आईजीएमसी में दाखिल पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह दोबारा कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। आईजीएमसी के कॉलेज प्राचार्य डॉ. रजनीश पठानिया ने इस बात की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि उन्हें अब अस्पताल के मेक शिफ्ट वार्ड में शिफ्ट किया जा सकता है। हालांकि इसको लेकर अभी डॉक्टर परामर्श कर रहे है। बता दें कि पहले भी कोरोना संक्रमित होने के बाद वे चंडीगढ़ इलाज करवाने गए थे। चंडीगढ़ से लौटने के बाद पूर्व सीएम आईजीएमसी में दाखिल हैं। यहां पर कार्डियोलॉजी विभाग मैं उन्हें दाखिल किया गया है। जहां पर चिकित्सक उन पर निगरानी बनाए हुए हैं।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा अब गिरने लगा है। वंही हिमाचल में कोरोना कर्फ्यू में ढील के बाद अब इसका असर प्रदेश के पर्यटन विभाग में भी दिखने लगा है। सूबे के पर्यटक शहरों शिमला, मनाली, धर्मशाला और डलहौजी में पर्यटकों की आमद बढ़ गई है। पिछले एक हफ्ते के दौरान अकेले राजधानी शिमला में ही 2500 से ज्यादा पर्यटकों ने दस्तक दी। कर्फ्यू में सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक ढील और वाहनों से घूमने वालों से पुलिस की ज्यादा रोक-टोक न होने की वजह से अब होटल, टैक्सी व ढाबा संचालकों के पुराने दिन लौटने शुरू हो गए हैं। पर्यटकों की संख्या बढ़ने की वजह से न सिर्फ व्यवसायिक संस्थानों में रौनक बढ़ गई है, बल्कि सभी की आमदनी में भी इजाफा होने लगा है। बरहाल प्रदेश में आज होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में रियायतें बढ़ने की संभावना के साथ ही अब राहत की उम्मीद भी जग गई है।
हिमाचल प्रदेश में डिग्री कॉलेजों में होने वाली परीक्षाओं को लेकर आज कैबिनेट की बइठल में फैसला होगा। शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने कॉलेज के प्रिंसिपल, शिक्षकों, विवि प्रबंधन, छात्रों और अभिभावकों के साथ वीडिओ कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कॉलेज में होने वाली परीक्षाओं को लेकर चर्चा की थी। इस दौरान अधिकांश लोगों ने फाइनल ईयर की परीक्षाएं करवाने पर सहमति दर्ज की थी। इसी बाबत 25 जून के बाद फाइनल ईयर की परीक्षाएं करवाने की संभावना बढ़ गई है। उधर, फर्स्ट ईयर में दाखिलों के लिए बारहवीं के विद्यार्थियों को अभी इंतजार करना होगा। सीबीएसई की ओर से अंक निर्धारण का फार्मूला अभी तैयार नहीं किया गया है। सीबीएसई का फार्मूला तय होने के बाद प्रदेश सरकार उसमें कुछ संशोधन कर अपना नया फार्मूला तय करेगी। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद ही दाखिलों की प्रक्रिया शुरू होगी।
हिमाचल प्रदेश कैबिनेट की बैठक शुक्रवार को राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ शिमला में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में होगी। इसमें कोविड-19 के मामले घटने के बाद कोरोना कर्फ्यू में कई रियायतें देने की तैयारी चल रही है, जिनमें राज्य में बसें चलाने को हरी झंडी देना शामिल है। पर्यटकों को भी प्रदेश में आसानी से प्रवेश देने और कुछ राज्यों के लिए आरटीपीसीआर की अनिवार्यता खत्म करने का मामला बैठक में जाएगा। कोरोना कर्फ्यू का समय घटाने के बारे में भी निर्णय होगा। दुकानों और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों को अधिक समय तक खोलने की इजाजत मिल सकती है। हालांकि बैठक में कोरोना का पाजिटिविटी रेट 5 फीसदी तक उतर आने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ज्यादा ढील देने के पक्ष में नहीं है। बैठक में कॉलेज परीक्षाओं को करवाने पर भी निर्णय होगा। 25 जून के बाद फाइनल ईयर की परीक्षाएं करवाने की तैयारी है। निजी बसों पर टैक्स माफ करने का मुद्दा भी बैठक में जाएगा। निजी बस ऑपरेटरों की इस मांग पर सरकार राहत दे सकती है। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना का दायरा बढ़ाने का एजेंडा और कई अन्य विषय भी बैठक में जाएंगे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने विपणन सीजन 2021-22 के लिए सभी निर्धारित खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में गत दिवस नई दिल्ली में आयोजित आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने इस संबंध में निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने यह निर्णय किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया है। पिछले वर्ष की तुलना में धान का एमएसपी 1,868 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 1,940 रुपये जबकि ए ग्रेड धान का मूल्य 1,888 रुपये से बढ़ाकर 1,960 रुपये किया गया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि मक्की का एमएसपी 1,850 रुपये से बढ़ाकर 1,870 रुपये किया गया है। उन्होनें कहा कि किसानों को इन फसलों को व्यापक स्तर पर उगाने के लिए प्रोत्साहित करने तथा मांग व आपूर्ति में संतुलन बनाने के लिए श्रेष्ठ तकनीकों तथा कृषि अपनाने के लिए सभी बीजों, दालों तथा मोटे अनाजों के एमएसपी को पुनः निधारित करने के लिए गत वर्षों के दौरान ठोस प्रयास किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है तथा उनके सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए विभिन्न योजनाएं आरम्भ की गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को 6,000 रुपये प्रति वर्ष प्रदान किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत प्रदेश के 9,26,963 पात्र किसान लाभान्वित हो रहे हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत इस वर्ष नवम्बर माह तक पात्र परिवारों को निःशुल्क राशन प्रदान करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत प्रदेश के 28 लाख से अधिक लोग लाभान्वित होंगे।
शहरी, विकास, आवास, नगर नियोजन, संसदीय कार्य, विधि एवं सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज चलौंठी में रिजिनल तिब्बतियन वूमेन एसोसिएशन शिमला की ओर से जरूरतमंद लोगों को राशन वितरित किया। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमणकाल में समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा जरूरतमंद लोगों को भोजन व रोजमर्रा की वस्तुओं वितरित की जा रही है, जिसके तहत आज उन्होंने तिब्बतियन वूमेन एसोसिएशन की ओर से 50 जरूरतमंद लोगों को राशन किट वितरित की, जिसके तहत प्रत्येक व्यक्ति को 7.50 किलो चावल, डेढ़ किलो मिक्स दाल, आधा लिटर अमूल दूध, एक किलो चीनी व चार किलो आटा वितरित किया। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमणकाल में लोगों के सहयोग से गरीबों व जरूरतमंद लोगों को पका भोजन के साथ-साथ राशन आदि की उपलब्धता भी सुनिश्चित हो सकी है। उन्होंने रिजिनल तिब्बतियन वूमेन एसोसिएशन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन द्वारा समय-समय पर सेवा का कार्य निरंतर किया जा रहा है, जोकि अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने इंजनघर और चलौंठी वार्ड में आज सेवा ही संगठन कार्यक्रम के तहत होम आइसोलेशन में रह रहे लोेगों को प्रदेश सरकार की 40 होम आइसोलेशन किट प्रदान की। संजौली में बनने वाले ओवर ब्रिज के कार्य का भी निरीक्षण किया तथा संबंधित एजेंसी को इसके जल्द निर्माण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस ब्रिज का गुणवत्तायुक्त सामग्री के साथ जल्द निर्माण करना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर महापौर नगर निगम सत्या कौंडल, उप-महापौर शैलेन्द्र चैहान, मण्डलाध्यक्ष राजेश शारदा, महामंत्री गगन लखनपाल, पार्षद आरती चैहान, पार्षद राजेन्द्र चैहान, रिजिनल तिब्बतियन वूमेन एसोसिएशन शिमला की प्रधान श्रीमती डोलमा छेरिंग, रिजिनल तिब्बतियन वूमेन एसोसिएशन के सदस्यगण, जिला उपाध्यक्ष संजय कालिया, जिला अध्यक्ष किसान मोर्चा संजीव चैहान (पिंकु), जिला महामंत्री युवा मोर्चा अनीश चैपड़ा, जिला उपाध्यक्ष युवा मोर्चा गौरव सूद, संजय अग्रवाल, जिला सचिव अजय सरना, महामंत्री जिला अनुसूचित जाति मोर्चा एम.एस. बगानिया, मीडिया प्रभारी कल्पी शर्मा, मीडिया प्रभारी शिमला मण्डल लता चैहान एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने आज राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के लिए गठित टास्क फोर्स की वर्चुअल समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 देश के विद्यार्थियों के समग्र विकास एवं जीवन मूल्यों पर आधारित नीति है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों को चरणबद्ध तरीके से शीघ्र लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विद्यालयों के अकादमिक कलस्टर स्थापित किए जाएंगे और बाल्य शिक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के और विद्यालयों में प्री-प्राइमरी शिक्षा को लागू किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को बहु विषयक विश्वविद्यालय बनाने की दिशा में विश्वविद्यालय में और अकादमिक विभागों की स्थापना की जाएगी। पिछले तीन वर्षों में विश्वविद्यालय में 11 नए विभाग शुरू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि एनईपी-2020 भारत को पुनः विश्व गुरू के रूप में स्थापित करने में बहुत सहायक होगी। यह विद्यार्थियों को रोजगार प्रदाताओं के रूप में स्थापित करेगी। इस दिशा में विद्यार्थियों को स्कूल स्तर पर व्यवसायिक कोर्स करवाए जा रहे हैं। वर्तमान में 964 विद्यालयों में विद्यार्थियों को व्यवसायिक शिक्षा प्रदान की जा रही है और भविष्य में अधिक विद्यालयों में विद्यार्थियों को व्यवसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत नए पाठ्यक्रम में हिमाचल की संस्कृति पर आधारित विषय भी शामिल किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर के बच्चों के लिए विषय क्षेत्रीय भाषाओं में विषयों को तैयार किये जाएंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने हमें आपदा में अवसर तलाशने का मौका दिया है और शिक्षा विभाग ने इस दिशा ने कई विशेष कार्य किए हैं। वर्तमान में अधिकतर बच्चों को तकनीक के माध्यम से वर्चुअली शिक्षा प्रदान की जा रही है। भविष्य में भी बच्चों को ऑनलाइन मोड से शिक्षा प्रदान की जाएगी। बैठक में टास्क फोर्स के सदस्य वीरेंद्र शर्मा ने शिक्षा मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। बैठक में जुड़े टास्क फोर्स के सदस्यों ने प्रस्तुति दी। सचिव शिक्षा राजीव शर्मा, निदेशक उच्चतर शिक्षा डाॅ. अमरजीत शर्मा, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति सिकन्दर कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया।
दिल्ली में बढ़ती गर्मी की तपिश से राहत पाने के लिए कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा शिमला पहुंच गई हैं। प्रियंका गांधी वाड्रा चंडीगढ़ से सड़क मार्ग होते हुए बुधवार शाम को शिमला के समीप छराबड़ा स्थित अपने आशियाने में पहुंचीं। शाम को प्रियंका ने मौसम और अपने आशियाने के आसपास सैर की। वहीं, पूर्व प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची और उनका बेटा मनजीत भी यहां उनसे मुलाकात के लिए पहुंचे थे। गौरतलब है कि प्रियंका गांधी का घर शिमला से 13 किलोमीटर दूर और समुद्र तल से 8 हजार फीट की ऊंचाई पर है। घर को पहाड़ी शैली में बनाया गया है। इंटीरियर में देवदार की लकड़ी से सजावट की गई है। मकान के चारों तरफ हरियाली और पाइन के खूबसूरत पेड़ हैं। सामने हिमालय के बर्फ से ढके पहाड़ नजर आते हैं। छराबड़ा एक टूरिस्ट प्लेस है। प्रियंका के घर पर स्लेट मंडी का ही लगा है। इससे पहले, शैली पसंद न आने पर निर्माणाधीन मकान को तुड़वाया भी गया था। जंजैहली घाटी के मुरहाग निवासी ठेकेदार प्यारे राम ने प्रियंका के मकान के निर्माण का ठेका लिया था।
दसवीं और बारहवीं कक्षा सहित कॉलेजों के मेधावी विद्यार्थियों को अब सरकार लैपटॉप की जगह टैब देगी। शैक्षणिक सत्र 2020-21 के मेधावियों के लिए शिक्षा विभाग ने टैब खरीदने का फैसला लिया है। मंत्रिमंडल से मंजूरी लेने के लिए प्रस्ताव बनाया जा रहा है। ऑनलाइन पढ़ाई को देखते हुए शिक्षा विभाग ने यह फैसला लिया है। उधर, शैक्षणिक सत्र 2018-19 और 2019-20 के विद्यार्थियों के लिए लैपटॉप खरीद की प्रक्रिया अभी जारी है। इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन इसकी खरीद कर रहा है। तीन बार कंपनियों की ओर से टेंडर प्रक्रिया में शामिल नहीं होने के चलते इसकी तारीख को दोबारा से बढ़ा दिया गया है। अब 22 जून को इस बाबत टेंडर खोले जाने हैं।
प्रदेश में 25 जून के बाद हो सकती है कॉलेजों में फाइनल ईयर की परीक्षा, कैबिनेट की बैठक में होगा फैसला
हिमाचल प्रदेश के डिग्री कॉलेजों में 25 जून के बाद फाइनल ईयर की परीक्षाएं शुरू हो सकती हैं। शिक्षा विभाग ने कैबिनेट की मंजूरी के लिए यह प्रस्ताव भेज दिया है। 11 जून को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में इस पर फैसला लिया जाएगा। कॉलेजों के अधिकांश शिक्षकों, बच्चों के अभिभावकों और विश्वविद्यालय प्रबंधन ने फाइनल ईयर की परीक्षाएं करवाने की मांग की है। मंगलवार को शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों, प्रिंसिपलों और विवि प्रबंधन के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की थी। इस दौरान अधिकांश ने फाइनल ईयर की परीक्षाएं करवाने की पैरवी की। इसको लेकर बुधवार को शिक्षा विभाग ने सरकार को 25 जून के बाद परीक्षाएं करवाने के लिए मंजूरी देने को प्रस्ताव भेजा है। विश्वविद्यालय प्रबंधन का कहना है कि हम परीक्षाएं करवाने के लिए तैयार हैं। उधर, शिक्षा मंत्री ने बताया कि 11 जून की कैबिनेट बैठक में इस बाबत प्रस्ताव लेकर जाएंगे। सरकार की मंजूरी के बाद अंतिम फैसला लेंगे।
शिमला : एसजेवीएन द्वारा आज कारपोरेट मुख्यालय, शिमला में तीन दिवसीय विशेष टीकाकरण अभियान का सफलतापूर्वक समापन किया गया, जिसमें 1700 व्यक्तियों का टीकाकरण किया गया। लाभार्थी व्यक्तियों में एसजेवीएन के कर्मचारी, विभिन्न ठेकेदारों द्वारा तैनात संविदात्मक कामगार, सुरक्षा कर्मी एवं स्टाफ, उनके परिवार के पात्र सदस्य तथा आसपास के लोग शामिल थे। एसजेवीएन के सीएमडी नन्द लाल शर्मा ने बताया कि इस विशेष टीकाकरण अभियान का उद्देश्य वैश्विक महामारी की दूसरी लहर का सामना करने में एसजेवीएन का एक प्रयास है। इसके अतिरिक्त वैक्सीन की पहुंच लोगों तक स्थापित करने में यह अभियान एसजेवीएन का एक योगदान है। इस प्रकार के कार्य कोविड-19 के उन्मुलन के लिए सरकार के विज़न के प्रयासों को मजबूती प्रदान करने के लिए एसजेवीएन द्वारा की गई पहलों की श्रृंखला में से एक है। विशेष टीकाकरण अभियान को आरंभ में दो दिनों के लिए योजनाबद्ध किया गया था, जिसे स्थानीय लोगों से अत्याधिक प्रतिभागिता मिली और इस अभियान को और एक दिन के लिए बढ़ा दिया गया। शर्मा ने बताया कि 1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी तथा 412 मेगावाट रामपुर जलविद्युत स्टेशनों में 13 एवं 14 जून को और दो विशेष टीकाकरण शिविरों को लगाने की योजना है। इसके अतिरिक्त हमीरपुर में धौलासिद्ध जलविद्युतपरियोजना के लिए भी एक टीकाकरण शिविर शेड्यूल किया जा रहा है। इस विशेष टीकाकरण अभियान का आयोजन फोर्टिस हेल्थकेयर, मोहाली के सहयोग से किया गया है। एसजेवीएन के परियोजना अस्पतालों के डॉक्टर और पैरा-मेडिकल स्टॉफ भी इस टीकाकरण अभियान के सफल आयोजन में सक्रिय रूप से शामिल है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज मुख्य सचेतक और शिमला जिला के जुब्बल-कोटखाई के विधायक नरेन्द्र बरागटा के पैतृक गांव जाकर उनके शोक संतप्त परिजनों के साथ संवेदना व्यक्त की। नरेन्द्र बरागटा का हाल ही में चण्डीगढ़ में निधन हो गया था। उन्होंने स्व. नेता के पुत्र चेतन बरागटा और ध्रुव बरागटा से संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने नरेन्द्र बरागटा के बागवानी क्षेत्र और जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र के विकास के लिए किए गए योगदान को याद करते हुए कहा कि बरागटा क्षेत्र के लोगों के कल्याण के प्रति सदैव तत्पर रहे। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, 15 वें राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सत्पाल सत्ती, हिमाचल प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष हंसराज, विधायक राकेश जम्वाल, सुभाष ठाकुर, विनोद कुमार, इन्द्र सिंह गांधी और रीना कश्यप, मुख्यमंत्री के ओएसडी मोहिन्द्र धर्माणी, एपीएमसी शिमला किन्नौर के उपाध्यक्ष नरेश शर्मा, महासचिव, बाल कल्याण परिषद् पायल वैद्य व राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डेजी ठाकुर भी इस अवसर पर उपस्थित थी।
हिमाचल प्रदेश में किसानों और बागवानों को अब तरल नैनो यूरिया खाद भी मिलेगी। अब खेतों और बगीचों में यूरिया की बोरी नहीं, बल्कि बोतल में भर कर तरल खाद पहुंचाई जाएगी। 40 किलो बोरी की जगह अब 500 एमएल यानी आधा लीटर तरल खाद बोतल में मिलेगी। जहां 40 किलो की बोरी एक एकड़ जमीन में इस्तेमाल होती है, वैसे ही एक बोतल नैनो यूरिया 215 लीटर पानी में मिलाकर भी एक एकड़ जमीन में डाली जाएगी। इससे फसल पैदावार तो बढ़ेगी ही, प्रदूषण से भी बचेंगे और मालभाड़ा भी सरकार और किसानों का कम होगा। एक माह के भीतर किसानों-बागवानों को तरल यूरिया खाद मिलनी भी शुरू हो जाएगी। गौरतलब है की प्रदेश में हर साल करीब 42 हजार टन इफ्को यूरिया खाद की आपूर्ति करती है। इफ्को के क्षेत्रीय अधिकारी विशाल शर्मा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के कृषि और बागवानी विश्वविद्यालयों सहित फील्ड में नैनो यूरिया के कुल 312 सफल परीक्षण हो चुके हैं। इनके सुखद परिणाम भी सामने आए हैं। प्रदेश के किसानों और बागवानों को एक माह के भीतर नैनो यूरिया की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। इस यूरिया से सात फीसदी अतिरिक्त फसल हासिल की जा सकती है।
शिमला :सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट कोरोना संकट में लगातार अपने सेवा कार्य चलाए हुए है। विभिन्न प्रकार के माध्यमो से सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट शिमला शहर में लोगों की सेवा कर रही है। इसी कड़ी में आज ट्रस्ट द्वारा कोरोना संकट में आर्थिक मंदी से जूझ रहे टैक्सी चालकों की सहायता हेतु सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट ने मदद के हाथ आगे बढ़ाएं है। आज शिमला के जुब्बड़हट्टी में ट्रस्ट द्वारा टैक्सी यूनियन के चालकों को राशन सामग्री वितरित की गई। ट्रस्ट के सचिव डॉ सुरेंद्र शर्मा ने कहा की कोरोना महामारी की वजह से लोगों की आर्थिक स्थिति पर खासा असर पड़ा है। जहां एक तरफ व्यवसाय बंद होने की वजह से बहुत से लोग आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे है वही ऐसे दिन रात टैक्सी चलाकर अपना जीवन यापन करने वाले टैक्सी चालकों पर भी इसका प्रभाव पड़ा है। सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट ऐसे सभी जरूरतमंद लोगों की सहायता करने हेतु तत्पर है। ट्रस्ट के सह सचिव डॉ नितिन व्यास ने कहा की आज जुब्बड़हट्टी में कुल 17 परिवारों को ट्रस्ट द्वारा राशन सामग्री वितरित की गई है। ट्रस्ट ने सभी टैक्सी चालकों को यह विश्वास भी दिलाया है की इस संकट की घड़ी में सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट उनके साथ खड़ा है। इसके अलावा भी यदि उनको किसी भी प्रकार की मूल सहायता की आवश्यकता पड़ी तो वे ट्रस्ट से संपर्क कर सकते हैं।
एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष छतर सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश विश्व विद्यालय के कुलपति पर एक बार फिर नियमों को ताक पर रखकर पिछले दरवाजे से नौकरियां बाटने का आरोप लगाया है। कुलपति ने पहले भी करोना काल में गुप चुप तरीके से सहायक आचार्यों के पद भरने का प्रयास किया था। इसके विरुद्ध एनएसयूआई ने आवाज उठाई और उन्हें पीछे हटना पड़ा। हिमाचल में करोना के चलते 14 जून तक सभी शैक्षणिक संस्थान बन्द किए गए है। ऐसे में विश्व विद्यालय ने माइक्रो बायोलॉजी, इतिहास विषय में छटनी प्रक्रिया आरंभ कर दी है। कुलपति का यह रवैया हिमाचल के अनेकों छात्रों के विश्वास का घात कर रहा है। एनएसयूआई अध्यक्ष ने कुलपति से यह मांग की है कि वह बताए की ऐसी कौन की मजबूरी आन पड़ी है कि उन्हें नियमों को ताक पर रख कर नियुक्तियां करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए अयोग्य उम्मीदवारों को पदा सीन करना उचित नहीं। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई राज्यपाल महामहिम को पत्र सौंपकर ऐसे भ्रष्ट कुलपति को हटाने कि मांग करेगी। और इन अवैध नियुक्तियों को उच्च न्यायालय में चुनौती देगी । इस से पहले भी विश्वविद्यालय प्रशासन को एनएसयूआई की पहल पर उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय से फटकार लगा कर घुटने के बल गिरा चुके हैं। सरकार व विश्वविद्यालय प्रशासन की मनमानी को देखते हुए आम छात्र न्यायालय पर ही उम्मीद लगाये हुए हैं ।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना कहर के बीच एक और झटका लगा है। सरकारी सीमेंट करीब 12 रुपये प्रति बैग महंगा हो गया है। इससे मनरेगा कार्य से लेकर लोनिवि के भवन, पुल और अन्य निर्माण कार्य करना महंगा हो गया है। पिछले माह एसीसी सीमेंट का सरकारी दाम 324 रुपये प्रति बैग था। अब यह बढ़कर 336 रुपये 22 पैसे हो गया है। मनरेगा के कामों में इस्तेमाल होने वाले सीमेंट के रेट भी सात रुपये तक बढ़ गए हैं। सिविल सप्लाई की ओर से मिलने वाले सरकारी सीमेंट के रेट बढ़ने से सरकारी भवनों, पुलों और अन्य विकासात्मक कार्य करने के वाले लोगों में रोष है। लोगों का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान महंगाई बढ़ने से लोग पहले ही परेशान हैं। पेट्रोल और डीजल के बाद सरसों तेल और रिफाइंड के दामों में उछाल आया है। इसका असर आम आदमी की जेब पर पड़ा है। अब अचानक सरकारी सीमेंट के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं।
प्रदेश में हाेने वाले तीन उपचुनावाें के लिए कल देर रात काे भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के सरकारी आवास पर रणनीति बनी। हालांकि अभी भारत के निर्वाचन आयोग की ओर से उप चुनावाें के लिए ऐसा काेई शेडयूल जारी नहीं किया है, मगर प्रदेश भाजपा पहले ही अपनी तैयारियाें में हैं। दाे दिन पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर दिल्ली प्रवास पर निकले। इस दाैरान हालांकि उन्हाेंने केंद्रीय मंत्रियाें से तुफानी मुलाकात कर हिमाचल के हित एवं लंबित प्राेजेक्ट्स पर विस्तार से चर्चा की, लेकिन दूसरा मकसद मंडी संसदीय सीट, जुब्बल-काेटखाई और फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में हाेने वाले उप चुनाव पर मंथन करना था। सूत्राें से मिली जानकारी के मुताबिक पिछली रात यानी साेमवार काे सीएम जयराम ठाकुर ने जेपी नड्डा के साथ तीनाें उपचुनावाें पर संगठन की जीत दर्त करवाने के लिए लंबी चर्चा की। उससे पहले टिकट मसले पर भी मंथन हुआ। बताया गया कि मंडी संसदीय सीट से पूर्व सांसद एवं पूर्व विधायक महेश्वर सिंह और सैनिक कल्याण बाेर्ड के चेयरमैन ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर के नाम पर चर्चा हुई। जबकि जुब्बल-काेटखाई विधनसभा सीट से पूर्व चीफ व्हिप स्व. नरेंद्र सिंह बरागटा के बेटे चेतन बरागटा के नाम पर चर्चा हुई, मगर फतेहपुर मसले पर याेग्य नेता तलाशने की बात चली। सूत्राें के मुताबिक सीएम जयराम ठाकुर के साथ दिल्ली दाैरे पर जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर और पूर्व सांसद महेश्वर सिंह भी माैजूद थे। दिल्ली के तुफानी प्रवास के बाद जयराम ठाकुर आज शिमला लाैटेंगे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने रक्षा मंत्री के साथ राज्य में कार्यान्वित की जा रही विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के बारे में चर्चा की। जय राम ठाकुर ने उन्हें राज्य में कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बारे में अवगत कराया और सहयोग के लिए केन्द्र सरकार आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री को भारत-तिब्बत सीमा पर अपने दौरे के बारे में भी अवगत कराया। बैठक में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. शर्मा और उप-आवासीय आयुक्त पंकज शर्मा भी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भेंट की। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री से 15वें वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार राज्य को वित्तीय सहायता प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, विशेषकर कांगड़ा, मंडी हवाई अड्डों में निवेश के लिए संसाधनों की कमी है, इसलिए राज्य के विकास के लिए वित्तीय सहायता महत्वपूर्ण है। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को बताया कि एशिया विकास बैंक (एडीबी) को वित्त पोषण के लिए 1892 करोड़ रुपये की एक पर्यटन परियोजना को मंजूरी वांछित है। उन्होंने इस परियोजना को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने राज्य को वित्त वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-2020 के लिए भारत सरकार से देय जीएसटी मुआवजा प्रदान करने का भी आग्रह किया। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से हिमाचल पन बिजली और अक्षय ऊर्जा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के वित्तपोषण के लिए विश्व बैंक के साथ बातचीत में तेजी लाने का भी आग्रह किया। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अन्तर्गत रज्जूमार्ग सम्पर्क को कनेक्टिविटी के लिए वैकल्पिक माध्यम के रूप में अनुमति देने पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन के बारे में चर्चा करते हुए हिमाचल प्रदेश के कम संसाधनों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय महत्व की सभी रेल परियोजनाओं को पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित करने का भी आग्रह किया। केन्द्रीय मंत्री ने राज्य को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. शर्मा और उप-आवासीय आयुक्त पंकज शर्मा भी मुख्यमंत्री के साथ इस अवसर पर उपस्थित थे।
शिमला : राजधानी शिमला में तेंदुए की खाल और दांत की तस्करी का मामला सामने आया है। पुलिस ने न्यू शिमला में एक घर में दबिश देकर वहां से तेंदुए की तीन खालें, दो नाखून और दांत के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद खालों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 40 लाख रुपये कीमत है। आरोपितों की पहचान 36 वर्षीय चौपाल निवासी गौरी दत्त औऱ उत्तराखंड के चंपावत निवासी 50 वर्षीय भीम सिंह के रूप में हुई है। ये दोनों वर्तमान में न्यू शिमला के सेक्टर-1 और न्यू शिमला में किराये के मकानों में रह रहे थे। पुलिस पता लगा रही है कि तेंदुए की खालें व अंग आरोपितों के पास कहां से आई और यह खेप किसे दी जानी थी। न्यू शिमला के थाना प्रभारी विकास शर्मा मामले की जांच कर रहे हैं। जिला डीएसपी कमल वर्मा ने बताया वन्य जीवों के अंगो की तस्करी में संलिप्त दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनके विरुद्ध न्यू शिमला पुलिस थाना में वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। प्रदेश में इससे पहले भी वन्य जीवों की तस्करी करने वालों को पुलिस दबोच चुकी है। हिमाचल प्रदेश के वन क्षेत्र कई वन्य जीव रहते हैं। तस्कर इन्हें माैत के घाट उतारकर तस्करी करने से बाज नहीं आ रहे। पुलिस व वन विभाग की टीमें भी इन पर नकेल कसने में जुटी हुई हैं।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सेना में भर्ती होने वाले परीक्षार्थियों की आयु में 1 वर्ष की छूट प्रदान करने की मांग को लेकर रक्षा मंत्री को पत्र भेजा। विदित रहे कि कोरोना जनित परिस्थितियों के कारण जहां जन-जीवन अस्त व्यस्त हुआ था, वहीं दूसरी तरफ भर्ती प्रक्रिया नियमित अंतराल में आयोजित नहीं हो पाई । कोविड-19 के कारण प्रतिबंधित क्षेत्रों में फंसे परीक्षार्थी भर्ती परीक्षाओं में सम्मिलित होने से चूक गये। ऐसे अप्रत्याशित रूप से परीक्षा से वंचित रह जाने के कारण कड़ा परिश्रम कर रहे परीक्षार्थियों का सेना में सम्मिलित हो कर भारत माता की सेवा करने का स्वप्न पूर्ण नहीं हो पा रहा है। परीक्षार्थियों के साथ न्याय हो इसलिये उन्हें 1 अतिरिक्त प्रयास मिलना चाहिये। अभाविप हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री विशाल वर्मा ने कहा की "हिमाचल प्रदेश देवभूमि के साथ-साथ वीर भूमि भी कहलाया जाता है। प्रदेश के युवाओं में भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने का जुनून बहुत अधिक देखा जाता है। हिमाचल प्रदेश के हजारों युवा दिन-रात कड़ी मेहनत करके भारतीय सेना की परीक्षा की तैयारी करते हैं। परंतु पिछले 1 वर्ष से भारतीय सेना की परीक्षा का आयोजन ना होने की वजह से बहुत सारे युवाओं की आयु सीमा पूरी हो चुकी है। इसी संदर्भ में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने रक्षा मंत्री के समक्ष यह मांग रखी है कि ऐसे सभी युवाओं को सेना की भर्ती परीक्षा देने के लिए आयु सीमा में 1 वर्ष की विशेष छूट देनी चाहिए। ताकि प्रदेश के हजारों युवाओं ने जो भारतीय सेना में सेवाएं देने का सपना देखा था वे उस सपने को साकार कर सकें." अभाविप की राष्ट्रीय महामंत्री सुश्री निधि त्रिपाठी ने कहा कि, “परीक्षा देने से वंचित रह गये विद्यार्थियों के हित को ध्यान रखते हुये अभाविप माननीय रक्षा मंत्री से यह मांग करती है कि भारतीय सेना में सभी तरह की भर्ती प्रक्रियाओं के लिए अभ्यर्थियों को एक वर्ष की आयु संबंधी छूट प्रदान की जाए, ताकि कोरोना जनित परिस्थितियों में अपने अंतिम अवसर से चूक गए अभ्यर्थी अपने अंतिम प्रयास में सोत्साह सम्मिलित हो सकें।”
कोरोना महामारी के इस दौर में सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट शिमला द्वारा शिमला शहर में निःशुल्क ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सेवा की सुविधा उपलब्ध करवा रहा है। जिसमें ट्रस्ट के कार्यकताओं द्वारा जरूरतमंदों तक निःशुल्क ऑक्सीजन कंसंट्रेटर को पहुंचाने का कार्य करेंगे। ट्रस्ट सचिव सुरेंद्र शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया की सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा शिमला शहर में निःशुल्क ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध करवाये जायेगा। जिसमे जिन मरीजों को सांस से संबंधित दिक्कत होगी तो वे आक्सीजन कंसंट्रेटर के लिए हमे संपर्क कर सकते हैं और हम उन्हें ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध करवायेंगे बिना कोई शुल्क लिए। ट्रस्ट सह सचिव डॉ नितिन व्यास ने बताया की सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट निरंतर शिमला जिला के अंदर विभिन्न प्रकार के माध्यम से सेवा कार्य करने का कार्य कर रहा है। जिसमें ट्रस्ट द्वारा शिमला में कोरोना संक्रमित और होम क्वारंटाइन रोगियों के लिए निःशुल्क भोजन सेवा उपलब्ध करवाई जा रहीं है। संकट की इस घड़ी में ट्रस्ट द्वारा शिमला शहर में अभी तक तीन रक्तदान शिविर आयोजित करवाए जा चुके है। जिसके माध्यम से अभी तक 170 यूनिट रक्त एकत्रित कर प्रदेश के सबसे बड़े हॉस्पिटल आई जी एम सी को भेजा गया।
सामाजिक आर्थिक विकास के कार्यों तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में अपना सतत सहयोग प्रदान कर समुदाय के कल्याण के प्रति अपने दायित्व की पूर्ति करते हुए जिला शिमला में पंचायती राज संस्थाओं के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान लोगों के जीवन को बचाने और संक्रमितों को निरंतर सहायता प्रदान करने के लिए अपना सक्रिय योगदान दिया है। समाज के विभिन्न वर्गों के साथ-साथ जिला शिमला में पंचायती राज संस्थाओं के विभिन्न स्तरों पर चुनकर आए सदस्यों व प्रतिनिधियों ने कोरोना की दूसरी लहर में जिला के बसंतपुर, मशोबरा, ठियोग, नारकंडा, ननखड़ी, रामपुर, जुब्बल, चैपाल, रोहड़ू, छौहारा कुपवी और टुटू समेत 407 पंचायतों में संक्रमण से बचाव और संक्रमित रोगियों की देखभाल के लिए सहयोग व सहायता प्रदान कर कार्य किया गया। विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ-साथ पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों व प्रतिनिधियों द्वारा क्वारंटाइन में रह रहे लोगों की निरंतर निगरानी का कार्य किया जा रहा है होम क्वॉरेंटाइन में रहकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे रोगियों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य किया जा रहा है। बाहर से आए व्यक्ति जिला के इन क्षेत्रों की विभिन्न पंचायतों में क्वॉरेंटाइन हैं जिनकी निगरानी व जांच कार्य निरंतर किया जा रहा है। जिनमें उस क्षेत्र के पंचायत सदस्यों पंचायती राज प्रतिनिधियों द्वारा सहयोग मिल रहा है। पंचायती राज सदस्य व प्रतिनिधियों के सहयोग से जिला के विभिन्न पंचायतों में लक्षण प्राप्त 2710 लोगों की जांच का कार्य किया गया। प्रदेश सरकार के आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला में 635 विभिन्न विवाह व धार्मिक अनुष्ठान कार्यों का निरीक्षण इनके द्वारा किया गया तथा इनमें भीड़ इकट्ठी ना होने देना की प्रतिबद्धता के प्रति जिम्मेदारी का निर्वाहन किया गया। होम आइसोलेशन रह रहे 1766 कोरोना संक्रमित रोगियों की जांच की गई। सभी विकास खंडों में सेनेटाइजेशन शिमला जिला की सभी विकास खंडों के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर कोरोना संक्रमण की जंग लड़ने में इनका सहयोग सार्वजनिक क्षेत्रों को सैनिटाइज करने में भरपूर रूप से प्राप्त हुआ है जगह जगह गली मोहल्लाें, बाजाराें और पगडंडियों के सैनिटाइज के कार्यों को पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग के साथ इन पदाधिकारियों, सदस्यों ने अंजाम दिया। इसके अतिरिक्त जागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कोविड-19 सकारात्मक व्यवहार और कोविड-19 से बचाव के लिए विशेष मानक संचालन की अनुपालना के प्रति जागरूकता प्रदान की गई। विभिन्न प्रचार सामग्रियों को लोगों तक पहुंचाने और उस पर अमल कर कोरोना से बचाव के प्रति सचेत किया गया। मास्क वितरण कार्य तथा लोगों को मास्क बना कर समाज को प्रदान करने के लिए प्रेरित किया गया, विशेष रुप से स्वयं सहायता समूह का योगदान इसमें लेकर उन्हें सेवा की मुख्यधारा से जोड़ा गया। हाेम आइसोलेशन के लाेगाें काे दी दवाई होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को राशन, सब्जी, दवाइयां आदि की उपलब्धता पंचायतों द्वारा भी सुनिश्चित की जा रही है। जिला में 129 होम क्वारंटाइन में रह रहे लोगों को राशन उपलब्ध करवाया गया। पंचायत प्रतिनिधि,पंचायत सचिव तथा पंचायती राज ग्रामीण विकास विभाग के कर्मचारियों द्वारा कोविड 19 जांच के लिए परस्पर जानकारी जुटाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है तथा टीकाकरण के लिए सभी विकास खण्डों में आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण से मरने वाले व्यक्ति के दाह संस्कार आदि कार्यो में भी पंचायत प्रतिनिधि व पंचायती राज संस्थाओं के सदस्य अपना सहयोग प्रदान कर रहे है।
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में ई-पंचायत से ग्रामीण संसद यानी पंचायतों में औद्योगिक क्रांति आई है। पंचायती राज विभाग को पंचायतों के कार्यों की निगरानी के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित करने के लिए ई-पंचायत के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2020 में प्रथम और वर्ष 2021 में द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। ई-पंचायत के अंतर्गत प्रदेश की ग्राम पंचायतों में प्लान प्लस, एलजीडी, जियो टैगिंग, एरिया प्रोफाइल, प्रिया साॅफ्टवेयर और नेशनल एसेट डायरेक्ट्री एप्लीकेशन के माध्यम से ऑनलाइन कार्य किया जा रहा है। सभी पंचायतों में ऑनलाइन साॅफ्टवेयर के माध्यम से ग्रामीणों को परिवार रजिस्टर की प्रतियां ऑनलाइन उपलब्ध हो रही हैं। इस सुविधा से पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता एवं दक्षता सुनिश्चित होने के अलावा जवाबदेही तय करने में भी सहायता मिली है। राज्य को 14 वें व 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत केंद्र से मिली धनराशि से पंचायतों को सीधे तौर पर लाभ पहुंचा है। इस राशि से पिछले तीन वर्षोंं की अवधि में 671 पंचायत घरों के निर्माण व मरम्मत कार्यों पर 35.74 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है और अब तक 1339 मोक्ष धामों का निर्माण किया गया है। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को गति प्रदान करने के उद्देश्य से 15वें वित्त आयोग ने वर्ष 2020-21 में ग्राम पंचायतों के लिए 1600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिसमें 214 करोड़ रुपये की पहली किस्त प्राप्त हो चुकी है। नवगठित पंचायतों में भी चरणबद्ध तरीके से पंचायत घरों का निर्माण किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए राज्य स्तर पर सचिव पंचायती राज, जिला कार्यकारी अधिकारी (जिला परिषद) तथा खंड स्तर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (पंचायत समिति) के संपूर्ण पर्यवेक्षण और निरीक्षण में पंचायती राज संस्थाओं के लिए एक अलग तकनीकी विंग का गठन भी किया गया है, जिसके लिए विभिन्न श्रेणियों के 1409 पद सृजित किए गए हैं। ग्रामीणों को घर-द्वार पर रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान लगभग 6.06 करोड़ कार्य दिवस अर्जित किए गए, जिसमें महलिाओं की भागीदारी 63 प्रतिशत रही। इस दौरान 1.32 लाख परिवारों ने 100 दिन से अधिक रोजगार प्राप्त किया जिस पर 1780.43 करोड़ रुपये व्यय किए गए। ग्रामीण विकास योजना के तहत पिछले तीन वर्षों मे 7135 मकान निर्मित किए गए तथा मुख्यमंत्री आवास मरम्मत योजना के तहत दो हजार लाभार्थियों को 5.68 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त राज्य के 12 जिलों के 80 विकास खण्डों में आजीविका मिशन चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री रोशनी योजना के तहत गरीब परिवारों को 17,550 मुफ्त विद्युत कुनेक्शन भी प्रदान किए गए हैं। 3 साल में पंचायत प्रतिनिधियाें के मानदेय में उल्लेखनीय वृद्धि जयराम सरकार ने पिछले तीन वर्षों के दौरान पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के मानदेय में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। जिला परिषद अध्यक्ष का मानदेय आठ हजार से 12000 रुपये और पंचायती समिति के अध्यक्ष के मानदेय को पांच हजार रुपये से बढ़ाकर सात हजार रुपय किया गया है। ग्राम पंचायत प्रधानों के मानदेय को तीन हजार से बढ़ाकर 4500 रुपये प्रति माह और ग्राम पंचायत सदस्यों का बैठक भत्ता बढ़ाकर 250 रुपये प्रति बैठक किया गया है। इसके अलावा ग्राम पंचायतों में कार्यरत सिलाई शिक्षकों के मासिक पारिश्रमिक को बढ़ाकर 6800 रुपये किया गया है। पंचायत चाैकीदारों को अब 5300 रुपये प्रति माह वेतन प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में भी कारगर प्रयास किए है। महिलाओं के लिए पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है ताकि महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ-साथ ग्रामीण स्तर पर किए जा रहे विकास कार्यों में उनकी भागीदारी बढ़ाई जा सके। राज्य में हाल ही में संपन्न पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में 124 जिला परिषद सदस्य, 873 पंचायत समिति सदस्य, 12422 पंचायत सदस्य और 1828 महिला प्रमुख सहित विभिन्न पदों पर 15,249 महिलाएँ चुनी गई हैं। काेराेना संकट में पंचायताें की भागीदारी हुई सुनिश्चित राज्य सरकार ने कोविड-19 महामारी से निपटने में भी पंचायती राज संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित की है। पंचायती राज संस्थाओं को स्थानीय निवासियों को कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने और अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं तथा कोरोना योद्धाओं का सहयोग करने के लिए भी प्रेरित किया। राज्य में कोविड-19 महामारी की शुरुआत से ही पंचायती राज संस्थाओं ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में क्वारन्नटीन केंद्र स्थापित करने में सहायता प्रदान करने के अतिरिक्त स्वच्छता जागरुकता और कोविड-19 बचाव संबंधी उपायों के बारे में प्रचार सामग्री वितरित की। सरकार द्वारा पंचायती राज संस्थाओं और स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी से बड़े पैमाने पर मास्क उत्पादन के लिए अभियान चलाया गया और प्रवासी श्रमिकों को रोजगार के साधन उपलब्ध करवाए गए। प्रतिनिधियाें काे दी गई ट्रेनिंग, ताकि तेज हाे विकास की रफ्तार ग्रामीण क्षेत्रों मे विकास कार्यों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को ट्रेनिंग दी गई। जिसके लिए पांच जिलों कांगड़ा, हमीरपुर, सोलन, मंडी और बिलासपुर में जिला संसाधन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जबकि किन्नौर, सिरमौर और शिमला संसाधन केंद्रों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। पंचायत स्तर पर सूचना प्रौद्योगिकी सम्बंधित सेवाएं एक छत के नीचे प्रदान करने के लिए राज्य में 598 सामान्य सेवा केंद्र भी स्थापित किए गए हैं और वर्ष 2021-22 में 2982 अतिरिक्त केंद्र स्थापित किए जाएंगे। पिछले तीन वर्षों में पंचायती राज संस्थाओं के 26500 प्रतिनिधियों और ग्राम पंचायत सचिवों को ट्रेनिंग दी गई। पंचायतों का पर्यावरण, जल संरक्षण तथा सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लोगों को जागरूक करने में सहयोग लिया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा कार्यान्वित की जा रही विभिन्न विकासात्मक योजनाओं और कार्यक्रमों से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित हुआ है, बल्कि इन क्षेत्रों के लोग विकास की मुख्यधारा से भी जुड़े हैं, हरेक पंचायताें काे ऑनलाइन किया गया। हमारी सरकार ने तीन वर्षाें के दाैरान पंचायत प्रतिनिधियाें के मानदेय में हर साल बढ़ाैतरी की।
जयराम मंत्रिमंडल के कोरोना कर्फ्यू में रियायत न बढ़ाने के चलते सोमवार से एक बार फिर बाज़ार सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक ही खुलेंगे। व्यापारी संगठनों के दबाव के बीच सरकार ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों की कोविड को नियंत्रित करने के लिए एक सप्ताह और सख्ती रखने की सिफारिश को मानते हुए कर्फ्यू को 14 जून तक बढ़ा दिया था। हालांकि 11 जून के होने वाली कैबिनेट की बैठक में कर्फ्यू जारी रखने और रियायतों को बढ़ाने पर चर्चा कर फैसला लिया जा सकता है। वहीं, सोमवार को भी सरकारी दफ्तरों में 30 फीसदी स्टाफ के साथ ही कामकाज होगा। अधिकारियों ने पहले ही रोस्टर जारी कर दिए थे जिसके अनुसार पिछले हफ्ते कर्मचारी कार्यालय पहुंचे थे। हालांकि कुछ अधिकारियों ने कामकाज में परेशानी का हवाला देते हुए जरूर उच्चाधिकारियों को कम से कम 50 फीसदी कर्मचारियों को बुलाने की बात कही है।
आईजीएमसी शिमला से दाखिल ब्लैक फंगस के मरीजों की जान बचाने के लिए चिकित्सकों को अब तक तीन मरीजों की एक-एक आंख निकालनी पड़ी है। चिकित्सकों का कहना है कि ऐसा नहीं करने से मरीजों की हालत और गंभीर हो सकती थी। इसके अलावा अस्पताल में इस बीमारी से पीड़ित एक मरीज की गंभीर हालत होने के चलते वेंटिलेटर पर दाखिल किया गया है। यह मरीज लगातार चिकित्सकों की निगरानी में उपचाराधीन है। आईजीएमसी में मौजूदा समय में ब्लैक फंगस से पीड़ित 10 मरीज भर्ती हैं। इनमें हमीरपुर के रहने वाले मरीजों की संख्या अधिक है। आईजीएमसी के ईएनटी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि नाक में दिक्कत, नाक बंद होना, दाग धब्बा और तालू में समस्या हो, तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। जरा सी लापरवाही करने से यह बीमारी जानलेवा बन सकती है।
ग्रामीण विकास एवं पशुपालन मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने आज यहां पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों व योजनाओं की समीक्षा की। इस अवसर पर वीरेन्द्र कंवर ने अधिकारियों को विभाग के कार्य नर्बाध रूप से जारी रखने के लिए हर संभव प्रयास करने को कहा ताकि विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुचांया जा सके। पशुपालन मंत्री ने हिमाचल की सड़कों को बेसहारा गौवंश मुक्त करने को समयबद्ध कदम उठाने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि पशुपालकों के लिए शीघ्र ही एक समर्पित हेल्पलाइन नम्बर जारी किया जाना चाहिए ताकि प्रदेशवासियों को आवश्यक जानकारी विभाग की हेल्पलाइन के माध्यम से आसानी से प्राप्त हो सके। उन्होंने अधिकारियों को पशुपालकों के एनिमल हेल्थ कार्ड का कार्य शीघ्र पूरा करने के भी निर्देश दिए। वीरेन्द्र कंवर ने प्रगतिशील डेयरी फार्मर्स को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए कार्य योजना बनाने को कहा। इससे पशुपालन के तौर तरीकों में आशातीत सुधार होगा और प्रदेश के पशुपालक लाभान्वित होंगे। उन्होंने गौशालाओं व गौ अभ्यारण्य के विकास व इनमें प्रदान की जाने वाली सुविधाओं को और सशक्त करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
शिमला। राज्य सरकार द्वारा वैश्विक कोरोना महामारी से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने व इस बीमारी से संक्रमित लोगों के जीवन को बचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाओं, उचित देखभाल व उपचार के परिणामस्वरूप कोरोना महामारी से संक्रमित लोगों के स्वस्थ होने की दर 94 प्रतिशत तक पहुंच गई है। राज्य के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में तैनात हजारों चिकित्सकों,नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ व अन्य कर्मचारियों द्वारा प्रदान की जा रही बहुमूल्य सेवाओं के फलस्वरूप अब तक प्रदेश में एक लाख 81 हजार 972 लोग इस महामारी को मात देकर स्वस्थ हो चुके है। प्रदेश में कोरोना महामारी से संक्रमित मरीजों के अब तक 194727 मामले सामने आ चुके है, जिनमें से 181972 मरीज स्वस्थ्य हो कर अपने-अपने परिवार संग हंसी खुशी से अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। राज्य में कोरोना महामारी से संक्रमित मरीजों की संख्या अब 9484 रह गई है।राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में व्यापक स्तर पर कोरोना परीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों सहित अनेक स्वास्थ्य संस्थानों में कोविड महामारी के परीक्षण की सुविधा उपलब्ध करवा कोरोना टेस्ट किए जा रहे है। प्रदेश में अब तक 2005214 लोगों का कोविड परीक्षण पाए गए हैं, जिसमें 1809866 लोगों का कोरोना परीक्षण नेगेटिव पाए गए हैं। प्रदेश में ब्लैक फंगस के 16 मामले भी सामने आए हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में कोरोना महामारी को मात देकर जिदंगी की जंग जीतने वाले लोगों में कांगड़ा जिला प्रदेश भर में सबसे अग्रणी बना हुआ है। कांगड़ा जिला में अब तक सबसे ज्यादा 41052 कोरोना मरीज ठीक हुए है। जबकि दूसरे स्थान पर जिला मंडी है। मंडी जिला में ठीक होने वाले कोरोना मरीजों की संख्या 24651 है। इसके अलावा जिला बिलासपुर में 11709, जिला चंबा में 9224, जिला हमीरपुर में 12863, जिला किन्नौर में 2748, जिला कुल्लू में 7889, जिला लाहौल स्पीती में 2510, जिला शिमला में 22705, जिला सिरमौर में 14034, जिला सोलन में 20730 और जिला ऊना में 11857 लोग कोरोना महामारी से स्वस्थ हो चुके है।
शिमला। सीएम जयराम ठाकुर आज दिल्ली दौरे पर निकल गए। प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ वे तीन दिन तक दिल्ली में डटे रहेंगे। सूत्रों के मुताबिक़ पार्टी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह समेत अन्य केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाक़ात करेंगे। पीएम मोदी से भी मिलने का प्रोग्राम है। प्रदेश में कोरोना की स्थिति और प्रदेश में होने वाले तीन उपचुनावों पर भी विस्तार से चर्चा करेंगे। बताया गया कि जयराम ठाकुर 8 जून को दिल्ली से शिमला वापस लौटेंगे। जयराम का अचानक दिल्ली दौरे से कई सियासी अटकलें लगाई जा रही है।
पूर्व बागवानी मंत्री व विधानसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा का रविवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हो गया। कोटखाई स्थित बरागटा के पैतृक गांव टहटोली स्थित श्मशानघाट में संस्कार किया गया। शनिवार देर शाम पार्थिव देह गांव पहुंचा दी थी। 68 वर्षीय बरागटा 13 अप्रैल को कोरोना संक्रमित हुए थे। रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद भी उनके स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ था। सांस में दिक्कत के कारण पीजीआइ चंडीगढ़ में इलाज चल रहा था। इस दौरान शनिवार सुबह उनकी देहांत हो गया। नरेंद्र बरागटा तीन बार विधायक का चुनाव जीते थे व दो बार मंत्री रहे। इस मौके पर शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज सहित अन्य मंत्री, विधायक व नेताओं ने भी नरेंद्र बरागटा को अंतिम श्रद्धांजलि दी।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने वर्तमान सरकार में मुख्य सचेतक एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेंद्र बरागटा के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि संगठन, सरकार एवं ऊपरी शिमला के बागवानी क्षेत्र जिसके लिए नरेंद्र बरागटा ने हमेशा संघर्ष किया है। उनका ऐसे समय में जाना पार्टी के लिए बहुत बड़ी क्षति है। उन्होंने पार्टी के विभिन्न दायित्वों का समय-समय पर निर्वहन किया है और जिस काम को उन्होंने करने का प्रण लिया उसे पूरा किया। सरकार में भी उन्होंने कई बार मंत्री के रूप में प्रदेश के बागवानों की सेवा की, स्वास्थ्य मंत्री एवं शिक्षा मंत्री और विभिन्न दायित्वों का निष्ठा पूर्वक निर्वहन किया। उन्होंने कहा कि आज जुब्बल, नावर एवं कोटखाई क्षेत्र के लिए लिए भी यह बहुत बड़ी क्षति है। नरेंद्र बरागटा ने हमेशा जनता की सेवा की है और सभी समस्याओं का समाधान किया है। मुख्य सचेतक नरेन्द्र बरागटा एक लोकप्रिय नेता थे, जिनका प्रदेश के विकास, विशेषकर बागवानी क्षेत्र में बहुत योगदान रहा और उनका निधन अपूर्णीय क्षति है। नरेन्द्र बरागटा का दुःखद निधन उनके लिए व्यक्तिगत क्षति भी है क्योंकि वह एक समर्पित भाजपा नेता थे और विधानसभा क्षेत्र जुब्बल-कोटखाई के विकास के लिए सदैव प्रयासरत रहते थे।
स्पूतनिक वी वैक्सीन तैयार करने के लिए हिमाचल प्रदेश के बद्दी स्थित पनेशिया कंपनी 20 जून तक स्टेट ड्रग कंट्रोलर से लाइसेंस के लिए आवेदन करेगी। अभी तक कंपनी ने केवल टेस्ट ट्रायल के लिए लाइसेंस लिया है। टेस्ट में खरा उतरने के बाद अब व्यावसायिक उत्पादन के लिए कंपनी लाइसेंस के लिए आवेदन करेगी। दिल्ली के उच्च न्यायालय ने कंपनी को टीके बनाने में मदद करने के लिए केंद्र सरकार को 14 करोड़ जारी करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट के इस निर्णय से पनेशिया को उम्मीद बंधी है। अगर यह राशि कंपनी को मिलती है तो रूसी कोविड टीके स्पूतनिक वी के उत्पादन में तेजी आएगी। आदेश के मुताबिक स्पूतनिक वी वैक्सीन की बिक्री आय का 20 प्रतिशत रजिस्ट्री के माध्यम से जमा किया जाएगा। दिल्ली हाईकोर्ट ने देश में कोरोना वैक्सीन की कमी को देखते हुए यह निर्देश जारी किए हैं।
कोरोना के चलते हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक युवाओं के लिए नौकरी का अवसर लेकर आया है। बैंक नियमित आधार पर जूनियर क्लर्क और स्टेनो टाइपिस्ट के 149 पद भरने जा रहा है। इन पदों को भरने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बैंकों के लिए भर्ती करने वाली एजेंसी आईबीपीएस ऑनलाइन परीक्षा लेगी। भर्ती परीक्षा में भाग लेने के लिए 2 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा। चुने जाने वाले अभ्यर्थियों को करीब 35 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा। अभ्यर्थी के 12वीं कक्षा में 50 फीसदी अंक हों और 18 से 45 वर्ष के बीच उम्र हो। आवेदन करने के लिए बैंक की वेबसाइट पर लिंक शनिवार से खुल गया है। 15 दिन पहले परीक्षा को लेकर सूचना मिलेगी। 149 पदों में से जूनियर क्लर्क के सीधी भर्ती के तहत 103 पद, सहकारी सोसायटी के कर्मियों और पीएसीएस के प्रशिक्षित सचिवों के लिए 15 फीसदी पद आरक्षित हैं। यानी इस कोटे से जूनियर क्लर्क के 33 पद भरे जाएंगे। प्रशिक्षित सचिव के दायरे में न आने वालों के लिए आठ पद आरक्षित हैं। इसके अलावा स्टेनो-टाइपिस्ट के पांच पद भरे जाएंगे। स्टेनो/स्टेनो टाइपिस्ट के पद भरने के लिए बैंक प्रबंधन स्किल टेस्ट भी लेगा। वंही लड़कियों को भी परीक्षा में शामिल होने के लिए 800 रुपये फीस चुकानी होगी। बैंक प्रबंधन ने बताया कि लोक सेवा आयोग के माध्यम से बीते दिनों हुई परीक्षा में लड़कियों से फीस नहीं ली गई थी। अब आईबीपीएस के माध्यम से परीक्षा करवाई जा रही है। ऐसे में फीस भरनी होगी। हालांकि लड़कियों की फीस कम की है। सामान्य वर्ग को 1000 रुपये और आरक्षित वर्ग को 800 रुपये फीस देनी होगी। बाहरी राज्यों के आरक्षित वर्ग सामान्य श्रेणी के पदों के लिए कर सकेंगे आवेदन बाहरी राज्यों के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को भर्ती में शामिल होने के लिए सामान्य वर्ग के पदों के लिए आवेदन करना होगा। हिमाचल से दसवीं या बारहवीं कक्षा पास करने वाले और बोनोफाइड हिमाचली भी भर्ती में शामिल हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की गई। मंत्रिमंडल ने भारत सरकार के निर्णय के अनुरूप 2020-21 की 10+2 परीक्षाओं को रद्द करने का भी निर्णय लिया। यह निर्णय लिया गया कि एचपी बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन सीबीएसई द्वारा तैयार किए जा रहे फॉर्मूले को ध्यान में रखते हुए छात्रों के पुरस्कारों की गणना के लिए एक फॉर्मूला तैयार करेगा और उसके अनुसार अंतिम परिणाम घोषित करेगा। यह भी निर्णय लिया गया कि यदि कुछ छात्र आने वाले परिणामों से संतुष्ट नहीं हैं, तो उन्हें परीक्षा के संचालन के लिए अनुकूल स्थिति होने पर आयोजित की जाने वाली विशेष परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी। मंत्रिमंडल ने यह भी निर्णय लिया कि अस्पतालों से घर वापसी के लिए रिहा किए गए कोविड-19 रोगियों के लिए टेलीफोन पर परामर्श सुनिश्चित किया जाए। यह भी निर्णय लिया गया कि स्वास्थ्य विभाग सीधे वैक्सीन उत्पादकों से अधिक टीकों की खरीद के लिए और विकल्प तलाशे। इससे पूर्व मंत्रिमण्डल ने शिमला जिले के जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के मुख्य सचेतक एवं विधायक नरिंदर बरागटा के दुखद निधन पर शोक प्रस्ताव पारित किया। मंत्रिपरिषद ने नरिंदर बरागटा के योगदान की सराहना की, विशेष रूप से राज्य में बागवानी क्षेत्र के विकास में। दिवंगत नेता के सम्मान में कैबिनेट द्वारा दो मिनट का मौन भी रखा गया।
हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी ने कहा की आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के द्वारा ज़िला व विधानसभा स्तर पर विश्व पर्यावरण दिवस को स्वच्छता अभियान व पौधारोपण के रूप में मनाया गया। युवा कांग्रेस के सभी जिला अध्यक्ष व विधानसभा अध्यक्ष ने अपनी-अपनी पंचायतों में स्वच्छता अभियान व पौधारोपण के रूप में पर्यावरण दिवस को मनाया गया और पर्यावरण को स्वच्छ रखने में अपनी भागीदारी निभाई। नेगी ने कहा कि सभी ने अपने आस पास पेड़ पौधे लगाए और धरती की हरियाली को बढ़ाने के लिए आप सभी कृतसंकल्प हो तथा लगे हुए पेड़ पौधों का अस्तित्व बनाए रखने का प्रण ले व सहयोग करें। नेगी निगम भंडारी ने कहा कि जल, जंगल और जमीन इन तीन तत्वों के बिना मानव जीवन अधूरा है। नेगी ने कहा कि पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने एवं प्राकृतिक पर्यावरण के महत्व को समझाने के लिए हर साल दुनिया भर के लोग 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाते है। इस दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य लोगों के बीच जागरूकता पैदा करना है ताकि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए सकारात्मक कदम उठा सके। पर्यावरण और मनुष्य एक दूसरे के बिना अधूरे है, अर्थात मनुष्य पर्यावरण पर पूरी तरह से निर्भर है, पर्यावरण के बिना मनुष्य अपने जीवन की कल्पना भी नही कर सकता है, इसलिए हमें पर्यावरण की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। नेगी निगम भंडारी ने कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए हमे सड़कों या सार्वजनिक क्षेत्रों में कचरा न फेंकने की पहल करनी चाहिए, साथ ही हमें पर्यावरण को स्वच्छ रखने को अपना कर्तव्य मानना चाहिए, क्योंकि स्वच्छ वातावरण में रहने से ही एक स्वस्थ मनुष्य का निर्माण और विकास होगा
रामपुर : विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर रामपुर बुशहर सर्वहितकारी व्यापार मंडल के सदस्यों ने एसडीएम रामपुर सुरेंदर मोहन और डीएसपी रामपुर चंद्रशेखर के साथ आज वृक्षारोपण किया। रामपुर के खनेरी में फारेस्ट डिपार्टमेंट द्वारा चिन्हित स्थानों पर वृक्षारोपण किया गया। कोरोना काल में जहां लोग ऑक्सीजन की कमी से अपनी ज़िंदगी से हाथ धो रहे है। वहीं प्रकृति मानव को सीधा संदेश दे रही है कि यदि मानव यूं ही प्रकृति से खिलवाड़ करता रहेगा तो उसे और भी दुष्कर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि हर व्यक्ति कम से कम एक वृक्ष तो लगाए। इन्हीं परिस्थितियों को सुधारने के लिए सर्वहितकारी व्यापार मंडल ने डीएसपी रामपुर और एसडीएम रामपुर द्वारा रखे गए वृक्षारोपण कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हालोग (धामी), शिमला में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस रक्तदान शिविर में कुल 43 यूनिट रक्त एकत्रित किया। इस रक्तदान शिविर में दीप राम गर्ग मुख्य अतिथि व पुरण चांद ठाकुरविशिष्ठ अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट निरंतर शिमला जिला के अंदर विभिन्न प्रकार के माध्यम से सेवा कार्य करने का कार्य कर रहा है। जिसमें ट्रस्ट द्वारा शिमला में कोरोना संक्रमित और होम क्वारंटाइन रोगियों के लिए निःशुल्क भोजन सेवा उपलब्ध करवाई जा रहीं है। संकट की इस घड़ी में ट्रस्ट द्वारा शिमला शहर में अभी तक दो रक्तदान शिविर आयोजित करवाए जा चुके है। जिसके माध्यम से अभी तक 127 यूनिट रक्त एकत्रित कर प्रदेश के सबसे बड़े हॉस्पिटल आईजीएमसी में भेजा गया। मुख्यअतिथि दीप राम गर्ग ने कहा की आज देश बहुत कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा है। ऐसे समय में सभी को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझते हुए कुछ न कुछ सेवा कार्य करने चाहिए। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि पुरण चांद ठाकुर ने कहा कि इस कोरोना महामारी में सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट का कार्य बहुत सराहनीय रहा है। उन्होंने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा दान है जिससे किसी इन्सान की जिंदगी बचाई जा सकती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए। सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट के सचिव डॉ सुरेंद्र शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान समय में अस्पतालों में रक्त की भारी कमी को ध्यान में रखते हुए सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा समय-समय पर रक्त की पूर्ति हेतु रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। वही आज देश कोविड की दूसरी लहर से लड़ाई लड़ रहा है। इस महामारी में सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा शिमला शहर में जो कोविड रोगी होमआइसोलेशन में है उन्हें निशुल्क भोजन भी उपलब्ध कर रहा है। इससे पहले भी इस महामारी में ट्रस्ट की द्वारा रक्तदान शिविर आयोजित किया गया था।
भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री, वर्तमान में मुख्य सचेतक व जुब्बल नावर कोटखाई के विधायक नरेन्द्र बरागटा के आकस्मिक निधन से क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश को अपूर्णीय क्षति पहुँची हैं। यह बात पूर्व मुख्य संसदीय सचिव व जुब्बल नावर कोटखाई के पूर्व विधायक रोहित ठाकुर ने नरेन्द्र बरागटा के आकस्मिक निधन पर कही। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र बरागटा का प्रदेश की राजनीति में विशेष स्थान रहा हैं। वे दो मर्तबा जुब्बल नावर कोटखाई, एक बार शिमला शहर से विधायक चुनें गए व विभिन्न विभागों के मंत्री भी रहें। रोहित ठाकुर ने कहा कि जुब्बल नावर कोटखाई विधानसभा क्षेत्र की जनता उनके योगदान को हमेशा याद रखेगी। रोहित ठाकुर ने नरेन्द्र बरागटा के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दे और शोक ग्रस्त परिवार को इस दुख की घड़ी में शक्ति प्रदान करें।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता, जुब्बल कोटखाई से विधायक, पूर्व मंत्री, पार्टी के मुख्य सचेतक नरेन्द्र बरागटा के निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होनें कहा कि हमने सरकार और पार्टी दोनों जगह साथ काम किया। बरागटा का पूरा समय प्रदेश के विकास और संगठन को मजबूत देने के लिए समर्पित था। पूर्व मुख्यमंत्री प्रो0 प्रेम कुमार धूमल, पूर्व मुख्यमंत्री शान्ता कुमार, केन्द्रीय राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, डाॅ0 राजीव बिन्दल, प्रदेश महामंत्री संगठन पवन राणा, सांसद किशन कपूर, इंदू गोस्वामी, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवीण शर्मा, कृपाल परमार, राम सिंह, पुरषोतम गुलेरिया, संजीव कटवाल, रतन सिंह पाल, कमलेश कुमारी, धनेश्वरी ठाकुर, प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, त्रिलोक कपूर, राकेश जम्वाल, प्रदेश सचिव पायल वैद्य, बिहारी लाल शर्मा, विशाल चैहान, कुसुम सदरेट, सीमा ठाकुर, वीरेन्द्र चैधरी, जय सिंह, श्रेष्ठा चैधरी, कोषाध्यक्ष संजय सूद, कार्यालय सचिव प्यार सिंह, मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा, प्रवक्ता बलदेव तोमर, प्रो0 राम कुमार, अजय राणा, विनोद ठाकुर, शशि दत शर्मा, उमेश दत शर्मा, मीडिया प्रभारी राकेश शर्मा, सह मीडिया प्रभारी नरेन्द्र अत्री, करण नंदा, सुमित शर्मा, अमित सूद, रजत ठाकुर, पूर्व सांसद वीरेन्द्र कश्यप, बिमला कश्यप सहित सभी मंत्रीगण, विधायकगण, पूर्व मंत्री गुलाब सिंह ठाकुर सहित समस्त भाजपा कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री एवं मुख्य सचेतक नरेन्द्र बरागटा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। वे 69 वर्ष के थे तथा कुछ समय से बीमार थे। सुरेश कश्यप ने बताया कि उन्होनें राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा की ओर से नरेन्द्र बरागटा के पार्थिव शरीर पर हिमाचल भवन चंडीगढ़ में श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, सह प्रभारी संजय टंडन, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक डाॅ0 राजीव बिन्दल, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा, विधायक परमजीत पम्मी भी उपस्थित रहे। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आज नरेन्द्र बरागटा के पार्थिव शरीर को भाजपा मुख्यालय दीपकमल में लाया गया जहां नेताओं व कार्यकर्ताओं ने उनके अंतिम दर्शन किए और अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि नरेन्द्र बरागटा सरल व्यक्तित्व, मिलनसार एवं पार्टी के प्रति समर्पित कार्यकर्ता थे। उनके निधन से समस्त भाजपा परिवार सदमे में है। उन्होनें कहा कि नरेन्द्र बरागटा ने लम्बे समय तक पार्टी की निस्वार्थ सेवा की है और वे पहली बार वर्ष 1998 में शिमला विधान सभा क्षेत्र से विधायक बने तथा 1998 से 2002 तक बागवानी मंत्री रहे। इसके बाद वर्ष 2007 में जुब्बल कोटखाई से विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए। दिसम्बर 2007 से 2012 तक तकनीकि शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री रहे। वर्ष 2017 में वे तीसरी बार जुब्बल कोटखाई से विधायक बने और वर्तमान सरकार में मुख्य सचेतक का कार्यभार संभाल रहे थे। सुरेश कश्यप ने कहा कि नरेन्द्र बरागटा ने संगठन में विभिन्न दायित्वों का बखूबी निर्वहन किया। वे 1978 से 1982 तक युवा मोर्चा के अध्यक्ष रहे। 1993-98 तक किसान मोर्चा में रहे, 1983-87 तक जिला शिमला के महामंत्री रहे, 1993-2018 तक प्रदेश भाजपा में विभिन्न दायित्वों पर रहे तथा 1994-96 तक राष्ट्रीय किसान मोर्चा में सचिव के पद पर रहे। नरेन्द्र बरागटा के निधन से न केवल पार्टी को अपूर्णीय क्षति हुई है बल्कि व्यक्तिगत तौर पर भी एक मित्र को खोने की टीस सदा मन में रहेगी। भाजपा नेताओं ने दिवंगत आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की है कि उनकी आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दे व परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
कांग्रेस विधायक व पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल सरकार के मुख्य सचेतक एवं पूर्व मंत्री नरेंद्र बरागटा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने एक स्पष्टवादी नेता को खो दिया। विधायक बरागटा के निधन से वह दुखी हैं। बरागटा एक ईमानदार एवं कर्मठ नेता थे। उन्होंने सिद्धांतों के आधार पर राजनीति की। उन्होंने कहा कि उन्हें वर्तमान विधानसभा में उनके साथ काम करने का अवसर मिला। इससे पहले भी वह साथ में विधानसभा सदस्य रहे। बरागटा सदैव बहुत ही अपनेपन के साथ बातचीत करते थे। सुक्खू ने कहा कि ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें एवं परिजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति दे।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने प्रदेश सरकार में मुख्य सचेतक, पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ नेता श्री नरेन्द्र बरागटा के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। अपने शोक संदेश में राज्यपाल ने कहा कि बरागटा एक स्वच्छ छवि के मेहनती व हिमाचल के प्रति समर्पित नेता थे। उन्होंने राज्य में बागवानी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रदेश को विशेषकर जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए कार्यों को हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने परमपिता परमेश्वर से दिवंगत आत्मा और शोक संतप्त परिजनों को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
जुब्बल कोटखाई के विधायक एवं पूर्व मंत्री नरेंद्र बरागटा का निधन हो गया है। नरेंद्र बरागटा के बेटे चेतन ने ट्वीट कर ये जानकारी दी है। बरागटा दो बार मंत्री रह चुके थे। बरागटा पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती थे और कल ही हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने उनकी कुशल-क्षेम पूछी थी। बरागटा ठाकुर सरकार में मुख्य सचेतक भी थे। बरागटा कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद पोस्ट कोविड अफेक्ट से जूझ रहे थे। वो 20-25 दिनों से पीजीआई में भर्ती थे। उनकी दूसरी बीमारी डायग्नोज नहीं हो पा रही थी और उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी।
हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने कांग्रेसी नेताओं पर टीकाकरण के मुद्दे पर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होनें कहा कि कोरोना महामारी से बचने हेतु सभी को वैक्सीन लगे यह सभी की इच्छा है और सभी सरकारों का प्रयास भी है। उन्होनें कहा कि देश की जनता सुरक्षित रहे उसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार वैक्सीन की लगातार आपूर्ति कर रही है और राज्यों को जरूरत के हिसाब से टीका आपूर्ति करने में हर संभव प्रयास कर रही है। परन्तु दुर्भाग्य की बात है कि कोरोना महामारी की तरह वैक्सीन को लेकर भी कांग्रेस पार्टी के नेता राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे। शर्मा ने कहा कि इस संबंध में राज्यपाल को ज्ञापन देना और बार-बार प्रैस बयान देना उनकी ओछी राजनीति को दर्शाता है जिसकी भारतीय जनता पार्टी कड़ी निंदा करती है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जहां केन्द्र सरकार के प्रयासों से अभी तक देश में 22 करोड़ से अधिक लोगों को वैक्सीन लग चुकी है वहीं हिमाचल प्रदेश में भी अब तक 24 लाख लोगों का टीकाकरण हो चुका है। उन्होनें कहा कि हमारी प्रदेश व केन्द्र सरकार गंभीरता से प्रयास कर चरणबद्ध व पारदर्शी ढंग से सभी को वैक्सीन लगाने का प्रयास कर रही है परन्तु कांग्रेस पार्टी के नेता आलोचना के लिए आलोचना करने की अपनी आदत से मजबूर आलोचना करने में ही लगे हैं।
शिमला जिला के अंदर सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा विभिन्न प्रकार के माध्यम से सेवा कार्य अभियान चलाए जा रहे है। संकट की इस घड़ी में ट्रस्ट द्वारा शिमला शहर में अभी तक दो रक्तदान शिविर आयोजित करवाए जा चुके है। जिसके माध्यम से अभी तक 127 यूनिट रक्तदान करवाया जा चुका है। इसी कड़ी में कल सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट धामी में रक्तदान शिविर का आयोजन करने जा रही है। यह रक्तदान शिविर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हालोग (धामी) में आयोजित होगा। ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं द्वारा हलोग (धामी) बाजार में पर्चा वितरित कर रक्तदान करने हेतु आग्रह भी किया गया। ट्रस्ट के सचिव डॉ सुरेंद्र शर्मा ने बताया की वर्तमान समय में अस्पतालों में रक्त की भारी कमी देखने को मिल रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा समय समय पर रक्त की पूर्ति हेतु रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। धामी में लगने वाला यह रक्तदान शिविर कल सुबह 10 बजे आरंभ होगा। ट्रस्ट के सदस्य ललित ठाकुर ने कहा की सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट धामी क्षेत्र के सभी लोगों से यह आग्रह करती है की कल होने वाले इस रक्तदान शिविर में रक्तदान हेतु अवश्य आए। इस महामारी के संकट समय में जहां रक्त की भारी कमी है ऐसे में रक्तदान के माध्यम से किसी को जीवनदान देना महापुण्य का कार्य है।
आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधि मंडल ने हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के सचिव आशुतोष गर्ग को ज्ञापन सौंपा। अभाविप हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री विशाल वर्मा ने कहा की कोरोना महामारी की वजह से शिक्षा का क्षेत्र बहुत अधिक प्रभावित हुआ है तथा युवाओं को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा की तैयारी कर रहे हजारों युवा इस महामारी की वजह से अपनी तय आयु सीमा को पार कर चुके हैं। पिछले वर्ष 2020 में इस महामारी के कारण सभी शिक्षण संस्थानों के साथ साथ सभी पुस्तकालय भी बंद हो गए थे। वहीं शिक्षा सामग्री उपलब्ध ना हो पाने के कारण हजारों विद्यार्थी प्रशासनिक सेवा में उत्तीर्ण नहीं हो पाए और कोरोना महामारी ने उनसे अंतिम मौका भी छीन लिया। इस वर्ष भी अधिकतर समय कर्फ्यू लगने की वजह से छात्र बहुत ही कम समय में प्रशासनिक परीक्षा की तैयारियां कर पाए हैं। विद्यार्थी परिषद ने प्रशासन से मांग की की प्रशासनिक परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को आयु सीमा में विशेष छूट दी जाए ताकि उनके भविष्य के साथ न्याय हो सके और वह अपने सपने को पूरा कर सकें। पिछले वर्ष 22 नवंबर को प्रशासन द्वारा राज्य पात्रता परीक्षा (SET) करवाई जाती है परंतु इतना लंबा समय बीत जाने के बाद भी अभी तक उन छात्रों का परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हुआ है। वहीं हिमाचल प्रदेश के महाविद्यालयों में रिक्त पड़े शिक्षक पदों की बात की जाए तो आज प्रदेश के कालेजों में शिक्षकों की भारी कमी होने की वजह से शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावटआ रही है। युवाओं से संबधित इन मांगों को लेकर आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के सचिव को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से विद्यार्थी परिषद की तीन मुख्य मांगे है। हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के अंतर्गत सभी परीक्षाओं में निर्धारित आयु सीमा को बढ़ाया जाए। पिछले वर्ष 22 नवंबर को हुई राज्य पात्रता परीक्षा के परिणाम को शीघ्र घोषित किया जाए। प्रदेश के महाविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरा जाए। हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के सचिव आशुतोष गर्ग ने विद्यार्थी परिषद की इन सभी मांगों को विस्तार से सुनने समझने के बाद शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया है। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश मंत्री विशाल वर्मा, प्रदेश महामंत्री विक्रांत चौहान, हिमाचल प्रदेश शोध कार्य संयोजक सुयश पवार, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शोध समिति के सदस्य गौरव दत्त उपस्थित रहे।
शहरी, विकास एवं सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज राम बाजार वार्ड नम्बर 14 (अनाज मंडी ) में 100 से अधिक जरूरतमंद परिवारों को राशन किट तथा मास्क वितरित किए, साथ ही कोरोना संक्रमण के कारण होम आइसोलेशन में रह रहे तीन रोगियों को होम आइसोलेशन किट भी प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर के कारण प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू लगाया गया है, जिससे दैनिक रूप से दिहाड़ी करने वाले परिवारों को दिहाड़ी न मिलने से राशन व भोजन की आवश्यकता रहती है। उन्होंने बताया कि इस अवस्था में बहुत से समाजसेवी आगे आकर जरूरतमंदों की सेवा कर रहे हैं। आज अनाज मंडी में शहीद कैप्टन जतिन्द्र लाल सूद (वीर चक्र विजेता) मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष जोगिन्द्र्र लाल सूद के सौजन्य से जरूरतमंद परिवारों को राशन किट वितरित की गई। राशन किट में 5 किलो आटा, 5 किलो चावल, 1 किलो चीनी, 1 किलो दाल, नमक, तेल एवं मसाले शामिल हैं। इससे पूर्व ट्रस्ट द्वारा टूटीकंडी में 40 से अधिक कोरोना संक्रमित जरूरतमंद परिवारों को राशन किट वितरित की गई थी। जोगिन्द्र लाल सूद व उनका ट्रस्ट हमेशा ही जरूरतमंदों की सहायता करने में आगे रहता है। उन्होंने इस नेक कार्य के लिए ट्रस्ट एवं उनके परिवार का धन्यवाद किया। शहरी विकास मंत्री ने कैंथू के चुंगी खाना और अनाडेल में भी 23 लोगों को होम आइसोलेशन किट प्रदान की। इस अवसर पर मण्डलाध्यक्ष राजेश शारदा, महामंत्री गगन लखनपाल, पार्षद दीपक शर्मा, पार्षद सुनील धर, पूर्व पार्षद मंजू सूद, अनाज मण्डी सचिव सुभाष चंद, अनाज मण्डी प्रधान दीपक श्रीधर एवं भाजपा कार्यकर्ता अजय भागड़ा, हितेश, किशोर, राजेश्वरी, अजय सरना, ब्रिज मोहन, पुनिता सूद, अनिता सूद, स्वतंत्र शर्मा, सीमा सूद, सुनंदा सूद, सुरेश शर्मा, अनाडेल में जिला कार्यकारी सदस्य प्रदीप कश्यप, जिला उपाध्यक्ष संजय कालिया, शिमला मण्डल उपाध्यक्ष प्रिक्षित, मण्डल युवा मोर्चा अध्यक्ष हितेश, युवा मोर्चा उपाध्यक्ष किशोर ठाकुर, जिला सचिव अजय सरना, हरि मित्तल, लता कौशल एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
शिमला : जिसके घर में हो शादी, न बुलाए वो पूरी आबादी, शादी में हो 20 ही लोग, तो ही दूर रहेगा कोरोना रोग। त्रिमूर्ति रंगमंच तारादेवी के जय प्रकाश लम्बरदार ने यह संदेश लोक नाट्य करयाला के माध्यम से शिमला नगर के साथ लगते क्षेत्र जाठिया देवी, बडैहरी, कैंची मोड़, गऊ सदन, शिवनगर, टुटू बाजार, पावरहाउस तथा यादगार होटल क्षेत्र में उद्घोषणा करते हुए लोगों को प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए उपयोग किए जाने वालों तरीकों व सलाहों के प्रति जागरूक किया। जिला प्रशासन तथा लोक सम्पर्क कार्यालय द्वारा आरम्भ किए गए इस अभियान में लम्बरदार ने लोगों से बाहर निकलने पर अपने चेहरे को मास्क से सही रूप से ढकने तथा अनावश्यक भीड़ न लगाने और भीड़ से बचने की अपील की। शिमला नगर निगम वार्ड नम्बर-6 टुटू के पार्षद विवेक शर्मा ने प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन द्वारा कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए अपनाए जा रहे इस अभियान को अत्यंत कारगर बताया। उन्होंने कहा कि मोबाइल, टीवी और सोशल मीडिया से अलग हटकर पारम्परिक तरीकों को अपनाकर लोक संवाद के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसकी मौलिकता अत्यंत प्रभावी है और आम आदमी को संदेश सम्प्रेषण के लिए प्रभावशाली है। उन्होंने कहा कि संदेश देने का यह नया और एक अलग माध्यम है जो लोगों को बरबस ही अपनी और खींचता है। ढैंडा निवासी नरपाल चैहान ने लम्बरदार द्वारा जागरूकता अभियान को महत्वपूर्ण बताया और लाॅकडाउन के खुलने वाले समय के दौरान लोगों को जानकारी व जागरूकता प्रदान करना अति आवश्यक है ताकि सामाजिक दूरी बनाएं रखने और मास्क लगाने के नियम के प्रति किसी प्रकार की ढिलाई देखने को न मिले।
विश्व पर्यावरण दिवस को स्वच्छता अभियान व पौधारोपण के रूप में मनाएगी युवा कांग्रेस : नेगी निगम भंडारी
हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी ने कहा कि 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस जिला व विधानसभा स्तर पर विश्व पर्यावरण दिवस को स्वच्छता अभियान व पौधारोपण के रूप में मनाएगी। सभी जिला अध्यक्ष व विधानसभा अध्यक्ष अपनी-अपनी पंचायतों में स्वच्छता अभियान या पौधारोपण के रूप में पर्यावरण दिवस में मनाएं और पर्यावरण को स्वच्छ रखने में अपनी भागीदारी निभाए। उन्होंने कहा कि आप सभी अपने आस पास पेड़ पौधे लगाए और धरती की हरियाली को बढ़ाने के लिए आप सभी कृतसंकल्प हो तथा लगे हुए पेड़ पौधों का अस्तित्व बनाए रखने का प्रण ले व सहयोग करें। नेगी निगम भंडारी ने कहा कि जल, जंगल और जमीन इन तीन तत्वों के बिना मानव जीवन अधूरा है। नेगी ने कहा कि पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने एवं प्राकृतिक पर्यावरण के महत्व को समझाने के लिए हर साल दुनिया भर के लोग 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाते है। इस दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य लोगों के बीच जागरूकता पैदा करना है ताकि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए सकारात्मक कदम उठा सके। पर्यावरण और मनुष्य एक दूसरे के बिना अधूरे है, अर्थात मनुष्य पर्यावरण पर पूरी तरह से निर्भर है, पर्यावरण के बिना मनुष्य अपने जीवन की कल्पना भी नही कर सकता है, इसलिए हमें पर्यावरण की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। नेगी निगम भंडारी ने कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए हमे सड़कों या सार्वजनिक क्षेत्रों में कचरा न फेंकने की पहल करनी चाहिए, साथ ही हमें पर्यावरण को स्वच्छ रखने को अपना कर्तव्य मानना चाहिए, क्योंकि स्वच्छ वातावरण में रहने से ही एक स्वस्थ मनुष्य का निर्माण और विकास होगा।
प्रदेश हाईकोर्ट ने ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर व निर्बाध इंटरनेट नेटवर्क सेवाएं उपलब्ध करवाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कोर्ट ने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किया है। याचिका में विशेष रूप से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के निवासियों के लिए इंटरनेट सेवाओं की दुर्दशा का उल्लेख किया गया है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान व न्यायाधीश सीबी बारोवालिया की खंडपीठ ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते इंटरनेट सेवाओं तक पहुंच का महत्व बढ़ गया है। वर्चुअल प्लेटफार्म पर शैक्षिक पाठ्यक्रमों, सम्मेलनों, अदालती कार्यवाही के संचालन के लिए पर्याप्त नेटवर्क की उपलब्धता समय की मांग है। गौरतलब है कि एक लाख से अधिक पंचायतों को जोडऩे के लिए कार्य पहले ही किया जा चुका है और द्वितीय चरण के अंतर्गत शेष पंचायतों को जोड़ा जा रहा है। भारत नेट फेज-एक, सीएससी ई-गवर्नेंस इंडिया को पांच-फाइबर प्रविधान का कार्य सौंपा गया है। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पत्र के अनुरूप उठाए कदमों की वस्तुस्थिति के संबंध में जवाब शपथपत्र के माध्यम से न्यायालय के समक्ष दाखिल करने का आदेश दिया।
शिमला :कोविड-19 के इस दौर में एक तरफ जहां कोरोना संक्रमण ने पूरी तरह से हेल्थ सिस्टम को हिलाकर रख दिया है, वहीं कुछ ऐसे चिकित्सक भी हैं जो जान जोखिम में डालकर मरीजों का समय पर इलाज कर उन्हें नई ज़िंदगी दे रहे हैं। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए डॉक्टर्स भगवान से कम नहीं होते। बहुत से ऐसे मरीज होते हैं जिनका समय पर इलाज न हो तो समस्या गंभीर हो जाती है। मंगलवार को एक ऐसे ही मरीज का सफल ऑपरेशन आईजीएमसी के इतिहास में पहली बार हुआ है। यह ऑपरेशन रेडियोलॉजी विभाग से इंटरवेशन रेडियोलॉजिस्ट एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शिखा सूद ने किया। उन्होंने गॉलब्लैडर के कैंसर से ग्रसित 51 वर्षीय शिमला निवासी कर्मचंद का 2017 में ऑपरेशन किया था। इसके बाद उन्हें कीमोरेडियोथेरेपी दी गई थी। 2021 में मरीज को पीलिया हुआ तो अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन तथा पेटसीटी से पता चला कि कैंसर की वजह से उनके जिगर के पास लिम्फ नोड बन गए हैं तथा उनकी पित्त की नली में रुकावट आ रही है। इसकी वजह से उन्हें पीलिया हो गया है। क्योंकि इन लिम्फ नोड ने जिगर की आरट्रीज को घेर रखा था। अत: चिकित्सकों के लिए दोबारा ऑपरेशन संभव नहीं था। रेडियोलॉजी विभाग से इंटरवेशन रेडियोलॉजिस्ट एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शिखा सूद ने बिना चीरफाड़, बिना बेहोश किए मरीज की पेट की चमड़ी से जाते हुए जिगर से गुजरकर रुकी हुई पित्त की नलियों को कैथेटर डालकर खोल दिया तथा उनका पित्त इस ऑपरेशन के बाद सामान्य रूप आंतों में जाने लगा तथा मरीज का पीलिया बिल्कुल ठीक हो गया। इसके बाद मंगलवार को मरीज को इस कैथेटर के द्वारा ब्रेकीथेरेपी दी गई। इससे की मरीज में पड़े लिम्फ नोड को जला दिया गया ताकि वह कैथेटर तथा भविष्य में डाले जाने वाले स्टेंट को बंद न कर सके। इस तरह का यह पहला सफल ऑपरेशन आईजीएसमी के इतिहास में पहली बार हुआ है। डॉ. शिखा सूद का कहना है कि इस उपचार से अब वह मरीज जो गॉलब्लैडर के कैंसर, पित्त की नलियों का कैंसर जैसे पैरीएम्पूलरी कैंसर आदि जैसों बीमारियां जो कि ऑपरेशन करने के दायरे से बाहर जा चुके होते हैं, का इलाज संभव हो सकेगा। यह अपने आप में आईजीएमसी के इतिहास में एक नए दौर का इलाज है। इस ऑपरेशन के दौरान रेडियोथेरेपी विभाग के एचओडी डॉ. मनीष, डॉ. दीपक तुल्ली, डॉ. ललित तथा रेडियोलॉजी विभाग के डॉ जॉन, रेडियोग्राफर तेजेंद्र एवं नर्सिज ज्योति, सुनीता व वैजंती भी मौजूद रहे।


















































