हिमाचल सरकार ने ग्रुप सी और डी यानी क्लास 3 और क्लास 4 कर्मचारियों के तबादलों से बैन हटा दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देश के अनुसार 21 अगस्त से 31 अगस्त और फिर 20 सितंबर से 30 सितंबर के बीच प्रतिबंध हट जाएगा। इस दौरान संबंधित कैबिनेट मंत्री ट्रांसफर आर्डर कर सकेंगे। इसके बाद फिर से प्रतिबंध लागू हो जाएगा। ट्रांसफर बैन की अवधि में सिर्फ मुख्यमंत्री को ही तबादला आदेश जारी करने का अधिकार है। सोमवार को जारी आदेशों के अनुसार सभी प्रशासनिक सचिवों, विभाग अध्यक्षों, मंडल युक्त और जिला उपायुक्तों को ये निर्देश भेजे गए हैं। इसके अनुसार संबंधित मंत्री 3 साल का स्टे पूरा करने वाले कर्मचारियों के आवेदनों पर ही विचार करेंगे, लेकिन यदि प्रशासनिक जरूरत है तो 2 साल एक स्टेशन पर पूरा करने वाले कर्मचारी भी तबादले के लिए कंसीडर किए जा सकेंगे। ये तबादले कुल कैडर के 3 फ़ीसदी से ज्यादा नहीं होंगे। यदि तबादले का आवेदन कंप्रिहेंसिव गाइडिंग प्रिंसिपल 2013 के अनुसार नहीं है, तो मुख्यमंत्री को मामला अनुमति के लिए भेजना होगा। तबादला आदेश करती बार संबंधित विभाग अध्यक्ष को यह भी ध्यान होगा कि आपदा राहत और पुनर्वास के कामों में लगे कर्मचारियों के तबादले न हों।
निगम की बसों में पहली बार बिना यात्री भी भेज सकेंगे सामान हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) निगम प्रबंधन ने लोगों की सुविधा, आय बढ़ाने और परिचालकों की मनमानी रोकने के लिए बसों में ले जाने वाले सामान के टिकट की दरें तय की हैं। सब्जी, फल, फूल सहित लोग अब ऑफिस और डाइनिंग चेयर, टेबल, सोफा सेट, बेड बॉक्स और अलमारी भी निगम की बसों पर ले जा सकेंगे। नई दरों में निगम की बस में अब लैपटॉप व वॉशिंग मशीन का फुल और अलमारी का डबल टिकट कटेगा। यात्री अब सफर के दौरान बिना अतिरिक्त किराया चुकाए 30 किलो घरेलू सामान या दो बैग साथ ले जा सकेंगे। इसके अलावा बसों में पहली बार बिना यात्री सामान भेजने की सुविधा मिलेगी। 40 किलो का आधा टिकट और 80 किलो का पूरा टिकट बनता था। अब 30 किलो से अधिक सामान के लिए 15 किलो का एक चौथाई टिकट लेना होगा। पहले 25 किलो पर एक चौथाई टिकट लेना होता था। सेब का हाफ बॉक्स मुफ्त जाएगा। फुल बॉक्स के लिए आधा टिकट लगेगा। बिना यात्री हाफ बॉक्स के लिए आधा टिकट, फुल बॉक्स के लिए पूरा टिकट लगेगा। अब तक एक यात्री अपने साथ सेब का एक फुल बॉक्स मुफ्त ले जा सकता था। पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, एसिड, गन पाउडर, गुटका, पान मसाला सहित 25 अन्य सामान ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। यात्री के साथ दो लैपटॉप मुफ्त और बिना यात्री के पूरे टिकट के पैसे देने होंगे। यात्रियों को सुविधा मिलेगी, आय भी बढ़ेगी एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर ने बताया कि यात्रियों की सुविधा, आय में बढ़ोतरी और गड़बड़ी करने वालों पर नकेल के लिए व्यवस्था लागू की है। कुछ लोग बिना यात्रा किए बसों से सामान भेजते हैं, लेकिन निगम को इससे आय नहीं हो रही, अब यात्री साथ हो या न हो सामान की टिकट अनिवार्य होगी। बिना टिकट सामान मिला तो कंडक्टर ड्राइवर नपेंगे नई व्यवस्था के तहत अब अगर बस में बिना टिकट सामान मिला कंडक्टर, ड्राइवर पर कार्रवाई होगी। दोषी पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। सवाल : बिना कैरियर बसों में कैसे जाएगा सामान? दिल्ली सहित अन्य लंबी दूरी के रूटों पर निगम की बिना कैरियर वाली बीएस-6 बसें संचालित की जा रही हैं। इन बसों में छोटी डिग्गी की सुविधा है ऐसे में लंबी दूरी के लिए भारी सामान का परिवहन कैसे होगा यह बड़ा सवाल है।
राज्यपाल से मिले नेता प्रतिपक्ष, प्रदेश में बाढ़ से उपजे हालात पर की चर्चा नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार कह रही है कि आपदा पर राजनीति नहीं होनी चाहिये लेकिन यह बात उनके आचरण में कहीं दिखाई नहीं दे रही हैं। केंद्र सरकार हिमाचल की हर प्रकार से मदद कर रहा है और राज्य सरकार कह रही है कि केंद्र कोई मदद नहीं कर रहा है। यह उचित बात नहीं है। राज्य सरकार अपनी मांगे रखे, ज़्यादा नुक़सान हुआ है तो ज़्यादा मदद मिलनी चाहिए, यह मांग करना राज्य सरकार का अधिकार है। इसके साथ ही राज्य सरकार यह भी बताए की केंद्र की तरफ़ से क्या सहयोग मिला है। उन्हें बताना चाहिए कि उन्होंने आपदा प्रभावितों के लिए क्या किया है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आज महामहिम राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से शिष्टाचार भेंट की। दोपहर बारह बजे वह राज भवन पहुंचे। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश में आपदा से उपजे हालात पर चर्चा की। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश की हर प्रकार मदद की जा रही है। राहत और बचाव कार्य से लेकर रोड इन्फ़्रास्ट्रक्चर सही करने में केंद्र पूरा सहयोग कर रहा है। बीते कल ही 200 करोड़ रुपये की चौथी किश्त केंद्र सरकार द्वारा जारी कि गई है। इसके पहले ही 554 करोड़ रुपये केंद्र सरकार द्वारा आपदा राहत के लिए जारी किया जा चुका है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुख्यमंत्री और मीडिया के सामने कह चुके हैं कि केंद्र हिमाचल की हर मदद करेगा। इसके बाद भी राज्य सरकार का यह कहना कि केंद्र से कोई सहयोग नहीं मिला, आपदा राहत में जुटे लोगों का भी अपमान है। कांग्रेस के विधायक कर रहे विधानसभा के सत्र की मांग नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विधान सभा का सत्र बुलाना राज्य सरकार पर निर्भर करता है। सरकार जब चाहेगी हम तैयार हैं। मानसून सत्र 15 अगस्त तक हो जाता है। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक स्वयं विधान सभा सत्र की माँग कर रहे हैं। यह बातें उन्होंने महामहिम से मुलाक़ात के बाद पत्रकारों द्वारा पूछे गये सवाल के जवाब में कही। केंद्र ने ग्राम सड़क योजना के तहत दिए 2643 करोड़ नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चरण-3 के तहत हिमाचल प्रदेश को 2643 करोड़ रुपये दिये हैं। इस स्वीकृत राशि से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग 2,683 किलोमीटर लंबी 254 सड़कों के विस्तारीकरण और दुरुस्तीकरण का काम होगा। क्या यह सब सहयोग नहीं हैं।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक आर. विश्नोई ने बताया कि संगठन को जल संरक्षण और प्रबंधन पर ध्यान देने के साथ कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहल में उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए प्रतिष्ठित सीएसआर टाइम्स अवार्ड से सम्मानित किया गया है। पुरस्कार समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रो. एसपी. सिंह बघेल ने की। डॉ. लास्ज़लो मक्क, मिशन के उप प्रमुख, दूत असाधारण और मंत्री पूर्णाधिकारी, हंगरी दूतावास ने 21 अगस्त को सीएसआर टाइम्स द्वारा विकासशील अर्थशास्त्र में सीएसआर के माध्यम से एसडीजी हासिल करना जी20 राष्ट्रों की भूमिका विषय पर आयोजित 10वें राष्ट्रीय सीएसआर शिखर सम्मेलन में यह पुरस्कार सौंपा। जल संरक्षण और पर्यावरण प्रबंधन के क्षेत्र में टीएचडीसीआईएल के उल्लेखनीय प्रयास ने न केवल सराहना हासिल की है, बल्कि टिहरी गढ़वाल के ग्रामीण गांवों में जीवन बदल दिया है। इन प्रयासों ने पानी की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करके ग्रामीणों के वित्तीय और शारीरिक बोझ को काफी कम कर दिया है। विश्नोई ने आगे कहा कि जूरी सदस्यों और कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने अपने परिचालन क्षेत्र में पानी की गंभीर कमी के मुद्दों को संबोधित करने के लिए टीएचडीसीआईएल की गंभीर प्रतिबद्धता की सराहना की। यूएनडीपी से जल संकट की गंभीरता के बारे में गंभीर चेतावनियों के जवाब में, टीएचडीसीआईएल ने अपनी सीएसआर-संचालित जल संरक्षण और प्रबंधन परियोजना शुरू की, जिसे अपनी प्रायोजित सोसायटी सेवा-टीएचडीसी के माध्यम से क्रियान्वित किया गया। इस अभूतपूर्व पहल के तहत, टीएचडीसीआईएल ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं, जिसमें 972 वर्षा जल संचयन टैंक, 2282 जल पुनर्भरण गड्ढे, 610 जल खाइयां, 70 चेक बांध और 63 चाल-खाल संरचनाओं का निर्माण शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों ने न केवल खराब मौसम के दौरान पानी की कमी को कम किया है, बल्कि टिहरी जिले के प्रतापनगर और भिलंगना ब्लॉकों में भी नई जान फूंक दी है।
सीएम ने फ्लैगशिप योजनाओं और अन्य योजनाओं को समयबद्ध पूरा करने के दिए निर्देश मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां प्रदेश सरकार की प्रमुख योजनाओं, बजट घोषणाओं और इस वर्ष 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर की गई घोषणाओं की प्रगति पर सभी प्रशासनिक सचिवों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि सभी प्रशासनिक सचिव राज्य सरकार की सभी फ्लैगशिप योजनाओं और अन्य घोषणाओं को समयबद्ध पूर्ण करने की दिशा में उचित कार्रवाई करें, ताकि प्रदेशवासी इन योजनाओं से शीघ्र लाभान्वित हो सकें। उन्होंने सभी विभागों को लम्बित फाइलों का शीघ्र निपटारा कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए और कहा कि लोगों को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन प्रदान करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों में आधुनिक तकनीक का समावेश कर सेवाओं को और अधिक सुलभ किया गया है और इससे विभागीय कार्य प्रणाली में भी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल के निर्माण, लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए यूवी तकनीक का उपयोग, पर्यटन को बढ़ावा देने और अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी आरम्भ करने सहित अन्य परियोजनाओं को प्राथमिकता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में संबंधित विभाग समयसीमा तय कर कार्य करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पहले चरण में आईजीएमसी शिमला और चमियाना तथा टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी सुविधाएं शीघ्र आरम्भ जा रही हैं और इसके लिए स्वास्थ्य विभाग शीघ्र सभी औपचारिकताएं पूरी करें। उन्होंने कहा कि आदर्श स्वास्थ्य संस्थान योजना के तहत ग्रामीण स्तर के 36 स्वास्थ्य संस्थानों में 6-6 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है तथा शेष स्वास्थ्य संस्थानों में इसी वर्ष दिसम्बर माह तक विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति कर दी जाएंगी। उन्होंने वन स्वीकृतियों के मामलों के समयबद्ध निपटारे के भी निर्देश दिए ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राजस्व विभाग, पुलिस सहित अन्य सभी विभागों की कार्यप्रणाली में सुधार की दिशा में आगे बढ़ रही है ताकि सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ ही लोगों को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए कई कदम उठा रही है ताकि गांवों में रहने वाले लोग आत्मनिर्भर बन सकें। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में किए जा रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों पर भी विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि पानी की निकासी सुचारू रूप से हो सके। इसके साथ ही आधारभूत अधोसंरचना निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण में भी ड्रेनेज एवं क्रॉस ड्रेनेज को अनिवार्य बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित बल्क ड्रग पार्क और चिकित्सा उपकरण पार्क के संबंध में अधिकारियों से चर्चा की और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है और इसके तहत 3000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा। उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा भी की और कहा कि वह प्रत्येक सोमवार को सभी प्रशासनिक सचिवों के साथ नियमित आधार पर समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव ओंकार चंद शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा और अन्य प्रशासनिक सचिव भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां हिमाचल पुलिस की चौथी आईआरबी जंगलबेरी की पुलिस आरक्षी बिंदिया को हाल ही में लाहौल स्थित 6,111 मीटर ऊंची युनम चोटी की सफलतापूर्वक चढ़ाई करने पर बधाई दी है। बिंदिया ने अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान, मनाली से मूलभूत एवं उच्च प्रशिक्षण प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने बिंदिया को आगामी अभियानों के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युनम चोटी पर विजय प्राप्त करने वाली वह राज्य पुलिस की पहली महिला हैं और यह पुलिस विभाग एवं समस्त प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है। बिंदिया हमीरपुर जिले के नादौन क्षेत्र के कांगू गांव की रहने वाली हैं।
कोटशेरा कॉलेज में आज एनएसयूआई ने एक बैठक का आयोजन किया, जिसमें महाविद्यालय में आ रही छात्रों की विभिन्न समस्याओं को लेकर चर्चा हुई। साथ ही प्रथम वर्ष एवं विभिन्न इच्छुक छात्रों को एनएसयूआई में शामिल कर एनएसयूआई के बारे में अवगत कराया एवं आगामी रणनीति के बारे में चर्चा की। बैठक में कुछ विशेष मुद्दों को लेकर चर्चा हुई, जिसमें दूर दराज क्षेत्रों से आए छात्रों को आ रही समस्याओं के चलते महाविद्यालय में छात्रावास के मुद्दे को उठाया जो प्रमुख तौर पर रहा। इस अवसर पर एनएसयूआई के इंचार्ज नितिन देशटा का कहना है विभिन्न छात्र संगठन महाविद्यालय में अशांति का माहोल उत्पन्न कर रहे है, जिससे नए छात्रों के मन में भय का महौल उत्पन्न हुआ है। इन सभी मुद्दों पर प्रधानचार्य जल्द से जल्द संज्ञान लें। इस अवसर पर जिला शिमला के उपाध्यक्ष (इंचार्ज) नितिन देश्टा, जिला महासचिव चंदन महाजन विशेष रूप से उपस्थित रहे।
झीलों की नगरी तथा मेवाड़ की पवित्र एवं ऐतिहासिक स्थली उदयपुर, राजस्थान में आयोजित 9वें राष्ट्र मंडल संसदीय संघ भारत क्षेत्र सम्मेलन को संबोधित करते हुए हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि डिजिटल सशक्तिकरण के माध्यम से सुशासन को प्रोत्साहित करने में जन प्रतिनिधियों की प्रभावशालिता तथा दक्षता बढ़ाने के लिए हमें तीन प्रमुख क्षेत्रों क्रमश: शिक्षा व प्रशिक्षण, नागरिक जुड़ाव और नीति कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। गौरतलब है कि पठानिया डिजिटल सशक्तिकरण के माध्यम से सुशासन को प्रोत्साहित करने में जन प्रतिनिधियों को और अधिक प्रभावी/कुशल कैसे बनाया जाए विषय पर उदयपुर में अपना संबोधन दे रहे थे। सम्मेलन को राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी, राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, राष्ट्र मंडल संघ के अध्यक्ष ईयान लिडल ग्रेगंर तथा लोक सभा के माननीय अध्यक्ष ओम बिरला ने भी संबोधित किया। पठानिया ने कहा कि प्रचार, प्रसार, संचार तथा तकनीक के नए युग में डिजिटल साक्षरता अभियान, उन्नत संचार, घटक सहभागिता, पारदर्शिता और जवाबदेही डेटा संचालित निर्णय, दूरस्थ पहुंच, ई -गवर्नेंस पहल, डिजिटल निगरानी एवं मुल्यांकन, साईबर सुरक्षा और गोपनीय जागरूकता तथा सहयोग और नेटवर्किंग जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं को लोकतंत्र की मजबूती के लिए अपनाना होगा तभी हम सही में अपनी जनता को सुशासन भी दे सकेंगे और विशुद्व रूप से जनमत के हकदार भी होंगे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने कहा की भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने गत दिवस हिमाचल के बाढ़ और बारिश से प्रभावित क्षेत्रों का एक दिवसीय दौरा किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्वयं अपनी आंखों से उस भयानक दृश्य को देखा। उन्होंने कहा की हम अनेकों स्थानों पर उनके साथ गए। पांवटा साहिब, शिमला और बिलासपुर सभी जगह नड्डा जी के साथ जाना हुआ। उन्होंने कहा कि हमें आज धन्यवाद करना है की भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री अमित शाह से वार्ता करके हिमाचल प्रदेश को 200 करोड़ रुपये की राशि जारी करवाई है। आपदा की इस घड़ी में यह राशि हिमाचल प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है। इतना ही नहीं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने शिमला में यह तक कहा कि हिमाचल प्रदेश में राहत कार्योंं के लिए किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने देंगे। जगत प्रकाश नड्डा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ बैठक कर उनको पूर्ण आश्वासन दिया कि जिस प्रकार की भी मांग वह केंद्र के समक्ष रखेंगे और प्रदेश की आवश्यकता के अनुसार हम हर प्रकार की सहायता करेंगे। डॉ. राजीव बिंदल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्र मंत्री अमित शाह, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और केंद्र मंत्री अनुराग ठाकुर का हिमाचल प्रदेश को 200 करोड़ रुपये की राशि प्रदान करने के लिए धन्यवाद किया।
सरकार ने पाया है कि राज्य के 23 बांधों में से 21 ने सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन किया है। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने बताया कि कम से कम 21 बांधों ने सुरक्षा मानदंडों का पालन नहीं किया है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को बांधों से हुए नुकसान पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। ञ्जह्म्द्गठ्ठस्रद्बठ्ठद्द ङ्कद्बस्रद्गशह्य हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड द्वारा संचालित मंडी और सिरमौर के जटोन में, लारजी जलविद्युत परियोजना, शिमला में एचपी पावर कॉर्पोरेशन द्वारा संचालित सावड़ा कुड्डू परियोजना और कुल्लू में सैंज उल्लंघनकर्ताओं में से हैं। प्रदेश में 9,203 मेगावाट की 23 परियोजनाएं हैं। ये नेशनल हाइड्रो पावर कॉरपोरेशन (एनएचपीसी), नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी), भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी), सतलुज जल विद्युत निगम, एसजेवीएनएल आदि की ओर से संचालित हैं। 1,916 मेगावाट क्षमता की छह और परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। केवल बिलासपुर में कोल बांध और किन्नौर में कड़च्छम वांगतू परियोजना ने पानी छोड़ने के दिशा-निर्देशों का पालन किया है। सक्सेना ने कहा कि 2014 में बिना पूर्व चेतावनी के लारजी बांध से पानी छोड़े जाने के कारण आंध्र प्रदेश के 24 छात्रों के बह जाने के बाद प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने पर जोर दिया गया था। पंजाब और हिमाचल प्रदेश के निचले इलाकों में बाढ़ का कारण पोंग, पंडोह और मलाणा बांधों से पानी छोड़ा जाना है।
शिमला नागरिक सभा वार्ड कमेटी द्वारा कृष्णा नगर में पानी व सीवरेज की समस्या को लेकर आज सतलुज जल प्रबंधन निगम लिमिटेड में महाप्रबंधक राजेश कश्यप को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से शिमला नागरिक सभा ने वार्ड में पिछले दिनों आए भूस्खलन के चलते पीने की पानी की पाइपों के टूटे होने व सीवरेज की समस्या को प्रशासन के समक्ष रखा। शिमला नागरिक सभा वार्ड कमेटी कृष्णा नगर के सह संयोजक अमित कुमार ने बताया कि कृष्णा नगर में राजीव आवास योजना के तहत बने भवनों में पिछले 13 दिन से लोगों को पीने के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है लगातार प्रशासन के समक्ष गुहार लगाने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई इसके चलते आज जल प्रबंधन से विभिन्न मांगों को लेकर कृष्णा नगर के लोगों ने मुलाकात कर वहां की समस्याओं को रखा। एसजेपीएनएल के महाप्रबंधक राजेश कश्यप ने लोगों की विभिन्न समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना तथा जल्द से जल्द लोगों की समस्याओं को निपटाने का आश्वासन भी दिया। इस दौरान शिमला नागरिक सभा के संयोजक संजय चौहान, सह संयोजक विजेंद्र मेहरा, जगत राम विनोद, सलमा, फालमा चौहान, लीना, प्रीति, बावे, जसवंत, ज्योति आदि लोग मौजूद रहे।
सेब सीजन के दौरान बागवानों की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रदेश में अभी भी करीब 400 सड़कें बंद हैं, जिसके चलते बागवानों को पीठ पर सेब की ढुलाई करवानी पड़ रही है। एक किलोमीटर का 100-100 रुपये प्रति पेटी तक किराया दिया रहा है। शिमला, मंडी और कुल्लू में बागवानों के लिए तैयार फसल मंडियों तक पहुंचना चुनौती बन गया है। बागवानों को सेब तुड़ान के बाद ढुलाई के लिए मजदूरों को दोगुने पैसे देने पड़ रहे हैं।
कहा- हिमाचल को एसडीआरएफ के तहत 200 करोड़ की एक और किस्त जारी भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने रविवार को भारी बारिश, बाढ़ एवं भूस्खलन के कारण हिमाचल प्रदेश में हुए भारी नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने समरहिल, शिमला में भारी बारिश के कारण हुए ध्वस्त प्राचीन शिव मंदिर स्थल का अवलोकन भी किया और शिमला एवं बिलासपुर में स्थानीय प्रशासन के साथ राहत, बचाव एवं पुनर्वास कार्यों पर चर्चा भी की। उनके साथ केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल भी थे। जेपी नड्डा ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'मैंने आज सिरमौरी ताल एवं कच्ची ढांग में बादल फटने से उत्पन्न हुई स्थिति का जायजा लिया, शिमला में शिवबावड़ी और कृष्णा नगर में बाढ़ और भारी बारिश क्षेत्रों का दौरा भी किया। आपदा के कारण यहां काफी गमगीन माहौल है। यहां की स्थिति देख कर मेरा हृदय व्यथित और विह्वल है।Ó नड्डा ने कहा कि हमने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया है कि किसी भी प्रकार की आर्थिक मदद चाहिए तो केंद्र हिमाचल प्रदेश के लिए कोई कमी नहीं रखेगा। केंद्र सरकार हर पहलू पर हिमाचल प्रदेश की मदद करेगी और अगर किसी भी प्रकार की कोई परेशानी आती है तो वे स्वयं मुझे भी बात कर सकते हैं। केंद्र सरकार सड़क, पुनर्वास, भवन पुनर्निर्माण और आम जनजीवन को पटरी पर लाने के लिए पूरी ताकत से कार्य करेगी। नड्डा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने रिलीफ मैनुअल के फंड के बारे में भी हम से चर्चा की है और इस फंड में भी हम किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने देंगे। हम बार-बार एक ही चीज कह रहे हैं कि आप हमें समस्या बताएं काम हम करेंगे, आप मदद मांगों केंद्र देगा, आप पैसा मांगो केंद्र देगा। नड्डा ने कहा कि हमने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया है कि किसी भी प्रकार की आर्थिक मदद चाहिए तो केंद्र हिमाचल प्रदेश के लिए कोई कमी नहीं रखेगा। कहा- हमारे सभी सांसद हिमाचल प्रदेश की आपदा के लिए देंगे सांसद निधि का सारा पैसा नड्डा ने कहा कि हमारे सभी सांसद अपना सारा सांसद निधि का पैसा हिमाचल प्रदेश की आपदा के लिए देंगे। नड्डा ने कहा कि संकट की इस घड़ी में राजनीति नहीं होनी चाहिए। आज का विषय मानवता का है, राजनीति का नहीं। हमारा सारा नेतृत्व पूरी ताकत के साथ जनता की सेवा में लगा हुआ है। लोग बोले- होनी चाहिए जांच जेपी नड्डा ने समरहिल और कृष्णानगर वार्ड का दौरा किया। शिव बावड़ी क्षेत्र में हुए नुकसान का जायजा लेने के बाद नड्डा ने आपदा प्रभावितों से बात की। स्थानीय निवासी संजीव भूषण और रूपन ने इस त्रासदी की जांच की मांग उठा दी। कहा कि इलाके में बादल फटा या फिर केंद्रीय संस्थान के रेन हार्वेस्टिंग टैंक से यह नुकसान हुआ, इसकी जांच होनी चाहिए। लोगों ने मंदिर के पुनर्निर्माण, प्रभावित परिवारों को मदद देने और पहाड़ों को भूस्खलन से बचाने के लिए मदद की मांग की।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की राहत नियमावली में बदलाव लाने की आवश्यकता पर दिया बल मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां प्रदेश में आपदा से हुए भारी नुकसान के संबंध में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर के साथ विस्तृत चर्चा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने आपदा से प्रदेश में हुए भारी नुकसान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने राज्य में स्थितियां सामान्य करने के प्रदेश सरकार के प्रयासों को बल देने के लिए केदारनाथ और भुज त्रासदियों की तर्ज पर वित्तीय सहायता प्रदान करने की अपील की। आपदा के कारण हुए भारी नुकसान को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति को व्यापक नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की वर्तमान राहत नियमावली के अनुरूप वित्तीय प्रावधान हिमाचल प्रदेश में हुए नुकसान की पूर्ति के लिए अपर्याप्त है। उन्होंने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों और आपदा की गंभीरता को देखते हुए विशेष राहत पैकेज का आग्रह किया। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार द्वारा अंतरिम राहत की पहली किस्त देरी से जारी करने का मामला भी उठाया। उन्होंने जगत प्रकाश नड्डा और अनुराग सिंह ठाकुर से वित्तीय सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान भारी बारिश और भूस्खलन के कारण आई प्राकृतिक आपदा से प्रदेश को 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आकलन टीमें भेजे जाने के बावजूद अंतरिम राहत अभी भी लंबित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रभावितों को सहायता प्रदान करने के लिए अपने सीमित संसाधनों का उपयोग कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राज्य आपदा प्रतिक्रिया निधि (एसडीआरएफ) के तहत वार्षिक दो किश्तों में दिए जाने वाले 360 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ऑडिट आपत्तियों को दूर करने के राज्य सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप केंद्र सरकार ने लम्बित 315 करोड़ रुपये में से 189 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। उन्होंने शेष 126 करोड़ रुपये शीघ्र प्रदान करने की आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 अगस्त, 2023 तक प्रदेश सरकार ने केन्द्र सरकार को राज्य में हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट भेजकर 6,700 करोड़ रुपये क्लेम किए हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने संरचनात्मक इंजीनियरिंग और जल निकासी प्रणालियों के सुधार और सुदृढ़ीकरण के राज्य सरकार के प्रयासों की भी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने शिमला के पास जाठिया देवी में एक नए शहर को स्थापित करने की योजना के बारे में भी बताया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने प्राकृतिक आपदा के कारण प्रदेश को हुए नुकसान की भरपाई के दृष्टिगत राज्य को पर्याप्त सहायता देने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने आश्वासन दिया कि अंतरिम राहत की पहली किस्त शीघ्र जारी करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने संकट के इस समय में राज्य को पूर्ण सहयोग प्रदान करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार नुकसान की भरपाई के लिए पर्याप्त धनराशि सुनिश्चित करने के लिए संकल्पबद्ध है। बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर और नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर सांसद सुरेश कश्यप और सिकंदर कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, विधायक बलबीर वर्मा, पूर्व विधायक राम लाल मारकंडा, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया अन्य गणमान्य व्यक्ति और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों आयुर्वेद, पंचकर्म और प्राकृतिक चिकित्सा के लाभ और महत्व के बारे में आज हर कोई जानता है। इन्हीं पद्धतियों पर आधारित दिव्य योग रिसर्च फाउंडेशन ने शिमला के उपनगर न्यू टूटू में एक अस्पताल शुरू करने की योजना बनाई है। आयुष हॉस्पिटल के नाम से शुरू किए जाने वाले इस अस्पताल में लोग प्रतिदिन इन चिकित्सा पद्धतियों का लाभ उठा सकेंगे। इस अस्पताल में आयुर्वेद, पंचकर्म, प्राकृतिक चिकित्सा और योग के प्रदर्शन के साथ मरीजों को निशुल्क परामर्श भी दिया जाएगा। चिकित्सकों के मार्गदर्शन में योग व पंचकर्म के विशेषज्ञों की टीम भी विशेष अवसरों पर अपनी सेवाएं देंगे। दिव्य योग रिसर्च फाउंडेशन के अध्यक्ष विजय कुमार सूद ने बताया कि इस हस्पताल में यौगिक स्वास्थ्य देखभाल और फिटनेस पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शरीर पंच तत्व- मिट्टी, जल, वायु, अग्नि और आकाश से मिलकर बना है। इन तत्वों के असंतुलन से रोग उत्पन्न होते हैं। इसे संतुलित बनाने की पद्धति ही प्राकृतिक चिकित्सा है। यह दवा रहित इलाज की पद्धति है, जिसमें योग और आहार विशेष महत्व रखते हैं। संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके शर्मा ने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा में आहार को भी औषधि माना गया है। मरीज को रोग के अनुसार भोजन में क्या लेना चाहिए, कौन से योगासन करने चाहिए और प्राकृतिक चिकित्सा की किस पद्धति से ईलाज किया जाना उचित होता है। वात-पित्त-कफ के असंतुलन के अनुसार बीमारी का कारण जानकर ही चिकित्सा इस अस्पताल में की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पद्धति में वमन, विरेचन, वस्ति चिकित्सा, नस्य कर्म और रक्त मोक्षण के माध्यम से ईलाज किया जाता है। दिव्य फाउंडेश्न के सचिव विवेक ने बताया कि यह अस्पताल अगस्त से कार्य करना शुरू कर देगा और तत्काल प्रभाव से लोगों को विभिन्न सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएगी। इस अस्पताल में योग और प्राकृतिक चिकित्सा के साथ फिजियोथैरेपी और योगाथैरेपी की सुविधा भी प्राप्त होंगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में प्रथम परामर्श सभी के लिए निशुल्क रहेगा और कोई भी अस्पताल में आकर अपने रोग के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेगा। इसके लिए उन्होंने कहा कि फाउंडेशन ने अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन 76510-76589 दी है। इस पर कभी भी कॉल कर परामर्श लिया जा सकता है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को लद्दाख के कियारी के पास हुई एक सड़क दुर्घटना में शहीद हुए शिमला ग्रामीण उपमंडल के गांव नेहरा के सैनिक विजय कुमार के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने भारतीय सेना के आठ अन्य जवानों के निधन पर भी शोक व्यक्त किया है जिन्होंने इस दु:खद घटना में अपने प्राणों का बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिजनों को हरसंभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा परिजनों को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर आज प्रदेश कार्यालय राजीव भवन शिमला में युवा कांग्रेस द्वारा फोटो सेमिनार का आयोजन किया गया तथा श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस कार्यक्रम में युवा कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष जयवर्धन खुराना प्रदेश महासचिव छेरींग नेगी, विजय ठाकुर, शिवम राणा, प्रदेश सचिव तरूण ब्राक्टा, हेमराज ठाकुर, शिमला शहर अध्यक्ष संदीप चौहान, सोशलमीडिया सयोंजक शिमला गिरीश ठाकुर, अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस दौरान युवा कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष जयवर्धन खुराना ने सभी को संबोधित करते हुए राजीव गाँधी जी के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री का देश के लिए जो योगदान रहा उसे भुलाया नहीं जा सकता। राजीव गांधी को याद करते हुए युवा कांग्रेस के समस्त कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की और आने वाले समय में उनकी देश के प्रति जो दूरदर्शी सोच को आगे लेकर जाने का संकल्प लिया।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव बलदेव ठाकुर ने हिमाचल से भाजपा के टिकट पर जीतकर गए तीन लोकसभा सांसदों और मनोनीत होकर गए तीन राज्यसभा सांसदों पर आज कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि हिमाचल सात अगस्त से लेकर आजतक गंभीर त्रासदी से गुजर रहा है और प्रदेश में बहुत बड़ी जानमाल की हानि हुई है। मुख्यमंत्री और कांग्रेस की एकमात्र सांसद प्रतिभा सिंह एवं सरकार लगभग मंत्री संसदीय सचिव अपनी जान की परवाह किये बगैर लगातार लगातार आपदा प्रभावित लोगों से मिलकर उनका दु:ख दर्द बांट रहे हैं और उनकी हरसंभव मदद कर रहे हैं। बलदेव ठाकुर ने कहा कि सरकार जो इस भयंकर आपदा में हरसंभव मदद करने मे दिन रात जुटी है। इसके विपरीत विपक्ष के नेता जयराम जो प्रदेश में पूर्व में मुख्यमंत्री रहे हंै वो एक औपचारिकता करने के लिए और मीडिया में सुर्खियां बटोरने के लिए लोगों के बीच जाकर उल्टा जहर घोल रहे रहे हैं। वहीं, भाजपा से संबंधित विधायक अधिकारियों के साथ बतमीजी कर रहे है जो फील्ड में लोगो को राहत पंहुचाने का कार्य कर रहे है जबकि इस समय राजनीति नही मिलजुल कर काम करने की जरूरत है। बलदेव ठाकुर ने भाजपा के तीन लोकसभा सांसद और तीन राज्यसभा सांसदों का फर्ज था कि प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और गृह मंत्री को प्रदेश में लाते और विभिन्न जगह जगह हुए जानमाल की हानि का जायजा लेकर प्रदेश को राष्टीय आपदा से प्रभावित राज्य घोषित करवाते। लेकिन ये सभी सांसद आज तक कुंभकर्ण की नींद सोए हुए हैं। इसलिए मुख्यमंत्री ने भाजपा के इन सांसदों को कटघरे में खड़ा किया तब आज राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और केंद्रीय मंत्री आज हिमाचल दौरे पर शिमला हादसे के छठे दिन आए है और सिर्फ मीडिया में कह रहे हंै कि केंद्र से पूरी आर्थिक मदद मिलेगी, जबकि सच्चाई ये है कि आपदा राहत के नाम से लेकर हिमाचल सरकार को एक नया पैसा नहीं मिला है सिर्फ प्रधानमंत्री सड़क योजना का पैसा जरूर प्रदेश को मिला है नियमानुसार उसको सिर्फ संबंधित सड़कों पर ही खर्च कर सकते हैं। आपदा प्रभावितों को अन्य राहत देने के लिए उस राशि को खर्च नहीं कर सकते।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) का ऐलान किया। 39 मेंबर्स की इस कमेटी में सोनिया, राहुल, प्रियंका शामिल हैं। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (90) को भी कमेटी में बरकरार रखा गया है। सीडब्ल्यूसी में हिमाचल से आनंद शर्मा को सदस्य बनाया गया है, जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह को आमंत्रित स्थाई सदस्य बनाया गया है। वहीं, मध्य प्रदेश से दिग्विजय सिंह और कमलेश्वर पटेल, छत्तीसगढ़ से ताम्रध्वज साहू और राजस्थान से सचिन पायलट को जगह मिली है। तीनों राज्यों में इसी साल के आखिर में चुनाव होने हैं। खड़गे ने अपने खिलाफ चुनाव लड़ने वाले शशि थरूर को भी वर्किंग कमेटी में शामिल किया है। सीडब्ल्यूसी में कुल 84 नाम हैं। इनमें सीडब्ल्यूसी मेंबर, स्थायी आमंत्रित, महासचिव, विशेष आमंत्रित और प्रभारियों के नाम शामिल हैं।
ग्रीनबेरी आरके जी ग्रुप व ग्रीनबेरी वेल्फेयर फाउंडेशन के संस्थापक राजेश कुमरार गुप्ता द्वारा हिमाचल प्रदेश आपदा राहत कोष 2023 के लिए एक करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई। ग्रीनबेरी संस्था के संचालक राजेश कुमार गुप्ता ने बताया की बीते कुछ दिनों से हिमाचल प्रदेश के सभी क्षेत्रो से आ रही खबर बिलकुल झकझोर कर रख देने वाली है और वह सरकार के साथ तत्पर खड़े है और इस समय हिमाचल के सभी वासियों और परिवारों को एक दूसरे के सहारे की ज़रूरत है। प्रदेश के सभी वासियों से आह्वान करते हुए राजेश गुप्ता ने सभी से क्षमता अनुसार आपदा राहत कोष में सरकार का सहयोग करने के लिए भी निवेदन किया। बता दें की राजेश कुमार गुप्ता पहले भी कोरोना के दौरान प्रदेश सरकार को 21 लाख की राशि मुख्यमंत्री राहत कोष और 11 लाख प्रधानमंत्री केयर फंड के लिए भी दे चुके हैं और समाज में महिलाओं और गरीब परिवार के प्रति अपनी सेवा भाव के लिए जाने जाते हैं।
प्रतिभा सिंह बोलीं- राष्ट्र कभी नहीं भुला सकता पूर्व प्रघानमंत्री के योगदान को प्रदेश कांग्रेस नेताओं ने आज कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी को उनकी जयंती पर याद करते हुए अपने अपने श्रदासुमन अर्पित किए। इस दौरान पार्टी नेताओं ने उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए देश को दिए उनके महत्वपूर्ण योगदान को याद किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने राजीव गांधी को याद करते हुए कहा कि देश में आईटी व दूरसंचार क्रांति के जनक के तौर पर उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि देश में महिलाओं को पंचायती राज संस्थाओं में पचास प्रतिशत आरक्षण व 18 साल के सभी युवाओं को मताधिकार का अधिकार उन्हीं की देन हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र उनके योगदान को कभी नहीं भुला सकता। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालो में स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, सीपीएस मोहन लाल ब्राक्टा, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर, शिमला के मेयर सुरेंद्र चौहान के अतिरिक्त आदर्श सूद, आनंद कौशल, विनीत गौतम, सुधीर आज़ाद, दवेंद्र बुशेहरी, वेद प्रकाश ठाकुर, भूपेेंद्र कवंर,जैनब चंदेल, उप महापौर उमा कौशल, नगर निगम शिमला के पार्षदगण, पूर्व पार्षदगण, प्रवक्ता सुरजन सिंह जोगटा, जीएस तोमर, ब्लॉक अध्यक्ष गोपाल शर्मा, राम कृष्ण शांडिल, कंवर नरेंद्र सिंह, जिला परिषद उपाध्यक्ष सुरेंद्र रेटका, किसान कांग्रेस प्रवक्ता कंवर रविंदर सिंह,, डॉक्टर मस्त राम सिंह बीरू,सतपाल, संदीप चौहान, शांता राजता, शशि ठाकुर, पुष्पा शोभटा,वृंदा सिंह, बनिता वर्मा, सत्या वर्मा, तनु चौहान, रूमा शर्मा, विना विज, लोकेश्केवरी, बबली सालोतरा, नेहा, अनिल चौहान अतिरिक्त महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, कांग्रेस सेवादल, छात्र संगठन एनएसयू आई व बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित थे।
भारी बारिश के कारण प्रदेश भर में बंद हुए करीब 3700 रूटों में से एचआरटीसी ने 2500 रूटों पर बस सेवा को बहाल कर दिया है, लेकिन अभी भी 1226 रूट प्रदेश भर में बंद हैड्ड। इन रूटों के बंद होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रूट बंद होने से जहां प्रदेश के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। वहीं एचआरटीसी को रोजाना लाखों रुपए का घाटा उठाना पड़ रहा है। एचआरटीसी प्रबंधन से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में सबसे ज्यादा रूट मंडी और कुल्लू जिला में प्रभावित हैं। मंडी जिला में 130 और कुल्लू जिला में 167 रूट प्रभावित हैं। इसके अलावा रामपुर यूनिट में 118 और सुंदरनगर यूनिट में 96 रूट प्रभावित है। वहीं प्रदेश में एचआरटीसी की 180 बसें अभी भी प्रदेश के अलग-अलग स्थानों में फंसी हुई हैं। एचआरटीसी की बसें ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूली बच्चों को स्कूल पहुंचाने, नौकरी पेशा लोगों को दफ्तरों तक पहुंचाने और किसानों-बागबानों व दुग्ध उत्पादकों के उत्पादों को मार्केट तक पहुंचाती हैं। ऐसे में एचआरटीसी की सेवाएं बंद होने से प्रदेश के हजारों लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर जहां सरकार व एचआरटीसी प्रबंधन एचआरटीसी को घाटे से निकालने के लिए योजनाएं बना रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर हिमाचल में आई आपदा से एचआरटीसी की मुश्किलें और अधिक बढ़ गई है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा हिमाचल में आई प्राकृतिक आपदा का जायजा लेने के लिए पहुंच गए हैं। वह सबसे पहले सिरमौर जिले के सतौन गांव में पहुंचे हैं, जहां उन्होंने आपदा प्रभावितों से मुलाकात की। इसके बाद वह शिमला और बिलासपुर के आपदा प्रभावितों से मिलेंगे। बता दें कि हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लोकसभा के मानसून सत्र में प्रदेश के सांसदों द्वारा हिमाचल में आई आपदा को लेकर सवाल नहीं पूछने को लेकर उन्हें घेरा था। उन्होंने कहा कि भाजपा के सांसद केंद्र से मदद लाने की बजाय आपदा में राजनीति कर रहे हैं। वह एक बार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से आपदा को लेकर नहीं मिले। दोपहर बाद बिलासपुर जाएंगे नड्डा दोपहर बाद जेपी नड्डा बिलासपुर के सर्किट हाउस पहुंचेंगे। वे यहां भारी बारिश, बाढ़ एवं भूस्खलन के कारण हुए नुकसान और पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे और स्थानीय प्रशासन से राहत, बचाव एवं पुनर्वास कार्यक्रमों को लेकर चर्चा करेंगे।
विद्यार्थियों ने धरोहर भवन का भ्रमण कर इतिहास की ली जानकारी हिमाचल प्रदेश राजभवन आज से आम जनता के लिए खोल दिया गया है। पहले दिन स्थानीय स्कूल के 60 बच्चों ने राजभवन का भ्रमण किया। उन्होंने इस धरोहर भवन का भ्रमण कर यहां संरक्षित समृद्ध संस्कृति का जायजा लिया और राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर राजभवन के इतिहास पर आधारित एक लघु वृत्तचित्र भी प्रदर्शित किया गया। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल तथा लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल ने राजभवन के दरबार हाल में बड़ी संख्या में लोगों और बच्चों के साथ यह वृतचित्र देखा। मीडिया से बातचीत में राज्यपाल ने कहा कि राजभवन एक ऐतिहासिक धरोहर है और इसे आम आदमी के लिए खोलने के निर्णय से यहां फिर से चहल-पहल कायम करने का प्रयास किया गया है ताकि हर आम व खास इस धरोहर एवं यहां की विरासत से प्रत्यक्ष रूप से रू-ब-रू हो सकंे। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से ही यह संभव हो पाया है और उन्हें विश्वास है कि उनके निर्णय से हर कोई सहमत होगा। उन्होंने कहा कि हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की पहल पर शिमला में राष्ट्रपति निवास आम जनता के लिए खोला गया है और इसी तर्ज पर राजभवन खोलने का भी निर्णय लिया गया है। शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि उन्हें राज्यपाल बनने के बाद ही पहली बार शिमला आने का अवसर प्राप्त हुआ है, हालांकि वे इसके ऐतिहासिक महत्व से पहले से ही भलीभांति परिचित रहे हैं। इसी तरह पर्यटक, दूसरे राज्यों से आने वाले अन्य लोग और स्थानीय जनता भी राजभवन के इतिहास से वाकिफ तो हैं, लेकिन प्रोटोकॉल के कारण वे इसे भीतर से निहार पाने एवं इसके अवलोकन से वंचित रह जाते थे। राजभवन को खोलने के निर्णय से अब वे हिमाचल प्रदेश के इस ऐतिहासिक भवन की भव्यता, समृद्धि और परम्पराओं को भलीभांति देख व समझ पाएंगे। राजभवन में शिमला एग्रीमेंट टेबल सहित स्वतंत्रता पूर्व की अनेक बहुमूल्य कलाकृतियां संरक्षित की गई हैं, जिनका वे अब अवलोकन कर सकते हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण जान-माल के नुकसान पर कहा कि राज्य विषम परिस्थितियों से गुजर रहा है। इस आपदा से निपटने के लिए सभी लोग सहयोगी बने हैं और राजभवन भी अपने स्तर पर राहत पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि राजभवन ने अब तक राज्य रेडक्रॉस के माध्यम से राहत सामग्री की ११ गाड़ियां भेजी हैं। राज्यपाल ने कहा कि आपदा के दौरान उन्होंने राजभवन से बाहर आकर विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया और प्रभावित परिवारों से भी भेंट की। उन्होंने कहा कि वह समय-समय पर केंद्र सरकार को भी यहां की स्थिति से अवगत करवाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले भी मदद की है और उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्रीय टीम द्वारा किए गए आकलन के आधार पर आगे भी मदद दी जाएगी। राजभवन के प्रवक्ता ने बताया कि राजभवन का भ्रमण करने के लिए व्हाट्सएप नंबर ९४१८३-१६६१७ और लैंडलाइन ०१७७-२६२४१५२ पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त ईमेलरू अपेपजण्तंरइींअंद/हउंपसण्बवउ पर भी आवेदन किया जा सकता है।
शिमला शहर के कृष्णानगर क्षेत्र में हुए जान-माल के भारी नुकसान, पेड़ों से भवनों को मंडराते खतरे, कूड़ा नियमित रूप से न उठने व कूड़े के ढेर, पानी की उचित निकासी व उचित सीवरेज व्यवस्था को लेकर शिमला नागरिक सभा का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा से मिला व उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। नागरिक सभा ने इन समस्याओं का तुरंत समाधान करने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में संजय चौहान, विजेंद्र मेहरा, फालमा चौहान, बालक राम, सोनिया सबरबाल, हिमी देवी, मीना देवी, अनिल ठाकुर, अमित ठाकुर, कमल शर्मा, हरीश कुमार, शाहबाज खान, रणजीत, भानु प्रताप, बिमला, पुष्पा, कौशल्या, शीला ठाकुर, पिंकी, अशोक, बिट्टू, अश्वनी, चमन लाल, पंकज, जगदीश चंद, अमृति देवी व डिम्पल आदि मौजूद रहे। नागरिक सभा संयोजक संजय चौहान व सह संयोजक विजेंद्र मेहरा ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में भारी बरसात के कारण भयंकर तबाही हुई है। शिमला शहर में आपदा ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। दो दिनों में ही शिमला शहर के कृष्णानगर क्षेत्र के कई भवन जमींदोज हो चुके हैं व कई खतरे की जद में हैं। कृष्णानगर का एक बहुत बड़ा इलाका असुरक्षित घोषित किया जा चुका है। कई रास्ते टूट चुके हैं या बंद हैं। इस त्रासदी से जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि कृष्णानगर के प्रभावित इलाके में जान-माल के लिए भयंकर खतरा साबित हो रहे पेड़ों को तुरंत काटा जाए। उन्होंने कृष्णानगर क्षेत्र के सिख लाइन क्षेत्र में कूड़ा नियमित रूप से न उठने व कूड़े के ढेर, पानी की उचित निकासी व उचित सीवरेज व्यवस्था आदि समस्याओं का तुरन्त समाधान करने की मांग की है क्योंकि इन सभी समस्याओं से खतरा और ज़्यादा बढ़ रहा है व जनता असुरक्षित महसूस कर रही है। कृष्णानगर के नालों में कूड़े के अंबार लगे हैं। पानी की उचित निकासी के अभाव व टूटी हुई या खुली हुई सीवरेज व्यवस्था से भवनों में पानी रिस रहा है। इस पर अतिरिक्त आयुक्त ने नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी, एसजीपीएनएल, वन विभाग, बी एंड आर विभाग को इन समस्याओं का तुरंत निदान करने के निर्देश जारी किए व फील्ड अधिकारियों को कृष्णानगर का दौरा करने को कहा। फील्ड अधिकारियों ने आदेशों का पालन करते हुए कृष्णानगर का दौरा किया व स्थानीय जनता को समाधान का आश्वासन दिया। नागरिक सभा ने चेताया है कि अगर इन समस्याओं का तुरंत हल न हुआ तो जनता लामबंद होकर आंदोलन का रास्ता अपनाएगी।
शिमला नागरिक सभा का एक प्रतिनिधिमंडल हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक रोहन ठाकुर से मिला व उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। नागरिक सभा ने मांग की है कि समरहिल में प्राकृतिक आपदा के कारण बालूगंज से समरहिल की ओर नष्ट हुई दोनों सड़कों व रेलवे ट्रैक के मद्देनजर स्थानीय जनता, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कर्मचारी व छात्र भारी परेशानी झेल रहे हैं, इसलिए चार एचआरटीसी टैंपो ट्रेवलर गाड़ियों की साधारण किराया पर व्यवस्था की जाए। प्रबंधन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ओल्ड बस स्टैंड शिमला व बालूगंज से समरहिल के लिए गाड़ियों का संचालन शुरू कर दिया है। प्रतिनिधिमंडल में संजय चौहान, विजेंद्र मेहरा, सुनील पराशर, राम प्रकाश, अमित ठाकुर, अनिल ठाकुर, कमल शर्मा, हरीश कुमार, शाहबाज खान, रंजीत, भानु प्रताप आदि शामिल रहे। नागरिक सभा संयोजक संजय चौहान, सह संयोजक विजेंद्र मेहरा, पार्षद वीरेंद्र ठाकुर व भूतपूर्व पार्षद राजीव ठाकुर ने कहा है कि गत सप्ताह शिमला शहर व इसके साथ लगते क्षेत्रो में लगातार भारी वर्षा के कारण जान माल की भारी क्षति हुई है और आज भी कई सड़के इसके कारण बंद पड़ी हुई है। समरहिल क्षेत्र में भारी वर्षा व भूस्खलन के कारण समरहिल व एम आई रूम क्षेत्र को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग जिसमें बालूगंज से समरहिल व बालूगंज से एम आई रूम सड़क है करीब एक सप्ताह से बंद पड़े हैं। इनके बंद होने के कारण समरहिल के लिए बस सेवा बन्द है और मात्र चौड़ा मैदान से आई टी आई होते हुए एकमात्र सड़क खुली हुई है जिस पर केवल छोटे वाहन चल सकते है। रेलवे ट्रैक को भी इस भूस्खलन से भारी क्षति हुई है और रेल सेवा भी लंबे समय से बंद पड़ी है। इसके चलते समरहिल, सांगटी, एंदड़ी व अन्य साथ लगते क्षेत्रो की हजारों की आबादी प्रभावित है और परिवहन की पर्याप्त सुविधा न होने के कारण इस संकट की घड़ी में बेहद परेशान है। इस क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश विश्विद्यालय व अन्य संस्थान भी है जहां पर शहर के अन्य क्षेत्रो व शहर के बाहर से भारी संख्या में छात्र, कर्मचारी व अन्य लोग समरहिल आते हैं। पर्याप्त परिवहन सुविधा न होने से आज समरहिल पहुंचना कठिन हो गया है। अत: इस विकट परिस्थिति में समरहिल व शहर की जनता को इस संकट में परेशानी को ध्यान में रखते हुए कम से कम 4 अतिरिक्त टेंपो ट्रैवलर साधारण किराया पर समरहिल, सांगटी व एम आई रूम के लिए तुरंत प्रभाव से चलाने की जरूरत है ताकि जनता को उचित परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके। नागरिक सभा की मांग को मानते हुए एचआरटीसी प्रबन्धन ने आज से ही साधारण किराया पर दो टेम्पो ट्रेवलर शुरू कर दी हैं व दो अन्य का संचालन सोमवार से शुरू हो जाएगा।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शुक्रवार देर शाम श्री नयनादेवी जी मंदिर में शीश नवाया और प्रदेश के लोगों की सुख-समृद्धि की कामना की। नयनादेवी मंदिर न्यास की ओर से घवांडल सीएचसी के लिए पांच करोड़ जारी किए। मुकेश ने कहा कि श्री नयनादेवी विधानसभा क्षेत्र के विकास में पैसे की कमी नहीं आएगी। मंदिर के लिए लिफ्ट बनाने के कार्य को भी जल्द स्वीकृति दी जाएगी। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने श्री नयनादेवी क्षेत्र के लिए जो घोषणाएं की थीं उन सभी को वर्तमान सरकार पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष में नयना देवी मंदिर न्यास की ओर से दो करोड़ और बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास की ओर से एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे। समस्त मंदिर ट्रस्ट के सदस्य शिमला में मुख्यमंत्री से मिलेंगे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि देश के बड़े मंदिरों की तरह हिमाचल के मंदिरों का भी कायाकल्प होगा। बसों के माध्यम से सभी तीर्थ स्थलों को आपस में जोड़ा जाएगा। कहा कि हिमाचल प्रदेश के मंदिरों के लिए योजना तैयार की जा रही है। इसके तहत श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक सुविधाएं मिलेंगी। अग्निहोत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को राष्ट्रीय आपदा घोषित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भरमौर में आपदा के दौरान पेयजल योजना की स्कीम में कार्य करते हुए गुड्डू राम की जान चली गई। उनके परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। वहीं विभाग के अंतर्गत जिन व्यक्तियों ने आपदा के दौरान अपनी जान गंवाई है, उनके परिवारों को सरकार अकेला नहीं छोड़ेगी। परिवार के किसी एक सदस्य को रोजगार देगी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने दी जानकारी सुबह नौ बजे सिरमौर के पांवटा साहिब पहुंचेंगे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा भारी बारिश, बाढ़ एवं भूस्खलन के कारण हिमाचल प्रदेश में हुए भारी नुकसान का जायजा लेने के लिए रविवार को प्रदेश के प्रवास पर रहेंगे। वे पीड़ित परिवारों के साथ मुलाकात भी करेंगे। नड्डा समरहिल में भारी बारिश के कारण ध्वस्त हुए प्राचीन शिव मंदिर स्थल का अवलोकन करेंगे और शिमला एवं बिलासपुर में स्थानीय प्रशासन के साथ राहत, बचाव एवं पुनर्वास कार्यों पर चर्चा भी करेंगे। नड्डा सुबह नौ बजे पांवटा साहिब पहुंचेंगे। इसके पश्चात सड़क मार्ग से गांव सिरमौरी ताल एवं कच्ची ढांग पहुंचेंगे। जहां वे सिरमौरी ताल क्षेत्र में बादल फटने से उत्पन्न हुई स्थिति का जायजा लेंगे तथा इस हादसे में दिवंगत 5 सदस्यों के परिवारजनों से मुलाकात भी करेंगे। 11:20 बजे शिमला के शिवबावड़ी, समरहिल पहुंचेंगे जहां वे भारी बारिश से तबाह हुए प्राचीन शिव मंदिर स्थल का जायजा लेंगे। ज्ञात हो कि इस हादसे में अब तक 16 लोगों के शव बरामद हो चुके हैं। राहत और बचाव कार्य अब तक चल रहा है। नड्डा कृष्णानगर क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हुए मकानों का अवलोकन शिमला बाईपास से करेंगे। दोपहर एक बजे बजे शिमला के होटल पीटरहॉफ में राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर स्थानीय प्रशासन के साथ चर्चा करेंगे। शाम 3:15 बजे सर्किट हाउस बिलासपुर पहुंचेंगे। यहां भारी बारिश, बाढ़ एवं भूस्खलन के कारण हुए जानमाल के नुकसान से पीड़ित शोक संतप्त परिवारों के साथ मुलाकात करेंगे और स्थानीय प्रशासन से राहत, बचाव एवं पुनर्वास कार्यक्रमों को लेकर चर्चा करेंगे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां बताया कि राजस्थान सरकार ने हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, बाढ़ एवं भूस्खलन से आई आपदा से निपटने के लिए प्रदेश सरकार को 15 करोड़ रुपये की सहायता राशि आपदा राहत कोष के लिए प्रदान की है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सहायता राशि प्रदान करने के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सहायता राशि आपदा की इस घड़ी में प्रभावितों को मदद प्रदान करने में कारगर साबित होगी। उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं एवं आम जनता से इस कोष में उदारतापूर्वक अंशदान का आग्रह किया है ताकि प्रभावितों को अधिक से अधिक सहायता प्रदान की जा सके।
कहा- नई सड़क परियोजनाओं की निगरानी के लिए गठित करेंगे कमेटी मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बनने वाली सभी सड़कों में ड्रेनेज और क्रॉस ड्रेनेज बनाना अनिवार्य किया जाएगा। इसकी निगरानी के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी और निगरानी टीमें भी बनाई जाएंगी। राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री ने उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रेनेज और क्रॉस ड्रेनेज न होने के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि जिन सड़कों में निर्माण के समय ड्रेनेज नहीं होगी, उन्हें पास भी नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण के समय ही गुणवत्तापूर्ण कार्य से सड़कों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने प्रदेश में भारी बारिश के कारण हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट लेकर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाधित सड़कों को 24 घंटे कार्य कर बहाल किया जाए। जिला मंडी में बाधित प्रमुख सड़कों को खोलने के लिए अतिरिक्त कार्य बल और मशीनरी की आवश्यकता है। कुल्लू में नदी किनारों पर पानी से भूमि कटाव को रोकने के लिए वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव ओंकार शर्मा, भरत खेड़ा व देवेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सीएम बोले प्रदेश में 10 हजार करोड़ से भी अधिक का नुकसान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि प्रदेश में भारी बारिश से हुए नुकसान के दृष्टिगत राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश को 'प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्रÓ घोषित किया है। उन्होंने कहा कि विगत दिनों से जारी भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं से प्रदेश में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। राज्य में पेयजल, विद्युत आपूर्ति व्यवस्था व सड़कों सहित अन्य संसाधनों को भी भारी क्षति पहुंची है। अभी तक राज्य में 12 हजार से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और 330 लोगों की बहुमूल्य जान चली गई हैं। प्रदेश में अभी तक 10 हजार करोड़ रुपये से भी अधिक का नुकसान आंका गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि और बागवानी को भी भारी नुकसान हुआ है। राज्य में संचार व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। राज्य में जन-जीवन अस्त-व्यस्त हुआ है और व्यावसायिक गतिविधियां भी आपदा से अछूती नहीं रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। खतरे के दृष्टिगत बहुत से लोगों को उनके घरों से सुरक्षित निकालकर दूसरे स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रदेश सरकार राहत, बचाव एवं पुनर्वास के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रही है। आपदा प्रभावितों को हरसंभव मदद सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि मौसम के अनुकूल होने पर संबंधित जिलों और विभागों द्वारा संपत्ति, पशुधन, आधारभूत संरचना और अन्य नुकसान का आकलन कर पुनर्निर्माण और उपयुक्त कार्रवाई के लिए प्रदेश सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज यहां राज भवन से राज्य रेडक्रॉस की ओर से कुल्लू, हमीरपुर और कांगड़ा ज़िला की रेडक्रॉस शाखाओं के लिए तीन राहत सामग्री वाहनों को रवाना किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा के समय राज्य रेडक्रॉस प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राहत सामग्री में कंबल, तिरपाल, टेंट तथा स्वच्छता किट इत्यादि शामिल है। उन्होंने कहा कि इस संकट की घड़ी में समस्त प्रदेश की जनता प्रभावितों के साथ है और उन्हें राहत पहुंचाने के लिए एकजुट प्रयास कर रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से प्रभावितों की सहायता के लिए अधिक से अधिक योगदान करने का भी आग्रह किया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा भी उपस्थित थे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मंडी संसदीय क्षेत्र में भारी बारिश व बाढ़ से हुए नुकसान से सड़कों की जल्द मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग के केंद्रीय जोन को अतिरिक्त धन उपलब्ध करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि मंडी से कुल्लू, मनाली व लाहौल-स्पीति के बीच राष्ट्रीय राज मार्ग को बहाल करने के लिये राष्ट्रीय राज मार्ग प्राधिकरण को अतिरिक्त मशीनरी लगाने को भी कहा जाना चाहिए। प्रतिभा सिंह ने मुख्यमंत्री से कहा है कि जब तक पंडोह से कैंची मोड़ मार्ग जो पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। जब तक दुरस्त नहीं होता तब तक बजौरा, कोटला, कटिंडी व चैलचोक गोहर पंडोह को मार्ग पर एक योजनाबद्ध तरीके से माल वाहक वाहनों के लिये प्रयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेब बहुल क्षेत्रों में सड़कों की बहाली सबसे बड़ी चुनौती है जिसे समय रहते पार पाना हैं। उन्होंने कहा है कि अगर मंडी-कुल्लू सड़क जल्द बहाल नहीं होती तो इससे इस क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, खाद्यान्न की भारी कमी के साथ यहां के फलों व सब्जियों की ढुलाई पर भी विपरीत असर पड़ सकता हैं। उन्होंने कहा कि इसी मार्ग से सेना की रसद भी जाती है इसलिए इसे जल्द से जल्द बहाल करने के हर संभव प्रयास किये जाने चाहिए।
हिमाचल प्रदेश पुलिस पिछले कुछ समय से यातायात नियमों को लागू करने के लिए आधुनिक उपकरण खरीद रही है। प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य राजमार्गों पर विभिन्न स्थानों पर कुल 49 आईटीएमएस स्थापित किए गए हैं। जिसके चलते यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के करीब 28223 चालान काटे गए हैं। पीओएस मशीनों और एंड्रॉइड फोन के माध्यम से 425522 ई-चालान भी जारी किए गए। उल्लंघनकर्ताओं द्वारा लगभग 25 फीसदी चालान का भुगतान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जा रहा है। हिमाचल पुलिस ने एल्को सेंसर, बॉडी वॉर्न कैमरा, लेजर स्पीड गन और कई आधुनिक उपकरण खरीदे हैं और इसका उपयोग यातायात पुलिस कर्मियों द्वारा दैनिक आधार पर किया जा रहा है। जिसके कई सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और चालू वर्ष के अंत तक यातायात दुर्घटनाओं में कमी आई है और दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या में भी कमी आई है। हिमाचल प्रदेश पुलिस प्रदेश में हो रही सड़क वाहन दुर्घटनाओं को लेकर संवेदनशील है। इस वर्ष 1 जनवरी से 14 जुलाई की अवधि के दौरान पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में 8 फीसदी, सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों में 14 फीसदी और संबंधित चोटों में 18त्न की कमी आई है। सड़क सुरक्षा में विभिन्न एजेंसियों द्वारा सामूहिक प्रयास और टीम वर्क का होना आवशयक है, जिसका लक्ष्य एक ही है, यानी कि सड़कों पर जीवन बचाना। इस संबंध में, पुलिस, परिवहन विभाग और नागरिक निकाय जैसी कानून प्रवर्तन एजेंसियां हमारे शहरों मे पैदल यात्रियों के साथ-साथ वाहनों के लिए सुरक्षित बनाने की दिशा में कार्य करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों को विश्व स्तर पर एक गंभीर सार्वजनिक खतरा माना जाता है और यह हमारे देश में बहुत गंभीर चिंता का विषय है। सड़क यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा से जुड़े हम सभी लोगों के लिए यह वास्तव में एक चिंताजनक स्थिति है। सड़क सुरक्षा बढ़ाने और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के प्रयास में, हिमाचल प्रदेश पुलिस और राज्य परिवहन विभाग पूरे हिमाचल प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं और मौतों को कम करने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार करने के लिए एक साथ आए। इसका उद्देश्य हिमाचल और पूरे देश में पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षित ड्राइविंग की संस्कृति को बढ़ावा देना है। हिमाचल प्रदेश सड़क सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में दृढ़ कदम उठा रहा है, ये उपाय सड़कों पर जीवन की सुरक्षा में सार्थक बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं। बढ़ती दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस को सड़क सुरक्षा निधि के तहत 7.34 करोड़ रुपये मिले। परिवहन निदेशक, हिमाचल प्रदेश, शिमला ने हिमाचल प्रदेश पुलिस को 7,34,51,931 रुपये की राशि सड़क सुरक्षा निधि से जारी की है जिनका उपयोग यातायात उपकरणों की खरीद, बीजरी और हमीरपुर में ट्रैफिक लाइट की स्थापना और कीरतपुर-मनाली फोरलेन के लिए यातायात नियमन एवं बचाव उपकरण उपलब्ध कराने हेतु किया जाएगा। इस फंड का उपयोग सड़क सुरक्षा को मजबूत करने, सड़क सुरक्षा उपायों और गतिविधियों के कार्यान्वयन के लिए किया जाएगा। निम्नलिखित आधुनिक उपकरणों की खरीद के बाद, हिमाचल प्रदेश पुलिस 2030 तक सड़क यातायात में होने वाली मौतों और चोटों को कम से कम 50 फीसदी रोकने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के साथ संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा अपने प्रस्ताव पर निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रयास करेगी। खरीदे जाने वाले उपकरण और उनकी मात्रा इस प्रकार है: हार्डवेयर/सॉफ्टवेयर के साथ पूरी तरह सुसज्जित इंटरसेप्टर वाहन (इलेक्ट्रिक) (3), ट्रैफिक पेट्रोलिंग वाहन (इलेक्ट्रिक) (3), मोटर साइकिल (350 सीसी) (3), आईटीएमएस (18) , डिफेंडर ब्लड सील ब्लड (136), लेजर स्पीड गन (3), ब्रीथ एल्को एनालाइजर (56), पुराने एल्को सेंसर की मरम्मत कैलिब्रेशन (50), एल्को सेंसर के लिए अतिरिक्त पाइप और प्रिंटिंग के लिए पेपर रोल, वाहन सक्रिय गति प्रणाली (25) ), ट्रैफिक के लिए कंप्यूटर (7), प्रिंटर (7), ऑफलाइन यूपीएस (15), ट्रैफिक कोन (1150), रिफ्लेक्टिव जैकेट (वेस्ट) (250), रिफ्लेक्टिव जैकेट फुल-स्लीव्स (90), रिफ्लेक्टिव जैकेट हाफ-स्लीव्स ( 90), विंटर पार्का जैकेट (50), कोलैप्सिबल रोड बैरिकेड्स (100), इंटरलॉकिंग बैरिकेड्स (50), बैरिकेड्स (60) रिफ्लेक्टिव बैटन (250), सिम फॉर आईआरएडी (431), एलईडी बैटन (30), स्ट्रेचर और रस्सियाँ ( 12)। हमने सड़क सुरक्षा के लिए कुशल और प्रभावी प्रवर्तन करने के लिए सिद्ध तरीकों और प्रौद्योगिकी का उपयोग करने की योजना बनाई है। उपरोक्त उपकरणों की खरीद के बाद हिमाचल प्रदेश में सड़क सुरक्षा रणनीतियों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। यह सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है कि प्रभावी प्रवर्तन और सड़क सुरक्षा जागरूकता के माध्यम से वाहनों और पैदल चलने वालों की बढ़ती आबादी के बावजूद सड़क दुर्घटनाओं में कमी आए।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा की नवगठित विधायक संघ के अध्यक्ष एवं शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया और नाहन के विधायक अजय सोलंकी ने केंद्र सरकार से प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के कारण हुई भारी जान-माल की क्षति के दृष्टिगत इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है। पिछले 56 दिनों के दौरान भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन की इस त्रासदी में प्रदेश में अब तक 330 से अधिक लोगों की मृत्यु हो गई हैं, इसके अलावा 38 लोग अभी भी लापता हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 113 भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं और प्रदेश को लगभग 10 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक की क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि ऑडिट आपत्तियों के कारण पिछले कुछ वर्षों से केंद्र सरकार के पास लंबित 315 करोड़ रुपये की राहत राशि में से केंद्र ने 189 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसके अतिरिक्त राज्य आपदा राहत निधि (एसडीआरएफ) के तहत राज्य को प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रति वर्ष दो किस्तों में कुल 360 करोड़ रुपये की राशि जारी की जाती है। केंद्र सरकार ने इसमें से 180 करोड़ रुपये की पहली किस्त जून माह में तथा दिसंबर माह में मिलने वाली 180 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त राज्य को अग्रिम रूप से जारी कर दी है। इस 360 करोड़ रुपये की राशि पर हिमाचल प्रदेश का हक है, जो सभी राज्यों को प्रदान की जाती है और इसके अलावा केंद्र की ओर से अलग से कोई वित्तीय सहायता जारी नहीं की गई है। इस प्रकार राज्य को अब तक 549 करोड़ रुपये की राशि के रूप में केंद्र सरकार के पास लंबित राज्य का उचित हिस्सा मिला है। भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं पर कटाक्ष करते हुए विधायकों ने कहा कि भाजपा के शीर्ष नेता हिमाचल को अपना दूसरा घर कहते नहीं थकते हैं बाजवूद इसके प्रदेश के सौतेला व्यहार कहां तक सही है। उन्होंने कहा कि यह नेता अपने संबोधनों में हिमाचल के व्यंजनों का 'सेपू बड़ी, चंबा का 'मदराÓ, सिड्डू का जिक्र करते थे पर जब प्रदेश पर विपदा की स्थिति आई तो मदद के लिए हाथ बढ़ाने के बजाए ये नेता ओछी राजनीति कर रहे हैं। राज्य में आपदा को 'राष्ट्रीय आपदाÓ घोषित करने में हो रहे विलंब से प्रदेश के लोगों की पीड़ा और अधिक बढ़ रही है। विधायकों ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू लोगों का दुख-दर्द साझा करने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं तथा आर्थिक तंगी के बावजूद प्रभावित परिवारों को हरसंभव राहत राशि प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर जीवन और सार्वजनिक तथा निजी संपत्ति दोनों को हुए भारी नुकसान के मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है, लेकिन भाजपा का ढुलमुल रुख सामने आया है। नेताओं ने राज्य के लोगों को असहाय स्थिति में छोड़ दिया है। पठानिया और सोलंकी दोनों ने टिप्पणी की, कि राज्य के भाजपा नेता भी जरूरत की इस घड़ी में सहयोग करने के बजाय सकारात्मक छाप छोड़ने में विफल रहे। उन्होंने कहा कि राज्य के लोग 2024 में लोकसभा चुनाव से काफी पहले उनकी शरारतों को समझने के लिए काफी समझदार थे। इसके बजाय उन्हें राज्य के सर्वोत्तम हित में मुख्यमंत्री के साथ दिल्ली जाना चाहिए था और अपने केंद्रीय नेतृत्व से विशेष राहत पैकेज की मांग करनी चाहिए थी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से आई आपदा से निपटने के लिए प्रदेश सरकार को 11 करोड़ रुपये की सहायता राशि आपदा राहत कोष के लिए प्रदान की है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रभावितों को मदद प्रदान करने में यह सहायता कारगर साबित होगी। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण प्रदेश में दस हजार करोड़ रुपये से भी अधिक का नुकसान हुआ है। राज्य सरकार युद्ध स्तर पर राहत एवं पुनर्वास कार्य चला रही है। उन्होंने प्रदेश की खुले मन से मदद करने वाले सभी अंशदाताओं का भी आभार व्यक्त किया।
जल्द ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू से करेंगे मुलाकात हाटी विकास मंच के पदाधिकारियों ने अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिंगटा, मुख्य प्रवक्ता डॉ. रमेश सिंगटा की अगुवाई में शिमला में राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से मुलाकात की। उन्होंने राज्यपाल का आभार जताया और उन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन सौंपा इस ज्ञापन में हाटी समुदाय की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष आभार जताया गया है। उन्होंने कहा कि हाटी मसले को तार्किक अंत तक सीधे चढ़ाने में राजभवन की बड़ी भूमिका रही है। अब जल्द ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात होगी। राज्यपाल ने कहा कि जैसे ही केंद्र से आदेश आएगा वैसे ही इसे क्रियान्वित करने के निर्देश जारी किए जाएंगे। शुक्ल ने कहा कि सिरमौर के गिरीपार के लोगों को अब अपनी पुरातन संस्कृति का बेहतर तरीके से संरक्षण और संवर्धन करना चाहिए उन्होंने यह भी कहा कि उत्सवों और त्यौहारों के मौके पर अपनी पारंपरिक वेशभूषा जरूर पहने और अपने पूर्वजों और उनकी समृद्ध संस्कृति को ना भूले। प्रधानमंत्री और राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में कहा गया है कि करीब छह दशक के लंबे तर्कपूर्ण, तथ्य पूर्ण और शांतिपूर्ण संघर्ष के बाद माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का औपचारिक दर्जा दे दिया है। सुदीर्घ सांस्कृतिक परंपरा को संजो कर रखने वाले हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा देने में बहुत से पक्षों का सहयोग मिला है। महामहिम राज्यपाल ने हाटी समुदाय को अपना मार्गदर्शन और अपना स्नेह प्रदान किया। राज्यपाल के ही प्रयासों का ही नतीजा रहा कि राज्यसभा में अनुसूचित जनजाति संशोधन विधेयक पारित हो सका। हाटी विकास मंच ने जनजाति अधिकार दिलाने के लिए राजभवन में कई बार भेंट की थी और इस दौरान राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल जी आशीर्वाद हाटी समुदाय को मिला था। हम विनीत शब्दों में महामहिम राज्यपाल का कोटिश कोटिश आभार व्यक्त करते हैं। हाटी समुदाय दृढ़ विश्वास करता है कि निकट भविष्य में भी महामहिम राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल जी का अमूल्य मार्गदर्शन मिलता रहेगा। वहीं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी हाटी समुदाय की ओर से आभार ज्ञापन सौंपा गया। इस प्रतिनिधिमंडल में हाटी विकास मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिंगटा, मुख्य प्रवक्ता डॉक्टर रमेश सिंगटा, लीगल एडवाइजर बीएन भारद्वाज, मीडिया प्रभारी रविंद्र जस्टा, मुकेश ठाकुर, पवन शर्मा, सुरेंद्रा ठाकुर, सोलन हाटी यूनिट से राजेन्द्र छाजटा, विवेक तोमर, प्रदीप अजटा, अंकित शर्मा, रिसर्च स्कॉलर विपिन, कपिल कपूर, वीरेंद्र सिंह आदि हाटी समुदाय के लोग उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में बनने वाली सभी सड़कों में ड्रेनेज और क्रॉस ड्रेनेज बनाना अनिवार्य किया जाएगा। इसकी निगरानी के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी और निगरानी टीमें भी गठित की जाएंगी। वह वीरवार को देर सायं यहां आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रेनेज और क्रॉस ड्रेनेज न होने के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि जिन सड़कों में निर्माण के समय ड्रेनेज नहीं होगी, उन्हें पास भी नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण के समय ही गुणवत्तापूर्ण कार्य से सड़कों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने प्रदेश में भारी बारिश के कारण हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट लेकर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाधित सड़कों को 24 घंटे कार्य कर बहाल किया जाए। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को भूस्खलन से क्षतिग्रस्त सड़कों को खोलने के लिए भारी मशीनरी और उपकरणों का उपयोग सुनिश्चित करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि जिला मंडी में बाधित प्रमुख सड़कों को खोलने के लिए अतिरिक्त कार्य बल और मशीनरी की आवश्यकता है। सड़कें पहाड़ की जीवन रेखाएं हैं और इन्हें सुचारू बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल्लू में नदी किनारों पर पानी से भूमि कटाव को रोकने के लिए वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके दृष्टिगत राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग को दूरगामी उपाय करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की (एसडीआरएफ) कंपनियों को दो-दो क्रेन उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है, इससे आपदा प्रबंधन और बचाव कार्यों को तीव्रता से करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सभी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों को ड्रोन भी उपलब्ध करवाए जाएंगे, इससे मैपिंग व निगरानी के साथ-साथ आपदा के समय लोगों को सामान व चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी। बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव ओंकार शर्मा, भरत खेड़ा व देवेश कुमार, विभिन्न विभागों के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
प्रदेश युवा कांग्रेस ने प्राकृतिक आपदा से गुजर रहे प्रदेश में रात-दिन राहत और बचाव कार्यों में प्रयासरत राज्य सरकार के मुखिया सुखविंदर सिंह सुक्खू का धन्यवाद किया है। पिछले 40 से अधिक दिनों से जिस तरह से मुख्यमंत्री खुद फ्रंट पर रहकर हर छोटी बड़ी हानि का खुद जायजा लेकर उस पर अधिकारियों के साथ मिल कर कार्य कर रहे हैं वह सराहनीय है। प्रदेश अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी ने कहा कि मुख्यमंत्री देर रात अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत व बचाव कार्य पर समीक्षा करते हैं और अगले दिन आपदा ग्रसित स्थलों पर खुद जा कर लोगों के दुख साझा कर रहे हैं, उनका प्रदेश और प्रदेशवासियों के साथ दुख की इस घड़ी में घर के मुखिया की तरह साथ देना एक अनूठी मिसाल है। इसके लिये हम मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हैं और उन्हें आश्वस्त करते हैं कि उनके पद चिन्हों पर चलते हुए युवा कांग्रेस सरकार के द्वारा किए जा रहे राहत व बचाव कार्यों में कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही है। नेगी निगम भंडारी ने केंद्र की मोदी सरकार से इस प्राकृतिक त्रासदी को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और दस हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है, बहुत से लोग लापता है और हजारों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है, ऐसी परिस्थिति में बिना किसी राजनितिक भेदभाव के केंद्र सरकार इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वीरवार को जिला सिरमौर के शिलाई के रोनहाट में कार दुर्घटना में राजकीय महाविद्यालय रोनहाट के कार्यवाहक प्रधानाचार्य सहित तीन लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिजनों को अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
सद्भावना दिवस के उपलक्ष्य पर आज यहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश सचिवालय शिमला के अधिकारियों और कर्मचारियों को भावनात्मक एकता व सद्भावना की शपथ दिलाई। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी का जन्म दिवस इस वर्ष भी 20 अगस्त को सद्भावना दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, विधायक केवल सिंह पठानिया, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार, मीडिया, नरेश चौहान मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, प्रधान सचिव भरत खेड़ा और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
राजधानी के समरहिल के शिव बावड़ी मंदिर में भूस्खलन के कारण मारे गए लोगों के शवों का मिलना जारी है। शवों को खोजने के लिए चलाए जा रहे अभियान के पांचवें दिन शुक्रवार को एक और बॉडी मिली है। इस घटना में मृतकों की संख्या अब 15 पहुंच गई है। शव घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूरी पर मिला है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस के जवान शव को मलबे से निकाल रहे हैं। बीते दिन वीरवार को विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं यूआईटी के पूर्व निदेशक प्रो. पीएल शर्मा का शव मिला। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ तथा पुलिस के जवानों को मंदिर से करीब पांच सौ मीटर दूर नाले में मिट्टी के नीचे यह शव मिला। इनकी पत्नी का शव पहले मिल चुका है और बेटा अभी लापता है। शव की पहचान उनके साले सुभाष ने हाथ में पहनी अंगूठी से की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी भेज दिया। पुलिस अधीक्षक संजय गांधी भी मौके पर पहुंचे और सर्च अभियान का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि घटना के बाद से परिजनों द्वारा पुलिस को दी सूचना के अनुसार 21 स्थानीय लोग लापता हैं। एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर नफीस खान ने बताया कि रोज सुबह साढ़े छह बजे से सर्च ऑपरेशन शुरू होता है, रात नौ बजे तक अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने भी मौके का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि लापता लोगों को खोजने का कार्य किया जा रहा है। भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। सर्च अभियान का स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल भी जायजा लेते रहे। इसके साथ जो लोग लापता हैं उनके परिजन भी मौके पर डटे हुए हैं।
राजधानी शिमला के ओल्ड बस स्टैंड के पास शुक्रवार सुबह आग लगने की घटना सामने आई है। घटना सुबह करीब 10 बजे की है। बस स्टैंड के समीप पंचायत भवन में बनी डायरी की दुकान में आग लगी, जिसके बाद सूचना मिलते ही पुलिस बल और अग्निशमन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि डायरी शॉप मालिक ने दुकान खोली तो उसके आधे घंटे बाद आग की घटना सामने आई। आग लगने के बाद बस स्टैंड में अफरा तफरी मच गई। राम बाजार के सभी लोग पंचायत भवन के पास आ गए और पानी की बाल्टियों से आग पर काबू पाया। दुकान का सारा सामान नष्ट हो गया है। गनीमत रही की साथ लगती दुकानों तक आग नहीं पहुंची, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज यहां बताया कि केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई-3) के बैच-1 के तहत वर्ष 2023-24 के लिए ग्रामीण क्षेत्रों की 254 सड़कों के उन्नयन को 2643.01 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। उन्होंने इसके लिए केन्द्र सरकार और विशेष तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह तथा केंद्र के समक्ष हिमाचल के हितों की पैरवी करने पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चरण-3 में स्वीकृत इस राशि से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की 254 सड़कों के विस्तारीकरण एवं उन्नयन के कार्य किए जायेंगे, जिनकी कुल लम्बाई लगभग 2683 किलोमीटर है। उन्होंने कहा कि स्वीकृत राशि में केन्द्र का भाग 2372.59 करोड़ रुपये होगा जबकि राज्य का भाग 270.42 करोड़ रुपये है। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश हित के मुद्दे केन्द्र सरकार के समक्ष जोरदार ढंग से उठा रही है। उन्होंने कहा कि गत दिनों उन्होंने स्वयं भी दो बार तथा लोकसभा सांसद एवं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह के साथ केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री से भेंट कर यह राशि शीघ्र स्वीकृत करने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर 12 जून, 2023 को आयोजित अधिकार प्राप्त समिति की बैठक में इस पर विचार किया गया। समिति की अनुशंसा एवं प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए अनुपालना प्रतिवेदन के आधार पर अब केन्द्रीय मंत्रालय ने अब इसे स्वीकृति प्रदान की है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि भारी बरसात के कारण प्रदेश में सड़क अधोसंरचना को सर्वाधिक नुकसान हुआ है। सभी मुख्य मार्गों को बहाल करने के लिए प्रदेश सरकार तथा लोक निर्माण विभाग युद्ध स्तर पर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तृतीय चरण के अंतर्गत ग्रामीण स्तर पर सड़कों के उन्नयन एवं सुधारीकरण में मदद मिलेगी।
मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगातार बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुए राष्ट्रीय राजमार्गों की शीघ्र बहाली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव आज यहां राज्य के क्षतिग्रस्त राष्ट्रीय राजमार्गों की बहाली के संबंध में अद्यतन स्थिति पर एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्य सचिव ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग के परवाणू-शिमला खंड पर परवाणू के पास चक्की मोड़ पर भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त सड़क को बहाल कर दिया गया है और भारी वाहनों सहित अन्य वाहनों की आवाजाही के लिए इसे खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस राजमार्ग पर यातायात को कम करने के दृष्टिगत अंबाला और दिल्ली की ओर जाने वाले वाहन वैकल्पिक मार्ग कुमारहट्टी-नाहन का भी उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग के शिमला-बिलासपुर खंड पर नम्होल में सड़क पर से अवरोध को हटा दिया गया है और इसे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। संबंधित अधिकारियों को सड़क के उचित रखरखाव के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों को पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर कोटरूपी में क्षतिग्रस्त खंड को बहाल करने तथा मंडी से मनाली के बीच, विशेष रूप से कैंची मोड़ पंडोह, 7 मील और पतलीकुहल से मनाली के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग को बहाल करने के लिए तत्काल कदम उठाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोटरोपी में सड़क बहाल होने तक यातायात कटिंडी-झटिंगरी-घटासनी सड़क से होकर परिवर्तित किया गया है। उन्होंने कहा कि बजौरा और मंडी के बीच वाहनों की सुचारू आवाजाही के लिए एक समय सारिणी बनाई गई है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को इन राष्ट्रीय राजमार्गों के वैकल्पिक मार्गों के रूप में उपयोग में लाई जा रही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को कुल्ल और लाहौल-स्पीति ज़िला के लिए पर्याप्त मात्रा में पैट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। प्रधान सचिव (पीडब्ल्यूडी), भरत खेड़ा, सचिव (बागवानी) सी. पॉलरासु, डीसी कुल्लू आशुतोष गर्ग, मुख्य अभियंता एचपीपीडब्ल्यूडी अजय गुप्ता, एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित, विशेष सचिव (पीडब्ल्यूडी) हरबंस सिंह ब्रस्कॉन, अतिरिक्त उपायुक्त, मंडी निवेदिता नेगी, एनएचएआई के प्रतिनिधि और अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारी एवं कर्मचारी बैठक में उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश शतरंज संघ द्वारा राष्ट्रीय स्तर का रेटेड चैस टूर्नामेंट बारह अगस्त से सोलह अगस्त तक ठियोग के शिमला हिल होटल में आयोजित किया गया। इस टूर्नामेंट में पूरे देश से 137 खिलाड़ियों ने भाग लिया। हिमाचल प्रदेश शतरंज संघ के सचिव संजीव ठाकुर ने बताया कि इस टूर्नामेंट ने पूरे देश के 137 खिलाड़ियों ने भाग लिया और इस टूर्नामेंट का शुभारंभ एचपीएमसी के जनरल मैनेजर हितेश आजाद ने किया था। इस टूर्नामेंट में उत्तर प्रदेश में रिशव निषाद ने पहला,कुल्लू के देव कृष्ण ने दूसरा,शिमला के पंकज वर्मा ने तृतीय, उत्तर प्रदेश के अंशु पाठक ने चौथा, पंजाब के दीपक बत्रा ने पांचवा, बृज भारद्वाज ने छटा,मनोज कुमार ने सातवा, हरियाणा के यतीश कुमार ने आठवां,बिहार के नंदन कुमार ने नौवां और पंजाब के गगन भारद्वाज ने दसवां स्थान हासिल किया। विजेता खिलाड़ियों को एसडीएम ठियोग मुकेश कुमार ने इनाम बांटे। इस टूर्नामेंट में खिलाड़ियों को 35000 रुपये के नकद इनाम दिए गए। इस मौके पर संदीप शर्मा चीफ पेट्रन हिमाचल प्रदेश राज्य शतरंज संघ, डॉ. कुलदीप कंवर चीफ पैट्रन जिला शिमला शतरंज संघ ,जोगिंदर कंवर सचिव जिला शर्तंज संघ शिमला, सीता राम शर्मा, समेरू ठाकुर, रोमित वर्मा आदि मौजूद रहे।
कहा-त्रासदी ने व्यथित किया, भविष्य के लिए सतर्क हो प्रशासन व सरकार नगर निगम शिमला में बरसात के साथ हुई भारी तबाही ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। अमूल्य जानें चली गईं, जिसके लिए शोक संतप्त परिवारों के साथ गहरी संवेदना है। नगर निगम शिमला के तहत प्राथमिक रूप से जिन पेड़ों से खतरा है, उन्हें चिन्हित कर तुरंत काटा जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुखद त्रासदी से बचा जा सके। यह बात कसुम्पटी भाजपा की महिला नेत्री व कसुम्पटी वार्ड से पार्षद रचना शर्मा ने कहीं। उन्होंने गुरुवार को कसुम्पटी की वार्ड में वन विभाग की टीम के साथ दौरा कर खतरा बन रहे पेड़ों का निरीक्षण किया। वन विभाग की टीम को खतरा बन रहे पेड़ों को तय समय में रिपोर्ट कर काटने का आग्रह किया। रचना शर्मा ने कहा कि वन विभाग की टीम ने निरीक्षण किया है। वार्ड के निवासियों ने जिन पेड़ों का खतरा बताया उन सब का निरीक्षण करवाया गया है। रचना शर्मा ने कहा कि वन विभाग के कर्मचारी रिपोर्ट देंगे, हमने भी एसडीएम को रिपोर्ट पेड़ों की दी है, इससे पहले नगर निगम को भी कुछ पेड़ों के बारे में लिखा है ,अब जो बारिश हुई है उसमें खतरा बड़ा है, अनेक पेड़ों के खतरे से रिहायशी मकानों को खतरा है, इसलिए इन्हें तुरंत सुरक्षित रूप से हटाया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि रास्तों का नुकसान हुआ है, अनेक स्थानों पर ढंगे टूट गए हैं, कई स्थानों पर खतरा बना हुआ है। सरकार, प्रशासन, नगर निगम व लोक निर्माण विभाग से आग्रह है कि यहां राहत कार्य भी समय रहते चलाए जाएं। उन्होंने कहा कि जो लोग भी प्रभावित हुए हैं उनके साथ हमारी संवेदनाएं हैं। रचना शर्मा ने कहा कि हम प्रभावित परिवारों के साथ खड़े हैं, जो भी मदद करने होगी की जाएगी। उन्होंने वन विभाग की टीम का निरीक्षण करने के लिए आभार भी जताया और साथ ही कहा कि पेड़ों को काटने का काम बिना देरी शुरू होना चाहिए।
शिमला शहर के समरहिल, कृष्णानगर, फागली व अन्य क्षेत्रों में हुए जानमाल के भारी नुकसान को लेकर शिमला नागरिक सभा का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा से मिला व उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। नागरिक सभा ने भारी बरसात के कारण प्रभावित हुए परिवारों को तुरंत आर्थिक सहायता व उचित रिहायश उपलब्ध करवाने की मांग की है। नागरिक सभा संयोजक संजय चौहान व सह संयोजक विजेंद्र मेहरा ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में भारी बरसात के कारण भयंकर तबाही हुई है। शिमला शहर में आपदा ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। दो दिनों में ही शिमला के समरहिल, कृष्णानगर व फागली में दो दर्जन से अधिक लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। शहर के दर्जनों भवन जमींदोज हो चुके हैं। कई रास्ते व सड़कें टूट चुके हैं व बंद हैं। इस त्रासदी से जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावितों को तुरंत आर्थिक सहायता दी जाए। उनकी रिहाइश का उचित प्रबंध किया जाए। प्रभावितों को राशन, दवाइयों, शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों की किताबों व कपड़ों सहित तमाम सहायता तुरंत उपलब्ध करवाई जाए, जिनके घर जमींदोज हुए हैं उनके रहने की व्यवस्था राजीव आवास योजना के तहत बने खाली मकानों व अन्य सरकारी रिहाइशों में तुरंत की जाए। प्रभावित इलाकों में जानमाल के लिए भयंकर खतरा साबित हो रहे पेड़ों को तुरंत काटा जाए। उन्होंने समरहिल में भयंकर आपदा का शिकार हुई दोनों क्षतिग्रस्त सड़कों व रेलवे ट्रैक को तुरन्त बहाल करने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि समरहिल में विश्वविद्यालय, अन्य कार्यालयों व जनता की सुविधा हेतु बालूगंज से एडवांस स्टडी चौक आईटीआई होते हुए समरहिल व वापसी हेतु बड़ी एचआरटीसी टैक्सी का निरंतर संचालन किया जाए। उन्होंने कृष्णानगर के पार्क से पानी की उचित निकासी का प्रबंध करने की मांग की है ताकि इर्दगिर्द के भवनों की सुरक्षा की जा सके।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां बताया कि प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए विधायक क्षेत्र विकास निधि योजनाज् के तहत नियमों में छूट देकर इस योजना के तहत सुरक्षा दीवारों और नालों के तटीकरण जैसे कार्यों को भी शामिल करने का निर्णय लिया है। हाल ही में वर्षा के कारण प्रदेशभर में भारी जान-माल के नुकसान के दृष्टिगत यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अब विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में संरक्षण के इस तरह के कार्य करवा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी बारिश के चलते प्रदेश को आपदा का सामना करना पड़ रहा है जिस कारण राज्यभर में बहुमूल्य जाने गईं हैं और निजी एवं सरकारी सम्पत्ति को भी भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि सरकार बाधित सड़कों और जलापूर्ति योजनाओं की बहाली के लिए दिन-रात कार्य कर रही है। इसके अलावा आपदा से प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए भी प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के दृष्टिगत यह निर्णय लिया गया है। सुरक्षा दीवारों व ब्रेस्टवॉल इत्यादि के संरक्षण और नालों के तटीयकरण के लिए पात्र व्यक्तियों को संबंधित ग्राम पंचायत के पटवारी अथवा ग्राम पंचायत प्रधान की ओर से जून, २०२३ के पश्चात बारिश के कारण हुए नुकसान से उनके घरों को मौजूदा स्थिति में किसी प्रकार का संकट होने के संबंध में जारी प्रमाण-पत्र उपलब्ध करवाना होगा। बारिश के कारण भू-क्षरण की संभावनाएं बढ़ने और निजी एवं सामुदायिक सम्पत्ति की सुरक्षा के लिए नाले का रख-रखाव अति आवश्यक होने संबंधी पटवारी एवं प्रधान द्वारा दिए गए प्रमाण-पत्र के आधार पर संबंधित क्षेत्र के विधायक नालों के तटीयकरण के लिए विधायक क्षेत्र विकास निधि योजना के तहत सिफारिश कर सकेंगे।
शिमला के समरहिल में शिव बावड़ी में हुए भूस्खलन के मलबे से एक और शव निकाला गया है। एचपीयू में गणित के विभागाध्यक्ष प्रो.पीएल शर्मा का शव क्षत-विक्षत हालत में मिला, उनके हाथ की अंगूठी से पहचान की गई। शव घटनास्थल से दो किलोमीटर दूर नाले में मिला है। पीएल शर्मा की पत्नी का दूसरे दिन ही मिल गया था, जबकि उनका बेटा अभी भी लापता है। शिव मंदिर में चौथे दिन भी सर्च ऑपरेशन जारी है। मौके पर भारतीय सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और शिमला पुलिस के जवान रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं। राहत एवं बचाव कार्य में जुटा प्रशासन ने अब घटनास्थल के बजाय नाले में करीब 700 मीटर दूर तक लापता लोगों की तलाश कर रहा है। जिस वक्त मंदिर के पीछे लैंडस्लाइड हुआ, उस दौरान भारी बारिश हो रही थी। इसलिए माना जा रहा है कि नाले के तेज बहाव में लोग नीचे बह गए हो। अभी तक जो शव मिले हैं उनमें से एक शव का पहचान नहीं हो पाई है। 14 अगस्त के दिन सावन के महीने के आखिरी सोमवार के दिन बड़ी संख्या में लोग शिव मंदिर में शीश नवाने पहुंचे थे कि ये दर्दनाक हादसा हो गया।


















































