मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोमवार को मण्डी जिले (Distt. Mandi) के द्रंग विधानसभा क्षेत्र के झटिंगरी में लगभग 32 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं के उद्घाटन किये। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज-दो के अन्तर्गत 25.19 करोड़ रुपये की लागत से स्तरोन्नत घटासनी-बरोट सड़क, ऊहल नदी पर 1.96 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित लांजनू पुल और 4.90 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बरोट-मायोत सड़क का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कांगड़ा जिले के बैजनाथ विधानसभा क्षेत्र के छोटा भंगाल क्षेत्र के मुल्थान में 9.79 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले संयुक्त कार्यालय भवन का शिलान्यास किया और मुल्थान में 5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले राजकीय डिग्री काॅलेज भवन का भूमि पूजन भी किया। मुख्यमंत्री ने मुल्थान में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए इस क्षेत्र में एक आईटीआई खोलने की घोषणा की और दोनों विधायकों को इसके लिए भूमि चयनित करने को कहा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को बीड़ से बड़ागांव सड़क का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने दोनों विधानसभा क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण के लिए 30-30 लाख रुपये देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बरोट में एम्बुलेंस उपलब्ध करवाई जाएगी और मुल्थान में लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह का निर्माण किया जाएगा। बैजनाथ के लोगों की सुविधा के लिए खण्ड विकास अधिकारी हर महीने मुल्थान में पांच दिन बैठेंगे और वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लोहारड़ी में विज्ञान खण्ड के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बेहतर नेटवर्क सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए बरोट में एक टावर स्थापित करने के लिए एयरटेल और जियो के अधिकारियों के साथ इस मामले को उठाया जाएगा। लोहारड़ी सड़क पर शीघ्र ही 40 मीटर लम्बे पुल का निर्माण किया जाएगा और इस क्षेत्र में हेलीपैड भी बनाया जाएगा। इस अवसर पर जयराम ठाकुर ने कहा कि इस क्षेत्र को नई राहें नई मंजिलें योजना के तहत विकसित किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक पर्यटकों को इस क्षेत्र में आने के लिए आकर्षित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि बरोट क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और अगर इसका सही तरीके से दोहन किया जाए तो यह पर्यटकों के लिए सबसे लोकप्रिय गंतव्य के रूप में उभर सकता है। उन्होंने अपने काॅलेज के दिनों में बरोट क्षेत्र की अपनी पहली यात्रा की यादें भी क्षेत्र के लोगों के साथ साझा कीं। उन्होंने कहा कि गत वर्षों के दौरान क्षेत्र में बहुत परिवर्तन हुआ है और यह क्षेत्र एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य बनने जा रहा है। जयराम ठाकुर ने कहा कि मुल्थान में काॅलेज भवन का निर्माण शीघ्र किया जाएगा ताकि क्षेत्र के विद्यार्थी लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार दुर्गम एवं दूर-दराज के क्षेत्रों के चहुंमुखी एवं संतुलित विकास के लिए कटिबद्ध है। राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण पर विशेष बल दे रही है। उन्होंने कहा कि भुबुजोत सड़क और भुबुजोत सुरंग के निर्माण के प्रयास जारी हैं, जिससे क्षेत्र में पर्यटन विकास को बढ़ावा मिलेगा। एशियन विकास बैंक परियोजना के अन्तर्गत बीड़-बिलिंग को पैराग्लाइडिंग गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए 10 करोड़ रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एशियन विकास बैंक परियोजना के अन्तर्गत राज्य के लिए स्वीकृत 2100 करोड़ रुपये से नए पर्यटन स्थल विकसित किये जाएंगे। पर्यटन विभाग का एक दल क्षेत्र का दौरा करेगा ताकि क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों के ठहरने की सुविधा के निर्माण के लिए भूमि चिन्हित की जा सके। Himachal News
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोमवार को शिमला में अम्बेडकर चौक पर भारतीय संविधान के निर्माता भारत रत्न डाॅ. भीमराव अम्बेडकर को उनके महापरिनिर्वाण दिवस पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबासाहेब अम्बेडकर के विचार और आदर्श देशवासियों को प्रेरणा और शक्ति प्रदान करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि डाॅ. अम्बेडकर ने हमेशा ही गरीब व जरूरतमंदों के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए कार्य किया। इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, नगर निगम शिमला की महापौर सत्या कौंडल, उप-महापौर शैलेन्द्र चैहान, पूर्व महापौर संजय चैहान, उपायुक्त आदित्य नेगी और पुलिस अधीक्षक डाॅ. मोनिका ने भी डाॅ. अम्बेडकर को पुष्पांजलि अर्पित की। Shimla News | Himachal Pradesh
इशारों इशारों में एलान हो चूका है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर 2022 विधानसभा चुनाव के समर में उतरने को तैयार है। राठौर अपनी सियासी जमीन तलाशने में जुटे है और दो निर्वाचन हलकों में उनके चुनाव लड़ने की चर्चा जोरों पर है, पहला ठियोग और दूसरा शिमला शहरी सीट। विरोधी कभी मजबूर कहकर जिन कुलदीप राठौर का उपहास उड़ाते थे वो अब बेहद मजबूत दिख रहे है। चुनाव लड़ने के सवाल पर कुलदीप कहते है कि जिस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी की जमानत जब्त हुई थी वहां से ही चुनाव लड़ेंगे। अब दिलचस्प बात ये है कि 2017 में ठियोग और शिमला शहर, दोनों जगह कांग्रेस की जमानत जब्त हुई थी। ठियोग से कांग्रेस प्रत्याशी दीपक राठौर, तो शिमला शहर से हरभजन सिंह भज्जी की जमानत जब्त हुई थी। यानी राठौर ने दोनों विकल्प खुले रखे है। ठियोग विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस की कद्दावर नेता विद्या स्टोक्स का चुनावी क्षेत्र रहा है। पर पिछले चुनाव में पार्टी आलाकमान ने यहाँ से मैडम स्टोक्स का टिकट काटकर दीपक राठौर को उम्मीदवार बनाया था। कहते है राठौर पार्टी आलकमान के नजदीकी है जिसके बुते ही उन्हें टिकट मिला था। तब दीपक राठौर टिकट तो ले आये पर जीत नहीं सके। ख़ास बात ये है की उस चुनाव में राठौर की जमानत जब्त हुई थी। ठियोग की जनता ने कम्युनिस्ट राकेश सिंघा को अपना विधायक चुना था। हालांकि राठौर पिछले चुनाव हारने के बाद से ही क्षेत्र में सक्रिय जरूर है। पर यदि कुलदीप सिंह राठौर ठियोग से चुनाव लड़ने का मन बनाते है तो दीपक राठौर को दूसरा मौका मिलना मुश्किल होगा। पर यहाँ कुलदीप राठौर को ये भी जहन में रखना होगा कि यदि माकपा विधायक राकेश सिंघा फिर से मैदान में उतरते है तो मुकाबला आसान नहीं होने वाला। जानकार मान कर चल रहे है कि सिंघा के अगले कदम पर ही कुलदीप की चुनावी चाल निर्भर करेगी। शिमला शहर की बात करें यहां पिछले चुनाव में पार्टी ने हरीश जनारथा की दावेदारी को नकार हरभजन सिंह भज्जी को टिकट दिया था। नतीजन पार्टी के एक गुट में नाराजगी थी और भज्जी की जमानत भी नहीं बच सकी। अब भी शिमला शहर में कांग्रेस कई गुटों में बंटी है और ये अंतर्कलह शिमला शहर में पार्टी का पुराना मर्ज रहा है। शिमला शहर में बीते कई चुनाव में कांग्रेस के अपने ही बतौर बागी पार्टी प्रत्याशी का खेल बिगाड़ते आ आ रहे है। ऐसे में राठौर के लिए भी शिमला शहर आसान सीट नहीं रहने वाली। हाँ टिकट के लिए उनका दावा जरूर मजबूत रहेगा क्यों की बतौर प्रदेश अध्यक्ष उनके योगदान के बुते उनका सियासी कद निसंदेह बढ़ा है। Himachal Politics | Shimla News | Theog News |
हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के मंडी-धर्मशाला, कुल्लू-मंडी, मंडी-शिमला और शिमला-रामपुर के लिए सोमवार से हेली टैक्सी सेवाएं शुरू हो रही हैं। इससे प्रदेश में पर्यटन भी रफ्तार पकड़ेगा। ये चारों रूट पहली बार शुरू किए गए हैं। हेली टैक्सी (Heli - Taxi) की सेवा से अब मंडी और रामपुर को भी जोड़ दिया गया है। गगल पवन हंस स्टेशन मैनेजर नैंसी धीमान ने कहा कि हेली टैक्सी के लिए रविवार से बुकिंग शुरू हो गई है। पवन हंस ने अपनी सेवाओं से अब मंडी-कुल्लू व रामपुर को भी जोड़ा है। धर्मशाला-शिमला आने वाली उड़ान अब वाया मंडी होकर आएगी। हेली टैक्सी वापसी भी इसी रूट से करेगी। कुल्लू-शिमला उड़ान के साथ ही अब मंडी जिला को भी जोड़ा गया है। Heli taxi service will start on these routes of the state from today | Himachal Pradesh
भारत के संविधान निर्माता डॉ.भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि पर शिमला के अंबेडकर चौक पर नगर निगम द्वारा श्रधंजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जहाँ मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर शहरी विकास मंत्री नगर निगम की महापौर सहित अन्यों ने अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि भीमराव अंबेडकर एक महान व्यक्ति थे, जिन्होंने देश के संविधान को बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाई थी। आज उनकी पुण्यतिथि है और उन्हें श्रधांजलि देकर उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि भीमराव अंबेडकर जीवन भर अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के लिए लड़ते रहे और उनका हमेशा से ही एक प्रयास था कि संविधान में रहकर किस तरीके से निम्न लोगों की मदद की जा सके। उन्होंने कहा कि भीमराम अंबेडकर ने देश के लिए सविधान लिखा है जो कि देश के लिए बड़ा योगदान है और इसके लिए देश हमेशा उन्हें याद करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहिब ने समानता और एकता का जो संदेश देशवासियों को दिया उसी वजह से आज पूरा राष्ट्र एकता के अटूट सूत्र से बंधा है। आज उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देते है और उनके कार्यो को याद किया गया है। Shimla News Chief Minister Jai Ram Thakur pays tribute to Dr. Bhimrao Ambedkar on his death anniversary.
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के करीब 300 रेजिडेंट डॉक्टर आज 2 घंटे की हड़ताल पर है। जिसके कारण प्रदेशभर से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वार्डों में न तो सुबह मरीजों की जांच को लेकर डॉक्टरों का राउंड हुआ और न ही ओपीडी में समय पर उपचार हुआ। हालांकि आईजीएमसी की ओपीडी में वरिष्ठ डॉक्टर मरीजों को देख रहे थे। डॉक्टर नीट पीजी की काउंसलिंग को अस्थायी तौर पर आगे बढ़ाने के बाद देशभर में फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के समर्थन में आईजीएमसी की रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन भी हड़ताल कर रही है।अस्पताल के 300 रेजिडेंट डॉक्टर आज सुबह साढ़े नौ से साढ़े ग्यारह बजे तक हड़ताल पर रहे। वरिष्ठ डॉक्टरों के साथ रेजिडेंट डॉक्टर हेल्प करते हैं। ऐसे में उनके 2 घन्टे तक ड्यूटी में न होने से दूर दराज से आए मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों ने साफ कर दिया है कि उनकी मांग न मानी गई तो हड़ताल बढ़ाई जा सकती है। Shimla News
हिमाचली (Himachal Pradesh) चुनावों में अपनी अदभुत चुनावी प्रतिभा को लोहा मनवा चुके सुजानपुर के विधायक व प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष राजेंद्र राणा को अब अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से चंडीगढ़ नगर निगम में चुनाव कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है। पंजाब व चंडीगढ़ कांग्रेस के इंचार्ज हरीश चौधरी ने तत्काल प्रभाव से राजेेंद्र राणा को यह प्रभार संभालने की नोटिफिकेशन जारी की है। राजेंद्र राणा हिमाचल में हुए सोलन नगर निगम के बाद विधानसभा उपचुनावों में फतेहपुर के चुनाव प्रभारी रह चुके हैं। दोनों ही स्थानों पर विकट परिस्थितियों के बावजूद राणा की रणनीति के चलते कांग्रेस की जीत प्रचंड बहुमत से हुई है। चुनावी विधा में टास्क मास्टर साबित हो चुके राणा की इसी विशेषता के कारण अब उन्हें चंडीगढ़ नगर निगम के 35 वार्डों का चुनाव को ऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है। बतौर अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कॉर्डिनेटर अब राजेंद्र राणा नगर निगम चंडीगढ़ में कांग्रेस के लिए काम करेंगे। चंडीगढ़ में 15 फीसदी हिमाचली रहते हैं। जिनके हितों और हकों के लिए हर दम सक्रिय रहने वाले राजेंद्र राणा की चंडीगढ़ की जनता के साथ-साथ इस वर्ग पर गहरी पैठ है। इसी के मद्देनजर अब राणा को एआईसीसी ने यह प्रभार सौंपा है। चंडीगढ़ नगर निगम के चुनाव पंजाब व चंडीगढ़ में विशेष महत्व रखते हैं। पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले 24 दिसंबर को होने वाले चुनावों में कांग्रेस हर सूरत काबिज होना चाहती है। पिछले 2 टर्म से चंडीगढ़ नगर निगम पर बीजेपी का कब्जा है। अब देखना यह है कि हिमाचल के दो चुनावों में टास्क मास्टर साबित हुए राणा चंडीगढ़ नगर निगम पर कांग्रेस को कैसे काबिज करवाते हैं। चंडीगढ़ नगर निगम के चुनावों के नोमिनेशन के आखिरी रोज 4 दिसंबर को जारी हुई इस नोटिफिकेशन ने अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में राणा का सियासी कद और बढ़ाया है। जिसने अब राणा को एक बार फिर खुद को साबित करने के लिए नई चुनौती पेश की है। कोई भी चुनाव किसी भी पार्टी नेता के लिए चुनौती रहता है। लेकिन जनता के विश्वास व भरोसे पर हमेशा खरे साबित होने वाले नेता हर चुनौती से पार पा लेते हैं। मुझे जो जिम्मेदारी दी है मैं उस पर 100 फीसदी खरा उतरने के लिए दिन-रात मेहनत करते हुए प्रयास करुंगा। मुझे विश्वास है कि जनता के विश्वास के कारण कांग्रेस चंडीगढ़ नगर निगम के चुनावों में जीतेगी। Himachal News
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कहा है कि इतिहास हमारी सभ्यता, संस्कृति और साहित्य का अभिन्न अंग है और यह तथ्यों पर आधारित होना चाहिए। इसे हम नजरअंदाज नहीं कर सकते। राज्यपाल ने शनिवार को हमीरपुर के निकट ठाकुर जगदेव चंद ठाकुर स्मृति शोध संस्थान में आजादी का अमृत महोत्सव के तहत "भारतीय स्वाधीनता आंदोलन: वृत्तांत, स्मृतियां एवं नेपथ्य-नायक" विषय पर आयोजित राष्ट्रीय परिसंवाद एवं वेबीनार के उदघाटन सत्र को संबोधित किया। यह दो दिवसीय परिसंवाद भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद और केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला तथा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के इतिहास विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया। इस अवसर पर देश भर के विद्वानों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष बाद भी हमारे इतिहास के कई महत्वपूर्ण विषयों को अभी तक स्पर्श ही नहीं किया गया है, ऐसे विषयों पर कई बार हम चर्चा करने से भी डरते हैं। इस दिशा में नेरी में आयोजित यह परिसंवाद निःसंदेह एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कहा कि ऐतिहासिक घटनाओं की सही डाॅक्यूमेंटेशन एवं तथ्यात्मक जानकारी आज की पीढ़ी तक पहुंचाई जानी चाहिए। उन्होंने हमारी समृद्ध संस्कृति और संस्कारों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। भारत के इतिहास के संकलन की आवश्यकता पर भी बल देते हुए राज्यपाल ने कहा कि हमारा देश आजादी के बाद ही राष्ट्र नहीं बना था, बल्कि यह तो हजारों वर्ष से एक राष्ट्र के रूप में अपने पहचान बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश भारतीय इतिहास में कई तरह की भ्रांतियां पैदा हुई हैं, जिनका निवारण करना वर्तमान इतिहासकारों एवं शोधार्थियों की जिम्मेदारी है। राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि नेरी में आयोजित परिसंवाद में व्यापक अमृत-मंथन के बाद कुछ नया निकलकर आएगा जोकि देश को एक नई दिशा की ओर अग्रसर करेगा। राज्यपाल ने कहा कि आज हमारा देश जहां अपनी आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, वहीं गोवा भी अपनी मुक्ति का 60वां वर्ष मना रहा है। उन्होंने बताया कि भारत की आजादी के 14 वर्षों के उपरांत गोवा पुर्तगाली शासन से मुक्त हुआ था। उन्होंने कहा कि गोवा की मुक्ति के लिए पंडित दीन दयाल उपाध्याय और अन्य महापुरुषों का बहुत बड़ा योगदान रहा है। इनमें उन्होंने जिला कांगड़ा के राम सिंह का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गोवा में आज भी लोकसंस्कृति जीवंत है। Shimla News
राज्य एकल खिड़की स्वीकृति एवं अनुश्रवण प्राधिकरण की 20वीं बैठक शनिवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में नए औद्योगिक उद्यम स्थापित करने और वर्तमान इकाईयों के विस्तार के 19 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई, जिनमें लगभग 1,376.93 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 2,266 व्यक्तियों को रोजगार प्राप्त होगा। इससे यह प्रदर्शित होता है कि आर्थिक मंदी के बावजूद राज्य निवेश को निरंतर आकर्षित कर रहा है। प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत प्रस्तावों में जिला शिमला के ठियोग के मोहाल गजेड़ी में मै. न्यू वजीर चन्द फ्रूट्स (एनडब्ल्यूसी) को सीए स्टोर स्थापित करने, जिला सोलन के नालागढ़ के गांव खेड़ा निहला में मै. लामी ट्यूबस प्राईवेट लिमिटेड को लेमिनेटिड ट्यूबस और एफएफएस ट्यूबस का निर्माण करने, जिला सोलन के नालागढ़ स्थित किरपालपुर में मै. एमजी पेट्रोकेम प्राईवेट लि. को इथनाॅल, पशु चारा व कार्बनडाईऑक्साइड उत्पादन करने, जिला सोलन के नालागढ़ स्थित किरपालपुर में मै. हाईगेना लाइफ साइसिंज प्राईवेट लि. को इथनाॅल, पशु चारा और कार्बनडाईऑक्साइड का उत्पादन करने, जिला सोलन की तहसील नालागढ़ के किरपालपुर में मै. आरएसए एनर्जी प्राईवेट लि. को इथनाॅल, पशु चारा और कार्बनडाईऑक्साइड का उत्पादन करने, जिला सोलन के नालागढ़ स्थित किरपालपुर में मै. भारत स्पिरिट् को इथनाॅल का उत्पादन करने, जिला सोलन के बद्दी स्थित गांव कालूझण्डा के मै. इवेट्स ग्लास एंड पाॅलिमर प्राईवेट लि. को पैट बोतल, लामी ट्यूब और पीवीसी केबल का निर्माण करने, जिला सोलन के नालागढ़ स्थित गांव खेड़ा निहला के मै. प्रो फ्लैक्सी पैकिंग प्राईवेट लि. को प्लासटिक ट्यूब का निर्माण करने, जिला सोलन के बद्दी स्थित गांव धर्मपुर में मै. ओकाया इवी प्राईवेट लि. को विद्युत वाहनों से संबंधित सामान और उपकरण बनाने, जिला सोलन की तहसील बद्दी स्थित गांव भोर्ड के मै. ईर फार्मा को इजेक्शन व सिरिंज का निर्माण करने, जिला सिरमौर के काला अम्ब स्थित औद्योगिक क्षेत्र जौहरों में मै. जर्मन फार्मूलेशन को टेबलेट, तरल इंजेक्शन और हैंड सेनेटाइजर इत्यादि का निर्माण करने, जिला सिरमौर के कालाअम्ब स्थित गांव पिपलवाला में मै. नितिन लिक्कर्ज को आइएमएफएल लिक्कर्ज व देसी शराब का उत्पादन करने और जिला सोलन की तहसील नालागढ़ के गांव अधुवाल में मै. जैन शाॅलस को डाइड फेबरिक का निर्माण करने के प्रस्तावों को अनुमति प्रदान की। प्राधिकरण ने जिन विस्तार प्रस्तावों को अनुमति प्रदान की उनमें जिला सोलन की तहसील कसौली के गांव व डाकघर जाबली में मै. कोस्मो फेराइटस लि. को फेराइट कोर, फेराइट पाॅउडर और ट्रांसफार्मर का निर्माण करने, जिला सोलन की तहसील बद्दी स्थित गांव थाना में मै. श्री नैना पैकेजिंग को कोरोगेटिट बाॅक्स का निर्माण करने, जिला सिरमौर के पावंटा साहिब के औद्योगिक क्षेत्र गोंदपुर में मै. एएस पैकर्ज यूनिट-2 को कार्टन और मोनोकार्टन, लेबल व प्लासटिक केपस इत्यादि का निर्माण करने, जिला सोलन में तहसील बद्दी स्थित गांव बलयाणा में मै. हिन्दुस्तान यूनिलिवर लि. को साबुन की टिक्कियां का उत्पादन करने, जिला सोलन तहसील बद्दी स्थित गांव संधोली में मै. मोंडेलेज इंडिया फूड्स प्राईवेट लि. को बोर्नविटा, चाॅकलेट व क्रुम्ब का उत्पादन करने के लिए औद्योगिक इकाई का विस्तार करने, जिला सोलन तहसील बद्दी के गांव संधोली में मै. मोंडेलेज इंडिया फूड्स प्राईवेट लि.- इकाई-2 को फाइव स्टार, जेम्स, मौलडेड चाॅकलेट व क्रुम्ब का उत्पादन करने के लिए औद्योगिक इकाई का विस्तार करने के प्रस्ताव शामिल हैं। निदेशक उद्योग राकेश कुमार प्रजापति ने बैठक का संचालन किया। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह और ऊर्जा मंत्री सुख राम चैधरी बैठक में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए, जबकि मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. धीमान व जे.सी. शर्मा, प्रधान सचिव ओंकार शर्मा और अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। Shimla News
मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने शुक्रवार को शिमला में भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अन्तरराज्य परिषद सचिवालय द्वारा आयोजित उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की स्थाई समिति की 19वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में महिलाओं और बच्चों के विरूद्ध यौन अपराध संबंधित मामलोें की त्वरित जांच, ग्रामीण क्षेत्र में बैंक शाखाओं और डाक बैंकिंग सुविधा, सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण का प्रभावी क्रियान्वयन, राज्यों की सीमाओं पर मवेशियों का परित्याग, चंडीगढ़-बद्दी रेल लाईन तथा जगतपुरा-शिवदासपुर में रेलवे भूमि के हस्तांतरण, दुर्गापुर रेलवे स्टेशन के पास रेलवे भूमि, गांधी नगर रेलवे स्टेशन के पास रेलवे भूमि और बैस गोदाम के पास रेलवे भूमि संबंधित विषयों पर चर्चा की गई। समिति ने मोटर वाहन अधिनियम के अन्तर्गत उल्लंघनकर्ताओं के लिए सेन्ट्रल डाटा बेस की शुरूआत तथा नए अन्तरराज्यीय मार्गों के क्रियान्वयन पर भी चर्चा की। अन्तरराज्य परिषद् सचिवालय की सचिव अनुराधा प्रसाद, हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन पी.के. दास, केन्द्र शासित प्रदेश के चंडीगढ़ के लेफ्टिनेंट गवर्नर के सलाहकार धर्मपाल, केन्द्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर के सलाहकार उमंग नरूला, एनसीटी दिल्ली के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण कुमार गुप्ता, पंजाब सरकार के जल संसाधन के प्रधान सचिव सर्वजीत सिंह, जम्मू-कश्मीर सरकार के प्रधान सचिव मनोज कुमार द्विवेदी, राजस्थान के सचिव नवीन जैन तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी और विभागों के अध्यक्ष भी बैठक में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को पूर्व आईएएस अधिकारी और प्रसिद्ध लेखक के.आर. भारती द्वारा लिखित पुस्तक हिमाचल प्रदेश-ए ट्रेजर ऑफ़ टरिज्म का विमोचन किया। इस अवसर पर प्रदेश के प्रसिद्ध साहित्यकार भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने लेखक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वे कुशल प्रशासक रहे हैं और प्रदेश के प्रसिद्ध लेखक भी हैं। उन्होंने कहा कि के.आर. भारती ने हिमाचल प्रदेश के अद्वितीय प्राकृतिक सौन्दर्य को अत्यन्त मनमोहक तरीके से पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया है। लेखक ने पूरी मेहनत और लगन के साथ इस पुस्तक की रचना की है।जयराम ठाकुर ने कहा कि पाठकों के लिए यह पुस्तक ज्ञानवर्द्धक और रोचक साबित होगी। उन्होंने कहा कि हिमालय पर्वत श्रृंखलाओं के बीच बसा हिमाचल प्रदेश देश के खूबसूरत राज्यों में से एक है। हिमाचल प्रदेश का अर्थ केवल बर्फ से आच्छन्दित प्रदेश नहीं है अपितु यहां भ्रमण के लिए वह सब कुछ है जिसकी पर्यटक इच्छा रखतेे हैं। प्रसिद्ध लेखक सुदर्शन विशिष्ट ने भी मुख्यमंत्री को अपनी पुस्तक हिमाचल लोक गीत भेंट की। प्रसिद्ध लेखक आर.डी. शर्मा, डाॅ. कर्म सिंह, वरिष्ठ पत्रकार अश्विनी वर्मा और कंवर दिनेश भी इस अवसर पर उपस्थित थे
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार श्रमिकों और श्रमिक वर्ग के कल्याण और उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले लगभग चार वर्षों के दौरान दिहाड़ीदारों की न्यूनतम दिहाड़ी को 210 से बढ़ाकर 300 रुपये प्रति दिन किया है जिससे उनके मासिक मजदूरी में 2700 रुपये की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक इकाईयों में कार्यरत श्रमिकों को पर्याप्त मजदूरी प्रदान करना सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी दिहाड़ीदारों को साप्ताहिक अवकाश दिया जा रहा है। जयराम ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उत्कृष्ट कार्य किया है। उन्होंने कहा कि उनके परिश्रम और समर्पण के फलस्वरूप ही हिमाचल प्रदेश शत प्रतिशत टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने में देश का पहला राज्य बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले चार वर्षों के दौरान आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1,750 रुपये की वृद्धि की है। प्रदेश सरकार ने पिछले चार वर्षों के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 2,850 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की है और आज वे प्रतिमाह 7300 रुपये प्राप्त कर रही हैं। इस अवसर पर भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष मदन राणा ने मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कर्मचारियों और कामगारों की विकासात्मक मांगों के प्रति हमेशा संवेदनशील रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मजदूरों और श्रमिक वर्ग की विकासात्मक मांगों पर विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से आशा कार्यकर्ताओं, टेलरिंग शिक्षकों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए एक स्थायी नीति बनाने का भी आग्रह किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से मिड-डे-मील कार्यकर्ताओं को न्यूनतम मजदूरी प्रदान करने का भी आग्रह किया। अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रम एवं रोजगार आरडी धीमान, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना, अतिरिक्त मुख्य सचिव जेसी शर्मा, सचिव डाॅ. अजय शर्मा, संदीप भटनागर, राजीव शर्मा और अमिताभ अवस्थी, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, सुरेंद्र ठाकुर, महासचिव बीएमएस यशपाल हेटा, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों सहित अन्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
शिमला महासू कल्चरल एंड वैलफेयर सोसाईयटी द्वारा संजौली में एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता सोसायटी के कोर्डिनेटर संदीप गागटा ने की। इस बैठक में चेतन बरागटा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस बैठक का उद्देश्य सोसाइटी द्वारा आगामी कार्यक्रम की रूपरेखा को आगे बढ़ाना था। इस बैठक में सभी सदस्यों द्वारा अपने विचार प्रकट किए गए। बैठक में समाजिक कार्यों जैसे ब्लेड डोनेशन व जरूरत मंद लोगो की सहायता के बारे में चर्चा की गई। सोसायटी के कॉर्डिनेटर सन्दीप गांगटा ने ओमिक्रोन वायरस पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि शीघ्र ही रिज मैदान पर ब्लड डोनेशन केम्प का आयोजन भी किया जाएगा। बैठक में कुछ सदस्यों द्वारा आगामी शिमला नगर निगम चुनाव को लेकर भी रणनीति बनाने का सुझाव दिया गया। इस पर सभी सदस्यों ने सहमति जताई और आगामी बैठक में इस विषय को लेकर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इस बैठक में राविन्द्र चौहान, रमेश चौहान, देव श्याम, निशा चौहान, संदीप गागटा, राजन कालटा, अंकुश चौहान, राजीव सोकटा,विनित घास्टा, रितेश चौहान, राकेश जिन्टा, मनोज चौहान, जतीन चौहान,दिपक सरजोलटा, निरज चोहान,प्रदीप खाकटा, राकेश शर्मा, चेतन कडेईक, सुशांत बसोली, यशपाल चौहान,मुकेश चोहान, मनमोहन कपालटा, अनुपम चौहान, प्रेम चौहान, अशीष चौहान, कपिष चौहान, परवीन चौहान, हेप्पी खिमटा, रवी काल्टा आदि उपस्थित रहे।
ठियोग की कॉन्ट्रेक्टर एसोसिएशन जल शक्ति विभाग ने प्रेस वार्ता में लोक निर्माण विभाग तथा जल शक्ति विभाग में एमफॉर्म की अनिवार्यता को हटाने के लिए उपमंडलाधिकारी को ज्ञापन पत्र सौंपा। इस दौरान कॉन्ट्रेक्टर एसोसिएशन ने अपनी मांग में कहा कि विभाग द्वारा जो भी कार्य किया जाता है उस हेतु धनराशि लेने के लिए पहले एमफार्म की अनिवार्यता नहीं थी, लेकिन नए नियमों के मुताबिक एमफॉर्म की अनियवर्यता की गई है। जिसके कारण धनराशि प्राप्त करने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वंही उन्होंने कहा कि ठेकेदारों से 18% GST वसूला जाता है जिसको वहन करना कठिन है। इसके लिए सरकार को पुनर्विचार करने की आवश्यकता है । Shimla News
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज पूर्व आईएएस अधिकारी और प्रसिद्ध लेखक केआर भारती द्वारा लिखित पुस्तक हिमाचल प्रदेश ए-ट्रेजर ऑफ टूरिज्म का विमोचन किया। इस अवसर पर प्रदेश के प्रसिद्ध साहित्यकार भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने लेखक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वे कुशल प्रशासक रहे हैं और प्रदेश के प्रसिद्ध लेखक भी हैं। उन्होंने कहा कि केआर भारती ने हिमाचल प्रदेश के अद्वितीय प्राकृतिक सौन्दर्य को अत्यन्त मनमोहक तरीके से पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया है। लेखक ने पूरी मेहनत और लगन के साथ इस पुस्तक की रचना की है। जयराम ठाकुर ने कहा कि पाठकों के लिए यह पुस्तक ज्ञानवर्द्धक और रोचक साबित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय पर्वत श्रृंखलाओं के बीच बसा हिमाचल प्रदेश देश के खूबसूरत राज्यों में से एक है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश का अर्थ केवल बर्फ से आच्छन्दित प्रदेश नहीं है अपितु यहां भ्रमण के लिए वह सब कुछ है जिसकी पर्यटक इच्छा रखतेे हैं। प्रसिद्ध लेखक सुदर्शन विशिष्ट ने भी मुख्यमंत्री को अपनी पुस्तक हिमाचल लोक गीत भेंट की। प्रसिद्ध लेखक आरडी शर्मा, डॉ कर्म सिंह, वरिष्ठ पत्रकार अश्विनी वर्मा और कंवर दिनेश भी इस अवसर पर उपस्थित थे। Shimla News
राजकीय प्राथमिक पाठशाला बगार शिक्षा खंड कोटखाई के चौथी कक्षा के छात्र आरव शर्मा ने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कविता वाचन संगोष्ठी मेंप्रथम स्थान प्राप्त किया। आरव ने पूरे देश देश में हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) व जिला शिमला का नाम रोशन किया है। आरव ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने विद्यालय की अध्यापिका निशा शर्मा व अपने माता पिता को दिया है। बता दें कि निशा शर्मा राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित अध्यापिका हैं। वंही इस अवसर पर डिप्टी डिरेक्टर एलिमेंट्री एजुकेशन शिमला ने आरव शर्मा एवं उनकी अध्यापिका को इस विशेष उपलब्धि के लिए बधाई दी।
अटल बिहारी वाजपेयी अभियांत्रिकी संस्थान गुम्मा के चेयरमेन अशोक जस्टा ने पॉलिटेक्निक विंग में कंप्यूटर अभियांत्रिकी के वरिष्ठ लेक्चरर और इलेक्ट्रिकल अभियांत्रिकी का एक-एक पद सृजित करने लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार जताया। अशोक जस्टा ने कहा है कि इस संस्थान की स्थापना 10 अप्रैल को पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल सरकार में हुई थी। उस वक्त स्वर्गीय नरेन्द्र बरागटा तकनीकी शिक्षा मंत्री थे। बता दें कि यह हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) का दूसरा राज्य सरकार का संस्थान है जो प्रगतिनगर गुम्मा कोटखाई में स्थित है। इस संस्थान में वर्तमान में बीटेक, पॉलिटेक्निक और आईटीआई में लगभग 900 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे है। यह संस्थान वर्तमान में तीन पाठ्यक्रम अर्थात कंप्यूटर इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग प्रदान करता है। इस संस्थान के बच्चे ने हर क्षेत्र में प्रदेश का नाम रोशन किया है। Shimla News
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अधिकारियों को 4 दिसम्बर तक प्रदेश की पात्र आबादी को टीकाकरण की दूसरी खुराक का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए, ताकि हिमाचल प्रदेश कोविड-19 के विरूद्ध पात्र आबादी के टीकाकरण का विशिष्ट लक्ष्य हासिल कर सके। वह आज यहां राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कोविड-19 टीकाकरण समारोह के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने इस अवसर पर बिलासपुर में एक मेगा कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. मनसुख मंडाविया और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा शामिल होंगे। जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य की कुल 53.77 लाख पात्र आबादी में से सरकार ने अभी तक लक्षित पात्र आबादी में से 98 प्रतिशत को कोविड टीकाकरण की दूसरी खुराक प्रदान करने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। उन्होंने कहा कि यह चिकित्सकों, पैरा मेडिकल स्टाफ और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की प्रतिबद्धता और समर्पण के कारण संभव हुआ है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी उपायुक्त इस आयोजन में अग्रिम पंक्ति के सभी कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी, ताकि प्रदेशभर में इस समारोह को धूमधाम से मनाया जा सके। उन्होंने कहा कि शिमला जिला में शिमला, रोहड़ू, चैपाल और रामपुर में, सोलन जिला में सोलन और नालागढ़ तथा सिरमौर जिला में नाहन, पांवटा साहिब, शिलाई, राजगढ़ और सराहन में एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि मंडी जिला में मण्डी, करसोग, थुनाग, सुंदरनगर और जोगिन्द्रनगर तथा कांगड़ा जिला में धर्मशाला, पालमपुर, नूरपुर और देहरा में एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी। इसी तरह कुल्लू जिला में कुल्लू, मनाली और आनी में एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी। बैठक में मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. शर्मा, सचिव स्वास्थ्य अमिताभ अवस्थी, उपायुक्त मंडी अरिंदम चैधरी, मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हेमराज बैरवा, निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क हरबंस सिंह ब्रसकोन बैठक में उपस्थित थे। Himachal News
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वीरवार को राष्ट्रीय भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को उनके 61वें जन्मदिन पर दूरभाष के माध्यम से बधाई दी है। उनके स्वस्थ और लंबे जीवन की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने जगत प्रकाश नड्डा को पार्टी को प्रेरक नेतृत्व प्रदान करने और जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ कार्य करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता का सौभाग्य है कि हिमाचल का धरती पुत्र विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का नेतृत्व कर रहा है।
फोरम ऑफ एस.सी एण्ड एस.टी लेजीस्लेटर एण्ड पार्लियामेंटेरियनस तथा डाॅ. अम्बेडकर चैम्बर ऑफ कामर्स-डी.ए.सी.सी के संयुक्त तत्वावधान में विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय पांचवें अंतरराष्ट्रीय अम्बेडकर कनक्लेव-2021 के प्रथम सत्र की अध्यक्षता वीरवार को हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने की। इस कनक्लेव का उद्घाटन भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने किया। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में संविधान, शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता, स्टार्ट-अप और आर्थिक विकास जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस अवसर पर आर्लेकर ने कहा कि डाॅ. अम्बेडकर के आर्थिक, वित्तीय और प्रशासनिक योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने समता, बन्धुता एवं मानवता आधारित भारतीय संविधान को तैयार करने का अहम कार्य किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने डाॅ. भीमराव अम्बेडकर के सम्मान और उनके काम को आगे बढ़ाने के जो अभियान चलाये हैं, वे प्रशंसनीय हैं। वंचित वर्गों के उत्थान को प्राथमिकता देने के लिए केंद्र सरकार के प्रतिनिधि बधाई के पात्र हैं। राज्यपाल ने कहा कि बाबा साहब ने समता, करूणा और बंधुता के आदर्शों को, समाज के धरातल पर उतारने का जो लंबा और अहिंसात्मक संघर्ष किया, वह उन्हें एक युगपुरूष का दर्जा दिलाता है। उन्होंने सदियों से अशिक्षा और सामाजिक अन्याय के तले दबे-कुचले लोगों में आशा, आत्म-विश्वास और आत्म-गौरव का संचार किया था। यह प्रसन्नता की बात है कि बाबा साहब के दिखाए आदर्श और मार्ग पर चलकर अनुसूचित जातियों और जन-जातियों के लोगों के लिए फोरम महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों की दृष्टिबाधित बेटियों के सपनों में उमंग फाउंडेशन रंग भर रहा है। वे अंधेरों से अपनी लड़ाई में उमंग की मेरिट छात्रवृत्ति, शिक्षा और कम्प्यूटर को हथियार बना कर उजाले की ओर कदम बढ़ाने लगी हैं। उमंग फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष प्रो.अजय श्रीवास्तव में कहा कि दृष्टिबाधित बेटियों के सशक्तिकरण की हल्की सी आहट से समाज की इस नकारात्मक सोच में बदलाव आ रहा है कि है कि ये बेचारी अन्धी लड़कियां कुछ नहीं कर सकतीं। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के सुगम्य पुस्तकालय में टॉकिंग सॉफ्टवेयर वाले कंप्यूटरों से पढ़ाई करती दृष्टिबाधित पीएचडी स्कॉलर-प्रतिभा चौहान, मुस्कान नेगी, इतिका चौहान यूजीसी नेट और सेट पास कर चुकी हैं। एमए कर रही प्रतिभाशाली छात्राएं-शगुन चौहान, चन्द्रमणी, अंजना कुमारी कम्प्यूटर से आँखों का काम लेती हैं। गौरतलब है कि शिमला के पोर्टमोर स्कूल में दृष्टिबाधित बेटियों की पढ़ाई के अधिकार के लिए लिए प्रो.अजय श्रीवास्तव ने वर्ष 2011 में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। उस पर फैसले से हिमाचल दिव्यांग बच्चों को पहली कक्षा से लेकर विश्वविद्यालय में पीएचडी तक की पढ़ाई निशुल्क उपलब्ध कराने और सबसे ज्यादा छात्रवृत्ति देने वाला देश का पहला राज्य बन गया। उनके प्रयासों से दृष्टिबाधित बेटियों को सुंदरनगर स्थित आईटीआई के कंप्यूटर डिप्लोमा कोर्स में 2016 से प्रवेश मिलना शुरू हुआ था। उमंग फाउंडेशन ने अनेक दृष्टिबाधित बेटियों को पढ़ाई के लिए लैपटॉप, डेज़ी प्लेयर और एंजेल प्लेयर जैसे उपकरण भी दिए। दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को परीक्षा लिखने के लिए उमंग से जुड़े विद्यार्थी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर तक राइटर की भूमिका निभाते हैं।
जुब्बल-नावर-कोटखाई में बाग़वानी और पर्यटन प्राथमिकता दी जाएगी। यह बात नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायक रोहित ठाकुर ने उबादेश की बाघी, रत्नाडी और कलबोग़ पंचायत में आयोजित जन आभार कार्यक्रम के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि जुब्बल-नावर-कोटखाई में बाग़वानी और पर्यटन की दृष्टि से सड़कों की विशेष महत्वता को देखते हुए सड़को को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी समग्र और एक समान दृष्टिकोण के साथ विकास करवाने के लिए वचनबद्ध हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि कलबोग़ पंचायत के अंतर्गत चमैन में 22 केवी विद्युत नियंत्रण केंद्र पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में स्वीकृत करवाया गया जिसका लाभ क्षेत्र की जनता को मिल रहा हैं। उन्होंने कहा कि कलबोग से बाघी के बीच तीसरे चरण के सड़क निर्माण के लिए पूर्व कांग्रेस सरकार के द्वारा लगभग 13 करोड़ रुपए की डीपीआर सरकार को स्वीकृति के लिए भेजी गई थी जो की पिछले चार वर्षों से लम्बित पड़ी हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि क्षेत्र में सीए स्टोर स्थापित करने और पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए स्थानों को चिन्हित कर विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने जो भी घोषणाएं की है उसे अमलीजामा पहनाने का भरसक प्रयास किया जाएगा। रोहित ठाकुर ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थो के मूल्य में कटौती तथा 3 कृषि कानूनों की वापसी का श्रेय जनता को जाता हैं जिन्होंने उप-चुनाव में सत्ताधारी पार्टी द्वारा लिए गए जनविरोधी निर्णय के चलते चौतरफ़ा पटकनी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा को उप चुनाव में 4-0 से मिली शिकस्त से जनता ने साफ़ संकेत दे दिया है कि भाजपा सरकार की 2022 में विदाई तय है और काँग्रेस पार्टी प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापिसी करेंगी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने लोकसभा मे सभापति के सामने शिमला ज़िला में स्थापित हवाई अड्डे के मुद्दे को उठाया। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि शिमला शहर एक ऐतिहासिक पर्यटन स्थल है और पूरे विश्व के मानचित्र पर पहचान रखता है, जब से कोविड का कठिन समय देश मे आया था तब से इस हवाई अड्डे पर हवाई सेवाएं रोक दी गयी थी। 2020 से अभी तक शिमला के हवाई अड्डे पर कोई विमान नहीं उतरा है, जिससे इस क्षेत्र के पर्यटन पर भी बड़ा असर पड़ा है। सुरेश कश्यप ने लोकसभा में बताया कि शिमला में एयर अलायन्स का एटीआर 42 एयरक्राफ्ट आता था जो आते समय 30 से 35 यात्रियों को लाता था और वापसि पर 8 से 10 यात्रियों को ले जाता था। उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से सिफारिश करते हुए कहा कि शिमला के लिए हवाई सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करना चाहिए, जिससे इस क्षेत्र को फायदा पहुंचेगा। सांसद सुरेश कश्यप ने कुछ समय पहले शिमला हवाई अड्डे की एक बैठक भी ली थी। जहाँ उन्होंने इस संदर्भ में सभी समस्याओं पर चिंतन भी किया था, कश्यप ने कहा था कि जल्द ही वह लोकसभा में इस मुद्दे को उठाएंगे। शिमला के लिए इस प्रकार की सुविधा की लंबित मांग है और इससे जनता को बड़ी सुविधा मिलेगी।
हिमाचल प्रदेश विभागीय परीक्षा बोर्ड के सचिव विकास भूषण ललित ने बताया कि सत्र मई 2021 के लिए सितम्बर, 2021 में शिमला, मंडी व धर्मशाला में आयोजित विभागीय परीक्षा का परिणाम एक दिसम्बर, 2021 को घोषित कर दिया गया है। परिक्षार्थी अपना परिणाम देखने के लिए अपने पीएमआईएस अकाउंट में लाॅग इन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जो परीक्षार्थी किसी भी विषय में 40 या उससे अधिक अंक प्राप्त करने में असफल रहे हैं, वह पुनर्मूल्यांकन के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से 21 दिन के भीतर आवेदन कर सकते हैं, जिसका लिंक पीएमआईएस अकाउंट में ही उपलब्ध है।
आबकारी एवं कराधान विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि राज्य में नवंबर, 2021 में वस्तु एवं सेवा कर संग्रह में 17 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है और यह 385.21 करोड़ रुपए रहा है, जबकि नवंबर, 2020 में यह कर संग्रह 329.64 करोड़ रुपए रहा था। उन्होंने बताया कि वर्तमान वित्त वर्ष में नवंबर, 2021 तक सकल वस्तु एवं सेवा कर संग्रह 2815.53 करोड़ रुपए रहा है जोकि गत वित्तीय वर्ष की समान अवधि में 2023.70 करोड़ रुपए था और इस तरह गत वर्ष के मुकाबले जीएसटी संग्रह में अभी तक 39 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य के वस्तु एवं सेवा कर में इस वित्तीय वर्ष में निरंतर सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है। वस्तु एवं सेवा कर में यह सकारात्मक बढ़ोतरी दर्ज करने के पीछे करदाताओं की निगरानी, क्षेत्रीय अधिकारियों के प्रदर्शन की निगरानी, विभाग द्वारा प्रभावी ढंग से अपनी गतिविधियों का संचालन, ई-वे बिलों का भौतिक सत्यापन और आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी मुख्य कारक रहे हैं।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बिलासपुर के विधायक सुभाष ठाकुर की माता श्रीमती तितली देवी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। वह 91 वर्ष की थीं। मुख्यमंत्री ने परमात्मा से दिवंगत आत्मा की शान्ति और शोक संतप्त परिजनों को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा बुधवार को ऐतिहासिक रिज मैदान में प्रेजिडेंट कलर अवार्ड समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर बतौर मुख्य अतिथि और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। राज्यपाल ने प्रदेश पुलिस को राष्ट्रपति कलर अवार्ड से सम्मानित किया। यह पुरस्कार पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने प्राप्त किया। राज्यपाल ने प्रदेश पुलिस को प्रेजिडेंट कलर मिलने पर बधाई देते हुए कहा कि यह भारत का आठवां राज्य पुलिस बल है जिसे यह गौरव प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश पुलिस को प्रेजिडेंट कलर पुरस्कार मिलना एक विशेष उपलब्धि है जो यह साबित करता है कि हिमाचल पुलिस प्रदर्शन, निपुणता, अखण्डता, मानव अधिकारों की सुरक्षा और अन्य मानकों के साथ मानवता की सेवा में उच्च स्थान रखती है। यह पुरस्कार प्रदेश पुलिस के कर्मियों के अथक योगदान के लिए प्रदान किया गया है जिन्होंने विश्वसनीय, व्यवसायिक और ईमानदारी से एक जन हितैषी के रूप में वर्षों अथक कार्य किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह अवार्ड पुलिस कर्मियों को और बेहतर ढंग से जन सेवा के लिए प्रोत्साहित करेगा। इस अवसर पर मीडिया कर्मियों से बात करते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश पुलिस को उल्लेखनीय सेवाओं के लिए भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रेजिडेंशियल अवार्ड प्राप्त होेने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह किसी भी पुलिस कर्मी के जीवन की एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है। हिमाचल प्रदेश पुलिस देश का आठवां पुलिस बल है जिसे प्रेजिडेंशियल अवार्ड प्राप्त हुआ है। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने कहा कि प्रेजिडेंटस कलर केवल एक पुरस्कार नहीं अपितु यह एक जिम्मेदारी भी है जिसे हिमाचल प्रदेश पुलिस को अब और अधिक ईमानदारी, दक्षता और अनुशासन के साथ निभाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश पुलिस का प्रत्येक जवान देव भूमि हिमाचल प्रदेश की सुरक्षा और यहां शांति बनाए रखने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने राज्यपाल को प्रेजिडेंटस कलर पुरस्कार प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, नगर निगम शिमला की महापौर सत्या कौंडल, पुलिस विभाग व सेना के वरिष्ठ अधिकारी, पूर्व पुलिस अधीक्षक गण और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
इंडिया टुडे समूह द्वारा जारी मोस्ट इम्प्रूवड बिग स्टेट्स इन हेल्थ सर्वे में हिमाचल प्रदेश को देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस उपलब्धि के लिए राज्य के स्वास्थ्य विभाग और प्रथम पंक्ति के योद्धाओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कोरोना के विरूद्ध लड़ाई में प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की केन्द्र सरकार और अन्य राज्यों ने भी सराहना की है। राज्य की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश ने शत-प्रतिशत पात्र नागरिकों को कोविड टीकाकरण की प्रथम खुराक प्रदान करने में देश में पहला स्थान हासिल किया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में दस हजार ऑक्सीज़न बिस्तर, 1,014 वेंटिलेटर और 80 मीट्रिक टन प्रतिदिन ऑक्सीज़न की उपलब्धता सुनिश्चित की है। प्रदेश सरकार द्वारा 32 स्थानों पर नए ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए और 2700 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी उपलब्ध करवाए गए हैं। कोरोना पाॅजिटिव मामलों का पता लगाने के लिए एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान चलाया गया तथा 683 आइसोलेशन व क्वारंटीन संस्थानों में 32361 बिस्तर की व्यवस्था की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार के अथक प्रयासों के कारण हिमाचल प्रदेश को स्वास्थ्य सूचकांको में प्रथम आंका गया है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बुधवार को आई.जी.एम.सी कैंसर अस्पताल के निकट रोटरी आश्रय (सराय भवन) का लोकार्पण किया। इस भवन का निर्माण शिमला रोटरी चेरिटेबल ट्रस्ट और तुलसीराम भागीरथ राम मेमोरियल चेरिटेबल ट्रस्ट चंडीगढ़ द्वारा कैंसर रोगियों और उनके सहायकों की सुविधा के लिए किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि रोटरी ट्रस्ट ने मानवता की सेवा में सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि 3.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस सराय में दो और तीन बिस्तरों की सुविधा वाले 13 कमरे हैं तथा दस बिस्तरों की क्षमता वाले दो शयनकक्ष हैं। इस सराय में 50 लोगों की ठहरने तथा दो मंजिलों में लगभग 35 कारों के लिए पार्किंग की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी कैंसर अस्पताल की संस्तुति पर रोगियों और उनके तिमारदारों को कमरे उपलब्ध करवाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सराय गैर-लाभकारी आधार पर संचालित की जाएगी और जरूरतमंद लोगों को बहुत कम दरों पर यह कमरे उपलब्ध करवाएं जाएंगे। उन्होंने रोटरी क्लब और अन्य संगठनों का इस परोपकारी कार्य के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सेवा कैंसर मरीजों के सहायकों को आवश्यक राहत प्रदान करेगी। रोटरी कलब, तुलसी राम भागीरथ राम मेमोरियल ट्रस्ट और एस.जे.वी.एन.एल. के सामूहिक प्रयास कैंसर मरीजों और उनके तिमारदारों के लिए लाभदायक सिद्ध होंगे। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि कैंसर मरीजों के लिए यह सुविधा आवश्यक राहत प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी। रोटरी क्लब प्रदेश में जरूरतमंदों को सहायता प्रदान करने वाले अग्रणी क्लबों में से एक है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना के अन्तर्गत शिमला में बुक कैफे विकसित किया जाएगा जिसमें वरिष्ठ नागरिकों को बैठने के लिए अलग से स्थान दिया जाएगा। नगर निगम शिमला की महापौर सत्या कौंडल ने सराय भवन के निर्माण के लिए रोटरी क्लब का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस भवन के माध्यम से कैंसर मरीजों को आवश्यक सहायता प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के संकट काल में एस.जे.वी.एन.एल. ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। एस.जे.वी.एन.एल की निदेशक और एस.जे.वी.एन.एल फाउंडेशन की अध्यक्ष गीता कपूर ने कहा कि व्यवसायिक सामाजिक दायित्व (सीएसआर) एस.जे.वी.एन.एल के महत्त्वपूर्ण सामाजिक घटकों में से एक हैं। इस परियोजना के अध्यक्ष वी.पी. कालटा ने कहा कि इस महत्त्वकांक्षी परियोजना की परिकल्पना वर्ष-2009 में की गई थी और अब इसे पूर्ण करने में सफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण परियोजना के कार्य में विलम्ब हुआ है। उन्होंने कहा कि रोटरी क्लब शिमला शहर के बुजुर्गों के लिए एक मनोरंजन केंद्र बनाना चाहता है। इस अवसर पर पूर्व महापौर, पूर्व विधायक एवं तुलसी राम भागीरथ राम मैमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी आदर्श सूद ने मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस सराय का निर्माण कैंसर रोगियों के तिमारदारों को रहने की सुविधा प्रदान करने के लिए किया गया है। रोटरी ने इस भवन के निर्माण में 1.60 लाख रुपये का योगदान दिया है। उप महापौर शैलेंद्र चैहान, अध्यक्ष रोटरी क्लब के.के. खन्ना, डिस्ट्रिक गवर्नर अजय मदान, सचिव कमल बुटेल, आईजीएमसी के प्रधानाचार्य डाॅ. सुरिन्द्र सिंह, चिकित्सा अधीक्षक आईजीएमसी डाॅ. जनक राज, तुलसी राम भागीरथ मैमोरियल ट्रस्ट के ट्रस्टी सहित अन्य गणमान्य इस अवसर पर उपस्थित थे।
जुब्बल और कोटखाई में उपमंडलाधिकारी व खंड विकास अधिकारी की प्रदेश सरकार स्थाई नियुक्ति करें। यह बात जुब्बल-नावर-कोटखाई के विधायक रोहित ठाकुर ने नावर की कड़ीवन, कुठाड़ी, पुजारली पंचायतों में आयोजित जनआभार कार्यक्रम के दौरान कही। रोहित ठाकुर ने कहा कि जुब्बल-कोटखाई में उपचुनाव से पहले प्रदेश सरकार ने दो उपमंडल सहित विकास खंड व उपतहसील की घोषणा की थी। जिसके लिए सरकार ने पदों को अधिसूचित नहीं किया था। आगामी विधानसभा सत्र में उठाएं गए सवालों के जवाब देने से पहले सरकार को पद सृजित करने के लिए बाध्य होना पड़ा हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि जुब्बल-नावर-कोटखाई की प्रबुद्ध जनता पूरे हिमाचल प्रदेश में सूझ-बूझ और राजनीतिक परिपक्वता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने कहा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जुब्बल और कोटखाई में उपमंडलाधिकारी, कोटखाई में खंड विकास अधिकारी और अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग की स्थाई नियुक्ति करने की मांग की हैं। जन आभार कार्यक्रम के दौरान ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जुब्बल-नावर-कोटखाई के अध्यक्ष मोतीलाल डेरटा, कड़ीवन पंचायत की प्रधान रेवती देवी, उपप्रधान रविंस सलाकटा, कुठाड़ी पंचायत के प्रधान ललित संग्रैल, उपप्रधान कृष्ण सपटा, पुजारली न०3 की प्रधान आशा शर्मा व उप प्रधान कपिल चौहान भी मौजूद रहें।
प्रदेश सरकार इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला में कृत्रिम अंग प्रदान करने की सुविधा आरम्भ करने के लिए कदम उठाएगी, इसके लिए चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों को प्रर्याप्त प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि राज्य में जरूरतमंद इस सुविधा से वंचित न रहें। यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज राज्य सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति-जयपुर-फुट के सहयोग से कृत्रिम अंगों के प्रत्यारोपण के लिए आयोजित राज्य स्तरीय कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर का शुभारम्भ करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति पीड़ित मानवता की मदद कर बहुत सराहनीय सेवा कर रही है। किसी दुर्घटना के कारण विकलांग हुए लोगों को कृत्रिम अंग प्रदान किए जा रहे हैं ताकि वह अपने सपनों को साकार कर सकें। इससे उनके जीवन में आशा की एक नई उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान महावीर विकलांगता सहायता समिति की स्थापना डी.आर. मेहता ने 1975 में दिव्यांगों के कल्याण के लिए की और तब से यह समिति लगातार दिव्यांगों की सेवा और कल्याण के लिए कार्यरत है। यह समिति दिव्यांगों के कल्याण के लिए कार्य करने वाली विश्व की सबसे बड़ी संस्था के रूप में उभरी है। उन्होंने कहा कि जन्म से जुड़ी दिव्यांगता से बचने के लिए आज विज्ञान ने काफी प्रगति की है लेकिन कई बार यह दिव्यांगता किसी तरह की बीमारी या दुर्घटना के कारण भी हो सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शारीरिक अक्षमता से ग्रसित कई लोगों ने कठिन परिश्रम और प्रतिबद्धता से जीवन में बहुत कुछ हासिल किया है। विशेष ओलम्पिक में शारीरिक रूप से दिव्यांग देश व राज्य के युवाओं ने न केवल स्वयं बल्कि देश के लिए भी गौरव हासिल किया है। उन्होंने कहा कि ऊना जिला के निषाद कुमार ने ओलम्पिक में रजत पदक जीता है। उत्तर प्रदेश राज्य की अरूणिमा सिन्हा ने एक दुर्घटना में अपनी टांग खोने के बावजूद माउंट एवरेस्ट पर विजय प्राप्त की। उन्होंने कहा कि दृढ़ इच्छा शक्ति और प्रतिबद्धता के साथ जीवन में कुछ भी हासिल करने का यह सबसे उपयुक्त उदाहरण है। प्रदेश सरकार विशेष रूप से सक्षम लोगों और दिव्यांगों को हर सम्भव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गंभीर रोगों से ग्रस्त मरीज के परिवार को सहारा योजना के तहत तीन हजार रुपये प्रतिमाह वित्तीय सहायता के रूप में प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत बीस हजार लोगों को वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के चिकित्सकों और तकनीकी कर्मियों को सम्मानित किया। अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम का सशक्तिकरण विभाग के निदेशक विवेक भाटिया इस अवसर पर मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। पूर्व सांसद और अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष वीरेन्द्र कश्यप, महापौर सत्या कौंडल, उप महापौर शैलेन्द्र चैहान, मुख्य सचिव राम सुभग सिंह और भगवान महावीर सेवा समिति के डाॅ. विजय भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बुधवार को शिमला से डाॅ. वाई.एस. परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के 37वें स्थापना दिवस के अवसर पर वर्चुअल माध्यम से सम्बोधित किया। उन्होंने अपने सम्बोधन मे कहा कि हिमाचल प्रदेश ने बागवानी क्षेत्र मेें आशातीत प्रगति की है और यह क्षेत्र कृषि अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने में महत्त्वपूर्ण घटक बनकर उभरा है। कृषि उत्पादन में बागवानी क्षेत्र का योगदान लगभग 33 प्रतिशत है और केवल सेब का ही वार्षिक कारोबार पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक का है। उन्होंने कहा कि कृषि और बागवानी क्षेत्र रोजगार सृजन, पोषण सुरक्षा और गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों मेें निरन्तर अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विश्वविद्यालय अधिक से अधिक कृषकों को खाद्य प्रसंस्करण में प्रशिक्षित कर नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि डाॅ. वाई.एस. परमार विश्वविद्यालय जैसे उच्चतर शैक्षणिक संस्थान नवीनतम ज्ञान और तकनीक विकसित करने और कृषि समुदाय तक इनकी पहुँच बनाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। उन्होंने प्रदेश में बागवानी विश्वविद्यालय की स्थापना में हिमाचल प्रदेश के संस्थापक एवं प्रथम मुख्यमंत्री डाॅ. वाई.एस. परमार के अमूल्य योगदान को भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान प्रदेश की अर्थव्यवस्था में बागवानी क्षेत्र ने बहुत महत्त्वपूर्ण सहायता प्रदान की है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी अटल नवाचार सूची में विश्वविद्यालय को ए-ग्रेड दिया गया है और भारतीय कृषि अनुसंधान द्वारा मान्यता प्राप्त कृषि विश्वविद्यालय की सूची में इसे 11वां स्थान प्राप्त हुआ है। अब तक इस विश्वविद्यालय से 7,376 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर चुके हैं और वर्तमान में विश्वविद्यालय के विभिन्न डिग्री कार्यक्रमों के अन्तर्गत 2,627 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ने जिला मंडी के थुनाग में बागवानी एवं वानिकी महाविद्यालय भी स्थापित किया है। जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर, वन मंत्री राकेश पठानिया और विधायक कर्नल धनीराम शांडिल नौणी विश्वविद्यालय परिसर से और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डाॅ. राम लाल मारकंडा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डाॅ. राजीव सैजल, हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रणधीर शर्मा मुख्यमंत्री के साथ शिमला से इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने बुधवार को कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के लिए एशियन विकास बैंक की 2095 करोड़ रुपये की अधोसंरचना विकास परियोजना के लिए सैद्धान्तिक रूप से स्वीकृति प्राप्त करने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि इसमें से 90 प्रतिशत ऋण राशि होगी, जो भारत सरकार द्वारा समर्थित होगी जबकि 10 प्रतिशत राज्य का हिस्सा होगा, क्योंकि हिमाचल प्रदेश एक विशेष श्रेणी का राज्य है।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य राज्य में नये पर्यटन स्थलों को विकसित करने के अतिरिक्त मौजूदा पर्यटन स्थलों का रख-रखाव, सुधारीकरण और सांस्कृतिक धरोहर का सरंक्षण सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत मौजूदा पर्यटन स्थलों से भीड़भाड़ व पर्यटकों के भारी दबाव को कम करने के लिए इको-टूरिज्म को बढ़ावा देकर राज्य के अनछुए गंतव्यों का विकास सुनिश्चित किया जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से केंद्रीय वित्त मंत्री के समक्ष इस मामले को उठाया था और पर्यटन मंत्रालय, नीति आयोग और वित्त मंत्रालय के समक्ष प्रस्तुति दी है। उन्होंने कहा कि एशियन विकास बैंक (एडीबी) से फंडिंग के लिए वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग की स्क्रीनिंग कमेटी ने इसे सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस परियोजना को दो वित्तांश में क्रियान्वित किया जाएगा। पहले वित्त भाग में 900 करोड़ रुपये से अधिक जबकि दूसरा वित्त भाग 1100 करोड़ रुपये से अधिक का होगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का कार्य शीघ्र आरम्भ किया जाएगा और यह परियोजना अगले वर्ष मार्च से तेजी पकड़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के क्रियान्वयन से राज्य में पर्यटन गतिविधियों को और अधिक बढ़ावा मिलेगा, जिससे यहां विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे का निर्माण होगा और विश्व के कोने-कोने से पर्यटकों को हिमाचल आने के लिए आकर्षित किया जा सकेगा।
उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि हिमाचल इम्पोरियम शिमला के जीर्णोंद्धार का कार्य जनवरी, 2022 में आरम्भ कर दिया जाएगा और हिमाचल इम्पोरियम नई दिल्ली के जीर्णोंद्धार कार्य के लिए भी सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी गई है। यह जानकारी उन्होंने मंगलवार को आयोजित हिमाचल प्रदेश राज्य हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम के निदेशक मण्डल की 187वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उद्योग मंत्री द्वारा अधिकारियों को निगम के उत्पादों की उच्च गुणवत्ता बनाए रखने के दृष्टिगत विभिन्न दिशा निर्देश भी दिए गए। निगम के उपाध्यक्ष संजीव कटवाल ने कहा कि कारीगरों व बुनकरों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। बैठक में निगम के कर्मचारियों को एक जुलाई, 2021 से छह फीसदी महंगाई भत्ता प्रदान करने को भी मंजूरी प्रदान की गई है। निगम के उपाध्यक्ष संजीव कटवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. धीमान, निदेशक उद्योग राकेश कुमार प्रजापति, प्रबन्ध निदेशक कुमुद सिंह, महाप्रबन्धक योगेश गुप्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। हिमाचल प्रदेश सामान्य उद्योग निगम सीमित के निदेशक मण्डल की 220वीं बैठक की अध्यक्षता उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह द्वारा की गई। उन्होंने कहा कि निगम ने वित्त वर्ष 2020-21 के लाभांश का पांच प्रतिशत अपने शेयरधारकों को देने की सिफारिश की गई है। इसका अनुमोदन वार्षिक सामान्य बैठक में किया जाएगा। बिक्रम सिंह ने कहा कि निगम द्वारा इस वर्ष 31 अक्तूबर तक 3.50 करोड़ रुपये का अनुमानित लाभ और वित्त वर्ष 2019-20 में 5.06 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया गया है। निगम के सभी कर्मचारियों को वित्त वर्ष 2018-19 के लिए अनुग्रह राशि प्रदान करने का अनुमोदन भी किया गया। बैठक में निगम के उपाध्यक्ष मनोहर धीमान, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग आर.डी. धीमान, निदेशक उद्योग एवं निगम के प्रबन्ध निदेशक राकेश कुमार प्रजापति, विशेष सचिव वित्त राकेश कंवर, गैर सरकारी सदस्य डी.के. शर्मा और मीरा आनंद तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित प्रदेश मंत्रिमण्डल की बैठक में हिमाचल प्रदेश सचिवालय में कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) के स्थान पर लिपिक के 100 पद भरने तथा वर्ष 2022 और 2023 में संभावित रिक्तियों के दृष्टिगत लिपिक के 50 पदों को भरने की स्वीकृति प्रदान की गई है। मंत्रिमण्डल ने राज्य में स्वर्ण जयन्ती परम्परागत बीज सुरक्षा एवं संवर्द्धन योजना प्रारम्भ करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य पारम्परिक फसलों के उत्पादन व उत्पादक क्षमता में वृद्धि, पारंपरिक फसलों की पोषण सुरक्षा में सुधार और किसानों की आय दोगुनी करना है। मंत्रिमण्डल ने वर्ष 2020-21 के लिए अटल स्कूल वर्दी योजना के अन्तर्गत कक्षा पहली, तीसरी, छठी और नवीं कक्षा के बच्चों को स्कूल बैग प्रदान करने के उद्देश्य से इनकी खरीद, आपूर्ति और वितरण के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा ई-निविदा के एल-1 निविदादाता मैसर्ज हाई स्पिरिट कमर्शियल वैंचर्ज प्राइवेट लिमिटेड को स्वीकृति प्रदान की। इससे प्रदेश की विभिन्न राजकीय पाठशालाओं में अध्ययनरत लगभग तीन लाख विद्यार्थियों को लाभ होगा और इस पर लगभग नौ करोड़ रुपये की राशि व्यय की जाएगी। बैठक में वर्ष 2020-21 के लिए पथ कर (टाॅल) इकाइयों की टाॅल फीस को कम करने/इसमें छूट देने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। यह निर्णय पिछले वर्ष जून, 2020 से सितम्बर, 2020 के मध्य राज्य में केवल आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई में लगे वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति प्रदान करने के कारण इन इकाइयों को हुए घाटे विशेष तौर पर ऐसी टाॅल इकाइयां, जिन्होंने अपने नवीनीकरण के लिए पूरी राशि का भुगतान किया था, उनकी ओर से पथ कर फीस में छूट अथवा इसे कम करने तथा मासिक किस्त के भुगतान के सम्बन्ध में प्रस्तुत की गई मांग के आधार पर लिया गया। मंत्रिमण्डल में मैसर्ज टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का अनुबंध 6.18 करोड़ रुपये के बिना किसी कर भुगतान के साथ 1 मई, 2021 से 30 अप्रैल, 2022 तक बढ़ाने का निर्णय लिया बशर्ते आबकारी विभाग ये सेवाएं आंतरिक स्तर पर अपने अधीन लाने के लिए तंत्र विकसित करेगा। मंत्रिमंडल ने मंडी में नया विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए दि सरदार पटेल यूनिवर्सिटी, मंडी, हिमाचल प्रदेश (स्थापना एवं विनिमयन) बिल, 2021 प्रदेश विधानसभा में प्रस्तुत करने का निर्णय लिया है। बैठक में प्रदेश में सतत् परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए बिजली चालित वाहनों के विकास और विद्युत चालित वाहनों के निर्माण में वैश्विक केन्द्र बनाने और सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्र में इन वाहनों के लिए चार्जिंग अधोसंरचना विकसित करने तथा विद्युत चालित वाहनों के विनिर्माण में लगे उद्योगों को अनुदान और अन्य प्रोत्साहन प्रदान करने के दृष्टिगत इलैक्ट्रिक व्हीकल पाॅलिसी के ड्राफ्ट को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमण्डल ने कांगड़ा जिला की फतेहपुर तहसील के अन्तर्गत रे में उप- तहसील खोलने और इसके लिए विभिन्न श्रेणी के 12 पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में शिमला जिला की जुन्गा उप-तहसील को स्तरोन्नत कर तहसील का दर्जा प्रदान करने की स्वीकृति दी गई। कुल्लू जिला की भुंतर तहसील के अन्तर्गत जरी में उप-तहसील खोलने और इसके लिए विभिन्न श्रेणियों के 12 पदों के सृजन को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। बैठक में शहरी क्षेत्रों में लागू प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना के अन्तर्गत स्ट्रीट वेंडर्ज व रेहड़ी वालों इत्यादि के लिए स्वीकृत ऋण के लिए हाइपौथिकेशन अनुबंध पर स्टाम्प ड्यूटी घटाकर न्यूनतम 10 रुपये करने और कुल्लू जिला के आनी विधानसभा क्षेत्र के सवाड़ में जल शक्ति विभाग का नया उप-मण्डल स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। मंत्रिमण्डल ने मण्डी जिला के करसोग क्षेत्र के अंतर्गत चुराग में जल शक्ति विभाग का उपमण्डल और माहुनाग स्थित सवामहूं में जल शक्ति विभाग का सेक्शन कार्यालय खोलने तथा विभिन्न श्रेणियों के चार पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में चम्बा जिला के पांगी क्षेत्र के किलाड़ में जल शक्ति विभाग का मण्डल तथा भरमौर क्षेत्र के साच (पांगी) में जल शक्ति विभाग का उप मण्डल खोलने को स्वीकृति प्रदान की गई है। मंत्रिमण्डल ने चम्बा जिला के भरमौर विधानसभा के अन्तर्गत शिक्षा खण्ड मैहला की ग्राम पंचायत सुनारा के ततारी गांव, शिक्षा खण्ड गैहरा के अन्तर्गत ग्राम पंचायत फट्टी गैहरा के अटाला गांव, शिक्षा खण्ड पांगी स्थित किलाड़ की ग्राम पंचायत शूण के गांव टांवा और ग्राम पंचायत सेचू के गांव पुष्वाश चास्क राजकीय प्राथमिक पाठशालाएं खोलने को स्वीकृति प्रदान की है। मण्डी जिला के द्रंग विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत रैंस गांव तथा सुन्दरनगर विधानसभा क्षेत्र के चिराल में प्राथमिक पाठशालाएं खोलने की भी स्वीकृति प्रदान की गई। कुल्लू जिला के आनी खण्ड में स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला देवरी को स्तरोन्नत कर राजकीय माध्यमिक पाठशाला बनाने और इसके लिए विभिन्न श्रेणियों के पदों को सृजन करने की स्वीकृति दी गई। सोलन जिला के राजकीय महाविद्यालय कंडाघाट में गणित विषय की कक्षाएं प्रारम्भ करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमण्डल द्वारा मेडस्वान फाउंडेशन को पूर्व में जारी लैटर ऑफ अवार्ड को कार्याेत्तर स्वीकृति देने तथा चार वर्षों के लिए इस फाउंडेशन को लैटर ऑफ अवार्ड की स्वीकृति और प्रदेश में एनएए-108/जेएसएसके-102 एम्बुलेंस के संचालन और मरम्मत के लिए इसके साथ त्रिकोणीय समझौता करने को अपनी स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में जिला मंडी के सरोआ में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा बस्सी में स्वास्थ्य उपकेंद्र आवश्यक पदों के सृजन सहित खोलने का निर्णय लिया गया । जिला कुल्लू की लग घाटी के दुंगधरी गड़ मे आवश्यक पदों के सृजन सहित स्वास्थ्य उप-केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया। जिला मंडी के सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमनी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक पदों के सृजन के साथ स्तरोन्नत करने का निर्णय भी लिया गया है। कुल्लू जिला की कुल्लू तहसील के मोहाल रोपड़ी में हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड को भुट्टी में 33/11 केवी 2 गुणा 1.16 एमवीए उप मण्डल स्थापित करने के लिए 0-12-00 हेक्टेयर भूमि 99 वर्षों की लीज पर 1200 रुपये प्रति वर्ष के लीज मूल्य पर देने का निर्णय लिया लिया गया है। बैठक में वायु सेना केन्द्र डलहौजी के लिए भारतीय वायुसेना, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार को नियमों और निर्देशों में छूट प्रदान करते हुए एक विशेष मामले के तहत मोतीटिब्बा में 766 वर्गमीटर भूमि एक रुपये टोकन मूल्य पर स्थानान्तरित करने को स्वीकृति दी गई। कुल्लू जिला के मनाली में बहुमंजिला कार पार्किंग और बस अड्डे के निर्माण के लिए हिमाचल प्रदेश बस अड्डा प्रबन्धन और विकास प्राधिकरण को मोहाल कस्वाती नसोगी, मनाली और मोहाल कस्वाती छियाल विहा, मनाली में 1-65-83 हेक्टेयर वन भूमि 99 वर्षों की लीज पर 16,583 रुपये प्रतिवर्ष के लीज मूल्य और इसमें प्रति पांच वर्ष पश्चात् पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी पर प्रदान करने को स्वीकृति प्रदान की गई है। कांगड़ा जिला की धर्मशाला तहसील और मौजा के अन्तर्गत 00-05-10 हेक्टेयर भूमि कांगड़ा आट्र्स प्रोमोशन सोसायटी (पंजीकृत), धर्मशाला को 99 वर्ष की लीज पर 13158 रुपये वार्षिक लीज मूल्य जिसमें कि प्रति पांच वर्ष पश्चात पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी पर प्रदान करने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। सिरमौर जिला में स्थानीय लोगों को सुविधा प्रदान करने के दृष्टिगत पटवार वृत्त चाड़ना को नौहराधार तहसील से उप-तहसील हरिपुरधार में स्थानान्तरित करने को भी स्वीकृति प्रदान की। ऊना जिला में पुलिस चैकी मैहतपुर को स्तरोन्नत कर पुलिस थाना बनाने और इसके लिए विभिन्न श्रेणियों के 19 पदों के सृजन को अपनी स्वीकृति दी गई। कांगड़ा जिला के नूरपुर स्थित पुलिस उप अधीक्षक के कार्यालय को स्तरोन्नत कर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करने को स्वीकृति दी। मण्डी जिला में ग्राम पंचायत धरोट को विकास खण्ड गौहर से स्थानान्तरित कर विकास खण्ड निहरी में शामिल करने को अपनी स्वीकृति दी। बैठक में कुल्लू जिला के दयोठा और कोट में आवश्यक पदों के सृजन के साथ स्वास्थ्य उप केन्द्र खोलने को मंजूरी दी गई है। मण्डी जिला के खन्यौल बगड़ा, चरखड़ी, सेरी और जयदेवी में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने और इन केन्द्रों के संचालन के लिए आवश्यक पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की गई। मंडी जिला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बल्दवाड़ा को 50 बिस्तर वाले नागरिक अस्पताल में विभिन्न श्रेणियों के 11 पदों के सृजन सहित स्तरोन्नत करने का निर्णय लिया गया। जिला मंडी विशेषकर जंजैहली क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिमंडल ने जंजैहली स्थित पर्यटन विभाग के सांस्कृतिक केंद्र के स्तरोन्नयन, संचालन तथा प्रबंधन का कार्य एकल बोली लगाने वाले मेसर्स गेबल्स प्रमोटर्स प्राईवेट लिमिटेड चंडीगढ़ को प्रदान करने को स्वीकृति प्रदान की है। मंडी में पर्यटन विभाग के पी.पी.पी मोड के तहत सुविधा केंद्र के स्तरोन्नयन, संचालन तथा प्रबंधन को सबसे अधिक बोली लगाने वाले मेसर्ज एग्री कन्सलटन्टस प्राईवेट लिमिटेड नई दिल्ली-मेसर्ज लाॅर्डस इन हाॅटल्स एवं डवेल्पर्स प्राईवेट लिमिटेड (कन्सोरटियम) को प्रदान करने का निर्णय लिया। बैठक में आयुर्वेदिक अस्पताल केलंग का नाम श्री टाशी छेरिंग आयुर्वेदिक अस्पताल केलंग रखने का निर्णय लिया गया। यह निर्णय प्रसिद्ध चिकित्सक को सम्मान प्रदान करने के लिए लिया गया है। जिला सोलन के श्री गुग्गामाड़ी मेला सुबाथू को जिला स्तरीय मेला घोषित करने का निर्णय लिया। राज्य में कोविड-19 की स्थिति तथा तीसरी लहर से निपटने की तैयारियों को लेकर एक प्रस्तुति भी दी गई। राजस्व मामलों के सुचारू निस्तारण के लिए राज्य के उपमण्डलों में सी श्रेणी के कार्यालय कानूनगो के 41 पदों को भरने की स्वीकृति प्रदान की गई है। जिला शिमला की तहसील कोटखाई में नई सृजित उप-तहसील कलबोग के सुचारू कामकाज के लिए विभिन्न वर्गों के 12 पदों को भरने का निर्णय भी लिया गया है। वन विभाग में कनिष्ठ अभियन्ता (सिविल) के 12 पदों को भरने का निर्णय लिया गया। अभियोजन विभाग में डेलीवेज आधार पर सेवादार के 30 पदों को भरने का निर्णय भी लिया गया। बैठक में हिमाचल प्रदेश सचिवालय में सफाई कर्मचारियों के 28 पद और हिमाचल प्रदेश ऊन संघ में ऊन निकालने वालों के दस पदों को भरने का निर्णय लिया गया है। चैधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में अधिष्ठाता के पांच पद और निदेशक के दो पद भरने का निर्णय लिया गया है। मत्स्य पालन विभाग में मत्स्य अधिकारी के दो पदों और मत्स्य क्षेत्रीय सहायक के 20 पदों को सीधी भर्ती द्वारा अनुबंध आधार पर भरने का निर्णय भी मंत्रिमंडल की बैठक मे लिया गया है। परिवहन विभाग में मोटर व्हीकल निरीक्षकों के सात पदों को अनुबंध आधार पर भरने का निर्णय लिया गया है। मंत्रिमंडल ने अटल बिहारी वाजपेयी अभियांत्रिक संस्थान प्रगतिनगर जिला शिमला के पाॅलिटेक्निक विंग में कंप्यूटर अभियांत्रिकी के वरिष्ठ लेक्चरर और इलेक्ट्रिकल अभियांत्रिकी का एक-एक पद सृजित करने को अपनी सहमति प्रदान की है। अभियोजन विभाग में कनिष्ठ आशुलिपिक के दो पदों को सीधी भर्ती द्वारा अनुबंध आधार पर भरने का निर्णय लिया है।
04 दिसम्बर, 2021 को इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान चिकित्सा संस्थान (आईजीएमसी) शिमला में ऐसे बच्चों के लिए निःशुल्क शिविर आयोजित किया जा रहा है जो जन्म से ही अन्दर या बाहर की तरफ मुडे़ हुए पैरों वाली जन्मजात विकृति क्लबफुट के साथ पैदा हुए हैं। यह जानकारी मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डाॅ. राजन उप्पल ने दी। डाॅ. राजन उप्पल ने कहा कि ऐसे दिव्यांग बच्चों को सामान्य बच्चों की तरह जीवन व्यतीत करने की दिशा में यह निःशुल्क शिविर महत्वपूर्ण है। उन्होंने क्लबफुट विकृति से पीड़ित सभी बच्चों के अभिभावकों से आग्रह किया है कि वह 04 दिसम्बर, 2021 को आईजीएमसी शिमला में आयोजित किए जा रहे शिविर में ऐसे बच्चों की निःशुल्क जांच व उपचार करवाएं। अधिक जानकारी के लिए क्योर इण्डिया के मनदीप से मोबाइल नम्बर 88000-20515 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
राज्य के सरकारी स्कूलों में कार्यरत 2555 एसएमसी शिक्षकों को स्थायी नीति बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। दो दिसंबर को मुख्य सचिव राम सुभग सिंह की अध्यक्षता में होने वाली हाई पावर कमेटी की बैठक में इस मसले पर चर्चा की जाएगी । विभाग की ओर से बैठक के लिए तैयार किए गए एजेंडे में इस मामले को शामिल किया गया है। बैठक से ठीक पहले पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने निदेशक उच्चतर व प्रारंभिक शिक्षा विभाग को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा स्कूलों में एसएमसी शिक्षक पिछले आठ व इससे ज्यादा समय से विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा इनके लिए स्थायी पालिसी बनाई जाए। धूमल जब प्रदेश के मुख्यमंत्री थे उस वक्त इनकी नियुक्तियां की गई थी। एसएमसी शिक्षकों के मसले पर चर्चा के लिए विभाग ने इसके लिए पूरी कसरत कर दी है। विभाग ने विधि विभाग से भी राय ले ली है। वर्ष 2012 से एक-एक साल का सेवा विस्तार देकर दुर्गम क्षेत्रों में एसएमसी शिक्षकों की सेवाएं ली जा रही हैं। एसएमसी के तहत पीजीटी, डीपीई, टीजीटी, सीएंडवी और जेबीटी लगाए गए हैं। शिक्षकों की लंबी सेवाओं को देखते हुए सरकार ने अब इस बाबत सकारात्मक रुख अपनाते हुए आगामी फैसला लेने की कवायद शुरू की है। बीते अप्रैल में हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के शिक्षकों के मामले मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सुलझाने के लिए 11 सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी में अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त, कार्मिक, विधि और शिक्षा सचिव को सदस्य बनाया है। उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक इसके सदस्य सचिव बनाए गए हैं। कमेटी में विशेष/अतिरिक्त और संयुक्त सचिव स्तर के वित्त और शिक्षा विभाग की ए, बी और सी शाखा के अधिकारी भी सदस्य बनाए गए हैं। शिक्षकों से जुड़े पदोन्नति, तबादलों, नियुक्तियों और नियमितीकरण से संबंधित मामलों की सुनवाई इस कमेटी में होनी है। कमेटी की सिफारिश पर ही कैबिनेट मंजूरी को मामले भेजे जाएंगे
सोमवार को शहरी विकास मंत्री द्वारा हिपा में नगर निगमों के महापौरों और उप महापौरों, प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और निर्वाचित प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण से क्षमता निर्माण में मदद मिलेगी। उन्होंने लंबे समय से स्थापित रूढि़यों को संशोधित करने के लिए निर्वाचित सदस्यों के बीच पूरी तरह से व्यवहार और व्यवहार परिवर्तन की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। उन्होेंने सभी सदस्यों को शहरी स्थानीय निकायों के प्रभावी कामकाज के लिए अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में सक्षम बनाने के लिए कौशल प्रदान करने और ज्ञान बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। सुरेश भरद्वाज ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार के सतारूढ़ होने पर पूर्व में शहरी स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया था। वर्तमान में इन निकायों में 50 प्रतिशत से अधिक महिला प्रतिनिधि चुनी जाती हैं। यह बदलाव का संकेत है और हमें इसे सुशासन सुनिश्चित करने के लिए एक अवसर में बदलना होगा। उन्होंने बेहतर प्रशासन के लिए शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों से अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने का आग्रह किया और कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधि सरकारी परियोजनाओं, योजनाओं, नियमों की जानकारी प्राप्त करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने शहरी जीवन को बदलने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि शहरीकरण अपने आप में एक चुनौती है और अब समय आ गया है कि इसे एक अवसर के रूप में लिया जाए। इसके लिए बेघरों के लिए घर, बेरोजगारों के लिए नौकरी, चैबीसों घंटे जलापूर्ति, स्वच्छता, शहरी क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा सरकार की प्राथमिकताओं में हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में हिमाचल ने अच्छा प्रदर्शन किया और स्वच्छ सर्वेक्षण (स्वच्छता सर्वेक्षण) में शीर्ष पांच राज्यों में जगह बनाई। नवाचार और प्रभावी प्रशासन के माध्यम से इसमें और सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि नीति आयोग ने पहली बार शहरी भारत के लिए एसडीजी इंडेक्स शुरू किया है और शिमला शहर इसमें शीर्ष पर है। प्रशिक्षण कार्यक्रम शहरी विकास विभाग द्वारा तैयार किया गया है। इस अवसर पर निदेशक शहरी विकास मनमोहन शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग सर्दियों में सड़कों पर ठिठुरने को मजबूर बेसहारा लोगों की सुध लेगा। आयोग के सदस्य डॉ. अजय भंडारी ने मानवाधिकार जागरूकता पर उमंग फाउंडेशन के सप्ताहिक वेबिनार में कहा कि इस मामले में सरकार को निर्देश जारी किए जाएंगे। उनका कहना था कि आयोग स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से मानवाधिकार जागरूकता का अभियान भी चलाएगा। कार्यक्रम में लगभग 70 युवाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के संयोजक और उमंग फाउंडेशन के ट्रस्टी और दिल्ली विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर डॉ. सुरेन्दर कुमार ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज़ादी के अमृत महोत्सव और हिमाचल के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष में उमंग फाउंडेशन द्वारा शुरू किए गए साप्ताहिक वेबीनार की श्रृंखला के 11वें कार्यक्रम में "मानवाधिकार संरक्षण में राज्य मानवाधिकार आयोग की भूमिका" पर आयोग के सदस्य डॉ. अजय भंडारी मुख्य वक्ता थे। उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष और मानवाधिकार कार्यकर्ता प्रो.अजय श्रीवास्तव ने प्रदेश में मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाओं पर प्रकाश डाला।
हिमाचल प्रदेश पुलिस के प्रोबेशन अवधि को कम ना करने के सरकार के फ़ैसले का हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस ने कड़ा विरोध किया है । युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष निगम भंडारी और मुख्य प्रवक्ता डॉ चंदन राणा ने जारी प्रेस विज्ञापन में बताया कि 27 नवम्बर को हिमाचल प्रदेश सरकार ने JCC मीटिंग के दौरान कई अहम फैसले लिए जिनसे कर्मचारी वर्ग में काफ़ी रोष है। प्रदेश सरकार द्वारा JCC की बैठक में लिए गए फ़ैसले जयराम सरकार की प्रशासनिक विफलता का जीता जागता सबूत है। इसमें सबसे ज़्यादा नाराज़गी पुलिस विभाग के कर्मचारियों में है। पुलिस कर्मियों की लम्बे समय से ये माँग रही है कि उनके प्रोबेशन अवधि जोकि अभी तक 8 वर्ष है, उसे भी अन्य विभागों के कर्मचारियों की तरह कम किया जाए। जहाँ सभी विभागों का अनुबंध कार्यकाल 3 वर्ष से घटा कर 2 वर्ष किया गया वहीं पुलिस का प्रोबेशन पीरियड अभी भी 8 वर्ष ही रखा गया। अभी पिछले 2 दिन से विभिन्न जगहों और बटालियनों में तैनात 2000 से ज़्यादा पुलिसकर्मी मेस के खाने का बहिष्कार कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष निगम भंडारी ने बताया कि JCC बैठक के फ़ैसले केवल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अनुभवहीनता को दर्शाते हैं और चारों सीटें हारने के बाद भौखलाहट में लिये गये निर्णय लगते हैं। आने वाले विधानसभा के सेशन में युवा कांग्रेस विधानसभा का घेराव करके अन्य माँगों के साथ पुलिसकर्मियों को न्याय दिलवाने की माँग को ज़ोर, जोश और शोर के साथ उठाएगी ।
उपचुनाव में मिली शानदार जीत के बाद प्रदेश कांग्रेस में नई ऊर्जा दिख रही है। निसंदेह कांग्रेस का मनोबल बढ़ा है और पार्टी पहले से ज्यादा मजबूत और संगठित दिखने लगी है। इस जीत के साथ ही बदली राजनैतिक फिजा में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर के सियासी वजन में भी इजाफा हुआ है। उपचुनाव के नतीजे कांग्रेस के पक्ष में आये है तो राठौर को भी जीत का क्रेडिट मिलना जायज है। कुलदीप सिंह राठौर पार्टी की बड़ी ताकत बनकर उभरे है, दरअसल उनका किसी गुट में न होना पार्टी को एकजुट रखने में कारगर सिद्ध हुआ है। उपचुनाव में मिली जीत, संगठन को लेकर आगे की रणनीति, 2022 में खुद चुनाव लड़ने जैसे कई अहम मसलों पर फर्स्ट वर्डिक्ट ने राठौर से विशेष बातचीत की। राठौर ने तमाम विषयों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। पेश है बातचीत के मुख्य अंश सवाल : सत्ता के सेमीफाइनल में कांग्रेस ने चारों सीटों पर जीत दर्ज की है। ऐसे में आगामी 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर क्या रणनीति रहने वाली है ? जवाब : हाल ही में जो प्रदेश में उपचुनाव हुए है वो बेहद ही महत्त्वपूर्ण चुनाव थे। हमारी लड़ाई न केवल केंद्र व प्रदेश सरकार से थी बल्कि भाजपा की जनविरोधी नीतियों से भी थी। सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ हमने और हमारे संगठन ने लगातार प्रदर्शन किए, आंदोलन किए। हम हमेशा लोगों के साथ खड़े रहे और यही कारण है कि हमें चुनाव के दौरान जनता का भरपूर समर्थन मिला। चुनाव की जीत कभी भी एक दिन में तय नहीं होती है, संगठन को हमेशा सक्रिय रहना पड़ता है और पिछले 3 वर्षों से हमारा संगठन लगातार सक्रिय रहा है। उपचुनाव के बाद अब हमारा लक्ष्य उन सभी विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करना है जहाँ कांग्रेस की स्तिथि सहज नहीं है। हमारी क्या कमियां रही है और क्या सुधार किया जा सकता है, इन सभी चीज़ों पर विचार किया जा रहा है। उपचुनाव में कांग्रेस को मिली जीत का असर पूरे हिंदुस्तान में हुआ है। हमारी पार्टी ने सेमीफाइनल जीता है और हम उत्साहित भी है, लेकिन अति उत्साहित नहीं। संगठन को किस तरह से और मजबूत किया जाए इस पर हम लगातार मंथन कर रहे है। सवाल : मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जारी एक ब्यान में कहा है कि कांग्रेस श्रद्धांजलि से चुनाव जीती है, इस पर आपका क्या विचार है ? जवाब : इस ब्यान पर तो मैं ये ही कहूंगा ये मुख्यमंत्री का विरोधाभास है। एक तरफ तो उनका कहना है कि चुनाव में हार उनके आंतरिक कारणों की वजह से हुई है और दूसरी तरफ मुख्यमंत्री कहते है कि कांग्रेस को श्रद्धांजलि के वोट मिले है। सबसे पहले तो मुख्यमंत्री खुद ही स्पष्ट करें कि आखिर उपचुनाव में वो क्यों हारे है। मुख्यमंत्री खुद हार के कारण को ढूंढ़ने में उलझ गए और वास्तविकता तक नहीं पहुँच पाए। मैं उन्हें ये बताना चाहता हूँ कि भाजपा इसलिए चुनाव हारी है क्योंकि पिछले चार वर्षों में प्रदेश में कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ है। प्रदेश में लगातार महंगाई व बेरोज़गारी बढ़ी है, कानून व्यवस्था भी ठीक नहीं है और ऐसे कई कारण रहे जिनकी वजह से भाजपा को हार का सामना करना पड़ा और इन सभी मुद्दों को जनता तक पहुंचाने में हम सफल रहे। मुझे लगता नहीं है कि मुख्यमंत्री को इस हार से कुछ सबक मिला है। वही श्रृद्धांजलि की बात करे तो मुख्यमंत्री क्या कहना चाहते है। किसकी श्रद्धांजलि की बात वो कर रहे है वीरभद्र सिंह जी ने प्रदेश के लिए काम किया है और यदि हम उनके द्वारा किये गए कार्यों का ज़िक्र करते भी है तो वो हमारा अधिकार है। कांग्रेस पार्टी ने हिमाचल को बनाया है और निश्चित तौर पर जब हम चुनाव प्रचार करेंगे तो अपनी पार्टी की बड़ी हस्तियों का उल्लेख जरूर करेंगे। सवाल : मुख्यमंत्री का ये भी कहना है कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री के16 चेहरे हैं, इस बात को आप किस तरह देखते है ? जवाब : देखिये मुख्यमंत्री जी अपना क्रोध शांत करने के लिए कुछ भी कह सकते हैं। अब कौन से वो 16 चेहरे है वो ही बताएं। मुख्यमंत्री जी अगर बोल रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी में मुख्यमंत्री के 16 चेहरे है तो इसका मतलब ये है कि कांग्रेस पार्टी इतनी सक्षम है कि हमारे पास इतने मुख्यमंत्री के चेहरे है। मुख्यमंत्री का चेहरा तो वही होगा जो सक्षम होगा। अगर कोई मुख्यमंत्री का दावेदार है भी तो इसमें कोई बुराई नहीं है। अगर कोई भी संगठन में काम कर रहा है तो उसका पूरा हक़ बनता है लेकिन लक्ष्मण रेखा के अंदर रह कर। यदि कोई सोचता है कि उसे आगे बढ़ना है तो इसमें क्या गलत है। बाकी जो मुख्यमंत्री कहते हैं मैं उनकी बातों पर अधिक गौर करना जरूरी नहीं समझता हूँ। सवाल : आपकी लीडरशिप में कांग्रेस ने जीत हासिल की है और लोगो के मन में ये सवाल है कि क्या कुलदीप राठौर आगामी चुनाव लड़ेंगे ? जवाब : देखिये अभी फ़िलहाल तो मैं चुनाव लड़वा रहा हूँ और प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते मेरा ये फ़र्ज़ है कि मैं पार्टी के हर उम्मीदवार के साथ खड़ा रहूं। मुझे इस बात की ख़ुशी है की पार्टी का जो जिम्मा मुझे दिया है मैं उसे पूर्ण रूप से निभाने का प्रयास भी कर रहा हूँ और निश्चित तौर पर मैं सफल भी रहा हूँ। रही बात चुनाव लड़ने की तो निश्चित तौर पर मेरे गृह क्षेत्र के लोग मुझे हमेशा क्षेत्र का दौरा करने व चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित करते आएं है। लेकिन मेरा मानना है कि जिस पद पर मैं अभी हूँ मेरा पहला दायित्व संगठन को मजबूत करना है, बाकी सभी बाते सेकेंडरी है। मेरे निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को मुझसे अपेक्षा है और मैं पूरा प्रयास करूंगा की उनकी उम्मीदों पर खरा उतरूं। सवाल : प्रदेशवासियों के लिए क्या सन्देश देना चाहेंगे ? जवाब : मैं यही कहना चाहता हूँ कि पक्ष हो या विपक्ष हो हमें देश के विकास के लिए ही कार्य करना है। मैं प्रदेश की जनता को भी यही कहना चाहता हूँ कि अपना नेता वही चुने जो आपकी सभी तकलीफों को समझे और आपके लिए दिन रात खड़ा रहे।
हिमाचल प्रदेश सरकार के प्रयास से भारतीय खाद्य निगम ने धान खरीद को लेकर दो लाख क्विंटल का आंकड़ा पार कर लिया है। प्रदेश में एफसीआई द्वारा 9 खरीद केंद्रों पर कृषि उपज विपणन समिति के माध्यम से किसानों का धान खरीदा जा रहा है। विशेष बात यह है कि प्रदेश के किसानों से खरीदे गए धान का भुगतान भी 24 घंटे के भीतर ही करवाया जा रहा है। प्रदेश के करीब चार हजार किसानों को सीधे-सीधे लाभ पहुंचाते हुए उनके खातों में लगभग 38 करोड़ रुपए से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। बता दें कि 15 अक्तूबर, 2021 से धान खरीद का कार्य सिरमौर, ऊना, कांगड़ा और सोलन जिला के विभिन्न खरीद केंद्रों पर प्रारंभ किया गया है। सिरमौर जिला में हरिपुर-टोहाना, काला अंब व पीपलीवाला, ऊना जिला में टकराला मंडी और टाहलीवाल, कांगड़ा जिला में फतेहपुर मंडी व इंदौरा स्थित त्योराह तथा सोलन जिला में नालागढ़ मंडी और मालपुर में यह खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से 24 नवम्बर, 2021 तक लगभग 2,14,311.95 क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है और इससे लगभग 4,474 किसानों को लाभ पहुंचा है। आंकड़ों के अनुसार सिरमौर जिला में अभी तक लगभग 1,01,808.78 क्विंटल, ऊना जिला में लगभग 19,612.16 क्विंटल, कांगड़ा जिला में लगभग 51,685.50 क्विंटल और सोलन जिला में लगभग 41205.52 क्विंटल धान की खरीद की गई है।
पिछले छह वर्ष से गुर्दे की बीमारी से पीड़ित अमनदीप, अपने इलाज व डायलिसिस के खर्च के लिए हमेशा चिंतित रहते थे। छोटी सी दुकान चलाने वाले अमनदीप के घर में इलाज का खर्च हमेशा चर्चा विषय बनता था क्योंकि प्राइवेट अस्पताल का खर्च जेब पर भारी पड़ता था। इसी पशोपेश के बीच दो साल पहले अमनदीप को हिमाचल प्रदेश सरकार की हिमकेयर योजना की जानकारी मिली। आसानी से उन्होंने अपने परिवार का कार्ड बनाया और अब वह क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में आकर फ्री डायलिसिस करवा रहे हैं। अमनदीप ने कहा कि हम गरीबों के लिए हिमकेयर जैसी योजना सही मायनों में संजीवनी का काम कर रही है, जिसमें इलाज का खर्च सरकार देती है। हिमकेयर का कार्ड बनवाकर इलाज के लिए पैसों की चिंता खत्म हो गई है। अब हफ्ते में दो बार डायलिसिस फ्री में होता है और दवाई भी निशुल्क मिलती है। अमनदीप की ही तरह जिला ऊना में हजारों गरीब परिवारों के लिए हिमकेयर योजना वरदान बन गई है। बीपीएल परिवारों के लिए कोई प्रीमियम नहीं हिमकेयर योजना के बारे में उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत अस्पताल में भर्ती होने पर 5 लाख रूपए के निःशुल्क इलाज की सुविधा का प्रावधान है। इस योजना के अंतर्गत प्रीमियम की दरें विभिन्न श्रेणियों के आधार पर तय की गई है। उन्होंने बताया कि गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) और पंजीकृत रेहड़ी फड़ी वालों से प्रीमियम नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त एकल नारी, 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग, 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सहायिकाएं, आशा कार्यकर्ता, मिड डे-मील वर्कर, दिहाड़ीदार (सरकारी, स्वायत संस्थानों, सोसाइटी, बोर्ड एवं निगम के कर्मचारी), अंशकालिक कार्यकर्ता (सरकारी, स्वायत संस्थानों, सोसाइटी, बोर्ड एवं निगम के कर्मचारी) संस्थानों, एवं अनुबंध कर्मचारी से केवल 365 रूपए और इनके अतिरिक्त जो व्यक्ति नियमित सरकारी कर्मचारी या सेवानिवृत कर्मचारी नहीं हैं, वे 1000 रूपए देकर योजना के अंतर्गत कार्ड बनवा सकते हैं। योजना में सभी तरह की आम बीमारियों को शामिल किया गया है, जिसमें लगभग 1800 उपचार प्रक्रियाएं हैं, जिसकी शुरुआत 1 जनवरी 2019 को हुई थी। एक जनवरी 2022 से फिर शुरू होगा पंजीकरण सीएमओ ऊना डॉ. रमण कुमार शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार की हेल्थ केयर योजना हिमकेयर के कार्ड का पंजीकरण पहली जनवरी, 2022 से दोबारा शुरू होने जा रहा है, जो 31 मार्च तक चलेगा। उन्होंने सभी से इस योजना के लाभ उठाने की अपील की है। सीएमओ ने कहा कि लाभार्थी विभाग की वेबसाइट पर जाकर भी स्वयं पंजीकरण-नवीनीकरण कर सकते हैं। 13,897 मरीजों को मिला नया जीवन योजना के बारे में छठे राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने बताया कि हिमकेयर योजना के तहत जिला ऊना में अब तक 38,831 परिवारों का पंजीकरण किया गया है। इनमें से 13,897 मरीजों का इलाज सरकार ने अपने खर्च पर कर उन्हें नया जीवन दिया है, जिस पर 7.86 करोड़ रुपए व्यय किए गए हैं। सत्ती ने बताया कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमकेयर योजना के माध्यम से गरीब व बीमार व्यक्ति को निशुल्क इलाज की सुविधा प्रदान की है, ताकि धन के अभाव को कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे। इस योजना से न सिर्फ जिला ऊना के बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के मरीज़ लाभ उठाकर अपना फ्री इलाज करा रहे हैं।
प्रदेश की राजनीति गरमाई हुई है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज़ी से चल रहा है। प्रदेश के हर नेता बेबाकी से अपना विचार व्यक्त कर रहे है। ऐसे में शिमला ग्रामीण विधायक विक्रमादित्य सिंह भी लगातार सरकर को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है। हाल ही में विधायक विक्रमादित्य सिंह ने उपचुनाव में बीजेपी की हुई हार को लेकर सरकार पर तंज कसा है। विक्रमादित्य सिंह का कहना है कि प्रदेश में उपचुनाव के बाद सरकार की आंख और कान खुलने शुरू हो गए हैं। उनका कहना है कि प्रदेश में भाजपा सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है और अगले साल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी। विक्रमादित्य सिंह का कहना है कि उपचुनाव परिणाम से साफ है कि प्रदेश में लोग भाजपा की नीतियों से परेशान हैं। बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी चिंता की बात है। सरकार ने किसी भी वर्ग के लिए कोई भी राहत नहीं दी है। विक्रमादित्य सिंह का कहना है कि केंद्र सरकार ने किसानों के संघर्ष के बाद मजबूरी में कृषि कानून वापस लेने का निर्णय लिया है। यह जीत किसानों की है।
मंडी लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर लगातार प्रचार में जुटे हुए थे। अब उपचुनाव में मिली हार की जिम्मेदारी भी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने सिर ले ली है। सीएम का कहना है कि मंडी उपचुनाव में जीत-हार का अब तक का सबसे कम एक प्रतिशत का अंतर रहा है। ज्यादा दुख इस बात का है कि मंजिल तक पहुंचकर हार हो गई। विकास के जो काम बड़े स्तर पर मंडी संसदीय क्षेत्र के हर विधानसभा क्षेत्र में किए गए थे, उस पर ज्यादा फोकस नहीं हो पाया। मंडी हमारी है हमारी रहेगी को लेकर उनका मत पूरे संसदीय क्षेत्र से था, इसका कांग्रेस ने गलत प्रचार किया। सीएम का कहना है कि मंडी चुनाव सहानुभूति के कारण हारा है। कांग्रेस ने श्रद्धांजलि के नाम पर वोट मांगे, मगर हर बार श्रद्धांजलि का कार्ड नहीं चलेगा। साथ ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का कहना है कि सराज में अपेक्षा से कम वोट मिले हैं। नोटा, कम वोटिंग और वामपंथियों का 25 हजार वोट एक मुश्त कांग्रेस को चला जाना भी बड़ा कारण बना। महंगाई भी बड़ा कारण रहा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का कहना है कि यह परिणाम किसी भी सूरत में विधानसभा चुनाव 2022 को प्रभावित नहीं करेगा। आगामी 2022 को लेकर अभी हमारे पास समय है और निश्चित तौर पर 2022 में हम सरकार बनाने के उस आंकड़े को फिर से पार करेंगे।
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में हर घर तक महासंपर्क अभियान चलाने का फैसला भी लिया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार ने कई काम किए हैं। इन्हें जनता तक पहुंचाने का काम कार्यकर्ता का था, लेकिन इसमें ही सफलता नहीं मिल सकी है। अब इसके लिए हर घर में दस्तक देने की मुहिम चलाई जाएगी। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा है कि उपचुनाव हारने का कारण अति आत्मविश्वास व कांग्रेस का संवेदनाओं का सहारा लेना रहा है। किन्तु उपचुनाव का नतीजा भाजपा के लिए आंखें खोलने वाला है।इससे हमें लाभ हुआ है, और इस हार से सीखकर अब पार्टी 2022 की तैयारी करेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पन्ना कमेटी बनाई जा रही है जिसका 80 फीसद काम पूरा हो चुका है, दिसंबर तक इसका 100 फीसद काम पूरा कर लिया जाएगा। सुरेश कश्यप ने कहा कि 27 दिसंबर को प्रदेश सरकार के चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हिमाचल आ सकते हैं। उनका दौरा तय होने के बाद स्थान तय किया जाएगा। सुरेश कश्यप ने कहा कि सरकार व संगठन दोनों ही समन्वय के साथ काम करते रहेंगे। संगठन को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने की दृष्टि से भाजपा ने प्रदेश में विस्तारक योजना चलाकर कार्यकर्ताओं के डाटा को डिजिटल किया जा रहा है। पार्टी अपनी कमियों को दूर कर मिशन रिपीट के लिए प्रतिबद्ध है। सुरेश कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश में विकास के नए आयाम स्थापित हुए हैं। कई संस्थान प्रदेश में खुले हैं। गृहिणी सुविधा योजना के तहत महिलाओं को धुएं से निजात दिलाई है। जनमंच कार्यक्रम के तहत लोगों की अधिकतर समस्याओं का मौके पर निपटारा कर कार्यालयों के चक्कर काटने में राहत प्रदान की है। पार्टी के कार्यकर्ता अब घर -घर जाकर सरकार की उपलब्धियों से आमजन को अवगत करवाएंगे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से हिमालच प्रदेश शिक्षक महासंघ के एक प्रतिनिधिमण्डल ने अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेन्द्र कपूर की अध्यक्षता में भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधिमण्डल ने शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर से भी भेंट की।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए आज जीवनशैली में बदलाव आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन में बहुत से गंभीर रोग जीवन शैली की विकृति के कारण हो रहे हैं, जिनसे सही जीवनशैली व खान-पान के जरिए ही बचा जा सकता है। यह बात राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज ऊना में आयोजित आरोग्य भारती संस्था के प्रांत अधिवेशन में कही। राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पाए जाने वाले औषधीय पौधों का दस्तावेजीकरण आवश्यक है, ताकि लोगों को उन औषधीय पौधों के उपयोग के बारे में जानकारी मिल सके और यह ज्ञान घर-घर तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि बच्चों के ज्ञानवर्धन के लिए स्कूलों में औषधीय पौधों की वाटिकाओं का निर्माण होना चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ी भी इन सेे अवगत हो सके। उन्होंने कहा कि प्रकृति ने ऐसे अनेक पौधे प्रदान किए हैं, जिनकी उपचार में उपयोगिता होती है। औषधीय पौधों की वाटिकाओं से आने वाली पीढ़ी को इन पौधों के बारे में विस्तृत जानकारी मिलेगी। इन सभी कार्यों से आयुर्वेद तथा औषधीय पौधों के प्रति समाज के नजरिये में बदलाव आएगा। आरोग्य भारती के कार्यों की सराहना करते हुए राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उम्मीद जताई की संस्था के प्रांत अधिवेशन में मनुष्य की दीर्घ आयु के साथ-साथ स्वस्थ जीवन पर सकारात्मक चर्चा होगी, जिसके निष्कर्ष समाज को लाभान्वित करेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ बने इसके लिए भी सभी को प्रयास करने चाहिए क्योंकि यह देश के भविष्य का सवाल है तथा देश का भविष्य वर्तमान पर निर्भर करता है। राज्यपाल ने कहा कि बीमारी के इलाज से अधिक बचाव पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक उपायों को अपनाकर बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बाद लोगों में आयुर्वेद व योग के प्रति रूचि बढ़ी है। कार्यक्रम में आरोग्य भारती संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. राकेश पंडित ने आरोग्य भारती संस्था के कार्यों की जानकारी प्रस्तुत करते हुए कहा कि मनुष्य के स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को बेहतर बनाना ही आरोग्य भारती के गठन का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद, एलोपेथी, होम्योपेथी जैसी सभी चिकित्सा पद्धतियों को एक साथ लाकर एक नई चिकित्सा प्रणाली शुरू करने की आवश्यकता है, ताकि मनुष्य को आवश्यकतानुसार उपचार प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस दिशा में आगे बढ़कर काम कर रही है। केंद्र सरकार वर्ष 2030 तक नीति आयोग के माध्यम से नया हेल्थकेयर सिस्टम लाने के लिए प्रयास कर रही है, जिस पर बढ़-चढ़ कर कार्य किया जा रहा है। इससे पूर्व आरोग्य भारती अध्यक्ष ऊना डाॅ. रितेश सोनी ने राज्यपाल का कार्यक्रम में स्वागत किया। प्रांत अधिवेशन में विभिन्न चिकित्सा पद्धति पर विभिन्न वक्ताओं ने अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम की शुरुआत राज्यपाल ने अग्निहोत्र यज्ञ के साथ की। इस अवसर पर राज्यपाल ने पपरोला आयुर्वेदिक काॅलेज की प्रोफेसर डाॅ. सोनी कपिल की किताब आयुर्वेद प्रसूति तंत्र का विमोचन भी किया। छठे राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, अतिरिक्त उपायुक्त डाॅ. अमित कुमार शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
राज्य सरकार प्रदेश के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। हिमाचल के छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए राज्य सरकार द्वारा विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएं लागू की गई हैं। राज्य सरकार द्वारा 12वीं कक्षा के पश्चात राष्ट्र स्तरीय प्रतिस्पर्धा परीक्षाओं के लिए कोचिंग उपलब्ध करवाने हेतू मेधावी विद्यार्थियों के लिए मेधा प्रोत्साहन योजना क्रियान्वित की जा रही है। इसी क्रम में छोटी उम्र में प्रतिभा को चिन्हित कर उभारने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा राजकीय पाठशाला के विद्यार्थियों के लिए एक नई हिमाचल प्रदेश स्वर्ण जयंती मिडल मेरिट छात्रवृत्ति योजना लागू की जा रही है। इस योजना के अन्तर्गत राजकीय विद्यालय के छठी से आठवीं कक्षा के मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति उपलब्ध करवाई जा रही है। इस योजना के तहत लाभार्थियों का चयन एससीईआरटी सोलन द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को कक्षा छठी में चार हजार रुपये प्रतिमाह, कक्षा सातवीं में पांच हजार रुपये प्रतिमाह तथा कक्षा आठवीं में छः हजार रुपये प्रतिमाह की दर से छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा में राज्य भर में अधिकतम अंक प्राप्त करने वाले शीर्ष 100 विद्यार्थियों को, विभिन्न जिलों की औसत छात्र के आधार पर जिलावार आधार पर छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। योजना के तहत जिला बिलासपुर के पांच लाभार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी, जिला चम्बा के 12 विद्यार्थियों, जिला हमीरपुर के पांच विद्यार्थियों, जिला कांगड़ा के 14 विद्यार्थियों, जिला किन्नौर के एक विद्यार्थी, जिला कुल्लू के आठ विद्यार्थियों, जिला लाहौल-स्पीति के एक विद्यार्थी, जिला मंडी के 14 विद्यार्थियों, जिला ऊना के सात विद्यार्थियों तथा जिला शिमला, सिरमौर व सोलन प्रत्येक के 11-11 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। इस योजना के तहत छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए चयनित विद्यार्थी को निरंतर तीन वर्षों तक कक्षा आठवीं तक सरकारी पाठशाला में ही अध्ययनरत रहना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त संबंधित शैक्षणिक स्तर में उसे पाठशाला में कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति भी सुनिश्चित करनी होगी। केवल गंभीर चिकित्सीय कारणों की स्थिति में ही इस शर्त में छूट प्रदान की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश वित्त और लेखा सेवा ने अपना स्वर्ण जयंती समारोह आयोजित किया। इस अवसर पर सचिव वित्त एवं योजना अक्षय सूद, विशेष सचिव वित्त राकेश कंवर और निदेशक कोष लेखा एवं लाॅटरीज विभाग अमरजीत सिंह भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए राज्य के विकास और प्रगति में इस सेवा के अधिकारियों के योगदान और विशेष रूप से संबंधित विभागों में वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने में उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वित्त एवं लेखा सेवा के अधिकारी विभिन्न कार्यों में पारदर्शिता लाने के साथ-साथ प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों को विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अधिकारियों से और दृढ़ता और समर्पण भाव से कार्य करने का आग्रह किया। वित्त और लेखा सेवाएं वर्ष 1971 में अस्तित्व में आईं और राज्य में अपनी सेवाओं के योगदान के माध्यम से अपनी शानदार यात्रा के 50 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण किए। संघ के अध्यक्ष राजेश शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लेने के लिए अपना बहुमूल्य समय देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव ने वित्त एवं लेखा सेवा के वर्ष 2020-2021 के सेवानिवृत्त अधिकारियों को सम्मानित किया गया। सेवानिवृत्त अधिकारियों संवर्ग में सेवा करते हुए अपने अनुभव भी सांझा किए। स्वर्ण जयंती समारोह के बाद एसोसिएशन की वार्षिक आम बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी चुनी गई। राजेश शर्मा नियंत्रक को अध्यक्ष, श्रवण कुमार नेगी उप नियंत्रक को मुख्य सलाहकार, बलबीर कुमार उप नियंत्रक को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, राकेश कुमार सिंह उपनियंत्रक को उपाध्यक्ष मुख्यालय, प्रवीण शर्मा उप नियंत्रक को उपाध्यक्ष , भारत भूषण, सहायक नियंत्रक को महासचिव, कर्म चंद वर्मा सहायक नियंत्रक को संयुक्त सचिव-1, नरेश कुमार सहायक नियंत्रक को संयुक्त सचिव-2, विनोद कुमार गौतम अनुभाग अधिकारी को कोषाध्यक्ष, राकेश वर्मा अनुभाग अधिकारी को सहायक कोषाध्यक्ष, प्रणव नेगी सहायक नियंत्रक को आयोजन सचिव, संदीप शर्मा सहायक नियंत्रक को प्रेस सचिव, रमन कुमार सांजटा अनुभाग अधिकारी को कार्यकारी सदस्य और विनोद शर्मा अनुभाग अधिकारी को कार्यकारी सदस्य चुना गया।


















































