबल आशंका से निपटने के लिए कई राज्यों ने तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिए जानकारी देते हुए कहा कि दिल्ली में सरकार ने कोरोना कि तीसरी लहर से निपटने क लिए 5000 हेल्थ अस्टिटेंट तैयार करने की एक बहुत महत्त्वाकांक्षी योजना बनाई है। दिल्ली में 5000 युवाओं को 2-2 हफ़्ते की ट्रेनिंग दी जाएगी। युवाओं को ये ट्रेनिंग आईपी यूनिवर्सिटी दिलवाएगी और साथ ही सभी युवाओं को दिल्ली के 9 बड़े मेडिकल इंस्टीट्यूट में बेसिक ट्रेनिंग की सुविधा मिलेगी। इन युवाओं की ट्रेनिंग के बाद स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ेंगी और इन्हे दिल्ली के अलग अलग अस्पतालों मे जरूरत के हिसाब से भेजा जाएगा। सीएम केजरीवाल ने कहा कि ये 5000 हेल्थ अस्टिटेंट डॉक्टर और नर्स के अस्टिटेंट के रूप में काम करेंगे। 17 जून से इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है और 28 जून से इनकी ट्रेनिंग शुरू होगी। इसके लिए 12वीं कक्षा पास योग्य हैं।
कोरोना वैक्सीन निजी अस्पतालों को बेचने के मामले में पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिद्धू घिरते जा रहे हैं। मोहाली में धरने प्रदर्शन के बाद अकालियों ने मंगलवार को सिसवां में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अगुवाई खुद पार्टी के प्रधान एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल कर रहे थे। अकालियों की मांग थी कि सिद्धू को तुरंत प्रभाव से इस्तीफा देना चाहिए या फिर सरकार को खुद उन्हें बर्खास्त कर देना चाहिए। वहीं, गठबंधन के बाद पहली बार मंगलवार को शिरोमणि अकाली दल के साथ बहुजन समाज पार्टी के नेता भी एक मंच पर दिखे। प्रदर्शनकारियों ने सीएम आवास की तरफ बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शिरोमणि अकाली दल प्रधान सुखबीर बादल को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन के दौरान अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया, विरसा सिंह वल्टोहा समेत बसपा के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सुखबीर बादल ने कहा कि कैप्टन अपनी पूरी ताकत लगा लें तो भी इस तूफान को नहीं रोक सकते। टीकाकरण, फतेह किट से लेकर एससी स्कॉलरशिप तक में घोटाला हो रहा है। किसानों की जमीनें छीनी जा रही हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर निर्माण के लिए बनाए गए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर जमीन खरीद में लगे आरोपों पर संज्ञान लेते हुए पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने ट्रस्ट और जिला प्रशासन से इस मामले में विस्तृत जानकारी देने को कहा है। बता दें कि मामला प्रकाश में आने के बाद पूरे देश में चर्चा के केंद्र में आ गया। ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। इसे लेकर कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन भी किया। इस पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा कि करोड़ों लोगों ने आस्था और भक्ति के चलते भगवान के चरणों में चढ़ावा चढ़ाया। उस चंदे का दुरुपयोग अधर्म है, पाप है, उनकी आस्था का अपमान है। वहीं इस मुद्दे पर सियासी हमले तेज हो गए हैं। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है। विपक्षी दलों ने ट्रस्ट पर जनता का पैसा लुटाने का और हिंदुओं की भावनाओं से विश्वासघात करने का आरोप लगाया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सोमवार को कहा कि आरोप लगाने वाले सियासी लोग हैं। सियासत से प्रेरित होकर आरोप लगा रहे हैं। हकीकत तो यह है कि यह जमीन बाजार दर से कम कीमत पर खरीदी गई है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री व राज्य सभा सांसद मनीष सिसोदिया ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि ट्रस्ट द्वारा राम मंदिर के लिए खरीदी गई 12080 वर्ग मीटर जमीन में भाजपा नेताओं ने करोड़ों रुपयों के घोटाले किए है। उन्होंने कहा कि मजदूरों, किसानों, व्यापारियों ने अपनी बचत में से श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया, लेकिन दु:ख इस बात का है कि जमीन खरीद में घोटाला कर आस्था के साथ विश्वासघात किया गया है। वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री से इस मामले में जवाब मांगा है। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि वह मंदिर निर्माण के चंदे के रूप में प्राप्त राशि व खर्च का न्यायालय की निगरानी में ऑडिट करवाए तथा चंदे से खरीदी गई सारी जमीन की कीमत को लेकर भी जांच करे।
बाबा रामदेव ने डॉक्टरों को देवदूत भी बताया है। ऐलोपैथी बनाम आयुर्वेद की जंग के बीच बाबा रामदेव इन दिनों एक बार फिर चर्चा में है। योग गुरु ने कहा था कि उन्हें कोरोना वैक्सीन की जरूरत इसलिए नहीं है क्योंकि उनके पास योग और आयुर्वेद का संरक्षण है। गुरुवार को अपने पहले के बयानों से पलटी मारते हुए स्वामी रामदेव ने कहा कि बाबा रामदेव ने वैक्सीन को लेकर अपना मन बदल लिया है। पहले उन्होंने कहा था कि योग से उनका शरीर कोरोना से लड़ने में सक्षम बन गया है। लेकिन अब उन्होंने वैक्सीन लगवाने की सहमति दे दी है। वे कोरोना की वैक्सीन लगवाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने डॉक्टरों को देवदूत भी बताया। बाबा रामदेव ने कोरोना संक्रमण पर एलोपैथ की दवाइयों के साइड इफेक्ट को लेकर विवादित बयान दिया था, जिस पर बहस शुरू हो गई थी। मेडिकल सेक्टर के लोग बाबा रामदेव से नाराज हो गए थे। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 21 जून से सभी को मुफ्त कोरोना वैक्सीन लगेगी तो स्वामी रामदे ने कहा कि यह एक स्वागत योग्य कदम है, सभी को कोरोना वैक्सीन लगवानी चाहिए।
लॉकडाउन की वजह से अभी आने-जाने के साधन नहीं हैं। इसी बीच जालोर जिले के रानीवाड़ा थाना क्षेत्र में एक वृद्धा अपनी 5 साल की नातिन (दोहिती) के साथ पैदल ही अपने रिश्तेदार के घर मिलने के लिए निकली। करीब 12 किलोमीटर का सफर था। लेकिन दिन चढ़ने के साथ गर्मी तेज हुई। सूनसान कच्चे रास्ते में पानी नहीं मिलने से 5 साल की मासूम की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। वृद्धा भी तेज गर्मी में बेहाल होकर बेहोश हो गई। उधर से गुजर रहे एक युवक की नजर तपती रेत पर इन्हें निढाल पड़े देखा तो सरपंच को फोन किया मौके पर पुलिस पहुंची तथा वृद्धा को अस्पताल ले जाकर भर्ती करवाया। जहां उसका इलाज चल रहा हैं। पता चला कि सिरोही के रायपुर से चली नानी के साथ यह बालिका 9 घंटे के सफर में 7 किलोमीटर तक चलते-चलते इसलिए पस्त हो गई क्योंकि वीरान रेगिस्तान में न पानी मिला और न ही छांव। पानी की कमी ने मासूम को ज्यादा देर जिन्दा नहीं रहने दिया। जानकारी के अनुसार रानीवाड़ा तहसील अंतर्गत डूंगरी निवासी वृद्धासुखीदेवी का सिरोही जिले के मंडार के निकट रायपुर में पीहर है। सुखीदेवी अपनी 5 वर्षीय नातिन (दोहिती) के साथ पीहर गई थी। रविवार 6 जून को सुबह मौसम ठंडा देखकर पांच वर्षीय नातिन के साथ वह वापिस बहन के पास जाने के लिए पैदल ही घर से रवाना हो गई। करीब 10-12 किलोमीटर की दूरी तय कर ली थी, इस दौरान दोपहर में गर्मी तेज हो गई। वृद्धा के पास पानी की बोतल भी नहीं थी और जिस मार्ग से गुजर रही थी, वह रेतीला कच्चा मार्ग था। तेज गर्मी के कारण और पानी नहीं मिलने से वृद्धा और बच्ची को डिहाइड्रेशन की समस्या हो गई और दोनों बेहोश होकर गिर पड़े। काफी देर बाद उधर से गुजर रहे एक चरवाहे ने महिला को देखा तो सूरजवाड़ा सरपंच कृष्णकुमार पुरोहित को फोन किया। बाद में पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बच्ची का दम टूट चुका था। महिला को पुलिस ने पानी पिलाया और उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया।


















































