जुब्बल कोटखाई के पूर्व विधायक व पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रोहित ठाकुर ने कोरोना महामारी में स्वास्थ्य सुविधाओं में अव्यवस्थाओ और कोरोना के बढ़ते संक्रमण पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मरीजों की कोरोना से कम और स्वास्थ्य सेवाओं में कुप्रबंधन के चलते ज्यादा मौतें हो रही है जो कि गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि एक ओर जहां कोरोना महामारी के चलते जनता में खौफ है वहीं दूसरी ओर मरीजों को कोविड अस्पतालों में रामभरोसे छोड़ दिया जाता हैं। उपरी शिमला और जुब्बल-नावर-कोटखाई में जहां विशेषकर कोरोना महामारी के मामलों में इज़ाफ़ा हुआ हैं वहीं संक्रमण से आए दिन मौते हो रही हैं। कोविड सैंटर डी डी यू शिमला और रोहड़ू में स्वास्थ्य सुविधाओं में भारी अव्यवस्था देखने को मिल रही हैं और मरीज़ो के साथ अमानवीय व्यवहार के कई उदाहरण भी सामने आए हैं। प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाएं इतनी अव्यवस्थित हो चुकी है कि प्रदेश सरकार के क़द्दावर मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर से लेकर एक आम जन तक ने अपने कटु अनुभवों से स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गम्भीर सवाल खड़े किए हैं। जुब्बल कोटखाई में स्वास्थ्य सुविधाओ का टोटा हैं, पिछले तीन वर्षों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झड़ग-नकराड़ी और कुठाड़ी में वर्तमान विधायक चिकित्सक का पद भरने में नाकाम रहे। पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को नज़दीक आते देख सरकार द्वारा नियमों को ताक में रखकर हज़ारों लोगों को इक्क्ठा कर सार्वजनिक स्थानों में कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि उपरी शिमला में कोरोना के बढ़ते मामले से कुछ क्षेत्रों में सामुदायिक संक्रमण (Community Spread) की आशंका जताई जा रही जिसे रोकने के लिए सरकार को विशेष कदम उठाने की आवश्यकता हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में ठंड बढ़ेगी, महामारी और विस्फोटक हो सकती हैं। इन परिस्थितियों से निपटने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को हस्तक्षेप करने की आवश्यकता हैं। उन्होंने कोरोना महामारी से पीड़ित मरीज़ों को घर में आइसोलेट कर पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर मुहैया करवाएं जाने की मांग की हैं। उन्होंने जनता से कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए शादी और धार्मिक कार्यक्रमों को सादगीपूर्ण रूप से ज़रुरी एहतियात के साथ आयोजित करने की करबद्ध अपील भी की हैं।
एशियन कंकरीट्स और सीमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड बीर पलासी, डाकघर मंझोली, तहसील नालागढ़, जिला सोलन के निदेशक कर्ण अग्रवाल ने कोविड-19 के दृतिष्टगत अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हुए प्रदेश सरकार को 500 ऑक्सीमीटर और 200 थर्मामीटर भेंट किए हैं। कर्ण अग्रवाल ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को यह ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर भेंट किए। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए एशियन कंकरीट्स और सीमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे कोरोना पीड़ित लोगों को राहत प्रदान करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस योगदान से अन्य लोग भी सरकार की सहायता के लिए आगे आने को प्रोत्साहित होंगे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार 27 दिसंबर, 2020 को अपने तीन साल का कार्यकाल पूरा कर रही थी और सरकार शिमला में इस अवसर को चिह्नित करने के लिए एक यादगार समारोह की योजना बना रही थी। वह वर्तमान राज्य सरकार के तीन वर्षों के समारोह के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समारोह को सामाजिक दूर के मानदंडों का पूरी तरह से पालन करके मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न नीतियों और कार्यक्रमों और उपलब्धियों के उचित वितरण और प्रसार के लिए सूचना और जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रभावी मीडिया योजना तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विभाग को राज्य सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं के प्रचार के लिए संचार के विभिन्न साधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना चाहिए। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रचार साहित्य लाने के अलावा विभाग को सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं, पहलों और उपलब्धियों को उजागर करने वाली एक वृत्तचित्र भी तैयार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से एक विशेष अभियान भी तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने इस अवसर पर अधिकारियों को गिरिराज के विशेष मुद्दे को सामने लाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीआरआई के चुनावों के मद्देनजर आचार संहिता लागू होने के बाद विभाग को अगले तीन महीनों के लिए एक आक्रामक मीडिया योजना भी तैयार करनी चाहिए। मुख्य सचिव अनिल खाची ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि प्रशासन इस आयोजन को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। सचिव सूचना और जनसंपर्क रजनीश ने समारोहों के बारे में विभाग की प्रस्तावित कार्ययोजना का विवरण दिया। सचिव जीएडी देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के प्रमुख निजी सचिव डॉ। आर.एन. बत्ता, निदेशक सूचना और जनसंपर्क हरबंस सिंह ब्रासकोन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
कृषि मन्त्री वीरेन्द्र कंवर ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में हींग और केसर की खेती आरम्भ कर दी गई है। प्रदेश सरकार ने इस खेती को बढ़ावा देने के लिए ‘कृषि से संपन्नता’ योजना आरम्भ की है, जिसके सफल कार्यान्वयन के लिए कृषि विभाग ने विस्तृत कार्य योजना तैयार की है। इस योजना के तहत 6 जून, 2020 को हिमालय जैव सम्पदा प्रौद्योगिकी संस्थान आईएचबीटी, पालमपुर के साथ समझौता हस्ताक्षरित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में हींग व केसर की खेती के लिए मंडी, चम्बा, लाहौल-स्पीति व किन्नौर जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्र अनुकूल पाए गए हैं और लाहौल-स्पीति के कोरिंग गांव में हींग का पहला पौधा रोपित किया गया है। वीरेन्द्र कंवर ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत हींग व केसर की खेती के लिए सरकार ने 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। हींग की खेती के लिए कृषि विभाग ने पांच वर्षों में 302 हेक्टेयर क्षेत्र और केसर की खेती के लिए तीन वर्षों में 3.5 हेक्टेयर क्षेत्र को खेती करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत किसानों व अधिकारियों को इस खेती की विधि की व्यापक जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण प्रदान करने का प्रावधान भी किया गया है। हींग और केसर की खेती के लिए सिंचाई व्यवस्था का सुदृढ़ होना भी अति आवश्यक है। उन्होंने कृषि विभाग को इन क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रदेश के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष तुलसी राम के निधन पर शोक व्यक्त किया है, जिनका सोमवार रात्रि जिला कांगड़ा के पालमपुर में निधन हो गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि तुलसी राम महान राजनेता थे, जिन्होंने समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए अथक प्रयास किए। उन्होंने कहा कि भरमौर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के विकास में उनका बहुत बड़ा योगदान रहा, जिसे भावी पीढ़ियां हमेशा याद रखेंगी। जय राम ठाकुर ने परमात्मा से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। तुलसी राम वर्ष 2007 से 2012 तक हिमाचल प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष रहे। वह वर्ष 1990, 1998 और 2007 में चम्बा जिले के भरमौर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक चुने गए।
छात्र अभिभावक मंच ने शिमला के तारा हॉल स्कूल द्वारा 20 नवम्बर से शुरू होने वाले फाइनल एग्ज़ाम को स्थगित करने की कड़ी निंदा की है व सरकार से इस मामले पर हस्तक्षेप करके इन्हें समय पर करवाने की मांग की है। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा,सदस्य फालमा चौहान,विवेक कश्यप,सत्यवान पुंडीर व जियानंद शर्मा ने फाइनल एग्ज़ाम की तिथि को स्थगित करने के कदम को तानाशाही व लूट तंत्र करार दिया है। उन्होंने कहा है कि निजी स्कूल सभी चार्ज़ेज़ सहित पूरी फीस वसूली के लिए तरह तरह के हथकंडे अपना रहे हैं ताकि फीस वसूली को जायज़ ठहराया जा सके। यह केवल मनमानी लूट को सुनिश्चित करने का तरीका है। सब जानते हैं कि फरवरी शिमला में बेहद ठंड का महीना होता है व इस दौरान बर्फ़बारी आम बात है। बेहद ठंडे मौसम के कारण इस समय कोरोना जैसे सभी प्रकार के वायरल संक्रमण का खतरा भी कई गुणा बढ़ जाता है। स्कूल का यह तर्क कि फरवरी में ऑनलाइन के बजाए स्कूल में परीक्षाएँ करवाई जाएंगी पूरी तरह अवैज्ञानिक व तर्कहीन है। इस से बच्चों,अध्यापकों व कर्मचारियों की जान पर खतरा कई गुणा बढ़ जाएगा। तारा हॉल स्कूल को सरकारी स्कूलों से सबक लेना चाहिए जिन्हें खोलते ही कोरोना संक्रमण चरम पर पहुंच गया था व जिन्हें दोबारा से 25 नवम्बर तक बन्द करना पड़ा। इसलिए फरवरी में फिज़िकल एग्ज़ाम की सोच ही बेबुनियादी है। इसके बावजूद वार्षिक परीक्षाओं को स्थगित किया जा रहा है। इसके पीछे केवल एक ही कारण है और वह पूर्ण फीस वसूली व अभिभावकों की मनमानी लूट करने का है। उन्होंने तारा हॉल स्कूल के इस निर्णय को बेहद हास्यास्पद व बचकाना करार दिया है। एक तरफ उच्च शिक्षण संस्थानों ने अपने छात्रों को बिना परीक्षाओं के ही प्रोमोट कर दिया वहीं दूसरी ओर निजी स्कूल अपनी मनमानी के लिए छोटे बच्चों की जिंदगी से खेलने में भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तारा हॉल स्कूल प्रबंधन तानाशाही कर रहा है। उसने 20 नवम्बर से शुरू होने वाली वार्षिक परीक्षाओं को स्थगित करके 8 फरवरी से इसे करने का आदेश जारी कर दिया है जोकि पूर्णतः छात्र व अभिभावक विरोधी है। यह सब केवल अपनी आर्थिक लूट को जारी रखने का पैंतरा है। उन्होंने सवाल किया है कि वार्षिक परीक्षाओं को तीन महीने तक टालने के पीछे क्या बुनियादी मकसद है। उन्होंने इसे छात्रों व अभिभावकों की मानसिक प्रताड़ना करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस से निजी स्कूलों की पोल खुल गयी है। एक तरफ ये स्कूल निरन्तर ऑनलाइन क्लासेज़ की डींगें हांक रहे थे और दूसरी ओर समय से वार्षिक परीक्षाएं न करवाने से स्पष्ट हो गया है कि निजी स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाओं के नाम पर केवल औपचारिकता की है। अगर निजी स्कूलों ने वास्तव में ही निरन्तर ऑनलाइन कक्षाएं सुनिश्चित की हैं व उनका पाठयक्रम पूर्ण हो चुका है तो फिर वार्षिक परीक्षाओं की तिथि आगे ले जाने का क्या मतलब है। बच्चे व अभिभावक कोरोना काल में ऑनलाइन कक्षाओं के कारण पिछले नौ महीने से भारी मानसिक तनाव में हैं। समय पर वार्षिक परीक्षाएं होने से इस तनाव से उन्हें मुक्ति मिलती। परीक्षाओं को तीन महीने के लिए टालने से एक तरफ छात्रों पर अतिरिक्त मानसिक तनाव होगा वहीं दूसरी ओर ऑनलाइन कक्षाओं के नाम पर अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा। इस से अध्यापकों की भी मानसिक परेशानी बढ़ना तय है। निजी स्कूल प्रबंधन पूर्ण फीस वसूली,अपनी आर्थिक लूट व मनमानी सुनिश्चित करने के लिए छात्रों,अभिभावकों,अध्यापकों व कर्मचारियों सभी को बेवजह परेशान कर रहे हैं। उन्होंने हैरानी व्यक्त की है कि कुछ बेहद प्रभावशाली निजी स्कूल प्रदेश सरकार व शिक्षा निदेशालय के आदेशों व उसकी नियमावली को सरेआम ठेंगा दिखाते है परन्तु सरकार व शिक्षा विभाग पूरी तरह से असहाय नज़र आते हैं। इन स्कूलों पर कोई कार्रवाई करने में इनके हाथ पांव फूल जाते हैं जिसका सीधा फायदा अपनी लूट को बरकरार व बढ़ाने के लिए ये निजी स्कूल उठाते हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि निजी स्कूलों में फीस व पीटीए के सवाल पर 18 मार्च व 8 अप्रैल 2019 के अपने आदेशों को लागू करवाने के लिए शिक्षा निदेशालय को मुंह की खानी पड़ी थी। इन आदेशों को लागू करना तो दूर की बात इन निजी स्कूलों ने शिक्षा निदेशक के पत्रों का जबाव तक देना उचित नहीं समझा था। पिछले डेढ़ वर्ष से निजी स्कूलों के संचालन के लिए कानून का प्रारूप सरकार के पास पड़ा है परन्तु सरकार निजी स्कूलों के दबाव में इस कानून को पारित करवाने अथवा संशोधन करने की हिम्मत तक नहीं कर पा रही है। उन्होंने सरकार व शिक्षा विभाग से मांग की है कि बिल्कुल अंतिम समय में वार्षिक परीक्षाओं को रद्द करने व उन्हें फरवरी तक स्थगित करने के निर्णय को वापिस करवाने के लिए तारा हॉल स्कूल प्रबंधन को सख्त आदेश जारी किए जाएं व परीक्षाएं निर्धारित समय व शेडयूल पर करवाई जाएं।
रामपुर बुशहर। शिमला जिला ननखड़ी थाना के तहत बेलू-चमाड़ा संपर्क मार्ग पर कार दुर्घटना में दो युवतियों की मौत जबकि एक युवती व वाहन चालक घायल हैं। घायलों को रामपुर के महात्मा गांधी चिकित्सा सेवा परिसर खनेरी में भर्ती किया गया है। जानकारी के अनुसार आज सुबह मारुति कार टैक्सी ननखड़ी तहसील के खमाड़ी पंचायत के गांव बेलू से चमाड़ा जा रही थी, तो शुनी मोड़ के पास करीब डेढ़ सौ मीटर नीचे खाई में जा गिरी। इस हादसे में एक युवती की मौके पर ही मौत हुई जबकि एक ने महात्मा गांधी चिकित्सा सेवा परिसर खनेरी में उपचार के दौरान दम तोड़ा। दुर्घटना में मौके पर मारी गई युवती की पहचान विद्या भगती पुत्री मोतीलाल निवासी गांव चमड़ा पोस्ट ऑफिस खमाड़ी जिला शिमला उम्र 22 वर्ष व महात्मा गांधी चिकित्सा सेवा परिसर में उपचार के दौरान दम तोड़ने वाली युवती की शिनाख्त अंजलि पुत्री मोतीलाल उम्र 18 वर्ष चमड़ा निवासी जबकि घायलों में सूरज पुत्र बालक राम गांव नया धारटा पोस्ट ऑफिस व तहसील निरमण्ड ज़िला कुल्लू उम्र 25 वर्ष, घायल युवती इंदिरा पुत्री गोपीचंद गांव तांगरी तहसील ननखड़ी उम्र 25 वर्ष के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही एसएचओ समेत ननखरी थाने से पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की सहायता से घायलों व मृतकों के शवों को खाई से बाहर निकाला गया। दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
आज ठेकेदार यूनियन के अध्यक्ष हितेंद्र की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से मिला। उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलकर ठेकेदारों की समस्याओं से अवगत करवाया। उन्होंने पिछले कुछ महीनो से M From और X Form को ले कर समस्या चल रही है और जो ठेकेदारों की पेमेंट जो PWD डिपार्टमेंट द्वारा रोकी गई है उसके बारे मे चर्चा की। CM ने इन सभी विषयों को लेकर अपना आश्वासन दिया और कहा की जल्द पूरे प्रदेश में सभी ठेकेदारों को इस समस्या से निदान मिलेगा।
आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला शिमला और सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट शिमला द्वारा स्व सुनील उपाध्याय की पुण्यतिथि के अवसर पर रिज मैदान शिमला में रक्तदान शिविर एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सुफल सूद, मुख्य वक्ता नितिन व्यास (SFD प्रांत प्रमुख), सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट के सचिव डॉ. सुरेंद्र शर्मा और शिमला नगर मंत्री रमन उपस्थित रहे। ट्रस्ट के सचिव डॉ सुरेन्द्र शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि COVID-19 महामारी के दौरान लॉकडाउन में सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने जिला शिमला में 6 बार रक्तदान शिविर का आयोजन कर 300 यूनिट से अधिक रक्त इकट्ठा कर प्रदेश के सबसे बड़े हॉस्पिटल IGMC को दान किया। विद्यार्थी परिषद और सुनील उपाध्याय एजुकेशन ट्रस्ट हर वर्ष सुनील उपाध्याय जी की पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविर का आयोजन करात आ रही है। उसी के तहत आज शिमला रिज मैदान में इस रक्त दान शिविर का आयोजन किया गया है। इसमें IGMC से आयी टीम ने 38 रक्त एकत्र किया। मुख्य अतिथि सुफल सूद ने बताया कि छात्र राजनीति में सुनील छात्र हितों को सर्वोपरि मानते थे और अपने संगठनात्मक एवं विद्यार्थी परिषद् के कार्य के दृढ़ीकरण एवं विस्तार हेतु सुनील अपने आराम एवं स्वास्थ्य की परवाह न करते हुए लगातार प्रवास एवं स्वास्थ्य की परवाह न करते हुए लगातार प्रवास एवं कठोर परिश्रम से हिमाचल प्रदेश में विद्यार्थी परिषद् को सशक्त बनाने हेतु कार्य करते रहे। अपनी इस जीवन शैली से उनके शारीरिक स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ने लगा और 1985 के पटना अधिवेशन के दौरान उनके मुंह से अचानक खून आ गया। डॉक्टरी जांच में पता चला कि सुनील के फेफड़े खराब हो चुके थे। उन्हें दिल्ली में अस्पताल में दाखिल किया गया, फिर देख - रेख की दृष्टि से दिल्ली से मुम्बई लाया गया। लगभग 8 मास तक जीवन-मृत्यु से लड़ते हुए 12 नवम्बर, 1985 को दिवाली के दिन सुनील का देहावसान हो गया। तब से लेकर सुनील की पुण्यतिथि को प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर रक्तदान शिविरों का आयोजन कर उन्हें हर वर्ष श्रद्धांजली अर्पित की जाती हैं । मुख्य वक्ता डॉ. नितिन व्यास ने बताया कि सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट समय समय पर शैक्षणिक, सामाजिक कार्यों में हमेशा कार्यरत रहने वाली संस्था है। समय-समय पर निरन्तर कार्यक्रम कर जागरूकता का संदेश देता है। स्व सुनील उपाध्याय ने जम्मू कश्मीर से देवभूमि हिमाचल आकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की नींव रखी। 1975 में देश पर जब आपातकाल थोपा गया तो छात्रों एवं युवाओं में गुस्से का माहौल था। तब वे 10 वीं कक्षा में पढते थे उन्होंने इस काले कानून के विरुद्ध सत्याग्रह करने का निर्णय लिया था। जिला संयोजक सचिन ने जानकारी देते हुए बताया कि इस रक्तदान शिविर में स्थानीय लोगों और दूर दराज से शिमला घुमने आए पर्यटकों ने भी रक्तदान किया। इस वैश्विक महामारी में रक्तदान करना, और जरूरतमंदों को रक्त देना पुण्य का कार्य है। रक्तदान करना नया जीवन देने के समान है। इस कार्यक्रम में आलोक पाण्डेय जी अभाविप शोध कार्य प्रमुख, प्रान्त मंत्री राहुल राणा, आशीष राष्ट्रीय सोशल मीडिया सह संयोजक और नशा निवारण बोर्ड के चेयरमैन ओ पी शर्मा भी मौजूद रहे।
त्योहारी सीजन के चलते हिमाचल सरकार ने पथ परिवहन निगम की 14 अतिरिक्त बसें चलाने का फैसला लिया है। ये बसें 11 से 13 नवंबर तक चलेंगी। प्रदेश में शिमला, धर्मशाला, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, मंडी समेत अन्य मुख्य डिपुओं से दिल्ली के लिए बसें भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं। दिवाली आने वाली है, ऐसे में बहरी प्रदेशों से वपस आने वाले लोग व प्रवासी लोग अपने घरों का रुख करते हैं, ताकि वह अपने घरों में दिवाली मना सके। इसके चलते प्रदेश सरकार ने अतिरिक्त 14 बसें चलने का निर्णय लिया है। जानकरी के अनुसार परिवहन निगम जहां 40 व इससे अधिक सवारियां होंगी, वहां स्पेशल बसें भेजेगा। सवारियां फोन पर भी अतिरिक्त बसों के लिए आवेदन कर सकेंगी। दिवाली वाले दिन निगम साधारण बसें चलाएगा। ये दिल्ली, चंडीगढ़, शिमला, मनाली, धर्मशाला, हमीरपुर, बैजनाथ और बद्दी से अलग-अलग रूटों पर चलेंगी।
ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल और ऑनलाइन कंटेंट प्रोग्राम अब सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत आएंगे। इसकी अधिसूचना केंद्र सरकार की ओर से आज जारी की गई है। केंद्र सरकार ने बुधवार को ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टलों, ऑनलाइन कंटेंट प्रोवाइडरों को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत लाने से जुड़ा आदेश जारी किया। इसके तहत, सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत ऑनलाइन फिल्मों के साथ ऑडियो-विज़ुअल कार्यक्रम, ऑनलाइन समाचार और करंट अफेयर्स के कंटेंट आएंगे। बता दें कि केंद्र सरकार ने इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में एक मामले में वकालत की थी कि ऑनलाइन माध्यमों का नियमन टीवी से ज्यादा जरूरी है। अब सरकार ने ऑनलाइन माध्यमों से न्यूज़ या कंटेट देने वाले माध्यमों को मंत्रालयों के तहत लाने का कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को रेगुलेट करने की जरूरत पर जोर दिया था। इस पर केंद्र सरकार ने अदालत में कहा था कि अगर सुप्रीम कोर्ट को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए मानक तय करने हैं तो पहले डिजिटल मीडिया के लिए नियम कानून बनाए जाने चाहिए। इसके पीछे सरकार ने तर्क देते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के लिए पहले से गाइडलाइन मौजूद हैं, वहीं डिजिटल मीडिया की पहुंच बहुत अधिक होती है, उसका असर भी ज्यादा होता है।
मुख्यमत्री जय राम ठाकुर ने आज जिला शिमला के कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के लिए 70.33 करोड़ रूपये की विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास किए। उन्होंने 4.43 करोड़ रूपये की लागत से अश्वनी खड्ड पर नवनिर्मित पुल, 79 लाख रूपये की लागत से जुन्गा में सहायक अभियन्ता कार्यालय एवं आवास, 2.73 करोड़ रूपये की लागत से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जुन्गा की विज्ञान प्रयोगशाला और 87 लाख रूपये की लागत से निदेशालय फोरेंसिक सेवाएं जुन्गा में वाॅयस एनालिसिस प्रयोगशाला का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने 10.92 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित होने वाली कोटी-जुन्गा रोड़ वाया बधवानी सड़क, 1.71 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित होने वाली पुराना जुन्गा से भरंडी सड़क, 4.15 करोड़ रूपये की लागत से एवर सन्नी से भौंट वाया गोलचा सड़क को पक्का करने के कार्य की आधारशीला रखी। उन्होंने 3.33 करोड़ रूपये की लागत से चारी से नेरी वाया क्यार-कोटी सड़क और 4.25 करोड़ रूपये की लागत से टीप्परा से जगरोटी सड़क के स्तरोन्यन और पक्का करने के कार्य की आधारशीला भी रखी। उन्होंने 1.24 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित होने वाले निदेशालय फोरेंसिक सेवाएं जुन्गा के रिहायशी आवासों के आधारशीला रखी। इसके उपरान्त मुख्यमंत्री ने जिला शिमला की दुर्गापुर तहसील में 92.18 लाख रूपये की लागत से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नवनिर्मित भवन, 15 लाख रूपये की लागत से निर्मित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भौंट और 92 लाख रूपये की लागत वाली ग्राम पंचायत पीरन के पीरन गांव के लिए उठाऊ सिंचाई योजना का लोकार्पण किया। उन्होंने जिला व तहसील शिमला की ग्राम पंचायत पगोग के पगोग, परेची, शनान, बदास, बुखर, मोती बाग तथा आस-पास के गांवो की विभिन्न बस्तियों के लिए बाग नाला से 1.59 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाली उठाऊ जलापूर्ति योजना का शिलान्यास किया। उन्होंने शिमला तहसील के मशोबरा खण्ड के तहत विभिन्न बस्तियों के लिए 3.90 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाली बहु-ग्राम ग्रामीण पाइपलाईन जलापूर्ति योजना और जल जीवन मिशन के अन्तर्गत शिमला तहसील के जल शक्ति उपमण्डल कोटी के तहत गिरी खड्ड से विभिन्न ग्राम पंचायतों के लिए 25.56 करोड़ रूपये की लागत वाली उठाऊ जलापूर्ति योजना का शिलान्यास किया। उन्होंने तहसील शिमला के मशोबरा खंड की ग्राम पंचायत भौंट, डुम्मी, चैरी और ढली में छुटी हुई बस्तियों के लिए 2.33 करोड़ रूपये की जलापूर्ति योजना की आधारशिला रखी और लखोटी से रहुड़ तथा इसके आसपास के गांव के लिए गिरी खड्ड से 54 लाख की लागत से बनने वाली उठाऊ सिंचाई योजना की भी आधारशिला रखी। जुन्गा में जनसभा को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और नाबार्ड की 195 करोड़ रुपये की परियोजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों में विकास को लेकर प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के पश्चात् कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र का यह उनका तीसरा दौरा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में 70.33 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं के 7 लोकार्पण और 11 शिलान्यास किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की समस्याओं का उनके घर-द्धार पर ही निपटारा करने के लिए राज्य सरकार ने जन मंच कार्यक्रम आरम्भ किया है, जिसके अन्तर्गत 45 हजार शिकायतों का निपटारा किया गया है। इसी उद्देश्य के लिए सरकार द्वारा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1100 आरम्भ की गई है, जिसके तहत एक लाख से अधिक शिकायतों का निपटारा किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों की समस्याओं का उनके घरद्वार के समीप समाधान करने के लिए जन मंच और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1100 वरदान साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि जन मंच में 45 हजार शिकायतों और मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन-1100 में एक लाख से अधिक शिकायतों का निवारण किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने अपने मंत्रिमण्डल की पहली बैठक में बिना किसी आय सीमा के वृद्धावस्था पेंशन की आयु सीमा को 80 वर्ष से घटाकर 70 वर्ष किया। इस निर्णय से राज्य के लगभग 2 लाख 90 हजार वृद्धजनों को लाभ प्राप्त हुआ है। जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमकेयर योजना से राज्य के एक लाख 11 हजार लोग लाभान्वित हुए है। उन्होंने कहा कि सहारा योजना के तहत गम्भीर रोगों से ग्रस्त रोगियों के परिवार को तीन हजार रुपये प्रतिमाह प्रदान किए जा रहे हैं। केन्द्र सरकार की उज्जवला योजना और राज्य सरकार की गृहिणी सुविधा योजना से राज्य धुंआरहित प्रदेश बना है। गृहिणी सुविधा योजना के तहत राज्य में 2 लाख 80 हजार गैस कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोटी की विज्ञान प्रयोगशाला के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए एक करोड़ रुपये की घोषणा की। इस अवसर पर कमांडेंट हिमाचल प्रदेश पुलिस प्रथम बटालियन अंजुम आरा ने मुख्यमंत्री को टोपी व स्मृति चिन्ह भेंट किए। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए प्रदेश सरकार ने सोलन, मण्डी और पालमपुर नगर परिषदों को नगर निगम के रूप में स्तरोन्नत करने और शिमला के चिड़गांव व नेरवा, कुल्लू के निरमण्ड व आनी, ऊना के अम्ब और सोलन के कण्डाघाट के रूप में छः नगर पंचायतें बनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा किए गए लोकार्पण व शिलान्यास राज्य सरकार की क्षेत्र के विकास को लेकर प्रतिबद्धता दर्शाता है। शिमला के सांसद और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कुसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कोरोना काल में विकास कार्य प्रभावित न हो यह सुनिश्चित करने के लिए कोविड-19 के दौरान भी राज्य में विकासात्मक परियोजनाओं का वर्चुअल लोकार्पण करने के लिए भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। सक्षम गुडिया बोर्ड की उपाध्यक्षा रूपा शर्मा ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे। स्थानीय भाजपा प्रतिनिधि विजय ज्योति सेन ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और क्षेत्र की विभिन्न मांगों को उनके समक्ष रखा। भाजपा मंडलाध्यक्ष जितेन्द्र मोक्टा ने भी मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्यों का स्वागत किया। इस अवसर पर शिमला-किन्नौर एपीएमसी के अध्यक्ष नरेश शर्मा, पूर्व सांसद वीरेंद्र कश्यप, पूर्व विधायक आरडी कश्यप, नगर निगम शिमला के उप-महापौर शैलेंद्र, उपायुक्त आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक मोहित चावला और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
आज हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक दोपहर तीन बजे आयोजित होगी। इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर फैसले लिए जाएंगे। मुख्यमंत्री स्कूलों को लेकर फैसला सुना सकते हैं। बता दें प्रदेश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। प्रदेश के कई स्कूलों में शिक्षक और विद्यार्थी संक्रमित पाए गए जिस के बाद अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। ऐसे में दिवाली से दो-तीन पहले और दो-तीन बाद स्कूलों को बंद रखने को लेकर मंत्रिमंडल के समक्ष विकल्प रखा जा सकता है। हालाँकि स्कूल बंद होंगे या नहीं इसका अंतिम फैसला मंत्रिमंडल की बैठक में ही होगा। इस के साथ नारकंडा से हाटु पीक के लिए रोपवे को लेकर भी फैसला हो सकता है। जिला शिमला के नारकंडा का हाटु पीक क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से विकसित होगा। नारकंडा से हाटु पीक के लिए सरकार रोप-वे बनाएगी। रोप-वे एंड रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम डेवलपमेंट कारपोरेशन ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इस बैठक में शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह और परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर बैठक में शामिल नहीं होंगे। आखिरी ऑफ लाइन बैठक आज की यह बैठक मंत्रिमंडल की अंतिम ऑफलाइन बैठक होगी। इसके बाद आगामी सभी बैठकें ई-कैबिनेट सॉफ्टवेयर की मदद से आयोजित की जाएंगी। इसमें बैठक का एजेंडा ऑनलाइन ही मंत्रियों के पास पहुंचेगा। बुधवार को सचिव स्तर के अधिकारियों को इस सॉफ्टवेयर की आखिरी ट्रेनिंग दी जाएगी।
रोहड़ू। हाटकोटी में सेल्फी खिंचने के चक्कर में एक बच्चे की पब्बर नदी में डुबने से मौत हुई है। युवक अपने माता पिता के साथ हाटकोटी मंदिर में दर्शनों के लिए आया था। युवक के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार को कोटखाई के कलबोग से चंद्रमोहन अपनी पत्नी व बच्चों के साथ हाटकोटी मंदिर में दर्शनों के लिए आए थे। रविवार दोपहर के समय मंदिर में दर्शन करने के बाद वह पब्बर नदी पर डेम साईट पर पब्बर नदी के किनारे चले गए। इस दौरान परिवार के लोग वहां फोटो खिंचने लगे। 13 वर्षीय अर्नब पब्बर नदी के काफी करीब जाकर सेल्फी लेने लगा। इसी बीच अर्नब का पैर फिसल गया तथा वह पब्बर नदी में बह गया। बेटे के नदी में गिरने के बाद माता पिता ने मदद के लिए चिल्लाने लगे। कुछ स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद पु्लिस की टीम भी मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों के सहयोग से पब्बर नदी में युवक की तलाश शुरू की गई। हाटकोटी से एक किलोमीटर आगे सावड़ा पुल के समीप युवक को नदी से बाहर निकाला गया। लेकिन तब तक युवक की मौत हो चुकी थी। डीएसपी रोहड़ू सुनील नेगी ने हादसे की पुष्टि की है। उन्होने बताया कि युवक अपने माता के पिता के साथ हाटकोटी मंदिर आया था। पब्बर नदी के किनारे सेल्फी लेते हुए हादसा हुआ है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
होटल इंडस्ट्री ने छह महीने बंद रहने के बाद सबसे पहले अपने होटल खोलने का कदम उठाया था परंतु होटलों में बहुत कम ऑक्यूपेंसी के चलते होटलों को संचालित रख पाना बहुत मुश्किल हो गया है। आम दिनों में होटलों की ऑक्यूपेंसी 10% तथा वीक एन्ड में 15 % से 20% के करीब आ रही है। इसका सबसे बड़ा कारण बहुत बड़ी संख्या में गैर पंजीकृत विलाज, अपार्टमेंट, फ्लैट्स को ऑनलाइन ट्रेवल कंपनियों द्वारा अपने पोर्टल्स के माद्यम से कमरे उपलब्ध करवाना है। इतना ही नहीं शिमला के आस पास बड़ी संख्या में B& B तथा होम स्टेज द्वारा पंजीकृत कमरों से अधिक कमरों का संचालन किया जा रहा है । इन गैर पंजीकृत एकमोडेशन को ऑनलाइन ट्रेवल कंपनियों के अलावा टाउट्स के माध्यम से चलाया जा रहा है। इस प्रकार की एकमोडेशन में 500 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक कमरे उपलब्ध करवाए जा रहे है। इसका सीधा असर बजट क्लास होटलों की ऑक्यूपेंसी पर पड़ रहा है। सरकार द्वारा केवल लॉक डाउन के दौरान 6 महीने के लिए बिजली पर लगने वाले डिमांड चार्जेज के अलावा कोई और वित्तीय सहायता होटल इंडस्ट्री को नहीं दी गई है। सरकार ने होटलों को बैंकों द्वारा वर्किंग कैपिटल लिमिट देने की घोषणा की थी परंतु पेचीदा शर्तों के चलते किसी भी होटल वाले को इसका लाभ नहीं मिला है। बैंक सरकार द्वारा घोषित स्कीम के अंतर्गत लोन देने को तैयार नही है। इसके अलावा होटल वालों को प्रॉपर्टी टैक्स में रिबेट तथा लॉक डाउन अवधि के गार्बेज फी माफी का इंतजार है। विभागों द्वारा पानी, बिजली, प्रोपर्टी टैक्स तथा गार्बेज फी के बिल जारी किए जा रहे है परन्तु बिज़नेस न होने के कारण होटल वाले बुगतान करने में असमर्थ है। हम सरकार से आग्रह करते है कि सरकार को जल्द पर्यटन उद्योग के लिए एक राहत पैकेज देना चाहिए जिसके अन्तर्गत कम से कम एक वर्ष तक बिजली, पानी, गार्बेज फी तथा प्रॉपर्टी टैक्स को घरेलू दरों पर मुहैय्या करवाने के अलावा बिजली पर लगने वाले फिक्स्ड डिमांड चार्ज खत्म होने का प्रावधान होना चाहिए। इसके साथ ही सभी होटलों को बिना किसी शर्त तथा कॉलेट्रॉल सिक्योरिटी के राज्य के बैंकों से वर्किंग कैपिटल लिमिट्स उपलब्ध करने का प्रावधान होना चाहिए ताकि होटल इंडस्ट्री को पूर्रणतय डूबने से बचाया जा सके। टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक हिल्डर्स असोसिएशन के ट्रेवल चैप्टर के वरिष्ट उप प्रधान अनिल भारद्वाज ने बताया कि ट्रेवल एजेंसी का भी बिज़नेस पूरी तरह से ठप पड़ा है क्यूँकि जब तक वॉल्वो बसों, एयर सर्विस तथा गुजरात, महाराष्ट्र, बंगाल तथा दिल्ली से रेल गाड़ियों का संचालन दुबारा से शुरू नहीं किया जाता ट्रेवल एजेंट्स द्वारा बिज़नेस की कोई उमीद नही की जा सकती। इसके अलावा ऑनलाइन ट्रेवल कम्पनीज के कारण ट्रावेल एजेंट्स को होटलों की बुकिंग भी नही मिल पाती। हम सरकार से आग्रह करतें है कि जल्द ही वॉल्वो बस सर्विस को दोबारा शुरू किया जाए तथा रेलवे से आग्रह कर जल्द सभी रूटों पर पहले की तरह कालका तथा चंडीगड़ तक रेल सेवा बहाल की जाए ताकि ट्रेवल एवं टूरिज्म इंडस्ट्री को बचाया जा सके। इंडस्ट्री को अभी बहुत लंबा 6 महीने का वक्त कम आमदन से गुजारना है क्योंकि आने वाले मई जून से पहले पर्यटन उधोग की पटरी पर लौटने की उमीद कम है। यदि समय रहते सरकार द्वारा कोई वितय सहायता न कि गई तो होटल इंडस्ट्री द्वारा स्टाफ की छटनी करने के अलावा और कोई विकल्प नही बचेगा। -मोहिंद्र सेठ -प्रेजिडेंट -टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर्स असोसिएशन।
हिमाचल कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में 10 नवंबर को होगी। कैबिनेट की बैठक में लोक निर्माण विभाग में सड़क निर्माण को मंजूरी, नारकंडा, हाटू रोपवे निर्माण, परिवहन निगम कर्मचारियों को लंबित वित्तीय लाभ जारी करने के मामलों पर चर्चा हो सकती है। बता दें कि मुख्यमंत्री दिल्ली दौरे से लौटने के बाद इस बैठक को ले रहे हैं।
शिमला। शिमला के ढली थाना के तहत पिकअप गाड़ी हादसे का शिकार हो गई है। जानकारी के अनुसार पिकअप में 4 लोग सवार थे जिनमें तीन की मौत हो गई है। सुबह 3 बजकर 45 मिनट पर हुए इस हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है जिसका अस्पताल में ईलाज चल रहा है। पिकअप नंबर (HP-62A-0605) ब्लगघाटी के पास खाई में गिर गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की जांच शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज शिमला से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अटल आयुर्विज्ञान और अनुसंधान विश्वविद्यालय, नेरचैक मण्डी की वेबसाइट का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय स्वास्थ्य विज्ञान अधिनियम 2017 के तहत 23 जून, 2018 में की गई और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में वर्ष 2019 में इसका नाम अटल आयुर्विज्ञान और अनुसंधान विश्वविद्यालय रखा गया। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना का मुख्य उद्देश्य गुणात्मक स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय के माध्यम से राज्य में उत्कृष्ठ स्वास्थ्य पेशेवर तैयार करने, स्वास्थ्य शिक्षाविद्दों के लिए एकल मंच प्रदान करने और स्वास्थ्य शिक्षा की प्रणाली में शिक्षण व मूल्यांकन प्रक्रिया में सुधार करने में भी मदद मिलेगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य चिकित्सा विज्ञान के सभी संकायों जैसे दवाइयों की आधुनिक प्रणाली, होमियोपैथी और विभिन्न पैरा मेडिकल तथा पैरा डैंटल विषयों जैसे नर्सिंग, चिकित्सा प्रयोगशाला तकनीक, फार्मेसी, फिजियोथेरेपी और स्पीच थेरेपी की शिक्षा के स्तर को बेहतर कर समानता लाना है। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय का लक्ष्य स्वास्थ्य शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाकर सभी स्तरों पर शैक्षणिक उत्कृष्टता को हासिल करना और आधुनिक बनाकर सुधार करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी वर्ष से इस विश्वविद्यालय के परिसर में नीट की काउंसलिंग आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान कार्य में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय राज्य के चिकित्सा महाविद्यालय में बेहतर समन्वय स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश देश के सर्वश्रेष्ठ राज्यों में से एक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकारी क्षेत्र में छः चिकित्सा महाविद्यालय और निजी क्षेत्र में एक चिकित्सा महाविद्यालय कार्यरत है जो स्वास्थ्य संस्थानों को उत्कृष्ठ पेशेवर प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला बिलासपुर में जल्द एम्स बनकर तैयार हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार इस चिकित्सा विश्वविद्यालय को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंनें कहा कि इस विश्वविद्यालय के विस्तार के लिए चयनित 102 बीघा भूमि जल्द ही हस्तांतरित कर दी जाएगी ताकि विश्वविद्यालय का कार्य सुचारू रूप से चल सके। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने इस विश्वविद्यालय के लिए 3.5 करोड़ रुपये की अनुदान राशि प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। बल्ह के विधायक इंद्र सिंह गांधी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि यह बल्ह विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए गर्व का विषय है कि यह चिकित्सा विश्वविद्यालय इस क्षेत्र में स्थापित किया गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. सुरेन्द्र कश्यप ने कहा कि इस वेबसाइट के माध्यम से मात्र एक बटन के दबाने से आवश्यक सूचना और जानकारी प्राप्त होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री का इस विश्वविद्यालय को सुदृढ़ बनाने में रूचि दिखाने के लिए धन्यवाद किया।
नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सौरभ वैद, महासचिव भरत शर्मा, कोषाध्यक्ष शशि पाल शर्मा, महिला विंग अध्यक्ष सुनेश शर्मा तथा संविधान पर्यवेक्षक श्यामलाल गौतम ने सामूहिक बयान में कहा कि नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ पुरानी पेंशन बहाली के लिए भविष्य में आंदोलन को और तेज करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर को संकल्प दिवस और 24 अक्टूबर को हर जिला मुख्यालय में सांकेतिक धरने के पश्चात 12 नवंबर को हिमाचल प्रदेश के 2 लाख कर्मचारी 20 हजार से अधिक कार्यालय में गेट मीटिंग करने जा रहे है। गेट मीटिंग में नई तथा पुरानी पेंशन में आने वाले सभी कर्मचारी, अधिकारी तथा अध्यापक वर्ग हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि 12 नवंबर हिमाचल प्रदेश में ऐतिहासिक दिन होगा क्योंकि इतने स्थानों पर एक साथ अभी तक किसी भी संगठन द्वारा इस तरह की बैठकर एक दिन में नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ द्वारा किए जा रहे संघर्ष को हर कर्मचारी तक पहुंचाना और हर कर्मचारी को इस मुहिम में जोड़ना तथा सरकार को वास्तविक परिस्थितियों से अवगत करवाना है कि कर्मचारियों में नई पेंशन के प्रति कितना रोष है। उन्होंने कहा कि 24 नवंबर को संगठन के आवाहन पर सभी कर्मचारी, अधिकारी एवं अध्यापक पेन डाउन स्ट्राइक पर जा रहे हैं जिसका सीधा असर सरकारी कामकाज में भी देखने को मिलेगा।
हिमाचल की राजनीति में जल्द ही कुछ नए फेर बदल होने की सुगबुगाहट तेज़ हो रही है। ज्वालामुखी प्रकरण के बाद संगठन में उठे बवाल के बीच मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को हाईकमान ने दिल्ली तलब किया है। मुख्यमंत्री शनिवार को दिल्ली रवाना होंगे। यहाँ केंद्रीय नेतृत्व के नेताओं के साथ मुख्यमंत्री बैठक करेंगे। आशंका जताई जा रही है कि इस बैठक के बाद मंत्रिमंडल में कई मंत्रियों के विभाग बदल सकते हैं, तो साथ ही कइयों की कुर्सी भी खतरे में पड़ सकती है। बता दें कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप ने हाईकमान से चर्चा के बाद ज्वालामुखी मंडल को भंग किया था, जिसके बाद धवाला मुख्यमंत्री से मिले थे। वहीं हिमाचल मंत्रिमंडल के कुछ मंत्रियों की परफारमेंस से हाईकमान अभी भी संतुष्ट नहीं कर पाई है। इन्ही चुनिंदा मंत्रियों के विभाग बदलने की चर्चा की जा रही है। हाल ही में भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे एक मंत्री कि कुर्सी पर भी खतरा मंडरा सकता है। मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा तय होते ही भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप और तीन महासचिव त्रिलोक कपूर, त्रिलोक जम्वाल और राकेश जम्वाल उनसे मिलने उनके आवास पर ओकओवर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर चर्चा की।
रिपब्लिक ऑफ़ कोरिया के राजदूत शिन बोंग-किल ने आज राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से भेंट की और भारत कोरियन द्विपक्षीय रिश्तों को सुदृढ़ करने संबंधित मुद्दों पर बातचीत की। राज्यपाल ने राजदूत को राज्य के समृद्ध और विविध इतिहास से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश प्रत्येक क्षेत्र में जैसे मानव संसाधन विकास, पर्यटन, कृषि और औद्योगिक क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल एक पर्यटन राज्य है और यहां लाखों पर्यटक प्रतिवर्ष आते हैं। कोरिया और हिमाचल पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोरिया और हिमाचल दोनों की संस्कृति समृद्ध है और दोनों इस दिशा में मिलकर काम कर सकते हैं। राज्यपाल ने कहा कि हम सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों के माध्यम से अपने रिश्ते मजबूत बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश और रिपब्लिक आॅफ कोरिया पर्यटन विकास, औद्योगिक निवेश, कृषि और पर्यावरण, तकनीक, कौशल विकास विशेष कर सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में सहयोग स्थापित कर सकते हैं। राजदूत ने इस बैठक के लिए राज्यपाल द्वारा समय प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रिपब्लिक आॅफ कोरिया और भारत दोनों मिलकर क्षेत्रीय सम्पर्क को फिर से विकसित करने और और लोगों से संपर्क स्थापित करने के लिए कार्य कर सकते हैं। राजदूत के साथ मिनिस्टर काॅउंसलर चैंग हो सेयूंग और सेकेंड सेक्रेटी कांग योन सो ने भी राज्यपाल से भेंट की। इसके पश्चात, राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर ने राजदूत को एतिहासिक राजभवन के बारे में जानकारी दी।
हिमाचल प्रदेश आम आदमी पार्टी ने प्रदेश सरकार परेक बड़ा आरोप लगाया है। AAP ने कहा है की प्रदेश सरकार के बिजली बोर्ड ने प्रदेश की जनता पर घरेलू, व्यावसायिक एवम् ओद्योगिक कनेक्शनों पर चार गुना एडवांस कंज्यूमर डिपॉजिट्स बढ़ाकर जनता के साथ फिर बेइंसाफी का बिगुल बजा दिया है। इसके जरिए बिजली बोर्ड जनता की आड़ में शिकार करके अपने अनसुलझे घाटों की पूर्ति करना चाहता है। मगर ये सारा माजरा प्रदेश सरकार की शय पर हो रहा है। इससे ये तो साफ हो गया है कि सरकार को जनता जनार्दन की कतई भी फिक्र नहीं है क्योंकि जनता पहले से ही उनसे जुड़ी हुई उन तमाम जरूरी वस्तुओं की आसमान छूती मेहंगाई के केहर से पहले ही त्रस्त है। उपर से बिजली बोर्ड ने एक गुणा भी नहीं सीधे चार गुणा नए बिजली कनेक्शनों के चार्जेज बढ़ा दिए। इसके इलावा सरकार ने प्रदेश के उपभोक्ताओं को घरेलू उपयोग में आने वाली बिजली उन्हें पहले ही मंहगी दरो पर मुहैया करवाई जा रही है। यहां तक कि करोना काल में भी जनता को राहत देने के बजाए बिजली की दरों में ओर इजाफा किया गया। अत: सरकार जान बुझ कर ये कैसा अन्याय कर रही है अपनी ही जनता के साथ। जब की हमारे प्रदेश में जल संसाधनों के दोहन की अपार संभावना होने के बावजूद प्रदेश दूसरे राज्य जैसे दिल्ली को बिजली बेच कर दिल्ली सरकार दिल्ली की ही जनता को महीने में 200 Units बिजली मुफ्त मुहया करती है लेकिन हिमाचल के लोगों को यहां पर बिजली दोहन की एवज में रॉयल्टी तो क्या सस्ती बिजली का भी लाभ नहीं मिल रहा है। उसके बावजूद कोरोना संकट के बीच हिमाचल में नया बिजली कनेक्शन लगाना तीन से चार गुना महंगा हो गया है। हिमाचल प्रदेश आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता एस०एस०जोगटा ने सरकार पर उपरोक्त आरोपों की बौछार करते हुए सरकार मांग की है कि समय रहते इस मुहिम को यहीं समाप्त किया जाए।
प्रदेश की राजधानी शिमला से सटे ठियोग क्षेत्र में एक एएसआई को एक चालक द्वारा कार से कुचलने के प्रयास करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है की ट्रैफिक चेकिंग के दौरान जब एएसआई ने एक कार को रोकने की कोशिश की तो कार सवार ने उस अधिकारी पर ही गाढ़ी चढाने की कोशिश की और वहां से फरार हो गया। पुलिस ने चालक के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कार लिया है और जांच में जुट गई है। मामला बुधवार शाम का है। जब फागू पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई ब्रज लाल व अन्य पुलिस कर्मी चैकिंग कर रहे थे। इस दौरान एक कार एचपी 35-9200 के चालक को एएसआई बृजलाल ने रोकने का इशारा किया। आरोप है कि कार चालक रुकने की बजाय उसने कार की स्पीड बढ़ा दी और एएसआई को टक्कर मारने की कोशिश की। एएसआई ने किसी तरह अपनी जान बचाई। एएसआई बृजलाल की शिकायत पर ठियोग पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 में केस दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश की जा रही है।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने बताया कि कीमतों को नियंत्रण में रखने तथा विक्रेताओं द्वारा मनमाने दाम वसूलने पर नियंत्रण रखने के लिए जिला में औचक निरीक्षण नियमित रूप से जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना ना करना पड़े इसलिए खाद्य आपूर्ति जिला नियंत्रक के माध्यम से यह निरीक्षण व निगरानी कार्य किया जा रहा है। उन्हें बताया कि आज शिमला नगर के संजौली व ढली में निरीक्षण कार्य किया गया। अतिरिक्त उपायुक्त अपूर्व देवगन की अगुवाई में कुल 20 दुकानों पर औचक छापामारी की गई जिसमें संजौली क्षेत्र में 15 तथा ढली में 4 दुकानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान 11 दुकानों पर संजौली में तथा चार दुकानों पर ढली में मूल्य सूची ना लगाने अथवा निर्धारित मात्रा से अधिक लाभ ले रहे विक्रेताओं पर कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि इस दौरान 15 फल एवं सब्जी विक्रेताओं से 229 किलोग्राम सब्जियां व 179 किलोग्राम फल तथा 35 किलोग्राम प्याज जप्त किए गए। उन्होंने बताया कि गुणवत्ता जांच के तहत ढली पेट्रोल पंप की भी जांच की गई। उन्होंने दुकानदारों एवं विक्रेताओं को अनावश्यक रूप में फल एवं सब्जियों के भंडारण ना करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई विक्रेता अथवा दुकानदार अधिक लाभांश लेता पाया गया तो उसके प्रति नियमानुसार कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने दुकानदारों से मूल्य सूची प्रतिदिन के आधार पर अपनी दुकान के उचित स्थान पर लगाने के निर्देश दिए, जिसे ग्राहक आसानी से देख सके। उन्होंने कहा कि इस संबंध में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आज संजौली ढली निरीक्षण के दौरान जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक पूर्णचंद, खाद्य अधिकारी श्रवण, निरीक्षक सुनील मेहता भी साथ थे।
वर्तमान समय में कोरोना काल के मध्य जहां एक ओर महाविद्यालय प्रारंभ हो चुके हैं वहीं दूसरी और हम देखते हैं कि छात्रों को आए दिन अधिक किराए के साथ बसों में सफर करना पड़ रहा है। सरकार ने किराया बढ़ोतरी तो कर दी परंतु अभी तक भी महाविद्यालय में किसी प्रकार की बस पास बनाने की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसी को लेकर आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद शिमला जिला का प्रतिनिधिमंडल डीएम शिमला दिलजीत सिंह से मिला। शिमला जिला संयोजक सचिन ने बताया कि महाविद्यालय तो सरकार द्वारा शुरू कर दिए गए हैं लेकिन अभी तक भी पास बनाने की जो प्रक्रिया है वह शुरू नहीं हुई है। उन्होंने कहा की प्रत्येक महाविद्यालय में बस पास बनाने के लिए एक अकाउंट लगाया जाए ताकि कोरोना काल में अधिक भीड़ इकट्ठा न हो। सचिन ने बताया कि डीएम शिमला दिलजीत सिंह ने आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द कल जो मैं बस पास काउंटर खोल दिए जाएंगे और जिसे छात्रों को सुविधाएं मुहैया करवाई जाएगी।
तैयोहारी सीजन में जहाँ शहर की बसें भरी हुई और ओवर लोड चलती थी वहीं अब कोरोना संकट के कारण लोग बसों सफर करने से भी डर रहे है। इस बात का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि बुधवार को महिलओं के सबसे बड़े पर्व करवाचौथ पर शहर की बसों में भीड़ देखने को नहीं मिली औऱ बसों में गिने चुने लोग ही सफर करते नजर आए। वहीं लोग रूट की बसों में भी लोग सफर करने से कतरा रहे है कोरोना से बचने के लिए निजी गाडियो का ही प्रयोग कर रहे है। दिल्ली से शिमला आने वाली बस भी रही खाली प्रदेश सरकार ने बीते मंगलवार से दिल्ली के लिए 21 रूट पर बस सेवा शुरू कर दी है। लेकिन कोरोना काल के बाद दिल्ली से शिमला आने वाली पहली बस भी खाली आई जबकि त्योहारी सीजन में अधिकतर लोग अपने घर जाते है। इससे पहले प्रतिवर्ष लोगों की भीड़ अधिकतर रूट की बसों में रहती थी लेकिन अब कोरोना का डर लोगों मे इस तरह फैल चुका है कि एचआरटीसी द्वारा कोरोना नियमों के पालन के बाद भी लोग बस में सफर करने से बच रहे है। इस संबंध में एचआरटीसी शिमला के डिविजनल मैनेजर दलजीत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि त्योहारों के समय में भी लोग बस में सफर नहीं कर रहे हैं। लोगो में कोरोना का ख़ौफ़ है और लोग निजी गाड़ियों में ही सफर करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। उनका कहना था कि आज दिल्ली से पहली बस जो आई है वह भी खाली ही रही जबकि इससे पहले त्यौहारों के समय में अतिरिक्त बसे लगानी पड़ती थीं। उनका कहना था कि विभाग, सरकार द्वारा बनाए गए नियमों का पालन कर रहें है और स्टाफ को सेनेटाइज करने मास्क पहनने के निर्देश दिए गए है।
लम्बे समय के बाद केजरीवाल सरकार ने आख़िरकार अंतर्राज्यीय बसों की आवाजाही पर मंज़ूरी दे ही दी। तो इसी के साथ हिमाचल से भी दिल्ली के लिए बस सेवा शुरू हो गई। बसों के लिए कुल 21 रूट बहाल किए गए हैं। इन में से आज 13 रूटों पर बसे भेजी जाएंगी, जबकि 8 रात्रि रूटों पर बसे भेजी गईं। बता दें पिछले साढ़े सात महीने से दिल्ली के लिए परिवहन सेवाएं बंद थीं। हिमाचल सरकार के साथ लम्बे समय की बात चीत के बाद, मंगलवार को हुई सहमति के बाद 21 रूटों पर बस सेवाएं फिर शुरू कर दी गई है। अब दिल्ली से भी प्रदेश में बसे आना शुरू हो जाएंगी। इन रूटों पर चलेगी बसें रोहड़ू-दिल्ली रामपुर-दिल्ली रिकांगपिओ-दिल्ली जोगिन्दरनगर-दिल्ली शिमला-दिल्ली धर्मशाला-दिल्ली चम्बा-दिल्ली मनाली-दिल्ली सरकाघाट-दिल्ली धानीपुखर-मरौटन-दिल्ली हमीरपुर-अवाहदेवी-दिल्ली नाहन-दिल्ली केलांग-दिल्ली
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने महिलाओं को करवाचौथ की पूर्व संध्या पर बधाई दी है। राज्यपाल ने अपने बधाई संदेश में कहा कि करवाचौथ का त्यौहार वैवाहिक जीवन के सुदृढ़ एवं पवित्र बंधन का द्योतक है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि करवाचौथ महिलाओं का एक पवित्र एवं विशिष्ट त्यौहार है जिसके माध्यम से वे अपने पति की दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना करती हैं।
ठियोग के साथ लगने वाली ग्राम पंचायत चिखड़ के दनीवल गाँव के खरपुटला परिवार की लड़की डॉ० रुची शर्मा ने रोहड़ू में स्मृती के तौर पर देवदार के वृक्ष लगाया है। इस कार्य मे उनका साथ उनके पती डा० प्रतीक शर्मा ने दिया। इस वृक्ष को लगाने का कारण ये है कि डॉ रुची शर्मा का विवाह रोहड़ू के डा० प्रतीक शर्मा से हुआ है और प्रतीक रोहड़ू की ग्राम पंचायत खंगटेडी के कोटि गाँव के रहने वाले है और इस गाँव के कोटिया परिवार से है। इस परिवार ने कुछ साल पहले ये रीत शुरू की है कि जब भी कोई परिवार का व्यक्ति विवाह के बंधन में बंधता है या परिवार में किसी की मृत्यु हो जाती है तो एक वृक्ष लगाया जाएगा जिसकी देख रेख भी ये परिवार ही करता है। पिता वेद प्रकाश शर्मा के दिशा निर्देश से उनके पुत्र और वधु ने देवदार के वृक्ष लगाया और इस वृक्ष की देख रेख का संकल्प भी लिया। परिवार ने जानकारी दी है कि अब तक वह 45 पौधे लगा चुका है और खास बात ये है कि इन पौधों से इस परिवार का पारिवारिक जुड़ाव है। अपने परिवार के सदस्य की तरह ही ये लोग इन वृक्षों का ध्यान रखते है। डा० रुचि ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए ये कहा है कि उनके लिए ये एक नया अनुभव है। ऐसे रिवाज हर जगह होने चाहिए और लोगो को ऐसे रिवाज अपनाने चाहिए। इससे पर्यावरण भी स्वच्छ होगा और दूसरा यदि आप शहर में रहते हो तो समय समय पर आप गाँव भी आते रहेंगे क्योकि आपका एक बच्चा गाँव मे है जो कि ये वृक्ष है और उसका आपको ध्यान रखना है। वरना लोग गाँव को छोड़ शहर की तरफ रुख कर रहे है और ये कोई अच्छी बात नही है। रुची ने इस वृक्ष की सारी उम्र देखभाल करने का संकल्प लिया है।
रोहड़ू। संजीवनी सहारा समिति रोहड़ू ने चिढगांव तहसील के बरशील गांव में अग्नि पीड़ित परिवार को दस हजार रूपयें मदद की। समिति के प्रधान गोपाल चौहान नें बताया कि स्थानीय निवासी चन्द्रवीर का मकान कुछ दिनों पहले आग की चपेट में आ गया था। समिति इस हादसे पर गहरा दुख प्रकट किया है। उन्होंने बताया कि समिति दुख की घडी में निरंतर अपने क्षेत्रवासियों की मदद के लिए तत्पर है। समिति ने लोगों से ऐसी घटनाओं के प्रति जागरूक रहने की भी अपील की है ताकि समय रहते आगजनी की घटनाओं से बचा जा सके। इस मौके पर प्रधान गोपाल चौहान, उपप्रधान प्रेम ठाकुर, मुख्य सलाहकार राजेंद्र नेगी, रवि किम्लाटा, हरनाम सिंह विपिन नेगी, राजू सिंह एवं रूप लाल व अन्य उपस्थित थे।
रोहड़ू। विधृत उपमंड़ल चिढगांव के तहत रोहल पंचायत अंतर्गत तीन गांवों में पिछले पांच दिनों मे अंधेरा छाया हुआ है। स्थानीय लोगों की माने तो पांच दिन पहले विभाग के मंजवाडी गांव स्थित ट्रांस्फार्मर में खराबी आने से तीन गांव मंजवाडी, गईचवाडी व जतवानी के 100 घरों में अधेरा छाया हुआ हैं। हेरत इस बात की है कि इतने दिन बिजली आपूर्ति बाधित होने के बावजूद विभाग की ओर से कोई भी कर्मचारी इस समस्या की सूध नही ले रहा हैं। ग्रामिणों मनोज मेहता, बुधि सिंह, जनेश्वर मेहता, सुरेश जिन्टा, प्रशान्त कुमार, जोगेंद्र मेहता, दिनेश नेगी, विकास नेगी, तुषार विष्ट, वरूण कुमार विनित कुमार, हरिश, अमन, नरेश, मुनीष, लकेश, फूलवंत, किशोर, विपन लाल, दर्जनों लोगों का कहना है कि गांव मे बिजली न होने से उन्हे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने जल्द ट्रास्फार्मर मे आई दिक्कत को दुर करके बिजली बहाली की मांग की है। इस बारे में सहायक अभियंता विधृत उपमंडल चिढगांव श्याम लाल ने बताया कि यहा ट्रांस्फार्मर जल गया है। यहां पर विभाग की ओर से जल्द नया ट्रांस्फार्र स्थापित किया जाएगा जिसके बाद लोगों को विधृत आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल की जाएगी।
कोरोना संकट के बिच आज से देशभर में अनलॉक 6.0 की शुरुआत हो गई है। इस ही के साथ कई राज्यों में स्कूल व कॉलेज भी खोल दिए गए हैं। आज हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश और असम में स्कूल खुल गए। इन राज्यों के स्कूलों के अलावा देश भर में मौजूद केंद्रीय विद्यालय व नवोदय विद्यालय भी 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए खोल दिए गए हैं। बता दें हिमाचल में आज 9वीं से 12वीं के छात्रों के लिए स्कूल खोल दिए गए। हालाँकि कई जिलों के स्कूलों में बच्चे काफी काम मात्रा में दिखे। वहीँ बिना अभिभावकों की लिखित इजाजत के बच्चों को स्कूलों में नहीं जाने दिया गया। साथ ही स्कूलों में बच्चों के आने को लेकर भी काफी तैयारियां दिखीं। स्कूलों के गेट पर सैनिटाइज़र, थर्मल स्क्रीनिंग और सोशल डिस्टन्सिंग का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। स्कूलों में मास्क लगाना भी अनिवार्य किया गया है।
रामपुर बुशहर। हिमाचल प्रदेश के रामपुर बुशहर में हर साल अंतराष्ट्रीय लवी मेले का आयोजन किया जाता है। इसस पहले लाहोल स्पीति की पीन वैली के घोड़ो की प्रदर्शनी लगाई जाती है। यह प्रदर्शनी हर साल 4 नवम्बर से 6 नवम्बर तक चलती है लेकिन इस बार यह प्रदर्शनी नहीं लगेगी। बता दें कि पीन वैली से प्रदर्शनी के लिए लाए गए घोड़ों को प्रदर्शनी में कई ग्राहक इन्हें खरीदारी करने के लिए दुर-दुर से आते हैं लेकिन इस बार ग्राहकों के लिए यह पीन वैली के चामुर्ति घोड़े लेना चुनौती बनी हुई है। जानकारी देते हुए स्पीति के एक चामुर्ति घोड़ा पालक ने बताया कि उन्हें उतराखंड से ग्राहकों द्वारा फोन किया जा रहा है कि उन्हें घोड़ों की आवश्यकता है लकिन रामपुर में अश्वा प्रदर्शनी न होने के कारण वह इन घोड़ों को किस तरह से लेंगे जहां ग्राहकों के लिए यह चामुर्ति घोड़े लेना चुनौती बना हुआ है। वहीं कोरोना काल में चामुर्ति घोड़ा पालकों की आर्थिकी पर भी ग्रहण लग गया है। स्पीति के पीन वैली के रहने वाले चामुर्ति पालकों ने बताया कि वह साल भर इनकी अच्छी देख भाल करते हैं और उसके बाद रामपुर प्रदर्शनी के लिए लाते है। इससे इनकी अच्छी आमदानी हो जाती है जिससे वह अपने साल भर का घर का खर्च चलाते है। लेकिन कोरोना के चलते इस बार उनके व्यापार पर ग्रहण लग गया है। बता दें कि चामुर्ति घोड़ा अपने आप में एक अलग पहचान रखता है। प्रदेश के लाहौल- स्पीति की पिन वैली तथा जिला किनौर के हंगरंग तहसील में चमुर्थी नस्ल के घोड़े पाए जाते हैं जो कि घोड़ों की एक मान्यता प्राप्त नस्ल है इस प्रजाति के घोड़े दूर-दराज़ तथा कठिन क्षेत्रों में सामान ढोने व अन्य कार्य के लिए उपयोग में लाए जाते है। लाहोल स्पीति जिले के लरी नमक स्थान पर विभाग द्वारा भी एक घोड़ा प्रजनन फार्म स्थापित किया है जहाँ पर चमुर्थी नस्ल के घोडों की प्रजाति को संरक्षित रखा जा सके। इस के अतिरिक्त विभाग रामपुर बुशहर में लवी मेले के दौरान एक अश्व प्रदर्शनी का आयोजन करता है । वहीं उतराखंड में चामुर्ति घोड़ों पर कई श्रद्धालु केदार नाथ व बदरी नाथ के दर्शन करने के लिए भी पहुँचते bहै। यह घोड़े हिमाचल के पिन वैली से ही यहां पर ले जाए जाते है। वहीं पशुपालन विभाग रामपुर ज्युरी के वरिष्ठ डाक्टर राकेश ठाकुर ने बताया कि इस बार रामपुर के पाटबंगला में अश्व प्रदर्शनी नहीं लगाई जाएगी। कोरोना के कारण इस बार अश्व प्रदर्शनी को स्थगीत कर दिया गया है।
आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा गत दिनों हरियाणा में बहन नितिका के साथ हुए जघन्य अपराध के खिलाफ हरियाणा प्रशासन के खिलाफ विश्वविद्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया गया जिसमें विद्यार्थी परिषद् ने बहन नितिका को इंसाफ दिलाते हुए दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा की मांग की। इसमें इकाई की छात्रा कार्यकर्ता उपासना ठाकुर ने कहा कि देश में आए दिन महिलाओं के साथ बढ़ रही घटनाएं चिंता का कारण है इन पर रोक लगनी चाहिए तथा सरकार को इसके खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाने चाहिए। साथ ही उन्होंने इस घटना को लेकर सियासी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कि यह बेहद दुख की बात है कि जब हाथरस में एक बहन के खिलाफ जघन्य घटना सामने आती है तब तो हमारे देश का एक सियासी दल अपना झंडा उठाए हुए उससे इंसाफ दिलाने पहुंच जाता है। परंतु जब हरियाणा में इस बेटी के साथ अपराध होता है तो यह सियासी दल चुप्पी साधे बैठता है जो कि बेहद ही शर्मनाक है। इस पर और जानकारी देते हुए छात्रा कार्यकर्ता शिखा चौहान द्वारा कहा गया की किसी विशेष राजनीतिक दल से पारिवारिक संबंध होने के कारण इस मामले में न्याय की आवाज ना उठाना दर्शाता है कि आज की राजनीति किस प्रकार की है। जहां हम नारी सशक्तिकरण की बात तो करते हैं परंतु वह बात हम केवल अपने सियासी फायदे को ध्यान में रखते हुए करते हैं। ऐसा ही कुछ हमें इस घटनाक्रम में भी देखने को मिलता है जहां कांग्रेस से संबंध होने के कारण आज पूरी देश भर की कांग्रेस इस घटना पर चुप्पी साधे बैठी है तथा हाथरस में पीड़ित बहन को इंसाफ दिलाने के लिए आवाज उठाने वाले राहुल गांधी की चुप्पी महिला सशक्तिकरण के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाती है जहां केवल अपने सियासी फायदे के लिए ही राजनीतिक दल आवाज उठाते हैं। कुछ बुद्धिजीवी धर्मनिरपेक्षता का चोला और इस घटना पर चुप बैठे हैं। विद्यार्थी परिषद का इसमें साफ मानना है कि यह अपराध देश की बेटी के साथ हुआ है तथा देश की बेटियों की सुरक्षा हमारा परम कर्तव्य है। इसमें हमें धर्म से ऊपर उठकर इस बेटी को इंसाफ दिलाने की मांग करनी चाहिए तथा दोषियों को सजा दिलाने के लिए एकजुट होना चाहिए। विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि बहन निकिता को न्याय दिलाते हुए दोषियों को शीघ्र अति शीघ्र फांसी कि सजा सुनाई जाए।
भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। केशुभाई पटेल दो बार गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि केशुभाई पटेल ने 1960 के दशक में जनसंघ कार्यकर्ता के रूप में शुरूआत की थी। वह जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे। आपातकाल के बाद 1977 में केशुभाई पटेल राजकोट से लोकसभा के लिए चुने गए थे। लोकसभा सदस्य से इस्तीफा देने के बाद वह बाबूभाई पटेल की जनता मोर्चा सरकार में 1978 से 1980 तक कृषि मंत्री रहे। केशुभाई पटेल 1978 और 1995 के बीच कलावाड़, गौंडल और विशावादार से विधान सभा चुनाव जीते। 1980 में जब जनसंघ पार्टी को भंग कर दिया गया तो वे भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ आयोजक बने। उन्होनें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के खिलाफ चुनाव अभियान का आयोजन किया और उनके नेतृत्व में 1995 के विधान सभा चुनाव में भाजपा को जीत मिली थी। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि केशुभाई पटेल के निधन से पार्टी ने एक मजबूत नेतृत्व को खोया है जिसकी निकट भविष्य में भरपाई करना मुश्किल होगा। उन्होनें शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।
जयराम कैबिनेट के एक और मंत्री की कोरोना रिपोर्ट आज पॉजिटिव आई है। शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने अपने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी है की उनकी और उनके निजी सुरक्षा अधिकारी की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उन्होंने बताय की किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से वह भी संक्रमित पाए गए हैं। उन्होंने पिछले कल यानि बुधवार को अपने संपर्क में आए सभी लोगों से खुद को आईसोलेट करने का आग्रह किया है। फ़िलहाल वो अपने घर में ही आईसोलेट हैं। उन्होंने लिखा "गत दिनों किसी कोरोना पोसिटिव व्यक्ति के सम्पर्क में आने के कारण मैंने अपने स्टाफ सहित आज सुबह अपना रेपिड एंटीजन कोरोना टेस्ट करवाया था जिसमें मेरी तथा मेरे निजी सुरक्षा अधिकारी की रिपोर्ट पोसिटिव आई है। मेरा स्वास्थ्य बिल्कुल ठीक है तथा मैं चिकित्सकों के परामर्शानुसार अपने घर में आईसोलेट हुआ हूँ। पिछले कल मेरे सम्पर्क में आए सभी लोगों से मेरा निवेदन है कि वह अपने स्वास्थ्य की जांच कर अपने आप को आईसोलेट कर लें।"
राजधानी शिमला के कैपिटल होटल की एटिक में बुधवार देर रात पर भयंकर आग लगी। आग की सूचना मिलते ही डिविजनल फायर ऑफिसर डीसी शर्मा की अगुवाई में छोटा शिमला, बालुगंज और मालरोड़ से अग्निशमन की पांच गाड़ियां 40 जवानों के साथ मौके पर पहुंची। वहीं आग की लपटें इतनी भयानक थी कि आस पास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लेकिन अग्निशमन विभाग की सूझ-बुझ से आग पर काबू पाया गया। आग से कैपिटल होटल के एटिक के तीन कमरे जल कर राख हो गए। वहीं कैपिटल होटल के साथ लगते बालजी रैजेंसी, सूर्या होटल, लॉड ग्रे होटल सहित अन्य होटल को सुरक्षित बचाया गया। इसके साथ ही यहां मिडिल स्कूल सहित अन्य को सुरक्षित बचा लिया गया हैं। वहीं मौके पर आग लगने की सूचना मिलते ही एसडीएम शहरी मंजीत शर्मा भी मौके पर पहुंचे और आग का जायजा लिया।
शिमला। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आज राज्य मंत्रिमंडल की बैठक राज्य सचिवालय में हुई। जिसमें मंडी, सोलन और पालमपुर को नगर निगमों में अपग्रेड करने का निर्णय लिया गया। इसमें छह नई नगर पंचायतों को बनाने का भी निर्णय लिया जिसमें सोलन जिले के कंडाघाट, ऊना जिले के अंब, कुल्लू जिले के आनी और निरमंड,शिमला जिले के चिरगांव और नेरवा शामिल है। इसने इन अर्बन लोकल बॉडीज (ULBs) के री-ऑर्गनाइजेशन के लिए भी अपनी मंजूरी दी है। इसमें जिला मंडी में नेर चौक और करसोग और कांगड़ा जिले में नगर पंचायत ज्वाली भी शामिल हैं। मंत्रिमंडल ने इन शहरी स्थानीय निकायों के नए शामिल क्षेत्रों में भूमि और भवनों को तीन साल की अवधि के लिए सामान्य कर के भुगतान से छूट देने और वजीब-उल-उरज़ में प्रदान किए गए प्रथा गत अधिकारों को बनाए रखने का निर्णय भी लिया है। इसमें यह भी निर्णय लिया गया है कि राज्य में ULB (नवगठित नगर पंचायतों सहित) और मंडी, सोलन और पालमपुर के नए बनाए गए नगर निगमों का चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग के परामर्श के बाद जनवरी, 2021 में किया जाएगा। नगर निगम धर्मशाला के चुनाव भी जनवरी 2021 में सभी यूएलबी के साथ किए जाएंगे, दोहराए जाने वाले चुनाव और संबंधित व्यय से बचने के लिए। 2022 में शिमला नगर निगम के लिए चुनाव का आयोजन किया जाएगा। मंत्रिमंडल ने इस साल 8 नवंबर से जनमंच कार्यक्रम को बहाल करने का फैसला किया गया, ताकि उनके घरों के पास जनता की शिकायतों का त्वरित निवारण हो सके। इसी के साथ मंत्रिमंडल ने 2 नवंबर, 2020 से राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में 9 वीं से 12 वीं कक्षा तक नियमित कक्षाएं आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा राज्य के कॉलेज गृह मंत्रालय, भारत सरकार के एसओपी / दिशानिर्देशों का पालन करके कक्षाएं फिर से शुरू कर सकेंगे। मंत्रिमंडल ने कांस्टेबलों के 1334 रिक्त पदों को भरने के लिए अपनी मंजूरी दी है। जिसमें 976 पुरुष और 267 महिलाएं शामिल हैं और सीधी भर्ती के माध्यम से 91 ड्राइवर शामिल हैं। मंत्रिमंडल ने 1 अप्रैल, 2020 से शिक्षा विभाग में आउटसोर्स आधार पर लगे आईटी शिक्षकों के मानदेय को 10 प्रतिशत बढ़ाने का निर्णय लिया। इससे 1345 आईटी शिक्षकों को लाभ होगा। इसमें शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए प्राथमिक और उच्च शिक्षा विभागों में विभिन्न श्रेणियों के पहले से ही कार्यरत एसएमसी शिक्षकों की सेवाओं में विस्तार प्रदान करने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है साथ ही अंतिम सत्र के परिणाम के लिए उनके शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए उन्हें पारिश्रमिक भी वितरित किया जा सकता है। कैबिनेट ने अग्रणी फायरमैन के 32 पदों को भरने के लिए अपनी सहमति दी, कांगड़ा जिले के संसारपुर टेरेस में किन्नौर जिले के संसारपुर टेरेस और कुल्लू जिले के पतलीकुहल में ड्राइवर के 12 पद भरे। इसमें नियमित आधार पर राज्य के 22 अधीनस्थ न्यायालयों में प्रतिलिपि के 22 पदों को बनाने और भरने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने अपनी सुचारू कार्यप्रणाली के लिए राज्य खाद्य आयोग में विभिन्न श्रेणियों के 9 पदों को भरने के लिए अपनी अनुमति दी। मंत्रिमंडल में कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखते हुए यूजी दिशानिर्देशों के आधार पर शैक्षणिक सत्र 2019-20 के लिए प्रथम और द्वितीय वर्ष के यूजी पाठ्यक्रमों में नामांकित छात्रों को प्रमोट करने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है। कांगड़ा जिले के सरकारी कॉलेज टाकीपुर का नाम बदलकर अटल बिहारी वाजपेयी गवर्नमेंट कॉलेज, टाकीपुर कर दिया। कैबिनेट ने कांगड़ा जिले में हेल्थ सब सेंटर टोडा को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने और विभिन्न श्रेणियों के तीन पदों को भरने के लिए अपनी मंजूरी दी। इसने इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज, शिमला में सुपर स्पेशियलिटी सर्जिकल ऑन्कोलॉजी सेल में सहायक प्रोफेसर के एक पद को बनाने और भरने के लिए अपनी सहमति भी दी। मंत्रिमंडल ने औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना के लिए मेसर्स कालाअंब इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी को 19-13 बीघा जमीन विशेष प्रयोजन वाहन के रूप में 95 रुपये प्रति वर्ग मीटर के पट्टे पर प्रति वर्ष प्रदान करने का निर्णय लिया। इसने मेसर्स काला अंब डिस्टिलरी एंड ब्रेवरी प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में सोलन जिले के तहसील नालागढ़ के ग्राम भंगला में डिस्टिलरी स्थापित करने के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) की वैधता अवधि में विस्तार के लिए अपनी मंजूरी दे दी।
आज सीएम जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हिमाचल कैबिनेट की बैठक की जाएगी। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। कैबिनेट स्कूल पूरी तरह खोलने और कॉलेज के फर्स्ट और सेकेंड ईयर के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा अगली कक्षाओं में प्रमोट करने को लेकर भी फैसला कर सकता है। इसके अलावा उपभोक्ताओं को घर-द्वार पर सस्ता राशन मुहैया कराने के लिए 50 राशनकार्डों पर भी डिपो खोलने और प्याज की आसमान छूतीं कीमतों पर मंथन किया जाएगा। सरकार ने उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे प्याज के भाव पर नजर रखें। प्रतिदिन प्याज के दाम सरकार को भेजने के लिए कहा गया है। सरकार डिपो में भी आलू और प्याज बेचने पर विचार कर रही है। हालांकि, पूर्व में भी प्याज के दाम बढ़ने से सरकार ने डिपो में प्याज भेजा था, लेकिन सप्ताह बाद दाम गिरने से यह प्याज डिपो में ही खराब हो गया था। दसवीं और बारहवीं की बोर्ड कक्षाओं के लिए नवंबर से नियमित कक्षाएं शुरू हो सकती हैं। शिक्षा विभाग ने दो विकल्पों सहित इस बारे में सरकार को प्रस्ताव भेजा है। पहले विकल्प के तहत दसवीं और बारहवीं, दूसरे विकल्प के तहत नौवीं से बारहवीं तक की कक्षाओं को खोलने की योजना है। पहली से आठवीं तक की कक्षाओं को शुरू करने को लेकर अभी सरकार का कोई विचार नहीं है।
रामपुर के एक गांव में 14 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप है की युवक ने पहले शादी के मकसद से युवती को अगवा किया और फिर करीब दो महीने तक उसे अपने घर में लिव इन रिलेशनशिप में रखा। थोड़े समय बाद आरोपी व उसकी माँ ने लड़की को धमकाना शुरू कर दिया। आरोपी ने 15 अक्टूबर को लड़की को उसके घर में छोड़ दिया। अब पीड़ित ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई है की आरोपी ने बिना उसकी सहमति के उस के साथ दुराचार किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी न्र पीड़िता कोने पीड़िता को शादी का झांसा देकर, 4 अगस्त 2020 को अपने घर अगवा कर ले गया। करीब दो माह बाद आरोपी ने 15 अक्टूबर को पीड़िता को उसके पिता के घर ये कहते हुए छोड़ दिया की वो उस से शादी नहीं करेगा। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और तफ्तीश कर रही है। पीड़िता का मेडिकल करवाया जा रहा है। वहीँ आरोपी को भी गिरफ्तार किया जा रहा है। मामले की पुष्टि डीएसपी रामपुर अभिमन्यु वर्मा ने की है।
शिमला। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के कार्यान्वयन में मंडी जिला को शीर्ष 30 जिलों में पहला स्थान मिलने और सड़क निर्माण में राष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल प्रदेश को दूसरा स्थान हासिल होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए लोक निर्माण विभाग को बधाई दी है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने आज वर्ष 2020 -21 में प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के कार्यान्वयन में देश के 30 शीर्ष जिलों की सूची घोषित की। हिमाचल प्रदेश का मंडी जिला अधिकतम किलोमीटर सड़क बनाने वाले सर्वोत्तम जिलों में पहले स्थान पर रहा है। इसी प्रकार, प्रदेश के चम्बा, शिमला, काँगड़ा, ऊना, सिरमौर, हमीरपुर व सोलन जिलों का प्रदर्शन भी राष्ट्रीय स्तर पर पहले 30 जिलों में रहा है। 20 वर्ष पूर्व पीएमजीएसवाई के शुरू होने के बाद हिमाचल प्रदेश ने इस वर्ष अपै्रल माह से लेकर अभी तक 1104 किलोमीटर सड़कों का निर्माण करते हुए बेहतर प्रदर्शन किया है। जय राम ठाकुर ने आशा व्यक्त की है कि विभाग आने वाले समय में इस कार्य प्रगति को बनाये रखने के लिए भरसक प्रयत्न करेगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी कार्यों को समय से पूर्ण करने में सरकार की ओर से हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारी व कर्मचारी बधाई के पात्र हैं क्योंकि कोविड-19 महामारी और प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश ने यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने निरंतर निगरानी व प्रोत्साहन देने के लिए प्रधान सचिव लोक निर्माण जे.सी. शर्मा के प्रयासों की भी सराहना की। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित की जा रही पीएमजीएसवाई के अंतर्गत प्रदेश में 250 से अधिक जनसंख्या वाली बस्तियों को सड़कों से जोड़ने का लक्ष्य है। पीएमजीएसवाई के अंतर्गत सड़क निर्माण में राष्ट्रीय स्तर पर जम्मू एवं कश्मीर पहले स्थान पर, हिमाचल प्रदेश दूसरे एवं उत्तराखंड तीसरे स्थान पर रहा है। कोविड-19 महामारी के चलते मजदूरों की कमी से सभी सड़क कार्य बुरी तरह प्रभावित हुए। मजदूरों की उपलब्धता सुनिश्चित बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने उचित कदम उठाए और सचिव स्तर पर की गई नियमित निगरानी के कारण निर्माण कार्य फिर आरम्भ हुए जिससे विभाग ने संतोषजनक उपलब्धि हासिल की।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर राष्ट्र की सेवा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों के प्रति आभार व्यक्त करने के अलावा ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सभी पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि देने का अवसर है। जय राम ठाकुर ने पुलिस कर्मियों की सेवाओं की भी सराहना की, जिन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान कीं जो इस महामारी के संक्रमण के फैलने की रोकथाम करने में मील का पत्थर साबित हुई।
शिमला। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने आज राजभवन में शिमला पुलिस द्वारा कोविड-19 के प्रति सामाजिक जागरूकता के लिए तैयार कटआउट का अनावरण किया। पुलिस अधीक्षक मोहित चावला और जिला पुलिस प्रशासन के अन्य सदस्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे। राज्यपाल ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कोविड महामारी के दौरान पुलिस कर्मियों ने अग्रणी योद्धाओं के रूप में कोविड-19 से लड़ने में उत्कृष्ट कार्य किया है। इस दौरान पुलिस कर्मियों के मैत्रीपूर्ण व्यवहार से लोगों की पुलिस के प्रति सोच में भी परिवर्तन हुआ है। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों ने कोविड-19 महामारी के दौरान अपने घर और परिवार से दूर रहकर लोगों की सहायता करने में अह्म भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि जब लोग त्यौहार और उत्सव मना रहे होते हैं, उस समय भी पुलिस कर्मी अपने दायित्व का निर्वहन करने के लिए डयूटी पर तैनात होते है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के विरूद्ध जंग अभी खत्म नहीं हुई है, इसलिए जब तक इसके लिए दवाई नहीं बन जाती, तब तक हमें सर्तक रहने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से मास्क पहनने और साबुन से निरन्तर हाथ धोने को आदत बनाने का आग्रह किया है। उन्होंने लोगों से सार्वजनिक स्थानों में परस्पर दूरी और जिम्मेदार नागरिक के रूप में सभी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कोरोना से जंग जीतने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कोविड-19 के विरूद्ध प्रधानमंत्री द्वारा जन आंदोलन की अपील में सहयोग देने का भी आग्रह किया। दत्तात्रेय ने मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान में तेजी लाने का आग्रह किया और कहा कि पुलिस युवाओं को मादक पदार्थों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। राज्यपाल ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर कर्तव्य निभाने के दौरान शहीद हुए पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
भू-कानूनों पर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एक्सपर्ट कमेटी की बैठक आज यहां जल शक्ति एवं राजस्व मन्त्री महेंद्र सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक के दौरान राजस्व विभाग से सम्बन्धित कानूनों के सरलीकरण के लिए कार्यसूची की मदों पर विस्तृत चर्चा की गई जिसमें तकसीम, निशानदेही, इन्तकाल, दुरूस्ति इन्द्राज से सम्बन्धित न्यायालय मामलों के शीघ्र निपटारे को लेकर कमेटी के सदस्यों ने अपने सुझाव दिए। महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 94902 मामले विभिन्न राजस्व न्यायालयों मे लम्बित पडे़ हैं। इनमें तकसीम के 29313, निशानदेही के 18025, इन्तकाल के 25251, दुरूस्ति इन्द्राज के 2497, अतिक्रमण के 2837 और 16790 अन्य मामले शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कल्याणकारी राज्य की अवधारणा के अनुरूप, प्रदेश सरकार ने भूमिहीन एवं गृहहीन परिवारों को रिहायषी मकान के निर्माण के लिए ग्रामीण क्षेत्रांे में तीन बिस्वा और शहरी क्षेत्रों में दो बिस्वा भूमि देने का प्रावधान किया है। इसके अतिरिक्त, जनजातीय क्षेत्रों में नौतोड़ नियमों के अंतर्गत, नौतोड़ भूमि आबंटन का प्रावधान है, लेकिन इन क्षेत्रों में भी वन संरक्षण अधिनियम के प्रावधान लागू होने के कारण भूमि का आबंटन नहीं हो पा रहा है। समिति ने इस समस्या पर गहन विचार किया तथा इसके निराकरण के लिए सुझाव दिए। सदस्यों का कहना था कि तकसीम, निशानदेही, इन्तकाल, दुरूस्ति इन्द्राज आदि के मामलों में समनों की तामील समय पर नहीं होने का कारण बहुत विलम्ब होता है इसलिए समनों की तामील समयबद्ध और कारगर बनाई जाए। इसके अतिरिक्त, बन्दोबस्त की प्रक्रिया को सरल करने और इसमें आधुनिक उपकरणों की सहायता के इस्तेमाल के सुझाव दिए गए। सदस्यों ने भू-राजस्व के निर्धारण को सरल एवं समयबद्ध बनाने का सुझाव भी दिया। सदस्यों ने विभाग के ध्यान में लाया कि प्रदेश में ऐसे बहुत से मामले लम्बित हैं जिनमें सरकारी भूमि को नौतोड़ के रूप में पात्र व्यक्तियों को आबंटित किया गया है, लेकिन इसके पट्टे जारी नहीं हुए हैं या इंतकाल लम्बित है। इस कारण अभी तक मालिकाना हक नहीं मिले हैं तथा उन्हे अनेकों परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश मुजारियत एवं भू-सुधार अधिनियम, 1972 की धारा 45, 104 व 118 पर विचार करने के उपरान्त इन्हें व्यावहारिक बनाने के लिए आवश्यक संशोधन का सुझाव दिया। बैठक में धारा-118 के प्रावधानों को इसके मूल उद्देश्यों की पूर्ति के लिए इसमें मौजूद कमियों को दूर करने पर विचार किया गया साथ ही इसे प्रदेश के विकास एवं रोजगार सृजन के दृष्टिगत सरल एवं पारदर्शी बनाने पर चर्चा की गई। बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के बाद राजस्व मन्त्री ने विधायक राम लाल ठाकुर, जगत सिंह नेगी, राकेश सिंघा, नरेन्द्र ठाकुर, बलवीर सिंह और बिक्रम जरयाल की अध्यक्षता में उप-समितियों का गठन किया। उप-समितियां आज की बैठक में हुई चर्चा और प्राप्त सुझावों के साथ सभी मामलों में अपनी सिफारिशें 30 नवम्बर, 2020 से पहले प्रस्तुत करेंगी, जिन पर समिति की आगामी बैठक में विचार किया जाएगा। इस बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, राजस्व आर.डी धीमान, निदेशक भू-अभिलेख सी.पी वर्मा, शिमला के बन्दोबस्त अधिकारी मनमोहन शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता जी.डी. वर्मा, दीपक कौशल, भूपेन्द्र गुप्ता, शशि पंडित व पवन कपरेट, सेवानिवृत्त अधिकारी उग्रसेन नेगी, इन्द्रसिंह भारद्वाज, राकेश मेहता और सरकारी एवं गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित हुए।
शिमला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई विशाल वर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन अपने तानांशाही रवैया पर अभी तक अड़ा हुआ है। पिछले कुछ दिनों से लगातार अभाविप विश्वविद्यालय परिसर में छात्र मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही है जिसमें पुलिस बल का प्रयोग छात्रों के विरुद्ध करने से विश्वविद्यालय प्रशासन गुरेज नहीं कर रहा। उन्होंने बताया कि पिछली रात को पहले विश्वविद्यालय प्रशासन चर्चा हेतु प्रत्येक छात्र संग़ठन से पांच कार्यकर्ता बुलाता है लेकिन जब ABVP के प्रतिनिधि प्रशासन से बातचीत करने पहुंचे तो प्रशासन का अलग ही रवैया देखने को मिलता है। पांच कार्यकर्ताओं को बुलाकर अपनी बात से मुकरते हुए प्रत्येक छात्र संगठन से सिर्फ दो छात्र प्रितिनिधि से ही बातचीत करने की बात प्रशासन करता है। इसी बात से गुस्साए छात्र प्रतिनिधियों ने मिलने से इनकार कर दिया और अभाविप इकाई अध्यक्ष विशाल वर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्र संगठनों को हल्के में ले रहे हैं और पांच प्रतिनिधियों को बुलाकर सिर्फ दो को मिलने की अनुमति देने यह समस्त छात्र समुदाय का अपमान है। आज जरूरत है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्र हितों में फैंसला ले और प्रदेश भर के छात्रों की आवाज को दबाने की बजाय समस्याओं का समाधान करे। ABVP का रुख एकदम स्पष्ठ है कि पीजी दाखिलों में प्रवेश परीक्षा होनी ही चाहिए अन्यथा अभाविप अपने आंदोलन को और उग्र करते हुए पूरे प्रदेश भर से छात्रों को लामबन्द करते हुए विश्वविद्यालय परिसर में कूच कर उग्र आंदोलन करेगी। ABVP विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष विशाल वर्मा ने कहा कि जिस तरह से बातचीत करने के बहाने विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्र सँगठनों के साथ दुर्व्यवहार उसके बाद अभाविप ने पिंक पैटल पर जमकर नारेबाजी की, इस मौके पर भारी पुलिस भी मौजूद भी थी और एक बार फिर से क्यूआरटी का इस्तेमाल छात्रों के विरुद्ध हुआ।
हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम में परिचालकों की भर्ती प्रक्रिया के दौरान प्रशन पत्र के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब डीजीपी संजय कूंडू ने मामले की पूरी जांच के लिए पुलिस उप महानिरिक्षक विमल गुप्ता के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन किया है। बता दे कि मामले में अब तक 3 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है जिनमे से दो जिला शिमला के रोहड़ू के रहने वाले हैं और एक जिला कांगड़ा के ज्वाली से संबंध रखता है। इस जांच दल में विभिन्न जिला से सदस्यों को चुना गया है। जांच दल इस बात का पता करने का प्रयास करेगा की परिक्षा के संचालन में कहा चूक हुई है और क्या घटना के पीछे क़ोई गिरोह तो संलिप्त नहीं है।
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार के ढाई साल पूरा होने के बाद से बहुप्रतीक्षित प्रशासनिक फेरबदल सोमवार देर रात हो गया। कार्मिक विभाग ने सात जिलों के डीसी समेत कुल 21 आईएएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी कर दिए हैं। इनमें चंबा जिले के उपायुक्त, राजधानी शिमला, ऊना, किन्नौर, बिलासपुर, लाहौल स्पीति और हमीरपुर जिले के डीसी बदल दिए गए। सदस्य सचिव राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आदित्य नेगी को डीसी शिमला लगाया गया है। इसके अलावा विवेक भाटिया को हटाकर विशेष सचिव राजस्व एवं निदेशक पर्यावरण विज्ञान एवं तकनीकी दुनी चंद राणा को डीसी चंबा, विशेष सचिव ऊर्जा हेमराज बैरवा को डीसी किन्नौर, एमडी पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम राघव शर्मा को डीसी ऊना, एमडी एचपीएमसी देबश्वेता बनिक को डीसी हमीरपुर, निदेशक टीसीपी रोहित जम्वाल को डीसी बिलासपुर और नगर आयुक्त शिमला पंकज राय को डीसी लाहौल-स्पीति लगा दिया है। वहीं, डीसी शिमला रहे अमित कश्यप को श्रम आयुक्त के साथ-साथ एमडी सामान्य उद्योग निगम का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। इसी तरह डीसी ऊना रहे संदीप कुुमार को बिजली बोर्ड के निदेशक कार्मिक, डीसी किन्नौर गोपाल चंद को विशेष सचिव ऊर्जा, डीसी हमीरपुर हरिकेश मीणा को निदेशक ऊर्जा, डीसी बिलासपुर राजेश्वर गोयल को एमडी एचपीएमसी के साथ-साथ प्रोजेक्ट डायरेक्टर बागवानी विकास सोसायटी शिमला, प्रबंध निदेशक एग्रो इंडस्ट्रियल पैकेजिंग इंडिया लिमिटेड और एग्रो इंडस्टरीज कॉरपोरेशन का भी अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।
इस बार बिहार में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव करवाने का जिम्मा तेजतर्रार महिला आइपीएस अधिकारी सौम्या सांबशिवन ने उठाया है। सौम्या तृतीय भारतीय आरक्षित वाहिनी पंडोह की कमांडेंट हैं व उन्हें राज्य कमांडर का दर्जा दिया गया है। सौम्या के नेतृत्व में पंडोह, बनगढ़ (ऊना) व कोलर (सिरमौर) वाहिनी की छह कंपनियां यानी 600 जवान मंगलवार को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से बिहार के लिए ट्रेन से रवाना होंगे। वह 600 जवानों का नेतृत्व करने वाली अकेली महिला अधिकारी होंगी। तीनों वाहिनी से बिहार चुनाव के लिए दो-दो कंपनियां जा रही हैं। हर कंपनी से एक-एक डीएसपी रैंक का अधिकारी भी साथ रहेगा। बिहार में चुनावों के पहले चरण के लिए 28 अक्टूबर को मतदान होगा। इसके चलते चुनाव में ड्यूटी पर जाने वाले सभी जवानों व अधिकारियों की कोरोना जांच करवाई गई है। तीनों वाहिनी के चुनाव इससे पहले भी विधानसभा व लोकसभा चुनाव के दौरान ड्यूटी दे चुके हैं।
विश्वविद्यालय में हो रही मैरिट के आधर पर प्रवेश परीक्षाएं और कई अन्य मुद्दों को लेकर प्रदर्शन और प्रेस वार्ता के जरिये अपनी मांगों को पहुंचाने का प्रयास किया गया है लेकिन लगातार विश्विद्यालय छात्र संगठनों की मांगो को अनदेखा कर रही है। abvp इकाई अध्यक्ष विशाल वर्मा ने कहा कि यह सब प्रदर्शन विश्वविद्यालय के द्वारा जिस तरह से छात्रों के भविष्य को दरकिनार करते हुए तानाशाही फैसले लिए जा रहे हैं तो यह सब प्रदर्शन छात्रों के भविष्य का प्रतीकात्मक है। पिछले कई दिनों से अभाविप के कार्यकर्ता कुलपति साहब से मिलना चाहते हैं लेकिन अभी तक कुलपति महोदय सामने नहीं आ रहे हैं और उल्टा पुलिस प्रशासन का छात्रों के विरुद्ध इस्तेमाल किया जा रहा है और शनिवार के दिन छात्रों के साथ मारपीट की जाती है जिसमें विद्यार्थी परिषद के कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं, उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए। ABVP ने कई मुद्दों को लेकर शिमला में शव प्रदर्शन किया गया। विद्यार्थी परिषद ने कहा की यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक विद्यार्थी परिषद की मांगे स्वीकार नहीं होती और कुलपति महोदय विद्यार्थी परिषद के सवालों का जवाब नहीं देते। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की प्रमुख मांगे हैं : 1. पीजी कक्षाओं में दाखिले प्रवेश परीक्षा के आधार पर होने चाहिए। 2. यूजी पेपर चेकिंग में आ रही अनयिमित्ताओं को शीघ्र दूर किया जाए।
कुमारसैन के थाना क्षेत्र कुमारसैन के तहत कांगल पचायत मे एक युवती द्वारा आत्महत्या का मामला प्रकाश मे आया है। जानकारी के तहत कांगल मे 19 वर्ष युवती ने अपने घर मे फासी लगा कर आत्महत्या कर ली, जिसकी सूचना परिजनो द्वारा पुलिस को दी गई। थाना प्रभारी सूचना मिलते ही मौके पर पहुचे व मामले की छानबीन की। वही इस मामले मे डीएसपी रामपूर अभिमन्यु वर्मा व सहायक पुलिस अधीक्षक अजय यादव भी मौके पर पहुचे। उन्होंने परिजनों व आसपास के लोगो के ब्यान लिए वह इस आत्महत्या के हर पहलु की जांच की। मामले की पुष्टि डीएसपी रामपुर अभिमन्यु वर्मा ने की है। उन्होने कहा है कि युवती द्वारा अत्माहत्या की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची व मामला दर्ज कर शव का पोस्टमर्टम कुमारसैन सी.एच.सी. में किया गया है।पोस्टमॉर्टेम के बाद शव परिजनों को दिया गया है। आत्महत्या के कारणों की जाँच हो रही है।


















































