मरम्मत व जरुरी रख-रखाव के चलते राजगढ़, खेरी, माछेर, बडूसाहिब, हाब्बन, दीदग, मरयोग, चाड़ना ,नोहराधार, बोगधार, पनोग, हरिपुरधार, रोनहाट, कुपवी आदि स्थानों पर 31 अक्तूबर को सुबह 09 बजे से सांय 06 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी सहायक अभियन्ता विद्युत उपमंडल राजगढ़ आदर्श वर्मा ने दी। उन्होंनेे बताया कि यह मरम्मत कार्य मौसम की स्थिति पर निर्भर रहेगा। उन्होंने इस अवधि के दौरान लोगों से सहयोग की अपील की है।
एसडीएम राजगढ़ राज कुमार ठाकुर ने नगर पंचायत राजगढ़ के नव निर्वाचित अध्यक्ष ज्योति साहनी व उपाध्यक्ष कपिल ठाकुर को आज नगर पंचायत हॉल राजगढ़ में प्रदेश कांग्रेस सचिव दयाल प्यारी की उपस्थिति में पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। प्रदेश कांग्रेस सचिव दयाल प्यारी ने नव निर्वाचित अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को बधाई दी। नव निर्वाचित अध्यक्ष ज्योति साहनी व उपाध्यक्ष कपिल ठाकुर ने अध्यक्ष व उपाध्यक्ष निर्वाचित करने के लिए नगर पंचायत राजगढ़ के पार्षदगणों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर नगर पंचायत राजगढ़ के पार्षद सुमन चौहान व रंजीत सहित सचिव नगर पंचायत राजगढ़ अभिनव शर्मा व अन्य वरिष्ठ जन उपस्थित थे।
सिरमौर जिला की बाल विकास परियोजना संगडाह की विभिन्न पंचायतों में 8 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व 18 सहायिकाओं के पदों के लिए गुरुवार को हुए साक्षात्कार के परिणाम विभाग ने देर सांय जारी कर दिए है। SDM संगड़ाह सुनील कायथ की अध्यक्षता में कमेटी द्वारा मिनी सचिवालय परिसर में हुए उक्त साक्षात्कार देर सायं संपन्न होते ही परिणाम की सुची जारी की गई। बाल विकास परियोजना अधिकारी संगड़ाह ईशाक मोहम्मद ने बताया कि आंगनबाडी केन्द्र लाना पालर में ज्योति शर्मा, कोयड़ा में ममता चोरास, राणफुआ में रंजना, मानल प्रोमिला जबड़ोग, प्रियंका बड़ोल में इंदरा व भंगाडी में प्रियंका आंगनबाडी कार्यकर्ता के व हलाईयों में सीमा भुएरी में मोनिका,उंचा-टिक्कर में न्यालय में लम्बित है। पुन्नरधार में आशा ,कुफटु में सरिता,चौकण में तनुजा,भावण में रीना, कांडो में इन्दु बाला,सांगना में मनीष ,उलाना में उज्जवल ,शिवपुर में मुस्कान ,धार-टारण में कलावती ,रजाना में सरोज ,निहोग में ज्योति कुमारी काकोग, बडग पूजा देवी,राणफुआ में रविना और टिकरी में शुभांगनी चयनित हुई है
अब हाटी विकास मंच ने की जनजातीय मंत्री जगत सिंह नेगी से मुलाकात संशोधित अनुसूचित जनजाति कानून को लागू न करने पर जताया रोष 3 महीने बीतने को आए हैं, लेकिन हिमाचल में हाटी समुदाय से जुड़े संशोधित अनुसूचित जनजाति कानून का राज्य सरकार क्रियान्वयन नहीं कर रही है। अब हाटी समुदाय के लोगों के सब्र का बांध टूट रहा है। उनमें भारी रोष पनप रहा है। इसी संबंध में हाटियों के हितों की हर फ्रंट से आवाज उठाने वाले संगठन हाटी विकास मंच ने प्रदीप सिंगटा और डॉक्टर रमेश सिंगटा की अगुवाई में शिमला में जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मंत्री को पूरे मामले के सभी पहलुओं से अवगत करवाया। मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि जैसे ही केंद्र सरकार से मांगी गई सूचना की फाइल राज्य में पहुंचेगी संशोधित एसटी कानून को लागू कर दिया जाएगा। फाइल शिमला पहुंचते ही इसकी अधिसूचना जारी की जाएगी। हाटी विकास मंच ने स्पष्ट तौर पर कहा कि मुद्दे को अटकाने, लटकाने और भटकाने से काम नहीं चलेगा। अगर बेवजह और देरी की तो लोग विरोध स्वरूप सड़कों पर उतरेंगे। उस हालात के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार होगी। मंत्री ने कहा कि अगर जल्द जनजातीय मामलों के मंत्रालय से स्पष्टीकरण नहीं आया तो वह रिमाइंडर भेजेंगे। उन्होंने कहा कि कुछ बिंदुओं पर केंद्रीय मंत्रालय से सूचना मांगी गई है। उन्होंने माना कि सूचना आने में देरी हुई है। मंच ने मंत्री को ज्ञापन भी सौंपा। इसमें कहा गया है कि कानून बनते ही उन्होंने सबसे पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की थी। इसके बाद मुख्य सचिव, प्रधान सचिव जनजातीय विकास, सहित कई अधिकारियों से इस मुद्दे को उठाया था। इसी मुद्दे पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान से भी मुलाकात की गई थी। प्रतिनिधि मंडल में प्रदीप सिंगटा, डॉक्टर रमेश सिंगटा, मदन तोमर, सुरेश सिंगटा, खजान ठाकुर, हाटी मुकेश ठाकुर, लाल सिंह शंकवान, कर्म सिंह ठाकुर, प्रदीप चौहान अंजवाल, नितेश पंवार, शोभित सिंगटा, अनिल ठाकुर, अमन आदि शामिल रहे। मुलाकात का दौर खत्म अब आंदोलन की तैयारी हाटी विकास मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार से मुलाकातों का दौर अब समाप्त हो गया है। इसके बाद आंदोलन की तैयारी की जाएगी। मंच ने राज्य सरकार से फिर आग्रह किया है कि केंद्रीय कानून को बेवजह न लटकाए अन्यथा इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। विनम्रता को ना समझी जाए कमजोरी मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि हाटी समुदाय के लोगों की विनम्रता को कमजोरी न समझा जाए। उन्होंने कहा कि कानून लागू न होने से छात्रों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है। एसटी सर्टिफिकेट न मिलने से छात्रों में रोष बढ़ता जा रहा है।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रथम जनवरी, 2024 की अर्हता तिथि के आधार पर 18 वर्ष या इससे अधिक की आयु पूर्ण कर रहे पात्र नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कर सकते हैं। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2024 के अंतर्गत 55-पच्छाद (अ.जा.) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रों पर इस कार्य के लिए नियुक्त सभी अधिकारी 27 अक्टूबर से 09 दिसंबर, 2023 तक अपने-अपने मतदान केन्द्र पर उपस्थित रहेंगे और मतदाताओं से फॉर्म 6, 6ए, 6बी, 7 व 8 में दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। इस अवधि के दौरान नये मतदाता बनाने, नाम का शुद्धिकरण, वोट कटवाने आदि प्रक्रियाएं की जाएंगी। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं एसडीएम सराहां संजीव कुमार धीमान ने इस कार्य के लिए नियुक्त पर्यवेक्षकों, अभिहित अधिकारियों व बूथ लेवल अधिकारियों के लिए बुधवार को अम्बेडकर भवन राजगढ़ में आयोजित मतदाता सूची का सक्षिप्त पुनरीक्षण-2024 पूर्वाभ्यास कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पर्यवेक्षक, बूथ स्तर के अधिकारियों और डेजिग्नेटिड अधिकारियों द्वारा क्षेत्र में किए गए सभी कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता पर निरंतर निगरानी रखेंगे और उन्हें प्रपत्र-6, 6ए, 6 बी, 7 व 8 की प्रति और साप्ताहिक सूचना निर्वाचन कार्यालय को प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने बताया कि फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का प्रारूप प्रकाशन 27 अक्तूबर को कर दिया जाएगा। उन्होंने सभी लोगों की जानकारी के लिए ग्राम पंचायतों में आयोजित होने वाले ग्राम सभाओं में भी इन सूचियों को प्रदर्शित करने को कहा सभी लोग इन सूचियों का निरीक्षण कर सके। उन्होंने बताया कि फोटोयुक्त मतदाता सूचियां प्रत्येक मतदान केंद्र, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण एवं एसडीएम राजगढ़, तहसीलदार राजगढ़ व पच्छाद स्थित सराहां और नायब तहसीलदार पझौता स्थित नोहरी व नारग के कार्यालयों में आम लोगों के नि:शुल्क निरीक्षण के लिए 27 अक्तूबर से 09 दिसम्बर, 2023 तक उपलब्ध रहेगी। इसके अतिरिक्त 04 व 05 नवंबर तथा 18 व 19 नवम्बर को सभी मतदान केंद्रों में नए मतदाता बनाने, नाम व पते में दुरूस्ती व संशोधन करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक जनवरी 2024 को या उससे पूर्व 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर रहे नागरिक 27 अक्तूबर से नौ दिसंबर तक अपने पोलिंग बूथ पर अधिकारियों के पास अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि 26 दिसंबर तक दावे व आक्षेपों का निपटारा कर दिया जाएगा जबकि 5 जनवरी, 2024 को फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन कर दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि पूर्व में पच्छाद विधान सभा क्षेत्र में 113 मतदान केंद्र थे और युक्तिकरण के उपरान्त 11 नए मतदान केंद्र स्थापित होने से अब वर्तमान में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 124 हो गई है। इस मौके पर निर्वाचन कानूनगो मनोज चौहान ने इस प्रक्रिया के दौरान प्रयुक्त होने वाले विभिन्न प्रपत्रों को भरने संबंधी बारीकियों के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की। पूर्वाभयास कार्यक्रम में पर्यवेक्षकों सहित अभिहित अधिकारियों व बूथ लेवल अधिकारियों ने भाग लिया।
बबलू किसान की चार और सुरेंद्र सिंह की दो बकरियों को बनाया शिकार उपमंडल संगड़ाह के अंतर्गत आने वाले गांव अंधेरी में तेंदुए ने आधा दर्जन बकरियों को अपना निवाला बनाया। स्थानीय पंचायत प्रधान विक्रम सिंह विक्की ने बताया कि बबलू नामक किसान के बाड़े की छत तोड़कर जहां चार बकरियों और सुरेंद्र सिंह की दो बकरियों को अपना शिकार बनाया है। गत रात्रि हुई इस घटना का पता आज सुबह चला। ग्रामीणों ने बताया कि फॉरेस्ट गार्ड सत्य प्रकाश शर्मा द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया जा चुका है। पंचायत प्रधान विक्रम सिंह ने विभाग से जल्द प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा राशि जारी करने की मांग की। ग्रामीणों ने वन विभाग से पिंजरा लगातार इलाके में दर्जनों पशुओं को अपना निवाला बना चुके तेंदुए को पकड़ने की भी मांग की।
हिमाचल प्रदेश के लोगों की सुविधा को देखते हुए राज्य सरकार ने सफेदा, पॉपलर, बांस की लकड़ी के साथ-साथ कुठ (औषधीय पौधे) को प्रदेश से बाहर ले जाने पर लगी रोक को हटा दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस संबंध में जानकारी प्रदान करते हुए आज यहां कहा कि अब राज्य के लोग इन चार प्रजाति की लकड़ी को बिना परमिट के प्रदेश से बाहर ले जा सकते हैं। साथ ही इन प्रजाति की लकड़ी की ढुलाई राज्य के भीतर भी बिना अनुमति के हो पाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में बहुत से किसान इन प्रजाति के पेड़ों को व्यवसायिक स्तर पर उगाते हैं, ऐसे में उनके हितों को देखते हुए राज्य सरकार ने इन चार प्रजातियों पर लगे प्रतिबंध को हटाने का निर्णय लिया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इसके अतिरिक्त प्रदेश सरकार ने खैर की लकड़ी, कत्था, देवदार के तेल सहित प्रदेश में उगने वाली अन्य जड़ी-बूटियों को प्रदेश से बाहर ले जाने पर लगे प्रतिबंध को भी हटा दिया है। हालांकि इन वन उत्पादों को प्रदेश से बाहर ले जाने के लिए वन विभाग से परमिट लेना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वन विभाग से विभिन्न प्रकार के ई-परमिट प्राप्त करने के लिए हिमाचल प्रदेश में नेशनल ट्रान्ज़िट पास सिस्टम शुरू करने जा रही है। यह सिस्टम शुरू करने वाला हिमाचल प्रदेश देश का छठा राज्य होगा, जिसके शुरू होने से जहां लोगों को ई-परमिट प्राप्त करने में सुविधा होगी, वहीं विभाग के कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता आएगी।
-संगड़ाह में आधार सेवा केंद्र 2 साल से बंद होने से क्षेत्रवासी परेशान सिरमौर जिला आयुक्त सुमित खिमटा ने लोगों से अपने आधार कार्ड अपडेट करवाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जो लोग 10 साल पहले आधार कार्ड बनवा चुके हैं, उनके लिए इसे अपडेट करवाना जरूरी हैं, ताकि आधार सत्यापन में कोई असुविधा न हो। डीसी ने शनिवार को नाहन में जिला स्तरीय आधार निगरानी समिति की तिमाही बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। सुमित खिमटा ने कहा कि आधार अपडेट करवाने की सुविधा आधार केंद्रों पर प्राप्त की जा सकती है या स्वयं भी दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड में मोबाइल नंबर व ई-मेल को अपडेट करवाना अति आवश्यक है। उपायुक्त ने बैंक, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य के साथ अन्य विभागों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आधार सेवाओं को सुचारु रूप से चलाना सुनिश्चित बनाएं, ताकि आधार कार्ड की अपडेशन और नए आधार कार्ड बनवाने में किसी को भी कोई असुविधा न हो। उन्होंने जिला के सभी निवासियों से अपने 0-5 वर्ष तक के बच्चों का नामांकन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बच्चे की आयु 5 और 15 वर्ष होने पर अनिवार्य रूप से बायोमैट्रिक अपडेट करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि आधार धारक द्वारा ऐसी आयु प्राप्त करने के 2 वर्ष के भीतर बायोमैट्रिक अपडेट नहीं किया जाता है तो आधार निष्क्रिय हो जाता है। उन्होंने कहा कि, अनिवार्य बायोमैट्रिक्स अपडेशन निशुल्क उपलब्ध है। सुमित खिमटा ने कहा कि, जन्म के साथ ही बच्चे का आधार पंजीकरण अनिवार्य है और सभी सरकारी और गैर सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को अनिवार्य रूप से जन्म के साथ बच्चे का आधार के लिए पंजीकरण करवाना जरूरी है। डीसी ने एलडीएम को निर्देश दिए कि जिन बैंकों में आधार केंद्र स्थापित हैं, वे सभी बैंक वाण्ज्यिक कार्यों के साथ आधार कार्ड केंद्रों का सही प्रकार से संचालन सुनिश्चित बनायें और संदर्भ में सभी बैंकों को निर्देश जारी किये जायें। सुमित खिमटा ने कहा कि स्कूलों में छात्रों के आधार कार्ड अपडेट करने का कार्य शीघ्र आरंभ किया जायेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग को आधार किट मिलते ही स्कूल स्तर पर आधार कार्ड अपडेशन का कार्य संचालित करना आरंभ कर दिया जायेगा। उपायुक्त ने भारतीय विशिष्ठ पहचान प्राधिकरण अधिकारियों को ग्रामीण स्तर पर आधार अपडेशन कैंप लगाने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी व्यक्ति आधार अपडेशन से वंचित न रहे। उन्होंने पंचायत स्तर पर जागरूकता शिविरों के आयोजन के लिए भी कहा। उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों को आधार अपडेशन में अपनी भागीदारी निभाते हुए स्थानीय लोगों को जारूगक करने के लिए कहा। डीसी ने कहा कि उप मंडल मुख्यालय संगड़ाह सहित जिला के विभिन्न इलाकों में न तो आधार सेवा केंद्र हंै और न ही बैंक, पोस्ट ऑफिस, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा स्कूलों आदि में आधार कार्ड बनाने या अपडेट करने की सुविधा है। मिनी सचिवालय संगड़ाह में करीब 2 साल से आधार सेवा केंद्र बंद होने के चलते क्षेत्रवासियों को 60 किमी दूर जिला मुख्यालय नाहन के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
उप मंडल मुख्यालय संगड़ाह मिनी सचिवालय में करीब 2 साल से आधार सेंटर बंद होने से क्षेत्रवासियों को 60 किमी दूर जिला मुख्यालय नाहन के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। हालांकि गत माह पंचायत घर संगड़ाह में आधार शिविर लगाया गया था, मगर भारी भीड़ व दिन में केवल 30 कार्ड अपडेट होने के चलते एक तिहाई लोगों का भी नंबर नहीं लगा और लोगों को बेरंग लौटना पड़ा। वहीं, डीपो धारक संघ की संगड़ाह खंड इकाई के प्रधान अमन भारद्वाज ने कहा कि इलाके में अधिकतर लोगों के आधार अपडेट न होने के चलते राशन कार्ड की ईकेवाईसी करवाने में भी दिक्कत आ रही है। शनिवार को उप मंडल मुख्यालय संगड़ाह में कहीं भी आधार सेवा केंद्र न होने को लेकर उपायुक्त जिला सिरमौर से बात की गई तो उन्होंने इस बारे 1 एचएसए अधिकारी से संपर्क करने को कहा, जिनकी प्रतिक्रिया अब तक आना बाकी है।
-पंचायती राज मंत्री बोले, प्रदेश की स्थिति सुधरने पर पूरी करेंगे मांगें -टर्मिनेशन लेटर भी लिए जाएंगे वापस जिला परिषद कैडर अधिकारी व कर्मचारियों की २२ दिनों से चली आ रही हड़ताल आज समाप्त हो गई। सोमवार से सभी कर्मचारियों व अधिकारियों ने कार्य पर लौटने का फैसला लिया है। शनिवार को जिला परिषद कर्मचारी महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह से मिला और लगभग एक घंटे तक चली बैठक के बाद सरकार की ओर से मिले आश्वासन पर हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया गया। पंचायती राज मंत्री ने कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से उनकी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया है। वहीं, पंचायती राज मंत्री ने कहा कि आज जिला परिषद कर्मियों का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला और बैठक की गई, जिसमें उन्हें विश्वास दिलवाया गया है कि उनकी मांगें सरकार चरणबद्ध तरीके से पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि इनकी हड़ताल के चलते आपदा के समय कार्य में रुकावट आ रही थी। उन्होंने कहा कि 30 अक्टूबर को कर्मचारियों व अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक रखी गयी है, जिसमें इनकी सभी मांगों पर मंथन किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि जिन कर्मचारियों को बर्खास्तगी पत्र जारी किए गए थे, सोमवार को काम पर लौटने पर उनके टर्मिनेशन लेटर भी वापस ले लिए जाएंगे।
द हंस फाउंडेशन ने नग्गर खंड के अनेकों ग्रामीण क्षेत्रों में निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के साथ-साथ समय-समय पर जगरूकता अभियानों का आयोजन करने का भी जिम्मा उठाया है। इन जागरूकता अभियानों में विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को हंस फाउंडेशन के द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं, पाठशालाओं तथा आंगनवाड़ी केंद्रों में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्रदान करना व मोबाइल मेडिकल यूनिट्स में मेडिकल ऑफिसर्स द्वारा ऑन साइट हेल्थ टॉक्स आदि पर बढ़ावा देना शामिल है। नग्गर ब्लॉक के अंतर्गत चलाई जा रही चारों मोबाइल मेडिकल यूनिट्स सभी ग्रामीण क्षेत्रों को प्रतिमाह स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर शिक्षित के रहे हैं। अक्टूबर माह में ग्रामीणों को अनिमिया के लक्षण तथा बचाव के उपायों के मुद्दों पर बढ़-चढ़ कर जागरूकता अभियान के माध्यम शिक्षित शिक्षित किया गया। द हंस फाउंडेशन नग्गर के चारों मोबाइल मेडिकल यूनिट्स द्वारा 74 गांवों में अनिमिया पर जागरूकता अभियान चलाया गया। जागरूकता अभियान के अंतर्गत अनीमिया के लक्षणों के विषय में बताया गया जो कि निम्न प्रकार से हैं। कमजोरी और थकान, त्वचा का रंग सफेद या पीला होना, त्वचा में रूखापन और आसानी से नील पड़ना, अनियमित दिल की धड़कन और सांस लेने में कठिनाई, जीभ में छाले होना और चक्कर आना या बेहोशी जैसा महसूस होना। मेडिकल आफिसर्स एमएमयू 1 में क्रमश: डॉ सारांश, एमएमयू 2 में डॉ निशांत शर्मा, एमएमयू 3 में डॉ. शमशेर सिंह पुजारा (सेवानिवृत्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी), तथा एमएमयू 4 में डॉ. अश्मिता शर्मा द्वारा ग्रामीणों को इस विषय में शिक्षित किया गया।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि राशन वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए उपभोक्ताओं के राशन कार्डों में उनकी आधार संख्या पंजीकृत की जा रही है। ई-केवाईसी के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि राशन कार्ड में दर्ज व्यक्ति का नाम, जन्म तिथि तथा लिंग, आधार में दर्ज डाटा के अनुसार ही हो। इस प्रक्रिया को 31 अक्तूबर पूर्ण किया जा रहा है। प्रवक्ता ने बताया कि विभागीय सर्वर में अचानक आई तकनीकी समस्या के दृष्टिगत ई-केवाईसी की प्रक्रिया बाधित हो गई थी, जिसे दुरूस्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 21 अक्तूबर से ई-केवाईसी की प्रक्रिया पुन: सुचारू रूप से कार्य करना आरंभ कर देगी। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि संबंधित उचित मूल्य की दुकान पर जाकर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए विभाग का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी उचित मूल्य की दुकान में राशन प्राप्त करने में कोई असुविधा हो रही हो तो इसका समाधान 24 अक्तूबर तक कर दिया जाएगा।
टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशकआरके विश्नोई ने बताया कि टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), दिल्ली ने 12 अक्टूबर को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इसके अंतर्गत विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी में अनुसंधान और विकास गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए सहयोगात्मक साझेदारी स्थापित की गई है। उन्होंने आगे बताया कि एमओयू के अनुसार, टीएचडीसीआईएल आईआईटी दिल्ली के संकाय सदस्यों के नेतृत्व में अनुसंधान अध्ययन, पायलट प्रोजेक्ट और परामर्श कार्य संचालित करने के लिए कार्य करेगा। एमओयू में इस सहयोगात्मक गठबंधन के महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विस्तार से बताते हुए विश्नोई ने कहा कि टीएचडीसीआईएल, आईआईटी दिल्ली के साथ अनेक सहयोगात्मक परियोजनाएं शुरू करेगी और संस्थान में एक रिसर्च ग्रुप को इस कार्य में लगाएगी। ये सहयोगात्मक अनुसंधान क्षेत्रों के व्यापक स्पेक्ट्रम को शामिल करेंगे, जिनमें ऊर्जा संरक्षण, लिथियम-आयन भंडारण बैटरी के विकल्प, इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी के लिए नैनो टेक्नोलॉजी, हरित हाइड्रोजन, भू-तापीय प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन के मुद्दे, अपशिष्ट प्रबंधन / रीसाइक्लिंग, पानी शामिल हैं। इनके साथ ही इसमें प्रबंधन/संरक्षण, भंवर-प्रेरित कंपन, सुरंग बनाने की तकनीक, जैव ईंधन, ग्रिड स्थिरता में सुधार और विभिन्न अन्य प्रासंगिक क्षेत्र भी शामिल होंगे। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई ने आगे कहा कि टीएचडीसीआईएल परिचालन व्यय और अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों की लागत के लिए व्यापक वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सहयोग आईआईटी दिल्ली को पारस्परिक रूप से सहमत शर्तों पर अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं को निरंतर शुरू करने के लिए सशक्त बनाएगा, जिससे सहयोगात्मक अनुसंधान प्रयासों में उनके बढ़ते ज्ञान की महत्पूर्ण भूमिका रहेगी। एमओयू के अनुसार, आईआईटी दिल्ली आवश्यक बुनियादी ढांचागत सहायता और वैज्ञानिक, इंजीनियरिंग और तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान करेगा। ये संसाधन संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों के साथ तालमेल बिठाते हुए अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने में सहायक होंगे। प्रोफेसर नरेश भटनागर, डीन (आर एंड डी), आईआईटी दिल्ली ने इस क्षेत्र में आईआईटी दिल्ली की वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग क्षमताओं पर भरोसा करने और बैटरी, संचार और रोबोट एप्लिकेशन आदि के क्षेत्रों में परियोजनाओं को चालू करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु टीएचडीसीआईएल प्रबंधन को हार्दिक धन्यवाद दिया। भविष्य में, टीएचडीसीआईएल द्वारा आवश्यकता पड़ने पर आईआईटी दिल्ली कई और क्षेत्रों को भी कवर करेगा। इस साझेदारी के प्रभाव को मजबूत करने के लिए, आईआईटी दिल्ली, टीएचडीसीआईएल के सहयोग से, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ जुड़ने के लिए अपनी विशेषज्ञता का लाभ उठाएगा। इस सहभागिता का उद्देश्य बुनियादी और ट्रासंलेशनल रिसर्च सोल्यूशन दोनों हैं। इसके अतिरिक्त, संस्थान प्रासंगिक विषयों से अधिक संकाय सदस्यों को कार्य में जुटाएगा और सहयोगी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से प्रसारित करेगा। एसके चौहान, विभागाध्यक्ष (आरएंडडी), टीएचडीसीआईएल और आईआईटी दिल्ली के डीन (आरएंडडी) प्रोफेसर नरेश भटनागर ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता पांच साल के लिए किया गया है। विश्नोई ने कहा कि टीएचडीसीआईएल और आईआईटी दिल्ली के बीच यह सहयोगी उद्यम अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी उन्नति के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें विभिन्न उद्योगों और डोमेन के लिए अभूतपूर्व समाधान प्रदान करने की क्षमता है। टीएचडीसीआईएल 1587 मेगावाट की संस्थापित क्षमता के साथ देश के प्रमुख बिजली उत्पादकों में से एक है, जिसका श्रेय इसकी प्रचालनाधीन परियोजनाओं को जाता है जिनमें उत्तराखंड में टिहरी बांध और एचपीपी (1000 मेगावाट), कोटेश्वर एचईपी (400 मेगावाट), गुजरात के पाटन और द्वारका में क्रमश: 50 मेगावाट और 63 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजनाएं और उत्तर प्रदेश के झांसी में 24 मेगावाट की ढुकवां लघु जल विद्युत परियोजना तथा केरल के कासरगोड में 50 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना शामिल हैं।
-मुख्यमंत्री सुक्खू ने किया मिल्कफेड के नए उत्पादों का शुभारंभ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां ओक ओवर से मिल्कफेड के नए उत्पादों का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने दुग्ध प्रसंघ को बाजार में मांग आधारित उत्पाद तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करने में हर संभव सहायता प्रदान करेगी। त्योहारों के मौसम को देखते हुए हिमाचल प्रदेश मिल्कफेड ने गिफ्ट पैक, शादी की भाजी और शुगर फ्री मिठाइयां बाज़ार में उतारी हैं। नए गिफ्ट पैक तीन तरह की पैकिंग में उपलब्ध होंगे, जिनका मूल्य क्रमश: 620, 1000 तथा 1500 रुपए रखा गया है। मिल्कफेड के सभी बिक्री केंद्रों तथा जिला मुख्यालयों पर यह उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला कांगड़ा के डगवार में लगभग 226 करोड़ रुपये की लागत से 'स्टेट ऑफ द आर्टÓ दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र का निर्माण प्रस्तावित है, जहां दूध के अनेक तरह के उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इसके साथ-साथ अन्य संयंत्रों में भी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने प्रतिज्ञा-पत्र में किसानों से 80 रुपए प्रति किलो गाय का दूध और 100 रुपये प्रति किलो भैंस का दूध खरीदने का वादा किया है, जिसके लिए मिल्कफेड के प्लांट को आधुनिक बनाया जा रहा है, ताकि किसानों से खरीदे गए दूध से गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार किए जा सकें। मिल्कफेड के प्रबंध निदेशक डॉ. विकास सूद ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि सभी उत्पादों को तैयार करने में उच्च गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। शुगर फ्री मिठाइयों की मांग को देखते हुए मिल्कफेड ने इन्हें बाज़ार में उतारा है। इसके साथ-साथ मिल्कफेड की मिल्क केक, पहाड़ी बर्फी, कोकोनट बर्फी, के साथ-साथ 16 प्रकार की मिठाइयां बाज़ार में उपलब्ध होंगी। इस अवसर पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, निदेशक सूचना एवं जन संपर्क राजीव कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
-उपायुक्त ने धान खरीद केंद्र धौलाकुंआ का किया निरीक्षण उपायुक्त सिरमौर सुमित खिमटा ने आज एपीएमसी के तहत धौलाकुंआ में संचालित धान खरीद केंद्र का निरीक्षण किया और यहां पर चल रही खरीद प्रक्रिया पर प्रसन्न्ता जाहिर करते हुए इसकी सराहना की। उपायुक्त सुमित खिमटा ने बताया कि सिरमौर जिला में एपीएमसी के पांवटा और धौलाकुंआ स्थित धान खरीद केंद्रों में अभी तक 17,500 क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि धान खरीद केंद्र में हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से धान की खरीद की जा रही है। उन्होंने कहा कि इन धान खरीद केंद्रों में 3 अक्तूबर से धान खरीदने की प्रक्रि या आरम्भ हुई है। सुमित खिमटा ने कहा कि इन धान खरीद केंद्रों में किसाने से खरीदे गए धान का भुगतान 48 घंटों के भीतर करने की व्यवस्था की गई है। उपायुक्त ने कहा कि धौलाकुुंआ धान खरीद केंद्र में काफी स्थान उपलब्ध है जहां पर खरीद के लिए अतिरिक्त गोदाम बनाए जा सकते हैं। उन्होंने कृषि विभाग के माध्यम से धौलाकुंआ के धान खरीद केंद्र में अतिरिक्त गोदाम बनाने के लिए सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति हि.प्र. को मामला भेजने हेतु निर्देश दिए। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक विजय सिंह हमलाल, क्षेत्रीय प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम हुसन कश्यप, एपीएमसी के एआर साहिल सिंधु के अलावा अन्य सम्बन्धित अधिकारी भी इस अवसर उपस्थित रहे।
-बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद ड्यूटी पर नहीं पहुंचे हड़ताल पर चल रहे जिला परिषद कैडर के कर्मचारियों पर प्रदेश सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। निदेशक पंचायती राज रुग्वेद ठाकुर की ओर से वीरवार को सीईओ जिला परिषद को जारी आदेशों में 167 जूनियर इंजीनियर की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश जारी हुए हैं। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। बिलासपुर में 6, चंबा 13, हमीरपुर 10, कांगड़ा 38, किन्नौर 3, कुल्लू 11, लाहौल स्पीति 2, मंडी 32, शिमला 17, सिरमौर 13, सोलन 12 और ऊना में 10 जूनियर इंजीनियर की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। 167 जूनियर इंजीनियर के पद अब आउटसोर्स आधार पर भरे जाएंगे। आउटसोर्स आधार पर बिलासपुर और चंबा में 7-7 पद, हमीरपुर 13, कांगड़ा 35, किन्नौर 3, कुल्लू 13, लाहौल स्पीति 1, मंडी 25, शिमला 22, सिरमौर 13, सोलन 16 और ऊना में 9 पद भरे जाएंगे। आउटसोर्स पदों को भरने की जानकारी हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम को भेजी जाएगी और यह पद एक साल के लिए भरे जाएंगे। बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद भी यह इंजीनियर ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। सरकार का तर्क है कि जेई की अनुपस्थिति से मनरेगा के विकार्स कार्य, मनरेगा मजदूरों को भुगतान और आपदा कार्यों की बहाली में बाधा उत्पन्न हो रही थी।
राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ अपनी कार्रवाई लगातार जारी रखते हुए लगभग 20,500 लीटर लाहण तथा 115 पेटी अंग्रेजी शराब व बियर जब्त की। आबकारी आयुक्त डॉ. यूनुस ने बताया कि टीम सिरमौर ने गत 18 अक्तूबर को टोका-नागला के घने जंगलों में कार्रवाई करते हुए अलग-अलग स्थानों पर 7000 लीटर, 4000 लीटर तथा 9500 लीटर लाहण कर आबकारी अधिनियम के अंतर्गत नष्ट की। यह अवैध शराब घने जंगलों में एक नाले के पास तैयार की जा रही थी। इसके अतिरिक्त गत रात आबकारी विभाग की मंडी जिला की टीम ने भी 115 पेटियां अंग्रेजी शराब व बियर जब्त की जोकि चण्डीगढ़ में बिक्री हेतु तैयार की गई थी। इसके अतिरिक्त जीएसटी एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए शिमला जिला की टीम ने 3,33,330 रुपये के चांदी के गहने पकड़े, बिना बिल या दस्तावेजों के पाए गए। इन गहनों के मामले में कार्रवाई करते हुए विभाग द्वारा 20,000 रुपये का जुर्माना बसूला गया। यूनुस ने बताया कि विभाग ने पिछले कुछ समय से एक विशेष अभियान में अलग-अलग अधिनियमों के अंतर्गत कार्रवाई की है। विभाग ने अब तक लगभग 23 करोड़ रुपये के आभूषण बिना बिल के पकड़े और जीएसटी एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई की है तथा लगभग 87000 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त अथवा नष्ट की गई। अवैध शराब तथा कर चोरी के मामलों में विभाग ने जीरो टोलरैंस की नीति सुनिश्चित की है। 24 गुना 7 कंट्रोल रूम की जानकारी देते हुए उन्होंने जनता से एक बार पुन: अनुरोध किया है कि अवैध शराब तथा कर चोरी के मामले नजर में आते ही टोल फ्र्री ंबर 1800-180-8060 तथा व्हॅट्सऐप नम्बर 94183-31426 पर शिकायत दर्ज करें ताकि इस अभियान को और अधिक सफल बनाया जा सके।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सिरमौर द्वारा 4-शिमला (अ.जा.) संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में समाविष्ट 55-पच्छाद (अ.जा.) विधान सभा क्षेत्र के लिए मतदान केन्द्रों की सूची का अन्तिम रूप से प्रकाशन कर दिया गया है। मतदान केंद्रों की युक्तिकरण के बाद पच्छाद विधान सभा क्षेत्र में 11 नए मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं एसडीएम पच्छाद स्थित सराहां डॉ. संजीव कुमार धीमान ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूर्व में पच्छाद विधान सभा क्षेत्र में 113 मतदान केंद्र थे और युक्तिकरण के उपरांत 11 नए मतदान केंद्र स्थापित होने से अब वर्तमान में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 124 हो गई है। मतदान केंद्रों के युक्तिकरण के बाद धनेश्वर, मढ़ेड़ा, सेर जगास, बथाऊ धार, शमोगा, रेड़ी गुसाण, खरेटी, दाड़ीक डिंगरी, धार भडें़जी, कोटला पंजोला और चांडोग को नए मतदान केंद्र बनाए गए हैं। संजीव धीमान ने बताया कि मतदान केंद्रों की सूचि का निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं एसडीएम पच्छाद स्थित सराहां, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं एसडीएम राजगढ़, तहसीलदार राजगढ़/पच्छाद स्थित सराहां और नायब तहसीलदार पझौता स्थित नोहरी व नारग के कार्यालय में नि:शुल्क निरीक्षण किया जा सकता है।
उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सिरमौर सुमित खिमटा ने बताया कि भारतीय निर्वाचन आयोग की स्वीकृति मिलने के उपरांत सिरमौर जिला में मतदान केंद्रों की सूचियों को अंतिम रूप प्रदान किया गया है और सूचियों का अंतिम प्रकाशन 10 अक्तूबर को कर दिया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि बताया कि मतदान केन्द्रों की युक्तिकरण की प्रक्रिया के उपरांत जिला में 26 नये मतदान केन्द्र बनाये गये हैं जिससे जिला में मतदान केंद्रों की कुल संख्या 563 से बढ़कर 589 हो गई है। इसके आलवा, युक्तिकरण प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं की सुविधा के लिए 8 मतदान केंद्रों के भवनों को बदला गया है, जबकि 16 मतदान केन्द्रों के सैक्शन का युक्तिकरण भी किया गया है। सुमित खिमटा ने बताया कि मतदान केंद्रों की सूची जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय नाहन के अलावा संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के एसडीएम कार्यालयों में निरीक्षण के लिए उपलब्ध है। अंतिम रूप से प्रकाशित मतदान केंद्रों की सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी हिमाचल प्रदेश की वैब साईट में भी उपलब्ध करवाई गई है।
हिमाचल में करीब 80,000 शिक्षकों के तबादलों के लिए प्रदेश सरकार ने पुराने नियम बदल दिए हैं। अब शिक्षकों के तबादले 30 किलोमीटर के दायरे से बाहर होंगे। एक स्थान पर तीन वर्ष का सेवाकाल पूरा करने के बाद अब शिक्षकों को 30 किलोमीटर दूर जाना अनिवार्य कर दिया गया है। तबादले करने के लिए सरकार ने दूरी को पांच किलोमीटर बढ़ा दिया है। पहले 25 किलोमीटर के भीतर तबादले होते थे। राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद शिक्षा विभाग ने इस बाबत अधिसूचना जारी कर दी है। प्रदेश में इसी माह से यह व्यवस्था लागू होगी। एक स्कूल में तीन वर्ष का सेवाकाल पूरा होते ही आपसी सहमति से नजदीकी शिक्षक के साथ स्कूल बदलने के तबादला आदेश जारी करवाने वाले शिक्षकों के लिए अब राह आसान नहीं रहने वाली है। शहरों के आसपास सटे स्कूलों में ही सेवाएं देने वाले शिक्षकों को थोड़ा और बाहर के क्षेत्रों में भेजने के लिए सरकार ने तबादला नीति में बदलाव कर दिया है। विभागीय अधिकारियों की ओर से 30 की जगह 40 किलोमीटर के दायरे से बाहर शिक्षकों के तबादले करने का प्रस्ताव था, लेकिन सरकार ने इस दूरी को 30 किलोमीटर ही रखने की मंजूरी दी है। इस नई व्यवस्था से अब ऐसे स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी, जहां कोई भी जाने को तैयार नहीं होता था।
-गरीबों के लिए वरदान साबित हो रहा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान सिरमौर जिला के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के संचालन का जिम्मा जिला के अग्रणी बैंक यूको बैंक को मिला है। आरसेटी के माध्यम से जिला के बीपीएल परिवारों के युवा-युवतियों को हुनरमंद बनाने के लिये ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। आरसेटी के उद्देश्यों पर चर्चा करते हुए आरसेटी सिरमौर की निदेशक अमिता शर्मा ने बताया कि गांव के बीपीएल परिवारों के युवक युवतियों में मनरेगा कार्ड जॉब धारक, बीपीएल राशन कार्ड धारकों व स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। यह एक नि:शुल्क प्रशिक्षण योजना है जो गरीब परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की राह प्रशस्त करती है। संस्थान का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों के युवाओं को स्वरोजगार के लिये प्रेरित कर उन्हें अपनी आजीविका अर्जित करने के लिये सक्षम बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। अमिता ने बताया कि बीते वित्तीय साल के दौरान यूको आरसेटी ने जिला के विभिन्न क्षेत्रों में 21 प्रशिक्षण करवाए। इनमें कुल 547 युवा-युवतियों को मधुमक्खी पालन, डेयरी फार्मिंग, सिलाई, ब्यूटी पार्लर, कृषि उद्यमी, रेशम कोष उत्पादन, बैंक सखी इत्यादि व्यवसाय में दक्ष बनाकर उन्हें स्व रोजगारोन्मुखी बनाया गया। संतोष इस बात का रहा कि इनमें से 70 फीसदी युवा-युवतियों ने अपना रोजगार अपनाकर घर-परिवार की आर्थिकी को संबल प्रदान किया। इस साल 660 को प्रशिक्षित करने का है लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2023-24 की प्रथम तिमाही में यूको आरसेटी ने जूट बैग उत्पादन, सॉफट खिलौने बनाना, पेपर बैग बनाना, ब्यूटी पार्लर, कॉस्टयूम व ज्वेलरी में 178 प्रशिक्षणार्थियों का कौशल उन्नयन किया। अमिता ने बताया कि भारत के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा चालू वित्तीय वर्ष में जिला में कुल 23 प्रशिक्षणों के माध्यम से 660 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इन प्रशिक्षणों में सैल फोन मुरम्मत, मधुमक्खी पालन, सिलाई, वस्त्र चित्रकला, मशरूम उत्पादन व ब्यूटी पार्लर इत्यादि व्यवसायों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। ग्रामीण प्रशिक्षण संस्थान में लड़के व लड़कियों को अलग से रहने व खाने-पीने की नि:शुल्क व्यवस्था रहती है। यह है आवेदन की प्रक्रिया ग्रामीण बीपीएल परिवार से संबंधित 18 से 45 वर्ष आयु के युवा व युवतियां आरसेटी के प्रशिक्षण के लिये आवेदन कर सकते हैं। यह आवेदन आरसेटी के शिमला रोड, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के समीप कार्यालय में जाकर किया जा सकता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम आरसेटी के राज्य निदेशक तथा यूको बैंक के अग्रणी प्रबंधक के नेतृत्व में संपन्न किए जाते हैं। जिला आरसेटी के स्टाफ की भी प्रशिक्षण प्रदान करने में अहम भूमिका रहती है। जिला के पात्र युवा-युवतियों को प्रशिक्षण के लिये जागरूकता कार्यक्रम भी करवाए जा रहे हैं ताकि युवा आत्मनिर्भर बनने के लिये किसी न किसी व्यवसाय में दक्षता हासिल कर सके।
-21 से 25 अक्तूबर तक नाहन में कोचिंग लेंगे दोनों होनहार -27 से 30 अक्तूबर तक हमीरपुर में होंगी राज्य स्तरीय खेलें जिला सिरमौर के राजकीय प्राथमिक स्कूल कुफर कायरा के 2 बच्चों माधवी ठाकुर व दक्ष शर्मा का राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ है। ये खिलाड़ी 21 से 25 अक्तूबर तक नाहन में कोचिंग कैंप में भाग लेंगे और 27 से 30 अक्तूबर तक हमीरपुर में होने वाली स्टेट गेम्स में भाग लेंगे। स्कूल के मुख्य अध्यापक तपेंदर व अध्यापिका कमलेश ने बच्चों को राज्य स्तरीय खेलों के लिए शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने बच्चों को खेल प्रतियोगिता के लिए तैयार करने के लिए धावक वीरेंद्र सिंह का भी आभार प्रकट किया है। वहीं, स्टेट गेम्स के लिए चयनित बच्चों ने कहा कि उन्हें तैयार करने में अध्यापक रूप राज और धावक वीरेंद्र की विशेष भूमिका रही है। उधर, धावक वीरेंद्र सिंह ने दोनों बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
-उत्सव में चुने जाएंगे मिस्टर और मिस सिरमौर-2023 -डायनेमिक युवा मंडल नाहन के अध्यक्ष ओपी ठाकुर ने दी जानकारी जिला मुख्यालय नाहन के ऐतिहासिक चौहान मैदान में डायनेमिक युवा मंडल नाहन द्वारा लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल लोक उत्सव-2023 का आयोजन करवाया जा रहा है। जिला मुख्यालय नाहन में आयोजित पत्रकार वार्ता में डायनेमिक युवा मंडल के अध्यक्ष ओपी ठाकुर ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 से डायनेमिक युवा मंडल लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करता आ रहा है। इस वर्ष भी 31 अक्टूबर से 7 नवंबर तक चौगान मैदान में हिमाचल लोक उत्सव का आयोजन करवाया जाएगा। ओपी ठाकुर ने कहा कि इस उत्सव में मिस्टर और मिस सिरमौर-2023, वॉइस ऑफ सिरमौर, डांसर ऑफ सिरमौर, ग्रुप डांस कंपटीशन, किड्स मॉडलिंग कंपटीशन, बॉडी बिल्डिंग कंपटीशन और लोकनृत्य कंपीटिशन के अलावा युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए पेंटिंग कंपटीशन भी करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 4 नवंबर से 7 नवंबर तक चार सांस्कृतिक संध्याएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें हिमाचल प्रदेश के जाने-माने लोक कलाकार प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा इस कार्यक्रम में एक सिरमौर नाइट आयोजित होगी, जिसमें जिला सिरमौर के लोक कलाकारों को बुलाया जाएगा। ओपी ठाकुर ने कहा कि युवाओं को मंच देने के उद्देश्य से और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए डायनेमिक युवा मंडल द्वारा हिमाचल लोक उत्सव का आयोजन करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय नाहन में डायनेमिक युवा मंडल द्वारा 2010 में पहला कार्यक्रम आयोजित किया था इसके चलते क्लब द्वारा अब तक छह कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक संध्या में जहां प्रदेश के बड़े कलाकार हिस्सा लेंगे, वहीं जिला प्रशासन के सहयोग से इस कार्यक्रम को करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल लोक उत्सव की अंतिम संध्या के अवसर पर स्थानीय विधायक अजय सोलंकी बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। साथ ही वह विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार भी वितरित करेंगे। इस अवसर पर डायनेमिक युवा मंडल के सचिव सतीश राणा, सहसाचिव योगेश ठाकुर, इवेंट मैनेजर नवीन ठाकुर, सदस्य धनवीर सिंह, राहुल शर्मा, विक्रम शर्मा, ईशान राव सदस्य मौजूद रहे।
एएनटीएफ राज्य सीआईडी शिमला रेंज ने 1.290 किलो चरस के साथ दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गोपाल सिंह (30) पुत्र स्व. निक्का राम, गांव धरचानाना पोस्ट ऑफिस धार चान्ना, तहसील कुपवी, जिला शिमला और कमल सिंह (44) पुत्र स्व. शिव राम विला. बावट, पोस्ट ऑफिस धार चानना, तहसील कुपवी, जिला शिमला के रूप में हुई है। उन्होंने यह नशे की यह खेप एक गाड़ी में छिपाकर रखी थी। पुलिस ने दोनों के खिलाफ पांवटा साहिब पुलिस थाने में मामला दर्ज कर गाड़ी को भी कब्जे में ले लिया है। मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है।
-बर्फबारी होने से तापमान में आई गिरावट -निचले क्षेत्रों में बारिश होने से किसानों के चेहरे चहके सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र के नौहराधार की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार में इस सीजन का पहला हिमपात हुआ है। रविवार सुबह मौसम ने अचानक ऐसी करवट बदली कि ऊंची चोटियों पर हिमपात होना शुरू हो गया, वहीं निचले क्षेत्रों में बारिश शुरू हो गई, जिससे क्षेत्र में तापमान में काफी गिरावट दर्ज की जा रही है। समुद्र तल से करीब 12 हजार फुट ऊंची चूड़धार की चोटियों पर सफेद चादर से ढक गई हैं। ऐसी मान्यता है कि यहां दिवाली से ठीक पहले शिरगुल महाराज अपनी तपो स्थली पर सदेफी करते हैं और आज कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला है। चूड़ेश्वर सेवा समिति के प्रबंधक बाबूराम शर्मा ने बताया कि चूड़धार में बर्फबारी के कारण मौसम ठंडा हो गया है। वहीं, निचले क्षेत्रों में हुई बारिश किसानों व बागवानों के लिए बरदान से कम नहीं है। यहां इन दिनों मटर, गोभी, अदरक व लहसुन की फसल उगाई जा रही है।
महिला कबड्डी टीम की दो खिलाड़ी पुष्पा राणा और ज्योति ठाकुर सम्मानित एशियाई खेलों में भारत को स्वर्णिम विजय दिलाने वाली महिला कबड्डी टीम ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है। यह बात जिलाधीश कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने वाली महिला कबड्डी टीम की दो खिलाड़ी पुष्पा राणा और ज्योति ठाकुर को सम्मानित करने के दौरान व्यक्त कही। उपायुक्त ने कहा कि इन बेटियों ने अनुकरणीय खेल कौशल और अदम्य भावना का प्रदर्शन करते हुए हिमाचल का ही नहीं, अपितु पूरे देश का नाम विश्व भर में ऊंचा किया है। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन से राज्य की अन्य बेटियां और युवा इस मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने दोनो खिलाड़ियों से उनकी तैयारी से लेकर स्वर्ण पदक जीतने तक की यात्रा के बारे में चर्चा की। खेल सुविधाओं को किया जाएगा सुदृढ़ उपायुक्त ने धर्मशाला में खेल से जुड़ी सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए दोनो गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ियों से सुझाव मांगे। उन्होंने धर्मशाला में खेल व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए दोनों खिलाड़ियों द्वारा दिए गए सुझावों पर गंभीरता से कार्य करने की बात कही। जिससे आने वाले समय में भी यहां से देश के लिए पदक लाने वाले खिलाड़ी तैयार हो सकें। जिला प्रशासन के सहयोग को किया याद इस दौरान दोनो खिलाड़ियों पुष्पा राणा और ज्योति ठाकुर ने जिला प्रशासन के सहयोग को याद करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि कोरोना के समय जब सब प्रकार का प्रशिक्षण रुक गया था तथा खिलाड़ियों को अभ्यास करने में दिक्कत आ रही थी तब जिला प्रशासन कांगड़ा ने राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र साई धर्मशाला में उनके प्रशिक्षण और अभ्यास के लिए विशेष सहयोग किया था। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की आवश्यकताओं को समझते हुए जिला प्रशासन ने उस समय बड़े खुले हृदय से व्यवस्थाओं को उपलब्ध करवाया था, जिसके कारण हमारा अभ्यास कभी रुका नहीं।
-पंचायत निधि के दुरुपयोग का आरोप -23,57,608 रुपये जमा करवाने के आदेश उपायुक्त सिरमौर सुमित खिमटा ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अवचार का दोषी पाए जाने पर शिलाई विकास खंड की ग्राम पंचायत हल्लां की प्रधान को तत्काल पद से हटा दिया है। उपायुक्त सिरमौर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 146 (1) की उप धारा का (ख) व (ड.) के तहत ग्राम पंचायत हल्लां की प्रधान का पद पर बने रहना लोकहित में अवांछनीय है इसलिए उन्हें प्रधान पद से तत्काल हटाया जाता है। प्रधान को छह वर्ष की अवधि के लिए उक्त अधिनियम की धारा 146 (2) के अंतर्गत पंचायत के पदाधिकारी के रूप में निर्वाचित होने के लिए अयोग्य करने के आदेश भी जारी किए गए हैं। उपायुक्त सुमित खिमटा द्वारा जारी आदेशों के अनुसार प्रधान को 23,57,608 रुपये की दुरुपयोग की गई धनराशि को तुरंत पंचायत निधि खाते में जमा करवाने के लिए कहा गया है। इसके अलावा उन्हें ग्राम पंचायत हल्लां की नकद राशि व पंचायत अभिलेख अथवा अन्य कोई स्टोर का सामान, प्रधान पद की मुहर के साथ तुरंत सचिव ग्राम पंचायत हल्लां को सौंपने के लिए भी कहा गया है। आदेश में कहा कि गया है कि ग्राम पंचायत हल्लां प्रधान के विरूद्ध पंचायत के विभिन्न कार्यों में अनियमितता और धन के दुरुपयोग का मामला आया था। एसडीएम शिलाई द्वारा इन मामलों की नियमित जांच की गई और उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करने का पूरा मौका दिया गया, लेकिन दोषी प्रधान का उत्तर नियमित जांच रिपोर्ट से विपरीत होने के कारण असंतोषजनक पाया गया है।
-मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर दिया सम्मान -स्कूल सेफ्टी मोबाइल ऐप का किया शुभारंभ -कहा, राज्य में बादल फटने की बढ़ती घटनाओं का अध्ययन आवश्यक -सीबीआरआई रुड़की और हिमकॉस्टे के मध्य समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर आज शिमला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आपदा के दौरान बेहतरीन कार्य करने वाले विभागों और अधिकारियों को सम्मानित किया। साथ ही संकट की इस घड़ी में प्रदेशवासियों एवं विभिन्न संगठनों के प्रयासों की भी सराहना की। आपदा के दौरान विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के बेहतर कार्यों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावितों की मदद में सभी ने अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दिया है। राज्य सरकार द्वारा राहत एवं बचाव अभियान के लिए उन्हें सभी तरह के संसाधन उपलब्ध करवाए गए। इसके अतिरिक्त स्थानीय लोगों एवं स्वयंसेवी संगठनों का भी भरपूर सहयोग मिला है। इस आपदा में हिमाचली लोगों के परस्पर सहयोग तथा संकट का एकजुट होकर सामना करने का जीवट भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बादल फटने की बढ़ती घटनाओं का अध्ययन करने की भी आवश्यकता है, क्योंकि राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों के साथ-साथ मैदानी क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुरक्षित भवन निर्माण के दृष्टिगत विभिन्न उपायों पर चर्चा के साथ ही इन्हें अमल में लाने के लिए कड़े कानून बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार मानसून में भारी तबाही हुई है, लेकिन प्रशासन के सामूहिक प्रयासों से विभिन्न स्थानों में फंसें 75 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला गया और 48 घंटों में सभी आवश्यक सेवाएं अस्थाई रूप से बहाल की गईं। ट्रैफिक में फंसे लोगों के लिए खाने-पीने सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रभावित परिवारों के लिए 4500 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज घोषित किया गया है। बेघर हुए परिवारों को किराए के आवास के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 5 हजार और शहरी क्षेत्रों में 10 हजार रुपए प्रदान करने के साथ-साथ नि:शुल्क राशन भी दिया जा रहा है। आपदा में भूमिहीन हुए परिवारों को घर बनाने के लिए शहरी क्षेत्रों में दो बिस्वा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में तीन बिस्वा भूमि देने का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भीषण आपदा का दृढ़ता के साथ सामना करने के बाद अब राज्य सरकार हिमाचल को फिर से विकास की राह पर आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश पर 75 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है, लेकिन सरकार केवल कर्ज के सहारे ही नहीं चल सकती। ऐसे में राज्य सरकार अपने आर्थिक संसाधन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले चार वर्षों में हिमाचल को आत्मनिर्भर तथा दस वर्षों में देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्कूल सेफ्टी मोबाइल ऐप का शुभारम्भ भी किया। इस ऐप के माध्यम से स्कूल आपदा प्रबंधन की योजना बना सकेंगे और उसी के अनुरूप मॉकड्रिल का आयोजन कर सकेंगे, जिसकी निगरानी उच्च स्तर पर भी आसानी से की जा सकेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की उपस्थिति में केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) रुड़की और हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद (हिमकॉस्टे) के मध्य एक समझौता ज्ञापन भी हस्ताक्षरित किया गया। सीबीआरआई की ओर से एसके नेगी और हिमकॉस्टे की ओर से डी.सी. राणा ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भूकंप से भवनों की सुरक्षा तथा ग्रामीण हिमाचल में राज मिस्त्रियों की प्रशिक्षुता से संबंधित पुस्तक एवं मार्गदर्शिका का भी विमोचन किया। प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा ने समर्थ कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की और इस दौरान आयोजित गतिविधियों की जानकारी प्रदान की। विशेष सचिव डीसी राणा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र शर्मा, उप-महापौर उमा कौशल, उपायुक्त आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
-हाटियों को एसटी का दर्जा देने में कर रही आनाकानी -उद्योग मंत्री पर मामले को लटकाने का लगाया आरोप सिरमौर जिला भाजपा महासचिव बलबीर ठाकुर, जिला भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष रणबीर ठाकुर और रेणुका युवा मोर्चा के अध्यक्ष मनोज ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर गिरिपार क्षेत्र के हाटी समुदाय के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने गिरिपार क्षेत्र के हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति घोषित करने का अध्यादेश दो महीने पहले हिमाचल सरकार को भेजा था, परंतु हैरानी की बात है कि सुक्खू सरकार इसे लागू करने की बजाय इस पर कुंडली मारकर बैठ गई है। भाजपा नेताओं ने सिरमौर से संबंध रखने वाले उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान पर भी इस मामले को लटकाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले हर्षवर्धन चौहान ने इस क्षेत्र के लोगों को जनजाति दर्जा दिलाने के लिए अपना खून तक देने का ऐलान किया था, परंतु अब गिरगिट की तरह रंग बदलकर यहां के लोगों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिलाने में अड़चनें पैदा कर रहे हैं। भाजपा नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि इस मामले को और अधिक लटकाया गया तो गिरिपार क्षेत्र के हाटी हजारों की संख्या में सड़कों पर उतरेंगे और सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान को भी चेतावनी दी है कि यदि वह इस मामले में ओछी राजनीति से बाज न आए तो उन्हें गिरिपार क्षेत्र में घुसना मुश्किल होगा।
सिरमौर जिला भाजपा प्रवक्ता मेलाराम शर्मा ने कांग्रेस सरकार पर बागवानों और किसानों का बजट विधायकों के सैर-सपाटे पर खर्च करने का आरोप लगाया है। उन्होंने मीडिया को जारी एक बयान में कहा है की एक तरफ तो 1 साल से सुक्खू सरकार आर्थिक तंगी का रोना रो रही है जबकि दूसरी ओर बागवानों और किसानों के विकास के लिए भाजपा सरकार द्वारा शुरू किए गए बागवानी मिशन परियोजना का बजट विधायकों के सैर-सपाटे पर उड़ाया जा रहा है। मेलाराम शर्मा ने सुक्खू सरकार द्वारा की जा रही फिजूल खर्ची पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि किसी भी प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले विधायकों, किसानों और अधिकारियों को विदेश में उसे प्रोजेक्ट की जानकारी हासिल करने के उद्देश्य से स्टडी टूर पर भेजा जाता है परंतु सुक्खू सरकार अपने विधायकों को ऐसे मौके पर बागवानी मिशन प्रोजेक्ट का पैसा उड़ाने के लिए विदेश भेज रही है जब प्रोजेक्ट समाप्त होने पर है। भाजपा प्रवक्ता ने हैरानी जताई की बागवानी मिशन के तहत ना तो किसी बागवान और किसान को स्टडी टूर पर भेजा जा रहा है अपितु ऐसे विधायकों को बागवानी मिशन के तहत विदेश के दौरे पर भेजा जा रहा है जिनका बागवानी से दूर-दूर का भी वास्ता नहीं है। उन्होंने बताया की सरकार द्वारा बागवानी मिशन परियोजना समाप्ति पर इस परियोजना का पैसा उड़ाने के लिए हमीरपुर के विधायक इन्द्रजीत लखनपाल, अर्की के विधायक संजय अवस्थी, और नाहन के विधायक अजय सोलंकी को विदेश टूर पर भेजा जा रहा है जबकि प्रदेश के सेब उत्पादक क्षेत्रों से कोई भी विधायक या बागवान इस स्टडी टूर पर नहीं भेजा जा रहा। उन्होंने सुक्खू सरकार को किसान और बागवान विरोधी करार देते हुए चेतावनी दी कि प्रदेश में आर्थिक तंगी का रोना रोने वाली सरकार किसानों और बागवानों के विकास के धन को फिजूल खर्ची पर उड़ाने से बाज आए वरना सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे क्योंकि प्रदेश के बागवान इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। मेलाराम शर्मा ने बताया कि एक तरफ तो उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता वाली कमेटी पिछली जयराम सरकार पर वित्तीय अनियमितता और फिजूल खर्ची का झूठा आरोप लगा कर श्वेत पत्र जारी करके जनता को गूमराह करने का कुप्रयास करती है और दूसरी और किसानों और बागवानों का पैसा विधायकों के बिदेशी सैर सपाटे पर उड़ाकर स्वयं फिजूल खर्ची कर रही है। उन्होंने सुक्खू सरकार को किसान और बागवान विरोधी करार देते हुए चेतावनी दी कि प्रदेश में आर्थिक तंगी का रोना रोने वाली सरकार किसानों और बागवानों के विकास के धन को फिजूल खर्ची पर उड़ाने से बाज आए वरना सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे क्योंकि प्रदेश के बागवान इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।
सिरमौर जिला का सुप्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय श्री रेणुकाजी मेला आगामी 22 से 27 नवंबर तक श्री रेणुकाजी में धूमधाम के साथ आयोजित किया जाएगा। मेले की तैयारियों की कवायद शुरू हो चुकी है। उपायुक्त सुमित खिमटा ने आज नाहन में मेले को बड़े स्तर पर आयोजित करने के लिये विभागीय अधिकारियों की बैठक बुलाई। बैठक में अधिकारियों को मेले से जुड़े अलग-अलग दायित्व के बारे में बताया और अधिकारियों से सौंपे गए दायित्वों का इमानदारी के साथ निर्वहन करने को कहा। सुमित खिमटा ने कहा कि मेला 6 दिनों तक चलता है जिसमें अनेक प्रकार की गतिविधियों के अलावा सभी रोज सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन किया जाता है। इन संध्याओं में हर रोज कोई न कोई स्टार कलाकार की परफोरमेंस करवाई जाती है। इसके अलावा जिला तथा प्रदेश के विभिन्न भागों के कलाकारों को समुचित मंत्र उपलब्ध करवाया जाता है। उन्होंने कहा कि मेले में बड़ी राशि व्यय होती है जिसके लिये डोनेशन पर विशेष फोक्स रहता है। उपायुक्त ने मेले के दौरान किये जाने वाले विशेष प्रबंधों व सुविधाओं के सृजन के लिये संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये। उपायुक्त ने कहा कि जिम्मेदारियों का निष्पादन करने के लिये अलग-अलग समितियों का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान बहुत से अस्थाई शौचालयों की व्यवस्था, पानी की व्यवस्था, साफ-सफाई की व्यवस्था, परिवहन व्यवस्था, बिजली की व्यवस्था तथा लॉ एंड ऑर्डर सुनिश्चित बनाने पर मुख्य फोकस रहेगा। उन्होंने कहा कि मेले की एक बहुरंगी स्मारिका का प्रकाशन भी किया जाएगा। इसमें बुद्धिजीवियों के लेख भी समाहित किए जाएगें। स्मारिका में मेले के इतिहास तथा आयोजन को लेकर जानकारी का भी समावेश रहेगा। इसके लिये उन्होंने जिला लोक संपर्क अधिकारी को संदेश प्राप्त करने तथा लेख उपलब्ध करवाने को कहा। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एलआर वर्मा, सहायक आयुक्त विवेक शर्मा, एसडीएम रजनेश शर्मा सहित सभी विभागों के अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे।
-जल रक्षकों, मल्टी टास्क वर्कर्स, पैरा फिटर तथा पैरा पंप ऑपरेटर के मानदेय में बढ़ोतरी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में वन विभाग की 'वन मित्र' योजना को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत 2061 वन बीटों में एक-एक वन मित्र को लगाया जाएगा। जमीनी स्तर के संस्थानों को शामिल करके वन क्षेत्रों की सुरक्षा, संरक्षण और विकास में स्थानीय समुदायों की भागीदारी और वन विभाग में अनुबंध के आधार पर वन रक्षकों के 100 रिक्त पदों को भरने की मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने जल शक्ति विभाग के जल रक्षकों, बहुउद्देश्यीय कार्यकर्ताओं, पैरा फिटर तथा पैरा पंप ऑपरेटरों के मानदेय में 200 रुपये की वृद्धि करने का निर्णय लिया। बैठक में जल शक्ति विभाग के जल रक्षकों, बहु उद्देशीय कार्यकर्ताओं, पैरा फिटर और पैरा पम्प ऑपरेटर के मानदेय को 500 रुपये मासिक बढ़ाकर क्रमशः 5000 रुपये, 4400 रुपये, 6000 रुपये और 6000 रुपये करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने ऊना जिला में श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत 76.50 करोड़ रुपये की लागत से पीपीपी मोड में बाबा माई दास भवन पार्किंग चिन्तपूर्णी से मंदिर तक यात्री रोपवे प्रणाली स्थापित करने को सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी प्रदान की। परिवहन विभाग में 15 ई-टैक्सियां किराए पर लेने को मंजूरी मंत्रिमंडल ने परिवहन विभाग में 15 ई-टैक्सियां किराए पर लेने को मंजूरी पदान की। बैठक में राज्य के सभी जिलों में आपात स्थिति के दौरान वैकल्पिक संचार के लिए एमेच्योर और सामुदायिक रेडियो को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया। इससे सूचना स्रोतों, आपातकालीन प्रबन्धकों और आपदा या आपातकालीन स्थितियों से प्रभावित लोगों के बीच प्रभावी सूचना आदान-प्रदान सुनिश्चित होगा। बैठक में सीसे (लैड) पर अतिरिक्त माल कर 25 पैसे प्रति किलोग्राम की दर से कम करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने प्रदेश में लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा के लिए राज्य में निजी संचालकों के लिए 234 रूट और टैम्पो ट्रेवलर्ज के 100 अतिरिक्त रूट प्रदान करने का निर्णय लिया। बैठक में परिवहन विभाग के यातायात निरीक्षकों, मोटर वाहन निरीक्षकों, वरिष्ठ मोटर वाहन निरीक्षकों तथा पुलिस विभाग के सहायक उप-निरीक्षकों व हैड कांस्टेबल को मोटर वाहन अधिनियम-1988 की विभिन्न धाराओं के तहत अपराधों को कम करने के लिए नामित प्राधिकारी घोषित करने की भी मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने आपदा के कारण बेघर हुए लोगों और जिन लोगों के पास नया घर बनाने के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध नहीं है उन्हें शहरी क्षेत्र में दो बिस्वा भूमि और ग्रामीण क्षेत्रों में तीन बिस्वा भूमि प्रदान करने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने प्रदेश में आपदा प्रभावित परिवारों के लिए 30 सितम्बर, 2023 को घोषित विशेष राहत पैकेज को मंजूरी प्रदान की। इस विशेष पैकेज के तहत घर के पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने पर दिए जाने वाले 1.30 लाख रुपये के मुआवजे को साढ़े पांच गुणा बढ़ाकर सात लाख रुपये किया गया है। इसके अलावा कच्चे मकान के आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने पर दिए जाने वाले मुआवजे को 25 गुणा बढ़ाकर 4000 रुपये से एक लाख रुपये तथा पक्के घर के आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने पर दिए जाने वाले मुआवजे को साढ़े 15 गुणा बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया है। दुकान तथा ढाबा के क्षतिग्रस्त होने पर दिए जाने वाले मुआवजे को 25000 रुपये से चार गुणा बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया है। प्रदेश सरकार गऊशाला को हुए नुकसान की भरपाई के लिए दी जाने वाली राशि को 3000 रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। प्रदेश सरकार किराएदारोें के सामान के नुकसान के लिए दी जाने वाली 2500 रुपये की राशि को 20 गुणा बढ़ाकर 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान करेगी। दुधारू तथा भार उठाने वाले पशुओं की क्षति पर 55 हजार जबकि बकरी, सुअर, भेड़ तथा मेमने की मुआवजा राशि 6000 रुपये प्रति पशु की दर से प्रदान की जाएगी। कृषि तथा बागवानी भूमि के नुकसान की भरपाई के लिए दी जाने वाली राशि मुआवजा राशि को 3615 रुपये प्रति बीघा से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति बीघा कर दिया है। फसलों कोे हुए नुकसान की भरपाई के लिए दी जाने वाली राशि को 500 रुपये प्रति बीघा को आठ गुणा बढ़ाकर 4000 रुपये किया गया है। कृषि तथा बागवानी भूमि से सिल्ट हटाने के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता को 1384.61 प्रति बीघा से बढ़ाकर 5000 रुपये किया गया है। यह विशेष पैकेज 24 जून, 2023 से 30 सितम्बर, 2023 तक प्रदान किया जाएगा। मंत्रिमंडल ने शिमला विकास योजना को संशोधित करने का निर्णय लिया। सड़क से ऊपर स्थित ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में नवबहार से रामचन्द्रा चौक से मछीवाली कोठी से क्राइस्ट चर्च से लक्कड़ बाजार से आईजीएमसी से संजौली चौक से नवबहार तक जहां पेड़ नहीं हैं वहीं निर्माण की अनुमति दी जाएगी। शिमला विकास योजना के तहत ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में सिर्फ उन्हीं प्लाटों पर आवासीय निर्माण को अनुमति प्रदान की जाएगी जहां पेड़ नहीं हैं। मंत्रिमंडल ने नाला और खड्ड से क्रमशः पांच और सात मीटर की दूरी पर निर्माण को अनुमति देने के लिए हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना नियमों को संशोधित करने का निर्णय लिया।
वन मंडलाधिकारी नाहन सौरभ ने जानकारी देते हुए बताया कि नाहन वन मण्डल के नाहन, त्रिलोकपुर व कोलर रेंज के अधीन जंगलों में उगने वाली भाबड़ घास की नीलामी 23 अक्तूबर 2023 प्रात: 11 बजेे वन मण्डल अधिकारी कार्यालय नाहन में की जाएगी। उन्होंने बताया कि इच्छुक बोलीदाता को 5 हजार रुपये की राशि मौके पर पहले ही जमा करवानी होगी, जो कि नीलामी समाप्त होने पर बोली दाता को वापिस कर दी जाएगी। उन्होने बताया कि नीलामी संबंधी अधिक जानकारी के लिए किसी भी कार्य दिवस में वन मंडलाधिकारी नाहन के कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।
-डीसी बोले, हथियार व आग्नेयास्त्र साथ रखने पर रहेगा प्रतिबंध जिला मुख्यालय नाहन से 21 किलोमीटर दूर त्रिलोकपुर में श्री महामाया बालासुंदरी जी आश्विन नवरात्र मेला आगामी 15 अक्तूबर से 28 अक्तूबर तक धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। मेले के सफल व सुचारू आयोजन को लेकर जिला दंडाधिकारी सुमित खिमटा ने धारा-144 के तहत एक आदेश जारी करते हुए कहा है कि मेले के दौरान कालाअंब पुलिस स्टेशन की सीमा के भीतर तथा मेला क्षेत्र त्रिलोकपुर में कोई भी व्यक्ति आग्नेयास्त्र, घातक हथियार तथा विस्फोटक सामग्री को साथ लेकर नहीं चल सकता। इसके अलावा कोई भी श्रद्धालु मंदिर में नारियल नहीं चढ़ा सकता। यह भी आदेश जारी किए गए हैं कि कोई भी व्यक्ति त्रिलोकपुर मेला परिक्षेत्र में मेले के दौरान किसी प्रकार की गैर कानूनी गतिविधि में संलिप्त नहीं हो सकता और न ही मदिरा का सेवन कर सकेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सुमित खिमटा ने कहा कि यह आदेश महामाया बालासुंदरी मेले के दौरान कानून व व्यवस्था बनाए रखने तथा श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, के अंतर्गत जारी किये गए हैं। मांस-मछली की बिक्री पर रहेगा प्रतिबंध जिला दंडाधिकारी ने एक अन्य आदेश जारी करते हुए कहा कि मेले के दौरान मेला क्षेत्र त्रिलोकपुर में की मांस व मछली विक्रय की दुकानें नहीं लगेगी। मांस व मछली की बिक्री पर त्रिलोकपुर क्षेत्र में पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। हालांकि मेला अवधि के दौरान काला आम्ब से त्रिलोकपुर तक सड़क के साथ लगती मांस व मछली की दुकानों में विक्रेताओं को केवल दुकान के अंदर ही मांस व मछली की बिक्री करने की इजाजत होगी। उन्होंने कहा कि मेले में श्रद्धालु धार्मिक भावना एवं आस्था के साथ आते हैं। इसलिये यह आवश्यक है कि मेले के दौरान मांस व मछली की बिक्री प्रतिबंधित रहे ताकि श्रद्धालुओं में किसी प्रकार का जन आक्रोश उत्पन्न न हो। कागज/गत्ता के कारखानों के ट्रकों की आवाजाही पर रहेगा प्रतिबंध जिला दंडाधिकारी ने एक अन्य आदेश के तहत मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 115 के अंतर्गत कागज/गत्ता के कारखानों के ट्रक/ट्रैक्टर जिन पर मूल ढांचे के अलावा बड़े-बड़े बोरे की सहायता से तूड़ी आदि लाई जाती है, ऐसे वाहनों की आवाजाही पर कालाअंब से त्रिलोकपुर सड़क पर आगामी 15 अक्तूबर से 28 अक्तूबर तक प्रात: 6 बजे से रात्री 10 बजे तक प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश मेले के दौरान यातायात में किसी प्रकार का अवरोध न पड़े, इसके दृष्टिगत लोगों की सुविधा के लिये जारी किये गए हैं।
-प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने जिला रोजगार कार्यालयों से मांगी सूची हिमाचल प्रदेश में 1,409 प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) की बैचवाइज भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से 25 वर्ष पहले बीएड करने वालों को भी सरकारी नौकरी करने का मौका मिलने जा रहा है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय टीजीटी कला संकाय के 652, नॉन मेडिकल के 492 और मेडिकल के 265 पद भरेगा। टेट पास अभ्यर्थी भर्ती के लिए पात्र होंगे। अनुबंध आधार पर भर्ती होने वाले शिक्षकों को 22,860 रुपये का फिक्स वेतन मिलेगा। विभाग ने प्रदेश के दुर्गम और दूरदराज के स्कूलों में सेवाएं नहीं देने के इच्छुक अभ्यर्थियों से काउंसलिंग में न आने की अपील की है। किस कोटे में कितने पद टीजीटी के 898 पद अनारक्षित, ईडब्ल्यूएस, ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग से भरे जाएंगे। इसके अलावा पूर्व सैनिक कोटे से 353, खेल कोटे से 68 और दिव्यांग कोटे से 90 पद भरे जाएंगे। 898 पदों के लिए जिला रोजगार कार्यालयों से पात्र अभ्यर्थियों की सूची मांगी गई है। बीए, बीएससी और बीकॉम में 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले और बीएड पास अभ्यर्थी भर्ती के लिए पात्र होंगे। टीजीटी के 898 पदों की भर्ती के लिए नॉन मेडिकल संकाय में बीएड करने वालों का वर्ष 1999 का बैच पात्र होगा पूर्व सैनिक कोटे के तहत टीजीटी कला में 159, नॉन मेडिकल में 130 और मेडिकल में 64 पद भरे जाएंगे। निदेशक सैनिक कल्याण विभाग से पात्र अभ्यर्थियों की सूची प्राप्त होते ही प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को शुरू करेगा। बैचवाइज भर्ती के लिए कला संकाय में अनारक्षित वर्ग के लिए वर्ष 2001, मेडिकल में 2002 का बीएड बैच चल रहा है। कला संकाय की भर्ती के लिए आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग का मई 2003, ओबीसी का 2003, एससी और एसटी वर्ग का वर्ष 2004 का बैच चल रहा है। नॉन मेडिकल भर्ती के लिए ईडब्लूएस का 2002, ओबीसी का 2003, एससी का 2006 और एसटी का 2008 का बैच चल रहा है। मेडिकल संकाय में ईडब्लूएस का 2005, ओबीसी का 2006, एससी-एसटी का वर्ष 2006 का बैच चल रहा है 6 से 15 नवंबर तक जिला स्तर पर होगी काउंसलिंग टीजीटी की बैचवाइज भर्ती के लिए जिला स्तर पर 6 से 15 नवंबर तक काउंसलिंग होगी। जिला उप निदेशक शिक्षा भर्ती करेंगे। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने जिला रोजगार कार्यालयों से 20 अक्तूबर तक पात्र अभ्यर्थियों की सूची देने को कहा है। शिक्षा निदेशालय की जगह जिला उप निदेशक कार्यालयों में अभ्यर्थियों के नाम देने को कहा गया है।
जिला सिरमौर के विकास खण्ड पांवटा साहिब के ग्राम पंचायत भरली आगरो के ग्राम बिकौली के वार्ड 3, व विकास खण्ड पच्छाद के ग्राम पंचायत शीनाघाट के ग्राम शीनाघाट में उचित मूल्य की दुकानें खोली जानी है जिसके लिए आवेदन ऑनलाइन माध्यम से 31 अक्तूबर तक किया जा सकता है। यह जानकारी जिला नियन्त्रक खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, विजय सिंह ने देते हुए बताया कि इच्छुक उम्मीदवार या संस्थाएं निर्धारित प्रपत्र व अन्य दस्तावेज निगम की वेबसाईट पर अपलोड कर उचित मूल्य की दुकान खोलने हेतु आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त अन्य किसी भी माध्यम से आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि यदि आवेदन ग्राम पंचायत द्वारा किया जा रहा है तो ग्राम पंचायत सचिव के माध्यम से आवेदन करना होगा तथा इसके लिए पंचायत का प्रस्ताव भी अनिवार्य है। स्वयं सहायता समूह को समूह के सचिव के माध्यम से आवेदन करना होगा, स्वयं सहायता समूह का प्रस्ताव तथा समूह का पंजीकरण प्रमाण पत्र व जिस वार्ड से संबंधित है उसका प्रमाण पत्र लगाना अनिवार्य है। इसी प्रकार सहकारी समितियों को सचिव सहकारी समिति के माध्यम से आवेदन करना होगा तथा सोसाइटी का प्रस्ताव व पंजीकरण प्रमाण पत्र व जिस वार्ड से सम्बन्धित है उसका प्रमाण पत्र अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि व्यक्तिगत रूप से आवेदन करने के लिए न्यूनतम योग्यता मैट्रिक व आयु 18 से 45 वर्ष है।
सिरमौर जिला की विभिन्न ग्राम पंचायतों में हुई आकस्मिक रिक्तियों को भरने के लिये उप-चुनाव करवाए जाने हैं। इसके लिये जिला निर्वाचन अधिकारी (उपायुक्त) सुमित खिमटा ने एक आदेश जारी करते हुए निर्वाचन के संचालन के लिये खण्ड विकास अधिकारी राजगढ़, पांवटा साहिब, नाहन, संगड़ाह तथा तिलोरधार को उनके क्षेत्राधिकार अनुसार रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया हे। साथ ही ग्राम पंचायत हेतु सहायक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त करने के लिये भी प्राधिकृत किया गया है। निर्वाचन कार्यक्रम का नोटिस जारी करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विकास खण्ड राजगढ़ की शिलांजी ग्राम पंचायत में उप-प्रधान का पद भरा जाना है। पांवटा साहिब की बद्रीपुर पंचायत के वार्ड संख्या-एक में सदस्य का पद, मुगलावाला करतारपुर के वार्ड संख्या एक में सदस्य, माजरा के वार्ड संख्या एक में सदस्य तथा भनेता हल्दवाड़ी ग्राम पंचायत के वार्ड संख्या चार में ग्राम पंचायत सदस्य के पद भरे जाने हैं। नाहन की सलानी कटोली ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर पांच में सदस्य, संगडाह की लुधियाना ग्राम पंचायत के वार्ड नम्बर एक में सदस्य, ग्राम पंचायत माशू के वार्ड नम्बर दो में ग्राम पंचायत सदस्य के पद के लिये निर्वाचन होगा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि नामांकन पत्र अभ्यर्थी अथवा उसके प्रस्थापक द्वारा 18,19 तथा 20 अक्तूबर, 2023 को प्रात: 11 बजे से सायं 3 बजे तक ग्राम पंचायत मुख्यालय में सहायक रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करवाए जा सकेंगे। प्रस्तुत किये गए नामांकन पत्रों की संविक्षा 21 अक्तूबर को प्रात: 10 बजे से की जाएगी। अभ्यर्थिता वापिस लेने के नोटिस अभ्यर्थी द्वारा लिखित रूप में प्राधिकृत प्रस्थापक द्वारा 25 अक्तूबर को प्रात: 10 बजे से शाम 3 बजे तक परिदत किये जा सकेंगे। अभ्यर्थिता वापिस लेने के लिये निर्धारित समय के अवसान के तुरंत पश्चात निर्वाचन प्रतीत आबंटित किये जाएगें तथा निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों के नामों की सूची अपने आने कार्यालय के सूचना पटल पर चस्पान की जाएगी। सुमित खिमटा ने कहा कि निर्वाचन करवाए जाने की स्थिति में मतदान 5 नवंबरको प्रात: 8 बजे से सायं 4 बजे तक होगा।
जिला स्तरीय अंडर-19 बॉयज खेलकूद प्रतियोगिता का समापन बीते शुक्रवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सोनिया दीदग में हुआ, जिसमें जिला भर से आए सभी शिक्षा खंडों के स्कूलों के बच्चों ने भाग लिया। संगडाह जोन की कबड्डी टीम का नेतृत्व कर रहे सुमीत को माध्यमिक विद्यालय सोनिया दीदग में हुई खेलकूद प्रतियोगिता में कबड्डी में बेस्ट प्लेयर का खिताब मिला है। सुमीत संगड़ाह उपमंडल के तहतआने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मंडवाच में बाहरवीं कक्षा का छात्र है। इस स्कूल में पीटीआई और डीपीई नहीं है फिर से छात्र के लिए यह सफलता मिलना कम नहीं है। अब सुमीत अंडर 19 बॉयज राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में जिला सिरमौर का प्रतिनिधित्व करेगा। इस छात्र की हर कोई तरीफ कर रहा है। मंडवाच स्कूल के प्रधानाचार्य सीता राम ने राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता जो जिला शिमला के रोहडू में आयोजित होनी है क लिए उसे शुभकामनाएं दी हैं।
सिरमौर जिला के उप मंडल मुख्यालय संगड़ाह में शनिवार सायं 6 से रविवार सायं करीब 3 बजे तक लगातार 21 घंटे विद्युत आपूर्ति बाधित रही। इस दौरान संगड़ाह कस्बे में वोल्टेज इतनी कम रही कि, टीवी, कंप्यूटर, पंखे व हीटर जैसे लगभग सभी उपकरण बंद रहे। साथ लगते कुछ बिजली घंटों गुल रही। गत वर्ष करीब 7 करोड़ की लागत से तैयार 33 केवी सबस्टेशन संगड़ाह की चाढ़ना मेन लाइन जहां पिछले 7 माह से बंद पड़ी है, वहीं 33केवी लाइन ददाहू भी करीब 3 महीने से बंद पड़ी है। तब से 11केवी लाइन से काम चलाया जा रहा है और बार-बार अघोषित पावर कट लग रहे हैं। प्रदेश में कांग्रेस अथवा सुक्खू सरकार के सत्ता में आने के बाद संगड़ाह में विद्युत विभाग के सहायक अभियंता व अधिशासी अभियंता कार्यालय को बंद करवाया जाना व स्टाफ की भारी कमी भी यहां बार-बार विद्युत आपूर्ति बाधित होने के मुख्य कारण बताए जा रहे हैं। शुक्रवार को हुई विद्युत कर्मचारी संघ की संगड़ाह इकाई की बैठक में भी खाली पदों को लेकर चर्चा की गई। अधिशासी अभियंता नाहन राहुल राणा ने कहा कि, उन्हे आज ही बिजली गुल रहने का सूचना मिली और अब लाइन को दुरुस्त किया जा चुका है।
-प्रशासन ने 3 दिवसीय प्रशिक्षण के बाद प्रदान की किट जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सिरमौर द्वारा विकास खंड संगड़ाह की आठ पंचायतों के 80 युवा स्वयंसेवकों की टास्क फोर्स का गठन किया गया। इस स्वयंसेवियों को 3 दिवसीय प्रशिक्षण के बाद किट अथवा टी-शर्ट भी भेंट की गई। एसडीएम संगड़ाह सुनील कायथ ने शुक्रवार सांय प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से आग्रह किया कि, भविष्य में आगजनी, बाढ़ व भारी बारिश में भूस्खलन जैसी आपदा की स्थिति में उपमंडल संगड़ाह में इन प्रशिक्षित स्वयंसेवकों का सहयोग प्रशासन को मिलेगा, जिससे जान एवं माल का नुकसान कम किया जा सके। उन्होंने आग्रह किया कि, जो भी स्वयंसेवक यहां से प्रशिक्षित हुए हैं वह अपनी-अपनी पंचायतों एवं गांव के स्तर पर भी लोगों को आपदा प्रबंधन एवं फर्स्ट रिस्पांडर के महत्व को सभी के साथ साझा करें। एसडीएम कायथ ने पंचायत समिति सभागार संगडाह में सभी सफल युवा स्वयंसेवकों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सहायक आयुक्त विकास चिराग शर्मा, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सिरमौर के समन्वयक राजन कुमार, अरविंद चौहान व भूपेंद्र सिंह सहित स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। गौरतलब है कि, उपमंडल संगड़ाह में फायर स्टेशन अथवा चौकी न होने से हर साल आगजनी से लाखों का नुक्सान होता है। 4 साल पहले दमकल विभाग द्वारा संगड़ाह में फायर चौकी खोलने की प्रपोजल भेजी गई, मगर प्रदेश सरकार द्वारा अब तक इसके लिए बजट स्वीकृत नहीं किया गया। उपमंडल मुख्यालय संगड़ाह में मौजूद करीब 7 करोड़ के मिनी सचिवालय, साढ़े 10 करोड़ के अस्पताल व करीब 11 करोड़ के राजकीय महाविद्यालय भवन जैसी सरकारी सम्पत्तियां भी आगजनी से सुरक्षित नहीं है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार 4 मंजिला अस्पताल भवन में तो इमरजेंसी एक्जिट भी नहीं है। 60्यरू दूर जिला मुख्यालय नाहन से आज तक 1 बार भी दमकल वाहन अथवा कर्मचारी यहां आग बुझाने नहीं पंहुचे। क्षेत्र में आपदाओं अथवा हादसों के दौरान स्थानीय लोग ही राहत एंव बचाव कार्य करते हैं और दमकल विभाग के साथ साथ इलाके में आज तक एनडीआरएफ व एसडीआरएफ जैसी टीम भी किसी मुसीबत की घड़ी में नहीं पहुंची।
-फाइनल में चीनी ताइपे को 26-25 से दी शिकस्त हिमाचल की बेटी रितु नेगी के नेतृत्व में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत लिया है। भारत की बेटियों ने फाइनल में चीनी ताइपे को 26-25 के कड़े मुक़ाबले में हराकर बड़ी जीत हासिल की है। सिरमौर जिले के गिरिपार की रितू नेगी की कप्तानी में भारतीय टीम ने एशियन गेम्स 2023 में इतिहास रच दिया है। इन खेलों में भारत ने पहली बार 100 पदक जीत लिए हैं। शनिवार को सवेरे सात बजे भारतीय टीम का गोल्ड के लिए चीनी ताइपे टीम से मुकाबला हुआ। मुकाबला काफी रोमांच का था, दोनों टीमें अपना बेहतर प्रदर्शन कर रही थीं। अंत में भारत ने चीनी ताइपे को 26-25 से मात देकर सोने का पदक भारत की झोली में डाल लिया। सभी खिलाड़ियों ने अपनी टीम को जिताने के लिए बेहतर प्रदर्शन किया। टीम की कप्तान रितु नेगी हिमाचल के जिला सिरमौर के शिलाई विधानसभा क्षेत्र के शरोग गांव की रहने वाली है, जिनका कुछ समय पूर्व ही एशियन गेम्स की भारतीय महिला कबड्डी टीम के कप्तान पद पर चयन हुआ था। नेगी भारतीय कबड्डी टीम में डिफेंडर के तौर पर खेलती हैं। वह पिछले करीब एक दशक से भी अधिक समय से भारतीय महिला कबड्डी टीम का हिस्सा हैं। वर्तमान में रितु नेगी इंडियन रेलवे में सेवारत है।
द हंस फाउंडेशन एमएमयू टीम-2 ने शुक्रवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हलान-1 में एक विशेष चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। इस विशेष चिकित्सा शिविर में टीम-2 ने नि:शुल्क जांच-परीक्षण और उपयुक्त टेस्ट की सेवाएं प्रदान की गईं। साथ ही मुफ्त दवाइयों भी वितरित कीं। इसमें सभी अध्यापकों और बच्चों ने इस सुविधा का लाभ उठाया। इसके अलावा चिकित्सा अधिकारी डॉ. निशांत द्वारा एनिमिया पर जागरकता सत्र भी करवाया गया। उन्होंने बताया कि एनीमिया एक रक्त संबंधित रोग है, जिसमें शरीर की खूनी क्षमता कम हो जाती है और यह किसी की आम जीवनशैली पर प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने छात्रों को एनीमिया के लक्षणों और उसके उपचार के बारे में जानकारी दी और उन्होंने सही आहार और जीवनशैली की महत्वपूर्ण बातें भी साझा कीं। छात्रों ने इस सत्र में अपने सवालों का उत्तर प्राप्त किया। इस सत्र का उद्देश्य छात्रों को स्वास्थ्य के महत्व के बारे में जागरूक करना था और उन्हें एनीमिया से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने में मदद करना था। इस शिविर में डॉ. निशांत शर्मा, सामाजिक सुरक्षा अधिकारी फुंचोग डोलमा, प्रयोगशाला तकनीशियन सीमा गरिया, फार्मासिस्ट तान्या भारद्वाज व प्रवीण कुमार उपस्थित रहे।
-बोले, काननू लागू नहीं किया तो जन आंदोलन से निपटने के लिए रहे तैयार -मुख्य सचिव और प्रधान सचिव जनजातीय विकास से की मुलाकात -2 महीने से अधिक समय तक मामला लटकाना है कानून का अपमान सिरमौर के गिरिपार में बसने वाले हाटी समुदाय को केंद्र सरकार ने अनुसूचित जनजाति का दर्जा दे दिया है। इस संबंध में 4 अगस्त को कानून बन गया। लेकिन, राज्य सरकार अनुसूचित जनजाति संशोधन कानून को हिमाचल प्रदेश में लागू नहीं कर रही है। 2 महीने से ज्यादा समय से मामला लटकाने से समुदाय के लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। हाटी समुदाय ने फिर हुंकार भरी है। अगर कानून तत्काल लागू न हुआ तो बड़ा जन आंदोलन छेड़ेंगे। इस संबंध में हाटी विकास मंच के पदाधिकारियों ने अध्यक्ष प्रदीप सिंगटा, मुख्य प्रवक्ता डॉ. रमेश सिंगटा, सलाहकार मदन तोमर की अगुवाई में शिमला में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और जनजातीय विकास विभाग के प्रधान सचिव ओंकार शर्मा, विक्रम नेगी संयुक्त सचिव जनजातीय विकास विभाग से राज्य सचिवालय में मुलाकात की। इस दौरान आला अफसरों को ज्ञापन भी सौंपा गया। इसमें हाटी को स्ञ्ज का दर्जा दिलाने के लिए अधिकारियों के योगदान को सराहा गया। लेकिन क्रियान्वयन करने में देरी होने पर रोष भी जताया गया। पहले लॉ की ओपिनियन ली और अब केंद्र के पास भेजा मामला प्रदेश सरकार ने पहले लॉ डिपार्टमेंट की ओपिनियन ली। इसके बाद इसी मामले को फिर से केंद्र सरकार को भेजा गया है। जनजातीय मामलों के मंत्रालय को भेजे गए पत्र में पूछा गया है कि क्या संशोधित कानून में अनुसूचित जाति को बाहर रखा गया है या नहीं.. इससे पहले लॉ डिपार्टमेंट से जानना चाहा था कि हाटी है कौन? जबकि केंद्र सरकार के जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने पहले ही 22 अगस्त को हिमाचल प्रदेश सरकार को पत्र लिखा था और इसमें संशोधित कानून को लागू करने के निर्देश दिए थे। यह हो रहा नुकसान कानून लागू न होने से छात्रों को स्कॉलरशिप नहीं मिल पा रही है और ना ही वह नौकरियों में इसका लाभ ले पा रहे हैं। बिना एसटी सर्टिफिकेट के उन्हें बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है। यह दी चेतावनी हाटी समुदाय ने चेतावनी दी है कि अगर तत्काल कानून को लागू न किया तो वह फिर से महाखुमलियों के माध्यम से सड़कों पर उतरेंगे। वैसे हालात के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार होगी। गौरतलब है कि हाटी विकास मंच ने इससे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से सरकारी आवास ओक ओवर में मुलाकात की थी। उन्होंने तब आश्वासन दिया था कि वह कानून को जल्द लागू करेंगे। मंच के पदाधिकारियों ने इसी साल अप्रैल महीने में शिमला प्रवास के दौरान राष्ट्रपति महामहिम द्रोपति मुर्मू से भी मुलाकात की थी। हाटी मामले में देश के राष्ट्रपति से की गई यह पहली मुलाकात थी।
एचआरटीसी प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर के निर्देश के बाद परिवहन निगम ने बसों में सामान ले जाने को लेकर रिवाइज्ड भाड़ा सूची जारी की है। इसमें बसों में नि:शुल्क ले जाने वाली वस्तुओं के साथ नए उत्पादों के लिए किराया विवरण भी जारी किया है। बस में सवारी अपने साथ घरेलू सामान 30 किलोग्राम तथा किसी भी साइज के दो बैग, बच्चों की ट्राली, तिपहिया साइकिल, व्हील चेयर, लैपटॉप, सेब बॉक्स के साथ सेब का एक गिफ्ट पैक फ्री में कहीं भी ले जा सकते हैं, लेकिन अगर सवारी साथ नहीं है, तो फिर एक गिफ्ट पैक का हाफ टिकट कटेगा। सवारी के साथ एक से ज्यादा गिफ्ट पैक पर एक चौथाई किराया लिया जाएगा, जबकि फुल पेटी का पूरा एक सवारी का किराया कटेगा। एचआरटीसी प्रबंधन ने सवारियों के साथ और बिना सवारी के साथ एचआरटीसी की बसों में ढोए जाने वाले सामान के लिए रिवाइज्ड भाड़ा निर्धारित किया है। एचआरटीसी की ओर से रिवाइज्ड भाड़े के मुताबिक सवारी के साथ ऑफिस या डाइनिंग चेयर का एक चौथाई किराया वसूल किया जाएगा। डाइनिंग व ऑफिस टेबल फुल टिकट होगा। पांच सीटर सोफा सेट का डबल टिकट कटेगा। सिंगल बेड बॉक्स का फुल टिकट कटेगा। डबल बेड बॉक्स का डबल टिकट कटेगा, अलमारी का भी डबल टिकट कटेगा। सिलाई मशीन व पंखे का एक चौथाई किराया कटेगा। प्लास्टिक व फोल्डिंग चेयर का एक से तीन कुर्सियों का एक चौथाई किराया कटेगा। छह कुर्सियों का हॉफ टिकट व इससे ज्यादा का फुल टिकट कटेगा। साइकिल का हाफ किराया। बच्चों की ट्रॉली व दिव्यांगों की व्हील चेयर का कोई किराया नहीं लगेगा। दिव्यांग व्यक्ति के बस में न होने पर कुर्सी का एक चौथाई किराया काटा जाएगा। कंप्यूटर, एलईडी, एलसीडी का एक चौथाई किराया कटेगा। सवारी के साथ दो लैपटॉप बिना किराए के ले जा सकते हैं। दो से ज्यादा पर एक चौथाई किराया काटा जाएगा। वहीं, वॉशिंग मशीन का फुल टिकट कटेगा।
-कहा, आपदा से नुकसान को कम करने के लिए नियमों तथा मानवीय स्वभाव में बदलाव जरूरी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार आपदा से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में कड़ा कानून बनाने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि पहाड़ों में गृह निर्माण के लिए स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग की अनुमति, भूमि के भार वहन करने की क्षमता का पता लगाने के साथ-साथ जल निकासी की समुचित व्यवस्था पर कानून बनाया जाएगा। उन्होंने इसमें लोगों से राज्य सरकार को सहयोग का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि आज आपदा से अमूल्य जीवन एवं संपत्ति के नुकसान को कम करने के लिए नियमों तथा मानवीय स्वभाव में बदलाव की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रति सम्मान और संतुलन बनाकर ही आपदा की संभावना तथा इससे होने वाले नुकसान को न्यून किया जा सकता है। हिमाचल प्रदेश के पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में भूकंप और भूस्खलन जैसे भौगोलिक खतरों से उत्पन्न चुनौतियां, विषय पर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में आज यहां आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल में इस बार बरसात में भारी बारिश, बादल फटने और बांधों से अत्याधिक पानी छोड़े जाने के कारण बहुत अधिक नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि अप्रैल माह से ही राज्य में बारिश हो रही थी और मानसून में बहुत ज्यादा बारिश होने के कारण मानव जीवन और संपत्ति को काफी नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि इस आपदा के लिए मानवीय लालसा व असंवेदनशीलता इत्यादि भी कारण रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को सुरक्षा के दृष्टिगत नालों इत्यादि से समुचित दूरी पर घर बनाने और स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इसमें चूक से आपदा में जान-माल के नुकसान की आशंका और भी बढ़ जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही की बरसात में राज्य में बादल फटने की बहुत घटनाएं हुई हैं, जिनका व्यापक अध्ययन आवश्यक है। इसके अतिरिक्त जलवायु परिवर्तन का प्रभाव भी दृष्टिगोचर हो रहा है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति जैसे बहुत कम वर्षा वाले क्षेत्रों में भी इस बार काफी ज्यादा बारिश हुई है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से राज्य सरकार ने आपदा के दौरान बेहतर काम किया और रिकॉर्ड 48 घंटों के भीतर प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, पानी और टेलीफोन सहित अन्य आवश्यक सेवाएं अस्थाई रूप से बहाल की गई। राज्य में किसानों-बागवानों को भी असुविधा न हो, इसका भी पूरा ध्यान रखते हुए सेब व अन्य नकदी फसलों को समय पर मंडियों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया गया। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों में बेहतर प्रयासों के लिए अधिकारियों सहित सभी लोगों की पीठ भी थपथपाई।
पांगी में पहली बार भारत में जनजातीय पहचान मुद्दे चुनौतियां और आगे की राह पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह आयोजन पहली और 2 अक्टूबर को ऑनलाइन और 4 अक्टूबर को ऑफलाइन राजकीय महाविद्यालय किल्लाड़ पांगी में किया गया। इसकी संयोजक डॉ. प्रोमिला देवी प्रभारी प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय पांगी हैं। इसमें मुख्य अतिथि आवासीय आयुक्त रितिका जिंदल तो विशिष्ट अतिथि के एसडीएम पांगी रमन घरसंगी व डॉ. राकेश राठौर उपस्थित रहे। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में 125 से अधिक प्रस्तुतकर्ताओं ने ऑनलाइन तो 20 से अधिक ऑफलाइन प्रस्तुतियां दी गईं। जिसमें डॉ. मुकेश कुमार, प्रो इंदु दुग्गल, डॉ. भूपेंद्र कुमार, प्रो इंदु ठाकुर, प्रो. दिनेश सिंह, प्रो व्यास, प्रो विजय कुमार, प्रो भूमेश कुमार राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला की छात्रा रेखा राणा सहित कई प्रस्तुत कर्ता ने अपनी प्रस्तुती दी। इस सम्मेलन में जनजातीय विकास विभाग हिमाचल प्रदेश शिमला द्वारा वित्त पोषित का सहयोग किया गया। राजकीय महाविद्यालय पांगी की प्रभारी प्राचार्य ने कहा कि पांगी जैसे दुर्गम क्षेत्र में पहली बार अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजित किया गया, जिसमें उन्हें इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कई समस्याओं का सामना करना पड़ा।
-प्रदेश की आर्थिक स्थिति को डूबोने के लिए कांग्रेस की सरकार जिम्मेदार कांग्रेस पार्टी की सरकार हिमाचल प्रदेश में सत्ता में आने के बाद एक साल होने को आया है। आज भी सुक्खू सरकार के मंत्रियों, प्रवक्ताओं और स्वयं मुख्यमंत्री के बयानों से यह स्पष्ट होता है कि कांग्रेस यह मानने को तैयार नहीं है कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार सत्ता में है और भाजपा प्रतिपक्ष में है। सरकार में स्थापित लोगों के निरंतर एक ही बयान आ रहे हैं कि भाजपा ने यह नहीं किया, वो नहीं किया, ऐसा नहीं किया, वैसा नहीं किया और केवल और केवल धन का रोना रोते-रोते एक साल बीता दिया। डॉ. राजीव बिंदल, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी ही सत्ता में रही, भारतीय जनता पार्टी तो 1990 के बाद सत्ता में आनी शुरू हुई। प्रदेश की आर्थिक स्थिति को पूरी तरह डूबोने का काम यदि किसी ने किया है तो उसके लिए कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस की सरकार जिम्मेदार हंै। 2022 के आम चुनावों के दौरान अरबों रुपये की घोषणाएं, गारंटियां जब चुनावी जनसभाओं में कांग्रेस के नेता दे रहे थे, उस समय प्रदेश की माली हालत का इन्हें सब कुछ मालूम था, फिर भी केवल और केवल झूठ के आधार पर वोट बटोरने के लिए गारंटियां बांटी जा रही थी। डॉ. बिंदल ने कहा कि पिछले 10 महीनों में अव्यवस्था ही व्यवस्था है। 1500 स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, तहसीलें इत्यादि संस्थान बंद कर दिए और उनका कोई माकूल जवाब सरकार नहीं दे रही है। यह सबसे बड़ी अव्यवस्था है। एक लाख बेरोजगारों को पहली कैबिनेट में सरकारी नौकरी देने की गारंटी पूरी न करके बेरोजगार युवकों की पीठ में छूरा घोंपा है और इसके विपरीत हजारों लोग जो नौकरी में लगे हुए हैं उन्हें नौकरी से निकाला जा रहा है, इससे बड़ी अव्यवस्था क्या होगी? जिला परिषद कर्मी सड़क पर हैं, उनसे झूठे वादे किए गए। एसएमसी अध्यापक सड़क पर हैं उनसे झूठे वादे किए गए और कोरोना वॉरियर्स रोते बिलखते कांग्रेस की सरकार के शिकार हो गए हैं, इससे बड़ी अव्यवस्था क्या हो सकती है? चंबा से लेकर सिरमौर तक कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ी हुई हंै। दलित युवक की बेरहमी से हत्या चंबा जिला में होती है। हजारों लोग सड़कों पर उतरते हैं, परंतु सरकार को रत्ती भर भी रंज नहीं होता, दुख नहीं होता और यह हत्याओं का, बलात्कार का, चोरियों का, डकैतियों का सिलसिला जोरों पर चल रहा है। जनता त्रस्त है, सरकार मस्त है। कानून व्यवस्था राम भरोसे है।
इस मानसून सीजन में प्रदेश में जितने दिन स्कूल बंद रहे, उतने दिन या घंटे तक एक्स्ट्रा कक्षाएं लगानी होंगी, ताकि बच्चों की पढ़ाई को हुए नुकसान की भरपाई की जा सके। इसे लेकर प्रारंभिक शिक्षा और उच्च शिक्षा निदेशक ने सर्कुलर जारी कर सभी डिप्टी डायरेक्टर को इन आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आदेशों में स्पष्ट कहा गया कि रोजाना एक घंटे एक्स्ट्रा क्लासेज लगाई जाएं। यदि बीच में दो-तीन दिन की छुट्टियां आती हैं तो एक दिन स्कूल खुले रखकर बच्चों को पढ़ाई कराई जाए। इन आदेशों का सख्ती से पालन होना चाहिए। स्कूल प्रिंसिपल और हेडमास्टर को एक्स्ट्रा क्लाजेस का टाइम टेबल बाकायदा डिप्टी डायरेक्टर को शेयर करने को बोला गया है। बरसात में महीना भर बंद रहे थे कुछ स्कूल इस बार भारी बारिश के कारण कई जगह शिक्षण संस्थान मानसून सीजन में एक महीने से भी ज्यादा समय तक बंद रखे गए थे। इनमें मंडी, कुल्लू और शिमला जिला के ज्यादातर स्कूल शामिल हैं। शिमला जिले के ठियोग, रोहड़ू, कोटखाई, कुल्लू के आनी, मंडी व सिरमौर के कई क्षेत्रों में बार-बार स्कूल बंद किए गए हैं।
-मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना औपचारिक रूप से शुरू -मुख्यमंत्री ने पात्र बच्चों को 4.68 करोड़ के वित्तीय लाभ किए वितरित मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान से राज्य स्तरीय समारोह में अनाथ, विशेष रूप से सक्षम बच्चों, निराश्रित महिलाओं और वृद्धजनों को व्यापक सहायता के दृष्टिगत मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना की औपचारिक शुरूआत की। इसके साथ ही हिमाचल अनाथ बच्चों एवं अन्य वंचित वर्गों की मदद के लिए कानून बनाकर यह योजना लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर योजना के पात्र बच्चों को 4.68 करोड़ रुपये के वित्तीय लाभ का वितरण भी किया। इसमें उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे 48 अनाथ बच्चों को फीस और छात्रावास व्यय के रूप में 15.52 लाख रुपये तथा मासिक व्यय के रूप में 11.52 लाख रुपये शामिल हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत 17 अनाथ बच्चों को 7.02 लाख रुपये फीस तथा 4.08 लाख रुपये मासिक व्यय का वितरण किया गया। मुख्यमंत्री ने पालक देखभाल एवं प्रायोजन (फोस्टर केयर) के अन्तर्गत 1106 लाभार्थियों को 2.65 करोड़ रुपये के वित्तीय लाभ हस्तांतरित किए। इसके अतिरिक्त बाल देखभाल संस्थानों के 12वीं कक्षा के 30 मेधावी छात्रों को 10वीं कक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए लैपटॉप प्रदान किए गए। उन्होंने लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों की स्थापना के लिए तीन लाभार्थियों को छह लाख रुपये का आवंटन भी किया। सरकार अनाथ एवं अन्य वंचित वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सुक्खू ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार राज्य में अनाथ एवं अन्य वंचित वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इसी रिज मैदान पर शपथ लेने के बाद वे बतौर मुख्यमंत्री सचिवालय के बजाय टुटीकंडी स्थित बालिका आश्रम पहुंचे और वहीं उन्हें इन वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस तरह की योजना का विचार आया। उन्होंने कहा कि विभिन्न वित्तीय चुनौतियों और और हाल ही में आई आपदा के बावजूद प्रदेश सरकार ने इस योजना को आरंभ करने का अपना संकल्प पूरा किया है। 27 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह मिलते रहेंगे 4000 रुपये मुुख्यमंत्री ने कहा कि सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत नए चिन्हित किए गए लगभग 2700 अनाथ बच्चे, जो कि अपने रिश्तेदारों के साथ रह रहे हैं, उन्हें भी 27 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक 4000 रुपये मासिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन बच्चों के संरक्षण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और इस योजना में मातृत्व देखभाल की आवश्यकता वाले प्रत्येक बच्चे के लिए एक परिचारिका का भी प्रावधान किया गया है और प्रत्येक बढ़ते तीन बच्चों के लिए एक मैट्रन का भी प्रावधान है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि योजना के अंतर्गत अनाथ बच्चों को वार्षिक आधार पर 15 दिवसीय अध्ययन भ्रमण करवाया जाएगा, जिस दौरान उन्हें तीन सितारा होटलों में ठहराने सहित उनकी हवाई यात्रा तथा अन्य व्यय प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अनाथ बच्चों को प्रदत्त यह अधिकार दया के रूप में नहीं अपितु एक कानून बनाकर उन्हें उपलब्ध करवाया गया है। बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करें मुख्यमंत्री ने इन बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करें। उन्होंने कहा कि एकाग्रता, दृढ़ इच्छा शक्ति और कड़ी मेहनत सफलता की ओर ले जाती है और यह बच्चे हिमाचल प्रदेश का भविष्य हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि यह बच्चे जीवन में अकेले नहीं हैं और समस्त समाज उन्हें समाहित करने के लिए आगे आ रहा है। 2 लाख रुपये विवाह अनुदान का भी प्रावधान मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को 10 हज़ार रुपये वस्त्र भत्ता, 500 रुपये उत्सव अनुदान और 2 लाख रुपये विवाह अनुदान का भी प्रावधान है। उच्च शिक्षा के लिए यह बच्चे एक लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता के लिए पात्र हैं और उन्हें 4000 रुपये प्रतिमाह जेब खर्च भी दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त उन्हें लघु एवं सूक्ष्म उद्योग की स्थापना के लिए 2 लाख रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा ताकि वे स्वरोज़गार के लिए प्रेरित हो सकें। 10वीं में बेहतर प्रदर्शन के लिए 30 मेधावी छात्रों को प्रदान किए लैपटॉप सीएम सुक्खू ने इस पहल के द्वितीय चरण में 10वीं तथा 12वीं कक्षा के 268 बच्चों को लैपटॉप प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विधवा, एकल नारी और विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों सहित विभिन्न वंचित वर्गों को पेंशन और अपंगता राहत भत्ते की प्रक्रिया का सरलीकरण कर उन्हें आय सीमा में भी छूट प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का भूमिहीन अनाथ बच्चों को गृह निर्माण के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में तीन बिस्वा भूमि और शहरी क्षेत्रों में दो बिस्वा भूमि तथा तीन लाख रुपये की वित्तीय सहायता का भी प्रस्ताव है। आपदा प्रभावितों की मदद को 4500 करोड़ का विशेष राहत पैकेज मुख्यमंत्री ने लोगों को लाभ पहुंचाने के दृष्टिगत नई कल्याणकारी योजनाएं आरंभ करने की भी घोषणा की और संकट के समय बहादुरी के साथ आपदा का सामना करने के लिए प्रदेशवासियों के प्रयासों व जीवट की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने आपदा प्रभावित 16500 परिवारों की सहायता के लिए 4500 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज जारी किया है। इसके अतिरिक्त पूरी तरह से क्षतिग्रस्त घरों का मुआवज़ा 1.30 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रुपये किया गया है। साथ ही आपदा में आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कच्चे एवं पक्के मकानों के लिए मुआवज़ा राशि एक लाख रुपये की गई है। सुक्खू ने इस अवसर पर प्रदर्शनी का अवलोकन किया और अनाथ बच्चों के साथ दोपहर भोज में भी शामिल हुए। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा वंचित वर्गों के उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों और सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के महत्त्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि अनाथ बच्चों के कल्याण में सरकार की यह फ्लैगशिप योजना कारगर साबित होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने इस योजना के साथ ही सामाजिक सुरक्षा पैंशन के नए मामले स्वीकृत करने सहित सामाजिक कल्याण की दिशा में अनेक महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा विधवा पुनर्विवाह भत्ता 65 हजार रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये किया गया है। राज्य सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को 995 करोड़ रुपये का बजट आवंटन किया है।
प्रदेश की सुक्खू सरकार ने 7 बीडीओ यानी खंड विकास अधिकारियों का तबादला किया है। इन अधिकारियों के तबादलों के संदर्भ में अधिसूचना जारी कर दी गई है। राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक अब निशांत शर्मा को हमीरपुर जिला के नादौन विकास खंड के बीडीओ का कार्यभार सौंपा गया है। अभी तक वह शिमला के टूटू विकास खंड में बतौर बीडीओ सेवाएं दे रहे थे। वहीं वर्तमान में बीडीओ बिलासपुर कुलवंत सिंह को बीडीओ भोरंज का कार्यभार सौंपा गया है। मंडी जिला के गोलापुर में बतौर बीडीओ सेवाएं दी रही अस्मिता ठाकुर पोस्टिंग के नए आदेशों तक राज्य हेडक्वार्टर को ज्वाइन करेगी। वहीं बीडीओ कुनिहार विवेक पॉल भी राज्य मुख्यालय में पोस्टिंग के आगामी आदेशों तक सेवाएं देंगे। बीडीओ गगरेट हिमांशी को बीडीओ हमीरपुर लगाया गया है। बीडीओ धर्मशाला ओमपाल को बीडीओ अंब बनाया गया है। इसके अलावा सुशील कुमार को जो वर्तमान में बीडीओ अंब है। वह आगामी आदेशों तक राज्य मुख्यालय को ज्वाइन करेंगे।


















































