10 जुलाई को जिला एवं सत्र न्यायालय शिमला परिसर में लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिमला के सचिव रमनीक शर्मा ने इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में विभिन्न मामलों का निपटारा समझौते के आधार पर किया जाएगा। इस दौरान आपराधिक कंपाउंडेबल अपराध, एनआई एक्ट के मामले, धन वसूली के मामले तथा सड़क दुर्घटना क्लेम के मामले, श्रम विवाद के मामले, बिजली और पानी के बिल, वैवाहिक विवाद (तलाक को छोड़कर) भूमि अधिग्रहण के मामले, वेतन और भत्तों और सेवानिवृति से संबंधित मामलों की सुनवाई पर निपटारा किया जाएगा। कोई भी इच्छुक व्यक्ति यदि मामलों का निपटारा करवाना चाहता है तो वह 10 जुलाई से पूर्व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय शिमला में सादे कागज पर आवेदन कर सकता है। इस लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित मामले तथा प्री-लिटिगेशन मामलों की सुनवाई की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नम्बर 0177-2832808 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
शिमला ग्रामीण के गांव तलायल के लोग पिछले पांच दिनों से पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। यह गांव पंचायत मायली झेझड़(कालीहट्टी) के अंतर्गत आता है। पेयजल सप्लाई ठप होने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। ग्रामीण मुख्यमंत्री सेवा संकल्प योजना 1100 नम्बर पर भी शिकायत कर चुके हैं। लेकिन अभी समस्या ज्यों की त्यों है।स्थानीय लोगो ने जल्द समस्या को दूर करने की मांग की। स्थानीय निवासी प्रवीण, राजू, राजेन्द्र,इंद्र, विक्की, सुरेश, पप्पू, टेकचंद ने कहा कि हमने इस सम्बंध में जेई को भी शिकायत की थी लेकिन अभी तक समस्या का हल नही हो पाया। इससे ग्रामीणों को सड़क किनारे लगाए गए हैंडपंपों से गुजारा करना पड़ रहा है। हैंडपम्प से भी खारा पानी आता है जो पीने योग्य नही है। लोगों का कहना है कि पीने के लिये पानी के टैंकर खरीदने पड़ रहे हैं। हर मौसम में पेयजल की समस्या बनी रहती है। विभाग ग्रामीणों की समस्या को सुलझाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। उधर, विभाग के अधिशासी अभियंता आई.पी.एच ने कहा कि पंप हाउस में पंप खराब होने की वजह से पानी की सिप्लाई नियमित रूप से नहीं हो पा रही है। मंगलवार को खराब पंप ठीक कर दिया गया है तथा सभी लोगों को अब नियमित रूप से पानी दिया जाएगा। पानी की मांग को लेकर लोगों की शिकायत आई थी। पानी की समस्या का निपटारण कर दिया गया है।
कार्टन के दाम बढ़ाने और किसान बागवानों को मुआवजा न मिलने पर मंगलवार को जिला परिषद की मासिक बैठक में जिला परिषद सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। बैठक शुरू होते ही कांग्रेस के जिला परिषद सदस्य कौशल मुँगटा सदन के बीच में आकर धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस बीच ज़िला परिषद के अन्य सदस्यों ने भी उनका समर्थन किया और धरने पर बैठ गए, काफी देर तक सदस्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और उसके बाद बैठक की कार्यवाही से वाकआउट कर बाहर निकल गए। जिला परिषद के तहत बनाई गई उद्योग व बागवानी कमेटी के अध्यक्ष कौशल मुंगटा ने कहा कि सरकार बागवानों की अनदेखी कर रही है। पहले जहाँ बेमौसमी ओलावृष्टि और बर्फबारी से नुकसान हुआ था उसका मुआवजा अभी तक नही मिला वहीं अब सेब सीजन शुरू होते ही सरकार ने बागवानों को राहत देने के बजाय उनकी मुश्किलें बढ़ा दी है। कार्टन के दामो में 25 रुपए तक बढ़ोतरी कर दी है, जिससे बागवानों पर इसका अतिरिक्त बोझ पढ़ने वाला है। इसको लेकर कई बार जिला उपायुक्त ओर सरकार के ध्यान में ये मामला लाया गया लेकिन सरकार इसको लेकर गंभीर नही है। उन्होंने कहा कि बागवानी का प्रदेश की आर्थिकी में बहुत बड़ा योगदान है ऐसे में सरकार का बागवानों को अनदेखा करने का रवैया किसी भी सूरत में बर्दाश्त नही किया जाएगा।उन्होंने कहा कि यदि कार्टन के दाम कम नहीं हुए और मुआवजा किसानों और बाग़वानों को नहीं मिला तो वो कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देंगे।वहीं अन्य सदस्यों ने भी सरकार से कार्टन के दाम कम करने और बागवानों को जल्द मुआवजा देने की मांग की। वंही, जिला परिषद उपाध्यक्ष सुरेंद्र रेटका ने कहा कि आज जिला परिषद की बैठक बुलाई गई थी। लेकिन बैठक में कोरम पूरा नही हो पाया। सदस्यों ने कार्टन के दाम कम करने और मुआवजा देने को लेकर धरना प्रदर्शन किया और इस मामले को लेकर जिला परिषद जिला उपायुक्त के माध्यम से सरकार से दामों को कम करने की मांग करेगी। उन्होंने कहा कि शिमला सेब बहुल जिला है। लेकिन इस बार ओलावृष्टि और बर्फबारी के चलते काफी नुकसान हुआ है और सरकार की ओर से कोई भी राहत बागवानों को नहीं दी गई है।
भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने ट्विटर एवं फेसबुक के माध्यम से अपनी बूट पोलिश अभियान की कुछ यादें सांझा की है। विदेश में अगर कभी भी किसी भारतीय को कोई समस्या आती है तो वह या उसके परिजन सांसद अविनाश राय खन्ना को याद करना नहीं भूलते। सांसद खन्ना राजनीति के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों का हमेशा निर्वाह करते हैं। चाहे पाकिस्तान जेल में बंद चमेल सिंह हो या सरबजीत, दोनों के मुद्दों पर सांसद खन्ना ने हमेशा ही आवाज बुलंद की। सरबजीत का मामला सदन में पहली बार अविनाश राय खन्ना ने ही उठाया था और चमेल सिंह के शव को भारत लाने में सबसे बड़ा योगदान भी इन्हीं का था। प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने बूट पॉलिश अभियान चलाकर सड़क बनवाई वे लोगों से जुड़े मुद्दों को समय-समय पर उठाते रहे हैं। वर्ष 2002 में जब वे गढ़शंकर विधानसभा से चुनाव जीत कर आए तो विधानसभा में उन्होंने होशियारपुर- गढ़शंकर मार्ग को ठीक करने के लिए आवाज़ उठाई लेकिन सरकार ने यह कह कर सड़क बनाने से इनकार कर दिया कि फंड नहीं है। तब अविनाश राय खन्ना ने कहा कि फंड वे लाकर देंगे आप सड़क बनवाओ। खन्ना ने गढ़शंकर में लगातार 13 दिन बूट पालिश अभियान चलाया और सरकार पर दबाव डाल सड़क का निर्माण कार्य करवाया। राजनीतिक में खन्ना ने न सिर्फ जन मुद्दों को सुलझाया बल्कि एक ईमानदार राजनीतिज्ञ के तौर पर भी पहचान बनाई। दो बार विधानसभा चुनाव व एक बार लोकसभा चुनाव के बाद जो फंड चुनाव के लिए एकत्र हुआ था उसमें से बची राशि को भी पार्टी फंड में जमा करवा दिया था। जनता के साथ जुड़े रहने के लिए उन्होंने एक रात जनता के साथ अभियान चलाया। जिस दौरान वे गांव में जाते और 24 घंटे वहीं व्यतीत कर उनकी समस्याएं सुनते थे। भारतीय कैदियों, जो सजा पूरी होने के बाद भी पाकिस्तान की जेल में बंद थे, उनकी वापसी के लिए भी खन्ना सदन में लगातार आवाज़ उठाते रहे हैं। इसके अलावा सांसद खन्ना ने ऐसे लोगों, जिनकी विदेश में मौत हुई है, उनके शव को भारत सरकार के खर्चे पर उनके घर तक पहुंचाया है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जिला सिरमौर के शिलाई उप-मंडल के अंतर्गत पशोग गांव में सोमावार सायं हुई सड़क दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया है, जिसमें नौ लोगों की मृत्यु होने की सूचना प्राप्त हुई है ,और तीन लोग घायल हुए हैं। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शान्ति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। उन्होंने जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने तथा घायलों को बेहतर उपचार सुविधा प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने सिरमौर जिले के शिलाई अनुमंडल के अंतर्गत पशोग गांव में सोमवार शाम हुए सड़क हादसे पर दुख व्यक्त किया है, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई है जबकि तीन घायल हो गए हैं। भजापा प्रदेश अध्यक्ष ने शोक संतप्त परिवार के सदस्यों के साथ अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की है और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं को इस दुर्घटना में प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने और घायलों को सर्वोत्तम स्वास्थ्य देखभाल उपचार प्रदान करने को कहा है।
उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा है कि हिमफैड के जिला सोलन के परवाणू में स्थापित कंट्री लिक्कर बाॅटलिंग संयंत्र को स्थानान्तरित नहीं किया जाएगा और इसका संचालन हिमाचल प्रदेश सामान्य उद्योग निगम द्वारा ही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संयंत्र के बेहतर क्रियान्वयन के लिए कार्य योजना बनाई जाएगी। उन्होंने आज हिमफैड और हिमाचल प्रदेश सामान्य उद्योग निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की। उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए प्रयासरत है तथा निगमों और बोर्डों के कर्मचारियों व अधिकारियों के हितों की रक्षा के लिए वचनबद्ध है। बैठक में हिमफैड के अध्यक्ष गणेश दत्त और निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर और हिमाचल प्रदेश के मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति एल. नारायण स्वामी की उपस्थिति में आज यहां राजभवन में हिमाचल प्रदेश पुलिस और हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के मध्य एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया। पुलिस महानिदेशक संजय कुण्डू ने हिमाचल प्रदेश पुलिस जबकि कुलपति डाॅ. निष्ठा जसवाल ने हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की ओर से समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता ज्ञापन पुलिसकर्मियों को कानूनी मुद्दों पर उनके ज्ञानवर्द्धन और न्यायालय के फैसलों को समझने में सहायक सिद्ध होगा। यह सहयोग अनुसंधान, विकासात्मक गतिविधियों और प्रशिक्षण पर आधारित होगा, जिसमें न केवल विद्यार्थी व संकाय बल्कि पुलिस अधिकारी भी शामिल होंगे। पुलिस-विधि इंटरेक्शन मंच के अन्तर्गत इस समझौता ज्ञापन के उद्देश्य की पूर्ति होगी। इस समझौता ज्ञापन के अंतर्गत दोनों सहयोगी निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे। समझौता ज्ञापन के अंतर्गत, समान मुद्दों पर संयुक्त सहभागिता के तौर पर प्रदेश पुलिस और राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय द्वारा नियमित शैक्षणिक सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। विद्यार्थियों को पुलिस विभाग की इकाइयों में इन्टर्नशिप प्रदान की जाएगी। प्रदेश पुलिस इन विद्यार्थियों के लिए पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों, प्रदेश फोरेंसिक साईंस प्रयोगशालाओं, कारागारों, प्रदेश विधि सेवा प्राधिकरण और पुलिस की अन्य विशेषज्ञ इकाइयों में इन्टर्नशिप के दौरान प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित करवाएगी। राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय पुलिस अधिकारियों के लिए विधिक मुद्दों और अन्वेषण से सम्बन्धित न्यायालयों के निर्णयों, अभियोजन और कानून की व्याख्या से सम्बन्धित प्रशिक्षण प्रदान करेगा। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि पुलिस-लाॅ इंटरएक्शन फोरम समझौता ज्ञापन भविष्य में विधि विश्वविद्यालय के संकायों, शोधकर्ताओं व विद्यार्थियों तथा पुलिस कर्मियों के मध्य वैधिक मामलों पर एक संस्थागत व्यवस्था स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि समय के साथ कानूनों में कई बदलाव हो रहे हैं और कई ऐसे निर्णय लिए जा रहे हैं जो पुलिसकर्मियों के साथ-साथ वैधिक विशेषज्ञों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को भी यह समझने का मौका मिलेगा कि पुलिस अटैचमेंट में काम करके कानून को कैसे अमल में लाया गया। उन्होंने कहा कि यह समझौता ज्ञापन नई मानसिकता के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह समझौता ज्ञापन हिमाचल प्रदेश पुलिस और विद्यार्थियों, विभिन्न संकायों, हिमाचल प्रदेश विधि विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के बीच संस्थागत संचार का प्रभावी माध्यम साबित होगा। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व हिमाचल पुलिस ने आईआईटी मण्डी के साथ भी समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया था, जिसके सार्थक परिणाम आए हैं। आईआईटी मण्डी के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित करने के परिणामस्वरूप हिमाचल पुलिस ने कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने, यातायात प्रबन्धन और महिलाओं के विरुद्ध अपराध रोकने के लिए भावीसूचक रणनीति को अपनाया है।
क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता प्रदान करते हुए उनके पुनर्वास और संशय को दूर करते हुए स्मार्ट सिटी के तहत ढली में बनने वाली समानांतर सुरंग निर्माण का कार्य आरम्भ किया जाए। शहरी, विकास, आवास, नगर नियोजन, संसदीय कार्य, विधि एवं सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज नगर निगम सदन के लिए सुरंग के निर्माण के संबंध में होटल होलीडे होम में आयोजित कार्यक्रम में यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि यदि टनल के ऊपर या आसपास रहने वाले लोगों को सुरंग निर्माण से कोई टूट-फूट या खतरा होता है तो उसको दूर करना ठेकेदार एवं विभाग की जिम्मेदारी होगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में स्मार्ट सिटी के तहत भी प्रावधान किया जाएगा ताकि लोगों के डर को दूर किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस संबंध में स्मार्ट सिटी के तहत भी निर्देश जारी किए जाएंगे। शिमला को आकर्षक और अधिक सुदंर बनाने, पर्यावरण को बचाने और यातायात से निजात पाने के लिए ढली में राजमार्ग समानांतर सुरंग अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। स्मार्ट सिटी के तहत अन्य कार्यों के साथ क्षेत्र में बनने वाली यह सुरंग मील का पत्थर साबित होगी। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के पार्षद राजेन्द्र चैहान ने लोगों के संशय और कार्य प्रारम्भ होने के उपरांत आने वाली असुविधा के संबंध में प्रश्न पूछें। लोगों को सुविधा प्रदान करने के लिए कम्पनी द्वारा किए जाने वाले कार्यों के प्रति जानकारी प्राप्त की। पूर्व उप-महापौर राकेश शर्मा ने सुरंग की मजबूती के संबंध में, पार्षद कमलेश मेहता ने लोगों को होेने वाले नुकसान की भरपाई के संबंध में प्रश्न पूछा, जबकि पार्षद विवेक शर्मा ने डम्पिंग साइड और अन्य समस्याओं के संबंध में तथा पार्षद डाॅ. किमी सूद ने विभिन्न अन्य सुरंगों के निर्माण के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया और कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर अधीक्षक अभियंता आर.के. श्रीधर, आयुक्त नगर निगम आशीष कोहली, उप-महापौर शैलेन्द्र चैहान, सभी पार्षदगण और जिला उपाध्यक्ष संजय कालिया उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने देश के लिए कोविड-19 पर केंद्रित राहत पैकेज की घोषणा करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय वित्त और काॅरपोरेट मामलों के राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर का धन्यवाद किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 से प्रभावित क्षेत्रों के लिए 1.1 लाख करोड़ रुपये की ऋण गारंटी योजना का पैकेज महामारी से बुरी तरह प्रभावित अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने की दिशा में नई गति प्रदान करेगा। इसमें से केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए 50,000 करोड़ रुपये और अन्य क्षेत्रों को 60,000 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि सूक्ष्म वित्तीय संस्थानों के माध्यम से छोटे कर्जदारों को ऋण प्रदान करने के लिए शुरू की गई नई क्रेडिट गारंटी योजना व्यक्गित रूप से और छोटे उद्यमियों को सहायता प्रदान करने में एक बड़ा कदम साबित होगी। इस योजना के अंतर्गत किसी व्यक्ति को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित दो प्रतिशत से कम ब्याज दर पर अधिकतम 1.25 लाख रुपये का ऋण मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि सौ प्रतिशत गारंटी ऋण के साथ पर्यटन को पुनर्जीवित करने की नई योजना से होटल व्यवसायियों को अपना व्यवसाय सुचारू रूप से चलाने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि 11,000 से अधिक पंजीकृत पर्यटक गाइडों, यात्रा और पर्यटन हितधारकों को वित्तीय सहायता से भी युवाओं को स्वरोजगार उद्यम शुरू करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना को 30 जून 2021 से 31 मार्च 2022 तक बढ़ाने के लिए भी केंद्र सरकार का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि लगभग 80,000 प्रतिष्ठानों के 21.4 लाख से अधिक लोग पहले ही योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। जय राम ठाकुर ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मई से नवंबर 2021 तक गरीबों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया, जो महामारी की इस संकट भरी घड़ी में गरीब जरूरतमंदों की मदद करने में एक लंबा रास्ता तय करेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत गरीबों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराने पर लगभग 2.28 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए 23,220 करोड़ रुपये आवंटित करने के लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद किया, जिसमें शिशु एवं बाल देखभाल पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस योजना में मानव संसाधन वृद्धि के लिए मेडिकल विद्यार्थियों, नर्सों, आईसीयू बिस्तर, एम्बुलेंस, ऑक्सीजन की आपूर्ति, उपकरण और दवाओं जैसे बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा।
भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल ने बताया कि भाजपा की सेमी वर्चुअल प्रदेश कार्यसमिति बैठक 30 जून बुधवार को होने जा रही है, बैठक भाजपा प्रदेश कार्यालय दीप कमल चक्कर के साथ सभी 17 संगठनात्मक जिलों के मुख्यालयों में सेमी वर्चुअल माध्यम से सभी आमंत्रित सदस्यगण भाग लेंगे, इसके अतिरिक्त विधायकगण, मंत्रीगण, ज़िला प्रभारी, सह प्रभारी , जिला एवं मंडल अध्यक्षों के साथ चयनीत स्थानों पर एकत्रित हो कर इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि सभी जिला केंद्रों पर सदस्यगण प्रातः 10:30 बजे एकत्रित होंगे और प्रदेश कार्यालय दीप कमल चक्कर में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप का आगमन प्रातः 10:55 पर होगा। उन्होंने बताया की प्रदेश कार्यसमिति बैठक में कुल 4 सत्र होंगे । प्रथम सत्र को प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप संबोधित करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी कार्य समिति के सदस्यों को भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं हिमाचल पंजाब हरियाणा चंडीगढ़ के प्रभारी सौदान सिंह, भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, प्रदेश सह प्रभारी संजय टंडन, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, केंद्रीय राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार एवं प्रो प्रेम कुमार धूमल वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे। बैठक का समापन शाम 5:30 बजे होगा। उन्होंने बताया की प्रदेश कार्यसमिति के माध्यम से आगामी कार्यक्रमों के बारे में विस्तृत चर्चा की जाएगी और कार्यकर्ताओं को अनेकों विषयों के बारे में मुख्य वक्ताओं द्वारा संबोधित किया जाएगा।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि उसे प्रदेश की नही, चुनावों में सत्ता की ज्यादा चिंता है। भाजपा प्रदेश की समस्याओं, बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी पर कोई मंथन नही कर रही है। राठौर ने धर्मशाला में आयोजित भाजपा के दो दिवसीय बैठक को हनीमून ट्रिप की संज्ञा देते हुए कहा है कि भाजपा पिछले चार सालों से हनीमून ही मना रही है और प्रदेश की समस्याओं को दूर करने में उसकी कोई रुचि नही है। उन्होंने कहा है कि पिछले दिनों शिमला में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर में भी भाजपा की बैठक अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर ही रही और धर्मशाला में भी यह चुनावी राजनीति तक ही सीमित रही है। उन्होंने कहा कि देश प्रदेश में कोविड के चलते प्रदेश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चौपट होकर रह गई है। प्रदेश गंभीर चुनोतियों से गुज़र रहा है। सत्ता पर बेठी भाजपा इन चुनोतियों को दूर करने व लोगों की समस्याओं को दूर करने के बारे में कोई भी बैठक या मंथन आज दिन तक जयराम सरकार ने नही किया है। राठौर ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वह अपने राजनैतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार का जनकल्याण से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा है कि भाजपा नेता आपदा में अवसरों का पूरा लाभ उठा रहे है। राठौर ने कहा है कि इन दिनों अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा के नेताओं का मानसिक संतुलन बिगड़ता जा रहा है। शासन और प्रशासन के बीच दूरियां बढ़ती जा रही है। मंत्री अधिकारियों को डराने का प्रयास कर रहें है। अपनी विफलताओं का ठीकरा अधिकारियों पर फोड़ा जा रहा है। राठौर ने भाजपा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि वह प्रशासन पर किसी भी प्रकार का अनैतिक दवाब बनाने का प्रयास न करें और न ही उन्हें डराने की कोशिश करें।
बहु-उद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा मंत्री सुख राम चैधरी ने पीएम केयर्स फंड के अन्तर्गत 28 पीएसए संयंत्र प्राप्त करने के लिए मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कुल स्वीकृत पीएसए संयंत्रों में से दो संयंत्र सिरमौर जिला के लिए स्वीकृत किए हैं। सुखराम चैधरी ने कहा कि सिरमौर जिले में एक पीएसए संयंत्र डाॅ. यशवंत सिंह परमार आयुर्विज्ञान महाविद्यालय नाहन जबकि दूसरा नागरिक अस्पताल पांवटा साहिब के लिए स्वीकृत किया गया है। इन दोनों संयंत्रों की क्षमता 1000 लीटर प्रति मिनट होगी। इससे वर्तमान में कोविड महामारी से उत्पन्न चुनौती के समय प्रदेशवासियों विशेषकर सिरमौर जिले के लोगों को बहुत सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने हमेशा प्रदेशवासियों की आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील रहे हैं और वर्तमान कोविड-19 के संकट में उन्होंने समय-समय पर केन्द्र सरकार के समक्ष प्रदेश हित के विभिन्न मुद्दों को उठाया है। यह प्रदेशवासियों की सेवा के लिए उनके समर्पण और ईमानदार प्रयासों से ही संभव हुआ है कि महामारी के इस दौर में केन्द्र ने राज्य को हर संभव सहायता उपलब्ध करवाई है। मंत्री ने कहा कि प्रदेश में ऑक्सीजन क्षमता में वृद्धि के दृष्टिगत केन्द्र सरकार से 28 पीएसए संयंत्रों की स्वीकृति एक बड़ी उपलब्धि है, जिसका श्रेय मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के प्रयासों को जाता है। उन्होंने प्रदेश के लिए इन पीएसए संयंत्रों की स्वीकृति के लिए केन्द्र सरकार का भी आभार व्यक्त किया है।
राज्य के स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में अभी तक डेल्टा प्लस स्ट्रेन का कोई मामला सामने नहीं आया है, हालांकि दूसरी लहर में मृत्यु दर में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश से कोविड-19 के पाॅजिटिव मामलों के परीक्षण के लिए 1113 सैंपल राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), दिल्ली को भेजे गए थे। प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, 109 नमूनों में यूके स्ट्रेन की उपस्थिति देखी गई है जबकि आठ सैंपल ने कापा स्ट्रेन के लिए पाॅजिटिव और 76 सैंपल डेल्टा स्ट्रेन के लिए पाॅजिटिव पाए गए हैं। हालांकि, राज्य में अभी तक डेल्टा प्लस स्ट्रेन का कोई मामला सामने नहीं आया है। प्रवक्ता ने कहा कि कोविड महामारी की दूसरी लहर में पहली लहर की तुलना में 1493 अधिक लोगों की मृत्यु हुई है। पहली लहर में मामलों की संख्या 58,403 थी, जो दूसरी लहर में 27 जून, 2021 तक 143262 हो गए। दूसरी लहर में पाॅजिटिविटी दर भी दोगुनी से अधिक हो गई। दूसरी लहर में 2475 मौतें हुई हैं, जबकि पहली लहर के दौरान केवल 982 मौतें हुई थीं। उन्होंने कहा कि दूसरी लहर में मृत्यु दर 1.68 से बढ़कर 1.72 हो गई, जबकि पाॅजिटिविटी दर भी पहली लहर की तुलना में दोगुनी हुई। पहली लहर में 5.48 की पाॅजिटिविटी दर देखी गई जो दूसरी लहर में बढ़कर 10.73 हो गई।
कोरोना महामारी के बीच NSUI ने प्रदेश सरकार द्वारा 28 और 29 जून को लगाई जा रहे कोरोना के टीकाकरण अभियान के बाद यूजी के अंतिम सत्र की परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग की है। NSUI के राज्य महासचिव यासीन बट्ट ने बताया कि 28 और 29 जून को टीकाकरण करवाया जा रहा है जिसके चलते कम से कम 3-4 शरीर मे दर्द रहता है, ऐसे में विद्यार्थी एक जून को परीक्षाएं देने में समर्थ है।इसी बाबत उन्होंने अंतिम सत्र की डेटशीट स्थगित करने की बात कही है। इस मौके पर NSUI राज्य महासचिव यासीन बट्ट, विश्व विद्यालय उपाध्यक्ष बबिता पोजटा, अंकुश व आशीष विशेष तौर पर उपस्थित रहे।
जिला में सेब सीज़न के सुचारू संचालन व बागवानों को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से सभी सम्बद्ध विभाग समन्वय स्थापित कर कार्य करें। शहरी, विकास, आवास, नगर नियोजन, संसदीय कार्य, विधि एवं सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने सेब सीजन की तैयारियों की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जिला में 1 करोड़ 98 लाख 94 हजार से अधिक पेटी सेब होने का अनुमान है, जिसे मण्डियों तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त वाहन सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में अधिकारी अपने क्षेत्र के बागवानों, ट्रक तथा पिकअप ऑपरेटरों यूनियन से समन्वय स्थापित कर भाड़ा निर्धारित करना सुनिश्चित करें। अधिकारी यह भी सुनिश्चित करें कि कोई निर्धारित मूल्यों से अधिक भाड़ा न वसूले तथा किसानों और बागवानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सुनिश्चित की गई मात्रा दर को अखबार के माध्यम से विज्ञापित करना सुनिश्चित करें। साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से व्यापक जानकारी बागवानों को प्रदान करें। इसके अतिरिक्त भाड़ा दरों को नियंत्रण कक्ष, नोटिस बोर्ड तथा मुख्य स्थानों पर प्रदर्शित करें। उन्होंने कहा कि सेब सीजन के दौरान सड़कों का विशेष रूप से विभाग ध्यान रखे, जिससे कि लोगों को अपनी फसल को समय से मण्डियों में पहुंचाया जा सके। उन्होंने टिक्कर से खमाड़ी सड़क की स्थिति को सही करने के विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। इस क्षेत्र में जिला शिमला का अधिकतर सेब मण्डियों में जाता है इसलिए बागवानों तथा किसानों को किसी भी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए समयावधि में विभाग के अधिकारियों को सड़क को सुधारने के दिशा-निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बागवानों की सुविधा के लिए इस वर्ष लगभग 2 करोड़ करेटों की उपलब्धता दी जाएगी। प्रौयोगिक तौर पर इसकी सफलता के उपरांत आने वाले समय में बागवानों को इस सुविधा से मण्डियों तक सेब भेजने में सुगमता होगी। कोविड-19 नियमों के तहत सेब सीजन के दौरान मानक संचालन की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए उपमण्डलाधिकारी इस संबंध में अपने-अपने क्षेत्र में बैठक करें और बाहर से आने वाली लेबर की जांच, टीकाकरण व अन्य सलाहों की अनुपालना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस दौरान सैनेटाइजेशन और स्वच्छता के प्रति विभिन्न मण्डियों में एपीएमसी के अतिरिक्त स्थानीय प्रशासन भी गंभीरता से कार्य करें। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वालो श्रमिकों के संबंध में उपमण्डलाधिकारी को सूचित किया जाना आवश्यक है ताकि श्रमिकों की निगरानी, टीकाकरण व अन्य जांच सुनिश्चित की जा सके। इस अवसर पर उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने बैठक के दौरान जारी किए गए दिशा-निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के प्रति विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि सेब सीजन को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रत्येक विभाग सक्रिय रूप से कार्य करेगा। प्रबंध निदेशक एचपीएमसी राजेश्वर गोयल, प्रबंध निदेशक हिमफैड के.के. शर्मा, पुलिस अधीक्षक मोहित चावला, उपमण्डलाधिकारी, मुख्य अभियंता, अधिशाषी अभियंता, अधीक्षण अभियंता तथा बागवान, आढ़ती संघ के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्राॅस सोसायटी के तत्वाधान में प्रदेश में इस वर्ष जुलाई माह के तीसरे सप्ताह में एक विशाल पौधरोपण अभियान आयोजित किया जाएगा। जिसके अन्तर्गत लगभग एक लाख पौधे रोपित किए जाएंगे। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने आज यहां एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। राज्यपाल ने कहा कि कोरोना महामारी के दृष्टिगत लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति अधिक भावना पैदा हुई है जिसे साकार करने की आवश्यकता है। इस प्रकार के अभियान नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए और पौधों की देखभाल के हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि इन अभियानों में विद्यार्थियों, महिला मण्डलों और गैर-सरकारी संगठनों को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने वन विभाग को भविष्य में भी रेडक्राॅस और अन्य विभागों के समन्वय से इस प्रकार के आयोजन करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने फल और औषधीय पौधों के पौधरोपण पर विशेष बल दिया। राज्य रेडक्राॅस अस्पताल कल्याण शाखा की अध्यक्षा डाॅ. साधना ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण रेडक्राॅस कुछ समय से पौधरोपण जैसे अभियानों और रेडक्राॅस मेलों के आयोजन नहीं कर पाया है लेकिन इस महामारी के समाप्त होते ही इन गतिविधियों को विस्तृत रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस महामारी के दौरान रेडक्राॅस ने जिला स्तर पर बेहतर काम किया है। उन्होंने अपील की है कि अधिक से अधिक लोगों को इस कार्य से जोड़ा जाए और उन्हें इस प्रकार की गतिविधियों से अवगत करवाया जाए। उन्होंने विशेष रूप से जमीनी स्तर के लोगों को पौधरोपण अभियान से जोड़ने का सुझाव दिया। प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन डाॅ. सविता ने पौधरोपण गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।इस अवसर पर प्रदेश के सभी जिलों के उपायुक्तों और उप-मण्डलाधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा की गई। राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर ने पौधरोपण अभियान की रूपरेखा से अवगत करवाया।
वक्त की मार ने एक दृष्टिबाधित एवं मनोरोगी बुजुर्ग महिला स्वर्णा देवी के पास सब कुछ होते हुए भी दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर कर दिया है। पति की मौत के बाद 10 बीघा जमीन, 4 कमरों का मकान, दो भाइयों और माँ के जीवित होने के बावजूद वह दो वक्त की रोटी के लिए मोहताज है। 'बेहद जर्जर और असुरक्षित हो चुके मकान में रह रही इस बेसहारा बुजुर्ग महिला के पास शौचालय ,पेयजल और रसोई गैस जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं। घर के चारों तरफ गंदगी और झाड़ियां दिखती हैं। वह नर्क से बदतर जीवन जीने पर मजबूर है। बता दें कि यह बेसहारा बुजुर्ग महिला नारकंडा के नजदीक जादौण पंचायत के गांव बटाड़ा की स्वर्णा देवी (60) है। उनके पति मंगतराम की 30 साल पहले हुई मृत्यु से वह उभरी भी न थी कि इकलौते बेटे की भी मौत हो गई। उन्होंने राजकीय प्राथमिक विद्यालय क्यारा में अंशकालिक जलवाहक के पद पर भी सेवाएं दी। लेकिन सदमे ने उनका मानसिक संतुलन कमजोर कर दिया और वक्त के साथ नजर भी काफी हद तक जाती रही। शायद यही कारण था कि विद्यालय ने उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं। अब उन्हें सिर्फ विधवा पेंशन का सहारा है। बिजली बिल का भुगतान न होने के कारण बिजली विभाग ने उनके जर्जर हो चुके मकान का कनेक्शन काट दिया। अब वहां अंधेरा पसरा रहता है। वह अपना खाना खुद नहीं बना सकतीं। दो वक्त पेट भरने के लिए पड़ोसियों पर निर्भर रहना पड़ता है। उनके भाई का कहना है कि वह स्वर्णा देवी को अपने पास लाए भी थे। लेकिन मानसिक संतुलन ठीक न होने के कारण वह परिवार में एडजस्ट नहीं हो सकीं। दस दिन पहले प्रो. अजय श्रीवास्तव ने शिमला जिला प्रशासन से स्वर्णा देवी को रेस्क्यू कराने और वृद्ध आश्रम में भेजने का अनुरोध किया था। इसके बाद कुमारसेन के तहसील कल्याण अधिकारी को मौके पर छानबीन के लिए भेजा गया। उन्होंने अपनी रिपोर्ट भी शिमला भेज दी। लेकिन रिपोर्ट के कागज कहीं फाइलों में उलझे रह गए और बुजुर्ग महिला किस तरह वक्त की मार झेल रही है, इसका अंदाज़ा इन तस्वीरों से लगाया जा सकता है।
केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज पूर्वी लद्दाख के कुन्गयाम से देश के आठ राज्यों में सीमा सड़क संगठन द्वारा निर्मित 63 पुलों का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया, जिनमें से तीन पुल हिमाचल प्रदेश में स्थित हैं। इस अवसर पर लोगों को सम्बोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने देश के सीमावर्ती क्षेत्रों को सड़क सुविधा से जोड़ने में सीमा सड़क संगठन की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए बेहतर सड़क सम्पर्क सुविधा महत्त्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सीमावर्ती राज्यों में पुलों को समर्पित करने के लिए केन्द्रीय रक्षा मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के लिए समर्पित तीनों पुल महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे राज्य के दुर्गम क्षेत्रों को सम्पर्क सुविधा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि पवारी-पूह सड़क पर 4.27 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 40 मीटर लम्बा पांगी पुल वर्षभर सम्पर्क सुविधा प्रदान करेगा और सैनिकों का मनोबल बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि किरण खड्ड पर 5.55 करोड़ रुपये की लागत से पुल का निर्माण किया गया है। यह पुल सम्पर्क सुविधा सुनिश्चित करने के साथ-साथ सैनिकों के लिए विभिन्न सामग्री की निर्बाध आपूर्ति करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह पुल क्षेत्र में कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ सामाजिक व आर्थिक विकास में भी सहायक सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूह-कौरिक सड़क पर 2.16 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 30 मीटर लम्बा टाइटन पुल सीमावर्ती क्षेत्र में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। यह सड़क भारत व चीन सीमा पर तैनात सैनिकों के लिए जीवन रेखा का काम करती है। महानिदेशक सीमा सड़क संगठन, लै. जनरल राजीव चैधरी ने केन्द्रीय रक्षा मंत्री और अन्य गणमान्यों का स्वागत किया और सीमा सड़क संगठन द्वारा निष्पादित विभिन्न परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। लै. गवर्नर आर.के.माथुर केन्द्रीय रक्षा मंत्री के साथ मौजूद थे जबकि उत्तराखण्ड, अरूणाचल प्रदेश, सिक्किम और नागालैंड के मुख्यमंत्रियों ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में भाग लिया।
कुछ माह पहले प्रदेश युवा कांग्रेस के नए अध्यक्ष का चुनाव हुआ था। चुनाव में पूर्व अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू के करीबी समझे जाने वाले निगम भंडारी प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष चुने गए और निगम भंडारी से हारने वाले युवा नेता थे यदुपति ठाकुर, जिन्हें वीरभद्र गुट का माना जाता है। तब संतुलन बनाये रखने के लिए कांग्रेस ने नया फॉर्मूला ईजाद किया था, चुनाव हारने के बाद भी यदुपति को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया। अब फिर युवा कांग्रेस के ये दोनों नेता चर्चा में है, और कारण है मंडी संसदीय उप चुनाव के लिए उनकी दावेदारी। दोनों नेताओं के समर्थक सोशल मीडिया पर खूब सक्रिय है और अपने -अपने नेता के लिए टिकट की मांग कर रहे है। टिकट आवंटन पर आखिरी फैसला तो पार्टी हाईकमान को ही लेना है पर इन दोनों युवा नेताओं की तरफ से प्रयास जारी है। फिलवक्त टिकट की ये यह जंग सोशल मीडिया पीछे चल रही है। निगम भंडारी इस मसले पर खुल कर कह भी चुके है की अगर हाईकमान चाहे तो वो चुनाव लड़ने के लिए तैयार है, हालाँकि यदुपति ठाकुर ने चुनाव लड़ने को लेकर खुद कुछ नहीं कहा, पर उनके समर्थक लगातार उनके लिए टिकट मांग रहे है। दिलचस्प बात तो ये है की जहां युवा कांग्रेस के नेता चुनाव लड़ने के लिए इतने उत्सुक दिख रहे है वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के बड़े नेता टिकट की दावेदारी से भागते दिख रहे हैं। अब क्या कांग्रेस किसी वरिष्ठ नेता को मैदान में उतारती है, पिछले चुनाव लड़े आश्रय पर भरोसा जताती है या फिर इन दोनों युवाओं में से किसी एक को आगे लाती है, ये देखना दिलचस्प होगा। रजत का दावा, क्या गंभीरता से लेगी भाजपा भाजपा की ओर से मंडी संसदीय उप चुनाव के लिए टिकट की दावेदारी एक पीएटी अध्यापक ने जताई है। प्राथमिक अध्यापक रजत शर्मा एबीवीपी और संघ के कार्यकर्ता रह चुके है। इसी हैसियत से रजत शर्मा ने भाजपा से टिकट की दावेदारी जताई है। रजत ने बीते दिन शिमला में पत्रकार वार्ता कर अपना दावा रखा। हालांकि भाजपा से कई दमदार चेहरे टिकट के प्रत्याशी माने जा रहे है। ऐसे में रजत के दावे को पार्टी कितना गंभीरता से लेगी, ये देखना रोचक होगा।
हिमाचल प्रदेश में 34 विभागों की 248 सेवाएँ लोकसेवा गारंटी एक्ट के दायरे में है। हाल ही में स्वर्णिम हिमाचल दृष्टि पत्र-2017 के कार्यान्वयन के लिए गठित मंत्रिमंडल की उप-समिति की बैठक में लोक सेवा गारंटी एक्ट को और क्रियाशील बनाने की हिदायत दी गई। संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत 34 विभागों द्वारा 248 जन सेवाएं अधिसूचित की जा चुकी हैं। ये सेवाएं समयबद्ध रूप से लोगों को उपलब्ध करवाई जा रही हैं। हर विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली जन सेवा के लिए समय अवधि निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि 248 जन सेवाओं में से 110 सेवाएं ऑनलाइन माध्यम से, 30 सेवाएं ई-डिस्ट्रिक्ट के माध्यम से और 80 सेवाएं व्यवसाय में सुगमता के तहत प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय अवधि में सेवा उपलब्ध नहीं करवाने पर एक से पांच हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है। सुरेश भारद्वाज ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्रदान की जाने वाली विभिन्न सेवाओं के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए अधिकारियों को समुचित कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के प्रावधानों का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाना चाहिए। शहरी विकास मंत्री ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के लिए आरक्षित बैकलाॅग पदों को तुरन्त भरने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों को निर्देश दिए कि इस बारे में की गई कार्यवाही के बारे में 15 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने सरकारी नौकरियों में पूर्व सैनिकों के लिए मौजूदा कोटे का कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। शिकायत निवारण प्रणाली को बेहतर बनाए: भारद्वाज सुरेश भारद्वाज ने बताया कि शिकायत निवारण प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए भी विभिन्न दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्य प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए ई-टेंडर प्रक्रिया अनिवार्य की दी गई है। सुशासन बने स्वर्णिम हिमाचल का आधार के तहत जन अधिकार पुस्तिका का प्रकाशन कर इसे योजना विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध करवाया गया है तथा इसका अद्यतनीकरण किया जा रहा है।सुरेश भारद्वाज ने कहा कि ई-प्रशासन और सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल-सीएम डैशबोर्ड बनाया जा चुका है और इसका प्रभावी तरीके से कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में सरकार ने मेलों की अनुदान राशि में बढ़ोतरी की है। सरकार ने अब प्रदेश में आयोजित होने वाले जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मेलों की अनुदान राशि में इजाफा कर दिया है। राज्य सरकार ने जिला स्तर के मेलों को अब 50 हजार रूपये अनुदान राशि देने का निर्णय लिया है, पहले सरकार द्वारा जिला स्तर पर आयोजित होने वाले मेलों को 30 हजार रूपये अनुदान राशि दी जाती थी, इसके साथ ही राज्य स्तरीय मेले की अनुदान राशि में भी इजाफा किया गया है, अब राज्य स्तरीय मेलों को सरकार द्वारा 1.5 लाख रूपये दिए जाएंगे। बता दें की पहले सरकार द्वारा पहले इन मेलों के लिए 1 लाख रूपये दिए जाते थे, राष्ट्रीय स्तर के मेलों की दो लाख से बढ़ाकर तीन लाख कर दी है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने जिला कांगड़ा के नूरपुर के जन्माष्टमी मेले को राज्यस्तरीय मेला अधिसूचित कर दिया है। ये मेले होते है आयोजित हिमाचल में अंतरराष्ट्रीय मेलों में लवी मेला रामपुर, मंडी शिवरात्रि, कुल्लू दशहरा, सुजानपर होली मेला आदि शामिल हैं। प्रदेश में धार्मिक मेलों में मारकंडेय मेला, नयना देवी नवरात्र मेला आदि हैं। ऊना जिले में चिंतपूर्णी, कांगड़ा में ज्वालाजी तथा बज्रेश्वरी देवी के प्रमुख मेले हैं। शूलिनी मेला सोलन, रेणुका मेला सिरमौर, बाबा बालक नाथ मेला दियोटसिद्ध हमीरपुर, बाबा बड़भाग सिंह मेला ऊना जिले का मैडी, मणिमहेश मेला चंबा और नलवाड़ी मेला बिलासपुर का प्रमुख मेला है। सरकार द्वारा बढ़ाई गई अनुदान राशि से अब मेला कमेटी को मेले आयोजन करने में आसानी होगी। सरकार ने मेलों की अनुदान राशि में तो बढ़ोतरी कर दी है लेकिन, कोरोना के चलते करीब दो वर्षों से प्रदेश में किसी भी मेला का बड़े स्तर पर आयोजन नहीं किया गया है, लेकिन कोरोना खत्म होने के बाद सरकार द्वारा बढ़ाई गई अनुदान राशि की सहायता मेला कमेटी को होगी।
हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी शिमला द्वारा कोरोना महामारी के चलते पिछले वर्ष 24 मई 2020 से साहित्य कला संवाद कार्यक्रम के प्रसारण की शुरुआत की गई। अकादमी का यह कार्यक्रम फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल पर रोजाना 7:00 बजे नियमित रूप से प्रसारित हो रहा है। साहित्य कला संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक लगभग 500 कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं जिसमें प्रदेश, देश और विदेश से साहित्यकारों, कलाकारों का भरपूर योगदान, समर्थन, सहयोग प्राप्त होता रहा है। कार्यक्रम की श्रंखला में कुछ ऐसे सहयोगी मिले जो बिना किसी स्वार्थ के निरन्तर अपना योगदान देकर कार्यक्रम को सफल बनाने में दिन-रात परिश्रम कर रहे हैं। कुछ ऐसे भी मिले जो अपना कोई स्वार्थ लेकर शामिल हुए और कार्यक्रम मे कुछ अनुभव हासिल करके अपना अलग चैनल चलाकर व्यस्त हो गए। कुछेक साथियों ने मनमाफिक इस कार्यक्रम को चलाना चाहा, जो नहीं हो पाया तो अलग हो गए। कुछ एक को यह फॉर्मेट अच्छा नहीं लगा, तो दूरी बनाए रहे। कुछेक ने अपना सुनाया और दूसरों का सुनने के समय किनारा कर लिया परंतु फिर भी साहित्य कला संवाद का कारवां लगातार चलता रहा। इस उतार-चढ़ाव के बीच भी हजारों दर्शक और श्रोता साहित्य कला संवाद को अपना प्यार देते रहे। उन्हीं की बदौलत यह कार्यक्रम निरंतर आगे बढ़ता चला जा रहा है। एक वर्ष से अधिक समय हो चुका है और यह कार्यक्रम निरन्तर हर रोज प्रसारित किया जा रहा है। कार्यक्रम के श्रोताओं दर्शकों की अपेक्षा और सुझावों के अनुसार कार्यक्रम में समय-समय पर बहुत सारे परिवर्तन भी होते रहे। जहां प्रदेश, देश, विदेश के नामी-गिरामी साहित्यकारों, कलाकारों ने इस कार्यक्रम में शामिल होकर के अपने विचार सांझा किए और अपनी रचनाओं का पाठ किया, संवाद में भाग लिया उनके सकारात्मक सहयोग का यह कार्यक्रम सम्मान करता है। बच्चों, युवाओं, महिलाओं, समाजसेवियों ने भी इस कार्यक्रम को सफल बनाने में हमारा सहयोग दिया, साहित्य, कला, संस्कृति, पहाड़ी भाषा एवं साहित्य, मनोरंजन, गीत-संगीत, लोक साहित्य, सामाजिक सरोकारों पर केंद्रित परिसंवाद, कवि सम्मेलन और युवाओं के विभिन्न कार्यक्रम इस संवाद की यात्रा को शिखर की ओर ले जाने में सहायक सिद्ध हुए। कुछ समय पहले वेद व्याख्यान, वैदिक और संस्कृत साहित्य पर केंद्रित व्याख्यानमाला का प्रारंभ किया गया।वर्तमान में पुराण कथा पर आधारित व्याख्यान की श्रृंखला चल रही है। बाल रंगमंच से लेकर प्राचीन लिपियों पर सेमिनार प्राचीन लिपियों, बाल रंगमंच और चित्रकला प्रशिक्षण के लिए भी इसी दौरान कार्यशाला का आयोजन किया गया। हिंदी सप्ताह, संस्कृत सप्ताह, स्मृति दिवस, अकादमी के विभिन्न साहित्यिक आयोजन और रंगमंच कार्यशालाएं सफलतापूर्वक आयोजित की गई हैं इन सभी कार्यों के निष्पादन में अकादमी के सदस्य डॉ. ओम प्रकाश शर्मा, डॉ. इन्द्र सिंह ठाकुर, भारती कुठियाला, डॉ. नंदलाल ठाकुर, डॉ रीता सिंह का सहयोग और परामर्श हमारा संबल बना रहा।अधिकांश कार्यों के संयोजन में डॉ. कृष्ण मोहन पाण्डेय, दक्षा शर्मा, डॉ. चेतना, डॉ.ओम प्रकाश राही, अभिमन्यु वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका और योगदान रहा। इन के सहयोग के बिना साहित्य संवाद की सफलता की कल्पना भी नहीं की जा सकती। आगामी दिनों में भी अकादमी के कार्यक्रम ऑनलाइन इसी तरह आयोजित किए जाते रहेंगे और यह कार्यक्रम बाल, युवा, महिला, पुरस्कार, सम्मानित सभी लेखकों कलाकारों के लिए समर्पित रहेगा। साहित्य कला संवाद के कार्यक्रमों की यात्रा को और अधिक सफल बनाने के लिए आप सभी के सहयोग की अपेक्षा रहेगी। हितेंद्र शर्मा का रहा महत्वपूर्ण याेगदान साहित्य कला संवाद कार्यक्रम के सम्पादन में हितेन्द्र शर्मा का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। बताया गया कि उन्होंने लेखकों, साहित्यकारों के साथ सम्पर्क बनाते हुए उन्हें कार्यक्रम में शामिल करने, कार्यक्रम के पोस्टर निर्माण, लाइव कार्यक्रम का संचालन, नियंत्रण और प्रसारण करना। साहित्य कला संवाद कार्यक्रम की वीडियो को फेसबुक तथा यूट्यूब पर अपलोड करते हुए और हिमाचल अकादमी के लिए हार्ड डिस्क में कार्यक्रम सुरक्षित रखना, समय-समय पर कार्यक्रमों मे विशेष प्रस्तुतिकरण सहित परिचर्चा मे भाग लेते हुए सभी कार्यो के निर्वाह में रात दिन परिश्रम करते रहना उल्लेखनीय है जो इस कार्यक्रम की अभूतपूर्व सफलता का मूल आधार रहा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक भविष्य में कार्यक्रम की रूपरेखा भी इन्हीं सब सहयोगियों के परामर्श से तैयार की जा रही है। सभी के सहयोग से हिमाचल अकादमी का फेसबुक पेज और दो यूट्यूब चैनल मोनोटाइज हो चुके हैं इसलिए इनका निरंतर संचालन अकादमी की एक नैतिक जिम्मेवारी बन गई है।
हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण परिषद (हिमकोस्ट) के हिमाचल प्रदेश पर्यावरण सूचना केंद्र द्वारा राज्य में हरित कौशल विकास कार्यक्रम के तहत विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त करने के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक िहमाचल प्रदेश पर्यावरण सूचना केंद्र द्वारा हरित कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश में अभी तक चार सर्टिफिकेट कोर्स व प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं। वित्त वर्ष 2018-19 में पहले सर्टिफिकेट कोर्स में ‘पीपल्स बायोडायवर्सिटी रजिस्टर व पैरा-टैक्सोनाॅमी’ विषय पर आयोजित किया गया, जिसमें 11 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत दो सर्टिफिकेट कोर्स ‘बायोडायवर्सिटी रजिस्टर की तैयारी’ और ‘भारत सरकार-यूएनडीपी-जीईएफ परियोजना-सिक्योर हिमालय के तहत पीबीआर पर केंद्रित पैरा-टैक्सोनाॅमी’ विषयों पर आयोजित करवाए जा चुके हैं। इन दोनों पाठ्यक्रमाें में 23 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया है। वर्ष 2020-21 में हिमाचल प्रदेश पर्यावरण सूचना केंद्र ने ‘मूल्य संवर्धन और एनटीएफपी (पशु मूल) का विपणन-जंगली मधुमक्खी पालन और प्रसंस्करण’ विषय पर सर्टिफिकेट कोर्स के अंतर्गत 14 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली ने राज्य के लिए इन प्रमाण पत्र पाठ्यक्रमों को मंजूरी प्रदान की है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात बहुत से युवाओं को निजी व सरकारी क्षेत्र में रोजगार प्राप्त हुआ है और अन्य स्वरोजगार से अपनी आजीविका अर्जित कर रहे हैं। हरित कौशल विकास कार्यक्रम का प्रमुख लक्ष्य कुशल जनशक्ति को रोजगार व स्वरोजगार की सुविधा प्रदान करना है। हरित कौशल विकास कार्यक्रम पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के कौशल भारत मिशन के अनुरूप है। यह कार्यक्रम तकनीकी ज्ञान और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता वाले हरित कौशल श्रमिकों को विकसित करने का प्रयास करता है। यह कार्यक्रम पूरे देश में पर्यावरण सूचना केंद्र के विशाल नेटवर्क और विशेषज्ञताओं का उपयोग कर रहा है। युवाओं काे स्वराेजगार प्राप्त करने में सक्षम हरित कौशल विकास कार्यक्रम भारत वर्ष के युवाओं को पर्यावरण और वन क्षेत्र में लाभकारी रोजगार तथा स्वरोजगार प्राप्त करने में सक्षम बनाने हेतु कौशल विकास एक पहल है। आधुनिकीकरण के युग में अधिकांश व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘साॅफ्ट’ या ‘ग्रीन’ कौशल के बजाय यांत्रिकी या तकनीकी कौशल पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जबकि हरित कौशल स्थायी भविष्य के लिए पर्यावरणीय गुणवत्ता को संरक्षित करने में योगदान देता है और इसमें ऐसे रोजगार शामिल हैं जो पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता की रक्षा करती है तथा ऊर्जा, अपशिष्ट और प्रदूषण को कम करने में सहायता प्रदान करती हैं। बताया गया कि हिमाचल प्रदेश पर्यावरण सूचना केंद्र की स्थापना भारत सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश में पर्यावरणीय सूचना के महत्व को समझते हुए एक योजना कार्यक्रम के रूप में की गई थी। पर्यावरण सूचना केंद्र का प्रयास महत्वपूर्ण पर्यावरण दिवसों को मनाना तथा निर्णय निर्माताओं, नीति नियोजकों, वैज्ञानिकों और इंजीनियरों, अनुसंधान कार्यकर्ताओं आदि को पर्यावरण संबंधी जानकारी प्रदान करना है।
कोविड-19 के खिलाफ चुनौतीपूर्ण लड़ाई में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में संचालित की जा रही एंबुलेंस-108 और जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम-102 (जेएसएसके-102) सेवा कोरोना संक्रमित हजारों लोगों के जीवन को बचाने का माध्यम बनी हैं। प्रदेश में कोविड महामारी के आरंभ से ही संक्रमित मरीजों को अस्पताल पहुंचाने व स्वस्थ्य होने वाले मरीजों को वापस घर पहुंचाने का जिम्मा राज्य सरकार द्वारा एंबुलेंस-108 और जेएसएसके-102 सेवा को सौंपा गया और इस कार्य के लिए कुल 123 एंबुलेंस तैनात की गई। जिन्होंने सरकार के दिशा-निर्देशानुसार प्रभावी कार्य करते हुए आपातकालीन स्थितियों में कोविड मरीजों को अस्पताल पहुंचाने संक्रमित मरीजों के ठीक होने पर उन्हें वापस घर छोड़ने के साथ-साथ दुर्गम व ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 टेस्ट करने में भी एंबुलेंस-108 और जेएसएसके-102 सेवा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 108 नंबर पर डायल कर कोविड-19 की किसी भी आपातकालीन स्थिति में इस सेवा का लाभ उठाया जा सकता है। राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 के आरम्भ से ही मरीजों को एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए 60 राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवा-108 को तैनात किया गया था। जिन्हें कोविड-19 के गंभीर मरीजों को आपातकालीन स्थिति में स्वास्थ्य संस्थानों में पहुंचाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई। कोविड ड्यूटी के लिए तैनात की गई इन सभी एंबुलेंस ने प्रदेश भर के सभी जिलों में अभी तक 41945 कोविड पाॅजिटिव मरीजों को विभिन्न स्थानों से कोविड समर्पित स्वास्थ्य संस्थानों में पहुंचा कर उन्हें समय पर उपचार सुविधा उपलब्ध करवाने में अपना योगदान दिया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक कोविड मरीजों को अस्पताल पहुंचाने का जिम्मा जहां एंबुलेंस-108 को सौंपा गया, वहीं एंबुलेंस सेवा जेएसएसके-102 को इस बीमारी से स्वस्थ्य होने वाले मरीजों को स्वास्थ्य संस्थानों से वापस घर छोड़ने का कार्य भी सौंपा गया। जिसे जेएसएसके-102 सेवा ने बखूबी निभाते हुए बीमारी से स्वस्थ्य होने वाले लोगों की ओर से मांग आने पर अब तक लगभग 5003 लोगों को उनके घर पहुंचाने में अपना योगदान दिया हैं। इस कार्य के लिए सरकार द्वारा 42 जेएसएसके-102 एंबुलेंस तैनात की गई है। अब तक 21922 सैंपल एकत्रित किए दुर्गम व ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 की जांच के लिए सैंपल एकत्रित करने का कार्य भी जेएसएसके-102 एम्बुलेंस को राज्य सरकार द्वारा सौंपा गया है। जिसके लिए सरकार द्वारा अप्रैल, 2020 में महामारी के आरम्भ में ही राज्य में 21 जेएसएसके-102 एम्बुलेंस तैनात की गई है। जिनके माध्यम से अब तक कुल 21922 सैंपल कोविड-19 की जांच के लिए एकत्रित किए गए हैं। इस सेवा के अलावा, दूरदराज के क्षेत्रों में घरों के निकट लोगों के कोविड सैंपल एकत्रित करने के लिए जीवन धारा मोबाइल मेडिकल यूनिट्स का भी प्रयोग किया जा रहा है, जिनके माध्यम से 8148 सैंपल एकत्रित किए जा चुके हैं। किस जिलें में कितनी एंबुलेंस तैनात कोविड-19 ड्यूटी के लिए राज्य सरकार द्वारा विभिन्न जिलों में आवश्यकतानुसार एंबुलेंस-108 और जेएसएसके-102 को कोविड ड्यूटी के लिए तैनात किया गया है। जिला बिलासपुर में 7, चंबा में 13, हमीरपुर में 11, कांगड़ा में 17, किन्नौर में 2, कुल्लू में 8, लाहौल-स्पीति में 2, मंडी में 15, शिमला में 17, सिरमौर में 11, सोलन में 12 और जिला ऊना में 8 एंबुलेंस तैनात की गई हैं। विभिन्न जिलों में कोविड ड्यूटी में एंबुलेंस-108 और जेएसएसके-102 सेवा में 1050 कर्मचारी दिन-रात अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कोविड मरीजों को किसी भी आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध करवाने में एंबुलेंस-108 और जेएसएसके-102 के अलावा स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों व परियोजनाओं की एंबुलेंस भी आवश्यकतानुसार अपनी सेवाएं प्रदान कर रही हैं। जिसके परिणाम स्वरूप राज्य सरकार प्रदेश में हजारों लोगों को कोविड-19 की आपातकालीन स्थितियों में अस्पताल पहुंचाकर उनका बहुमूल्य जीवन बचाने में सफल हुई है।
जिला कांग्रेस कमेटी शिमला ग्रामीण के अध्यक्ष यशंवत छाजटा ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार दीमक की तरह देश को खोखला कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल झूठे सपने और झूठे वायदे करने तक सीमित होकर रह गई है और आम जनता की परेशानियों से उसको कोई लेना देना नहीं है। छाजटा ने जारी बयान में कहा है कि कोरोना महामारी से खतरनाक कोई बीमारी है तो वह भाजपा है । करोना का उपचार, तो दवा, नियमों का पालन और वैक्सीन से हो सकता है लेकिन भाजपा का इलाज करने के लिए सभी को कांग्रेस के साथ एकजुट होकर चलना होगा। छाजटा ने कहा की पेट्रोल के दामों ने देश में जहां सैकड़ा मार लिया है वहीं पर हिमाचल में दाम 96 रुपए के आसपास पहुंच गए है। यही हालात डीजल की कीमतों के भी है। इसके साथ ही खाद्ध वस्तुओं के बढ़ते दामों ने आज आम जनता की कमर तोड़ कर रख दी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहकर महंगाई का अलाप रागने वाले बीजेपी नेता आम मंहगाई के मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। छाजटा ने कहा कि पेट्रोल डीजल के दाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे कम है लेकिन सरकार निरंतर पेट्रोल डीजल के दामों में निरंतर वृद्धि कर आम जनमानस पर मंहगाई थोप रही है। इसके साथ ही बड़े औद्योगिक घरानों को फायदा देने के उद्देश्य से सरकार आए दिन आवश्यक वस्तुओं के दामों में वृद्धि कर रही है।। छाजटा ने कहा कि भाजपा सरकार जनता की मुसीबतों को बढ़ा रही है। केंद्र व प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों से आम जनमानस पहले से ही बुरे दौर में गुजरा है। विधानसभा चुनाव में सत्ता से विदाई तय छाजटा ने आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों से ही महंगाई बढ़ रही है। मोदी सरकार अच्छे दिन के सपने दिखा कर सत्ता में आई थी जबकि आज आम जनमानस खुद को ठगा सा महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश की सत्ता से भाजपा का बाहर होना तय है। कोरोना संकट काल में भी सरकार जनता को कोई भी राहत नहीं दे पाई,जिससे स्पष्ट होता है कि ये सरकार कितनी जनहितैषी है।
प्राकृतिक उत्पादों के प्रति लोगों की बढ़ती रूचि के परिणामस्वरूप औषधीय पौधों का अंतरराष्ट्रीय बाजार में महत्व बढ़ा है। औषधीय पौधे स्वदेशी चिकित्सा पद्धति के लिए प्रमुख संसाधन हैं। आयुष प्रणालियों की राष्ट्रीय और विश्व स्तर पर पहुंच और स्वीकार्यता, गुणवत्तापूर्ण औषधीय पौधों पर आधारित कच्चे माल की निर्बाध उपलब्धता पर निर्भर है, जिससे औषधीय पौधों का व्यापार निरन्तर बढ़ रहा है। हिमाचल समृद्ध जैविक विविधता से सम्पन्न प्रदेश है। औषधीय पौधों एवं सम्बन्धित गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य औषधीय पादप बोर्ड प्रदेश में आयुष विभाग के तत्वावधान में कार्य कर रहा है। इसके अन्तर्गत आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण के लिए आर्थिक आवश्यकताओं और औषधीय पौधों की सुगम उपलब्धता पर बल दिया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा औषधीय पौधों के संरक्षण को बढ़ावा देने और किसानों को इन पौधों की खेती करने और उनकी आय में वृद्धि हेतु प्रोत्साहित करने के लिए अनेक नीतियां तैयार कर कार्यान्वित की जा रही हैं। हिमाचल प्रदेश को औषधीय पौधों के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए, राज्य सरकार राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत औषधीय पौधों की खेती के लिए विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। इसके लिए विभिन्न किसान समूह बनाए गए हैं। वित्तीय सहायता का लाभ प्राप्त करने के लिए एक किसान समूह के पास कम से कम दो हेक्टेयर भूमि होनी चाहिए। एक किसान समूह में 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाले तीन गांव शामिल हो सकते हैं। इन औषधीय पौधों की खेती के लिए गिरवी रखी गई भूमि का भी उपयोग किया जा सकता है। योजना के अन्तर्गत जनवरी 2018 से अब तक औषधीय पौधों की खेती के लिए 318 किसानों को 99.68 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। राष्ट्रीय आयुष मिशन ने राज्य में औषधीय पौधों की खेती के लिए वर्ष 2019-20 में लगभग 128.94 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की है। इसमें से 25 लाख रुपये एक आदर्श नर्सरी के लिए, 12.5 लाख रुपये दो छोटी नर्सरीज के लिए, 54.44 लाख रुपये अतीस, कुटकी, कुठ, शतावरी, स्टीविया और सर्पगंधा की खेती के लिए, 20 लाख रुपये ड्राईन्ग शेड एवं भण्डारण गोदाम के निर्माण हेतु और 17 लाख रुपये अन्य व्यय के लिए आवंटित किए गए हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश में औषधीय पौधों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए जिला मंडी के जोगिंदरनगर, जिला हमीरपुर के नेरी, जिला शिमला के रोहड़ू और जिला बिलासपुर के जंगल झलेड़ा में औषधीय उद्यान स्थापित किए हैं। विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों के अनुसार विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधे इन औषधीय उद्यानों में उगाए जा रहे हैं, जिनका उपयोग अनेक बीमारियों की विभिन्न दवाएं तैयार करने के लिए किया जा रहा है। राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार ने जिला मण्डी स्थित भारतीय चिकित्सा प्रणाली अनुसंधान संस्थान जोगिंदरनगर में उत्तरी क्षेत्र क्षेत्रीय के सह-सुविधा केंद्र की स्थापना की है। यह केंद्र पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश सहित छः पड़ोसी उत्तर भारतीय राज्यों में औषधीय पौधों की खेती और संरक्षण को बढ़ावा दे रहा है और राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड के कार्यों का प्रचार-प्रसार कर रहा है। प्रदेशवासियों में औषधीय पौधों के बारे में जागरूकता उत्पन्न करने के लिए प्रथम चरण में दो सप्ताह के लिए पौधरोपण अभियान ‘चरक वाटिका’ चलाया गया, जिसमें 1167 आयुर्वेदिक संस्थानों में चरक वाटिकाओं की स्थापना की गई और लगभग 11,526 पौधे लगाए गए। 7 जून, 2021 को चरक वाटिका अभियान के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया गया है। विविध जलवायु परिस्थितियों वाला राज्य होने के फलस्वरूप प्रदेश के चार कृषि-जलवायु क्षेत्रों में औषधीय पौधों की लगभग 640 प्रजातियां पाई जाती हैं। जनजातीय जिले-किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कुल्लू तथा कांगड़ा व शिमला जिलों के 2,500 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर स्थित कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक उपयोगी औषधीय पौधों का उत्पादन होता है। इनमें से कुछ में पतीस, बत्सनाभ, अतीस, ट्रेगन, किरमाला, रतनजोत, काला जीरा, केसर, सोमलता, जंगली हींग, चर्मा, खुरसानी अजवायन, पुष्कर मूल, हौवर, धोप, धामनी, नेचनी, नेरी, केजावो, धोप चरेलू, शार्गेर, गग्गर और बुरांश शामिल हैं।प्रदेश सरकार औषधीय पौधों के संरक्षण के लिए पारिस्थितिक क्षेत्र की नियमित निगरानी के अतिरिक्त, विभिन्न प्रजातियों की मूल पारिस्थितिकियों में स्थापना और संरक्षण और भारतीय हिमालयी क्षेत्र के अन्य भागों में इस पद्धति को अपनाने पर बल दे रही है। लोगों में जैव विविधता मूल्यों के बारे में विभिन्न माध्यमों से जागरूकता उत्पन्न की जा रही है और जैविक संसाधनों के संरक्षण एवं प्रबंधन में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
आज आरोग्य भारती शिमला द्वारा ब्योलिया में आयुर्वेद काढ़ा व जागरुकता पत्रक का निशुल्क वितरण किया गया। महिला मंडल ब्योलिया के सहयोग से सम्पन्न इस कार्यक्रम में मजदूरों, महिलाओं तथा जरुरतमंद लोगों को कोरोना महामारी से बचाव, ऑक्सीजन की कमी को योग, प्राणायाम तथा अन्य उपायों से कैसे बढ़ाएं आदि के बारे में जानकारी प्रदान की गई। आयुर्वेदिक काढ़े को बनाने की विधि, उसकी सेवन करने का ढंग एवं लाभ के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर आरोग्य भारती के राष्ट्रीय सचिव डॉ राकेश पण्डित, प्रांत उपाध्यक्ष डॉ अनिल मैहता, जिला शिमला अध्यक्ष डॉ नरेश शर्मा, नरेन्द्र सूद, डॉ यशपाल शर्मा, डॉ अनिल ठाकुर, डॉ अंजलि लीला पंडित, डॉ पोवल चंद्र, विरेन्द्र धवन, अमिता भारद्धाज एवं राकेश चौहान सहित अनेक लोगों ने भाग लिया। कोविड प्रोटोकॉल का पालन अनुसार आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय लोगों कमल शर्मा, रामरतन शास्त्री, शीला शर्मा, महिला मंडल के सदस्यों इत्यादि अन्य गणमान्य लोगों का सहयोग रहा। लगभग 120 लोगों ने इस निशुल्क सुविधा का लाभ उठाया।
हिमाचल के पर्यटन उद्योग को इस कोरोना महामारीं के दौरान सबसे अधिक मार झेलनी पड़ी है। होटल इंडस्ट्री की हालात सबसे नाजुक हो गई है। पिछले 1 वर्ष में आठ से नौ महीने तक होटल व्यवसाय पूरी तरह से बंद रहा है तथा इस वर्ष भी कोरोना की दूसरी लहर के चलते लगभग तीन महीने पर्यटकों की आमद न होने के कारण होटल मालिकों को होटलो को बंद रखने पर मजबूर होना पड़ा। होटल इंडस्ट्री से जुड़े उध्मियों के पास वर्किंग कैपिटल शून्य ही चुका है। इसी के चलते होटल कारोबारियों ने शिमला नगर निगम से आग्रह किया है कि अन्य पर्यटन राज्यों की तर्ज पर होटल कारोबारियों को एक वर्ष के लिए प्रॉपर्टी टैक्स, गार्बेज शुल्क, पानी के बिलों पर लगने वाले सेस में 50% की छूट दी जाए। कर्नाटक तथा महाराष्ट्र तथा अन्य कई प्रदेशों ने पर्यटन से जुड़ी इकाइयों को एक राहत पैकेज देकर 50% शुल्कों में रियात देने के अलावा बिजली पर लगने वाले डिमांड चार्जेज को एक वर्ष के लिए समाप्त कर दिया है। गुजरात सरकार ने तो एक वर्ष के लिए सभी प्रकार के शुल्कों तथा बिजली पर लगने वाले डिमांड चार्जेज को खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि पर्यटन उद्योग को पटरी पर आने में अभी कम से कम दो तीन वर्ष का समय लग सकता है। ऊपर से भारत मे तीसरी लहर के आने का खतरा भी पर्यटन उद्योग पर मंडरा रहा है। जिसके चलते पर्यटन उद्योग दोबारा से प्रभावित हो सकता सकता है। हिमाचल में लगातार दूसरे वर्ष भी गर्मियों के पर्यटन सीजन पर्यटन से जुड़े उध्मियों के हाथ से खिसक गया है। मजूदा हालात में निगम द्वारा होटल इंडस्ट्री को दी गई राहत संजीवनी का काम कर सकती है।
अंतरराष्ट्रीय योगासन खेल फेडरेशन पहली बार विश्व योगासन वीडियो प्रतियोगिता "योगा स्टार" का आयोजन कर रहा है। प्रदेश के योग खिलाड़ियों के लिए भी इस प्रतियोगिता में अपना वीडियो भेज कर भाग लेने का सुनहरा मौका है। प्रथम पुरस्कार 50 हज़ार रुपए अथवा 650 डॉलर का है। प्रतियोगिता में प्रवेश निशुल्क है और प्रविष्टि भेजने की अंतिम तिथि 5 जुलाई है। हिमाचल प्रदेश योगासन खेल संघ के महासचिव विनोद योगाचार्य ने बताया कि राष्ट्रीय योगासन खेल फेडरेशन के साथ मिलकर आयोजित हो रही। इस विश्व प्रतियोगिता में विदेशी और भारतीय योग खिलाड़ी फेडरेशन की वेबसाइट पर दिए सामान्य योगासन प्रोटोकॉल में से किन्हीं चार आसनों का वीडियो भेज सकते हैं। प्रतिभागियों की आयु 1 जनवरी 2021 को 25 वर्ष या उससे अधिक होना अनिवार्य है। सभी प्रतिभागियों को ई-सर्टिफिकेट भी दिए जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में एक वर्ग विश्व के किसी भी हिस्से में रहने वाले गैर भारतीय नागरिकों के लिए होगा। और दूसरा वर्ग भारतीय नागरिकों का है। प्रतियोगिता में भाग लेने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 5 जुलाई कर दी गई है। पहले यह 28 जून थी। भारतीयों के लिए प्रथम पुरस्कार 50 हज़ार रुपए, जबकि विदेशियों के लिए 650 डॉलर का होगा। प्रतियोगिता के बारे में विस्तृत जानकारी इंटरनेशनल योगासन स्पोर्ट्स फेडरेशन की वेबसाइट से ली जा सकती है।
हिमाचल प्रदेश के डिग्री कॉलेजों के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों सहित शिक्षकों, गैर शिक्षकों और 18 वर्ष से अधिक आयु के विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को वैक्सीन लगाने के लिए प्रदेश में 200 विशेष केंद्र बनाए जाएंगे। शिक्षा विभाग ने 28 और 29 जून को चलाए जाने वाले विशेष टीकाकरण अभियान में करीब सवा लाख लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा है। विशेष टीकाकरण अभियान के तहत स्कूलों में 150 और कॉलेजों में 50 केंद्र बनाए जाएंगे। कॉलेजों के 18 हजार विद्यार्थियों सहित शिक्षकों और गैर शिक्षकों का टीकाकरण किया जाएगा। कॉलेज स्तर पर करीब 70 फीसदी ने वैक्सीन पहले ही लगवा ली है। स्कूलों में 18 वर्ष की अधिक आयु के विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावक भी वैक्सीन लगा सकेंगे।
हिमाचल पथ परिवहन निगम प्रबंधन ने बाहरी राज्यों के लिए बस सेवा शुरू करने की तैयाररी पूरी कर ली है। एक जुलाई से एचआरटीसी की वोल्वो बसें शिमला-दिल्ली, दिल्ली-शिमला, हमीरपुर-दिल्ली दिल्ली-हमीरपुर और सरकाघाट-दिल्ली, दिल्ली-सरकाघाट रूटों पर चलेगी। इन लग्जरी बसों के लिए एचआरटीसी की वेबसाइट पर एडवांस टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू कर दी गई है। हालांकि, साधारण बसों को लेकर जानकारी अभी तक वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं करवाई गई है। 50 फीसदी ऑक्यूपेंसी सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल पर 39 सीटों में से 21 सीटें ब्लॉक की गई हैं। दिल्ली से शिमला के लिए दो जुलाई को वोल्वो में सबसे अधिक एडवांस बुकिंग हो रही है। एक वोल्वो में 12 सीटें बुक हो चुकी हैं। शिमला से दिल्ली के लिए वोल्वो में दो से चार सीटें ही बुक हुई हैं।
राजभवन में आज नशीली दवाओं के दुरूपयोग और अवैध तस्करी के विरुद्ध अन्तरराष्ट्रीय दिवस मनाया गया। जिसका आयोजन हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग ने किया। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने भी इस समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल पुलिस की अपनी एक अलग पहचान है। प्रदेश पुलिस को अनुशासन, कत्र्तव्य के लिए प्रतिबद्धता और ईमानदारी के लिए जाना जाता है। इस पहचान को बनाए रखने के लिए उन्होंने मानसिक सन्तुलन और सकारात्मक गतिविधियां आयोजित करने का सुझाव दिया। उन्होंने विभाग के शीर्ष अधिकारियों को पुलिस कल्याणकारी गतिविधियों पर और अधिक कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति या परिवार बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करता है इसलिए इस सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए पुलिस प्रशासन को अधिक प्रतिबद्धता और कड़ाई से कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि पुलिस प्रशासन इस सामाजिक बुराई के खिलाफ हर सम्भव कदम उठा रहा है। उन्होंने लोगों से पुलिस प्रशासन द्वारा नशीली दवाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सहयोग देने का आग्रह किया। राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देवभूमि के नाम से जाना जाता है और यहां की संस्कृति व जीवनशैली बहुत समृद्ध है लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यहां भी नशीली दवाओं के दुरूपयोग की समस्या गम्भीर रूप से पैदा हो गई है और अगर इसे समय पर काबू नहीं पाया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक गम्भीर हो सकती है। नशीली दवाओं के दुरूप्योग और अवैध तस्करी के खिलाफ अन्तरराष्ट्रीय दिवस समुदाय को नशे से मुक्त करने की ओर हमारा एक साझा प्रयास है। आज हम कोरोना महामारी और नशे की अवैध तस्करी के खिलाफ दो मोर्चों पर लड़ रहे हैं, लेकिन हमारा पुलिस बल दोनों ही मोर्चों पर उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्था के राष्ट्रीय औषधि निर्भरता उपचार केन्द्र के माध्यम से नशीले पदार्थाें के अत्याधिक उपयोग और प्रतिमान पर एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण किया जिसमें पाया गया कि 10 से 75 वर्ष की आयु के लगभग 14.6 प्रतिशत जिसके अन्तर्गत लगभग 16 करोड़ लोग आते हैं, शराब का सेवन कर रहे हैं। लगभग 5.2 प्रतिशत यानी 5.7 करोड़ से अधिक लोग शराब की निर्भरता से प्रभावित हैं जिसका अर्थ है कि भारत में हर तीसरे शराब उपयोगकर्ता को शराब से होने वाली समस्याओं से निपटने के लिए सहायता की आवश्यकता है। इससे हम समझ सकते हैं कि स्थिति कितनी गम्भीर है। उन्होंने नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों से निपटने में पुलिस अधिकारियों के प्रयासों और कड़ी मेहनत की सराहना की। इससे पूर्व, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने कहा कि मादक द्रव्यों के सेवन और नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले तेजी से बढ़ रहे है और समाज को इसके दुष्प्रभावों से बचाने के लिए अवैध तस्करी रोकने की आवश्यकता है। इस समस्या से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए बहुआयामी रणनीति तैयार करने की आवश्यकता है। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि हम छोटे तस्करों को छोड़कर बड़े तस्करों को पकड़ रहे हैं ताकि इस सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त किया जा सके। उन्होंने प्रदेश में पुलिस विभाग द्वारा चलाए जा रहे नशामुक्त अभियान और नशा निवारण पर किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज अन्तरराज्यीय समन्वय पहले से अधिक बेहतर है, जिससे नशे के तस्करों से संबंधित जानकारी प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि नशे सम्बन्धित आतंकवाद को समाप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत 2126 मामले दर्ज किए गए हैं और 1 जनवरी 2020 से 30 अप्रैल 2021 के दौरान 2909 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने इसी दौरान 682.72 किलोग्राम चरस, 15.88 किलोग्राम हेरोइन, 50.33 किलोग्राम अफीम, 4805.91 किलोग्राम अफीम की भूसी, 376.91 किलोग्राम गांजा, 128330 सिंथेटिक टैबलेट और अन्य प्रतिबंधित 52194 कैप्सूल जब्त किए हैं। प्रतिबंधित पदार्थों की आपूर्ति कम करने के लिए एकीकृत खुफिया अभियान के अंतर्गत 7917 बीघा भूमि पर 12,52,455 भांग के पौधों की अवैध खेती और 52 बीघे में 2,66,353 पोस्त के पौधों को बड़े पैमाने पर नष्ट किया गया है। इस मौके पर पुलिस महानिदेशक ने राज्यपाल को सम्मानित भी किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिव कुमार ने हिमाचल प्रदेश में नशे के खतरे को रोकने के लिए पुलिस के प्रयासों पर आधारित एक प्रस्तुति दी। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था अशोक तिवारी ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी उपस्थित थे।
शिमला:सत्येन वैद्य को हिमाचल प्रदेश हाइकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। आज उन्होंने हिमाचल प्रदेश के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। हिमाचल प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश एल. नारायण स्वामी ने उन्हें सादे समारोह में न्यायाधीश के पद की शपथ दिलाई। अब हिमाचल प्रदेश में मुख्य न्यायाधीश समेत 11 जजों की संख्या पूरी हो गई है।
भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने अपनी लिखी पुस्तक ,मैं एक कोरोना योद्धा हूँ' भाजपा राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष को भेंट की। इस अवसर पर उनके साथ भाजपा प्रदेश प्रभारी संजय टंडन भी उपस्थित रहे। इस मौके पर भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कहा कि जिस प्रकार से पूरे विश्व में कोरोना वायरस के खिलाफ एक जंग लड़ी है, वह अपने आप में एक ऐतिहासिक घटनाक्रम है। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार से उन्होंने स्वयं हिमाचल ,पंजाब और हरियाणा प्रांत में कोविड-19 संकटकाल में जनसेवा की और लोगों की मदद की उसका एक लेखा-जोखा इस पुस्तक में प्रस्तुत किया गया है। कोविड-19 संकटकाल में भाजपा ने सेवा ही संगठन के माध्यम से जनता की सेवा की है और इस संकट की घड़ी में अनेकों प्रकल्पा से जनमानस को राहत पहुंचाई है। भाजपा एकमात्र राजनीतिक दल है जिसने राजनीति से हटकर जनसेवा का एक बड़ा उदाहरण पूरे विश्व में पेश किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस प्रकार से भारत को आत्मनिर्भर बनाया और भारत में वैक्सीन निर्माण कर पूरे विश्व को वैक्सीन पहुंचाने का कार्य किया है वह सराहनीय है।
प्रदेश के धर्मशाला से पहली बार भाजपा से विधायक बने विशाल नैहरिया के खिलाफ उनकी एचएएस पत्नी ने मारपीट के आरोप लगया है। नैहरिया की पत्नी ने पुलिस से सुरक्षा की मांग भी की है। एसपी कांगड़ा विमुक्त रंजन ने विधायक नैहरिया की पत्नी की ओर से पति के खिलाफ शिकायत मिलने की पुष्टि की है। एसपी ने कहा कि विधायक नैहरिया की पत्नी ने मारपीट की शिकायत की है। पुलिस से सुरक्षा की मांग भी की है। विधायक विशाल नैहरिया की पत्नी ने मारपीट के बाद एक वीडियो भी बनाया है। वीडियो में पत्नी मारपीट के जख्म दिखाकर विधायक पर आरोप लगा रही हैं। गौरतलब है कि विधायक और उनकी पत्नी की शादी दो माह पहले हुई थी। शादी से पहले पत्नी नगरोटा सूरियां ब्लॉक में बीडीओ के पद पर रह चुकी हैं। वर्तमान में वह धर्मशाला में बतौर एचएएस पद पर सेवाएं दे रही है। पुलिस को दी शिकायत में ओशिन शर्मा ने आरोप लगाया है कि शादी से पहले और शादी के बाद भी विधायक नैहरिया उनके साथ मारपीट कर रहे थे। उनके पति राजनीतिक रूप से प्रभावशाली हैं, इसलिए उनको अपनी सुरक्षा का खतरा है। उन्होंने शिकायत पत्र में पुलिस से सुरक्षा की मांग की है।
हिमाचल प्रदेश में कोई दुकानदार ठगी करता है तो इसकी शिकायत अब घर बैठे ही की जा सकेगी। राज्य उपभोक्ता आयोग ने ई-दाखिल पोर्टल शुरू किया है। बिजली, पानी, टेलीफोन के बिल ज्यादा आने पर भी आयोग में शिकायत की जा सकेगी। चंडीगढ़, दिल्ली और मुंबई से भी सामान खरीदा हो, उसमें खोट मिलने पर भी शिकायत कर सकेंगे। नया कानून लागू करने के बाद हिमाचल प्रदेश उपभोक्ता विवाद निस्तारण आयोग ने यह नई व्यवस्था शुरू की है। इसे उपभोक्ता संरक्षण नियमों के तहत शुरू किया गया है। इस संबंध में राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग से मंजूरी ली गई है। इन मामलों के लिए कर सकते है शिकायत उदाहरण के तौर किसी ने जूते को पांच सौ रुपये के असल मूल्य के बजाय एक हजार रुपये में बेच दिया। गलत वारंटी दे दी। नकली ब्रांड बेचा। कुछ दिन में ही खराब हो गया तो ऐसी तमाम स्थितियों में शिकायत की जा सकती है। अगर पानी का बिल आ रहा है और पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है। बिजली बिल आ रहा है, मगर बिजली नहीं है। टेलीफोन सुविधा नहीं है, मगर बिल आ रहा है। सिम रिचार्ज कर दिया, मगर फिर भी सुविधा नहीं मिल रही। ऐसे तमाम मामलों में आयोग या फोरम के समक्ष शिकायत की जा सकेगी।
हिमाचल प्रदेश के डिग्री कॉलेजों में 29 जून से कोरोना वायरस से बचाव के लिए सैनिटाइजेशन अभियान शुरू किया जाएगा। इसी दिन से कॉलेजों में शिक्षकों को भी बुलाना शुरू कर दिया जाएगा। शिक्षकों की देखरेख में कॉलेजों में सैनिटाइजेशन करवाया जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशालय ने जुलाई से शुरू होने जा रही है फाइनल ईयर की परीक्षाओं की तैयारियां शुरू कर दी है। गौरतलब है कि प्रदेश में 28 और 29 जून को फाइनल ईयर के विद्यार्थियों सहित 18 वर्ष से अधिक आयु के विद्यार्थियों को वैक्सीन लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
कोविड टीकाकरण अभियान में हिमाचल प्रदेश देश भर में पहले स्थान पर है। हिमाचल के आसपास कोई भी राज्य नहीं हैं। पिछले एक सप्ताह में राज्य में रिकॉर्ड टीकाकरण किया गया है। प्रदेश में अब तक 49.7 फीसदी आबादी को वैक्सीन लग चुकी है। अभी 18 साल से ज्यादा आयु वर्ग की 55 लाख की आबादी को टीका लगाया जाना है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार 23 जून तक 27 लाख 44 हजार 942 लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में अभी तक केवल 16 फीसदी आबादी को ही वैक्सीन लगी है। देश के 24 राज्यों में हिमाचल प्रदेश पहले स्थान पर बना हुआ है। देश की राजधानी दिल्ली भी नौवें स्थान पर है। यहां अभी तक 34.3 प्रतिशत आबादी को ही वैक्सीन लगी है। हिमाचल में 18 से 44 साल आयु वर्ग के 6 लाख 69 हजार 27 लोगों को पहला टीका लगाया जा चुका है।
उच्च शिक्षा निदेशालय ने पहली से 12वीं कक्षा में दाखिले लेने की अंतिम तारीख को 31 जुलाई तक बढ़ा दिया है। कई स्कूलों से दाखिलों की तारीख बढ़ाने की मांग आने के बाद शिक्षा निदेशालय ने शुक्रवार को इस बाबत लिखित निर्देश जारी कर दिए हैं। बता दें कि प्रदेश के ग्रीष्मकालीन स्कूलों में शनिवार से बरसात की छुट्टियां शुरू होंगी। राज्य मंत्रिमंडल की बीते दिनों हुई बैठक में ग्रीष्मकालीन स्कूलों में 26 जून से 25 जुलाई तक अवकाश देने का फैसला लिया गया है। अवकाश के दौरान भी विद्यार्थी पढ़ाई को जारी रखने के लिए व्हाट्सएप के माध्यम से रोजाना विद्यार्थियों को शिक्षण सामग्री भेजी जाएगी। छुट्टियों के दौरान विद्यार्थियों का पढ़ाई से संपर्क बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है। उधर, शीतकालीन जिलों में 1 जुलाई से शिक्षकों का स्कूलों में आना अनिवार्य कर दिया गया है। इन जिलों के स्कूलों में एक जुलाई के बाद शिक्षक स्कूलों में आकर ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखेंगे।
येलो अलर्ट के बीच शुक्रवार को प्रदेश भर में मौसम साफ रहा। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में चटक धूप खिली। अधिकतम तापमान के साथ प्रदेश के न्यूनतम तापमान में भी काफी बढ़ोतरी दर्ज हुई है। गुरुवार रात को नाहन और बिलासपुर में 23 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने शनिवार के लिए भी बारिश और अंधड़ का येलो अलर्ट जारी किया है। मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और उच्च पर्वतीय जिलों किन्नौर व लाहौल स्पीति में 27 से 29 जून तक मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। मध्य पर्वतीय जिलों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा में एक जुलाई तक मौसम खराब बना रहने के आसार हैं। शुक्रवार को ऊना में अधिकतम तापमान 37.2, बिलासपुर में 35.5, हमीरपुर-भुंतर में 34.0, कांगड़ा में 34.1, चंबा में 33.7, सोलन में 33.0, सुंदरनगर में 33.5, नाहन में 32.5, धर्मशाला में 29.2, शिमला में 25.6, कल्पा में 24.0, डलहौजी में 21.1 और केलांग में 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव संजय दत्त शुक्रवार को अपने सात दिवसीय दौरे पर शिमला पहुंचे। कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर सहित अन्य नेताओं ने उनका स्वागत किया। सेवादल ने उन्हें सलामी दी। संजय दत्त ने यहां पंहुचने पर अनुसूचित जाति विभाग व अन्य पिछड़ा वर्ग के पदाधिकारियों के साथ अलग अलग बैठक की व उनके विभागों से सम्बंधित पार्टी कार्यक्रमों की पूरी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पार्टी की मजबूती के लिये सभी को संगठित होकर आगे चलना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण के प्रति हमेशा चिंतित रहें है और यही कारण है कि कांग्रेस की सरकारों ने इस वर्ग उत्थान के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं बनाई। इसी के साथ हिमाचल जैसे राज्य में भी पूर्व कांग्रेस सरकार ने इनके उत्थान के लिए आयोग तक गठित किए। संजय दत्त ने प्रदेश में अनुसूचित जाति व अन्य पिछड़ा वर्ग की उपेक्षा पर चिंता जताते हुए कहा कि सत्ता में आते ही कांग्रेस सभी के हितों का सरंक्षण करते हुए समाज मे इन्हें पूरा मान सम्मान दिलवायेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियां पिछड़े वर्गों के आरक्षण विरोधी रही है।भाजपा ने पूरे देश को आज न केवल आर्थिक बदहाली की ओर धकेल दिया है बल्कि समाज को भी बांट कर रख दिया है। आज की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष यादवेंद्र गोम्मा, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप कुमार, पूर्व मंत्री विधायक कर्नल धनीराम शांडिल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगुराम मुसाफिर, विधायक विनय कुमार, पूर्व विधायक किशोरी लाल, डॉ.वीरू राम किशोर, राष्ट्रीय संयोजक अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ सुरेश कुमार, पूर्व महापौर सोहन लाल, कमल किशोर, डॉ.दलीप सिंह धीमान, उत्तम कश्यप, सेनराम नेगी, एस.आर.आजाद, संजू डोगरा, शकुंतला कश्यप, निर्मला चौहान, रिशव पांडे, अंजना धीमान के अतिरिक्त जिला व ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी व् अन्य लोग भी उपस्थित थे। बैठक में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार रखे और संगठन को मजबूत करने के लिए अपने सुझाब दिए। अन्य पिछड़ा वर्ग की बैठक में अध्यक्ष दिलावर सिंह छोटू, मोहित चौधरी, विक्रम चौधरी, डॉ.मेहन्द्र, हरीश चौधरी, मान चंद राणा, विक्रम चौधरी, विशाल मेहरा, रोविन कौंडल, राजेन्द्र भंडारी, जिया लाल शास्त्री, गोरख धीमान, अरुण वाड़ी, गुरपाल, रत्न चंद और अन्य के अतिरिक्त जिला व ब्लॉक के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि हिमाचल प्रदेश 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग का सबसे अधिक टीकाकरण करने वाले देश के 22 राज्यों में अग्रणी स्थान पर है। उन्होंने कहा कि राज्य में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 49 प्रतिशत जनसंख्या को कोविड-19 वैक्सीन कोविशील्ड की पहली खुराक लगाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की जनसंख्या का 41 प्रतिशत टीकाकरण करके दूसरे स्थान पर है जबकि गुजरात, केरल और जम्मू-कश्मीर ने राज्य की 38 प्रतिशत जनसंख्या का टीकाकरण करके देश भर में तीसरा स्थान हासिल किया है। प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कुल 26,96,221 लोगों को कोविड-19 वैक्सीन कोविशील्ड की पहली खुराक लगाई गई है, जिसमें से 6,69,027 खुराकें 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों को लगाई गई हैं। 45 से 59 वर्ष के आयु वर्ग में 9,99,685 लोगों को पहली खुराक और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 7,40,967 लोगों को कोविशील्ड की पहली खुराक लगाई गई है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 वैक्सीन टीकाकरण कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रदेश में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लक्षित लाभार्थियों की कुल जनसंख्या 55.23 लाख का टीकाकरण किया जाना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में कुल लक्षित लाभार्थियों की 28.16 लाख जनसंख्या का टीकाकरण किया जाना शेष है। जिसके लिए राज्य सरकार प्रभावी रणनीति बना कर टीकाकरण अभियान को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग इस लक्ष्य को समय पर हासिल करना सुनिश्चित करेगा।
आज दिनांक 25 जून 2021 को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन का एक डेलिगेशन रूबल ठाकुर राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर एनएसयूआई के नेतृत्व में छात्रों की समस्याओं को लेकर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से मिले। इसमें एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव शुभम वर्मा, एनएसयूआई के राज्य सचिव रजत राना, दिनेश सिंगटा, विशाल वीरता सदस्य मौजूद थे। इसमें एनएसयूआई ने मुख्यतः 2019 एवं उससे पीछे के रिअपीयर के फंसे हुए छात्रों कि 2019 के बाद से लेकर अब तक परीक्षाएं नहीं हुई जिसमें हजारों छात्र-छात्राएं की अभी तक डिग्रियां फंसी हुई है। आईटीआई नाहन में 9 छात्रों को बिना परीक्षा ही फेल कर दिया था जिसमें ऑनलाइन परीक्षा होनी थी जो सरवर की वजह से नहीं हो पाई थी। बाद में 31 मई 2021 को बिना परीक्षा ही हिमाचल तकनीकी बोर्ड में उनका रिजल्ट घोषित कर दिया था। इसके साथ साथ प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्र छात्राओं को पिछले वर्ष की भांति प्रमोट करवाने के लिए मांग रखी गई। हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग ने पिछले वर्ष प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्रों को प्रमोट किया था। लेकिन उन्हें बच्चों के साथ रिअपीयर के छात्र छात्राओं की परीक्षाएं भी होनी थी। लेकिन लॉक डाउन की वजह से वह नहीं हो सकी जिसकी वजह से रिअपीयर का परीक्षा देने के लिए जिनके पास आखरी वर्ष था पेपर देने के लिए वह अभी तक फंसे हुए थे जो बाद में लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने उन्हें स्पेशल चांस देखकर 20 - 20 हजार परीक्षा शुल्क लेकर लूटा जा रहा है रूबल ने कहा कि यह अति निंदनीय है कि लोगों की मजबूरी का फायदा उठा कर विश्वविद्यालय लूट रहा है और जो ओल्ड रूसा बैच के छात्र छात्राएं थी उन्हें भी प्रमोट किया जाएं।
पिछले दिनों हिमाचल सरकार द्वारा कैबिनेट की बैठक में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले सभी कॉलेजों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के छात्रों की परीक्षा जुलाई और अगस्त में करवाने का फैसला लिया गया था। हिमाचल सरकार के इस फैसले के बाद कोरोना संक्रमण के चलते प्रदेश के करीब 2 लाख छात्रों के बीच अपने जीवन को लेकर असुरक्षा और डर का माहौल बनने लगा है। साथ ही हिमाचल के 70 % छात्र ग्रामीण इलाकों में रहते है, जहां इंटरनेट की कनेक्टिवीटी में बहुत दिक्कत होती है, जिस कारण छात्रों का सिलेबस भी पूरा नही हुआ है। ऐसी ही समस्याओं के चलते हिमाचल के कॉलेज के छात्रों ने सोशल मीडिया के माध्यम से युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और प्रदेश अध्यक्ष निगम भंडारी को अपनी समस्याओं से अवगत करवाया। जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी ने सोशल मीडिया और प्रदेश के सभी जिलों के जिला अध्यक्षों के माध्यम से सरकार को छात्रों को प्रोमोट करने के लिए ज्ञापन भी सौंपा। इसी कड़ी को आगे बढ़ते हुए 24 जून को शाम 5 बजे से 8 बजे तक ट्विटर पर कॉलेज के प्रथम, द्वितीय वर्ष के छात्रों को प्रोमोट करने और तृतीय वर्ष के छात्रों की ऑनलाइन परीक्षा करवाने के लिए छात्रों और युवाओं से #promothpustudents नाम से एक हैशटैग चलाने की अपील की। इस बाबत ट्विटर पर करीब 1 लाख 35 हज़ार युवाओं ने ट्वीट किया और भाजपा की जयराम सरकार को संदेश दिया कि हिमाचल के करीब-करीब सभी छात्र परीक्षा केंद्र में जाकर परीक्षा देने के लिए मनोवैज्ञानिक तौर पर सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे है, इसलिए युवा कांग्रेस और NSUI ने सरकार से मांग की है कि या तो परीक्षाएं ऑनलाइन करवाई जाए या तो सभी बच्चों को अगली कक्षा में प्रमोट किया जाए।
शुक्रवार को अटल सेवा संगठन द्वारा ग्राम पंचायत केलवी मे पौधारोपण का कार्य किया गया | जिसमें संगठन की ओर से संगठन के अध्यक्ष कमलेश शर्मा, उपाध्यक्ष रंजना शर्मा, सह सचिव प्रिया वर्मा मोजूद रही | इस अवसर पर महिला ग्रांम संगठन की ओर से प्रधान रंजना शर्मा, उर्मिला शर्मा, निर्मला शर्मा,. सीमा शर्मा, सुनीता वर्मा, रीता शर्मा, सुलोचना शर्मा, शिवी देवी, सीमा शर्मा, शांता, रंजना, कला मेहता मौजूद रही | इस अवसर पर, भुप राम, राजेन्द्र , नरेश सुनील, अनिल, तारा दत एवं कई वरिष्ठ व युवा लोग मौजूद रहे | इस दौरान केलवी मे अटल वन की स्थापना की गई | यह जानकारी देते हुए संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने बताया कि अटल सेवा संगठन मानसून सत्र में सुचारू रूप से पौधारोपण का कार्य करता रहेगा और रोपित किए गए पौधों के संरक्षण का कार्य भी संगठन द्वारा स्वयं किया जाएगा।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के पुस्तकालय को जल्दी से जल्दी छात्रों के लिए खोलने का आग्रह विश्वविद्यालय प्रशासन से किया है। NSUI राज्य महासचिव यासीन बटृ ने बताया की छात्रों की कुछ समय बाद पीजी कोर्स की परीक्षाएं है तथा छात्रों की हित को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को जल्दी से जल्दी पुस्तकालय खोल देना चाहिए। बटृ ने बताया कि विश्व विद्यालय का पुस्तकालय काफी समय से बंद रहा है। अब जब प्रदेश सरकार ने दूसरे सभी पुस्तकालय खोल दिए है तो विश्व विद्यालय का पुस्तकालय भी जल्दी खोला जाए, जिससे छात्रों की पढ़ाई में कोई दुविधा ना हो। वही NSUI की प्रदेश विश्व विद्यालय की उपाध्यक्षा बबिता पोजटा ने विश्व विद्यालय का पुस्तकालय खोलने से पहले प्रशासन से पुस्तकालय को अच्छी तरह से सैनिटाइस करने का निवेदन किया है।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा TET परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन हेतु निश्चित तिथि निर्धारित की थी। प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों के विद्यार्थी नेटवर्क संबंधी दिक्कतों के कारण अभी तक आवेदन नहीं कर पाएं हैं। लेकिन हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने आवेदन करने की अंतिम तिथि को अभी तक नहीं बढ़ा है जो यह दर्शाता है कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड छात्रों के सामने आने वाली समस्याओं से अनभिज्ञ है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत सह मंत्री सचिन लगवाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा की पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थी लगातार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं से लगातार संपर्क कर रहे हैं तथा TET की अंतिम तिथि को बढ़ाने के लिए प्रशासन के समक्ष मांग उठाने के लिए कह रहे हैं। गौरतलब है की मैदानी क्षेत्रों के छात्रों की भांति पहाड़ी क्षेत्रों के हजारों विद्यार्थी TET परीक्षा की तैयारी कर रहे थे व स्थितियां सामान्य होने का इंतजार कर रहे थे ताकि वह अपने आवेदन ऑनलाइन माध्यम से कर पाए लेकिन आज जब स्थितियां सामान्य होने जा रही हैं तब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा आवेदन करने का निर्धारित समय पूरा हो गया है। जिस कारण प्रदेश का छात्र हताश है क्योंकि वह लगातार पढ़ाई करने के बावजूद आवेदन करने से वंचित रह गया है। लेकिन हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड उनकी सुध नहीं ले रहा है। सचिन लगवाल ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से मांग करती है कि हजारों छात्रों की समस्याओं को समझते हुए शीघ्र अति शीघ्र TET की परीक्षा हेतु आवेदन फॉर्म की निर्धारित अंतिम तिथि को बढ़ाया जाए ताकि प्रदेश का कोई भी छात्र जो TET के लिए आवेदन करना चाहता है उससे वंचित ना रह सके।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता पूरे प्रदेश भर में मिशन रक्षक अभियान के तहत गांव-गांव जाकर लोगों को कोरोनावायरस के प्रति जागरूक तथा वैक्सीन लगाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। विद्यार्थी परिषद का यह अभियान पिछले 15 जून से शुरू हुआ जो आज 25 जून को इस समापन हुआ। इस अभियान में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने शिमला जिला के सुन्नी के विभिन्न गांवों एवं शिमला के ढली, भट्टाकुफर, चमयाना, संजौली, छोटा शिमला, कुसुम्पटी, पंथाघाटी, मैहली, मलयाणा, लक्कड़ बाजार, कुफटाधार, टुटु, शोघी, तारा देवी, संकटमोचन में लोगों के घरों में जाकर उनसे वैक्सीन लगवाने का आग्रह किया। जिला संयोजक मंयक कुमार ने कहा कि कोरोना महामारी के संकट के समय में विद्यार्थी परिषद ने प्रशासन के साथ मिलकर जनजीवन के लिए कार्य किया है। मिशन रक्षक अभियान के तहत विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक गांव में जाकर विभिन्न प्रकार से वहां के लोगों की सेवा करते हुए उनको जागरूक करना, वैक्सीन लगाने हेतु प्रेरित करना, छात्रों को पाठ्य सामग्री उपलब्ध करवाना, जरूरतमंद लोगों को राशन मुहैया करवाना आदि कार्य कर रहे हैं। इस अभियान में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने पाया की ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को महामारी के प्रति जागरूक करने की बहुत आवश्यकता है तथा वहां के स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों को भी सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत सारे लोग ऐसे हैं जिन्होंने वैक्सीन हेतु पंजीकरण तक नहीं करवाया है। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता ऐसे सभी लोगों को जागरूक कर रहे हैं। स्थानीय लोग भी विद्यार्थी परिषद की इस मुहिम की सराहना कर रही है। संकट के इस समय में विद्यार्थी परिषद एवं सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट शिमला द्वारा लगातार समाज सेवा में अपना सहयोग दें रहा है। बात अस्पतालों में रक्तापूर्ति की हो, कोविड रोगियों को भोजन की व्यवस्था हो, निःशुल्क शिक्षा हो, किसी भी प्रकार की सहायता की जरूरत हो विद्यार्थी परिषद ने अपना पूर्ण सहयोग इस महामारी में दिया है। जिला संयोजक मयंक कुमार ने बताया कि विद्यार्थी परिषद अपने स्थापना काल से ही समाज सेवा एवं राष्ट्र सेवा के लिए कार्य करती आ रही है और आने वाले समय में भी जब भी समाज व देश को जरूरत होगी तो विद्यार्थी परिषद अपना सर्वस्व समाज सेवा में समर्पित करेंगी।
सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने अपने हिमाचल दौरे के दौरान आज राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से भेंट की। अपनी भेंट के दौरान, उन्होंने सेना व हिमाचल के सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े अनेक विषयों पर विस्तृत चर्चा की। सेना प्रमुख ने राजभवन परिसर में चिनार का पौधा भी रोपा। इस मौके पर, राज्यपाल ने चीन के साथ लगते हिमाचल के सीमावर्ती क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सड़क, हैलीपैड व अन्य अधोसंरचना विकास में सेना की अहम भूमिका है। सीमा से सटे गांवों में युवा जनसंख्या को रोकने की आवश्यकता है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार व रोजगार के अवसर तलाशे जाने चाहिए। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को भी सेना में अवसर दिया जाना चाहिए।दत्तात्रेय ने शिमला के वाॅकर अस्पताल का मामला भी सेना प्रमुख से उठाया। सेना प्रमुख ने कहा कि वह इससे पूर्व शिमला में आरट्रेक में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और हिमाचल को वह अपना पुराना घर मानते हैं। इसलिए यहां आकर उन्हें बहुत खुशी मिलती है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना दुश्मन की हर नापाक कोशिश का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। जहां तक चीन के साथ लगती सीमा का प्रश्न है, बातचीत हो रही है और चिंता करने वाली कोई बात नहीं है। हमारी तरफ से व्यापक स्तर पर ‘मैन एण्ड मैटीरियल’ तैनात है और सेना पूरी तरह सजग है। उन्होंने कहा कि सेना द्वारा अगले 5-10 वर्षों के लिए सीमा क्षेत्रों में सड़क निर्माण को लेकर योजना तैयार की गई है। सड़क निर्माण से इन क्षेत्रों में विकास भी तेजी से होगा और युवाओं का पलायन भी रूक सकेगा। जनरल नरवणे ने कहा कि देश में सेना के प्रति युवाओं में काफी जोश है और बड़ी संख्या में युवा सेना में आने के लिए तत्पर रहते हैं। उन्होंने कहा कि सेना की कोशिश है कि देश के जिन जिलों से सेना में प्रतिनिधित्व नहीं है वहां से युवाओं को मौका दिया जा सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वाॅकर अस्पताल को शीघ्र ही आरम्भ करने की कोशिश की जाएगी।


















































