टिक्कर क्षेत्र से संबंध रखने वाले स्टैटिस्टिकल असिस्टेंट के पद से सेवानिवृत्त तपेन्दर टेगटा पूर्व संसदीय सचिव एवं विधायक रोहित ठाकुर के नेतृत्व पर विश्वास जताया हैं। शराचली क्षेत्र की मांदल पंचायत से सम्बंध रखने वाले अनिल शर्मा ने भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ़ भाजपा छोड़कर कांग्रेस पार्टी में परिवार सहित घर वापसी की हैं। तपेंदर टेगटा और अनिल शर्मा पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रोहित ठाकुर की उपस्थिति में विधिवत रूप से कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जुब्बल-नावर-कोटखाई के अध्यक्ष मोतीलाल डेरटा ने पार्टी कार्यालय जुब्बल में तपेन्दर तेगटा और अनिल शर्मा का कांग्रेस पार्टी में शामिल होने पर स्वागत किया।
कोरोना के चलते लगाए गई पाबंदियों के कारण हिमाचल प्रदेश में पर्यटन व्यवसाय लगातार प्रभावित हो रहा है l हाल ही में कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से शिमला, कांगड़ा, मंडी और कुल्लू जिले में 5 जनवरी तक रात्रि कर्फ्यू लगाया गया था जिसे अब पर्यटन कारोबारियों के आग्रह पर क्रिसमस से पहले हटाया जा सकता है। पर्यटन सीजन के चलते हिमाचल प्रदेश सरकार व्यापारिक संगठनों और पार्टी पदाधिकारियों के भारी दबाव में है। बुधवार यानि 23 दिसंबर को हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक होनी है। इस बैठक में रात्रि कर्फ्यू को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। प्रदेश भर में रविवार को पूरी तरह से बाजार बंद रखने के फैसले पर भी पुनर्विचार किया जा सकता है। सार्वजनिक समारोहों में 50 से ज्यादा लोगों की मौजूदगी पर प्रतिबंध के फैसले पर पुनर्विचार को लेकर सरकार दबाव में है तत्पश्चात इसे भी बदला जा सकता है। इस सीजन के दौरान रविवार को हिमाचल में पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है। ऐसे में अगर पर्यटन गतिविधियों को पूरी तरह से बंद रखा जाएगा तो इसका सीधा असर पर्यटन सीजन पर पड़ेगा। कोविड-19 के चलते गर्मी का पूरा सीजन बुरी तरह से पिट चुका है। ऐसे में पर्यटन कारोबार से जुड़े लोग व उनके हितैषी अब नए साल के आसपास के सीजन को खराब नहीं होने देना चाह रहे हैं। साथ ही रविवार को बाजार बंद रखने के कारण आम जनता को भी खासी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। इस पर यदि जनता का भी यही कहना है कि एक दिन बाज़ारों को बंद रखने से कोरोना के मामलो में कमी नहीं आएगी।
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव का बिगुल बज गया है। राज्य चुनाव आयोग ने सोमवार को पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। वहीं बात कि जाए पंचायत चुनाव के परिणामों कि तो इस बार प्रदेश में पंचायती राज चुनावों में प्रत्याशियों का परिणाम ऑनलाइन दिखेगा। इसके लिए पंचायती राज विभाग ने एक सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। इसके माध्यम से प्रत्याशियों के रिजल्ट जल्द मिल जाएंगे। इसे मतगणना स्थल समेत मुख्य केंद्र से लगातार अपडेट किया जाएगा, जिससे प्रत्याशियों का परिणाम जल्द घोषित हो सकेगा। जानकारी के मुताबिक अगले माह होने वाले पंचायती राज चुनावों को लेकर इस बार विभाग ने कई तरह के बदलाव किए हैं। इनमें विभाग की सबसे बड़ी उपलब्धि चुनाव परिणामों को ऑनलाइन दिखाना है। सॉफ्टवेयर के जरिये वोटों की गिनती को लेकर पल-पल की सूचना अपडेट होती रहेगी। इसके चलते जहां प्रत्याशियों का परिणाम जल्द घोषित किया जा सकेगा, वहीं घर बैठे लोग भी इसे आसानी से देख सकेंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी आदित्य नेगी ने शिमला जिला के पंचायत चुनावों को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। उन्होंने बताया कि जिला की 412 पंचायतों के चुनाव तीन चरणों में होंगे। 17 जनवरी को पहले चरण में 138 पंचायतों, दूसरे चरण में 19 जनवरी को 139 और तीसरे चरण में 135 पंचायतों में चुनाव होंगे। डोडरा- क्वार विकास खंड की जाखा और जिस्कून में 17 जनवरी, धंदरवाड़ी और डोडरा में 19 जनवरी और क्वार में 21 जनवरी को चुनाव होंगे। छौहरा विकास खंड में 17 जनवरी को तांगनू-जाखलिख, बनोटी, टोडसा, रोहल, सिंदासली, गांवसारी, खशधार, कलोटी और शिलादेश में चुनाव होंगे। दिउदी-मायला, सारीबासा, थाना, आंध्रा, खबाल, भंफड, ढाकगांव, डिसवानी और खरशाली में 19 जनवरी और पेखा, रनोल, जांगला, भेतियानी, घगोली, कुलगांव, मसली, गवास और टिक्करी में 21 जनवरी को चुनाव होंगे। चौपाल विकास खंड की ननाहर, जावग-छमरोग, सरांह, बगाहर चौकी, चांजू-चौपाल, मशडोह, गोरली मढ़ावग, बम्टा, चंदलोग-नेरवा, हलाउ, बागना, भराणू, किरण, टिक्करी, मधाना और रुसलाह में 17 जनवरी और झीना, सरी, लिंगजार, धवास, ठांणा, देवत, मकडोग, पैड़िया, गढ़ा, बिजमल, बौहर, मानू-भाविया, टेलर, चईंजन, थरोच और पुजारली में 19 जनवरी को चुनाव होंगे। इसी तरह थुंदल, जोड़ना, खद्दर, लालपानी, खगना, झिकनीपुल, माटल, पंदराडा, देईया-दोची, पौलिया, पवाहन, मुंडली, धन्नत, खूंद नेवल, कुताह और केदी ग्राम सभा में में 21 जनवरी को चुनाव होंगे। जुब्बल-कोटखाई विकास खंड की रांवी, झड़ग, झंगटान, नंदपुर, बढ़ाल, धार, अंटी, पराली, पांदली, हिमरी, कलबोग, क्यारवीं, महासू, पुड़ग, क्यारी और थरोला में 17 जनवरी को चुनाव होंगे। पंदराणू, नकराड़ी, मांदल, कठासू, जयपिढ़ी माता, कोट कायना, सरस्वती नगर, दरकोटी, बाग डुमैहर, घंडा, रतनाड़ी, चौगन कुलटी, बखोल, रावला क्यार, पनोग और देवरी खनेटी में 19 जनवरी और कुड्डू, गिलटाड़ी, सारी, भोलाड़, बरथाटा, शिल्ली, मंढोल, थाना, गरावग, प्रेमनगर, देवगढ़, बाघी, नगान, गुम्मा, रामनगर, बगाहर और पराली बदरूनी में 21 जनवरी को चुनाव होंगे। कुपवी विकास खंड में झोकड़, जुडडू शिलाल, मझोली, चडौली और मालत में 17 जनवरी और भालू, कांडा-बनाह, बांदल कफलाह, बावत और कोठी आहनोग में 19 जनवरी और धौताली, कुलग, नौरा-बौरा, धार चांदना और जुब्बली में 21 जनवरी को चुनाव होंगे। ननखड़ी विकास खंड की थाना बड़ाच, ननखरी, शोली, देलठ, थैली चकटी और बड़ोग में 17 जनवरी को चुनाव होंगे। करांगला, बगलती, टिप्पर मझोली, खमाड़ी, कलेडा-मझेवटी और कुंगल बाल्टी में 19 जनवरी और जाहु, खुन्नी-पनोली, गाहन, खड़ाहन, अडडु और खोलीघाट में 21 जनवरी को चुनाव होंगे। नारकंडा विकास खंड की थानाधार, भूट्टी, जरोल, सिंहल-नारकंडा, मधावनी, शलौटा, डीव, कोटीघाट, जंजैहली और जदून में 17 जनवरी और मंगसु, शमाथला, मैलन, करेवथी, खनेटी, बडगांव, कुमारसैन, कांगल और बनाहर में 19 जनवरी और किरटी, दलान, कोटगढ़, मलैडी, क्वानं-बटाडी, जार, मोगड़ा, भरेडी और शिवान में 21 जनवरी को चुनाव होंगे। रामपुर विकास खंड की पंचायत कूट, फांचा, जघोरी, सराहन, किन्नू, मशनू, झाकड़ी, डंसा, देवनगर, बाहली, दरकाली और काशापाट में 17 जनवरी को चुनाव होंगे। 19 जनवरी को नीरथ, बधाल, लबाणा-सदाना, क्याव, बौड़ा, गोपालपुर, दोफदा, त्यावल-जयूरी, लालसा, नरैण, तकलेच और मुनिश पंचायत में चुनाव होगें। सनारसा, सरपारा, गानवी, शाहधार, धारगौरा, फूंजा, रचोली, शिंगला, भडावली, दतनगर, देवठी और कुंहल पंचायत में 21 जनवरी को चुनाव होंगे। रोहड़ू विकास खंड की पंचायत कडीवन, मुंन्छाड़ा, लोअर कोटी, टिक्कर, खारला, पुजारली-4, शरोग-बराड़ा, खंगटेड़ी, भलून, बाड़ीधार, दलगांव और बराल में 17 जनवरी को चुनाव होंगे। दूसरे चरण में कुठाड़ी, सीमा-रंटाड़ी, पारसा, शरौंथा, धराड़ा, करासा, अढ़ाल, कुई, समरकोट, ब्रासली, कुटाड़ी, कटलाह में 19 जनवरी को चुनाव होंगे। तीसरे चरण में पुजारली-3, समोली, शेखल, करछारी, हंसटाड़ी, उकली-मेहंदली, बशला, भलाड़ा, भमनोली, जगोठी, गांवणा, शील और करालश में 21 जनवरी को चुनाव होंगे। ठियोग विकास खंड की पंचायत, क्यारा, कोट-शिलारू, धार कांदरू, भराणा, क्यारटू, सतोग, टियाली, धमांदरी, टिक्कर, पुंदर स्थित चनौत, शरमला, कमांह, देवठी, घोड़ना, घूंड, शटैयां, भराड़ा, क्यार, बलग और कथोग में 17 जनवरी को चुनाव होंगे। दूसरे चरण में कलजार-मतियाणा, संधू, शडी मतियाणा, भाज, धर्मपुर, धरेच, चियोग, ददास, बासाधार, कुठार, कलींड, सरीवन, धार तरपुनू, बागडी, चरैण टिक्कर, मखडोल, चिखड़, बगैण, सैज और देवरीघाट में 19 जनवरी को चुनाव होंगे। तीसरे चरण में कलिडा-मतियाना, गवाही स्थित देवीमोड़, रौणी मतियाना, केलवी, बड़ोग, नाहोल, देहना, बणी, धगाली, मुंडू, माहौरी, माहोग, पडगैया, बलधार, डमयाना, मझार, वासा ठियोग, सरोग और जैस पंचायत में 21 जनवरी को चुनाव होंगे। टुटू विकास खंड की धमून, शोघी, हलोग-धामी, ओखरू, घेच-कोहबाग, घंडल, चनोग, गलोट, गनयोग-नेहर, पाहल, नेरी और कोट पंचायत में 17 जनवरी और गिरब-खुर्द, थड़ी, घनाहटटी, पिपलीधार, मायली-जेजड, शकराह, बागी, शमलाघाट, मूलबरी-देवगनर, जनोल, सांगटी-सन्होग और आनंदपुर में 19 जनवरी को चुनाव होंगे। इसके अलावा बढ़ई, जलेल, दुघाल्टी, बठमाना-जाबरी, चलहोग, बलोह, रामपुर-क्योंथल, बायचड़ी, चायल और टुठू मजठाई में 21 जनवरी को चुनाव होंगे। वहीं मशोबरा खंड की जनेडघाट, दरभोग, मैहली, पीरन, नाला, चमियाना, बलदेयां, डूम्मी और भौंट में 17 जनवरी और जुन्गा, बलोग, पुजारली, सतलाई, भड़ेच, कुफरी, ढली, मांजू, चेड़ी, नालदेहरा, और मशोबरा में 19 जनवरी को चुनाव होंगे। इसी तरह में 21 जनवरी को तीसरे चरण में मल्याणा, कोटी, रझाना, घडोत कड़ेहरी, पटगेहर, मूलकोटी, बरमु, गुम्मा, पगोग और कोलू जुब्बड़ में चुनाव होंगे। विकास खंड बसंतपुर की धरोगड़ा, हिमरी, खटनोल, मझीवड़, देवला, नैहरा, चनावग और चलाहल में 17 जनवरी को मतदान होगा। बाग, ओगली, बसंतपुर, डुमैहर, नीन, थाची, मंढोलघट और कोटला में 19 जनवरी और पंचायत घैणी, करयाली, भराड़ा, शकरोड़ी, चेबडी, जूणी, घरयाणा और रेवग में 21 जनवरी को चुनाव होंगे।
हिमाचल प्रदेश में नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना के बाद सोमवार को चुनाव आयोग ने पंचायती राज चुनाव की भी तारीखे जारी कर दी गई है। प्रदेश में अब पूरी तरह से चुनावी बिगुल बज गया है । बता दें की हिमाचल में पंचायत चुनाव तीन चरणों करवाएंगे जाएंगे । हिमाचल में चुनाव आयोग द्वारा 17, 19 और 21 जनवरी को मतदान करवाया जाएगा। पंचायत प्रधान, उपप्रधान, पंचायत समिति और जिला परिषद के लिए 31 दिसंबर से 2 जनवरी तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। इसके बाद 4 जनवरी को नामांकन पत्रों की छटनी की जाएगी। नामांकन वापस लेने की तारीक 6 जनवरी तय की गई है। 6 जनवरी को 10 बजे से लेकर 3 बजे तक प्रतयाशी नामांकन वापिस ले सकते है। 6 जनवरी को ही अंतिम नाम की सूची और उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही चुनाव आयोग 31 दिसंबर को मतदान केंद्रों की सूची जारी करेगा । प्रदेश में तीन चरणों में चुनाव करवाएं जाएंगे। हिमचाल में 17 ,19 ,21 जनवरी को सुबह आठ बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। चुनाव के नतीजों की बात की जाए तो पंचायत प्रधान और उपप्रधान के चुनाव नतीजे मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसी दिन घोषित किए जाएंगे। इसके अलावा पंचायत समिति एवं जिला परिषद् के परिणाम 22 जनवरी को घोषित किए जाएंगे । चुनाव आयोग 23 जनवरी तक चुनाव प्रक्रिया को पूरी कर लेगा।
देवभूमि हिमाचल प्रदेश में अब जबरन धर्मांतरण (Forced Conversion) करवाने पर 7 साल तक की सजा हो सकती है। प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश धर्म की स्वतंत्रता अधिनियम-2019 के विधेयक की अधिसूचना जारी कर दी है। इस कानून के प्रावधानों के तहत अब जबरन धर्मांतरण पर तीन माह से सात साल तक की सजा दी जाएगी। इस क़ानून में अलग-अलग वर्गों और जातियों के लिए अलग-अलग प्रावधान रखा गया हैं। हिमाचल प्रदेश धर्मांतरण पर कानून लाने वाला पहला राज्य था लेकिन कुछ पेचिदगियों की वजह से ये कानून आज से लागू किया गया। इससे पहले 2006 के एक्ट के मुताबिक़ इसमें 2 साल की सजा का प्रावधान था। अब महिला, नाबालिग और अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग से धर्म परिवर्तन के मामले में सात साल तक की सजा का प्रावधान है। झांसा, प्रलोभन या किसी अन्य तरीके से धर्मांतरण पर रोक रहेगी। यदि कोई व्यक्ति अपने मूल धर्म में वापस आता है तो उसे धर्म परिवर्तन नहीं माना जाएगा। विधानसभा में अधिनियम धर्म की स्वतंत्रता 2019 को मानसून सत्र में सरकार ने पारित करवाया था। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज के मुताबिक़ इस कानून में लव जेहाद पर भी सख्ती के प्रावधान है। यदि जरूरत पड़ी तो इसमें संशोधन किया जाएगा।
शिमला। ग्रामीण क्षेत्रों को चलने वाली यूनिट 3 की बसों के सही ढंग से संचालन न होने से लोग परेशान है। सरकार के सप्ताह में पांच कार्यदिवस करने के बाद परिवहन निगम की ग्रामीण क्षेत्रों को चलने वाली अधिकतर बसें भी पांच दिन ही चल रही है, जिससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर जहां परिवहन निगम के अधिकारी पर्याप्त स्वारियों के न होने का बहना बना कर अपना पल्ला झाड़ रहें है वहीं सरकार को लोगों की समस्याओं से कुछ लेना देना नहीं लग रहा है। कांग्रेस सचिव हरिकृष्ण हिमराल ने परिवहन निगम की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा है कि कोविड के चलते पचास प्रतिशत स्वारियों के नियम के चलते ग्रामीण क्षेत्रों को हर रोज सभी बसें चलनी चाहिए। उन्होंने कहा है कि प्रायः देखा जा रहा है कि शनिवार व रविवार को बसों के न चलने से लोग परेशानी झेल रहें है। हिमराल ने सरकार को परिवहन निगम की व्यवस्था को सुचारू करने के आदेश देने का आग्रह करते हुए कहा है कि हफ्ते में सातों दिन बसें नियमित रूप से चलनी चाहिए जिससे दैनिक काम काज वाले ग्रामीण व सभी लोंगो को किसी भी असुविधा से छुटकारा मिल सके।
शिमला। जिला में पन बिजली क्षेत्रों में निवेशकों की कठिनाईयों के निवारण के लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी स्तरों पर सहयोग प्रदान किया जाएगा। उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज निवेशकों को वन टाईम एमिनिटी योजना के तहत बुलाई गई बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि पन बिजली निवेशकों को स्थानीय जनता व पंचायतों से परस्पर सहयोगात्मक रवैया प्रदान करने के लिए उपमण्डलाधिकारी व स्थानीय प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए जाएंगे ताकि निवेशकों को कार्य करने में कोई भी व्यवधान उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि निवेशकों के सभी स्थानीय मुद्दोें को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के लिए कारगर कदम उठाए जाएंगे। निवेशकों द्वारा बैठक में स्थानीय लोगों, पंचायतों व अन्य दिक्कतों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। विभिन्न पन बिजली योजनाओं के प्रतिनिधियों द्वारा जिला प्रशासन के साथ-साथ इस संबंध में सरकार से भी निवेशकों ने भरपूर सहयोग की मांग की ताकि लोगों को परियोजनाओं का अधिक से अधिक लाभ मिल सके। बैठक में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) प्रभा राजीव, जीसी हाइड्रो प्रोजेक्ट पावर लिमिटिड के पंकज ठाकुर, एसबी पावर रूपिन प्रोजेक्ट के जे. गौस्वामी, तांगनु रोमाई 1 व 2 परियोजना के घनश्याम ठाकुर, ग्रीनको हाटकोटी के विनोद ठाकुर, राजपुर हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट लिमिटिड के सुनील कुमार शर्मा उपस्थित थे।
शिमला। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने आज वर्तुल माध्यम से सभी जिला अध्यक्ष एवं मंडल अध्यक्षों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि 27 दिसंबर को प्रदेश में जयराम ठाकुर के नेतृत्व में चलने वाली भाजपा सरकार के 3 साल पूर्ण होने जा रहे हैं यह 3 साल सुशासन एवं उपलब्धि भरे रहे हैं। अपने 3 सालों में जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के सभी वर्गों का ख्याल रखा है जन कल्याणकारी योजनाओं में हिमाचल प्रदेश पूरे देश में अग्रिम प्रदेशों में से एक है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को केंद्र सरकार के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा वर्चुअल माध्यम से संबोधित करेंगे। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम हेतु प्रत्येक मंडल में भारतीय जनता पार्टी द्वारा दो एलईडी स्क्रीन लगेगी जिसमें कोविड-19 के चलते प्रत्येक स्थान पर 50 लोग एकत्रित होंगे। सभी प्रदेश पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी एवं नेतागण अपने-अपने मंडल में इस कार्यक्रम के साक्षी बनेंगे। इस कार्यक्रम का मुख्य केंद्र शिमला होगा, कार्यक्रम को सोशल मीडिया के समस्त माध्यमों से भी टेलीकास्ट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ,प्रदेश सह प्रभारी संजय टंडन ,केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार एवं प्रेम कुमार धूमल भी इस कार्यक्रम में जुड़ेंगे। उन्होंने बताया कि जयराम ठाकुर सरकार ने अपने 3 वर्ष के कार्यकाल में वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने व 9.61 लाख परिवारों को वर्ष 2022 तक प्राकृतिक खेती के तहत लाने का लक्ष्य तय किया है, मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के अंतर्गत 936 इकाइयां स्थापित की एवं 47.78 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी, हिम केअर योजना के अंतर्गत 128.95 करोड़ रुपये खर्च किए,1.24 लाख से अधिक लोगों का किया उपचार योजना के तहत प्रदेश में 4.61 लाख परिवार पंजीकृत हुए। हिमाचल ग्रहणी सुविधा योजना में 2.85 लाख महिलाओं को दिए निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन , यह उपलब्धि प्राप्त करने वाला हिमाचल देश का प्रथम राज्य बना ।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय नागर विमानन मन्त्री हरदीप सिंह पुरी से भेंट की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से जिला मंडी के नागचला में ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे के रेडार सर्वेक्षण में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित हवाई अड्डा हिमाचल प्रदेश के पर्यटन को प्रोत्साहन प्रदान करने के साथ आवश्यकता के समय एयरफोर्स के लिए बेस के रूप में सेवाएं प्रदान करने के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने सभी सर्वेक्षण औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करने के साथ राज्य सरकार के विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने शिमला और गगल हवाई अड्डों के रन-वे के विस्तार के साथ शिमला हवाई अड्डे पर वायु परिवहन सेवा को पुनः शुरू करने का भी आग्रह किया। केन्द्रीय मंत्री ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकारण के अधिकारियों को प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव डाॅ. आर.एन. बत्ता और आवासीय उप-आयुक्त विवेक महाजन इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भेंट की। उन्होंने प्रधानमंत्री को वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश 25 जनवरी, 2021 को 50वां पूर्ण राज्यत्व दिवस मनाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस अवसर पर प्रदेश के लोगों को आशीर्वाद देने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को वर्तमान सरकार के सफलतापूर्वक तीन वर्ष का कार्यकाल पूर्ण करने और 25 जनवरी, 2021 को पूर्ण राज्यत्व दिवस के स्वर्ण जयन्ती समारोह के लिए बधाई दी। उन्होंने दोनों में से एक कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से शामिल होने और भविष्य में राज्य को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रधानमंत्री का पिछले तीन वर्षों के दौरान विशेषकर महत्वाकांक्षी परियोजनाओं अटल टनल आदि के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार कोे सहयोग प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया। जय राम ठाकुर ने राज्य की प्रगति को निर्बाध रूप से चलाने के लिए केन्द्र सरकार की ओर से लगातार सहयोग करने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासी प्रधानमंत्री के राज्य के प्रति विशेष लगाव के लिए आभारी है। जय राम ठाकुर ने प्रधानमंत्री को जिला शिमला में 1796 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 111 मैगावाट की सावड़ा कुड्डू परियोजना का लोकार्पण करने के लिए आमंत्रित किया। यह जल ऊर्जा उत्पादन का प्रमुख स्त्रोत होगा। उन्होंने कहा कि केन्द्र की नीति सहयोग के कारण 2497 करोड़ रुपये के संयुक्त निवेश के साथ 210 मैगावाट लूहरी स्टेज-1 और 66 मैगावाट धौला सिद्ध परियोजना आधारशिला के लिए तैयार है। उन्होंने प्रधानमंत्री से परियोजनाओं की आधारशिला रखने के लिए भी अनुरोध किया। उन्होंने 233.32 मीलियन यू.एस. डाॅलर की एडीबी वित्त पोषित पर्यटन अधोसंरचना विकास परियोजना को शीघ्र मंजूरी देने का आग्रह किया। उन्होंने प्रधानमंत्री को ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट नागचला की वर्तमान स्थिति से अवगत करवाया और विभिन्न स्वीकृतियां शीघ्र प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने प्रधानमंत्री के समक्ष राज्य में बल्क ड्रग फार्मा पार्क की स्थापना का पक्ष रखा और अवगत करवाया कि राज्य ने देश में स्वदेशी वस्तुओं के निर्माण के लिए इलैक्ट्रिक डिवाइस मैनुफेक्चरिंग हब स्थापित करने का प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को पिछले तीन वर्ष के दौरान प्रदेश की प्रगति के बारे में अवगत करवाया और राज्य में चल रही विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं की स्थिति की जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार 27 दिसम्बर, 2020 को कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे कर रही है। बैठक में मुख्यमंत्री के साथ मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव डाॅ. आर.एन. बत्ता भी उपस्थित थे।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लोक देवताओं से संबंधित अनेक कथाएं प्रचलित हैं। इनमें सबसे रोचक है लोक देवता महासू की कथा। न्याय के देवता के रूप में प्रतिष्ठित महासू देहरादून जिले के जनजातीय क्षेत्र जौनसार-बावर से संबंध रखते हैं। इनका मुख्य मंदिर टोंस नदी के पूर्वी तट पर चकराता के पास हनोल गांव में स्थित है, जो कि त्यूणी-मोरी मोटर मार्ग पर पड़ता है। उत्तराखंड के अलावा शिमला के ऊपरी भागों और सिरमौर जिले के कुछ भागों में भी महासू देवता को इष्ट देव के रूप में मान्यता प्राप्त है। महासू देवता का कालांतर में वास कश्मीर में माना जाता है। महासू जिले में यह देवता एक ब्राम्हण के अनुरोध पर इस क्षेत्र में दानव के आतंक से मुक्ति दिलाने के लिए थे। कहते है की उस समय यमुना और तौंस नदी के बीच आने वाले क्षेत्र में दानवों का आतंक था जिससे जिसका निवारण महासू देवता ने ख़तम किया था। हनोल में स्थित महासू देवता का ये मंदिर एक अनोखा मंदिर है। यहां की सबसे ज़्यादा दिलचस्प बात तो ये है कि यहां हर साल दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन की ओर से नमक भेंट किया जाता है। मिश्रित शैली की स्थापत्य कला को संजोए यह मंदिर देहरादून से 190 किमी और मसूरी से 156 किमी दूर है। यह मंदिर चकराता के पास हनोल गांव में टोंस नदी के पूर्वी तकट पर स्थित है। हनोल शब्द की उत्पत्ति यहां के एक ब्राह्मण हूणा भाट के नाम से मानी जाती है। इससे पहले यह जगह चकरपुर के रूप में जानी जाती थी।मान्यता है की द्वापर युग में पांडव लाक्षागृह (लाख के घर) से सुरक्षित निकलकर इसी स्थान पर आए थे। यह मंदिर नवीं सदी का माना जाता है। जबकि, पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) के रिकार्ड में मंदिर का निर्माण 11वीं व 12वीं सदी का होने का जिक्र है। वर्तमान में इस मंदिर का संरक्षण पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ही कर रहा है। खुदाई के दौरान पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को यहां यहां शिव-शक्ति, शिवलिंग, दुर्गा, विष्णु-लक्ष्मी, सूर्य, कुबेर समेत दो दर्जन से अधिक देवी-देवताओं की प्राचीन मूर्तियां मिली हैं। इन्हें हनोल संग्रहालय में सुरक्षित रखा गया है। महासू देवता के मंदिर के गर्भ गृह में भक्तों का जाना मना है। केवल मंदिर का पुजारी ही मंदिर में प्रवेश कर सकता है। यह बात आज भी रहस्य है। मंदिर में हमेशा एक ज्योति जलती रहती है जो दशकों से जल रही है। मंदिर के गर्भ गृह में पानी की एक धारा भी निकलती है, लेकिन वह कहां जाती है, कहां से निकलती है यह अज्ञात है। दरअसल 'महासू देवता' एक नहीं चार देवताओं का सामूहिक नाम है और स्थानीय भाषा में महासू शब्द 'महाशिव' का अपभ्रंश है। चारों महासू भाइयों के नाम बासिक महासू, पबासिक महासू, बूठिया महासू (बौठा महासू) और चालदा महासू है, जो कि भगवान शिव के ही रूप हैं। लोक मान्यता है की पांडवों ने घाटा पहाड़ ( शिवालिक पर्वत शृंखला) से पत्थरों की ढुलाई कर देव शिल्पी विश्वकर्मा की मदद से हनोल मंदिर का निर्माण कराया था। बिना गारे की चिनाई वाले इस मंदिर के 32 कोने बुनियाद से लेकर गुंबद तक एक के ऊपर एक रखे कटे पत्थरों पर टिके हैं। मंदिर के गर्भगृह में सबसे ऊपर भीम छतरी यानी भीमसेन का घाटा पहाड़ से लाया गया एक विशालकाय पत्थर स्थापित किया गया है। बेजोड़ नक्काशी मंदिर की भव्यता में चार चांद लगाती है। महासू मंदिर हनोल के परिसर में सीसे के दो गोले मौजूद हैं, जो पांडु पुत्र भीम की ताकत का अहसास कराते हैं। मान्यता है कि भीम इन गोलों को कंचे (गिटिया) के रूप में इस्तेमाल किया करते थे। आकार में छोटे होने के बावजूद इन्हें उठाने में बड़े से बड़े बलशालियों के भी पसीने छूट जाते हैं। इन गोलों में एक का वजन छह मण (240 किलो) और दूसरे का नौ मण (360 किलो) है उत्तराखण्ड के उत्तरकाशी, संपूर्ण जौनसार-बावर क्षेत्र, रंवाई परगना के साथ साथ हिमाचल प्रदेश के सिरमौर, सोलन, शिमला, बिशैहर और जुब्बल तक महासू देवता की पूजा होती है। इन क्षेत्रों में महासू देवता को न्याय के देवता और मन्दिर को न्यायालय के रूप में माना जाता है। वर्तमान में महासू देवता के भक्त मन्दिर में न्याय की गुहार करते हैं जो उनकी पूरी होती है। माना जाता है कि जो भी यहां सच्चे दिल से कुछ मांगता है कि महासू देवता उसकी मुराद पूरी करते हैं।
कोविड -19 की रोकथाम हेतु मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की प्रदेशवासियों से अपील..
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के उस बयान पर जिसमें उन्होंने कहा है कि वीरभद्र सिंह अर्की के विधायक होने के नाते अपनी जिम्मेदारी नही निभा रहें है पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि तीन सालों के बाद आज मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को अर्की व जिला सोलन की याद आई है। उन्होंने कहा है कि अर्की क्षेत्र का विधायक होने से वह अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी जानते है। मुख्यमंत्री उन्हें न सिखाए की एक जन प्रतिनिधि के अपने क्षेत्र के प्रति क्या कर्तव्य होते है। उन्होंने कहा है कि उन्हें प्रदेश के लोगों ने विगत 60 वर्षों से देश व प्रदेश की सेवा करने का मौका दिया है इसलिए जयराम न सिखाएं की उन्हें क्या करना है। वीरभद्र सिंह ने कहा की जयराम प्रदेश का विकास करने में पूरी तरह असफल साबित हुए है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को प्रदेश की समस्याओं को दूर करने की ओर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए न कि अनाप शनाप बयानबाजी कर लोगों को गुमराह करने का कोई प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री रहते उन्होंने प्रदेश में जितनी भी योजनाओं के शिलान्यास किए, उन सब का पूरा बजट प्रावधान किया गया था। उन्होंने कहा कि आज जितनी भी योजनाओं के उन्होंने उदघाटन किए है वह सब उनके कार्यकाल की शुरू की गई योजनाएं थी। मुख्यमंत्री का यह आरोप की इन योजनाओं के लिए समुचित बजट प्रावधान नहीं था सरासर गलत व झूठा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि वह साबित करें कि किस योजना को बगैर बजट प्रावधान शिलान्यास किया गया था। वीरभद्र सिंह ने कहा है कि मुख्यमंत्री विकास के नाम पर प्रदेशवासियों को गुमराह करने का प्रयास न करें। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को अनाप शनाप बयानबाजी के प्रति चेताया है।
आज राज्य स्तरीय कला उत्सव 2020 का आयोजन गूगल मीट के माध्यम से राज्य परियोजना कार्यालय शिमला द्वारा किया गया। इस उत्सव में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोटखाई की छात्रा कुमारी रितिका ने एकल लोक नृत्य प्रतियोगिता में भाग लिया। इस नृत्य प्रतियोगिता में छात्रा ने सुंदर प्रस्तुति दी जिसमें विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में अध्यापक पवन शर्मा, कुमारी रूचि, अपर्णा चौहान, कमलेश चौहान का पूर्ण सहयोग रहा। इस आयोजन मे बीआरसीसी कोटखाई राकेश नेगी भी उपस्थिति रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने छात्रा की प्रस्तुति की बहुत प्रशंसा की। इस कार्यक्रम में अध्यापिका ममता सूद, अधीक्षक द्रोपती, वरिष्ठ सहायक रमेश शर्मा तथा सेवादार मणि देवी भी उपस्थित रहे।
शिमला। भाजपा हिमाचल प्रदेश के प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कहा कि भाजपा संगठन एवं सरकार किसान हित में है। किसानों की खुशहाली के लिए भाजपा पूर्ण रूप से समर्पित है। उन्होंने कहा कि किसान के लिए किसान क्रेडिट कार्ड जैसी स्वर्ण योजना लाने के पीछे भारत रतन एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी का महत्वपूर्ण योगदान है इससे किसानों का मान सम्मान बड़ा और खेत से जुड़ी खरीदारी करने में किसानों को बड़ा फायदा मिला। उन्होंने कहा कि यूरिया के लिए लंबी लाइन लगती थी और कभी-कभी लाठीचार्ज भी हुआ करता था, पर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीम युक्त यूरिया प्रदान किया और पिछले 6 वर्ष में आज तक कभी भी यूरिया के लिए लाइन नहीं लगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने किसान सम्मान निधि देकर किसानों को बड़ी राहत प्रदान की है, आज किसान को भाजपा ने अन्नदाता की पदवी दी है। आज से पहले एक व्यक्ति का हेल्थ कार्ड होता था पर आज भाजपा सरकार में सॉइल हेल्थ कार्ड लाया है, जिससे भूमी की गुणवत्ता पता लगने के कारण किसानों को बड़ा फायदा हो रहा है, इसी प्रकार से फसल बीमा योजना से एक किसान सुरक्षित महसूस करता है। उन्होंने कहा न्यूनतम समर्थन मूल्य कभी खत्म नहीं होगा पूर्व की सरकारों में यह मूल्य केवल पांच, दस या बीस बढ़ता था पर आज इसका एक फार्मूला बनाया गया है अब कॉस्ट का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य होगा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि देश में कहीं भी मंडियां समाप्त नहीं होगी। सरकार हर स्तर पर किसानों से वार्ता करने को तैयार है और किसानों को वार्ता में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।
विधायक विक्रमादित्य सिंह ने कांग्रेस पार्टी की विचारधारा से जुड़े युवाओं का आह्वान किया है कि वह पंचायत व नगर निकाय चुनावों में आगे आ कर इसमें सक्रिय भूमिका निभाए। उन्होंने कहा है कि अब समय आ गया है कि उन्हें लोकतंत्र के इस पर्व में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए चुनाव मैदान में मजबूती के साथ आगे आना चाहिए। विक्रमादित्य सिंह ने अपने फेस बुक पेज से प्रदेश व क्षेत्र के विकास में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने को आगे आने का आह्वान करते हुए कहा है कि आज समय उनके द्वार पर खड़ा है अब जब पंचायत व नगर निकायों के चुनाव होने है तो उन्हें इसमें अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा इसके लिए उन्हें स्वम् आगे आने या किसी भी ऐसे योग्य उम्मीदवार को चुनाव मैदान में आगे लाने को कहा है। इसके लिए अब युवाओं को नए जोश व नई सोच के साथ आगे आने का समय है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि अंत मे यह मायने नहीं रखेगा की तुम्हारी जिंदगी में कितने साल थे, बल्कि यह मायने रखेगा की कितने सालों में तुम्हारी जिंदगी थी इसलिए उठो और आगे बढ़ो। यह समय हमें बदलाव का मौका दे रहा है, इसलिए हमें इसे बगैर गवाएं आगे बढ़ने का संकल्प लेना है।
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर का उद्देश्य अनुदान राशि को लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानातंरित करना तथा सूचना के सरल और तीव्र प्रवाह के लिए मौजूदा प्रक्रिया में सुधार कर लाभार्थियों को सीधा लाभ सुनिश्चित कर डी-डुप्लीकेशन और धोखाधड़ी से बचाना है। यह बात आज यहां कृषि एवं पशुपालन मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने कृषि और पशुपालन विभागों द्वारा कार्यान्वित की जा रही योजनाओं की समीक्षा करते हुए कही। कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसानों को लाभान्वित करने के लिए राज्य में जल्द ही डायरेक्ट बेनिफिट ट्रंास्फर नीति को लागू किया जाएगा। इससे न केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के किसानों की आय को वर्ष 2022 तक दोगुना करने की परिकल्पना को साकार करने में सहायता मिलेगी, बल्कि किसानों को सरकार द्वारा चलाई जा योजनाओं का सीधा लाभ भी मिल सकेगा। उन्होंने बीज के लिए अन्य राज्यों पर निर्भर न रहने तथा प्रदेश में ही बीज तैयार करने पर भी बल लिया। इससे न केवल किसानों को उनके उत्पादों के बेहतर मूल्य उपलब्ध होंगे, बल्कि अधिक उपज के बीजों व खरपतवार और कीटनाशक दवाइयों पर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांस्फर के माध्यम से अनुदान प्राप्त करने में सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग द्वारा अब तक शंकर किस्मों के 25740 क्विंटल मक्की, धान और विभिन्न प्रकार की सब्जियों के बीज व चारा बीजों को वितरित किया गया है तथा 129000 क्ंिवटल गेहूं जौ, बरसीम, दलहन, तिलहन के बीज किसानों को उपलब्ध करवाए गए जिसमें से 40846.45 क्विंटल गेहूं का बीज प्रदेश में ही तैयार किया गया है। कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आॅनलाइन पारदर्शिता प्रक्रिया एवं स्वीकृति के लिए ई-पोर्टल विकसित किया जाए ताकि किसानों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़े। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग द्वारा कार्यान्वित की जा रही योजनाओं को पैम्फ्लेट, कृषि प्रशिक्षण शिविरों व कृषक मेलों आदि के माध्यम से जागरूक किया जाए ताकि वे सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ उठा सकंे। उन्होंने कहा कि किसानों को मिट्टी परीक्षण, खाद व पौध संरक्षण लाईसेंस आदि के बारे में भी जागरूक किया जाए। वीरेन्द्र कंवर ने कहा कि प्रदेश में किसान पारम्परिक खेती को त्याग कर नकदी फसलों को अपना रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप बहुत से पारम्परिक उत्पाद बाजारों से भी लुप्त हो गए हैं, जो चिन्ता का विषय है। इस खेती को एक बार पुनः अस्तित्व में लाने के लिए कृषि विभाग द्वारा भारतीय पारम्परिक कृषि पद्धति को बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में पारम्परिक खेती योजना को लागू किया गया है जिसके अन्तर्गत गांव व खण्ड स्तर पर कृषक समूहांे का गठन किया गया है व किसानों को पारम्परिक कृषि के सम्बन्ध में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस पद्धति को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को प्रमाणित उच्च गुणवत्ता के बीज के खरीद में 85 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कृषि गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए युवाओं को प्रशिक्षित और बच्चों में खेती के मूल्यों को विकसित करना चाहिए ताकि वे कृषि को व्यवसाय के रूप में अपनाए और उन्हें रोजगार के लिए प्रदेश से बाहर न जाना पड़े। इसके उपरान्त, उन्होंने गौ सेवा आयोग के कार्य की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी बेसहारा गौवंश को टैग लगाए जाए और जो भी गौवंश को लगाए गए टैग के साथ छेड़छाड़ करते हैं उनके खिलाफ सजा का प्रावधान किया जाएगा। भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष डाॅ. सोम देव शर्मा ने इस अवसर पर अपने विचार संाझा किए। उपाध्यक्ष भारतीय किसान संघ भरत राम पटियाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव निशा सिंह, निदेशक कृषि डाॅ. नरेश कुमार बधन, निदेशक बागवानी जे.पी. शर्मा, निदेशक पशुपालन डाॅ. अजमेर डोगरा, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष अशोक शर्मा और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
आज थिंक इंडिया की प्रदेश इकाई ने हिमाचल प्रदेश के नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी घंडल में फीस के नाम पर छात्रों के हो रहे आर्थिक शोषण के विरोध में शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा। थिंक इंडिया के प्रदेश संयोजक शिवोम वशिष्ट ने कहा कि इस महामारी के दौर में हिमाचल प्रदेश आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है। कोरोना की वजह से हमारा शिक्षा क्षेत्र भी बहुत अधिक प्रभावित हुआ है। परंतु अगर बात करें नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी घंडल की तो फीस के नाम पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रों का आर्थिक रूप से भरपूर शोषण किया जा रहा है। इस महामारी के दौरान जहां छात्रों की मात्र ऑनलाइन कक्षाएं ही चली और छात्रों ने फिजिकल रूप से कक्षाएं ना लगा कर ऑनलाइन माध्यम से ही शिक्षा ग्रहण की। परंतु जिस तरह फीस के नाम पर अनावश्यक फंड जैसे कि वाईफाई चार्ज, स्पोर्ट्स फंड, बिजली और पानी का बिल, मैस चार्ज, स्टूडेंट वेलफेयर फंड, मूट कोर्ट फंड, ट्रैवलिंग फंड, बस किराया इत्यादि छात्रों से बसूला जा रहा है, जिसका इस्तेमाल तक इस महामारी के दौरान में छात्रों द्वारा नहीं किया गया, इस फंड को बसूलना कतई तर्कसंगत नहीं है। इन सभी प्रकार के अतिरिक्त फंड को यदि जोड़ा जाए तो यह राशि 90 हजार के करीब बन रही है। यह सीधे तौर पर इस महामारी के दौर में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा आर्थिक शोषण है, जिसका थिंक इंडिया हिमाचल प्रदेश इकाई विरोध करती है। इतनी भारी-भरकम फीस होने के बावजूद यदि नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में सुविधाओं की बात की जाए तो वहां पर छात्रों को स्वच्छ जल और भोजन के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है, तो अन्य सुविधाएं किस प्रकार की होंगी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। इससे पहले इसी वर्ष जुलाई माह में जब एनएलयू प्रशासन द्वारा फीस की अधिसूचना लगाई गई थी तब छात्रों ने उस समय विश्वविद्यालय को पूरी फीस अदा की थी। परंतु अब जब अगले सत्र हेतु नवम्बर माह में फीस की सूचना लगाई जाती है जो कि एक लाख तीस हजार रूपए है। अभी तक बहुत सारे छात्र इस भारी-भरकम फीस को देने में असमर्थ है। अब विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा तानाशाही रवैया अपनाते हुए जिन छात्रों ने अभी तक यह भारी-भरकम फीस जमा नहीं करवाई उनका पिछले सत्र का परीक्षा परिणाम घोषित करने से मना कर दिया है। पिछले कल एन एल यू द्वारा छात्रों का रिजल्ट घोषित किया जाता है परन्तु मात्र उन्हीं छात्रों का रिजल्ट घोषित किया गया है जिन्होंने विश्वविद्यालय को पूरी फीस अदा की है। इस तरह का भेदभाव एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय द्वारा छात्रों के साथ किया जाना बहुत ही शर्मनाक है। थिंक इंडिया हिमाचल प्रदेश इकाई इस विषय को लेकर शिक्षा मंत्री से मिली तथा अपना मांग पत्र उन्हें सौंपा। थिंक इंडिया के कार्यकर्ताओं ने मांग रखी महामारी के दौर में प्रदेश सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करें तथा विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा फीस के नाम पर किए जा रहे छात्रों के आर्थिक शोषण को बंद करें। शिक्षा मंत्री द्वारा आश्वासन दिया गया है कि वे इस मामले की जांच करेंगे व छात्रों को न्याय दिलाने का कार्य करेंगे।
सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट शिमला द्वारा आयोजित वस्त्र बैंक कार्यक्रम में वस्त्र एकत्रीकरण आज से शुरू हो गया है। शिमला के संजौली बस स्टैंड, बीसीएस, पुराना बस स्टैंड, समरहिल चौक, टुटु चौक आदि स्थानों पर ट्रस्ट के कार्यकताओं द्वारा वस्त्र एकत्र किए जा रहे हैं। इन स्थानों में लोगों द्वारा काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। 16,19,22 दिसंबर को चलने वाले इस वस्त्र बैंक कार्यक्रम में लोग अपने पुराने वस्त्र ट्रस्ट द्वारा निर्धारित स्टालों पर जमा करा रहे हैं। ट्रस्ट के सचिव डॉ सुरेन्द्र शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि ट्रस्ट प्रत्येक वर्ष विभिन्न कार्यक्रम समाज एवं राष्ट्र हित में करवाता आ रहा है। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी वस्त्र बैंक कार्यक्रम में अपना सहयोग दें। ताकि यह वस्त्र किसी जरूरतमंद व्यक्ति के काम आ सकें। मानव सेवा ही उतम सेवा है। हमारे द्वारा निधारित स्थानों पर आप सभी अपने वस्त्रों को दान करे ताकि हम उन कपड़ों को जरूरत मंद तक पहुँचा सके। शिमला की प्रबुद्ध जनता से अनुरोध है कि आप सभी भी ट्रस्ट के माध्यम से वस्त्र बैंक में अपने पुराने वस्त्रों को दान करें। अगर आप निर्धारित जगहों पर वस्त्र जमा कराने में असमर्थ हैं तो कृपया अपने वस्त्रों को प्रेस एवं साफ सुथरा करके रखें आपके घर से ट्रस्ट के कार्यकर्ता एकत्र करेगें। अधिक जानकारी के लिए दिए गए नंबरों पर संपर्क करें। सुरेंद्र शर्मा (सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट सचिव) 94184 73578
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री सरवीण चैधरी ने आज शिमला से महिला और बाल विकास मंत्रालय के वेबिनार में भाग लिया। वेबिनार की अध्यक्षता केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा की गई, जिसमें विभिन्न राज्यों में केंद्र सरकार की योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने कोविड के दौरान विभाग द्वारा केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के सफल कार्यान्वयन पर संतोष व्यक्त किया और राज्य में कुपोषित बच्चों के लिए विशेष अभियान शुरू करने के भी निर्देश दिए। वेबिनार के दौरान, सरवीण चैधरी ने कोविड महामारी के दौरान विभाग द्वारा कार्यान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं से केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया। उन्होंने महामारी के दौरान राज्य सरकार के एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान और अन्य अभियानों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका से भी अवगत करवाया। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री ने केंद्रीय मंत्री को केंद्र सरकार की सभी योजनाओं का सफल कार्यान्वयन करने का आश्वासन दिया। अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय और अधिकारिता संजय गुप्ता, निदेशक महिला एवं बात विकास (डब्ल्यूसीडी) कृतिका कुल्हारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी शिमला से वेबिनार में भाग लिया।
सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के राज्य नाट्य दल द्वारा पिछले एक महीने से शिमला शहर व आस-पास के क्षेत्रों में कोरोना महामारी से बचाव व लोगों में जागरूकता के लिए विशेष अभियान चलाया हुआ है। जिसके अन्तर्गत नाट्य दल के कलाकरों द्वारा विभिन्न स्थानों खलीनी, बीसीएस, ढली, संजौली, लोअर बाजार, राम बाजार, बस अड्डा, लक्कड़ बाजार में लोगों को कोविड-19 के प्रति जागरूक किया गया। कलाकरों ने अभियान के तहत सभी जगह जाकर लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव के तरीके ध्वनि यंत्रों के माध्यम से बताएं। इस दौरान लोगों को जागरूक करते हुए बताया गया कि कोविड महामारी को देखते हुए किसी भी प्रकार की लापवाही न बरते, अनावश्यक रूप से भीड़ न लगाएं, भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचें, बाहर निकलने पर मास्क का प्रयोग करें, दो गज की दूरी, हाथों को सेनटाईज करना, आवश्यक हो तभी घर से बाहर निकलें अन्यथा अपने घर पर ही रहें। सर्दी, खांसी या बुखार जैसे लक्षण हो तो इन लक्षणों को छुपाना नहीं है ऐसे लक्षण दिखने पर नजदीक के स्वास्थ्य केन्द्र में खुद को चैक करवाना है। बार-बार अपने मुंह को छुने की आद्त को हटाना है व अन्य मानकों की सुनिश्चितता अत्यंत आवश्यक है के बारे में भी लोगों को अवगत करवाया।
हिमाचल के सीएम जयराम ठाकुर ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है की 19 दिसंबर के बाद प्रदेश में पंचायती चुनावों को लेकर कभी भी आचार संहिता लागू हो सकती है। मुख्यमंत्री शिमला से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सिराज के थुनाग में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की 325वीं शाखा का लोकार्पण कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पंचायत चुनावों को लेकर पूरी तरह तैयार है। प्रदेश की पंचायतों में सर्वसम्मति से अधिकतर चुनाव हों तो प्रदेश हित में होगा। वार्ड से लेकर जिला परिषद तक जनता सही और निष्पक्ष उम्मीदवारों के हाथों में स्थानीय निकायों की कमान सौंपे। मुख्यमंत्री द्वारा ऐलान तो कर दिया गया है। पर क्या आप जानते हैं आचार संहिता क्या होती है और इसे क्यों लागू किया जाता है? उसके नियम क्या है है उनकी अवहेलना पर क्या कार्रवाई होगी? क्या होती है चुनाव आचार संहिता? देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग कुछ नियम बनाता है। चुनाव आयोग के इन्हीं नियमों को आचार संहिता कहते हैं। चुनाव के दौरान इन नियमों का पालन करना सरकार, नेता और राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी होती है। कब से कब तक लागू होती है? आचार संहिता चुनाव की तारीख की घोषणा के साथ ही लागू हो जाती है। यह चुनाव प्रक्रिया के संपन्न होने तक लागू रहती है। चुनाव की तारीख की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लगती है और वोटों की गिनती होने तक जारी रहती है। आचार संहिता के नियम चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद कई नियम भी लागू हो जाते हैं। इनकी अवहेलना कोई भी राजनीतिक दल या राजनेता नहीं कर सकता। सार्वजनिक धन का इस्तेमाल किसी विशेष राजनीतिक दल या नेता को फायदा पहुंचाने वाले काम के लिए नहीं होगा। सरकारी गाड़ी, सरकारी विमान या सरकारी बंगले का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जायेगा। किसी भी तरह की सरकारी घोषणा, लोकार्पण और शिलान्यास आदि नहीं होगा। किसी भी राजनीतिक दल, प्रत्याशी, राजनेता या समर्थकों को रैली करने से पहले पुलिस से अनुमति लेनी होगी। किसी भी चुनावी रैली में धर्म या जाति के नाम पर वोट नहीं मांगे जाएंगे। उल्लंघन पर होगी कार्रवाई चुनाव आचार संहिता के नियम सख्ती से लागू होते हैं। अगर इन नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो उसके लिए सज़ा का प्रावधान भी है। चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
गैस कंपनियों ने उपभोक्ताओं को बड़ा झटका दिया है। कंपनियों द्वारा एलपीजी गैस की कीमतों में इजाफा किया गया है। पंद्रह दिनों के अंदर गैस सिलिंडर के दाम 100 रुपए बढ़ गए है। 2 दिसंबर और 15 दिसंबर को 50-50 रुपए बढ़ोतरी की गई। अब हिमाचल प्रदेश में गैस सिलिंडर 791 रुपए में मिलेगा, जबकि सब्सिडी की राशि अभी स्पष्ट नहीं की गई है। व्यावसायिक गैस सिलिंडर के दाम भी 35 रुपए बढ़ा दिए गए है, अब व्यावसायिक गैस सिलिंड की कीमत 1439 रुपए हो गई है। घरेलू उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी के साथ सिलिंडर के लिए 791.50 रुपए चुकाने होंगे।
आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने कुलपति को विश्वविद्यालय की कुछ प्रमुख मांगो को लेकर ज्ञापन सौंपा। इकाई उपाध्यक्ष पवना शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने बी एड के सत्र 2020-21 के लिए महीनों पहले परीक्षा ली है और परिणाम को घोषित किये भी एक माह से अधिक का समय हो गया है परंतु विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी उसकी न तो मेरिट लिस्ट जारी की है और न ही काउंसलिग की तिथि जारी की है। विद्यार्थी परिषद यह मांग करती है कि बीएड की मेरिट लिस्ट शीघ्र अति शीघ्र जारी की जाए। विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा एम फिल व एल एल एम की प्रवेश परीक्षा के नाम पर विद्यार्थियों से भारी भरकम फीस वसूले महीनों हो चुके है किंतु अभी तक इस विषय को लेकर प्रशासन ने कोई कदम नही उठाया है। अतः विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि एम फिल व एल एल एम के दाखिले के लिए भी विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षाएं भी प्रशासन शीघ्रता से करवाए। विद्यार्थी परिषद की प्रमुख मांगें निम्नांकित हैं : 1. MPhil और LLM में प्रवेश परीक्षा के आधार पर दाखिले करवाएं जाए। 2.सामाजिक दूरी के साथ विश्वविद्यालय Library को खोला जाए। 3. विश्वविद्यालय के शोधार्थियों के लिए छात्रावासो को खोला जाए ताकि सभी शोधार्थी अपना शोध कार्य शीघ्र पूरा कर सकें। 4. सभी विभागों में छात्रों की रिक्त पड़ी सीटें जल्द भरी जाए। 5. B.ed की मैरिट लिस्ट और काउंसलिंग कि तिथि जल्द जारी की जाए। 6.UG के लंबित पड़े परीक्षा परिणामों को शीघ्र घोषित किया जाए। 7.गैर शिक्षक पदों की भर्ती प्रक्रिया जल्दी शुरू की जाए। 8.सभी विभागों में ऑनलाइन कक्षाओं को सुचारू रूप से चलाया जाए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद आशा करती है कि विश्वविद्यालय शीघ्र अति शीघ्र इन मांगों का क्रियान्वयन करेगा।
उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने आज हिमाचल प्रदेश राज्य हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम (Himachal Pradesh State Handicrafts And Handloom Corporation) के निदेशक मण्डल की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान की परिकल्पना को साकार करने के लिए प्रदेश सरकार राज्य के हस्तशिल्प और हथकरघा को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए दृढ़ प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को प्रदेश के समृद्ध हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों को अन्तरराष्ट्रीय बाजार में ऑनलाइन माध्यमों से उपलब्ध करवाने की संभावनाओं पर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह ग्रामीण स्तर पर प्रदेश की समृद्ध हस्तशिल्प, हथकरघा और पारम्परिक खिलौना कला से जुड़े कारीगरों के कलस्टर तैयार कर उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करें और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश के खिलौना उद्योग को भी प्रोत्साहन प्रदान किया जाए। उद्योग मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री दस्तकार योजना और मुख्यमंत्री ग्राम कौशल योजनाओं के अन्तर्गत पारम्परिक हस्तकला, हस्तशिल्प, लकड़ी और धातु शिल्प कलाओं को पुनर्जीवित करने के साथ-साथ ग्रामीण स्तर पर युवाओं को लाभप्रद रोजगार के अवसर भी प्रदान किए जा रहे हैं। इन योजनाओं के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार न केवल परम्परागत कलाओं, शिल्प और संस्कृति के पुनरूद्धार की दिशा में कार्य कर रही है बल्कि युवाओं को स्वरोजगार के अवसर भी प्रदान कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश के हरकरघा एवं हस्तशिल्प के संवर्द्धन में बेहतर काम करने वाले कारीगरों को सम्मानित करने के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार योजना का प्रारूप तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि निगम राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार विजेताओं को उनके उत्पादों के विपणन के लिए समुचित सुविधाएं प्रदान करने के लिए समुचित प्रयास करें। हिमाचल प्रदेश राज्य हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम के उपाध्यक्ष संजीव कटवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग रामसुभग सिंह, प्रबन्ध निदेशक कुमुद सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
सोमवार को मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा कोटखाई के डाहर व नावर के गुजानंदली गाँव में अग्निकांड से पीड़ित परिवारों से भेंट करने पहुंचे। बरागटा ने पीड़ितों को सांतवना देते हुए कहा कि मैं हर पल आपके साथ हूं और शासन व प्रशासनिक स्तर पर आपको हर संभव आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। टिककर क्षेत्र के सभी ग्राम वासियों ने नरेंद्र बरागटा से टिककर में अग्नि शमन केंद्र खोलने की मांग रखी है जिस पर नरेंद्र बरागटा ने कहा है कि यहां पर अग्निशमन केंद्र खोलने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से इस विषय पर चर्चा की है। बरागटा ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि इस क्षेत्र की ये महत्वपूर्ण मांग जल्द मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पुरी करेंगे। इसके अतिरिक्त लोगों ने नरेंद्र बरागटा से गुजादंली गांव के लिए एम्बुलेंस सड़क निर्माण की मांग भी की। बरागटा ने तुरंत मौके पर ही इस सड़क को बनाने के लिए लोकनिर्माण विभाग को आदेश दिए, साथ ही उन्होंने इस सड़क निर्माण में स्थानीय लोगों से भी सहयोग का आग्रह किया। इसके पश्चात नरेंद्र बरागटा नगर पंचायत जुब्बल में निर्माणाधीन अम्बेडकर भवन का निरिक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बरागटा अधिकारीयों को इस कार्य को जल्द पुरा करने को कहा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में जितने भी विकास कार्य चल रहे है उसको रिकॉर्ड समय में पुरा करे ताकि यहां की जनता को जल्द उनका लाभ मिल सके। इस दौरान उनके साथ एस. डी. एम.रोहडू बी.आर. शर्मा, तहसीलदार जुब्बल चंद्रमोहन ठाकुर, तहसीलदार कोटखाई कैलाश कौडल, सभी विभागों के अधिशासी अभियंता भी उपस्थित रहे।
शहरी विकास, आवास, नगर नियोजन, संसदीय कार्य ,विधि एवं सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज रोहड़ू क्षेत्र का दौरा कर अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कोरोना संक्रमण के बचाव के संबंध में समीक्षा बैठक की। उन्होंने ने बताया कि रोहडू क्षेत्र में बर्फबारी के दौरान कोरोना संक्रमित एवं अन्य मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से रोहडू अस्पताल को विभिन्न सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने बताया कि इसके तहत आउट सोर्स के आधार पर स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति के निर्देश दिए गए थे, जिनकी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली गई है । उन्होंने बताया कि यह कर्मचारी प्रशिक्षण प्राप्त कर जल्द कार्य करना आरंभ कर देंगे। उन्होंने कहा कि अस्पताल में 40 बिस्तरों की सुविधा को बढ़ाकर 90 बिस्तर किए गए है। ऑक्सीजन का पर्याप्त प्रबंध किया गया है और विभिन्न कैटेगरी के ऑक्सीजन सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि रोहडू अस्पताल में एक्स रे मशीन को पीपीपी मोड में करने की व्यवस्था के संबंध में जल्द उच्च अधिकारियों से बात कर सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को अस्पतालों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि विद्युत आपूर्ति बाधित होती है तो विद्युत विभाग अस्पतालों में वैकल्पिक सुविधाएं प्रदान करें ताकि चिकित्सकों एवं मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना ना करना पड़े। उन्हें कहा कि प्रदेश सरकार की हिम सुरक्षा योजना में आशा वर्कर घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने और इस के बचाव के लिए सरकार व प्रशासन के साथ-साथ व्यक्तिगत तौर पर सभी के सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों को विवाह या अन्य समारोह की आज्ञा प्रदान करने के उपरांत व्यक्तिगत तौर पर जाकर स्थल व क्षेत्र की जांच एवं निगरानी करने के निर्देश दिए ताकि किसी प्रकार की नियमों की अवहेलना ना हो सके। उन्होंने कहा कि अवहेलना करने वाले के प्रति नियम के अनुसार कार्रवाई अमल में लाई जाए। इस अवसर पर ग्रामीण विकास बैंकी अध्यक्षा शशि बाला, उप मंडलाधिकारी बीआर शर्मा, डीएसपी सुनील नेगी, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ रविंद्र, कोविड समन्वयक डॉ दिलीप, खंड चिकित्सा अधिकारी व विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
आज वन्यप्राणी मंडल स्पीति की टीम ने विलुप्त हिमालयन सिरो को अपने कैमरे में कैद किया व वीडियो क्लिप बनाने में सफलता हासिल की। स्थानीय लोग भी इस विलुप्त प्रजाति को देखकर अंचभित रह गए। वन्यजीव विलुप्त की अनुसूची एक में शामिल हिमालयन सिरो को इंटरनेशनल यूनियन फ़ॉर कन्सेर्वटिव फ़ॉर नेचर (आईयूसीयेन) ने संकटापन्न के नजदीक श्रेणी में शामिल किया है। इस उपलब्धि के लिए वन्यप्राणी प्रभाग की मुखिया अर्चना शर्मा ने वन्यप्राणी मंडल स्पीति के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को बधाई दी और इस दुर्लभ प्रजाति के सरंक्षण व हुरलिंग क्षेत्र की निगरानी रखने के दिशा निर्देश दिए। यह भी बताया कि यह प्रजाति WPA 1972 के शेडूल और CITES के अपेंडिक्स में शामिल प्रजाति है। इस अवसर पर मुख्य अरण्यपाल वन्यप्राणी अनिल ठाकुर ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में यह दुर्लभ प्रजाति ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क और चंबा के कुछ ऊपरी क्षेत्रों में कैमरा ट्रैप के माध्यम से देखी गई थी, इस दुर्गम क्षेत्र में यह प्रजाति साथ में लगती रूपी भावा वन्यप्राणी अभ्यारण स्थल से भटक कर आई है। कोल्ड डेजर्ट में इस प्रजाति का यह पहला फोटोग्राफिक रिकॉर्ड है। अनिल ठाकुर ने बताया कि इस दुर्लभ प्रजाति की निगरानी हरदेव नेगी, वन मंडलाधिकारी वन्यप्राणी मंड़ल स्पीति और उनकी टीम कर रही है।
हिमाचल प्रदेश टीचर वेलफेयर एसोसिएशन ने 11 दिसंबर 2020 को एक आम सभा का आयोजन किया। इस आम सभा में एसोसिएशन द्वारा बीते वर्ष में किए गए कार्यों का विवरण दिया गया तथा वर्ष भर के कार्य पर चर्चा की गई। इस आम सभा का आयोजन नई कार्यकारिणी गठन के लिए किया गया था। हपुटवा के संविधान के अनुसार हर वर्ष नई कार्यकारिणी का गठन किया जाता है। निवर्तमान अध्यक्ष प्रो देस राज ठाकुर ने 2019-20 की कार्यकारिणी को भंग करने के साथ डॉ सुरेंदर को नई कार्यकारिणी के गठन के लिए चर्चा आरम्भ करने के लिए आमंत्रित किया। पुरानी कार्यकारिणी को भंग करके नई कार्यकारिणी की घोषणा भी इसी आम सभा में की गई। इस आम सभा में विश्वविद्यालय के लगभग 66 अध्यापक मौजूद रहे जिसमें नई कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए डॉक्टर सुरेंद्र ने और सभी हपुटवा के सदस्यों द्वारा नामित सर्वसहमति से संजय संधू को नए अध्यक्ष के रूप ने निर्वाचित किया एवं घोषणा की। इस कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष के रूप में डॉक्टर सुरेंद्र शर्मा सचिव के रूप में डॉक्टर सुनील मनकोटिया कोषाध्यक्ष डॉक्टर योगराज, सह सचिव डॉ दीपलता, प्रेस सचिव डॉक्टर चमन लाल बंगा, सचिव IT के रूप में डॉ सुनील को चुना गया। इस मौके पर नवनिर्वाचित अध्यक्ष संजय संधू जी ने समस्त विश्व विद्यालय परिवार का आभार जताया और कहा यह एसोसिएशन सदैव अध्यापकों एवं विश्विद्यालय हित में निरंतर कार्यरत रहेगी, और विभिन्न गतिविधियां करते रहेंगे। अंत में उन्होंने आभार जताते हुए कहा कि इस नई जिम्मेवारी को वह निष्ठा से निभाएंगे और एसोसिएशन को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के नए उद्यमियों को बढ़ावा देने और प्रोत्साहित करने के लिए हिम स्टार्ट अप योजना के अन्तर्गत 10 करोड़ रुपये का उद्यम कोष (वेंचर फण्ड) स्थापित किया है। आईआईटी मण्डी द्वारा आयोजित हिमालय स्टार्ट अप टैªक के चैथे संस्करण के अवसर पर मुख्यमंत्री ने आज नई दिल्ली से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यह बात कही। उन्होंने कहा कि स्टार्ट अप इण्डिया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की संकल्पना है, जिसने उद्यमियों के सपनों को पंख लगाए हंै और यह कार्यक्रम देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि आईआईटी मण्डी पिछले चार वर्षों से इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है और देशभर में 100 से ज्यादा स्टार्ट अप आईआईटी मण्डी द्वारा क्रियान्वित किए जाने वाले केटालिस्ट इन्क्यूबेशन प्रोग्राम से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह हम सबके लिए गर्व का विषय है कि देशभर में यह प्रतिष्ठित संस्थान उद्यमिता और स्टार्ट अप सूचकांक में सातवें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में किए गए प्रयासों से राज्य को भी राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के अवसर पैदा करने के लिए मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना आरम्भ की गई है और इस कार्यक्रम के तहत नवोमेष विचारों वाले युवाओं को एक वर्ष के लिए 25 हजार रुपये प्रति माह दिए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, विचारों के कार्यान्वयन और मार्किटिंग के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि उद्यमियों को राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्ट अप को पेटेंट फाईल करने के लिए दो लाख रुपये और अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर पेटेंट फाईल करने के लिए 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम स्वरोजगार उद्यम के लिए प्रयासरत प्रतिभाशाली युवाओं को बढ़ावा दे रहा है। इस योजना में राज्य के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे आईआईटी मंडी, एनआईटी हमीरपुर, विभिन्न सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों में, विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता लाने के लिए इन्क्यूबेशन केन्द्र स्थापित करने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों के माध्यम से तीन वर्षों के लिए 30 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है और 818 प्राप्त आवेदनों में से इन्क्यूबेशन केंद्रों ने 132 स्टार्ट अप में से 54 को पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि 78 स्टार्ट अप इन्क्यूबेशन में हैं जबकि 30 स्टार्ट अप तैयार हैं। मुख्यमंत्री ने तकनीकी के विकास तथा पहले से स्थापित तकनीक को सुदृढ़ करने पर बल दिया, क्योंकि तकनीक विकास और वृद्धि की रीढ़ है। उन्होंने कहा कि तकनीकी उन्नति के कारण ही कोरोना महामारी द्वारा उत्पन्न चुनौतियों के मध्य गतिविधियों को वर्चुअल मोड द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज हम अपने जीवन में डिजिटल इण्डिया के परिणाम देख रहे हैं। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि राज्य सरकार बड़े पैमाने में उद्यमता को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री का 10 करोड़ रुपये के उद्यम कोष (वेंचर फण्ड) स्थापित करने तथा युवाओं के लिए स्वरोजगार सृजित करने के लिए आरम्भ की गई विभिन्न अभिनव योजनाएं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने राज्य में उद्यमियों को दिए जा रहे विभिन्न प्रोत्साहन की विस्तृत जानकारी दी। आईआईटी मण्डी के निदेशक ए.के. चर्तुवेदी ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
कोटखाई क्षेत्र के खनेटी पंचायत के डाहर गांव में आग लगने पर प्रदेश सरकार के मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा ने गहरा दुख प्रकट किया है। प्रदेश सरकार में मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा ने प्रभावित परिवार की तरफ संवेदना प्रकट की है। साथ ही साथ प्रशासन को तुरंत सहायता राशि देने का आदेश दिया है। नरेन्द्र बरागटा ने तहसीलदार कोटखाई को आदेश देते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही साथ प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को फौरी राहत के तौर पर 30,000 हजार रुपये, राशन व कम्बल, तरपाल मुहैया करवाने के आदेश दिए। उन्होंने जल्द से जल्द प्रभावित परिवार को अग्नि कांड से हुए नुकसान का मुवावजा दिए जाने की बात भी कही।
2021 गणतंत्र दिवस खास होने वाला है। आने वाले गणतंत्र दिवस में न केवल भव्य राम मंदिर की झांकी लगेगी बल्कि परेड में दुनिया की सबसे ऊंची रोहतांग टनल भी दिखाई देगी। लाहौल स्पीति में स्थित इस टनल के साथ साथ लाहौल के साथ लगता त्रिलोकनाथ मंदिर भी इस झांकी में नजर आएगा। इस बार भाषा एवं संस्कृति विभाग ने रक्षा मंत्रालय को तीन मॉडल भेजे थे, जिनमें से अटल टनल रोहतांग का चयन हुआ है। 26 जनवरी 2021 को दिल्ली राजपथ पर परेड में हिमाचल से अटल टनल रोहतांग व त्रिलोकनाथ मंदिर की झांकी प्रस्तुत की जाएगी। दिखेगी राम मंदिर की झलक वहीं इस बार राजपथ पर अयोध्या में बनने जा रहा भव्य राम मंदिर की झांकी देखने को मिलेगी। उत्तर प्रदेश की ओर से जो झांकी परेड में शामिल होगी, उसमें राम मंदिर का मॉडल होगा। यूपी की ओर से इस बार अयोध्या की सांस्कृतिक धरोहर को ही थीम बनाया गया है। झांकी में अयोध्या में हर साल होने वाले दीपोत्सव को भी दर्शाया जाएगा।
बीते दिन पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हमला किया गया। नड्डा के बंगाल आगमन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों ने डायमंड हार्बर से गुजर रहे उनके काफिले को रोकने की कोशिश की। इसी दौरान पथराव किया गया। काफिले में शामिल भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की गाड़ी का शीशा भी टूट गया। वह बाल-बाल बच गए। दोनों ही नेता पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक को संबोधित करने के लिए दक्षिण 24 परगना जा रहे थे। इस घटना के बाद से राजनीति का सियासी पारा एक बार फिर से गरमा गया है। राजनीति में एक के बाद एक कि प्रकिया आना शुरू हो गई। इस मामले पर शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि ये गंभीर मुद्दा है। जहां प्रचार के लिए गए राष्ट्रीय अध्यक्ष और अन्य मंत्रियों पर बंगाल की सत्ताधारी दल के कार्यकताओं द्वारा पत्थरबाजी करके लोकतंत्र का हनन किया जा रहा है। जो घटना हुई है उसकी निंदा करते हैं और बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए।
कोरोना मरीजों को बेहतरीन सेवाओं पर आईजीएमसी शिमला प्रशासन हाईकोर्ट के निर्देशों की अनुपालना में जुट गया है। प्रशासन ने दावा किया है कि हाईकोर्ट के निर्देशों के पहले ही आईजीएमसी में व्यवस्था दुरूस्त कर दी गई है। यही नहीं लोगों व मरीजों की सुविधा के लिए आईजीएमसी अस्पताल में हेल्पलाईन सेवा शुरू कर दी गई है। इसके अलावा मरीजों के खान-पान को लेकर भी अस्पताल में पूरा ध्यान रखा जा रहा है। हाईकोर्ट ने जो स्टाफ को बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं, इस पर भी काम शुरू कर दिया गया है। आईजीएमसी के प्रिंसीपल डा. रजनीश पठानिया ने बताया कि कोरोना मरीजों को अस्पताल में बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्टाफ की कमी को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जल्द ही आवश्यकतानुसार स्टाफ की तैनात की जाएगी।
रोहड़ू के एसडीपीओ सुनील नेगी अपनी ड्यूटी पर वापस लौट आए हैं। बता दें कुछ समय पहले वह कोरोना संक्रमित पाए गए थे। लेकिन अब वह कोरोना को मात देकर पूर्णतः स्वस्थ हो गए हैं। वह वापस अपने कार्यालय लौटे हैं और फिर से सब डिवीजन की सेवा कर रहे हैं।
शिमला। प्रदेश में कोरोना संक्रमण थम नहीं रहा है और प्रतिदिन 700 से 800 मरीज संक्रमित हो रहे है। वहीं मौत का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है। राजधानी शिमला कोरोना हॉट स्पॉट बनती जा रही है। जिले में कोरोना मामलों के साथ मौत का आंकड़ा भी सबसे ज्यादा है। ताजा मामले में आइजीएमसी में 24 घंटे में अबतक कोरोना से सबसे ज्यादा, 10 मौत हुई है। इसमें एक रामपुर से रेफर गर्भवती महिला भी है। 30 साल की गर्भवती महिला 8 दिसंबर को रामपुर से रेफर होकर आइजीएमसी आई थी। महिला को कोरोना के साथ न्यूमोनिया था। 11 दिसम्बर सुबह लगभग 4 बजे के महिला ने दम तोड़ दिया। इसके साथ अन्य 9 लोगों की भी कोरोना से मौत हुई है। वीरवार को जिला में कोरोना के 77 मरीज आए है। इसमें कुमारसैन से 17, कोटखाई से 7, खलीनी, आईजीएमसी, रोहड़ू, ननखड़ी, नेरवा से 4-4, मतियाना, किन्नौर से 3-3, छोटा शिमला, बेमलोई, घोड़ा चौकी, कुल्लू से 2-2, जबकि संजौली, ढली, न्यू शिमला, कुसुम्पटी, नो चक्कर, टूटू, नाभा, डीडीयू, केएनएच, टिक्कर और बिलासपुर से एक-एक मरीज आया है।
जिला के विभिन्न क्षेत्रों मेें उपमण्डलाधिकारियों द्वारा 287 विवाह समारोहों का औचक निरीक्षण कर कोविड-19 के तहत विशेष संचालन मानकों की अनुपालना को सुनिश्चित बनाया गया। उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्यवाही के तहत शिमला शहरी क्षेत्र में 17, शिमला ग्रामीण क्षेत्र में 58, ठियोग में 31, रामपुर में 48, कुमारसैन में 16 रोेहड़ु में 79 तथा चैपाल में 38 निरीक्षण किए गए तथा रामपुर में नियमों की उल्लंघना करने व अनियमितता बरतने पर एक एफआईआर दर्ज की गई जबकि कुल 19 चालान कर 31 हजार रू0 की राशि वसूल की गई।
शिमला। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने पश्चिम बंगाल में होने वाले विधान सभा चुनाव-2021 के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने डायमंड हार्बर जाते समय राष्ट्रीय भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के काफिले पर आज हुए हमले की कड़ी निन्दा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कायरता पूर्ण कृत्य से यह साबित होता है कि पश्चिम बंगाल में कोई भी कानून व्यवस्था नहीं है और सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस द्वारा समर्थित अपराधी अपने राजनीतिक विरोधियों को धमका रहे हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि इस कृत्य से जाहिर होता है कि ममता बनर्जी का लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास नहीं है और वह सत्ता में रहने के लिए सभी गैरकानूनी हथकंडे अपना रही हैं। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल के लोग तृणमूल कांग्रेस की कुटिल योजनाओं का उपयुक्त जवाब देंगे।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश सरकार की महत्वकांक्षी हर घर जल योजना के तहत जिला में 86096 घरों को समुचित मात्रा में पेयजल सुनिश्चित किया गया है। उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने यह बात जल शक्ति विभाग एवं अन्य विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए बचत भवन में कही। उन्होंने बताया कि जून, 2022 तक निर्धारित लक्ष्य 1,68,465 घरों को इस सुविधा के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग जिला में जल जीवन मिशन के सफल कार्यान्वयन के लिए ग्राम पंचायतों, खण्ड विकास अधिकारियों, वन विभाग एवं जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें ताकि सम्पूर्ण ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की सुविधा उपलब्ध हो सके तथा सरकार का जल जीवन मिशन का उद्देश्य पूर्ण हो सके। उपायुक्त ने बताया कि आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए स्वच्छ जल की सुविधा प्रदान की जा रही है और जिला के सभी प्राथमिक, माध्यमिक एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में विभाग द्वारा निःशुल्क स्वच्छ पेयजल की सुविधा दी जा रही है, जिससे वर्तमान प्रदेश सरकार की जन हितैषी नीतियों को सम्बल मिले। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में श्रम शक्ति की उपलब्धता के मध्य नजर ही कार्य को पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया जाए, जिससे मनरेगा योजना के द्वारा जल शक्ति विभाग के कार्यों का उपेक्षित वर्ग को लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि जल जनित रोगों की रोकथाम एवं स्वस्थ समाज के निर्माण हेतु पेयजल स्त्रोतों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाए तथा विभाग द्वारा पंप ऑपरेटर, फीटरों को टेस्टिंग किट उपलब्ध करवाई गई है, जिसके उचित कार्यान्वयन के लिए विभाग के अधिकारियों को औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जल गुणवता मानक प्रक्रिया के तहत अभी तक जिला में 9737 पानी के स्त्रोतों एवं अन्य जांच कार्य किए गए हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न क्षेत्रों में पंचायतों को पानी की जांच सुगमता के लिए 6190 फील्ड टेस्टिंग किट उपलब्ध करवाई गई। उपायुक्त ने खण्ड विकास अधिकारियों एवं पंचायत जन प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे सीवरेज की पानी से पेयजल स्त्रोतों को दूषित होने से बचाने के लिए स्थानीय लोगों को जागरूक करें तथा ग्राम स्तर पर कमेटियों का गठन करें, जिससे एक स्वस्थ समाज का निर्माण सम्भव हो सके। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त अपूर्व देवगन, राकेश वैद्य सदस्य सचिव एवं अधिशाषी अभियंता शिमला शहरी एवं वीरेन्द्र ठाकुर अधीक्षण अभियंता, संजय भगवती परियोजना अधिकारी जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, जिला पंचायत अधिकारी विजय बरागटा, उप-निदेशक प्रारम्भिक अजय शर्मा, उप-निदेशक उच्च डी.एन. आजाद, राकेश ठाकुर अधिशाषी अभियंता जल शक्ति विभाग, प्रदीप चैहान एसडीओ ठियोग जल शक्ति विभाग, राजेश कप्टा एसडीओ रोहडू जल शक्ति विभाग तथा जिला के समस्त मण्डल एवं उपमण्डलों के अधिशाषी अभियंता एवं एसडीओ उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश की शिमला जिला की एक युवा ऑलराउंडर भारतीय महिला क्रिकेट टीम में चुनी गई है। शिमला के ठियोग की रहने वाली तनुजा कंवर का चयन जनवरी 2021 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली वनडे श्रृंखला के लिए हुआ है। बता दें 2021 में जनवरी में या वनडे सीरीज खेली जाएंगी। आस्ट्रेलिया में जनवरी के अंतिम सप्ताह में तीन एकदिवसीय मुकाबले खेले जाएंगे। कौन है तनुजा? तनुजा जन्म 28 जनवरी 1998 में हुआ था और वह 22 साल की हैं। वह शिमला के ठियोग के बलग के साथ कुठार गांव की रहने वाली हैं। तनुजा के सपनों की शुरुआत एचपीसीए से हुई। उन्होंने क्रिकेट की बारीकियां यहां सीखी और इसके बाद उनका चयन धर्मशाला स्थित एचपीसीए की क्रिकेट एकेडमी के लिए हुआ। तनुजा ने अपनी दसवीं की पढ़ाई कुठार से की और 2011 में क्रिकेट अकादमी में आने के बाद जमा दो की पढ़ाई गर्ल्स स्कूल धर्मशाला से की। उन्होंने अपनी स्नातक की पढ़ाई अमृतसर कॉलेज से की है। इससे पहले तनुजा, हिमाचल किक्रेट टीम, भारतीय महिला टीम-ए, इंडिया-बी जैसी टीमों का हिस्सा रह चुकी हैं। तुनजा दाहिने हाथ से बल्लेबाजी और मध्यम गति की गेंदबाद भी हैं।
प्रदेश कोंग्रेस मीडिया पैनेलिस्ट मोनिता चौहान ने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा की देश की सबसे पुरानी और मज़बूत पार्टी कोंग्रेस आज अन्नदाताओं के साथ है जबकि अम्बानी अडानी को फ़ायदा पहुंचाने वाली भाजपा किसानों के प्रदर्शन को विपक्षी दलों का षड्यंत्र बता रही है। मोनिता ने कहा की जो भी आज भाजपा की दमनकारी नीतियों के ख़िलाफ़ अपनी आवाज़ उठाते हैं उन्हें या देशद्रोही कहा जाता है या फिर उन्हें ख़ालिस्तान और ISIS से जोड़ा जाता है। मोनिता ने केंद्र की भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा की मोदी सरकार इन काले क़ानूनों को लाकर अपने कुछ चुनिंदा पूँजीपतियों को फ़ायदा पहुँचाना चाहती है। मोदी सरकार किसानों की आय दोगुना करने की बजाए उनकी कमर तोड़ने में लगी है जबकि किसान अपने प्रदर्शन के माध्यम से यह माँग कर रहा है कि सरकार ये काले क़ानून वापसी लें। केंद्र सरकार के इस रवैये से साफ़ होता है की भाजपा अन्नदाताओं के साथ नहीं बल्कि उन चुनिंदा पूँजीपतियों के साथ है जहाँ से उन्हें चंदा आता है। उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार को चेताया की यदि यही स्थिति रही तो आने वाले समय में पूरे देश के किसान सड़कों पर उतरकर केंद्र की भाजपा सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोलेंगे। वहीं उन्होंने इन तीनों क़ानूनों को केंद्र सरकार से वापसी लेने की माँग की है।
हिमाचल प्रदेश कैबिनेट की बैठक 14 दिसंबर को होगी। बैठक सुबह 10:30 बजे बुलाई गई है। सचिवालय में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में प्रदेश में कोरोना की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की जाएगी। बैठक में प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव पर भी विचार-विमर्श होगा।
प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा ठंड के इस मौसम में गरीबों के हित के लिए वस्त्र बैंक कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसमें ट्रस्ट के कार्यकताओं द्वारा वस्त्र एकत्र किए जाएंगे। वस्त्रों को दिनांक 16,19, एवं 22 दिसंबर को संजौली चौक, बीसीएस, पुराना बस स्टैंड, समरहिल तथा टूटु में स्टाल लगाकर एकत्र किए जाएंगे। सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट ने शिमला की प्रबुद्ध जनता से अनुरोध किया है कि सभी ट्रस्ट के माध्यम से वस्त्र बैंक में अपने पुराने वस्त्र दान कर जरूरतमंदों की सेवा करने में अपना सहयोग दें।
उपमंडल चौपाल की ग्राम पंचायत धवास में सेब के बगीचे में अचानक आग लगने से जहां बागवानों का लाखों रुपए का नुकसान हुआ। वही आग को बुझाने के प्रयास के चलते तीन लोग आग की चपेट में आने से झुलस गए हैं जिनमें रोशन लाल पुत्र रेलू राम ग्राम, राखी पत्नी सुभाष ग्राम सगराड़ा तथा सजनु ग्राम धरण शामिल हैं। इन सभी को प्राथमिक उपचार के लिए सिविल अस्पताल चौपाल लाया गया जहां से रोशन व सजनू को हालत गंभीर होने के चलते आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया। आगजनी की इस घटना में ग्रामीण बागवानों के आधा दर्जन बगीचे व 30 घास की टोलियां जलकर राख हो गई हैं। आग लगने की खबर मिलते ही सभी ग्रामीण बगीचों की तरफ दौड़ पड़े लेकिन आग इतनी भयानक थी कि कोई भी बगीचों में प्रवेश नहीं कर पाया। तेज हवा के साथ आग ने चंद लम्हों में सब कुछ स्वाहा कर दिया। हालांकि फायर टैंक भी बुलाया गया लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। पंचायत समिति सदस्य मस्तराम शर्मा ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है तथा तहसीलदार चौपाल उमेश शर्मा ने बयान जारी कर कहा है कि आग से हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए संबंधित पटवारी को निर्देश दे दिए गए हैं और प्रशासन की तरफ से जो कुछ बन पाएगा उसके लिए यथासंभव मदद के लिए प्रशासन तैयार है।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना लगातार बढ़ता जा रहा है जो प्रदेश वासियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। हिमाचल में आज 6 कोरोना संक्रमितों ने अपनी जान गंवाई । इनमे जिला हमीरपुर में 2 व्यक्तियों की मृत्यु हुई जबकि चम्बा, काँगड़ा ,शिमला और सोलन में 1-1 मृत्यु हुई है। हिमाचल में अब तक कोरोना से मरने वालों की संख्या 735 पहुँच चुकी है। अब तक प्रदेश में कुल 45,779 कोरोना के मामले सामने आए है जिनमे से 7401 सक्रिय मामले है और 37,599 अब तक ठीक हो चुके है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शिमला जिले के शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में 94 करोड़ रुपये लागत की विकासात्मक परियोजनाओं की आधारशिला रखीं व लोकार्पण किए। उन्होंने शिमला जिला में शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के टुटू में खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय का भी उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने 40.27 करोड़ रुपये की लागत की 12 विकासात्मक परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिसमें 1.65 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धामी के विज्ञान खण्ड, 2.20 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला शकराह के भवन, घणाहट्टी में 2.42 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन, शारड़ा में 1.47 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन, मंढोड़घाट में 1.43 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन, बसंतपुर में 1.32 करोड़ रुपये की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन, दाड़गी में 5.46 करोड़ रुपये व सुन्नी में 5.14 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित आईटीआई भवन, सुन्नी में 8.54 करोड़ रुपये से निर्मित बस स्टैंड, धामी में 6.66 करोड़ रुपये की संयुक्त कार्यालय भवन तथा 3.97 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित लोक निर्माण भवन का उद्घाटन किया। जय राम ठाकुर ने 53 करोड़ रुपये की लागत की 11 परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी, जिसमें जल जीवन मिशन के तहत जल शक्ति उपमण्डल सुन्नी में 4.74 करोड़ रुपये की लागत से उठाऊ जलापूर्ति योजना बसंतपुर कलवी, नडूखर, घराटनाला का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के अन्तर्गत 8.23 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली उठाऊ पेयजल योजना बघारू खड्ड से तलोश ग्राम पंचायत मझीवड़, देवला और गुम्मा (प्रथम चरण) तथा उठाऊ पेयजल योजना नया सेर खड्ड से धार, टिक्कर आदि ग्राम पंचायत नीन, घैणी, पाहल और बलदेयां (द्वितीय चरण) का शिलान्यास किया। उन्होंने जिला शिमला की सुन्नी तहसील में जल जीवन मिशन के तहत 4.29 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली पंदोआ खड्ड से कैल बागड़ी हिमरी उठाऊ पेयजल योजना तथा सुन्नी तहसील में जल जीवन मिशन के तहत 1.97 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली उठाऊ पेयजल योजना तलोटी, खटनोल का शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री ने 7.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली शिमला तहसील की ग्राम पंचायत धमून में कुहणी खड्ड पर वर्षाजल संवर्द्धन संरचना के निर्माण, ग्राम पंचायत थड़ी में सलाना नाला से सलाना बस्ती के लिए 85 लाख रुपये की लागत से उठाऊ पेयजल योजना, ग्राम पंचायत बलोह में 96 लाख रुपये की लागत की उठाऊ सिंचाई योजना सेरी चरूंड, 5.80 करोड़ रुपये लागत से जिला व तहसील शिमला के जल शक्ति विभाग के तारादेवी तथा जुब्बड़हट्टी अनुभाग के तहत धमून, शिल्ली-बागी, चनोग, काहला, सायरी, आनन्दपुर, जलेल, कोट, रामपुरी, थड़ी पंचायत के शेष गांव को विभाग विभिन्न उठाऊ जलापूर्ति योजनाओं तथा सैंज खड्ड से घरोग घंडल के माध्यम से जल प्रदान करने, 50 लाख रुपये की लागत से गांव खलग झाखड़ी, खैरी और ग्राम पंचायत धमून के साथ लगते अन्य गांवों के लिए के लिए उठाऊ सिंचाई योजना, 2.26 करोड़ रुपये की लागत से छड़ोव छडोली भाड आदि तथा शिमला तहसील के आनन्दपुर ग्राम पंचायत के अन्य गांवों के लिए उठाऊ सिंचाई योजना, 15.74 करोड़ रुपये की लागत से गांव शकराह, देवनगर, ओखरू, टुटू, चायली इत्यादि को सैंज खड्ड से जल उपलब्ध करवाने की योजना का शिलान्यास किया। वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि राज्य में विकास निर्बाध रूप से चलता रहे, इसलिए सरकार ने विभिन्न विकास कार्यों का आॅनलाइन उद्घाटन और शिलान्यास करने का निर्णय लिया है। जिला भाजपा अध्यक्ष और कैलाश फेडरेशन के अध्यक्ष रवि मेहता ने मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस विधानसभा क्षेत्र में पिछले तीन वर्षों के दौरान अभूतपूर्व विकास हुआ है। सूचना एवं प्रोद्योगिकी मंत्री डाॅ. राम लाल मारकंडा, उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह मुख्यमंत्री के साथ शिमला में उपस्थित रहे, जबकि कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर इस कार्यक्रम में आॅनलाइन शामिल हुए। इस अवसर पर उपायुक्त आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक शिमला मोहित चावला और अन्य लोग भी उपस्थित थे।
निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूली को लेकर प्रदेश में लंबे समय से विरोध चल रहा है। अब आखिरकार इसे रोकने के लिए हिमाचल सरकार तैयार हो गई है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने मंगलवार को राजधानी शिमला में स्थित निजी स्कूलों के प्रिंसिपल, हेडमास्टर व अध्यक्षों को तलब किया है। बैठक में लॉक डाउन के दौरान की फीस वसूली की स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है। वहीं, अन्य जिलों में भी इस तरह की बैठक के आयोजन की बात कही जा रही है। बात दें, प्रदेश में लॉक डाउन के कारण मार्च से ही स्कूल बंद हैं। इस दौरान प्रदेश सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर अंकुश लगाते हुए केवल ट्यूशन फीस वसूल करने के निर्देश दिए थे। इसी बीच निजी स्कूलों की यूनियन फीस बढ़ाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट पहुंची। हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के बाद शिक्षा निदेशालय ने सिर्फ ट्यूशन फीस वसूली के निर्देश वापस ले लिए हैं। हालांकि, लॉकडाउन के दौरान की पूरी फीस स्कूल ले सकते हैं या नहीं, इसको लेकर स्थिति शिक्षा निदेशालय ने आज तक स्पष्ट नहीं की है। हाईकोर्ट ने भी अपने फैसले में पुरानी फीस को लेने को लेकर कुछ नहीं कहा है। बावजूद इसके निजी स्कूलों ने अभिभावकों को लॉकडाउन के दौरान नहीं ली गई एक्स्ट्रा फीस चुकाने के एसएमएस जारी कर दिए हैं। इसका पूरे प्रदेश में बीते दो सप्ताह से लगातार विरोध जारी है। इसको देखते हुए उच्च शिक्षा निदेशालय ने मंगलवार को निजी स्कूलों के प्रिंसिपलों को बैठक के लिए बुलाया है।
पुरे देश में आज किसानों के समर्थन में भारत बंद का एलान है। भारत बंद का असर कई राज्यों में देखने को मिल रहा है, लेकिन हिमाचल की बात की जाए तो प्रदेश में भारत बंद का कोई भी असर देखने को नहीं मिला। हालाकिं कुछ जगहों पर सीटू व किसान संगठनों ने किसान समर्थन में रैली निकाली। बाजार बंद की बात की जाए तो प्रदेश में कहीं भी दुकानों के शटर बंद नहीं दिखें। सोलन व शिमला की बात की जाए तो किसानों के समर्थन में रैलियां तो की गई, लेकिन बाजार में लोगों की भीड़ पहले की तरह ही देखने को मिली। बता दें की देश में सरकार दवरा पास किए गए किसान बिल के विरोध में दिल्ली में किसान पिछले 13 दिनों में विरोध कर रहे है। किसानों ने आज पुरे भारत को बंद करने की अपील की थी। बात की जाए पंजाब व हरियाणा की तो वहां पर भारत बंद का असर देखने को मिला। पंजाब हरियाणा में किसानों द्वारा कई जगहों पर चक्का जाम किया गया। हिमाचल प्रदेश में किसानों के समर्थन में कम लोग ही देखने को मिले। प्रदेश सरकार ने पहले ही इस भारत बंद को नकार दिया था। ठियोग, शिमला, सोलन व मंडी में प्रदर्शन .... हिमाचल के कुछ ज़िलों में भारत बंद के समर्थन में रैली व प्रदर्शन किया गया। ठियोग में कुछ संगठनों ने चक्का जाम कर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में ठियोग के विधायक राकेश सिंघा भी मौजूद रहे, इसके अलावा शिमला, सोलन व मंडी में किसान संगठन व कांग्रेस ने भारत बंद का समर्थन किया व रोष प्रदर्शन किया। प्रदेश में किसानों के समर्थन में कांग्रेस का भी साथ देखने को मिला।
#Shimla देखिये पंडित सुखराम की तारीफ में क्या बोले डॉ राम लाल मार्कंडेय ... मार्कंडेय बोले हिमाचल में खाता भी नहीं खोल पाएंगे राजन सुशांत... #FirstVerdict #RamLalMarkande #SamikshaRana #Himachal Rajan Sushant


















































