हिमाचल प्रदेश में अब शिक्षक बनने के लिए सभी श्रेणियों को अब टेट पास करना अनिवार्य है। अभी जेबीटी और टीजीटी के लिए ही शिक्षक पात्रता परीक्षा का पास होना जरूरी है। प्रवक्ता, डीपीई सहित कई अन्य श्रेणियों को भी टेट के दायरे में लाने की सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश में नई व्यवस्था लागू करने के लिए शिक्षा विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इसे मंजूरी के लिए कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। कैबिनेट बैठक में टेट को सात वर्ष की जगह उम्र भर मान्य करने को लेकर केंद्र सरकार के फैसले को भी लागू करने का प्रस्ताव रखा जाना है। शिक्षक पात्रता परीक्षा में भी बदलाव के लिए सरकार के स्तर पर मंथन शुरू हो गया है। नए प्रस्ताव के तहत टेट की दो परीक्षाएं लेने की तैयारी है। पहली परीक्षा प्रदेश से संबंधित जानकारियों, सामान्य ज्ञान और बीएड की पढ़ाई पर आधारित होगी। दूसरी परीक्षा सिलेबस से संबंधित होगी। इसमें स्नातक और स्नातकोत्तर में की गई विषय वार पढ़ाई को शामिल किया जाएगा। प्रदेश में शिक्षा पात्रता परीक्षा का जिम्मा अभी राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड को सौंपा है। नए प्रस्ताव में परीक्षा लेने वाली एजेंसी को लेकर भी विचार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में इसकी पूरी रूपरेखा तैयार कर ली जाएगी।
हिमाचल सरकार ने कॉलेजों में वार्षिक परीक्षाओं को करवाने के लिए हरी झंडी दिखा दी है। इसी बाबत प्रदेश में 20 जून के बाद कॉलेजों को सैनीटाईज़ करने का अभियान चलाया गया है। 1 जुलाई से कॉलेजों में प्रस्तावित परीक्षाओं को देखते हुए उच्च शिक्षा निदेशालय ने यह फैसला लिया है। 25 जून से शिक्षकों को भी कॉलेजों में बुलाया जाएगा। कॉलेज परीक्षाओं के सफल संचालन के लिए एक-दो दिन के भीतर कॉलेज प्रिंसिपलों के साथ उच्च शिक्षा निदेशक बैठक भी करेंगे। बीते काफी समय से बंद पड़े कॉलेजों में जुलाई से परीक्षाएं शुरू होनी हैं। ऐसे में कॉलेज परिसरों को परीक्षाओं से पहले सैनिटाइज करवाया जाएगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही इस संदर्भ में कॉलेज प्रिंसिपलों को लिखित निर्देश जारी कर दिए जाएंगे। परीक्षाओं से पहले कॉलेजों में सिटिंग प्लान बनाने को लेकर शिक्षकों को भी 25 जून तक बुला लिया जाएगा। विश्वविद्यालय के स्टाफ के साथ सिटिंग प्लान तैयार किए जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमर्ज़ी द्वारा फीस बढ़ोतरी संबंधी शिकायतों को सुलझने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रदेश स्तर पर एक प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। निजी स्कूल फीस नियंत्रण को लेकर बनाए गए विधेयक में इसका प्रावधान किया गया है। 20 जून तक आम जनता से इस बाबत सुझाव भी मांगे गए हैं। जिला उपायुक्त की अध्यक्षता वाली कमेटियों की कार्यवाही से असंतुष्ट लोग इस प्राधिकरण के अध्यक्ष उच्च शिक्षा निदेशक को शिकायत कर सकेंगे। प्राधिकरण का उच्च शिक्षा निदेशक को अध्यक्ष बनाया जाएगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक इसके सदस्य होंगे। संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी को सदस्य सचिव बनाया जाएगा। अध्यक्ष की ओर से तीन-तीन वर्ष के लिए तीन लोगों को बतौर सदस्य इसमें मनोनीत किया जाएगा। जो भी निजी स्कूल अभिभावकों से अधिक फीस वसूल रहे है, उन पर यह कमेटी शिकंजा कसेगी। विधेयक द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि निजी स्कूल फीस में हर साल छह फीसदी की वृद्धि ही कर सकेंगे। जो भी स्कूल सरकार द्वारा बनाए गए इन नियमों का पालन नहीं करेंग, उन्हें 2 से 5 लाख तक के जुर्माने का भुगतान करना पड़ेगा। गौरतलब है कि निजी स्कूलों में दी जा रहीं सेवाओं और मूलभूत सुविधाओं के आधार पर फीस को तय किया जाएगा। शिक्षकों को दिए जा रहे वेतन को भी ध्यान में रखते हुए फीस तय की जाएगी। स्कूल वर्दी और किताबों को लेकर भी दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे। निजी स्कूल अपनी मर्जी से दुकानों को चिह्नित कर अभिभावकों को वहीं से खरीद करने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे।
शिमला: भाजपा हिमाचल प्रदेश की बैठकों का दौर अपने तीसरे दिन में पहुंच चुका है। आज प्रातः प्रथम बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर , प्रदेश सह प्रभारी संजय टंडन, प्रदेश महामंत्री संगठन पवन राणा, महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, राकेश जम्वाल एवं त्रिलोक कपूर ने भाजपा के सातों मोर्चों के अध्यक्ष, महामंत्री एवं आईटी के साथ की। जिसमें विभिन्न कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह इस बैठक में विशेष रूप से उपस्थित रहे।
उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने बुढ़गवार को हिमाचल प्रदेश औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के निदेशक मण्डल की 272वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर निगम के उपाध्यक्ष प्रो. राम कुमार भी उपस्थित थे। बैठक में बिक्रम सिंह ने अधिकारियों को निगम की गतिविधियों में विविधता लाने के निर्देश दिए, ताकि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में निगम की कार्यशाली में गुणवत्ता व दक्षता लाई जा सके। उन्होंने निगम को टेंडर प्रक्रिया सीपीडब्ल्यूडी के मैनुअल के अनुरूप अपनाने को कहा। उद्योग मंत्री ने कहा कि एचपीएसआईडीसी के अभियांत्रिकी विंग को और सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए कहा कि इस विंग के कार्यों को बिस्तार देकर आय में आशातीत बृद्धि की जा सकती है। उन्होेंने अधिकारियों को कहा कि वह अन्य राज्यों में स्थित निगम की परिसम्पतियों का सदुपयोग करने के लिए बृहद रणनीति तैयार करें। बिक्रम सिंह ने निगम के विपणन विंग को सशक्त करने तथा इसकी गतिविधियों को बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विपणन के लिए नई क्रियाविधि विकसित की जानी चाहिए तथा उपभोक्ताओं की जरूरत के अनुसार प्रभावी तरीके से कार्य सुनिश्चित किया जाना चाहिए। प्रो.राम कुमार ने ऊना में लैंड बैंक विकसित करने और निगम की गतिविधियों में नवाचार लाने के लिए विभिन्न सुझाव दिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग राम सुभग सिंह ने निगम द्वारा निर्माणाधीन परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में विभिन्न परियोजनाओं के कार्य की समीक्षा भी की गई। निगम के अधिकारियों ने अवगत करवाया कि वित्त वर्ष 2020-2021 में औद्योगिक विकास निगम का अनुमानित लाभ 7.48 करोड़ रुपये होने की संभावना है। वित्त वर्ष 2021-22 में निगम का अनुमानित लाभ 10 से 12 करोड़ और वार्षिक टर्नओवर लगभग 100 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि राज्य में अब तक 438461 लोगों को कोविशिल्ड वैक्सीन की दूसरी खुराक लगाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य में 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के कुल 983580 लोगों और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 736647 लोगों को कोविशिल्ड वैक्सीन की पहली खुराक लगाई जा चुकी है, जिनमें से 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के कुल 70693 लोगों और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 255966 लोगों को कोविशिल्ड वैक्सीन की दूसरी खुराक लगाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 वैक्सीन लगाने के लिए राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह की सिफारिश के अनुसार राष्ट्रीय कोविड-19 टीकाकरण रणनीति के तहत कोविशिल्ड वैक्सीन की पहली खुराक लगाए जाने के बाद दूसरी खुराक 12-16 सप्ताह के अंतराल पर या 84 दिन के बाद लगाई जानी निर्धारित है। उन्होंने कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर के दृष्टिगत आग्रह किया है कि जिन लोगों की दूसरी खुराक का समय हो गया है वह जल्द से जल्द दूसरी खुराक लगवाएं।
स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि कोविड-19 टीकाकरण के लिए राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह की सिफारिश के अनुसार जो व्यक्ति वास्तविक कारणों जैसे शैक्षणिक प्रयोजन, रोजगार के लिए और टोक्यों ओलम्पिक में भारतीय दल के सदस्य के रूप में अन्तरराष्ट्रीय यात्रा करना चाहते है, वे कोविड टीकाकरण की पहली खुराक लगवाने के 28 दिनों के बाद कोविशिल्ड वैक्सीन की दूसरी खुराक लगवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रदेश के सम्बन्धित मुख्य चिकित्सा अधिकारी कोविशिल्ड की दूसरी खुराक लगवाने के लिए अनुमति प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि सम्बन्धित मुख्य चिकित्सा अधिकारी यह तय करेंगे कि टीकाकरण की पहली खुराक लगवाने के बाद 28 दिन की समयावधि पूरी हो गई है। यदि व्यक्ति पहले से ही विदेश में पढ़ाई कर रहा है और अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए वापस विदेश जाना चाहता है या नौकरी व रोजगार के लिए या फिर टोक्यो ओलम्पिक खेलों में भाग लेने के लिए नामित हुआ है तो वे यह सुविधा प्राप्त कर सकते है। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में जिलों को पहले से ही दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं और जिन लोगों ने कोविड-19 टीकाकरण की पहली खुराक लगवा ली है और उपरोक्त उद्ेदश्य के लिए 28 दिन बाद दूसरी खुराक लगवानी है, उसके लिए कोविन पार्टल पर टीकाकरण की दूसरी खुराक के लिए पंजीकरण की सुविधा प्रदान की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश पुलिस राज्य में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए निरंतर निगरानी और वन्यजीवों से सम्बन्धित अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है। यह जानकारी देते हुए पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने आज यहां बताया कि राज्य पुलिस ने जनवरी 2021 से अब तक कुल 22 लोगों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है। यह लोग जो तेंदुआ, सांबर, कोबरा और छिपकलियां आदि सहित विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों की हत्या, तस्करी और उन्हें अवैध रूप से अपने पास रखने के 16 विभिन्न मामलों में शामिल पाए गए हैं। संजय कुंडू ने कहा कि राज्य पुलिस ने 15 जून को सोलन में एक वयस्क तेंदुए की एक और खाल बरामद कर उसे जब्त किया और परवाणू के पास अंतर-राज्यीय बैरियर तक पहुंचने से पहले आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के अनुसार, वह अपने बैग में खाल छुपाकर बैरियर पार करने वाला था। पुलिस महानिदेशक ने बताया कि 6 जून, 2021 को शिमला पुलिस ने न्यू शिमला की एक दुकान से 3 तेंदुए की खाल, दांत और नाखून बरामद कर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस ने इस वर्ष 17 फरवरी को जिला कांगड़ा के देहरा में तेंदुए की तीन खाल भी बरामद की थी।
हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण परिषद (हिमकोस्ट) के हिमाचल प्रदेश पर्यावरण सूचना केंद्र द्वारा राज्य में हरित कौशल विकास कार्यक्रम के तहत विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त करने के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षित किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश पर्यावरण सूचना केंद्र द्वारा हरित कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश में अभी तक चार सर्टिफिकेट कोर्स व प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं। वित्त वर्ष 2018-19 में पहले सर्टिफिकेट कोर्स में ‘पीपल्स बायोडायवर्सिटी रजिस्टर व पैरा-टैक्सोनाॅमी’ विषय पर आयोजित किया गया, जिसमें 11 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत दो सर्टिफिकेट कोर्स ‘बायोडायवर्सिटी रजिस्टर की तैयारी’ और ‘भारत सरकार-यूएनडीपी-जीईएफ परियोजना-सिक्योर हिमालय के तहत पीबीआर पर केंद्रित पैरा-टैक्सोनाॅमी’ विषयों पर आयोजित करवाए जा चुके हैं। इन दोनों पाठ्îक्रमों में 23 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया है। वर्ष 2020-21 में हिमाचल प्रदेश पर्यावरण सूचना केंद्र ने ‘मूल्य संवर्धन और एनटीएफपी (पशु मूल) का विपणन- जंगली मधुमक्खी पालन और प्रसंस्करण’ विषय पर सर्टिफिकेट कोर्स के अंतर्गत 14 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली ने राज्य के लिए इन प्रमाण पत्र पाठ्यक्रमों को मंजूरी प्रदान की है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात बहुत से युवाओं को निजी व सरकारी क्षेत्र में रोजगार प्राप्त हुआ है और अन्य स्वरोजगार से अपनी आजीविका अर्जित कर रहे हैं। हरित कौशल विकास कार्यक्रम का प्रमुख लक्ष्य कुशल जनशक्ति को रोजगार व स्वरोजगार की सुविधा प्रदान करना है। हरित कौशल विकास कार्यक्रम भारत वर्ष के युवाओं को पर्यावरण और वन क्षेत्र में लाभकारी रोजगार तथा स्वरोजगार प्राप्त करने में सक्षम बनाने हेतु कौशल विकास एक पहल है। आधुनिकीकरण के युग में अधिकांश व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘साॅफ्ट’ या ‘ग्रीन’ कौशल के बजाय यांत्रिकी या तकनीकी कौशल पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जबकि हरित कौशल स्थायी भविष्य के लिए पर्यावरणीय गुणवत्ता को संरक्षित करने में योगदान देता है और इसमें ऐसे रोजगार शामिल हैं जो पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता की रक्षा करती है तथा ऊर्जा, अपशिष्ट और प्रदूषण को कम करने में सहायता प्रदान करती हैं। हरित कौशल विकास कार्यक्रम पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के कौशल भारत मिशन के अनुरूप है। यह कार्यक्रम तकनीकी ज्ञान और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता वाले हरित कौशल श्रमिकों को विकसित करने का प्रयास करता है। यह कार्यक्रम पूरे देश में पर्यावरण सूचना केंद्र के विशाल नेटवर्क और विशेषज्ञताओं का उपयोग कर रहा है। हिमाचल प्रदेश पर्यावरण सूचना केंद्र की स्थापना भारत सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश में पर्यावरणीय सूचना के महत्व को समझते हुए एक योजना कार्यक्रम के रूप में की गई थी। पर्यावरण सूचना केंद्र का प्रयास महत्वपूर्ण पर्यावरण दिवसों को मनाना तथा निर्णय निर्माताओं, नीति नियोजकों, वैज्ञानिकों और इंजीनियरों, अनुसंधान कार्यकर्ताओं आदि को पर्यावरण संबंधी जानकारी प्रदान करना है।
एर्नेस्ट एण्ड यंग एलएलपी चण्डीगढ़ के पार्टनर-मार्केट्स एण्ड बिजनेस डवलप्मेंट के पारस अरोड़ा ने कम्पनी की ओर से बुधवार को मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को 25 चिकित्सा ग्रेड ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर प्रदान किए। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने इस परोपकारी कार्य के लिए उनका आभार व्यक्त किया और कहा कि जरूरतमंद लोगों की मदद में यह सहायक सिद्ध होगा। उद्योग आयुक्त हंस राज शर्मा, निदेशक शहरी विकास आबिद हुसैन सादिक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्रदेश में स्कूल के नर्सरी और केजी कक्षा के बच्चों की ऑनलाइन क्लास अब 30 मिनट से अधिक नहीं लगेगी। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार हिमाचल शिक्षा विभाग ने नर्सरी से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए स्क्रीन टाइम तय कर दिया है। पहली से आठवीं कक्षा के लिए 30 से 45 मिनट के दो ही सत्र स्कूल लगा सकेंगे। नौवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की चार सत्रों में 30 से 45 मिनट की क्लास लग सकेगी। मोबाइल फोन और लैपटॉप पर ऑनलाइन क्लासें लगने से विद्यार्थियों पर पड़ रहे विपरीत असर को देखते हुए शिक्षा मंत्रालय ने प्रज्ञता गाइडलाइन जारी की है। मंगलवार को उच्च शिक्षा निदेशालय ने हिमाचल में भी इसे लागू करने की अधिसूचना जारी की। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा की ओर से जारी अधिसूचना में जिला उपनिदेशकों को इस गाइडलाइन का सख्ती से पालन करवाने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी संतुलित रखना चाहती है। केंद्र सरकार ने योजना, समीक्षा, व्यवस्था, मार्गदर्शन, वार्ता, कार्य, निगरानी और सराहना जैसे 8 बिंदुओं पर प्रज्ञता गाइडलाइन तैयार की है। साथ ही पढ़ाई को सुचारु बनाए रखने के लिए क्विज को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा खेल-खेल में बच्चों को पढ़ाने का प्रयास किया जाए । बच्चों को ऑफलाइन गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। पढ़ाई को रोचक बनाया जाए, जिससे बच्चों पर मानसिक दबाव ना पड़े।
शिमला : हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ का एक प्रतिनिधि मंडल प्रधान राजेश पराशर की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एवं परिवहन मंत्री विक्रम ठाकुर से मिला। उन्होंने निजी बस ऑपरेटरों की समस्याओं को सुना तथा निजी बस ऑपरेटरो को विश्वास दिलाया कि कैबिनेट के फैसले में जो कमियाँ रह गई है उस पर प्राथमिकता के आधार पर दोबारा विचार किया जाएगा। इससे पहले एक प्रतिनिधिमंडल पीटरहॉफ में हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ के प्रदेश महासचिव रमेश कमल की अध्यक्षता में केंद्रीय वित्त एवं कोरपोरेट राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर से मिला जिसमे ऊना से पवन ठाकुर, हमीरपुर से विजय ठाकुर भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री, केंद्रिय वित्त राज्य मंत्री मंत्री एवं परिवहन मंत्री ने निजी बस ऑपरेटर को विश्वास दिलाया कि बस ऑपरेटरो की मांगे बिल्कुल जायज है तथा इस को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का प्रयास किया जाएगा। परिवहन मंत्री ने कहा कि निजी बस ऑपरेटर भी हमारा परिवार है तथा इस पेनिक अवस्था में भी प्रदेश सरकार हमेशा ही निजी बस ऑपरेटर के साथ है। उधर हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश पराशर ने निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल को वापस ले लिया और कहा कि हिमाचल प्रदेश में कल से बसे चल पड़ेंगी।
उद्योग मंत्री ने हि.प्र. हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम, सामान्य उद्योग निगम और खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के निदेशक मण्डल की बैठकों की अध्यक्षता की। देश-विदेश की नामी ई-काॅमर्स शाॅपिंग वेबसाइट शीघ्र ही हिमाचल प्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम के उत्पादों का विक्रय करेंगी। यह जानकारी उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने आज यहां हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम के निदेशक मंडल की 186वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि ई-काॅमर्स शाॅपिंग वेबसाइट अमेज़न और फ्लिपकार्ट के साथ इस सम्बन्ध में जरूरी प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है। प्रदेश के हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम के उत्पादों में इन दोनों ही कम्पनियों ने गहरी रूचि दिखाई है। निगम के उत्पादों की उच्च गुणवता के दृष्टिगत ई-काॅमर्स कम्पनियां इन्हें वैश्विक बाजार में विक्रय कर उपभोक्ताओं को घर-द्वार पर उपलब्ध करवाने के लिए बहुत उत्सुक है। बिक्रम सिंह ने कहा कि इससे प्रदेश के उद्यमियों, कारीगरों और बुनकरों को ऑनलाइन व्यापार के माध्यम से लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि गत तीन वर्षों में निगम ने 3375 लोगों को प्रशिक्षण प्रदान किया है। इस वर्ष का टर्न ओवर लगभग 30 करोड़ रुपये रहा है। निगम के उपाध्यक्ष संजीव कटवाल ने कहा कि विभिन्न उत्पादों में गुणवता सुनिश्चित करने के लिए दक्ष प्रयास किए गए हैं। कारीगरों व बुनकरों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने सोलन जिला के बद्दी क्षेत्र के अन्तर्गत मल्कु माजरा के 10 वर्षीय प्रिंस चौधरी, जो हड्डियों के गम्भीर रोग से पीड़ित है और पीजीआई चण्डीगढ़ में उपचाराधीन है, के माता पिता को उनके इलाज के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से एक लाख रुपये स्वीकृत किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गरीबों और जरूरतमंदों को सहायता प्रदान करने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि धन के अभाव के कारण कोई भी व्यक्ति उचित उपचार से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सभी जरूरतमंदों को मुख्यमंत्री राहत कोष से हर सम्भव सहायता प्रदान की जा सके। उन्होंने लोगों से मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए उदारतापूर्वक अंशदान करने का आग्रह किया ताकि आवश्यकता के समय में जरूरतमंदों को राहत प्रदान की जा सके। छठें राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बच्चे और उसके माता-पिता की स्थिति से अवगत करवाया था। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि इस बीमारी के उपचार का सालाना खर्च लगभग दो लाख रुपये है और बच्चे के माता-पिता की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है और बच्चे के पिता गुरूमेल सिंह पहले ही इलाज के लिए अपनी जमीन और गहने बेच चुके है ।
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी विभिन्नों सलाहों एवं मानक संचालन की अनुपालना के लिए करयाला के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। इस जागरूकता अभियान से पंचायत स्तर व गांव-गांव में सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के कलाकारों द्वारा करयाला के माध्यम से जानकारी प्रदान की जा रही है। जय देव कुर्गण सामाजिक एवं सांस्कृतिक कला मंच के माध्यम से आज सुन्नी विकास खण्ड के बसन्तपुर, सुन्नी, मढ़ोड घाट, नगर पंचायत सुन्नी तथा जयेश्वरी लोक नृत्य कला मंच द्वारा विकास खण्ड ठियोग के अस्पताल रोड, सुभाष चैक ठियोग, शाली बाजार, बस स्टैंड, पेट्रोल पंप व जनोग घाट में आम जनमानस को कोरोना महामारी के बचाव के लिए मास्क का प्रयोग करना है, दो गज की दूरी बेहद है जरूरी, अपने हाथों को बार-बार साबुन से धोएं या सैनेटाइज करें तथा वैक्सीन के टीके जरूर लगाएं। इन स्थानों पर उपस्थित जनसमूह ने सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के कलाकारों द्वारा अपनी स्थानीय भाषा में सरलता से लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई जा रही है। यह बात विकास खण्ड सुन्नी के नगर पंचायत सुन्नी के प्रधान प्रदीप शर्मा, बसन्तपुर ग्राम पंचायत के उप-प्रधान राजीव कंवर जबकि ठियोग विकास खण्ड में प्रधान डाॅ. दलीप टेगटा तथा समाज सेवक रमेश चन्द ने कही। प्रधान डाॅ. दलीप टेगटा ने बताया कि स्थानीय संवाद से कायम किए जा रहे इस सम्पर्क को आम जनमानस पूर्णतयः समझ सकता है, जिससे स्थानीय लोग कोरोना महामारी को रोकथाम के लिए बताए जा रहे मानक संचालन की अनुपालना करेंगे। इस अवसर पर कलाकारों ने सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग हिमाचल प्रदेश की होम आईसोलेशन की स्वयं सहायता पुस्तिका भी लोगों को जागरूकता व जानकारी प्रदान करने के लिए वितरित की।
शिमला: कांग्रेस ने शिमला शहर में नगर निगम द्वारा कूड़े के बिल में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि इस महंगाई के दौर में लोगों के साथ यह एक बड़ा अन्याय है।उनका कहना है कि एक तरफ लोगों के कामधंधे बंद पड़े है,लोग बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी से जूझ रहे है और सरकार है कि लोगों पर अपने टेक्स थोप कर अपनी तिजोरी भरने में लगी हैं। प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चैयरमेन हर्षवर्धन चौहान ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया है कि वह अपने खर्चे चलाने के लिए विकास के नाम पर कर्ज पर कर्ज ले रही है।उन्होंने कहा है कि प्रदेश में कोरोना से प्रभावित लोगों की सरकार ने आज दिन तक कोई मदद नही की है।उन्होंने कहा है कि हर रोज डीजल और पेट्रोल के मूल्यों में बृद्धि कर सरकार अपनी तिजोरी तो भर रही है पर यह पैसा कहां खर्च किया जा रहा है इसका किसी को कोई पता नही है। हर्षवर्धन ने कहा है कि कोविड 19 के नाम पर सरकार ने आज दिन तक जितना भी पैसा इकट्ठा किया है उसकी पूरी जानकारी प्रदेश को दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा है कि यह पैसा कहां खर्च किया जा रहा है उसके बारे भी सरकार लोगो को बताये। हर्षवर्धन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से पूछा है कि वह बताये की केंद्र से प्रदेश को कोरोना राहत को कितना धन केंद्र से मिला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह अस्त व्यस्त हो कर रह गई है।सरकार के।पास इस स्थिति से उभरने की कोई योजना नही है।प्रदेश में बेरोजगारी का आंकड़ा दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। लोगों के काम धंधे बंद हो गए है।टूरिज्म व ट्रांसपोर्ट सेक्टर बुरी तरह प्रभावित होकर रह गया है।सरकार ने इनके पुनर्जन्म के लिए कोई भी प्रभाबी योजना नही बनाई है। हर्षवर्धन ने हाल ही में प्रदेश में भारी ओलावृष्टि से हुए फसलों, फलों के नुकसान पर चिंता प्रकट करते हुए कहा है कि सरकार प्रभावित किसानों व बागवानों के नुकसान का जायजा लेकर उन्हें तुरंत फौरी राहत उपलब्ध करवाए जिससे उन्हें कोई मदद मिल सकें। उन्होंने डिपुओं में खाने के तेल,दालों के मूल्य बढ़ोतरी की भी आलोचना करते हुए सरकार से इस मूल्यों बढ़ोतरी,और शिमला नगर निगम द्वारा कूड़े व अन्य टेक्स बढ़ोतरी को तुरंत वापिस लेने की मांग की है। उन्होंने किसानों व बागवानों के केसीसी ऋणों की बसूली भी स्थागित करने की मांग की है।
हिमाचल प्रदेश के बहुतचर्चित गुड़िया रेप और मर्डर केस में दोषी नीलू की सजा पर बहस को लेकर मंगलवार को शिमला जिला अदालत चक्कर में सुनवाई हुई, इस दौरान सीबीआई के वकील और बचाव पक्ष के वकील दोनों ने अपनी दलीलें रखी। अब मामले में 18 जून को सजा का ऐलान किया जाएगा। आज सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि दोषी ने इस घटना को प्लानिंग के तहत अंजाम नहीं दिया था ऐसे में सजा-ए-मौत की सजा नहीं सुनाई जाए। वहीं, सीबीआई के वकील ने कहा कि दोषी पेशेवर अपराधी है और इसे सजा-ए-मौत हो। सीबीआई के वकील ने इस संबंध में निर्भया केस का जिक्र किया और कहा कि दोषी को फांसी की सजा सुनाई जाए। वहीं बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि दोषी की मां उस पर निर्भर है। जबकि सीबीआई के वकील ने कहा कि दोषी के दो और भाई है, वह मां की देखभाल कर सकते हैं। अब 18 जून को दोनों पक्षों को कोर्ट में बुलाया गया है और उस दिन ही सजा का एलान होना है। गौरतलब है कि बहुतचर्चित गुड़िया रेप और मर्डर केस में दोषी नीलू को 28 अप्रैल को दोषी करार दिया गया था। जिसके बाद मामले की पिछली पांच सुनवाईयां कोरोना कर्फ़्यु व बंदिशों के चलते टाल दी गई थी।
हिमाचल प्रदेश में धारा -144 के हटने के साथ ही कोविड-19 ई पास पोर्टल पर पंजीकरण से ज्यादा संख्या में सैलानी पहुंचने लगे हैं। पिछले तीन दिन में पोर्टल में दर्ज आंकड़ों के अनुसार ई-पास स्कैनिंग और आने वालों की संख्या कम हो गई है, जबकि शिमला समेत प्रदेश भर में हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, यूपी और चंडीगढ़ के रजिस्ट्रेशन वाली गाड़ियां सड़कों पर दौड़ती दिख रही हैं। सरकारी सिस्टम के दावों के अनुसार पंजीकरण के संबंधित जिले के एसडीएम से अप्रूव होने के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। पास जारी होने, स्कैन होने और सड़कों पर दौड़ती गाड़ियों की संख्या इस दावे की हवा निकाल रहे हैं। 11 जून को पोर्टल के अनुसार प्रदेश में 3991 पास स्कैन किए गए, जबकि 9586 लोगों ने राज्य की सीमा में प्रवेश किया। 12 जून को यह संख्या घटकर 9278 हो गई। रविवार 13 जून को परवाणू बॉर्डर से एंट्री के लिए हजारों वाहनों के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुए, लेकिन आंकड़ों के अनुसार सिर्फ 7201 लोगों ने ही राज्य में प्रवेश किया। सरकारी सिस्टम के इस दावे और सोशल मीडिया पर सैकड़ों की संख्या में वाहनों के हिमाचल में प्रवेश के फोटो वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने खासी नाराजगी जताई है। कई लोगों ने फेसबुक और ट्विटर जैसे माध्यमों के जरिये सरकार से पूछा है कि कैसे हो सकता है कि सैकड़ों की संख्या में वाहन हिमाचल आ रहे हैं और आने वालों की संख्या कम हो रही है। लोगों ने पंजीकरण और ई-पास की चेकिंग पर सवाल उठाए। उधर, पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश में आने वाले सैलानियों को लेकर एडवाइजरी जारी कर दी है। कहा गया है कि वह कोविड संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें। मास्क न लगाने पर पहली बार पांच सौ रुपये जुर्माना लगेगा, जबकि बार-बार पकड़े जाने पर पांच हजार का जुर्माना और 8 दिन की जेल भी हो सकती है।
प्रदेश में अब 21 जून से हर आयु वर्ग के लोगों को अब बिना स्लॉट बुक करवाए कोरोना वैक्सीन लगेगी। अभी तक युवाओं यानी 18 से 44 आयु वालों को वैक्सीन लगाने के लिए स्लॉट बुकिंग करवानी पड़ रही है। 21 जून से युवाओं के लिए भी स्लॉट बुकिंग करवाने का झंझट खत्म हो जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इससे वैक्सीनेशन को बढ़ावा मिलेगा। राज्य के पास अभी भी 45 साल से ऊपर के लोगों के लिए 7 लाख से ज्यादा डोज उपलब्ध हैं। ऐसे में 21 जून के बाद अब सभी एक ही श्रेणी में आ जाएंगे और यह 7 लाख डोज सभी आयु वर्ग को लगना शुरू हो जाएगी। गौरतलब है कि युवाओं को स्लॉट बुक करवाने के लिए परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। कई लोगों ने शिकायत की है कि स्लॉट बुक नहीं हो रहे हैं और उनका वैक्सीन लगाने में नंबर आएगा या नहीं, ये सबसे बड़ी दुविधा है।
शिमला :स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने आज बताया कि गत सप्ताह में प्रदेश में कोविड-19 पाॅजिटिविटी मामलों की दर 2.4 प्रतिशत दर्ज की गई है। 7 जून से 13 जून, 2021 तक कोविड के कुल 3451 मामले पाए गए है। उन्होंने कहा कि गत सप्ताह राज्य में 142357 कोविड जांच की गई, जो कि एक सप्ताह की अवधि में किए गए परीक्षणों में अभी तक सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर जिला में 170 पाॅजिटिव मामले सामने आए है और पाॅजिटिविटी दर 1.7 प्रतिशत रही है। चंबा में 410 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 4.2 प्रतिशत, हमीरपुर में 223 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 2.1 प्रतिशत, कांगड़ा में 723 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 2.6 प्रतिशत, किन्नौर में 87 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 4 प्रतिशत, कुल्लू में 165 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 1.9 प्रतिशत, लाहौल स्पीति में 47 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 1.3 प्रतिशत, मंडी में 602 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 2.1 प्रतिशत, शिमला में 336 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 3.1 प्रतिशत, सिरमौर में 218 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 2.7 प्रतिशत, सोलन में 220 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 2.4 प्रतिशत और ऊना में 250 पाॅजिटिव मामले और पाॅजिटिविटी दर 1.9 प्रतिशत रही है।
शिमला :एसजेवीएन ने अपनी सौर, पवन, हाईब्रिड (पवन एवं सौर) तथा हाइब्रिड (पवन, सौर एवं बैटरी स्टोरेज) ऊर्जा परियोजनाओं के विकास के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ विंड एनर्जी (एनआईडब्ल्यूई) से तकनीकी परामर्शी सेवाओं को प्रदान करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। एनआईडब्ल्यूई सौर, पवन, मिश्रित (पवन एवं सौर) तथा मिश्रित (पवन, सौर एवं बैटरी स्टोरेज) ऊर्जा परियोजनाओं की संभाव्यता तथा तकनीकी व्यवसायिक पक्षों के मूल्यांकन तथा विभिन्न परियोजनाओं की संकल्पना से लेकर कमिशनिंग तक के सभी संबंधित पक्षों को शामिल करते हुए विस्तृत परियोजना रिपोर्टें, लागत अनुमान तथा बोली दस्तावेजों की तैयार करने में एसजेवीएन को सहयोग देगा। इस अवसर परएसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नन्द लाल शर्मा ने कहा कि भारत सरकार 2022 तक 175 गीगाबाइट तथा 2030 तक 450 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता की स्थापना करने के लक्ष्य पर चल रही है और इस परिप्रेक्ष्य में एसजेवीएन तथा एनआईडब्ल्यूई के संयुक्त प्रयासों से इस लक्ष्य को प्राप्त करने और हमारे राष्ट्र को अबाधित बिजली उपलब्ध कराने के लक्ष्य की प्राप्ति में तेजी आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इन प्रयासों से एसजेवीएन के सन 2040 तक 25000 मेगावाट कंपनी बनने के सांझे विज़न को पूरा किया जा सकेगा।
शिमला :प्रदेश में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए, सरकार ने राज्य में प्रवेश करने के लिए आरटीपीसीआर आवश्यकता की शर्त को हटा दिया है, लेकिन साथ ही कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों का उल्लंघन करने की किसी को अनुमति नहीं दी गई है। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां इलेक्ट्राॅनिक मीडिया के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करते हुए कही। जय राम ठाकुर ने कहा कि पूरे देश में अन्तरराज्यीय आवाजाही की अनुमति दी गई है और हिमाचल प्रदेश ने यह भी निर्णय लिया है कि राज्य में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए कोविड ई-पास साॅफ्टवेयर में पंजीकरण के माध्यम से निगरानी की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रवेश करने के इच्छुक सभी व्यक्तियों को अब इस आॅनलाइन साॅफ्टवेयर में अपना विवरण दर्ज करना आवश्यक है और उनके आगमन का विवरण सभी संबंधित हितधारकों के साथ सांझा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि होटल व्यवसायियों को राज्य सरकार द्वारा जारी मानक संचालन प्रणाली का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने पर्यटकों से सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और फेसमास्क पहनने व परस्पर दूरी के नियम के अनुपालन का भी आग्रह किया। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में टीकाकरण अभियान सुचारू रूप से चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की लोगों को वैक्सीन की लगभग 25.17 लाख खुराकें लगाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण अभियान को समय पर पूरा करने के प्रयास जारी हैं।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने विभिन्न छात्र मांगो को लेकर यूआईआईटी निदेशक डॉ पी एल शर्मा का घेराव किया। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ए ग्रेड शिक्षण संस्थान है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के यूआईआइटी में इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सिविल, आईटी, सीएसई ट्रेडस में बीटेक कोर्स है जिसमें 1000 के करीब छात्र छात्राएं एक सुनहरे भविष्य की सोच लेकर पढ़ाई करते हैं। लेकिन हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की लापरवाही के कारण आज इन्हीं छात्रों के सपनों पर पानी फिरता नज़र आ रहा है। ज्ञात हो कि यूं तो बीटेक के पहले, तीसरे, पांचवे व सातवें सेमेस्टर की परीक्षाएं दिसंबर में होनी थी, कोविड महामारी के चलते ये परीक्षाएं अप्रैल में होनी थी लेकिन महामारी के चलते ये परीक्षाएं नहीं हो पाई। इकाई सचिव आकाश नेगी ने कहा कि पिछले सप्ताह ही अभाविप ने छात्र मांगो को लेकर यूआईटी निदेशक को ज्ञापन सौंपा था लेकिन बावजूद इसके यूआईटी प्रशासन द्वारा छात्र हितों में कोई फैसला नहीं लिया गया। आकाश नेगी ने कहा कि कोविड महामारी के चलते बहुत लोगों ने अपनी नौकरी से हाथ धोया है और आर्थिक तंगी झेल रहे हैं, साथ ही साथ बहुत से छात्रों ने अपने स्वजनों को भी महामारी के दौरान खोया है, ऐसे में कम समय में 48000 की फीस जमा करवाने में छात्र असमर्थ हैं। इसलिए अभाविप का मत है कि छात्रों को फीस जमा करने हेतु अतिरिक्त समय दिया जाए। लेकिन बेसुध यूआईटी प्रशासन छात्र हितों को दरकिनार करते हुए कोई भी फैंसला इस बारे में अब तक नहीं ले पाया है। जहां फीस जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून है साथ ही साथ देरी से फीस जमा करने पर 1000 से लेकर 5000 तो का जुर्माना भी है जो वर्तमान संदर्भ में व्यवहारिक नहीं है। साथ ही साथ आकाश नेगी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन अन्य संस्थानों की तर्ज पर पहले, तीसरे, पांचवे व सातवें सत्र की परीक्षा ऑनलाइन करवाए या असाइनमेंट लेकर मूल्याकन करे या फिर ओपन बुक परीक्षा करवाए ताकि छात्रों पर अतिरिक्त तनाव न बढ़े। कोविड महामारी के दौरान अनेक परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं ऐसे में इतने कम समय में फीस जमा करने का फैंसला गलत है। अतः फीस जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए तथा छात्रों से सिर्फ ट्यूशन फीस ही ली जाए। इन्हीं सभी मुद्दों को लेकर अभाविप ने यूआईटी निदेशक का घेराव किया और फीस जमा करने की अंतिम तिथि बचाने को लेकर 15 जून दोपहर 12 बजे तक का अल्टिमेटम दिया। यदि यूआईटी प्रशासन जल्द फीस जमा करने की अंतिम तिथि नहीं बढ़ता तो अभाविप अपने आंदोलन को और तेज करेगी ।
निर्वासित तिब्बती सरकार के शिमला की मुख्य प्रतिनिधि अधिकारी तेन्जिन नावंग ने निर्वासित तिब्बती सरकार के राष्ट्रपति पेंपा सेरिंग की ओर से मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को एक पत्र प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री को संबोधित किए गए इस पत्र में राष्ट्रपति ने प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान किए गए सहयोग के लिए मुख्यमंत्री और महामहिम दलाई लामा व तिब्बती लोगों को घर के समान परिवेश प्रदान करने के लिए प्रदेशवासियों का आभार व्यक्त किया। शिमला की मुख्य प्रतिनिधि अधिकारी की कार्यालय सचिव सेरिंग छोज़ोम भी इस अवसर पर उपस्थित थीं।
कोरोना संक्रमण संकट काल में प्रगतिशील किसान नन्दलाल ने उत्तम खेती, मध्यम बान: निकृष्ट चाकरी, भीख निदान को चरितार्थ करते हुए पुश्तैनी व्यवसाय खेतीबाड़ी को आगे बढ़ाते हुए शिमला के नजदीक शोघी के थड़ी पंचायत के शलोेग गांव के प्रगतिशील किसान नंदलाल वैश्विक महामारी के चलते भी वर्तमान में अनेक प्रकार की फसलें व सब्जियां पैदा कर खेतीबाड़ी के माध्यम से गिरती हुई अर्थव्यवस्था में भी लोगों को सब्जी व फलों की उपलब्धता के साथ-साथ अपने परिवार की आर्थिकी को सुदृढ़ करने में सतत् रूप से सक्रिय है। नंदलाल वर्मा ने अपनी अथक मेहनत, प्रयत्न व परिश्रम से कृषि क्षेत्र में विभिन्न नकदी फसलों की उपज कर न सिर्फ एक ठोस आय अर्जित की है बल्कि अपने प्रयासों से अन्य कृषकों को खेतीबाड़ी के लिए प्रेरित करने के लिए अनुकरणीय उदाहरण भी पैदा किए है। नंदलाल वर्मा बताते है कि उन्होंने पुश्तेनी खेतीबाड़ी को पारम्परिक खेती के तरीकों से इत्तर नई तकनीक को अपनाते हुए विभिन्न फसलों के उत्पादन की ओर अपने श्रम को अग्रसर किया। उन्होंने बताया कि इस निर्णय का मूल उद्देश्य साल में विभिन्न फसलों के माध्यम से निरन्तर आर्थिक मुनाफा अर्जित करना था। उन्होंने कार्य को आगे बढ़ाते हुए नकदी फसलें उगाने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों के सहयोग से पाॅलिहाउस लगाया, जिसके लिए विभाग की ओर से 80 प्रतिशत उपदान दिया गया। उन्होंने नकदी फसलें उगाने के लिए सिंचाई की आवश्यकता अनुरूप एक बड़े टैंक का निर्माण भी किया, जिसमें विभाग द्वारा 70 हजार रुपये का उपदान दिया गया। बड़े उन्मुक्त भाव से वो बताते है कि उनके पास लगभग 10 बीघे सिंचाई योग्य जमीन है, जिसमें वर्तमान में शिमला मिर्च, टमाटर, आलू, फूल गोभी की फसल लगा रखी है। साल में अलग-अलग प्रकार की फसलों को उगाने के फलस्वरूप सभी फसलों को बेच कर सालाना 6 लाख रुपये से अधिक की आमदनी नंदलाल अर्जित करते हैं। खुमानी, आड़ू, नाशपति के पौधे भी लगाए नंदलाल वर्मा बताते है कि नकदी फसलों के अतिरिक्त खुमानी, आडू, पलम, नाशपती, स्ट्राॅबैरी, अंजीर, सेब के पौधे भी लगाए हैं, जिससे आमदनी आरम्भ हो चुकी है। वर्षा जल संग्रहण के तहत इनके द्वारा पानी एकत्र करने के लिए इन्होंने 50 हजार लीटर का एक बड़ा टैंक निर्मित किया है, 6 फुट गहरे इस टैंक के माध्यम से पौधों की सिंचाई की जाती है। इसके अतिरिक्त खेत में 35 फुट लम्बा एक अन्य पानी के टैंक का निर्माण भी सरकार की योजना के तहत किया गया है, जिससे खेतों को सिंचित करने की प्रक्रिया की जाती है। नंदलाल वर्मा सहज भाव से बताते है कि उन्हें सब्जी व फलों को कोरोना संक्रमण संकटकाल में बेचने के लिए कहीं भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ी। उन्होंने बताया कि जब शिमला मिर्च की पैदावार हुई तो खरीददार स्वयं खेत तक पहुंचे। आलू की फसल को लेने के लिए भी लोग खेतों में आने लगे। उन्होंने बताया कि कोरोना संकटकाल में भी खेती के कार्य ने उन्हें किसी भी आर्थिक संकट का सामना नहीं करने दिया। आज के दौर में भी वो बड़े हर्ष के साथ कहते है कि कृषि कार्य सच में हमारे समाज में सर्वोत्तम कार्य है और उत्तम खेती, मध्यम बान: निकृष्ट चाकरी, भीख निदान को खेती आज भी चरितार्थ करती है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर को साईकल चलानी नहीं आती। जब वे महंगाई के खिलाफ साईकल प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए साईकल पर बैठे तो सहारे की जरुरत पड़ गई। ऐसे में भाजपा और विरोधियों को मौका मिल गया। पर देखने वाली बात ये है कि असहजता के साथ ही सही सबके सहयोग से राठौर ने साईकल भी बैलेंस कर ली और संगठन भी चल ही रहा है। अच्छी बात ये है कि उन्हें गिराने की कोशिश करने वाले कम ही दिखते है।
कोरोना कर्फ्यू में ढील के बाद प्रदेश में रविवार को हज़ारों सैलानियों ने हिमाचल का रुख किया। वीकेंड पर सोलन के चायल में 80, शिमला और डलहौजी में 30 फीसदी होटल पैक हो गए हैं। मनाली में ऑक्यूपेंसी 10 फीसदी रही। इससे होटल कारोबारियों के चेहरे खिल गए हैं। मनाली में सोमवार को 2500 होटलों में से 50 फीसदी होटल खुलने का अनुमान था, लेकिन रोहतांग दर्रा पर्यटकों के बहाल होने के कारण 500 होटल रविवार को ही खुल गए। हिमाचल में सरकारी और निजी करीब 20 हजार होटल हैं। इनमें चार पंजीकृत, 6 हजार गैर पंजीकृत और 10 हजार होम स्टे और ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट इकाइयां हैं। गौरतलब है कि सोलन जिले में रविवार को एक दिन में 4500 वाहनों ने किया प्रवेश। कांगड़ा जिले के बॉडरों से 227 लोगों ने आवागमन किया। बिलासपुर के स्वारघाट बॉर्डर से 1704 पर्यटकों ने प्रवेश किया। पांवटा बैरियर से रविवार को 646 लोगों ने प्रवेश किया। हालांकि, सूबे के प्रवेश द्वारों पर वाहनों की चेकिंग के दौरान ज्यादा सख्ती भी नहीं दिखाई गई।
प्रदेश में आज 25 हज़ार 951 लोगों को वैक्सीन कि डोज़ दी जाएगी। इसके लिए हिमाचल सरकार ने प्रदेश में 266 टीकाकरण केंद्र स्थापित किए है। इन सभी टीकाकरण केंद्रों में टीका लगवाने के लिए 12 जून को स्लॉट बुक कर दिया गया था। गौरतलब है कि प्रदेश में पहले वैक्सीनेशन के लिए स्लॉट बुकिंग का समय 2:50 से 3:00 बजे का था जोकि अब बदल कर दोपहर 12 बजे कर दिया गया है। वैक्सीनेशन के लिए सभी सेशन एक दिन पहले बुक किए जाएगा। राज्य सरकार द्वारा सीरम इंस्टीट्यूट पुणे से 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के लिए खरीदी गई वैक्सीन कि खेप हिमाचल पहुंच गई है। हिमाचल पहुंची वैक्सीन की सभी खुराकें 21 जून से पहले 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग को लगाई जानी है। इसके बाद 18 वर्ष व इससे अधिक आयु वर्ग के लाभार्थियों के लिए टीकाकरण का चौथा चरण भारत सरकार से वैक्सीन की आपूर्ति होने के बाद शुरू किया जाएगा। प्रदेश में इस आयु वर्ग के लाभार्थियों के लिए टीकाकरण सत्र 14, 15, 16, 17 और 18 जून को होंगे।
बीते शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में जयराम सरकार ने परिवहन सेवा को हर झंडी दिखा दी थी। जिसके बाद आज सुबह 6 बजे से हिमाचल प्रदेश में बसों का संचालन शुरू हो गया। बरहाल परिवहन निगम केवल 1004 रूटों पर अपनी बसों का संचालन करेगा। बता दें कि कोरोना कर्फ्यू की बंदिशे परिवहन सेवा पर लागू नहीं होगी। वंही, बसों में सवारियों की डिमांड के अनुसार निगम रूटों की संख्या को बढ़ाएगा। कैबिनेट के फैसले के अनुसार आज से बाजारों में सुबह नौ से शाम पांच बजे तक रौनक रहेगी। सभी तरह की दुकानें सोमवार से शुक्रवार तक खुलेंगी। सरकारी कार्यालय भी सोमवार से शुक्रवार तक 50 फीसदी स्टाफ के साथ काम करेंगे। शनिवार और रविवार को सिर्फ जरूरी सामान की दुकानें खुलेंगी। टैक्सी व मैक्सी में व निजी वाहन सौ फीसदी सवारियों के साथ चल सकेंगे। गौरतलब है कि प्रदेश में शाम पांच बजे से सुबह पांच बजे तक कोरोना कर्फ्यू जारी रहेगा। उधर, कोरोना कर्फ्यू में ढील के बाद हिमाचल तीन हजार से ज्यादा होटलों के ताले भी खुल गए हैं। राज्य में दाखिल होने वाले देश के किसी भी राज्य के पर्यटक को कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट नहीं लानी होगी। पर्टकों को केवल प्रदेश में प्रवेश के लिए कोविड-19 ई पास पोर्टल पर पंजीकरण जरूर कराना होगा। उसे देखने के बाद ही सीमा पर तैनात पुलिस पर्यटकों को प्रवेश करने देगी।
शिमला :भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में प्रदेश सरकार द्वारा समयबद्ध लिए गए कोरोना कर्फ्यू जैसे उचित निर्णयों के कारण प्रदेश में कोरोना मामलो में दिन-प्रतिदिन गिरावट आ रही है जोकि प्रदेश की जनता के लिए सुखद समाचार है। अब परिस्थितियां पुनः सामान्य हो रही है । भाजपा ने इस कोविड-19 संकट काल के समय सेवा ही संगठन भाग 2 के अंतर्गत उत्तम कार्य किया है। सभी कार्यकर्ताओं ने निष्ठा पूर्वक बूथ स्तर तक जनसेवा का काम किया है। भाजपा प्रदेश पदाधिकारी, भाजपा मोर्चाें एवं प्रकोष्ठों सभी ने प्रदेश से लेकर बूथ स्तर तक अपनी अपनी भूमिका निभाई है। सुरेश कश्यप ने कहा कि सेवा ही संगठन कार्य की समीक्षा एवं आगामी कार्य योजना हेतु 15, 16 एवं 17 जून को भाजपा अपने पूर्व में किए गए कार्यों की समीक्षा और आगामी योजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा होटल पीटरहाॅफ में करेगी। उन्होंने कहा कि सेवा ही संगठन भाग 2 की समीक्षाओं के लिए भाजपा की छोटी बैठकें 15 जून 2021 मंगलवार को शिमला के होटल पीटरहॉफ में प्रारंभ होने जा रही है। इन बैठकों में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर केंद्रीय वित्त मंत्री अनुराग ठाकुर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना भाजपा प्रदेश सह प्रभारी संजय टंडन विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। सभी विशिष्ट नेतागण 15 जून को पीटरहॉफ पहुंचेंगे और पहली बैठक शाम 4.00 बजे प्रारंभ होगी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने बताया कि 16 जून को प्रथम बैठक 9.00 बजे प्रारंभ होगी उसके उपरांत शाम 4.00 बजे 2017 विधानसभा चुनावों में प्रत्याशियों के साथ बैठक की जाएगी इसी दिन शाम 7.00 बजे भाजपा के सभी प्रकोष्ठों के प्रदेश संयोजकों के साथ बैठक होगी उन्होंने बताया कि इसी प्रकार 17 जून को प्रथम बैठक प्रातः 9.00 बजे प्रारंभ होंगी जिसमें सभी मोर्चों के प्रदेश अध्यक्ष एवं महामंत्री भाग लेंगे उसके उपरांत 11.00 बजे सभी संसदीय क्षेत्र जिला एवं मोर्चों के प्रभारियों के साथ बैठक की जाएगी दोपहर 2.30 बजे बोर्ड निगमों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों के साथ बैठक होगी शाम 4.30 बजे जिला शिमला की बैठक की जाएगी। केन्द्रीय अधिकारी सेवा ही संगठन भाग-2 लोकर आगामी योजनाओं पर चिंतन एवं मंथन करेंगे। उन्होंने बताया कि बैठक में सेवा ही संगठन भाग 2 के अंतर्गत किए गए सेवा कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा की जाएगी ताकि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को कोविड महामारी के संक्रमण से बचाया जा सके। उन्होनें कहा कि इन बैठकों में कोविड नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश वर्चुअल माध्यम से कार्यसमिति, जिला एवं मण्डलों की कार्यसमिति एवं प्रशिक्षण वर्ग आगामी समय में आयोजित किए जाएंगे जिसकी रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।
शिमला: स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि कोविड-19 की सम्भावित तीसरी लहर से निपटने के लिए कार्य योजना बनाने हेतू राज्य सरकार ने निदेशक स्वास्थ्य शिक्षा की अध्यक्षता में समिति का गठन किया है। उन्होंने कहा कि यह समिति डेटा विश्लेषण, अन्य राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के अनुभवों और कोविड-19 की अगली लहर से निपटने के लिए योजना तैयार करने तथा इस वायरस के बदलते स्वरूप को देखते हुए परामर्श देगी। उन्होंने कहा कि यह समिति वर्तमान स्थिति का आंकलन करने के बाद कोविड-19 की तीसरी लहर के लिए कार्य योजना शीघ्र प्रस्तुत करेगी। यह समिति राज्य में अस्पताल अधोसरंचना को सुदृढ़ करने, ऑक्सीजन और दवाओं की आपूर्ति जैसी स्वास्थ्य आवश्यकताओं के बारे में अनुमान प्रस्तुत करेगी। यह समिति बच्चों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आइसोलेशन बिस्तरों, ऑक्सीजनयुक्त बिस्तरों, आईसीयू बिस्तरों और वेंटिलेटर्ज की संख्या में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए भी कार्य योजना प्रस्तुत करेगी ताकि कोविड-19 महामारी से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके। प्रवक्ता ने कहा कि विभाग तीसरी लहर के प्रबंधन तथा इसके प्रभाव कोक म करने के लिए रणनीति तैयार करने पर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय लिया गया है कि सुविधाएं अग्रिम रूप में चिन्हित की जाएगी ताकि विभिन्न स्तरों पर मामलों के बढ़ने की स्थिति में यह फैसला लिया जा सके कि किस क्षेत्र में किस अस्पताल को सक्रिय किया जाना है। उन्होंने कहा कि समिति तीसरी लहर के दौरान आपातकालीन सेवाओं, विशेषकर आॅक्सीजन और महत्वपूर्ण दवाएं जैसे टाॅकलिजुमैब, रेमडेसिविर आदि की आपूर्ति प्रबन्धन के लिए परामर्श देगी।
शिमला : स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने आज कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट पुणे से 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के लिए राज्य सरकार द्वारा खरीदी गई कोविड-19 वैक्सीन की खेप प्रदेश में पहुंच गई है और प्रदेश भर में इस आयु वर्ग के लाभार्थियों के लिए टीकाकरण सत्र 14, 15, 16, 17 और 18 जून, 2021 को आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश पहुंची वैक्सीन की सभी खुराकें 21 जून, 2021 से पहले इस आयु वर्ग के लोगों को लगाई जानी है । इसके बाद 18 वर्ष व इससे अधिक आयु वर्ग के लाभार्थियों के लिए टीकाकरण का चैथा चरण भारत सरकार द्वारा वैक्सीन की आपूर्ति प्राप्त होने के बाद शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे पहले 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के लाभार्थियों के लिए टीकाकरण सत्र टीकाकरण वाले दिन से दो दिन पूर्व प्रकाशित 2.30 बजे से 3.00 बजे के बीच प्रदर्शित किए जाते थे लेकिन अब वैक्सीन उपलब्ध हो जाने के बाद टीकाकरण सत्र 15, 16, 17 और 18 जून, 2021 को टीकाकरण वाले दिन से एक दिन पूर्व दोपहर 12 से 1 बजे तक प्रदर्शित किए जाएंगे ताकि सभी पात्र लाभार्थी अपनी अप्वाइंटमेंट शेड्यूल करवा सके। उन्होंने सभी से आग्रह किया है कि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए लाभार्थी अपनी अप्वाइंटमेंट शेड्यूल होने के बाद ही टीकाकरण केंद्र पर आएं। उन्होंने कहा कि जनजातीय व दुर्गम क्षेत्रों में ही ऑनसाइट पंजीकरण की सुविधा और स्थानीय प्रशासन के निर्णय के अनुसार ही शेड्यूलिंग की अनुमति प्रदान की जाएगी। प्रवक्ता ने कहा कि 14 जून, 2021 को आयोजित किए जाने वाले टीकाकरण के लिए प्रदेश भर में 266 टीकाकरण केंद्र बनाए गए है और 25,951 लोगों ने टीकाकरण के लिए अपने शेड्यूल बुक किए है। उन्होंने सभी लोगों से टीकाकरण केंद्रों में कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन करने का आग्रह किया है। प्रवक्ता ने कहा कि 14 जून, 2021 को प्रदेश के विभिन्न जिलों में कुल 266 टीकाकरण सत्रों के लिए जिला बिलासपुर में 14 जून, 2021 को 14 सत्र में 1399, चंबा में 19 सत्र में 1718, हमीरपुर में 16 सत्र में 1598, कांगड़ा में 58 सत्र में 5800, किन्नौर में 4 सत्र में 40, कुल्लू में 17 सत्र में 1700, मंडी में 39 सत्र में 3897, शिमला में 33 सत्र में 3300, सिरमौर में 23 सत्र में 2299, सोलन में 24 सत्र में 2400 और ऊना में 18 सत्र में 1800 लोगों ने टीकाकरण के लिए पंजीकरण किया है।
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने एक बार फिर शिक्षा बोर्ड पर बच्चों के अनहित होने का आरोप लगाए हैं उन्होंने कहां की शिक्षा बोर्ड का क्राइटेरिया मेरिटोरियस बच्चों के हित में नहीं है चौहान ने आरोप लगाया कि स्कूल शिक्षा बोर्ड ने बच्चों के भविष्य के लिए होने वाले इतने बड़े निर्णय के लिए कोई भी अभ्यास नहीं किया जिससे इन बच्चों का भविष्य उज्जवल हो सकें और मेरिटोरियस बच्चों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ ना हो । हैरानी की बात है कि बोर्ड ने इतने बड़े निर्णय लेने से पहले पंजीकृत शिक्षक संघों एवं शिक्षाविद व अभिभावकों से भी मंत्रणा करना उचित नहीं समझा । चौहान ने कहा कि 10वीं और 12वीं के हिंदी और अंग्रेजी का जो पेपर हुआ है उसके लिए क्राइटेरिया लगाना कितना तर्कसंगत है उन्होंने उदाहरण देकर कहा कि बहुत से बच्चे जिनका अंग्रेजी या हिंदी में एनुअल पेपर में 85 या 90 नंबर आ रहे हैं और प्री बोर्ड व फर्स्ट ,सेकंड टर्म के क्राइटेरिया के आधार पर जिसमें 40 नंबर प्री बोर्ड के रख दिए गए हैं और केवल मात्र पांच नंबर ही एनुअल पेपर के क्राइटेरिया मे रखे गए है तो criteria के आधार पर यदि बच्चे के कुल मार्क्स 80 ही बनते हो तो उस बच्चे को 90 नंबर की जगह जो उसने वार्षिक परीक्षा में वास्तव में अर्जित किए हैं उसके स्थान पर 80 नंबर देना कितना उचित है । यह एक बहुत बड़ी खामी शिक्षा बोर्ड के क्राइटेरिया में झलक कर सामने आ रही है जिससे अच्छे बच्चों के भविष्य के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ हो सकता है। चौहान ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए बोर्ड को सलाह दी कि क्राइटेरिया में दोनों विकल्प रखे जाए , बच्चों द्वारा क्राइटेरिया में लिए गए नंबर अथवा वार्षिक परीक्षा में अर्जित किए गए नंबर में से जो ज्यादा है वह नंबर बच्चे को मिलने चाहिए । वास्तव में बच्चा उसका हकदार भी है। वैसी भी प्री बोर्ड परीक्षाएं जिसके लिए हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ और अन्य संगठन व अभिभावक और शिक्षाविद् इसके पक्ष में नहीं थे और ना ही बच्चे पूरी तरह से इन परीक्षाओं को देने के लिए मानसिक रूप से त्यार थे इसलिए इन परीक्षाओं को बच्चे के वार्षिक परिणाम के लिए 40% का आधार बनाना संघ को राज नहीं आ रहा है यह सरासर बच्चों के साथ अन्याय व ज्यादती लग रहा है इसलिए हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ मुख्यमंत्री ,शिक्षा मंत्री, शिक्षा विभाग एवम शिक्षा बोर्ड से अनुरोध करता है के इस पर पुनर्विचार किया जाए और अर्जित किए गए अंकों के आधार पर ही अन्य पेपर का भी क्राइटेरिया में जगह रखी जाए केवल मात्र फेल हो रहे बच्चों के लिए ये क्राइटेरिया अपनाया जाए क्योंकि मेरीटोरियस बच्चों को इससे उनकी मेरिट में नुकसान हो सकता है संघ के अध्यक्ष ने कहा कि उन्हे प्रदेश की विभिन्न कोनों से स्कूल प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों के फोन आ रहे हैं और और वे बच्चों के हित में इस क्राइटेरिया में कुछ बदलाव की मांग कर रहे हैं इसलिए संघ छात्र हित में सरकार व शिक्षा बोर्ड के समक्ष अपना पक्ष रख रहा है इस संदर्भ में संघ लिखित में भी शिक्षा बोर्ड को एक ज्ञापन सौंपने वाला है।
शिमला :भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी द्वारा शिमला नगर निगम के अंतर्गत मज्याठ वार्ड में सेनीटाइज़ेशन अभियान चलाया गया। मज्याठ के हर घर में यह अभियान चलाया गया। सेनीटाइज़ेशन अभियान में विजेंद्र मेहरा,बालक राम,दलीप सिंह,टेक चंद,सौरभ कौंडल,नीरज चंदेल,हरविंदर कुमार,कुलदीप चंद आदि शामिल रहे। पार्टी के जिला सचिवमण्डल सदस्य विजेंद्र मेहरा व लोकल कमेटी सदस्य बालक राम ने कहा है कि पार्टी का सेनीटाइज़ेशन अभियान चौबीसवें दिन भी जारी रहा। इस अभियान के तहत मज्याठ वार्ड के मज्याठ के बाद शिवनगर व न्यू टूटू में भी अभियान जारी रहेगा। इसके बाद अभियान के अगले चरण में टूटू के सरकारी स्कूल के इर्द गिर्द व टूटू बाजार में यह अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने नगर निगम शिमला से मांग की है कि वह भी नगर निगम के अंतर्गत आने वाले सभी चौंतीस वार्डों में सेनीटाइज़ेशन अभियान सुनिश्चित करे। उन्होंने नगर निगम प्रशासन पर आरोप लगाया है कि कोरोना काल में नगर निगम ने जनता के स्वास्थ्य के सम्बंध में कोई भी कार्य नहीं किया है। नगर निगम जनता की कोई भी मदद करने में विफल रहा है। वह शहर के सेनीटाइज़ेशन तक नहीं कर पाया जो उसकी लचर व गैर जिम्मेवार कार्यप्रणाली को दर्शाता है। उन्होंने कहा है कि पार्टी इस अभियान को शहर के सभी चौंतीस वार्डों में आयोजित करेगी।
शिमला :मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज निदेशालय परिवहन भवन के निकट सुनील उपाध्याय शैक्षणिक ट्रस्ट के सुनील सदन का भूमि पूजन किया। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने इस अवसर पर हवन में भी भाग लिया। इस भवन का निर्माण प्रदेश में सुनील उपाध्याय शैक्षणिक ट्रस्ट की आयुष गतिविधियों को संचालित करने के लिए किया जा रहा है। भविष्य में इस कार्यालय के माध्यम से अनेक गतिविधियां चलाई जाएंगी। कार्यालय में एक वैलनेस सेंटर भी खोला जाएगा, जिसके माध्यम से योग प्रशिक्षण, शारीरिक व्यायाम आदि गतिविधियां चलाई जाएगी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के सह संगठन मंत्री प्रफुल्ला आकांत, उत्तर क्षेत्रीय संगठन सचिव विक्रांत खण्डेवाल, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. नागेश ठाकुर, प्रांत प्रचारक संजय, संगठन मंत्री गौरव अत्री, ट्रस्ट के सचिव डाॅ. सुरेन्द्र शर्मा, सह सचिव डाॅ. नितिन व्यास भी अन्य सहित इस अवसर पर उपस्थित रहे।
कोरोना काल में गत्त वर्ष के कटु अनुभवों के बावजूद भी प्रदेश सरकार सेब सीज़न की तैयारियों को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नही हैं यह बात पूर्व मुख्य संसदीय सचिव व जुब्बल नावर कोटखाई के पूर्व विधायक रोहित ठाकुर ने कही। उन्होंने कहा कि सरकार के हस्तक्षेप के अभाव व कोरोना की आड़ में कार्टन फैक्ट्रियों ने पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष पैकेजिंग सामग्री के दामों में 25% तक बढ़ोतरी कर ली है। जिससे अब बागवानों को प्रति पेटी कार्टन और ट्रे पर ₹25 से ₹30 रुपये अतिरिक्त देने पड़ेंगे। रोहित ठाकुर ने कहा कि कार्टन व ट्रे के दाम में कोई बढ़ोतरी न होने का बाग़वानी मंत्री का बयान जनता को गुमराह करने वाला हैं या मंत्री इस सच्चाई से परिचित नही हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकार ने अपने स्तर पर कार्टन और ट्रे के टेंडर तो आमंत्रित कर दिए लेक़िन अभी तक इन्हें अंतिम रूप नहीं दिया गया जबकि कुछ दिनों में ही कम ऊंचाई वाले स्थानों में अर्ली वैरायटी के सेब का तुड़ान शुरू हो जाएगा और स्टोन फ्रूट का सीज़न जोरों से चला हुआ हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि उपरी शिमला में ओलावृष्टि और तूफ़ान का क्रम रुकने का नाम नहीं ले रहा। तूफ़ान से सेब सहित अन्य फ़सलों के साथ-2 घरों व गौशालाओं को भारी नुक़सान पहुँचा हैं। उन्होंने सरकार से ओलावृष्टि और तूफ़ान से प्रभावित किसानों को अविलम्ब राहत देने की मांग की है । इसके पहले अप्रैल माह में भी बेमौसमी बर्फबारी और ओलावृष्टि से सरकारी आंकलन के अनुसार सेब की बागवानी को ₹ 254 करोड का नुक़सान हुआ हैं जिसकी भरपाई के लिए सरकार ने कोई भी कार्यवाही नही की हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बागवानी क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित ₹1134 करोड रुपए का बागवानी विकास प्रोजेक्ट जनता को समर्पित किया गया था लेकिन भाजपा सरकार के उदासीन रवैए के चलते पिछले 3 वर्षों में प्रोजेक्ट के तहत मात्र ₹296 करोड रुपए ही खर्च हुए हैं जो कि स्वीकृत प्रोजेक्ट राशि का मात्र 26% है। कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने प्रदेश की आर्थिकी में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कृषि क्षेत्र को प्रभावित किया हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष कोरोना काल में जहां हर क्षेत्र ने पूरी तरह से घुटने टेक दिए थे वही किसानों की कड़ी मेहनत और इच्छाशक्ति से कृषि और बाग़वानी क्षेत्र मजबूती से खड़ा रहा । कृषि क्षेत्र का प्रदेश की विकास दर में 13% प्रतिशत का योगदान हैं जबकि प्रदेश की 70% जनता को भी इस क्षेत्र में रोजगार मिलता हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कृषि क्षेत्र में सर्वाधिक ₹5000 करोड़ रुपए की आर्थिकी पैदा करने वाली नक़दी फ़सल सेब की मुख्य भूमिका हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से जूझने के बाद अब सेब पर स्कैब, मार्सेलोना, स्केल, माईट जैसी बीमारियों ने दस्तक दे दी हैं और ये पहली सरकार हैं जिसने किसानों को दवाइयों पर मिलने वाले अनुदान को ही बंद कर दिया। रोहित ठाकुर ने कहा कि जिला शिमला में सड़कों की दुर्दशा बनी हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले 3 वर्षों में जिला शिमला में सड़क का एक भी नया प्रोजेक्ट केंद्रीय सड़क निधि (Central Road Fund) के तहत स्वीकृत नहीं हुआ और ना ही कोई सड़क वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट में डाली गई। रोहित ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार जिला शिमला के साथ सौतेला व्यवहार कर रही हैं। कृषि उत्पादों को मंडियों तक पहुँचाने की दृष्टि से अतिमहत्वपूर्ण छैला नैरीपुल औच्छघाट हॉर्टिकल्चर सड़क को भी वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट से निकाल दिया हैं जो कि जिला शिमला के प्रति भाजपा सरकार की संकीर्ण मानसिकता को दिखाता हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि सेब बाहुल्य क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों में सड़कों की हालत दयनीय बनी हुई है और वहीं ठियोग हाटकोटी सड़क योजना में पिछले 4 वर्षो से मात्र 8% शेष निर्माण कार्य भी पूरा नही हो पाया। उन्होंने कहा कि सरकार सेब सीज़न से पहले ग्रामीण इलाक़ो की सड़कों को युद्ध स्तर पर सुधारें व ठियोग हाटकोटी सड़क योजना के लंबित पड़े निर्माण कार्य में भी तेजी लाएं। रोहित ठाकुर ने कहा कि पेट्रोल और डीज़ल के दाम ₹100 का आंकड़ा पार कर चुके हैं जिसके चलते कृषि क्षेत्र में लागत बढ़ती जा रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से MIS के तहत किसानों और बाग़वानों की पिछले तीन वर्षों से लम्बित पड़ी ₹28 करोड़ की बकाया राशि को अविलम्ब जारी करने का आग्रह किया हैं। रोहित ठाकुर कि कहा कि सेब पर लागत बढ़ने से मंडी मध्यस्थता योजना के तहत सेब पर इस वर्ष समुचित समर्थन मूल्य भी बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में लागत बढ़ने व लॉकडाउन से सब्जी और फूल उत्पादकों को भारी नुक़सान उठाना पड़ रहा हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि किसानों को राहत देने के लिए केरल मॉडल की तरह सब्जियों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करने पर सरकार को गम्भीरतापूर्वक विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के हित में न होने के चलते कारगर सिद्ध नही हो पाई और हर वर्ष किसानों का इस योजना के प्रति मोह भंग होता जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि उद्यान विभाग में स्वीकृत उद्यान विकास अधिकारी के 264 पदों में से 160 पद रिक्त पड़े हैं इसी तरह उद्यान विस्तार अधिकारी के कुल 512 स्वीकृत पदों में 126 पद खाली चल रहें हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उद्यान विभाग में रिक्त पड़े पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएं।
जून में हर वर्ष कॉलेजों में अवकाश रहता है। ऐसे में इस वर्ष भी परीक्षाएं शुरू करने से पहले निदेशालय ने इस संदर्भ में कवायद शुरू की है। वार्षिक परीक्षाओं से पहले कॉलेज शिक्षकों को छुट्टियां देने की तैयारी शुरू हो गई है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने इस संदर्भ में प्रस्ताव बनाने का काम शुरू कर दिया है। सरकार से मंजूरी मिलने पर इस बाबत अंतिम फैसला होगा। वंही, प्रदेश के स्कूलों में छुट्टियां देने को लेकर जुलाई में विचार होगा। जुलाई अंत से 15 अगस्त तक स्कूलों में बरसात की छुट्टियां होती हैं। शिक्षकों के अवकाश को एडजस्ट करने के लिए निदेशालय ने छुट्टियां देने को लेकर विचार करना शुरू किया है। उच्च शिक्षा निदेशक ने बताया कि हर घर पाठशाला कार्यक्रम अभी जारी है। कुछ दिनों के लिए स्कूल-कॉलेज बंद ही रहने के आसार हैं। ऐसे में शिक्षकों के ड्यू वेकेशन को एडजस्ट करने के लिए विचार किया जा रहा है। कॉलेजों में जून में कुछ दिन के लिए अवकाश दिया जा सकता है। जुलाई से कॉलेजों की परीक्षाएं शुरू होनी हैं।
आईआईटी मंडी इस सीजन में सेब और अन्य गुठलीदार फलों की पैकिंग को लेकर अध्ययन करेंगे। अगले सीजन में फलों की आधुनिक तकनीक का ट्रायल आरंभ कर दिया जाएगा। पैकिंग क्षमता कितनी होनी चाहिए, इसे लेकर भी अध्ययन होगा। आईआईटी से आधुनिक पैकिंग तकनीक मिलने के बाद प्रदेश सरकार पैकिंग सामग्री का कंपनियों से बातचीत करके उत्पादन कराएगी। बागवानों और किसानों को आधुनिक पैकिंग तकनीक उपलब्ध कराने के लिए आईआईटी मंडी को 18.50 लाख रुपये का प्रोजेक्ट दिया गया है। पैकिंग तकनीक मिलने से विपणन के समय होने वाले नुकसान से बचा जा सकेगा।
प्रदेश में अब फल सब्ज़ियों की पैकिंग के लिए नई तकनीक का प्रयोग किया जाएग। पुरानी पैकिंग टेक्नोलॉजी बदलने से अब फल और सब्जियों की बर्बादी रुकेगी। इससे किसानों और बागवानों की आमदनी भी बढ़ेगी। आईआईटी मंडी द्वारा आधुनिक पैकिंग टेक्नोलॉजी प्रदेश के बागवानों और किसानों की मिलेगी। अभी तक प्रदेश में फलों और सब्जियों के विपणन के समय करीब तीस फीसदी फसलें बर्बाद होती हैं। नई तकनीक से किसान और बागवान इस आर्थिक नुकसान से बच सकेंगे। जानकारी के मुताबिक प्रदेश सरकार ने आईआईटी मंडी को फलों और सब्जियों की पैकिंग के लिए नई तकनीक विकसित करने को 18.50 लाख रुपये का प्रोजेक्ट सौंप दिया है। आईआईटी के छात्र इस साल फलों के विपणन के समय पेश आने वाली दिक्कतों का अध्ययन करेंगे। पैकिंग के दौरान आने वाली समस्याओं का पता लगाया जाएगा। वर्तमान में फलों और सब्जियों की पैकिंग क्षमता से होने वाले नुकसान का सही आकलन भी किया जाना है। प्रदेश से बाहर ऑफ सीजन में सब्जियों को चालीस किलो की बोरियों में भरकर किसान बेचते रहे हैं। अब किसान सेब कार्टन में भी फूल गोभी भर कर मंडियों में पहुंचा रहे हैं। किसानों को पैकिंग की आधुनिक तकनीक मिलने से नुकसान कम होगा और दाम अच्छे मिलेंगे।
शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में प्रदेश में बसें चलाने को मजूरी मिल गई है। हिमाचल प्रदेश में सोमवार से करीब 1004 रूटों पर हिमाचल पथ परिवहन निगम बसें चलाने की तैयारी है। इसके बाद सवारियों का रिस्पांस देखकर एचआरटीसी बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके लिए चालकों-परिचालकों से रविवार तक डिपो या अड्डा में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। निजी ऑपरेटरों की सहमति नहीं बनी तो एचआरटीसी बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। प्रदेश में चलाए जाने वाले रूटों के हिसाब से चालकों-परिचालकों की रोटेशन में ड्यूटियां लगाई जाएंगी। सोमवार सुबह से 24 घंटे निगम की बसें सड़कों पर दौड़ेंगी। बसों में सवारियों की ऑक्यूपेंसी जांचने के लिए इंस्पेक्टर फील्ड में सेवाएं देंगे। 50 फीसदी ऑक्यूपेंसी के साथ हिमाचल में बसें चलेंगी। बसों में मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। सवारियों के पास सैनिटाइजर होना जरूरी है। तीन वाली सीट पर दो और 2 वाली सीट पर एक सवारी बैठेगी।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने महाराणा प्रताप जयन्ती के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि महाराणा प्रताप एक महान व शूरवीर योद्धा थे। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन युवा पीढ़ी को पराक्रम, आत्म-सम्मान एवं देशभक्ति की प्रेरणा देता है। जय राम ठाकुर ने अपने संदेश में कहा कि महाराणा प्रताप एक सच्चे देशभक्त थे जिन्होंने बहादुरी एवं साहस के साथ देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका बलिदान लोगों को सदैव देश की एकता एवं अखण्डता को बनाए रखने की प्रेरणा देता है।
शिमला,12 जून.अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रदेश मामलों के सह प्रभारी संजय दत्त ने कांग्रेस जिला अध्यक्षों से अपने अपने जिलों में पार्टी की सक्रियता बढ़ाने और ब्लॉक कमेटियों के साथ पूरा तालमेल रखने पर जोर देते हुए कहा है कि पार्टी के साथ अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के प्रयास किये जाने चाहिए।उन्होंने कहा है कि इसे एक अभियान की तरह लिया जाना चाहिए जो ब्लॉक स्तर तक पार्टी की नीतियों व कार्यक्रमों को जन जन तक पहुंचाने के पूरे प्रयास किये जाने चाहिए। आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में कांग्रेस जिलाध्यक्षों के साथ बैठक करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत करने के लिए कमेटियों का गठन जल्द कर लिया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि पार्टी में युवाओं को जोड़ने के प्रयास किये जाने चाहिए।उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के जो भी कार्यक्रम उन्हें दिए जाते है उन्हें हर हाल में पूरा करना है। दत्त ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी के कोरोना प्रभावित लोगों की सहत्यार्थ दिशानिर्देशों के अनुसार लोगों की मदद को आगे आना है।उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा संचालित गांधी हेल्पलाइन के तहत कोरोना से प्रभावित सभी लोगों की पूरी मदद करनी है।उन्होंने कहा कि प्रदेश मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ला प्रदेश में कोरोना राहत कार्यो पर अपनी पूरी नज़र रखे हुए है। संजय दत्त ने इससे पूर्व सेवादल व एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्षों से उनके संगठनों के कार्यकलापों की जानकारी लेते हुए कहा कि कांग्रेस में फ्रंटल ऑर्गनाइजेशनों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।उन्होंने कहा कि उन के ऊपर संगठन को मजबूत करने की बढ़ी जिम्मेदारी है, जिसे उन्हें पूरा करना है। संजय दत्त ने दोपहर बाद कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्षों से भी वर्चुअल बैठक करते हुए उन्हें अपने अपने जिलाध्यक्षों के साथ पूरे तालमेल के साथ कार्य करने को कहा।उन्होंने कहा कि ब्लॉक अध्यक्षों को अपनी बूथ कमेटियों के साथ पार्टी के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन को सुनिश्चित बनाना है,जिससे कांग्रेस पार्टी की नीतियां व कार्यक्रम घर घर तक पहुंच पाए।
शिमला ज़िला के जुब्बल तहसील के अंतर्गत राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित निर्मल ग्राम पंचायत नंदपुर में आज युवाओं द्वारा यूथ वेलफेयर एसोसिएशन केमटी का गठन किया गया है जिसका उद्देश्य लोगों को जागरूक करना, सामाजिक कार्य करना, जरूरत मंद लोगों की मदद करना, खेलकूद व लोक संस्कृति को बढ़ावा देने हेतु कार्य करना होगा, इस कमेटी का गठन सर्व सम्मति से किया गया है। जिसमें प्रधान संदीप शर्मा, उप प्रधान वीरेंद्र ठाकुर, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा, महा सचिव कुलदीप शर्मा,सचिव दीपक ठाकुर, सह सचिव बलबीर घमटा , मीडिया प्रभारी शुभम ठाकुर को चुना गया है। इस बैठक में विद्या भूषण शर्मा अशोक ठाकुर , भारत भूषण शर्मा राजन ठाकुर दीपक ,कपिल ठाकुर प्रदीप, देवाशीष, करण, रोहित, विकी, निशाल, बलबीर आदि उपस्थित रहे।
शिमला, भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं राजनीतिक सलाहकार मुख्यमंत्री त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी लाचार है , उनके प्रदेश अध्यक्ष को साईकल पर भी कार्यकर्ताओं का सहारा लेना पड़ा है। वो पार्टी किसके सहारे चलाएंगे इससे साफ दिखता है कि कांग्रेस पार्टी को पूरे देश और प्रदेश में सहारे की आवश्यकता है और उसके बिना भ चल पाना असम्भव है। प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति दयनीय दिखाई दे रही है कांग्रेस पार्टी की ज़मीन खिसक रही है और कई प्रदेशों में जो चुनावी परिणाम आए हैं उसमें वह खाता भी नहीं खोल पाई है। धीरे-धीरे कांग्रेस का वर्चस्व पूरे देश भर में समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। कांग्रेस जिस प्रकार से पूरे प्रदेश भर में कल धरना प्रदर्शन किए है उस रैली के लिए उनको चंद ही साइकिल प्राप्त हो पाई। लोगों का इस कार्य में भी कांग्रेस को सहयोग नहीं मिल रहा है क्योंकि उनको पता है कि धरातल पर कौन जनता के लिए काम कर रहा है। जनता जागरूक हैं और उनको सही मायने में इस चीज का पूर्ण ज्ञान है की केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर लगातार सकारात्मक कार्य कर रहे हैं। कांग्रेस केवल शोर मचाने में आगे और काम करने में विफल साबित हुई है कोविड-19 संकटकाल में भी कांग्रेस की परफॉर्मेंस जीरो रही है और जनता के बीच उनकी किसी भी प्रकार की जनसेवा के कार्य सामने नहीं आए। उन्होंने कहा प्रदेश में कोरोना को हराने में सफल रही जयराम सरकार आज प्रदेश में किसी भी प्रकार की व्यवस्था की कमी नहीं है आज प्रदेश में भरपूर ऑक्सीजन , वैक्सीन और बेड उपलब्ध है। उन्होंने कहा कांग्रेस के पास ना तो नेता है और ना ही नियत है कांग्रेस पार्टी किसी भी प्रकार से काम नहीं करना चाहती है केवल पोस्टर फाड़ने की राजनीति में आगे हैं और प्रदेश में जो सकारात्मक वातावरण बना है उसको बिगाड़ने में लगी है। उन्होंने कहा कांग्रेस के पास दूरदर्शिता नहीं है , उनके द्वारा किए जा रहे धरने केवल पब्लिसिटी स्टंट है।
भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, उप राष्ट्रपति वैंकेया नायडू तथा गृह मंत्री अमित शाह ने दूरभाष के माध्यम से राज्यपाल को जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं तथा उनकी दीर्घायु व स्वस्थ जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर तथा कृषि मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने राज्यपाल को राजभवन में जन्मदिवस की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने उनके स्वस्थ जीवन व दीर्घायु की कामना की तथा कहा कि प्रदेश सरकार को भविष्य में भी उनका मार्गदर्शन प्राप्त होता रहेगा। केन्द्रीय मंत्रियों तथा विभिन्न राज्यों के राज्यपालों ने भी बंडारू दत्तात्रेय को जन्मदिवस की बधाई दी। इससे पूर्व अपने जन्मदिवस के अवसर पर राज्यपाल ने यज्ञ का आयोजन किया। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू और पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी राज्यपाल से भंेट कर उन्हें बधाई दी। राजभवन में प्रातः नगर निगम शिमला की महापौर सत्या कौंडल, विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, अन्य गणमान्य व्यक्तियों और राजभवन के अधिकारियों व कर्मचारियों ने राज्यपाल को जन्मदिवस की बधाई दी।
ग्राम पंचायत कलेड़ा मझेवटी के गांवों में आए तूफान से सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। लगभग एक घंटे के करीब चले तूफान से कुछ बागीचों में सेब की फसल का इतना अधिक नुकसान देखने को मिला है कि एक ही पौधे में 50 से अधिक सेब के फल भूमि पर गिरे हुए देखे जा सकते हैं। कुछ बागीचों में सेब के पौधे तक उखड़ कर नीचे गिर गए हैं। इससे प्रभावित बागीचों में सेब की फसल का भारी नुकसान हुआ है। गांव कलेडा के बागवान अशवनी शर्मा ने बताया कि तूफान से पूरे पंचायत के कलेडा, ब्यूंथल, ऐरली, फौला, घाट और मझेवटी के साथ लगते बागीचों में नुकसान हुआ है। कुछ समय पहले ही बागबानों की फसल ओलावृिष्ट से नष्ट हुई थी और अब इस भयानक तूफान से बची फसल भी नष्ट हो चुकी है। क्षेत्र के समस्त बागवानों ने बागबानी विभाग से तूफान से हुए नुकसान का मुआयना कर किसानों को हुए नुकसान का मुआवजा देने का आग्रह किया है ताकि इस विकट समय में किसानों को कुछ राहत मिल सके।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पिछले कई वर्षों से शिक्षा के नाम पर हो रहे व्यापार और शिक्षा में हो रहे फर्जीवाड़े के विरुद्ध संघर्षरत है और विद्यार्थी परिषद ने इस बारे में नियामक आयोग के अध्यक्ष को ज्ञापन भी सौंपे है और उनके समक्ष शिक्षा में हो रहे व्यापार और फर्जी डिग्री मामले और करोड़ों में हो रहे छात्रवृत्ति घोटालों की जानकारी विस्तारपूर्वक नियामक आयोग के अध्यक्ष के समक्ष रखी है लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी अभी तक इन शिक्षा माफियों के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत सह मंत्री विक्रांत चौहान ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि ऊना के निजी विश्वविद्यालय इंडस इंटरनेशनल विश्वविद्यालय का एक छात्रवृति घोटाले वाला मामला उजागर हुआ है जिसमे विश्वविद्यालय ने अनुसूचित जाति के छात्रों के सभी दस्तावेज अपने पास रख लिए हैं ताकि अनुसूचित जाति के छात्रों को आने वाली छात्रवृत्ति को आसानी से लूटा जा सके। विक्रांत चौहान ने कहा कि विश्विद्यालय द्वारा की जा रही इस हरकत के कारण छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है छात्र आगामी शिक्षा लेने और ओरिजनल दस्तावेज न होने के कारण किसी भी परीक्षा फॉर्म भरने के लिए छात्र सक्षम नहीं है। उन्होंने कहा की त्वरित कार्रवाई करते हुए सरकार ने विश्वविद्यालय के ऊपर 11 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है अभाविप सरकार के इस निर्णय का स्वागत करती है लेकिन जुर्माना लगाना ही एकमात्र इस समस्या का समाधान नहीं है उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षा माफियों की गिरफ्तारी होनी चाहिए और ऐसे विश्वविद्यालयों की मान्यता रद्द होनी चाहिए ताकि ऐसे मामले द्वारा सामने न आए। विक्रांत ने कहा कि इस प्रकार का तानाशाई रवैया शांतिप्रिय राज्य हिमाचल प्रदेश में कतई सहन नहीं किया जाएगा और विद्यार्थी परिषद् मांग करती है कि शीघ्र छात्रों के दस्तावेज उन्हे वापिस किए जाए ताकि छात्रों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने हिमाचल प्रदेश सरकार से रिपोर्ट मांगी है, ऐसे समय में विद्यार्थी परिषद की मांग है कि ऐसे विश्विद्यालयों को चिन्हित करते हुए उनके ऊपर कड़ी कार्रवाई करते हुए इन शिक्षा माफियों की गिरफ्तारी की जाए और ऐसे विश्वविद्यालयों की मान्यता रद्द की जाए ताकि भवि ष्य में कोई भी शिक्षा को बेचने की वस्तु समझकर व्यापार ना चलाएं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि जयराम सरकार की कैबिनेट ने प्रदेश के हर वर्ग का ख्याल रखा है। उन्होंने कहा मंत्रिमण्डल ने महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित परिवहन क्षेत्र को लगभग 40 करोड़ रुपये की राहत प्रदान की है, जिसके अन्तर्गत स्टेज कैरिज ऑपरेटर के लिए कार्यशील पूंजी पर ब्याज अनुदान योजना शामिल है। इसके तहत प्रति बस 2 लाख रुपये की ऋण राशि और अधिकतम 20 लाख रुपये तक की ऋण राशि बस ऑपरेटरों को कार्यशील पूंजी के रूप में प्रदान की जाएगी। ऋण की अवधि 5 वर्ष के लिए होगी, जिसमें एक वर्ष अधिस्थगन अवधि का होगा। इसके अन्तर्गत 75 प्रतिशत ब्याज अनुदान रहेगा, जिसका भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। दूसरे वर्ष में ब्याज पर 50 प्रतिशत का ब्याज अनुदान दिया जाएगा, जो राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इस योजना पर सरकार की ओर से करीब 11 करोड़ रुपए की राहत प्रदान की गई है। उन्होंने कहा मंत्रिमण्डल ने स्टेज कैरिज, टैक्सी, मैक्सी, ऑटोरिक्शा इंस्टीट्यूशन बसों को भी आवश्यक राहत प्रदान प्रदान करते हुए 1 अगस्त, 2020 से 31 मार्च, 2021 तक विशेष रोड टैक्स और टोकन के भुगतान पर 50 प्रतिशत की राहत दी है। परिवहन क्षेत्र को इस निर्णय से लगभग 20 करोड़ रुपये की राहत मिलेगी। इस संकट की घड़ी में सरकार ने बेरोज़गारी से लड़ने के लिए मंत्रिमण्डल ने जल शक्ति विभाग को राज्य में 486 पेयजल एवं 31 सिंचाई योजनाओं के प्रभावी प्रबंधन के लिए विभागीय पैरा वर्कर्स नीति के तहत विभिन्न श्रेणियों के 2322 पदों को भरने का निर्देश दिया। आईजीएमसी शिमला ट्राॅमा केयर सेंटर व आईजीएमसी शिमला के सुपर स्पेशियलिटी ब्लाॅक चमियाना के सुचारू संचालन और प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए विभिन्न श्रेणियों के 401 पदों को सृजित कर भरने के अतिरिक्त विभिन्न श्रेणियों के 328 पद आउटसोर्स के आधार पर भरने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमण्डल ने कोविड महामारी के कारण मृत्यु होने पर परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (प्रायोरिटी हाउसहोल्ड कैटेगरी) के अन्तर्गत शामिल करने का निर्णय लिया है। जो कि सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना 2019 में सेवा उद्यमों और सम्बन्धित मालवाहक वाहनों को संयुक्त सम्बन्धित गतिविधियों के रूप में जोड़ने के लिए आवश्यक सुधार किए जाने की स्वीकृति दी। योजना के तहत वर्तमान में संयंत्र तथा मशीनरी में 40 लाख रुपये की अधिकतम निवेश सीमा को बढ़ाकर 60 लाख रुपये तथा वर्तमान में 60 लाख रुपये की कुल परियोजना लागत को अधिकतम एक करोड़ रुपये करने का प्रावधान किया गया। इससे युवा आत्मनिर्भर होगा और रोजगार देने वाला बनेगा। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यो से आने वाले लोगों के लिए अब सरकार द्वारा आर टी पी सी आर रिपोर्ट की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है जिससे प्रदेश में पर्यटकों की आमद बढ़ेगी और पर्यटन व्यवसाय को भी संजीवनी मिलेगी।
विश्व रक्तदाता दिवस के मौके पर 14 जून को शिमला की स्वयंसेवी संस्था उमंग फाउंडेशन सोलन ज़िले की की सूरजपुर पंचायत के साथ मिलकर ग्राम पथेड़ में रक्तदान शिविर लगाएगी। इससे आईजीएमसी ब्लड बैंक में चल रही रक्त की कमी दूर करने में मदद मिलेगी। उमंग फाउंडेशन की ओर से शिविर के संयोजक संजीव शर्मा ने बताया कि अर्की के एसडीएम विकास शुक्ला स्वयं रक्तदान कर शिविर का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायत प्रधान ओमप्रकाश शर्मा करेंगे। इस मौके पर ग्रामीणों को रक्तदान और कोरोना महामारी के बारे में जागरूक भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष कोरोना के कारण लॉकडाउन लगने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में संस्था का यह 19वां रक्तदान शिविर है। अर्की तहसील की सूरजपुर पंचायत में पहली बार रक्तदान शिविर लगाया जा रहा है। सूरजपुर पंचायत के प्रधान ओमप्रकाश ने सभी से रक्तदान करने की अपील की है ताकि शिमला के अस्पतालों में भर्ती मरीजों का जीवन बचाया जा सके। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक की टीम शिविर में रक्त संग्रह करेगी।
स्टूडेंट फ़ॉर सेवा (SFS) हिमाचल प्रदेश द्वारा हिमाचल प्रदेश के पहले रक्तदान मोबाइल ऐप का विमोचन किया गया। यह ऐप्प विमोचन कार्यक्रम ऑनलाइन माध्यम से करवाया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत अध्यक्ष सुनील ठाकुर के स्वागत भाषण से हुआ। स्टूडेंट फ़ॉर सेवा प्रांत संयोजिका आयुशी सूद ने जानकारी देते हुए बताया कि यह ऐप आपको आसानी से प्ले स्टोर पर मिल जाएगा। इस ऐप को डाउनलोड करने के लिए आपको प्ले स्टोर पर लिखना होगा एस एफ एस हिमाचल प्रदेश ब्लड डोनेशन। वहां से इसे डाउनलोड करके आप इसका उपयोग किसी भी कोने से कर सकते हैं। इस ऑनलाइन विमोचन कार्यक्रम में मुख्य रूप से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री जीत सिंह, राष्ट्रीय शोध कार्य प्रमुख आलोक पांडे जी, हिमाचल प्रदेश के प्रांत संगठन मंत्री गौरव अत्री, राष्ट्रीय सोशल मीडिया सह संयोजक आशीष शर्मा ने शिरकत की। इस कार्यक्रम में विद्यार्थी परिषद के पूरे प्रांत भर से ऑनलाइन माध्यम से जुड़े कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया।


















































