शनिवार, सोलन युवा काँग्रेस के द्वारा सोलन युवा काँग्रेस अध्यक्ष अमित ठाकुर की अध्यक्षता में जिला उपायुक्त के. सी. चमन के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन दिया गया। उन्होंने हाल ही में उजागर हुए स्वस्थ्य घोटाले पर टिपण्णी करते हुए कहा की यह घोटाला प्रदेश को शर्मसार करने वाला है। उन्होंने कहा की स्वास्थ्य विभाग के इस घोटाले के उजागर होने के बाद देश व प्रदेश भर में इसकी खूब चर्चा व सरकार की किरकिरी हुई तथा कोरोना जैसी महामारी में घोटाला उजागर होने से प्रदेश की जनता में सरकार के ऊपर से विश्वास उठ गया है। इस घोटाले को लेकर भाजपा के बड़े नेताओं पर आरोप लगने शुरू हुए ओर आरोपी स्वास्थ्य निदेशक जो कि 31 मई 2020 को पद से सेवानिवृत्त होने वाले थे उनके सेवा विस्तार देने के लिए भाजपा नेता द्वारा ही सरकार को पैरवी की जा रही थी। जिससे ऐसा प्रतीत होता कि इस घोटाले के तार भाजपा सरकार से जुड़े हुए है। इस घोटाले के उजागर होने के बाद विपक्ष के दबाव के चलते भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल को भी अपने संगठन के पद से इस्तीफा देना पड़ा है। हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस ज्ञापन पत्र के माध्यम से कहा की है की वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान इस प्रकार के घोटाले की घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है तथा प्रदेश सरकार के भीतर फैले भ्रष्टाचार को उजागर करती है और प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा करती है। हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस मांग करती है कि इस घोटाले की उच्च स्तरीय जाँच प्रदेश के किसी भी वर्तमान न्यायाधीश के अधीन हो तथा पूरे मामला मामले की निष्पक्ष जांच हो। उन्होंने कहा की है कि जनता का सरकार के ऊपर से विश्वास उठ चुका है इसलिए वह अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस घोटाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। उन्होंने कहा की प्रदेश की जनता इस बात से भली भांति परिचित है कि स्वास्थ्य विभाग व स्वास्थ्य निदेशक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के अधीन नही बल्कि प्रदेश सरकार के अधीन काम करता है। अतः भाजपा की तरफ से संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ने इस्तीफा दिया है जोकि महज़ मामले से ध्यान भटकाने का प्रयास है। प्रदेश में पिछले कुछ महीने से स्वास्थ्य मंत्री का पद खाली होने के बाद से यह विभाग हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के अधीन है इसलिए स्वास्थ्य विभाग में जो कोरोना किट घोटाला हुआ है वह सरकार की जवाबदेही तय करती है तथा सरकार की नाकामी को दर्शाती है और इसलिए हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस नैतिक तौर पर इस घोटाले के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग करती है । उन्होंने मांग की है कि प्रदेश सरकार में फैले भ्रष्टाचार को रोकने के लिए उचित कदम उठाए तथा संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग कर इस घोटाले की जाँच करने के लिए सख़्त दिशानिर्देश जारी किए जाएं क्योंकि सरकार इस घोटाले में संलिप्त अपने भाजपा नेताओं व अधिकारी को बचाने का प्रयास कर रही है। युवा कांग्रेस इस घोटाले की किसी वर्तमान न्यायाधीश के अधीन स्वतंत्र जाँच की माँग की है और नैतिक तौर पर मुख्यमंत्री के इस्तीफे की भी मांग की है । इस मौके पर सोलन यूथ काँग्रेस उपाध्यक्ष विकास ठाकुर, विशाल शर्मा, जय प्रकाश, सोलन यूथ काँग्रेस शहरी अध्यक्ष पुनीत नारंग, चेतन ग्रोवर, अनुज पंवार, संजीव ठाकुर आदि मौजूद रहे!
शिमला में पिछले 24 घण्टो में भारी बारिश हुई है। लगातार हो रही बारिश से काफ़ी नुकसान भी हुआ है। बारिश की वजह से कसुम्पटी में चार मंजिला ईमारत गिर गई। ईमारत के गिरने से कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। हादसे के वक़्त ईमारत में कोई नहीं था। ये ईमारत खाली थी इसलिए जानी नुकसान नही हुआ। प्रशासन मौके पर पहुंच कर नुकसान का आंकलन कर रहा हैं और ईमारत के गिरने के कारणों की जांच की जाएगी। बता दे कि पिछले 24 घण्टो में शिमला में रिकॉर्ड बारिश हुई है जिससे काफी नुकसान भी हुआ है। राजधानी में बारिश ने पिछले 12 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि पिछले 24 घंटो के दौरान हिमाचल प्रदेश में 2008 के बाद सबसे ज़्यादा 74.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज़ की गई। उन्होंने बताया कि बारिश से हिमाचल में तापमान भी सामान्य से कम चल रहे है। शिमला का न्यूनतम तापमान 10.4 रहा जो सामान्य से 6 डिग्री कम है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में आज के लिये भी अलर्ट जारी किया गया है जिससे बारिश व ओलावृष्टि हो सकती है। इसके बाद कल से चार दिनों तक मौसम के साफ रहने की संभावना जताई जा रही है।
परिवहन मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों की ओर से मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को एचपी एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅंस फंड में 2,95,000 रुपये का चैक भेंट किया। पच्छाद की विधायक रीना कश्यप ने ब्रहाम्ण कल्याण सभा राजगढ़ की ओर से मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को एचपी एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅंस फंड में 51,000 रुपये, इसके अतिरिक्त मण्डी के कांट्रेक्टर विजय कपूर ने भी एचपी एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅंस फंड में 1,51,000 रुपये के चैक भेंट किये। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
नौणी विश्वविद्यालय मे प्रशान्त सरकैक ने कुलसचिव का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। प्रशान्त सरकैक कोटगढ के रहने वाले हैं तथा 2010 के एच.ए.एस है। इससे पूर्व यह बीडीओ पालमपुर-एसडीएम बँजार लाहौल स्पिति तथा सँयुक्त कमीशनर नगर निगम शिमला मे भी सेवाएं दे चुके हैं। इन्होंने बताया कि कुलपति के निर्देशानुसार विश्वविद्यालय के सभी प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बेहतर तालमेल के साथ विश्वविद्यालय की प्रगति के लिए प्रयास रत रहना मै अपना सौभाग्य समझूंगा। प्रशासनिक सेवा मे ऐसा कम मौका मिलता है जब विश्वविद्यालय मे वैज्ञानिकों तथा बुद्धिजीवियों के साथ कार्य करने का सौभाग्य मिल रहा है। इस कार्यकाल को मैँ स्वर्णिम कार्यकाल के रुप मे निभाने के लिए हर सम्भव प्रयास करुँगा।
कोरोना महामारी की लड़ाई में प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन व हर एक व्यक्ति किसी न किसी तरह से अपना सहयोग दे रहा है। कुनिहार की सामाजिक संस्थाएं भी इस अभियान में लगातार लगी हुई है और हर सम्भव सहयोग जरूरतमन्दों के लिए कर रही है। अब यह संस्थाएं होम्योपैथिक मैडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल कुमारहट्टी सोलन द्वारा भेंट की गई इम्युनिटी बूस्टर होम्योपैथिक दवाई कुनिहार क्षेत्र में घर घर बांटेगी। कॉलेज के चेयरमैन रोशन लाल जिंदल ने बताया कि भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा अनुमोदित यह दवाई सर्व एकता जनमंच, एहसास कल्याण समिति व नव चेतना समिति कुनिहार की संस्थाओं को लगभग 3 हजार परिवारों को वितरण हेतु दी गई है। उन्होंने बताया कि कोरोना काल मे लगभग एक लाख परिवारों को यह दवाई वितरित की जा चुकी है जिसमे सेवा भारती नालागढ़ का भरपूर सहयोग रहा। अब इस सहयोग के लिए कुनिहार की सामाजिक संस्थाएं आगे आई है। कुनिहार की सामाजिक संस्थाओं के अध्यक्षों कुलदीप कंवर, राजेन्द्र ठाकुर व हरजिंदर ठाकुर ने होम्योपैथिक मैडिकल कॉलेज एन्ड हॉस्पिटल के चेयरमैन रोशन लाल जिंदल व प्रशासक विशाल शर्मा, डॉ मनीष, डॉ योगिता, डॉ सपना, समीर, प्रदीप, अनिता, कविता, कमलेश, मोनू, पुरन व आशीष आदि का इस पुनीत कार्य के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय मे क्षेत्र के हर परिवार तक इस इम्युनिटी बूस्टर दवाई को पहुंचाया जाएगा जिससे लोगों की इम्युनिटी में बढ़ोतरी होगी व रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी।
जिला कुल्लू एथलेटिक्स एसोसीएशन द्वारा "फिटनेस चैलेंज एथलेटिक्स V/S कोरोना नाम से फिटनेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें 110 प्रतिभागियों की 4 समूहों में प्रतियोगिता करवाई गई। इसमें 34 से 64 आयु वर्ग में निथर के बैनर्जी शर्मा ने जिला भर में अपने योग अभ्यास द्वारा द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। बैनर्जी शर्मा वर्तमान में राजकीय प्राथमिक पाठशाला निथर में JBT के पद पर कार्यरत है तथा ये दो बार खंड निरमंड के अध्यक्ष के पद पर भी रहे उनको हमारी तरफ से शुभकामनाएं।
दी एस वी एन स्कूल बडोरघाटी कुनिहार के नन्हे मुन्ने बच्चों ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अपने अपने घरों पर रहते हुए घरों के आसपास व गमलों में फूल पौधों का रोपण किया तो कुछ बच्चों ने पेड़ पोधों की पेंटिंग कर समाज को पर्यावरण का सुंदर सन्देश दिया। तो वन्ही पर्यावरण दिवस पर विद्यालय चेयरमैन टी सी गर्ग व निदेशक लूपिन गर्ग सहित अन्य स्टाफ द्वारा विद्यालय परिसर में पौधा रोपण किया गया। विद्यालय चेयरमैन टीसी गर्ग व निदेशक लूपिन गर्ग ने बताया कि सभी अभिभावकों को ऑनलाइन मैसेज कर पर्यावरण दिवस पर बच्चों के साथ पौधा रोपण व पेटिंग में सहयोग के लिए कहा गया था जिसमे सभी बच्चों ने इस दिवस पर अपने अभिभावकों के सहयोग से पौधा रोपण व सुंदर पेंटिंग से समाज को सुंदर सन्देश दिया। उन्होंने बताया कि कोरोना के कारण जब तक स्कूल नही खुलते तब तक पढ़ाई व अन्य एक्टिविटी ऑनलाइन जारी रहेगी।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने पुराना बस स्टैंड शिमला के समीप बाबा भलकू रेल संग्रहालय परिसर में पौधरोपण किया। पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन नगर निगम जैव विविधता समिति द्वारा किया गया। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि पर्यावरण हमारी संस्कृति, जीवन शैली और परंपरा का एक अभिन्न अंग हैं। उन्होंने कहा कि शहरीकरण और औद्योगीकरण विकास के लिए आवश्यक है लेकिन पर्यावरण की कीमत पर उन्हें विकसित नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज, दुनिया कोरोना महामारी से पीड़ित है, जो स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि प्रकति के साथ छेड़छाड़ के परिणाम कितने भयानक हो सकते हैं। इसलिए पर्यावरण की सुरक्षा प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है और हम सभी को इस दिशा में कार्य करना चाहिए। नगर निगम शिमला की महापौर सत्या कौंडल, उप महापौर शैलेन्द्र चैहान, आयुक्त पंकज राय और पार्षद भी इस अवसर पर उपस्थित थे। राज्यपाल ने बाबा भलकू रेल संग्रहालय का दौरा भी किया और संग्रहालय में प्रदर्शित संरक्षित कलाकृतियों में दिलचस्पी दिखाई। स्टेशन अधीक्षक प्रिंस सैथी ने पुरानी विरासत के बारे में जानकारी दी। इसके उपरांत, राज्यपाल ने नगर निगम कार्यालय का भी दौरा किया और पार्षदों से उनके वार्डों में कोविड-19 के मुद्दों और तैयारियों पर चर्चा की। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज भी इस अवसर पर उपस्थित थे। इससे पहले, राज्यपाल ने संत गुरु कबीर जी को उनकी जयंती पर पुष्पांजलि भी अर्पित की।
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्राॅनिक्स विकास निगम की छवि खराब करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इन लोगों ने निगम पर सब-स्टैंडर्ड और कम कीमत के वेंटिलेटर मंहगे दामों पर खरीदने के झूठे व निराधार आरोप लगाये हैं। आरोपों में कहा है कि निगम द्वारा यह वेंटिलेटर 10,29,840 रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदे गए है, जबकि निजी क्षेत्र में इनकी कीमत 3,50,000 रुपये है। प्रवक्ता ने कहा कि एचपीएसईडीसी द्वारा वेंटिलेटर की ऐसी कोई खरीद नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस तरह के झूठे आरोप बिल्कुल भी सहन नहीं करेगी। इसलिए, उन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिन्होंने एचपीएसईडीसी पर झूठे आरोप लगाए हैं। इस साजिश में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं निदेशालय के स्तर पर वेंटिलेटर की खरीद के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया था। उन्होंने कहा कि वेंटिलेटर की खरीद से पहले वेंटिलेटर की दरों और मानकों का अध्ययन जीईएम पोर्टल पर किया गया था। इसके अलावा, समिति ने अन्य राज्यों द्वारा वेंटिलेटर की खरीद के लिए अपनाई गई प्रक्रिया का भी अध्ययन किया था। उन्होंने कहा कि वेंटिलेटर दरों और तकनीकी मानकों को ध्यान में रखते हुए खरीदे गये थे। वेंटिलेटर की खरीद में पारदर्शिता का पूरा पालन किया गया है।
पूरे विश्व में व्याप्त कोविड-19 महामारी के चलते खेल मैदान सूने पड़े हैं। प्रदेश में भी इन दिनों कोई भी खेल गतिविधियां नहीं हो पा रही हैं। हिमाचल प्रदेश फुटबॉल संघ कोविड-19 महामारी के इस दौर में अपने खिलाडिय़ों को उपयोगी टिप्स देने के लिए एक वेबिनार सीरीज शुरू करने जा रहा है। फुटबॉल संघ के मीडिया कॉआर्डिनेटर सत्यदेव शर्मा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश फुटबॉल संघ (एचपीएफए) राज्य में फुटबॉल के नवोदित खिलाडिय़ों के लिए जल्द ही एक वेबिनार सीरीज ‘हमारा गुणवत्तापूर्ण फुटबॉल विकास महत्वपूर्ण है’ शुरू करेगा। इसके लिए संघ के एक खाका तैयार कर लिया है। जिसके तहत प्रदेश के अंडर-17 नवोदित फुटबॉल खिलाडिय़ों के लिए ऑन लाइन युवा विकास कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में देश तथा विदेश से विभिन्न विषयों में परांगत वक्ता अपने-अपने अनुभव युवा खिलाडिय़ों के साथ सांझा करेंगे। इस दौरान वह खिलाडिय़ों को उपयोगी टिप्स भी देंगे। जोकि उनको भविष्य में खेल मैदान में काम आएंगे। शर्मा ने बताया कि यह कार्यक्रम 6 जून से आरंभ किया जा रहा है। इसमें प्रदेश भर से अंडर-17 के फुटबॉल खिलाड़ी अपने-अपने विषयों में विशेषज्ञ इन नवोदित खिलाडिय़ों को उपयोगी टिप्स देंगे। कार्यक्रम प्रत्येक शनिवार और रविवार को बाद दोपहर 3:30 से 4:30 बजे तक होगा। यह ऑन लाइन कोर्स तीन महीने चलेगा। इसके बाद सभी खिलाडिय़ों का एक सिलेक्शन ट्रायल लिया जाएगा। अंडर-17 के बाद इसे अंडर-15 और अंडर-21 पर भी लागू किया जाएगा। शर्मा ने बताया कि ऑन लाइन वेबिनार कार्यक्रम के तहत फुटबॉल खिलाडिय़ों को आधुनिक तकनीक के साथ-साथ फुटबॉल खेल से जुड़े हर टॉपिक पर चर्चा होगी। संघ के महासचिव दीपक शर्मा ने बताया कि यह कार्यक्रम हिमाचल में पहली बार आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी खिलाडिय़ों को संघ द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। शर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम केे बाद ऊना में एक चयन प्रक्रिया का आयोजन किया जाएगा। जिसमें वेबिनार में भाग लेने वाले सभी खिलाडिय़ों का जिला ऊना में पेपर लिया जाएगा। इस कार्यक्रम के मुख्य सूत्रधार संघ के तकनीकी निदेशक सुधीर बी टी होंगे। जबकि संघ के प्रशासनिक प्रभारी शिवम गुरुंग सहयोग करेंगे। ये एक्सपर्ट देंगे टिप्स एमएमके कॉलेज मुंबई में शारीकि शिक्षा के विभाग प्रमुख मृणाल रॉय, कृषि एवं साइंस विश्वविद्यालय धारवाड कर्नाटक में शारीकि शिक्षा विभाग के प्रमुख एवं प्राध्यापक डॉ. मुक्तामथ, एआईएफएफ रेफरी, क्राउफ संस्थान बार्सीलोना में फुटबॉल प्रबंधक हरदेव शेरगिल, एचपीएफए के हेड कोच विपिन थापा, साई एलएनसीपीई त्रिवेंद्रम में सहायक प्राध्यापक और एआईएफएफ प्रशिक्षक डॉ. नरेंद्र गंगवार, एचपीएफए के फीजियोथैरेपिस्ट डॉ. सुमित कुमार शर्मा, फिटनेस एक्सपर्ट श्रीकांत अंजनकर, जय जानी, योगा केे लिए मुनीष कौशल, डाइट एंड विलनेस पर डॉ. कीर्ति मसूरकर, फिजियो ज्योति बी ढ़ींगरा, इम्मेन फुटबॉल अकादमी नीदरलैंड में गोलकीपिंग एक्सपर्ट अल्वर्ट ब्रोम्मर, एआईएफएफ में कैट-टू रैफरी रोहित अपने-अपने विषयों पर अलग-अलग दिन वेबिनार के माध्यम से ऑन लाइन टिप्स देंगे।
मोदी सरकार 2.0 का पहला वर्ष बहुत ही प्रभावशाली और चुनौतीपूर्ण रहा है। प्रभावशाली इसलिए कि जनादेश, शासन की गति सरकारी योजनाओं की अन्तिम व्यक्ति तक पहुॅंच, मजबूत बुनियादी ढांचा और दशकों से लटके हुए मुद्दों के समाधान को उच्च प्राथमिकता दी गई। चुनौतीपूर्ण इसलिए कि कोविड-19 और अम्फान चक्रवात ने जो अभूतपूर्व संकट खड़े किए उससे दुख और विपदा तो आई ही, साथ ही भारी नुकसान हुआ लेकिन आज देश में एक निर्णय लेने वाली उत्तरदायी सरकार है, जो देशवासियों के लिए फिक्रमंद है, साथ ही जिसके पास दृष्टि और दूरदर्शिता है, जो इस चुनौतीपूर्ण समय से देश को बाहर निकालने का सामथ्र्य रखती है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के सुरक्षा कवच और आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना के बाद भारत निश्चय ही इस कठिन समय से बाहर आ जाएगा। साथ ही, देश ने सहकारी संघवाद के बेहतरीन उदाहरण को क्रियान्वित होते हुए भी देखा है, लेकिन अब हमें बगैर चूके प्रत्येक नागरिक को उसके द्वारा इस कठिन स्थिति को समझने और सर्वोत्तम आचरण का उदाहरण प्रस्तुत करने के लिए, धन्यवाद देना है। आने वाले दिनों में यह देश, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आत्मनिर्भरता और आर्थिक विकास की नई उंचाईयों को छूने के लिए पूरी तरह तैयार है। ऐतिहासिक निर्णय ऽ अनुच्छेद 370 हटाः जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35 ए को समाप्त करके का ऐतिहासिक निर्णय लेकर मोदी सरकार ने देश की एकता और अखण्डता को मजबूती प्रदान की है। ऽ दो नए केन्द्रशासित प्रदेश-जम्मू-कश्मीर और लद्दाख बनेः दो नये केन्द्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख 31 अक्तूबर को अस्तित्व में आए। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र को केन्द्रशासित प्रदेश घोषित करके सरकार ने वहां के लोगों को वो सभी अधिकार दिए जिससे वे लम्बे समय से वंचित रहे। इससे राज्य में तीव्र विकास के रास्ते खुले। ऽ नागरिक(संशोधन)अधिनियम,2019ः अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण भारत आए हिन्दू, सिख, बौध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के शरणाथर््िायों को भारतीय नागरिक बनाने का प्रावधान करके उनके सम्मानपूर्ण जीवन और भारत के मानवीय दृष्टिकोण को सुनिश्चित किया। ऽ राम मन्दिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्तः उच्चतम न्यायालय द्वारा 9 नवम्बर को सर्वसम्मति से दिए गए फैसले से अयोध्या में राम मन्दिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। मोदी सरकार ने न्यायालय के आदेशानुसार मन्दिर निर्माण के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की घोषणा कर दी। ऽ तीन तलाकः मोदी सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय को करोड़ों मुस्लिम महिलाओं के हक में अपनी राय दी। सर्वोच्च न्यायालय के तीन तलाक पर निर्णय से आज करोड़ों मुस्लिम महिलाएं इस कुप्रथा के कलंक से मुक्त हो खुली हवा में सांस ले रही हैं। इस सम्बन्ध में मोदी सरकार ने तीन तलाक की कुप्रथा पर कड़ा कानून ‘मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक, 2019’ बनाकर मुस्लिम महिलाओं का सशक्तिकरण किया। ऽ करतारपुर गलियारा राष्ट्र को समर्पितः गुरू नानकदेव जी से जुड़ी आस्था की स्थली गुरूद्वारा करतारपुर साहिब तक श्रद्धालुओं के जाने की राह की बाधा का स्थाई समाधान हुआ है। करतारपुर गलियारे की चैकपोस्ट शुरू हो जाने से पाकिस्तान स्थित गुरूद्वारा करतारपुर साहेब जाने के लिए भारतीय श्रद्धालुओं को सुविधा। ऽ ब्रू-रियांग समझौताः इस नए समझौते से करीब 23 वर्षों मक ा रही पूर्वाेत्तर क्षेत्र की जटिल समस्या का स्थाई व शांतिपूर्ण समाधान किया है। सरकार द्वारा बू्र-रियांग समझौते को अमलीजामा पहनाने से इस समुदाय के करीब 40 हजार लोगों को त्रिपुरा में बसाने का मार्ग प्रशस्त हुआ। ऽ बोडो समझौताः देश में शांति और सुरक्षा के लिए समर्पित सरकार ने बोडो समझौता करके असम से जुड़ी इस समस्या का स्थाई समाधान करके वहां शांति व्यवस्था की एक नई नींव रखी है। ऐतिहासिक बोडो समझौता बोडो लोगों को परिवर्तनकारी परिणाम वाला साबित होगा। सेना के लिए महत्वपूर्ण निर्णय ऽ प्रथम चीफ आॅफ डिफेंस स्टाफ की नियुक्तिः रक्षा मंत्रालय में सैन्य मामलों का एक नया विभाग बनाया और जनरल बिपिन रावत चीफ आॅफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) प्रमुख नियुक्त किए गए हैं। ऽ वायुसेना में शामिल हुए आठ अपाचे लड़ाकू हेलीहाॅप्टरः अपाचे हेलीकाॅप्टर के शामिल होने से भारतीय वायु सेना की मारक क्षमता बढ़ गई है। भारत ने फ्रांस से पहला राफेल विमान 8 अक्तूबर को प्राप्त किया। फ्रंास से खरीदे गए 36 राफेल लड़ाकू विमानों की श्रृंखला में प्रथम विमान सौंपे जाने के समारोह का आयोजन फ्रंास में राफेल विमान निर्माता दसाॅल्ट एविएशन के प्रतिष्ठान में किया गया। अन्य प्रमुख उपलब्धियां ऽ ‘आयुष्मान भारत’ के तहत एक करोड़ से ज्यादा लाभार्थीः ‘आयुष्मान भारत योजना’ के तहत देश के 50 करोड़ लोगों को 5 लाख तक के मुफत ईलाज तक की सुविधा देने की अभूतपूर्व स्वास्थ्य योजना मोदी सरकार की गरीब हितैषी नीतियों को दिखाती है। एक करोड़ से ज्यादा लोगों को लाभ प्रदान कर इस दिशा में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। ऽ अटल पेेंशन योजना के पांच वर्ष पूरेः अटल पेंशन योजना ने 2.23 करोड़ लोगों का नाम दर्ज कर असाधारण कार्य किया। ऽ ‘ईज ऑफ़ डूइंग बिजनेस रिपोर्टः भारत ने 142वें पायदान से छलांग लगाकर 63वें पायदान पर जगह बना ली है। ऽ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनाः मोदी सरकार की नीतियों में शुरू से ही किसान हितैषी योजनाओं को महत्व दिया गया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से देश के इस योजना से 14.5 करोड़ किसानों को सालाना 6,000 रूपये की इनपुट प्राईस की राशि देकर किसानों को खेती से जुड़ी शुरूआती जरूरतों के लिए संबल दिया गया है। संशोधित योजना से लगभग 2 करोड़ और किसानों को कवर करने का निर्णय लिया गया है। ऽ 10 बैंकों के विलय से बने चार बड़े बैंकः सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों का विलय कर चार बड़े बैंक बनाने से आर्थिक वृद्धि को गति मिलेगी। ऽ दिल्ली की 1797 अनाधिकृत काॅलोनियों के निवासियों को मिलेगा मालिकाना हकः 40 लाख लोगों को मिलेगा लाभ। ऽ बी.एस.एन.एल., एम.टी.एन.एल. का विलयः 68,751 करोड़ रूपये के पुनार पैकेज को मंजूरी। ऽ राष्ट्रहित में किया आरसेप से किनाराः भारत ने रीजनल काॅम्प्रिहेंसिव इकोनाॅमिक पार्टनरशिप यानि आरसेफ को खारिज कर दिया। ऽ अटल भूजल योजना की शुरूआतः सात राज्यों के 8,350 गांवों को फायदा होगा। ऽ लेह और मनाली को जोड़ने वाली सुरंग का नामकरण ‘अटल टनल’ करने की घोषणा हुई। ऽ 10,000 नए एफ.पी.ओ. के गठन और प्रोत्साहन हेतु ‘कृषक उत्पादक संगठनों की स्थापना और संवर्द्धन’ को मंजूरी । आत्मनिर्भर भारत प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 26 मार्च, 2020 को 1.70 लाख करोड़ रूपये के राहत पैकेज की घोषणा ऽ 80 करोड़ गरीबों को कुल 5 महीने तक हर माह पांच किलो गेहूॅं/चावल और प्रति परिवार को एक किलो दाल मुफत ऽ 20 करोड़ महिला जनधन खाताधारकों को अगले तीन महीने तक हर माह 500 रूपये ऽ मनरेगा के तहत मजदूरी को 182 रूपये से बढ़ाकर 202 रूपये प्रतिदिन, 13.62 करोड़ परिवार लाभान्वित ऽ 3 करोड़ गरीब वरिष्ठ नागरिकों, गरीब विधवाओं और गरीब दिव्यांगजनों को 1,000 रूपये की अनुग्रह राशि ऽ सरकार वर्तमान ‘पीएम किसान योजना’ के तहत अप्रैल के पहले सप्ताह में किसानों के खाते में 2,000 रूपये, 8.7 करोड़ किसान लाभान्वित ऽ केन्द्र सरकार ने निर्माण श्रमिकों को राहत देने के लिए राज्य सरकारों को ‘भवन और निर्माण श्रमिक कल्याण कोष’ का उपयोग करने के लिए आदेश दिए हैं। कृषि, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण सैक्टरों के लिए कृषि अवसंरचना को मजबूत करने, क्षमता निर्माण, गवर्नेंस और प्रशासनिक सुधारों के लिए महत्वपूर्ण कदम ऽ फार्म-गेट अवसंरचना के लिए 1 लाख करोड़ रूपये का कृषि अवसंरचना कोष सूक्ष्म खाद्य उद्यमों (एम.एफ.ई.) को औपचारिक रूप देने के लिए 10,000 करोड़ रूपये की योजना ऽ प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (पी.एम.एम.एस.वाई.) के जरिए मछुआरों के लिए 20,000 करोड़ रूपये ऽ पशु पालन अवसंरचना विकास कोष के लिए 15,000 करोड़ रूपये ऽ कृषि क्षेत्र केन्द्रित गवर्नेंस और प्रशासनिक सुधार के लिए उपाय ऽ किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन ऽ पंचायतों का लेखाजोखा रखने वाला सिंगल डिजिटल प्लेटफार्म ई-ग्राम स्वराज ऐप लाॅन्च। इसमें पंचायत के विकास कार्यों, उसके फण्ड और काम काज की जानकारियां हर व्यक्ति को मिलेगी। ऽ ग्रामीण भारत के लोगों को उनकी सम्पति का मालिकाना हक दिलाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी सरकार द्वारा शुरू की गई स्वामित्व योजना। एम.एस.एम.ई को भारी राहत ऽ एम.एस.एम.ई. सहित व्यवसायों के लिए 3 लाख करोड़ रूपये की आपातकालीन कार्यशील पूंजी सुविधा ऽ ‘एम.एस.एम.ई. फंड आॅफ फंड्स’ के माध्यम से 50,000 करोड़ रूपये की इक्विटी सुलभ कराई जाएगी ऽ 200 करोड़ रूपये तक की सरकारी निविदाओं के लिए कोई वैश्विक निविदा नहीं ऽ डिस्काॅम के लिए 90,000 करोड़ रूपये की तरलता सुलभ कराई जाएगी प्रवासियों, किसानों, छोटे कारोबारियों, रेहड़ी-पटरी वालों के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक कदम ऽ ‘शिशु मुद्रा’ के तहत कर्ज लेने वालों के लिए 12 माह तक 2 प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी- 1500 करोड़ रूपये की राहत ऽ प्रति रेहड़ी-पटरी वालों (स्टीªट वेंडर्स) को 10 हजार रूपये तक की ऋण सुविधा। इसके लिए 5,000 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है ऽ किसान के्रडिट कार्ड योजना के तहत 2.5 करोड़ किसानों को 2 लाख करोड़ रूपये के रियायती ऋण का प्रोत्साहन संरचनात्मक सुधार ऽ कोयला क्षेत्र में वाणिज्यिक खन्न की शुरूआत, विविध अवसर, उदार व्यवस्था, खनिज क्षेत्र में निजी निवेश बढ़ाना और नीतिगत सुधार ऽ रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाना ऽ रक्षा उत्पादन में नीतिगत सुधार ऽ रोजगार को बढ़ावा देने हेतु मरेगा की राशि को 60,000 करोड़ रूपये से बढ़ाकर 1,00,000 करोड़ रूपये किया गया ऽ एक नए, आत्मनिर्भर भारत के लिए सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम नीति कोविड-19 संकट और प्रबंधन ‘जनता कफर्यू’ ऽ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आग्रह पर पूरे देश ने 22 मार्च, 2020 को सुबह 7 बजे से 9 बजे तक देश में जनता कफर्यू का पालन किया। उसी दिन शाम 5 बजे राष्ट्र की निस्वार्थ सेवा करने वाले डाॅक्टर, नर्सों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं सुरक्षा कर्मियों को पूरे देश ने घर से बाहर निकलकर ताली, थाली व शंख-घंटी आदि बजाकर धन्यवाद किया। ‘जान है तो जहान है’ ऽ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 24 मार्च, 2020 को राष्ट्र के नाम एक सम्बोधन में कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए 24 मार्च, 2020 की आधी रात से देशव्यापी लाॅकडाउन की घोषणा की। ‘लाॅकडाउन से पहले 1444 देशी और विदेशी नागरिकों को बचाया’ ऽ भारत ने मालद्वीप, म्यांमार, बांग्लादेश, चीन, अमेरिका, मेडागास्कर, श्रीलंका जैसे देशों के 48 नागरिकों को भी सुरक्षित बचाने का काम किया। 30 देशों में फंसे 72,500 से अधिक नागरिकों को बचाया ऽ भारत ने ‘वंदे भारत’ और ‘समुद्र सेतु’ मिशन के पहले दो चरणों के दौरान बड़े पैमाने पर 30 से अधिक से देशों में फंसे 72,500 से अधिक नागरिकों को वापिस लाने का काम किया। प्रवासी मजदूरों के लिए चलाई गई श्रमिक स्पेशल ट्रेनें ऽ 28 मई, 2020 तक 3,840 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से 52 लाख से अधिक प्रवासियों को उनके गृह राज्यों तक भेजा जा चुका है । जनवरी में एक परीक्षण प्रयोगशाला से बढ़कर अब 610 हुई ऽ 25 मई तक भारत में 610 परीक्षण प्रयोगशालाएं कार्य कर रही हैं, जनवरी, 2020 में देश में केवल 01 परीक्षण प्रयोगशालाएं थीं। भारत का कोविड-19 मृत्यु दर दुनिया में सबसे कम है ऽ 26 मई, 2020 के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में कोविड-19 की मृत्यु दर 2.87 प्रतिशत है, जो दुनिया भर में सबसे कम है। समय पर लाॅकडाउन, जल्दी जांच और कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों का प्रबंधन कम मौत का मुख्य कारण है। विश्व में 4.5 मौतों के मुकाबले भारत में प्रति लाख 0.3 मौतें ऽ वैश्विक स्तर पर 4.5 मौतों के मुकाबले भारत में प्रति लाख जनसंख्या पर 0.3 मौतें हुई हैं, जो दुनियां में सबसे कम है। यह लाॅकडाउन, समय पर जांच और कोविड-19 मामलों के बेहतर प्रबंधन के कारण हुआ है। केन्द्र सरकार ने ‘आरोग्य सेतु’ ऐप लाॅन्च किया ऽ केन्द्र सरकार द्वारा ‘आरोग्य सेतु’ ऐप लाॅन्च किया गया जिसे अब तक 11.74 करोड़ से अधिक लोगों ने डाउनलोड़ किया है। आरोग्य सेतु ऐप कोरोना संक्रमण से खुद को होने वाले जोखिम का आकलन बनाने में खुद को सक्ष्म बनाता है। भारत ने 120 से अधिक देशों को दवाएं भेजी ऽ भारत, जिसे विश्व की फार्मेसी माना जाता है, ने कोविड-19 महामारी का मुकाबला करने के लिए 120 से अधिक देशों को हाईड्रोक्सी-क्लोरोक्वीन दवा भेजी 6.39 प्रतिशत कोविड-19 मामले में ही अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता, रिकवरी दर लगभग 42 प्रतिशत हुई ऽ 25 मई को स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार कुल कोविड रोगियों में से लगभग 42 प्रतिशत ठीक हो गए हैं। भारत में केवल 6.39 प्रतिशत मरीजों को ऑक्सीजन, वेंटिलेटर की आवश्यकता पड़ती है। वैश्विक स्तर पर, प्रति लाख में 62 लोग संक्रमित हैं और भारत में यह आंकड़ा 7.9 पर है। शून्य से लेकर अब भारत प्रतिदिन 3 लाख से अधिक पी.पी.ई. किट और एन.95 मास्क का उत्पादन कर रहा है ऽ भारत में फरवरी, 2020 में शून्य उत्पादन से आज मई के मध्य तक प्रतिदिन 3 लाख से अधिक पी.पी.ई. किट और इतनी ही संख्या में एन.95 मास्क का उत्पादन हो रहा है। मोदी सरकार 2.0 के पहले वर्ष की उपलब्धियां, जिस संवेदना और मजबूती के साथ कोविड-19 को सम्भाला गया और ‘आत्मनिर्भर भारत पैकेज’ इन सबके साथ अब हमारा देश कोविड के बाद की दुनिया में मिलने वाले अवसरों को पाने के लिए पूरी तरह तैयार है। हर देशवासी को सुरक्षित और सशक्त बनाने की हमारी इस यात्रा में आप भी सहयात्री बनिए ताकि हर नागरिक अपनी परिस्थिति से उठकर नए भारत का ध्वजवाहक बन सके।
श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र के विधायक व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री राम लाल ठाकुर ने आज यानी 5 जून को कोविड19 को लेकर अपने विधानसभा क्षेत्र में 5वें चरण के अभियान के तहत ग्राम पंचायत कोठीपुरा, राजपुरा, कल्लर, छडोल, तनबौल, जकातखाना काथला, स्वारघाट, री, घवाण्डल, नयना देवी जी, भखडा, सलोआ, नकरणा, माकड़ी, टोबा, झिड़ियाँ, गुरु का लौहर, खड्ड समतैहन, खरकड़ी, मंडयाली , बस्सी, धरोट, दबट, मज़ारी, तरसुह और पंजाब के साथ लगती सभी पंचायतों, पलँगरीयों, कस्बो और छोटे गांव में सेनेटाइजर बांटे। इस मौके पर उनके साथ कांग्रेस पार्टी व युवा कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमे मुख्यत जिला परिषद चेयरमैन व ब्लॉक कांग्रेस श्री नयना देवी जी के अध्यक्ष अमरजीत सिंह बंगा, पूर्व पंचायत समिति सदस्य निक्का राम ठाकुर, पुरुषोतम महाजन, रोशन लाल ठाकुर, कुलदीप ठाकुर, रणजीत ठाकुर व अन्य लोग मौजूद थे। राम लाल ठाकुर ने इस अभियान की शुरुआत पिछले कल सदर ब्लॉक की 15 पंचायतों से की। उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने शुक्रवार को श्री नैना देवी जी विधानसभा क्षेत्र की बाकी 32 पंचायतों तथा एम सी एरिया श्री नैना देवी जी के सैनिटाईजेशन हेतु सैनिटाइजर, मास्क, सेफ्टी गाउन एवं हैंड सैनिटाइजर वितरित किए। उन्होंने लोंगो से कहा कि इस स्वास्थ्य आपदा के समय, वह क्षेत्र का विधायक होने के नाते अपनी पूरी प्रतिबद्धता एवं समर्पण के साथ जनता के साथ है। यह सिलसिला आगे भी ऐसे ही जारी रहेगा, जब तक कि हम कोरोना वायरस पर जीत हासिल नहीं कर लेते। राम लाल ठाकुर कहा कि यह विकट आपदा की धड़ी है इसमें हम सबको साथ मिलकर काम करना चाहिए और उन्होंने यह भी कहा कि यह कोविड 19 के खिलाफ जंग पार्टी लाइन से ऊपर उठ कर और आपसी वैचारिक मतभेद भुला कर इस कार्य में जुटें हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं और आमजन से जो सहयोग कोविड 19 से निपटने के लिए मिल रहा है वह बहुत ही सराहनीय है। राम लाल ठाकुर ने यह भी कहा कि यह खतरा मानवता को है अगर मानवता स्वास्थ्य और सुरक्षित रहेगी तभी तो विचारों की लड़ाई होगी अगर मानवता ही नहीं होगी तो विचार भी नहीं पनप पाएगा। राम लाल ठाकुर ने श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र के लोंगो को जागरूक रहने और जागरूकता फैलाने के लिए भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह विधानसभा क्षेत्र हिमाचल प्रदेश का स्वागत द्वार भी है तो संभावित तौर पर यहाँ पर कोविड 19 का खतरा भी ज्यादा रहता है इसमें स्थानीय लोंगो की भूमिका और भी अहम हो जाती है और स्थानीय लोंगो ने यह भूमिका बड़ी ततपरता से निभाई है और इस विधानसभा के लोंगो ने कोरोना योद्धाओं का जो साहस बढ़ाया है व भी काबिलेतारीफ है।
प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 07 जून, 2020 को नियमित परीक्षण एवं आवश्यक रख-रखाव के दृष्टिगत 33 केवी विद्युत उप केन्द्र ओच्छघाट की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी आज यहां बोर्ड के सहायक अभियन्ता दिनेश ठाकुर ने दी। उन्होंने कहा कि इस कारण 33 केवी विद्युत उप केन्द्र के तहत आने वाले क्षेत्रों ओच्छघाट, नौणी, टटूल, कालाघाट, धर्जा, धारों की धार तथा आसपास के क्षेत्रों में प्रातः 11.00 बजे से दिन में 02.00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर लक्ष्य काॅन्वैंट स्कूल मंज्याट में दूसरी से लेकर आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाईन पोस्टर मेकिंग, भाषण, कविता वाचन व नारा लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जानकारी देते हुए प्रधानाचार्य डा.कुसुम गुप्ता ने बताया कि दूसरी कक्षा के 11 विद्यार्थियों में से पोस्टर मेकिंग में आरती प्रथम, कल्पिता द्धितीय व रिद्धि तृतीय स्थान पर रही। तृतीय कक्षा में 20 विद्यार्थियों ने भाग लिया जिसमें पोस्टर मेकिंग में यशस्वी प्रथम,ओजस द्धितीय व नीलाक्ष तृतीय स्थान पर रहे। वहीं कविता वाचन में तेजल प्रथम स्थान पर रही। वीडियों प्रेजेंटेशन द्धारा प्रस्तुत भाषण प्रतियोगिता में दर्षिका प्रथम, इशिका द्धितीय व गार्गी तृतिय स्थान पर रही। चतुर्थ कक्षा में 21 विद्यार्थियों में पोस्टर मेंकिंग में खुशी प्रथम, इशिका द्धितीय व दिव्यांगी तृतीय स्थान पर रही। पांचवी कक्षा में पोस्टर मेकिंग में जतिन चैहान प्रथम, काव्या द्धितीय व दिवेश तृतीय स्थान पर रहा। भाषण प्रतियोगिता में काव्या प्रथम, प्रियाशी व पारिशा द्धितीय तथा हिमांशु तीसरे स्थान पर रहा। छठी कक्षा में पोस्टर मेंकिंग में कार्तिक प्रथम,मिताली द्धितीय व धृति तृतीय स्थान पर रही। साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में रिद्धिमा प्रथम, दिव्यम द्धितीय व श्रेया तीसरे स्थान पर रही। सातवीं कक्षा में पोस्टर मेकिंग में तनुज प्रथम, सोमेश द्धितीय व हिमांशु तीसरे स्थान पर रहा। इसी कक्षा में वीडियो प्रैसंेटेशन में सोमेश प्रथम, तनुज द्धितीय व कार्निका तीसरे स्थान पर रही। आठवीं कक्षा में पोस्टर पेंटिंग में साक्षी प्रथम स्थान पर रही जबकि नित्यम व खुशबू दूसरे व शौर्य व भावना तीसरे स्थान पर रहे। इसी कक्षा में वीडियो प्रैसेंटेशन में नित्यम प्रथम,दक्ष द्धितीय व वंश प्रथम स्थान पर रहा। प्रधानाचार्य डा. गुप्ता ने बताया कि अध्यापक रजनी, सीमा, कल्पना, कमलेश, कुशल व शिवांश ने इस प्रतियोगिता को सफल बनाने में सराहनीय सहयोग दिया।
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण कर लोगों से पर्यावरण संरक्षण करने और ज़्यादा से ज़्यादा से पौधे लगा कर धरा को हरा भरा बनाए रखने की अपील की है। अनुराग ठाकुर ने कहा "भूत नहीं लेकिन भविष्य को बदलना हमारे हाथों में है। शुद्ध हवा,स्वच्छ जल,निश्चल पर्यावरण पर सबका हक़ है। आगे आने वाली पीढ़ियों के लिए इसका प्रबंध करना हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी है। जैव विविधता की रक्षा,जल संरक्षण व वृक्षारोपण पर्यावरण के प्रति मनुष्य का प्रथम कर्तव्य है। भारत की जनसंख्या दुनिया की 16 फ़ीसदी है व पशुओं की संख्या भी 16 फ़ीसदी है। ज़मीन और खाद्य दोनों की ही मूलभूत आवश्यकता है। विश्व की तुलना में भारत में भूमि केवल 2.5 प्रतिशत व बारिश 4 प्रतिशत है, फिर भी जैव विविधता में भारत अग्रणी है। दुनिया की 8 प्रतिशत जैव विविधता भारत में है इसका मुख्य कारण भारतीय संस्कृति का प्रकृति के प्रति विशेष सम्मान और सहजीवन की भावना में विश्वास करना है। ग्लोबल वर्मिंग और पेड़ों के भारी कटान के चलते पृथ्वी और जलवायु का संतुलन बिगड़ रहा है। पर्यावरण का संरक्षण करना और वृक्षों की कटना रोकना हमारा नैतिक कर्तव्य है। आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मेरा आप सब से अनुरोध है कि पेड़ों को कटने से बचायें और ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में पेड़ लगा कर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अपना सहयोग करें।” आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा "पर्यावरण संरक्षण के दूसरे तरीकों सहित बाढ़ और अपरदन से बचाने के लिये सौर जल तापक, सौर स्रोतों के माध्यम से ऊर्जा उत्पादन, नए जल निकासी तंत्र का विकास करने के लिये आम लोगों को बढ़ावा देना, पनबिजली को बढ़ावा देना, जंगल प्रबंधन पर ध्यान देना, ग्रीन हाउस गैसों का प्रभाव घटाना, बिजली उत्पादन को बढ़ाने के लिए हाइड्रो शक्ति का इस्तेमाल, निम्निकृत भूमि पर पेड़ लगाने के द्वारा बायो-ईंधन के उत्पादन को बढ़ावा देकर हम पर्यावरण को संरक्षित कर धरा को स्वस्थ व सुंदर बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं।”
अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन प्राइवेट आईटीआई दाड़लाघाट ने ऑनलाइन पर्यावरण दिवस मनाया। इस दौरान पोस्टर,कविता भाषण प्रतियोगिता में जुम व गूगल मीट के माध्यम से अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। वर्तमान में पर्यावरण की स्थिति व इसके प्रदूषण के प्रभाव के ऊपर भी विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। विद्यार्थियों ने गांव की सफाई के साथ अपने अपने गांव में पौधों की नई किस्म को भी रोपा गया। लगभग 150 विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। इस मौके पर अध्यापकों और छात्रों ने एक दूसरे के साथ अपने विचार को सांझा किया। इस कोविड-19 महामारी में हम नई तकनीक का उपयोग करके इस तरह के कार्यक्रम के बारे में जागरूकता कर सकते हैं।भविष्य में भी इस तरह के जागरूक कार्यक्रम को आयोजित किया जाएगा।
वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय घणागुघाट में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि बच्चों ने घर पर रहकर ही पौधरोपण व अन्य सभी गतिविधियां पूर्ण की तथा व्हाट्सएप के माध्यम से वीडियो बनाकर विद्यालय के प्रधानाचार्य तथा संबंधित अध्यापकों को भेजते रहें। इस कार्यक्रम में एनएसएस के स्वयंसेवकों तथा इको क्लब के छात्रों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। प्रधानाचार्य प्रकाश शर्मा ने बताया कि सभी बच्चों ने मास्क पहनकर व सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए अपने अपने गांव में सफाई, पौधरोपण तथा लोगों को पर्यावरण के बारे में जागरूक करने के लिए अपने विचार साझा किए व उसकी जानकारी विद्यालय को भेजते रहें। ऑनलाइन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने व्हाट्सएप के माध्यम से अपनी अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिसमें पर्यावरण विषय पर चित्रकला में जमा दो की छात्रा संगीता प्रथम,+2 का छात्र भूपेंद्र द्वितीय स्थान पर रहा। नारा लेखन में दसवीं कक्षा के पवन ने प्रथम स्थान, प्लस वन की छात्रा तमन्ना ने द्वितीय स्थान हासिल किया। भाषण प्रतियोगिता में प्लस वन की सपना प्रथम रही।विद्या प्लस टू की सरिता द्वितीय स्थान पर रही। निबंध लेखन में प्लस वन की ज्योति ने प्रथम स्थान तथा विशाल कौंडल ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। विद्यालय के प्रवक्ता विजय चंदेल, देशराज गिल, दीपक ठाकुर ने व्हाट्सएप के माध्यम से विद्यार्थियों को जागरूक किया। बच्चों को व्हाट्सएप के माध्यम से ही पर्यावरण शपथ दिलाई गई। प्रधानाचार्य प्रकाश शर्मा विद्यार्थियों को पर्यावरण के बारे सदैव जागरूक रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को धरती की सुंदरता को बनाए रखने के लिए पेड़ लगाने होंगे।
जिला बिलासपुर में तैनात एसआईयू टीम के इंचार्ज शेर सिंह पदोन्नत होकर उप पुलिस अधीक्षक यानि डीएसपी बन गए हैं। प्रदेश सरकार द्वारा जारी पदोन्नति सूची में उनका नाम भी अंकित है तथा यह बिलासपुर और मंडी जिला के लिए गौरव का विषय है। बिलासपुर जिला में तैनात केवल शेर सिंह का नाम इस सूची में शामिल हेै। अलसुलझे मसलों को तत्परता से सुलझाने के लिए जाने जाने वाले युवा पुलिस अधिकारी शेर सिंह सरकाघाट तहसील के गांव दारपा भवाणी के रहने वाले हैं। उनके माता सत्या देवी व पिता रोशन लाल उनकी इस उपलिब्ध पर काफी खुश हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेष पुलिस विभाग में उत्कृश्ट सेवाओं के लिए हाल ही में उनका चयन डी जी पी डिस्क अवार्ड के लिए भी हुआ है। इस अवार्ड से उन्हें सम्मानित किया जाएगा। उनके उत्कृष्ट सेवाओं को देखते हुए हिमाचल प्रदेश पुलिस डीजीपी डिस्क अवार्ड लिस्ट में उनका नाम शामिल है। जिला बिलासपुर सहित उन्होंने विभिन्न जिलों में बतौर एसएचओ, चोरियों की वारदातों को सुलझाया है। जिसे देखते हुए उन्हें डीजीपी डिस्क अवार्ड से सम्मानित किया जा रहा है। वहीं इसके उपरांत उन्हें एक और उपलब्धि हासिल हुई है। सरकार द्वारा जारी नई नोटिफिकेशन में उन्हें डीएसपी बनाया गया। गौर रहे कि एसएचओ शेर सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान उत्कृष्ट कार्य किए हैं जिसके चलते उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है। 2008 बैच के सब इंस्पेक्टर शेर सिंह ने बतौर प्रोवेशनल सब इंस्पेक्टर बद्दी में 2 वर्षों तक अपनी सेवाएं दी। इसके उपरांत वह सब इंस्पेक्टर कुल्लू में 4 वर्षों तक कार्यरत रहे जहां पर भी उन्होंने बेहतर कार्य किए। कुल्लू के उपरांत उनका तबादला जिला बिलासपुर में हुआ जहां पर वह घुमारवीं पुलिस थाना में दो वर्षों तक एसएचओ तैनात हुए। इन दिनों शेर सिंह बिलासपुर में एसआईयू टीम के इंचार्ज थे।
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के भाजपा पदाधिकारियों व वरिष्ठ कार्यकर्ताओं साथ वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग कर क्षेत्र में कोरोना आपदा से राहत कार्यों के विषय में जानकारी लेकर उन्हें केंद्र सरकार द्वारा किए गए उपायों अवगत कराया व कार्यकर्ताओं से इसे जन-जन तक पहुँचाने का आह्वाहन किया। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के भाजपा पदाधिकारियों की इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफ़ेसर प्रेम कुमार धूमल, प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा, महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह, पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर व प्रदेश आईटी कन्वीनर चेतन ब्राक्टा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग में अनुराग ठाकुर ने कहा "कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से देशवासियों को राहत देने के लिए केंद्र की मोदी सरकार अनेकों अनेक उपाय कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को इस आपदा से राहत देने के लिए 20 लाख करोड़ से ज़्यादा का राहत पैकेज दिया है। हम पूरे मनोयोग से इन योजनाओं को सुचारु ढंग से लागू करने व इसके समुचित क्रियान्वयन के किए कार्यरत हैं। मेरा भारतीय जनता पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं से अनुरोध है कि विभिन्न योजनाओं के पात्रों को ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में इन योजनाओं व आर्थिक सहायता का लाभ मिल सके इसके लिए व्यापक जागरूकता व पात्रों को सम्बंधित केंद्रों तक ले जाने में अपनी भूमिका सुनिश्चित करें।इस आपदा के समय में यही मानवता की सच्ची सेवा होगी।” आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा "कोरोना महामारी से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हर ज़रूरी कदम उठा रही है। इस आपदा की विभिषिका से देशवासियों को राहत पहुँचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज दिया था। अब तक इस पैकेज से 43 करोड़ से अधिक लोगों को 53228 करोड़ रुपए की सहायता पहुँचाई जा चुकी है। महिला जनधन खाताधारकों को पहली किश्त 10029 करोड़ की 20.05 करोड़ लाभार्थीयों व दूसरी किश्त 10315 करोड़ की 20.63 करोड़ लाभार्थीयों को ट्रांसफ़र किए जा चुके हैं। 2.81 करोड़ वृद्ध,विधवा, दिव्यांग व वरिष्ठ नागरिकों को 2814 करोड़,8.19 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत 16394 करोड़,2.3 करोड़ बिल्डिंग एवं निर्माण श्रमिकों को 4313 करोड़, 59.43 लाख कर्मचारियों के ईपीएफ़ का 24% सहयोग 895 करोड़, उज्ज्वला योजना के अंतर्गत लगभग 9000 करोड़ रुपए का लाभ इन योजनाओं के लाभार्थीयों को दिया जा चुका है। केंद्र सरकार ने किसानों से जुड़े दो नए अध्यादेशों को मंजूरी व एक अध्यादेश में संशोधन की मंजूरी दी है। फार्मिंग प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स ऑर्डिनेंस-2020 को मंजूरी मिलने से किसानों को अपनी फसल अपने हिसाब से बेचने की आजादी मिलेगी। अब किसान जहां चाहेगा और जिसे चाहेगा अपनी फसल बेच सकेगा व ई-ट्रेडिंग के जरिए खरीद-बिक्री हो सकेगी। किसानों को फसल की अच्छी कीमत मिल पाएगी। एक देश, एक बाजार की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। फार्मर्स एग्रीमेंट प्राइस एश्योरेंस एंड फार्म सर्विसेज ऑर्डिनेंस-2020 को मंजूरी मिल जाने से किसान और व्यापारी अब एग्रीमेंट कर सकेंगे। इसमें न्यूनतम मूल्य पहले ही तय होगा। ऐसे में किसानों को नुकसान होने का कोई ख़तरा नहीं रहेगा। आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन की मंजूरी मिल गई है व अनाज, तेल, तिलहन, दाल, आलू और प्याज को इस एक्ट के दायरे से बाहर किया गया है।” अनुराग ठाकुर ने कहा "आने वाले समय में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में कई कार्यक्रम शुरू होने वाले हैं। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र उनका अपना गृहक्षेत्र है इस नाते हम सब की ज़िम्मेदारी है कि आगामी कार्यक्रमों को हम इतना सफल बनायें की उसकी चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर हो।”
पर्यावरण दिवस के मौके पर परवाणू की माइक्रोटेक कम्पनी ने प्रदूषण विभाग के साथ मिलकर वृक्षारोपण किया। माइक्रोटेक के चेयरमैन सुबोध गुप्ता के निर्देशानुसार माइक्रोटेक कंपनी हर वर्ष परवाणू के विभिन्न स्थानों में वृक्षारोपण कर परवाणू को हरा भरा व् स्वच्छ बनाने के लिए प्रयासरत है। पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रदूषण विभाग के सीनियर एन्वॉयरन्मेंट इंजीनियर श्रवण कुमार ने अपने अधिकारीयों व् माइक्रोटेक के कर्मचारियों के साथ परवाणू के सेक्टर 2 स्थित रेलवे पार्क व् आसपास लगभग पचास पौधे लगाए। इस अवसर पर सहायक आयुक्त विक्रम नेगी ने भी पौधा लगाकर परवाणू को हरा भरा बनाने में अपना सहयोग दिया तथा सबको पर्यावरण दिवस की बधाई दी। इस मौके पर आम, आवला , नीम, जामुन, अर्जुन, कपूर, अशोका व् गुल्लर के पौधे लगाए गए जिन्हे पर्यावरण विभाग के साथ मिलकर प्लांट सीओओ विवेक तलमले, मैनिफेक्चरिंग हेड भूषण गोयल तथा एचआर हेड संदीप प्रभाकर द्वारा लगाया गया।
विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य पर अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन दाड़लाघाट के सामुदायिक स्वास्थ्य और शिक्षा कार्यक्रम परियोजना के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण के महत्व और जन जागृति हेतू दाड़लाघाट परिछेत्र के करीब 70 गॉवों में कार्यक्रम संम्पन हुआ। वृक्षारोपण कार्यक्रम की शुरुआत संघोई, खाली ग्राम से होते हुए करीब 20 गांवों में आगे बढ़ा। शिक्षा परियोजना के अंतर्गत विभीन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए गए जिसमे बच्चो ने पर्यावरण के संरक्षण पर प्रकाश डालते हुए स्वच्छ हरित और शक्तिशाली धरती को चित्रित करने का अपनी कलात्मक विद्या क्षमता का प्रदर्शन करते हुए चित्र को चित्रांकित किया। इस कार्यक्रम में करीब 600 विद्यार्थियों ने अपनी भागीदारी सामजिक दूरी और कोविड 19 के सुरक्षा के नियमों का पालन करते हुए वायरस के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए की। जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य परियोजना के करीब 60 स्वच्छता दूतों 29 सखी बहनो और 40 अपेक्षा कार्यक्रम के किशोर और किशोरियों ने ग्राम सफाई कार्यक्रम, प्लास्टिक की सफाई, वृक्षारोपण कार्यक्रम और अपने अपने गांवो में किए और करीब 500 से ज्यादा लोगो को घर घर जाकर इसकी जानकारी दी। वही दाड़लाघाट परिछेत्र के 36 विद्यालयों के करीब 600 विद्यार्थियों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की जिसमे विज्ञान संकाय के शिक्षकों और प्रधान अध्यापकों ने पर्यावरण संरक्षण के सन्देश को सभी विद्यार्थियों और केंद्रों पर इसकी जानकारी सामजिक माध्यमों के माध्यम से जिला स्तर पर भी प्रेषित की। इस कार्यक्रम में बालमित्रो,सखी बहनों, आरती सोनी और अजीत कुमार सिंह ने 70 गांवों में इस कार्यक्रम को सुचारू ढंग से समन्यव करके संपादित किया। भूपेंद्र गांधी ने यह सुनिश्चित किया कि समाज मे लोक भागीदारी के माध्यम और जन समुदाय के सहयोग से मिलकर हम सब धरती को हरा भरा और प्रदूषण से मुक्त रख सकते है और अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन दाड़लाघाट इस कार्य हेतु सदैव तत्पर है।
मोदी 2.0 सरकार की योजनाओं आपसी संवाद व चर्चा से आमजन तक पहुंचाने में कार्यकर्त्ताओं को सक्रिय भूमिका अदा करनी होगी। यह बयान हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के पदाधिकारियों की वर्चुअल मीटिंग में केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने कहे। उन्होंने उपस्थित पदाधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सरकार द्वारा घोषित 20.87 करोड़ के 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' के माध्यम से देश के किसान-बागवान, पशुपालक व्यापारी और प्रवासी को आर्थिक मजबूती देने का काम करेगा। सभी वर्गों को इसका लाभ मिले इसके लिए कार्यकर्त्ता सजगता से समाज मे चर्चा कर योजनाओं को क्रियान्वयन करने में अग्रणी प्रहरी बने। उन्होंने कहा कि आज की बैठक की सार्थकता आज पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में और बढ़ जाती है। विश्व की आबादी की 16 फीसदी जनसंख्या भारत मे रहती है और ढाई फीसदी जमीन दुनिया के रहने के लिए है और उसमे 4 फीसदी ही वर्षा द्वारा सरंक्षित जल है। ऐसी परिस्थिति में हम सभी को आर्थिक निर्भरता के लिए पर्यावरण को बचाने के लिए अवश्य पाँच पेड़ लगाने का संकल्प करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस कोरोना महामारी के काल मे गांव में रोज़गार की सृजनता के लिए मोदी सरकार ने मनरेगा में 1.10 करोड़ का बजट इस वित्त वर्ष के लिए आबंटित किया है। कांग्रेस बार बार मनरेगा की बात करती है लेकिन कभी 30000 करोड़ तक भी खर्च नहीं कर पाई मात्र गरीब-गरीबी की नारों से सत्ता का खेल खेलने तक सीमित रही।मोदी सरकार मनरेगा के तहत आगामी दिनों में 300करोड़ कार्य दिवस देकर गांव के व्यक्ति की अर्थ दशा को बदलने का काम करेगी। किसान को उसकी उपज का सही दाम मिले उसके लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 व मंडी एक्ट में बड़े स्तर पर सुधार किया गया है ताकि किसान अपनी फसल को कहीं भी, किसी को भी और मनचाही कीमत पर बेच सके। उन्होंने कहा इस छूट का लाभ प्रदेश के लगभग 12 लाख किसान-बागवान को होगा। एमएसएमई में 3 लाख करोड़ का राहत पैकेज अनुराग ने बताया कि एमएसएमई के लिए घोषित 3 लाख करोड़ का राहत पैकेज उद्योगों सहित देश के करोड़ों ट्रेडर्स को भी प्रत्यक्ष लाभ देने में कारगर साबित होगा।उन्होंने कहा स्वदेशी को बढ़ावा मिले इसके लिए स्थानीय उद्योगों को मोदी सरकार आत्मबल दे रही है। बस ज़रूरत है कि कार्यकर्त्ता आमजन तक "लोकल के लिए वोकल" बनकर समाज को जागरूक करे। उन्होंने बताया कि 2014 तक भारत एलेक्ट्रॉनिस समान का विश्व मे सबसे बड़ा आयातक देश था लेकिन आज मोदी सरकार की इच्छा शक्ति के कारण एलेक्ट्रॉनिस समान का विश्व मे दूसरे नम्बर का पॉवर देश बन गया है। वैश्विक महामारी में खुद की सम्भाल करते हुए सेवा करें अनुराग ने हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के कार्यकर्त्ताओं को ज़ोर देकर कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा इसी प्रदेश सहित हमारे संसदीय क्षेत्र से हैं इस लिए मोदी सरकार व प्रदेश सरकार की सभी योजनाओं को बूथ स्तर तक लागू करने में जी-जान से जुटना होगा। उन्होंने पदाधिकारियों को आह्वान किया कि इस वैश्विक महामारी में खुद की सम्भाल करते हुए कार्यकर्ताओं को मानवता के भाव से सेवा कार्यों के क्रम को निरंतरता से आगे बढ़ाना होगा। उपस्थिति इस बैठक में केंद्रीय पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, मंत्री महेंद्र सिंह, वीरेंदर कंवर, बिक्रम ठाकुर, संगठन मंत्री पवन राणा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती, मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा, संसदीय क्षेत्र प्रभारी व प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, विधायकगण राजिंदर गर्ग, सुभाष ठाकुर, जेआर कटवाल, नरेंद्र ठाकुर, कमलेश कुमारी, बलबीर चौधरी, राजेश ठाकुर, पूर्व मंत्री प्रवीण शर्मा, संजीव कटवाल, विनोद ठाकुर, सुमीत शर्मा व नरेंद्र अत्तरी समेत ज़िला व मण्डल अध्यक्ष, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य व मोर्चे के पदाधिकारी मौजूद रहे। आगामी कार्यक्रम की जानकारी इस बैठक का संचालन करते हुए हमीरपुर संसदीय क्षेत्र प्रभारी व प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल ने पार्टी द्वारा मोदी 2.0 के पहले वर्ष की सफलता पर राष्ट्रीय स्तर पर तय कार्यक्रम अनुसार योजना का खाका सांझा किया। जिसमें 10 जून से 20 जून के दौरान सोशल डिस्टनसिंग की पालना करते कार्यकर्ता घर-घर योजनाओं का पर्चा पहुंचाएंगे। जानकारी देते हए त्रिलोक ने बताया कि मोदी 2.0 सरकार के पहले वर्ष की पाँच बड़ी उपलब्धियों पर चारों संसदीय क्षेत्र में प्रेस वार्ता का आयोजन होगा और हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में अनुराग ठाकुर 21 जून को प्रेस वार्ता करेगें। उन्होंने बताया कि 25 जून को हिमाचल के इतिहास की अब तक की बड़ी वर्चुअल रैली का आयोजन भी इसी संसदीय क्षेत्र में किया जाएगा।
विश्व पर्यावरण के दिवस पर हिन्दू समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमल किशोर कपिल ने पौधा रोपन करते हुए सन्देश दिया, कि हम अपनी आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित रखना चाहते हैं, या बन्दर सहित अन्य मुकजीवों से भी अपनी फसलों को बचाना चाहते हैं तो फलदार पेड़ पोधों से प्रेम करना सीखो, क्यों कि एक पेड 10 पुत्रों के बराबर होता है। आज लोग अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए तेजी से जंगलों में जिस प्रकार फलदार पेड़ों को नष्ट कर रहें हैं, उसका खामियाजा आज किसानों को भुगतना पड़ रहा है। पक्षियों व बन्दरो सहित अन्य मुकजीवों को पेट भरपाई करने के लिए लोगों की फसलों का भक्षण करना पड़ रहा है, जिसके प्रभाव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते प्रदेश सरकार बन्दरो को मारने की अनुमति देती है। हिन्दू समाज पार्टी अध्यक्ष कमल किशोर कपिल ने कहा कि किसी भी जीव की हत्या करने से किसान व बागवान नही बचेगा, परन्तु जंगलों में अगर फलदार पोधों का रोपण किया जाए तो बन्दर व अन्य मुकजीवों के द्वारा फसलों को जो क्षति पहुंच रही है, उसपर अंकुश लगाया जा सकता है। प्रकृति से छेड़छाड़ करने का नतीजा आज प्रत्येक व्यक्ति को बीमारियों व बड़ी महामारियों को झेलना है। यही नही पेड़ पौधों को नष्ट करने के प्रभाव से आज पानी के लिए भी हाहाकार मच रहा है, साफ और स्वस्थ हवा की कमी महसूस हो रही है। अगर आज भी हम और हमारा समाज पर्यावरण के लिए जागृत नही हुआ तो आने वाले समय में पेयजल स्त्रोतों व आक्सीजन के लिए तड़फना होगा। आइये हम आप सभी मिलकर संकल्प लें-पेड़ लगाएं पर्यावरण बचाएं ओर अपना ओर आने वाली पीढ़ी का भविष्य बचाएं। वर्तमान समय में पर्यावरण असन्तुलन की सबसे बड़ी समस्या ग्लोबल है, जिसकी वजह से पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है और मानव जीवन के कदम विनाश की ओर बढ़ रहें हैं। ऐसे समय मे अगर हमने पर्यावरण को बचाने के लिए कोई ठोस कदम नही उठाया तो वह दिन दूर नही जब हमारा अस्तित्व ही सम्पूर्ण खतरे में पड़ जाएगा। इस विषय पर सरकार को भी गंभीरता से कोई ठोस कदम उठाना चाहिए, जिससे की निर्भिग होकर लोग पेड़ पौधों को नष्ट ना कर सकें, अपितु एकजुट होकर जंगलों में फलदार व अनेकों प्रकार के पेड़ पौधें लगाएं ताकि पर्यावरण का संतुलन बना रहेगा और इसके प्रभाव से जंगल मे रेन बसेरा करने वाले बन्दरो व अन्य मुकजीवों से भी किसानों की फसलों को बचाया जा सकता है।
कोरोना की इस महामारी के दौरान नगर पंचायत के सफाई कर्मचारियों व अन्य कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए नगर में सफाई व्यवस्था को जहां दरूस्त रखा वहीं लोगों को जागरूक करने में भी अहम भूमिका निभाई। सफाई कर्मचारियों ने घर घर जाकर कुड़ा एकत्र किया तथा हर वार्ड में जाकर काम किया। इन कर्मवीरों के सम्मान में नगर पंचायत द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन नगर पंचायत कार्यालय में किया गया। जिसकी अध्यक्षता नगर पंचायत की अध्यक्षा वीना ठाकुर ने की। इस अवसर पर उन्होंने व पार्षदों ने नगर पंचायत के सफाई कर्मचारियों व अन्य कर्मचारियों को स्मृति चिन्ह व शाल देकर समानित किया। जिन कर्मवीरों को समानित किया गया उनमें सुशील कौंडल, रामकरण वर्मा, लक्ष्मी देवी, विधा देवी, मंजु देवी, सरिता देवी, नीम चंद, मस्त राम, रतिराम, रमेश, राजेन्द्र कुमार, सुरेश कुमार व संदीप कुमार तथा ठेके पर कार्यरत 25 सफाई कर्मचारी शामिल रहे। इस अवसर पर उप प्रधान नानक चंद, पार्षद आशा परिहार, बालक राम, प्रदीप शर्मा, हंसराज गुप्ता व कमल कुमार भी मौजूद रहे।
विश्व पर्यावरण दिवस पर भी करोना संकट का साया नजर आया। स्कूल कॉलेज बंद होने के कारण इस बार विश्व पर्यावरण दिवस पर जागरूक रैलियां, नारा लेखन व भाषण प्रतियोगिताएं करोंना संकट की भेंट चढ़ गई, लेकिन वन्ही स्वास्थ्य विभाग व पुलिस प्रशासन कुनिहार ने नागरिक चिकित्सालय परिसर कुनिहार में पौधरोपण कर पर्यावरण दिवस की महत्ता की खुश्बू बिखेरी, क्योंकि प्रकृति के बिना इस धरा पर किसी भी जीव जंतु या फिर मानव तक कि कल्पना नही की जा सकती। इंसान का तो प्रकृति से बहुत ही गहरा रिश्ता है। प्रकृति से इस प्यार को डॉ अरुण शर्मा व एसएचओ कुनिहार थाना जीत सिंह ने अपने स्टॉफ सहित हॉस्पिटल परिसर में नीम, शरु, हर्बल पौधों सहित कुछ फूल वाले पौधे रोप कर इस दिवस की महत्वता का खूबसूरत सन्देश दिया। डॉ अरुण शर्मा ने कहा कि सभी को जीवन मे पौधे लगाने चाहिए, क्योंकि आज के दौर में पर्यावरण को बचाने के लिए वृक्ष बहुत ही जरूरी है।वृक्ष जँहा पर्यावरण को शुद्ध रखते है तो वन्ही यह वृक्ष मानव जीवन की अन्य कई जरूरतों को भी पूरा करते है।
वो मौन रहकर सब सह गई, उसकी चुप्पी बहुत कुछ कह गई। ये सबक इनसानों के लिए कम नहीं है, तीन दिन तक तड़पती रही वो पानी में ये मंजर देखकर किस की आॅ॑खे नम नहीं है। आज इंसानियत शर्मसार हुई है, एक बेजुबान माॅ॑ की कोख में पटाखों की बौछार हुई है। धोखा दे गए बेजुबान को, अरे!क्या कहूं मैं ऐसे इनसान को नहीं बख्शा उसकी नन्ही जान को। जॅ॑गल से आई थी बस्ती की ओर सोचा था यहाॅ॑ इनसान रहते हैं, उसे क्या पता था ,नहीं छोड़ेंगे उस मासूम को यहाॅ॑ हैवान रहते हैं। मुखौटा पहना था इनसानों का हैवान निकले, इनकी आत्मा में जानवर बसते हैं यहाॅ॑ जानवर तो क्या इनसान भी तरसते हैं राज्य शिक्षित हो सकता है पर लोग अशिक्षित हैं मल्लापूरम में मौत का तांडव देखकर इनसानियत शर्मसार हुई है एक भूखी माॅ॑ की चीख-पुकार जानवरों की बस्ती में बेकार हुई है कब तक चढ़ते रहेंगे ये बेजुबान स्वार्थ की भेंट क्रूरता की हद हो गई है आई थी एक माॅ॑ दया की भीख मांगने, आज वो मौत के आगोश में सो गई है। नन्हा बच्चा कहे कोख से माँ इन बहसी मनुष्यों के बीच कभी ना आना तू, ये सिर्फ मुखौटा पहने हुए हैं इनसानियत का, फिर कभी न धोखा खाना तू इस नफरत की दुनिया को छोड़ कर,प्यार की दुनिया में आवाद रहना तू यहाॅ॑ इनसान की सूरत में भेड़िए हैं, तू कभी इनके भरोसे मत रहना अरे! घटनाएं अभी पुरानी नहीं हुई थी, जब अमेजन के जंगलों में जिंदा जीव जला दिए ऑस्ट्रेलिया में भी हजारों ऊँट पानी के बहाने मार दिए हर बेजुबान की जुबान होती है वह भोजन मांगने आई थी अपने पेट में पल रहे बच्चे के खातिर, उसे क्या पता था तुम निकलोगे फरिश्ते के वेश में कातिल अरे! क्यों इनसानियत को शर्मसार करते हो? क्यों हमेशा बेजुबानों पर वार करते हो? वह निकली थी अपने पेट की आग बुझाने को तुम्हें शर्म नहीं आई उसे जिंदा बम बनाने को तेरी बेदर्द मौत ने मानवता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं खाना माँगा था मौत मिल गई मूर्खों ने बवाल खड़े कर दिए हैं पटाखे खिला दिए फल की आड़ में खाक पढ़े लिखे हो तुम तुम्हारी पढ़ाई जाए भाड़ में वह शिक्षा ही क्या जिसमें दया का भाव न हो कुछ ऐसा पाठ पढ़ाओ जिसमें मानवता का अभाव न हो पढ़े-लिखे राज्य में लोग कैसे अशिक्षित हो गए? मार दिया भूखी माॅ॑ को क्या यह विक्षिप्त (पागल) हो गए? बहुत सुनते हैं केरल पढ़ा लिखा राज्य है, नर्बदा कहती है सिर्फ पढ़ना लिखना ही पढ़ाई नहीं होती जिसमे इनसानियत न हो, काश! ऐसी शिक्षा उन्हें दिलाई न होती तो इन मूर्खों ने अन्नानास में भरकर मासूम केे पेट में पटाखों की बौछार करवाई न होती जिसमें दूसरों के दर्द का एहसास न हो वह पढ़ाई नहीं होती, यह सच में शिक्षित होते तो आज एक बेजुबान माॅ॑ ने अपनी जान गॅ॑वाई न होती निरर्थक है वह शिक्षा जिसमें मानवता का कोई पाठ न हो चाॅ॑द पर पहुंच गए तो क्या हुआ? मानवता की खोज अभी बाकी है, जिसके सीने में दर्द न हो बेजुबानों के लिए ,घोर नाइंसाफी है। नाम और औधे से कुछ नहीं होता आदमी बन जाओ तुम, जिसमें दया का भाव न हो ऐसी शिक्षा न दिलाओ तुम। एक अनपढ़ कबीर मानवता का पाठ पढ़ा गए, तुम पढ़े लिखे हो कर जिंदा जीवो को जला गए। आज एक हथिनी के रुप में इनसानियत मरी है, मल्लापूरम के शिक्षितों ने अशिक्षितों की मिसाल गढ़ी है। तड़पते हुए बच्चा कहे, सुन ले मेरी दास्तां, कभी न आना इस बस्ती में मेरी माॅ॑। रचनाकार:- नर्बदा ठाकुर जिला मंडी, हिमाचल प्रदेश
स्पीति सहयोग फाउंडेशन सोसाइटी ने महामारी के चलते स्थानीय प्रशासन के कोरोना योद्धाओं के लिए राहत सामग्री दी। बुधवार को एडीएम ज्ञान सागर नेगी के सहायता से स्पीति सहयोग फाउंडेशन सोसाइटी में हैंड सैनिटाइजर 300 बोतल हैंड सेनीटाइजर (100 ml) 700 बोतल (500ml), 175 लीटर सोडियम हाय प्रोक्लोराइड सॉल्यूशन, फेस मास्क 15000, 300 कॉटन मास्क,15 सेनेटाइजर स्टैंड और 90 फेस शील्ड दिए। स्पीति फाउंडेशन सोसायटी के मुताबिक ये सारा सामान 2.65,200 रुपए का है। इस मौके पर एडीएम ज्ञान सागर नेगी ने कहा कि सोसाइटी ने काफी राहत सामग्री दी है जो कि कोरो ना योद्धाओं के लिए है। स्पीति सहयोग फाउंडेशन सोसाइटी का कार्य काबिले तारीफ़ है। मैं सोसाइटी के सभी सदस्यों का विशेष आभार व्यक्त करता हूं। सोसाइटी के अध्यक्ष करमा बौद्ध ने बताया कि हमारी सोसा इटी वर्ष 2016 से काम कर रही है। इसमें किसी भी प्रकार का सरकारी सहयोग नहीं लिया जाता है। सोसाइटी के सदस्य है हर माह पैसे एकत्रित करते है और लोगों की मदद करते है। स्पीति में कोरो ना वायरस को लेकर स्थानीय प्रशासन काफी बेहतरीन तरीके से कार्य कर रहा है यही वजह है अभी तक एक भी मामला यहां सामने नहीं आया है। स्पीति में जितने भी कोरोना योद्धा है उन्हें फेस कवर, फेस मास्क, सेनेटाइजर आदि सामग्री एडीएम के माध्यम से भेजी गई है। स्पीति के निवासियों से हमारी संस्था की अपील है इसी तरह नियमों का पालन करते रहे और स्पीति को कोरो ना मुक्त रखने के लिए अपनी भूमिका निभाते रहे। इस दौरान डा तेंजिन नोरबू बीएमओ काजा, दोरजे रिग जिन, छैरिग टशी, छवांग दोरजे, नमज्ञाल दोरजे, जोधा तंदुप आदि उपस्थित रहे। स्पीति सहयोग फाउंडेशन सोसाइटी इस का गठन वर्ष 2016 में किया गया था। स्पीति के गरीब, अस हाय व श्रमिक जो अन्य राज्यों से यहां पर आते है।कई बार बीमार हो जाते है तो ऐसे लोगों की मदद भी की जा रही है। अभी तक करीब 8 लाख रुपए की सहायता की जा चुकी है। कई गरीब बच्चों की पढ़ाई के लिए भी संस्था मदद कर रही है।
सरकार के बेरूखी से नाराज पोस्ट कोड 556 से अपात्र घोषित किए गए अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से उन्हें देख के लिए कटोरा देने की मांग की है। यह अभ्यर्थी पिछले 3 सालों से नौकरी के लिए आंदोलनरत हैं। कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर के माध्यम से पोस्ट कोड 556 के तहत सैकड़ों पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया 3 वर्ष पहले शुरू की गई थी लेकिन चैन से ठीक कुछ समय पहले ही निजी संस्थानों एवं संस्थाओं के माध्यम से कंप्यूटर डिप्लोमा करने वाले परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके 2400 के करीब अभ्यर्थियों को सरकार ने बाहर का रास्ता दिखा दिया था। अब 3 साल तक आश्वासन देने के बाद इस पोस्ट कोड के तहत रिक्त बजे 500 से अधिक पदों को पोस्टकोड 727 में मर्ज करने की योजना सरकार बना रही है जिसका अब यह अभ्यर्थी विरोध कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि 3 साल तक उन्हें आश्वासन दिया गया अब या तो मुख्यमंत्री उनके हाथ में कटोरा पकड़ा दें ताकि वह भीख मांगने के साथ ही सरकार के झूठे आश्वासनों के प्रति लोगों को बता सकें। प्रदेश मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित करने के लिए उपायुक्त हमीरपुर के कार्यालय में यह अभ्यर्थी पहुंचे थे। युवाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री उनके साथ सैकड़ों अभ्यर्थियों को एक मौका दें अथवा उन्हें डाक के माध्यम से ही एक कटोरा भेज दें ताकि सरकार के झूठे आश्वासनों से वह लोगों को अवगत करवा सके और भीख भी मांग पाएं बता दें कि परिणाम घोषित करने से एक अथवा दो दिन पहले ही इन अभ्यर्थियों को अपात्र घोषित किया गया था। जिसके बाद यह मामला कोर्ट में चला गया था कोर्ट की तरफ से निर्णय आया था कि सरकार चाहे तो इनको वन टाइम रिलैक्सेशन दे सकती है। विधानसभा में भी इस मामले को उठाया गया जिसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा था कि इन अभ्यर्थियों के बारे में विचार किया जा रहा है। लेकिन अब इस पोस्ट कोड के तहत अधिकतर रहे पदों को पोस्ट कोड 727 में मर्ज करने की बात सामने आने पर यह अभ्यर्थी पूरी तरह से निराश हो चुके हैं। अभ्यर्थियों ने डीसी के माध्यम से प्रदेश मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा है उन्होंने अंतिम बार सरकार से यह मांग की है कि वह उन्हें एक मौका दे क्योंकि पिछले 3 सालों से वह इसी मौके के इंतजार में हैं और हिमाचल में बिहार, यूपी के साथ नेपाल के लोगों को भर्ती कर हिमाचलियों के साथ बेइंसाफी की, और जो कमीसन पास कर आ रहे उनको अन्तिम मौक़े पर रिजेक्ट कर रहे है। ये जानकारी joa रिजेक्ट यूनियन अभिमन्यु ने कहाँ।
कोरोना महाकाल ने पूरी दुनिया में हाहाकार मचा रखा है। ऐसे में मोदी सरकार ने न केवल देश की जनता का भरोसा जीता वही दुनिया में भारत का दबदबा कायम करने में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह कहना है जिला भाजपा अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों का। हमीरपुर से जारी सयुंक्त बयान में भाजपा सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष बलदेव शर्मा, महामंत्री हरीश शर्मा एवं अभ्यवीर सिंह तथा जिला मीडिया प्रभारी अंकुश दत्त शर्मा ने कहा कि कोरोना काल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साहसिक फैसलों से देश की जनता खुश है। लोग मानते है कि अगर मोदी सरकार समय रहते लॉकडाउन का फैसला नहीं लेती तो शायद देश की बुरी हालत हो सकती थी। अमेरिका जैसी महाशक्ति ने लॉकडाउन का फैसला लेने में देरी की तो कोरोना ने पूरे देश को बुरी तरह से अपने चपेट में ले लिया जिसका खामियाजा आज अमेरिका को भुगतान पड़ रहा है। आज केवल अमेरिका में एक लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि भारत में ऐसा नहीं है। उन्होंने सरकार को बधाई देते हुए नरेंद्र मोदी को जनता का लोकप्रिय नेता बताया हैं। उन्होंने बताया कि देश में कोरोना वायरस के फैलने की संकट की घड़ी में भी उन्होंने देश की जनता का मनोबल को बढ़ाए रखा और अर्थव्यवस्था को पुन: सुचारू रूप से चलाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले भी लिए जिसका जनता ने पूर्ण समर्थन किया। उन्होंने लॉकडाऊन काल में गरीबों के आर्थिक स्थिति व हितों को ध्यान रखते हुए विभिन्न फैसले लिये जो कारगार साबित हुए। उन्होंने उद्योगों को दुबारा शुरू करने का काम करवाया जिससे देश के तमाम व्यापारियों ने प्रधानमंत्री की दूरगामी दृष्ठि की भूरि भूरि प्रसंशा की। उद्योगों के पूर्ण रूप से खुल जाने से गरीबों को रोजगार के सुअवसर भी प्रदान हुए। भाजपा ज़िला अध्यक्ष ने कहा कि भारत को पुर्णतय आत्म निर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री ने राहत पैकेज में जो बीस लाख करोड़ रुपए की घोषणा की है उससे भारत वर्ष में नवयुवकों को अपना खुद का रोजगार खोलने में मदद मिलेगी। इससे जहां नौकरियों के लिए बढ़ता दबाव कम होगा वहीं नए-नए रोजगार के आयाम खुलेंगे। कोरोना काल में पूरी दुनिया दवाओं के लिए केवल भारत की और टकटकी लगाए बैठा था सभी को मालूम था की भारत उनकी मदद जरूर करेंगा। मोदी सरकार के फैसलों ने जहां देश की जनता का मनोबल बढ़ाया है वही देश दुनिया में भारत की मजबूत स्थित का उजागर किया ।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को मुख्य सचेतक नरेन्द्र बरागटा ने जिला शिमला के जुब्बल-नावर और कोटखाई क्षेत्र के लोगों की ओर से एचपी एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाँन्स फंड के लिए 22 लाख 63 हजार रुपये का चेक भेंट किया। इनमें मुख्य दानकर्ता सचिव सामाजिक सेवा समिति नांदरी माता दुर्गा मंदिर पुजारली तहसील कोटखाई, जिन्होंने पांच लाख रुपये का अंशदान किया है। इसके अतिरिक्त जुब्बल के गांव ज़खोर के रमेश चैहान और गांव भोलार जुब्बल के सुरेन्द्र हंसरेटा द्वारा एक-एक लाख रुपये, के.के.आई. ट्रक आॅपरेटर्ज यूनियन कोटखाई की ओर से विनोद चैहान द्वारा 51 हजार रुपये, सतीश कुमार विज़ स्नेह भवन छोटा शिमला द्वारा 50 हजार तथा जिला शिमला की तहसील कोटखाई के अटल बिहारी वाजपेयी इंजीनियरिंग काॅलेज प्रगतिनगर के विकास शर्मा द्वारा 31 हजार रुपये का अंशदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए उनका आभार व्यक्त किया और कहा कि यह अंशदान आवश्यकता के समय जरूरतमंदों की मदद में सहायक सिद्ध होगा। मुख्य सचेतक नरेन्द्र बरागटा ने कहा कि अब तक जिला शिमला के जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र के लोगों ने इस फंड के लिए 60,69,351 रुपये का अंशदान किया है।
किन्नौर युवा कांग्रेस की अति महत्वाकांक्षी मुहिम सैलूट फ्रंट लाइन के तहत युंका पिछले 2 महीने से स्वास्थ्य कर्मियों को सुरक्षा किट मुहैया करने में लगी है। आज कोरोना महामारी के दौर में फ्रंट लाइन हेल्थ वॉरियर्स का मनोबल बढ़ाने की मुहिम की कड़ी में पीएचसी स्किबा के अंतर्गत आने वाले रिब्बा, स्किबा, रिस्पा पंचायतों में कार्यरत 15 से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों व आशा वर्कर्स को पूह युवा कांग्रेस सलाहकार तंज़ीन वांगचु, पूर्व बीडीसी पूह उपाध्यक्ष हीर चन्द्र नेगी, किन्नौर युंका उपाध्यक्ष विद्या नेगी व किन्नौर युवा कांग्रेस मीडिया प्रभारी केसर नेगी के सहयोग से लगभग 10,000 रुपये के स्वास्थ्य सुरक्षा उपकरण जैसे एन 95 मास्क, पीपीई किट व ग्लव्स का आवंटन किया गया। किन्नौर युवा कांग्रेस मीडिया प्रभारी केसर नेगी ने कहा कि पिछले 2 महीने से किन्नौर युवा कांग्रेस महामारी में जनता की मदद के लिये तरह तरह के मुहिम से जुड़ी है। युंका कार्यकर्ता जहां एक तरफ 10000 से अधिक हैंड मेड मास्क क्षेत्र में बांट चुकी है तो सेकड़ों प्रवासी मजदूरों को राशन व सैनिटीज़र्स आवंटित किया गया है। पिछले एक महीने से सैलूट फ्रंट लाइन वॉरियर्स मुहिम के तहत 50 से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों को एन 95 मास्क, ग्लव्स व 20 से अधिक आशा वर्कर्स को पीपीई किट युंका पदाधिकारियों द्वारा दिया जा चुका है। केसर नेगी ने कहा कि आने वाले समय मे युंका किन्नौर के हर आशा वर्कर व स्वास्थ्य कर्मी तक पहुंचने का प्रयास करेगी।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को कृषि उपज विपणन समिति (एपीएमसी) शिमला के अध्यक्ष नरेश शर्मा ने समिति की ओर से एचपी एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाँन्स फंड के लिए 2,24,700 रुपये का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
नरेन्द्र बरागटा द्वारा 22 लाख 83 हजार 400 रू० की धनराशि की दुसरी किश्त मुख्यमंत्री कोविड-19 राहत कोश में भेंट की गई जिसमें दुर्गा माता मन्दिर पुजाली, कोटखाई द्वारा 5 लाख रूपये की धनराषि मुख्यतः शामिल है। जुब्बल, नावर और कोटखाई क्षेत्र के लोगो द्वारा एकत्रित धनराशि मु० 22,83,400 रू० (22 लाख 83 हजार 400 रू०) की दुसरी किश्त वीरवार को मुख्यमंत्री कोविड-19 राहत कोश में भेंट की गई। बरागटा ने जुब्बल, नावर और कोटखाई क्षेत्र के उन लोगो का धन्यावाद किया जिन महानुभावों एवं दानवीरों ने इस नेक कार्य के लिए धनराशि उपलब्ध करवाई है। इनमे धार्मिक संस्थान, सामाजिक संस्थान, व्यापारी वर्ग एवं बागवान आदि सम्मिलित है। इससे पहले मुख्यमंत्री कोविड-19 राहत कोश में जुब्बल, नावर और कोटखाई क्षेत्र के लोगो द्वारा पहली किष्त के रूप में मु० 37,85,951 रू० (37 लाख 85 हजार 951 रू०) की धनराषि मुख्यमंत्री को पहले ही भेंट कर दी गई है। इस तरह से जुब्बल, नावर और कोटखाई क्षेत्र के लोगो द्वारा अभी तक कुल 60 लाख 69 हजार 351 रू की धनराशि मुख्यमन्त्री कोविड-19 राहत कोश में भेंट की गई है। तीसरी किश्त भी शीघ्र ही मुख्यमंत्री को भेंट की जाएगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन तथा रोटरी क्लब सोलन के संयुक्त तत्वावधान में वीरवार को मुरारी मार्केट सोलन में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डाॅ. राजन उप्पल ने दी। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. मुक्ता रस्तोगी भी उपस्थित रहीं। डाॅ. उप्पल ने कहा कि रक्तदान शिविर में 25 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। रक्तदान शिविर में स्वैच्छिक रक्तदाताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सीएल कश्यप ने 84वीं बार रक्तदान किया। उन्होंने कहा कि सीएल कश्यप के इस जज़्बे ने अन्य को भी रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया है। सीएल कश्यप कम से कम सौ बार रक्तदान करने के इच्छुक हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी से आग्रह किया स्वैच्छा से रक्तदान करें। उन्होंने कहा कि रक्तदान महादान है और यह पीड़ित मानवता की सहायता करने का बेहतरीन माध्यम है। उन्होंने कहा कि रक्त की एक-एक बूंद बहुमूल्य मानव जीवन को बचाने के काम आती है। उन्होंने इस पुनीत कार्य में योगदान के लिए रोटरी क्लब का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को देश की एक इंडिपेंडेंट एजेंसी आईएएनएस -सी वोटर सर्वे द्वारा किए गए सर्वेक्षण के आधार पर देश का बेस्ट परफार्मिंग मुख्यमंत्री और भाजपा शासित राज्यों में सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री घोषित किए जाने पर भाजपाइयों ने खुशी जताई है। मुख्यमंत्री की इस उपलब्धि पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल, अर्की मण्डल अध्यक्ष देवेन्द्र उपाध्याय व अन्य पदाधिकारियों, जिला सह मीडिया प्रभारी इंद्रपाल शर्मा व जिला के सभी पदाधिकारियों के अलावा व्यापार मण्डल कुनिहार के अध्यक्ष सुमित मित्तल ने खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि छोटे से प्रदेश हिमाचल के लिए बड़े गर्व की बात है कि पूरे देश के भाजपा शासित मुख्यमंत्रियों में हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को यह उपलब्धि हासिल हुई है। मुख्यमंत्री की इस उपलब्धि से पूरे देश मे हिमाचल का नाम रोशन हुआ है। इससे साबित होता है कि ईमानदार व परिश्रमी छवि के मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश में सम्मान विकास करवाने व हर चुनोती का सामना करने का जज्बा रखते हैं।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन के निर्देश पर जिला में कोविड-19 के दृष्टिगत लोगों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देशों के अनुरूप जागरूक करने के साथ-साथ निरीक्षण अभियान भी आरम्भ किया गया है। यह जानकारी तहसीलदार सोलन गुरमीत नेगी ने दी। गुरमीत नेगी ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आवश्यक बचाव निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सभी सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना, 02 व्यक्तियों के मध्य लगभग 6 फीट अर्थात 02 गज की दूरी रखना तथा नियमित अंतराल पर साबुन से हाथ धोना अथवा एल्कोहल युक्त सेनिटाइजर का प्रयोग अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जिला दण्डाधिकारी के निर्देश पर इस सम्बन्ध में नियमित रूप से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत लोगों को इन बचाव उपायों की जानकारी दी जा रही है। इसी के साथ-साथ मास्क न पहनने वालों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए औचक निरीक्षण भी आरम्भ कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा 02 जून से यह निरीक्षण आरम्भ किए गए हैं। गुरमीत नेगी ने कहा कि सोलन शहर में इन निरीक्षणों के तहत अभी तक 14 व्यक्तियों को मास्क न पहनने के लिए जुर्माना किया गया। प्रत्येक व्यक्ति से जुर्माने के रूप में 500-500 रुपये वसूले गए। निरीक्षण कार्यवाही के तहत शहर में विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों में जाकर भी इस सम्बन्ध में जांच की गई। उन्होंने कहा कि जुर्माना वसूलने के साथ-साथ सभी लोगों को कोविड-19 के दृष्टिगत मास्क पहनने के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। गुरमीत नेगी ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि कोविड-19 संक्रमण से स्वयं को अपने परिजनों को तथा अन्य नागरिकों को बचाने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर अवश्य मास्क पहने, सोशल डिस्टेन्सिग की अनुपालना करें और नियमित रूप से हाथ धोएं। उन्होंने कहा कि जिला दण्डाधिकारी के निर्देश पर नियमित रूप से शहर में निरीक्षण किए जाएंगे और बचाव उपाय न मानने वालों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस अवसर पर जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक मिलाप शांडिल भी उपस्थित रहे।
वैश्विक महामारी कोरोना के चलते लोग इससे बचने व जागरूक करने के लिए अपने अपने स्तर पर कार्य कर रहे है। इसी क्रम में उपमंडल से सेवड़ा चण्डी के निवासी व सामाजिक कार्यकर्ता सुशील ठाकुर ने पुलिस थाना दाड़लाघाट, ग्राम पंचायत नवगांव, सन्याडी मोड़, चाखड़, बुघार में मास्क वितरित किए। प्रदेश कांग्रेस सेवादल के उपाध्यक्ष सुशील ठाकुर ने बताया कि पुलिस थाना दाड़लाघाट प्रशासन व ग्राम पंचायत नवगांव, सन्याडी मोड़, चाखड़, बुघार के पंचायत प्रतिनिधियों सहित जरूरतमंद लोगों को उन्होंने मास्क वितरित किए। सुशील ठाकुर ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में लोगों को निःशुल्क 30 हज़ार मास्क वितरण करने का प्रण लिया है। जिसको लेकर वह अब तक 25 हज़ार मास्क लोगों को वितरित भी कर चुके है। उन्होंने कहा कि मास्क बनाने के लिए कच्चा माल व जरूरतमन्द तक मास्क वितरण करने का कार्य वे खुद कर रहे हैं। सुशील ठाकुर ने मास्क बनाने के लिए कई पंचायतों के महिला मंडल की महिलाओं को इस कार्य को करने के लिए प्रोत्साहित किया है जिसको लेकर वह उन्हें रोजगार भी मुहैया करवा रहे है। सुशील ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 महामारी से बचने के लिए सभी को सकारात्मक सोच रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बीमारी से लड़ने के लिए लोग प्रशासन द्वारा दी गयी हिदायतों का पालन करें। उन्होंने कहा कि सभी सामाजिक दूरी बनाकर रखे व अफवाहों पर ध्यान न दे।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने कोविड-19 के दृष्टिगत प्रदेश में बाहरी राज्यों से आने वाले व्यक्तियों की पूर्ण जानकारी रखने, उनमें कोविड-19 के लक्षणों का ब्यौरा, मानक के अनुसार परीक्षण तथा उनकी क्वारनेटाइन अवधि के विषय में प्रदेश सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार जिला के टीटीआर परवाणू तथा बद्दी में स्थापित चेकपोस्ट राज्य में बाहरी राज्यों से होने वाले आवागमन के दृष्टिगत क्रियाशील रहेंगे। पुलिस अधीक्षक सोलन तथा पुलिस अधीक्षक बद्दी यह सुनिश्चित बनाएंगे कि राज्य में बाहरी राज्यों से होने वाला आवागमन आदेशों के अनुरूप केवल प्रवेश पत्र/अनुमति पत्र के माध्यम से ही हो। अंतररराज्यीय चेकपोस्ट पर भीड़ एकत्र न होने देने के लिए इन व्यक्तियों के प्रवेश समय को क्रमबद्ध किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन यह सुनिश्चित बनाएंगे कि उपरोक्त चेकपोस्ट के माध्यम से प्रदेश में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को ऐसे सूचनाप्रद पैम्फलेट उपलब्ध करवाए जाएं जिनमें होम क्वारेनटाइन की आवश्यकता एवं तरीके के बारे में विवरण दिया हो। पुलिस विभाग इन अंतरराज्यीय नाकों पर ‘कोविड-19 ई-पास सत्यापन’ एप्लीकेशन का प्रयोग कर यह सुनिश्चित बनाएगा कि ई-पास पर दर्शाए गए क्यूआर कोड को स्केन कर जानकारी सर्वर को प्रदान की जाए। यदि किसी कारणवश क्यूआर कोड स्केन नहीं हो पा रहा है तो प्रवेश पत्र की संख्या मैनुअली दर्ज की जाए तथा अन्य सभी जानकारियां प्रक्रिया अनुसार प्रस्तुत की जाएं। सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अथवा नगर पंचायत के सचिव सम्बन्धित पंचायत, नगर परिषद अथवा नगर पंचायत के माध्यम से यह सुनिश्चित बनाएंगे कि अंतरराज्यीय नाकों से प्रवेश करने वाले जिलावासी निर्धारित स्थान तक पहुंचे। यदि जिला से सम्बन्धित कोई व्यक्ति ई-पास में दर्शाए गए सोलन जिला के निर्धारित स्थान तक नहीं पहुंच पाता है तो उसे अपने क्षेत्राधिकार में सक्रिय रूप से तलाशा जाए अथवा निगरानी में रखा जाए। यदि कोई व्यक्ति निर्धारित स्थान तक नहीं पहुंचता है तो उसके विरूद्ध हिमाचल प्रदेश महामारी रोग (कोविड-19), नियमन 2020 एवं अन्य उपयुक्त अधिनियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। सोलन जिला से चिकित्सा, व्यापार अथवा अन्य आधिकारिक कार्य के लिए राज्य से 48 घण्टे से कम की अवधि के लिए अनुमति प्राप्त कर बाहर जाने वाले ऐसे व्यक्तियों को क्वारेनटाइन नहीं किया जाएगा जिनमें कोविड-19 का कोई लक्षण नहीं है। बीमारी के लक्षण वाले व्यक्तियों की निगरानी की जाएगी तथा सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन यह सुनिश्चित बनाएंगे कि उनका कोविड-19 के लिए परीक्षण किया जाए। सम्बन्धित पुलिस अधीक्षक, जिला के सभी उपमण्डलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन यह सुनिश्चित करेंगे कि बाहरी राज्यों से आने वाले सभी व्यक्ति अनिवार्य रूप से 14 दिन के लिए क्वारेनटाइन में रहें। फ्लू तथा इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षणों वाले व्यक्तियों को 14 दिन की अतिरिक्त निगरानी में रहना होगा। सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अथवा नगर पंचायत के सचिव यह सुनिश्चित बनाएंगे कि बाहरी राज्यों से आने वाले ऐसे सभी यात्रियों को 14 दिन के लिए होम क्वारेनटाइन किया जाए जो 48 घण्टे से अधिक की अवधि के लिए प्रदेश से बाहर रहे हों और जो ऐसे शहरों से न आ रहे हों जिन्हें कोविड-19 संक्रमण के लिए उच्च श्रेणी स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है। इन सभी व्यक्तियों को 14 दिन की अतिरिक्त निगरानी में रहना होगा। यदि इन व्यक्तियों में फ्लू अथवा इन्फ्लुएंजा के लक्षण पाए जाते हैं तो यह व्यक्ति या तो निगरानी कर्मी को सूचित करेंगे अथवा टोल फ्री नम्बर 104 पर सूचना देंगे। सम्बन्धित पुलिस अधीक्षक, जिला के सभी उपमण्डलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन यह सुनिश्चित बनाएंगे कि कोविड-19 संक्रमण के लिए उच्च श्रेणी स्थल के रूप में चिन्हित शहरों से यात्रा करने वाले सभी अंतरराज्यीय यात्रियों को संस्थागत क्वारेनटाइन किया जाए और इस सम्बन्ध में स्वास्थ्य मानकों का पूर्ण पालन किया जाए। कोविड-19 संक्रमण के लिए मुम्बई, चेन्नई, अहमदाबाद, थाने, पूना, हैदराबाद, थिरूवल्लूर, कोलकाता अथवा हावड़ा, इंदौर, जयपुर, जोधपुर, चेंगलपट्टू तथा दिल्ली राज्य (नई दिल्ली, शाहदरा, दक्षिण दिल्ली, उत्तर-पूर्वी एवं दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली जिलों के अतिरिक्त) को उच्च श्रेणी स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है। इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित उच्च कोविड-19 संक्रमित शहरों को इस सूची में जोड़ा जाएगा। जिला के सभी उपमण्डलाधिकारी एवं खण्ड चिकित्सा अधिकारी यह सुनिश्चित बनाएंगे कि संस्थागत क्वारेनटाइन केन्द्र से होम क्वारेनटाइन के लिए तब तक किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ा जाएगा जब तक प्रयोगशाला अथवा स्वास्थ्य विभाग से इस सम्बन्ध में लिखित पुष्टि प्राप्त नहीं हो जाती। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन यह सुनिश्चित करेंगे कि यदि किसी व्यक्ति में क्वारेनटाइन अथवा निगरानी अवधि में कोविड-19 जैसे लक्षण पाए जाते हैं तो उसके रक्त नमूने एकत्र कर परीक्षण किया जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन यह सुनिश्चित बनाएंगे कि अंतरराज्यीय यात्रा करने वाले बिना लक्षण वाले यात्रियों विशेषकर आयु एवं रोग के अनुसार अति संवेदनशील जनसंख्या का क्रमरहित (रेन्डम) परीक्षण किया जाए ताकि समय पर बीमारी का पता लगाकर इन्हें आईसोलेट किया जा सके और बीमारी को फैलने से रोका जा सके। जिला दण्डाधिकारी ने आदेश दिए हैं कि बाहरी राज्यों से आने वाला कोई भी यात्री 28 दिन की निगरानी अवधि में घर पर या बाहर 60 वर्ष से अधिक आयु के किसी व्यक्ति अथवा मधुमेह, उच्च रक्तचाप, दमा, गुर्दा रोग से पीड़ित या अन्य रोगियों से नहीं मिलेगा। यदि किसी व्यक्ति का कोविड-19 संक्रमण के लिए परीक्षण पाॅजिटिव पाया जाता है तो मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन मानक अनुसार इस सम्बन्ध में कार्रवाई अमल में लाएंगे।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घनागुघाट में पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून को बच्चों के घर पर पौधारोपण का कार्यक्रम आयोजित करेगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय के सभी विद्यार्थियों को ऑनलाइन व्हाट्सएप के माध्यम से पर्यावरण दिवस के मनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस दिन विद्यार्थी मास्क पहने हुए उचित दूरी का पालन कर अपने घरों के आसपास साफ सफाई के साथ साथ पौधारोपण करने तथा अपने परिवार व गांव के अन्य लोगों को स्वच्छता व पर्यावरण के बारे में जागरूक करेंगे। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों के लिए पर्यावरण विषय पर आधारित नारा लेखन, चित्रकला व भाषण प्रतियोगिता का आयोजन भी व्हाट्सएप ग्रुप के व ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा तथा सभी विद्यार्थियों को पर्यावरण शपथ भी भेजी जाएगी। विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रकाश शर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए एनएसएस इकाई के स्वयंसेवक व कार्यक्रम अधिकारी देशराज गिल, किंगफिशर इको क्लब प्रभारी दीपक ठाकुर व समस्त छात्र मुख्य रूप से भाग लेंगे। विजय चंदेल, देवेंद्र कौंडल, अशोक कुमार, रामलाल, कार्यालय अधीक्षक सहायक ज्वाला दास, मदन ठाकुर, शांति देवी सहित समस्त स्टाफ विद्यालय में उपस्थित रहकर छात्रों का ऑनलाइन मार्गदर्शन करेंगे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक ने 6वें राज्य वित्तायोग के गठन को अपनी सहमति दी है। आयोग पंचायतों तथा स्थानीय शहरी निकायों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करेगा। आयोग राज्य के संचित कोष से पंचायतों और शहरी निकायों के कर निर्धारण, डयूटी, टोल और शुल्क ग्रांट इन एड देने के साथ-साथ अन्य सभी मामले, जिनमें पंचायत और शहरी निकायों की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ होगी, के बारे में राज्यपाल को सिफारिश करेगा। मंत्रिमंडल ने जल शक्ति विभाग में जल रक्षक/ पैरा फीटर और पैरा पम्प ऑपरेटरों के मानदेय में 300 रुपये प्रति माह की वृद्धि की है, अब जल रक्षक को 3300 रुपये प्रति माह जबकि पैरा फीटर और पैरा पम्प ऑपरेटरों को 4300 रुपये प्रति माह का मानदेय मिलेगा। बैठक ने राज्य के ग्रामीण/शहरी क्षेत्रों में 3/2 बिस्वा भूमि की पात्रता के लिए आय मानदंड में संशोधन करने के लिए आवासहीन व्यक्तियों/परिवारों की मौजूदा 50,000 रुपये प्रतिवर्ष आय को बढ़ाकर एक लाख रुपये प्रतिवर्ष करने की मंजूरी दी है ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस योजना का लाभ मिल सके। मंत्रिमंडल ने वर्ष 2020-21 के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के माध्यम से ई-टेंडर के आधार पर कक्षा 1, 3, 6 और 9वीं कक्षाओं के स्कूली विद्यार्थियों को अटल स्कूल वर्दी योजना के तहत स्कूल बैग की खरीद, आपूर्ति और वितरण के लिए अपनी मंजूरी दी। इससे इस वर्ग के 2,56,514 विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। मंत्रिमंडल द्वारा राज्य आपदा शमन कोष गठित करने तथा आपदा शमन व्यय को पूरा करने के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 तथा 2011 के नियमों के तहत वित्त प्रबंधन के लिए दिशा-निर्देशों को मंजूरी प्रदान की, क्योंकि आपदा तैयारी, प्रतिक्रिया और गतिविधियां एक अलग राज्य आपदा प्रबन्ध कोष के तहत आती हैंै। इस कोष के अन्तर्गत राज्य आपदा जोखिम प्रबंधन कोष का 20 प्रतिशत हिस्सा इस्तेमाल किया जाएगा जो कि वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान 90.80 करोड़ रुपये होगा। इसके अतिरिक्त 50 करोड़ रुपये की राशि भूकम्प और भूसंखलन जोखिमों के लिए राज्य आपदा शमन कोष से अनुमोदित की गई है। मंत्रिमंडल मंडी जिला के थुनाग में रेशम बीज उत्पादन केंद्र स्थापित करने तथा इसके संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 4 पदों को सृजित करने तथा भरने की भी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिला के सुलह विधनसभा क्षेत्र में राजकीय बहुतकनीकी संस्था खोलने तथा इस संस्थान के प्रबधन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 29 पदों को सृजित तथा इन्हें भरने की स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने मंडी जिला के नागरिक अस्पताल टिहरा में सुचारु कामकाज के लिए विभिन्न श्रेणियों के और 3 पदों को सृजित और भरने की मंजूरी प्रदान की।
डॉ॰ यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने शैक्षणिक वर्ष 2020-21 के लिए अपने स्नातक, एमएससी और एमबीए एग्रीबिजनेस कार्यक्रमों के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। विश्वविद्यालय ने यह निर्णय कोरोना वाइरस के कारण छात्रों और अभिभावकों को हुई कठिनाइयों को देखते हुए लिया है। विश्वविद्यालय अपने चार घटक कॉलेजों- मुख्य परिसर में कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर और कॉलेज ऑफ फॉरेस्ट्री, हमीरपुर के नेरी में कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री और मंडी जिला के थुनाग में बागवानी महाविद्यालय में बीएससी बागवानी और बीएससी वानिकी कार्यक्रमों में डिग्री प्रदान करता है। इसके अलावा छात्र नेरी महाविद्यालय में बी टेक जैव प्रौद्योगिकी कार्यक्रम के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। स्नातक कार्यक्रमों में सामान्य सीटों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई तक बढ़ाई जा चुकी है। स्व-वित्तपोषण सीटों के लिए 31 जुलाई तक आवेदन किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, एमएससी और एमबीए (एग्रीबिजनेस) कार्यक्रमों के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि भी 15 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। विश्वविद्यालय मुख्य परिसर और नेरी महाविद्यालय में एमएससी की डिग्री प्रदान करता है। औद्यानिकी में एंटोमोलॉजी, फ्लोरिकल्चर और लैंडस्केप आर्किटेक्चर, फूड टेक्नोलॉजी, फ्रूट साइंस, मॉलिक्यूलर बायोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी, प्लांट पैथोलॉजी, सीड साइंस एंड टेक्नोलॉजी, स्पाइस, प्लांटेशन और ऍरोमैटिक प्लांट्स और सब्जी विज्ञान जैसे विषयों में एमएससी की जा सकती हैं। वानिकी में छात्र कृषि अर्थशास्त्र, एग्रोफोरेस्ट्री, पर्यावरण विज्ञान, पर्यावरण प्रबंधन, वन आनुवंशिक संसाधन, औषधीय और सुगंधित पौधे, माइक्रोबायोलॉजी, सिल्विकल्चर, मिट्टी विज्ञान, सांख्यिकी और लकड़ी विज्ञान और प्रौद्योगिकी में एमएससी के लिए आवेदन कर सकते हैं। स्नातक, एमएससी और एमबीए एग्रीबिजनेस के लिए प्रवेश परीक्षा की तिथि की अधिसूचना बाद में जारी की जाएगी। एमबीए और पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन करने की तिथि अपरिवर्तित रहेगी। एमबीए और पीएचडी के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि क्रमशः 17 जुलाई और 15 जुलाई है। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है और इच्छुक छात्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.yspuniversity.ac.in पर लॉगइन करके आवेदन कर सकते हैं। प्रत्येक कार्यक्रम के लिए कुल सीटों के साथ विस्तृत प्रवेश सूचना वेबसाइट पर देखी जा सकती है।
कांग्रेस के नेताओं द्वारा मुख्यमंत्री से त्यागपत्र मांगे जाने पर कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं कार्यकर्ताओं को भ्रष्टाचार पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। वह बिलासपुर में पत्रकारों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस पार्टी की केंद्र और प्रदेश सरकारों में असंख्य घोटाले हुए हो और जिस पार्टी के राष्ट्रीय और प्रदेश नेता भ्रष्टाचार के आरोपों के तहत जमानत पर हो उस पार्टी के नेता दूसरों पर आरोप लगाए या उन्हें शोभा नहीं देता। भारतीय जनता पार्टी ने भ्रष्टाचार से ना कभी समझौता किया है ना करेगी। शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार भी भ्रष्टाचार के प्रति अपनी जीरो टॉलरेंस की नीति पर कायम है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सचिवालय में सैनिटाइजर घोटाला उजागर हुआ तो तुरंत विजिलेंस की जांच के आदेश दिए वह जांच चल रही है। स्वास्थ्य विभाग में यह मामला सामने आया भ्रष्टाचार का तो स्वास्थ्य निदेशक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई और जांच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जिस तरह से भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त एक्शन लिया और कार्यवाही की भारतीय जनता पार्टी इसके लिए उनका स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि जिस तरह पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र दिया वह भी काबिले तारीफ है। उन कोई आरोप नहीं था। मीडिया में सिर्फ इतनी बात आ रही थी कि उस घोटाले में कहीं ना कहीं किसी भाजपा नेता का हाथ है। भारतीय जनता पार्टी के मुखिया होने के नाते प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते उन्होंने नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र दिया यह एक बहुत ही बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस मुद्दे पर कांग्रेसी अपना वक्तव्य दें उन्हें कतई शोभा नहीं देता क्योंकि ना तो उन्होंने कभी इन मुद्दों पर कार्रवाई की है और ना ही कभी उन मुद्दों पर नैतिकता के आधार पर कभी त्यागपत्र दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सख्त रवैया अपनाया है अब भी इसके साथ कोई समझौता नहीं करेगी। मुख्यमंत्री को दी बधाई एक स्वतंत्र एजंसी द्वारा मुख्यमंत्री को बेस्ट परफॉर्मेंस अवार्ड मिलने पर शर्मा ने उन्हें बधाई दी और कहा कि इससे स्वयं साबित हो जाता है कि मुख्यमंत्री किस जज्बे के साथ प्रदेश की सेवा कर रहे हैं। जिस किसी को मिलेगी जिम्मेदारी वो निभायेगा इस प्रश्न पर कि उनके नाम की चर्चा प्रदेश अध्यक्ष के लिए हो रही है। इसके जबाब में शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का राष्ट्रीय नेतृत्व का फैसला होता है। वह जिसने कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देते हैं तो कार्यकर्ताओं से कोई जिम्मेदारी सम्भालता है। इसमें कहीं कोई व्यक्तिगत व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं होता।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इकॉनोमिक पैकेज में एम एस एम ई की परिभाषा में संशोधन की घोषणा की थी। केंद्रीय मंत्रिमंडल की 1 जून की 2020 की बैठक में उसे पुनः संशोधित किया गया है जो जुलाई 2020 में लागू होगी। लघु उद्योग भारती इस बात की सराहना की है कि बहुत लंबे अरसे से विचाराधीन विषय को लागू किया गया। लघु उद्योग भारती हिमाचल प्रदेश के महामंत्री विकास सेठ ने बताया की, बड़ा संतोष का विषय है कि सरकार ने हमारी मांग पर निवेश को पूर्ववत रखते हुए, वार्षिक बिक्री को जोड़ा है। इसके अतिरिक्त सरकार से यह मांग करते हैं की कुछ बिंदुओं को इस अधिसूचना में जोड़ा जाए। सर्वप्रथम एमएसएमई के कहलाने के लिए भारतीय स्वामित्व की शर्त होना आवश्यक हो। सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योगों को मेक इन इंडिया के तहत बढ़ाने के लिए जरूरी है कि परिभाषा में यह निश्चित किया जाए कि सेवा क्षेत्र और व्यापार को अलग से परिभाषित किया जाए, एवं भारत सरकार के एमएसएमई विभाग की वर्ष 2018 -19 की रिपोर्ट के अनुसार देश में सूक्ष्म उद्योग 89% लघु उद्योग 10.5% और मध्यम .5% हैं। इसलिए बैंकों द्वारा कर्ज के आवंटन में एवं सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों के द्वारा खरीदी में आरक्षण सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योगों की संख्या के अनुसार विभाजित होना चाहिए। लघु उद्योग भारती बहुत आशान्वित है कि सरकार हमारे द्वारा दिए गए सुझावों को गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए अधिसूचना में जुड़ेगीं, जिससे प्रधानमंत्री द्वारा घोषित आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी भारत में एमएसएमई के योगदान को देखा जा सकेगा।
आज किया है परमार्थ उन सबने जिनको कभी समझा नहीं इस दुनिया ने अचानक हुए (करोना) युद्ध के हमले में सच्ची वीरता दिखाई इन्होंने कभी सोचा ना था यह वक्त भी आएगा एक आंधी की तरह सब को बहा ले जाएगा नमन है ऐसे वीरों को जिन्होंने बदला तस्वीरों को स्वजनों से बढ़कर परमार्थ किया अपनी बहादुरी का सच्चा सबूत दिया मानवता के इतिहास में साहस का बलिदान दिया अपने हर कर्म को अंजाम दिया ना की परवाह अपनी ना परिवार की बस आगे बढ़ कर सबका साथ दिया आगामी समय के लिए एक इतिहास दिया कार्यक्षेत्र कोई भी रहा हो इनका फिर भी एकता का परिचय दिया देश के सेनापति का हर एक आदेश मान्य किया ऐसे योद्धा पहली बार हुए जो बिना हथियार लड़े कूद पड़े जंग में जन कल्याण के लिए धन्यवादी हैं हम ऐसे वीरों के जो खेल गए खेल तकदीरों के ऐसी ही महान हस्तियों ने कार्य किए दानवीरों के हम सौभाग्यशाली हैं, जो छत्रछाया मिली इन सज्जनों की वरना हाल सभी जानते हैं, दूर देश के जनमानयों की मेरे भी हाथ उठे दुआ में सम्मान मिले इन्हें प्यार मिले जिनके कारण परमार्थ के फूल खिले धन्यवाद! भारती बहल जिला मंडी (हि.प्र.)
बिलासपुर पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ छेड़े गए अभियान में वुधवार देर रात्री को एक और कामयाबी हाथ लगी है। सुरक्षा शाखा की टीम ने चाय की एक दूकान से भारी मात्र में अंग्रेजी शराब बरामद की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुरक्षा शाखा की टीम संजीव पुंडीर के नेत्रित्व में मुख्य आरक्षी केवल किशोर व आरक्षी चंचल सिंह सहित थाना भराड़ी की टीम के साथ क्षेत्र में गस्त कर रहे थे। जब यह टीम गश्त करती हुई लादौर की तरफ गई तो वहा सुरक्षा शाखा टीम प्रभारी संजीव पुंडीर को एक चाय की दूकान पर भारी मात्रा में कुछ पेटियां दिखी। जिस पर उन्हें शक हुआ उअर उन्होंने शक के आधार पर जब इस चाय की दूकान पर छापेमारी कर इसकी तलाशी ली तो इन पेटियों में भारी मात्रा में महंगी अंग्रेजी शराब बरामद हुई। इस चाय की दूकान से कुल 34 पेटियां अंग्रेजी शराब बरामद हुई जिसमे वैट 69, ब्लैंडर प्राइड, मैक्डोवल, रॉयल स्टैग, इम्पीरियल ब्लू, बडवाईजर, अफ्रीकाना, ऑफिसर चॉइस, ब्लैक विस्की, ग्रीन लेबल, डीएसपी ब्लैक, एक्विटी, ओल्ड मोक, ब्लू डाईमंड, अरेस्टोक्रैट, ओसी ब्लू, आल सीजन, बियर तथा संतरा देसी शराब बरामद हुई। जब पुलिस ने इस शराब के बारे में चाय के दुकानदार से कागज़ मांगे तो वह प्रस्तुत नही कर सका। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी व्यक्ति को गिरफ्तार कर भराड़ी थाने में HP एक्ससाइज एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया। आरोपी व्यक्ति की शिनाख्त किशोरी लाल पुत्र चुनी लाल के रूप में हुई है। गौर तलब है कि सुरक्षा शाखा की इस टीम ने टीम प्रभारी संजीव पुंडीर के नेत्रित्व में नशे का अवैध करोवार करने वाले लोगो की नाक में दम कर रखा है और इस टीम ने जिला के विभिन्न हिस्सों में बारी मात्र में नशे के कारोवार करने वाले लोगो से भारी मात्रा में नशीला सामान बरामद कर उन्हें गिरफ्तार किया है। बिलासपुर पुलिस की यह टीम नशे के खिलाफ लगातार सर्जिकल स्ट्राइक करती जा रही है।
पुलिस थाना नूरपुर की पुलिस चौकी रैहन के अंतर्गत आते क्षेत्र रौड़ के निवासी अशवनी कुमार पुत्र देस राज से नारकोटिक्स विभाग की टीम ने बुधवार रात लगभग पौने ग्यारह बजे| रैहन स्टेडियम के पास 2 किलो 400 ग्राम चूरा पोस्त भुक्की बरामद की। बुधवार देर रात नारकोटिक्स विभाग के इंचार्ज हैड कांस्टेबल अर्जुन सिंह, कांस्टेबल सोम राज,अजय कुमार व गुरुदीप सिंह ने गुप्त सूचना के आधार पर रैहन स्टेडियम के पास नाका लगाया हुआ था। इतने में रात लगभग पौने ग्यारह बजे फ़तेहपुर से रैहन की तरफ एक स्कूटी न. एचपी 88-4719 आईं। स्कूटी सवार को नारकोटिक्स विभाग की टीम रोका। रैहन स्टेडियम के पास नारकोटिक्स विभाग की टीम द्वारा पकड़ा गया स्कूटी सवार जिससे दो किलो 400 ग्राम चूरा पोस्त भूकी बरामद हुई। टीम को देखकर स्कूटी सवार अशवनी कुमार घबरा गया। नारकोटिक्स विभाग की टीम ने उससे पूछताछ करके जब तलाशी ली तो उसकी स्कूटी की सीट के नीचे बने लगेज बॉक्स से 2 किलो 400 ग्राम चूरा पोस्त भूक्की बरामद की गई। टीम ने आरोपी स्कूटी सवार के खिलाफ मादक प्रदार्थ एक्ट के तहत मामला दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है। डीएसपी डॉ साहिल अरोड़ा ने मामले की पुष्टि की है।
वीरवार को, मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने दे दी। आयोग पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करेगा और राज्यपाल को इन पंचायतों की वित्तीय स्थिति और शहरी स्थानीय निकायों के करों, कर्तव्यों, टोलों और फीस के निर्धारण, पंचायतों को सहायता अनुदान के निर्धारण में सुधार के बारे में सिफारिशें करेगा। राज्य के समेकित कोष और पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों के ध्वनि वित्त के संबंध में किसी भी अन्य मामले से। मंत्रिमंडल ने जल शक्ति विभा में जल रक्षक / पैरा फिटर और पैरा पंप ऑपरेटरों के मानदेय में रु 300 प्रति माह। इस वृद्धि के साथ, अब जल रक्षक को रु 3300 प्रति माह जबकि पैरा फिटर और पैरा पंप ऑपरेटरों को रु का मानदेय मिलेगा। 4300 प्रति माह। इसने राज्य के ग्रामीण / शहरी क्षेत्रों में 3/2 बिस्वास भूमि की पात्रता के लिए आए मानदंड में संशोधन करने के लिए आवासहीन व्यक्तियों / परिवारों को मौजूदा रुपये से बढ़ाकर इसे मंजूरी दी। 50,000 से रु प्रतिवर्ष एक लाख, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस योजना का लाभ मिल सके। कैबिनेट ने वर्ष 2020 के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के माध्यम से ई-टेंडर के आधार पर स्कूल, पहली, तीसरी, 6 वीं और 9 वीं कक्षाओं के स्कूली छात्रों को अटल स्कूल वर्डी योजना के तहत स्कूल बैग की खरीद, आपूर्ति और वितरण के लिए अपनी मंजूरी दी। इससे इन वर्गों के 2,56,514 छात्रों को लाभ होगा। इसने एक राज्य आपदा शमन कोष बनाने का निर्णय लिया और शमन पर खर्चों को पूरा करने के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 और नियम, 2011 के तहत निधि के प्रशासन के लिए दिशानिर्देशों को मंजूरी दे दी, क्योंकि राज्य के रूप में जाना जाता एक अलग कोष के तहत तैयारियों और प्रतिक्रिया गतिविधियों को कवर किया जाता है। आपदा प्रबंधन कोष - इस फंड के तहत, राज्य आपदा जोखिम प्रबंधन फंड का 20 प्रतिशत शमन के लिए उपयोग किया जाएगा, जो रु चालू वित्त वर्ष के लिए 90.80 करोड़। इसके अलावा, रु राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण निधि से राज्य में पहाड़ी राज्यों में भूकंपीय और भूस्खलन जोखिमों के प्रबंधन के लिए 50 करोड़ की सिफारिश भी की गई है। इसने इस केंद्र को बनाने के लिए मंडी जिले के थुनाग में रेशम कीट बीज उत्पादन केंद्र स्थापित करने और विभिन्न श्रेणियों के चार पदों को भरने के लिए अपनी सहमति दी। मंत्रिमंडल ने इस संस्था के प्रबंधन के लिए कांगड़ा जिले के सुलह विधान सभा क्षेत्र में एक नया सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थान खोलने के लिए और विभिन्न श्रेणियों के 29 पदों को भरने के लिए अपनी मंजूरी दी। इसने अपनी सुचारू कार्यप्रणाली के लिए जिला मंडी के सिविल अस्पताल तिहाड़ में विभिन्न श्रेणियों के तीन और पदों को बनाने और भरने का निर्णय लिया।
समाज सेवा के क्षेत्र में कुछ नाम ऐसे भी होते हैं जो बिना किसी लाग लपेट और पब्लिसिटी के अपना काम गुप्त तरीके से करते रहते हैं। ऐसी ही एक शख्सियत हिमाचल राज्य सहकारी बैंक से सेवा निवृत्त होने वाली सीनियर मैनेजर मीरा भोगल भी हैं। जो अभी हाल ही में बैंक की बिलासपुर शाखा से बतौर सीनियर मैनेजर के पद पर सेवानिवृत्त हुई है। 1962 में जन्मी मीरा भोगल साधारण परिवेश में पली-बढ़ी किंतु अपनी मेहनत व लगन से वह इस उपरोक्त उच्च पद तक पहुंची। पिछले कई वर्षों से इंटरनेशनल संस्था आर्ट ऑफ लिविंग से जुड़ कर विभिन्न शिविरों में भाग लिया और संस्था का संदेश जन-जन तक पहुंचाया और यह क्रम अभी भी जारी है। इसके अलावा कई अन्य पाठशालाओं में, विभिन्न जरूरतमंद लोगों में कुछ ना कुछ सहयोग अवश्य किया। मीरा भोगल ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में मास्टर की डिग्री हासिल करने के बाद पर्सनल मैनेजमेंट में डिप्लोमा किया था। इनके बारे में कहा जाता है कि जहां भी कहीं जरूरत होती है चुपके से सहयोग देने के लिए खड़ी हो जाती है। चाहे शिक्षा जगत हो, अस्पताल में लंगर अनुदान के लिए सहयोग हो, बिलासपुर में बने शहीद स्मारक की बात हो या किसी असहाय की मदद करनी हो मीरा खामोशी से अपना सहयोग करती रहती है। जिनकी भी यह सहायता करती हैं उन्हें बाद में पता चलता है कि मीरा भोगल ने उनकी सहायता कर दी। मीरा गूगल के पति डीएस भोगल भी पंजाब नेशनल बैंक में कार्यरत थे और 31 मार्च 2017 को एस ए अधिकारी के रूप में सेवानिवृत्त हुए। बिलासपुर राज्य सहकारी बैंक की शाखा में सेवानिवृत्ति के दिन इन्हें सभी ने भावपूर्ण विदाई दी और इनके द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। इस उपलक्ष्य पर सहकारी बैंक के निदेशक राम गोपाल ठाकुर व राकेश गौतम तथा जिला प्रबंधक नागेन्द्र शर्मा, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रेम कौशल, महासचिव अनिल चौहान, शाखा प्रबंधक रमेश भारद्वाज एवं जिला बिलासपुर के समस्त बैंक कर्मचारियों ने इस अवसर पर मीरा भोगल को उज्जवल भविष्य एवं स्वास्थ्य लाभ की शुभकामनाएं दीं।
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश में कार्यरत ऐसे सभी कर्मचारियों, अधिकारियों और अग्रिम पंक्ति के कर्मचारी, जो कोविड-19 के दृष्टिगत डयूटी पर तैनात किए गए हैं, की मृत्यु होने पर उनके परिवारों को प्रदेश सरकार ने एचपी एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅंस फंड में से 50 लाख रुपये की अनुग्रह अनुदान राशि देने की अनुमति दी है। उन्होंने कहा कि वे स्वास्थ्य कार्यकर्ता, जिनके लिए भारत सरकार, स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा पहले ही बीमा योजना की घोषणा कर दी थी, वे इसमें शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि राजस्व व आपदा प्रबंधन विभाग के पास विभिन्न निगमों, बोर्डों, स्वायत्त निकायों और एजेंसियों द्वारा उनके अधिकारियों, कर्मचारियों को इस निर्णय के दायरे में लाने हेतु प्रतिवेदन प्राप्त हो रहे है, क्योंकि वे कोविड-19 महामारी से लड़ने की प्रक्रिया में भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के उपरांत प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी विभागों के साथ-साथ निगमों, बोर्डों, स्वायत्त निकायों और विभिन्न एजेंसियों में काम करने वाले सभी अधिकारियों, जो कोविड-19 के दृष्टिगत राहत उपायों के लिए कार्य कर रहे हैं, को इसके अन्तर्गत कवर करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण मृत्यु होने पर कोविड-19 से सम्बन्धित डयूटी पर स्वच्छता के काम में लगे नगर निगम शिमला की सैहब सोसायटी के नियमित, आउटसोर्स, अनुबंध, दैनिकभोगी कर्मचारियों को भी इसके अन्तर्गत लाया गया है। कोविड-19 महामारी के दौरान केवल आधिकारिक डयूटी में तैनात, जिनका कोविड-19 महामारी से लड़ने में कोई भूमिका नहीं है, वे इस अनुग्रह अनुदान राशि के पात्र नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि एक्टिव केस फाइंडिंग, कोविड -19 संस्थानों में कार्यरत हेल्थ वर्कर, क्वारंटीन केन्द्र में प्रबन्धन के लिए तैनात लोग, प्रवासियों के आने और जाने के कार्य के लिए तैनात लोग, हिमाचल पथ परिवहन निगम के चालक एवं परिचालक तथा पर्यवेक्षण कार्यों के लिए तैनात निगम के अधिकारी, खाद्यान्न, राशन की आपूर्ति कार्यों में लगे कर्मचारी, स्वच्छता कार्यकर्ता, पुलिस के सुरक्षाकर्मी व होमगार्ड इत्यादि को पात्र फ्रंटलाइन कार्यों में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण मृत्यु होने पर प्रमाणित करने वाले संबंधित सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाणीकरण के बाद ही राशि का भुगतान किया जाएगा। इसमें सक्षम चिकित्सा अधिकारी द्वारा स्पष्ट रूप से दर्शाया गया हो कि मृत्यु कोविड-19 महामारी के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि अनुग्रह अनुदान राशि का भुगतान विभाग के मुखिया द्वारा कोविड-19 महामारी के कारण मृत्यु होने का प्रमाण पत्र देने के उपरांत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस राशि का दावा करने वाले को कानूनी उत्तराधिकारी होने के साथ इससे सम्बन्धित अन्य प्रमाण पत्र भी देने होंगे।
जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर तथा शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश में पटवारी भर्ती परीक्षा में कोई भी अनियमितता नहीं हुई है यह उच्च न्यायालय के निर्णय से स्पष्ट हो गया है। विपक्ष द्वारा इस मामले को व्यर्थ में उछाला जा रहा है। इस मामले में विपक्ष के आरोप पूरी तरह से तथ्यहीन व निराधार है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रदेश में 1200 पटवारी भर्ती करने का निर्णय लिया था, जिसके लिए प्रदेशभर से लगभग 3,00,000 अभ्यार्थियों ने आवेदन किया था। 17 नवंबर 2019 को इस भर्ती की लिखित परीक्षा प्रदेश के विभिन्न उपायुक्तों के माध्यम से जिलों के विभिन्न केंद्रों में ली गई। इस भर्ती को कुछ व्यक्तियों ने हिमाचल प्रदेश माननीय उच्च न्यायालय में चुनौती दी व भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया तथा अधिवक्ता के माध्यम से हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई। हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस याचिका का विस्तृत जवाब दाखिल किया है, जिसमें स्पष्ट कहा है कि इस भर्ती में कोई भी व किसी भी तरह की अनियमितता नहीं हुई है तथा इस याचिका को चुनौती देने वालों में से एक अभ्यर्थी तो परीक्षा में भी उपस्थित नहीं हुआ था। महेन्द्र सिंह ठाकुर और सुरेश भारद्वाज ने कहा कि उच्च न्यायालय ने 8 जनवरी 2020 को इस पटवारी भर्ती मामले की जांच सीबीआई को करने के लिए कहा। सीबीआई ने गहन जांच पड़ताल करने के बाद अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट, प्रदेश उच्च न्यायालय को प्रस्तुत की। सीबीआई ने 29 मई 2020 को माननीय उच्च न्यायालय में बंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट सौंपी। 2 जून 2020 को माननीय उच्च न्यायालय ने सीबीआई की विस्तृत जांच रिपोर्ट का अवलोकन किया, व यह स्पष्ट पाया कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस पटवारी भर्ती परीक्षा प्रक्रिया में कोई भी अनियमितता नहीं की थी और इस पटवारी भर्ती को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि जब उच्च न्यायालय पटवारी भर्ती की जांच करवाने के निर्देश दिए तो प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया था कि इस पटवारी भर्ती की जांच प्रदेश व देश की किसी भी जांच एजेंसी से करवाने के लिए तैयार है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस पटवारी भर्ती में पारदर्शिता का पालन किया है। प्रदेश की वर्तमान सरकार भर्ती व अन्य सभी मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित कर रही है। सीबीआई की रिपोर्ट व हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के इस फैसले से यह स्पष्ट हो गया कि इस पूरी भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरती गई थी और किसी भी तरह की कोई अनियमितता नहीं हुई थी।


















































