मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि अपनी जान जोखिम में डालकर देश के विभिन्न राज्यों में फंसे हिमाचलियों को वापिस लाने के कार्य में लगे हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के चालकों व परिचालकों की मृत्यु होने पर उनके परिवार को सरकार ने 50 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान देने का निर्णय लिया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार कोविड-19 से निपटने में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और उन्हें सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरण जैसे मास्क, दस्ताने इत्यादि उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के दृष्टिगत राजस्थान के कोटा, दिल्ली, चण्डीगढ़ ट्राई सिटी-मोहाली, पंचकूला व चण्डीगढ़ सहित देश के अन्य हिस्सों में भारी संख्या में फंसे हिमाचली विद्यार्थियों को हिमाचल प्रदेश वापिस लाने में एचआरटीसी के चालकों व परिचालकों के योगदान की सराहना की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी वाराणसी के विभिन्न शिक्षा संस्थानों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हिमाचल प्रदेश के 22 विद्यार्थियों को सुरक्षित वापिस भेजने के प्रबन्धों के लिए आभार व्यक्त किया। इन विद्यार्थियों के वीरवार तक वापिस पहुंचने की संभावना है।
भाजपा हिमाचल प्रदेश ने 5 मई, 2020 से कोरोना महामारी के दृष्टिगत सेवा का तीसरा चरण शुरू कर दिया है। ऐसा डा राजीव बिन्दल प्रदेशाध्यक्ष भाजपा ने प्रदेश स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस करने के बाद कहा। उन्होंने कहा कि पिछले 1 महीने 15 दिन से भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता सेवा में लीन है, उन्होंने कहा की भाजपा ने 300 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 14000 कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क किया है। उन्होंने कहा कि अगले माह भाजपा 400 से अधिक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से 30,000 से ज्यादा कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करने जा रही है। भाजपा अपने अगले चरण में पन्ना प्रमुखों तक की बैठके वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से करने वाली है। देश भर में भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश आधुनिकरण में सबसे आगे चल रहा है। भाजपा हिमाचल प्रदेश ने एक महीने का अपनी पूरी कार्य योजना बनाकर उसे प्रदेशभर में जारी कर दिया है। बिन्दल ने कहा कि देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आहवान पर गांव गांव, घर-घर पहुंचाने का काम करेंगे, वह संदेश है दो गज की दूरी बहुत है जरूरी सावधानी हटी दुर्घटना घटी फेस कवर लगाएं सुरक्षा पाएं। बिन्दल ने बताया कि 29 मार्च से 4 मई के बीच में 4,58,510 भोजन के पैकेट; 99,334 मोदी राशन किट; 17,22,219 फेस मास्क; 1,81,60,191 रू पीएम केयर फंड में तथा 7,33,25,451 रू का सीएम कोविड-19 फंड में सहयोग दिया है। अब तक प्रदेश में 22,33,076 लोगों को लाभ पहुंचाया गया है। इसके साथ ही 8 लाख के लगभग आरोग्य ऐप हिमाचल प्रदेश में डाउनलोड की गई है। हमें सभी को आरोग्य ऐप डाउनलोड करने के लिए कहना है। इस प्रकार हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने आज तक के कार्यों से देशभर में अपना स्थान बनाया है व आगामी कार्यों से और श्रेष्ठ स्थान बनाएगी। वीडियो कॉन्फ्रेंस में सांसद रामस्वरूप शर्मा, सुरेश कश्यप, किशन कपूर, राज्यसभा सांसद इंदू गोस्वामी, मंत्री विक्रम ठाकुर, डा राजीव सहजल, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा, सतपाल सिंह सत्ती सहित तीनों महामंत्री, आठ उपाध्यक्ष, आठ सचिव, कोषाध्यक्ष, प्रमुख प्रवक्तागण, मीडिया प्रभारी, सह प्रभारीगण, मोर्चों, प्रकोष्ठों के अध्यक्षगण जुड़े।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रदेश में कोरोना के चार मामले पाए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यह कहीं न कहीं प्रशासन की लापरवाही ही नज़र आ रही है। उनका कहना है कि एक ओर जहां प्रदेश के लोग लॉक डाउन का पूरा पालन किए हुए है, वही बाहर से आने वाले संक्रमित लोगों ने प्रदेश में इसकी चिंता को बढ़ा दिया है। उन्होंने इस माहमारी से अब तक दो लोगों की मौत पर भी दुःख व्यक्त किया है। वीरभद्र सिंह ने कहा कि लॉक डाउन के तीसरे चरण में मंडी जिला में एकाएक दो लोगों के कोरोना से संक्रमित पाया जाना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा है अन्य राज्यों से जो लोग प्रदेश में अपने घर लौट रहे है उनकी पूरी तरह से स्क्रीनिंग न किया जाना इसका मुख्य कारण लगता है और जिस तादाद से लोग यहां अपने घर आ रहें है उससे इस माहमारी के संक्रमण बढ़ने की किसी भी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। वीरभद्र सिंह ने कहा है कि जो भी लोग प्रदेश में अपने घर आ रहें है उनकें पूरे स्वास्थ्य की जांच कर पूरा कोरोना प्रोटोकॉल फॉलो किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा है कि कोरोना का असर देश प्रदेश से जल्दी जाने वाला नही लगता। इसके लिए कोई ठोस कार्य योजनाएं बनाए जाने की बहुत ही जरूरत रहेगी। उन्होंने कहा है कि उन्होंने पिछले दिनों जो अपने पत्र में प्रदेश सरकार को सुझाब दिए थे उसे उनपर जल्द कार्य शुरू कर देना चाहिए। इससे पहले की यह माहमारी कोई विकराल रूप न ले ले इसके लिए प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में टेस्टिंग किट्स सुरक्षा के उपकरण, बेंन्टीलेटर इत्यादि की व्यवस्था की जानी चाहिए। साथ हीं स्वास्थ्य सेवाओं में समय के अनुरूप विस्तार के लिए ओर अधिक बजट का विशेष प्रावधान करने की जरूरत भी रहेगी जिससे जिला के सभी अस्पतालों में टेस्टिंग सुविधा से इस प्रकार की किसी भी माहमारी का तुरंत पता लग सकें। वीरभद्र सिंह ने कहा है कि लॉक डाउन की बजह से बेरोजगारी के चलते अन्य राज्यों की भांति प्रदेश से भी हजारों कामगार, लेबर अपने अपने घरों को पलायन कर चुकी है। उनका कहना है कि इसका प्रदेश की आर्थिकी पर विपरीत असर पड़ेगा। प्रदेश में कृषि और बागवानी में लेबर का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान रहता है,इस बार इनके यहां न होने से एक बड़ी गंभीर समस्या पैदा होने वाली है। उनका कहना है कि अगर प्रदेश सरकार ने लॉक डाउन के इस समय में इनके खाने पीने की अगर कोई उचित व्यवस्था की होती तो इस समस्या से बचा जा सकता था। वीरभद्र सिंह ने कहा है कि आज देश मे कोरोना को लेकर जो गंभीर हालत पैदा हो गए है वह बड़ी चिंता का विषय बन गया है। उन्होंने कहा है कि देश में आज लोगों के बीच एक अफरातफरी का माहौल बना हुआ है। लाखो लोग बेरोजगारी की मार झेलते हुए अपने घरों को जानें के लिए आतुर है। देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह एक जगह ठहर गई है। देश मे भयानक मंदी का दौर शुरू हो गया है। आने वाला समय और भी भयबह हो सकता है, अगर अभी से कोई ऐसे कदम न उठाए गए जिनमें अर्थव्यवस्था के साथ साथ रोजगार को भी गति मिल सकें।
लाहुल स्पीति के काजा उप मंडल में गर्भवती महिला को कमला नेहरू अस्पताल शिमला के लिए मंगलावर को एयरलिफ्ट किया गया। 29 वर्षीय तेंजिन खचित आठ माह की गर्भवती है जोकि गांव पांगमो की स्थाई निवासी है, 13 अप्रैल को अचानक तबियत खराब हो गई। परिजन तुरन्त काजा अस्पताल में ले आए। लेकिन काफी देर तक तबियत में कोई सुधार नहीं आया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने कमला नेहरू अस्पताल शिमला रेफर करने का फैसला लिया। अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त दंडाधिकारी ज्ञान सागर नेगी को जारी जानकारी दी। इसके बाद ज्ञान सागर नेगी ने कृषि मंत्री डॉ राम लाल मार्कंडेय से संपर्क किया। फिर हेलीकॉप्टर की सुविधा मुहैया करवाने की बात रखी। तुरन्त कृषि मंत्री ने आला अधिकारियों से बात करके मंगलवार को गर्भवती महिला को एयरलिफ्ट का प्रबन्ध किया गया। मंगलवार को महिला मरीज को तीमारदार सहित कमला नेहरू अस्पताल एयरलिफ्ट किया गया। बीएमओ तेंजिन नोरबू ने बताया कि महिला पीड़िता काफी बीमार थी। इस वजह से उन्हें तुरंत रैफर किया गया। मंत्री और एडीएम की मदद से मंगलवार को मरीज कमला नेहरू अस्पताल शिमला भेज दिया गया है। कृषि मंत्री डॉ राम लाल मार्कंडेय ने कहा कि जैसे ही प्रशासन ने मरीज के बारे में बताया मैंने तुरन्त अधिकारियों से संपर्क करके जितनी जल्दी हो सका। इन्हें एयरलिफ्ट करने का कार्य शुरू किया। मंगलवार को सफलतापूर्वक एयरलिफ्ट कर दिया गया है। लाहुल स्पीति के लोगों के लिए हेलीकॉप्टर की सुविधा मददगार साबित हो रही है। हमेशा अपातकालीन परिस्थितियों में हेलीकॉप्टर से लोगों को सुविधा ही मिली है। अतिरिक्त दंडाधिकारी ज्ञान सागर नेगी ने बताया कि मंत्री के दिशनिर्देशों के अनुसार एयरलिफ्ट करके मरीज शिमला रैफर कर दिया है। अपातकालीन परिस्थितियों में तुरन्त हेलीकॉप्टर की सुविधा ली जाती है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने मंगलवार को इन्दिरा गांधी मेडिकल काॅलेज शिमला, डाॅ राजेन्द्र प्रसाद राजकीय मेडिकल काॅलेज टांडा, कांगड़ा और श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल काॅलेज नेरचैक के चिकित्सकों, पैरा मेडिकल स्टाफ और सफाई कर्मचारियों से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से बातचीत करते हुए प्रदेश में कोरोना वायरस से जूझ रहे मरीजों को बेहतरीन सेवाएं देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इन तीनों चिकित्सा संस्थानों ने कोविड-19 के प्रारम्भिक मामलों का उपचार किया था। इन चिकित्सकों, पैरा मेडिकल स्टाफ और सफाई कर्मचारियों को अब क्वारंटीन में रखा गया है। मुख्यमत्रीं ने कहा कि इन चिकित्सकों, पैरा मेडिकल स्टाफ और सफाई कर्मचारियों की सेवाएं सराहनीय हैं और प्रदेश की जनता इनकी निःस्वार्थ सेवाओं के लिए इनकी आभारी है। उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य होने के उपरान्त वह स्वयं इन सभी कोरोना योद्धाओं से बातचीत करेंगे। इन्दिरा गांधी मेडिकल काॅलेज शिमला के डाॅ लोकेश, डाॅ निशांत, डाॅ सतीश, डाॅ मनोज और सिस्टर शीला व सिस्टर प्रियंका से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के मरीजों के उपचार कि लिए उन्होंने निर्भिक और निःस्वार्थ सेवाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने डाॅ यामिनी, डाॅ हिमांशु, डाॅ रजत, डाॅ नितीश और डाॅ मनु शर्मा से भी बातचीत की और कोविड-19 के मरीजों के उपचार के प्रति उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने दूरभाष के माध्यम से टांडा अस्पताल में कोविड-19 के पहले दो पाॅजिटिव मरीजों से अस्पताल से छुट्टी के उपरान्त स्वयं बातचीत की। उन्होंने कहा कि दोनों मरीजों ने टांडा मेडिकल काॅलेज के कर्मचारियों द्वारा दी गई सेवाओं की सराहना की है। जय राम ठाकुर ने डाॅ रेखा बंसल, डाॅ राजेश कुमार के अतिरिक्त श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल काॅलेज नेरचैक जिला मण्डी के प्रधानाचार्य डाॅ रजनीश पठानिया से भी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने कोविड-19 के मरीजों के प्रति उनकी सेवाओं की सराहना करते हुए उनके मरीजों के उपचार के अनुभवों को भी सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कोरोना योद्धाओं द्वारा दी गई सेवाएं निःसन्देह चिकित्सा क्षेत्र में प्रेरणादायक हैं। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने स्काइप के जरिये शिमला जिला के कुड्डू बैरियर में तैनात एएसआई चिंतामणि और नेरवा में तैनात एएसआई लोकेंद्र से बातचीत की। उन्होंने सिरमौर जिला में तैनात हैड कांस्टेबल आशु अग्रवाल और सोलन जिला के परवाणु में कार्यरत इंस्पेक्टर रवींद्र कुमार से भी बातचीत की। जय राम ठाकुर ने कोराना वायरस के कारण प्रदेश में लगाए गए कफ्र्यू के दौरान सराहनीय सेवाएं देने के लिए इन सभी पुलिस कर्मियों की प्रशंसा की। उन्होंने सभी से अपनी सुरक्षा का ध्यान रखने का भी आग्रह किया।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ राजभवन में आयोजित बैठक में कहा कि मौजूदा लाॅकडाऊन की स्थिति में राज्य में गैर-पंजीकृत श्रमिकों को भी प्रतिमाह वित्तीय सहायता और एक माह का राशन दिए जाने की व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि उन्हें इस स्थिति में किसी समस्या का सामना न करना पड़े। राज्यपाल ने कहा कि गैर-पंजीकृत श्रमिकों और गैर पंजीकृत ठेकेदारों की संख्या का आंकड़ा रखा जाना चाहिए और कोशिश की जा सकती है कि इस स्थिति में गैर-पंजीकृत श्रमिकों के लिए छोटे स्तर पर शिविर लगाए जा सकें। उन्होंने कहा कि लाॅकडाऊन खत्म होने के साथ ही ऐसे प्रवासी श्रमिक जो वापस अपने राज्य जाना चाहते हैं, उनके लिए व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने आग्रह किया कि ऐसे समय में इन मजदूरों को उद्योगों से नहीं निकाला जाना चाहिए और इसके लिए विभाग को उद्योग विभाग से भी समन्वय स्थापित करना चाहिए। दत्तात्रेय ने कहा कि राज्य में ईएसआईसी औषधालयों की सेवाओं का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए ताकि अधिक से अधिक श्रमिकों को लाभ मिल सके। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव निशा सिंह ने राज्यपाल को विभाग की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल ने भाजपा प्रदेश कार्यालय दीपकमल चक्कर मे भारत रत्न बाबासाहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की 129वी जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा बाबासाहेब अम्बेडकर का सामाजिक, आर्थिक और वैधानिक दृष्टिकोण, एक सर्वसमावेशी समाज के निर्माण और उत्तम राष्ट्र संचालन की दिशा में सदैव हमारा मार्गदर्शन करता है। जम्वाल ने कहा बाबासाहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर समस्त भाजपा कार्यकर्ताओं की तरफ से उन्हें नमन करते हुए हम संकल्पित भाव से उनके आदर्शों और विचारों को समाज जीवन में आगे बढ़ाने का प्रण लेते हैं। उन्होंने कहा बाबासाहेब अम्बेडकर जी का व्यक्तित्व बहुआयामी था। अपने जीवन के 65 सालों में सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, शैक्षणिक, धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, संवैधानिक क्षेत्रों में उनका योगदान अविस्मरणीय है। आधुनिक भारत के निर्माण में बाबासाहेब का योगदान और उनकी भूमिका के लिए राष्ट्र सदैव उनके प्रति कृतज्ञ रहेगा। एक भाजपा कार्यकर्ता के रूप में हम सभी को बाबासाहेब के कार्य, उनके संघर्ष तथा राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक सुधारों के लिए उनके कार्यों से प्रेरणा भी मिलती है। उन्होंने कहा संविधान सभा के प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप में समता, समानता, बंधुत्व एवं मानवता आधारित भारतीय संविधान को 2 साल 11 महीने और 18 दिन में तैयार करने में बाबासाहेब की महत्वपूर्ण भूमिका रही है । आज यह भारत की संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि बाबासाहेब के जीवनकाल में कांग्रेस पार्टी ने न तो उनका यथोचित आदर किया और न ही उनको सम्मान दिया जो उन्हें मिलना चाहिए था। यह भी दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि उनके निधन के चार दशक बाद उन्हें भारत रत्न दिया गया। उन्होंने कहा जब देश में राजनीति की बयार बदली और जब भाजपा को देश की जनता ने जनादेश सौंपा तब अटल जी के दौर में भी और अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दौर में बाबासाहेब के संकल्प को पूरा करने का चरणबद्ध, सुनियोजित प्रयास भाजपा सरकारों द्वारा किया गया। चाहे अटल की सरकार में आरक्षण में सुधार का विषय हो अथवा मोदी की सरकार में गरीब, पिछड़े, वंचित, दलित के लिए आर्थिक, सामाजिक एवं संवैधानिक सुधारों का विषय हो, वो सभी कार्य हुए जो बाबासाहेब ने भावी भारत के लिए स्वप्न के रूप में देखे थे। उन्होंने कहा आज भी हमारी सरकार बाबासाहेब के बताए हुए रास्ते पर चलते हुए सर्वसमाज कल्याण के कार्य प्रतिबद्धतापूर्ण कर रही है। भाजपा की पंच निष्ठाओं के सिद्धांतों में समता मूलक एवं शोषण मुक्त समाज की परिकल्पना है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रदेश के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रस के माध्यम से बात करते हुए निर्देश दिए कि क्वारंटीन केन्द्रों में रखे गए लोगों को बेहतरीन सुविधाएं प्रदान की जाएं ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए कि किसानों को फसल कटाई के दौरान सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जाए और उनके उत्पादों के प्रापण के लिए भी उचित कदम उठाए जाएं। उन्होंने बागवानों को पर्याप्त मात्रा में उनके घरों के समीप फफंूदनाशक और अन्य पौध संरक्षण सामग्री उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बागवानों को उनके उत्पादों की पैकिंग के लिए बाॅक्स उपलब्ध करवाए जाएं। जय राम ठाकुर ने कहा कि लोगों को आवश्यक सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित बनाई जाए। उन्होंने अधिकारियों से अपने जिलों में लोगों को घरों पर ही आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित बनाने के लिए प्रणाली सुदृढ़ करने के लिए कहा ताकि लोगों को अपनी जरूरतों का सामान खरीदने के लिए घरों से बाहर आने की आवश्यकता न रहे। उन्होंने जमाखोरी और मुनाफाखोरी पर भी कड़ी नजर रखने के भी निर्देश दिए और कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अभी तक 5637 लोगों को कोरोना वायरस से निगरानी के अन्तर्गत रखा जा चुका है, जिनमें से 3486 लोगों ने 28 दिन की निगरानी की अनिवार्य अवधि पूरी कर ली है। प्रदेश में आज कोविड-19 के लिए 97 लोगों की जांच की गई जिनमें से 28 सैंपल नेगेटिव पाए गए हैं जबकि 69 सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना वायरस के लिए अभी तक 1210 लोगों की जांच की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सामाजिक दूरी को हर हालत में सुनिश्चित बनाया जाए और किसी भी प्रकार की सामाजिक सभाओं को मंजूरी नहीं दी जाएगी। अन्तरराज्यीय गतिविधियों पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाए ताकि राज्य में कोरोना वायरस का संक्रमण आगे न बढ़ सके। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, मुख्य सचिव अनिल खाची, पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरडी, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार और आर.डी. धीमान, प्रधान सचिव जे.सी. सचिव व ओंकार चन्द शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू, सचिव रजनीश और सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के निदेशक हरबंस सिंह ब्रसकोन बैठक में शामिल हुए।
कांग्रेस के बरिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि विश्वव्यापी कोरोना महामारी से लड़ने के लिए हम सबको एक होना होगा। उन्होंने समाज मे ऐसे कुछ तत्वों द्वारा नफ़रत और हिंसा फैलाने पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से ऐसे लोगों के विरुद्ध कड़ी कारवाई करने को कहा है। वीरभद्र सिंह ने कहा है कि देश के सामने आज एक बहुत बड़ी चुनौती आन पड़ी है।यह एक संग्राम से कम नही है,इसलिए अगर कोई आपसी मतभेद भी है तो उन्हें भूला कर सभी को एकजुट होकर इसे हराना है। समाज मे किसी भी प्रकार का कोई भी मतभेद या द्वेष देश,प्रदेश के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। उन्होंने कहा है कि कोरोना से हमारी सुरक्षा में जुटे सभी लोगों डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ या सुरक्षा में जुटे सभी पुलिस कर्मियों को हमें पूरा सहयोग देना है, तभी हम इस महामारी पर अपनी जीत हासिल कर सकते हैं। वीरभद्र सिंह ने प्रदेश सरकार से कहा है कि लॉक डाउन की बजह से प्रदेश के उन लोगों,श्रमिकों और बच्चों को उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचाएं जो पिछले 21 दिनों के लॉक डाउन में प्रदेश के भविन्न स्थानों में फंसे पड़े है। उन्होंने कहा है कि इन लोगों की स्वास्थ्य जांच के बाद इन्हें इनके घरों में पहुंचाने की पूरी व्यवस्था सरकार को निशुल्क करनी चाहिए। वीरभद्र सिंह ने कहा है कि लॉक डाउन बढ़ने की स्थिति में प्रदेश सरकार को किसानों और बागवानों के लिए अपने काम के लिए विशेष अनुमति देनी चाहिए। उन्होंने कहा है कि किसानों और बागवानों की पूरी आर्थिकी इन फेसलो पर ही निर्भर है, इसलिए भविष्य की चुनोतियो को देखते हुए कुछ निर्णय प्रदेशहित मे भी लेने से सरकार को कोई गुरेज नहीं करना चाहिए। वीरभद्र सिंह ने कहा है कि देश के साथ साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर कोरोना का विपरीत असर पड़ा है। इसलिए वह फिर से दोहराना चाहते है कि होटल व्यबसाय से जुड़े लोगों, ट्रांसपोर्टरों, कारोबारियों को जिन्होंने बैंकों से लोन इत्यादि ले रखा है उन्हें इस अवधि का ब्याज माफ़ करते हुए उन्हें जो कमर्शियल रेट विजली पानी और अन्य कोई भी टेक्स देय होता है। उसे प्रदेश सरकार को निरस्त कर देना चाहिए। उन्होंने कहा है कि इस गम्भीर चुनौती से निपटने के लिए सरकार को जनहित में ऐसे किसी भी फैंसले से कोई गुरेज नहीं करना है जिससे लोगों का ब्यवसाय या जीवन पुनः पटरी पर आसानी से आ सकें। वीरभद्र सिंह ने देश व प्रदेशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि इस विपदा के समय जिस प्रकार से उन्होंने संयम और एकजुटता का प्रमाण दिया है,यह हमारे देश की संस्कृति और आपसी एकता को ओर भी मजबूत करता है। उन्होंने इस संक्रमण से लोगों की सुरक्षा में जुटे सभी लोगों, डॉक्टरों, मेडिकल टीमों, आशावर्कर,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मीडिया कर्मी और पुलिस स्टाफ की प्रसंसा करते हुए सरकार से इन सभी के लिए कोई भी विशेष आर्थिक पैकेज देने की मांग का भी पूरा समर्थन किया है।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय की अध्यक्षता में आज यहां राजभवन में प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में मुख्य सचिव अनिल खाची ने बताया कि किसानों और बागवानों को अपने उत्पाद विभिन्न मण्डियों तक पहुंचाने के लिए किसी भी पास की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें सभी मौजूदा प्रक्रियाओं से पूर्ण छूट दी गई है। उन्होंने कोरोना महामारी से संबंधित विभिन्न सूचनाओं और प्रबन्धों से भी अवगत करवाया। राज्यपाल ने कहा कि सेब सीज़न को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त प्रबन्ध किए जाने चाहिए ताकि बागवानों को मण्डियों में अपने उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि अगर आवश्यकता हो तो सरकार मंडी मध्यस्ता योजना (एमआईएस) के अन्तर्गत प्रापण मूल्य को बढ़ाने पर भी विचार कर सकती है। बैठक में कृषि उत्पाद संशोधन बिल पर भी चर्चा की गई। राज्यपाल ने आवश्यकतानुसार बिल की प्रक्रिया में तेजी लाने का सुझाव दिया। अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) आर.डी. धीमान ने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया है। उन सभी व्यक्तियों के सैंपल भी लिए गए हैं, जिनमें फ्लू जैसे लक्षण सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आइसोलेशन केन्द्र सुविधा पर्याप्त है और हाॅट स्पाॅट क्षेत्रों को पूर्ण रूप से सील कर दिया गया है तथा आवश्यक खाद्य सामग्री की पूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि रविवार को लिए गए कोविड-19 के संदिग्धों से जुड़े सभी सैंपलों की रिपोर्ट नेेगेटिव पाई गई है। प्रदेश में किए गए प्रबन्धों पर सन्तोष व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने लाॅकडाउन एग्जिट और आर्थिक पुनरूद्धार नीति पर कार्य करने पर बल दिया। राज्यपाल के सचिव राकेश कवंर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, मंत्री परिषद के सदस्यों, विधायकगणों और भाजपा पदाधिकारियों की संयुक्त वीडियो कांफ्रेस में भाग लेते हुए प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना की रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया। डा. बिंदल ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार और संगठन बेहतर और शानदार तालमेल के साथ कार्य कर हैं। मुख्यमंत्री कोरोना संकट के दृष्टिगत हर छोटी बड़ी घटना पर अपनी नजर बनाए हुए है और सभी सम्बन्धित आवश्यक कार्य जैसे सुरक्षा, राशन आवंटन, मास्क वितरण, कोरोना रोगियों का कुशलक्षेम आदि के कार्यों की स्वयं समीक्षा कर रहे हैं। डा बिंदल ने संगठन की ओर से प्रदेश में किए जा रहे सेवा कार्यों की जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आहवान पर हिमाचल में मास्क बनाने का कार्य वृहद स्तर पर चल रहा है। उन्हांने कहा कि प्रदेश में अभी तक 1,98,350 खाने के पैकेट, 57,858 लोगों को राशन किट वितरित किया गया जिसके तहत 5,59,310 लोग लाभान्वित हुए। इसी प्रकार प्रदेश में 4,01,565 मास्क वितरित किए गए जबकि पीएम केयर फंड में 86,7,565 रुपये तथा मुख्यमंत्री कोविड फंड में 2,46,48,000 रुपये की धनराशि दी गई। बिन्दल ने कहा कि मै देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय जगत प्रकाश नड्डा, मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के साथ लाखों हिमाचलवासियों की ओर से ऐसे समय में आप कोरोना योद्धाओं का अदम्य साहस और निःस्वार्थ सेवाभाव प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा आपातकालीन सेवा में जुटे आप सब कर्मियों, सफाई कर्मियों, पुलिसकर्मियों, स्वास्थ्य पेशेवरों आदि का अभिनंदन। अदम्य साहस, निःस्वार्थ सेवाभाव और प्रतिबद्धता से ओतप्रोत इन कोरोना योद्धाओं ने यह सुनिश्चित किया है कि इस कठिन समय में देश पटरी पर रहे, आपका हृदय से धन्यवाद । उन्होंने कहा अपने आप को खतरे की स्थिति में रखते हुए डाक्टरों, नर्सो, पैरामेडिक्स, सफाईकर्मी, पुलिस कर्मी, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति से जुड़े लोग, बैंक कर्मी और सरकारी कर्मचारियों ने यह सुनिश्चित किया है कि अन्य लोग सुरक्षित रहें। आपके अटूट विश्वास और साहस ने यह प्रदर्शित किया है कि कोरोना को हराया जा सकता है और भारत एवं मानवता अंतत: विजयी होगी। हम आपके प्रति आभार प्रकट करते हैं ।
राज्य कमेटी ने मांग की है कि कोरोना की आपदापूर्ण स्थिति में जो भी पूंजीपति, उद्योगपति व कारखानेदार तथा सरकारी विभाग सरकार के आदेशों व श्रम कानूनों का उल्लंघन कर रहे हैं उन पर आपराधिक मुकद्दमे दर्ज किए जाएं व उन पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा व महासचिव प्रेम गौतम ने कहा है कि कोरोना के कारण हुए लोक डाउन व कर्फ्यू का खामियाज़ा सबसे ज़्यादा मजदूर वर्ग पर पड़ा है। इस से एक ओर लगभग साढ़े आठ लाख असंगठित मजदूर रोजगार से पूरी तरह वंचित हो गए हैं। वहीं दूसरी ओर सरकारी विभागों व निजी उद्योगों में उन्हें इस भारी मुश्किल में भी वेतन नहीं दिया जा रहा है। प्रदेश के औद्योगिक केंद्रों से हज़ारों मजदूरों के भूखे रहने की खबरें आ रही हैं क्योंकि उद्योगों में कार्यरत मजदूरों को मार्च महीने के वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। इन उद्योगों में हज़ारों की संख्या में प्रवासी मजदूर कार्यरत हैं। उनके पास राशन लेने, मकान का किराया चुकाने तथा घर भेजने तक के पैसे नहीं हैं। चंबा जिला की बाजोली-होली निर्माणाधीन पनबिजली परियोजना के दो हज़ार पांच सौ मजदूरों को पिछले पांच महीने से कोई वेतन नहीं दिया गया है। ऊना जिला के सबसे बड़े उद्योगों में से एक ल्यूमिनस कम्पनी में कार्यरत सैंकड़ों ठेका मजदूरों का मार्च महीने का वेतन काट दिया गया है। सोलन जिला के बद्दी में स्थित स्टील वर्ल्ड उद्योग के लगभग एक हज़ार मजदूरों को मार्च महीने का वेतन नहीं दिया गया है। इस उद्योग के सैंकड़ों प्रवासी मजदूर दो वक्त की रोटी से भी महरूम हो गए हैं। शिमला शहर में स्थित लगभग साढ़े तीन सौ होटलों व रेस्तरां में कार्यरत लगभग छः हज़ार मजदूरों में से भी सैंकड़ों मजदूरों को मार्च महीने के वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। शिमला के ख़लीनी स्थित होटल ईस्टबोर्न के प्रबंधन ने एक सौ बीस मजदूरों को पिछले तीन महीने के वेतन की अदायगी नहीं की है। मजदूरों की यही स्थिति पौंटा साहिब, बीबीएन, कालाअंब व परवाणू में भी है। प्रदेश के हज़ारों मजदूर वेतन से वंचित हैं। उन्होंने कहा है कि सरकारी क्षेत्र के आउटसोर्स कर्मचारियों,ठेका मजदूरों,कैजुअल मजदूरों,दिहाड़ीदारों व योजनाकर्मियों की स्थिति बहुत बुरी है। प्रदेश के बिजली बोर्ड,आईपीएच,स्वास्थ्य,एसटीपी आदि सरकारी क्षेत्रों में कार्यरत हज़ारों आउटसोर्स व ठेका मजदूरों में से एक बहुत बड़े हिस्से को मार्च महीने के वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। सरकारी क्षेत्र में सबसे कम वेतन पाने वाले मिड डे मील कर्मचारियों को फरवरी और मार्च महीने का आधा ही वेतन दिया गया है व दो हज़ार रुपये प्रतिमाह के बजाए केवल एक हज़ार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया गया है। एसएमसी शिक्षकों से आठ साल तक सेवाएं लेने के बाद संकट की इस घड़ी में सरकार व शिक्षा विभाग उन्हें वेतन देने में आनाकानी कर रहे हैं। प्रदेश सरकार व श्रमिक कल्याण बोर्ड अपनी ही घोषणा को पूरी तरह लागू नहीं कर रहे हैं व श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकृत एक लाख दस हज़ार निर्माण मजदूरों में से बिल्कुल आधे छप्पन हज़ार मजदूरों को ही आर्थिक सहायता पहुंचाई गई है। इस तरह सरकारी व निजी दोनों ही क्षेत्रों में मजदूरों के वेतन व कानून अनुसार देय आर्थिक सहायता से उन्हें वंचित करके उनका शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मजदूरों को वेतन भुगतान न करना वेतन भुगतान अधिनियम 1936 के नियमों का उल्लंघन तो है ही अपितु केंद्र सरकार द्वारा 20 व 29 मार्च तथा प्रदेश सरकार द्वारा 30 मार्च 2020 को जारी की गई अधिसूचनाओं की भी अवहेलना है। इस बाबत हिमाचल प्रदेश के श्रमायुक्त को दो अप्रैल व आठ अप्रैल को दो पत्र लिखने के बावजूद भी न तो मजदूरों को वेतन मिल पाया है और न ही नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगपतियों पर कोई कार्रवाई हुई है। उन्होंने कहा की अगर मुख्यमंत्री व श्रम मंत्री मजदूरों का वेतन व अन्य आर्थिक देय लाभ सुनिश्चित नहीं करवाते हैं तो फिर मजदूरों के इस शोषण से अवगत करवाने के लिए सीटू राज्य कमेटी हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश को पत्र लिख कर अवगत करवाएगा व मजदूरों के लिए न्याय की मांग करेगा।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि हाॅट स्पाॅट क्षेत्रों में कफ्र्यू में कोई ढील नहीं दी जाएगी और आवश्यक वस्तुओं को होम डिलीवरी प्रणाली के तहत उपलब्ध करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आज यहां खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण और दूर दराज क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने नागरिक आपूर्ति निगम के डिपो में ‘बफर स्टाक’ सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जमाखोरी और मुनाफाखोरी करने वालों पर नजर रखे, और उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने बागवानी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक गांव में या संभव हो तो डोर-टू-डोर किसानों को कीटनाशक व अन्य पौध सुरक्षा सामग्री उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने मधुमक्खी बक्सों की समयबद्ध आपूर्ति और बागवानों को एंटी हेल नेट सुनिश्चित करवाने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि हाॅट स्पाॅट घोषित हुए क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबन्ध लगाया जाएगा तथा हाॅट स्पाॅट के सभी सार्वजनिक स्थानों को सेनेटाईज किया जाएगा।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य में सामान्य स्थिति को बहाल करने, आर्थिक गतिविधियों को पुनर्जीवित करने तथा राज्य के कमजोर वर्गों की आर्थिक और खाद्य आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए चरणवद्ध तरीके से कार्य करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 मार्च, 2020 को भारत सरकार द्वारा 21 दिनों के लिए राष्ट्रीय लाॅकडाउन के कारण हिमाचल प्रदेश ने भी कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए निर्धारित प्रोटोकाॅल का पालन किया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के खतरे को ध्यान में रखते हुए एग्जिट प्लान तैयार किया जाएगा एवं प्रदेश में पाए जाने वाले मामलों के अनुसार राज्य को छः जोन में विभाजित किया जाएगा, रेड जोन, 4 ओरेंज जोन और ग्रीन ज़ोन। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के लोगों के स्वास्थ्य व आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों के सामान्य जीवन की सुरक्षा के लिए आपातकालीन सेवाएं दे रहे कर्मचारियों एवं चिकित्सकों की सुरक्षा के मध्यनजर सभी आवश्यक पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा ताकि इस महामारी से प्रभावी तरीके से लड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन की अवधि के दौरान इस योजना के तहत प्रभावित हुए आर्थिक रूप से अत्याधिक कमजोर वर्ग के लोगों को प्रदेश की आर्थिक क्षमता के आधार पर भी सहायता देने का प्रावधान रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना को तभी शुरू किया जाएगा, जब संक्रमण कम होना शुरू हो जाएगा एवं कुछ समय के अन्तराल पर नए मामले सामने आना कम जो जाएंगें। जय राम ठाकुर ने कहा कि चिन्हित किए गए हाॅट स्पाॅट को अन्य हिस्सों से पूरी तरह से अलग किया जाएगा और भोजन तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पुलिस और स्थानीय प्रशासन को सौंपी जाएगी। सलाहकार योजना डाॅ. बसु सूद ने कोविड-19 लाॅकडाउन से बाहर निकलने की योजना पर एक प्रस्तुति दी।
हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के पंजीकृत कामगारों को डायरेक्ट बैनफिट ट्रांस्फर के माध्यम से मार्च के माह के लिए दो हजार रुपये और अप्रैल माह के लिए दो हजार रुपये का भुगतान करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि अब तक बोर्ड में पंजीकृत 56,552 कामगारों के बैंक खातों में 1131 करोड़ रुपये ट्रांस्फर कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बोर्ड यह सुनिश्चित कर रहा है कि पंजीकृत सभी भवन और अन्य निर्माण कामगारों को यह भुगतान जल्द से जल्द हो जाए, ताकि इस कठिन समय में उनकी मदद की जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी कामगार, जिन्हें पहली किस्त भी नहीं मिली है, उन्हें अपनी जानकारी श्रम कार्यालय में देनी होगी, जहां वह पंजीकृत है।
राजस्व-आपदा प्रबन्धन के प्रधान सचिव ओंकार चन्द शर्मा ने आज यहां कहा कि कोरोना वायरस से फैली वैश्विक महामारी के कारण संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है, जिससे यह आवश्यक हो गया है कि सरकारी और गैर-सरकारी संगठन आपसी तालमेल के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि कानूनी तौर पर भी सभी प्रकार की आपदाओं के उचित प्रबंधन के लिए यह जरूरी है कि सभी राज्य सरकारें और जिला प्रशासन, गैर-सरकारी संगठनों (एन।जी।ओ) समेत सभी हितधारकों के साथ तालमेल व समन्वय के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अनुच्छेद 38(2), 22(2) और 30(2) के अनुसार सभी राज्य और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के लिए अनिवार्य है कि वे आपदा प्रबंधन के कार्यों को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग और समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम और इससे जुड़े राहत, बचाव व जागरूकता सम्बन्धी गतिविधियों में गैर-सरकारी संगठनों और स्वयंसेवकों के योगदान को सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है। इसी दिशा में प्रयास करते हुए प्राधिकरण ने राज्य व जिला स्तर पर गठित इंटर एजेंसी ग्रुप को सक्रिय करने के लिए सुझाव दिए हैं, जिसमें जिला स्तर पर सभी गैर-सरकारी संस्थाओं से समन्वय के लिए एक पदाधिकारी को नियुक्त करने और हर जिले के इंटर एजेंसी ग्रुप के संयोजक को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ मिलकर काम करने के लिए अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में राज्य इंटर एजेंसी ग्रुप का पुनर्गठन किया गया था, जिसके अंतर्गत अभी तक 55 गैर-सरकारी संस्थाएं पंजीकृत हो चुकी हैं और प्रदेश के हर जिले का अपना इंटर एजेंसी ग्रुप, संयोजक, कोर ग्रुप और सदस्य हैं, जिनका उद्देश्य किसी भी आपदा में राज्य सरकार और जिला प्रशासन के साथ मिलकर पूर्व-तैयारी, राहत, बचाव और पुनर्वास गतिविधियों को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करना है। उन्होंने कहा कि कुछ जिलों में गैर-सरकारी संगठनों ने निजी स्तर पर जागरूकता कार्य और संक्रमण के लिए अति-संवेदनशील व्यक्तियों को सहायता प्रदान करने के लिए अभियान शुरू कर दिए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने राज्य में कोविड-19 से निपटने के लिए स्वयंसेवकों को पंजीकृत करने की पहल की है। इस डेटाबेस में स्वैच्छिक सेवा करने के लिए 950 से अधिक हिमाचली नागरिक तैयार हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की ‘माई गौव-मेरी सरकार’ वेबसाइट पर भी बहुत से स्वयंसेवकों ने अपनी सेवाएं देने के लिए पंजीकरण किया है, जिनकी सेवाएं भी कोरोना के विरुद्ध इस अभियान में ली जा सकती हैं।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने व्हाट्स-एप वीडियो काॅल के माध्यम से विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ एकल वार्ता के दौरान ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने के लिए विश्वविद्यालयों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने प्रदेश की वर्तमान स्थिति का जायजा लेते हुए विभिन्न दिशा-निर्देश भी जारी किए। राज्यपाल ने छात्रों और प्रोफेसर्ज स्वयंसेवकों की सूची जिला प्रशासन के साथ सांझा करने के निर्देश दिए ताकि जरूरत पड़ने पर उनकी सेवाओं का लाभ उठाया जा सके। उन्होंने सलाह दी कि छात्रों को निर्देश, सलाह और अन्य जानकारी भेजने के लिए सोशल मीडिया का अधिकतम प्रयोग करें। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि अनेक विश्वविद्यालय इस दिशा में अच्छा कार्य कर रहे हैं और इस संकट के समय में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जरूरत पड़ने पर होस्टलों को आइसोलेशन केन्द्रों के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। राज्यपाल ने अन्य विश्वविद्यालयों से तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर की तर्ज पर ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने का आह्वान किया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय, हमीरपुर के कुलपति प्रो. एस.पी. बंसल ने राज्यपाल को बताया कि विश्वविद्यालय ने ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से 80 प्रतिशत पाठ्यक्रम पूरा कर लिया है। प्रो. बंसल ने कहा कि विश्वविद्यालय ने अपना स्वयं का पोर्टल विकसित किया है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के निर्देशों के अनुसार विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑनलाइन कक्षाओं पर अधिक ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के 50 बिस्तरों को क्वारंटीन केन्द्र के लिए उपलब्ध करवाया गया है और जिला प्रशासन को छात्रावासों को एक आईसोलेशन केंद्र बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के 15 प्रोफेसरों ने स्वैच्छिक सेवाओं के लिए पेशकश की है और प्रत्येक छात्र स्वेच्छा से कोविड-19 फंड में 100 रुपये का योगदान कर रहा है। हि.प्र. विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय ऑनलाइन कक्षाएं संचालित कर रहा है और नियमित रूप से इसकी समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर 12 छात्रावासों को आइसोलेशन केंद्रों में परिवर्तित करके 2000 बेड को क्वारंटीन में परिवर्तित किया जा सकता है।महाराजा अग्रसेन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राकेश कुमार गुप्ता, बहारा विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. अरुण शर्मा, सरदार वल्लभभाई पटेल क्लस्टर यूनिवर्सिटी, मंडी के कुलपति प्रो. सी.एल. चंदन, और अटल बिहारी मेडिकल एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी, मंडी के कुलपति डाॅ. सुरेंद्र कश्यप ने भी राज्यपाल को विश्वविद्यालय के बारे में जानकारी दी।
भारत स्काउट्स एवम गाइड्स हिमाचल प्रदेश संस्था द्वारा राज्य स्तर पर स्काउट फाइट अगेंस्ट कोरोना के नाम से एक डिजिटल अभियान चलाया जा रहा है, इस अभियान की शुरुआत 18 मार्च को डॉ अमरजीत कुमार शर्मा राज्य मुख्य आयुक्त भारत स्काउट्स एवम गाइड्स व निदेशक उच्च शिक्षा हिमाचल प्रदेश के वीडियो सन्देश के साथ किया गया। इस वीडियो सन्देश में उन्होंने इस विपदा की घड़ी में पूरे प्रदेश के स्काउट गाइड रोवर रेंजर को भलाई के कार्य व समाज को कोरोना के खिलाफ जागरूक करने को कहा था। इसी मुहिम को आगे बढाते हुए सभी स्काउट वालंटियर्स द्वारा पोस्टर्स के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का जिम्मा उठाया। विभिन्न सोशल मीडिया साधनों के माध्यम से हज़ारों स्काउट वालंटियर्स ने लोगों से घर पर रहने की अपील की। गौरतलब है कि भारतीय कब्बडी टीम के खिलाड़ी व पूर्व कप्तान अजय ठाकुर द्वारा भारत स्काउट्स एवम गाइड्स के पोस्टर के साथ तस्वीर फेसबुक व ट्विटर पर साझा कर लोगों से घर मे रहने की और भारत स्काउट्स एवम गाइड्स हिमाचल प्रदेश की मुहिम के साथ जुड़े। उनके साथ गायक हंस राज रघुवंशी भी इस डिजिटल मुहिम में भारत स्काउट्स एवम गाइड्स हिमाचल प्रदेश के साथ जुड़े। साथ ही में स्काउट वालंटियर्स के लिये डिजिटल प्रोग्राम का आयोजन ज़ूम वीडियो कॉलिंग एप्पलीकेशन के माध्यम से करवाया जा रहा है जिसमे रोज़ सैंकड़ों स्काउट गाइड रोवर रेंजर व वयस्क जुड़ कर ऑनलाइन अनेक विषयों के बारे में जानकारी प्राप्त कर रहे हैं व उस जानकारी की ऑनलाइन प्रेजेंटेशन भी ज़ूम वीडियो कॉल के माध्यम से दी जा रही है । ज़ूम वीडियो कॉल के माध्यम से विभिन्न राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के रिसोर्स पर्सन स्काउट गाइड रोवर रेंजर के साथ अपने अनुभव सांझा कर रहे हैं। लॉक डाउन के समय में सभी के वीडियो कॉल से मंच देने का प्रयास किया जा रहा है इसी के साथ राज्य मुख्य आयुक्त व निदेशक उच्च शिक्षा डॉ अमरजीत कुमार शर्मा के एक अन्य ऑफिस ऑर्डर, जिसमे उन्होंने सभी स्काउट वालंटियर्स को कि जिला प्रशासन की मदद के लिए आगे आने को कहा था उनकी अनुपालना करते हुए बहुत सारे जिलाओं के स्काउट गाइड रोवर रेंजर व वयस्क आगे आएं हैं व राशन वितरण व खाद्य आपूर्ति की दुकानों में लोगों को उचित सामाजिक दूरी के बारे में सिख रहे हैं। राज्य सचिव डॉ राज कुमार द्वारा जानकारी देते हुए यह बताया गया कि इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य स्काउट्स गाइड्स रोवर्स व रेंजर्स को सशक्त बनाना है व लॉक डाउन खत्म होने के बाद वह समाज में एक बेहतर नागरिक के रूप में उभर कर आये व समाजिक के उत्थान में अपनी भूमिका निभा सके इसी उद्देश्य भारत स्काउट्स एवम गाइड्स निरन्तर प्रयासरत है।
प्रदेश अध्यक्ष भाजपा डा. राजीव बिंदल ने शनिवार को दो वीडियो कांफ्रेस की। एक में भाजपा आईटी सैल के 90 पदाधिकारियों ने भाग लिया व दूसरी वीडियो कांफ्रेंस में भाजपा के विधायकगण, मंत्रीणग एवं 2017 के उम्मीदवारों ने भाग लिया। डा. राजीव बिंदल ने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से प्रदेश वर्तमान में चल रही स्थिति पर विस्तृत चर्चा की। प्रदेश में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में चल रही भाजपा सरकार द्वारा वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से ज़मीनी लड़ाई के चलते किए जा रहे प्रबन्धों पर सरकार को बधाई दी। डा. राजीव बिंदल ने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नडडा द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए पांच महत्वपूर्ण करणीय कार्यों को लेकर चर्चा की जिन्हें हर स्तर पर करने का आग्रह भी किया गया। यह कार्य राशन भोजन वितरण, डिजिटल माध्यम से पीएम केयरस फंड में जनता से सहयोग करवाना, एचपीकोविड 19 फंड में सीधा डिजिटली माध्यम से सहयोग, फेस कवर निर्माण एवं वितरण, आरोग्य ऐप को हर व्यतिक्त द्वारा डाउनलोड कराना और 5 ऐसे करुणा योद्धाओं को जो कि इस संकट की घड़ी में स्वयं अपने आप को और अपने घर वालों को संकट में डाल कर कार्य कर रहे हैं उनको धन्यवाद ज्ञापन का सौपने कार्य। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता ब्लूटूथ तकनीक पर आधारित कोविड-19 ट्रैकर आरोग्य सेतु एप हर व्यक्ति को डाउनलोड करवाएं इस ऐप के माध्यम से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते ही यह ऐप उपयोगकर्ताओं को सतर्क करेगा और उपयोगकर्ताओं को सर्वोत्तम पद्धतियों और प्रसंगिक चिकित्सा सलाह से अवगत करेगा । इस प्रकार बूथ से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक सभी को यह कार्य करना है । डा. बिन्दल ने भी कार्यकर्ताओं का आहवान किया कि कोरोना से लड़ने की यह लडाई लम्बी है, सभी को इस लम्बी लड़ाई के लिए तैयार रहने होगा। कफर्यू और लाकडाउन के समाप्त होने के बाद भी लम्बे समय तक सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना होगा , फेस कवर लगार रखना होगा और सरकार द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का अक्षरशः पालन करना होगा। डॉ बिंदल ने कहा ऐसी स्थिति में भाजपा का कार्यकर्ता अगले 2 महीने तक अपने बूथ एवं मंडल में सेवा एवं संगठन के कार्यों के लिए तैयार हो जाए । डा. बिन्दल ने बताया कि प्रदेश में गत दिवस तक 156283 खाने के पैकेट, 45046 लोगों को राशन वितरित किया गया जिसके तहत 3,44,447 लोग लाभान्वित हुए। प्रदेश में 2,35,922 मास्क वितरित किए गए जबकि पीएम केयर फंड में 5123813 रुपये तथा मुख्यमंत्री कोविड फंड में 16532792 रुपये की धनराशि दी गई। वर्तमान में 10732 फूड पैकेट, 2430 राशन किट, 28453 मास्क के वितरण के अलावा 291500 रुपये पीएम केयरस फंड और 2259607 एचपी कोविड फंड में जमा हुए हैं।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए विश्वव्यापी प्रयासों के तहत आज सभी ओर भय और संशय की स्थिति व्याप्त है। मानव मानव को शंका व डर की दृष्टि से देख रहा है परस्पर सामाजिक दूरी बनाए रखने के अनुशासन को आंगीकार करते हुए भी संशय की छाया में जी रहा है। प्राथमिक तौर पर कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए निरंतर साबुन से हाथ धोने या सैनिटाइजर का प्रयोग करने की स्वास्थ्य विभाग की सलाह और सरकार के संदेश को आत्मसात कर लोगों द्वारा इसे अपनाया जाने लगा। शुरुआती दौर में सैनिटाइजर की कमी आने लगी किंतु सरकार के प्रयासों से स्थिति से निपटा गया लेकिन दूरदराज के क्षेत्रों में यह कमी कुछ समय तक बरकरार रही। जिला सिरमौर के राजगढ़ विकास खण्ड की ग्राम पंचायत लाना भाल्टा की प्रधान रूपिंदर कौर ने इस अवस्था को निर्माण और स्वावलंबन की ओर परिवर्तित करने की पहल की। सैनिटाइजर की उपलब्धता की कमी की पूर्ति के लिए रूपिंदर कौर ने महिलाओं में उत्साह का सृजन किया और संकट की इस घड़ी में अपने क्षेत्र की महिलाओं को समाज के लिए सहयोग और योगदान प्रदान करने के लिए प्रेरित करते हुए स्वावलंबी बनाने की दिशा में श्रम शक्ति का सूत्रपात किया। रूपिंदर कौर ने कलगीधर ट्रस्ट बडू साहिब के सहयोग से स्वयं का सैनिटाइजर उत्पाद तैयार करने की मन में ठानी। लाना भाल्टा महिला मंडल की उत्साही महिलाओं को संगठित कर इस दृष्टि से विचार किया गया। इस कार्य की पूर्ति के लिए स्वयं सहायता समूह व अकाल महिला मंडल बडू साहिब को सबल प्रदान किया ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक ललित जैन ने। सैनेटाइजर के लिए अल्कोहल एवं अन्य प्राथमिक उत्पाद का प्रबंध दिल्ली से किया गया तथा एक व्यक्ति महिलाओं को इस संबंध में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए भी बुलाया गया। इस संबंध में पूरा कच्चा माल एक प्रमाणित एवं विश्वसनीय स्रोतों से लिया जा रहा है। महिला मंडल द्वारा अन्य शुद्ध एवं प्राकृतिक जड़ी-बूटियों जैसे एलोवेरा, हल्दी एवं अन्य सुगंधित पदार्थ शामिल है, का निर्माण स्वयं अकाल महिला मण्डल व स्वयं सहायता समूह द्वारा कर अल्कोहल में डाला गया। लोगों को कम दाम पर बेहतर सैनेटाइजर उपलब्ध हो इसके लिए महिला मण्डल व स्वयं सहायता समूह द्वारा निरंतर कार्य कर सैनेटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। विभाग द्वारा सैनिटाइजर की 100 मिलीलीटर की कीमत 40 रुपये है एवं 250 मिलीलीटर की कीमत 100 रुपये रखी गई है। अकाल महिला मण्डल द्वारा ग्रामीण विकास विभाग को 5000 सैनेटाइजर बोतल उपलब्ध करवाई गई है और अधिक सैनेटाइजर निर्मित कर विभाग को मुहैया करवाई जाएगी। इस कार्य के लिए ग्रामीण विकास विभाग ने प्रारम्भिक राशि महिला मण्डल को प्रदान की। कलगीधर ट्रस्ट श्री बडू साहिब राजगढ़ के बहुमूल्य योगदान से लाना भाल्टा की महिला मंडल द्वारा तैयार इस सैनिटाइजर के सैंपल को अधिकारिक तौर पर महिला मंडल समूह द्वारा निदेशक ललित जैन तथा संयुक्त निदेशक अनिल शर्मा की उपस्थिति में प्रस्तुत किया गया। विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूह को सैनिटाइजर बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे एक ओर उनकी आमदनी बढ़ेगी वहीं गांव में रहने वाले लोगों को शुद्ध एवं प्राकृतिक पदार्थों से तैयार सैनिटाइजर उचित कीमत पर उपलब्ध होगा। विश्वव्यापी कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सामूहिक स्तर पर यह अनूठी पहल है। पंचायत की प्रधान रूपिंदर कौर ने बताया कि उनका यह प्रयास महिलाओं में आर्थिक स्वावलंबन की जिज्ञासा को जागृत करना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में लहसुन व टमाटर का उत्पाद बड़े पैमाने पर होता है, जिस पर आधारित प्रोसेसिंग प्लांट के तहत एक बड़ी परियोजना पर कार्य कर इस क्षेत्र के स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक तौर पर सुदृढ़ व सक्षम बनाने का है।
हिमाचल में कोरोना वायरस से संक्रमित केसों की संख्या शुक्रवार को 28 से बढ़कर 30 हो गई है। शुक्रवार देर रात आई रिपोर्ट में सोलन जिले के बद्दी स्थित एक निजी अस्पताल के एक रिसेप्शनिस्ट और लैब तकनीशियन कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। ये दोनों बद्दी स्थित स्टीलबर्ड हेलमेट कंपनी के एक निदेशक की पत्नी का इलाज के दौरान सम्पर्क में आए थे और यहां से पीजीआई रेफर होने के बाद इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई थी। बाद में यही महिला कोरोना पॉजिटिव भी निकली थी। शुक्रवार को हिमाचल के विभिन्न अस्पतालों से 127 सैंपलों की रिपोर्ट आई, जिनमें 125 निगेटिव मिले और दो पॉजिटिव पाए गए हैं। उधर बद्दी में महिला की चपेट में पति को छोड़कर चार लोग आए थे, जो महिला के साथ दिल्ली से बद्दी आए थे। चारों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उनके परिजनों ने सभी को हिमाचल से गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल शिफ्ट कर दिया था। अभी तक प्रदेश में 30 कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए हैं, जिनमें से एक की मौत हो चुकी है और दो लोग ठीक होकर अस्पताल से घर जा चुके हैं। इसके अलावा छह और लोगों की भी रिपोर्ट निगेटिव आ गई है और जल्द ही उन्हें भी घर भेजा जा सकता है।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला की अब ड्रोन-कैमरा द्वारा निगरानी शुरू कर दी गई है। कोरोना के चलते लोगो पर कैमरे से पुलिस अपनी आंख लगाए बैठी है। यू तो शिमला में करफियु का अच्छा पालन ही रहा है लेकिन फिर भी पुलिस कोई चूक नही करना चाहती। इसलिए ये ड्रोन-कैमरा शुरू किया गया है। पुलिस इसकी मदद से विशेषकर शहर के उन हिस्सों पर निगरानी रखेगी जो काफी भीड़ भाड़ वाले और तंग गलियों वाले है। साथ ही कर्फ्यू का उलंघन कर रही गाड़ियों की भी पहचान की जाएगी।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कोविड-19 से संबंधित फर्जी और असत्यापित समाचारों की जानकारी अपलोड करने के लिए आज यहां एक वेब पोर्टल http://fakenews.hp.gov.in. लाॅन्च किया, ताकि ऐसी खबरों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सूचना उपलब्ध करवाने वाले व्यक्ति की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। यह सुनिश्चित करने के लिए कि इस तरह की जानकारी किसी गुमनाम व्यक्ति द्वारा न दी जाए, इस वेब पोर्टल में कई सिक्योरिटी फीचर्स जैसे ओटीपी इत्यादि का प्रावधान रखा गया है। इसके अतिरिक्त लोग कोविड-19 से संबंधित मीडिया में प्रसारित की जा रही फर्जी और अप्रमाणित सूचनाओं की जानकारी ई-मेल fakenews-unit@hp.gov.in पर या व्हाट्सएप नम्बर 9816323469 पर दे सकते हैं। उन्होंने जन साधारण से आग्रह है कि वे कोविड-19 से संबंधित किसी भी मीडिया प्लेटफार्म द्वारा प्रचारित अथवा प्रसारित की जा रही सूचना को उपरोक्त माध्यम से सरकार द्वारा गठित फेक न्यूज माॅनिटरिंग यूनिट के संज्ञान में लाएं ताकि आवश्यक कार्यवाही अमल में लाई जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाचार पत्रों, टेलीविजन न्यूज चैनलों तथा डिजिटल/सोशल मीडिया द्वारा कोविड-19 से संबंधित तथ्यपरक सूचनाओं के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है, जिससे राज्य के लोगों को इस वैश्विक महामारी के बारे में सही जानकारी मिल रही है। उन्होंने कहा कि यह भी देखा गया है कि समाचार मीडिया, विशेष रूप से कुछ सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म कोविड-19 से संबंधित असत्यापित जानकारी को प्रसारित कर रहे हैं, जिससे लोगों में डर फैल रहा है। उन्होंने सभी मीडिया प्लेटफार्मों और सभी हितधारकों से अफवाह और असत्यापित खबरें न फैलाने और लोगों को सत्यापित जानकारी प्रदान करने में सरकार के साथ सहयोग करने का आग्रह किया ताकि इस वैश्विक महामारी के प्रसार को रोकने के लिए सभी एकजुट होकर लड़ सकें। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू, सचिव सूचना एवं जन सम्पर्क रजनीश और निदेशक हरबंस सिंह ब्रसकोन भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कोरोना वायरस के दृष्टिगत उत्पन्न स्थिति का जायजा लेने के लिए आज शिमला से प्रदेश के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में कोरोना वायरस के सभी हाॅट स्पाॅट को सील कर दिया जाए ताकि यह वायरस आगे न फैल सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ऐसे हाॅट स्पाॅट कांगड़ा, चंबा, सिरमौर, सोलन और ऊना जिलों में हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि हाॅट स्पाॅट क्षेत्रों में कर्फ्यू में किसी भी तरह की छूट प्रदान नहीं की जाएगी तथा हाॅट स्पाॅट में आवश्यक वस्तुओं को होम डिलीवरी के माध्यम से पहुॅचाने का प्रबन्ध किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने जिलों में होम डिलीवरी सिस्टम को मजबूत करें, ताकि लोगों को प्रतिदिन की जरूरत की वस्तुओं को प्राप्त करने के लिए घरों से बाहर न आना पड़े। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में वाहनों के चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने सभी हाॅट स्पाॅट स्थलों को सैनेटाईज करने के भी निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान आरम्भ किया जाएगा और इसके साथ-साथ वहां फीवर क्लिनिक भी खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी बुखार तथा कफ के लक्षणों वाले लोगों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी। मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों में शीघ्र सीसीटीवी कैमरे लगाने को कहा, ताकि ऐसे लोगों का पता लगाया जा सके, जो सरकारी आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोगों को मास्क की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी और इसे पहनना भी अनिवार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कदम वायरस के फैलने से रोकने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने राज्य के लोगों को घर पर बने मास्क उपलब्ध करवाने के लिए गैर सरकारी संगठनों से आगे आने का आग्रह किया। जय राम ठाकुर ने बताया कि पूरे राज्य में शुरू किए गए एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर पहुंच कर लगभग 59 लाख लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी एकत्र की गई है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर जिले के चैरिटेबल अस्पताल भोटा, एस।एस। मैमोरियल आशीर्वाद अस्पताल चंबा, जिला सिरमौर के सिविल अस्पताल सराहां तथा जिला कांगड़ा के ज्वालामुखी स्थित अग्रवाल अस्पताल को सैकेंडरी केयर अस्पताल के रूप में अधिसूचित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब तक 5035 व्यक्तियों को कोरोना वायरस की निगरानी में रखा गया था, जिनमें से 2556 लोगों ने 28 दिनों की निगरानी अवधि पूरी कर ली है। उन्होंने कहा कि आज राज्य में कोविड-19 के 114 व्यक्तियों की जांच की गई, जिसमें से 57 सैंपल नैगेटिव पाए गए जबकि शेष 57 सैंपलों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। मुख्य सचिव अनिल खाची ने उपायुक्तों को कोविड-19 के रोगियों के सम्पर्क पर निगरानी रखने के लिए विशेष बल देने को कहा। अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) आर।डी। धीमान ने कहा कि अब तक राज्य में 773 व्यक्तियों की कोरोना वायरस की जांच की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 28 पाॅजिटिव लोगों में से दो लोग नैगेटिव पाए जाने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई है। इसके अलावा, चार व्यक्तियों को राज्य से बाहर इलाज के लिए गए हैं और एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई है। उन्होंने कहा कि शेष 21 व्यक्ति राज्य के विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।
डा राजीव बिन्दल प्रदेश अध्यक्ष भाजपा ने वीडियो कांफ्रेसिग के जरिये प्रदेश भाजपा पदाधिकारियों, प्रदेश मोर्चेां के अध्यक्षों, मीडिया, सह मीडिया प्रभारियों, प्रमुख वक्ता, प्रवक्तागण, जिलाध्यक्षों एवं जिला प्रभारितयों से विस्तृत वार्ता की जिसमें संगठन महामंत्री पवन राणा उपस्थित रहे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की सरकार जो बेहतरीन कार्य कर रही है उसे सहयोग व सप्लीमेंट करना होगा। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नडडा , राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी।एल संतोष, द्वारा दिए गए दिशा निर्देश को बूथ स्तर तक लागू करने के लिए वीडियो कांफ्रेस द्वारा मीटिंग का आयोजन किया गया जिसमें पांच बिन्दुओं पर कार्य करने के दिशा निर्देश दिए गए प्रथम कोई भी व्यक्ति लाकडाउन के दौरान भूखा न सोये, इसके लिए राशन वितरण/भोजन देने का कार्य प्रशासन के सहयोग से यथा संभव किया जाएगा, दूसरा फेस कवर यानि मास्क बनाने का कार्य हर घर में तेज गति से हो हर व्यक्ति घर से निकलते हुए मास्क का प्रयोग करे, उसे अगले दिन धोकर सुखा कर पुनः उपयोग करें। तीसरा अरोग्य ऐप सभी को डाउन लोड करानी होगी। चौथा पीएम केयर, एचपी कोविड-19 दोनों रिलीफ फंड में अधिकांश लोग धन सीधे प्रेषित करें। पाँचवा धन्यवाद ज्ञापन का कार्य सभी स्तरों पर किया जाए। जनता के दस्तखत करवा कर थैंक्स का पत्र चिकित्सा जगत, स्वच्छता कर्मी, बैंक-पोस्ट आफिस कर्मी, पुलिस कर्मी, प्रशासन और मीडिया को देना लगातार किया जाना है। सभी कार्यकर्ताओं को यह संदेश दिया गया कि वे समाज के सभी वर्गों सेे निरतर संपर्क में रहें। फोन के जरिए वीडियो कांफ्रेस के जरिए या फिर ऑडियो ब्रिज के जरिए व्हटसऐप के जरिए परन्तु घर में रह कर सगंठन कैसे चलाना है इसका अभ्यास डालना होगा। सभी कार्यकर्ता मानसिक रूप से स्वास्थ्य रहे, यह नरेन्द्र मोदी जी ने आहवान किया है कि कोरोना महामारी से लड़ने के लिए लम्बी तैयारी करनी होगी, थकना नहीं, रूकना नहीं, हारना नहीं, यह संदेश हर कायकर्ता तक हर प्रदेश वासी तक पहुंचाना है। डा बिन्दल ने बताया कि प्रदेश में अभी तक 156283 खाने के पैकेट, 45046 लोगों को राशन वितरित किया गया जिसके तहत 3,44,447 लोग लाभान्वित हुए। इस अभियान में 13460 भाजपा कार्यकर्ताओं नेे सक्रियता से भाग लिया। प्रदेश में 2,35,922 मास्क वितरित किए गए जबकि पीएम केयर फंड में 5123813 रुपये तथा मुख्यमंत्री कोविड फंड में 16532792 रुपये धनराशि दी गई।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार हाइड्राॅक्सीक्लोरोक्विन सहित विभिन्न जीवन रक्षक दवाओं के सुचारू उत्पादन को सुनिश्चित करने के लिए बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ क्षेत्र में फार्मा कंपनियों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने शिमला से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कैडिला, डाॅ. रेड्डीज, अल्केमिस्ट और टोरेंट जैसी प्रमुख फार्मा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत में यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार फार्मा कंपनियों के लिए कर्मचारियों के सुचारू आवागमन के अलावा कच्चे माल और दवाओं की आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि इन कंपनियों से दवाओं की ढुलाई के लिए पर्याप्त संख्या में ट्रक उपलब्ध करवाए जाएंगे। जय राम ठाकुर ने फार्मा कम्पनियों द्वारा अपनी अधिकांश इकाइयों में फिर से उत्पादन शुरू करने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की लगभग 250 फार्मा इकाइयों ने फिर से उत्पादन शुरू किया है। उन्होंने कहा कि इनमें से अधिकांश कंपनियां हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन की मांग को पूरा कर रही हैं। इस दवाई की न केवल भारत में ही बल्कि पूरी दुनिया में कोरोना वायरस की महामारी के लिए मांग है। विभिन्न फार्मा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने दवाई उत्पादन कार्योंं को शुरू करने व फार्मा कम्पनियों को सुविधा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। बैठक में मुख्य सचिव अनिल खाची और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
दिनांक 09-04-2020 को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन हिमाचल प्रदेश की राज्य इकाई ने कोरोना लॉकडाउन की संकटपूर्ण घड़ी में मानवसेवा एवं राष्ट्रसेवा में अपना योगदान देते हुए अपने पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के माध्यम से लॉकडाउन के कारण प्रदेशभर में फसे छात्र-छात्राओं, गरीब परिवारों व अन्य जरूरतमंद लोगों को मास्क ,खाद्य सामग्री व अन्य सहायता प्रदान कर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन का 50वां स्थापना दिवस मनाया। NSUI के प्रदेशाध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर ने कहा कि NSUI की स्थापना 9 अप्रेल 1971 को भारत की भूतपुर्व प्रधानमंत्री स्व० श्रीमति इंदिरा गाधी द्वारा की गई तब से लेकर वर्तमान तक NSUI हमेशा छात्रहित व राष्ट्रहित की लडाई लड रही है और रहेगी ।प्रदेश अध्यक्ष छतर ठाकुर ने कहा की सविधान की आज्ञा का पालन करते हुए राष्ट्रहित के लिए काम करना ही हमारी विचारधारा है। छात्र संगठन एनएसयूआई के कई पदाधिकारियों व सदस्यों ने प्रदेश में स्थापना दिवस के अवसर पर जरूरतमंद छात्रों व लगभग 100 से अधिक गरीब परिवारों को मास्क, खाद्य सामग्री व अन्य सहायता प्रदान की। प्रदेश संगठन महासचिव मनोज चौहान ने कहा कि एनएसयूआई के छात्रों ने इस अवसर पर लोगों को कोरोना संक्रमण को रोकने में लॉकडाउन व सोशल-डिस्टेनसिंग के महत्व बारे जागरूक भी किया। इस मौके पर प्रदेश के सभी जिलों मे NSUI ने मास्क व राशन बाटे और भविष्य मे भी NSUI हर सम्भव सहायता के लिए त्यार रहेगी।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से हि.प्र. कोविड-19 साॅलिडेरिटी रिस्पाॅंस फंड में एक करोड़ रुपये का बैंक ड्राफ्ट भेंट किया। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के निदेशक अरूण सिंह धूमल ने एसोसिएशन की ओर से कोविड-19 से निपटने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में 20 लाख रुपये का अशंदान किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनित कार्य के लिए आभार व्यक्त किया।
हिमाचल प्रदेश पुलिस महानिदेशक एस आर मरडी ने कहा है कि प्रदेश के लोगों ने अब तक लॉक डाउन को काफी सफल बनाया है जिसकी बदौलत प्रदेश में कोरोना की कम्युनिटी स्प्रेडिंग रोकने में सरकार कामयाब रही है। साथ ही लोगों ने लॉक डाउन में दी जानी वाली ढील को भी 3 के बजाये 2 घंटे की ढील देने की बात कही है जो दिखाता है कि लोग कोरोना की जागरूकता को दिखाता है। प्रदेश में इस वख्त 21 कोरोना पॉजिटिव मामले हैं जो सभी तबलीगी जमात के लोग है और इनसे 293 जो फर्स्ट कांटेक्ट में लोग आए थे उनको क़वारन्टीन किया है जबकि कुल 626 लोग क़वारन्टीन पर है। साथ ही 20 एफआईआर 97 तबलीगी जमात के लोगों के खिलाफ की है जिन्होंने गलत जानकारी प्रशासन को दी है ऐसे लोगों के खिलाफ कानून के तहत कारवाई की जाएगी। आजकल ऑनलाइन खरीददारी बढ़ रही और इसमें काफी धोखा धडी की जा रही है इसलिए लोग काफी सावधानी से खरीददारी करे और पूरी छानबीन करके की ऑनलाइन पर्चेजिंग करें। इसके अलावा इन दिनों एनजीओ और कई संस्थाए कोविड फण्ड नाम से खाते बनाकर दान करने के लिए लोगों से आग्रह कर रहे है जिसमें थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है जिससे लोगों के साथ धोखा न हो। डीजीपी एसआर मरडी ने लोगों से ऐसी संस्थाओं के बजाय प्रधानमंत्री कोविड 19 राहत कोष और मुख्यमंत्री कोविड19 राहत कोष में ही दान करने की अपील की है।साथ ही उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर doe's और dont's के कई मैसेज सामने आ रहे हैं लोग केवल सरकारी वेबसाइट द्वारा दिये जा रहे दिशा निर्देश का पालन करे बाकियों का नहीं।
हिमाचल प्रदेश के ठियोग विधानसभा क्षेत्र से वामपंथी विधायक राकेश सिंघा ने अपनी 11 माह की विधायक सैलरी कोरोना वायरस के चलते मुख्यमंत्री राहत कोष में दी है। इस बारे में खुद उन्होंने जानकारी दी। बता दे कि उन्होंने बताया कि अप्रैल से लेकर दिसंबर तक कि सैलरी वो नही लेंगे और इस सैलरी को मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे। इससे पहले वे फरवरी व मार्च की सैलरी पहले ही दे चुके है। हालांकि प्रदेश सरकार ने भी फैसला लिया है कि आगामी दो सालों तक किसी भी विधायक को विधायक निधि नहीं मिलेगी और सभी की सैलरी 30% काटी जाएगी लेकिन ऐसे में राकेश सिंघा हिमाचल के अन्य विधायको से दो कदम आगे है। साथ ही सिंघा ने कहा है कि देश की स्तिथि को ठीक करने के लिए उनसे जो होगा वो करेगे। ऐसी स्तिथि में जिस से जी हो सकता है उसे वो करना चाहिए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने बताया कि माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा जगत प्रकाश नडडा ने वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से प्रदेश अध्यक्ष भाजपा डा. राजीव बिन्दल व अन्य प्रदेश अध्यक्षों से लगभग 2.30 घंटा वार्ता की। प्रदेश में कोराना से उत्पन्न स्थिति, सरकार, प्रशासन और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। 28 मार्च से 7 अप्रैल तक प्रदेश भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए कार्यों की जगत प्रकाश नड्डा ने मुक्त कंठ से सराहना की और विशेष तौर पर अन्य राज्यों को फेस कवर बनाने के लिए हिमाचल माॅडल को अपनाने की सलाह दी। नड्डा ने हिमाचल सरकार एवं प्रशासन के कार्य की उंचे स्वर में प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को बधाई दी। बिंदल ने कहा कि प्रदेश भाजपा कार्यकर्ताओं की प्रेरणा से पीएम केयर फंड में 35,93,785 रुपये व सीएम कोविड फंड में 1,34,64,515 रुपये जमा कराए जा चुके हैं। इसी प्रकार 1 लाख 44 हजार 23 भोजन पैकेट व 42 हजार 488 मोदी राशन किट वितरित की जा चुकी है। 2 लाख 35 हजार 922 फेस कवर बनाए जा चुके हैं। जगत प्रकाश नडडा ने भाजपा कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे भोजन सामग्री वितरण, पीएम और सीएम रिलीफ फंड, फेस कवर निर्माण का कार्य करते रहेंगे व प्रत्येक व्यक्ति को आरोग्य ऐप डाउनलोड करांएगे। हर कार्यकर्ता द्वारा 40 लोगों को पीएम केयर से जोड़ना होगा। स्वास्थ्य कर्मी, पुलिस कर्मी सफाई कर्मी, प्रशासनिक अधिकारी, मीडिया, बैंक, पोस्ट आफिस कर्मियों के लिए थैंक गिविंग पत्र बनवाकर दस्तखत करवा कर भिजवाएं। नडडा ने कार्यकर्ताओं को कोरोना से लम्बी लड़ाई के लिए तैयार रहने का आहवान किया। डा. बिन्दल ने हिमाचल प्रदेश के लाखों कायकर्ताओं की ओर से उन्हें विश्वास दिलाया कि उनकी योजनाओं का अनुसरण होगा।
प्रदेश कांग्रेस सोशल मीडिया के चेयरमैन अभिषेक राणा ने कहा है कि अपनी बात लोगों तक रखने के लिए सोशल मीडिया महत्वपूर्ण जरिया बन चुका है तथा इन दिनों चले हालातों प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप राठौर द्वारा जिलाध्यक्षों से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से बात जिलों की फीडबैक लेने के बाद अब जल्द ही संसदीय क्षेत्र वार ब्लाक अध्यक्षों से बात करेंगे। जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि जब तक परिस्थितियां अनुकूल नहीं होती, तब तक वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए ही प्रदेश कांग्रेस फीडबैक लेने के साथ संगठन संबंधी दिशानिर्देश भी देगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश कार्यकारिणी के गठन के बाद वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से बात की जा रही है तथा ऐसी घड़ी में पार्टी में बेहतर तालमेल बनाने के लिए सोशल मीडिया की अहम भूमिका बन गई है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के प्रकोप तक सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए पार्टी में बेहतर तालमेल व संगठन की गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाए रखने के लिए सोशल मीडिया ही एकमात्र बढ़िया विकल्प है।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने राजभवन शिमला में पुलिस महानिदेशक एस आर मरडी के साथ प्रदेश में कोराना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लाॅकडाउन और कफ्र्यू को लागू करने के प्रबन्धन की समीक्षा बैठक की। राज्यपाल ने राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों और राज्य में आए तबलीगी जमात के सदस्यों के कारण उत्पन्न हुई स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसी स्थिति में भी पुलिस कर्मी चैबिसो घंटे कार्य कर रहे हैं और प्रत्येक क्वारन्टीन और आईसोलेशन केंद्र में भी तैनात हैं। उन्होंने पुलिस महानिदेशक से पुलिस कर्मियों को मास्क, सेनिटाइजर, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण किट आदि उपलब्ध करवाने को कहा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियांे की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने राज्य की स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था सहित चिकित्सा और खाद्य सामग्री का वितरण उचित तथा व्यवस्थित रूप से किया जा रहा है। उन्होंने सरकार के समर्पित प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि हम लाॅकडाउन के बाद की स्थिति के लिए योजना बनानी चाहिए। पुलिस महानिदेशक एस आर मरडी ने राज्यपाल को संपूर्ण स्थिति तथा केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार प्रदेश में पुलिस प्रशासन द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस द्वारा कफ्र्यू और लाॅकडाउन आदेशों का सख्ती से पालन किया जा रहा है और उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि कफ्र्यू और लाॅकडाउन का उल्लंघन करने पर 8 अप्रैल, 2020 तक 448 व्यक्तियों के विरूद्ध 522 मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि शिमला में 80 एफआईआर और मण्डी में 104 एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि कफ्र्यू का उल्लंघन करने पर जिला शिमला में 123 लोगों तथा जिला बिलासपुर में 62 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एस. आर. मरडी ने कहा कि प्रदेश में पुलिस जिला बद्दी, जिला चंबा, ऊना और कांगड़ा कोरोना के संदिग्धों के हाॅटस्पाॅट हैं। उन्होंने पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड तथा जम्मू और कश्मीर के साथ अंतर्राज्यीय सीमाआंे पर स्थिति के बारे में चर्चा की और कहा कि इन अंतर्राज्यीय सीमाओं को सील करने के लिए पर्याप्त पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि उपायुक्तों के साथ मिलकर लाॅकडाउन के पश्चात की स्थिति के लिए जिला कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों की सुरक्षा तथा बचाव के लिए सभी प्रबन्ध किए गए हैं। इस अवसर पर अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
संजौली की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के निर्माणाधीन मकान में अंडर ग्राउंड सूखे वाटर टैंक में रह रहे दो नेपाली बच्चों को मंगलवार रात 12 बजे उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो अजय श्रीवास्तव ने पुलिस की मदद से रेस्क्यू कराया। दोनों बच्चों को उनके माता-पिता छोड़कर कहीं चले गए हैं और वे अत्यंत खतरनाक परिस्थितियों में अंधेरेे वाटर टैंक में रात गुजारते थे। मासूम बच्चों का दुखड़ा भी दर्दनाक है उनके माता-पिता ने कहीं अलग अलग शादी कर ली है। लिहाजा अनाथ होने पर उन्हें रहने के लिए यह जगह सबसे सुरक्षित लगी। दोनो बच्चे अपनी उम्र 10 वर्ष और 11 वर्ष बताते हैं। 7 अप्रैल की रात को संजौली की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने वाले एसजेवीएन के अधिकारी सनी सराफ ने प्रो.अजय श्रीवास्तव को फोन पर बताया कि दो मासूम बच्चे बेहद खराब परिस्थितियों में निर्माणाधीन अंडर ग्राउंड पानी की टंकी में रहते हैं। उन्होंने कहा की इनके माता-पिता उन्हें छोड़कर कहीं चले गए हैं और बच्चे असुरक्षित हैं। सनी सराफ ने उन्हें खाना और कपड़े भी दिए। उमंग फाउंडेशन ने तुरंत इसकी जानकारी जूविनाइल जस्टिस एक्ट के अंतर्गत बनी वैधानिक संस्था चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के जिला अध्यक्ष जीके शर्मा को दी और उनसे मासूम बच्चों को तुरंत रेस्क्यू कराने का अनुरोध किया। दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि जीके शर्मा ने अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने में असमर्थता जताते हुए श्रीवास्तव को चाइल्ड लाइन या पुलिस को फोन करने की सलाह दी। देर रात अजय श्रीवास्तव शिमला के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीर ठाकुर से बच्चों को तुरंत रेस्क्यू कराने का अनुरोध किया। प्रदीप ठाकुर ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बालूगंज के एसएचओ राजकुमार को बच्चों को रेस्क्यू करने के निर्देश दिए। एसएचओ राजकुमार एएसआई मोहिंदर सिंह के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और रात 12 बजे दोनों बच्चों को रेस्क्यू करके रॉकवूड (निकट पोर्टमोर) स्थित बाल आश्रम में पहुंचा दिया। मासूम बच्चों ने बताया कि उनकी मां और पिता उन्हें छोड़कर कहीं चले गए और दोनों ने अलग-अलग शादी कर ली है। प्रो अजय श्रीवास्तव ने कहा सनी सराफ ने बच्चों के दर्द को समझा और उनकी मदद की। उधर ढली पुलिस की टीम ने भी आधी रात को कार्रवाई कर के अत्यंत सराहनीय भूमिका निभाई। अब बच्चों के माता-पिता को ढूंढने का प्रयास किया जाएगा। तब तक बच्चे सुरक्षित आश्रय में रहेंगे।
ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत प्रदेश में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों एवं महिला किसानों को कोरोना संकट के समय में लोगों के बचाव के लिए अपना सहयोग प्रदान करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक एवं राष्ट्रीय आजीविका मिशन के प्रदेश प्रमुख ललित जैन द्वारा यहा जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत प्रदेश में लगभग 50 से अधिक स्वयं सहायता समूह शामिल है जिनके द्वारा 15000 के लगभग मास्क प्रतिदिन तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निरंतर बढ़ रही मास्क की मांग को पूरा करने के लिए पूरे प्रदेश में कुल 250 स्वयं सहायता समूह के माध्यम से 2,000 से अधिक महिलाएं इस कार्य को पूरी निष्ठा से कर रही हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक एक लाख मास्क विभिन्न विभागों एवं अन्य संस्थाओं को दिए जा चुके हैं तथा मास्क बनाने का यह कार्य युद्ध स्तर पर निरंतर जारी है। इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में वस्तु विनिमय प्रणाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगभग तीन हजार महिला किसानों को प्रेरित किया जा रहा है, जिसके तहत कम से कम भूमि का उपयोग करते हुए किचन गार्डन को विकसित कर गांव में ही आवश्यक सब्जियां उगाई जा सके। ललित जैन द्वारा प्रतिदिन वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस संदर्भ में युवा व्यवसायियों का उत्साहवर्धन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 11 युवा व्यवसायियों को इन महिला किसानों के मार्गदर्शन की जिम्मेदारी सौंपी गई है तथा महिला किसानों द्वारा तैयार उत्पाद को बाजार में भेजना भी युवा व्यवसायियों द्वारा ही सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि महिलाओं को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कोरोना वायरस के दृष्टिगत आज शिमला से प्रदेश के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने तबलीगी जमात के कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्तियों के नजदीकी लोगों का पता लगाने के लिए वृहद अभियान आरंभ करने के निर्देश दिए, ताकि यह वायरस आगे न फैल सके। उन्होंने कहा कि इन व्यक्तियों को चिकित्सा जांच करवाने तक क्वारनटीन में रखा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने लोगों से आग्रह किया कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए अपने क्षेत्रों में ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित करने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यात्रा का ब्यौरा छुपाने वाले व्यक्तियों तथा उन्हें आश्रय देने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि जिला सोलन के बद्दी क्षेत्र में स्थित ईएसआई अस्पताल काथा को कोविड-19 के पाॅजिटिव रोगियों की चिकित्सा के लिए अधिसूचित किया गया है। इस अस्पताल में सोलन तथा सिरमौर जिलों के रोगियों को चिकित्सा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों में टेलिमेडिसिन परामर्श सुविधाएं आरंभ की हैं, ताकि लोगों को विशेषज्ञों के माध्यम से चिकित्सा प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री, सभी मंत्रियों, विधायकों तथा सभी राजनैतिक नियुक्ति प्राप्त व्यक्तियों के वेतन अथवा मानदेय इत्यादि में एक साल के लिए 30 प्रतिशत की कटौती करने का निर्णय लिया है। विधायक क्षेत्र विकास निधि योजना को भी दो साल की अवधि के लिए स्थगित करने का भी निर्णय लिया गया है। इस राशि का उपयोग प्रदेश में कोविड-19 महामारी से प्रभावी रूप से निपटने के लिए किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्फ्यू के दौरान किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि वाहनों की आवाजाही को भी सीमित किया जाना चाहिए। यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि लोग कफ्र्यू में दी गई ढील के दौरान अनावश्यक घरों से बाहर न निकले। जय राम ठाकुर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्याप्त आवश्यक वस्तुओं को कफ्र्यू में ढील के दौरान उपलब्ध करवाया जाए, ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि होम डिलीवरी सिस्टम को सुदृढ़ दिया जाना चाहिए, ताकि लोगों को आवश्यक वस्तुओं के लिए घरों से बाहर न आना पड़े। उन्होंने कहा कि जमाखोरी और मुनाफाखोरी को रोकने तथा दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने पर बल दिया। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में आरम्भ किए गए एक्टिव केस फाईंडिंग अभियान के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा घर-घर जाकर 41 लाख व्यक्तियों की स्वास्थ्य जानकारी प्राप्त की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सर्जिकल मास्क, हैंड सैनिटाईजर प्रदान करने के पर्याप्त प्रबंध किये जाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक कोरोना वायरस के दृष्टिगत 4684 व्यक्तियों को निगरानी में रखा गया है, जिसमें से 2188 व्यक्तियों ने 28 दिनों की निगरानी अवधि पूर्ण कर ली है। उन्होंने कहा कि मंगलवार कोविड-19 के लिए 79 व्यक्तियों की जांच की गई, जिसमें से 22 सैंपल नेगेटिव पाए गए तथा 57 सैंपलों की रिपोर्ट अभी बाकी है। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर डी धीमान ने कहा कि प्रदेश में अब तक कोरोना वायरस के लिए 534 व्यक्तियों की जांच की गई है। उन्होंने कहा कि अभी तक 18 व्यक्तियों की रिपोर्ट पाॅजिटिव पाई गई है, जिसमें से दो व्यक्तियों को नेगेटिव पाये जाने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त चार व्यक्ति प्रदेश से बाहर उपचाराधीन है तथा एक व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है। उन्होंने कहा कि शेष 11 व्यक्ति प्रदेश के अस्पतालों में उपचाराधीन है। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, मुख्य सचिव अनिल खाची, पुलिस महानिदेशक एसआर मरडी, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार, प्रधान सचिव जे सी शर्मा तथा ओंकार चन्द शर्मा और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू भी बैठक में उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस पिछले एक सप्ताह से अलग अलग विधानसभा में घर घर में महिलाओं और पुरुषों के मध्याम से मास्क बनवाने का काम कर रहे है। युवा कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि 8 अप्रैल 2020 को हिमाचल प्रदेश की अलग अलग विधानसभा में प्रथम चरण में एक लाख मास्क वितरित किए जाएंगे। महामारी से बचने के लिए मास्क एक बहुत उपयोगी सुरक्षा के हथियार के रूप में इस्तेमाल हो रहा है। सभी विधानसभा अध्यक्षों को निर्देश दिये गया है कि वह अपनी अपनी विधानसभा में 8 से 10 हजार मास्क बांटने का काम करें। अभी तक बहुत से युवा कांग्रेस के साथियों ने बाजार से खरीद कर तकरीबन सत्तर हजार के करीब मास्क अलग अलग विधानसभा में बांट लिए है, बाजार में मास्क की कमी को देखते हुए युवा कांग्रेस ने फैसला लिया है कि युवा कांग्रेस होम मेड मास्क त्यार करके लोगों को बंटेगी। पहली कड़ी में एक लाख मास्क बांटे जाएंगे। बहुत सारी जगह पर घरों पर मास्क त्यार किये जा रहे है। प्रदेश सरकार भी मास्क उपलब्ध करवाने में असफल साबित हो रही है। आने वाले समय में भी इसी तरह से घर घर में हर विधानसभा में मास्क बनाने का काम युद्ध स्तर पर चला रहेगा। दूसरे चरण में हिमाचल दिवस के अवसर पर 15 अप्रैल को एक लाख मास्क बांटे जाएंगे। सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि वह सभी अपने गांव, पंचायत और क्षेत्रों में रहकर लोगों को अनिवार्य रूप से घरों में बने हुए मास्क वितरित करें।कल सुबह 11 बजे से मास्क वितरित किए जाएंगे।
कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में शिमला में वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। मंत्रिमंडल ने हाल ही में उत्तरी कश्मीर के केरन सेक्टर में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले जिला कुल्लू के पुइंद गांव के 24 वर्षीय पैराट्रूपर बालकृष्ण तथा बिलासपुर जिले की हटवाड़ पंचायत के देहरा गांव के 43 वर्षीय कमांडो सूबेदार संजीव कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित की। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर मंत्रिमंडल ने कोविड-19 महामारी के दौरान समर्पित तथा निःस्वार्थ सेवाएं प्रदान करने के लिए चिकित्सकों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ, सफाई कार्यकर्ताओं तथा पुलिस का आभार व्यक्त किया। मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष, सभी मंत्रियों, विधान सभा उपाध्यक्ष, विधायकों, विभिन्न बोर्ड तथा निगमों के अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष और सभी राजनैतिक नियुक्ति प्राप्त व्यक्तियों के वेतन अथवा मानदेय इत्यादि में एक साल के लिए 30 प्रतिशत की कटौती करने का निर्णय लिया। बैठक में विधायक क्षेत्र विकास निधि योजना को भी दो साल की अवधि के लिए स्थगित करने का भी निर्णय लिया गया। इस राशि का उपयोग प्रदेश में कोविड-19 के दुष्प्रभावों तथा चुनौतियों से निपटने में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों में किया जाएगा।
इन्दिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला (आई.जी.एम.सी.) के विकिरण चिकित्सा एवं कैंसर रोग विभाग ने कोेविड-19 के खतरे के दृष्टिगत कैंसर रोगियों के लिए दूरभाष पर परामर्श की सुविधा आरम्भ की है। यह जानकारी एक सरकारी प्रवक्ता ने दी। उन्होंने कहा कि विकिरण चिकित्सा एवं कैंसर रोग विभाग के प्रमुख प्रो. डाॅ. मनीष गुप्ता ने अवगत करवाया है कि विभाग की इस दूरभाष परामर्श सुविधा का लाभ लोग अपने घर से ही उठा सकते हैं। यह निर्णय इसलिए लिए लिया गया है ताकि कोरोना वायरस के खतरे के समय में रोगियों को मात्र परामर्श के लिए शिमला न आना पड़े। उन्होंने कहा कि परामर्श के लिए सोमवार को विभाग के प्रमुख प्रो. डाॅ. मनीष गुप्ता से मोबाईल नम्बर 94184-55673, मंगलवार तथा शुक्रवार को ऐसोसिएट प्रोफेसर डाॅ. विकास फोतेदार से मोबाईल नम्बर 94184-90779, वीरवार तथा शनिवार को ऐसोसिएट प्रोफेसर डाॅ. सिद्धार्थ वत्स से मोबाईल नम्बर 94184-58100 तथा बुधवार को सहायक प्रोफेसर डाॅ. पूर्णिमा ठाकुर से मोबाईल नम्बर 82196-68548 पर सम्पर्क किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मेडिकल ऑन्कोलॉजी के लिए सभी दिवसों पर सहायक प्रोफेसर डाॅ. प्रवेश धीमान से मोबाईल नम्बर 82194-29276 तथा पीड़ा एवं पीड़ाहर सुरक्षा (पेन एण्ड पेलियेटिव केयर) के लिए सभी दिवसों पर सहायक प्रोफेसर डाॅ. विनय सौम्या से मोबाईल नम्बर 94180-70350 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने मोदी सरकार द्वारा कोरोना आपदा को देखते हुए सांसदों व मंत्रियों के वेतन, भत्ते व पेंशन में कटौती को स्वागत योग्य कदम बताते हुए इससे के कोरोना के ख़िलाफ़ लड़ाई को बल मिलने की बात कही है। अनुराग ठाकुर ने कहा "आज पूरी दुनिया कोरोना वायरस की चपेट में है और इस इस वैश्विक आपदा से निपटने के लिए सभी देश युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं। हमारा देश भी इस से अछूता नहीं है जिसे देखते हुए देश की मोदी सरकार अपने नागरिकों को स्वस्थ व सुरक्षित बनाए रखने के लिए सभी सम्भव उपाय कर रही है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने कोरोना से लड़ने के लिए प्रधानमंत्री समेत सभी कैबिनेट मंत्रियों और सांसदों के वेतन ,भत्तों व पूर्व सांसदों के पेंशन में में एक वर्ष तक 30 फीसदी की कटौती करने का फैसला लिया है। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यों के राज्यपालों ने भी स्वेच्छा से सामाजिक ज़िम्मेदारी के रूप में वेतन कटौती का फैसला किया है। यह धनराशि भारत के समेकित कोष में जाएगी जिसका उपयोग कोरोना आपदा से निपटने के लिए किया जायेगा। चुने हुए जनप्रतिनिधि के तौर पर मैं वेतन, भत्ते और पेंशन में भारत सरकार द्वारा की गई कटौती का स्वागत करता हूँ व इस कदम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देता हूँ।” अनुराग ठाकुर ने कहा "इसके अतिरिक्त अपने संसदीय क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए हर सांसद को मिलने वाली सांसद निधि अगले 2 वर्षों तक का उपयोग कोरोना आपदा से निपटने के लिए किया जायेगा। यह मोदी सरकार द्वारा उठाया गया एक महत्वपूर्ण व प्रशंसनीय कदम है। भारत सरकार कोरोना से निपटने के लिए सभी ज़रूरी व प्रभावी कदम उठा रही है। यह वक्त पूरी एकजुटता के साथ इस आपदा से निपटने व अपनी राष्ट्रीय एकता को दिखाने का है। इस समय हमें पूरे संयम और दृढ़ संकल्प के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा सुझाए सभी उपायों का कड़ाई से पालन करने की आवश्यकता है। सतर्कता से ही कोरोना के संक्रमण की रोकथाम संभव है। हम स्वयं संक्रमित होने से बचेंगे और दूसरों को भी संक्रमित होने से बचाएँगे व हम सब मिल कर कोरोना को हराएंगे।"
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने देश तथा प्रदेश में कोरोना वायरस के दृष्टिगत उत्पन्न स्थिति का जायजा लेने के लिए सोमवार शिमला से प्रदेश के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में कानून एवं व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। संबंधित उपायुक्त अपने जिलों में ऐसे धार्मिक स्थलों का ब्यौरा प्रदान करेंगे ताकि शीघ्र सीसीटीवी कैमरे लगाए जा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा तबलीगी जमात से अपील करने के उपरान्त दिल्ली की निजामुद्दीन तबलीगी जमात के समारोह में भाग लेने वाले 12 व्यक्ति स्वेच्छा से सामने आकर अपनी यात्रा का ब्यौरा दिया है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त इन जमातियों के 52 प्रमुख नजदीकी लोगों ने भी अपनी जानकारी प्रदान की है। उन्होंने कहा कि इन सभी 64 व्यक्तियों को क्वारटीन में रखा गया है तथा उनकी जांच की जा रही है। प्रदेश में एक्टिव केस फाईंडिंग अभियान के तहत गत तीन दिनों में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर 23 लाख से अधिक व्यक्तियों की स्वास्थ्य जानकारी प्राप्त की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए केन्द्र तथा प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक कोरोना वायरस के दृष्टिगत 4458 व्यक्तियों को निगरानी में रखा गया है, जिसमें से 2013 व्यक्तियों ने 28 दिनों की निगरानी अवधि पूर्ण कर ली है। उन्होंने कहा कि आज कोविड-19 के लिए 83 व्यक्तियों की जांच की गई, जिसमें से 32 सैंपल नेगिटिव पाए गए तथा 51 सैंपलों की रिपोर्ट अभी बाकी है। प्रदेश में कोरोना वायरस के लिए अभी तक 456 व्यक्तियों की जांच की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने लोगों की सुविधा के लिए खुले बाजारों में आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नागरिक आपूर्ति निगम के डिपो में बफर स्टाॅक सुनिश्चित करवाने के प्रयास भी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जमाखोरी और मुनाफाखोरी को रोकने तथा दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने पर बल दिया जाना चाहिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर.डी. धीमान ने कहा कि प्रदेश में आरम्भ किए गए एक्टिव केस फाईंडिंग अभियान के तहत 85 व्यक्तियों को निगरानी में रखा गया है। उन्होंने कहा कि इन व्यक्तियों को कोरोना वायरस नहीं है, बल्कि इनको ऐहतियाती कदमों के तहत निगरानी में रखा गया है ताकि यदि इन व्यक्तियों में कोरोना वायरस के लक्षण पाए जाते हैं तो तुरन्त इनकी जांच की जा सके। मुख्य सचिव अनिल खाची, पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरडी, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू, प्रधान सचिव प्रबोध सक्सेना, जे.सी. शर्मा, ओंकार चन्द शर्मा तथा सचिव रजनीश भी बैठक में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने सोमवार राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से मुलाकात की और उन्हें राज्य सरकार द्वारा राज्य में कोविड-19 के खिलाफ लड़ने के लिए की जा रही पहल और कदमों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहले से ही ठोस कदम उठाए गए हैं और स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि बाहरी लोगों पर नजर रखी जा रही है और एक्टिव केस फाइंडिंग कैम्पेन के तहत घर-घर जाकर हर व्यक्ति की जांच की जा रही है। राज्यपाल ने इस महामारी से लड़ने और प्रदेश के लोगों को आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर दिए जा रहे दिशानिर्देशों का प्रदेश में पालन किए जाने पर संतोष व्यक्त किया। राज्यपाल ने हि प्र कोविड-19 साॅलिडैरिटी रिस्पाॅन्स फंड में दिया अंशदान इस अवसर पर राज्यपाल ने हि प्र कोविड-19 साॅलिडैरिटी रिस्पाॅन्स फंड के लिए मुख्यमंत्री को 2,44,500 रुपये का अशंदान भी दिया। राज्यपाल ने भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में कोविड-19 के लिए उठाए गए कदमों तथा वर्तमान स्थिति के बारे में भी अवगत कराया। राज्यपाल ने महावीर जयंती के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं भी दी। उन्होंने अपने सन्देश में कहा कि भगवान महावीर द्वारा दी गई अहिंसा, सत्य और त्याग की शिक्षा आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि हमें समाज में शांति, प्रेम और सद्भाव बनाए रखने के लिए इनका पालन करना चाहिए। राज्यपाल ने कोरोना वायरस के संबंध में राजभवन के अधिकारियों के साथ एक बैठक की और कोविड-19 से निपटने में राज्य प्रशासन के साथ समन्वय बनाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को कृषि मंत्री डाॅ. रामलाल मारकण्डा ने आज हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड की ओर से ‘हि.प्र. कोविड-19 साॅलिडेरिटी रिस्पाॅंस फंड’ के लिए एक करोड़ रुपये का चैक भेंट किया। हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष बलदेव भण्डारी, कृषि उत्पाद विपणन समिति के अध्यक्ष नरेश शर्मा, प्रधान सचिव, कृषि ओंकार चंद शर्मा तथा हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबन्ध निदेशक नरेश ठाकुर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
शिमला जिला के रोहड़ू में एक हत्या का मामला सामने आया है। रोहड़ू के जुब्बल के नंदपुर गांव में एक 15 वर्षीय स्कूली छात्र दीपेश कुमार पुत्र देवेंद्र कुमार रविवार शाम चार बजे घर से निकला था। उसके बाद से वह घर नहीं लौटा। जब सुबह उसके घर वालों ने उस को ढूंढा तो घर के साथ ही राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नंदपुर के एक निर्माणाधीन भवन में इसका शव लटका हुआ मिला। सूत्रों के अनुसार, नाबालिग के पैर और हाथ को बांधकर स्कूल के निर्माणाधीन भवन की एक खिड़की में उसे फंदे से लटकाया गया था। बच्चे के नाक और एक आँख पर भी चोट के निशान पाए गए हैं। घटना स्थल की स्थिति को देखने बाद युवक के मर्डर की आशंका जताई जा रही है। पुलिस बल मामले की जांच कर रहा है। डॉग स्कॉड को बुला दिया गया है। रोहड़ू के डीएसपी सुनील नेगी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शव को कब्जे में लिया गया है। फोरेंसिक टीम मौके पर पहुँच गई है। डॉग स्क्वाड को भी बुलाया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असल कारणों का पता चल पाएगा। फिलहाल, मामला दर्ज करके गहनता से तफ्तीश की जा रही है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि भारत सरकार द्वारा कोविड-19 के मद्देनजर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज की घोषणा की गई है, जिसके तहत जरूरतमंद लोगों को कुछ सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। आठ करोड़ गरीब परिवारों को तीन महीने (अप्रैल से जून) तक तीन मुफ्त गैस सिलेंडर दिए जाएंगे। इस निर्णय से हिमाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के 1।36 लाख लाभार्थी लाभान्वित होंगे। सरकार द्वारा एक महीने की सिलेंडर रिफिल की राशि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लाभार्थी के बैंक खाते में स्थानांतरित की गई है। यदि उपभोक्ता का मोबाइल नम्बर डाटाबेस या बैंक में दर्ज है तो उसे इस राशि के जमा होने की सूचना मैसेज के माध्यम से भी दी जा रही है। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लाभार्थियों को सिलेंडर लेते समय पूरी राशि चुकानी होगी जोकि पहले ही उसके खाते में जमा कर दी गई है। प्रवक्ता ने बताया कि माह मई व जून, 2020 की राशि उपभोक्ता के खाते में मई तथा जून के प्रथम सप्ताह में ही जमा कर दी जाएगी। यह राशि लाभार्थी के खाते में तभी जमा होगी जब वे पूर्व में भेेजी गई राशि को सिलेंडर रिफिल लेने के लिए खर्च कर चुका होगा। लाभार्थी द्वारा एक बार रिफिल लेने के पश्चात अगला रिफिल 15 दिनों के बाद ही लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अन्तर्गत आने वाले परिवारों को अप्रैल से जून, 2020 तक पांच किलो चावल प्रति व्यक्ति प्रतिमाह निःशुल्क उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इसके साथ ही उन्हें इस योजना के तहत मिलने वाला राशन निर्धारित दरों पर मिलता रहेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं की कोई भी कमी नहीं है तथा सरकार द्वारा इस संबंध में कड़ी निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे आवश्यकता अनुसार ही खाने-पीने की वस्तुओं व गैस की खरीददारी करें तथा अत्याधिक आवश्यकता होने पर ही घर से बाहर निकलें।
भाजपा के 40वें स्थापना दिवस पर संपूर्ण हिमाचल वासियों को बधाई देते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिन्दल ने कहा कि आज भाजपा 40 वर्ष में प्रवेश कर गई है, दो सांसदों की पार्टी से शुरू हुइ पार्टी आज 303 सांसदों वाली पार्टी है। जिस पार्टी में एक भी राज्य से सरकार नहीं थी आज अनेक राज्यों में सरकारों का सफल संचालन भाजपा कर चुकी है। जिस पार्टी के लाखों सदस्य होते थे, आज उसके 18 करोड़ सदस्य हैं व दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी है। जिस पार्टी ने अटल बिहारी वाजपाई जैसा महान नेता व प्रधान प्रधानमंत्री भारत को दिया और जिस पार्टी ने विश्व स्तर का नेता नरेन्द्र मोदी के रूप में देश को एक युग परिवर्तित करने वाला प्रधानमंत्री दिया। बिन्दल ने कहा कि हमें गर्व है कि भाजपा राष्ट्रीयता के विचारों पर काम करने वाली पार्टी है, जो कार्यकर्ता आधारित पार्टी है। जहां सामान्य सा कार्यकर्ता देश का प्रधानमंत्री, प्रदेश का मुख्यमंत्री व पार्टी का देश व प्रदेश का अध्यक्ष बन सकता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना की इस संकट की घड़ी में भाजपा अपने मूल सिद्धान्त पर चल रही है, पहले देश फिर पार्टी सबसे बाद में मैं, इसलिए पार्टी सभी क्षेत्रो में सेवा कार्यों में जुटी है। स्थापना दिस के अवसर पर पार्टी के कार्यकर्ता अभावग्रस्त लोगों को भोजन व राशन बांटने में लगे हैं। भाजपा का युवा मोर्चा मुख्यमंत्री राहत कोष व प्रधानमंत्री राहत कोष में धन पहुंचाने के लिए जनता को प्रेरित कर रहा है। महिला मोर्चा घर-घर में फेस मास्क बना कर वितरित करने में लगा है। पार्टी उन सभी डाक्टरों, नर्सों, पुलिस कर्मियों, सफाई कर्मचारियों, सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों, मीडिया कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करती है जो इस कष्ट की घड़ी में अपनी व अपने परिवार की चिंता छोड़ कर समाज सेवा में जुटे हैं। जगत प्रकाश नडडा राष्टीय अध्यक्ष भाजपा के आहवान पर भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता आज एक समय के भोजन का त्याग करेगा व उन अभावग्रस्त बन्धुओं को स्मरण करते हुए उन्हें सहयोग करेगा। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने ओकओवर में भाजपा के 40वें स्थापना दिवस के अवसर पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी तथा दीन दयाल उपाध्याय के छायाचित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वर्ष 1980 में 06 अप्रैल को विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा का गठन किया गया था। भाजपा के प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जमवाल एवं संगठन मंत्री पवन राणा ने भाजपा प्रदेश कार्यालय दीप कमल चक्कर में ध्वजारोहण का कार्यक्रम किया और उसके बाद भाजपा के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को पुष्पांजलि अर्पित की। भाजपा के स्थापना दिवस पर भाजपा महिला मोर्चा ने पूरे प्रदेश में आज स्वयं सदस्यों द्वारा बनाए हुए कोरोना वायरस से बचाव के लिए मास्क का वितरण किया, इसी कड़ी में शिमला महिला मोर्चा ने सब्जी मंडी में जनता को मास्क का वितरण किया और कोरोना वायरस के प्रति जागरूक किया। भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं ने स्थापना दिवस के पर्व को झंडा दिवस के रूप में भी मनाया और सभी कार्यकर्ताओं ने अपने अपने घर पर भारतीय जनता पार्टी का ध्वजारोहण किया साथ ही सभी कार्यकर्ताओं ने भाजपा के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं दीनदयाल उपाध्याय को पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यकर्ताओं ने बूथ स्तर पर एक धन्यवाद पत्र लिखा जिसमें बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं ने हस्ताक्षर किए और कार्य करने वाले कोरोना वायरस से लड़ने वाले योद्धाओं जैसे पुलिसकर्मी, डॉक्टर एवं नर्स, सफाई कर्मचारी, बैंक व पोस्ट आफिस के कर्मचारी व सरकारी कर्मचारियों को दिए। कृषि मंत्री डाॅ. रामलाल मारकण्डा, हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष बलदेव भण्डारी, कृषि उत्पाद विपणन समिति के अध्यक्ष नरेश शर्मा, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल, मुख्यमंत्री के ओएसडी शिशु धर्मा ने भी इस अवसर पर मुख्यमंत्री आवास श्यामा प्रसाद मुखर्जी तथा दीन दयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि दी।
राज्य सरकार समाचार पत्रों, टीवी चैनलों तथा विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर कोविड-19 से सम्बन्धित प्रकाशित अथवा प्रसारित होने वाले अप्रमाणिक समाचारों को रोकने के लिए उचित कार्रवाई कर रही है ताकि समाज में किसी तरह का भय पैदा न हो। सचिव, सूचना एवं जन सम्पर्क रजनीश ने सूचना एंव जन सम्पर्क विभाग के निदेशक की अध्यक्षता में गठित फेक न्यूज माॅनिटरिंग युनिट द्वारा किए जा रहे कार्यो की समीक्षा करते हुए बताया कि मीडिया द्वारा कोविड-19 की रोकथाम से सम्बन्धित महत्वपूर्ण सूचनाएं लोगों तक पहुॅचाई जा रही हैं जिससे लोग जागरूक हो रहे हैं। उन्होेंने मीडिया से सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश, जिसकी प्रतियां मीडिया को जारी कर दी गई है, को ध्यान में रखते हुए कोविड-19 से सम्बन्धित अप्रमाणिक समाचारों को प्रकाशित नहीं करने का आग्रह किया ताकि लोगों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि भारतीय प्रेस परिषद ने भी मीडिया को ऐसे भ्रामक समाचारों का प्रचार-प्रसार करने से परहेज करने की सलाह दी है। उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि वह अपनी स्वतंत्रता को बरकरार रखते हुए संकट की इस घड़ी में कोविड-19 से सम्बन्धित कोई भी सूचना जारी करने से पहले उसकी पुष्टि करना सुनिश्चित करें ताकि आम जनमानस में किसी तरह का भय उत्पन्न न हो। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया में चलने वाले अप्रमाणिक समाचारों को तुरन्त हटाने की कार्रवाई की जाए। इससे पूर्व निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क एवं फेक न्यूज माॅनटरिंग युनिट के अध्यक्ष हरबंस सिंह ब्रसकोन ने युनिट के सदस्यों के साथ बैठक की और उन्हें कोविड-19 से सम्बन्धित प्रकाशित अथवा प्रसारित होने वाले अप्रमाणिक समाचारों को प्रकाशित नहीं करने बारे केन्द्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अनुपालना करने की आवश्यकता पर बल दिया। हरबंस सिंह ब्रसकोन ने माॅनिटरिंग युनिट के सभी सदस्यों को कोरोना वायरस से सम्बन्धित प्रकाशित अथवा प्रसारित होने वाले अप्रमाणिक व भ्रामक समाचारों पर नजर रखने के लिए कहा ताकि उचित निर्णय लिया जा सके। उन्होंने बताया कि माॅनिटरिंग युनिट द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार fakenews-unit@hp।gov।in ई-मेल आईडी बनाई गई है ताकि लोग कोविड-19 से सम्बन्घित चल रही अप्रमाणिक सूचनाओं की शिकायत इस पर दर्ज कर सकें।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कोरोना वायरस के दृष्टिगत शिमला से प्रदेश के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक की। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान चिकित्सा जांच के लिए स्वेच्छा से सामने न आने वाले दिल्ली की निजामुद्दीन तबलीगी जमात के व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हाल ही में दिल्ली में निजामुद्दीन तबलीगी जमात के धार्मिक समागम में शामिल होने वाले व्यक्तियों का पता लगाने के लिए सक्रिय अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बद्दी तथा नालागढ़ क्षेत्रों के सात कोरोना वायरस पाॅजिटिव व्यक्तियों के नजदीकी लोगों को चिन्हित किया जाए तथा वायरस को फैलने से रोकने के लिए उन्हें क्वारटीन में रखा जाए। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए अपने क्षेत्रों में ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित करने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यात्रा का ब्यौरा छुपाने वाले व्यक्तियों तथा उन्हें आश्रय देने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। जय राम ठाकुर ने पुलिस अधीक्षकों को चिकित्सा दलों को उचित पुलिस सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश दिए, ताकि वे अपना दायित्व प्रभावी रूप से तथा बिना किसी डर के निभा सके। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में आरंभ एक्टिव केस फाईंडिंग अभियान के तहत अपना पूर्ण सहयोग दें। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ता गांव में घर-घर जाकर कोविड-19 के लक्षणों से संबंधित जानकारी संकलित कर रहे हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में इस अभियान के तहत गत दो दिनों में 13।5 लाख व्यक्तियों की स्वास्थ्य जानकारी प्राप्त की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से पीड़ित व्यक्तियों को अब हिमकेयर तथा आयुष्मान भारत योजना के तहत चिकित्सा प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने लोगों की सुविधा के लिए खुले बाजारों में आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नागरिक आपूर्ति निगम के डिपो में बफर स्टाॅक सुनिश्चित करवाने के प्रयास भी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जमाखोरी और मुनाफाखोरी को रोकने तथा दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने पर बल दिया जाना चाहिए। जय राम ठाकुर ने कहा कि फसल कटाई का समय होने के दृष्टिगत कफ्र्यू के दौरान किसानों को सुविधा प्रदान करने के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए। इस संबंध में एक प्रणाली बनाई जानी चाहिए, ताकि किसानों को समस्या न आए। उन्होंने कहा कि फसल कटाई के दौरान किसानों को सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए जागरूक किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक कोरोना वायरस के दृष्टिगत 4352 व्यक्तियों को निगरानी में रखा गया है, जिसमें से 1892 व्यक्तियों ने 28 दिनों की निगरानी अवधि पूर्ण कर ली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी तक कुल 13 मामले पाॅजिटिव पाए गए हैं, जिसमें सात व्यक्तियों को चिकित्सा प्रदान की जा रही है, एक व्यक्ति को डिस्चार्ज कर दिया गया, एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई तथा शेष चार व्यक्ति प्रदेश से बाहर उपचाराधीन हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि अब सीआरआई कसौली में कोविड-19 की जांच सुविधा आरंभ कर दी गई है, जहां सोलन तथा सिरमौर जिलों से कोविड-19 के सैंपलों की जांच की जाएगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने कहा कि आज कोविड-19 के लिए 26 व्यक्तियों की जांच की गई, जिसमें से 21 सैंपल टांडा मेडिकल काॅलेज तथा पांच सैंपल आईजीएमसी शिमला में लिए गए। उन्होंने कहा कि टांडा मेडिकल काॅलेज में 21 सैंपलों की रिपोर्ट अभी बाकी है तथा शिमला के आईजीएमसी के पांच मामलों की रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई है। उन्होंने कहा कि गत शनिवार को टांडा मेडिकल काॅलेज में लिए गए 33 सैंपलों की तकनीकी कारणों के दृष्टिगत जांच नहीं हो पाई है तथा इनकी जांच दोबारा की जाएगी। मुख्य सचिव अनिल खाची, पुलिस महानिदेशक एस आर मरडी, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार तथा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू भी बैठक में उपस्थित थे।
प्रदेश सरकार ने राज्य में कोविड-19 के दृष्टिगत लाॅकडाउन के दौरान लोगों को आवश्यक दवाइयां उपलब्ध करवाने के विशेष प्रबन्ध करके ऐसी समस्या का सामना कर रहे लोगों को यह सुविधा उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यक दवाइयां प्राप्त करने में समस्या का सामना कर रहे व्यक्ति प्रदेश के अन्य भागों अथवा प्रदेश के बाहर उपलब्ध दवाइयों की मांग हेल्पलाइन नंबर 0177-2626076 और 0177-2626077 अथवा टोल फ्री नंबर 1070 पर दर्ज करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद व्यक्ति को दवाइयां निकटतम दवाइयों की दुकान पर उपलब्ध करवाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरतमंद व्यक्ति निकटतम दवाइयों की दुकान पर दवाई की पर्ची दिखाकर दवाई प्राप्त करने के लिए संपर्क कर सकता है। यदि व्यक्ति को अपने स्थान पर दवाई की आवश्यकता है, तो वह निकटतम दवाइयों के दुकानदार को व्हाट्सएप के माध्यम से दवाई की पर्ची सांझा कर दवाई प्राप्त कर सकता हैं। यदि दुकानदार दवाई व्यक्ति के स्थान पर पहुंचाने में समर्थ है, तो इस प्रकार भी दवाई प्राप्त की जा सकती है। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य औषधी नियंत्रक तथा औषधी निरीक्षक नागरिकों को आवश्यक दवाइयांे की आपूर्ति सुनिश्चित करवाएंगे। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद व्यक्ति को दवा की कीमत तथा अपने स्थान पर दवा पहुंचाने का शुल्क वहन करना होगा। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवी तथा गैर सरकारी संस्थाएं जरूरतमंद व्यक्ति को दवाइयो की दुकान से दवाइयां उसके स्थान पर दवा पहुंचाने के लिए स्वैच्छिक सेवाएं प्रदान कर सकती हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा राजीव बिन्दल ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर और भाजपा के प्रदेश पदाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग पर संवाद के दौरान कफर्यू और लाॅकडउन की स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि इस वीडियो कॉन्फरेंस में सरकार और संगठन द्वारा कोरोना महामारी से निपटने के लिए बेहतर तालमेल के साथ प्रयासों को अधिक सघन बनाने पर चर्चा हुई। डा राजीव बिन्दल ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि प्रदेश में कफर्यू और लाॅकडानउन के दृृष्टिगत सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल के साथ कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार और संगठन के बेहतर तालतमेल का परिणाम है आज हिमाचल में कोरोना के कारण चल रहे कफर्यू और लाडॅडाउन में आम जन का सकारात्मक सहयोग मिल रहा है और जनता की समस्याएं मुख्यमंत्री तक सीधे पहुंच रही हैं। भाजपा ने मुख्यमंत्री द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। डा. बिन्दल ने कहा कि कफर्यू और लाॅक डाउन को देखते हुए देश के कुल 20.39 करोड़ जनधन खातों में से अभी तक 4.09 करोड़ खातों में 500 रुपये प्रति खाता राशि जमा की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1.35 लाख लोगों को गैस सिलेंडर के पैसे उनके खाते में डाले गए हैं जिससे गरीब को भी भारी राहत दी गई है। इसके साथ ही बीपीएल को 5 किलो चावल एक किलो दाल मुफत में इस बार राशन में दिया जा रहा है। उधर, 6 अप्रैल भाजपा स्थापना दिवस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ बिंदल ने कहा कि भाजपा अपने स्थापना दिवस पर एक जुट होकर कोरोना पर प्रहार करेगी। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रहित की पार्टी है और आज वैश्विक महामारी करोना वायरस से लड़ना ही राष्ट्रहित है। 6 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी स्थापना दिवस पर महिला मोर्चा की सभी कार्यकर्ता बहनें बूथ स्तर तक संपर्क बनाते हुए यह सुनिश्चित करेंगी कि हर घर में बहनें अपने परिवारजनों के उपयोग के लिए मास्क बनाएं, जिसकी बनाने की विधि बहत साधारण है। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस के अवसर पर युवा मोर्चा एवं पार्टी के सभी कार्यकर्ता प्रधानमंत्री राहत कोष व मुख्यमंत्री राहत कोष में स्वयं भी दान करेंगे व जनता को भी प्रेरित करेंगे। दान की राशि सौ रुपये से लेकर दानदाताओं की क्षमता के अनुसार हो सकती है। यह राशि मुख्यमंत्री हिमाचल और प्रधानमंत्री के कोविड फंड में डाली जाएगी। डॉ बिंदल ने बताया की आरोग्य सेतु मोबाईल ऐप को लेकर कार्यकर्ताओं से चर्चा की जाएगी और इस ऐप को बूथ स्तर पर बड़ी मात्रा में कार्यकर्ता एवं जनता से डाउनलोड करवाया जाएगा। इस ऐप के माध्यम से कोराना वायरस के प्रति निरंतर ओैर अद्यतन जानकारी मिलती है और इसके माध्यम से कोरोना वायरस को लेकर सेल्फ एसेसमेंट भी किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पिछले कल तक हिमाचल में 71956 लोगों को पका हुआ भोजन और 30814 लोगों को राशन किट दी जा चुकी है।


















































