प्रभावित परिवारों से मिले, कहा-बागवानों को बढ़ा हुआ मुआवजा देगी सरकार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिमला जिले के रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र के लैला में हाल ही में बादल फटने से हुए नुकसान का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने आपदा में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मृत्यु पर गहरा दु:ख व्यक्त किया और परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने उपमंडलाधिकारी रोहड़ू को 12 घंटों के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए, जिसमें प्रभावित परिवारों को देय वित्तीय सहायता की रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह यहां प्रभावितों का दु:ख-दर्द साझा करने आये हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सेब के बागीचों को हुए नुकसान के व्यापक आकलन का कार्य प्रगति पर है और प्रभावित बागवानों को बढ़ा हुआ मुआवजा प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राहत नियमावली में संशोधन कर मुआवजा राशि को कई गुना तक बढ़ा दिया है और नये दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रभावितों को राहत राशि प्रदान की जायेगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने लैला में क्षतिग्रस्त नाले के तटीयकरण की शीघ्र बहाली और बादल फटने के कारण क्षतिग्रस्त प्राथमिक विद्यालय की दीवार की शीघ्र मरम्मत का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि बादल फटने की घटना में कई घरों में मलबा घुस गया है। राज्य सरकार प्रभावित परिवारों का हरसंभव सहयोग कर रही है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वह स्वयं और सभी मंत्री सक्रिय रूप से जमीनी स्तर पर पीड़ितों को सहायता प्रदान कर रहे हैं। आपदा के दौरान प्रभावित परिवारों के साथ एकजुट खड़े रहने के यह प्रयास सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्य संसदीय सचिव मोहन लाल ब्राक्टा, उपायुक्त आदित्य नेगी, वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने भारतीय युवा कांग्रेस के स्थापना दिवस पर युवा कांग्रेस के सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कांग्रेस पार्टी में उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि युवा कांग्रेस पार्टी की वह रीढ़ है, जिसकी पार्टी के प्रति समर्पण व एकता से कांग्रेस मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। प्रतिभा सिंह ने युवा कांग्रेस के सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का आह्वान किया है कि उन्हें संगठन में अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ने के प्रयास करने चाहिए, जिससे देश मे लोकतंत्र की रक्षा व युवाओं के अधिकारों की रक्षा हो सकें। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस एक पार्टी ही नही एक ऐसी विचारधारा है जो देश की एकता व अखंडता के लिये हमेशा ही समर्पित रही हैं। प्रतिभा सिंह ने कांग्रेस पार्टी में युवा कांग्रेस के उल्लेखनीय योगदान की सराहना करते हुए कहा कि युवा देश का भविष्य है इसलिए उन्हें पूरे समर्पण से आगे बढ़ते हुए देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है।
प्रदेश कांग्रेस संगठन महामंत्री चौपाल विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस नेता रजनीश किमटा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का इस क्षेत्र के सेब बाहुल की घुंड, बल्सन देहा, चौपाल, कुपवी व नेरवा की वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों की तुरंत मरम्मत के लिये तीन करोड़ जारी करने के लिए इस क्षेत्र के लोगों की ओर से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चौपाल क्षेत्र के अपने पहले ही दौरे में लोगों को जो सौगात दी है, इसके लिए वह उनके दिल से आभारी हैं। किमटा ने आज यहां जारी एक प्रेस नोट में कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पहले वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग को 1.50 करोड़ की राशि जारी की थी, इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने पिछले कल ही ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत व उनकी यातायात बहाली के लिए 2.50 करोड़ की अतिरिक्त राशि जारी कर दी है। यह राशि उन्होंने चौपाल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लोक निर्माण विभाग के चार उप मंडलो सेंज,चौपाल, नेरवा व कुपवी की सड़कों की मुरम्मत व बहाली के लिये जारी किए हैं। खण्ड विकास अधिकारी चौपाल व कुपवी विकास खण्ड के लिये अतिरिक्त राशि उपलब्ध करवाई है व ठियोग बीडीओ के अंतर्गत आने वाली घुण्ड,व बल्सन के लिये 45 लाख की राशि जारी करते हुए उन्हें स्पष्ट निर्देश दिये है कि आगामी तीन दिनों से भीतर खंड विकास अधिकारी अपनी निगरानी में सेब बाहुल क्षेत्रों की इन सड़कों को खोले, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के सेब उत्पादकों का एक एक सेब का दाना बाजार की मंडियों में पहुंचे। किमटा ने कहा है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के दौरे से क्षेत्र वासियों में खुशी की लहर छाई है और अब उन्हें पूरी उम्मीद है कि उनके क्षेत्र में सड़के खुलने से उन का सेब समय पर मंडियों में पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों में जन जीवन फिर से पटरी पर लाने के लिये तनमन से काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री स्वं सभी राहत व पुनर्वास कार्यो को देख रहें हैं। उन्होंने कहा है कि चौपाल विधानसभा क्षेत्र को विकास का मॉडल बनाने में कोई भी कोर कसर बाकी नही रखी जायेगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इसी साल अक्टूबर में चौपाल निर्वाचन क्षेत्र क्षेत्र का विस्तृत दौरा करने का आश्वासन उन्हें दिया हैं। उन्होंने कहा है कि चौपाल क्षेत्र के लोगों को उम्मीद जगी है कि मुख्यमंत्री अपने प्रस्तावित दौरे में इस क्षेत्र को कई सौगाते देंगे।
बोले- देवभूमि में जनता की आस्था से खिलवाड़ नहीं होगा सहन देवभूमि हिमाचल में मंदिरों में दर्शन करने के लिए अब 1100 रुपये चुकाने होंगे जो देव आस्था के साथ भक्तों के साथ किया जाने वाला दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय है। सरकार के इस निर्णय का भाजपा पूरी तरह से विरोध करती है, पूर्व मंत्री बिक्रम ठाकुर ने सरकार के इस निर्णय की कड़े शब्दों में निंदा की है और सरकार से तुरंत इस फैसले को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने प्रदेश की सुक्खू सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि 97 प्रतिशत हिंदू आबादी वाली विचारधारा को हराकर सरकार बनाने का नारा देने वाले मुख्यमंत्री जो व्यवस्था परिवर्तन कि बात हर मंच से करते हैं उनसे मेरा प्रश्न है कि यह कौन सा व्यवस्था परिवर्तन है? जहां लोगों को मंदिर के दर्शन करने के लिए भी शुल्क चुकाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने वीआईपी कल्चर का खत्म किया है, लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार मंदिरों में भी वीआईपी कल्चर को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने 10 गारंटियों को पूरा करने के लिए मंदिर शुल्क के माध्यम से पैसा एकत्रित करने का प्रयास प्रदेश सरकार द्वारा हो रहा है। मंदिरों में दर्शन के लिए शुल्क लगाया जाना लोगों कि आस्था के साथ खिलवाड़ है और भारतीय जनता पार्टी इस बात का विरोध करती है। उन्होंने सरकार को चेताया कि यदि अपनी सरकार चलाने व सीपीएस का खर्चा जुटाने के लिए इस तरह के तुगलकी फरमान सरकार द्वारा जारी किए जा रहे हैं तो उन्हें मेरा सुझाव है कि अन्य कोई साधन खोजे। देवभूमि में लोगों की आस्थाओं के साथ न खेलें। उन्होंने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, इसका अर्थ यह नहीं कि सरकार इस तरह के फैसले लेकर लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ करे। देवी देवताओं के दर्शन करने के लिए ऐसी व्यवस्था किसी दूसरे धर्मस्थल पर नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार जरा दूसरे धर्मस्थलों पर भी एस तरह के शुल्क लगा कर बताए। उन्होंने कहा कि मंदिर दर्शन के लिए जिस फार्मूला को प्रदेश सरकार ने बनाया है जिसके अनुसार 500 लोगों को पास दिए जाएंगे व अन्य वीआईपी लोगों के लिए यह दर्शन मुफ्त रहेगा। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू बताएं कि ये वीआईपी की कैटेगरी में कौन आता है? वो स्थानीय जनता जो वहां के ही हैं वो किस प्रकार दर्शन का लाभ ले पाएंगे, जबकि 2500 लोगों के साथ साथ तथाकथित गणमान्य प्रदेश सरकार द्वारा दी जा रही सुविधा से दर्शन कर रहे होंगे। क्या वो मात्र वहां लाइनों में खड़े होने जायेंगे जबकि जिनसे शुल्क लिया गया है वो प्रथमिकता के आधार पर दर्शन कर सकेंगे। बिक्रम ठाकुर ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रदेश सरकार इस तरह के निर्णय लेकर आपदा में अवसर ढूंढ़ रही है। मुख्यमंत्री जी लोगों को राहत देने के बजाय प्रतिदिन इस बात पर विचार करते नजर आते हैं कि प्रदेश कि गरीब जनता की जेब से पैसा निकालने के लिए कौन सा नया क़ानून बनाया जाए। लोगों की आस्थाओं के साथ खिलवाड़ करने वाली सरकार को हिमाचल की जनता जल्द ही आईना दिखाएगी।
सेब के निर्बाध परिवहन के लिए अधिकारियों को सप्ताह भर 24 घंटे काम करने के निर्देश मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार सायं रोहडू़ में पुनर्वास एवं पुनरूद्धार कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने रोहडू़ विधानसभा क्षेत्र की सभी सड़कों को 15 अगस्त, 2023 तक बहाल करने के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण, जल शक्ति, विद्युत, बागवानी और कृषि सहित विभिन्न विभागों को हुई क्षति का भी आकलन किया। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रोहडू़ विधानसभा क्षेत्र में सड़कों की बहाली के कार्य में तेजी लाने के लिए लोक निर्माण विभाग को तत्काल एक करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की। उन्होंने मुख्य एवं संपर्क सड़कों के महत्व को देखते हुए रोहड़ू, छौहारा, जुब्बल और कोटखाई विकास खंडों में क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निमाण के लिए 1.20 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जारी करने के भी निर्देश दिए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों और बागवानों के उत्पादों के सुचारू परिवहन और बाजारों तक पहुंच सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को प्रतिबद्धता के साथ 24 घंटे इस दिशा में कार्य करने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने आवश्यकतानुसार अस्थाई सड़कें निर्मित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि 15 अगस्त तक सभी सम्पर्क सड़कों को यातायात के लिए पूरी तरह से खोल दिया जाए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और उपायुक्त शिमला को सरकार को कार्य-प्रगति की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश भी दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार द्वारा आपदा प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति को सामान्य करने के लिए वित्तीय संसाधनों की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण राज्य में आठ हजार करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा के कारण लगभग 340 करोड़ रुपये की क्षति हुई है जिसमें लोक निर्माण विभाग के 155 करोड़ रुपये, राजस्व विभाग के 84 करोड़ रुपये, जल शक्ति विभाग के 69 करोड़ रुपये, बागवानी विभाग के 23 करोड़ रुपये और अन्य विभागों के 9 करोड़ रुपये शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार रोहडू़ विधानसभा क्षेत्र में 34 घर पूरी तरह और 819 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त आपदा के कारण 137 गऊशाला और 21,000 सेब के पौधों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि लोगों को राहत प्रदान करने के लिए विधानसभा क्षेत्र में पूर्ण रूप से या आंशिक रूप से प्रभावित 120 परिवारों को 1.09 करोड़ रुपये की राहत राशि जारी की गई है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्य संसदीय सचिव मोहन लाल ब्राक्टा, उपायुक्त आदित्य नेगी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
प्रदेश युवा कांग्रेस ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन शिमला में आज भारतीय युवा कांग्रेस का 63वां स्थापना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव एवं शिमला शहरी के प्रभारी बृज भूषण बांश्टू ने की। बृज भूषण बांश्टू ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं को योगदान देने का आह्वान किया और शपथ दिलाकर कार्यकर्ताओं से संकल्प लिया कि हम त्याग, न्याय, शांति, धर्म, विज्ञान, समृद्वि व सत्य के रास्ते चलते हुए समाज में नासुर बनी विभिन्न सामाजिक कुरितियों जैसे दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा, कन्या भू्रण हत्या, नशाखोरी आदि को जड़-मूल से दूर करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस सामाजिक उत्थान से संबंधित कार्यों जैसे रक्तदान, वृक्षारोपन आदि कार्यक्रमों को नियमित रूप से चलाते रहेंगे। बांश्टू ने कहा कि युवा कांग्रेस समाज के प्रत्येक वर्ग विशेषकर महिलाओं एवं शोषित वर्ग के विकास एंव उत्थान के लिए कार्यरत रहेंगे। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन 9 अगस्त 1960 को प्रथम प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंड़ित ज्वाहर लाल नेहरू ने एक मजबूत सोच के साथ राष्ट्र निमार्ण के कर्णधार देश के युवाओं के सबसे बड़े इस महान संगठन की नींव रखी थी। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव छेरिंग नेगी, प्रदेश सचिव तरूण ब्राकटा, जिला युवा कांग्रेस शिमला शहरी के अध्यक्ष संदीप चौहान, उपाध्यक्ष अतुल धांटा, मोहित सेखरी, अंकित शर्मा, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन शिमला जिला के अध्यक्ष योगेश ठाकुर, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन शिमला शहरी के प्रभारी नितिन देष्टा, शिमला शहरी युवा कांग्रेस के पदाधिकारी विकास ठाकुर, अंकुर यादव, उमित भारद्वाज, अवेश सुरान, गौरव खाची, राज सिखान व अन्य युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता मौजूद थे।
भारत छोड़ो आंदोलन दिवस पर एनएसयूआई ने एचपीयू में किया नुक्कड़-नाटक भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के छात्रों द्वारा आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों के खिलाफ देशवासियों के संघर्षों को याद करते हुए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के परिसर में भारत छोड़ो आंदोलन दिवस का आयोजन किया गया। इस आयोजन में छात्रों द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों के द्वारा आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों के खिलाफ देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों व उनकी वीर गाथा के संदेश को प्रचारित करने के लिए एक नुक्कड़ नाटक का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष छत्तर ठाकुर ने कहा कि आजादी की लड़ाई में एक ओर जहां सच्चे देशभक्त अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में लाठी गोली खा रहे थे तो वहीं आरएसएस के राष्ट्रविरोधी तत्वों द्वारा ब्रिटीशरों का समर्थन किया गया था। दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज वही अंग्रेजों की मुखबिरी करने वाली विचारधारा के लोग भारत की केंद्र सरकार पर काबिज हैं, यह हमारे लिए बहुत शर्मनाक है। ये राष्ट्रविरोधी और धर्मनिरपेक्ष विरोधी शक्तियां देश में धर्म और जाति के नाम पर दंगों को बढ़ावा दे रही हैं। एनएसयूआई के परिसर अध्यक्ष योगेश यादव ने इस अवसर पर कहा कि भारत जैसे कृषि प्रधान देश में आज किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हैं और प्रधानमंत्री मोदी की छाती छप्पन इंच चौड़ी होने के बावजूद भी देश मे पुलवामा जैसे आतंकी हमले और मणिपुर जैसी शर्मनाक घटना से देश आग की तरह जल रहा है। देश का दुर्भाग्य है कि मोदी सरकार देश मे धर्म और जाति के नाम पर लगातार हो रहे दंगों, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी जैसी विषम समस्याओं को आसानी से नजरअंदाज कर अपने चहेतों आदानी जैसे पूंजीपति साथियों को फायदा पहुंचाने में व्यस्त हैं। शिक्षा में भी नई शिक्षा नीति लागू कर एक बार फिर बीजेपी ने अपनी शिक्षा के व्यापारीकरण व निजीकरण की विचारधारा को प्रोत्साहित किया है। छात्र संगठन एनएसयूआई ने हुंकार भरी हालात और समय की मांग को देखते हुए एनएसयूआई ने देशभर के छात्रों और युवाओं को लामबद्ध करते हुए बीजेपी और आरएसएस की राष्ट्रविरोधी व देश को बांटने वाली विचारधारा को देश से उखाड़ फेंकने के लिए एक बार पुन: भारत छोड़ो आंदोलन शुरू किया है।
जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र में सड़कों को खोलने के लिए 4 करोड़ रुपये जारी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को शिमला जिले की कोटखाई तहसील की क्यारी पंचायत में बीते दिनों भारी बारिश से हुए भारी नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने वहां भू-स्खलन से क्षतिग्रस्त मकानों और सड़कों का मौके पर जायजा लिया। सड़क के पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण मुख्यमंत्री लगभग एक किलोमीटर तक पैदल चलकर क्यारी बाजार तक पहुंचे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार आपदा से पीड़ित लोगों के साथ है तथा प्रभावित लोगों को सरकार द्वारा हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बागवानों का सेब मंडियों तक पहुंचाने के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने उपायुक्त शिमला को निर्देश दिए कि जिन लोगों के मकानों को नुकसान पहुंचा है और जिनके घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन सभी को एक-एक लाख रुपये फौरी राहत के तौर पर प्रदान किये जाएं। उन्होंने कहा कि जिन प्रभावित परिवार को अभी तक पांच हजार रुपये प्रदान किये गये हैं, उन्हें राज्य सरकार द्वारा 95 हजार रूपये और दिए जाएंगे। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि बागवानों के उत्पादों को मंडियों तक पहुंचाने के लिए जुब्बल-कोटखाई में युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र में सड़कों को खोलने के लिए 4 करोड़ रुपये जारी किए हैं तथा विभिन्न कार्यों की टेंडर प्रक्रिया को सात दिन में पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बागवानों के सेब को सुरक्षित रखने के लिए सेब क्षेत्र में अधिक से अधिक कोल्ड स्टोर बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार दिल्ली के कुंडली में भी कोल्ड स्टोर बनाने जा रही है जहां बागवान अपने सेब का भंडारण कर सकेंगे। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को क्यारी बाजार तक सड़क मार्ग को नौ दिन में सुचारू करने के निर्देश दिए तथा बागवानों को विश्वास दिलाया कि सरकार उनके उत्पाद को मंडियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करेगी ताकि उन्हें किसी प्रकार का नुक्सान न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह दोषारोपण की राजनीति नहीं करना चाहते, लेकिन बागवान के सेब नालों में फेंकने की खबर दिल्ली तक वायरल की गई। उन्होंने कहा कि आपदा के समय वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन विधानसभा के मॉनसून सत्र में विपक्ष को बताया जाएगा कि उनके समय में क्या स्थिति थी। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने क्यारी के साथ अपने संबंधों को साझा करते हुए कहा कि क्यारी के स्थानीय देवता बौंदरा देवता नादौन से ही यहां आए हैं, इसलिए भी यहां लोगों के साथ उनका घर का नाता है। उन्होंने कहा कि वह 1982 में भी कोटखाई के थरोला में आ चुके हैं। उस समय उन्होंने मराथू से थरोला तक पैदल यात्रा की थी। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री का स्वागत किया तथा क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
भारी बारिश से प्रभावित चौपाल विधानसभा क्षेत्र के कुड़ी गांव को स्थानांतरित करने के निर्देश मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला जिला के दो दिवसीय प्रवास के दौरान मंगलवार को चौपाल विधानसभा क्षेत्र में भारी बारिश से हुए नुकसान का विस्तृत जायजा लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने जिला प्रशासन को प्रभावित लोगों को शीघ्र सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को किसानों के उत्पादों को समयबद्ध बाजार तक पहुंचाने के लिए सड़कों की बहाली के कार्यों में तेजी लाने के दृष्टिगत तुरंत अल्पकालिक निविदा जारी करने को कहा। उन्होंने कहा कि दाग वाले सेब के दाम बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है, जिससे सेब उत्पादक लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि छैला-यशवंत नगर सड़क के सुदृढ़ीकरण पर 70 करोड़ रुपये व्यय किए जायेंगे और यह सड़क शिमला के ऊपरी क्षेत्र के लोगों के लिए चंडीगढ़ तक यात्रा के लिए जीवन रेखा के रूप में कार्य करेगी। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार सेब उत्पादक क्षेत्रों में सड़कों को बहाल करने के लिए दक्षतापूर्वक कार्य कर रही है, ताकि सड़क सम्पर्क के अभाव में बागवानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। राज्य सरकार ने प्रदेश के सेब उत्पादक क्षेत्रों में संपर्क सड़कों को बहाल करने के लिए 110 करोड़ रुपये जारी किए हैं और पर्याप्त मशीनरी भी तैनात की गई है। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदा के कारण संपर्क सड़कों का काफी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है और उन्हें बहाल करने में काफी समय लगेगा, इसलिए उन्होंने स्थानीय लोगों से सेब सीजन के लिए अस्थायी सड़कें बनाने में राज्य सरकार का सहयोग करने का आग्रह किया। इससे किसानों के उत्पाद समय पर बाजार तक पहुंच सकेंगे और राज्य सरकार उन्हें उचित मुआवजा देगी। उन्होंने भारी बारिश के कारण प्रभावित चौपाल विधानसभा क्षेत्र के कुड़ी गांव को स्थानांतरित करने और लोगों केे पुनर्वास के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके अलावा राज्य सरकार उनके घरों के पुनर्निर्माण के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर निरंतर शिमला जिला के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और वह स्वयं भी स्थिति का जायजा ले रहे हैं ताकि राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाई जा सके। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उन्होंने स्वयं प्रदेश के कई प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है और वह शिमला के ऊपरी क्षेत्रों के दो दिवसीय दौरे के दौरान बहाली कार्यों का जायजा लेंगे। उन्होंने कहा कि हाल की त्रासदी में हिमाचल प्रदेश को लगभग 8000 करोड़ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस आपदा से राज्य के सभी क्षेत्रों में भारी क्षति हुई है और यह 50 वर्षों के दौरान हुई सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार को भारी कर्ज विरासत में मिला है, लेकिन प्रभावित परिवारों की मदद के लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जायेगी। उन्होंने कहा कि चौपाल में अब केवल दो सड़कें बंद हैं, बाकी सड़कों को यातायात के लिए खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि सड़कों को स्थायी रूप से बहाल करने के दृष्टिगत सुरक्षा दीवार लगाने के लिए धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि चौपाल क्षेत्र के 300 घर आंशिक या पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। उन्होंने प्रशासन को आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए प्रत्येक को एक लाख रुपये की राहत राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने उपायुक्त को बलसन क्षेत्र की 15 पंचायतों के संपर्क मार्गों की बहाली के लिए 3-3 लाख रुपये उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीम ने हाल ही में राज्य का दौरा किया है और यह आशा है कि केंद्र सरकार द्वारा अंतरिम राहत की पहली किस्त शीघ्र ही जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ ऑडिट आपत्तियों के कारण पिछले कुछ वर्षों से एनडीआरएफ के तहत 315 करोड़ रुपये लंबित हैं और उन्होंने इस मामले को अपने दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ उठाया है। उन्होंने कहा कि यह मामला केंद्र सरकार से उठाने के उपरांत 315 करोड़ रुपये में से 189 करोड़ रुपये जारी करने के बारे में अवगत करवाया गया है और सरकार ने लंबित राशि भी शीघ्र जारी करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भारी बारिश से हुई क्षति को देखते हुए मुआवजा राशि 10 गुना तक बढ़ा दी है। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मुआवजा राशि बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है, जबकि पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए अधिक मुआवजा देने का प्रस्ताव राज्य सरकार के विचाराधीन है। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने चौपाल में अधिकारियों के साथ बैठक भी की और बहाली कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने प्रभावित परिवारों को तत्काल एक लाख मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने चौपाल मण्डल में सड़क संपर्क बहाल करने के लिए 2 करोड़ रुपये और ठियोग के सैंज उप-मण्डल के लिए 50 लाख रुपये जारी करने के निर्देश दिए जबकि 1.50 करोड़ रुपये पहले ही आवंटित किये जा चुके हैं। इससे पूर्व, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव रजनीश किमटा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और कहा कि मुख्यमंत्री ने आपदा के दौरान राज्य को सशक्त नेतृत्व प्रदान किया और प्रभावितों को हरसम्भव मदद प्रदान की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सामान्य परिवार से सम्बंध रखते हैं और आम आदमी के दु:ख दर्द से भली-भांति परिचित हैं।
शिमला के ढली में आज सुबह 8 बजे के करीब सड़क दुर्घटना में 2 लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि 2 लोग घायल हुए हैं। घायलों का आईजीएमसी शिमला में उपचार चल रहा है। जानकारी इके अनुसार सेब से लदा ट्रक रामपुर से शिमला की तरफ आ रहा था और जब ढली बाईफर्केशन के पास पहुंचा तो अचानक अनियंत्रित हो गया और दूसरी तरफ से जा रही पिकअप को टक्कर मारते हुए ट्रक रोड से निचली तरफ शिमला-करसोग रोड पर जा गिरा, जिसमें 2 लोगों की मौके पर मृत्यु हो गई है। डीएसपी अजय भारद्वाज ने बताया कि ट्रक में चालक समेत तीन लोग सवार थे जिनमें से 2 लोगों की मृत्यु हो गई है, जबकि ट्रक चालक घायल हुआ है जिसका आईजीएमसी में उपचार चल रहा है वही पिकअप चालक भी बुरी तरह से घायल हुआ है उसे भी आईजीएमसी उपचार के लिए भेजा गया है। फिलहाल फिलहाल यातायात को खोल दिया गया है। वहीं, हादसे के कारणों की जांच चल रही है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार की नीयत ही नहीं है कि वह आपदा प्रभावितों को जल्दी से जल्दी राहत दे। अभी तक सरकार सभी आपदा प्रभावितों को फौरी राहत भी नहीं पहुंचा पाई है। पूरी सहायता राशि तो बहुत दूर की बात है। उन्होंने कहा कि आपदा से नुकसान के आंकलन में लगे राजस्व अधिकारियों को नुक़सान के आकलन के लिए सरकार किसी प्रकार प्रकार के वाहन की सुविधा उपलब्ध नहीं करवा रही है जिससे राजस्व अधिकारी आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जाकर शीघ्रता से नुक़सान का आकलन करके अपनी रिपोर्ट भेज सकें। रिपोर्ट भेजे जाने के बाद शासन-प्रशासन की तरफ़ से आपदा प्रभावितों को पूरी सहायता राशि मिल सके। उन्होंने कहा कि इस बार आपदा से बहुत बड़े क्षेत्र को नुक़सान हुआ है। जिसका आँकलन करने में ज़्यादा समय लगेगा। इसलिए सरकार राजस्व अधिकारियों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाए। जिससे आपदा के आंकलन के कार्य में तेज़ी आये और आपदा प्रभावितों को मदद मिल सके। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विभिन्न माध्यमों से पता चल रहा है कि आपदा से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए राजस्व अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है लेकिन वह आपदा प्रभावित क्षेत्र तक कैसे पहुंचेंगे सरकार की तरफ़ से इसका कोई इंतज़ाम नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आपदा प्रभावित ज़्यादातर क्षेत्रों में सड़कें ख़राब होने की वजह से बस सेवाएं बहाल नहीं हो पाई हैं। अत: राजस्व के अधिकारी आपदा प्रभावित क्षेत्रों में नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऐसे में राजस्व अधिकारी या तो लोगों से मदद मांग कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं या पैदल चलकर। सरकार की इस लापरवाही का नुक़सान आपदा प्रभावित लोगों को उठाना पड़ रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब तक राजस्व अधिकारी अपनी रिपोर्ट नहीं जमा करेंगे तब तक आगे की कार्रवाई नहीं होगी। न ही आपदा से कितने लोग प्रभावित हुए है, इस बात की जानकारी मिल पाएगी और न ही लोगों को किस प्रकार से नुक़सान हुआ है, इस बात की जानकारी मिल पाएगी। राजस्व अधिकारियों द्वारा निरीक्षण करना एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसलिए सरकार आपदा प्रभावितों के निरीक्षण में जुटे राजस्व विभाग के प्रतिनिधियों को सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाए।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री राम लाल ठाकुर, पूर्व विधायक सतपाल रायजादा व प्रदेश कांग्रेस महासचिव देवेंद्र बुशैहरी ने कहा कि आज बड़ी खुशी का दिन है। आज लोकतंत्र की जीत हुई है। संविधान की जीत हुई है। सत्यमेव जयते जो हमारे नेशनल सिंबल के नीचे लिखा हुआ रहता है, आज उसकी जीत हुई है। हम तहेदिल से माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते है। राम लाल ठाकुर ने कहा है कि अभी संविंधान जिदा है। उन्होंने कहा कि यह सविंधान, लोकतंत्र और भारत के आम लोंगों की जीत हुई है। यह केवल राहुल गांधी की जीत नहीं हैं, पूरे भारत की जनता की जीत है, डेमोक्रसी की जीत है और संविधान के असूलों की जीत है। इसीलिए एक बहुत बड़ा फायदा देश के लोगों को हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासनकाल में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता खतरे में पड़ गई है। जो भी व्यक्ति अथवा राजनीतिक दल केंद्र सरकार के गलत निर्णयों के खिलाफ आवात उठाने की कोशिश करते हैं। केंद्र्र सरकार द्वारा उनकी आवाज को कुचलने का प्रयास किया जाता है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा राहुल गांधी की लोक सभा सदस्यता बहाल करने का फैसला स्वागत योग्य है और इस फैसले से देश की जनता में संदेश गया है कि भाजपा की केंद्र सरकार द्वारा राहुल गांधी छावि को नुकसान पंहुचाने की मंशा से उन पर मनघड़त आरोप लगाने के हर सम्भव कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब समझ चुकी है और अब जानता भाजपा के जुमलों में फसने वाली नहीं है। उन्होने कहा कि 2024 में लोकसभा चुनावों में भाजपा बुरी तरह पराजित होगी।
हथकरघा एवं हस्तशिल्प क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान पर तीन श्रेणियों में शुरू होंगे राज्य स्तरीय पुरस्कार राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां गेयटी थिएटर में आयोजित एक कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने हिमाचल प्रदेश राज्य हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम लिमिटेड का नाम च्हिमक्राफ्ट कॉर्पोरेशनज् करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस रीब्रॉडिंग का उद्देश्य निगम के कार्य को विस्तार प्रदान करना और बाजार में एक विशिष्ट ब्रांड के रूप में उत्पादों को बढ़ावा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हथकरघा एवं हस्तशिल्प के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करते हुए तीन श्रेणियों में राज्य स्तरीय पुरस्कार शुरू करने पर विचार कर रही है। इस पहल का उद्देश्य राज्य के पारंपरिक शिल्प में उत्कृष्ट हुनर की पहचान कर प्रोत्साहन प्रदान करना है। व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों से परिवर्तन की इस प्रक्रिया में सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य में आर्थिक संकट के लिए पूर्व सरकार एवं उनकी नीतियां जिम्मेवार हैं। वर्तमान सरकार राज्य को आत्मनिर्भर बनाने और कर्ज पर निर्भरता कम करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आगामी चार वर्षों में प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा और अगले दस वर्षों में हिमाचल देश का सबसे समृद्ध राज्य बन कर उभरेगा। मुख्यमंत्री ने राज्य में हाल ही में प्राकृतिक आपदा के कारण ८ से १० हजार करोड़ रुपये के अनुमानित नुकसान और पर्यटन क्षेत्र में इसके प्रतिकूल प्रभाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार स्थिति सामान्य करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार क्षतिग्रस्त सड़कों के बावजूद किसानों के सेब और सब्जियों जैसे उत्पादों को परिवहन सुविधा प्रदान कर इन्हें समयबद्ध बाजार तक पहुंचाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने राहत नियमावली में बदलाव कर मुआवजा राशि में कई गुणा बढ़ौतरी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को राज्य में बाढ़ से हुए नुकसान के बारे में अवगत करवाया और उनसे अंतरिम राहत की पहली किस्त शीघ्र प्रदान करने का अनुरोध किया है ताकि राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाई जा सके। उन्होंने एनडीआरएफ के पिछले कुछ वर्षों से लंबित ३१५ करोड़ रुपये भी जारी करने का अनुरोध किया है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने आपदा प्रभावितों को हरसंभव सहायता प्रदान की है। सरकार ने रिकॉर्ड समय में लगभग ७०,००० पर्यटकों और १५,००० वाहनों को सुरक्षित निकाला। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी ने माइनस चार डिग्री तापमान में लाहौल-स्पीति जिला के चंद्रताल पहुंच कर वहां फंसे २९० लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी आमूल-चूल परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ रही है। प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोले जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के कौशल में वृद्धि की जा सके। इसके साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का समावेश किया जा रहा है और सभी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से रोबोटिक सर्जरी शुरू की जा रही है। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर हथकरघा एवं हस्तशिल्प पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारम्भ भी किया। इस अवसर पर गेयटी थिएटर में पारंपरिक और आधुनिक परिधानों में फैशन शो का भी आयोजन किया गया। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और कहा कि प्रदेश के उच्च गुणवत्ता वाले ऊनी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं जिनकी देश और विदेशों में भारी मांग है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों, संस्कृति और हथकरघा को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में इस दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल हथकरघा उत्पादों को एक ब्रांड के रूप में बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया जा रहा है और हिमक्राफ्ट नाम से एक नया लोगो भी जारी किया गया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां जलविद्युत उत्पादन पर राज्य जल उपकर आयोग के अध्यक्ष के रूप में अमिताभ अवस्थी को शपथ दिलाई। उन्होंने आयोग के सदस्यों एचएम धरेवला, अरुण शर्मा और जोगिंद्र सिंह को भी शपथ दिलाई। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव जल शक्ति ओंकार चंद शर्मा, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा और रितेश कपरेट तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार आगामी दिनों में पार्टी के कुछ संगठनात्मक कार्य होने जा रहे हैं। भाजपा 14 अगस्त को विभाजन विभिषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम का आयोजन करने जा रही है। इस कार्यक्रम के संयोजक डॉ. राजीव सैजल, पूर्व मंत्री एवं प्रदेश उपाध्यक्ष और सह संयोजक विशाल चौहान, प्रदेश सचिव नियुक्त किए गए हैं। कार्यक्रम में भाजपा प्रतिवर्ष 14 अगस्त को विभाजन की विभिषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाती आई है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पूरे देशभर में विभाजन विभिषिका स्मृति दिवस मंडल स्तर पर मनाने का निर्णय लिया गया है। इस अवसर पर मंडल में भाजपा प्रभात फेरियां, मौन जुलूस व कैंडल मार्च निकाले जाएं। हाथों में पट्टिकाएं लेकर देश के विभाजन के समय करोड़ों लोगों का विस्थापन हुआ, हजारों लोगों का कत्लेआम हुआ और भारत माता के टुकड़े हुए। यह विषय जनता तक पहुंचाने का कार्य पार्टी करने जा रही है। बिंदल ने कहा की देश का विभाजन स्वीकार करना बहुत बड़ी भूल थी। उन्होंने बताया की 9 अगस्त से 15 अगस्त को मेरी माटी मेरा देश मिट्टी को नमन वीरों को वंदन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम की संयोजका पायल वैद्य, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं सह-संयोजक नरेंद्र अत्री, प्रदेश सचिव होंगे। मन की बात कार्यक्रम में श्रद्धेय नरेन्द्र मोदी ने मेरी माटी मेरा देश, मिट्टी को नमन, वीरों को वंदन इस विषय को लिया। सरकारी स्तर पर यह कार्यक्रम देशभर में आयोजित होगा और भाजपा इस कार्यक्रम को अपनाते हुए इसे पूर्ण करने के लिए पूरी ताकत लगाएगी। 9 अगस्त से 15 अगस्त, 2023 तक पंचायत स्तर पर नगर पालिका स्तर पर मिट्टी का वंदन, शपथ और सैल्फी अपलोड करेगे, जिससे स्वत: प्रमाण पत्र जनरेट होगा। भाजपा गांव गांव , खंड खंड से कलश में कलश में मिट्टी एकत्र करेगी। सरकार द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ता सभी स्थानों पर शामिल होंगे।
लुधियाना से आए पर्यटक ने पुलिस कंट्रोल रूम में की शिकायत शिमला के मॉल रोड स्थित एक रेस्टोरेंट के पिज्जा में कॉकरोच मिला। लुधियाना से शिमला घूमने पहुंचे पर्यटक सौरभ अरोड़ा ने कॉकरोच मिलने की शिकायत मॉल रोड स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में की। सौरभ ने फूड इंस्पेक्टर को भी फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं सुना। सौरभ अरोड़ा ने कहा कि लोगों के जीवन से इस तरह का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। ऐसी लापरवाही किसी की भी जान पर भारी पड़ सकती है, क्योंकि शिमला दुनियाभर से पर्यटक घूमने आते हैं। मॉल रोड जैसे पॉश एरिया के रेस्टोरेंट में कॉकरोच निकलना गंभीर मामला है। इससे सवाल न केवल रेस्टोरेंट संचालक, बल्कि फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की कार्यप्रणाली पर भी उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि वह पीज्जा चम्मच से नहीं खाते तो कॉकरोच सीधे उनके पेट में चला जाता और वह बीमार पड़ जाते। उन्होंने फूड इंस्पेक्टर से रेस्टोरेंट संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि रेस्टोरेंट के मैनेजर ने अपनी गलती मानी और दूसरा पिज्जा सर्व करने की बात कही।
दिल्ली से पांच दिन बाद शिमला लौटे मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने कहा कि हिमाचल सरकार की पहली प्राथमिकता सेब को मंडियों तक पहुंचाना है। विधानसभा का मानसून सत्र इसके बाद बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी आपदा है। इससे निपटने के लिए सभी मंत्री फील्ड में है। वहीं, राहुल गांधी की सदस्यता बहाल होने पर कहा कि यह लोकतांत्रिक मूल्य और सच की जीत है। सीएम ने कहा कि सच बार-बार झूठ का सामना करता है और झूठ बार-बार सच से टकराता है। अंत में जीत सच की होती है। राहुल के मामले में भी यह हुआ। उन्होंने कहा कि वह कल खुद रोहड़ू, चौपाल, ननखड़ी, नारकंडा जा रहे हैं और आपदा से हुई तबाही को खुद देखेंगे। इस दौरान अधिकारियों को बाढ़ प्रभावितों की हर संभव सहायता करने और सेब को मंडियों तक पहुंचाने के लिए सड़कों को बहाल करने के निर्देश दिए जाएंगे।
मांगों को लेकर डीन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर को सौंपा मांग पत्र एसएफआई की प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला इकाई ने आज विश्वविद्यालय में खाने की गुणवत्ता की नियमित जांच करवाने, विश्वविद्यालय परिसर में सभी दुकानों में रेट लिस्ट लगाने तथा विश्वविद्यालय में इनडोर गेम्स की व्यवस्था करने आदि मांगों को लेकर डीन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर को मांग पत्र सौंपा। इकाई अध्यक्ष हरीश ने इस पर बात रखते हुए कहा कि एसएफआई पहले भी यह मांग उठा चुकी है कि विश्वविद्यालय परिसर में दुकानों में बन रहे खाने की गुणवत्ता बहुत खराब है। छात्रों की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इसलिए प्रशासन छात्रों की सेहत के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न करते हुए जल्द से जल्द विश्वविद्यालय परिसर में सभी दुकानों का निरीक्षण करें। हरीश ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में प्रत्येक वस्तु सब्सिडाइज रेट पर मिलती है परंतु पिछले लंबे समय से विश्वविद्यालय परिसर की दुकानों में रेट लिस्ट ना लगने के कारण दुकानदार छात्रों से मनमाने रेट वसूल कर रहे हैं। इसलिए प्रशासन जल्द से जल्द सभी दुकानों पर रेट लिस्ट लगवाए। एसएफआई विश्वविद्यालय इकाई सचिव सुरजीत ने कहा कि विश्वविद्यालय में पिछले लंबे समय से किसी भी प्रकार की खेल गतिविधियां नहीं करवाई गई है और हमारा यह स्पष्ट मानना है कि छात्रों को खेलकूद गतिविधियों से दूर रख कर प्रशासन विश्वविद्यालय में नशे को बढ़ावा देने के काम कर रहा है। इसलिए प्रशासन जल्द से जल्द आउटडोर खेलों का आयोजन करें तथा इनडोर खेलों की व्यवस्था भी विश्वविद्यालय परिसर में की जाए। एसएफआई ने मांग की कि विश्वविद्यालय परिसर में सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण किया जाए तथा सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही एसएफआई ने विश्विद्यालय प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ये मांगें जल्द पूरी नहीं की गई तो एसएफआई आने वाले समय में छात्रों को लामबंद करते हुए विश्विद्यालय प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन करेगी, जिसका जिम्मेवार विश्वविद्यालय प्रशासन तथा प्रदेश सरकार होगी।
हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा मिलने के बाद हाटी समुदाय द्वारा इस संघर्ष के अविस्मरणीय सहयोग देने के लिए जयराम ठाकुर का आभार समारोह शिमला के पीटरहॉफ में आयोजित किया गया। इस समारोह में हाटी समुदाय के लोगों द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री का स्वागत अभिनंदन किया गया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अपने भांजे भांजियों द्वारा इस तरह का सम्मान पाकर अभिभूत हूं। कई पीढ़ियों की लंबे संघर्ष के बाद यह दिन आया है। यह आंदोलन जब शुरू हुआ तो मेरी उम्र दो साल की थी। इस संघर्ष को जिस तरह धैर्य और लोकतांत्रिक तरीक़े से चलाया गया उसके लिए सभी लोग बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि यह आवश्यक था, इसका लाभ हमारे हाटी भांजे-भांजियों को मिलेगा। इस उपलब्धि के लिए मैं अपने सभी हाटी भांजे-भांजियों को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। इस मौक़े पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने कहा कि जयराम ठाकुर के प्रयासों और केंद्रीय नेतृत्व की वजह से यह दिन आया है। जयराम ठाकुर सिरमौर के मामा हैं। इस बार भांजे पूरा सहयोग देकर सिरमौर में रिकॉर्ड बनायेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आज अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश के 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखी। हिमाचल प्रदेश के अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा एवं खेल मामलों के मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि जो काम पिछले 60 वर्षों में नहीं हुआ, मोदी सरकार ने 9 वर्षों में करके दिखाया है। हिमाचल में रेलवे की अनेकों सौग़ातें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देवभूमि के प्रति विशेष स्नेह का परिचायक है। भारतीय रेलवे के इतिहास में आज के दिन को स्वर्णिम बताते हुए अनुराग ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश के अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन का 22 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास हो रहा है। इस योजना से न केवल यह यह स्टेशन बेहतर सुविधाओं से सुसज्जित होगा बल्कि यह यात्रियों को एक नये अनुभव का एहसास भी कराएगा। देवभूमि हिमाचल को यह सौगात देने के लिए वे प्रधानमंत्री का आभार प्रकट करते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रेलवे स्टेशनों के कायाकल्प, बुनियादी सुविधाओं की बढ़ोतरी के इस महत्वपूर्ण निर्णय से विश्वसनीय परिवर्तन आएगा। यह प्रयास स्वच्छता, सुरक्षा और सुविधा के क्षेत्र में नए दिशानिर्देश दिखाने का संकेत है, जो ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देगा। साथ ही, यह स्थानीय संस्कृति, विरासत और पर्यटन को बढ़ावा देगा
कहा- बहुत ही दयनीय स्थिति में हैं आपदा पीड़ित, त्वरित मदद प्रदान की जाए रामपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी रहे कौल सिंह ने रामपुर बुशैहर के अंतर्गत 15/20 क्षेत्र की दूरदराज आपदा प्रभावित पंचायत लबाना सदाना के तहत विभिन्न गावों में मौके पर जाकर भारी बरसात एवं प्राकृतिक आपदा के चलते हुए भारी नुकसान का जायजा लिया। वे ग्राम पंचायत लबाना सदाना के कोट गांव में प्रभावितों से मिले और उनकी समस्याओं को भी सुना। उन्होंने कहा कि भारी बरसात के कारण इस गांव में लगभग 5 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं और गांव में अन्य कई घरों में दरारें पड़ी हैं। खतरे को देखते हुए बेघर हुए पीड़ितों को दूसरे स्थान पर रहना पड़ा रहा है। यहां पर लोगों के बाग-बगीचे सहित अन्य सभी फसलों को बहुत नुकसान हुआ है। बिजली व पानी की दिक्क़तों से लोग खासे परेशान हैं। उन्होंने कहा कि इस गांव की स्थिति बहुत ही दयनीय है। गांव के लोग दहशत में जी रहे हैं। कई घरों के ऊपर पहाड़ी के कभी भी दरकने का डर लोगों को सता रहा है। वहीं घरों के नीचे से पानी रिस रहा है। लोगों के पास राशन की भी कमी है। उन्होंने कहा कि कोट गांव के आपदा प्रभावित लोगों की सुध लेने इस गांव में न तो अभी सरकार आई और न ही प्रशासन के लोग। बस औपचारिकता पूरी करने के नाम पर ग्रामीणों को सड़क में बुलाकर फौरी राहत के नाम पर मात्र 5-7 परिवारों को तिरपाल दिए गए। उन्होंने कहा कि सरकार एवं प्रशासन दूरदराज क्षेत्रों में आपदा पीड़ितों की मदद के नाम पर केवल खाना पूर्ति करने का काम कर रही है, जोकि नाकाफी हैं। यहां के लोग सरकार एवं प्रशासन से बेहद खफा है। उन्होंने आपदा प्रभावित परिवारों को इस विपदा की घड़ी में उनके साथ खड़े रहने और उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा देते हुए कहा कि वे पीड़ितों के दुख-दर्द और उनकी समस्याओं को सरकार एवं प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से उठाएंगे। उन्होंने सरकार एवं प्रशासन से मांग कि है कि इन आपदा पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए और एक बार प्रशासन को इस गांव में जरूर आना चाहिए तभी वे यहां की वस्तुस्थिति से अवगत हो पाएंगे। इसके साथ ही इन परिवारों के राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाई लाए और प्रभावितों को तत्काल फौरी राहत व नुकसान का जल्द आकलन कर उचित मुआवजा राशि दे। पीड़ितों को समय रहते अन्य सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए और राहत सामग्री उपलब्ध करवाई जाए। इस मौके पर भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य नरेश चौहान,पंचायत समिति उपाध्यक्ष रूपेश्वर सिंह, अनुसूचित जाति मोर्चा मंडल रामपुर अध्यक्ष गोपाल बंसल, अनुसूचित जाति मोर्चा मंडल महामंत्री रामपुर अशोक कुमार, ग्राम केंद्र अध्यक्ष शिव टोलटा, प्रेम टोलटा, मनोज टोलटा आदि विशेष रूप से मौजूद रहे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ब्यान जारी करते हुए कहा है कि हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों के महाविद्यालयों व विद्यालयों में शिक्षकों की भर्तियां ना होने के कारण विद्यार्थियों को शिक्षा से वंचित रहना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों के शिक्षण संस्थाओं में काफी लंबे समय से अध्यापकों के पद व गैर शिक्षक कर्मचारियों के पद रिक्त पड़े हैं। आकाश नेगी ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थी अपनी पढ़ाई से वंचित रह रहे हैं। विद्यार्थी पूरा सालभर महाविद्यालय तो जा रहे हैं, परंतु शिक्षक न होने के कारण बिना कक्षाएं लगाकर घर आना पड़ रहा है, और अपनी शिक्षा को पूरा करने हेतु उन्हें बारी भरकम किराया दे कर के अपने क्षेत्र से दूर जा कर के अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है ,विद्यार्थियों के माता-पिता दिन रात मेहनत मजदूरी करके अपने बच्चों को महाविद्यालयों में प्रवेश दिला रहे हैं। लेकिन बिना शिक्षकों के महाविद्यालयों में पढ़ाई हो ही नहीं पा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान हिमाचल प्रदेश सरकार जब सत्ता में आई तो व्यवस्था परिवर्तन का नारा दिया था, परंतु आज हम देखे तो वर्तमान हिमाचल प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों को लाभ देने में बिल्कुल असफल हो गई है। हिमाचल प्रदेश सरकार जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षकों व गैर शिक्षकों की भर्ती नहीं कर पा रही है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार व शिक्षा मंत्री से भी मांग की है कि जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षकों व गैर शिक्षकों की भर्ती जल्द से जल्द की जाए। ताकि वहां पर पढ़ने वाले विद्यार्थी शिक्षा से वंचित न रह पाए। उन्होंने कहा कि अगर जनजातीय क्षेत्रों के विद्यालयों व महाविद्यालयों में शिक्षकों व गैर शिक्षकों की भर्ती जल्द न की गई, तो विद्यार्थी परिषद वर्तमान हिमाचल प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदेश स्तरीय आंदोलन करने से गुरेज नहीं करेगी।
हिमाचल प्रदेश राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि निगम प्रदेश के राशनकार्ड धारकों को चीनी का निर्धारित कोटा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि निगम द्वारा जुलाई माह के लिए 36,206 क्विंटल चीनी का आपूर्ति आदेश जारी किया गया था। इसमें से 25,202 क्विंटल चीनी अत्याधिक वर्षा के कारण शाहबाद चीनी मिल में सभी गोदामों में पानी भरने के कारण प्राप्त नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस चीनी की मात्रा को अगस्त माह के लिए जारी किए गए आपूर्ति आदेश में सम्मिलित किया गया है। उन्होंने कहा कि अगस्त माह के लिए 60,121 क्विंटल चीनी का आपूर्ति आदेश जारी किया गया है और एक-दो दिनों में प्रदेश के सभी गोदामों में चीनी की प्राप्ति शुरू होने की संभावना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगस्त माह के आवंटित चीनी के साथ जुलाई माह की शेष बची चीनी की मात्रा भी उपलब्ध करवाई जाएगी।
योजना के तहत एक लाख रुपये तक के कोलेटरल मुक्त ऋण की सुविधा सशक्त समाज के निर्माण में महिलाओं की उल्लेखनीय भूमिका रहती है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने महिलान्मुखी अनेक योजनाएं आरंभ की हैं। सशक्त महिला ऋण योजना इन्हीं में से एक है। यह योजना महिलाओं की उद्यमशीलता को निखारने, आजीविकोपार्जन गतिविधियों में उनकी सहभागिता बढ़ाने और उनके परिवार तथा समाज के उत्थान के उद्देश्य से आरंभ की गई है। प्रदेश सरकार लैगिंक समानता की दिशा में प्रभावी कदम उठाते हुए महिला आधारित योजनाओं के लिए अधिक से अधिक संसाधन आवंटित कर रही है। सशक्त महिला ऋण योजना के अंतर्गत महिलाओं को कोलेटरल मुक्त ऋण सुविधा प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इससे उन्हें अपने जीविकोपार्जन, लघु उद्यमों के माध्यम से स्वरोजगार अपनाने, कृषि और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए मशीनरी एवं उपकरण इत्यादि की खरीद के लिए वित्तीय मदद सुनिश्चित हो सकेगी। ऋण जमानत के लिए बहुमूल्य संसाधन न होने के कारण अधिकांश महिलाएं स्वरोजगार की ओर उन्मुख नहीं हो पाती हैं और ऐसे में उपभोग्य सुरक्षा (कोलेटरल मुक्त) उन्हें उद्यम स्थापित करने के लिए आगे आने को प्रोत्साहित करेगी। यह योजना आर्थिक असुरक्षा की उनकी चिंताओं को समाप्त करते हुए महिला सशक्तिकरण के नए द्वार खोलेगी। योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को 21 हजार रुपये, 51 हजार रुपये और एक लाख एक हजार रुपये की ऋण सुविधा प्रदान की जाएगी। 18 से 55 वर्ष आयुवर्ग की ऐसी महिलाएं जिनके परिवार से दो बैंक खाते हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक में संचालित हों, इसके लिए पात्र हैं। प्रथम ऋण के रूप में उन्हें 21 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसकी ऋण अवधि 5 साल है और भुगतान की समान मासिक किस्त (ईएमआई) 431 रुपये निर्धारित की गई है। निर्धारित 12 से 15 माह की अवधि में बिना किसी चूक के प्रथम ऋण का भुगतान करने पर लाभार्थी 51 हजार रुपये के दूसरे ऋण के लिए पात्र होंगी जिसके नियम एवं शर्तें पहले के समान ही होंगी। इसकी ईएमआई 1047 रुपये प्रतिमाह होगी। इसमें भी 12 से 15 माह की अवधि में ऋण चुकता करने पर लाभार्थी एक लाख एक हजार रुपये ऋण के लिए पात्र होंगी। इसकी ईएमआई 2073 रुपये निर्धारित की गई है। इस ऋण सुविधा पर 8.51 प्रतिशत की ब्याज दर निर्धारित की गई है। ब्याज की न्यूनतम दर होने से ऋण भुगतान में सुविधा और महिलाओं को वित्तीय प्रबंधन में आसानी होगी तथा वे अधिक गति से अपनी स्वतंत्र इकाईयां स्थापित कर सकेंगी। इसके अतिरिक्त लाभार्थी महिला के सभी परिजनों के बचत खाते राज्य सहकारी बैंक में न्यूनतम राशि के साथ खोलने पर एटीएम शुल्क में शत-प्रतिशत छूट भी प्रदान की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य परिवार के सभी सदस्यों को वित्तीय जागरूकता के लिए प्रोत्साहित करना, लेन-देन के व्यय में कमी लाना और एक वित्तीय साक्षर समाज का निर्माण करना है। यह योजना महिलाओं को आर्थिक तौर पर सशक्त करने और प्रदेश में लैंगिक समानता सुुनिश्चित करने की दिशा में प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। योजना के तहत बहुस्तरीय ऋण संवितरण, आकर्षक ब्याज दर और वित्तीय समावेशन के तहत विभिन्न प्रोत्साहन राज्य में महिलाओं के जीवन स्तर में और सुधार लाने की दिशा में प्रदेश सरकार की व्यापक सोच एवं दूरदृष्टि को भी रेखांकित करते हैं। प्रदेश सरकार विभिन्न पहलों के तहत लैंगिक समानता पर विशेष बल दे रही है और इसी के दृष्टिगत वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए महिला सशक्तिकरण आधारित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के लिए 4302.45 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है जोकि कुल विकास बजट का 45.17 प्रतिशत है। इस राशि में से 415 करोड़ रुपये का प्रावधान शत-प्रतिशत महिला आधारित योजनाओं के लिए किया गया है जबकि 3882.40 करोड़ रुपये का प्रावधान 100 प्रतिशत से कम महिला आधारित योजनाओं के लिए किया गया है। प्रत्येक महिला को शिक्षित करने, उनके कौशल में निखार लाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के दृष्टिगत हिमाचल प्रदेश ने अपनी आर्थिक व्यवस्था में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को भलीभांति पहचाना है और उन्हें समान अवसर एवं उनके कार्यों को मान्यता प्रदान करते हुए आर्थिक असमानता के ऐतिहासिक अंतर को कम किया है। सशक्त महिला ऋण योजना के रूप में प्रदेश सरकार की यह पहल ग्रामीण महिलाओं की वास्तविक क्षमताओं को उभारने तथा समान एवं समृद्ध समाज के निर्माण में क्रांतिकारी कदम है। प्रदेश सरकार की इस दूरदर्शी पहल से महिलाओं को विभिन्न गतिविधियों में बढ़ावा एवं सहयोग प्राप्त होगा। वे अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रोत्साहित होंगी, साथ ही प्रदेश के सामाजिक-आर्थिक ढांचे में उनका प्रभावी ढंग से योगदान सुनिश्चित हो सकेगा।
पीएम ने देश के 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की रखी आधारशिला राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने प्रधानमंत्री का जताया आभार शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से हुए शामिल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली से अमृत भारत स्टेशन योजना (एबीएसएस) के अंतर्गत देश के 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखी, जिसमें हिमाचल प्रदेश का अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन भी शामिल है। रेलवे मंत्रालय द्वारा अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन पर आयोजित एक समारोह में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा युवा सेवा एवं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर भी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेलवे अधोसंरचना के विकास का एक नया अध्याय शुरू किया है और देश के 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास में अम्ब-अंदौरा रेलवे स्टेशन को शामिल करने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया। इस स्टेशन के नवीनीकरण पर 20.74 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि इससे पहले प्रधानमंत्री ने राज्य को वंदे भारत ट्रेन की सौगात दी है। राज्यपाल ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में हिमाचल प्रदेश में रेलवे नेटवर्क के विस्तार के लिए 1,838 करोड़ रुपये प्रदान करने के लिए भी प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया, जिसमें सामरिक महत्व की भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेलवे लाइन के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये, चंडीगढ़-बद्दी रेलवे लाइन के लिए लगभग 450 करोड़ रुपये व नंगल-तलवाड़ा रेलवे लाइन के लिए लगभग 452 करोड़ रुपये शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में रेल नेटवर्क मजबूत होने से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालु प्रदेश के विख्यात शक्तिपीठों और अन्य पर्यटन स्थलों तक आसानी से पहुंच पाएंगे। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि अंबाला मंडल ने तकनीकी विशेषज्ञों और वास्तुकारों के परामर्श से स्थानीय कला और संस्कृति को चित्रित करते हुए अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन के लिए एक स्टेशन विकास योजना तैयार की है। उन्होंने कहा कि परामर्शदाताओं की सिफारिशों और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया के आधार पर अंब-अंदौरा स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन के तहत आधुनिक रूप देने के लिए विभिन्न नवीनीकरण कार्य किए जा रहे हैं, जिसमें ट्रैफिक सर्कुलेशन में सुधार और सर्कुलेटिंग एरिया का सौंदर्यीकरण भी शामिल है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने इस स्टेशन को पुनर्विकास योजना में शामिल करने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने रेलवे विस्तार और इसके आधुनिकीकरण में व्यापक बदलाव किये हैं। उन्होंने कहा कि रेल बजट को नौ गुना बढ़ाकर 2,40,000 करोड़ रुपये किया गया है और 6565 कि.मी. रेलवे लाइन का विद्युतीकरण किया गया है, जो अब तक का सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में भी रेलवे विस्तार और इसका आधुनिकीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दौलतपुर चौक तक न केवल रेल लाइन पहुंचाई गई है, अपितु इसका विद्युतीकरण का कार्य भी पूर्ण हो चुका है। आज रेलवे को स्मार्ट कोच, वंदे भारत, बायो टायलेट आदि सुविधाओं से आधुनिक बनाया गया है। उन्होंने कहा कि अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के साथ इस स्टेशन में भी व्यापक बदलाव होंगे। राज्यपाल ने इस अवसर पर आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान आयोजित विभिन्न स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्थानीय विद्यालयों के 18 विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र से विधायक सुदर्शन सिंह, गगरेट के विधायक चैतन्य शर्मा, ऊना सदर के विधायक सतपाल सिंह सत्ती, पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर, राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा, उपायुक्त ऊना राघव शर्मा, पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन, रेलवे अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने रविवार को मां चिंतपूर्णी के दरबार में माथा टेका। मां के दर्शन करने के उपरांत राज्यपाल ने पवित्र वट वृक्ष पर मोली बांधी। इसके बाद राज्यपाल ने मंदिर परिसर में स्थित पवित्र हवन कुंड में आहुति भी डाली। इससे पहले मंदिर के पुजारियों और प्रसाशन ने राज्यपाल का स्वागत किया और उन्हें माता की फोटो और चुनरी उपहार स्वरूप भेंट की।
मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन-स्टॉप सेंटर, आंगनबाड़ी सेवाओं सहित विविध कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए एक बैठक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सचिव एम. सुधा देवी की अध्यक्षता में वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई। उन्होंने सभी उपायुक्तों और जिला कार्यक्रम अधिकारियों को मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना की निगरानी करने तथा लाभार्थियों से संबंधित सभी घटकों के कार्यान्वयन में व्यक्तिगत रुचि लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार ही माता एवं पिता की भावना से यह योजना आरंभ की गई है और जिला प्रशासन द्वारा सभी लाभार्थियों की जरूरतों का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्हें घरेलू और अनुकूल वातावरण के लिए सर्वोत्तम शिक्षा, आवास और अन्य सुविधाएं भी प्रदान करना सुनिश्चित की जाएं। बैठक में प्रत्येक जिले में वन-स्टॉप सेंटर और उनके स्थान के बारे में जागरूकता अभियान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। इससे संकट में फंसी महिलाओं को अस्थाई आश्रय के साथ कानूनी, मानसिक और मनोवैज्ञानिक परामर्श भी उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने राज्य और जिला स्तर पर महिला सशक्तिकरण केंद्रों तथा केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के भी निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त जन्म के समय गिरते लिंग अनुपात और बाल लिंग अनुपात में सुधार के लिए गम्भीरता से पहल करने के भी निर्देश दिए गए। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत उचित निगरानी, सक्रिय अभियान और आवंटित धन का अधिकतम उपयोग करने को भी कहा। बैठक में निदेशक महिला एवं बाल विकास रूपाली ठाकुर, अतिरिक्त निदेशक मोहन दत्त और सभी उपायुक्त व जिला कार्यक्रम अधिकारी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से भेंट की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मल्लिकार्जुन खरगे से राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य में बाढ़ से हुई क्षति से अवगत करवाया तथा राज्य सरकार द्वारा चलाए गए राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने लाहौल-स्पिति जिला में लगभग 14100 फुट की ऊंचाई पर स्थित चंद्रताल में फंसे पर्यटकों के बचाव अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि राहत एवं बचाव कार्यों को समयबद्ध पूर्ण करने के लिए मंत्रिमण्डल के सहयोगियों ने स्वयं फील्ड में उतर कर सार्थक प्रयास किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए दृढ़ता से प्रयास कर रही है और बताया कि उन्होंने राज्य को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष भी मामला उठाया है। मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रभावित क्षेत्रों में स्वयं पहुंच कर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के लिए मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की। सुक्खू ने उन्हें अवगत करवाया कि उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपीनड्डा, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और वित्त मंत्री से भी भेंट कर राज्य के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदलने कहा कि यहां वर्तमान कांग्रेस सरकार पूर्णरूपेण संवेदनहीन सरकार बन चुकी है। चंबा के सलूणी में एक भयानक हत्या हुई। जनमानस उस हत्या के विरोध में खड़ा हुआ। चम्बा जिला में भय का माहौल, अशंका का महौल व्यापत रहा, परंतु सुखविंदर सिंह सूख्खू की सरकार ने संवेदनहीनता दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवार में जाने की जहमत तक नहीं उठाई। भाजपा ने कहा कि जहां प्रदेश में हत्याओं व बलात्कार जैसी अमानवीय कृत्यों का दौर चल रहा है, वहीं शिमला जिला के रोहडू में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। एक 12-15 साल के निर्धन अभावग्रस्त बालक को सरेबाजार नंगा किया जाता है निर्मम पिटाई की जाती है, जलालत यहीं नहीं रुकती उस अबोध बालक की आंखों में लाल मिर्च डालकर उसे अन्धा करने का प्रयास होता है, एक बालक जिसकी मां कुछ दिन पहले ही बीमारी से दम तोड़ देती है, पिता छोटी-मोटी दिहाड़ी लगाकर जिंदगी चलाता है उसके साथ पुलिस प्रशासन के नाक के नीचे भरे बाजार यह कुकृत्य होता है और सरकार मामले पर पर्दा डालने में जुट जाती है। 30-31 जुलाई की घटना और जब इसका वीडियों वायरल होता है अखबारों में खबरे लगती है उसके बाद पुलिस मामले को रफादफा करने के लिए कोशिश कर देती है, विडियों बनाने वालों को पुलिस थाने बुलाती है। भाजपा ने सुखविंदर सिंह सुख्खू सरकार से सवाल किया कि क्या यही व्यवस्था परिवर्तन है जहां गरीब के बच्चे की आंख फोड़ने का प्रयास होता है और कोई पूछने वाला नहीं है क्योंकि वह मजदूर का बच्चा है इसलिए उसके साथ कुछ भी अन्याय, कुछ भी शोषण हो सकता है यह पूरी तरह निन्दनीय है। भाजपा उस बच्चे की सुरक्षा उसके स्वास्थ्य की देखरेख उसके परिवार की चिन्ता करने के लिए सरकार को कहते हुए यह बताना चाहती है कि प्रभावशाली लोग सत्ता के करीबी लोग उस बालक के पिता के साथ कुछ भी अन्याय कर सकते है, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेवारी सरकार की होगी।
केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा चलाए जा रहे सांसद भारत दर्शन के पांचवे दिन हमीरपुर की 21 होनहार बेटियों का कारवां लखनऊ में है। इस दौरान बेटियां को उत्तर प्रदेश के ओजस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने का सुअवसर प्राप्त हुआ। उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर सांसद भारत दर्शन की मेधावी बेटियों ने लोक प्रशासन, राजनैतिक शुचिता, चरित्र व राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका की गुर सीखे। परिचर्चा के दौरान सीएम योगी ने हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की बेटियों की जिज्ञासाओं को बहुत ही सरलता व अपनेपन से शांत किया। योगी आदित्यनाथ द्वारा बेटियों को समय दिए जाने पर केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि एक अभिभावक की भांति बेटियों को स्नेह-आशीष देने के के लिए आपका हृदय की गहराइयों से आभार माननीय योगी जी। आपसे भेंट और मिला ज्ञान बेटियों के लिए जीवन पर्यंत अविस्मरणीय रहेगा। इसके बाद बेटियां सुप्रसिद्ध लोक गायिका मालिनी अवस्थी से भेंट करने गईं जहां उन्होंने लोकगीत व परंपराओं से जुड़ी अपनी जिज्ञासाओं को शांत किया। उत्तर प्रदेश विधानसभा स्पीकर सतीश महाना ने सांसद भारत दर्शन कार्यक्रम की बेटियों को विधानसभा आमंत्रित किया, जहां बेटियों ने पूरे विधानसभा का अवलोकन किया तत्पश्चात उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बेटियों को अपने आवास पर भोजन कराया। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के बेटियों ने स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के रीजनल सेेंटर का भी भ्रमण किया। इसके पश्चात सभी बेटियां लखनऊ स्थित आईआईएम लखनऊ गईं, जहां उन्होंने करियर, पढ़ाई व मैनेजमेंट से संबंधित ज्ञानवर्धन किया। इसके बाद सभी बेटियां सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट के भ्रमण पर भी गईं, जहां उन्होंने मेडिकल अनुसंधान के बारे में जानकारी ली।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह से भी की भेंट, कर्तव्य पथ का किया भ्रमण हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के ऊना ज़िले के 13 जिला परिषद सदस्य केंद्रीय सूचना प्रसारण व युवा कार्यक्रम व खेल मंत्री के आमंत्रण पर आज नई दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति महोदया द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राष्ट्रपति से ज्ञानवर्धक परिचर्चा के साथ-साथ सभी सदस्यों को राष्ट्र्रपति भवन के अवलोकन का भी अवसर प्राप्त हुआ। इसके पश्चात केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने सभी सदस्यों को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह जी से मिलवाया। गिरिराज सिंह ने सभी जिला परिषद सदस्यों से वार्तालाप कर अपने निजी अनुभव साझा किए और आने वाले भविष्य हेतु शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इसके बाद जिला परिषद सदस्य कर्तव्य पथ भ्रमण पर भी गए जहां सभी सदस्य प्रसन्न दिखे व इन अवसरों हेतु अनुराग ठाकुर का धन्यवाद किया।
भाजपा प्रवक्ता चेतन बरागटा ने जारी प्रेस बयान में कहा है कि सेब सीजन शुरू हो गया है, लेकिन सड़के बाधित हैं, जिस कारण बागवानों को अपना उत्पाद मंडियों तक पहुंचाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। कुछ क्षेत्रों में ऐसी हालत बनी हुई है कि बागवानों का सेब उनके बगीचे घर पर ही सड़ रहा है। बरागटा ने कहा कि पिछले हफ्ते से मौसम ठीक है, बावजूद इसके भी सरकार सड़को को बहाल करने में असमर्थ नजर आ रही है। सड़कों को बहाल करने का कार्य कछुआ चाल से किया जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। चेतन बरागटा ने कहा कि क्षेत्र की कई सड़कें ऐसी है जो बड़े वाहनों के लिए बाधित हैं। बसों के रूट पिछले 20 दिन से बंद पड़े हंै, जिस कारण आम जनता को सफर करने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। चेतन बरागटा ने कहा कि सेब बाहुल्य क्षेत्र की सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर बहाल करना चाहिए, ताकि बागवान अपनी उपज को मंडियों तक ले जा सकें। उन्होंने कहा कि जुब्बल कोटखाई विधानसभा क्षेत्र में इस समय सैकड़ों सड़कें अवरुद्ध हैं। चेतन बरागटा ने कहा कि जो सड़के पूर्णत क्षतिग्रस्त हंै, वहां पर वैकल्पिक मार्ग बनाने की सरकार को पहल करनी चाहिए, ताकि जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
किन्नर-कैलाश यात्रा-2023 15 अगस्त से 30 अगस्त तक आयोजित की जाएगी। यह जानकारी आज यहां उपमंडलाधिकारी कल्पा डॉ. मेजर शशांक गुप्ता ने यात्रा के सफल आयोजन को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने यात्रा के आयोजन को लेकर जिला के सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रियों के लिए यात्रा को सुरक्षित व सुगम बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूर्ण करें। उन्होंने पुलिस व होम-गार्ड के अधिकारियों को यात्रियों की सुरक्षा व आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में जवानों की तैनाती करने को कहा। इसके अतिरिक्त उन्होंने एक त्वरित प्रतिक्रिया दल का गठन करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान हर प्रकार की चिकित्सीय आवश्यकता को पूर्ण करें तथा यात्रा के अधिकतर स्थानों पर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध करवाएं। उन्होंने वन विभाग को यात्रा की सम्पूर्ण तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि वन विभाग द्वारा रास्ते का सुधारीकरण कार्य, मार्ग में सुगमता लाने व सी.सी.टी.वी कैमरा लगाने का कार्य सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जल शक्ति विभाग को यात्रा के दौरान पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भारी बारिश व प्रतिकूल मौसम के चलते यात्रा को देरी से शुरू किया गया है। इस वर्ष यात्रा 15 अगस्त, से आरंभ होगी तथा 30 अगस्त, 2023 तक चलेगी। उन्होंने बताया कि यात्रा के लिए पंजीकरण करवाना आवश्यक रहेगा तथा पंजीकरण 05 अगस्त, 2023 से आरंभ कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि यात्री ऑनलाईन या आफलाईन किसी भी माध्यम से पंजीकरण करवा सकते है। आफलाईन पंजीकरण के लिए जिला पर्यटन विभाग से सम्पर्क किया जा सकता है तथा ऑनलाईन पंजीकरण के लिए https://hpkinnaur.nic.in पर जाकर पंजीकरण किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन यात्रा के लिए कुल 350 व्यक्तियों की अनुमति रहेगी जिसमें 200 यात्रियों का पंजीकरण ऑनलाईन तथा 150 यात्रियों का पंजीकरण ऑफलाईन माध्यम से रहेगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष यात्रियों को मान्यता प्राप्त चिकित्सक से चिकित्सा प्रमाण-पत्र साथ लाना अनिवार्य रहेगा तथा चिकित्सा प्रमाण-पत्र जारी करने की अवधि यात्रा के 15 दिन पूर्व से अधिक न हो।
जिला शिमला के तहसील मुख्यालय टिक्कर में एक किशोर के साथ मानवता को शर्मशार कर देने वाली घटना सामने आई है। आरोप है कि पीड़ित किशोर के साथ एक दुकानदार ने पहले मारपीट की, फिर उसे नंगा कर उसकी आंखों में मिर्च डाल दी। इस दौरान बड़ी संख्या में मौके पर मौजूद लोग तमाशा देखते रहे और किसी ने भी किशोर को छुड़ाने की हिम्मत नहीं जुटाई। घटना 31 जुलाई की बताई जा रही है। पुलिस ने किशोर के पिता की शिकायत पर वीरवार को मामला दर्ज जांच शुरू कर दी है। पीड़ित किशोर नेपाल मूल के मजदूर का बेटा और मारपीट का आरोपी दुकानदार है। जानकारी के अनुसार नाबालिग की माता पहले से बीमार चल रही थी। दो दिन पहले ही पीड़ित की माता का बीमारी के कारण देहांत भी हो चुका है। बताया जा रहा कि नाबालिग ने टिक्कर बाजार की एक दुकान में घुसकर कुछ खाने-पीने का सामान चुराया था। अगले दिन पता चलने पर दुकानदार ने किशोर का बाजार में रास्ता रोककर मारपीट की। आरोप है कि पीड़ित किशोर के कपड़े उतारकर उसकी आंखों में मिर्च भी डाली गई। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि मामले को दबाने के पूरे प्रयास किए गए, लेकिन किशोर के पिता नरेश कुमार ने पुलिस में शिकायत कर दी। शिकायत में उन्होंने दुकानदार राहुल सोनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी ने बेटे के साथ मापरीट कर उसके कपड़े उतारे और आंखों में मिर्च डालकर बाजार में घुमाया। इस घटना के समय टिक्कर बाजार में दर्जनों लोग उपस्थित थे। डीएसपी रोहडू रविंद्र सिंह नेगी ने शिकायत की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच टिक्कर चौकी के हेड कांस्टेबल मदन सिंह को दी गई है।
भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने दिल्ली में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी। इस बैठक के दौरान कई संगठनात्मक विषयों पर चर्चा की गई, अविनाश राय खन्ना ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए भाजपा मजबूती से मैदान में उतरेगी और इसके लिए एक ठोस नीति बनाई जा रही है। आने वाले लोकसभा चुनाव में 2019 की गाथा फिर लिखी जाएगी, जब चारों सीटों पर भाजपा एक बार फिर ऐतिहासिक जीत दर्ज की करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पूरे प्रदेश भर में एक विशेष मुहिम शुरू की है, जिसके अंतर्गत सभी प्रदेश प्रभारी, सह प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष प्रत्येक बूथ स्तर के अध्यक्षों को व्यक्तिगत संपर्क करेंगे और उनका कुशलक्षेम जानेंगे। यह नीति संगठन को मजबूत करने के लिए उत्तम साबित होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता आधारित राजनीतिक दल है और कार्यकर्ता ही भाजपा की ताकत है, सभी नेता और कार्यकर्ता मिलकर 2024 के लक्ष्य को धयनार्थ करते हुए आगे बढ़ेंगे। हिमाचल प्रदेश में वर्तमान कांग्रेस पार्टी की लोकप्रियता घटती दिखाई दे रही है। जिस प्रकार से आपदा को वह संभालने में असफल साबित हुए हैं, यह जगजाहिर है। यह पहली बार हिमाचल प्रदेश में हुआ है कि सेब उत्पादकों को इतनी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, सड़के ठीक हो नही पाई और सेब मंडी तक पहुंच नहीं रहे हैं, इसका बागबानों को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है, जिसका लोकसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी को खामियाजा भुगतना पड़ेगा। जिस प्रकार केंद्र ने बढ़-चढ़कर हिमाचल प्रदेश को इस आपदा की घड़ी में संभाला है उसके लिए हम केंद्र नेतृत्व का धन्यवाद भी करते हैं। जनता को विश्वास हो गया है कि बिना पक्षपात के केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश का साथ दिया है, यह ही नहीं अनेकों योजनाओं में भी केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को योजनाओं के लिए प्रदान करने वाली राशि में कमी नहीं आने दी है। भाजपा जो कहती है वो करके दिखाती है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में 17 वर्षीय स्कूली छात्र हृदयांश खेड़ा के कविता संग्रह 'अंडर द पेल मूनलाइटÓ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने नवोदित कवि को उनके उनके प्रथम प्रकाशन के लिए बधाई दी और भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके लेखन कौशल से युवाओं को अपनी ऊर्जा रचनात्मक कार्यों में लगाने के लिए प्रेरणा मिलेगी। हृदयांश मदर्स इंटरनेशनल स्कूल नई दिल्ली में 12वीं कक्षा के छात्र हैं। यह काव्य संग्रह नौ विषयों को प्रस्तुत करता है जिसमें यथार्थवाद की दार्शनिक अवधारणा पर बल दिया गया है। यह संग्रह हर किसी को आत्मनिरीक्षण करने और साझा अनुभवों में सुख का आभास करने की प्रेरणा देता है। उनकी रचनाएं पाठकों को जो बताया गया है उस पर विश्वास करने के बजाय स्वतंत्र रूप से विचार करने का भी संदेश देती हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सूर्य प्रताप सिंह बांश्टू को चीन के चेंगदू में आयोजित विश्व विश्वविद्यालय खेलों की निशानेबाजी प्रतियोगिता की 50 मीटर पुरुष स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि उनकी इस जीत से देश गौरवान्वित हुआ है। सूर्य प्रताप सिंह बांश्टू ने चीन से लौटने के उपरांत अपने पिता एवं कोच वीरेंद्र सिंह बांश्टू के साथ आज नई दिल्ली में मुख्यमंत्री से भेंट की। सूर्य प्रताप सिंह बांश्टू ने आराधना शूटिंग क्लब रोहड़ू में प्रशिक्षण प्राप्त किया है जो भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) से मान्यता प्राप्त शूटिंग क्लब है। इससे पहले वे इसी स्पर्धा में मिस्र के काहिरा में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में कांस्य और जर्मनी के सुल्हे में आयोजित जूनियर विश्व कप में भी रजत पदक जीत चुके हैं।
हाटी समुदाय ने करार दी ऐतिहासिक जीत हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के गिरीपार में रहने वाला हाटी समुदाय अब अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल हो गया है। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने संशोधित अनुसूचित जनजाति विधेयक को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है। अब यह विधायक कानून बनेगा। हाटी समुदाय ने इसे ऐतिहासिक जीत करार दिया है। इसके लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन सिंह मुंडा, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ,केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर, हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, शांता कुमार, प्रेम कुमार धूमल, शिमला के सांसद एवं पूर्व अध्यक्ष भाजपा सुरेश कश्यप, पूर्व सांसद वीरेंद्र कश्यप, सांसद डॉ. सिकंदर कुमार, शिलाई के पूर्व विधायक बलदेव सिंह तोमर, भाजपा के प्रदेश नेतृत्व और राष्ट्रीय नेतृत्व का आभार जताया है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला का भी विशेष आभार जताया है। इस संबंध में हाटी विकास मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंगटा, मुख्य प्रवक्ता डॉक्टर रमेश सिंगटा ने कहा कि केंद्र सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति के बूते असंभव सा काम संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि अप्रैल महीने में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से मंच के पदाधिकारियों ने मुलाकात की थी इस मुलाकात के गहरे मायने निकाले जा रहे हैं। पिछले महीने 26 जुलाई को यह विधेयक राज्यसभा से पारित हुआ था और अब इस पर राष्ट्रपति ने अपनी सहमति दे दी है। इसे अब राजपत्र में प्रकाशित किया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के अथक प्रयास रंग लाए हैं। उनके सम्मान में रविवार को सिरमौर के हाटी शिमला में जुड़ेंगे और उनका स्वागत करेंगे,आभार जताएंगे। अध्यक्ष और मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि हाटी आंदोलन देशभर का ऐसा अनूठा आंदोलन रहा है, जहां हिंसा की एक भी घटना नहीं हुई। 56 वर्षों के संघर्ष का नतीजा सबके सामने आया है। आंदोलन की शुरुआत पिछले वर्ष महाखुमली के जरिए 1 जनवरी को रोनहाट से हुई थी। इसमें हजारों लोगों ने एसटी बनने का दृढ़ संकल्प लिया था। इसके बाद शिलाई, पझौता, संगड़ाह जैसे क्षेत्र में महाखुंबलिया हुई। इसके बाद पिछले वर्ष अप्रैल महीने में रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया में हाटी समुदाय की 14 जातियां और उपजातियां पंजीकृत हुई। आंदोलन की जीत का यह पहला पड़ाव था दूसरा पड़ाव तब आया जब सितंबर महीने में केंद्रीय कैबिनेट ने बड़ा फैसला लेते हुए हाथी को एसटी का दर्जा दे दिया इसके बाद दिसंबर महीने में लोकसभा में संशोधित एसटी विधेयक पारित हुआ। बेशक तब तयो ने किंतु परंतु लगाएं लेकिन मौजूदा सत्र में पिछले ही महीने 26 जुलाई को राज्यसभा ने भी बिल पर अपनी मुहर लगाई। पुरोधाओं के तौर पर दर्ज हो गया नाम आंदोलन को लीड करने वालों का नाम पुरोधाओं के तौर पर सिरमौर के इतिहास में अंकित हो गया है। इन्होंने रणनीतिकार और आंदोलनकारी दोनों की सशक्त भूमिका निभाई.. जब विरोधी प्रहार कर रहे थे तब हाटी समाज के लिए सुरक्षा कवच भी बने। इन्हें हाटी निर्माता के तौर पर भी याद रखा जाएगा....इनमें डॉक्टर रमेश सिंगटा, प्रदीप सिंगटा सबसे चर्चित रहे। निस्वार्थ भावना से अपने समाज के प्रति समर्पित रहे ऐसे चेहरे बिरले ही मिलते हैं।धरातल पर आंदोलन की न केवल पूरी स्क्रिप्ट लिखी बल्कि लोगों को हकों की लड़ाई के लिए शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र भी किया। जब जब संकट आता दिखा तब तक इन्होंने अग्रिम पंक्ति में आंदोलन की अगुवाई की। एक पेशेवर पत्रकार और दूसरे रिसर्च स्कॉलर हैं। इनके साथ-साथ डॉक्टर अमि चंद कमल, महासचिव कुंदन शास्त्री और उनकी टीम का योगदान भी अविस्मरणीय रहेगा। एकेडमिक इनपुट देने में अमित चंद कमल की बड़ी भूमिका रही। जबकि कुंदन सिंह शास्त्री कुशल रणनीतिकार माने जाते हैं। क्या बोले हाटी विकास मंच के पदाधिकारी हाटी विकास मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिंगटा, मुख्य प्रवक्ता डॉ. रमेश सिंगटा, महासचिव अतर सिंह तोमर प्रवक्ता जी एस तोमर , ठाकुर खजान सिंह, मदन तोमर, कपिल चौहान, दलीप सिंगटा, काकू राम ठाकुर, मुकेश ठाकुर, नीतू चौहान, शूरवीर ठाकुर, अनुज शर्मा, दिनेश कुमार, भीम सूर्यवंशी, अमित चौहान, पिंकू बिरसांटा, विक्की ठाकुर , कपिल कपूर, विपिन पुंडीर, भीम सिंह, बलबीर राणा, दिनेश ठाकुर, दीपक नेगी, प्रताप मोहन चौहान खदराई कपिल शर्मा,,लाल सिंह, श्याम सिंह, खजान सिंह ठाकुर,सुशील, आशु चौहान, सुरजीत ठाकुर, अमन ठाकुर, राकेश शर्मा, सुरेश सिंह, जय ठाकुर, ओमप्रकाश शर्मा, ओमप्रकाश ठाकुर, चंद्रमणि शर्मा, आत्माराम शर्मा, गोपाल ठाकुर, सचिन तोमर ,खजान ठाकुर, भरत पुंडीर ,दलीप सिंह तोमर, भीम सिंह तिलकान, कपिल शर्मा, सहित पवन शर्मा, रण सिंह ठाकुर, सतीश चौहान, दिनेश चौहान ने बड़ी जीत के लिए केंद्र का आभार जताया।
बीजेपी नेता कौल नेगी ने आज उपमंडल रामपुर के दुर्गम 15/20 क्षेत्र के ग्राम पंचायत सरपारा के अंतर्गत विभिन्न आपदा प्रभावित गांवों कान्धार, मलोआ, सुघा, कंधार, खुडना, शीलाभावी, सरपारा में घटनास्थल पर जाकर नुकसान का जायजा लिया। इस दौरान आर्याव्रत सोसाइटी रामपुर इकाई द्वारा उपरोक्त आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंदों को राहत के तौर पर राशन किट, कंबल व चादरें वितरित की गईं और प्रभावितों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। गौर रहे कि इन आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में भारी जल त्रासदी से हुई तबाही में 3 लोगों के दोमंजिला मकान जमीजोंद हुए हैं, 10 से अधिक मवेशी बाढ़ में बह गए, दो दर्जन घरों में दरारे आई हंै। कई लोग बेघर हुए है, साथ ही क्षेत्र में अन्य संपर्क मार्ग, आम रास्ते और स्थानीय लोगों की निजी संपत्ति सहित एक स्कूल व महिला एवं युवक मंडल भवनों और खेल मैदानों को भी भारी क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार एवं प्रशासन से निवेदन है कि आपदा प्रभावितों के राहत एवं पुनर्वास का काय युद्धस्तर पर किया जाए और अविलंब आवश्यक सेवाओं को बहाल कर प्रभावितों को यथाशीघ्र फौरी राहत एवं उचित मुआवजा प्रदान करें। इस मौके पर आर्याव्रत सोसाइटी रामपुर इकाई महामंत्री ओम बगई, आलोक नेगी, जीवन चौहान, किशोर परमार, दिनेश खमराल, जोबन दास, चंद्र प्रकाश जोशी विशेष रूप से मौजूद रहे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को उच्चतम न्यायालय द्वारा मानहानि मामले पर रोक लगाने के फैसले पर खुशी प्रकट करते हुए राहुल गांधी को बधाई दी है। उन्होंने इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज देश के लोकतंत्र की जीत हुई हैं। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं। आज सत्य की जीत हुई है।
बोले-कांग्रेस को देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की सजा पर सर्वोच्च न्यायालय से रोक लगने का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और अंत में सत्य की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संसद में लगातार केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों और विघटनकारी राजनीति के विरुद्ध आवाज उठा रहे थे, इसीलिए केंद्र सरकार ने उन्हें राजनीतिक रूप से प्रताड़ित करने का षड्यंत्र रचा। भारत जोड़ो यात्रा के सफल आयोजन से जनता की आवाज बन चुके राहुल गांधी की संसद सदस्यता केंद्र सरकार के इशारे पर जल्दबाजी में समाप्त कर उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया गया, लेकिन अब उन्हें सर्वोच्च न्यायालय ने राहत दे दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी अब जल्द ही संसद में जा सकेंगे और एक बार फिर नफरत की राजनीति के खिलाफ लोगों की आवाज को बुलंद करेंगे तथा जनता के मसलों को जोरदार ढंग से संसद में उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न सिर्फ कांग्रेस पार्टी के लिए अच्छा है बल्कि पूरा विपक्ष एक बार फिर राहुल गांधी के नेतृत्व में एकजुट होगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में 2024 के आम चुनावों में 'इंडियाÓ पूरी मजबूती के साथ भाजपा की दमनकारी नीतियों का मुकाबला करेगा।
हर अस्पताल में 6 एक्सपर्ट डॉक्टर किए जाएंगे नियुक्त हिमाचल में प्रदेश सरकार 69 आदर्श अस्पताल स्थापित करने जा रही हंै। हर विधानसभा क्षेत्र में एक आदर्श अस्पताल बनाया जाएगा। इसको लेकर शुक्रवार को प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर धनीराम शांडिल ने बताया कि इस साल के अंत तक 34 आदर्श अस्पताल स्थापित कर दिए जाएंगे। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से एक अस्पताल चयनित करके उसे आदर्श अस्पताल में बदला जाएगा। हर एक आदर्श अस्पताल में विभिन्न विभागों के 6 एक्सपर्ट डॉक्टर भी नियुक्त किए जाएंगे और इसको लेकर 34 डॉक्टरों की एक मुश्त टीम आने वाले दिनों में नियुक्त की जाएगी।
डॉ. यशवंत सिंह परमार के 117वें जन्म दिवस पर हिमाचल सरकार तथा विधानसभा सचिवालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम को विधानसभा सचिवालय के पुस्तकालय कक्ष में संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि डॉ. यशवंत सिंह परमार एक महान योद्धा थे। उनके बलिदान को हिमाचल कभी भूला नहीं सकेगा। कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए पठानिया ने कहा कि डॉ. परमार द्वारा प्रदेश को दी गई सौगातें सदियों तक याद जाएंगी। पठानिया ने कहा कि डॉ. परमार ने जहां 15 अप्रैल 1948 को हिमाचल निर्माण तथा 1 नवंबर 1966 को विशाल हिमाचल के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, वहीं 25 जनवरी, 1971 को हिमाचल प्रदेश को भारतीय गणराज्य का 18वां राज्य घोषित करने में निर्णायक भूमिका निभाई थी। पठानिया ने कहा कि डॉ. परमार सड़कों को हिमाचल की जीवन रेखा बताते थे। उन्हें मालूम था हिमाचल एक पहाड़ी राज्य है यहां सड़कों के विना विकास संभव नहीं है। इसलिए वह समय-समय पर केंद्र सरकार के समक्ष सिर्फ सडक और सडक के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहें। पठानिया ने कहा कि डॉ. परमार ने हिमाचल के लिए अनेकों लड़ाइयां लड़ी हैं, जिस वजह से आज हिमाचल का अस्तित्व कायम है। पठानिया ने कहा कि आज हिमाचल को फल राज्य मानते हैं जिसका श्रेय डॉ. यशवंत सिंह परमार को जाता है, जिन्होंने दूरदर्शिता का परिचय देते हुए हिमाचल प्रदेश में वानिकी एवं बागवानी विश्व विद्यालय की स्थापना की थी, जिस वजह से आज हिमाचल का सेव राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय है। कार्यक्रम के दौरान सभागार में मौजूद गणमान्य व्यक्तियों द्वारा जहासूचना एवं जन सम्पर्क विभाग द्वारा डॉ. यशवंत सिंह परमार पर तैयार किए गए वृतचित्र का अवलोकन किया गया। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष द्वारा डॉ. परमार के परिवारजनों को टोपी व मफलर पहनाकर सम्मानित किया गया।
हिमाचल निर्माता व प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार की 117वीं जयंती पर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पार्टी नेताओं ने उन्हें याद करते हुए अपने अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश के निर्माण में उनके उल्लेखनीय योगदान को याद करते हुए कहा कि डॉ परमार की बदौलत ही प्रदेश अस्तित्व में आया हैं। उन्होंने कहा कि डॉ परमार की दूरदृष्टि ,कूट नीति का ही परिणाम है जो आज हिमाचल प्रदेश पहाड़ी राज्यों के श्रेष्ट अग्रणी श्रेणी में जाना जाता हैं। कांग्रेस नेताओं ने डॉ परमार के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक ग्रामीण परिवेश में जन्मे डॉ परमार विलक्षण प्रतिभा के धनी थे जिन्होंने वकालत में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल कर प्रदेश के हितों का सरंक्षण किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश हमेशा उनका ऋणी रहेगा। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालो में मुख्य तौर पर पूर्व विधायक आदर्श सूद, चिरंजी लाल कश्यप,अमित नंदा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैनब चंदेल,कुसम्पटी ब्लॉक अध्यक्ष राम कृष्ण शांडिल, डॉक्टर मस्त शर्मा, भूपेंद्र कवंर, एसएस जोगटा, वीरेंद्र जसवाल, बलदेव ठाकुर, मोहन नेगी, यशपाल सिंह बनिता वर्मा, कमलेश ठाकुर, उमा मुदर्याल, वृंदा सिंह, वीर सिंह, सतपाल, जीत राम पवंर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हिमाचल के लिए विशेष आर्थिक पैकेज मांगा है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की और उन्हें हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से हुए भारी नुकसान के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री से हिमाचल को जल्द अंतरिम राहत राशि जारी करवाने का अनुरोध किया। साथ ही बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम भेजने पर उनका धन्यवाद किया।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं नैना देवी के विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि वीरवार को भाजपा विधायक दल की बैठक नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें हमारी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, संगठन मंत्री सिद्धातन और महामंत्री बिहारी लाल शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा विधायक दल की बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें विधायकों ने अपनी एक महीने की सैलरी राहत कोष में देना का वादा किया था, वह इस सैलरी को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में सौंपेगे। अभी मुख्यमंत्री दौरे पर है और जैसी जी वो वापस आएंगे उनको यह चेक सौंपा जाएगा। इस बैठक में पिछले दिनों भारी बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश में जो आपदा आई और उस आपदा के दौरान जिन लोगो की मृत्यु हुई है उनकी आत्मा की शांति के लिए और परमात्मा से कामना की गई की उनके परिजनों को इस दुख की घड़ी में शक्ति प्रदान हो। सभी ने 2 मिनट का मौन रखा और एक शोक प्रस्ताव भी पारित किया गया। प्रस्ताव में भाजपा विधायक दल ने कहा की जिस तरह से केंद्र सरकार और राष्ट्रीय नेतृत्व ने आपदा आने पर हिमाचल प्रदेश को पूर्ण सहयोग दीया उसके लिए विधायक दल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्र मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी और अन्य सभी मंत्रियों का धन्यवाद किया। विधायक दल ने माना कि यह त्रासदी बहुत बड़ी थी और सरकार को इस समय सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए थी, जिससे सभी नेताओं और जनप्रतिनिधियों के सुझाव सरकार तक पहुंचते। भाजपा विधायक दल का मानना है कि सरकार को मानसून सत्र जल्द से जल्द बुलाना चाहिए, क्योंकि सभी विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं और सभी धरातल की वास्तु स्थिति विधानसभा में रखना चाहते हैं, जिससे राहत कार्यों में तेजी आएगी।
पुलिस चौकी फागू के प्रभारी एएसआई नरेंद्र कुमार व उनकी टीम ने नाके के दौरान फागू में पिकअप सवार ठियोग के रहने वाले एक युवक सूरज शर्मा उर्फ विक्की (27) पुत्र स्व. श्याम लाल गांव धनौत डाकघर व तहसील ठियोग जिला शिमला तथा नीलम उर्फ शिवांगी (21) पुत्री स्व. रती राम गांव बड़ेल डाकघर व तहसील ठियोग जिला शिमला से 2.20 ग्राम हेरोइन बरामद की है। पुलिस ने इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।
भाजपा विधायक दल की बैठक शिमला में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इस बैठक में भाजपा पार्टी अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल, संगठन महामंत्री सिद्धार्थन, प्रदेश महामंत्री बिहारी लाल शर्मा विशेष तौर पर उपस्थित रहे। बैठक में प्रदेश में मानसून से पैदा हुई आपदा को लेकर चर्चा हुई। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं विधायक बलबीर वर्मा ने कहा भाजपा के सभी विधायकों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में भारी बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान का पक्ष विधायक दल के समक्ष रखा है। इस बारिश में हिमाचल प्रदेश को बहुत नुकसान हुआ है, जान माल का नुकसान हुआ है और हर परिवार प्रभावित हुआ है, जिसमें लोगों की निजी संपत्ति भी काफी नष्ट हुई है। सभी विधायकों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र की विस्तृत जानकारी नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल को दी। उन्होंने कहा भारत सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्र मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय जगत प्रकाश नड्डा का भाजपा विधायक दल ने इस आपदा की घड़ी में जो बड़ी मदद हिमाचल प्रदेश की है उसका धन्यवाद भी किया है। हाल ही में नितिन गडकरी ने अपने दौरे में हिमाचल प्रदेश को 400 करोड़ देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि विधानसभा का सत्र अगस्त के महीने में होता था पर इस बार जो सत्ता पक्ष में सरकार है वह इसको आगे खींच रही है, क्योंकि वह ना तो हमारा विरोध सहन कर पा रही है ना जनता का विरोध सहन कर पा रही है। बैठक में भाजपा विधायक विपिन परमार, बिक्रम ठाकुर,रणधीर शर्मा, त्रिलोक जमवाल, राकेश जमवाल, हंसराज, विनोद कुमार, रणवीर सिंह, बलबीर वर्मा, प्रकाश राणा, पवन काजल, सतपाल सत्ती, अनिल शर्मा, जीत राम कटवाल,इन्दर सिंह गाँधी, दीप राज, डी एस ठाकुर , सुरेंदर शौरी,दिलीप ठाकुर, पूर्ण चंद, रीना कश्यप, लोकेन्द्र सिंह उपस्थित रहे।
बाहरा विश्वविद्यालय के होटल मैनेजमेंट एवं टूरिज्म विभाग द्वारा एक दिवसीय वाइन टेस्टिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला एक दिन तक होटल मैनेजमेंट विभाग के रेस्टोरेंट में चली। इसमें मुख्य अतिथि सोमेलियर मुकेश सुला वाइन वाईन्यार्ड्स उपस्थित रहे। बाहरा विश्वविद्यालय पहुंचने कुलपति डॉ. किरण अरोड़ा व रजिस्ट्रार विनीत कुमार ने मुख्य अतिथि को शाल व हिमाचली टोपी पहनाकर उनका स्वागत किया गया। उन्होंने विभिन्न-विभिन्न तरीक़ों से विस्तारपूर्वक कार्यशाला में अलग-अलग एक्सपेरिमेंट करवाकर सभी विद्यार्थियों को अछे से समझाया। उन्होंने वाइन बनाने के तरीक़ों के बारे में भी बताया।उन्होंने बहुत सी वाइन के प्रकार होटल मैनेजमैंट के विद्यार्थियों को बताए। होटल मैनेजमेंट एवं टूरिज़्म विभाग के विभागाध्यक्ष डाक्टर वैभव वर्मा ने बाहरा विश्वविद्यालय आने पर उनका धन्यवाद किया। इस अवसर पर कुलपति बाहरा विश्वविद्यालय डाक्टर किरण अरोड़ा, रजिस्ट्रार विनीत कुमार, डायरेक्टर मार्केटिंग एंड एडमिशन अनुराग अवस्थी, होटल मैनेजमेंट विभाग के सभी प्राध्यापक व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भेंट की। मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री से स्पिति घाटी के रंगरीक में सामरिक दृष्टि से हवाई पट्टी के निर्माण का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह स्थान उत्तरी सीमा से 50 किलोमीटर की हवाई दूरी पर स्थित है और स्पिति घाटी के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग 505 के अतिरिक्त अन्य कोई सम्पर्क साधन नहीं है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से गोला बारूद डिपो पोवारी को स्थानांतरित करने का भी आग्रह किया। उन्होंने अवगत करवाया कि इसके दृष्टिगत दो वैकल्पिक स्थलों की पहचान की गई है। उन्होंने उचित कार्यवाही के लिए आग्रह किया और कहा कि राज्य सरकार भूमि उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि 450 मेगावाट क्षमता की शोंगटोंग कड़छम जल विद्युत परियोजना इस डिपो के ठीक सामने सतलुज नदी के बाएं किनारे पर स्थित है और कहा कि सिल्ट फ्लशिंग टनल का उत्खनन का कार्य गोला-बारूद डिपो की पाबंदियों के कारण आउटलेट पोर्टल के बजाए इनलेट पोर्टल से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस डिपो के स्थानांतरित होने तक नियंत्रित विस्फोटन प्रणाली निर्धारित करने के लिए इस मामले पर सेंटर फॉर फायर एक्सप्लोसिव्स एंड एनवायरमेंट सेफ्टी के साथ चर्चा की गई है ताकि राज्य सरकार उत्खनन का कार्य आउटलेट पोर्टल के माध्यम से भी कर सके। मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों के गांवों को जोड़ने के लिए नई सड़कों के निर्माण के अलावा सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा बनाए गए राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का भी आग्रह किया। उन्होंने पुरानी हिंदुस्तान-तिब्बत सड़क के पुनर्विकास, ज्यूरी से भाबानगर तक समानांतर स्टेऊच विकसित करने, खाब-लियो-चांगो सड़क को विकसित करने तथा भाबा-मुद सड़क पर भाबा टॉप के नीचे टनल बनाने पर चर्चा की। इससे काजा और शिमला के मध्य दूरी 70 किलोमीटर कम हो जायेगी। उन्होंने मध्यवर्ती सड़कें विकसित करने पर भी बल दिया। रक्षा मंत्री ने राज्य को हरसंभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।


















































