उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने धारा 144 के अंतर्गत निहित शक्तियों का प्रयोग कर आदेश जारी करते हुए बताया कि जिला शिमला में रात्रि कर्फ्यू रात 10 बजे सुबह 6 बजे तक 31 जनवरी, 2021 तक प्रभावी रहेगा। उन्होंने बताया कि इस दौरान 28 नवम्बर, 2020 को जारी किए गए आदेशों में निहित शर्तें लागू रहेगी। उन्होंने बताया कि यह आदेश जिला शिमला में 06 जनवरी, 2021 से 31 जनवरी, 2021 तक लागू रहेंगे। उन्होंने बताया कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ धारा 188, 269 व 270 के तहत कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर के उस बयान पर घोर आपत्ति व्यक्त की है जिसमें उन्होनें कहा है कि भातरीय जनता पार्टी स्थानीय निकायों के चुनावों में अपने पैनल घोषित करके राजनीति कर रही है। इस संबंध में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं शिमला संसदीय क्षेत्र के प्रभारी पुरषोतम गुलेरिया तथा प्रदेश उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल ने संयुक्त वक्तव्य में कहा है कि भारतीय जनता पार्टी एक लोकतांत्रिक पार्टी है जिसमें पन्ना प्रमुख से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक के चुनाव लोकतांत्रिक ढंग से होते हैं। उसी लोकतांत्रिक तरीके से इस पार्टी में हर चुनाव के लिए उम्मीदवारों का चयन होता है जिन्हें पार्टी के छोटे से लेकर बड़े से बड़े कार्यकर्ता का समर्थन मिलता है। हमने तो कार्यकर्ताओं की आवाज के अनुसार भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के पैनल दिए हैं यदि आप के अंदर दम है तो आप अपना पैनल घोषित करें। भाजपा नेताओं ने कहा कि वास्तव में कुलदीप राठौर की समस्या यह है कि ये कांग्रेस पार्टी में केवल एक धड़े के अध्यक्ष हैं, बाकि तीन धड़े तो इन्हें अपना अध्यक्ष भी नहीं मानते। इस कारण से यह खुद तो कांग्रेस अधिकृत उम्मीदवार घोषित कर नहीं सकते यदि भाजपा ने हर जिले में पहले ही कर दिए हैं तो इनको अपनी जमीन खिसकती नजर आ रही है, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी पूरी गंभीरता व योजनाबद्ध तरीके से चुनाव मैदान में उतर चुकी है। पार्टी का हर कार्यकर्ता मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार करके तथा किए गए विकास के नाम पर लोेगों से वोट मांग रहे हैं जबकि कांग्रेस के पास लोगों में भ्रम फैलाने के सिवाये कोई मुद्दा नहीं है। भाजपा नेताओं ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता दिन-रात एक करके भारी बहुमत से इन पंचायतीराज एवं स्थानीय निकाय चुनावो में पार्टी को विजय दिलायेंगे क्योंकि प्रदेश की जनता जागरूक है और कांग्रेस की भ्रमित करने वाली राजनीति में नहीं आने वाली। उन्होनें कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष को सलाह देते हुए कहा कि वह भाजपा की चिंता छोड़े और अपने बिखरते हुए कुनबे को संभाले।
हिमाचल प्रदेश में सोमवार और मंगलवार को भारी बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के चलते बारिश, ओलावृष्टि तथा तेज हवाओं के आसार भी जताए गए हैं। प्रदेश के अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी जारी की गई है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है परंतु फिर भी प्रदेश के कुछ एक क्षेत्रों में शून्य से नीचे तापमान दर्ज किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के निर्देशक मनमोहन सिंह ने कहा कि आज और कल के लिए हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बर्फ़बारी की चेतावनी जारी की गई है जिसके चलते आज मैदानी क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं 5 जनवरी को हिमाचल प्रदेश के अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र शिमला, नारकंडा, चंबा, कांगड़ा तथा लौहल में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने भी सैलानियों से वाहन चलाने को लेकर सावधानी बरतने के लिए कहा है।
कोरोना महामारी के बीच अब बर्ड फ्लू भी तांडव मचा रहा है। राजस्थान, मध्य प्रदेश में दस्तक के बाद झारखंड, हिमाचल प्रदेश में इस वायरस को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। बता दें, हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पोंग डैम सेंक्चुरी में भी 1200 प्रवासी पक्षियों की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। जिस के बाद डीसी कांगड़ा ने फतेहपुर, जवाली और देहरा के एसडीएम को भी अलर्ट कर दिया है। बर्ड फ्लू फैलने की आशंका के चलते डीसी कांगड़ा ने सोमवार को फतेहपुर, जवाली और देहरा के एसडीएम के साथ हालात पर काबू पाने को लेकर आपातकालीन बैठक रखी है। इसमें वन्य जीव प्राणी और पशुपालन विभाग के अधिकारी भी भाग लेंगे। अभी तक सिर्फ प्रवासी पक्षियों की ही मौत हुई है। हो सकता है कि इन पक्षियों की मौत बर्ड फ्लू की वजह से हुई हो। मृत परिंदों के सैंपल लेकर मध्यप्रदेश के भोपाल की एक प्रयोगशाला में भेजे गए हैं। जिसकी रिपोर्ट सोमवार को आ सकती है। इससे पता चलेगा कि आखिर पक्षियों की मौत हुई कैसे। पौंग झील के किनारे एक किलोमीटर तक के एरिया को मानव गतिविधियों के लिए प्रतिबंधित किया गया है। झील के आसपास करीब 11 किलोमीटर के एरिया को निगरानी में रखा जा रहा है। उधर, पौंग झील में अभी तक 1177 प्रवासी पक्षियों की मौत की पुष्टि हुई है। बारिश की वजह से रविवार को मृतक पक्षियों की गणना नहीं की जा सकी। वहीं, बताया जा रहा है कि राजस्थान की राजधानी जयपुर में बर्ड फ्लू की दस्तक से अधिकारियों के भी हाथ-पांव फूल गए है अब तक झालावाड़ में 100, कोटा में 47, बारां में 72, पाली में 19 और जयपुर के जलमहल पर 10 कौए सहित प्रदेश भर में 245 कौओं की मौत हो चुकी है। कौओं की मौत से हरकत में आई पशुपालन विभाग की कोटा संभाग की टीम जांच करने झालावाड़ पहुंची। जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे इलाके को सैनिटाइज भी कराया साथ ही सभी मृत कौओं को प्रोटोकॉल के मुताबिक गड्ढे खोदकर जलवाया भी, जिससे इलाके में संक्रमण का खतरा ना बढ़ सके। क्या इंसानों के लिए खतरनाक है बर्ड फ्लू? बर्ड फ्लू के नाम से पहचाने जाने वाली यह बीमारी एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस H5N1 के कारण होती है, यह वायरस पक्षियों और इंसानों को अपना शिकार ज्यादा बनाता है। जिसकी चपेट में आकर पक्षी तो दम तोड़ ही देते हैं। साथ ही यह इंसानों के लिए भी बेहद खतरनाक है। इससे जान जाने का भी खतरा है। बर्ड फ्लू के लक्षण सामान्य फ्लू जैसे होते हैं जैसे सांस लेने में समस्या, उल्टी होने का एहसास, बुखार, नाक बहना, मांसपेशियों, पेट के निचले हिस्से और सिर में दर्द रहना। यह वायरस इंसानों में आंख, नाक और मुंह के जरिए प्रवेश करता है। डॉक्टर अकसर सलाह देते हैं कि अगर बर्ड फ्लू का संक्रमण इलाके में फैला है तो नॉनवेज खरीदते वक्त साफ-सफाई रखें और संक्रमित एरिया में मास्क लगाकर ही जाएं। बर्ड फ्लू के कहर को देखते हुए केंद्र समेत राज्य सरकारों ने भी अलर्ट जारी कर दिया है।
नए साल में कोरोना महामारी से निजात मिलने की उम्मीद है। देश में वैक्सीन का ड्राई रन आज किया गया है और जल्दी ही वैक्सीन लोगों लगाने का काम भी शुरू हो जाएगा। पूरे देश के साथ हिमाचल प्रदेश में भी कोरोना वैक्सीन का ड्राई रन किया गया। प्रदेश के शिमला में तीन जगहों डीडीयू अस्पताल, तेंजिन अस्पताल और कसुम्पटी के सरकारी स्कूल में वैक्सीन का ड्राई रन किया गया जिसमें 25-25 लोगों को ट्रायल के तौर पर वैक्सीन लगाई गई। ड्राई रन के बाद देश में वैक्सीन लगाने का फाइनल दौर शुरू हो जाएगा। पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाई जाएगी उसके बाद अन्य लोगों को वैक्सीन लगाने का काम शुरू होगा। शिमला में डब्ल्यूएचओ की टीम की निगरानी में वैक्सीन का ड्राई रन किया गया। वेक्सिनेशन में 5 मेम्बर की टीम रहेगी। पहले से रजिस्ट्रेशन होगी फिर जिन लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए मेसेज किया है उनकी लिस्ट वेरिफिकेशन होगी और उसके बाद उसको वैक्सीन लगाई जाएगी। वैक्सीन लगाने के बाद मरीज को आधे घंटे के लिए ऑब्जरवेशन में रखा जाएगा जंहा पर देखा जाएगा कि वैक्सीन का मरीज को कोई साइड इफेक्ट तो नहीं हुआ।ऑब्जरवेशन के बाद मरीज को घर भेज दिया जाएगा और वैक्सीन लगाने की अगली डेट भी दी जाएगी। ड्राई रन का मकसद वैक्सीन के लगाए जाने पर किसी भी तरह की खामी न हो उसको दूर करना है। ड्राई रन के आधार पर ही प्रदेश में वैक्सीन लगाने का काम शुरू होगा।
भाजपा अध्यक्ष एवं संसद सुरेश कश्यप ने कहा विश्व के नेताओं की उनके कार्यकाल में स्वीकृति या दूसरे शब्दों में कहें तो उनकी लोकप्रियता पर नजर रखने वाली डेटा फर्म के सर्वे के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अप्रूवल रेटिंग सबसे ज्यादा है। वैश्विक स्तर पर सर्व और रिसर्च करने वाली फर्म मॉर्निंग कंसल्ट के नवीनतम सर्वेक्षण के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नेट अप्रूवल रेटिंग 55 प्रतिशत रही है जो सबसे अधिक है। इसी तरह जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल की स्वीकृति रेटिंग 24 प्रतिशत रही जबकि मैक्सिकन राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुअल लोपेज ओब्रेडोर का स्कोर 29 और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन का स्कोर 27 था। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की अप्रूवल रेटिंग नकारात्मक रही है जिसका मतलब है कि उनका समर्थन करने वालों के मुकाबले विरोध करने वालों की संख्या अधिक है। लोकप्रियता के हर पैमाने पर हमारे प्रधानमंत्री अव्वल उन्होंने कहा स्विट्जरलैंट के पोलिंग संगठन गैलअप इंटरनेशनल एसोसिएशन के अप्रैल में जारी सर्वे के मुताबिक भारत की 91 प्रतिशत जनता ने माना कि मोदी सरकार कोरोना महामारी में बहुत अच्छा काम कर रही है। इससे पहले 2019 के गैलप सर्वे में भी देश के 69 % लोगों ने कहा था कि वे मोदी जी के नेतृत्व में सुरक्षित हैं। 12 सितंबर, 2020 को आईएएनएस सीवोटर कोविड-19 ट्रैकर के सर्वे में पीएम मोदी की रणनीति को 75.8 प्रतिशत लोगों ने समर्थन दिया। विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस अदानोम गेब्रिएसस ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भरपूर सराहना की। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी से भारत ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC ) के अस्थाई सदस्य के तौर पर अपना कार्यकाल शुरू किया। रिषद में भारत नॉर्वे, केन्या, आयरलैंड और मेक्सिको के अलावा पांच स्थायी सदस्यों चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका और asthai सदस्यों एस्तोनिया, नाइजर, सेंट विंसेंट, ट्यूनीशिया और वियतनाम के साथ बैठेगा। भारत अगस्त 2021 में 15 देशों वाली शक्तिशाली परिषद के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभाएगा। ऐसा नेतृत्व भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गर्व की बात है।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में आज से मौसम बदलेगा। शनिवार को छह मध्य पर्वतीय जिलों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा के कई क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान है। तीन से पांच जनवरी तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब रहने की संभावना है। चार और पांच जनवरी को अधिक बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक मनमोहन सिंह के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मौसम में यह बदलाव आ रहा है। इसमे 3 से पांच तक प्रेदेश में मौसम खराब रहेगा। इसमे 4 ओर 5 जनवरी को प्रदेश के ऊपरी इलाकों में भारी बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश हो सकती है।
साल 2021 की जयराम सरकार की पहली कैबिनेट बैठक 5 जनवरी को होने जा रही है। 5 जनवरी को यह कैबिनेट की बैठक राज्य सचिवालय में रखी गई है। सुबह साढ़े दस बजे शिखर सम्मेलन हॉल में ये कैबिनेट आयोजित की जाएगी। पंचायती राज चुनाव की आदर्श चुनाव आचार संहिता के चलते सरकार कोई बड़ी घोषणा तो कैबिनेट में नही कर सकती हैं। कोविड-19 को हिमाचल दिवस और गणतंत्र दिवस को लेकर कैबिनेट में रणनीति बन सकती है। कोरोना वैक्सीन ट्रायल को लेकर कैबिनेट में चर्चा हो सकती है। कैबिनेट में विभिन्न विभागों की प्रेजेंटेशन दी जा सकती है। इसके अलावा कई अन्य निर्णय लिए जा सकते है जो चुनाव आचार संहिता के दायरे में नहीं आते हों। बता दे कि जयराम सरकार ऐसी पहली सरकार है जिसने सत्ता में आने से पहले हर माह 3 कैबिनेट बैठक करने का निर्णय लिया था। यही वजह है कि हर माह पहले तीसरे और चौथे हफ्ते में कैबिनेट हो जाती है। इसके अलावा बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए जा सकते हैं।
शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में शैक्षणिक सत्र 2020-21 की बोर्ड परीक्षाएं 4 मई, 2021 से शुरू की जाएंगी। उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के कारण उत्पन्न स्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा यह निर्णय सीबीएसई की परीक्षा तिथियों की घोषणा तथा पिछले दिनों सरकार, हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, अध्यापकों एवं अभिभावकों के साथ हुई चर्चा के बाद लिया गया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए स्कूलों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। स्कूलों में भीड़ जमा न हो, इसके लिए नाॅन-बोर्ड कक्षाओं की परीक्षाएं 10 अपै्रल, 2021 से स्कूलों द्वारा आयोजित की जाएंगी। इसी प्रकार, दसवीं एवं बाहरवीं कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाएं 4 मई, 2021 से ऑफलाइन आयोजित की जाएंगी। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा परीक्षाओं की डेट शीट शीघ्र जारी कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रैक्टिकल परीक्षाएं 15 से 30 अपै्रल, 2021 के बीच आयोजित की जाएंगी, इन परीक्षाओं के प्रश्न पत्र इस वर्ष स्कूलों द्वारा अपने स्तर पर तैयार किए जाएंगे, लेकिन परीक्षाएं बोर्ड द्वारा निर्धारित तिथियों पर ही ली जाएंगी।
कोरोना वैक्सीन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है। वैक्सीनेशन चार फेज में किया जाएगा। पहले फेज में हेल्थ वर्कर, दूसरे में फ्रंट लाइनर, जिसमें पुलिस, होमगार्ड, सफाई कर्मचारी व सेना के कर्मचारी शामिल हैं। तीसरे फेज में 50 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग व्यक्तियों को वैक्सीन लगाई जाएगी और चौथे फेज में 50 साल से कम उम्र के बीमार लोगों को वैक्सीन का इंजेक्शन लगाया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश में अभी 300 सेंटर बनाने का फैसला लिया है। सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक हिमाचल में तीन दिन में करीब 90 हजार फ्रंटलाइन वर्कर्स को कोरोना का टीका लगा दिया जाएगा। एक दिन में एक सेंटर पर 100 लोगों को टीके लगाए जाएंगे। हर सेंटर में 4 लोगों की टीम होगी। सेंटर में उन्हीं लोगन को एंट्री मिलेगी जिनके पास स्वास्थ्य विभाग दिए गए आईडी नंबर होंगे। इस टीके को बाजु में लगाया जाएगा। इसको लेकर भी टीम को प्रशिक्षण दिया गया है। वैक्सीन के अलावा सिरिंज केंद्र सरकार ही उपलब्ध कराएगी।
हिमाचल प्रदेश में अब राशन कार्ड में नया नाम दर्ज करवाने और नाम कटवाने के लिए लोगों को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी l हिमाचल प्रदेश में अब राशन कार्ड पंचायतीराज विभाग ही बनाएगा। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने राशन कार्ड बनाने के लिए पंचायत सचिवों को ट्रेनिंग दी है। अब पंचायत सचिव ही राशन कार्ड बनाएँगे l साथ ही विभाग ने पंचायत सचिवों को राशन कार्ड के डाटाबेस से संबंधित यूआईडी और पासवर्ड भी जारी कर दिया गया है। प्रदेश में राशन कार्ड फर्जीवाड़ा रोकने के लिए पंचायत सचिव को यह जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले भी प्रदेश में बड़े स्तर पर राशन कार्ड फर्जीबाड़ा हुआ था। लोगों को पहले राशन कार्ड में अपडेट करवाने या नया राशन कार्ड बनाने के लिए खाद्य आपूर्ति विभाग के कार्यालय जाना पड़ता था। अगर किसी ने डिपो बदलना होता था तो भी खाद्य आपूर्ति विभाग के दफ्तर जाना पड़ता था। खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग ने बताया कि खाद्य आपूर्ति नहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतीराज विभाग ही लोगों के राशनकार्ड बनाएगा।
शिमला : भाजपा प्रवक्ता विनोद ठाकुर ने संयुक्त बयान में कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर के लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद करार देते हुए कहा कि कांग्रेस को झूठ बोलने की आदत है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 संकटकाल में कांग्रेस धरातल से गायब थी और केवल अपने एयर कंडीशन ऑफिस या ड्राइंग रूम से पार्टी को चला रही थी। भाजपा नेताओं ने कहा कि यह जनता जानती है कि भाजपा के विधायक और मंत्री अस्पतालों के अंदर निरीक्षण के लिए गए इस समय कांग्रेस का योगदान शून्य था। उन्होंने कहा कांग्रेस तो यू-टर्न संगठन बनकर रह गया है पहले उनके नेता सरकार को सुझाव देते हैं और जब उनके सुझाव मान लिए जाते हैं तो उन्हीं सुझावों की कांग्रेस द्वारा निंदा की जाती है। भाजपा नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा रोस्टर में किसी भी प्रकार की धांधली नहीं की गई है रोस्टर 100% पारदर्शी है, उन्होंने कहा कि बार-बार कुलदीप राठौर अपने संगठन को चुस्त दुरुस्त करने की बात करते हैं 3 साल हो गए हैं संगठन तो जैसे का तैसा ही है। भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रदेश विश्वविद्यालय में जो नियुक्तियां चल रही है उसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं है अगर कांग्रेस के नेताओं को लगता है कि कोई नियम तोड़े गए हैं तो वह कोर्ट में इनको चुनौती क्यों नहीं देते। कांग्रेस के नेता केवल आरोप लगाकर अपनी राजनीति चमकाने में लगे हैं। कोविड-19 संकटकाल में भी जयराम सरकार ने नौकरियों का पिटारा खोला है इसका मतलब साफ है कि हिमाचल सरकार बेरोजगारी के खिलाफ एक जंग लड़ रही है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम के अंतर्गत सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक, शादियों के आयोजन के लिए कंटेनमेंट जोन के बाहर 50 लोगों की सीमा निर्धारित की गई है। यह बात जिला दण्डाधिकारी एवं उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने कही। उन्होंने बताया कि यह नियम जिला में कोविड महामारी की रोकथाम एवं सार्वजनिक हितों के मद्देनजर लिए गए हैं। उपायुक्त ने बताया कि सामुदायिक धाम में स्वच्छता एवं साफ-सफाई के लिए बायोडिग्रेडेबल प्लेट एवं कपों का प्रयोग करना तथा कैटरिंग स्टाफ को 96 घंटे पूर्व रेपिड एंटिजन टेस्ट करवाना अनिवार्य होगा, जिससे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि उपमण्डल स्तर पर किसी भी आयोजन के लिए एसडीएम की अनुमति एक सप्ताह पूर्व लेना आवश्यक है तथा संबंधित आयोजकों को एसडीएम के समक्ष लिखित रूप में देना होगा कि कोविड महामारी के सुरक्षा नियमों की पूर्ण रूप में अनुपालना की जाएगी। आदित्य नेगी ने बताया कि कोविड की सुरक्षा के दृष्टिगत इस दौरान आयोजन स्थल पर थर्मल स्क्रिनिंग, सामाजिक दूरी एवं सैनेटाइजर का प्रयोग करना अनिवार्य होगा तथा मास्क संबंधित आदेशों का भी सख्ती से पालन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि कोविड महामारी की रोकथाम के लिए एसडीएम, तहसीलदार/नायब तहसीलदार, थाना प्रभारी को बेहतर समन्वय स्थापित करना होगा, ताकि धरातल पर सामुदायिक जागरूकता उत्पन्न हो सके। उन्होंने सामुदायिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, युवक मंडलों, समाज के प्रबुद्ध नागरिकों, व्यापार मण्डल के सदस्यों से सहयोग की अपील की, जिससे इस वैश्विक महामारी की रोकथाम में मदद मिल सके। उन्होंने बताया कि यह आदेश 31 जनवरी, 2021 तक तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के निर्देशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी तथा समाज के हर वर्ग से सहयोग की अपील की।
शिमला के तारादेवी में कालका रेलवे लाइन पर टनल 91 में एक दर्दनाक हादसा पेश आया है , हादसे में एक युवक ट्रेन की चपेट आ गया। ट्रेन की टक्कर से युवक की मौत हो गई है । मृतक की पहचान अजय खरे (26) पुत्र अशोक खरे निवासी ग्वालियर मध्यप्रदेश के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार ग्वालियर मध्यप्रदेश के 6 युवक तारा देवी कैंपिंग साइट पर आए थे। इनके साथ उनका इंचार्ज विवेक भी शामिल था। इस दौरान टनल 91 में अजय ट्रेन की चपेट में आ गया। ट्रेन की टक्कर से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को इलाज के लिए आईजीएमसी लाया गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने घटना के संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नववर्ष के आगमन पर सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट शिमला द्वारा जिला शिमला में पंथाघाटी, संजौली और बनूटी में ट्रस्ट और विद्यार्थी परिषद शिमला के कार्यकताओं द्वारा जरूरतमंदों को वस्त्र एवं कंबल वितरित किए गए। सरकार द्वारा दिये गए दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए उचित दूरी बना कर ये कार्य पूरा किया गया । सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट शिमला द्वारा आयोजित वस्त्र बैंक कार्यक्रम में पिछले 16,19 और 22 दिसंबर को वस्त्र एकत्रीकरण किया गया था। जिसमें शिमला के लोगों ने काफी उत्साह दिखाया व अपने घरों से पुराने वस्त्रों को दान किया। शिमला के संजौली बस स्टैंड, बीसीएस, पुराना बस स्टैंड, समरहिल चौक, टुटु चौक आदि स्थानों पर ट्रस्ट के कार्यकताओं द्वारा वस्त्र एकत्र किए गए थे। इस वस्त्र बैंक में शिमला की जनता ने अपना भरपूर सहयोग एवं योगदान दिया ट्रस्ट के सचिव डॉ सुरेन्द्र शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि ट्रस्ट प्रत्येक वर्ष विभिन्न कार्यक्रम समाज एवं राष्ट्र हित में करवाता आ रहा है। सर्दियों के इस मौसम में ट्रस्ट प्रत्येक वर्ष वस्त्र बैंक का आयोजन करता है . जिसमें जरूरतमंदों को वस्त्र वितरित किए जाते हैं उसी के अंतर्गत आज शिमला के अन्दर निधारित स्थानों पर जरूरतमंदों को ठंड से बचने के लिए ट्रस्ट द्वारा वस्त्र और कंबल दिए गए। सुरेंद्र शर्मा ने सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट की तरफ से सभी शिमला वासियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं और इस अभियान को सफल बनाने के किए सभी शिमला के निवासियों का आभार जताया और कहा कि आने वाले समय में भी आप सभी का सहयोग हमे इस तरह मिलता रहे।
हिमाचल प्रदेश में होने वाले शहरी निकाय चुनाव के लिए वीरवार को नामांकन वापिस लेने की आखरी तारीक तय की गयी थी। राज्य चुनाव आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक वीरवार शाम 6 बजे तक कुल 310 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए हैं। हिमाचल के पचास शहरी निकाय के चुनाव में अब 1191 उम्मीदवारों ने चुनाव मैदान में रह गए है । नाम वापस लेने वाले प्रत्याशी चुनाव मैदान छोड़ गए हैं। इसके साथ ही उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न भी आवंटित कर दिए गए हैं। बता दें की शहरी निकाय चुनाव के लिए 10 जनवरी को मतदान होगा। मतदान के बाद मतों की गणना होगी और इसी दिन चुनाव नतीजे भी घोषित कर दिए जाएंगे। 12 जनवरी को चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उधर, राज्य चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार अब शहरी निकाय चुनाव में 1191 प्रत्याशी अपना भाग्य आजमाएंगे। जिला नामांकन वापस कुल मैदान में कुल्लू 27 82 मंडी 28 152 सिरमौर 02 92 बिलासपुर 11 76 चंबा 43 94 ऊना 73 125 कांगड़ा 31 230 हमीरपुर 09 118 सोलन 46 93 शिमला 40 129
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रदेशवासियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल ने आशा व्यक्त की है कि नव वर्ष प्रदेशवासियों के जीवन में खुशियां व समृद्धि लेकर आएगा। उन्होंने सभी लोगों से सामाजिक बुराइयां समाप्त करने और समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए आगे आकर सहयोग देने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने अपने बधाई संदेश में प्रदेश के लोगों की खुशहाली और समृद्धि की कामना की है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राज्य सरकार के प्रयासों और प्रदेशवासियों के सहयोग से हिमाचल प्रदेश आने वाले समय में प्रत्येक क्षेत्र में विकास एवं उन्नति की नई ऊंचाईयां हासिल करेगा।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने नई दिल्ली के द्वारिका में राज्य के अतिथि गृह के निर्माण के सम्बन्ध में आज यहां आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए लोक निर्माण विभाग को इस कार्य को शीघ्र पूरा करने के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस अतिथि गृह का निर्माण 1135 वर्ग मीटर क्षेत्र में किया जाएगा, जिसमें 74 सूट्स, चार वीआईपी सूट्स और एक डाॅरमैट्री होगी। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को इस परियोजना के निर्माण कार्य को तुरन्त शुरू करने के निर्देश दिए ताकि इसे निर्धारित समय अवधि में पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण में पारम्परिक और आधुनिक हिमाचली वास्तुकला का मेल होना चाहिए। अतिथि गृह से प्रदेश के लोगों को समय-समय पर दिल्ली आने-जाने पर ठहरने की बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि आतिथि गृह में हवादार और रोशनी वाले कमरों के निर्माण पर विशेष बल दिया जाना चाहिए, जिससे ऊर्जा की बचत में भी सहायता मिलेगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता और नवीनतम तकनीक के उपयोग को भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आगंतुकों की सुविधा के लिए वाहनों की पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था के साथ-साथ परिसर को सुन्दर बनाने के लिए पर्याप्त हरित क्षेत्र सुनिश्चित किया जाए। प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग जेसी शर्मा, सचिव सामान्य प्रशासन देवेश कुमार, इंजीनियर-इन-चीफ लोक निर्माण विभाग भवन शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
भाजपा दीप कमल चक्कर शिमला में पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार की पत्नी संतोष शैलजा के देहावसान को लेकर एक शोक सभा का आयोजन किया गया, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप, महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, सचिव पायल वैद्य, कुसुम सदरेट, भाजपा प्रदेश किसान मोर्चा के अध्यक्ष राकेश शर्मा, भाजपा सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, शिमला जिला के अध्यक्ष रवि मेहता एवं समस्त कार्यकर्ताओं ने संतोष शैलजा को पुष्पांजलि अर्पित की। शोक सभा में संतोष शैलजा की आत्मिक शांति के लिए 2 मिनट का मौन भी रखा गया। प्रदेश सचिव पायल विद्या ने संतोष शैलजा की जीवनी का वृतांत रखा। भाजपा द्वारा एक शोक प्रस्ताव भी पारित किया गया जिसका वाचन प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जमवाल ने किया। प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जमवाल ने बताया कि शोक प्रस्ताव भाजपा के सभी मंडलों में पारित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संतोष शैलजा, पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार के जीवन में कंधे से कंधा मिलाकर चलीं और उनकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही। वह एक शिक्षाविद, प्रसिद्ध लेखिका एवं कवियत्री भी थी। उनके अनेक कहानी-संग्रह, उपन्यास एवं कविता-संग्रह प्रकाशित हुए है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा के लाखों कार्यकर्ताओं की ओर से संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि संतोष शैलजा का हिमाचल प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण योगदान रहा। जब आपातकाल में शांता कुमार कारावास में रहे तो उन्होंने अकेले ही अपने पूरे परिवार को देखा। वह एक सरल एवं मधुर भाषणी स्वभाव वाली मजबूत व्यक्तित्व थीं, भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए अभिभावक के तौर पर चिंता करती हुई मार्गदर्शक के रुप में कार्यकर्ताओं को संभालती हुई और चुनाव में प्रचार के दायित्व को भी निभाते हुए शैलजा ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया। शैलजा, शांता कुमार द्वारा किए गए हर संघर्ष में उनके साथ रही।
हिमाचल प्रदेश चुनाव आयोग ने कारोना पॉजिटिव व होम क्वारंटीन व्यक्तियों के लिए SOP जारी कर दी है। अब कोरोना पॉजिटिव और होम क्वारंटीन मतदाता भी शहरी निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव में वोट डाल पाएंगे। ऐसे व्यक्ति मास्क में ही वोट डाल पाएंगे। ऐसे वोटरों की अंगुली में स्याही नहीं लगेगी और न ही हस्ताक्षर लिए जाएंगे। मतदान से पहले ऐसे वोटरों को फेस शील्ड और दस्ताने पहनाए जाएंगे। यदि कोई ऐसा मतदाता वोट डालने चाहते है तो वह सामान्य वोटरों के बाद कोविड वोटर 4 बजे से मतदान कर सकेंगे। शारीरिक दूरी और एसओपी का सख्ती से पालन करना होगा। कोविड संक्रमित होम क्वारंटीन और पॉजिटिव की अलग कतारें लगेंगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी या स्वास्थ्य नोडल अधिकारी एक दिन पहले ऐसे वोटरों की सूचना चुनाव अधिकारी को देंगे। ऐसे वोटर का नाम, पता और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया जाएगा। यह जानकारी नोडल अधिकारी के अधीनस्थ कर्मी, पटवारी या पंचायत सचिव सुरक्षित तरीके से जुटाएंगे।
हिमाचल के पूर्व सीएम शांता कुमार की पत्नी के निधन के बाद अब शांता कुमार और उनके बेटे को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में शिफ्ट किया जा रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक बेटे को हल्का बुखार है जबकि शांता कुमार की स्थिति सामान्य है। डीसी कांगड़ा राकेश प्रजापति ने बताया कि शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गौरतलब है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार की पत्नी संतोष शैलजा का मंगलवार तड़के करीब चार बजे टांडा मेडिकल कॉलेज में देहांत हो गया था। वह कोरोना पाजिटिव थीं और उनका इलाज टांडा में चल रहा था। शांता कुमार और उनके पूरे परिवार की रिपोर्ट शुक्रवार को कोरोना पॉजिटिव आई थी। संतोष शैलजा को बुखार था। गुरुवार को रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। शुक्रवार को उन्हें टांडा लाया गया था। शुक्रवार शाम को ही शांता समेत पूरे परिवार के लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर शांता कुमार को भी शनिवार को टांडा में आइसोलेट किया गया।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीस) के निदेशक मंडल की 155वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश में निगम की इकाइयों को लाभप्रद और व्यवहार्य बनाने के लिए अधिक सक्रिय और व्यावसायिक दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया। जय राम ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने प्रदेश के पर्यटन उद्योग को बुरी तरह प्रभावित किया है। निगम 1 अपै्रल से 30 नवम्बर, 2020 तक 18.42 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित करने में सफलता हासिल की जबकि पिछले वर्ष इस अवधि के दौरान 63.24 करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई। निगम ने महामारी के दौरान क्वारंटीन सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश सरकार को अपनी संपत्तियां उपलब्ध करवाकर 70 लाख रुपये की धनराशि अर्जित की। उन्होंने कहा कि निगम को अपने कार्य में कुशलता लाने के लिए परिभाषित मापदण्डों और केन्द्रित लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए। बुकिंग और ऑक्यूपेंसी के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाने चाहिए और प्रतिस्पर्धा की भावना से कार्य करने को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए, जिसके लिए इन कार्यों को प्रोत्साहनों के साथ जोड़ा जा सकता है। जय राम ठाकुर ने कहा कि अटल टनल रोहतांग के खुलने से कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिलों में पर्यटकों की आवाजाही में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है इसलिए पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। जिला लाहौल-स्पीति में सिसू से केलांग के बीच पर्यटकों को ठहरने और खाने-पीने की सुविधाएं प्रदान करने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को सरकार की होम-स्टे योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए, जिससे न केवल उनकी आर्थिकी सुदृढ़ होगी बल्कि पर्यटकों को जनजातीय क्षेत्रों की समृद्ध और अनूठी संस्कृति व जीवनशैली की झलक भी देखने को मिलेगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि निगम को जिस्पा और सिसू में पर्यटकों को ठहरने की सुविधा प्रदान करने के लिए टेंट और प्री-फैब्रीकेटिड ढांचे की सुविधाएं उपलब्ध करवाने की सम्भावनाएं तलाशी जानी चाहिए। पर्यटकों की सुविधा के लिए केलांग में निगम के चन्द्रभागा होटल का जीर्णोंद्धार और विस्तार किया जाएगा। उन्होंने पर्यटकों को सड़क के किनारे सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए विशेष कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री न कहा कि निगम ने अगले वर्ष 31 मार्च तक अपनी सभी परिसम्पत्तियों में किराये में 40 प्रतिशत छूट दी है, जबकि पहले पर्यटकों को 25 से 40 प्रतिशत की छूट मिल रही थी। इसी कारण कोविड-19 के बावजूद निगम की परिसम्पत्तियों में ठहरने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के दृष्टिगत मेहमानों को विभिन्न प्रकार के रोग प्रतिरोधक व्यंजन परोसे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निगम कुछ वर्षों से घाटे में चल रही कुछ परिसम्पत्तियों को पट्टे पर देने पर विचार कर सकता है जिससे निगम को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा और इनमें तैनात कर्मचारियों की सेवाएं अन्य स्थानों पर ली जा सकती हैं। इसी प्रकार, काफी अर्से से उपयोग में नहीं लाई जा रही सड़क किनारे सुविधाओं को भी निगम के लाभ के लिए अन्य विभागों को या पट्टे पर हस्तांतरित किया जाना चाहिए। जय राम ठाकुर ने कहा कि निगम के मौजूदा कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर अधिक बल दिया जाना चाहिए ताकि वे पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान कर सकें। सचिव पर्यटन देवेश कुमार ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि निगम अधिक व्यावसायिक दृष्टिकोण के साथ कार्य कर वांछित परिणाम प्राप्त करने की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ काम करेगा। निगम की प्रबन्ध निदेशक कुमुद सिंह ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा, निदेशक पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन यूनुस सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
कोरोना 1 का कहर अभी देश एवं प्रदेश में समाप्त हुआ भी नहीं कि अब कोविड 2 को लेकर ब्रिटैन तथा आसपास के देशों में लॉकडाउन की तैयारी चल रही है। भारतवर्ष में पहले ही ब्रिटेन से आने वाले फ्लाइटों पर प्रतिबंध 31 दिसंबर तक बनाया हुआ है और जिस तरह से यह संक्रमण तेजी से फैल रहा है उसको देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी प्रदेशों को अलर्ट पर रहने को कहा है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि ब्रिटेन से शुरू हुआ कोरोना का नए आकार का संक्रमण काफी तेजी से फैल रहा है जिसके चलते केंद्र सरकार ने पहले ही सभी प्रदेश को अलर्ट पर रहने को कहा है। हिमाचल प्रदेश में बाहर से आने वाले लोगों पर पैनी नज़र रखी जा रही है। हिमाचल प्रदेश तमाम स्तिथि को लेकर पूरी तरह अलर्ट है।
सोमवार को हुई बर्फबारी से हिमाचल प्रदेश के पर्यटन को एक बार फिर संजीवनी मिल गई है। सोमवार को शिमला, मानली, डलहौज़ी सहित कई पर्यटन स्थलों पर होटलों में फुल ऑक्यूपेंसी रही। इससे कोरोनकाल के चलते मायूस हुए पर्यटन कारोबारियों के चेहरे एक बार फिर खिल उठे हैं। आस लगाए जा रही है की समर सीजन में हुए नुकसान की भरपाई अब विंटर सीजन में होगी। रविवार शाम मौसम बदलते ही पड़ोसी राज्यों से पर्यटकों ने प्रदेश की ओर रुख किया। चंडीगढ़, दिल्ली व हरयाणा से कई सैलानी हिमाचल पहुंचे। सोमवार सुबह तक प्रदेश के सभी पर्यटन स्थलों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली जिससे सभी सैलानी रोमांचित हो गए। पर्यटकों ने बर्फबारी का खूब लुत्फ उठाया। बात दें, कोरोना संकट के चलते इस साल पर्यटन कारोबार को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। मार्च में लोकडाउन लगने से पर्यटन कारोबारियों, टैक्सी चालकों, टूरिस्ट गाइड्स को भारी नुकसान झेलना पड़ा। लॉक डाउन के कारण पर्यटक हिमाचल नहीं आ पाए। पर अब सरकार द्वारा सभी शर्तें हटा दी गई हैं। बीते दिनों हुई बर्फबारी से अब पर्यटन फिर रफ्तार पकड़ने लगा है। सीजन की पहली बर्फबारी ने प्रदेश में पर्यटन को पंख दे दिए है।
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार की धर्मपत्नी संतोष शैलजा का आज सुबह करीब 4:30 बजे ह्रदय गति रुकने से निधन हो गया। बता दें कुछ ही समय पहले शांता कुमार व धर्मपत्नी कोरोना संक्रमित पाए गए थे। दोनों का इलाज टांडा मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। आज सुबह शांता कुमार की पत्नी ने ह्रदय गति रुकने से प्राण त्याग दिए। संतोष शैलजा एक लेखक थीं और उन्होंने कई किताबें और कहानीयां लिखी थीं। शैलजा ने बीए, एमए (हिंदी) और बीएड किया था और कुछ सालों तक उन्होंने दिल्ली के एक सरकारी स्कूल में भी पढ़ाया था। 1964 में उनकी शादी शांता कुमार से हुई और वह कांगड़ा जिले के पालमपुर में शिफ्ट हो गईं। इस दुःख की घड़ी में प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने पूर्व मुख्यमंत्री को ढांढस बंधाया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, सह प्रभारी संजय टंडन, प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, सांसद रामस्वरूप शर्मा, किशन कपूर, राज्यसभा सांसद इंदू गोस्वामी, पूर्व भाजपा अध्यक्ष डाॅ राजीव बिन्दल, सतपाल सिंह सत्ती, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा, प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, त्रिलोक कपूर, राकेश जम्वाल सहित समस्त पदाधिकारियों, मंत्रियों, विधायकों, जिलाध्यक्ष पालमपुर हरिदत शर्मा ने भाजपा के वरिष्ठतम नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार की धर्मपत्नी संतोष शैलजा के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उनके देहावसान से समस्त भाजपा परिवार सदमे में है। भाजपा नेताओं ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
ठंड से गरीबों और असहायों को बचाव के लिए स्वयंसेवी संगठन गर्म कपड़े और कंबल इत्यादि बांटने में जुट गए हैं। इसी के चलते स्वयंसेवी संगठन ‘Himachal Youth Progressive Alliance Shimla chapter (HYPA)’ ने रविवार को मलयाना, मेहली व तारादेवी में बूढ़े-बच्चे, महिला-पुरुष आदि गरीब व जरूरतमंद लोगों को गर्म कपड़े व कम्बल वितरित किए। ठंड में ठिठुर रहे बच्चे व अन्य लोग गर्म कपड़े व कम्बल पाकर चहक उठे। ग्रुप के सदस्यों ने वितरण में कोविड-19 की गाइड लाइन का भी ख्याल रखा।
भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना एवं सह प्रभारी संजय टंडन में शिमला मंडल मिलन के कार्यक्रम में भाग लिया। उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप, भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, प्रदेश के शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, शिमला नगर निगम की महापौर सत्या कौंडल विशेष रूप में उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कहा कि सर्वव्यापी एवं सर्व स्पर्शी प्रकार से काम करेगी भाजपा। उन्होंने कहा की जन सेवा एवं जनसंपर्क के कार्य के लिए सभी कार्यकर्ता प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा की शिमला मंडल महापौर एवं पार्षद गण और सभी मोर्चों की नियमित बैठकें होगी क्योंकि बैठकों से पार्टी का कार्यकर्ता चार्ज होता है। उन्होंने कहा कार्यालय कार्यकर्ता और कार्यक्रम भाजपा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है इसी को लेकर भाजपा कार्य करेगी। हिमाचल प्रदेश में भाजपा 24 घंटे कार्य करेगी और पार्टी को और सुदृढ़ बनाएगी उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमकर जन सेवा की है पर कांग्रेस पार्टी इस समय गायब थी। उन्होंने बोला कि भाजपा के सभी कार्यकर्ता केंद्र और सरकार की उपलब्धियों को लेकर बूथ तक जनसंपर्क अभियान चलाएंगे और भाजपा का एक ही लक्ष्य है मिशन 2022। भाजपा सह प्रभारी संजय टंडन ने कहा कि शिमला विधानसभा क्षेत्र में 91 फुट और 18 वर्ड है जिसमे भाजपा जनसंपर्क अभियान चलाएगी। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता मिलन कार्यक्रम भाजपा की उम्मीद है। साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि सोशल मीडिया पर भी सभी कार्यकर्ता सक्रिय होंगे और बढ़-चढ़कर नरेंद्र मोदी एप के साथ जुड़ेंगे जिसमें से सभी केंद्र सरकार की सूचनाएं उनको प्राप्त होगी। बैठक में संसदीय क्षेत्र के प्रियव्रत शर्मा, जिला अध्यक्ष रवि मेहता मंडल, अध्यक्ष राजेश शारदा, महामंत्री गगन लखन पाल, युवा मोर्चा के अध्यक्ष हितेश, अनुसूचित जाति मोर्चा से जगजीत बग्गा, बिट्टू कुमार पाना उपस्थित रहे।
पहाड़ों की रानी शिमला ने रातोंरात बर्फ़ की सफ़ेद चादर ओढ़ ली है। शिमला शहर में इस सीजन का पहला हिमपात हुआ। ताज़ा बर्फ़बारी से तापमान में भारी गिरावट आई है। आज का दिन शिमला में इस सीजन के सबसे ठंडा दिन रहा है। मौसम केन्द्र शिमला के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि ताज़ा पश्चिमी विक्षोभ में आए बदलाव के कारण प्रदेश के कई इलाकों में बर्फ़बारी हुई है। शिमला शहर में सीजन की पहली बर्फ़बारी हुई है। जिसकी वजह से शिमला का तापमान माइनस 1.1 डिग्री के साथ सीजन के सबसे ठंडा दिन रहा है। कुफ़री में इस सीजन की सबसे ज्यादा 1 फ़ीट बर्फ़ रिकॉर्ड की गई। उन्होंने बताया कि 4 जनवरी से फिर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा।
शिमला शहर में इस सीजन का पहला हिमपात हुआ है। बीते कल सुबह से ही पूरा दिन चटक धूप खिली रही लेकिन शाम होते ही मौसम ने करवट ले ली। शिमला में रात को शुरू हुई बर्फबारी ने सुबह तक बर्फ की चादर ओढ़ ली। बर्फबारी से किसानों बागबानों के चेहरे खिल उठे हैं तो वहीं ऊपरी शिमला में परिवहन ठप हो गया है। प्रदेश भर के ऊंचाई वाले इसको में बर्फबारी, कुफरी नारकण्डा, खड़ा पत्थर में बर्फबारी से सड़के बंद है। बर्फबारी से नए साल पर पर्यटन कारोबार को भी ऑक्सीजन मिलेगी। राजधानी शिमला में घूमने आए पर्यटक इस बर्फबारी का खूब आनंद ले रहे है। शिमला में राज्यस्थान से आए पर्यटकों का कहना है कि उन्होंने शिमला आकर पहली बार बर्फबारी देखी है और वे इस बर्फीले मौसम का खूब आनंद ले रहे हैं। वहीं चंडीगढ़, हरयाणा से आए पर्यटक भी बर्फबारी में खूब आनंद ले रहे हैं। उनका कहना है है कि शिमला में बर्फबारी से जन्नत का अहसास हो रहा है।
शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के सारज क्षेत्र की सात पंचायतों हिमारी, बाग, औघली, धरोगड़ा, करयाली, डुमेहर व भराड़ा का एक सयुंक्त प्रतिनिधिमंडल ब्लॉक उपाध्यक्ष लेखराम कौंडल की अध्यक्षता में विधायक विक्रमादित्य सिंह से आज उनके निवास स्थान होली लॉज में मिला। प्रतिनिधिमंडल ने इस क्षेत्र में हुए विकास के लिए पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साथ बर्तमान में विधायक विक्रमादित्य सिंह का आभार प्रकट करते हुए कहा कि उनका यह क्षेत्र दोनों नेताओं का सदैव आभारी व ऋणी रहेगा। प्रतिनिधित्व मंडल ने हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा इस विधानसभा क्षेत्र में किये गए उध्घाटनों पर खुशी प्रकट करते हुए इन योजनाओं को पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की देन बताते हुए इन्हें पूरा करने का श्रेय विक्रमादित्य सिंह को दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की विकास की सोच का ही परिणाम है जो आज फलीभूत हुआ है। उन्होंने कहा कि शिमला ग्रामीण क्षेत्र ही नही अपितु प्रदेश में विकास के मसीहा वीरभद्र सिंह ही है। इस अबसर पर विक्रमादित्य सिंह ने इस प्रतिनिधि मंडल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण का विधायक होने के नाते इस चुनाव क्षेत्र का विकास ही उनका एकमात्र लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि जो प्यार और स्नेह उन्हें यहां से मिल रहा है उसके वह सदैव आभारी रहेंगे। विक्रमादित्य सिंह ने पंचायतों और नगर निकाय चुनावों पर चर्चा करते हुए कहा कि उन्हें ऐसे लोगों को आगे चुन कर लाना चाहिए जो ईमानदारी से क्षेत्र की समस्याओं को दूर करने व विकास के प्रति समर्पित हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की मजबूती के लिए पार्टी की विचारधारा से जुड़े लोगों को एकमत से चुन कर आगे लाना होगा। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सभी पार्टीजन सर्वसम्मति से पंचायत, नगर निकायों व जिला परिषद के चुनावों के लिए उम्मीदवारों को तय करेंगे। प्रतिनिधि मंडल में इस क्षेत्र के बरिष्ठ लोगों में किशोरी लाल, तुलाराम, केवल राज, जीतराम, संजय, दवेंद्र, घनश्याम, कुशल्य, नारायण, भूपराम शर्मा, देवराज, हेम दास पाल, नोख राम, प्रेम वर्मा, सुरेश हिमराल, जीया लाल हिमराल, भीष्म हिमराल, रीना कुमारी, कृष्ण लाल वर्मा, मोहित कुमार, सत्या वर्मा, निशा देवी, यशवंत वर्मा, ममता शर्मा, चिरन्जी लाल, रमेश कुमार, कल्पना वर्मा, विनय शामिल थे। प्रदेश कांग्रेस सचिव हरिकृष्ण हिमराल व ब्लॉक अध्यक्ष गोपाल शर्मा भी इस अवसर पर प्रमुख तौर पर उपस्थित थे।
कुछ लोग जहाँ अपने जन्मदिन पर हज़ारों, लाखों रुपय खर्च कर पार्टियाँ करते हैं और अपनी मनमौजी में मस्त रहते हैं, वहीं कुछ लोग बिना पार्टी किए अपने जन्मदिवस को यादगार बनाने के लिए इस दिन ज़रूरतमंदों की सहायता करते हैं। ऐसी ही एक शख़्सियत जो पेशे से प्राध्यापिका है उन्होंने अपने जन्मदिन के मौक़े पर पार्टी करने की बजाए कोरोना के इस दौर में महामारी से जंग लड़ रहे लोगों की सहायता करने की ठानी और कोविड केयर सेंटर में कम्बल वितरित किए। जुब्बल स्थित बटठा हाटकोटी की रहने वाली आरती शर्मा ने अपनी क्षमताअनुसार रोहड़ू कोविड केयर सेण्टर में 51 कम्बल दान किए और मरीज़ों को फल भी वितरित किए। आरती शर्मा ने कहा की आज पूरा विश्व कोरोना से जंग लड़ रहा है। ऐसे में इस बीमारी से जंग लड़ रहे लोगों की हमें हर सम्भव सहायता करनी चाहिए। उन्होंने लोगों से भी अपील की है की वो भी अपनी क्षमता अनुसार अपने जन्मदिवस पर ज़रूरमंदों की सहायता करें।
हिमाचल प्रदेश चुनाव आयोग ने जिला परिषद सदस्यों के लिए चुनाव खर्च की सीमा तय कर दी है। जिला परिषद सदस्य पद का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी सिर्फ एक लाख रुपये चुनाव प्रचार पर खर्च सकते हैं। राज्य चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक आयोग ने जिला परिषद के सदस्य का चुनाव लड़ने वाले प्रत्येक प्रत्याशी के चुनाव प्रचार में खर्च की सीमा एक लाख रुपये निर्धारित कर रखी है। कोई भी जिप सदस्य इससे अधिक धनराशि चुनाव में व्यय नहीं कर सकता। जिला परिषद का चुनाव लड़ने वाले प्रत्येक प्रत्याशी के चुनाव खर्चे का ब्योरा चुनाव अधिकारी कभी भी मांग सकता है। इसके अलावा उम्मीदवार को चुनाव खर्चे का पूरा हिसाब-किताब दैनिक आधार पर रखना होगा। जिप सदस्यों ने एक लाख की राशि कहां खर्च की, इसकी जानकारी चुनाव अधिकारी और आयोग के पास चुनाव संपन्न होने के एक माह के भीतर देनी अनिवार्य है। इसके अलावा पंचायतों और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए चुनाव खर्च की कोई सीमा निर्धारित नहीं की है।
5 जनवरी से होने वाली हिमाचल प्रदेश पुलिस के सभी कर्मचारियों व अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। यह फैसला जनवरी के दूसरे और तीसरे सप्ताह में होने वाले पंचायत चुनाव को देखते हुए लिया गया है। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय की ओर से आदेश जारी हो गए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि क्यूंकि राज्य चुनाव आयोग ने नगर निकाय व पंचायत चुनावों की घोषणा कर दी है। ऐसे में जनवरी के दूसरे व तीसरे हफ्ते में अधिकतम पुलिस बल चुनाव ड्यूटी के लिए उपलब्ध होना जरूरी हैं। यही वजह है कि विशेष व आपातकालीन परिस्थितियों के अलावा किसी भी स्थिति में छुट्टी नहीं दी जाएगी। साथ ही पूर्व में पांच जनवरी के बाद की छुट्टी ले चुके कर्मियों को ड्यूटी पर वापस बुला लिया जाएगा।
आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 66वां राष्ट्रीय अधिवेशन स्मृति मंदिर परिसर, रेशमीबाग, नागपुर में शुरू हुआ। नागपुर में राष्ट्रीय अधिवेशन में मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर कार्यवाह भैया जोशी उपस्थित रहे। इस कोरोना काल में अधिवेशन में सीमित संख्या में ही कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। राष्ट्रीय अधिवेशन का लाइव प्रसारण पूरे देश के 4000 स्थानों पर किया गया और इसमें वर्चुअल माध्यम से लगभग एक साथ लगभग डेढ़ लाख कार्यकर्ता जुड़े। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नगर इकाई सोलन में भी वर्चुअल कार्यक्रम द्वारा 66वें राष्ट्रीय अधिवेशन में लगभग 45 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि देवेंद्र शर्मा, वशिष्ट अतिथि तेज राम शर्मा जी एवं डॉ० चमन ठाकुर उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि देवेंद्र शर्मा ने कहा की जब वो विद्यार्थी परिषद में काम करते थे उस समय उन्होंने जो भी विषय उठाए आज वो साकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा की विद्यार्थी परिषद को जो आज समाज में चुनौतियाँ हैं उन पर काम करना चाहिए निश्चित ही विद्यार्थी परिषद समाज के सहयोग से वर्तमान चुनौतियों को भी पार पा लेगी। उन्होंने कहा की यह कार्यक्रम अपने आप में एतिहासिक है क्योंकि इसमें लघु भारत के दर्शन होते हैं लेकिन इस बार यह एतिहासिक इसलिए हैं क्योंकि एक ही समय पर लगभग डेढ़ लाख कार्यकर्ता पहली बार आकर जुड़ रहे हैं। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि तेज राम शर्मा ने कहा की विद्यार्थी परिषद नौजवानों और विद्यार्थीयों का संगठन है लेकिन जब उन्हे विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम में मिलने का मौका मिलता है तो वही विद्यार्थी जीवन की सफुर्ति का मन में संचार हो जाता है। इस अवसर पर विद्यार्थी परिषद के वर्तमान और पूर्व कार्यकर्ता उपस्थित रहे जिसमें पूर्व विभाग संगठन मंत्री प्रकाश चौहान, हिमगिरि कल्याण आश्रम के प्रांत संगठन मंत्री हेम सिंह, योगेंद्र शर्मा, भूपेंद्र ठाकुर, राजगोपाल, अमन, संदीप मेहता, अभाविप के जिला प्रमुख इंद्र नेगी, प्रांत जनजातीय कार्य प्रमुख सोहन नेगी, अधिवेशन प्रमुख अखिल ठाकुर, नगर अध्यक्ष डॉ राजेश ठाकुर, नगर मंत्री मनप्रीत राणा व नगर इकाई के समस्त कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- इस मर्तबा निकाय चुनाव में सोशल मीडिया बेहद महत्वपूर्ण इस बार के निकाय चुनाव में सोशल और वेब मीडिया निर्णायक भूमिका निभा सकता हैं। पांच साल पहले हुए चुनाव के मुकाबले लोगों का रुझान सोशल और वेब मीडिया की तरफ बहुत अधिक बढ़ चूका हैं, जिससे मतदाता का निर्णय प्रभावित हो सकता हैं। चुनाव प्रचार में इस मर्तबा सोशल मीडिया की एंट्री तमाम समीकरण बदल सकती है, खासतौर से न्यूट्रल मतदाता पर इसका काफी असर देखने को मिल सकता हैं। यही कारण हैं कि चुनाव की जंग जितनी जमीन पर लड़ी जा रही है उतनी ही सोशल मीडिया के अखाड़े में। हर उम्मीदवार सोशल मीडिया और वेब मीडिया का इस्तेमाल कर वोटर्स को साधने की जुगत में हैं। अब कोरोना काल में इसे मौके की नजाकत समझें या फिर तकनीक का स्मार्ट इस्तेमाल, लेकिन इस मर्तबा निकाय चुनाव के प्रत्याशी सोशल और वेब मीडिया प्लेटफार्म का इस्तेमाल करने से जरा भी पीछे नहीं हैं। वहीँ पार्टी स्तर पर यदि सोशल मीडिया पर जंग की बात करें तो निसंदेह इसमें भाजपा का कोई मुकाबला नहीं हैं। बेशक चुनाव बिना पार्टी सिंबल के लड़े जा रहे हैं लेकिन भाजपा का आईटी सेल पूरी तरह सक्रीय दिख रहा हैं। सोशल मीडिया पर, खासतौर से फेसबुक पर भाजपा के पास सैकड़ों आधिकारिक एक्टिव पेज हैं। इसके अतिरक्त पार्टी ने आईटी व सोशल मीडिया के लिए कई पदाधिकारी नियुक्त किये हुए हैं जिनके कौशल और अनुभव का लाभ भी पार्टी समर्थित उम्मीदवारों को मिलेगा। मतदाता के साथ संवाद साधने में ये बेहद कारगर सिद्ध होगा। सुनियोजित तरीके से भाजपा ने सोशल मीडिया पर अपनी दमदार उपस्तिथि बनाई हुई हैं जो उसे लाभ दे सकती हैं। उधर, कांग्रेस जमीनी संगठन की तरह ही सोशल मीडिया पर भी दिशाहीन दिख रही हैं। औपचारिकता के लिए पार्टी का सोशल मीडिया सेल तो हैं, पदाधिकारी भी हैं पर उनका काम असरदार नहीं दिख रहा। कुछ नेता सोशल मीडिया पर एक्टिव भी हैं तो अपने बुते पर, पार्टी की तरफ से न कोई आवश्यक दिशा निर्देश हैं और न ही मार्गदर्शन। खासतौर से जब कोरोना के चलते डोर टू डोर प्रचार भी सिमित रहने वाला हैं, सोशल मीडिया पर पार्टी की ये कमजोरी इस निकाय चुनाव में भारी पड़ सकती हैं।
हिमाचल के 50 शहरी निकायों की चुनाव प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले दिन प्रदेश के 10 जिलों में कुल 254 प्रत्याशियों ने नामांकन भरे। प्रदेश की 29 नगर परिषदों और 21 नगर पंचायतों के लिए सदस्य चुने जाने हैं। राज्य चुनाव आयोग ने पहली बार ऑनलाइन व्यवस्था की है कि वोटर प्रत्याशियों की शैक्षणिक योग्यता और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी हासिल कर सकेंगे। पहले दिन कई चिकित्सक, वकील, सिविल इंजीनियर, एमएससी पास चुनाव में उतरे हैं। जिला शहरी निकायों के लिए सोलन में 50 नामांकन भरे गए जबकि मंडी व कांगड़ा में 35-35 नामांकन भरे गए। वहीं, सिरमौर में 25, कुल्लू व हमीरपुर में 21-21, चंबा में 19, शिमला में १७ नामांकन भरे गए। उधर ऊना में 16 व बिलासपुर में 15 नामांकन भरे गए।
शहरी विकास, आवास, नगर नियोजन, संसदीय कार्य, विधि एवं सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज कुसुम्पटी बाजार मे स्मार्ट सिटी के मिशन के तहत 83 लाख 87 हजार रुपये की लागत से व लाईट स्टील फ्रेम युक्त की नई तकनीक से निर्मित होने वाले तीन मंजिला भवन का विधिवत शिलान्यास किया। उन्होने कहा कि इस क्षेत्र में विकास और अन्य मूल भूत सुविधाओं की उपलब्धता के लिए इस निर्माण से क्षेत्रवासियों को अत्यधिक लाभ होगा। उन्होंने बताया कि इस भवन मे धरातल पर पार्किंग, प्रथम मन्जिल पर 8 दुकानें तथा बुक कैफे का निर्माण कर लोगों को पार्किंग की सुविधा के साथ-साथ रोजगार तथा साहित्य व पठन पाठन से जुड़े लोगों को सुविधा मिलेगी। उन्होनें अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस युद्ध गति से कार्य करते हुए इस परिसर को तीन महीने के भीतर तैयार करें ताकि लोगों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि भविष्य में साथ लगते भवन में भी पार्किग की व्यवस्था उपलब्ध करवाई जाएगी ताकि इस क्षेत्र के लोगों की पार्किंग सम्बन्धी सबसे बड़ी समस्या से भी निजात मिलेगी। इसके साथ ही कुसुम्पटी क्षेत्र में शौचालय की समस्या को देखते हुए सार्वजनिक शौचालय ईत्यादि का निर्माण भी किया जायेगा। इस अवसर पर महापौर शिमला सत्या कौण्डल, उपमहापौर शैलेन्द्र चैहान, पार्षद राकेश चैहान, स्मार्ट सिटी परियोजना के सीईओ आबिद हुसैन, जरनल मेनेजर तकनीकी नितिन गर्ग, आरटीडीसी के मुख्य प्रबन्धक अजय शर्मा, महाप्रबंधक रोहित ठाकुर, सहायक महाप्रबंधक मनीष साहनी, प्रबंधक गीता राम, व्यापार मण्डल कुसुम्पटी के पदाधिकारी एवं सदस्य सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
निष्पादन एजेंसी को उन पर्यटन परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करनी चाहिए, जिनका कार्य पूरा होने वाला हो, ताकि उन्हें समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जा सके। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड की 10वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मशाला से मैक्लोडगंज रोप-वे जून, 2021 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके निर्माण पर 150 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के कार्यशील होने पर राज्य कोएक करोड़ रुपये वार्षिक फीस प्राप्त होगी। उन्होंने जिला कांगड़ा में आदि हिमानी से चामुण्डा जी रोप-वे और कुल्लू जिला में भुतंर से बिजली महादेव रोप-वे जिसके लिए रियायत समझौते पर हस्ताक्षर हो चुके हैं और सर्वे का कार्य पूर्ण हो गया है, के कार्य में देरी पर अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि श्री आन्नदपुर साहिब से श्री नैनादेवी जी रोप-वे के लिए रियायत समझौता और पूर्व व्यवहार्यता (प्री फिजिवल्टी) रिपोर्ट को अन्तिम रूप दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना 200 करोड़ रुपये व्यय कर पूर्ण की जाएगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि लाइट एंड साउंड शो का कार्य मार्च, 2021 तक पूरा हो जाएगा और यह टाउन हाॅल द माॅल शिमला में राज्य की संस्कृति, परम्परा और अनछुए मनमोहक स्थानों की झलक प्रस्तुत करेगा। यह राज्य में आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का अतिरिक्त साधन होगा। उन्होंने कहा कि शिमला में 12.13 करोड़ रुपये की लागत से शिमला हेलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है, जिसका निर्माण कार्य अगले वर्ष मार्च तक पूरा हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेश दर्शन योजना के हिमालयन सर्किट के तहत सोलन जिले के क्यारीघाट में कन्वेंशन सेंटर का कार्य पूर्ण होने वाला है। उन्होंने कहा कि 30 करोड़ रुपये लागत की यह परियोजना अगले साल मार्च तक पूर्ण हो जाएगी। उन्होंने कहा कि शिमला जिले के हाटकोटी में मां हाटेश्वरी मंदिर का विकास कार्य आरम्भ किया गया है, यह अगले साल दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि केन्द्र सरकार ने 11.75 करोड़ रुपये की लागत से फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट धर्मशाला को इंस्टीट्यूट आॅफ होटल मैनेजमेंट में स्तरोन्नत करने के लिए मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि इसमें से 4.10 करोड़ रुपये की पहली किस्त प्राप्त हो गई है। उन्होंने कहा कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत आध्यात्मिक सर्किट के एकीकृत विकास के तहत 100 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भारत सरकार को मंजूरी के लिए भेजी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सूरजकुंड शिल्प मेले की तर्ज पर राज्य में शिल्प मेला आयोजित करने का भी निर्णय लिया है, जिसके लिए कालका शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगभग 95 बीघा भूमि चिन्हित की गई है। उन्होंने अधिकारियों को विभिन्न स्वीकृतियों की शीघ्र मंजूरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि उनका कार्य शुरू किया जा सके। सचिव पर्यटन देवेश कुमार ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि राज्य में कार्यान्वित की जा रही सभी पर्यटन परियोजनाओं को निर्धारित समयावधि में पूरा किया जाएगा। निदेशक पर्यटन यूनुस ने बैठक में मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया और बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) आर.डी. धीमान, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा, सचिव (आयुर्वेद) डाॅ. अजय शर्मा, सचिव (वित्त) डाॅ. अक्षय सूद, सचिव युवा सेवाएं एवं खेल एस.एस. गुलेरिया और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमण्डल की बैठक आज यहां मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। मंत्रिमण्डल ने निर्णय लिया कि चार जिलों में लगाया गया कफ्र्यू अब रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रहेगा। इसके अलावा आम जनता और विभिन्न ट्रेड संघों की मांग पर विचार करके राज्य में पहले की तरह रविवार को बाजार खोलने की अनुमति प्रदान करने का निर्णय भी लिया। बैठक में चिनाब घाटी में 104 मेगावाट तांदी, 130 मेगावाट राशिल और 267 मेगावाट साच खास जल विद्युत परियोजनाओं को एसजेवीएनएल को आबंटित करने के लिए सहमति प्रदान की गई। यह आबंटन चिनाव बेसिन में एसजेवीएनएल को पहले आबंटित की गई तीन परियोजनाओं की शर्तों के अनुसार ही होगा। मंत्रिमण्डल ने सहकारिता विभाग में सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं के दो पद सीधी भर्ती द्वारा भरने का निर्णय लिया। बैठक में निर्णय लिया गया कि ग्रीष्मकाल में बन्द होने वाले सभी स्कूल 12 फरवरी, 2021 तक बन्द रहेंगे और आॅनलाइन माध्यम से पढ़ाई जारी रहेगी। मंत्रिमण्डल ने निजी स्कूलों द्वारा लगाए जा रहे अत्यधिक शुल्क के मुददे पर भी विचार किया और सम्बन्धित जिलों के उपायुक्तों की अध्यक्षता में उच्च शिक्षा और प्राथमिक शिक्षा के उप-निदेशकों को सदस्य के रूप में शामिल कर समिति गठित की। समिति द्वारा यह देखा जाएगा कि निजी शिक्षण संस्थानों द्वारा लिए जा रहे शुल्क और चार्जिज स्कूलों में कर्मचारियों के वेतन और बुनियादी सुविधाओं के अनुरूप हैं और यह किसी का शोषण तो नहीं कर रहे।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने आज राजभवन से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) और इसके क्रियान्वयन पर वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कुलपतियों के साथ बातचीत की। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के कुलपति प्रो. सिकन्दर कुमार डाॅ. वाय.एस.परमार बागवानी और वाणिकी विश्वविद्यालय नौणी सोलन के कुलपति डाॅ. परविन्दर कौशल, चैधरी सरवण कुमार, हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एच.के. चैधरी, हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर के कुलपति प्रो. एस.पी. बन्सल, अटल चिकित्सा एवं शोध विश्वविद्यालय मण्डी के कुलपति प्रो. (डाॅ.) सुरेन्द्र कश्यप और सरदार वल्लभ भाई पटेल क्लस्चर विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. सी.एल. चन्दन ने भी इस वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग में भाग लिया। राज्यपाल ने सभी कुलपतियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत दृष्टि पत्र तैयार कर 15 फरवरी, 2021 तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने संस्थानों की रैंकिंग को सुधारने के लिए नीति तैयार करने और उसके तहत कार्य करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने महामारी के दौरान विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और प्रयासों पर विस्तृत रिपोर्ट भेजने को भी कहा। उन्होंने कहा कि उन्हें कृषि व्यवसाय, खाद्य प्रसंस्करण, कटाई के बाद, तकनीक, स्वास्थ्य देखभाल और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में इंटरनशिप, वर्चुअल इंटरनशिप, पूर्व छात्रों की मदद, आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और राॅबोटिक्स नए सेक्टर होंगे। उन्होंने लोक मित्र केन्द्रों और महिला स्वयं सहायता समूहों को जोड़ने पर बल दिया और कहा कि शोध, रोजगार और उद्यमिता में परिणाम का मापदण्ड होना चाहिए। राज्यपाल ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों को आॅनलाइन शिक्षा प्रदान करने की दिशा में सभी कुलपतियों और विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। सभी कुलपतियों ने वर्चुअल मंच के माध्यम से अपनी कार्य योजना प्रस्तुत की। राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर ने राज्यपाल और सभी सदस्यों का स्वागत किया और बैठक का संचालन किया।
प्रदेश सरकार राज्य के लिए एक एकीकृत ड्रग प्रिवेंशन नीति तैयार करेगी। यह नीति राज्य में मादक पदार्थों की रोकथाम, उपचार, प्रबन्धन और पुनर्वास/सोशल/इंटीग्रेशन कार्यक्रम के लिए होगी। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां आयोजित हिमाचल प्रदेश नशा निवारण बोर्ड की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए पुलिस, मीडिया और नशा निवारण बोर्ड के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में ड्रग पेडलर्स पड़ोसी राज्यों के हैं। उन्होंने कहा कि यह उनके द्वारा शुरू की गई पहल से ही संभव हुआ है कि इस क्षेत्र में ड्रग्स के खतरे की जांच के लिए एक संयुक्त रणनीति बनाने के लिए कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के पंचकुला में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि सभी मुख्यमंत्री और अन्य उत्तरी राज्यों के प्रतिनिधि मादक पदार्थों की तस्करी के बारे में जानकारी सांझा करने के लिए सहमत हुए हैं। उन्होंने कहा कि एक अन्य बैठक की मेजबानी पंजाब ने की, जिसमें राजस्थान के मुख्यमंत्री ने भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि यह पहल ड्रग्स के खतरे को रोकने में एक शानदार कदम साबित हुई है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में छः नशामुक्ति केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग के कारण अपराध दर में वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में जरूरतमंदों को बेहतर सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए नशा और नशामुक्ति केंद्रों के लिए पहले से ही कार्यरत पुनर्वास केंद्रों को विनियमित और नियंत्रित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने पर भी विचार करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में नशीली दवाओं के उत्पादन की मात्रा और स्वरूप, साइकोट्राॅपिक पदार्थों सहित प्रिक्यूरसोरस के विचलन और प्रदेश में मादक पदार्थों के सेवन के परिमाण को जानने के लिए आधिकारिक सर्वेक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य वार ड्रग जागरूकता अभियान/संवेदीकरण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिसमें पंचायती राज संस्थानों, शहरी स्थानीय निकायों, एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवकों और महिला मंडलों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस के मौजूदा नारकोटिक्स कंट्रोल सेल को इस खतरे से निपटने के लिए सुदृढ़ किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में ड्रग की समस्या से निपटने के लिए कृत संकल्प है, क्योंकि यह राज्य और देश में एक गंभीर सामाजिक समस्या है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के दुरूपयोग की जांच करने की दृष्टि से राज्य सरकार ने एक व्यापक योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का नशीली दवाओं के खिलाफ रणनीति का एक प्रमुख हिस्सा उन दवाओं पर ध्यान केन्द्रित करता है, जो मूल रूप से भांग और अफीम जैसे पौधों से प्राप्त होती हैं। राज्य सरकार ने उन पौधों के उन्मूलन के लिए कड़े कदम उठाए है, जिनसे ड्रग्स का उत्पादन होता है। ग्राम पंचायत, वन और अन्य सरकारी भूमि सहित सभी भूमि पर भांग/अफीम के उन्मूलन के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जय राम ठाकुर ने कहा कि पूरे प्रदेश में भांग और अफीम उन्मूलन अभियान प्रभावी तरीके से क्रियान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भांग और अफीम उन्मूलन अभियान को तेज करने के लिए प्रदेश सरकार ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इस समस्या के समाधान के लिए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को तैनात किया है और उन्हें भांग, अफीम के पौधों को खत्म करने के लिए आधुनिक उपकरण प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सामुदायिक पुलिसिंग योजना के अंतर्गत समय-समय पर विद्यालयों और महाविद्यालयों के निकट युवाओं में मादक पदार्थों के दुरूपयोग को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नारकोटिक सेल, सभी पुलिस अधीक्षकों और सीआईडी की फील्ड यूनिट द्वारा आम जनता और शैक्षणिक संस्थानों के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बढ़ते नशे के खतरे के दृष्टिगत सरकार ने विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए सरकारी विद्यालयों के पाठ्यक्रम में नशे के दुरूपयोग से दुष्प्रभाव पर एक अध्याय शुरू करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मादक पदार्थों की तस्करी को गैर जमानती अपराध बनाने के लिए एक बिल भी लाया है। मुख्य सचिव अनिल खाची ने कहा कि बोर्ड की कार्यकारी समिति का गठन किया जाएगा और बोर्ड की सिफारिशों के उचित क्रियान्वयन के लिए नियमित बैठकें आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग हिमाचल प्रदेश को नशा मुक्त राज्य बनाने के लिए प्रदेश सरकार के विभिन्न योजनाओं के लिए अधिक समन्वय के साथ कार्य करेंगे। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने कहा कि प्रदेश पुलिस राज्य में नशे के व्यापारियों पर शिकंजा कसने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभाग ने अपने खुफिया तंत्र को सुदृढ़ किया है, ताकि मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्रय के बारे में जानकारी सांझा की जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने एनडी एंड पीएस मामलों का पता लगाने के लिए विशेष अभियान चलाए गए हैं, जो समय-समय पर प्रदेश पुलिस द्वारा शुरू किए गए हैं। हिमाचल प्रदेश नशा निवारण बोर्ड के संयोजक एवं सलाहकार ओ.पी. शर्मा ने इस अवसर पर ‘प्रिवेलिंग ड्रग सिचुएशन इन हिमाचल प्रदेश’ विषय पर प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के लिए गहन जनजागरूकता अभियान शुरू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के उपयोग से न केवल व्यक्ति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, बल्कि यह समाज को विकृत कर देता है और शिक्षा में खराब प्रदर्शन, खराब स्वास्थ्य, जघन्य अपराधों का कारण बनता है। आबकारी एवं कराधान आयुक्त रोहन चन्द ठाकुर ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। इस अवसर पर बोर्ड के गैर सरकारी सदस्योें प्रकाश भारद्वाज, भानु लोहमी, अंकुर चैहान और देवेन्द्र दत्त शर्मा ने भी प्रदेश में मादक पदार्थों के दुरूपयोग को रोकने के बारे में अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व आरडी धीमान, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जेसी शर्मा, सचिव स्वास्थ्य अमिताभ अवस्थी, सचिव शिक्षा राजीव शर्मा और प्रदेश सरकार के विभागाध्यक्षों ने बैठक में भाग लिया।
ये चुनाव नहीं आसान। कांग्रेस इस बात से भलीभांति वाकिफ है। जयराम ठाकुर को एक्सीडेंटल मुख्यमंत्री कहने वाली कांग्रेस पर स्थानीय निकाय चुनाव में खुद को साबित करने का दबाव है ताकि 2022 में जनता उसे गंभीरता से ले। प्रदेश के नव नियुक्त प्रभारी राजीव शुक्ला का भी ये पहला इम्तिहान है। इस इम्तिहान में उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती है पार्टी के तमाम गुटों को एकसाथ लेकर चलना। कांग्रेस के दिग्गज साथ चले तो मंजिल शायद आसां रहे पर खींचतान ज़ारी रहती है और नतीजे मनमुताबिक नहीं आते तो कांग्रेस का बैकफुट पर आना तय है। इसी बीच बुधवार को कांग्रेस ने अपनी इलेक्शन स्ट्रेटेजी कमेटी का एलान कर दिया है जो राजीव शुक्ला की सरदारी में काम करेगी। इस 14 सदस्यीय कमेटी में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, विप्लव ठाकुर, कर्नल धनीराम शांडिल, सुखविंदर सिंह सुक्खू, आशा कुमारी, सुधीर शर्मा, जीएस बाली, हर्षवर्धन चौहान, रामलाल ठाकुर, राजेंदर राणा, जगत सिंह नेगी और पवन काजल को स्थान मिला है। इसमें मुख्यमंत्री के गृह जिला मंडी के किसी नेता को स्थान नहीं मिला है। सीधे तौर पर कहे तो इलेक्शन स्ट्रेटेजी कमेटी में कौल सिंह ठाकुर को स्थान नहीं मिला है। एक और खासबात इस लिस्ट में है। इन 14 में से तीन नेता ऐसे है जिन्होंने 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा था। पर पार्टी के लिए मंडी से चुनाव लड़ने वाले आश्रय शर्मा को इस लिस्ट में स्थान नहीं मिला है। हालाँकि इन दोनों नेताओं को अन्य कमेटियों में शामिल कर संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है, किन्तु मंडी जिला के किसी नेता का इलेक्शन स्ट्रेटेजी कमेटी में न होना फिलवक्त चर्चा का विषय जरूर है। जाहिर है किसी स्थानीय नेता का कमेटी में होना रणनीतिक तौर पर ज्यादा असरदार होता। वैसे एक तर्क ये भी है की जब मंडी से सांसद रह चुके पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह खुद इस कमेटी में शामिल है तो बाकी नेताओं की शायद कोई जरुरत नहीं है। लिस्ट से कौल सिंह ठाकुर की गैरमौजूदगी को कुछ राजनैतिक माहिर राजा गुट की तरफ आलाकमान के झुकाव के तौर पर देख रहे है तो कुछ चिट्ठी बम के साइड इफ़ेक्ट के तौर पर। बहरहाल लकवाग्रस्त संगठन के बावजूद अगर कांग्रेस को निकाय चुनाव में अच्छा करना है तो पार्टी के दिग्गजों को आपसी रंज भुलाकर एक साथ आना होगा।
स हफ्ते लगातार तीन दिन तक बंद रहने वाले हैं, इसलिए कोई आवश्यक कार्य हो तो गुरुवार तक निपटा लें। असल मे बैंक हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं। इस बार 26 दिसंबर को महीने का चौथा शनिवार पड़ रहा है, इसके चलते बैंक बंद रहेंगे। इसके बाद 27 दिसंबर, रविवार को साप्ताहिक अवकाश है, जिसके चलते बैंक बंद रहेंगे। वहीं, 25 दिसंबर, शुक्रवार को क्रिसमस है, जो राष्ट्रीय अवकाश रहेगा। इसके चलते इस दिन बैंकों में छुट्टी रहेगी। ऐसे में इस हफ्ते आपकों बैंकों से जुड़ा कोई कार्य करना है, तो उसे गुरुवार तक ही निपटा लें, क्योंकि उसके बाद 25, 26 और 27 दिसंबर को बैंकों की छुट्टी रहने वाली है। वहीं, 31 दिसंबर को इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की लास्ट डेट भी है। इसलिए अगर आपको बैंक से कोई डॉक्यूमेंट चाहिए या कोई अन्य जरूरी काम है तो उसके लिए अभी से मुस्तैद रहना सही रहेगा।
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) ने इस साल (शैक्षणिक सत्र 2020-21) प्रैक्टिकल परीक्षा न लेने का फैसला लिया है। इसके लिए स्कूलों को अपने स्तर पर ही परीक्षाएं आयोजित करवानी होंगी। प्रश्न पत्र से डेटशीट तक सबकुछ स्कूलों को खुद ही करना होगा। ऐसा पहली बार होगा, जब मार्च माह में संचालित होने वाली परीक्षाओं के प्रैक्टिकल हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड स्वयं नहीं लेगा। शिक्षा बोर्ड अधिकारियों का कहना है दसवीं, जमा दो व अन्य कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाओं की परीक्षा तिथियां व प्रैक्टिकल संचालन के लिए शिक्षा उपनिदेशकों व स्कूलों के प्रधानाचार्य व मुख्य अध्यापकों से वीडियो कांफ्रेंस से इस विषय पर चर्चा की है, जिसमें परीक्षाओं को लेकर लंबी चर्चा हुई है। बोर्ड का कहना है की सभी कक्षाएं ऑनलाइन चल रही हैं और बोर्ड पूरी तरह से नहीं जनता है की शिक्षक छात्रों को ऑनलाइन कैसे शिक्षित कर रहे हैं। ऐसे में अगर बोर्ड प्रैक्टिकल लेता है तो विद्यार्थियों को दिक्कतें होंगी। इसलिए बोर्ड ने इस बार प्रैक्टिकल परीक्षा न लेने का फैसला लिया है।
आज हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक का आयोजन होना है। यह बैठक बहुत अहम होने वाली है। इस बैठक में प्रदेश के कई बड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। 25 दिसंबर क्रिसमस व 31 दिसंबर नववर्ष के जश्न के लिए प्रदेश में रात्रि कर्फ्यू हटाया जा सकता है। नया साल मनाने के लिए हजारों पर्यटक शिमला सहित प्रदेश के अन्य स्थानों पर आते हैं। ऐसे में पर्यटकों की सुविधा के लिए सरकार इन दो दिनों के लिए रात्रि कर्फ्यू हटाने पर विचार कर सकती है। बता दें, कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेश के 4 जिलों में 5 जनवरी तक कर्फ्यू लगाया गया था। पर आज बैठक में इसको लेकर फैसला सुनाया जा सकता है। प्रदेश भर में रविवार को बाजार बंद रखने के फैसले पर भी पुनर्विचार किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त निजी स्कूलों के फीस के साथ फंड वसूले जाने के मामले पर भी मंथन होगा। बैठक में सरकार 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को अंतिम रूप देगी। 27 दिसंबर को सरकार के तीन साल पूरे हो रहे हैं, वर्चुअल कार्यक्रम को गांवों में बूथ स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रबंधों पर भी विचार होगा।
हिमाचल प्रदेश सामान्य उद्योग निगम सीमित, शिमला के निदेशक मण्डल की बैठक आज यहां उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में निगम द्वारा वित्त वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 की छःमाही वित्तीय उपलब्धियों का अवलोकन किया गया। यह अवगत करवाया गया कि इस अवधि के दौरान निगम द्वारा अनुमानित 2315 लाख रुपये का व्यापार किया गया और अनुमानित 148.83 लाख रुपये का लाभांश अर्जित किया गया। बैठक में वित्त वर्ष 2019-20 के प्रारूप लेखों का भी अनुमोदन किया गया। बैठक में सामान्य उद्योग निगम के उपाध्यक्ष मनोहर धीमान, अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग) राम सुभग सिंह, निदेशक उद्योग हंस राज शर्मा, विशेष सचिव (वित्त) राकेश कंवर, निगम के प्रबन्ध निदेशक अमित कश्यप, निदेशक मण्डल के सदस्य और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
शिमला ( ब्यूरो ) : पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रदेश में 17 पीएचसी ( प्राइमरी स्वास्थ्य केंद्रों ) को बंद करने के सरकार के निर्णय को जनविरोधी करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। वीरभद्र बोले कि सरकार के इस निर्णय से ये साफ है कि भाजपा ग्रामीण क्षेत्रों की विकास विरोधी है और उसे ग्रामीण लोगों की स्वास्थ्य सुविधाओं की कोई चिंता नहीं है। वीरभद्र ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश में बगैर किसी भेदभाव के विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अनेक स्वास्थ्य केंद्र और स्कूलों को खोला है। पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार के इस फैसले को अफ़सोस जनक बताया है साथ ही उन्होंने कहा की सरकार इन पीएचसी को बंद कर अपनी संकीर्ण मानसिकता का परिचय दे रही है। मुख्यमंत्री को इस निर्णय पर पुन: विचार करते हुए जनहित में इस फैसले को तुरंत वापस लेना चाहिए। उन्होंने लोगों से आह्वान किया है कि वह ज़्यादा से ज़्यादा मताधिकार का प्रयोग करते हुए अपने गांव और क्षेत्र की प्रगति के लिए वोट करें। कांग्रेस ने सदैव ही ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दी है। इसलिए अब फिर से उनके पास कांग्रेस को मजबूत करने का मौका है। वीरभद्र ने उम्मीद जताई है की इन चुनाव में कांग्रेसी विचारधारा को मज़बूती मिलेगी और कांग्रेस से जुड़े लोग ही जीत कर आएँगे।
प्रत्येक चुनौती अपने साथ कुछ नए अवसर भी लाती है, जरूरत है उन अवसरों को पहचानने और उनका लाभ उठाने की। स्थानीय एपीजी शिमला विश्वविद्यालय की ओर से मंगलवार को 'प्रारब्ध-2020' विषय पर विशेष वेबिनार आयोजित किया गया। वेबिनार का सुभारम्भ एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. रमेश कुमार चौधरी की अगुवाई में किया गया। इस वेबिनार में एमिटी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.बी. शर्मा (पूर्व कुलपति डीटीयू) ने बतौर वशिष्ठ मुख्यातिथि शिरकत कर वेबिनार में शामिल एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के छात्रों व शिक्षकों को 'एडवांटेज टेक्नोलॉजी व डिजिटल टेक्नोलॉजी' विषय पर विशेष संदेश दिया। छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रो. पीबी शर्मा ने कहा कि हम जानते हैं कि दुनियाभर में युवा, महिलाएं और पुरुषों जिनके पास नए और अभिनव विचार हैं, जिनके पास टेक्नोलॉजी है जिसके जरिए कोविड जैसी महामारी का मुकाबला कर सकते हैं, लेकिन उन विचारों व अन्वेषणों को फलीभूत करने के लिए उन्हें सहारे व मार्गदर्शन की जरूरत है। प्रो.शर्मा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि भारत डिजिटल क्रांति और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है जिसके पीछे देश की युवा शक्ति काम कर रही है और विश्वविद्यालयों को छात्रों के एडवांटेज टेक्नोलॉजी के ज्ञान में अधिक बढ़ोतरी कर ज्ञान हासिल करने के लिए नए अवसर करने चाहिए और उन्हें प्रकृति के साथ भी तालमेल बैठाना सिखाना चाहिए। प्रो. पीबी शर्मा ने एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमेश कुमार चौधरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि इनके कुशल नेतृत्व में एपीजी शिमला विश्वविद्यालय उच्च टेक्नोलॉजी और अनुसंधान व रोजगारनमुख शिक्षा प्रदान करने में आगे बढ़ रहा है और साथ ही विश्वविद्यालय को शिमला की प्रकृति ने चिंतनशीलता व अध्ययन के लिए अनूठे प्राकृतिक सोपान दिए हैं। प्रो. शर्मा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल लर्निंग समूहों में औपचारिकता और अनौपचारिकता दोनों सीखने के साथ-साथ सेल्फ-लर्निंग मोड के लिए एक व्यापक कैनवास प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि भारत को कनेक्टिविटी, इंटरनेट, टेक्नोलॉजी व डिजिटल सिस्टम में गहरी पैठ है और इस प्रकार भारत शानदार एडवांटेज आईटी बन रहा है और उससे भारत की युवा पीढ़ी आत्मनिर्भर होकर जॉब सृजन करने में सफल होंगे! प्रो. पीबी शर्मा ने कहा कि हमारी तत्काल प्राथमिकता और उसके बाद हमारे युवा भारत के लिए पच्चीस साल की आयु में छः सौ छियासठ मिलियन से अधिक लाभ कमाने के लिए एडवांटेज आईटी का उपयोग करना चाहिए और इस कार्य के लिए राष्ट्र और समाज की बेहतरी के लिए सभी को अपना सर्वोत्तम कार्य करना होगा ताकि टेक्नोलॉजी से बेहतर इंसान भी बनें और मानव संसाधनों में भी सकारात्मक विकास हो सकें। एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमेश कुमार चौधरी ने मुख्यतिथि प्रो. पीबी शर्मा का वर्चुअल स्वागत करते हुए कहा कि प्रो. पीबी शर्मा देश के प्रख्यात टेक्नोलॉजी विद्वान हैं, शिक्षाविद हैं, एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों का मार्गदर्शन करने के लिए उनका धन्यवाद किया। कुलपति प्रो. चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि आज ऑनलाइन सिस्टम व डिजिटल टेक्नोलॉजी को और बेहतर करने की जरूरत है ताकि छात्रों को न केवल शैक्षणिक कार्यों के लिए इस इस्तेमाल करना है बल्कि इसे विकसित समाज व राष्ट्र के उत्थान के लिए भी किया जाना चाहिए और इस दिशा में विश्वविद्यालय में गहन अध्ययन के लिए बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही है। इस वेबिनार के दौरान डॉ. रमेश चौहान डीन जर्नलिज्म ने भी अपने विचार सांझा किए और डॉ. नील कुमार सिंह डीन मैनेजमेंट ने धन्यवाद प्रस्ताव पढ़कर सभी वक्ताओं और मुख्यतिथि का धन्यवाद किया। वेबिनार में एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार आर.के. कायस्थ, डॉ. आनंद मोहन डीन इंजीनियरिंग, डॉ. अनिल पाल और विजिटिंग प्रो. राकेश शर्मा भी मौजूद रहे है और प्राची वैद कार्यक्रम की संचालिका रही।
सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट शिमला द्वारा दिसंबर 16 से चलाए जा रहे वस्त्र एकत्रीकरण का आज अंतिम दिन था। आज भी वस्त्र दान को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। शिमला के संजौली बस स्टैंड, बीसीएस, पुराना बस स्टैंड, समरहिल चौक, टुटु चौक आदि स्थानों पर ट्रस्ट के कार्यकताओं द्वारा वस्त्र एकत्र किए जा रहें थे। इन पाँच स्थानों में लोगों द्वारा काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। पिछले 16 दिसंबर को भी लोगो द्वारा काफी वस्त्र दान किए गए और 19 दिसंबर भी लोगो द्वारा अपनी सहभागिता इसमें देखने को मिला। ट्रस्ट के सचिव डॉ सुरेन्द्र शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि ट्रस्ट प्रत्येक वर्ष विभिन्न कार्यक्रम समाज एवं राष्ट्र हित में करवाता आ रहा है। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी वस्त्र बैंक कार्यक्रम में लोगों ने अपना सहयोग दिया। मानव सेवा ही उत्तम सेवा है। हमारे द्वारा निधारित स्थानों पर सभी शिमला वासियों ने अपने वस्त्रों को दान किया उसके लिए हम सभी का आभार व्यक्त करते हैं और आने वाले समय में हम उन कपड़ों को जरूरत मंद को वितरित करेंगे। सुनील उपाध्याय एजुकेशन ट्रस्ट के साथ समाज के भिन्न भिन्न वर्गों ने भी इसमें अपनी रुचि दिखाई, जिसमें भिन्न भिन्न स्थानों के प्रबुद्ध लोग सेवानिवृत्त कर्मचारी, बच्चे, बूढे और व्यवसायक वर्ग सभी लोगो ने इसमें अपनी सहभागिता दिखाई। आने वाले समय मे एकत्रित किए गए वस्त्रो को ट्रस्ट द्वारा जरूरतमन्द व्यक्तियों तक पहुचाने का कार्य भी ट्रस्ट के माध्यम से किया जाएगा।
आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद संजौली महाविद्यालय इकाई की नव 2020-21 की कार्यकारिणी की घोषणा की गई जिसमें मुख्य रूप से जिला संगठन मंत्री अमित और चुनाव अधिकारी विभाग संयोजक सचिन मौजूद रहे। कार्यकारिणी में सर्वसम्मति से कर्ण सिंह को अध्यक्ष और कर्ण शर्मा को इकाई सचिव चुना गया। उनके साथ 120 कार्यकर्ताओं की कार्यकारिणी बनाई गई। इसी के साथ Covid-19 के सभी नियमों का ख्याल रखते इस कार्यक्रम को ऑफलाइन व ऑनलाइन माध्यम से चलाया गया जिसमें ऑफलाइन कार्यक्रम में 46 कार्यकर्ता उपस्थित रहे और ऑनलाइन माध्यम से भी काफी विद्यार्थियों ने भाग लिया। चुनाव अधिकारी सचिन ने विद्यार्थी परिषद के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा की अखिल भारतीय विद्यार्थी सन 1949 से नियमित रूप से राष्ट्र हित, समाज हित और छात्रहित में कार्य करती आई है, छात्रों की आवाज को उठाने का निरन्तर प्रयास किया है और छात्रों को उनके हितों से परिचित करवाया है। इसी के साथ पूर्व में इकाई के सचिव रहे धीरज काल्टा ने ऑनलाइन माध्यम से कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और धन्यवाद करते हुए नव निर्वाचित सदस्यों को शुभकामनाएं दी।


















































