अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य, हिमाचल सरकार में पूर्व मंत्री व विधायक श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र से राम लाल ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में जो बेरोजगारी की दर बढ़ रही है वह गम्भीर चिंता का विषय है। हिमाचल जैसे छोटे राज्य में बेरोजगारी दर 18 प्रतिशत के करीब होना यह इशारा करता है कि प्रदेश की हालत बहुत दयनीय होने वाली है। बेरोजगारी की दिशा में हिमाचल प्रदेश देश के बड़े राज्यों में शुमार हो गया है। हिमाचल प्रदेश एक पर्यटक राज्य माना जाता है हिमाचल प्रदेश का पर्यटन सीजन इस बार धराशायी हो चुका है। एक तो पहले ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था पहले ही मंदी के दौर से गुजर रही थी उसके ऊपर कोविड 19 की वजह से जो पर्यटक सीजन को धक्का लगा है उससे बहुत से लोग बेरोजगार हो गए है। राम ठाकुर ने कहा हिमाचल प्रदेश को बाहरी राज्यों से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राज मार्ग जैसे चंडीगढ़ से मनाली हो या चंडीगढ़ से किन्नौर हो या पठानकोट से चम्बा हो या धर्मशाला से पठानकोट हो या फिर चंडीगढ़ से धर्मशाला सभी पर ढाबा व्यवसाय को गहरा धक्का लगा है। इनके बारे में भी प्रदेश सरकार को गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार को उन लोंगो के बारे में भी सोचना होगा जो हिमाचल से बाहर निजि क्षेत्रों में नौकरी करते थे। अब उनकी नौकरियां चली गई है तो अब वह लोग इस कोरोना काल मे दोबारा नौकरियों की तलाश ने अन्य राज्यों या बड़े मेट्रो शहरों में भी नहीं जा पा रहे है उनको भी बेरोजगारों की श्रेणी में लाया जाय उनके लिये किसी व्यवसाय की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से कोरोना के मामले दिन प्रति दिन बढ़ रहे है तो बेरोजगारी की स्थिति बढ़ती ही जाएगी। प्रदेश सरकार को चाहिए एक तो प्रदेश के ग्रामीण इलाके में मनरेगा जैसी योजना को बढावा देकर इस योजना को ज्यादा सुदृढ़ करें, दूसरे कोई ऐसी योजना तैयार की जाए जिससे लघु उद्योग प्रदेश के शहरी व ग्रमीण क्षेत्र में स्थापित करवाए जाए, जिसमे प्रदेश के बेरोजगारों को सस्ते ब्याज पर ऋण देकर और टैक्स में छूट देकर स्वरोजगार की तरह आकर्षित किया जाए। राम लाल ठाकुर ने प्रदेश सरकार को चेताया अगर ऐसी कोई योजना इन बेरोजगारों के बारे में लाई नहीं गई तो लोगों में अराजकता बढ़ेगी और गृह युद्ध जैसी स्थिति पनप सकती है।
भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में 10 जून 2020 को सायं 5 बजे होटल पीटरहाॅफ, शिमला में आयोजित की जाएगी। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने यह जानकारी दी है। उन्होंने सभी मंत्रियों एवं भाजपा विधायकों से इस बैठक में भाग लेने का आग्रह किया है।
भाजपा सरकार कोरोना से कम और अंतकर्लह से ज्यादा जूझ रही है। हिमाचल प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बना है जहां कोरोना काल में ईमानदारी से काम करने की बजाय घोटालों को अंजाम देकर जन-जन से धोखा किया गया है। यह बात हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ सचिव और वर्तमान में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश सह संयोजक हीरा पाल सिंह ठाकुर ने कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के पास स्वास्थ्य विभाग भी है इसलिए उनकी भी नैतिक जिम्मेवारी बनती है कि वह इस मामले में जवाब दें। उन्होंने कहा कि आनन-फानन में प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष से त्यागपत्र ले लिया गया और केंद्रीय अध्यक्ष ने भी उसे तुरंत स्वीकृत कर दिया लेकिन मुख्यमंत्री के पास स्वास्थ्य विभाग होने के नाते उनसे प्रश्न तक नहीं पूछा गया यह कहां तक उचित है। उन्होंने कहा अगर स्वच्छ व पारदर्शी प्रशासन मुहैया करवाना चाहते हैं तो वह स्वास्थ्य विभाग की खरीद फरोख्त की जांच किसी सवतंत्र जांच एजेंसी से जांच कराने की चेष्टा करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं दिख रही है। अफसरशाही वेलगाम हो चुकी है। कोरोना के दौरान अफसरशाही दवारा लिए गए गलत निर्णय सांयकाल को सीएम कार्यालय दवारा वापिस लिए जाने को प्रदेश की जनता देख चुकी है। सीएम आफिस की अफसरशाही पर पकड़ नी होने का यह जीता जागता उदाहरण है। भ्रष्टाचार से घिरी सरकार अव जांच की वजाए लीपापोती करने में ही व्यस्त दिख रही है। उन्होंने कहा कि इधर करोना महामारी फैली हुई है और प्रदेश सरकार में मंत्री बेतुके बयान दे रहे हैं तथा वर्चुअल रैलियों की बात की जा रही है उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में इस तरह की रैलियां करना कहां तक उचित है इसका जवाब भी मुख्यमंत्री को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल में अब तक जयराम सरकार कोई भी जनहित या समाज हित का कार्य करने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि विकास तो दूर की बात है सड़के, पेयजल योजनाएं, स्वास्थ्य संस्थान शिक्षा संस्थानों जैसे महत्वपूर्ण विभागों में राशि खर्च ना होने से लैप्स हो रही है। लेकिन जनता की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य मरम्मत तक के लिए तरस गए हैं।
शकोरोना महामारी के बीच हिमाचल प्रदेश के नवनियुक्त डीजीपी क्वारंटाइन हो गए हैं। इसके पीछे वजह एक संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना बताया जा रहा है। ख़बर है कि 1 सप्ताह पहले वे संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए थे जिसके चलते वे क्वारंटाइन हैं। हालांकि अभी तक उनमें किसी भी प्रकार के कोई लक्षण या बुख़ार नहीं है लेकिन ऐहतियातन वे क्वारंटाइन का पालन कर रहे हैं। बीती 30 मई को ही कुंडू ने डीजीपी का पदभार संभाला है और 1 जून को एक व्यक्ति उन्हें बधाई देने आया था जो दिल्ली में कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। उक्त व्यक्ति ने बधाई के तौर पर मिठाई भी दी थी। फिलहाल ऐहतियात बरतते हुए पुलिस हेडक्वार्टर सील कर दिया है और सेनेटाइज किया जा रहा है। डीजीपी कुंडू ने अपना कोरोना टेस्ट करवा लिया है जिसकी रिपोर्ट आनी अभी बाकि है।
चिकित्सा और चिकित्सक का नाम तभी सार्थक होता है जब वह मरीज की भगवान रूपी कल्पना की कसौटियों पर खरा उतरता है। चिकित्सक को धरती पर भगवान कीसंज्ञा दी गई है और यही भगवान हमारे प्राणों की रक्षा भी करते हैं। किंतु ईमानदारी व लगन से काम करने वाले ऐसे भगवान लंबे समय तक याद रखे जाते हैं। अपने अनुभव और दक्षता से बड़े अस्पतालों में होने वाले जटिल आपरेशनों को बड़ी सहजता से हिमाचल प्रदेश जैसे छोटे से राज्य में सफलता पूर्वक कई आपरेशन करने में माहिर वरिष्ठ सर्जन डा. राजेश आहलुवालिया इसी माह 30 जून को अपनी सरकारी सेवाओं से निवृत हो रहे हैं। मूलत कांगड़ा जिला के रहने वाले डा. राजेश आहलुवालिया बिलासपुर जिला में पिछले चार सालों से अपनी सेवाएं दे रहे थे। डा. आहलुवालिया के पास एमएस यानि चिकित्सा अधीक्षक का पदभार भी है, जिसमें अस्पताल की व्यवस्था संभालना उनका मुख्य कार्य है, बावजूद इसके वे मरीजों के स्वास्थ्य की जांच करना तथा असाध्य आपरेशनों को सफलता की कसौटी पर चढ़ाना इनकी दिनचर्या में शुमार रहा। यही कारण है कि डा. आहलुवालिया अपने स्टाफ के साथ-साथ जनता में लोकप्रिय रहे। प्लास्टिक सर्जरी, कैंसर व अन्य आपरेशनों की बात करें तो निजी अस्पताल व अन्य राज्यों में इन आपरेशन के लिए लाखों रूपये में खर्च होते है। जिन असाध्य आपरेषनों के लिए मरीजों को यहां से रैफर किया जाता रहा है, उन्हें बिलासपुर में ही आपरेट कर ठीक करने का गौरव भी डा. आहलुवालिया को हासिल है। गौर हो कि जब से देश में लाॅकडाउन शुरू हुआ था तो उससे पहले से ही डा. आहलूवालिया अपने घर में नहीं गए है। लगभग 80 दिनों से वह अपने परिवार से दूर बैठे हुए है। ताकि वह लोगों को इस कोरोना काल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान कर सकें। डॉ. आहलूवालिया अपने कार्यकाल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने हेतू कई प्रमाण पत्र बतौर ईनाम भी प्राप्त कर चुके है। चिकित्सा क्षेत्र में डा. राजेश आहलुवालिया का सफरनामा चिकित्सा अधीक्षक डा. राजेश आहलूवालिया ने 1992-95 शिमला आईजीएमसी से अपनी पीजी कंप्लीट की है। 1995-99 जिला अस्पताल हमीरपुर में अपनी सेवाएं दी है। उसके बाद 1999-2016 तक इन्होंने पालमपुर अस्पताल में 17 साल अपनी सेवाएं दी है। तत्पष्चातं बिलासपुर अस्पताल में पहली बार चिकित्सा अधीक्षक का पद भरे जाने के पर इनका तबादला पालमपुर से बिलासपुर जिला में हुआ था। उसके बाद डाॅ. आहलूवालिया ने 30 मई 2016 को बिलासपुर में चिकित्सा अधीक्षक का पदभार संभाला था।
महिलाओं तथा बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिला बिलासपुर में विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों को क्रियान्वित किया जा रहा है जिनके माध्यम से महिलाओं और बच्चों का समुचित विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। जिला में केन्द्रीय प्रायोजित योजना समेकित बाल विकास योजना के अन्तर्गत गर्भवती, दूध पिलाने वाली माताएं तथा 6 माह से लेकर 6 साल तक के बच्चो को इस योजना के अन्तर्गत लाभान्वित किया जाता हैं। महिलाओं तथा बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए आंगनबाडी केन्द्रों के माध्यम से पोषाहार प्रदान किया जाता है। बच्चों के सर्वागीण विकास के लिए पूर्वशाला शिक्षा, स्वास्थ्य जांच, तथा आंगनबाडी केन्द्रों के माध्यम से टीकाकरण करवाया जाता है। कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रदेश में आंगनबाडी केन्द्रों के माध्यम से पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा, टीकाकरण, अनुपूरक पोषाहार, शालापूर्वक शिक्षा तथा सन्दर्भ सेवाएं बच्चों गर्भवती/धात्री माताओं को प्रदान की जा रही है। जिला कार्यक्रम अधिकारी अंजू बाला ने बताया कि विशेष पोषाहार कार्यक्रम के तहत जिला में संचालित तीन बाल विकास परियोजना के अन्तर्गत 1111 आंगनवाडी केेन्द्रों के माध्यम से 6 माह माह से 6 वर्ष तक की आयु के 20238 बच्चों तथा 5894 गर्भवती व धात्री महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। शाला पूर्व शिक्षा के अंतर्गत 1111 आंगनवाडी केन्द्रों के माध्यम से 4658 बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ बंदना योजना के तहत जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य संबंधी विशिष्ट शर्तो की पूर्ति पर परिवार में पहले जीवित बच्चे के लिए गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं के खाते में जिला बिलासपुर में अप्रैल, 2019 से मार्च, 2020 तक 8562 महिलाओं को लाभान्वित कर 1 करोड़ 44 लाख 98 हजार रुपये की धनराशि व्यय की गई। उन्होंने बताया कि राज्य प्रायोजित योजना मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अन्तर्गत जिला बिलासपुर में वर्ष 2019-20 के दौरान 78 लाभार्थियों कोलाभान्वित कर 37 लाख 40 हजार रुपये की धनराशि व्यय की गई। मदर टैरेसा असहाय मातृ सम्बल योजना जिला बिलासपुर में वर्ष 2019-20 के दौरान 641 माताओं के 992 बच्चों को 48 लाख 83 हजार 718 रुपये की धनराशि सहायता स्वरूप देकर लाभान्वित किया गया। विधवा पुनर्विवाह योजना गत वर्ष जिला में फस्र्ट कंपोनेंट बेटी के जन्म पर 331 बेटियों और सैकिंड कंपोनेंट शिक्षा के लिए 2329 बेटियों को लाभान्वित किया गया जिन पर 96 लाख 46 हजार 470 रुपये की धनराशि व्यय की गई। स्वंय रोजगार हेतु सहायता योजना के तहत गत वर्ष 2 महिलाओं को लाभान्वित किया गया है। बाल-बालिका सुरक्षा योजना के तहत जिला बिलासपुर में 76 लाभार्थियों पर 20 लाख 11 हजार 993 रुपये की राशि व्यय कर लाभान्वित किया गया।
दाड़लाघाट में फरियादियों की समस्याओं का समाधान करने के लिए वर्ष 2012 में दाड़लाघाट में उप तहसील तो खोल दी थी और इस सब तहसील के तहत 11 पटवार सर्कल आते हैं, पर यहां आने वाले फरयिादियों के बैठने के लिए कहीं जगह तक नहीं बनाई गई है। कोई खास सुविधा ना होने की वजह से फरियादियों को आसपास की दुकान व उप तहसील प्रांगण के पेड़ों के नीचे बैठना पड़ता है। तहसील करीब 7 वर्ष पहले से ही चालू हो गई थी इससे क्षेत्रीय लोगों को काफी खुशी भी हुई थी, लेकिन यहां अभी भी कई सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। क्योंकि इस तहसील पर अभी भी बहुत काम अधूरा पड़ा है। यह जो तहसील का कार्यालय है वो अभी तक भी पशु औषधालय के पुराने भवन के तीन कमरों में ही चल रहा है। यहाँ पर रीडर, पंजीयन लिपिक, कार्यलय कानूनगो, लैंड रिकॉर्ड कम्प्यूटराइज्ड को बैठने व अभिलेख रखने हेतु कोई भी स्टोर नहीं है और न ही बैठक हॉल है जिस कारण कर्मचारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा आए हुए फरियादियों को बैठने व खड़े होने की उचित जगह नहीं है जिस कारण धूप व बरसात के मौसम में लोगों को भारी परेशानी होती है,इसके अतिरिक्त डोकुमेन्टर राइटर, स्टैम्प वेंडर व नोटरी पब्लिक को बैठने की भी उचित व्यवस्था नहीं है, यहाँ पर पेयजल की भी सुविधा ठीक नहीं है। लोगों ने बताया कि यहाँ पर पेयजल विभाग की एक उठाऊ जल स्कीम है लेकिन यह स्कीम जब से बनी है उसी समय से खराब है और यहाँ पर पानी तीसरे व चौथे दिन आता है जिस कारण यहाँ आये फरियादियों को पेयजल समस्या का भी सामना करना पड़ता है,इसके अलावा यहाँ पर दो शौचालय भी बने है लेकिन उनके दरवाजे खराब है जिस कारण खासकर महिलाओं को शौच आदि करने में परेशानी झेलनी पड़ती है। इसके अतिरिक्त मुख्य मार्ग से जो लिंक सड़क उप तहसील कार्यालय को आती है वह भी ठीक नहीं है, उसमें भी गड्ढे ही गड्ढे हैं जिस कारण गाड़ी लाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है,इस कार्यालय में स्टाफ की भी कमी है जिसमें जूनियर ऑफिस असिस्टेंट व कार्यालय कानूनगो का पद खाली चल रहा है। कार्यलय कानूनगो का काम करने के लिए फील्ड से कानूनगो की ड्यूटी लगाई जाती है जिस कारण फील्ड का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों ने सरकार व प्रशासन से मांग की है कि उप तहसील दाड़लाघाट के भवन का निर्माण किया जाए,लोगों को बैठने के लिए शेड बनाया जाए व यहाँ पर स्टाफ व अन्य जो भी कमियां है उसे जल्द पूरा किया जाए ताकि लोगों को आ रही परेशानियों से निजात मिल सके। गौर रहे कि दाड़लाघाट क्षेत्र में स्थापित दो बड़े सीमेंट प्लांट है तो अम्बुजा सीमेंट कंपनी द्वारा तो दाड़लाघाट क्षेत्र में विकास को लेकर उनकी जिम्मेदारी होती है कि वो विकास को लेकर उचित कदम उठाए, लेकिन इस जिम्मेदारी में वो कितने जागरूक व रुचि रखते है तो सब तहसील में हो रही कमी इसमे साफ दिख रही है कि उनकी इसके प्रति कोई जिम्मेवारी नही है कि वो तहसील कार्यालय में चल रही समस्या में विकास को लेकर कोई ठोस कदम सुनिचित करे। क्योंकि सरकारी सहयोग के साथ उनका सहयोग होना चाहिये कि दाड़लाघाट सब तहसील कार्यालय में सबसे ज्यादा कार्य सीमेंट कंपनी का होता है और अम्बुजा सीमेंट प्लांट के अधिकारियों का आना जाना आए दिन वहाँ होता है ओर समाजिक दृष्टि से कंपनी सरकार के पास विकास कार्य को लेकर बड़ी बड़ी बातें करती आ रही है लेकिन इसमे साफ दिख रहा है कि सब तहसील कार्यालय में इस तरह से सारी बाते बेबुनियाद साबित हो रही है। जब इस बारे नायब तहसीलदार दाड़लाघाट बसन्त लाल राजटा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इन समस्याओं बारे विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया है।जल्द ही इन समस्याओं का समाधान हो जाएगा।
राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के राज्य सह संयोजक हीरापाल सिंह ठाकुर ने सरकार से मांग की है कि कोरोना संकट के बीच देश के सभी गरीब परिवार को 7500 रुपए प्रतिमाह दिया जाए, ताकि इस मुसीबत की घड़ी में उनकी आर्थिक मदद हो सके। उन्होंने कहा कि जहां सरकार को लोगों की मदद करनी चाहिए थी, तो उसी दौरान सरकार द्वारा गैस पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाकर लोगों को परेशान किया जा रहा है। सरकार द्वारा गैस की सब्सिडी बंद कर दी गई है और लोगों को सस्ता राशन भी नहीं मिल रहा पा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार से मांग की है कि लोगों को जल्द राहत दी जाए, नहीं तो कांग्रेस सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों में भारी वृद्धि कर लूट मचा रखी है। उन्होंने कहा कि किसान हितैषी बताने वाली ये सरकार किसानों को उनकी फसलों का सही समर्थन मूल्य नही दिलवा पा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जहां एक ओर कोरोना जैसी माहमारी से हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई करने में असफल रही है।
हिमाचल सरकार ने देर शाम दो दर्जन से अधिक बीडीओ तब्दील कर दिए हैं। जिनमें कंडाघाट में तैनात रमनवीर को ऊना व ऊना में तैनात हेमचंद शर्मा को कंडाघाट लगाया गया है। इसी प्रकार शिमला में तैनात मोहन को कुसुमपट्टी, नालागढ़ में तैनात राजकुमार को सोलन, ऊना में तैनात सोनू को कांगड़ा, कल्याणी गुप्ता को जुग्गल से सिरमौर, सुदर्शन सिंह को सिरमौर से गगरेट (ऊना), सतीश कुमार को धर्मपुर से मंडी, सुरेंद्र को केलांग से सुंदरनगर, कर्ण सिंह को लंबागांव से जुग्गल शिमाल, नैन धारिया शर्मा को मलौक काजा से धर्मपुर, प्याारेलाल को रोहडू से निच्छर, कमर सिंह से सिलाई से परगापुर, गोपीचंद को परागपुर से अन्नी कुल्लू, रमेश कुमार को बामसंग हमीरपुर से देहरा कांगड़ा में, कर्म सिंह को नूरपुर से इंदौरा, मनीष कुमार को नाहन से बिलासपुर, अंकित कोटिया को शिमला से कांगड़ा, कंवर तन्मय को शिमला से सिरमौर, भानूप्रताप को शिमला से केलांग, ओसिन शर्मा को धर्मशाला से नगरोटा, अनिल कुमार को चंबा से मेहला, अभिषेक को हमीरपुर से शिमला, कामेश्वर को नानखारी से शिमला, हेमचंद शर्मा को गगरेट से कंडाघाट, यशपाल को ऊना से बंगाना, तलविंदर को गोपालपुर से बिजौरी, केदारनाथ को बिजौरी से रोहड़ू तब्दील किया गया है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि समाचारों को शीघ्रता से लोगों तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संचार के वर्तमान युग में मीडिया की भूमिका अहम है और जन सम्पर्क पेशेवरों को प्रदेश सरकार के कार्यक्रमों और नीतियों को लोगों तक प्रभावी ढंग से पहंुचाने के लिए लीक से हटकर सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न विकासात्मक योजनाओं के प्रचार व प्रसार के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाना चाहिए। विकासात्मक लेख और सफलता की कहानियां इलैक्ट्राॅनिक मीडिया और प्रिंट मीडिया को उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गिरिराज साप्ताहिक समाचार पत्र और हिमप्रस्थ पत्रिका का प्रदेश सरकार के कार्यक्रमों और नीतियों की वास्तविक जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रचार के प्रभावी साधन हो सकते हैं। गिरिराज साप्ताहिक में अधिक दिलचस्प और शोध पर आधारित लेख प्रकाशित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि इस साप्ताहिक में प्रकाशित होने वाले लेख पहले से नियोजित किए जाने चाहिए ताकि वे अधिक पठनीय और प्रभावशाली हों। मुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों के जन सम्पर्क विभागों की कार्यप्रणाली पर अध्ययन करने को भी कहा ताकि विभाग में नयापन लाया जा सके। उन्होंने कहा कि विभाग को सरकार और आम जनता के बीच सेतु का काम करना चाहिए, जिसके लिए जन सम्पर्क व्यवसायियों को न केवल मीडिया के लोगों अपितु आम जनता और राय बनाने वाले लोगों के साथ भी सम्पर्क बनाने की आवश्यकता है। जय राम ठाकुर ने कहा कि रचनात्मकता प्रभावी जन सम्पर्क की पहली शर्त है। उन्होंने कहा कि जन सम्पर्क व्यवसायियों को अपने लेखों को प्रभावी बनाने के लिए अधिक रचनात्मक और स्पष्ट होने की आवश्यकता है। अधिकारियों को यू-टयूब, फेसबुक, ट्वीटर और ब्लाॅग जैसे सोशल मीडिया मंचों का भरपूर उपयोग सुनिश्चित करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संचार के आधुनिक माध्यमों के भरपूर उपयोग को सुनिश्चित करने के अलावा पारम्परिक मीडिया को भी प्राथमिकता देनी चाहिए क्योंकि विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में यह अधिक प्रभावी सिद्ध हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों के प्रचार के लिए सामरिक स्थलों पर प्रभावी और आकर्षक होर्डिंग स्थापित किए जाने चाहिए।
शहरी विकास, आवास एवं नगर नियोजन मंत्री सरवीण चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही है। महिलाओं को पंचायत स्तर पर संगठित कर उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने, उनके उत्थान के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं से अवगत करवाने तथा कौशल विकास प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से नई सशक्त महिला योजनाएं आरम्भ की गई हैं। सरवीण चौधरी सोमवार को शाहपुर में विभिन्न महिला मंडलों को चेक वितरण कार्यक्रम के दौरान बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा विधायक निधि से शाहपुर विधानसभा के अंर्तगत 174 महिला मंडलों को आठ हजार प्रति महिला मण्डल के हिसाब से लगभग 14 लाख रुपये की धनराशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा जरूरतमन्द लोगों को खाने-पीने के सामान के अतिरिक्त विभिन्न तरह से राहत पहुंचाई गई है। शाहपुर प्रशासन द्वारा भी इस समय के दौरान सराहनीय कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि महिला मंडलों को चेक वितरण करने के साथ-साथ विभिन्न पंचायतों के कार्यकर्ताओं से मुलाकात करना भी इस कार्यक्रम का हिस्सा है। शहरी विकास मंत्री ने कहा कि कोविड 19 के प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए जागरूकता के साथ साथ विभिन्न विकास कार्यों को भी आगे बढ़ाना प्राथमिकता रहेगी। प्रदेश सरकार ने भी विभिन्न विकास कार्यों को शुरू करने की अनुमति दे दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा सदस्यों द्वारा अपने अपने स्तर पर लोगों को मास्क बांटें गए हैं। उन्होंने शाहपुर में दुर्गा महिला मंडल, प्रीतमनगर महिला मंडल, सारनु महिला मंडल, दिव्या महिला मंडल, आस्था महिला मंडल तथा शिव महिला मंडल को चेक भेंट किए। शहरी विकास मंत्री ने उपस्थित लोगों को मास्क भी वितरित किए। इस अवसर पर विभिन्न महिला मंडल की महिलाओं ने अपने क्षेत्र से सम्बंधित विकास कार्यों से जुड़ी बातों को भी मंत्री के सम्मुख रखा। शाहपुर की प्रधान अरुणा देवी ने पंचायत में आने पर शहरी विकास मंत्री का स्वागत किया व आभार जताया। इसके उपरान्त उन्होंने गोरडा में भी सरस्वती, प्रगति, विकास, सूर्या, एकता तथा नारी विकास महिला मंडलों को चेक व मास्क भेंट किए । इस अवसर पर भाजपा मंडलाध्यक्ष प्रीतम चौधरी, महासचिव सतीश, दीपक अवस्थी, राकेश मनु, अमरीश परमार अनूप शर्मा, गोरडा के प्रधान जसविंद्र जस्सू, मनोज, तिलक शर्मा, विभिन्न महिला मंडल सदस्य उपस्थित रहे।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य व पूर्व स्वास्थ्य मन्त्री व श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र से विधायक रामलाल ठाकुर ने आयुष्मान भारत योजना पर निशाना साधते हुए इस योजना की पूरी सच्चाई सामने रख दी है। उन्होंने कहा कि इस योजना की शुरुआत ग़रीबों में गरीब और समाज के वंचित वर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा और उपचार प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया है। इस योजना के तहत हर साल प्रति परिवार को 5 लाख रुपए के स्वास्थ्य बीमा की बात की गई है लेकिन सरकार का दावा है कि इससे 10 करोड़ परिवार यानी 50 करोड़ से अधिक लोगों को फायदा होगा। देश के प्रधानमंत्री के अनुसार 5 लाख की राशि में सभी जांच, दवा, अस्पताल में भर्ती के खर्च शामिल होंगे। इसमें कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों सहित 1300 बीमारियां शामिल की गई हैं। राम लाल ठाकुर ने कहा कि अब प्रश्न यह उठ रहा है कि आयुष्मान भारत कार्यक्रम के ज़रिए क्या मोदी सरकार करोड़ों के हेल्थ इंश्योरेंस क्यों नही करवा पा रही है? राम लाल ठाकुर एक बड़ा सवाल खड़ा करते हुए पूछा जहां प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा केंद्रों की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है वहां इसका कितना फ़ायदा निजी अस्पतालों को मिल सकता है?
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दाड़लाघाट में सोमवार को भूगोल की परीक्षा सुचारू रूप से संचालित की गई। परीक्षा अधीक्षक महेंद्र पाल कौंडल ने बताया कि भूगोल की इस परीक्षा में 33 परीक्षार्थी नियमित तथा 10 विद्यार्थी एसओएस से संबंधित बैठे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड का शिक्षा केंद्र आज सभी परीक्षाएं संपन्न होने के पश्चात बंद कर दिया गया। प्रधानाचार्य हंसराज शर्मा ने कहा कि कोरोना वायरस के चलते सरकार की हिदायतों का पालन करते हुए सभी परीक्षार्थियों को समाजिक दूरी बनाकर तथा मास्क का प्रयोग करते हुए, साबुन से हाथ धोकर, सैनिटाइजर का प्रयोग करते हुए परीक्षा हॉल में प्रवेश करवाया गया।
विधानसभा क्षेत्र अर्की से महिला मोर्चा मंडल अर्की से अध्यक्ष रीना व जिला महिला मोर्चा सोलन से महामंत्री पद के लिए उर्मिल शर्मा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंडल अध्यक्ष डीके उपाध्याय ने बताया कि यह नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। महिला मोर्चा मंडल अर्की से अध्यक्ष व जिला महिला मोर्चा महामंत्री का दायित्व सोपने के बाद कहा है कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है। उसे पूरे ईमानदारी व पूरी निष्ठा निभाने की कोशिश करेंगी। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक महिलाओं को पार्टी में नव ऊर्जा के संचार हेतु जोड़ने का प्रयास करेंगी। इस नियुक्ति के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, सहकारिता मंत्री डॉ राजीव सहजल, संगठन महामंत्री पवन राणा, प्रदेश उपाध्यक्ष रत्न सिंह पाल, प्रदेश उपाध्यक्ष पुरषोत्तम गुलेरिया, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रशिमधर सूद, जिला अध्यक्ष सोलन आसुतोष वैद, महिला मोर्चा अध्यक्ष जिला सोलन शकुंतला शर्मा, मंडल अध्यक्ष अर्की देवेंद्र उपाध्याय व अन्य सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया है।
विधानसभा क्षेत्र अर्की से युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष अर्की महेंद्र ठाकुर, जिला युवा मोर्चा सोलन से सचिव जयदेव, जिला युवा मोर्चा सोलन से वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रेम चोपड़ा, जिला युवा मोर्चा सोलन सोशल मीडिया प्रभारी पर भूपेंद्र सागर को दायित्व सौपा गया है। मंडल अध्यक्ष डीके उपाध्याय ने बताया कि यह नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। विभिन्न पदों का दायित्व सौपने के बाद सभी ने कहा है कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है। उसे पूरे ईमानदारी व पूरी निष्ठा निभाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक युवाओं को पार्टी में नव ऊर्जा के संचार हेतु जोड़ने का प्रयास करेंगे। इस नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, सहकारिता मंत्री डॉ राजीव सहजल, संगठन महामंत्री पवन राणा, प्रदेश उपाध्यक्ष रत्न सिंह पाल, प्रदेश उपाध्यक्ष पुरषोत्तम गुलेरिया, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अमित ठाकुर, जिला अध्यक्ष सोलन आसुतोष वैद, मंडल अध्यक्ष अर्की देवेंद्र उपाध्याय, भाजयुमो जिलाध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर व अन्य सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया है।
पुलिस थाना कुनिहार के अंतर्गत पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक व्यक्ति के घर से 3 पेटी शराब पकड़ने में सफलता हासिल की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुनिहार के गांव कोटला में धमन पुत्र गोपाल दास अवैध रूप से शराब बेचने का काम करता है। सूचना के आधार पर थाना कुनिहार के एस एच ओ जीत सिंह ने तुरन्त कार्यवाही करते हुए ए एसआई पूर्ण चन्द व आरक्षी राकेश व अमित के साथ धमन की मौजूदगी में घर की तलाशी ली तो घर की ऊपरी मंजिल के एक कमरे में 4 पेटी देशी शराब की बरामद की जिसमे 3 पेटी में 12,12 बोतले व 1 पेटी में 9 बोतले देशी शराब सन्तरा की थी। यह व्यक्ति शराब के कोई भी कागजात पेश नही कर सका और पुलिस ने इसे गिरफ्तार कर लिया। एस एच ओ जीत सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि एक व्यक्ति के घर से 4 पेटी में 45 देशी शराब सन्तरा की बरामद की है व व्यक्ति पर मामला दर्ज कर आगामी कार्यवाही की जा रही है।
जनरल अकाउंट्स पेंशनर्ज एसोसिएशन शिमला के अध्यक्ष कंवर गोविन्द सिंह और महासचिव जगमोहन ठाकुर ने एचपी एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅंस फंड के लिए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को 2.30 लाख रुपये का एक चैक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के वरिष्ठ नागरिकों के लिए ‘पंचवटी योजना’ का शुभांरभ किया। इस योजना में ग्रामीण विकास विभाग केे माध्यम से मनरेगा योजना के अंतर्गत आवश्यक सुविधाओं से युक्त सभी विकास खंडों में पार्क और बागीचे विकसित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को मनोरंजन के साथ पार्क और बागीचों की सुविधा उपलब्ध करवाना हैै। वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और 14वें वित्त आयोग अभिसरण में न्यूनतम एक बीघा की समतल भूमि पर इन पार्कों और बागीचों को विकसित किया जाएगा। इन पार्कों में आयुर्वेदिक और औषधीय पौधे लगाने के अलावा बुजुर्गो के लिए मनोरजंन के लिए मनोरंजक उपकरण, पैदल पथ और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में राज्य के विभिन्न स्थानों पर लगभग 100 पार्क विकसित किए जाएंगे। इन पार्कों के पहले चरण का शुभांरभ आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ज़िला मण्डी के गोहर विकास खण्ड, ज़िला ऊना के बंगाणा विकास खण्ड, ज़िला कुल्लू के बंजार और नग्गर विकास खण्ड, ज़िला लाहौल स्पीति के काज़ा विकास खण्ड, ज़िला कांगड़ा के सुलह और नगरोटा बगवां विकास खण्ड, ज़िला सिरमौर के पांवटा साहब और पच्छाद विकास खण्ड, ज़िला चम्बा के भटियात और तीसा विकास खण्ड, ज़िला किन्नौर के कल्पा विकास खण्ड, ज़िला सोलन के कण्डाघाट विकास खण्ड, ज़िला शिमला के रोहड़ू विकास खण्ड और ज़िला हमीरपुर के नादौन विकास खण्ड में किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये पार्क वरिष्ठ नागरिकों को स्वस्थ और प्रसन्नतापूर्ण जीवन व्यतीत करने में वरदान साबित होंगे। राज्य सरकार लोगों को अधिकतम सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रयासरत है तथा यह योजना इसी दिशा में किया गया एक प्रयास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की 90 प्रतिशत जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है इसलिए सरकार का ध्यान ग्रामोन्मुखी नीतियों पर केन्द्रित है जिससे इन क्षेत्रों का विकास तेज गति से सुनिश्चित हो रहा है। ग्रामीण विकास मंत्री वीरेन्द्र कवर ने ऊना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के लोगों तथा ग्रामीण विकास में गहन रूचि रखने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। सचिव ग्रामीण विकास डाॅ संदीप भटनागर ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। निदेशक ग्रामीण विकास ललित जैन ने योजना की मुख्य विशेषताओं की विस्तृत जानकारी दी। उपाध्यक्ष एचआरटीसी विजय अग्निहोत्री, मुख्यमंत्री के सलाहकार डाॅ. आर.एन. बत्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश के प्रवक्ता विनोद ठाकुर ने कांग्रेस के नेता विक्रमादित्य सिंह पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी केवल मात्र भ्रष्टाचार के तथ्यहीन मुद्दे पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं को कोई अधिकार नहीं है कि वह भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्री एवं नेताओं पर नैतिकता का प्रश्न उठाए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को क्या पता नैतिकता क्या होती है जब कांग्रेस की सरकार थी तो उनके वरिष्ठ नेताओं के ऊपर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगे थे तब किसी भी नेता ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी तो चाहे वह आईपीएच हो चाहे पीडब्ल्यूडी हो या स्वास्थ्य हो सभी विभागों में भ्रष्टाचार के आरोप कांग्रेस के नेताओं पर लगे थे। उन्होंने कहा की भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दिया है कांग्रेसी नेताओं को उनके इस कदम से प्रेरणा लेकर नैतिकता का सबक लेना चाहिए।
हरियाणा राज्य के कुरूक्षेत्र में इस वर्ष सूर्य ग्रहण मेले का आयोजन नहीं किया जाएगा। यह जानकारी उपायुक्त सोलन केसी चमन ने दी। केसी चमन ने कहा कि उपायुक्त कुरूक्षेत्र ने सूचित किया है कि कोविड-19 के दृष्टिगत समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार 21 जून, 2020 को कुरूक्षेत्र में लगने वाले सूर्य ग्रहण मेले का आयोजन नहीं किया जाएगा। उपायुक्त ने जिला सोलन के निवासियों से आग्रह किया है कि वे 21 जून को कुरूक्षेत्र में स्नान एवं पूजा-अर्चना के लिए न जाएं ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण के एक प्रवक्ता ने कहा कि आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने रियल एस्टेट (विनियम और विकास) अधिनियम, 2016 (रेरा) के प्रावधानों के अन्तर्गत ‘फोर्स मैज्योर’ के तहत रियल एस्टेट परियोजनाओं के पंजीकरण के विस्तार और सभी कानूनी अनुपालनाओं के समयावधि विस्तार के लिए परामर्श जारी किया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के परामर्श को ध्यान में रखते हुए और धारा 37 व धारा 34 की शक्तियों के अन्तर्गत 25 मार्च, 2020 से 24 सितंबर, 2020 तक छः महीने की अवधि के लिए फोर्स मैज्योर लागू किया गया है। प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण ने रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की धारा-6 के अन्तर्गत ‘फोर्स मैज्योर’ क्लाॅज को लागू करके परियोजनाओं के पंजीकरण और पूर्ण होने की तिथि या संशोधित पूर्ण होने की तिथि या छः महीने तक विस्तारित तिथि स्वतः बढ़ाने का आदेश जारी किया है। उन्होंने बताया कि बुरी तरह से प्रभावित परियोजनाओं के प्रमोटर्स को उक्त अधिनियम की धारा-6 के प्रावधानों के अनुसार छः माह से आगे तक अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन करना होगा, जो कि अतिरिक्त तीन माह के लिए की जा सकती है। ऐसे विस्तार के लिए फीस माफ करने के विवेकाधिकार का इस्तेमाल हिमाचल प्रदेश रेरा हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट (पंजीकरण और विकास) नियम, 2017 के अन्तर्गत किया जा सकता है। नियम 6 (2) के तहत ऐसे विस्तार के लिए फीस माफ कर सकता है, यदि यह ‘फोर्स मैज्योर’ के फलस्वरूप हुआ है। उन्होंने कहा कि धारा 11 के तहत यदि निर्धारित समयावधि ‘फोर्स मैज्योर’ अवधि के दौरान पूरी हो रही थी, तो वह समयावधि स्वतः ही ‘फोर्स मैज्योर’ अवधि समाप्त होने तक स्थगित मानी जाएगी। प्रवक्ता ने बताया कि ‘फोर्स मैज्योर’ अवधि को इस अधिनियम की धारा 12, 18 19 (4) और 19 (7) के तहत ब्याज की गणना के लिए अधिस्थगन अवधि माना जाएगा। उन्होंने कहा कि धारा 17 के तहत किसी तरह की अनुपालना यदि ‘फोर्स मैज्योर’ अवधि के दौरान नियत है, तो इसे ‘फोर्स मैज्योर’ की अवधि समाप्त होने तक पूरा करने की अनुमति होगी। उन्होंने बताया कि शहरी विकास और नगर नियोजन विभाग को निर्देश दिए गए है कि वे सभी रियल इस्टेट परियाजनाओं की अनुमोदन की वैधता और एनओसी की वैधता को स्वतः ही नौ महीने के लिए बढ़ाएं।
संगठन के शीर्ष नेतृत्व, सभी मण्डल अध्यक्षों व विधानसभा के सभी उम्मीदवारों से विस्तृत चर्चा के उपरांत भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने कुनिहार में एक प्रैस वार्ता करके जिला कार्यकारिणी की घोषणा की। इस दौरान जिला सोलन के पांचों मंडलो के अध्यक्ष भी नियुक्त किए गए। इस अवसर पर किसान मोर्चा के प्रदेश सचिव दलीप पाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। जिला कार्यकारिणी में योगेश शर्मा नालागढ़,मदन ठाकुर सोलन, नन्द किशोर कसौली,ओम प्रकाश शर्मा अर्की,अशोक कुमार दून को उपाध्यक्ष बनाया गया। नरेंद्र ठाकुर सोलन व कांति प्रसाद दून को महामंत्री, गुरुदास चंदेल दून, मनसा राम अर्की, तीर्थ राम नालागढ़, कृष्ण कुमार ठाकुर नालागढ़, चमन ठाकुर कसौली को सचिव, अमर सिंह ठाकुर सोलन को कोषाध्यक्ष, मदन मेहता सोलन को मीडिया प्रभारी, सुरेश पाल सह मीडिया प्रभारी, रोहित सोलन को सोशल मीडिया प्रभारी बनाया गया। जिला कार्यकारिणी में रामलोक ठाकुर, सीएस राणा, चमन राणा, जीत राम, भागी चन्द, कर्म चन्द, किशन ठाकुर, राम सिंह मेहता, मान सिंह, मदन लाल, नन्द लाल ठाकुर, हरीश ठाकुर, मदन गोपाल, सुरेन्द्र कुमार को सदस्य बनाया गया। वन्ही जिला सोलन के अर्की मण्डल से जगदीश शुक्ला,सोलन मण्डल से सुरेश शर्मा,कसौली से दुरेश ठाकुर, नालागढ़ से दाता राम व दून मण्डल से प्रेम चन्द ठाकुर को अध्यक्ष पद का दायित्व दिया गया। सभी अध्यक्षो को बधाई व शुभकामनाएं देते जिला अध्यक्ष किसान मोर्चा ने अगले चार पांच दिनों में अपने अपने मण्डल की कार्यकारिणी का गठन करने के लिए कहा।
भाजपा महिला मोर्चा की सोमवार को जिला कार्यकारिणी की घोषणा की गई। यह घोषणा महिला मोर्चा बिलासपुर की अध्यक्षा भुवनेश्वरी लुम्बा ने की। भाजपा महिला मोर्चा बिलासपुर की कार्यकारिणी में सदर से संतोष जोशी घुमारवीं से रक्षा ठाकुर श्री नैना देवी जी से मुकेश शर्मा तथा झंडूता से कुलविन्द्रा चंदेल को उपाध्यक्ष बनाया गया। वहीँ श्री नैना देवी जी से समाज सेविका अंजना चंदेल को जिला महामन्त्री की कमान सौंपी गई। अंजना चंदेल के साथ घुमारवीं से उषा शर्मा को भी महामंत्री नियुक्त किया गया। इसके अलावा घुमारवीं की सुषमा रनौत सदर से रीता बंसल, झंडूता से गीता देवी व नेहा चंदेल तथा श्री नैना देवी जी से कमला देवी को जिला सचिव सदर से अंजू राणा को कोषाध्यक्ष झंडूता से सुनीता देवी को प्रैस सचिव नियुक्त किया गया। नई कार्यकरिणी की घोषणा करने के बाद जिला अध्यक्ष भुवनेश्वरी लुम्बा ने सभी नियुक्त सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शेष कार्यकरिणी की घोषणा भी जल्द कर दी जाएगी जिसके बाद मंडल स्तर पर कार्यकरिणी का गठन किया जाएगी।
युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव आशीष ठाकुर ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर निशाना साधते हुए कहा है कि बिलासपुर जिला का क्षेत्रीय अस्पताल आज तक सिर्फ राजनीति का शिकार हुआ है। आज भी यंहा पर लोगों को उचित स्वास्थ्य सुविधाएं नही मिल पा रही है जिसकी वजह से लोगों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है और भारी भरकम अदायगी करनी पड़ रही है। युवा नेता ने कहा कि बड़े की दुर्भाग्य की बात है कि पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का गृह जिला होने के बाबजूद आज भी क्षेत्रीय अस्पताल की स्थिति दयनीय है। नड्डा ने अपने कार्यकाल में बिलासपुर में स्वास्थ्य सेवायों को सुदृढ करने में कोई दिलचस्पी नही दिखाई जिसका यह नतीजा है। नड्डा सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे हैं। आज नड्डा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने है पर उन्होंने अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन नही किया है। आशीष ठाकुर ने कहा कि बिलासपुर क्षेत्रीय अस्पताल में आज तक सिटी स्कैन मशीन कार्य नही करती है उन्होंने कहा कि इसके लिए युवा कांग्रेस ने कई बार आवाज बुलंद की पर स्वास्थ्य विभाग के कानों में जूं तक नही रेंगी आज लोगो को मजबूरन सिटी स्कैन करवाने के लिए निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। क्षेत्रीय अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन में भी लेवल 2 अल्ट्रासाउंड नही हो पा रहे है जिससे गर्भवती महिलाओं को निजी अस्पतालों में हज़ारों रुपये खर्चने पड़ रहे है। युवा नेता ने कहा कि बिलासपुर जिला की जनसंख्या 4 लाख से ज्यादा होने के बाबजूद सिर्फ 2 ही स्त्री रोग विशेषज्ञ क्षेत्रीय अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रही है। चिकित्सकों की संख्या कम होने के वजह से गांव की भोली भाली जनता को निजी अस्पतालों में जाकर गर्भवती महिलाओं का इलाज करवाना पड़ रहा है बदले में निजी अस्पतालों में खूब लूट घसूट मचा रखी है। एक महिला को प्रसव के दौरान 25 से 30 हजार रुपये की राशि इन निजी अस्पतालों में खर्च करने पड़ रही है। बिलासपुर जिला में सभी लोग इतने सक्षम नही है कि वो इतना पैसा खर्च कर सके। आशीष ठाकुर ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल में आज भी सिर्फ एक मेडिसिन स्पेशलिस्ट है, एक चिकित्सक 24 घण्टे लगातार कार्य नही कर सकते है जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। युवा नेता ने यह भी कहा कि बिलासपुर के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के नाक तले पीपीई किट घोटाला हुआ जिसकी अभी जांच चल रही है। आशीष ठाकुर ने प्रदेश सरकार से पूछा जब सरकार ने 64 अधिकारियों को संदिग्ध सूची में डाला था तो उनको किस आधार पर फिर से जिला के स्वास्थ्य विभाग का आला अफसर नियुक्त कर दिया। युवा नेता ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द बंद पड़ी सिटी स्कैन मशीन और अल्ट्रासाउंड मशीन को चलाया जाए और कम से कम 2 और स्त्री रोग विशेषज्ञ ओर 2 अन्य मेडिसिन स्पेशलिस्ट की नियुक्ति क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में की जाए ताकि निजी अस्पतालों की लूट घसूट बंद हो और जनता को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें।
कोरोना काल में महामारी से जूझ रही जनता व भ्रष्टाचारों के आरोपों से घिरी सरकार अब प्रदेश में वर्चुअल रैलियां करने जा रही है। बीजेपी की इन वर्चुअल रैलियों में 2 लाख लोगों को जोडऩे का दावा किया जा रहा है। यह बात कांग्रेस सोशल मीडिया के चेयरमैन अभिषेक राणा ने यहां जारी प्रेस बयान में कही है। अभिषेक ने कहा कि बेशक इन रैलियों का खर्चा पार्टी फंड से होगा लेकिन आर्थिक स्तर पर पिछड़ चुकी जनता जो महामारी के इस दौर में मर-मर कर जीने को विवश है। बेहतर होता कि बीजेपी वर्चुअल रैलियों पर होने वाले खर्चे को संवेदना के आधार पर आम जनता को राहत देने के लिए खर्च करती। जन जीवन महफूज रहेगा तो सियासत के बहुत मौके मिलेंगे। यह सत्तासीन बीजेपी को समझना जरूरी है। सिर्फ अपनी पार्टी के हित व वाहवाही के लिए कोरोना के इस दौर में करोड़ों के खर्चे न कोई तुक है और न ही इस दौर में कोई तर्क बनता है। अभिषेक ने कहा कि बीजेपी ने जो कुछ फैसले देश हित में लिए हैं, आखिर उनका वखान इस दौर में कहां तक न्यायोचित है। क्योंकि उन फैसलों को लेकर बीजेपी लगातार प्रचार में जुटी है। कोविड-19 के इस संकट काल में आम आदमी को प्रचार नहीं राहत की जरूरत है। हिमाचल सरीखे पहाड़ी प्रदेश में लॉकडाउन के बाद जो लोग बेरोजगार हो चुके हैं बेरोजगारी व मंहगाई की मार से उनके परिवार अभावग्रस्त व तनावग्रस्त हैं, लेकिन जहां एक ओर बीजेपी सरकार भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी हुई है, वहीं पार्टी भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की बजाय प्रदेश में वर्चुअल रैलियों की तैयार कर रही है। बेहतर होता कि बीजेपी इस वक्त वर्चुअल रैलियों की बजाय आम आदमी को राहत देने का प्रयास करती।
कोरोना संकट काल मे स्वास्थ्य विभाग में हुए घोटाले की जांच सिटिंग जज से करवाने को लेकर अब विपक्ष हाई कोर्ट में याचिका दायर करने जा रही है। सोमवार को कांग्रेस के महासचिव ओर विधायक विक्रमादित्य सिंह ने शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के पास ही स्वास्थ्य विभाग है और विजिलेंस भी उन्हीं के अंडर काम करती है ऐसे में जांच निष्पक्ष होने पर सवाल खड़े हो रहे है। कांग्रेस इस मामले की जांच हाई कोर्ट के सिटिंग जज से करवाने की मांग कर रही है और राज्यपाल को भी इसको लेकर ज्ञापन सौंपा है। लेकिन सरकार इस मामले की जांच विजिलेंस से ही करवाने की बात कर रही है और सरकार जल्द इस मामले की जांच सिटिंग जज से नही करवाती है तो कांग्रेस अध्यक्ष, नेताप्रतिपक्ष सहित सभी विधायक जल्द बैठक कर हाई कोर्ट में याचिका दायर करने का फैसला करेगा ओर कोर्ट से आग्रह किया जाएगा कि मुख्यमंत्री के विभाग में ही भ्रस्टाचार हुआ है ऐसे में जांच निष्पक्ष नही हो सकती है। मुख्यमंत्री जब तक पद पर बने हुए है ऐसे में जांच प्रभावित हो सकती है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सरकार के इस संकट काल मे भी भ्रष्टाचार पनप रहा है। और देश मे हिमाचल शर्मसार हुआ है। इस मामले में बीजेपी अध्यक्ष का इस्तीफा देकर लोगो की आखों में धूल झोंकने का काम किया गया जबकि ये बहुत बड़ा घोटाला है। आगामी दिनों में और भी घोटाले सामने आएंगे। बीजेपी नेताओं ओर उनके रिश्तेदारों को टेंडर दिए जा रहे है। वही विक्रमादित्य सिंह ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधा और कहा को सीएम की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। बागवान लंबे समय से सेब की पेटियों ओर मजूदरो की व्यवस्था करने की मांग उठा रहे है इसके लिए कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल भी मुख्यमंत्री से मिला था लेकिन कोई व्यवस्था नही की गई। सेब सीजन में जहा 2 करोड़ सेब पेटियां लगती है लेकिन अभी तक 50 लाख पेटियां की ही व्यवस्था की गई है।सऐब सीजन में मजदूरो की व्यवस्था तक नही है। वही कोविड से सबसे ज्यादा पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है। प्रदेश में पर्यटक कारोबार से दो लाख लोग जुड़े है लेकिन सरकार ने इस वर्ग को भी कोई राहत नही दी है। हिमाचल कोविड फ्री होने वाला था और सरकार केंद्र से सर्टिफिकेट लेने की तैयारी कर रही थी लेकिन बाहर से आ रहे लोगो की सही टेस्टिंग न होने के चलते मामले हर रोज बढ़ रहे है। इस मामले में सरकार की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे है।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर के झंडुत्ता विधानसभा क्षेत्र के गांव ड़ाहड में एक गर्भवती गाय को किसी ने विस्फोटक खिला दिया, जिसकी वजह से वह जख्मी हो गई है। इस पूरे प्रकरण की सर्व धर्म समभाव राष्ट्रीय मंच ने कड़ी निंदा की है। सर्व धर्म समभाव राष्ट्रीय मंच लाडली के अध्यक्ष ई. पंडित सत्य देव शर्मा एव महामंत्री निर्मला राजपूत ने कहा कि केरल के मलप्पुरम में एक गर्भवती हथिनी की विस्फोटक खाने से हुई मौत के बाद हिमाचल प्रदेश से भी ऐसा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के झंडुत्ता इलाके में गर्भवती गाय को किसी ने विस्फोटक का गोला बनाकर खिला दिया, जिससे गाय बुरी तरह से जख्मी हो गई है। शर्मा एव निर्मला ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
करणी सेना हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष पीयूष चंदेल ने कार्यकर्ताओं के साथ जिला बिलासपुर में गर्भवती गाय को विस्फोटक द्वारा मारने के प्रयास के विरोध में उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। पीयूष चंदेल ने कहा जिस प्रकार से केरल के अंदर एक गर्भवती हथिनी के साथ एक दुखद घटना घटी ठीक उसी प्रकार हिमाचल प्रदेश के अंदर भी एक गर्भवती गाय के साथ ऐसी शर्मसार घटना घटी है जो निंदनीय है। करणी सेना ने यह माँग की है कि इस घटना में गिरफ़्तार हुए व्यक्ति के ऊपर सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए क्योंकि यह पहला मामला नहीं है। हिमाचल प्रदेश में ऐसे सैकड़ों मामले हिमाचल प्रदेश में घटित हो चुके हैं जिसके कारण बेज़ुबान पशुओं की हत्या हुई है। करणी सेना इस तरीक़े की शर्मसार घटना का पूरी तरह से विरोध करती है और करणी सेना यह माँग भी करती है की जो पंजीकृत पशु आवारा घूमते हैं उनके मालिकों के ख़िलाफ़ भी सख़्त कार्यवाही होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना हमारे प्रदेश के अंदर न हो। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष पीयूष चंदेल के साथ प्रदेश संगठन मंत्री शशि शर्मा ,महामंत्री सुभाष ठाकुर,विशेष आमंत्रित सदस्य भीम सिंह चंदेल, गौ शक्ति के संयोजक सुनील शर्मा, ज़िला संयोजक प्यार सिंह, महिला शक्ति ज़िला अध्यक्ष सीमा चंदेल, मुकेश भबोरिया, जिला मंत्री संजीव ढिल्लों, मीडिया प्रबंधन राजेश कुमार, तनुज सोनी, कुलदीप सिंह, आशीष जगोता, दविंदर सिंह आदि उपस्थित रहे।
सही सोच व परिश्रम से किए कार्य मे कामयाबी अवश्य मिलती है। जी हाँ ऐसी ही कामयाबी जाड़ली पँचायत के गाँव इसवा के किसान रोशन लाल ने प्राकृतिक खेती कर हासिल की है। रोशन लाल ने अपनी 12 बीघा भूमि में टमाटर, खीरा, शिमला मिर्च, बैंगन, धनियां व लाल मिर्च आदि सब्जियां प्राकृतिक रूप से तैयार की है। पूरी खेती में प्राकृतिक खाद का इस्तेमाल किया गया है। केमिकल खादों के इस्तेमाल से तैयार सब्जियों से जँहा मानव शरीर पर प्रतिकूल असर पड़ता है तो वन्ही प्राकृतिक रूप से तैयार सब्जियों से मानव शरीर स्वस्थ व हष्टपुष्ट रहता है। किसान रोशन लाल ने बताया कि हम फसलों में कैमिकल खादों व स्प्रे आदि का कोई इस्तेमाल नही करते। सब्जियां उगाने के लिए प्राकृतिक खाद का उपयोग करते है जिससे बहुत अच्छी पैदावार होती है। विभाग से सिंचाई की सुविधा के साथ अपने खेतों में बोर भी करवाया हुआ है। जिससे पानी की कोई समस्या नही है। रोशन लाल ने बताया कि सब्जियां लगभग तैयार है,परन्तु इस बार कोरोना संक्रमण के चलते सब्जियां मंडी तक पहुंचाने की चिंता है व सब्जियों के दाम कम होने से नुकसान होने का डर है।
कोरोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन में बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो, ऐसे में पाइनग्रोव स्कूल ने ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की है। पाइनग्रोव स्कूल के बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई का नया अनुभव मिल रहा है, साथ ही शिक्षक भी पूरी गंभीरता के साथ बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दे रहे हैं। स्कूलों की वेबसाइट के साथ-साथ अध्यापक वर्ग ने क्लास वाइज अलग-अलग विषयों के ग्रुप बनाकर बच्चों को होमवर्क देना शुरू कर दिया है। ऑनलाइन क्लासों में बच्चे अपने शिक्षकों से प्रॉब्लम भी पूछ रहे हैं। हम आपको बता दें कि पाइनग्रोव स्कूल के अध्यापक पिछले 2 महीने से अधिक समय से ऑनलाइन शिक्षा प्रदान कर रहे हैं ताकि बच्चों का पढ़ाई में कोई नुकसान ना हो । पाइनग्रोव स्कूल छात्रों का पाठ्यक्रम समय पर पूरा करवा सके, इसके लिए सभी अध्यापक स्कूल में रहकर बच्चों की ऑनलाइन कक्षा द्वारा शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। बच्चों को प्रतिदिन गृह कार्य दिया जाता है एवं उसका मूल्यांकन भी समय-समय पर किया जा रहा है वहीं स्टाफ का मनोबल एवं मनोरंजन के लिए स्कूल में ही विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाता है जैसे जुंबा डांस, शारीरिक फिटनेस कक्षा, बैडमिंटन प्रतियोगिता इत्यादि प्रतिदिन करवाई जा रही है। पाइनग्रोव स्कूल के इस कार्य मे बच्चों के अभिभावकों का भी सहयोग मिल रहा है इस बीच शनिवार को स्कूल द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस भी मनाया गया। छात्रों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली।
घुमारवीं में सुनार के यहां काम करने वाले कारीगर ने सुनार को 13 तोले सोने का झटका दिया है यह जानकारी देते हुए रजत ज्वेलरी हाउस मुख्य बाजार घुमारवीं के मालिक विनोद सोनी ने बताया कि उन्होंने अमर मैती निवासी राधा कांतापुर जिला मिदनापुर को लगभग 3 माह पूर्व दुकान पर कारीगर के रूप में रखा था। पुलिस को की गई शिकायत में कहा गया है कि दुकान पर रखे सभी कारीगरों को वह गहने बनाने के लिए सोना देते हैं। उसके उपरांत कारीगर गहने उन्हें सौंपते हैं। शिकायत में कहा गया है कि 2 जून को मामले के आरोपी अमर मैती को मंगलसूत्र बनाने के लिए 136 ग्राम सोना दिया था। यह मंगलसूत्र 7 जून तक तैयार करना था लेकिन अमर मैती 5 जून को ही बिना कुछ कहे कहीं चला गया। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी का डिब्बा तथा अन्य सामान चेक किया तो उसमें न तो गहने थे और न ही सोना था। डीएसपी घुमारवीं में राजेंद्र कुमार जसवाल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि कारीगर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 408 के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया है।
हिमाचल प्रदेश विद्युत परिषद सेवानिवृत्त वेलफेयर एसोसिएशन दाड़लाघाट व नम्होल यूनिट के महासचिव प्रेम केशव ने कहा कि वीडियो कांफ्रेंस के तहत सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियो एवं वरिष्ठ नागरिकों से आग्रह किया गया कि इस महामारी के दौरान एहतियात बरतने के साथ पेंशन से सबंधित अगर कोई दिक्कत आए तो एसोसिएशन से हमेशा अपना संपर्क बनाए रखें। वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा बिजली कानून संशोधन बिल 2020 के कारण बिजली सेवानिवृत्त कर्मचारियों के इलावा बिजली उपभोक्ताओं के साथ एक धोखा है। इस मुद्दे को बिजली बोर्ड यूनियन व अभियंता यूनियन की आवाज का बिजली बोर्ड सेवानिवृत्त एसोसिएशन द्वारा एक अच्छा कदम तथा सभी सेवानिवृत्त कर्मचारी भी इसके विरोध में केंद्रीय सेवानिवृत्त एसोसिएशन के आदेश का पालन करेंगे।सेवानिवृत्त एसोसिएशन द्वारा आईपीएच विभाग दाड़लाघाट से आग्रह किया गया कि गांव के वरिष्ठ नागरिकों द्वारा पीने के पानी को उठाई गई समस्याओं को नजरअंदाज ना किया जाए।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव व झंडूता विधानसभा क्षेत्र के युवा नेता विवेक कुमार ने ग्राम पंचायत डाहड के अंदर जो गाय बारूद का गोला खाने से घायल हुई थी उनके घर जाकर परिवार से मिले व उनसे पूछा कि किस तरह से यह हादसा हुआ और अब प्रशासन आपकी क्या मदद कर रहा है तथा उन्होंने अपनी एनजीओ (सर्वोदय वेल्फेयर फाउंडेशन) की तरफ से पीड़ित परिवार की ₹2100 देकर आर्थिक सहायता की एवं उन्हें बताया कि जितना भी गौ माता के इलाज पर जो खर्चा आएगा वह सारा खर्चा उन्हें आर्थिक सहायता के तौर पर देने के लिए तैयार हैं तथा उन्होंने कहा कि और भी जो सामाजिक संगठन है और एनजीओ हैं उनके द्वारा भी पीड़ित परिवार की मदद करवाई जाएगी पीड़ित परिवार में गुरुदयाल मुखिया है और वह पेंटर का काम करते हैं पिछले 3 महीने से लॉक डाउन की वजह से उनका काम धंधा भी बंद था इसी बीच यह हादसा हुआ और उनके ऊपर एक और दुख का पहाड़ टूट पड़ा विवेक कुमार ने कहा कि पीड़ित परिवार की पूरी सहायता की जाएगी तथा उन्हें इस दुख की घड़ी से उबारने के लिए और भी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने प्रशासन से भी गुहार लगाई है कि पीड़ित परिवार की इस दुख की घड़ी में पूरी मदद की जाए। कि इस अवसर पर उनके साथ युवा कांग्रेस झंडूता के अध्यक्ष सुरेश नेगी,राज कुमार आदि भी उपस्थित रहे।
बिलासपुर जिला में तेजतर्रार नेता के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने कहा है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को विरोधियों पर अकारण बेतुके और अनर्गल आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबान में झांक लेना चाहिए कि भाजपा और उनके नेत्रत्व में चल रही प्रदेश सरकार कथित भ्रष्टाचार की दल- दल में गले- गले तक डूबी सिसकियाँ ले रही है और आरोप कांग्रेस पर लगा रहे हैं। बंबर ठाकुर ने कहा कि यद्यपि कोरोना काल में प्रदेश की सभी सामाजिक व धार्मिक सस्थाओं सहित कर्मचारियों और पेंशनरों तक ने कोरना के विरुद्ध लड़ने के लिए दिल खोल कर सरकार की आर्थिक सहायता की है, किन्तु सरकार ने कथित उस धन का डट कर दुरुपयोग करने और कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के रिकार्ड स्थापित करने के निंदनीय और कानूनी अपराध करने में कोई कसर शेष नहीं रखी है, जिसकी आवाज अखबारों और टी वी चेनलों और सोशल मीडिया के माध्यम से जन- जन तक पहुंची है । उन्होने चुटकी लेते हुए हैरानी व्यक्त की कि मुख्यमंत्री की नाक के नीचे सचिवालय में कथित स्वास्थ्य घोटाला , सेनेटाईजर घोटाला और बिलासपुर में पी पी ई किटों की जगह रैन कोट खरीद घोटाला होता है, किन्तु मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता से क्षमा मांगने की जगह अपनी पीठ थपथपने और बड़ी ही बेशर्मी से अपने आपको पाक साफ बताने का असफल प्रयास करने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं उन्होने कहा कि कौन नहीं जानता कि भाजपा में दाल छितरों में बंट रही है ,क्यूँ कि उनकी अपनी कुर्सी पर गिद्द की तरह कई भाजपा नेताओं की टेढ़ी नजर गढ़ी हुई है और पता नहीं कब उनका पत्ता कट जाये ,इसलिए वे अपनी कुर्सी बचाने के लिए हर कथित अपराधी को बेगुनाह बताने के प्रयास कर रहे हैं ताकि उनके नेत्रत्व में चल रही सरकार को कथित पाक साफ दामन बताया जा सके। बंबर ठाकुर ने कहा कि भारत देश कोरोना मुक्त था, किन्तु ट्रम्प के दौरे को सफल बनाने के चक्र में लाक डाउन लगाने में दो माह की देरी की गई जबकि विदेशों से लाखों लोगों को जहाजों से भारत लाया गया ,जो देश के विभिन्न भागों में गए जिस कारण सब जगह कोरोना फैला | उन्होने कहा कि यदि समय रहते लाक डाउन लगाया होता और विदेशों से लाये जाने वाले हर व्यक्ति का कोरोना टेस्ट करने के बाद ही छोड़ा होता, तो भारत को इतनी बड़ी त्रासदी का सामना नहीं करना पड़ता , जिसके लिए केंद्र की भाजपा सरकार और प्रधान मंत्री दोषी हैं , किन्तु मुख्यमंत्री उसके लिए भी विरोधियों को ही दोषी ठहराएँगे। बंबर ठाकुर ने कहा कि पिछले 6 वर्षों में देश का भट्ठा बिठाने में भाजपा सरकारों ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार 55 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक के ऋण बोझ तले डूबी हुई है और अपने कर्मचारियों को वेतन देने तक के लाले पड़े हुए हैं ,किन्तु फिर भी जनता के धन की कथित लूट मचाने वालों को सजा दिलवाने की जगह क्लीन चिट दिये जाने के असफल प्रयास किए जा रहा है ,जिसे प्रदेश की जनता कतई तौर पर बरदास्त नहीं करेगी।
राष्ट्रीय उच्च मार्ग नेशनल हाइवे-205 शालाघाट-दाड़लाघाट-भराड़ीघाट सड़क में पिछले दिनों हुई टारिंग दोबारा सड़क पूर्वावस्था में आने से विभाग की पोल खुलती नजर आ रही है। एनएच द्वारा की गई टारिंग का दम कुछ दिनों में निकल गया। एनएच-205 पर जहां देखो वहां गड्ढे ही गड्ढे पड़ गए हैं। इन गड्ढों की हालत इतनी भयावह है कि इनसे बचकर चलते-चलते भी कई लोग बड़े हादसे का शिकार हो चुके हैं।ऐसा ही कई गड्ढे अम्बुजा चौक के साथ बीच मध्य में ऐसे बहुत से छोटे बड़े गड्ढे है जो कभी भी किसी हादसे का कारण बन सकते है। वही बस स्टैंड दाड़लाघाट में पड़ा एक गड्ढा ऐसे स्थान पर हर क्षण हादसों को न्योता दे रहा है जो कंस्वाला रोड़ का बिल्कुल टर्निंग प्वाइंट है। इस पॉइंट पर हर समय गाड़ियां इधर उधर जाते समय इस गड्ढे में जा फंसती है और जाम की स्थिति बन जाती है। हैरानी की बात तो यह है कि यह सब देख कर विभाग के अधिकारियों पर जब कोई असर नहीं हुआ तो यह देखकर स्थानीय निवासी रेम चन्द व समाजसेवक अनिल गुप्ता ने इन गड्ढों को देखा तो उनसे रहा नही गया ओर इनके साथ अम्बुजा चौक में ट्रैफिक व्यवस्था में तैनात कॉन्स्टेबल चद्रशेखर से भी रहा नही गया तो अनिल गुप्ता व रेम के साथ पुलिस कांस्टेबल चद्रशेखर ने भी इनका सहयोग करते हुए सड़क में गहरे गड्ढे को भरने निकल पड़े,इन्होंने दाड़लाघाट अम्बुजा चौक व बस अड्डे के पास सहित अन्य स्थानों पर पड़े खतरनाक गड्ढे को पथरों से भर दिया ताकि किसी वाहन या दोपहिया वाहन की दुर्घटना न हो सके।लोगो के अनुसार सरकार तो इस तरफ कोई ध्यान नही दे रही है,वही एक आम नागरिक व पुलिस जवान ने इस काम को अंजाम दिया जिसकी लोग प्रशंसा कर रहे हैं।
हाल ही में भारतीय प्रशासनिक सेवा कैडर में शामिल हुए अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से भेंट की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी। मुख्यमंत्री ने इन अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और आशा व्यक्त की कि वे राज्य के लोगों के कल्याण के लिए और अधिक लगन और निष्ठा से कार्य करेंगे। प्रतिनिधिमण्डल में मनमोहन शर्मा, राकेश शर्मा, रोहित जमवाल, अश्वनी शर्मा, डी.सी. राणा, अनुपम कश्यप, रूपाली ठाकुर, राम कुमार गौतम, प्रदीप ठाकुर और पंकज राय शामिल थे।
बिलासपुर जिले की झण्डूता तहसील के अन्तर्गत डाहड गांव में विस्फोट के जरिए एक गाय को घायल करने के मामले में बिलासपुर पुलिस ने आरोपी व्यक्ति नंद लाल को गिरफ्तार कर लिया है। उप पुलिस अधीक्षक ने घटना स्थल का दौरा किया और जांच के दौरान भारतीय दंड संहिता की धारा 429 और पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम की धारा-11 को भी इस मामले में जोड़ा गया। प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि डाहड पंचायत के उप प्रधान चन्द्रशेखर की शिकायत पर 25 मई, 2020 को इस मामले में पुलिस थाना झण्डूता में भारतीय दंड संहिता की धारा- 286 के अन्तर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अपनी शिकायत में चन्द्रशेखर ने बयान दिया था कि उक्त गाय के मालिक गुरदयाल सिंह ने उनकी जानकारी में लाया कि उसकी गर्भवती गाय घर के समीप घास चर रही थी और तभी उसने एक विस्फोट की आवाज सुनी। वह तुरंत घटना स्थल पर पहुंचा और पाया कि गाय का जबड़ा इस विस्फोट के कारण जख्मी हो गया। गुरदयाल ने इस घटना के लिए अपने पड़ोसी नंद लाल पर संदेह जताया है। इसके उपरांत, जांच अधिकारी घटना स्थल पर पहुंचे और गाय की चिकित्सीय जांच की गई। गाय का खून और जबड़े के कुछ हिस्सों को कब्जे में लिया गया और जांच के लिए फोरेंसिक प्रयोगशाला में भेजा गया। आरोपी नंद लाल और कुछ अन्य लोगों को इस मामले की जांच में जोड़ा गया है। गर्भवती गाय को चिकित्सीय सहायता प्रदान की गई और बाद में उसने एक बछड़े को जन्म दिया।
उपायुक्त डाॅ. ऋचा वर्मा ने जानकारी दी कि बीते शुक्रवार देर रात प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार निरमण्ड क्षेत्र की 8 माह की बच्ची कोरोना संक्रमित पाई गई है। इसी के साथ जिला में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर चार हो गई है जिनमें से तीन एक्टिव मामले हैं जबकि 29 वर्षीय नौजवान को स्वस्थ होने के उपरांत 30 मई को घर भेज दिया गया था। गत 31 मई को निरमण्ड के 65 वर्षीय व्यक्ति की रिपोर्ट पाॅजिटिव आई थी, यह बच्ची उन्हीं की पोती और प्राईमरी कन्टेक्ट है। गत 19 मई को यह परिवार दिल्ली से निरमण्ड क्षेत्र के तहत जाओं गांव आया था। पाॅजिटिव मामला आने के उपरांत गांव को पहले ही कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। हालांकि बच्ची में किसी प्रकार के लक्षण नहीं हैं। बच्ची पहले से ही आईसोलेशन में थी, इसलिए कोई अन्य लोग इसके सम्पर्क में नहीं आए हैं। उपायुक्त ने कहा कि जिला से वीरवार को कुल 45 सैंपल एकत्र किए गए थेे, जिनमें से 18 आईजीएमसी जबकि 27 मेडिकल काॅलेज नेर चैक जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें से 44 नेगेटिव और एक रिपोर्ट पाॅजिटिव आई है। उन्होंने कहा कि जिला से अभी तक कुल 1399 सैंपल भेजे जा चुके हैं जिनमें 1356 नेगेटिव जबकि चार पाॅजिटिव आए हैं। पिछले कल भेजे गए 39 सैंपलों की रिपोर्ट शनिवार देर सांय आने की संभावना है। उन्होंने बताया कि हाॅट-स्पाॅट से आने वाले व्यक्तियों के कुल 1103 सैंपल लिए गए हैं, जिनमें से 1061 की रिपोर्ट नेगेटिव जबकि तीन की पाॅजिटिव आई है तथा 39 की रिपोर्ट का इंतजार है। डाॅ. ऋचा वर्मा ने कहा कि जिला में 1199 व्यक्ति होम क्वारंटाइन पर हैं जबकि 6344 लोगों ने सफलतापूर्वक क्वारंटीन पूरा कर लिया है। 826 लोग संस्थागत क्वारंटीन पर हैं। जिला में अभी तक कुल 7543 लोग बाहरी क्षेत्रों से आए हैं।
शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सिविल अस्पताल फतेहपुर में 26 लोगों के व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 24 लोगो के सैम्पल लेकर कोविड 19 टैस्ट के लिए भेज दिए। बता दें गत करीब 3 दिन पूर्व फतेहपुर से 3 युवक कोरोना पोस्टिव पाए गए थे जिनमे एक युवक हाड़ा का था जो दिल्ली से हवाई जहाज के माध्यम से पहले अपने घर फिर संस्थागत कवारंटीन सैन्टर फतेहपुर में रहा था जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग को उसके परिवार वालों के भी सैम्पल लेने पड़े। वहीं पंचायत लुठियाल के गांव बढाल के युबक ने अपने आप को टैरेस स्थित संस्थागत सैंटर में अपने आप को क्वारंटाइन कर लिया लेकिन साथ रह रही अपनी पत्नी को उसके मायके जगनोली में छोड़ दिया। जिसके चलते उसकी पत्नी के भी सैम्पल लेकर जांच को भेजे गए हैं । वहीं तीसरा युवक गोलबां क्षेत्र का था जोकि पहले से ही फतेहपुर स्थित क्वारंटाइन सेंटर में रह रहा था। बीएमओ आरके मैहता ने बताया शनिवार को उपमंडल फतेहपुर से 50 लोगों के सैम्पल जांच के लिए भेजे हैं जिनकी रिपोर्ट रविवार तक आने की उम्मीद है।
पूर्व मंत्री व वर्तमान विधायक श्री नयना देवी जी राम लाल ठाकुर ने केंद्र की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि देश मे जब जब भी भाजपा की सरकारें बनी तब तब देश का किसान ठगा गया है। राम लाल ठाकुर ने कहा देश मे किसान सम्मान निधि के नाम से एक योजना शुरू की गई। उस योजना के अनुसार देश के हर किसान को वर्ष में 6000 रुपये तीन किस्तों में देने होते है। लेकिन इस योजना का जिस धड़ल्ले से दुरपयोग किया जा रहा है उससे देश का किसान ठगा सा महसूस कर रहा है। इस योजना को सिर्फ उन राज्यो में इस्तेमाल किया जाता है जिन राज्यों में भविष्य में चुनाव होने तय हो। पिछले वर्ष जब मई माह में देश मे लोकसभा के चुनाव थे तब फरवरी 2019 से लेकर अप्रैल 2019 तक किसानों के खातों में किसान सम्मान निधि का पैसा डाला जाता है। उसके बाद जब केंद्र की सरकार बन जाती है किसानों को इस किसान सम्मान निधि से वंचित रखा जाता है। उसके बाद जिन जिन राज्यों में चुनावों की घोषणा होती है तो उन उन राज्यों के किसानों के खातों में दो-दो हजार रुपये हस्तांतरित कर दिए जाते है उसके बाद किसानों को भगवान के भरोसे छोड़ जाता है। यह देश के किसानों के साथ भद्दा मजाक हो रहा। देशभर के करोड़ों किसानों को सिर्फ वोटों के लिए ठगने हेतु इस योजना को फायदे वाली योजना बता कर किसानों से छल किया जा रहा है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि अगर मैं हिमाचल प्रदेश के किसानों की बात करूँ तो इस किसान योजना पहली किस्त फरवरी 2019 में जारी की गई थी। किसान योजना दूसरी किस्त अप्रैल 2019 को जारी की गई थी जबकि मई महीने में लोकसभा के चुनाव थे। किसान योजना तीसरी किश्त अगस्त में जारी की जानी थी जो अभी तक भी जारी नहीं की गई है और किसान योजना चौथी किस्त जनवरी 2020 में जारी की जानी थी वह भी अभी तक नहीं आ सकी है और जबकि इस किसान योजना पाचवी किस्त अप्रैल, 2020 में जारी की जानी थी वह भी नहीं दी गई है तो अब तो किसान योजना छठी किस्त का भी समय हो चुका है उसको तो हिमाचल प्रदेश के किसान भूल ही जाए। राम लाल ठाकुर ने एक बार किसानो के मसले पर देश और प्रदेश की सरकार को चेताया कि किसानों से इस प्रकार की ठगी बंद कर देनी चाहिए। राम लाल ठाकुर ने कहा कि लॉक डाउन के समय अगर देश का किसान अगर मजबूती से नहीं खड़ा होता तो आज देश व प्रदेश में भुखमरी जैसे हालात होते। उन्होंने कहा कि यह देश मे देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवारलाल नेहरू की देन है जिन्होंने देश को हरित क्रांति जैसी योजनाएं देकर देश के अन्न भंडार भरे और देश के किसान को मजबूत करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इस मुददे पर अगर हम भूतकाल में झांके तो पता चलता है कि चाहे पूरे विश्व में हरित क्रांति के जनक के रुप में भले ही प्रोफेसर नारमन बोरलॉग को देखा जाता हो, लेकिन भारत में हरित क्रांति के जनक के रुप में एम एस स्वामीनाथन का ही नाम लिया जाता है। क्योंकि स्वामीनाथन ने तत्कालीन कृषि मंत्री सी सुब्रहण्यम के साथ मिलकर देश में हरित क्रांति लाने पर बल दिया था और देश के प्रथम प्रधानमंत्री मंत्री ने यह सोच पैदा की थी। आजादी से पहले ही पश्चिम बंगाल में भीषण अकाल पड़ा, जिसमें लाखों लोगों की मौत हो गई। 1947 में मिली आजादी के देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु ने भी कृषि क्षेत्र पर ही जोर तो दिया था, लेकिन वर्तमान की सरकारों ने पूर्व की सरकारों से सीखना तो दूर पर किसानों को किसान सम्मान निधि योजना बना कर ठगना जरूर शुरू कर दिया है।
करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष पीयूष चंदेल ने बिलासपुर जिला करणी सेना कार्य कारिणी की घोषणा करते हुए प्यार सिंह को जिला संयोजक, मुंशी राम ठाकुर बिलासपुर, आशोंक सोनी नैना देवी, अंशुल शर्मा बिलासपुर और अशोक ठाकुर झंडूता सभी को जिला उपाध्यक्ष, कुलदीप ठाकुर बिलासपुर और जगदीश ठाकुर नैना देवी को जिला महामंत्री, गंगाराम नैना देवी, विजय चंदेल घुमारवीं, संजीव ढिल्लों बिलासपुर, मोनु शर्मा बिलासपुर और अनिल कुमार नैना देवी को जिला महामंत्री, नोपाल गुप्ता बिलासपुर को जिला कोषाध्यक्ष, देवेन्द्र पाल बिलासपुर, सुरेश शर्मा झंडूता और अजय कुमार घुमारवीं को जिला सह -कोशाध्यक्ष, परमजीत सिंह नैना देवी को जिला आई टी सेल संयोजक, राजेश कुमार घुमारवीं और तनुज सोनी बिलासपुर को जिला मीडिया प्रबन्धक, बौबी चंदेल घुमारवीं को युवा शक्ति जिला अध्यक्ष, पंकज वर्मा बिलासपुर को अधिवक्ता शक्ति जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पीयूष चंदेल ने कहा कि 35 सदस्यों की कार्यकारिणी में देवेन्द्र ठाकुर, आशीष जगोता, राम लाल, राजकुमार, वीरेंद्र करवाल, शिव कुमार , देश राज, मनोजकुमार, सुरेन्द्र कुमार, शम्मी कुमार, पवन शर्मा, अमित बनयाल, मुकेश कुमार, प्रवीण मराठा, अनिल कुमार, चन्दन कुमार चंदेल, धर्मेन्द्र ठाकुर, विपिन राणा, विनोद शर्मा, निखिल चौहान, सुमन कुमार, अशोक चौहान, विवेक नरियाल, शुभम शर्मा, विक्रांत शर्मा, उमेश जमवाल, सुरेन्द्र कुमार, नरेश ठाकुर, हर्ष चंदेल, अमरनाथ, संजीव कुमार गीता राम, बलदेव कुमार, कंचन शर्मा, गगन कुमार और अभिषेक शर्मा को शामिल किया गया है। पीयूष चंदेल ने कहा कि करणी सेवा के सभी सदस्यों के सहयोग से निस्वार्थ भाव से जनसेवा करने और लोगों की समस्याओं को कम करने के भरपूर प्रयास किए जाएँगे।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धुन्दन ने ऑनलाइन विश्व पर्यावरण दिवस मनाया। इस जागरूकता अभियान में एनएसएस और इको क्लब यूनिट के स्वयंसेवकों ने भाग लिया। एनएसएस स्वयंसेवियो ने नारा लेखन चित्रकला प्रतियोगिता के माध्यम से अपने अपने गांव में लोगों को जागरूक करने की कोशिश की। स्वयंसेवियों ने अपने ही घर में पौधे लगाकर जागरूकता जागरूकता का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने चित्रकला, पोस्टर मेकिंग और नारा लेखन प्रतियोगिता में भाग लेकर व्हाट्सएप के माध्यम से अपनी अपनी कृति विद्यालय के प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर को प्रेषित की। कोरोना वायरस के चलते स्वयंसेवियो ने अपने अपने घर से ही पर्यावरण का अलख जलाया और पर्यावरण के संरक्षण हेतु ऑनलाइन ही शपथ भी ग्रहण की।
पुलिस थाना दाड़लाघाट के अंतर्गत एक व्यक्ति व अन्य ग्रामवासियों की शिकायत पर दो व्यक्तियों के खिलाफ पशु क्रूरता का मामला दर्ज किया है। कृष्ण चन्द पुत्र स्व देवी राम, गांव कांगरी, डा सेवड़ा चंडी व अन्य ग्रामवासियों की शिकायत पर यह मामला दर्ज हुआ है। पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि ग्राम कांगरी, परयाव, सोहरा व फलोदन के सभी ग्रामवासियो ने बार-बार सरकार को लिखित रूप से सूचित कर चुके है परन्तु आज तक कोई भी कार्यवाही नही की गई। 05 जून शुक्रवार को गांव कांगरी के नजदीक दो गाड़ियां एचपी-11-6748 व एचपी-62B-2135 जिसमें गाय व उनके छोटे-2 बछड़े कुल 17 पशु ठुस-ठुस कर भर रखे थे को भरत भुषण पुत्र लक्ष्मीचन्द, ग्राम पछिवर व उसकी पत्नी रेखा शर्मा कांगरी लेकर आए व ग्रामवासियों ने इन दोनो को कांगरी में रोका व स्थानीय थाना को सूचित किया गया। इनके गांव में कही पर भी कोई भी गौशाला नहीं है। मस्त राम ने पैसा कमाने का धन्धा बना रखा है व पैसे लेकर गायों को मरने के लिए छोड़ देता है।इससे रोज ग्रामीणों को बहुत समस्यों का सामना करना पड़ता है। इसमें कार्यवाही करके ग्रामवासियों को न्याय दिलाने की कृपा करें। पुलिस ने कृष्ण चंद व अन्य ग्रामवासियों की शिकायत पर दो व्यक्तियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर करवाई शुरू कर दी है। मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी दाड़लाघाट प्रताप सिंह ठाकुर ने बताया कि शिकायत पत्र पर कार्यवाही करते हुए पशु क्रूरता अधिनियम 11 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अर्की के गावँ लादी के हिमाचल पथ परिवहन निगम के पुर्व क्षेत्रीय परिवहन प्रबंधक भूप चन्द अत्रि का गत दिनों हृदय गती रुक जाने के कारण निधन हुआ था। शनिवार को हिमाचल परिवहन सेवा निवृत्त कल्याण मंच के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष बृजलाल ठाकुर, उपाध्यक्ष हंस राज, सचिव रामस्वरुप चौधरी, बिलासपुर के जिला अध्यक्ष प्रेमलाल ठाकुर, अर्की इकाई के अध्यक्ष बलबीर चौधरी, प्रेम लाल चौधरी, रघु नाथ, जय किशन, सुरेन्दर सिंह, कुलदीप ठाकुर, नंद लाल, किशोरी लाल, भवानी शंकर, सन्त राम, खादी बोर्ड के पुर्व सचिव अमर सिंह ठाकुर, भारतीय राज्य पैन्शनर महा संघ के प्रदेश महा सचिव इन्दर पाल शर्मा, भाजपा के जिला सचिव सुरेश जोशी ने उनके घर जाकर शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी तथा दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। बृजलाल ठाकुर ने बताया कि अत्रि प्रदेश कल्याण संघ के प्रदेश अतिरिक्त महा सचिव तथा मीडिया प्रभारी भी थे। अर्की इकाई की वेल्फेयर कमेटी ने अपनी ओर से शोकाकुल परिवार को 5000 रूपये की सहायता राशि प्रदान की।
कांग्रेस सोशल मीडिया के चेयरमैन अभिषेक राणा ने कहा है कि छोटे मुंह बड़ी बात करना मर्यादा के खिलाफ है, लेकिन सियासी धर्म को समझें तो प्रदेश सरकार में बेखौफ चले भ्रष्टाचार ने न केवल प्रदेश को कलंकित किया है बल्कि प्रदेश को शर्मसार करके रख दिया है। विश्व की सबसे बड़ी त्रासदी कोरोना संकट के बीच इस भ्रष्टाचार का बदस्तूर चलना सरकार की नाकामी को भी इंगित करता है और अब प्रदेश की जनता को हैरानी इस बात की हो रही है कि नैतिकता व भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बातें करने वाली बीजेपी सरकार में इस्तीफा संगठन के मुखिया का हो रहा है, जबकि सरकार चलाने का जिम्मा मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों का है, इस नाते भ्रष्टाचार की सीधी जिम्मेदारी व जवाबदेही भी सरकार की ही बनती है, लेकिन जुमलों-शगुफों की सियासत करने वाली सरकार ने अब जनता का भ्रष्टाचार के मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए पार्टी मुखिया का इस्तीफा दिलवाकर प्रदेश में नई सियासत शुरू कर दी है। हेल्थ विभाग जिसमें तीन-तीन डायरेक्टरों पर भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं। भ्रष्टाचार को रोकने में नाकाम हेल्थ मिनिस्टर का इस्तीफा तक हो चुका है। अब महामारी के दौर में उसी विभाग में नित नए भ्रष्टाचार के रिकॉर्ड बन रहे हैं, जिसकी सीधी जिम्मेदारी सरकार पर आनी वाजिब है। ऐसे में संगठन के मुखिया के त्याग पत्र का न कोई तर्क है, न तुक है। अभिषेक ने कहा कि अगर नैतिकता के आधार पर ही सरकार को भ्रष्टाचार की जिम्मेदारी स्वीकारनी है तो इस्तीफा फिर उनका जरूरी है, जिनके विभाग में यह बेखौफ भ्रष्टाचार हुआ है। बेशक राजनीति के लिए राजनीति जरूरी है लेकिन प्रदेश की जनता के हितों व स्वास्थ्य सुरक्षा के नाम पर खिलवाड़ हरगिज सहन नहीं होगा।
राज्य सरकार ने इच्छुक बेरोजगार ग्रामीणों को मनरेगा के अंतर्गत अपनी भूमि में कार्य करने की स्वीकृति प्रदान की है। ये कार्य ग्राम सभा द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं की शेल्फ में शामिल न होने पर भी किए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान 260 लाख कार्य दिवसों का सृजन कर कुल 859 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय की गई जबकि इस वित्त वर्ष अभी तक मनरेगा के अंतर्गत 54 करोड़ रुपये खर्च करके 22 लाख कार्य दिवस सृजित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग ने भी मनरेगा के अंतर्गत बनी लोक निर्माण विभाग की सड़कों और जल शक्ति विभाग की ट्रेंचिज के रख-रखाव के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मनरेगा कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित बनाने के लिए विभाग ने सिक्योर साॅफ्टवेयर लागू किया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत शत-प्रतिशत कार्य सीधे हंस्तातरण (डीबीटी) के माध्यम किया जा रहा है। कार्य स्थल पर मनरेगा कार्यकर्ताओं को घर में निर्मित फेस कवर, साबुन और जल आदि प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भवन और अन्य सन्निर्माण कल्याण बोर्ड के अंतर्गत पंजीकृत 12,835 मनरेगा कार्यकर्ताओं ने 90 दिन का कार्य पूर्ण किया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि विभाग ने मनरेगा के तहत हुए कार्याें में गुणवत्ता सुधार के लिए एक गुणवत्ता नियंत्रण प्रकोष्ठ (सेल) स्थापित किया है। प्रदेश के छः जिलों- बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मण्डी, शिमला और सोलन में लोकपाल नियुक्त किए गए हैं तथा बचे शेष ज़िलों में शीघ्र ही लोकपाल कि नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 610 भवनों का निर्माण किया गया जबकि वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान गरीबों की सुविधा के लिए 998 भवनों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विभिन्न आवास योजनाओं के अंतर्गत गृह निर्माण के कार्य में गुणवत्ता व सुधार लाने के लिए विभाग इच्छुक ग्रामीण राज-मिस्त्रियों को प्रशिक्षित करने की भी योजना बना रहा है। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में राष्ट्रीय ग्रामीण मिशन और मनरेगा के अभिसरण से मुख्यमंत्री एक बीघा योजना आरंभ की है। अभी तक 2000 महिला स्वयं सहायता समूहों ने इस योजना के अंतर्गत आवेदन किया है। सरकार ग्रामीण गरीबों को न्यूनतम वेतन से अधिक देने के लिए औपचारिक क्षेत्र में कौशल और रोज़गार प्रदान करने पर विशेष बल दे रही है। उन्होंने कहा कि उन्नति परियोजना के अंतर्गत युवाओं को नए ट्रेड जैसे- फैशन डिजाइनिंग, सहायक हेयर-स्टाइलिस्ट, मल्टी-स्किल तकनीशियन, डेयरी प्रोसेसिंग उपकरणों आदि में प्रशिक्षित करने के लिए लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के अंतर्गत एक विशेष पहल की है तथा जल शक्ति विभाग को मण्डी ज़िला के थुनाग, धर्मपुर और जंजैहली और ऊना ज़िला के बंगाणा में पायलट आधार पर मल-संयंत्र स्थापित करने के लिए 23.70 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। सड़कों के किनारे सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए शिमला, सोलन, सिरमौर और ऊना जिलों के लिए एक-एक करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत की गई है। पंचायतों के समावेशी स्थानीय शासन की क्षमताओं में वृद्धि पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उपलब्ध संसाधनों और अभिसरण योजनाओं के अधिकतम उपयोग के प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचायतों को भी अपने राजस्व संसाधनों को बढ़ाने के प्रयास करने चाहिए। ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने कहा कि विभिन्न तकनीकी स्वीकृतियों में विलंब रोकने के लिए प्रभावी तंत्र बनाने की आवश्सकता है ताकि कार्य शीघ्र आरंभ हो सकें। उन्होेंने कहा कि हिमाचल प्रदेश मनरेगा के अंतर्गत 100 दिनों की सीमा को 120 दिनों तक करने में अग्रणी राज्य रहा है। ग्रामिण विकास और पंचायती राज विभाग के सचिव डाॅ. सदीप भटनागर ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। निदेशक ग्रामीण विकास और पंचायती राज ललित जैन ने विभाग की विभिन्न गतिविधियों की प्रस्तुति दी। मुख्य सचिव अनिल खाची, प्रधान सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
सोलन जिला में भारत सरकार के उपक्रम भारत पेट्रोलियम काॅरपोरेशन लिमिटिड(बीपीसीएल) के विभिन्न पेट्रोल पम्पों पर बैकिंग सुविधाएं आरम्भ की गई हैं। यह जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त सोलन विवेक चंदेल ने दी। विवेक चंदेल ने कहा कि बीपीसीएल द्वारा बैंक सम्बन्धित विभिन्न सुविधाएं आरम्भ किए जाने से ऐसे क्षेत्रों में लोगों को सहुलियत मिलनी आरम्भ हुई है जहां एटीएम इत्यादि कम हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बीपीसीएल के 06 पेट्रोल पम्पों के माध्यम से लोगों को यह सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि बीपीसीएल के इन 06 पेट्रोल पम्पों से एटीएम कार्ड आधारित नकद निकासी की सुविधा, आधारयुक्त नकद निकासी एवं जमा करने की सुविधा, बचत एवं चालू खाता खोलने की सुविधा, नकद प्रबन्धन सेवा, धन हस्तांतरण की सुविधा, विभिन्न बिल भुगतान करने की सुविधा तथा टाॅपअप रिचार्ज करने की सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि सोलन जिला में वर्तमान में नालागढ़ उपमण्डल के बद्दी स्थित श्रीराम पेट्रोलियम, नालागढ़-भरतगढ़ मार्ग पर स्थित कृष्णा फिलिंग स्टेशन, अर्की उपमण्डल में छामला-चमाकड़ी पुल मार्ग पर राॅयल पेट्रो, नालागढ़ उपमण्डल में अन्नपूर्णा होटल के समीप नीलकण्ठ फिलिंग स्टेशन, बद्दी के किशनपुरा में महालक्ष्मी फिलिंग स्टेशन तथा बरोटीवाला-हरिपुर मार्ग पर जय माता फिलिंग स्टेशन पेट्रोल पम्प पर उक्त सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने लोगांे से आग्रह किया कि पेट्रोल पम्प पर स्थापित इन सुविधाओं का लाभ उठाएं।
बिलासपुर नगर के मुख्य बाजार की नन्हीं बेटी ने लाॅक डाउन का भरपूर फायदा उठाया है। हालांकि आन लाइन पढ़ाई से बच्चे प्रसन्न नहीं है लेकिन इस मजबूरी में खुशी का रास्ता स्वयं ही निकाल लेते हैं। डीएवी स्कूल में आठवी की छात्रा अन्वेषा जितनी चुलबुली है उतने ही उसके काम भी अनोखे हैं। लाॅकडाउन में इस बेटी ने कई चित्रों को अपने दिमाग में उताकर मूर्त रूप देने का प्रयास किया जो काफी हद तक सार्थक भी हुए हैं। इसमें खास बात यह है कि अन्वेषा ने कम से कम रंगों का प्रयोग कर सुंदर आकृतियों को बनाने की ठानी हैं। अन्वेषा का कहना है कि कम रंगों का प्रयोग करने से तथा आपसी मिश्रण से जहां नए रंग का बोध होता हैं वहीं कम रंगों से नया रंग बनाकर नया प्रयोग किया जाता है। अभी उन्होंने भगवान श्री कृष्ण का चित्र बनाकर सभी को आष्चर्यचकित किया है वहीं प्राकृतिक छटा से सराबोर सीनरी को भी अपने रंगों से ढाला है। अन्वेशा ने बताया कि लाॅकडाउन और कर्फयू के दौरान लोगों ने घरों में बोर होने की बातें कहीं, लेकिन जिस फोन सेट पर वे इस प्रकार की बातें लिख रहे थे तो इसी से वे कुछ और भी सीखकर कुछ नया कर सकते थे। अन्वेषा ने बताया कि उन्होंने पेंटिग्स बनाना सीखा वहीं नृत्य और अभिनय को भी शौक बनाया तथा इस प्रयोग में वह काफी हद तक सफल भी रहीं। इन कलाकृतियों को तैयार करने में अन्वेशा ने किसी की मदद नहीं ली है। गौर हो कि अन्वेषा की माता रीना महाजन और पिता राजेश महाजन बेटी की प्रतिभा को निखारने के लिए पूरी मदद करते हैं। व्यवसायी राजेश महाजन स्कूल व कालेज समय जहां हाॅकी के उत्कृष्ट खिलाड़ी थे वहीं अभिनय में इनकी खासी पैठ थी।
शिक्षा, विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के योजनाबद्ध विकास के लिए कृतसंकल्प है और यह सुनिश्चित बनाया जा रहा है कि लोगों को उनके घर-द्वार के समीप ही विभिन्न सुविधाएं प्राप्त हों। सुरेश भारद्वाज सोलन जिला के कण्डाघाट में हिमाचल प्रदेश नगर नियोजन अधिनियम के लिए गठित मंत्रीमंडलीय उपसमिति द्वारा आयोजित जन सुनवाई की अध्यक्षता कर रहे थे। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का योजनाबद्ध विकास ग्राम एवं नगर योजना के अन्तर्गत नियमानुसार किया जाता है। प्रदेश सरकार को राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राम एवं नगर नियोजन अधिनियम के दायरे से ग्राम पंचायतों एवं क्षेत्रों को बाहर करने के सम्बन्ध में आवेदन प्राप्त हुए हैं। प्रदेश सरकार ने इन सभी आवेदनों पर नियमानुसार विचार करने और प्रदेश तथा जनहित में इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए मंत्रीमंडलीय उपसमिति का गठन किया। विधि मंत्री ने कहा कि समिति इस सम्बन्ध में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों से प्रत्यक्ष संवाद कर रही है ताकि मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत रिपोर्ट में जनभावनाओं एवं उचित आपत्तियों का समाधान समाहित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में उपसमिति की रिपोर्ट पर पूर्ण विचार के उपरान्त मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल द्वारा उचित निर्णय लिया जाएगा। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि लोगों द्वारा प्रस्तुत आवेदनों से यह ज्ञात हुआ है कि विभिन्न क्षेत्रों को नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम के दायरे में सम्मिलत किए जाने से लोगों को कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मंत्रीमंडलीय उपसमिति यह सुनिश्चित बनाएगी कि योजनाबद्ध विकास के साथ-साथ लोगों की समस्याओं का समाधान भी हो। उन्होंने जन सुनवाई के लिए उपस्थित विभिन्न ग्राम पंचायतों एवं अन्य प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार द्वारा इस सम्बन्ध में नियमानुसार उचित निर्णय लिया जाएगा। नगर एवं ग्राम योजनाकार सोलन लीला श्याम ने इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि वाकनाघाट योजना क्षेत्र से ग्राम पंचायत वाकनाघाट, छावशा तथा पौधना, कण्डाघाट क्षेत्र से ग्राम पंचायत कण्डाघाट, चायल क्षेत्र से ग्राम पंचायत चायल, हिन्नर क्षेत्र से ग्राम पंचायत बांजनी, सोलन क्षेत्र से ग्राम पंचायत आंजी, ग्राम पंचायत सलोगड़ा, बड़ोग विशेष क्षेत्र से ग्राम पंचायत चेवा तथा ग्राम पंचायत धर्मपुर, कसौली योजना क्षेत्र से ग्राम पंचायत गांगुड़ी, कसौली गढ़खल, जाबली, गुल्हाड़ी, धर्मपुर, चामियां तथा जंगेशु से विभिन्न क्षेत्रों को नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम, 1977 के दायरे से बाहर करने के सम्बन्ध में आवेदन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन आवेदनों को उचित स्तर पर प्रेषित किया गया है। उन्होंने इन विभिन्न क्षेत्रों में नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम से प्राप्त छूट के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर सोलन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार रहे डाॅ. राजेश कश्यप ने लोगों को नगर एवं ग्राम नियेाजन अधिनियम के कारण आ रही समस्याओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छूट प्राप्त होने के उपरान्त भी विभिन्न विभाग निर्माण आदि कार्यों के लिए नगर एवं ग्राम नियोजन द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र की मांग करते हैं। दुग्ध पशु सुधार सभा सोलन के अध्यक्ष रविंद्र परिहार, भाजपा मण्डल सोलन के अध्यक्ष मदन ठाकुर, कृषि विपणन समिति सोलन के सदस्य किशन वर्मा, ग्राम पंचायत सिरीनगर के उप प्रधान मुनीष सूद, ग्राम पंचायत बांजनी के प्रधान प्रेम सिंह सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने अपनी अनापत्तियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उपमंडलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. संजीव धीमान ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी तथा विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर की अगुवाई में बिलासपुर युवा कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग में हुए घोटाले को लेकर ज़िलाधीश कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया इस मौके पर युवाओं के प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर गुबार निकाला, धरना प्रदर्शन के बाद युवा कांग्रेस ने जिलाधीश बिलासपुर के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन के माध्यम से युवा कांग्रेस ने राज्यपाल से मांग है कि उक्त घोटाले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और इस घोटाले की जांच उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश से करवाई जाए। इस मौके पर ज्ञापन के माध्यम से बिलासपुर युवा कांग्रेस ने बताया कि पिछले दिनों इस घोटाले में एक ऑडियो वायरल हुआ था जिसमे स्वास्थ्य विभाग का निदेशक अजय गुप्ता और भाजपा समर्थित पार्टी का एक नेता शामिल था, उस मामले पर कार्यवाही करते हुए माननीय उच्च न्यायालय ने अजय गुप्ता को 5 दिन के रिमांड पर भेजा था, उक्त मामले के तार भाजपा के बड़े नेताओं के साथ जुड़े हुए है जिसको देखते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल ने इस्तीफा दे दिया था। आशीष ठाकुर ने प्रदेश सरकार से पूछा है कि जब सरकार का स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा आज के समय मे मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के पास है तो इस मामले में प्रदेशाध्यक्ष की जगह नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री का इस्तीफा बनता है, पर समझ से परे है कि आज तक मुख्यमंत्री ने क्यों नही इस्तीफा दिया। आशीष ठाकुर ने कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी में प्रदेश की भोली भाली जनता ने अपने सामर्थ्य के हिसाब से मुख्यमंत्री राहत कोष में अनुदान दिया और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और नेताओं ने जो ये घोटाला किया उससे देवभूमि हिमाचल की छवि को शर्मसार कर दिया है। आशीष ठाकुर ने कहा कि बिलासपुर जिले के स्वास्थ्य विभाग में भी पीपीई किट्स के नाम पर घोटाला हुआ है जिसका जांच अधिकारी एडीएम बिलासपुर को नियुक्त किया गया है पर आज लगभग एक महीने का समय पूरा होने के बाबजूद भी जांच को सार्वजनिक नही किया गया है जिससे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और जनता में भारी रोष है। युवा नेता ने एडीएम महोदय से मांग की है कि जल्द से जल्द उक्त मामले की जांच पूरी की जाए और मामले में संलिप्त दोषियों को सजा का प्रावधान करवाया जाए। इस मौके पर प्रदेश सचिव युवा कांग्रेस सूधीर सुमन, प्रदेश सचिव युवा कांग्रेस रजनीश मेहता, प्रदेश सचिव अब्दुल खालिद, लोकसभा सचिव वीरेंद्र सन्धु, झंडूता युवा कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश नेगी, घुमारवीं अध्यक्ष सचिन चन्देल, सोशल मीडिया संयोजक ज्वाला चौहान, अधिवक्ता अनुराग पंडित, जिला एनएसयूआई अध्यक्ष अरविंद कालिया, सर्वेश उपमन्यु, नरेश कुमार, कमल किशोर, आसिफ, पंकज, संदीप, सुरेंद्र गोल्डी, इमरान, संतोष कुमार, अमन गौतम, आशीष सुमन, मनीष, शिवांक, राहिल व अन्य युवा उपस्थित रहे।


















































