बाहरी राज्यों के आढ़तियों द्वारा सेब के पैसे डकारने के मामले आने का क्रम इस साल भी जारी रहा। ताज़ा मामला रोहड़ू के चार कमीशन एजेंटों का है। जिन्होंने औरंगाबाद के एक कमीशन एजेंट को 5100 पेटियां सेब की भेजी थी। लेकिन अब ये एजेंट बकाया 64 लाख रुपये की राशि देने से मुकर गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रोहड़ू में कमीशन एजेंट के रूप में काम कर रहे वीरेंद्र सिंह ठाकुर निवासी गांव बुथरा, डाकखाना कुठार, तहसील रोहड़ू ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है कि उसने व तीन अन्य कमीशन एजेन्टों ने 5100 सेब की पेटियां सैफ फ्रूट कम्पनी औरंगाबाद महाराष्ट्र को भेजी थी, लेकिन अब सैफ फ्रूट कम्पनी का मालिक उनके बकाया 64 लाख रुपये की राशि देने से मुकर गया है। पुलिस ने आईपीसी की धारा 420 व 406 के तहत पुलिस थाना रोहड़ू में मामला दर्ज किया है तथा इस मामले की जांच हेड कांस्टेबल प्रमोद कर रहे हैं।
देवभूमि हिमाचल में नशे का कारोबार पुलिस की सख्त कार्रवाई के बावजूद भी फल फूल रहा है। राज्य में रोजाना ही पुलिस नशे की खेप के साथ लोगों को गिरफ्तार कर रही है, लेकिन नशे के सौदागरों को इसका कोई भी खौफ नहीं है। गत देर रात भी जिला के रामपुर में पुलिस ने एक व्यक्ति को नशे की खेप के साथ गिरफतार किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार देर रात एएसआई नूप राम अपने सहयोगियों के साथ पेट्रोलिंग कर रहे थे तो उन्होंने खनेरी में पेट्रोल पंप के पास जिला कुल्लू के तहसील आनी के गांव शोहान डाकखाना जौण के 44 वर्षीय गोपाल सिंह को 874 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस ने इस मामले में एनडी एण्ड पीएस की धारा 20 के तहत मामला दर्ज किया है।
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि कोविड-19 टीकाकरण अभियान के अन्तर्गत राज्य में कुल लक्षित पात्र आबादी में से 57.9 प्रतिशत आबादी को कोविड वैक्सीन की दूसरी खुराक लगाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 टीकाकरण अभियान को प्रभावी रणनीति बना आगे बढ़ाया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 55 लाख 23 हजार पात्र लाभार्थी है, जिन्हें कोविड-19 की दूसरी खुराक लगाई जानी है। निर्धारित लक्ष्य के दृष्टिगत राज्य में अब तक 3200499 पात्र लाभार्थियों को वैक्सीन की दूसरी खुराक लगाई जा चुकी हैं। प्रवक्ता ने कहा कि टीकाकरण अभियान के अन्तर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी खुराक लगाने के लिए लक्षित पात्र आबादी का टीकाकरण करने में जिला किन्नौर 103.9 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है, वहीं जिला लाहौल-स्पीति ने 82.8 प्रतिशत लक्ष्य और जिला सोलन ने कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी खुराक लगाने में 76.5 प्रतिशत लक्ष्य को हासिल कर लिया हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के पात्र लाभार्थियों को वैक्सीन की दूसरी खुराक लगाने में जिला बिलासपुर ने 67 प्रतिशत, जिला चंबा ने 45.2 प्रतिशत, जिला हमीरपुर ने 59.3 प्रतिशत, जिला कांगड़ा ने 52.5 प्रतिशत, जिला कुल्लू ने 56.2 प्रतिशत, जिला मंडी ने 53.8 प्रतिशत, जिला शिमला ने 62.7 प्रतिशत, जिला सिरमौर ने 48 प्रतिशत और जिला ऊना ने 64.3 प्रतिशत लक्ष्य को हासिल किया हैं। प्रवक्ता ने पहली खुराक लगवा चुके सभी पात्र लोगों से दूसरी खुराक लगवाने के लिए निर्धारित समयावधि पूरी होते ही जल्द से जल्द कोविड-19 के खिलाफ अपनी दूसरी खुराक लगवाने का आग्रह किया हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी से बचाव के दृष्टिगत टीकाकरण के बाद भी कोविड अनुरूप व्यवहार जैसे परस्पर दूरी बनाए रखना, साबुन से हाथ धोना या सैनिटाईजर से हाथ साफ करना और मास्क का उपयोग करना आदि नियमों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए।
राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने महिलाओं को करवाचौथ की पूर्व संध्या पर बधाई दी है। राज्यपाल ने अपने बधाई संदेश में कहा कि करवाचौथ का त्यौहार वैवाहिक जीवन के सुदृढ़ एवं पवित्र बंधन का द्योतक है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि करवाचौथ महिलाओं का एक पवित्र एवं विशिष्ट त्यौहार है जिसके माध्यम से वे अपने पति की दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना करती हैं।
छात्र अभिभावक मंच हिमाचल प्रदेश ने निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस जमा करवाने के लिए अभिभावकों व छात्रों पर मानसिक दबाव बनाने के घटनाक्रम की कड़ी निंदा की है। मंच ने शिक्षा विभाग व प्रशासन से ऐसे स्कूल प्रबंधनों पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई अमल में लाने की मांग की है। मंच ने चेताया है कि अगर इन निजी स्कूलों पर सख्त कार्रवाई न हुई तथा अभिभावकों व छात्रों की मानसिक व आर्थिक प्रताड़ना बन्द न हुई तो मंच सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा व सदस्य विवेक कश्यप ने कहा है कि शीतकालीन सत्र के निजी स्कूलों में नवम्बर महीने में प्रस्तावित वार्षिक परीक्षाओं के बिल्कुल पहले प्रबंधनों द्वारा मनमानी फीस जमा करने के लिए अभिभावकों व छात्रों पर भारी दबाव बनाया जा रहा है। अभिभावकों को मोबाइल संदेशों के माध्यम से व छात्रों को कक्षाओं में मनमानी फीस जमा करने के लिए मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है। जिन अभिभावकों ने पांच दिसम्बर 2019 की अधिसूचना के विपरीत मनमानी भारी फीस जमा नहीं की है, उन के बच्चों को पहले की मासिक परीक्षाओं के रिज़ल्ट कार्ड नहीं दिए जा रहे हैं व वर्तमान मासिक परीक्षाओं में बैठने नहीं दिया जा रहा है। यह संविधान के अनुछेद 39(एफ) का सीधा उल्लंघन है। निजी स्कूल प्रबंधनों की यह तानाशाही, मानसिक व आर्थिक प्रताड़ना इस अनुच्छेद में प्राप्त बच्चों के नैतिक व भौतिक अधिकारों पर सीधा हमला है। यह शिक्षा का अधिकार कानून 2009 के तहत प्राप्त सार्वभौमिक शिक्षा के अधिकार का खुला उल्लंघन है। यह मानव संसाधन विकास अथवा शिक्षा मंत्रालय के वर्ष 2014 के दिशानिर्देशों व हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के 27 अप्रैल 2016 के आदेशों का उल्लंघन है जिसके अनुसार किसी भी तरह के चार्जेज छात्रों से नहीं वसूले जा सकते हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय से निजी स्कूलों द्वारा तरह-तरह के चार्जेज की आड़ में भयंकर लूट पर अंकुश लगाने की मांग की है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बाद अब राज्यपाल सचिवालय में भी पेपरलेस कामकाज शुरू हो गया। शुक्रवार से पूरा कामकाज ई-ऑफिस के जरिये शुरू हुआ। राजभवन के प्रवक्ता ने बताया कि राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के निर्देशानुसार सचिवालय का कामकाज ऑनलाइन शुरू कर दिया गया है। शुक्रवार को राज्यपाल के सचिव ने राज्यपाल को ई ऑफिस सॉफ्टवेयर से अवगत करवाया और कहा कि इस परियोजना के कार्यान्वयन से कार्य में पारदर्शिता आएगी और समय भी बचेगा। ई-ऑफिस समाधान एनआईसी नई दिल्ली की ओर से विकसित किया गया है।
सब्जियों और फलों के बढ़ते दाम ने महिलाओं की रसोई का जायका बिगाड़ कर रख दिया है। दिन प्रतिदिन फलों और सब्जियों के बढ़ते रेट से इनको आम आदमी की पहुंच से बाहर कर दिया हैं। जिससे लोगों में सरकार के प्रति खासा रोष देखने को मिल रहा है। लोगों ने बताया कि आज टमाटर 80 रुपये किलो, गोभी 60 रुपये किलो, खीरा 40 रुप,ये किलो बैंगन 40 रुपयो किलो, शिमला मिर्च 120 रुपये किलो, मूली 40 रुपये किलो आलू 30 रुपये किलो बाजार में बिक रहा है। जिससे आम आदमी का जीना दूभर हो गया है यही हाल फलों का है केला 60 रुपये दर्जन वही सेब 100 रुपये से कम नहीं मिल रहा है। अनार उससे भी महंगा मिल रहा है कोई भी फल सस्ता नहीं मिल रहा है। लोगों ने केंद्र व प्रदेश सरकार को इसके लिए दोषी ठहराया है।
राजधानी शिमला के ऐतिहासिक माल रोड पर आगजनी की एक और घटना पेश आई है। यहां जूतों के ब्रांड वुडलैंड के शोरूम में आग लग गईं। दरअसल तड़के 3 बजे माल रोड पर गश्त कर रही पुलिस ने शोरूम के भीतर से धुंआ उठते देखा और अग्निशमन महकमे को सूचित किया। माल रोड के अलावा छोटा शिमला और बालूगंज से 4 दमकल वाहन मौके पर पहुंचे व आग बुझाई गई। दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने के लिए करीब 2 घंटे लगे। अग्निकांड में वुडलैंड शोरूम में रखा लगभग अढ़ाई लाख का सामान जलकर राख हो गया। इसमें जूते और कपड़े शामिल हैं। स्थानीय अग्निशमन अधिकारी टेक चन्द ने बताया कि आग पर समय रहते काबू पा लिया गया था, अन्यथा बड़ा नुकसान हो सकता था। उन्होंने कहा कि इस अग्निकांड में अढ़ाई लाख का नुकसान होने का अनुमान है। जबकि 10 करोड़ की संपति को जलने से बचाया गया है। आगजनी में कोई हताहत नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों का पता नहीं लग पाया है।
विश्वविद्यालय में एसएफआई इकाई ने पीएचडी के अंदर बिना प्रवेश परीक्षा के हुए दाखिलों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। एसएफआई ने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय लगातार भ्रष्टाचार का अखाड़ा बनता हुआ नजर आ रहा है, और कुछ भ्रष्ट अधिकारी विश्वविद्यालय की साख को धूमिल करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे है। विश्वविद्यालय में पीएचडी के अंदर अपने चहेतों को बैक डोर तरीके से भर्ती किया जा रहा है। कैंपस अध्यक्ष विवेक राज ने कहा की इससे ज्यादा शर्मनाक बात विश्वविद्यालय के लिए नहीं हो सकती जहां एक ओर आम छात्र दिन रात एक करके विषम परिस्थितियों के अंदर पीएचडी में दाखिला लेने के लिए भरसक प्रयास कर रहा है, उनको बिल्कुल दरकिनार करते हुए सिर्फ अपने चहेतों को दाखिला दे दिया और उसमे भी कोई विज्ञापन इन सीटों को लेकर जारी नहीं किया गया। एसएफआई ने मांग उठाई की छात्रों को प्रोत्साहित करने के बजाए विश्वविद्यालय प्रशासन उन्हें पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर कर रहा है और जो अपने चहेतों को बिना किसी क्राइटेरिया के पीएचडी में दाखिले दे रहे हैं। अगर इस फैसले को जल्द वापस नहीं लिया गया तो आने वाला समय में आंदोलन और उग्र होगा और भ्रष्ट अधिकारियों का घेराव किया जाएगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव जेसी शर्मा ने राज्य स्तरीय नशा जागरूकता अभियान सम्बन्धी बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में नवम्बर माह में नशा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में 15 दिनों तक चलने वाले इस अभियान के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा जागरूकता गतिविधियों सहित नशीले पदार्थों के उन्मूलन के लिए कारगर कदम उठाए जाएंगे। अभियान के शुभारम्भ के अवसर पर पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के प्रतिनिधियों को नशे के दुष्प्रभावों के सम्बन्ध में जागरूक किया जाएगा और नशा निवारण सम्बन्धी शपथ दिलाई जाएगी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता और शिक्षा विभाग के संयुक्त समन्वय द्वारा नशे के दुष्प्रभावों को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी तथा नाटक का भी आयोजन किया जाएगा। नशे के दुष्प्रभावों से संबंधित प्रचार-प्रसार सामग्री को भी जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग द्वारा इस अभियान से सम्बन्धित कर्टन रेज़र तैयार किया जाएगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि इस अभियान के अन्तर्गत प्रदेश में ग्राम पंचायत स्तर पर नशे के दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए नाटक नारालेखन, पेंटिंग प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग के कार्यकर्ता ग्राम पंचायतों, महिला मण्डलों और पाठशालाओं में जाकर नशे के दुष्प्रभावों से लोगों को अवगत करवाएंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर बुधवार को नशे सम्बन्धी परामर्श के लिए विशेष ओपीडी का प्रावधान किया जाएगा। इस दौरान प्रदेशभर में नुक्कड़ नाटक भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस अभियान को सफल बनाने के लिए पंचायती राज संस्थाओं, शहरी निकायों के प्रतिनिधियों सहित गैर सरकारी संस्थाओं के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिलों में उपायुक्त इस अभियान का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे। हिमाचल प्रदेश नशा निवारण बोर्ड के समन्वयक एवं सलाहकार ओपी शर्मा, राज्य कर एवं आबकारी विभाग के आयुक्त यूनुस सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में उपस्थित थे।
हिमाचल : राज्य में 55 प्रतिशत से अधिक पात्र आबादी को लगाई जा चुकी है कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी खुराक
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि कोविड-19 के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में चलाए जा रहे कोविड-19 टीकाकरण अभियान के अन्तर्गत राज्य में कुल लक्षित पात्र आबादी में से 55.6 प्रतिशत आबादी को कोविड वैक्सीन की दूसरी खुराक लगाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रभावी कोविड-19 टीकाकरण अभियान के कारण ही राज्य सरकार प्रदेश में कोविड-19 महामारी को नियंत्रित करने में काफी हद तक सफल हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 55 लाख 23 हजार पात्र लोग है, जिनका कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निर्धारित लक्ष्य के दृष्टिगत राज्य में अब तक 30,71,853 लोगों को कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी खुराक लगाई जा चुकी हैं। प्रवक्ता ने कहा कि कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी खुराक लगाने के लिए लक्षित पात्र आबादी का टीकाकरण करने में जिला किन्नौर 102.8 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर जहां प्रदेश भर में अग्रणी बना हुआ हैं, वहीं जिला लाहौल-स्पीति 82.1 प्रतिशत लक्ष्य को हासिल कर दूसरे जबकि जिला सोलन 73.6 प्रतिशत लक्ष्य को हासिल कर तीसरे स्थान पर बना हुआ हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी खुराक लगाने में जिला बिलासपुर ने 64.7 प्रतिशत, जिला चंबा ने 42.5 प्रतिशत, जिला हमीरपुर ने 56.7 प्रतिशत, जिला कांगड़ा ने 51.1 प्रतिशत, जिला कुल्लू ने 53.6 प्रतिशत, जिला मंडी ने 51.8 प्रतिशत, जिला शिमला ने 60.2 प्रतिशत, जिला सिरमौर ने 44 प्रतिशत और जिला ऊना ने 61.3 प्रतिशत लक्ष्य को हासिल किया हैं। प्रवक्ता ने पहली खुराक लगवा चुके सभी पात्र लोगों से दूसरी खुराक लगवाने के लिए निर्धारित समयावधि पूरी होते ही जल्द से जल्द कोविड-19 के खिलाफ अपनी दूसरी खुराक लगवाने का आग्रह किया हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी से बचाव के दृष्टिगत टीकाकरण के बाद भी कोविड अनुरूप व्यवहार जैसे परस्पर दूरी बनाए रखना, साबुन से हाथ धोना या सैनिटाईजर से हाथ साफ करना और मास्क का उपयोग करना आदि नियमों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट के बीच दूसरे दिन सोमवार को बारिश और बर्फबारी हो रही है। हिमाचल के आठ जिलों कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर, किन्नौर और लाहौल स्पीति में सोमवार को भी भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और चंबा जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी हुआ है। बर्फबारी के चलते पर्यटकों को संवेदनशील इलाकों में न जाने की हिदायत दी गई है। कुल्लू और लाहौल घाटी में बारिश व बर्फबारी का दौर जारी है। बर्फबारी के चलते मनाली-लेह मार्ग के साथ कुंजुम दर्रा होकर गुजरने वाला मनाली-ग्रांफू-काजा राष्ट्रीय राजमार्ग-505 यातायात के लिए बंद हो गया है। 13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रा में 30 सेंटीमीटर, कोकसर में पांच सेंटीमीटर, कुंजुम दर्रा में 30 सेंटीमीटर तथा बारालाचा में 40 सेंमी ताजा बर्फबारी हुई है। जबकि कुल्लू व लाहौल के निचले क्षेत्रों में सुबह से बारिश हो रही है। मौसम में आए बदलाव से कुल्लू व लाहौल में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
हिमाचल प्रदेश में गेहूं बीज के दाम के बाद अब पशुचारे के बीज की कीमतें भी बढ़ गई हैं। पिछले साल की तुलना में इस बार बरसीम का बीज 40 रुपये महंगा मिल रहा है। जौई का बीज दो रुपये महंगा मिल रहा है। सरकार स्वरोजगार से जोड़कर पशुपालन व्यवसाय को बढ़ावा देने की बात कर रही है, लेकिन महंगाई के कारण किसानों के लिए पशुपालन व्यवसाय घाटे का सौदा साबित होने लगा है। इस वर्ष जौई के बीज की कीमत 51 रुपये किलो है। इस पर 19 रुपये अनुदान दिया जा रहा है। किसानों को कृषि विक्रय केंद्रों पर 32 रुपये किलो जौई का बीज उपलब्ध करवाया जा रहा है। जौई की खरीद पर अनुदान राशि भी साढ़े आठ रुपये कम हुई है। इस वर्ष बरसीम के बीज की कीमत 170 रुपये किलो है। इस पर 58 रुपये अनुदान दिया जा रहा है। किसानों को बरसीम का बीज 112 रुपये प्रति किलो के हिसाब से कृषि विक्रय केंद्रों पर उपलब्ध करवाया जा रहा है। पिछले वर्ष बरसीम का बीज 130 रुपये किलो था। इस पर 62 रुपये अनुदान दिया गया। किसानों को 68 रुपये किलो के हिसाब से बरसीम का बीज उपलब्ध करवाया गया था। बरसीम की कीमत 40 रुपये बढ़ी है, जबकि अनुदान राशि चार रुपये कम हुई है। सर्दियों के मौसम में खेतों में किसान जौई और बरसीम बीजते हैं। खेतों की मेढ़ों में घास कम उगता है, इसलिए किसान खेतों में बरसीम और जौई की बिजाई करते हैं। हमीरपुर जिले में कुल 76,140 किसान हैं। 35 हजार हेक्टेयर भूमि पर उत्पादन किया जाता है। इससे पूर्व गेहूं की कीमत में भी दो रुपये बढ़ोतरी हुई है। दो रुपये अनुदान भी कम कर दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश में आज से मौसम करवट बदलेगा। प्रदेश में बारिश की संभावना जताई गई है, इससे आने वाले दिनों में ठंड में इजाफा होने की भी पूरी संभावना बन रही है। मौसम विभाग ने शनिवार से सोमवार तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आज शनिवार को छह जिलों चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में आंधी और बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। रविवार को लाहुल-स्पीति को छोड़ 11 जिलों में आंधी और भारी बारिश की संभावना जताई गई है। तीन जिलों शिमला, सोलन व सिरमौर में आंधी चलने के साथ भारी बारिश का आरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि आठ जिलों के लिए यलो अलर्ट रहेगा। इससे आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट आएगी। शुक्रवार को दशहरे के दिन धूप खिली रही और इसके कारण करीब एक से दो डिग्री सेल्सियस तक तापमान में वृद्धि दर्ज की गई है। सुंदरनगर और सोलन का न्यूनतम तापमान शिमला से करीब दो से ढाई डिग्री तक कम दर्ज किया गया है। शिमला का अधिकतम तापमान 26 डिग्री के पार पहुंच गया है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान ऊना में 35.0 डिग्री दर्ज किया गया है। दो सड़कें कुल्लू में व एक मंडी में बाधित है। 144 ट्रांसफार्मर खराब होने से कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित है।
800 मेगावाट की कोलडैम जलविद्युत परियोजना को लेकर हिमाचल सरकार और नेशनल थर्मल पावर कारपोरेशन में हुए करार का परिणाम है कि कई राज्यों में कोयले के संकट के बावजूद प्रदेश को 170 मेगावाट बिजली रोजाना मिल रही है। कोयले से तैयार हो रही यह बिजली हिमाचल राज्य विद्युत बोर्ड को प्राप्त हो रही है। ऐसे में फिलहाल राज्य में विद्युत संकट की कोई संभावना नहीं है। इसके अलावा राज्य को बैंकिंग प्रणाली से दिल्ली स्थित बीआरपीएल बीएसईइस राजधानी पावर लिमिटेड से रोजाना 19 लाख यूनिट बिजली प्राप्त हो रही है। यह बिजली हिमाचल ने इस बार केवल दिल्ली को ही दी थी, जो आठ अक्टूबर से वापस लेना शुरू कर दी है।
हिमाचल के सरकारी स्कूल के छात्रों को स्मार्ट वर्दी के लिए और इंतजार करना होगा। प्रदेश में आचार संहिता खत्म होने और दिवाली के बाद ही विद्यार्थियों को यह वर्दी मिल पाएगी। इसके अलावा सरकार की ओर से पहली, तीसरी, छठी और नौवीं कक्षाओं के विद्यार्थियों को स्कूल बैग दिए जाने थे, इसके आवंटन को लेकर भी आयोग की अनुमति मांगी गई है। इस पर भी संशय बना हुआ है। हिमाचल में पहली से बारहवीं कक्षा के छात्र और छात्राओं को स्कूल वर्दी दी जानी है। हिमाचल में इन छात्रों की संख्या आठ लाख के करीब है। हर साल छात्रों को वर्दी दी जाती है। पहली से दसवीं कक्षा तक के छात्र छात्राओं को सिलाई के पैसे तक भी दिए जा रहे है जबकि 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को अपने खर्चें पर वर्दी सिलानी होती है।
हिमाचल प्रदेश जलशक्ति विभाग अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने इंजीनिअर संजीव कौल की प्रमुख अभियंता के पद पर पदोन्नति व मुख्यालय शिमला में तैनाती पर मुलाकात कर बधाई दी। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष एलड़ी चौहान ने प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यालय में नवनियुक्त प्रमुख अभियंता से मुलाकात की तथा कहा की जलशक्ति विभाग का हर कर्मचारी विभाग की बेहतरी हेतु राज्य के अग्रणी विकास के लिए वचनवद्ध है। चौहान ने कहा कि संजीव कौल एक बहुत की काबिल, तेजतर्रार अधिकारी है। साथ ही उन्होंने कहा कि विभागीय कर्मचारियों की जो भी लंबित व ज्वलंत मांगे है उनके भी चरणबद्ध तरीके से पूरे होने उम्मीदे बढ़ी है। प्रमुख अभियंता ने इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल का आभार प्रकट करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से विभाग के कार्यों को बेहतर दिशा दी जाएगी।
विजयदशमी पथ संचलन कार्यक्रम उद्बोधन में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शिमला के विभाग कार्यवाह अशोक कपिल ने डॉ हेडगेवार के राष्ट्र चिंतन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जिस प्रकार विवेकानंद को रामकृष्ण परमहंस से मिलने के बाद ही ईश्वर की अनुभूति हुई उसी प्रकार डॉ हेडगेवार कहते थे कि शाखा में ही प्रत्येक स्वयंसेवक को राष्ट्र की परिकल्पना से गर्व की अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि देश में कुछ लोग कहते हैं कि भारत को जल्द से जल्द हिन्दु राष्ट्र घोषित किया जाना चाहिए। लेकिन राष्ट्र किसी भी देश की सांस्कृतिक अनुभूति है यह घोषणा का विषय नहीं है। भारत पूर्वकाल से ही हिन्दु राष्ट्र रहा है और रहेगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने विजयदशमी के अपने स्थापना दिवस पर राजधानी में अनेक स्थानों पर नगरशः पथ संचलन कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रामकृष्ण मिशन शिमला इकाई के सचिव तन्मयानंद उपस्थित रहे। शिमला में पथ संचलन गंज बाजार से लोअर बाजार होते हुए जिलाधीश कार्यालय पहुंचा। वहां से शेरे ए पंजाब होकर वापिस गंज बाजार में इसका समापन हुआ । कदमताल करते स्वयंसेवकों पर अनेक स्थानों पर स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा भी की। शिमला में पथ संचलन से पूर्व शस्त्र पूजन का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता ने डॉ0 हेडगेवार के तीन सूत्रों के बारे में विस्तार से बताया जोकि राष्ट्र की अनुभूति के लिए नितांत आवश्यक है। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिमला जिला के संघचालक अजयसूद ने की। पथ संचलन में 200 से अधिक स्वयंसेवकों ने भाग लिया। राजधानी में नगरशः केशवनगर, माधवनगर, न्याशिमला नगर, कमलानगर, संजौली नगर और तिलकनगर इन नगरों पर पथ संचलन किया।
सीएम जयराम ठाकुर ने वीरवार को सराज विधानसभा क्षेत्र के चौलथाच में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग बार-बार मंडी का जिक्र कर रहे हैं। मगर उन्हें मैं बताना चाहता हूं कि मंडी का मतलब मंडी संसदीय क्षेत्र है। इसमें किन्नौर से भरमौर और रामपुर भी आता है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सराज विधानसभा क्षेत्र में किए गए विकास कार्य भी गिनवाए। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विपक्ष को बताया कि मैं यहां का विधायक हूं, सीएम बाद में हूं। चुने हुए प्रतिनिधि होने के नाते यह मेरी जिम्मेदारी है कि यहां की जनता की सेवा पहले करूं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में हमने विकास कार्यों रुकने नहीं दिया। कांग्रेस वालों ने तो एक-एक लिस्ट बनाई, 12 करोड़ का बिल बनाया और पार्टी हाईकमान को भेजा और खाते में डालने को कहा। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ऐसी पार्टी है जो अपनी ही पार्टी को ठगने से बाज नहीं आ रही है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि देश और प्रदेश में लंबे समय तक कांग्रेस की सरकार रही। आज हमारे मित्र बेरोजगारी और महंगाई का आरोप लगा रहे हैं। सारी महंगाई और बेरोजगारी पिछले चार साल में नहीं आई। नौकरी देने के लिए हम जितना कर सकते हैं उसे हम कर रहे हैं। कांग्रेस की सरकार से पूछना चाहिए कि तुम लोगों ने गरीबों के लिए क्या किया। हमार सरकार ने 65 वर्ष की आयु वाली माताओं के लिए पेंशन दी। हमने गरीबों के लिए हिमकेयर योजना चलाई, जिसके तहत 1 लाख 75 हजार गरीबों का इलाज करवाया। सहारा योजना चलाई जिसमें पात्र को हर महीने 3 हजार रुपये उनके खाते में डालते हैं। बीपीएल परिवार की बेटी को शगुन योजना में पात्रों को 31 हजार दे रहे हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने शिमला में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि ये बहुत शर्म की बात है कि कुछ दिनों पहले कांग्रेस पार्टी ने उस शख्स को अपनी पार्टी में शामिल किया, जो देश के टुकड़े टुकड़े ' करने वालों का समथर्न करता है। कांग्रेस में ऐसे लोग शामिल है, जो अफजल गुरु जैसे आतंकी की बरसी मनाते हैं और देश के खिलाफ वरोधी नारे लगाते हैं। शायद देश के विरोधियों को शह देना कांग्रेस पार्टी की आदत बन गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की स्टार प्रचारक लिस्ट से स्थानीय नेता गायब है, पर भाजपा को अपने स्तर प्रचारकों पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह देशभक्त थे, हमें यकीन है कि वो आज होते तो कन्हैया कुमार जैसे शख्स को हिमाचल की धरती पर पांव नहीं रखने देते। प्रतिभा सिंह दो बार सांसद रही हैं, आज बड़ी - बड़ी बातें कर रही हैं मगर सांसद थीं तो अपनी सांसद निधि तक खर्च नहीं कर पाईं। अगर प्रितभा सिंह ने बतौर सांसद काम किया होता तो 2014 में उनकी इतनी करारी हार ना होती। उन्होंने कहा प्रतिभा सिंह सबसे पहले अपने बयान के लिए माफी मांगें, इसके बाद प्रतिभा सिंह बताएं कि उन्होंने सांसद रहते हुए मंडी संसदीय क्षेत्र के लिए क्या काम किया ? कांग्रेस ने पूर्व सैनिकों का ही नहीं, हिमाचल के शहीदों, उनके परिवारों और यहां की जनता का भी अपमान किया है। इसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए ।
नवमी के शुभ अवसर पर आम आदमी पार्टी ने 'हिमाचल में भी केजरीवाल' जंत्री कैलेंडर जारी किया है। दिल्ली सरकार के स्वास्थ मंत्री सत्येंद्र जैन ने प्रदेश प्रभारी रत्नेश गुप्ता की मौजूदगी में इसको जारी किया। इस कैलेंडर में केजरीवाल सरकार द्वारा किये गए कामों का जिक्र किया गया है। इन कैलेंडर्स को पार्टी कार्यकर्ता घर तक पहुचाएंगे। साथ ही इन्हें दुकानों, बस अड्डो, रेल स्टेशन, मंदिर और पार्क जैसी जगहों पर मुफ्त में जनता को दिया जाएगा। इस कवायद पर बात करते हुए प्रदेश प्रभारी रत्नेश गुप्ता ने कहा कि इस कैलेंडर को माता के आशीर्वाद स्वरूप लोगो मे वितरित किया जाएगा। इस का मकसद जन जन तक केजरीवाल सरकार के कामो को पहुंचाने का है। जनता को बताने का प्रयास है कि जो काम दिल्ली सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ, सड़क, बिजली, पानी पर किया है, वही काम हिमाचल की जनता को करके देंगी। सूबे की जनता का आशीर्वाद मिलने के बाद दिल्ली की तर्ज पर हिमाचल में भी इन सभी क्षेत्रों में काम किया जाएगा। दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन ने इस मौके पर बात करते हुए कहा कि हिमाचल दो दलों की आपसी बंदरबांट वाली राजनीति का शिकार है। आम आदमी पार्टी हिमाचल को और प्रदेश के हर नागरिक को उसका हक दिलाने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने प्रदेश की जनता को नवमी की शुभकामनाएं भी दी।
किसानों के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने प्रदेश की जय राम ठाकुर सरकार को घेरा है। पार्टी ने आगाह किया है कि किसान हितो की अनदेखी केंद्र की मोदी और सूबे की जयराम सरकार को महंगी पड़ेगी। पार्टी के प्रदेश प्रभारी रत्नेश गुप्ता ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि किसान पर चौतरफा मार पड़ रही है। वो त्रस्त है और जयराम सरकार उपचुनावो में व्यस्त है। धान खरीद को लेकर आए दिन शिकायतें आ रही हैं की सरकारी पोर्टल ठीक से काम नहीं कर रहा है। धान खरीद को लेकर किसान मायूस है। फसल बिक्री के लिए किसान दर-दर भटकने को मजबूर हो रहे है। उन्होंने आगाह किया कि किसान हितो की अनदेखी 2022 में जयराम सरकार को भारी पड़ेगी। मोदी सरकार के काले कृषि कानून को लेकर सड़को पर उतरे किसान की सुनवाई नही है। इस रवैये के चलते मोदी सरकार 2024 में अपनी वापसी भूल ही जाए, उनकी गुजरात वापसी तय है।
मंगलवार को उच्च शिक्षा निदेशालय में 18 उत्कृष्ट कॉलेजों के प्रिंसिपलों और वरिष्ठ प्रवक्ताओं के साथ उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बैठक की। उच्च शिक्षा निदेशालय ने कॉलेजों का चयन कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। बता दे कि हिमाचल प्रदेश के 18 उत्कृष्ट डिग्री कॉलेजों को एक-एक करोड़ रुपये की अनुदान राशि दी जाएगी। सभी कॉलेज भवन बाहर से लेकर अंदर तक एक रंग के होंगे। इन कॉलेजों में फर्नीचर भी एक जैसी खरीदना होगा। सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों पर 20-20 लाख रुपये खर्च होंगे। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि इन 18 उत्कृष्ट कॉलेजों के द्वार के साथ इलेक्ट्रॉनिक नोटिस बोर्ड लगाया जाएगा। यहां विद्यार्थियों को कॉलेज से संबंधित हर जानकारी उपलब्ध होगी। इन कॉलेजों में वर्चुअल कक्षाएं भी एक सी होंगी। नए विषयों को शुरू किया जाएगा। निदेशक ने बताया कि इन कॉलेजों में कॅरिअर और गाइडेंस सेल को मजबूत बनाया जाएगा। प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। पुस्तकालयों में सुधार किया जाएगा। वेबसाइट की सुविधा दी जाएगी। विद्यार्थियों की हाजिरी इलेक्ट्रानिक माध्यम से लगाई जाएगी। डिग्री कॉलेज कोटशेरा, जोगिंद्रनगर, नूरपुर, बिलासपुर, कुल्लू, ऊना, नालागढ़, नादौन, पावंटा साहिब, हमीरपुर, अंब, चंबा, थुरल, सरकाघाट, ठियोग, अर्की, शिलाई और ढलियारा कॉलेज को उत्कृष्ट कॉलेज बनाने का फैसला लिया गया है।
प्रदेश में 1 अक्तूबर से कार्टन में इस्तेमाल होने वाले एग्रो वेस्ट पेपर पर लगने वाले जीएसटी को 12 से बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। एग्रो वेस्ट पेपर पर 6 प्रतिशत जीएसटी बढ़ाया गया है। जीएसटी बढ़ने से अगले साल बागवानों को कार्टन और भी महंगा मिलेगा। सेब सीजन के आखिर में बागवानों को एक और झटका लगा है। इससे बागवानों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। हालांकि सीजन के आरंभ में प्रदेश सरकार ने बागवानों को आश्वासन दिया था कि कार्टन व सेब पैकिंग ट्रे के मूल्यों पर किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। इसके बावजूद 10 रुपये से अधिक महंगा कार्टन बिका। सेब खरीद करने वाली कंपनियों ने बागवानों को सेब का मूल्य बेहद कम दिया। इससे बागवानों को नुकसान उठाना पड़ा। अब एग्रो वेस्ट पर जीएसटी बढ़ने से एक बार फिर से बागवानों पर ही मार पड़ी है।
भाजपा का चाल चरित्र व चेहरा अलग है। भाजपा मॅहगाई, बेरोजगारी पर बात न कर मुद्दों को भटका रही है। ग़रीब को छोड़िए मध्यम वर्ग को भी घर चलाना मुश्किल हो गया है। कोरोना में जब जनता को मदद की दरकार थी तब किसी की मदद नहीं की गई। सरकार ने इंडस्ट्रियल मीट करवाई। प्रदेश में उद्योग लगने के बजाए पलायन कर गए। कोरोना काल में हिमाचल के लाखों लोगों का रोज़गार छीन गया। गैर हिमाचलियों को प्रदेश में सरकारी नौकरियां दी जा रहा है। यह आरोप कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर ने शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में लगाए। कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि देश के लोगों को जो वैक्सीन लग रही है, उसके प्रचार पर भाजपा सरकार पानी की तरह देश का पैसा बहाय जा रही है। कांग्रेस के समय भी कई वैक्सीन अभियान चलाए गए। लेकिन उन पर इतना खर्च नही किया गया। भाजपा करोड़ों रुपए भाजपा के फाइव स्टार कार्यालयों पर खर्च कर रही है। कुलदीप सिंह राठौर ने चारों सीटों में कांग्रेस पार्टी की जीत का दावा किया है और कहा है कि चुनाव परिणाम के बाद मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की कुर्सी ख़तरे में पड़ेगी।
पिछले सप्ताह स्कूल शिक्षा बोर्ड की वर्चुअल बैठक में हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ द्वारा टर्म परीक्षाओं को लेकर सुझाव दिए गए थे। जिसमें से बहुत से सुझावों को बोर्ड की ऑफलाइन बैठक में मान लिया गया है। स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन सुरेश सोनी की अध्यक्षता में संपन्न हुई बैठक में शिक्षक महासंघ के प्रांत अध्यक्ष पवन कुमार, जिला कांगड़ा के अध्यक्ष जोगिंदर शर्मा और मंडी विभाग के प्रमुख शशि शर्मा ने भाग लिया। सुंदरनगर में जारी प्रेस बयान के माध्यम से जानकारी देते हुए प्रदेश मीडिया प्रभारी दर्शन लाल ने बताया कि महासंघ द्वारा शीतकालीन अवकाश को देखते हुए फर्स्ट टर्म की परीक्षाओं को 5 दिसंबर से पहले संपन्न करवाने की बात कही गई थी। बैठक में इस संबंध में बोर्ड द्वारा फर्स्ट टर्म की परीक्षाओं को नवंबर से शुरू करके 5 दिसंबर तक समाप्त करने का निर्णय लिया है। इसके साथ शीतकालीन अवकाश के बाद सेकंड टर्म की परीक्षाओं के लिए बच्चों को तैयारी के लिए कम समय मिल रहा था। जिसे लेकर महासंघ द्वारा सेकंड टर्म की परीक्षाओं को 15 अप्रैल के बाद करवाने बारे अपनी सहमति प्रदान कर दी है। इसके साथ बैठक में फर्स्ट टाइम की परीक्षाओं का मूल्यांकन स्थानीय स्कूल स्तर पर करने का निर्णय लिया गया है। पांचवी से आठवीं कक्षा तक की पंजीकरण शुल्क माफ करने के साथ 9वी से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की फर्स्ट और सेकंड टर्म बोर्ड परीक्षा शुल्क में ₹100 की रियायत प्रदान किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। शिक्षक महासंघ के पदाधिकारियों ने इस संबंध में सरकार और बोर्ड का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बोर्ड द्वारा कोविड-19 के चलते उत्पन्न हुई परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी निर्णय विद्यार्थियों और अध्यापकों के हित में लिए गए हैं।
जुब्बल, नावर, कोटखाई में होने वाले उप चुनाव को देखते हुए टिक्कर में कांग्रेस प्रत्याशी रोहित ठाकुर ने कांग्रेस कार्यालय का शुभारंभ किया और कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते कहा कि नावर क्षेत्र पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का भावनात्मक संबंध रहा है, वहीं नावर क्षेत्र कांग्रेस का गढ़ भी रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकाल में नावर क्षेत्र की हर पंचायत में अभूतपूर्व विकास हुआ है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुटता के साथ घर-घर तक पहुँच कर भाजपा की बाग़वान विरोधी नीतियों, बेरोजगारी, महँगाई के मुद्दों को जनता के बीच ले जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों से बाग़वानी क्षेत्र संकट के दौर से गुज़र रहा है। भाजपा सरकार के पिछले साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल में नावर क्षेत्र की घोर अनदेखी हुई है। इस बैठक में प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मनीष ठाकुर और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विनोद ठाकुर ने शिमला में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा की भाजपा चुनावी मोड में पूरी तरह से आ चुकी है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप राष्ट्रीवादी व देशभक्त पार्टी भाजपा के लिए जन समर्थन की जनता से अपील कर रहे है। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता व नेता एकजुट होकर पार्टी को चुनावों में विजयश्री दिलवाने के लिए कार्य कर रहे है और भाजपा सभी सीटों पर जीत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल वीर भूमि है और सैनिकों की भूमि है भाजपा इनका अपमान सहन नहीं करेगी। आश्चर्य होता है जब कांग्रेस की मंडी संसदीय क्षेत्र प्रत्याशी प्रतिभा सिंह कहती है कि कारगिल युद्ध, युद्ध नही था। इस व्यख्या से हम आश्चर्यचकित है। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में 527 वीर जवान शहीद हुए थे। जिसमें 52 हिमाचल प्रदेश के जवान थे। वोटों के लिए कांग्रेस पार्टी इतना गिर गईं कि उनकी शहादत का ही अपमान कर दिया? कप्तान विक्रम बत्रा, मेजर सोमनाथ शर्मा, मेजर धन सिंह थापा और रिफिलमैन संजय कुमार को परमवीर चक्र मिले हम इन विजेताओं को नमन करते है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता देशद्रोहियों से घिरे नेताओं के आरोपों से गुमराह नहीं होने वाली।
भाजपा का वॉर रूम अभी से नहीं बल्कि पहले से ही सुदृढ़ रूप से चल रहा है। लेकिन अब चुनावों की दृष्टि से वॉर रूम की भूमिका बढ़ गई है। इन उप चुनावों में वॉर रूम की अहम भूमिका रहने वाली है। वॉर रूम भाजपा की आँखों का काम करता है, धरातल की रिपोर्ट नेतृत्व तक पहुचाने का काम यह रूम करेंगे। भाजपा के वॉर रूम में 20 लोग काम कर रहे है, जो पूरे प्रदेश में कार्यकर्ताओं को सूचना एवं संपर्क पंहुचा रहे है। चुनाव प्रबंधन समिति के प्रमुख गणेश दत्त ने आज वॉर रूम में काम करने वाले लोगों के साथ बैठक की। उनके साथ प्रदेश प्रवक्ता विनोद ठाकुर, सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, सुशील राठौर, शुभंकर सूद और हिमांशु जसरोटिया उपस्थित रहे। बैठक में केंद्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाओ के लाभार्थियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। सभी लाभार्थियों की सूची तय करने के उपरांत उनसे संपर्क किया जाएगा। गणेश दत्त ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सैनिकों का हमेशा से सम्मान किया है और उनकी सरकार ने ही सैनिकों को वन रैंक वन पेंशन का तोफा भी दिया था। भाजपा सभी वन रैंक वन पेंशन प्राप्त करने वाले फौजियों से सीधा संवाद करेगी। फौजियों के सम्मान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंडी संसदीय क्षेत्र से ब्रिगेडियर खुशाल सिंह को भाजपा का उम्मीदवार बनाया है। केंद्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं का भी जनता को बड़ा लाभ हो रहा है। कोविड संकटकाल के समय प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना के अंतर्गत सभी लाभार्थियों को मुफ्त राशन मिला है। हिमाचल में 356 करोड़ की सब्सिडी राशन वितरण प्रणाली के लिए मुहैया करवाई है।
जुब्बल कोटखाई में भाजपा का एक धड़ा अब भी नीलम सरैक के साथ है। ये वो लोग है जो या तो पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्त्ता है जिनके लिए पार्टी हाईकमान का निर्णय सर्वोपरि है या वो लोग जो शुरुआत से लेकर ही नीलम सरैक को टिकट मिलने की पैरवी कर रहे थे। भाजपा में अंतर्कलह की स्थिति कितनी प्रखर है ये इस बात से समझा जा सकता है की नीलम के समर्थक भाजपाई चेतन समर्थकों पर मारपीट के आरोप लगा रहे है। जान को खतरे की बात भी कही गई है। इस मुद्दे को भुनाया भी जा रहा है। हालांकि नीलम स्वयं अब भी चेतन को अपना छोटा भाई ही करार दे रही है। नीलम का चुनावी उद्धघोष भी स्वर्गीय नरेंद्र ब्रागटा द्वारा किये गए कार्यों को पूरा करने के आसपास ही घूम रहा है। नीलम इस क्षेत्र से तीन बार जिला परिषद की सदस्य रह चुकी है और 1997 से पार्टी के साथ जुड़ी हुई है। उन्हें चुनावी राजनीति का अनुभव भी है और हाईकमान का आशीर्वाद भी, बस दो धड़ों में बट चुकी भाजपा उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती है। नीलम की योगयता पर भी कोई संदेह नहीं है, बस चूक यहां भाजपा आलाकमान से हुई लगती है क्यों कि अगर शुरू से चेतन को टिकट के लिए आश्वस्त नहीं किया जाता तो शायद कि इस तरह का विद्रोह होता। बहरहाल स्थिति जो भी हो पर भाजपा के चुनाव मैनेजमेंट पर कोई संशय नहीं है। जमीनी स्तर पर पार्टी बेहद बारीकी से डैमेज कण्ट्रोल में जुटी है और निसंदेह चेतन को मनाने के प्रयास हो रहे है। नीलम को चुनाव लड़ने का ख़ासा अनुभव भी है जो इस चुनाव में उनके काम आ सकता है।
भाजपा की लड़ाई से इतर जुब्बल-कोटखाई निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस द्वारा सरकार पर ताबड़तोड़ हमले कर रही और बेरोज़गारी, महंगाई जैसे मुद्दे लेकर जनता के बीच है। यहां कांग्रेस एकजुट है और रोहित ठाकुर एक मजबूत उम्मीदवार दिख रहे। रोहित 2003 और 2012 में जुब्बल कोटखाई से विधायक रहे है। रोहित ठाकुर ही वो नेता जिन्होंने साल 2003 में पूर्व विधायक स्व नरेंद्र बरागटा को हराया था। 2017 में भी रोहित ठाकुर मात्र 1062 वोटो से हारे थे। ऐसे में टिकट के लिए उन्हें किसी अन्य चेहरे से ज्यादा चुनौती नहीं मिली और अब पूरी कांग्रेस एक जुट होकर उन्हें जीत दिलाने में लगी है। 2017 में हारने के बाद भी रोहित लगातार क्षेत्र में सक्रीय रहे है, उनकी जमीनी पकड़ भी क्षेत्र में स्पष्ट देखने को मिलती है। पर अति आत्मविश्वास की स्थिति हमेशा कांग्रेस के लिए बड़ी परेशानी रही है, इससे कांग्रेस को बचना होगा। 2017 के चुनाव में भी कांग्रेस जीत को लेकर आश्वस्त थी और नतीजा सबके सामने है। वीरभद्र सरकार ने दी थी सीए स्टोर को मंजूरी पराला मंडी में सीए स्टोर स्थापित करने के मुद्दे पर श्रेय लेने की होड़ लगी है। भाजपाई इसे अपनी उपलब्धि बता रहे है तो कांग्रेस प्रत्याशी रोहित ठाकुर का कहना है कि किसी भी बड़ी परियोजना के लिए मंजूरी मिलना मुश्किल कार्य होता है, जबकि घोषणाएं करना आसान। वीरभद्र सरकार में प्रदेश को मिले सबसे बड़े 1134 करोड़ के बागवानी प्रोजेक्ट के तहत सीए स्टोर को पराला में बनाने की मंजूरी मिली थी। इसके साथ ही अन्य क्षेत्रों में भी सीए स्टोर निर्माण की मंजूरी दी गई थी। भाजपा सरकार का इस प्रोजेक्ट से कोई लेना देना नहीं है, यह सरकार केवल श्रेय लेने की होड़ में लगी है। जयराम सरकार ने तो प्रदेश के बागवानों को मिलने वाली निशुल्क कीटनाशक दवाइयों पर भी रोक लगा दी है। इससे पता लगता है कि यह सरकार बागवानों की कितनी हितेषी है? इस प्रोजेक्ट को मंजूर करवाने में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह व पूर्व बागवानी मंत्री विद्या स्टोक्स का योगदान रहा है। रोहित कहते है कि वर्तमान बागवानी मंत्री के ब्यान तो साफ दर्शाते हैं कि उन्हें बागवानी की कोई समझ ही नहीं है। कांग्रेस सरकार ने एपीडा के तहत हिमाचल में सात सीए स्टोर स्थापित करने का प्लान तैयार किया था। इनमें से 3 सीए स्टोर जुब्बल कोटखाई में ही स्थापित करने का प्रावधान रखा गया था, चूंकि यह क्षेत्र सेब बाहुल्य के लिए जाना जाता है।
सत्ता में हो या फिर विपक्ष में, स्व. बरागटा प्रदेश के बागवानों के हर मसले की आवाज बने। विधानसभा सदन से लेकर केंद्र सरकार तक बागवानों की आवाज बुलंद करने में उन्होंने कोई कमी नहीं छाेड़ी। वर्तमान जयराम सरकार में वे मुख्य सचेतक थे और विधानसभा के हर सत्र में वो बागवानों के हितों की बात करते दिखते थे। सेब पर कमीशन हो या फिर फसल बीमा कंपनियों की ओर से भ्रष्टाचार का मसला, इन सभी एजेंडों पर स्व. बरागटा ने सरकार के समक्ष ठोक-बजा कर बागवानों का पक्ष रखा। यहां तक की देश की विभिन्न मंडियों में बिकने वाले विदेशी सेब पर आयात शुल्क बढ़ाने का मुद्दा भी स्व. बरागटा उठाते रहे। 1998 की धूमल सरकार में बागवानी मंत्री रहते हुए नरेंद्र बरागटा ने तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व.अटल बिहारी वाजपेयी के समक्ष भी ये मामला उठाया था, ताकि प्रदेश के बागवानों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। इसके बाद अगली धूमल सरकार में भी वे बागवानी मंत्री थे और यूपीए सरकार के सामने ये विषय रखा। जब भी बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के चलते बागवानों की फसल नष्ट होती, तो उस समय एक ही नेता सामने आता रहा, वह थे नरेंद्र बरागटा। हाल ही में हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद स्व. बरागटा ने प्रदेश सरकार से मांग की थी कि वह तुरंत सेब क्षेत्रों में टीमें भेजे और बागवानों किसानों को तुरंत मुआवजा प्रदान करे। अपनी ही सरकार को आईना दिखाते हुए उन्होंने कहा था कि केवल आकलन करने से कुछ नहीं होगा क्योंकि पिछले साल हुए नुकसान पर भी सरकार केवल आकलन ही करती रह गई थी। जयराम राज में नहीं मिला मंत्री पद भारतीय जनता पार्टी में स्व नरेंद्र बरागटा के कद का अंदाजा इसी बात से पता चलता है कि 1998 में पहली बार विधायक बनते ही उन्हें धूमल सरकार में बागवानी राज्य मंत्री बनाकर स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया। इसके बाद प्रेम कुमार धूमल की सरकार के दूसरे कार्यकाल में उन्हें कैबिनेट दर्जा दिया गया। बागवानी विभाग के अलावा तकनीकी शिक्षा विभाग का जिम्मा दिया गया था। 2012 में स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर राजीव बिंदल के त्यागपत्र देने के बाद स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा भी उन्हें सौंपा गया था। 2017 में नरेंद्र बरागटा तीसरी बार विधायक बने और प्रदेश में जयराम सरकार बनी। भाजपा की बदली हुई सियासत ने उन्हें मंत्रिपद से तो वंचित रखा गया, लेकिन उन्हें पूरी तरह दरकिनार करना भी मुमकिन नहीं था, सो उन्हें मुख्य सचेतक बनाकर कैबिनेट दर्जा दिया गया।
बरसात का मौसम खत्म हुआ और उपचुनाव आ गए, साथ ही शुरू हो गई कच्चे -पक्के वादों की बरसात और इस बरसात में उठ रही बगावत की गंध ने सियासी तौर पर माहौल और भी रोचक बना दिया है। जुब्बल कोटखाई में भाजपा दो धड़ों में बंट गई गई है। एक तरफ बरागटा को श्रद्धांजलि देने वाले लोग जमा हो गए है तो दूसरी तरफ भाजपा के निष्ठावान सिपाही बचे है। दो गुटों में बंटें ये भाजपाई पहले आपस में लड़ेंगे और फिर कांग्रेस से मुकाबले पर बात होगी। वहीं जुब्बल कोटखाई कांग्रेस एकजुट होकर भजपाईओं के इस तमाशे का आनंद ले रही है। पर कांग्रेस की राह इतनी भी आसान नहीं होगी जितना कुछ समर्थक सोच कर चल रहे है। विशेषकर बरागटा के प्रति दिख रही सहानुभूति कुछ भी गुल खिला सकती है, बशर्ते वे मैदान में डटे रहे। बहरहाल यदि बरागटा डटे रहे तो ये सहानुभूति कितनी वोट में तब्दील होती है और किस किसको नुकसान पहुंचाएगी, ये ही विश्लेषण का विषय होगा। जुब्बल कोटखाई की राजनीति समझने वाले मानते है कि इसे सीधे तौर पर सिर्फ भाजपा का नुक्सान नहीं समझना चाहिए, जब सहानुभूति प्रखर होती है तो राजनैतिक सीमायें नहीं देखती। जो माहौल और जन सैलाब चेतन बरागटा को टिकट न मिलने पर आहत हुए लोगों ने खड़ा किया उसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता और न ही अनदेखा किया जा सकता है भाजपा की सुनियोजित रणनीतियों को। खैर आगे जो भी हो इतना स्पष्ट है की जुब्बल कोटखाई का चुनाव बेहद दिलचस्प होने वाला है। ये उपचुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भाजपा के सामने सीट बचाने की चुनौती है तो कांग्रेस के सामने अपनी परंपरागत सीट को फिर कब्जाने की, वहीँ चेतन बरागटा ने इसे मान सम्मान की जंग बना लिया है। कांग्रेस ने जुब्बल कोटखाई से पूर्व विधायक रोहित ठाकुर को टिकट दिया है, जबकि भाजपा ने गहन मंथन और जोड़ तोड़ के बाद चेतन बरागटा का टिकट काट कर नीलम सरैक को टिकट दिया है। नीलम सरैक को टिकट देकर पार्टी एक मापदंड स्थापित करना चाहती थी कि भाजपा वंशवाद और परिवारवाद के खिलाफ है। हालाँकि ये पोलिटिकल स्टंट पार्टी को उल्टा पड़ता दिखाई दे रहा है। भाजपा ने शायद कभी नहीं सोचा होगा की चेतन के समर्थन में इतने लोग मैदान में उतर भाजपा के खिलाफ बगावत कर देंगे। चेतन पूरी तैयारी कर चुके थे, टिकट न मिलने पर उन्होंने ये तक कह डाला कि उन्हें बर्बाद कर दिया, उन्हें धोखा दिया गया। चेतन समर्थकों के बीच आकर रो दिए और पूरा माहौल बदल दिया। भाजपा के कई समर्थक भी चेतन को टिकट न मिलने से खुद को ठगा सा महसूस कर रहे है। दरअसल जुब्बल कोटखाई ऐसा उपचुनाव क्षेत्र है जहां चुनाव की घोषणा से पहले ही प्रचार प्रसार शुरू हो गया था। भाजपाई पिछले तीन महीनों से चेतन के साथ गांव -गांव घूम प्रचार प्रसार कर रहे थे परंतु टिकट बदल पार्टी ने उस पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया। ये समर्थक पार्टी के वंशवाद के तर्क को भी सिरे से खारिज कर रहे है। इनका कहना है की चेतन पिछले 14 सालों से पार्टी के लिए काम कर रहे है। वे भाजपा आईटी सेल के अध्यक्ष भी है। उन्होंने पिछले कई सालों से पार्टी को मज़बूत करने का काम किया है। उन्हें टिकट देना वंशवाद नहीं कहला सकता। यहां नीलम सरैक पर भी तरह - तरह के आरोप लगाए जा रहे है। कुछ का कहना है की नीलम ने कांग्रेस के साथ मिलकर पार्टी को कमज़ोर करने का काम किया है तो कुछ उनपर पार्टी कार्यकर्ताओं को नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगा रहे है। हाल फिलहाल चेतन ने मैदान में उतर कर यहां के समीकरण बदल दिए है। दो बार खिला कमल, दोनों बार बरागटा थे मैदान में जुब्बल-कोटखाई वो विधानसभा क्षेत्र है जहां कमल खिलाना भजपा के लिए कभी आसान नहीं रहा। इस विधानसभा क्षेत्र को कांग्रेस का गढ़ तो कहा ही जाता है मगर जुब्बल - कोटखाई को पूर्व मुख्यमंत्री स्व. ठाकुर रामलाल का गढ़ कहना भी गलत नहीं होगा। ठाकुर रामलाल कुल नौ मर्तबा जुब्बल कोटखाई से विधायक रहे है। उनके निधन के बाद दो बार इस विधानसभा क्षेत्र की कमान उनके पोते रोहित ठाकुर भी संभाल चुके है। अब तक भाजपा को यहां केवल दो ही बार जीत मिल पाई है। कांग्रेस के इस गढ़ में कमल खिलाने वाले नेता थे पूर्व विधायक नरेंद्र बरागटा। वर्ष 2003 में बरागटा ने इस विस क्षेत्र से पहली बार चुनाव लड़ा मगर वे जीत नहीं पाए। इसके बाद विपक्ष में रहते हुए वे पांच साल जुब्बल - कोटखाई की आवाज बने रहे। नतीजन 2007 में उन्हें जुब्बल - कोटखाई की जनता ने वोट रुपी आशीर्वाद दिया और पहली बार इस सीट पर भाजपा विजयी हुई। 2017 में भी इस विधानसभा क्षेत्र से नरेंद्र बरागटा ही जीते। 2003 से सत्ता के साथ जुब्बल-कोटखाई जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र की जनता 2003 से ही सत्ता के साथ चलती आ रही है। वर्तमान में भाजपा की सरकार है तो भाजपा के नरेंद्र बरागटा जीते, 2012 में कांग्रेस की सरकार में कांग्रेस के रोहित ठाकुर और उससे पहले 2007 में भाजपा की सरकार थी तो भाजपा के नरेंद्र बरागटा जीते थे। इसी तरह 2003 के चुनाव में रोहित ठाकुर को जनता का आशीर्वाद मिला। यहां वीरभद्र सिंह भी हारे है 1990 में वीरभद्र सिंह हैट्रिक लगाने के इरादे से मैदान में उतरे। उस चुनाव में वीरभद्र दो सीटों से लड़े, रोहड़ू और जुब्बल कोटखाई। रोहड़ू में तो वीरभद्र जीत गए लेकिन जुब्बल कोटखाई में करीब पंद्रह सौ वोट से हार गए। दिलचस्प बात ये है की वीरभद्र सिंह को हराने वाले थे वहीं ठाकुर रामलाल जिन्हें कुर्सी से हटाकर वीरभद्र सिंह पहली बार सीएम बने थे। दरअसल मुख्यमंत्री पद से हटाने के बाद ठाकुर रामलाल को आंध्र प्रदेश का राज्यपाल बना दिया गया था और प्रदेश की राजनीति से एक किस्म से वे दूर हो गए थे। धीरे -धीरे ठाकुर रामलाल और कांग्रेस के बीच भी खाई बनती गई और ठाकुर रामलाल जनता दल में शामिल हो गए। 1990 के विधानसभा चुनाव में ठाकुर रामलाल ने जनता दल से टिकट पर जुब्बल कोटखाई से चुनाव लड़ा और तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को परास्त करके अपनी पकड़ का लोहा मनवाया। दो मुख्यमंत्री देने वाल इकलौता क्षेत्र जुब्बल कोटखाई, हिमाचल प्रदेश का इकलौता ऐसा निर्वाचन क्षेत्र जिसने दो मुख्यमंत्री दिए है, ठाकुर रामलाल और वीरभद्र सिंह। नौ बार के विधायक और तीन बार मुख्यमंत्री रहे ठाकुर रामलाल की कर्मभूमि रहे जुब्बल कोटखाई की सियासत हमेशा से ही रोचक रही है। 1977 में ठाकुर रामलाल जब पहली बार मुख्यमंत्री बने थे तब वे इसी सीट से विधायक थे। फिर 1980 में जब शांता सरकार को गिराकर ठाकुर रामलाल दूसरी बार मुख्यमंत्री बने तब भी वे इसी सीट से विधायक थे। 1982 में विधानसभा चुनाव हुए और कांग्रेस ने रिपीट किया और जुब्बल कोटखाई से विधायक ठाकुर रामलाल तीसरी बार मुख्यमंत्री बने। फिर 1983 में हिमाचल की सियासत में टिम्बर घोटाले के चलते बवाल मच गया। तब इसी बवाल में मुख्यमंत्री ठाकुर रामलाल की कुर्सी चली गई और वीरभद्र सिंह पहली बार सीएम बने थे। सियासत के जादूगर वीरभद्र सिंह ने जनता की नब्ज को भांपते हुए विधानसभा जल्दी भंग करवा दी और 1985 में ही विधानसभा चुनाव करवा दिए। दिलचस्प बात ये है कि 1985 के विधानसभा चुनाव में वीरभद्र सिंह ने अपना चुनाव क्षेत्र बनाया जुब्बल कोटखाई को। उसी जुब्बल कोटखाई क्षेत्र को ठाकुर रामलाल का गढ़ था। वीरभद्र सिंह जीत गए और दूसरी बार मुख्यमंत्री भी बन गए। यानी जुब्बल कोटखाई को दूसरा मुख्यमंत्री मिल गया।
मंडी संसदीय सीट से भाजपा प्रत्याशी खुशाल ठाकुर ने रविवार को लाहौल-स्पीति जिले के उदयपुर में लोगों के समर्थन मांगा। इस दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री और भाजपा प्रत्याशी का उदयपुर पहुंचने पर ज़ोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भी जनसभा को संबोधित किया और लोगों से खुशाल ठाकुर को भारी मतों से जीताकर सांसद बनाने की अपील की। ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने मां मृकुला देवी और भगवान त्रिलोकीनाथ से जीत का आशीर्वाद मांगा। साल 1948 का जिक्र करते हुए ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने कहा कि जब कबाइलियों ने कश्मीर और लद्दाख में हमला किया था तो उस युद्ध में लाहौल के लोगों की भूमिका भी अहम रही है। उन वीरों को सेवियर्स ऑफ लद्दाख माना जाता है। इस दौरान उन्होंने कर्नल पृथी चंद महावीर चक्र, खुशाल चंद महावीर चक्र, कैप्टन भीम चंद वीर चक्र, नायक तोप्ते राम, लांस नायक कर्म सिंह आदि को भी याद किया। उन्होंने कंचनजंगा को फतह करने वाले कर्नल प्रेम चंद का नाम भी मंच से लिया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बड़ी संख्या में पहुंची महिलाओं का आभार जताया। उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि लाहौल की धरती से ऐसे अनेक वीर सैनिक पैदा हुए जिन्होंने देश को जोड़ने का काम किया। जहां देश की बात आती है, लाहौल के लोग पीठ नहीं दिखाते।मुख्यमंत्री ने कहा कि लाहौल स्पीति के लिए जो भी घोषणाएं की गई थीं, वो उपचुनाव के बाद एक-एक कर पूरी की जाएंगी। बीडीओ ऑफिस और फायर ब्रिगेड की मांग को भी पूरा करेंगे। जयराम ठाकुर ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि आज वो हमारे बीच नहीं हैं, उनकी कमी हम भी महसूस करते हैं। उनके प्रति सम्मान था, बुजुर्ग के नाते भी और नेता के नाते भी। लेकिन कांग्रेस के पास चुनाव में कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वो केवल वीरभद्र के नाम पर ही वोट मांग रही है। कांग्रेस पर चुटकी लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी में नामांकन के बाद प्रतिभा सिंह ने कहा कि उनका मन चुनाव लड़ने का नहीं है। अगर नहीं तो उनसे क्यों जबरन चुनाव लड़वाया जा रहा है? कांग्रेस के एक नेता मंडी में आकर गाली देते हैं। वोट मांगने का अधिकार सबको है, लेकिन गाली देकर वोट नहीं मांगा जा सकता। मंडी के लोगों ने कहा है कि इसका जवाब हम वोटों से देंगे।
शिमला नागरिक सभा की बैठक विजेंद्र मेहरा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में कूड़े व पानी के बिलों को लेकर एक नवम्बर को नगर निगम कार्यालय के बाहर विशाल प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। सभा का वार्षिक सम्मेलन 30 नवम्बर को कालीबाड़ी हॉल शिमला में होगा। बैठक में विजेंद्र मेहरा, कपिल शर्मा, बलबीर पराशर, सत्यवान पुंडीर, बाबू राम, जियानंद, विवेक कश्यप, अनिल पंवर, अमित कुमार, रमाकांत मिश्रा,बालक राम, विनोद बिरसांटा, किशोरी ढटवालिया, हिमी देवी, रंजीव कुठियाला, रामप्रकाश व उत्तम चौहान आदि मौजूद रहे। नागरिक सभा अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा व सचिव कपिल शर्मा ने कहा कि सभा का वार्षिक सम्मेलन शिमला के कालीबाड़ी हॉल शिमला में 30 नवम्बर को होगा। नगर निगम शिमला के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में पानी व कूड़े के बिलों को लेकर नागरिक सभा एक नवम्बर को नगर निगम शिमला कार्यालय पर विशाल प्रदर्शन करेगी। सभा ने निर्णय लिया है कि सभी वार्डों की स्थानीय समस्याओं को लेकर वार्ड स्तर पर शिमला शहर के नागरिकों को लामबंद किया जाएगा। उन्होंने कच्चीघाटी में बरसात के कारण ढहने वाले भवन में रहने वाले सभी लोगों को आर्थिक मदद देने व इसकी एवज में नई सुरक्षित ज़मीन देने की प्रदेश सरकार से मांग की है। उन्होंने इसके साथ सटे हुए भवनों जिनके गिरने का खतरा मंडरा रहा है,को भी इसी तर्ज पर राहत प्रदान करने की मांग की है। उन्होंने बिजली व पानी बिलों में नगर निगम की ओर से वसूले जा रहे भारी सेस व बिलम्ब शुल्क का कड़ा विरोध किया है। पुराने बस स्टैंड पर पहले की भांति रात्रि बसों की उचित सुविधा देने की मांग की है। उन्होंने शिमला शहर में चौबीस घण्टे बस सुविधा देने, शिमला शहर में सातों दिन चौबीस घण्टे व मर्ज्ड एरिया में आईपीएच स्कीम के अंर्तगत हर रोज़ पानी उपलब्ध करवाने, सभी वार्डों में पार्किंग, लाइब्रेरी व सामुदायिक भवन की उचित सुविधा देने की मांग की है। उन्होंने चेताया है कि अगर शिमला शहर की समस्याओं का शीघ्र समाधान न हुआ तो सभा नागरिकों को लामबंद करके एक विशाल आंदोलन खड़ा करेगी।
शिमला: प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जुब्बल कोटखाई विधानसभा उप चुनाव के प्रचार व समन्वय के लिये पार्टी पदाधिकारियों को दायित्व सौंप दिया है। प्रदेश कांग्रेस चुनाव नियंत्रण कक्ष के प्रभारी हरिकृष्ण हिमराल ने सूची जारी करते हुए बताया कि जिला शिमला कांग्रेस कमेटी शहरी के अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी,वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेंद्र सेठी, नागरु राम, कांग्रेस प्रवक्ता अमन सेठी, कांग्रेस सचिव चंद्र मोहन ठाकुर, कुशल जेठी, कांग्रेस सचिव यशपाल तनाईक, सेनराम नेगी, पार्षद कुलदीप ठाकुर, पूर्व पार्षद नरेंद्र ठाकुर, महेंद्र चौहान, कांग्रेस सचिव सत्यजीत नेगी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ठियोग कवंर नरेंद्र सिंह, सोनिया चौहान, पार्षद इंद्रजीत सिंह, एडवोकेट आईएन महेता, नरेंद्र ठाकुर,घनश्याम हिमराल, राजेश वर्मा, बलदेब पूरी, राजकुमारी सोंनी, उज्वल महेता, मोनीता चौहान, कुमारी आरती निर्मोही व दीक्षा सिंघा को शामिल किया गया है। हिमराल ने बताया है कि उपरोक्त सदस्यों को जुब्बल कोटखाई ब्लॉक अध्यक्ष मोतीलाल देरटा के साथ तालमेल करते हुए अपनी दैनिक रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस चुनाव नियंत्रण कक्ष को देनी होगी।
शिमला: भाजपा चुनाव समिति की बैठक भाजपा प्रदेश मुख्यालय दीपकमल चक्कर शिमला में भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल की अध्यक्षता में हुई। प्रदेश नेतृत्व ने उपचुनाव के लिए चुनाव प्रबंधन समिति का प्रमुख भाजपा के विरिष्ठ नेता एवं हिम्फेड के अध्यक्ष गणेश दत्त को और सह प्रमुख प्रदेश प्रवक्ता विनोद ठाकुर को बनाया गया। मीडिया प्रमुख प्रदेश सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा रहेंगे। बैठक में उपचुनावों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई और पार्टी की आगामी योजना तय की गई। बैठक में हिम्फेड के अध्यक्ष गणेश दत्त, प्रदेश प्रवक्ता विनोद ठाकुर, कार्यालय सचिव प्यार सिंह कंवर, सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, कोषाध्यक्ष संजय सूद, विनोद चौहान, सुशील राठौर, शुभंकर सूद, सुदीप महाजन, सुनील धर, ललित ठाकुर, विवेक शर्मा, नरेंद्र ठाकुर उपस्थित रहे।
किसानों के प्रति केन्द्र और राज्य सरकार की बेरुखी और किसान विरोधी नीतियां लागू करने से खफा हिमाचल किसान सभा ने उप चुनावों में सरकार की खिलाफत करने का मन बना लिया है। शनिवार को जारी प्रैस विज्ञप्ति में हिमाचल किसान सभा के राज्याध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तँवर ने कहा कि केंद्र और राज्य की भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने आम आदमी और किसानों के ऊपर डबल मार की है। एक तरफ खाद्य वस्तुओं की मंहगाई चरम पर है लेकिन दूसरी ओर से जो अन्नदाता फसल उगा रहा है उसको अपने उत्पाद के उचित दाम तक नहीं मिल रहे। डॉ. तँवर ने कहा कि केन्द्र सरकार जहां कृषि कानूनों के ज़रिये किसानों की ज़मीन को नैगम घरानों और पूंजीपतियों के हवाले करने की साजिश रच रही है वहीं प्रदेश सरकार की बेरुखी और बेपरवाही से प्रदेश के किसानों पर चौतरफा मार पड़ रही है। किसान नेता ने कहा कि प्रदेश में जहां उप चुनाव हो रहे हैं वहां सभी जगह के किसानों, बागवानों और सब्ज़ी उत्पादकों की फसलें बुरी तरह से पिटी हैं। जुब्बल-कोटखाई की बात करें तो यहां सेब बागवानों को सेब का उचित दाम तक नहीं मिला। प्रदेश के 45 खण्डों में सेब पैदा होता है और शिमला जिला के अन्दर जुब्बल-कोटखाई खण्ड में सेब का सबसे ज्यादा उत्पादन किया जाता है मगर इस बार प्राकृतिक आपदाओं क साथ-साथ सेब पर मण्डी में बुरी तरह से मार पड़ी और बागवानों की सेब की उत्पादन लागत तक वापिस नहीं आ पाई। लेकिन सरकार ने न तो प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का मुआवज़ा दिया और न ही सेब की कीमतों में गिरावट पर कोई कदम उठाए। उल्टा मुख्यमंत्री का बयान आया कि अब सेब सीज़न समाप्त हो गया है इसलिए यह कोई मुद्दा ही नहीं है। वहीं फतेहपुर में मंड क्षेत्र के किसानों की खरीद केन्द्र की समस्या अभी भी बरकरार है। किसान सभा के साथ-साथ मंड संयुक्त किसान संघर्ष समिति ने फतेहपुर और इंदौरा में पांच खरीद केन्द्र खोलने की मांग उठाई थी मगर सरकार द्वारा तीन खरीद केन्द्रों की घोषणा करने के बावजूद वहां अभी भी धान की फसल की बिक्री सुचारू रूप से चालू नहीं हुई है। किसानों का धान बर्बाद हो रहा है क्योंकि पंजाब ने पहले ही अन्य प्रदेशों का धान खरीदने से मना कर दिया है। अर्की के सब्ज़ी उत्पादक भी मण्डी की मार से अछूते नहीं रहे। इस बार टमाटर की जो दूर्दशा हुई वह किसी से छुपी नहीं है। सौ रुपये से लेकर डेढ़ सौ रुपये तक भी टमाटर की क्रेट बिकी जिससे सब्ज़ी उत्पादकों का मण्डी तक टमाटर पहुंचाने का खर्च भी पूरा नहीं हो पाया। वहीं टमाटर का खराब बीज निकलने से भी किसानों का लाखों रुपये का नुकसान हुआ। डॉ. तँवर ने कहा कि मण्डी संसदीय क्षेत्र में सेब, सब्ज़ी, मक्की जैसे सभी उत्पादों पर मार तो पड़ी साथ ही फोरलेन से प्रभावित लोग भी लम्बे समय से अपनी मांग को लेकर संघर्षरत है लेकिन उन्हें अपनी ज़मीन का उचित मुआवज़ा नहीं मिल रहा। उल्टा बल्ह क्षेत्र की उपजाऊ ज़मीन को प्रदेश और केन्द्र की सरकार हवाई अड्डे के लिए अधिग्रहण करने पर उतारू है। ऐसे में भाजपा का किसानों की आय को दुगना करने का वायदा न सिर्फ जुमला साबित हो रहा है बल्कि किसानों की आमदनी नीचे की ओर घट रही है। किसान आन्दोलन में संघर्ष कर रहे किसानों से बात करने के बजाय उन्हें गाड़ी से कुचला जा रहा है। इसके मद्देनज़र किसान सभा तीनों विधानसभाओं सहित मंडी संसदीय सीट पर भी भाजपा का विरोध करेगी।
मतदाता फोटो पहचान पत्र उपलब्ध न होने पर 11 वैकल्पिक फोटो दस्तावेजों में से किसी एक को साथ लाकर कर सकेंगे मतदान मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हिमाचल प्रदेश सी.पालरासू ने मंडी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र तथा फतेहपुर, अर्की व जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्रों के मतदाताओं से आग्रह किया है कि वे उप-निर्वाचन के दृष्टिगत 30 अक्टूबर, 2021 को मतदान करने के लिए मतदाता फोटो पहचान पत्र या भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज पहचान के लिए साथ लाएं। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार उप- निर्वाचन में सभी मतदाताओं को मतदान केंद्रों पर मताधिकार का प्रयोग करते समय अपना मतदाता पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। यदि कोई मतदाता अपना पहचान पत्र प्रस्तुत करने में असमर्थ है तो ऐसे मतदाता को अपनी पहचान स्थापित करने के लिए फोटोयुक्त वैकल्पिक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। इन दस्तावेजों में आधार कार्ड, मनरेगा जाॅब कार्ड, बैंक/ डाकघरों द्वारा जारी की गई फोटोयुक्त पासबुक, श्रम मंत्रालय की योजना के अंतर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, एनपीआर के अंतर्गत आरजीआई द्वारा जारी किए गए स्मार्ट कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, राज्य अथवा केंद्र सरकार के लोक उपक्रम, पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, सांसदों, विधायकों/ विधान परिषद सदस्यों को जारी किए गए सरकारी पहचान पत्र में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि एपिक के संबंध में लेखन की अशुद्धि, बर्तनी की अशुद्धि इत्यादि को नजरअंदाज कर देना चाहिए बशर्ते निर्वाचक की पहचान ईपीआईसी से सुनिश्चित की जा सके। यदि कोई निर्वाचक किसी अन्य सभा निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जारी किया गया फोटो पहचान पत्र प्रदर्शित करता है तो ऐसे एपिक भी पहचान करने के लिए स्वीकार किए जाएंगे बशर्ते उस निर्वाचक का नाम जहां वह मतदान करने आया है, उस मतदान केंद्र से संबंधित निर्वाचक नामावली में उपलब्ध हो। यदि फोटोग्राफ इत्यादि के बेमेल होने के कारण निर्वाचक की पहचान सुनिश्चित करना संभव न हो तब निर्वाचक को कोई एक वैकल्पिक फोटो दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि उपरोक्त में किसी बात के होते हुए भी प्रवासी निर्वाचकों जो अपने पासपोर्ट में विवरणों के आधार पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 20क के अधीन निर्वाचक नामावली में पंजीकृत हैं, उन्हें मतदान केंद्रों में केवल उनके मूल पासपोर्ट के आधार पर ही पहचाना जाएगा और ऐसे मामलों में कोई अन्य दस्तावेज मान्य नहीं होगा।
कथित महलों में रहने वाली प्रतिभा को क्या पता सैनिक की चुनौती 2019 के चुनाव में हार के भय से छोड़ा था लोकसभा का मैदान: भाजपा आज सहानुभूति के दम पर मैदान में, जब सांसद थी तो जनता के बीच तक नहीं गईं शिमला। मंडी संसदीय सीट से कांग्रेस प्रत्याशी एवं पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह की धर्मपत्नी प्रतिभा सिंह के बयान पर भाजपा ने तंज कसा है। दरअसल, प्रतिभा सिंह ने मंडी रैली के दौरान ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर के चुनाव लड़ने पर कहा था कि चुनाव सेना का मैदान नहीं है। इसी बयान को लेकर हिमाचल भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिभा सिंह को खरी-खरी सुनाई है। हिमाचल भाजपा प्रभारी ने कहा कि तथाकथित महलों में जन्मी और महलों में रहने वाली प्रतिभा सिंह को क्या पता कि सैनिकों की चुनौतियां क्या होती हैं। सुविधा संपन्न जीवन जीने वालों को सब कुछ मैदान की तरह आसान लगता है। जबकि सैनिक देश के लिए अपने घर और परिवार से दूर कभी बर्फीले पहाड़ों, कभी तपते रेगिस्तानों तो कभी उफनते समंदर का सामना करता करते हैं। वे मैदान में नहीं, दुश्मन की गोलियों के बीच सीमाओं पर बने बंकरों में रहकर देश की रक्षा करते हैं। अविनाश राय खन्ना ने कहा कि सैनिकों का काम तो हर वक्त चुनौतियों से जूझना है। सैनिक हार-जीत की चिंता किए बिना युद्ध के हर मोर्चे पर डटा रहता है। वह कभी भी मैदान नहीं छोड़ता। प्रतिभा सिंह बताएं कि 2019 के लोकसभा चुनाव में हार के भय से मैदान क्यों छोड़ा था, जो आज राजनीतिक अखाड़े की बात कर रही हैं। बकौल हिमाचल बीजेपी प्रभारी, हमारी पार्टी ने इस बार मंडी संसदीय सीट से एक सैनिक को चुनावी मैदान में उतारा जिनसे कांग्रेस प्रत्याशी सामना नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने प्रतिभा सिंह को दो टूक जवाब देते हुए कहा कि पहले ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने सेना में रहते हुए देश की रक्षा की, अब मंडी संसदीय सीट भारी बहुमत से जीत कर जनता की सेवा करेंगे। उन्होंने ने प्रतिभा सिंह से पूछा कि जब वह पूर्व में सांसद थीं तो जनता के बीच घूमने की मंशा क्यों नहीं रखती थी। आज जब उन्हें लगता है कि सहानुभूति लाकर उनकी राह आसान हो सकती है तो चुनाव लड़ रही हैं, ऐसा संभव नहीं होगा। अविनाश राय खन्ना ने कहा कि जनता प्रतिभा सिंह को मौका देकर देख चुकी है। उन्हें अब तक दो बार सांसद बनाया गया, लेकिन उन्होंने जीत कर जनता की सुध लेना भी गवारा नहीं समझा। यही वजह है, कि उन्हें एक चुनाव में हार देखनी पड़ी तो दूसरे चुनाव में वो बीजेपी का सामना करने की हिम्मत ही नहीं जुटा पाईं। भाजपा नेता ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रतिभा सिंह को स्व. रामस्वरुप शर्मा ने पराजित किया तो 2019 के चुनाव में वो पहले ही हार मान चुकी थीं, तभी मैदान से पीछे हट गई थीं। भाजपा नेता ने कहा कि मंडी संसदीय सीट समेत तीनों विधानसभा सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों की ही जीत होगी।
शिमला, हिमाचल प्रदेश के चार उपचुनावों संसदीय क्षेत्र मंडी, विधानसभा क्षेत्र फतेपुर, अर्की और जुब्बल कोटखाई के लिए भाजपा ने स्टार प्रचारकों की सूची तय कर दी है, यह सूची राष्ट्रीय भाजपा महामंत्री अरुण सिंह द्वारा जारी कर दी गयी है। भाजपा स्टार प्रचारकों में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार, पूर्व मुख्यमंत्री प्रो प्रेम कुमार धूमल, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर, भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, प्रदेश सह प्रभारी संजय टंडन, राजस्व मंत्री मोहिंद्र सिंह ठाकुर, शहरी विकास मंत्री मंत्री सुरेश भारद्वज, पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर, परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर, शिक्षा मंत्री गोविंग सिंह ठाकुर, पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव सैजल, ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी, वन मंत्री राकेश पठानिया, सस्थ्य मंत्री डॉ राजीव बिंदल, राज्य सभा सांसद इंदू गोस्वामी, भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, त्रिलोक कपूर एवं राकेश जम्वाल शामिल है।
मंडी में कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिभा सिंह के नामांकन के बाद आयोजित रैली में मंच से अपशब्द कहने को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री की निंदा की है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय राणा ने कहा कि अपशब्द कहने और अमर्यादित व्यवहार करने के लिए पहले ही प्रदेश भर में बदनाम हो चुके मुकेश अग्निहोत्री हिमाचल प्रदेश की संस्कृति और मर्यादा भूलते जा रहे हैं। वे भूल गए हैं कि यह हिमाचल प्रदेश है, देवभूमि है और यहां की स्वच्छ राजनीति की अब भी पूरे देश में मिसाल दी जाती है। उनका बयान सिर्फ कांग्रेस के लिए नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लिए शर्मिंदगी का विषय है। अजय राणा ने कहा कि अग्निहोत्री खुद तो खुले मंचों से गाली देते ही हैं, अब वह हिमाचल के लोगों को भी मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को ‘मोटी गाली’ देने के लिए उकसा रहे हैं। वह भूल गए हैं कि राजनीति में आलोचना और निंदा का भी एक तरीका होता है। उनकी इस ओछी हरकत का जवाब हिमाचल की जनता 30 अक्तूबर को देगी और चारों सीटों पर भाजपा को विजयी बनाएगी। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ने मुकेश अग्निहोत्री को मर्यादा में रहकर बयानबाजी करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि मुकेश अग्निहोत्री विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं, परंतु वह अपनी पार्टी की हार सामने देख उल्टी-सीधी बातें कर रहे हैं। भाजपा नेता ने कहा कि अतीत में खुले मंच से गाली देना, राज्यपाल के साथ धक्का-मुक्की और प्रदेश की सेवा कर रहे सुरक्षाकर्मियों के साथ बदसलूकी करना नेता प्रतिपक्ष के कारमानों में शामिल है। हमारे प्रदेश में तो ऐसा कभी होता नहीं था, वह बताएं कि कहां से ये सब सीखकर आए हैं।
हिमाचल प्रदेश में 11 अक्तूबर से आठवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की रोजाना कक्षाएं लगाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अभी नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को स्कूल बुलाया जा रहा था। इसमें हफ्ते के पहले तीन दिन दसवीं और 12वीं की कक्षाएं और अगले तीन दिन नॉन बोर्ड नौवीं तथा ग्यारहवीं की कक्षाएं लगाई जा रही थीं। उधर, स्कूलों में नियमित कक्षाएं शुरू करने की तैयारियों के बीच निदेशालय ने कोविड ड्यूटी में नियुक्त शिक्षकों को रिलीव करने की मांग की है। शिक्षा निदेशालय ने इस बाबत जिला उपायुक्तों और सीएमओ को पत्र भेजे हैं।
मंडी संसदीय क्षेत्र से पार्टी प्रत्याशी प्रतिभा सिंह व जुब्बल में रोहित ठाकुर ने अपने अपने नामांकन दाखिल किए। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने ढोल नगाड़ों से खुशी व्यक्त की। मंडी में प्रतिभा सिंह के नामांकन में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रभारी संजय दत्त, प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, आशा कुमारी, सुधीर शर्मा, कौल सिंह ठाकुर, गंगू राममुसाफिर, विनय कुमार, राजेन्द्र राणा, जगत सिंह नेगी, इंद्रदत्त लखनपाल, सुंदर ठाकुर, आशीष बुटेल, नन्द लाल, विक्रमादित्य सिंह, प्रकाश चौधरी, ग्यालसंन ठाकुर, उमेश नेगी, कुलदीप कुमार, बुद्धि सिंह ठाकुर, बम्बर ठाकुर, रंगीला राम राव, जैनब चंदेल, अनुराग शर्मा, नेगी निगम भंडारी, यदोपति ठाकुर, छत्र सिंह, हरदीप सिंह बाबा सहित मंडी के 17 ब्लॉकों के कांग्रेस अध्यक्ष प्रदेश कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी चेतराम ठाकुर, रवि ठाकुर महिला कांग्रेस, सेवादल, युवा कांग्रेस एनएसयूआई व कांग्रेस पार्टी के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता व सेंकडो की संख्या में उनके समर्थक मौजूद थे।
प्रदेश में हो रहे उपचुनावों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं की ओर से दिए जाने रहे बयानों पर भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक रूख अपना लिया है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री राकेश जम्वाल ने कांग्रेस नेता कौल सिंह ठाकुर से पूछा कि आप आठ बार विधायक और मंत्री के पद पर रहे तो मंडी जिले के विकास में कितना योगदान दिया। मंडी छोड़िए, आपने तो अपने इलाके द्रंग के लिए भी कुछ नहीं किया। जम्वाल ने कहा कि जब से प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनी है, मंडी ही नहीं, पूरे हिमाचल में करोडों के विकास कार्य किए गए हैं। कौल सिंह ठाकुर के क्षेत्र में ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 270 करोड़ रुपये से ज्यादा के विकास कार्यों के उद्घाटन और शिलान्यास किए हैं। कौल सिंह कहते हैं कि नेरचौक मेडिकल कॉलेज उनकी देन है। भाजपा नेता जम्वाल ने कहा, अगर मंडी में विकास न हुआ होता तो कांग्रेस के नेताओं में इस मुद्दे को भुनाकर संसदीय उपचुनाव में उतरने की होड़ मची होती। लेकिन वे जानते हैं कि जनता के बीच जाएंगे तो उनके पास कोई मुद्दा नहीं होगा। यही वजह है कि मंडी संसदीय सीट पर कांग्रेस की हार सुनिश्चित देख कौल सिंह ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। जम्वाल ने कहा कि कौल सिंह ने 2017 के हिमाचल विधानसभा चुनाव में कहा था कि वह अपना आखिरी चुनाव लड़ रहे हैं। फिर उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनावों में लड़ने से इनकार कर दिया। लेकिन अब लोकभा उपचुनावों के दौरान कहा कि वह 2022 में आखिरी चुनाव लड़ेंगे। कौल सिंह बताएं कि वह कितनी बार अपना आखिरी चुनाव लड़ेंगे? भाजपा के प्रदेश महानमंत्री राकेश जम्वाल ने नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर और कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर को अपने कुनबे को संभालने की नसीहत दी है। तीनों कांग्रेसी नेताओं द्वारा भाजपा प्रत्याशियों को कमजोर कहे जाने पर भाजपा नेता ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने खास कर मुकेश अग्निहोत्री और कौल सिंह ठाकुर को 2022 के चुनाव की चिंता छोड़ चार उपचुनावों में लाज बचाने की चुनौती दी है। उन्होंने राठौर को भाजपा की चिंता छोड़ अपनी कुर्सी बचाने की नसीहत भी दी।
जनता देख रही है कि उनकी दुश्वारियों से नही बल्कि अपनी टिकटों के लिए लड़ रहे है भाजपा और कांग्रेस। ये बात आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी रत्नेश गुप्ता ने कही। उन्होंने कहा कि बिजली, पानी, स्वास्थ और शिक्षा जो आम आदमी के मुद्दे है, उनकी इन उपचुनावों में बात नही हो रही है। जो ये बताता है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों का इन मुद्दो से सरोकार नही है। ये दल चुनावो में पहले टिकटो के लिए लड़ते है, फिर सत्ता में आने के बाद जनता के पैसों की बंदरबाट के लिए लड़ते है। उन्होंने आगे कहा कि चुनाव में जुमलों की बारिश हो सकती है पर वादा पूरा करने की इनकी नीयत नही है। उन्होंने कहा की ये सब जल्द बदलेगा क्यूंकि आम आदमी पार्टी सूबे में सक्रिय हो गई है। आम आदमी पार्टी जो भी वादे करती है वो पूरा करती है। इसकी गवाही जनता खुद देती है, जिसने दो बार 70 सीटो की विधानसभा में से 60 से ज्यादा सीटे आप को दी है। उन्होंने अपील की जनता अपने मत का प्रयोग सोच समझ कर करे और प्रत्याशी की जवाबदेही तय करे।
नई शिक्षा नीति में दो टर्म में परीक्षाओं के दौरान अगर किसी विद्यार्थी का परिणाम कंपार्टमेंट आता है तो उसे इस परीक्षा को देने के लिए पूरे पाठ्यक्रम से प्रश्न पूछे जाएंगे। अंक सुधार करने वालों के लिए भी बोर्ड पूरे पाठ्यक्रम से प्रश्नपत्र को सेट करेगा। वहीं, दो टर्म की परीक्षाओं में विद्यार्थियों के लिए 50-50 फीसदी सिलेबस से पेपर सेट किया जाएगा। नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को स्कूल में 75 फीसदी उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने नई शिक्षा नीति के तहत दो टर्म में परीक्षाएं लेने की अधिसूचना जारी की है। तीसरी, 5वीं, 8वीं और 9वीं से 12वीं तक परीक्षाएं दो टर्म में ली जाएंगी। इन्हीं के तहत उनका परीक्षा परिणाम तैयार किया जाएगा। अगर विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट आती है तो इसकी परीक्षा देने के लिए संबंधित विषय का पूरा पाठ्यक्रम पढ़ना होगा। तीसरी से 8वीं कक्षा के विद्यार्थियों को स्कूल में 90 फीसदी से अधिक उपस्थिति के दो अंक मिलेंगे। विद्यार्थी 80 से 89 फीसदी तक उपस्थिति दर्ज करवाते हैं,तो उसे आंतरिक मूल्यांकन के तहत दिए जाने वाले अंकों में एक अंक दिया जाएगा। अगर विद्यार्थी 90 फीसदी से अधिक उपस्थिति दर्ज करवाते हैं तो दो अंक मिलेंगे। अन्य गतिविधियों के तहत भी 10 नंबर को विभाजित किया जाएगा।
बोर्ड अध्यक्ष सुरेश सोनी ने वेबनार के माध्यम से बैठक का आयोजन किया। बैठक में अधिकतर सरकारी व प्राइवेट स्कूलों के शिक्षक संगठनों ने भाग लिया। बैठक में सभी शिक्षक नेताओं ने नवंबर माह में टर्म 1 की परीक्षा करवाने का एक मत से विरोध किया l वेबनार में हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान और महासचिव श्याम लाल हांडा ने भी भाग लिया। अपने वक्तव्य में हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बोर्ड चेयरमैन स्पष्ट करें कि टर्म सिस्टम को लागू करने के लिए बोर्ड ने शिक्षक संघों के साथ कितनी बैठके अभी तक की है यदि नहीं की तो अब बोर्ड चेयरमैन को बैठक करने की क्या जरूरत महसूस हुई। चौहान ने कहा कि अच्छा होता यदि नई शिक्षा नीति को हिमाचल प्रदेश में पूरी तैयारी के साथ लागू किया जाता और इससे पहले शिक्षक संघो के साथ चर्चा की जाती। बैठक के दौरान चौहान ने आरोप लगाया कि आनन-फानन में जिस तरह से बोर्ड ने अधिसूचना जारी की और उसके बाद सिलेबस डिस्ट्रीब्यूशन का मॉड्यूल तैयार किया उसमें बहुत त्रुटि भी थी ल उससे स्कूल शिक्षा बोर्ड और हिमाचल का नाम धूमिल हुआ है। सभी ने एक मत से बैठक में कहा कि सितम्बर माह में हुई परीक्षाओं को ही फर्स्ट टर्म माना जाये।
कांग्रेस प्रवक्ता किरण धांटा ने मुख्यमंत्री जयराम के बयान 'कांग्रेस के पास न तो नेता है और न नीति ' पर पलटवार करते हुए कहा कि जो सरकार एक साल से किसानों के लिये नीति नहीं बना पा रही हो, सरकारी नौकरियों में धांधली करा रही हो, महामारी के इस काल में स्वास्थ्य सेवाओं में घोटाले करा रही हो। उस सरकार के मुख्यमंत्री को यह सब कहने से पहले अपने सरकार की कार्यशैली और कार्यनीति पर गौर करना चाहिये। कांग्रेस के पास सशक्त व योग्य नेता थे और है। जो जनता की सेवा देश भक्ति की नियत से करते है, ना की भाजपा के नेताओं के तरह जुमलों की नीति से। कांग्रेस प्रवक्ता ने आगे कहा कि भाजपा अपनी हार को निश्चित देख कर बौखला गई है। इसलिए भाजपा के नेता अपने शब्दों पर नियंत्रण नहीं कर पा रहे हैं। आज प्रदेश की जनता भाजपा के रवैये को समझ गई है और इस का जबाब जनता उपचुनावों में भाजपा को देने वाली है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा की कांग्रेस भाजपा की तरह जाती-वाद, क्षेत्रवाद, ऊंच -नीच व धार्मिक भावनाओं के आधार पर जनता से वोट नहीं मांगती बल्कि काम के बलबूते पर वोट मांगती है। प्रवक्ता ने कहा की आज की जनता पढ़ी लिखी जनता है और वो जनता के हितों में काम करने वाली कांग्रेस पार्टी के सभी उम्मीदवारों को बहुमतों से विजयी बनाएगी।
कांग्रेस लगातार उपचुनाव के बीच संगठन में नयी नियुक्तियाँ कर रही है और ऐसे में आज तीन नई नियुक्तियाँ प्रदेश कांग्रेस कमेटी में मीडिया पेनेलिस्ट की भी की गयी है। जिसमें प्रवक्ताओं की टीम में कौशल मुँगटा को मीडिया पेनेलिस्ट के रूप में नियुक्ति दी गयी है। ग़ौरतलब है कि कौशल मुँगटा ज़िला शिमला से अभी तक के इतिहास में सबसे अधिक मतों से जीतकर आए है। सबसे युवा ज़िला परिषद् सदस्य है और ज़िला शिमला बागवानी व उद्योग कमेटी के चेयरमेन के पद पर भी कार्यरत है। मुँगटा लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े छात्र संगठन NSUI से लेकर सेवादल ब्लॉक अध्यक्ष रहने के बाद वे युवा कांग्रेस के निर्वाचित महासचिव के पद पर अपनी सेवाएँ कांग्रेस में दे चुके है। मूँगटा आंदोलनों से उभरा वो नाम है जो लगातार बाग़वानों किसानों की आवाज़ को ज़िला परिषद् सदन में प्रमुखता से उठाते आए है। मुँगटा अपने तेज़ तर्रार भाषण शैली व मुखर अन्दाज़ के लिए जाने जाते है। हिमाचल के सबसे युवा लेखकों में शुमार कौशल मुँगटा कई पुस्तकें भी लिख चुके है। मूँगटा ने इस महत्वपूर्ण नियुक्ति के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी, प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर, मीडिया विभाग के प्रमुख हर्षवर्धन चौहान व महासचिव प्रदेश कांग्रेस कमेटी रजनीश किमटा, हरीकृष्ण हिमराल व पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रोहित ठाकुर का धन्यवाद किया है।


















































