लाॅकडाउन के दौरान प्रदेश सरकार के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक एवं स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा गरीब व जरूरतमंदों को राशन व आवश्यक वस्तुएं निरंतर उपलब्ध करवाई जा रही है। शिक्षा, विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने शिमला के बैनमोर वार्ड के फाईव बैंच क्षेत्र में हेल्पेज इंडिया संस्था द्वारा बुजुर्गों एवं जरूरतमंद लोगों को खाद्य एवं स्वच्छता सामग्री वितरण आयोजन के अवसर पर यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हेल्पेज इंडिया संस्था राष्ट्रीय स्तर पर बुजुर्गों की सेवा के लिए तत्पर रहती है। उन्होंने बताया कि आज बुजुर्ग व उनके परिवारजनों के लिए यहां 40 खाद्य व स्वच्छता किटें प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि इस किट में परिवार के लिए चावल, आटा, मलका, दाल चना तथा काले चना दाल, रिफाईंड, सरसों का तेल, सोया बड़ी, नमक, हल्दी पाउडर, मिर्ची पाउडर, गर्म मसाला, रेड लेबल चाय, चीनी, डिटरजेंट साबुन, डिटरजेंट पाउडर तथा साबुन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त मास्क व गलब्स भी इन्हें प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लाॅकडाउन के दौरान प्रत्येक व्यक्ति तक खाद्य एवं आवश्यक वस्तुएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरान कोई व्यक्ति भूखा न रहें इस संदर्भ में सरकार द्वारा भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विगत दिनों जाखू में अग्निकांड से प्रभावित तीन परिवारों को कंबल आदि भी प्रदान किए गए। हेल्पेज इंडिया के हिमाचल राज्य प्रमुख डाॅ. राजेश ने बताया कि प्रदेश व शिमला के विभिन्न क्षेत्रों में लाॅकडाउन के दौरान बुर्जुगों व उनके परिवारों को सरवाईवल किट प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि शिमला शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बुजुर्गों को राशन किट प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला शिमला में 406 राशन व स्वच्छता सामग्री किट वितरित की जाएगी, जिसके तहत 1600 लोग इससे लाभान्वित होंगे। इस दौरान महापौर नगर निगम सत्या कौंडल, उप-महापौर शैलेन्द्र चैहान, बैनमोर पार्षद डाॅ. किमी सूद, जाखू वार्ड की पार्षद अर्चना धवन, मण्डलाध्यक्ष राजेश शारदा, हेल्पेज इंडिया के प्रोग्राम मैनेजर आनंद कुमार, होम केयर मैनेजर कुशल सिंह, हाउसिंग बोर्ड वेलफेयर एसोसिएशन बैनमोर के अध्यक्ष सीपी मेहता, उपाध्यक्ष राम दास, महा सचिव सुर्जन सिंह भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने विगत दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्र के लिए घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की दूसरी श्रृंखला में मुख्यतः समाज के पिछड़े वर्गों विशेषकर प्रवासी मजदूरों, श्रमिकों रेहड़ी-फड़ी वालों, छोटे व्यापारियों व किसानों को अनेक प्रोत्साहन दिए जाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा श्रमिक वर्गों के हितों की रक्षा के लिए उचित धन राशि उपलब्ध करवाई गई है, जिससे प्रदेश सरकार राज्य में रह रहे श्रमिकों को और भी संतोषजनक व्यवस्था कर सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘एक राष्ट्र-एक राशन कार्ड’ के सिद्वान्त के अनुसार सभी प्रवासी मजदूर देश के किसी भी कोने में अपने राशन कार्ड के माध्यम से किसी भी उचित मूल्य की दुकान से राशन लेने के लिए अधिकृत हो जाएंगें। उन्होंने कहा कि यह राशन कार्ड की राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी योजना के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे पूरे देश में लगभग 67 करोड लोगों के लाभान्वित होने की सम्भावना है तथा हिमाचल प्रदेश में भी लाखों लोग लाभान्वित होंगे। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रवासी मजदूरों की सुविधा के लिए केन्द्र सरकार ने प्रत्येक प्रवासी मजदूर को बिना राशन कार्ड के भी 5 किलोग्राम गेहूं या चावल तथा एक किलोग्राम दाल उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है, जो एक प्रशंसनीय पहल है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गरीब विशेषतः प्रवासी व्यक्तियों को घर, बिजली, पानी देने के सरकार के प्रयासों के तहत शहरों में प्रवासी मजदूरों को कम किश्तों पर किराए का मकान/आवास सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने ऐसे मुद्रा शिशु ऋण धारकों को, जिन्होने 50 हजार से कम का ऋण लिया है, के लिए 3 माह के लिए किश्त अदा करने की छूट के बाद 2 प्रतिशत की दर से ब्याज उपदान देने का निर्णय लिया है, जो छोटे व्यापारियों व किसानों के लिए वरदान सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि अब इस निर्णय से सभी रेहडी-फड़ी, ठेला इत्यादि लगाने वाले मजदूर 2 से 10 हजार रुपये तक की राशि की ऋण सुविधा के पात्र होंगें। जय राम ठाकुर ने कहा कि केन्द्र सरकार ने ऐसे मध्यम वर्ग के सबसे निचले स्तर की आय में आने वाले परिवारों, जिनकी आय 6 से 18 लाख वार्षिक है, के लिए ऋण आधारित सब्सिडी योजना के तहत दी जा रही सुविधा को वर्ष 2020-2021 तक जारी रखने का निर्णय लिया है, जो ऐसे परिवारों को भारी राहत देगी। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से आवास निर्माण क्षेत्र में निर्माण सामग्री, परिवहन तथा कामगारों को बढ़ावा मिलेगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के लिए भी अनेक प्रोत्साहन घोषित किए गए हैं, जिनमें किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से आसान ऋण उपलब्ध करवाना है, जिससे प्रदेश के लगभग 8.68 लाख किसान लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि यह ऋण मछुआरों एवं पशुपालकों को भी उन्ही शर्तों पर उपलब्ध करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि रबी फसलों की कटाई के उपरान्त होने वाले कार्यों के लिए सभी छोटे व मझोले किसानों को नाबार्ड के माध्यम से आपातकालीन कार्यशील पूंजी फंड (Emergency Working Capital Fund) उपलब्ध करवाया जाएगा। प्रदेश के सभी किसान इसका लाभ ले सकते हैं क्युकी प्रदेश में अधिकतर किसान लघु/मध्यम वर्ग से सम्बन्धित हैं। यह कार्य प्रदेश के सहकारी बैंकों व क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के माध्यम से किया जाएगा।
विधायक सुखराम चौधरी, बलवीर वर्मा तथा परमजीत सिंह पम्मी ने मीडिया में जारी किए गए नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, विधायक राजेन्द्र राणा तथा विक्रमादित्य सिंह के बयान की कड़ी भत्र्सना करते हुए कहा कि ऐसे समय में जब देश व प्रदेश कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी से लड़ाई लड़ रहा है, उन्हें इस प्रकार की बेतुकी और निराधार बयानबाजी से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश जहां सरकार कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है वहीं दूसरे राज्यों में फंसे हिमाचलवासियों की घर वापसी के लिए भी विशेष रूप से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक हजारों लोगांे को वापस लाया गया है और सरकार ने उनकी समुचित चिकित्सा जांच के बाद होम क्वारंटीन में रखने की व्यवस्था भी की है ताकि इस वायरस का संक्रमण न फैले। विधायकों ने कहा कि संकट के इस वक्त में विपक्ष की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह सरकार का साथ दे लेकिन इसके ठीक विपरीत विपक्ष अभी भी राजनीतिक लाभ उठाने के लिए भ्रामक और निराधार बयानबाजी कर रहा है। लेकिन प्रदेश की प्रबुद्ध जनता स्थिति से भलीभांति अवगत है और कांग्रेस नेताओं के बहकावे में नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं तथा आम जनता को लाभान्वित करने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन की स्थिति में ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट के परिणामों को लेकर सवाल उठाकर मुकेश अग्निहोत्री जग हंसाई का पात्र बने हैं। उन्हें मालूम होना चाहिए कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से हजारों करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित हुआ है और कई हजार करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर समझौता ज्ञापन भी हस्ताक्षरित हो चुके हैं जिससे न केवल प्रदेश में औद्योगिक विकास होगा बल्कि हजारों लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष को सलाह दी है कि वह ओच्छी राजनीति न करें और कोरोना वायरस से निपटने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करें और सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाते हुए अगर कोई प्रभावी सुझाव हों तो प्रस्तुत करें।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने केंद्रीय विदेश मंत्री डाॅ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर से आग्रह किया कि वे मंडी जिला की धर्मपुर तहसील के ग्राम टोर जाजर के दूनी चंद के सुपुत्र मनोज कुमार को हरसंभव मदद प्रदान करने के लिए यूएई के रियाद दूतावास अधिकारियों के साथ मामला उठाएं, जो रियाद में काम कर रहा है और कोविड-19 पाॅजिटिव पाया गया है। जांच और प्रारंभिक उपचार के बाद उसे स्थानीय अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और जिस कंपनी में वह काम कर रहा था, उसे वहां से निकाल दिया गया है। केंद्रीय विदेश मंत्री को लिखा पत्र केंद्रीय विदेश मंत्री के साथ दूरभाष के माध्यम से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लड़का संकट में है, क्योंकि उसे आवश्यक भोजन, दवा आदि उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मनोज कुमार को आवश्यक सहायता प्रदान करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में केंद्रीय विदेश मंत्री को एक पत्र भी लिखा है। युवक से वीडियो कॉल के माध्यम से की वार्ता इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने मनोज कुमार से वीडियो काॅल कर बातचीत की और आश्वासन दिया कि उन्होंने इस सम्बन्ध में केंद्र सरकार के समक्ष मामला उठाया है और उसे हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ने भी मनोज कुमार के साथ बात की।
उद्योग एवं श्रम व रोजगार मंत्री बिक्रम सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्र के लिए घोषित आर्थिक पैकेज का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए की गई घोषणाओं से हिमाचल प्रदेश को बहुत लाभ होगा और औद्योगिक उत्पादन भी बढ़ेगा। बिक्रम सिंह ने कहा कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में लगभग 55 हजार एमएसएमई औद्योगिक इकाइयां हैं। यह कुल इकाइयों का 98 प्रतिशत हैं और एमएसएमई की रोजगार सृजन में 93 प्रतिशत भागीदारी है। कुल औद्योगिक उत्पादन में एमएसएमई का हिस्सा 85 प्रतिशत है। इस तरह हिमाचल प्रदेश एक एमएसएमई राज्य है। उद्योग मंत्री ने कहा कि आज की गई घोषणाओं में एमएसएमई की नई परिभाषा जिसमें सूक्ष्म वर्ग (माइक्रो कैटेगिरी) के लिए निवेश की सीमा को 25 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये कर दिया गया है तथा टर्न ओवर की सीमा एक करोड़ रुपये तक रखी है, इससे छोटे उद्योगपतियों को लाभ होगा। इसी तरह लघु उद्योगों के लिए निवेश सीमा 5 करोड़ रुपये से 10 करोड़ रुपये कर दी है और मध्यम उद्योगों के लिए 10 करोड़ से 20 करोड़ रुपये कर दी गई है, जिससे उन्हें लाभ होगा। बिक्रम सिंह ने कहा कि एमएसएमई उद्योगों को 3 लाख करोड़ का कर्ज, चार सालों में वापस करना होगा। कर्ज में डूबे लघु उद्योगों को 20 हजार करोड़ रुपये का कर्ज दिया जाएगा, किसी तरह की भी गारंटी की आवश्यकता नहीं होगी। इससे उद्यमियों को कच्चे माल की आपूर्ति तथा अन्य खर्चों के लिए धन उपलब्ध हो पाएगा और अपना कारोबार बढ़ा सकेंगे। उन्होंने कहा कि 200 करोड़ रुपये तक का टैंडर अब ग्लोबल टैंडर नहीं होगा। इससे घरेलू औद्योगिक उत्पादन बढ़ेगा। इसका सीधा लाभ एमएसएमई इकाइयों को होगा। 31 अक्तूबर, 2020 तक कोई गारंटी फीस नहीं होगी। इससे 45 लाख इकाइयों को लाभ मिलेगा। फंड आॅफ फंडस की घोषणा से अच्छे काम करने वाली इकाइयों को प्रोत्साहन मिलेगा। उद्योग मंत्री ने कहा कि ई-मार्केट लिंक की उपलब्धता से एमएसएमई की इकाइयों को अपने उत्पाद की बिक्री में सुविधा मिलेगी। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते में राशि जमा करने की अवधि तीन महीने और बढ़ा दी गई है।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कहा है कि मिली जानकारी के अनुसार कोरोना माहमारी को लेकर सरकार की विफलता दिखाने वाले प्रदेश के 6 पत्रकारों पर पुलिस मामलें बनाने पर प्रशासन की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की आजादी पर यह सीधा प्रहार है, जिसे कभी सहन नही किया जा सकता। कुलदीप राठौर ने एक बयान में कहा कि एक तरफ सरकार अभिव्यक्ति की आजादी की बड़ी बड़ी बातें करती है तो दूसरी तरफ इसका गला घोंटने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि आज देश मे मीडिया को सच दिखाने, बोलने और लिखने की आजादी पर जिस प्रकार सेज़ अप्रत्यक्ष प्रतिबंध लगाया गया है वह बड़ी चिन्ता का विषय बन गया है। उन्होंने कहा है कि आज देश में स्वायत्तता एवं संवेधानिक संस्थाओं के अधिकार क्षेत्र का भी हनन किया जा रहा है, जो देश के लोकतंत्र और इसकी आजादी पर सीधा प्रहार है। राठौर ने मीडिया की आजादी पर किसी भी प्रकार के अंकुश की निंदा करते हुए प्रदेश के इन सभी पत्रकारों पर की गई एफआईआर को तुरन्त निरस्त करने की मांग सरकार से की है।
Chief Minister Jai Ram Thakur gave a clarion call to the Pradhans of Gram Panchayats and other elected representatives of grass root level democratic institutions to come forward to ensure effective management and execution of home quarantine facilities in the State to check spread of corona pandemic in their respective areas. Chief Minister was addressing the elected representatives of Panchayati Raj Institutions of Mandi and Kullu districts through video conferencing from Shimla. He said that since over one lakh Himachalis stranded in various parts of the country had returned to the State and about 60,000 have expressed their willingness to return to the State in the wake of coronavirus. Jai Ram Thakur said that although the State Government had decided to keep those coming from red zones in institutional quarantine but still there was possibility of corona infection from even those coming from green or orange zones. He said that since they were being kept under home quarantine, therefore, it was essential that proper protocol was maintained to ensure that other members of the families do not get infected. Chief Minister urged the Panchayat pradhans to give their wholehearted cooperation in effectively implementing the ‘Nigah’ programme launched by the State Government. He said that this programme envisages to keep a vigil on those under home quarantine so that they do not jump from the quarantine. He said that PRIs representatives should come forward to motivate the family members to maintain social distancing with the person undergoing home quarantine. Jai Ram Thakur said that the PRIs representatives should gather prior information regarding arrival of a person from other parts of the country in their respective areas and also visit the house of the person in advance, so that appropriate steps could be taken for proper isolation of the person. Chief Minister also urged the Pradhans to effectively undertake various developmental works in their respective areas. He said that this would not only ensure that the pace of development goes uninterrupted but would also provide employment to the local populace. He said that steps should also be taken to effectively execute works under MNREGA as government had provided adequate funds for the same. He said that Prime Minister Narendra Modi has announced Rs. 20 lakh crore financial package to ensure welfare of each and every section of the society. He said that this was the biggest economic package post independence which envisages economic revival and economic upliftment of all. Rural Development and Panchayati Raj Minister Virender Kanwar thanked the Pradhans for their wholehearted cooperation to the Government in checking the spread of coronavirus. Chairperson Zila Parishad Mandi Sarla Thakur, Pradhan Gram Panchayat Namhog Kullu Kishan Chand, Pradhan Gram Panchayat Kehad Mandi Ajana Kumari, Member Zila Parishad Kullu Hiteshwar, Pradhan Gram Panchayat Kharagarh Kullu Jai Singh and other pradhans also shared their views on the occasion. Chief Secretary Anil Khachi, Secretary Rural Development Dr. R.N. Batta, Director Rural Development and Panchayati Raj Lalit Jain and other senior officers were also present on the occasion.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रदेश सरकार द्वारा सार्वजानिक वितरण प्रणाली के तहत एपीएल परिवारों को सब्सिडी के सस्ते राशन से बाहर करने के निर्णय पर हैरानी जताते हुए कहा है कि इस निर्णय से आम लोगों के जीवन पर विपरीत और व्यापक असर पड़ेगा। उन्होंने कहा है कि आज देश आर्थिक मंदी के साथ साथ कोरोना माहमारी से लड़ रहा है, ऐसे में बढ़ती महंगाई से आम लोगों को राहत दी जानी चाहिए न कि उन पर महंगाई थोपनी चाहिए। वीरभद्र सिंह ने कहा है कि प्रदेश में आधे से ज्यादा लोग मिडल क्लास परिवार के ही है।लोग खेती बाड़ी,या बागवानी या फिर छोटा मोटा कारोवार करके अपना व अपने परिवार का बसर कर रहें है।उन्होंने कहा है कि प्रदेश में पूर्व कांग्रेस सरकार ने देश मे बढ़ती महंगाई व प्रदेश के लोगों की आर्थिकी को देख कर ही डिपुओं के माध्यम से सस्ते अनाज देने की एक बड़ी व्यवस्था शुरू की थी। इसके लिए उनकी सरकार ने हमेशा ही उचित बजट का प्रावधान भी किया पर आज यह व्यवस्था कही न कही टूटती सी नज़र आई है। वीरभद्र सिंह ने प्रदेश सरकार को अपने इस फैंसले पर पुनः विचार करने की सलाह देते हुए कहा है कि इस समय जबकि देश गंभीर चुनोतियों से गुज़र रहा है ऐसे में लोगों के साथ न तो कोई अन्याय होना चाहिए और न ही किसी प्रकार का भेदभाव।उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार को जल्द ही ऐसी कोई योजना बनानी चाहिए जिससे बढ़ती महंगाई पर काबू हो सकें साथ ही बेरोजगारी की बढ़ती समस्या कम हो सकें। उन्होंने प्रदेश सरकार को यह भी सलाह दी है कि उन्हें केंद्र से ओर विशेष आर्थिक मदद की मांग करनी चाहिए और धन का पूरा सदुपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के लोगों पर इस समय न तो किसी भी प्रकार कर, टेक्स लगना चाहिए और न ही इस समय उनसे कोई बसूली की जानी चाहिए।
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) नेता संजय चौहान ने कहा कि हमारी पार्टी प्रदेश सरकार द्वारा कैबिनेट बैठक में राशन में दी जाने वाली सब्सिडी में कटौती व 9 लाख से ज़्यादा ए पी एल राशनकार्ड धारकों को दिए जाने वाले राशन की कीमतों में की गई वृद्धि के निर्णय की कड़ी निंदा करती है तथा इस जनविरोधी निर्णय को तुरन्त वापिस लेने की मांग करती है। सरकार के इस जनविरोधी व अतार्किक निर्णय से स्पष्ट हो जाता है कि सरकार महामारी की आढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को समाप्त करने का कार्य कर रही है। इस निर्णय से पहले ही आर्थिक संकट से जूझ रहे गरीब मजदूर, किसान, ठेका व अन्य कर्मचारी तथा छोटा व्यापारी जो रोज मेहनत कर अपनी रोजी रोटी अर्जित करते हैं वो अत्यंत प्रभावित होंगे और इनका संकट और अधिक बढेगा। उन्होंने कहा कि आज वैश्विक महामारी से पैदा हुई इस विषम परिस्थिति में जहाँ सरकार को आर्थिक संकट से जूझ रही जनता को राहत प्रदान करने के लिए कार्य करना चाहिए व राहत प्रदान करनी चाहिए थी वहीं सरकार जो कुछ छोटी मोटी मदद दे भी रही थी उसे भी महामारी के नाम पर छीन रही है। आज देश व प्रदेश में सरकार द्वारा लॉकडाउन व कर्फ्यू लागू किये 50 दिन से अधिक समय हो गया है जिसके कारण अधिकांश मजदूरों, किसानों, ठेका कर्मचारियों, छोटे व्यापारियों व अन्य वर्गो का काम धंधा लगभग बिल्कुल बन्द रहा है और कोई भी कमाई नहीं हो पाई है। इसके कारण इनके सामने एक गंभीर आर्थिक संकट खड़ा होने से इनको रोजी रोटी से भी वंचित होना पड़ गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी विषम परिस्थिति में जहां देश व प्रदेशवासियों को सरकार से आर्थिक व अन्य रूप से राहत की दरकार है और प्रधानमंत्री ने देश मे 20 लाख करोड़ रुपये राहत के रूप में देशवासियों के लिए घोषणा भी की है। ऐसी स्थिति में प्रदेश सरकार द्वारा राशन की सब्सिडी में की गई कटौती का निर्णय बिल्कुल भी तार्किक व न्यायसंगत नही है। एक ओर प्रदेशवासी प्रधानमंत्री द्वारा घोषित राहत की इंतजार कर रहें हैं और इसके विपरीत प्रदेश सरकार के द्वारा इस घोषणा के एक दिन बाद ही इस राशन सब्सिडी में कटौती का निर्णय ले लिया जिसने प्रदेशवासियों को स्तब्ध कर दिया है। प्रदेश सरकार का इस निर्णय के पीछे ये तर्क देना कि इससे प्रति वर्ष 71 करोड़ (जो कि कुल दी जा रही खाद्य सब्सिडी का लगभग 65 प्रतिशत है) की बचत होगी बिल्कुल ही अतार्किक व समझ से परे है। आखिर सरकार ऐसी वैश्विक महामारी से पैदा हुई इस विषम परिस्थिति में प्रदेश की आर्थिक संकट से जूझ रही आधी से अधिक आबादी को राशन को महंगा कर उसे इससे वंचित कर रही है। प्रदेश सरकार का यह निर्णय भारत के संविधान की मूल भावना व मानवाधिकारों का हनन है क्योंकि देश व प्रदेश की जनता को रोटी व अन्य मूलभूत आवश्यकताएं उपलब्ध करवाना सरकार का संवैधानिक उत्तरदायित्व है। प्रदेश सरकार यदि आज इस राशन में सब्सिडी में कटौती के पीछे अपनी आर्थिक दशा ठीक न होना कारण दे रही है तो इसके लिए सरकार द्वारा प्रदेश में अपनाई जा रही आर्थिक नीतियां ही जिम्मवार है। एक ओर सरकार अनावश्यक इवेंट व कार्यक्रम आयोजित कर, महंगी गाड़ियां की खरीद कर और अनावश्यक मद्दों पर फजूलखर्च कर करोडों रुपये लुटवा रही है और इसकी पूर्ति प्रदेश की आधी से ज़्यादा आबादी के राशन की सब्सिडी में कटौती करके कर रही है। सरकार का यह तर्क बिल्कुल भी जायज़ नहीं है क्योंकि इसका प्रावधान सरकार ने पहले ही बजट में कर रखा है। सरकार यदि गम्भीर आर्थिक संकट से जूझ रही है तो मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा धन को राशन में सब्सिडी के लिए प्रयोग में ला सकती हैं क्योंकि खाद्यान्न की उपलब्धता जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सी.पी.एम.मांग करती हैं कि प्रदेश सरकार अपने संवैधानिक उत्तरदायित्व को ध्यान में रख कर इस खाद्य सब्सिडी में की गई कटौती के निर्णय को तुरन्त वापिस ले और बी पी एल, ए पी एल व सभी को सार्वजनिक वितरण प्रणाली से सस्ता राशन उपलब्ध करवाए तथा इसका सार्वभौमिकरण किया जाए। आटा, चावल, दालों, चीनी, तेल व अन्य वस्तुओं की कीमतों में की गई वृद्धि तुरन्त वापिस की जाए। सभी को 10 किलो प्रति व्यक्ति के हिसाब से तीन महीने के लिए सस्ता राशन उपलब्ध करवाया जाए ताकि प्रदेश में इस विषम परिस्थिति से उत्पन्न संकट से जूझ रही जनता को रोजी रोटी उपलब्ध हो सके।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित हिमाचल प्रदेश बागवानी विकास परियोजना के तहत ई-उद्यान पोर्टल तथा इसी पोर्टल का मोबाइल एप्लीकेशन का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पोर्टल के माध्यम से उद्यान विभाग की विभिन्न सेवाओं के लिए मैनेजमेंट इन्फार्मेशन सिस्टम तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल में बागवानी संबंधित सभी योजनाओं की जानकारी किसानों तथा अन्य हितधारकों को आसानी से उपलब्ध होगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि बागवानी विकास परियोजना के तहत इस व्यवस्था से लाभार्थियों को फलों की नर्सरी का रजिस्ट्रेशन, पौधों की मांग, बागवानी से संबंधित औजार इत्यादि की मांग, कीटनाशकों की खरीद, खुम्ब के लिए कम्पोस्ट की मांग, मधुमक्खी छत्तों की मांग, सब्सिडी इत्यादि बागवानी क्षेत्र की सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि यह पोर्टल उद्यान विभाग के अधिकारियों के लिए भी ऑनलाइन प्रोसेसिंग की सुविधा प्रदान करेगा जिससे बागवानों को समय पर सेवाएं प्रदान करने में सुविधा होगी। यह सेवा हिमाचल प्रदेश पब्लिक सर्विस गारंटी एक्ट के तहत सिटीजन चार्टर के तहत कार्य करने में भी मद्दगार सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि यह पोर्टल विभाग की सभी सुविधाओं के लिए सिंगल विंडो का कार्य करेगा जिससे किसान सभी सुविधाओं का लाभ घर बैठे ही उठा सकेंगे। जय राम ठाकुर ने बागवानों से आग्रह किया कि वे इस पोर्टल का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने उद्यान विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे बागवानों द्वारा वांछित जानकारी को इस पोर्टल के माध्यम से तुरन्त प्रदान करें, जिससे विभाग के कार्यालयों में लोगों की आवाजाही कम हो सकेगी और यह पोर्टल कोविड-19 महामारी के समय जारी दिशा निदेर्शों के तहत सामाजिक दूरी बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने विगत दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश के मुख्यमंत्रियों के साथ आयोजित वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग में भी दिल्ली की आजादपुर मंडी में कोरोना के अधिक मामले सामने आने के कारण इस मंडी के बार बार बंद होने से उत्पन्न स्थिति से बचने के लिए प्रदेश के बागवानों को उनके उत्पादों को बेचने के लिए वैकल्पिक मंडी स्थापित करने का आग्रह किया है ताकि प्रदेश के बागवानों को अपने उत्पाद बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। बागवानी मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश बागवानी विकास परियोजना की विशेषताओं से मुख्यमंत्री का अवगत कराया।
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के नेता अपनी राजनीति चमकाने में लगे हैं इसीलिए इस प्रकार की बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह कहना गलत है कि सरकार किसी भी प्रकार के सुझाव नहीं ले रही है। कांग्रेस अगर बैठक करके एकमत में अगर अपना सुझाव पत्र भेजेगी तो सरकार उसको अपनाएगी और उस पर विचार करेगी । रणधीर शर्मा ने कहा कि कभी कांग्रेस का एक नेता तो कभी दूसरा सुझाव देता है तो कभी तीसरा सुझाव देता है, पर कोई एक सुझाव नहीं दे पा रहा है । उन्होंने कहां की कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सरकार को उसकी सफलता का परिणाम पत्र दे दिया है तो जितने भी कांग्रेस के छोटे नेता जो बयान देते हैं उनकी बयानबाजी से कोई फर्क नहीं पड़ता है । उन्होंने सैनिटाइजर घोटाला पर बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस इस घोटाले पर जो हल्ला मचा रही है वह गलत है। जिस प्रकार से प्रदेश के मुख्यमंत्री ने यह मामला सामने आते ही उस पर कार्रवाई की मांग की और इस मामले में एफआइआर भी दर्ज हो गई है, यह दिखाता है कि सरकार किस गति से कार्य करती है और गलत को रोकने की कोशिश भी करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सरकार के और केंद्र सरकार के अच्छे कार्य तो दिखते नहीं है जिस प्रकार से सभी गरीबों के खाते में दो 2000 के पहुंचाना महिला के हाथों में पांच पांच वाक्य बचाना और इतने महीने कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं सोया इस प्रकार के कार्य कांग्रेस को दिखते नहीं है पर कांग्रेस नकारात्मक बयानबाजी करती है और अपनी राजनीति चमकाने में लगी है। उन्होंने कहा एक तरफ एक व्यक्ति इनकम टैक्स दे रहा है और दूसरी जगह सबसे ड्रिंक ले रहा है यह अपने में ही विरोधाभास है आज के संकट के समय यह अच्छा निर्णय है और सभी को मिलकर इस को अमलीजामा पढ़ाना चाहिए और इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 18 मई से पहले सरकार कर सकती है अपने निर्णयों की घोषणाएं जितनी भी सुझाव सरकार के पास आए हैं उनमें से अलग-अलग ग्रीन जोन ऑरेंज जोन और रेड जोन के लिए निर्णय ले सकती है, आर्थिक गतिविधियां जल्द ही प्रदेश में बढ़ने वाली है। उन्होंने कहा कोविड-19 फण्ड का दुरुपयोग नहीं हुआ है, जो मोबाइल फोन सरकार ने लिए है जिस का ज़िक्र कांग्रेस बार बार कर रही है,उसका पैसा 3 महीने पहले ही आपदा प्रबंधन समिति को प्राप्त हुआ था और उसी पैसे से यह मोबाइल फोन लिए है। कांग्रेस के नेता ने तो कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ पा रहे है ना तो कांग्रेस जनता के हितों की लड़ाई लड़ पा रही है। उन्होंने कहा कांग्रेस हास्य का पात्र बन चुकी है और एक प्रतिनिधिमंडल राजभवन में मिलने गया था जिसमें कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी उपस्थित नहीं थे।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक रणधीर शर्मा ने कांग्रेस नेताओं पर लगातार तथ्यहीन बयानबाजी करने का अरोप लगाया है। उन्होनें कहा कि मीडिया की सुर्खियों में बने रहने के लिए कांग्रेसी नेता निराधार आरोप लगाकर सनसनी फैलाने का प्रयास करते हैं। कोरोना महामारी के संकट के इस दौर में इस तरह की तथ्यहीन व निराधार बयानबाजी करना किसी को शोभा नहीं देता। इस तरह की बयानबाजी से प्रदेश की जनता का मनोबल गिरता है। शर्मा ने कहा कि कांग्रेसी नेता स्वारघाट से युवक की मौत का जो मुद्दा उठा रहे हैं उसकी मैजिस्ट्रीयल जांच के आदेश मुख्यमंत्री जी ने दे दिए है। इसी तरह महंगी दरों पर सैनिटाईजर खरीदने के मुद्दे पर एफआईआर दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए जा चुके हैं, इसके बावजूद भी इन मुद्दों को उठाने का क्या औचित्य है। कांग्रेसी नेताओं को जांच का इंतजार करना चाहिए। उन्होनें कहा कि इसके अलावा जनता के पैसे से 3 लाख रू० के मोबाईल खरीदने का आरोप भी तर्कसंगत नहीं है, क्योंकि यह मोबाईल जनता द्वारा जो हिमाचल प्रदेश कोविड-19 सोलिडिट्री रिस्पांस फंड में पैसा दिया है उसमें से नहीं खरीदे गए हैं बल्कि यह मोबाईल केन्द्र सरकार द्वारा तीन महीने पहले नेशनल डिजास्टर मेनेजमैंट फंड के तहत जारी 20 लाख रू० में से खरीदे गए हैं, क्योंकि इसमें मोबाईल खरीदने का प्रावधान था और इन मोबाईलों का इस्तेमाल सम्बन्धित अधिकारी आपदा के दौरान ही करेंगे। शर्मा ने कहा कि कांग्रेसी नेता संकट के इस दौर में इस तरह की निराधार व तथ्यहीन बयानबाजी करने से बाज आए और कोरोना संकट से निपटने के लिए प्रदेश सरकार को रचनात्मक सहयोग दें।
देश व दुनिया में दिन प्रति दिन कोरोना वायरस के बढ़ते मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। इस से स्मार्ट सिटी चंडीगढ़ भी अछूती नहीं रही है। यहाँ आए दिन कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। तो वही दूसरी ओर लोग ठीक भी हो रहे हैं। अब तक चंडीगढ़ में कुल 35 लोगों ने कोरोना से जंग जीत ली है। बुधवार को चंडीगढ़ पीजीआई से 5 कोरोना पॉजिटिव मरीज ठीक होकर अपने घर पहुंच चुके हैं l इनमें एक दो महीने की बच्ची भी शामिल है जिसने इस महामारी से जंग जीत ली है l
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमण्डल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार का कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत लगाए लाॅकडाउन के कारण प्रभावित अर्थ-व्यवस्था से निपटने के लिए देश को 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा के लिए उनका धन्यवाद किया। मंत्रिमण्डल ने कहा कि यह आर्थिक पैकेज कमजोर वर्गों, एमएसएमई, व्यापार समुदाय, कामगारों व आम जनता को आवश्यक राहत प्रदान कर देश की अर्थ-व्यवस्था को पुनर्जिवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह पैकेज भारत को मजबूत, जीवंत और आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। मंत्रिमण्डल ने रोजगार के अधिक अवसर सृजित करने, लघु एवं छोटी इकाइयों के नियोक्ताओं व छोटे ठेकेदारों को सुविधा प्रदान करने के लिए काॅन्ट्रेक्ट लेबर (आर एंड ए) अधिनियम, 1970 (1970 का 37वां) को प्रदेश में लागू करने के लिए धारा-1 सब सेक्सन-4 में जरूरी संशोधन को अनुमति प्रदान की। संशोधन में अनुबन्ध रोजगार की सीमा को 20 से बढ़ाकर 30 श्रमिक करने का प्रस्ताव है। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश, उत्पादन और व्यापार करने में आसानी के लिए भी सहायता मिलेगी। मंत्रिमण्डल ने फैक्ट्री एक्ट 1948 में ऑफिसेस को कम्पाउंड करने के लिए धारा-2 (एम) (प), 2 (एम) (पप), धारा-65 (3) (पअ), धारा-85(1) (प) में संशोधन करने और नई धारा 106 (बी) की प्रविष्टि करने की अनुमति दी। इससे राज्य में छोटी इकाइयों में उत्पाद गतिविधियों के लिए श्रमिकों की वर्तमान सीमा 10 और 20 को बढ़ाकर क्रमशः 20 और 40 किया जाएगा। इस संशोधन से छोटी विनिर्माण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा और श्रमिकों को रोजगार के अधिक अवसर सृजित होंगे। इसी तरह, वर्तमान में कोई भी कर्मचारी किसी भी तिमाही में अधिकतम 75 घंटे ओवर टाइम काम कर सकता है। लेकिन धारा-65 के खंड (4) 3 संशोधन में इस सीमा को बढ़ाकर 115 घंटे करना प्रस्तावित है। इसमें ओवरटाइम का भुगतान साधारण मजदूरी की दर से दोगुना करने की शर्त होगी, ताकि श्रमिकों को आय के अधिक अवसर मिल सकें। मंत्रिमण्डल ने औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (1947 का 14वां) की धारा-22, (1) धारा 25 एफ (बी) धारा-25-के में संशोधन करने पर भी अपनी सहमति दी। इससे औद्योगिक निवेश, उत्पादन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य में व्यापार करने में आसानी होगी। इससे औद्योगिक प्रतिष्ठानों को अनुकूल और व्यापार मित्र वातावरण पर्यावरण सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी और कामगारों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मंत्रिमण्डल ने जिला मंडी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टीहरा को 50 बिस्तरों वाले नागरिक अस्पताल में स्तरोन्नत करने की मंजूरी प्रदान की। मंत्रिमंडल ने कुल्लू जिले के भेखली में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने के लिए अपनी स्वीकृति प्रदान की। बैठक में जिला सिरमौर की तहसील नाहन में ग्राम कंुडला (गुमटी) में मैसर्स एल्को स्पिरिट्स प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में आश्रय पत्र की वैधता अवधि को बढ़ाने का निर्णय लिया गया, ताकि कंपनी को परियोजना के काम को पूरा करने में सुविधा हो सके, इसमें कोविड-19 महामारी के कारण विलम्ब हो रहा था। मंत्रिमंडल ने पोस्ट कोविड-19 इकाॅनोमिक रिवाइवल के लिए गठित मंत्रिमंडलीय सब कमेटी के प्रस्ताव पर आयकर दाताओं को लक्षित सार्वजनिक वितरण योजना के तहत सब्सिडी का लाभ पाने से एक साल के लिए बाहर रखने की मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने बीपीएल/प्राथमिकता वाले परिवारों के लाभार्थियों के चयन के लिए ऊपरी आय सीमा को बढ़ाकर 45000 रुपये प्रस्तावित किया। इससे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम परिवारों की संख्या 1,50,000 तक बढ़ जाएगी, जिससे वे 3.30 रुपये प्रति किलो गेहूं आटा और 2 रुपये प्रति किलो चावल बहुत ही रियायती दरों पर लेने के लिए पात्र हो जाएंगे। राज्य सरकार द्वारा एपीएल परिवारों को दी जा रही दालों, खाद्य तेल और चीनी पर सब्सिडी के युक्तिकरण के लिए भी अपनी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में 15 अटल आदर्श विद्यालय खोलने का निर्णय लिया, ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के आदेशों पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू, जो गुणवत्ता नियंत्रण सैल के अध्यक्ष भी है, ने जिला शिमला के रोहड़ू (बाईपास) में पब्बर नदी पर निर्माणाधीन बखीरना पुल के ढह जाने की जांच के लिए तीन सदस्यीय गुणवत्ता नियंत्रण दल का गठन किया है। संजय कुंडू ने कहा कि इस दल में अधीक्षक अभियन्ता दीपक शर्मा, अधिशाषी अभियन्ता ललित ग्रोवर और सहायक अभियन्ता देवेश ठाकुर शामिल होंगे। संजय कुंडू ने इन अधिकारियों को इस मामले की रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। संजय कुंडू ने कहा कि इस मामले की रिपोर्ट के अनुसार दोषी के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
प्रदेश सरकार द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत ग़रीबी रेखा से ऊपर वाले लोगों के राशन में 50 प्रतिशत की कटौती को गलत करार देते हुए कांग्रेस ने इसका कड़ा विरोध किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने सरकार के इस निर्णय को भेदभावपूर्ण बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही पहले तो लाखों लोगों को गरीबी रेखा की सूची से बाहर कर दिया था और अब उनके राशन में कटौती का फरमान जारी कर मध्यम वर्ग के ऊपर कुठाराघात किया है। केंद्र सरकार की नज़रों में ऊंचा उठने के चक्कर में सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों के आंकलन का पैमाना बदल कर इस वर्ग के साथ बड़ा अन्याय किया है। उन्होंने कहा है कि उस समय कहा गया था कि जिन लोगों को ग़रीबी रेखा से बाहर किया है उनका आर्थिक स्तर ऊपर किया जाएगा लेकिन नतीजा यह हुआ कि पात्र लोग गरीबी रेखा से बाहर हो गए और अब उनको दी जाने वाली रियायतों में कटौती कर उनके साथ अन्याय किया गया है। उन्होंने कहा कि ये फैसला तर्कसंगत नहीं है।मध्यम वर्ग के कर्मचारी के वेतन एवं डी ए में कटौती करके पहले ही सरकार ने अन्याय किया है।मध्यम वर्ग के कर्मचारी, छोटे दुकानदार, व्यपारी, निजी क्षेत्र में काम करने वाले लाखों लोग इस फैसले से प्रभावित होंगे। उन्होनें कहा कि करोना संकट में पहले ही सभी वर्गों की कमर टूटी पड़ी है। बेरोज़गारी चरम पर पहुंच गई है ,किसान-बागवान को उचित दाम और मार्किटिंग की उचित व्यवस्था न होने के कारण उसकी कमर टूट चुकी है। ऐसे में जनवितरण प्रणाली में भी कटौती करने का कांग्रेस पार्टी कड़ा विरोध करती है। उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग को दी जाने वाली ये सुविधा जारी रखी जानी चाहिए और इनको करोना के लॉक डाउन काल के बिजली पानी के बिलों में भी रियायत देनी चाहिए तथा छोटे दुकानदारों को बिजली बिल में कमर्शियल रेट में भी राहत देनी चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष ने गरीबी रेखा के नीचे रहने वालों के लिए भी आय सीमा को 45 हज़ार किए जाने को कम बताया है। उन्होंने कहा कि इसकी सीमा बड़ाई जानी चाहिए जिससे कि गरीबी रेखा के नीचे रहने वालों का सही आकलन करके राहत दी जा सके। कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि यह समय किसी भी वर्ग को दी जाने वाली राहत में कटौती का नहीं बल्कि और राहत देने का है। राठौर ने कहा है कि प्रदेश सरकार का यह जल्दबाजी में लिया गया फैसला है जिसका कांग्रेस कड़े शब्दों में विरोध करती है। उन्होंने इस फैंसले को तुरन्त वापस लेने की मांग की है।कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि किसान और बागवान हिमाचल की आर्थिकी की रीढ़ हैं लेकिन इनके बारे में सरकार ने कोई भी राहत का पैकज न दे कर कृषि बागवानी क्षेत्र को निराश किया है।
हिमाचल प्रदेश डाक सेवा के निदेशक दिनेश कुमार मिस्त्री तथा सहायक पोस्ट मास्टर जनरल बिशन सिंह ने राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से भेंट की। उन्होंने राज्यपाल को डाक सेवाओं के माध्यम से राज्य में लाॅेकडाउन अवधि के दौरान दी जा रही सेवाओं की जानकारी दी। डाक विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश भर में लगभग 4 लाख पैंशन भोगियों को उनके घरद्वार पर पैंशन राशि का भुगतान किया गया है। डाक विभाग के इण्डिया पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) द्वारा 25 मार्च, 2020 से आज दिन तक 11413 लेने-देन के माध्यम से लगभग 5 करोड़ की राशि का भुगतान भी घरद्वार पर किया गया है। प्रदेशभर से देशभर के लिए लगभग 7000 ग्राहकों को दवाइयां पहुंचाई गई। प्रतिदिन देशभर के लिए लगभग 250 पार्सल, जिनमें कैंसर से संबंधित दवाइयां शामिल हैं, की बुकिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में जरूरी डाक के वितरण के लिए हर रोज़ सरकारी एवं निजी वाहनों के माध्यम से डाक का निपटान किया जा रहा है। लगभग 170 जरूरतमंद लोगों को 30 क्विंटल राशन का आवंटन भी किया गया है। दत्तात्रेय ने कोरोना महामारी के दौरान डाक विभाग द्वारा आम लोगों को दी जा रही सेवाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि विभाग के सभी कर्मी कोरोना योद्धाओं की अग्रणी पक्ति में सेवाएं दे रहे हैं। विशेषकर, पैंशन वितरण का कार्य करते हुए सकारात्मक संदेश दे रहे हैं। उन्होंने ऊना जिले के डाक अधीक्षक राम तीर्थ शर्मा और उनकी टीम का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने 30000 खाताधारकों को 12 करोड़ रुपये से अधिक की राशि घर-घर जाकर देकर उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने विभाग में तकनीकी का पूर्ण उपयोग करते हुए सेवाओं को विस्तार देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विशेषकर प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों, किन्नौर और लाहुल-स्पीति के इलाकों में आधुनिक तकनीक का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पारम्परिक तरीकों में अब बदलाव की आवश्यकता है।
जयराम कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता पीटरहॉफ में हुई। कैबिनेट ने पीएम नरेंद्र मोदी का देश के लिए 20 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज घोषित करने के फैसले का स्वागत किया। इस आर्थिक पैकेज का हिमाचल को भी लाभ होगा। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। कैबिनेट ने आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने के लिए कई फैसले लिए हैं। कैबिनेट ने अनुबंध श्रम अधिनियम की धारा-1 में जरूरी संशोधन को मंजूरी दी। इसके तहत अब 20 के बजाय 30 लोग उद्योग में अनुबंध पर रखे जा सकेंगे। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश और उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। कारखाना अधिनियम में भी संशोधन को मंजूरी दी गई। इससे छोटी औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा और श्रमिकों को अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इसमें श्रमिकों की संख्या 20 से 40 की गई है। सरकार के अनुसार इससे श्रमिकों को ज्यादा से ज्यादा अर्जन के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही औद्योगिक विवाद अधिनियम में भी संशोधन को मंजूरी दी गई। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश, उत्पादन बढ़ेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। कैबिनेट ने फैसला लिया है कि राशन में दी जाने वाली सब्सिडी अब आयकर देने वाले डेढ़ लाख उपभोक्ताओं को एक साल तक नहीं मिलेगी। इसके अलावा दाल, चीनी और तेल पर सब्सिडी कम कर दी गई है। दूसरी तरफ बीपीएल राशनकार्ड धारकों को पहले की तरह की सब्सिडी दी जाएगी। वहीं, आय सीमा को बढ़ाकर करीब 45 हजार रुपये कर दिया गया है। इससे एपीएल के करीब डेढ़ लाख उपभोक्ताओं को बीपीएल की तरह आटा और चावल मिल पाएगा। इस तरह डेढ़ लाख आयकर देने वाले उपभोक्ताओं की सब्सिडी खत्म होगी, जबकि डेढ़ लाख नए उपभोक्ता शामिल होंगे। आयकर देने वालों की सब्सिडी में पूरी तरह से कटौती की गई है। जबकि सभी उपभोक्ताओं के चीनी, दाल और तेल की सब्सिडी में भी थोड़ी-थोड़ी कटौती की गई है कैबिनेट बैठक में एक से दूसरे जिले में वाहनों की आवाजाही शुरू करने पर भी चर्चा हुई। साथ ही 50 फीसदी क्षमता के साथ बसों को चलाने पर भी चर्चा हुई। लॉकडाउन-3 खत्म होने के बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा।
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि लाॅकडाउन अवधि के दौरान महिलाओं की शिकायतों के निवारण के लिए, हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग ने फोन पर परामर्श प्रदान करने के लिए तीन काउंसलर नामित किए हैं, जिनसे 9805520079, 9805520097 और 9736011071 पर सम्पर्क किया जा सकता है। प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग ने लाॅकडाउन की अवधि के दौरान पीड़ित महिलाओं तक पहुंचने और उनकी शिकायतों के निवारण के लिए व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9459886600 भी शुरू किया है। उन्होंने कहा कि शिकायतें आयोग की ईमेल आईडी shimlahpscw@gmail.com पर भी दर्ज की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा आयोग से उनके कार्यालय नंबरों 0177-2622929 व 0177-2627171 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने इलैक्ट्राॅनिक मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में कोविड-19 महामारी से प्रभावी ढंग से निपट रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए त्रि-स्तरीय रणनीति अपनाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में कोविड-19 से संक्रमित लोगों के उपचार के लिए तीन प्रकार के संस्थान स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 लक्षण प्रकट न होने वाले लोगों के लिए राज्य में अब तक 1300 बिस्तर की क्षमता वाले 24 कोविड केयर सेंटर, माॅडरेट लक्षण वाले लेागों के लिए 500 बिस्तर की क्षमता वाले 11 समर्पित कोविड स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए हैं। इसके अतिरिक्त गंभीर लक्षण वाले लोगों को 700 बिस्तरों की क्षमता वाले प्रदेश के चार कोविड अस्पतालों में रखा जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में 115 वेंटिलेटर, 25,000 पीपीई किट्स और 20,000 एन-95 मास्क उपलब्ध हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से आपातकालीन स्थिति के लिए प्रदेश को 60 अन्य वेंटिलेटर्ज उपलब्ध करवाने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मी कोविड-19 के उपचार में निःसन्देह ही अपनी बेहतरीन सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जिसके कारण 65 मामलों में से अब तक 38 लोगों का उपचार कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि डाॅक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ को कोरोना से निपटने के लिए उचित प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य में कोविड-19 से निपटना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है, परंतु यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ विपक्षी नेता इस महामारी को अनावश्यक राजनीतिक मुद्दा बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को कांग्रेस शासित पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों की स्थिति को देखना चाहिए, क्योंकि हिमाचल प्रदेश की स्थिति इन राज्यों के मुकाबले बेहतर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने स्वारघाट के एक युवक की मौत के मामले में एडीएम बिलासपुर द्वारा मैजिस्ट्रियल जांच करवाने का फैसला लिया है, जिसे उपचार के लिए शिमला रैफर किया गया था। उन्होंने कहा कि इस संबंध में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग एक लाख लोग पहले ही देश के विभिन्न हिस्सों से राज्य में पहुंच चुके हैं और आने वालेे कुछ दिनों में हजारों लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सरकार अतिरिक्त सावधानी बरत रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन सभी लोगों की पूरी तरह से चिकित्सकीय जांच की जा सके और रेड जोन से आने वाले लोगों को संस्थागत क्वारंटीन में रखा जाएगा।
Chief Minister Jai Ram Thakur, while interacting with electronic media, said that State Government was effectively tackling the menace of COVID-19 pandemic in the State. He said that Government has adopted three pronged strategy to deal with the situation in wake of threat of coronavirus. Chief Minister said that Government had set up three types of institutions in the State where treatment of COVID-19 could be done. He said 24 COVID Care Centres have been established having bed capacity of 1300 patients for asymptotic people, 11 Dedicated COVID Health Centres with bed capacity of 500 for moderate symptomatic people and severe symptomatic persons would be kept in four COVID Hospitals having capacity of 700 beds in the State. Jai Ram Thakur said that there were 115 ventilators, 25,000 PPE Kits, 20 thousand N-95 masks. in the State. He said Central Government has been urged to provide 60 more ventilators to the State to meet out the emergent situation. Chief Minister said that medical fraternity was rendering yeoman service for the treatment of COVID-19 patients due to which 38 persons have been cured so far out of 65 reported cases. He said that proper training was being imparted to doctors and para medical staff to tackle the corona virus. Jai Ram Thakur said that the top most priority of the State Government was to fight COVID-19 pandemic in the State but it was unfortunate that some opposition leaders were un-necessarily politicising the matter. He said that the Congress leaders should first have a look at the situation in the Congress ruled States like Punjab and Rajasthan as things were far much better in Himachal Pradesh than these States. He said that the State Government has decided to conduct a magisterial inquiry by ADM Bilaspur regarding death of a youth of Swarghat who was referred to Shimla for treatment. He said that any laxity in this regard would not be tolerated and strict action would be taken against erring officials. Chief Minister said that as many as one lakh people have already reached the State from different parts of the country and thousands more are expected to arrive within next few days. He said that government has taken extra precautions to ensure that all these people were thoroughly medically examined and those coming from red zone would be kept in institutional quarantine.
भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष डा० राजीव बिन्दल ने बाहर से प्रदेश में आने वाले लोगों के सहयोग के लिए प्रदेश व जिला स्तर पर कमेटियों का गठन किया है। जिसमें रामस्वरूप शर्मा, सांसद को मण्डी संसदीय क्षेत्र, राकेश शर्मा (बबली), प्रदेश अध्यक्ष किसान मोर्चा, को हमीरपुर संसदीय क्षेत्र, वीरेन्द्र चौधरी, प्रदेश सचिव, को कांगड़ा संसदीय क्षेत्र तथा संजय सूद, प्रदेश कोषाध्यक्ष को शिमला संसदीय क्षेत्र का प्रमुख बनाया गया है। भाजपा अध्यक्ष ने बताया कि इसी प्रकार जिला स्तर पर 3-3 सदस्यों की कमेटी का गठन किया गया है जिसमें राजेन्द्र बोद्ध को जिला लाहौल स्पिति का प्रमुख तथा संजीव कुमार एवं शमशेर सिंह को सदस्य बनाया गया है। इसी प्रकार जिला कुल्लू प्रमुख भीम सेन होंगे तथा जोगिन्द्र शुक्ला व अखिलेश कपूर सदस्य, जिला मण्डी प्रमुख रणवीर सिंह होंगे तथा महेन्द्र पाल तथा प्रियंता शर्मा सदस्य, जिला सुन्दरनगर का प्रमुख दलीप कुमार ठाकुर को बनाया गया है और ओमप्रकाश एवं हुकम चंद ठाकुर सदस्य होंगे। जिला किन्नौर का प्रमुख संजीव हारा होंगे तथा राजपाल नेगी व यशवंत सिंह सदस्य, जिला हमीरपुर का प्रमुख बलदेव शर्मा को बनाया गया है और उनके साथ हरीश शर्मा व अभयवीर सिंह सदस्य होंगे। जिला ऊना प्रमुख मनोहर लाल शर्मा तथा राजकुमार पठानिया व अर्जन सिंह सदस्य, जिला बिलासपुर प्रमुख स्वतंत्र संख्यान, आशीष ढिल्लो व नवीन शर्मा सदस्य, जिला देहरा प्रमुख संजीव शर्मा व अभिषेक पाधा तथा जगदीप डढवाल सदस्य, जिला चम्बा प्रमुख योग सिंह तथा धीरज नरयाल व वीरेन्द्र ठाकुर सदस्य, जिला कांगड़ा प्रमुख चंद्रभूषण नाग तथा रमेश बराड़ व सचिन शर्मा सदस्य, जिला नूरपुर प्रमुख रमेश राणा तथा सतीश शर्मा व रणवीर सिंह को सदस्य, जिला पालमपुर प्रमुख हरिदत शर्मा तथा विजय भट्ट व देवेन्द्र राणा को सदस्य तथा जिला शिमला प्रमुख रवि मेहता तथा उनके साथ गगन शर्मा व अंजना शर्मा सदस्य तथा जिला महासू प्रमुख अजय श्याम व शशिभूषण तथा संजय वर्मा को सदस्य, जिला सिरमौर का प्रमुख श विनय कुमार गुप्ता तथा राजेन्द्र ठाकुर व बलदेव कश्यप को सदस्य तथा जिला सोलन का प्रमुख आशुतोष वैद्य तथा नंदराम कश्यप व अमर सिंह परिहार को सदस्य बनाया गया है। डा० बिन्दल ने बताया कि यह कमेटी रामस्वरूप शर्मा, सांसद की अध्यक्षता में कार्य करेगी।
केंद्र सरकार ने कोरोनावायरस से लड़ाई के लिए हिमाचल प्रदेश को 952 करोड़ रुपए का विकास राजस्व घाटा अनुदान जारी किया है। यह दूसरी मासिक किश्त है जो हिमाचल समेत 14 राज्यों को जारी की गई है। केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामले मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर विकास राजस्व घाटा अनुदान की दूसरी समान मासिक किस्त जारी की गई है। यह राज्यों को कोरोना संकट के दौरान अतिरिक्त संसाधन प्रदान करेगा। इसके तहत 14 राज्यों को 6,195.08 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। 13 मई को होगी कैबिनेट की बैठक हिमाचल कैबिनेट की बैठक बुधवार 11 बजे बुलाई गई है। इस बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित फैसले होंगे। एपीएल के राशन की कटौती, बिजली बोर्ड और शिक्षा विभाग से संबंधित फैसले होंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में यह बैठक राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ में होगी। नहीं खुलेंगे स्कूल, छुट्टियां समाप्त होते ही कॉलेजों में परीक्षाएं होंगी शुरू वहीं, कोरोना वायरस से बचाव के लिए हिमाचल के सरकारी और निजी स्कूलों को अभी खोलने का सरकार जोखिम नहीं उठाना चाहती है। ऐसे में स्कूलों को 31 मई तक बंद रखने का फैसला लिया गया है। कॉलेजों में 25 मई से होने वाली छुट्टियों को 18 मई से 10 जून तक देने का विचार है। इन छुट्टियों के समाप्त होते ही कॉलेजों में परीक्षाएं शुरू होंगी। शिक्षा विभाग ने 17 मई को लॉकडाउन समाप्त होने के बाद शैक्षणिक गतिविधियां शुरू करने के लिए एक्जिट प्लान तैयार कर लिया है। 13 मई को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
Chief Minister Jai Ram Thakur while addressing the members of Zila Parishad, BDC members and Panchayat Pradhans of various Gram Panchayats of Hamirpur and Una districts through video conferencing from Shimla said that they were playing a vital role in fighting the COVID-19 in the State by sensitizing people regarding importance of isolation and social distancing to break the cycle of the virus. Chief Minister said during the last few days as many as one lakh Himachalis stranded in various parts of the Country have come back to the State and about 55000 were expected to come back within next few days. He said that since few of them were coming from red or orange zones it was essential to ensure proper medical check up of these persons and to keep them under quarantine. He said that State Government has launched ‘Nigah’ programme to keep close watch on people coming from other States. He said the programme aims to sensitize people of the State to ensure proper protocol to avoid corona infection. Jai Ram Thakur said that the panchayat pradhans must ensure that they keep a close surveillance on people arriving in their areas from other parts of the country. He said efforts must be made that pradhans alongwith ASHA workers and other health functionaries visit the house of such persons before their arrival, so that the family members could be educated regarding social distancing even within the family. Chief Minister said that the pradhans were also doing a commendable job in motivating people to download ‘Aarogya Setu App’. He said that they were also distributing face masks and face covers besides providing food to poor and needy. He also urged the pradhans to ensure proper sanitization of their panchayats to check outbreak of any disease. He said that they should also educate the people regarding social stigma associated with the disease as it was fight against the disease and not the infected person. Jai Ram Thakur said that it was due to the strong and dynamic leadership of Prime Minister Narendra Modi that the magnitude of COVID-19 was not so alarming as compared to other developed countries. He said that Prime Minister during the video conferencing with the Chief Ministers of the States yesterday has urged the people to collectively fight corona but at the same time try to live with this pandemic with care and precautions. Chief Minister said that all the panchayat pradhans must help the family members who have limited accommodation to ensure proper social distancing by providing them isolated accommodation in community centres, panchayat ghar and mahila mandal bhawans etc. He said that proper vigil should be kept on the persons to ensure that they does not jump from home quarantine. He said that if a person was found that he was not following the home quarantine norms, the matter should be brought before the district administration so that he could be kept under institutional quarantine. Jai Ram Thakur said that elected representatives of Panchayati Raj Institutions must also come forward to start various developmental activities in their respective panchayats. He said that work under MNREGA be expedited but at the same time it must be ensured that proper social distancing norms were followed. Rural Development Minister Virender Kanwar thanked the Chief Minister for sparing his valuable time to guide the elected representatives of PRIs in the wake of COVID-19 pandemic. Pradhan of Gram Panchayat, Jambali of Bijhari block in Hamirpur district Satish Soni, Pradhan Gram Panchayat Kakkar of Bamsan Block in Hamirpur district Jyoti Thakur, Pradhan Gram Panchayat Anu in Hamirpur district Sunder Dhiman, Pradhan Gram Panchayat Amb Tika of Amb Block in Una district Darshran Singh and Pradhan Gram Panchayat Laroli of Amb Block in Una district also shared their views during the video conferencing. Director Rural Development and Panchayati Raj Lalit Jain conducted the proceeding of the video conferencing. Chief Secretary Anil Khachi, Secretary Rural Development Dr. R.N. Batta and Director Information and Public Relations Harbans Brascon were also present during the meeting.
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर राजभवन में नर्सों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कोरोना काल में नर्सें समाज को बहुत बड़ा योगदान दे रही हैं। वे खुद के संक्रमण होने के खतरे के बावजूद अपनी जान की परवाह किए बिना ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाने में जुटी हैं। 12 मई को मनाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर नर्सों के इसी योगदान को नमन करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 को ‘अंतरराष्ट्रीय नर्स वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। फ्लोरेंस नाइटिंगेल के त्याग व समर्पण को याद करते हुए हम इस व्यवसाय से जुड़े सभी कोरोना योद्धाओं का आभार व्यक्त करते हैं। राज्यपाल ने सिस्टर निवेदिता राजकीय नर्सिंग काॅलेज (एसएनजीएनसी), शिमला की प्रधानाचार्य ऊषा मेहता, दीन दयाल उपाध्याय जोनल अस्पताल, शिमला की मैट्रन परवीन सूद, कमला नेहरू अस्पताल, शिमला की नर्सिंग अधीक्षक वीना कौंडल तथा इंदिरा गांधी मेडिकल काॅलेज, शिमला की नर्सिंग अधीक्षक सुनीता शर्मा को सम्मानित किया। राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
सिप्ला कम्पनी के साइट हैड संजय मिश्रा और एच.आर. हैड मृणाल कांति ने सिप्ला लिमिटेड बद्दी की ओर से मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को हिमाचल प्रदेश एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅन्स फंड के लिए 50 लाख रुपये का चैक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने ऑनलाइन ज्ञापन के माध्यम से कुलपति के समक्ष ICDEOL में हुई 25-30% फीस वृद्धि के मामले को रखा। जिसमें विद्यार्थी ने परिषद् ने जुलाई 2019 के सत्र के साथ हो रहे अन्याय की तरफ उनका ध्यान केंद्रित किया । इसमें इकाई अध्यक्ष विशाल वर्मा व इकाई मंत्री मुनीष वर्मा ने बताया की ICDEOL में जो फीस वृद्धि हुई है वो अधिसूचना जनवरी 2020 में जारी हुई थी परंतु वह फीस अब जुलाई 2019 में ICDEOL में दाखिला लेने वाले छात्रों पर भी लागू की जा रही है, जो तर्कसंगत नहीं है। इसमें विद्यार्थी परिषद् ने साफ शब्दों में प्रशासन से माँग करते हुए कहा कि यह फीस उन्ही छात्रों पर लागू होनी चाहिए जिन्होंने जनवरी 2020 में ICDEOL में दाखिला लिया हो न जुलाई 2019 में दाखिला लेने वाले छात्रों पर । जुलाई 2019 में दाखिला लेने वाले छात्रों पर पुरानी फीस संरचना ही लागू की जाए। इस ज्ञापन के माध्यम से विद्यार्थी परिषद् ने प्रशासन से आशा की कि विद्यार्थी परिषद की माँग को संज्ञान में लेते हुए इसपर तुरंत प्रभाव से कार्यवाही की जाए तथा साथ ही प्रशासन को चेतावनी भी दी की अगर विद्यार्थी परिषद की इस माँग पर जल्द कार्यवाही नहीं की जाती तो विद्यार्थी परिषद लॉक डाउन के तुरंत बाद स्थिति सामान्य होने पर प्रशासन के खिलाफ हल्ला बोलेगी।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में अब जिले के भीतर आवाजाही के लिए कर्फ्यू पास बनाना अनिवार्य नहीं होगा। हालांकि एक से दूसरे जिले में जाने के लिए कर्फ्यू पास अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जिलों के डीसी और एसपी के साथ हुई बैठक में यह फैसला लिया है। देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हिमाचलियों को अपने गृह क्षेत्र आने की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के प्रत्येक जिला की संस्थागत क्वारंटीन सुविधा को मजबूत करना होगा। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और राज्य के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान कही। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के 68000 लोगों ने राज्य में प्रवेश करने के लिए ई-पास के लिए आवेदन किया है। उन्होंने कहा कि अधिक संख्या में लोग रेड जोन क्षेत्रों से आएंगे, इसलिए उन्हें संस्थागत क्वारंटाइन सुविधा की आवश्यकता होगी। उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में इस तरह की सुविधाओं की पर्याप्त संख्या में पहचान कर उन्हें चिन्हित करें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ये केन्द्र व्यस्त क्षेत्रों से दूर हों और इनमें शौचालय इत्यादि जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहे। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में उचित स्वच्छता व्यवस्थता को सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेड जोन से आने वाले सभी लोगों और इंफ्लुएंजा जैसे लक्षणों वाले सभी लोगों को संस्थागत क्वारंटाइन में रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पूरी तरह से चिकित्सकीय जांच की जानी चाहिए और उसके बाद ही यह तय किया जाएगा कि उसे संस्थागत क्वारंटाइन या होम क्वारंटाइन के अन्तर्गत रखा जाना है। जय राम ठाकुर ने कहा कि बेंगलुरु से विशेष ट्रेन 13 मई को सुबह 6.00 बजे ऊना पहुंचेगी और थिविम, मड़गांव और करमाली (गोवा) से एक और विशेष ट्रेन 15 मई, 2020 को ऊना पहुंच जाएगी। उन्होंने उपायुक्त ऊना को निर्देश दिए कि बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की प्रदेश वापसी के सभी आवश्यक इंतजाम किए जाएं ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और स्थिति सामान्य बनी रहे। उन्होंने कहा कि राज्य में आने वाले लोगों की चिकित्सा जांच सुनिश्चित करने के उपरांत ही उन्हें उनके सम्बन्धित जिलों में जाने दिया जाए। उन्होंने कहा कि इन लोगों की सुविधाएं प्रदान के लिए भोजन के पैकेट, पानी आदि की व्यवस्था भी की जानी चाहिए। उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री टी.एस. रावत से बात कर वहां फंसे हिमाचलियों की सहायता प्रदान करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार फंसे हुए हिमाचलियों को देहरादून तक पहुंचाने की पर्याप्त व्यवस्था करने के लिए सहमत हो गई है, जहां से उन्हें उनके घरों तक पहुंचाया जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि जिला के अंदर आवाजाही की अनुमति अब बिना पास के दी जानी चाहिए जबकि बद्दी पुलिस जिला जिसमें बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र भी शामिल है को छोड़कर दूसरे जिलों के लिए आवाजाही की अनुमति परमिट से दी जाए। उन्होंने राज्य में आर्थिक गतिविधियां शुरू करने की जरूरत पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि होम क्वारंटाइन को और प्रभावी बनाने के लिए प्रणाली विकसित करने के लिए भी कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि उपायुक्तों से कहा कि जिन घरों में लोगों को होम क्वारंटाइन रखा गया है ऐसे घरों पर नजर रखने के लिए पंचायती राज संस्थाओं व स्वास्थ्य कर्मियों के प्रतिनिधियों को आवश्यक रूप से शामिल किया जाए ताकि कोई भी व्यक्ति होम क्वारंटाइन का उल्लघन न कर सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थागत क्वारंटाइन सुविधाएं इस तरह से बनाई जाए कि जो लोग भुगतान करने के इच्छुक है उन्हें भुगतान के आधार पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाए। जय राम ठाकुर ने कहा कि शीघ्र ही लगभग 300 विद्यार्थी यूक्रेन से चंडीगढ़ पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि इन सभी छात्रों को संस्थागत क्वारंटाइन में रखा जाएगा। मुख्य सचिव अनिल खाची ने कहा कि राज्य से जाने वाले प्रवासी मजदूरों को एक साथ न भेज कर इन्हें चरणबद्ध तरीके से भेजा जाए और मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए उन्हें राज्य में ही रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाएं। पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरडी, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर.डी. धीमान, प्रधान सचिव ओंकार शर्मा व जेसी शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू ने भी अपने विचार रखे। राज्य के उपायुक्तों ने देश के विभिन्न भागों से आने वाले लोगों की सुविधा के लिए अपने-अपने जिलों में उनके द्वारा की गई व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्र के सभी प्रांतों के प्रदेश अध्यक्ष एवं जिला परिषदों के अध्यक्ष- उपाध्यक्ष साथ संवाद किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा के जिला पंचायत अध्यक्षों व उपाध्यक्षों के साथ कोरोना महामारी को रोकने के उपायों के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सभी ने एक सूत्र में बंधकर सामने से इस लड़ाई को लड़कर काफी हद तक विजय हासिल की है। हिमाचल प्रदेश से जगत प्रकाश नड्डा ने कांगड़ा की जिला परिषद के अध्यक्ष मधु गुप्ता, जिला हमीरपुर के आमलेट के उपाध्यक्ष चंदूलाल, किन्नौर से प्रीतेशवरी नेगी और हमीरपुर के जिला परिषद के अध्यक्ष राकेश ठाकुर से फीडबैक लिया। सभी जिला परिषद के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष ने इस पहल को अपने आप में बड़ा बताया जिससे इनको पता लगा कि भारतवर्ष में किस प्रकार से अन्य जिला परिषद के सदस्य कार्य कर रहे हैं इस सब को बहुत कुछ सीखने को भी मिला। कांगड़ा से जिला परिषद मधु गुप्ता ने राष्ट्रीय नेतृत्व को बताया कि भारतीय जनता पार्टी रात दिन कार्य कर रहे हैं और ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है जो यहां भूखा रहा है। उन्होंने बताया कि पालमपुर में महिला मोर्चा बहुत अच्छा कार्य कर रही है और बड़ी मात्रा में फेस मास्क वितरित कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि कहीं जिला परिषद के सदस्यों ने अपना 1 माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया है। जिला हमीरपुर से जिला परिषद उपाध्यक्ष चंदूलाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बताया कि उनकी पंचायत ने अभी तक 7 से 8 क्विंटल राशन वितरित कर दिया है और प्रधानमंत्री राहत कोष में ₹31000 की राशि जुटाई है। उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय प्रशासन के सभी अधिकारी यहां पर अच्छा काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व द्वारा जिस प्रकार सामाजिक दूरी एवं प्रवासियों के साथ कार्य करने के बारे में चर्चा की वह बहुत लाभदायक थी। किन्नौर की प्रीतेशवरी नेगी ने बताया कि उनका जिला ग्रीन जोन है और यहां पर भाजपा एवं संगठन अच्छा कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि बाहर से आने वाले लोगों को होम क्वॉरेंटाइन में किस प्रकार रखना चाहिए उसके बारे में अच्छा ज्ञान प्राप्त हुआ। हमीरपुर के जिला परिषद राकेश ठाकुर का कहना है कि उन्होंने केंद्र नेतृत्व को बताया कि यहां पर बाहर से 9212 कामगार थे जिनको दो बार यह पंचायत राशन दे चुकी है जिसके अंदर 19 किलो राशन था। उन्होंने बताया कि परिषद द्वारा पीएम केयर में ₹100000 और सीएम केयर में ₹500000 दिए गए हैं। यहां पर 170 क्वॉरेंटाइन सेंटर है और सभी जिला परिषद के सदस्य अच्छी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सभी जिला परिषद राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से वार्ता करके बहुत प्रफुल्लित हुए और उन्होंने कहा कि यह बहुत अच्छी पहल है ।
समाज के हर वर्ग के समावेशी और समान विकास के साथ-साथ राज्य की प्रगति के लिए ग्रामीण क्षेत्रों का विकास महत्वपूर्ण है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रगति की संभावनाओं को पूरा किया जा सके और विकास का लाभ जमीनी स्तर पर हर वर्ग तक पहुंच सके। लाॅकडाउन का समय ऐसा कठिन समय रहा है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में कामगारों, अकुशल श्रमिकों और विशेष रूप से गरीबी की कगार पर रहने वाले लोगों को गुजर बसर और अपनी आजीविका कमाने तथा दिन-प्रतिदिन की जरूरतों को पूरा करने के लिए रोजगार के साधनों की तलाश थी। बेरोजगारों और कम रोजगार पा रहे लोगों के लिए काम के अवसरों को बढ़ाने के लिए तथा ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक बहुआयामी विकासात्मक रणनीति तैयार की गई जो विकास को बनाए रखने के साथ-साथ आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगी। कोरोना वायरस के दौरान मनरेगा योजना के तहत विकास और रोजगार सृजन कार्यक्रम सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए समावेशी विकास का एक मजबूत माॅडल बनकर उभरा है। हिमाचल सरकार ने बढ़ाई मजदूरी केंद्र और राज्य सरकार ने लाॅकडाउन की अवधि के दौरान श्रमिकों के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए पहल की और राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा कार्यों को शुरू किया। परिणामस्वरूप ग्रामीण क्षेत्रों में विकासात्मक कार्य शुरू हुए और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को अकुशल श्रमिकों को लाभ मिला, जिससे कोविड-19 के प्रकोप के दौरान इस वर्ग के लोगों को निरन्तर आय के स्रोत मिल रहे हैं। हिमाचल सरकार ने मनरेगा मजदूरों की मजदूरी 185 प्रति दिन रुपये से बढ़ाकर 198 रुपये प्रति दिन की है, जिससे मनरेगा के मजदूरों को लाभ मिला है। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को पूरा करने के दौरान राज्य सरकार के आपसी सामाजिक सुरक्षा और मास्क पहनने के सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है। शिमला जिले में किए जा रहे 1985 कार्य शिमला जिले में ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से 1985 कार्य किए जा रहे हैं, जिसमें 10471 श्रमिकों को काम पर लगाया गया है। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के माध्यम से जिला में 20,73,253 रुपये की राशि विकास कार्य पूर्ण होने के पर मनरेगा श्रमिकों के खाते में हस्तांतरित की जाएगी। जिले के बसंतपुर खंड में 116, चौहारा में 47, चौपाल में 253, जुब्बल में 108, कुपवी में 43, मशोबरा में 193, ननखड़ी में 77, नारकंडा में 139, रामपुर बुशहर में 548, रोहडू में 73 और ठियोग खंड में 388 कार्य प्रगति पर हैं। मनरेगा कार्यों को पूरा करने के लिए विभिन्न विकासात्मक योजनाओं के कार्यों को सम्मिलित किया गया है ताकि इन कार्यों में लगे व्यक्तियों को निरंतर कार्य प्रदान किया जा सके। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में जल संचयन टैंक, भूमि समतलन, पौधारोपण और लघु सिंचाई परियोजनाएं शामिल हैं।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) सिरमौर के प्रमुखों के साथ दूरभाष पर बातचीत कर राज्य की अर्थव्यवस्था को बहाल करने और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए उनके बहुमूल्य सुझाव लिए। राज्यपाल ने उन्हें 17 मई, 2020 तक स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन आदि से संबंधित एक अवधारणा नोट भेजने का भी आग्रह किया ताकि सरकार को इसका लाभ मिल सके। बातचीत में निदेशक, आईआईटी मंडी टिमोथी गोन्जालव्स और आईआईएम, सिरमौर की निदेशक डाॅ. नीलू मित्रा ने भाग लिया। राज्यपाल ने कहा कि कोविड-19 के उपरान्त विश्व में परिस्थितियां बदल जाएंगी। हम पहले ही व्यवसायों, संस्थानों और सरकारों के कामकाज में बदलाव का सामना कर रहे हैं। अर्थव्यवस्था इस संकट से बुरी तरह प्रभावित हुई है और लाखों लोगों को अपनी आजीविका से हाथ धोना पड़ा है। हमें अर्थव्यवस्था को पुनः बहाल करने की जरूरत है ताकि लोगों को आजीविका के अवसर प्राप्त हो सकें। हमें लोगों को सुरक्षित और स्वस्थ रखने की भी जरूरत है। उन्होंने कहा कि ये दोनों प्रसिद्ध संस्थान आर्थिक गतिविधियों को पुनर्जीवित करने में सुझाव देकर अपनी अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के बाद स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, उद्योग, हस्तशिल्प इत्यादी क्षेत्रों को विश्व भर में फिर से खड़ा करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि तकनीक इसमें बड़ी भूमिका निभा सकती है और संसाधनों के प्रबंधन के लिए हमें नए साधनों की भी आवश्यकता है। राज्यपाल ने उनसे कहा कि वे हिमाचली परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रखते हुए अपनी टिप्पणी भेजें। उन्होंने आग्रह किया कि इसके अलावा, वैश्विक महामारी में अन्य क्षेत्रों स्वास्थ्य, टेलीमेडिसिन एंड तकनीक, ऑन-लाइन शिक्षा, विशेष शिक्षा, पर्यटन, ऑन-लाइन पर्यटन, सोशल मीडिया का उपयोग, डिजिटल मीडिया प्लेटफाॅर्म पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता हैै।
बाहरी राज्यों से वापस आने के इच्छुक हिमाचलियों को चिकित्सा जांच और संस्थागत क़्वारन्टाइन के उपरान्त ही अपने घर जाने दिया जाएगा। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज राज्य सरकार द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए कही। इन नोडल अधिकारियों को देश के अन्य भागों में फंसे लोगों राज्य में वापिस लाने के लिए संबंधित राज्य सरकारों से समन्वय स्थापित करने के लिए नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार देश के विभिन्न भागों में फंसे हिमाचलवासियों की सुरक्षा के प्रति चिंतित हैं उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों कोघर भेजने से पहले उन्हें क़्वारन्टाइन अवधि में रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब, महाराष्ट्र और देश के अन्य रेड जोन से आने वाले हिमाचलियों की कोविड-19 के लिए जांच की जाएगी। जय राम ठाकुर ने नोडल अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि उन्हें जिन राज्यों का कार्यभार सौंपा गया है, उनके नोडल अधिकारियों के साथ समन्वय बनाए रखें ताकि फंसे हुए हिमाचलियों को वापस लाने का मामला संबंधित राज्यों की सरकार के साथ जल्द से जल्द उठाया जा सके। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को वापस लाने में प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे राज्य के 52,763 लोगों ने कोविड ई-पास के लिए आवेदन किया है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश में फंसे देश के विभिन्न राज्यों के लगभग 63,044 लोग अपने राज्यों को वापिस जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अब तक अन्य राज्यों के 30,219 लोग यहां से जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में वापस जाने के इच्छुक लोगों को उनकी सुचारू वापसी के लिए सभी संभव सुविधाएं प्रदान की जाएं। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को प्रदेश में ही रहने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए ताकि श्रमिकों के अभाव में विकास परियोजनाएं प्रभावित न हों। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार के आग्रह पर केंद्र सरकार ने गोवा में फंसे हिमाचल प्रदेश के लोगों को राज्य में वापस लाने के लिए थिविम/मड़गांव/करमाली से ऊना तक विशेष रेलगाड़ी चलाने के लिए सहमति प्रदान की है। यह विशेष रेलगाड़ी 13 या 14 मई, 2020 को गोवा से चलेगी। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु में फंसे हिमाचल प्रदेश के लोगों को वापस लाने के लिए 11 मई को बेंगलुरु से ऊना के लिए एक और स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। राज्य सरकार, केंद्र सरकार से महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, बिहार इत्यादी राज्यों से भी ऐसी ही ट्रेनें शुरू करने का आग्रह करने पर विचार कर रही है ताकि वहां फंसे हिमाचल प्रदेश के लोगों को सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि उचित सामाजिक दूरी को सुनिश्चित करने के लिए ऊना स्थित रेलवे स्टेशन पर पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। वहां पर मास्क, सैनिटाइजर योजना के पैकेट का भी प्रबन्ध किया जाएगा। लोगों की सुविधा के लिए वहां पर जिलावार अलग काउंटर स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब, उत्तराखंड, हरियाणा और राजस्थान में फंसे हिमाचलियों को वापस लाने के लिए भी राज्य सरकार आवश्यक व्यवस्था करेगी।
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कोरोना आपदा से राहत देने के के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बनाए गए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज से हिमाचल प्रदेश को लगभग 244 करोड़ से ज़्यादा राशि ट्रांसफ़र कर दिए जाने की जानकारी दी है। अनुराग ठाकुर ने कहा "आज पूरी दुनिया कोरोना वायरस की चपेट में है और इस इस वैश्विक आपदा से निपटने के लिए सभी देश युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं। हमारा देश भी इस से अछूता नहीं है। जिसे देखते हुए देश की मोदी सरकार अपने नागरिकों को स्वस्थ व सुरक्षित बनाए रखने के लिए सभी सम्भव उपाय कर रही है। कोरोना आपदा के संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने नेतृत्व में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज का गठन किया गया है जिसके अंतर्गत ग़रीबों, मज़दूरों, किसानों, विधवाओं व दिव्यांगजनों के लिए आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया है। पूरे देश में अब तक 39 करोड़ से भी ज़्यादा लोगों को 34 हज़ार 800 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।” अनुराग ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भी ज़रूरतमंदों प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज का पूरा लाभ मिला है। पीएम किसान योजना के 8 लाख 70 हज़ार से भी ज़्यादा लाभार्थियों को 174 करोड़ रुपए से ज़्यादा की राशि उनके खातों में ट्रांसफ़र कर दी गई है। पीएम जनधन योजना के 6 लाख 13 हज़ार से ज़्यादा खाताधारकों के बैंक खातों में 30 करोड़ से ज़्यादा की राशि केंद्र सरकार द्वारा ट्रांसफ़र कर दी गई है।राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के तहत 1 लाख 11 हज़ार से अधिक वृद्धों, विधवाओं और दिव्याँगों को लगभग 5 करोड़ 59 लाख रुपए से अधिक की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। बिल्डिंग एंड कंस्ट्रक्शन फंड के 90 हज़ार से अधिक लाभार्थियों को 17 करोड़ 95 लाख से अधिक की आर्थिक मदद केंद्र सरकार द्वारा की गई है। ईपीएफ़ओ के 3700 से ज़्यादा लाभार्थियों को 8 करोड़ 30 लाख रुपए से ज़्यादा की राशि ट्रांसफ़र कर दी गई है। इसके अतिरिक्त उज्ज्वला योजना के अंतर्गत लगभग 1 लाख 13 हज़ार सिलेंडरों की अब तक बुकिंग हुई थी जिसमें से लगभग 1 लाख 12 हज़ार मुफ़्त गैस सिलेंडर लोगों को वितरित किए जा चुके हैं। हिमाचल प्रदेश के अंदर अब तक लगभग 24 लाख लोगों को 12 हज़ार मीट्रिक टन खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके अतिरिक्त लॉकडाउन के प्रथम चरण से अभी तक केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को अप्रैल माह तक विभिन्न मदों के लिए कुल 1,821 करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं। अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारत सरकार कोरोना से निपटने के लिए सभी ज़रूरी व प्रभावी कदम उठा रही है। यह वक्त पूरी एकजुटता के साथ इस आपदा से निपटने व अपनी राष्ट्रीय एकता को दिखाने का है। इस समय हमें पूरे संयम और दृढ़ संकल्प के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा सुझाए सभी उपायों का कड़ाई से पालन करने की आवश्यकता है। सतर्कता से ही कोरोना के संक्रमण की रोकथाम संभव है। हम स्वयं संक्रमित होने से बचेंगे और दूसरों को भी संक्रमित होने से बचाएँगे व हम सब मिल कर कोरोना को हराएंगे।
कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) के नेता संजय चौहान ने कहा कि पार्टी का मानना है कि शिमला शहर के बीचोबीच स्थित जिला अस्पताल रिपन(डी डी यू) को डेडिकेटेड कोविड-19 अस्पताल बनाने का सरकार का फैसला बिना सोचे समझे व जल्दबाजी में लिया गया फैसला है। उन्होंने कहा कि पार्टी मांग करती है कि इस फैसले को तुरन्त वापिस ले तथा इसमें नियमित ओ पी डी आरम्भ कर जनता को राहत प्रदान की जाए। सरकार द्वारा 21 मार्च, 2020 को कोविड-19 के बारे में बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में भी पार्टी ने सुझाव दिया था कि आई जी एम सी व रिपन(डी डी यू) अस्पताल में नियमित ओ पी डी जारी रखी जाए व नवबहार स्थित इंडस अस्पताल को तुरन्त डेडिकेटेड कोविड19 अस्पताल बनाया जाए। परन्तु सरकार ने इस पर कोई ध्यान नही दिया।उन्होंने कहा कि पहले आईजीएमसी में एक महीने से अधिक समय तक ओ पी डी बन्द कर जनता को परेशानी में डाला गया और अब रिपन(डी डी यू) अस्पताल जिसमे शिमला शहर व बाहर से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं इसे कोविड19 के लिए डेडिकेटेड अस्पताल बना दिया है और ओ पी डी बन्द कर जनता को और अधिक परेशानी में डाल दिया है। उन्होंने बताया कि ये निर्णय बिल्कुल भी सही नहीं है और इसे सरकार को जनहित में तुरन्त बदलना चाहिए। संजय चौहान ने कहा कि सरकार द्वारा लॉकडाउन व कर्फ्यू को लागू किए आज 45 दिन से अधिक समय हो गया है परन्तु अभी भी सरकार कोविड19 से निपटने के लिए कोई ठोस रणनीति व कार्यनीति नहीं बना पाई है और तदर्थवाद पर ही कार्य कर रही है। सरकार न तो आवश्यकता अनुसार टेस्ट कर पा रही है और न ही जो लोग कोविड19 के संभावित व प्रभावित मरीज है उनके लिए उचित व्यवस्था कर पा रही है। इनको क्वारंटाइन करने के लिए कोई भी न तो ठोस योजना है न ही कार्यक्रम हैं। अभी तक अधिकांश जिलों में तो उचित क्वारंटाइन केंद्र भी स्थापित नही किये गए हैं। जहाँ कहीं स्थापित किये गए हैं वहाँ रहने, खाने, साफ सफाई व अन्य मूलभूत आवश्यकताएं भी उपलब्ध नहीं करवाई गई है। सी.पी.एम.मांग करती है कि सरकार रिपन(डी डी यू) अस्पताल को डेडिकेटेड कोविड19 अस्पताल बनाने के निर्णय को तुरन्त बदल कर इसमें ओ पी डी तुरन्त आरम्भ कर जनता को इस विषम परिस्थिति में राहत प्रदान की जाए तथा इंडस अस्पताल को डेडिकेटेड कोविड19 अस्पताल बनाया जाए। राज्य के बाहर से आ रहे सभी लोगो का टेस्ट कर उनकी क्वारंटाइन करने की स्थानीय स्तर पर उचित व्यवस्था की जाए। क्वारंटाइन केंद्रो में रहने, खाने, साफ सफाई व अन्य मूलभूत आवश्यकताओं को सुचारू रूप से उपलब्ध करवाया जाए। राज्य सरकार को इस कोविड19 से निपटने व इससे बाहर निकलने के लिए जंग की भांति एक ठोस रणनीति बना कर कार्य करना होगा। सी.पी.एम. इससे निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाये गए सकारात्मक कार्यों में पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।
हिमाचल में कोरोना वायरस के मामले पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहे हैं। रविवार प्रदेश में कोरोना वायरस को दो और पॉजिटिव मामले आए हैं। 36 वर्षीय उक्त मरीज दो दिन पहले ही अहमदाबाद से लौटा है, जहां वह ड्राइवर की नौकरी करता है। वन्ही दूसरे मामले में गुरुग्राम से लौटे 46 वर्षीय व्यक्ति का कोविड सैंपल भी पॉजिटिव पाया गया है। वह मरीज गुरुग्राम में ड्राइवर की नौकरी करता है। दोनों के सैंपलों की जांच आईजीएमसी शिमला में की गई है। इन दोनों को बिलासुपर में क्वारंटीन किया गया था। बता दे कि अब प्रदेश में कुल 54 कोरोना पॉजिटिव मामले आ चुके हैं और वर्तमान में 13 एक्टिव केस उपचाराधीन है। दो की मौत हुई है। 35 लोग स्वस्थ होकर घर चले गए हैं और चार लोग हिमाचल से बाहर चले गए हैं।
प्रदेश सरकार के आग्रह पर केंद्र सरकार ने गोवा में फंसे हिमाचल प्रदेश के लोगों को राज्य में वापस लाने के लिए गोवा के थिविम/मड़गांव/करमाली से ऊना के लिए विशेष रेलगाड़ी चलाने के लिए सहमति प्रदान की है। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कोरोना महामारी के दृष्टिगत देशभर में लगाए गए लाॅकडाउन के कारण गोवा में फंसे प्रदेश के लोगों से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लोगों को वापस लाने के लिए उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री पियूष गोयल से गोवा से ऊना तक विशेष ट्रेन चलाने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि हिमाचलियो को वापस लाने के लिए केंद्रीय रेल मंत्री ने 13 या 14 मई, 2020 को विशेष रेलगाड़ी चलाने के लिए सहमति प्रदान की है। जय राम ठाकुर ने कहा कि गोवा में राज्य के 1204 लोग फंसे हुए हैं, जिनमें मंडी जिला के 398, कुल्लू जिला के 246, कांगड़ा जिला के 241, चंबा जिला के 105, शिमला जिला के 70 और सोलन जिला के 43 लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार देश के विभिन्न भागों में कार्य कर रहे राज्य के लोगों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने घर वापस आने वाले लोगों के कौशल और विशेषज्ञता का पूरी तरह से उपयोग करने के प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि घर वापसी के बाद उन्हें होम क्वारंटीन में रहना होगा। गोवा में फंसे हिमाचली युवाओं देवा ठाकुर, महेंद्र सिंह, संजय कुमार और किशोर लाल ने उन्हें घर वापस लाने के किए गए प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह, वन मन्त्री गोविन्द सिंह ठाकुर और पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जमवाल ने कहा की हिमाचल प्रदेश कि कांग्रेस पार्टी के नेता सिर्फ नकारात्मक राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा कि हम हिमाचल प्रदेश में सभी जगह नजरें गड़ाए बैठे हैं इससे स्पष्ट होता है की कांग्रेस के नेता नजरें गड़ाने के सिवा और कोई कार्य नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने कहा की कांग्रेस के नेता गण बताएं की बूथ स्तर पर या मंडल स्तर पर कितने सेवा प्रकल्प कांग्रेस पार्टी ने शुरू किए। भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल के नेतृत्व में विभिन्न सेवा कार्य किए जिसमें राशन के पैकेट बांटना, राशन किट बांटना, मास्क वितरण करना, पीएम केयर फंड में राशि जुटाना और मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए धन संग्रह करना। इसी प्रकार से कांग्रेस पार्टी बताए की कितने सेवा कार्य उन्होंने इस वैश्विक महामारी के समय किए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी में केवल राजनीति चमका अभियान चल रहा है जिसके अंतर्गत सभी कांग्रेस के नेतागण बयानबाजी कर अपनी अपनी राजनीति चमकाने में लगे हैं और आश्चर्यजनक बात यह है कि हर एक नेता का पक्ष अलग होता है। कोई कहता है कि बाहरी राज्यों से लोग आने चाहिए तो दूसरा कहता है कि नहीं आने चाहिए। कांग्रेस पार्टी पहले यह स्पष्ट करें कि वह चाहती क्या है, उनकी मंशा क्या है। उन्होंने कहा आज इस संकट की घड़ी में राजनीति छोड़ समाज सेवा करनी चाहिए अपितु कांग्रेस के नेता केवल राजनीति कर रहे हैं और सेवा नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा की पूरा विश्व जब इस महामारी से एक युद्ध लड़ रहा है तब कांग्रेस पार्टी केवल सरकारों और अन्य राजनीतिक दलों की गलतियां ढूंढने में लगी है कि किस प्रकार से वह देश और प्रदेश में नकारात्मक राजनीति कर सके और माहौल बिगाड़ सके। उन्होंने कहा कि जनता ने सब देखा है कि किसने सकारात्मक कार्य किया है और किसने नकारात्मक कार्य किए हैं फैसला जनता ही लेगी । कांग्रेस को सीख लेनी चाहिए कि देशभर में कांग्रेस पार्टी का वर्चस्व समाप्त होते जा रहा है, आज कांग्रेस पार्टी के पास ना तो नेता है ना ही नीति।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिमला से जिला चम्बा और कांगड़ा की विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधानों से आग्रह किया कि प्रदेश सरकार को कोविड-19 के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अपना सहयोग दें तथा उनसे बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों को होम क्वारन्टीन का सख्ती से पालन करवाने को कहा। मुख्यमंत्री ने प्रधानों से उनके गांवों में बाहरी राज्यों से आने वाले किसी भी व्यक्ति की सूचना संबंधित अधिकारियों के साथ सांझा करने को कहा, ताकि उन लोगों की शीघ्रता से स्वास्थ्य जांच की जा सके और यदि आवश्यकता हो तो उन्हें कवारंटाइन में रखा जा सके। उन्होंने कहा कि यह कोरोना महामारी को फैलने से रोकने में सहायक सिद्ध होगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रधानों को लोगों को फेस मास्क और फेस कवर बनाने और वितरित करने के लिए भी प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस महामारी को रोकने के लिए यह आवश्यक नहीं कि केवल सर्जिकल और ब्रांडिड मास्क का ही उपयोग किया जाए, बल्कि घर में बने कपड़े के मास्क का भी इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोगों को इस महामारी के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए और उन्हें किसी भी प्रकार की अफवाहों को फैलाने से भी रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों से वापस आए लोग, जिन्हें होम कवारंटाइन में रखा गया है, पंचायत प्रधान उनसे बेहतर संबंध बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें कोरोना से लड़ना है, न कि कोरोना रोगियों के प्रति समाज में भेदभाव उत्पन्न करना है। उन्होंने कहा कि यह एक विषाणुजनित संक्रमण है और इसके प्रति कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने प्रधानों को उनके क्षेत्र में हो रहे विभिन्न विकासात्मक कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत होने वाले कार्यों को शीघ्र शुरू किया जाना चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि श्रमिक सामाजिक दूरी बनाए रखे और फेस मास्क का उपयोग करें। जय राम ठाकुर ने कहा कि सभी पंचायत प्रधानों को भी लोगों को सामाजिक समारोहों व धार्मिक कार्यों से दूर रहने के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे लोगों को अपने कृषि कार्य करने के दौरान भी सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए प्रेरित करें तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि उनके क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति भोजन के बिना न रहे और बाहरी राज्यों से आए मजदूरों का विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन घरों के सदस्य होम कवारंटाइन में रखे गए है उन्हें उचित ढंग से चिन्हित किया जाए और प्रधान उनसे लगातार सम्पर्क में रहे ताकि वे लोग होम कवारंटाइन के दौरान घरों से बाहर न निकलें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि होम कवारंटाइन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पहले उल्लंघन पर उन्हें संस्थागत कवारंटाइन में रखा जाएगा । ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकासात्मक कार्य आरम्भ करने और मनरेगा के अन्तर्गत पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अगुवाई में राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 महामारी से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए उठाए गए कदमों की भी सराहना की।
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने फेसबुक पर संवाद ‘शिक्षा पर चर्चा’ के माध्यम से जानकारी दी है कि हिमाचल के सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली, छठी व नवीं और 11वीं के दाखिले कोरोना वायरस के खतरे के चलते प्रभावित नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग ने इसके लिए नई योजना तैयार कर ली है। कर्फ्यू के बीच ही स्कूल के प्रधानाचार्य, मुख्य अध्यापक व कुछ नॉन टीचिंग स्टाफ को स्कूल बुलाया जाएगा और छात्रों के दाखिले किए जाएंगे। उन्होंने कहा 11 मई को अहम बैठक होने जा रही है। बैठक के बाद विभाग की ओर से इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए जाएंगे। उन्होंने इस दौरान जून के पहले सप्ताह में 10वीं और अंतिम सप्ताह में 12वीं का रिजल्ट घोषित करने की बात भी कही है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम जून महीने के पहले सप्ताह में घोषित कर दिया जाएगा। इसके लिए पेपर चेकिंग का कार्य पूरा होने वाला है। 12वीं कक्षा के भूगोल और कंप्यूटर साइंस का पेपर जल्द करवाया जाएगा। उन्होंने कहा है कि ये सब चीजें हालात सामान्य होने पर निर्भर करता है। उन्होंने बताया कि कॉलेजों और विश्वविद्यालय की परीक्षाएं जुलाई महीने में होंगी। परीक्षाएं होने के तुरंत बाद मूल्यांकन का कार्य शुरू हो जाएगा। जुलाई में ही दाखिले भी शुरू हो जाएंगे। सितंबर महीने से कॉलेज और विवि में नया सत्र शुरू हो जाएगा।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमण्डल की बैठक में प्रदेश में शराब की बिक्री पर अतिरिक्त लाइसेंस फीस (कोविड सैस) लगाने का निर्णय लिया गया। अब देसी शराब की प्रति बोतल पर पांच रुपये शुल्क, आई।एम।एफ।एल। प्रति बोतल पर 10 रुपये, भारत में निर्मित बीयर/आर।टी।डी। प्रति बोतल/कैन पर पांच रुपये, विदेश से आयातित शराब (बी।आई।ओ।) प्रति बोतल पर 25 रुपये, बीयर/आर।टी।डी। (बी।आई।ओ।) प्रति बोतल/कैन पर 10 रुपये, भारतीय वाइन/साइडर की प्रति बोतल पर 10 रुपये और वाइन/साइडर (बी।आई।ओ।) की प्रति बोतल पर 25 रुपये कोविड सैस लगाया जाएगा। मंत्रिमण्डल ने यह भी निर्णय लिया कि उद्योगों (एल-19 ए लाइसेंस) द्वारा स्वच्छता उत्पादों को बनाने के लिए प्रयोग किए जाने वाली सभी प्रकार की स्पिरिट पर उत्पाद शुल्क 10।50 रुपये से बढ़ाकर 15 रुपये प्रति बल्क लीटर किया जाएगा। कोविड-19 आर्थिक पुनरुत्थान (इकाॅनोमिक रिवाइवल) के लिए गठित मंत्रिमण्डल उप समिति ने विकासात्मक कार्यों में तेजी लाने, विभिन्न क्षेत्रों में संसाधनों को जुटाने और विभिन्न क्षेत्रों के सहयोग के लिए अपनी सिफारिशों के बारे में मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुति दी। उप समिति ने यह भी सिफारिश की बाहरी राज्यों से वापिस आये हिमाचलियों से उनके कौशल योग्यता की जानकारी ली जाए और इसे राज्य के श्रम एवं रोजगार और उद्योग विभाग के साथ साझा किया जाए ताकि उनकी योग्यता को उपलब्ध क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जा सके। मंत्रिमण्डल ने आगामी कृषि और बागवानी फसलों की कटाई के दृष्टिगत उपाय भी सुझाए। मंत्रिमण्डल उप समिति ने खनन कार्यों के कारण राजस्व क्षति को कम करने और फोरेस्ट क्लीयरेंस में तेजी लाने की सिफारिश भी की। मंत्रिमण्डल ने कफ्र्यू छूट अवधि को पांच घंटे से बढ़ाकर सात घंटे करने को भी स्वीकृति प्रदान की। शहरी स्थानीय निकाय में प्रत्येक घर में 120 दिन का अकुशल रोजगार गारंटी प्रदान करने के उद्देश्य से शहरी क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा बढ़ाने और मजदूरी का कार्य करने वालों को कौशल श्रम प्रदान कर स्वयं का उद्यम स्थापित कर सब्सिडी से जुड़ी क्रेडिट। एंटरप्रेंयुरशिप प्रशिक्षण के लिए मंत्रिमण्डल ने मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गांरटी योजना को सहमति प्रदान की। इससे शहरी अधोसंरचना को मजबूत करने और शहरी स्थानीय निकायों में गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाओं को प्रदान करने में सहायता मिलेगी। इस महत्वकांक्षी योजना के अन्तर्गत 25।20 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है। प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और रोजगार की संभावनाओं को सृजित करने के लिए मंत्रिमंडल ने जिला सोलन के वाकनाघाट में एडीबी (एशियन डवेल्पमेंट बैंक) कार्यक्रम के अन्तर्गत पर्यटन, आतिथ्य क्षेत्रों सहित सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के लिए विशेष केन्द्र स्थापित करने को स्वीकृति प्रदान की। इससे उत्कृष्टता केंद्र के विद्यार्थियों को अन्तरराष्ट्रीय परिदृश्य में उनके शैक्षणिक अभिलेख एवं कार्य अनुभव को मजबूती मिलेगी और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। मंत्रिमण्डल ने राज्य सरकार के सभी कर्मचारियों और सरकारी उपक्रमों, बोर्ड, विश्वविद्यालय इत्यादि के कर्मचारियों से एच।पी। एस।डी।एम।ए। कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅंस फंड में उदारतापूर्वक अंशदान करने का आग्रह किया।
भारतीय जनता पार्टी ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग को कोरोना से लड़ने के लिए हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है। 25 मार्च से 6 मई तक पहला चरण पूरा करते हुए 400 वीडियो कॉन्फ्रेंस करके 15000 से अधिक कार्यकर्ताओं को समाज सेवा के लिए प्रेरित किया जिसके परिणामस्वरूप 17,70,411 फेस मास्क, 1,00,581 मोदी राशन किट जनता को उपलब्ध करवाई गई। 5 मई से भाजपा संवाद का दूसरा चरण शुरू हुआ। डॉ बिन्दल ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के समस्त वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से संवाद किया और उन्हें हर पोलिंग बूथ पर पन्ना प्रमुखों से सम्पर्क करने का आवाहन किया। इस प्रकार लगभग 1000 वीडियो कॉन्फ्रेंस करके प्रदेश के कोने-कोने में बैठे हुए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की चिंता करने का लक्ष्य निर्धारित किया। भाजपा अध्यक्ष ने भाजपा नेताओं से कहा कि कोरोना से लड़ाई, लम्बी लड़ाई हैं और हमें इसके लिए स्वयं भी तैयार रहना होगा और समाज को भी तैयार करना होगा। डॉ बिन्दल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होनें हिमाचल प्रदेश में आर्थिक व विकासात्मक गतिविधियां को पुनः शुरू किया है। भाजपा अध्यक्ष डॉ राजीव बिन्दल ने सरकार से बलपूर्वक कहा कि नकदी फसलें जिसमें आडू, चैरी, सेब, टमाटर, लहसुन, प्लम, खुरमानी, मटर इनकी गंभीरता से चिंता करें। किसान को उसकी पैदावार का उचित दाम मिले, यह आवश्यक है। भाजपा अध्यक्ष ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के कार्यकर्ताओं की भावना के अनुरूप यह कहा है कि हिमाचल से बाहर रह रहे हिमाचलियो को लाने के लिए जो प्रक्रिया शुरू की है उसे जारी रखा जाए और प्रदेशवासियों से अपील की है कि बाहर से आने वाले भाई-बहनों को नियम की परिधि में रहते हुए सहयोग करें।
रेहड़ी-फड़ी तहबाजारी सम्बंधित सीटू का प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त से मिला व उन्हें ज्ञापन सौंपा। विजेंद्र मेहरा ने नगर निगम शिमला के आयुक्त से मांग की है कि शिमला नगर निगम के दायरे में कार्यरत सभी तहबाजारियों को दुकानदारों की तर्ज़ पर कार्य करने की इजाज़त दी जाए। आयुक्त ने आश्वासन दिया है कि वह इस संदर्भ में उपायुक्त शिमला को प्रस्ताव भेज कर उचित कदम उठाने का आग्रह करेंगे। उन्होंने कहा है कि कोरोना महामारी के चलते सभी समुदायों का रोजगार किसी न किसी रूप में प्रभावित हुआ है। इसमें विशेष तौर पर रेहड़ी फड़ी तहबाजारी के रोजगार में लगे लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। ये लोग रोज़ कमाकर परिवार को पालन-पोषण करने वाले लोग हैं। प्रदेश सरकार व प्रशासन ने दुकानों को वैकल्पिक दिनों में खोलने की इजाज़त दी है जोकि स्वागत योग्य कदम है। परन्तु सबसे गरीब लोग रेहड़ी फड़ी तहबाजारी का कार्य करते हैं व उन्हें अपना कार्य करने की इजाज़त नहीं दी गई है। ये लोग लोग सबसे गरीब शहरी लोग हैं। बाबू राम ने कहा है कि भारत सरकार ने माननीय उच्चतम न्यायालय के दिशानिर्देशों पर मार्च 2014 में स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट बनाया था। इस कानून के तहत रेहड़ी फड़ी तहबाजारी का कार्य करने वाले लोगों को संविधान के अनुच्छेद 21 के जीने के अधिकार व अनुच्छेद 14 के समानता के अधिकार के तहत जीविका अर्जित करने का अधिकार दिया गया है। कोरोना के कारण पिछले डेढ़ महीनों में इस कार्य में लगे लोगों का रोजगार पूरी तरह खत्म हो गया है व परिवार के लिए भोजन की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो गया है इसलिए रेहड़ी फड़ी तहबाजारी को भी कारोबारियों की तर्ज़ पर कार्य करने की इजाज़त दी जाए। अगर प्रशासन यह व्यवस्था नहीं करता है तो फिर नगर निगम शिमला के पास जिन भी लोगों ने स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के अनुसार पंजीकृत होने के लिए सर्टिफिकेट ऑफ वैंडिंग व आई कार्ड देने के लिए आवेदन किया है उन्हें राज्य सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन के अनुसार 8250 रुपये की प्रति महीना आर्थिक मदद अप्रैल और मई महीनों के लिए जारी की जाए।
राजस्व विभाग के आपदा प्रबन्धन सेल ने प्रदेश और सभी जिला मुख्यालयों पर आपातकालीन संचालन केंद्र स्थापित किए हैं जो रात-दिन कार्य कर रहे हैं ताकि लोगों को आपदा की स्थिति में सूचना और समन्वय की सुविधा दी जा सके। प्रदेश आपातकालीन केंद्र का 1070 और जिले के आपातकालीन केंद्रों का टोल फ्री नंबर 1077 है। आपातकालीन संचालन केंद्र राष्ट्रीय संचार तंत्र का भाग है। यह केंद्र संचार नेटवर्क विफल होने की स्थिति में संचार के अन्य साधन उपलब्ध करवाता है, ताकि फील्ड और केंद्र सरकार की सरकारी संस्थांए नुकसान और क्षति का जायजा लेने में सक्षम रहें और उचित कार्यवाही कर सके। इन आपातकालीन संचालन केंद्रों में आई-सेट, वी-सेट, एनआईसी नेटवर्क, वीएचएफ सेट्स इत्यादि सूचना तंत्र है। भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण ने प्रदेश के आपातकालीन संचालन केंद्रों को सुदृढ़ करने के लिए 20 लाख रुपये की धनराशि जारी की है। प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी आपातकालीन संचालन केंद्रों के मोबाईल फोन नेटवर्क को हिमाचल प्रदेश आपातकालीन संचालन केंद्र मैनुअल- 2011 के प्रावधान के अनुसार और अधिक सुदृढ़ करने का फैसला लिया है। ये फोन अस्थाई रूप से राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किए गए नोडल अधिकारियों को देश के विभिन्न भागों में फंसे हिमाचली और अन्य फंसे हुए लोगों के आवागमन की सुविधा के लिए अन्य राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए प्रदान किए गए हैं। राज्य सरकार ने जब इन नोडल अधिकारियों को नियुक्त किया था उस समय उनके व्यक्तिगत मोबाइल फोन काॅल्स, व्हाट्सऐप और एस.एम.एस. से भर गए और उनके लिए इन सभी को संभालना मानवीय रूप से मुश्किल हो रहा था। इस स्थिति में नोडल अधिकारियों को तत्काल काॅल प्राप्त करना और सेवाएं प्रदान करना मुश्किल हो रहा था, अब संचार की इस अतिरिक्त सुविधा के साथ इन अधिकारियों ने अपना कार्य और विभिन्न राज्य सरकारों के साथ सम्पर्क स्थापित करना शुरू कर दिया है। उन्होंने अपने समकक्षों के साथ अन्य राज्यों में फंसे हुए हिमाचलियों और प्रदेश में अन्य राज्यों के निवासियों की सूची सांझा की है। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया है कि वह अब तक पंजीकृत हिमाचलियों को जल्द प्रदेश वापस की सुविधा प्रदान करें। अब तक http//covid19epass.hp.gov.in पोर्टल में 80 हजार से अधिक लोगों ने अपना पंजीकरण कर दिया है और यह संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। राज्य नोडल अधिकारी एवं प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा को मोबाइल नंबर 9459461355, संयुक्त नोडल अधिकारी एवं निदेशक पर्यटन यूनुस को 9459485243 पर संपर्क किया जा सकता है। सचिव सूचना एवं जन सम्पर्क रजनीश को हरियाणा नई दिल्ली व एनसीआर का नोडल अधिकारी बनाया गया है, जिन्हें मोबाइल नंबर 9459461361 पर संपर्क किया जा सकता है। तमिलनाडू, आंध्र प्रदेश व तेलंगाना के नोडल अधिकारी एवं सचिव वित्त अक्षय सूद को 9459472832, मंडलायुक्त शिमला और जम्मू-कश्मीर, लद्दाख व उत्तराखंड के नोडल अधिकारी राजीव शर्मा को 9459455714, झारखण्ड व उड़ीसा के लिए श्रम आयुक्त एसएस गुलेरिया को 94594-55279, राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर को उत्तर प्रदेश के लिए 94594-55841, पर संपर्क किया जा सकता है। विशेष सचिव देवदत्त शर्मा को बिहार के लिए 94594-57046, निदेशक हिप्पा चंद्र प्रकाश वर्मा को सहायक राज्य नोडल अधिकारी बनाया गया है, जिन्हें 94594-57107, महाराष्ट्र, गोवा प पुडुचेरी के लिए निदेशक ऊर्जा मानसी सहाय ठाकुर को 94594-73112, केरल, लक्षद्वीप व कर्नाटक के लिए निदेशक वित्त सुदेश मोख्टा को 94594-57061 और पंजाब, चंडीगढ़ एवं मोहाली के लिए निदेशक ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज ललित जैन को 94594-85157, राजस्थान, गुजरात, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं द्वीव के लिए विशेष सचिव ऊर्जा हेमराज बैरवा को 94594-57292, असम, मिंजोरम, अरूणांचल प्रदेश, मणिपुर, नागालैंड, त्रिपुरा व मेघालय के लिए निदेशक कार्मिक मनमोहन शर्मा को 94594-57476, अंडमान एवं निकोबार और सिक्किम के लिए निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा रोहित जम्वाल को 94594-57587 और मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं तेलंगाना के लिए विशेष सचिव वन एवं उद्योग नीरज कुमार को 94594-57659 पर सम्पर्क किया जा सकता है। प्रदेश से बाहर जाने वाले और बाहरी राज्यों से प्रदेश में आने वाले लोगों से आग्रह किया गया है कि वे ऑनलाइन प्लेटफाॅर्म http//covid19epass.hp.gov.in पर खुद को पंजीकृत करें और नोडल अधिकारियों द्वारा किए जाने वाले प्रबन्धों की प्रतीक्षा करें। ये लोग किसी भी सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 0177-2626076, 2626077, 2622204, 2629688, 2629439, 2628940, 2629939 और 2659791 तथा टोल फ्री नंबर 1800 180 2185 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार से अनुरोध किया है कि ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना’ के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश को इस शर्त में छूट दी जाए कि इस योजना का लाभ केवल उन्हीं उपक्रमों को मिलेगा, जिनमें 90 प्रतिशत अथवा इससे अधिक कर्मचारी 15 हजार रुपए प्रतिमाह की दर से वेतन प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रावधान करने से प्रदेश के अधिकांश लोग लाभान्वित होंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री को लिखे एक पत्र में जय राम ठाकुर ने कहा है कि समाज के कमजोर वर्गों को लाभान्वित करने के लिए केंद्र सरकार ने यह योजना मार्च, 2020 में आरम्भ की थी। इस योजना में प्रावधान किया गया है कि संगठित क्षेत्र में कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों की सहायता की जाए। इसके लिए केंद्र सरकार कर्मचारी भविष्य निधि में तीन महीने के लिए सीधे उनके खाते में जमा करेगी। योजना का लाभ वे कर्मचारी उठा पाएंगे, जहां 100 कर्मचारियों तक की संख्या वाले उपक्रमों में प्रतिमाह 15 हजार रुपये से कम वेतन प्राप्त करने वाले कर्मचारियों की संख्या 90 प्रतिशत या इससे अधिक हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई औद्योगिक चैम्बरों और संगठनों ने मामला उठाया था कि राज्य की कई औद्योगिक इकाइयों में ऐसे 90 प्रतिशत कर्मचारी नहीं है, जो 15 हजार रुपये प्रतिमाह से कम वेतन ले रहे हैं। इसलिए अन्य कम वेतन पाने वाले इन इकाइयों के कर्मचारी इस योजना का लाभ उठाने से वंचित रह सकते हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि इस स्थिति से कर्मचारियों और प्रबन्धन के बीच भ्रम और अविश्वास की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, क्योंकि आम धारणा यह है कि सरकार उन सभी कर्मचारियों के लिए ईपीएफ का अंशदान करती है, जो 15 हजार रुपये प्रतिमाह की दर से वेतन प्राप्त कर रहे हैं।
नगर निगम शिमला की मेयर सत्या कौंडल और उनका पूरा परिवार होम क्वारंटीन हो गया है। सत्या कौंडल के बहु बेटा 28 अप्रैल को दिल्ली से लौटे थे। स्वास्थ्य विभाग को उनकी ये सूची 4 मई को मिली है जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें उनके परिवार सहित होम क्वारंटाइन कर दिया है। सत्या कौंडल व उनके परिवार होम क्वारंटाइन होने की स्थिति में सत्या कौंडल के परिवार का कोई सदस्य बाहर नही निकल सकेगा। ऐसे में प्रशासन द्वारा रोजमर्रा के जरूरी सामान को उनके घर पर ही पहुंचाया जाएगा।
कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत हिमाचल प्रदेश सरकार गैर सरकारी संगठनों के समन्वय से राज्य में 24 खाद्य शिविरों में लगभग तेरह हजार प्रवासियों को भोजन उपलब्ध करवा रही है। राज्य सरकार के अधिकारी इन शिविरों में स्थिति पर निगरानी रख रहे हैं। जिला बिलासपुर में 689 लोग, चंबा में 2,688, कांगड़ा में 238, किन्नौर में दो, कुल्लू में 678, मंडी में 245, शिमला में 1,379 और सिरमौर जिले में 6,834 लोगों ने इन भोजन शिविरों में भोजन प्रदान किया गया है। इसके अलावा, 19 राहत शिविरों और आश्रय स्थलों में पांच सौ से अधिक व्यक्तियों को आश्रय प्रदान किया गया है। स्कूलों और मंदिरों में स्थापित ये राहत शिविर और भोजन शिविर काॅविड-19 के कारण लाॅकडाउन में फंसे हुए प्रवासी लोगों को भोजन की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं। इनमें से कांगड़ा जिला में संचालित तीन राहत शिविर और आश्रय में 89 व्यक्ति, कुल्लू के एक शिविर में आठ व्यक्ति, मंडी के एक शिविर में 18 व्यक्ति, शिमला के दो शिविरों में 94 व्यक्ति, सिरमौर के पांच शिविरों में 69 व्यक्ति और सोलन के सात शिविरों में 234 व्यक्तियों को आवास की सुविधा दी जा रही है। लाॅकडाउन के परिणामस्वरूप उत्पन्न हुई परिस्थितियों के बारे में कई प्रवासी मजदूरों ने बताया कि उनके पास मूलभूत घरेलू खर्चों को वहन करने के लिए भी पैसे नहीं थे और उस समय, राज्य सरकार ने इन असमर्थ लोगों का खर्च वहन करने की पहल की। राज्य सरकार द्वारा की गई अपील के परिणामस्वरूप, कार्यस्थल पर ही छः हजार से अधिक व्यक्तियों को उनके नियोक्ताओं द्वारा आश्रय और भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रवासी मजदूरों को भोजन और आश्रय के अलावा, राज्य के जरूरतमंद लोगों को भी लगभग दस लाख राशन और भोजन के पैकेट प्रदान किए गए हैं। जिला किन्नौर में नेपाली मूल के मजदूर दिल बहादुर व राजन ने बताया राज्य सरकार ने उन्हें संकट के समय में राहत प्रदान करते हुए आवश्यक सुविधाएं दी। इसी प्रकार किन्नौर में कार्य करने वाले उत्तर प्रदेश के मुन्ना व अमर चन्द ने भी राज्य सरकार की प्रशंसा करते हुए बताया कि उन्हें भी सरकार ने हर संभव राहत प्रदान की है। राष्ट्रीय लाॅकडाउन ने उन प्रवासी मजदूरों के लिए कठिनाई पैदा कर दी थी, जिन्हें कोविड-19 के कारण पैदा हुई परिस्थितियों में काम से हाथ धोना पड़ा, जिससे उनको भोजन तक की परेशानी हो चुकी थी। राज्य सरकार लाॅकडाउन की अवधि के दौरान इन प्रवासी कृषि मजदूरों, औद्योगिक श्रमिकों और अन्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भोजन और आश्रय सहित पर्याप्त सहायता प्रदान करना सुनिश्चित कर रही है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने मण्डी जिला के सिराज विधान सभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत प्रधानों से वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से बातचीत करते हुए कहा कि वे यह सुनिश्चित बनाए कि उनके क्षेत्रों में देश के विभिन्न हिस्सों से वापस आने वाले लोग होम क्वारंटाइन और सोशल डिस्टेंसिंग के मापदंडों की पूर्ण रूप से अनुपालना करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत प्रधानों को बाहर से आने वाले लोगों के परिजनों को भी अपने परिवार में सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए प्रेरित करना चाहिए। बाहर से आने वाले लोगों को अलग शौचालय का प्रयोग करने के लिए कहा जाए और अगर ऐसी सुविधा उपलब्ध न हो तो शौचालय को समुचित तरीके से सेनेटाईज किया जाए। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को भी लोगों को जागरूक बनाना चाहिए कि वे किसी भी प्रकार के धार्मिक एवं सामाजिक समारोह में शामिल न हो, क्योंकि इससे कोरोना वायरस फैलने का खतरा बढ़ जाता है। जय राम ठाकुर ने कहा कि पंचायती राज संस्थानों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को यह भी सुनिश्चित बनाना चाहिए कि उनके गांव में जो भी व्यक्ति बाहर से आया है, वह घर में क्वारन्टीन की समय अवधि पूरा करे। इसके अतिरिक्त लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए किए गए उपायों के बारे में भी जागरूक किया जाना चाहिए और उन्हें चेहरा ढकने अथवा मास्क का प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रधान यह भी सुनिश्चित करें कि यह लड़ाई कोविड-19 महामारी के विरूद्ध है, न कि उन लोगों के जो इस बीमारी से ग्रसित हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग को सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के साथ-साथ कार्य शुरू करने की मंजूरी प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत सभी कार्यों को सुविधाजनक और तीव्रता से पूरा किया जाए, लेकिन साथ ही सुरक्षित सामाजिक दूरी को भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय बाजारों और सार्वजनिक स्थानों को सेनेटाईज करने के लिए पर्याप्त प्रयास किए जाएं और दुकानदारों को उनकी दुकानों में मास्क का उपयोग और सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए कहा जाना चाहिए। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के लिए परिवहन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है। इस अवसर पर विभिन्न पंचायतों के प्रधानों ने भी अपने विचार रखे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रदेश सरकार के विभिन्न उच्च अधिकारियों के साथ राज्य में कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत उत्पन्न स्थिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह देश के विभिन्न भागों से प्रदेश में लौटे लोगों द्वारा क्वारंटाइन नियमों का सख्ती से पालन करना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के अन्य भागों से प्रदेश में लौट रहे सभी लोगों की जांच की जाएगी और इसके पश्चात यह निर्णय लिया जाएगा कि उस व्यक्ति को होम क्वारंटाइन या संस्थागत क्वारंटाइन में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों से हिमाचल प्रदेश लौट रहे सभी लोगों का पूरा विवरण रखा जाएगा और रेड जोन से आने वाले लोगों को क्वारंटाइन केंद्रों में रहना आवश्यक होगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य में फंसे अन्य प्रदेशों के लोग विशेषकर विद्यार्थियों और श्रमिकों को उनके राज्य वापस जाने के लिए सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार अन्य राज्यों में फंसे लोगों को हिमाचल प्रदेश वापस लाने के लिए पर्याप्त प्रबंध किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहले से ही प्रदेश के बाहर प्रवासी श्रमिकों, तीर्थ यात्रियों, पर्यटकों, विद्यार्थियों और अन्य लोगों के आवागमन को समन्वित करने के लिए नोडल अथाॅरिटी की सहायता के लिए पर्याप्त संख्या में सहायक अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में संस्थागत केंद्रों को चिन्हित किया जाना चाहिए और इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि जहां तक संभव हो यह आवासी और व्यस्त क्षेत्रों से दूर एकांत स्थान पर हों। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग जो होम क्वारंटाइन का नियम तोड़ते हैं, उन्हें तुरंत संस्थागत क्वारन्टीन में स्थानांतरित कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि देश के अन्य भागों से प्रदेश में वापस लौटने वाले लोगों के लिए नियमानुसार पास जारी किए जाने चाहिए, ताकि राज्य के प्रवेश द्वारों पर अनावश्यक भीड़ से बचा जा सके। मुख्य सचिव अनिल खाची, पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरडी, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर.डी. धीमान, प्रधान सचिव ओंकार शर्मा और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू, सचिव सूचना एवं जन सम्पर्क रजनीश भी बैठक में उपस्थित थे।
आईजीएमसी में वीरवार एक महिला ने दम तोड़ दिया है। जानकारी के अनुसार महिला को अस्थमा भी था। महिला को सांस लेने में दिक्कत आ रही थी जिसके चलते उसे वीरवार सुबह अस्पताल लाया गया था। वह बुधवार को ही परिवार सहित एक टैक्सी में सवार होकर पंजाब के पटियाला से वापस शिमला लौटी थी। उसके बाद से वह शिमला के नाभा स्थित अपने घर पर होम क्वारंटाइन में थी। हालांकि ये नहीं कहा जा सकता है कि वह कोरोना संक्रमित थी। उसकी टेस्ट रिपोर्ट आने पर ही इस बात का खुलासा हो पाएगा। घटना की पुष्टि एएसपी प्रमोद शुक्ला ने की है।
करोना के कहर के बीच हिमाचल प्रदेश के लिए एक और दुखद खबर आई है। मंडी के सरकाघाट के 21 वर्षीय युवक की करोना से आईजीएमसी शिमला में मौत हो गई थी। इसके बाद साथ मे आयी इसकी माँ के कोरोना सेम्पल लिए गए थे। जिसकी रिपोर्ट देर रात्रि को आई है जो कि पॉजिटिव है। इसके साथ ही अब आईजीएमसी शिमला में एक क्रोना पॉजिटिव मामला उपचाराधीन है। बताया जा रहा है कि जब यह युवक इलाज के लिए दिल्ली गया था तो इसकी मां भी इसके साथ थी। इस प्रकार जो प्रदेश कोरोना मुक्ति की दहलीज पर खड़ा था वो एक बार फिर कोरोना के चंगुल में फंसता नजर आ रहा है। प्रदेश में कोरोना के 6 एक्टिव मामले हो गए हैं जबकि कोरोना संक्रमितों कुल संख्या 46 हो गई है।


















































