खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजिंद्र गर्ग ने कोरोना महामारी के दौरान प्रदेश के प्रत्येक स्थान पर खाद्यान्न की आपूर्ति सुनिश्चित करने में नागरिक आपूर्ति निगम की सराहना करते हुए कहा कि पारदर्शी कार्यप्रणाली के परिणामस्वरूप निगम की स्वच्छ छवि बनी है। वह आज यहां खाद्य आपूर्ति विभाग और निगम की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत उत्पादों की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए और उचित उत्पाद दरें रखने के साथ-साथ निगम का कारोबार बढ़ाने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। राजिंद्र गर्ग ने निगम के अधिकारियों को नागरिक आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए और कहा कि परिचालन लागत को कम करने के लिए रणनीति तैयार की जानी चाहिए ताकि निगम लाभ अर्जित करने वाली संस्था बन सके। उन्होंने मांग आदेश समय पर उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये ताकि हर माह की 10 तारीख तक राज्य के गोदामों में खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिक से अधिक अस्पतालों में नागरिक आपूर्ति की नई दुकानें खोलने के भी प्रयास किए जाने चाहिए। प्रबंध निदेशक नागरिक आपूर्ति निगम ललित जैन ने निगम के कार्यों से सम्बन्धित प्रस्तुति दी और आय बढ़ाने के लिए राज्य नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा किए जा रहे विभिन्न नए प्रयासों और उपक्रमों की जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि निगम ने ऊर्जा साधनों से सम्बन्धित उत्पादों की आपूर्ति के लिए कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया है। इसके अतिरिक्त, अगरबत्ती व धूप के साथ-साथ अग्निशमन उपकरणों व सहायक सामग्री, विभिन्न प्रकार के फर्नीचर का सामान और कीटाणुनाशक उपकरणों की आपूर्ति के लिए एजेंसियों तथा विक्रेताओं को भी सूचीबद्ध किया गया है। बैठक में सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले सी पालरासु, कार्यकारी निदेशक नागरिक आपूर्ति निगम डाॅ. तनुजा जोशी, सहित विभाग एवं निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
नीति आयोग द्वारा राॅकी माउंटेन इंस्टीट्यूट ऑफ कैलिफोर्निया के सहयोग से हिमाचल प्रदेश के लिए प्रारूप विद्युत वाहन नीति को अन्तिम रूप देने के लिए शुक्रवार को हितधारकों के साथ वर्चुअल माध्यम से बैठक आयोजित की गई। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग, परिवहन, श्रम व रोजगार राम सुभग सिंह ने प्रस्तावित विद्युत वाहन नीति के लिए नीति आयोग द्वारा प्रस्तावित विभिन्न हस्तक्षेपों का जायजा लिया। उन्होंने परिवहन विभाग को इस उद्यम से जुड़े विभिन्न उद्यमियों की सिफारिशों को सम्मिलित कर प्रारूप नीति को शीघ्र अन्तिम रूप देने के निर्देश दिए। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रारूप नीति अगस्त माह में राज्य सरकार के अनुमोदन के लिए प्रस्तुत की जाएगी। ईवी सेगमेंट के सभी प्रमुख उद्यमियों ने बैठक में भाग लिया और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में विद्युत वाहन नीति के कार्यान्वयन में विभिन्न चुनौतियों के बारे में अपनी टिप्णियां प्रस्तुत कीं। प्रो. राजन कपूर ने बैठक में आईआईटी मण्डी द्वारा विद्युत वाहन, विशेष रूप से तिपहिया वाहन सेगमेंट में किए गए नवोन्मेष कार्य के बारे में अवगत करवाया। सचिव राज्य परिवहन प्राधिकरण घनश्याम चन्द ने प्रारूप नीति के बारे में विस्तृत प्रस्तुति दी। निदेशक परिवहन अनुपम कश्यप, प्रबन्ध निदेशक हिमाचल पथ परिवहन निगम संदीप कुमार तथा राज्य सरकार के विभिन्न हितधारक विभागों के प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए। नीति आयोग की ओर से सलाहकार सुधेन्दू सिन्हा ने बैठक में हिस्सा लिया। महेन्द्रा एण्ड महेन्द्रा, टाटा ऑटोमोबाइल, अमेजन, फ्लिपकार्ट, हीरो इलैक्ट्रिक, ईवीएस मोटर्ज, स्विगी, ओला और बजाज ऑटोमोबाइल के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
भाजपा राज में दिन प्रतिदिन बढ़ती महंगाई के कारण दूध, सब्जियां, पेट्रोल-डीजल व सरसों का तेल इत्यादि सब महंगा हो गया है जिसके बारे में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग के अध्यक्ष अभिषेक राणा ने कहा कि भाजपा सरकार के राज में महंगाई ने तूफानी रफ्तार पकड़ ली है। सत्ता में आने से पहले जयराम ठाकुर भी प्रधानमंत्री मोदी की तरह ही महंगाई के मुद्दे पर रोज बयान दिया करते थे लेकिन अब तो एक अरसा हुआ महंगाई पर कोई भी बात नहीं करते। अभिषेक राणा ने पुराने दिनों की याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस के सफल नेतृत्व में देश में महंगाई नहीं थी और जो दाम 10 या 20 पैसा महीनों-सालों में बढ़ते और कम भी होते थे वही दाम भाजपा राज्य में हर दिन लगातार बढ़ रहे हैं। भाजपा ने पेट्रोल कंपनियों को इतनी सहुलियत दे दी है कि वह अपनी मनमर्जी से हर रोज ही पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा रही हैं। इस वर्ष अनगिनत बार पेट्रोल के दाम थोड़ा-थोड़ा करके बढ़ा दिए गए हैं और नतीजा यह की आज प्रदेश ही नहीं देश के विभिन्न क्षेत्रों में पेट्रोल ₹100 के पार जा चुका है। हिमाचल प्रदेश की बात करें तो ऐसे दुर्गम सुदूर क्षेत्र जहां पर लोगों का आम दिनों में ही आजीविका चलाना मुश्किल होता है वहां पर बढ़ती महंगाई से लोगों को और अधिक परेशानियां आ रही हैं। सरकार ने इन्हें राहत तो नहीं दी लेकिन इनकी कमर जरूर तोड़ दी। महंगाई काबू से बाहर हुई तो जयराम सरकार ने तो मानो चुप्पी की चादर ही ओढ़ ली है और महंगाई के मुद्दे पर बोलना व जनता से बात करना ही बंद कर दिया है। जयराम सरकार बेरोजगारी पर भी कोई बात नहीं करती। महामारी के समय प्रदेश के लाखों युवा बेरोजगार हुए, कितने ही उद्योग बंद हो गए लेकिन जयराम सरकार ने कांग्रेस के बार-बार मांग उठाने पर भी इस पर कोई भी खाका तैयार नहीं किया और न ही कोई डाटा सार्वजनिक किया। आज हिमाचल प्रदेश बेरोजगारी, महंगाई और महामारी की मार से गुजर रहा है जिस पर डबल इंजन की सरकार मौन धारण किए हुए हैं। जीएसटी की नीति पर कटाक्ष करते हुए राणा ने कहा कि सरकार आज हर चीज का टैक्स बढ़ा रही है। महंगाई आसमान छू रही है लेकिन जीएसटी का उत्सव मनाने वाली यह सरकार पेट्रोल डीजल को इससे बाहर क्यों रख रही है? पेट्रोल डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और यह जीएसटी के अंदर भी नहीं आता जिसका मतलब साफ है कि भाजपा जनता का जीवन मुश्किल में डाल कर अपने व्यापारी मित्रों की कंपनियों को सीधे तौर पर फायदा पहुंचा रही है। क्योंकि यदि पेट्रोल और डीजल जीएसटी की कैटेगरी में आ गया तो उन कंपनियों को बहुत नुकसान होगा। ऐसे में कांग्रेस सदैव जनता के साथ खड़ी है और हम लगातार प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर महंगाई को कम करने की मांग उठाते रहेंगे।
भाजपा महामंत्री त्रिलोक जमवाल ने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा हिमाचल प्रदेश दौरे पर आ रहे हैं 4 जुलाई रविवार को वह दिल्ली से लुहनु मैदान हेलीपैड हेलीकॉप्टर के माध्यम से आएंगे उसके उपरांत वह अपने निवास स्थान विजयपुर प्रातः 10:40 पर पहुंच जाएंगे, जहां वह रात्रि विश्राम करेंगे। 5 जुलाई को राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा लुहनु मैदान से मनाली हेलीकॉप्टर द्वारा जाएंगे वहां प्रातः 10:35 से 11:05 तक वह अटल टनल की इंस्पेक्शन करेंगे उसके उपरांत वह हेलीकॉप्टर मार्ग से कुल्लू प्रस्थान करेंगे जहां दोपहर 12:00 से 1:00 तक वह एक बैठक में भाग लेंगे और इसके बाद वह शास्त्री नगर में रात्रि विश्राम करेंगे। 6 जुलाई को राष्ट्रीय अध्यक्ष 10:35 पर कुल्लू भुंतर से हेलीकॉप्टर के माध्यम से दिल्ली रवाना हो जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रशिक्षण विभाग की एक बैठक वर्चुअल आधार पर प्रशिक्षण विभाग के चेयरमैन हरिकृष्ण हिमराल की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई। बैठक में वासु सोंनी, विक्रम चौधरी, विद्या सागर चौहान, अलक नंदा हांडा, रीना कुमारी, निर्मला वर्मा, रीना पुंडीर, इंद्र जीत सिंह, उदय नंद शर्मा, पंकज मुसाफिर, अतुल शर्मा, राजकुमारी सोंनी व डॉक्टर दलीप सिंह धीमान ने भाग लिया। इस दौरन हिमराल ने कहा कि प्रदेश में सभी जिलों में दो दिवसीय प्रशिक्षण कैम्प आयोजित करने का जो निर्णय लिया गया था, वह कोविड के चलते पूरा नही हो सका। उन्होंने कहा कि अब यह कैम्प पूरे किए जाने चाहिए। हिमराल ने कहा कि हाल ही में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रदेश मामलों के प्रभारी सचिव संजय दत्त ने भी साफ कहा है कि कांग्रेस पार्टी के सभी अग्रणी संगठनों के साथ पार्टी के प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द आयोजित किये जाने चाहिए। हिमराल ने कहा कि प्रदेश मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ला पहले ही पार्टी के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की महत्ता और इसकी आवश्यकता के बारे में स्पष्ट कर चुके है कि इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में युवाओं को अधिक से अधिक जोड़ा जाना चाहिए। हिमराल ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रशिक्षण विभाग के मुख्य, कांग्रेस कार्यकारणी के सदस्य सचिन राव व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रदेश प्रभारी महेंद्र जोशी ने भी सभी पदाधिकारियों से प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द पूरा करने को कहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तीन उप चुनाव होने जा रहें है। उन्होंने कहा कि अगले साल प्रदेश विधानसभा के चुनाव भी होने है, इसलिए सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द पूरे कर चुनाव मैदान में डटना है जिससे पार्टी की जीत सुनिश्चित हो सकें। इस दौरान प्रशिक्षण विभाग के पदाधिकारियों ने भरोसा दिया कि सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द पूरे कर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी अग्रणी संगठनो के प्रमुखों से उन्होंने इन कार्यक्रमों की रूप रेखा तय करने का आग्रह किया है।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदेश सरकार द्वारा सड़को के किनारे वैक्सीन को लेकर लगाए गए बड़े बड़े होल्डिंग पर हैरानी जताते हुए कहा है कि जितना खर्च सरकार इन होल्डिंग बनाने और लगाने पर खर्च कर रही है अगर उतना वैक्सीन पर खर्च कर देती तो आज प्रदेश में सभी को वैक्सीन उपलब्ध हो जाती। उन्होंने कहा है कि सरकार वैक्सीन को लेकर अपना प्रचार ज्यादा कर रही है और काम कम कर रही है। उन्होंने कहा है कि देश मे आज़ादी के बाद से ही निशुल्क टीकाकरण के बड़े बड़े कार्यक्रम कांग्रेस सरकारों ने किए है। उन्होंने कहा कि यह किसी भी सरकार का दायित्व होता है। उन्होंने प्रदेश में 18 साल से 44 साल के लोगों के वैक्सीन टीकाकरण रोके जाने पर चिंता जताते हुए कहा कि यह निर्णय न तो जनहित में है और न ही प्रदेश हित मे है। उन्होंने कहा कि अभी इस महामारी का खतरा टला नही है और युवाओं के स्वास्थ्य के प्रति टीकाकरण बहुत ही आवश्यक है जो जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए। राठौर ने सरकार से वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों के साथ साथ दूर दराज के क्षेत्रों में सभी लोगों का वेक्सिनेशन एक निश्चित समय के अंदर जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए। इस बारे में सरकार की कोई कोताही लोगों के लिए खतरा साबित हो सकती है,क्योंकि देश मे अब कोरोना की तीसरी लहर की सम्भावना भी बनी हुई है। राठौर ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा है कि इस महामारी के दौर में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह अस्त व्यस्त हो कर रह गई है। राठौर ने गैस सिलेंडर में 25 रुपये की बृद्धि पर भी आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा है कि पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्यों में बृद्धि से सरकार अपना खजाना तो भरने में लगी है पर लोगों पर महंगाई थोप रही है ।उन्होंने कहा है कि गैस सिलेंडर पर हुई इस बृद्धि का विशेष कर गृहणियों के बजट पर व्यापक असर पड़ रहा है।उन्होंने सरकार से इस मूल्यों बृद्धि को जनहित में वापिस लेने की मांग की है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश ने शुक्रवार को तकनीकी विश्वविद्यालय की विभिन्न मांगों को उठाते हुए राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। प्रांत सह मंत्री मोनिका राणा ने कहा कि तकनीकी विश्वविद्यालय में विभिन्न विभागों में अभी भी शिक्षकों के पदों को नहीं भरा गया है छात्रों को केंद्रीय विश्वविद्यालय से शिक्षकों की कमी होने की वजह से अपने प्रतिदिन की कक्षाओं को लगा पाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में तकनीकी विश्वविद्यालय के अधिकतर विभागों में शिक्षकों के पड़े रिक्त पद छात्रों के लिए मानसिक तनाव का विषय बना हुआ है। विभागों में शिक्षकों के पड़े रिक्त पद भी हिमाचल प्रदेश शिक्षा व्यवस्था पर प्रश्न खड़े करने के लिए काफी है प्रशासन इन मांगों पर मंद्द बैठा है ।विद्यार्थी परिषद ने तकनीकी विश्वविद्यालय में छात्रों की विभिन्न मांगों को गंभीरता से उठाया है लेकिन अभी भी प्रशासन के कान में जुं तक नहीं रेंग रही है। मोनिका राणा ने कहा कि प्रदेश भर में ऐसे भी छात्र है जो गरीबी रेखा से नीचे आते हैं या जिनकी आर्थिक स्थिति इतनी नहीं है कि वह विश्वविद्यालय से अपने निरंतर पढ़ाई कर सकें इसीलिए विश्वविद्यालय में छात्रों के लिए सब्सिडाइज और नॉन सब्सिडी सीटों का आवंटन कर प्रावधान किया जाए ताकि वे छात्र जो अत्याधिक फीस चुकाने के लिए समर्थ नहीं है वे छात्र सब्सिडाइज सीट में आवेदन कर सके। इसके साथ-साथ उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा 2019 में विश्वविद्यालय के लिए 10 करोड़ की आवर्ती अनुदान राशि की घोषणा को पूरा करने की बात को भी सामने लाया उन्होंने कहा कि 2019 में प्रदेश सरकार विश्वविद्यालय को 10 करोड़ आवर्ती अनुदान राशि की घोषणा करती है लेकिन अभी भी विश्वविद्यालय को वो राशि नहीं दी गई है। मोनिका ने कहा की सरकारी और अधिकारी दोनों मिलकर राजनीतिक चक्की में छात्रों को बेचने का काम कर रही है वह मात्र विश्वविद्यालय की समस्याओं को अपना राजनीतिक मुद्दा बनाए रखना चाहती है ताकि आने वाले समय में इस विषय को मुद्दा बनाकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेक सके। मोनिका ने सरकार की गंभीर आलोचना करते हुए कहा कि जल्द से जल्द प्रदेश सरकार द्वारा 10 करोड की आवर्ती अनुदान राशि को विश्वविद्यालय को सौंप दिया जाए। उन्होंने विश्वविद्यालय में खाली पड़े गैर शिक्षकों के 70 पदों पर आउटसोर्स के स्थान पर नियमित भर्ती करने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा विश्वविद्यालय में गैर शिक्षकों के 70 पद आउटसोर्स के स्थान पर भरे जा रहे हैं लेकिन विद्यार्थी परिषद उन सभी गैर शिक्षक कर्मचारियों की नियमित भर्ती करने की मांग करती है।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रशिक्षण विभाग की एक बैठक वर्चुअल आधार पर प्रशिक्षण विभाग के चेयरमैन हरिकृष्ण हिमराल की अध्यक्षता में सम्पन हुई। बैठक में वासु सोंनी, विक्रम चौधरी, विद्या सागर चौहान, अलक नंदा हांडा, रीना कुमारी, निर्मला वर्मा, रीना पुंडीर, इंद्र जीत सिंह, उदय नंद शर्मा, पंकज मुसाफिर,अतुल शर्मा, राजकुमारी सोंनी व डॉक्टर दलीप सिंह धीमान ने भाग लिया। इस दौरन हिमराल ने कहा कि प्रदेश में सभी जिलों में दो दिवसीय प्रशिक्षण कैम्प आयोजित करने का जो निर्णय लिया गया था, वह कोविड के चलते पूरा नही हो सका। उन्होंने कहा कि अब यह कैम्प पूरे किए जाने चाहिए। हिमराल ने कहा कि हाल ही में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रदेश मामलों के प्रभारी सचिव संजय दत्त ने भी साफ कहा है कि कांग्रेस पार्टी के सभी अग्रणी संगठनों के साथ पार्टी के प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द आयोजित किये जाने चाहिए। हिमराल ने कहा कि प्रदेश मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ला पहले ही पार्टी के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की महत्ता और इसकी आवश्यकता बारे स्पष्ट कर चुके है कि इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में युवाओं को अधिक से अधिक जोड़ा जाना चाहिए। हिमराल ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रशिक्षण विभाग के मुख्य, कांग्रेस कार्यकारणी के सदस्य सचिन राव व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रदेश प्रभारी महेंद्र जोशी ने भी सभी पदाधिकारियों से प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द पूरा करने को कहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तीन उपचुनाव होने जा रहें है। अगले साल प्रदेश विधानसभा के चुनाव भी होने है,इ सलिए सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द पूरे कर चुनाव मैदान में डटना है जिससे पार्टी की जीत सुनिश्चित हो सकें।
पूर्व प्रधान सचिव विधि यशवंत सिंह ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की उपस्थिति में आज यहां हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत नियामन आयोग के सदस्य (विधि) के रूप में शपथ ग्रहण की। मुख्य सचिव अनिल खाची इस अवसर पर उपस्थित थे।
भारतीय स्टेट बैंक का 66 वां स्थापना दिवस 1 जुलाई को भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा काली बाड़ी शिमला तथा एसएसईसी शिमला द्वारा पवन कुमार, उपमहाप्रबंधक, अंचल कार्यालय, शिमला के सक्षम नेतृत्व में मनाया गया। पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को समझते हुए एसबीआई के कर्मचारियों द्वारा 'गो ग्रीन सेव ग्रीन' के नारे के तहत शिमला के मशोबरा क्षेत्र में देवदार और चिनार के 200 पेड़ लगाकर कार्यक्रम को चिह्नित किया गया। इस अवसर पर शहर के गणमान्य लोगों ने शिरकत की। वृक्षारोपण के तहत क्षेत्र को बैंक द्वारा पांच साल तक बनाए रखा जाएगा। देवेंद्र सिंह नेगी, एजीएम, एसबीआई मुख्य शाखा शिमला और अनिल कुमार, एजीएम, एसएमईसी, शिमला सहित वन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रति किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से वीरवार को कृषि निदेशालय, हिमाचल प्रदेश, शिमला से संयुक्त निदेशक कृषि डाॅ. देशराज ठाकुर द्वारा एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी के प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर जिला कुल्लू की निरमंड तहसील के लिए रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग हिमाचल प्रदेश, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना की सफलता के लिए कमर कस चुका है। इसके अंतर्गत जिला के सभी कृषि उप-निदेशक, परियोजना निदेशक (आतमा) व जिला कृषि अधिकारियों को इस योजना के प्रचार-प्रसार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जून माह में जारी कर दिए गए हैं। वे सभी खण्ड स्तर व जिला स्तर पर कृषि विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों, किसान मेलों, गोष्टियों व विभाग के प्रचार व प्रसार कार्यक्रमों में किसानों को इस योजना की विशेष जानकारी देंगे। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग ने इस योजना के प्रसार अभियान सप्ताह के दौरान आकाशवाणी, दूरदर्शन, समाचार पत्रों व प्रचार-प्रसार सामग्री (बैनर, पोस्टर, पत्रक इत्यादि) के माध्यम से किसानों को इस योजना से जागरूक करने का कार्यक्रम बनाया है ताकि योजना की जानकारी अंतिम छोर के किसान तक पहुंचाई जा सके। कृषि विभाग के दिशा-निर्देशों व सहयोग से कृषि बीमा कंपनी, एस.वी.आई. तथा जनरल बीमा कंपनी भी इस योजना की सफलता के लिए प्रचार वाहनों द्वारा समस्त हिमाचल प्रदेश में प्रचार कार्य में जुट गई हैं। यह कार्यक्रम पूरा सप्ताह 1-7 जुलाई, 2021 तक जागरूकता अभियान के रूप में जोर शोर से मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा इस योजना की जानकारी एवं प्रचार जनमंच कार्यक्रमों में व हिमाचल प्रदेश के आदान विक्रेताओं (इनपुट डीलर्स) के माध्यम से भी किया जाएगा, ताकि जो भी किसान उनके सम्पर्क में आता है, उन्हें इस बारे में जागरूक करवाया जा सके।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीरवार को मण्डी जिले के सिराज विधानसभा क्षेत्र में लगभग 9.20 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं का लोकार्पण किया। जय राम ठाकुर ने ग्राम पंचायत पखरैर और कांडा बगस्याड़ की लाॅट, करसवाली और कटियाली की शेष बस्तियों को कवर करने के लिए 50 लाख रुपये की उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना, थुनाग तहसील में ग्राम पंचायत लम्बा थाच के केवली गांव में 97 लाख रुपये की उठाऊ सिंचाई योजना, थुनाग तहसील में थुनाग बाजार और आस-पास के क्षेत्र के लिए 6.57 करोड़ रुपये की बाढ़ नियंत्रण दीवार, तांदी में 55 लाख रुपये के निरीक्षण केन्द्र, थुनाग में 35.12 लाख रुपये से कला मंच और मुरहग में 25 लाख रुपये के पशु चिकित्सालय का लोकार्पण किया। इसके उपरांत, इलेक्ट्राॅनिक मीडिया के प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के सभी क्षेत्रों के संतुलित और चहुंमुखी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसलिए उन क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रह है, जो किसी न किसी कारण विकास के मामले में उपेक्षित रहे है। जय राम ठाकुर ने कहा कि अपने विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान उन्होंने आज 9.20 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान जनता से सीधा संवाद करना संभव नहीं है, इसलिए राज्य के लगभग सभी क्षेत्रों के लोगों के साथ वर्चुअल माध्यम से संवाद स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि सिराज विधानसभा क्षेत्र राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में एक है और जब वह पहली बार इस क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे, तो लगभग 17 पंचायतें ही सड़कों से जुड़ी हुई थीं। उन्होंने कहा कि आज क्षेत्र की लगभग सभी 77 पंचायतों को सड़कों से जोड़ दिया गया है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीरवार को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर मण्डी जिला के थुनाग से वर्चुअल माध्यम से चिकित्सकों को संबोधित करते हुए समाज की पीड़ाओं को कम करने में उनकी भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि चिकित्सक केवल बहुमूल्य जीवन ही नहीं बचाते हैं, बल्कि मरीजों का उपचार कर उनके दर्द और पीड़ा को भी कम करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री और विख्यात चिकित्सक डाॅ. बिधान चन्द्र राॅय की जयन्ती और पुण्य तिथि के अवसर पर मनाया जाता है। डाॅ. राॅय एक महान चिकित्सक थे जिन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में बहुमूल्य योगदान दिया। उन्होंने कहा कि यह दिन सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को समर्पित है जो अपनी जान जोखिम को डालकर लोगों की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी ने एक बार पुनः विश्वभर के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों के योगदान और बलिदान का स्मरण करवाया है। उन्होंने कहा कि भारतीय उप महाद्वीप में डाॅ. राॅय को प्रथम चिकित्सा सलाहकार भी कहा जाता है। ब्रिटिश मेडिकल जरनल के अनुसार वह अपने समकालीन चिकित्सकों से प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी थे। राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस लोगों का जीवन बचाने में चिकत्सकों की भूमिका और दायित्व तथा उनके कार्यों व कर्तव्यों को स्मरण करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। जय राम ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान चिकित्सकों ने सैकड़ों जीवन बचाने के लिए अपने जीवन को जोखिम में डालकर रात-दिन कार्य किया। उन्होंने कहा कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के बारे में विचार न करके उन्होंने देश की सेवा को सर्वोपरि माना। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण के लिए संकल्पबद्ध है और कोरोना महामारी की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने किसी भी आपदा से निपटने के लिए बिस्तर क्षमता को 1200 से बढ़ाकर पांच हजार कर दिया है। पिछले एक साल के दौरान प्रदेश में आठ पीएसए संयत्र स्थापित किए गए और इस वर्ष 15 अगस्त तक लगभग 28 पीएसए संयत्र स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मरीजों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर हैं। आयुर्विज्ञान महाविद्यालय नाहन, हमीरपुर और चंबा में भवन निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है। जय राम ठाकुर ने आशा व्यक्त की कि हिमाचल प्रदेश को देश का खुशहाल और स्वस्थ राज्य बनाने के लिए प्रदेश के चिकित्सक इसी समर्पण और सेवा भाव से कार्य करते रहेंगे। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कोविड-19 महामारी की इस परीक्षा की घड़ी के दौरान प्रदेश का सफलतापूर्वक नेतृत्व करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों को चिकित्सकों पर पूर्ण विश्वास है और यह किसी भी व्यवसाय के लिए सच्ची पूंजी और पुरस्कार है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के सक्षम नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टीकाकरण अभियान सुचारू रूप से चल रहा है और अब तक लगभग 39 लाख खुराकें लगाई जा चुकी हैं। निदेशक चिकित्सा शिक्षा डाॅ. रजनीश पठानिया ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। प्रोफेसर और श्वसन चिकित्सा प्रमुख डाॅ. मलय सरकार ने कोविड और इस महामारी के प्रसार के नियंत्रण संबंधी प्रस्तुति दी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडी देवेन्द्र शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्राॅस सोसायटी अस्पताल कल्याण शाखा की अध्यक्षा और मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी डाॅ. साधना ठाकुर, उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी, पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री इस अवसर पर उपस्थित थे।
सरकार की उपलब्धियों, कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता का विश्वास होगा 2022 में मिशन रिपीट का मूल मंत्र। यह बात ठियोग में भाजपा की जिला बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष व खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरषोत्तम गुलेरिया ने कही। बीते बुधवार को भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति बैठक में सेमि वर्चुअल माध्यम से ठियोग के होटल एक्सओटिका से भाजपा के 24 प्रतिभागियों ने जिला अध्यक्ष अजय श्याम की अध्यक्षता में हिस्सा लिया। जिसमे प्रदेश उपाध्यक्ष पुरषोतम गुलेरिया सहित चौपाल के विधायक बलबीर वर्मा, प्रदेश सचिव बिहारी लाल शर्मा, कुसुम सदरेट, कृषि ग्रामीण बैंक की अध्यक्षा शशिबाला, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अरुण फाल्टा, नरेश शर्मा, सुरेश शर्मा सहित, ज़िला के सभी पांच मंडल अध्यक्षो ने भाग लिया। इस अवसर पर पुरषोतम गुलेरिया ने कार्यकर्ताओं के साथ आगामी कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए बूथ स्तर तक संगठन को चाक चौबंद करने के टिप्स देते हुए कहा कि केंद और प्रदेश की सरकारों ने कोरोना संकट में बेहतरीन कार्य किया है। उन्होंने कहा कि महामारी के कारण विपति में विकास की अविरल धारा बह रही है। जंहा प्रदेश में भाजपा का संगठन एकजुटता से काम कर रहा है वंही कांग्रेस कई खेमो में बंटी हुई है। जुब्बल कोटखाई के विधायक एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेंद्र बरागटा के आकस्मिक निधन पर बैठक में शोक प्रकट किया गया। विधानसभा क्षेत्र में उप चुनाव को लेकर प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का टिकट मांगना कार्यकर्ताओ का हक़ है किंतु सार्वजनिक तौर पर मीडिया के माध्यम से टिकट की मांग करना अनुशासनहीनता है, पार्टी इस प्रकार की अनुशासनहीनता को सहन नही करेगी और ऐसे कार्यकर्ताओ पर उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर चौपाल के विधायक बलबीर वर्मा ने नरेंद्र बरागटा के आकस्मिक निधन को संपूर्ण जिला एवं प्रदेश भाजपा के लिए अपूरणीय क्षति कहा और उन्होंने कहा कि नरेंद्र बरागटा किसानों बागवानों के हितैषी नेता थे और सम्पूर्ण बागवानी क्षेत्र में उन्होंने बागवानी के विकास के नए आयाम स्थापित किये है और अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। हम सब के लिए नरेंद्र बरागटा का नेतृव प्रेरणा स्रोत रहेगा।
केंद्रीय वित्त एवं कारपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने जीएसटी की चौथी वर्षगाँठ के अवसर पर भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में जीएसटी की भूमिका को गेमचेंजर बताया है। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि “ देश में आर्थिक सुधारों को गति देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार 4 वर्ष पूर्व जीएसटी लेकर आई। 1 जुलाई 2017 को 17 स्थानीय टैक्स खत्म कर देशभर में जीएसटी लागू किया गया था और आज जीएसटी अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में एक गेम चेंजर साबित हुई है। भारत जैसे बड़े और विविधता वाले देश में बड़े पैमाने पर किया जाने वाला कोई भी सुधार बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकता है। प्रधानमंत्री ने जीएसटी के लागू होने के दिन संसद के सेंट्रल हॉल में कहा था कि समय के साथ व्यवहारिक दिक्कतों को दूर किया जाएगा। समय के साथ जीएसटी के क्रियान्वयन में जो दिक्कतें आ रही थीं उसका बेहतर समाधान निकाला गया है। पिछले चार वर्षों में करदाताओं का आधार 66.25 लाख से लगभग दोगुना होकर 1.28 करोड़ हो गया है। जीएसटी धोखाधड़ी से निपटने के लिए कर अधिकारियों की भी सराहनीय भूमिका है"। आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा " कोरोना काल के बावजूद पिछले 8 महीने से लगातार जीएसटी रेवेन्यू एक लाख करोड़ रुपये के आँकड़े को पार कर रहा है और अप्रैल 2021 में 1.41 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड जीएसटी राजस्व संग्रह किया गया है। आज एक करोड़ 28 लाख रजिस्टर्ड उद्यमी इसका लाभ ले रहे हैं। जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद से अब तक 66 करोड़ से अधिक रिटर्न दाखिल की गई हैं। जीएसटी के तहत दरें कम होने से कर अनुपालन बढ़ा है और इस दौरान जीएसटी राजस्व में धीरे धीरे वृद्धि होती रही है। अनुराग ठाकुर ने कहा “वित्त मंत्रालय 54,000 से अधिक जीएसटी करदाताओं को सही समय पर रिटर्न दाखिल करने और कर का नकद भुगतान करने पर प्रशंसा प्रमाणपत्र जारी कर उन्हें सम्मानित करेगा। पहचान किये गये इन करदाताओं में 88 प्रतिशत से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमी है। इसमें सूक्ष्म (36 प्रतिशत), लघु (41 प्रतिशत) और मध्यम श्रेणी के उद्यमी (11 प्रतिशत) शामिल हैं। ये उद्यमी विभिन्न राज्यों और संघ शासित प्रदेशों से हैं जहां यह माल की आपूर्ति और सेवा प्रदाता कार्य करते हैं। जीएसटी के तहत अप्रत्यक्ष करों के एक से अधिक अंक को कम करके, भारत को एक आर्थिक संघ बनाने के लिए अप्रत्यक्ष कर के एक सामंजस्यपूर्ण प्रणाली की राह प्रशस्त हुई है, जिसने उच्च दक्षता और प्रतिस्पर्धात्मकता में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है”
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मण्डी जिले के सिराज विधानसभा क्षेत्र में लगभग 9.20 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं का लोकार्पण किया। जयराम ठाकुर ने ग्राम पंचायत पखरैर और कांडा बगस्याड़ की लाॅट, करसवाली और कटियाली की शेष बस्तियों को कवर करने के लिए 50 लाख रुपये की उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना, थुनाग तहसील में ग्राम पंचायत लम्बा थाच के केवली गांव में 97 लाख रुपये की उठाऊ सिंचाई योजना, थुनाग तहसील में थुनाग बाजार और आस-पास के क्षेत्र के लिए 6.57 करोड़ रुपये की बाढ़ नियंत्रण दीवार, तांदी में 55 लाख रुपये के निरीक्षण केन्द्र, थुनाग में 35.12 लाख रुपये से कला मंच और मुरहग में 25 लाख रुपये के पशु चिकित्सालय का लोकार्पण किया। इसके उपरांत, इलेक्ट्राॅनिक मीडिया के प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के सभी क्षेत्रों के संतुलित और चहुंमुखी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसलिए उन क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रह है, जो किसी न किसी कारण विकास के मामले में उपेक्षित रहे है। जयराम ठाकुर ने कहा कि अपने विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान उन्होंने आज 9.20 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान जनता से सीधा संवाद करना संभव नहीं है, इसलिए राज्य के लगभग सभी क्षेत्रों के लोगों के साथ वर्चुअल माध्यम से संवाद स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि सिराज विधानसभा क्षेत्र राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में एक है और जब वह पहली बार इस क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे, तो लगभग 17 पंचायतें ही सड़कों से जुड़ी हुई थीं। उन्होंने कहा कि आज क्षेत्र की लगभग सभी 77 पंचायतों को सड़कों से जोड़ दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश में किसानों-बागवानों को पहली बार क्रेट खरीदने के लिए सरकार 134 रुपये सब्सिडी देगी। पहले चरण में प्रदेश सरकार सीजन में बागवानों और किसानों को डेढ़ लाख क्रेट उपलब्ध करवाएगी, जिससे फसलों की पैकिंग के लिए इन क्रेटों का बार-बार इस्तेमाल किया जा सके। प्लास्टिक के एक क्रेट की कीमत 335 और 320 रुपये है। सरकार ने क्रेट खरीदने और सब्सिडी देने के लिए दो करोड़ की राशि जारी कर दी है। प्रदेश भर में करीब चार करोड़ पेटी सेब होने का अनुमान है। गौरतलब है कि सरकार बागवानों को बार-बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के क्रेट उपलब्ध करा रही है। पहले बागवानों को 10 से 15 क्रेट दिए जाएंगे। किसान-बागवान फसलें बेचने के बाद क्रेट अपने साथ वापस ले आएंगे।
विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई टीम चीफ वार्डन अधिकारी से मिले। इकाई अध्यक्ष विशाल सकलानी ने कहा की विद्यार्थी परिषद छात्रों की मांगों को लेकर आंदोलनरत रही है। 30 जून को लाइब्रेरी 50% की क्षमता से खुली और विद्यार्थी परिषद की एक आंदोलन की जीत हुई। ऐसे में विश्वविद्यालय में छात्रों की तादाद बढ़ रही है। अब छात्रों को शिमला में रहने के लिए अलग से कमरे लेने पड़ रहे हैं कमरों में रहने के लिए अत्याधिक खर्चा उठाना पड़ रहा है। इसी बाबत विद्यार्थी परिषद ने छात्रों के लिए छात्रावास खोलने की मांग को प्रमुखता से उठाया है। विद्यार्थी परिषद ने जनजातीय क्षेत्र के उन सभी छात्रों को ध्यान में रखते हुए और जो छात्र अभी विश्वविद्यालय में लाइब्रेरी में पढ़ने आए हैं, उन सभी छात्रों के लिए छात्रावास खोले जाने की मांग उठाई है। पहले से ही छात्र करोना महामारी से काफी ग्रसित है छात्रों को अपनी पढ़ाई में काफी रुकावटों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के लिए हॉस्टल खोलने में काफी देरी कर रहा है वह छात्र जो हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों से विश्वविद्यालय में पढ़ने आते हैं उन छात्रों को शिमला में कमरा लेकर के रहना काफी खर्चीला साबित हो रहा है ऐसे में जनजातीय क्षेत्रों में नेटवर्क की कमी की वजह से वहां पर ऑनलाइन कक्षाएं लगा पाना भी संभव नहीं है। एबीपी विश्वविद्यालय इकाई ने आंदोलन को अग्रसर करते हुए यह मांग उठाई है की जल्द से जल्द छात्रों के छात्रावास खोले जाएं।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर मण्डी जिला के थुनाग से वर्चुअल माध्यम से चिकित्सकों को संबोधित करते हुए समाज की पीड़ाओं को कम करने में उनकी भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि चिकित्सक केवल बहुमूल्य जीवन ही नहीं बचाते हैं, बल्कि मरीजों का उपचार कर उनके दर्द और पीड़ा को भी कम करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री और विख्यात चिकित्सक डाॅ. बिधान चन्द्र राॅय की जयन्ती और पुण्य तिथि के अवसर पर मनाया जाता है। डाॅ. राॅय एक महान चिकित्सक थे जिन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में बहुमूल्य योगदान दिया। उन्होंने कहा कि यह दिन सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को समर्पित है जो अपनी जान जोखिम को डालकर लोगों की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी ने एक बार पुनः विश्वभर के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों के योगदान और बलिदान का स्मरण करवाया है। उन्होंने कहा कि भारतीय उप महाद्वीप में डाॅ.राॅय को प्रथम चिकित्सा सलाहकार भी कहा जाता है। ब्रिटिश मेडिकल जरनल के अनुसार वह अपने समकालीन चिकित्सकों से प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी थे। राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस लोगों का जीवन बचाने में चिकित्स्कों की भूमिका और दायित्व तथा उनके कार्यों व कर्तव्यों को स्मरण करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। जयराम ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान चिकित्सकों ने सैकड़ों जीवन बचाने के लिए अपने जीवन को जोखिम में डालकर रात-दिन कार्य किया। उन्होंने कहा कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के बारे में विचार न करके उन्होंने देश की सेवा को सर्वोपरि माना। राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण के लिए संकल्पबद्ध है और कोरोना महामारी की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने किसी भी आपदा से निपटने के लिए बिस्तर क्षमता को 1200 से बढ़ाकर पांच हजार कर दिया है। पिछले एक साल के दौरान प्रदेश में आठ पीएसए संयत्र स्थापित किए गए और इस वर्ष 15 अगस्त तक लगभग 28 पीएसए संयत्र स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मरीजों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलिंडर हैं। आयुर्विज्ञान महाविद्यालय नाहन, हमीरपुर और चंबा में भवन निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है। जयराम ठाकुर ने आशा व्यक्त की कि हिमाचल प्रदेश को देश का खुशहाल और स्वस्थ राज्य बनाने के लिए प्रदेश के चिकित्सक इसी समर्पण और सेवा भाव से कार्य करते रहेंगे। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कोविड-19 महामारी की इस परीक्षा की घड़ी के दौरान प्रदेश का सफलतापूर्वक नेतृत्व करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों को चिकित्सकों पर पूर्ण विश्वास है और यह किसी भी व्यवसाय के लिए सच्ची पूंजी और पुरस्कार है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के सक्षम नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टीकाकरण अभियान सुचारू रूप से चल रहा है और अब तक लगभग 39 लाख खुराकें लगाई जा चुकी हैं। निदेशक चिकित्सा शिक्षा डाॅ. रजनीश पठानिया ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। प्रोफेसर और श्वसन चिकित्सा प्रमुख डाॅ. मलय सरकार ने कोविड और इस महामारी के प्रसार के नियंत्रण संबंधी प्रस्तुति दी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडी देवेन्द्र शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्राॅस सोसायटी अस्पताल कल्याण शाखा की अध्यक्षा और मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी डाॅ. साधना ठाकुर, उपायुक्त मंडी अरिंदम चैधरी, पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री इस अवसर पर उपस्थित थे।
राजधानी की पुलिस ने वीरवार दोपहर करीब 12 बजे पर्यटकों पर थप्पड़ों की बरसात कर दी। हरियाणा से शिमला घूमने पहुंचे पर्यटक सर्कुलर रोड पर विक्ट्री टनल के नजदीक पहुंच थे। यहां पुलिस ने गाड़ी रुकवाकर कागजों के बारे में पर्यटकों से पूछताछ की। थोड़ी ही देर बाद ट्रैफिक ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने घूमने आए पर पर्यटकों पर थप्पड़ बरसा दिए। दरसल, जब पर्यटकों को विक्ट्री टनल में तैनात ट्रैफिक कर्मी द्वारा रोकने पर पर्यटक नहीं रुके और उन्होंने पुलिस के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद आगे बढ़ने पर विक्ट्री टनल के नजदीक बने ओवर ब्रिज के समीप पर्यटकों को रोका गया। यहां पहुंच कर ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक कर्मी ने पर्यटकों से मारपीट की।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने आज संगठन के विस्तार हेतु 2 नियुक्तियां की है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने ज्वालामुखी मंडल से संबंध रखने वाले लोकप्रिय गायक करनैल राणा को हिमाचल प्रदेश सांस्कृतिक प्रकोष्ठ का प्रदेश संयोजक नियुक्त किया है। यह प्रकोष्ठ हिमाचल प्रदेश की संस्कृति को लेकर अनेक गतिविधियों में कार्य करता है। करनैल राणा ने कल भाजपा कार्यसमिति के दौरान भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। उनके साथ वन मंत्री राकेश पठानिया एवं पूर्व मंत्री रविंद्र रवि उपस्थित रहे थे। इसी प्रकार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र से संबंध रखने वाले पूर्व मंत्री रूप दास कश्यप को बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ का प्रदेश संयोजक नियुक्त किया है इस प्रकोष्ठ की समाज मे अहम भूमिका है। अब भारतीय जनता पार्टी के कुल मिला के 16 प्रकोष्ठों का गठन हो चुका है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा की इन नियुक्तियों से भाजपा को प्रदेश में बल मिलेगा और भाजपा का कार्य सुदृण रूप से आगे बढ़ेगा।
केंद्र से सप्लाई कम आने के कारण हिमाचल प्रदेश में वैक्सीन की कमी चल रही है। इसके चलते सरकार ने एक सप्ताह तक 18 से 44 साल आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन लगानी बंद की है। अभी स्वास्थ्य विभाग के पास वैक्सीन की तीन लाख डोज हैं। यह सिर्फ 45 साल से अधिक आयु और विशेष श्रेणी के लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी। प्रदेश में 18 से 44 साल तक के करीब 9 लाख लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। प्रतिदिन एक लाख से ज्यादा लोगों को डोज लगाने से वैक्सीन की कमी हो गई है। गौरतलब है कि प्रदेश में 21 जून से केंद्र सरकार की ओर से सभी वर्गों के लोगों को वैक्सीन लगाने को लेकर वैक्सीन मुहैया करवाई जा रही है। इसके तहत 18 से अधिक आयु के लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। करीब 806 सेंटरों में वैक्सीनेशन ड्राइव का आयोजन किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में नई आबकारी नीति एक जुलाई से लागू हो रही है। 31 मार्च, 2022 तक नौ महीने के दौरान नई नीति के तहत शराब बिक्री और सप्लाई का काम होगा। नई नीति के तहत लाइसेंस फीस और एक्साइज ड्यूटी कम होने से देशी और भारत में निर्मित विदेशी शराब के कम कीमत वाले ब्रांड सस्ते होंगे। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि पड़ोसी राज्यों से शराब तस्करी रोकने, शराब की कीमतों में कटौती करने और सरकारी राजस्व में वृद्धि करने के उद्देश्य से खुदरा आबकारी ठेकों को यूनिट, ठेके की कीमत के तीन प्रतिशत की नवीनीकरण फीस पर 2021-22 के लिए ठेकों का नवीनीकरण किया जाएगा। नीति में शराब उत्पादक कंपनियों को ईएनए की कंपलसरी टेस्टिंग के प्रावधानों में छूट की व्यवस्था की गई है। लोगों की सहूलियत के लिए इस साल डिपार्टमेंटल स्टोर में भी कुछ शर्तों के साथ शराब बिक सकेगी।
हिमाचल प्रदेश में गुरुवार से बाहरी राज्यों के लिए पथ परिवहन निगम की बसें दौड़नी शुरू हो गई हैं। पहले दिन गुरुवार को 500 रूटों पर 317 बसें चलेंगी। इनमें 298 साधारण बसें, 15 वोल्वो और चार डीलक्स बसें चलेंगी। हिमाचल से बाहरी राज्यों के 708 रूट हैं। ये सभी बसें एसओपी के साथ चलेंगी। सरकार की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक सभी बसें 50 फीसदी ऑक्यूपेंसी से चलेंगी। सर्दी, खांसी जैसी बीमारी से ग्रसित लोगों को बसों में चढ़ने नहीं दिया जाएगा। चालक के पास कोई सवारी नहीं जा सकेगी। बसें उचित स्टेशन पर ही रुकेंगी। परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ने बताया कि बाहरी राज्यों के लिए बसें चलनी शुरू हो गई है। रूट वेबसाइट पर भी अपलोड होंगे। शिमला-दिल्ली, धर्मशाला-दिल्ली, रिकांगपिओ-दिल्ली, मनाली-दिल्ली, शिमला-हरिद्वार, धर्मशाला-हरिद्वार के अलावा पंजाब, हरियाणा, अमृतसर के लिए बसें चलेंगी। ये बसें सुबह 7 बजे से रवाना होनी शुरू हुईं।
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र के सहयोग से बच्चों के लिए नया कोविड-19 रोकथाम और प्रबंधन प्रोटोकाॅल जारी किया है। उन्होंने कहा कि दो वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बच्चों को कोविड अनुरूप व्यवहार जैसे बार-बार हाथ धोने और कम से कम 6 फीट की परस्पर दूरी बनाए रखने का पालन करने के लिए प्रशिक्षित किया जाना चाहिए और 5 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बच्चों को घर से बाहर निकलतेे समय मास्क पहनने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। प्रवक्ता ने कहा कि सामान्य स्वस्थ बच्चों की अपेक्षा कुपोषण, विशेष रूप से सक्षम, एचआईवी, हृदय, किडनी व लीवर आदि जैसी बीमारियों से पीड़ित बच्चों को कोविड-19 का अधिक खतरा होता है। बच्चों में व्यस्कों के समान ही कोविड के लक्षण पाए जाते हैं, जिनमें बुखार, ठंड लगना, खांसी, नाक बंद होना या नाक बहना, स्वाद में कमी या सांस लेने में कठिनाई, दस्त लगना और भूख कम होना शामिल हैं। ऐसे कोई लक्षण पाए जाने पर बच्चों को डाॅक्टर को दिखाना आवश्यक होता है यदि कोई बच्चा कोविड पाॅजिटिव पाया जाता है और डाॅक्टर द्वारा उसे होम आइसोलेशन की सलाह दी जाती है, तो ऐसी स्थिति में माता-पिता को बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी मापदंडों की निगरानी करनी चाहिए, जिसमें बच्चों की श्वसन दर की दिन में 2 से 3 बार गणना करना, त्वचा के नीले पड़ने व हर 4 घंटे में पेशाब व आॅक्सीजन लेवल तथा शरीर के तापमान की जांच करना, 24 घंटे में तरल पदार्थ का सेवन करना, आहार लेना और आहार चार्ट बनाने के साथ-साथ बच्चे की गतिविधियों की जांच करते रहना शामिल है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में माता-पिता को घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि कोविड-19 पाॅजिटिव बच्चे की घर पर आसानी से देखभाल की जा सकती है। कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन करते हुए माताओं को 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों को स्तनपान करवाना जारी रखना चाहिए और पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को होम आइसोलेशन के दौरान हमेशा मां या केयर टेकर के साथ रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चे में कोविड-19 के भय को कम करने के प्रयास किए जाने चाहिए और माता-पिता को बच्चे को कोविड-19 के भय से दूर रखने के लिए उनकी बातें सुनकर उनका मनोबल बनाए रखने के लिए पर्याप्त समय देना चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि राज्य में एक से नौ जुलाई, 2021 तक केवल श्रेणी-ए यानी 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लाभार्थियों के लिए ही टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के सभी पात्र लाभार्थियों के लिए कोविशील्ड की पहली व दूसरी खुराक, भारत सरकार द्वारा अधिसूचित सभी स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं, अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली व दूसरी खुराक और राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित सभी प्राथमिकता समूह वाले पात्र लाभार्थियों को वैक्सीन की पहली व दूसरी खुराक लगाने के लिए जिलों में वैक्सीन की उपलब्धता के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि श्रेणी-ए लाभार्थियों के लिए पहली खुराक लगाने की समय सीमा भी नौ जुलाई, 2021 तक बढ़ा दी गई है। उन्होंने श्रेणी-ए के सभी लाभार्थियों से आग्रह किया है कि वे उपरोक्त रणनीति के आधार पर ही अपना टीकाकरण करवाएं।
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एल. नारायण स्वामी के सेवानिवृत होने के उपलक्ष्य में विदाई समारोह के अंतर्गत फुल कोर्ट रेफरेंस का आयोजन किया गया। न्यायमूर्ति एल. नारायण स्वामी का जन्म 01 जुलाई, 1959 को कर्नाटक के जिला शिवमोगा के भद्रावती में हुआ। इन्होंने प्रारम्भिक शिक्षा पेपर टाउन भद्रावती से प्राप्त की। इन्होंने बी.बी.एस. महाविद्यालय शिवमोगा से प्री युनिवर्सिटी शिक्षा तथा मैसूर विश्वविद्यालय से बी.ए. एल.एल.एम. की उपाधी प्राप्त की। वह वर्ष 1987 में कर्नाटक राज्य बार काउंसिल बैंगलूरू में अधिवक्ता के रूप में नामांकित हुए। इन्होंने उच्च न्यायालय में रिट याचिका, सेवा मामलों, भूमि सुधार व राजस्व और जनहित याचिका आदि विषयों में उल्लेखनीय कार्य किया। उन्होंने 1995 से 1999 तक उच्च न्यायालय में सरकार के अधिवक्ता के रूप में कार्य किया। वह 4 जुलाई, 2007 को कर्नाटक उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किए गए और 17 अपै्रल, 2009 को स्थाई न्यायाधीश बने। वह 18 जनवरी, 2019 से 10 मई, 2019 तक कर्नाटक उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रहे तथा 6 अक्तूबर, 2019 को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बने। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्य न्यायाधीश हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय न्यायमूर्ति एल. नारायण स्वामी ने कहा कि उच्च न्यायालय के बार और रजिस्ट्री का अपेक्षाओं से अधिक सहयोग प्राप्त हुआ और उनके सहयोग के कारण वह प्रदेश के कानून और न्याय के विकास में योगदान दे पाए। उन्होंने सभी के समर्थन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि मलिमथ ने कहा कि न्यायमूर्ति एल. नारायण स्वामी ने अपने निर्णयों द्वारा महत्वपूर्ण योगदान दिया है। महामारी के दौरान लोगों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए भी इनके मार्गदर्शन में अविस्मरणीय कार्य किए गए। उन्होंने कहा कि इनके कार्यकाल में तीन विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट सृजित किए गए, जिसमें शिमला, रामपुर बुशैहर तथा नाहन शामिल हैं। सिविल जज थुनाग कोर्ट का लोकार्पण भी इन्होंने किया। इसके अतिरिक्त प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों में न्यायिक भवनों का निर्माण कार्य भी किया गया। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति एल. नारायण स्वामी समाज के गरीब व कमजोर वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रदेश सचिव प्रभारी संजय दत्त ने पार्टी नेताओं को लोगों की समस्याओं को दूर करने और पार्टी की नीतियों से लोगों को अवगत करवाने के लिए एक मुहिम के तौर पर चलाने को कहा है। उन्होंने कहा है कि भाजपा की जनविरोधी नीतियों से आज सभी परेशान है और अच्छे दिनों का सपनें, विदेशों से कालाधन वापस लाने और हर एक खाते में 15,15 लाख डालने जैसे झूठे वायदे कर सत्ता में बैठी भाजपा ने आज देश के लोकतंत्र को तार तार कर दिया है। उन्होंने कहा कि आज सरकार के विरुद्ध किसी को बोलने, या लिखने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तक नही है। जो सरकार के खिलाफ बोलने की कोशिश करता है उस पर देशद्रोह जैसे संगीन मामलें बनाए जा रहें है।इन सब का मुकाबला करने के लिए सभी पार्टी जनों को एकजुटता के साथ लोगों का साथ देना है, जिससे इस दमनकारी सरकार को सत्ता से बाहर किया जा सकें। आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में अपने सात दिवसीय दौरे के अंतिम पड़ाव पर एनएसयूआई, अल्पसंख्यक विभाग, इंटक, युवा कांग्रेस व सोशल मीडिया विभाग के पदाधिकारियों के साथ आयोजित बैठकों में संजय दत्त ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार चुनावों की तैयारियों में जुटी है। उन्होंने कहा कि कोरोना की इस महामारी में सरकार ने किसी भी वर्ग की कोई मदद नही की है। उन्होंने कहा कि वह आज ही शिमला, किन्नौर, लाहुल स्पीति, कुल्लू, मंडी जिलों का क्रमवार दौरा करके आये है। लोगों में कांग्रेस के प्रति उत्साह है, कार्यकर्ताओं में जोश है। इसी उत्साह और जोश के साथ सभी को आगे बढ़ना है। संजय दत्त ने कहा कि कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी ने साफ कर दिया है कि इस दमनकारी भाजपा सरकार से लोगों को जल्द मुक्ति दिलानी है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस लोगों की इस महामारी के दौर में हर प्रकार से मदद कर रही है जबकि भाजपा ओछी राजनीति कर देश को गुमराह कर रही है। दत्त ने कहा कि देश का किसान, बागवान आज नए कृषि कानूनों के विरोध में पिछले 6 महीनों से सड़कों में बैठा है।उन्होंने कहा कि देश मे बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी से आम लोग परेशान है।देश की अर्थव्यवस्था निम्न स्तर से भी नीचे चली गई है। भाजपा को देश की नही,केवल सत्ता की चिंता है, जिसने आज देश को बर्बाद कर दिया है। 70 सालों का हिसाब मांगने वाली भाजपा ने आज 7 सालों में देश की आधे से ज्यादा संपति को या तो गिरवी रख दिया है या फिर बेच दिया है। दत्त ने कहा कि अब भाजपा का पाप का घड़ा भर चुका है, लोगों ने इसे बाहर करने का मन बना लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस को तीनों उपचुनाव जितने है और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में भी जीत हासिल करनी है।इसके लिए अभी से सभी पार्टी के अग्रणी संगठनों, विभागों के पदाधिकारियों को अपने कार्यकर्ताओं के साथ पूरे तालमेल के साथ मैदान में उतरना है। इससे पूर्व दत्त ने उपायुक्त कार्यालय के समक्ष युवा कांग्रेस व एनएसयूआई के छात्रों के समर्थन में किये जा रहें धरना प्रदर्शन में शामिल होकर उनकी मांगों का पुरजोर समर्थन किया।
वामपंथी पार्टियों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर सीपीआईएम ने हिमाचल प्रदेश के जिला व ब्लॉक मुख्यालयों पर भारी महंगाई के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किए। ये प्रदर्शन शिमला, रामपुर, रोहड़ू, ठियोग, निरमण्ड, टापरी, कुल्लू, सैंज, आनी, मंडी, जोगिंद्रनगर, सरकाघाट, करसोग, छतरी, बालीचौकी, धर्मशाला, चम्बा, नाहन, ऊना, हमीरपुर व सोलन आदि में हुए। शिमला में पार्टी कार्यकर्ता डीसी ऑफिस शिमला पर एकत्रित हुए व जोरदार नारेबाजी की। इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने लोअर बाजार होते हुए नाज चौक शिमला तक भारी महंगाई के खिलाफ रैली निकाली।नाज चौक पर हुई जनसभा को डॉ ओंकार शाद, डॉ कुलदीप तंवर, विजेंद्र मेहरा, जगत राम, सत्यवान पुंडीर, बाबू राम, रमन थारटा, अनिल ठाकुर, कविता कंटू व रॉकी ने सम्बोधित किया। पार्टी राज्य सचिव डॉ ओंकार शाद ने प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश में महंगाई आसमान छू रही है। कोरोना काल में ऑक्सफेम की रिपोर्ट के अनुसार 97 प्रतिशत जनता के आय के साधन कम हुए हैं। ऐसे में सरकार को सभी व्यक्तियों को 10 किलो मुफ्त राशन प्रतिमाह देना चाहिए था। डिपुओं में सस्ते राशन की सुविधा मिलनी चाहिए थी। इस समय आयकर मुक्त व्यक्तियों को 7500 रुपये मासिक आर्थिक मदद सुनिश्चचित करनी चाहिए थी। परन्तु सरकार ने कोरोना काल में उपजी भारी बेरोज़गारी व गरीबी में जनता पर भारी महंगाई थोप दी। मई से लेकर अब तक 22 बार पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि हो चुकी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें घटने के बावजूद भी देश में पेट्रोल व डीज़ल की कीमतें आज तक के इतिहास में सबसे ऊंचे स्तर पर हैं। इस से एक तरफ दोपहिया व चार पहिया वाहनों का इस्तेमाल करने वालों पर भारी मार पड़ी है वहीं दूसरी ओर इस से खाद्य वस्तुओं की कीमतों में भारी वृद्धि हो गयी है। खाद्य वस्तुएं जनता की पहुंच से बाहर हो गयी हैं। खाने के तेल,दालों व अन्य वस्तुओं की कीमतों में बाज़ार व राशन के डिपुओं में भारी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीज़ल में प्रति लीटर पर 53 रुपये एक्साइज डयूटी व वैट के रूप में वसूले जा रहे हैं जोकि कुल कीमत का लगभग साठ प्रतिशत है। उन्होंने मांग की है कि पेट्रोल डीजल पर एक्साइज डयूटी व वैट की दर घटाई जाए। उन्होंने रसोई गैस के सिलेंडर में सब्सिडी बढाने व खाद्य वस्तुओं की कीमतों में कटौती करने की मांग की। उन्होंने कहा है कि केंद्र व प्रदेश सरकार की नवउदारवादी पूँजीपतिपरस्त व गरीब विरोधी नीतियों के कारण महंगाई चरम पर पहुंच चुकी है। रसोई गैस की कीमत भी बेतहाशा बढ़ चुकी है। गैस सिलेंडर की कीमत 906 रुपये तक पहुंच गई है। पेट्रोल की कीमत 96 से 100 रुपये व डीज़ल की कीमत 88 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। सरसों का तेल बाजार में 180 रुपये व डिपुओं में 160 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। डिपुओं में दालों की कीमतों में हाल फिलहाल 10 रुपये की वृद्धि की गई है। पिछले महीने की अपेक्षा इस महीने डिपुओं में आटा की मात्रा 14 किलो से घटाकर 11 किलो प्रति कार्ड कर दी गयी है। इस से जनता भारी परेशानी में हैं। प्रदेश में इस कारण सुजानपुर, हमीरपुर व कांगड़ा में आत्महत्याएं तक हुई हैं। उन्होंने मांग की है कि पेट्रोल, डीज़ल व खाद्य वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित किया जाए व इसमें कटौती की जाए। उन्होंने रसोई गैस पर सब्सिडी बढाने की मांग की है। उन्होंने कालाबाजारी, जमाखोरी व मुनाफाखोरी रोकने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम को बहाल करने की मांग की है। उन्होंने राशन डिपुओं में दालों,तेल व खाद्य वस्तुओं की कीमतों में की गयी वृद्धि को वापिस लेने की मांग की है।
एचआरटीसी के पीस मिल कर्मचारियों के लिए बीओडी में कोई चर्चा नहीं की गयी। परिवहन मंत्री के द्वारा केवल यह कहा गया कि जब कभी लॉकडाउन लगेगा तो ₹275 हर दिन के अनुसार कर्मचारियों को दिया जायेगा। इसके अलावा कर्मचारियों को काम के अनुसार पैसे मिलते हैं वो पैसे मिलते रहेंगे। पीस मिल कर्मचारियों का भविष्य दाव पर लगा है। इनमे से अधिकतर की उम्र 45 साल से पार हो गई है। 410 पीस मिल कर्मचारी 2017 से पहले रेगुलर हो चुके हैं लेकिन वर्तमान सरकार बाकि कर्मचारियों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। प्रदेश के 28 डिपो में एचआरटीसी की बसों की मरम्मत करने वाले यह कर्मचारी बहुत ही दुविधा में है की वह कब कॉन्ट्रैक्ट बेसिस से रेगुलर होंगे। बीओडी में इनको एआस्थी की कुछ कर्मचारियों को जरूर अनुबंध में लिया जाएगा जो पांच-छह वर्षो से नीति चली आ रही है जिसमे आईटीआई होल्डर को 5 साल और जो विनायक है कि उन्हें 6 साल के बाद अनुबंध में लिया जाता है मगर इस बीओडी में भी इन कर्मचारियों को निराशा ही हाथ लगी है। वर्तमान सरकार से कर्मचारियों को उम्मीद थी लेकिन उन्हें एक बार फिर निराशा हाथ लगी।
बाल विकास परियोजना अधिकारी शिमला (शहरी) ममता पाॅल ने जानकारी देते हुए बताया कि महिला एवं बाल विकास हिमाचल प्रदेश के अंतर्गत बाल विकास परियोजना शिमला (शहरी) के अधीनस्थ संचालित किए जा रहे आंगनबाड़ी केन्द्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा सहायिका के रिक्त पदों को साक्षात्कार द्वारा भरने के लिए 29 जून, 2021 को गठित चयन समिति द्वारा साक्षात्कार के आधार पर आंगनबाड़ी केन्द्र भगवती नगर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर सुषमा पत्नी मेला राम निवासी हरि नन्द कलौनी, भगवती नगर झंझीड़ी, शिमला, टूटू में सहायिका के पद पर ललिता कौर पत्नी अशोक कुमार निवासी गर्ग निवास सन व्यू काॅटेज एयरपोर्ट रोड लोअर टूटू शिमला तथा चलौंठी में सहायिका पद के लिए तनु कुमारी पत्नी सरबजीत निवासी पांडा बिल्डिंग चलौंठी शिमला को इन आंगनबाड़ी केन्द्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा सहायिका के पदों पर चयनित किया गया है।
Chief Minister Jai Ram Thakur while addressing the National Webinar on Realization of Mission Natural Farming among Smallholders' organized by the State Project implementing Unit, Prakritik Kheti Khushhal Kisan Yojna of Department of Agriculture, from Shimla today said that the State was promoting natural farming in a big way so as to double the income of the farmers by end of 2022. Jai Ram Thakur said that in order to promote natural farming in the State, the State Government was implementing Prakritik Kheti Khushhal Kisan Yojna. He said that this would not only boost yield of the crops but also reduce farming inputs in a big way. He said that Subhash Palekar Natural Farming was emerging a favourite for agricultural practices to reduce farmers direct cost while boosting yields and farm health through the use of non-synthetic inputs sourced locally. Chief Minister said that NITI Aayog has also appreciated the steps taken by the State Government for promoting natural farming in the State. He said that during the first budget presented by the State Government in 2018, a provision of Rs. 25 crore was made to promote natural farming. He said that this would go a long way in realizing the dream of Prime Minister Narendra Modi to double the farmers' income by 2022. Jai Ram Thakur said that the State Government was endeavouring to motivate all the 9.61 lakh farmers of the State to adopt natural farming so that Himachal could become a natural farming State of the country. He said that as many as 1.28 lakh farmers have already been trained in natural farming and were motivating other to adopt the same. He said that it was matter of satisfaction that Himachal Pradesh has emerged as model State in the sector for bigger States of the country. Chief Minister said that the land holdings in the State were limited and most of the farmers falls under small and marginal category. He said that the natural farming not only yields better crops but also fetch good prices to the farmers. Jai Ram Thakur said that Himachal Pradesh was known as Apple Bowl of the country but the over use of chemical fertilizers by apple growers was matter of concern. He said that fortunately more and more apple growers were now adopting natural farming which was fetching them good prices of their produce. He said that the Government was also endeavouring to evolve a mechanism for certification of natural products so that they could be better prices of their produce. Agriculture Minister Virender Kanwar said that the Subhash Palekar Natural Farming was being promoted in the State in a big way. He said that natural farming was not only beneficial to the farmers but also environmental friendly. Vice Chairman NITI Aayog Dr. Rajiv Kumar appreciated the efforts of the Chief Minister Jai Ram Thakur in promoting natural farming in the State. He said that NITI Aayog would provide all possible help to the State in promotion of natural farming. He said that data must also be prepared regarding farmers adopting natural farming and impact on their economy. Padamshri Subhash Palekar virtually detailed various benefits of natural farming over chemical and organic farming. Secretary Agriculture Dr. Ajay Sharma presented vote of thanks. State Project Director Rakesh Kanwar welcomed the Chief Minister and conducted the proceedings of the Webinar. Additional Chief Secretary J.C. Sharma and Executive Director Prakritik Kheti Khushhal Yojna Rajeshwar Singh Chandel were present with the Chief Minister at Shimla while Senior Advisor NITI Aayog Dr. Neelam Patel and progressive farmers of the Stated joined the event virtually.
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां कृषि विभाग की प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना की राज्य परियोजना क्रियान्वयन इकाई द्वारा रिलायलाइजेशन ऑफ मिशन नैचुरल फार्मिंग अमंग स्माॅलहोल्डर्ज विषय पर आयोजित राष्ट्रीय वैबिनार को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि वर्ष 2022 के अन्त तक किसानों की आय को दोगुना किया जा सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना का क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल फसलों की पैदावार बढ़ेगी बल्कि किसानों की लागत में भी कमी आएगी। किसानों की लागत को कम करने में सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती पद्धति उभर कर सामने आई है। इस पद्धति के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पदार्थों का उपयोग करके पैदावार उपज और कृषि स्वास्थ्य को बढ़ावा दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों की नीति आयोग ने सराहना की है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए पहले बजट में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया था। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के सपने को साकार करने में सहायक सिद्ध होगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी 9.61 लाख किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने का प्रयास कर रही है ताकि हिमाचल देश का प्राकृतिक कृषि प्रदेश बन सके। उन्होंने कहा कि 1.28 लाख किसान पहले से ही प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं और वे अन्य लोगों को भी इसे अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सन्तोष का विषय यह है कि हिमाचल प्रदेश देश के बड़े राज्यों में इस क्षेत्र में आदर्श राज्य बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश मंे कृषि योग्य भूमि सीमित है और अधिकतर किसान लघु और सीमान्त श्रेणी में आते हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से न केवल अच्छी पैदावार मिलती है बल्कि किसानांे को भी अच्छे दाम मिलते है। जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देश में सेब राज्य के रूप में भी जाना जाता है, परन्तु सेब उत्पादकों द्वारा रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग चिन्ता का विषय है। उन्होंने कहा कि सौभाग्यवश अधिक से अधिक सेब उत्पादक अब प्राकृतिक खेती को अपना रहे हैं, जिससे उन्हें अपने उत्पादों के अच्छे दाम मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्राकृतिक उत्पादों के प्रमाणीकरण करने के लिए एक तंत्र विकसित करने का भी प्रयास कर रही है ताकि वे अपने उत्पादों का अच्छा मूल्य प्राप्त कर सके। कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि राज्य में सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल किसानों के लिए लाभदायक है, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष डाॅ. राजीव कुमार ने राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि नीति आयोग प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य को हर संभव सहायता प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों और उनकी आर्थिकी पर होने वाले प्रभावों के संबंध में भी डाटा तैयार किया जाना चाहिए। पद्मश्री सुभाष पालेकर ने रासायनिक और जैविक खेती की जगह प्राकृतिक खेती करने से होने वाले विभिन्न लाभों के बारे में वर्चुअली माध्यम से विस्तृत जानकारी प्रदान की। कृषि सचिव डाॅ. अजय शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। राज्य परियोजना निदेशक राकेश कंवर ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और वैबिनार की कार्यवाही का संचालन किया। अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. शर्मा और कार्यकारी निदेशक प्राकृतिक खेती खुशहाल योजना राजेश्वर सिंह चंदेल मुख्यमंत्री के साथ शिमला में उपस्थित थे, जबकि नीति आयोग के वरिष्ठ सलाहकार डाॅ. नीलम पटेल और राज्य के प्रगतिशील किसान इस कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
कृषि विभाग एवं राज्य परियोजना कार्यान्वयन इकाई द्वारा प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के अंतर्गत किसानो की आय को दोगना करने के उद्देश्य को साकार करने के लिए व उन्हें स्वावलंबी बनाने के मकसद से विचार विमर्श के लिए 30 जून 2021 को वर्चुअल मोड के माध्यम से मिशन प्राकृतिक खेती पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया I एकदिवसीय संगोष्ठी में सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश के किसान-बागवान भी जुड़ें I यह संगोष्ठी कृषि सचिव, डॉ. अजय शर्मा के स्वागत भाषण से शुरू हुई और उसके बाद कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर तथा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर किसान-बागवान बंधुओं को संबोधित किया और जिला कांगड़ा की प्राकृतिक खेती मार्गदर्शिका का बिमोचन भी इस अफसर पर किया गया जो कि प्राकृतिक खेती अपना रहे किसानो के लिए काफी लाभप्रद सिद्ध होगी इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तोर में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शिरकत की साथ ही डॉ राजीव कुमार उपाध्यक्ष नीति आयोग भारत सरकार विशेष रूप में उपस्थित रहें I कार्यक्रम में पदम सुभाष पालेकर भी उपस्तिथ रहे उन्होंने प्राकृतिक खेती के बारे में लघु किसानों को प्राकृतिक खेती से होने वाले गुणो के बारे में संबोधित किया तथा विधि के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस संगोष्ठी में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्यसचिव जेसी शर्मा ने भी अपना अनुभव साझा करा । उक्त वेबिनार में कांगड़ा जिले की सभी 811 पंचायतों से लगभग 16,268 कृषको ने भाग लिया जिसमें 10258 महिलाए तथा 6010 पुरुष ने भाग लिया 3 साल पहले राज्य में ‘प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान’ योजना शुरू की गई जिसमें जिला कांगड़ा में अभी तक प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के अंतर्गत लगभग 30,000 किसानो को प्रशिक्षित किया गया है जिसमें 29,350 किसान 764.11 हैक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती द्वारा फल-सब्जी व खाद्यान्न का उत्पादन किया जा रहा है। प्राकृतिक खेती कर रहे 5368 किसानो को ऑन-फार्म इनपुट जनरेशन में (प्लास्टिक ड्रम ) दिये गए है तथा 450 किसानो की गोशाला की परत (Lining of Cowshed) दिया गया है 146 प्राकृतिक खेती संसाधन भंडार जिला कांगड़ा में सचारु रूप से काम में लगे हैं और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए 73 देसी गाय पर अनुदान दिया गया है वर्ष 2021-22 में जिला कांगड़ा में प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के अंतर्गत ग्राम स्तर पर 2 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा जिसमें लगभग 540 प्रशिक्षण कार्येकर्म आयोजन किया जाएगा जिसमें 11,000 किसानो प्रशिक्षण कार्येकर्म को प्रशिक्षित किया जाएगा I 75 प्रभावशाली किसानो के खेत पर प्रदर्शन प्लाट लगाए जाएगे I 1575 स्कूली बच्चों के लिए जागरूकता कार्यक्रम करवाए जाएंग्ये जिसमें 'सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती की महतबा बताई जाएगी और हिमाचल सरकार प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत देसी गाय की खरीद पर 50 प्रतिशत अनुदान दे रही है। इसके अतिरिक्त आदान निर्मिति के लिए ड्रम खरीद, गौशाला के नालीकरण एवं संसाधन भंडार खोलने के लिए भी प्रदेश सरकार की ओर से किसानों को अनुदान राशि दी जा रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान-बागवान इस कम लगात वाली, मौसम के अनुकूल और स्थानीय संसाधन आधारित खेती से जुड़ सकें। प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती का विस्तार कर हिमाचल को प्राकृतिक राज्य के रूप में पहचान दिलवाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।
जिला युवा सेवा एवं खेल अधिकारी शिमला राकेश धौटा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला युवा सेवा एवं खेल कार्यालय शिमला में नोडल क्लब योजना के तहत वर्ष 2019-21 की अवधि जुलाई, 2021 में समाप्त हो रही है व वर्ष 2021-23 के लिए प्रत्येक विकासखण्ड में नोडल क्लबों व युवा स्वयंसेवियों एवं जिला मुख्यालय का चयन किया जाना प्रस्तावित है। जिसके लिए प्रत्येक विकास खण्ड में आवेदन प्राप्त नहीं हुए है, इसके लिए आवेदन 09 जुलाई, 2021 तक बढ़ा दी गई है। उन्होंने बताया कि 09 जुलाई, 2021 से पहले अपना आवेदन अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में जमा कर सकते है, युवा सेवा एवं खेल विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा पिछले कई वर्षों से सभी जिलों में नोडल क्लब योजना चलाई जा रही है, इस योजना के अंतर्गत जिलों के सभी विकास खण्डों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवा मण्डल को नोडल क्लब के रूप में चयनित किया जाता है, जिसके अंतर्गत उस युवा मण्डल को 2 वर्ष तक सांस्कृतिक तथा खेल सामग्री प्रदान की जाती है व चयनित नोडल क्लब के एक उत्कृष्ट युवा को सामाजिक, खेल तथा सांस्कृतिक गतिविधियों को चलाने के लिए युवा स्वयंसेवी के रूप में चयनित किया जाता है। उन्होंने बताया कि युवा स्वयं सेवी चयन में उन युवाओं/युवतियों को प्राथमिकता दी जाएगी जो निम्न लिखित शर्तों को पूरा करते हो :- -जैसे ब्लाॅक स्तर पर रखे गए युवा स्वयंसेवी की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दस जमा दो या इसके समकक्ष होनी चाहिए -उसकी आयु 31 मार्च, 2021 को 28 वर्ष से कम होनी चाहिए -वह पंजीकृत क्लब का कर्मठ सदस्य होना चाहिए -युवा स्वयंसेवी का चयन किसी विशेष जाति, वर्ग व लिंग के आधार पर नहीं किया जाएगा -नियमित छात्र एवं वे युवा जो किसी अस्थाई या अंशकालीक सेवा में हो, वो युवा स्वयंसेवी के चयन के लिए योग्य नहीं होंगे तथा उक्त युवा स्वयंसेवी को दो वर्ष के लिए अनुबंधित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यदि इस अवधि के दौरान कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया तो उसकी सेवा को 15 दिन के नोटिस पर उपयुक्त रूप से सचेत किए जाने के पश्चात समाप्त किया जा सकेगा, उनका ये पूर्ण कार्य स्वैच्छिक सेवा के रूप में माना जाएगा। ब्लाॅक स्तर पर रखे गए युवा स्वयंसेवी 3 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय के रूप में दिए जाएंगे। इस पद पर रहते हुए उन्हें युवा एवं खेल विभाग के समस्त कार्यक्रम व गतिविधियों के अतिरिक्त हिमाचल सरकार द्वारा अन्य विभागों के माध्यम से चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के कार्यन्वयन में तथा समाज सेवा के क्षेत्र में स्वैच्छिक रूप से योगदान देना होगा। युवा स्वयंसेवी उसी विकासखंड का स्थाई निवासी होना चाहिए जिस विकासखंड से वह आवेदन कर रहा है। किसी अन्य संबंधित गतिविधियों की विशेष उपलब्धियों को भी आवेदन पत्र के साथ संलग्न करें। उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय पर रखे जाने वाले यूथ वाॅलेंटियर की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक होनी चाहिए तथा वह कम्प्यूटर में दक्ष होना चाहिए। जिला मुख्यालय पर रखे जाने वाले यूथ वाॅलेंटियर को 6 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय के रूप में दिया जाएगा। वह पंजीकृत क्लब का कर्मठ सदस्य होना चाहिए। उन्होंने बताया कि नोडल क्लब उसी क्लब को बनाया जाएगा जो हिमाचल प्रदेश सोसायटी अधिनियम के अधीन पंजीकृत हो। नोडल क्लब के तौर पर उसी क्लब को चुना जाएगा जो विभागीय गतिविधियों व सामाजिक कार्यों में भाग लेता हो व अपने क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रहा है। नोडल क्लब का चयन दो वर्ष के लिए किया जाएगा। नोडल युवा क्लब की मान्यता को उक्त क्लब के सदस्यों के आपत्तिजनक व्यवहार के कारण समाप्त किया जा सकता है। सरकार विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने के कारण भी नोडल युवा क्लब की मान्यता रद्द किया जा सकता है। इच्छुक पार्थी एवं क्लब जो उपरोक्त शर्तों को पूरा करते हो वह अपना आवेदन 09 जुलाई, 2021 तक जिला युवा सेवा एवं खेल कार्यालय शिमला में कर सकता है। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय के दूरभाष नम्बर 0177-2803981 पर सम्पर्क करें।
भाजपा सेमी वर्चुअल प्रदेश कार्यसमिति की बैठक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप की अध्यक्षता में प्रारंभ हुई, बैठक में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर उपस्थित रहे । इसी के साथ बैठक में भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह, प्रभारी अविनाश राय खन्ना, सह प्रभारी संजय टंडन, केंद्रीय राज्य वित्त मंत्री अनुराग ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार एवं प्रो प्रेम कुमार धूमल वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
शिमला नगर निगम के अंतर्गत जितनी भी महान विभूतियों की प्रतिमाएं स्थापित हुई है भाजपा ने उन मूर्तियों को सफाई करने का विशेष अभियान चलाया है यह निर्देश भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने जिला शिमला की बैठक जो कि पीटरहॉफ में हुई थी उसमें जारी किए थे। आज रिज मैदान शिमला पर राष्ट्र पिता महात्मा गांधी की प्रतिमा की सफाई की गई इस अभियान में भाजपा जिला अध्यक्ष रवि मेहता, भाजपा सह मीडिया प्रभारी करण नंदा, भाजपा कोषाध्यक्ष संजय सूद, मंड़ल अध्यक्ष राजेश शारदा, मंडल महामंत्री गगन लखनपाल, विभूति डडवाल, सुदीप, जगजीत सिंह राजा, हितेश शर्मा, अनिता सूद, चंद्रशेखर, युवा मोर्चा से अजय चौहान, तरुण राणा, रमा, अंजना शर्मा, राहुल, सत्य प्रकाश, श्याम शर्मा उपस्थित थे। इससे पूर्व में अटल बिहारी वाजपेई, भीम राव अम्बेडकर एवं लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमाओं की सफाई हो चुकी है। भाजपा जिला शिमला के अध्यक्ष रवि मेहता ने बताया कि जिस प्रकार से आज महात्मा गांधी की प्रतिमा की सफाई हुई है उसी प्रकार आने वाले समय में 1 जुलाई को इंदिरा गांधी की प्रतिमा, 2 जुलाई को लाल बहादुर शास्त्री, 3 जुलाई को रानी झांसी, 4 जुलाई को डॉ यशवंत परमार और 5 जुलाई को जनरल दौलत सिंह की प्रतिमा की सफाई की जाएगी। इन सभी कार्यक्रमों के लिए प्रभारी नियुक्त किये गए है जो अपने अपने कार्यक्रमों की चिंता करेंगे। भाजपा सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा ने कहा कि कांग्रेस छोटी छोटी बातों पर राजनीति करती है पर भाजपा राजनीति से ऊपर उठकर जनहित मे कार्य करती है। भाजपा एक कार्यकर्ता आधारित राजनीतिक दल है जो समाज के एकत्रीकरण एवं शशक्तिकरण के उद्देश्य से काम करता है। यह सफाई अभी इस बात का बड़ा उद्धरण है।
परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ने हिमाचल सड़क परिवहन निगम के निदेशक मण्डल की बैठक की अध्यक्षता करते हुए निगम की कार्य प्रगति की समीक्षा की और कार्यों की प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए समर्पण के साथ करने पर बल दिया। उन्होंने एचआरटीसी के तहत किए जा रहे कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि कोरोना महामारी के इस समय में निगम प्रतिबद्धता और समर्पण की भावना से लोगों को अपनी सेवाएं दे रहा है। परिवहन मंत्री ने कहा कि लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 1 जुलाई से 317 अंतरराज्यीय बसें शुरू की जाएंगी। इनमें 15 वाॅल्वो बसें, चार डीलक्स और 298 साधारण बसें शामिल होंगी। अंतरराज्यीय बसों में कोविड-19 दिशा-निर्देशों का पालन भी सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि नौ वर्ष पूरे करने वाली और जीरो बुक वैल्यू बसों को अनुपयोगी घोषित करने की सिफारिश की जाएगी। बसों की संख्या को बनाए रखने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के दृष्टिगत जल्द ही नई बसों की खरीद की जाएगी। परिवहन मंत्री ने कहा कि 86.15 करोड़ रुपये की लागत से कुल 205 डीजल बसें खरीदी जाएंगी। इनमें 115 सामान्य 47 सीटर बसें, 30 सामान्य 37 सीटर बसें, 50 एसी बसें, पांच एसी सुपर लग्जरी बसें और चम्बा जिले के भरमौर के लिए पांच टेम्पो ट्रेवलर शामिल हैं। बिक्रम सिंह ने कहा कि ऊना बस स्टैंड में व्यावसायिक परिसर व पार्किंग का निर्माण कार्य आरम्भ किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को एचआरटीसी और परिवहन विभाग के तहत सुविधाओं के उन्नयन और सुधार कार्य के लिए शिमला और धर्मशाला में स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के तहत धन का उपयोग करने का सुझाव दिया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शिमला के टुटीकंडी, कांगड़ा, चिंतपूर्णी और ऊना बस अड्डों की पीपीपी आधार की परियोजनाओं के लाभार्थियों को वार्षिक रियायत शुल्क में राहत दी जाएगी। यह राहत कोविड-19 की पहली लहर के दौरान वार्षिक रियायत शुल्क पर लागू होगी। नगरोटा बगवां में बस स्टैंड प्रबंधन एवं विकास प्राधिकरण के सिविल विंग को फिर से खोला जाएगा और विंग में तकनीकी कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा। बिक्रम सिंह ने कहा कि क्षेत्रों के लोगों की सुविधा के लिए जिला मंडी के धर्मपुर और जोगिन्द्रनगर बस डिपो को शीघ्र कार्यशील किया जाए। इसके अलावा जिला मण्डी के जंजैहली में बस सब-डिपो के लिए कार्योत्तर स्वीकृति भी प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिले के संसारपुर में नया बस स्टैंड कार्यशील किया जाएगा। कांगड़ा के बैजनाथ और जसूर में पीपीपी मोड पर बस अड्डों का निर्माण किया जाएगा। बैठक में बस स्टैंड बिलासपुर के आधुनिकीकरण के अलावा स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत कांगड़ा जिले की धर्मशाला और शिमला जिले की ढल्ली में एचआरटीसी की कार्यशालाओं का आधुनिकीकरण करने का निर्णय भी लिया गया। इससे पूर्व हिमाचल पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार ने परिवहन मंत्री का स्वागत किया और बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। एचआरटीसी के निदेशक मण्डल के उपाध्यक्ष विजय अग्निहोत्री ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा नुकसान एचआरटीसी और पर्यटन विभाग को हुआ है। उन्होंने निदेशक मण्डल की नियमित बैठकें आयोजित करने का सुझाव दिया ताकि एचआरटीसी से सम्बन्धित मुद्दों का शीघ्र समाधान किया जा सके। अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन राम सुभग सिंह, निदेशक परिवहन अनुपम कश्यप सहित निदेशक मण्डल के अन्य सरकारी एवं गैर सरकारी सदस्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज राज्य में अवैध खनन सम्बन्धी गतिविधियों से जुड़े मुद्दों पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को राज्य में अवैध खनन करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि ऊना जिला की स्वां नदी और जिला कांगड़ा का मंड क्षेत्र अवैध खनन की दृष्टि से अधिक संवेदनशील है। राज्य सरकार ने खनिज ढुलाई और अवैध खनन को रोकने के लिए ऊना जिला के गगरेट, पंडोगा, बठेरी, पुलियान और मैहतपुर में पांच पड़ताल चैकियां स्थापित की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नगर निगम/समितियों के अधिकार क्षेत्र के दो किलोमीटर के दायरे और नगर पंचायत के एक किलोमीटर दायरे में सम्बन्धित निगम/समिति से अनापत्ति प्रमाण-पत्र के बिना खनन पट्टे को अनुमति नहीं देने का निर्णय लिया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार के सीमावर्ती क्षेत्रों में और अधिक खनन पड़ताल चैकियां स्थापित करने पर विचार करेगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग राम सुभग सिंह ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि अवैध खनन को रोकने और वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित खनन सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। पुलिस महानिदेशक संजय कुण्डू ने कहा कि अवैध खनन के मामलों से निपटने के लिए पुलिस अधिकारियों को अधिक कानूनी शक्तियां प्रदत्त की जाएंगी। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह, मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार और जे.सी. शर्मा, प्रधान सचिव के.के. पन्त, निदेशक उद्योग राकेश प्रजापति और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की उपस्थिति में मंगलवार को प्रदेश सरकार तथा मैसर्ज एसएमपीपी प्राइवेट इण्डिया लिमिटेड के बीच प्रदेश में टैंक और तोपों के लिए एम्यूनिशन निर्माण इकाई स्थापित करने के लिए 5000 करोड़ रुपये का समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षरित किया गया। प्रदेश सरकार की ओर से निदेशक उद्योग राकेश प्रजापति तथा मैसर्ज एसएमपीपी प्राइवेट इण्डिया लिमिटेड की ओर से प्रबंध निदेशक डाॅ. एस.सी. कांसल ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस औद्योगिक परियोजना से लगभग 8500 लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोज़गार मिलेगा। समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर समारोह के अवसर पर उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. शर्मा, संयुक्त निदेशक उद्योग नरेश शर्मा, मैसर्ज एसएमपीपी प्राइवेट इण्डिया लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक आशीष कांसल तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, सासंद प्रतिभा सिंह व शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह ने सिरमौर जिला के शिलाई में हुई एक सड़क दुर्घटना में 10 लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक प्रकट किया है। कांग्रेस नेताओं ने दिवंगत आत्मओं की शांति की प्रार्थना भगवान से करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। वीरभद्र सिंह ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को हर संभव आर्थिक सहायता देने को कहा है। उन्होंने कहा है कि इस प्रकार की सड़क दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए कड़े कदम उठाए जाने चाहिए।
हिमाचल प्रदेश NSUI व युवा कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पिछले लंबे समय से NSUI व युवा कांग्रेस लगातार UG की परीक्षाओ मे सुरक्षा को लेकर वैक्सीन के टीकाकरण के लिए प्रदेश सरकार से उचित प्रबंध करने की मांग कर रही थी, जिसके बाद 28 और 29 जून को विशेष टीकाकरण का नियोजन किया गया, लेकिन प्रेस वार्ता मे NSUI प्रदेश अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर ने टीकाकरण के नाम पर खानापूर्ति का आरोप प्रदेश सरकार पर लगाया, उन्होंने बताया की प्रदेश सरकार की प्रशासन पर पकड़ नही है बहुत सारे महाविद्यालय मे वैक्सीन का टीका लगाने का कोई प्रावधान प्रदेश सरकार के निर्देशों के बावजूद भी नही किया गया, उन्होंने टीकाकरण की नीति पर प्रदेश सरकार को लताड़ लगाई और कहा की प्रदेश सरकार को छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए | वही युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष निगम भंडारी ने बताया की बीते दिनों NSUI व युवा कांग्रेस ने ट्विटर पर अभियान #PramoteHPUStudentWithoutVaccination चलाया था जिसमे प्रदेश महाविद्यालय के छात्रों ने एक लाख पचास हज़ार tweet अभियान के समर्थन मे किए | वही प्रेस वार्ता के दौरान नेगी निगम भंडारी ने बताया की सभी Hpu, Hptu, Hptsb के प्रथम व द्वितीय सत्र के विद्यार्थीयो को प्रमोट किए जाने और अंतिम सत्र के विद्यार्थीयो की online परीक्षाएं करवाने का निवेदन प्रदेश सरकार से किया। प्रेस वार्ता के बाद शिमला मे उपायुक्त कार्यालय के बाहर युवा कांग्रेस व NSUI के कार्यकर्ता दो दिन की संकेतिक भूख हड़ताल पर बैठे जिसमे पहले दिन युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी, युवा कांग्रेस सोशल कोऑर्डिनेटर ज्यवर्धन खुराना, NSUI के प्रदेश अध्यक्ष छत्तर ठाकुर, रजत राणा हड़ताल पर बैठे वही इस मौके पर युवा कांग्रेस लीगल सेल चेयरमैन प्रशांत सैन प्रदेश महासचिव ऋतिका ठाकुर, शिमला शहरी अध्यक्ष अंकुश, उपाध्यक्ष संदीप चौहान, NSUI प्रदेश महासचिव यासीन बट्ट, मोहित ठाकुर, नितन, सूरज जोंगा आदि उपस्थित रहे |
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने मंगलवार को कहा कि श्रेणी-बी यानी 18-44 वर्ष के आयु वर्ग के लाभार्थियों के लिए 30 जून, 2021 को आयोजित किए जाने वाले टीकाकरण सत्र रद्द कर दिए गए हैं और इस श्रेणी के टीकाकरण के लिए जुलाई माह के लिए नई रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि 30 जून, 2021 को केवल श्रेणी-ए के लाभार्थी यानि 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के कोविशील्ड की पहली व दूसरी खुराक के लिए सभी पात्र लाभार्थी, भारत सरकार द्वारा नामित स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ता और अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली व दूसरी खुराक लगाने और हिमाचल सरकार द्वारा अधिसूचित सभी प्राथमिकता समूह वाले लाभार्थियों को कोविड-19 टीकाकरण की पहली व दूसरी खुराक लगाने के लिए टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने मंगलवार को कहा कि जो लोेग शिक्षा के उद्देश्य या फिर टोक्यो ओलंपिक खेलों में भाग लेने वाले भारतीय दल का हिस्सा हैं और विदेश यात्रा करने के इच्छुक हैं, वे कोविड वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र के लिए कोविन पोर्टल पर अपने पासपोर्ट विवरण को अपडेट कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान विदेश यात्रा करने के इच्छुक लोगों को देश और देश से बाहर यात्रा के दौरान सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में किसी प्रकार की जानकारी हासिल करने के लिए ऐसे लोग स्वास्थ्य मंत्रालय की विशेष हेल्पलाइन सेवाओं का भी उपयोग कर सकते हैं, जो 01123978046, ncov2019@gmail.कॉम और ncov2019@gov.in पर उपलब्ध है।
शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज की अध्यक्षता में मंगलवार को स्वर्णिम हिमाचल प्रदेश दृष्टि पत्र-2017 के कार्यान्वयन के लिए गठित मंत्रिमण्डल की उप-समिति की बैठक आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस दृष्टि पत्र के कार्यान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। शहरी विकास विभाग से संबंधित दृष्टि पत्र के मुद्दों पर सुरेश भारद्वाज ने कहा कि शहरी विकास विभाग द्वारा ट्यूलिप योजना का कार्यान्वय किया जा रहा है, जिसके तहत चयनित विद्यार्थियों को इंटर्नशिप करवाई जा रही है। उन्होंने सभी सरकारी विभागों और जन प्रतिनिधि कार्यालयों में विद्यार्थियों के लिए फैलोशिप और इंटर्नशिप करवाने के लिए एक योजना तैयार करने के निर्देश दिए ताकि राष्ट्र निर्माण और विकास नियोजन प्रक्रिया में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने विभाग को शहरी स्थानीय निकायों में कचरे के निष्पादन के लिए योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जैविक, अजैविक एवं घरेलू हानिकारक कचरे को अलग-अलग कर निष्पादन की प्रणाली तैयार की गई है। प्रदेश में 47 स्थानीय निकायों में जैविक कचरा निष्पादन केन्द्र बनाए जा चुके हैं। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने उद्योग विभाग से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत देश में सातवें स्थान पर है, जो प्रदेश में व्यापार करने के लिए उपयुक्त परिस्थितियों तथा सुविधाओं की उपलब्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए धर्मशाला मेें 7 व 8 नवम्बर, 2019 को आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट के दौरान 96,721 करोड़ रुपये निवेश के 703 समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए गए। कुल 36 देशों के 200 प्रतिनिधियों ने इस मीट में भाग लिया। 13,656 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का पहला ग्राउंड बे्रकिंग समारोह भी आयोजित किया गया। प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए लैंड बैंक भी स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अवैध खनन की जांच व रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार ने उड़न दस्ते का गठन किया है। प्रदेश में अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए जुर्माना राशि को भी बढ़ाया गया है। स्टार्ट-अप योजना के तहत प्रदेश में 11 इन्क्यूबेशन केन्द्रों को स्थापित किया गया है। प्रदेश सरकार ने योजना के तहत 10 करोड़ रुपये के वेंचर कैपिटल फण्ड का प्रावधान किया है। ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करते हुए सुरेश भारद्वाज ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण विकास से ही प्रदेश का विकास संभव है। उन्होंने प्रदेश में मनरेगा के तहत मजदूरी के पारदर्शी और अविलम्ब भुगतान के लिए इलैक्ट्राॅनिक वित्तीय प्रबन्ध प्रणाली ई-एफएमएस के सफल क्रियान्वयन पर सन्तोष जाहिर किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत गत चार वर्षों में 11,935 परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 7787 आवास निर्मित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2018-19 से लेकर 2020-21 तक 3931 आवास निर्मित किए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2019-20 से दोनों योजनाओं के अन्तर्गत 1.50 लाख रुपये प्रति इकाई सहायता राशि प्रदान की जा रही है। शहरी विकास मंत्री ने कहा कि आईआरडीपी एवं बीपीएल चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से अधिसूचना जारी की गई है। वर्तमान में प्रदेश में कुल 2,58,852 चयनित बीपीएल परिवार हैं। हर गांव एवं पालगरी को सड़कों से जोड़ने के उद्देश्य से मनरेगा के अन्तर्गत ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, जिसके तहत गत तीन वर्षों में 1059 सड़क कार्य पूर्ण किए गए। उन्होंने कहा कि मनरेगा के अन्तर्गत प्रत्येक पंचायत में शमशान घाट निर्माण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग राम सुभग सिंह, सचिव शहरी विकास रजनीश, सचिव सामान्य प्रशासन देवेश कुमार, सचिव ग्रामीण विकास संदीप भटनागर, सचिव आवास अक्षय सूद तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन हर्षवर्धन चौहान ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से केंद्र के राहत पैकेज को लेकलर सवाल किये है। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से पूछा है कि वह बताए कि केंद्र के राहत पैकेज से प्रदेश को कितना फायदा होगा। उन्होंने कहा है कि ऋण गारंटी योजना का लाभ केवल उन उद्योगपतियों को ही मिलता रहा है जिनका करोड़ों अरबों रुपये का कारोबार चल रहा है। छोटे व मंझोले कारोबारियों को इसका कोई लाभ नही मिल रहा है। सरकार केवल राहत पैकेज के नाम पर पहले भी लोगों को गुमराह करती रही है और अब भी गुमराह ही कर रही है। हर्षवर्धन चौहान ने कहा है कि कोविड से प्रभावित किसी भी क्षेत्र को सरकार ने कोई राहत नही दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मुख्य होटल व इससे जुड़ा ट्रांसपोर्ट ब्यवसाय पर इसका विपरीत असर पड़ा है।होटल कारोवरियों ने लाखो रुपयों के ऋण बैंकों से ले रखे है। बैंक इन्हें नोटिस पर नोटिस दे रहें है। सरकार की ओर से पिछले साल केवल तीन महीनों के लिए कारोवरियों को बैंकों की ईएमआई जमा करवाने की छूट दी गई जबकि इस दौरान का बैंक द्वारा उनसे पूरा व्याज बसूला गया है। हर्षवर्धन ने कहा कि इसी प्रकार कृषि ऋण भी किसानों से पूरे व्याज के साथ बसूले जा रहे है। सरकार ने अपने किसी भी पैकेज में किसी भी वर्ग को न तो सीधे कोई लाभ दिया है और न ही उनकी कोई मदद की है। केवल आंकड़ों को दिखा कर सरकार राहत पैकेज बता कर लोगों को गुमराह कर रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने गत रात जिला सिरमौर के शिलाई में हुई एक सड़क दुर्घटना पर मारे गए लोगो के प्रति गहरा दुःख प्रकट करते हुए शोक संतप्त परिवारों से अपनी संवेदना व्यक्त की है। राठौर ने जिला प्रशासन व सरकार से मांग की है कि इस प्रकार की दुर्घटना आगे कभी न हो इसके लिए निजी वाहनो में यात्रियों की संख्या नियम कड़ाई से लागू किये जाने चाहिए। उन्होंने कहा है कि अधिकतर दूर-दराज के क्षेत्रों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठा ली जाती है जो सम्भतः ऐसी दुर्घटनाओं का कारण बनती है। राठौर ने इस दर्दनाक हादसे में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए प्रशासन से आश्रितों को हर सम्भव आर्थिक सहायता देने का आग्रह किया है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव प्रभारी संजय दत्त कल 30 जून को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अग्रणी संगठनों एवं विभिन्न विभागों के साथ बैठके करेंगे। कांग्रेस सचिव हरिकृष्ण हिमराल ने बताया कि संजय दत्त कल सात दिवसीय दौरे के अंतिम पड़ाव में 30 जून को शिमला में सांय 3 से 4 बजे के मध्य एनएसयूआई , 4 से 5 बजे के मध्य अल्पसंख्यक विभाग, 5 से 6 बजे के मध्य इंटक व 7 से 8 बजे के मध्य सोशल मीडिया विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठके करेंगे। 1 जुलाई को संजय दत्त सुबह 9 से 10 बजे के मध्य मीडिया विभाग के चेयरमैन के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष भी मौजूद रहेंगे। इसके उपरांत 10 से 11.30 बजे तक महिला कांग्रेस व इसके बाद सेवादल, महिला सेवादल व यंग ब्रिगेड के साथ बैठक के बाद दोपहर 2 बजे शिमला से दिल्ली के लिए रवाना हो जायेगें।
जिला में जल जीवन मिशन के तहत 1 लाख 68 हजार 465 क्रियात्मक घरेलू नल लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसमें से अभी तक 1 लाख 07 हजार 456 नल लगाए गए हैं तथा समय पूर्व वर्ष 2023 तक शेष 61 हजार 9 नल लगाने का लक्ष्य पूर्ण कर लिया जाएगा। जिला जल एवं स्वच्छता कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने दी। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत विभिन्न योजनाओं के लिए प्रस्तावित शैल्फों को अधिकारी तुरन्त इक्ट्ठा कर प्रस्तुत करें ताकि उन पर कोई निर्णय लिया जा सके। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत पानी की योजनाओं के नियोजन में भागीदारी के लिए प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु 21 एजेंसियों के आवेदन प्राप्त किए गए थे, जिनमें से 8 एजेंसियों द्वारा निविदा प्रस्तुत की गई। न्यूनतम दर के तहत महाबोध जन स्वास्थ्य एवं सर्वागीण विकास केन्द्र, विजय नगर, पटना को इसके लिए निर्धारित किया गया है। जल गुणवत्ता निगरानी के तहत समीक्षा करते हुए उन्होंने बताया कि निर्धारित पेय जल स्त्रोतों तथा नलों की गुणवत्ता जांच के लिए 35 हजार 829 विभिन्न स्त्रोतों और नलों के पानी के नमूने जांच के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त फिल्ड टेस्ट किट के माध्यम से 19218 गांवों अथवा स्कूल, आंगनबाड़ी पेयजल स्त्रोतों के नमूनों की गुणवत्ता जांच के लिए निर्धारित किया गया था, जिनकी जांच में कमी पाई गई है तथा कोविड की वजह से कम आंका गया है। उन्होंने अधिकारियों को इसमें गति लाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त किरण भड़ाना, सदस्य सचिव एवं अधिशाषी अभियंता (डीब्डल्यूएसएम) राकेश कुमार वैद्य, परियोजना अधिकारी डीआरडीए संजय भगवती तथा अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
हरियाणा के डीजीपी मनोज यादव और हिमाचल प्रदेश के डीजीपी संजय कुंडू ने आज दोपहर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से उनके कार्यालय शिमला में मुलाकात की. उन्होंने दोनों पड़ोसी राज्यों के पुलिस बलों द्वारा अंतर-राज्यीय सहयोग, विशेष रूप से मादक पदार्थों की तस्करी, आतंकवाद और संगठित अपराध के लिए किए गए उपायों से अवगत कराया। दोनों अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को उच्च स्तरीय सहयोग का आश्वासन दिया.


















































