जिला दंडाधिकारी राजेश्वर गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला में 1 जून से आगामी आदेशों तक कर्फ्यू जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि इस दौरान निम्नलिखित छूटे प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि कर्फ्यू में प्रातः 6 बजे से रात्रि 8 बजे तक 14 घंटे की छूट प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि कार्मिक विभाग हिमाचल प्रदेश के आदेशानुसार हिमाचल प्रदेश सरकार के अधीन कार्यरत सभी कार्यालय पूरे स्टाॅफ सहित 1 जून से शत-प्रतिशत उपस्थिति के साथ खुलेंगे। उन्होंने बताया कि यह आदेश शिक्षण संस्थानों में लागू नहीं होंगे। उन्होंने बताया कि जिला के भीतर और एक जिला से दूसरे जिला में कर्फ्यू छूट के दौरान आवाजाही के लिए पास की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने बताया कि दूसरे राज्यों से प्रदेश के भीतर आने के लिए जिला दंडाधिकारी से कर्फ्यू पास लेना अनिवार्य होगा परंतु प्रदेश से बाहरी राज्य में जाने के लिए कर्फ्यू पास की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने बताया कि कर्फ्यू के दौरान राज्य के भीतर सरकारी और निजी बसें टैक्सी ऑटो प्रातः 7 से शाम 7 बजे तक चलाने की अनुमति प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि पहली जून से बिलासपुर में 30 रूटों पर एच.आर.टी.सी. की बसें चलना शुरू हो गई है। उन्होंने बताया कि धार्मिक स्थान होटल,रेस्टोरेंट व ढाबा खोलने के लिए 8 जून के बाद जब भी संबंधित विभाग एस.ओ.पी. जारी करेंगे उसके उपरांत ही खोलने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यह जितनी भी छूटे हैं उसमें कोविड-19 मैनेजमेंट के नेशनल डायरेक्टिव दिशा निर्देशों की अनुपालना करना अनिवार्य होगा जिसमें मास्क पहनना सोशल डिस्टेंसिंग अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि कंटेनमेंट जोन में सिर्फ आवश्यक सेवाओं के लिए अनुमति होगी और उपरोक्त छूटे जब तक कंटेनमेंट अवधि लागू है तब तक नहीं मिलेगी। उन्होंने बताया कि रैड जोन से जो लोग आएंगे। उन्हें संस्थागत क्वारंटाईन में रखा जाएगा और ग्रीन और ओरेंज जोन से आने।वाले लोगों को होम क्वारंटाईन में रखा जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की अफवाहों पर विश्वास न करें और न ही भयभीत हो। उन्होंने जिला के सभी नागरिकों से उचित सामाजिक दूरी की अनुपालना करने तथा मास्क पहनने, बार-बार हाथ धोने का आग्रह किया ताकि संक्रमण से बचा जा सके।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने कोविड-19 के दृष्टिगत दुकान एवं अन्य व्यापारिक संस्थान खोलने के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। इन आदशों के अनुसार जिला सोलन में नगर परिषद क्षेत्र अथवा ग्रामीण क्षेत्र या कैन्ट बोर्ड क्षेत्र में सभी दुकानें एवं व्यापारिक संस्थान हिमाचल प्रदेश दुकान एवं व्यापारिक संस्थान अधिनियम-1969 के अनुरूप अपने सामान्य समय पर खुले रहेंगे। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि ऐसी दुकानें एवं व्यापारिक संस्थान पूर्व प्रचलन के अनुसार सप्ताह में एक दिन बंद रहेंगे। व्यायामशालाएं, पूल टेबल, खेल परिसर, तरणताल, सिनेमा हाॅल, मनोरंजन पार्क, सम्मेलन कक्ष एवं अन्य ऐसे स्थान पूर्व की भांति बंद रहेंगे। मन्दिर तथ पूजा स्थल के सम्बन्ध में आदेश भाषा एवं कला संस्कृति विभाग से मानक परिचालन प्रक्रिया मिलने के उपरान्त जारी किए जाएंगे। रेस्तरां तथा होटलों में बैठकर भोजन करने की सुविधा के सम्बन्ध में आदेश पर्यटन विभाग से मानक परिचालक प्रक्रिया मिलने के उपरान्त जारी किए जाएंगे। इन आदेशों में कोविड-19 प्रबन्धन के तहत राष्ट्रीय स्तर पर जारी निर्देशों की जानकारी भी दी गई है। राष्ट्रीय निर्देशों के अनुसार कार्य स्थल, सार्वजनिक स्थानों एवं परिवहन के दौरान मास्क पहनना अनिवार्य है। सार्वजनिक स्थानों पर 02 व्यक्तियों के मध्य 06 फुट अर्थात 02 गज की दूरी होनी चाहिए। बड़ी जनसभाएं एवं समारोह प्रतिबन्धित हैं। विवाह समारोह में 50 तथा अन्तिम यात्रा में 20 से अधिक व्यक्ति नहीं होने चाहिएं। सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर नियमानुसार जुर्माना वसूला जाएगा। सार्वजनिक स्थानों पर मदिरा पान करना, पान, गुटखा एवं तम्बाकू का सेवन प्रतिबन्धित हैं। सभी कार्यालयों एवं व्यापारिक संस्थानों के प्रवेश एवं निकासी द्वार तथा आम स्थानों पर थर्मल स्कैनिंग, हैंडवाॅश तथा सेनिटाइजर की व्यवस्था की जाएगी। कार्यस्थलों, सामान्य सुविधाओं एवं नियमित स्पर्श में आने वाले स्थानों को निर्धारित अंतराल पर सेनिटाइज किया जाएगा। कार्यस्थलों पर कर्मियों एवं कामगारों के मध्य सोशल डिस्टेन्सिग की अनुपालना की जाएगी। जिला के सभी उपमण्डलाधिकारी, कार्यकारी दण्डाधिकारी तथा पुलिस कर्मी यह सुनिश्चित बनाएंगे कि प्रत्येक व्यक्ति ने सार्वजनिक स्थान, कार्यस्थल पर मास्क पहना हो, सोशल डिस्टेन्सिग का पालन किया जा रहा हो और कोविड-19 प्रबन्धन के दृष्टिगत स्थापित अन्य नियमो की पालना हो। इन आदेशो की अवहेलना पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 एवं अन्य उपयुक्त नियमों के अनुरूप कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह आदेश प्रथम जून 2020 से प्रभावी हो गए हैं तथा आगामी आदेशों तक लागू रहेंगे।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने कोविड-19 के दृष्टिगत सार्वजनिक परिवहन एवं वाहनों की आवाजाही के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार टैक्सी के अन्तरराज्यीय आवागमन के लिए जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी ऑनलाइन वैध प्रवेश पत्र अथवा ई-कोविड पास अनिवार्य होगा। सार्वजनिक परिवहन के तहत बसों,निजी वाहनों, टैक्सी तथा ऑटो,रिक्शा की प्रदेश के भीतर अन्तर जिला आवाजाही के लिए प्रवेश पत्र की आवश्यकता नहीं होगी। इसके लिए आवश्यक शर्तों की अनुपालना अनिवार्य होगी। प्रदेश पथ परिवहन निगम तथा निजी बसों, स्टेज कैरियेज वाहनों में कुल क्षमता के 60 प्रतिशत यात्री ही बिठाए जा सकेंगे। सार्वजनिक परिवहन, टैक्सी तथा निजी वाहनों को प्रातः 6.00 बजे से रात्रि 8.00 बजे तक आवागमन की अनुमति होगी। उपरोक्त सभी वाहनों में सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करना होगा और निर्धारित क्षमता ही यात्री बिठाए जा सकेंगे। सभी यात्रियों को वाहन में चढ़ने से लेकर उतरने तक मास्क पहनना अनिवार्य होगा। फ्लू जैसी बीमारी के लक्षणों के सम्बन्ध में चालक एवं अन्य यात्री स्वयं अनुश्रवण करेंगे और लक्षण पाए जाने पर समीप के स्वास्थ्य संस्थान को सूचित करेंगे। सभी वाहनों एवं अन्य आवश्यक स्थानों को नियमित सेनिटाइज करना होगा। चालक एवं यात्रियों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी सुरक्षा मानकों को मानना होगा। यात्रियों को वाहन पूल करने अथवा शेयर करने की अनुमति नहीं होगी। वाहनों में चालक तथा यात्रियों के लिए हैण्ड सेनिटाइजर उपलब्ध करवाना अनिवार्य होगा। कुल 04 की क्षमता वाले ऑटो रिक्शा तथा ई-रिक्शा में चालक के अतिरिक्त 02 यात्री, कुल 05 की क्षमता वाले ऑटो, रिक्शा तथा ई-रिक्शा में चालक के अतिरिक्त 02 यात्री, कुल 05 की क्षमता वाली टैक्सी में चालक के अतिरिक्त 03 यात्री, कुल 07 की क्षमता वाली मोटर कैब में चालक के अतिरिक्त 04 यात्री, कुल 08 की क्षमता वाली मैक्सी कैब में चालक के अतिरिक्त 05 यात्री, कुल 10 की क्षमता वाली मैक्सी कैब में चालक के अतिरिक्त 06 यात्री तथा कुल 13 की क्षमता वाली मैक्सी कैब में चालक के अतिरिक्त 07 यात्री बिठाने की अनुमति प्रदान की गई है। यह आदेश पूरे सोलन जिला में लागू होंगे। आदेशों की अवहेलना पर राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005, मोटर वाहन अधिनियम 1988 के सम्बन्धित प्रावधानों तथा अन्य नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। ऑटो रिक्शा में पिछली सीट को एक्रिलिक शीट अथवा अन्य माध्यम से 02 भागों में बांटना आवश्यक होगा ताकि यात्रियों के मध्यम सोशल डिस्टेन्सिग बनी रहे। जिला के सभी उपमण्डलाधिकारी, कार्यकारी दण्डाधिकारी तथा पुलिस कर्मी यह सुनिश्चित बनाएंगे कि प्रत्येक व्यक्ति ने सार्वजनिक स्थान, कार्यस्थल पर मास्क पहना हों, सोशल डिस्टेन्सिग का पालन किया जा रहा हो और कोविड-19 प्रबन्धन के दृष्टिगत स्थापित अन्य नियमो की पालना हो। यह आदेश प्रथम जून 2020 से प्रभावी हो गए हैं तथा आगामी आदेशों तक लागू रहेंगे।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन द्वारा कोविड-19 के दृष्टिगत जारी आदेशों के अनुसार सोलन जिला में आपराधिक दण्ड संहिता 144 की धारा के प्रावधान (कफ्र्यू) लागू रहेंगे। इन आदेशों के अनुसार जिला में आवश्यक गतिविधियों को छोड़कर रात्रि 8.00 बजे से प्रातः 6.00 बजे तक व्यक्तियों एवं वाहनों का आवागमन प्रतिबन्धित रहेगा। कन्टेनमेंट जोन से लोगों का आवागमन केवल चिकित्सकीय आपातकाल के लिए हो सकेगा। कन्टेनमेंट जोन के लिए आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की आपूर्ति पूर्व की भांति नियंत्रित रहेगी। सोलन जिला के लिए पूर्व आदेशों द्वारा छूट प्राप्त श्रेणियों के अतिरिक्त अन्य सभी के अन्तरराज्यीय आवागमन के लिए वैध पास अथवा प्रवेश पत्र अनिवार्य होगा। अन्य राज्यों से सोलन जिला के लिए आवागमन आवश्यकता के आधार पर ही होगा। अन्तरराज्यीय बैरियरों के माध्यम से दैनिक अथवा सप्ताहांत के आधार पर आवागमन करने वाले व्यक्ति वैध प्रवेश पत्र के साथ ही आ-जा सकेंगे। इन्हें क्वारेनटाइन करने की आवश्यकता नहीं होगी। किन्तु फ्लु अथवा इन्फ्लुएंजा बीमारी के लक्षण होने की स्थिति में स्वास्थ्य केन्द्र को सूचित करना इन व्यक्तियों का उत्तरदायित्व होगा। सोलन जिला के निवासी बिना किसी प्रवेश पत्र के जिला की सीमा छोड़ अन्य राज्य जा सकते हैं। किन्तु यदि वे चिकित्सा, व्यापार अथवा कार्यालय उद्देश्य के लिए अन्य राज्य कम समय के लिए जाना चाहते हैं और 48 घण्टे के भीतर जिला में वापिस आने के इच्छुक हैं तो वे प्रवेश पत्र के साथ आवागमन कर सकते हैं। इन व्यक्तियोें को उस स्थिति में क्वारेनटाइन होने की आवश्यकता नहीं होगी यदि उनमें बीमारी के कोई लक्षण नहीं पाए जाते हैं। कन्टेनमेंट जोन के अतिरिक्त अन्य स्थानों से अन्तरराज्यीय आवागमन करने वाले उद्योग मालिक, वरिष्ठ प्रबन्धन अधिकारी, कामगार एवं कर्मचारियों को दैनिक आधार पर अपने अथवा कम्पनी के वाहन में आने-जाने की अनुमति होगी। इस सम्बन्ध में अन्य मानक परिचालन प्रक्रिया 24 मई, 2020 को जारी आदेशों के अनुसार ही रहेगी। चिकित्सा व्यवसायियों, चिकित्सकों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, रोगी वाहनों तथा स्वच्छता कर्मियों की अन्तरराज्यीय आवाजाही निर्बाध जारी रहेगी। जिला के भीतर एवं प्रदेश में जिलों के मध्य आवागमन बिना किसी प्रवेश पत्र के हो सकेगा। कन्टेनमेंट जोन तथा रेड जोन से आने वाले सभी व्यक्तियों को संस्थागत क्वारेनटाइन किया जाएगा। अन्य राज्यों एवं शहरों से आने वाले ऐसे सभी व्यक्तियों को केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुरूप घर पर ही क्वारेनटाइन किया जाएगा जिनमें बीमारी के कोई लक्षण नहीं है। विदेश से आने वाले सभी व्यक्तियों को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुसार क्वारेनटाइन किया जाएगा। बीमारी के लक्षणों वाले एवं इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी के लक्षणों वाले सभी व्यक्तियों को संस्थागत क्वारेनटाइन सुविधाओं में रखा जाएगा। होम क्वारेनटाइन का नियम तोड़ने वाले सभी व्यक्तियों को संस्थागत क्वारेनटाइन किया जाएगा। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि बागवान, कृषक, ठेकेदार अथवा परियोजना कार्य करने वाले व्यक्ति अन्य राज्यों से जिला में लाए गए श्रमिकों के लिए क्वारेनटाइन सुविधाओं का प्रबंध करेंगे। आदेशों में 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, रोगी, गर्भवती महिलाओं तथा 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों को आवश्यक एवं स्वास्थ्य कारणों के अतिरिक्त घर पर ही रहने का परामर्श दिया गया है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे उपयुक्त मोबाइल फोन पर आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करें और इस पर अपना स्वास्थ्य स्थिति नियमित रूप से अपडेट करते रहें। जिला के सभी उपमण्डलाधिकारी, कार्यकारी दण्डाधिकारी तथा पुलिस कर्मी यह सुनिश्चित बनाएंगे कि प्रत्येक व्यक्ति ने सार्वजनिक स्थान, कार्यस्थल पर मास्क पहना हो, सोशल डिस्टेन्सिग का पालन किया जा रहा हो और कोविड-19 प्रबन्धन के दृष्टिगत स्थापित अन्य नियमो की पालना हो। इन आदेशों की अवहेलना पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 एवं अन्य उपयुक्त नियमों के अनुरूप कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह आदेश प्रथम जून 2020 से प्रभावी हो गए हैं तथा आगामी आदेशों तक लागू रहेंगे।
जागृति महिला किसान समिति पपलोटा (डुमेहर)भी कोरोना महामारी के दौर में अपनी अहम भूमिका निभा रही है। समिति की अध्यक्ष व समाजसेविका किरण कौंडल ने 30 मई को अपने पति प्रेम चन्द कौंडल की बीएसएनएल विभाग शिमला से हुई सेवानिवृत्ति के एक साधारण समारोह के अवसर पर भाजपा अर्की मण्डल अध्यक्ष व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल को स्वयं निर्मित लगभग 250 मास्क वितरण हेतु भेंट किए। किरण कौंडल ने बताया कि देश मे कोरोना महामारी का दौर आरम्भ होने पर समिति ने निर्णय लिया कि इस विकट स्थिति में समिति मास्क बनाने का काम करेगी। समिति क्षेत्र के विभिन्न अस्पतालों, पुलिस चौकियों, थानों व अन्य विभागों के कर्मचारियों जो कोरोना की लड़ाई में अहम भूमिका निभा रहे है व गरीब लोगों को लगभग 5 हजार मास्क मुफ्त बाँट चुकी है। समिति सदस्य घर घर जाकर लोगों को मास्क व सेनिटाइजर देकर लोगों को इस बीमारी से कैसे अपनी सुरक्षा करनी है के बारे जागरूक कर रही है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा समिति द्वारा विभिन्न संस्थाओं व लोगों के ऑर्डर पर अभी तक समिति बढिया कपड़े के लगभग 50 हजार मास्क तैयार कर चुकी है और यह कार्य निरन्तर चल रहा है।
राज्य सरकार ने कफ्र्यू में सुबह 6 से सायं 8 बजे तक छूट देने का निर्णय लिया है, ताकि आम लोगों को सुविधा मिल सके। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शिमला से प्रदेश के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ कोरोना वायरस के दृष्टिगत आयोजित वीडियो कान्फ्रेंसिंग बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतर जिला बसें सोमवार से आरम्भ हो जाएंगी, इसलिए बसों में और बस अड्डों पर उचित सामाजिक दूरी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को सभी बस अड्डों पर भीड़ को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध करवाना होगा। उन्होंने कहा कि बसों में 60 प्रतिशत से अधिक यात्री नहीं होने चाहिए और चालक, परिचालकों को स्वास्थ्य विभाग के सभी सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 महामारी को फैलने से रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) सम्बन्धित प्रभावी प्रणाली विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को सामाजिक दूरी के प्रति जागरूक करने के लिए बस अड्डों व अन्य स्थानों पर होर्डिंग लगाने, लोगों को मास्क का उपयोग करने के लिए प्रेरित करने के अलावा और उद्घोषणाओं के लिए ध्वनि प्रसार संयत्र की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न जिलों में लोगों की आवाजाही के लिए बिना किसी पास के अनुमति होगी, लेकिन अंतरराज्यीय आवाजाही के लिए पास की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि देश के अन्य हिस्सों से आने वाले लोगों को क्वारंटीन में रहना होगा। उन्होंने कहा कि रेड जोन से आने वाले लोगों को संस्थागत क्वारंटीन में रखा जाएगा और अन्य क्षेत्रों से आने वाले लोगों को होम क्वारंटीन में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि संस्थागत क्वारंटीन में रखे गए लोगों को कोविड-19 टैस्ट नेगेटिव आने के बाद ही घर जाने की अनुमति दी जाएगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि 25 अप्रैल से अब तक देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे 1.60 लाख से अधिक हिमाचलवासी राज्य में वापिस पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 91,000 को होम क्वारंटीन और 7000 से अधिक को संस्थागत क्वारंटीन में रखा गया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 पाॅजिटिव मरीजों के सम्पर्कों का पता लगाने और स्क्रीनिंग करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि उन लोगों का समय पर उपचार और वायरस को फैलने से रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि होम क्वारंटीन सुविधाओं को मजबूत तथा अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के अन्य हिस्सों से आने वाले लोगों पर नजर रखने के लिए पंचायती राज संस्थानों के प्रतिनिधियों को बड़े पैमाने में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने पंचायती राज संस्थानों के प्रतिनिधियों से कहा कि वे लोगों को होम क्वारंटीन नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए प्रेरित करें। इस अवसर पर मुख्य सचिव अनिल खाची, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर.डी. धीमान, प्रधान सचिव प्रबोध सक्सेना, जे.सी. शर्मा और ओंकार शर्मा तथा मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डी.सी. राणा व अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
कुल्लू जिला के निरमंड क्षेत्र में एक वरिष्ठ नागरिक कोरोना पाॅजीटिव पाया गया है। वह परिजनों सहित हाल ही में दिल्ली से लौटा था। ये सभी लोग एक अलग एवं खाली मकान में क्वारंटीन किए गए थे। जिलाधीश डाॅ. ऋचा वर्मा ने बताया कि रविवार को प्राप्त कुल्लू जिला के सैंपलों की रिपोर्ट में एक व्यक्ति पाॅजीटिव पाया गया है। राहत की बात यह है कि उक्त व्यक्ति उसके परिजनों सहित पहले से ही क्वारंटाइन किया गया था। जिलाधीश ने बताया कि निरमंड क्षेत्र के गांव जाओं का यह 65 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक 19 मई को अपने परिजनों सहित दिल्ली से अपने पैतृक गांव पहुंचा था। इस पूरे परिवार को होम क्वारंटीन किया गया था। उक्त व्यक्ति की धर्मपत्नी, बेटे और बहू की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। जिलाधीश ने कहा कि कुल्लू जिला में 20 मई को कोरोना संक्रमण का पहला मामला सामने आया था लेकिन, 30 मई को उसकी दूसरी रिपोर्ट नेगेटिव आने से कुल्लू जिला कोरोनामुक्त हो गया था। अब निरमंड क्षेत्र में एक नया मामला सामने आया है। डाॅ. ऋचा वर्मा ने बताया कि कोरोना संक्रमण के खतरे के मद्देनजर जिला के विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर रैंडम सैंपलिंग की जा रही है। जिला से अब तक कुल 1135 सैंपल भेजे जा चुके हैं।
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री व श्री नयना देवी से विधायक राम लाल ठाकुर ने प्रदेश सरकार को सलाह दी है कि प्रदेश में सब कुछ सुचारू रूप से चलाने से पहले कुछ डाक्टर विशेषज्ञों की राय और देश के अन्य राज्यों में कोविड 19 की स्थिति का ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण हैं। अभी हिमाचल प्रदेश में 313 मामले कोविड -19 के आ चुके है जबकि पूरे देश मे कोविड -19 के मामले एक लाख पच्यासी हज़ार से ज्यादा हो चुके है, जो कि बहुत चिंता का विषय है। राम लाल ठाकुर प्रदेश सरकार को यह कहते हुए सावधान किया कि जनवरी के आख़िरी में कोरोना वायरस संक्रमण का पहला मामला भारत में आया था और तब से अब तक एक लाख पच्यासी हज़ार से ज़्यादा मामले संक्रमण के सामने आ चुके हैं। अब तक पांच हज़ार से ज्यादा लोगों की संक्रमण की वजह से मौत भी हो चुकी है। 30 मई तक भारत में कोरोना टेस्ट का पॉजिटिव दर पांच फ़ीसदी हो चुकी है और संक्रमितों में मृत्यु दर करीब चार फ़ीसदी तक हो चली है। पिछले 15 दिनों में कोरोना के मामले यहाँ दोगुने होते जा रहे हैं. वहीं संक्रमितों के ठीक होने का दर 43फ़ीसदी के करीब हो चुका है। जिससे कि हमारा जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। देश मे की तमाम जगहों पर संक्रमण के हॉटस्पॉट और क्लस्टर बनें हैं। यह हॉटस्पॉट क्लस्टर हिमाचल प्रदेश में न बन जाएं तो एहतियात उठाने बहुत जरूरी है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि यदि हम सरकारी आँकड़ों के मुताबिक अस्सी फ़ीसदी से ज़्यादा मामले पांच राज्यों महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली, गुजरात और मध्य प्रदेश में हैं और साठ से ज़्यादा संक्रमण के मामले पांच बड़े शहरों से है जिनमें मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद जैसे शहर शामिल हैं और इन्हीं जगहों पर हिमाचल प्रदेश के बहुत से युवा अपना रोजगार कमाते हैं तो ऐसे में प्रदेश में एहतियात बड़े जरूरी है। जिन लोगों की संक्रमण से मृत्यु हुई है उनमें से आधे से ज़्यादा साठ या उससे अधिक उम्र के लोग हैं। यह उन अंतरराष्ट्रीय आँकड़ों की तस्दीक करते हैं जिनके मुताबिक बुजुर्गों में संक्रमण का जोख़िम ज़्यादा है लेकिन संक्रमण का दर बढ़ता ही जा रहा है। पुणे की एक शीर्ष वायरोलॉजिस्ट गोखले का कहना है कि आने वाले कुछ हफ़्तों में हालात गंभीर होने जा रहे हैं। दिल्ली और मुंबई के डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना संक्रमण के मामले में इजाफ़े को देखते हुए अस्पताल में बिस्तर और दूसरे संसाधनों की मौजूदगी चिंता का सबब है जून-जुलाई में संक्रमण के मामलों में तेज़ी आने की उम्मीद है। इसके बाद हिमाचल प्रदेश अस्पताल में बिस्तर और पर्याप्त सुविधाओं के ना होने की वजह से कई लोगों को मरने से नहीं रोका जा सकेगा। जबकि अभी कोरोना से हिमाचल में मृत्यु का आंकड़ा पांच है। हमे कोरोना को प्रदेश में रोकना होगा और इसकी प्रदेश में मृत्यु दर भी शून्य करनी होगी। विषय गम्भीर है प्रदेश सरकार को प्रदेश में सब कुछ सुचारू रूप से चलाने से पहले एक विस्तृत योजना और तथ्यों के अध्ययन की आवश्यकता होगी।
एक तरफ जहां पूरा विश्व कोरोना महामारी से लड़ रहा है, वही दूसरी तरफ कुछ शरारती तत्व देश की संपति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। लाॅकडाउन और कर्फयू में हो रही इस प्रकार की घटनाओं से समाज शर्मसार होता है। रौड़ा स्थित बास्केटबॉल खेलमैदान में चार महीने पहले सदर के विधायक सुभाष ठाकुर के प्रयासों से बास्केटबॉल के खिलाड़ियों को समर्पित लाखों रुपये की लागत से लगे रिंग व बोर्ड को अज्ञात तत्वों ने तोड़ दिया है जिससे खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में रोष की लहर है। गौर हो कि इस मैदान का नाम बडे स्तर की प्रतियोगिताओं में शामिल प्री-एशियन, नार्थ जोन व दर्जनों नेशनल, राज्य व जिला बास्केटबॉल आदि में शुमार है। हाल ही में प्रतिष्ठित प्रदेश पुलिस महानिदेशक का पदभार संभालने वाले संजय कुंडू भी स्वयं जब जिला बिलासपुर के एसपी पद पर विराजमान थे तो इसी मैदान पर शाम-सवेरे अपनी फिटनेस व उदीयमान खिलाड़ियों का हौंसला बढ़ाने के लिए निरंतर आते थे और कई बेहतरीन खिलाड़ियों को पुलिस व अन्य विभागों में भर्ती होने के लिए प्रेरित करते थे। लाखों रुपये से निर्मित इस मैदान व उपकरणों को अक्सर कुछ असमाजिक तत्वों द्वारा नुकसान पंहुचाया जाता रहा है जिसके चलते बार-बार प्रशासन से इस परिसर की फेंसिंग करने का अनुरोध होता रहा। मौजूदा सदर विधायक ने अधिकारियों को इस बाबत निर्देश भी दिए है। आए दिन हो रहे तोड़फोड़ के कृत्यों से जहां सरकारी पैसे का नुकसान हो रहा है वहीं जिला के होनहार खिलाडियों व संघ के पदाधिकारिओं को हमेशा खेल गतिविधियां सुचारू रखने में खासी दिक्कत से गुजरना पड़ता है। जिला बास्केटबॉल संघ के प्रधान डा. प्रवीण रनोट, महासचिव राजकुमार राणा, सँरक्षक पंकज धीमान, सलाहकार विजय सिंह चंदेल, सुरजीत सिंह, कोषाध्यक्ष अभिशेक टेस्सू, उपप्रधान करतार सिंह ठाकुर, दीपक शर्मा, चयन समिति चेयरमैन केके नेगी, प्रशिक्षक नीलम राठौर, चेयरमैन तकनीकी समिति सुरेश कुमार, उपाध्यक्ष उषा ठाकुर, हर्ष दबड़ा के साथ साथ कार्यकारिणी सदस्यों व वरिष्ठ खिलाड़ियों ने सामूहिक तौर पर तोड़ फोड़ के इस उपद्रवी कार्य को अंजाम देने वालो के खिलाफ कठोरता से कार्यवाही करने की जिला प्रसाशन व पुलिस अधीक्षक से अपील की है। साथ ही इन सदस्यों नें जिला खेल अधिकारी से गुजारिश की विधायक सुभाष ठाकुर ने बास्केटबाल खेल मैदान में चारदीवारी लगाने के निर्देश दिए थे उसे अतिशीघ्र अमलीजामा पहनाते हुए कार्य को पूरा करने की दिशा में उचित कदम उठाए ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लग सके।
विद्युत उपमंडल दाड़लाघाट के पूरे स्टाफ को एहतियातन शक के आधार पर होम क्वारंटाइन किया गया है। विभाग के एसडीओ, जेई, लाइन मैन व अन्य सभी स्टाफ कर्मियों को होम क्वारंटाइन किया गया है। हुआ यूं कि विद्युत विभाग में कार्यरत छकोह निवासी लिपिक पिछले हफ्ते अपने किसी रिश्तेदार के यहां बिलासपुर शादी में गया था उस शादी को अटेंड करने के बाद वो अपनी ड्यूटी करने दाड़लाघाट विद्युत कार्यालय आने के बाद दो दिनों से वो अपनी ड्यूटी में नही आ रहा था।वहीं जब इस बारे क्षेत्र के लोगो को पिछले कल यानी शनिवार को पता लगा तो लोगों ने अपने अपने सम्पर्क में एक दूसरे से इस बात को जानने के लिए छानबीन की और देखते ही देखते बाजार में बात फैल गयी कि दाड़लाघाट में विद्युत विभाग का कर्मचारी कोरोना की चपेट में आ गया है। इसके बाद दाड़लाघाट में यह अफवाह जंगल की आग की भांति फैल गई। इसे अफवाह कहा जाए या सच्चाई बस सभी को चिंता सताने लगी कि अब दाड़लाघाट में भी कोरोना वायरस ने अपना पांव पसार लिया है। लेकिन यदि विद्युत विभाग में कार्यरत कर्मचारी की बात की जाए तो उक्त कर्मी का सैंपल अभी जांच के लिए नही गया है। अतः अभी इस बारे कुछ नहीं कहा जा सकता। लेकिन इस व्यक्ति के कारण विद्युत विभाग के समस्त स्टाफ व दाड़लाघाट क्षेत्र में हड़कंप सा मच गया है। शनिवार शाम से ही विद्युत विभाग के समस्त स्टाफ व उक्त कर्मी को फिलहाल घर पर ही होम क्वारंटाइन किया गया है। बताया जा रहा है कि विद्युत विभाग में कार्यरत क्लर्क पिछले दो दिनों से ड्यूटी तो आ नहीं रहा है लेकिन इस व्यक्ति में कोरोना लक्षण होने की सोशल मीडिया में खूब दहशत से हो गयी है लेकिन इस व्यक्ति जांच के लिए सेंपल जाने के बाद व रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। लोगों को फिलहाल सुनी सुनाई बातों से व बिना पुष्टि के, अफवाहों से सावधान रहा चाहिए। वहीं प्रशासन द्वारा समस्त स्टाफ को इसके चलते एहतियात के तौर पर शक के आधार पर एहतियातन होम क्वारंटाइन कर दिया है।इसके अलावा विद्युत विभाग के कार्यालय को भी सैनिटाइज़ कर दिया गया है। उधर, विद्युत विभाग के एसडीओ ओमप्रकाश ने बताया कि कार्यालय में कार्यरत लिपिक को संक्रमण की पुष्टि न होने के बाद भी फिलहाल समस्त स्टाफ को होम क्वारंटाइन किया गया है। सहायक अभियंता विद्युत ने कहा कि वह खुद होम क्वारंटाइन है। यद्यपि उक्त कर्मी की सैंपल रिपोर्ट अभी जानी बाकि है जैसे ही उसकी रिपोर्ट आती है तो आगे की स्थिति के अनुसार कार्य किया जाएगा। फिलहाल दूसरे सेक्शन से 2 कर्मचारियों को कार्य देखने के लिए बुला दिया है। बीएमओ अर्की राधा शर्मा ने बताया की विद्युत कार्यालय दाड़लाघाट में कार्यरत समस्त स्टाफ को होम क्वारंटाइन रहने के आदेश दे दिए है क्योंकि बिलासपुर प्रशासन ने बताया था कि दाड़लाघाट में कार्यरत कर्मी बिलासपुर में किसी शादी समोरह के लिए गया था जिस कारण शक के आधार पर समस्त स्टाफ को होम क्वारंटाइन किया गया है। जो उक्त कर्मचारी है उसे बिलासपुर में होम क्वारंटाइन किया है। वही उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि अफवाह जैसी खबरों से दूर रहे और इस तरह की किसी संदेश को न फैलाए व बिना पुष्टि किए किसी संदेश को न भेजे।
हिमाचल प्रदेश किसान मोर्चा की प्रदेश कार्यकरणी का गठन होने के बाद रविवार को पहली बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्य्म से हिमाचल प्रदेश किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राकेश शर्मा बवली की अध्यक्षता मे सम्पन्न हुई। इस बैठक में हिमाचल प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष कृपाल परमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस बैठक में प्रदेश कार्यकरणी के सभी सदस्यों के साथ सभी जिलों के अध्यक्ष भी उपस्थित रहे। इस दौरान किसान मोर्चा के सदस्यों ने केंद्र की मोदी के सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष के सफल एवं गौरवमय कार्यकाल के लिए बधाई दी। भाजपा किसान मोर्चा अध्य्क्ष डॉ राकेश शर्मा बवली ने कहा कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल को ऐतिहासिक बताया है। कहा, यह साल कई नजरिए से अविस्मरणीय व इतिहास के पन्ने में दर्ज होने वाला रहा। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 व धारा 35 ए समाप्त किया गया। तीन तलाक बिल पास कराकर महिलाओं को समान अधिकार दिलाया गया। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। विश्वव्यापी कोरोना के संकट में पीएम नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता, निर्णय व उठाए गए कदमों से भारत विश्व में अनुकरणीय बना। प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत बनाने का आह्वान किया है और इसके लिए 20 लाख हजार करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की। आत्मनिर्भर भारत, श्रेष्ठ भारत बनाने की दिशा में हम सब सुदृढ़ संकल्पित हों। इस दौरान डॉ राकेश बवली ने किसान मोर्चा के पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री मंत्री एक बीघा योजना की जानकारी प्रदेश की हर पँचायत व गाँव मे किसान मोर्चा के कार्यकर्ता पहुँचाएंगे। इस दौरान किसान मोर्चा ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जी को एक बीघा योजना को पूरे देश मे शुरू करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा हिमाचल की यह योजना अब पूरे देश मे शुरू की जा रही है जो प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जी की दूरदर्शी सोच को दर्शाती है। इस दौरान डॉ राकेश बवली ने सभी जिला अध्यक्षों से कहा कि जिला व मण्डल कार्यकरणी की घोषणा अगले 10 दिनों के अंदर करके प्रदेश कार्यालय में इसकी सूचियाँ भेजी जाए।
कोरोनावायरस के विरुद्ध भारत की इस लड़ाई में देश के हर नागरिक अपना सहयोग दे रहा है। शिमला शहर को बीमारी से बचाये रखने के लिए नगर निगम शिमला के सफाई कर्मचारी भी खूब मेहनत कर रहे है। शिमला के वार्ड नम्बर 14 में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने भारतीय जनता युवा मोर्चा शिमला द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस आपदा की घड़ी में पुलिस कर्मी, स्वास्थ्य कर्मचारि, नगर निगम कर्मचारी निस्वार्थ हो कर प्रदेश की रक्षा के लिए दिन रात सेवा कर रहे हैं इसलिए हमारा यह कर्तव्य है कि हम इनका सम्मान करें और इन्हे पर्याप्त सुविधाएँ उपलब्ध कराएँ। भारद्वाज ने कहा कि आज भाजपा युवा मोर्चा ने शिमला नगर निगम में दिन रात काम करने वाले नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की जिन्होंने शहर को साफ रखने में अहम रोल अदा किया है और कोरोना महामारी के दौरान भी अपनी जिंदगी को दांव पर लगा कर शहर वासियों के घरों से कूड़ा उठाया है, इनको उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मानित किया है। जब पूरा शहर घर मे था तब यह कर्मचारी दिन रात हमारी सेवा में तत्तपर थे।
राज्य के जनजातीय क्षेत्र किन्नौर में ग्रामीणों के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) वरदान साबित हुई है। इस योजना से न केवल क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित हुए है बल्कि लोगों की आमदनी में भी इजाफा हुआ है। कोविड-19 महामारी ने जहां समस्त विश्व को विवश कर दिया है वहीं हर प्रकार की गतिविधियों पर विराम भी लगा दिया था। कोविड-19 के कारण किन्नौर में विकास कार्यो पर रोक लग गई थी, जिससे समाज के कमजोर वर्गों का भविष्य खतरे में था। निराशा के इस समय में केंद्र सरकार ने गत माह मनरेगा कार्यो को आरंभ करने के निर्णय से मनरेगा अधिनियम के तहत काम करने वाले कई लोगों के जीवन में नई आशा प्रदान की है। लाॅकडाउन के दौरान आर्थिक संकट के कारण अपनी आजीविका गवा चुके तथा अनिश्चितता के बीच झूल रहे लोगों ने केंद्र सरकार के इस निर्णय की सराहना की। राज्य सरकारों द्वारा मनरेगा कार्यों को पुनः आरंभ करने के निर्णय ने नौकरी खो चुके और अपने क्षेत्र के विकास में योगदान करने के इच्छुक लोगों को सुनहरा अवसर प्रदान किया है। इस निर्णय ने प्रदेश में विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों के ग्रामीणों को सहारा दिया है। हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र किन्नौर में भौगोलिक विविधताओं के कारण कार्य करने की सीमा तकरीबन पाँच से छह महीने तक रहती है। मनरेगा के तहत कुल 65 में से 61 पंचायतों में विकास कार्य आवंटित किए गए हैं, जहाँ कार्य पूरे जोरों पर चल रहे हैं और लोगों को घरों के समीप रोजगार प्रदान किया जा रहा है। कुल 785 विकास कार्य प्रगति पर हैं, जिनमें कार्य करने वाले 6931 श्रमिक समय पर मजदूरी की राशि के भुगतान के लिए सरकार केे आभारी हैं। ऊॅंचाई वाले क्षेत्रों में कार्यों को पूरा करने के लिए पंचायतों और मजदूरों का प्राथमिकता के आधार पर आवंटित किया गया है। कल्पा खंड की 25 पंचायतों में लगभग 328 विकास कार्य किए जा रहे हैं जबकि निचार विकास खंड की 18 पंचायतों में 399 कार्य और पूह विकास खंड की 20 पंचायतों में 58 कार्य किए जा रहे हैं। भौगोलिक विशेषताओं के कारण मनरेगा के तहत जनजातीय क्षेत्रों में मानदेय 248 रुपये प्रतिदिन है जबकि राज्य के शेड्ढ भागों में यह राशि 198 रुपये प्रतिदिन है। जिला किन्नौर ग्रामीण विकास एजेंसी की उप-निदेशक और परियोजना अधिकारी जयवंती नेगी ठाकुर के अनुसार ”हमने वर्तमान वित्तीय वर्ष में 678327 कार्य-दिवस का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा, जिले को 7918.05 लाख रुपये आवंटित किए गए है। जिले की सभी 65 पंचायतों में मनरेगा विकास कार्य सुनिश्चित करने के उदद्ेश्य से कल्पा खंड के लिए 827.85 लाख रुपये, निचार खंड के लिए 4554.10 लाख रुपये और पूह विकास खंड के लिए 2486.10 लाख रुपये की राशि स्वीकृत किए गए। वर्तमान में किन्नौर में 19,173 जाॅब कार्ड धारक हैं।“ पूह के एक मजदूर सोनम के शब्दों में ”मैं सरकार का आभारी हूं कि उन्होंने इस योजना के तहत काम शुरू किया है, क्योंकि मुझे मेरे परिवार का पेट भरना भी मुश्किल हो रहा था।“ इसी प्रकार अन्य लोगों ने भी सरकार का आभार व्यक्त किया है। जिला किन्नौर ग्रामीण विकास एजेंसी की परियोजना अधिकारी के अनुसार मजदूर सामाजिक दूरी के मानदंडों और सरकार के अन्य दिशा-निर्देर्शों का कड़ाई से पालन कर रहे हैं और हमें चल रहे सभी कार्यों को समय पर पूरा करने की आशा हैं।
सीटू राज्य कमेटी ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र धर्मशाला व इवनिंग कॉलेज शिमला में गैस्ट फैकल्टी के रूप में कार्यरत लगभग एक सौ प्राध्यापकों के फरवरी से मई 2020 तक के लंबित वेतन को तुरन्त जारी करने की मांग की है। सीटू ने इनको वेतन न देना शोषण की पराकाष्ठा करार दिया है। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा है कि इन लगभग एक सौ प्राध्यापकों का प्रदेश सरकार द्वारा जमकर शोषण किया जा रहा है। गैस्ट फैकल्टी के अंर्तगत कार्यरत ये अध्यापक हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, रीजनल सेंटर धर्मशाला व हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के सांध्यकालीन केंद्र को संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। रीजनल सेंटर धर्मशाला के कुल छप्पन लोगों के शैक्षणिक स्टाफ में से चबालिस गैस्ट फैकल्टी के रूप में कार्यरत हैं जबकि केवल दस प्राध्यापक रेगुलर हैं व दो सेवानिवृत हो चुके हैं। इस तरह रीजनल सेंटर धर्मशाला को कई वर्षों से यही गैस्ट फैकल्टी का स्टाफ चला रहा है व अध्ययनरत छात्रों के भविष्य को संवार रहा है। कमोबेश इसी तरह हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय व इवनिंग कॉलेज की स्थिति है। इन प्राध्यापकों को बहुत कम वेतन दिया जाता है। यूजीसी के दिशानिर्देशों के अनुसार इन प्राध्यापकों को प्रति लेक्चर एक हज़ार रुपये मिलने चाहिए परन्तु रीजनल सेंटर धर्मशाला जैसी जगह में इनको केवल पांच सौ रुपये प्रति लेक्चर मिल रहे है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय कार्यकारी परिषद द्वारा इन्हें एक हज़ार रुपये वेतन देने का निर्णय लिया जा चुका है परन्तु इसके बावजूद इन्हें इस से आधा केवल पांच सौ रुपये प्रति लेक्चर दिया जा रहा है। इसी तरह यूजीसी नियमों के तहत एक महीने का इन्हें अधिकतम वेतन पचास हज़ार रुपये मिलना चाहिए जबकि इन्हें केवल पच्चीस हज़ार रुपये मिल रहा है। यह शोषण की पराकाष्ठा है। उन्होंने कहा है कि इन गैस्ट फैकल्टी प्राध्यापकों की इन तीन केंद्रों में छात्रों की शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका है परन्तु उनके अधिकारों की रक्षा के बजाए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का प्रशासन व सरकार इनका भारी शोषण कर रहे हैं। इस कोरोना महामारी के समय में ऑनलाइन कक्षाओं को यही प्राध्यापक संचालित कर रहे हैं। इस सबके बावजूद न तो उन्हें यूजीसी नियमों के तहत वेतन मिल रहा है और न ही कोरोना महामारी के इस भयंकर समय में इन्हें फरवरी से लेकर मई तक के वेतन भुगतान किया गया है। यह केंद्र सरकार द्वारा 20 मार्च व 29 मार्च 2020 को जारी की गई अधिसूचनाओं व आदेशों का पूर्ण उल्लंघन है जिसके अनुसार कोरोना काल में सरकारी, अर्ध सरकारी अथवा निजी क्षेत्र में कार्यरत किसी भी कर्मचारी के वेतन में कटौती नहीं की जा सकती है और न ही उसे रोका जा सकता है। इन आदेशों के अनुसार किसी कर्मचारी की छंटनी भी नहीं हो सकती है। किसी भी कर्मचारी के इस समय की अवधि के बर्तन का उसे भुगतान न करना एपिडेमिक एक्ट व डिज़ास्टर मैनेजमेंट एक्ट का भी उल्लंघन है। उन्होंने प्रदेश सरकार व हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से इस मामले में तुरन्त हस्तक्षेप की मांग की है ताकि गैस्ट फैकल्टी में कार्यरत इन प्राध्यापकों की आर्थिक व मानसिक सुरक्षा की जा सके।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने हरियाणा के पंचकूला जिला के प्रशासन द्वारा घोषित कन्टेनमेंट जोन से हिमाचल के लिए अन्तर राज्यीय आवागमन पर आगामी आदेशों तक पूर्ण रोक लगा दी है। इन आदेशों के अनुसार पंचकूला जिला में घोषित कन्टेनमेंट जोन से प्रदेश में आने वाले कर्मचारियों, कामगारों, वरिष्ठ अधिकारियों, प्रोत्साहकों, व्यावसायियों, सेवा प्रदाताओं, कच्चे माल के आपूर्तिकर्ताओं तथा विभिन्न उद्योगों के निरीक्षण प्राधिकरणों के आवागमन पर पूर्ण रोक लगा दी गई है। यह निर्णय केन्द्रीय गृह मन्त्रालय के 30 मई, 2020 को जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। इन आदेशों में कहा गया है कि कोविड-19 संक्रमण के मामले सामने आने के उपरान्त जिला प्रशासन पंचकूला ने कालका हाईट्स, समीप कालका नर्सिंग होम, अपोजिट बस स्टेंड कालका के क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया है। उपरोक्त के दृष्टिगत इस क्षेत्र से अन्तरराज्यीय आवागमन पर पूर्ण रोक लगाई गई है। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि 24 मई, 2020 को जारी आदेश के अनुरूप कन्टेनमेंट जोन के दायरे से बाहर से आने वाले व्यक्तियों का आवागमन जारी रहेगा। यह आदेश तुरन्त प्रभाव से लागू हो गए हैं तथा आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे।
रविवार को पंजाबी महासभा सोलन डॉ राजीव बिंदल के समर्थन में सड़क पर उतरे। इस दौरान सभा के सदस्यों ने कहा कि डॉ राजीव बिंदल पाक दिल और नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण व्यक्ति है और कुछ लोग उनकी राजनैतिक छवि को खराब करने के काम मे लगे हुए हैं। महासभा के सदस्यों ने कहा कि डाक्टर राजीव बिंदल का परिवार सोलन का प्रतिष्ठित परिवार है कहीं न कहीं यह लोग उनके परिवार को भी बदनाम करने मे लगे हैं। डाक्टर बिंदल ने चिकित्सा के अपने पेशे के दौरान सोलन के हर घर मे अपनी चिकित्सा सेवाएँ दी है। राजनीति में भी डॉ बिंदल सेवा भाव से गए। डाक्टर राजीव बिदंल जी द्वारा किए गए कार्यों के हजारों उदाहरण है। पंजाबी महासभा ने कहा कि बिंदल न केवल राजनीति में बेहतरीन कार्य कर चुके है बल्कि डॉ बिंदल कई मर्तबा इंसानियत की मिसाल पेश कर चुके है। पंजाबी महासभा के सदस्यों ने यह भी कहा कि वो डॉ बिंदल के समर्थन मे एक दिन के लिए अपनी दुकानें भी बंद रखेंगे और उन पर लगाए गए छींटाकशी का विरोध करेंगे। इस मौके पर प्रेम मल्होत्रा, मुनीश, रोहित भसीन, अमित आनंद, विकास जेठी, गौरव साहनी, साहिल सूरी सहित अन्य सदस्य मौजुद रहे।
नौलखा में जहाँ फोरलेन का काम शुरु किया जा रहा है वहां मशीनों द्वारा खुदाई की जा रही है जिस कारण से गावँ को जा रही पाइप लाइन टूट गए है और पानी की सप्लाई पूरी तरह से ठप्प हो गई है। कंपनी को SDM द्वारा पहले की निर्देश दिए गए थे कि कम शुरू करने से पहले टेम्परेरी पाइप लाइन बिछानी पड़ेगी लेकिन कंपनी ने निर्देशों को अवहेलना करते हुए काम शुरू कर दिया है जिस कारण से गावँ वालो को कल से पानी की किल्लत का सामना करना पड़ा। पाइप लाइन टूटने की वजह से साथ लगने वाले खेतों को भी काफी नुकसान पहुंचा है और रात भर पानी भी व्यर्थ बहता रहा। कंपनी को बार बार कॉल किया जा रहा है रिपेयरिंग के लिए लेकिन अभी तक उस पे कोई काम नही किया गया है।
2014 2015 में जिलाधीश की अध्यक्षता में हुए समझौते के अनुसार नौलखा से डडोंर की सड़क 29 मीटर के दायरे में सड़क की दोनों ओर 1 मीटर पैदल पथ वह नाली बनाए जानी थी। लेकिन अब राष्ट्रीय उच्च मार्ग नाली और पथ मार्ग को सर्विस रोड और मुख्य रोड के बीच मे बनाए जा रही है। यह प्रस्तावित बदलाव फोरलेन संघर्ष सिमिति और आम जनता को मंजूर नहीं है क्योंकि बरसात का पानी नालियो से होता हुआ नीचे चला जाता और पुलियों के माध्यम से रोड के दूसरी तरफ चला जात। अगर सड़क के किनारे नालिया नहीं बनाई गई तो यह पानी खेतो में भर जाने से फसल बर्बाद होगी और सड़क के बीच फुटपाथ सर्विस रोड और मेन रोड के बीच होने के कारण पैदल चलने वाले लोगो को अपनी जान जोखिम में डालने को मजबूर होना पड़ेगा और आए दिन दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहेगा। संघर्ष सिमिति के अध्यक्ष जोगिंदर वालिया ने बताया कि इस विषय के बारे में हमने DC मंडी के माध्यम से मुख्य मंत्री को पत्र भेजा की समझौते के अनुसार ही काम किया जाए। पिछले कल हुई बारिश के कारण सारा पानी खेतो में चल गया और रोड तालाब की भांति बन गए अगर कंपनी पुराने नक़्शे के हिसाब से काम नहीं करेगी तो यहां हमेशा बारिश में ऐसा ही होता रहेगा।
कुनिहार जनपद में कोठी चौक से लेकर उच्चा गॉंव व तालाब तक बहुतायत संख्या में सफेदा व पॉपुलर के बड़े बड़े पेड़ हादसों को न्यौता दे रहे है। चाहे राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हो या लोक निर्माण विभाग का विश्राम गृह या फिर चिकित्सा विभाग के आवासीय परिसर हो करीब 100 फिट से भी ऊंचे ये पेड़ हर वक्त हादसों को दावत देते नजर आते है। थोड़े से आंधी तूफान से इन विशाल पेड़ो के कारण लोगो के मकानो व वाहनो को अक्सर नुकसान तो उठाना ही पड़ता है, साथ ही विद्युत् विभाग की विद्युत् सप्लाई की तारे भी पेड़ों की टहनियों के टूटने की वजह से सड़क पर गिर जाती है,जिससे हर वक्त किसी अनहोनी घटना का डर लोगो में बना रहता है। क्षेत्र की सामाजिक संस्थाएं इन विकराल रूप ले चुके पेड़ों की समस्या को जनमंच व मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी उठा चुके है। नव चेतना संस्था के अध्य्क्ष कुलदीप कंवर, सर्व एकता जनमंच के अध्यक्ष राजेन्द्र ठाकुर, शेरसिंह, हरजिंद्र, सतीश ठाकुर, रुमित सिंह ठाकुर, आदि ने वन विभाग से कुनिहार जनपद में ऊँचे व विराट पेड़ो के समाधान की मांग की है ताकि किसी भी अनहोनी घटना से बचा जा सके। जब वन मण्डल कुनिहार के वन मण्डल अधिकारी सतीश नेगी से इस समस्या बारे बात की गई तो इन्होंने भी माना कि कुनिहार क्षेत्र में कई जगह पेड़ विकराल रूप ले चुके है, और इस समस्या के हल की मांग लोग जनमंच व मुख्यमंत्री हेल्प लाइन पर भी कर चुके है। इस बारे विभाग जल्द ही लोक निर्माण विभाग के साथ मिलकर सयुंक्त कमेटी गठित करके खतरनाक हो चुके पेड़ो को कटवाएगा। विभाग इन पेड़ों की जगह जैविक पौधों को लगवाएगा, ताकि पर्यावरण के संतुलन के साथ शहर की सुंदरता भी बनी रहे। जल्द ही क्षेत्र वासियों की इस समस्या का हल कर दिया जाएगा।
सेवा परमो धर्म: यह कहावत मंडी शहर के दो बच्चों ने पूरा करके दिखाया जहां पूरी दुनिया के साथ हमारा देश भी इस समय कोरोना की महामारी से दो दो हाथ कर रहा है। दिन प्रतिदिन बढ़ती इस महामारी से बचने के लिये सरकार द्वारा लॉकडाउन, सोशल डिस्टन्सिंग आदि के प्रयोग बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इसी निवेदन से प्रेरित होकर मंडी के दो बच्चों रिद्धिमा(11 वर्ष) और नमिश(10 वर्ष) ने पैलेस में अपने हमउम्र बच्चों को masks का वितरण कर बड़ों को भी सीख दी है। छोटे बच्चों का यह जज़्बा बड़ों को भी प्रेरित करता है कि इस महामारी से बचने का उपाय मास्क का उपयोग ही है।
निच्छल आँखे मद्धम साँसे, प्यार से प्यारी सूरत है। सहस्त्र देवों का वास देह पर, श्रद्धा की वो मूरत है। मात्र दूध नही, मल-मूत्र भी पावन है जिसका, अमृतदायिनी वो गौमाता धरा की मूल जरूरत है।। क्या अलंकरण करें उसका ,जो सवयं देवदेहधारी है। नव रस क्या गुणगान करें उसका,जो सवयं पयोनिधी सारी है। देवता भी जिसकी सेवा मे है नतमस्तक, ऋषि विशिष्ठ नें रक्षा मे उसकी सौ पूत्रों की जान वारी है।। मैया कहलाई गुरू गोरखनाथ की,पूत्र गजानन गणेश। कंठ में विष्णु, पीठ में ब्रह्मा, मुख मे बसे महेश। लक्ष्मी चरण में, मुत्र में नदियां, नेत्र में रवि राकेश। धरा को सवर्ग बनाने वाली माँ का अदभुत है भेस।। गौसेवा प्रसाद राजा दिलीप ने पाया,तभी रामलल्ला आए। कान्हा ने गौऊए चराई वृदावन में, शिव को नंदी भाए। गौदान आधार सनातन धर्म का, भवसागर पार लगाए। समुन्द्र मंथन के अमुल्य रतन ‘कामधेनू’ को कलियूग में मूढ़ मानव मगर समझ न पाए।। सोम्यता की मूरत सुरभि, खुन के अश्रु रो रही है। कोई कटती कत्लखानों में, कोई सड़क में सो रही है।। जग को अमृत पिलाने वाली, सवंय बिष पी रही है। अपनी संतानों से होकर प्रताडित, वेदना में जी रही है।। कभी राजनिति के गलियारों ने, कभी अखबार-समाचारों ने। चर्चा का विषय बनाया जगमाता को धर्म के पेहरेदारों ने। ममतामयी माँ ने दूध पिलाया सबको, मगर धर्मांधता में काटा उसको देश के गद्दारों ने।। न रहेगी जगमाता अगर तो पंच्चामृत कैसे बनाओगे। कैसे पालोगे शिशुओ को, ईद में सैवइयां कैसे बनाओगे। जगमाता विहीन जग में, न ममता न प्यार रहेगा। धर्मग्रंथ कहते है, गौमाता के बिना नही संसार रहेगा।। सुनिता ठाकुर महिला पुलिस कर्मी
हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच हिमाचल प्रदेश के सह सचिव व जिला सोलन मंच के अध्यक्ष भूप चंद अत्रि का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। कल्याण मंच के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने भूप चन्द अत्रि की अकस्मात मृत्यु पर गहरा दुख प्रकट किया व प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बृजलाल ठाकुर ने दुख प्रकट करते हुए कहा की मंच ने एक जुझारू कार्यकर्ता को खो दिया, जिसकी कमी मंच को हमेशा महसूस होती रहेगी। परिवहन कल्याण मंच के अधिकांश सदस्य भूपचंद अत्रि जी की अंतिम यात्रा में शामिल हुए व उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की व परिवार के लोगों को इस अकस्मात हुई क्षति के प्रति संवेदना प्रकट की।
भाजपा प्रदेश के मुख्यप्रवक्ता रणधीर शर्मा ने केंद्र सरकार मोदी-2.0 के 1 वर्ष पूरे होने पर बधाई देते हुए कहा कहा कि मोदी सरकार 2.0 का पहला वर्ष बहुत ही प्रभावशाली और चुनौतीपूर्ण रहा है। प्रभावशाली इसलिए कि जनादेश शासन की गति, सरकारी योजनाओं की अंतिम व्यक्ति तक पहुंच, मजबूत बुनियादी ढांचा और दशकों से लटके हुए मुद्दों के समाधान को उच्च प्राथमिकता दी गई। चुनौतीपूर्ण इसलिए कि कोविड-19 और अम्फान चक्रवात ने जो अभूतपूर्व संकट खड़े किए, उससे दुख और विपदा तो आई ही साथ ही भारी नुकसान हुआ। लेकिन आज देश में एक निर्णय लेने वाली उत्तरदाई सरकार है जो देशवासियों के लिए सीकर मंद है साथ ही जिसके पास दृष्टि और दूरदर्शिता है जो इन चुनौतीपूर्ण समय से देश को बाहर निकालने का सामर्थ्य रखती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के सुरक्षा कवच और आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना के बाद भारत निश्चित ही इस कठिन समय से बाहर आ जाएगा। साथ ही देश ने सहकारी संघवाद के बेहतरीन उदाहरण को क्रियान्वित होते हुए भी दिखा है , लेकिन अब हमें बगैर अचूक प्रत्येक नागरिक को उसके द्वारा इस कठिन स्थिति को समझाने और सर्वोत्तम आचरण का उदाहरण प्रस्तुत करने के लिए धन्यवाद देना है आने वाले दिनों में यह देश माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आत्मनिर्भरता और आर्थिक विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए जैसे अनुच्छेद 370 हटाना, नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019, राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त, तीन तलाक, करतारपुर गलियारा राष्ट्र को समर्पित, ब्रू-रियांग समझौता और बोडो समझौता। उन्होंने कहा आयुष्मान भारत के तहत एक करोड़ से ज्यादालाभार्थी : भारत ने आयुष्मानभारत योजना के तहत एक करोड़ से ज्यादालोगों को लाभ प्रदान कर इस दिशा में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। अटल पेंशन योजना के 5 वर्ष पूरे : अटल पेंशनयोजनाने 23 करोड़ लोगोंकानाम दर्जकर असाधारणकार्य किया । ' ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रिपोर्ट : भारतने 142 वें पायदान से छलांग लगाकर 63 वेंपायदान पर जगह बना ली है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से 14.5 करोड़ किसान होंगे लाभान्चित : संशोधित योजना से लग भग 2 करोड़ और किसानों को कवर करने का निर्णय लिया गया है। 10 बैंकों के विलयसे बनेचार बड़े बैंक : सार्वजनिक क्षेत्रके 10 बैंकों का विलयकरचार बड़े बैंक बनानेसे आर्थिक वृद्धि कोगति मिलेग। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 26 मार्च 2020 को 1.70 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज की घोषणा की गई, जिसमें 80 करोड़ गरीबों को कुल 5 महीने तक हर महा 5 किलो गेहूं चावल और प्रति परिवार 1 किलो दाल मुफ्त दी जाएगी और 20 करोड महिला जनधन खाताधारकों को अगले 3 महीने तक हर माह 500 दिए जाएंगे।
पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक यूनुस ने बताया कि विभाग द्वारा आयोजित क्लिक एंड अनलाॅक हिमाचल एट इट्स बेस्ट- ‘घर के झरोखे से’ ऑनलाइन फोटो प्रतियोगिता के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा इस प्रतियोगिता का आयोजन 1 मई से 20 मई, 2020 तक किया गया। प्रतियोगिता में इमेल के माध्यम से 3484 फोटो प्राप्त हुए थे, जिसमें धर्मशाला के अनन्य महाजन ने प्रथम पुरस्कार, धनवाड़ चम्बा के हैरीसन सलवानी ने दूसरा और शाहपुरा दिल्ली के अर्पित कथूरिया ने तीसरा पुरस्कार जीता है। प्रथम, द्वितीय और तृतीय विजेताओं को क्रमशः 10 हजार, आठ हजार और पांच हजार रुपये पुरस्कार के रूप में प्रदान किए गए। चैथे से 10वें पुरस्कार प्राप्त विजेताओं को अढ़ाई-अढ़ाई हजार रुपये जिसमें वरिति शर्मा संजौली शिमला ने चैथा, अभिनव जोशी नादौन ने पांचवा, अभिनन्दन ठाकुर पालमपुर ने छठा, शालीन बिलिंग भटिंडा पंजाब ने सातवां, साहिल सिंह शाहपुर व अरूण कुमार हमीरपुर ने आठवां, सौरव वर्मा हमीरपुर व नीरज ठाकुर मनाली ने नवां और गौरव शर्मा चम्बा व शिवानी रस्तोगी ने दसवां पुरस्कार प्राप्त किया है। 25 प्रतिभागियों को एक-एक हजार रुपये के सांत्वना पुरस्कार व प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड के अध्यक्ष रजनीश ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को बोर्ड निधि से एचपी एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅंस फंड के लिए एक करोड़ रुपये का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए उनका आभार व्यक्त किया। हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड के सदस्य सचिव आदित्य नेगी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
विधानसभा युवा कांग्रेस अर्की के द्वारा हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में हुए घोटाले पीपीई किट एवं कोरोना सम्बंधित स्वास्थ्य उपकरणों की खरीद में हुए घोटाले को लेकर राज्यपाल हिमाचल प्रदेश को तहसीलदार दाड़लाघाट के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया। इस ज्ञापन के माध्यम से युवा कांग्रेस अर्की ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की तथा देवभूमि हिमाचल प्रदेश को पूरे देश और प्रदेश में शर्मसार करने वाले इस घोटाले की किसी वर्तमान न्यायाधीश के द्वारा जांच करने की मांग की गई। सभी पदाधिकारियों ने राज्यपाल से निवेदन किया कि इस भयंकर महामारी के दौरे में भी सत्तारूढ़ पार्टी के नेता घोटाले को अंजाम देकर देवभूमि का नाम शर्मसार कर रहे हैं जो कि निंदनीय है। प्रदेश सरकार जनता से धोखा कर रही है। मुख्यमंत्री को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। ज्ञापन देने वालों में अर्की युवा कांग्रेस के अध्यक्ष किशोरी शर्मा, युंका अर्की के उपाध्यक्ष हरीश भारद्वाज, युवा महासचिव चिंता लाल शर्मा, सचिव चमन ठाकुर, सेवादल महासचिव दीपक गजपति व अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कोरोना वारियर/फ्रंट लाईन वर्कर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ौतरी करने के लिए आयुर्वेद विभाग द्वारा होम्योपैथिक एम्यूनिटी बूस्टर दवा आर्सेनिकम एल्बम 30 वितरित करने के अभियान के प्रथम चरण का उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने शुभारम्भ किया। इस अवसर पर जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डाॅ. जमीर खान चंदेल ने बताया कि आयुष मंत्रालय भारत सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान शारीरिक रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए होम्योपैथिक एम्यूनिटी बूस्टर दवा आर्सेनिकम एल्बम 30 का सेवन करने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि इसकी खुराक व्यस्कों के लिए 6 गोलियां सुबह खाली पेट एक बार तीन दिन तक और चार वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए तीन गोलियां सुबह खाली पेट एक बार तीन दिन तक लें। उन्होंने बताया कि दवा को जीभ पर रखकर बिना पानी के चूसे। उन्होंने बताया कि एक महीने के उपरांत चिकित्सक से परामर्श कर दुबारा लें। उन्होंने बताया कि यह दवा अन्य किसी भी दवा के साथ ली जा सकती है। यह दवाई बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं दूध पिलाने वाली माताओं के लिए भी सुरक्षित है तथा इस दवा के कोई साईड इफेक्ट नहीं है। उन्होंने बताया कि यह दवा कोविड-19 कोरोना वायरस का ईलाज नहीं है केवल शारीरिक रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए है। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी से बचने के लिए सामाजिक दूरी, बार-बार हाथ धोना और मास्क।पहनना इत्यादि सावधानियां बरतनी होंगी। उन्होंने बताया कि अधिक जानकारी।के लिए या किसी भी शंका दूर करने के लिए होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारियों के मोबाईल नम्बर 94181-66166, 94184-87001 या 94184-50666 पर सम्पर्क कर सकते है।
कोरोना काल में देश विकट परिस्थतियों से गुजर रहा है, देश का समस्त तंत्र इस महामारी से निजात दिलाने और जनमानस के जीवन की रक्षा के लिए दिन रात एक कर रहा है। ऐसे में सारी जिम्मेवारी सरकार पर डालना भी उचित नहीं है, सरकार व शासन का सहयोग करने का दायित्व जनता का भी है। यह बात बिलासपुर क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव एवं एजी आफिस शिमला में वरिष्ठ लेखा परीक्षक विशाल जगोता ने अपने कार्यालय में आटोमेटिक हैंड सेनेटाइजर मशीन डोनेट करने के बाद कही। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से बचने का सबसे बड़ा और सरल उपाय स्वयं को सुरक्षित रखना है। ऐसे में सरकार की गाईड लांइस की अनदेखी करना भारी पड़ सकता है। सभी जनता को चाहिए कि वे सरकार के नियमों का अनुसरण करें और इस बीमारी को भगाने के सामूहिक प्रयास करें। उन्होंने कहा कि यह रोग कब किसी को कहीं भी अपनी चपेट में ले लें इसका कोई समय व स्थिति नहीं है लेकिन रोजमर्रा के जीवन स्वयं की रक्षा करना भी एक चुनौती बन गई है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने कार्यालय में स्टार्ट अप इंडिया बेस्ड हिमाचल प्रदेश की हैल्दी वल्र्ड कंपनी की एक आटोमेटिक सेनेटाइजर मशीन दान की है। विशाल का कहना है कि सारी जिम्मेवारी सरकार की ही नहीं है, देष का नागरिक होने के नाते उनका भी दायित्व बनता है कि जिस देश ने दिया है उसके लिए भी कुछ करें। गौरतलब है कि बिलासपुर नगर से ताल्लुक रखने वाले विशाल जगोता समाज सेवा में भी अपनी भूमिका अग्रणी स्थान पर रखते हैं। बिलासपुर नगर में इन दिनों स्वेच्छा से शहर को सेनेटाइज करने वाले युवाओं की भोजन व्यवस्था उनके द्वारा की गई जबकि इसी टीम को उन्होंने नई टी-शर्टस देकर उनका हौंसला बढ़ाया। यही नहीं कई ऐसे लोगों की वित्तिय मदद भी की जो किन्ही कारणवश अपनी मजबूरी जाहिर नहीं कर पाते। विशाल जगोता की ऐसे गुप्त समाजसेवा के कामों की फेहरिस्त बहुत लंबी है।
शनिवार, अग्रवाल सभा सोलन की एक विशेष बैठक प्रधान मायाराम अग्रवाल की अध्यक्षता मे हुई जिसमें समाज के कद्दावर सदस्यों के साथ साथ युवा भी शामिल हुए। बैठक में उप प्रधान सतीश बंसल, महासचिव नवीन गर्ग, व्यपार मंडल अध्यक्ष मुकेश गुप्ता, बघाट बैक के निर्देशक राकेश अग्रवाल, कार्यकारीणी सदस्य मदन गर्ग, सुशील बंसल, भूपेन्दर बंसल, ऱाधे शयाम गोयल, युवा सदस्य राहुल गोयल, निसांत गोयल, रादन अग्रवाल, सजींव गर्ग, दीपक गर्ग, वितीन संगल, चीराग बंसल ने भाग लिया। इस बैठक मे इस बात पर रोष व्यक्त किया गया कि हिमाचल मे चल रहे स्वास्थ्य विभाग के एक घोटाले मे विधायक डाक्टर राजीव बिंदल को कुछ लोगों ने एक साजिश के तहत बदनाम करने की नाकाम कोशिश की और सोशल मीडिया व मीडिया के अन्य साधनों का इस्तेमाल करते हुए उनकी सामाजिक व राजनैतिक छवि को खराब करने के काम मे लगे हुए हैं। इस मामले मे जांच अभी जारी है फिर भी उनको बदनाम करने वाले हल्की मानसिकता के लोग जो अपना स्वार्थ साधना चाहते हैं खुद ही न्यायाधीश बने हुए हैं। डाक्टर राजीव बिंदल का परिवार सोलन का प्रतिष्ठित परिवार है कहीं न कहीं यह लोग उनके परिवार को भी बदनाम करने मे लगे हैं। डाक्टर बिंदल ने चिकित्सा के अपने पेशे के दौरान सोलन के हर घर मे रातों को जा-जा कर सेवा की है। वह कभी भी किसी को आधी रात को भी मना नही करते थे। हिमगीरी कल्याण आश्रम शिल्ली जैसे आश्रम की नींव सेवाभाव से रखी। आज हजारों बच्चे उसका फायदा उठा कर बड़े बड़े पदों पर कार्य कर रहे हैं। सेवा करना उनका पहला धर्म रहा है। राजनीति में भी सेवा भाव से गए डाक्टर राजीव बिदंल द्वारा किए गए कार्यों के हजारों उदाहरण है। अग्रवाल समाज ऐसे लोगों को चेतावनी देता है अगर वो अपनी इन जालसाजियों से डाक्टर बिंदल की छवि खराब करने से नही हटे तो उनका राजनीतिक बहिष्कार के साथ साथ सामाजिक बहिष्कार भी किया जाएगा। डाक्टर बिंदल सोलन के बाद नाहन गए और वहाँ जाकर भी उन्होंने लोगों की बहुत सेवा की। सेवा कार्य में जुटे डाक्टर बिंदल ने अपने अथक प्रयासों से नाहन क्षेत्र का नक्शा ही बदल दिया। स्वास्थ्य घोटाले में उच्च नैतिक मूल्यों के आधार पर इस्तीफा दे कर डाक्टर बिंदल ने राजनीति में उच्च आदर्शों को स्थापित किया है। अग्रवाल सभा सोलन डाक्टर बिंदल के इस साहसिक फैसले का स्वागत करती है और आशा करती है कि जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। बैठक मे उपस्थित अग्रवाल सभा सोलन के वरिष्ठ उप प्रधान दिनेश गर्ग ने कहा हमे डॉक्टर राजीव बिंदल पर गर्व है जिन्होंने अपना पूरा जीवन समाज एवम देश के लिए समर्पित कर रखा है। कर्मठ आदमी के ऊपर धूल उड़ाने वाले लोग होते है और मौका देखते ही धूल उड़ाते है। सबसे बड़ी बात यह है कि वे सब लोग अपने ही होते है पर डॉक्टर राजीव बिंदल जैसी सक्षियत इन सब की परवाह ना करते हुए अपनी मंजिल की तरफ बढ़ती रहती है और धूल को झाड़ते हुए चलते चले जाते है साथ ही धूल को उड़ाने वालो को ही धूल खानी पड़ती है। सोलन अग्रवाल सभा को पूर्ण विश्वास है डॉक्टर साहब का कद और निखर कर आएगा एवं ऊंचाइयों को छुएगा।
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री व विधायक श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र राम लाल ठाकुर ने फिर से प्रदेश सरकार पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि कोविड 19 जैसी महामारी के दौरान प्रदेश की जनता ने मुख्यमंत्री राहत कोष में जो पैसा दिया उसको सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रदेश के सूचना व लोक संपर्क विभाग के निदेशालय पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग को बताना चाहिए कि 22 मार्च को देश मे जनता कर्फ्यू लगाया गया था तो उस दिन से लेकर लॉक डाउन 4.0 तक कितना पैसा प्रदेश सरकार का गुणगान करने में और विज्ञापनों पर लगाया है और कितने पैसों के बड़े बड़े होर्डिंग्स आपके विभाग के माध्यम से लगाए गए है और कितने विज्ञापन आपने प्रदेश सरकार और प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम पर छापें है और किन किन जगहों पर यह होर्डिंग्स पूरे प्रदेश में लगाए गए है। राम लाल ठाकुर ने प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़े करते हुए कहा कि जहां प्रदेश सरकार इसोलेशन वार्ड, वेंटिलेटर और कोरोनटीन सेंटरों को लेकर भारी वित्तिय कमियों का सामना कर रही है वही पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग लोगों में जागरूकता फैलाने की बजाए प्रदेश सरकार की वाहवाही के विज्ञापन छाप कर कोविड19 के पैसों का बेवहज इस्तेमाल कर रहा है। इसके अलावा सूचना व जनसम्पर्क विभाग को यह भी बताना चाहिए कि अन्य विभागों का उन्होंने कितना पैसा सरकारी उनके विभाग के माध्यम से विज्ञापनों पर खर्च किया गया है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के विज्ञापन भी सूचना व लोक सम्पर्क विभाग के माध्यम से ही लगाए गए है उनका हिसाब किताब भी लोंगो के सामने रखना होगा। राम लाल ठाकुर ने कहा कि जहां एक तरफ प्रदेश सरकार की कोविड19 जैसी आपात स्थिति से अर्थव्यवस्था बिगड़ी हुई है उसके बावजूद प्रदेश सरकार का सूचना व जनसंपर्क विभाग के माध्यम से जो प्रचार प्रसार चल रहा है व घोर निंदनीय है और बेवहज से पैसों की फिजूलखर्ची और जनता के पैसों का दुरुपयोग किया जा रहा है। कोविड 19 माहामारी के दौरान प्रदेश सरकार ने जो पैसा विज्ञापनों व बड़े बड़े होर्डिंग्स लगाने पर किया है उसका ब्यौरा जनता के बीच रखा जाना चाहिए।
दाड़लाघाट व आसपास के क्षेत्रों में शनिवार को हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। गेहूं की फसल की कटाई तथा उसकी थ्रेशिंग करके निवृत्त हुए किसान अब ऐसी ही वर्षा का इंतजार कर रहे थे क्योंकि अब मक्की की फसल की बिजाई का उचित समय आ गया था। इस बारिश से तो ऐसा लगा मानो भगवान ने उनके मन की बात एकदम भांप ली हो। वैसे भी इस वर्षा से लोगों को भयंकर गर्मी से राहत मिली है। क्षेत्र में तापमान 30 डिग्री से ऊपर होने से जल स्त्रोतों का पानी भी सूखने लग गया था, वहीं जंगली जानवर भी प्यास के मारे जंगलों से गांवों की तरफ रुख करने लग गए थे। वैसे इस बार गर्मी का मौसम थोड़ी देर से शुरू हुआ परन्तु पिछले सप्ताह से इतनी जोरदार गर्मी पड़ रही थी कि दिन में लोगों का बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया था। इस महीने गेंहू की कटाई के बाद मक्की की बिजाई के लिए भी किसान बारिश का इंतजार कर रहे थे ताकि अगली फसल की बिजाई कर सके। किसानों में, ईश्वर हेमराज महेंद्र, मंगल, योगेश मुकेश, उमेश, रूपराम, कामेश्वर जीतराम देवेंद्र निशांत, आदि का कहना है कि क्षेत्र में बारिश अगर अच्छी हो जाए तो उसे बाच कहा जाता है और खेतों में बाच होने से फसल की बुवाई मैं आसानी रहती है और बीज आसानी से अंकुरित हो जाते हैं। अब किसान जल्द ही मक्की की खेती करना शुरू कर देंगे। वहीं क्षेत्र में ऊंचाई वाले इलाके शिवनगर, फांजी, दाउटी, घनागुघाट आदि स्थानों पर अभी गेंहू पूरा कटान न होने किसानों को गेंहू को भीगने से बचाने के लिये मशक्त करनी पड़ी परन्तु उन्हें भी इस बारिश से ख़ुशी हुई कि अगली बुआई जल्द शुरू कर देंगे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एनडीए सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण होने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष उपलब्धियों भरा रहा है, जिसमें एक मजबूत, जीवंत, ऊर्जावान और आत्मनिर्भर भारत की नींव रखी गई है। जय राम ठाकुर ने कहा कि इस दूसरे कार्यकाल के प्रथम वर्ष के दौरान मोदी सरकार ने अयोध्या में एक भव्य श्री राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने के अलावा अनुच्छेद 370 को खत्म करने, तीन तलाक को अपराध घोषित करने, आतंकवाद-रोधी कानून, नागरिकता (संशोधन) अधिनियम जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन तलाक के उन्मूलन ने मुस्लिम महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत प्रदान की है और उनके सशक्तीकरण का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने कहा कि इसी तरह अनुच्छेद 370 को निरस्त करना, जिससे जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा मिला था, एक ऐतिहासिक निर्णय था, जो भारत में कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए आवश्यक था। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य को जम्मू कश्मीर डिवीजन और लद्दाख डिवीजन के दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया, जिससे पाकिस्तान को एक मजबूत संदेश मिला कि दिल्ली उसी क्षमता में जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है। जय राम ठाकुर ने कहा कि एनडीए सरकार द्वारा अपने एक वर्ष के कार्यकाल के दौरान लिया गया एक और ऐतिहासिक निर्णय नागरिकता (संशोधन) अधिनियम था, जो तीन पड़ोसी मुस्लिम बहुसंख्यक देशों (पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश) में अल्पसंख्यक वर्गों के धार्मिक उत्पीड़न और विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए इन देशों के गैर-मुसलमानों को नागरिकता देने का प्रयास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राजनीतिक दूरदर्शिता और मजबूत नेतृत्व के कारण ही आज देश कोरोना जैसी महामारी के संकट से प्रभावी ढंग से निपट रहा है। उन्होंने कहा कि जब दुनिया के अधिकांश शक्तिशाली राष्ट्र भी इस महामारी को नियंत्रित करने के लिए कठिन संघर्ष कर रहे थे, तो प्रधानमंत्री द्वारा समय पर लगाए गए लाॅकडाउन के निर्णय के कारण आज भारत की स्थिति अन्य देशों की तुलना में कहीं बेहतर है। केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी सराहना की है। जय राम ठाकुर ने कहा कि इस महामारी से देश को बाहर निकालने के लिए तथा समाज के सभी वर्गों के आर्थिक पुनरूत्थान के लिए वर्तमान केंद्र सरकार ने 20 लाख करोड़ रुपये के सबसे बड़े आर्थिक पैकेज की भी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत एक लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और लगभग 80 करोड़ लोगों को अनुदान पर राशन प्रदान किया गया है और संकट की इस घड़ी में जनधन योजना के तहत लगभग 20 करोड़ महिलाओं के खातों में पैसा जमा किया गया है।
आज संपूर्ण विश्व प्राणघातक वैश्विक महामारी करोना से पीड़ित है जिससे हिमाचल प्रदेश भी अछूता नहीं रहा है। जैसा कि नजर आ रहा है कि हिमाचल प्रदेश में के हॉस्पिटल में रक्त की कमी दिख रही है व रक्त की कमी होने से मरीजों को बहुत सी दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा है। बजरंग दल एक धार्मिक सामाजिक गैर राजनीतिक युवाओं में काम करने वाला संगठन है जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं में सेवा सुरक्षा व संस्कार की भावनाओं को पैदा करना है। हिमाचल प्रदेश में किसी भी मरीज को रक्त की कमी ना हो व रक्त की कमी से किसी की मृत्यु ना हो ऐसा संकल्प बजरंग दल हिमाचल प्रदेश इकाई ने लिया है। बजरंग दल के प्रांत अध्यक्ष अधिवक्ता तुषार डोगरा ने एक बयान में कहा कि आने वाली 10 जून तक प्रत्येक जिला में प्रशासन द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का पालन करते हुए डॉक्टर्स की देखरेख में रक्तदान शिविरों का आयोजन बजरंग दल करेगा। प्रत्येक जिला में कार्यकर्ता हॉस्पिटल में जाकर डॉक्टर से उनके द्वारा बताई गई रिक्वायरमेंट के अनुसार रक्तदान शिविरों का आयोजन करेंगे यह आयोजन पूर्णता फिजिकल डिस्टेंसिंग व कोविद 19 के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए किए जाएंगे। डोगरा ने बताया कि बजरंग दल समाज के अंदर सकारात्मक कार्यों को करने वाला संगठन है आज प्रशासन व प्रदेश के कुछ डॉक्टर्स द्वारा बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से अनुरोध किया कि जा रहा है कि रक्त दिया जाए। अलग-अलग जिला के अंदर कार्यकर्ताओं द्वारा डॉक्टर्स के बुलाने पर रक्तदान किया जा रहा है। लेकिन प्रदेश में इस समय बड़े पैमाने पर रक्त की आवश्यकता है तो बजरंग दल ने ठाना है कि किसी भी मरीज व जरूरतमंद व्यक्ति रक्त की कमी के कारण उसके इलाज में कोई दिक्कत ना आए इसलिए इन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। बजरंग दल की दृष्टि से हिमाचल प्रदेश में 26 संगठनात्मक जिले हैं उन प्रत्येक जिला में व खंड स्तर पर जिस प्रकार की कंडीशन उस जिला कि प्रशासन तय करके बताएगा उसके अनुरूप कार्यकर्ता रक्तदान का शिविर लगाएंगे। बजरंग दल की स्थापना के समय से लेकर आज तक समाज को जब भी किसी भी सेवा सुरक्षा व संस्कार के कार्य की आवश्यकता पड़ी है तो हम हमारा संगठन अग्रणी पंक्ति में खड़ा दिखाई देता है आज भी जो दिक्कत समाज के सामने आ रही है उसे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा चाहे फूड पैकेट्स बांटने का काम हो चाहे लोगों को पास दिलाने का काम हो चाहे मजदूरों को कच्चा राशन दिलाने का कार्य हो ऐसे सेवा के कार्य लगातार किए जा रहे हैं ।अभी तक बजरंग दल के द्वारा 10000 मास्क का वितरण पूर्ण प्रदेश में किया जा चुका है। बजरंग दल के कार्यकर्ता कोरोना वारियर जिसमें स्वास्थ्य कर्मचारी डॉक्टर नर्सेस व पुलिस के जवानों का सम्मान संगठन द्वारा किया जा रहा है। बजरंग दल द्वारा पूरा विश्व करोना नामक महामारी से निजात पाएं इसलिए प्रत्येक मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के समस्त कार्यकर्ता अपने-अपने घरों में परिवार सहित हनुमान चालीसा का जाप विश्व कल्याण के लिए कर रहे हैं। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा बेजुबान गोवंश की सेवा,कुत्ते व पक्षियों को खाना व पानी का इंतजाम करने का कार्य भी प्रदेश में किया जा रहा है। इसी के साथ साथ विद्यार्थियों द्वारा किए जा रहे कार्य जैसे धर्मशाला में धर्मांतरण पर FIR दर्ज करवाना, जिला ऊना में तबलिखी पर अपनी पहचान छुपाकर इस बीमारी को फैलाने की कोशिस करना पर कार्यकर्ताओं द्वारा FIR दर्ज करवाना, चाहे बिलासपुर जिला मैं मौलवी द्वारा हिंदू बहन की छेड़खानी की घटना को उजागर करने का कार्य भी संगठन कर रहा है। आज स्वास्थ्य विभाग के सामने रक्त की कमी को पूर्ण करना एक बहुत बड़ी चुनौती के रूप में नजर आ रहा है इसीलिए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने यह ठाना है की समाज की इस महत्वपूर्ण जरूरत को पूर्ण करने के लिए हम लोग रक्तदान शिविरों का आयोजन करेंगे। उसके अलावा प्रत्येक जिला में हॉस्पिटल को बजरंग दल के प्रमुख कार्यकर्ता का नंबर मोहिया करवा दिया जाएगा ताकि यदि उसके बाद भी किसी को जरूरत पड़ती है तो हमारे कार्यकर्ता से संपर्क करके उस जरूरत को पूरा किया जा सके।
युवा कांग्रेस रामपुर ने उपमंडलाधिकारी रामपुर के माध्यम से राज्यपाल को हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के PPE किट एवं कोरोना संबंधित स्वास्थ्य उपकरणों के ख़रीद मे घोटाले को लेकर सी बी आई जांच करवाने हेतु ज्ञापन पत्र दिया। अभी हाल ही में कुछ दिनों पूर्व हिमाचल प्रदेश के अंदर स्वास्थ्य विभाग में वैश्विक महामारी कोरोना संबंधित स्वास्थ्य उपकरणों एवं PPE किट खरीद में बहुत बड़ा घोटाला उजागर हुआ है ओर यह घटना देवभूमि हिमाचल प्रदेश को पूरे देश में शर्मसार करने वाली है जिसकी चर्चा पूरे देश मे हुई है। युवा कांग्रेस रामपुर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के इस घोटाले में स्वास्थ्य निदेशक व भाजपा से जुड़े नेता का जो ऑडियो वायरल हुआ जिसमें 5 लाख रुपये की रिश्वत स्वास्थ्य निदेशक को देने की बात हुई है, उससे पूरे प्रदेश भर में सनसनी फैल गई है तथा यह घोटाला प्रदेश की जनता के समक्ष उजागर हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के इस घोटाले के उजागर होने के बाद देश व प्रदेश भर में इसकी खूब चर्चा व सरकार की किरकिरी हुई तथा कोरोना जैसी महामारी में घोटाला उजागर होने से प्रदेश की जनता में सरकार के ऊपर से विश्वास उठ गया है। इस घोटाले को लेकर भाजपा के बड़े नेताओं पर आरोप लगने शुरू हुए ओर आरोपी स्वास्थ्य निदेशक जो कि 31 मई 2020 को पद से सेवानिवृत्त होने वाले थे उनके सेवा विस्तार देने के लिए भाजपा नेता द्वारा ही सरकार को पैरवी की जा रही थी। जिससे ऐसा प्रतीत होता कि इस घोटाले के तार भाजपा सरकार से जुड़े हुए है । इस घोटाले के उजागर होने के बाद विपक्ष के दबाव के चलते भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल को भी अपने संगठन के पद से इस्तीफा देना पड़ा है। युवा कांग्रेस रामपुर ने इस ज्ञापन पत्र के माध्यम से राज्यपाल को बताया कि वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान इस प्रकार के घोटाले की घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है तथा प्रदेश सरकार के भीतर फैले भ्रष्टाचार को उजागर करती है और प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा करती है। युवा कांग्रेस रामपुर मांग करती है कि इस घोटाले की उच्च स्तरीय सी बी आई जाँच प्रदेश के किसी भी वर्तमान न्यायाधीश के अधीन हो तथा पूरे मामला मामले की निष्पक्ष जांच हो। हम आपसे मांग करते है कि जनता का सरकार के ऊपर से विश्वास उठ चुका है इसलिए आप अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस घोटाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें । प्रदेश की जनता इस बात से भली भांति परिचित है कि स्वास्थ्य विभाग व स्वास्थ्य निदेशक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के अधीन नही बल्कि प्रदेश सरकार के अधीन काम करता है। अतः भाजपा की तरफ से संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ने इस्तीफा दिया है जोकि महज़ मामले से ध्यान भटकाने का प्रयास है। प्रदेश में पिछले कुछ महीने से स्वास्थ्य मंत्री का पद खाली होने के बाद से यह विभाग हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के अधीन है इसलिये स्वास्थ्य विभाग में जो कोरोना किट घोटाला महुआ है वह सरकार की जवाबदेही तय करती है तथा सरकार की नाकामी को दर्शाती है और इसलिए युवा कांग्रेस रामपुर नैतिक तौर पर इस घोटाले के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग करती है व सी बी आई जांच की मांग करती है। हम आपसे माँग करते है कि प्रदेश सरकार में फैले भ्रष्टाचार को रोकने के लिए आप उचित कदम उठाए तथा अपनी संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग कर इस घोटाले की जाँच करने के लिए सख़्त दिशानिर्देश जारी करें क्योंकि सरकार इस घोटाले में संलिप्त अपने भाजपा नेताओं व अधिकारी को बचाने का प्रयास कर रही है। इसलिए युवा कांग्रेस इस घोटाले की किसी वर्तमान न्यायाधीश के अधीन स्वतंत्र सी बी आई जाँच की माँग करती है और नैतिक तौर पर मुख्यमंत्री के इस्तीफे की भी मांग करती है। प्रदेशसचिव जौनी कायथ, सहसचिव पवन चौहान, उपाध्यक्ष मंडी लोकसभा अंकुर शर्मा, प्रवक्ता राहुल सोनी, महासचिव अशवनी शर्मा, हिमांशु व अन्य मौजूद रहे।
भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिन्दल ने केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के एक साल की उपलब्धियों को ऐतिहासिक, अभूतपूर्व और शानदार बताते हुए कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत एक बार पुनः विश्व गुरू बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि यह एक वर्ष का कार्यकाल देश की अखंडता, संप्रभुसत्ता, गौरव को बढ़ाने वाले के साथ देश के जनमानस की दशा और दिशा बदलने वाला है। उन्होंने कहा कि आज 130 करोड़ देशवासी अपने यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर अराध्य की तरह पूर्ण श्रद्धा और विश्वास करते हैं और अपनी जान छिड़कते हैं। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार का यह एक वर्ष का कार्यकाल देश और दुनिया को नई दिशा देने वाला है। डा. बिन्दल ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा अभूतपूर्व साहस और दृढ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए देश की आजादी के समय से लंबित जम्मू कश्मीर के मामले को एक झटके में निपटाते हुए धारा 370 और 35 ए को समाप्त कर ‘एक देश एक निशान’ के फार्मूले को लागू कर अखंड भारत की परिकल्पना को साकार किया है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक निर्णय से जम्मू कश्मीर के हमारे भाई गर्व के साथ सिर उठा कर चल रहे हैं और हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्य जम्मू कश्मीर और लददाख केन्द्र शासित प्रदेश के लिए नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा जारी किए गए है। डा. बिन्दल ने कहा कि मुस्लिम समाज की महिलाओं के साथ दशकों से चले आ रहे भेदभाव को समाप्त करते हुए तीन तलाक की कुरीति को अवैध घोषित कर नरेन्द्र मोदी ने मुस्लिम महिलाओं को आजादी से जीने का अधिकार दिया है। उन्होंने कहा कि पडौसी देशों में धर्म के आधार पर भेदभाव का शिकार भारतवंसियों को भारत की नागरिकता प्रदान करने का जो कानून लाया है वह अपने आप में महान युगांतकारी निर्णय है। उन्होंने कहा कि भगवान राम लला जो राजनीतिक दलों के तुच्छ दृष्टिकोण के कारण दशकों से टेंट में रखे गए थे उनके लिए आयोध्या में भव्य मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हो गया हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की स्थिति तो ऐसी है कि वह अपनी सांप्रदायिक सोच के कारण भगवान राम के अस्तित्व को मानने को तैयार नहीं है, जबकि हम भारतीयों की हर सांस में प्रभु श्री राम बसते हैं। डा. बिन्दल ने कहा कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नडडा जी के नेतृत्व में सरकार और संगठन स्तर पर जिस प्रकार कोरोना महामारी से निपटपने के लिए अभूतपूर्व पग उठाए गए उसकी प्रशंसा यूएनओ, डब्ल्यूएचओ और अमेरिका जैसे देशों ने की है। उन्होंने कहा कि मोदी अपने शानदार जन हितैषी निर्णयों और दृढ़ इच्छा शक्ति के फलस्वरूप ग्लोबल लीडर के रूप में उभरे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण प्रभावित देश के 130 करोड लोग जिसमें, श्रमिक वर्ग, किसान, बागवान, गरीब जनता, मध्यम वर्ग, लघु एवं मध्यम उद्योग समूह आदि को राहत प्रदान करते हुए 20 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज भारत के इतिहास की सबसे बड़ी राहत राशि पैकेज है। डा. राजीव बिन्दल ने कहा कि प्रदेश की जयराम ठाकुर सरकार ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में शानदार कार्य किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के इस संकट काल में प्रदेश भाजपा सरकार और भाजपा संगठन ने जिस मुस्तैदी से गरीब और जरूरतमंद लोगों की सेवा की है उसकी देश और प्रदेश में भूरि-भूरि प्रशंसा हो रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी में हिमाचल का कोई भी व्यक्ति भोजन के अभाव में भूख नहीं सोया, रोगी को समय पर दवा मिली और वरिष्ठ नागरिकों तथा अन्य जरूतमंदों की प्रमुखता से देखभाल की गई, यह प्रदेश की जयराम ठाकुर सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है।
कुनिहार के विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी जो क्षेत्र में करोना महामारी से लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है का सम्मान भाजपा अर्की मण्डल की ओर से किया गया। मण्डल अध्यक्ष देवेंद्र कुमार शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रत्तन सिंह पाल विशेष रूप से उपस्तित रहे। इस दौरान विकास खण्ड कुनिहार, वन्य, स्वास्थ्य, पुलिस, विद्युत, लोक निर्माण विभाग, कृषि, सिंचाई एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को इस आपातकाल में बतौर करोना योद्धाओं के रूप में अपने विभागीय दायित्व के साथ साथ मानवता की मिसाल पेश करने के लिए मण्डल की ओर से स्मृति चिन्ह, पटका, हैंड सेनेटाइजर व मास्क देकर सम्मानित किया गया। कुनिहार क्षेत्र में सफाई कार्य के लिए सफाई कर्मचारीयो को भी सम्मानित किया गया। मण्डल अध्यक्ष ने सभी विभागीय अधिकारियों का स्वागत व धन्यवाद किया। तो वहीँ रत्तन सिंह पाल ने सभी अधिकारियों को प्रदेश सरकार के दिशानिर्देशनुसार व विभागीय आदेशो के तहत अपने फर्ज को बखूबी निभाने के लिए प्रशंसा करते हुए कहा कि करोंना की इस लड़ाई में सभी विभागों का सहयोग सराहनीय रहा है जिसे हमेशा याद रखा जायेगा। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से डॉ श्रुति व थाना कुनिहार एसएचओ जीत सिंह ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में सुरेश जोशी, इंद्रपाल शर्मा, दलीप पाल, विषय ठाकुर, चेत राम, आरपी जोशी, राजेन्द्र धीमान, कौशल्या कंवर, उषा शर्मा,सीमा महंत, राजीव शर्मा, राजेश शर्मा, दौलत राम चौधरी, सतीश नेगी, विवेक पॉल, विकास ठाकुर, महेंद्र चौधरी, राज कुमार शर्मा, पुनीत शर्मा, कृष्ण चन्द वर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे।
कांग्रेस पार्टी के तेजतर्रार नेता एवं पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने पिछले कुछ दिनों से अखबारों की सुर्खियां बने स्वास्थ्य विभाग में हुए कथित घोटाले का कडा संज्ञान लेते हुए भाजपा सरकार पर करारे प्रहार करते हुए कहा है कि प्रदेश की जयराम ठाकुर सरकार और केंद्र की मोदी सरकार कथित नौटंकी और ड्रामाबाजी बंद करे। उन्होने कहा कि हिमाचल में सार्वजनिक हुए स्वास्थ्य निदेशक द्वारा कथित लेनदेन अथवा घूसख़ोरी के मामले को लेकर नैतिकता का हवाला देकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष द्वारा दिए गए त्याग पत्र के बाद मामले की कथित विजिलेन्स से जांच करवाने और केंद्रीय भाजपा नेत्रत्व द्वारा सारे मामले की रिपोर्ट तलब करने की बजाए यातो मुख्यमंत्री से त्याग पत्र लिया जाए या फिर भाजपा सरकार के गले - गले तक कथित भ्रष्टाचार में संलिप्त होने के आरोपों अथवा एक के बाद एक घोटाले किए जाने के कानूनी अपराध के लिए दंडित करते हुए हिमाचल सरकार को तुरंत बर्खास्त किया जाए। बंबर ठाकुर ने कहा कि बेशर्मी की भी हद होती है, किन्तु भाजपा नेता अखबारों में ऐसे वक्तव्य दे रहे हैं जैसे भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरने के बाद इसने कोई बहुत बड़ा तीर मार दिया हो अथवा कोई बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली हो। उन्होने कहा कि अब तो भाजपा के बड़े- बड़े नेताओं ने भी स्वीकार करना शुरू कर दिया है कि हिमाचल के कुछ अधिकारी जो ऐसा कृत्य कर रहे हैं, क्या वे सेवा कर रहे हैं, या लुटेरों की फौज है । बंबर ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से ही भाजपा शासन में हो रहे घपलों –घोटालों का पर्दाफाश करती आ रही है, लेकिन जानबूझ कर इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया और अब जब मामला सार्वजनिक हो गया तो मजबूरी में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष से इस्तीफा लिया गया। उन्होने कहा कि विभाग मुख्यमंत्री के पास और इस्तीफा भाजपा अध्यक्ष दे, यह बात किसी के भी समझ से परे है। उन्होने कहा कि इस समय प्रदेश में कितने ही ऐसे मामले हैं, जिनकी जांच सरकार करने से कतरा रही है। उन्होने कहा कि बिलासपुर मे कथित सुरक्षा किटें खरीद घोटाला, शिमला में सेनेटाईजर घोटाला और स्वास्थ्य विभाग रिश्वत घोटाला की गूंज सारे प्रदेश में जन -जन तक पहुँच जाने पर अब भाजपा नेता इतने बौखला गए हैं कि उन्हें अपना मुंह छुपाने तक को जगह नहीं मिल रही है। बंबर ठाकुर ने कहा कि भाजपा के जो नेता यह कर अपने भ्रष्टाचार को उचित बताने का प्रयास कर रहे हैं कि कांग्रेस राज में घोटाले करने वाली पार्टी के नेताओं को इस मामले में कुछ भी बोलने का अधिकार नहीं है। उन्हें नहीं भूलना चाहिए कि जिन नेताओं ने कांग्रेस राज में भ्रष्टाचार किया उन्हें कांग्रेस पार्टी सरकारों ने ही सलाखों के पीछे पहुंचाया और उन्हे दंडित करवाया किन्तु भाजपा इन गंभीर अपराधों में फसने वालों को जांच के बहाने बचाने का प्रयास कर रही है, जो देश व समाज के लिए कतईतौर पर उचित नहीं है। उन्होने मांग कि भ्रष्टाचार के इन सभी मामलों की जांच सी बी आई को सौंपी जाये और दोषियों को हर सूरत दंडित किया जाए।
आईपीएस अफसर और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के प्रधान सचिव संजय कुंडू हिमाचल के अगले डीजीपी होंगे। सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। डीजीपी सीता राम मरडी 31 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। संजय कुंडू सीएम जयराम ठाकुर के करीबी अधिकारियो में गिने जाते हैं। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटने के बाद आईपीएस संजय कुंडू को प्रिंसिपल सेक्रेटरी टू सीएम लगाया था। हालांकि डीजीपी के लिए 3 आईपीएस अफसर 1984 बैच के सोमेश गोयल, 1989 बैच के एसआर ओझा और 1989 बैच के ही संजय कुंडू के नाम का पेनल यूपीएससी ने फाइनल कर सरकार को भेजा था। लेकिन सरकार ने कुंडू को डीजीपी बनाने का फैसला किया है। संजय कुंडू एक जून से कार्यभार संभालेंगे।
पूरी दुनिया का एक ही रोना, ये कोरोना कैसी बीमारी है। हर देश में फैल रहा संक्रमण, बन गयी बीमारी से महामारी है।। चारों ओर मचा है हाहाकार, कोरोना से प्रभावित दुनिया सारी है। अपनों से मिल रहा वायरस उपहार, क्या बीमारी से हमारी रिश्तेदारी है।। बन्द कमरे में बिखर गयी जिन्दगी, गरीबों पर पड़ रही भारी है। कामकाज सब बन्द हो गये, चारों तरफ फैली बेरोजगारी है।। अपनी यात्रा के राज छुपाकर, लोगों से मेलजोल जारी है। कुछ लोगों की ना समझी से ही, फैल रही ये महामारी है। एक दिन जरूर हारेगा कोरोना, पर अभी खेलनी शायद लंबी पारी है। सामाजिक दूरी से ही होगा बचाव, ये समझना,समझाना नैतिकता हमारी है।। लॉक डाउन के नियमों का पालन ही, करने में हमारी समझदारी है। बीमार,बुजुर्ग और बच्चों का ख्याल रखना, ये हमारी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।। सन्देश दे रही है सुनीता, छूने से भी फैल रही महामारी है। समझदारी से लेंगे काम तो, अन्त में जीत निश्चित ही हमारी है। सुनीता चौहान करसोग हिमाचल प्रदेश
स्वास्थ्य विभाग के पीपीई किट घोटाले में गिरफ्तार कथित आरोपी स्वास्थ्य निदेशक अजय गुप्ता को सत्र न्यायालय ने जमानत दे दी है। हालांकि विजिलेंस गुप्ता का 5 दिन का रिमांड मांग रही थी लेकिन जिला सत्र ने ये कह कर उनकी मांग को ख़ारिज कर दिया कि 10 दिनों में उन्होंने गुप्ता से क्या पूछताछ की। ऑडियो क्लिप के अलावा विजिलेंस के पास गुप्ता के ख़िलाफ़ क्या सबूत है? इस पर विजिलेंस संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई। गुप्ता के वकील कश्मीर सिंह ठाकुर ने दलील दी कि पीपीई किट ख़रीद कमेटी में स्वास्थ्य सचिव और डिप्टी डायरेक्टर का ज्यादा रोल है। ऐसे में गुप्ता को बेवजह गिरफ्तार किया गया है। जिला सत्र न्यायाधीश ने ये भी कहा कि इस दौरान गुप्ता गवाह और किसी को फ़ोन नहीं करेंगे। यदि कोई गड़बड़ी करते हैं तो उनकी जमानत रद्द करने के लिए विजिलेंस कोर्ट आ सकती है। इसलिए ये जमानत सशर्त दी गयी है। बता दे कि 26 मई को जिला सत्र न्यायाधीश ने उन्हें 5 तीन के पुलिस रिमांड पर भेजा था। गुप्ता को स्वास्थ्य विभाग में मेडकिल ख़रीद घोटाले में विजिलेंस ने गिरफ्तार किया है। एक 43 सेकंड का ऑडियो वायरल होने के बाद गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था।
कुल्लू जिला कोरोनामुक्त हो गया है। इस जिला में कोरोना संक्रमण का केवल एक पाजीटिव मामला सामने आया था। अब उसकी दूसरी रिपोर्ट नेगेटिव आ गई है। जिलाधीश डाॅ. ऋचा वर्मा ने बताया कि मुंबई से विशेष रेलगाड़ी से ऊना और वहां से एचआरटीसी बस के माध्यम से 18 मई को कुल्लू पहुंचे आनी के एक 23 वर्षीय युवक की रिपोर्ट पाजीटिव आई थी। कुल्लू जिला में अभी तक कोरोना संक्रमण का यही एक मामला सामने आया था। इस संक्रमित युवक को जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में स्थापित कोविड केयर सेंटर के आईसोलेशन वार्ड में रखा गया था। हालांकि, उसमें बुखार, सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण नहीं थे, लेकिन सैंपल की जांच रिपोर्ट में वह पाजीटिव पाया गया था। डाॅ. ऋचा वर्मा ने बताया कि जिला कोविड केयर सेंटर के नोडल अधिकारी डाॅ. विकास डोगरा, आयुर्वेद विभाग के चिकित्सकों, फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारियों ने संक्रमित युवक के स्वास्थ्य पर चैबीस घंटे नजर रखी तथा उसकी नियमित जांच की। उसके भोजन के लिए डाॅक्टरों ने विशेष डाइट चार्ट बनाया था तथा अन्नापूर्णा चेरिटेबल सोसाइटी के माध्यम से उसे खाना उपलब्ध करवाया गया। जिलाधीश ने बताया कि आयुर्वेद विभाग के चिकित्सकों ने वीडियो संदेशों के माध्यम से योगाभ्यास करवाया। वन, परिवहन, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने भी कई बार वीडियो काॅल करके इस युवक का उत्साहवर्द्धन किया। जिलाधीश ने बताया कि शनिवार सुबह प्राप्त हुई संक्रमित युवक की दूसरी रिपोर्ट नेगेटिव आई है और वह पूरी तरह स्वस्थ है। शनिवार को ही उसे अस्पताल से छुट्टी दी जा रही है। कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में जीत के लिए जिलाधीश ने उक्त युवक व उसके परिजनों के अलावा स्वास्थ्य विभाग और आयुर्वेद विभाग की पूरी टीम को भी बधाई दी है। डाॅ. ऋचा वर्मा ने कहा कि जिलावासियों को कोरोना से घबराने की आवश्यकता नहीं है। कोरोना को हराने के लिए बस कुछ सावधानियां बरतने की ही जरुरत है। अगर सभी लोग आम दिनचर्या में सावधानी बरतेंगे तो कुल्लू जिला को हम कोरोना से बचा सकेेंगे।
प्रदेश सचिवालय में तय रेट से महंगे दाम पर सैनिटाइजर बेचने के मामले में हिमाचल सरकार ने सचिवालय के सुपरिटेंडेंट को निलंबित कर दिया है। सचिवालय प्रशासन की विभागीय जांच के बाद कार्रवाई अमल में लाई है। सचिवालय सामान्य प्रशासन सचिव देवेश कुमार ने इसकी पुष्टि की है। अभी इस मामले में विजिलेंस जांच चल रही है लेकिन उससे पहले विभाग की ओर से की गई कार्रवाई में सुपरिटेंडेंट की संलिप्ता को देखते हुए उसे निलंबित किया गया है। जानकारी के मुताबिक 50 रुपए के सैनिटाइजर पर 130 रुपए की मोहर लगाने के लिए आरएंडआई ब्रांच के इस अधिकारी ने सरकारी ठेकेदार पर दबाव बनाया था। सुपरिटेंडेंट को जब सरकारी ठेकेदार ने 130 रुपए की मुहर लगाने के लिए इंकार कर दिया तो उसने जबरन उसे कंट्रोल रूम में बैठा कर मुहर लगाने दी। इस मामले में 18 मई को विजिलेंस ने सचिवालय के मुख्य गेट की सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लिया था। जिसे खंगालने पर पाया गया है कि आरएंडआई का यह अधीक्षक और सरकारी ठेकेदार सरकारी गाड़ी में साथ आते है। उसके बाद सचिवालय प्रशासन ने भी इसमे विभागीय कार्रवाई शुरू की और अब अधीक्षक को निलंबित कर दिया है। बहरहाल अभी इस मामले में ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है ओर सचिवालय अधीक्षक को निलंबित किया गया है। अभी इस मामले में और भी कई परते खुल सकती है। Attachments area
उपायुक्त राजेश्वर गोयल और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ० प्रकाश दरोच ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला में प्रवेश करने वाले सभी व्यक्तियों के स्वास्थ्य की गड़ामौडा तथा स्वारघाट में टैस्टिंग और स्क्रिनिंग की जा रही है। उसके उपरांत ही उन्हें आगे भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि बिलासपुर में अभी तक 18 मामलें कोविड-19 के पाजिटिव आए है जिनमें से 11 मामलें अन्य राज्य तथा अन्य जिला से सम्बन्धित है। उन्होंने बताया कि 7 लोग जोकि जिला बिलासपुर से सम्बन्धित है उनमें से ६ लोगों को संस्थागत क्वारंटाईन और होम क्वारंटाईन में रखा गया था। उन्होंने बताया कि एक मामला एचआरटीसी के परिचालक कोविड-19 पाजिटिव आया है वह प्रदेश से बाहर नहीं गए थे। उन्होंने बताया कि परिचालक बिलासपुर से सोलन गए थे और उसके उपरांत शिमला, मण्डी होते हुए बिलासपुर आए थे। उन्होंने बताया कि परिचालक बिलासपुर में कार्यरत 18 राजस्थान के प्रवासी मजदूरों को पूर्ण मेडिकल स्क्रिनिंग के उपरांत सोलन लेकर गए थे और वापिसी में सोलन प्रशासन द्वारा राजस्थान से सोलन पहुंचे तीन व्यक्तियों को बिलासपुर लेकर आए थे। उन्होंने बताया कि इन तीनों व्यक्तियों को संस्थागत क्वारंटाईन किया गया है। उन्होंने बताया कि बस परिचालक सरकारी दिशा निर्देशों के अनुसार अपनी कर्तव्य ड्यूटी का निर्वहन कर रहा था। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय प्रबंधक एच.आर.टी.सी. बिलासपुर को समय-समय पर लिखा गया है कि वह अपने कर्मचारियों का क्षेत्रीय अस्पताल में स्वास्थ्य प्रशिक्षण करवाना सुनिश्चित करें। उसी के फलस्वरूप परिचालक अपने स्वास्थ्य का प्रशिक्षण करवाने के लिए 26 मई को क्षेत्रीय अस्पताल में गए और 27 मई देर रात उनकी रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव आई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तुरंत उसके निवास स्थान गए और उसके प्राईमरी और स्कैंडरी सम्पर्क की पूर्ण जानकारी ली। उसके उपरांत सीएमओ द्वारा पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाई गई और जिला दण्डाधिकारी द्वारा बामटा पंचायत के वार्ड नम्बर 11, एचआरटीसी क्लोनी के वार्ड नम्बर 1, दनोह और कोसरियां एवं गुरूद्वारा मार्किट, गांधी मार्किट और काॅलेज चैक मार्किट को कंटेनमेंट जोन और रौड़ा सेक्टर नम्बर 3, कोसरियां वार्ड ऑफ़ एम.सी. बिलासपुर, निहाल-1, आईटीआई बिलासपुर, मेक मार्किट बिलासपुर, चंगर सेक्टर बिलासपुर को बफर जोन बनाने की अधिसूचना जारी कर दी गई। उन्होंने बताया कि कंटेनमेंट जोन में लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन और सभी विभागों के आपसी समन्वय और तालमेल के साथ लोगों को सभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति घर-द्वार पर उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि कंटेनमेंट जोन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक्टिव केस फाइडिंग के तहत 9 टीमें नियुक्त की गई है जोकि घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच करेंगी और लक्षण पाए जाने पर उनके सैंपल लिए जाएंगे। उन्होंने लोगों से अपील की है कि भयभीत न हो, संयम रखें और कोविड-19 के दिशा निर्देशों की अनुपालना करें और यदि कोई लक्षण दिखें तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग से सम्पर्क करें।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने केन्द्र सरकार से चैधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर को केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के रूप में परिवर्तित करने की मांग की है ताकि समूचे उत्तरी पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को इसका लाभ मिल सके। इस संदर्भ में केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा है कि वर्ष 1993 में मणिपुर के इम्फाल में केन्द्रीय विश्वविद्यालय स्थापित किया गया था और उत्तरी पश्चिमी हिमालय क्षेत्र के छह राज्यों के महाविद्यालयों को इसके साथ जोड़ा गया था। वर्ष 2014 मेें केन्द्र सरकार ने बिहार के पूसा में एक और केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय खोलने की योजना बनाई। जय राम ठाकुर ने कहा कि उत्तरी पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 3.1 करोड़ की जनसंख्या वास करती है और कुल 3,31,993 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के अन्तर्गत जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, केन्द्र शासित राज्य तथा हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड राज्य फैले हैं। यह पूरा क्षेत्र जैव विविधता में समृद्ध है और इसमें प्राकृतिक संसाधन जैसे खनिज, पानी और वन की प्रचूरता होने के कारण यह क्षेत्र विभिन्न फसलों के उत्पादन के लिए उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश इस क्षेत्र का प्रमुख राज्य है और सतलुज, रावी, ब्यास, चिनाब और यमुना नदियां यहां से बहती हैं। राज्य में कृषि व सम्बद्ध क्षेत्रों में बहुत क्षमता है और यदि यहां केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना होती है तो जहां शोध एवं अनुसंधान कार्य को गति मिलेगी, वहीं समूचे उत्तरी पश्चिमी हिमालय क्षेत्र के लोग खुशहाल बनेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर केन्द्र स्थल में स्थापित है और हवाई जहाज, रेल व सड़क मार्ग से जुडा हुआ है। इससे संस्थान में पर्याप्त अधोसेरचना उपलब्ध है। इसका परिसर 615 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है और इसके साथ कृषि, पशु औषधालय एवं पशु विज्ञान, सामुदायिक विज्ञान जैसे महाविद्यालय सम्बद्ध है तथा 12 क्षेत्रीय शोध स्टेशन, सब-स्टेशन, 8 कृषि विस्तार केन्द्र का नेटवर्क भी जुड़ा हुआ है। जय राम ठाकुर ने कहा कि भारत सरकार राज्य सरकार की इस मांग को मान लेती है तो दोनों को लाभ होगा, क्योंकि केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए न्यूनतम संसाधनों और लागत की आवश्यकता पड़ेगी। यह केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा कृषि विश्वविद्यालय बनकर उभर सकता है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को यहां वर्तमान अधोसंरचना श्रमशक्ति का लाभ मिलेगी, जब कि राज्य को केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के रूप में एक उत्कृष्ट संस्थान मिलेगा।
भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल ने एक प्रैस बयान में कहा कि विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता एवं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के दूसरे कार्यकाल का प्रथम वर्ष 30 मई 2020 को पूरा होने जा रहा है। उन्होनें कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार-2 का एक वर्ष का कार्यकाल ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरा रहा, कई दशकों से देश के आम जनमानस की इच्छाओं एवं आकांक्षाओं का सपना पूरा हुआ, जैसे तीन तलाक की समाप्ति हेतु कानूना बनाना, धारा-370 को हटाना, लद्दाख को अलग केन्द्र शासित राज्य बनाना, अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करना, शरणार्थियों के लिए नागरिक संशोधन कानून बनाना आदि प्रमुख उपलब्धियां हैं। इसके अतिरिक्त कोरोना संकट के समय जब पूरा विश्व इस महमारी बुरी तरह प्रभावित है, ऐसे में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने समय रहते लॉक डाउन की घोषणा सहित अन्य प्रभावी कदम उठाये। इन कदमों के लिए विश्व के कई देशों व संगठनों ने माननीय प्रधानमंत्री की सराहना भी की। भाजपा महामंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार के स्वर्णिम एक वर्ष के कार्यकाल पूर्ण होने पर कल यानि 30 मई, 2020 को सांय 4.00 बजे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा फेसबुक लाईव के माध्यम से राष्ट्र को सम्बोधित करेंगे। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश के बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक के सभी नेता व कार्यकर्ता इस फेसबुक लाईव से जुड़ेंगे और अन्य लोगों को भी उनके सम्बोधन सुनने का आग्रह करेंगे। उन्होनें कहा कि भाजपा प्रधानमंत्री जी के "आत्मनिर्भर भारत" के संकल्प को पूरा करने के लिए लोगों से स्वदेशी चीजे अपनाने व लोकल को वोकल बनाने का भी आग्रह करेगी। त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि आगामी समय में भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री द्वारा लिखित एक पत्र जिसमें आत्मनिर्भर भारत का संकल्प विश्व कल्याण हेतु भारत की भूमिका एवं कोविड-19 के फैलने से बचाव हेतु सावधानियों एवं स्वस्थ रहने हेतु अच्छी आदतों के संकल्प के आह्वान को देश भर में 10 करोड़ घरों तक पहुंचाएगी। साथ ही प्रदेश के सातों मोर्चां द्वारा संपर्क अभियान चलाया जाएगा जिसमें प्रत्येक मंडल पर बड़े पैमाने पर फेस कवर व सैनिटाइजर वितरित किए जाएंगे। स्थानीय एवं स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करने हेतु सभी कार्यकर्ता संकल्प लेंगे तथा "डिजीटल सम्पर्क" के माध्यम से प्रत्येक बूथ पर व्हाट्सएप ग्रुप का गठन किया जाएगा तथा पार्टी की पत्रिका दीप कमल संदेश का डिजिटल प्रकाशन होगा। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश "वर्चुअल रैली" करने जा रही है जिसमें 750 से अधिक की संख्या वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जुड़ेगी। प्रत्येक मोर्चा प्रदेश भर में 500-500 लोगों को जोड़ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से वर्चुअल रैली करेंगे और इन वर्चुअल रैलियों के माध्यम से मोदी सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की आर्थिक घोषणाओं एवं योजनाओं की समाज के सभी वर्गों के बीच में व्यापक रूप से चर्चा की जाएगी। इन कार्यक्रमों को धरातल पर उतारने के लिए पार्टी ने मुझे त्रिलोक जम्वाल, प्रदेश महामंत्री को कार्यक्रम का प्रांत संयोजक लगाया है और संसदीय क्षेत्रानुसार भी संयोजकों की नियुक्ति भी कर दी गई है जिसमें हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव कटवाल, मण्डी संसदीय क्षेत्र में प्रदेश उपाध्यक्ष धनेश्वरी ठाकुर, प्रदेश सचिव पायल वैद्य शिमला संसदीय क्षेत्र तथा कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में प्रदेश सचिव विशाल चौहान इन कार्यों को विशेष रूप से देखेंगे।
उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर तथा वन मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने एक संयुक्त वक्तव्य में कहा है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार जब जब भी प्रदेश में सत्ता में रही है, प्रदेश में भ्रष्टाचार के नये आयाम स्थापित हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी की सरकार अपने कार्यकाल के दौरान बुरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त थी उस पार्टी के नेताओं को नैतिकता की बात करना शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि विगत कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार का जो रिकार्ड बना उसकी गिनती करना भी संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने विगत कार्यकाल में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर था। उन्होंने कहा कि तत्कालीन सरकार का ध्यान प्रदेश के विकास की ओर कम तथा अपने मुख्यमंत्री को कोर्ट-कचहरी से बचाने में व्यतीत हुआ। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में यह पहली बार हुआ कि जब प्रदेश का मुखिया और उनका पूरा परिवार जमानत पर रहा। बिक्रम सिंह और गोविन्द ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा प्रदेश में शराब के थोक व्यापार के लिए गठित किए गए हिमाचल प्रदेश बेवरेज लिमिटेड की स्थापना से प्रदेश केे राजस्व को 200 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। उन्होंने कहा कि इसका एकमात्र उद्देश्य अपने चहेतों को करोड़ों रूपये का लाभ पहुंचाना था। उद्योग मंत्री एवं वन मंत्री ने कहा कि इस लिमिटेड की स्थापना तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह तथा तत्कालीन आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चैधरी द्वारा विभाग की संस्तुति को नजरअंदाज करते हुए की गई थी। उन्होंने कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा कम्पनी के गठन के लिए उचित समय दिए बिना की गई थी, जबकि उस समय प्रदेश में एल-1 व एल-13 थोक विक्रय लाईसेंस की एक सुदृढ़ प्रक्रिया उपलब्ध थी। मंत्रियों ने कहा कि कम्पनी को डिस्टलरों व बोटलरों से शराब खरीद कर परचून वितरकों को जारी करनी थी। इसमें उधार लेन-देन नहीं होना था और हिमाचल प्रदेश बेवरेज लिमिटेड को केवल नकद भुगतान के बाद ही परचून विक्रेताओं को शराब पहुंचानी थी। उन्होंने कहा कि इस कम्पनी ने ऐसा नहीं किया और परचून विक्रेताओं को उधार पर शराब दी जिससे कम्पनी को भारी नुक्सान हुआ और परचून विक्रेताओं के पास भारी मात्रा में उधार फंस गया। इसके अतिरिक्त चार कम्पनियों को भंडारण लाईसेंस दिए गए जिनमें रंगड़ बूरूरी, सीबकस, ब्लयू लाईन व जी.आई. सी. शामिल है। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस थानों में 14 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं तथा उगाही के लिए के प्रदेश की विभिन्न अदालतों में 20 सिविल सूट दर्ज किया गए हैं। इन मंत्रियों ने कहा कि हिमाचल प्रदेश बेवरेज लिमिटेड को तात्कालीन प्रदेश कांग्रेस सरकार द्वारा प्रदेश के ऊना, चम्बा तथा किन्नौर जिलों में परचून व्यापार करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि परचून व्यापार कम्पनी के किसी भी अनुच्छेद का हिस्सा नहीं था व न ही इसके लिए कम्पनी को प्राधिकृत किया गया था। उन्होंने कहा कि इन तीन जिलों में कम्पनी का परचून व्यापार बुरी तरह से प्रभावित हुआ और प्रदेश के राजस्व को 67 करोड़ रूपये का नुक्सान हुआ।
राज्य सरकार ने संस्कृत को दूसरी भाषा का दर्जा दिया है और अब इस भाषा को और अधिक व्यावहारिक व सरल बनाने के प्रयास होने चाहिए ताकि इसे जनता के बीच लोकप्रिय बनाया जा सके। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के न्यूजलेटर का विमोचन करने के बाद यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड द्वारा न्यूजलेटर को हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी में लाने का प्रयास वास्तव में प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोरोना महामारी के कारण लाॅकडाउन में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। राज्य सरकार ने विद्यार्थियों को गृह शिक्षण सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से दूरदर्शन ज्ञानशाला कार्यक्रम भी शुरू किया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि बोर्ड को सभी परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रयास करना चाहिए ताकि परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों को अनुचित साधनों का उपयोग करने से रोका जा सके। उन्होंने मार्च, 2019 की परीक्षा में असफल हुए विद्यार्थियों को स्टेट ओपन स्कूल प्रशिक्षणार्थियों के साथ-साथ उनके शैक्षणिक वर्ष को बचाने के लिए एक अवसर प्रदान करने के लिए बोर्ड के प्रयासों की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूली पाठ्यक्रम में नैतिक शिक्षा, वैदिक गणित और व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। हिमाचल प्रदेश बोर्ड आॅफ स्कूल एजुकेशन धर्मशाला के अयक्ष डाॅ. सुरेश कुमार सोनी ने बोर्ड की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि पहली बार स्कूलों में 45 परीक्षा केंद्रों का प्रबंधन ‘सावित्री बाई फुले’ के नाम से महिला कर्मचारियों द्वारा किया जाएगा, जो भारत की पहली महिला शिक्षक और 1848 में पुणे में पहले भारतीय गर्ल स्कूल की संस्थापक थीं। उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न स्कूल परिसरों में 1,09,315 पौधे भी लगाए गए हैं। निदेशक उच्च शिक्षा डाॅ. अमरजीत शर्मा और शिक्षा बोर्ड और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
क्षेत्र में किसानों की तैयार टमाटर की फसल को एकाएक बिमारी लगने की वजह से किसानो को अब अपनी रोजी रोटी की चिंता सताने लग गई है। कुनिहार क्षेत्र से करीब 4 किलो मीटर दूर कंडला, आऊन, शीत, सियारी आदि गांवों में टमाटर खीरा आदि फसल अचानक रोग ग्रस्त होना शुरू हो गई जिसके कारण किसानो की चिंताएं बढ़ना शुरू हो गई है। हैरानगी का विषय यह है कि जिन खेतों में तैयार टमाटर के पौधे सूखने लगे उन खेतों में सिंचाई की कोई कमी नहीं थी व् किसानो द्वारा समयानुसार कीटनाशक दवाइयों का भी छिडकाव किया गया। लेकिन किसानों द्वारा हजारों रुपए बीज ,कीटनाशक व अन्य सामान पर खर्च करने के बाद किसानों की तैयार फसलें खराब हो रही है। किसानों का कहना है कि उन्होंने लोन खेती के लिए लोन ले रखा है खेतीबाड़ी ही हमारी रोजी रोटी का साधन है अगर ऐसे ही फसलें खराब होती रही तो हमे रोजी रोटी के लाले पड़ जाएंगे व परिवार का पालन पोषण मुश्किल हो जाएगा। दूसरी समस्या देश में जारी लॉक डाउन के चलते किसान तैयार उत्पादों को भी सब्जी मंडी तक नहीं पंहुचा पा रहे हैं जैसे तैसे करके अगर फसल को मंडी तक भी पंहुचाया जा रहा है तो उसका पर्याप्त लाभ किसानो को नहीं मिल पा रहा है। किसान हिरा लाल नानक चंद नरोत्तम दास राजकुमार नरेश कुमार जट्टू राम आदि ने कहा कि टमाटर एवं अन्य तैयार मौसमी सब्जियां अचानक रोग ग्रस्त होने लग गई है व् किसानो को भारी मात्रा में आर्थिक नुक्सान झेलना पड़ा है। कुनिहार एवं आस पास के अधिकतर गांव में किसान टमाटर के साथ साथ अन्य मौसमी सब्जियों का भारी मात्रा में उत्पादन तैयार करते हैं । उन्होंने कहा कि अगर क्षेत्र में ही तैयार टमाटर एवं अन्य मौसमी सब्जियों के लिए मंडी स्थापित होती तो किसानो को इधर उधर की मंडियों के चक्कर नहीं काटने पडेंगे। उन्होंने सरकार से मांग करते हुवे कहा कि किसानों को कुछ आर्थिक सहायता की जाए व कुनिहार क्षेत्र में तैयार उत्पादन की खपत हेतु सब्जी मंडी को खोला जाए। इसी विषय बारे जब सदस्य मार्किट कमेटी सोलन एवं प्रदेश सचिव किसान मोर्चा दलीप पाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि देश में जारी लॉक डाउन के चलते किसानो के तैयार उत्पादनों को मंडियों तक पंहुचना थोडा कठिन हो रहा है। कुनिहार क्षेत्र में सब्जी मंडी खोले जाने का विषय प्रदेश मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जा चूका है व् उन्होंने आश्वाशन दिया है कि क्षेत्र में किसानो की सुविधा के लिए भव्य सब्जी मंडी की इमारत बनाई जायेगी। इसी विषय बारे कृषि वाद विशेषज्ञ कृषि ब्लॉक कुनिहार मनोज शर्मा ने किसानो को सलाह दी कि एैसी स्थिति में टमाटर की फसल में कारब्रियो टाप 2 ग्राम दवाई एक लीटर पानी में घोल का स्प्रे कर सकते हैं। एक सप्ताह के पश्चात कर्जेट एम् 8 करीब ढाई ग्राम दवाई एक लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करे । इसके अतिरिक्त खीरे में सट्रेपलोसाइकलिंन एक ग्राम दवाई 10 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव किया जा सकता है। एक सप्ताह पश्चात कापर आ1सी1लोराइड 3 ग्राम दवाई एक लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करे। उन्होंने किसानो को सलाह दी कि टमाटर खीरा अथवा अन्य मौसमी सब्जियों के सूखे पत्तों को तोडकर खेत से दूर गढ्ढा बनाकर ठिकाने लगाए। अधिक जानकारी के लिए किसान कार्यलय में कार्य दिवस के दौरान सम्पर्क कर सकते हैं।
बीजेपी के बेड़े में भ्रष्टाचार के छेद होने के बाद अब इसके कई मुसाफिर सुरक्षित ठिकानों की ओर छलांगें लगाने लगे हैं क्योंकि उनको लग रहा है कि सत्ता सुख का यह बेड़ा कभी भी डूब सकता है। यह बात राज्य कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने प्रेस बयान में कही है। राणा ने कहा कि जो सरकार जीरो क्रप्शन टोलरेंस की दलीलें व दुहाई देती थी, उसी सरकार के आधे कार्यकाल में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। महामारी के आतंक के बीच हेल्थ विभाग में उजागर हुए बेखौफ भ्रष्टाचार ने सरकार की चुलें हिला कर रख दी है। सरकार के शुरू दिन से ही हेल्थ विभाग भ्रष्टाचार की सुर्खियां बटोर रहा है। हेल्थ विभाग में बेखौफ चल रहे भ्रष्टाचार ने पहले हेल्थ मिनिस्टर की विकेट उड़ाई, फिर सफाई, दुहाई व बचाव के प्रयासों ने कई अफसरों को बली का बकरा बनाया। यह दीगर है कि सरकार पर हावी-प्रभावी 2-4 अफसरों की जुंडली ने सरकार की आंखों का तारा बन कर अपने सिहांसनो को महफूज रखा है। हेल्थ विभाग में लगातार चला आ रहा भ्रष्टाचार कोरोना महामारी के दौरान भी बदस्तूर चला आ रहा है। मामला सेनेटाइजर खरीद में कर्रप्शन का हो या पीपीई किट खरीद का घोटाला हो या फिर हिमुडा की जमीन खरीद में करोड़ों के लेने देन के संगीन आरोप हों भ्रष्टाचार बेखौफ चलता रहा और सरकार यह दलीलें देती रही कि उनका दामन पाक-साफ है। मसला पुलिस या पटवारियों की भर्ती का हो या विश्वविद्यालयों में डिग्रियों की खरीद फरोख्त का हो या फिर ताजा कड़ी में भ्रष्ट तंत्र व नेताओं के भ्रष्टाचार गठबंधन का हो, जिसके प्रकोप ने अब रुष्ट व असंतुष्ट भाजपाईयों के आक्रोश में पार्टी मुखिया व सरकार के दामन को दागदार किया है, इस सरेआम चल रहे भ्रष्टाचार से अब जनता का विश्वास इस सरकार से पूरी तरह उठ चुका है। जनता अब यह सोचने पर मजबूर है कि क्या यह उसी सरकार के लोग हैं जिन्होंने जीरो कर्रप्शन टोलरेंस के वायदे व बातें करके जनादेश हासिल किया है और अब भ्रष्टाचार का कोई मौका नहीं चूक रहे हैं। जहां कोरोना महामारी आम जनता के लिए आपदा का सबब साबित हो रहा है, वहीं सरकार के भ्रष्ट तंत्र में यह महामारी भ्रष्टाचार से इस तंत्र की तिजोरियां भरने का मौका साबित हो रही है। राणा ने कहा कि आज जनता और विपक्ष ही नहीं बीजेपी के अपने लोग भी सरकार में चल रहे भ्रष्टाचार से आजिज आ चुके हैं और अब सरकार ने अपने बचाव में खुद के मंत्री, मुखियों की बली लेने का सिलसिला शुरू हुआ है, जबकि कई भ्रष्टाचार के असली बकरों को बचाने के लिए सरकार अब भरपूर प्रयास में जुट गई है।


















































