शिरडी साईं बाबा भगत संगठन एच पी जोन परवाणू द्वारा नगर परिषद के सफाई कर्मचारी करोना योद्धाओं को शुक्रवार को एक कार्यक्रम के माध्यम से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत उन्हें तिलक लगा, हार पहना तथा आरती उतार कर की गई। तदोपरांत उनको खाकी रंग का वर्दी के सूट का कपड़ा भेंट किया गया। इस सम्मान को पाकर कोरोना योद्धा अत्यंत प्रसन्न हुए। उसके उपरांत उन्हें प्रसाद के रूप में हलवा काले छोले वितरित किए गए। शिर्डी साईं बाबा भगत संगठन द्वारा कोरोना योद्धाओं के लिए कैसे सिलवाने का भी पूर्ण प्रबंध किया गया था। संगठन ने दर्जी द्वारा उनकी पैमाइश भी करवाई। दर्ज़ी 10 दिन के अंदर उनको यूनिफार्म सील कर दे देंगे।
मन में यदि समाज के प्रति सच्ची सेवा का भाव हो तो पद, प्रतिष्ठा व सम्पन्नता महत्वहीन हो जाती है। ऐसी सोच रखने वाले ही समाज को एक नई राह दिखाकर संकट से सफलतापूर्वक लड़ने का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इसी भाव को चरितार्थ किया है सोलन जिला के अर्की उपमण्डल के बात्तल के रहने वाले दिनेश चंद ने। संकट की इस घड़ी में जहां लोग कोरोना वायरस के डर से सहमे हुए हैं वहीं ऐसे भी नागरिक हैं जो पीड़ित मानवता की सेवा के लिए अपना सर्वस्व योगदान देकर सहायता करने का प्रयास कर रहे हैं। दिनेश चंद ने आज उपमण्डलाधिकारी कार्यालय अर्की पहुंचकर उपमण्डलाधिकारी अर्की विकास शुक्ला को जिला कोविड-19 फण्ड के लिए अपनी 02 माह की पैंशन भेंट की। उन्होंने इस फण्ड के लिए 24 हजार रुपये की नकद राशि भेंट की। दिनेश चंद प्रदेश के लोक निर्माण विभाग से मेट के पद से सेवानिवृत हुए हैं। उन्होंने कोरोना वायरस के खतरे के कारण उत्पन्न संकट के इस समय में सभी को उदारतापूर्वक जन-जन की सेवा का संदेश दिया। उम्र के इस पड़ाव पर भी कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत अपनी पैंशन की राशि को भेंट करना प्रशंसनीय है। उनके इस समर्पण और सेवा भाव को सभी द्वारा सराहा जा रहा है। उपमण्डलाधिकारी अर्की विकास शुक्ला ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि दिनेश चंद स्वयं यह राशि भेंट करने उनके कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के इस वरिष्ठ नागरिक ने समाज सेवा की दिशा में सभी को राह दिखाई है। एक पैंशनभोगी द्वारा अपनी 02 माह की पूरी पैंशन कोविड फण्ड में दान करना दिनेश चंद की उदारता, सहृदयता और समर्पण का परिचायक है। उन्होंने आशा जताई कि दिनेश चंद के इस सेवाभाव से समाज के समाज के सभी वर्ग प्रेरित होंगे। दिनेश चंद ने कहा कि संकट के इस समय में वे भी अपना योगदान करना चाहते थे। उन्होंने इस निमित्त 02 माह की अपनी पैंशन भेंट की है ताकि यह राशि पीड़ित मानवता के काम आए। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न खतरे के समय में वे ईश्वर से सभी के स्वास्थ्य की कामना करते हैं।
आगामी मानसून के मौसम में प्राकृतिक आपदाओं से बचने के लिए जिला ने तैयारियां शुरू कर दी है। सभी विभाग अपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 15 दिन के भीतर कार्य योजना तैयार करें ताकि आपदा के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पडे और होने वाले नुक्सान को कम किया जा सके। यह बात उपायुक्त बिलासपुर राजेश्वर गोयल ने मानसून सीज़न के लिए तैयार रहने तथा जान-माल की क्षति से बचाव के लिए बुलाई गई अधिकारियों की बैठक को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने सम्बन्धित विभागों को मानसून में होने वाले नुकसान से निपटने के लिए पूर्व में ही पर्याप्त प्रबन्ध करने और पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि गर्मियों में होने वाली आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए जिला में वन रक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है। उन्होंने बताया कि अभी तक जिला में 8 आगजनी की घटनाएं घटित हुुई है जोकि गत वर्ष की तुलना में कम है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी जंगलों को आग से बचाने के लिए सतर्क रहना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं के सदस्य भी जंगलों को आगजनी की घटनाओं से बचाने के लिए से अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए जिला में आपदा रक्षक तैयार किए गए है ताकि आपदा की स्थिति में आपदा रक्षकों की सेवाएं ली जा सकें। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को भूसखलन वाले क्षेत्रों, खतरनाक सड़कों को चिन्हित् करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्युत विभाग को सुचारू विद्युत व्यवस्था बनाने और पर विद्युत ट्रांसफार्मर के नजदीक क्षेत्र को साफ रखने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर परिषद को भी निर्देश दिए की सड़क के किनारे पेड़ों की टहनियों और झाड़ियों छटांई सुनिश्चित करें। उन्होंने जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए की वह जल भण्डारन टैंको और अन्य पेयजल स्त्रोतों को साफ रखने तथा जल निकासी व्यवस्था को सूचारू बनाए ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति उपलब्ध करवाई जा सके। उन्होंने पेयजल स्त्रोतों का नियमित क्लोरीनेशन करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अधिशाषी अभियन्ता को निर्देश दिए की जिला में हाईड्रेन्टस को सुचारू रूप से फंकशनल रखे और अगर कोई खराब है तो उन्हें ठीक करवाएं और जिन हैंडपम्प में पानी पीने योग्य नहीं है वहां पर बोर्ड लगाए जाए। उन्होंने बताया कि जो लोग बोरबेल लगाने के इच्छुक है वे ग्राउंड वाॅटर ऐथोरटी से अनुमति ले सकते है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, एम.सी को निर्देश दिए की वे डेंगू और मलेरिया इत्यादि रोगों से बचने के लिए फोगिंग और स्प्रे करना सुनिश्चित करें। उन्होने सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को मानसून पूर्व तैयारियां करने तथा आपदा प्रबंधन से जुडे सभी संसाधनों की सूची बनाने और सभी आवश्यक वस्तुओं एवं राहत बचाव कार्य में उपयोग होने वाले यंत्र व उपकरणों को दुरूस्त रखने के भी निर्देश दिए।
हिमाचल प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री व श्री नयना देवी जी के विधायक राम लाल ठाकुर ने कोविड 19 महामारी पर देर से संज्ञान लेने के मामले पर केंद्र सरकार पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि हमारे प्रधानमंत्री अगर समय पर फैसला लेते तो यह दिन नहीं देखने पड़ते, जितना भयाभह रूप यह महामारी दिन प्रतिदिन लेती जा रही है। वह हमारी मानव सभ्यता के मिटने की और इशारा कर रही है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्विटर के माध्यम से जानकारी देते हुए 12 फरवरी को देश के ऊपर कोविड 19 महामारी के बारे में चेताया था कि यह जल्द ही भारतवर्ष में पैर पसार रहा है और इससे एक तो महामारी फैलेगी दूसरे गंभीर आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ेगा। (इस चेतावनी की प्रतिलिपि भी आज मै आपको इस प्रेस नोट के साथ संलगित कर रहा हूं) तो देश के प्रधानमंत्री व उनके सिपहसालारों ने राहुल गांधी का मज़ाक उड़ाया था और इस गम्भीर महामारी को लेकर अमेरिका और अन्य यूरोपियन देशों का मुंह ताकने लगे थे की कब वह इस महामारी से लड़ेंगे तो फिर उनकी देखा देखी में हम भी अपनी रणनीति बनाएंगे। राम लाल ठाकुर ने कहा कि इस महामारी को भांपने वाले हमारे डॉक्टरों व वैज्ञानिकों की भी नहीं सुनी गई क्योंकि हमारे डॉक्टरों, वैज्ञानिकों व राहुल गांधी के बोलने से देश के प्रधानमंत्री का अहम आड़े आ जाता था। राम लाल ठाकुर ने तथ्यों पर आधारित बात करते हुए कहा देश मे कार्यरत 126 एयरपोर्ट हैं जिनमे से केवल 34 एयरपोर्टों पर अंतराष्ट्रीय उड़ाने होती है अगर केवल उन 34 एयरपोर्टों को ही सील कर दिया होता या फिर उन अंतरास्ट्रीय एयरपोर्टों पर बाहर से आने वाले लोंगो को संस्थागत क्वारंटाइन कर दिया होता तो देश मे इतने गंभीर हालत नहीं होते और नही देश में लॉकडाउन होता, लेकिन देश के प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि तो केवल घंटी बजाने, थाली बजाने और मोमबत्ती या दिया जलाने वाली ही निकली। उन्होंने कहा मुझे अफसोस होता है कि लॉक डाउन बिना तैयारी के कर दिया गया देश मे जो गरीब मजदूरों का हाल हुआ उनकी जिम्मेदारी अब कोई नही ले रहा है। राम लाल ठाकुर ने फिर से आकड़ो का प्रहार करते हुए कहा कि देश मे करीब 19000 हज़ार ट्रेनें है यदि यह व्यवस्थित रूप से चलाई होती तो करीब दो से ढाई करोड़ मज़दूरों को उनके स्थानों पर प्रतिदिन पहुँचाया जा सकता था और जिन मजदूरों ने अपने घरों में ट्रेनों से वापिसी करनी थी। इनकी संख्या करीब 10 करोड़ 40 लाख के करीब थी मात्र पांच सात दिनों में यह सारी व्यवस्था गरीब मज़दूरों को छोड़ने की हो सकती थी लेकिन देश के प्रधानमंत्री और उनके सिपहसालारों को तो महामारी को उत्सव में बदलने का प्रयास जो करना था और अब जब रेल यात्रा और हवाई यात्रएं देश मे खोली तो कोई यात्री जाने को तैयार नहीं, यह सब बिना किसी आधरभूत योजनाओं के की गई तैयारियां का परिणाम है और अब देश का हर नागरिक और आमजन इसके परिणाम भुगत रहा है, लेकिन जिम्मेदारी सरकार में कोई नहीं ले रहा है।
जिला कांग्रेस अध्यक्षा अंजना धीमान ने कहा है कि सरेआम चल रहे भ्रष्टाचार से जनता का विश्वास सरकार से पूरी तरह उठ गया है। प्रदेश सरकार घोटालों की सरकार बन कर रह गई है। उन्होंने कहा कि कोविड 19 जैसी विश्वव्यापी माहामारी के समय भी यदि इस तरह से घोटाले हो रहे हैं तो बाकी समान्य समय में प्रदेश सरकार क्या करती होगी। उन्होंने कहा कि एक तरह तो देश व प्रदेश की सरकार प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री राहत कोष में दान देने की लोगों से अपील करती है और दूसरी और सरकार में बैठे लोग घोटालों को अंजाम दे रहे है। यह सरकार की आमजन के प्रति असंवेदनशील और भ्र्ष्ट दृष्टि को दर्शाता है। इस मुद्दे पर अब क्यों नहीं प्रदेश भाजपा का कोई बड़ा नेता बोल पा रहा है, क्यों प्रदेश के मुख्यमंत्री खामोश हैं। चूंकि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हिमाचल प्रदेश से हैं वह क्यों चुप्पी साधे हुए है, जो कि ऐसी कौन से दुहाई देनी पड़ी की अब नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना पड़ गया। उन्होंने कहा कि एक सस्ती लोकप्रियता के आधार पर और लोंगो को ऊंचे सब्ज बाग दिखा कर भाजपा ने जब जब सत्ता हासिल की तब तब बुनियादी तौर पर भाजपा लोंगो की नज़रो से गिरी है और धरातल से भाजपा का नाम मिटा है। उन्होंने कहा कि मामला सेनेटाइजर खरीद में क्रप्शन का हो या पीपीई किट खरीद का घोटाला हो या फिर हिमुडा की जमीन खरीद में करोड़ों के लेन देन के संगीन आरोप हों भ्रष्टाचार बेखौफ चलता रहा और सरकार यह दलीलें देती रही कि उनका दामन पाक-साफ है। मसला पुलिस या पटवारियों की भर्ती का हो या विश्वविद्यालयों में डिग्रियों की खरीद फरोख्त का हो या फिर ताजा कड़ी में भ्रष्ट तंत्र व नेताओं के भ्रष्टाचार गठबंधन का हो हिमाचल दागदार हुआ है।इसके पीछे सिर्फ जयराम सरकार है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के दामन को दागदार करने वालों को कभी भी
अतिरिक्त उपायुक्त विवेक चंदेल ने आज कोविड-19 के दृष्टिगत सोलन जिला के नालागढ़ उपमण्डल में स्थापित विभिन्न क्वारेनटाईन केन्द्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं जांची और उचित दिशा-निर्देश जारी किए। विवेक चंदेल ने इस अवसर पर बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र के विभिन्न क्वारेनटाईन केन्द्रों में बाहर से आने वाले लोगों को ठहराने के लिए किए गए प्रबंधों, भोजन व्यवस्था, स्वच्छता, पंजीकरण इत्यादि के विषय में पूर्ण जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विभिन्न केन्द्रों में इस संबंध में व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए निर्देश जारी किए। उन्होंने क्वारेनटाईन केन्द्रांे में शौचालय सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया। अतिरिक्त उपायुक्त ने इस अवसर पर कहा कि कोविड-19 के दृष्टिगत प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन यह सुनिश्चित बना रहा है कि प्रदेश में अन्य राज्यों से प्रवेश कर रहे लोग स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देशानुसार निश्चित अवधि के लिए क्वारेनटाईन केन्द्रों में ही रूकें ताकि सम्भावित संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। इन केन्द्रों में लोगों के रहने की उचित व्यवस्था की गई हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन नियमित रूप से इन केन्द्रों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहा है ताकि व्यवस्थाओं में अधिक से अधिक सुधार लाया जा सके। विवेक चंदेल ने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर विभिन्न शिक्षण संस्थानों में स्थापित क्वारेनटाईन केन्द्रों को बंद कर दिया जाएगा। यहां रह रहे लोगों को अन्यत्र भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देशानुसार क्वारेनटाईन केन्द्र में अवधि पूरी करने वाले स्वास्थ्य परीक्षण के उपरान्त उनके घर भेजा जा रहा है। उन्होंने क्वारेनटाईन केन्द्रों में नियुक्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि यहां लोगों का पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि इन केन्द्रों में आवश्यकतानुसार चिकित्सक भी नियमित रूप से यहां रहने वालों का निरीक्षण करते रहें। उन्होंने क्वारेनटाईन केन्द्रों में रह रहे लोगों से बातचीत कर उनका कुशलक्षेम भी जाना। उन्होंने उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ प्रशांत देष्टा से इस सम्बन्ध में पूरी जानकारी प्राप्त की। पुलिस अधीक्षक बद्दी रोहित मालपानी, कोविड-19 के दृष्टिगत बीबीएन क्षेत्र में तैनात हिमाचल प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी शुभकरण सिंह, बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुधीर शर्मा, हिमाचल प्रशासनिक सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारी संकल्प गौतम सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
21वीं सदी में भारत ने विज्ञान, शिक्षा, तकनीकी, सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य जैसे सभी क्षेत्रों में विकास मे नए आयाम स्थापित किए हैंे। भारतवासियों ने यह कल्पना भी नहीं की थी कि उसे कोरोना वायरस नामक महामारी से मानव जीवन के अस्तित्व को बचाने की लड़ाई लड़नी होगी। कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत प्रदेश सरकार संचार तकनीक के विभिन्न माध्यमों का प्रयोग कर लोगों को सूचारू रूप से सूचनाएं प्रदान कर रही है। प्रदेश सरकार लोगों तक सही सूचनाएं उपलब्ध करवाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। सरकार ने राज्य और जिला स्तर पर आपातकालीन परिचालन केन्द्र स्थापित किए हैं। प्रदेश और प्रदेश के बाहर रह रहे लोगों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नम्बर- 0177-2622204, 2629688, 2629939 सहित टोल फ्री नम्बर- 1070 और 1077 स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, जिला स्तरीय आपातकालीन परिचालन केन्द्र के लिए अतिरिक्त दूरभाष नम्बर भी जारी किए हैं। बिलासपुर जिला के लिए 01978-224901, चम्बा के लिए 01899-226951, हमीरपुर के लिए 01972-221277, कांगड़ा के लिए 01892-229050, किन्नौर के लिए 01786-223151, कुल्लू के लिए 01902-225630, लाहौल-स्पिति के लिए 01900-202509, मण्डी के लिए 01905-226201, शिमला के लिए 0177-2800880, सिरमौर के लिए 01702-226401, सोलन के लिए 01792-220882 और ऊना जिला के लिए 01975-225045 दूरभाष नम्बर स्थापित किए गए हैं। अन्य राज्यों में रहने वाले हिमाचली लोगों की सहायता के लिए भी हेल्पलाइन नम्बर-0177-2626076 और 2626077 स्थापित किए गए हैं। चण्डीगढ़ के लिए 0172-5000103, 5000104 तथा मोबाइल नम्बर-81463-13167 व 99888-98009 और दिल्ली के लिए 011-23711964, मोबाईल नम्बर-96685-39423 व 88028-03672 नम्बरों के माध्यम से लोगों को जानकारी उपलब्ध करवाने के साथ-साथ किरयाने का सामान, भोजन, आश्रय और दवाइयां प्रदान कर लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। प्रदेश के सभी जिलों के आपातकालीन परिचालन केन्द्रों में भी टोल फ्री नम्बर-1077 स्थापित किया गया है। यह नम्बर 24 घण्टे सक्रिय रहता है। इन हेल्पलाइन नम्बरों की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक हजारों लोगों ने इन नम्बरों पर फोन कर अपनी समस्याएं सरकार तक पहुुंचाई और प्रदेश सरकार ने भी इन समस्याओं का समाधान कर लोगों तक राहत पहुंचाई है। इन हेल्पलाइन पर आवश्यक दवाओं, खाद्य सामग्री, चिकित्सीय जांच आदि समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचा कर इनका समाधान किया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा तेलंगाना में फंसे हमीरपुर जिला के ललित कुमार हो या जुब्बल के कुलदीप सूद इन जैसे हजारों लोगों को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से ही समय पर सहायता प्रदान करने पर इन लोगों ने प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया है। लाॅकडाउन लगने के कारण चण्डीगढ़ में फंसे दीपेन्द्र को आशा नहीं थी कि वह इतने कम समय में अपने घर लौट पाएंगे। दीपेन्द्र ने प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध करवाए गए हेल्पलाइन नम्बर पर फोन कर अधिकारियों को अपनी समस्या से अवगत करवाया। दीपेन्द्र जैसे हजारों लोग जो प्रदेश में अपने घर लौटने के इच्छुक है, इन हेल्पलाइन सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। प्रदेश आपातकालीन परिचालन केन्द्र में स्थापित इन नम्बरों में 24 मार्च, 2020 से 23 मई, 2020 तक 46,570 काॅल का आदान-प्रदान किया गया है, जिनमें से 46,007 काॅल विभिन्न प्रकार की जानकारी प्राप्त करने हेतु की गई। देश के विभिन्न भागों में रह रहे प्रदेशवासियों को कोविड-19 से जुड़ी जानकारी, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, क्वारन्टीन अवधि, शारीरिक दूरी संबंधी जानकारी भी केन्द्र द्वारा स्थापित नम्बरों के माध्यम से लोगों को प्रदान की जा रही है। इन हेल्पलाइन नंबरों से लोगों को जागरूक करने के लिए 563 काॅल की गई हैं। जिले में स्थापित केन्द्रों में भी लगातार हजारों की संख्या में काॅल आ रही हैं। इसमें सबसे अधिक कुल्लू जिला में 8,704 काॅल के माध्यम से लोगों ने विभिन्न प्रकार की जानकारी हासिल की। इसके अतिरिक्त चम्बा जिला के आपातकालीन कक्ष में 2,098, सिरमौर में 2,042, हमीरपुर में 1,825, सोलन में 700, ऊना में 526, किन्नौर में 509, मण्डी में 416, बिलासपुर में 241 और लाहौल-स्पीति में 15 काॅल आई हैं। इन केन्द्रों का संचालन करने वाले अधिकारियों के अनुसार अधिकतर काॅल प्रदेश वापसी, होम और संस्थागत क्वारंटीन नियम, कोविड-19 जांच, ई-पास, दवाईयों की उपलब्धता और रेड, आॅरेंज और ग्रीन जोन से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए की गई हैं। अधिकारियों के अनुसार इस सुविधा का लाभ वरिष्ठ नागरिकों, प्रवासी श्रमिकों सहित गम्भीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों को विशेष रूप से मिल रहा है।
उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने स्वास्थ्य विभाग के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी डेंगू की रोकथाम के लिए अभी से ही जुट जाएं ताकि समय रहते इस रोग को फैलने से रोका जा सके। यह बात उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने डेंगू, मलेरिया तथा अन्य जल जनित रोगों की रोकथाम के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। बैठक में उचित सामाजिक दूरी की पूर्ण रूप से अनुपालना की गई। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि लोगों को डेंगू के रोग के बारे में पंचायतों और शहरी क्षेत्रों में होर्डिंग्ज लगाकर और प्रचार सामग्री वितरित करके लोगों में जागरूकता का संदेश फैलाए जिन-जिन स्थानों पर डेंगू के रोग के फैलने की अधिक संभावनाएं रहती हैं। उन्होंने जल शक्ति विभाग, लोक निर्माण विभाग तथा नगर परिषद को आपसी समन्वयकता से कार्य करने को कहा ताकि जल जनित रोगों को फैलने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि पंचायत व वार्ड स्तर व समितियों का गठन करके डेंगू की रोक थाम के लिए आगामी कार्य योजना बनाने के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन करना सुनिश्चित करें ताकि लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक पग उठाए जा सकें। उन्होंने कहा कि जिला में डेगू से प्रभावित अति संवेदनशील व संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर उन पर गहन दृष्टि बनाएंतथा विभिन्न माध्यमों से प्रचार करके लोगों को सचेत व जागरूक करें। उन्होंने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों से कहा कि जल भंडारण टैंको को समय रहते साफ करवाएं व आस-पास पानी एकत्रित ना हो इसके लिए आवश्यक प्रबन्ध करना सुनिश्चित करें। उन्होंने लोगों से भी आग्रह किया कि वे घरों में भी स्थापित पानी की टंकियों की सफाई व पानी के ठहराव के संदर्भ में पूर्ण जागरूकता से अच्छे नागरिक होने का कर्तव्य निभाएं ताकि किसी भी स्तर की लापरवाही के कारण डेंगू को पनपने का अवसर ना मिलें। उन्होंने लोगों से आहवान किया कि डेंगू का ईलाज संभव है, इसे घबराएं नहीं, डेंगू के रोग की आंशका होने पर तुरंत क्षेत्रीय हस्पताल में जांच करवाना सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने सीएमओ को निर्देश देते हुए कहा कि डेंगू के संदर्भ में समस्त बीएमओ अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने आवश्यक ठोस कदम उठाएं। उन्होंने पंचायत विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि पंचायतों में उपलब्ध सभी पारम्परिक जल स्त्रोतों की सफाई व क्लोरीनेशन करना सुनिश्चित करें। उन्होंने जल शक्ति विभाग और स्वास्थ्य आवश्यक सहयोग देने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि पानी की शुद्धता की जांच करने के लिए समय-समय पर पानी के सैंपल लेना भी सुनिश्चित करें ताकि लोगों को शुद्ध पेयजल मिल सके और जल जनित रोगों से भी बचा जा सके। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास विभाग आपसी समन्वय से लोगों को जागरूक करंे। उन्होंने आरएम एचआरटीसी को भी निर्देश दिए कि वे टायरों इत्यादि में पानी एकत्रित न होने दें। टायरों को पूर्णतय ढक कर रखें। सीएमओ डा० प्रकाश दड़ौच ने डेंगू के लक्षणों के संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि तेज सिर दर्द व बुखार, मांस पेशियों तथा जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, जी मिचलाना अथवा उल्टी होना व नो, मुह, मसूंड़ों से खून आने की स्थिति में तुरंत क्षेत्रीय अस्पताल में संपर्क करें। उन्होंने बताया कि डायरिया रोग के निदान के लिए क्षेत्रीय हस्पताल के अतिरिक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, उप स्वास्थ्य केन्द्रों के अतिरिक्त आंगनबाड़ी केन्द्रों में भी ओआरएस व सम्बन्धित दवाईयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
प्रदेश में फसलों को टिड्डी दल के हमले से बचाने के दृष्टिगत कृषि विभाग सोलन ने किसानों के लिए आवश्यक परामर्श जारी किया है। यह जानकारी उपनिदेशक कृषि डाॅ. पीसी सैनी ने दी। डाॅ. सैनी ने कहा कि यह टिड्डी दल हवा के साथ क्षेत्र विशेष में पहुंचता है। उन्होंने कहा कि जब यह टिड्डी दल किसी विशेष क्षेत्र में पहुंचता है तो तुरंत इसका उपचार रसायन इत्यादि के साथ किया जाना चाहिए। उपनिदेशक कृषि ने कहा कि टिड्डी दल का समूह एक दिन में 150 से 200 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है। इनका समूह एक वर्ग किलोमीटर से कई सौ किलोमीटर तक का होता है। यह समूह दिन में उड़ता है तथा रात को किसी जगह बैठकर विश्राम करता है। उन्होंने कहा कि भारत में टिड्डी दल का समूह पाकिस्तान की तरफ से राजस्थान के रास्ते प्रवेश कर गया है। फसल को इनके कारण होने वाले व्यापक नुकसान के दृष्टिगत हिमाचल प्रदेश के कुछ जिलों में इस सम्बन्ध में चेतावनी जारी की गई है। उन्होंने कहा कि सोलन जिला के लिए भी यह चेतावनी जारी की गई है। डाॅ. पीसी सैनी ने कहा कि उचित प्रबंधन से किसान टिड्डी दल को खेतों से दूर रख सकते हैं। प्रभावित खेतों के आसपास कृषक ड्रम अथवा बर्तनों इत्यादि से तेज आवाज निकाल कर टिड्डी दल को फसल से दूर रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि टिड्डी दल के समूह पर कलोरपायरीफाॅस 20 ईसी (ईमल्सीफाईड कन्सनट्रेशन) का 2.5 मिलीलीटर प्रति लीटर जल में मिलाकर अथवा मेलाथियाॅन (यूएलबी) का 10 मिलीलीटर प्रति लीटर जल में मिलाकर या लैम्ब्डा सयलोथ्रिन 4.9 प्रतिशत सीएस का 10 मिलीलीटर प्रति लीटर जल में मिलाकर ट्रेक्टर माउंटेड स्प्रेयर अथवा रोकर स्प्रेयर से छिड़काव करें। यह छिड़काव शाम अथवा रात के समय करें क्योंकि टिड्डियां रात के समय बैठकर आराम करती हैं। उन्होंने कहा कि किसान खेत में फसल से दूर आग जला सकते हैं, जिसमें टिड्डी दल आकर्षित होकर जलकर समाप्त हो जाएगा। उन्होंने आग्रह किया कि किसान विभाग द्वारा इस सम्बन्ध में जारी किए गए परामर्श का अनुसरण करें ताकि टिड्डी दल के हमले की सम्भावना में क्षति को न्यून किया जा सके।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया ने कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह के उस बयान को हास्यास्पद बताया है जिसमें उन्होंने नैतिकता के आधार मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से इस्तीफे की मांग की है। राकेश पठानिया ने विक्रमादित्य सिंह को याद दिलाया कि उस वक्त उनकी नैतिकता कहां थी, जब उनके पिता और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निजी आवास पर मुख्यमंत्री रहते हुए ई.डी. व सी.बी.आई. का छापा पड़ा था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की नैतिकता उस समय कहां थी, जब कांग्रेस के मुख्यमंत्री का अधिकतर समय सी.बी.आई. की अदालतों में गुजरता था। पठानिया ने कहा कि विक्रमादित्य सिंह को उस समय नैतिकता की याद क्यों नही आई, जब उनके परिवार द्वारा सेब की ढुलाई के लिए कथित तौर पर स्कूटर व टैंकरों के नम्बर दिए गए थे। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार कांग्रेस के कार्यकाल में ही काॅपरेटिव बैंक भर्ती घोटाला भी सुर्खियों में रहा, जिसमें चेहतों को रेवड़ियो की तरह नौकरियां बांटी गई थीं। क्या उस समय विक्रमादित्य सिंह व उनके परिवार को नैतिकता का ध्यान नहीं रहा? नूरपुर के विधायक ने कहा कि विक्रमादित्य सिंह को नैतिकता का बात करने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि उनका पूरा परिवार ही जमानत पर है। उन्होंने कहा कि जिनके घर शीशे के होते हैं उन्हें दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फैंकने चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी नैतिकता पर चलने वाली पार्टी है तथा प्रदेश पार्टी के अध्यक्ष डाॅ. राजीव बिंदल द्वारा नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दिया जाना इस बात को दर्शाता है कि भाजपा के लिए नैतिकता के ऊपर कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि जबकि वास्तविकता यह है कि डाॅ. बिंदल पर किसी भी प्रकार का इस बारे में कोई भी आरोप नहीं है। पठानिया ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर एक स्वच्छ छवि व ईमानदार नेता हैं और जैसे ही सोशल मीडिया में कथित तौर पर लेन-देन की ऑडियो कैसेट आई तुरन्त कार्रवाई करते हुए निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं को बर्खास्त कर दिया और उनके विरूद्ध जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी तथा दोषियों के विरूद्ध सख्ती कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में प्रदेशवासियों को स्वच्छ एवं पारदर्शी प्रशासन प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि वहीं दूसरी ओर कांगेस पार्टी की सरकार का विगत पांच वर्ष का कार्यकाल कोर्ट कचहरी में ही व्यतीत हुआ था तथा उनका प्रदेश के विकास तथा लोगों के कल्याण के बारे में कोई ध्यान नहीं था। उन्होंने केवल अपने बचाव में ही पांच वर्ष व्यतीत कर दिए। राकेश पठानिया ने कहा कि कोविड महामारी के इस दौर में भी कांग्रेस नेता को इस तरह की ओच्छी राजनीति सूझ रही है, जबकि प्रदेश सरकार तथा भारतीय जनता पार्टी इस अवधि के दौरान प्रदेशवासियों को कोरोना महामारी से बचाने के लिए अनेक सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने इस अवधि में जरूरतमंदों को ‘मोदी खाद्य किटें’ बांटी और लाखों लोगों को मास्क व सैनिटाइजर उपलब्ध करवाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी बताए कि उन्होंने प्रदेशवासियों के लिए इस दौरान क्या किया है? राकेश पठानिया ने विधायक विक्रमादित्य सिंह को सलाह दी कि उन्हें इस तरह की अनर्गल बयानबाजी से गुरेज करना चाहिए क्योंकि वे अभी राजनीतिक तौर पर अपरिपक्व हैं और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के विरूद्ध इस तरह की बयानबाजी उन्हें शोभा नहीं देती।
कोरोना के दृष्टिगत लगे लाॅकडाउन के कारण, जब लाखों लोग जो अपनी नौकरी खो चुके थे, अपनी आजीविका को बनाए रखना मुश्किल हो रहा था और अपने घर लौटने के लिए उत्सुक थे, हिमाचल प्रदेश सरकार ने अन्य राज्यों से सभी हिमाचलियों को वापस लाने के लिए पर्याप्त संख्या में विशेष ट्रेनों, बसों के माध्यम से उनकी प्रदेश वापसी सुनिश्चत की। देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे राज्य के लोगों को सहायता देने के उद्देश्य से, राज्य सरकार ने देश के विभिन्न हिस्सों से प्रदेश वापसी का अभियान भी चलाया। राज्य सरकार ने 25 मई, 2020 तक विभिन्न प्रावधानों के माध्यम से 1,40,104 लोगों को वापस राज्य में लाया है। कांगड़ा के लगभग 61556, हमीरपुर के 16292 लोग, सोलन के 15728 लोग, मंडी के 10306 लोग, शिमला के 7274 लोग, ऊना के 6599 लोग, सिरमौर के 6109 लोग, बिलासपुर के 6071 लोग, चंबा के 5337 लोग, कुल्लू के 3739 लोग, किन्नौर के 870 लोग और लाहौल-स्पीति के 223 लोग विभिन्न राज्यों से वापस लाए गए हैं। लगभग 5474 व्यक्तियों को ट्रेनों के माध्यम से प्रदेश वापस लाया बाहरी राज्यों में फंसे हिमाचल प्रदेश के लोगों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए, केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के अनुरोध पर विशेष ट्रेनें भी चलाईं, जिसके माध्यम से राज्य में लगभग 5474 व्यक्ति पहुंचे हैं। एक विशेष ट्रेन 26 मई को दिल्ली से ऊना पहुंची जिसमें 271 लोग सवार थे। 25 मई को चेन्नई सेंट्रल, तमिलनाडु से पठानकोट के चक्की बैंक रेलवे स्टेशन पर लगभग 211 लोग पहुंचे। 24 मई को दो विशेष ट्रेनें, अहमदाबाद से एक, ऊना रेलवे स्टेशन पर 545 व्यक्ति और दूसरे व्यक्ति चक्की बैंक रेलवे स्टेशन, महाराष्ट्र के पठानकोट से 580 व्यक्तियों को लेकर पहुंची। 23 मई को त्रिवेंद्रम, केरल से पठानकोट होते हुए हिमाचल प्रदेश के 35 लोगों को लेकर एक ट्रेन आई। लगभग 118 व्यक्तियों को हैदराबाद से वापस लाया गया और 20 मई को ट्रेन के माध्यम से पठानकोट पहुंचे। पुणे से ऊना के लिए एक और विशेष ट्रेन 19 मई को लगभग 617 व्यक्तियों को लेकर आई और मुंबई से ऊना रेलगाड़ी 18 मई को पहुंची, जिसमें 697 व्यक्ति थे। रेलगाड़ियों में प्रदेश पहुंचे नागरिक बीते 18 मई को बाहर फंसे हुए हिमाचलियों को लेकर आने वाली तीन रेलगाड़ियां राज्य में वापस पहुंची, जिसमें 259 व्यक्ति चेन्नई से पठानकोट पहुंचे, 589 गोवा से ऊना पहुंचे और 697 मुंबई से पहुंचे। राज्य के लगभग 1486 व्यक्तियों को थिविम, मडगांव करमाली (गोवा) से ऊना के लिए एक विशेष ट्रेन के माध्यम से गोवा से प्रदेश वापस लाया गया, जो 15 मई को ऊना पहुंची। नागपुर से पठानकोट तक 78 व्यक्तियों को ले जाने के लिए विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई थी। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार के प्रयासों से हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों के माध्यम से भी राज्य के लोगों को वापिस लाया गया। राज्य के 140 छात्रों को वापस लाने के लिए हिमाचल सड़क परिवहन निगम की नौ बसों को परवाणू से कोटा भेजा गया। ट्राई-सिटी क्षेत्र में फंसे 3500 से अधिक लोगों को चरणबद्ध तरीके से 144 बसों में लाया वापस चंडीगढ़ (ट्राइसिटी) में फंसे लोगों को सहायता भी दी गई, जिसके लिए बसों को बैचों में भेजा गया। ट्राई-सिटी क्षेत्र में फंसे 3500 से अधिक लोगों को चरणबद्ध तरीके से 144 बसों में वापस राज्य में लाया गया। 3 मई, 2020 को पहले बैच में ट्राई-सिटी क्षेत्र में फंसे 1314 व्यक्तियों को 51 बसों में वापस प्रदेश में लाया गया, जिसमें कांगड़ा जिले के 609 लोग, हमीरपुर जिले के 335 लोग, ऊना जिले के 132 लोग और चंबा जिले के 238 लोग शामिल थे। वापस लाए गए लोगों की हुई इन्फ्लुएंजा लक्षणों की जांच बीते 4 मई को 49 बसों में दूसरे बैच को प्रदेश में लाया गया, जिसमें मंडी जिला के 622 लोग, बिलासपुर जिले के 365 लोग, कुल्लू जिले के 191 और लाहौल-स्पीति जिले के 61 लोगों सहित 1239 लोगों को अन्य स्थानों से प्रदेश वापस लाया गया। इसी प्रकार तीसरा बैच 5 मई को राज्य के पांच जिलों के 1006 व्यक्तियों को 44 बसों में ट्राइसिटी से वापस लाया गया, जिसमें शिमला जिले के 585, सोलन जिले के 150, सिरमौर जिले के 170, किन्नौर जिले के 89 और बिलासपुर जिले के 12 लोग शामिल थे। यह देश के विभिन्न राज्यों में फंसे हुए हिमाचल के लोगों को राज्य में सुरक्षित वापस लाने का सबसे बड़ा अभियान था। इन सभी वापस लाए गए लोगों की इन्फ्लुएंजा लक्षणों की जांच की गई और इसके बाद उन्हें होम क्वारन्टीन में रखा गया। आप भी डाउनलोड करें आरोग्य सेतु ऐप प्रदेश सरकार ने राज्य में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं और उन्हें आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा गया है और साथ ही सामाजिक शिक्षा के महत्व के बारे में सूचना शिक्षा संचार (आईईसी) सामग्री प्रदान की जा रही है। इनके अलावा, हिमाचल प्रदेश के 29 निवासी, जिन्होंने विभिन्न उद्देश्यों के लिए लाॅकडाउन से पहले विभिन्न देशों की यात्रा की थी, उन्हें भी अन्य देशों से देश में वापस लाया गया है, जिनमें से 19 को दिल्ली में, पांच को केरल और पांच को पंजाब में रखा गया है। इसके बाद क्वारन्टीन अवधि पूरी होने पर उन्हें हिमाचल प्रदेश वापस लाया जाएगा।
भाव मेरे मन के जागे, जीत गए कुछ मन की राग ये बदलाव आज किस तरह का जमाने में आ गया हर इंसान मतलबी सा हो गया। रिश्ते भी रिश्ते नहीं रहे, हर एक रिश्ता अजनबी सा हो गया, इंसानियत कहां खो गई, इंसान के खिलाफ हो गया कुदरत का कहर कुछ यूं देखा हमने, आज इंसान कैद, और जानवर आजाद हो गया। कुदरत के आगे सब डर से गए अमीरी के नशे में चूर थे, वह भी वक्त के आगे झुक से गए। इंसान अब भी ना तू समझा तो कहर बहुत बरस जाएगा, कुदरत का कहर कुछ यू बरसा, जो छोड़ गए थे कुछ अपने, आज वह भी अपनों के लिए तरसा। याद आ गया मुझे अपने बचपन का जमाना, मां बापू का प्यार और उनका धमकाना, आज फिर वो संस्कार लौट कर आए, जो इस पाश्चात्य सभ्यता को नहीं थे भाय। धरती मां जिसको बांझ सा था कर दिया , आज वह खेत खलियान फिर से हैं लहराए, घर से गए बुद्धू घर को लौट आए, सुबह का भूला शाम को घर आए तो बुलाना कहलाए। कुछ इस तरह से मंजू के मन के भाव आज जाग आए, वाह री कुदरत तूने टूटे हुए रिश्ते फिर से है मिलवाए, ये थे मेरे मन के भाव जो आज बाहर निकल कर के आए। मंजुला वर्मा भाषा अध्यापिका जिला मंडी हिमाचल प्रदेश
फेसबुक पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट की गई है जिसकी शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। दरअसल मामला ये है कि फेसबुक पर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर उनकी छवि को बिगाड़ने के आरोप को लेकर राजधानी शिमला में मामला दर्ज किया गया है। शिक्षा मंत्री के ओएसडी ममराज पुंढीर की शिकायत पर छोटा शिमला थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 465, 469 व 67 आईटी एक्ट में केस दर्ज किया है। शिमला पुलिस के अनुसार मामराज पुंढीर ने शिकायत में कहा है कि मनोज ने 27 मई तथा राकेश मन्डोत्रा व राकेश जिन्टा ने 28 मई को अपनी फेसबुक में शिक्षामंत्री सुरेश भारद्वाज के खिलाफ झूठी व आपत्तिजनक समाचार पत्र की खबर को अपलोड किया है कि मंत्री ने अपने सियासी रसूख के चलते केन्द्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला में अपने एक करीबी को प्रोफेसर के पद पर नियुक्त किया है। इसे लेकर सोशल मीडिया में मंत्री के खिलाफ भ्रामक प्रचार कर उनकी बेदाग छवि को धूमिल किया जा रहा है। उधर, एसपी शिमला ओमा पति जंबाल ने पुष्टि करते हुए कहा कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
सोलन जिला का हर वर्ष 28 व 29 मई को मनाया जाने वाला जिला स्तरीय माँ चण्डी मेला वैश्विक महामारी की वजह से नहीं हो सका। मेला कमेटी के प्रधान रमेश ठाकुर व मन्दिर समिति के प्रधान चन्द्र मोहन शर्मा ने बताया वैश्विक महामारी के चलते सरकार व प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए इस बार मेले को स्थगित किया गया। इस बार केवल सामाजिक दूरी का पालन करते हुए माँ चण्डी की विधिवत पूजा अर्चना कर माँ को झण्डा अर्पित किया गया व चण्डी माँ से सभी के स्वास्थ्य व खुशहाली की कामना की गई। इस मौके पर बलबन्त ठाकुर, हँसराज शर्मा, देवेंद्र डोगरा, हरिराम, धर्मेंद्र वर्मा, विनोद डोगरा बलबीर ठाकुर सहित सभी कमेटी सदस्य उपस्थित रहे।
जिलाधीश डाॅ. ऋचा वर्मा ने कहा है कि कुल्लू जिला में क्वारंटाइन सेंटरों की स्थापना के लिए अधिगृहीत किए शिक्षण संस्थानों को पूरी तरह सेनिटाइजेशन के बाद ही संस्थान प्रमुखों को वापस सौंपा जाएगा। इस संबंध में सभी एसडीएम, बीडीओ, उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक और स्थानीय निकायों के अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए गए हैं। डाॅ. ऋचा वर्मा ने बताया कि आने वाले समय में जब भी प्रदेश सरकार शिक्षण संस्थानों को खोलने का निर्णय लेगी तो क्वारंटीन सेंटरों के लिए अधिगृहीत किए गए शिक्षण संस्थानों के भवनों को खाली करना पड़ेगा। गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार इन भवनों को खाली करने के बाद इनकी संपूर्ण सेनिटाइजेशन अनिवार्य है। जिलाधीश ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और गृह मंत्रालय के कड़े दिशा-निर्देशों के मद्देनजर जिला में शिक्षण संस्थानों के अधिगृहीत भवनों को पूरी तरह सेनिटाइज किया जाएगा। उन्होंने सभी एसडीएम, बीडीओ, नगर निकायों के कार्यकारी अधिकारियों और पंचायत सचिवों को निर्देश किए कि वे उक्त भवनों की संपूर्ण सेनिटाइजेशन सुनिश्चित करें और इन्हें वापस सौंपने से पहले संस्थान प्रमुखों से प्रमाण-पत्र या रसीद भी लें। जिलाधीश ने उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक और प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक को भी गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इस दुख की घड़ी में जहाँ पूरा विश्व महामारी की चपेट में है। जहाँ अन्य स्कूल ऑनलाइन पढाई का बहाना बनाकर अभिभावकों से फीस की मांग कर रहे है, वहीं दूसरी तरफ हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी तहसील सूंदर नगर के नौलखा स्थित सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल ने अभिभावकों को राहत देते हुए एडमिशन फीस और दो महीने की फीस माफ् कर दी है, जो मध्यम वर्ग के लिए बहुत बड़ी राहत की बात है क्योकि इस आपदा की घड़ी में सबसे ज्यादा माध्यम वर्ग ही प्रभावित है और इस विद्यालय की यह पहल बहुत ही सराहनीय है | प्रिन्सिपल ऋतु राणा ने अभिभावकों को यह भी निर्देश दिए कि बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखें तथा होम वर्क समय पर कार्रवाएं और फीस की चिंता बिल्कुल न करे। महामारी के इस दौर में हम आपके साथ है।
स्वास्थ्य विभाग के घोटाले में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल के इस्तीफे पर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष व विधायक सुखविंद्र सिंह सूक्खू ने प्रदेश सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि सरकार स्पष्ट करे, बिंदल का इस्तीफा क्यों लिया गया। स्वास्थ्य विभाग के घोटाले में भाजपा के कौन बड़े नेता शामिल हैं, जिनके चलते बिंदल को प्रदेशाध्यक्ष की कुर्सी का त्याग करना पड़ा। सरकार उनके भी नाम सार्वजनिक करे। क्या बिंदल का इस्तीफा लेकर मामले को दबाने की कोशिश हो रही है। क्योंकि, पहले भी सरकार इस घोटाले को दबा चुकी है। सूक्खू ने कहा कि पूर्व मंत्री रविंद्र रवि के पत्र बम ने इसकी परतें खोल दी थीं, लेकिन सरकार ने घोटालेबाजों पर कार्रवाई के बजाए रवि के खिलाफ ही जांच बिठा दी थी। स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से घोटाले होते आ रहे हैं, जिन्हें लेकर ही रवि ने पत्र लिखा था, लेकिन सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। वह घोटाले का पहला अध्याय था, दूसरा अध्याय कोरोना काल में शुरू हुआ और 5 लाख के लेनदेन का ऑडियो वायरल होने पर भ्रष्टाचार उजागर हो गया। कोरोना जैसी आपदा में भी भ्रष्टाचार ने भाजपा का असली चेहरा बेनकाब कर दिया है। जिनके काम-धंधे बंद, उन्हें राहत दे सरकार सुखविंद्र सूक्खू ने कहा है कि सरकार उन्हें राहत दे जिनके काम-धंधे पूरी तरह से बंद पड़े हैं। आपदा में दान दी जा रही राशि खर्च करने के लिए है, जमा करने के लिए नहीं। सरकार प्रदेश में राहत किसे दे रही यह पता ही नहीं चल रहा। वकीलों, छोटे दुकानदारों, नाई-धोबी, कामगारों व जिनकी नौकरी चली गई है, सरकार को उन्हें बतौर राहत जल्दी 10000 रुपये आर्थिक मदद देनी चाहिए। पीटीए टीचर्स को भी तुरंत उनकी रुकी हुई सेलरी दी जाए। कोरोना पॉजिटिव को घर भेजना बड़ी चूक सूक्खू ने कहा कि कोरोना नियंत्रण को लेकर सरकार एक के बाद एक गलतियां कर रही है। जब प्रदेश के लोगों को बाहर से लाना चाहिए था, तब लाए नहीं, जब लोग संक्रमित हो गए तो उन्हें लाकर पूरे प्रदेश को खतरे में डाल दिया। हमीरपुर में 15 कोरोना पॉजिटिव को नेगेटिव बताकर घर भेजना बड़ी प्रशासनिक लापरवाही है। सरकार को उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए। संस्थागत संगरोध में हो रहा भाई भतीजावाद भी खत्म हो।
मौसम की बेरुखी किसान-बागवानों पर भारी पड़ रही है। एक ओर कोरोना का कहर लोगों को सता रहा है तो वहीं मौसम का बदला मिज़ाज किसानों के लिए नई दिक्कतें ला रहा है। बीच-बीच में हो रही ओलावृष्टि से किसान बागवानों की कमर टूट गई है। वीरवार दोपहर बाद आनी में मौसम ने अपना मिज़ाज बदला और भारी आंधी-तूफ़ान के साथ साथ बारिश और ओलबृष्टि भी हुई। भारी बारिश होने से नालों में पानी का जलस्तर अचानक बढ़ने से पानी सड़कों पर आ गया जिससे वाहन चालकों व राहगीरों को काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। वहीं आनी, निरमण्ड के कई क्षेत्रों में एक बार फिर ओले से भारी नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि से सेब की फसल काफी हद तक प्रभावित हो गई है। गौर रहे इससे पूर्व भी कई बार ओलावृष्टि ने किसान-बागवानों की सेब, आलू, मटर जैसी फसलों को बर्बाद कर दिया था। जिस कारण बागवानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। इस बार बागवान अच्छी सेब की पैदावार होने की उम्मीद कर रहे थे। पहले लगातार तेज बारिश और ओलावृष्टि ने सेब की सेटिंग को काफी नुकसान पहुंचाया है। इलाके में बागवानों के घर का खर्चा सेब व अन्य फसलों की पैदावार पर ही निर्भर करता है। सेब की पैदावार ठीक ठाक हो जाए तो बागवानों को साल भर का खर्चा निकल जाता है। मौसम की बेरुखी तो वहीं कोरोना का कहर सता रहा है। बागवानों ने कहा कि ओलावृष्टि ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर कर रख दिया है। ओलावृष्टि से सेब की फसल पूरी तरह प्रभावित हो गई है। इस बार बागवानों को सेब की पैदावार न के बराबर होने का भय सता रहा है। किसान-बागवानों ने सरकार व कृषि विभाग से हुए नुकसान का जायज़ा लेने और आगामी कार्रवाई की मांग की है ।
कृषि विभाग के निदेशक डाॅ. आर.के. कौंडल ने बताया कि बड़े पैमाने पर रेगिस्तानी टिड्डों के संभावित आक्रमण के कारण प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों से इन टिड्डियों द्वारा फसलों को नष्ट करने की सूचना प्राप्त हुई है और प्रदेश में भी इनके आक्रमण की आशंका है, जिसके कारण प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि विशेषकर कांगड़ा, ऊना, बिलासपुर और सोलन जिले हाई अलर्ट पर हैं। उन्होंने कहा कि टिड्डियों की गतिविधियों पर निरंतर नजर रखने तथा किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए फील्ड अधिकारियों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने किसानों को टिड्डियों की किसी भी गतिविधि की रिपोर्ट अपने निकटतम कृषि अधिकारियों को तुरन्त देने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि यह रेगिस्तानी टिड्डे आमतौर पर हवा के साथ लगभग 16 से 19 किमी प्रति घंटे की गति से हवा के साथ उड़ते हैं और एक दिन में लगभग 5 से 130 किमी या इससे अधिक की दूरी तय कर सकते हैं। कृषि निदेशक ने बताया कि सभी फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि वे टिड्डियों के हमले के प्रति किसानों में जागरूकता लाएं और उन्हें कीटनाशकों का छिड़काव करने के लिए प्रेरित करंे। उन्होंने कहा कि इसके बचाव के लिए 30 लीटर पानी में 200 ग्राम मैथेरिजियम और बाॅवरिया जैसे जैव कीटनाशक का घोल बना कर छिडकाव करना लंबे समय तक प्रभावी होगा। उन्होंने कहा कि जैव नियंत्रण प्रयोगशाला, कांगड़ा और मंडी को इन जैव कीटनाशकों को पर्याप्त मात्रा में तैयार करने के निर्देश दिए गए है। कृषि निदेशक ने कहा कि वर्तमान में राज्य के किसी भी हिस्से से टिड्डियों की गतिविधियों की कोई सूचना नहीं है और टिड्डी नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि अधिकारियों को टिड्डियों की गतिविधियों पर नजर रखने और खेतों में टिड्डियों की किसी भी गतिविधि की रिपोर्ट कृषि निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए गए है।
हि.प्र. राज्य सहकारी बैंक सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण संघ के अध्यक्ष बी.डी. काजल ने संघ की ओर से मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को एचपी एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅंस फंड में 1.11 लाख रुपए का चैक भेंट किया। इसके अतिरिक्त, राज्य भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व सचिव महेन्द्र रोहाल और भाजपा किसान मोर्चा जिला शिमला के पूर्व अध्यक्ष चन्दन शर्मा ने भी इस फंड में 51 हजार रुपये का अंशदान किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए उनका आभार व्यक्त किया। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल ने जारी एक प्रैस बयान में कहा कि हिमाचल प्रदेश भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के प्रति अपनी "जीरो टॉलरेंस" की नीति पर कायम है। उन्होनें कहा कि प्रदेश की सरकार मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ाई लड़ रही है। मुख्यमंत्री के ध्यान में भ्रष्टाचार का जो भी मामला आया, उसके खिलाफ तुरंत कार्यवाही के आदेश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक की कथित ऑडियो क्लिप जारी होते ही बिना समय गवाए कार्यवाही अमल में लाई गई। विजिलैंस की जांच शुरू करके निदेशक स्वास्थ्य विभाग को सस्पैंड कर तुरंत गिरफ्तार किया गया और आगे की जांच जारी है। त्रिलोक जम्वाल ने आगे कहा कि भाजपा के पूर्व अध्यक्ष डॉ राजीव बिन्दल ने नैतिकता के आधार पर अपने पद से केवल इसलिए इस्तीफा दिया, क्योंकि कुछ तथाकथित लोग निराधार बयानबाजी करके भाजपा पर अंगुली उठा रहे थे। इसलिए उन्होनें अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझते हुए अपने पद से त्यागपत्र दिया ताकि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो सके और भाजपा हर प्रकार की जांच के लिए तैयार भी है। भाजपा महामंत्री ने कहा कि कांग्रेसी नेताओं का भाजपा को नैतिकता का पाठ पढ़ाना "खुद मियां फजीहत औरों को नसीहत" कहावत को चरितार्थ करता है। जिस पार्टी ने भ्रष्टाचार में कीर्तिमान स्थापित किए हों, जो पार्टी खुद आकंठ भ्रष्टाचार में लिप्त हो और अनेकों भ्रष्टाचार के आरोप उनके ऊपर लगे हो, उनका दूसरों को नैतिकता की सीख देना हास्यास्पद है। त्रिलोक जम्वाल ने कहा सर्वविदित है कि आज पूरा विश्व कोरोना महामारी से त्रस्त है और इस वैश्विक महामारी के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने जहां समाज सेवा के कार्य प्रारंभ कर प्रदेश की जनता की सेवा की वहीं कांग्रेस पार्टी ने इस संकटकाल में भी केवल राजनीति ही करने का काम किया। भाजपा ने पूरे प्रदेश में 5 लाख से अधिक भोजन पैकेट, एक लाख से अधिक सूखा राशन, 22 लाख से अधिक मास्क बांटे और साथ ही प्रधानमंत्री राहत कोष और मुख्यमंत्री राहत कोष में 9 करोड़ से अधिक का अंशदान दिया। उन्होनें कांग्रेस पार्टी के नेताओं से प्रश्न करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी बताएं कि कोरोना संकट के दौरान उन्होनें प्रदेश की जनता के लिए क्या किया ? वे बताएं कि इस संकटकाल में उन्होनें कौन सी समाज सेवा की ? परन्तु उनके पास इसका कोई भी जवाब नहीं होगा क्योंकि कोरोना कालखण्ड में कांग्रेसी नेता ’’बयान बहादुर’’ बनकर रह गए और कांग्रेसी नेताओं में बयानबाजी करने में एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ सी लग गई, जोकि निंदनीय है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल के नेता अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए और प्रदेश की जनता को गुमराह करने के लिए मीडिया में निराधार बयानबाजी कर जनता में अपनी उपस्थिति बनाए रखना चाहते हैं परन्तु प्रदेश की जनता उनके द्वारा फैलाई जा रही झूठी अफवाहों में नहीं आने वाली। इस पूरे प्रकरण को भारतीय जनता पार्टी के साथ अप्रत्यक्ष रूप से जोड़ना कांग्रेस पार्टी की एक कुटिल चाल मात्र है जिसमें वे कभी कामयाब नहीं होंगे। त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जल्दी ही सच्चाई सबके सामने आ जाएगी और दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा ।
प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन सोलन द्वारा 1586 व्यक्तियों को हरियाणा के कालका से विशेष श्रमिक रेलगाड़ी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के फैजाबाद एवं अन्य जिलों के लिए भेजा गया। । उपमण्डलाधिकारी सोलन रोहित राठौर की देख-रेख में यह सभी व्यक्ति अपने-आने गंतव्य स्थल की और रवाना हुए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन संवेदनशीलता के साथ इन व्यक्तियों को उनके घर पंहुचाने के लिए प्रयासरत है। अत्यन्त गर्मी एवं लू के कारण होने वाले निर्जलीकरण (डीहाईड्रेशन) के दृष्टिगत जिला प्रशासन सोलन द्वारा यात्रियों को ओ.आर.एस सहित अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाई गई हैं। उन्हांेने कहा कि छोटे बच्चों के लिए दूध इत्यादि की भी पूर्ण व्यवस्था की गई है। यह सामान राधा स्वामी सत्संग ब्यास, सोलन, रोटरी क्लब सोलन, केमिस्ट एसोसिएशन सोलन, एस मार्ट सोलन द्वारा दिया गया है। रोहित राठौर ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश जाने वाले इन व्यक्तियों को प्रदेश पथ परिवहन निगम की 60 बसों के माध्यम से कालका पहंुचाया गया। रेलवे स्टेशन पर सभी यात्रियों के लिए भोजन, जल इत्यादि की पूर्ण व्यवस्था की गई थी। उन्होंने कहा कि इन 1586 व्यक्तियों में सोलन जिला के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ से 763, सोलन से 54, परवाणु से 157, शिमला जिला के रामपुर से 41, शिमला से 28, जिला सिरमौर से 115, जिला किन्नौर से 22, जिला ऊना से 222, जिला कांगड़ा से 63 तथा जिला बिलासपुर से 121 व्यक्ति उत्तर प्रदेश गए। भारतीय प्रशासनिक सेवा की परिवीक्षाधीन अधिकारी रितिका जिन्दल, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सुरेश सिंघा, जिला खनन अधिकारी कुलभूषण सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि धैर्य बनाए रखे घबराएं नहीं, प्रशासन उनके सहयोग के लिए हमेशा तत्पर है। उन्होंने लोगों से उचित सामाजिक दूरी बनाए रखने, मास्क पहनने तथा बार-बार हाथ धोने और सैनीटाईजर का उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि जिला से अब तक 1478 लोगों के सैंपल कोविड-19 के लिए लैब जांच के लिए आई जी एम सी शिमला भेजे गए, उनमें से 1450 सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं और 18 की रिपोर्ट अभी तक पाॅजिटीव आई है जिनमें से 4 लोग ठीक हो चुके है और 14 मामले अभी तक एक्टिव है। शेष 10 सैंपल की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। उन्होंने बताया कि 23 मई को जिला में कफ्र्यू को आगामी आदेशों को बढ़ाने के आदेश जारी कर दिए गए है। यह भी आदेश जारी किए गए है कि सैलून, ब्यूटी पार्लर, हेयर ड्रेसर की दुकानें मंगलवार को छोड़कर खुली रहेंगी। जिला के 250 हेयर ड्रेसर को स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया है और जिन्हें ट्रेनिंग नहीं दी गई है उन्हें दिशा निर्देशों की काॅपी उपलब्ध करवा दी गई है। उन्होंने बताया कि 25 मई को विधानसभा क्षेत्र झंडूता के गांव डुहक के।रहने वाले व्यक्ति जोकि होम क्वारंटाईन में थे उनके पाजिटिव आने के पश्चात उस गांव तथा निकट तम छः गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया था और झंडूता के सुनहानी और कोटली को बफर जोन बनाया गया है। उन्होंने बताया कि 28 मई को ग्राम पंचायत बामटा तहसील सदर जिला बिलासपुर के गांव दनोह में एक व्यक्ति कोरोना पाजिटिव पाया गया है इस कारण गांव दनोह के आसपास के क्षेत्र निहाल, दनोह, कोसरियां गांवों को जो ग्राम पंचायत बामटा।में पड़ते हैं तथा नगरपरिषद के क्षेत्र के अन्तर्गत एचआरटीसी क्लोनी वार्ड नम्बर 1 नगर परिषद बिलासपुर गुरूद्वारा मार्किट, गांधी मार्किट व काॅलेज चौक मार्किट को कोविड-19 कंटेनमेंट जोन व नगरपरिषद के वार्ड नम्बर 1 के शेष बचे क्षेत्र, रौडा सेक्टर नम्बर 3, कोसरियां वार्ड, निहाल नम्बर 1, आईटीआई बिलासपुर तक व मेन मार्किट व चंगर सेक्टर को बफर जोन घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि कंटेनमेंट जोन में पूरी तरह से आवाजाही बंद रहेगी तथा कर्फ्यू में दी गई ढील नहीं मिलेगी। उन्होंने बताया कि आवश्यक वस्तुओं जैसे दूध, सब्जी, राशन, दवाईयां सप्लाई करने के लिए एसडीएम सदर की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है जिन्होंने आपूर्ति शुरू कर दी है। इसके तहत सभी को कोविड-19 के दिशानिर्देशों को पालन करना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि कंटेनमेंट जोन में एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान चलाया जाएगा जिसमें लोगों के सैंपल लिए जाएंगे।
सदर विधानसभा क्षेत्र के युवा नेता एवं प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर और पूर्व जिला परिषद सदस्य बसन्त राम सन्धु व जिला महासचिव एनएसयूआई नरेश कुमार ने सदर विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों का दौरा कर जनता का कुशलक्षेम जाना और लोगों को कोरोना महामारी से बचाव के लिए मास्क वितरित किए। इस मौके युवा नेता आशीष ठाकुर ने कहा कि जिस तरह से देवभूमि में आए दिन मामले बढ़ रहे है यह बहुत ही चिंतनीय विषय है। उन्होंने कहा कि इस महामारी से अब हमारा जिला भी अछूता नही रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि सरकार अपना निर्णय बदले ओर बाहरी राज्यो से आने वाले लोगों को चाहे वो किसी भी ज़ोन से आ रहे हों उन्हें इंस्टिट्यूशनल क्वारंटाइन में रखे और सभी लोगों का कोरोना टेस्ट करवाए अन्यथा पूरे प्रदेश में मामले धड़ाधड़ बढ़ते ही जायेंगे। उन्होंने प्रदेश सरकार से भी सवाल पूछा है कि सदर विधानसभा की पंचायतों में जो क्वारंटाइ। सेंटर बने है वँहा लोगो को खाना मुहिया करवाने की जिम्मेदारी किसकी बनती है। उन्होंने कहा कि उन्हें सूत्रों से पता चला है कि पंचायत घरों में बने क्वारंटाइन सेंटरों में रह रहे लोगो को अपने घरों से खाने की व्यवस्था करनी पड रही है जिससे कि कोरोना संक्रमण के बढ़ने की पूर्ण आशंका बनी हुई है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की है कि जल्द से उन लोगों के खाने की व्यवस्था क्वारंटाइन सेंटर में की जाए। साथ मे उन्होंने जनता से अपील की है कि वो अपने घरों में रहकर खुद को ओर अपने समाज को सुरक्षित रखने में योगदान दे।
सचिव ग्रामीण विकास डाॅ. आर.एन. बत्ता ने बताया कि भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से प्रदेश की मुख्यमंत्री एक बीघा योजना की सराहना करते हुए इस योजना को देश भर में लागू करने की घोषणा की है। डाॅ. आर.एन. बत्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर द्वारा गत सप्ताह इस योजना का शुभारम्भ किया गया था। उन्होंने कहा कि इस योजना में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की परिकल्पना की गई है। इस योजना केे तहत एक महिला या उसका परिवार जिनके पास एक बीघा (या 0.4 हेक्टेयर) तक की भूमि है, वह सब्जियों और फलों को उगाने के लिए बैकयार्ड किचन गार्डन तैयार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना में 5,000 स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लगभग 1.50 लाख महिलाएं शामिल होंगी।
नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया ने आज यहां मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को ज़िला कांगड़ा के जसूर मार्किट के व्यापारियों की ओर से एचपी एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅंस फंड में 2.50 लाख रुपए का चैक भेंट किया। उन्होंने इस अवसर पर सेनेटाइजर मशीन भी भेंट की। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अंशदान कोरोना महामारी से लड़ने में सहायक सिद्ध होगा।
कोरोना वायरस महामारी ने दुनिया के लिए कई चुनौतियां पेश की हैं। भारत भी इस बीमारी से लड़ रहा है। कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है। राज्य सरकार कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए शारीरिक दूरी को प्रोत्साहित कर रही है। संकट के इस समय में बहुत से लोगों ने इस बीमारी के कारण अपनी आजीविका खो दी है और अपने मूल राज्य की ओर रूख किया है। राज्य में 25 अप्रैल, 2020 से लेकर अब तक 1.40 लाख लोग वापस आ चुके हैं और लोग अभी भी आ रहे हैं। राज्य सरकार ने इन पेशेवर लोगों की क्षमता का दोहन करने का निर्णय लिया है, जिससे राज्य की श्रमशक्ति में भी बढ़ौतरी होेगी। कफ्र्यू के इस समय में भ्रम और अनिश्चितता को देखते हुए, राज्य सरकार लोगों के लिए एक लाभकारी योजना आरंभ कर लोगों को सुरक्षित रखने की तैयारी में बहुमूल्य योगदान दे रही है। शहरी क्षेत्र में आजीविका सुरक्षा बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री शहरी अजीविका गारंटी योजना शुरू की गई है, जो इस वित्तीय वर्ष में हर घर में 120 दिनों का गारंटीड मजदूरी रोजगार प्रदान करेगी। इस योजना को हिमाचल प्रदेश के सभी शहरी स्थानीय निकायों और छावनी बोर्ड में लागू किया जाएगा। राज्य सरकार इस संकट में लोगों को प्रभावशाली प्रोत्साहन के रूप में यह योजना प्रदान कर रही है। लोगों की मदद करने के लिए उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने मेें यह एक बड़ा कदम है। योजना का उद्देश्य मजदूरी से जुड़े व्यक्तियों के कौशल संवर्धन में मदद करना है ताकि उन्हें बेहतर आजीविका के अवसर प्रदान किए जा सकें। इसके अतिरिक्त उद्यमिता प्रशिक्षण के साथ-साथ सब्सिडी लिंक्ड क्रेडिट लिंकेज प्रदान करके अपने उद्यम स्थापित करना और शहरी बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने तथा शहरी स्थानीय निकायों में गुणवत्ता नागरिक सुविधाओं के प्रावधान द्वारा लोगों को बेहतर आजीविका के अवसर प्रदान करना भी योजना के लक्ष्यों में शामिल है। प्रत्येक घर के सभी वयस्क सदस्य काम करने के लिए पात्र होने के लिए पंजीकरण कर सकते हैं। उन्हें शहरी स्थानीय निकायों के अधिकार क्षेत्र में रहना और शहरी स्थानीय निकायों द्वारा प्रदान की जा रही परियोजनाओं या स्वच्छता सेवाओं में अकुशल कार्य करने के लिए तैयार रहना अनिवार्य होगा। काम करने के लिए अधिकतम आयु सीमा 65 वर्ष होगी। इस योजना के तहत योग्य पात्र लाभार्थी को दीन दयाल अंतोदय-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत ऋण के लिए आवेदन करने की सुविधा होगी। लाभार्थियों को पंजीकरण के सात दिनों के भीतर एक जाॅब कार्ड जारी किया जाएगा। पात्र लाभार्थी को पंजीकरण के 15 दिनों के भीतर रोजगार दिया जाएगा अन्यथा शहरी स्थानीय निकायों द्वारा लाभार्थी को रोजगार भत्ते के रूप में 75 रूपये प्रतिदिन का भुगतान किया जाएगा। पुरुष और महिला श्रमिकों दोनों को समान वेतन का भुगतान किया जाएगा। 15 दिनों के रोजगार के पूरा होने के सात दिनों के बाद पखवाड़े के आधार पर शहरी स्थानीय निकायों द्वारा पात्र लाभार्थियों के बैंक खाते में मजदूरी की राशि सीधे जमा की जाएगी। पात्र लाभार्थी को योजना के तहत रोजगार प्रदान करने के बाद दीन दयाल अंतोदय-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत सरकार द्वारा अधिसूचित की गई न्यूनतम मजदूरी के साथ अधिकतम चार सप्ताह के लिए कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले पात्र लाभार्थियों को दीन दयाल अंतोदय-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के स्वरोजगार कार्यक्रम के तहत बैंकों से जोड़ा जाएगा। लाभार्थियों को राज्य सरकार और केंद्र सरकार की किसी भी योजना के तहत चल रहे या नए स्वीकार्य कार्य में रोजगार प्रदान किया जाएगा, जिसके लिए शहरी स्थानीय निकायों के पास धन उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, लाभार्थियों को 15वें वित्त आयोग या 5वें राज्य वित्त आयोग के तहत किसी भी स्वीकार्य कार्य के लिए, जिसके लिए शहरी स्थानीय निकायों को अनुदान सहायता प्रदान की गई है और ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2016 और स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वीकार्य स्वच्छता कार्यो और सेवाओं में भी रोजगार प्रदान किया जाएगा। राज्य सरकार इस योजना के माध्यम से सभी लोगों तक पहुंच रही है। यह योजना रोजगार के लिए बाहर जाने की तुलना में अपने प्रदेश वापिस आने वाले लोगों को गृह राज्य में रहने में सक्षम बनाएगी, जिससे सभी को सुरक्षित रखा जा सकेगा। यह पहल वर्तमान परिस्थितियों में भी सर्वश्रेष्ठ तरीकों पर बल देती है और हमें स्मरण दिलाती है कि हम संकट में भी सही उपायों से परिस्थितियों को सकारात्मक बना सकते हैं।
उपमंडलाधिकारी करसोग ने कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा समय समय पर दिए गए दिशा निर्देशों का पालन करने व सहयोग देने के लिए उपमंडल की जनता का धन्यवाद कीया है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में करसोग उपमंडल में ग्रीन और ऑरेंज जोन से आए सभी 140 लोगों को होम कवारन्टीन में रखा गया है जबकि रेड जोन से आए 37 लोगों को प्रशासन द्वारा विभिन्न संस्थागत होम कवारन्टीन में रखा गया है तथा 34 लोगों को होम कवारन्टीन समय पूरा करने के उपरांत घर भेजा जा चुका है। संस्थागत होम कवारन्टीन में रखे सभी लोगों को सुविधा प्रदान करने के लिए कर्मचारी तैनात किए गए हैं ताकि उन्हें किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े। तथा उपमंडलाधिकारी करसोगने सुरेन्द्र ठाकुर ने सभी लोगों से अपील करते हुए कहा कि लोग अफवाहों पर विश्वास न करें। करसोग उपमंडल में अभी तक कोई भी कोरोना से संक्रमित मामला सामने नहीं आया है। उन्होने कहा कि कुछ लोगों द्वारा उपमंडल करसोग मे कोरोना पाजिटिव केस के वारे मे अफवाहे फैलाई जा रही है जो कि गलत है। उन्होंने सोशल मीडिया में भ्रम फैलाने वाले लोगों के साथ कानूनी कार्रवाई करने की भी जानकारी दी। बीमार व्यक्ति स्वाथ्य चेकअप के लिए जा सकते है अस्पताल उपमंडलाधिकारी करसोग ने कहा कि लोग अपने स्वास्थ्य चेकअप के लिए करसोग अस्पताल में जा सकते हैं। अस्पताल में सोशल डिस्टेनसिंग व मास्क का प्रयोग जरूर करें जिससे आपकी सुरक्षा के साथ समाज के दूसरे लोगों की सुरक्षा भी निहित है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से लाइफ साइंस एंड बायोटेक/फार्मा उद्योग सीआईआई उत्तरी क्षेत्र समिति के सदस्यों के साथ बातचीत करते हुए उद्योगपतियों, विशेष रूप से फार्मा उद्योग द्वारा कोविड-19 महामारी से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रदेश सरकार को पूर्ण सहयोग देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने भी प्रदेश में स्थित सभी फार्मा उद्योगों को कोविड-19 के दौरान उनके उत्पादन को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए अपना पूर्ण सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने न केवल उद्योग को हर संभव सहायता प्रदान की, बल्कि इन क्षेत्रों में श्रमिकों के सुचारू आवागमन को भी सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि आज 90 प्रतिशत से अधिक फार्मा उद्योगों ने अपना उत्पादन शुरू कर दिया है और बद्दी में फार्मा उद्योगों द्वारा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन निर्माण से न केवल घरेलू उपभोक्ताओं की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा किया जा रहा है, बल्कि इसकी आपूर्ति अमेरिका जैसे देशों को भी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सोलन जिले के बद्दी-बरोटीवाला क्षेत्र में इस तरह के बुनियादी ढांचे का निर्माण करने पर विचार कर रही है, जहां विभिन्न उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों को आपातकाल की स्थिति में उनके रहने का प्रबन्ध किया जा सके। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बद्दी-बरोटीवाला और नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ उद्योगपतियों को भी सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने उद्योगपतियों से पीएम केयर्स और हि.प्र. एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅन्स फंड में उदारतापूर्वक अंशदान करने का भी आग्रह किया, जो कोरोना वायरस से प्रभावी रूप से लड़ने में सहायक सिद्ध होगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण, राज्य सरकार ने बद्दी-बरोटीवाला क्षेत्र में अंतर राज्य आवागमन पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन अब राज्य सरकार ने इसमें छूट देने का फैसला लिया है और ट्राई सिटी में आने वाली औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले श्रमिकों को कुछ प्रतिबंधों के साथ आवागमन की अनुमति दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश पर्याप्त मात्रा में दवाइयो और जैनरिक दवाइयों के उत्पादन के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरा है और देश के भीतर तथा बाहर बाजार के एक बड़े हिस्से पर अपनी पकड़ बनाई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रदेश के सोलन जिला के बद्दी बरोटीवाला क्षेत्र में एक बल्क ड्रग पार्क स्थापित करने का आग्रह किया है, जो पहले से ही एक फार्मा हब है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की विभिन्न फार्मा इकाइयों ने भी राज्य में बल्क ड्रग पार्क स्थापित करने में रूचि दिखाई है। उन्होंने केंद्र सरकार से हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य की भूमि मापदंडों में ढील देने का भी आग्रह किया। जय राम ठाकुर ने कहा कि यदि हिमाचल प्रदेश के लिए इस तरह के बल्क ड्रग पार्क का आवंटन किया जाएगा तो प्रदेश निश्चित रूप से देश में सक्रिय दवा सामग्री (एपीआईएस) और ड्रग इंटरमीडिएट्स के उत्पादन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन जाएगा, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दवा उद्योग की जरूरतों को पूरा करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश में महत्वपूर्ण की-स्टार्टिंग मैटेरियल/ड्रग इंटरमीडिएट्स और सक्रिय दवा सामग्री (एपीआईएस) के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक लाभकारी योजना की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि रसायन और उर्वरक मन्त्रालय द्वारा प्रस्तावित इस योजना से भारतीय फार्मासीटिकल उद्योग को महत्वपूर्ण दवाइयों और रसायनों के निर्माण में वैश्विक प्रतिस्पर्धा, आत्म निर्भरता और आधुनिक तकनीकों के अनुकूलन को प्राप्त करने में सक्षम बनाया जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि उद्योगपतियों की उचित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। सीआईआई उत्तरी क्षेत्र समिति के अध्यक्ष डाॅ. दिनेश दुआ ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया और उद्योगपतियों के विभिन्न मुद्दों को प्रस्तुत किया। समिति के सह अध्यक्ष बी.आर. सीकरी, वरिष्ठ निदेशक ग्लोबल काॅरपोरेट अफेयर्स अभूत हेल्थकेयर राकेश चितकारा, हैड काॅरपोरेट अफेयर्स सिपला आदिल इस्लाम और प्लांट हैड ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल सुनील ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए।
अखिल भारतीय सीमेंट मज़दूर महासंघ (भारतीय मजदूर संघ) के राष्ट्रीय उपमहासचिव ओमप्रकाश शर्मा ने कहा है कि श्रम कानून में संशोधन करने से श्रमिकों को भारी नुकसान है। 1862 कलकत्ता फेक्ट्री श्रमिकों ने 12 से 8 घण्टे कराने के लिए आंदोलन किया था। इसके बाद सभी राज्यों में आंदोलन हुए फिर 1948 में फेक्ट्री एक्ट बना। इसमें आठ घण्टे काम का प्रावधान किया गया और नियम लागू किए गए।आज कुछ प्रदेशों ने श्रम समय 8 से 12 घण्टे करने की योजना तैयार की है। सरकार द्वारा ट्रेड यूनियन एक्ट 1926 के अधिकार को समाप्त करने की तैयारी है जो पूर्णतया मज़दूर विरोधी हैं क्योंकि इससे 33 प्रतिशत श्रमिक बेरोजगार हो जाएगा। ओमप्रकाश शर्मा ने कहा है कि सरकार का नैतिक दायित्व बनता है कि बड़े शहरों से आए हुए प्रवासी श्रमिकों के लिए एक्ट-79 की पालना हो लेकिन नही की जा रही है। आपदा के समय श्रमिकों को सरकार किराया देकर उचित स्थान पर पहुंचाए लेकिन यह भी नहीं हो रहा है जो सरकार के ऊपर बहुत बड़ा प्रश्नचिन्ह है क्योंकि वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान सबसे अधिक परेशानी पीड़ा प्रवासी मज़दूरों ओर उनके परिवार जनों को हुईं हैं। इस संकट के समय सरकार का दायित्व बनता है कि श्रमिकों के जीवन यापन के लिए उचित योजना बनाई जाएं जिससे उनका पालन पोषण और राष्ट्र निर्माण का कार्य चल सकें। ओमप्रकाश शर्मा ने कहा कि कॉरपोरेट घराने के पक्ष में श्रम कानून को कमजोर किया जा रहा है इससे आने वाला समय श्रमिकों कठिन होगा। श्रम कानूनों में परिवर्तन श्रमिकों के हितों पर कुठाराघात है। लॉक डाउन के पूर्व भारत मे 44 श्रम कानून थे। केंद्र सरकार ने इसको चार कोड में लाने की प्रक्रिया पहले ही चालू कर दी थी दो कोड लॉक डाउन के पूर्व आ गए थे। इस समय वेतन कटौती ओर छंटनी रिकॉर्ड स्तर पर है इस समय इन कानूनों की श्रमिकों को सबसे ज्यादा जरूरत थी भाजपा शासित प्रदेशों में तेजी से श्रमिक विरोधी नीतियां लागू की जा रही है जिसका सीधा प्रभाव आने वाले चुनाव में अवश्य पड़ेगा क्योंकि श्रमिकों की पीड़ा, परेशानी और दर्द जो नहीं समझेगा उसे भारत की जनता जनार्धन कभी माफ नहीं करेगी।
खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक सुनील कुमार गुंटा ने दाड़लाघाट में दबिश दी। इस दौरान किराना और सब्जी की 10 दुकानों की पड़ताल की गई। इस कार्रवाई के दौरान 10 दुकानों पर जाकर रेट लिस्ट और दामों को जांचा गया। सब्जी की दुकानों पर कारोबारियों को लोगों से अधिक कीमत वसूलने पर कार्रवाई की गई। इस दौरान 440 किलो सब्जी को मौके पर जब्त किया गया और नियमों की अवहेलना नहीं करने की हिदायत भी दी गई। खाद्य आपूर्ति विभाग अर्की के निरीक्षक सुनील कुमार गुंटा ने बताया कि दाड़लाघाट में किराना और सब्जी की दुकानों पर दबिश दी गई। सब्जी कारोबारियों को अधिक कीमत वसूलने पर कारवाई कर 440 किलो सब्जी को जब्त किया गया।
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री व विधायक राम लाल ठाकुर प्रदेश सरकार व स्थानीय प्रशासन को घेरते हुए कहा कि एकदम से जो बिलासपुर जिला मुख्यालय को कन्टेनमेंट जोन और बफर जोन घोषित किया गया वह कहीं न कहीं स्थानीय प्रशासन व प्रदेश सरकार की ढील का नतीजा है। एक तरह जहां विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रतिदिन कोविड19 से बचने के उपायों व सावधानियों को खुल कर बता रहा है तो प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग व स्थानीय प्रशासन क्यों नहीं पूरे एहतियात बरत रहा है। प्रदेश परिवहन के परिचालक का आपातकालीन स्थियों में ड्यूटी देना, अन्य प्रदेशों में फंसे हिमाचल के लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाना एक बड़े जोखिम का काम होता है। उन्होंने कहा अगर मैं कहूं तो यह एक कोरोना योद्धा का साहस है लेकिन इनके साहस और इनकी देखभाल का जिम्मा तो इनके विभाग, स्थानीय प्रशासन व प्रदेश सरकार का है। जब प्रदेश सरकार या अन्य जिलों के स्थानीय प्रशासन ने कोविड 19 महामारी के चलते जिन-जिन गाड़ियों का इस्तेमाल लोंगो को प्रदेश से बाहर छोड़ने व लाने का काम किया तो क्या उनके चालकों, परिचालकों और अन्य स्टाफ के सदस्यों को संस्थागत कोरोनटीन क्यों नहीं किया? उन्होंने कहा कि आज जिला मुख्यालय बिलासपुर में जिस तरह से परिवहन निगम के परिचालक में कोरोना महामारी के संक्रमण पाए गए है वह गंभीर चिंता का विषय है, उस परिचालक को संस्थागत कोरोनटीन करना चाहिए था न कि होम कोरोनटीन करना चाहिए था और उसका तुरन्त कोविड 19 का टेस्ट करवाकर ही अगला निर्णय लेना चाहिए था, जबकि यह एक प्रदेश सरकार, स्थानीय प्रशासन व हिमाचल पथ परिवहन निगम की बड़ी त्रुटि है, कि उनकी नाक तले एक बहुत बड़ी भूल हुई है। राम लाल ने चुटकी लेते हुए और प्रदेश सरकार पर फब्तिय कसते हुए कहा कि सरकार को चाहिए कि जो इस गंभीर महामारी के समय जो स्वास्थ्य विभाग की खरीद फरोख्त में हेराफेरी करने से अगर वक्त मिल गया है तो प्रशासनिक व्यवस्था पर भी जरा ध्यान दे दे। क्योंकि जिस लापरवाही से आज जिला मुख्यालय बिलासपुर को कंटोनमेंट जोन और बफर जोन घोषित किया गया है कहीं प्रदेश के अन्य स्थानों में ऐसी स्थिति न आ जाए। वैसे ही लोगों के मन मे भय की स्थिति बनी हुई है उसके ऊपर आर्थिक मंदी का यह दौर और उसके ऊपर से सरकार व प्रशासन की लापरवाही कहीं पूरे प्रदेश की जनता को न ले डूबे। उन्होंने कहा कि कोविड 19 महामारी से निपटने के बहाने की अन्य घोटालों को भी अंजाम दिया जा रहा है और प्रदेश सरकार व प्रशासन बिल्कुल भी संवेदनशील नही है जिससे लोगों का वर्तमान सरकार से विश्वास ही उठ गया है।
एसडीएम सदर रामेश्वर दास ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम पंचायत बामटा तहसील सदर जिला बिलासपुर के गांव दनोह में एक व्यक्ति कोरोना पाजिटिव पाया गया है। इस कारण गांव दनोह के आसपास के क्षेत्र को जिला प्रशासन ने निहाल, दनोह, कोसरियां गांवों को जो ग्राम पंचायत बामटा में पड़ते हैं तथा नगरपरिषद के क्षेत्र के अन्तर्गत एचआरटीसी क्लोनी वार्ड नम्बर1 नगर परिषद बिलासपुर गुरूद्वारा मार्किट, गांधी मार्किट व काॅलेज चैक मार्किट को कोविड-19 कंटेनमेंट जोन व नगरपरिषद के वार्ड नम्बर 1 के शेष बचे क्षेत्र, रौडा सेक्टर नम्बर 3, कोसरियां वार्ड, निहाल नम्बर 1, आईटीआई बिलासपुर तक व मेन मार्किट व चंगर सेक्टर को बफर जोन घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि कंटेनमेंट जोन में पूरी तरह से आवाजही बंद है, इसलिए समस्त इलाकावासियों से निवेदन है कि उपरोक्त कंटेनमेंट जोन व आसपास के इलाको के लोग अपने घरों से बाहर न निकले। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में आना जाना व सड़कों पर घुमना पूर्ण रूप से प्रतिबन्धित किया गया है। अवहेलना की सूरत में धारा 188 आईपीसी के तहत कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। आपकी सुविधा के लिए प्रशासन एवं पंचायत व नगरपालिका संयुक्त रूप से क्षेत्र के लोगों को जरूरत की आवश्यक चीजे उपलब्ध करवाएंगी जैसे दूध, सब्जी, राशन, दवाईयां मुहैया करवाने का निर्णय लिया गया है इसलिए सबसे पहले अपने वार्ड मैम्बर या नगर परिषद से सम्पर्क करें। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त रजनी कालिया, निरीक्षक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग बिलासपुर को उपरोक्त कार्यों हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिनसे सम्पर्क किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे धैर्य बनाए रखे घबराएं नहीं, प्रशासन एवं नगरपालिका, पंचायत का सहयोग करें। उन्होंने बताया कि नगरपालिका व पंचायत सहयोग के लिए 24 घण्टे तैयार है।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटिड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार 30 मई, 2020 को 11 केवी हिमाचल कण्डक्टर की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड के सहायक अभियंता दिनेश ठाकुर ने दी। उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत 30 मई को, 2020 को प्रातः 11.00 बजे से दोपहर 1.00 बजे तक नगाली, बड़ोग, चेवा, कोरों कैंथड़ी, बाड़ा, कायलर, देहूंघाट व आसपास के क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि में लोगों से सहयोग की अपील की है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव व घुमारवीं के पूर्व विधायक राजेश धर्माणी ने स्वास्थ्य विभाग में हुए घोटाले की सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस महामारी के दौरान इस तरह का कृत्य देश द्रोह की श्रेणी में आता है। पहले सैनिटाइजर खरीद में घोटाला फिर पीपीई किट की जगह रेनकोट लेना और अब स्वास्थ्य निदेशक का गोलमाल में पकड़ा जाना यह दर्शाता है कि सरकार पूरी तरह से भ्रष्टाचार में डूब चुकी है। धर्माणी ने कहा कि मुख्यमंत्री जनता को बताएं कि इस घोटाले के पीछे भाजपा के किस बड़े नेता का नाम लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो कोरोना योद्धा इस महामारी के दौर में अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं उनके लिए पीपीई किट की जगह रेनकोट लेने वालों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बड़ी हैरानी की बात है कि एक तरफ जहां लोग सरकार को दिल खोलकर दान दे रहे हैं, वहीं सरकार उस पैसे का दुरुपयोग कर रही है। कोरोना जैसी आपदा में सामान खरीदने में भी भ्रष्टाचार कर रही है। धर्माणी ने कहा कि एक तरफ स्कूल के बच्चों से लेकर गृहिणियों और महिला मंडलों की महिलाएं कोरोना से लड़ने के लिए सीएम राहत कोष में अपने बचाए हुए पैसे दान कर रही हैं। नन्हे बच्चे अपनी गुल्लकें तोड़कर सीएम राहत कोष को पैसे भेज रहे हैं लेकिन सरकार लोगों तक इन पैसों को पहुंचाने की जगह घोटाले करने में जुटी है।
कोविड-19 के कारण घोषित कफ्र्यू अवधि में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) गरीब एवं जरूरतमंद व्यक्तियों के पुनर्वास का आधार बनकर उभरा है। प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन सोलन यह सुनिश्चित बना रहा है कि मनरेगा न केवल जरूरतमंद व्यक्तियों का आर्थिक सहारा बने अपितु इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकासात्मक गतिविधियो को भी बल मिले। जिला प्रशासन सोलन ने 20 अप्रैल, 2020 से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे कार्यों को अनुमति प्रदान कर आरंभ किया जो न केवल आर्थिक मजबूती के लिए आवश्यक हैं अपितु ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आजीविका का सम्बल भी हैं। जिला में ग्रामीण क्षेत्रों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत भूमि विकास, व्यक्तिगत डंगों इत्यादि एवं जल संरक्षण निर्माण कार्यों की अनुमति दी गई है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जिला प्रशासन ने सोलन जिला के सभी 05 विकास खण्डों में मनरेगा के तहत कार्य आरम्भ किए। 26 मई, 2020 तक सोलन जिला में मनरेगा के तहत 720 कार्य आरम्भ कर 4954 व्यक्तियों को लाभान्वित किया गया। इस अवधि में लगभग 08 करोड़ रुपये के कार्य आरम्भ किए गए। जिला के विकास खण्ड धर्मपुर में 1.93 करोड़ रुपये के 177 कार्य आरम्भ कर 1153 व्यक्तियों को लाभान्वित किया गया है। कण्डाघाट विकास खण्ड में 100 कार्य आरम्भ कर 720 व्यक्तियों को लाभ पहुंचाया गया है। इन कार्यों पर लगभग 67 लाख रुपये खर्च हुए हैं। विकास खण्ड कुनिहार में लगभग 02 करोड़ रुपये व्यय कर 191 कार्य आरम्भ किए गए हैं। इन कार्यों के माध्यम से 779 व्यक्ति लाभान्वित हुए हैं। नालागढ़ विकास खण्ड में 113 कार्य आरम्भ कर 1000 व्यक्तियों को निर्धारित अवधि का रोजगार उपलब्ध करवाया गया है। इन कार्यों पर लगभग 98 लाख रुपये व्यय हुए हैं। सोलन विकास खण्ड में 02.43 करोड़ रुपये व्यय कर 1302 व्यक्तियों को लाभ प्रदान किया गया है। यहां 139 कार्य आरम्भ हुए हैं। कोविड-19 के दृष्टिगत सभी निर्माण कार्यों में सुरक्षा उपायों को अनिवार्य रूप से लागू किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत सभी व्यक्ति अपने-अपने वार्ड में ही कार्य कर रहे हैं। खंड विकास अधिकारी यह सुनिश्चित बना रहे हैं कि कार्य करने वाले सभी व्यक्ति कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत जारी निर्देशों से परिचत हों एवं इनकी अनुपालना सुनिश्चित बनाएं। सभी कामगारों को सोशल डिस्टेन्सिग का महत्व समझाया गया है। उन्हें बताया गया है कि कार्य करते समय कम से कम एक मीटर की दूरी बनाकर रखने से संक्रमण का खतरा काफी कम हो जाता है। उपायुक्त सोलन केसी चमन ने इस सम्बन्ध में कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर सोलन जिला में मनरेगा के तहत कार्य आरम्भ कर अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला में मनरेगा के तहत लगभग 120 करोड़ रुपये के 18 हजार से अधिक निर्माण कार्यों की अनुमति प्रदान की गई है। चाहे जिला के धर्मपुर विकास खंड में गुशाण के रहने वाले ओम प्रकाश के डंगे का कार्य हो, ग्राम पंचायत भावगुड़ी के ताल गांव के रामचंद की गौशाला का काम हो, ग्राम पंचायत रौड़ी के दिहाड़ी के कल्याण चंद का भूमि विकास कार्य हो, ग्राम पंचायत बुघार कनैता के रामपुर के रोशन लाल तथा ग्राम पंचायत गुल्हाड़ी में घरयाणा गांव में भूमि विकास का कार्य हो, सभी सरकार द्वारा इन कामों की अनुमति दिए जाने से प्रसन्न हैं। विकास खंड नालागढ़ में ग्राम पंचायत क्यारकनैता में बिमला देवी द्वारा अनुमति मिलते ही भूमि विकास कार्य आरंभ कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त अनेक अन्य कार्य भी आरम्भ किए गए हैं। मनरेगा के तहत किए जा रहे विभिन्न कार्य जहां ग्राम स्तर पर विकास की नींव को मज़बूत कर रहे हैं वहीं कोरोना वायरस के खतरे के मध्य व्यक्तिगत स्तर पर लाभ पहुंचाकर लोगों की आजीविका को सुनिश्चित भी बना रहे हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कोरोना माहमारी के चलते प्रदेश भाजपा सरकार की छत्र छाया में व्याप्त भ्रष्टाचार की कड़ी निदा की है। उन्होंने कहा है कि इस संकट की घड़ी में रिश्वत लेने के आरोप में स्वास्थ्य निदेशक की गिरफ्तारी से साफ है कि इसके तार सीधे भाजपा के बड़े नेताओं से जुड़े है। उन्होंने कहा है कि बिंदल का इस्तीफा, असल में भाजपा के भीतर जो अंतर्कलह चल रही है, उससे लोगों का ध्यान हटाने मात्र का यह एक असफ़ल प्रयास है। वीरभद्र सिंह ने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग में कोरोना किट्स, वेंटिलेटर, मास्क, सेनेटाइजर और पीपीई जैसे आवश्यक उपकरणों की आपूर्ति को लेकर रिश्वत और प्रदेश सचिवालय में सेनेटाइजर की आपूर्ति घोटाले ने भाजपा की कथित ईमानदारी की पूरी पोल खोल दी है। वीरभद्र सिंह ने कहा हैं कि उनके 60 साल के राजनैतिक केरियर में उन्होंने कभी कोई ऐसा दौर नही देखा जब ऐसी विपदा के समय कोई राजनैतिक दल संगीन भ्रष्टाचार के आरोप में संलिप्त पाए जाए। उन्होंने कहा है कि सरकार प्रदेश की चुनोतियो से निपटने में पूरी तरह असफल सावित हो रही है।लोगों को राहत देने की जगह महंगाई परोसी जा रही है। किसानों, बागवानों के साथ साथ आम लोगों की समस्याओं की ओर सरकार का कोई भी ध्यान नही है। सरकार पूरी तरह से संवेदनहीन नज़र आ रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। वीरभद्र सिंह ने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़े इस रिश्वत मामलें की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा है कि चूंकि यह विभाग मुख्यमंत्री के पास है इसलिए इसकी संवेदनशीलता ओर भी बढ़ जाती है। मुख्यमंत्री को इसकी पूरी जांच किसी सिटिंग जज से करवानी चाहिए। वीरभद्र सिंह ने कहा है कि कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को जो जनहित के सुझाव दिए थे उस पर भी वह आज दिन तक खामोश बैठी है। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस और भाजपा के विद्यायकों ने इसकी चर्चा के लिए विशेष विधानसभा सत्र बुलाने की बात कही तो भाजपा अध्यक्ष को यह भी गवारा नहीं लगा। साफ है कि भाजपा और सरकार के भीतर कोई टकराव चल रहा है। उन्होंने कहा है कि उसके अंदर कुछ भी चले, यह उसका अंदरूनी मसला है पर इसमें प्रदेश के लोग नही पिस्से जाने चाहिए।कांग्रेस इसे कभी भी सहन नही करेगी।
विश्वकर्मा ऑटो मार्किट कोठी कुनिहार में सीवरेज व्यवस्था अक्सर ब्लॉक हो जाने से व्यापारियों को परेशानियों से झूझना पड़ रहा है। सीवरेज की गंदगी भरा पानी दुकानों के आगे से बहने व बदबू की वजह से जंहा काम करना मुश्किल हो रहा है, तो वन्ही ग्राहक भी इस बदबू के कारण दुकानों का रुख नही कर रहा है। विश्वकर्मा मार्किट के कारोबारियों व वंहा रहने वाले स्थानीय लोगो ने विभाग से इस सीवरेज लाइन को दरुस्त करने की मांग की है, ताकि कारोबार प्रभावित न हो। इन दुकानों के साथ ही एक मकान के स्टोर रूम में करीब दो तीन फुट गन्दा पानी भर गया, जिसे पम्प के माध्यम से उठाया जा रहा था। विजय गर्ग, मोहिंदर शर्मा, अशोक कुमार, साहिल ठाकुर, संजय गर्ग, नवीन कुमार व जगदीश गर्ग ने पिछले एक वर्ष से अक्सर बंद होने वाली इस सीवरेज लाइन को दरुस्त करने की मांग करते हुए कहा है कि इस लाइन पर बने चेम्बर की दूरी करीब 25 से 30 फ़ीट है, जिसके कारण यह लाइन अक्सर बंद हो जाती है। कारोबारियों ने विभाग से इस जगह पर सीवरेज लाइन पर अतिरिक्त चेम्बर बनाने की मांग की है, ताकि सीवरेज लाइन के अक्सर बंद होने की समस्या से निजात मिल सके। वन्ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट कुनिहार के सुपरवाइजर अरविंद भारद्वाज ने बातचीत में बताया, कि करीब आठ दस दिन पहले इस लाइन को खोला गया था तो इसमें सेनेटरी पैड सहित खाली सीमेंट के बैग तक निकले थे, जिसकी वजह से सीवरेज लाइन बंद हो गई थी। भारद्वाज ने लोगो से सीवरेज लाइन में किसी भी तरह की वेस्ट वस्तुएं न फेंकने का आग्रह किया है, ताकि लाइन बंद न हो। उन्होंने बताया कि इस बंद पड़ी लाइन को दरुस्त करने के लिए सफाई कर्मी लगा दिया गया है।
भारतीय जनता पार्टी जिला युवा मोर्चा के पूर्व महामंत्री अंकुश चौहान को महासु जिला भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष बनाए जाने पर जुब्बल नावर कोटखाई के युवाओं ने खुशी जाहिर की है। युवा मोर्चा जुब्बल नावर कोटखाई ने उम्मीद जाहिर किया है कि अंकुश चौहान ईमानदार, जमीन से संघर्ष कर इस मुकाम तक पहुँचने वाले पार्टी के प्रति कर्मठ व्यक्ति हैं और इनकी सुझबुझ और प्रयासों से पार्टी जिला में बेहतर कार्य कर सकेगी जिससे पार्टी सशक्त होगी और कार्यकर्ता सक्रीय होगा। युवा मोर्चा अध्यक्ष अशोक जस्टा, थरोला पंचायत के प्रधान राकेश चौहान, उप प्रधान देव राज, बीडीसी सदस्य ओम चौहान, जिला महासू उपाध्यक्ष सुशील कदशोली, संदीप गांगटा, महामंत्री अजय बिष्ट, अनुपम चौहान, विकास भारती, जतिन चौहान, हैपी वर्मा, चेतन कड़ेइक, दलीप टायसन, अनिल चौहान, तारा सिंग रागटा, रितेश चौहान, रिंकू घालटा,अभिषेक नेनटा, रूपेंद्र कपालटा,मनमोहन कपालटा, सुनील शर्मा, रोहित राजटा, राजीव डोटका, राकेश भोलटा, सुनील चौहान, विशाल भिकटा, विकास कालटा, अभिषेक बरागटा, सुशांत भसोली, परवीन चौहान, चंदन धानटा, संजय चौहान, सुमित बरागटा, बलदेव दिवान, देवेन्द्र चौहान, अरुण दिवान, सुरेन्द्र चौहान, राहुल, तनुज चौहान, साहिल पनेईक , हितेश ख़ाकटा, रमन कवर ने अंकुश चौहान को जिला अध्यक्ष बनने पर बधाई दी है। युवाओं ने कहा कि इनके नेतृत्व में महासु जिला काफी मजबूत होगा एवं भारतीय जनता पार्टी का हर कार्यकर्ता इनकी नियुक्ति से काफी खुश है। अंकुश चौहान ने दिए गए दायित्व के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा, मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा, शिमला संसदीय क्षेत्र के संगठन मंत्री पुरुषोत्तम गुलेरिया, प्रभारी बिहारी लाल शर्मा, सह- प्रभारी कुसुम सदरेट, ज़िला महासु के अध्यक्ष अजय श्याम, जुब्बल कोटखाई मंडल अध्यक्ष गोपाल जबैईक सहित शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया है।
बुधवार 27 मई, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के इस्तीफे पर सरकार को घेरते हुए कहा की भाजपा के प्रदेश अध्य्क्ष डॉ राजीव बिंदल का इस्तीफा इस तरफ इशारा करता है कि राष्ट्रीय आपदा के समय भाजपा ने घोटाला किया है अभी कुछ और भी बाहर आना बाकि है। जिस तरह इस कोरोना महामारी के समय इन के यंत्रों की खरीद मे घोटाला हुआ है इसमें प्रदेश की साख पर दाग लग गया है। जबकि सारा देश इस लड़ाई में एकजूट है। विश्वविद्यालय में पढ़ रहे छात्र नेता रजत राणा ने पूछा हेल्थ डायरेक्टरेट बीजेपी के अंडर आता है या हिमाचल सरकार के? इस्तीफा तो मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का बनता है, स्वास्थ विभाग तो खुद मुख्यमंत्री के पास था। अगर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष उच्च नैतिकता के आधार पर इस्तीफ़ा दे सकता है, तो प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग देख रहे हैं प्रदेश के मुखिया क्यों नही?
जिला सिरमौर में दूसरे राज्यों के रेड जोन से आने वाले व्यक्ति को 7 दिनों के लिए संस्थागत क्वारन्टाइन रहना होगा जिसके बाद उसका कोविड-19 टेस्ट किया जाएगा। यदि उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आती है तो उसे होम क्वारन्टाइन के लिए भेज दिया जाएगा। यह आदेश जिला दण्डाधिकारी सिरमौर डॉ0आर के परूथी ने आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 33 व 34 तथा हिमाचल प्रदेश महामारी रोग नियम-2020 2(जी) व हिमाचल प्रदेश पुलिस एक्ट-2007 की धारा में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए दिए। उन्होंने बताया कि ग्रीन जोन व ओरेन्ज जोन से आने वाले लोगों को 14 दिनों के लिए होम क्वारन्टाइन रहना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि असाधारण परिस्थितियों में वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं, नवजात बच्चों और उनकी माताओं व अन्य गंभीर बिमारियों से ग्रस्ति लोगों को अस्पताल से डिसचार्ज होने के बाद ऐतिहात के दृष्टिगत 14 दिनों के लिए होम क्वारन्टाइन रहना होगा। उन्होंने बताया कि अगर कोई व्यक्ति इन आदेशों की आवेलना करता पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
लॉकडाउन के दौरान दूसरे राज्यों से आने वाले व्यक्तियों के लिए जिला प्रशासन सिरमौर ने कालाआम्ब के होटल अश्विन में क्वारंटाइन रहने की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए अनुमति प्रदान की है। यह जानकारी उपायुक्तसिरमौर डॉ०आर के परूथी ने दी। उन्होंने बताया कि इस होटल में भुगतान के आधार पर इच्छुक व्यक्तियों को क्वारंटाइन उद्देश्य के लिए कमरे उपलब्ध कराने की मंजूरी प्रशासन ने दी है। इस होटल में एक व्यक्ति के लिए एक कमरा, सोशल डिस्टेन्स का पालन करना तथा समय-समय पर सेनेटाइजेशन करने से सम्बंधित निर्देश दिए गए है। उन्हाने बताया कि जिला में बाहरी राज्यों से आने वाले कई व्यक्तियो ने प्रशासन से संस्थागत क्वारंटाइन जाने के बजाय होटल में क्वारंटाइन की सुविधा प्रदान करने का निवेदन किया है, जिसके मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा पहले भी पांवटा साहिब में तीन अन्य होटलों को क्वारंटाइन सेंटर बनाने की अनुमति दी थी। सहायक पर्यटन विकास अधिकारी सिरमौर राजीव मिश्रा ने बताया कि इस होटल में 18 कमरों की सुविधा है जिसमे एसी कमरे के लिए 990 रूपये व नॉन एसी कमरे के लिए 800 रूपये तथा लंच व डिनर के लिए 180 रूपये तथा ब्रेकफास्ट के लिए 100 रूपये एक व्यक्ति के लिए निर्धारित किया गया है।
मंगलवार को को भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अमित ठाकुर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ० राजीव बिंदल, संगठन मंत्री पवन राणा से विस्तृत चर्चा के बाद जिलाध्यक्षों व पदाधिकारियों के नाम की घोषणा की। आनी के मोहर चन्द भारद्वाज को प्रदेश युवा मोर्चा सह मीडिया प्रभारी की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। मोहर चन्द भारद्वाज ने आनी महाविद्यालय से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से काम करना शुरू किया। अपने विद्यार्थी जीवन से ही समाजसेवा का एक सपना भारद्वाज ने सँजोया था। कॉलेज के दिनों में विद्यार्थियों के हितों के लिए काम करते रहे। मोहर चन्द भारद्वाज पेशे से अधिवक्ता है और उच्च न्यायालय शिमला में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मोहर चन्द भारद्वाज विश्वविद्यालय में संगठन का काम काज देखते रहे औए पूरी लगन और तन्मयता के साथ आगे बढ़ते रहे। परिणामस्वरूप मोहर चन्द विधि विभाग प्रमुख नियुक्त हुए। मोहर चन्द भारद्वाज विश्विद्यालय में भी छात्रों के हित के लड़ाई लड़ते रहे। पर्यावरण संरक्षण,रक्तदान,जनसेवा से जुड़े कई कार्य करके इन्होंने अपनी रक विशेष पहचान कायम की। मोहर चन्द भारद्वाज की सक्रियता को देखते हुए इन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा में प्रदेश कार्यकारणी का सदस्य चुना गया। मोहर चन्द भारद्वाज को प्रदेश भारतीय जनता युवा मोर्चा में सह मीडिया प्रभारी नियुक्त करने से क्षेत्र में खुशी की लहर है। मोहर चन्द भारद्वाज ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष डॉ०राजीव बिंदल, संगठन मंत्री पवन राणा, प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जंबाल, युवा मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष अमित ठाकुर समेत तमाम युवा मोर्चा के नेतृत्व का आभार जताया है।
उपमंडल फ़तेहपुर में बुधवार को कोरोना का दूसरा मामला प्रकाश में आया है। उपमंडल फ़तेहपुर की पँचायत तलाड़ा के नलाड़ी गांव का एक व्यक्ति उम्र 29 वर्ष बुधवार को कोरोना पॉजिटिव पाया गया। उक्त व्यक्ति अपने परिवार के अन्य 4 सदस्यों पत्नी, भाई- भाभी व माता के साथ दिल्ली से अपने गांव तलाड़ा नलाड़ी 24 मई सुबह पहुंचा था। युवक 23 मई रात को दिल्ली से पँजाब न० की गाड़ी से अपने गांव पहुंचा था। युवक ने अपने परिवार के आने की जानकारी तलाड़ा पँचायत प्रधान को दे दी थी। दिल्ली से आने वाले उक्त व्यक्ति को परिवार के सभी सदस्यों के साथ होम क्वारंटाइन किया गया था। युवक को मामूली सा जुकाम था। इसी बीच मंगलवार को दिल्ली से आने वाले उक्त परिवार के सभी सदस्यों के सैंपल स्वास्थ्य विभाग ने राजा का तालाब में लिए थे। वहीं बुधवार को उक्त व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आईं। फतेहपुर के तहसीलदार की अगुवाई में इलाके को कन्टोन्मेंट व बफर ज़ोन में बांटा गया व दुकानदारों के नामों व उनसे संपर्क करने की कोशिश की ताकि लोगों को असुविधा न हो। पुलिस प्रशासन ने नलाड़ी गांव के सभी सम्पर्क मार्गों की नाकेबंदी कर दी है। वहीं उक्त व्यक्ति को एम्बुलेंस के द्वारा ढाड स्थित कोविड केयर सेंटर में ले जाया गया।
The State Cabinet in its meeting under the chairmanship of Chief Minister Jai Ram Thakur appreciated the intensive exercise undertaken by the Cabinet Sub Committee to ascertain fiscal space with different departments. The Cabinet expressed concern over the large unspent funds of various departments and directed the departmental secretaries to vigorously monitor the utilization of these funds regularly. The Cabinet directed the Administrative Secretaries of Public Works Department, Rural Development, IPH and Power to develop a monitoring mechanism at place for ensuring utilization of funds available with their departments. The PWD and Jal Shakti Vibhag were directed to immediately update their schedule of rates and simplify the procedures including tendering. The Cabinet approved the concept of Portal for registration of those people who have come to HP and are in need of either a job or upgradation of their skills. It was decided that the scheme for loans for working capital requirements with interest subvention for the tourism sector be prepared by the Tourism Department immediately. The Cabinet also stressed the need for promotion of e-NAM, Constant monitoring / touch with Ladaanis, Labour, Mandis etc., augmenting CA storage, milk procurement processing and active involvement of SHGs in marketing to facilitate the farmers. The Cabinet also decided to set up a Committee under the Chairmanship of Industry Minister with ACS MPP & Power, Principal Secretary Revenue, Principal Secretary Agriculture, Pr. Secretary to Chief Minister, Secretary IPH and Secretary Horticulture to discuss the issue of likely shortage of labour in different sector and come up with solutions. It also decided to set up a Committee under the Chairmanship of Social Justice and Empowerment Minister with ACS Labour and Pr. Secretary Finance to examine the present system of sanction of Schemes under the Scheduled Castes Sub Plan Demand 32 and to propose a system for simplification and better monitoring of these schemes. The Cabinet also decided to set up a Committee under the Chairmanship of Additional Chief Secretary Power, assisted by Director Energy and Director Industries to evaluate how CSR funding could be leveraged for development of the State. The Cabinet also decided to identify one hospital in each Sub Division and make a proposal to equip the same both in terms of manpower and equipments to create better health infrastructure at the ground level and avoid unnecessary referrals. It decided to regularize the services of all those part time water carriers in Education Department who have completed 13 years of combined services, which includes five years as daily wage and eight years as part time water carrier. Earlier, 14 years were required for regularization to this category. The Cabinet decided to allow the Education Department to procure and supply school uniforms through HP State Civil Supplies Corporation under ‘Atal School Vardi Yojna’ for the year 2019-20 for the students of 1st to 12th classes. This will benefit about 8.31 lakh students of the State. It gave its approval to fill up 10 posts of Statistical Assistants in Women and Child Development Department through direct recruitment on contract basis. The Cabinet also gave approval to fill up three posts of different categories in Sub Employment Office Paddal in district Mandi to man this office. It accorded its consent to start science classes in Government Senior Secondary School, Sari Bhekhali in Kullu district along with creation of two posts of lecturers to facilitate the students.
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने संस्थागत क्वारंटाइन केन्द्रों में बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने पर बल दिया। वह प्रदेश के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोविड-19 के मामलों में बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के कारण तीव्र बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोविड-19 के अधिकतर मामले ऐसे लोगों के हैं, जिनका यात्रा ब्यौरा महाराष्ट्र और दिल्ली से आने का हैं। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में फंसे हिमाचलियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रदेश सरकार की जिम्मेवारी है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में सैलून के संचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया को अपनाना तथा इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रेड जोन से आने वाले सभी लोगों को संस्थागत क्वारंटीन किया जाए तथा कोविड-19 के परीक्षण में नेगेटिव आने के उपरांत ही होम क्वारंटाइन के लिए स्थानान्तरित किया जाए। उन्होंने कहा कि अन्य देशों से आने वाले हिमाचलियों के लिए भी यही प्रक्रिया अपनाने की आवश्कता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के अन्य भागों से आने वाले हिमाचलियों का पूरा डाटा भी संकलित किया जाए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 पाॅजिटिव मरीजों की स्क्रीनिंग और मरीज कैसे संपर्क में आया है इसका पता लगाने पर ज्यादा ध्यान दिया जाए ताकि समय पर उनका उपचार किया जा सके और वायरस को फैलने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को कोरोना मुक्त ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा जाए ताकि क्वारंटीन रखे गए लोगों की गतिविधियों की प्रभावी तरीके से निगरानी की जा सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि होम क्वारंटाइन तंत्र को भी मजबूत और प्रभावी बनाया जाए ताकि होम क्वारंटाइन में रखे लोग अलग-थलग रहें और वायरस के चक्र को तोड़ने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि संस्थागत क्वारंटाइन में लगे कर्मचारियों को भी सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरण प्रदान किए जाने चाहिए ताकि वे बिना किसी डर के काम कर सकें। मुख्य सचिव अनिल खाची, पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरडी, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर.डी. धीमान, प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा, ओंकार शर्मा, संजय कुंडू और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
विपिन वर्मा ने नूरपुर में तहसीलदार के पद पर अपना कार्यभार संभाल लिया। इससे पहले वह शिमला ज़िला के कोटखाई में नायब तहसीलदार के पद पर नियुक्त थे। वह शिमला शहरी के सुन्नी क्षेत्र से संबंध रखते हैं। वर्मा ने नूरपुर में अपना कार्यभार ग्रहण करने पर बताया कि लोगों के राजस्व संबंधी मामलों एवम उनकी समस्याओं के शीघ्र निपटारे हेतु विशेष प्रयास किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त तहसील स्तर पर पुराने लंबित मामलों का अध्ययन करने पर उनके निपटारे की दिशा में विशेष पग उठाए जाएंगे, ताकि लोगों के राजस्व संबंधी मामलों में अनावश्यक विलम्ब न हो। उन्होंने कहा कि तहसील स्तर पर जारी किए जाने वाले सभी प्रमाण -पत्रों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल के इस्तीफे को एक राजनैतिक स्टंट और दबाब की राजनीति का एक अंश माना है। उन्होंने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग हो या सचिवालय में सेनेटाइजर की खरीद, इस माहमारी के दौर में सरकार के सरक्षंण में भ्रष्टाचार चरम सीमा में चल रहा है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि उन्हें लगता है कि प्रदेश भाजपा के अंदर मुख्यमंत्री के खिलाफ विद्रोह की चिंगारी सुलग गई है। बिंदल का इस्तीफा इसी ओर इंगित भी करता है। चूंकि स्वास्थ्य विभाग मुख्यमंत्री के पास है इसलिए यह एक दबाव की राजनीति के सिवा कुछ नही है, क्योंकि बिंदल भी जानते है कि पार्टी उनका कम से कम इस समय इस्तीफा किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी। विक्रमादित्य सिंह ने कोरोना माहमारी के दौरान हो रहें घोटालों पर चिंता व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य विभाग और सचिवालय में सेनेटाइजर खरीद की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है।उन्होंने कहा है कि इसकी जांच उच्च न्यायालय के अधीन की जानी चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर व कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद से डॉ राजीव बिंदल इस्तीफे पर कहा है कि देश प्रदेश में कोरोना माहमारी के चलते भाजपा स्वास्थ्य विभाग में घोटाले और भ्रष्टाचार के पाप से मुक्त नही हो सकती। इन नेताओं ने कहा है कि बिंदल के इस्तीफे से साफ है कि दाल में कुछ काला है पर निष्पक्ष जांच के बाद कही पूरी दाल ही काली न मिले। राठौर व अग्निहोत्री ने एक सयुंक्त बयान में कहा है कि बिंदल के इस्तीफे से कांग्रेस के प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध होते है। इन नेताओं ने कहा है चूंकि स्वास्थ्य विभाग मुख्यमंत्री के पास ही है,इसलिए वह भी अपनी नैतिक जिम्मेदारी से नही बच सकते। इन्होंने कहा है कि माहमारी के चलते स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार प्रदेश सरकार की पूरी पोल खोलता है। इन्होंने कहा है कि अभी तो इस भ्रष्टाचार की एक पोल ही खुली है आगे आने वाले समय मे तो इसकी कई परते और जड़े खुलेगी। इन्होंने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग जुड़े घोटालों में ओर भी कई बड़े नेता शामिल हो सकतें है। कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि भाजपा के नेता जो अपने आप को हमेशा पाक साफ साबित करने में जुटे रहते है जल्द ही बेनकाब होंगे। कांग्रेस इनके सभी घोटालों को जनता की अदालत में लेकर आएगी। कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। ऐसा न हो की सरकार की जांच एजेंसियां कहीं इसपर लीपापोती कर इनके नेताओं को बचाने का प्रयास करें। उन्हें विजिलेंस की जांच पर भरोसा नही है, इसलिए इसकी जांच उच्च न्यायालय के किसी सिटिंग जज से करवाई जानी चाहिए।
समाजसेवा के जज़्बे और अन्ना हजारे के आंदोलन से प्रेरित होकर विदेश में अच्छी खासी नौकरी को लात मारकर अशोक पठानियाँ आज इंदौर व नुरपर में एक चर्चित नाम है। कोरोना काल मे वे एक कोरोना योद्धा के रूप में सामने आए हैं। उन्होंने सेनिटाइजेशन व मास्क वितरण में इंदौरा में अग्रणी भूमिका निभाई है। मंगलवार शाम जब पंजाब सहित अन्य प्रदेशों से हिमाचल में आने बाले प्रवासियों को इंदौरा के डिग्री कालेज में ठहराने की व्यवस्था की जा रही थी तो अशोक पठानियाँ किसी फरिश्ते के समान वहां पहुंच गए व पूरे कालेज केम्पस को सेनेटाइज किया। उसके इस कदम से प्रशासन को भी सुगमता हुई। देर रात तक क्वारंटाइन सेंटर को आगंतुकों की मेजबानी के लिए तैयार कर दिया। बुधवार सुबह प्रवासी इंदौरा डिग्री कालेज में 14 दिन क्वारंटाइन के लिए पहुंच चुके हैं।


















































