रामपुर बुशहर। राजमाता शांति देवी आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला निरमंड में सात दिवसीय विशेष शिविर के तीसरे दिन डीएसपी रविंद्र नेगी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। विद्यालय के प्रधानाचार्य योगराज ठाकुर ने एनएसएस यूनिट की तरफ से मुख्य अतिथि को टोपी मफलर व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान डीएसपी ने बच्चों को कानून व्यवस्था व करियर से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों को पहले ही अपने लक्ष्य को निश्चित करना चाहिए। ताकि लक्ष्य के मुताबिक मेहनत की जा सके। उन्होंने कहा कि छात्रों को अच्छी ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढ़नी चाहिए। इस अवसर पर विद्यालय के अनेक अध्यापक मौजूद रहे।
शिमला। भोंट पंचायत के दुदली रज्ञान को नगर निगम में शामिल नहीं करने देंगे। यह बात शिमला की भोंट पंचायत के पूर्व प्रधान एवं वर्तमान में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव बलदेव ठाकुर ने जारी बयान जारी में कही। उन्होंने कहा कि अगर सरकार भोंट पंचायत के दुदली या रज्ञान या किसी अन्य गांव को निगम में शामिल करने की की कोशिश करेगी तो गांव के लोग इसका विरोध करेंगे। बलदेव ने कहा कि भाजपा सरकार की मंशा गांव के लोगों से मात्र टैक्स के नाम पर पैसा ऐंठने की योजना है जबकि जो पहले भी नए वार्ड में शामिल किए गए हैं उनको सरकार की तरफ से कोई भी सुविधा नहीं दी जा रही है। इसके अलावा उनसे नगर निगम टैक्स वसूल रहा है। बलदेव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सरकार से मांग करती है कि पहले जो इलाके नगर निगम में शामिल किए गए हैं उनको सारी सुविधाएं दी जाएं। इसके अलावा नक्शे पास करने या बिजली और पानी के कनेक्शन का सरलीकरण करें।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने राजभवन में लेखिका डाॅ. देवकन्या ठाकुर की तीसरी पुस्तक ‘मलाणा क्रीम’ का विमोचन किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने लेखिका के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि नशे जैसे विषयों को पुस्तक के माध्यम से आगे लाया जाना चाहिए ताकि लोगोें में जागृति पैदा हो और वे नशे के खिलाफ एक सुदृढ़ अभियान चला सकें। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक नवोदित लेखकों को प्रेरणा भी देगी। यह उपन्यास प्रकाशन संस्थान दिल्ली द्वारा प्रकाशित किया गया है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पिछले चार वर्षों के दौरान हिमाचल प्रदेश को 10620 करोड़ रुपये की विभिन्न बाह्य परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। विज्ञान भवन नई दिल्ली में वर्ष 2022-23 के केन्द्रीय बजट के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित बजट पूर्व परामर्श बैठक को सम्बोधित करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि वित्त मंत्रालय राज्य को निरंतर उदार वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में राज्य में आधारभूत संरचना के विकास के 400 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण स्वीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि विशेष सहायता के रूप में 600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि प्रदान की जाए।मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश के आर्थिक विकास को गति प्रदान करने के लिए औद्योगिक विकास योजना-2017 को अगले पांच वर्षोें के लिए जारी रखने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक निवेश सम्मेलन-2019 के उपरान्त कई औद्योगिक इकाईयों ने राज्य में अपने उद्योग स्थापित करने में रूचि दिखाई है और इससे लगभग 97 हजार करोड़ रुपये का निवेश संभावित है। उन्होंने कहा कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा संचालित औद्योगिक विकास योजना केवल मार्च, 2022 तक ही प्रभावी है और राज्य में औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए इसे आगे बढ़ाया जाए। जयराम ठाकुर ने केंद्रीय वित्त मंत्री से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत सड़कों और पुलों के रख-रखाव और मुरम्मत के लिए विशेष अनुदान प्रदान करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में राज्य में बारिश, बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन के कारण सड़क आधारभूत संरचना को लगभग 1100 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। आपदा प्रबंधन के लिए एसडीआरएफ के अन्तर्गत उपलब्ध करवाई गई सहायता को अपर्याप्त बताते हुए उन्होेंने कहा कि यह निधि कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए भी आवंटित की गई थी। मुख्यमंत्री ने वेज एंड मीन्स एडवांसिज की सीमा को जारी रखने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे कोविड-19 महामारी के कारण प्रदेश के राजस्व में आई कमी की क्षतिपूर्ति की जा सकेगी और राज्य में विकास गतिविधियों को भी जारी रखा जा सकेगा। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना और मुख्यमंत्री के सलाहकार डाॅ. आरएन बत्ता भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने धर्मशााला में आयोजित छठी हिमाचल प्रदेश पैरा-खेल राज्य चैपिंयनशिप में बेहतर प्रदर्शन करने वाले हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के विशेष रूप से सक्षम सात खिलाडि़यों को शुभकामनाएं दी। जिन्होंने इस प्रतियोगिता में 14 मेडल प्राप्त किए हैं। उन्होंने प्रतियोगिता के अन्य विजेताओं और प्रतिभागियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की भी सराहना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पैरा-खेल राज्य चैपिंयनशिप दिव्यांग खिलाडि़यों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का एक बेहतर मंच है और इससे अन्य प्रतिभागियों को भी ऐसे ही आयोजनों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है।
शिमला शहरी इकाई द्वारा वीरवार को एसएसआई का 52वां स्थापना दिवस मनाया गया। एसएफआई के स्थापना दिवस के अवसर पर शहरी अध्यक्ष नीतीश द्वारा स्वाधीनता जनवाद और समाजवाद का झंडा फहराया गया। इस अवसर पर शहरी कमेटी द्वारा प्रदेश के अंदर और भारत में छात्र आंदोलन एवं इतिहास विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूर्व राज्य अध्यक्ष विक्रम कैथ ने कहा कि जब 1970 के अंदर तिरुवंतपुरम में एसएफआई को बनाया गया था उस समय से लेकर लगातार एसएफआई छात्र मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि एसएफआई सबको शिक्षा सबको काम के नारे को लेकर लगातार संघर्ष कर रही है और आने वाले समय के अंदर इस संघर्ष को तेज करने की जरूरत है। इस दौरान शहरी सचिव नेहा ने कहा कि जिस तरह से प्रदेश के अंदर जो शिक्षा के ऊपर हमले हो रहे हैं उसके लिए संघर्ष करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय के अंदर के अंदर जो शिक्षा का निजीकरण और ठेकाकरण किया जा रहा है। उसके खिलाफ छात्रों को लामबंद करते हुए एक उग्र आंदोलन प्रशासन के खिलाफ एसएफआई तैयार करेगी।
शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बुधवार को नई दिल्ली में सरकार के उपक्रम पवन हंस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संजीव राजदान के साथ एक बैठक में राज्य में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए शिमला-धर्मशाला हेलीटैक्सी सेवाओं की दरें कम करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिमला-धर्मशाला के लिए सीधी उड़ान आरंभ करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने प्रबंध निदेशक को शिमला से मनाली के लिए हेलीटैक्सी सेवाएं शीघ्र आरंभ करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों और पर्यटकों को बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। हेलीटैक्सी सेवाओं को सुदृढ़ करने से प्रदेश में पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा। संजीव राजदान ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि शिमला-धर्मशाला हेलीटैक्सी की दरें शीघ्र ही कम की जाएंगी। उन्होंने कहा कि पवन हंस द्वारा शिमला से मनाली के लिए उड़ानें आरम्भ करने के लिए पूर्ण प्रयास किए जाएंगे। मनाली में हेलिपैड को उपयोग करने का मामला रक्षा मंत्रालय के साथ उठाया गया है और मंत्रालय से स्वीकृति प्राप्त होते ही शिमला से मनाली के लिए उड़ानें आरंम्भ कर दी जाएंगी। भारत सरकार के साथ यह मामला प्रभावी रूप से उठाया जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार व प्रधान निजी सचिव डॉ. आरएन बत्ता भी उपस्थित थे।
शिमला। डीएवी कॉलेज कोटखाई में सात दिवसीय एनएसएस शिविर का समापन हो गया। इस दौरान नीलम सरैक ने बतौर विशेष अतिथि शिरकत की। स्वयंसेवी अस्मिता ने शॉल पहनाकर मुख्यातिथि का स्वागत किया। इसके बाद स्वयंसेवी ईशा ने सात दिवसीय शिविर के दौरान की गई गतिविधियों की जानकारी दी। एनएसएस अधिकारी दिनेश शर्मा ने बताया कि शिविर में 40 स्वयंसेवियों ने भाग लिया। इस दौरान कॉलेज कैंपस, शिव मंदिर हनुमान मंदिर, रावतन गांव की सफाई की। आस पास के प्राकृतिक जलस्त्रोतों की भी सफाई की। समापन समारोह पर रिचिका, ईशा, स्नेहा, कल्पना, यशिका, साक्षी, साहिल, गौरव, राहुल आदि ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। द्वितीय वर्ष के छात्रों अभिषेक शर्मा व उसके साथियों ने लोकनृत्य से सबका मन मोह लिया। इस दौरान सूरज व रिचिका को श्रेष्ठ स्वयंसेवी चुना गया तथा अभिषेक शर्मा ने मंच का संचालन किया।
राज्य कर एवं आबकारी विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश स्वर्ण जयंती (विरासत मामले समाधान) योजना, 2021 को मंजूरी प्रदान की है और यह अधिसूचित कर दी गई है। यह योजना विभिन्न फोरम में लंबित सभी विरासत मामलों के समाधान और बकाया राशि की वसूली करने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश स्वर्ण जयंती (विरासत मामले समाधान) योजना-2021 एक महत्वकांक्षी योजना है और जीएसटी पूर्व करदाताओं के लिए कर देयता और विवादों को हल करने के लिए लाई गई है। इस योजना के तहत, करदाता बकाया कर राशि का भुगतान कर सकते हैं और कानून के तहत किसी भी अन्य परिणाम से मुक्त हो सकते हैं। इससे करदाताओं को संतोषजनक राहत मिलेगी क्योंकि उन्हें ब्याज और जुर्माने के बदले केवल निपटान शुल्क देना होगा। करदाताओं को दस्तावेजों को संकलित करने, लंबित वैधानिक प्रपत्रों को एकत्र करने और आकलन को पूरा करने के लिए समाधान तैयार करने में काफी मेहनत करनी पड़ती है। जीएसटी लागू होने के उपरांत भी विभिन्न कंपनियों, उद्योग और डीलरों के पहले के विवाद लम्बित हैं। यह योजना हिमाचल प्रदेश के राजपत्र में योजना के प्रकाशन से छह महीने की अवधि के लिए वैध होगी। योजना के दो चरण होंगे। पहले चरण के चार महीनों में डीलर को 10 प्रतिशत की दर से निपटान शुल्क के साथ देय कर का भुगतान करना होगा और दूसरे चरण के दो महीनों में पहले चरण में लागू निपटान शुल्क का एक सौ पचास प्रतिशत कर (अर्थात 150 प्रतिशत) देय राशि के साथ अदा करना होगा। हितधारक या डीलर विभाग के संबंधित सर्कल या जिला कार्यालयों में जाकर योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं।
राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर से राज भवन में जिला लाहौल-स्पीति और किन्नौर के पंचायत प्रधानों, पिती बुद्धिस्ट लेखयुर सोगपा, स्पीति सिविल सोसायटी और पब्लिक वैल्फेयर सोसायटी के सदस्यों ने भेंट की। उन्होंने गरीब परिवारों को नौतोड़ भूमि प्रदान करने के लिए जनजातीय जिलों के अनुसूचित क्षेत्रों को वन संरक्षण अधिनियम, 1980 के प्रावधानों से छूट देने के लिए राज्यपाल कोे ज्ञापन दिया। उन्होंने राज्यपाल से लगभग 11 किलोमीटर लम्बे लियो-चांगो बाईपास सड़क के कार्य में तेजी लाने और सुरक्षा के दृष्टिगत इसका निर्माण कार्य हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग से सीमा सड़क संगठन को स्थानांतरित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस बाईपास सड़क के निर्माण से मलिंग नाला से सम्बन्धित सभी समस्याओं का समाधान होगा और 25 किलोमीटर की दूरी भी कम होगी। राज्यपाल ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में 3 जनवरी से देश में 15-18 साल के बच्चों को कोरोना से बचाव का टीका लगाया जाएगा तो वंही 10 जनवरी से 60 साल से अधिक उम्र के ऐसे बुजुर्गों को बूस्टर डोज दी जाएगी जो दूसरी गंभीर बीमारियों से भी पीड़ित हैं। इस बीच आधिकारिक सूत्रों ने बताया है कि बच्चों के लिए अभी देश में सिर्फ भारत बायोटेक और आईसीएमआर की ओर से निर्मित कोवैक्सीन ही उपलब्ध होगी। इसके अलावा, हेल्थकेयर, फ्रंटलाइन वर्कर्स और को-मॉरबिडिटी वाले बुजुर्गों को वह बूस्टर डोज के तौर पर वही टीका लगाया जाएगा, जिसकी दो खुराक वह पहले ले चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम संबोधन में घोषणा की कि 15-18 साल के बच्चों को 3 जनवरी से करोना का टीका दिया जाएगा। वहीं, हेल्थकेयर वर्कर्स के साथ को-मॉरबिडिटी वाले वरिष्ठ नागरिकों को एहतियाती खुराक दी जाएगी। पीएम मोदी ने कहा है कि बुजुर्गों के लिए यह खुराक उनके डॉक्टरों के परामर्श पर उपलब्ध होगी। सरकार ने यह फैसला देश में ओमिक्रॉन वेरिएंट के प्रसार के बीच लिया है। सरकारी सूत्र का कहना है कि कोविन एप में उन लोगों का डाटा अपने आप अपडेट होकर दिखने लगेगा, जो तीसरी डोज के पात्र होंगे। उनका कहना है कि इस संबंध में सरकार पात्र लोगों की संख्या तैयार कर रही है। इस पर जल्द ही घोषणा हो सकती है। बता दें कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि 60 वर्ष से ऊपर की आयु के अन्य गंभीर बीमारी से ग्रसित नागरिकों के लिए, उनके डॉक्टर की सलाह पर वैक्सीन की प्रीकॉशन खुराक का विकल्प उनके लिए भी उपलब्ध होगा। ये भी 10 जनवरी से उपलब्ध होगा।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज शिमला के पास जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे के विस्तार कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस परियोजना को समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि लोगों को इसका शीघ्र लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव डाॅ आरएन बत्ता एवं अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
शिमला। केंद्र सरकार ने पशुधन स्वास्थ्य और रोग नियंत्रण योजना के तहत राज्य में 44 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों के लिए 7.04 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। यह बात कृषि, ग्रामीण विकास, पंचायती राज एवं पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने बुधवार को जारी बयान में कही। उन्होंने प्रदेश के लिए यह राशि स्वीकृत करने के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों के माध्यम से प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी। इन इकाइयों के माध्यम से लोगों के घर-द्वार के समीप उनके पशुओं की बीमारियों का निदान और उपचार करने में मदद मिलेगी। प्रत्येक मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई की खरीद व अनुकूलन पर 16 लाख रुपये व्यय करने का प्रावधान किया गया है। कंवर ने कहा कि पशुपालन प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अपना योगदान दे रहा है, जिसके दृष्टिगत राज्य सरकार ने पशुपालकों के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गत चार साल के दौरान प्रदेश में एक पशु चिकित्सा अस्पताल, एक नया पशु पॉलीक्लीनिक तथा 10 नए पशु औषधालय खोले गए हैं। 23 पशु औषधालयों को पशु अस्पताल, एक पशु औषधालय को जोनल पशु अस्पताल और एक पशु अस्पताल को उप-मण्डलीय पशु अस्पताल में स्तरोन्नत किया गया है।
शिमला: मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बुधवार को हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य विनिर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के वर्ष 2022 के कैलेंडर का विमोचन भी किया। इस अवसर पर प्रदेश भवन एवं अन्य विनिर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष राकेश बबली, प्रधान सचिव ओंकार शर्मा, प्रदेश कौशल विकास निगम की प्रबंध निदेशक कुमुद सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
शिमला: मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बुधवार को हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के वर्ष 2022 के कैलेंडर का विमोचन किया। इस अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. रामलाल मार्कंडेय, प्रदेश कौशल विकास निगम के राज्य समन्वयक नवीन शर्मा उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश सर्व अनुबंध कर्मचारी महासंघ ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, एनजीओ फेडरेशन के अध्यक्ष अश्विनी ठाकुर,महासचिव राजेश शर्मा का अनुबंध कार्यकाल को 3 वर्ष से घटाकर 2 वर्ष करने व इसकी अधिसूचना जारी करने के लिए आभार जताया है। हिमाचल प्रदेश सर्व अनुबंध कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार नड्डा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय पटियाल, कार्यकारी महासचिव सुनील कुमार शर्मा, वित्त सचिव अविनाश कुमार सैनी, मीडिया सचिव राकेश ठाकुर, सोशल मीडिया प्रभारी रिपन कुमार, जिला मंडी के अध्यक्ष गिरधारीलाल चौहान, जिला हमीरपुर के अध्यक्ष मनु देव शर्मा, जिला चंबा के अध्यक्ष बलबीर सिंह बल्ली, जिला सोलन के अध्यक्ष रमेश कन्याल, जिला शिमला के अध्यक्ष पंकज तिल्टा, जिला सिरमौर के अध्यक्ष सुधीर शर्मा और जिला ऊना के अध्यक्ष राजेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार ने अधिसूचना जारी करके अपना वादा पूरा किया है। उन्होंने हिमाचल सरकार व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का अधिसूचना जारी करने के लिए धन्यवाद किया है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के साप्ताहिक समाचार पत्र गिरिराज के वर्ष 2022 के कैलेंडर का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गिरिराज साप्ताहिक प्रदेश सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों को लोगों तक पहुंचाने में सबसे अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि गिरिराज साप्ताहिक तथ्यों पर आधारित सूचनाओं का सबसे विश्वसनीय माध्यम है। मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क हरबंस सिंह ब्रसकोन, गिरिराज की संपादक नर्बदा कंवर और अन्य अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज मंडी जिला के कमांद में स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान का दौरा किया। इस अवसर पर संस्थान के फेकल्टी से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि आज हमें समाज की आवश्यकता के अनुरूप तकनीक उपलब्ध करवाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन एक गंभीर समस्या है और हिमाचल में इसके कारण हर वर्ष करोड़ों रुपये का नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि जानमाल के नुकसान को कम करने के लिए ऐसी तकनीक विकसित की जानी चाहिए जिससे इस समस्या का स्थायी समाधान मिले। उन्होंने इस दिशा में पूर्व चेतावनी प्रणाली विकसित करने के लिए आईआईटी मंडी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि तकनीक को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि वन विभाग और राज्य के अन्य संबंधित विभागों को इस दिशा में आईआईटी मंडी के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करना चाहिए ताकि इस दिशा में सार्थक परिणाम हासिल किए जा सके। स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के एमेरिटस प्रोफेसर एससी जैन ने राज्यपाल को सम्मानित किया। उन्होंने संस्थान की उपलब्धियों और विभिन्न पहलो का विवरण दिया। उन्होंने कहा कि आईआईटी मंडी अनुसंधान के अलावा समुदाय के साथ मिलकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का भी निर्वाह कर रहा है। इससे पूर्व जिओ हजार्ड स्टडिंग ग्रुप की समन्वयक डाॅ. कला वी. उदय ने भूस्खलन प्रबंधन पर पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन भी दिया। उन्होंने भूस्खलन से होने वाले नुकसान को कम करने के उपायों की भी जानकारी दी। इसके उपरान्त राज्यपाल ने संस्थान के परिसर में पौधा रोपण भी किया। राज्यपाल के सचिव विवेक भाटिया, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, केके बजरे और फेकल्टी के अन्य सदस्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
शिमला : मुख्यमंत्री जयराम ने प्रदेश के लिए पांच पुल समर्पित करने पर रक्षा मंत्री का व्यक्त किया आभार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम द्वारा देश् के चार राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण 27 परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित कीं। इन परियोजनाओं का निर्माण सीमा सड़क संगठन (बी.आर.ओ.) द्वारा किया गया है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर इस कार्यक्रम में शिमला से वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने परियोजनाओं को समर्पित करने के लिए रक्षा मंत्री और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में देश और मजबूत हुआ है और आज देश की सीमाएं पहले से ज्यादा सुरक्षित हैं। देश की सीमाओं तक सम्पर्क सुविधा बढ़ी है और आधारभूत संरचना का भी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज जिन परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया गया है उनमें से पांच पुल हिमाचल प्रदेश में निर्मित किए गए हैं। मनाली-सरचू सड़क मार्ग पर बने कोठी-1 पुल, कोठी-2 पुल, कमांडर पुल और पातसियो पुल तथा पोवारी-पूह सड़क पर बने काशंग पुल देश की सुरक्षा में अहम योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि लेह के लिए वैकल्पिक मार्ग पर बने ये पुल जम्मू और कश्मीर तथा लेह में तैनात हमारे सैनिकों के लिए बहुत मददगार सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पुलों का लाभ स्थानीय लोगों को भी मिलेगा। इनसे लाहौल स्पीति के केलांग सहित लेह-लद्दाख के वासियों के बीच आर्थिक और सामाजिक संबंधों को और मजबूती मिलेगी। अब यहां से न सिर्फ भारी सैन्य वाहन सुगमता से गुजर सकेंगे बल्कि स्थानीय जनता भी लाभान्वित होगी। यहां से सेब, आलू, मटर, बादाम और अन्य फसलें बाहर ले जाने में सुविधा होगी। ये पुल किन्नौर जिले की आर्थिकी को बढ़ाने में भी अहम योगदान देंगे। मुख्यमंत्री ने विभिन्न परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए बीआरओ को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बीआरओ ने इस वर्ष आधारभूत ढांचे से जुड़ी 102 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का कार्य पूरा कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के जनजातीय और सुदूर क्षेत्रों में लोगों का जीवन सरल बनाने और इन क्षेत्रों की आर्थिकी में सुधार करने में बीआरओ का अहम योगदान है। इस अवसर पर प्रोजेक्ट दीपक, बी.आर.ओ, शिमला के कर्नल प्रणय डंगवाल और अधिशासी अभियंता पंकज कुमार शिमला में मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित थे।
देश में कोरोना का खतरनाक वेरिएंटओमीक्रोन तेज़ी से बढ़ रह है। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में भी ओमीक्रोन का एक मामला सामने आया है। इसी के चलते कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की जांच के लिए प्रदेश की राजधानी शिमला, मंडी और कांगड़ा में अब जीनोम सीक्वेंसिंग लैब खोली जाएंगी। केंद्र सरकार ने राज्य के आईजीएमसी, मंडी और टांडा अस्पताल में में लैब खोलने का प्रस्ताव भेजा है। हालांकि, अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि यह लैब कब तक खुलेंगी। इस लैब को खोलने में दो से तीन महीने का वक्त लग सकता है। देश भर में ओमिक्रॉन संक्रमण ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। हिमाचल में यह सुविधा नहीं है। यहां सैंपल लेने के बाद जांच के लिए केंद्र की नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) लैब दिल्ली भेजे जा रहे हैं। वहां से रिपोर्ट आने में समय लग रहा है। ऐसे में अगर प्रदेश में यह लैब खुल जाती है तो इससे काफी लाभ होगा। निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश पठानिया ने बताया कि लैब खुलने से टेस्ट रिपोर्ट जल्द मिल पाएगी।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नगर निगम चुनाव से पहले निगम बड़ा बदवाल करने की तैयारी कर रहा है। निगम शहर में वार्डों की संख्या 34 से बढ़ाकर 37 करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए कई बड़े वार्डों को तोड़कर दो भागों में बांटने पर चर्चा चल रही है। इसके लिए इन वार्डों की आबादी और क्षेत्र के आकार से जुड़ा रिकॉर्ड तैयार कर लिया है। निगम प्रशासन के अनुसार शहर में अभी तीन वार्ड ऐसे हैं जिनकी जनसंख्या बाकी वार्डों से लगभग दोगुना है। साल 2011 की जनगणना के अनुसार आबादी के लिहाज से विकासनगर शहर का सबसे बड़ा वार्ड है जहां जनसंख्या 9200 थीं। खलीनी में तो दो वार्ड बनाने की मांग भी उठ चुकी है। इसी तरह कृष्णानगर की भी आबादी बढ़ी है। शहर के बाकी सभी वार्डों की आबादी सात हजार से कम है। ऐसे में तीनों वार्डों को दो भागों में तोड़ा जा सकता है। शहर से सटे पंचायती इलाके यदि निगम में मर्ज होते हैं, तो उन्हें साथ लगते वार्डों में ही मर्ज किया जाएगा।
हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी शिमला द्वारा आज़ादी का अमृत महोत्सव' के अंतर्गत आयोजित साहित्य उत्सव के अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की कड़ी में भाषा एवं संस्कृति विभाग जिला शिमला के संयुक्त त्वावधान में आज अपराह्न रोटरी टाउन हॉल दी मॉल शिमला में जिला स्तरीय युवा कवि सम्मलेन व परिचर्चा का आयोजन करवाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डा० विद्या निधि छाबडा ने की। इस अवसर पर प्रांशु, आदित्य, दृष्टि नेगी, यादव चंद शर्मा, उषा शोना, नीतीश कुमार, अंजली, गगनजीत प्रेमी, साक्षी, अमित वर्मा, कल्पना गांगटा, उमा नधैक, दिनेश शर्मा ने अपनी चुनिंदा दो-दो कविताओं का पाठ किया। पढ़ी गई कविताओं पर डा० सत्य नारायण स्नेही, गुप्तेश्वरनाथ उपाध्याय आत्मा रंजन और विद्या निधि छाबड़ा ने टिप्पणियां की तथा कविता लेखन की बारीकियों पर भी विस्तार से चर्चा की। युवा रचनाकारों ने काव्य लेखन पर हुए इस संवाद को बहुत सार्थक और काव्य लेखन की भावी यात्रा के लिए मार्गदर्शक भी बताया। गोष्ठी का संचालन कल्पना गांगटा ने किया जबकि सभी प्रतिभागियों और अतिथियों का स्वागत एवं धन्यवाद जिला भाषा अधिकारी अनिल कुमार हारटा ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ कवि रोशन लाल पराशर,अकादमी के राकेश कुमार, स्वतंत्र कौशल भी उपस्थित रहे।
राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने मण्डी में आदर्श नशामुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र का दौरा किया। इस केन्द्र का संचालन क्षेत्रीय अस्पताल मण्डी द्वारा हिमाचल प्रदेश राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण के तत्वावधान में किया जा रहा है। उन्होंने केन्द्र की विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा की और वहां प्रदान की जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। राज्यपाल ने प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक भी की और अधिकारियों को इस केन्द्र में टेनिस, चैस, योगा और मैडिटेशन इत्यादि इन्डोर सुविधाएं उपलब्ध करवाने को कहा। उन्होंने उपचाराधीन लोगों के पुनर्वास के लिए एक योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ.देविन्दर ने केन्द्र की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर उपायुक्त मण्डी अरिन्दम चैधरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्तमान राज्य सरकार के चार साल के कार्यकाल के पूरा होने के अवसर पर आज मण्डी के ऐतिहासिक पड्डल मैदान से राज्य के लिए लगभग 11,581 करोड़ रुपये लागत की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए। प्रधानमंत्री ने मण्डी से वर्चुअल माध्यम से हिमाचल प्रदेश पावर काॅरपोरेशन लिमिटेड (एचपीपीसीएल) द्वारा 2082 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 111 मेगावाट क्षमता की सावड़ा कुड्डू जल विद्युत परियोजना का लोकार्पण किया। शिमला जिले में पब्बर नदी पर प्रसिद्ध हाटकोटी मंदिर के समीप निर्मित इस परियोजना से प्रतिवर्ष 386 करोड़ यूनिट विद्युत उत्पादन होगा और एचपीपीसीएल के माध्यम से राज्य को लगभग 120 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व प्राप्त होगा। उन्होंने सिरमौर जिले में गिरी नदी पर 7000 करोड़ रुपये के रेणुका जी बांध और हमीरपुर व कांगड़ा जिले में ब्यास नदी पर बनने वाले भारत सरकार और राज्य सरकार के संयुक्त उपक्रम 66 मेगावाट क्षमता की धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना की आधारशिला भी रखी। सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित की जा रही इस परियोजना को 688 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने शिमला और कुल्लू जिलों में सतलुज नदी पर 1811 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली 210 मेगावाट क्षमता की लुहरी स्टेज-1 जल विद्युत परियोजना का शिलान्यास भी किया। इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोगों के साथ उनके भावनात्मक संबंध हैं। उन्होंने राज्य सरकार को चार साल का महत्वपूर्ण कार्यकाल पूर्ण करने के लिए भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस डबल इंजन सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि महामारी के दौरान भी विकास की गति निर्बाध रूप से चलती रहे। उन्होंने कोविड-19 महामारी को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य में शत-प्रतिशत पात्र आबादी का टीकाकरण राज्य सरकार के समर्पित और प्रतिबद्ध प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य को वर्तमान सरकार के कार्यकाल में एम्स, अटल टनल और चार चिकित्सा महाविद्यालय प्राप्त हुए हैं। प्रधानमंत्री ने नए भारत की बदली हुई कार्यशैली को दोहराया। पर्यावरण लक्ष्यों से जुड़े कार्यों की रफ्तार पर बात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने 2016 में ये लक्ष्य रखा था कि वो साल 2030 तक, अपनी कुल स्थापित बिजली क्षमता का 40 प्रतिशत, गैर-जीवाश्म ऊर्जा स्रोतों से पूरा करेगा। आज हर भारतीय को इसका गर्व होगा कि भारत ने अपना ये लक्ष्य, इस साल नवंबर में ही प्राप्त कर लिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा देश जिस प्रकार से पर्यावरण को बचाते हुए विकास को गति दे रहा है, उसकी विश्वभर में प्रशंसा हो रही है। सोलर पावर से लेकर हाइड्रो पावर तक, पवन ऊर्जा से लेकर ग्रीन हाइड्रोजन तक, देश रिन्यूएबल एनर्जी के हर संसाधन को पूरी तरह इस्तेमाल करने के लिए निरंतर काम कर रहा है। राज्य के शानदार प्रदर्शन के बारे में चर्चा करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमाचल ने अपनी पूरी वयस्क जनसंख्या को वैक्सीन देने में सबसे बाजी मार ली। यहां जो सरकार में हैं, वो राजनीतिक स्वार्थ में डूबे नहीं बल्कि उन्होंने पूरा ध्यान, हिमाचल के एक-एक नागरिक को वैक्सीन कैसे मिले, इसमें लगाया है। इससे पूर्व, प्रधानमंत्री ने प्रदर्शनी स्थल का दौरा किया और प्रदर्शनी में गहरी रूची दिखाई।
विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में तमिलनाडु को 6 विकेट से हराकर हिमाचल प्रदेश ने इतिहास रच दिया है। हिमाचल की टीम पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया है। तमिलनाडु ने हिमाचल प्रदेश के सामने 315 रन का लक्ष्य रखा जिसके जवाब में हिमाचल ने 47 ओवर और तीन गेंदों में 299 बनाकर मैच अपने नाम किया। खराब रोशनी के कारण मैच 15 गेंदों पहले की खत्म किया गया और उस वक्त हिमाचल को जीत के लिए 288 रन की जरुरत थी, जबकि टीम का स्कोर 299 रन था जिसके चलते हिमाचल को विजेता घोषित किया गया। ओपनर शुभम अरोरा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 136 रन की पारी खेली। जबकि अमित कुमार ने शानदार 74 और कप्तान ऋषि धवन ने धुआंधार नाबाद 42 रन बनाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। शुभम अरोरा को उनकी पारी के लिए मैन ऑफ़ दी मैच चुना गया। मैच में तमिलनाडु ने पहले बल्लेबाजी करते हुए खराब शुरुआत की। हिमाचल ने 40 रन पर तमिलनाडु के चार विकेट गिरा दिए थे, लेकिन दिनेश कार्तिक और इंद्रजीत ने 202 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को अच्छी स्थिति में पहुंचाया। दिनेश कार्तिक ने 116 और बाबा इंद्रजीत ने 80 रन की पारी खेली। इसके बाद शाहरुख खान ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर टीम का स्कोर 300 के पार पहुंचाया और तमिलनाडु ने हिमाचल के सामने 315 रनों का लक्ष्य रखा। हिमाचल प्रदेश के लिए पंकज जयसवाल ने चार विकेट झटके। जबकि कप्तान ऋषि धवन ने तीन, विनय गलेतिया, सिद्धार्थ शर्मा और दिग्विजय रंगी ने एक-एक विकेट लिया।
सीटू जिला कमेटी शिमला की बैठक जिलाध्यक्ष कुलदीप डोगरा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, रमाकांत मिश्रा, अजय दुलटा, बिहारी सेवगी, हिमी देवी आदि शामिल रहे। सीटू जिलाध्यक्ष कुलदीप डोगरा व महासचिव अजय दुलटा ने जिला कमेटी बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र सरकार की देश, जनता व मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ सीटू अन्य केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व राष्ट्रीय फेडरेशनों के साथ मिलकर 23-24 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल करेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार व प्रदेश की जयराम सरकार लगातार मजदूर विरोधी निर्णय ले रही हैं। केंद्र सरकार ने केवल 2600 रुपये मासिक वेतन लेने वाले मिड डे मील वर्करज़ के वेतन में पिछले बारह वर्षों में एक भी रुपये की बढ़ोतरी नहीं की है। कोरोना काल में शानदार कार्य करने वाले आंगनबाड़ी कर्मियों को हिमाचल प्रदेश में हरियाणा के मुकाबले केवल आधा वेतन दिया जा रहा है व आइसीडीएस के निजीकरण की साज़िश रची जा रही है। मजदूरों पर आठ के बजाए बारह घण्टे का कार्य दिवस थोपा जा रहा है व उन्हें बंधुआ मजदूर की स्थिति में धकेला जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में भी कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन की एंट्री हो गई है। प्रदेश में सबसे पहला मामला जिला मंडी में पाया गया है। कनाडा से मंडी पहुंची एक महिला ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित पाई गई है। पुरे देश में कोरोना का नया वेरिएंट तेज़ी से पैर पसार रहा है और अब हिमाचल में भी ओमीक्रॉन की एंट्री से हड़कंप मच गया है। ऐसे में बढ़ते ओमीक्रॉन के खतरे के बीच प्रदेश में कई पाबंदिया लागू होने के भी आसार लग रहे है। ओमीक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित पायी गई महिला की उम्र 45 साल है। 3 दिसंबर को महिला कनाडा से मंडी लौटी थी। जानकारी के मुताबिक महिला को कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है। महिला को वैक्सीन की दूसरी डोज 25 अप्रैल 2021 को लगी थी। 18 दिसंबर को महिला के सैंपल दिल्ली भेजे गए थे। 26 दिसंबर को आई रिपोर्ट में ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एनसीडीसी (नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल) नई दिल्ली को जीनोम अनुक्रमण के लिए कोविड-19 पॉजिटिव के 7 नमूने भेजे गए थे। इनमें कनाडा से मंडी आई महिला की कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। रविवार तक हिमाचल समेत देश के 19 राज्यों में कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन के मामले सामने आये है। ब्रिटेन में जहां कोरोना वायरस के नए स्वरूप ने तहलका मचा दिया है वहीं भारत में भी अब ओमिक्रॉन संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। इसी बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन का दावा है कि तेजी से फैलने वाले वेरिएंट ओमिक्रोन की वजह से देश में कोरोना की तीसरी लहर भी आ सकती है। हालांकि राहत की बात यह है कि यह वेरिएंट कम घातक है और लोगों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत कम ही पड़ती है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका में यह वायरस हावी हो गया है और डेल्टा से तेज रफ्तार से फैल रहा है। हालांकि देखा यह गया है कि जो लोग भी ओमिक्रोन से संक्रमित हैं, उनमें हल्के लक्षण देखे जाते हैं और अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत बहुत कम पड़ती है। मामले बढ़े तो बढ़ेगी पाबंदियां कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के मामले आने के बाद देश के कई राज्य नाईट कर्फ्यू सहित कई पाबंदियां लगा चुके है। ऐसे में जरुरत पड़ने पर हिमाचल प्रदेश में भी नाईट कर्फ्यू सहित अन्य पाबंदियां लगाई जा सकती है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयन्ती के अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री के गांव प्रीणी और जिला कुल्लू के नग्गर, कुल्लू और बंजार विकास खण्डों की दस ग्राम पंचायतों में जिला प्रशासन की पहल ग्राम पंचायत ज्ञान केन्द्र का शुभारम्भ किया। ग्राम पंचायत ग्राम केन्द्रों के प्रधानों से वर्चुअल माध्यम से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन की यह सराहनीय पहल है, जिससे इन पंचायतों के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को न केवल घर के निकट चैबीस घंटे पुस्तकालय बल्कि इंटरनेट और वाई-फाई की सुविधा भी प्राप्त होगी। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह पहल अटल बिहारी वाजपेयी की जयन्ती के अवसर पर की गई है, इसलिए पूर्व प्रधानमंत्री के सम्मान स्वरूप इन केन्द्रों का नाम अटल ज्ञान केन्द्र होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस पहल को सशक्त करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने ज्ञान केन्द्रों को पुस्तकें प्रदान करने के लिए नेशनल बुक ट्रस्ट का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने लोगों से भी इन केन्द्रों के लिए पुस्तकें दान देने का आग्रह किया। उन्होंने जिला कुल्लू और प्रदेश की अन्य पंचायतों से भी इस पहल को अपनाने का आग्रह किया। इस अवसर पर प्रीणी पंचायत की प्रधान कल्पना आचार्य ने शाॅल व टाॅपी भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।mकुल्लू के उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने मुख्यमंत्री को जिला प्रशासन की इस पहल के बारे में जानकारी प्रदान की। शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर, बंजार के विधायक सुरेन्द्र शौरी और नेशनल बुक ट्रस्ट के प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने शनिवार को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कैंसर निवारण कार्यक्रम के तहत ग्लोबल कैंसर कंसर्न इंडिया (जीसीसीआई) मोबाइल यूनिट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस कार्यक्रम में एसजेवीएन ने सहयोग प्रदान किया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कैंसर के लक्षणों के बारे में लोगों में जागरूकता लाना और इसका शीघ्र पता लगाना मोबाइल कैंसर रोकथाम कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्य हैं। उन्होंने कहा कि कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और इसका शीघ्र पता लगने से कीमती मानव जीवन को बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मोबाइल यूनिट स्क्रीनिंग के माध्यम से गांवों में जांच शिविर लगाए जाएंगे। डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि सरकार और गैर सरकारी संगठनों को कैंसर देखभाल प्रबंधन के क्षेत्र में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। इस अवसर पर सीएमओ जिला शिमला डाॅ सुरेखा, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जीसीसीआई के प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे, जबकि जीसीसीआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डाॅ. हरविंदर सिंह बख्शी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को सरकारी कैलेंडर-2022 जारी किया। इस कैलेंडर का प्रकाशन हिमाचल प्रदेश मुद्रण तथा लेखन सामग्री विभाग द्वारा किया गया है। मुद्रण तथा लेखन सामग्री विभाग की नियंत्रक प्रभा राजीव, सहायक नियंत्रक ऊमा शंकर, ईश्वर दास, कुलदीप चन्द और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश आरोग्य भारती द्वारा शिमला के उपनगर कुसुम्पटी में तुलसी पूजा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने गरीब लोगों को राज्य रेडक्रॉस द्वारा उपलब्ध करवाए गए कंबल वितरित किये। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि तुलसी का पौधा हर घर में बांटे जाने के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाने चाहिए। तुलसी का पूजन हमारी संस्कृति की उच्च परम्परा हैं और यह पौधा स्वास्थ्य की दृष्टि से भी जीवनदायनी माना गया है। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस हमेशा से गरीब और पीड़ित मानवता की सेवा में तत्पर रहता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल देवभूमि है और यहां रहने वाले लोग देव स्वरूप मानव हैं। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों ने मुझे अल्पावधि में ही बहुत स्नेह दिया और यह उन्हें अधिक कार्य करने की शक्ति प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि वह लोगों के सहयोग से समाज सेवा के कार्यों को और बढ़ाने का प्रयास करेंगे। इससे पूर्व, राज्यपाल ने लक्ष्मी नारायण मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। इस अवसर पर आरोग्य भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश पंडित ने राज्यपाल को सम्मानित किया तथा कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। आरोग्य भारती के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. अनिल मेहता ने राज्यपाल का स्वागत किया। शिमला नगर निगम के पार्षद एवं पूर्व उप महापौर राकेश शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। मंदिर कमेटी, कुसुम्पटी के अध्यक्ष कमल शर्मा तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर प्रसिद्ध लेखक और कवि डाॅ. इंद्र सिंह ठाकुर द्वारा विचार अटल के आर-पार शीर्षक से सम्पादित अंतरराष्ट्रीय शोध की अर्धवार्षिक पत्रिका शिखर सामयिक के विशेषांक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने लेखक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस पत्रिका में लोगों को महान राजनीतिज्ञ, नेता, विचारक, कवि और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन की झलक मिलेगी। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन मूल्यों से प्रेरणा पाकर लोग प्रगति के पथ पर अग्रसर होंगे।
राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयन्ती पर शनिवार को रिज मैदान शिमला स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन के प्रवर्तक थे। उन्होंने कहा कि जब अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री बने तो कई वर्षों बाद देशवासियों ने स्वराज का रूपांतरण सुराज में होते देखा। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की प्रेरणा से हम जन भागीदारी और सुशासन के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने भारत को मजबूत बनाने और विकसित करने में अपना जीवन समर्पित कर दिया था। राष्ट्र के लिए उनके बहुमूल्य योगदान को लोग हमेशा याद रखेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी एक ख्याति प्राप्त दूरदर्शी नेता थे, जिन्होंने नेतृत्व के उच्चतम मूल्य स्थापित किए और भविष्य में भी देश के विकास के लिए उनके योगदान को याद रखा जाएगा। अटल बिहारी वाजपेयी एक उत्कृष्ट वक्ता थे, उनमें श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देने की क्षमता थी। उन्होंने कहा कि वाजपेयी के लिए देश सर्वप्रथम था इसलिए वह देशवासियों द्वारा सच्चे राजनीतिज्ञ के रूप में जाने जाते हैं। उनके विचार और देश की प्रगति के लिए उनका समर्पण हमें सदैव राष्ट्र सेवा के लिए शक्ति देता रहेगा। इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, नगर निगम शिमला की महापौर सत्या कौंडल, उप महापौर शैलेन्द्र चैहान, पार्षदगण, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक डाॅ. मोनिका, वरिष्ठ अधिकारी और अन्य लोग उपस्थित थे। Shimla Himachal News
हिमाचल प्रदेश मिड डे मील वर्कर्स यूनियन सम्बंधित सीटू राज्य कमेटी की बैठक किसान-मजदूर भवन चिटकारा पार्क कैथू शिमला में सम्पन्न हुई। बैठक में सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, उपाध्यक्ष जगत राम, रमाकांत मिश्रा, अजय दुलटा, कुलदीप डोगरा, राजेश ठाकुर,बालक राम, आशीष, यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष महेंद्र सिंह, महासचिव हिमी देवी,पुष्पा देवी,होशयारा राम,हेतराम,श्याम दत्त,मदन लाल, राधा, पवन, विनीत, ओमप्रकाश, हरीश, उदधुराम,वीर सिंह आदि मौजूद रहे। बैठक को सम्बोधित करते हुए विजेंद्र मेहरा, जगत राम, महेंद्र सिंह व हिमी देवी ने कहा कि देश की मोदी सरकार मजदूर वर्ग पर तीखे हमले जारी रखे हुए है। मजदूरों के श्रम कानूनों को खत्म किया जा रहा है। देश की सरकार की नवउदारवादी नीतियों के चलते देश की जनता का जीवन संकट में चले गया है। महँगाई लगातार बढ़ रही है जिससे आम जनता का जीवन यापन करना मुश्किल हो गया है। बेरोजगारी ने पिछले 45 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार मिड डे मील योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री पोषण योजना करके इसे खत्म करना चाहती है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि मिड डे मिल वर्कर का न्यूनतम वेतन 9000 रुपये किया जाए। मिड डे मील मजदूरों को हिमाचल हाई कोर्ट के 31 अक्टूबर 2019 के निर्णय अनुसार दस महीने के बजाए बारह महीने का वेतन दिया जाए। चार महीने का बकाया वेतन का तुरंत दिया जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 रद्द की जाए। स्कूल मर्ज होने या बंद होने की स्थिति में मिड डे मील वर्करों को प्राथमिकता के आधार पर अन्य सरकारी स्कूलों में समायोजित किया जाए।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जिला कुल्लू स्थित माल रोड़ मनाली में पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 97वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इसके उपरांत, मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के गांव प्रीणी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य और विशेष रूप से कुल्लू जिला के लोग भाग्यशाली हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी का हिमाचल के प्रति विशेष स्नेह एवं लगाव था। उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री के रूप में अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद, अटल बिहारी वाजपेयी हर वर्ष प्रीणी आते थे। उन्होंने कहा कि इस छोटे से गांव से कुछ दिनों तक पूरी सरकार चलती थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की विशेष कृपा से राज्य को केंद्र से उदार सहायता प्राप्त हुई है। जयराम ठाकुर ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के राजनीतिक विरोधी भी उनके भाषण सुनने आते थे। उन्होंने कहा कि अटल टनल पूर्व प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता का परिणाम है, जिसने जनजातीय जिला लाहौल स्पीति की अर्थव्यवस्था को बदल दिया है और यह सामरिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लगभग 3500 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस टनल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 3 अक्तूबर, 2020 को राष्ट्र को समर्पित कर पूर्व प्रधानमंत्री के इस सपने को साकार किया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार इस महीने की 27 तारीख को अपने वर्तमान कार्यकाल के चार वर्ष पूर्ण कर रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐतिहासिक पड्डल ग्राउंड, मंडी में एक विशाल सभा को संबोधित कर इस अवसर की शोभा बढ़ाएंगे। उन्होंने लोगों से मेगा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भी आग्रह किया क्योंकि प्रधानमंत्री प्रदेशवासियों के लिए 11,300 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखेंगे। मुख्यमंत्री ने प्रीणी गांव में सामुदायिक केंद्र के निर्माण के लिए 20 लाख रुपये और प्रीणी में जंजघर के निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की घोषणा की। उन्होंने स्थानीय युवक मंडल को अपने ऐच्छिक निधि से क्रिकेट और वाॅलीबाॅल किट खरीदने के लिए 2 लाख रुपये देने की भी घोषणा की। इस अवसर पर बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी, एचपीएमसी के उपाध्यक्ष राम सिंह, पूर्व सांसद महेश्वर सिंह, भाजपा उपाध्यक्ष धनेश्वरी ठाकुर, उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग, एसपी कुल्लू गुरदेव शर्मा और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
कोटखाई विसक्षेत्र के अंतर्गत कलबोग पंचायत में कॉमन सर्विस सेंटर आशीष कश्यप की अध्यक्षता में ई- श्रम कार्ड बनाने के लिए निशुल्क कैंप का आयोजन किया गया। इस दौरान उन्होंने लोगों को ई-श्रम कार्ड के फायदों के बारे में जानकरी दी। उन्होंने सभी लोगों दसे अपील की कि सभी पात्र लोग अपना ई-श्रम कार्ड ज़रूर बनवाएं।
पूरे देश के साथ हिमाचल प्रदेश में भी क्रिसमस दिवस को धूमधाम व उल्लास के साथ मनाया गया। शिमला के ऐतिहासिक क्राइस्ट चर्च रिज में भी सुबह 11 बजे प्रार्थना सभा आयोजित की गई जिसमें ईसाई धर्म के लोगों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया और यीशु मसीह के जन्मदिन पर उनको याद किया। साथ ही यीशु मसीह से कोविड महामारी से जल्द निजात मिलने की प्रार्थना भी की गई। क्राइस्ट चर्च के पादरी सोहन लाल ने बताया कि क्रिसमस के मौके पर कोविड नियमों की पालना के साथ यीशु मसीह को याद किया गया है और प्रार्थना की गई कि कोविड के नए वेरिएंट ओमिक्रोन से निपटने के लिए सरकार सक्षम हो सके और लोगों को जल्द इस महामारी से निजात मिले।बता दें कि क्रिसमस पर पूरे चर्च को सजाया गया है और पिछले दो-तीन दिन से ही अलग अलग कार्यक्रम भी चर्च में आयोजित किये जा रहे हैं।
ओमीक्रोन के ख़तरे के बीच देश के कई राज्यों में कर्फ्यू लग चुका है। लेकिन हिमाचल सरकार 31 दिसंबर तक बंदिशें लगाने के मूड में नही है। डायसल क्रिसमस व न्यू ईयर के लिए हिमाचल के पर्यटन स्थल एडवांस बुकिंग के साथ पूरी तरह पैक है। वंही दूसरी ओर 27 दिसंबर को सरकार अपने कार्यकाल के 4 साल का जश्न मना रही है। जिसके लिए मंडी में भाजपा पीएम की रैली की तैयारी कर रही है। इसलिए हिमाचल में ओमीक्रोन को लेकर कोई बंदिशें नही लगाई है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने बताया कि ओमीक्रोन को लेकर बैठक आयोजित की गई है। जिसमें संक्रमण से बचने के लिए ऐतिहात बरतने के निर्देश दिए गए है। क्योंकि हिमाचल में अभी ओमीक्रोन के लक्षण नही मिले है। साथ ही एक्टिव मामले भी 400 के लगभग रह गए है। इसलिए कोई बंदिश तो नही लगाई गई है। लेकिन न्यू ईयर पर जुटने वाली पर्यटकों की भीड़ को देखते हुए कोरोना प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करने के दिशानिर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को मंडी के निकट कंगनीधार में प्रस्तावित शिवधाम के निर्माण कार्यों का जायजा लिया और इस महत्वाकांक्षी परियोजना के प्रगति कार्य की समीक्षा की। इस परियोजना का प्रथम चरण लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण होगा।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस परियोजना का कार्य समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए ताकि इस परियोजना की लागत में वृद्धि से बचा सके। उन्होंने कहा कि यह परियोजना हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम द्वारा नई राहें नई मंजिलें योजना के अन्तर्गत क्रियान्वित की जा रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह परियोजना पूर्ण होने के बाद प्रदेश में आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगी। इसमें 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियां स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगले साल जुलाई के अन्त तक इस परियोजना के पूर्ण होने का अनुमान है। मंडी के उपायुक्त अरिंदम चैधरी और हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अन्य अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे। Shimla Himachal News
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से शुक्रवार को राजभवन में जनगणना कार्य निदेशालय, हिमाचल प्रदेश के निदेशक सुशील कप्टा ने भेंट की। राज्यपाल ने कहा कि जनगणना कार्य के दौरान व्यक्तिगत डेटा सुरक्षा व गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने जनगणना का कार्य आरंभ होने पर लोगों को इस बारे में अधिक से अधिक जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया। सुशील कप्टा ने राज्यपाल को जनगणना कार्य निदेशालय की कार्यप्रणाली से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि जनगणना 2021 भारत की प्रथम डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें डेटा एकत्र करने के लिए पहली बार मोबाइल एप्प का उपयोग किया जाएगा। जनगणना 2021 में स्वयं गणना का प्रावधान भी होगा। यह भारत सरकार की डिजिटल इंडिया पहल के अनुरूप है। उन्होंने बताया कि जनगणना 2021 के प्रबंधन और निगरानी के लिए समर्पित जनगणना पोर्टल भी विकसित किया गया है। इस अवसर पर जनगणना कार्य निदेशालय के उप-निदेशक राजेंद्र प्रसाद और आशीष चैहान भी उपस्थित थे। इसके उपरान्त, संस्कृति भारती, हिमाचल प्रदेश के प्रांत संगठन मंत्री नरेंद्र कुमार ने भी राज्यपाल से भेंट की। Shimla Himachal News
शिमला: मुख्यमंत्री ने ओमीक्राॅन से निपटने की तैयारियों की वर्चुअल माध्यम से की समीक्षा | Shimla News
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को प्रदेश के विभिन्न उपायुक्तों के साथ राज्य में कोविड के नए वेरिएंट ओमीक्राॅन से निपटने की तैयारियों की वर्चुअल माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को अपने संबंधित जिलों में कोविड-19 से संबंधित उचित प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए साल को मनाने के लिए देश के विभिन्न भागों से प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इसलिए पर्यटकों द्वारा कोविड अनुरूप व्यवहार की अनुपालना सुनिश्चित की जानी चाहिए। जयराम ठाकुर ने पर्यटकों की अधिक संख्या वाले जिलों के उपायुक्तों को कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने टेस्टिंग बढ़ाने और जिन क्षेत्रों में कोरोना के मामले सामने आए हैं वहां माइक्रोकंटेमेंट जोन बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने उपायुक्तों को अन्य राज्यों से आने वाले लोगों के लिए टीकाकरण शिविर आयोजित करने के लिए कहा ताकि इस संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने पी.एस.ए. संयंत्रों के संचालन और अस्पतालों में मरीजों के लिए समुचित व्यवस्था के साथ मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विदेशों से आने वाले लोगों की कड़ी निगरानी पर भी बल दिया और यदि कोई व्यक्ति कोविड पाॅजिटिव आता है तो ऐसे व्यक्तियों की कान्टेक्ट ट्रेसिंग पर विशेष बल देने को कहा। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रदेश के लोगों को कोविड के नए वेरिएंट से सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। इस अवसर पर मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने भी अपने बहुमूल्य सुझाव व्यक्त किए। Shimla Himachal News
केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, शिमला के निदेशक एन. के. पांडे ने शुक्रवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से राज भवन में भेंट की और उन्हें संस्थान की विभिन्न गतिविधियों से अवगत करवाया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि आलू से बनने वाले विभिन्न तरह के उत्पादों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, इससे किसानों की आर्थिकी और अधिक सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि आलू के उपयोग को लेकर फैली विभिन्न भ्रांतियों को दूर करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस संस्थान द्वारा आलू की 66 विभिन्न किस्में तैयार की गई हैं जिसमें से 8 किस्मों का प्रसंस्करण किया जा सकता है। इसके उपरान्त, राष्ट्रीय लेखा परीक्षा एवं लेखा अकादमी के महानिदेशक सुनील एस. दाढ़े ने भी राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट की। Shimla Himachal News
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से राज भवन में भेंट की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी। Shimla Himachal News
प्रदेश में 26 दिसंबर से एक बार फिर मौसम अपने कड़े तेवर दिखा सकता है। आने वाले दिनों में रविवार 26 दिसंबर से एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण शिमला सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के आसार हैं। वहीं मैदानी क्षेत्रों में वर्षा का तांडव देखने को मिल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 27 दिसंबर को पश्चिमी विक्षोभ के अधिक सक्रिय होने की संभावना है। जिसके चलते सुबह से ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फ और मैदानी इलाकों में वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग की मानें तो 27 दिसंबर को प्रस्तावित प्रधानमंत्री की मंडी में प्रस्तावित रैली में मौसम खलल डाल सकता है। वहीं व्हाइट क्रिसमस की आस भी इस बार अधूरी रह सकती है। वहीं इसके बाद 27 दिसंबर को राजधानी शिमला सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात हो सकता है जिसके चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक सन्दीप कुमार शर्मा ने कहा कि गत 24घण्टों में शिमला के कुछ क्षेत्रों और बिलासपुर में हल्की वर्षा होने की सूचना है। अभी प्रदेश में पश्चिमि विक्षोभ के चलते बादल छाए रहेंगे। 26 दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ के अधिक सक्रिय होने के कारण किन्नौर, लाहौल स्पिति, चम्बा, शिमला सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात होने की सम्भावना है। ऊना बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी सहित मैदानी क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। तापमान की बात की जाए तो केयलोंग में सबसे कम तापमान -3.7 दर्ज किया गया है और उनका में सबसे अधिकतम 23.7डिग्री दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में 26 दिसंबर के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी के निकट कंगनीधार में प्रस्तावित शिवधाम के निर्माण कार्यों का जायजा लिया और इस महत्वाकांक्षी परियोजना के प्रगति कार्य की समीक्षा की। इस परियोजना का प्रथम चरण लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण होगा।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस परियोजना का कार्य समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए ताकि इस परियोजना की लागत में वृद्धि से बचा सके। उन्होंने कहा कि यह परियोजना हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम द्वारा नई राहें नई मंजिलें योजना के अन्तर्गत क्रियान्वित की जा रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह परियोजना पूर्ण होने के बाद प्रदेश में आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगी। इसमें 12 ज्योर्तिलिंगो की प्रतिकृतियां स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगले साल जुलाई के अन्त तक इस परियोजना के पूर्ण होने का अनुमान है। मंडी के उपायुक्त अरिंदम चैधरी और हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अन्य अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
देश संभावित तीसरी लहर को लेकर चिंता बढ़ गई। वंही भारत में लगातार ओमीक्रोन के मामले भी बढ़ रहे है। भारत में ओमीक्रोन से संक्रमित मरीज़ों का आंकड़ा 300 के पार चला गया है। इसी के हिमाचल प्रदेश में क्रिसमस और न्यू ईयर सेलिब्रेशन कोरोना की तीसरी लहर का कारण बन सकता है। दिल्ली में क्रिसमस और न्यू ईयर सेलिब्रेशन पर लगी रोक के बाद सैलानियों ने हिमाचल का रुख किया है। प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर अधिकांश होटल एडवांस पैक हो चुके हैं। सूबे में सैलानियों के प्रवेश पर किसी तरह की चेकिंग नहीं हो रही है। सैलानियों सहित स्थानीय लोग कई क्षेत्रों में बिना मास्क बेखौफ घूम रहे हैं। शिमला, मनाली, डलहौजी, कसौली, कुल्लू, धर्मशाला सहित कई अन्य पर्यटन स्थल इन दिनों सैलानियों से गुलजार हैं। देश में 25 दिसंबर से बर्फबारी का भी पूर्वानुमान है। ऐसे में बर्फबारी के नजारे देखने के लिए भी सैलानियों का हिमाचल में आना तय है। इसके अलावा 27 दिसंबर को सरकार के चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर मंडी में होने जा रही प्रधानमंत्री की रैली में एक लाख लोगों की भीड़ जुटाने का दावा किया जा रहा है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश अभी ओमिक्रॉन से अछूता है। वर्तमान परिस्थितियों के बीच अगर कहीं ओमिक्रॉन ने दस्तक दे दी तो हालात पर काबू पाना मुश्किल होगा। वंही इन परिस्थितियों के बीच कोरोना संक्रमण की जांच के लिए प्रदेश सरकार की ओर से कोई भी तैयारी नहीं की है
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इस महीने की 27 तारीख को प्रस्तावित मण्डी दौरे की तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए सभी प्रबन्ध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को आयोजन स्थल तक लाने के लिए परिवहन की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनके जलपान के लिए भी समुचित प्रबन्ध किए जाने चाहिए। उन्होंने जिला पुलिस को वाहनों के सुचारू संचालन, बसों और अन्य वाहनों की पार्किंग के लिए भी उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। जयराम ठाकुर ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए कि इस विशाल आयोजन के कारण आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करने पड़े। उन्होंने राज्य के विभिन्न भागों से बसों में आने वाले लोगों के लिए जलपान के समुचित प्रबन्ध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को लाने वाली प्रत्येक बस में एक सम्पर्क अधिकारी की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि सभी लाभार्थी समय पर आयोजन स्थल पर पहुंचे। परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को रैली स्थल तक पहुंचाने के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल, मुख्यमंत्री के ओएसडी महिन्द्र धर्माणी, मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, पुलिस महानिदेशक संजय कुण्डू, जिला मण्डी के उपायुक्त अरिन्दम चैधरी, पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री, सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के निदेशक हरबंस सिंह ब्रसकोन मण्डी में बैठक में उपस्थिति थे, जबकि हिमाचल पथ परिवहन निगम के प्रबन्ध निदेशक सन्दीप कुमार और विभिन्न जिलों के उपायुक्त वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
जिला शिमला में 15 भाषा अध्यापकों को नौकरी से निकल दिया गया है। इन शिक्षकों चौपाल विधानसभा से 12 शिक्षक व एक अध्यापक मॉडल स्कूल कुपवी का भी शामिल है। दरसल जांच के दौरान सरकार ने पाया कि इन शिक्षकों के पास LT का डिप्लोमा नकली है। वंही हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांत महामंत्री डॉ मामराज पुंडीर ने कहा कि इन नियुक्तियों से अध्यापकों का मनोबल को तोड़ा गया है। 2006 से यह अध्यापक सरकारी विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। डॉ पुंडीर ने कहा कि जिन विद्यालयों में इनकी नियुक्ति हुई है वहाँ का प्रशासन सन्देह के घेरे में आता है। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांत महामंत्री डॉ मामराज पुंडीर ने कहा कि नियुक्ति से आज तक विभाग कहाँ सोया था।
हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा छुट्टियों के पैटर्न को बदलने के फैसले का स्वागत किया है। लेकिन हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांत मीडिया प्रमुख शशि शर्मा ने मीडिया को जारी ब्यान में कहा कि इस समय पाठशालाओं में पढाई का माहौल बहुत बेहतर तरीके से चला है। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने आग्रह किया है कि तर्कसंगत तरीके से इन छुट्टियों को लोहड़ी त्यौहार के साथ जोड़ा जाए और इन छुट्टियों की रीशेड्यूलिंग करते हुए इन्हें 10 जनवरी से 15 जनवरी तक किया जाए। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ सचिव पवन मिश्रा, नवनिर्वाचित प्रांत अध्यक्ष पवन कुमार, प्रांत महामंत्री डॉ मामराज पुंडीर, संगठन मंत्री विनोद सूद, कोषाध्यक्ष यशवंत शर्मा, अतिरिक्त महामंत्री सुधीर गौतम सहित हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के सभी सदस्यों ने हिमाचल प्रदेश सरकार से इन छुट्टियों को फेस्टिवल ब्रेक के रूप में लोहड़ी के दिनों में जोड़े जाने का आग्रह किया है।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में तैनात 1 हज़ार 412 सरकार से निराश है। उनका कहा है कि वर्तमान सरकार प्रदेश के कंप्यूटर शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। जिसके चलते शिक्षक खुद को ठगा सा महसूस कर रहे है। उनका कहना है कि करुणामूलक आश्रित, पीस मील वर्कर सहित तमाम वर्गो की मांगो के संदर्भ में फैसले लिए जा रहे है लेकिन 20 साल से सेवा दे रहे कम्प्यूटर शिक्षकों कि मांगों पर सहमति ना बनना हैरानी की बात है। उनका कहना है कि कैबिनेट सब कमेटी शिक्षकों को भरोसा दे रही है लेकिन हकीकत कुछ और ही सामने आ रही है, जिससे शिक्षक वर्ग का धैर्य टूट रहा है। वंही संघ के प्रेस सचिव राजेश शर्मा ने कहा है कि वह एक बार फिर प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलकर अपनी मांग उनके सामने रखेंगे यदि उन्हें मांगे पूरा होने का भरोसा नहीं मिला तो मजबूरन उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना होगा।


















































