बुधवार देर रात हिमाचल प्रदेश सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए सात आईएएस और 74 एचएएस अफसरों के कार्यभार में बदलाव कर दिया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह एवं सतर्कता मनोज कुमार से नई दिल्ली में एडवाइजर इंडस्ट्री का पद लेकर प्रधान स्थानीय आयुक्त नई दिल्ली रजनीश को दे दिया गया है। इसके अलावा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे प्रियतु मंडल को मंडलायुक्त कांगड़ा, विशेष सचिव ऊर्जा गोपाल चंद को विशेष सचिव शहरी विकास, अतिरिक्त पंजीयक सहकारी सभाएं अश्विनी राज शाह को विशेष सचिव शिक्षा एवं सूचना तकनीकी, कंट्रोलर प्रिंटिंग एंड स्टेशनरी रीमा कश्यप को बिजली बोर्ड में निदेशक वित्त एवं कार्मिक, अतिरिक्त निदेशक स्वास्थ्य सुमित खिमटा को विशेष सचिव स्वास्थ्य के साथ निदेशक स्वास्थ्य सुरक्षा लगाया गया है। वही 2019 बैच के चार आईएएस अफसरों को पहली नियुक्ति दी गई है। नियुक्ति पाने वालों में नवीन तंवर को एसडीएम चंबा, राहुल जैन को एसडीएम देहरा, रितिका को एसडीएम मंडी और शहजाद आलम को एसडीएम अर्की लगाया गया है। कार्मिक विभाग की ओर से देर रात इन अफसरों की नियुक्ति के संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। मुख्यमंत्री के अतिरिक्त सचिव रहे सुनील शर्मा को अब राज्य कर एवं आबकारी मुख्यालय में अतिरिक्त आयुक्त के साथ हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार का दायित्व सौंप दिया है। एमडी कांगड़ा सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक विनय कुमार को निदेशक प्रारंभिक शिक्षा, एडिशनल कंट्रोलर ऑफ स्टोर सुनील कांटा को एडिशनल डायरेक्टर पर्यटन, एमडी स्टेट कोऑपरेटिव बैंक डॉक्टर पंकज ललित को निदेशक भाषा कला एवं संस्कृति के साथ एडिशनल कंट्रोलर स्टोर का अतिरिक्त कार्यभार, आयुक्त पांगी सुखदेव सिंह को अतिरिक्त पंजीयक सहकारी सभाएं, प्रभा राजीव को कंट्रोलर प्रिंटिंग एंड स्टेशनरी, अतिरिक्त आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी दक्षिण जोन, मस्त राम को सचिव हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग के साथ सीईओ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, सरदार वल्लभभाई पटेल क्लस्टर यूनिवर्सिटी मंडी के रजिस्ट्रार राजीव कुमार को एडीएम मंडी के साथ नगर आयुक्त मंडी तैनात किया गया है। एडीएम मंडी श्रवण कुमार को एमडी स्टेट कोऑपरेटिव बैंक, एडीएम प्रोटोकॉल शिमला विनय धीमान को एमडी कांगड़ा सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक, संयुक्त सचिव सचिवालय प्रशासन सचिन कमल को एडीएम प्रोटोकॉल शिमला, एसी टू डीसी कांगड़ा संदीप सूद को कृषि विश्वविद्यालय का रजिस्ट्रार, एसी टू डीसी हमीरपुर राजकृष्ण को एडिशनल डायरेक्टर तकनीकी शिक्षा, सचिव हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग सुषमा को अतिरिक्त सचिव हिमाचल प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन रजिस्ट्रार सीएसके कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर, पंकज शर्मा को अतिरिक्त आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी दक्षिण जोन ईडी हिमुडा, निशांत ठाकुर को अतिरिक्त निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, एडीएम काजा ज्ञान सागर नेगी को ईडी हिमुडा, अतिरिक्त आयुक्त राज्य कर केवल राम सेजल को संयुक्त सचिव राजस्व के साथ सचिव राज्य चुनाव आयोग लगाया गया है। संयुक्त सचिव पब्लिक सर्विस कमीशन एकता कांटा को महिला एवं बाल विभाग का अतिरिक्त निदेशक, आरटीओ कांगड़ा डॉ. विशाल शर्मा को एसडीएम जोगिंद्रनगर सचिव राज्य सूचना आयोग, मोहन दत्त को एडीएम काजा, आरटीओ फ्लाइंग स्क्वायड कांगड़ा डॉ. संजय कुमार धीमान को एडीएम भरमौर, एसी टू डीसी सोलन हरि सिंह राणा को मंडलायुक्त कांगड़ा का सहायक आयुक्त, उपायुक्त आर एंड आर राजा का तालाब बलवान चंद को स्थानीय आयुक्त पांगी, एसडीएम देहरा धनवीर ठाकुर को एसडीएम मनाली, एसडीएम बल्ह डॉ. आशीष शर्मा को एसडीएम सलूणी, एसडीएम कुल्लू डॉ. अमित गुलेरिया को एसडीएम पालमपुर के साथ नगर आयुक्त पालमपुर, एसडीएम डलहौजी जगन ठाकुर को एसडीएम धीरा, सचिव राज्य चुनाव आयोग सुरजीत सिंह को संयुक्त सचिव सचिवालय प्रशासन के साथ निदेशक प्रोटोकॉल लगाया गया है। संयुक्त सचिव राजस्व अनिल कुमार को संयुक्त पंजीयक सहकारी सभाएं के साथ सचिव खाद्य आयोग, एडीएम भरमौर पीपी सिंह को रजिस्ट्रार सरदार वल्लभभाई पटेल क्लस्टर यूनिवर्सिटी मंडी, संयुक्त निदेशक प्रारंभिक शिक्षा हितेश आजाद को जीएम एचपीएमसी, संयुक्त निदेशक ईशा को संयुक्त निदेशक आईजीएमसी, एसडीएम अर्की विकास शुक्ला को एसडीएम कुल्लू, एसडीएम रोहड़ू बाबूराम शर्मा को एसडीएम शिमला, ग्रामीण एसडीएम कल्पा डॉ. अवनींद्र कुमार को संयुक्त निदेशक टांडा मेडिकल कॉलेज, एसडीएम रामपुर सुरेंद्र मोहन को एसडीएम राजगढ़, संयुक्त निदेशक आईजीएमसी रविंद्र नाथ शर्मा को सचिव राज्य सूचना आयोग, जीएम कौशल विकास निगम सनी शर्मा को एसडीएम करसोग, एसडीएम राजगढ़ नरेश वर्मा को एसडीएम झंडूता, संयुक्त निदेशक पर्यटन रॉबिन जॉर्ज को संयुक्त निदेशक ग्रामीण विकास लगाया गया। एसडीएम आनी चेत सिंह को आरटीओ सोलन, एसडीएम करसोग सुरेंद्र कुमार को एसडीएम रोहड़ू, रजिस्ट्रार अटल मेडिकल एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी स्मृतिका को एसडीएम बल्ह, संयुक्त निदेशक तकनीकी शिक्षा अमर नेगी को रजिस्ट्रार अटल मेडिकल एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी, एसडीएम पालमपुर धर्मेश कुमार को एसडीएम सुंदरनगर, एसडीएम हरोली गौरव चौधरी को एसी टू डीसी ऊना, मंडलायुक्त मंडी के सहायक आयुक्त कुलदीप सिंह पटियाल को एसडीएम आनी, संयुक्त निदेशक आयुर्वेद डॉ. राखी सिंह को संयुक्त निदेशक शहरी विकास, एसडीएम किलाड़ विश्रुत भारती को एसडीएम सरकाघाट, एसडीएम झंडूता विकास शर्मा को एसडीएम हरोली लगाया गया है। एसी टू डीसी कांगड़ा बालकृष्ण को डीसी आरएंडआर राजा का तालाब, संयुक्त निदेशक महिला एवं बाल विकास डॉ. भावना को संयुक्त निदेशक खाद्य नागरिक आपूर्ति संयुक्त निदेशक, टांडा मेडिकल कॉलेज कुलबीर सिंह राणा को आरटीओ फ्लाइंग स्क्वायड कांगड़ा, एसी टू डीसी ऊना रेखा को मंडलायुक्त मंडी का सहायक आयुक्त, एसडीएम मनाली रमन घरसंगी को एसी टू डीसी हमीरपुर, आरटीओ सोलन हर्ष अमरेंद्र सिंह को प्रोजेक्ट अधिकारी आईटीडीपी केलांग, अनिल कुमार भारद्वाज को एसडीएम डलहौजी, जीवन नेगी को संयुक्त निदेशक एससी ओबीसी अल्पसंख्यक विभाग, डॉ. भुवन शर्मा को संयुक्त निदेशक प्रारंभिक शिक्षा, शिव मोहन सिंह सैनी को आरटीओ कांगड़ा, संयुक्त निदेशक खाद्य नागरिक आपूर्ति यादविंद्र पॉल को एसडीएम रामपुर, बीडीओ निरमंड प्रिया को एसडीएम केलांग लगाया गया। बीडीओ सुजानपुर स्वाति डोगरा को एसडीएम कल्पा, रजनीश शर्मा को एसडीएम किलाड़, एसडीएम धीरा विकास जमवाल को भू अधिग्रहण अधिकारी व्यास डैम प्रोजेक्ट, राज महेंद्र प्रताप सिंह को एसडीएम काजा, संजीत सिंह को एसडीएम पधर, राजेश भंडारी को आरटीओ मंडी, शमशेर सिंह को संयुक्त निदेशक चंबा मेडिकल कॉलेज और प्रोजेक्ट अधिकारी आईटीडीपी केलांग रमन कुमार शर्मा को एसडीएम चर्च रोड लगाया गया है। विशेष सचिव गृह मनोज कुमार चौहान को विशेष सचिव आवास, अतिरिक्त निदेशक भाषा कला एवं संस्कृति सुरेश चंद जसवाल को अतिरिक्त निदेशक आयुर्वेद और संयुक्त निदेशक आईटी नीरज कुमारी चांदला को जीएम कौशल विकास निगम का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
हिमाचल प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री व पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे वीरभद्र सिंह का आज तड़के निधन हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन के बाद प्रदेश सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। वीरवार को सरकारी दफ्तरों में सरकार ने एक दिन का अवकाश घोषित किया है। शोक के दौरान प्रदेश में कोई सरकारी मनोरंजन संबंधी कार्यक्रम नहीं होंगे। आवश्यक सेवाओं से संबधित विभागों के अतिरिक्त राज्य सरकार के सभी कार्यालय, बोर्ड, निगम और स्वायत्त संस्थान 8 जुलाई, 2021 को बन्द रहेंगे। तीन दिन तक राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार प्रदेश में आठ से 10 जुलाई तक राजकीय शोक रहेगा।
हिमाचल प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री व पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरभद्र सिंह का वीरवार को सुबह निधन हो गया। जानकारी के अनुसार वीरभद्र सिंह का निधन सुबह 3.40 बजे हुआ। दोबारा कोरोना पॉजिटिव आने के बाद से वह शिमला के आईजीएमसी में उपचाराधीन थे। वरिष्ठ कांग्रेस नेता के निधन से प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है। वह करीब ढाई महीने से आईजीएमसी में दाखिल थे। सोमवार को अचानक तबीयत खराब होने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर दाखिल कर दिया था। जिसके बाद से वह बेहोशी की हालत में यहां पर उपचाराधीन थे। लेकिन गुरुवार सुबह उनकी मौत हो गई। वह 87 साल के थे। आईजीएमसी के एमएस डॉ. जनक राज ने उनकी मौत की पुष्टि की है।
निदेशक भाषा एवं संस्कृति विभाग सुनील शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि भाषा एवं संस्कृति विभाग, हिमाचल प्रदेश द्वारा इस वर्ष पं० चन्द्रधर शर्मा गुलेरी जयन्ती के उपलक्ष्य में राज्य स्तरीय साहित्यिक समारोह का शुभारम्भ ऑनलाइन माध्यम से किया गया। इस समारोह के प्रथम दिन दिनांक 6 जुलाई को लेखक गोष्ठी व दूसरे दिन कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के प्रथम दिन लेखक गोष्ठी में डाॅ० प्रत्यूष गुलेरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डाॅ० राजेन्द्र राजन ने की। राज्य स्तरीय समारोह में डाॅ० प्रत्युष गुलेरी द्वारा ’’चंद्रधर शर्मा गुलेरी के साहित्य के विविध आयाम ‘‘ विषय पर शोध पत्र पढ़ा गया। इस शोध पत्र पर सोलन से वरिष्ठ साहित्यकार डाॅ० शंकर वासिष्ठ, मंडी से डाॅ० विजय विशाल, शिमला से आत्मा रंजन, सिरमौर से भुवन जोशी, बिलासपुर से अरूण डोगरा, हमीरपुर से डाॅ० शंकुतला राणा, चंबा से केवल भारती, कांगड़ा से कल्याण जग्गी व कुल्लू से तोबदन ने परिचर्चा में भाग लिया। डाॅ० विजय विशाल ने गुलेरी के निबंधों में भाषा के प्रतिष्ठित दृष्टिकोण की बात कही। डाॅ० शंकर वासिष्ठ ने गुलेरी के साहित्य रचना तथा साहित्य में मूल्यों के स्वरूप का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दूसरे दिन कवि सम्मेलन की अध्यक्षता पूर्व प्रशासनिक अधिकारी व वरिष्ठ साहित्यकार के. आर. भारती ने की। समारोह में आमंत्रित कवियों में किन्नौर से राम भगत ने ‘संबंध बड़े नहीं होते, उसे संभालने वाल बड़े होते है’, बिलासपुर से संदेश शर्मा ‘ ये मिट्टी से पुते घर, घरौंदे ये पुराने’ ऊना से अशोक कालिया ने ‘न मैं उसकी लकीरों में, न वो मेरी परेशानी में,खत्म किरदार अब मेरा हुआ उसकी कहानी में’, मंडी से रूपेश्वरी शर्मा ने ‘तुमने कहा था’, कांगड़ा से रेखा डढवाल ने ‘ ना गिला कोई ना मलाल है’ शिमला से दिनेश शर्मा ने ‘हाय डिजिटल यह समय ई-वमन से भर रहा खोखलापन अपना’ हमीरपुर से देश राज कमल ने ‘ ढूंढता हूं इस भूलोक के गांवों शहरों गलियारों में’, मंडी से पवन चौहान ने ‘गांव के चूल्हे पर’ हमीरपुर से देशराज कमल ने ‘भयभीत मन देश राज कमल’, सोलन से सविता ठाकुर ने ‘सुन ली थी तेरे पांव की आहट’ शिमला से ओम भारद्वाज ने शिमला के बंदर पर, कांगड़ा से अदिति गुलेरी ने ‘ सोचें तो तुम्हारी यादों का बसंत भी यहीं है’, चंबा से तपेश ने गुलेरी पर अपनी कविता पढ़ीे। के.आर. भारती ने अध्यक्षीय भाषण से पूर्व कोरोना पर कविता पाठ किया। उन्होंने बताया कि पं० चंद्रधर शर्मा गुलेरी ने साहित्य की कोई भी विधा ऐसी नहीं छोडी जिस पर उनकी पकड़ न रही हो इसी कारण उनके निबन्ध तथा आधुनिक कहानियां हिंदी साहित्य में अपनी छाप छोड़ गए हैं। इस दो दिवसीय आयोजन में हिमाचल प्रदेश के लगभग 30 कवि/विद्वान लेखकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में विभाग के उप-निदेशक प्रेम प्रशाद पंडित व राजकुमार सकलानी, सहायक निदेशक कुसुम संघाईक, सहायक निदेशक अल्का कैंथल, अतिरिक्त निदेशक डाॅ. सुरेश जस्वाल तथा भाषा अधिकारी सरोजना नरवाल व अमित गुलेरी भी जुड़े रहे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में बुधवार को राज्य एकल खिड़की स्वीकृति एवं अनुश्रवण प्राधिकरण की 17वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और मौजूदा इकाइयों के विस्तार के लिए 13 परियोजना प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें लगभग 1297.23 करोड़ रुपये का प्रस्तावित निवेश होगा और लगभग 1718 व्यक्तियों को रोजगार की क्षमता होगी। यह इस बात का प्रमाण है कि आर्थिक मंदी के बावजूद प्रदेश निवेश आकर्षित कर पाने में सफल हो रहा है। प्राधिकरण ने जिन नए परियोजना प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की है, उनमें तरल एमप्यूल, तरल वायल, ड्राई इंजेक्शन, मरहम इत्यादि के उत्पादन के लिए मैसर्ज श्री राम हेल्थ केयर प्राईवेट लिमिटेड यूनिट-पम्प, बुरानवाला, बद्दी जिला सोलन, एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल, पशु चारा, कार्बनडाइऑक्साइड, इथनाॅल, बीयर के निर्माण के लिए मैसर्ज आरकेवी स्पिरिट्स प्राइवेट लिमिटेड, बीड, प्लासी, तहसील नालागढ़ जिला सोलन, एपीआईज/बल्क ड्रग्ज के निर्माण के लिए मैसर्ज किनवान प्राइवेट लिमिटेड पलसारा तहसील नालागढ़ जिला सोलन, इंजैक्शन के पानी, सम्मिश्रण के उत्पादन के लिए मैसर्ज आईवीपीइएक्स पेरेटंल प्राईवेट लिमिटेड मानकपुर तहसील नालागढ़, जिला सोलन, सेब और सब्जियों के सीए भंडारण के लिए मैसर्ज शुभकर्म फ्रेश फूड कोल्ड चेन प्राइवेट लिमिटेड मोहाल गागरी, तहसील ठियोग, जिला शिमला, वायल्स, एंमप्यूल्स के निर्माण के लिए मैसर्ज राज फार्मा मानपुरा तहसील नालागढ़, जिला सोलन, फलों और सब्जियों के सीए भंडारण के लिए मैसर्ज इंद्रप्रस्थ आईस एंड कोल्ड स्टोरेज प्राइवेट लिमिटेड तहसील निरंमंड, जिला कुल्लू, फार्मास्यूटिकल, प्रसाधनों, आयुर्वेदिक प्रसाधनों, खाद्य एवं खाद्य अनुपूरकों आदि के निर्माण के लिए मैसर्ज अभिषेक फाॅर्मूलेशन प्राइवेट लिमिटेड, गांव किशनपुरा, तहसील बद्दी, जिला सोलन शामिल हैं। जिन वर्तमान इकाइयों को विस्तार देने को मंजूरी प्रदान की उनमें मैसर्ज महोदर बीवरेजीज ईपीआईपी फेज-1, झाड़माजरी, बद्दी, जिला सोलन को नेचुरल मिनरल वाटर, फ्रूट जूस, पैट प्रिफाॅर्मज/बाॅटल्ज, मैसर्ज एस.के. इंडस्ट्रीज यूनिट-2, सेक्टर-2 औद्योगिक क्षेत्र परवाणु, जिला सोलन को कैंडी/लाॅलीपाॅप, जैली, मिल्क-एन-नट, चाॅकलेट बार इत्यादि, मैसर्ज विक्टरी ऑयल ग्राम उद्योग एसोसिएशन यूनिट-2, गांव मोहटली, डमटाल, तहसील इन्दौरा जिला कांगड़ा को फिनाइल, टाॅयलट क्लीनर, नेफथेलीन की गोलियां, डिश वाॅश, स्क्रबर, हैंड सेनिटाइजर, हैंड वाॅश इत्यादि, मैसर्ज तिरुपति मेडिकेयर लिमिटेड पांवटा साहिब, जिला सिरमौर को टेबलेट, कैप्सयूल, लिक्विड, पाउडर, तेल, क्रीम, शैंपू के उत्पादन, मैसर्ज मोरपेन लेबोरेटरीज लिमिटेड गांव मल्कुमाजरा, तहसील बद्दी, जिला सोलन को बल्क ड्रग्स फोर्मुलेशन, स्वास्थ्य उपकरण, प्लास्टिक मोल्डिंग आदि का अनुसंधान व विकास शामिल हैं। निदेशक उद्योग राकेश प्रजापति ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर, मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. शर्मा, प्रबन्ध निदेशक हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड आर.के. शर्मा, इंजीनियर-इन-चीफ जल शक्ति नवीन पुरी, सदस्य सचिव राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अपूर्व देवगन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हमीरपुर से भाजपा के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में प्रमोशन मिलने जा रही है। कुछ ही देर में इस पर स्पष्टीकरण आ जायेगा की अनुराग ठाकुर को क्या प्रभार दिया जायेगा। वर्तमान में अनुराग ठाकुर के पास राज्य मंत्री के तौर पर वित्त और कॉरपोरेट मामले मंत्रालय है। सांसद अनुराग ठाकुर पिछली मोदी सरकार में लोकसभा में मुख्य सचेतक भी रहे चुके है। अनुराग भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बीसीसीआई के अध्यक्ष भी रह चुके हैं और इसके अलावा उन्होंने लगातार चौथी बार लोकसभा का चुनाव जीता है। उन्हें सर्वश्रेष्ठ सांसद का भी अवॉर्ड मिल चुका है।अनुराग हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन केअध्यक्ष भी रहे है। पिता प्रेम कुमार धूमल के मुख्यमंत्री बनने पर खाली हुई सीट के उपचुनाव में अनुराग ने पहली बार जीत दर्ज की थी। 2007 में हमीरपुर सीट से भाजपा के टिकट पर जीत की हैट्रिक लगाने वाले पूर्व सांसद सुरेश चंदेल को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी थी जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा दिया और उनके इस्तीफे के बाद वर्ष 2007 में उपचुनाव हुआ, जिसमें धूमल ने चुनाव लड़ा और जीत हासिल की, लेकिन वर्ष 2008 में विधानसभा चुनाव के बाद धूमल दूसरी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने और धूमल को लोकसभा की कुर्सी छोड़नी पड़ी।इसके बाद वर्ष 2008 में हुए उपचुनाव में अनुराग ठाकुर ने पहली बार जीत दर्ज की। इसके बाद 2009, 2014 और अब वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में अनुराग ने चौथी बार जीत हासिल की है। अनुराग ठाकुर वर्तमान में 17वीं लोकसभा में सांसद निर्वाचित हुए थे। इससे पूर्व वह 16वीं लोकसभा में चीफ व्हिप भी रह चुके हैं।
हजारों की संख्या में बेरोजगार कला अध्यापकों को आज की हुई कैबिनेट मीटिंग से बहुत आस थी कि इस बार जयराम सरकार कला अध्यापकों के पदों को कैबिनेट मीटिंग में बहाल करेगी। लेकिन इस बार भी बेरोजगार कला अध्यापकों को जयराम सरकार की कैबिनेट मीटिंग में निराशा ही हाथ लगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मार्च महीने में बेरोजगार कला अध्यापकों से एक वादा किया था कि आपके कला अध्यापकों के पदों को सरकार भर्ती करने जा रही है और बहुत ही जल्द आपके पदों को भरा जाएगा, मुख्यमंत्री ने बेरोजगार कला अध्यापकों से कहा था अप्रैल महीने में दूसरी या तीसरी कैबिनेट मीटिंग में आपके पदों को बहाल कर देंगे। लेकिन इस बार की केबिनेट मीटिंग से बेरोजगार कला अध्यापकों को पता लग गया कि जयराम सरकार बेरोजगार कला अध्यापकों को सिर्फ झूठे आश्वासन ही देती है।
‘सहकार से समृद्धि’ के स्वप्न को साकार करने के लिए नए सहकारिता मंत्रालय के गठन पर मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने केंद्र सरकार के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस मंत्रालय का गठन देश में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के लिए एक अलग प्रशासनिक, कानूनी और नीतिगत ढांचा प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मंत्रालय सहकारी समितियों के लिए व्यवसाय में सुगमता के लिए प्रक्रियाओं को कारगर बनाने और बहु-राज्य सहकारी समितियों के विकास को सक्षम बनाने की दिशा में कार्य करेगा।
-मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में सभी सामाजिक, अकादमिक, मनोरंजन, राजनीतिक, सांस्कृतिक समारोहों सहित विवाह एवं अन्य समाराहों में लोगों की उपस्थिति की संख्या में वृद्धि करने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय के अनुसार, अब इन्डोर समारोहों में कुल क्षमता के 50 प्रतिशत और अधिकतम 200 लोगों को शामिल होने की अनुमति होगी जबकि खुले स्थान पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में मैदान की कुल क्षमता के 50 प्रतिशत लोगों की उपस्थिति की अनुमति दी जाएगी। यह भी निर्णय लिया गया है कि प्रमुख पर्यटन स्थलों पर उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक कोविड उपयुक्त व्यवहार सुनिश्चित करेंगे। -बैठक में 2 से 13 अगस्त, 2021 तक हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आयोजित करने के लिए राज्यपाल को सिफारिश भेजने का निर्णय भी लिया गया। -मंत्रिमंडल ने कोविड-19 के कारण अपने माता व पिता दोनों को खोने वाले बच्चों को मुख्यमंत्री बाल उद्धार योजना के अंतर्गत लाने को अनुमति प्रदान की ताकि उन्हें प्रतिमाह 1500 रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जा सके। -बैठक में आशा कार्यकर्ताओं का वर्तमान में दिए जा रहे अतिरिक्त मानदेय को 2000 रुपये से बढ़ाकर 2750 रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया गया जिससे राज्य की लगभग 7964 आशा कार्यकर्ता लाभान्वित होंगी। -मंत्रिमंडल द्वारा प्रदेश में नई शिक्षा नीति को क्रियान्वित करने के लिए तय किया गया है कि तीसरी, पांचवी और आठवीं कक्षाओं के प्रश्नपत्र हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड तैयार करेगा। इन कक्षाओं की मार्किंग और परीक्षा परिणाम क्लस्टर, खंड व जिला स्तर पर घोषित किए जाएंगे। मंत्रिमंडल ने प्रारंभिक शिक्षा में डिप्लोमा के लिए 2018 से 2020 बैच को स्कूल इंटर्नशिप में छह सप्ताह की छूट प्रदान करने को मंजूरी प्रदान की। -बैठक में सभी विद्यालयों को आगामी आदेशों तक बंद रखने का निर्णय लिया गया जबकि ऑनलाइन कक्षाएं पूर्व की भांति जारी रहेंगी। -मंत्रिमंडल ने काॅलेजों के प्रथम और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को अगली कक्षा में स्तरोन्नत करने का निर्णय लिया। महाविद्यालयों में नए दाखिले और नवीकरण इस वर्ष जुलाई माह के अंतिम सप्ताह में आरंभ होगा जबकि नए शैक्षिक वर्ष के लिए स्नातक कक्षाएं 16 अगस्त, 2021 से आरम्भ होंगी। -मंत्रिमंडल ने शिक्षकों और गैर-शिक्षक कर्मचारियों के टीकाकरण की प्रगति की सराहना की। बैठक में जानकारी दी गई कि 30 जून, 2021 तक 90 प्रतिशत शिक्षकों और गैर-शिक्षक कर्मचारियों का टीकाकरण कर लिया गया है। महाविद्यालयों के लगभग 25 हजार विद्यार्थियों का टीकाकरण 28 व 29 जून, 2021 को किया गया। यह भी जानकारी दी गई कि 30 जून, 2021 तक महाविद्यलयों के अंतिम वर्ष के लगभग 80 प्रतिशत विद्यार्थियों का टीकाकरण किया जा चुका है। -मंत्रिमण्डल ने कांगड़ा जिला में 200 बिस्तरों की क्षमता वाले नागरिक अस्पताल नुरपुर अस्पताल के उचित प्रबन्धन के लिए चिकित्सा अधीक्षक का एक पद सृजित करने का निर्णय लिया। -बैठक में निर्णय लिया गया कि अनाथ बच्चों और 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को बिना प्रीमियम हिमकेयर योजना के अन्तर्गत लाया जाएगा। इससे 1500 अनाथ बच्चे और 70 वर्ष से अधिक आयु वाले 16304 वरिष्ठजन लाभान्वित होंगे। -जिला कांगड़ा के डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद आयुर्विज्ञान महाविद्यालय, टांडा में जन सुविधा के लिए 12.50 करोड़ रुपये की लागत से एमआरआई मशीन स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, इस महाविद्यालय के रेडियोग्राफी विभाग में रेडियोग्राफर के दो पद सृजित करने व इन्हें भरने को स्वीकृति प्रदान की गई है। -मंत्रिमण्डल ने जिला मण्डी के नेर चैक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय में सहायक प्रोफेसर, चिकित्सा सामाजिक कार्यकर्ता और मनोविज्ञानी का एक-एक पद, पैलिएटिव केयर सर्विसिज में चिकित्सा अधिकारियों के दो व स्टाफ नर्सों के पांच पद, चिकित्सा कैंसर सेवाओं में सहायक प्रोफेसर का एक पद और सामान्य शल्य चिकित्सा में सहायक प्रोफेसर का एक पद भरने की मंजूरी प्रदान की। -बैठक में जिला चम्बा में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मड़ी को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के रूप में स्तरोन्नत करने तथा इस केन्द्र के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के पांच पद भरने को मंजूरी दी गई। -मंत्रिमण्डल ने इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं अस्पताल, शिमला में प्रसूति एवं स्त्री रोग प्रोफेसर का एक पद सृजित करने व भरने की स्वीकृति दी है। -मंत्रिमण्डल ने जनता की सुविधा के लिए जिला शिमला के कुफरी स्थित यातायात पुलिस सहायता कक्ष को स्थायी पुलिस चौकी में परिवर्तित करने को अपनी मंजूरी प्रदान की। -कर्मचारियों और आम जनता की सुविधा के लिए हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के सिरमौर जिला के राजगढ़ स्थित विश्राम गृह में चार अतिरिक्त कमरों के निर्माण को मंजूरी प्रदान की गई है। -मत्स्य पालन विभाग के बिलासपुर मुख्यालय में अतिरिक्त अथवा संयुक्त निदेशक का एक पद सृजित करने का निर्णय लिया जिसे हिमाचल प्रदेश प्रशासिनक सेवा (एचएएस) के अधिकारी से भरा जाएगा।
हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष यदोपती ठाकुर ने कहा कि छात्र हितों की जिन मांगो को लेकर हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस व Nsui के सभी कार्यकर्ताओं ने पिछले एक सप्ताह से जगहों जगहों पर भूख हड़ताल, धरना प्रदर्शनों के माध्यम से जयराम सरकार का विरोध करते हुए यूजी कक्षाओं में पढनें वाले विद्यार्थियों को प्रमोट करने की मांग को सरकार के समक्ष उठाया था उसकी मेहनत रंग लाई है। मजबूरन प्रदेश सरकार को युवा कांग्रेस व Nsui के साथियों द्वारा उठाई गयी मांग को आज की कैबिनेट मीटिंग में स्वीकार करते हुए यूजी के प्रथम वर्ष व द्वितीय वर्ष के सभी विद्यार्थियों को प्रमोट करने की हरी झंडी दिखा दी है। यदोपती ठाकुर ने कहा कि यह लड़ाई प्रदेश के हर छात्र छात्राओं की थी जिसको मध्यनजर रखते हुए पहले दिन से ही युवा कांग्रेस व एन एस यू आई के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतर कर प्रदेश सरकार के इस छात्र विरोधी फैसले के खिलाफ थी। यदोपती ठाकुर ने सभी छात्र छात्राओं को इस संघर्ष की जीत पर बधाई देते हुए कहा कि आगामी समय में भी युवा कांग्रेस प्रदेश के सभी छात्र छात्राओं के हितों के लिए सदैव उनके साथ खड़ी है।
The Meeting of State Cabinet held here today under the chairmanship of Chief Minister Jai Ram Thakur reviewed the Covid-19 situation in the State. It decided to increase the limit of gathering in all social/ academic/ entertainment/ cultural/ political and other congregations including marriage celebrations and functions would be permitted with 50 percent with maximum of 200 persons in indoor built up/covered area whereas in open space gathering has been allowed with 50 percent capacity of the ground. It was also decided that Covid appropriate behaviour would be ensured by the Deputy Commissioners and Superintendents of Police at prominent tourist places. -The Cabinet also decided to recommend the Governor to convene the Monsoon Session of H.P. Vidhan Sabha from 2nd August to 13 August, 2021. -The Cabinet gave its consent to bring children who have lost their both parents due to covid-19 under the ambit of Mukhya Mantri Bal Uddhar Yojna to provide them additional monthly financial assistance of Rs. 1500 per month. It also gave its consent to increase the additional honorarium being provided by the State Government from existing Rs. 2000 to Rs. 2750 per month to ASHA workers. This would benefit about 7964 ASHA workers working in the State. The Cabinet decided that in order to implement New Education Policy, question papers for class three, class five and class eight will be set by HP Board of School Education and their marking and results would be declared at cluster, block and district level respectively. The Cabinet granted six weeks exemption in school internship in respect of Diploma in Elementary Education for batch 2018-2020. -It also decided that schools would remain closed for students till further orders and online study would continue as usual. -The Cabinet decided to promote first year and second year students to next higher class. New and renewal admissions would start in colleges in the last week of July this year and new academic year for UG classes would commence from 16th August, 2021. -The Cabinet appreciated the progress of vaccination status of teaching and non-teaching staff. It was informed that about 90 percent teaching and non-teaching staff have been vaccinated as on 30 June, 2021. It was also informed that about 25000 college students were vaccinated on 28 and 29 June, 2021. It was also informed that about 80 percent college students of final year stood vaccinated on 30 June, 2021. -The Cabinet decided to create one post of Medical Superintendent in 200 bedded Civil Hospital Nurpur in Kangra district for proper management of this hospital. -The Cabinet decided to bring orphaned children and senior citizens above 70 years under the fold of HIMCARE Scheme without any premium. This would benefit about 1500 orphaned children besides 16304 senior citizens above the age of 70 years. -It decided to set up MRI machine worth Rs.12.50 crore in Dr. Rajendra Prasad Government Medical College Tanda in Kangra district to facilitate the people of the area. -The Cabinet gave its approval to create and fill up two post of Radiographers in Radiotherapy department of Dr. Rajendra Prasad Government Medical College Tanda. -It also gave its consent to fill up one post each of Assistant Professor, Medical Social Worker and Psychologist, two posts of medical officers and five posts of staff nurse in Palliative Care Services, one post of Assistant Professor in Medical Oncology services and one post of Assistant Professor in General Surgery in Shri Lal Bahadur Shastri Government Medical College and Hospital, Nerchowk in Mandi district. -The Cabinet gave its approval to upgrade Primary Health Centre Mari in Chamba district to Community Health Centre alongwith creation and filling up of five posts of different categories for its smooth functioning. -The Cabinet gave its approval to create and fill up one post of Professor of Obstetrics and Gynecology in Indira Gandhi Medical College Shimla. -It decided to convert Traffic Police Assistance Room, Kufri in district Shimla into permanent Police Chowki to facilitate the general public. -The Cabinet gave its nod to construct additional four suites in HPPWD Rest House, Rajgarh in district Sirmaur to the facilitate the officials and general public. -It decided to create one post of Additional/Joint Director in Fisheries Department in headquarter Bilaspur to be filled amongst HAS officer.
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भारतीय सिनेमा जगत के प्रख्यात अभिनेता दिलीप कुमार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। राज्यपाल ने कहा कि दिलीप कुमार का निधन सिनेमा के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई नहीं हो सकेगी। वह अपने पीछे एक महान विरासत छोड़ गए हैं जो कलाकारों को पीढ़ियों तक प्रेरित करती रहेगी। दिलीप कुमार के सिनेमा जगत को दिए गए महत्वपूर्ण योगदान की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका निधन अभिनय की दुनिया के लिए एक अपूर्णीय क्षति है। भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा और वह कलाकारों की आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा-स्त्रोत बने रहेंगे। जय राम ठाकुर ने शोक संतप्त परिजनों और प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए परमात्मा से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की है।
बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विवेकानंद नगर ( समरहिल ) की नव कार्यकारिणी गठन को लेकर बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में विषेश उपस्तिथि के नाते विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष विशाल सकलानी व शिमला महानगर उपाध्यक्ष रमन शर्मा चुनाव अधिकारी के नाते बैठक में विषेश रूप से उपस्थित रहे। विशाल सकलानी ने नगर कार्यकारिणी की भूमिका व महत्व बताते हुए कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद आज विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है। आज पूरा संसार कोरोना नामक महामारी से पीड़ित हैं। तो इस दौरान भी विद्यार्थी परिषद ने कोविड से पीड़ित व्यक्तियों को हर संभव सहायता पहुंचाने का कार्य किया और कहा कि इसी बात को ध्यान में रखकर आज इसी नगर की कार्यकारिणी का गठन भी किया जा रहा है जो आने वाले समय में समरहिल व इसके आस पास के क्षेत्रों में लोगों की सेवा व विद्यार्थियों की सहायता के लिए कार्य करेगी। चुनाव अधिकारी रमन शर्मा ने कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए नगर अध्यक्ष के लिए डा सुनीता ठाकुर व नगर मंत्री के लिए गौरव के नाम की घोषणा की, नव निर्वाचित नगर अध्यक्ष डा सुनीता ठाकुर ने सम्पूर्ण कार्यकारिणी की घोषणा की जिसमें नगर अध्यक्ष ने कहा कि विद्यार्थी परिषद आने वाली 9 जुलाई को राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के उपलक्ष्य पर पोटर हिल में सफाई आभियान चलाएगी ओर राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस समारोह के उपलक्ष्य पर संगोष्ठी का आयोजन करेगी।
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने मंगलवार को कहा कि प्रदेश में कोविड-19 टीकाकरण के लिए मानसिक रूप से दिव्यांग (मेंटली चेलेंजड) व्यक्तियों को प्राथमिकता समूह श्रेणी में शामिल किया गया है। जिसकी अधिसूचना स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी की गई है। उन्होंने कहा कि कोविन पोर्टल पर कोविड-19 टीकाकरण के लिए पंजीकरण और प्रमाणीकरण के उद्देश्य से इस श्रेणी के लाभार्थियों की पहचान और प्रमाणीकरण के लिए टीकाकरण संबंधी प्रारूप पत्र को तहसील कल्याण अधिकारी या स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा सत्यापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस श्रेणी को केवल कोविड-19 टीकाकरण के उद्देश्य से प्राथमिकता समूह की श्रेणी में शामिल किया गया है और लाभार्थी कोई अन्य लाभ अर्जित नहीं करेगा।
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने मंगलवार को कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने निजी कोविड टीकाकरण केंद्रों (पीसीवीसी) के रूप में कार्य करने वाले निजी अस्पतालों द्वारा खरीदी जाने वाली कोविड-19 वैक्सीन के लिए संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अधिसूचित की है। उन्होंने कहा कि देश के वैक्सीन निर्माता अपने वैक्सीन के मासिक उत्पादन का 25 प्रतिशत तक पीसीवीसी के रूप में कार्य करने वाले निजी अस्पतालों को प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार का स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय कोविन पोर्टल पर उपलब्ध करवाए गए ट्रैकिंग तंत्र के माध्यम से पीसीवीसी को वैक्सीन की आपूर्ति की सुविधा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों के लिए वैक्सीन की एक खुराक की कीमत अधिकतम 150 रुपये प्रति खुराक सर्विस चार्ज के रूप में निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन निर्माताओं द्वारा सभी खर्चो को मिलाकर निजी कोविड टीकाकरण केंद्रों के लिए कोविशील्ड वैक्सीन का मूल्य 780 रुपये, कोवैक्सीन का मूल्य 1410 रुपये और स्पूतनिक-वी का मूल्य 1145 रुपये निर्धारित किया गया है। उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि निजी कोविड टीकाकरण केंद्रों द्वारा लोगों को उपलब्ध करवाई जा रही वैक्सीन की कीमतों पर नजर रखें और निर्धारित दरों से अधिक कीमत वसूलने वाले पीसीवीसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रवक्ता ने कहा कि निजी कोविड टीकाकरण केंद्रों को कम से कम कोविशील्ड की 160 खुराकें और कोवैक्सीन की 500 खुराकें लेनी होंगी और वैैक्सीन की खरीद कोविन पोर्टल के माध्यम से करनी होगी। वैैक्सीन निर्माता निजी टीकाकरण केंद्रों को सीधे तौर पर या फिर राज्य सरकार के माध्यम से भी वैक्सीन की आपूर्ति कर सकते है। उन्होंने कहा कि जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार निजी कोविड टीकाकरण केंद्रों को सभी वैैक्सीन का कोविन पोर्टल में रिकाॅर्ड रखना होगा और कोविन प्रणाली टीकाकरण सत्रों के प्रकाशन की अनुमति प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राज्यों और निजी कोविड टीकाकरण केंद्रों को सहायता प्रदान करने उद्देश्य से एक हेल्पलाइन नंबर 0120-4473222 भी जारी किया है।
प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन हर्षवर्धन चौहान ने जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह की आलोचना करते हुए कहा है कि वह अपने मंत्री पद की गरिमा के विपरीत कार्य कर रहें है। उन्होंने कहा है कि शिक्षकों पर दिया गया उनका बयान पूरी तरह से गैरजिम्मेदाराना और किसी भी शासकीय व्यवस्था के खिलाफ है। हर्षवर्धन ने मंगलवार को कहा कि महेंद्र सिंह का यह आचरण प्रदेश में लोकतंत्र की स्वस्थ परम्पराओं को ध्वस्त कर रहा है। उन्होंने कहा है कि सत्ता के नशे में महेंद्र सिंह का प्रशासन के साथ टकराव बहुत ही निंदनीय है। हर्षवर्धन ने कहा कि पिछले दिनों कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के मुख्य सचिव के साथ महेंद्र सिंह की बदसलूकी से भी साफ है कि वह सत्ता के अहंकार में डुबे है। उन्होंने कहा कि महेंद्र सिंह का अधिकारियों व कर्मचारियों व आम लोगों का अपमान करना तो उन्होंने अपना जन्म सिद्ध अधिकार मान लिया है जो बहुत ही निंदनीय है। हर्षवर्धन ने महेंद्र सिंह से शिक्षकों पर की गई टिप्पणी पर माफ़ी मांगने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से भी इस पूरे बयान पर स्पष्टीकरण की मांग की है। उन्होंने कहा है कि एक तरह सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान शिक्षकों को प्रथम पंक्ति के योद्धाओं का खिताब दे रखा है और दूसरी तरफ इसके लिए उनके मंत्री का अपमान जनक बयान सरकार की कार्यप्रणाली और उसके दिशा निर्देशों की भी पूरी पोल खोलता है।
जुब्बल : प्रदेश सरकार में ऊर्जा मंत्री सुख राम चौधरी ने मंगलवार को जुब्बल नावर कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत अंटी, कुड्डू, पंद्रानु सोलंग सासकिर का दौरा किया इस अवसर पर उनके साथ आई टी सेल के प्रदेश संयोजक चेतन ब्रागटा भी उपस्थित रहे। सुखराम चौधरी ने लोगो की अधिकतर समस्याओं को मौके पर ही निपटाया और कहा की क्षेत्र में बिजली की कोई समस्या नही रहेगी। पंद्राणु में मंत्री ने कहा की पंद्रानु व सोलंग का क्षेत्र उत्तराखंड की सीमा से लगता क्षेत्र है जिसके कारण लोगो को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है परंतु अब यहां के लोगो की समस्या को वरीयता के आधार पर निपटाया जाएगा। ऊर्जा मंत्री ने लोगो से आग्रह किया की पूर्व मंत्री स्वर्गीय नरेंद्र ब्रागटा के निधन के उपरांत यहां उप चुनाव हो रहा है जिसमे भाजपा को जिताना है जिससे दिवंगत नेता के द्वारा दिखाए गए विजन को पूरा कर सके और इस विधान सभा क्षेत्र को उत्कृष्ट बना सके। कुड्डू पंचायत में युवाओं ने काग्रेस छोड़कर कर भाजपा का दामन थामा जिसमे सचिन शर्मा, सौरभ, आर्यन, प्रणव शर्मा एवम कपिल शर्मा इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत पंद्रानू से बलबीर मिमटा, नंदपुर पंचायत से चमन ठाकुर मोहन सिंह ठाकुर, कुलदीप शर्मा, प्रभु राम, कंवर सिंह, अमित, बंटी ने भी कांग्रेस पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थामा। इस अवसर पर सिरमौर जिला के सह प्रभारी अरुण फाल्टा, मंडल उपाध्यक्ष सुरेंद्र धौलटा, इंदर धांटा, सचिव यशपाल शर्मा, कर्म सिंह सहित पूर्व मंडल अध्यक्ष हरबंस धौलता, कृष्ण चंद मानटा, लायक राम झगता, झालटा पंचायत के प्रधान महावीर झागटा, अंटी पंचायत के प्रधान रविंद्र रावत, नंदपुर पंचायत के प्रधान सुमन ठाकुर, उप प्रधान प्रताप राणा, हरिमन शर्मा, ग्राम पंचायत बढ़ाल के पूर्व प्रधान रमेश शर्मा, शकुंतला डोड, परवीन छाजटा सभी विभाग के अधिकारी सहित वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
जून 2020 से मार्च 2021 के मध्य महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 0 से 3 वर्ष की आयु सीमा के लगभग 2.3 लाख बच्चों को और 3 से 6 वर्ष की आयु सीमा के लगभग 1.3 लाख बच्चों को तथा गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली 94000 महिलाओं को प्रति माह पात्रतानुरुप पर्याप्त मात्रा में राशन उपलब्ध करवाया गया। यह जानकारी आज हिमाचल प्रदेश राज्य खाद्य आयोग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश राज्य खाद्य आयोग सुरेन्द्र घोंक्रोकटा ने दी। उन्होनें बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा मध्याहन भोजन योजना के तहत कक्षा आठ तक के लगभग 4.89 लाख विद्यार्थियों को प्रतिमाह निर्धारित मात्रा में राशन दिया गया। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत पात्र परिवारों को अप्रैल 2020 से नवंबर 2020 तथा मई, जून 2021 में कोविड-19 महामारी के दौरान 5 किलोग्राम अनाज प्रति परिवार प्रति माह सरकार द्वारा उपलब्ध करवाया गया। उन्होनें बताया कि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा वर्ष 2020-21 में खाद्यान्न प्राप्ति से संबंधित 402 शिकायतों का निवारण किया। उन्होनें कहा कि राज्य सरकार ने गरीब, पिछड़ा वर्ग, महिलाओं एवं बच्चों के लिए अभूतपूर्व कार्य किया है। कोविड-19 के दौरान उभरी चुनौतियों के बावजूद प्रदेश सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली आई.सी.डी.एस. तथा मिड डे मील योजनाओं को प्रभवी ढंग से लागू किया गया। उन्होनें कहा कि आयोग द्वारा समय-समय पर समीक्षा बैठक की जाती है तथा प्रत्येक जिलों के खाद्य सुरक्षा से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए अतिरिक्त जिला उपायुक्तों को जिला शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त किया गया है। यदि कोई नागरिक खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के लाभों से वंचित है तो जिला शिकायत निवारण अधिकारी के पास या सीधा आयोग को शिकायत कर सकते हैं। आयोग द्वारा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, शिक्षा विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग से अपील की गई है कि शिकायतों का त्वरित निपटान हो तथा सरकारी योजनाओं के तहत कोई भी पात्र नागरिक लाभ से वंचित न रहे। उन्होनें कोविड-19 महामारी के दौरान राज्य सरकार द्वारा अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों को सही प्रकार से लागू करने तथा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत पात्र परिवारों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। बैठक में सदस्य सचिव अनिल चैहान, सदस्य रमेश गंगोत्रा, सुश्री प्रेम चैहान, सरकारी सदस्य हिमिस नेगी, ज्योति राणा, केवल राम सहजल भी उपस्थित थे।
एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नंद लाल शर्मा ने 60 मेगावाट की नैटवाड़ मोरी जलविद्युत परियोजना की 4.3 किलोमीटर लंबी हेड रेस सुरंगखुदाई के पूरा होने के प्रतीक के रूप में आखिरी ब्लास्ट को ट्रिगर किया। नैटवाड़ मोरी जलविद्युत परियेाजना की कमीशनिंग के उपरांत हर साल 265.5 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। इस परियोजना से उत्तराखंड राज्य को रॉयल्टी के रूप में 12% मुफ्त बिजली प्राप्त होगी। उन्होंने परियोजना स्थल पर नवनिर्मित कार्यालय परिसर, ट्रांजिट कैंप और टाउनशिप ‘ यमुना परिसर’ का भी उद्घाटन किया। शर्मा ने परियोजना स्थलों का निरीक्षण किया और परियाजना के विभिन्न घटकों की समीक्षा की जिसमें हेड रेस टनल, बैराज, पावर हाउस , सर्ज शॉफ्ट और 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन शामिल हैं। उन्होंने परियोजना के सभी प्रमुख घटकों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए नंद लाल शर्मा ने कहा कि मुझे एसजेवीएन की नैटवाड़ मोरी जलविद्युत परियाजना के लिए सभी सुविधाओं से युक्त कार्यालय परिसर का उद्घाटन करते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है । हमारे सभी देशवासियों को निर्बाध ऊर्जा उपलब्ध करवाने की भारत सरकार की प्रतिबद्धता और 2040 तक 25000 मेगावाट की कंपनी बनने के एसजेवीएन के सांझा विजन को साकार करने की प्रक्रिया और तीव्र होगी। समय पर परियोजनाओं को पूरा करना तथा कर्मचारियों का कल्याण हमेशा से ही एसजेवीएन के मुख्य उद्देश्य रहे हैं। परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए कर्मचारियों को समर्पित कड़ी मेहनत के साथ काम करने और परियोजना कार्यों की गति को बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा हिमाचल प्रदेश में बनाए गये ऑक्सीजन बैंक के लिए उनके द्वारा एकत्रित गए 900 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर एवं अन्य मेडिकल उपकरण जैसे 1 लाख मास्क , व 3500 पीपीई किट को सेवा ही संगठन कार्यक्रम के अंतर्गत हरी झंडी दिखाकर हिमाचल रवाना किया। राजनाथ सिंह ने कहा “ भारतीय जनता पार्टी सिर्फ़ एक राजनैतिक पार्टी नहीं बल्कि सामाजिक दायित्वों का भी पूरे सेवाभाव से निर्वहन करने वाली पार्टी है । कोरोना काल में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता सेवा ही संगठन कार्यक्रम के माध्यम से जनसेवा के मानवीय मूल्यों का पालन करते हुए पूरी दृढ़ता से लोगों की मदद के लिए आगे आए। अनुराग सिंह ठाकुर ने भी अपनी ज़िम्मेदारी का निर्वहन करते हुए अपने प्रदेश व संसदीय क्षेत्र के लिए कोरोना काल में सेवाभाव का परिचय दिया व वहाँ आवश्यक मेडिकल उपकरण व सहायता सामग्री पहुँचाई” “हिमाचल प्रदेश विशेषकर हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में कोरोना मरीज़ों को ऑक्सीजन की कोई कमी ना आने पाए इसलिए अनुराग ठाकुर द्वारा एक ऑक्सीजन बैंक बनाया जा रहा है जिसकी जितनी सराहना की जाए कम है । 1400 बेडों को निर्बाध रूप से ऑक्सीजन सप्लाई मिल सके इसके लिए आज अनुराग ठाकुर द्वारा एकत्रित किए गये 900 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर हिमाचल भेजना एक सुखद अनुभव है । इस आपदा काल में हिमाचल प्रदेश के लिए अनुराग ठाकुर द्वारा किए गये प्रयासों ,उनकी संवेदनशीलता के लिए मैं उन्हें बधाई देता हूँ । इस आपदा काल में हम सब मिलकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई को लड़ेंगे” अनुराग ठाकुर ने कहा “ कोरोना महामारी की इस दूसरी लहर में ऑक्सीजन की उपयोगिता बढ़ गई है। हिमाचल प्रदेश विशेषकर हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में कोरोना मरीज़ों को ऑक्सीजन की कोई कमी ना आने पाए इसलिए मैं अपने निजी प्रयासों से ऑक्सीजन बैंक बना रहा हूँ जिसका प्रारम्भिक लक्ष्य 700 बेडों को ऑक्सीजन सप्लाई देना था जिसे बढ़ाकर कर 1400 कर दिया गया है। मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि अब यह 1000 से ज़्यादा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर , 200 ऑक्सीजन सिलेंडरों व 3 ऑक्सीजन प्लांट को मिलाकर एक ऑक्सीजन बैंक जोकि 1400 बेडों को निर्बाध रूप से ऑक्सीजन सप्लाई करने में सक्षम होगा उसके लिए आज रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मेरे द्वारा एकत्रित 900 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर एवं अन्य मेडिकल उपकरण जैसे 1 लाख मास्क , व 3500 पीपीई किट झंडी दिखाकर हिमाचल रवाना किया “ “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व व राष्ट्रीय अध्यक्ष जे॰पी॰ नड्डा के निर्देशानुसार सेवा ही संगठन कार्यक्रम के अंतर्गत भाजपा का हर कार्यकर्ता कोरोना से जंग में अपनी ज़िम्मेदारी दृढ़ता से निभा रहा है। हाल ही में इसी ऑक्सीजन बैंक के लिए मेरे द्वारा एकत्रित किए गये मेडिकल उपकरणों व सहायता सामग्री को राष्ट्रीय अध्यक्ष जे॰पी॰ नड्डा ने हरी झंडी दिखाई जिसमें हिमाचलवासियों के लिए 108 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर व 160 ऑक्सीजन सिलेंडर शामिल थे। आगे भी मैं अपने क्षमतानुसार वायरस बनाम मानवता की इस लड़ाई में अपना योगदान देता रहूँगा”
शिमला : राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लक्कड़ बाजार शिमला की छात्राओं ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। स्कूल के प्रधानाचार्य भूपेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में विद्यालय का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा। इस परीक्षा में विद्यालय की 41 छात्राएँ बैठीं, जिनमें से 31 छात्राएँ प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुई। कुमारी निकिता ने 700 में से 639 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान, पलक वर्मा ने 700 में से 612 अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान तथा तनवी ने 700 में से 595 अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। प्रधानाचार्य भूपेंद्र सिंह ने सभी छात्राओं और उनके अभिभावकों को इस परीक्षा परिणाम हेतु बधाई और शुभकामनाएं दी
शिमला :एसएफआई विश्वविद्यालय इकाई ने वीसी की नियुक्ति और ग़ैरकानूनी प्रोफेसरों की भर्तियों के खिलाफ पिंक पैटल्स पर धरना प्रदर्शन किया। एसएफआई का मानना है कि प्रदेश सरकार लगातार विश्वविद्यालय और शिक्षा का भगवाकरण कर रही है। विश्वविद्यालय के पुराने उपकुलपति एडीएन वाजपेयी के कार्यकाल के खत्म होने के बाद विश्वविद्यालय लगभग डेढ़ साल तक बिना उपकुलपति के रही। उसके बाद प्रदेश की भाजपा सरकार के करीबी माने जाने वाले प्रो सिकन्दर कुमार को विश्वविद्यालय का उपकुलपति बनाया गया औऱ पहले ही दिन विश्वविद्यालय में पहुंचते ही इनका बयान आता है कि वो आरएसएस की विचारधारा से संबंधित है और आजीवन उस विचारधारा के लिए काम करेंगे। एक ओर भारतीय संविधान किसी भी शिक्षक को सीधे तौर पर किसी राजनैतिक गतिविधियों में शामिल होने की इजाजत नहीं देता और दूसरी ओर हमारे उपकुलपति महोदय बतौर प्रोफेसर सेवाएं देते समय बीजेपी एससी सेल के अध्यक्ष के रूप में काम किया और दूसरी ओर यूजीसी के नियमों के अनुसार एक प्रोफेसर तभी विश्वविद्यालय का उपकुलपति बन सकता है जब उसके पास बतौर प्रोफेसर 10 साल का कम से कम अनुभव हो लेकिन सरकार का करीबी होने के कारण विश्वविद्यालय में उपकुलपति पड़ पाने के लिए प्रोफेसर सिकंदर कुमार ने 10 साल पूरा होने के 3 महीने पहले ही विश्वविद्यालय का उपकुलपति बनने के लिए अपने शैक्षणिक अनुभव के साथ छेड़छाड़ के ये पद प्राप्त किया है। कैंपस सचिव रॉकी के बताया कि विश्वविद्यालय में हो रही प्रोफेसरों की भर्तियां भी शक के घेरे में है। विश्वविद्यालय में प्रोफेसरों की भर्तियां तक करवाई गई जब पूरे देश में कोरोना अपने चरम पर था लेकिन भारतीय संविधान जो हमें समान अवसरों का अधिकार देता है कि खुले तौर पर अवहेलना की गई है। कोरोना महामारी के कारण जब ट्रांसपोर्ट बन्द था तो इंटरव्यू में सभी अभ्यर्थियों के लिए समान अवसर कैसे मिला। धांधलियों के द्वारा सरकार द्वारा अपने लोगों की भर्ती करने के लिए अयोग्य व्यक्तियों की भी भर्ती की गई है। विश्वविद्यालय में जब यूजीसी की न्यूनतम योग्यता पीजी और NET/SET के आधार पर अगर प्रोफेसरों की भर्ती होगी तो जिस गुणात्मकता की बाग की जाती है को कैसे हासिल किया जा सकता है। एक पीजी और NET/SET क्वालिफाइड कैसे विश्वविद्यालय में शोध का काम करवा सकता है। एसएफआई का स्पष्ट मत है कि ये भर्तियां विश्वविद्यालय ऑर्डिनेंस को ताक पर रख कर की जा रही है जिसकी एसएफआई कड़े शब्दों में निंदा करती है और साथ ही प्रदेश सरकार मांग करती है कि इन भर्तियों पर जांच कमेटी बिठाई जाए ताकि विश्वविद्यालय में योग्य व्यक्तियों की ही भर्ती हो। एसएफआई ने प्रदेश सरकार को चेतावनी देते हुए यह मांग की है कि शिक्षा की गुणवत्ता को बचाने के लिए इन भर्तियों पर और वीसी की अयोग्यता पर जल्द प्रदेश सरकार ने कोई अहम कदम नहीं उठाया तो आने वाले समय मे एसएफआई प्रदेश भर के छात्रों को लामबंद करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन के अंदर जाएगी जिसका जिम्मेवार प्रदेश सरकार होगी।
शिमला : शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि देश कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्र की अखंडता के लिए शहादत देने वाले पहले नेता थे। श्यामा प्रसाद मुखर्जी कि जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भारद्वाज ने कहा कि मुखर्जी ने भारत में एक निशान एक विधान एक प्रधान का सपना देखा था और आज भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस सपने को साकार किया है। देश में एकरूपता हो इसके लिए मुखर्जी ने संघर्ष किया। जन संघ की स्थापना से लेकर कश्मीर के आंदोलन तक मुखर्जी जी का योगदान अहम है। मुखर्जी ने एक भारत श्रेष्ठ भारत के बारे में लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने देश में धरा 370 को समाप्त किया। मुस्लिम महिलाओं को सम्मान से जीने का अधिकार मिले इसके लिए तीन तलाक़ कानून को समाप्त किया। भारद्वाज ने कहा कि देश के कानून में एकरूपता हो मोदी सरकार ने मुखर्जी के इस सपने को साकार किया और आज भी देश कि अक्षुण्णता बनी रहे, इसके लिए प्रयासरत है।
शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने खुदरा और थोक व्यापार को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम में शामिल करने के केंद्र सरकार के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक फैसले का खुदरा व थोक व्यापार क्षेत्र पर संरचनात्मक असर पड़ेगा। कोरोना की मार झेल रहे इस क्षेत्र को बेहतर वित्त विकल्प उपलब्ध हो सकेंगे जिससे यह संगठित हो सकेगा। मंत्री ने कहा कि संशोधित दिशा-निर्देशों के अंतर्गत खुदरा और थोक व्यापार को भी भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्राथमिकता वाले क्षेत्र के तहत ऋण प्राप्त करने का लाभ मिलेगा। संशोधित दिशा-निर्देशों के साथ अब खुदरा और थोक व्यापारियों को उद्यम पंजीकरण पोर्टल पर पंजीकरण कराने की अनुमति होगी। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण आई दिक्कतों से खुदरा और थोक व्यापार पर पड़े असर को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने इनको एमएसएमई के दायरे में लाने का फैसला किया है। उन्होंने इस निर्णय के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए प्रदेश के व्यापारियों को भी बधाई दी है। शहरी विकास मंत्री ने कहा कि इस फैसले से करोड़ों लोगों को लाभ होगा। खुदरा व थोक व्यापार प्रभावित होने से न केवल व्यापारी वर्ग बल्कि उनके द्वारा दिया जा रहा प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार भी प्रभावित हुआ। ऐसे में यह फैसला न केवल व्यापारी वर्ग बल्कि करोड़ों लोगों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि देश भर में 2.5 करोड़ से अधिक व्यापारियों को इस निर्णय का लाभ मिलेगा। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश सरकार व्यापारियों की बेहतरी के लिए कार्य कर रही है और केंद्र के इस निर्णय से प्रदेश सरकार के प्रयासों को और संबल मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार व्यापारी वर्ग व कोरोना से प्रभावित अन्य लोगों के कल्याण पर विशेष ध्यान दे रही है।
हिमाचल प्रदेश में 4 जुलाई यानी गत रविवार तक कुल 202642 व्यक्ति कोविड पाॅजिटिव पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश में कोरोना पाॅजिटिव मामलों में निरंतर कमी आई है और आज कोविड-19 पाॅजिटिव मामलों की संख्या 1365 रह गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 28 जून से 4 जुलाई, 2021 के दौरान कोविड के 977 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 1.14 प्रतिशत दर्ज की गई। इसी अवधि के दौरान जिला बिलासपुर में कुल 8328 लोगों के कोविड टेस्ट किए गए, जिनमें से 68 लोग पाॅजिटिव पाए गए और पाॅजिटिविटी दर 0.82 प्रतिशत रही। चंबा में कुल 8749 लोगों के कोविड टेस्ट किए गए, जिनमें से 179 लोग पाॅजिटिव पाए गए और पाॅजिटिविटी दर 2.05 प्रतिशत, हमीरपुर में कुल 9734 लोगों के कोविड टेस्ट किए गए, जिनमें से 63 लोग पाॅजिटिव पाए गए और पाॅजिटिविटी दर 0.65 प्रतिशत, कांगड़ा में कुल 8980 लोगों के कोविड टेस्ट किए गए, जिनमें से 110 लोग पाॅजिटिव पाए गए और पाॅजिटिविटी दर 1.22 प्रतिशत, किन्नौर में कुल 1456 लोगों के कोविड टेस्ट किए गए, जिनमें से 34 लोग पाॅजिटिव पाए गए और पाॅजिटिविटी दर 2.34 प्रतिशत रही। उन्होंने कहा कि जिला कुल्लू में कुल 5191 लोगों के कोविड टेस्ट किए गए, जिनमें से 57 लोग पाॅजिटिव पाए गए और पाॅजिटिविटी दर 1.10 प्रतिशत रही। लाहौल स्पीति में कुल 601 लोगों के कोविड टेस्ट किए गए, जिनमें से 12 लोग पाॅजिटिव पाए गए और पाॅजिटिविटी दर 2 प्रतिशत, मंडी में कुल 5301 लोगों के कोविड टेस्ट किए गए, जिनमें से 169 लोग पाॅजिटिव पाए गए और पाॅजिटिविटी दर 3.19 प्रतिशत रही। शिमला में कुल 8854 लोगों के कोविड टेस्ट किए गए, जिनमें से 142 लोग पाॅजिटिव पाए गए और पाॅजिटिविटी दर 1.60 प्रतिशत, सिरमौर में कुल 7342 लोगों के कोविड टेस्ट किए गए, जिनमें से 31 लोग पाॅजिटिव पाए गए और पाॅजिटिविटी दर 0.42 प्रतिशत, सोलन में कुल 12483 लोगों के कोविड टेस्ट किए गए, जिनमें से 43 लोग पाॅजिटिव पाए गए और पाॅजिटिविटी दर 0.34 प्रतिशत और जिला ऊना में कुल 8571 लोगों के कोविड टेस्ट किए गए, जिनमें से 69 लोग पाॅजिटिव पाए गए और पाॅजिटिविटी दर 0.81 प्रतिशत दर्ज की गई। इसी अवधि के दौरान प्रदेश में केवल 10 कोरोना मरीजों की मृत्यु दर्ज की गई हैं।
सोमवार को शिमला एस पी मोहित चावला कोटखाई पहुंचे व सबसे पहले उन्होंने घुममा मे पंचायत सदस्यों तथा व्यापार मंडल के लोगों से चर्चा की तथा उनकी समस्याओं को सुना। एसपी चावला ने सुझाव दिया कि घुममा बाजार में सीसीटीवी कैमरा लगने चाहिए जिससे अपराधी मानसिकता के लोग हतोत्साह होंगे। उन्होंने एसएचओ कोटखाई रविन्द्र कौशल को आगामी आने वाले सेब सीजन को देखते हुए ट्रैफिक की सुचारु व्यवस्था करने के आदेश दिए साथ ही घुममा में नशा निवारण समिति बनाने का भी प्रस्ताव रखा। कोटखाई थाना पहुंचने पर एचपी शिमला मोहित चावला ने थाने का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी को आदेश दिए कि कानून की पालना कड़ाई से करें मगर जनता के लिए उनका दिल नरम होना चाहिए ताकि लोग उनके पास आने से ना हिचकिचाएं। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि कोटखाई में अलग से ट्रैफिक विंग का गठन किया जाए ताकि आने वाले सेब सीजन में ट्रैफिक की कोई भी समस्या ना रहे।
भारतीय खाद्य निगम हिमाचल प्रदेश द्वारा राज्य के 3258 किसानों से सीधी खरीद के माध्यम से 13040 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है, जो गत वर्षों की खरीद की तुलना में चार गुना अधिक है। यह जानकारी आज सोमवार को भारतीय खाद्य निगम हिमाचल प्रदेश के क्षेत्र महाप्रबंधक डाॅ. राजेश गुलिया ने दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020-21 के दौरान 3128 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई थी, जिसका किसानों को इलैक्ट्राॅनिक माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत 25.75 करोड़ रुपये का भुगतान सीधा उनके खातों में किया गया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के प्रकोप के तहत असाधारण स्थिति में भी यह उपलब्धि हासिल की गई है। प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना 3 में प्रदेश के लिए 28644 मीट्रिक टन गेहूं और चावल मई व जून माह में मुफ्त में आंबटित किया गया था। इसी योजना के तहत 16822.95 मीट्रिक टन गेहूं और 11821.614 मीट्रिक टन चावल मई और जून, 2021 में आंबटित किया गया, जो लाभार्थियों को मुफ्त में देने के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी किया जा चुका है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना 4 के अंतर्गत माह जुलाई से नवम्बर, 2021 तक 71611 मीट्रिक टन गेहूं और चावल हिमाचल क्षेत्र के लिए आंबटित किया गया, जिसके तहत 42057.375 मीट्रिक टन गेहूं और 29554.025 मीट्रिक टन चावल आंबटित किया गया है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत चौथे चरण का मुफ्त राशन जुलाई से नवम्बर, 2021 के लिए प्रति व्यक्ति 3 किलो गेहूं और 2 किलो चावल आंबटित किया जा रहा है। अभी तक 5081 मीट्रिक टन गेहूं और चावल की मात्रा उठाई गई है। उन्होंने कहा कि यह समस्त उपलब्धियां परस्पर सहयोग से पूर्ण की गई है। इन कार्यों की पूर्ति के लिए राज्य सरकार एवं संबंधित एजेंसियों का समन्वय व सहयोग प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि 15 मार्च, 2021 से 10 जून, 2021 के दौरान किसानों की सुविधा के लिए भारतीय खाद्य निगम ने हिमाचल प्रदेश में विभिन्न पांच राजस्व जिलों में 8 खरीद केन्द्र खोले गए ताकि किसान अपने गेहूं को नजदीकी खरीद केन्द्रों पर बेच सके और समय व पैसे की किसानों की बचत हो सके। प्रदेश में जिला सिरमौर के पांवटा साहिब, कालाअंब, जिला ऊना के हरोली, टकरला, जिला सोलन में नालागढ़, जिला कांगड़ा में फतेहपुर, ठाकुराद्वारा और जिला बिलासपुर के घुमारवीं में यह मण्डियां खोली गई है। बैठक में उप महा प्रबंधक वित्त राजेश वर्मा तथा सहायक महा प्रबंधक तपस रंजन सेठी उपस्थित रहे।
कांग्रेस महासचिव एवं विधायक विक्रमादित्य सिंह ने जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह की शिक्षको के खिलाफ की गई उनकी सार्वजनिक टिप्पणी की कड़ी आलोचना करते हुए उनसे शिक्षको से सार्वजनिक तौर पर माफ़ी मांगने को कहा है। उन्होंने कहा है कि महेंद्र सिंह ने शिक्षकों का घोर अपमान किया है जिसे सहन नही किया जा सकता है। विक्रमादित्य सिंह ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा है कि महेंद्र सिंह ने शिक्षकों के प्रति उनकी मानसिकता को प्रदर्शित कर दिया है। कोरोना काल में शिक्षकों को प्रथम पंक्ति के कोरोना योद्धाओं की संज्ञा देने वाली भाजपा नेताओं की पूरी पोल खुल गई है। विक्रमादित्य सिंह ने जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह को आड़े हाथ लेते हुए कहा है कि उन्हें सत्ता का नशा इस कदर छाया है कि वह अधिकारियों के साथ साथ आम लोगों को भी सरेआम धमकाते रहतें है। पिछले दिनों मुख्य सचिव का जिस प्रकार से उन्होंने मंत्रीमंडल की बैठक में अपमान किया है, वह पूरी तरह निदनीय है। मुख्यमंत्री की अपने इस मंत्री के अपमान जनक व्यवहार पर खामोशी का साफ अर्थ है कि उनका अपने मंत्रियों पर कोई नियंत्रण नही है, और उन्होंने इन्हें अधिकारियों, लोगों को धमकाने की खुली छूट दे रखी है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि प्रदेश में होने वाले तीन उप चुनावो को सामने देख भाजपा पूरी तरह बौखलाहट में है। असल मे प्रदेश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, बिगड़ती अर्थव्यवस्था ऐसे मुद्दे है जिनका भाजपा के पास कोई जवाब नही है। देश हो या प्रदेश भाजपा की नीतियों ने आज सब कुछ बरबाद कर दिया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में तीनों उप चुनाव कांग्रेस जीतेगी और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में भी प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने दावा किया कि हिमाचल में हाने वाले तीन उपचुनाव ही नहीं, बल्कि 2022 में हाेने वाले विधानसभा चुनाव में भी भाजपा जीत दर्ज कर सत्ता में रिपीट करेगी। मनाली में सोमवार को पदाधिकारियों काे संबाेधित करते हुए उन्हाेंने कहा कि हमारा लक्ष्य 2022 में एक बार फिर भाजपा की सरकार को हिमाचल प्रदेश में बनना है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का साढ़े तीन साल का कार्यकाल उपलब्धी भरा रहा है सभी कार्यों को जनता तक पहुंचा है। उन्होंने कहा कि आने वाले तीनो उपचुनावों में हम पूरी ताकत लगाएंगे और तीनों सीटों पर जीत दर्ज करेंगे। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने बैठक में कार्यकताओं से संवाद के माध्यम से नई ऊर्जा का संचालन किया, उन्होंने बैठक में कई संगठनात्मक विषयों पर चर्चा की। संवाद के माध्यम से राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं में जोश भरा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को लीडरशिप टिप्स भी दिए और कार्यकता निर्माण को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा की कार्यकर्ताओं को भी अपना आंकलन करना चाहिए कि हम कहाँ खड़े है और कहाँ जाना है। उन्होंने कहा की सभी केंद्र और प्रदेश की योजनाओं की पूरी जानकारी कार्यकर्ताओं को होनी चाहिए। उन्होंने कहा की भाजपा उपचुनावो के लिए तैयार है और हम इन सभी चुनावों को जीतेंगे। इस अवसर पर सीएम जयराम ठाकुर ने कहा की हमने राष्ट्रीय अध्यक्ष को हिमाचल में महेनत करते देखा है और यह हमारे लिए गर्व की बात है कि नड्डा जी आज देश के सबसे बड़े राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष है।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी से सोमवार को उनके कार्यालय कक्ष में ऑनलाइन शतरंज प्रतियोगिता अंडर-11 (बालिका) में शिमला जिला की विजेता टिया बेदी ने भेंट की। उपायुक्त ने उन्हें बधाई दी तथा शतरंज खेल की महत्ता पर बल दिया, जिससे बौदिक एवं मानसिक विकास को संबल मिलता है तथा पूर्ण व्यक्तित्व का विकास संभव होता है। शतरंज प्रतियोगिता की विजेता टिया बेदी ऑक्लेंड हाउस स्कूल की छात्रा है तथा राज्य स्कूल प्रतियोगिता में भी उन्होनें दूसरा स्थान प्राप्त किया है। उन्होनें टिया बेदी को भविष्य में अधिक प्रतियोगिताएं में विजयी होने के लिए शुभकामनाएं दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर टिया बेदी के अभिभावक कर्नल अमित बेदी व माता डा0 पूजा बेदी भी उपस्थित थी।
शिमला :जवाहरलाल नेहरू राजकीय ललित कला महाविद्यालय के चित्रकला विभाग द्वारा 03-04 जुलाई 2021 को आयोजित दो दिवसीय वर्चुअल कार्यशाला का आज समापन हुआ। 03 जुलाई को केरल के सुप्रसिद्ध चित्रकार टी.आर. राजेश मुख्य बीज वक्ता तथा हिमाचल प्रदेश के समकालीन कलाकार प्रवीण कुमार एवं प्रिया गुप्ता संसाधक व्यक्ति रहे। 04 जुलाई को डॉ.शुभम शिवा जो कि दयानंद स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय कानपुर में चित्रकला के सह आचार्य हैं, बतौर मुख्य बीज वक्ता उपस्थित रहे तथा हिमाचल प्रदेश के समकालीन कलाकारों में कुमारी नितिका दुलटा, कुमारी मोनिका तथा सुरेश चौधरी जोकि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के एकीकृत हिमालयन अध्ययन संस्थान में सहायक आचार्य के पद पर कार्यरत हैं,संसाधक व्यक्ति के रूप में रहे। इस अवसर पर कार्यशाला के संयोजक सचिव डॉ लाल चंद द्वारा कार्यशाला का संपूर्ण ब्यौरा प्रस्तुत किया गया। समापन समारोह में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ मीना शर्मा बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहीं जिनके कुशल मार्गदर्शन में यह आयोजन किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस कोरोना काल में समय-समय पर कार्यशालाओं के ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के लिए बहुत कारगर सिद्ध हो रहे हैं। कार्यशाला के सफल आयोजन हेतु उन्होंने सभी को बधाई दी। कार्यशाला संयोजक डॉ.अंजना भारद्वाज ने बताया कि इस आयोजन से विद्यार्थियों की बहुत ज्ञान वृद्धि हुई है। इस आयोजन में डॉ.आशा शर्मा, डॉ.पूजा कश्यप तथा पवन कुमार ने मंच संचालन कार्य किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के डॉ. गोपाल कृष्ण, डॉ.आईरीन रतन, सुदर्शन जोशी डॉ.सुनील गौतम, राकेश कुमार शर्मा, निर्मल भंडारी, राहुल रिठवान, संजय कुमार तारा चंद वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे। समारोह के अंत में पवन कुमार द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया।
-न मंडी संसदीय क्षेत्र जाएंगे ,न ही जुब्बल-काेटखाई और फतेहपुर हिमाचल प्रदेश में तीन उपचुनाव तय है, लेकिन प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला की गेंद अभी पिच से बाहर है। यानी उनका हिमाचल दाैरा प्रस्तावित है, लेकिन मंडी संसदीय क्षेत्र, जुब्बल-काेटखाई और फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र का दाैरा तक नहीं कर पाएंगे। कारण साफ है कि राजीव शुक्ला का टूअर प्राेग्राम जिसने भी तैयार किया उसे यह मालूम नहीं हैं कि प्रदेश में तीन उपचुनाव हाेने हैं। सबसे बड़ा उपचुनाव मंडी संसदीय क्षेत्र का है। यहां 17 विधानसभा क्षेत्र हैं, मगर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला काे किसी एक विधानसभा क्षेत्र में मीटिंग करवाने के बारे में साेचा तक नहीं। हालांकि पीसीसी ने 8 जुलाई काे मंडी में बैठक रखी है, लेकिन राजीव शुक्ला उससे पहले ही दिल्ली रवाना हाेंगे। पार्टी के हिमाचल प्रदेश के प्रभारी राजीव शुक्ला का टूअर प्रोग्राम जो कि हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी किया गया है चर्चा का विषय बन चुका है। जहां यह दौरा प्रदेश में आने वाले दो विधानसभा और मंडी संसदीय चुनाव क्षेत्र के उपचुनाव को लेकर है, वहीं राजीव शुक्ला के दौरे से दोनों विधानसभा चुनाव क्षेत्र और मंडी संसदीय चुनाव क्षेत्र ग़ायब हैं। सूत्रों की अगर मानें तो कहा जा रहा है कि शुक्ला ख़राब सेहत के चलते सड़क से दौरा नहीं कर सकते इसलिए उनकी सुविधा के अनुसार उन्हीं जगहों पर मीटिंग बुलाई जाती है जो की हवाई अड्डे के नज़दीक हों। शुक्ला के दौरे को लेकर जो कार्यक्रम प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जारी किया है उसमें जहां वो अन्य लोगों से मुलाक़ात करेंगे जिनमें कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, नेता विपक्ष, चुने हुए विधायक एवं पूर्व विधायक तथा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी शामिल हैं के साथ ही साथ वह धर्मशाला नगर निगम में पार्टी चिन्ह पर जीत करके आए कांग्रेस के पार्षदों से भी मिलेंगे जबकि कांगड़ा ज़िले में पालमपुर भी नया नगर निगम बना है और वहाँ पर कांग्रेस की विचारधारा और कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर जो लोग जीत करके आए हैं और नगर निगम का गठन किया है उन्हें दरकिनार रखा गया है। दरअसल, तो पंचायतीराज संस्थानों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है इसमें चाहे पंचायत समितियों के चुनकर आए अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष हों या कांगड़ा जिला के जीत करके आए जिला परिषद सदस्य हों किसी को भी समय नहीं दिया गया है। पंचायती राज संस्थानों में जीत कर आए कांग्रेस के कुछ पदाधिकारीयों से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र मात्र कुछ प्रतिशत तक ही है। अधिकांश हिमाचल गाँव में बसता है अगर कांग्रेस पार्टी इसी प्रकार पंचायती राज संस्थानों और पंचायतों में चुनकर क्या है अपनी विचारधारा वाले लोगों से दूरी बनाकर के रखेगी तो आने वाले समय में जो विधानसभा चुनाव होंगे तो इसका भारी नुक़सान हो सकता है। लोगों की मानें तो उनका यह भी कहना है की ये कार्यक्रम ऐसे लोगों द्वारा बनाया गया है जिनको की राजनीति का अनुभव नहीं है। इस दौरे को लेकर दौरा शुरू होने से पहले ही जो हवाओं का बाज़ार गर्म हुआ है उससे तो ये लगता है कि कांग्रेस पार्टी खुद ही ये तीनों उपचुनाव जीतने के लिए इच्छुक नहीं है। दूसरी तरफ़ प्रदेश सरकार वह भारतीय जनता पार्टी द्वारा तीनों उपचुनावों के लिए गर्मजोशी के साथ तैयारी शुरू कर दी गई है। भारतीय जनता पार्टी की अगर मानें तो तीनों चुनाव जीतने के लिए भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं को दिशा निर्देश दे दिए हैं और बूथ स्तर पर कार्य किया जा रहा है वहीं कांग्रेस पार्टी जहाज़ से नीचे उतरने का नाम नहीं ले रही कांग्रेस के लिए वो कहावत सच्चाई का रूप ले चुकी है की “रस्सी जल गई मगर बल नहीं गया”।
शिमला :वन, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री राकेश पठानिया ने आज जुब्बल-नावर-कोटखाई के दो दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन कुफर बाग, शरघाल, बदरूनी, दयोरी घाट, चोल तथा जकराड़ी क्षेत्र का दौरा कर वहां के लोगों तथा जन प्रतिनिधियों की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान किया। उन्होंने कुफर बाग में अपने संबोधन में बताया कि स्वर्गीय नरेन्द्र बरागटा ने क्षेत्र में अरबों रुपये के प्रोजेक्टस लाए है, जिसमें से 380 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। उन्होंने कुफर बाग के लिए इसी सप्ताह बस सेवा शुरू करने की घोषणा की तथा काली कुफर खेल मैदान के लिए 5 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कुफरबाग की सड़क, पानी आदि की समस्याओं को पूरा करने का आश्वासन दिया। इसके उपरांत उन्होंने शरघाल में लोगों की समस्याएं सुनते हुए बताया कि सामुदायिक भवन निर्माण के लिए उपायुक्त शिमला को आदेश दिए जाएंगे तथा सड़क निर्माण में पैसों की कमी नहीं आने दी जाएगी। बदरूनी में समस्याएं सुनने के उपरांत उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों पर कोताही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बदरूनी में बस सेवा को बहाल करने के लिए अधिकारियों से बातचीत की जाएगी तथा यहां की समस्याओं का त्वरित निपटारा किया जाएगा। जकराड़ी में समस्याओं का समाधान करने के उपरांत उन्होंने कहा कि पानी की समस्या को दूर करने के लिए सोर्स के पास चैकडेम लगाए जाएंगे तथा लिफ्ट के माध्यम से जकराड़ी में पानी की समस्या को खत्म किया जाएगा, जिसके लिए पैसों की कमी को नहीं आने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्वर्गीय नरेन्द्र बरागटा द्वारा जो कार्य शुरू किए गए थे, उन्हें पूरा करना हमारी जिम्मेदारी है तथा क्षेत्र की एक-एक समस्या का समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने जोल में पानी के टैंक के निर्माण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में विकास के लिए पैसों की कमी नहीं होने देंगे। यदि क्षेत्र की जनता आगामी डेढ़ वर्षों तक हमारा साथ देती है तो रूके कार्य को इसी कार्यकाल में पूरा किया जाएगा। उन्होंने भारत स्काउड एंड गाईड सीमा काॅलेज यूनिट द्वारा स्थापित किए गए स्वर्णिम पुष्प वाटिका तथा छः बैंचर क्लब की सराहना की। इस अवसर पर दयोरी घाट के युवाओं ने मंत्री के समक्ष अपनी मांगे रखीं, जिसका समाधान निकालने का आश्वासन मंत्री ने दिया। इस अवसर पर भाजपा आईटी सेल प्रमुख व संयोजक चेतन बरागटा, नगर निगम पार्षद शिमला कमलेश मेहता, पंचायत प्रधान भूप सिंह, उपमण्डलाधिकारी ठियोग सौरव जस्सल, महासु अध्यक्ष देवेन्द्र श्याम, सीमा काॅलेज प्रधानाचार्य बी.एस. चैहान एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति व अधिकारीगण उपस्थित थे।
शिमला :अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रदेश मामलों के सह प्रभारी संजय दत्त ने केंद्र व प्रदेश भाजपा सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने रोहतांग टनल में, जिसे उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी का नाम दे रखा है,उसमें कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी की शिलान्यास पटिका को जल्द उसी स्थान पर पुनः स्थापित नही किया तो कांग्रेस इसके खिलाफ आंदोलन करेगी। हालांकि सरकार ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के बाद भरोसा दिया था कि उसे जल्द ही उसी स्थान पर पुनः स्थापित कर दिया जाएगा पर यह अभी तक स्थापित नही की गई है। उन्होंने कहा कि हाल ही में उन्होंने स्वम् इस जिले का दौरा किया है और पाया है कि इस पटिका को निकाले जाने की यहां आम लोगों में नाराजगी है तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी रोष है। सह प्रभारी संजय दत्त ने कहा है कि भाजपा की केंद्र व प्रदेश सरकार ने इतिहास से छेड़छाड़ की जो परम्परायें शुरू की है वह पूरी तरह निंदनीय है। कांग्रेस के कार्यकाल में बनाई गई संस्थाओं एवं उपक्रमों को केंद्र की सरकार अपने राजनैतिक लाभ के लिए भाजपा बेचने का काम कर रही है। रोहतांग टनल तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व यूपीए सरकार की देन है। देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह ने इस टनल निर्माण के लिए समुचित बजट स्वीकृति कर तत्कालीन यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 28 जून 2010 को इस सुरंग की आधारशिला तत्कालीन इस्पात मंत्री प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की उपस्थिति में मनाली के धुंधी, दक्षिण छोर में रखी थी। पिछले साल 3 अक्टूबर 2021 को प्रधानमंत्री के इस टनल के उदघाटन पर इस पटिका को यहां से गायब कर भाजपा ने अपनी ओछी राजनीति का परिचय दिया है। लोकतंत्र में किसी भी राजनैतिक दल की सरकारें आती है, जाती है पर उनके कार्यो की पटिकाओ को इस प्रकार से हटाना या उनसे किसी भी प्रकार की छेड़ छाड़ करना लोकतंत्र का घोर अपमान है जिसे कदापि सहन नही किया जा सकता। कांग्रेस अपने नेताओं का अपमान सहन नही करेगी। रोहतांग टनल के निर्माण में भाजपा का कोई भी योगदान नही रहा है। भाजपा का इस टनल के उदघाटन और इसके नामकरण का ही योगदान है। कांग्रेस को इसपर भी कोई आपत्ति नही है, उन्हें आपत्ति तो इसकी शिलान्यास पटिका को हटाने की है, जिसे जल्द उसी स्थान पर स्थापित किया जाना चाहिए।
भाजपा राष्ट्रीश अध्यक्ष जेपी नड्डा रविवार यानी चार जुलाई से तीन दिनों तक हिमचाल प्रवास पर आ रहे हैं। अपने हिमाचल दाैरे के दाैरान वे प्रदेश में हाेने वाले तीन उपचुनाव में संगठन की जीत सुनिश्चित करने के लिए बेहतरीन टिप्स भी देंगे। भाजपा महामंत्री त्रिलोक जमवाल ने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा हिमाचल प्रदेश दौरे पर आ रहे हैं। वे 4 जुलाई रविवार को दिल्ली से बिलासपुर आएंगे। उसके बाद वह अपने निवास स्थान विजयपुर पहुंचेंगे, जहां वह रात्रि विश्राम करेंगे। जेपी नड्डा 5 जुलाई को बिलासपुर से मनाली दाैरे पर रहेंगे और राेहतांग में अटल टनल की इंस्पेक्शन करेंगे। उसके बाद कुल्लू में मंडी संसदीय उपचुनाव के बारे में एक बैठक लेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष 6 जुलाई को कुल्लू से दिल्ली के लिए रवाना हाेंगे।
जिला दण्डाधिकारी एवं उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने शनिवार को बताया कि आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 34 के तहत कोविड महामारी में सुरक्षा के दृष्टिगत शादी समारोह में 150 लोगों की सीमा निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि इन समारोहों के दौरान मास्क, थर्मल स्कैनिंग व दो गज की दूरी बनाना अनिवार्य होगा तथा सैनेटाइजर भी उपलब्ध करवाना होगा। खुले स्थानों में लोगों की सीमा 250 निर्धारित की गई है, ताकि लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ न हो। उपायुक्त ने बताया कि सेना, अर्ध सैनिक बलों, पुलिस व वन विभाग की भर्ती के दौरान छूट देना संबंधित उपमण्डलाधिकारियों के कार्यक्षेत्र में निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि इन आदेशों की अनुपालना करवाना पुलिस अधीक्षक शिमला, समस्त उपमण्डलाधिकारियों एवं स्थानीय पंचायत एवं शहरी निकाय जन प्रतिनिधियों के कार्यक्षेत्र में होगा। आदित्य नेगी ने बताया कि यह आदेश समस्त जिला में तत्काल प्रभाव से लागू होंगे तथा इन आदेशों की अवहेलना करने वालों पर आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 तथा हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम 2007 की धारा 111, 114 व 115 के तहत कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
हिमाचल प्रदेश में शनिवार को दिन भर मौसम साफ रहा। शुक्रवार रात करीब दो बजे राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में बादल बरसे और न्यूनतम तापमान में तीन से चार डिग्री की कमी दर्ज की गयी । मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने रविवार को पूरे प्रदेश में भारी बारिश और अंधड़ का येलो अलर्ट जारी किया कर दिया है। नौ जुलाई तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। शनिवार को राजधानी शिमला में सुबह के समय हल्के बादल छाए रहे लेकिन दस बजे के बाद शहर में मौसम साफ हो गया। बीते कई दिनों से प्रदेश में पड़ रही गर्मी से शुक्रवार रात को हुई बारिश से राहत मिली है। शुक्रवार रात को नयनादेवी में 66, बंगाणा में 41, बिलासपुर में 37, धर्मशाला में 24, कसौली में 19, शिमला में 18, नाहन-कंडाघाट में 17, गगल-सुजानपुर टीहरा में 16, सोलन में 15, कुफरी-पालमपुर में 14, धर्मपुर में 12 और मनाली में 11 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। शुक्रवार रात को ऊना-नाहन में न्यूनतम तापमान 22.4, धर्मशाला में 21.4, कांगड़ा में 20.1, चंबा में 18.7, मंडी में 18.1, सोलन-बिलासपुर में 17.0, शिमला में 12.9, कल्पा में 11.0, डलहौजी में 11.7 और केलांग में 8.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
वन, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री राकेश पठानिया ने शनिवार को विधानसभा क्षेत्र जुब्बल-नावर-कोटखाई में दो दिवसीय प्रवास के प्रथम दिन पराली, मंढोल, झड़ग व नकराड़ी पंचायतों का दौरा कर वहां की लोगों की समस्याएं सुनकर समाधान किया। उन्होंने पराली पंचायत में अपने संबोधन में बताया कि पंचायत की विभिन्न समस्याओं का प्रस्ताव पंचायत में पारित कर कार्यालय को भेजे, जिससे उन समस्याओं का एक सप्ताह के भीतर समाधान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में स्वर्गीय नरेन्द्र बरागटा के ड्रिम प्रोजेक्टस को सरकार के इसी कार्यकाल में पूर्ण किया जाएगा। उन्होंने स्वर्गीय नरेन्द्र बरागटा के सरकार में रहते हुए तथा पार्टी के कामकाज व कार्यकाल के बारे में विस्तृत प्रकाश डाला। इस दौरान ग्राम पंचायत प्रधान पराली मिनाक्षी मांझटा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा क्षेत्र की समस्याएं वन मंत्री के समक्ष रखी। इसके उपरांत ग्राम पंचायत मंढोल में अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि नरेन्द्र बरागटा न सिर्फ जिला शिमला के नेता थे बल्कि पूरे प्रदेश में उन्हें एक श्रेष्ठ नेता के रूप में जाना जाता था। नरेन्द्र बरागटा के साथ काफी लम्बे समय तक काम करने का मौका मिला। उन्होंने बताया कि स्वर्गीय नरेन्द्र बरागटा ने बागवानों के हितों में हर संभव प्रयास किए हैं, जिसमें विकास की बहुत लम्बी सूची है। उन्होंने बताया कि आगामी विधानसभा उप-चुनाव के मद्देनजर जो समय क्षेत्र की जनता ने नरेन्द्र बरागटा को दिया था वह समय वह आगामी डेढ़ वर्ष भी भाजपा के पास ही रहे ताकि उनके ड्रिम प्रोजेक्टस को पूरा किया जा सके। उन्होंने मंढोल पंचायत में वन विश्राम गृह के जीर्णोद्धार के लिए 5 लाख रुपये तथा पर्यटन की दृष्टि से वाटिका का निर्माण करने के लिए 3 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने मंढोल पंचायत में उत्कृष्ट विद्यालय बनाने की मांग को मुख्यमंत्री से बातचीत कर इसका समाधान निकालने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि पंचायत तथा क्षेत्र की समस्याओं व मांगों को पूरा करने के लिए डेढ़ वर्ष का समय चाहिए ताकि यह सब कार्य भी पूर्ण किए जा सके। इस अवसर पर ग्राम पंचायत प्रधान मंढोल चन्द्र रांगटा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा पंचायत व क्षेत्र की समस्याएं वन मंत्री के समक्ष रखी। इसके उपरांत उन्होंने झड़ग और नकराड़ी पंचायत के लोगों को च्योड़ी में संबोधित करते हुए बताया कि पिछले गत तीन वर्षों में जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 95 एफसीए अनुमोदन प्राप्त हुए है तथा अन्य एफसीए अनुमोदन एक सप्ताह के भीतर मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। उन्होंने बताया कि एफसीए के कार्यालय को देहरादून से शिमला स्थानांतरित करने की सारी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई है, जिसे जल्द ही शिमला में स्थापित किया जाएगा। उन्होंने इस अवसर पर महिला मण्डल को साढ़े 3 लाख रुपये देने की घोषणा की तथा अन्य समस्याओं को समयबद्ध रूप से निपटारा करने का आश्वासन दिया। वन मंत्री राकेश पठानिया ने सिंथेटिक ट्रैक सरस्वती नगर का निरीक्षण करने के उपरांत अपने संबोधन में कहा कि ट्रैक के निर्माण के लिए 8 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसका निर्माण कार्य मार्च, 2022 तक पूर्ण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह उत्तर भारत का पहला हाई एल्टीट्यूड ट्रैक है, जिसका निर्माण कार्य विधानसभा क्षेत्र जुब्बल-कोटखाई में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस ट्रैक का नाम मैंने स्वर्गीय नरेन्द्र बरागटा के नाम पर मुख्यमंत्री को प्रपोज किया है। उन्होंने बताया कि पर्यटन व खेल की दृष्टि से यह ट्रैक अत्यधिक लाभदायक सिद्ध होगा। इस अवसर पर बीजेपी आईटी सेल प्रमुख चेतन बरागटा, उप-प्रधान पराली पंचायत विनित चैहान, उप-प्रधान मंढोल पंचायत प्रकाश डफरेट, पूर्ण जिला भाजपा अध्यक्ष श्याम लाल पीरटा, जिला उपाध्यक्ष इन्द्र चैहान, महामंत्री सतीश पीरटा, उपमण्डलाधिकारी रोहडू बी.आर. शर्मा, सीसीएफ शिमला एसडी शर्मा, ग्राम केन्द्र प्रमुख झड़ग अनिल, प्रधानाचार्य पी.पी. चैहान एवं विभिन्न पदाधिकारी व अधिकारीगण भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां महादेव स्टूडियो के बैनर तले निर्मित वीडियो गीत ‘म्हारा शोभला माणू जय राम ठाकुर’ जारी किया। इस गीत को पहाड़ी गायक नरेश भारद्वाज ने गाया है। मुख्यमंत्री ने नरेश भारद्वाज और उनकी टीम के सदस्यों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह गीत पहाड़ी संस्कृति और परंपराओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ इनके संरक्षण में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि कलाकारों ने प्रदेशवासियों के कल्याण के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डाला है। गायक नरेश भारद्वाज ने वीडियो गीत जारी करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह गीत विंक म्यूजिक, सावन, स्पाॅटिफाई म्यूजिक और gaana.com जैसे विभिन्न प्लेटफाॅर्म पर उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव डाॅ. आर.एन. बत्ता, वीडियो गीत के निर्माता युवराज भारद्वाज, फोटोग्राफी निदेशक राजेश कुमार, वीडियो संपादक प्रवीण भट्टी सहित अन्य लोग भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने जीएसटी के चार साल काे गम शुदा टैक्स करार दिया। शिमला से जारी एक प्रेस बयान में सुधीर शर्मा ने कहा कि केंद्र की माेदी सरकार ने जीएसटी के नाम पर आम आदमी और छाेटे व्यावसायियाें के साथ अन्याय किया है। उन्हाेंने हैरानी जताते हुए कहा कि आज भाजपा नेता जीएसटी के चार साल पर जश्न मना रहे हैं, लेकिन जिन पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ा है उनसे जाकर पूछना चाहिए कि अच्छे दिन देख रहे हाे? या अभी इंतजार में हैं? पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि लाेगाें के साथ अन्याय कर हिमाचल प्रदेश के सांसद समेत जयराम सरकार के मंत्री भी जीएसटी के चार साल का गुण गा रहे हैं। गाैरतलब है कि कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने पिछली बार जीएसटी काे गब्बर सिंह टैक्स बताया ताे अब हिमाचल के पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने इसे गम शुदा टैक्स करार दिया। सुधीर शर्मा ने कहा कि 2009-10 में तेरहवें वित्त आयोग ने अपनी सिफारिशों में जीएसटी के लिए गुंजाइश बनाई थी। वर्ष 2011 में तत्कालीन वित्त मंत्री एवं पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने जीएसटी के लिए संविधान संशोधन बिल पेश किया था ताे तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और उन्होंने इसका तीखा विरोध किया था। आज यही भाजपा सरकार ने छाेटे काराेबारियाें के साथ धाेखा किया और अच्छे दिनों का सपना देख रहे हैं। सुधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश में हाेने वाले तीन उपचुनावाें में कांग्रेस की जीत तय है। मंडी संसदीय क्षेत्र, फतेहपुर और जुब्बल-काेटखाई विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव हाेना है। प्रदेश की भाजपा सरकार के पास उपचुनाव लड़ने के लिए काेई भी मुद्दा नहीं हैं। महंगाई, बेराेजगारी, क्राइम, काेविड-19 उपकरण खरीद में घाेटाला समेत ऐसे एजेंडे हैं, जिसे देख जनता ने मन बना लिया है कि हमें ऐसी सरकार नहीं चाहिए।
Chief Minister Jai Ram Thakur released the video song 'Mhara Shobhla Maanu Jai Ram Thakur' produced under the banner of Mahadev studio and sung by noted Pahari singer Naresh Bhardwaj, here today. While appreciating the efforts of Naresh Bhardwaj and his team members, the Chief Minister said that the song would help in the promotion and conservation of Pahari culture and tradition of the State. He said that the artists have meticulously highlighted various schemes launched by the State for the welfare of the people of the State. Singer Naresh Bhardwaj thanked the Chief Minister for sparing his precious time for releasing this video song. He said that the song would be available on various platforms such as Wynk music Saavan, Spotify music, and gaana.com, etc. Principal Private Secretary to Chief Minister Dr. R.N. Batta, Producer of the video song Yuvraj Bhardwaj, Director of Photography Rajesh Kumar, Video Editor Praveen Bhatti were present on the occasion among others.
A spokesperson of the Jal Shakti Vibhag said here today that the interviews of multipurpose workers for Jal Shakti Division Pragpur in district Kangra would be conducted from 7th to 9th July 2021 from 9:30 AM to 5:00 PM. He said that the candidates should ensure their presence before the selection committee in Jal Shakti Division Office Pragpur along with original certificates on the scheduled date and time. He said that the candidates should bring a certificate of 8th class showing grades. The candidates who have not applied for the post of multipurpose workers should apply with full documents within three days.
A spokesperson of the health department said here today that presently there are 1579 active cases of Covid-19 in the State. District Kangra has 261, Chamba 240, and Shimla 239 cases of Covid-19 which are highly loaded districts in the State. The test positivity rate of the State is 1.3 with district Mandi having the highest positivity rate of 4.3. The spokesperson said that district Kullu, Bilaspur, Sirmaur, and Solan have a positivity rate of less than 1. The case fatality rate of the State for Covid-19 is 0.6. Presently, as many as 170 patients are admitted to various hospitals. Out of these, 124 patients are admitted on oxygen beds and 46 patients are being managed in ICUs. There are 2609 oxygen beds and 275 ICU beds available in the State. He further said that on 2nd July 2021 as many as 11956 samples had been taken for testing for Covid-19, out of which 11794 samples were found negative, 142 were confirmed Covid positive cases while reports of 20 samples are awaited. He said that in case of any symptoms of Covid like fever, cough, rashes, diarrhea, or flu, the people should immediately report for testing and should isolate themselves till the results are available.
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने शनिवार को कहा कि टीकाकरण के लिए राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) की सिफारिशों के अनुसार भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने गर्भवती महिलाओं के कोविड-19 टीकाकरण को इस शर्त के साथ मंजूरी दे दी है कि गर्भवती महिलाओं को कोविड-19 संक्रमण के साथ-साथ देश में उपलब्ध कोविड-19 वैक्सीन से जुड़े जोखिमों और लाभ की जानकारी देनी होगी। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में तीन वैक्सीन कोविशील्ड, कोवैक्सिन और स्पुतनिक-वी को आपातकालीन स्थिति में उपयोग के लिए मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को टीका लगाने का निर्णय लेने में मदद करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिला प्रशासन, कर्मचारियों, अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं और निजी चिकित्सा व्यवसायियों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए हैं। प्रवक्ता ने कहा कि अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं द्वारा घरों का दौरा किया जाएगा और उन्हें अस्पताल में प्रसव पूर्व जांच, आउटरीच टीकाकरण सत्र, ग्राम स्वास्थ्य और पोषण दिवस (वीएचएनडी) और शहरी स्वास्थ्य और पोषण दिवस (यूएचएनडी) आदि के बारे में परामर्श दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि गर्भवती महिलाएं टीकाकरण करवाने का निर्णय लेती हैं तो स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा पंजीकरण की प्रक्रिया में उनकी मदद की जाएगी। गर्भवती महिला में एईएफआई के मामले में जिलों में एईएफआई समिति गठित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रसूति रोग विशेषज्ञ और स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ या नवजात रोग विशेषज्ञ को एईएफआई समितियों में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सा अधिकारियों, निजी चिकित्सकों और अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को गर्भवती महिलाओं के कोविड-19 टीकाकरण से संबंधित एईएफआई निगरानी के लिए उनकी भूमिका पर प्रशिक्षित किया जाना है।
राज्य सरकार श्रमिक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और उनके सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए कई योजनाएं आरम्भ की गईं हैं तथा उनकी सभी जायज मांगों का समय-समय पर समाधान सुनिश्चित किया गया है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शनिवार को शिमला में भारतीय मजदूर संघ, हिमाचल प्रदेश के 18वें राज्य स्तरीय वार्षिक अधिवेशन के दो दिवसीय सत्र के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि 23 जुलाई 1955 को अपनी स्थापना के बाद से भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने श्रमिकों के कल्याण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सराहनीय प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि बीएमएस ने हमेशा कांग्रेस और वामपंथी सरकारों की मजदूर विरोधी नीतियों का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में भारतीय मजूदर संघ से मजदूरों की 326 यूनियनें जुड़ी हुई हैं, जो संघ की एकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय मजूदर संघ के सदस्यों ने समय-समय श्रमिकों के खिलाफ होने वाले शोषण के विरूद्ध आवाज उठाई है।जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने हजारों दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को लाभान्वित करते हुए अप्रैल, 2021 से उनके दैनिक वेतन को 275 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये किया है। पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान राज्य सरकार ने दिहाड़ीदार मजदूरों और आउटसोर्स कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में प्रति माह 2700 रुपये की वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 500 रुपये और मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व आंगनवाड़ी सहायिकाओं के मानदेय में 300-300 रुपये प्रति माह की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। आशा कार्यकर्ताओं की एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका रही। कोरोना काल में आशा कार्यकर्ताओं के बहुमूल्य योगदान को देखते हुए राज्य सरकार ने उनके मानदेय में 750 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान आशा कार्यकर्ताओं के लिए घोषित सभी वित्तीय लाभ शीघ्र जारी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय पेंशन योजना के अन्तर्गत राज्य सरकार ने प्रदेश सरकार द्वारा दिए जाने वाले अंशदान को बढ़ाकर 14 प्रतिशत कर दिया है और इस पर 200 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र के कामगारों के हितों की रक्षा के लिए विभिन्न योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कल्याण के लिए हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ तथाकथित मजदूर हितैषी संगठन बड़े-बड़े दावे कर और स्वयं को मजदूरों का हितैषी बताकर मजदूरों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन धरातल पर उनके कल्याण के लिए कुछ भी नहीं किया। उन्होंने भारतीय मजूदर संघ से राज्य और केंद्र सरकारों की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए श्रमिकों की सहायता के लिए आगे आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पिछले साल कोविड महामारी के कारण राज्य की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई लेकिन इसके बावजूद राज्य सरकार विभिन्न क्षेत्रों को राहत प्रदान करना सुनिश्चित कर रही है। जय राम ठाकुर ने कहा कि भारतीय मजूदर संघ की सभी जायज मांगों पर राज्य सरकार सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। इस अवसर पर भारतीय मजूदर संघ के प्रदेश महामंत्री मंगत राम नेगी ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। राष्ट्रीय संगठन मंत्री भारतीय मजूदर संघ सुरेन्द्रन, क्षेत्रीय संगठन मंत्री भारतीय मजूदर संघ पवन कुमार, क्षेत्रीय सह-संगठन मंत्री भारतीय मजूदर संघ राकेश शर्मा, भारतीय मजूदर संघ हिमाचल प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष मदन सिंह राणा, प्रदेश महामंत्री मंगत राम नेगी और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा की पंचायत के क्षेत्रों में प्रधान भवनों के नक्शे पास कर सकेंगे। प्रदेश में जो पंचायतें साडा एरिया में आती है, वहां टीसीपी ही नक्शों को स्वीकृति देगा। शिमला समेत अन्य प्लानिंग एरिया में जहां एनजीटी के आदेश हैं, उन्हें छोड़कर अन्य क्षेत्रों में लोग साढ़े चार मंजिला भवनों का निर्माण कर सकेंगे। इसके अलावा ढाई मंजिला भवन का निर्माण सिर्फ प्लानिंग एरिया में ही हो सकेगा। इस क्षेत्र में भी लोगों को अतिरिक्त मंजिल उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। जहां अगले सप्ताह इसकी सुनवाई होगी। भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश में पूर्व सरकार के कार्यकाल से अवैध निर्माण हुआ है। कई बार अवैध भवनों को नियमित करने के लिए सरकार पॉलिसी भी लाई, लेकिन भवनों को नियमित नहीं किया जा सका। 40 फीसदी डेबिएशन तक भी लोगों के भवन नियमित नहीं हो पाए। प्रदेश में सभी अवैध भवनों को नियमित करने के लिए अब सरकार कानूनी राय ले रही है, ताकि लोगों को राहत मिले। उन्होंने कहा कि शिमला प्लानिंग एरिया के लिए डेवलपमेंट प्लान तैयार किया जा रहा है। इसमें कैसे भवनों का निर्माण होगा, सड़कें कैसी होंगी, स्कूल, कालेज, पार्क आदि व्यवस्था की जाएगी।भारद्वाज ने कहा कि टीसीपी से गांवों को बाहर करने का मामला सरकार के पास विचाराधीन है। जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता में कमेटी का गठन हुआ है। शहरी विकास विभाग के पास अभी रिपोर्ट आनी बाकी है। इसके बाद उचित निर्णय लिया जाएगा।
A spokesperson of the state health department said here today that as per the recommendations of the National Technical Advisory Group on Immunization (NTAGI), the Union Ministry of Health and Family Welfare has approved vaccination of pregnant women against Covid-19 with the condition that they should be informed about the risks of exposure to Covid-19 infection along with its benefits. At present, three vaccines viz Covaxin, Covishield, and Sputnik V have received approval for restricted use in emergency situations in the country. He said that in order to help pregnant women to take the decision to get vaccinated, the health department has directed the district administration to train and orient the program staff, front-line workers, and private medical professionals. The spokesperson said that the pregnant women should be counseled for Covid vaccination during household visits by frontline workers, an antenatal check-up at health facility, outreach immunization sessions, Village Health and Nutrition Days (VHNDs) and Urban Health and Nutrition Days (UHNDs), facility visits by pregnant women for other reasons and any other site where there is interaction with the pregnant woman. He further said that the pregnant women who decide to get vaccinated should be helped in the process of registration by the staff of the health department. In case of Adverse Events Following Immunization (AEFI) in a pregnant woman, the AEFI committee should be notified in the districts. The committee should have an obstetrician and gynecologist, pediatrician or neonatologist, members of the local FOGSI chapter and IAP, all the medical officers, private practitioners, and frontline health workers properly trained on their role in AEFI surveillance related to Covid-19 vaccination of pregnant women.
The State Government is committed to the welfare of the working class and has initiated several schemes for their socio-economic upliftment and redressal of all their genuine demands from time to time. This was stated by Chief Minister Jai Ram Thakur while addressing the inaugural session of the two-day session of the 18th state-level annual convention of Bharatiya Mazdoor Sangh, Himachal Pradesh (BMS, HP), here today. The Chief Minister said that since its creation on July 23, 1955, the Bharatiya Mazdoor Sangh has made commendable efforts for the welfare of the workers and protecting their rights. It has always opposed the anti-labor policies of the Congress and the Left governments. He said that as many as 326 Unions of the workers were associated with the BMS in the State, which shows its strength. He said that the members of the BMS have also raised their voices against the exploitation of the workers from time to time. Jai Ram Thakur said that the State Government has enhanced the daily wages of daily wagers from Rs 275 to Rs 300 with effect from April 2021, benefiting thousands of daily wage workers. The State Government has enhanced the minimum wages of the daily wagers and outsourced employees by Rs. 2700 per month during the last three and half years. He said that the State Government has decided to enhance the honorarium of Anganwadi workers by Rs 500 and that of Mini Anganwadi workers and Anganwari helpers by Rs. 300 per month. He said that ASHA worker has played a major role in making the active case-finding campaign a success. He said that in view of the valuable contribution of ASHA workers during the Corona period, the State Government has increased their honorarium by Rs 750 per month. He said that all the financial benefits announced to ASHA workers during the pandemic would be released at the earliest. The Chief Minister said that under the National Pension Scheme, the State Government has increased the contribution being provided by the State Government to 14 percent, and Rs 200 crore was being spent on this. He said that several schemes were being implemented to protect the interests of workers and workers of the unorganized sector. He said that Himachal Pradesh Building and Other Construction Workers Welfare Board has been constituted for the welfare of workers in the unorganized sector in the state. He said that a few so-called worker-friendly organizations were trying to mislead the workers by making tall claims and projecting themselves as their benefactors but they did nothing for their welfare. He urged the members of the BMS to come forward to help the workers to derive the benefits of several welfare schemes of the State and Centre government. He said that the economy of the State got badly affected due to the pandemic last year, but the State Government was ensuring the relief was provided to various sectors. Jai Ram Thakur said that all the genuine demands of the BMS would be considered sympathetically by the State Government. Pradesh Mahamantri, BMS Mangat Ram Negi welcomed the Chief Minister on the occasion. Rashtriya Sangathan Mantri BMS Surendran, Regional Sangathan Mantri BMS Pawan Kumar, Kshetriya Sah-Sangthan Mantri BMS Rakesh Sharma, Pradeshadhyaksh BMS Himachal Pradesh Madan Singh Rana, and senior officers of the State Government were also present on the occasion.
एसएफआई ने मांग उठाई है कि विश्विद्यालय को छात्रों के लिए जल्द से जल्द खोला जाए। विश्वविद्यालय और देश के विभिन शिक्षण संस्थान काफी लंबे समय से महामारी के चलते बंद रहे है जिसके चलते पूरे देश और प्रदेश के छात्रों को दिक्कत का सामना करना पड़ा है एक ओर महामारी का प्रकोप और दूसरी तरफ विश्वविद्यालय का छात्रों के प्रति नकारात्मक रवैया भी चिंता का विषय है। एसएफआई ने पहले भी विश्वविद्यालय को खोलने की मांग विश्वविद्यालय प्रशासन से की है लेकिन हमेशा की तरह विश्वविद्यालय प्रशासन का रवैया नकारात्मक ही रहा है। आने वाले समय में छात्रों की परीक्षाएं होने जा रही है लेकिन महामारी के चलते छात्र अपनी पढ़ाई को सुचारू रूप से नहीं कर पाया है। उसे इस दौरान बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों के दबाव के चलते विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी को खोल दिया गया है लेकिन जो छात्र छात्रावास में रहते है वे अभी भी लाइब्रेरी जाने में सक्षम नहीं है क्योंकि विश्वविद्यालय के छात्रावास अभी भी बंद पड़े हैं इसलिए एसएफआई मांग करती है की विश्वविद्यालय के छात्रावास को भी जल्द से जल्द खोला जाए। विश्वविद्यालय को बंद रखने के पीछे छिपी विश्वविद्यालय प्रशासन की मंशा भी साफ जगजाहिर है। विश्वविद्यालय में VC द्वारा की जा रही अवैध भर्तियों को छुपाया जा सके ।ताकि प्रशासन और VC द्वारा की गई फर्जी भर्तियों की सचाई छात्रों के समक्ष न आ सके और कोई भी उसका विरोध न कर सके। एसएफआई ये भी मांग करती है कि विश्विद्यालय को खोलने के साथ ही विश्वविद्यालय के अंदर स्थाई वैक्सीनेशन सेंटर सभी स्टूडेंट्स ,टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ के लिए रखा जाए ताकि कोई भी छात्र वैक्सीनेशन से वंचित न रहे और छात्र अपने आप को विश्वविद्यालय मे सुरक्षित महसूस कर सके। इसके साथ हम देखते है कि पिछले डेढ़ साल पहले विश्विद्यालय प्रशासन द्वारा पंचायत सहायक और नॉन टीचिंग स्टाफ की परीक्षाओं के फॉर्म भरे गए हैं लेकिन अभी तक उनकी परीक्षाओं को नही कराया गया है। उसके बाद भी अभी प्रशासन अपनी हठधर्मिता पर अड़ा हुआ है। एसएफआई मांग करती है की इन परीक्षाओं को भी शीघ्र ही करवाया जाए ताकि जो छात्र इन परीक्षाओं की तयारी कर रहा है उसे राहत प्रदान की जा सके। एसएफआई मांग करती है कि विश्वविद्यालय आने वाले सत्र की प्रवेश परीक्षाओं को जल्द करवाने की कोशिश करे, क्योंकि पिछले वर्ष विश्विद्यालय प्रशासन ने प्रवेश परीक्षाएं न करवा कर मेरिट के आधार पर विश्वविद्यालय में छात्रों का प्रवेश किया। प्रशासन ने उस वक्त महामारी की आड़ मे बहुत छात्रों से उनके समान अवसर के अधिकार के साथ खिलवाड़ किया है, इसलिए एसएफआई मांग करती है कि अभी से प्रशासन द्वारा प्रवेश परीक्षाओं की तयारी की जाए ताकि प्रदेश के सभी छात्रों को विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने का समान मौका मिल सके। एसएफआई ने बताया कि जैसे हम सभी जानते है और ये अनुभव भी किया जा रहा कि हमारे देश के अंदर कोरोना की 3rd wave आने की संभावना है जिसके लिए प्रशासन को चाहिए कि वो पहले से ही इसके लिए जरूरी तयारी कर। एसएफआई ने अपने ज्ञापन मे प्रशासन को सुझाव भी दिए हैं जिनको प्रशासन कोरोना की 3rd wave मे अमल मे ला सकती है और छात्रों को सुरक्षा के साथ साथ उनकी पढ़ाई को भी सुचारू रख सकते है। 1. छात्रों के प्रैक्टिकल एग्जाम को उनके बैच वाइस कराया जाए । 2. लाइब्रेरी के अंदर फेस शील्ड को लगाया जाए ताकि लाइब्रेरी की सिटिंग कैपेसिटी को बड़ाया जा सके। 3. विश्वविद्यालय परिसर को सैनिटाइज किया जाए जिसमे हॉस्टल, लाइब्रेरी, डिपार्टमेंट, रेजिडेंस आदि शामिल हो। 4. एसएफआई मांग करती है कि यदि आने वाले समय मे कोरोना की 3rd wave के चलते विश्वविद्यालय ऑनलाइन क्लासेज की ओर जाता है तो प्रशासन छात्रों को मुफ्त डाटा प्रदान करे, ताकि छात्र अपनी क्लासेज और पढ़ाई को सुचारू रूप से कर सके क्योंकि हम जानते है कि विश्विद्यालय प्रशासन छात्रों से उनकी फीस ले चुका है लेकिन कोरोना के चलते पूरे वर्ष भर कोई भी फिजिकल क्लासेज नही हुई है इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ये जिम्मेवारी बनती है कि वे छात्रों को मुफ्त डाटा प्रदान करे या उनकी फीसों में उन्हें राहत प्रदान करे। इसके साथ ही एसएफआई ने मांग की है कि उन सभी छात्रों के लाइब्रेरी कार्ड जो छात्र चौथे सेमेस्टर में है या जिनकी एडमिशन खत्म होने वाली है को तब तक बढ़ाया जाए जब तक परीक्षाएं न हो, ताकि छात्र अपनी परीक्षाओं की तैयारी के लिए लाइब्रेरी का उपयोग कर सके। अतः एसएफआई प्रशासन से मांग करती है कि शीघ्र अति शीघ्र इन सभी मांगों पर काम किया जाए अन्यथा एसएफआई छात्रों को लामबंद करते हुए प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करेगी।
शिमला ग्रामीण के घोड़ाचौकी, कच्ची घाटी, चक्कर, संकट मोचन, बढ़ई तथा तारादेवी क्षेत्र के निवासियों का दूसरा वार्षिक रक्तदान शिविर 4 जुलाई को पत्रकार विहार में होगा। रेसिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन घोड़ा चौकी कच्ची घाटी, शिमला द्वारा आयोजित इस रक्तदान शिविर में पत्रकार विहार के निवासी और उमंग फाउंडेशन सहयोग दे रहे हैं। शिविर के संयोजक एवं उमंग फाउंडेशन के ट्रस्टी संजीव शर्मा ने बताया कि आईजीएमसी ब्लड बैंक की मदद के लिए लगाए जा रहे इस रक्तदान शिविर को लेकर समूचे क्षेत्र के लोगों, विशेषकर युवाओं में काफी उत्साह है। उन्होंने कहा कि इलाका निवासियों ने पिछले साल भी लॉकडाउन के दौरान रक्तदान शिविर लगाया था। उन्होंने सभी से पुण्य कार्य में भागीदार बनने की अपील की।


















































