जिला के सभी बैंक दूर दराज क्षेत्रों में अपनी शाखाएं खोलें ताकि इन क्षेत्रों के लोगों की आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सके। उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज उपायुक्त कार्यालय परिसर रोजना हाॅल में शिमला जिला के बैंकों की जिला स्तरीय समीक्षा समिति की तिमाही बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये विचार व्यक्त किए। उन्होनें कहा कि शिमला जिला के डोडरा क्वार क्षेत्र को आने वाले समय में पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाना संभावित है जिससे इस क्षेत्र में विभिन्न गतिविधियों में इजाफा होगा। चांसल घाटी पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है, भविष्य में इसे ओर अधिक विकसित करने पर यहां पर्यटकों की आमद में भी बढ़ोतरी होगी और लोगों को रोज़गार के अवसर मिलेंगे। उन्होनें कहा कि इन संभावनाओं को देखते हुए यहां बैंकों की शाखाओं का होना अनिवार्य है। उन्होनें बैठक की समीक्षा करते हुए बैंकों द्वारा किए गए कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होनें कहा कि बैंक अपने कार्यों में ओर अधिक गति लाएं ताकि बैंकों से संबंधित विभिन्न योजनाओं का लाभ लोगों को मिल सके। उन्होनें बताया कि वित वर्ष 2020-21 में शिमला के बैंकों द्वारा जिला के 3 हजार 9 सौ 94 करोड़ का ऋण वितरित किया है। इस ऋण वितरण के तहत कृषि क्षेत्र को प्रोतसाहन प्रदान करते हुए विभिन्न विकास कार्यों के अंतर्गत 19 सौ करोड़ का ऋण कृषि क्षेत्र को वितरित किया गया तथा औद्योगिक इकाइयों को स्थापित करने तथा विस्तारिकरण करने के लिए 8 सौ करोड़ का ऋण वितरित किया गया है। उन्होेनें बताया कि विभिन्न बैंको द्वारा प्राथमिकता के क्षेत्र में 183 करोड़ का ऋण आबंटित कर लोगों का लाभान्वित किया गया है। उन्होनें कहा कि शिमला के सभी बैंकों का ऋण जमा अनुपात 39.43 प्रतिशत रहा हैं जिसे बढ़ाने के लिए सभी बैंक प्रयास करें। इस दौरान रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के सहायक महाप्रबंधक स्वर ग्रोवर, जिला समन्वयक पंजाब नैशनल बैंक संजय रथवान, जिला समन्वयक काॅपरेटिव बैंक संजय शर्मा, मुख्य प्रबंधक एसबीआई व जिला समन्वयक सतीश नेगी तथा लीड जिला मैनेजर एके सिंह, जिला प्रयोजना अधिकारी संजय भगवती एवं विभिन्न बैंकों के आए अधिकारीगण भी उपस्थित थे। उन्होनें जिला शिमला की वार्षिक ऋण योजना बुक का भी विमोचन किया।
प्रदेश सरकार ने इस साल राज्य की विभिन्न मंडियों में सेब क्रेट में भरकर बेचने की व्यवस्था करने का मन बना लिया है। कार्टन में सेब की पैकिंग के कारण बागवानों पर पैकिंग का खर्चा भी अपेक्षाकृत अधिक बैठता है और सेब के दाम भी पूरे नहीं मिल पाते हैं। लिहाजा बागवानों को कई बार उत्पादन लागत भी पूरी नहीं मिल पाती है। सेब बागवानों को सेब को बोरियों में भरकर सरकारी एजेंसियों एचपीएमसी और हिमफेड के पास न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचना पड़ता है। लेकिन इस साल बागवानों को प्रदेश की मंडियों में अब सेब के रेट प्रति किलो के हिसाब से मिल पाएंगे। हर साल बागवानों का प्रदेश की मंडियों में बिचौलिये आर्थिक शोषण करते रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में बी और सी ग्रेड के सेब को इस साल मंडियों में अच्छे दाम मिलेंगे। अभी तक बीस किलो के कार्टन में सेब बागवान 32 किलो भरकर बेचते थे, मगर दाम बीस किलो के ही मिलते रहे हैं। बता दें कि बी और सी ग्रेड का सेब वह है, जो गुणवत्ता और आकार में ए ग्रेड से कम होता है।
देश में लगातार बढ़ती महंगाई, पेट्रोल डीज़ल के दामों में बढ़ोतरी के चलते महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव नीतू वर्मा ने एक अनूठा काम किया है। उन्होंने विश्व में सबसे ऊंचाई पर बने डाकघर हिक्किम से प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है। पत्र में महंगाई से आम लोगों की परेशानियों का हवाला देते हुए रोक लगाने की मांग की गई। बता दें कि महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव नीतू वर्मा इन दिनों जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के दौरे पर हैं। गुरूवार को वह हिक्किम पहुंची। उन्होंने हिक्किम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर बढ़ती महंगाई पर अंकुश लगाने को कहा। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान लोग आर्थिक परेशानी से झूझ रहे है। ऐसे में लोगों पर महंगाई कि मार पड़ रही है जोकि सरे आम जनता के साथ नाइंसाफी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से महंगाई कम कर अच्छे दिन लाने का वायदा किया था। लेकिन, भाजपा की सरकार बनते ही सारे वायदे ठंडे बस्ते में हैं। उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस ने विश्व में सबसे ऊंचाई पर बने हिक्किम डाकघर के माध्यम से पत्र के जरिये प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार तक देश के लोगों खासकर महिलाओं की आवाज पहुंचाने का प्रयास किया है।
बीती कैबिनेट की बैठक में 1 जुलाई से बाहरी राज्यों के लिए बसे चलाने को मंज़ूरी मिल गई है। प्रदेश परिवहन विभाग इसकी तैयारियों में जुट गया है। हिमाचल प्रदेश से बाहरी राज्यों के लिए 708 रूट हैं। इनमें 200 रूटों पर वोल्वो बसें चलती हैं। परिवहन निगम के पास करीब 60 वोल्वो बसें हैं। ये बसें चंडीगढ़, हरिद्वार, अमृतसर, कटरा, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के लिए चलती हैं। शिमला, सरकाघाट, हमीरपुर, धर्मशाला, बैजनाथ, बीड़, मनाली, डलहौजी, पठानकोट और नालागढ़ से दिल्ली के लिए बसें चलेंगी। साथ ही मनाली, शिमला और धर्मशाला से हरिद्वार के लिए बसें चलाने की योजना है। साधारण बसें भी विभिन्न डिपो से चलाई जाएंगी। सभी बसें 50 फीसदी ऑक्यूपेंसी पर चलेंगी। सर्दी, खांसी, जुकाम जैसी बीमारी से ग्रस्त लोगों को बसों में चढ़ने नहीं दिया जाएगा। बाहरी राज्यों से हिमाचल आने वाले सैलानियों के लिए वोल्वो बसें फायदेमंद होंगी। परिवहन निगम कार्यालय में प्रतिदिन वोल्वो बसें शुरू करने को लेकर जानकारी मांगी जा रही है।
एक जुलाई से एचआरटीसी की वोल्वो सेवा शिमला, मनाली और धर्मशाला से दिल्ली रूट पर शुरू होगी। शिमला और मनाली से दो दो वोल्वो, जबकि धर्मशाला से एक वोल्वो दिल्ली रवाना होगी। हमीरपुर, बैजनाथ और सरकाघाट से भी दिल्ली के लिए वोल्वो शुरू करने का विचार चल रहा है। संबंधित क्षेत्रीय प्रबंधकों से इसे लेकर रिपोर्ट मांगी गई है। हिमाचल के विभिन्न जिलों से एक जुलाई को दिल्ली के लिए वोल्वो सेवा उपलब्ध हो जाएगी जबकि दिल्ली से दो जुलाई को वोल्वो सेवा शुरू हो सकेगी। ट्रायल के तौर पर धर्मशाला और मनाली से चंडीगढ़ के लिए भी वोल्वो चलाने की योजना है। शिमला से दिल्ली के लिए सुबह नौ बजे और रात 8:50 पर वोल्वो रवाना होगी। यात्रियों की आक्यूपेंसी के आधार पर वोल्वो की संख्या बढ़ाई जाएगी। बसों को रूट पर भेजने से पहले सैनिटाइज किया जाएगा। सभी यात्रियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। अस्वस्थ यात्रियों को यात्रा की अनुमति नहीं होगी। चालक और परिचालकों को कोरोना से बचाव के लिए सभी आवश्यक एहतियात का पालन करना होगा। रूटों पर यात्रियों की संख्या बढ़ने पर लग्जरी बसों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। एचआरटीसी को लग्जरी बसों का संचालन शुरू होने के बाद आमदनी में इजाफे की उम्मीद है।
स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं-बारहवीं कक्षा और कॉलेजों के मेधावियों को माइक्रोसाफ्ट विंडोज 10 प्रो साफ्टवेयर के लैपटॉप मिलेंगे। माइक्रोसाफ्ट ने 18 हजार साफ्टवेयर के लिए लाइसेंस देने की इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन को मंजूरी दे दी है। आठ जुलाई तक कॉरपोरेशन ने कंपनियों से लैपटॉप खरीद के लिए टेंडर आमंत्रित किए हैं। दसवीं-बारहवीं कक्षा सहित कॉलेजों के 19 हजार मेधावियों को लैपटॉप दिए जाने हैं। बीते वर्ष शिक्षा ने स्वयं लैपटॉप की खरीद का फैसला लिया था। दो बार इसके लिए टेंडर भी आमंत्रित किए गए लेकिन किसी भी कंपनी ने इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई। इस वर्ष शिक्षा विभाग ने दोबारा इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन से खरीद करने का फैसला लिया है कॉरपोरेशन की ओर से भी तीन बार आवेदन मांगे गए हैं लेकिन कंपनियों के टेंडर नहीं भरने के चलते मामला फिर लटकता नजर आ रहा है। अब सात जुलाई तक कॉरपोरेशन ने टेंडर आमंत्रित किए हैं। यह शैक्षणिक सत्र 2018-19 और 2019-20 के लिए खरीद की जा रही है। कोरोना संकट के चलते बीते एक वर्ष से खरीद की प्रक्रिया बहुत धीमी गति से चल रही है। शैक्षणिक सत्र 2018-19 के 9786 और 2019-20 के 9786 मेधावियों के लिए लैपटॉप खरीदे जाने हैं। लैपटॉप के इंतजार में बैठे मेधावी स्कूलों से पास होकर कॉलेजों तक पहुंच गए हैं। शिक्षा विभाग की लेटलतीफी के चलते इन विद्यार्थियों को अभी तक सरकार की घोषणा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में इलेक्ट्रिक बस की शुरुआत करने के मामले में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कांग्रेस के पूर्व परिवहन मंत्री जीएस बाली का नाम लिया तो इससे हिमाचल में सियासी हलचल पैदा हो गई है। मंच से गडकरी बोले कि उनके पास पूर्व परिवहन मंत्री जीएस बाली इलेक्ट्रिक बसोें की बात करने आते थे। मुख्यमंत्री के सामने मंच पर गडकरी ने बाली का जिक्र किया। वीरभद्र से अलग गुट में चल रहे बाली का नाम लेने से कांग्रेस नेताओं के कान भी खड़े हो गए हैं। हिमाचल में जब बाली इलेक्ट्रिक बसें लाए तो उसका विरोध भी हुआ। बावजूद बाली ने अपना विजन नहीं बदला है। इसके बाद शहर में लोगों की सुविधा के लिए इलेक्ट्रिक वैन पहुंचाई। पिछले दिनों बाली होर्डिगिं विवाद पर चर्चा में रह चुके हैं। उन्होंने प्रदेश भर में कांग्रेस के पोस्टर लगाए, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का फोटो नहीं था तो वह वीरभद्र सिंह के समर्थकों के निशाने पर रहे।
निजी स्कूलों की फीस नियंत्रित करने को लेकर बीते एक वर्ष से प्रदेश भर से मांग उठ रही है। शिक्षा विभाग की ओर से बनाए गए विधेयक में मनमानी करने वाले निजी स्कूलों पर दो से पांच लाख रुपये का जुर्माना करने का प्रावधान किया गया है। इसमें आम जनता ने बढ़ोतरी कर जुर्माना राशि को दस लाख रुपये की वकालत की है। सजा का प्रावधान भी दस साल करने के सुझाव दिए गए हैं। सरकार की ओर से तय की गई फीस में हर वर्ष छह फीसदी वृद्धि का भी जनता ने विरोध करते हुए इसे दो से तीन फीसदी करने को कहा है। वंही निजी स्कूलों की ओर से चयनित दुकानों से ही किताबों व वर्दी खरीद की व्यवस्था पर भी रोक लगाने की मांग की गई है। तीस जून तक फीस नियंत्रित करने को बनाए विधेयक को लेकर अपने सुझाव और आपत्तियां उच्च शिक्षा निदेशालय को भेजे जा सकते हैं। बता दें कि सरकार के निर्देशानुसार उच्च शिक्षा निदेशालय ने आम जनता से विधेयक को लेकर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करवाने को कहा है। इच्छुक लोग उच्च शिक्षा निदेशालय या जिला उपनिदेशक कार्यालयों में लिखित में या निदेशालय की वेबसाइट पर ऑॅनलाइन सुझाव दे सकेंगे।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के दौरे के दौरान बीते बुधवार को मुख्यमंत्री के सामने भिड़े पुलिस अफसर मुश्किल में आ गए है। जांच में मिले आरोपों के चलते सरकार ने एसपी कुल्लू रहे गौरव सिंह और पुलिस मुख्यालय ने मुख्यमंत्री के निजी सुरक्षा अधिकारी रहे एएसआई बलवंत सिंह को निलंबित कर दिया है। एडिशनल एसपी मुख्यमंत्री सुरक्षा बृजेश सूद को एडिशनल एसपी मुख्यमंत्री सुरक्षा के पद से रिलीव कर पुलिस मुख्यालय से अटैच (संबद्ध) कर दिया है। गौरव को सेंट्रल रेंज मंडी से अटैच किया गया है। थप्पड़ मारने वाले एसपी गौरव सिंह ने बयान में कहा है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की गाड़ियों के काफिले में तय प्रोटोकॉल से इतर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यमंत्री सुरक्षा बृजेश सूद ने जबरदस्ती तीन अन्य वाहनों को शामिल कर दिया। प्रोटोकॉल तोड़ने के बाद भी वह उनसे बहस करते रहे और असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल किया। इस पर उनका हाथ उठ गया। वहीं, थप्पड़ खाने वाले बृजेश सूद ने बयान में इस बात पर जोर दिया है कि जब उनकी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री की सुरक्षा है तो उनके वाहन को मुख्यमंत्री के वाहन से अलग कैसे रखा जा सकता है। इसी बात पर उन्होंने एसपी से सवाल किया और एसपी ने उन्हें सरेआम थप्पड़ मार दिया। वायरल वीडियो में एसपी को लात मारते दिखने वाले मुख्यमंत्री के पीएसओ बलवंत सिंह ने कहा है कि वह अपने वरिष्ठ अधिकारी को थप्पड़ मारे जाने से नाराज थे। बीच बचाव के दौरान उनका पैर शायद एसपी को लग गया। गौरतलब है कि सरकार ने वीरवार को गौरव सिंह को हटाकर 5वीं बटालियन बस्सी के कमांडेंट गुरुदेव शर्मा को एसपी कुल्लू लगा दिया है। 1 आईआरबीएन बनगढ़ की कमांडेंट आकृति को 5 आईआरबीएन बस्सी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। पुनीत रघु को मुख्यमंत्री सुरक्षा का अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लगाया गया है।
हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा HAS की परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन हेतु निश्चित तिथि निर्धारित की गयी थी लेकिन हिमाचल प्रदेश में मौसम की स्तिथि सामान्य न होने के कारण बिजली कट जाने से और इंटरनेट कनेक्टिविटी कमज़ोर पड़ने के कारण कई छात्र फॉर्म नहीं भर पाए थे। आयोग ने एक बार अंतिम तिथि को 22 जून तक बढ़ाया था लेकिन इसके बावजूद आयोग ने वेबसाइट की प्रक्रिया में बदलाव लाया है जिसके चलते छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और समय रहते अभी भी अधिकांश आवेदन फॉर्म नहीं भर पाए है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत सह मंत्री विक्रांत चौहान ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि छात्र लोक सेवा आयोग की धीमी गति और लापरवाही से परेशान है। प्रदेश के लाखो विद्यार्थी प्रशासनिक परीक्षाओं को उत्तीर्ण करने के लिए दिन रात एक कर पढ़ाई कर रहे है लेकिन यदि लोक सेवा आयोग की बात करे तो वहां पर रोजाना वेबसाइट और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में बदलाव किए जाते है जिसके चलते छात्रों में खासी परेशानी देखने को मिल रही है। विक्रांत चौहान ने कहा कि किसी भी परीक्षा फॉर्म को भरने से पहले लोकसेवा आयोग के अंतर्गत छात्रों को एक ऑनलाइन अकाउंट खोलना पड़ता है जिसमें छात्रों तक आयोग द्वारा अधिसूचना और किसी भी प्रकार के परीक्षा संबंधी संदेश पहुंचाए जाते है। उन्होंने कहा कि इसी अकाउंट के माध्यम से छात्र लोक सेवा आयोग के अंतर्गत कंडक्ट होने वाली परीक्षाओं को ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकता हैं। वैसे ही प्रक्रिया का पालन करते हुए इस दफा जब छात्रों ने HAS की परीक्षा हेतु आवेदन करना चाहा तो हिमाचल प्रदेश के लगभग 50% से ज्यादा छात्रों को उनके अकाउंट के लॉगिन करने में ही अनेकों टेक्निकल एरर्स देखने को मिले है दूसरा अकाउंट बनाने में प्रयास भी असफल रहे है क्योंकि छात्रों को पहले से अकाउंट होने के कारण नए अकाउंट बनाने में अपने दस्तावेज अपलोड करते समय डुप्लीकेट रिकॉर्ड फाउंड आ रहा था जिस कारण अधिकांश इच्छुक छात्र 22 जून से पूर्व HAS की परीक्षा हेतु आवेदन फॉर्म नहीं भर पाए। विक्रांत चौहान ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद लोक सेवा आयोग के चेयरमैन से मांग करती है कि शीघ्र अति शीघ्र HAS की परीक्षा हेतु आवेदन फॉर्म की निर्धारित अंतिम तिथि को बढ़ाया जाए और आवेदन प्रक्रिया में छात्रों को आ रही समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए अन्यथा छात्रों का रोष फूटकर लोक सेवा आयोग के कार्यालय तक आ पहुंचेगा और विद्यार्थी परिषद् आम छात्रों को लामबंद करते हुए आंदोलन करने से भी गुरेज नहीं करेगी।
हिमाचल प्रदेश के इतिहास में 24 जून का दिन स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा क्योंकि आज केन्द्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की उपस्थिति में कुल्लू जिला के मनाली से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के लिए 6155 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं के लोकार्पण किए व आधारशिलाएं रखीं। केन्द्रीय मंत्री ने 1303 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 39.14 किलोमीटर लम्बे एनएच-22 (नया एनएच-05) के परवाणु-सोलन सेक्शन के फोर लेन का लोकार्पण किया। उन्होंने 1323 करोड़ रुपये की लागत से 18.13 किलोमीटर लम्बे एनएच-88 (नया एनएच-303, 503) कांगड़ा बाईपास-भंगबार सेक्शन के फोर लेन के निर्माण, 2098 करोड़ रुपये की लागत से 47.75 किलोमीटर लम्बे एनएच-21 (नए एनएच-205,154) कीरतपुर-नेरचैक (ग्रीनफील्ड संरेखण) के फोर लेन के निर्माण, 273 करोड़ रुपये की लागत से 25 किलोमीटर लम्बे एनएच-707 (ग्रीन नेशनल हाईवे काॅरिडोर प्रोजेक्ट) पांवटा साहिब-हेवना के फोर लेन/टू लेन के निर्माण, 243 करोड़ रुपये की लागत से 25 किलोमीटर लम्बे एनएच-707 (ग्रीन नेशनल हाईवे काॅरिडोर प्रोजेक्ट) हेवना-अशयारी के टू लेन के निर्माण, 346 करोड़ रुपये की लागत से 25 किलोमीटर लम्बे एनएच-707 (ग्रीन नेशनल हाईवे काॅरिडोर प्रोजेक्ट) के अशयारी-श्री क्यारी सेक्शन के टू लेन/इंटरमीडिएट लेन के निर्माण, 349 करोड़ रुपये की लागत से 19.9 किलोमीटर लम्बे एनएच-707 (ग्रीन नेशनल हाईवे काॅरिडोर प्रोजेक्ट) श्री क्यारी-गुम्मा सेक्शन के इंटरमीडिएट लेन के उन्नयन, 126 करोड़ रुपये की लागत से 8.65 किलोमीटर लम्बे एनएच-707 (ग्रीन नेशनल हाईवे काॅरिडोर प्रोजेक्ट) गुम्मा-फेडिज सेक्शन के इंटरमीडिएट लेन के उन्नयन और 94 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित की जाने वाली 12.71 किलोमीटर लम्बी पांवटा-राजबन-शिलाई-मीनस-हाटकोटी सड़क एनएच-707 के टू लेन के निर्माण कार्य की आधारशिला रखीं। केन्द्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश वास्तव में देश का सबसे सुन्दर राज्य है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के समग्र विकास के लिए सड़कें अति-आवश्यक होती हैं। पर्यटन राज्य होने के कारण हिमाचल प्रदेश में पर्यटन विकास के लिए भी सड़कें बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि आगामी दो वर्षों में दिल्ली से कुल्लू तक यात्रा समय घटकर सात घंटे रह जाएगा, जिससे प्रदेश में पर्यटन विकास को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जिन सड़कों का आज उन्होंने शिलान्यास किया है उन्हें निर्धारित समय में पूर्ण किया जाएगा। वंही, मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि पहाड़ी राज्य होने के कारण सड़कें प्रदेश मेंयातायात का एक मात्र साधन हैं, इसलिए सड़क सम्पर्क सुदृढ़ बनाना राजनीतिक नेतृत्व और आम जनता का महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने कहा कि 50 वर्ष पूर्व भी राज्य के पहले मुख्यमंत्री डाॅ. वाई.एस. परमार ने राज्य की विकासात्मक प्राथमिकताओं को तीन शब्दों सड़क, सड़क और सड़क में परिभाषित किया था। जयराम ठाकुर ने राज्य के लिए 6155 करोड़ रुपये लागत की सड़क परियोजनाओं की आधारशिलाएं रखने और समर्पित करने के लिए केन्द्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य सरकार ने केन्द्र से गत लगभग साढ़े तीन वर्षों में प्रदेश के लिए 997 परियोजनाएं स्वीकृत करने में सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि इस अवधि के दौरान भाजपा सरकार ने पूर्व कांग्रेस सरकार द्वारा 261 गांवों को सड़क सुविधा प्रदान करने की तुलना में 305 गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा है। पूर्व कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान इतनी अवधि में केवल 145 पुलों और 1585 किलोमीटर सड़का का निर्माण किया था, जबकि वर्तमान सरकार ने इस अवधि के दौरान 216 पुलों और 2951 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया है। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा एवं जनजातीय विकास मंत्री डाॅ. राम लाल मारकण्डा, सांसद किशन कपूर और इंदु गोस्वामी, विधायक सुरेंद्र शौरी, किशोरी लाल, जवाहर ठाकुर, बलबीर वर्मा और राजेश ठाकुर, पूर्व सांसद महेश्वर सिंह ठाकुर, अतिरिक्त मुख्य सचिव राम सुभग सिंह और जे.सी. शर्मा, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, प्रधान सचिव लोक निर्माण शुभाशीष पांडा और राष्ट्रीय उच्चमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी भी उपस्थित थे, जबकि सांसद व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप, सांसद, विधायक, प्रदेश भाजपा के पदाधिकारी कार्यक्रम में वर्चुअली माध्यम से शामिल हुए।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कुल्लू में पुलिस अफसरों के बीच सरेआम हुई कथित मारपीट व प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्य सचिव के साथ एक मंत्री के दुर्व्यवहार की कड़े शब्दों में निदा की है। उन्होंने कहा है कि कानून के रखवाले ही जब खुलेआम एक दूसरे पर लातघुसें बरसाने लगें तो कानून व्यवस्था से लोगों का विश्वास उठना लाजिमी है। राठौर ने एक मंत्री द्वारा सरकार के मुख्य सचिव के साथ मंत्रिमंडल की बैठक में दुर्व्यवहार की भी कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि ऐसी सरकार का रखवाला तो रामरखा ही हो सकता है। उन्होंने कहा है कि इस घटना ने प्रदेश की विगड़ती कानून व्यवस्था और ब्यरोक्रेसी के साथ सरकार के बिगड़ते सम्बधों की पूरी पोल खोल दी है और प्रदेश इन दोनों घटनाओं से शर्मसार हुआ है। कुलदीप सिंह राठौर ने जारी एक बयान में कहा कि पुलिस अफसरों का इस प्रकार घुथम गुथा होना और वह भी तब जब वह किसी केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा में लगे हो पुलिस व्यवस्था के लिए बहुत ही शर्मसार है। राठौर ने कहा है कि प्रदेश में यह पहली घटना है। इससे साफ है कि मुख्यमंत्री का अपने इन अधिकारियों पर कोई नियंत्रण नही है। उन्होंने कहा कि इस घटना ने प्रदेश के लोगों को भी सकते में डाल दिया है।मुख्यमंत्री के सामने इस प्रकार की घटना होना किसी की भी पुलिस सुरक्षा को खुली चुनौती है।
केन्द्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री नितिन गडकरी ने आज मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के साथ अटल टनल रोहतांग का दौरा किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गत वर्ष 3 अक्तूबर को मनाली से लाहौल-स्पीति को जोड़ने वाली 9.02 किलोमीटर लम्बी टनल को राष्ट्र को समर्पित किया था। केन्द्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री का लाहौल स्थित उत्तरी छोर में जिला लाहौल-स्पीति के लोगों ने पारम्परिक तरीके से भव्य स्वागत किया। केन्द्रीय मंत्री ने टनल के दक्षिणी छोर में मीडिया के साथ बातचीत करते हुए इस टनल के निर्माण के लिए सीमा सड़क संगठन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश में 19 सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें 8 सुरंगों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर, जनजातीय विकास मंत्री डाॅ. राम लाल मारकण्डा, विधायक किशोरी लाल सागर व सुरेन्द्र शौरी, अतिरिक्त मुख्य सचिव राम सुभग सिंह और जे.सी. शर्मा, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग शुभाशीष पांडा भी इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री के साथ उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश के ग्रीष्मकालीन स्कूलों में छुट्टियों के दौरान ऑनलाइन स्टडी मैटीरियल भेजा जाएगा। व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से शिक्षकों को रोजाना अपने ग्रुपों में इसे अपलोड करना होगा। बच्चों को व्यस्त करने के लिए प्रोजेक्ट और असाइंनमेंट कार्य भी अलग से दिया जाएगा। छुट्टियों के बाद शिक्षकों को इस कार्य की जांच करनी होगी। शीतकालीन स्कूलों में पहले की तरह ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी। हर घर पाठशाला कार्यक्रम भी चलता रहेगा। शिक्षा सचिव ने बताया कि सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई को सुचारू रूप से चलाए रखने के लिए स्टेट रिसोर्स ग्रुप की ओर से रोजाना डिजिटल शिक्षण सामग्री तैयार की जा रही है। सभी शिक्षकों को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से यह सामग्री भेजी जाती है। ऐसे में ग्रीष्मकालीन स्कूलों सहित कुल्लू और लाहौल स्पीति जिला के स्कूलों में छुट्टियों के दौरान भी इस शिक्षण सामग्री को भेजने का कार्य जारी रहेगा।
प्रदेश कांग्रेस किसानों, बागवानों व आमजन की अनदेखी के विरोध में केंद्र व प्रदेश भाजपा सरकार के खिलाफ 26 जून से जन आक्रोश सप्ताह शुरू करेगी। 26 जून को जिला के नारकंडा से इसकी शुरूआत की जाएगी। यहां अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रदेश मामलों के सचिव प्रभारी संजय दत्त व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर के संयुक्त नेतृत्व में यहां से जनआक्रोश सप्ताह की विधिवत शुरुआत की जाएगी। कांग्रेस सचिव हरिकृष्ण हिमराल ने बताया कि देश मे तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान पिछले छह महीनों से इन्हें निरस्त करने की मांग को लेकर सड़को में बैठा है। उनकी कोई भी बात सरकार नही सुन रही है। प्रदेश में जयराम सरकार से बागवान भी दुखी है। सरकार की उपेक्षा के चलते सेब सीजन के लिए सरकार की ओर से कोई भी व्यवस्था नही की गई है। अब तक न तो कार्टन की सम्पूर्ण व्यवस्था की गई है और न ही इसके ढुलाई के मूल्य तय किए गए है। विपणन की भी कोई व्यवस्था अब तक नही की गई है। सड़को की हालत खस्ता है। हिमराल ने कहा है कि प्रदेश में बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी से आम लोग परेशान है। सरकार अपना खजाना तो भर रही है पर कोरोना के चलते किसी भी वर्ग को सरकार की ओर से कोई राहत या मदद नही दी गई है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस इसके विरोध में जिलाभर में जन आक्रोश रैलियों का आयोजन कर रही है। इन रैलियो में पार्टी के सभी विधायक, पूर्व विधायक, पार्टी पदाधिकारी अग्रणी संगठनों के सभी पदाधिकारी साथ मे पार्टी उपाध्यक्ष, महासचिव प्रभारी भी अपने क्षेत्रों में इन जनआक्रोश रैलियों में भाग लेंगे। हिमराल ने बताया कि 26 जून को नारकंडा, 27 को ऊना व सिरमौर, 28 को मंडी, 29 को कांगड़ा, 30 को चम्बा व सोलन,1 जुलाई को कुल्लू व हमीरपुर, 2 को बिलासपुर व लाहुल स्पीति व किन्नौर में जिला स्तरीय जनआक्रोश रैलियों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 28 को मंडी व 29 को कांगड़ा की जनाक्रोश रैली में कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर विशेष तौर पर शिरकत करेंगे। उन्होंने बताया कि इस दौरान ब्लॉक स्तर पर भी ऐसी ही जनाक्रोश रैलियों का आयोजन करने को कहा गया है जिसमें पार्टी के सभी पदाधिकारियों, उपाध्यक्षों व महासचिवों प्रभारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश में आयोजित होने वाले जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मेलों की अनुदान राशि में वृद्धि कर दी है। इन मेलों की अनुदान राशि तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख कर दी है। राज्य सरकार ने अधिसूचित किया है कि अब जिला स्तर के मेलों की अनुदान राशि को 30,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया गया है। राज्य स्तर के मेलों की अनुदान राशि एक लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख, राष्ट्रीय स्तर के मेलों की दो लाख से बढ़ाकर तीन लाख कर दी है। प्रदेश सरकार ने जिला कांगड़ा के नूरपुर के जन्माष्टमी मेले को राज्यस्तरीय मेला अधिसूचित कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय मेलों में लवी मेला रामपुर, मंडी शिवरात्रि, कुल्लू दशहरा, सुजानपर होली मेला आदि शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश में धार्मिक मेलों में मारकंडेय मेला, नयना देवी नवरात्र मेला आदि हैं। ऊना जिले में चिंतपूर्णी, कांगड़ा में ज्वालाजी तथा बज्रेश्वरी देवी के प्रमुख मेले हैं। शूलिनी मेला सोलन, रेणुका मेला सिरमौर, बाबा बालक नाथ मेला दियोटसिद्ध हमीरपुर, बाबा बड़भाग सिंह मेला ऊना जिले का मैडी, मणिमहेश मेला चंबा और नलवाड़ी मेला बिलासपुर का प्रमुख मेला है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री नितिन गडकरी का कुल्लू जिला के भुन्तर हवाई अड्डे में आगमन पर गर्मजोशी से स्वागत किया। केन्द्रीय मंत्री 24 जून को मनाली से वर्चुअल माध्यम द्वारा राज्य के लिए 6155 करोड़ रुपये लागत की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर, विधायक किशोरी लाल सागर, सुरेन्द्र शौरी, पूर्व सांसद महेश्वर सिंह, भाजपा की राज्य उपाध्यक्ष धनेश्वरी ठाकुर, एचपीएमसी के उपाध्यक्ष राम सिंह, भाजपा के जिलाध्यक्ष भीमसेन, अतिरिक्त मुख्य सचिव राम सुभग सिंह एवं जे.सी. शर्मा, प्रधान सचिव लोक निर्माण शुभाशीष पाण्डा, उपायुक्त कुल्लू रिचा वर्मा और पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल की बेटी प्रेरणा गुप्ता ने भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर शिमला और पूरे प्रदेश के लोगों का नाम रोशन किया है। प्रेरणा गुप्ता हाल ही में एयर चीफ मार्शल आरएस भदौरिया की अध्यक्षता में हैदराबाद के पास डुंडीगल वायु सेना प्रशिक्षण केंद्र में 161 अधिकारियों के साथ पासिंग आउट परेड समारोह में फ्लाइंग ऑफिसर नियुक्त हुई है। प्रेरणा गुप्ता को गत वर्ष पहले ही प्रयास में एएफसीएटी और एसएसबी परीक्षा पास करने के बाद भारतीय वायुसेना में चुना गया और अकादमी में 19 जून, 2021 को अपना प्रशिक्षण पूरा किया। प्रेरणा गुप्ता ने बताया कि शिमला के लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल शिमला से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद आगे की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और अन्नामलाई विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान विषय में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। प्रेरणा के पिता राज्य के राजस्व विभाग से नायब तहसीलदार के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और माता केंद्र सरकार की कर्मचारी हैं। प्रेरणा गुप्ता ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, समर्पण और अपने माता-पिता, शिक्षकों, दोस्तों, विशेष रूप से अपने भाई से मिले सहयोग को दिया है, जो एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत है।
हिमाचल प्रदेश : केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कोरोना आपदा के इस कठिन समय में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना को दिवाली तक बढ़ाने पर व इसे कैबिनेट की मंज़ूरी मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पूरे केंद्रीय कैबिनेट का आभार प्रकट किया है। अनुराग ठाकुर ने कहा “कोरोना आपदा के दूसरे लहर की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में संवेदनशील केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 80 करोड़ लोगों को मई और जून महीने में मुफ़्त 5 किलो अनाज उपलब्ध कराने का निर्णय लिया था। राष्ट्र के नाम सम्बोधन में महामारी के इस समय में गरीबों को भोजन की समस्या से दो-चार न होना पड़े, इसके लिए मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना को दिवाली तक बढ़ाने का निर्णय लिया जिसे आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने इस योजना को नवंबर तक चालू रखने को मंजूरी दे दी है। देश में प्रति माह प्रति व्यक्ति 5 किलो अतिरिक्त अन्न (चावल/गेहूं) मुफ्त देने की इस कल्याणकारी योजना के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पूरी केंद्रीय कैबिनेट का आभार प्रकट करता हूँ”। आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा “देश की 80 करोड़ जनता को इस योजना का लाभ देने के लिए मोदी सरकार अनुमानित 64,031 करोड़ रुपये की अनुमानित खाद्य सब्सिडी के रूप में खर्च करेगी जबकि अतिरिक्त खर्च के रूप में 3,234.85 करोड़ रुपये की लागत आएगी। पिछले साल जब लॉकडाउन लगाना पड़ा तो प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 80 करोड़ देशवासियों को 8 महीने तक मुफ्त राशन दिया गया। महामारी के इस समय में, सरकार गरीब की हर जरूरत के साथ, उसके साथी के रूप में खड़ी है व मोदी सरकार सुनिश्चित करेगी कि इस आपदा की घड़ी में कोई भूखा ना रहे”
आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन सौंपा। इकाई अध्यक्ष विशाल सकलानी ने जानकारी देते हुए कहा की अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने आज छात्र मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है उन्होंने कहा लंबा समय बीत जाने के बाद भी अभी तक परिणाम घोषित नहीं हो पाए हैं जिसके चलते छात्र ना तो आगे की पढ़ाई कर पा रहे है और ना ही किसी कॉन्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कर पा रहे हैं उन्होंने कहा कि b.ed सेकंड सेमेस्टर का रिजल्ट अभी तक घोषित नहीं हुआ है जिसके चलते b.ed के छात्रों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, इसी के साथ साथ अभी तक यूजी के छात्रों ने जो पहले तीसरे और पांचवें सत्र के रिअपीयर के एग्जाम दिए थे उसके परिणाम भी इतना लंबा समय बीत जाने के बावजूद घोषित नहीं हो पाए हैं रोजाना छात्रों के फोन आते रहते हैं और काफी परेशानियों से यू जी के छात्रों को जूझना पड़ रहा है नया सत्र शुरू होने होने वाला है लेकिन परिणाम कि यदि बात करें तो विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष कई दफा छात्र संगठन ने बात रखी है लेकिन प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है ऐसी परिस्थिति में छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। विशाल ने कहा कि यदि पीजी की बात करें तो पीजी परीक्षाओं के भी परिणाम अभी तक नहीं बन पाए हैं जबकि अभी तक पीजी परीक्षाओं के परिणाम घोषित हो जाने चाहिए थे विश्वविद्यालय प्रशासन की नाकामी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है अभी हाल ही में b.ed के छात्रों के लिए परीक्षा का शेड्यूल जारी किया है लेकिन प्रशासन ने यह ध्यान में नहीं रखा कि TET की परीक्षाएं भी होनी है और B.ED के छात्र असमंजस में है कि परीक्षाओं के दबाव को कैसे झेला जाए, इन सभी परिणामों और परीक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने परीक्षा नियंत्रक डॉ जे एस नेगी को ज्ञापन सौंपा है, परीक्षा नियंत्रक ने मांगो को जायज और वास्तविक मांग बताया है और शीघ्र परिणामों को घोषित करने का आश्वासन दिया है। वहीं इकाई अध्यक्ष सकलानी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन जल्द से जल्द परीक्षा परिणामों को घोषित नहीं करता है तो विद्यार्थी परिषद आंदोलन करने से भी गुरेज नहीं करेगी।
दयानंद पब्लिक स्कूल ने मनमानी करते हुए उन बच्चों को ऑनलाइन क्लास से बाहर निकाल दिया जो फीस नहीं भर पाए। स्कूल के इस निर्णय का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कड़ा विरोध करती है। प्रांत सह मंत्री शिल्पा कुमारी ने कहा कि आज जहां पूर्ण देश आर्थिक मंदी से जूझ रहा है, बेरोजगारी ने लोगो की कमर तोड़ दी है ऐसे में गरीब विद्यार्थी जो फीस नहीं चुका पा रहे उन्हें पढ़ाई से वंचित कर देना सरासर गलत है। ऐसा करना उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने से कम नहीं होगा। इस महामारी ने जहां लोगो को आर्थिक रूप से काफी कमजोर कर दिया है वहीं यह स्कूल फीस में लगातार बढ़ोतरी करने में लगे हैं। ऐसे स्कूलों पर भी कारवाई की मांग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद करती है। परीक्षाओं के समय में विद्यार्थियों को इस प्रकार से परेशान करना बंद किया जाए व ऐसे स्कूल जो ऐसी मनमानी कर रहे हैं उन पर शिकंजा कसा जाए।
शिमला : दृष्टिबाधित एवं हाथ से लिखने में असमर्थ दिव्यांग विद्यार्थियों को हिमाचल प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत दी है। सभी प्रकार की परीक्षाओं में यदि विभाग उन्हें राइटर उपलब्ध नहीं कराता है तो वह किसी भी शैक्षणिक योग्यता वाले राइटर को अपने साथ परीक्षा में लिखने के लिए ले जा सकते हैं। सरकार ने यह कदम हिमाचल प्रदेश राज्य विकलांगता सलाहकार बोर्ड के विशेषज्ञ सदस्य और उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव द्वारा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के समक्ष रखी गई मांग पर उठाया है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री के अलावा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय गुप्ता द्वारा तुरंत की गई कार्रवाई के लिए उनका आभार जताया। प्रो. अजय श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना के कारण पहले ही तनाव में चल रहे दृष्टिबाधित विद्यार्थियों एवं नौकरी के उम्मीदवारों की चिंता उस समय बढ़ गई थी जब सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर केंद्र सरकार और यूजीसी के दिशानिर्देशों का संज्ञान लिए बिना गलत गाइडलाइंस जारी कर दी। अब विभाग ने अपनी गलती को सुधार लिया है। प्रो. अजय श्रीवास्तव के अनुसार दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग और यूजीसी को आदेश दिया था कि जब तक परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी दृष्टिबाधित एवं लिखने में असमर्थ उम्मीदवारों के लिए राइटर का पैनल न तैयार कर ले तब तक उन्हें 'एक कक्षा जूनियर' वाला राइटर लाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। ऐसे में उन्हें फरवरी 2015 वाली गाइडलाइंस के तहत परीक्षा देने की अनुमति होगी। इसके बाद यूजीसी समेत सभी केंद्रीय विभागों ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के अनुपालन में नए दिशानिर्देश जारी किए थे। अब यह स्पष्ट हो गया है कि शिक्षण संस्थानों में प्रवेश और सभी प्रकार की नौकरियों के लिए आयोजित होने वाली लिखित परीक्षाओं में यदि संबंधित विभाग राइटर उपलब्ध नहीं करा पाता है तो दृष्टिबाधित उम्मीदवार अपने से अधिक योग्यता वाले राइटर को भी परीक्षा में लिखने के लिए ले जा सकता है। श्रीवास्तव का कहना है कि कोर्ट के आदेश के मुताबिक यह विभागों का दायित्व है कि वे दृष्टिबाधित एवं लिखने में असमर्थ विद्यार्थियों को राइटर उपलब्ध कराएं। 'एक क्लास जूनियर राइटर' ढूंढकर परीक्षा देना विद्यार्थियों के लिए बहुत मुश्किल कार्य है। कोर्ट ने ये भी कहा था कि यह सुनिश्चित करना ड्यूटी पर उपस्थित शिक्षक का दायित्व है कि राइटर वही लिखे जो दिव्यांग विद्यार्थी ने बोला हो।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन हिमाचल प्रदेश ईकाई ने प्रदेश मे बिना टीकाकरण के परीक्षाओ को करवाने की कड़ी आलोचना की| NSUI के प्रदेश अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर के नेतृत्व मे एक प्रतिनिधि मंडल ने राजभवन जाकर महामहिम राज्यपाल को ADC(Aides-de-camp) के माध्यम से स्तिथि से अवगत करवाया, छत्तर सिंह ठाकुर ने बताया की प्रदेश सरकार ने विश्व विद्यालय के साथ मिलकर परीक्षाओ को करवाने का ऐलान तो कर दिया लेकिन टीकाकरण के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है, NSUI को छात्रों के स्वस्थ्य के साथ खिलवाड़ मंजूर नही, उन्होंने बताया की सरकार को पहले छात्रों के टिकाकरण पर ध्यान देना चाहिए था। इसी को लेकर उन्होंने महामहिम राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हे स्तिथि से अवगत करवाया और उनसे निवेदन कर मामले की गंभीरता को देखते हुए दखल देकर छात्रों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रदेश सरकार व विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश देने की मांग की | NSUI के प्रतिनिधियों ने बताया की पूरे प्रदेश के छात्र NSUI से संपर्क करके अवगत करवा रहे की ऑनलाइन क्लासेज नही लगी है और उनके पाठ्यक्रम मे कटौती की जाए| उन्होंने सूबे के मुख्यमंत्री से अनुरोध किया की सभी छात्रों को वैक्सीन जल्दी जल्दी लगवाने के लिए महाविद्यालय वक्सीनशन सेंटर बना छात्रों को वैक्सीन लगाई जाए अन्यथा NSUI के विरोध के लिए विश्व विद्यालय प्रशासन व प्रदेश सरकार तैयार रहे , NSUI छात्रहितों के मुद्दो को प्रमुखता से उठाने मे कोई कमी नही छोड़ेगी और जब तक सभी छात्रों को वैक्सीन नही लगाई जाती तब तक परीक्षाओ का विरोध जारी रखेगी| इस मौके पर NSUI प्रदेश महासचिव यासीन बट्ट ,चंदन महाजन, नितिन देष्टा विशेष रूप से उपस्थित रहे|
शिमला राष्ट्रीय एकता व अखंडता के पर्याय, महान शिक्षाविद्, प्रखर राष्ट्रवादी विचारक और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने उनको प्रदेश कार्यालय दीपकमल चक्कर शिमला में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा की आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस है। आज हम सभी उस महान आत्मा को श्रद्धांजलि देते हैं, जिन्होंने भारत की एकता और अखंडता के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया। वे आजाद भारत के उन नेताओं में से एक रहे जिन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उनका संपूर्ण जीवन उपलब्धियों के साथ साथ त्याग से भी भरा हुआ था। उन्होंने कहा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 समाप्त हो उसके लिए आंदोलन चलाया था और एक निशान, एक विधान, एक प्रधान का नारा दिया था। देश की एकता और अखंडता के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन लगाया। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि ये ही है कि हम उनके बताए मार्ग पर चलें, विचार के साथ जुड़े और विचार को आगे बढ़ाने का काम करें। उनसे प्रेरणा लेकर भाजपा कार्यकर्ता देश को मजबूत बनाने के लिए अग्रसर हैं। उन्होंने कहा देश के जितने भी राजनीतिक दल हैं वो राजनीति के अलावा कुछ नहीं करते। लेकिन भाजपा अकेली ऐसी पार्टी है, जो समाज के प्रति अपने दायित्व को भी निभाती रही है। समाज सेवा के कार्यों से हम अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के लिए भी अपने कार्यकर्ता को तैयार करते हैं। कार्यक्रम में भाजपा उपाध्यक्ष संजीव कटवाल, सचिव पायल वैद्य, कुसुम सदरेट, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश शर्मा, पार्षद किरण बावा, चेयरमैन गणेश दत्त विशेष रूप से उपस्थित रहे।
शिमला - प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चैयरमेन विधायक हर्षवर्धन चौहान ने प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गो की खस्ता हालत पर सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार इन मार्गो के रखरखाव के प्रति कतई गंभीर नही है। हर्षवर्धन ने आज यहां कहा कि केंद्रीय भूतल मंत्री नितिन गडकरी जो अब फिर से मंडी संसदीय क्षेत्र के उप चुनाव के दृष्टिगत प्रदेश के दौरे पर आ रहें है, उन्होंने पिछले चुनावों के दौरान अपनी जनसभाओं में प्रदेश को 65 हजार करोड़ के जो 68 राष्ट्रीय राजमार्ग दिए थे वह सब आज दिन तक खटाई में पड़े है, उन्हें उस बारे में भी अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।।उन्होंने कहा कि इन सब राजमार्गो की घोषणाएं हवा हवाई साबित हुई है।गडकरी को झूठ बोलने के लिए प्रदेश के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। हर्षवर्धन ने कहा है कि शिमला धर्मशाला फोर लेन सड़क का निर्माण कार्य भी धीमी गति से चल रहा है और उन्हें नही लगता कि यह अपने निर्धारित समय में पूरा हो सकेगा।उन्होंने कहा है कि गडकरी को प्रदेश में घोषित सभी राष्ट्रीय राज मार्गो की समीक्षा करते हुए अपनी सभी घोषणाओं को अमली जामा पहनाना चाहिए। हर्षवर्धन चौहान ने कहा है कि प्रदेश में सेब सीजन शुरू हो गया है। प्रदेश सरकार ने अभी तक न तो इसके विपणन की कोई पुख्ता व्यवस्था ही की है और न ही मंडियों की ।उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा ही किसान व बागवान विरोधी रही है और यही कारण है कि देश का किसान व बागवान कृषि के तीन काले कानूनों को लेकर पिछले छह महीनों से सड़कों पर बैठा है।उन्होंने कहा है कि कांग्रेस हमेशा ही किसानों, बागवानों व आम लोगों की हितकारी रही है और इनके हितों से कभी भी खिलवाड़ सहन नही करेगी।
प्रदेश में क्लीनिकल साईकोलाॅजिस्ट और फिजियोथैरेपिस्ट की कमी को पूरा किया जाना आवश्यक है ताकि दिव्यांगजनों को इनकी सेवाओं से वंचित न रहना पडे़। विशेष ओलंपिक भारत की अध्यक्ष डाॅ. मल्लिका नड्डा ने कला संस्कृति, भाषा अकादमी के साहित्य कला संवाद के दौरान चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि विलम्बित दिव्यांग अधिकार कानून दिसम्बर, 2016 में लागू किया गया, जिसके तहत दिव्यांगजनों को आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के प्रति बल दिया गया। इसके तहत 3 प्रतिशत से बढ़ाकर इनके लिए 4 प्रतिशत नौकरियों में आरक्षण की सुविधा की गई है तथा दिव्यांग पात्रता की 7 श्रेणियों से बढ़ाकर इसमें 21 श्रेणियां शामिल की गई है, जिसके प्रति जागरूकता और जानकारी होना आवश्यक है। विशेष ओलंपिक भारत के तहत देश के विशेष बच्चों को एक नई पहचान दिलवाने के उद्देश्य से विभिन्न खेलों का राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजन किया गया। लगभग 10 हजार से अधिक विशेष एथेलिट हिमाचल प्रदेश के अध्याय से पंजीकृत है और यह खिलाड़ी नियमित तौर पर राज्य, राष्ट्रीय व विश्व स्तर के खेलों में भाग ले रहे हैं। इसके अतिरिक्त देश के अन्य दिव्यांग खिलाड़ियों को भी इससे प्रोत्साहन मिला है। डाॅ. मल्ल्किा नड्डा ने राजनीतिक परिवेश से संबंध होने के बावजूद सामाजिक परिवर्तन और व्यक्ति निर्माण की दिशा में कार्य करने के प्रति अपना योगदान प्रदान करने के लिए अपना प्रेरणा स्त्रोत सदा शिव देवधर जी को बताया। नई शिक्षा नीति के तहत चर्चा करते हुए बताया कि इसमें दिव्यांगजनों को 6 से 18 वर्ष तक मुफ्त शिक्षा, स्कूलों में स्पैशल एजुकेटर की नियुक्ति करने ताकि उन्हें सामान्य बच्चों के साथ पढ़ने का अवसर मिल सके तथा अन्य संगठनात्मक व मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने का निर्णय इसमें लिया गया है ताकि उनका शैक्षणिक विकास संभव हो सके। इस अवसर पर अकादमी के सचिव डाॅ. कर्म सिंह ने डाॅ. मल्लिका नड्डा द्वारा समाज के उपेक्षित वर्गों के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि आने वाले समय में दिव्यांग कलाकारों को भी संवाद कार्यक्रम के माध्यम से मंच प्रदान किया जाएगा। विश्वविद्यालय में डाॅ. वाईएस.परमार चेयर के प्रमुख डाॅ. ओम प्रकाश ने डाॅ. मल्लिका नड्डा द्वारा किए जा रहे कार्यों को प्रेरक बताया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल सम्पूर्ण देश के दिव्यांग खिलाड़ियों अपितु प्रदेश के खिलाड़ियों को भी सम्मान मिला है। कार्यक्रम के संपादक हितेन्द्र शर्मा ने डाॅ.मल्लिका नड्डा का सम्पूर्ण परिचय दिया और चर्चा के दौरान उनके द्वारा सांझा किए गए अनुभवों को अत्यंत लाभकारी बताया। सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन भारती कुठियाला द्वारा किया गया, जिन्होंने विविध विषयों के संबंध में डाॅ. मल्लिका नड्डा के विचारों से अवगत करवाया।
स्वर्णिम हिमाचल दृष्टि पत्र-2017 के कार्यान्वयन के लिए गठित मंत्रिमण्डल की उप-समिति की बैठक आज यहां शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस अवसर पर सुरेश भारद्वाज ने कहा कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत 34 विभागों द्वारा 248 जन सेवाएं अधिसूचित की जा चुकी हैं। ये सेवाएं समयबद्ध रूप से लोगों को उपलब्ध करवाई जा रही हैं। हर विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली जन सेवा के लिए समय अवधि निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि 248 जन सेवाओं में से 110 सेवाएं ऑनलाइन माध्यम से, 30 सेवाएं ई-डिस्ट्रिक्ट के माध्यम से और 80 सेवाएं व्यवसाय में सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) के तहत प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय अवधि में सेवा उपलब्ध नहीं करवाने पर एक से पांच हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है। सुरेश भारद्वाज ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्रदान की जाने वाली विभिन्न सेवाओं के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए अधिकारियों को समुचित कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के प्रावधानों का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाना चाहिए। शहरी विकास मंत्री ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के लिए आरक्षित बैकलाॅग पदों को तुरन्त भरने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों को निर्देश दिए कि इस बारे में की गई कार्यवाही के बारे में 15 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने सरकारी नौकरियों में पूर्व सैनिकों के लिए मौजूदा कोटे का कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने शिकायत निवारण प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए भी विभिन्न दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्य प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए ई-टेंडर प्रक्रिया अनिवार्य की दी गई है। सुशासन बने स्वर्णिम हिमाचल का आधार के तहत जन अधिकार पुस्तिका का प्रकाशन कर इसे योजना विभाग की वैबसाइट पर उपलब्ध करवाया गया है तथा इसका अद्ययतनीकरण किया जा रहा है। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि ई-प्रशासन और सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल-सीएम डैशबोर्ड बनाया जा चुका है और इसका प्रभावी तरीके से कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। बैठक में स्वर्णिम हिमाचल दृष्टि पत्र के तहत विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी की अध्यक्षता में आज यहां वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से सभी उपमण्डलाधिकारियों के साथ कोविड-19 की तीसरी लहर के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं संबंधी बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सभी उपमण्डलाधिकारियों से जिला में कोविड-19 की स्थिति तथा जिले के अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों में कोविड-19 के तहत उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं पर समीक्षा की गई। उन्होंने समस्त उपमण्डलाधिकारियों को जिला में जांच प्रक्रिया को बढ़ाने के निर्देश दिए, जिसमें आरटीपीसीआर जांच प्रक्रिया को कम से कम 50 प्रतिशत रखना होगा। उन्होंने बताया कि जिला में सभी ग्राम पंचायतों में जांच प्रक्रिया का एक दौर पूर्ण किया जा चुका है तथा दूसरे दौर के संबंध में पंचायती राज संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। उन्होंने उपमण्डलाधिकारियों से अस्पतालों में नए लगने वाले ऑक्सीजन प्लांट तथा पाईप लाईन प्रक्रिया का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी की तीसरी लहर पर बेहत्तर तैयारी के साथ ही नियंत्रण किया जा सकता है, जिसके लिए अभी से कार्य योजना व प्रयास किए जा रहे हैं। कोविड-19 की तीसरी लहर के मद्देनजर जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, नागरिक अस्पताल एवं अन्य अस्पतालों में समय रहते सभी मूलभूत सुविधाओं को पूरा किया जाएगा, जिसमें आॅक्सीजन की आपूर्ति, बिस्तरों व सिलैंडरों की उपलब्धता को सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी उपमण्डलाधिकारियों को अपने खण्ड चिकित्सा अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर अस्पतालों में स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए तथा तीन से चार दिन के भीतर कार्य योजना रिपोर्ट कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिले में डाॅक्टरों की कमी को दूर करने के विषय को सरकार के समक्ष रखा जाएगा ताकि इसका कोई जल्द हल निकल सके। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अपूर्व देवगन, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (प्रोटोकाॅल) विनय धीमान, समस्त उपमण्डलाधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
प्रदेश की जनता को जल्द अपनी समस्याओं, सुझावों और आपत्तियों को लेकर सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से निजात मिलने वाला है। जल्द ही राज्य सरकार सोशल मीडिया पर जनता के मुद्दों पर सुनवाई करेगी। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले मुद्दों पर भी सरकार अब स्वयं संज्ञान लेगी। आम जनता की शिकायतों के निवारण को प्रदेश सरकार ऑनलाइन मैकेनिजम स्थापित करने जा रही है। इस प्रस्ताव को अमलीजामा पहनाने को लेकर कवायद भी शुरू हो गई है। निजी कंपनियों से ऑनलाइन मैकेनिजम तैयार करने के लिए आवेदन मांगे गए हैं। इलेक्ट्रानिक कॉरपोरेशन के माध्यम इसके टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, ट्वीटर, इंस्ट्राग्राम आदि का प्रयोग तेजी से बढ़ रहा है। शिकायतों की सुनवाई के लिए जल्द ही लोग सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात सरकार तक पहुंचा सकेंगे। समस्या बताने के लिए लोगों को मुख्यमंत्री कार्यालय या संबंधित विभाग को अपनी पोस्ट से टैग करना होगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिस भी कंपनी को इसका काम दिया जाएगा, उसके द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट अपलोड होते ही उसके निवारण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संबंधित विभाग के अधिकारियों को उससे अवगत करवाया जाएगा।
A meeting of the Cabinet sub-committee constituted for the implementation of Swarnim Himachal Drishti Patra-2017 was held here today under the chairmanship of Urban Development Minister Suresh Bhardwaj. In the meeting, various issues pertaining to Swarnim Himachal were discussed in detail. On this occasion, Suresh Bhardwaj said that 248 public services have been notified by 34 departments of the State under the Public Service Guarantee Act. These services are being made available to the people in a time-bound manner. The time period has been fixed for the public services provided by every department. He said that out of 248 public services, 110 services are being provided through online medium, 30 services through e-district, and 80 services under ease of doing business. He said that provision has also been made for imposing fines ranging from rupees one thousand to five thousand for not providing the services within the stipulated time period. He said that this will not only improve the efficiency of governance but also provide a strong foundation for good governance. Suresh Bhardwaj directed the officers to take appropriate steps to make people aware of the various services provided under the Public Service Guarantee Act. He said that maximum publicity of the provisions of this Act should be ensured. The Urban Development Minister directed to fill the backlog posts reserved for Scheduled Castes, Scheduled Tribes, Other Backward Classes, and specially-abled persons immediately. He directed the departments to submit the action taken report in this regard within 15 days. He also directed to ensure implementation of the existing quota for ex-servicemen in government jobs. He also gave various directions to further improve the grievance redressal system. He said that the e-tender process has been made mandatory to bring transparency to the government working system. Suresh Bhardwaj said that to ensure transparency and accountability in administration through e-governance and information technology, an online portal- CM Dashboard has been created and its implementation is being ensured in an effective manner. Additional Chief Secretary Prabodh Saxena and other senior officers were also present on the occasion.
Industries Minister Bikram Singh Called on Union Minister for Railways, Commerce, and Industry Piyush Goyal at New Delhi today. Bikram Singh thanked the Union Minister for an announcement of a survey on the Jagadhari- Paonta Sahib railway line and enhancing budgetary provisions in 2021-22 for Bhanupali -Bilaspur- Beri and Chandigarh- Baddi railway line. This would attract more investment in the State, he added. He requested to expedite works on these projects. Bikram Singh also urged the Union Minister to provide financial assistance for the proposal submitted under the Trade Infrastructure for Export Scheme (TIES) for setting up the Pharma Testing Lab at Baddi which would not only augment productivity and boost exports but also improve the quality standards of the Pharma units in the State. He also requested for the extension of the Industrial Development Scheme for at least two more years up to 2024 and to grant similar incentives to the State as granted to UT of Jammu and Kashmir. This would boost the industrial growth of the state, he added. He further apprised the Union Minister about the industry-friendly environment in the State and added that the State would like to join the national program of industrial corridors for creating sustainable infrastructure to meet the requirements of the industries. He requested for including Baddi-Barotiwala-Nalagarh as Industrial Node under Amritsar Kolkata Industrial Corridor ( AKIC ) so that the area could witness growth at a faster pace. Piyush Goyal assured of all possible assistance to the state. Senior officers of the Ministry were also present in the meeting.
भारतीय युवा कांग्रेस के महासचिव एवं प्रभारी हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस तथा सचिव एवं सहप्रभारी की स्वीकृति से हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी ने जिला प्रभारी, जिला अध्यक्ष व विधानसभा अध्यक्ष की संस्तुति पर विधानसभा क्षेत्र युवा कांग्रेस रोहडू की कार्यकारिणी के विस्तार को अनुमोदित करते हुए उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव, सहसचिव व जोन अध्यक्षों की नियुक्तियां की है। उपाध्यक्ष पद पर रमन चौहान, प्रवीण चौहान व रानू भाप्टा को बनाया गया है। महासचिव पद पर राकेश चौहान(संगठन), बनवारी लाल, जोगिन्द्र नेगी, अरविंद शौंगी, पृथ्वी राज संगटान, दिपिश बंटियान, प्रवीण चौहान व बाॅबी ठाकुर को बनाया गया है। सचिव पद पर प्रदीप नेगी, सौरभ ठाकुर, राजेश कश्वान, अकाश सेवक, ककिन्द्र मेहता, यशवंत रंजन, मोनिका ठाकुर, पवित्रा खुराना, हरिश कायथ, सौरभ कायथ, प्रवीण चौहान, अंकुश केस्टा, अजय ठाकुर, रोबिन ठाकुर, अनिल कुमार व हरदेव को बनाया गया है। सहसचिव बून्नी चटांटा, दिक्षित, पृथ्वी राज, अजित बिष्ट, कपिल मांटा, रोहित चौहान, शूभम बांश्टू, शशि काल्टा, अशिष झामटा, शांता कुमार, रोहन कायथ, मोसिम, मनोज भालू, अमित मेहता, अनूप शौंगी, नितिश शौंगी व अशिश नेगी को बनाया गया है। जोन अध्यक्षों में एमसी रोहडू के लिए राजन सनभेल, मढ़लगढ़ के लिए पंकज ठाकुर, समरकोट के लिए राहुल कायथ, स्पैल के लिए अनिल काल्टा, बठोलीगढ़ के लिए हरदीप गेष्टा, नावर के लिए मोहन केस्टा, डोडरा क्वार के लिए सतीश पितान, टिकराल के लिए दिनेश किचान्टू, जिगाह के लिए विक्की क्वाल्टा, एनपी चिरगांव के लिए विवेक सेवक और रनसर के लिए लायक राम मेहता को बनाया गया है।
छात्र अभिभावक मंच ने शिमला के एक निजी स्कूल प्रबंधन द्वारा टयूशन फीस में की गई पचास प्रतिशत फीस बढ़ोतरी व अभिभावकों द्वारा बढ़ी हुई मनमानी फीस जमा न करने पर बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं से बाहर करने के घटनाक्रम की कड़ी निंदा की है। मंच ने शिक्षा निदेशक व उपायुक्त शिमला से हस्तक्षेप की मांग की है ताकि ऑनलाइन कक्षाओं से बाहर किये गए बच्चों को न्याय मिले व उनकी मानसिक प्रताड़ना बन्द हो। मंच ने ऑनलाइन कक्षाओं से बच्चों को बाहर करने के खिलाफ़ निजी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ शिक्षा निदेशक,अतिरिक्त शिक्षा निदेशक व उपायुक्त शिमला को ज्ञापन प्रेषित किया व स्कूल प्रबंधन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा, भुवनेश्वर सिंह, योगेश वर्मा, कमलेश वर्मा, हेमंत शर्मा, राजकुमार व अमित राठौड़ ने कहा है कि निजी स्कूल की मनमानी फीसों व पचास प्रतिशत टयूशन फीस बढ़ोतरी के खिलाफ मंच के प्रतिनिधि 28 अप्रैल व 18 जून को शिक्षा निदेशक से मिले थे व इस संदर्भ में ज्ञापन भी सौंपे थे, लेकिन स्कूल पर कोई भी कार्रवाई न होने से स्कूल प्रबंधन के हौंसले बुलंद होते चले गए व उन्होंने मनमानी फीस वसूलने के साथ ही बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं से बाहर करना शुरू कर दिया। स्कूल ने दर्जनों छात्रों को ऑनलाइन कक्षाओं से बाहर कर दिया है। इस से छात्र व अभिभावक भारी तनाव में हैं। उन्होंने उपायुक्त शिमला की भूमिका पर गम्भीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि स्कूलों की तानाशाही व मनमानी फीसों पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार ने शिकायत निवारण कमेटियों के माध्यम से उपायुक्तों को शक्तियां दी हैं। उपायुक्त कार्यालय के बेहद नजदीक स्थित निजी स्कूल की तानाशाही पर उपायुक्त शिमला खामोश हैं। वह इस स्कूल प्रबंधन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। वह बताएं कि वह अपनी शक्तियों का प्रयोग करके स्कूल प्रबंधन की तानाशाही पर रोक क्यों नहीं लगा रहे हैं। वह क्यों चुप हैं। क्या वह अभिभावकों व छात्रों की मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर किसी अनहोनी होने पर ही जागेंगे। उन्होंने हैरानी व्यक्त की है कि शिमला के उपायुक्त निजी स्कूलों की मनमानी को रोकने में पूर्णतः विफल रहे हैं। इस से जिला प्रशासन की स्कूल प्रबंधन से मिलीभगत प्रतीत हो रही है।
हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी योजना को अब मनरेगा की तर्ज पर चलाया जाएगा। इसके लिए एक्ट बनाने की तैयारी है। जॉब कार्ड जारी होने के 15 दिनों के भीतर शहरी स्थानीय निकायों के निवासियों को 120 दिन के रोजगार की गारंटी सुनिश्चित की गई है। अगर काम न मिला तो 75 रुपये प्रतिदिन बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा है कि इस योजना के तहत बीते अप्रैल से अब तक 1300 लोगों का पंजीकरण किया गया है। 50 फीसदी से अधिक पंजीकरण 7 मई के बाद लॉकडाउन के दौरान किए गए हैं। वर्तमान में लॉकडाउन के दौरान इस योजना के तहत 500 से अधिक लोग काम कर रहे हैं जबकि 800 से अधिक लोगों को जॉब कार्ड दिए गए हैं। इस वर्ष मार्च तक 5000 लोगों को पंजीकृत किया है, जिनमें से 4800 को जॉब कार्ड दिए हैं जबकि 4500 लोगों को रोजगार दिया गया है। इस वित्त वर्ष के लिए बजट में इसके लिए चार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
देश में कोरोना संक्रमण के भयवाह रूप को देखते हुए वैक्सीनेशन अभियान को रफ़्तार देने के लिए प्रत्येक राज्य के मंत्री सतर्क हो चुके है। इसी के चलते हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी जुलाई तक राज्य की पूरी जनता को पहली डोज लगाने का लक्ष्य बनाया है। सीएम जयराम ने सोमवार को कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार का लक्ष्य राज्य की 100% आबादी को 25 जुलाई तक वैक्सीन की पहली डोज लगाना है। साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य में वैक्सीन की कोई कमी नहीं है, यहां वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं। सीएम जयराम ने ये भी बताया कि 18 से 45 साल की आयु के लोगों के लिए वैक्सीनेशन शुरू हो गया है और राज्य में अबतक 27.35 लाख डोज दी जा चुकी हैं। वहीं वर्तमान में लगभग 5 लाख डोज उपलब्ध हैं। सीएम के मुताबिक 25 जून तक उनका लक्ष्य लाहौल-स्पीति जैसे आदिवासी क्षेत्रों और अन्य क्षेत्रों में भी पहली डोज के साथ 100 प्रतिशत आबादी का वैक्सीनेशन करना है। गौरतलब है कि राज्य में अब तक 27.35 लाख डोज प्रशासित किए जा चुके हैं, जिसमें लगभग 42 प्रतिशत जनसंख्या को पहली डोज लग चुकी है।
प्रदेश में जुलाई में माह में शुरू होने वाले सेब सीज़न से पहले प्रदेश के बागवानों को बड़ा झटका लगा है । बागवानी मंत्री ने कोरोना काल में सेब कार्टन के दाम न बढ़ाने का आश्वासन दिया था लेकिन कंपनियों ने कच्चा माल और कागज महंगा होने की दलील देकर कार्टन के दाम पांच से 10 रुपये तक बढ़वा लिए हैं। सोमवार को हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विधायन एवं विपणन निगम ने दाम तय कर दिए हैं। प्रति बीस किलो के सफेद कार्टन की दरें 60 से 70 रुपये निर्धारित की गई हैं। ब्राउन कागज के कार्टन 54 से 62 रुपये में बागवानों को मिलेंगे। पिछले साल एचपीएमसी ने 350 लाख कार्टन उपलब्ध कराए थे। एचपीएमसी ने इस बार 17 कंपनियों को कार्टन आपूर्ति का काम सौंपा है। पिछले साल 24 कंपनियों ने कार्टन बेचा था। पिछले साल कार्टनों के रेट में कोई वृद्धि नहीं की थी। पिछले साल प्रदेश में सेब की फसल काम थी। लेकिन इस साल करीब चार करोड़ पेटी सेब होने का अनुमान है। हालंकि इस साल बागवानों को मौसम की मार भी झेलनी पड़ी जिससे उन्हें खासा नुकसान हुआ। वंही इस बार ट्रक भाड़ा भी बढ़ेगा डीजल महंगा होने के कारण अब ट्रक मालिक सेब की ढुलाई का भाड़ा 15 फीसदी तक बढ़ाने की तैयारी में है।
प्रदेश सरकार ने निजी बस ऑपरेटरों को बड़ी रहत दी है। परिवहन विभाग ने 50 फीसदी टोकन टैक्स और विशेष पथ कर माफ करने की अधिसूचना जारी कर दी है। यह टैक्स अगस्त 2021 तक माफ़ किया जाएगा। अधिसूचना के मुताबिक निजी बस ऑपरेटरों को वर्किंग कैपिटल स्कीम के तहत 2 से 20 लाख रुपये तक लोन भी दिया जाएगा। निजी बस ऑपरेटर टैक्स माफी को लेकर हड़ताल पर चल रहे थे। इस बीच यूनियन का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिला था। इसके बाद मामले को बीती कैबिनेट की बैठक में लाया गया था। जिस राज्य सरकार टैक्स माफ़ करने को हरी झंडी दिखाई।
प्रदेश में आज मंत्रिमंडल की बैठक राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ शिमला में होगी। इस बैठक में कोरोना की वजह से बंद मंदिरों को खोलने पर फैसला हो सकता है। साथ ही हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा के अंक निर्धारण के लिए बनाए गए फॉर्मूले को भी मंत्रिमंडल से हरी झंडी मिल सकती है। बोर्ड ने सीबीएसई के अंक निर्धारण के फॉर्मूले में कुछ बदलाव किया है। नए फार्मूले के तहत अप्रैल में हुई 12वीं कक्षा के अंग्रेजी कक्षा की परीक्षा और फर्स्ट व सेकेंड टर्म की परीक्षाओं के अंकों को भी शामिल किया गया है। बैठक में स्कूलों को खोलने को लेकर भी चर्चा की जाएगी। स्कूलों में बरसात की छुट्टियां देने के बारे में भी चर्चा हो सकती है। शिक्षा विभाग के प्रस्ताव के अनुसार 15 जुलाई से ग्रीष्मकालीन स्कूलों में अवकाश दिया जा सकता है। शीतकालीन स्कूलों में अगस्त के दौरान छुट्टियां देने की योजना है। कोरोना को लेकर बैठक में स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी एक प्रस्तुति दी जाएगी। कोरोना बंदिशों में और छूट दिए जाने से प्रदेश में कोरोना के मामले फिर से बढ़ सकते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग मंगलवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में बाहरी राज्यों के लिए बसें न चलाने, मंदिरों को श्रद्धालुओं के लिए न खोलने की सिफारिश करेगा। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि प्रदेश में इस समय 2500 से ज्यादा एक्टिव मामले हैं। जब तक यह आंकड़ा एक हजार से नीचे नहीं आ जाता, ढील देना भारी पड़ सकता है। महकमे ने कैबिनेट के लिए यह प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें स्वास्थ्य सचिव कोरोना की वास्तविक स्थिति के बारे में प्रस्तुति देंगे। वंही बैठक में पंजाब के छठे वेतन आयोग के बारे में चर्चा हो सकती है। राज्य से बाहर और अन्य राज्यों से हिमाचल के लिए अंतरराज्यीय बसें शुरू करने व बाहर से आने वाले लोगों के पंजीकरण की प्रक्रिया पर भी फिर से बात होगी। इस प्रक्रिया में अधिक ढील देने पर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के फिर से फैलने की आशंका है। ऐसे में सख्ती की जा सकती है। कारोबारी कह रहे हैं कि उन्हें पांच बजे के बाद भी दुकानें खोलने की अनुमति दी जाए। इस बारे में भी विचार हो सकता है।
हिमाचल प्रदेश की भाजपा सरकार अपने चहेतों को चोर दरवाजे से नौकरी दे रही है और सभी नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ा रही है। प्रदेश के उद्योग मंत्री और उनके विभाग के ऊपर गंभीर आरोप लगाते हुए हिमाचल प्रदेश के पूर्व मंत्री और ऑल इंडिया कॉंग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सुधीर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बताएं कि कैसे मंत्री के हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम ( HPSIDC) विभाग में एक रिटायर सुपरिटेंडेंट इंजीनियर को बिना किसी कंपटीशन के नियुक्त कर दिया और 62000 रुपये प्रति माह तनखा भी फिक्स कर दी। सुधीर शर्मा ने आरोप लगाते हुए बताया कि उपरोक्त इंजीनियर जिनका नाम अयूब चौधरी है, इसी विभाग से दो महीने पहले सुपरिटेंडेंट इंजीनियर के तौर पर रिटायर हुए थे और नौकरी पाने का जुगाड़ कर रहे थे। उन्होंने विभाग के उपाध्यक्ष राम कुमार पर भी इस मे शामिल होने के आरोप लगाए। सुधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री से सवाल पूछा है कि ऐसे कैसे हो सकता है बिना मुख्यमंत्री की मर्जी से इतनी बड़ी फाइल चल पडी और नियुक्ति भी हो गई। सुधीर शर्मा ने कहा कि कॉंग्रेस इस नियुक्ति के खिलाफ जनता के बीच जाएगी और सरकार के भ्रष्टाचार को उजागर करेगी और इस नियुक्ति की जांच की मांग करेगी और अगर सरकार ने इसे रद्द नहीं किया तो न्यायालय भी जाएगी।
उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय वित्त एवं कारपोरेट मामले के राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर से भेंट कर हिमाचल प्रदेश और अपने विधानसभा क्षेत्र जसवां परागपुर की विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं को लेकर चर्चा की। उन्होंने राज्य मंत्री से इन परियोजनाओं से सम्बन्धित मामलों को शीघ्र स्वीकृति के लिए विभिन्न केन्द्रीय मंत्रालयों के समक्ष उठाने का आग्रह किया। उद्योग मंत्री ने जसवां परागपुर विधानसभा के मुद्दों पर चर्चा करते हुए राज्य मंत्री को अवगत करवाया कि क्षेत्र में विभिन्न खड्डों के बाढ़ सुरक्षा और कटाव रोधी उपायों के लिए 505.71 लाख रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपी गई है जिसकी स्वीकृति अपेक्षित है। उन्होंने अनुराग ठाकुर से इन मामलों को केन्द्र सरकार से आगामी कार्रवाई के लिए उठाने का आग्रह किया। उन्होंने श्री ठाकुर से पंजाब नेशनल बैंक प्राधिकरण को चनौर गांव में अपनी शाखा और एटीएम खोलने के निर्देश देने का भी आग्रह किया। उन्होंने राज्य मंत्री से सड़क परिवहन मंत्रालय से केंद्रीय सड़क एवं बुनियादी ढांचा कोष (सीआरआईएफ) के अन्तर्गत जिला कांगड़ा में रक्कड़-चलाह-अप्पर भटोली-टिक्कर-शान्तला सड़क के सुधारीकरण, चैड़ाई और सुदृढ़ीकरण मामले पर कार्रवाई करने का भी आग्रह किया। उन्होंने केन्द्रीय मंत्रालय से जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम पंचायत रिड़ी कुठेड़ा में केन्द्रीय विद्यालय स्वीकृत करने के मामले में उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया। बिक्रम सिंह ने अवगत करवाया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत हर घर जल से नल उपलब्ध करवाने के लिए तीन चरणों में 11 परियोजनाओं को पूरा करने के लिए केन्द्र से 2394.32 लाख रुपये की आवश्यकता है। अभी तक इन योजनाओं के लिए केन्द्र ने 1043.56 लाख रुपये आवंटित किए हैं। उन्होंने इन परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने के लिए शेष स्वीकृत राशि को शीघ्र जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने औद्योगिक विकास योजना को वर्ष 2024 तक दो वर्ष का विस्तार देने और राज्य में औद्योगिक विकास को गति प्रदान करने के लिए हिमाचल प्रदेश को जम्मू-कश्मीर के समान प्रोत्साहन प्रदान करने के संदर्भ में भी श्री ठाकुर से चर्चा की। उन्होंने सोलन जिले के बद्दी में सीईटीपी सुविधा प्रदान करने के लिए सौंपे गए प्रस्ताव पर संबंधित मंत्रालय से मामला उठाने का आग्रह किया। उन्होंने वाणिज्य मंत्रालय से बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ को अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारे के अंतर्गत औद्योगिक नोड के रूप में समावेश करने का भी आग्रह किया। अनुराग ठाकुर ने बिक्रम सिंह द्वारा प्रस्तुत मुद्दों पर सम्बन्धित मंत्रालयों के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया।
शिमला। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र शेखावत से भेंट की। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से जिला कांगड़ा के अन्तर्गत जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत हर घर जल से नल उपलब्ध करवाने के लिए तीन चरणों में 11 परियोजनाओं को पूरा करने के लिए केन्द्र से 2394.32 लाख रुपये जारी करने का आग्रह किया। अभी तक इन योजनाओं के लिए केन्द्र ने 1043.56 लाख रुपये आवंटित किए हैं, जिसमें से 776.55 लाख रुपये खर्च किए जा चुके है। उन्होंने इन परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने के लिए शेष स्वीकृत राशि को शीघ्र जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि जसवां परागपुर एक दुर्गम क्षेत्र है जिसमें बहुत सी खड्ड है, जिसके कारण मानसून के दौरान भूमि कटाव होता है। क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा और भूमि कटाव रोधी उपायों के लिए 505.71 लाख रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट केन्द्रीय जल आयोग को सौंपी गई है। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से इस सम्बन्ध में स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया है। गजेन्द्र सिंह शेखावत ने बिक्रम सिंह को हर सम्भव सहायता प्रदान करने का आश्वसन दिया।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी की अध्यक्षता में आज यहां कैथलीघाट-ढली फोरलेन से संबंधित मुद्दों के संबंध में बैठक का आयोजन किया गया।बैठक में फोरलेन परियोजना से संबंधित कार्य प्रगति की नवीनतम स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को परियोजना के अंतर्गत भूमि तथा ढांचे की क्षतिपूर्ति की अनुसूचि तैयार कर कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए ताकि मेजिस्ट्रेट तथा पुलिस की मौजूदगी में आगामी कार्यवाही अमल में लाई जा सके। उन्होंने बताया कि परियोजना के अंतर्गत सड़क निर्माण के दौरान 4 लोगों से नुक्सान की शिकायतें प्राप्त की गई थी, जिसमें से 3 शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है तथा बची एक शिकायत का जल्द ही निपटारा किया जाएगा। उन्होंने उपमण्डलाधिकारी (शहरी) को सड़क निर्माण के दौरान आ रही विभिन्न समस्याओं का समाधान निकालने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (प्रोटोकाॅल) विनय धीमान, उपमण्डलाधिकारी (शहरी) मंजीत शर्मा, नायब तहसीलदार लायक राम शर्मा, साईट इंजीनियर एनएचएआई के.एच. नेगी, प्रबंधक तकनीकी एनएचएआई अशोक रोहलानिया एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की प्रदेश इकाई ने बिना कोरोना टीकाकरण के ही कॉलेज छात्रों की परीक्षाओं का विरोध किया है। इस मुद्दे को लेकर प्रदेशाध्यक्ष छत्तर ठाकुर की अध्यक्षता में एनएसयूआई के एक प्रतिनिधिमंडल ने उच्च शिक्षा निदेशक से मुलाकात कर उनके माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। छत्तर ठाकुर ने बताया कि कोरोना महामारी के संकट के बीच एनएसयूआई समस्त छात्र समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंतित है और इसी को लेकर इस संकट के दौर में बार बार सरकार व प्रशासन से छात्रों की मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य की सुरक्षा को लेकर मांग की जा रही है। एनएसयूआई छात्रों की किसी भी प्रकार की परीक्षाओं से पहले सभी छात्रों को वैक्सीनेशन की पैरवी कर रही है और जब तक सभी छात्रों को वैक्सीन नहीं लग जाती तब तक परीक्षाएं न करवाने की मांग उठाई गयी। साथ ही सलेबस में भी उचित कटौती की मांग की। एनएसयूआई ने मुख्यमंत्री को भी पत्र में परीक्षाओं से पहले सभी छात्रों की प्रॉपर वैक्सीनेशन करवाए जाने की मांग की है। एनएसयूआई के प्रतिनिधियो ने बताया की अगर प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय परीक्षाओं को ही करवाना चाहती है तो ऑफलाइन परीक्षाओं की जगह ऑनलाइन माध्यम से परीक्षाओं को आयोजित करें। एनएसयूआई ने तर्क दिया कि जब प्रदेशभर के स्कूलों मे पढाई ऑनलाइन माध्यम से हो सकती है तो परीक्षाए भी ऑफलाइन नहीं होनी चाहिए। एनएसयूआई ने प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष निगम भंडारी का छात्रहित की इस मुहिम में समर्थन देने के लिए भी आभार जताया और साथ ही सरकार व विवि प्रशासन से इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर छात्रों की सुरक्षा में ऑफलाइन परीक्षाएं रद्द करने की मांग की।
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश में 20 जून तक कुल 200410 व्यक्ति कोविड पाॅजिटिव पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एक माह के दौरान कोरोना पाॅजिटिव मामलों में निरंतर कमी आई है और कोविड पाॅजिटिव मामलों की संख्या 2711 रह गई हैं। 14 जून से 20 जून के दौरान कोविड के 1860 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 1.3 प्रतिशत दर्ज की गई। इसी अवधि के दौरान जिला बिलासपुर में कुल 9655 लोगों के कोविड टेस्ट किए गए, जिनमें से 104 लोग पाॅजिटिव पाए गए और पाॅजिटिविटी दर 1.1 प्रतिशत रही। चंबा में कुल 8899 लोगों के कोविड टेस्ट किए गए, जिनमें से 222 लोग पाॅजिटिव पाए गए और पाॅजिटिविटी दर 2.5 प्रतिशत, हमीरपुर में कुल 9670 लोगों के कोविड टेस्ट किए गए, जिनमें से 158 लोग पाॅजिटिव पाए गए और पाॅजिटिविटी दर 1.6 प्रतिशत, कांगड़ा में कुल 33060 लोगों के कोविड टेस्ट किए गए, जिनमें से 434 लोग पाॅजिटिव पाए गए और पाॅजिटिविटी दर 1.3 प्रतिशत, किन्नौर में कुल 1994 लोगों के कोविड टेस्ट किए गए, जिनमें से 48 लोग पाॅजिटिव पाए गए और पाॅजिटिविटी दर 2.4 प्रतिशत रही। उन्होंने कहा कि जिला कुल्लू में कुल 6355 लोगों के कोविड टेस्ट किए गए, जिनमें से 99 लोग पाॅजिटिव पाए गए और पाॅजिटिविटी दर 1.6 प्रतिशत रही। लाहौल स्पीति में कुल 1081 लोगों के कोविड टेस्ट किए गए, जिनमें से 21 लोग पाॅजिटिव पाए गए और पाॅजिटिविटी दर 1.9 प्रतिशत, मंडी में कुल 24342 लोगों के कोविड टेस्ट किए गए, जिनमें से 276 लोग पाॅजिटिव पाए गए और पाॅजिटिविटी दर 1.1 प्रतिशत रही। शिमला में कुल 11714 लोगों के कोविड टेस्ट किए गए, जिनमें से 211 लोग पाॅजिटिव पाए गए और पाॅजिटिविटी दर 1.8 प्रतिशत, सिरमौर में कुल 10032 लोगों के कोविड टेस्ट किए गए, जिनमें से 116 लोग पाॅजिटिव पाए गए और पाॅजिटिविटी दर 1.2 प्रतिशत, सोलन में कुल 9626 लोगों के कोविड टेस्ट किए गए, जिनमें से 83 लोग पाॅजिटिव पाए गए और पाॅजिटिविटी दर 0.9 प्रतिशत और जिला ऊना में कुल 12437 लोगों के कोविड टेस्ट किए गए, जिनमें से 88 लोग पाॅजिटिव पाए गए और पाॅजिटिविटी दर 0.7 प्रतिशत दर्ज की गई। इसी अवधि के दौरान प्रदेश में 51 कोरोना मरीजों की मृत्यु दर्ज की गई हैं।
Chief Minister Jai Ram Thakur addressing the people on the occasion of International Yoga Day at Peterhof, Shimla on 21 June 2021. Yoga not only keeps human physically and mentally fit but also go a long way in maintaining the balance between body and soul. This was stated by Chief Minister Jai Ram Thakur while addressing the virtual celebration of International Yoga Day-2021 organized by the Ayush Vibhag Himachal Pradesh at Peterhof here today. Chief Minister said that International Day of Yoga-2021, was being observed with the theme 'Yoga for well-being', was much relevant in the prevalent times of corona pandemic. He said that the Covid-19 pandemic was not just a physical crisis but also left lasting impacts on mental health. It has left many people in psychological suffering, depression, anxiety, and dealing with the pandemic-necessitated restrictions. He said that Yoga can help people dealing with such crises, the United Nations explained on its website since the message of the practice is to promote both physical and mental health. Jai Ram Thakur said that the idea for an UN-mandated International Day of Yoga was first proposed by Prime Minister Narendra Modi during his speech at the United Nations General Assembly in 2014. Prime Minister Modi called Yoga an "invaluable gift of India's ancient tradition" and called for the "harmony between man and nature" through Yoga and this initiative was backed by as many as 177 nations, the highest number of co-sponsors ever for any UN Resolution of such nature, he added. Chief Minister said that the State Government was committed to promoting Yoga in the State. He said that with the active cooperation of Art of Living, Yog Bharati, Vivekanand Yog Kendra, etc., the State Ayush Department has launched a new program 'Ayush Ghar Dwar' from 14th May this year to virtually help the corona patients and other people for doing yoga and pranayam. Jai Ram Thakur thanked Founder of Art of Living Shri Shri Ravi Shankar for sparing his valuable time by joining virtually to motivate the people with his enlightening thoughts. Health Minister Dr. Rajiv Saizal while welcoming the Chief Minister and other dignitaries said that during the present era of cut short competition and various stress, Yoga has emerged as the best measure for relaxation of body and mind. He said that as many as 1327 groups were constituted under the Ayush Ghar Dwar program through which over 53000 people were motivated to practice Yoga and pranayam. Founder of Art of Living Shri Shri Ravi Shankar appreciated the steps taken by the State Government in promoting Yoga in the State. He said that Yoga not only helps in making them a strong and healthy society but also in promoting goodwill among the masses. He said that Himachal Pradesh was an abode of god and goddess and steps must be taken to make Himachal Pradesh a prosperous and healthy State. The State Government had also done exceptionally well in the vaccination campaign. He also thanked the doctors and other paramedical staff and frontline workers for working with dedication during the corona pandemic. Principal Secretary Ayush Onkar Chand Sharma presented a vote of thanks. Governor Bandaru Dattatraya joined the event virtually whereas Urban Development Minister Suresh Bhardwaj, Member of Parliament and State BJP President Suresh Kashyap, Organizing Secretary Pawan Rana, Vice Chairman State Handicraft and Handloom Corporation Sanjeev Katwal, Mayor Shimla Municipal Corporation Satya Kaundal, Deputy Mayor Shalender Chauhan, DGP Sanjay Kundu, Chairman cum Managing Director SJVNL Nand Lal Sharma, Deputy Commissioner Shimla Aditya Negi, Director Information and Public Relations Harbans Singh Brascon, Superintendent of Police Mohit Chawla and other senior officers were also present with the Chief Minister at Peterhof.
Industries Minister Bikram Singh called on Union Minister for Jal Shakti Gajendra Singh Shekhawat at New Delhi today. He requested the Union Minister to release Rs. 2394.32 lakh for completing 11 schemes approved in three phases for Jaswan Pragpur constituency in Kangra district under Jal Jeevan Mission for providing Har Ghar Nal se Jal. He apprised the minister that Rs. 1043.56 lakh have been allotted for the schemes against which Rs. 776.55 lakh have already been spent. He urged the Union Minister to release the rest of the amount required so that the schemes may be completed soon. He further informed the Union Minister that Jaswan Pragpur was a far-flung area and has a lot of Khuds which cause erosion to adjacent areas in the rainy season. He said that flood protection and anti-erosion measures are required to be undertaken in the areas and added that keeping this in view a detailed project report amounting to Rs. 505.71 crores have been submitted to Central Water Commission. He urged the Union Minister for according approval for the same. Gajendra Singh Shekhawat assured Bikram Singh of all possible assistance.
Industries Minister Bikram Singh called on Union Minister of Chemicals and Fertilizers D.V Sadananda Gowda at New Delhi today. Bikram Singh informed the Union Minister that Himachal Pradesh has submitted highly competitive proposals for the bulk drug and medical device parks to the department of Pharmaceuticals, Government of India. He urged for early announcement of the results for these parks as it will stabilize the API prices and also result in import substitution. He informed the Union Minister that the present state is home to more than 700 Pharma companies and emerged as the largest Pharma formulation hub in the country and added that the state witnessed phenomenal industrial growth, especially in the Pharma sector after GoI's industrial package to hilly areas including Himachal Pradesh. Union Minister assured to provide all possible assistance to the state.
सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट का गठन वर्ष 2016 में हुआ जिसमें शोधार्थी छात्र और कुछ एक शिक्षाविद है जो निरंतर समाज के उत्थान के लिए समाज के रखरखाव के लिए दिन-रात समाज सेवा में प्रयासरत है। इससे पूर्व में भी अपने स्थापना काल से ही ट्रस्ट ने अनेकों समाजिक कार्यों के माध्यम से समाज में अपनी पहचान बनाई है और सामाजिक सेवाओं में समाज को एक नई दिशा देने का कार्य किया है। ट्रस्ट के सचिव डॉ सुरेंद्र शर्मा ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि ट्रस्ट प्रत्येक सर्दी में समाज से लोगों के पुराने और कार में छोटे कपड़ों को एक वस्त्र बैंक के माध्यम से एकत्रित करती है और वस्त्र बैंक के माध्यम से बस्तियों में जरूरतमंदों को आवश्यकता अनुसार वितरण करने का कार्य करते हैं। इसी कड़ी में डॉक्टर सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि योग आज पूरे विश्वभर में भारत देश का एक उपहार है। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए और देश के जन-जन तक योग की महत्वता पहुंचाने के लिए ट्रस्ट निरंतर योग के क्षेत्र में भी कार्य कर रहा है। डॉक्टर सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि आज से ट्रस्ट का 1 सप्ताह का योग शिविर आयोजन शुरू हो चुका है, जिसे वर्चुअल माध्यम से भी आम जनता तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के बतौर डॉक्टर नागेश ठाकुर व विशिष्ट अतिथि दीपक श्रीधर पस्थित रहे । सुनील उपाध्याय एजुकेशन ट्रस्ट के सचिव डॉ सुरेंद्र शर्मा ने कहा वर्तमान समय में मनुष्य जाति एक गंभीर महामारी से जूझ रही है। लंबा समय बीत जाने के बाद भी इस महामारी का कोई स्थाई इलाज नहीं मिल पा रहा है। ऐसी स्थिति में शरीर की प्रतिरोधक शक्ति को योग और खेल के माध्यम से बढ़ाया जा सकता है। इन सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट 21 जून से 27 जून तक शिमला शहर के एसडी स्कूल में यह कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। योग का समय सुबह 7:00 बजे रहेगा। जिसमें योगाचार्य के तौर पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से योग विषय में शोधार्थी रिंकू कुमार और सुनीता शर्मा रहेंगे!
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का प्रतिनिधिमंडल आज हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय की समस्याओं को लेकर तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ राम लाल मारकंडा से उनके कार्यालय में मिला। प्रतिनिधिमंडल ने तकनीकी शिक्षा मंत्री को विश्वविद्यालय की समस्याओं से अवगत करवाया तथा ज्ञापन सौंपा। प्रदेश मंत्री विशाल वर्मा ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद लगभग पिछले 3 वर्षों से हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय के अंदर चल रही विभिन्न समस्याओं के लिए आंदोलनरत है। परंतु प्रशासन और सरकार की नाकामियों की वजह से तकनीकी विश्वविद्यालय की समस्या तस से मस बनी हुई है। हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय में वर्ष 2018 से 8 पाठ्यक्रमों को शुरू किया गया है जिसमें लगभग 450 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। परंतु बहुत दुर्भाग्य की बात है की इन 8 पाठ्यक्रमों में शिक्षा देने के लिए गेस्ट फैकेल्टी का सहारा लिया जा रहा है और इन विभिन्न विषयों में एक भी नियमित शिक्षक की नियुक्ति नहीं हो पाई है। तकनीकी विश्वविद्यालय में 42 शिक्षकों के पद आज भी खाली है। इसी के साथ विश्वविद्यालय में गैर शिक्षक पदों की भारी कमी है जिसकी वजह से अनेकों समस्याएं उत्पन्न हो रही है। विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि तकनीकी विश्वविद्यालय में शिक्षकों और गैर शिक्षक पदों पर नियमित भर्तियां शीघ्र की जाए। हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय में अगर फीस की बात की जाए तो वहां पर निजी विश्वविद्यालय से भी ज्यादा भारी भरकम फीस छात्रों से लूटी जा रही है। न ही विश्वविद्यालय में सब्सिडाइज्ड और नॉन सब्सिडाइज सीटों का प्रावधान है। भारी भरकम फीस होने की वजह से बहुत सारे गरीब छात्र उच्च शिक्षा अर्जित नहीं कर पाते हैं। 2010 में स्थापित हुआ हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय आज भी आधारभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। 2019 में माननीय मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा विश्वविद्यालय के लिए 10 करोड की आवर्ती अनुदान की घोषणा की जाती है लेकिन विश्वविद्यालय को यह राशी नियमित रूप से नहीं मिल रही है। तकनीकी शिक्षा मंत्री द्वारा शीघ्र इन मांगों को पूरा करने हेतु आश्वासन दिया गया है। यदि शीघ्र इन मांगों को पूरा नहीं किया जाता है अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद आने वाले समय में अपने आंदोलन को और तेज करेगी। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश मंत्री विशाल वर्मा, प्रदेश जनसंपर्क प्रमुख आशीष शर्मा, प्रदेश सहमंत्री शिल्पा, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य कोमल वेकटा, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष विशाल सकलानी मौजूद रहे।
योग न केवल मानव को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखता है बल्कि यह शरीर और आत्मा के मध्य सन्तुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां पीटरहाॅफ में अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस-2021 के अवसर पर प्रदेश के आयुष विभाग द्वारा वर्चुअल माध्यम से आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस-2021, योगा फोर वैल बींग विषय पर आधारित है, जोकि कोरोना महामारी के इस कठिन समय में बहुत प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी न केवल एक आपदा है, बल्कि इस महामारी ने लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी प्रभाव डाला है। कोरोना महामारी के प्रतिबन्धों और इससे हुई क्षति के कारण लोग अवसाद और चिन्ता से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने अपनी वैबासइट पर बताया है कि योग लोगों को इस तरह के संकटों से निपटने में सहायक सिद्ध होता है। यह सन्देश लोगों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। जय राम ठाकुर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस का विचार वर्ष 2014 में सर्वप्रथम संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण में प्रस्तावित किया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने सम्बोधन में कहा था कि योग भारत की प्राचीन परम्परा का अमूल्य उपहार है। उन्होंने योग के माध्यम से मानव और प्रकृति के बीच सामंजस्य का आहवान किया और उनकी इस पहल को 177 देशों का समर्थन मिला था, जो संयुक्त राष्ट्र के इस प्रकार के प्रस्ताव के लिए सह-प्रायोजकों की सबसे अधिक संख्या थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में योग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा की आयुष विभाग ने आर्ट आफ लिविग, योग भारती, विवेकानंद योग केंद्र आदि के सक्रिय सहयोग से इस वर्ष 14 मई को नए कार्यक्रम आयुष घर-द्वार का शुभारम्भ किया। इस कार्यक्रम के अन्तर्गत कोरोना मरीजों और अन्य लोगों को वर्चुअल माध्यम से योग और प्राणायाम का अभ्यास करवाया गया। जयराम ठाकुर ने इस अवसर पर लोगों को वर्चुअल माध्यम से योग के प्रति प्रेरित करने के लिए आर्ट आफ लिविग के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर का आभार व्यक्त किया। स्वास्थ्य मंत्री डा.राजीव सैजल ने कहा कि प्रतिस्पर्धात्मक और तनाव भरे इस समय में योग शरीर और मस्तिष्क को राहत पहुचाने का एक उपयुक्त माध्यम बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि आयुष धर-द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत 1327 समूह गठित किए गए हैं। जिनके माध्यम से 53000 से अधिक लोगों को योग और प्राणायाम के लिए प्रेरित किया गया है। आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने राज्य में योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि योग न केवल स्वस्थ और सुदृढ़ समाज के निर्माण में सहायता करता है, बल्कि सौहार्द को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवी-देवताओं की भूमि है और प्रदेश को स्वस्थ एवं समृद्ध राज्य बनाने के प्रयास जारी रखने चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने टीकाकरण अभियान में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने चिकित्सकों, अन्य पैरामेडिकल कर्मियों और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं का कोरोना महामारी के दौरान प्रतिबद्धता से कार्य करने के लिए आभार व्यक्त किया। प्रधान सचिव आयुष ओंकार चन्द शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय वर्चुअल माध्यम से इस आयोजन से जुड़े जबकि शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, संगठन सचिव पवन राणा, राज्य हस्तशिल्प और हथकरघा निगम के उपाध्यक्ष संजीव कटवाल, नगर निगम शिमला की महापौर सत्या कौण्डल, उप-महापौर शैलेन्द्र चैहान, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, एचजेवीएनएल के अध्यक्ष एवं कार्यकारी निदेशक नन्दलाल शर्मा, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क हरबंस सिंह ब्रसकोन, पुलिस अधीक्षक मोहित चावला और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मुख्यमंत्री के साथ पीटहाॅफ में उपस्थित थे।


















































