केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कोरोना आपदा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत करने का स्वागत करते हुए इसे कोरोना पर अंतिम वार बताया है। अनुराग ठाकुर ने कहा “भारत अवसरों का देश है व भारत के अंदर आपदा को अवसर में बदलने की अनूठी क्षमता है। सर्वे भवंतु सुखिन: के मंत्र के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कोरोना आपदा पर आख़िरी चोट के लिए भारत में दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो गई है। मोदी के मार्गदर्शन में देश ने कोरोना से बखूबी लड़ाई लड़ी है, अब देश के कोरोना मुक्त होने की बारी है। सबसे बड़ी बात हमारे वैज्ञानिकों के तपोबल से यह वैक्सीन भारत में बनी है जोकि देश की आत्मनिर्भरता के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।आमतौर पर एक वैक्सीन बनाने में बरसों लग जाते हैं, लेकिन इतने कम समय में एक नहीं, दो मेड इन इंडिया वैक्सीन तैयार हुई हैं। आज वैज्ञानिकों, स्वास्थ्यकर्मियों, पुलिसकर्मियों और स्वच्छता कर्मचारियों की कड़ी मेहनत रंग लाई है और पूरा राष्ट्र इनके प्रति कृतज्ञ है।” भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सुरेश कश्यप ने कहा “मोदी के निर्देशानुसार पहले चरण के टीकाकरण के लिए वैक्सीन की 1.65 करोड़ खुराकों में से सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को डाटाबेस में उपलब्ध स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या के हिसाब से टीकों का आवंटन कर दिया गया है। पहले चरण में एक करोड़ स्वास्थ्यकर्मियों और दो करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीका लगाया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में 50 साल से ज्यादा उम्र के लोग शामिल होंगे। पहले चरण के टीकाकरण का पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन कर रही है। इतिहास में इतने बड़े स्तर का टीकाकरण अभियान पहले कभी नहीं चलाया गया है। दुनिया के 100 से भी ज्यादा ऐसे देश हैं जिनकी जनसंख्या 3 करोड़ से कम है और भारत वैक्सीनेशन के अपने पहले चरण में ही 3 करोड़ लोगों का टीकाकरण कर रहा है। कुछ राजनैतिक दल व नेता अपनी विवशता के चलते वैक्सीन को राजनीति का विषय बना कर अपनी छोटी मानसिकता दिखा रहे हैं मगर देशभर में जगह जगह लोग खुले दिल से हमारे वैज्ञानिकों की साधना को सराहते हुए इस टीकाकरण अभियान का स्वागत कर रहे हैं व वैक्सीन लगवाने के लिए उत्सुक हैं।"
पूरे देश भर के साथ-साथ हिमाचल में भी आज से कोरोना टीकाकरण का महाअभियान शुरू हो रहा है। आज प्रदेश के 27 सेंटरों में सुबह दस बजे से इसका आगाज़ हुआ। पहले चरण के पहले दिन 2529 लोगों को कोरोना का टीका लगेगा। इसके लिए सभी 27 सेंटरों में कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड पहुंचा दी गई है। इंजेक्शन के बाद 45 मिनट तक व्यक्ति उसी सेंटर में डॉक्टरों की निगरानी में रहना होगा। वैक्सीनेशन का पहला चरण 10 दिनों तक चलेगा। इसके बाद सेंटरों की संख्या बढ़ाकर 46 कर दी जाएगी। उधर, प्रदेश सरकार ने इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद टांडा मेडिकल कॉलेज अस्पताल कांगड़ा को वेब टेक्नोलॉजी सेंटर बनाया है। इन सेंटरों में कोरोना वैक्सीनेशन का सीधा प्रसारण होगा। केंद्रीय मंत्रालय भी इसकी मानीटरिंग करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कोरोना वॉरियर्स से बात करेंगे। बता दें, प्रदेश में यह अभियान 2 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान प्रदेश में 41 हजार लोगों को पहले टीका लगेगा। इनमें डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मी, नर्सें, सफाई कर्मी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा वर्कर्स शामिल हैं। एक टीका लगने के बाद दूसरा टीका 28 दिन बाद लगेगा। वैक्सीन का टीका लगने के बाद 42 दिन तक उक्त व्यक्ति को परहेज करना पड़ेगा। जिस भी व्यक्ति को वैक्सीन लगेगी उसको भीड़ वाले इलाके में जाने से बचना होगा, मास्क पहनना होगा, किसी प्रकार के संक्रमण की चपेट में आने से बचना होगा। करीब 5 हजार स्वास्थ्य कर्मी इस टीकाकारण को पूरा करवाएंगे।
The Accurate weather forecast was not only vital for the farmers to protect their crops from natural calamities but also help in tourism development as the tourists can decide about their travel plans according to the climate. This was stated by Union Minister for Earth Sciences, Health and Family Welfare and Science and Technology Dr. Harsh Vardhan after virtual inauguration of First Doppler Weather Radar (DWR) installed at Kufri, Shimla and at Mukteshwar, Nainital in Uttarakhand on the occasion of 146th India Meteorological Department Foundation Day. Union Minister also virtually inaugurated Multi Mission Meteorological Data Receiving and Processing System and online version of Mausam journal. While addressing the occasion virtually Chief Minister Jai Ram Thakur thanked the Union Minister for dedicating Radar at Kufri, Shimla. He said that two more Radars would be installed at Mandi and Dalhousie in Chamba district of the State. He said that site had already been finalized at Mandi and site for Radar at Dalhousie would be finalized soon. Chief Minister said that at present Radar installed at Kufri was on test mode for a period of two weeks and thereafter its data would be used for forecasting purposes. He said that range of this Radar was upto 100 kilometres in radial distance. He said that it would observe and provide the weather data of 100 kilometres in all directions, which would be used for forecasting purpose especially for short range forecast. He said that more précised area specific weather forecast and warning would be issued for particular place, for the weather phenomenon like thunderstorm, lighting, hailstorm, heavy rainfall/snowfall, gusty winds etc. Jai Ram Thakur said that following basic information from DWR would be obtained reflectivity- a measure of water content in the cloud and it would give the base and height of the cloud including area of the particular cloud cell and movement and direction of the clouds. He said that this Centre would help the horticulturists and farmers of the State by providing them accurate information regarding weather. Chief Minister said that DWR Kufri would run round the clock and it is fully automatic and computerized programme based. He said that it would transmit the data in various digital format and picture form. Chief Minister of Uttrakhand Trivendra Singh Rawat also addressed the occasion virtually. Secretary Ministry of Earth Sciences Dr. M. Rajeevan welcomed Union Minister, Chief Ministers of Himachal Pradesh and Uttrakhand and other dignitaries on the occasion. Head and Sc-G, Regional Meteorological Centre Anand Sharma presented vote of thanks. Member of Parliament Suresh Kashyap, Political Advisor to Chief Minister Trilok Jamwal, Principal Secretary, Science and Technology K.K. Pant, Special Secretary Revenue Sudesh Kumar Mokhta and other senior officers of the State Government were present at Shimla.
शिमला।हिमाचल प्रदेश मंत्रिमण्डल की बैठक आज यहां मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। मंत्रिमण्डल ने निर्णय लिया कि ग्रीष्मकाल में बंद होने वाले सरकारी स्कूलों के सभी अध्यापक इस माह की 27 तारीख से स्कूलों में उपस्थित होंगे। ग्रीष्मकाल में बंद होने वाले 5वीं व 8वीं से 12वीं कक्षाओं के विद्यार्थियों को निर्धारित मानक संचालन प्रक्रियाओं की सख्ती से अनुपालना कर एक फरवरी, 2021 से नियमित कक्षाएं लगाने की अनुमति होगी। इन स्कूलों के प्रबन्धन को स्कूल परिसरों में फेस मास्क, परस्पर दूरी और सेनेटाइजर का उपयोग सख्ती से सुनिश्चित करना होगा। इसी तरह औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और बहुतकनीकी एवं अभियांत्रिकी महाविद्यालय इस वर्ष एक फरवरी, 2021 से खोले जाएंगे। मंत्रिमण्डल ने निर्णय लिया कि शीतकालीन बंद होने वाले स्कूलों में 5वीं और 8वीं से 12वीं कक्षाओं के विद्यार्थियों को शीतकालीन छुट्टियां समाप्त होने के बाद 15 फरवरी, 2021 से नियमित कक्षाओं में आने की अनुमति होगी। हर घर पाठशाला के तहत शिक्षा के लिए आॅनलाइन प्रणाली जारी रहेगी। राज्य में निजी स्कूल भी यही प्रणाली अपना सकते हैं। शीतकालीन छुट्टियों के उपरांत सभी सरकारी महाविद्यालय 8 फरवरी, 2021 से नियमित कक्षाओं के लिए खोले जाएंगे, उन्हें मानक संचालन प्रक्रियाओं की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करनी होगी। कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत राज्य सरकार ने आइजीएमसी शिमला, सीएच नालागढ़, राजेन्द्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा तथा चिकित्सा महाविद्यालय नेरचैक में चार मेक शिफ्ट अस्पतालों का निर्माण किया है। अब कोविड-19 के मामलों में कमी आने पर मंत्रिमंडल ने इन मेक शिफ्ट अस्पतालों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। आईजीएमसी में मेक शिफ्ट अस्पताल को मेडिसिन इंटेन्सिव केयर यूनिट, राजेन्द्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा में मेक शिफ्ट अस्पताल को संक्रामक रोग वार्ड, सीएच नालागढ़ में मेक शिफ्ट अस्पताल को ट्रामा केयर सेंटर तथा एसएलबीएसजीएमसी मंडी, नेरचैक में मेक शिफ्ट अस्पताल को सुपरस्पेशलिटी वार्ड के रूप में उपयोग किया जाएगा। मंत्रिमण्डल ने क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला तथा दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल शिमला को नाॅन कोविड अस्पताल अधिसूचित करने का भी निर्णय लिया। मंत्रिमण्डल ने जिला शिमला की तहसील चैपाल के कमांदल, कुमारला, गीतारटा और आरा गांवों में 599.1935 हेक्टेयर क्षेत्र पर सीमेंट प्लांट के लिए चूना और खनन खनिज की निकासी के लिए मै. आर.सी.सी.पी.एल. प्राइवेट लिमिटेड नवी मुम्बई के पक्ष में पट्टे में देने पर तीन वर्ष के लिए लैटर आॅफ इन्टेंट जारी करने को मंजूरी प्रदान की। मंत्रिमण्डल ने पं. जवाहर लाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय चम्बा परिसर के शीघ्र निर्माण के लिए निर्माण स्थल में से 28 पुराने सरकारी ढांचों को गिराने की अनुमति प्रदान की। मंत्रिमण्डल ने प्रदेश के पुलिस थानों को अधिक महिला मित्र और सुलभ बनाने के लिए जिला पुलिस कार्यालयों और पुलिस थानों में महिला हेल्प-डैस्क स्थापित करने का निर्णय लिया। बैठक में पुलिस विभाग में महिला हेल्प-डैस्क को सुदृढ़ बनाने के लिए 136 स्कूटी अथवा स्कूटर खरीदने के अलावा 272 हैलमेट और 136 डैस्क टाॅप कम्प्यूटर खरीदने की मंजूरी प्रदान की गई। मंत्रिमण्डल ने प्रदेश के छः जिलों शिमला, कांगड़ा, कुल्लू, सिरमौर, सोलन और चम्बा के एंटी हयूमन टैªफिकिंग यूनिट को सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक मशीनरी और उपकरण प्रदान करने के लिए अपनी स्वीकृति प्रदान की। बैठक में बिलासपुर जिला के झण्डूता और कांगड़ा जिले के जयसिंहपुर में नए नागरिक न्यायालयों के लिए विभिन्न श्रेणियों के छः पदों को सृजित कर इन्हें भरने की स्वीकृति प्रदान की। वन विभाग ने मंत्रिमण्डल के समक्ष मार्च, 2021 तक के लक्ष्यों और वर्ष 2021 और 2022 तक के लक्ष्यों के बारे में प्रस्तुति दी। मंत्रिमण्डल ने लगाए गए पेड़ों की संख्या के बजाय पेड़ों की उत्तरजीविता पर ध्यान केंद्रित करने का सुझाव दिया। राजस्व विभाग ने भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना पर प्रस्तुति दी।
16 जनवरी से देश भर में कोविड टीकाकरण का महाअभियान शुरू होने जा रहा है। इसको लेकर सरकार व प्रशासन की तैयारियां पूरी है। देश की विभिन्न जगहों में कोविड वैक्सीन की डिलीवरी लगभग पूरी हो गई है। इसके साथ शुक्रवार सुबह हिमाचल के विभिन्न जिलों में भी कोरोना वैक्सीन 'कोविशील्ड' की डिलीवरी हुई। गुरुवार को राष्ट्रीय टीकाकरण वाहन में 8 डिब्बों में 93 हजार वैक्सीन की डोज परिमहल लाई गई। इसके बाद रात 8 बजे वैक्सीन के डिब्बों में डिस्पैच नंबर लगाकर अन्य सेंटरों के लिए भेज दिया गया। 16 जनवरी को प्रदेश के 27 केंद्रों में ये वैक्सीन लगाई जाएगी। पहले चरण में यह अभियान 10 दिनों तक चलाया जाएगा। इस दौरान प्रदेश में 41 हजार लोगों को पहले टीका लगेगा। इनमें डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मी, नर्सें, सफाई कर्मी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा वर्कर्स शामिल हैं। एक टीका लगने के बाद दूसरा टीका 28 दिन बाद लगेगा। वैक्सीन का टीका लगने के बाद 42 दिन तक उक्त व्यक्ति को परहेज करना पड़ेगा। जिस भी व्यक्ति को वैक्सीन लगेगी उसको भीड़ वाले इलाके में जाने से बचना होगा, मास्क पहनना होगा, किसी प्रकार के संक्रमण की चपेट में आने से बचना होगा। करीब 5 हजार स्वास्थ्य कर्मी इस टीकाकारण को पूरा करवाएंगे। इन जिलों में हुई वैक्सीन की डिलीवरी शिमला जिला में सबसे पहले 11050 कोरोना वररियरों को टिका लगाया जाएगा। इसके लिए आईजीएमसी, केएनएच, रिपन, ठियोग और रामपुर अस्पतालों में वैक्सीनेशन केंद्र बनाए गए हैं। IGMC में करीब 2200 कर्मचारियों को वैक्सीन लगाई जाएगा। वहीं, सोलन जिला में 4300 कोरोना वैक्सीन पहुंची हैं। पहला टीका एमएमयू के एक प्रशिक्षु और सोलन अस्पताल में रेडियोग्राफर को लगेगा। कुल्लू जिला अस्पताल में देर रात करीब ढाई बजे 2800 वैक्सीन पहुंचीं। इनमें से 200 डोज जिला अस्पताल केलांग के लिए अटल टनल रोहतांग होकर भेजी गई हैं जबकि 2600 डोज को कुल्लू में लगाया जाएगा। सिरमौर के नाहन में कोरोना वैक्सीन के 3400 डोज पहुंचे हैं। उधर, मेडिकल कॉलेज चंबा में 3800 वैक्सीन पहुंची हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना वैक्सीन विभिन्न केंद्रों के लिए रवाना कर दी है। ऊना जिले में 3300 डोज पहुंची हैं। बिलासपुर में कोरोना वैक्सीन की 2300 डोज पहुंची हैं। कांगड़ा जिले में 8600 वैक्सीन पहुंची हैं।
वीरवार देर रात छैला-कैन्ची से सैन्ज सड़क पर एक कार हादसे की शिकार हो गई। इस हादसे में दो युवकों की मौत हो गई है। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल ठियोग भेज दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है की छैला-कैन्ची से सैन्ज की तरफ जा रही एक गाड़ी सड़क से नाले में जा गिरी जिससे दो युवकों की मौत हो गई। दोनों युवकों के नाम प्रांज्य (24) नेरुवा व मनोज (23) फागु बताए जा रहे है।
हिमाचल प्रदेश में 27 जनवरी से स्कूल खोलने की तैयारी की जा रही है। इस पर आज मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होनी वाली कैबिनेट बैठक में फैसला लिया जाएग। बैठक में शिक्षा विभाग इससे संबंधी प्रस्ताव को मुख्यमंत्री के सामने रखेगा। प्रस्ताव के तहत प्रदेश के ग्रीष्मकालीन स्कूलों में 10वीं और 12वीं कक्षा की नियमित पढ़ाई शुरू करने की योजना है। बैठक में गैर बोर्ड कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाओं पर भी फैसला होने के आसार हैं। शीतकालीन स्कूलों को फरवरी के पहले सप्ताह में मौसम देख कर खोले जाने की संभावना जताई जा रही है। चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने के बाद स्कूलों में सैनिटाइजेशन प्रक्रिया होगी। 27 जनवरी से स्कूलों को नियमित पढ़ाई के लिए खोला जा सकता है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा पीजी कोर्सों में बिना प्रवेश परीक्षा दाखिले को लेकर हाई कोर्ट के आदेशों के बाद विश्वविद्यालय ने 15 जनवरी 2021 को ईसी की आपात बैठक बुलाई है। इस बैठक से पूर्व एनएसयूआई के छात्रों ने प्रदेश महासचिव यासीन बट्ट की अगुवाई में राज्यपाल सह विश्वविद्यालय कुलाधिपति को उनके सचिव राकेश कंवर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा है। एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष छत्तर ठाकुर ने कहा कि इस ज्ञापन पत्र के माध्यम से आजकल विश्वविद्यालय में चल रही अनियमित्ताओं और धांधलियों की जानकारी राज्यपाल महोदय के संज्ञान में लाए गए। एनएसयूआई ने पीजी दाखिला मामले से संबंधित कमेटी के अधिकारियों व सदस्यों पर ईसी बैठक में कार्यवाही सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके अलावा विवि में चल रही शिक्षक भर्ती की छंटनी प्रक्रिया में नियमों के खिलाफ की गई धांधलियों की न्यायिक जांच करवाने की भी मांग एनएसयूआई ने की है। इसके अतिरिक्त इस ज्ञापन पत्र में दिसंबर 2019 में विज्ञप्त की गई शिक्षकों के रिक्त पदों की वैधता जो दिसंबर 2020 में पूर्ण हो गई है उसमें रिक्त बचे पदों को फिर से री-एडवरटाइज करने की मांग एनएसयूआई ने की है। प्रदेश संगठन महासचिव मनोज चौहान और महासचिव यासीन बट्ट ने सयुंक्त बयान में कहा कि राज्यपाल से उनके द्वारा नामित ईसी के दो सदस्यों को इन सभी मामलों को लेकर कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित करने के आदेश देने की मांग की गई है। एनएसयूआई ने राज्यपाल व इसी के सदस्यों से प्रदेश विवि की गरिमा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाली इन सभी धांधलियों व भ्रष्टाचार की घटनाओं पर न्यायिक जांच बैठाए और प्रदेशभर के हज़ारो छात्रों व युवाओं के भविष्य व कैरियर के साथ खिलवाड़ करने वाले भ्रष्ट अधिकारियों को उचित सज़ा देने की अपील की है।
शिमला और कुल्लू जिला के देवी-देवता आज मकर संक्रांति के दिन से एक महीने के स्वर्ग प्रवास पर निकल गए। सुबह पक्षियों से चहचहाने से पूर्व लोगों ने पूजा-अर्चना कर अपने अराध्यों को विदाई दी। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग सुबह 4 बजे अपने घरों में उठते हैं और अच्छे पकवान तैयार कर पूजा अर्चना के साथ देवी-देवताओं की विदाई करते हैं। देवताओं के स्वर्ग चले जाने पर मंदिर सूने हो गए हैं। देवताओं की विदाई के बाद मंदिर में कोई भी धार्मिक समारोह आयोजित नहीं किया जाता। अब देवताओं को महीने भर आकाश की ओर धूप और जल अर्पित किया जाएगा। देव संसद में भाग लेने पर कुल्लू जिला के देवी-देवता एक सप्ताह के अंतराल में ही वापस लौट आते हैं। शिमला जिला के आधे देवी-देवता एक पखवाड़े के अंदर वापसी करते हैं, लेकिन अधिकांश देवी-देवता पूरे एक महीने स्वर्ग प्रवास पर रहकर फाल्गुन संक्रांति को ही अपने-अपने देवालयों में लौटेंगे। इस एक माह की अवधि में मंदिर में कोई भी धार्मिक समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा। इसके साथ-साथ घरों में भी विवाह समारोह एवं धार्मिक समारोह आयोजित नहीं किए जाएंगे। देवी-देवताओं के जाने के बाद उनकी मूर्तियां शक्ति विहीन हो जाती हैं और गुरों को खेल भी नहीं आती।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सेवा पोर्टल का विस्तार कर उपभोक्ताओं को इसमें और सुविधाएं दी है। अब सेवा पोर्टल पर विभिन्न विभागों के 47 ऑनलाइन कार्य हो जाएंगे। व्यापारिक कार्यक्रमों एवं व्यापारिक सुधारों और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार के सूचना विभाग ने ये नई सेवाएं ऑनलाइन सेवा पोर्टल पर आरंभ करवा दी हैं। नई सेवाओं में सिनेमा के लिए लाइसेंस या फिल्म बनाने के लिए लाइसेंस, पेट्रोलियम पदार्थों को संग्रहित करने, बेचने, इनका ट्रांसपोर्ट करने का एनओसी, विस्फोटक पदार्थ उत्पादित करने, बेचने व रखने का एनओसी, पटाखे बेचने का एनओसी, गैर वन भूमि के सर्टिफिकेट बनाने, राजस्व कोर्ट में विभिन्न विवादों को फाइल करना, नए पानी कनेक्शन लेने, सीवरेज कनेक्शन, व्यापार लाइसेंस बनाने, मापतौल यंत्रों के लिए आवेदन व पर्यटन संबंधित कार्यक्रम आयोजित करने के लिए सरकार के सेवा पोर्टल पर लोग ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पहले सेवा पोर्टल पर राजस्व विभाग से संबंधित 18 तरह की सेवाएं, जबकि अन्य विभागों सहित 36 तरह की सेवाएं मिलती थीं। सरकार ने 11 और नई सेवाओं को ई-डिस्ट्रिक्ट पर उपलब्ध करवाकर लोगों को राहत दी है। इन सेवाओं को लोकमित्र केंद्रों व स्वयं ही ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष यदोपती ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर और प्रदेश पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू के खिलाफ़ ब्यान जारी किया है। यदोपती ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश सरकार व पुलिस महानिदेशक के लिए बड़े ही शर्म की बात है कि वीरेंद्र कुमार (पुलिस जवान) 7 दिन तक आईजीएमसी मे जिंदगी और मौत से जुझता रहा लेकिन उसे किसी बड़े अस्पताल में हिमाचल से बाहर रैफर नहीं किया गया। शिमला पुलिस प्रशासन जो कर सकता था उसने किया लेकिन राजधानी शिमला मे होने के बावजुद मुख्यमंत्री जयराम, प्रदेश पुलिस महिनिदेशक संजय कुंडू, मंत्री और कोई बड़ा अफसर विरेंद्र को देखने यहाँ तक उसका कुलक्षेम पुछने तक नहीं गया। मुख्यमंत्री और मंत्री हिमाचल से बाहर अपना ईलाज करवाने बड़े नामीं हस्पतालों में जा सकते हैं लेकिन एक पुलिस जवान जो कांगडा के कोठी कोहड गांव का गरीब पुलिस में भर्ती हुआ था उसकी जिंदगी बचाने के लिए, उसका इलाज हिमाचल से बाहर सरकार नहीं करवा सकी। मुख्यमंत्री गरीब परिवार से थे आए दिन हर जगह ढ़िढोरा पीटते हैं। ऐसी सरकार और पुलिस प्रशासन को शायद ही मलाल हो कि उन्होंने एक जवान और परिवार ने एक जवान बेटा खोया है। यदोपती ठाकुर ने कहा कि पुलिस जवान वीरेंद्र कुमार ने अपना कर्तव्य निभाते हुए on duty अपनी जान दी है। इसलिए वीरेंद्र कुमार को शहीद का दर्जा दिया जाए। इसके साथ-साथ परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी, उचित मुआवज़ा व पीड़ित परिवार को पेंशन देने की मांग की है।
शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में 15 जनवरी को हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक होगी। बैठक में विधानसभा के बजट सत्र से सम्बंधित निर्णय लिया जा सकता है। हिमाचल प्रदेश पूर्ण राज्यत्व दिवस के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किए जाने वाले स्वर्ण जयंती समारोह को लेकर भी चर्चा हो सकती है। मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश में 16 जनवरी से शुरू होने जा रहे कोरोना टीकाकरण अभियान को लेकर भी चर्चा होगी। इसके अलावा सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए लगी 50 लोगों की शर्त को लेकर भी समीक्षा की जा सकती है। प्रदेश में स्कूलों सहित अन्य शिक्षण संस्थान खोलने और बोर्ड की परीक्षाओं के आयोजन को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। यह बैठक साढे दस प्रदेश सचिवालय में शुरू होगी।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने उच्चतम न्यायालय द्वारा नए कृषि कानूनों को लेकर बनाई चार सदस्यीय कमेटी के औचित्य पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इन चारों सदस्यों का पहले से ही इस कृषि कानून का खुला समर्थन रहा है, ऐसे में इस कमेटी की रिपोर्ट की निष्पक्षता सम्भव नहीं है। उन्होंने कहा है कि किसान भी इस कमेटी को पूरी तरह नकार चूके है। उन्होंने कहा है कि उन्हें भी ऐसा लगता है कि इस कमेटी का गठन किसानों के इस आंदोलन को दबाने मात्र का एक प्रयास है। उन्होंने कहा है कि जबकि इस कमेटी की कोई कानूनी वैद्यता ही नही है तो इसके किसी भी निष्कर्ष के क्या मायने होंगे। राठौर ने उच्चतम न्यायालय से अपने इस कमेटी गठन के फैंसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह करते हुए कहा है कि अगर न्यायालय को लगता है कि किसी भी कमेटी से इस कानून का कोई हल निकल सकता है तो उन्हें ऐसी कोई कमेटी बनानी चाहिए जिस पर इन किसानों को पूरा भरोसा हो। कमेटी में कृषि व बागवानी से सम्बंधित विशेषज्ञ, किसान संगठनों के प्रतिनिधि तथा राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि भी शामिल किए जाने चाहिए। राठौर ने कहा है कि उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित इस कमेटी में शामिल किए गए सदस्य किसान हित की पेरबी नही कर सकते क्योंकि यह सभी पहले से ही सार्वजनिक तौर पर इस कानून के पक्ष में अपने विचार प्रकट कर चुकें है। इसलिए इस कमेटी से किसी भी न्याय या निष्पक्षता की उम्मीद नही की जा सकती।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने लोहड़ी और मकर संक्रान्ति के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभाकामनाएं दी हैं। राज्यपाल ने अपने संदेश में आशा व्यक्त की कि यह शुभ अवसर राज्य के लोगों के जीवन में समृद्धि और खुशहाली लाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उत्सव हमें अपने प्रियजनों एवं मित्रों के साथ खुशियां बांटने का अवसर प्रदान करता है और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कामना की कि उत्साह और उल्लास से परिपूर्ण यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और उन्नति लेकर आए।
हिमाचल प्रदेश के सभी स्कूलों में अगले सप्ताह से ऑनलाइन यूनिट टेस्ट शुरू होने की संभावना है। 6 जनवरी को विद्यार्थियों के साथ हुई मुख्यमंत्री की बैठक के बाद शिक्षा विभाग यूनिट टेस्ट के लिए योजना बनाने में जुट गया है। सप्ताह भर ऑनलाइन माध्यम से करवाई गई पढ़ाई के आधार पर टेस्ट लेने को लेकर योजना तैयार की जा रही है। व्हाट्सएप से पढ़ाई के लिए शिक्षण सामग्री तैयार करने वाले शिक्षकों के समूह से इस बाबत विस्तृत योजना उच्च शिक्षा निदेशालय ने मांगी है। मुख्यमंत्री के साथ हुई संवाद के दौरान अधिकांश विद्यार्थियों ने सप्ताह भर हुई पढ़ाई का टेस्ट लेने की मांग की थी। विद्यार्थियों ने कहा था कि साप्ताहिक क्विज लेकर हालांकि यह प्रक्रिया चल रही है लेकिन अगर यूनिट टेस्ट होना शुरू हो जाएं तो विद्यार्थियों को इससे लाभ होगा। बीते दिनों शिक्षा सचिव की ओर से उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक और समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक को इस संदर्भ में लिखित में भी अवगत करवा दिया है। सरकार के निर्देशानुसार शिक्षा निदेशालय ने यूनिट टेस्ट लेने के लिए योजना बनाना शुरू कर दिया है। संभावित है कि इस सप्ताह के अंत तक टेस्ट लेने को लेकर तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने नए कृषि कानून पर उच्चतम न्यायालय की रोक को किसानों की जीत करार दी है। उच्चतम न्यायालय के आदेश पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के स्थगनादेश से साफ है कि यह कानून किसान हित मे नहीं है। राठौर ने केंद्र सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि अबतक केंद्र वार्ता के नाम पर समय ही काटता रहा। केवल आश्वासन दिए जाते रहें और आंदोलनरत किसानों को इस कानून के नाम पर बांटने का प्रयास किया जाता रहा। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद प्रस्तावित कमेटी में किसान संगठनों को प्रमुखता दी जानी चाहिए। उन्होंने इन नए कानूनों को रद्द करने की मांग को पूरी तरह न्यासंगत बताया है। राठौर ने कहा है कि किसानों की सभी मांगे पूरी तरह न्यासंगत है और उन्हें उम्मीद है कि अब देश की सर्वोच्च अदालत इन किसानों के हितों को देखते हुए मोदी सरकार के इन नए कानूनों को तुरंत प्रभाव से निरस्त करेगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज बताया कि शिमला जिला में समस्त 13 विकास खंडो में पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव के लिए 2302 मतदान केन्द्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें 153 अति संवेदनशील तथा 476 संवेदनशील घोषित किए गए हैं। उपायुक्त ने बताया कि 1673 मतदान केन्द्र सामान्य घोषित किए गए हैं। उन्होनें शिमला जिला के लोगों से आहवान किया कि वे पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में बढ़ चढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें और लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाए।
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष अमित ठाकुर ने कहा कि आज प्रदेश में कुछ जगह युवा कांग्रेस के एक गुट द्वारा थाली बजाने का ड्रामा किया गया। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस को सही मायने में थाली अपने कांग्रेस के नेताओं के लिए बजानी चाहिए क्योंकि आज किसानों की जो हालत है उसके लिए स्वयं कांग्रेसी जिम्मेदार है। 2006 में जब नंदीग्राम एवं सिंगूर में नैनो प्लांट लगाए जाने के वक्त किसानों पर जब अत्याचार हो रहा था तब कांग्रेस कहां थी। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस दयनीय स्थिति में है और चंद मुट्ठी भर युवाओं द्वारा प्रदर्शन किया गया। ऐसा केवल कांग्रेस में ही संभव है कि एक मोर्चे के एक से अधिक अध्यक्ष बनते हैं। उन्होंने कहा कि देश भर में नरेंद्र मोदी सरकार ऐसी पहली सरकार है जो किसान हित में कार्य कर रही है किसान हित में अनेकों योजनाएं बनाई जा रही है और किसानों को चौतरफा लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा जो किसान धरने पर बैठे हैं वह तो किसान अभी नहीं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार पूरी गंभीरता से किसानों के कल्याण एवं उनकी भलाई के लिए कटिबद्ध है। विगत छः वर्षों में किसानों की भलाई के जितने काम मोदी सरकार ने किए हैं, उतने किसी और ने नहीं किए, साथ ही हमारी सरकार देश के हर नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा सरकार पहले दिन से यह कह रही थी कि एक कमिटी बनाई जाए जिसमें आंदोलन कर रहे किसान संगठनों के प्रतिनिधि और विशेषज्ञ शामिल हों, वह कमिटी बिंदुवार कृषि कानूनों का अध्ययन करे और जहां भी उचित संशोधन की जरूरत हो, उसे प्रस्तावित करें जिस पर सरकार अमल करने को तैयार है। आज माननीय उच्चतम न्यायालय ने भी हमारे इस स्टैंड को अनुमोदित किया है। उन्होंने कहा सरकार ने भी किसान संगठनों से बैठक में कई बार यह आग्रह किया था कि कोविड के कारण महिलाओं और बच्चों को इस आंदोलन से घर भेज दिया जाए, सुप्रीम कोर्ट ने भी आज किसान संगठनों से ऐसी ही अपील की है। उन्होंने कहा सरकार ने किसान संगठनों से अपील करते हुए कहा था कि आप हाइवे को छोड़ कर अन्य वैकल्पिक जगहों पर अपना आंदोलन जारी रखें, किसान संगठनों को प्रदर्शन के लिए सरकार ने वैकल्पिक जगह भी मुहैया कराई थी, गृह मंत्री ने स्वयं किसान संगठनों से बात की थी। आज सुप्रीम कोर्ट ने भी आंदोलनरत किसान संगठनों से यही अपील की है।
प्रदेश में नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस के शानदार प्रदर्शन पर पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने खुशी व्यक्त करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई एवं मतदाताओं का आभार प्रकट किया है। उन्होंने मतदाताओं व कार्यकर्ताओं का आह्वान किया है कि जीत का सिलसिला पंचायती राज संस्थाओं जिला परिषद, बीडीसी व ग्राम पंचायतों में भी जारी रहना चाहिए। वीरभद्र सिंह ने नगर निकाय चुनावों के परिणामों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि लोग अब भाजपा की नीतियों व निर्णयों से परेशान हो गए हैं। उन्होंने कहा कि देश प्रदेश बहुत बुरे दौर से गुजर रहा है। लोगों की समस्याओं को दूर करने में सरकार पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र के मतदाताओं ने कांग्रेस को जनादेश देकर भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ अपना फैंसला दिया है। उन्होंने कहा है कि अब आने वाले दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों के पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में भाजपा को इसी तरह हार का मुंह देखना पड़ेगा। वीरभद्र सिंह ने शिमला ग्रामीण सुन्नी, रोहड़ू, रामपुर सहित अपने चुनाव क्षेत्र अर्की सहित विभिन्न नगर परिषद व नगर पंचायतों में कांग्रेस की शानदार विजय पर खुशी व्यक्त करते हुए कांग्रेस को दिए जनमत के लिए लोगों का आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में कांग्रेस मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है। वीरभद्र सिंह ने कहा है कि 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस अपनी जीत का परचम लहराएगी और प्रदेश में कांग्रेस की एक मजबूत सरकार बनेगी।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज कहा कि जिला मंडी के बल्ह में एनडीआरएफ बटालियन के मुख्यालय की स्थापना के लिए भूमि चिन्हित करने और हस्तांतरित करने सम्बन्धी सभी आवश्यक औपचारिकताओं में तेजी लाई जाएगी, ताकि बटालियन सुचारू रूप से कार्य कर सके। जय राम ठाकुर ने एनडीआरएफ के कमांडेंट बलजिन्दर सिंह और प्रदेश सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग को इस दिशा में सभी आवश्यक कदम उठाने और वन विभाग को एफसीए स्वीकृति शीघ्र प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और आपदाओं के प्रति संवदेनशीलता को ध्यान में रखते हुए राज्य के लिए नई एनडीआरएफ 14वीं बटालियन को मंजूरी प्रदान की है। उन्होंने कहा कि यह प्राकृतिक आपदाओं के समय त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करेगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में लगभग छः स्थानों पर एनडीआरएफ क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केन्द्र्र स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के रासायनिक खतरे से निपटने के लिए बद्दी में एक कम्पनी स्थापित की जाएगी, क्योंकि इस क्षेत्र में अधिकांश औद्योगिक कारखाने हैं। कमांडेंट बलजिन्दर सिंह ने मुख्यमंत्री को फोर्स की विभिन्न गतिविधियों से अवगत करवाया। मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व आर.डी. धीमान, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा, विशेष सचिव राजस्व सुदेश मोक्टा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
शिमला। छराबड़ा में बीते 6 जनवरी के रात बर्फ में फंसे पर्यटको को बचाने गई क्यूआरटी टीम की गाड़ी गिरने मामले में एक गंभीर रूप से घायल पुलिस जवान कि मौत हो गई है। गाड़ी के स्किट हो कर सड़क से नीचे गिरने में पुलिस के 6 जवान घायल हो गए थे जिसमे विरेन्द्र को गम्भीर चोट आई थी। वीरेंद्र को आईजीएसमी में दाखिल करवाया गया था लेकिन वीरेंद्र सोमवार सुबह जिंदगी की जंग हार गया और उसकी मौत हो गई । गोरतलब है कि 6 जनवरी रात को कुफरी छराबड़ा में पर्यटको को सुरक्षा प्रदान करने गई पुलिस की गाड़ी के स्किट हो कर सड़क से नीचे गिर गई थी जिसमे 6 पुलिस जवान घायल हो गए थे। इस दुर्घटना में वीरेन्द्र को गंभीर चोट आई थी।
कोरोना का कहर अभी ख़तम नहीं हुआ था की देश भर में अब बर्ड फ्लू लगातार पैर पसार रहा है। यह अब देश के 9 राज्यों में फैल चुका है। केरल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, गुजरात और उत्तर प्रदेश में कहर मचाने के बाद अब दिल्ली और महाराष्ट्र में भी बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है। दिल्ली में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। पशुपालन विभाग के मुताबिक जालंधर भेजे गए 8 सैम्पल पॉजिटिव पाए गए। पुष्टि होने से पहले ही दिल्ली में बर्ड फ्लू के डर ने हड़कंप मचा दिया था। इसके मद्देनजर दिल्ली सरकार ने गाजीपुर मुर्गा मंडी को 10 दिनों के लिए बंद कर दिया था। महाराष्ट्र में भी इस वायरस की पुष्टि हो गई है। इसे देखते हुए अब सभी राज्यों ने सतर्कता बढ़ा दी है। देश में बर्ड फ्लू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए केंद्र सरकार भी हरकत में आ गई है। विदेश मामलों की संसदीय समिति आज इस पर बैठक करेगी। यह समिति देश में पशु टीका की उपलब्धता और पशु चिकित्सा सेवाओं की स्थिति पर चर्चा करेगी। हिमाचल प्रदेश में 200 से ज्यादा प्रवासी पक्षी मिले मृत हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में रविवार को पोंग बांध वन्यजीव अभयारण्य में 215 प्रवासी पक्षी मृत पाए गए। प्रदेश में बर्ड फ्लू से मरने वाले पक्षियों की संख्या अब बढ़कर 4,235 हो गई है। इसके अलावा नाहन, बिलासपुर और मंडी से भी जंगली पक्षियों की असामान्य मौत की खबरें आई हैं और नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला में भेज दिए गए हैं।
प्रदेश विश्वविद्यालय में लगातार घट रही शर्मनाक घटनाओं और शिक्षक भर्तियों में प्रशासन पर लगातार लगाए जा रहे धांधलियों के आरोपों के बीच अब युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष निगम भंडारी ने इसे बहुत बड़ा भ्रष्टाचार बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। निगम भंडारी ने विश्वविद्यालय द्वारा बीएड की अधिसूचना एबीवीपी के लेटर पैड पर जारी करने पर भी गहरा रोष व्यक्त करते हुए इसे प्रशासन द्वारा आरएसएस और भगवाकरण की विचारधारा की एडवरटाइजमेंट करने का आरोप लगाया है। निगम भंडारी ने विवि द्वारा शिक्षक भर्ती मामले में भी प्रशासन पर धांधली करने का आरोप लगाते हुए कहा कि योग्यता को दरकिनार रखते हुए आरएसएस व बीजेपी से संबंधित लोगों को नियुक्तियां दी जा रही है। युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि इन भर्तियों में आरक्षण रोस्टर के साथ भी छेड़छाड़ की गई है जिससे एससी, एसटी व अन्य आरक्षित वर्गों के कई योग्य उम्मीदवारों को नियुक्तियों से वंचित रखा गया है। उच्च न्यायालय द्वारा विवि के बिना प्रवेश परीक्षा पीजी कोर्सों में छात्रों को दाखिला देने को गैरकानूनी बताए जाने के फैसले का युवा कांग्रेस ने स्वागत किया है और इससे संबंधित विवि प्रशासन के अधिकारियों को तत्काल पदों से हटाए जाने की मांग की है। निगम भंडारी ने प्रदेश की भाजपा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि युवा कोंग्रेस देश प्रदेश के योग्य उम्मीदवारों और बेरोज़गार युवाओं के साथ इस प्रकार का भ्रष्टाचार कभी नहीं होने देगी और उच्च शिक्षण संस्थानों सहित अन्य सरकारी संस्थानों के भगवाकरण के खिलाफ प्रदेशभर में मोर्चा खोलेगी।
प्रदेश में 27 जनवरी से 10वीं व् 12वीं कक्षाओं के स्कूल खुल सकते हैं। प्रदेश में स्कूल खोलने की शुरुआत ग्रीषमकालीन पाठशालाओं से की जाएगी। उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रस्ताव बनाकर राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजने की तैयारी कर ली है। शीतकालीन जिलों के स्कूलों को फरवरी के पहले सप्ताह में मौसम की स्थिति को देखकर खोलने का फैसला लिया जाएगा। शिक्षा विभाग ने पड़ोसी राज्यों की एसओपी को स्टडी करने के बाद 27 जनवरी से नियमित पढ़ाई करवाने का फैसला लिया है। अधिकारियों का कहना है कि 21 जनवरी तक पंचायत चुनाव में शिक्षक व्यस्त रहेंगे। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्कूलों को सैनिटाइज किया जाएगा। 27 जनवरी से ग्रीष्मकालीन जिलों में बोर्ड कक्षाओं की पढ़ाई शुरू करवाई जा सकती है।
GNA University, Phagwara organised two days Virtual International Conference on “Contemporary Issues in Engineering and Technology” (CIET-2021) on January 08-09, 2021. The researchers, presenters, delegates from all over the globe participated and shared their research work in CIET-2021. In this two-day International Conference, the world renowned speakers from Romania, Singapore, Japan, Spain presented their Keynote and Plenary addresses. On the first day, January 8, 2021, Dr Manoj Gupta, Professor, National University of Singapore and Dr. Ioan-Cosmin MIHAI, Cyber Training Officer, European Union Agency for Law Enforcement Training, Romania addressed the delegates from across the globe. Dr. Gupta, in his address mentioned how Magnesium is an abundant element in our planet and in our body and its non-toxicity and lightness (33% lighter then aluminum) makes it eligible for perhaps a trillion-dollar market in engineering and biomedical applications. Dr. Gupta also said, “I am thankful to GNA University for holding up the CIET 2021 in such a wonderful and organised way.” Dr. Cosmin discussed the main types of malware (ransomware, banking trojans, crypto jacking, botnet malware) and the main cyber attacks vectors. He added, So far, 2020 has been a challenging year for everyone. COVID-19 and the push for a more remote workforce have left many organizations vulnerable to the risk of a cyber-attack. Dr. Cosmin in his address felt indebted to GNA University for making striving endeavours in holding up the Conference in the virtual mode. On day 1, presenters discussed various emerging trends like Cyber Security, Cloud Computing, Data Analytics, IoT etc. during technical Sessions. The Technical sessions were wonderfully chaired by all the stalwarts from the Engineering background. Dr. Monika Hanspal, Dean Academics delivered the Inaugural address and fully apprised the august gathering about CIET2021. Dr. Disha Khanna, Deputy Dean Faculty of Liberal Arts in the capacity of the Master of the Ceremony wonderfully upheld the 2 days International Conference, CIET2021. On January 9, 2021, the second day, Dr. Hiroyuki KAMEDA from Tokyo University of Technology, Japan, Dr. Carlos J. Ochoa Fernández from Spain and Mr. Nitin Malvadkar Director, Siemens Digital Industries Software, Singapore delivered their talks. Dr. Kameda discussed the role of Natural Language Processing and deep learning in engineering applications. Dr. Fernández in his address said, “Opportunities are available for enterprises when the 4th Industrial Revolution begins to take shape basically are increasing productivity and efficiency, improved customer quality service, faster access to data and value information in real-time and massive improvements in an enterprise.” Mr. Nitin Malvadkar discussed various products available in the market which can enhance learning and industrial experiences and how Siemens is extending assistance to both the faculty and the zealous students. More than 50 researchers presented their work in five different technical sessions during two days and shared their findings. The sessions witnessed research acumen from the interdisciplinary fields as well. S. Gurdeep Singh Sihra, the Pro-Chancellor and the Chief Guest, GNA University said, “This International Conference was a long-awaited event. He added, “This will be our annual event from now onwards.” Dr. VK Rattan, the Vice-Chancellor, GNA University congratulated the organizing Team for organizing such a mega event during the unprecedented times. Dr. Vikrant Sharma, Dean Faculty of Engineering cum one of the Conveners of the Conference offered his Vote of Thanks and passed his in depth gratitude to everyone associated with the Conference in the most desired way. The 2 days Conference was well planned and organised by the co-conveners, Dr. Anurag Sharma and Mr. CR Tripathi. The whole Team of Engineering along with the other Deans and the Heads attended the Conference and every participant and delegate passed their gratitude in hope of CIET2022 the next year.
हिमचाल में बर्ड फ्लू के बढ़ते कहर ने चिकन के व्यवसाय को बड़ा झटका दिया है। प्रदेश पहले से ही कोरोना संकट से जूझ रहा है और अब बर्ड फ्लू की दस्तक ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। बर्ड फ्लू के खौफ से हिमाचल प्रदेश में चिकन और अंडों की डिमांड तेजी से घट रही है। प्रदेश में चिकन की मांग में करीब 50 से 70 फीसदी कमी आई है। इस कारण चिकन के दामों में भरी गिरावट देखने को मिल रही है। उधर, दामों में भारी गिरावट के बावजूद लोग चिकन और अंडों का सेवन करने से फिलहाल परहेज कर रहे हैं। पोल्ट्री का कारोबार करने वाले व्यापारियों के व्यवसाय पर इसका असर साफ दिख रहा है। प्रदेश के शिमला, सोलन, मंडी व कांगड़ा जिलों में चिकन-अंडों की मांग में भरी गिरावट देखी गई। शिमला शहर में चिकन-अंडों की मांग 15 से 20 फीसदी तक घट गई है। मंडी जिले में बर्ड फ्लू की आशंका से अंडे, चिकन और मछली के कारोबार में 50 प्रतिशत की गिरावट आई है। मांग कम हो गई है और दाम भी करीब 30 से 40 फीसदी तक गिर गए हैं। जबकि, कांगड़ा जिला में चिकन के दाम में 70 से 80 रुपये तक कम हुए हैं। मौजूदा समय में मुर्गे का मीट अब 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुका है। बावजूद इसके लोग चिकन खरीदने से परहेज कर रहे हैं। कई क्षेत्रों में थोक में मुर्गा 60 रुपये प्रति किलो के नीचे आ गया है। सोलन जिला में लोगों ने अंडे और चिकन की खरीद कम कर दी है। कारोबार 70 फीसदी कम हो गया है। चंबा व हमीरपुर में भी दो दिनों के भीतर ही चिकन और अंडे की मांग काफी कम हो गई है। वहीँ, इन सभी जिलों में पनीर, खोया और मटर की डिमांड बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार बर्ड फ्लू से निपटने के लिए पूरी तरह से सजग तथा सतर्क है। इसके लिए पौंग बांध के आसपास के क्षेत्रों की पूरी निगरानी सुनिश्चित की जा रही है तथा त्वरित प्रतिक्रिया दल भी गठित कर दिए हैं। धर्मशाला के केबिनेट सभागार में शुक्रवार को मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने बर्ड फ्लू की रोकथाम की तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जिला प्रशासन, पशुपालन विभाग तथा वन्य प्राणी विभाग आपसी समन्वय के साथ बर्ड फ्लू के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए तत्परता के साथ कार्य करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पौंग बांध क्षेत्र में अभी तक बर्ड फ्लू से 3410 प्रवासी पक्षियों की मौत हुई है तथा इन पक्षियों को पूरे प्रोटोकाॅल के साथ दफनाया जा रहा है, ताकि किसी भी स्तर पर संक्रमण का खतरा नहीं रहे। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग तथा वन्य प्राणी विभाग की 65 टीमें पौंग बांध के आसपास के क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बर्ड फ्लू की गंभीरता को देखते हुए पशुपालन विभाग द्वारा पोल्ट्री के सेंपल भी आरडीडीएल जालंधर को जांच के लिए भेजे गए हैं। उन्होंनेे कहा कि बर्ड फ्लू से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करना भी जरूरी है तथा इसके लिए भी विभागीय अधिकारी आवश्यक कदम उठाएं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कांगड़ा जिला में कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश में कोविड-19 के 1200 के करीब पाॅजिटिव मामले हैं, जिसमें कांगड़ा जिला के तीन सौ पाॅजिटिव मामले शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 15 दिसंबर के बाद कोरोना पाॅजिटिव मामले कम होना शुरू हुए हैं, लेकिन अभी भी सभी लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 को लेकर सरकार तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के लिए टीकाकरण अभियान की तैयारियां भी प्रदेश में पूर्ण कर ली गई हैं तथा निर्धारित निर्देशों के अनुसार ही टीकाकरण अभियान को सफल बनाया जाएगा। जय राम ठाकुर ने जोनल अस्पताल धर्मशाला में टीकाकरण के पूर्वाभ्यास का जायजा भी लिया। इससे पहले उपायुक्त कांगड़ा राकेश प्रजापति ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और कांगड़ा जिला के पौंग बांध में बर्ड फ्लू से निपटने की तैयारियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर पशु रोग विशेषज्ञ डाॅ. विक्रम सिंह, वन्य प्राणी विभाग की अरण्यपाल उपासना पटियाल ने बर्ड फ्लू से बचाव पर आधारित पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत की। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. गुरदर्शन ने कोविड-19 की वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस बैठक में विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार, विधायक अर्जुन ठाकुर, विधायक विशाल नैहरिया, विधायक रीता धीमान, विधायक रविंद्र धीमान, पुलिस अधीक्षक विमुक्त रंजन और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
हिमाचल सरकार द्वारा 15 मई 2003 से 18 सितंबर 2017 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के लिए ग्रेजुएटी की अधिसूचना जारी की है l जिसके लिए नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ ने सरकार का आभार जताया l संघ के राज्य अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कहा कि 2003 से 2017 के बीच के कर्मचारियों के लिए सरकार ने पिछले बजट सत्र के दौरान घोषणा की थी कि इन कर्मचारियों को भी ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाएगा जबकि इसके बाद के कर्मचारियों को ग्रेजुएटी पहले से ही मिल गई थीI इससे लगभग 7000 से कर्मचारियों को राहत मिलेगी l संगठन के मुख्य संस्थापक नरेश ठाकुर, महासचिव भरत शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सौरभ वैद, महिला विंग अध्यक्ष सुनेश शर्मा, कोषाध्यक्ष शशि पाल शर्मा, संविधान पर्यवेक्षक श्याम लाल गौतम, महिला विंग वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनीता चौहान इत्यादि ने सामूहिक बयान में कहा है कि सरकार का यह बहुत ही सराहनीय फैसला है क्योंकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए यह बहुत बड़ी राहत है सभी ने सामूहिक बयान में कहा कि नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ हिमाचल प्रदेश में लगातार पुरानी पेंशन बहाली के लिए प्रयासरत है l अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए संगठन द्वारा लगातार सरकार के साथ वार्ता का क्रम भी जारी रखा है तथा संघर्ष का रास्ता भी अपनाया है l संघ के अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कहा कि पिछले वर्ष 4 मार्च को संगठन का प्रतिनिधिमंडल विधानसभा सत्र के दौरान माननीय मुख्यमंत्री महोदय से अपनी मांगों को लेकर मिला था तथा उन्होंने 6 मार्च को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान ग्रेजुएटी की घोषणा की थी l कोविड-19 के समय संगठन द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष मे 24 लाख दिए थे जब संघ द्वारा यह चेक मुख्यमंत्री महोदय को दिया था उस समय भी मुख्यमंत्री महोदय ने ग्रेजुएटी की अधिसूचना को जल्द हिमाचल प्रदेश में लागू करने बारे आश्वासन दिया था lआज हिमाचल प्रदेश में कर्मचारियों की ग्रेजुएटी प्रदान कर मुख्यमंत्री महोदय ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए बहुत बड़ी राहत दी है जिसमें संगठन उनका व सरकार का तह दिल से धन्यवाद करता हैl उन्होंने कहा कि संगठन अपनी मुख्य मांग पुरानी पेंशन बहाली के लिए लगातार प्रयासरत है और अपनी मांग पूरी होने तक यह प्रयास लगातार जारी रखेगा l संगठन ने केंद्र सरकार की 2009 की मृत्यु और अपंगता पर पुरानी पेंशन संबंधित अधिसूचना को भी जल्द लागू करने बारे आग्रह किया है l उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है यह अधिसूचना भी हिमाचल प्रदेश में माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा जल्द लागू की जाएगी। संगठन के मुख्य प्रवक्ता सुभाष शर्मा, कानूनी सलाहकार अरुण धीमान, पंकज शर्मा, उपाध्यक्ष नित्यानंद, सुनील तोमर, भिंदर सिंह अजय राणा बलदेव बिष्ट मोनिका राणा मुख्य सलाहकार अश्वनी राणा, जावेद इकबाल, संदीप चंदेल, शैल चौहान, घनश्याम, जिला कांगड़ा के अध्यक्ष रजिंदर मिन्हास जिला चंबा के अध्यक्ष सुनील जी जरियाल जिला उन्ना के अध्यक्ष कमल महासचिव नीरज सैनी, हमीरपुर के अध्यक्ष राकेश कुमार मंडी के अध्यक्ष लेखराज कुल्लू के अध्यक्ष विनोद डोगरा, बिलासपुर के अध्यक्ष राजेंद्र वर्धन, सोलन के अध्यक्ष अशोक ठाकुर, सिरमौर के अध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर, किन्नौर के अध्यक्ष वीरेंद्र जिंटू, लाहौल के अध्यक्ष प्रताप कटोच वीरेंद्र ठाकुर देशराज पूर्व उपाध्यक्ष कपिल राघव तथा समस्त पेंशन विहीन कर्मचारियों ने सरकार का आभार व्यक्त किया है l
करीब 7 माह के लम्बे इंतज़ार के बाद हिमाचल में एक बार फिर कोचिंग संस्थानों को खोलने के आदेश जारी हो गए हैं। आज हिमाचल में सभी कोचिंग संसथान खोले जा सकेंगे। हिमाचल सरकार ने संस्थान खोलने के लिए एसओपी जारी कर दी है। एसओपी के मुताबिक विद्यार्थियों को अभिभावकों के सहमति पत्र पर ही कोचिंग संस्थान में प्रवेश मिलेगा। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। कोचिंग संस्थान के कमरे की क्षमता के 50 प्रतिशत विद्यार्थी ही संचालक बिठा सकेंगे। वहीं, छात्रों शिक्षकों व अभिभावकों के लिए फेस मास्क पहनना अनिवार्य रहेगा। इसके अलावा सैनिटाइजेशन का भी नियमित तौर पर बंदोबस्त करना होगा। संस्थान में सैनिटाइजर और हैंड वॉश/साबुन भी उपलब्ध करवाने होंगे। बता दें, बीते वर्ष दो नवंबर से सरकार ने कोचिंग संस्थान खोलने को मंजूरी दी थी। इस दौरान शिक्षण संस्थानों में कोरोना संक्रमण के कई मामले सामने आने के बाद 11 नवंबर को दोबारा से संस्थान बंद कर दिए गए थे। अब हिमाचल मंत्रिमंडल ने प्रतियोगी और बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों में जुटे विद्यार्थियों के लिए दोबारा से कोचिंग संस्थान खोल दिए हैं।
आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद शिमला महानगर इकाई की वर्ष 2020-2021 की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमे सूरज जमालटा को शिमला महानगर अध्यक्ष व रितिक पालसरा को शिमला महानगर मंत्री चुना गया। महानगर कार्यकारिणी गठन समारोह में संजय शर्मा ( शिमला विभाग प्रमुख) विशेष रूप से उपस्थित रहे। संजय शर्मा ने संगठनात्मक जानकारी देते हुए बताया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् वर्ष 1949 से छात्र व राष्ट्र हित में कार्य करती आई है व छात्रों में राष्ट्र पुर्ननिर्माण की भावना प्रवाहित करती आई है। पूर्व शिमला महानगर मंत्री निखिल ठाकुर ने विद्यार्थी परिषद द्वारा साल भर में किए गए कार्यों का ब्योरा देते हुए बताया कि विद्यार्थी परिषद ने पिछले वर्ष से शिमला महानगर इकाई में बहुत सी गतिविधियां की जैसे छात्र मांगो को लेकर धरना प्रदर्शन, कोविड काल में पीएम केयर फंड में सहायता राशि दान कि, पर्यावरण संरक्षण हेतु पौधारोपण कार्यक्रम किया तथा इस तरह के बहुत से कार्य साल भर में किए। इसके साथ साथ निखिल ने पुरानी नगर कार्यकारिणी भंग करने की घोषणा की। नव नियुक्त शिमला महानगर अध्यक्ष सूरज ने दायित्व ग्रहण करते हुए आश्वासन दिया कि विद्यार्थी परिषद आने वाले समय में भी पहले कि तरह छात्रों कि मांगो के लिए संघर्षरत रहेगी और छात्र व समाज हित में हमेशा कार्यशील रहेगी। इसके साथ साथ शिमला महानगर मंत्री रितिक पालसरा जी ने आश्वासन दिया कि वे परिषद् के कार्य को बखुबी निभाएंगे।
शिमला। उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना व मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना की समीक्षा करते हुए बताया कि योजना के तहत जिला उद्योग केन्द्र, खादी ग्रामोद्योग आयोग व खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा वित्त वर्ष 2020-21 में 19 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, जिस पर लगभग 34 लाख रुपये की सब्सिडी के रूप में लाभार्थियों को प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि योजना के कार्यान्वयन से संबंधित आ रही विभिन्न समस्याओं का सभी अधिकारी समन्वय स्थापित कर निष्पादन करें ताकि योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ प्रदान किया जा सके। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने बताया कि वर्ष 2020-21 में 132 परियोजनाआंे को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि योजना से संबंधित बैंकों में लंबित मामलों का जल्द से जल्द निपटारा करें ताकि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना से लाभार्थियों को लाभ प्रदान किया जा सके। इस अवसर पर सदस्य सचिव जीएमडीआईसी योगेश गुप्ता, विभिन्न बैंकों के अधिकारीगण उपस्थित थे।
आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्विद्यालय इकाई ने पुस्कालय प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। इकाई अध्यक्ष विशाल सकलानी ने जानकारी देते हुए बताया है कि बीते एक साल से पूरे विश्व मे कोरोना महामारी के चलते जहाँ एक तरफ जीवन अस्त व्यस्त है। वहीं शिक्षा के क्षेत्र में भी सबसे ज्यादा परेशानी वर्तमान के छात्रों को हो रही है। सकलानी ने बताया की प्रदेश विश्विद्यालय के शोधर्थियों के लिए पुस्तकालयों को शारीरिक दूरी के साथ खोला जाएं जिससे वे अपने शोध कार्य पूर्ण कर सकें और उनकी पढ़ाई में किसी भी प्रकार की कोई भी समस्याएं न आए। साथ ही हम देखते है कि इस वर्ष का सत्र भी प्राम्भ हो गया है परंतु अभी तक भी आम छात्रों को प्रदेश विश्विद्यालय के पुस्तकाल से किताबों को जारी नहीं किया जा रहा है जिससे आम छात्रों को बहुत समस्या का सामना करना पड़ रहा है अतः विश्विद्यालय प्रशासन जल्द से जल्द छात्रों के लिए किताबे जारी करने का प्रावधान करें। साथ ही पुस्तकालय की सारी किताबों का डिजिटलाइजेशन किया जाए। पुस्तकालय का सारा पुराना फर्नीचर बदल कर उसके स्थान पर नए फर्नीचर की व्यवस्था भी की जाए। अतः विद्यार्थी परिषद आशा करती है कि जिस प्रकार देश के अन्य विश्विद्यालय खोले गए है, उस ही तरह प्रदेश विश्विद्यालय के पुस्तकालय को भी खोला जाए।
हिमाचल प्रदेश के सेब विश्व विख्यात हैं। हिमाचल की वादियों में मिलने वाले सेब की डिमांड कभी कम नहीं होती। बरसों पहले हिमाचल में आया सेब का पहला पौधा यहां के लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं माना जा सकता। सेब ही वो कारण है की यहां के बागवानों के पास पैसे की कोई कमी नहीं। प्रदेश के लाखों परिवार सेब बागवानी से अच्छी कमाई कर लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते है की हिमाचल के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वाले इस सेब को हिमाचल लाने की सोच किसी हिमाचल के व्यक्ति कि नहीं बल्कि एक अंग्रेज़ की थी। इस सेब ने हिमाचल पहुँचने तक एक लम्बा सफर तय किया है। आज इस कहानी के माध्यम से हम आपको रूबरू करवाएंगे उस सफर से जिसने हिमाचल की छवि बदल कर रख दी। कहानी उस अंग्रेज़ की जो सैम्युल से सदानंद बन गया, कहानी उस रॉयल वैरायटी कि जिसने हिमाचल के बागवानों की किस्मत खोल दी। जब फेल हुई थी सेब की फसल हिमाचल में सेब कि खेती सबसे पहले मेजर लार्ड विलियम ने की थी। उस समय भारत अंग्रेज़ों के अधीन था और मेजर लार्ड विलियम कुल्लू के उपायुक्त थे। मेजर को कुल्लू की आबो हवा बेहत पसंद थी, साथ ही उन्हें लगा की यहां का वातावरण सेब की खेती के लिए पर्याप्त है। उन्होंने अपने साथियों को घाटी में सेब के उत्पादन के लिए प्रेरित किया और तब हिमाचल में सेब का पहला पौधा आया। ये बात सन 1870 की है। मेजर की इसी सोच को मुकाम तक पहचाने के लिए लार्ड विलियम के दोस्त कैप्टन आर सी ली ने कुल्लू से 5 किलो मीटर आगे बंदरोल में 38 एकड़ जमींन खरीदी और इंग्लैंड से अपने पिता से सेब की किस्में भारत मंगवाई। 1915 तक कुल्लू घाटी में 10 अंग्रेज़ सेब बागान बन चुके थे। इन बागानों में तैयार होने वाला सेब शिमला और जोगिंदर नगर भेजे जाने लगा। यातायात की सुविधा न होने की कारण सेब कुलियों द्वारा ढुलवाकर भेजा जाता था। हिमाचल में सेब की खेती शुरू तो हो गई थी मगर न तो ये सेब देखने में अच्छे थे और न ही इनका स्वाद अच्छा था। शायद इसीलिए हिमाचल में सेब लाने का श्रेय कैप्टन आर सी ली को नहीं बल्कि सैमुएल इवांस स्टोक्स को जाता है। कौन थे सैमुएल इवांस स्टोक्स सैमुएल इवांस स्टोक्स एक अमरीकी पुरुष थे, जो फिलाडेल्फ़िया के समृद्ध खानदान से थे। वह सन 1904 में भारत आए थे। स्टोक्स एक ईसाई मिशनरी थे व् ईसाई धर्म के प्रचार प्रसार में व्यस्त रहते थे। स्टोक्स हमेशा गरीब व बीमार लोगों की सेवा करते रहते थे। 1912 में उन्होंने यहीं की एक स्थानीय राजपूत-ईसाई लड़की से शादी कर अपनी बाकी ज़िंदगी यहीं गुज़ारने का फैसला किया। सैमुएल स्टोक्स से बने सत्यानंद स्टोक्स वह भारतीय संस्कृति तथा गुलामी के चलते भारतीयों पर हो रहे शोषण से इतने प्रभावित हुए कि आजादी की लड़ाई में कुद पड़े। वह खुद को हिन्दुस्तानी मान कर देश की सेवा में जुट गए और अपना नाम बदल कर सत्यानंद सटोक्स और पत्नी का नाम प्रिया देवी रख लिया। यंहा के लोगोँ की गरीबी देख कर उन्होंने सोचा की सिर्फ अनाज उगकर लोगोँ की गरीबी कम नहीं होगी। काफी शोध के बाद उन्होंने ने अमेरिका के स्टोक्स ब्रदर्स से सेब कि अच्छी किस्म मंगवाई। 1928 में स्टॉक्स के सेब के बगीचे के सेब तैयार हुए वो देखने में काफी सुंदर और स्वाद में भी काफी अच्छे थे। लोगों तक कैसे पहुंचा सेब स्टोक्स के बगीचे को देख कर स्थानीय लोग बेहद प्रभावित हुए। लोग उनके बागीचे में लगे सेब की कलमे चुरा कर अपने खेतो में लगाने लगे और इसी तरह सेब की यह किस्म किन्नौर, कुमारसेन और नारकंडा तक पहुँच गई। 1940 में पहली बार उनका सेब शिमला के बाजार में 50 व् 80 रुपये पेटी बिका जिसे देख स्टोक्स बेहद खुश हुए। उन्होंने सेब की खेती का प्रचार करना शुरू कर दिया, जिससे हिमाचल में सेब के बागानों का विस्तार होता गया। हिमाचल प्रदेश से स्टोक्स के बगीचे की 15 हजार पेटी सेब 1954 में दिल्ली की मार्किट में पहली बार पंहुचा, जो हिमाचल प्रदेश के लिए एक बड़े गर्व की बात थी। आज भी स्टोक्स के नक्शे कदमों पर चलते हुए बड़े बेटे स्वर्गीय प्रेम चंद के बेटे डा. विजय कुमार अपनी पुश्तैनी बगीचे पर नई किस्मों को ईजाद करने में जुटे हुए हैं। यहां प्रदेश का सबसे बड़ा सेब की नई किस्मों को तैयार करने वाला शोध केन्द्र बन गया है, जो हिमाचल प्रदेश के बागवानों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत हैं।
हिमाचल प्रदेश में बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट जारी है। पौंग डैम में हज़ारों प्रवासी पक्षी मृत मिलने के बाद अब बिलासपुर में भी 18 से 20 मृत कौवे मिले हैं। यह कौवे कोलबांध से सटे जमथल गांव में एक नाले में मरे हुए पाए गए। इससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल पैदा हो गया है। इसकी सूचना तुरंत ही सम्बंधित विभाग को दी गई जिसके बाद विभाग ने मौके पर पर पहुंच कर सैंपल जांच के लिए भेजे। मरे हुए कौवों को दफना दिया गया है। वहीं, ग्रामीणों के अनुसार मरे हुए कौवों की चोंच से झाग निकल रहा था। हालांकि, विभाग द्वारा इसकी पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल, विभाग ने इनके सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए है। इन कौवों की मौत का कारन तो रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा।
देश के कई राज्यों में स्कूल खोलने के बाद अब हिमाचल प्रदेश सरकार भी स्कूल खोलने को लेकर विचार कर रही है। बुधवार को प्रदेश के मुखयमंत्री जयराम ठाकुर ने विद्यार्थियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की, जिस दौरान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से जल्द से जल्द स्कूल खोलने की मांग के साथ वार्षिक परीक्षाओं को स्कूलों में ही आयोजित करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने विभाग के अधिकारीयों को स्कूल खोलने की संभावनाओं पर विचार करने के निर्देश दिए है। सबसे पहले बोर्ड की परीक्षाओं को स्कूल में आयोजित करवाने की संभावनाओं को लेकर प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसी के साथ ऐसे विद्यार्थी जो ऑनलइन पढाई शुरू होने के समय किन्हीं कारणों से सिलेबस कवर नहीं कर पाए, उनके लिए रिवीजन करवाने के लिए भी योजना बनाई जा रही है। एक सप्ताह के भीतर रिवीजन शुरू हो सकती है। विद्यार्थियों के साथ हुए संवाद के बाद शंकाएं दूर करने के लिए सप्ताह में एक दिन विशेष ऑनलाइन सत्र शुरू करने की भी तैयारी शुरू हो गई है। प्रदेश में बीते साल दो नवंबर से स्कूलों को खोला गया था, लेकिन कोरोना संक्रमण के मामले अधिक आने के चलते इन्हें बंद करना पड़ा था। अब कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आई है। ऐसे में स्कूलों को खोला जा सकता है। अभी प्रदेश में 12 फरवरी तक छुट्टियां घोषित की गई है। संभावित है की जनवरी के अंत या फरवरी के पहले सप्ताह में स्कूल खोल दिए जाएंगे।
कोरोना वायरस के कारन ठप पड़ी परिवहन सेवा धीरे-धीरे अब पूरी तरह सुचारु होने लगी है। आज हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम (HRTC) ने 10 माह के लम्बे अंतराल के बाद लग्जरी बस सेवा शुरू कर दी है। मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत पहले दिन ट्रायल के तौर पर चंडीगढ़ और दिल्ली रूट पर 7 बसों का संचालन किया जा रहा है। सुबह के समय शिमला से 9 बजे दिल्ली के लिए लग्जरी बस रवाना हुई। धर्मशाला से चंडीगढ़ और मनाली से चंडीगढ़ के लिए भी सुबह के समय लग्जरी चलाई गई। रात्रि सेवा के तहत शिमला से दिल्ली, बीड़-बैजनाथ-दिल्ली, धर्मशाला-दिल्ली और मनाली-दिल्ली रूट पर गुरुवार को वोल्वो बसें रवाना की गईं। प्रदेश सरकार की ओर से 100 फीसदी ऑक्युपेंसी पर बसें चलाने के निर्णय के बाद लग्जरी बसों का संचालन भी सौ फीसदी ऑक्युपेंसी पर हो रहा है। बस को रूटों पर भेजने से पहले कोरोना के सभी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। बसों को रूट पर भेजने से पहले सैनिटाइज किया जाएगा। सभी यात्रियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। अस्वस्थ यात्रियों को यात्रा की अनुमति नहीं होगी। चालक और परिचालकों को कोरोना से बचाव के लिए सभी आवश्यक एहतियात का पालन करना होगा। जैसे-जैसे रूटों पर यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, लग्जरी बसों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
आज हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी शिमला द्वारा साहित्य कला संवाद का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रदेश की प्रख्यात लेखिका कथाकार कवियत्री उपन्यासकार बाल साहित्य की सुप्रसिद्ध रचयिता स्व संतोष शैल्जा को श्रद्धासुमन एवं श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय मंत्री शांता कुमार ने चण्डीगढ़ के फोर्टिज अस्पताल से संवाद कायम किया। इस दौरान उन्होंने विरह और दृढ़ता के मिश्रित भाव से जीवन संगिनी के साथ बिताए समय को सांझा किया। उन्होंने कहा कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में, राजनीतिक जिम्मेदारी, प्रदेश व पार्टी के प्रति जिम्मेदारी को सफलतापूर्वक निभाने में शैल्जा के सहयोग के बिना सफल नहीं हो सकता था। आपातकाल के समय में जेल जाना और शासन के आगे न झुकना केवल संतोष की दृढ़ता से ही संभव हो सका। उन्होंने संतोष को याद करते हुए पंक्ति दोहराई ‘‘तुम्हारे होंठ भी थे बंद और मैं भी चुप था, फिर वो क्या था जो इतनी देर बोलता रहा, वो प्यार का एहसास था, वो प्यार का एहसास था।’’ उन्होंने ओशो के शब्द दोहराते हुए कहा कि ‘‘मौन के भी शब्द होते हैं और सन्नाटे का भी संगीत होता है।’’ उन्होंने कहा कि मृत्यु उपरांत संतोष का माथा स्निग्ध और चेहरा जीवन की पूर्णतया के आश्वासन का एहसास दिला रहा था। उन्होंने लोगों से निवेदन किया कि वे अपना प्यार उन्हें देते रहे। उन्होंने कहा कि मैंने हिम्मत से जीने का निर्णय किया है। हिम्मत प्रभु देंगे, प्यार आप देना और उन्होंने महामारी की इस काल में सभी के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा की कामना की, सभी को अपने-अपने घर पर नियमों का पालन करने का सलाह दी।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की उपस्थिति में सिक्स सिगमा हेल्थ केयर के साथ जिला शिमला और चूड़धार क्षेत्र में एशिया का प्रथम पर्वतीय संस्थान स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रुपये के निवेश के लिए आज एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया। सिक्स सिगमा हेल्थ केयर विशेषज्ञ पर्वतीय स्वास्थ्य टीम है, जिन्हें भारतीय सशस्त्र सेना द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। सिक्स सिगमा वर्ष 2009 से अधिक ऊंचाई वाली धार्मिक यात्रा जैसे अमरनाथ, कैलाश मानसरोवर, केदारनाथ, मणिमहेश और उत्तराखंड बाढ़ व नेपाल भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही है। बैठक में सिक्स सिगमा के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी डाॅ. प्रदीप भारद्वाज और सदस्यों मेजर जनरल अतुल कौशिक व शौविक चन्द्र दत्ता ने इस संस्थान को स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए कहा कि राज्य सरकार शिमला और सिरमौर जिलों में इस संस्थान को स्थापित करने के लिए भूमि खरीद के लिए सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कैलाश मणिमहेश यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए सिक्स सिगमा स्वास्थ्य देखभाल की टीम के प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्वतीय क्षेत्रों और धार्मिक यात्राओं में गुणवत्ता सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। डाॅ. प्रदीप भारद्वाज ने कहा कि इस संस्थान के क्रियाशील होने के उपरांत 727 युवाआंे को रोजगार उपलब्ध होगा। संस्थान का उद्देश्य अधिक ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में ऐलोपेथी, होम्योपैथी, आयुर्वेद, न्यूरोपैथी, योग में सभी प्रकार के शोध विकसित करना और पर्वतीय चिकित्सा के क्षेत्र में विशेषज्ञों को शिक्षित करना है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डाॅ. आरएन बत्ता, सिक्स सिगमा बोर्ड के सदस्य मेजर जनरल अतुल कौशिक भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज इन्दिरा गांधी आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में 18 बिस्तरों वाले प्रीफैब्रिकेटिड कोविड अस्पताल का विधिवत शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आईजीएमसी में कार्यरत सुरक्षा कर्मचारी, वार्ड अटैंडेंट, चीफ सुरक्षा अधिकारी भीम सिंह गुलेरिया व आउटसोर्स कर्मचारी संघ की देखरेख में रक्तदान शिविर का भी शुभारम्भ किया। इस दौरान 75 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। मुख्यमंत्री ने अपने जन्म दिवस के अवसर पर सभी रक्तदाताओं का गर्म स्वैटर भेंट कर धन्यवाद किया। उसके उपरान्त लोक कल्याण समिति के इंचार्ज राजेश सरस्वती व उनके सहयोगियों को कोरोना काल के दौरान कोविड ग्रसित मृतक लोगों के दाह संस्कार के लिए अपनी सेवाएं देने के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने ई. क्लीनिक, ई. कोर्ट एविडैंस, वीडियो काॅफ्रेंसिंग व टैलीमैडिसिन की सुविधा को प्रदेश की जनता के लिए समर्पित किया। इस अवसर पर किसान मोर्चा शिमला द्वारा भी रक्तदान शिविर में हिस्सा लिया गया और मुख्यमंत्री द्वारा सफाई कर्मचारियों को कंबल वितरित किए गए। लोक कल्याण समिति और समस्त कर्मचारियों द्वारा वहां उपस्थित सभी लोगों व उनके तामीरदारों को खिचड़ी व हलवा वितरित किया गया। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल का भी दौरा किया और नोफल चेरिटेबल संस्था द्वारा प्रदान की गई रोटी बनाने की मशीन का शुभारंभ किया। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज व सांसद सुरेश कश्यप, स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी, निदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान डाॅ. रवि चन्द शर्मा, प्रधानाचार्य डाॅ. रजनीश पठानिया, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. जनकराज व प्रशासनिक अधिकारी डाॅ. राहुल गुप्ता भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
बीते कल नारकण्डा में एक बेहत दुखद घटना पेश आई है। नारकण्डा से हाटु की ओर जा रहे हरियाणा के पर्यटकों की कार दुर्घटना के शिकार हो गई। कार में सवार 4 पर्यटकों में से 2 ने मौके पार ही दम तोड़ जबकि अन्य 2 गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक हरियाणा से आए पर्यटक भारी बर्फ़बारी के बीच हाटु की और बढ़ रहे थे। स्थानीय लोगों ने उन्हें सावधान भी किया पर उन्होंने एक न सुनी। वह हाटु की ओर शाम को 6:00 बजे रवाना हो गए। कुछ ही दूर चलने के बाद उनकी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई जिस से दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना की जानकारी SDM कुमारसैन ने अपने सोशल मीडिया पर दी है। उन्होंने इस घटना पर दुख जताया है। SDM ने अपने पोस्ट में लिखा, "कल एक बहुत दुखद घटना नारकंडा में घटी हरियाणा से आए 4 पर्यटक मना करने के बावजूद भी हाटु की ओर शाम को 6:00 बजे रवाना हो गए कुछ ही दूर चलने के बाद उनकी गाड़ी फिसल गई जिस से दो युवकों की जान मौके पर ही चली गई।" साथ ही उन्होंने बताया है कि प्रशासन ऐतिहातन तौर पर हाटु की तरफ बढ़ रही सड़क को आज से वाहनों कि आवाजाही के लिए बंद कर दिया है। उन्होंने चेतावनी भी दी है यदि कोई शरारती तत्व पर्यटन के नाम पर पर्यटकों को हाटु तक ले जाने कि व्यवस्था करते हैं तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लिखा, "प्रशासन ऐतिहातन तौर पर हाटु की तरफ बढ़ रही सड़क को आज से वाहनों के लिए बंद करने का आदेश देती है। पर अगर तब भी कुछ शरारती तत्व पर्यटन के नाम पर पर्यटकों को हाटु तक ले जाने का कोई भी व्यवस्था करते हैं तो उन पर उचित कार्रवाई जरूर होगी।" उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि आपकी सुरक्षा आपके अपने हाथ है इसलिए प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। उन्होंने दूसरे पर्यटकों को भी सचेत करने का आग्रह किया है। "व्यवसाय जरूरी है पर जान उससे भी ज्यादा कीमती है। मेरा आप सभी से आग्रह हैं अगर आप किसी पर्यटक को Hatu की तरफ जाते देखें तो अगर मौका लगे तो उनको जरूर सचेत करें कि आगे की राह उनके लिए सुरक्षित नहीं है। यह न केवल उन पर्यटकों के लिए लाभदायक होगा परंतु हमारे प्रशासन, पुलिस, डॉक्टर एवं स्थानीय वालंटियर जिन्होंने कल पूरी रात काम करके एक शव को नीचे से निकालने में मदद की उनकी जान के लिए भी राहत की बात होगी।" उन्हें लिखा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप भाजपा पदाधिकारियों सहित मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ आईजीएमसी एवं दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जयराम सरकार के 3 वर्ष उपलब्धि भरे रहे हैं और यह पहली बार हुआ है कि किसी मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश में हर वर्ग का ख्याल रखा है। उन्होंने कहा की राज्य सरकार का अगला 1 वर्ष समावेशी विकास का रहेगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ेगा। और ऊर्जावान, समर्पित, दृढ़ निश्चय एवं सरल स्वभाव वाले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को जन्मदिन की अनंत शुभकामनाएं। आपके कुशल नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश उन्नति एवं समृद्धि के पथ पर तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। ईश्वर से प्रार्थना है कि आप सदैव स्वस्थ एवं आनंदित रहें। उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के शासनकाल में‘जन-जन को स्वस्थ बनाना है, हिमाचल को आगे बढ़ाना है। इस संकल्प के साथ हिमाचल सरकार द्वारा ''हिमकेयर योजना'' के अंतर्गत अब तक चार लाख इकसठ हजार से अधिक को पंजीकृत किया जा चुका है और एक लाख पच्चीस हजार से अधिक मरीजों को लाभ दिया जा चुका है और हिमाचल देश का पहला धुआंमुक्त राज्य बना है। यह सब हिमाचल सरकार द्वारा शुरू की गई ‘‘मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा’’ योजना के प्रभावी कार्यान्वयन से संभव हुआ है। राज्य सरकार ने इस योजना के अंतर्गत प्रदेश में दो लाख नब्बे हजार से अधिक गैस कनेक्शन वितरित किए हैं। इस अवसर पर प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना एवं सह प्रभारी संजय टंडन ने भी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को उनके जन्मदिवस पर शुभकामनाएं दी। प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जयराम ठाकुर के नेतृत्व में सुशासन वाली सरकार चल रही है, और आने वाले समय में भी हिमाचल प्रदेश में विकास कार्य उत्तम गति से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा राज्य सरकार प्रदेशवासियों के घर पर जाकर समस्याओं का समाधान कर रही है। इसी दृष्टि से प्रदेश सरकार ने राज्य में "जनमंच" कार्यक्रम को प्रभावी तरीके से चलाया है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के हजारों परिवार लाभान्वित हो चुके हैं। जनमंच का पूर्ण श्रेय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को दिया जाता है।
अभी कोरोना का खतरा पूरी टला नहीं की भारत में एक और बीमारी ने अपने पैर पसार लिए है, कोरोना महामारी के बीच अब भारत के कई राज्यों में बर्ड फ्लू के मामले बढ़ते जा रहे हैं। राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में इस वायरस को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। पोल्ट्री फार्म, जलाशयों और प्रवासी पक्षियों पर विशेष निगरानी रखने को भी कहा गया है। साथ ही संक्रमण वाली जगहों पर मांस बेचने पर भी प्रतिबंध लगाया जा रहा है। इस बर्ड फ्लू के आने के बाद लोगों में दहशत का माहौल है। हिमाचल में सात दिन के भीतर मृतक परिंदों का आंकड़ा 2,403 पहुंच गया है। दिसंबर 2020 में जापान, साउथ कोरिया, वियतनाम और चार यूरोपीय देशों में बर्ड फ्लू के मामले आने शुरू हुए थे और अब ये भारत के कई हिस्सों में फैल चुका है। ये वायरस सिर्फ पक्षियों के लिए ही नहीं बल्कि इंसानों के लिए भी घातक साबित हो सकता है। WHO द्वारा जारी की गई वार्निंग में भी बर्ड फ्लू को इंसानों के लिए घातक बताया गया है? आइए जानते हैं कि आखिर बर्ड फ्लू होता क्या है और ये कैसे फैलता है? क्या होता है बर्ड फ्लू बर्ड फ्लू एक वायरल इंफेक्शन है जिसे एवियन इन्फ्लूएंजा (Avian Influenza) भी कहते हैं। ये एक पक्षी से दूसरे पक्षियों में फैलता है। बर्ड फ्लू का सबसे जानलेवा स्ट्रेन H5N1 होता है। H5N1 वायरस से संक्रमित पक्षियों की मौत भी हो सकती है। ये वायरस संक्रमित पक्षियों से अन्य जानवरों और इंसानों में भी फैल सकता है और इनमें भी ये वायरस इतना ही खतरनाक है। इंसानों में बर्ड फ्लू का पहला मामला 1997 में हॉन्ग कॉन्ग में आया था। उस समय इसके प्रकोप की वजह पोल्ट्री फार्म में संक्रमित मुर्गियों को बताया गया था। 1997 में बर्ड फ्लू से संक्रमित लगभग 60 फीसदी लोगों की मौत हो गई थी। ये बीमारी संक्रमित पक्षी के मल, नाक के स्राव, मुंह की लार या आंखों से निकलने वाली पानी के संपर्क में आने से होती है। H5N1 बर्ड फ्लू इंसानों में होने वाले आम फ्लू की तरह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से नहीं फैलता है। एक इंसान से दूसरे इंसान में तभी फैलता है जब दोनों के बीच बहुत करीबी संपर्क हो। जैसे कि संक्रमित बच्चे की देखभाल करने वाली मां या घर के किसी अन्य संक्रमित सदस्य का ख्याल रखने वाले लोग। किन पक्षियों में होता है बर्ड फ्लू बर्ड फ्लू प्रवासी जलीय पक्षियों खासतौर से जंगली बतख से प्राकृतिक रूप से फैलता है। इन जंगली पक्षियों से ये वायरस घरेलू मुर्गियों में फैल जाता है। जंगली पक्षियों से ये बीमारी सूअरों और गधों तक भी फैल जाती है। साल 2011 तक ये बीमारी बांग्लादेश, चीन, मिस्र, भारत, इंडोनेशिया और वियतनाम में फैल चुकी थी। इंसानों में कैसे फैलता है बर्ड फ्लू इंसानों में कैसे फैलता है बर्ड फ्लू- बर्ड फ्लू इंसानों में तभी फैलता है जब वो किसी संक्रमित पक्षी के संपर्क में आए हों। ये करीबी संपर्क कई मामलों में अलग-अलग हो सकता है। कुछ लोगों में ये संक्रमित पक्षियों की साफ-सफाई से फैल सकता है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन में ये पक्षियों के बाजार से फैला था। संक्रमित पक्षियों से दूषित पानी में तैरने-नहाने या मुर्गों और पक्षियों की लड़ाई छुड़वाने वाले लोगों में भी बर्ड फ्लू का संक्रमण हो सकता है। इसके अलावा संक्रमित जगहों पर जाने वाले, कच्चा या अधपका मुर्गा-अंडा खाने वाले लोगों में भी बर्ड फ्लू फैलने का खतरा होता है। H5N1 में लंबे समय तक जीवित रहने की क्षमता होती है। संक्रमित पक्षियों के मल और लार में ये वायरस 10 दिनों तक जिंदा रहता है। बर्ड फ्लू के लक्षण बर्ड फ्लू के लक्षण- बर्ड फ्लू होने पर आपको कफ, डायरिया, बुखार, सांस से जुड़ी दिक्कत, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश, नाक बहना और बेचैनी जैसी समस्या हो सकती है। अगर आपको लगता है कि आप बर्ड फ्लू की चपेट में आ गए हैं तो किसी और के संपर्क में आने से पहले डॉक्टर को दिखाएं। क्या है इलाज अलग-अलग तरह के बर्ड फ्लू का अलग-अलग तरीकों से इलाज किया जाता है लेकिन ज्यादातर मामलों में एंटीवायरल दवाओं से इसका इलाज किया जाता है। लक्षण दिखने के 48 घंटों के भीतर इसकी दवाएं लेनी जरूरी होती हैं। बर्ड फ्लू से संक्रमित व्यक्ति के अलावा, उसके संपर्क में आए घर के अन्य सदस्यों को भी ये दवाएं ली जाने की सलाह दी जाती है, भले ही उन लोगों में बीमारी के लक्षण ना हो। कैसे करें बचाव जो भी बचाव के तरीके हम कोरोना महामारी के लिए इस्तेमाल कर रहे है जैसे मास्क लगाना, संक्रमितों से दुरी बनाएं रखना, सांइटिज़ेर का इस्तेमाल करना, ये सभी आदतें हमें बर्ड फ्लू से बचा सकती है। इसके साथ ही हमें संक्रमण वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए, अधपक्के मास का सेवन नहीं करना चाहिए।
Avian Influenza (AI) viruses have been circulating worldwide for centuries with four known major outbreaks recorded in the last century. India notified the first outbreak of avian influenza in 2006. Infection in humans is not yet reported in India though the disease is zoonotic. There is no direct evidence that AI viruses can be transmitted to humans via the consumption of contaminated poultry products. Implementing management practices that incorporate bio security principles, personal hygiene, and cleaning and disinfection protocols, as well as cooking and processing standards, are effective means of controlling the spread of the AI viruses. In India, the disease spreads mainly by migratory birds coming into India during winter months i.e. from September – October to February – March. The secondary spread by human handling (through fomites) cannot be ruled out. Present outbreak After confirmation of positive samples from ICAR-NIHSAD, AI has been reported from the following States (at 12 epicentres) – Rajasthan(crow) - Baran, Kota, Jhalawar Madhya Pradesh(crow) - Mandsaur, Indore, Malwa Himachal Pradesh (migratory birds) - Kangra Kerala (poultry-duck) - Kottayam, Allapuzha (4 epicentres) Accordingly, an advisory has been issued each to the States of Rajasthan and MP on 1st January 2021, so as to avoid further spread of the infection. As per the information received from State of Madhya Pradesh and Rajasthan control measures is being taken as per the guidelines of National Action Plan of Avian Influenza. Another advisory has been issued on 5th January, 2021 to HP where the State has been advised to take measures so as to avoid further spread of disease to poultry. As per the report received, Kerala has already initiated control and containment operations from 05.01.20121 at epicentres and culling process is in operation. Department of Animal Husbandry & Dairying, Government of India has also set up a control room in New Delhi to keep watch on the situation and to take stock on daily basis of preventive and control measures undertaken by State authorities. The measures suggested to the affected States to contain the disease and prevent further spread as per the Action Plan on Avian Influenza include strengthening the bio security of poultry farms, disinfection of affected areas, proper disposal of dead birds/carcasses, timely collection and submission of samples for confirmation and further surveillance, intensification of surveillance plan as well as the general guidelines for prevention of disease spread from affected birds to poultry and human. Coordination with forest department for reporting any unusual mortality of birds was also suggested to the States. The other states were also requested to keep a vigil on any unusual mortality amongst birds and to report immediately to take necessary measures.
कोरोना महामारी के बाद अब प्रदेश में बर्ड फ्लू के घातक H5N1 वायरस के काले बादल मंडरा रहा है। इस घातक वायरस से पक्षी ही नहीं इंसान भी खतरे में हैं। इसी के चलते स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के लिए प्रदेश सरकार से इंसानों में बर्ड फ्लू की टेस्टिंग के लिए अनुमति मांगी है। विभाग ने यह कदम इसलिए उठाए हैं ताकि बर्ड फ्लू के लक्षणों की समय पर जांच व उपचार हो सके। इसके अलावा फील्ड कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि फ्लू के लक्षण मिलने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करें। मंगलवार को विभाग ने एच5 एन1 फ्लू को हराने के लिए कांगड़ा जिले में ब्लॉक स्तर पर दवाइयां पहुंचा दी हैं। आयुर्वेद विभाग लोगों को इम्युनिटी बढ़ाने के लिए घरेलू नुस्खे और आयुर्वेदिक काढ़ा इस्तेमाल करने की सलाह दे रहा है। अधिकारियों का कहना है कि घर में भी लोग तुलसी, लौंग, काली मिर्च और आंवले का इस्तेमाल कर अपनी इम्युनिटी बढ़ा सकते हैं। उनका कहना है कि किसी भी फ्लू से बचने के लिए इम्युनिटी और विटामिन-सी लेना बेहद जरूरी है।
सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटिड ने आज राज भवन शिमला में आयोजित एक कार्यक्रम में राज्य रेडक्राॅस को एक एम्बूलेंस भेंट की। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने एसजेवीएनएल के अध्यक्ष और प्रबन्धन निदेशक नन्द लाल शर्मा द्वारा निगम की ओर से भेंट की गई एम्बूलेंस की चाबियां प्राप्त कीं। हिमाचल प्रदेश रेडक्राॅस कल्याण शाखा की अध्यक्षा डाॅ. साधना ठाकुर भी इस अवसर पर उपस्थित थीं। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि यह एक पुनीत कार्य है। इसके माध्यम से आपात परिस्थितियों में मरीजों को सुविधा प्रदान करने और रेडक्राॅस की गतिविधियों को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी। दत्तात्रेय ने सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्वहन करने के लिए एसजेवीएनएल के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इससे अन्य संस्थानों को भी प्रेरणा मिलेगी और वह समाज के गरीब व वंचित वर्गों के लोगों की निस्वार्थ भाव से सेवा के लिए कार्यरत राज्य रेडक्राॅस को उदारतापूर्वक अंशदान के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने प्रदेश में जल विद्युत क्षमता के दोहन के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्वहन के लिए निगम के प्रयासों की सराहना की। डाॅ. साधना ठाकुर ने राज्यपाल को शाखा की गतिविधियों से भी अवगत करवाया और कहा कि आने वाले दिनों में रेडक्राॅस की गतिविधियों को और अधिक गति प्रदान की जाएगी। इसके उपरान्त, डाॅ. साधना ठाकुर ने मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास केन्द्र शिमला के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. संजय पाठक को एम्बूलेंस की चाबियां सौंपी। नन्द लाल शर्मा ने एसजेवीएनएल द्वारा भारत के विभिन्न हिस्सों और विदेश में कार्यान्वित की जा रही विभिन्न परियोजनाओं के बारे में राज्यपाल को अवगत करवाया। राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर और राज्य रेडक्राॅस के महासचिव पी.एस. राणा, राज्य रेडक्राॅस के सचिव व अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश राज्य मंत्रिमंडल की बैठक मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। मंत्रिमंडल ने भारत में कोरोना वैक्सीन के प्रयोग को अनुमति देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करने के लिए प्रस्ताव पारित किया। इससे भारत विश्व के अन्य देशों में अग्रणी बना है। मंत्रिमण्डल ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत वैक्सीन के उत्पादन के लिए देश के वैज्ञानिकों का भी आभार व्यक्त किया। मंत्रिमण्डल ने अमेरिका की डेटा फर्म माॅर्निंग कंसल्ट द्वारा देश में कोविड-19 महामारी को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दुनिया भर में सर्वश्रेष्ठ और सबसे लोकप्रिय राजनेता आंके जाने पर बधाई दी है। मंत्रिमण्डल ने शिमला, कांगड़ा, मण्डी और कुल्लू जिलों में लगाए गए रात्रि क्फ्र्यू को हटाने और प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों में पहले की तरह छः दिन के कार्य दिवस को बहाल करने का निर्णय लिया। मंत्रिमण्डल ने राज्य में प्रशिक्षण कक्षाओं को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ अनुमति प्रदान करने का निर्णय लिया। इसके लिए राज्य शिक्षा विभाग द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया जारी की जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग के आग्रह पर मंत्रिमण्डल ने आंतरिक बैठकों में 50 से अधिक लोगों को अनुमति नहीं देने की शर्त में छूट देने का निर्णय लिया है। इससे आयोग को चुनाव से सम्बन्धित प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रभावी तरीके से चलाने में मदद मिलेगी। राज्य में कोविड-19 की परिस्थिति के दृष्टिगत मंत्रिमण्डल ने आईजीएमसी शिमला, सीएचसी नालागढ़ और डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा मंे मेक शिफ्ट अस्पतालों को कार्यशील बनाने का निर्णय लिया। इसके लिए वार्ड सिस्टर, स्टाफ नर्सों, डीईओज और चतुर्थ श्रेणी को कुछ समय के लिए आउट सोर्स आधार पर जबकि चिकित्सा अधिकारियों की व्यवस्था फ्रेश अथवा सीधे वाॅक इन इन्टरव्यू के माध्यम से की जाएगी। भविष्य में कोविड की परिस्थिति के दृष्टिगत एचएलएल के प्रस्ताव को अस्थगित रखने का निर्णय लिया गया है। मंत्रिमण्डल ने राज्य में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, हिम केयर योजना और राजकीय चिकित्सा प्रतिपूर्ति योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए निजी अस्पतालों के पंजीकरण हेतु सिंगल विंडो एम्पेन्लमेंट शुरू करने को भी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमण्डल के समक्ष बागवानी विभाग ने मार्च, 2021 तक छः माह के लक्ष्यों और अपै्रल, 2021 से मार्च, 2022 तक के लक्ष्यों के बारे में प्रस्तुति दी। इस अवसर पर पशु पालन विभाग ने भी एवियन इन्फ्लुएंजा के बारे में प्रस्तुति दी। मंत्रिमण्डल ने स्वास्थ्य और पशु पालन विभाग को एवियन फ्लू की उचित दवाओं और कर्मचारियों के लिए पीपीई किट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का परामर्श दिया। मंत्रिमण्डल ने उपायुक्त जिला कांगड़ा द्वारा आवागमन के लिए लगाए गए प्रतिबन्धों की सख्ती से अनुपालना करने की सलाह दी।
उपमंडल चौपाल में नामांकन जांच के दौरान वार्ड 14 पौडीया नेरवा से भाजपा की बागी उम्मीदवार रमला रांटा का नामांकन रद्द हो गया है। रमला रांटा वोटर लिस्ट में नाम न होने के कारण नामांकन रद्द हो गया। गौरतलब है कि रमला रांटा ने हाल ही में भाजपा महिला मोर्चा के पद से इस्तीफा दिया था और जिला परिषद के लिए बतौर निर्दलीय उम्मीदवार नामांकन भरा था। रमला निवर्तमान पंचायत समिति चौपाल के देवत वार्ड से भी सदस्य हैं। एसडीएम नरेंद्र चौहान ने कहा कि वोटर लिस्ट में नाम न होने के कारण रमला रांटा का नामांकन रद्द किया गया है। अब जिला परिषद वार्ड 12 सराह (चौपाल) से 4 उम्मीदवार, वार्ड 13 मझौली (कुपवी) से 8 उम्मीदवार जबकि वार्ड 14 पौडीया (नेरवा) से तीन उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इसके अलावा पंचायत समिति में भी दो उम्मीदवारों वार्ड 6 धनत से शक्ति कुमारी और सपना के नामांकन रद्द हो गए हैं। तहसीलदार चौपाल उमेश शर्मा ने बताया कि शक्ति कुमारी और सपना के नामांकन पत्रों में त्रुटियां होने के कारण नामांकन रद्द किए गए हैं। काबिले गौर रहे की रमला रांटा जिला परिषद की सबसे प्रबल दावेदार मानी जा रही थी लेकिन नामांकन रद्द होने के चलते उनके समर्थकों में खासी निराशा देखी जा रही है और इसका सीधा फायदा भाजपा को मिलना तय माना माना जा रहा है।
शहर में नशे के बढ़ते कारोबार के चलते पुलिस ने नशा तस्करो पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस ने किन्नौर से चंडीगढ़ जा रही एचआरटीसी की बस से नशे की बड़ी खेप बरामद की है। जिला पुलिस को यह कामयाबी किन्नौर के छितकुल से चंडीगढ़ जा रही एचआरटीसी बस की चेकिंग के दौरान मिली है। जानकारी के अनुसार शोघी के खवारा पुलिस स्टेशन के पास पुलिस की टीम ने नाका लगाया था। नाके के दौरान बस की चेकिंग की गई। इस दौरान बस में सवार नेपाली मूल के भगत सिंह के पास से 6.855 किलो ग्राम अफीम बरामद की गई है। वहीं इस बारे में एसपी मोहित चावला ने बतया कि आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस के तहत करवाई की जाएगी।
कोरोना के नए स्ट्रेन की चिंता के बाद अब देश भर में बर्ड फ्लू का खतरा मंडरा गया है। हरियाणा में 1लाख मुर्गिओं की मौत ने देश भर में डर का माहौल बना दिए है। 5 दिसंबर को हरियाणा के बरवाला क्षेत्र में रहस्यमय तरीके से मुर्गियों के मरने का सिलसिला शुरू हुआ,जिसके चलते यहां करीब एक लाख मुर्गी और चूजों की मौत हो चुकी है। राज्य के पशुपालन विभाग ने प्रभावित फार्मो में पाई गई मृत मुर्गियां के 80 सैम्पल इकट्ठे कर उन्हें जांच के लिए जालंधर की रीजनल डिजीज डायग्नोस्टिक लैबोरेट्री में भेज दिए है। राजस्थान, मध्यप्रदेश के बाद हिमाचल और केरल में बर्ड फ्लू की चिंता को मध्यनज़र राज्य सरकारों ने अब अलर्ट जारी कर दिए है। पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल ने बताया कि 'कौओं के सैम्पल भोपाल की स्टेट डी.आई. लैब भेजे गए हैं. इंदौर और मंदसौर से भेजे गए सैंपल में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के पॉन्ग डैम की झील में मरे प्रवासी पक्षिओं की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है, जिसके चलते प्रशासन ने डैम के नजदीक मांस व अंडा बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
जयराम सरकार की इस साल की पहली कैबिनेट बैठक सचिवालय में शुरू हो गई है। आज की इस कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले होने के आसार है। हालांकि, पंचायती राज चुनाव की आदर्श चुनाव आचार संहिता के चलते सरकार कोई बड़ी घोषणा तो कैबिनेट में नहीं कर सकती है, लेकिन कोविड-19, हिमाचल दिवस और गणतंत्र दिवस को लेकर कैबिनेट में रणनीति बन सकती है। इसके अलावा बर्ड फ्लू की दस्तक को लेकर भी कैबिनेट में चर्चा की जाएगी। कोरोना वैक्सीन ट्रायल को लेकर भी कैबिनेट में चर्चा हो सकती है। वही चार ज़िलों में लागू रात्रि कर्फ्यू को लेकर भी कैबिनेट में आज नया फैसला लिया जा सकता है। कैबिनेट में विभिन्न विभागों की प्रेजेंटेशन दी जा सकती है। इसके अलावा कई अन्य निर्णय लिए जा सकते है जो चुनाव आचार संहिता के दायरे में नहीं आते हों। बता दें कि जयराम सरकार ऐसी पहली सरकार है जिसने सत्ता में आने से पहले हर माह 3 कैबिनेट बैठक करने का निर्णय लिया था। यही वजह है कि हर माह पहले तीसरे और चौथे हफ्ते में कैबिनेट हो जाती है। इसके अलावा बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए जा सकते हैं।


















































