सोलन : दो प्रतिष्ठित विश्व रैंकिंग संगठनों - टाइम्स हायर एजुकेशन और क्वाक्वेरेली साइमंड्स (क्यूएस) की सूची में शीर्ष पर रहने के बाद - शूलिनी विश्वविद्यालय यूएस न्यूज और वर्ल्ड रिपोर्ट द्वारा घोषित रैंकिंग में शीर्ष युवा निजी विश्वविद्यालय के रूप में उभरा है। यूएस न्यूज और वर्ल्ड रिपोर्ट द्वारा 2024-2025 की सर्वश्रेष्ठ वैश्विक विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में 47.2 के उल्लेखनीय स्कोर के साथ विश्वविद्यालय को विश्व स्तर पर 769वां स्थान दिया गया है। भारत के भीतर, शूलिनी विश्वविद्यालय सभी भारतीय विश्वविद्यालयों और आईआईटी जैसे संस्थानों में 12वें स्थान पर है। भारत के कुल 140 संस्थानों को रैंकिंग दी गई, जिसमें आईआईएससी बेंगलुरु 51.2 के स्कोर के साथ 612वें नंबर पर है, इसके बाद आईआईटी बॉम्बे 50.3 के स्कोर के साथ 635वें स्थान पर है। शूलिनी विश्वविद्यालय के संस्थापक और चांसलर प्रोफेसर पीके खोसला ने कहा कि "यह मान्यता वैश्विक स्तर पर अकादमिक उत्कृष्टता और अनुसंधान प्रभाव के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है"। शोधकर्ताओं, संकाय और छात्रों को बधाई देते हुए, कुलपति प्रोफेसर अतुल खोसला ने कहा कि अग्रणी वैश्विक रैंकिंग संगठनों से मान्यता विश्वविद्यालय में अनुसंधान और शिक्षाविदों पर दिए गए जोर का प्रमाण है, उन्होंने आगे कहा कि विश्वविद्यालय अनुसंधान और नवाचार में उच्च प्राथमिकता देना जारी रखेगा। 2024-2025 रैंकिंग में 104 देशों के 2,250 शीर्ष संस्थान शामिल हैं, जो पिछले वर्ष 95 देशों के 2,000 संस्थानों से अधिक है। इन रैंकिंग को निर्धारित करने के लिए, यू.एस. न्यूज़ और वर्ल्ड रिपोर्ट ने 2,271 विश्वविद्यालयों का एक पूल बनाया। इस पूल में क्लैरिवेट के वैश्विक प्रतिष्ठा सर्वेक्षण के शीर्ष विश्वविद्यालय और 2018 से 2022 तक कम से कम 1,250 पेपर प्रकाशित करने वाले संस्थान शामिल थे। इन मानदंडों ने अंतिम रैंकिंग पूल तैयार किया, जिसमें से शीर्ष 2,250 विश्वविद्यालयों का चयन किया गया। वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, एक निजी डीम्ड यूनिवर्सिटी, जिसकी स्थापना 40 साल पहले 1984 में हुई थी, को देश में छठे स्थान पर रखा गया है।
कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार और उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने आज जारी संयुक्त प्रेस बयान में ऊना में हुई भाजपा वर्किंग कमेटी की बैठक को ‘महज गुणगान’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष शायद यह भूल गया है कि लोकसभा निर्वाचन के नतीजों के बाद भाजपा की लोकप्रियता में गिरावट आई है और उसके 400 पार के दावों को जनता ने धूल चटाई है। उन्होंने कहा कि भाजपा ऐसी दयनीय हालत में पहुंच गई कि उसे सरकार बनाने के लिए क्षेत्रीय दलों का सहारा लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पूर्व भाजपा सरकार ने कीटनाशकों पर मिलने वाली सब्सिडी को बंद कर किसानों-बागवानों के हितों के साथ खिलवाड़ किया। यही नहीं कर्मचारियों को दिए जाने वाले वित्तीय लाभ न देकर उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के अधिकार से वंचित कर उनका शोषण किया गया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को एरियर का भी भुगतान नहीं किया। पूर्व भाजपा सरकार ने कर्मचारियों को अपमानित करने के लिए कहा कि पेंशन चाहिए, तो कर्मचारी चुनाव लड़ें। वर्तमान कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों को पुरानी पेंशन देकर उन्हें सम्मानजनक जीवनयापन करने का अधिकार लौटाया साथ ही लंबित एरियर और अन्य लाभों को भी समय-समय पर भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज भाजपा कर्मचारी हितैषी होने के दावे कर रही है जबकि सच्चाई यह है कि पुरानी पेंशन के लिए कर्मचारियों को आंदोलन को कुचलने और दमन का काम भी भाजपा ने ही किया है और भाजपा के शासन में यह काला धब्बा है। प्रदेश की जनता को गुमराह करने के लिए पूर्व भाजपा सरकार ने अपने अंतिम छह माह के शासन के दौरान अनावश्यक संस्थान खोले। अपनी ताकत का प्रदर्शन करने के लिए रैलियों पर बेतहाशा खर्च किया गया। प्रदेश की पटरी से उतरी हुई अर्थव्यवस्था को ट्रैक पर लाने के लिए कांग्रेस सरकार को कुछ कठिन निर्णय लेने पड़े। सत्ता के लोभ में डूबी हुई भाजपा ने लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार को अस्थिर को करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि जयराम सरकार ने प्रदेश के लाखों युवाओं के साथ धोखा कर कर्मचारी चयन आयोग जैसी संस्थानों में परीक्षा के प्रश्न पत्र पेपर बेचने के व्यापार को संरक्षण दिया। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में कर्मचारी चयन आयोग भ्रष्टाचार का गढ़ था। प्रदेश के युवाओं को रोजगार और स्व-रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए राज्य सरकार ने 680 करोड़ की राजीव गांधी स्टार्ट-अप योजना शुरू की है। वहीं प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने के लिए 100 से 500 किलोवाट क्षमता की परियोजनाओं पर 50 फीसदी सब्सिडी दी जा रही है। वहीं किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ करने के लिए राजीव गांधी प्राकृतिक खेती स्टार्ट-अप योजना शुरू की गई है। इस योजना में रसायन मुक्त खेती करने के लिए हर पंचायत से किसानों को जोड़ा जाएगा। सरकार का 36 हजार किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि भाजपा कि इलेक्टोरल बॉन्ड योजना का पर्दाफाश हुआ है और सर्वोच्च न्यायालय ने इसे पूरी तरह असंवैधानिक करार दिया है। भाजपा की इस योजना से पारदर्शिता और जवाबदेही धूमिल हुई व लोगों के हितों के साथ खिलवाड़ किया गया है। वहीं नीट परीक्षा में हुए घोटाले ने प्रदेश के युवा वर्ग के सपनों के साथ खिलवाड़ हुआ है। उन्होंने कहा कि कांवड यात्रा में भाजपा शासित राज्यों द्वारा दिए जा रहे निर्देशों को लेकर पार्टी को अपने ही सहयोगी दलों ने आड़े हाथ लिया है। भाजपा वसुधैव कुटुम्बकम् की बात करती है लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है। उन्होंने कहा कि उपचुनावों में प्रदेश की जनता ने स्पष्ट जनादेश दिया है और कांग्रेस के विधायकों को संख्या एक बार फिर 40 हो गई है। जबकि आए दिन भाजपा की सरकार बनने के दावे करने वालों को सबक सिखाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को आपदा प्रभावितों से जाकर पूछना चाहिए कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने उनकी कितनी मदद की। उन्होंने कहा कि भाजपा ने दिखावे की राजनीति कर बेतहाशा खर्च किया और प्रदेश के लोगों के हितों को नजरअंदाज कर ठाठबाठ की जीवनशैली अपनाई। वर्तमान कांग्रेस सरकार वित्तीय प्रबंधन, कर्मचारियों को वित्तीय स्थिरता, कानून व्यवस्था, किसानों और बागवानों को सब्सिडी और राज्य के विकास और कल्याण के लिए दृढ़ संकल्पित और प्रतिबद्ध है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल 22 जुलाई, 2024 को सोलन ज़िला के प्रवास पर आ रहे हैं। डॉ. शांडिल 22 जुलाई, 12.30 बजे वकनाघाट स्थित बहरा विश्वविद्यालय में सितारे हिमाचल के सम्मान 2024 कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शामिल होंगे।
प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अनेक महत्त्वाकांक्षी योजनाएं व कार्यक्रम सफलतापूर्वक कार्यान्वित किए जा रहे हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में दुग्ध उत्पादन से जुड़ी गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थिकी से जुड़े हितधारकों को सशक्त करने पर विशेष अधिमान दे रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का कहना है कि दुग्ध उत्पादन रोजगार सृजन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिला सशक्तिकरण की सम्भावनाओं का रास्ता प्रशस्त करने वाला क्षेत्र है। इस क्षेत्र में सहकारी समितियां भी सराहनीय कार्य कर रही हैं। प्रौद्योगिकी के युग में नवीन तकनीक और नवोन्मेषी पहल अपनाना नितांत अनिवार्य है। प्रदेश सरकार द्वारा दुग्ध प्रसंस्करण और इसकी गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान केेन्द्रित किया जा रहा है। प्रदेश में दुग्ध संयंत्रों का भी चरणबद्ध तरीके से उन्नयन किया जा रहा है। हिम-गंगा योजना के तहत जिला कांगड़ा स्थित ढगवार में 250 करोड़ रुपये की लागत से विश्व स्तरीय दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। इस संयंत्र की क्षमता को बढ़ाकर 3 लाख लीटर प्रतिदिन करने की योजना है। इस संयंत्र में अत्याधुनिक तकनीक से दूध का पाउडर बनाया जाएगा, जिसमें मांग से अधिक दूध को लम्बे समय तक संरक्षित किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त दही, खोया, घी, आईसक्रीम, फ्लेवर्ड मिल्क, पनीर और अन्य उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे। इस संयंत्र में अल्ट्रा हीट तकनीक से पैंकिंग की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। प्रदेश सरकार द्वारा स्थानीय युवाओं को किसानों व एकत्रीकरण केंद्रों से दूध प्रसंस्करण संयंत्रों तक दूध ले जाने के लिए 200 रेफ्रिजरेटिड मिल्क वैन उपलब्ध करवाने का बजट में प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार ने दुग्ध संयंत्र कुल्लू, हमीरपुर, नाहन और दुग्ध संयंत्र ऊना की क्षमता 20-20 हजार लीटर करने की योजना भी बनाई है। दुग्ध विपणन प्रक्रिया और इसके परिवहन का युक्तिकरण भी किया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन समितियों के पंजीकरण कार्य में तेजी लाई है इसके लिए समितियों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जा रहा है।सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश राज्य दुग्ध उत्पादक प्रसंघ (मिल्कफेड) के सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मिल्कफेड के ट्रेडमार्क ‘हिम’ का केंद्र सरकार से पंजीकरण करवाया गया है। हिमाचल प्रदेश मिल्कफेड द्वारा राज्य में 102 ऑटोमैटिक मिल्क कलैक्शन यूनिट स्थापित किए गए हैं और दूर-दराज के क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण दूध एकत्र करने के लिए 320 लीटर क्षमता के 55 मिल्क कूलर छोटी समितियों को उपलब्ध करवाए गए हैं। प्रदेश में वर्तमान में 1148 ग्राम दुग्ध सहकारी समितियां हैं, जिनके 47,905 सदस्य हैं। इनमें महिलाओं की संख्या 19,388 है। राज्य में 11 दुग्ध संयंत्र और 116 बल्क मिल्क कूलर भी स्थापित हैं। प्रदेश सरकार दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में 360 डिग्री विकास के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है ताकि ग्रामीण व अन्य क्षेत्रों की आर्थिकी को संबल प्रदान किया जा सके।यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसानों और पशुपालकों को न केवल दूध उत्पाद का लागत आधारित मूल्य सुनिश्चित हो बल्कि उन्हें गुणवत्ता बोनस भी प्राप्त हो। सरकार इसी ध्येय के साथ निरंतर कार्य कर रही है। पशुपालन तथा दूध उत्पादन को प्राकृतिक खेती से जोड़कर किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है। गाय तथा भैंस के दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाकर क्रमशः 45 और 55 रुपये किया गया है। भारतवर्ष में यह पहल करने वाला हिमाचल प्रदेश एकमात्र राज्य है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि दुग्ध क्षेत्र के विकासोन्मुखी कार्यक्रमों में आधुनिक प्रौद्योगिकी का समावेश कर हिमाचल को इस क्षेत्र में मॉडल राज्य बनाया जाए। सरकार के यह महत्त्वाकांक्षी प्रयास निश्चित तौर पर हिमाचल को आत्मनिर्भर राज्य बनाने की परिकल्पना को साकार करने में संबल प्रदान करेंगे।
सोलन विकास खण्ड के तहत पट्टाबरौरी पंचायत के निर्माणाधीन बांके बिहारी मंदिर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव के उपलक्ष्य पर शनिवार से चार दिवसीय कृष्ण भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। यह आयोजन 20 से 23 जुलाई 2024 तक किया जा रहा है। जानकारी देते हुए डी डी कश्यप ने बताया कि जिला सोलन के प्रसिद्ध ख्याति प्राप्त कथा वाचक व बांके बिहारी विश्व मंगलम सेवा धाम के प्रमुख संस्थापक तथा धर्म प्रचारक हरिजी महाराज व भागवत ग्रंथ का स्थानीय महिलाओं द्वारा फूलमालाओं के साथ स्वागत किया गया। इस अवसर पर महिलाओं द्वारा भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कथा पंडाल में पहुंचने पर मंत्रो उच्चारण के साथ विधिवत रूप से कलश स्थापना की गई। तदुप्रांत हरीजी महाराज ने अपनी मधुर वाणी से व्यास पीठ से सभी भक्तों को कृष्ण भगवान की विभिन्न लीलाओं का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने वेदों व शास्त्रों के अनुसार गुरु की महिमा भक्ति का अपने प्रशंग में उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु की भक्ति करने से शिष्य घोर पापों से मुक्त हो जाता है। भागवत कथा को दिल से श्रवण करने वाला व्यक्ति हर कष्ट से छूट जाता है। शिष्य को हमेशा गुरु की आज्ञा का पालन करना चाहिए। कभी गुरु की निंदा नही करनी चाहिए। हरिजी महाराज ने कहा कि निर्माणाधीन बांके बिहारी जी के मंदिर का कार्य प्रगति पर है जो शीघ्र ही पूरा हो जाएगा। मंदिर में बांके बिहारी की मूर्ति के साथ एक ओर भगवान भोलेनाथ व एक ओर मां दुर्गा की मूर्तियां स्थापित की जाएगी। डी डी कश्यप ने बताया कि कथा का समय प्रतिदिन 1 से 4 बजे तक रहेगा, 23 जुलाई को हवन व पूर्णाहुति के साथ कथा को विराम दिया जाएगा। कथा के बाद प्रतिदिन भक्तों के लिए भंडारे का आयोजन भी रखा गया है। इस अवसर पर मंदिर निर्माण कमेटी के सदस्य देविंद्र शर्मा, अमर सिंह कौंडल,ख्यालीराम, कन्हैया राम, संतराम, नेकराम कौंडल सहित महिला व पुरुष मौजूद रहे।
** बाहरी राज्यों में रजिस्टर्ड गाड़ियों पर चलेगा नियमों का डंडा शिमला: देश के अन्य राज्य में पंजीकृत वाहनों के हिमाचल में प्रवेश करने पर सरकार सख्त हो गई है। इसके लिए अब सरकार ने हिमाचल प्रदेश मोटर वाहन कराधान अधिनियम, 1972 की धारा 17(4) के प्रावधानों आंशिक संशोधन किया है। हिमाचल प्रदेश परिवहन विभाग ने इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी है, जो तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है। इसके मुताबिक बाहरी राज्य में पंजीकृत वाहन बिना टैक्स चुकाए हिमाचल प्रवेश करता है या ऐसा वाहन जो परमिट के विपरीत अन्य उद्देश्य के लिए उपयोग में लाया जा रहा है। इस तरह की लापरवाही को लेकर सरकार ने सख्ती बरतते हुए जुर्माना राशि को बढ़ा दिया है। नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन मालिकों से तुरंत प्रभाव से वसूली शुरू की जाएगी। बाहरी राज्यों से हिमाचल आने वाले वाहन अगर हिमाचल में देय टैक्स का भुगतान किए बिना या परमिट में निर्धारित शर्तों के अवहेलना करते हुए पाए जाते हैं, तो वाहन मालिक को इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी। पहली बार में हल्के वाहन को नियम तोड़ने पर 20 हजार रुपये और अन्य मोटर वाहनों के मामले में 50 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। इसके बाद भी अगर वही वाहन मालिक फिर से लापरवाही बरतता हुआ पाया जाता है तो हिमाचल प्रदेश मोटर वाहन कराधान अधिनियम, 1972 की धारा 17(4) के प्रावधानों के तहत दूसरे अपराध के लिए हल्के मोटर वाहनों पर 40 हजार रुपये और अन्य मोटर वाहनों पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। ये आदेश प्रदेश में तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं। देश के बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में कॉमर्शियल वाहन हिमाचल के विभिन्न क्षेत्रों में रोजाना प्रवेश करते हैं। इस दौरान परिवहन विभाग के सामने नियमों के उल्लंघन के बहुत से मामले भी सामने आए हैं, जिसमें वाहन मालिक राज्य का देय टैक्स चुकाए बिना प्रदेश की सीमा के अंदर प्रवेश करते हैं। ऐसे में टैक्स का भुगतान न होने से राज्य सरकार को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिसके चलते सरकार ने सख्ती बरतते हुए ऐसे लापरवाह चालकों के खिलाफ नियमों का डंडा चलाना शुरू कर दिया है, जिसमें बिना टैक्स भुगतान के परमिट की शर्तों की अवहेलना पाए जाने पर पहले से अधिक जुर्माना वसूला जाएगा। परिवहन विभाग के प्रधान सचिव आरडी नजीम ने इस बारे में आदेश जारी किए हैं।
जिला शिमला में चिट्टे के साथ गिरफ्तार किए गए 3 आरोपियों को एलडी विशेष न्यायाधीश शिमला भूपेश शर्मा की अदालत ने दोषी करार देते हुए 4 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषियों पर 25 हजार रुपए जुर्माना भी ठोका गया। जुर्माना अदा न कर पाने की सूरत में दोषियों को तीन महीने अतिरिक्त साधारण कैद की सजा भुगतनी होगी। सरकार की ओर से मामले की पैरवी जिला न्यायवादी मुक्ता कश्यप और उप जिला न्यायवादी भगवान सिंह नेगी ने की है। मामले के अनुसार 22 जनवरी 2023 को एसआईयू की टीम डेली गश्त और कानून व्यवस्था पर ड्यूटी पर टुटू, घणाहट्टी, सुन्नी आदि की ओर गश्त पर निकली हुई थी। रात करीब 11.50 बजे जब पुलिस टीम मांदरी में मौजूद थी, तभी धामी की ओर से एक गाड़ी (नंबर HP 06B 1203) आई। पुलिस ने गाड़ी तो चेकिंग के लिए रोका। गाड़ी में तीन लोग सवार थे। गाड़ी को सुंदर सिंह चला रहा था, जबकि ओमप्रकाश आगे की सीट पर बैठा था और प्रदीप पीछे की सीट पर बैठा था। तीनों रामपुर उपमंडल के रहने वाले हैं। पुलिस ने जब रूटीन चेकिंग के दौरान गाड़ी की तलाशी ली तो फ्रंट सीट के फुट मैट के नीचे एक प्लास्टिक की थैली पाई गई, जबकि पिछली सीट के फुट मैट के नीचे से भी एक और प्लास्टिक की थैली बरामद हुई। जिन्हें खोलकर देखने पर थैलियों में चिट्टा पाया गया। इसका वजन 30.98 ग्राम था, जिसके बाद पुलिस थाना सुन्नी ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, मामले में जांच पूरी कर चालान कोर्ट में पेश किया गया। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने 15 गवाहों से पूछताछ की और वकीलों की दलीलें सुनने के बाद तीनों आरोपियों को एलडी विशेष न्यायाधीश शिमला भूपेश शर्मा की अदालत ने दोषी करार दिया और तीनों आरोपी व्यक्तियों पर धारा 21, 29 के तहत अपराध करने पर 4 साल कठोर कारावास और 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई।
कसौली इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल (कीपस) सनवारा में शनिवार को शपथ व अलंकरण समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कक्षा 12वीं के विद्यार्थी सूर्यांश कश्यप को स्कूल कैप्टन, उदयवीर सिंह को खेल कप्तान, पियूष गाबा को वीनस सदन का कप्तान, हर्ष को नेपच्यून सदन का कप्तान, दक्ष चोपड़ा को मार्स सदन का कप्तान, जबकि सुमन पायकरा को अर्थ सदन का कप्तान बनाया गया। इसके साथ-साथ छात्रावास एक का कप्तान दिव्यांशु शुक्ला, जबकि उप-कप्तान तेजबीर सिंह को बनाया गया। छात्रावास दो का कप्तान अभय, जबकि उप-कप्तान शिवम् कौशल को बनाया गया। छात्रावास तीन का कप्तान देवांक कुंडलस, जबकि उप-कप्तान नमन शर्मा को बनाया गया। छात्रावास चाद का कप्तान जतिन ठाकुर और उप-कप्तान मयंक को बनाया गया। छात्रावास पांच का कप्तान सार्थक सूद, जबकि उप-कप्तान पीयूष गाबा को बनाया गया। कनिष्ठ कन्या छात्रावास एक की कप्तान तन्वी ठाकुर और उप-कप्तान प्रियांशी अरोड़ा को बनाया गया। वरिष्ठ कन्या छात्रावास एक की कप्तान गुंताज़ कौर और उप-कप्तान दिव्यांशी खन्ना को बनाया गया। इसी क्रम में जसलीन, रियांश, कुंजल यादव, तनु, पुरंजय, सोनाक्षी पठानिया, अभय, तन्वी ठाकुर, वीरेन गुलिया, जतिन ठाकुर, अमीषी, सूर्यांश कश्यप, मिथिल चंदेल और उदयवीर सिंह को अपनी-अपनी कक्षा का मॉनिटर चुना गया। इसके बाद सभी छात्रों को बैज, टोपी, सैशे आदि से सम्मानित कर शपथ समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अंत में विद्यालय के प्रबंध निदेशक हीरा ठाकुर, प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद और उप-प्रधानाचार्या पूनम ठाकुर ने सभी विद्यार्थियों को उनके कर्तव्यों से अवगत करवाते हुए उनको बेहतर परफॉरमेंस के लिए शुभकामनाएं दी।
जिला कुल्लू की लग घाटी के दड़का में एक कार नदी में गिर कर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। वहीं, इस सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौके पर ही मौ*त हो गई, जबकि तीन युवक गंभीर रूप से घाय*ल हुए हैं। गंभीर रूप से घाय*ल हुए युवकों का ढालपुर अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और दुर्घटना के कारणों की छानबीन की जा रही है। कार सवार सभी युवक लग घाटी के रहने वाले हैं। कुल्लू पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कार लग घाटी के शालंग से कुल्लू की ओर आ रही थी। तभी अचानक दड़का के पास ड्राइवर का कार पर से नियंत्रण खो गया और कार नदी में जा गिरी। सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और सभी लोगों को कार से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक एक युवक की मौके पर ही मौ*त हो चुकी थी और तीन युवक गंभीर रूप से घाय*ल हुए हैं। स्थानीय ग्रामीणों के द्वारा इस बारे में पुलिस और एंबुलेंस को सूचित किया गया। घाय*ल युवकों को एंबुलेंस से ढालपुर अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां पर अब घाय*ल युवकों का इलाज किया जा रहा है। इसके अलावा मृत*क युवक का श*व को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है और अब पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर नौ मील के पास बीते शनिवार रात 11:30 बजे एचआरटीसी की चलती बस पर पहाड़ी से एक बड़ी चट्टान गिर गई। चट्टान बस के अगले हिस्से से टकराई। जिस कारण बस सवार 3 सवारियों को हल्की चोटें आई हैं। इस कारण करीब एक घंटे तक हाईवे बाधित रहा। जानकारी के अनुसार केलांग डिपो की यह बस मनाली से शिमला जा रही थी। भारी बारिश के बीच रात करीब 11:30 बजे नौ मील के पास यह घटना घट गई। बस सवारियों से भरी हुई थी। बता दें कि मंडी से पंडोह के बीच कई जगह भूस्खलन व खतरनाक बिंदु हैं जहां चट्टाने लटकी हुई है।
राजकीय महाविद्यालय ढलियारा के इग्नू अध्ययन केंद्र -1140 में जनवरी-2024 सत्र के छात्रों के लिए 22 जुलाई को 3 बजे इंडक्शन मीटिंग का आयोजन होगा। इग्नू अध्ययन केंद्र 1140 के सह-समन्वयक डॉ. संजीव कुमार ने ने बताया कि सत्र जनवरी 2024 में प्रवेश लेने वाले नए छात्रों को इस इंडक्शन मीटिंग में उनके प्रोग्राम एवं कोर्सेज के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी । उन्होंने बताया कि इग्नू की शिक्षण सामग्री विश्वस्तरीय है एवं इसकी डिग्री अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार की जाती है। इस इंडक्शन मीटिंग में नए पंजीकृत छात्रों को अधिकाधिक संख्या में उपस्थित रहने को कहा है ताकि उन्हें आगे के अध्ययन में किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना न करना पडे़। इग्नू एडमिशन 2024 जुलाई सत्र के लिए भी रजिस्ट्रेशन और रि-रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख अब 31 जुलाई है। उम्मीदवार रि-रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया onlinerr.ignou.ac.in/ पर जाकर पूरी कर सकते हैं।
प्रदेश के साथ - साथ देहरा विधानसभा में स्वास्थ्य सेवाएँ बिलकुल चरमरा गई है। फिर बात सिविल अस्पताल देहरा की करें या सी एएच सी हरिपुर की या फिर इसके साथ अन्य किसी पी एच सी की। देहरा में स्वास्थ्य सुविधाएँ अपने निम्न स्तर पर है तथा देहरा में प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति ऐसी बेरुख़ी बहुत पीड़ादायक है यह कहना है भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी डॉ. सुकृत सागर का. डॉ सुकृत ने कहा कि बीते दिन देहरा विधानसभा की सकरी पंचायत के एक नौजवान युवा साथी की सड़क दुर्घटना के उपरांत सी एच सी हरिपुर में समय पर उपयुक्त इलाज न मिलने के कारण मृ*त्यु हो गई जोकि मेरे लिए अत्यंत पीड़ादायक रहा। ऐसी आपातकाल स्थिति में अगर सरकार के स्वास्थ्य संस्थान ऑक्सीजन व अन्य प्राथमिक उपचार ही न उपलब्ध करवा सके तो ऐसे संस्थानों का क्या फ़ायदा। युवक के उपचार में कोई देरी या लापरवाही हुई है तो मैं प्रशासन से इसकी जाँच की माँग करता हूँ। दूसरी तरफ़ विधानसभा के सबसे बड़े अस्पताल देहरा में भी आपातकाल के लिए सुविधाएँ न के बराबर हैं। इस अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर तक नहीं है लोगों को अल्ट्रा साउंड की सुविधा तक नहीं मिल रही है। डॉ सुकृत ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर देहरा में लोगों के साथ दोखा किया है।
सोलन: दयानंद आदर्श विद्यालय के प्रांगण में आज कक्षा छठी A के छात्रो के लिए फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रिंसिपल उषा मित्तल जी ने बताया कि इस प्रतियोगिता के आयोजन में गतिविधि प्रभारी श्रीमती अंजना के मार्गदर्शन में इस प्रतियोगिता का आयोजन करवाया गया| इस प्रतियोगिता के निर्णायक उषा मित्तल, श्री बीर सिंह और श्रीमती सुमिति चंदेल थे| कक्षा छठी के 24 प्रतिभागियों ने फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में भाग लिया | कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन व वैदिक मंत्रों के उच्चारण सहित किया गया l लड़कों में छत्रपति शिवाजी के रूप में मेधांश, मानद संस्थापक प्रबंधक मित्तल सर के रूप में देवांश प्रथम और श्रीराम के रूप में अरमान तथा उधम सिंह के रूप में कृतज्ञ दूसरे स्थान पर रहा| वही कार्तिक, निमित और राजवीर तीसरे स्थान पर रहे। प्रथम - प्रकृति के रूप में पृषा, प्रिंसिपल मैम के रूप में काव्या प्रथम, जीजा बाई के रूप में शमिस्ता, पंजाबन के रूप में वैभव प्रथम स्थान पर रहे। दूसरे स्थान पर प्रांजल एयर होस्टेस के रूप में, अदिति पुलिस अधिकारी के रूप में तीसरे स्थान पर रहे| अर्णव अथवा पूर्णिमा को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। सर्वश्रेष्ठ संवाद का पुरस्कार तन्वी को दिया गया। प्रिंसिपल ऊषा मित्तल ने बताया कि इस तरह की प्रतियोगिताओं के आयोजन से बच्चों की प्रतिभा को निखारने का अवसर व उनके आत्मविश्वास को बढ़ावा मिलता है। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के द्वारा किया गया।
आईटीआई नैहरनपुखर में एक बार फिर युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा। आगामी 24 जुलाई को जी.ऍम.पी टेक्निकल मोहाली, ऍम. टी. ऑटोक्राफ्ट परवाणू व नयूरेका टेक्निकल प्राइवेट लिमिटेड मोहाली के लिए अलायन्स जॉब्स द्वारा आई॰टी॰आई॰ नैहरनपुखर में लिखित परीक्षा व कैम्पस इंटरव्यू के माध्यम से युवाओं का चयन किया जाएगा। कंपनी के एच॰आर॰ विभाग के अधिकारी ने बताया कि 24 जुलाई को होने वाली लिखित परीक्षा व साक्षात्कार के लिए एन॰सी॰वी॰टी॰ और एस॰सी॰वी॰टी॰ से फिटर, वेल्डर, मोटर मैकेनिक, डीज़ल मैकेनिक, टर्नर, मशीनिस्ट ,ट्रैक्टर मैकेनिक और सभी व्यवसाय मे कोर्स पूरा कर चुके सभी अभ्यर्थी पात्र होंगे। उन्होने बताया कि अलायन्स जॉब्स की तरफ से यह निशुल्क जॉब फेयर है और किसी भी प्रकार का कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा I कंपनी द्वारा चयनित युवाओं को 12000/- से 22000/- रुपये मासिक वेतन दिया जाएगा। कैम्पस इंटरव्यू में पात्र युवा 24 जुलाई को सुबह नौ बजे अपने मूल प्रशिक्षण प्रमाणपत्रों, शैक्षणिक प्रमाणपत्रों, आधार कार्ड, पैन कार्ड की प्रतिलिपियों के साथ आई॰टी॰आई॰ नैहरनपुखर कैम्पस में पहुँच जाने चाहिए। इस विषय बारे संस्थान प्रधानाचार्य ई. ललित मोहन ने बताया कि युवाओं की चयन प्रक्रिया में पहले एक लिखित परीक्षा होगी और उसके बाद साक्षात्कार लिया जाएगा। उन्होने बताया कि इस कैम्पस इंटरव्यू में प्रदेश भर के सरकारी व निजी आई॰टी॰आई॰ के छात्र हिस्सा ले सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए संस्थान के ट्रेनिंग व प्लेसमेंट अधिकारी मुकेश कौशल से दूरभाष 01970-292604 व 9418162333 पर संपर्क कर सकते हैं ।
कुल्लू: हिमाचल पथ परिवहन निगम से सेवानिवृत्त कर्मचारी अब अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। एचआरटीसी रिटायर्ड पेंशनर्स का कहना है कि प्रदेश सरकार उनकी मांगों पर बिल्कुल भी गौर नहीं कर रही है, जिसके चलते उन्हें खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर आज एचआरटीसी रिटायर्ड पेंशनर्स ने ढालपुर में रोष प्रदर्शन किया और डीसी कार्यालय के बाहर नारेबाजी की। एचआरटीसी पेंशनर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र सूद ने बताया कि फरवरी माह में भी एक मांग पत्र परिवहन मंत्री को दिया गया था। उस पर भी कोई गौर नहीं किया गया। परिवहन निगम से अब तक 8 हजार सेवानिवृत कर्मचारियों के द्वारा 8 हजार करोड़ रुपए की वित्तीय लेनदारी बाकी है, लेकिन सरकार इस पर बिल्कुल भी गौर नहीं कर रही है। वहीं, कई अन्य विभागों से रिटायर्ड कर्मचारियों को साल 2016 के वेतन मानों के तहत एरियर की पहली किश्त मिल चुकी है, लेकिन परिवहन निगम के पेंशनर अभी तक वित्तीय समस्या से जूझ रहे हैं। अध्यक्ष सुरेंद्र सूद ने बताया कि अब एक बार फिर से सरकार को मांग पत्र भेजा गया है और मांग रखी गई है कि नए वेतनमान का एरियर 5, 10, 15 प्रतिशत क्रमशः 65 वर्ष, 70 वर्ष, 75 वर्ष पूर्ण करने वाले पेंशनर्स को जल्द दिया जाए। पेंशनर को मेडिकल बिलों का भुगतान भी जल्द किया गया जाए और प्रत्येक पेंशनर को अब तक मिलने वाले एरियर की राशि की जानकारी दी जाए. सुरेंद्र सूद ने कहा कि इसके अलावा न्यायालय द्वारा लिए गए फैसलों को लागू करके पेंशनर्स की राशि का भुगतान किया जाए। अगर उसके बाद भी सरकार कोई निर्णय नहीं लेती है तो पेंशनर 25 जुलाई के बाद आगामी रणनीति के तहत कार्य करेंगे।
**परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप जिला हमीरपुर में थाना नादौन के तहत तेलकड़ गांव में व्यक्ति की संदिग्ध मौ*त का मामला सामने आया है। मृत*क की पहचान तेलकड़ निवासी रघुवीर सिंह के तौर पर हुई हैं। पिछली रात ही पुलिस ने रघुवीर सिंह के घर पर छापेमारी की थी। रघुवीर के खिलाफ उसके पड़ोसी ने पुलिस में ये शिकायत दी थी कि उसके घर में बंदूक है, जिससे उन्हें जान का खतरा है। हालांकि पुलिस को छापेमारी के दौरान घर से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ हैं। मृत*क के परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि पुलिस ने बिना किसी सर्च वारंट के उनके घर में छापेमारी की है, जबकि शिकायतकर्ता पहले भी ऐसी कई झूठी शिकायत पुलिस में कर चुका है। परिजनों ने बताया कि बीते देर शाम सात से 9 बजे के बीच में पुलिस ने घर में जांच की, जिसके बाद शुक्रवार रात 9 बजे के करीब रघुवीर ने खुद को कमरे में बंद कर लिया और जब 15 मिनट बाद परिजनों ने देखा तो वो संदिग्ध अवस्था में मर चुका था। इसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई, लेकिन पुलिस रात में 12:30 बजे मौके पर पहुंची। परिजनों का ये भी कहना है कि एसडीएम और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के आने के बाद ही श*व को पोस्टमार्टम के लिए सौंपा जाएगा। वहीं, मृत*क के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने बिना सर्च वारंट के उनके घर में छापेमारी की है, जबकि इससे पहले भी कई बार शिकायतकर्ता इस तरह की झूठी शिकायत कर चुका है। परिजनों का कहना है कि पुलिस की छापेमारी से आहत होकर ही रघुवीर ने आत्महत्या की है। हालांकि पुलिस की ओर से आत्महत्या की पुष्टि नहीं की गई है। इस पूरे मामले की पुष्टि हमीरपुर एसपी भगत सिंह ठाकुर ने की और कहा कि आगामी कार्रवाई की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला और कुल्लू में बने हवाई अड्डों का दृश्य उड़ान नियम यानि विजुअल फ्लाइट रूल्स(वीएफआर) विमानन कंपनियों के लिए जी का जंजाल बना हुआ है। इन हवाई अड्डों पर लैंड करने के लिए पायलटों को 5,000 मीटर की दृश्यता की आवश्यकता होती है, लेकिन खराब मौसम में विजिबिलिटी न मिलने के कारण उड़ानों को रद्द करना पड़ रहा है। इसका खामियाजा विमानन कंपनियों और हवाई जहाज से सफर करने वाले यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार प्रदेश में खराब मौसम के कारण शिमला और कुल्लू के लिए एलायंस एयर की ओर से उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। बताया जा रहा है कि ये दोनों ही एयरपोर्ट वीएफआर हवाई अड्डे हैं, जहां पर 5000 मीटर की दृश्यता की आवश्यकता होती है। लेकिन खराब मौसम के बीच पायलटों के लिए यह दृश्यता नहीं मिल पाती। इसके चलते विमानन कंपनियों को अपनी उड़ानों को रद्द करना पड़ रहा है। वहीं इस सदंर्भ में एलायंस एयर विमानन कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि विमानन कंपनी मौसम के आधार पर प्रतिदिन प्लाइट का संचालन और उन्हें रद्द करने की योजना बनाती है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा उनके लिए पहले है, जिसके चलते खराब मौसम के बीच उड़ानों को रद्द करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया मौसम साफ होते ही इन हवाई अड्डों के लिए नियमित उड़ानें शुरू हो जाएंगी।
हिमाचल प्रदेश में मॉनसून बेशक रूठा हुआ है, लेकिन कुछ इलाकों में भारी बारिश हो रही है। ऐसे ही सिरमौर जिले के पावंटा साहिब में गिरिपार इलाके में भारी बारिश हुई है। यहां पर भारी बारिश के बाद फ्लैश फ्लड आ गया और बेटी को बचाते- बचाते पिता की मौ*त हो गई। फ्लैश फ्लड में पिता बह गया और उसकी ला*श 10 किमी दूर टौंस नदी में मिली। फिलहाल, पुलिस ने ला*श को कब्जे में ले लिया है। फ्लैश फ्लड में ला*श के चेहरे का कुछ हिस्सा गायब हो गया है। सिरमौर पुलिस ने ला*श मिलने की पुष्टि की है। जानकारी के अनुसार, सिरमौर जिले के पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र में गिरिपार की डांडा पंचायत का यह मामला है। यहां पर रात को 11 बजे यह घटना पेश आई है। दरअसल, भारी बारिश से रेतुआ गाँव में फ्लैश फ्लड आया और 48 साल का शख्स बह गया। घटना के दौरान शख्स की बेटी साथ थी और किसी तरह पिता ने बेटी को बचा लिया। फ्लैश फ्लड और बारिश की आवाज के बाद पिता और बेटी टॉर्च लेकर घर से निकले थे। पिता की पहचान अमन सिंह पुत्र तेलुराम, डांडा, कालाअंब के रूप में हुई है। पिता यह देखने के लिए घर से निकला था कि कहीं बारिश की वजह से घर और गौशाला को खतरा तो नहीं है। फिलहाल, पिता का श*व 10 किमी दूर टौंस नदी से बरामद किया गया है। पुरुवाला थाने के एसएचओ ने बताया कि पुलिस टीम ने श*व को कब्जे में लिया है। उन्होंने बताया की भारी बारिश के बाद इलाके में फ्लैश फ्लड आया था। पुलिस ने बताया कि श*व की शिनाख्त परिजनों ने की है। उधर, शिमला के मौसम विज्ञान के केंद्र ने बताया कि सिरमौर के नाहन में बीती रात को 60 एमएम बारिश हुई है। पूरे मामले के बाद लोगों में दहशत और रोष है। लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में बीते कुछ महीनों से अंधाधुंध पेड़ कटान हो रहा है और ठेकेदारों ने जगह-जगह ट्रेक्टर निकालने के लिए बनाई सड़कें बनाई हैं और इस कारण कई जगह खाईनुमा जमीन बन गई और इस कारण लैंड स्लाइड और छोटे छोटे नालों का निर्माण हो गया है।
ट्रैफिक टूरिस्ट एंड रेलवे पुलिस कंदरोड़ी द्वारा नाबालिग वाहन चालकों पर अब शिकंजा कसा गया है । बता दें कि कंदरोड़ी रेलवे चौंकी के प्रभारी विक्रांत ने स्टाफ के साथ इंदौरा डमटाल थाना के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर यातायात चैकिंग नाका लगाकर वाहन चालकों को यातायात नियमों के बारे में व सशोदित मोटर वाहन अधिनियम में वर्णित जुर्माने के प्रावधान के बारे में अवगत करवाया तथा बिगड़ैल नवयुवक बाइकराइडर जो बिना लाइसेंस और बिना हेलमेट दो पहिया वाहन चलाते हैं उनके चालान किए गए तथा एल्कोहॉलसेन्सर के साथ देर रात तक वाहनों की चेकिंग की गई ताकी शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर शिकंजा कसा जा सके, वही ए.एस.आई विक्रांत ने अभिवावकों से मीडिया के माध्यम से अपील की है कि नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें अन्यथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 199 ( A ) के तहत 25000 रुपए जुर्माना व नाबालिग को वाहन चलाने की अनुमति देने वाले अविभावक को तीन वर्ष तक सजा का प्रावधान है।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में मशहूर श्रीखंड महादेव यात्रा के दौरान लंगर सेवा के लिए जा रहे एक सेवादार की पहाड़ी में गिरने से मौ*त हो गई। मृत*क की पहचान रामपुर के रहने वाले सिद्धार्थ शर्मा (31) के रूप में हुई है। सिद्धार्थ शर्मा अपने पीछे 5 साल की बेटी, गर्भवती पत्नी, माता-पिता और बहन को छोड़ गए हैं। परिजनों का घर पर रो रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने श*व कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचाया है। बताया जा रहा है कि यात्रा के दौरान सिद्धार्थ शर्मा(31) पुत्र विजय शर्मा, निवासी मुख्य बाजार रामपुर भीमडवारी के समीप बराहटीनाला में गिरने से घाय*ल हो गया। इसके बाद घाय*ल को उपचार के लिए आईजीएमसी शिमला ले जाया गया। लेकिन आईजीएमसी में डॉक्टर ने उसे मृ*त घोषित कर दिया। स्थानीय पुलिस की ओर से आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। परिवार के मुताबिक सिद्धार्थ शर्मा श्रीखंड यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए लंगर सेवा के लिए घर से निकला था। सामान ले जाते वक्त गुरुवार दोपहर चढ़ाई चढ़ते वक्त बराहटी नाला के समीप पैर फिसलने के बाद करीब 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से घाय*ल हो गया। इसके बाद सिद्धार्थ को सिंहगाड बेस कैंप तक पहुंचाया गया। यहां से गुरुवार रात करीब ढाई बजे उसे घायल अवस्था में निरमंड अस्पताल लाया गया। हालत खराब होने की वजह से डॉक्टरों ने उसे खनेरी अस्पताल भेज दिया। यहां भी जब सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ तो शिमला IGMC रेफर किया गया। यहां इलाज के दौरान उसकी मृ*त्यु हो गई
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की बंदरोल सब्जी मंडी में रेडलम, डार्क बेरॉन गाला सेब ने दस्तक दी है। सब्जी मंडी में गाला सेब 221 रुपये प्रति किलो बिका है। गाला सेब को व्यापारी हाथोंहाथ खरीद रहे हैं। सेब के उम्दा दाम मिलने से बागवानों के चेहरे खिल गए हैं। अगस्त के पहले सप्ताह से रॉयल सेब भी मंडियों में आएगा। प्लम, नाशपाती के बाद अब बागवानों को सेब के बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है। सब्जी मंडी बंदरोल में दुकान नंबर 140 के आढ़ती मोहन ठाकुर ने कहा कि गाला किस्म के सेब की व्यापारियों में खूब डिमांड है। इसके चलते बागवानों को बेहतर दाम मिल रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से पास हुए अभ्यर्थियों के लिए राहत की बात है। बोर्ड अपनी स्थापना के समय से लेकर अब तक के सभी सर्टिफिकेटों को डिजी लॉकर पर उपलब्ध करवाएगा। इससे अभ्यर्थियों को पुराने सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए बोर्ड कार्यालय के चक्कर काटने से भी छुटकारा मिलेगा। इस संदर्भ में शिक्षा बोर्ड ने एक प्रपोजल तैयार किया है, अगर यह प्रपोजल सिरे चढ़ता है तो सूबे के अभ्यर्थियों को खासी राहत मिलेगी। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से 2012 के बाद के सभी सर्टिफिकेटों को डिजी लॉकर पर उपलब्ध करवाया गया है। इससे पहले के कुछ दस्तावेजों की शिक्षा बोर्ड के पास डिजिटल काॅपी है, जबकि अधिकतर दस्ती तौर पर रखे गए हैं। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड 1969 में अस्तित्व में आया। पहले इसका मुख्यालय शिमला में था। जनवरी 1983 में धर्मशाला में स्थानांतरित कर दिया गया। शिक्षा बोर्ड हिमाचल प्रदेश में स्कूली शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम, निर्देशों के पाठ्यक्रम और पाठ्य पुस्तकें निर्धारित करता है और सूचीबद्ध पाठ्यक्रमों के आधार पर परीक्षाएं आयोजित करता है। वर्तमान में स्कूल शिक्षा बोर्ड 8वीं, 10वीं, 11वीं, 12वीं और डीएलएड के अलावा एसओएस सहित अन्य कई परीक्षाएं करता है। शिक्षा बोर्ड की ओर से करवाई जाने वाली परीक्षाओं में हर वर्ष ढाई से तीन लाख अभ्यर्थी बैठते हैं। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने डिजी लॉकर पर वर्ष 2012 के बाद सभी सर्टिफिकेट अपलोड किए गए हैं। शिक्षा बोर्ड ने योजना बनाई है कि डिजी लॉकर पर स्थापना के समय से पासआउट हुए अभ्यर्थियों के सर्टिफिकेटों को भी उपलब्ध करवाया जाए, इसके लिए प्रपोजल भेजा गया है। प्रपोजल के मंजूर होते ही इस पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
जिला कांगड़ा के ज्वाली के अंतर्गत सिटी केयर मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल लब का शुभारंभ हुआ, जिससे अब जनता को दूरदराज के अस्पतालों में जाने से निजात मिलेगी। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे सहित समस्त टेस्टों की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा हिमकेयर व आयुष्मान कार्ड भी अस्पताल में चलेंगे, जिसका मरीजों को पूरा लाभ मिलेगा। अस्पताल में एमडी मेडिसिन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, जनरत्त सर्जन और यूरोलोजिस्ट तैनात हैं, जिनकी मरीजों को 24 घण्टे चिकित्सा सुविधा मिलेगी। अस्पताल में डॉ. एसपी सिंह (एमबीबीएस, एमडी मेडिसिन), डॉ. दीपक सिंह (एमवीवीएस-एमडी रेडियोलॉजिस्ट), डॉ. प्रभजोत कौर व डॉ. रोहीन कुमार (एमबीबीएस, एमडी गायनी), डॉ. जसविंदर सिंह (एमवीवीएस इंटरनल मेडिसिन), डॉ. जावेद अहमद भट (एमवीवीएस एमएस), डॉ. आदिल लोन (हड़ी रोग विशेषज्ञ) ने कार्यभार संभाल लिया है। अस्पताल संचालक नीरज यकुर ने बताया कि मरीजों को हर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी । अब दूरदराज के अत्यतात्तों में भटकने से भी निजात मिलेगी तथा अस्पताल में अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे सहित सभी टेस्ट की सुविधा मिलेगी। हिमकेयर सहित आयुष्मान कार्ड की भी सुविधा मिलेगी। हिमाचल सरकार के पेंशनरों व सरकारी कर्मियों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है।
शिमला में लोग अब 12 महीने आइस स्केटिंग का रोमांच उठा पाएंगे। जल्द शिमला में ऑल वेदर अत्याधुनिक आइस स्केटिंग रिंक का निर्माण किया जाएगा। मौजूदा समय में शिमला में आइस स्केटिंग केवल सर्दियों में 3 महीने ही हो पाती है। इस रिंक में प्राकृतिक तौर पर बर्फ जमाई जाती है। ऐसे में यहां आइस स्केटिंग का होना पूरी तरह से मौसम पर निर्भर करता है, लेकिन, अत्याधुनिक आइस स्केटिंग के निर्माण से यहां 12 महीने मशीनों के माध्यम से बर्फ जमाई जाएगी और लोग वर्ष में किसी भी समय आइस स्केटिंग का लुत्फ उठा पाएंगे। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, टेंडर भरने की आखरी तिथि 8 अगस्त रखी गई है। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने बताया कि शिमला में अत्याधुनिक आइस स्केटिंग रिंक का निर्माण किया जाना है। यह निर्माण 42 करोड़ की लागत से होना है। इससे पर्यटक 12 महीने आइस स्केटिंग का लुत्फ उठा पाएंगे। उपायुक्त ने इस संदर्भ में आइस स्केटिंग क्लब के पदाधिकारियों के साथ बैठक भी की। आल वेदर रिंक अत्याधुनिक तकनीक से बनकर तैयार होगा और इसमें बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। रिंक में आईस हाॅकी के अलावा अन्य गतिविधियों को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। आइस स्केटिंग रिंक पर्यटन की दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा आइस स्केटिंग क्लब के आसपास पौधारोपण भी किया जाएगा। वहीं, नई आइस स्केटिंग रिंक में चेंजिंग रूम, रिंक, रोलर रिंक, रेस्तरां, फायर अलार्मिंग सिस्टम, कांफ्रेंस हाॅल, सर्विलांस सिस्टम सहित अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्केटिंग सुविधा मुहैया करवाए जाने की योजना प्रस्तावित है।
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर के लाहलड़ी गांव के अग्निवीर निखिल डडवाल का सैन्य सम्मान शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया गया। उन्हें नम आंखों के साथ ग्रामीण और सैन्य जवानों ने विदाई दी। सैनिकों ने निखिल को मार्च पास्ट की सलामी दी और फिर श्रद्वाजंलि अर्पित की। हमीरपुर शहर के वार्ड-11 के लाहलड़ी का अग्नवीर निखिल डडवाल कश्मीर के अखनूर में ड्यूटी पर तैनात था। बुधवार को ड्यूटी के दौरान उसकी संदिग्ध मौ*त हो गई थी। पहले परिवार को सेना ने सूचना दी कि निखिल के सिर पर गहरी चोट लगी है, लेकिन बाद में कुछ और बताया। शुक्रवार दोपहर बाद अग्निवीर निखिल का श*व गांव लालहड़ी पहुंचा और कोहराम मच गया। अग्निवीर निखिल डडवाल के पिता और भाई ने पीएम मोदी, राष्ट्रपति से मामले की जांच करने की गुहार लगाई है। पिता दलेर सिंह ने बताया कि फोन पर पता चला कि निखिल को चोट लगी है। उन्होंने यह बताया कि चोट तो लगती रहती है, लेकिन कुछ देर बाद पता चला कि निखिल की मौ*त हो गई। उन्होंने कहा कि निखिल बहुत मेहनती था। निखिल के पिता ने प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति से मांग की है कि मामले की जांच और न्याय दिलाया जाए।
मंडी: जल जीवन मिशन यानी इस योजना के तहत हर घर में नल योजना के तहत नल तो लगे लेकिन योजना के अंतर्गत आवंटित पाइपें अब रेलिंग लगाने के काम भी आ रही हैं। ये हैरतअंगेज मामला मंडी जिले के धर्मपुर उपमंडल से सामने आया है। धर्मपुर उपमंडल के तहत कलस्वाई गांव में एक व्यक्ति ने सरकारी पानी योजना में इस्तेमाल होने वाली पाइपों से अपने घर की रेलिंग ही बना डाली। विजिलेंस को जब इस बारे में गुप्त सूचना प्राप्त हुई तो टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया। व्यक्ति ने अपने घर पर डेढ़ इंच, एक इंच और आधा इंच की करीब 40 मीटर सरकारी पाइपों से रेलिंग लगा रखी थी। प्रारंभिक जांच में विजिलेंस ने चोरी का मामला दर्ज किया है और ऐसा माना जा रहा है कि इन पाइपों को चुराकर इस तरह से इस्तेमाल किया गया है, लेकिन विजिलेंस इसमें कहीं न कहीं विभागीय संलिप्तता को भी नकार नहीं रहा है। ऐसे में हर नजरिए से मामले की जांच की जा रही है। विजिलेंस की टीम अब मामला दर्ज करने के बाद यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि व्यक्ति ने यह पाइपें चुराई थी या फिर किसी विभागीय अधिकारी की मिलीभगत से इन्हें हथियाकर घर में रेलिंग बनाने में इस्तेमाल किया था। वहीं, डीएसपी विजिलेंस प्रियंक गुप्ता ने मामले की पुष्टि की है। मामले में नियमानुसार कार्रवाई अमल पर लाई जा रही है। तथ्यों के अनुसार जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। मामले में विभागीय संलिप्तता को लेकर भी जांच पड़ताल की जाएगी। बता दें कि पूर्व प्रदेश सरकार में कद्दावर जल शक्ति मंत्री रहे महेंद्र सिंह ठाकुर धर्मपुर क्षेत्र से संबंध रखते हैं। बतौर मंत्री उन्होंने धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक नल तो पहुंचा ही साथ ही ऐसी-ऐसी योजनाएं बना दी जो कई दशकों तक लोगों को पानी उपलब्ध करवाती रहेंगी। हालांकि उस वक्त विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस ने यहां पर योजना को लेकर बंदरबांट के भी कई गंभीर आरोप लगाए थे।
पांवटा साहिब: सतौन सड़क पर शुक्रवार शाम सिरमौरी ताल के पास दो बाइक की आपस में टक्कर हो गई, जिसमें एक व्यक्ति की मौ*त हो गई, जबकि दो घायल हो गए, जिनका पांवटा साहिब अस्पताल में इलाज चल रहा है। 46 वर्षीय धर्म सिंह सतौन से पांवटा साहिब की तरफ आ रहा था और सामने से अन्य बाइक पर 29 वर्षीय निकेश और उसके 63 वर्षीय पिता मदन सिंह आ रहे थे। सिरमौरी ताल के पास दोनों बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में धर्म सिंह की मौ*त हो गई। मामले की पुष्टि डीएसपी अदिति सिंह ने की है।
भुंतर: पुलिस थाना भुंतर की टीम ने बजौरा फॉरलैन में नाकाबंदी के दौरान एक ट्रक न० PB03BH1683 से 1800 बोतलें बियर मार्का थंडर बोल्ट व 960 बोतलें बियर मार्का टुबोर्ग, कुल 2760 बोतलें बियर बरामद की गई है। इस संदर्भ में चालक बलविंदर सिंह निवासी शालुवाल तहसील नाभा जिला पटियाला (पंजाब) के विरूद्ध आबकारी अधिनियम के अंतर्गत पुलिस थाना भुंतर में प्रकरण दर्ज किया गया है तथा अभियोग में आगामी अन्वेषण जारी है।
ज्वालामुखी: एलीट इंटरनेशनल सर्विसेज एंड कॉन्ट्रैक्टिंग एलएलसी अपशिष्ट प्रबंधन स्टार्ट-अप के ससंस्थापक ज्ञान चंद सूद एक दूरदर्शी उद्यमी हैं, जिनका जी.सी.सी. और ओमान सल्तनत में उद्योग में 35 वर्षों से अधिक का उल्लेखनीय करियर रहा है। देव भूमि हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी से निकलकर उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कदम रखा और अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में एक अमिट छाप छोड़ी। सूद की यात्रा उन्हें कुवैत, कतर और अंत में ओमान ले गई, जहाँ उन्होंने खतरनाक और गैर खतरनाक दोनों तरह के रासायनिक अपशिष्टों को संभालने में अपनी विशेषज्ञता को बढ़ाया। खासकर ओयल और गैस क्षेत्र। 2007 में ज्ञान चंद सूद ने अपने अनुभव और अंतर्दृष्टि का लाभ उठाकर एलीट एंटरप्राइजेज वर्ल्डवाइड एलएलसी की स्थापना की। वर्षों से, उत्कृष्टता और उद्योग-अग्रणी प्रथाओं के कार्यान्वयन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने कंपनी की प्रतिष्ठा को बढ़ाया। 2019 में, उनके सुपुत्र शिव सूद ने एलीट इंटरनेशनल सर्विसेज एंड कॉन्ट्रैक्टिंग एलएलसी की स्थापना करके अपने पिताजी के दूरदर्शी प्रयासों को आगे बढ़ाया। इसके अलावा कंपनी के पोर्टफोलियो को व्यापक बनाते हुए इसमें लॉजिस्टिक्स, सुरक्षित भंडारण और ओयल और गैस क्षेत्र से उत्पन्न होने वाले खतरनाक और गैर खतरनाक रासायनिक अपशिष्टों का ओमान सरकार के नियमों के अधीन अपशिष्टों के पुनर्चक्रण, उपचार और निपटान को शामिल किया गया। इसी व्यवसाय को आगे बढ़ाते हुए उनके सुपुत्र शिव सूद ने 15 जुलाई 2024 को अभिजात वर्ग खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन समाधान एफ जेड सी एल एल सी का सोहार (ओमान) में 3.5 मिलियन डॉलर की लागत के खतरनाक अपशिष्ट उपचार संयंत्र का शिलान्यास किया। यह परियोजना, रणनीतिक रूप से सोहार फ्रेज़ॉन में है, ओमान में संचालित विभिन्न उद्योगों द्वारा उत्पन्न विभिन्न औद्योगिक केमिकल अपशिष्टों के पुनर्चक्रण, उपचार और निपटान में विशेषज्ञ होगी। 10 हजार वर्ग मीटर में फैली और 3.5 मिलियन अमरीकी डॉलर (1.3 मिलियन ओएमआर) के कुल निवेश वाली नई सुविधा, कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए उन्नत, पर्यावरण-अनुकूल तकनीक का उपयोग करेगी। इसमें अग्रणी प्रदूषण नियंत्रण उपकरण शामिल होंगे, जो ऑयली स्लज, कॉन्टैमिनेटेड सोईल, यूज्ड ऑयल, पर्यावरण के लिए हानिकारक प्लास्टिक, टायर्स जैसे औद्योगिक अपशिष्ट पदार्थों का सुरक्षित उपचार सुनिश्चित करेंगे। इस प्रकिया के अंत में हैवी ऑयल, वायर्स और कार्बन निलेगी। हैवी ऑयल का उपयोग कृषि उपकरणन, समुद्री जहाजों इत्यादि, कार्बन का उपयोग सड़कों का निर्माण करने के लिए, सीमेंट कारखानों, वायर्स का उपयोग स्टील इंडस्ट्रीज़ में किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अल बातिनाह सोहार के गवर्नर- शेख मुहम्द सुलेमान अल किन्दी, पर्यावरण अधिकारी, ऑयल और गैस क्षेत्र के बिज़नेस हेड्स, अन्य प्रमुख अधिकारी, एलीट के फाउंडर - ज्ञान चंद सूद, को फाउंडर - शिव सूद, कैमिकल इंजीनियर- मोहमद् शाकिर, एलीट के (सी.ओ.ओ )- इंजीनियर मोहमद सालिम साइद् हरदान, फाइनेंस हेड - नवीन कुमार, बिज़नेस मैनेजर - अविनाश भाटिया और टीम एलीट की उपस्थिति में यह शिलान्यास संपन्न हुआ।
शिमला शहर के जिन क्षेत्रों में एम्बुलेंस नहीं पहुँच पाती है वहां अब स्ट्रेचर और व्हील चेयर की सुविधा नगर निगम देने जा रहा है। नगर निगम ने 40 स्ट्रेचर और 40 व्हील चेयर खरीदे है जोकि शुक्रवार को नगर निगम महापौर कार्यालय पहुंचे और अब इन्हें हर वार्ड में रखा जाएगा। खासकर उन क्षेत्रों में जहाँ आपातकाल या मरीजों को सड़क तक लाना मुश्किल होता है। नगर निगम द्वारा एसजेवीएल के माध्यम से इसकी खरीदारी की है। नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने जानकारी देते हुए कहा कि शिमला शहर एक पहाड़ी क्षेत्र है और हर जगह सड़क की सुविधा नहीं है इसको देखते हुए पार्षदों द्वारा स्ट्रेचर और व्हीलचेयर की डिमांड की गई थी |अभी पहले चरण में 40 स्ट्रेचर और 40 व्हील चेयर खरीदी गई है इसके अलावा भी यदि कहीं से डिमांड आती है तो उस वार्डस में फिर से स्ट्रेचर और व्हील चेयर मुहैया करवाए जाएगें। इसे खासकर मरीजों को सड़क तक लाने के लिए आसानी होगी और यह वार्डों में पार्षद कार्यालय में रखा जाएगा जहां से लोग इन्हें किसी भी समय ले सकते हैं। इसके अलावा शहर में सभी वार्डों में लोगों को नए 350 बेंच की सुविधा मिलने वाली है। इन्हें वार्डों में विभिन्न स्थानों पर लगाया जाएगा। इन बेंचों को ऐसे स्थानों पर लगाया जाएगा जिससे इनकी सुविधा आम लोगों को मिल सके। वार्ड के पार्षदों द्वारा बेंच लगाने के लिए स्थान को चिन्हित किया जाएगा। इससे वार्ड के लोगों को काफी फायदा मिलेगा। जिन वार्डों में बेंच की ज़रुरत नहीं होगी तो वार्डों को ज़्यादा बेंच दिए जाएंगे।
सोलन: आज सारथी सोशल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित पोधरोपण कार्यक्रम की आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता उप-पुलिस अधीक्षक सोलन अनिल धोलटा ने की| इस दौरान अनिल धोलटा ने कहा कि प्रकृति में संतुलन बनाए रखने के लिए तथा अपने आस-पास के वातावरण को स्वच्छ बनाए रखना हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी हैं। पेड़ पर्यावरण को ऑक्सीजन प्रदान करते हैं और वायु की गुणवत्ता में सुधार लाते हैं। जो की मनुष्यों और अन्य जीवित प्राणियों के लिए आवश्यक हैं। वृक्षारोपण से प्रदूषण के स्तर में भी कमी आती है, जिससे आने वाली पीढ़ियों का जीवन अधिक सुरक्षित होता सकता है। पौधे कई तरह से पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने इस अवसर पर देवदार के पौधे का पौधरोपण किया। सारथी संस्था के अध्यक्ष सुभाष सकलानी ने इस अवसर पर मुख्यातिथि का स्वागत किया और उन्हें एक पौधा भी भेंट किया। भारतीय वन सेवा से सेवानिवृत्त डॉक्टर जी.आर. साहिबी ने संस्था द्वारा सामाजिक क्षेत्र व पर्यावरण के विषय पर संस्था द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों से अवगत करवाया। पौधरोपण अभियान में आंवला, जामुन, देवदार, रीठा, बेहड़ा, टिकोमा, शीशम, केमेलिया, बांस इत्यादि के पौधे लगाए गए। इस अवसर पर तहसीलदार सोलन मुल्तान सिंह बनयाल, संस्था के सचिव अनिल भनोट, महाविद्यालय व विद्यालयों के विद्यार्थी उपस्थित थे।
ज़िला परिषद सोलन के अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने ज़िला परिषद सदस्यों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियां एवं कर्मचारियों से आग्रह किया कि विकास कार्यों को पूर्ण करने के लिए बेहतर समन्वय स्थापित कर गति प्रदान करें ताकि समय पर परियोजनाओं का लोगों को लाभ मिल सके। रमेश ठाकुर आज यहां ज़िला परिषद की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। ज़िला परिषद अध्यक्ष ने कहा कि ज़िला परिषद सदस्य प्रदेश सरकार, ज़िला प्रशासन एवं आम-जन के मध्य महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि विकास एक निरंतर प्रक्रिया है और सभी के सहयोग से ही समयबद्ध विकास सुनिश्चित हो सकता है। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों का यह प्रयास रहना चाहिए कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सकारात्मक सहयोग से जनता की समस्याओं का शीघ्र निवारण किया जा सके। रमेश ठाकुर ने कहा कि सभी विभागों के अधिकारियों को ज़िला परिषद की बैठक में अनिवार्य रूप से अपनी उपस्थिति सुनिश्चित बनानी चाहिए। उन्होंने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं बैठक से पूर्व प्रेषित करें ताकि इनका उचित समाधान किया जा सके। उपमण्डलाधिकारी (ना.) सोलन डॉ. पूनम बंसल ने विश्वास दिलाया कि ज़िला प्रशासन चुने हुए प्रतिनिधियों के समन्वय के साथ जन समस्याओं के निवारण के लिए प्रयासरत है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि विकासात्मक कार्यों में गुणवत्ता के साथ-साथ गतिशीलता लाएं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के अनुभव एवं बेहतर निर्णय आमजन की समस्या को कम करने में सहायक बनते हैं। बैठक में 59 पुराने मद व 18 नए मद पर चर्चा की गई। आज की बैठक में सड़क, बस रूट, विद्युत, पेयजल, राजस्व सहित अन्य समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में ज़िला परिषद के सदस्यों को 12 दिसम्बर, 2023 से 18 जुलाई, 2024 तक के आय-व्यय का ब्यौरा दिया गया। ज़िला पंचायत अधिकारी जोगिंदर राणा ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। बैठक में ज़िला परिषद उपाध्यक्ष कमलेश कंवर, विभिन्न ज़िला परिषद सदस्य, उपमण्डलाधिकारी (ना.) कण्डाघाट सिद्धार्थ आचार्य, समस्त खण्ड विकास अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
भारत सरकार के महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग द्वारा आरंभ की गई मिशन शक्ति योजना के तहत जनजातीय जिला किन्नौर में महिलाओं के कल्याण के लिए 100 दिन विशेष जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। यह जानकारी आज यहां जिला कार्यक्रम अधिकारी किन्नौर संजोक सिंह मैहता ने दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत जिला के निचार उपमण्डल की कटगांव पंचायत के विभिन्न गांव में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया तथा लोगों को केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के हित में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं से अवगत करवाया गया। इस दौरान महिलाओं का चैक-अप भी किया गया तथा उन्हें स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी प्रदान की गई। शिविर में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना, वन स्टॉप सैन्टर तथा महिलाओं के लिए सरकार द्वारा जारी किए गए हैल्पलाईन नम्बर बारे विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसके अलावा महिला सशक्तिकरण के लिए आरंभ की गई प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री शगुन योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मदर टेरेसा असहाय मातृ संबल योजना, बेटी है अनमोल व विधवा पुनर्विवाह योजनाओं की भी उपस्थित महिलाओं को जानकारी प्रदान की गई। इसके अलावा पुलिस विभाग द्वारा महिलाओं को यौन उत्पीड़न के मामलों पर भी विस्तृत जानकारी दी गई।
भारत सरकार के महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग द्वारा आरंभ की गई मिशन शक्ति योजना के तहत जनजातीय जिला किन्नौर में महिलाओं के कल्याण के लिए 100 दिन विशेष जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। यह जानकारी आज यहां जिला कार्यक्रम अधिकारी किन्नौर संजोक सिंह मैहता ने दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत जिला के निचार उपमण्डल की कटगांव पंचायत के विभिन्न गांव में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया तथा लोगों को केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के हित में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं से अवगत करवाया गया। इस दौरान महिलाओं का चैक-अप भी किया गया तथा उन्हें स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी प्रदान की गई। शिविर में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना, वन स्टॉप सैन्टर तथा महिलाओं के लिए सरकार द्वारा जारी किए गए हैल्पलाईन नम्बर बारे विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसके अलावा महिला सशक्तिकरण के लिए आरंभ की गई प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री शगुन योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मदर टेरेसा असहाय मातृ संबल योजना, बेटी है अनमोल व विधवा पुनर्विवाह योजनाओं की भी उपस्थित महिलाओं को जानकारी प्रदान की गई। इसके अलावा पुलिस विभाग द्वारा महिलाओं को यौन उत्पीड़न के मामलों पर भी विस्तृत जानकारी दी गई।
कृषि में उन्नत तकनीक व अनुसंधान का लाभ सुनिश्चित कर रही प्रदेश सरकारः डॉ. शांडिल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने आज डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, सोलन में ‘प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना’ के तहत एक बिक्री केन्द्र (आउटलेट) का शुभारंभ किया, जिसमें प्राकृतिक खेती से निर्मित लगभग 100 से अधिक उत्पाद विक्रय के लिए उपलब्ध होंगे। डॉ. धनी राम शांडिल ने कहा कि वर्तमान समय में प्राकृतिक खेती के साथ-साथ उन्नत कृषि ही किसानों की आर्थिकी को बेहतर बनाने का उचित माध्यम है। प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती के माध्यम से किसानों की आय में आशातीत वृद्धि करने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्यान्न उपलब्ध करवाने के लिए कृत संकल्प है। प्राकृतिक उपज के उद्देश्य की पूर्ति के लिए जहां प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं उपज का बेहतर मूल्य दिलवाने के लिए योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के उपयोग और अनुसंधान को खेत तक पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने इससे पूर्व विश्वविद्यालय के पुस्तकालय परिसर में पुतरन्जीवा तथा रोकसब्रगाई पौधों का पौधरोपण भी किया। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनी और सम्बन्धित अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संजीव ठाकुर, संधीरा दुल्टा, ग्राम पंचायत नौणी के प्रधान मदन हिमाचली, उपमण्डलाधिकारी (ना.) डॉ. पूनम बसंल, डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल, कमांडिंग ऑफिसर प्रथम हिमाचल प्रदेश गर्ल्स बटालियन एनसीसी सोलन कर्नल संजय शांडिल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित इस अवसर पर थे।
कुनिहार:-आज कुनिहार विकास सभा के प्रधान धनीराम सहित सभा के सदस्यों ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सरकार से अपने संयुक्त बयान में मांग कि है कि कुनिहार सिविल अस्पताल की भी सुध लें| वहां की कमियों के बारे में भी जानकारी हासिल करें कि यहां के लोग किस प्रकार से स्वास्थ्य सुविधा पूरी न होने के कारण कितने परेशान व आक्रोश में है। उन्होंने कहा कि सरकार के स्वास्थ्य मंत्री महोदय भी कभी भी इस अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधा या कमियों के बारे निरीक्षण करने के लिए नहीं आए उन्होंने कभी भी जानने का प्रयास नहीं किया कि यहां पर लोगों की समस्याएं है| लोग किस प्रकार से अपने इलाज करवाने हेतु सोलन व शिमला जाने को मजबूर है जबकि स्वास्थ्य मंत्री जी के निवास स्थान ममलीग और सायरी से यह हॉस्पिटल करीब सात आठ किलोमीटर की दूरी पर है|यहाँ तो लोगो को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलनी चाहिओए लेकिन यहाँ तो आपसी राजनीति के कारण यहां के लोग स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित है| पहले भी स्वास्थ्य मंत्री और संजय अवस्थी से जुबानी और लिखित तौर पर अनुरोध किया जा चुका है| बता दे कि यहां पर करीब 14 पंचायत के लोग स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त करते हैं| स्थानीय लोग एक एमडी मेडिसिन की नियुक्ति के बारे में भी आग्रह कर चुके हैं लेकिन इस मांग को भी पूरा ना किया गया और न ही यहां स्वास्थ्य सुविधा के उपकरण व स्टाफ पूरा है। उन्होंने कहा कि यह ठीक है कि नागरिक अस्पताल सायरी स्वास्थ्य मंत्री जी के विधानसभा क्षेत्र में आता है जहां पर वह कई बार निरीक्षण कर चुके हैं मगर विधायक होने के साथ वह पूरे प्रदेश के माननीय स्वास्थ्य मंत्री भी है और कुनिहार भी इसी प्रदेश का हिस्सा है। कुनिहार विकास सभा जनहित में प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री व विधायक अर्की विधानसभा क्षेत्र से आग्रह करती है कि सिविल हॉस्पिटल कुनिहार का भी निरीक्षण करके यहां की कमियों को दूर किया जाए व वरिष्ठ नागरिक और लोगों से भी इस अस्पताल की सुविधाओं के बारे विचार विमर्श किया जाए ताकि सभी लोगों को अपने स्वास्थ्य संबंधित लाभ यहीं पर प्राप्त हो। इस मामले में प्रधान धनीराम तंनवर सहित गोपाल पवंर, भागमल तनवर, ज्ञान ठाकुर, हेमसिंह पवंर ,दीप राम ठाकुर ,नागेंद्र ठाकुर, जगदीश ठाकुर ,बलबीर चौधरी, बाबूराम तनवर, संतराम ,ओम प्रकाश ठाकुर, सनी राघव ,विनोद ,ज्ञान गर्ग और प्रेम राज चौधरी ने भी सरकार से इस मुद्दे को गंभीरता से लेने और समस्याओ का जल्द से जल्द हल निकालने का आग्रह किया|
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के सदस्यों की संख्या सोमवार को पूरी 68 होने वाली है| 22 जुलाई को तीन नवनिर्वाचित विधायक पद व गोपनीयता की शपथ ग्रहण करेंगे| हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया तीनों नव निर्वाचित विधायकों को शपथ दिलवाएंगे| यह शपथ ग्रहण समारोह सुबह 11 बजे विधानसभा परिसर में बनी लाइब्रेरी में होगा| इनमें देहरा से मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर, नालागढ़ से बावा हरदीप सिंह, दोनों ही कांग्रेस टिकट पर चुनाव जीतकर आये है वही हमीरपुर से आशीष शर्मा भी शामिल है जो बीजेपी टिकट पर चुनाव जीतकर एक बार फिर विधानसभा पहुँचेगे| तीन नव निर्वाचित विधायकों की शपथ के बाद क्या होगा आंकड़ा: विधानसभा में कुल सदस्य- 68 बहुमत का आंकड़ा- 34 कांग्रेस- 40 विपक्षी बीजेपी- 28
**प्रदेश में 22 और 23 जुलाई को कुछ जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट **अगस्त में मानसून के रफ्तार पकड़ने की संभावना प्रदेश में बरसात की गति धीमी बनी हुई है। बरसात में अभी तक सामान्य से 40 फीसदी तक कम बादल बरसे हैं मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों के दौरान बरसात में बढ़ोतरी के आसार जताए हैं और 22 और 23 जुलाई को कुछ जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। उसके बाद जुलाई के अंत तक मानसून में कमी देखने को मिलेगी मौसम विभाग के अनुसार अगस्त माह की शुरुआत में मॉनसून के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पॉल ने बताया कि अगले तीन से चार दिनों तक प्रदेश में वर्षा में तेजी आने की संभावना है इसके लिए विभाग ने अलर्ट जारी किए हैं। उन्होंने बताया के प्रदेश के चार जिला शिमला, मंडी, कांगड़ा और बिलासपुर मे सामान्य के आसपास वर्षा हुई है जबकि बाकी क्षेत्रों में बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई है। सबसे कम बारिश लाहौल स्पीति, सिरमौर, सोलन और ऊना मे हुई है। उन्होंने कहा कि जुलाई माह में मानसून कम ही असरदार रहेगा जबकि अगस्त माह की शुरुआत में मानसून के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने और बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवाओं में इस बार कमी पाई गई है जिसके चलते पहाड़ों में बारिश कम हो रही है।
सोलन: दयानंद आदर्श विद्यालय के प्रांगण में आज इन्नरव्हील क्लब सोलन द्वारा मेडिकल अवेयरनेस कैंप का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रिंसिपल ऊषा मित्तल ने बताया कि इस कैंप में प्रेसिडेंट प्रियंका अग्रवाल, ट्रेजर नीलम साहनी, आईएसओ मधु तंवर भी शामिल रही। इस अवेयरनेस कैंप में कक्षा छठी से आठवीं तक की सभी लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के बारे में जागरूक करवाया। इस दौरान डॉक्टर नीतू सिंगल जो कि एक अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ है उन्होंने एचपीवी वैक्सीन के बारे में जानकारी दी और उन्होंने कहा कि 9 वर्ष से 14 वर्ष की आयु की लड़कियों को यह जरूर लगवाने चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचा जा सके। इस दौरान बच्चों को बाहर की चीजों को कम से कम खाने की सलाह दी गई।
** पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने चुराग में 4.52 करोड़ रुपए से निर्मित होने वाले खंड विकास कार्यालय की रखी आधारशिला **ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग में युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए भरे जा रहे हैं 4 हजार पद, भर्ती प्रक्रिया जारी देवता दानवीर कर्ण मूल माहूंनाग बखारी कोठी का दो दिवसीय जन्मोत्सव धूमधाम से संपन्न हो गया। समापन समारोह में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। इस अवसर पर उन्होंने देवता दानवीर कर्ण मूल माहूनाग की पूजा अर्चना कर देवता का आशीर्वाद लिया। इसके उपरांत, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने करसोग के चुराग में 4.52 करोड़ रुपए से निर्मित होने वाले खंड विकास कार्यालय चुराग की आधारशिला भी रखी। पहली बार मूल मांहुनाग मंदिर पहुंचे ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री ने जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि देवता के आशीर्वाद और कृपा दृष्टि से आज यहां आना हुआ है। उन्होंने कहा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा हैं। ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को घर द्वार पर बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाई जा सके। उन्होंने कहा ग्राम पंचायतों में एक करोड़ 14 लाख से पंचायत घर बनाए जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा अब तक लगभग 47 करोड़ रूपए की राशि प्रदेश में पंचायतों को पंचायत घर निर्माण के लिए उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं। ग्रामीण विकास एवम पंचायती राज मंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए विभाग में लगभग 4 हजार पदों को भरा जा रहा हैं। जिसकी भर्ती प्रक्रिया चल रही हैं। उन्होंने पंचायत भवन मांहुनाग निर्माण के लिए 10 लाख रुपए, खेल मैदान के निर्माण के लिए 15 लाख रुपए और मंदिर समिति को 50 हज़ार रुपए देने की घोषण की। चुराग पंचायत में गेस्ट हाउस निर्माण करने के लिए उचित धन राशि उपलब्ध करवाने का भीं आश्वासन दिया। इसके अलावा, चुराग में महिला मंडल को सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए 10 हज़ार रुपए देने की भी घोषणा की। प्रशासन की ओर से मुख्यातिथि को शॉल, टोपी व समृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री को पंचायती राज विभाग से संबंधित विभिन्न संगठनों ने भी सम्मानित किया। इस अवसर पर कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी महेश राज, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हरि ओम शर्मा, राष्ट्रीय संयोजक युवा कांग्रेस डॉ केवल शर्मा, कार्यवाहक एसडीएम करसोग कैलाश कौंडल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य व्यक्ति उपस्थित थे।
सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में गुरुवार के दिन एन.एस.एस. यूनिट द्वारा "फूड प्लैनेट हेल्थ "विषय पर एक जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें ऑनलाइन माध्यम से गुजरात के बड़ौदा स्थित एक एन. जी.ओ. की कुमारी निज़्ज़ा ने विशेष रूप से भाग लिया। वहीं इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सी. एस. यू. की निदेशक प्रोफेसर सत्यम कुमारी ने की। इस ऑनलाइन सत्र में परिसर के एन. एस. एस. यूनिट के समस्त वॉलंटियर्स छात्र छात्राओं ने भी बढ़ चढ़ कर भाग लिया। इस जागरूकता सत्र का शुभारंभ विद्या की अधिष्ठात्री देवी माता सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष परिसर निदेशक व एन एस एस यूनिट के सदस्यों ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। उसके पश्चात एक छात्र द्वारा वैदिक मंगलाचरण प्रस्तुत किया गया। इस समस्त कार्यक्रम का संचालन परिसर की एन. एस. एस. इकाई के सदस्य एवं व्याकरण विषय के विद्वान डॉ. भूपेंद्र ओझा द्वारा किया गया। सत्र के दौरान कुमारी निज़्जा ने नॉन वेज (मांसाहार) खाने से होने वाली बीमारियों के बारे में बताया व यह भी बताया कि इसका ग्लोबल वार्मिंग से सीधा संबंध है। यानि ग्लोबल वार्मिंग का सीधा सीधा कारण नॉन वेज और डेयरी प्रोडक्ट्स हैं। उन्होंने सबको "वीगन डाईट" लेने की सलाह दी। वहीं कार्यक्रम के दौरान परिसर निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी ने भी अपने विचार सांझा किए। कार्यक्रम के अंत में परिसर की एन. एस. एस. यूनिट के कार्यक्रम अधिकारी अमित वालिया ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर परिसर निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी सहित शिक्षाशास्त्री विभाग के अध्यक्ष प्रो. शीशराम, एन एस एस यूनिट के संयोजक कवि पंकज, प्रोग्राम ऑफिसर अमित वालिया, यूनिट के सदस्य डॉ. मनीष कुमार,डॉ. भूपेंद्र ओझा, डॉ. संतोष गोडरा, तकनीकी सहायक विजय शंकर सहित एन.एस. एस. वॉलंटियर्स छात्र -छात्राएं मौजूद रहे।
**पक्का टियाला, कंडवाल, बरंडा के श्रावण मास मेले 20 जुलाई से होंगे शुरू उत्तर भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थानों में शामिल नागनी माता मंदिर प्रबंधक कमेटी (रजि) पक्का टियाला, कंडवाल ,बरंडा (ज़िला कांगड़ा ,हिमाचल प्रदेश) की ओर से वार्षिक श्रावण मास मेलों की शुरुआत दिन शनिवार 20 जुलाई 2024 से हो रही है । इन श्रावण मास मेलों का आयोजन 14 सितंबर तक किया जाएगा । उक्त जानकारी मन्दिर प्रबधंक कमेटी के अध्यक्ष हरि सिंह, उपाध्यक्ष सुरिंदर सिंह, उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह, खजांची ओम प्रकाश और मन्दिर के मुख्य पुजारी पंडित अजय कुमार शर्मा ने संयुक्त तौर दी। उन्होंने बताया कि आज मंदिर प्रांगण में रामायण का पाठ आरंभ किया गया है। शुक्रवार को कथा का समापन होगा। वहीं शनिवार को मेलों की शुरुआत के अवसर पर हिमाचल प्रदेश सरकार में कृषि मंत्री चन्द्र कुमार, नुरपुर क्षेत्र से विधायक रणबीर सिंह और प्रशासन की ओर से एसडीएम गुरसिमर सिंह भी मौजूद रहेंगे। उंन्होने बताया कि पहले मेले में ट्रक यूनियन जसुर की ओर से विशाल भण्डारे का आयोजन भी किया जाएगा। उन्होने बताया कि इन मेलों में पंजाब, हिमाचल, जम्मू व कश्मीर,हरियाणा ,दिल्ली ,राजस्थान और उत्तराखंड के अतिरिक्त अन्य राज्यों से श्रद्धालु बड़ी सँख्या में माता के दर्शन करने के लिए आते हैं l अध्यक्ष हरि सिंह ने बताया कि मेलों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर कमेटी की ओर से गेट से लेकर मन्दिर परिसर तक कुल 31 सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं साथ ही जिला पुलिस को लिखिति तौर पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए कर्मचारियों की तैनाती के लिए आवेदन किया है । उन्होंने बताया कि हमारे क़रीब 34 वालंटियर और सीसीटीवी कैमरों से मेले में जेबकतरे और चोरों पर विशेष नज़र रखी जाएगी। उंन्होने बताया कि मंदिर प्रबंधन कमेटी 1976 में गठित हुई थी, जिसके बाद से ही मन्दिर के विकास में तेज़ी आई है। उंन्होने बताया कि कमेयटी की ओर से इस बार मन्दिर परिसर में भगवान हरि विष्णु परिवार, भगवान राम परिवार और राधा कृष्ण का भव्य विशाल मंदिर बनाने की योजना है। उन्होंने बताया कि पिछली बार पुल क्षतिग्रस्त होने के चलते वाहनों पर पाबंधी के कारण मन्दिर कमेटी को 20 लाख रुपये चढ़ावे का घाटा उठाना पड़ा था। इस बार पुल खुला होने पर मंदिर कमेटी को चढ़ावे में इज़ाफ़ा होने की उम्मीद है। वहीं मन्दिर के मुख्य पुजारी पंडित अजय कुमार शर्मा ने मंदिर के कपाट सुबह चार बजे खुल जाते हैं। श्रद्धालु चार बजे के बाद आकर कभी भी खुले दर्शन कर सकते है। उन्होने मेले में आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वह लोग मंदिर की मर्यादा और पवित्रता को बनाए रखें और मंदिर परिसर में साफ़ सफाई की व्यवस्था बनाए रखते हुए प्लास्टिक का इस्तेमाल ना करें । इस मौके पर प्रताप सिंह ,जगदीश सिंह, रघुनाथ सिंह, बिशन सिंह, ओम प्रकाश आदि कमेटी के सदस्य उपस्थित थे।
गगल पुलिस ने ड्रग तस्करी के आरोप में पुलिस स्टेशन के सामने एक वोल्वो बस में सवार युवक को पकड़ा है। युवक की पहचान मसूर उम्र 24 वर्ष निवासी बिद्रावन पालमपुर के रूप में हुई है। डीएसपी कांगड़ा अंकित शर्मा ने बताया कि ड्रग्स तस्करी के लिए तस्करों द्वारा वोल्वो बस का उपयोग वर्षों से किया जा रहा है। इसी कड़ी में गगल पुलिस स्टेशन के पास नियमित जांच के वोल्वो बस को रोका गया। बस में सवार युवक मसूर, जो कि अपनी चार साल की बेटी के साथ यात्रा कर रहा था, के कब्जे से 14 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अमृतसर से मादक पदार्थ खरीदा था और उसे पालमपुर के बिंद्रावन में विभिन्न उपभोक्ताओं को बेचने वाला था। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले की जांच शुरू कर दी है।
सोलन विकास खण्ड के तहत पट्टाबरौरी पंचायत के बांके बिहारी मंदिर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव के उपलक्ष्य पर चार दिवसीय कृष्ण भागवत कथा का आयोजन 20 से 23 जुलाई 2024 तक किया जा रहा है। जानकारी देते हुए डी डी कश्यप ने बताया कि जिला सोलन के प्रसिद्ध ख्याति प्राप्त कथा वाचक व बांके बिहारी विश्व मंगलम सेवा धाम के प्रमुख संस्थापक तथा धर्म प्रचारक हरिजी महाराज अपनी मधुर वाणी से व्यास पीठ से सभी भक्तों को कृष्ण भगवान की लीलाओं का विस्तृत गुणगान करेंगे। 20 जुलाई 2024 को दोपहर 3 बजे कलश यात्रा से कार्यक्रम का शुभारंभ होगा तथा पंडाल में विधिवत रूप से पूजा अर्चना के उपरांत कलश स्थापित किए जाएंगे। कलश स्थापना के उपरांत कृष्ण कथा का शुभारंभ होगा। प्रतिदिन प्रवचन का समय 1 बजे से 4 बजे तक रहेगा उसके बाद भंडारे की व्यवस्था रहेगी। अमर सिंह कौशल वरिष्ठ सदस्य बांके बिहारी मंदिर निर्माण कमेटी, देविंदर शर्मा, व ख्याली राम ने कहा कि मूल पाठ प्रतिदिन 6 बजे से 9 बजे प्रातः होगा। 23 जुलाई 2024 को 11 बजे पूर्ण आहुति के साथ गुरु पूर्णिमा उत्सव विश्राम की ओर अग्रसर होगा तथा कृष्ण कथा को करीब 2 बजे विराम दिया जाएगा। डीडी कशयप विश्व मंगलम सेवा धाम के मीडिया प्रभारी ने हरिजी महाराज के समस्त शिष्यों से आग्रह किया है कि गुरु पूर्णिमा उत्सव 20 से 23 जुलाई तक निर्माणाधीन बांके बिहारी मंदिर पट्टाबरौरी में पहुंचकर कृष्ण भगवान की कथा का श्रवण करे व परम हरी जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त करे।
** निर्माण कंपनी पर फूटा लोगों का गुस्सा मंडी: मनाली-जालंधर नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण कार्य के चलते मंडी शहर के साथ लगते तल्याहड़ के पास की जा रही कटिंग अब लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। इस कटिंग से 8 मकान खतरे की जद में आ गए हैं। इन 8 घरों के लोग बीते एक महीने के डर के साए में जीने को मजबूर हो गए हैं। लोग प्रशासन के आगे उनकी ओर ध्यान देने की गुहार लगा रहे हैं, जिनके घरों के पास कटिंग की गई है, उनमें रिटायर सूबेदार खेम सिंह सेन, नेत्र सिंह, हेम सिंह, जगत सिंह, कश्मीर सिंह, कुशमैहद सिंह और भूतेश्वरी देवी समेत अन्यों के घर शामिल हैं। प्रभावितों का आरोप है कि उन्होंने यहां कटिंग का काम कर रही कंपनी को बरसात से पहले कटिंग करके समय रहते डंगे लगाने के लिए कई बार कहा, लेकिन कंपनी ने बरसात से ठीक पहले यहां पर कटिंग का काम शुरू कर दिया है। प्रभावित रिटायर सूबेदार खेम सिंह सेन ने बताया कि जब कंपनी कटिंग कर रही थी, तब भी लोगों ने कंपनी प्रबंधन से घरों के पास वाली जगह को छोड़कर कटिंग करने को कहा, लेकिन कंपनी तब भी नहीं मानी और कटिंग करने के बाद डंगे लगाने की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। अब नतीजा यह निकला कि यहां बार-बार लैंडस्लाइड होने से 8 घरों पर खतरा मंडरा गया है। लोग दिन-रात डर के साए में जी रहे हैं। वहीं, प्रभावित परिवारों ने प्रदेश सरकार, मंडी जिला प्रशासन और निर्माण कार्य में लगी कंपनी से घरों के पास वाली जगह पर तुरंत प्रभाव से डंगे लगाने की गुहार लगाई है, ताकि घरों को गिरने से बचाया जा सके। प्रभावितों ने बताया कि अभी इन सभी ने अपने पैसों से तिरपाल खरीदकर लैंडस्लाइड वाले एरिया को कवर किया हुआ है। इनका आरोप है कि कंपनी एक तो यहां पर डंगे लगाने के कार्य में कोताही बरत रही है और दूसरा निर्माण कार्य भी गुणवत्ता के साथ नहीं कर रही है। उन्होंने मांग की है कि इस कार्य को पूरी गुणवत्ता के साथ करवाया जाए। वहीं, जब इस बारे में एडीएम मंडी डॉ. मदन कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ये मामला प्रशासन के ध्यान में है। डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एसडीएम और निर्माण कार्य में लगी कंपनी के साथ बैठक करके इसपर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
** परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ मंडी: सुंदरनगर के तहत आज सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया। मंडी जिले के बीएसएल पुलिस थाना के तहत कंट्रोल गेट के पास एक ट्रक की चपेट में आने से एक बुजुर्ग की दर्दनाक मौ*त हो गई है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर श*व को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मंडी पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक आर्मी से रिटायर्ड फौजी हर रोज की तरह गुरुवार सुबह भी सैर करने के लिए घर से निकले थे, जैसी ही वो कंट्रोल गेट के पास हडेटी की ओर जाने वाले रास्ते पर पहुंचे तो पीछे से आ रहे एक ट्रक की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौ*त हो गई। हालांकि घटना के बाद ट्रक ड्राइवर ट्रक को वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और श*व को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल सुंदरनगर भेज दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे की असल वजह जानने के लिए क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है। मृत*क की पहचान 74 वर्षीय अभिमन्यु सिंह निवासी सुंदरनगर के रूप में हुई है। मृत*क के पिता नक्कबीनु राम 60 के दशक में सुंदरनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। वहीं, इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
**मानसून में अब तक 186 करोड़ का हुआ नुकसान, 31 लोगों की हुई मौ*त हिमाचल प्रदेश में 27 जून को मानसून की एंट्री हुई थी। मौसम विभाग द्वारा प्रदेश में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की संभावना जताई थी, मगर प्रदेश में अभी भी ज्यादातर हिस्सों में बारिश सामान्य से भी कम रही है। मौसम विभाग शिमला द्वारा तीन दिनों तक बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। बुधवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। मौसम विभाग ने प्रदेश में 23 जुलाई तक बारिश को लेकर संभावना जताई है। 18, 19 और 20 जुलाई को हिमाचल में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि प्रदेश के अधिकतर हिस्से में बारिश की कमी दर्ज की जा रही है, जिसका सीधा असर कृषि और बागवानी पर पड़ रहा है। वहीं, कई जगहों पर मानसून तबाही बन कर बरसा है। मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों के लिए प्रदेश में बारिश से बागानों, बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान, कमजोर संरचनाओं को आंशिक नुकसान, तेज हवाओं और बारिश के कारण कच्चे घरों और झोपड़ियों को मामूली नुकसान की आशंका जाहिर की है। इसके साथ ही ट्रैफिक जाम की समस्या, निचले इलाकों में पानी भरने को लेकर भी चेतावनी जारी की है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक 27 जून को मानसून की एंट्री से लेकर 17 जुलाई तक प्रदेश को बरसात से 186 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि बारिश से संबंधित घटनाओं में 31 लोगों की अब तक मौ*त हो गई है।
हिमाचल प्रदेश के कई भागों में बीते 24 घंटों के दौरान बादल झमाझम बरसे। धर्मशाला में 142.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। उधर, किन्नौर जिले में पोवारी के समीप पहाड़ी से भूस्खलन के कारण मार्ग यातायात के लिए बाधित हो गया। लोग पैदल सफर करने के लिए मजबूर हैं। मार्ग बहाली का काम चल रहा है। वहीं निगुलसरी में नेशनल हाईवे पांच पर सफर करना जोखिम भरा बना हुआ है। गमरूर 53.0, बैजनाथ 36.0, ओलिंडा 32.2,पालमपुर 22.4 व कांगड़ा में 19.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
NEET में गड़बड़ी से जुड़ी 38 याचिकाओं पर CJI की बेंच के सामने आज तीसरी सुनवाई होनी है। CJI चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की डिवीजन बेंच मामले की सुनवाई कर रही है। बेंच ने मामले पर पहली सुनवाई 8 जुलाई को की थी। इसके बाद कोर्ट ने NEET से जुड़े चारों स्टेकहोल्डर्स - NTA, केंद्र सरकार, CBI और रीएग्जाम की मांग कर रहे याचिकाकर्ताओं को हलफनामा दायर करने के लिए 10 जुलाई तक का समय दिया था। NEET पर दूसरी सुनवाई 11 जुलाई को हुई थी। इसके बाद कोर्ट ने मामले को 18 जुलाई तक के लिए टाल दिया था। CJI की बेंच ने कहा था कि NTA और केंद्र सरकार के हलफनामे सभी लोगों तक नहीं पहुंचे हैं। इस वजह से सुनवाई की डेट बढ़ा दी गई। NTA ने 17 जुलाई को कोर्ट में रिटन सबमिशन में कहा कि याचिकाकर्ताओं की ये दलील कि व्यवस्थागत तरीके से परीक्षा में गड़बड़ी हुई है, ये बिल्कुल गलत है।
बीते वर्ष बरसात के दौरान हुई आपदा से बीबीएमबी प्रबंधन ने बड़ा सबक लिया है। इस बार अब बरसात में डैम और पावर हाउस समेत मुख्य जगहों पर सैटेलाइट फोन से आपस में संपर्क रहेगा। ताकि किसी भी तरह की स्थिति पर तुरंत संपर्क किया जा सके। मोबाइल नेटवर्क और लैंडलाइन सेवा ठप होने की सूरत पर यह सैटेलाइट फोन अहम भूमिका निभाएंगे। भारी बरसात के दौरान पंडोह डैम लबालब भरता है। यहीं से ब्यास में पानी छोड़ा जाता है। लारजी बांध से पानी छोड़ने पर पंडोह डैम से पानी छोड़ा जाता है। बरसात के दौरान पंडोह डैम के जल स्तर पर अधिकारियों की निगरानी रहती है। पंडोह डैम से ही बग्गी को भी टनल से होकर पानी भेजा जाता है। इसी टनल का पानी बग्गी में निकलकर बीएसएल जलाशय तक पहुंचता है। इसके बाद यह डैहर पावर हाउस तक पहुंचता है। ऐसे में पंडोह डैम, बग्गी और डैहर पावर हाउस तीनों ही प्रमुख स्थल हैं, जहां बीबीएमबी की निगरानी रहना बेहद जरूरी रहता है। बीते वर्ष बरसात में आपदा के दौरान पंडोह में कनेक्टिविटी पूरी तरह से ध्वस्त हो गई थी। सात से दस दिन के भीतर फोन मिलने की उम्मीद है। बीबीएमबी सुंदरनगर के अधीक्षण अभियंता अजय पाल ने बताया कि फोन जल्द उपलब्ध होंगे। चौहारघाटी में अब अर्ली वार्निंग सिस्टम से बाढ़ के संभावित खतरे को शानन प्रोजेक्ट भांपेगा। इसके लिए बरोट स्थित शानन परियोजना से 20 किलोमीटर दूर बड़ा गांव के गड़सा ब्रिज के समीप आधुनिक अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित होगा। वहीं, लंबाडग नदी की भी मॉनिटरिंग के लिए लोहारडी में इसी तकनीक के आधुनिक सेंसर स्थापित होंगे। करीब एक करोड़ से अधिक की धनराशि अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित करने के लिए खर्च की जाएगी। प्राकृतिक आपदा से किसी भी प्रकार का जानी नुकसान न हो, इसके लिए पहली बार चौहारघाटी में इस आधुनिक तकनीक को अपनाया जा रहा है। इसके स्थापित होने के बाद किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा के संभावित खतरे पर पहले ही घंटी बजना शुरू हो जाएगी। शानन प्रोजेक्ट की बरोट स्थित उहल परियोजना की पुरानी और नई रेजरवायर में जब अचानक जलस्तर बढ़ जाता है तो बरोट वैली में बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। शानन प्रोजेक्ट के आरई सतीश कुमार ने बताया कि सिस्टम स्थापित होने के बाद कंट्रोल रूम में जैसे ही खतरे की घंटी बजेगी तभी बड़ागांव से टिक्कन तक हुटर बजना शुरू हो जाएंगे। सैटेलाइट के माध्यम से भी आपदा के संभावित खतरे को भांपने में आसानी मिलेगी।


















































