हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित गुड़िया दुष्कर्म और हत्याकांड मामले में दोषी की सजा पर सुनवाई कोरोना कर्फ्यू के चलते अब दोबारा 8 जून तक टल गई है। शिमला जिले के कोटखाई में साल 2017 में हुए गुड़िया दुष्कर्म व हत्याकांड में सीबीआई की ओर से पेश चालान में दोषी साबित हुए चरानी अनिल उर्फ नीलू को जिला शिमला की विशेष अदालत ने 28 अप्रैल को दोषी करार दिया था। जिस पर दोषी को कोरोना कर्फ्यू की बंदिशों के चलते न्यायालय लाना मुश्किल है। आज फिर से इस मामले में सुनवाई को 8 जून तक टाल दिया गया है। बता दें कि 4 जुलाई, 2017 को शिमला जिले के कोटखाई की एक छात्रा स्कूल से लौटते समय लापता हो गई थी। 6 जुलाई को कोटखाई के तांदी के जंगल में पीड़िता का शव मिला। जांच में पाया गया कि छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी।
आज प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव व रोहडू के विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने दूर दराज क्षेत्र डोडरा क्वार का दौरा किया। नागरिक सिविल अस्पताल क्वार में करोना वैश्विक महामारी के बारे में वहां के डाक्टरो से फीडबैक ली तथा नागरिक सिविल अस्पताल क्वार में मास्क व सैनेटाइजर भी दिए। विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा डोडरा क्वार हिमाचल प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में से एक है लेकिन भाजपा सरकार ने हमेशा इस क्षेत्र के साथ भेदभाव किया है विधायक ने कहा डोडरा क्वार के नागरिक अस्पताल में डॉक्टर पैरामेडिकल स्टाफ की कमी चल रही है साथ में अन्य विभागों में भी अधिकारियों व कर्मचारियों की कमी है रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में कई ऐसे स्वास्थ्य केंद्र है जहाँ पर डॉक्टर नही है जो सिर्फ पैरामेडिकल कर्मचारियों के सहारे चल रहे हैं विधायक ने कहा इस विषय को लेकर कई बार वह मुख्यमंत्री से मिल चुके है परंतु वर्तमान सरकार इस विषय को लेकर गम्भीर नही है। विधायक सरकार से मांग करते हुए कहा ग्रामीण क्षेत्रों विशेष कर हिमाचल के दुर्गम क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर सभी लोगो को कोरोना वैश्विक महामारी का टीका लगाया जाये डोडरा क्वार की अगर बात करें इस क्षेत्र में मोबाइल सिग्नल की बहुत दिक्कत रहती है ऐसे में ऑनलाइन वेक्सिनेशन के लिये रजिस्ट्रेशन करना बहुत ही मुश्किल है। इसलिए डोडरा क्वार में सभी लोगो को प्राथमिकता के तौर से वेक्सिनेशन का काम किया जाए। विधायक ने डोडरा पंचायत, क्वार की सभी पंचायते में लोगों को मास्क व सेनेटाइजर वितरित किये। इस अवसर पर विधायक के साथ उपाध्यक्ष कांग्रेस मंडल रोहडू महेंद्र बासु, पार्षद व सोशल मीडिया के प्रभारी सुजय अग्रवाल, महासचिव कांग्रेस मंडल रोहडू सरविंदर नेगी, महासचिव कांग्रेस मंडल रोहडू रवि रावत, सचिव कांग्रेस मंडल रोहडू संजू खनान, विद्या प्रकाश व अन्य व्यक्ति मौजूद थे ।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले की चेरी के दामों ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। कोटगढ़ के बागवानों की चेरी को दिल्ली में 600 से 700 रुपये प्रतिकिलो रेट मिले हैं। आमतौर पर चेरी 300 से 350 रुपये प्रति किलो बिकती है लेकिन कोराना काल में विटामिन-सी से भरपूर चेरी को भारी मांग के चलते बेहतरीन रेट मिल रहे हैं। अच्छे रेट मिलने से चेरी उत्पादक भी उत्साहित हैं। पिछले साल चेरी के रेट 300 से 350 रुपये थे। इस साल चेरी का साइज बड़ा होने के चलते अच्छे रेट मिले हैं। पिछले दिनों कुल्लू की चेरी को दिल्ली में 300 रुपये प्रति किलो रेट मिले थे। बुधवार को शिमला की फल मंडी में चेरी अधिकतम 230 रुपये बिकी।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी की अध्यक्षता में आज यहां सेब सीजन की तैयारियों से संबंधित जिला के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त ने बताया कि इस वर्ष जिला में 4.18 मिट्रिक टन सेब उत्पादन के साथ 2 करोड़ बाॅक्स होने की संभावना है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले ज्यादा हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को इस दौरान जिला में मुख्य सड़कों के साथ-साथ वैकल्पिक मार्गों की मुरम्मत एवं रख-रखाव के निर्देश दिए ताकि मुख्य सड़क किसी कारण से बंद होने पर वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल किया जा सके। उन्होंने सभी विभागों को 15 जुलाई, 2021 से पूर्व सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि इस दौरान किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने बताया कि हर वर्ष की तर्ज पर इस वर्ष भी पुलिस विभाग द्वारा फागु में मुख्य नियंत्रण कक्ष तैयार किया जाएगा, जिससे सेब सीजन के दौरान सभी प्रकार की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। इस दौरान समस्त उपमण्डलाधिकारियों के साथ क्षेत्र में आ रही विभिन्न प्रकार की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें सभी उपमण्डलाधिकारियों ने ट्रांसपोर्टेशन, श्रमिकों, अदायगी एवं सेब मूल्य आदि जैसी समस्या को उपायुक्त के समक्ष रखा। उन्होंने समस्त उपमण्डलाधिकारियों को अपने उपमण्डल स्तर पर सभी विभागीय अधिकारियों एवं बागवानों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए ताकि समय रहते बागवानों की समस्याओं का निदान हो सके। इस दौरान बैठक में जिला में कोरोना महामारी के संदर्भ में भी चर्चा की गई। उपायुक्त ने बताया कि सभी उपमण्डलाधिकारी अपने क्षेत्र में कंटेनमेंट जोन को सुदृढ़ किया जाए ताकि कोरोना महामारी से क्षेत्र के लोगों को बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि जिला की सभी पंचायतों में कोविड टेस्टिंग वाहन जाना अनिवार्य है ताकि कोरोना पाॅजिटिव व्यक्ति की जल्द से जल्द पहचान की जा सके। उन्होंने सभी अधिकारियों को दिव्यांगजनों के लिए घर के नजदीक वैक्सीनेशन सेंटर बनाने के निर्देश दिए ताकि दिव्यांगजनों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी की तीसरी लहर के मद्देनजर सभी उपमण्डल स्तर के अधिकारी अपने स्तर पर सभी तैयारी सुनिश्चित करें। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अपूर्व देवगन, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) प्रभा राजीव, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (प्रोटोकाॅल) विनय धीमान, समस्त उपमण्डलाधिकारी, जिला राजस्व अधिकारी संतराम एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
हाटू माता मंदिर को लेकर मान्यता है कि मंदिर का निर्माण रावण की पत्नी मंदोदरी ने करवाया था। वैसे तो यहां से लंका बहुत दूर है, लेकिन इसके बावजूद वह अक्सर यहां माता के दर्शन और पूजा करने के लिए आया करती थी। बताया जाता है कि मंदोदरी हाटू माता की बहुत बड़ी भक्त थी। वहीं एक मान्यता यह भी है कि महाभारत काल में पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान हाटू माता मंदिर में काफी समय बिताया था। पांडवों ने यहां पर माता की कठिन तपस्या और उपासना कर शत्रुओं पर विजय पाने का वरदान प्राप्त किया था। उस समय की प्राचीन शिला आज भी हाटू पीक पर साक्ष्य के रूप में मौजूद है। मंदिर के पास ही तीन बड़ी चट्टानें हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि ये भीम का चूल्हा है। जहां आज भी अगर खुदाई करने पर जला हुआ कोयला मिलता है, जिससे पता चलता है कि पांडव इस जगह पर खाना बनाया करते थे। हाटू माता मंदिर में हर साल ज्येष्ठ महीने के पहले रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस दिन को हाटू माता मंदिर की स्थापना के रूप में मनाया जाता है। इस दिन यहां विशाल मेला भी लगाया जाता है। मान्यता है कि हाटू माता मंदिर में आकर जो श्रद्धालु सच्ची भक्ति से मां हाटू माता के दरबार में पहुंचता है, उसकी हर मनोकामना दुख, दर्द, दरिद्र दूर हो जाते हैं। हाटू माता मंदिर से राजों और रजवाड़ों का पूर्वजों के समय से खास लगाव रहा है। आज भी देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की हाटू माता के प्रति गहरी आस्था है। हाटू माता मंदिर आने वाले श्रद्धालु नारकंडा के ही एक अन्य लोकप्रिय महामाया मंदिर के दर्शन भी कर सकते हैं। इसके अलावा नारकंडा में 18वीं शताब्दी का एक प्रसिद्घ फार्म भी है, जो अपने सेब के बागों के लिए प्रसिद्ध है।
शिमला जिले में ऑनलाइन पढ़ाई के दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। सरकारी और निजी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जा रही है।लेकिन, मोबाइल कनेक्टिविटी न होने के कारण पढ़ाई में व्यवधान आ रहा है। जिले के दूर-दराज इलाकों में तो ज्यादातर सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। कोविड -19 के चलते हिमाचल प्रदेश में एक वर्ष से अधिक समय का समय हो गया है जबसे विद्यार्थियों की नियमित कक्षायें विद्यालयों, कॉलेजों में नहीं लग रही है ऐसे में शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में ऑनलाइन माध्यम से बच्चों को पढ़ाने के निर्देश दिये गये थे और अब ऑनलाइन माध्यम से शिक्षक विद्यार्थियों की क्लासें ले रहे, ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई में ऐसे छात्रों को ज़्यादा समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हैं जहाँ नेटवर्क नहीं है। ऐसे में अब अभिभावकों को अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। रोहडु के दूरदराज के क्षेत्र डोडरा क्वार में छात्रों को कई परेशानियों का सामना झेलना पड़ रहा है क्योंकि वहाँ नेट्वर्क की बड़ी परेशानी है और फ़ोन कॉल भी ढंग से नहीं हो पाता है वहीं छात्र और वहाँ के स्थानीय लोग प्रशासन और सरकार के ध्यान में भी ये मामला कई बार ला चुके है लेकिन अभी तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है और बच्चों के अभिभावकों को अब ये चिंता सता रही है की कहीं उनके बच्चों का भविष्य बिना पढ़ाई के अंधकार में ना चला जायें, वहीं नेट्वर्क व सिग्नल ना होने से ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई में आ रही समस्या का ये पहला मामला नहीं है बल्कि प्रदेश के कई ज़िलों में छात्र इस समस्या से झूझ रहे हैं और गाँव में सिग्नल ढूँढने के लिये दूर-दूर जा रहे हैं की कहीं सिग्नल मिल जायें और ऑनलाइन पढ़ाई हो सके। वहीं खशधार वार्ड से ज़िला परिषद सदस्य और कोंग्रेस मीडिया पेनेलिस्ट मोनिता चौहान ने कहा की उनके ज़िला परिषद वार्ड के तहत आने वाले क्षेत्र डोडरा क्वार में विद्यार्थियों को सिग्नल न होने से ऑनलाइन पढ़ाई में परेशानी आ रही है।मोनिता चौहान का कहना है कि अभी हाल ही में उन्होंने एसडीएम के साथ डोडरा क्वार का दौरा किया था। वह कोरोना की स्थिति का जायजा लेने गए थे।लेकिन जब वहां लोगो से मिले तो लोगो ने अपनी समस्याएं बताते हुए कहा कि यहाँ मोबाइल सिग्नल की बहुत दिक्कत है जिससे ऑनलाइन पढ़ाई करना विद्यार्थियों के लिये मुश्किल हो रहा है। मोनिता ने बताया की लोगो का कहना है कि सिग्नल ढूंढने के लिए मकान की छतों या इधर-उधर भागना पड़ता है परंतु फिर भी बात करते-करते ही फोन बीच में ही कट जाता है वहीं नेट का सिग्नल तो ना के बराबर है जिससे बच्चो की ऑनलाइन पढ़ाई नही हो पा रही है और अभिभावकों को बच्चों का भविष्य अंधकार में जाने का खतरा सता रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि मोबाइल नेटवर्क कंपनी को डोडरा क्वार क्षेत्र में सिग्नल फ्रीक्वेंसी बढ़ाने के आदेश दें ताकि इस समस्या से निजात मिल सके।
शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज यहां नगर निगम शिमला के अधिकारियांे के साथ निगम द्वारा कार्यान्वित की जा रही विभिन्न विकासात्मक योजनाओं और परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि शिमला शहर को प्रकृति ने मनोहर सुन्दरता प्रदान की है तथा यह शहर ऐतिहासिक व धरोहर की दृष्टि से सदा लोगों विशेषकर पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता रहा है। उन्हांेने कहा कि शिमला शहर के विभिन्न पार्कों का सौन्दर्यकरण किया जाना चाहिए ताकि पर्यटकों के लिए आकर्षण के स्थल सृजत किए जा सके। उन्होंने अनाडेल में गोल पहाड़ी तथा माल रोड पर आशियाना के नजदीक निर्माणाधीन पार्कों को समय पर पूर्ण कर लोगों को इनका लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए। सुरेश भारद्वाज ने नगर निगम शिमला के अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों को भवनों के नक्शों के लिए स्वीकृति प्रक्रिया में एक बार में ही सभी आपत्तियों के बारे मे अवगत करवाया जाए ताकि उनका बहुमूल्य समय बचाया जा सके और इस प्रक्रिया को सरल बनाया जा सके। शहरी विकास मंत्री ने निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि निगम के पास उपलब्ध 6 स्विपिंग मशीनों के माध्यम से शिमला शहर के विभिन्न वार्डाें में साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शिमला में राजीव गांधी आवास योजना के तहत 64 आवास बनाए जाएंगे जिसमें से 48 आवास बनाए जा चुके हैं तथा 16 आवास निर्माणाधीन है। उन्होंने निगम के अधिकारियों को केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित की जा रही सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नगर निगम शिमला के आयुक्त आशीष कोहली ने इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री का स्वागत किया तथा उन्हें विश्वास दिलवाया कि उनके द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का निष्ठा से पालन किया जाएगा। उन्होंने निगम के विभिन्न विकासात्मक कार्याें के बारे मंत्री को अवगत भी करवाया। बैठक के दौरान नगर निगम शिमला के अतिरिक्त आयुक्त अजीत भारद्वाज तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
कांग्रेस विधायक व पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश बार काउंसिल के चेयरमैन एडवोकेट रमाकांत शर्मा के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है। सुक्खू ने कहा कि उन्होंने अपना एक सच्चा व अच्छा साथी खो दिया। उनका निधन व्यक्तिगत तौर पर मेरे लिए व समाज के लिए अपूर्णीय क्षति है। उन्होंने एक साथ लॉ की पढ़ाई की थी। वह बहुत ही सरल स्वभाव के थे, उनका जीवन बहुत ही सादगी व ईमानदारी के साथ आगे बढ़ा। वह हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते थे। बीते कुछ दिनों से वह अस्वस्थ चल रहे थे। उन्होंने कोरोना को मात दे दी थी, लेकिन जिंदगी की जंग नहीं जीत पाए। वह आईजीएमसी शिमला में उपचाराधीन थे। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की है कि वे दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें। साथ ही शोक संतप्त परिवार को यह असहनीय आघात सहन करने की शक्ति प्रदान करें। रमाकांत शर्मा की मृत्यु से उन्हें भी गहरा सदमा लगा है।
शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने आज यहां जारी प्रेस वक्तव्य में कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के सक्षम नेतृत्व में प्रदेश कोरोना संक्रमण के विरूद्ध लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए हैं। कोरोना की दूसरी लहर अधिक खतरनाक होने के कारण पूरे देश में बढ़ते मामलों के फलस्वरूप स्वास्थ्य संस्थानों में बिस्तरों व आॅक्सीजन की कमी सामने आई थी लेकिन प्रदेश सरकार ने समय रहते उचित प्रबन्धन कर राज्य में बिस्तरों की क्षमता में वृद्धि की तथा आॅक्सीजन की उपलब्धता में कमी नहीं होने दी है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि गत वर्ष इस महामारी की शुरूआत हुई थी तब प्रदेश में कोविड जांच के लिए एक भी प्रयोगशाला उपलब्ध नहीं थी, उस समय प्रदेश सरकार ने तुरन्त ही 8 आरटी-पीसीआर, 25 ट्ररूनैट और 2 सीवीनैट प्रयोगशालाएं स्थापित की। प्रदेश के दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड जांच में तेजी लाने के लिए सरकार ने विभिन्न जिलों में लगभग 70 एंबुलेंस तैनात की हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने राज्य में अस्पतालों में बिस्तरों की क्षमता और आईसीयू-वेंटिलेटरयुक्त बिस्तरों की क्षमता में बढ़ौतरी की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 4000 बिस्तर और 290 आईसीयू/वेंटिलेटरयुक्त बिस्तरों वाले 57 समर्पित कोविड अस्पताल और समर्पित कोविड चिकित्सा केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि जिला मंडी के खलियार, जिला कांगड़ा के परौर और सोलन में तीन मेक शिफ्ट अस्पतालों की स्थापना से प्रदेश में अब बिस्तरों की संख्या बढ़कर 5000 हो गई है। गोविन्द सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में आॅक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य में पर्याप्त संख्या में डी और बी टाईप के सिलेंडर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टीकाकरण सुचारू रूप से चल रहा है और राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में लोगों को टीकाकरण की लगभग 23.59 लाख खुराकें उपलब्ध करवाई गई हैं। प्रदेश वैक्सीन के शून्य प्रतिशत वेस्टेज करने वाले देश के कुछ अग्रणी राज्यों में से एक है।
देश में निर्मित स्वदेशी एंटीहेलगन को प्रदेश में ट्रायल आधार पर स्थापित करने व सेब की फसल के विपणन के लिए बागवानों को समय पर कार्टन उपलबध करवाने को लेकर बागवानी एवं जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बागवानी एवं जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने अधिकारियों को बागवानों की सुविधा के लिए समय पर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए ताकि बागवानों को कार्टन व सेब ढुलाई के लिए ट्रकों की कमी सहित किसी अन्य समस्या का सामना न करना पड़े। बागवानी एवं जल शक्ति मंत्री ने कहा कि आईआईटी मुम्बई व डाॅ. वाई. एस. परमार बागवानी विश्वविद्यालय नौणी के संयुक्त प्रयासों से स्वदेशी एंटीहेल गन विकसित की गई हैं। उन्होंने कहा कि बागवानों के हित के मध्यनजर इस स्वदेशी एंटीहेल गन को ट्रायल आधार पर प्रदेश में 8 से 10 स्थानों पर स्थापित करने के लिए प्रोजेक्ट तैयार किया जाए ताकि इस स्वदेशी एंटीहेलगन का अध्ययन किया जा सके और बागवानों को कम कीमत वाली स्वदेशी एंटीहेलगन तकनीक उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में जिस विदेशी एंटीहेलगन का प्रयोग किया जा रहा है उसकी कीमत लगभग 2 से 3 करोड़ रुपये हैं। उन्होंनेे कहा कि स्वदेशी तकनीक की एंटीहेलगन के माध्यम से ही एंटीहेलगन की कीमतों को कम किया जा सकता हैं। उन्होेंने कहा कि सेब की पेटियों की दरें एचपीएमसी के सहयोग से निर्धारित की जाए और सेब की पेटियों को बनाने वाले निर्माताओं को सूचीबद्ध किया जाए ताकि बागवानों को उचित दरों पर सेब की पेटियां समय पर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि गत्ते की पेटियों के स्थान पर प्लास्टिक कार्टन का उपयोग सेब के विपणन हेतू प्रयोग के तौर पर करने की भी सम्भावना तलाशी जाए। महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि विश्व बैंक पोषित बागवानी परियोजना के अन्तर्गत बनाए जा रहे मार्केटिंग यार्डो एवं शीत गृह निर्माण आदि के कार्यो में तजी लाई जाए ताकि सेब उत्पादक बागवानों को सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि जो सेब मंडी मध्यस्थता योजना के अन्तर्गत एचपीएमसी और हिमफेड द्वारा प्रापण किए जाते हैं, उनकी बोरियों पर फल प्रापण केंद्र का नाम व संख्या दर्ज की जाए ताकि प्रापण किए गए फलों की गुणवता की जांच हर स्तर पर सुनिश्चित की जा सके।
जिला दण्डाधिकारी एवं उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज यहां बताया कि शिमला शहर में मालरोड, रिज एवं वर्जित क्षेत्रों में रैली, जुलूस निकालने अथवा नारेबाजी करने एवं हथियार के साथ चलने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने बताया कि यह आदेश छोटा शिमला से कनेडी हाउस एवं रिज मैदान, रैंडबर्ज रेस्टोरेंट एवं रिवौली सिनेमा घर के 150 मीटर के दायरे में, स्कैंडल प्वाइंट से कालीबाड़ी मंदिर तक, छोटा शिमला लिंक रोड गुरूद्वारा से कुसुम्पटी सड़क तक, कार्ट रोड से मझीठा हाउस तक व सीपीडब्ल्यूडी कार्यालय से चैड़ा मैदान क्षेत्र तक व पुलिस गुम्टी उपायुक्त कार्यालय से लोअर बाजार के 50 मीटर के दायरे में तत्काल प्रभाव से लागू किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि यह आदेश शहर में सुचारू सार्वजनिक व्यवस्था के दृष्टिगत लिए गए हैं तथा यह आदेश पुलिस, अर्ध सैनिक एवं सेना के लोगों के लिए लागू नहीं होंगे। उपायुक्त ने स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील की है तथा इन आदेशों के उल्लघंनकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
जिला दण्डाधिकारी एवं उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज यहां बताया कि शिमला जिला में व्यवसाय करने के लिए रेहड़ी-फड़ी, शाॅल एवं प्रवासी मजदूरों के लिए अपने स्थानीय थाना प्रभारी से पहचान करवाना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि यह कदम जिला में प्र्रवासी मजदूरों एवं बाहरी क्षेत्रों से व्यवसाय करने वाले लोगों के अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से लिया गया है। उपायुक्त ने बताया कि प्रवासी मजदूरों को पासपोर्ट साईज फोटो एवं अपने ठेकेदार की पुष्टि करवाना स्थानीय थाना प्रभारी के समक्ष अनिवार्य होगा, ताकि स्थानीय लोगों की सुरक्षा एवं अपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने बताया कि प्रवासी मजदूरों की पहचान न करवाने के लिए उनके ठेकेदारों पर धारा 188 आईपीसी के तहत कार्यवाही अमल में लाई जा सकती है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से शिमला जिला में लागू किए जा रहे हैं तथा उन्होंने जिला के सभी उपमण्डलाधिकारियों को इन आदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने आज यहां जारी प्रेस वक्तव्य में कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के सक्षम नेतृत्व में प्रदेश कोरोना संक्रमण के विरूद्ध लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए हैं। कोरोना की दूसरी लहर अधिक खतरनाक होने के कारण पूरे देश में बढ़ते मामलों के फलस्वरूप स्वास्थ्य संस्थानों में बिस्तरों व आॅक्सीजन की कमी सामने आई थी लेकिन प्रदेश सरकार ने समय रहते उचित प्रबन्धन कर राज्य में बिस्तरों की क्षमता में वृद्धि की तथा आॅक्सीजन की उपलब्धता में कमी नहीं होने दी है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि गत वर्ष इस महामारी की शुरूआत हुई थी तब प्रदेश में कोविड जांच के लिए एक भी प्रयोगशाला उपलब्ध नहीं थी, उस समय प्रदेश सरकार ने तुरन्त ही 8 आरटी-पीसीआर, 25 ट्ररूनैट और 2 सीवीनैट प्रयोगशालाएं स्थापित की। प्रदेश के दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड जांच में तेजी लाने के लिए सरकार ने विभिन्न जिलों में लगभग 70 एंबुलेंस तैनात की हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने राज्य में अस्पतालों में बिस्तरों की क्षमता और आईसीयू-वेंटिलेटरयुक्त बिस्तरों की क्षमता में बढ़ौतरी की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 4000 बिस्तर और 290 आईसीयू/वेंटिलेटरयुक्त बिस्तरों वाले 57 समर्पित कोविड अस्पताल और समर्पित कोविड चिकित्सा केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि जिला मंडी के खलियार, जिला कांगड़ा के परौर और सोलन में तीन मेक शिफ्ट अस्पतालों की स्थापना से प्रदेश में अब बिस्तरों की संख्या बढ़कर 5000 हो गई है। गोविन्द सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में आॅक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य में पर्याप्त संख्या में डी और बी टाईप के सिलेंडर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टीकाकरण सुचारू रूप से चल रहा है और राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में लोगों को टीकाकरण की लगभग 23.59 लाख खुराकें उपलब्ध करवाई गई हैं। प्रदेश वैक्सीन के शून्य प्रतिशत वेस्टेज करने वाले देश के कुछ अग्रणी राज्यों में से एक है।
सामाजिक आर्थिक विकास के कार्यों तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में अपना सतत सहयोग प्रदान कर समुदाय के कल्याण के प्रति अपने दायित्व की पूर्ति करते हुए जिला में पंचायती राज संस्थाओं के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान लोगों के जीवन को बचाने और संक्रमितों को निरंतर सहायता प्रदान करने के लिए अपना सक्रिय योगदान दिया है। समाज के विभिन्न वर्गों के साथ-साथ जिला शिमला में पंचायती राज संस्थाओं के विभिन्न स्तरों पर चुनकर आए सदस्यों व प्रतिनिधियों ने कोरोना की दूसरी लहर में जिला के बसंतपुर, मशोबरा, ठियोग, नारकंडा, ननखड़ी, रामपुर, जुब्बल, चैपाल, रोहड़ू, छौहारा कुपवी और टुटू की 407 पंचायतों में संक्रमण से बचाव और संक्रमित रोगियों की देखभाल के लिए सहयोग व सहायता प्रदान कर कार्य किया गया। विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ-साथ पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों व प्रतिनिधियों द्वारा क्वारंटाइन में रह रहे लोगों की निरंतर निगरानी का कार्य किया जा रहा है होम क्वॉरेंटाइन में रहकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे रोगियों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य किया जा रहा है। बाहर से आए 382 व्यक्ति जिला के इन क्षेत्रों की विभिन्न पंचायतों में क्वॉरेंटाइन है जिनकी निगरानी व जांच कार्य निरंतर किया जा रहा है जिनमें उस क्षेत्र के पंचायत सदस्यों पंचायती राज प्रतिनिधियों द्वारा सहयोग मिल रहा है। पंचायती राज सदस्य व प्रतिनिधियों के सहयोग से जिला के विभिन्न पंचायतों में लक्षण प्राप्त 2710 लोगों की जांच का कार्य किया गया। प्रदेश सरकार के आदेशों की अनुपाल ना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला में 635 विभिन्न विवाह व धार्मिक अनुष्ठान कार्यों का निरीक्षण इनके द्वारा किया गया तथा इनमें भीड़ इकट्ठी ना होने देना की प्रतिबद्धता के प्रति जिम्मेदारी का निर्वाहन किया गया। होम आइसोलेशन रह रहे 1766 कोरोना संक्रमित रोगियों की जांच की गई। जिला की सभी विकास खंडों के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर कोरोना संक्रमण की जंग लड़ने में इनका सहयोग सार्वजनिक क्षेत्रों को सैनिटाइज करने में भरपूर रूप से प्राप्त हुआ है जगह जगह गली मोहल्लो,बाजारो , पगडंडियों के सैनिटाइज के कार्यों को पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग के साथ इन पदाधिकारियों, सदस्यों ने अंजाम दिया। इसके अतिरिक्त जागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कोविड-19 सकारात्मक व्यवहार और कोविड-19 से बचाव के लिए विशेष मानक संचालन की अनुपाना के प्रति जागरूकता प्रदान की गई। विभिन्न प्रचार सामग्रियों को लोगों तक पहुंचाने और उस पर अमल कर कोरोना से बचाव के प्रति सचेत किया गया। माॅस्क वितरण कार्य तथा लोगों को मास्क बना कर समाज को प्रदान करने के लिए प्रेरित किया गया, विशेष रुप से स्वयं सहायता समूह का योगदान इसमें लेकर उन्हें सेवा की मुख्यधारा से जोड़ा गया। होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को राशन, सब्जी, दवाइयां आदि की उपलब्धता पंचायतों द्वारा भी सुनिश्चित की जा रही है। जिला में 129 होम क्वारंटाइन में रह रहे लोगों को राशन उपलब्ध करवाया गया। पंचायत प्रतिनिधि, पंचायत सचिव तथा पंचायती राज ग्रामीण विकास विभाग के कर्मचारियों द्वारा कोविड 19 जांच के लिए परस्पर जानकारी जुटाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है तथा टीकाकरण के लिए सभी विकास खण्डों में आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण से मरने वाले व्यक्ति के दाह संस्कार आदि कार्यों में भी पंचायत प्रतिनिधि व पंचायती राज संस्थाओं के सदस्य अपना सहयोग प्रदान कर रहे है।
शिमला : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने आज सोमवार को हिमाचल प्रदेश के लिए दो ऑक्सीजन प्लांट्स का वर्चुअल शिलान्यास किया और हिमाचल प्रदेश के लिए कोविड राहत सामग्री को रवाना किया। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी वर्चुअली जुड़े और कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप भी वर्चुअली उपस्थित रहे। ये ऑक्सीजन प्लांट्स हिमाचल प्रदेश से सांसद और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर के सहयोग से लगाए जा रहे हैं। इस से पहले भी कई बार राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से हिमाचल प्रदेश को राहत सामग्रियां भेजी गई हैं।16 मई को राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ' सेवा ही संगठन 2.0 ' अभियान के तहत हिमाचल प्रदेश के के सभी 12 जिलों के लिए लिए बड़ी मात्रा में कोविड राहत सामग्री को रवाना किया था । साथ ही अनुराग ठाकुर के सहयोग से सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा की मेडिकल उपकरण सहित 17 मेडिकल यूनिट्स को भी हरी झंडी दिखाकर उन्होंने हिमाचल प्रदेश रवाना किया था। दो पीएसए ऑक्सीजन प्लांट्स हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर और हमीरपुर जिले में लगाए जा रहे हैं। इन दोनों पीएसए ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता 140-140 एलपीएम की होगी। एक ऑक्सीजन प्लांट 30 बेड को एक साथ निर्बाध रूप से ऑक्सीजन की सप्लाई देगा। इस प्रकार कुल 60 बेड को इस से लाभ मिलेगा। इसके साथ - साथ कोविड राहत सामग्रियों में 8 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर , 105 ऑक्सीजन सिलेंडर, 200 ऑक्सीजन रेगुलेटर, 400 ऑक्सीजन मास्क, 200 एनआरएम मास्क, 200 फेस शील्ड, 200 पल्स ऑक्सीमीटर, 50 थर्मल स्कैनर, 3500 पीपीई किट्स, 3000 N95 मास्क और 500 सैनिटाइजर शामिल हैं। जो ऑक्सीजन कंसंट्रेटर हिमाचल प्रदेश भेजे जा रहे हैं, उसकी क्षमता 5, 8 व 10 लीटर की है। ये सामग्रियां अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा हमीरपुर में उच्च चिकित्सा सेवा उपलब्ध करवा रही सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा की मेडिकल यूनिट्स द्वारा हिमाचल भेजी जा रही है। जेपी नड्डा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी , देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में देश भर में सेवा ही संगठन अभियान निरंतर चला रही है । उनके नेतृत्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी की सरकार के 7 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भाजपा ने तय किया था कि कल 30 मई को देश के एक लाख गाँवों में पार्टी के कार्यकर्ता , सांसद , विधायक , मंत्री और पदाधिकारी जायेंगे और सेवा कार्य करेंगे। अब तक 20 राज्यों की रिपोर्ट आ गई है और इन राज्यों से ही एक लाख से अधिक गाँवों में पहुँच कर सेवा कार्य करने कालक्ष्य पूरा हो गया है। जब सभी राज्यों से रिपोर्ट आ जायेगी तो ये आंकड़ा कहीं अधिक होगा ।
कोरोना महामारी के दौरान देश व प्रदेश में जिस प्रकार से कोरोना के मामलों में वृद्धि हुई उस पर NSUI ने चिंता जताई जाहिर की है। उन्होंने सरकार से बोर्ड की परीक्षाओं को रद्द कर छात्रों को पदोन्नत करने की मांग की है। NSUI के राष्ट्रिय सचिव व प्रदेश प्रभारी गौरव तुषिर ने बताया की केंद्र व प्रदेश सरकार 12वी के बोर्ड परीक्षाओं को लेकर अपनी स्थिति अभी तक साफ नही कर पाई है। यह प्रदेश व केंद्र सरकारों की विद्यार्थीयों के प्रति असवेंदनशीलता को दर्शता है। तुषिर ने बताया की मई माह खत्म होने को आ गया लेकिन सरकार अभी स्पष्ट ही नही कर पाई की परीक्षा होंगी भी या नही जो बहुत दुखद: है। छात्र भी दुविधा में है लेकिन सरकार की ओर से इसको लेकर कोई फैसला नही लिया जा रहा है। उन्होंने बताया जब वैक्सीन के लिए प्रदेश सरकार ट्राइबल एरियास के लिए ऑफलाइन बुकिंग की व्यवस्था कर सकती है तो बोर्ड की परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थीयों के लिए भी कर सकती थी, ताकि प्रदेश के विद्यार्थीयों को कोरोना महामारी से बचाया जा सके। NSUI ने प्रदेश व केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि एक व्यवस्था बना कर परीक्षाओं को रद्द करके विद्यार्थीयों को पदोंन्नत करे, ताकि उनको महामारी से बचाया जा सके। इसके लिए उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के बाहर NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन की उपस्तिथि मे सांकेतिक धरना भी दिया। उन्होंने कहा कि जिस रफ्तार से प्रदेश और देश मे कोरोना संक्रमण फैला है और तीसरी लहर में बच्चो को अपनी चपेट में लेने की चेतावनी दी गई है, ऐसे में परीक्षाएं करवाना सही नही होगा और केंद्र सरकार को परिस्थितियों को ध्यान में रख कर फैसला लेना चाहिए।
" महंगाई की तहलील में जब जिस्म टटोला, मालूम हुआ हम तो कमर भी नहीं रखते " सय्यद ज़मीर जाफ़री का ये शेर आज हर आम आदमी का किस्सा है। एक तो कोरोना और इस पर बढ़ती महंगाई, गरीब और मध्यम वर्गीय वर्ग यदि कोरोना से बच भी रहा है तो महंगाई कमर तोड़ रही है। लॉकडाउन ने रोजगार ठप कर दिए है। आमद है नहीं और महंगाई है कि रुकने का नाम नहीं ले रही। सरकार को इस मुश्किल दौर में राहत पहुंचानी चाहिए लेकिन सरकार को तो मानो आम लोगों की तकलीफ से कोई सरोकार ही नहीं रह गया है। जब देश में चुनाव होते है तो महंगाई पर थोड़ा ब्रेक जरूर लगता है, फिर चुनाव खत्म और दाम बढ़ना शुरू। जब सियासी फायदे के लिए महंगाई पर ब्रेक लग सकता है, तो कोरोना के इस मुश्किल दौर में आमजन को राहत देने के लिए क्यों नहीं ? मानो सरकार असंवेदनशील हो चुकी है। आम आदमी लाचार है और सरकार से आस लगाए हुए है कि वह कुछ करेगी, वहीं सरकार है कि सिर्फ जनता को दिलासा देने के अलावा कुछ नहीं कर रही। ये कहना भी गलत नहीं होगा कि सरकार की नीतियों से महंगाई बढ़ती जा रही है, सरकार खुद भी आए दिन पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाकर और अपनी इस करनी को देश के आर्थिक विकास के लिए जरूरी बताकर आम आदमी के जले पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। थोक महंगाई (WPI) के मोर्चे पर भी सरकार को बड़ा झटका लगा है। देश में अप्रैल के महीने में थोक महंगाई में रिकॉर्ड तोड़ तेजी देखने को मिली है। अप्रैल, 2021 में थोक महंगाई दर बढ़कर 10.49 फीसदी पर रही है, जो ऑल टाइम हाई है। जबकि मार्च में यह 7.29 फीसदी पर रही थी, जो 8 साल में सबसे ज्यादा थी। फरवरी में थोक महंगाई दर 4.17 फीसदी पर थी। फिलहाल अप्रैल में महंगाई ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 2021 में 115 रुपये बढ़े रसोई गैस के दाम वर्ष 2021 में घरेलू गैस की कीमत में बड़ी बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है। जनवरी में इसकी कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ। पर 4 फरवरी को कीमत 694 रुपए से 25 रुपए बढ़कर 719 रुपए हो गई। उसके बाद 15 फरवरी को कीमत में 50 रुपए की तेजी आई और यह 769 रुपए का हो गया। फिर 25 फरवरी को 25 रुपए के उछाल के साथ यह 794 रुपए का हो गया। 1 मार्च को इसकी कीमत में फिर 25 रुपए की तेजी आई और यह 819 रुपए का हो गया। अप्रैल में कीमत में 10 रुपए की गिरावट आई और यह 809 रुपए का हुआ। मई में घरेलू गैस की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ। क्या बेहिसाब-बेलगाम मुनाफाखोरी है कारण ! बेकाबू महंगाई के पीछे एक तर्क ये दिया जा रहा है कि पिछले साल मानसून कमजोर रहा या पर्याप्त बारिश नहीं हुई, जिसके चलते खाद्य सामग्री के दाम बढ़े है। पर सवाल ये है कि क्या इसका असर सभी चीजों पर एकसाथ पड़ा है। कीमत इतनी ज्यादा होने के बावजूद बाजार में किसी भी आवश्यक वस्तु का अकाल-अभाव दिखाई नहीं पड़ता, पर जब आपूर्ति कम होती है तो बाजार में चीजें दिखाई नहीं पड़ती हैं और उनकी कालाबाजारी शुरू हो जाती है। मूल सवाल ये है कि क्या बेहिसाब-बेलगाम मुनाफाखोरी ही तो बेकाबू महंगाई का कारण नहीं है। सरकार को बाजार पर योजनाबद्ध तरीके से अंकुश लगाना चाहिए। उत्पादन लागत के आधार पर चीजों के विक्रय दाम तय होने चाहिए। जब सरकार कृषि उपज के समर्थन मूल्य तय कर सकती है तो वह बाजार में बिकने वाली चीजों की अधिकतम कीमत क्यों नहीं तय कर सकती?
काेराेना संकट के दौरान स्कूली बच्चों की फीसों में भारी वृद्धि के खिलाफ संघर्ष दूसरे साल भी जारी है। हिमाचल प्रदेश में जहां एक तरफ कोरोना कर्फ्यू ने लोगों कि आर्थिक स्थिति बिगाड़ दी है तो वहीं प्रदेश के निजी स्कूल अभिभावकों से मनचाही फीस वसूल उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा रहे है। सरकार ने प्राइवेट स्कूलाें की फीसाें पर कंट्राेल करने के लिए कानून बनाने का दावा तो किया था, लेकिन अब तक ये दावा हकीकत नहीं बन पाया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल चुप्पी साधे हुए है । प्रदेश में एकमात्र छात्र अभिभावक मंच पिछले साल यानी पहले दिन से ही ये जंग लड़ रहा है। मंच की ओर से अकेले ही सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ संघर्ष जारी है। छात्र अभिभावक मंच ने उच्चतर शिक्षा निदेशक से निजी स्कूलों द्वारा वर्ष 2020 व वर्ष 2021 में अभिभावकों का जनरल हाउस किये बगैर ही की गयी 15 से 50 प्रतिशत भारी फीस बढ़ोतरी को वापिस लेने की मांग की है। मंच ने कोरोना काल के इन दो वर्षों में की गई फीस वृद्धि को गैरकानूनी करार दिया है व इसे सम्माहित करने की मांग की है। मंच ने इस संदर्भ में तुरन्त अधिसूचना जारी करने की मांग की है। मंच ने प्रदेश सरकार को चेताया है कि निजी स्कूलों में बगैर जनरल हाउस की अनुमति के वर्ष 2020 व 2021 में की गयी भारी फीस बढ़ोतरी को अगर वापिस न लिया गया तो छात्र अभिभावक मंच आंदोलन तेज करेगा। मंच के संयोजक विजेंदर मेहरा ने कहा कि अभिभावकों के निरंतर संघर्ष के बाद शिक्षा विभाग का दयानंद स्कूल के संदर्भ में जारी किया गया लिखित आदेश तभी मायने रखता है अगर शिक्षा अधिकारी 5 दिसम्बर 2019 के आदेश को अक्षरशः लागू करवाने में सफल होते हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसा ही आदेश सभी निजी स्कूलों के लिए तुरंत जारी होना चाहिए ताकि भारी फीस पर लगाम लग सके। उन्होंने शिक्षा निदेशक से मांग की है कि वह तुरन्त सभी निजी स्कूलों में पांच दिसम्बर 2019 की शिक्षा निदेशालय की अधिसूचना को लागू करवाएं। यह अधिसूचना वर्ष 2019 में जारी हुई थी व इसमें स्पष्ट किया गया था कि वर्ष 2020 व उसके तत्पश्चात कोई भी निजी स्कूल अभिभावकों के जनरल हाउस के बगैर कोई भी फीस बढ़ोतरी नहीं कर सकता है। इसके बावजूद भी निजी स्कूलों ने वर्ष 2020 में भारी फीस बढ़ोतरी की। वर्ष 2021 में भी सारे नियम कायदों की धज्जियां उड़ाते हुए टयूशन फीस में भारी-भरकर बढ़ोतरी करके सीधे पन्द्रह से पचास प्रतिशत तक फीस बढ़ोतरी कर दी गयी। 20 हजार रुपए तक बढ़ा दी फीस: मेहरा छात्र अभिभावक मंच के संयोजक विजेंदर मेहरा ने बताया कि पिछले दो वर्षों में शिमला शहर में निजी स्कूलों ने 12 हजार से 20 हज़ार रुपये तक की फीस बढ़ोतरी की है। इन स्कूलों ने बड़ी चालाकी से अब टयूशन फीस को भी कई गुणा बढ़ा दिया है व कुल फीस का मुख्य हिस्सा ही टयूशन फीस में बदल दिया है। अब कुल फीस का 80 से 90 प्रतिशत टयूशन फीस ही बना दिया गया है ताकि कोई ट्यूशन फीस के नाम पर फीस बढ़ोतरी पर प्रश्न चिन्ह न खड़ा कर सके। यह सीधी व संगठित लूट है तथा इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। सरकार व शिक्षा विभाग की इस मामले पर खामोशी व निष्क्रियता कई सवाल खड़े कर रही है। उन्होंने कहा है कि पिछले दो वर्षों में हुई भारी फीस बढ़ोतरी पूर्णतः छात्र व अभिभावक विरोधी कदम है। दो वर्षों में असहनीय फीस वृद्धि की निजी स्कूलों ने विजेंद्र मेहरा ने कहा कि पिछले दो वर्षों में जो फीस बढ़ोतरी की गई है वो कोरोना काल में असहनीय है। स्कूल न चलने से निजी स्कूलों का बिजली,पानी,स्पोर्ट्स,कम्प्यूटर,वार्षिक कार्यक्रमों,स्कूल का रखरखाव,सफाई व्यवस्था,निर्माण व मिसलेनियस चार्जेज़ आदि पर खर्च लगभग शून्य हो गया है लेकिन इसके बावजूद भी हज़ारों रुपये की फीस बढ़ोतरी समझ से परे है। निजी स्कूलों के खर्चों की कटौती के कारण छात्रों की फीस लगभग पच्चीस प्रतिशत तक कम होनी चाहिए थी, परन्तु इन स्कूलों ने इसके विपरीत पन्द्रह से पचास प्रतिशत तक की फीस बढ़ोतरी कर दी। सरकार, निजी स्कूलों की मनमानी लूट व भारी फीसों को संचालित करने के लिए कानून बनाने व रेगुलेटरी कमीशन स्थापित करने के लिए लगातार आनाकानी कर रही है जिस से स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार द्वारा ही निजी स्कूलों की मनमानी लूट को संगठित व पोषित किया जा रहा है।
हिमाचल में बंदरों के आतंक पर लगाम कसने के लिए केंद्र सरकार ने दो साल पहले राज्य की 91 तहसीलों में बंदरों काे मारने की अनुमति दी थी, जिसकी अवधि पूरी हो चुकी है। ऐसे में अब हिमाचल में बंदरों को मारने पर प्रतिबंध लग गया है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने राज्य की 91 तहसील व उप तहसीलों में बीते अप्रैल महीने तक ही इन्हें मारने की इजाजत दे रखी थी। लिहाजा अब यदि कोई बंदरों को मारता है तो वह अपराध माना जाएगा। वहीं राज्य के वन विभाग ने सभी फील्ड अधिकारियों से पूछा है कि यदि किसी ओर क्षेत्र में बंदरों को वर्मिन घोषित करवाना है तो जल्द मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा जाए। इसके बाद वन विभाग के माध्यम से केंद्र को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसमें बंदरों को दोबारा एक साल के लिए वर्मिन घोषित करने का आग्रह किया जाएगा। प्रदेश में बंदर हर साल करोड़ों रुपए की नगदी फसलें तबाह कर जाते है। इन्होंने किसानों का जीना दूभर कर रखा है। शहरी क्षेत्रों में भी लोगों के लिए बंदर परेशानी का सबब बने हुए है। शिमला में तो कई बार बंदर लोगों की जेबें भी तलाश करते देखे गए है। यही वजह है कि राज्य सरकार बीते कुछ सालों से केंद्र से बंदरों को वर्मिन घोषित करवाती रही है, ताकि फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले बंदरों को किसान मार सके। केंद्र भले ही कई सालों से बंदरों को मारने की इजाजत देता आया है, लेकिन सच्चाई यह है कि प्रदेश में अधिकतर लोग बंदरों को नहीं मार रहे है। इसके पीछे कारण चाहे धार्मिक हो या फिर इन्हें मारने के लिए असले की कमी हो। किसान सभा सालों से मांग करती आई है कि वन विभाग अपने प्रशिक्षित शूटरों से बंदरों को शूट करवाए या फिर किसानों को कारतूस उपलब्ध कराए। वहीं वन विभाग ने बंदरों को मारने पर इनाम की घोषणा कर रखी है। बंदरों की संख्या में ऐसे आई कमी राज्य में बंदरों की संख्या में लगभग 33.5 फीसद की कमी आई है। यह आंकड़े राज्य वन विभाग के सर्वेक्षण में सामने आए है। माना जा रहा है कि वन विभाग द्वारा बंदरों की नसबंदी जैसे कदमों के परिणामस्वरूप इनकी संख्या कम हुई है। प्रदेश में इस समय 1 लाख 36 हजार 443 बंदर हैं। जबकि साल 2015 में 2 लाख 67 हजार बंदर थे। इनका घनत्व हॉट स्पॉट भी 263 से घटकर 226 रह गया है। हिमाचल में फिलहाल बंदरों काे मारने पर रोक लगी है, बंदरों को फिर से वर्मिन घोषित करने का आग्रह हम केंद्र सरकार से करेंगे। इसे देखते हुए फील्ड के अन्य अधिकारियों से भी इस तरह के प्रस्ताव मांग रखे है। इसके बाद केंद्र को प्रस्ताव भेजकर बंदरों को वर्मिन घोषित करवाने का आग्रह किया जाएगा।
केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के लिए कोविशील्ड वैक्सीन का कोटा बढ़ा दिया है। यह कोटा 18 से 44 साल और 45 साल से ऊपर के दोनों वर्गों के लिए बढ़ाया गया है। हिमाचल सरकार ने केंद्र से पहले 1,19,760 डोज मांगी थी। जबकि केंद्र सरकार ने इसमें 47,420 डोज बढ़ाकर हिमाचल को 1,67,180 डोज देने का फैसला लिया है। यह कोटा जून महीने के लिए जारी हुआ है। इसी तरह केंद्र सरकार ने 45 साल से ऊपर के लोगों के लिए भी डोज बढ़ा दी है। इसमें 2,52,770 के अलावा 46,630 डोज बढ़ाई है। यह वैक्सीन एक सप्ताह के भीतर आ सकती है। 45 साल से ऊपर के आयु वर्ग के लिए यह डोज हिमाचल को केंद्र से निशुल्क मिलेगी। यह वैक्सीन जून के पहले पखवाड़े के लिए जारी की गई है। हिमाचल सरकार ने प्रदेश की कुल जनसंख्या के 27.4 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन लगा दी है। 18 साल से ऊपर की पात्र जनसंख्या के 34 प्रतिशत और 45 साल से ज्यादा उम्र के 89.4 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन लगाई गई है। 22 और श्रेणियों को प्राथमिकता से लगेगा टीका प्रदेश सरकार ने कोविड वैक्सीनेशन के लिए 22 और श्रेणियां को शामिल किया है। इसमें सभी दिव्यांगों, सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों के पूरे स्टाफ को प्राथमिकता से वैक्सीन लगेगी। जल शक्ति, लोक निर्माण, पशुपालन आदि महकमे के कर्मचारियों को भी इसमें शामिल किया गया है। इसके अलावा पशुपालन विभाग के कर्मचारी, टेलीकॉम प्रोवाइडर के कर्मचारी, अग्निशमन विभाग के कर्मचारी, फॉरेस्ट विभाग के कर्मचारी, जल शक्ति विभाग के कर्मचारी, लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी, ईपीएफओ और इंश्योरेंस सेक्टर के कर्मचारी, डाक विभाग के कर्मचारी, उद्योग विभाग और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के कर्मचारी, खाद्य आपूर्ति निगम के सभी कर्मचारी, ट्रेजरी विभाग के कर्मचारी जीएडी, एसएडी, विधानसभा, पब्लिक सर्विस कमीशन, स्टाफ सिलेक्शन कमीशन और राज्यपाल सचिवालय के कर्मचारी, रेलवे विभाग के सभी कर्मचारी, 18 साल से ऊपर के सभी एनसीसी कैडेट, जेलों में बंद सभी 18 साल से ऊपर के कैदी, हिमाचल प्रदेश टूरिज्म में सभी कार्यरत कर्मचारी और कोविड-19 में अपनी ड्यूटी निभा रहे सभी वालंटियर को स्वास्थ्य विभाग में वैक्सीनेशन के लिए प्राथमिकता की सूची में डाला है। इन सभी को अपने संबंधित विभागों से सर्टिफिकेट लाना होगा। जिसमें यह पता लग सके कि यह उसी विभाग में कार्यरत है। दुर्गम क्षेत्रों में बिना स्लॉट बुकिंग लगेगा टीका प्रदेश सरकार ने 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के टीकाकरण के लिए जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों के लिए स्लॉट बुकिंग की अनिवार्यता खत्म कर दी है।अब वेबसाइट पर शेड्यूल बुक किया जा सकेगा। कोविड टीकाकरण रणनीति के लिए गठित स्टेट स्टेयरिंग कमेटी की बैठक में यह फैसला लिया गया।
जवाहरलाल नेहरू राजकीय ललित कला महाविद्यालय चौड़ा मैदान शिमला में 3 दिवसीय नृत्य कार्यशाला का वर्चुअल माध्यम से आयोजन किया गया। जिसका समापन कल यानि 30 मई को हो गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ मीना शर्मा ने कहा कि इस कोरोना काल में शिक्षण संस्थान बंद हैं, तथा ऐसे में विद्यार्थियों से निरंतर संपर्क में रहते हुए इस कार्यशाला द्वारा उन्हें सैद्धांतिक व प्रायोगिक रूप से प्रशिक्षण दिया गया ताकि विद्यार्थी घरों में रहकर भी अभ्यासरत रहें। कार्यशाला में अलग-अलग सत्रों के लिए चार संसाधक व्यक्तियों को बुलाया गया था। जिनमें सुप्रसिद्ध नृत्य गुरु पंडित राजेंद्र गंगानी की शिष्या व प्रतिभा संगीत संस्थान उज्जैन की प्रबंधक व कला निदेशक प्रतिभा रघुवंशी अलची, महेश चंद शर्मा नृत्य शिक्षक डीएवी न्यू शिमला तथा पंडित राजेंद्र गंगानी के ही शिष्य सुमन रांगटा तथा दीप्ति गुप्ता ने प्रतिभागियों के साथ महत्वपूर्ण ज्ञान सांझा किया। नृत्य विभाग के सहायक आचार्य पवन कुमार ने बताया कि इस कार्यशाला में लगभग 65 प्रतिभागियों ने भाग लिया और विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को सैद्धांतिक व प्रायोगिक तौर पर नृत्य के महत्वपूर्ण पहलुओं को समझाया गया तथा मंच प्रदर्शन के मूल गुणों से अवगत करवाया गया। कार्यशाला के समन्वयक डॉ. गोपाल कृष्ण ने बताया कि ऐसी कार्यशालाओं की संभावना भविष्य में बनी रहेगी। समापन समारोह में महाविद्यालय की अंग्रेजी की सहआचार्य डॉ आयरीन रतन ने तीन दिवसीय कार्यशाला का ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ मीना शर्मा ने प्रतिभागियों को आशीर्वाद देते हुए कार्यशाला के सफल आयोजन हेतु सभी को बधाई दी। समारोह के समापन अवसर पर पंडित राजेंद्र गंगानी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की व प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी। समारोह में महाविद्यालय के शिक्षक व गैर शिक्षक वर्ग में सुदर्शन जोशी, डॉ सुनील गौतम, डॉ अंजना भारद्वाज, डॉ पूजा कश्यप, निर्मल भंडारी, राहुल, संजय कुमार व तारा चंद वर्चअल माध्यम से उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना के मरीजों की संख्या कम होने लगी है। 13 मई को जो संख्या 40006 से थी, वह अब 16989 के आसपास रह गई है। इनमें से करीब 1000 मरीज अस्पतालों में उपचाराधीन हैं, जबकि करीब 85 फीसदी से ज्यादा मरीज होम आइसोलेट हैं। अस्पतालों में भी मरीजों के ठीक होने की दर बढ़ी है। इसी को मद्देनजर रखते हुए प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेजों और बड़े अस्पतालों में रूटीन के ऑपरेशन शुरू करने के निर्देश दिए हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते बीते एक माह से 2000 से अधिक ऑपरेशनों को टाला गया है। हालांकि प्रदेश में मौत के मामलों का कम न होना सरकार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। मरने वालों का आंकड़ा 3000 से पार हो गया है। जिला कांगड़ा में सबसे ज्यादा 900 संक्रमितों की मौत हुई है। दूसरे नंबर पर शिमला जिला है, जहां 550 मरीजों की मौत हुई है। कांगड़ा जिले में 38 दिन बाद 300 से कम 297 नए मरीज सामने आए हैं, जबकि 27 दिन बाद सबसे कम 11 मौतें हुई हैं।स्वास्थ्य विभाग की टेक्निकल कमेटी ने कोरोना से मौतों को लेकर सरकार को रिपोर्ट सौंप दी है। अस्पतालों में कोरोना मरीज कम होने पर सरकार ने गंभीर मरीजों के ऑपरेशन करने के साथ रूटीन पथरी, पित्त की पथरी, घुटनों के ऑपरेशन आदि करने को कहा है। डॉक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मरीजों को ऑपरेशन की तिथियां देते रहें। अस्पतालों में अभी इमरजेंसी के ऑपरेशन ही किए जा रहे थे। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को कोरोना मरीजों के उपचार में लगाया गया है, लेकिन अब मामले कम हो रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश के लाखों बागवानों को सीजन में सेब पैकिंग सामग्री महंगी मिलेगी। कोविड काल में पिछले साल भले ही कार्टन के रेट नहीं बढ़ाए गए थे, लेकिन इस साल बागवानों को कार्टन खरीदने के लिए और जेब ढीली करनी पड़ेगी। इस साल सेब की करीब तीन करोड़ पेटी सेब की पैदावार होने का अनुमान लगाया जा रहा है। कार्टन उत्पादकों ने प्रदेश के सेब बागवानों की मांग के कार्टनों की एडवांस बुकिंग भी शुरू कर दी है। इस बार खुले बाजार में मिलने वाले सेब कार्टनों के रेट में 12 से 14 रुपये की वृद्धि की गई है। पिछले साल बागवानों को बीस किलो का कार्टन 40 से 58 रुपये में बेचा गया था। इस बार बागवानों को वही कार्टन 52 से 70 रुपये में मिल रहा है। इन कार्टनों के कागज की गुणवत्ता के हिसाब से दाम वसूले जा रहे हैं। कई कंपनियां अपने हिसाब से कार्टन के दाम वसूलते हैं जबकि ये कंपनियां सरकारी एजेंसियों के माध्यम से कार्टन बेचने से परहेज करते रहे हैं। इसी तरह से सेब पैकिंग की सौ ट्रे के बंडलों में भी उत्पादकों ने सौ रुपये तक बढ़ोतरी की है। जो सेब पैकिंग ट्रे का बंडल पिछले साल 525 रुपये में बेचा जा रहा था, उसी ट्रे का बंडल इस बार बागवानों को 625 से 650 रुपये में बेचा जा रहा है। सेब उत्पादक बागवानों का कहना है कि कार्टन उत्पादक दलील दे रहे हैं कि उनको पहले सस्ती दरों में कार्टन और पैकिंग ट्रे बनाने के लिए सस्ती दरों में कागज मिल जाता था, लेकिन इस बार यह कागज महंगा मिल रहा है। हिमाचल प्रदेश सब्जी एवं उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान कहते हैं कि सेब सीजन 15 जून से आरंभ हो जाएगा। इस बार कार्टनों और पैकिंग ट्रे महंगे दामों पर मिल रहे हैं। उत्पादक दलील दे रहे हैं कि कच्चा माल महंगा हो गया है।
हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्रॉस के अध्यक्ष राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने शनिवार को राजभवन में रेडक्रॉस के माध्यम से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को 46 ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर तथा विभिन्न जिलों को कुल 950 ऑक्सिमीटर प्रदान किये। राजभवन में रेडक्रॉस के माध्यम से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को 46 ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर तथा विभिन्न जिलों को कुल 950 ऑक्सिमीटर प्रदान किये। राज्यपाल ने राज्य रेडक्रॉस अस्पताल कल्याण शाखा की अध्यक्ष डॉ साधना ठाकुर की उपस्थिति में स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमिताभ अवस्थी को 5एल के 40 तथा 8एल के 6 ऑक्सिजन कंसेंट्रेटर प्रदान किये। उन्होंने शिमला के उपयुक्त आदित्य नेगी को 200 ऑक्सिमिटर भी प्रदान किया। इसके अतिरिक्त, ऊना को 200, सिरमौर को 200, चम्बा को 100, किन्नौर को 50, लाहुल स्पिति को 50, सोलन को 50, कुल्लू को 50 तथा हमीरपुर को 50 ऑक्सिमिटर प्रदान किये। इससे पूर्व भी कांगड़ा और मंडी जिलों को राज्य रेडक्रॉस के माध्यम से क्रमशः 250-250 पल्स ऑक्सिमिटर दिये जा चुके हैं। इस अवसर पर, राज्यपाल ने सुझाव दिया कि विभाग द्वारा दैनिक तौर पर जांच की संख्या को बढ़ाया जाना चाहिये । उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर पर आइसोलेशन सेंटर स्थापित किये जाने चाहिये। उन्होंने कहा कि जिन ग्रामीण परिवारों में कोरोना रोगियों को अलग से सुविधा नहीं है उनको इन केंद्रों को स्थापित करने से काफी लाभ होगा। राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर तथा उपनिदेशक स्वास्थ्य डॉ रमेश भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि कल कुलदीप राठौर प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस द्वारा जो प्रेस वार्ता की गई उसमें उन्होंने माना है कि भाजपा ने जो कोविड-19 संकटकाल के समय प्रभावित लोगों की मदद करी है उसमें भाजपा सफल रही है। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष स्वयं यह स्वीकार कर रहे हैं कि भाजपा ने सफल कार्यक्रम किए हैं जिससे आम जनता को फायदा हुआ है तो कांग्रेस के अन्य क्षेत्रों के नेता भाजपा के ऊपर टिप्पणी कर क्यों सेवा कार्य में बाधा बन रहे हैं। उन्होंने कहा की सरकार और संगठन मिलकर हिमाचल प्रदेश की जनता की सेवा में कार्य कर रहा है और जब संगठन का कार्य सफल रहा है तो मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा किए सभी कार्यों को भी सफल माने जाए। उन्होंने कहा की जगह जगह कांग्रेस के फसली भटेर नेते अपनी राजनीति चमकाने के लिए भाजपा के सेवा कार्यों पर टिप्पणी कर रहे हैं पर जनता सब जानती है कि किसने सेवा करी है और किसने राजनीति और आने वाले समय में जनता इसको एक बार फिर स्पष्ट कर देगी जब भारतीय जनता पार्टी की एक सशक्त सरकार हिमाचल प्रदेश में पुनः बनेगी। आज हिमाचल प्रदेश में कोविड-19 से प्रभावित लोगों की सेवा करना ही भाजपा का धर्म है जिसमें सभी कार्यकर्ता अच्छा कार्य कर रहे हैं आप किसी भी विधानसभा क्षेत्र में देख लो तो वहां के विधायक या 2017 के प्रत्याशी भाजपा के प्रदेश जिला एवं मंडल स्तर के नेता जनता के बीच जाकर मास्क एवं सेंटर का वितरण कर रहे हैं घर घर जाकर होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों का हाल चाल पूछ रहे हैं और उनका मनोबल बढ़ा रहे हैं। भाजपा सेवा में विश्वास रखती है ना की राजनीति में और इस संकट की घड़ी में भाजपा और तीव्र गति से जनसेवा के लिए कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भाजपा सेवा ही संगठन भाग-2 के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश में अच्छा कार्य कर रही है और 30 मई को जो केंद्र की मोदी सरकार के 7 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं उस दिन 7792 बूथों पर सेवा कार्य करेगी।
हिमाचल प्रदेश कोरोना कर्फ्यू को अब 7 जून तक बढ़ा दिया गया हैं। इसी बाबत अब हिमाचल प्रदेश में पांच जून तक परिवहन सेवाएं बहाल नहीं होंगी, लेकिन सरकार ने परिवहन विभाग से एसओपी और परिवहन निगम से तैयारी कर रखने के लिए कहा है। पांच जून को होने वाली कैबिनेट की बैठक में इस पर निर्णय लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि विभाग 50 फीसदी ऑक्यूपेंसी के तहत बसें चलाने के नियम तैयार किये जा रहे है। बरहाल सरकार अभी बाहरी राज्यों के लिए बसें नहीं चलाना चाहती है। वंही, करोड़ों के घाटे में डूबे परिवहन निगम की माली हालत है। निगम के कोष में पैसा नहीं है। सरकार कर्मचारियों को तनख्वाह देने में असमर्थ है। बसें न चलने से निगम को प्रतिदिन डेढ़ करोड़ का घाटा उठाना पड़ रहा है। इस समय परिवहन निगम के बेड़े में 3400 बसें हैं। इनमें 2900 बसें सड़कों पर दौड़ती हैं। परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ने बताया कि प्रदेश और बाहरी राज्यों के लिए अभी बसें नहीं चलाई जा रही हैं। कुछ दिन इंतजार करना पड़ेगा। दूसरी और गौर करें तो हिमाचल प्रदेश में निजी बस ऑपरेटर पहले से ही सरकार से खफा हैं। यूनियन प्रदेश सरकार की ओर से विशेष पथकर माफ करने की मांग कर रही है। इन ऑपरेटरों ने प्रदेश में कर्फ़्यू लगने से पहले ही बसें खड़ी कर दी थीं।
प्रदेश सरकार ने 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के टीकाकरण के लिए जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों के लिए स्लॉट बुकिंग की अनिवार्यता खत्म कर दी है। अब वेबसाइट पर शेड्यूल बुक किया जा सकेगा। कोविड टीकाकरण रणनीति के लिए गठित स्टेट स्टेयरिंग कमेटी की बैठक में यह फैसला लिया गया। यह सुविधा रणनीति के अनुसार ऑन-साइट पंजीकरण की सुविधा प्रदान की जाएगी। इन जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों में स्थानीय जिला प्रशासन शत प्रतिशत ऑनलाइन बुकिंग या ऑन-साइट पंजीकरण करवा सकता है। संबंधित उपायुक्त टीकाकरण केंद्रों में भीड़ एकत्र न हो, इस संबंध में योजना तैयार करेेंगे। यदि बुकिंग करने वाले लाभार्थियों की अनुपस्थिति के कारण स्लॉट खाली रहते है तो टीकाकरण वाले दिन अधिकतम 9 लाभार्थियों के लिए सत्र दोबारा ऑनलाइन प्रदर्शित किया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने कोविड वैक्सीनेशन के लिए 22 और श्रेणियां को शामिल किया है। इसमें सभी दिव्यांगों, सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों के पूरे स्टाफ को प्राथमिकता से वैक्सीन लगेगी। जल शक्ति, लोक निर्माण, पशुपालन आदि महकमे के कर्मचारियों को भी इसमें शामिल किया गया है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि सभी सरकारी और गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों का स्टाफ, इन सभी को संबंधित डिप्टी डायरेक्टर हायर एजूकेशन से सर्टिफिकेट लाना होगा। इसके अलावा पशुपालन विभाग के कर्मचारी, टेलीकॉम प्रोवाइडर के कर्मचारी, अग्निशमन विभाग के कर्मचारी, फॉरेस्ट विभाग के कर्मचारी, जल शक्ति विभाग के कर्मचारी, लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी, ईपीएफओ और इंश्योरेंस सेक्टर के कर्मचारी, डाक विभाग के कर्मचारी, उद्योग विभाग और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के कर्मचारी, खाद्य आपूर्ति निगम के सभी कर्मचारी, ट्रेजरी विभाग के कर्मचारी जीएडी, एसएडी, विधानसभा, पब्लिक सर्विस कमीशन, स्टाफ सिलेक्शन कमीशन और राज्यपाल सचिवालय के कर्मचारी, रेलवे विभाग के सभी कर्मचारी, 18 साल से ऊपर के सभी एनसीसी कैडेट, जेलों में बंद सभी 18 साल से ऊपर के कैदी, हिमाचल प्रदेश टूरिज्म में सभी कार्यरत कर्मचारी और कोविड-19 में अपनी ड्यूटी निभा रहे सभी वॉलिंटियर को स्वास्थ्य विभाग में वैक्सीनेशन के लिए प्राथमिकता की सूची में डाला है। इन सभी को अपने संबंधित विभागों से सर्टिफिकेट लाना होगा। जिसमें यह पता लग सके कि यह उसी विभाग में कार्यरत है।
केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के लिए कोविशील्ड वैक्सीन का कोटा बढ़ा दिया है। यह कोटा 18 से 44 साल और 45 साल से ऊपर के दोनों वर्गों के लिए बढ़ाया गया है। हिमाचल सरकार ने केंद्र से पहले 1,19,760 डोज मांगी थी। केंद्र सरकार ने इसमें 47,420 डोज बढ़ाकर हिमाचल को 1,67,180 डोज देने का फैसला लिया है। यह डोज़ जून महीने के लिए जारी की गई है। इसी तरह केंद्र सरकार ने 45 साल से ऊपर के लोगों के लिए भी डोज बढ़ा दी है। इसमें 2,52,770 के अलावा 46,630 डोज बढ़ाई है। अब यह कोटा 2,99,400 कर दिया है। यह वैक्सीन एक सप्ताह के भीतर आ सकती है। 45 साल से ऊपर के आयु वर्ग के लिए यह डोज हिमाचल को केंद्र से निशुल्क मिलेगी। यह वैक्सीन जून के पहले पखवाड़े के लिए जारी की गई है। हिमाचल सरकार ने प्रदेश की कुल जनसंख्या के 27.4 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन लगा दी है। 18 साल से ऊपर की पात्र जनसंख्या के 34 प्रतिशत और 45 साल से ज्यादा उम्र के 89.4 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन लगाई गई है।
प्रशासन ने जिला में सभी उचित मूल्य की दुकानों पर उचित समाजिक दूरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। युवा कांग्रेस नेता व सामाजिक कार्यकर्ता राहुल शान्टा के निवेदन पर जिला प्रशासन ने जिला शिमला के सभी उपमंडलाधिकारियों, पुलिस प्रशासन और जिला नियंत्रक ,खाद्य आपूर्ति एवम् उपभोक्ता मामलें को सरकार द्वारा जारी एसओपी का सख़्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। युवा नेता राहुल शान्टा ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में ग्रामीण इलाकों में संक्रमण के मामलों में तेज़ी से बढ़ रहे हैं वही दूसरी ओर उचित मूल्यों की दुकानों में बढ़ती भीड़ से कोरोना संक्रमण फ़ैलने का भय बना हुआ हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा हाल ही में उचित मूल्यों की दुकानों को सप्ताह में 5 दिन खोलने की विशेष छूट दी गई हैं। लेक़िन पुलिस प्रशासन और खाद्य आपूर्ति निगम के कर्मचारियों द्वारा सरकार के दिशनिर्देशों को लागू नही करवाया जा रहा हैं। जिसके चलते उचित मूल्यों की दुकानों में अक़्सर भीड़ रहती हैं। राहुल शान्टा ने कहा कि कोरोना महामारी को रोकने के लिए सरकार मात्र दिशनिर्देशों तक ही सीमित न रहें बल्कि उसके क्रियान्वयन को तरज़ीह दे। राहुल शान्टा ने कहा कि वे इसी तरह भविष्य में भी जनता के जुड़े मुद्दों को उठाते रहेंगे, जिसके लिए न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाने से भी गुरेज़ नही करेंगे।
जवाहरलाल नेहरू ललित कला महाविद्यालय चौड़ा मैदान शिमला में 3 दिवसीय नृत्य कार्यशाला 'अलख' आयोजन किया जा रहा है। इस कर्यक्रम का शुभारंभ आज वर्चुअल माध्यम से मुख्य अतिथि स्थानीय महाविद्यालय प्राचार्या डॉ मीना शर्मा द्वारा किया गया। कार्यशाला में संसाधन व्यक्ति के रूप में कथक गुरू पं.राजेन्द्र गंगानी की प्रमुख शिष्या जयपुर घराने से शास्त्रीय कथक विस्तारक प्रतिभा रघुवंशी अचली ने वर्चुअल माध्यम से विद्यार्थियों को तीन ताल, भाव(ठुमरी)की बारीकियाँ समझाई। कार्यक्रम की शुरुआत प्रतीभा की सरस्वती वन्दना पर नृत्य प्रस्तुति द्वारा हुई। कार्यक्रम संयोजक सहायक प्राध्यापक नृत्य पवन ने उपस्थित सभी कला प्रेमियों का स्वागत किया। इस मौके पर उन्होंने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को जानकारी देते हुए बताया कि यह पूरे प्रदेश भर में अपनी तरह की नृत्य विभाग द्वारा आयोजित पहली कार्यशाला है । वंही मुख्य अतिथि ने कार्यशाला की विषय वस्तु को लेकर प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि नृत्य व संगीत मन को तनावमुक्त और तन को तन्दुरुस्त रखते हैं। उन्होने कहा कि वे भविष्य में भी महाविद्यालय में ऐसी गतिविधियां करवाती रहेंगी। इस कार्यशाला में प्रदेश व बाहरी राज्यों से लगभग 65 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।
पांवटा की एक फार्मा कंपनी से पुलिस ने ओपिओइड्स की 30.2 लाख नशीली गोलियां पकड़ी हैं। मार्केट में इसकी कीमत करीब 15 करोड़ रुपये बताई जा रही है। सिरमौर पुलिस, अमृतसर पुलिस, ड्रग इंस्पेक्टर सिरमौर ने मिलकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस का यह अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त ऑपरेशन बताया जा रहा है। पंजाब पुलिस ने खेप कब्जे में ले ली है। पांवटा के दवा उद्योग में पुलिस व ड्रग विभाग ने रातभर रिकॉर्ड खंगाला। अमृतसर में नशीली दवाएं मिलने के मामले में पंजाब पुलिस ने यह कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि एक ट्रक में भर कर नशीली दवा की खेप पंजाब पुलिस की टीम साथ ले गई है। हिमाचल की पांवटा पुलिस का सहयोग लेकर पंजाब पुलिस टीम ने कंपनी परिसर में छापामारी की थी। अमृतसर में बड़ी मात्रा में नशीली दवा पकड़ी गई थी। दवा में पांवटा की एक कंपनी का नाम पता लिखा था।
हिमाचल में कोरोना के कहर के बीच ब्लैक फंगस ने भी अपने पैर पसारने शुरू कर दिए है। आईजीएमसी शिमला में ब्लैक फंगस के 2 मरीज़ों ने अपनी जान गवा दी है। इस बात की पुष्टि आईजीएमसी हॉस्पिटल शिमला के एमस डॉ जनक राज ने की है। ये दोनों ही मरीज़ पुरुष है। डॉक्टर की जानकारी के अनुसार दोनो मरीज़ों को डाइअबीटीज़ कीटोअसिडोसिस था और ब्लैक फ़ंगस मस्तिष्क तक पहुँच गया था। जिसके चलते दोनों मरीज़ों की आज सुबह मौत हो गई। बता दें की एक मरीज़ जिला सोलन के कसौली का था जिसे 22 मई को ब्लैक फंगस के लक्षण दिखने के बाद आईजीएमसी शिमला लाया गया था। वंही दूसरा मरीज़ हमीरपुर से कल शिमला के आईजीएमसी हॉस्पिटल के लिए रेफेर किया गया था। यह मरीज़ 5 बजे के करीब शिमला पंहुचा था। डॉक्टर के मुताबिक मरीज़ की आंख के पास सूजन थी। गौरतलब है कि यह मरीज़ कोरोना वायरस से भी संक्रमित थे।
छात्र अभिभावक मंच ने उच्चतर शिक्षा निदेशक से निजी स्कूलों द्वारा वर्ष 2020 व वर्ष 2021 में अभिभावकों का जनरल हाउस किए बगैर ही कि गई पन्द्रह से पचास प्रतिशत भारी फीस बढ़ोतरी को वापिस लेने की मांग की है। मंच ने कोरोना काल के इन दो वर्षों में पन्द्रह से पचास प्रतिशत तक की गई वृद्धि को गैरकानूनी करार दिया है। मंच ने इस संदर्भ में तुरन्त अधिसूचना जारी करने की मांग की है। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा, मंच के सदस्य भुवनेश्वर सिंह, कमलेश वर्मा, रमेश शर्मा, राजेश पराशर, अंजना मेहता, राजीव सूद, विक्रम शर्मा, हेमंत शर्मा, मनीष मेहता, विकास सूद, अमित राठौर, विवेक कश्यप, फालमा चौहान, सोनिया सबरबाल, कपिल नेगी, रजनीश वर्मा, ऋतुराज, यशपाल, पुष्पा वर्मा, संदीप शर्मा, यादविंद्र कुमार, कपिल अग्रवाल, नीरज ठाकुर, रेखा शर्मा, शोभना सूद, निशा ठाकुर व दलजीत सिंह ने प्रदेश सरकार को चेताया है कि निजी स्कूलों में बगैर जनरल हाउस की इज़ाज़त के वर्ष 2020 व 2021 में की गई भारी फीस बढ़ोतरी को अगर वापिस न लिया गया तो छात्र अभिभावक मंच आंदोलन तेज करेगा। उन्होंने कहा है कि अभिभावकों के निरन्तर सँघर्ष के बाद शिक्षा विभाग का दयानंद स्कूल के संदर्भ में जारी किया गया लिखित आदेश तभी मायने रखता है अगर शिक्षा अधिकारी 5 दिसम्बर 2019 के आदेश को अक्षरशः लागू करवाने में सफल होते हैं। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने कहा है कि पिछले दो वर्षों में शिमला शहर में निजी स्कूलों ने बारह हजार से बीस हज़ार रुपये तक की फीस बढ़ोतरी की है। इन स्कूलों ने बड़ी चालाकी से अब टयूशन फीस को भी कई गुणा बढ़ा दिया है व कुल फीस का मुख्य हिस्सा ही टयूशन फीस में बदल दिया है। अब कुल फीस का अस्सी से नब्बे प्रतिशत टयूशन फीस ही बना दिया गया है ताकि कोई टयूशन फीस के नाम पर फीस बढ़ोतरी पर प्रश्न चिन्ह न खड़ा कर सके। इन दो वर्षों में इतनी फीस बढ़ोतरी की गई है कि जो कोरोना काल में असहनीय है। निजी स्कूलों के खर्चों की कटौती के कारण छात्रों की फीस लगभग पच्चीस प्रतिशत तक कम होनी चाहिए थी परन्तु इन स्कूलों ने इसके विपरीत पन्द्रह से पचास प्रतिशत तक की फीस बढ़ोतरी कर दी। सरकार निजी स्कूलों की मनमानी लूट व भारी फीसों को संचालित करने के लिए कानून बनाने व रेगुलेटरी कमीशन स्थापित करने के लिए लगातार आनाकानी कर रही है जिस से स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार द्वारा ही निजी स्कूलों की मनमानी लूट को संगठित व पोषित किया जा रहा है। अभिभावक इस लूट को नहीं सहेंगे व सड़कों पर उतरकर इसका कड़ा विरोध करेंगे।
हिमाचल प्रदेश कोटखाई बहुचर्चित गुड़िया दुष्कर्म व हत्याकांड मामले में दोषी नीलू की सजा पर सुनवाई अब 3 जून तक टल गई है। कोटखाई में साल 2017 में हुए गुड़िया दुष्कर्म व हत्याकांड मामले में सीबीआई ने जांच कर चालान में चरानी नीलू को दोषी करार दिया है। नीलू को जिला शिमला की विशेष अदालत ने 28 अप्रैल को दोषी करार दिया था, जिस पर दोषी को सजा तय होनी थी लेकिन करोना कर्फ्यू की बंदिशों के चलते लगातार सुनवाई टल रही है। अब इस मामले में 3 जून की तारीख तय की गई है। गौरतलब है कि 4 जुलाई, 2017 को शिमला जिले के कोटखाई की एक छात्रा स्कूल से लौटते समय लापता हो गई थी। 6 जुलाई को कोटखाई के तांदी के जंगल में पीड़िता का नग्न अवस्था में शव मिला। उसके बाद मामले में गठित एसआईटी भी इससे जुड़े लॉक अप सूरज हत्याकांड में सलाखों के पीछे रही। सीबीआई ने लंबी जांच के बाद नीलू को छात्रा के दुष्कर्म व हत्या मामले में गिरफ्तार किया था। दोषी करार नीलू की सज़ा पर अब 3 जून को फ़ैसला हो सकता है।
एनएसयूआई आरकेएमवी इकाई द्वारा आज वर्चुअल मीटिंग का आयोजन किया गया। ये बैठक राज्य सचिव सोनिया भागटा की विशेष अनुपस्थिति में आयोजित की गई। बैठक में कोरोना संकट के बीच छात्रों को पढ़ाई में आ रही दिक्कतों पर चर्चा की गई। सोनिया भागटा ने प्रदेशभर के छात्रों की ओर से सरकार से मांग की है कि कोरोना राहत के तौर पर सभी स्कूल व कॉलेजों के छात्रों की फीस माफ की जाए। इसके अतिरिक्त एनएसयूआई ने प्रशासन से कोरोना कर्फ्यू के दौरान विद्यार्थियों की सुविधा और स्टडी मटेरियल खरीदने के लिए बुक सैलेरों की दुकाने खोलने की भी मांग की। इस ऑनलाइन वर्चुअल मीटिंग में पूर्व छात्र नेत्री रक्षा जोकटा सहित भावना अक्षिता, स्नेहा, तन्वी, रवीशा, शीतल, रितु, शिवानी, आशिमा, नेहा आदि छात्राओं ने भाग लिया।
डीसी शिमला आदित्य नेगी ने आदेश जारी कर जानकारी देते हुए बताया कि एम्बुलेंस, दवाओं और ऑक्सीजन की उपलब्धता से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है। जिसमे अतिरिक्त उपायुक्त शिमला को प्रभारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी शिमला, परियोजना अधिकारी डीआरडीए शिमला, जिला पंचायत अधिकारी शिमला, सचिव जिला रेड क्रॉस सोसाइटी शिमला को सदस्य नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि जिला स्तरीय समिति दवा, ऑक्सीजन व एंबुलेंस संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए राज्य स्तरीय समिति से लगातार संपर्क में रहेगी। समिति निरंतर दवाओं, एम्बुलेंस और ऑक्सीजन की उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा करेगी तथा समिति होम आइसोलेशन में रखे गए मरीजो की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करेगी। उन्होंने बताया कि समिति द्वारा आवश्यकता पड़ने पर होम आइसोलेशन में मरीजों के परिवहन की व्यवस्था भी प्रदान करेंगी और इस उद्देश्य के लिए समिति को मरीजों को शिफ्ट करने और छोड़ने के लिए स्वीकृत दर के अनुसार टैक्सी किराए पर लेने का भी अधिकार होगा।जिला आपातकालीन संचालन केंद्र शिमला (टोल फ्री नंबर 1077) दवाओं, ऑक्सीजन और एम्बुलेंस की उपलब्धता से संबंधित शिकायतों को प्राप्त करने के लिए 24’7 नोडल कार्यालय के रूप में संचालित होगा। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रोटोकॉल जिला आपातकालीन संचालन केंद्र के नोडल अधिकारी होंगे, जो संबंधित कार्य को संतोषजनक ढंग से निष्पादित करने के लिए कर्मचारियों का मार्गदर्शन करेंगे।
क्षेत्रीय रोजगार अधिकारी शिमला संदीप ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना महामारी के दौर में बेरोजगारी से जूझ रहे शिक्षित युवाओं के लिए टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज द्वारा निशुल्क युवा रोजगार क्षमता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत चयनित युवाओं को डिजिटल माध्यम से स्किल ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी। प्रशिक्षण की अवधि 45 से 50 दिन की होगी। उन्होंने बताया कि युवा रोजगार क्षमता कार्यक्रम का लाभ लेने के लिए प्रार्थी की आयु 28 वर्ष से कम तथा वर्ष 2020 एवं 2021 में बीए, बीएससी, बीकॉम की डिग्री हासिल की हो एवं स्नातक कोर्स के अंतिम वर्ष के छात्र पात्र होंगे। इस कार्यक्रम के तहत दिया जाने वाला कौशल प्रशिक्षण विशेष तौर पर कंप्यूटर स्किल एवं रिज्यूम लेखन सहित साक्षात्कार की तैयारी एवं तर्कशक्ति पर केंद्रित होगा। प्रशिक्षण पूर्ण होने पर टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज द्वारा एक प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इच्छुक एवं पात्र युवा प्रशिक्षण से संबंधित विस्तृत एवं अधिक जानकारी के लिए 70189 34656 एवं 86288 64445 पर संपर्क कर सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर ज्यादा घातक है। प्रदेश में कोविड-19 का पहला मामला लगभग 15 माह पहले सामने आया था। राज्य सरकार द्वारा इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए समय पर उठाए गए कदमों के फलस्वरूप 23 फरवरी को राज्य में केवल 200 सक्रिय मामले रह गए थे। पहली लहर के दौरान राज्य में 58403 पाॅजिटिव मामले और 982 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई थीं। इसकी तुलना में अब तक दूसरी लहर के दौरान 125944 पाॅजिटिव मामले और 1935 लोगों की मृत्यु दर्ज हो चुकी हैं।प्रदेश सरकार द्वारा दूसरी लहर के दौरान आवश्यकता के अनुसार अधोसंरचना तथा विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाया गया है। प्रदेश में टेस्टिंग, आइसोलेशन तथा उपचार पर बल दिया जा रहा है। पहली लहर के दौरान कुल 10 लाख 63 हजार 922 टेस्ट के मुकाबले दूसरी लहर आने के बाद अब तक 8 लाख 895 टेस्ट किए जा चुके है। प्रदेश में इस संक्रमण से बचाव के लिए 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 18 लाख 77 हजार 950 लोगों को कोविशील्ड की पहली खुराक दी जा चुकी है। प्रवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में कोविड समर्पित स्वास्थ्य संस्थानों की संख्या में वृद्धि की हैं। प्रदेश में 1 मार्च को 11 ऐसे संस्थान थे, जिनमें 440 बिस्तर तथा 32 आईसीयू बिस्तर उपलब्ध थे, जबकि वर्तमान में प्रदेश में 56 कोविड समर्पित स्वास्थ्य संस्थानों में कुल 3860 बिस्तर तथा 291 आईसीयू बिस्तरों की सुविधा प्रदान की जा रही हैं। प्रदेश में घर द्वार पर कोविड-19 संक्रमण की जांच के लिए 70 एम्बुलेंस कार्यशील स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश में सरकारी क्षेत्र द्वारा घर द्वार पर कोविड-19 नमूनों की जांच के लिए 70 एम्बुलेंस की सुविधा प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र द्वारा हाई रिस्क ग्रुप जैसे वृद्धजन और अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीज जो अस्पताल नहीं पहुंच सकते हैं, उनके लिए घर में जांच की सुविधा सुनिश्चित की जा रही हैं। प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश में पहले से ही निजी अस्पतालों और प्रयोगशालाओं में रैपिड एंटीजन टैस्ट की दरें अधिसूचित कर दी गई हैं। निजी अस्पतालों और उनके चिन्हित एकत्रित केन्द्रों में रैपिड एंटीजन टैस्ट के लिए 300 रुपये प्रति नमूना की अधिकतम दर तय की गई है और यदि घर से नमूना लिया जाता है तो इसके लिए अधिकतम 550 रुपये प्रति नमूने की दर रखी गई हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी संक्रामक महामारी से निपटने का मौलिक सिद्धांत शुरूआती चरण में संक्रमण का पता लगाना, आइसोलेट, उपचार, मामलों का प्रबन्धन और नए मामलों को रोकना है। ऐहतियात सबसे अच्छी रणनीति है, जो जांच पर निर्भर करती है।
उद्योग एवं परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ने हिमाचल प्रदेश औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर निगम के उपाध्यक्ष प्रो.राम कुमार भी उपस्थित थे। बिक्रम सिंह ने अधिकारियों को निगम द्वारा कार्यान्वित की जा रही सभी परियोजनाओं को समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बदलते परिवेश के साथ औद्योगिक विकास निगम को अपनी कार्यशैली में नवाचार को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उद्योग मंत्री ने कहा कि जिन निर्माणाधीन परियोजनाओं का कार्य शीघ्र पूर्ण होने वाला है, उनको प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए। यह प्रयास किए जाने चाहिए कि विकासात्मक कार्यों में देरी न हो ताकि लोगों को समय पर सुविधा प्रदान की जा सके। उन्होंने अधिकारियों को सरकार के विभिन्न विभागों के कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। बिक्रम सिंह ने निगम के विपणन विंग को सशक्त करने तथा इसकी गतिविधियों को बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विपणन के लिए नई क्रियाविधि विकसित की जानी चाहिए तथा उपभोक्ताओं की जरूरत के अनुसार प्रभावी तरीके से कार्य सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने ऊना जिला में विभिन्न स्थानों पर लैंड बैंक तैयार करने के बारे में भी दिशा-निर्देश दिए। बैठक में 226 परियोजनाओं के कार्य की समीक्षा की गई। निगम के अधिकारियों ने अवगत करवाया कि वित्त वर्ष 2020-2021 में औद्योगिक विकास निगम का अनुमानित लाभ 7.48 करोड़ रुपये होने की संभावना है। इस अवसर पर निगम के प्रबन्ध निदेशक हंस राज चैहान और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
प्रदेश सरकार किसानों और बागवानों को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है। जिला कांग्रेस कमेटी शिमला ग्रामीण के अध्यक्ष यशंवत छाजटा ने जारी बयान में यह आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार दावा कर रही है, प्रदेश में बेमौसमी बर्फबारी और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आंकलन कर दिया जबकि किसानों और बागवानों को मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। छाजटा ने कहा कि जब सरकार नुकसान का आंकलन कर चुकी है तो समय रहते मुआवजा भी प्रदान करे। उन्होंने कहा कि सरकार की करनी और कथनी में अंतर है। एक तरफ सरकार किसानों और बागवानों की हितैषी होने का दावा करती है जबकि दूसरी तरफ से उनकी अनदेखी की जा रही है। छाजटा ने कहा कि जो सरकार कोरेाना संकट काल में भी आम जनता और किसानों व बागवानों को राहत नहीं दे पाई,उससे क्या उम्मीदें लगाई जा सकती है, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। छाजटा ने कहा कि मुआवजे का सही ढग़ से आंकलन होना चाहिए ताकि किसानों और बागवानों को उनकी फसलों के हुए नुकसान का उचित मुआवजा मिल सके। सेब सीजन के लिए उठाए प्रभावी कदम छाजटा ने कहा कि सेब सीजन जल्द शुरु होने वाला है। ऐेसे में सरकार प्रभावी कदम उठाते हुए ग्रामीण सडक़ों को भी दुरस्त करे। इसके साथ ही पेटियों व अन्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि डीजल और पैट्रोल के दामों में कटौती की जाए। इसकी सीधे मार किसानों और बागवानों पर भी पड़ेगी तथा अपनी फसलों पर मंडियों तक पहुंचाने के लिए अधिक दाम चुकाने पड़ेगें।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री ने वीरभद्र सिंह के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, प्रधानाचार्य आईजीएमसी डा. रजनीश पठानिया, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. जनक राज और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश में संक्रमण दर में भारी कमी आई है। हिमाचल में कोरोना कर्फ्यू का असर दिखने लगा है। एक सप्ताह पहले संक्रमण की दर 27.47 थी, जो 25 मई को घटकर 15.83 फीसदी रह गई है। इस अंतराल के बीच करीब 11 फीसदी की कमी दर्ज की गई। अप्रैल और मई में प्रदेश के अन्य जिलों की अपेक्षा 5 जिले कोरोना से प्रभावित रहे। इनमें कांगड़ा, मंडी, शिमला, ऊना और जिला हमीरपुर शामिल हैं। अब इन जिलों में पहले की अपेक्षा कोरोना के कम मामले आ रहे हैं। ज्यादातर मरीज इन्हीं जिलों में ठीक हो रहे हैं। प्रदेश में कोरोना के रिकवरी रेट में भी बड़ा सुधार आया है। यह दर 85 फीसदी से बढ़ गई है। इससे साफ है कि लोग तेजी से ठीक हो रहे हैं। दूसरी ओर, मृत्यु दर में कमी न होने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। प्रतिदिन 60 से ज्यादा कोरोना संक्रमितों की मौत हो रही है। मृत्यु दर 1.52 फीसदी है।
हिमाचल प्रदेश के राशन डिपुओं में राशनकार्ड उपभोक्ताओं को जून से रिफाइंड तेल नहीं मिलेगा। उपभोक्ताओं को रिफाइंड के बदले दो लीटर सरसों तेल ही दिया जाएगा। खाद्य आपूर्ति निगम ने रिफाइंड तेल का टेंडर नहीं किया है। वंही उपभोक्ताओं को अगले माह से सरसों तेल 57 रुपये महंगा मिलेगा। विभाग ने इसकी जानकारी पहले ही दे दी है। एपीएल उपभोक्ताओं को 160 और बीपीएल को 155 रुपये प्रतिलीटर तेल मिलेगा। हिमाचल में साढ़े 18 लाख राशनकार्ड उपभोक्ता हैं। इनमें 12.50 लाख एपीएल और 4.45 लाख बीपीएल उपभोक्ता हैं। सरकार की ओर से उपभोक्ताओं को सब्सिडी पर राशन उपलब्ध कराया जाता है। सरकार उपभोक्ताओं को एक लीटर रिफाइंड और एक लीटर सरसों तेल उपलब्ध कराती है। बताया जा रहा है कि रिफाइंड तेल के दाम में भारी उछाल आया है। इसके चलते अगले महीने दो लीटर सरसों तेल ही देने का फैसला लिया गया है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का मानना है कि कोरोना परिस्थिति के कारण टाली गयी 12वी की बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन पर केंद्र एवं राज्य सरकार विद्यार्थियों के सुरक्षा एवं भविष्य को ध्यान रख कर निर्णय करे। परिस्थिति को ध्यान रखते हुये सरकार नवीन प्रयोगों जैसे कम समयावधि की परीक्षा, प्रमुख विषयों की परीक्षा, ओपन बुक परीक्षा आदि के माध्यम से परीक्षा का आयोजन शारीरिक दूरी का पालन कर आगामी जुलाई-अगस्त में हो सकता है, इसी दिशा में कुछ राज्य सरकारों ने भी निर्णय किये हैं। अभाविप का मत है कि केंद्र एवं राज्य सरकारें जल्दबाज़ी ना दिखाते हुये विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रख कर निर्णय करे। जिस तरह से कोरोना के मामले कम हो रहे हैं ऐसी स्थिति में निकट माह जुलाई/अगस्त में शारीरिक दूरी का पालन पर कम समयकाल में परीक्षाओं का आयोजन हो सकता है। महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में विगत वर्ष की भाँति पाठ्यक्रम को कम करके अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों का मूल्यांकन करना, प्रमुख विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में आयोजित होने वाली एक दिवसीय प्रवेश परीक्षाओं को परीक्षा केंद्र की संख्या बढ़ाकर जुलाई/अगस्त माह में आयोजित करना, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालयों परिसरों में टीकाकरण केंद्रो को बढ़ाना, मेडिकल एवं चिकित्सा पाठ्यक्रमों में सीटें बढ़ाना, आगामी सत्र सितम्बर/अक्तूबर माह से प्रारंभ करना आदि सुझावों को शिक्षा मंत्री को भेजे पत्र में सम्मिलित किया है। अभाविप हिमाचल प्रदेश के मंत्री विशाल वर्मा ने कहा की कोरोना महामारी की वजह से शिक्षा क्षेत्र बहुत अधिक प्रभावित हुआ है। निश्चित रूप से विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और भविष्य की चिंता करना सरकार की जिम्मेदारी बनती है। 12वी की कक्षा के छात्र आगामी समय में उच्च शिक्षा हेतु महाविद्यालयों/विश्वविद्यालयों में प्रवेश भी लेंगे। इसके निहित 12वी कक्षा के विद्यार्थियों का प्रशासन को पूर्व तैयारी कर उनके सुरक्षा के मापदंडों का ध्यान रखते हुए उनका किसी न किसी रूप में मूल्यांकन करवाना अति आवश्यक है। अभाविप की राष्ट्रीय महामंत्री सुश्री निधि त्रिपाठी ने कहा कि, “देश के अधिकतर विश्वविद्यालयों में स्नातक कक्षाओं में प्रवेश मेरिट लिस्ट के आधार पर होता है, ऐसे में 12वी कक्षा के विद्यार्थियों का मूल्यांकन महत्वपूर्ण है। केंद्र एवं राज्य सरकारों को विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक भविष्य को ध्यान रख कर न्यायोचित निर्णय करना चाहिये जिससे भविष्य में किसी प्रकार की समस्या का सामना विद्यार्थियों को ना करना पड़े।”
सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट सामाजिक कार्यों के लिए प्रसिद्ध है ट्रस्ट ने हमेशा समाज हित में कार्य किया है ट्रस्ट के सचिव डॉ सुरेंद्र शर्मा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि ट्रस्ट समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए कार्य कर रहा है यदि बात सर्दी मौसम की करें तो ट्रस्ट ने गरीबों मजदूरों और जरूरतमंदों को समाज से वस्त्र एकत्रित करते हुए जरूरतमंदों को वस्त्र बैंक के माध्यम से वस्त्र वितरण किए हैं इसके अतिरिक्त असहाय छात्रों को निशुल्क शिक्षा देने का कार्य किया है। इसके अलावा अस्पतालों में रक्त की काफी कमी रहती है पिछले लॉकडाउन में भी ट्रस्ट ने पांच जगह शिमला के नजदीक रक्तदान शिविर का आयोजन किया है। ट्रस्ट के सचिव डॉ सुरेंद्र शर्मा ने कहा की वर्तमान समय में कोरोना महामारी ने गंभीर रूप धारण किया है मनुष्य जाति आज संकट में है और प्रदेश सरकार महामारी से निजात पाने के लिए तत्पर है प्रदेश में 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के लिए टीकाकरण हो रहा है ट्रस्ट के सचिव ने कहा टीकाकरण के पश्चात कुछ दिन तक कोई भी व्यक्ति रक्त नहीं दे सकता है इसके चलते अस्पताल में काफी दिक्कत होने की संभावनाएं हैं वर्तमान में भी बंद के चलते अस्पताल में रक्त की भारी कमी है इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट ने 23 मई 2021 को रिज मैदान में रक्तदान शिविर को आयोजन करना तय किया है सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट शिमला शहर के प्रत्येक जनमानस से आग्रह करती है कि मानव हित के लिए इंसानियत के लिए टीकाकरण से पूर्व अवश्य रक्तदान करें। सुरेंद्र शर्मा ने कहा रक्तदान सबसे बड़ा दान है जिससे किसी किसान से किसी की जिंदगी बचाई जा सकती है उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए और इस पुनीत कार्य हेतु सभी आस-पड़ोस के व्यक्तियों को भी प्रेरित करना चाहिए अतः सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट शिमला शहर के सभी युवा वर्ग से रक्तदान हेतु आग्रह करता है।
विदेशों से अब तक 17,755 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, 16031 ऑक्सीजन सिलेंडर, 19 ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र, 13,449 से अधिक वेंटिलेटर/बाई पैप, 6.9 लाख रेमडिसिविर की खुराकें मिलीं केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कोरोना आपदा की इस दूसरी लहर में पीएम केयर्स व पीएसयू के फंड से देश भर में 1500 ऑक्सीजन प्लांट लगने व हिमाचल प्रदेश में निर्बाध ऑक्सीजन वितरण सुनिश्चित कराने के लिए अपने निजी प्रयासों से 300 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर ,3 ऑक्सीजन प्लांट व 200 ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी है। अनुराग ठाकुर ने कहा “कोरोना महामारी की इस दूसरी लहर में ऑक्सीजन की उपयोगिता को देखते हुए केंद्र सरकार देश भर युद्धस्तर पर ऑक्सीजन उपलब्ध करा रही है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पीएम केयर्स व पीएसयू फंड से देश में 1500 ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम चल रहा है। ऑक्सीजन प्लांट के नजदीक ही कोविड सेंटर्स भी तैयार किए जाएँगे जिससे ऑक्सीजन की समस्या पर स्थाई रूप से काम किया जा सके। समय को कम करने के लिए सरकार वायुसेना व ऑक्सीजन एक्सप्रेस के जरिए ऑक्सीजन आपूर्ति की जा रही है। पिछले दो सप्ताह से राज्यों को मांग के अनुसार ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है व किसी की मांग को अनदेखा नहीं किया जा रहा है। मोदी सरकार आपदा की इस घड़ी में युद्धस्तर पर कार्यवाही जारी रखे हुए है” अनुराग ठाकुर ने कहा “भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों / विभागों ने एक सुगम और व्यवस्थित तंत्र के जरिए विश्व समुदाय की ओर से आने वाली सहायता को राज्यों और केन्द्र-शासित प्रदेशों को तेजी से वितरित करने के लिए निर्बाध रूप से सहयोग किया है।27 अप्रैल 2021 से लेकर अब तक कुल मिलाकर 17,755 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, 16031 ऑक्सीजन सिलेंडर, 19 ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र, 13,449 वेंटिलेटर/बाई पैप, 6.9 लाख रेमडिसिविर की खुराकें सड़क एवं हवाई मार्ग के जरिए वितरित/भेजी जा चुकी हैं। प्राप्तकर्ता राज्यों/केन्द्र-शासित प्रदेशों और संस्थानों को कारगर तत्काल आवंटन और सुव्यवस्थित वितरण का एक निरंतर अभियान जारी है” अनुराग ठाकुर ने कहा “हिमाचल प्रदेश विशेषकर हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में कोरोना मरीज़ों को ऑक्सीजन की कोई कमी ना आने पाए इसलिए मैं अपने निजी प्रयासों से ऑक्सीजन बैंक बनाने की दिशा में प्रयासरत हूँ । 300 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर ,3 ऑक्सीजन प्लांट व 200 ऑक्सीजन सिलेंडरों को मिलाकर जल्द एक ऑक्सीजन बैंक जोकि 700 बेडों को निर्बाध रूप से O2 सप्लाई करने में सक्षम होगा की स्थापना का शुरू हो गया है। इस ऑक्सीजन बैंक की स्थापना होने से कोरोना के ख़िलाफ़ हमारी इस लड़ाई को मज़बूती मिलेगी” कोरोना महामारी की पहली और दूसरी लहर में जरूरतें बदली तो उनके हिसाब से प्राथमिकताएं भी बदलने पड़ी हैं। ऑक्सीजन से जुड़े उपकरणों की उपयोगिता को देखते हुए मैंने अपने निजी प्रयासों से प्रदेश के सभी ज़िलों में 6,000 ऑक्सीजन मास्क , 3,200 एनआरएम , 1,500 ऑक्सीजन रेगुलेटर हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में 105 ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराया है। कोरोना के उपचार के दौरान हमीरपुर संसदीय में ऑक्सीजन की कोई समस्या ना आने पाए इसके लिए सभी ज़िला प्रशासन (काँगड़ा ,मंडी ,बिलासपुर ,हमीरपुर व ऊना) से बात करके तीन पीएसए ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट ( 500 एलपीएम का एक व 140- 140 एलपीएम क़े दो) लगवाने का निर्णय लिया है जिससे हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सभी पाँचों ज़िलों को लाभ पहुँचेगा” अनुराग ठाकुर ने कहा “दिल्ली में रह रहे प्रवासी हिमाचली भाई बहन को कोरोना महामारी के इस दौर में आपातक़ालीन स्थिति में ऑक्सीजन कमी ना हो इसलिए मैंने अपने निजी प्रयासों से 50 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर यहाँ पर विभिन्न हिमाचली कल्याणकारी संस्थाओं को उपलब्ध कराया है”
कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने बुधवार को अपने विधानसभा चुनाव क्षेत्र सुन्नी का दौरा कर कोरोना महामारी व कर्फ़्यू के चलते लोगों का आ रही समस्याओं को सुना।उन्होंने लोगों को भरोसा दिया कि वह किसी भी समस्या के लिए दिन रात उनके साथ खड़े है।उन्होंने इस महामारी के प्रति लोगों को सचेत करते हुए कहा कि यह समय हमें एक दूसरे की मदद करने का है।उन्होंने कहा कि कोई भी संक्रमित व्यक्ति या परिवार की हर संभब सहायता की जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति का मनोबल बढ़ाने के साथ हमें एक दूसरे का सहयोगी बनना है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वह स्वम् भी इस महामारी का शिकार हुए है। इसी बजह से वह सीधे लोगों से नही मिल पाए।उन्होंने कहा कि सभी को अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहते हुए सामाजिक दूरी का भी पालन करना चाहिए। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कांग्रेस लोगों की पूरी मदद कर रही है,जबकि भाजपा कही भी नजर नही आ रही है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में बढ़ता कोरोना संक्रमण चिंता की बात है।उन्होंने कहा कि यह समय कोई राजनीति करने का नही है।उन्होंने कहा कि सभी को एकजुटता के साथ इस महामारी को हराना है।उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह इस महामारी से निपटने में असफल साबित हुई है।अस्पतालों में बेड,ऑक्सीजन की कमी,वैक्सीन की कमी बहुत चिंता की बात है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वह जल्द ही अपने इस निर्वाचन क्षेत्र का व्यापक दौरा करेंगे व कोरोना से प्रभावित लोगों के राहत कार्यो का स्वम् जायजा लेंगे। इस दौरान आज उन्होंने सिविल अस्पताल सुन्नी को एक एम्बुलेंस भी भेंट की।इसके अतिरिक्त पीपीई किट,ऑक्सीमीटर,थरमामीटर, सनेटीआज़र,मास्क भी वितरित किये।उन्होंने शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के सभी 22 सब सन्ट्रो,व सभी 6 पीएचसी को भी कोरोना से वचाब के लिए भी सामग्री भेजी। विक्रमादित्य सिंह ने श्री हरि गो सदन सुन्नी का दौरा कर वहां गऊ माता के चारे के लिए 50 हजार रुपये दान दिए। इस दौरान नगर पंचायत सुन्नी के अध्यक्ष प्रदीप शर्मा उपाध्यक्ष श्यामा देवी,पार्षद निशा गुप्ता, रूप लाल,उम्माबत्ती हिमराल के अलावा ब्लॉक अध्यक्ष गोपाल शर्मा व भविन्न पंचायतों के प्रधान,उप प्रधान व सदस्य मौजूद थे।
बीमारी ग्रस्त लोगों की उभरती हुई सांसो को बचाने में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा उपलब्ध करवाया जा रहा है ऑक्सीजन बैंक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह ऑक्सीजन बैंक एक-दो या सौ-दो सौ नहीं बल्कि पूरे 700 बेड के लिए पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सप्लाई सुनिश्चित करने में सक्षम होगा। हमीरपुर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में भाजपा जिला मीडिया प्रभारी अंकुश दत्त शर्मा ने यह बात कही है। उन्होंने ऑक्सीजन बैंक की सुविधा उपलब्ध करवाने जा रहे केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट अफेयर राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर का जिला भाजपा व हमीरपुर जिला की जनता की तरफ से धन्यवाद व्यक्त किया है। जिला मीडिया प्रभारी ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दृष्टि से दूरदर्शी सोच रखते हुए केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री ने कुछ वर्ष पूर्व सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा योजना का शुभारंभ किया था । इस योजना ने कोरोना से पहले भी और कोरोना के दौरान भी लोगों को राहत पहुंचाने में बेहतरीन कार्य किया है, जिसके लिए भी केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री बधाई के पात्र हैं । उन्होंने कहा कि हमीरपुर स्वास्थ्य विभाग की आवश्यकता के अनुसार अनुराग सिंह ठाकुर ने ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन मास्क, ऑक्सीजन रेगुलेटर और ऑक्सीजन प्लांट जिला में उपलब्ध करवाए हैं । ऑक्सीजन प्लांट बड़ी जल्दी ही जरूरतमंद रोगियों को ऑक्सीजन की सप्लाई देना शुरू कर देगा, इसके लिए भी उन्होंने हमीरपुर की जनता की तरफ से केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री को बहुत-बहुत धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया है। अंकुश दत्त शर्मा ने कहा कि एक तरफ तो बीजेपी का प्रत्येक कार्यकर्ता , सम्पूर्ण संगठन एवं प्रदेश व केंद्र की सरकारें कोरोना काल में जनमानस की सेवा के लिए, जीवन बचाने के लिए और प्रभावितों की मदद करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं, तो दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी के लोग भाजपा को कोस कर जनता में हीरो बनने की नाकामयाब कोशिश कर रहे हैं । दुष्प्रचार कर व लोगों को भ्रमित कर जनता के हीरो बनने के मंसूबे में कांग्रेस पार्टी कभी कामयाब नहीं होगी , क्योंकि कांग्रेस का झूठा चरित्र जनता के सामने पहले ही बेनकाब है । वैक्सीनेशन का विरोध करने वाली कांग्रेस पार्टी आज वैक्सीनेशन की उपलब्धता का रोना रो रही है जबकि हकीकत तो यह है कि विश्व में सबसे बड़ा वैक्सीनेशन अभियान हमारे देश में चला हुआ है, प्रदेश में भी युवाओं व वृद्ध जनों को वैक्सीनेशन उपलब्ध करवाई जा रही है।
भाजपा प्रदेश स्तरीय बैठक बुधवार को वर्चुअल माध्यम से संपन्न हुई बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने की, बैठक में प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, केंद्रीय राज्य वित्त मंत्री अनुराग ठाकुर, प्रदेश सह प्रभारी संजय टंडन, प्रदेश संगठनमहामंत्री पवन राणा, महामंत्री त्रिलोक कपूर, त्रिलोक जम्वाल व राकेश जम्वाल सहित सभी सांसदगण , प्रदेश पदाधिकारी , जिला अध्यक्ष, मोर्चों के अध्यक्ष एवं जिला प्रभारी उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा की 30 मई को केन्द्र सरकार के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 7 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं । भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के निर्देशानुसार वर्तमान परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए इस दिन एवं पूर्व के कुछ दिनों में ' सेवा ही संगठन भाग 2 ' के अंतर्गत गतिविधियां विनम्रता एवं समर्पणपूर्वक आयोजित करेंगे । ज्यादातर कार्यक्रम सेमि वर्चुअल माध्यम से किए जाएंगे। उन्होंने कहा 30 मई को भाजपा 7792 से अधिक बूथों पर विभिन्न प्रकार की सेवा गतिविधियां कर केंद्र सरकार के 7 वर्ष मनाएगी सभी कार्यकर्ता सामाजिक जागरूकता , मास्क - सेनिटाजर्स वितरण , रोग प्रतिरोधक क्षमता किट वितरण , मजदूरों को राशन किट वितरण , थर्मल स्कैनर और ऑक्सीमीटर के माध्यम से गांव में सभी की स्क्रीनिंग , गांव की स्वच्छता , वैक्सीन लगवाने के बारे में जागरूकता अभियान चलाएंगे। साथ ही हर बूथ पर प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम भी सुना जाएगा । उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी सातों मोर्चा 28 , 29 एवं 30 मई को रक्त दान हेतु रक्तदान शिविर आयोजित करेंगे । महिला मोर्चा 30 मई को पूरे प्रदेश में मास्क वितरण का कार्यक्रम हर बूथ पर करेगी। सभी सांसद , विधायक एवं पदाधिकारि सक्रिय रूप से इन कार्यक्रमों में भाग लेंगे और उस दिन घर घर जा कर कोरोना संक्रमितों का हाल पूछेगें। कार्यक्रम के चलते सभी कोविड-19 नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा।


















































