जिला कांगड़ा के फतेहपुर को कोरोना का जोरदार झटका लगा है। एक साथ ही फतेहपुर में तीन कोरोना पॉजिटिव के मामले सामने आए हैं। एक साथ तीन लोगों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के समाचार से लोग सहम गए हैं। उपमंडल फतेहपुर की पंचायत लुठियाल के बडा़ल गांव का 30 वर्षीय व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया है जोकि 27 मई को मध्य प्रदेश से लौटा था जोकि संसारपुर टैरेस में इंसिट्यूशनल क्वारन्टीन था। गोलवां का 25 वर्षीय युवक कोरोना संक्रमित पाया गया है। उक्त युवक कार चलाता था तथा कंटेन्मेंट जोन से आल्टो कार के माध्यम से अपने भाई और उसके दोस्त को चंडीगढ़ छोड़ने भी गया था जिस एवज में उस पर कंटेन्मेंट जोन की उलंघना का भी केस दर्ज है। फतेहपुर की हाड़ा पंचायत का 22 वर्षीय युवक भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है जोकि 29 मई को फ्लाइट के जरिए दिल्ली पहुंचा था व फतेहपुर के शिबा पैलस मे क्वारन्टीन था। इसके अतिरिक्त गंगथ से भी एक 31 वर्षीय व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया है जोकि गंगथ में होम क्वारंटाइन था। बताया जाता है कि उक्त व्यक्ति गंगथ में एक सुनार के पास कारीगर कर रूप।में काम करता था और किसी अन्य प्रदेश से तालूक रखता था। तब्लीगी जमात के सदस्य के बाद गंगथ का यह दूसरा मामला है। इससे पूर्व भी गंगथ के लोग कंटेन्मेंट जोन में रह चुके है अतः उन्हें फिर डर सताने लगा कि उन्हें फिर से कंटेन्मेंट ज़ोन की असुविधा न उठानी पड़ी। वहीं एसडीएम फतेहपुर बलवान चन्द ने बताया कि गोलवां वार्ड नम्बर 4 से जो युवक कंटेन्मेंट जोन से गाड़ी लेकर कुछ लोगों को छोड़ने चला गया था, उसकी हिस्ट्री को खंगाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि उसके संपर्क में आए लोगों के भी सैंपल लिए जाएंगे।
दिनाक 03 जून 2020 को NSUI मंडी के पूर्व जिला अध्यक्ष आज़ाद गुमरा ने कोरोना माहमारी के चलते छात्रों के स्वास्थय को मद्देनजर कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों को प्रोमोट करने की पुरजोर मांग उठाई है। आज कोरोना माहमारी के चलते शैक्षणिक वर्ष बाधित हुआ है। शैक्षणिक कैलेंडर में देरी के साथ-साथ विश्वविद्यालय में ना ही कक्षा संचालित हो पाई है और ना ही पाठ्यक्रम पूरा हुआ है, जिसके बिना परीक्षाएं आयोजित करना सही नहीं होगा। साथ ही प्रदेश में बिना बुनियादी ढाँचे व कनेक्टिविटी के कारण ऑनलइन परीक्षाएं करवाना भी सभव नहीं है। कोरोना महामारी के चलते विश्वविद्यालय का ऐकडेमिक कलैंडर काफी गड़बड़ा गया है, वहीं कोरोना वायरस के लगातार पाँव पसारने के बीच परीक्षाएं करवाना संभव नहीं लग रहा है। परीक्षाएं करवाने पर छात्रों के स्वास्थय पर असर भी हो सकता है। NSUI सरकार से व विश्वविद्यालय प्रशाशन से यह मांग करती है कि सनातक प्रथम, द्वितीय वर्ष और स्रातकोत्तर प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को गत वर्ष के मूल्यांकन के आधार पर प्रोमोट किया जाए वहीं सनातक व स्तरातकोत्तर अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थियों गत औसत के 10 प्रतिशत अधिक अंको से उत्तीर्ण किया जाए। साथ ही NSUI ने यह भी मांग रखी है कि जो 2015 -2016 सत्र के छात्र है जिनकी डिग्री अभी तक पूरी नहीं हो पाई है और उनका यह अंतिम चांस था, उन छात्रों के भविष्य को मद्देनजर रखते हुए उन्हें डिग्री दी जाए।
शिक्षा, विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कुसुम्पटी क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कायम करते हुए कोविड-19 के तहत उनके द्वारा किए गए सक्रिय सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल में कोई भी कोरोना संक्रमण मामला सामने नहीं आया, जो भी मामले यहां पाए गए हैं वह उनकी ट्रैवल हिस्ट्री बाह्य आगमन रही है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग ने लाॅकडाउन की स्थिति का सामना किया। जनप्रतिनिधियों द्वारा सेवा परमोधर्म के भाव को प्रदर्शित करते हुए लोगों को विभिन्न तरीकों व स्तरों पर निरंतर सहायता प्रदान की जाती रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विभिन्न गतिविधियों को चरणबद्ध रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है ताकि आर्थिक नुकसान की भरपाई के साथ-साथ कोरोना संक्रमण से बचाव भी सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से कोई भी प्रदेश में संक्रमण का मामला नहीं आया, इसके लिए जांच की संख्या बढ़ाई जा रही है। उन्होंने अंदेशा जताया कि आने वाले समय में संक्रमण की गति में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन खुलने की स्थिति में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सरकार के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं व समाज के प्रत्येक वर्ग को मिलकर समन्वय स्थापित करना होगा। उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत कार्यों को शुरू करें, जिससे विकासात्मक कार्यों को तरक्की तथा रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने बताया कि अनलाॅक-3 के बाद ही स्कूलों को खोलने का विचार किया जाएगा, जिसके लिए आप सभी लोगांे से सुझाव आमंत्रित है। कोरोना से बचाव के लिए व्यक्तिगत तौर पर सभी को सजग व सचेत रहना अत्यंत आवश्यक है, जिसके तहत विभिन्न सलाहों को मानते हुए फेस मास्क को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचे तथा लोगों में भी ऐसे आयोजनों को न करने के प्रति जागृति प्रदान करें। उन्होंने कहा कि सामाजिक दूरी बनाएं रखने, इन्स्टीच्यूशनल अथवा होम क्वाॅरेंटाइन में रखे गए व्यक्ति द्वारा इसके अनुपालना की जा रही अथवा नहीं इसके बारे में विभिन्न स्तरों पर पंचायती राज व अन्य जनप्रतिनिधि भी निगरानी रखें तथा व्यवस्था बनाने में सहयोग प्रदान करें ताकि कोरोना संक्रमण से समाज को बचाया जा सके। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों से सुझाव आमंत्रित किए, जिसमें स्कूलों, किसानों, बागवानों तथा व्यापारियों से संबंधित सुझाव शामिल किए गए। इस अवसर पर कुसुम्पटी के व्यापारियों ने दुकानों के समयावधि को बढ़ाने के लिए शिक्षा मंत्री का धन्यवाद किया। वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग में कुसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के नगर निगम पार्षद, पंचायत प्रधान, बीडीसी सदस्य, जिला परिषद सदस्य एवं अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर, हिमाचल प्रदेश के साइकिलिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष, दिनेश मल्होत्रा और पूर्व आईएएस अधिकारी ने आज राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से भेंट की और उन्हें एसोसिएशन की गतिविधियों के बारे में बताया। राज्यपाल ने साइकिलिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने के उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए कहा कि दुनिया कोविड-19 से जूझ रही है, जिसने हमारे जीने के तरीके को बदल दिया है और इस समय में हमारे राज्य में साइकिल गतिविधियां चलाने की अत्याधिक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि साइकिल परिवहन का सरल रूप है, क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है। उन्होंने कहा कि देश में बहुत सारे ऐसे सुन्दर स्थल हैं, जो साइकिल पर्यटन को लोकप्रिय बनाने के लिए पसंदीदा स्थल हो सकते हैं। हिमाचल प्रदेश और इसके कुछ विशेष क्षेत्र इस सूची में सर्वोच्च स्थान पर हैं। मल्होत्रा ने कहा कि राज्य में साइकिलिंग के खेल को विकसित करने के लिए मंच प्रदान करने के लिए एसोसिएशन का गठन किया गया है। राज्य के लोगों के बीच पर्यटन, स्वास्थ्य और फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए साइकिल को लोकप्रिय गतिविधि के रूप चलाना है। राज्यपाल के एडीसी मोहित चावला और एसोसिएशन के अवैतनिक सचिव और अन्य सदस्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
जल शक्ति एवं बागवानी मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर और शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को देश की एक इंडिपेंडेंट एजेंसी आईएएनएस-सी वोटर सर्वे द्वारा किए गए सर्वेक्षण के आधार पर देश का बैस्ट परफाॅर्मिंग मुख्यमंत्री और भाजपा शासित राज्यों में सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री घोषित किए जाने पर बधाई दी है। मंत्रियों ने कहा कि ये सर्वे संबंधित राज्यों में सभी मुख्यमंत्रियों की संतोषजनक (सेटिस्फेक्शन) रेटिंग के आधार पर किया गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सेटिस्फेक्शन का शुद्ध प्रतिशत 73.96 है, जो कि अधिकांश बड़े राज्यों की तुलना में बहुत अधिक है। उन्होंने बताया कि सेटिस्फेक्शन का शुद्ध प्रतिशत कर्नाटक में 67.21 प्रतिशत, असम में 67.17 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 58.73 प्रतिशत, गुजरात में 58.53 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 57.81 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय सेटिस्फेक्शन का औसत 57.36 प्रतिशत है। महेन्द्र सिंह और सुरेश भारद्वाज ने कहा कि राज्य के लिए भी यह गौरव का बात है कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को भाजपा शासित राज्यों में देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री के रूप में स्थान दिया गया है और देश के 7वें सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री के रूप उभरे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश न केवल मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के गतिशील नेतृत्व में प्रगति और समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है, बल्कि राज्य में कोरोना महामारी से भी प्रभावी तरीके से निपट रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सर्दी, जुखाम जैसे लक्षणों वाले लोगों की पहचान करने के लिए शुरू किए गए एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान जैसे कदमों की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी सराहना की है।
राज्य सरकार प्रदेश में निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण मुहैया कर और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध करवा, निवेश करने के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से काॅर्पोरेट मामलों के निदेशक सीटी पावर लिमिटेड नई दिल्ली एस.के.मिश्रा के साथ बातचीत के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अनेक मनभावन पर्यटन स्थल और जलवायु स्वास्थ्यवर्धक होने के कारण पर्यटन के क्षेत्र में निवेश की आपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य में सतत पर्यटन विकास के लिए एक पर्यटन नीति तैयार की है। उन्होंने कहा कि पर्यटन से युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उपलब्ध होने के अलावा राज्य के विकास में मदद मिलेगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य में बहने वाली पांच प्रमुख नदियां भी हिमाचल प्रदेश को पनबिजली उत्पादन के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अच्छी धूप और और साफ-सुथरा वातावरण भी राज्य को सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए एक आदर्श गंतव्य बनाते हैं। मुख्यमंत्री ने काॅरपरेट मामले, सीटी पावर लिमिटेड के निदेशक को आश्वासन दिया की राज्य सरकार कम्पनी के निवेश के प्रयासों में हर सम्भव सहायता प्रदान करेगी। काॅरपरेट मामले, सीटी पावर लिमिटेड के निदेशक एस. के. मिश्रा ने मुख्यमंत्री को प्रदेश में 250 मेगावाट क्षमता के सौर उर्जा संयत्रों को स्थापित करने की इच्छा से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि कम्पनी मुख्य रुप से प्रदेश के शिमला, कांगड़ा और मंडी जिले में एक पांच सितारा होटल की स्थापना करने के लिए भी इच्छुक है। उन्होंने कहा कि कम्पनी राज्य में अमेरिकी होटल चेन ब्रांड एमजीएम को आरम्भ करने के लिए प्रयासरत है। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग राम सुभग सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा, सचिव पर्यटन देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव डाॅ.आर.एन. बत्ता भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष डॉ.धनीराम शांडिल ने कहा है कि पार्टी में अनुशासनहीनता को किसी भी स्तर पर सहन नही किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि पार्टी के नियम सभी के लिए बराबर है और सभी को इसके नियमों का पालन करना होगा। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पुनर्गठन के बाद समिति की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए शांडिल ने सभी पदाधिकारियों व नेताओं को अनुशासित रहने का आह्वान करते हुए कहा कि अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर नही की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ताओं व नेताओं को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दिशानुसार कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी की एकता के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए। शांडिल ने पार्टी कार्यकर्ताओं व नेताओं की प्रेस में एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी को भी अनुशासनहीनता के दायरे में लाते हुए इस समिति के सदस्यों की जिम्मेदारीयां तय कर दी।इसके तहत विधायक पवन काज़ल सामान्य शिकायतें, चेतराम ठाकुर प्रिंट मीडिया व वीरेंद्र सूद सोशल मीडिया व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर पार्टी विरोधी खबरों व अपने नेताओं के विरुद्ध किसी भी बयानबाजी पर कड़ी नज़र रखेंगे जबकि वरिष्ठ अधिवक्ता शर्मिला पटियाला को सदस्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। बैठक में शांडिल के अतिरिक्त समिति के सदस्य पवन काज़ल, चेतराम ठाकुर, वीरेंद्र सूद मौजूद थे। बाद में समिति ने प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर से भेंट कर इस समिति में उन्हें शामिल करने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने उन्हें आश्वासन दिया कि समिति पूरी निष्ठा और किसी भी शिकायत पर बगैर किसी पक्षपात के अपना कार्य करेगी।
3 जून 2020, हिमाचल प्रदेश :केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कोरोना आपदा से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गये प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज से अब तक 43 करोड़ लोगों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज से 53248 करोड़ रुपए ट्रांसफ़र किए जाने की जानकारी दी है। अनुराग ठाकुर ने कहा”कोरोना महामारी से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हर ज़रूरी कदम उठा रही है। इस आपदा की विभिषिका से देशवासियों को राहत पहुँचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज दिया था। अब तक इस पैकेज से 43 करोड़ से अधिक लोगों को 53228 करोड़ रुपए की सहायता पहुँचाई जा चुकी है। महिला जनधन खाताधारकों को पहली किश्त 10029 करोड़ की 20.05 करोड़ लाभार्थीयों व दूसरी किश्त 10315 करोड़ की 20.63 करोड़ लाभार्थीयों को ट्रांसफ़र किए जा चुके हैं।2.81 करोड़ वृद्ध, विधवा, दिव्यांग व वरिष्ठ नागरिकों को 2814 करोड़,8.19 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत 16394 करोड़,2.3 करोड़ बिल्डिंग एवं निर्माण श्रमिकों को 4313 करोड़,59.43 लाख कर्मचारियों के ईपीएफ़ का 24% सहयोग 895 करोड़, उज्ज्वला योजना के अंतर्गत लगभग 9000 करोड़ रुपए का लाभ इन योजनाओं के लाभार्थीयों को दिया जा चुका है।” आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा "आत्मनिर्भर भारत पैकेज बनाते समय हमने विभिन्न सेक्टर के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक चर्चा की थी और उसी के अनुरूप नीतियाँ बनाईं।सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने 100 प्रतिशत आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना के तहत 10,361.75 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने जून महीने के पहले दो दिनों में इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम के तहत 3892.78 करोड़ का ऋण सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को उपलब्ध कराया है।इन उपायों से रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे व इसका सबसे ज़्यादा लाभ छोटे शहरों को मिलने वाला है।”
हिमाचल प्रदेश पुलिस पेंशनर्स वेलफेयर एसोशियेशन कुनिहार के अध्यक्ष धनीराम तनवर, गुरदयाल सिंह चोधरी, जगदीश चौहान,आशा ठाकुर, पुष्पा सूद, जगदीश गर्ग, लेखराम कायथ, कंवर शमशेर सिंह,संतराम चंदेल, राजेन्द्र शर्मा, केदार ठाकुर पतराम पंवर, मुनिलाल चोहान, बीना देवी,दिपराम ठाकुर, रूपराम ठाकुर, रतिराम शर्मा सहित अन्य सदस्यों ने संजय कुंडू (आईपीएस) के प्रदेश पुलिस महानिदेशक बनने पर उन्हें बधाई संदेश भेजा है। एसोशियेशन ने कहा कि जब केन्द्र से वापिस हिमाचल प्रदेश आये व् प्रदेश मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के पद पर आसीन हुए थे तब भी प्रदेश पुलिस पेंशनर्स ने एक वरिष्ठ आई पी एस आफिसर होने के नाते शुभकामनाए दी थी। एसोशियेशन द्वारा प्रदेश पुलिस महानिदेशक को दिए बधाई संदेश पत्र में कहा है, कि एसोशियेशन आपसे पूरी आशा करती है कि हम सभी जिन्होंने 35 से 40 वर्ष विभिन्न पदों पर रहते हुवे प्रदेश की सेवा की है व् आप अपने पुलिस परिवार की तरह एसोशियेशन की समस्याओं का निवारण करेंगे जैसा कि पिछले कई वर्षों से एसोशियेशन के आग्रह पर पूर्व डी जी पी मिन्हास महदोय ने प्रदेश के सभी पुलिस अधिक्षको को आदेश दिए थे कि जब भी पुलिस पेंशनर्स किसी भी कार्य के लिए थाना चौकी में आए तो उनको सम्मान पूर्वक सुना जाए व् पेंशनर्स के साथ वर्ष में दो बार पुलिस लाइन में बैठक रखी जाये व उनके अनुभवों का लाभ उठाकर समस्याओ को हल करे। इसी प्रकार पूर्व डी जी पी अश्वनी कुमार जो अपनी योग्यता से सी बी ई चीफ व् गवर्नर के पद पर रहे जब वह बतोर डी जी पी किसी भी थाना का निरीक्षण करने आते थे तो सबसे पहले उस थाना के सभी पुलिस पेंशनर्स को आमंत्रित करके उनकी समस्याओ बारे चर्चा करते थे। हिमाचल प्रदेश पुलिस पेंशनर्स वेलफेयर एसोशियेशन ने कहा कि यह भी एक सच्चाई है कि हर अधिकारी को एक न एक दिन अपने पद से सेवानिवृत होना है। हालत सामान्य होने के उपरान्त एसोशियेशन के सभी सदस्य आपसे मुलाक़ात करेंगे।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री एवं विधायक राकेश जम्वाल ने अपने प्रैस वक्तव्य में कहा कि कांग्रेस पार्टी ने कोरोना संकट के कारण आई वैश्विक आपदा को भी पार्टी के लिए फंड इकट्ठा करने का माध्यम बना लिया है और प्रदेश की जनता की सहायता के नाम पर अपने केन्द्रीय नेतृत्व से पैसा मांग कर अपनी जग हसाई करवा रही है। जबकि हकीकत यह है कि कांग्रेस पार्टी ने कोरोना संकट में प्रदेश में कोई भी जनसेवा का कार्य नहीं किया है केवल अपनी राजनीति चमकाने के लिए और मीडिया की सुर्खियों में बने रहने के लिए झूठी बयानबाजी करने का काम किया है और अब प्रदेश की जनता की मदद के बहाने अपनी हाईकमान को झूठे आंकड़े भेजकर अपनी जेबें भरने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा महामंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने कोरोना संकट में प्रदेश में 7.5 लाख मास्क, 2.5 लाख सैनिटाईजर और 11 हजार पीपीई किटस बांटने, 2 लाख 40 हजार लोगों को खाना बांटने, 9800 लोगों को टिकट देने तथा 5 हजार लोगों की चिकित्सीय मदद की ऐवज में 12 करोड़ रू0 खर्च करने का दावा अपनी हाईकमान के सामने प्रस्तुत किया है, जोकि वास्तविकता से कोसो दूर है। इस तरह के झूठे आंकड़े प्रस्तुत कर कांग्रेस पार्टी के नेता न केवल स्वयं को बल्कि अपनी पार्टी को भी धोखे में रख रहे हैं। ऐसी भयंकर महामारी में भी झूठ की राजनीति करना कांग्रेस पार्टी की संकीर्ण मानसिकता का परिचायक है। राकेश जम्वाल ने कहा कि एक ओर कांग्रेस पार्टी जनसेवा के बदले सहायता राशि की मांग कर रही है और दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं ने कोरोना संकटकाल के दौरान प्रदेश की जनता की निस्वार्थ भाव से सेवा की है। अब तक भाजपा ने 5 लाख से अधिक लोगों को भोजन के पैकेट, 1 लाख से अधिक लोगों को सूखा राशन की किटें, 22 लाख से अधिक मास्क, 10 करोड़ से अधिक की राशि का प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान दिया है, परन्तु इन सब सेवा कार्यों की बदले किसी राशि की मांग नहीं की है। भाजपा महामंत्री ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कोरोना महामारी में बेहतरीन कार्य किए हैं। इस दौरान प्रदेश सरकार ने प्रदेश में तथा प्रदेश के बाहर रह रहे प्रत्येक हिमाचलवासी के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन बखूबी किया है। प्रदेश से बाहर रह रहे हिमाचलियों को वापिस प्रदेश में लाकर उन्हें राहत प्रदान की है। हालांकि बाहर से लाए गए लोगों से हिमाचल में कोरोना के मामले बढ़े हैं लेकिन इन सबके बावजूद भी हिमाचल प्रदेश की स्थिति अन्य राज्यों के मुकाबले बेहतर है और प्रदेश में कोरोना के मरीजों के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार भी हो रहा है। राकेश जम्वाल ने कांग्रेस को सलाह देते हुए कहा कि यदि आप प्रदेश की जनता की वास्तव में सेवा करना चाहते हैं तो दलगत राजनीति से उपर उठकर मीडिया में झूठी बयानबाजी कर उन्हें गुमराह करना बंद करें और सकारात्मक रवैया अपनाते हुए इस महामारी से निपटने में प्रदेश सरकार का सहयोग करें।
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने दाड़लाघाट सब उपमंडल के अंतर्गत ईएसआई अस्तपाल, तहसील कार्यालय, नवनिर्मित सीएचसी के भवन और अम्बुजा सीमेंट कंपनी दाड़लाघाट में अपनी टीम के साथ औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उपायुक्त सोलन केसी चमन के साथ, सीएमओ सोलन, उपमंडलाधिकारी अर्की, बीएमओ अर्की, तहसीलदार अर्की, नायब तहसीलदार दाड़लाघाट व अन्य विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे। उपायुक्त सोलन केसी चमन ने आला अधिकारियों से कोविड-19 के चलते दाड़लाघाट क्षेत्र में विभिन्न विषयों पर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने ईएसआई अस्तपाल में जाकर वहां के स्टाफ से स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं को मुहैया करवाने के आदेश दिए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि तहसील कार्यालय में लोगों को किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े और लोगों की जरूरत वाले जरूरी दस्तावेज उन्हें समय पर मिलना चाहिए, ऐसे आदेश कर्मचारियों और अधिकारियों को दिए। उधर सीएचसी के नवनिर्मित अस्तपाल को चालू करने के साथ साथ कोविड-19 डेडिकेटेड अस्तपाल की तैयारी व उचित व्यवस्था को लेकर सीएमओ सोलन, उपमंडलाधिकारी अर्की व बीएमओ अर्की को जल्द से जल्द इसे पूर्ण रूप से तैयार करने के लिए आदेश दिए। इसके साथ ही बखालग में कोविड केअर सेंटर की व्यवस्था को लेकर उक्त अधिकारियों से उन्होंने जानकारी जुटाई। इस दौरान दाड़लाघाट क्षेत्र में स्थापित अम्बुजा सीमेंट कंपनी में चल रही गतिविधियों को लेकर वहां के उच्च प्रबंधन को निर्देश व हिदायत दी कि कोविड 19 के मद्देनजर उद्योग परिसर में सरकार द्वारा दी गई सभी गाइडलाइंस का पालन करे।इस मौके पर उपायुक्त सोलन केसी चमन ने कहा कि कोविड-19 के दृष्टिगत समाज के सभी वर्गों के हित के दृष्टिगत घोषित कर्फ्यु में चरणबद्ध ढील दी जा रही है ताकि सामाजिक-आर्थिक विकास सुनिश्चित बनाकर जन-जन को कोरोना वायरस के विरूद्ध सजग रहने के लिए प्रेरित किया जा सके। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे सदैव सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का प्रयोग करें व सार्वजनिक क्षेत्र में दूरी बनाकर रखें और नियमित अंतराल पर अपने हाथ साबुन अथवा सेनिटाइजर से साफ करते रहें। उन्होंने कहा कि सावधानी अपनाकर ही कोविड-19 को हराया जा सकता है।इस अवसर पर उपायुक्त सोलन केसी चमन, सीएमओ सोलन डॉ राजन उप्पल, उपमंडलाधिकारी अर्की विकास शुक्ला, बीएमओ अर्की राधा शर्मा, तहसीलदार अर्की संत राम शर्मा, नायब तहसीलदार दाड़लाघाट बसंत लाल राजटा, सब तहसील दाड़लाघाट में वरिष्ठ सहायक राजेन्द्र सिंह ठाकुर, पूर्व उपप्रधान दाड़लाघाट राजेश गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
उप-निदेशक बागवानी डाॅ. विनोद शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि देश के उतरी भागों मुख्यत उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में टिड्डी दल का भयंकर प्रकोप देखा गया है जिसके चलते किसानों को भारी मात्रा में नुकसान का सामना करना पड़ा है। उन्होंने बताया कि टिड्डी दल फसलों पर दिन के समय पर हमला करता है और रात को टिड्डी दल विश्राम करता है। उन्होंने बताया कि टिड्डी दल को रात में आराम नहीं करने देना चाहिए जिसके लिए किसानों को इससे प्रभावित इलाकों में रात के समय ही कीटनाशकों का छिडकाव करना चाहिए जिसमें मैलाथियान 50 प्रतिशत ई.सी. 3.7 एम.एल/लीटर पानी, मैलाथियान 25 प्रतिशत डब्ल्यूपी 7.4 ग्राम/लीटर पानी, क्लोरोपाईरोफास 20 प्रतिशत ई.सी. 2.4 एम.एल./लीटर पानी, क्लोरोपाइराॅस 50 प्रतिशत ई.सी. 1.0 एम.एल./लीटर पानी शामिल है। उन्होंने किसानों को सलाह देते हुए कहा कि छिडकाव करते समय मास्क, दस्ताने, चश्मा और एपरन का प्रयोग जरूर करें। उन्होंने बताया कि इस छिडकाव को फसल काटने के 12 से 15 दिन पहले करना चाहिए। उन्होंने बताया कि इन टिड्डी दलों का ब्रीडिंग समय जून-जुलाई से अक्तूबर-नवम्बर तक होता है। उन्होंने बताया कि टिड्डी दल खाली पडे खेतों में अण्डें देते हैं जिन्हें नष्ट करने के लिए खेतों में गहरी नालियां खोद कर पानी से भर दें ताकि इससे इसकी संख्या को बढने से रोका जा सके। उन्होंने बताया कि एक टिड्डी दल दिन भर में 100-150 किलोमीटर तक उड़ सकती है और 20-25 मिनट में ही पूरी फसल बर्बाद कर सकती है। उन्होंने बताया कि इसके हमले से बचने के लिए किसान थालियां या टीन आदि का शोर करके भी टिड्डी दल को भगाते है ताकि टिड्डी दल के हमले से फसलो को बचाया जा सके।
हिमाचल सरकार द्वारा हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें चलाने का निर्णय तो ले लिया गया है लेकिन इस बात का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जो चालक और परिचालक बसों को लेकर जा रहे हैं, उनके रहने और खाने की व्यवस्था कैसे की जाएगी। बिलासपुर में एक ऐसा उदाहरण सामने आया है जिसमें बिलासपुर से भ्यूंखर गांव को गई पथ परिवहन निगम की बस के चालक परिचालक को वहां के ग्रामीणों ने नल से पानी तक भी भरने नहीं दिया। परिणाम स्वरूप यह बस का रूट आज कैंसिल करना पड़ा है। यही दिक्कत है अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में जा रही रूटों पर भी आ रही हैं ना तो चालक और परिचालकों के रहने की कोई व्यवस्था की गई है और ना ही उनके खाने और पीने का कोई प्रावधान है। अगर बात करें सवारियों की तो निश्चित रूप से अभी लोग बसों में नहीं बैठ रहे हैं और सवारियां बहुत कम है। जिसके चलते रेवेन्यू भी कम ही इकट्ठा हो रहा है। बिलासपुर से पहले दिन 35 रूट भेजे गए थे तथा उन रूटों पर कुल आमदनी 54584 रुपए हुई थी जबकि दूसरे दिन 52 रूट बहाल किए गए जिन पर कुल आमदनी 86609 रुपये हुई। हैरानी तो इस बात की है कि परिचालकों को हाथ से टिकट काटने को कहा गया ह लेकिन लोग हाथ से कटे टिकट नही ले रहे। पता चला है कि टिकट काटने की 216 मशीनों में से 148 मशीनें खराब है और 68 मशीनें ऐसी हैं जो रुक-रुक कर चलती है। इस बारे में परिचालकों ने कई बार अपने अधिकारियों को बताया, लेकिन किसी के कान पर जूं नहीं रेंगी जबकि यह मामला। पिछले एक डेढ़ वर्ष से चला आ रहा है। बुधवार को बिलासपुर से दो और रुट भी आरम्भ किये हैं जिनमे मल्यावर तथा जाहु के रूट शामिल हैं। बाहरी जिलों से बसें नालागढ़ ,चम्बा व शिमला से आ रही हैं और बिलासपुर को क्रॉस कर रही हैं। इस बारे में बिलासपुर पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक पवन शर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा नोटिफिकेशन जारी की गई है। उसमें पंचायत प्रधान को चालकों और परिचालकों के रहने और खाने की व्यवस्था करने को कहा गया है। लेकिन पिछले दो दिनों में किसी भी पंचायत प्रधान ने इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं की है। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से भी भ्यूंखर रूट बंद कर दिया गया है क्योंकि जब चालक और परिचालक को खाने और रहने की व्यवस्था नहीं होगी तो बसे इस तरह से कैसे चलाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा जो टिकटों को काटने की खराब मशीनें हैं, वह शिमला गई है और नई मशीनें अप्रैल में आनी थी, लेकिन कोविड -19 के कारण वह सप्लाई नहीं आ पाई है। इस बारे में शीघ्र ही उचित कार्रवाई की जा रही है।
जिला भाजपा के अध्यक्ष स्वतन्त्र सांख्यान और जिला महामंत्री आशीष ढिल्लों ने कांग्रेस पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी के राज्य अध्यक्ष नैतिकता की दुहाई देते नहीं थकते है जो 12 करोड़ का पैसा उन्होंने कोविड 19 के लिए कांग्रेस पार्टी के नाम पर इक्कठा किया उसका हिसाब किताब अब क्या कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी जी को देना पड़ेगा या फिर कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी को देना पड़ेगा। जिला अध्यक्ष ने कहा कि राजा वीरभद्र का परिवार तो पहले ही जमानत पर चल रहा। अभी भ्र्ष्टाचार के खिलाफ की ज़ीरो टॉलरेंस नीति पर अभी अभी कांग्रेस ने हर जिले में उपायुक्तों के माध्यम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपे थे जिसमें जिला बिलासपुर में कांग्रेस के बड़े नेता शामिल थे। जिला अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस की जिला अध्यक्षा ने तो बच्चों के गुलको के पैसों तक की जांच तक मांग डाली थी तो जो मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए थे। लेकिन कांग्रेस ने तो कांग्रेसियों के पैसों भी नहीं छोड़ा। अब भाजपा के राज्य अध्यक्ष तो अपनी नैतिक जिम्मेदारी तो ले चुके है तो अब क्या प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आँखे मूंद ली है और अनैतिकता का लबादा ओढ़ लिया है। प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष तो पहले की लोकसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व नेता विपक्ष पर पार्टी फंड और हेलीकॉप्टर की मस्ती की बात कह चुके और अगर कांग्रेस पार्टी ने इसकी अपनी अंतरिम जांच पूरी कर ली है तो कोविड 19 के दौरान खर्च किये 12 करोड़ रुपयों की भी जांच करवा लें या फिर त्यागपत्र देकर भ्रष्टाचार के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस नीति का पालन करे।जिला भाजपा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष से नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र देने की मांग करती है।
नवयुग सेरा ग्राम देवता सुधार समिति की कार्यकारिणी की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति के प्रधान अमर चंद शर्मा ने की बैठक में एक प्रस्ताव पास कर आपत्ति व्यक्त की गई कि गांव सेरा के जंगलों में जो पेड़ों का कटान पिछले 5 से 7 वर्षों में किया गया है तथा गत दिनों ग्राम पंचायत पारनु के गांव कनोह में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई की गई है उसका सुधार समिति पुरजोर विरोध करती है। प्रस्ताव में कहा गया है कि जंगलों के खत्म होने से ग्राम पंचायत कश्लोग के गांव सेरा में पहले ही पानी के स्त्रोत खत्म होने की कगार पर है तथा विभाग ने भी पिछले 25 से 30 वर्षों में कोई भी पेड़ सेरा के जंगलों में नहीं लगाया है, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष है। वहीं वर्तमान में ग्राम पंचायत पारनू के गांव कनोह में जो जंगलों की अंधाधुंध कटाई चल रही है, उससे ग्रामीणों में अधिक रोष व्याप्त है। एक जून को एक लाइव वीडियो वायरल हुआ था जिसमें पेड़ों की कटाई दिखाई गई थी, जिसके बाद वन विभाग के कर्मचारियों ने नवयुग सेरा ग्राम देवता सुधार समिति गांव सेरा के प्रधान अमर चंद शर्मा से संपर्क किया और आश्वासन दिया है कि आने वाली बरसात में ग्राम सेरा, कनोह में देवदार, बान आदि के बूटे लगाए जाएंगे तथा इसके बाबत एक प्रस्ताव पत्र विभाग ने मांगा है। सेरा गांव के ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रस्ताव पत्र विभाग को भेजने पर रजामंदी जाहिर की तथा यदि आश्वासन को विभाग पूरा करेगा तो सभी ग्रामीण विभाग के आभारी रहेंगे तथा आश्वासन पूरा न होने पर आगामी रणनीति बनाई जाएगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. प्रकाश दरोच ने जानकारी देते हुए बताया कि शिवा आयुर्वेदिक निजी मेडिकल काॅलेज चांदपुर में बनाए गए कोरोना केयर सैंटर में मरीजों की सभी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है ताकि उन्हें किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि मरीजों के उपचार में लगे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों को मरीजों की देखभाल करने के लिए तैनात किया गया है। विभाग द्वारा मेडिकल अधिकारियों/कर्मचारियों को पूर्ण सतर्कता बरतते हुए उनके बचाव के लिए गुणवतायुक्त पी.पी.ई. किट (व्यक्तिगत सुरक्षा किट), एन-95 मास्क, ट्रिप्पल लेयर मास्क, ग्लब्ज, हैंड सैनीटाईजर इत्यादि उपलब्ध करवाए गए है। उन्होंने बताया कि शिवा आयुर्वेदिक निजी मेडिकल काॅलेज चांदपुर में उपचाराधीन मरीजों और तैनात फ्रंट लाईन स्टाॅफ के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क सुबह का नाशता, दोपहर का भोजन और रात्रि को भी स्वच्छ भोजन और पीने के लिए मिनरल वाॅटर बोतलें उचित मात्रा में उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त उपचाराधीन मरीजों के लिए साबुन, टूथब्रश, पेस्ट, तोलिए इत्यादि भी उपलब्ध करवाए जा रहे है। उन्होंने बताया कि मरीजों और तैनात फ्रंट लाईन वर्कर स्टाॅफ के स्वास्थ्य के दृष्टिगत उचित कदम उठाए जा रहे है। उनके स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का कोई भी समझौता नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की एक सप्ताह की ड्यूटी लगाई जाती है उसके उपरांत उन्हें 14 दिन के लिए जिला के बेहतरीन होटलों में निःशुल्क ठहराने व खाने इत्यादि की व्यवस्था भी की गई है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता, मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का दुसरे कार्यकाल का पहला वर्ष स्वर्णिम रहा है,जिसे वैश्विक इतिहास में स्वर्णाअक्षरों में लिखा जाएगा। केंद्र की मोदी सरकार के दुसरे चरण के प्रथम वर्ष पुरा होने पर बरागटा ने कहा कि अनुच्छेद 370,जो देश के लिए अभिशाप थी।उसे मोदी सरकार ने अपने दुसरे कार्यकाल में सर्वप्रथम समाप्त कर ये संदेश दिया कि भाजपा कोई भी निर्णय वोट बैंक के लिए नही करती उसके लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA )विधेयक हो या सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर राम मंदिर निर्माण हेतु ट्रस्ट गठन,तीन तलाक जैसे अभिशाप बन चुके कानून का खात्मा,प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि,बागवानों के उथान के लिए स्वीकृत सीए स्टोर तथा प्रोसेसिंग प्लांट, छोटे व्यापारियों को पेंशन, करतारपुर साहिब कॉरिडोर, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना जैसी योजनाओं से देश के जनसेवक और प्रधान सेवक के रूप में सच्चे ह्दय से मोदी के प्रधानमंत्रित्व काल में हुए यह कार्य निसंदेह स्वर्णाक्षर में लिखे जाएगे। बरागटा ने कहा कि वर्तमान समय में कोरोना माहमारी में सम्पूर्ण विश्व को निर्णय क्षमता से प्रभावित किया है। 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज देकर देश के गरीबों को भी इससे लाभांवित किया है जिससे देश को पुनः मुख्य धारा में लाया जा सके। उन्होंने इसके लिए भी केन्द्र सरकार को बधाई दी है।
सोलन शहर के लिए यह बहुत खुशी की खबर है की सोलन के स्थानिय निवासी डॉ आर एन बत्ता (आईएएस) अपनी सेवा-निवृत्ति के बाद हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री कार्यालय मे सलाहकार पद के साथ साथ प्रधान निजी सचिव की भी ज़िम्मेदारी समभालेंगे। इस समाचार से सोलन क्षेत्र मे एक खुशी की लहर है। बत्ता, राजकीय स्नातकोत्तर महाविध्यालय सोलन के छात्र रह चुके है और सोलन के लोगो मे एक आशा की किरण जाग्रत हुई है की इनकी नियुक्ति से सोलन के विकास की गतिशीलता भी बड़ेगी। कुल राकेश पंत (पूर्व अध्यक्ष, नगर परिषद सोलन), मुकेश गुप्ता (अध्यक्ष, व्यापार मण्डल सोलन ), मनोज गुप्ता (महासचिव, व्यापार मण्डल सोलन ), पुनीत शर्मा (पार्षद ) विश्व किर्ति सूद, आशीष शर्मा, जतिन साहनी, प्रोफेसर आर के पठानिया, engg L.C.Gupta, चन्द्र कांता सूद, किरण कश्यप, राजीव ठाकुर(पूर्व पार्षद), किशन ग्रोवर, हरिमोहन शर्मा, जगमोहन मल्होत्रा आदि ने उन्हें बधाई दी है व उनके उज्वल भविष्य की कामना की है।
किन्नौर ज़िला में भी कोरोना वायरस ने दस्तक दे दी है। ज़िले में 2 कोरोना पॉज़िटिव मामले सामने आए हैं। ये दोनों सांगला निवासी है जो दिल्ली से आए हैं। जानकारी के अनुसार ये एक ही परिवार के है जिनमें व्यक्ति की उम्र 45 वर्ष और महिला 40 वर्ष की है। जबकि 10 साल के बच्चे का सेम्पल दोबारा लिया गया है। इन्हें इंस्टीच्यूशनल क्वारंटाइन सेंटर उरनी मे रखा गया था। अब कोविड केअर सेंटर रिकांगपिओ लाया जा रहा है। मामले की पुष्टि सीएमओ किन्नौर डॉ सोनम नेगी ने की है।
इंडियन आइडल सीजन-2 अपनी मखमली आवाज के दम पर लोगों के दिलों पर राज करके उपविजेता के रूप में पहचान बनाने वाले रैहन निवासी अनुज शर्मा का नया हिंदी गाना 'मंजिलें भी उसकी थी, रास्ता भी उसका था', मंगलवार को यू ट्यूब पर रिलीज हो गया। साया फ़िल्मज के बैनर तले गए उक्त गाने के संगीतकार विरगी-वीर, गीतकार बोमिया राजा जबकि एलबम का नाम मंजिलें हैं। गाने को चंडीगढ़ व पौंग डैम झील किनारे फिल्माया गया है। गाने में सूचि बिरगी ने मॉडल के रूप में डेव्यू किया है। इससे पहले अनुज शर्मा का एक पंजाबी फ़िल्म में गाया गाना "सोहना तू हजार, तैनूं दसां बार बार, लॉक डाउन के दौरान 8 अप्रैल को रिलीज हुआ था। जिसे यू ट्यूब पर एक लाख से ज्यादा लोगों ने पसन्द किया है। वहीं सोशल मीडिया में गाया पहाड़ी गाना "सायें- सायें मत कर रावीये, मिंझो तेरा डर लगदा भी लोगों को बेहद पसंद आया। इंडियन आइडल में अपनी मधुर आवाज से सभी को आश्चर्यचकित करने वाले अनुज शर्मा को मशहूर संगीतकार व जज अनु मलिक ने हिमाचल का मीठा सेव कहकर संबोधित किया।
शिक्षा, विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने भाजपा महिला मोर्चा हिमाचल प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया। अभियान के तहत महिला मोर्चा द्वारा प्रदेश भर में फेस मास्क एवं साबुन वितरित किए जाएंगे। शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा द्वारा 30 लाख फेस कवर वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 26 लाख फेस कवर महिला मोर्चा द्वारा वितरित किए गए हैं। उन्होंने भाजपा महिला मोर्चा हिमाचल प्रदेश की समस्त कार्यकारिणी को इस नेक कार्य के लिए बधाई दी। इस अवसर पर भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष रशमी सूद, महामंत्री शीतल व्यास, बंदना गुलेरिया, पूर्व महापौर मधू सूद, पूर्व पार्षद भारती सूद, जिला शिमला महिला मण्डल प्रधान अनीला कश्यप, मण्डल अध्यक्ष ममता गुप्ता व कुसुम्पटी प्रत्याशी ज्यौति सैन उपस्थित थे।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व निदेशक जन सम्पर्क, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड (एचपीएसईबी) रमा देवी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उनका निधन चंडीगढ़ में हुआ। वे 84 वर्ष की थीं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग में भी अपनी सेवाएं दी थीं। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने रमा शर्मा के निधन पर शोक व्यक्त किया है और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य में पश्मीना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए निरन्तर प्रयासरत है। राज्य में वर्तमान में एक हजार किलो ग्राम पश्मीना ऊन का उत्पादन हो रहा है और अगले पांच वर्षों में इसे दोगुना करने का लक्ष्य है। पशुपालन मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने बताया कि राज्य सरकार केंद्र प्रायोजित राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत प्रदेश के बर्फीले क्षेत्रों के बीपीएल परिवारों को चंगथंगी और चिगू नस्लों की लगभग 638 बकरियों का वितरण करेगी। राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत पश्मीना के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लाहौल-स्पीति, पांगी घाटी और किन्नौर जिला के बीपीएल परिवारों को चंगथंगी बकरियों की 29 इकाइयों (प्रत्येक इकाई में 10 मादा- एक नर) और चिगू बकरी की 29 इकाइयों (10 मादा- एक नर) को वितरित किया जाएगा। प्रत्येक इकाई के लिए सरकारी ऐजेंसियां लगभग सत्तर हजार रुपये खर्च करेगी। बकरियों की 90 प्रतिशत लागत केन्द्रीय सरकार द्वारा वहन की जाएगी, जबकि राज्य सरकार और व्यक्तिगत लाभार्थी शेष दस प्रतिशत लागत को समान अनुपात में साझा करेंगे, इस प्रकार पांच-पांच प्रतिशत लागत राज्य सरकार और व्यक्तिगत लाभार्थियों दोनों द्वारा साझा की जाएगी। बकरियों के वितरण की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इस वित्त वर्ष के दौरान लक्षित परिवारों को पशुधन वितरित किये जाएंगे। वर्तमान में मुख्य रूप से दारचा, योची, रारिक-चीका गांवों और लाहौल की मयार घाटी, स्पीति के हंगांग घाटी लांगजा क्षेत्र और किब्बर तथा जिला किन्नौर के नाको, नामग्या और लिओ गांव के अलावा चंबा जिला के पांगी घाटी के कुछ क्षेत्रों में पश्मीना का उत्पादन किया जाता है। राज्य में लगभग दस संगठित शाॅल निर्माण इकाइयां हैं, जो पश्मीना ऊन के उत्पाद बनाती हैं, जो शिमला जिला के रामपुर बुशहर, मंडी जिला के सुंदरनगर और मंडी, कुल्लू जिला के शमशी और हुरला तथा किन्नौर जिला के सांगला और रिकाॅंग पिओ में स्थापित हैं। लगभग 90 प्रतिशत पश्मीना ऊन का उपयोग शाॅल, स्टाॅल और मफलर बनाने के लिए किया जाता है और 10 प्रतिशत का उपयोग ट्वीड के कोट जैसे अन्य उत्पाद बनाने में किया जाता है। राज्य में पश्मीना ऊन उत्पादकों द्वारा मुख्य रूप से खुदरा बिक्री और निजी खरीद के माध्यम से बेची जाती है। प्रदेश की सफेद और ग्रे रंग की पश्मीना ऊन का उपयोग मुख्य रूप से राज्य की संगठित शाॅल निर्माण इकाइयों में किया जाता है। प्रदेश में पश्मीना उत्पादक अपनी ऊन की लाभकारी कीमत प्राप्त कर रहे हैं और वर्तमान में खरीददार एक किलो कच्ची पश्मीना ऊन के लिए 3500 रुपये प्रदान कर रहे हैं। ऊन की अच्छी गुणवत्ता तथा अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में पश्मीना उत्पादों की मांग बढ़ने के साथ इनके मूल्य में वृद्धि भी हो रही है। हिमाचल प्रदेश के हथकरघा क्षेत्र के संगठित और गैर संगठित क्षेत्र में लगभग 10 से 12 हजार बुनकर कार्य कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में बकरियांे की संख्या लगभग 2500 है और प्रदेश सरकार इनकी संख्या बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
नगर के साथ लगती ग्राम पंचायत बांमटा की प्रधान सीमा चंदेल ने हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम बिलासपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि परिवहन निगम के बसों के साथ सेवाएं दे रहे चालकों और परिचालकों की जानकारी ग्राम पंचायत बांमटा से साँझा की जाए। उन्होंने बताया कि बामटा पंचायत का क्षेत्र एचआरटीसी कॉलोनी, वर्कशाप के चारों तरफ लगता है। इस पंचायत के 3 वार्ड निहाल, दनोह, कोसरियां, एचआरटीसी कॉलोनी व कार्यशाला से बिल्कुल सटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि परिवहन निगम ने 1 जून से अपनी बसें चलाने का निर्णय लिया है तो एचआरटीसी कालोनी व कार्यशाला से बाहर से चालकों परिचालकों का आना.जाना शुरू हो जाएगा। सीमा चंदेल ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते किसी भी। संक्रमित होने की संभावना बनी रहती है। जैसा कि उनकी पंचायत के परिचालक जो परिवहन निगम की बस के साथ सेवाएं देकर आए थे, कोविड-19 के संक्रमित पाए गए थे, इससे महामारी फैलने का खतरा पैदा हो गया था। इसलिए किसी भी अवांछित स्थिति से बचने व आपके व प्रशासन के सहयोग के लिए ग्राम पंचायत बामटा पूर्ण सहयोग हेतु सदैव तत्पर है। सीमा चंदेल ने एचआरटीसी प्रषासन से आग्रह किया है कि वह भविष्य में परिवहन निगम में सेवाएं दे रहे चालकों व परिचालकों की जानकारी ग्राम पंचायत बामटा को मुहैया करवाएं ताकि किसी अवांछित व अप्रिय घटना से समय रहते बचा जा सके।
हिमाचल प्रदेश राज्य पत्रकार महासंघ ने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि 60 वर्ष की आयु प्राप्त कर चुके एवं वरिष्ठ पत्रकारों को देश के अन्य कितने ही राज्यों की भांति अपनी–पूर्व घोषणाओं पर शीघ्र अमल करते हुए उपयुक्त पेंशन दिए जाने की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री को राज्य पत्रकार महासंघ द्वारा दिए गए एक विस्तृत ज्ञापन में पत्रकार महासंघ के राज्य प्रधान जयकुमार ने कहा है कि यद्यपि इससे पूर्व भी मुख्यमंत्री हिमाचल के वरिष्ठ पत्रकारों को पेंशन दिए जाने की घोषणाएँ करते रहे हैं, जबकि स्वयं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी हिमाचल में मुख्यमंत्री का दाईत्व संभालते ही शिमला में आयोजित एक स्वागत समारोह में पत्रकारों को पेंशन दिये जाने की घोषणा की थी, जिस पर अमल किया जाना अभी शेष है। जयकुमार ने कहा कि देश में कितने ही अन्य राज्यों के अतिरिक्त हिमाचल के पड़ोसी राज्य पंजाब ने भी पत्रकारों को 12 हज़ार और हरियाणा में 11 हज़ार मासिक पेंशन दी जा रही है। उन्होने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि हिमाचल के पत्रकारों को भी इस सुविधा को दिये जाने के शीघ्र आदेश दिये जाएँ।
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए इस समय पूरा देश एकजुट होकर खड़ा है। इस संकट की घड़ी में लोग भरपूर सहयोग प्रदान करने के लिए आगे आ रहे हैं। इस विकट परिस्थिति से उबरने के लिए राम प्रताप दाखा देवी चेत राम धमार्थ न्यास हिमाचल प्रदेश द्वारा उपायुक्त राजेश्वर गोयल को एच.पी.कोविड-19 सोलीडिटरी रिस्पोंस फंड में 1 लाख रूपये तथा पी.एम. केयर फंड में 51 हजार रुपये का चैक भेंट किया। ट्रस्ट द्वारा जिला बिलासपुर के विभिन्न स्थानों पर लोगों की सुविधा के लिए आठ सैंसर आधारित हैंड सैनिटाईजर मशीनें भी लगवाई गई है ताकि लोग बिना स्पर्श किया स्वचालित मशीनों द्वारा अपने हाथ सैनिटाईज कर सके। इसके अतिरिक्त ट्रस्ट द्वारा आई.जी.एम.सी. शिमला में भी लगभग 1 लाख रुपये से थर्मल स्क्रेनर भी लगवाया गया है। ट्रस्ट द्वारा कोरोना योद्धाओं को सम्मानित करने की श्रृंखला में शिमला 230 स्वच्छता कर्मियों को कंबल भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर ट्रस्ट के सचिव व राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्राण कार्यवाह किस्मत कुमार, अध्यक्ष सरदार गुरूदयाल सिंह व उपाध्यक्ष इन्द्र सिंह डोगरा उपस्थित रहे।
गत तीन माह से रिक्त चले जिला लोक सम्पर्क अधिकारी बिलासपुर के पद पर कृष्ण पाल ने जिला लोक सम्पर्क अधिकारी बिलासपुर का कार्यभार संभाल लिया। इससे पहले कृष्ण पाल सुदंरनगर में बतौर सहायक लोक सम्पर्क अधिकारी के पद पर तैनात थे। बिलासपुर में वह पदोन्नत होकर जिला।लोक सम्पर्क अधिकारी के पद आए है। उन्होंने सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग में अपनी पहली तैनाती बतौर सहायक।लोक सम्पर्क अधिकारी निदेशालय में 1 जून, 2007 को दी थी। उसके उपरांत उन्होंने उप मण्डल जोगिन्द्र नगर में लगभग पांच वर्ष कार्य किया, उसके।उपरांत जिला मुख्यालय मण्डी में लगभग चार वर्ष सेवाएं दी, तदोपरांत जिला सिरमौर के मुख्यालय नाहन में कार्य किया। नाहन से स्थानांनतरण उपमण्डल सुदंरनगर में कार्य संभाला। सुदंरनगर से पदोन्नत होकर 29 मई को जिला लोक सम्पर्क अधिकारी बिलासपुर का कार्यभार संभाला।
श्री नयना देवी विस क्षेत्र के लिए नावार्ड और विधायक प्राथमिकता कोटे से कोरोड़ों की राशि मंजूर हुई है। इस राशि से सड़क और पुलों का निर्माण किया जाएगा। यह जानकारी देते हुए विधायक रामलाल ठाकुर ने बताया कि क्षेत्र के विकास उनकी प्राथमिकता है। हर क्षेत्र में लोगों को सड़क सुविधा मिले इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। ठाकुर ने बताया कि नावार्ड के तहत श्री नयना देवी विस क्षेत्र के गांव घोड़ी से सायर सड़क 2.8 किमी के लिए 2.60 करोड़ मंजूरी मिली है। ठाकुर ने बताया कि विधायक प्राथमिकता निधि के तहत मैथी से सैकली और गंभरौला खड्ड के पुल की डीपीआर के लिए 5.93 करोड़ की मंजूरी मिली है। जबकि गलुआ से चलैहला सड़क के लिए 4.92 करोड़ की डीपीआर मंजूर की गई है। जबकि दयोथ लागघाट जामली सड़क की डीपीआर के 5.25 करोड़ मंजूर हुई है। ठाकुर ने कहा कि क्षेत्र का विकास उनकी प्राथमिता है। उन्होंने कहा श्री नयना देवी क्षेत्र में हर गांव व व्यक्ति का विकास हो इसके लिए वह लगातार कार्य कर रहे है। उन्होंने उक्त सड़कों और पुल के बनने के क्षेत्र के और विकास होगा। ठाकुर ने कहा कि श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र में विकास के कार्यो को लेकर कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र के हर कार्य के लिए उनकी प्राथमिकता पहले भी रही है और आगे भी रहेगी।
बिलासपुर सदर के पूर्व विधायक एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बंबर ठाकुर ने कहा है कि अली खड्ड पर बने जबल पुल के समीप मारकंड-माकड़ी पंचायत के गाँव संदौली में एक नाले पर निर्मित किए जाने वाले कल्वर्ट के दोनों ओर की विंग वाल्स पिछले कई वर्षों से लाखों रुपए खर्च करके निर्मित की जा चुकी हैं, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार और इसके नेताओं तथा संबन्धित विभाग की लापरवाही के कारण लोगों की कठिनाइयों व समस्याओं की खुली अवहेलना करते हुए इस अधूरे पड़े कार्य को पूरा करने के लिए कल्वर्ट पर स्लैब तक नहीं डाला गया है, जिस कारण लोग भारी मुसीबतों का सामना करने को विवश है। बंबर ठाकुर ने कहा कि पिछले दिन उन्होने इस क्षेत्र का दौरा किया और ग्रामीणों ने विभिन्न समस्याओं के बार में उन्हें अवगत करवाते हुए उनके शीघ्र निराकरण करवाने का आग्रह किया है। बंबर ठाकुर ने कहा कि उन्होने विधायक रहते इस कल्वर्ट के लिए 4.50 लाख रुपए स्वीकृत करवाए थे, किन्तु न जाने फिर भी इस अधूरे पड़े कल्वर्ट को पूरा करने में इतनी लापरवाही क्यूँ बरती जा रही है। उन्होने कहा कि अब बरसात का मौसम शुरू होने वाला है और कोरोना के बाद स्कूल के बच्चों को इस पुली के अभाव में आर- पार आना -जाना कठिन हो जाएगा। बंबर ठाकुर ने कहा कि संदोली से बरोग, ठोडु, मंगरोट, मकड़ोग उठाऊ सिंचाई योजना काफी समय से खराब पड़ी हुई है, जिस कारण इन सभी गांवों के किसानों की सिंचित होने वाली भूमि बंजर पड़ी है और किसानों को भारी आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है। उन्होने कहा कि इस स्कीम की मोटरें कुछ वर्ष पूर्व चोरी हो गई थी इसलिए नई मोटरें स्थापित करने के लिए और स्कीम को सुचारु रूप से चलाने के लिए उन्होने 18 लाख रुपए स्वीकृत करवाए थे, किन्तु वह पैसा भी खर्च नहीं किया गया है और स्कीम को चालू न करने से किसान मटर, अदरक और टमाटर आदि फसलें न उगा पाने के कारण भारी आर्थिक हानि उठानी पड़ी है। उन्होने खेद व्यक्त किया कि जिन योजनाओं व कार्यों के लिए कांग्रेस सरकार ने धन उपलब्ध करवा कर निर्माण कार्य शुरू करवा दिया था, वे भी अधूरे पड़े हैं और उन्हें जान -बूझ कर पूरा नहीं किया जा रहा है। उन्होने कहा कि सरकार लोगों की कठिनाइयों के प्रति बिलकुल भी गंभीर नहीं दिख रही है और लोग विभिन्न कठिनाइयाँ व परेशानिया झेलने को विवश हो रहे हैं। उन्होने सरकार को चेतावनी दी कि यदि इन कार्यों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो वे कोरोना संपात होने पर संबन्धित ग्रामीणों को साथ लेकर संघर्ष करने एवं सड़कों पर उतरने के लिए विवश होंगे, जिसका सारा उत्तरदायित्व सरकार पर होगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डाॅ० प्रकाश दरोच ने बताया कि जिला से अब तक 1885 लोगों के सैंपल कोविड-19 के लिए लैब जांच के लिए आई जी एम सी शिमला भेजे गए, उनमें से 1749 सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं और 18 की रिपोर्ट अभी तक पाॅजिटिव आई है और इनमें से 7 ठीक हो गए हैं। शेष 118 सैंपलों की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। उन्होंने बताया कि आज कल बाहर से बहुत ज्यादा संख्या में लोग अपने-अपने घरों को आ रहें हैं सभी की बार्डर पर स्वास्थ्य जांच की जा रही है और जो रैड जोन क्षेत्र से आ रहे हैं उन्हें इनस्टीचयूशनल क्वारनटाईन में रखा जा रहा है और 5 से 7 दिनों के अन्दर उनका कोरोना टैस्ट किया जा रहा है और नैगेटिव आने पर ही उन्हें होम क्वारंटाईन में भेजा जा रहा है। उन्होंने होम क्वारंटाईन के बारे में दिशा निर्देश देते हुए बताया कि व्यक्ति को चाहिए कि वे हवादार एक कमरे में रहें जिसमें कि पृथक शौचालय साथ हो को प्राथ्मिकता दी गई है। अगर उसी कमरे में कोई दूसरा परिवार का सदस्य ठहरा हो तो वह आपस में कम से कम एक मीटर की दूरी अवश्य बनाए रखें। घर के भीतर बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं, बच्चों व सह बीमारी वाले व्यक्ति दूर रहें। घर में केवल अपने कमरे तक ही सीमित रहें। किसी भी स्थिति में सामाजिक, धार्मिक, शादी व शोक मनाने इत्यादि जगहों पर न जाएं। उसे हमेशा सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों का पालन करना चाहिए अपने हाथों को हमेशा साबुन, पानी से अच्छी तरह धोएं या एल्कोहल युक्त सेनेटाइजर का उपयोग करें। उन्होंने बताया कि घरेलू वस्तुओं जैसे गिलास, कप, खाना खाने के बर्तन, तौलिया, बिस्तर इत्यादि को दूसरों के साथ सांझा न करें। हर समय मास्क पहने, मास्क को प्रत्येक 6 से 8 घण्टे में बदलें और उसका सही निपटारा करें। प्रयोग किए गए मास्क को पुनः उपयोग में न लाएं। मरीजों के द्वारा/देखभाल करने वाले/निकट संपर्क वाले लोगों द्वारा घर में देखभाल के दौरान प्रयोग किए गए मास्क का निपटारा ब्लीचिंग घोल 5 प्रतिशत या 1 प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोराइड घोल से विसंक्रमित करने के पश्चात उसे जला दे या गहरा दबा दें। प्रयोग किए गए मास्क पूरी तरह से संक्रमित हो जाते हैं। यदि खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ के लक्षण हों तो उसे नजदीक के स्वास्थ्य संस्थान में सम्पर्क करें।
भारतीय भाषा संस्थान, मैसूर द्वारा भारतीय भाषाओं में भाषा शिक्षा प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के लिए आवेदन की अंतिम तिथ 15 जुलाई, 2020 तक बढ़ाई गई है। यह जानकारी उर्दू शिक्षण तथा अनुसंधान केंद्र सोलन के प्राचार्य प्रभारी तारिक़ खान ने दी। तारिक़ खान ने कहा कि इस पाठ्यक्रम की अवधि 10 माह है और पाठ्यक्रम में केंद्र सरकार की आरक्षण नीति के अनुसार विभिन्न वर्गों के लिए आरक्षण का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 07 क्षेत्रीय भाषा केंद्रों में उपलब्ध करवाया जा रहा है। इनमें से एक उर्दू शिक्षण तथा अनुसंधान केंद्र, सपरून, सोलन भी है। इस संस्थान में वर्ष में 10 माह का उर्दूू भाषा में प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम के लिए शैक्षणिक योग्यता स्नातक उपाधि तथा आयु 45 वर्ष है। आवेदक ने संस्थान के किसी भी क्षेत्रीय भाषा केंद्र से पूर्व में प्रशिक्षण प्राप्त न किया हो। आवेदक उस भाषा के लिए आवेदन न करें जिसे वे पहले से जानते हों। उन्होंने कहा कि सभी पद ऐसे अध्यापकों के लिए आरक्षित हैं जो सरकारी विद्यालय अथवा सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में छठी से दसवीं कक्षा तक पढ़ाते हों और कम से कम 03 वर्ष तक पढ़ाने का अनुभव रखते हों। उन्होंने कहा कि अंतिम वेतन प्रमाण पत्र के आधार पर प्रतिमाह वेतन प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही 800 रुपये प्रतिमाह वृद्धि भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि बीएड, एमएड अभ्यर्थी भी प्रशिक्षण में प्रवेश के लिए पात्र हैं। इन्हें 5000 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा। स्नातक उपाधि प्राप्त आवेदक भी प्रशिक्षण के लिए पात्र होंगे। उन्हें प्रतिमाह 800 रुपये वृत्ति प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिक जानकारी भारतीय भाषा संस्थान मैसूर की वैबसाइट www.ciil.org पर प्राप्त की जा सकती है। आवेदन पत्र प्राप्त करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 जुलाई, 2020 की गई है। अधिक जानकारी के लिए क्षेत्रीय भाषा केंद्र एकक, भारतीय भाषा संस्थान मैसूर से दूरभाष नंबर 0821-23451-56 तथा सोलन स्थित केंद्र से दूरभाष नंबर 01792-223424 पर संपर्क किया जा सकता है।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने प्रदेश सरकार द्वारा जारी आदेशों की अनुपालना में औद्योगिक कामगारों एवं कर्मियों के आवागमन के लिए स्टेज कैरियेज वाहनों (बसों) में कुल क्षमता के 60 प्रतिशत यात्री लाने-ले जाने के सम्बन्ध में संशोधित आदेश जारी किए हैं। यह संशोधित आदेश केन्द्रीय गृह मन्त्रालय तथा हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप किए गए हैं। आदेशों में यह संशोधन प्रदेश सरकार द्वारा 31 मई, 2020 को जारी उन निर्देशों के अनुरूप किया गया है जिनमें स्टेज कैरियेज, सार्वजनिक परिवहन (हिमाचल पथ परिवहन निगम एवं निजी बसों) में कुल क्षमता के 60 प्रतिशत यात्रियों के साथ परिवहन की अनुमति दी गई है। संशोधित आदेशों के अनुसार कामगारों एवं कर्मियों को लाने-ले जाने के लिए प्रयुक्त वाहन को इनके वाहन में चढ़ने से पूर्व सेनिटाइज करना आवश्यक होगा। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं और आगामी आदेशों तक लागू रहेंगे।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने सोलन जिला के अर्की उपमण्डल के बखालग के समीप बाहवां में कोविड-19 के दृष्टिगत स्थापित किए जा रहे अस्थाई अस्पताल का निरीक्षण कर सम्बन्धित अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश जारी किए। डाॅ. सैजल ने इस अवसर पर कहा कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए यह आवश्यक है कि विभिन्न स्थानों पर ऐसे अस्थायी अस्पताल स्थापित किए जाएं ताकि कोविड-19 के खतरे को न्यून किया जा सके। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों से इस विषय में पूर्ण जानकारी प्राप्त की। उन्होंने स्थापित किए जा रहे कोविड-19 अस्पताल के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण किया तथा रोगियों के लिए शौचालय इत्यादि की व्यवस्था को भी जांचा। उपमंडलाधिकारी अर्की विकास शुक्ला ने कहा कि इस अस्थायी अस्पताल में लगभग 150 बैड लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यहां योग एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा परामर्श भी उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत बात्तल के कार्यालय के समीप चिकित्सको तथा अन्य पैरामेडिकल स्टाफ के ठहरने की व्यवस्था की जा रही है। यह चिकित्सक 14 दिन अपनी डयूटी देने के उपरांत 07 दिन क्वारेनटाइन रहेंगे। इस अवसर पर अर्की के पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल, भाजपा मंडल अर्की के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार उपाध्याय, जिला किसान मोर्चा अध्यक्ष रमेश ठाकुर, भाजपा किसान मोर्चा के दलीप पाल, अन्य पदाधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी अर्की डाॅ. राधा शर्मा, पंचायत प्रतिनिधि एवं अन्य उपस्थित थे।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि कोविड-19 के दृष्टिगत समाज के सभी वर्गों के हित के दृष्टिगत प्रदेश में घोषित कफ्र्यू में चरणबद्ध ढील दी जा रही है ताकि सामाजिक-आर्थिक विकास सुनिश्चित बनाकर जन-जन को कोरोना वायरस के विरूद्ध सजग रहने के लिए प्रेरित किया जा सके। डाॅ. सैजल आज सोलन जिला के अर्की विधानसभा क्षेत्र में अग्रिम कोरोना योद्धाओं को सम्मानित करने के उपरांत उपस्थित पंचायती राज प्रतिनिधियों एवं अन्य से विचार-विमर्श कर रहे थे। डाॅ. सैजल ने इस अवसर पर अर्की में जल शक्ति विभाग, पुलिस, प्रशासन, राजस्व एवं सफाई कर्मियों को ‘कोरोना योद्धा अवार्ड ऑफ़ एक्सीलेंट सर्विसिज-2020’ से सम्मानित किया। उन्हांेने कोविड-19 के दृष्टिगत विभिन्न विभागों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा से कार्य करने के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि महामारी के इस समय में जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी सजग रहकर समाज के व्यापक हित के लिए कार्यरत हैं वहीं अनेक स्वयंसेवी संस्थाएं एवं व्यक्ति प्रदेश सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि सभी के लिए आय के साधन सृजित करने और आर्थिक विकास को गति प्रदान करने के लिए कफ्र्यू में चरणबद्ध ढील दिया जाना आवश्यक है। इसके माध्यम से विशेष रूप से समाज के कमजोर वर्गों को अपनी आजीविका के लिए अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे में जहां विभिन्न विभागों का दायित्व अधिक बढ़ गया है वहीं आम लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस सहित विभिन्न संक्रमणों से बचाव के लिए जन-जन को केन्द्र एवं प्रदेश सरकार को सहयोग देना होगा। डाॅ. सैजल ने लोगों से आग्रह किया कि वे सदैव सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का प्रयोग करें, दो व्यक्तियों के मध्य कम से कम 6 फीट अर्थात 02 गज की दूरी बनाकर रखें और नियमित अंतराल पर अपने हाथ साबुन अथवा सेनिटाइजर से साफ करते रहें। उन्होंने कहा कि सावधानी अपनाकर ही कोविड-19 को हराया जा सकता है। उन्होंने सभी से ‘एस’ अर्थात सेनिटाइजर, ‘एम’ अर्थात मास्क तथा ‘एस’ अर्थात सोशल डिस्टेन्सिग (एसएमएस) स्मरण कर जीवन में उतारने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आपदा के इस समय में केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों की सहायता के लिए अनेक प्रयास किए गए हैं। जन धन खातों के माध्यम से जहां वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई गई है वहीं मनरेगा के तहत ग्राम स्तर तक विकास सुनिश्चित बनाने के साथ लोगांे की आर्थिक रूप से सहायता भी की जा रही है। डाॅ. सैजल ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सुयोग्य नेतृत्व में प्रदेश सरकार कोविड-19 के विरूद्ध योजनाबद्ध कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री स्वयं दैनिक आधार पर सभी जिला उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों से नियमित जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। इसी के आधार पर प्रदेश सरकार दैनिक योजना बनाकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण भारतीय जनता पार्टी द्वारा भी सघन प्रयास किए जा रहे हैं। पार्टी के सदस्यों द्वारा राष्ट्रीय तथा प्रदेश स्तर पर स्थापित कोविड राहत कोष में 10.50 करोड़ रुपये भेंट किए गए हैं। महिला मोर्चा द्वारा राज्य में 20 लाख मास्क बांटे गए हैं। इस अवसर पर अर्की के पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल, भाजपा मंडल अर्की के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार उपाध्याय, जिला किसान मोर्चा अध्यक्ष रमेश ठाकुर, भाजपा किसान मोर्चा के दलीप पाल, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य ओपी गांधी एवं जयनंद शर्मा, भाजपा महिला मोर्चा की अर्की मंडल की अध्यक्ष विनती मुकुल, सचिव प्रभा भारद्वाज, पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य आशा परिहार, नगर पंचायत अर्की के पार्षद, पूर्व पार्षद, उपमंडलाणिकारी अर्की विकास शुक्ला, जल शक्ति विभाग की अधिशाषी अभियंता कंचन शर्मा, एसडीओ कुलदीप गुप्ता, खंड चिकित्सा अधिकारी अर्की डाॅ. राधा शर्मा, पंचायत प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सीआईआई के कार्यक्रम में देश को आत्मनिर्भर बनाने, अपना उत्पादन बढ़ा कर निर्यात को बढ़ा कर भारत को इकॉनॉमिक सुपरपावर बनाने के लक्ष्य का स्वागत करते हुए सभी देशवासियों से इसमें सहयोग की अपील की है। अनुराग ठाकुर ने कहा "कोरोना आपदा से उपजे हालातों के साथ भारत लॉकडाउन को पीछे छोड़कर अनलॉक फ़ेस 1 में प्रवेश कर चुका है।अधिकतर उद्योग धंधे शुरू हो चुके हैं और ‘गेटिंग ग्रोथ बैक’ के लिए सरकार के साथ साथ देश भी कमर कस चुका है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस कोरोना आपदा को एक अवसर की तरह देखा है और हमें आत्मनिर्भर भारत का एक विजन देते हुए हममें यह विश्वास जगाया है कि हम इसे हासिल कर सकते हैं। यह घड़ी हमारे लिए एक अवसर की तरह है कि हम किस तरह बदली परिस्थियों में भारत को एक बड़े निर्यातक देश के तौर पर विश्व पटल पर स्थापित कर सकें। पूरी दुनिया इस समय हमें एक भरोसेमंद साथी के रूप में देख रही है क्योंकि इस महामारी के समय में भी हमने अपनी ज़रूरतों को पूरा करने के साथ साथ विश्व समुदाय की भी मदद की है। हमें इसे एक बड़े बदलाव के रूप में देखते हुए इंडस्ट्री को इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहिए। ग्लोबल उद्योग संगठनों को देश की इंडस्ट्री और बाजार को ज्यादा से ज्यादा ग्लोबल बनाने में मदद करनी है। हमें आर्थिक महाशक्ति बनने के लिए देश में ऐसे प्रोडक्ट बनाने होंगे जो मेड इन इंडिया होने के साथ मेड फॉर वर्ल्ड हों।” आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा "प्रधानमंत्री ने भारत को फिर से तेज़ विकास के पथ पर लाने के लिए व आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए 5 आई इंटेंट, इनक़्लूजन, इन्वेस्टमेंट, इंफ़्रास्ट्रक्चर और इनोवेशन पर बल दिया है। मोदी सरकार द्वारा हाल में जो बोल्ड फैसले लिए गए हैं, उसमें भी आपको इन सभी की झलक मिल जाएगी।मोदी सरकार आज ऐसे पॉलिसी रिफॉर्म भी कर रही है जिनकी देश ने उम्मीद भी छोड़ दी थी। लोगों ने मान लिया था कि ये नहीं हो सकता मगर अब ऐसी चीजें हो रही हैं। एग्रीकल्चर सेक्टर में आजादी के बाद जो नियम बने उनमें किसानों को बिचौलियों के हाथों में छोड़ दिया गया। किसानों के साथ हो रहे अन्याय को दूर करने की इच्छाशक्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने दिखाई। कानून में बदलाव के साथ अब किसानों को अधिकार मिलेंगे। वे जहां चाहें, जिसे चाहें और जब चाहें अपनी फसल बेच सकते हैं। हमारे देश और देशवासियों में असीम क्षमता है और आने वाले समय में अपनी इच्छाशक्ति और विश्वास से तय किए गए लक्ष्यों को हासिल करने में ज़रूर सफल होंगे।”
नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से भेंट की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी। इसके उपरान्त प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा की नवनियुक्त अध्यक्ष रश्मि धर सूद ने मोर्चा की महासचिव शीतल व्यास और वन्दना गुलेरिया के साथ राज्यपाल से भेंट की। उन्होंने राज्यपाल को महिला मोर्चा द्वारा बनाए हैंडमेड मास्क भी भेंट किए। उन्होंने राज्यपाल को यह भी अवगत करवाया कि महिला मोर्चा के कार्यकर्ताओं द्वारा लोगों को लगभग 25 लाख मास्क वितरित किए गए हैं और 30 लाख मास्क बनाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने सेनेटाइजर वितरित करने के साथ-साथ कोविड-19 महामारी के बारे में लोगों को जागरूक भी किया है। राज्यपाल ने हैंडमेड मास्क बनाने के उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने मोर्चा की कार्यकर्ताओं से विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र कि महिलाओं को सामाजिक दूरी, मास्क पहनना तथा हाथ धोने को अपनी दिनचर्या में शामिल करने आदि के बारे में शिक्षित करने का आग्रह किया। उन्होंनें आशा व्यक्त की कि उनके प्रयास भविष्य में भी जारी रहेंगे। प्रधानमंत्री जन कल्याण योजना प्रचार प्रसार अभियान, हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष सुभाष शर्मा ने राज्यपाल से भेंट की तथा उन्हें ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ नामक पत्रिका भी भेंट की। इस पत्रिका में प्रधानमंत्री की जनकल्याण योजनाओं और नए प्रयासों की जानकारी उपलब्ध करवाई गई है। पीएमजेकेवाईपीपीए हिप्र की प्रदेश सचिव सुधा मेहता भी इस अवसर पर उपस्थित थी।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्षा रश्मि धर सूद ने महिला मोर्चा की ओर से फेस मास्क और साबुन आदि सम्मिलित कोरोना सुरक्षा किट प्रदान की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लोगों के लिए भाजपा महिला मोर्चा द्वारा कोरोना सुरक्षा किट प्रदान करने के लिए उनकी सराहना की। महासचिव वन्दना गुलेरिया और शीतल व्यास, जिला भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्षा सुमन ठाकुर और अनिला कश्यप, कार्यालय सचिव किरण बावा, कसुम्पटी क्षेत्र की भाजपा नेता विजय ज्योति सेन, कोषाध्यक्ष मधु सूद, पदाधिकारी भारती सूद, ममता गुप्ता, अंजना ठाकुर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल के होटलो की 98% ऑक्यूपेंसी बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों पर आधारित है। हिमाचल के कुल पर्यटकों के आगमन का केवल 2% हिस्सा ओफ्फिशल, कॉर्पोरेट, तथा लोकल हिमाचलियों का रहता है। सरकार द्वारा होटलो को खोलने का लाभ केवल हिमाचल में स्थित इंडस्ट्रियल हब्स जैसे BBNA, Una मैहतपुर, परवाणू , कालाअम्ब, पोंटा साहिब में व आस पास में स्थित होटलों को ही मिलेगा क्योंकि इन स्थानों पर पर्यटकों का आवागमन न के बराबर होता है। इन सथानो पर होटलो की ऑक्यूपेंसी मुख्यता केवल कॉर्पोरेट व बिज़नेस ट्रेवलर्स पर ही आधारित रहती है। सरकार द्वारा जो होटलो को खोलने की शुरुआत एक सरहानीय कदम है। इस कदम से कम से कम पर्यटन से जुड़े कारोबारियों को एक आस की किरण जगी है। 98% पर्यटन कारोबार तभी शुरू हो पायेगा जब दूसरे राज्यों के बॉर्डर खुल जाएंगे,जरूरी स्टाफ को ट्रैनिंग करवा दी जाएगी, रात के समय का कर्फ़्यू हट जसएगा तथा वॉल्वो बसें चलनी शुरू होजाएँगी तथा डोमेस्टिक एयर फ्लाइट्स चल जाएंगी। अगर हम डोमेस्टिक व विदेशी पर्यटकों की बात करे तो हिमाचल में एक वर्ष में आने वाले पर्यटकों की कुल संख्या का लगभग 95% हिसा डोमेस्टिक टूरिसम पर आधारित है जिसमे बड़ी संख्या में पर्यटक पंजाब,हरियाणा, चंडीगढ़ तथा दिल्ली, राजस्थान से आते है। इसके अलावा गुजरात,बंगाल,महाराष्ट्र तथा साउथ से आने वाले पर्यटकों का भी बहुत योगदान रहता है। आल हिमाचल एसोसिएशन ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिसम फेडरेशन की एक वेब मीटिंग आयोजित की गई जिसमें लगभग सभी अस्सोशशन्स के प्रेसिडेंटड एवं अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया तथा इस मीटिंग में मुख्यतः होटलो को खोलने के बारे मे चर्चा की गई। सभी का एक ही मत रहा की हमे जो गाइड लाइन्स MHA द्वारा जारी की जाएंगी उसी के आधार पर हमें अपने होटलो में इंतजाम करने होंगे जिसके लिए तैयार उन सभी नॉर्म्स को पूरा करने में समय लगेगा। परंतु अभी तक कोई भी ओफ्फिशल गाइडलाइन्स सरकार द्वारा नही की गई है। हमे स्टाफ की सिक्योरिटी के लिए इंतजाम करने पड़ेंगे क्यूंकि हिमाचल में केवल 10%के करीब ही होटल ESIC में कवर है दूसरा होटलों का स्टाफ भी कम से आने पर परहेज़ कर रहा है। सभी का यह भी मत था कि जब तक हमारे साथ लगते राज्यों की स्थित नही सुधरती तथा उन राज्यों के बॉर्डर नही खुलते हिमाचल में पर्यटन को पटरी पर लाना मुश्किल है। वर्तमान हालात में जबतक COVID की कोई वैक्सीन नही आती तब तक पर्यटक भी घूमने में परहेज करेंगे। हमारा सरकार से यही आग्रह रहेगा कि जल्द ही पर्यटन से जुड़ी अस्सोशशन्स से सुझाव लेकर एक प्लान तैयार किया जाए कि किस तरह से होटलो तथा अन्य टूरिसम यूनिट्स को खोला जाए तथा समय रहते होटलो को गाइडलाइन के हिसाब से सभी उपचारितए पूरा करने का समय मिल जाए।
सरकार द्वारा लगाई जा रही बहुत सी पाबंदियों के बाद भी कोरोना का कहर थमता हुआ नज़र नहीं आ रहा है। बाहर से लौटे लोग कहीं न कहीं प्रशासन के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं। कोरोना को लेकर मण्डी जिला विशेषकर सुंदरनगर वासियों की परेशानियां बढ़ती हुई नजर आ रही हैं क्योंकि ताज़ा मिल रही जानकारी के अनुसार सुन्दरनगर का मलोह निवासी 33 वर्षीय युवक, जो 27 मई को मुम्बई महाराष्ट्र से लौटा था, की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सम्बन्धित व्यक्ति अभी तक कनैड के एक होटल में क्वारन्टाइन था व रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर प्रशासन व डॉक्टरों की टीम के द्वारा उपचार हेतु ले जाया गया है।
एक तरफ सरकार विकास के बड़े बड़े दावे करती है लेकिन दूसरी तरफ गंगथ विधानसभा में बलिर समून डेकवाँ रोड़ अपनी बेबसी की कहानी बयां कर रही है। नावार्ड की सहायता से इस सड़क के निर्माण का व्यय 287.02 लाख रुपये आंका गया था और इसे अगस्त 2016 तक पूरा किया जाना था लेकिन पहले कांग्रेस सरकार ने व अब भाजपा सरकार ने इसकी सुध नही ली है। पिछली बार के कांग्रेस के एसोसिएट विधायक मनोहर धीमान इस सरकार में सामान्य उद्योग निगम के उपाध्यक्ष है तो मौजूदा विधायक भी भाजपा से ही सम्बंधित है। यह सड़क बलिर समून, डंकवां माजवा, रंडो, ताजवाँ, भोजपुर गांव के असंख्य लोगो को जसूर व इंदौरा के लिए विल्कुल शॉर्टकट रोड़ है। युवा शक्ति संघ के बलिर ने सरकार मांग की है कि इस सड़क का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार और आम जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करने वाले देश भर के 700 से अधिक जिलों के जिलाधीशों की कार्यकुशलता एवं लोकप्रियता पर करवाए गए एक सर्वे में हिमाचल प्रदेश जैसे छोटे से पहाड़ी राज्य को भी अहम स्थान मिला है। 50 मानकों पर आधारित इस सर्वे में हिमाचल के कुल्लू जिला की जिलाधीश डॉ ऋचा वर्मा को भी देश के 50 सर्वश्रेष्ठ जिलाधीशों में शामिल किया गया है। बेहतरीन कार्यकुशलता और लोकप्रियता के लिए कुल्लू की जिलाधीश को देश के सर्वश्रेष्ठ जिला अधिकारियों में शामिल करना समूचे कुल्लू जिला के लिए गौरव की बात है। इस उपलब्धि पर जिलाधीश डॉ ऋचा वर्मा को चारों से बधाइयां मिलना शुरू है।
देश सरकार व जिला प्रसासन द्वारा कर्फ्यू में 14 घण्टे की ढील व व्यापार में भी सुबह 6 से शाम 8 बजे तक के समय के लिए आम लोगों सहित व्यापारी वर्ग में खुशी का माहौल है। व्यापार मण्डल कुनिहार के प्रधान सुमित मित्तल ने सभी व्यापारी भाइयों की ऒर से प्रदेश के मुख्य मंत्री जयराम ठाकुर व उपायुक्त जिला सोलन के सी चमन का इस निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया है। सुमित मित्तल ने कहा है कि कोरोना के चलते लगे कर्फ्यू से व्यापारी वर्ग को काफी नुकसान उठाना पड़ा है लेकिन व्यापारी वर्ग ने इस संकट की घड़ी में सरकार व प्रसासन के दिशा निर्देशों का पूरा पालन किया और आगे भी करता रहेगा। उन्होंने कहा कि अब लगता है कि धीरे धीरे व्यापार पहले की तरह पटरी पर आ जाएगा। उन्होंने सरकार व प्रसासन से मांग की है कि सभी रूटों की सरकारी व निजी बसों को सुचारू रूप से चलाएं ताकि दूर दराज के गांवों व कस्बो से लोग खरीदारी करने बाजार पहुंच सके।
अगर स्वास्थ्य घोटाले की न्यायिक जांच न हुई तो सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस : अंजना धीमान
बिलासपुर जिला कांग्रेस कमेटी ने जिला प्रधान अंजना धीमान के नेतृत्व में प्रदेश सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने कोविड 19 कोरोना वायरस के दौर में स्वास्थ्य विभाग में हुए लाखों रूपये के घोटाले की किसी न्यायाधीश से न्यायिक जांच नही करवाई करवाई तो कांग्रेस सरकार के खिलाफ सडकों पर उतरने पर बाध्य होगी। यहां पर कांग्रेसी नेताओं ने पूर्व वन मंत्री ठाकुर राम लाल के नेतृत्व में उपायुक्त राजेश्वर गोयल के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया। इस अवसर पर ठाकुर राम लाल ने कहा कि कोविड 19 कोरोना वायरस के दौर में जहां लोगों ने इस कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए सरकार को करोडों रूपये की राशि दान के रूप में सरकार को दी। वहीं स्वास्थ्य विभाग पीपीई किट के नाम पर लाखों रूपये के घोटाले हुए हैं। जिससे हिमाचल जैसी देवी भूमि शर्मसार हुई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य एवं गृह विभाग मु यमंत्री के पास है। इस मामले में भाजपा के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का अपने पद से त्याग पत्र देना व स्वास्थ्य विभाग के निदेशक की गिर तारी भाजपा की भ्रष्टाचार की जीरो टोलरेंस का उदाहरण है। इस अवसर पर पर पूर्व सांसद सुरेश चंदेल व कांग्र्रेस के राष्ट्रीय सचिव राजेश धर्माणी तथा जिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजना धीमान ने भी सरकार से इस मामले की उच्च न्यायालय के जज से न्यायिक जांच किसी जज से करवाने की मांग की है। ताकि दूध का दूध व पानी का पानी हो सकेे। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेेसी नेता तेजस्वी शर्मा, श्री नयना देवी ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष अमरजीत सिंह बंग्गा, संदीप सां यान सहित अन्य प्रमुख नेता मौजूद रहे।
सोमवार को हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड इंप्लाइज यूनियन बिलासपुर इकाई द्वारा बिजली बिल संशोधन 2020 का विरोध काले बिल्ले लगाकर किया। अपना विरोध व्यक्त करते हुए भीड़ एकत्रित न हो इसके लिए सब डिवीजन, इलेक्ट्रीकल डिवीजन बिलासपुर और एमएंडटी सर्कल में इस प्रकार केकार्यक्रम का आयोजन किया गया। यूनियन प्रधान यशवंत चौहान की अगवाई में आयोजित इस प्रदर्शन की जानकारी दते हुए उन्होंने बताया कि इस बिल के आने से आम आदमी पर काफी बोझ पड़ेगा। बिजली कानून 2003 में जिन संशोधनों को केंद्र सरकार अधिकतर राज्य सरकारों व बिजली कर्मियों तथा अभियंताओं के विरोध के चलते वर्ष 2014 से अब तक लागू नहीं कर पाई है, लिहाजा अब उसे केंद्रीय उर्जा मंत्री अब इस महामारी के बीच में बिजली संशोधन बिल 2020 में पारित करने की जल्दी में है। उन्होंने कहा कि इस महामारी के बीच जब सरकारी कार्यालय लॉक डाउन के चलते आंशिक रूप से खुल चुके हैं, ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा इस ड्राफ्ट बिल पर जिस तीव्रता से कार्यवाही की है। उसे लगता है कि सरकार आपकी सामाजिक दूरी की बंदिश का लाभ उठाते हुए बिजली कंपनियों के निजी करण का रास्ता प्रशस्त करने जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस संशोधन के कानून बनने से जहां बिजली बोर्ड कंपनी के वितरण कार्यों में छोटी-छोटी कंपनियों को फ्रेंचाइजी के आने से इस के निजी करण का रास्ता प्रशस्त हो जाएगा। वहीं बिजली मापने के लिए जगह जहां इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों बिजली के अलग-अलग करने से बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, क्रॉस सब्सिडी के खत्म हो जाने से जहां घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली दरों में कई गुणा बढ़ोतरी होगी, वहीं डीबीटी प्रक्रिया के चलते विद्युत उपभोक्ताओं को निर्धारित दरों पर ही बिजली बिलों का भुगतान करना पड़ेगा और सब्सिडी की राशि बाद में खाते में डाली जाएगी। यशवंत चैहान ने कहा कि सब लाइसेंस वाले क्षेत्रों में अपनी भागीदारी करेंगे और इन क्षेत्रों के निजी हाथों में जाने से एक ओर जहां कार्यरत कर्मचारियों की सेवा शर्ते प्रभावित होंगी वहीं बोर्ड के लगभग 25000 से अधिक पेंशनरों की पेंशन की अदायगी पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली संशोधन कानून 2020 राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी बिजली उपभोक्ता विरोधी है। इस लड़ाई के खिलाफ एकजुट हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस बिल के विरोध में जनता का सहयोग भी अपेक्षित है। इस प्रदर्षन में सचिव जोगेंद्र सिंह, राजेंद्र कुमार, सुखराम, सुरेश, अनिल, पवन, उर्मिला, सोनिया, अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।
आल इंडिया कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व संसदीय सचिव राजेश धर्माणी ने भाजपा सरकार पर करारे प्रहार करते हुए कहा कि इस समय प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज दिख नहीं रही है और ऐसा लगता है मानो सारा काम राम -भरोसे ही छोड़ दिया गया है। उन्होने कहा कि कोरोना महामारी लाक-डाउन एवं कर्फ़्यू में सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं, कर्मचारियों, पेंशनरों, दुकानदारों, छोटे से लेकर बड़े उद्दयमियों, किसानों, बागवानों, फिल्मी कलाकारों, देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों, मजदूरों व श्रमिकों तथा किसानों सहित सभी वर्गों ने इस भयानक बीमारी से लड़ने के लिए अपनी- अपनी क्षमता के अनुसार सरकार को आर्थिक सहयोग किया है, जबकि इस दौरान सभी काम-धंधे बंद हो जाने के कारण करोड़ों प्रवासी मजदूरों और जरूरतमंदों तथा निर्धनों का पेट पालने और उन्हें भूख के कारण आ रही परेशानियों से निजात दिलाने का भी महत्वपूर्ण मानवीय दाईत्व निभाया है। किन्तु यह बहुत ही चिंतनीय विषय है कि प्रदेश सरकार उस धन की लूट मचाने वालों को सख्ती से दंडित करने में असफल रही है। उन्होने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक ओर देश की जनता इंसान को बचाने में अपना हर संभव योगदान दे रही हैं ,तो दूसरी ओर सरकार में बैठे कुछ अधिकारी और राजनेता कथित धन अर्जित करने के जुगाड़ भिड़ा रहे हैं एवं भ्रष्टाचार के रिकार्ड स्थापित कर रहे हैं। उन्होने कहा कि शिमला में कथित स्वास्थ्य घोटाला, सेनेटाईजर घोटाला और बिलासपुर में पी पी किट की जगह रेन कोट खरीद घोटाला कुछ ऐसे घोटाले हैं, जिससे प्रदेश का सिर शर्म से झुका है। उन्होने कहा कि जनता ने बड़ी ही आशाओं व आकांक्षाओं के साथ भाजपा द्वारा उनसे किए गए वादे के अनुसार स्वच्छ व पारदर्शी सरकार देने के लिए चुना था, किन्तु अब जिस प्रकार के बड़े- बड़े घोटाले सार्वजनिक हो रहे हैं, उससे भाजपा का असली चेहरा सबके सामने उजागर हुआ है। राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश भाजपा के राज्य अध्यक्ष राजीव बिंदल से नैतिकता का हवाला देकर त्याग पत्र दिया है, जबकि इसके पीछे छिपा एजेंडा कुछ और है। उन्होने कहा कि यदि सरकार इस मामले पर गंभीर है तो उसे तुरंत इसकी जांच हाईकोर्ट के किसी न्यायाधीश या फिर सी बी आई को सौंप देनी चाहिए ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके और दोषियों को दंडित किया जा सके। उन्होने कहा कि देश पहले ही आर्थिक संकट का सामना करने को विवश हुआ है, क्यूँकि देश में पहले नोटबंदी और फिर जीएसटी की मार ने सभी छोटे व्यापारियों के काम-धंधे चौपट किए जबकि पेट्रोल व डीजल की बढ़ी अत्याधिक कीमतों ने मंहगाई को पंख लगाने का काम किया है, जिस कारण आम आदमी को दो वक्त की रोटी कमाने अथवा अपने परिवारों का पेट पालने के लाले पड़ गए हैं। राजेश धर्माणी ने कहा कि कोरोना कर्फ़्यू अथवा लाक डाउन समाप्त होने के बाद कांग्रेस पार्टी जनता की समस्याओं व कठिनाइयों को लेकर सड़कों पर उतरेगी और सरकार की गलत, अनुचित व अवैध गतिविधियों का पर्दाफ़ाश करेगी।
जिला दंडाधिकारी सोलन केसी चमन ने कोविड-19 के दृष्टिगत उनके कार्यालय, पुलिस अधीक्षक सोलन, पुलिस अधीक्षक बद्दी कार्यालय तथा जिला के सभी उपमंडलाधिकारियों द्वारा कर्मचारियों, आवश्यक एवं गैर जरूरी सेवाओं के लिए प्रयुक्त किए जा रहे वाहनों, प्रिन्ट तथा इलैक्ट्राॅनिक मीडिया के प्रत्यायित पत्रकारों एवं अन्य को 31 मई, 2020 तक जारी किए गए अनुमति पत्रों एवं कफ्र्यू पास की अवधि को बढ़ाकर 30 जून 2020 की अर्धरात्रि तक कर दिया है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटिड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार 132/33 केवी विद्युत उपकेन्द्र गौड़ा की विद्युत आपूर्ति विद्युत उपकरणों के परीक्षण एवं रखरखाव के दृष्टिगत 03 जून, 2020 को बाधित की जाएगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड के वरिष्ठ अधिशाषी अभियंता केएल शर्मा ने आज यहां दी। उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत 33 केवी विद्युत उपकेन्द्र राजगढ़ तथा उठाऊ जलापूर्ति योजना गौड़ा की विद्युत आपूर्ति प्रातः 10.00 बजे से सांय 5.00 बजे तक बाधित रहेगी। उन्होंने लोगों से इस अवधि के दौरान सहयोग की अपील की है।
वैश्विक महामारी कोरोना के चलते अखिल भारतीय मजदूर महासंघ की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। इसमें भारत के 19 राज्यों के 54 सीमेंट प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस बैठक का संचालन भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय संगठन बी सुरेंद्रन ने किया तथा विभिन्न विषयों पर विचार सागर मंथन ओर चिंतन किया गया। इस बैठक में भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय महामंत्री व्रजेश उपाध्याय, राष्ट्रीय संगठन मंत्री बी. सुरेंद्रन, सीमेंट प्रभारी के.सी.मिश्रा, एस. मलेशम और अखिल भारतीय सीमेंट मज़दूर महासंघ के अध्यक्ष कादिर भाई मझोटी (गुजरात),महामंत्री महेंद्र जैन (राजस्थान),ओमप्रकाश शर्मा (हिमाचल),संगठन मंत्री घीसुलाल कलाल(गुजरात), उपप्रधान सुनील यादव(पंजाब),शंकर सुलेगांव (कर्नाटक) अनेक पदाधिकारियों ने भाग लिया और अपने अपने सीमेंट उधोग का पूरा ब्यौरा रखा। राष्ट्रीय महामंत्री विरजेश उपाध्यक्ष ने कहा कि श्रम कानूनों में बदलाव,वेतन कटौती ओर श्रमिकों की छंटनी संघ कभी भी सहन नहीं करेगा इसलिए सरकार को एक पक्षीय निर्णय नहीं लेना चाहिए क्योंकि इससे भारत मे स्थान स्थान पर अशांति फैलेगी । इसलिए राज्यों की सरकार को संगठन से बातचीत करके निर्णय लेना चाहिए अन्यथा राष्ट्र निर्माण की प्रगति पर बहुत ही दुप्रभाव पडेगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी ने अपने विचार रखे तथा आगे की रणनीति पर तैयार की गई। राष्ट्रीय संगठन मंत्री बी सुरेंद्रन ने कहा कि अपने राज्यों में जिला में प्रवास करें और श्रमिकों के प्रति जो षड़यंत्र रचने की तैयारी जो सरकार और कॉरपरेट मिलकर कर रही है। इसका प्रचार प्रसार करें और सभी को जागरूक करें क्यूंकि शीघ्र ही देश व्यापी आंदोलन की तैयारी भारतीय ज़दूर संघ कर रहा है। सबका साथ सबका विकास तभी संभव होगा जब भारत का मज़दूर खुशहाल होगा।इस बैठक में सीमेंट उधोग में जो काम 50% श्रमिकों से चलाया जा रहा है विशेष मुद्दा रहा क्योंकि आने वाला समय श्रमिकों के लिए ठीक नहीं है इसलिए 50% में 50% ही काम करें अन्यथा बहुत श्रमिकों का रोजगार जा सकता है तथा स्वास्थ्य और सुरक्षा की दृष्टि से यह उचित नहीं है।इस नीति से सुरक्षा की भी सीमेंट प्लांट में धज्जियां उड़ाई जा रही। इस समय सीमेंट उद्योग के कर्मचारियों की दुर्दशा बहुत दयनीय है क्योंकि बहुत अधिक काम का दबाव हो रहा है।
जिला दंडाधिकारी सोलन केसी चमन ने सोलन के मालरोड पर वाहनों की आवाजाही के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। यह आदेश मोटर वाहर अधिनियम, 1988 की धारा-115 एवं 117, सड़क नियमन के नियम, 1999 की धारा 15 एवं 17 तथा हिमाचल प्रदेश मोटर वाहन नियम, 1999 के नियम 184 तथा 196 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार सोलन के मालरोड पर अब सांय 5.30 बजे से रात्रि 8.00 बजे तक वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबन्ध रहेगा। इस सम्बन्ध में 27 जून, 2006 को जारी आदेशों के तहत अन्य शर्तें यथावत रहेंगी। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं।
प्रधानमंत्री जन कल्याणकारी योजना प्रचार प्रसार अभियान हिमाचल प्रदेश की राष्ट्रीय सेवा भारती द्वारा अर्की युवा मोर्चा मंडल कार्यकारिणी का नियुक्तिकरण किया गया। कार्यकारणी का विस्तार युवा मोर्चा मंडल अर्की के अध्यक्ष हेमराज ठाकुर की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई । कार्यकारिणी में हेमराज ठाकुर को अध्यक्ष युवा मोर्चा अर्की की कमान सौंपी गई। इस के साथ अनिल वर्मा,शिवम शर्मा,अरुण,तरुण ठाकुर,संजीव ठाकुर,रजनीश,अजय ठाकुर,नवीन शर्मा,दिनेश गौतम को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेवारी दी गई। कार्यकारणी में प्रकाश ठाकुर को महामंत्री और राहुल ठाकुर, नितिन ठाकुर, करण, अजय, गोपाल, राहुल पटियाल को अर्की मंडल से युवा मोर्चा सचिव बनाया गया। वही, अर्की युवा मोर्चा मंडल से मीडिया प्रभारी के लिए कुशांत,प्रभात,मनोज को नियुक्त किया गया।सह सोशल मीडिया प्रभारी के लिए लक्ष्य व दिनेश शर्मा को नियुक्त किया गया।कार्तिक शर्मा को आईटी संयोजक व नवनीत शर्मा को प्रवक्ता युवा मोर्चा। प्रबल ठाकुर को सलाहकार व नरेंद्र ठाकुर को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। युवा मोर्चा मंडल अर्की के अध्यक्ष हेमराज ठाकुर ने कहा कि वह इस अभियान में प्रसार अभियान द्वारा कार्यकारिणी को पूर्ण विश्वास निष्ठा ईमानदारी के साथ अपना दायित्व निभाने पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे तथा क्षेत्र में प्रधानमंत्री की योजनाओं का प्रचार प्रसार प्रभावी तरीके से करेंगे। उन्होंने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को इस पुनीत कार्य करने के लिए शुभकामनाएं दी।


















































