उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला में 18 वर्ष से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोगों को कोविड-19 वैक्सीन टीकाकरण के तहत कोविन पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकृत 2800 में से 2673 लोगों का टीकाकरण किया गया है। उन्होंने बताया कि जिला में 27 स्वास्थ्य केन्द्र टीकाकरण के लिए स्थापित किए गए है जिनमें 31 मई तक कोविड प्रोटोकाॅल के तहत प्रत्येक सोमवार व गुरूवार को यह टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कोरोना संक्रमण के फेलाव को रोकने के लिए सभी से टीकाकरण करवाने की अपील की ताकि कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने में सफलता पाई जा सके। उन्होंने बताया कि आज विभिन्न केन्द्रों पर टीकाकारण के लिए युवाओं में काफी उत्साह देखने को मिला। टीकाकरण के लिए कोविन पोर्टल अथवा आरोग्य सेतू ऐप पर ऑनलाइन पूर्व पंजीकरण करवाना आवश्यक है। पंजीकरण करवाने के उपरान्त पात्र व्यक्ति को स्लाॅट बुक करवाना अवश्यक होगा तदोपरान्त एसएमएस के माध्यम से लाभार्थी को सूचना मिलने के उपरान्त ही टीकाकरण किया जाएगा।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भ्रष्टाचार के आरोपीयों, टीएमसी के दो मंत्री एवं एक विधायक को पूछताछ के लिए ले जाने पर टीएमसी गुंडो द्वारा सीबीआई कार्यालय के बाहर केंद्रीय सुरक्षा बल पर हमले की कड़ी निन्दा करती है और मानती है कि बंगाल में अराजकता को बढ़ावा देने में बंगाल की मुख्यमंत्री स्वयं ज़िम्मेदार है। तृणमूल नेताओं की गिरफ़्तारी के विरोध में टीएमसी के गुंडे सीबीआई के कार्यालय के सामने लॉकडाउन और कोविड प्रोटोकॉल की धज्जियाँ उड़ाकर प्रदर्शन करने एकत्रित हुए। वहां उपस्थित केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा रोकने पर उन्होंने केंद्रीय सुरक्षा बल पर हमला किया जो कि अत्यंत ही निंदनीय है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री विशाल वर्मा ने कहा की "पश्चिम बंगाल में सत्ता का गलत इस्तेमाल कर हिंसा का वातावरण बनाकर ममता बनर्जी ने तानाशाही होने का प्रमाण दे दिया है। मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद का गलत इस्तेमाल करते हुए जिस तरह ममता बनर्जी द्वारा पश्चिम बंगाल में हिंसा करने वाले गुंडों को सरंक्षण दिया जा रहा है और लोकतंत्र का चीरहरण करते हुए जिस तरह विपक्षी दलों के समर्थकों के ऊपर जानलेवा हमले और लूटपाट की जा रही है यह किसी भी प्रदेश के लिए बहुत शर्मनाक है तथा निंदनीय है।" अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री सप्तऋषि सरकार ने कहा कि ”बंगाल में चुनाव नतीजों की घोषणा के बाद न्याय एवं क़ानून व्यवस्था हासिये पर पहुँच गई हैं। अभी तक तो विपक्षी पार्टी और राजनैतिक लोगों को निशाना बनाया जा रहा था आज केंद्रीय सुरक्षा बल पर हमला करके टीएमसी गुंडो ने राज्य सरकार के संरक्षण को जग ज़ाहिर कर दिया है”। अभाविप की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने कहा कि," जिस राज्य में मुख्यमंत्री स्वयं महिलाओं के साथ हुए दुराचार, हत्या और शारीरिक शोषण की घटनाओं पर आँख मूँद कर बैठी रही आज भ्रष्टाचार के आरोपियों को बचाने के लिए स्वयं सीबीआई दफ़्तर पहुँच कर अपने पार्टी के लोगों से केंद्र बल पर हमला करवा रही है।
शिमला :शहरी विकास, आवास, नगर नियोजन, विधि, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज यहां दीन दयाल उपाध्याय समर्पित कोविड अस्पताल में कोविड-19 के रोगियों के लिए तनाव से मुक्ति एंव साकारात्मक वातावरण उत्पन्न करने के उददेश्य से म्युजिक सिस्टम का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि कोविड रोगियों की मनोदशा को सहज और साकारात्मक भाव उत्पन्न करने के लिए प्रत्येक वार्ड में इस प्रणाली के माध्यम से मनोरंजन प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए इस प्रकार की पहल अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने संगीत सिस्टम के उपकरणों को दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल प्रबनधन को साठ हजार रूपए की राशि प्रदान करने के लिए शशीबाला सूद का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि कोविड वार्ड के प्रत्येक कमरे में स्पीकर स्थापित किए गए है जिसके माध्यम से कोविड रोगी समयवद्ध तरीके से सुबह-शाम ध्यान, योग, मंत्रो का जाप कर सकेंगे। आर्ट ऑफ़ लीविंग संस्था इस सम्बन्ध में अस्पताल प्रबन्धन को सहयोग प्रदान करेंगी। उन्होंने बताया कि इससे कोविड वार्ड में रोगी मानसिक अवसाद से बचने में सक्ष्म होंगे तथा सहज व साकारात्मक वातावरण में उन्हें जल्द स्वास्थ्य लाभ मिलेगा इसके अतिरिक्त मनोरंजन युक्त गीत संगीत का भी वे इसके माध्यम से लाभ उठा सकेगें। उन्होंने विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं व अन्य लोगों का भी कोविड वार्ड में सेवाऐं व सहयोग प्रदान करने के लिए भी आभार व्यक्त किया ।
शिमला स्मार्टसिटी परियोजना के तहत 968 करोड़ रूपये शिमला नगर में विभिन्न विकास कार्यों पर व्यय किए जाएगें जिसके तहत 600 करोड़ रू के विभिन्न कार्यो का क्रियान्वयन सक्रीयता से किया जा रहा है। यह जानकारी आज शहरी विकास, आवास, नगर नियोजन, विधि, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने शिमला नगर में स्मार्ट सिटी के तहत किए जा रहे विभिन्न कार्यो का निरीक्षण करने के उपरान्त दी। उन्होंने बताया कि यह निर्माण कार्य प्रदेश सरकार के विभिन्न विशेषज्ञ विभागों द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन कार्यो के पूरा होने पर जहां लोगों को बेहतर सुविधाऐं मिलेगी वहीं सौन्दर्य व पर्यटन की दृष्टि से भी यह योजना अत्याधिक लाभदायक सिद्ध होगी । कोरोना संकट काल के कारण अवश्य कार्यों की पूर्ति में समय लगा है किन्तु विभागीय दक्षता एवं अधिकारियों की तत्परता से इन कार्यो को जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके तहत जहां शिमला के विभिन्न क्षेत्रों में बुक कैफे, सड़कों को चैड़ा करने, यात्रियों को पैदल चलने के लिए आकर्षक पैदल मार्ग, ओवर हैड पुलों तथा रज्जू मार्गों के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शिमला नगर के अलग अलग क्षेत्रों में किए जा रहे है। उन्होंने सब्जी मण्डी का दौरा कर वहां बन रही 109 दुकानों के निर्माण सम्बधी जांच व जानकारी भी ली । उन्होंने इन दुकानो के निर्माण कार्यो में तेजी लाने तथा दीवार आदि के निर्माण को शीघ्र पूर्ण करने के सम्बन्ध में भी अवश्यक दिशा निर्देश जारी किए। उन्होंने घोड़ा अस्पताल के समीप आवासीय निर्माण कार्य के सम्बन्ध में इसके जल्द निर्माण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए तथा वहां बनने वाले रास्ते के निर्माण के सम्बन्ध में नगर निगम के अधिकारियों को भी शीघ्र निर्माण के लिए कहा । उन्होंने आज छोटा शिमला, टाॅलेंड, टिम्बर हाउस, लिफ्ट तथा अन्य क्षेत्रों का दौरा कर कार्यो का निरीक्षण किया । इस अवसर पर प्रबन्ध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी शिमला स्मार्ट सिटी आबिद हुसैन, आयुक्त नगर निगम आशीष कोहली, अधीक्षण अभियन्ता लोक निर्माण विभाग सुरेश कपूर, संयुक्त आयुक्त नगर निगम अजीत भारद्वाज, प्रबन्ध निदेशक रोप वे काॅर्परेशन अजय शर्मा, अधीक्षण अभियन्ता हिमुडा अंजूरी कपूर , अधीशासी अभियन्ता रोपवे रोहित ठाकुर, अधीशासी अभियन्ता लोनिवि सुधीर गुप्ता सहित अन्य लोग उपस्थित रहे ।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज शिमला से वर्चुअल माध्यम द्वारा आशा कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करते हुए उन्हें होम आइसोलेशन में कोविड-19 रोगियों के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने का आग्रह किया ताकि उनके स्वास्थ्य मानकों पर उचित निगरानी रखी जा सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य में लगभग 90 प्रतिशत कोविड-19 रोगी होम आइसोलेशन में हैं और रोगियों तथा स्वास्थ्य विभाग के मध्य समन्वय स्थापित करने में आशा कार्यकर्ताओं की सेतु के रूप में कार्य करने की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि कोविड रोगियों को होम आइसोलेशन से अस्पतालों में स्थानांतरित करने में देरी रोगियों की मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को रोगियों के मापदंडों की नियमित रूप से निगरानी करनी चाहिए और यदि उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता हो तो उन्हें तुरंत अस्पतालों में स्थानांतरित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोविड-19 के प्रथम चरण के दौरान एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान को सफलता दिलाने में आशा कार्यकर्ताओं ने अहम भूमिका निभाई। इस अभियान के कारण ही राज्य सरकार सह-रुग्णता वाले लोगों की पहचान करने और निवारण के उपाय करके उन्हें कोरोना वायरस से बचाने में सक्षम हुई। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को महामारी के दौरान क्या करें और क्या न करें, के बारे में आम जनता को शिक्षित करने के लिए आगे आना चाहिए। जय राम ठाकुर ने कहा कि होम आइसोलेशन में मरीजों को पर्याप्त सेनिटाइजर, फेसमास्क और जरूरी दवाएं भी प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को रोगियों को दवाओं के उपयोग करने और स्वच्छता बनाए रखने के बारे में भी परामर्श देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को रोगियों को मनोबल बढ़ाने के लिए भी प्रेरित करना चाहिए ताकि वह शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं होम आइसोलेशन में 200 से अधिक कोविड-19 रोगियों से बात की है और सभी ने आशा कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को लोगों को टीकाकरण का पंजीकरण करवाने के लिए प्रेरित करने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं से कहा कि वे देश के अन्य हिस्सों से अपने क्षेत्रों में आने वाले लोगों पर भी नजर बनाए रखने के लिए पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाए रखें। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को होम क्वारंटाइन में रहने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए और यदि उनमें कोई लक्षण हैं तो उनका परीक्षण अवश्य करवाया जाना चाहिए। जय राम ठाकुर ने आशा कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि उनकी सभी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए इस महामारी के दौरान आशा कार्यकर्ताओं द्वारा निभाई जा रही भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि आम लोगों के साथ जमीनी स्तर पर संपर्क बनाए रखने के लिए आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने आशा कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करने के लिए अपना बहुमूल्य समय देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डाॅ. निपुण जिंदल ने बैठक का संचालन किया। बिलासपुर से आशा कार्यकर्ता सोनू, चंबा से दिनेश कुमारी, हमीरपुर से निर्मला देवी, मंडी से तरुना और उषा, किन्नौर से सोनम डोलमा, कुल्लू से दुर्गा देवी, कांगड़ा से शशिलता, शिमला से कोमल ठाकुर, सोलन से अनीता कुमारी और सिरमौर से समीम अख्तर ने भी इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ अपने विचार और अनुभव साझा किए।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रदेश में कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छोटा शिमला, कसुम्पटी में 18 से 44 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों के लिए टीकाकरण अभियान का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इस आयु वर्ग के लोगों के टीकाकरण के लिए 213 टीकाकरण केन्द्र स्थापित किए गए हैं। उन्होंने लोगों से स्वयं का पंजीकरण करवा कर अपनी अपाॅइंटमेंट बुक करने का आग्रह किया। उन्होंने लोगों से टीकाकरण केन्द्रों में अनावश्यक भीड़ से बचने के लिए अपनी अपाॅइंटमेंट के अनुसार टीकाकरण केन्द्रों में आने को कहा। उन्होंने कहा कि अब तक 21090 लोगों ने अपनी सारिणी बुक करवा दी है। उन्होंने लोगों से टीकाकरण केन्द्रों में कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 18 से 44 वर्ग आयु के लोगों के लिए टीकाकरण की अगली तिथि 20 मई, 2021 निर्धारित की गई है, जिसके लिए 18 मई, 2021 को कोविन पोर्टल सत्र की जानकारी उपलब्ध करवा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस आयु वर्ग के लिए टीकाकरण के अन्य सत्र 24, 27 और 31 मई, 2021 को आयोजित किए जाएंगे। जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश 31 प्रतिशत जनसंख्या का टीकाकरण कर देश के अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक लोगों को वैक्सीन की 2150353 खुराकें दी जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं के लिए 16 जनवरी, 2021 को, अग्रणी पंक्ति के कार्यक्रर्ताओं के लिए 2 फरवरी, 2021, 60 से ऊपर की आयु वर्ग और 45-60 वर्ष की आयु वर्ग वाले गम्भीर बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए 1 मार्च, 2021 और 45 वर्ष से ऊपर के लोगों के लिए 1 अप्रैल, 2021 को टीकाकरण अभियान शुरू किया गया गया था। उन्होंने कहा कि कोविड-10 महामारी की रोकथाम के लिए अधिक संख्या में लोग टीकाकरण के लिए आगे आ रहे हैं, जो हम सभी के लिए सन्तोष का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य वैक्सीन भंडार-1 और क्षेत्रीय वैक्सीन भंडार-2 सहित राज्य में 386 कोल्ड चेन प्वाइंट स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से इन टीकों का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्राॅनिक वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क (ईवीआईएन) के आधार पर इन कोल्ड चेन प्वाईंट्स की निगरानी की जा रही है। जय राम ठाकुर ने लोगों से कोरोना महामारी से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी मानक संचालन प्रक्रियों और दिशा-निर्देशों का पालन करने के अलावा फेस मास्क पहनने और सामाजिक दूरी का पालन करने का आग्रह किया। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल, शिमला नगर निगम की महापौर सत्या कौंडल, स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने देर रात रोहडू क्षेत्र का प्रवास कर उपमण्डलाधिकारी बी.आर. शर्मा से डोडरा क्वार में कोविड संक्रमण की रोकथाम तथा लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के संबंध में विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने उपमण्डलाधिकारी को डोडरा क्वार में संक्रमण के फैलाव को रोकने और प्रभावित लोगों को सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि डोडरा क्वार में टेस्टिंग कार्य किया जा रहा है, जिसके तहत 346 सैंपल लिए जा चुके है, जिनमें से 60 मामले पाॅजिटिव पाए गए हैं। दूर-दराज क्षेत्र पंडार में विशेष दल द्वारा दूसरी बार सैम्पिलंग का कार्य किया गया है, जिसके तहत 71 लोगों के गत दिवस टेस्ट किए गए, जिसमें से 5 मामले पाॅजिटिव पाए गए। डोडरा क्वार क्षेत्र में संक्रमण के सभी रोगियों में हल्के लक्षणों के मामले पाए गए हैं। अभी तक केवल कोविड के कारण नागरिक अस्पताल क्वार में एक व्यक्ति की मौत हुई है, जिसे रोहडू स्थानांतरित किया जा रहा था। जिसकी उम्र 75 वर्ष थी। डोडरा क्वार में दुनी चंद चैहान को विशेष सैक्टर अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो कोविड-19 संबंधी कार्य की निगरानी, समीक्षा व प्रगति देखेंगे। उन्होंने कहा कि इनसे मोबाईल नम्बर 82191-65001 पर सम्पर्क किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि राधा स्वामी सत्संग भवन क्वार में डेडीकेटिड कोविड सेंटर तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द बना दिया जाएगा, जिसमें 5 डी तथा 5 बी प्रकार के 10 सिलेंडर की उपलब्धतता सुनिश्चित की जाएगी। डोडरा क्वार क्षेत्र में 5 पंचायतों के लिए 5 डाॅक्टर तैनात है। क्वार क्षेत्र में डेडीकेटिड एम्बुलेंस सुविधा की उपलब्धतता सुनिश्चित की गई है। जस्कून, जाखा व पंडार क्षेत्र में 3 माइक्रो कटेंनमेंट जोन बनाए गए हैं। डोडरा क्वार क्षेत्र में टीकाकरण कार्य को गति प्रदान करते हुए अभी तक 1040 लोगों का वैक्सीनेशन टीकाकरण किया गया है। स्थानीय प्रशासन के पास उपलब्ध संसाधनों को स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा कर्मचारियों को प्रदान किया गया है ताकि किसी प्रकार की आपातकाल स्थिति में इन अधिकारियों, कर्मचारियों व रोगियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उपायुक्त ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को टेस्ट सैपलिंग या एम्बुलेंस संबंधी कोई आवश्यकता या शिकायत हो तो वो तुरन्त उपमण्डलाधिकारी रोहडू को सम्पर्क करें। स्थानीय प्रशासन व चिकित्सा अधिकारियों के संयुक्त प्रयासों से कोविड संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं तथा प्रभावितों की संख्या को कम करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि इस क्षेत्र में वैक्सीनेशन कार्य को जल्द पूर्ण कर संक्रमण के प्रभाव को कम किया जा सके।
सीमा महाविद्यालय के जॉब प्लेसमेंट सेल द्वारा महाविद्यालय और हिमाचल प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए ऑनलाइन माध्यम से रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इसमें लगभग 200 युवाओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से रोजगार मेले में भाग लिया। घर से काम करने के लिए इस ऑनलाइन जॉब प्लेसमेंट के लिए लगभग 40 युवा सीमा महाविद्यालय के पुराने विद्यार्थी हैं और 20 अन्य जिलों से हैं। आज जब करोना महामारी से दुनिया में रोजगार कम हुआ है तो ऐसे में महाविद्यालय की जॉब प्लेसमेंट सेल ने युवाओं को घर से काम करने का सुनहरा मौका प्रदान किया है। चयनित उम्मीदवारों को 24 मई 2021 से सी सूट( C-SUITE) माध्यम से दुनिया के सुप्रसिद्ध प्रशिक्षकों - 1.डॉ. कासिम, अनुसंधान एवं विकास प्रमुख, तुर्की 2. सुश्री डायना, मानव संसाधन एवं प्रशिक्षण प्रमुख, चिली 3. सुश्री ओलिविया सुसान, शैक्षणिक प्रशासन और योजना के प्रमुख, केन्या 4. डॉ0 सुदर्शन, जीव विज्ञान प्रमुख, भारत 5. सुश्री अभिशेवा ,पूर्व प्राथमिक अंग्रेजी विभाग की प्रमुख, कजाकिस्तान 6. सुश्री नेहेल, *माध्यमिक अंग्रेजी विभाग की प्रमुख, मिस्र 7. औद्योगिक इंजीनियर इसाबेला प्रमुख गणित विभाग, कोलंबिया 8. केमिकल इंजीनियर कैमिलो, रसायन विज्ञान प्रमुख, कोलंबिया 9. श्री डेविड, प्रशिक्षक रसायन विज्ञान विभाग, कोलंबिया 10. केमिकल इंजीनियर मारियल, ट्रेनर केमिस्ट्री डिपार्टमेंट, कोलंबिया 11. डॉ0 जाइरो, भौतिकी विभाग के प्रमुख, कोलंबिया 12. डॉ0 लौरा, भूगोल के प्रमुख, कोलंबिया 13. सुश्री रितिका, मानव संसाधन सहायक प्रबंधक , भारत 14. डॉ0 अपर्णा ,रिट्ज़ी ग्रुप, संस्थापक और अध्यक्ष, इटली 15. एम.एन.आर.गुप्ता, सिविल इंजीनियर, वैश्विक सीईओ एवं निदेशक, रिट्ज़ी समूह, इटली 16. केसी एंड्रियाज़ो, प्रबंध निदेशक, रिट्ज़ी समूह, इटली 17. 18. सुश्री कैटालिना, प्रशिक्षक रसायन विज्ञान विभाग, कोलंबिया इत्यादि रिट्ज इंटरनेशनल ग्रुप द्वारा शिक्षा की आधुनिक तकनीक पर निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा और तत्पश्चात ही चयनित उम्मीदवार शिक्षण का कार्य ऑनलाइन माध्यम से करेंगे। शिक्षण के लिए इन्हें पहली कक्षा से दसवीं कक्षा तक के सीबीएसई के विद्यार्थियों को ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाना होगा। महाविद्यालय युवाओं के कौशल विकास, रोजगार और शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए समय-समय पर कार्यक्रम करता है, जिसमें स्कूल कॉलेज व विश्वविद्यालय के अनेक छात्र छात्राएं पूरे प्रदेश से भाग लेते हैं। इस रोजगार मेले में नावर, छुहारा जुब्बल ब्लॉक व प्रदेश के अन्य जिलों से चयनित उम्मीदवारों के नाम इस प्रकार हैं..1. गीतिका 2. सुरेंद्र 3.निशा खांगटा 4. भवानी सिंह 5. गरिमा बांशटु 6.अदिति कोटवी 7. दीक्षा संख्यान 8.ज्योति केस्टा 9. कृतिका शर्मा 9.शिवानी शोंगी 10. पूनम चौहान 11. साक्षी 12. मीतू राठोर 13.महक भाइक 14. साक्षी शर्मा 15. सोनिका 16. रोहित रावत 17. शिवानी जंगटा 18. रचना 19. दीपिका कुल्ला 20.सतीश 21.विक्रम 22. विश्लेष 23. शिवांगी 24 विशाली 25.श्रुति शर्मा 26. जयललिता 27. निशा शर्मा 28. महेश्वरी रावत 29.चंपा 30. रोहित भूषण 31.उमा देवी 32. सुधीर चौहान 33.नेहा शर्मा 34. मीनाक्षी शर्मा 35. मीनाक्षी चौहान 36.मधु चौहान 37. प्रीति ठाकुर 38. अनीता बाला 39. शीतल 40.दीक्षा भारद्वाज 41.अश्लेषा 42.अमन 43. श्वेता 44. दीपिका 45. रुचि हिमराल 46.दिव्या चौहान 47.हिमांशी रचना 48.प्रतिभा 49.मीनाक्षी 50.जानवी शर्मा 51.आरती 52.लिली प्रसाद 53.रितु हंसरेटा 54.रजनी सा 55.मोनिका देष्टा 56.रजनी शर्मा 57.अविका डरटा 58.कोकिला 59.पल्लवी. 60 सचिन पापटा इत्यादि है। नौकरी शुरू होने के बाद घर से काम करने के लिए इन युवाओं को 8000 से 12000 रुपए प्रति माह वेतन मिलेगा और समय 4:00 बजे के बाद का रहेगा ताकि दिन में अपने अन्य काम और उच्च शिक्षा पूरी करने का अवसर भी मिल पाए। करोना महामारी के खत्म होने पर ये चयनित शिक्षक ₹25000 विद आउट बोर्डिंग लॉजिंग तथा ₹15000 विद बोर्डिंग लॉजिंग ऑफिस से काम कर सकते हैं। पांच दिन तक चले इस रोजगार मेले का आयोजन रोजगार सेल के सदस्य डॉ0 ललिता रावत, डॉ0 हर्ष भारद्वाज, प्रो0 संजीव जस्टा, डॉ0 निशा चौहान, डॉ0 सुरेंद्र कुल्ला, प्रो0 ज्योत्सना तथा प्रो0 आराधना देश्टा ने कॉलेज प्राचार्य डॉ0 बृजेश सिंह के मार्गदर्शन में किया। इस अवसर पर प्राचार्य ने कॉलेज द्वारा पिछले एक वर्ष में किए गए अनेक शैक्षणिक और पाठ्यक्रम कार्यक्रमों की भी जानकारी दी और विभाग के उच्च अधिकारियों का पूर्ण सहयोग के लिए धन्यवाद किया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा यूथ कांग्रेस अध्यक्ष से दिल्ली पुलिस की पूछताछ पर कांग्रेस की राजनीति शर्मनाक है। उन्होंने कहा दिल्ली पुलिस ने दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर चल रही जाँच में कोविड -19 दवाओं की अवैध खरीद और वितरण के आरोपों को लेकर 14 मई 2021 को युवा कांग्रेस अध्यक्ष श्रीनिवास बी से पूछताछ की। पुलिस पहले ही इस मामले में कुछ AAP और भाजपा नेताओं से पूछताछ कर चुकी है । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सांसद गौतम गंभीर , भाजपा नेता हरीश खुराना , आप विधायक दिलीप पांडेय सहित कई लोगों से दिल्ली पुलिस अब तक पूछताछ कर चुकी है । कांग्रेस पार्टी ने यूथ कांग्रेस अध्यक्ष श्रीनिवास बी से पूछताछ पर नाराजगी जताई एवं कोविड-19 सहायता वितरित करने के लिए किसी की जाँच करने की उपयुक्तता पर सवाल उठाया । कांग्रेस का आरोप राजनीति से प्रेरित हैं क्योंकि ये पूछताछ दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर हो रहा है, कांग्रेस द्वारा पूछताछ पर लगाए गए आरोप एक तरह से अदालत के आदेश की अवमानना है। उन्होंने कहा दिल्ली पुलिस द्वारा पूछताछ दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार की जा रही है , जिसने उन्हें COVID - 19 दवाओं के कथित अवैध वितरण में राजनेताओं की संलिप्तता की जाँच करने के लिए कहा है । हृदुआ फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ . दीपक सिंह ने दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी , जिसमें कथित ' मेडिकल माफिया - राजनेता गठजोड़ ' और राजनेताओं द्वारा कोविड दवाओं के अवैध वितरण की सीबीआई जाँच की माँग की गई थी । याचिकाकर्ता ने गंभीर , श्रीनिवास , साथ ही भाजपा नेताओं सुजय विखे , गौतम गंभीर और शिरीष चौधरी , कांग्रेस नेता प्रियंका गाँधी वाड्रा और कांग्रेस विधायक मुकेश शर्मा , एनसीपी नेता शरद पवार और रोहित पवार का उल्लेख किया था । इसमें उनके द्वारा वितरित किए गए रेमडेसिविर का उदाहरण दिया गया था । उन्होंने कहा याचिका में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून , 1980 के अनुसार कोविड -19 दवाओं की कालाबाजारी में लिप्त होने और विधायकों और सांसदों को अयोग्य ठहराने के लिए ऐसे व्यक्तियों को हिरासत में लेने के लिए भी अपील की गई थी । अदालत ने 4 मई को एफआईआर और सीबीआई जाँच की याचिका को खारिज कर दिया था , लेकिन दिल्ली पुलिस से इस मुद्दे की जाँच करने के लिए कहा था । अदालत ने पुलिस से कहा था कि राजनेताओं द्वारा कथित तौर पर सीधे रेमडेसिविर की खरीद और उन्हें कोविड -19 मरीजों को वितरित करने के मामलों पर ध्यान दें और यदि कोई अनियमितता मिलती है तो प्राथमिकी केस दर्ज करे । अदालत ने राज्य को एक सप्ताह के भीतर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा और मामले को सुनवाई के लिए 17 मई को सूचीबद्ध किया ।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री , राजिन्द्र गर्ग की अध्यक्षता में आज आयोजित बैठक में उचित मूल्य की दुकानों में राशन वितरण की व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में राजिन्द्र गर्ग ने विभागीय अधिकारियों को हिमाचल प्रदेश में कार्यरत सभी उचित मूल्यों की दुकानों में आई.आर.आई.एस. सुविधा शीघ्र उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। इसके लिए विभाग द्वारा जारी ई.ओ.आई. में छः पार्टियों ने भाग लिया है। खाद्य आपूर्ति मन्त्री ने निर्देश दिए कि इस प्रक्रिया को तुरन्त निपटाया जाए तथा उचित मूल्य की दुकानों में आई.आर.आई.एस. व्यवस्था यथाशीघ्र शुरू की जाए। उन्होंने बायोमेट्रिक प्रणाली से वितरित किए जा रहे खाद्यान्नों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी उचित मूल्य की दुकानों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करते हुए खाद्यान्नों का वितरण किया जा रहा है। बायोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से इस माह 75.80 प्रतिशत खाद्यान्न वितरित किए गए है। उन्होंने कहा कि बायोमीट्रिक प्रणाली से खाद्यान्नों का वितरण एक सुरक्षित उपाय है, जिसमें प्रत्येक उपभोक्ता के हाथों एवं पी.ओ.एस. मशीन को सैनिटाइज करने के पश्चात ही उपभोक्ताओं को खाद्यान्नों का वितरण किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए सभी जिला नियन्त्रकों की अध्यक्षता में कमेटियां गठित की गई हैं तथा जिला नियन्त्रक एवं निरीक्षक उचित मूल्य की दुकानों के निरीक्षण कर रहे हैं। जो भी उचित मूल्य की दुकानधारक मानक संचालन प्रक्रिया का पालन नहीं कर रहा है उसके खिलाफ कार्यवाही अमल में लाई जा रही है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि खाद्यान्न वितरण के लिए आधार ओ.टी.पी. व्यवस्था को भी तुरन्त लागू किया जाए ताकि उपभोक्ता इस व्यवस्था से मशीन के सम्पर्क में आए बिना खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए विभाग द्वारा प्रक्रिया आरम्भ कर दी गई है। उन्होंने कहा कि ओ.टी.पी. से खाद्यान्न वितरण शुरू कर दिया गया है तथा आज 240 उपभोक्ता आधार ओ.टी.पी. के माध्यम से खाद्यान्न प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि उपभोक्ता उचित मूल्य की दुकानों से दोनोेें माध्यमों, बायोमेट्रिक प्रणाली एवं आधार ओ.टी.पी. से खाद्यान्न प्राप्त कर सकता है परन्तु मानक संचालन प्रक्रिया की अनुपालना सभी उचित मूल्य की दुकानों द्वारा यथावत की जाएगी ताकि पैसे के लेन-देन या खाद्यान्नों के वितरण के समय संक्रमण के खतरे से बचा जा सके। राजिन्द्र गर्ग ने यह निर्देश भी दिए कि नकदी रहित सुविधा को भी अबिलम्ब शुरू किया जाए ताकि राशन वितरण में वायरस से संक्रमण की संभावना न रहे। उन्होनें सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि जब तक नकदी रहित तथा आई.आर.आई.एस. की सुविधा पी.ओ.एस. मशीन में उपलब्ध नहीं होती, तब तक बायोमेट्रिक या आधार ओ.टी.पी. से खाद्यान्न प्राप्त करने से न डरें तथा हाथों को धोकर तथा सैनिटाइज करके बिना झिझक उचित मूल्य की दुकानों से खाद्यान्न प्राप्त करें।
स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार ने कोविड-19 की अपेक्षित तीसरी लहर से निपटने के लिए स्थिति के अध्ययन के लिए पीडीऐट्रिक टास्क फोर्स गठित करने का निर्णय लिया। प्रवक्ता ने बताया कि वर्तमान में 18 से 44 वर्ष के आयुवर्ग के लोगों का टीकाकरण कार्य तेजी से चल रहा है और अगले तीन-चार माह में इस आयुवर्ग के अधिकतर लोगों का टीकाकरण कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाली इस लहर से केवल बच्चे ही प्रभावित हो सकते है, जिससे निपटने के लिए सरकार ने इस पीडीऐट्रिक टास्क फोर्स का गठन करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह फोर्स समय-समय पर उचित परामर्श प्रदान करने के अलावा विभिन्न पीआईसीयू, एम-एनआईसीयू, एसएनसीयू, एनबीएसयू आदि में आधारभूत ढांचे की उपलब्धता का अध्ययन करेगी। उन्होंने कहा कि यह टास्क फोर्स इस महामारी से निपटने के लिए आवश्यक मशीनरी, यंत्र और श्रमशक्ति प्रदान करने के लिए उपयुक्त योजना भी तैयार करेगी। प्रदेश सरकार आने वाली किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सक्रिय दृष्टिकोण अपना रही है और सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित कर रही है। स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार ने कोविड-19 की अपेक्षित तीसरी लहर से निपटने के लिए स्थिति के अध्ययन के लिए पीडीऐट्रिक टास्क फोर्स गठित करने का निर्णय लिया। प्रवक्ता ने बताया कि वर्तमान में 18 से 44 वर्ष के आयुवर्ग के लोगों का टीकाकरण कार्य तेजी से चल रहा है और अगले तीन-चार माह में इस आयुवर्ग के अधिकतर लोगों का टीकाकरण कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाली इस लहर से केवल बच्चे ही प्रभावित हो सकते है, जिससे निपटने के लिए सरकार ने इस पीडीऐट्रिक टास्क फोर्स का गठन करने का निर्णय लिया है। यह फोर्स समय-समय पर उचित परामर्श प्रदान करने के अलावा विभिन्न पीआईसीयू, एम-एनआईसीयू, एसएनसीयू, एनबीएसयू आदि में आधारभूत ढांचे की उपलब्धता का अध्ययन करेगी। उन्होंने कहा कि यह टास्क फोर्स इस महामारी से निपटने के लिए आवश्यक मशीनरी, यंत्र और श्रमशक्ति प्रदान करने के लिए उपयुक्त योजना भी तैयार करेगी। प्रदेश सरकार आने वाली किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सक्रिय दृष्टिकोण अपना रही है और सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत न्यूनतम आर्थिक लाभ की आठवीं किश्त जारी की। इस किश्त के तहत 9.5 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को लगभग 20,000 करोड़ रुपये वितरित किए गए। किश्त जारी करने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान लाभार्थियों के साथ बातचीत की। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी शिमला से इस वर्चुअल कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की आठवीं किश्त जारी करने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। इसके उपरान्त, मुख्यमंत्री ने राज्य में इस योजना के तहत प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि यह योजना 24 फरवरी, 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आरम्भ की गई थी, जिसके तहत आय सहयोग के तौर पर छोटे तथा सीमांत किसानों को 6000 रुपये प्रतिवर्ष की राशि 2000 रुपये की तीन बराबर किश्तों में दी जा रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में कृषि क्षेत्र, कुल राज्य सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 13.62 प्रतिशत का योगदान देता है। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 9.97 लाख कृषक परिवार हैं, जिनमें से लगभग 89 प्रतिशत छोटे और सीमांत किसान हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक 9,26,963 पात्र किसानों को 1355.80 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत वर्ष 2021-22 के लिए 642.47 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने किसान समुदाय को लाभान्वित करने के लिए मुख्यमंत्री नूतन पाॅलीहाउस परियोजना, कृषि से सम्पन्नता योजना, कृषि कोष, प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना, जायका चरण-2, जल से कृषि को बल योजना जैसी अनेक योजनाएं आरम्भ की हैं। इस अवसर पर मुख्य सचिव अनिल खाची, निदेशक भू-अभिलेख हंस राज चैहान, निदेशक कृषि नरेश ठाकुर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने देश मे कोविड वेक्सिन की कमी और तेजी से बढ़ते इसके संक्रमण पर चिंता प्रकट करते हुए कहा है कि सरकार ने आज देश में गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। देश को आत्मनिर्भर का स्वप्न दिखाने वाले प्रधानमंत्री को वेक्सीन से लेकर ऑक्सीजन व स्वास्थ्य उपकरण विदेशों से मंगवाने पड़ रहे है।देश आज चारों तरफ से गंभीर चुनोतियों से गुज़र रहा है।भाजपा ने अपनी राजनैतिक महत्वकांक्षा के चलते देश को बर्बादी के कगार पर ला कर खड़ा कर दिया है। सम्भतः आजादी के बाद देश की ऐसी भयावह स्थिति देखने को मिल रही है जहां नदियों में भी लाशों का अंबार लगा है। कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि आज सरकार को न तो किसानों की कोई चिंता है और न ही देश की गिरती अर्थव्यवस्था की। किसान अपने अधिकारों के लिए पिछले सात महीनों से सड़कों पर बैठा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से उन्हें बहलाने में लगें है। उन्होंने कहा कि देश मे एकतरफ कोरोना का कहर तो दूसरी तरफ सरकार की जनविरोधी नीतियों ने लोगों को देश की आजादी से पहले की विदेशी गुलामी की याद दिला दी है, जहां लोग सरकार का विरोध नही कर पाते थे। राठौर ने कहा की प्रदेश में कोरोना की इस दूसरी लहर ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए है। कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा दिन प्रति दिन बढ़ता जा रहा है। सरकार प्रभावित परिवारों की कोई भी मदद नही कर रही। देव भूमि में लोग अपने मृत परिजनों को कही कूड़े के ट्रेक्टर में तो कही अपने कंधों पर अंतिम संस्कार के लिए ढोने पर मजबूर हो गए है । सरकार व प्रशासन पूरी तरह संवेदनहीन हो गया है। राठौर ने प्रदेश में वेक्सिनेशन की ढीली रफ्तार पर चिंता प्रकट करते हुए कहा है कि प्रदेश सभी लोगों का टिक्का कर्ण जल्द पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने दूरदराज व दुर्गम क्षेत्रों में कोरोना के फेलाब पर भी चिंता प्रकट करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में टिक्का कर्ण विशेष केम्प लगाये जाने चाहिए, जिससे लोगों की समय पर रक्षा की जा सकें। राठौर ने प्रदेश में लॉक डाउन के चलते सभी प्रभावित लोगों को राहत देने और उनकी आर्थिक मदद देने की गुहार भी सरकार से लगाई है। उन्होंने कहा है कि सरकार को इस समय अपने सभी टैक्सों की बसूली स्थागित करते हुए बैकों से किसी भी प्रकार के लोन की ईएमआई को फिलहाल स्थागित रखने का आदेश देना चाहिए।
शिमला,भाजपा प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने कहा कि भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा द्वारा कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्षा सोनिया गांधी को लिखे पत्र से कांग्रेसी नेताओं की पोल खुल गई है। उन्होंने कहा कि जगत प्रकाश नड्डा के इस पत्र से कांग्रेस नेताओं की संवेदनहीनता, नकारात्मक दृष्टिकोण व संकुचित मानसिकता उजागर हुई है। पत्र के माध्यम से सोनिया गांधी को एहसास करवाया गया है कि कांग्रेस पार्टी के नेता कोरोना महामारी के इस संकट काल में भी गैरजिम्मेदाराना बयानबाजी कर जनता के बीच हास्य का पात्र बन रहे हैं। रणधीर शर्मा ने कहा भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कोविड वेक्सीन पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर और कांग्रेसी सरकारों के दोहरेपन पर कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लिया है। भारत में बनी कोविड-19 वैक्सीनेशन के बारे में जनता में भ्रम पैदा करने के लिए अन्य विपक्षी दलों के नेताओं के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी के नेता भी जिम्मेदार है। जिस प्रकार से कांग्रेसी नेताओं ने वैक्सीनेशन के बारे में जनता को गुमराह करने की कोशिश की और कहा कि इसके प्रयोग पूरी तरह नहीं हुई है, यह भाजपा की वैक्सीन है, मोदी की वैक्सीन है इसके साइड इफेक्ट हो सकते हैं यह दुर्भाग्यपूर्ण है। आज भारत सरकार ने 17 करोड़ से ज्यादा कोविड टीके वितरित कर दिए हैं, खरीदे जाने वाले कुल टीकों में से 50 % केंद्र द्वारा खरीदे जाते हैं । ये राज्यों को मुफ्त में दिए जाते हैं । इसके अतिरिक्त कई भाजपा शासित राज्यों ने भी सभी के लिए मुफ्त टीकों की घोषणा भी की है जिसमें हिमाचल भी एक है । कांग्रेस शासित राज्यों ने ऐसा नहीं किया है जिसके कारण जनता को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया नड्डा ने अपने पत्र में सेंट्रल विस्टा पर जो आरोप कांग्रेस लगा रही है उसको लेकर स्पष्ट किया है कि यूपीए के समय भी नई संसद की आवश्यकता का मुद्दा उठाया गया था । पूर्व लोकसभा अध्यक्ष , आदरणीया मीरा कुमार ने स्वयं एक नए संसद भवन की आवश्यकता को रेखांकित किया था । केंद्रीय शहरी विकास मंत्री ने भी इस परियोजना के संबंध में बड़ी संख्या में अन्य प्रश्नों के तथ्यों सहित उत्तर दिए हैं । कांग्रेस की छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नए विधानसभा परिसर का निर्माण किया जा रहा है । उन्होंने कहा देश के सर्वोच्च न्यायालय ने भी कहा है कि पिछले 70 वर्षों में हमें जो स्वास्थ्य ढांचा विरासत में मिला है , वह अपर्याप्त है । यह कहने की या बताने की आवश्यकता नहीं है कि इन सात दशकों में भारत की राजनीति में किस पार्टी का वर्चस्व रहा है । उन्होंने कहा कि 2020 में कोरोना महामारी के बाद से , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महामारी के खिलाफ लड़ाई में गति लाने के लिए सरकार के सभी संसाधनों को साथ लेकर काम कर रहे हैं । आवश्यक क्षेत्रों में प्राथमिकता के साथ चिकित्सा क्षमताओं में वृद्धि की जा रही है और जरूरतमंदों के लिए पर्याप्त सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं । कोरोना का मुकाबला करने के लिए सभी आवश्यक दवाएं और अन्य सामग्रियां पर्याप्त मात्रा में सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं । 2020 में भारत सरकार ने 8 महीनों के लिए 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन बांटा था । अब भी वही किया जा रहा है ।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज शिमला से राज्य के फार्मा उद्योग के प्रमुखों के साथ वर्चुअल माध्यम से बैठक की अध्यक्षता करते हुए उनसे सामूहिक रूप से महामारी से लड़ने के लिए अपना पूरा सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य एशिया के फार्मा हब के रूप में उभरा है और पिछले एक साल से अधिक समय से कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ने में राष्ट्र की सहायता करने में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि पहली लहर के दौरान भारत ने संयुक्त राज्य अमेरिका को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन (एचसीक्यू) की 50 मिलियन टेबलेट भेजी थीं और हिमाचल प्रदेश ने मानवता की सुरक्षा के लिए इस वैश्विक प्रयास में एचसीक्यू का निर्माण किया। उन्होंने कहा कि इस महामारी से लड़ने में फार्मा उद्योग की भूमिका महत्वपूर्ण थी और फार्मा उद्योग के प्रमुखों ने न केवल कोविड-19 से लड़ने में राज्य सरकार को अपना पूरा सहयोग दिया, बल्कि सीएसआर के तहत सरकार को सहायता भी प्रदान की। उन्होंने इन मुश्किल परिस्थितियों में राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता स्वास्थ्य अधोसंरचना के लिए आर्थिक योगदान करने के लिए फार्मा कंपनियों का धन्यवाद किया। उन्होंने राज्य को आॅक्सीजन सिलेंडर प्रदान करने के लिए भी फार्मा उद्योग का धन्यवाद किया, जिसके कारण राज्य भंडारण क्षमता को लगभग 25 मीट्रिक टन बढ़ाने में सफलता मिली। उन्होंने फार्मा कंपनियों को आॅक्सीजन कंसेंट्रेटर, सिलेंडर आदि मेडिकल उपकरणों के लिए विनिर्माण इकाइयाँ स्थापित करने के लिए भी आमंत्रित किया। जय राम ठाकुर ने कहा कि महामारी की दूसरी लहर अधिक घातक है और आॅक्सीजन की आपूर्ति के लिए हिमाचल प्रदेश पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली जैसे पड़ोसी राज्यों के लिए जीवन रेखा बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि यही नहीं, डब्ल्यूएचओ द्वारा अनुमोदित कोविड किट और कई जीवनरक्षक दवाएं हिमाचल प्रदेश में निर्मित की जा रही हैं। उन्होंने फार्मा कंपनियों से अपने उत्पादन स्तर को बढ़ाने का आग्रह किया और उन्हें आश्वासन दिया कि राज्य सरकार सभी आवश्यक सहायता और सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में पेशेवर होने के नाते प्रदेश सरकार हिमाचल प्रदेश को फार्मा क्षेत्र में अग्रणी निर्यातकों में से एक बनाने के लिए फार्मा उद्योग की भागीदारी चाहती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार व्यापार में सुगमता को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और उद्योगों के समर्थन के फलस्वरूप राज्य ने ईज आॅफ डूइंग बिजनेस में देश में 7वां स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में वैक्सीन की आपूर्ति के दृष्टिगत फार्मा कंपनियों के श्रमिकों का टीकाकरण प्राथमिकता के आधार पर करवाने की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। उन्होंने फार्मा उद्योग को आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगों और मुद्दों का भी शीघ्र निवारण किया जाएगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग राम सुभाग सिंह ने कहा कि ईएसआई अस्पताल काला अंब को शीघ्र ही शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिरमौर जिले के काला अंब में 220 केवी के सब स्टेशन के निर्माण का कार्य आवंटित कर दिया गया है। निदेशक एवं आयुक्त उद्योग हंसराज शर्मा ने मुख्यमंत्री एवं बैठक में उपस्थित अन्य अधिकारियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि फार्मा उद्योग में उत्पादन निर्बाध रूप से हो। उन्होंने धन्यवाद प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया। हिमाचल प्रदेश राज्य ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डाॅ. राजेश गुप्ता ने फार्मा उद्योग को पिछले साल लाॅकडाउन के दौरान और कोरोना कफ्र्यू के दौरान भी अपने उत्पादन को बनाए रखने में हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश न केवल बेहतर वातावरण प्रदान करता है बल्कि सुशासन, बेहतर कानून एवं व्यवस्था तथा बेहतर औद्योगिक संबंधों को भी सुनिश्चित करता है, जो औद्योगिक विकास के लिए वरदान हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि एसोसिएशन सीएसआर के तहत राज्य सरकार को हर संभव सहायता प्रदान करेगी। मोरपेन के संजय सूरी, तिरुपति ग्रुप के अशोक गोयल, सन फार्मा के डाॅ. ए.एच. खान, एक्मे लाइसेंस के विराल शाह, सिप्ला के संजय मिश्रा, बी.आर. सीकरी, फारमंेटा बायो-टेक के सुरेश उनियाल, डाॅ. रेड्डी लैब्स के नारायण रेड्डी और चेतन, एबाॅट के राकेश चितकारा, जायडस कैडिला के दीपक, ग्लेनमार्क के सत्य शिव देसाई और संजय सिंगला ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने मुख्यमंत्री से फार्मा उद्योग के श्रमिकों का टीकाकरण प्राथमिकता के आधार पर करवाने का भी आग्रह किया।
कोरोना से लड़ने को हिमाचल के सभी ज़िलों में भेज रहे मेडिकल उपकरण: अनुराग ठाकुर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर ,ऑक्सीजन रेगुलेटर ,एनआरएम ,नेजल कैनुला ,फ़ेस शील्ड ,पीपीई किट ,ग्लव्स व मास्क सभी ज़िलों को 13 मई 2021 , हिमाचल प्रदेश : केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर कोरोना आपदा से लड़ने के लिए प्रदेश के सभी ज़िलों में मेडिकल उपकरण भेज रहे हैं जिससे कोरोना वॉरियर्स एवं मरीज़ों को काफ़ी मदद मिलेगी। श्री अनुराग ठाकुर ने कोरोना की इस लड़ाई में हर ज़िले की आवश्यकता के अनुसार भेजे जाने वाले इन सामानों की विस्तृत जानकारी दी है। श्री अनुराग ठाकुर ने कहा “ कोरोना आपदा की गम्भीर स्थिति को देखते हुए केंद्र व राज्य सरकारें युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं । हम सब की सामूहिक ज़िम्मेदारी है कि जिस से जैसा बन पड़े अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दूसरों की मदद के लिए आगे आए । हिमाचल प्रदेश में कोरोना से लड़ाई के लिए संसाधनों की कोई कमी ना आने पाए इसलिए मैंने भी अपने निजी प्रयासों से प्रदेश के सभी ज़िलों में मेडिकल उपकरण उपलब्ध कराने जा रहा हूँ जिनकी सूची निम्नवत है.. 1- थ्री प्लाइ मास्क -2,00,000 2- ग्लव्स -25,000 3- ऑक्सीजन मास्क -6,000 4-नेजल कैनुला -250 5- एन-95 मास्क -50,000 6- फ़ेस शील्ड -10,000 7- पीपीई -किट -5,000 8-ऑक्सीजन रेगुलेटर -1,500 9-एनआरएम -3,200 10-ऑक्सीजन कंसंट्रेटर- 100 आगे बोलते हुए श्री अनुराग ठाकुर ने कहा “महामारी की इस गम्भीर स्थिति में मैं अपने संसदीय क्षेत्र के सभी ज़िला प्रशासन के साथ नियमित सम्पर्क में हूँ ।कोरोना के उपचार के दौरान हमीरपुर संसदीय में ऑक्सीजन की कोई समस्या ना आने पाए इसके लिए सभी ज़िलों (काँगड़ा ,मंडी ,बिलासपुर ,हमीरपुर व ऊना) में ऑक्सीजन सिलेंडर , ऑक्सीजन कंसंट्रेटर वितरित करने व तीन पीएसए ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लगवाने का निर्णय लिया है जिससे हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सभी पाँचों ज़िलों को लाभ पहुँचेगा। पिछले हफ़्ते हमीरपुर व ऊना में कोविड उपचाराधीन मरीज़ों को ऑक्सीजन से जुड़ी कोई समस्या आए इस दिशा में ऑक्सीजन सिलेंडर ज़िला प्रशासन को हैंडओवर किए गये ।इन सारे उपायों से हम लगभग 500 बेडों को सीधा ऑक्सीजन सप्लाई उपलब्ध कराने में सफल होंगे” श्री अनुराग ठाकुर ने कहा “दिल्ली में रह रहे प्रवासी हिमाचली भाई बहन को कोरोना महामारी के इस दौर में आपातक़ालीन स्थिति में ऑक्सीजन कमी ना हो इसलिए मैंने अपने निजी प्रयासों से 50 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर यहाँ पर विभिन्न हिमाचली कल्याणकारी संस्थाओं को उपलब्ध कराया है। आपदा की इस घड़ी में किसी भी परिस्थिति में पूरे सेवा भाव से सदैव उपलब्ध हूँ”
शहरी क्षेत्रों में उचित साफ-सफाई बनाए रखने में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करने वाले शहरी स्थानीय निकायों, नगर निगमों, नगर पालिकाओं, नगर परिषदों तथा नगर पंचायतों में कार्यरत सभी सफाई कर्मचारियों को अप्रैल, मई तथा जून, 2021 के लिए प्रतिमाह 2000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने यह घोषणा आज यहां शिमला से शहरी स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को वर्चुअल माध्यम से सम्बोधित करते हुए की। मुख्यमंत्री ने शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों से उनके संबंधित क्षेत्रों में कोविड-19 वायरस के कारण होम आइसोलेशन में रह रहे व्यक्तियों के परिवार के सदस्यों के साथ निरन्तर सम्पर्क बनाए रखने का आग्रह किया ताकि उन्हें उचित चिकित्सा परामर्श तथा उपचार प्राप्त हो व उन्हें किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि वे यह भी सुनिश्चित करें कि लोग स्वयं अपनी जांच करवाने के लिए आगे आएं, क्योंकि ऐसा पाया गया है कि अस्पतालों में जाने में देरी के कारण स्थिति बिगड़ती है तथा मृत्यु की संख्या में बढ़ौतरी हो रही है। उन्होंने कहा कि लोगों को टीकाकरण के लिए आगे आने के लिए भी प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों से इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ बेहतर समन्वय बनाने का भी आग्रह किया। जय राम ठाकुर ने कहा कि शहरी स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधि न केवल अपने संबंधित क्षेत्रों के लोगों को समय-समय पर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों तथा मानक संचालन प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन करने के प्रेरित करें, बल्कि यह भी सुनिश्चित करें कि कोविड-19 के मरीजों की मृत्यु होने पर प्रोटोकाॅल के अनुसार मृतक व्यक्ति का अन्तिम संस्कार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निकटतम स्वास्थ्य संस्थानों को पीपीई किट प्रदान करने पर भी विचार कर रही है ताकि वे लोगों को पीपीई किट प्रदान कर सकें और प्रोटोकाॅल के अनुसार अंतिम संस्कार किया जा सके। मुख्यमंत्री ने शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि इस संकट के समय में जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों को कोई परेशानी न आए, इसके लिए भी कदम उठाए जाने चाहिए तथा उन्हें प्रदेश में रहने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधियों को देश के अन्य भागों से उनके संबंधित क्षेत्रों में आने वाले लोगों पर भी निगरानी रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे व्यक्तियों में कोई लक्षण हैं तो उन्हें आरटी-पीसीआर जांच करवाने और कम से कम 10 दिनों के लिए होम क्वारंटीन में रहने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को गरीबों तथा जरूरतमंद लोगों को फेस मास्क, हैंड सेनिटाइजर तथा फूड किट वितरित करने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों को उचित सुरक्षा उपकरण प्रदान किए जाने चाहिए ताकि वे संक्रमित न हों। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में कोविड-19 के मामलों में हुई वृद्धि चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में इस वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जिस कारण शहरी स्थानीय निकायों के लिए इस वायरस को रोकने के लिए रणनीति तैयार करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस महामारी ने विश्व की आर्थिकी को बुरी तरह प्रभावित किया है, लेकिन लोगों के बहुमूल्य जीवन को बचाना सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस वायरस की चेन को तोड़ने के लिए पूरे प्रदेश में कोरोना कफ्र्यू लागू किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टीकाकरण प्रक्रिया भी सुचारू रूप से चल रही है। उन्होंने कहा कि 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों के लिए टीकाकरण इस माह की 17 तारीख से आरम्भ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि टीकाकरण पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा तथा लोगों को टीकाकरण के लिए अपना पंजीकरण करवाना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस अभियान को सुचारू रूप से सुनिश्चित करने के लिए शहरी स्थानीय निकायों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों की सहायता करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री का प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने के लिए अपना समय देने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा करने के लिए प्रदेश के सभी जिलों का व्यक्तिगत तौर पर दौरा किया है। उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकायों को अंतिम संस्कार करने में मृतक व्यक्ति के परिवार सदस्यों की सहायता करने के लिए भी आगे आना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से राज्य वन निगम को मृतक व्यक्ति के अंतिम संस्कार के लिए निःशुल्क लकड़ी प्रदान करने का आग्रह किया। प्रधान सचिव शहरी विकास रजनीश ने वीडियो काॅन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि शहरी स्थानीय निकायों के नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों ने अपने संबंधित क्षेत्रों में कोरोना वायरस को रोकने के लिए प्रभावी तथा सक्रिय रूप से कार्य किया है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी उचित साफ सफाई सुनिश्चित कर रहे हैं तथा विभाग के सफाई कर्मचारियों द्वारा शहरी स्थानीय निकायों में डिसइन्फेक्शन का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में मुख्यमंत्री शहरी आजीविका योजना का भी प्रभावी रूप से क्रियान्वयन कर रही है। निदेशक शहरी विकास आबिद हुसैन सादिक ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया तथा वर्चुअल बैठक का संचालन किया। नगर निगमों के महापौर तथा उप महापौर, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा पार्षद, नगर निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा आयुक्त ने वर्चुअल माध्यम से इस बैठक में भाग लिया और इस अवसर पर अपने बहुमूल्य सुझाव भी दिए। उन्होंने इस वायरस की चेन को प्रभावी रूप से तोड़ने के लिए कोरोना कफ्र्यू की अवधि को कम से कम एक सप्ताह के लिए और बढ़ाने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री के ओएसडी शिशु धर्मा तथा मुख्यमंत्री के सलाहकार डाॅ. आर.एन. बत्ता अन्य गणमान्यों सहित इस अवसर पर शिमला में उपस्थित थे।
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने वीरवार को हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के नाम से अखबारों में छपी उस खबर का खंडन किया है जिसमें हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के नाम से एक स्वयंभू नेता ने अपने आप को संघ का प्रदेश अध्यक्ष होने का दावा किया है और गूगल मीट में 115 शिक्षकों की बैठक होने का दावा किया है और कहा गया है कि बैठक में संघ के पदाधिकारियों ने एफ ए 1 मूल्यांकन का विरोध किया है और इस मूल्यांकन के लिए विभाग के फैसले को सरासर गलत करार दिया है। इस संदर्भ में वीरेंद्र चौहान ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा है कि सबसे पहले तो आपको बता देना चाहता हूँ कि ना तो हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ की कोई गूगल मीट हुई है और ना ही संघ के प्रदेशाध्यक्ष तथाकथित शिक्षक नेता नरेश महाजन है वर्तमान में हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान है जिन्हे लगातार तीसरी बार शिक्षकों ने यह जिम्मेदारी दी है उस नाते यह स्पष्टीकरण देना जरूरी है कि जो लोग FA 1 का विरोध कर रहे हैं वह हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के निष्कासित लोग हैं उनका इस संगठन से कोई लेना देना नहीं है । हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ का मानना है कि यदि हिमाचल सरकार व शिक्षा विभाग ने बच्चों को व्यस्त रहने के लिए और उनका मूल्यांकन करने की दृष्टि से मई माह में FA1 का मूल्यांकन करने का निर्णय लिया है उसमें कोई हर्ज नहीं है कुल मिलाकर इससे शिक्षकों के द्वारा दी गई शिक्षा व पिछले 2 महीनों में बच्चों के द्वारा की गई पढ़ाई का मूल्यांकन ही तो होगा । मूल्यांकन कभी भी हो उससे बच्चे की गुणवत्ता में निखार आता है इसलिए हमें किसी तरह के मूल्यांकन का स्वागत करना चाहिए ना कि उसका विरोध करना चाहिए संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान एवं समस्त कार्यकारिणी ने कहा की जो लोग 115 शिक्षकों की गूगल मीट का के माध्यम से मीटिंग का दावा कर रहे हैं उनके पास ना तो कोई राज्य कार्यकारिणी की नोटिफिकेशन है और ना ही जिला कार्यकारिणी की नोटिफिकेशन है और ना ही खंडों की कार्यकारिणी की कोई नोटिफिकेशन संगठन की ओर से जारी हुई है। इसलिए हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ हिमाचल सरकार एवम शिक्षा विभाग से मांग करता है कि इस गंभीर महामारी के दौर में सरकार एवम विभाग के फैसले के खिलाफ जाकर होच्छि एवं घटिया राजनीति करने वाले स्वयंभू शिक्षक नेताओं के ऊपर डिजास्टर मैनेजमेंट के दायरे में अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सबक सिखाना चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी अपंजीकृत संगठन विभाग और सरकार के ऊपर उंगली ना उठा सके l चौहान ने सरकार और विभाग से मांग की है कि यदि पंजीकृत संगठन के तीन पदाधिकारियों के खिलाफ विभाग शो कॉज नोटिस जारी कर सकता है तो इन स्यम्भू नेताओं के खिलाफ भी विभाग को अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लानी चाहिए इसे ही सरकार वह विभाग की निष्पक्षता का पता चलेगाल शिक्षकों को covid ड्यूटी में लगाए जाने की स्थिति में उन्हें वैक्सीनेशन लगाने और Frontline Warriors घोषित करने की संघ की मांग को सरकार द्वारा प्रमुखता से अमल करने पर संघ सरकार व विभाग का आभार व्यक्त करता है।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कांग्रेस ट्रेनिंग विभाग के पदाधिकारियों के साथ की वर्चुअल बैठक
शिमला, कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कांग्रेस ट्रेनिंग विभाग के पदाधिकारियों से पार्टी की नीतियों व कार्यक्रमों को जन जन तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए कहा है कि देश की एकता व साम्प्रदायिक सौहार्द को मजबूत रखने की कांग्रेस पर एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि भाजपा की धुर्वीकरण की नीति से आज देश की एकता और अखंडता को खतरा पैदा हो रहा है,इसलिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं के कंधों पर एक बहुत बड़ी जिम्मेवारी है,जिसे उन्हें पूरा करना है। वीरवार को प्रदेश कांग्रेस ट्रेनिंग विभाग के पदाधिकारियों की वर्चुअल बैठक को संबोधित करते हैं कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में इस समय कोरोना महामारी से हर वर्ग परेशान व प्रभावित हैं।कोरोना को लेकर स्वास्थ्य सेवाएं अस्त व्यस्त हो कर रह गई है। प्रदेश में कोरोना से मरने वालों की संख्या दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही हैं,जबकि कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या से चिंताएं ओर भी बढ़ती जा रही है। राठौर ने कहा कि आज देश प्रदेश में मानवता और आपसी भाईचारे को बढ़ाने की बहुत ही आवश्यकता है।इस महामारी के दौर में हमें एक दूसरे का सहारा बनते हुए आगे आना है।आपदा में अवसर तलाशने वालो को बेनकाब करते हुए लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।यह सब कांग्रेस ट्रेनिंग विभाग बखूबी कर सकता है। राठौर ने कहा कि कोरोना को लेकर लोगों में भय फैलता जा रहा है क्योंकि देश प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं व शासकीय व्यवस्था पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गई है।लोग हतोत्साहित हो गए है।देश मे आज ऐसी सरकार बेठी है जिसे लोगों की नही अपनी राजनीति की ज्यादा चिंता है।कांग्रेस देश प्रदेश में लोगों का दुःख दर्द दूर करने का हरसंभव प्रयास कर रही है।प्रदेश में गांधी हेल्पलाइन के तहत कोरोना प्रभावित लोगों व परिवारों की हर संभब मदद की जा रही है।इस मदद को बढ़ाने के लिए पार्टी के सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की समान भागीदारी आवश्यक है तभी कांग्रेस का सपना साकार होगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ट्रेनिंग विभाग के प्रभारी हरिकृष्ण हिमराल ने इस दौरान कहा कि हाल ही में प्रदेश में कांग्रेस के ट्रेनिंग कैम्प आयोजित किये गए थे।इनमें नए युवाओं को जोड़ा गया है।उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते फिलहाल ट्रेनिंग का यह कार्य अभी पूरा नही हो सका है।उन्होंने कहा कि जितने भी पदाधिकारी है वह सब कोरोना से लोगों की सेवा में पार्टी का सहयोग कर रहें है। बैठक में डॉक्टर दलीप सिंह धीमान ने कहा कि अभी देश में कोविड़ की दूसरी लहर कहर बन कर आई है जिससे पूरी तरह सावधान रहने की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि इसके लिए वेक्सिनेशन का कार्य तेज करते हुए लोगों को जागरूक करने की बहुत आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि लोगों को मानसिक तनाव से बाहर निकालने के प्रयास भी तेज करने होंगे।उन्होंने कहा कि संभावित कोविड़ की तीसरी लहर केसी रहती है इसके लिए हमें सभी को इसके सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए लोगों को जागरूक करना होगा। बैठक में डॉक्टर विजय ठाकुर, आलोक नंदा हांडा,अतुल शर्मा,वासु सोनी, रीना कुमारी,राज कुमारी सोंनी,रीना पुंडीर,विक्रम चौधरी, विद्यासागर चौहान, पंकज मुसाफिर, डॉक्टर निशा शर्मा,राजिंदर मोहन,उदय नंद शर्मा, इंद्रजीत सिंह ने भाग लिया।
सेब बाहुल इलाकों में जहां उपरी शिमला के किसानों को ओलावृष्टि से भारी क्षति हुई हैं वहीं जुब्बल नावर कोटखाई की पंचायतें जिनमें नावर की कुठाड़ी, कडिवन, पुजारली नम्बर 3, सामरा, टिक्कर, धराडा़ वहीं कोटखाई की बाघी, रत्नाड़ी, रामनगर, घयाल, देवरी-खनेटी और जुब्बल की मंढो़ल, कायना, झड़ग में भी ओलावृष्टि से भारी नुक़सान पहुँचा हैं। यह बात पूर्व मुख्य संसदीय सचिव व जुब्बल नावर कोटखाई के पूर्व विधायक रोहित ठाकुर ने ज़ारी प्रेस विज्ञप्ति में कही। उन्होंने भारी ओलावृष्टि पर गहरा दुःख और चिंता व्यक्त की हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन दिनों से लगातार हो रही ओलावृष्टि से बागवानों की सालभर की सेब की फ़सल नष्ट हो गई। रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकार उपरी शिमला में पिछले महीनें बैमौसमी हिमपात और ओलावृष्टि का अभी तक सही आंकलन नही करवा पाई जो दर्शाता हैं की सरकार बागवानों-किसानों के प्रति कितनी गम्भीर हैं। उन्होंने सरकार से भारी ओलावृष्टि से हुए नुक़सान को देखते हुए बागवानों को राहत और मदद करने के लिए बिना विलंब आगे आने की मांग की हैं।
हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने कोरोना से निपटने हेतु व इस महामारी में ज़रूरत लोगो की सहायता करने हेतु प्रदेश भर से एक 35 सदस्यों समिति का गठन किया है। जिनका मुख्य उद्देश्य जरूरत लोगो की सहायता करना है। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ प्रदेश के सभी जिलों में अपने कार्यकर्ताओं के द्वारा स्कूल सत्र तक, मंडल सत्र तक और खण्ड के अपने कार्यकर्ताओं से जिले की टीम से संपर्क करेगी और जरूरत तक सुविधा उपलब्ध करवाएगी। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांत उपाध्यक्ष डॉ मामराज पुंडीर ने कहा कि इस समिति की अगुवाई प्रान्त संगठन मंत्री पवन मिश्रा जी करेंगे। इस समिति में सभी जिलों के अध्यक्ष, महासचिव जिला स्तर पर और उसके बाद खण्ड स्तर पर समिति को सहयोग हेतु टीमो का गठन करेंगे। प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ पुंडीर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के कार्यकर्ता इस महामारी में कंधे से कंधे मिलाकर सरकार के साथ खड़ा है और सरकार के हर आदर्शो का पालन करेंगे। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के कई कार्यकर्ता पहले से ही कोविड में सेवाएं दे रहे हैं। यह समिति गरीब बच्चों को किताबे, राशन, जो घरों में कोरोना मरीज आइसोलेशन पर है उनके लिए खाने का बंदोबस्त करेंगे। प्रदेश के गांव गांव जाकर लोगो को वैक्सीनेशन के लिए जागरूकता अभियान चलाएंगे। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ शिक्षा क्षेत्र के साथ साथ समाज मे काम करने वाला संगठन है जिनके कार्यकर्ता राष्ट्र निर्माण में समर्पित है। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांत संगठन मंत्री पवन मिश्रा, प्रान्त अध्यक्ष पवन कुमार, प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ मामराज पुंडीर, प्रान्त महामंत्री विनोद सूद, प्रान्त उपाध्यक्ष विजय कंवर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जय शंकर, श्री भीष्म, प्रान्त मीडिया प्रभारी दर्शन लाल, सुधीर गौतम ने प्रदेश के सभी कर्मचारियों से अनुरोध किया कि सभी लोग वेक्सीनेशन में सहयोग करे और इस कोरोना महामारी को खत्म करने में अपना योगदान दे। डॉ मामराज पुंडीर ने सभी कर्मचारियों, बुद्धिजीवियों ,समृद्ध लोगो सहित शिक्षक महासंघ के कर्मठ कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि सभी लोग अपने अपने समय मे वेक्सीनेशन जरूर लगाएं और वेक्सीनेशन के बाद प्रधानमंत्री कोविड और मुख्यमंत्री कोविड फण्ड में वेक्सीनेशन के खर्च की राशि सहयोग में दान दे। आज भारत माता खतरे में है और हम सबका दायित्व बनता है कि हम तन, मन, धन से भारत माता की रक्षा हेतु आगे आये।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 मरीजों की संख्या में वृद्धि के दृष्टिगत राज्य सरकार ने हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी कोविड-19 रोगियों को कोविड के लिए समर्पित पंजीकृत निजी अस्पतालों में निःशुल्क उपचार प्रदान करने का निर्णय लिया है। यह बात उन्होंने आज यहां राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और कोविड-19 प्रबन्धन कमेटियों के सदस्यों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। जय राम ठाकुर ने कहा कि आयुष्मान भारत के तहत 4.16 लाख परिवार और राज्य सरकार की हिमकेयर योजना के तहत 5.13 लाख परिवार पंजीकृत हैं। उन्होंने कहा कि यह सभी परिवार अब कोविड-19 के निःशुल्क उपचार के लिए पात्र हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में आॅक्सीजन भंडारण क्षमता को लगभग 25 मीट्रिक टन बढ़ाने के अलावा पीएसए आॅक्सीजन संयंत्रों को कार्यशील करने में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि राज्य में कोविड रोगियों के लिए उपलब्ध 3080 बिस्तरों की क्षमता को अगले कुछ दिनों में 1100 बिस्तर तक बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आॅक्सीजनयुक्त बिस्तरों की क्षमता 2505 है और यह चरणबद्ध तरीके से बढ़ाई जाएगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने समाज के कुछ वर्गों का उनकी डयूटी के आधार पर प्राथमिकता से टीकाकरण करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों के चालकों व परिचालकों, निजी ट्रकों और बसों के चालकों और परिचालकों, ईंधन पम्प संचालकों, सार्वजनिक वितरण प्रणाली की उचित मूल्य दुकानों के धारकों, कोविड डयूटी पर अध्यापकों, बैंकों व वित्तीय सेवाओं के स्टाफ, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति के स्टाफ, कैमिस्ट और लोकमित्र केन्द्रों के संचालकों का प्राथमिकता के आधार पर कोविड टीकाकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के लिए टीकाकरण पंजीकरण की प्रक्रिया पहले से ही आरम्भ कर दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य को इस आयुवर्ग के लिए 1.07 लाख वैक्सीन खुराकें आवंटित हुई हैं और टीकाकरण इस माह की 17 तारीख से आरम्भ होगा। उन्होंने कहा कि टीकाकरण पंजीकरण के समय पर पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि कोविड रोगियों को एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाने और वाहन से वापिस घर छोड़ने के लिए जिला स्तर पर समर्पित जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि एम्बुलेंस में पर्याप्त आॅक्सीजन और अन्य उपकरण हो ताकि अस्पताल ले जाए जा रहे मरीज को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने विभिन्न ओद्यौगिक घरानों से आग्रह किया कि वे मुख्यमंत्री कोविड फंड में उदारतापूर्वक योगदान करने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि राज्य में उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग और संसाधनों को जुटाने की भी आवश्कता है। लाॅजिस्टिक समिति के संयोजक अरिंदम चैधरी, रिसोर्स मोबलाइजेशन समिति के संयोजक आबिद हुसैन सादिक, कोविड-19 मरीज व एम्बुलेंस प्रबंधक समिति के संयोजक डाॅ. राजेश ठाकुर और आईईसी समिति के संयोजक डाॅ. निपुण जिंदल द्वारा प्रस्तुतियां दी गईं।
उपायुक्त ने आज शिमला नगर के सब्जी मंडी, मीट मार्केट, कार्ट रोड़, पुराना बस अड्डा तथा एजी ऑफिस क्षेत्र का दौरा किया। उन्होने सब्जी मंडी में दुकानों के बाहर बैठने वाले विक्रेताओं तथा दुकानों के बाहर सामान लगाने वाले विके्रताओं को बाहर न बैठने के प्रति कारवाई करने के लिए आयुक्त नगर निगम को निर्देश दिए। उन्होनें कहा कि सब्जी मंडी में विक्रेताओं के इस फैलाव से जगह की कमी के कारण भीड़ लग रही है जिसको रोका जाना अतयन्त आवश्यक है। अन्य जगहों पर लोगों द्वारा कोरोना कर्फ्यू की अनुपालना की जा रही है। अधिकतर बाजारों में भीड़ नहीं देखी गई। मास्क लगाने व अन्य सलाहों का भी लोगों द्वारा पालन किया जा रहा है। दुकानदारों द्वारा तय समय में दुकानों का सामान उठाया व दुकानों को बंद किया जा रहा है। कोरोना की बढ़ती रफ्तार को रोकने व कोरोना कर्फ्यू को कारगर बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी द्वारा व्यक्तिगत तौर पर निरंतर निगरानी व निरिक्षण किया जा रहा है। कोविड 19 के तहत स्वास्थ्य केन्द्रों की जांच तथा कोरोना कर्फ्यू की व्यव्स्थाओं के अंतर्गत स्थिती का जायजा लेने के लिए रामपुर, रोहड़ू व ठियोग के प्रवास के अतिरिक्त उपायुक्त द्वारा शिमला नगर के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया है। जिला के अन्य क्षेत्रों में भी स्थानीय अधिकारियों और पुलिस द्वारा निगरानी व जांच का कार्य किया जा रहा है। प्रवास के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय जिला शिमला) सुशील भी मौजूद रहे ।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर आज राजभवन में इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, शिमला की नर्स पीना शर्मा को नर्सिंग समुदाय की ओर से सम्मानित किया। राज्यपाल की धर्मपत्नी वसंथा बंडारू भी इस अवसर पर उपस्थित रही। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान नर्सों द्वारा समर्पण भाव से दी गई सेवाएं और प्रयास सराहनीय हैं। वे अपनी जान की परवाह किए बिना ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाने में जुटी हैं। 12 मई को मनाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर नर्सों के इसी योगदान को नमन करना बेहद जरूरी है। फ्लोरेंस नाइटिंगेल के त्याग व समर्पण को याद करते हुए हम इस व्यवसाय से जुड़े सभी कोरोना योद्धाओं का आभार व्यक्त करते हैं। Attachments area
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज बताया कि जिला में होटल ,ढाबा व रेस्टोरेंट विशेष मानक संचालन की अनुपालना सुनिश्चित करते हुए 1 बजे के पश्चात भी खुले रहेंगे। उन्होंने पुलिस को इन निर्देशों की अनु पालना के आदेश भी दिए। उन्होंने बताया कि होटल ढाबा तथा रेस्टोरेंट के मालिक कोविड-19 के तहत जारी सभी दिशानिर्देशों तथा सलाहों की अनुपालन सुनिश्चित करते हुए कार्य करेंगे उन्होंने कहा कि इस संबंध में किसी प्रकार की अवहेलना नहीं की जानी चाहिए। उपायुक्त ने कोरोना कर्फ्यू के तहत लागू की गई नई बंदिशों के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में जाकर स्थिति का जायजा लिया जिसके अंतर्गत उन्होंने ठियोग, ढली, माल रोड, बालुगंज आदि क्षेत्र का दौरा किया इस अवसर पर उनके साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील शर्मा भी मौजूद रहे उन्होंने विभिन्न नाकों पर जांच व निगरानी के संबंध में की जा रही कार्रवाई के संबंध में पुलिस अधिकारियों व जवानों से जानकारी प्राप्त की।
कोरोना महामारी के कारण ‘होम आइसोलेशन’ में रह रहे व्यक्तियों और उनकी देखभाल कर रहे परिजनों के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्राॅस ने सार्थक पहल की है। रेडक्राॅस ने ऐसे व्यक्तियोें के लिए ‘डाॅक्टरर्स परामर्श सेवा’ की सुविधा आरम्भ की है ताकि उन्हें डाॅक्टर का परामर्श मिले तथा वे लोग किसी प्रकार के डिप्रेशन का शिकार भी न हों। हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्राॅस के एक प्रवक्ता ने बताया कि संस्था ने मुख्यालय स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है, जहां प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक राज्य रेडक्राॅस का स्टाॅफ और स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। होम आइसोलेशन में रह रहा कोई भी व्यक्ति नियंत्रण कक्ष में 0177-2621868 तथा 0177-2629969 लैंडलाइन दूरभाष नम्बर पर संपर्क कर सकता है। स्टाॅफ के ये सदस्य एवं स्वयंसेवक काॅल प्राप्त करेंगे और संपर्क करने वाले व्यक्ति को चिकित्सक के पैनल में से उपलब्ध चिकित्सक का नम्बर देंगे। लैंडलाइन के इन नम्बरों के अतिरिक्त 94599-77733 मोबाईल नम्बर भी उपलब्ध रहेगा। चिकित्सकों के इस दल में विभिन्न संकायों के विशेषज्ञ चिकित्सक भी उपलब्ध रहेंगे। चिकित्सकों की यह परामर्श सेवा प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक उपलब्ध रहेगी। रोगी ऑडियो अथवा वीडियो क्लिप भी चिकित्सकों को भेज सकते हैं ताकि वे इसका आकलन कर परामर्श दे सकें। प्रवक्ता ने कहा कि पीड़ित व्यक्ति अथवा परिवार के सदस्य को चिकित्सक का संपर्क नम्बर देने के एक घण्टे बाद नियंत्रण कक्ष से पुनः फोन कर स्थिति की जानकारी ली जाएगी ताकि मरीज़ को किसी प्रकार की असुविधा न हो। चिकित्सक कोरोना महामारी से पीड़ित व्यक्तियों एवं उनके परिवार के सदस्यों को परामर्श तो देंगे ही साथ ही उनके प्रश्नों के उत्तर भी देंगे। लेकिन, जहां तक सुविधा उपलब्ध करवाने का प्रश्न है, उसके लिए भी यह सेवा तत्परता से कार्य करेगी। नियंत्रण कक्ष में तैनात व्यक्ति पीड़ित व्यक्ति को संबंधित जिले के रेडक्राॅस केंद्र का संपर्क नम्बर उपलब्ध करवाएगा ताकि जिला प्रशासन के सहयोग से किसी भी प्रकार की सहायता ली जा सके। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने रेडक्राॅस द्वारा आरम्भ की गई परामर्श सेवा सुविधा की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि मरीजों और उनकी देखभाल कर रहे व्यक्तियों को इसका लाभ मिलेगा। राज्य रेडक्राॅस अस्पताल कल्याण शाखा की अध्यक्ष डाॅ. साधना ठाकुर, जो इस परामर्श सेवा सुविधा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, ने परामर्श सुविधा में सक्रिय भूमिका निभा रहे चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि महामारी के इस दौर में व्यस्त्ता के बावजूद उन्होंने रेडक्राॅस द्वारा शुरू की गई परामर्श सेवा में सहयोग का कदम बढ़ाया है, जो सराहनीय है।
प्रदेश के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में कोविड महामारी के दौरान मरीजों के उपचार में उपयोग होने वाला रेमडेसिविर इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और किसी भी जिले में इस इंजेक्शन की कोई कमी नहीं है। प्रदेश के सभी स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यकता और मांग के अनुसार इस इंजेक्शन की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है ताकि किसी को रेमडेसिविर के लिए परेशानी न उठानी पड़े। राज्य के पास वर्तमान समय में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रदेश भर में कुल 6425 रेमडेसिविर इंजेक्शन स्टाॅक में उपलब्ध हैं। इनमें से लगभग 2300 रेमडेसिविर इंजेक्शन स्वास्थ्य विभाग के राज्य भंडारण केंद्र में हैं जबकि 4125 इंजेक्शन विभिन्नि जिलों को उपलब्ध करवाए गए हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में रेमडेसिविर इंजेक्शन की स्थिति पर नजर डाली जाए तो जिला शिमला में सबसे अधिक रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध हैं जहां एक हजार इंजेक्शन उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त मंडी जिले में 713, चंबा में 250, हमीरपुर में 250, सोलन में 534, कुल्लू में 238, सिरमौर में 400, ऊना में 120, बिलासपुर में 100 और कांगड़ा में 520 रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डाॅ. निपुण जिंदल ने बताया कि राज्य में महामारी की इस दूसरी लहर में मरीजों के जीवन को बचाने के लिए आवश्यक जीवन रक्षक दवाईयों, रेमडेसिविर इंजेक्शन व ऑक्सीजन सहित अन्य विभिन्न वस्तुओं की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि मरीजों के उपचार में आवश्यक हर चीज को राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने प्रदेश की जनता का आह्वान किया है कि वे कुछ लोगों द्वारा फैलाई जा रहीं अफवाहों पर विश्वास नहीं करें और न इन पर कोई ध्यान दें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य संस्थानों और होम क्वारंटीन केंद्रों में बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध करवा रही है और ऑक्सीजन, दवाओं, मास्क, पीपीई किट्स आदि की कोई कमी नहीं है। इसके अलावा, संक्रमित लोगों की उचित देखभाल के लिए भी पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं।
कोरोना महामारी के कारण हिमाचल सरकार ने इस बार दसवीं के विद्यार्थियों को प्रमोट कर जमा एक कक्षा में बिठाने का निर्णय लिया है। सरकार के फैसले के बाद हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने भी बच्चों को प्रमोट करने के लिए प्रारूप तैयार कर लिया है। शिक्षक संघों एवं शिक्षाविदों के सुझावों के अनुरूप तैयार हो रहे प्रारूप के अनुसार दसवीं में राज्य मुक्त विद्यालय के तहत पेपर देने वाले सभी बच्चों को प्रमोट नहीं किया जाएगा। एसओएस के तहत केवल उन परीक्षार्थियों को प्रमोट किया जाएगा, जिन्होंने दो या तीन पेपरों में री-अपीयर भरा है। जिन बच्चों ने पहली बार पंजीकरण करवाया है उन्हें प्रमोट करने का कोई आधार नहीं है इसलिए उन्हें दोबारा परीक्षा देनी होगी। इस पर सभी शिक्षक संघ ने सहमति जताई है। नियमित बच्चों के लिए प्री-बोर्ड परीक्षा को आधार रखा है। नियमित छात्रों के लिए प्री-बोर्ड परीक्षा परिणाम के अधिकतम 45 अंक तय किए हैं जबकि फर्स्ट व सेकेंड टर्म परीक्षा के 15-15 अंक रखे हैं। निर्धारित अंकों के आधार पर ही परिणाम तय किया जाएगा। जिन बच्चों ने प्री-बोर्ड समेत कोई भी परीक्षा नहीं दी है, ऐसे परीक्षार्थियों से कारण जानने के बाद ही उन्हें प्रमोट करने का फैसला लिया जाएगा। इस बार यह बात स्पष्ट हो चुकी है कि इस साल मेधावी बच्चों की मेरिट सूची बोर्ड जारी नहीं करेगा। इस बार दसवीं के नियमित 1,16,954 और 14,931 परीक्षार्थी एसओएस के तहत परीक्षा देने के लिए पंजीकृत हुए हैं। बोर्ड की ओर से तैयार किए गए प्रारूप को स्वीकृति के लिए प्रदेश सरकार के पास भेजा जाएगा। दसवीं के बच्चों को प्रमोट करने पर बोर्ड अध्यक्ष डा. सुरेश कुमार सोनी व सचिव अक्षय सूद ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अध्यापक संघों के सदस्यों से चर्चा की। सभी की राय थी कि नियमित परीक्षार्थियों को फर्स्ट व सेकेंड टर्म तथा प्री बोर्ड व इंटरनल असेस्मेंट के आधार पर अंक आवंटित करने के लिए प्रक्रिया अपनाई जाए।
हिमाचल प्रदेश के डिपुओं में बायोमीट्रिक प्रणाली से ही राशन दिया जाएगा। साथ ही कोविड काल में जरूरतमंद लोगों को पांच किलो राशन निशुल्क दिया जाएगा। ऑफलाइन वितरण प्रणाली से कोविड संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा है, ऐसे में खाद्य आपूर्ति मंत्री ने निर्णय लिया है कि डिपुओं में राशन ऑनलाइन प्रणाली से ही वितरित होगा। वहीं, प्रदेश के डिपोधारक सरकार से मांग कर रहे हैं कि डिपुओं में बायोमिट्रिक प्रणाली से राशन का वितरण कोरोना काल में बंद किया जाए। विभाग ने साफ किया है कि डिपुओं में बायोमीट्रिक प्रणाली से ही राशन वितरित होगा। खाद्य आपूर्ति मंत्री प्रदेश राजेंद्र गर्ग ने बताया कि उन्होंने डिपोधारकों को पत्र जारी किया है कि डिपो में आने वाले सभी उपभोक्ताओं के हाथों को सेनिटाइज़ किया जाए। अंगूठा लगाने से पहले और बाद में मशीन को भी सेनिटाइज़ किया जाए। इसका खर्च विभाग व्यय करेगा।
कोरोना मैनेजमेंट पर मोदी सरकार को घेर रही कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को भाजपा ने जवाब दिया है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मंगलवार को कहा कि आज के हालात में कांग्रेस की करनी से हैरान नहीं हूं, दुखी हूं। उन्होंने कहा कि एक ओर उनकी पार्टी के कुछ मेंबर्स लोगों की मदद करने का काम कर रहे हैं तो वहीं, दूसरी ओर उनके वरिष्ठ नेताओं की फैलाई नकारात्मकता से ये सराहनीय काम धूमिल हो रहा है। जेपी नड्डा ने कहा कि ये खत गहरी पीड़ा और दुख के साथ लिख रहा हूं। मैंने कभी ऐसा पत्र नहीं लिखा है, लेकिन जिस तरह से कांग्रेस के मेंबर्स भ्रम फैला रहे हैं, उनके मुख्यमंत्री ऐसा कर रहे हैं उसके बाद मुझे यह खत लिखना पड़ा। जिस वक्त भारत कोरोना महामारी के साथ पूरी ताकत से लड़ रहा है, उस वक्त कांग्रेस की टॉप लीडरशिप को लोगों को गुमराह करना और झूठा डर फैलाना बंद कर देना चाहिए। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में सोनिया गांधी ने कहा था कि मोदी सरकार कोरोना काल में फेल हो गई। CWC में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया था।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने शिमला जिला में बढ़ते कोरोना पर चिंता प्रकट करते हुए पार्टी पदाधिकारियों को प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद करने को कहा है। उन्होंने कहा कि गांधी हेल्पलाइन से जो भी व्यक्ति सम्पर्क कर किसी भी सहयोग या सहायता की गुहार लगाते हैं उन्हें तुरंत सहायता उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। आज शिमला जिला कांग्रेस कमेटी शहरी व ग्रामीण के पदाधिकारियों की वर्चुअल बैठक को सम्बोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस संकट की घड़ी में कांग्रेस ने पूर्व की भांति इस बार भी कोरोना प्रभावित लोगों की हर प्रकार की मदद का बीड़ा उठाया है जिसे सफलता पूर्वक पूरा करना है। उन्होंने कहा कि गांधी हेल्पलाइन लोगों की सेवा का एक प्रमुख केंद्र है और सेवा,समर्पण व सदभाव के प्रण को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि सभी ब्लॉकों को गांधी हेल्पलाइन के तहत की गई दैनिक सेवा का पूरा व्योरा रखते हुए इसकी जानकारी प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में स्थापित गांधी हेल्पलाइन कंट्रोल रूम को देनी होगी। इस दौरान जिला में हाल ही में हुई भारी वर्षा व ओलावृष्टि से हुए बागवानों व किसानों के नुकसान पर भी चर्चा की गई। बैठक में शिमला जिला कांग्रेस कमेटी शहरी के अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी, ग्रामीण के अध्यक्ष यशवंत सिंह छाजटा, ब्लॉक अध्यक्ष ग्रामीण गोपाल शर्मा, ठियोग अध्यक्ष कवंर नरेंद्र सिंह, रोहड़ू अध्यक्ष करतार सिंह कुल्ला, रामपुर अध्यक्ष साहिब सिंह मेहता, कुसम्पटी अध्यक्ष रामकृष्ण शांडिल, जुब्बल कोटखाई अध्यक्ष मोती लाल देरटा, चौपाल अध्यक्ष सुरेंद्र मेहता के अतिरिक्त कांग्रेस उपाध्यक्ष प्रभारी गंगू राम मुसाफिर, कांग्रेस महासचिव चेतराम ठाकुर, ठाकुर सिंह भरमौरी, जगत सिंह नेगी, रवि ठाकुर, दवेंद्र जग्गी, हरिकृष्ण हिमराल, अमित नंदा, सत्यजीत नेगी, अतुल शर्मा, श्रीमती आशा कवंर, राजेंद्र वर्मा, विश्व राज चौहान, पवन चौहान व राजीव वर्मा ने बैठक में भाग लिया।
कोविड महामारी के दौरान मातृ, नवजात और बच्चे की देखभाल, डायलिसिस, क्षयरोग, एचआईवी, स्वैच्छिक रक्तदान आदि गैर-कोविड स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग हर संभव प्रयास कर रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डाॅ. निपुण जिंदल ने आज यहां कहा कि प्रदेश के सभी अस्पतालों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों व चिकित्सा अधीक्षकों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कि वे किसी भी मरीज की कोविड रिपोर्ट नेगेटिव आने के इंतजार में आवश्यक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में देरी न करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने वाले सभी कर्मियों को अपने कार्य के दौरान सावधानियों का पालन करना चाहिए। इसके अलावा, संक्रमण नियंत्रण प्रक्रियाओं का भी पालन किया जाना चाहिए और स्वयं का भी कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण करवाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीज को स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने का कोई भी मामला पाया जाता है तो उस संबंध में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मिशन निदेशक ने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाली मातृ स्वास्थ्य सेवाएं और मार्गदर्शन चार्ट के अनुसार सभी गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच की सुविधा प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं व एएनएम आदि के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की देखभाल के लिए योजना बनाई जानी चाहिए। उन्हें गर्भवती महिलाओं के साथ निरन्तर सम्पर्क में रहना चाहिए ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें निकटतम स्वास्थ्य संस्थान में स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करवाई जा सके। गर्भवती महिलाओं को अनावश्यक रूप से दूसरे लोगों से सम्पर्क में आने से बचना चाहिए और जांच के लिए अस्पताल आने के दौरान उन्हें कोविड अनुरूप व्यवहार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। गर्भवती महिलाओं की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जानी चाहिए और उन्हें नियमित मरीजों से अलग रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अधिकारियों को गर्भवती महिलाओं को प्रसूति रोग विशेषज्ञ के साथ टेली-परामर्श की व्यवस्था की जानी चाहिए। यदि किसी गर्भवती महिला में कोविड-19 के लक्षण पाए जाते हैं तो उनके कोविड सैंपल घर से या किसी स्वास्थ्य संस्थान में उनकी स्वास्थ्य स्थिति का उचित मूल्यांकन करने के उपरान्त लिए जाने चाहिए। यदि गर्भवती महिला में फ्लू के लक्षण पाए जाते हैं और कोविड-19 टेस्ट नेगेटिव आता है तो नियमित अल्ट्रासांउड सहित अन्य प्रकार की स्वास्थ्य जांच 14 दिनों तक नहीं की जानी चाहिए। यदि गर्भवती महिला का कोविड टेस्ट पाॅजिटिव पाया जाता है तो समर्पित कोविड स्वास्थ्य संस्थान में उसका प्रसव करवाया जाना चाहिए जिसके बारे में पहले ही दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 गर्भवती महिलाओं की प्रसूति की बेहतर व्यवस्था के लिए हर सम्भव प्रयास किए जा रहे है।
कोरोना संक्रमण की चैन को तोड़ने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लागू कोरोना कर्फ्यू के तहत नई बंदिशों की अनुपालना की निगरानी व निरीक्षण कर उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज विभिन्न क्षेत्रों में जाकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने लागू की गई बंदिशों को जांचने के लिए आज शिमला नगर के छोटा शिमला, संजौली, ढली व मशोबरा क्षेत्र के बाजारों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि इन जगहों पर लोगों व दुकानदारों द्वारा नई बंदिशों का पालन किया जा रहा है। उन्होंने इस दौरान एक बजे तक दुकान बन्द न करने वाले दुकानदारों को चेतावनी देते हुए कोरोना कफ्र्यु की अनुपालना व कोरोना संक्रमण की चैन को तोड़ने के लिए सहयोग की अपील की। सरकार व प्रशासन के साथ साथ सामान्य नागरिक भी कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जारी सलाहों व मानकों की अनुपालना कर कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने में अपना सहयोग प्रदान करें। घर से बाहर निकलने पर उचित रूप से मास्क का प्रयोग करने, कर्फ्यू के खुलने पर भीढ़ न लगाने , सामान खरीदते समय परस्पर दूरी बनाए रखने, हाथों की सफाई व सेनेटाईज करने, फल सब्जी विक्रेताओं को ताजे फल व सब्जी रखने तथा सही दाम पर बेचने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण प्रवास के दौरान उपमण्डलाधिकारी शहरी मनजीत शर्मा भी उनके साथ रहे ।
Greater thrust must be laid on effective use of modern technologies and social media for proper and wider dissemination of policies, programmes and initiatives of the State Government. This was stated by Chief Minister Jai Ram Thakur while presiding over the meeting of Information and Public Relations department through video conferencing, here today. Jai Ram Thakur said that the officers of the department must think out of the box and reach out to the media with positive, success and developmental stories. He said that they must maintain personal liaison and rapport with the media persons. He said that the department must plan stories separately for print and electronic media so that they could get adequate space. Chief Minister said that the Covid-19 crisis has drastically changed media scenario thus the PR professionals must adopt themselves in accordance with the demand of the media. He said that special emphasis must be laid on immediately issuing contradictions and rebuttals regarding any news appearing in the media which seemed to be devoid of facts. The concerned District Public Relations Officers must also bring to the notice such negative news in their districts to the concerned Ministers of the district besides bringing it to the notice at the Directorate level. Jai Ram Thakur said that efforts must be made to rope in noted writers and eminent professionals to draft developmental write ups which could be used in print media. He said that similar concept should be adopted for producing developmental stories for electronic media so that these could be highlighted in the right perspective. He said that better mechanism must also be evolved for redressing the queries from the media particularly during the pandemic. He said that proper mechanism must also be evolved for better coordination between the state headquarters, zonal, district and sub divisional levels so that collective media strategy could be chalked out by reviewing various news appearing from different quarters in different media. He said that the Zonal officers must also maintain proper liaison with Editors and senior journalists of media houses. Jai Ram Thakur said that the PR professionals must also ensure that they get adequate positive stories from various departments so that the same could be developed and weaved for both social and print media. He said that effective use of local FM channels, Community Radio or any other media platform must also be ensured for proper dissemination of positive news. He said that during this Covid pandemic, the role of PR professionals has increased manifold as they have to build positive image of the government and government institutions to instil faith in the minds of the masses. Chief Minister said that with the changing media scenario it was vital that the PR professionals upgrade their skills to meet out the emerging challenges. The department must also act as a bridge between the State Government and masses for which effective feedback mechanism must be evolved so that the government could get feedback about its policies and programmes. Jai Ram Thakur also released a booklet 'Home Isolation' brought out by Information and Public Relations department. The book has complete details regarding do's and don'ts for persons who are under home isolation. Director Information and Public Relations welcomed the Chief Minister and made a detailed presentation regarding initiatives taken by the department for effective implementation of the policies and programmes of the State Government. The officers of the department also detailed the initiatives being taken by them for better dissemination of government policies and programmes. Urban Development Minister Suresh Bhardwaj, Information Technology Minister Dr. Ram Lal Markanda, Health Minister Dr. Rajeev Saizal, Political Advisor to CM Trilok Jamwal, Additional Chief Secretary, Information and Public Relations J.C. Sharma, Health Secretary Amitabh Awasthi and other senior officers attended the meeting
शिमला: कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कोरोना कर्फ्यू के बाद आज से प्रदेश में पूर्ण बंदी, जिसके तहत सार्वजनिक बसों की आवाजाही पर पूर्ण रोक कर दी गई है पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सरकार नींद में अपनी सुविधा अनुसार फैसले ले रही है। सरकार को लोगों की कोई चिंता नही है। सरकार के पास कोई स्पष्ट नीति न होने की वजह से आज प्रदेश में लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। इसका सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ रहा है जो दैनिक आधार पर दिहाड़ी या अन्य छोटा मोटा कामकाज कर अपनी रोजीरोटी कमाते है, व अपने परिवार का लालन पालन करते है। सरकार की ऐसे लोगों पर कोई भी दया दृष्टि नही हो रही है। राठौर ने कहा कि भाजपा सरकार पूरी तरह असंवेदनशील हो गई है। प्रदेश में बढ़ते कोरोना के मामलों से लोगों में भय फैलता जा रहा है। प्रदेश सामुदायिक संक्रमण की ओर बढ़ गया है। प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों में इसके बढ़ते मामलों से लोगों में भय फैलना शुरू हो गया है। कोरोना संक्रमित लोगों को अस्पतालों में बेड तक नही मिल रहे है। ऑक्सीजन, रेगुलेटर, वेन्टीलेटर के अभाव में अस्पतालों में लोग परेशान है। राठौर ने कहा है कि सरकार ने किसी भी वर्ग को अबतक कोई भी राहत नही दी है। सरकारी स्तर पर कोई भी ऐसा राहत शिविर स्थापित नही किया है जिससे गरीब व जरुरत मंद लोगों को कोई सहायता मिल सकें। राठौर ने कहा है कि कांग्रेस ने सभी जिलों व ब्लॉकों में गांधी हेल्पलाइन, सहायता केंद्र स्थापित कर दिए है जो लोगों की किसी भी प्रकार की सेवा के प्रति समर्पित है। कांग्रेस के सभी नेता, कार्यकर्ता एकजुट होकर इस विपदा के समय लोगों की सहायता कर रहें है। राठौर ने भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए कहा है कि न तो उनकी सरकार ने कोई अपना राहत केंद्र स्थापित किया है और न ही उनकी पार्टी भाजपा ने लोगों की सहत्यार्थ कोई हाथ बढ़ाया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस ने इस विपदा के समय अपने सभी राजनैतिक कार्यक्रम स्थागित कर जनसेवा का संकल्प लिया है जिसे वह तन,मन,धन से पूरा कर रही है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां बताया कि राज्य में कोविड-19 मामलों में वृद्धि के दृष्टिगत राज्य सरकार द्वारा विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों, क्षेत्रीय अस्पतालों, कोविड समर्पित अस्पतालों आदि में बिस्तरों की क्षमता बढ़ाने के अलावा प्रदेश के विभिन्न भागों में मेक शिफ्ट अस्पतालों का निर्माण भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मण्डी जिला के भंगरोटू में कोरोना मरीजों के लिए मेक शिफ्ट अस्पताल लगभग बनकर तैयार है और आॅक्सीजन आपूर्ति सम्बन्धी में जाॅंच प्रक्रिया अन्तिम चरण में है। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल विशेष रूप से मण्डी जिले और पूरे क्षेत्र के लोगों के लिए वरदान साबित होगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि भंगरोटू के मेक शिफ्ट अस्पताल में प्रभावी केन्द्रीय ऑक्सीजन न आपूर्ति के साथ 90 ऑक्सीजनयुक्त बिस्तरों की सुविधा है। इस मेक शिफ्ट अस्पताल में गम्भीर रूप से बीमार मरीजों के लिए आईसीयू की सुविधा भी होगी। इस अस्पताल के कार्यान्वित होने से श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल नेरचैक में ईलाज के लिए आने वाले मरीजों की संख्या में कमी आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भंगरोटू के अलावा मण्डी के निकट खलियार में मेक शिफ्ट अस्पताल के निर्माण कार्य में तेजी लाई जा रही है। उन्होंने कहा कि 200 बिस्तरों वाले इस अस्पताल का कार्य एक सप्ताह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। इस अस्पताल के सभी 200 बिस्तरों के लिए केन्द्रीय ऑक्सीजन सुविधा के माध्यम से ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाएगी। मण्डी जिला में चरणबद्ध तरीके से ऑक्सीजनयुक्त बिस्तरों की क्षमता को बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्हेांने कहा कि श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल नेरचैक में ऑक्सीजनयुक्त बिस्तरों की सुविधा को 120 बिस्तरों से बढ़ाकर 220 कर दिया गया है और इसे 300 बिस्तरों तक बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने इसी प्रकार बीबीएमबी अस्पताल सुन्दरनगर में 40 ऑक्सीजनयुक्त बिस्तर, मातृ एवं शिशु अस्पताल सुन्दरनगर में 50 बिस्तर और नागरिक अस्पताल रत्ती में ऑक्सीजनयुक्त बिस्तरों की संख्या को 25 से बढ़ाकर 45 किया गया है
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि जिस प्रकार हिमाचल प्रदेश सरकार कोविड-19 महामारी से लड़ने का अथक प्रयास कर रही है वह सराहनीय है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर स्वयं फील्ड का दौरा कर और जनता का फीडबैक लेकर कार्य कर रहे हैं। सरकार की यह कार्यप्रणाली अपने आप में ही सरकार की गंभीरता को दिखाता है। हाल ही में जिस प्रकार से कोविड-19 के नियमों को और सख्त किया गया है यह जनहित में है। जनता इन सभी नियमों का पालन करें और इस महामारी के समय अपने और अपने परिवार के सदस्यों को बचाने का प्रयास करें। हिमाचल सरकार कोरोना महामारी से निपटने और कोविड मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रभावी कार्य कर रही है। राज्य सरकार ने प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सा ऑक्सीजन की निगरानी और भंडारण के लिए ऑक्सीजन नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने के लिए आप 01772623507 पर कॉल कर सकते हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्र सरकार द्वारा दिए गए छह ऑक्सीजन प्लांट के लिए भी केंद्र सरकार का धन्यवाद किया। केंद्र सरकार ने प्रदेश के लिए 6 और नए पीएसए प्लांट स्वीकृत किए हैं। यह नए पीएसए प्लांट नागरिक अस्पताल पालमपुर, जोनल अस्पताल मण्डी, एमजीएमएससी खनेरी व नागरिक अस्पताल रोहडू, मेडिकल कॉलेज नाहन और क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में स्थापित किए जाएंगे। साथ ही उन्होंने प्रदेश में डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और अनेकों कोरोना योद्धा जिस प्रकार से जनसेवा का अथक प्रयास कर रहे हैं उसे सराहनीय कहा है और सभी योद्धाओं का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस संकट के समय भगवान सद्बुद्धि प्रदान करें। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से आग्रह किया कि कांग्रेस पार्टी इस संकट की घड़ी में कोविड-19 से लड़ने के लिए जनता और सरकार का सहयोग करें और राजनीति करने का प्रयास ना करें।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, जो हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्राॅस सोसाइटी के अध्यक्ष भी है, ने कहा कि राज्य रेडक्राॅस और इसकी सभी शाखाओं के अलावा सभी संबंधित स्वयंसेवियों को कोरोना महामारी के दौरान अधिक सर्तक रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह समय समन्वय स्थापित कर कार्य करने का है। यह महत्त्वपूर्ण है कि रेडक्राॅस प्रशासन, गैर सरकारी संस्थाओं और विभिन्न सामाजिक सेवा संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करें ताकि कोविड-19 से पीड़ित लोगों की अधिक से अधिक सहायता की जा सके। राज्यपाल ने आज राजभवन में विश्व रेडक्राॅस के अवसर पर प्रदेश रेडक्राॅस द्वारा कोविड-19 मरीजों के लिए वितरित की जाने वाली स्वच्छता किट और अन्य सामग्री वाली रेडक्राॅस वेन को भी झण्डी दिखाकर रवाना किया। राज्य रेडक्राॅस अस्पताल कल्याण शाखा की अध्यक्षा डाॅ. साधना ठाकुर भी इस अवसर पर उपस्थित थी। विश्व रेडक्राॅस दिवस हर वर्ष 8 मई को रेडक्राॅस के संस्थापक जीन हेनरी ड्यूनेंट की जयंती के उपलक्ष्य पर मनाया जाता है। इस अवसर पर राज्यपाल और डाॅ. साधना ठाकुर ने रेडक्राॅस कोष के लिए अंशदान भी किया। राज्यपाल ने कहा कि सुरक्षा और सहायता की आवश्यकता महसूस करने वाले सभी लोगों के प्रति सार्वभौमिक समन्वय की भावना महत्त्वपूर्ण है ताकि मानव पीड़ा को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें संकट में फंसे लोगों की करूणा और दया भाव से मदद करने की हमारी जिम्मेदारी की याद दिलाता है। उन्होंने महामारी के दौरान राज्य रेड क्राॅस सोसाइटी द्वारा लोगों की सहायता करने के प्रयासों की सराहना की और खुशी व्यक्त की कि जिला स्तर पर रेड क्राॅस की समितियों द्वारा इस दिशा में अच्छा कार्य किया जा रहा है। विश्व रेडक्राॅस दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष रेडक्राॅस का थीम है ‘यस टूगेदर वी आर अनस्टोपेबल’। उन्होंने रेडक्राॅस की सभी जिला शाखाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बिलासपुर में बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों पर विशेष ध्यान देना, चम्बा में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अन्तर्गत आइएजी की शुरूआत और हमीरपुर रेड क्राॅस शाखा में ऐप आधारित सुविधा जैसी कई पहल की गई है। इसी प्रकार राज्यपाल ने कोविड मरीजों की सुविधा के लिए मोबाइल वेन की सुविधा प्रदान करने के लिए कांगड़ा शाखा और कुल्लू कार्यालय द्वारा सभी स्वयं सहायता समूहों को एक मंच पर लाने की भी सराहना की। उन्होंने किन्नौर जिला द्वारा सामुदायिक सहयोग से क्षमता वृद्धि करना और मण्डी जिला द्वारा पंचायत स्तर पर एसइआरवी सेवकों के माध्यम से समूहों का गठन करने की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिमला जिला में लोगों के लिए विभिन्न प्रकार की सहायता सेवाएं चलाई जा रही हैं, सिरमौर जिला में रीति-रिवाज द्वारा अन्तिम संस्कार और ऊना जिला में स्वास्थ्य नियन्त्रण कक्ष स्थापित करना अन्यों के लिए बेहतर उदाहरण है जो अति प्रशंसनीय है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा संचालित गांधी हेल्पलाइन की एक वर्चुअल समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कांग्रेस पार्टी के अग्रणी संगठनों और पार्टी के पदाधिकारियों ने अपने अपने क्षेत्रों में राहत कार्यों की जानकारी दी। राजीव भवन में स्थापित गांधी हेल्पलाइन में डॉक्टर दलीप सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य नेरचौक मेडिकल कॉलेज ने कहा कि किसी भी संक्रमित व्यक्ति को अगर ओक्ससीज की कमी पाई जाती है तो उन्हें तुरंत अस्पताल में दाखिल करवाना है। उन्होंने कहा कि इसके लिए गांधी हेल्पलाइन से एम्बुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार को वेक्सिनेशन का कार्य जल्द पूरा करने की बहुत आवश्यकता है जिससे इसका ग्रामीण क्षेत्रों में फैलाव न हो। बैठक में कांगड़ा से डॉक्टर राजेश शर्मा ने कोरोना को लेकर लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में शर्मीला पटियाल ने सभी ब्लॉकों के दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में गांधी हेल्पलाइन से लोगों की मदद की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यह समय लोगों की सेवा का है। बैठक में ऊषा राठौर, शशि बहल, वेद प्रकाश शर्मा व मुकल गुप्ता ने भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि गांधी हेल्पलाइन से जितने भी लोग सम्पर्क कर रहें है उन्हें उचित सलाह के साथ पूरी मदद की जा रही है। बैठक में कांग्रेस सचिव हरिकृष्ण हिमराल के अतिरिक्त सोशल मीडिया के अध्यक्ष अभिषेक राणा,नन्द लाल,सुजय अग्रवाल व आदितत्य राणा भी बैठक में मौजूद थे।
बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ इन्डस्ट्रीज एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमण्डल ने अध्यक्ष संजय खुराना की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से भेंट कर मुख्यमंत्री कोविड फंड में 31.47 लाख रुपये का चैक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए योगदानकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योगदान समाज के परोपकारी और सम्पन्न वर्ग के लोगों को इस फंड में उदारतापूर्वक दान देने के लिए प्रेरित करेगा जो संकट के समय में जरूरतमंदों और गरीब लोगों की मदद के लिए उपयोग किया जा सकेगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग राम सुभग सिंह, आयुक्त उद्योग हंसराज शर्मा, प्रबन्ध निदेशक राज्य नागरिक आपूर्ति निगम आबिद हुसैन सादिक सहित उद्योगों के अन्य प्रतिनिधि भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
राज्य सरकार की पहली और महत्वपूर्ण प्राथमिकता स्वास्थ्य चिकित्सा के उद्देश्य से ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना है ताकि ऑक्सीजन के कारण किसी को परेशानी न झेलनी पड़े। यह बात आज मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शिमला से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के ऑक्सीजन उत्पादकों को सम्बोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान इस वायरस के प्रभाव को कम करने के लिए समाज में एक-दूसरे की सहायता करना हम सबका दायित्व बनता है। राज्य में ऑक्सीजन का उत्पादन सरप्लस है, लेकिन ऑक्सीजन के परिवहन के लिए हमें सिलेंडरों की आवश्यकता है। ऑक्सीजन उत्पादकों को राज्य में ऑक्सीजन का अधिकतम उत्पादन सुनिश्चित करना चाहिए ताकि इसका उपयोग कर मानव जीवन को बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन के रिसाव और अपव्यय को भी प्रभावी ढंग से रोकने की आवश्यकता है। कोविड-19 मरीजों के लिए ऑक्सीजन की मांग बढ़ने के कारण ऑक्सीजन की खपत भी काफी बढ़ गई है। केन्द्र सरकार ने राज्य के लिए 15 मीट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन का कोटा निर्धारित किया है। राज्य सरकार ने इसे बढ़ाकर 30 प्रतिशत मीट्रिक टन करने का केन्द्र सरकार से आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आईजीएमसी के ऑक्सीजन प्लांट की उत्पादन क्षमता को 20 मीट्रिक टन तक बढ़ाएगी। इससे राज्य के सबसे बड़े अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में सुनिश्चित होगी। राज्य में अन्य ऑक्सीजन प्लांटों की उत्पादन क्षमता को भी बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार से मांग को पूरा करने के लिए राज्य को डी-टाइप के 5000 और बी-टाइप के 3000 सिलेंडर उपलब्ध करवाने का आग्रह किया है। राज्य में स्थित सभी ऑक्सीजन संयंत्रों को राज्य सरकार बिजली की पर्याप्त और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेगी ताकि ऑक्सीजन की कमी न हो और ऑक्सीजन का उत्पादन सुचारू रूप से चले। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन उत्पादकों को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में ऑक्सीजन की आपूर्ति निर्बाध और सुचारू रूप से सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि लोग ऑक्सीजन के लिए परेशान न हों। राज्य सरकार निजी ऑक्सीजन उत्पादकों के विभिन्न मुद्दों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी और उन्हें समय पर भुगतान सुनिश्चित करेगी। प्रदेश सरकार ने ऑक्सीजन का उचित भंडारण और उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में ऑक्सीजन नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग राम सुभग सिंह ने मुख्यमंत्री व अन्य गणमान्यों का स्वागत किया और कहा कि विभाग ऑक्सीजन प्लांट की उचित कार्यशीलता सुनिश्चित करने के लिए ऑक्सीजन उत्पादकों को लॉजिस्टिक की हर संभव सहायता प्रदान करेगा। प्रदेश में स्थापित ऑक्सीजन संयंत्रों के मालिक सुधांशु कपूर, सुरेश शर्मा, पुष्पेन्द्र मित्तल, विशांत गर्ग, अजय मोदी, रोहित मित्तल, हर्ष गुप्ता और रवि धीमान ने भी इस अवसर पर अपने विचार सांझा किए। आयुक्त उद्योग हंसराज शर्मा, विशेष सचिव अरिंदम चैधरी मुख्यमंत्री के साथ जबकि मण्डी, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर और ऊना के उपायुक्त बैठक में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि कोविड महामारी की दूसरी लहर के दौरान प्रदेश के मेडिकल काॅलेजों, अस्पतालों, समर्पित कोविड अस्पतालों में कोविड ड्यूटी देने वाले एमबीबीएस के चौथे व पांचवें वर्ष के प्रशिक्षुओं, सीनियर व जूनियर रेजिडेंट चिकित्सकों, अनुबंध आधार पर तैनात चिकित्सकों, प्रशिक्षु नर्सो, अनुबंध लैब कर्मियों को दिए जाने वाले मानदेय की अधिसूचना स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि 30 जून तक कोविड ड्यूटी पर तैनात सीनियर व जूनियर रेजिडेंट चिकित्सकों को 10 हज़ार रुपये, अनुबंध आधार पर तैनात चिकित्सकों को 10 हजार रुपये और एमबीबीएस के चौथे व पांचवें वर्ष के प्रशिक्षु छात्रों को भी 10 हज़ार रुपये मानदेय प्रतिमाह दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त कोविड ड्यूटी देने वाली बीएससी व एमएससी प्रशिक्षु नर्सो को 6 हजार रुपये, अनुबंध लैब कर्मियों को 5 हजार रुपये और जीएनएम प्रशिक्षु नर्सो को 5 हज़ार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह मानदेय इन्हें मिलने वाले नियमित वेतन या भुगतान के अतिरिक्त होगा।
शिमला: प्रदेश में महामारी से राहत कार्यो के लिए पूर्व मंत्री जी.एस बाली को प्रभारी किया गया नियुक्ति
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश में कोरोना महामारी से लोगों के राहत कार्यो के लिए कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री जी.एस. बाली को प्रभारी नियुक्ति किया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य प्रदेश मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ला ने बताया कि जी.एस बाली, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर, प्रतिपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री, सभी कांग्रेस विधायक, पूर्व सासंद, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक व सभी जिलाध्यक्षों से समन्वय स्थापित करते हुए प्रदेश कांग्रेस द्वारा शुरू की गई हेल्पलाइन की निगरानी भी करेंगे, जिससे प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा स्थापित इन राहत केंद्रों में बेहतर कार्य हो सके। शुक्ला ने कहा है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर, प्रतिपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री व जी.एस बाली आपसी समन्वय के साथ राहत कार्यो की निगरानी करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी द्वारा स्थापित सभी राहत केंद्रों को अपनी दैनिक रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में स्थापित कंट्रोल रूम को देनी होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बढ़ते कोरोना से प्रभावित लोगों को ऑक्सीजन, दवाइयों व उनके रहने व खाने आदि की हर सम्भव सहायता की जानी चाहिए।
हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ की बैठक वर्चुअल माध्यम से सुबह 10:00 बजे से 1:00 बजे तक चली। प्रदेश अध्यक्ष राजेश पराशर की अध्यक्षता में 3 घंटे चली इस बैठक में सभी जिला की यूनियन के पदाधिकारियों एवं जिला के अध्यक्ष ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला किया गया कि जब तक सरकार द्वारा निजी बस ऑपरेटर की मांगों पर फैसला नहीं किया जाएगा तब तक हड़ताल वापिस नहीं होगी। इस बैठक में सभी निजी बस ऑपरेटर की यही राय थी कि सरकार द्वारा बार-बार आश्वासन और घोषणा करने के बावजूद भी कोई फैसला निजी बस ऑपरेटरों के हक में नहीं किया गया। 26 अप्रैल को सभी जिला की यूनियन ने जिलाधीश के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया था कि 8 दिन के अंदर अगर हमारी मांगे नहीं मानी गईं तो 3 मई से निजी बस ऑपरेटर अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए चले जाएंगे। लेकिन सरकार द्वारा इस पर कोई भी सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया। हड़ताल के दौरान परिवहन विभाग के एक आला अधिकारी निजी बस ऑपरेटरों के संपर्क करते रहे और यह आश्वासन देते रहे कि इस कैबिनेट बैठक में निजी बस ऑपरेटर की मांगों पर सकारात्मक फैसला लिया जाएगा लेकिन जिस दिन कैबिनेट की बैठक हुई उस दिन उन्होंने भी हथियार डाल दिए। उसके पश्चात परिवहन मंत्री द्वारा एक प्रेस रिलीज जारी की गई है जिसमें कहा गया है कि कर्फ्यू के बाद निजी बस ऑपरेटर की मांगों पर सकारात्मक फैसला किया जाएगा। जबकि इस पर भी निजी बस ऑपरेटर सहमत नहीं है क्योंकि इस तरह के आश्वासन और घोषणाएं परिवहन मंत्री ही नहीं मुख्यमंत्री द्वारा भी कई बार की गई है। 18 फरवरी को निजी बस ऑपरेटर संघ का एक प्रतिनिधिमंडल धर्मशाला में मुख्यमंत्री से मिला था जहां गहन चर्चा करने के पश्चात मुख्यमंत्री ने पूरा आश्वासन दिया था कि शीघ्र ही निजी बस ऑपरेटर की मांगों पर विचार विमर्श करके इस पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। उसके पश्चात शिमला पीटरहॉफ में भी निजी बस ऑपरेटर संघ ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की तथा वह भी यही आश्वासन दिया गया। 25 मार्च को प्रधान सचिव के के पंत की अध्यक्षता में एक बैठक हुई जिसमें यह आश्वासन दिया गया था कि जैसे ही नगर निगम और नगर निकाय चुनाव खत्म होंगे उसके बाद जो पहली बैठक होगी उसमें यह मुद्दा ले जाया जाएगा और इस मुद्दे पर सकारात्मक फैसला होगा लेकिन वहां भी ऐसा नहीं हुआ। हिमाचल दिवस के अवसर पर जब मुख्यमंत्री ने अगले 3 महीने का 50 फ़ीसदी टैक्स माफ करने की घोषणा तो निजी बस ऑपरेटरों को लगा कि सरकार द्वारा उन्हें केवल बेवकूफ बनाया जा रहा है क्योंकि जब तक पिछली मांग का फैसला नहीं किया जाता, तब तक टैक्स माफ करने की घोषणा का कोई भी औचित्य नहीं रह जाता है। इसलिए निजी बस ऑपरेटरो ने फैसला किया कि जब तक सरकार द्वारा बस ऑपरेटरों की मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं किया जाता तब तक हड़ताल वापस नहीं ली जाएगी। जिला कुल्लू के प्रधान रजत जमवाल ने कहा कि जब तक सरकार द्वारा हमारी मांगे नहीं मानी जाती तब तक हमारी हड़ताल जारी रहनी चाहिए। जो छिटपुट बसे कुल्लू जिला में चल रही है उनमे से भी अधिकतर आज खड़ी हो गई है अब जो थोड़ी बहुत चला रहे है उनको भी समझा बुझा कर खड़ा कर दिया जाएगा। सोलन जिला के प्रधान जॉनी मेहता ने कहा कि सरकार द्वारा हमेशा ही हमें बेवकूफ बनाया जा रहा है इसलिए यह तय करना चाहिए कि जब तक सरकार द्वारा हमारी मांगे नहीं मानी जाती तब तक हड़ताल जारी रहनी चाहिए l उन्होंने कहा कि अपनी इस हड़ताल को और भी मजबूत करना चाहिए l शिमला शहरी यूनियन के महासचिव सुनील चौहान, पूर्व महासचिव अमित चड्ढा, उपाध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने कहा कि जो बसें चल रही है उनको भी खड़ी करने का प्रयास किया जाना चाहिए तथा जैसा भी बहुमत से तय होगा हम उसी पर अडिग रहेंगे। शिमला शहरी यूनियन के ही सुनील शर्मा ने कहा कि जब तक सरकार द्वारा हमारी मांगे नहीं मानी जाती तब तक हड़ताल वापस नहीं लेनी चाहिए l मां भीमा काली यूनियन रामपुर के प्रधान मनीष शर्मा ने कहा कि जब हमने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है तो तब तक पीछे नहीं हटना चाहिए जब तक कि सरकार द्वारा हमारी मांगे नहीं मानी जाती है। जिला बिलासपुर के प्रधान राजेश पटियाल महासचिव, राहुल चौहान व अनिल कुमार मिंटू ने कहा कि सरकार द्वारा हमेशा ही निजी बस ऑपरेटरों को बेवकूफ बनाया जा रहा है इसलिए हमें अपनी हड़ताल को वापस नहीं लेना चाहिए l जिला हमीरपुर से विजय आरटीसी, भरत भूषण, कपिल तथा मनोज कुमार ने एकजुट होकर कहा कि जिला हमीरपुर में कोई भी बस नहीं चलने दी जाएगी जो भी बस बाहर से हमीरपुर में प्रवेश करेगी उनको समझा-बुझाकर बंद करवाने का प्रयास किया जाएगा l नालागढ़ से मनोज राणा एवं अरुण चंदेल ने कहा कि नालागढ़ यूनियन प्रदेश यूनियन के साथ खड़ी हैं तथा जैसा भी प्रदेश यूनियन तय करेगी उन्हें मान्य होगा जबकि उन्होंने भी हड़ताल को निरंतर जारी रहने का निवेदन किया। सुजानपुर के प्रधान भीम सिंह रागडा ने कहा कि जब तक फैसला नहीं होगा तब तक अपनी हड़ताल वापस नहीं देनी चाहिए। जिला मंडी के प्रधान सुरेश कुमार, सचिव हँस ठाकुर तथा चेयरमैन गुलशन दीवान ने कहा कि जब तक सरकार द्वारा फैसला नहीं किया जाएगा तब तक जिला मंडी में हड़ताल वापस नहीं की जाएगी तथा मंडी में चलने वाली 2-4 बसे को भी रोकने का प्रयास किया जाएगा। हिमालयन निजी बस यूनियन के प्रधान वीरेंद्र कंवर ने कहा कि हम अपनी हड़ताल पर अडिग हैं तथा जब तक सरकार द्वारा कोई फैसला नहीं किया गया तब तक हम अपनी हड़ताल को वापस नहीं लेंगे। हिमालय निजी बस ऑपरेटर यूनियन के चेयरमैन पंकज चौहान ने कहा कि इस हड़ताल को और मज़बूत करना चाहिए। कुछ बसें जो चल रही है उन को समझा-बुझाकर बंद करने का प्रयास करना चाहिए तथा जैसे भी कर्फ्यू खत्म हो जाएगा उसके पश्चात यह आंदोलन और उग्र रूप से चलाना चाहिए। चंबा के प्रधान रवि महाजन ने कहा कि हमारी हड़ताल जारी है तथा तब तक जारी रहेगी जब तक की सरकार द्वारा कोई फैसला नहीं लिया जाता। ऊना के प्रधान रामकिशन ने कहा कि सरकार द्वारा हमेशा ही हम को बेवकूफ बनाया जा रहा है इसलिए जिला ऊना तब तक हड़ताल पर रहेगा जब तक कि सरकार द्वारा फैसला नहीं किया जाता है। कांगड़ा के प्रधान रवि दत्त शर्मा, विनय बेदी, मुन्ना वालिया इत्यादि ने कहा कि जिला कांगड़ा अपनी हड़ताल पर अडिग है। जो दो चार लोग कांगड़ा में बसें चला रहे है वह मात्र ऑपरेटर को गुमराह कर रहे हैं। आज जिला कांगड़ा में सिर्फ चार पांच बसें चल रही है जिनका की कोई औचित्य नहीं है। जिला सिरमौर के प्रधान मामराज़ शर्मा ने कहा कर्फ्यू होने के कारण हड़ताल चाहे वापस ले चाहे ना ले, सवारिया ना होने के कारण प्रदेश का हर निजी बस ऑपरेटर बस चलाने में समर्थ है। इसलिए हड़ताल का कोई औचित्य नहीं रह जाता है,जबकि जिला सिरमौर में भी बसे रूट परमिट पर नहीं चल रही है। जिला सिरमौर के बलदेव ठाकुर एवं अखिल शर्मा ने कहा कि जिला सिरमौर में कोई भी बस रूट पर नहीं चल रही है और न ही चलेगी। हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ के उपाध्यक्ष वीरेंद्र गुलेरिया ने कहा कि सरकार से बातचीत कर रास्ता निकाल देना चाहिए। जाहु के विरेंदर चंदेल ने कहा हड़ताल वापस लेने का कोई भी मतलब नहीं बनता हैl
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने लोगों को कोविड से सम्बन्धित मामलों में सहायता प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन-1100 पर समर्पित कोविड-19 हेल्पलाइन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस हेल्पलाइन को विकसित करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कोविड-19 सम्बन्धित मामलों में किसी भी प्रकार की सहायता के लिए लोग प्रातः 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक टोल फ्री नम्बर 1100 पर काॅल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि काॅल पर शिकायत दर्ज कर लोगों के जांच, टीकाकरण, होम क्वारनटीन, दवाइयां, एम्बुलेंस और ऑक्सीजन जैसे विभिन्न मुद्दों पर सम्बन्धित प्राधिकरण को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए उनसे सम्पर्क किया जाएगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह हेल्पलाइन प्रौद्योगिकी के माध्यम से लोगों को सुविधा सुनिश्चित करने के लिए अपने आप में ही एक अनूठा प्रयास है। उन्होंने इस सेवा को और अधिक सरल बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रधान सचिव आईटी रजनीश ने इस हेल्पलाइन की विशेषताओं की विस्तार में जानकारी दी। निदेशक सूचना प्रौद्योगिकी आशुतोष गर्ग ने इस हेल्पलाइन पर प्रस्तुति दी। अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. शर्मा, मुख्यमंत्री के सलाहकार डा. आर.एन. बत्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित थे। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ सचिव और एनएचएम के मिशन निदेशक डा. निपुण जिंदल ने वर्चुअल माध्यम इस बैठक में भाग लिया।
बाल विकास परियोजना अधिकारी शिमला शहरी ममता पॉल ने जानकारी देते हुए बताया कि 10 मई को आंगनबाड़ी केंद्र भगवती नगर, टूटू एवं चलोंठी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के लिए साक्षात्कार की तिथि निर्धारित की गई थी जो सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार सरकारी कार्यालयों के बंद रहने के परिणामस्वरूप स्थगित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि साक्षात्कार के लिए आगामी तिथि कार्यालय खुलने के पश्चात निर्धारित की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 7018800702 व 9418496736 पर संपर्क करे।
भारतीय सेना में सैनिक सामान्य ड्यूटी, सैनिक लिपिक व स्टोर कीपर तकनीकी भर्ती के लिए लिखित परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है। यह जानकारी निदेशक भर्ती कर्नल शाल्व सनवाल ने दी। कर्नल सनवाल ने कहा कि यह लिखित परीक्षा राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमोर, शिमला में 30 मई को आयोजित की जानी थी। परीक्षा को वैश्विक महामारी कोविड-19 के दृष्टिगत लागू की गई पाबंदियों के कारण स्थगित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह लिखित परीक्षा सोलन, शिमला, सिरमौर तथा किन्नौर जिलों के उन उम्मीदवारों के लिए आयोजित की जानी थी जिन्होंने 28 मार्च से 03 अप्रैल तक इंदिरा गांधी खेल मैदान ऊना में आयोजित भर्ती रैली में सभी शारीरिक मापदण्ड एवं मेडिकल परीक्षण उत्तीर्ण किए थे। लिखित परीक्षा की तिथि एवं जानकारी उचित समय पर उपलब्ध करवाई जाएगी।
राष्ट्रीय शोध पत्र लेखन प्रतियोगिता में लाखों शिक्षक शामिल होंगे। यह बात शिक्षक महासंघ की राज्य कार्यकारिणी की वर्चुअल मीटिंग में बतौर मुख्य अतिथि शामिल रहे अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री महेंद्र कपूर ने कही। बैठक की अध्यक्षता शिक्षक महासंघ के प्रांत अध्यक्ष पवन कुमार ने की। जिसमें प्रदेश कार्यकारिणी के 60 पदाधिकारियों ने भाग लिया। अपने संबोधन में राष्ट्रीय महामंत्री महेंद्र कपूर ने कहा कि कोरोना के संकट काल में शिक्षकों को प्रांतीय रक्षक के रूप में बड़ी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने शिक्षक महासंघ की राज्य इकाई से लोगों की मदद के लिए खुलकर आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने राष्ट्रीय शोध पत्र लेखन प्रतियोगिता के संबंध में बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर यह प्रतियोगिता दो हिस्सों में संपन्न होगी जिसमें देशभर के लाखों शिक्षक भाग लेंगे। प्रतियोगिता में देश की शिक्षा और संस्कृति से जुड़े विषय रहेंगे जिसके पहले हिस्से में शिक्षा के माध्यम से एक श्रेष्ठ भारत की भावना को बढ़ाना, ऑनलाइन शिक्षा की प्रभावशीलता, बच्चों का समग्र विकास में मातृभाषा की भूमिका, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का क्रियान्वयन में अवसर और चुनौतियों से जुड़े विषय शामिल रहेंगे। जबकि दूसरे हिस्से में कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर के प्रतिभागियों के लिए आत्मनिर्भर भारत अवसर और चुनौतियां, लोकतंत्र में सोशल मीडिया की भूमिका, शिक्षा के माध्यम से धारणक्षम विकास के रूप में मुख्य विषय होंगे जिसमें राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹21000, द्वितीय पुरस्कार ₹15000, तृतीय पुरस्कार ₹11000 के साथ ₹51000 के रूप में 7 सांत्वना पुरस्कार दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के लिए ऑनलाइन 31 मई तक देशभर में पंजीकरण किया जाएगा। बैठक में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव पवन मिश्रा, शिक्षक महासंघ के प्रांत महामंत्री विनोद सूद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयशंकर, उपाध्यक्ष डॉ मामराज पुंडीर, अतिरिक्त महामंत्री सुधीर गौतम, प्रदेश मीडिया प्रभारी दर्शन लाल, रविंद्र ठाकुर, सुमित भारद्वाज, श्याम सिंह ,मंडी के प्रधान भगत चंदेल, कुल्लू से चतर सिंह, बिलासपुर से ललित मोहन, ऊना से सुशील मल्होत्रा, कांगड़ा से जोगिंदर शर्मा, नरेंद्र शर्मा, किन्नौर से बलवीर नेगी, शिमला से अशोक कुमार, सोलन से नरेंद्र कपिला, चंबा से नरेश मिन्हास शशि शर्मा, टिशम ठाकुर समेत अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने एचपीयू के हॉस्टल चीफ वार्डन को छात्रावासों को बन्द न किए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। हिमाचल सरकार द्वारा राज्य में कोरोना कर्फ्यू लगाए जाने के चलते प्रशासन द्वारा छात्रावासों में रह रहे छात्रों को हॉस्टल छोड़कर जाने के निर्देश दिए जाने का एनएसयूआई ने विरोध किया है। परिसर अध्यक्ष प्रवीण मिन्हास ने कहा कि जहां एक तरफ़ पूरा देश और प्रदेश कोरोना जैसी महामारी से प्रभावित है और देश के प्रधानमंत्री भी लोगों को जहां है वहां रहने कि अपील कर रहें है, ऐसे में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इसके विपरीत काम कर रहा है। उन्होंने छात्रों को हॉस्टल खाली करने का तुगलकी फरमान सुना दिया है। जहां प्रदेश विश्वविद्यालय में प्रदेश के कोने-कोने से ही नहीं अपितु प्रदेश के बाहर के छात्र भी प्रदेश विश्वविद्यालय के हॉस्टल में रहते है ऐसे में इस तुगलकी फरमान ने छात्रों को दुविधा में डाल दिया है क्यूंकि इस समय जब कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है तो छात्रों का यूनिवर्सिटी से अन्य जिलों व राज्यों में अपने घर की ओर यात्रा करना उनकी जान को जोखिम में डाल सकता है। प्रदेशाध्यक्ष छत्तर ठाकुर ने कहा कि हॉस्टल में मैस बन्द होने के बावजूद भी एनएसयूआई ने छात्रों के लिए छात्रावास खुले रखने की मांग थी और ऐसे में एनएसयूआई द्वारा इन छात्रों को भोजन की व्यवस्था प्रदान करने की पेशकश भी हॉस्टल प्रशासन से की थी। इस मौके पर एनएसयूआई के प्रदेश संगठन महासचिव मनोज चौहान, प्रदेश उपाध्यक्ष वीनू मेहता, प्रदेश सचिव रजत राणा, परिसर उपाध्यक्ष रजत भारद्वाज, अरविन्द ठाकुर, ललित ठाकुर और सनी कपूर मौजूद रहे।
जिला शिमला के जुब्बल तहसील के अंतर्गत उतराखंड के साथ लगती आख़िरी पंचायत सोलंग में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच पंचायत स्तर पर आपातकालीन मासिक बैठक बुलाई गई जिसकी अध्यक्षता पंचायत प्रधान ने की। इसमें पंचायत प्रधान पवन कुमार, ज़िला परिषद् सदस्य कौशल मुँगटा, उपप्रधान मेहर सिंह चौहान, पंचायत सचिव संजीव मेहता विशेष रूप से मौजूद रहे। आपातकालीन बैठक में कोरोना के बढ़ते मामलों को मद्देनज़र रखते हुए पंचायती राज अधिनियम की शक्तियों का प्रयोग कर अपने स्तर पर कई कड़े फ़ैसले लिए गए। इसमें पंचायत में मौजूद सभी दुकानदारों को बिना मास्क व ग्लव्स सामान बेचने पर 500 रुपये जुर्माना किया जाएगा। बिमारी छिपाने वाले परिवारों के ख़िलाफ़ पंचायत स्वयं FIR करेगी। उत्तराखंड की सीमा पर होने के कारण पंचायत में बाहर से आने वाले लोगों के लिए 7 दिन का आवश्यक क्वारंटाइन और RTPC रिपोर्ट अनिवार्य होगी। सभी आशा वर्कर की निगरानी में रहेंगे, गाँव में सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनना अनिवार्य होगा। सोलंग से बाजार की तरफ़ जाने वाली रूट की गाड़ियां कर्फ़्यू तक केवल आपातकाल स्तिथि पर चलेगी। कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति का परिवार 14 दिनों तक आवश्यक क्वारंटाइन पर रहेगा। आंगनबाड़ी आशावर्कर अपने क्षेत्र की मेडिकल हिस्ट्री और हालात से लगातार पंचायत को अवगत करवाएंगे।


















































