सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र के लोगों के पांच दशकों का शांतिपूर्ण संघर्ष लाया रंग, अब बिल जाएगा राष्ट्रपति के पास हिंदुस्तान की सबसे बड़ी पंचायत संसद भवन से सिरमौर जिला के गिरिपार क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी और अच्छी खबर आई है। बुधवार को चर्चा के बाद राज्यसभा में गिरिपार क्षेत्र का हाटी समुदाय जनजातीय संशोधन बिल को पारित हो गया है। लोकसभा में यह बिल पहले ही पारित हो चुका था। इस खबर के बाद गिरिपार क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। लोगों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है और इस ऐतिहासिक फैसले के लिए केेंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और राज्यसभा के सांसद और जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा का तहेदिल से आभार प्रकट किया है। गौर हो कि बीते मंगलवार को छत्तीसगढ़ के 12 समुदाय के एसटी संशोधन बिल को पास करने के बाद हिमाचल प्रदेश के गिरिपार क्षेत्र के लोगों की उम्मीदें और अधिक बलवान हो गई थीं कि बुधवार को उनका संशोधन बिल भी पास होगा। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी हाटी समुदाय जनजातीय संशोधन बिल का समर्थन किया था। बुधवार को दोपहर दो बजे के बाद हाटी समुदाय को हिमाचल प्रदेश की अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने के बिल पर चर्चा शुरू हुई। हिमाचल के राज्यसभा सासद प्रोफेसर सिकंदर कुमार ने हाटी समुदाय के बारे में जानकारी के साथ-साथ पचास वर्ष के शांतिपूर्ण संघर्ष के बारे में बताया। उसके बाद अन्य सांसदों ने भी इसका समर्थन किया। गौर हो कि हाटी समिति के पदाधिकारियों ने मॉनसून सेशन शुरू होने से पहले ही कहा था कि हाटी समिति को पूरा भरोसा है कि यदि राज्यसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से चली तो हिमाचल प्रदेश जनजातीय संशोधन बिल में हाटी समुदाय को भी जनजाति का संवैधानिक अधिकार मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। हाटी समीति केंद्रीय कार्यकारिणी के अध्यक्ष डॉ. अमीचंद कमल और महासचिव कुंदन सिंह शास्त्री ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। क्षेत्र के लोगों का पांच दशकों से अधिक का शांतिपूर्ण संघर्ष आज उस मुकाम पर पंहुच गया है जहां से हम बहुत जल्द अपनी मंजिल हासिल कर लेंगे। इसके लिए केंद्र की मोदी सरकार सहित प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से इस संघर्ष में सहयोग देने वालों का समिति आभार प्रकट करती है। पिछली बार ऐसे रुकी प्रक्रिया इसी वर्ष फरवरी माह में केंद्रीय हाटी समिति का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय जनजाति मंत्री अर्जुन मुंडा और राज्य मंत्री रेणुका सिंह से मिला था जिसमें अर्जुन मुंडा ने विश्वास दिलाया था कि हाटी समुदाय को जनजाति का अधिकार दिलाना हमारी प्राथमिकता है,लेकिन फरवरी का संसद सत्र विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ा और 5 बार कार्य सूची में आने के बावजूद भी पास नहीं हो सका।
हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आज दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट की। हिमाचल प्रदेश में बाढ़ आपदा के चलते सड़को और राष्ट्रीय राजमार्गों के आधारभूत ढांचे को सबसे ज्यादा क्षति पहुंची है। उन्होंने कहा कि गडकरी को प्रदेश में हुए इस नुकसान की जानकारी दी और उनसे हिमाचल में आकर स्थिति का जाएजा लेने आग्रह किया। उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए केंद्रीय मंत्री ने प्रदेश को हर उचित सहायता देने का आश्वासन दिया।
हिमाचल प्रदेश ने दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर अपनी एक अलग पहचान स्थापित की है। यहां की प्राकृतिक खूबसूरती के चलते एक बार पुन: हिमाचल देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभरा है। वर्ष, 2023 में मीलपत्थर स्थापित करते हुए हिमाचल ने छह माह के भीतर राज्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज कर एक करोड़ का आंकड़ा पार किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस उपलब्धि का श्रेय पर्यटन संबंधी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के राज्य सरकार के अथक प्रयासों को दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार शुरू से ही प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है, जिससे पर्यटकों की संख्या में आशातीत वृद्धि हुई है। जून, 2023 तक राज्य में आगंतुकों की कुल संख्या एक करोड़ छह हजार का आंकड़ा पार कर चुकी है, जिनमें 99,78,504 देशी और 28,239 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में हर मौसम पर्यटन के लिए अनुकूल होने से वर्षभर पर्यटक हिमाचल पहुंचते हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रदेश ने पर्यटकों का ध्यान आकर्षित किया है। दुनियाभर के यात्री यहां की मनमोहक वादियों का आनन्द लेने लाखों की संख्या में हर वर्ष यहां आते हैं। प्रदेश में आने वाले पर्यटकों के आंकड़ेे और इसमें लगातार दर्ज की जा रही वृद्धि पर्यटन संबंधी अधोसंरचना के विकास में सरकार के अथक प्रयासों को भी बयां करती है। वर्ष 2018 में लगभग 87 लाख देशी और 2 लाख विदेशी पर्यटक हिमाचल आए, वहीं वर्ष 2019 में 88.57 लाख देशी और लगभग 2 लाख विदेशी पर्यटक यहां पहुंचे। वर्ष 2020 में 21.63 लाख देशी और 41,803 विदेशी पर्यटक यहां आए, वर्ष 2021 में 19.73 लाख देशी और 2843 विदेशी पर्यटक प्रदेश भ्रमण पर पहुंचे। वर्ष 2022 में 86.35 लाख देशी पर्यटक यहां भ्रमण पर जाए जबकि विदेशी पर्यटकों की संख्या 7032 रही। प्रदेश सरकार हिमाचल में पर्यटन की अपार संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए साहसिक, धार्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन अधोसंरचना को विकसित करने के दृढ़ प्रयास कर रही है और भविष्य में सालाना पांच करोड़ पर्यटकों के स्वागत का महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए, राज्य सरकार जिला कांगड़ा को प्रदेश की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित कर रही है। इसके लिए सरकार ने 3000 करोड़ रुपये की एक महत्त्वाकांक्षी योजना भी तैयार की है। इस योजना के तहत सड़क और हवाई संपर्क सुविधाओं को सुदृढ़ करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। पर्यटन संबंधी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सरकार कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार और सभी जिलों में हेलीपोर्ट स्थापित करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल की पर्यटन दृष्टि के केंद्र में इसकी निरंतरता निहित है और राज्य सरकार का लक्ष्य सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त वातावरण सुनिश्चित करते हुए हरित पर्यटन को बढ़ावा देना है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। पर्यटन क्षेत्र प्रदेश की आर्थिकी की रीढ़ है और इसके माध्यम से प्रदेश के हजारों परिवारों को प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से आजीविका प्राप्त होती है। बुनियादी ढांचे के विकास और अपनी प्राकृतिक सुंदरता को और बेहतर ढ़ंग से प्रदर्शित करने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए नई प्रतिबद्धता के साथ, हिमाचल प्रदेश एक उत्कृष्ट वैश्विक पर्यटन स्थल बनने की राह पर अग्रसर है। दूर-दूर से यात्री यहां के मनमोहक नजारों का आनन्द लेने आते हैं, जिससे प्रदेश के पर्यटन उद्योग का भविष्य पहले से कहीं अधिक उज्ज्वल नजर आता है।
पैरा-एथलेटिक्स वर्ल्ड चैंपियनशिप-2023 में ऊंची कूद स्पर्धा में रजत पदक विजेता निषाद कुमार ने मंगलवार देर सायं मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से शिष्टाचार भेंट की। सीएम सुक्खू ने निषाद कुमार को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि वह प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। निषाद की असाधारण प्रतिभा की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपनी प्रतिभा के बल पर वैश्विक स्तर पर प्रदेश का नाम रौशन किया है। उन्होंने अपने दृढ़ संकल्प और लक्ष्य प्राप्ति के लिए अडिग रहने की भावना से युवाओं के समक्ष एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। निषाद कुमार ने वर्ष 2020 में टोक्यो पैरालंपिक में भी रजत पदक जीता है। मुख्यमंत्री ने भविष्य में होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में निषाद को सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर विधायक चैतन्य शर्मा और सुदर्शन सिंह बबलू भी उपस्थित थे।
सेब कलेक्शन सेंटर समय पर न खुलने से बागवान सकते में आ गया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता चेतन बरागटा ने जारी विज्ञप्ति में कहा कि सेब बहुल्य क्षेत्रों में अभी तक सेब कलेक्शन सेंटर नहीं खुले हैं, जिस कारण बागवानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारी बरसात के कारण बागवानों के सेब बगीचों की जमीन धसने से पौधे गिर रहे हंै और सेब ड्रॉप हो रहा है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि बागीचों में पतझड़ की समस्या विराट रूप ले चुकी हैं। इस कारण भी बागवानों के बहुत सेब झड़ रहे हंै। कई बागवानों ने तो सेब की बोरियां भर कर अपने घरों में रखी है, जो अब सड़ने लग गई हैं। बरागटा ने कहा कि बार-बार आग्रह करने पर भी उद्यान विभाग पतझड़ से बचने के लिए बागवानों को भरपूर मात्रा में दवाइयां उपलब्ध नहीं करवा पा रहा है। यह एक चिंता का विषय है। सेब सीजन शुरू हो गया है, पर सड़कों की स्थिति ठीक नहीं है। अब परेशानी इस बात की है कि बागवान अपने उत्पाद मंडियों तक पहुंचाएं तो कैसे। सड़कों के सुधारीकरण का कार्य कछुआ चाल से चल रहा है। क्षेत्र में स्थिति ये बनी हुई है कि आम जनता मूलभूत सुविधा जैसे बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जूझ रही है। चेतन बरागटा ने प्रदेश मुख्यमंत्रीसे मांग की है कि बागवानों के लिए शीध्र,अतिशीघ्र सेब कलेक्शन सेंटर खोले जाएं।
ग्रीनको फाउंडेशन के महाप्रबंधक अनूप बनयाल ने गत सायं ग्रीनको फाउंडेशन की ओर से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए तीन करोड़ रुपये का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि इस तरह के अंशदान आपदा की घड़ी में प्रभावितों की सहायता के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर भी उपस्थित थे।
शिमला जिले के रामपुर उपमंडल की सरपारा पंचायत के कंधार गांव में देर रात दो बार बादल फटने से सेब के बगीचों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। कई मकान बह गए हैं। मकानों में पानी घुस गया है। जिससे लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, रामपुर उपमंडल की सरपारा पंचायत के कंधार गांव में देर रात दो बार बादल फटने से सेब के बगीचों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ आने से प्राथमिक पाठशाला का भवन, युवक मंडल का भवन और अन्य लोगों के मकान बह गए हैं। इसके अलावा बाढ़ में गाय, बैल, भेड़-बकरियां भी बह गईं। वहीं कई सेब के बगीचों में पानी भर गया है। जानकारी के अनुसार, देर रात अचानक 11 बजे बादल फटा और लोगों ने भाग कर अपनी जान बचाई लेकिन मकानों और बगीचों को काफी नुकसान हुआ है। इसके बाद फिर तीन बजे बादल फटने से आई बाढ़ ने तबाही मचा कर रख दी। सरपारा पंचायत के प्रधान मोहन कपाटिया ने बताया कि सरपारा पंचायत के कंधार गांव में बादल फटा है। उन्होंने कहा कि सरपारा गांव का सपंर्क देश-दुनिया से कट गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर जाकर स्थिति की जायजा लेने के बाद प्रभावितों को तुरंत राहत दी जाए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। इसमें विभिन्न विभागों एवं संस्थानों में करीब 200 पद भरने की मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना आरंभ करने पर निर्णय लिया गया। इस योजना के माध्यम से राज्य के सभी जिलों में स्थित बंजर चोटियों एवं पहाड़ियों को शामिल करते हुए राज्य में हरित आवरण को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त तीखी ढलानों में भूक्षरण इत्यादि पर भी रोक लगाई जा सकेगी। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रधान मुख्य अरण्यपाल, वन सह वन बल प्रमुख की अध्यक्षता में एक कार्यबल का भी गठन किया जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि चयनित क्षेत्रों का सात वर्षों तक रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा और पौधरोपण तथा रखरखाव का यह कार्य आउटसोर्स आधार पर किया जाएगा, जिसमें स्थानीय निवासियों को भी शामिल किया जाएगा। बैठक में कुछ शर्तों के साथ हिमाचल प्रदेश नौतोड़ नियम, 1968 को दो वर्षों के लिए कार्यान्वित करने का भी निर्णय लिया गया। यह क्षेत्र नेशनल पार्क, अभयारण्य, संरक्षित क्षेत्र (कंजर्वेशन रिजर्व), सामुदायिक संरक्षित (कॉम्यूनिटी रिजर्व), वन संरक्षित, डीपीएफ के अन्तर्गत नहीं होना चाहिए। नौतोड़ के लिए प्रस्तावित भूमि में खड़े पेड़ों की संख्या दो से अधिक नहीं होनी चाहिए। यह भूमि केवल घरेलू उपयोग के लिए ही उपलब्ध करवाई जाएगी और संबंधित व्यक्ति की किसी भी प्रकार के वन अपराधों में संलग्नता नहीं होनी चाहिए। मंत्रिमंडल ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के दृष्टिगत राजस्व विभाग में परियोजना प्रबंधन इकाई की स्थापना तथा इसके लिए विभिन्न श्रेणियों के 14 पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने मंडी जिला के धर्मपुर एवं पधर में नए स्थापित सिविल कोर्ट तथा नूरपुर, देहरा, पालमपुर, पावंटा साहिब और रोहड़ू में नव स्थापित अतिरिक्त ज़िला एवं सत्र न्यायालय में सहायक जिला न्यायवादी के पद सृजित करने तथा पोस्को कोर्ट और सीबीआई कोर्ट में उप जिला न्यायवादी के सात पद सृजित करने को स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने राज्य में लोकमित्र केंद्रों के माध्यम से प्रदत्त सेवाओं के लिए ली जाने वाली राशि के युक्तिकरण को भी स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने इंदिरा गांधी राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय शिमला में ट्रॉमा सेंटर और इमरजेंसी मेडिसन विभाग को कार्यशील करने तथा रोगियों की सुविधा के दृष्टिगत नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टॉफ के अतिरिक्त 136 पद सृजित कर भरने का भी निर्णय लिया। इससे संबंधित सभी छह विभागों न्यूरोसर्जरी, रेडियोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, अनेस्थिसिया, ऑर्थोपेडिक और जनरल सर्जरी में तीन चरणों में चौबीसों घंटे सेवाएं सुनिश्चित हो सकेंगी। राज्य के नगर परिषदों और नगर पंचायतों में विभिन्न श्रेणियों के 87 पद भरने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात विशेष पुलिस अधिकारियों के मानदेय में 500 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी करने का भी निर्णय लिया। बैठक में शहरी क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों का समुचित रिकॉर्ड तैयार करने के दृष्टिगत हिमाचल प्रदेश नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में परिवार रजिस्टर का रखरखाव नियम, 2023 के प्रारूप को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस ने किसानों व बागवानों की लंबे समय से लंबित मांगों व समस्याओं को हल करने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू व राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया है। आज राजीव भवन शिमला में राज्य किसान कांग्रेस के अध्यक्ष सोहन वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के बाद किसान कांग्रेस के प्रवक्ता रविंद्र सिंह कंवर ने जारी बयान में कहा कि प्रदेश के किसान व बागवान बहुत लम्बे अरसे से कृषि उपकरणों व दवाइयों पर उपदान बहाल करने, सेब की बिक्री प्रति किलो के हिसाब से करने, की मांग कर रहे थे। उन्होने कहा कि राज्य सरकार ने इन मांगों को लागू करके किसानों व बागवानों के हित में सराहनीय फैसला लिया है। रविंद्र सिंह कंवर ने कहा कि एचपीएमसी का सेब खरीददारी में भागीदार बनाने का राज्य सरकार का फैसला सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इस से जहां मार्किट में प्रतिस्पार्घा बढ़ेगी वही बागवानों को उनकी फसल के अच्छे दाम भी मिलेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश किसान कांग्रेस इस की लंबे समय से मांग कर रही थी। किसान कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं में हुई क्षति की पूर्ति के लिए राहत राशि में कई गुणा बढ़ोतरी कर प्रभावितों को हर संभव मदद देने का सराहनीय काम किया है जिसके लिए किसान कांग्रेस मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करती है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा में लोगों को राहत पंहुचाने के लिए राज्य सरकार ने मनरेगा के तहत प्रभावितों को एक लाख रुपये तक की राहत राशि देने का भी सराहनीय फैसला लिया है जिससे प्रदेश के हजारों परिवार लाभांवित होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मुख्य सड़को सहित सम्पर्क सड़कों को खोलने के लिए युद्व स्तर पर कार्य प्रारम्भ कर दिये है जों कि सराहनीय कदम है। रविन्द्र कंवर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस इन सभी फैसलों को लागू करने के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करती है। प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस ने राज्य सरकार के समक्ष इन सभी मुद्दों को उठाया था।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई ने बताया कि 24 जुलाई को 1320 मेवा के खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश के स्टेशन ट्रांसफार्मर की सफलतापूर्वक चार्जिंग की गई। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि एचडीसीआईएल के लिए एक ऐतिहासिक है, जो परियोजना को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। विश्नोई ने इस बात पर जोर दिया कि यहचार्जिंग समग्र परियोजना कमीशनिंग के लिए विभिन्न मुख्य और सहायक उपकरणों को चालू करने के लिए निर्बाध विद्युतआपूर्ति प्रदान करने के लिए बहुतआवश्यक है। उन्होंने आगे बताया कि स्टेशन ट्रांसफार्मर-1, 400 केवी पावर ग्रिड और सहायक विद्युत आपूर्ति आवश्यकता के मध्ययएक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह 120 एमवी क्षमता थ्री फेज ट्रांसफार्मर है। यह ऑन लोड टैप चेंजर के प्रावधान के साथ 400केवी वोल्टेज को 11केवी स्तर तक कम कर रहा है। साथ ही श्री विश्नोई ने बताया कि अत्याधुनिक स्टेशन ट्रांसफार्मर की आपूर्ति मैसर्स बीएचईएल-भोपाल यूनिट द्वारा की गई है। विश्नोई ने कहा कि यह उपलब्धि एक उत्प्रेरक के रूप में काम करेगी, जो परियोजना को तेजी से पूरा करने के लिए आवश्यक गति को ऊर्जा प्रदान करेगी। इस चार्जिंग ने संयंत्र की अन्य महत्वपूर्ण प्रणालियों को और अधिक शीघ्रचालू करने का मार्ग प्रशस्त किया है। यह परियोजना के पूर्णहोने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और फ़रवरी 24 तक सीओडी प्राप्त करने के लिए आगे की प्रगति और सफलता के लिए मार्ग प्रशस्त करता है। विश्नोई ने पूरी टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की टीम को बधाई दी कि यह महत्वपूर्ण उपलब्धि राष्ट्रीय थर्मल इंजीनियर दिवस के अवसर पर हुई है। यह ऐतिहासिक कार्य कुमार शरद, कार्यपालक निदेशक (परियोजना-केएसटीपीपी) एवं आरएमदुबे, महाप्रबंधक (विद्युत) तथाटीएचडीसीआईएल, एनटीपीसी और बीएचईएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर तथा दुर्गियाना मंदिर में शीश नवाया और वाघा बॉर्डर का दौरा किया। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल भी उनके साथ थी। राज्यपाल ने स्वर्ण मंदिर की परिक्रमा की और गुरु सेवा में भी भाग लिया। राज्यपाल को मंदिर के सूचना कार्यालय में सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर मीडिया से अनौपचारिक बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि इस पवित्र स्थल की यह यात्रा अविस्मरणीय है और यहां सभी को सेवा भाव व आनंद की अलग ही अनुभूति होती है। श्री शुक्ल ने दुर्गियाना मंदिर में पूजा-अर्चना की और दुर्गियाना ट्रस्ट के सदस्यों द्वारा उनका सम्मान किया गया। इसके उपरांत राज्यपाल ने जलियांवाला बाग का भी दौरा किया और १३ अप्रैल, १९१९ को इस स्थल पर अपनी मातृभूमि के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि उनके सर्वोच्च बलिदान को आने वाली पीढ़ियां हमेशा याद रखेंगी साथ ही देश की संप्रभुता की रक्षा करने के लिए हमेशा प्रेरित करती रहेंगी।
कांग्रेस संगठन महामंत्री रजनीश किमटा ने भाजपा नेताओं पर आरोप लगाया है कि वे बाढ़ से उत्पन्न स्थिति को लेकर लोगों को गुमराह करने का असफल प्रयास कर रहा हैं। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू स्वयं राहत और बचाव कार्यों की दैनिक रिपोर्ट लेकर उसकी निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के सभी नेता, पदाधिकारी व कार्यकर्ता एकजुटता के साथ प्रभावित लोगों की हर संभव सहयोग कर रहे हैं। रजनीश किमटा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट कर उन्हें चौपाल विधानसभा क्षेत्र में प्रारकृतिक आपदा से हुए नुकसान की पूरी जानकारी दी। उन्होंने मुख्यमंत्री को चौपाल क्षेत्र में अनेक संपर्क सड़कों की खस्ता हालत की जानकारी देते हुए कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने इस क्षेत्र की घोर उपेक्षा की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के भाजपा विधायक अपना दायित्व निभाने में असफल रहे हैं और बर्तमान में अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। किमटा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से कहा कि इस क्षेत्र में संपर्क सड़कों के सुधार की बहुत ही जरूरत है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस क्षेत्र में सड़कों के सुधार के लिए लोक निर्माण विभाग व खंड विकास अधिकारी को अतिरिक्त फंड जारी किया जाए जिससे क्षतिग्रस्त सड़को व सरकारी भवनों का पुन:निर्माण जल्द हो सकें। उन्होंने कहा कि यहां किसानों व बागवानों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है, इसलिए इन्हें भी आर्थिक मदद दी जानी चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता महेंद्र धर्माणी ने कहा की हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार व संगठन के भीतर भारी अंतर्कलह एवं तालमेल की कमी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, जिसका खामियाजा हिमाचल प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है। धर्माणी ने कहा की कांग्रेस सरकार के युवा मंत्री विक्रमादित्य सिंह लगातार अपने बयानों से यू टर्न ले रहे हैं, पहले वह बड़े मुद्दों के ऊपर सरकार को लपेटते हैं और उसके बाद जब कांग्रेस के युवा नेता पर दबाव बनता है तो वह अपने बयान से यू-टर्न लेने पर मजबूर हो जाते हैं। सरकार के युवा मंत्री ने माना की सरकार में और अफसरों के बीच तालमेल की कमी है , जोकि स्पष्ट है और इसके बारे में हिमाचल प्रदेश के कृषि मंत्री ने भी बयान दिया है कि तालमेल के बगैर सरकार नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि हाल ही में कांग्रेस पार्टी की अध्यक्षा प्रतिभा सिंह केंद्रीय नेतृत्व से मिली और वहां पर उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार और संगठन के बीच तालमेल नहीं है। पूरे आपदा कि कठिन घड़ी में मुख्यमंत्री कांग्रेस की अध्यक्षा को अपने साथ लेकर ही नहीं गए। प्रतिभा ने कहा की 7 महीने बीत गए हैं और 7000 करोड का लोन इस सरकार ने ले लिया है इससे प्रदेश की वित्तीय स्थिति बिगड़ी है। कांग्रेस अध्यक्ष ने माना कि मंत्रिमंडल में कांगड़ा व बिलासपुर के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने कहा की सेब के मामले में भी पहले मंत्री कुछ बोलते थे, विधायक कुछ और मुख्यमंत्री कुछ और बोलते थे। इसके कारण हिमाचल के बागवानी को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। धर्माणी ने कहा की इस तालमेल की कमी का खामियाजा कौन भुगत रहा है? इस तालमेल की कमी का खामियाजा निश्चित रूप से हिमाचल की जनता को भुगतना पड़ रहा है। किसी भी प्रकार के निर्णय स्पष्ट रूप से जनता के समक्ष आ ही नहीं पा रहे हैं और जो सरकार से जनता को सुविधा मिलनी चाहिए वह मिल नहीं पा रही है। आज कांग्रेस पार्टी अपनी किसी भी गारंटी पर खरी नहीं उतर पा रही है। जिन वायदों को करके काग्रेस पार्टी सत्ता में आई, आज हिमाचल प्रदेश की जनता उन वायदों का पूरा होने का इंतजार कर रही है। कहां गए वह वायदे, आज जगह-जगह घर-घर में यही चर्चा है। भारतीय जनता पार्टी का मानना है कि कांग्रेस के युवा मंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्षा ने जिस प्रकार सरकार को कटघरे में खड़ा किया है वह ठीक है और सरकार का दायित्व बनता है कि वह कांग्रेस के नेताओं के लगाए गए आरोपों का जवाब जनता को दे।
महाविद्यालय संजौली में एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं द्वारा मणिपुर हिंसा को लेकर केंद्र की मोदी सरकार व मणिपुर राज्य सरकार को गेरा गया। एनएसयूआई के ज़िला शिमला के उपाध्यक्ष नितिन देष्टा ने मणिपुर घटना पर जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। यदि केंद्र व मणिपुर राज्य सरकार इस विषय को गंभीरता से नहीं लेगी तो एनएसयूआई इस पर उग्र से उग्र आंदोलन करने से भी नहीं कतरायगी। इस दौरान जिला शिमला एनएसयूआई के महासचिव मन्नत मेहता भी मौजूद रहे औश्र उन्होंने भी कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस कड़ी में संजौली महाविद्यालय के सभी कार्यकर्ता परिसर महासचिव सिमरन नेगी उपाध्यक्ष राजवीर सिंह निखिल, प्रियांशु, समीक्षा, संयम आदि मौजूद रहे।
निगम भंडारी बोले- केंद्र ने देश के बॉर्डर में बसे इलाकों के साथ की बेइंसाफी केंद्र सरकार के द्वारा पारित वन संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2023 का युवा कांग्रेस ने विरोध किया है। युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पारित वन संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2023 से अंतर्राष्ट्रीय सीमा के 100 किलोमीटर दायरे तक के क्षेत्र को सुरक्षा और वन संरक्षण के नाम पर अपने अधिकार क्षेत्र में लाने का केंद्रीय सरकार का निर्णय किन्नौर समेत देश के बार्डर में बसे इलाकों के साथ बेइंसाफी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को ऐसा कोई कानून नहीं बनाना चाहिए जहां स्थानीय लोगों की मज़ीर् के बिना उनके क्षेत्र में कोई भी काम करने का अधिकार केंद्र सरकार अपने पास सुरक्षित रखे। नेगी निगम भंडारी ने कहा कि जनजातीय जिला किन्नौर में ग्राम सभाएं अपने अधिकारों की सुरक्षा और लोक कल्याण के लिये वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने किन्नौर के अधिकार क्षेत्र में बिना स्थानीय ग्राम पंचायत की अनुमति या मज़ीर् से अपने निर्णय उन पर थोपने का जो कानून बनाया है हम उसका कड़ा विरोध करते हैं । ये कानून जनजातीय क्षेत्र के नागरिक अधिकारों का भी उल्लंघन है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा । नेगी निगम भंडारी ने कहा कि देश के बॉर्डर पर सुरक्षा को मज़बूत करने के लिये किन्नौर वासी सरकार और फौज को हर मदद के लिये हमेशा तत्पर रहे हैं, लेकिन वन संरक्षण के नाम पर हमारे अधिकारों से छेड़छाड़ को हम सहन नहीं करेंगे ढ्ढ केंद्र सरकार की मनमानी और आधुनिकीकरण की मार को किन्नौर बाढ़, भू-स्खलन, नदियों के रूख मोड़ने और बादल फटने जैसी आपदाओं के रूप में भुगत रहा।
हिमाचल ने ईटी गवर्नमेंट डिजिटेक अवॉर्ड्स-2023 में तीन प्रतिष्ठित पुरस्कार जीतकर डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक बार फिर अपनी पहचान बनाई है। विभिन्न श्रेणियों में राज्य द्वारा की गई अनुकरणीय पहल के लिए यह पुरस्कार हासिल हुए हैं। इन पुरस्कारों में एक स्वर्ण पदक और दो रजत पदक शामिल हैं। 5 अगस्त, 2023 को गोवा में आयोजित होने वाले पुरस्कार समारोह में प्रदेश को यह पदक प्रदान किए जाएंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डिजिटल टेक्नोलॉजी और गवर्नेंस विभाग के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने प्रतिष्ठित पुरस्कार श्रेणियों में राज्य द्वारा विशिष्ट स्थान प्राप्त करने के लिए विभाग के समर्पण और कड़ी मेहनत को श्रेय दिया। ग्रामीण क्षेत्र में डिजिटल उत्कृष्टता की श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए हिमाचल प्रदेश को स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ है। प्रदेश में ई-कॉमर्स वेबसाइटों के डिजाइन, विकास, रखरखाव, होस्टिंग, डीएनएस पंजीकरण और प्रबंधन पर व्यापक परामर्श के लिए राज्य की पहल पर यह पुरस्कार प्राप्त हुआ है। दो रजत पदकों में से पहला पदक उभरती प्रौद्योगिकी की पहल में अग्रणी श्रेणी में हासिल हुआ है। हिम-परिवार पार्टल जैसी दूरदर्शी पहल में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी को अपनाने के लिए यह प्रदान किया गया है। डिजिटल परिवर्तन के लिए ई-गवर्नेंस में प्रौद्योगिकी के अभिनव उपयोग की श्रेणी में एचपी शिवा एमआईएस पोर्टल के डिजाइन और विकास की पहल के लिए दूसरा रजत पदक प्रदेश को हासिल हुआ है। इसमें सरकारी प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाने, उन्हें अधिक कुशल, पारदर्शी और सुलभ बनाने के राज्य के प्रयासों को सराहा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोगों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से विभिन्न सरकारी विभागों में डिजिटल और उभरती प्रौद्योगिकी को अपनाने के लिए दृढ़ प्रयास कर रही है, जिससे सुशासन के तहत विभागीय प्रक्रियाओं को लोगों की ज़रूरतों के अनुरूप अधिक सुव्यवस्थित और उत्तरदायी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार डिजिटल परिवर्तन और डिजिटल प्रौद्योगिकी के माध्यम से सुशासन प्रदान करने के अपने दृष्टिकोण के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रदेश सचिवालय में कार्यरत कनिष्ठ आशुलिपिकों द्वारा विभागों से अस्थाई डयूटी पर सचिवालय में कार्यरत आशुटंककों को सचिवालय सेवाओं में समायोजित करने पर हिमाचल सचिवालय निजी सचिव एवं निजी सहायक संघ ने अपना विरोध दर्ज किया है। आज यहां प्रैस को जारी एक बयान में संघ के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सचिवालय में कनिष्ठ आशुलिपिकों के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों को दरकिनार कर विभागों के आशुटंककों को कनिष्ठ आशुलिपिकों के पद पर पदोन्नत करके सचिवालय में समायोजित किया जा रहा है जो कि नियमों के विरुद्ध है। गौरतलब है कि सचिवालय में कर्मचारी चयन आयोग/लोक सेवा आयोग के माध्यम से कनिष्ठ आशुलिपिकों के पद सीधी भर्ती के आधार पर पद भरें जाते हैं क्यांकि सचिवालय में आशुटंककों का कोई पद नहीं है आशुटंकको के पद केवल विभागों में ही सृजित है। संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा सभी मंत्रियों से मिल कर इन नियुक्तियों का विरोध प्रकट किया और उन्हें ज्ञापन सौपा सभी मंत्रियों ने प्रतिनिधिमण्डल की मांगों को सुना और अधिकारियों को लिखित रूप में इस प्रकार की नियुक्तियां स्थगित करनें के र्निदेश दिए। इससे पूर्व सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने भी मुख्यमंत्री से मिलकर इन नियुक्तियों के विरुद्ध अपना विरोध प्रकट किया।
राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की उठाई मांग मणिपुर में महिलाओं पर हो रेहे अत्याचार के विरोध में प्रदेश युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों ने प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी के निर्देशानुसार प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन कार्ट रोड से पुराना बस अड्डे तक प्रदर्शन व नारेबाजी की। इसकी नेतृत्व प्रदेश युवा कांग्रेस महासचिव एवं प्रभारी जिला युवा कांग्रेस शिमला शहरी बृज भूषण बांष्टु व युवा कांग्रेस शिमला शहरी के अध्यक्ष संदीप चौहान ने किया। प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव बृज भूषण बांष्टु ने कहा कि मणिपुर में महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं और दो से अधिक महीनों से मणिपुर जल रहा है, लेकिन अभी तक सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। अगर सरकार समय रहते ठोस कदम उठाती तो शायद आज हालात ऐसे नहीं होते। इस वीभत्स कृत्य ने पूरे भारत का सिर शर्म से झुका दिया है, देश की सभी महिलाएं इससे आहत और दुखी हैं। डबल इंजन की सरकार फेल हो चुकी हैं। ऐसी नकारा निकम्मी सरकार को सत्ता में रहने का कोई हक नहीं है। केंद्र में महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी एवं अन्य महिला मंत्री सभी ने मौन धारण किया हुआ है। ये बहुत ही शर्मनाक है। महिलाओं से जुड़े इस तरह के मुद्दों पर भी अगर वो चुप हैं तो ऐसे मंत्री होने का क्या फायदा। प्रदर्शन में प्रदेश युवा कांग्रेस ने मांग की है कि मणिपुर में बद्दतर हालात को देखते हुए वहां राष्ट्रपति शासन लागू कर देना चाहिए और इस हिंसा के दोषियों को सख्त से सख्त सजा देनी चाहिए। इस अवसर पर प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव छेरिंग नेगी, सचिव हेम राज ठाकुर व तरुण ब्राक्टा, शिमला शहरी के उपाध्यक्ष अतुल धानटा, अमित भारद्वाज, अंकित शर्मा, नुंनी, अक्षय, मितुल जिंटा, सिद्धार्थ धर्मा, इंद्र सिंह ठाकुर, विजय ठाकुर, रोहित कश्यप व अन्य युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता शामिल थे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज चम्बा मेें जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ जिले में कार्यान्वित की जा रही विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा की। ेउन्होंने रेडक्रॉस, प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान की गतिविधियों की समीक्षा करने के साथ-साथ ही जिला में भारी बारिश के कारण हुई क्षति के उपरान्त राहत कार्यों का भी जायजा लिया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि ज़िला चम्बा प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण है तथा यहां की कला एवं संस्कृति भी बहुत समृद्ध है। ऐतिहासिक महत्व का जिला होने के बावजूद नीति आयोग ने इसे 'अकांक्षी जिलाÓ की श्रेणी में शामिल किया है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जिला के प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों का निर्वहन जब अधिक समर्पण भाव से करेंगे, तभी वह आकांक्षी जिला की सूचि से बाहर आ सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक योजना के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाई गई है, जिससे जिला में कार्यों की प्रगति नज़र आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विभाग अपने काम का आकलन करें और अधिकारी फील्ड में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि पिछली भाजपा सरकार के दौरान अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में रिकॉर्ड सात मुख्य सचिव बदलने वाले नेता विपक्ष जयराम ठाकुर आज अफसरों के लिए वर्क कल्चर न होने के झूठे आरोप लगा रहे हैं। आज जारी एक प्रेस वक्तव्य में जयराम ठाकुर पर पलटवार करते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ, जब किसी सरकार ने अपनी पांच वर्ष की अवधि में सात मुख्य सचिव बदलकर रिकॉर्ड बना दिया। इसलिए आरोप लगाने से पहले नेता विपक्ष को प्रदेश की जनता को स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसी नौबत क्यों आई और बार-बार अधिकारियों को बदलने के पीछे क्या वजह रही। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार में अफसरों की हालत आया राम-गया राम की हो गई थी और सिर्फ मुख्य सचिव ही नहीं बहुत से अधिकारियों को पूर्व सरकार में प्रताड़ना का शिकार बनाया गया। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने अधिकारियों को सिक्यूरिटी ऑफ टेन्योर दिया है। सत्ता में आने के बाद प्रदेश सरकार ने न तो जिलों में डीसी-एसपी बदले और न ही अन्य महत्वपूर्ण पदों पर बैठे अधिकारियों को हटाया गया है। वर्तमान सरकार के गठन के सात माह बीत जाने के बाद भी बहुत से जिलों में पुराने डीसी और एसपी काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सब जानते हैं कि नई सरकार बनते ही सबसे पहले अफसरों को बदला जाता था, लेकिन वर्तमान सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन करते हुए ऐसा कुछ नहीं किया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान प्रदेश सरकार बदला-बदली में विश्वास नहीं रखती और जानती है कि अधिकारी कर्मचारी प्रदेश की विकास गाथा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए सभी अधिकारियों को काम करने के लिए उपयुक्त वातावरण दिया जा रहा है, ताकि वे बिना किसी डर के बेहतर ढंग से हिमाचल प्रदेश के विकास में अपना योगदान दे सकें। यही वजह है कि बहुत अधिकारी आज केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस आकर हिमाचल प्रदेश में अपनी सेवाएं देने के लिए आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यही नहीं प्रदेश सरकार अधिकारियों-कर्मचारियों के कल्याण के लिए अनेकों कारगर कदम भी उठा रही है। पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल कर राज्य सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों को वृद्धावस्था में सम्मान के साथ जीने का हक वापिस दिलाया है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि नेता विपक्ष जय राम ठाकुर केवल मात्र अखबारों की सुर्खियों में बने रहने के लिए मनगढ़न्त बयानबाजी कर प्रदेश की जनता को गुमराह करने का असफल प्रयास कर रहे हैं और उनके आरोप सत्य से कोसों दूर है। इसलिए आरोप लगाने से पहले जयराम ठाकुर को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने प्रदेश में भारी बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिये पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं से आपदा राहत कोष में अंशदान देने की अपील की हैं। पार्टी पदाधिकारियों को लिखे एक पत्र में प्रतिभा सिंह ने कहा है कि इस बार प्रदेश में बाढ़ से भारी जानमाल का नुकसान व करोड़ो रुपयों की सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा हैं। इस आपदा की घड़ी में कांग्रेस पार्टी को भी राहत व बचाव कार्यो में प्रदेश सरकार को अपना पूरा सहयोग देना हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिये जन सहयोग अपेक्षित होता है और कांग्रेस पार्टी ने हमेशा ही ऐसे कार्यो में समय समय पर अपना विशेष योगदान दिया हैं। प्रतिभा सिंह ने कहा कि लोगों की सहायता के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राजीव भवन में इस कार्य की निगरानी के लिए एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है जबकि अन्य सभी जिलों में प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारियों व जिलाध्यक्षों की निगरानी में सूचना व सहायता के लिये समूह गठित किये है,जो प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद कर रहें हैं। प्रतिभा सिंह ने पार्टी के सभी नेताओं, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं व आम लोगों का आह्वान किया है कि इस पुनीत कार्य के आपदा राहत कोष में अंशदान दें,जिससे प्रभावित लोगों की मदद हो सकें।
अंगदान महोत्सव 2023 के तहत सोटो ने आयोजित किया कार्यक्रम शिमला के भ_ाकुफर स्थित शिवालिक इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग में सोमवार को स्टेट ऑर्गन एंड टिशु ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (सोटो) हिमाचल प्रदेश की ओर से अंगदान पर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. शमा लोहमी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। इस मौके पर बीएससी नर्सिंग की करीब 135 छात्राओं ने अंगदान करने की शपथ ली। कार्यक्रम में सोटो के ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर नरेश कुमार ने नर्सिंग की छात्राओं को ऑर्गन डोनेशन के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि लोग मृत्यु के बाद भी अपने अंगदान करके जरूरतमंद का जीवन बचा सकते हैं। ब्रेन डेड होने की स्थिति में सभी अंगों को सुरक्षित निकालकर जरूरतमंद मरीज के शरीर में ट्रांसप्लांट किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि साल 1954 में देश में पहली बार ऑर्गन ट्रांसप्लांट किया गया था। अंगदान करने वाला व्यक्ति ऑर्गन के जरिए 8 लोगों का जीवन बचा सकता है। उन्होंने बताया कि किसी भी जाति धर्म समुदाय का व्यक्ति अंगदान कर सकता है, इसे किसी भी आयु में दान किया जा सकता है। जीवित रहते हुए पंजीकरण करवाया जा सकता है ताकि मृत्यु के बाद अंग दान किया जा सके। हमारे देश में लोगों में जागरूकता ना होने के कारण अंग दान करने से कतराते हैं, लोगों की इसी भावना को दूर किया जाना जरूरी है। देश में अंगदान की कमी की वजह से ही अंग तस्करी बढ़ रही है क्योंकि लोगों को अब नहीं मिलते हैं तो ऐसे में लोग तस्करों की सहायता लेते हैं । हृदय को 4 से 6 घंटे, फेफड़े को 4 से 8 घंटे, इंटेस्टाइन को 6 से 10 घंटे, यकृत को 12 से 15 घंटे, पेनक्रियाज को 12 से 14 घंटे और किडनी को 24 से 48 घंटे के अंतराल में जीवित व्यक्ति के शरीर में स्थानांतरित किया जा सकता है। गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों और दुर्घटनाग्रस्त मरीजों के ब्रेन डेड होने के बाद यह प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। अस्पताल में मरीज को निगरानी में रखा जाता है और विशेष कमेटी मरीज को ब्रेन डेड घोषित करती है। मृतक के अंग लेने के लिए पारिवारिक जनों की सहमति बेहद जरूरी रहती है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के सुन्नी में गत दिवस 2 चोरों ने एचडीएफसी बैंक के एटीएम में चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। चोरी करने वाले दोनों नाबालिग बताए जा रहे हैं। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार भी कर लिया है। पुलिस के अनुसार, चोरों ने घटना को अंजाम देने से पहले एटीएम रूम में लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़े। इसके बाद मशीन तोड़कर लगभग 70 हजार रुपये की नकदी उड़ा ले गए, लेकिन चोरी की यह घटना एक अन्य सीसीटीवी में कैद हो गई है। दोनों आरोपी बिहार के रहने वाले चोरी करने वाले दोनों आरोपी बिहार के बताए जा रहे हैं। इनके परिजन सुन्नी में दिहाड़ी करते हैं। पुलिस ने सिक्योरिटी गार्ड नरेंद्र कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है।
गत दिवस एसडीएम पठानकोट द्वारा 14 एनडीआरएफ कंट्रोल रूम में सूचना दी गई कि अचानक ब्यास नदी का जल स्तर बढ़ने से गांव मस्तगढ, जिला-पठानकोट, पंजाब में ब्यास नदी के बीच में एक टापू बन गया है, जहां पर 3 व्यक्ति फंस गए हैं। फंसे 3 व्यक्तियों का बचाव अभियान चलाने के लिए 14 एनडीआरएफ की टीम को घटना स्थल पर तैनात करने के लिए एसडीएम पठानकोट द्वारा आग्रह किया गया। 14 एनडीआरएफ द्वारा तुरंत सूचना मिलते ही 1 रेस्क्यू टीम घटना स्थल के लिए रवाना कर दी गई। टीम के घटना स्थल पर पहुंचने के उपरांत टीम कमांडर ने घटना स्थल का जायजा लिया और तुरंत बाढ़ के उपकरणों नाव और रोप सहित रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। टीम द्वारा अपना कौशल दिखाते हुए वोट की सहायता से पानी में फंसे हुए 3 व्याक्तियों को उनके 1 पशुधन के साथ बड़ी बहादुरी से सुरक्षित निकाला लिया गया। उक्त रेस्कयू ऑपरेशन को एनडीआरएफ टीम द्वारा शाम के समय में अजांम दिया गया। ऑपरेशन के दौरान एसडीएम पठानकोट, डीएसपी पठानकोट भी घटना स्थल पर मौजूद रहे। सिविल प्रशासन एवं स्थानीय जनता द्वारा उपरोक्त रेस्क्यू ऑपरेशन की बहुत सराहना की गई। 14 एनडीआरएफ द्वारा की गई इस प्रकार की त्वरित कार्रवाई काबिले तारीफ है।
हिमाचल प्रदेश का गौरवशाली इतिहास और परंपराएं राज्य की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और उन्हें भावी पीढ़ी के लिए भी संरक्षित किया जाना चाहिए। प्रदेश के विभिन्न स्थानों में आयोजित होने वाले मेले समृद्ध संस्कृति के संरक्षण एवं प्रसार में श्रेष्ठ भूमिका निभाते हैं। यह बात राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज चंबा जिला में ऐतिहासिक मिंजर मेले के शुभारंभ अवसर पर बतौर मुख्यातिथि कही। राज्यपाल बनने के पश्चात शिव प्रताप शुक्ल का यह चंबा जिला का पहला दौरा था। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल उनके साथ उपस्थित रहीं। उन्होंने प्रदेशवासियों को अंतरराष्ट्रीय मिंजर महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि चंबा जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध संस्कृति के लिए विश्व प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर गांव और शहर की एक भिन्न सांस्कृतिक पहचान है, जो अन्यत्र नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि मेलों के माध्यम से संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करके आपसी भाईचारे की भावना को बढ़ावा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि मिंजर महोत्सव का प्राचीन परंपराओं, मान्यताओं और आस्थाओं से गहरा संबंध है। इस अवसर पर शुक्ल ने राज्य में भारी बारिश और बाढ़ से हुई जान-माल की क्षति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि चम्बा जिले में भी काफी नुकसान हुआ है, लेकिन जिस तत्परता से सरकार, प्रशासन, पुलिस बल और केंद्र से मदद मिली है, उससे राज्य में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों में महत्त्वपूर्ण योगदान के लिए भारतीय वायुसेना, थलसेना और अर्धसैनिक बलों को धन्यवाद दिया। उन्होंने लगभग 350 करोड़ रुपये की सहायता के लिए केंद्र सरकार का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने विभिन्न गैर सरकारी संगठनों से इस विपदा की घड़ी में मदद के लिए आगे का आग्रह किया और साथ ही लोगों से आपसी सौहार्द बनाए रखने की भी अपील की। इस अवसर पर राज्यपाल ने समाज में अवैध नशीली दवाओं के प्रसार पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने बढ़ती नशाखोरी पर चिंता व्यक्त की और कहा कि राज्य सरकार इस समस्या से निपटने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है।
बहुचर्चित हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग में भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले के पर्दाफाश करने में अहम भूमिका निभाने वाले राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो हमीरपुर में तैनात पुलिस इंस्पेक्टर रोहित कुमार का हमीरपुर से चंबा तबादला कर दिया गया। उन्हें तुरंत चंबा स्थित विजिलेंस थाना में ज्वाइन करने के निर्देश हैं। 23 दिसंबर, 2022 को जिस हमीरपुर विजिलेंस की टीम ने आयोग की गोपनीय शाखा में तैनात वरिष्ठ सहायक उमा आजाद के घर पर छापे मारकर पोस्ट कोड 965 जेओए आईटी भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक का पर्दाफाश किया था, उसमें विजिलेंस इंस्पेक्टर रोहित कुमार विशेष तौर पर शामिल थे। यह पेपर लीक का पहला मामला था। इसके बाद एक-एक करके 10 विभिन्न पोस्ट कोड कला अध्यापक भर्ती, ट्रैफिक इंस्पेक्टर भर्ती, कंप्यूटर ऑपरेटर, जूनियर ऑडिटर, सचिवालय क्लर्क, जेई सिविल, नीलामीकर्ता, लाइनमैन समेत अन्य भर्तियों के प्रश्नपत्र लीक के मामले सामने आए। अब जिस तरह से इंस्पेक्टर रोहित का हमीरपुर से चंबा तबादला किया गया।
जुलाई के शुरुआत में आए प्रकृति के प्रकोप ने हिमाचल प्रदेश से शुरू होकर धीरे-धीरे पूरे देश को आगोश में भर लिया, परंतु भारी बारिश, भू-स्खलन और बाढ़ के कारण जितना खौफनाक मंजर हिमाचल ने देखा शायद ही किसी अन्य राज्य ने देखा हो। फिर भी, इस संकट का सामना करने में प्रदेशवासियों और राज्य सरकार ने मिलकर प्रदेश के मार्गदर्शक सिद्धांत 'अतिथि देवो भवÓ का उदाहरण प्रस्तुत किया। अपने गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए विख्यात हिमाचल प्रदेश के लोगों और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्वयं पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा और उनके पुनर्वास की बड़ी जिम्मेदारी ली है। इस आपदा के समय में यह प्रयास उल्लेखनीय समर्पण का प्रतीक बने हैं। प्रदेशवासियों, विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं इत्यादि द्वारा 22 जुलाई तक 16.50 करोड़ रुपये से अधिक का अंशदान इस राहत कोष में प्राप्त हुआ है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी उपायुक्तों को राहत कार्यों के लिए 188.50 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इस संकट के समय में सामूहिक प्रयासों और उदारता ने करुणा और एकता की शक्ति को प्रदर्शित करते हुए लोगों के दुखों को बांट कर उनकी कठिनाइयों को कम करने का काम किया है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने संवदेनशील सरकार का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करते हुए प्रभावित लोगों को सम्मानजनक राशि प्रदान करने का ऐतिहासिक फैसला लेते हुए वित्तीय सहायता राशि में कई गुणा वृद्धि की है तथा तत्काल सहायता के तौर पर एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा की है। राहत राशि में की गई यह वृद्धि मानव जीवन, संपत्ति आदि की हानि और राहत श्रेणी के अंतर्गत आने वाले अन्य सभी उपशीर्षों में प्रदान की गई है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में ऐसी कार्य संस्कृति विकसित की जा रही है, जिसमें कोई भी अधिकारी काम नहीं करना चाह रहा है। ज़्यादातर अधिकारी केंद्र में जाना चाहते हैं। कई वरिष्ठ अधिकारियों ने इसके लिए प्रयास करना भी शुरू कर दिया है। वरिष्ठ अधिकारी जो प्रदेश के विकास में अपनी भूमिका निभाते हैं, वह आज के वर्तमान हालात से त्रस्त हैं और हिमाचल में अपनी सेवाएं नहीं देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी ऐसा सामान्य परिस्थिति में नहीं करते हैं कि वह प्रदेश छोड़कर जाना चाहें। जिस तरह के हालात वर्तमान में बन रहे हैं, यह दु:खद है। सरकार में कुछ भी ठीक नहीं हैं, नेताओं के आपसी बातचीत और आरोप-प्रत्यारोप से यह बात साफ़ हो चुकी है। आये दिन सरकार में बैठे लोग अपनी सरकार पर ही हमला कर रहे हैं। एक-दूसरे के ख़िलाफ़ बातें कर रहे हैं। इस तरह के हालात में अधिकारियों को भी ज़लालत झेलनी पड़ रही है। इसलिए ब्यूरोक्रेसी के वरिष्ठ अधिकारी इस तरह का कदम उठाना चाह रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह नई तरह का व्यवस्था परिवर्तन है। जहां पर कार्य संस्कृति को इतना ख़राब कर दिया गया है कि कोई अधिकारी यहां काम ही नहीं करना चाहता है। इस तरह का व्यवस्था परिवर्तन आज तक किसी ने नहीं देखा होगा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ब्यूरोक्रेसी भी तंत्र का एक अंग है, उसके बिना व्यवस्था सुचारू रूप से चल नहीं सकती है। ब्यूरोक्रेसी को सरकार में बैठे लोग विकास कार्यों को करने के निर्देश देते हैं, आवश्यकता पड़ने पर सलाह लेते हैं, लेकिन यहां पर खुलेआम धमकियां दे रहे हैं। ऐसे सरकार नहीं चलती हैं। जनहित के कामों के लिए सामंजस्य बनाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार आपदा प्रभावितों के राहत कार्यों पर ध्यान दे।
शिमला शहर में हुए धमाके की जांच करने रविवार को नेशनल सिक्योरिटी गार्ड कमांडो पहुंचे। डॉग स्कवाड के साथ कमांडो ने चप्पा-चप्पा खंगाला। एनएसजी को आतंकी हमला होने या बम मिलने शक जताया जा रहा है। कमांडो सुरक्षा पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच पड़ताल कर रहे हैं। सिलेंडर फटने के सबूत भी नहीं मिले बता दें कि धमाके से पूरे शिमला शहर हिल गया था। एक व्यक्ति की मौत हुई, जिसकी पहचान अवनीश सूद के तौर पर हुई है। 13 घायल हुए थे। प्रारंभिक जांच में यह सिलेंडर फटने से धमाका बताया जा रहा था, लेकिन सिलेंडर फटने जैसे प्रमाण पुलिस को नहीं मिले थे। फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीमें भी जांच कर रहीं हैं। धमाका इतना जोरदार था कि इससे रेस्टोरेंट के अंदर काम कर रहे कर्मचारियों के अलावा बाहर बाजार से चल रहे लोग भी इसकी चपेट में आ गए। धमाका इतना जोरदार था कि इससे रेस्टोरेंट के अंदर काम कर रहे कर्मचारियों के अलावा बाहर बाजार से चल रहे लोग भी इसकी चपेट में आ गए। मामले की जांच को गठित की है एसआईटी धमाका इतना खतरनाक था कि आसपास के 500 मीटर के एरिया में यह सुनाई दिया था। 10 से 12 दुकानों को भी नुकसान हुआ था। इस हादसे की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई थी, जिसमें लोग जान बचाते हुए नजर आए। एसपी शिमला संजीव गांधी ने मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम गठित की है। शिव मंदिर दर्शन के लिए आए थे अवनीश वहीं धमाके में जान गंवाने वाले मृतक अवनीश अपनी पत्नी के साथ शिव मंदिर में माथा टेकने आएं थे। धमाके के दौरान उनकी पत्नी मंदिर में माथा टेक रही थी और बाहर टहल रहे अवनीश हादसे का शिकार हो गए। प्रशासन और पुलिस जांच में जुटी : जनारथा शिमला शहरी के विधायक हरीश जनारथा ने बताया कि प्रशासन और पुलिस की टीम मामले की जांच में जुट गई है। हर एंगल से जांच की जा रही है। जल्दी धमाके का सच सामने आ जाएगा धमाके की होनी चाहिए गहन जांच : नंदा भाजपा के मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा ने इस धमाके की जांच की मांग की थी। साथ ही उन्होंने जिन दुकानों को नुकसान हुआ है, उन्हें मुआवजा देने की भी मांग उठाई।
शिमला जिले के रामपुर बुशहर में दिन-प्रतिदिन आपराधिक मामले, बढ़ते जा रहे हैं। अभी पिछले कल रामपुर बुशहर के समीप रचोली गांव में किन्नौर की दो लड़कियों के साथ वहां के स्थानीय युवाओं द्वारा छेड़छाड़, मारपीट और अश्लील शब्दों का प्रयोग किया। हैरानी की बात तो यह है कि वहां के स्थानीय लोग खड़े होकर तमाशा देख रहे थे, जो कि एक शर्म की बात है। हिमाचल प्रदेश के फिटनेस यूट्यूबर राणा द वाइपर उर्फ कमलकांत राणा का कहना है कि रामपुर बुशहर में आज के समय में इस तरह के मामले आम बात बन चुकी है। इसकी मुख्य वजह यहां बढ़ता जा रहा नशे का कारोबार है। यहां के युवक-युवतियां नशे की दलदल में इस कदर धंस चुके है कि उनको अच्छे बुरे का पता ही चलता। कमलकांत राणा ने कहा कि इस नशे को खत्म करने के लिए मिलकर आगे आना होगा और इस तरह के अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलानी होगी, नहीं तो हमारी देवभूमि हमारा हिमाचल इस तरह बदनाम होता रहेगा। राणा ने प्रशासन से भी मांग की है कि ऐसे क्षेत्रों में पुलिस की गश्त लगा दी जाए और इन लोगों के प्रति कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि आने वाले समय में ऐसी घटनाएं न हों।
हिमाचल प्रदेश में बीते दिनों भारी बरसात के चलते भारी तबाही हुई, जिससे आम जीवन अस्त-व्यस्त हो गया, शिमला की एक एनजीओ आवाज फाउंडेशन ने 'हेल्पिंग हैंडÓ एक मुहिम शुरू की, जिसमें ऐसे प्रभावित लोगों के लिए दिन रात एक करके राशि एकत्रित की और उन लोगों तक खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाई। आवाज फाउंडेशन के अध्यक्ष पवन ठाकुर ने बताया कि इस आपदा की घड़ी में काफी लोगों का जीवन अस्त व्यस्त हुआ है, जिसके चलते फाउंडेशन ने एक मुहिम शुरू की 'हेल्पिंग हैंडÓ, जिसमें फाउंडेशन के सदस्य टूटीकण्डी के लोगों से राशि एकत्रित की और जिला मंडी के व्यास सदन में जाकर 171 परिवारों को खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाई। पवन ठाकुर ने कहा कि आवाज फाउंडेशन आगे भी इसी तरह के समाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर अपना योगदान देगी, वहीं उन्होंने फाउंडेशन के सभी सदस्यों का धन्यवाद किया और यह आग्रह भी किया कि आगे भी इसी तरह से फाउंडेशन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चले।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर की सांसद भारत दर्शन योजना के तहत हुआ चयन हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र के होनहार छात्रों को भारत भ्रमण कराने हेतु केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर की अति लोकप्रिय सांसद भारत दर्शन योजना के इस वर्ष के पात्र छात्रों की सूची जारी हो गई है। इस बार सांसद भारत दर्शन योजना पर जाने हेतु 21 प्रतिभाशाली बेटियों का चयन हुआ है, जिनमें वंशिका (सुजानपुर), वंशिका (नादौन), तानिया (सुजानपुर), सिया शर्मा (झंडूत्ता), श्वेता शर्मा (हमीरपुर), श्रुति (गगरेट), सानिया ठाकुर (ऊना), रुद्राणी भारद्वाज (सुजानपुर), पायल कौंडल ( कुटलैहड़ ), पलक शर्मा (बड़सर), नैंसी (नादौन), कनिका शर्मा (बिलासपुर सदर), ज्योति मिश्रा (झंडूत्ता), ईप्सा कटोच (हमीरपुर), आरुषि शर्मा (घुमारवीं), अर्शिता भारती (नादौन), अनुराधा (सुजानपुर), अंजलि शर्मा (हरोली), अनंदिता चौहान (भोरंज), अनामिका जायसवाल (सुजानपुर) और अलीशा शर्मा (श्री नैना देवी) शामिल हैं। गौरतलब है कि अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा क्षेत्र के बच्चों हेतु भारत भ्रमण की इस अनूठी पहल का यह दूसरा चरण है। छात्र- छात्राएं 1 जून से ही वेबसाइट के माध्यम से इसके लिए आवदेन कर रहें थे। विद्यार्थियों की सहूलियत हेतु इस बार आवेदन करने के लिए विशेष रूप से एक क्यूआर कोड भी तैयार किया गया था। सांसद भारत दर्शन 2023 की घोषणा करते हुए अनुराग ठाकुर ने बताया था कि भारत दर्शन के पहले चरण की अपार सफलता के बाद अब दूसरा चरण कराने का निर्णय लिया गया है। अनुराग ठाकुर ने पहले ही जानकारी दी थी की इस बार विद्यार्थियों को दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों के भ्रमण पर ले जाया जाएगा। कोविड महामारी के कारण पिछले 2 वर्षों से प्रोग्राम के स्थगन पर ठाकुर ने कहा था कि पिछले दो वर्षों में कोरोना के कारण यह संभव नही हो पा रहा था। अनुराग ठाकुर ने विशेष जानकारी दी थी की इस बार मेधावी छात्रों के साथ, जिन छात्रों ने अन्य क्षेत्रों जैसे खेल और कला में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है, वो सांसद भारत दर्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। अनुराग ठाकुर ने कहा कि पिछली बार छात्र इसरो, पश्चिमी नौसेना कमान जैसे विभिन्न स्थानों पर गए। वाइस प्रेसिडेंट जैसे गणमान्य लोगों से मिले और कपिल शर्मा शो जैसे कार्यक्रमों में भाग लिया था। देश भ्रमण करने से छात्रों को नई जानकारियां हासिल होंगी, जिससे बदलते समय के हिसाब से उन्हें नए अनुभव प्राप्त होंगे। इसके मदद से भविष्य में यही विद्यार्थी नई संभावनाओं के द्वार खोलने में सफल होंगे।
राज्य सरकार प्रदेश के सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों, सभी चिकित्सा महाविद्यालयों, क्षेत्रीय अस्पतालों सहित 53 स्वास्थ्य संस्थानों में हॉस्पिटल मैनेजमेंट इनफॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) लागू करने जा रही है, जिसमें रोगियों का पूरा डाटा एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सकेगा। इससे मरीजों को विभिन्न सुविधाओं सहित उनके बहुमूल्य समय की भी बचत होगी। यह बात मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां स्वास्थ्य विभाग की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला में एचएमआईएस को 30 अगस्त तक शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्यों के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में यह सुविधा 30 सितंबर तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इस सुविधा के शुरू होने से डॉक्टरों के पास मरीज का पूरा डाटा उपलब्ध होगा, जिसके माध्यम से रोगियों की सामान्य व इमरजेंसी रजिस्ट्रेशन, लैब रिपोर्ट, ऑपरेशन थियेटर के रिकॉर्ड सहित उनके डिस्चार्ज और ट्रांसफर का पूरा डाटा ऑनलाइन उपलब्ध होगा। इस सुविधा से डॉक्टर ई-प्रिसक्रिप्शन भी लिख सकेंगे और मरीजों की पूरी मेडिकल हिस्ट्री भी देख सकेंगे, जिससे रोगियों के साथ-साथ डॉक्टरों को भी सुविधा होगी। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है तथा इस दिशा में यह सुविधा मील पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी स्वास्थ्य संस्थानों में अत्याधुनिक फर्नीचर और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर भी काम कर रही है। राज्य सरकार रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक सुविधा प्रदान करने की दिशा में भी कदम बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों का निर्माण एवं उनमें सुविधाएं भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने भविष्य में निर्मित होने वाले सभी अस्पतालों में प्राइवेट रूम की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन सभी मेडिकल कॉलेजों की समीक्षा भी की तथा इनके निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, सलाहकार (इंफ्रास्ट्रक्चर) अनिल कपिल, सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सुदेश मोखटा, विशेष सचिव अश्वनी शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
लाहौल-स्पीति विधानसभा क्षेत्र के विधायक रवि ठाकुर के नेतृत्व में स्पीति क्षेत्र के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज यहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट कर उन्हें क्षेत्र की विभिन्न मांगों से अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भारी बर्फबारी के कारण चंद्रताल, कुगती दर्रा और पिन घाटी सहित जिले के साथ लगते क्षेत्रों में भारी बर्फबारी में फंसे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए एक विस्तृत बचाव अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सक्रिय रूप से प्रभावित व्यक्तियों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। आपदा प्रभावितों की तत्काल आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक वस्तुओं और दवाओं की आपूर्ति हेलिकॉप्टर के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है और कई पर्यटकों को हवाई और सड़क मार्ग से निकाला गया है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कांगड़ा, मंडी, बड़ा भंगाल, चंबा और अन्य क्षेत्रों से चरवाहों को सुरक्षित निकाला गया और उन्हें चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध करवाई गई। उनके पशुधन की सुरक्षा भी सुनिश्चित की गई। उन्होंने कहा कि आपदाओं से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने की दिशा में प्रदेश सरकार प्रभावी कदम उठा रही है और प्रभावित व्यक्तियों को सहायता प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विधायक रवि ठाकुर ने लाहौल-स्पीति जिला में पुनरुद्धार और मरम्मत कार्यों के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के तहत उपायुक्त लाहौल-स्पीति को लगभग 6 करोड़ रुपये की पर्याप्त राशि प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मानवीय आधार पर समयबद्ध और त्वरित कदम उठाने के लिए प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना भी की।
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि निगम अपने होटलों में कमरों की बुकिंग पर 50 प्रतिशत तक छूट प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह छूट तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई है और 15 सितंबर, 2023 तक जारी रहेगी। प्रवक्ता ने कहा कि यह निर्णय प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश के दृष्टिगत प्रदेश में पर्यटकों को सुलभ आवासीय सुविधा उपलब्ध करवाने तथा निगम के होटलों में आमद दर (अक्युपेंसी) बढ़ाने के दृष्टिगत लिया गया है।
राज्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में आशातीत बदलाव लाने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के दृष्टिकोण के लिए आभार व्यक्त करते हुए उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने आज यहां कहा कि विश्व बैंक और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमओएमएसएमई) की सहायता से भारत सरकार की एक प्रमुख योजना, राइजिंग एंड एक्सेलेरेटिंग एमएसएमई परफॉरमेंस (आरएएमपी) कार्यक्रम की शुरुआत के लिए प्रदेश में सार्थक प्रयास आरंभ कर दिए गए हैं। उद्योग मंत्री के निर्देश पर अर्नस्ट एंड यंग कंपनी को रणनीतिक निवेश योजना (एसआईपी) की तैयारी के लिए बोली प्रक्रिया के माध्यम से परामर्श एजेंसी के रूप में चयनित किया गया है। उन्होंने कहा कि एजेंसी ने एसआईपी तैयार करने का कार्य आरंभ कर दिया है और राज्य में क्लस्टर विकास कार्यक्रम में भी सहायता कर रही है। एजेंसी ने सिरमौर जिले के काला अंब और पावंटा साहिब में उद्योग हितधारकों के साथ संवाद किया। संवाद के दौरान सामने आए विभिन्न पहलू हिमाचल में रैम्प योजना (आरएएमपी) कार्यक्रम की विशिष्ट आवश्यकताओं और उद्देश्यों को पूरा करने के लिए तैयार रणनीतिक निवेश योजना को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मंजूरी मिलने के उपरांत एसआईपी वित्त, बाजार, प्रौद्योगिकी, क्षमता निर्माण और अन्य आवश्यक समर्थन तक पहुंच के माध्यम से एमएसएमई की प्रतिस्पर्धात्मकता प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेगा। एसआईपी को अगले चार वर्षों में राज्य एमएसएमई और उद्योग संघों के माध्यम से सक्रिय रूप से लागू किया जाएगा। परामर्श एजेंसी उद्योग की जरूरतों को पूरा करने और रैम्प योजना व क्लस्टर विकास कार्यक्रम के बारे में जागरूकता साझा करने के लिए शीघ्र ही विभिन्न जिलों में संवाद, कार्यशालाएं और केंद्रित समूह चर्चाएं आयोजित करेगी। निदेशक उद्योग राकेश कुमार प्रजापति ने एमएसएमई और उद्योग संघों से सक्रिय रूप से इस संवाद में भाग लेने और बाजार व ऋण प्रौद्योगिकी तक पहुंच और एमएसएमई से संबंधित अपनी आवश्यकताओं और शंकाओं को साझा करने का आग्रह किया। हिमाचल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष सतीश कुमार गोयल और महासचिव नवीन अग्रवाल, फार्मा एसोसिएशन काला अंब के अध्यक्ष केशव सैनी और उद्योग संघों के अन्य प्रमुख सदस्य व पदाधिकारी इस संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए।
हाल ही में प्रदेश सरकार द्वारा सेब की पेटी का वजन 24 किलो निर्धारित करने को लेकर बागवानों में आक्रोश के साथ असमंजस की स्थिति बनी हुई है। समय रहते सरकार को इसका समाधान करना चाहिए, ताकि किसान-बागवान निश्चिंत होकर अपने उत्पाद को मनचाहा बेच सकंे। यह बात प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रदेश भाजपा प्रवक्ता चेतन बरागटा ने कही। उन्होंने कहा कि सेब किलो के हिसाब से बिकता है तो उससे बागवान खुश हंै, लेकिन 24 किलोग्राम पेटी पर 22 किलोग्राम का पैसा आज की व्यवस्था के अनुरूप बागवानों को मिल रहा है, जो बिलकुल गलत है। ये बात बागवानों को हजम नहीं हो रही है। पर पेटी 2 किलोग्राम की कटौती किस फार्मूले के तहत की जा रही है सरकार को इस बारे में विस्तार से बागवानों को बताना चाहिए। चेतन बरागटा ने कहा कि सरकार द्वारा बिना ग्राउंड वर्क, बिना तथ्यों की जानकारी जुटाए बिना किसी चर्चा के इस तरह के निर्णय बागवानों के लिए नुकसानदायक हो रहे हंै। उन्होंने कहा कि जिस तरह की अव्यवस्था वर्तमान समय में मंडियो में नजर आ रही है, उससे तो लगता है कि यहां के आढ़ती व व्यापारी भी बाहरी मंडियों की ओर पलायन कर सकते हैं। जिस कारण प्रदेश को रेवेन्यू का नुकसान भी झेलना पड़ेगा। उन्होंने कहा की पतझड़ ने बागवान के बगीचों में विकराल रूप धारण कर लिया है जिस कारण बागवानों का बहुत नुकसान होने का अंदेशा है। उन्होंने बागवानी मंत्री से मांग की है कि जल्द नौणी विश्वविद्यालय से विशेषज्ञों की टीम को बागवानी बाहुल्य क्षेत्रों में भेजा जाए और पतझड़ होने के कारणों को जानकर बागवानों की समस्या का समाधान किया जाए। चेतन बरागटा ने कहा कि निचले क्षेत्रों में सेब सीजन शुरू हो गया है। सरकार को जल्द बंद पड़ी सड़कों को खोलना चाहिए ताकि बागवान अपना उत्पाद मंडी तक आसासी से पहुंचा सके। उन्होंने कहा कि मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि सरकार बागवानों की समस्या का समाधान करने की बजाए बागवानो को उलझानें में लगी है। एक तरफ ये सरकार अपने आप को बागवानी हितैषी बताती है और दूसरी तरफ डीजल पर 3 रुपये बढ़ा देती है और 8 महीनों में 6 रुपये बढ़ाकर जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला है, जिस कारण किराये-भाड़े में भी बढ़ोतरी हो जाएगी। चेतन बरागटा ने कहा कि जिला शिमला से प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्रियों में से एक भी नेता बागवानों की समस्याओं के बारे में कोई रुचि नहीं दिखा रहा। कांग्रेस नेता विपक्ष में रहते बागवानों के हितैषी बने हुए थे वो सब आज उनकी सरकार होते हुए क्यों गायब हो गए हैं। इन सभी नेताओं के आचरण से प्रतित होता है कि इनका बागवानों से कोई सरोकार नहीं है।
वर्ष 1990 को कोटगढ़ में किसान आंदोलन में शहीद हुए किसान नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई। कोटगढ़ स्थित शहीदी स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में विधायक सहित अन्य नेताओं ने कार्यक्रम में पहुंच कर शहीद हुए किसान नेताओं को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। 22 जुलाई 1990 को कोटगढ़ में किसान आंदोलन के दौरान हुई गोलीबारी में तीन नेता शहीद हो गए थे। कार्यक्रम में विधायक कुलदीप राठौर, सीपीआईएम नेता व पूर्व विधायक राकेश सिंघा, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष नरेंद्र कंवर, राज्य सहकारी बैंक के चेयरमैन देवेंद्र श्याम, कोटगढ़ जोन के अध्यक्ष सिद्धार्थ चौहान मौजूद रहे। हिमाचल में सेब का समर्थन मूल्य बढ़ाने को लेकर यह आंदोलन हुआ था। प्रदेशभर में इस आंदोलन की गूंज सुनाई दी थी।
जैनब चंदेल बोलीं- ढाई महीने से जल रहा मणिपुर, मौन बैठी है केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश महिला कांग्रेस ने आज कार्ट रोड पर प्रदेश अध्यक्ष जैनब चंदेल की अध्यक्षता में मणिपुर में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में धरना-प्रदर्शन व नारेबाजी करते हुए कड़ा रोष व्यक्त किया। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैनब चंदेल ने कहा कि मणिपुर में महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं। दो महीनों से अधिक समय से मणिपुर जल रहा है और केंद्र सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए। अगर सरकार समय रहते ठोस कदम उठाती तो शायद आज हालात ऐसे नहीं होते। प्रधानमंत्री मोदी ने भी 80 दिनों के बाद बयान दिया वो भी तब जब इस घिनौने कृत्य की वीडियो वायरल हुई। इस वीभत्स कृत्य ने पूरे भारत का सिर शर्म से झुका दिया है। देश की सभी महिलाएं इससे आहत और दुखी हंै। डबल इंजन की सरकार फेल हो चुकी है। ऐसी नकारा सरकार को सत्ता में रहने का कोई हक नहीं है। केंद्र में महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी एवं अन्य महिला मंत्री सभी ने मौन धारण किया हुआ है। यह बहुत ही शर्मनाक है। महिलाओं से जुड़े इस तरह के मुद्दों पर भी अगर वो चुप हैं तो ऐसे मंत्री होने का क्या फायदा। इससे साफ जाहिर होता है कि भाजपा महिलाओं के प्रति कितनी गंभीर है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले तो मणिपुर में शांति कायम करनी चाहिए। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि ढाई महीने से मणिपुर जल रहा है, लेकिन वे हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की है कि मणिपुर में बद्दतर हालात को देखते हुए वहां राष्ट्रपति शासन लागू कर देना चाहिए और इस हिंसा के दोषियों को सख्त से सख्त सजा देनी चाहिए। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस सचिव रिपना कलसाईक, उषा मेहता, जिला महिला अध्यक्ष वनीता वर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष वृंदा सिंह, प्रभा वर्मा, शिमला शहरी की उपाध्यक्ष कृष्णा जरयाल, उमा, चंपा, नागिंद्रा, लोकेश्वरी, सरला, इंदु राज व महिला कांग्रेस की कार्यकता मौजूद थी।
हिमाचल प्रदेश सरकार में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह अधिकारियों से खासे नाराज नजर आ रहे हैं। दिल्ली से शिमला लौटने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि अधिकारियों के लिए उनके मन में मान-सम्मान है। सरकार चलाने के लिए अधिकारी और चुने हुए प्रतिनिधियों के बीच में समन्वय जरूरी है। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी लक्ष्मण रेखा लांघने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। हिमाचल प्रदेश में रहकर अधिकारी प्रपोजल तैयार करते हैं और हिमाचल की सीमा पार करते-करते परवाणू में प्रपोजल को बदल दिया जाता है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने अफरशाही को सख्त संदेश देते हुए कहा कि हम लोगों की ओर से चुनी हुई सरकार हैं। अफसरशाही सरकार को यह नहीं बताएगी कि क्या करना है और क्या नहीं। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि इस बारे में वे सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से बात करेंगे। इस तरह की बातें सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि कुछ अफसर सरकार को दबाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐसा हम होने नहीं देंगे। वे इस बारे में ज्यादा बात नहीं करना चाहते, लेकिन वे सीएम सुक्खू के साथ इस बारे में गंभीरता से चर्चा करेंगे।
हिमाचल बीजेपी इस समय व्यवस्था परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने आज संसदीय क्षेत्र प्रभारी और सह प्रभारियों की नियुक्ति की है। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के प्रभारी पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक विपिन सिंह परमार और सह प्रभारी प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ राजीव भारद्वाज रहेंगे। इसी प्रकार हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के प्रभारी पूर्व मंत्री विक्रम ठाकुर और सह प्रभारी प्रदेश सचिव सुमित शर्मा, मंडी संसदीय क्षेत्र के प्रभारी पूर्व मंत्री एवं प्रदेश उपाध्यक्ष गोविंद ठाकुर और सह प्रभारी विधायक एवं प्रदेश सचिव विनोद कुमार होंगे। शिमला संसदीय क्षेत्र के प्रभारी पूर्व मंत्री एवं विधायक सुखराम चौधरी और पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष संजय सूद रहेंगे। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
प्रदेश में बारिश का कहर चारों तरख दिख रहा है। शिमला जिला के कोटखाई में बारिश के चलते खासा नुकसान हुआ है। कोटखाई की बाग डुमैहर पंचायत में एक मकान पर लैंडस्लाइड हो गया, जिससे उसमें रह रहे नेपाली मूल के दंपति मौत हो गई है। कोटखाई अस्पताल के निकट भी भूस्खलन हुआ है। भूस्खलन होने से सारा मलबा अस्पताल की निचली मंजिल में भर गया और यह मंजिल पूरी तरह जलमग्न हो गई। भारी बारिश के बाद अस्पताल में कीचड़ भर गया। इससे डॉक्टर और दूसरा स्टाफ अस्पताल में नहीं जा पा रहा है। इतना ही नहीं इस वजह से मरीजों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाजार के सामने नए बने बस स्टैंड के पास डंगा गिर गया है और पुलिस थाना के सामने भी भूस्खलन हुआ है। उधर, कोटखाई के खलटू नाला में पिछले दिनों बाढ़ आने से खासा नुकसान हुआ था लेकिन आज यहां पर एक भवन जमीदोज हो गया । इस भवन के साथ दो भवनों को भी खतरा बना हुआ है। कुछ दिनों पहले इन भवनों को खाली करवा दिया था।
मुख्यमंत्री ने 10 अत्याधुनिक अग्निशमन वाहनों को हरी झंडी दिखा किया रवाना मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां से 10 अत्याधुनिक अग्निशमन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन अग्निशमन वाहनों में फोम बनाने वाली मशीनों की सुविधा है, जिससे सामान्य आग और तेल से लगने वाली आग दोनों पर ही इसमें प्रभावी ढंग से काबू पाया जा सकता है। इसके साथ ही राज्य में अब अग्निशमन वाहनों की संख्या 230 हो गई है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ज़िला लाहौल-स्पीति के काजा, ज़िला चम्बा के किलाड़ और ज़िला हमीरपुर के नादौन में तीन नए अग्निशमन उपकेंद्र खोलेगी। इसके अतिरिक्त, शिमला ज़िला के देहां में एक नई अग्निशमन चौकी खोली जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य भर में अग्निशमन सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के दृष्टिगत सरकार ने अतिरिक्त अग्निशमन उपकरणों की खरीद के लिए 1.60 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इसके अलावा, अग्निशमन केंद्रों के लिए कार्यालय भवनों और आवासीय सुविधाओं के निर्माण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए 9.80 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। इस अवसर पर विधायक रवि ठाकुर, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, उप महापौर उमा कौशल, निदेशक अग्निशमन सेवाएं राकेश अग्रवाल, उपायुक्त आदित्य नेगी और पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी भी उपस्थित थे।
प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से 315.80 करोड़ रुपये की राशि शीघ्र जारी करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि यह राशि पिछले कुछ वर्षों से रुकी हुई है जिसमें राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया निधि (एनडीआरएफ) के तहत वर्ष 2020-21 के लिए आवंटित 121.71 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2021-22 के लिए 133.56 करोड़ रुपये और राज्य आपदा प्रतिक्रिया निधि के तहत वर्ष 2019-20 के लिए 61.07 करोड़ रुपये की राशि शामिल है। उन्होंने कहा कि महालेखा परीक्षक की ओर से लगाई गई आपत्तियों के कारण इसमें देरी हुई है और प्रदेश सरकार ने अब इन आपत्तियों का सफलतापूर्वक समाधान कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि अब सभी आपत्तियों का निस्तारण किया जा चुका है, ऐसे में राज्य में हाल ही में भारी बारिश और बाढ़ के कारण हुई क्षति को देखते हुए इस आपदा की स्थिति में यह राशि शीघ्र जारी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के दृष्टिगत उत्पन्न त्वरित आवश्यकताओं को पूर्ण करने के दृष्टिगत राज्य सरकार ने इस आवंटित निधि को शीघ्र जारी करने का आग्रह केन्द्र सरकार से किया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि यह राशि अगर शीघ्र जारी होती है तो हाल ही में प्रदेश में आई विपदा से प्रभावितों को राहत पहुंचाने तथा उनके पुनर्वास में इसका सदुपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आशान्वित है कि उसके आग्रह पर केन्द्र शीघ्र कार्यवाही करते हुए इस चुनौतीपूर्ण समय में अपना सहयोग एवं समर्थन बनाए रखेगा।
जिला बिलासपुर में बड़ा सड़क हादसा पेश आया है। यहां स्वारघाट में चंडीगड़-मनाली नेशनल हाईवे पर शनिवार सुबह साढ़े चार बजे एक कार अनियंत्रित होकर 500 फुट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में कार सवार तीन लोगों की मौत हो गई है। मृतकों की पहचान सचिन, पिंटू और खुशी के तौर पर हुई है। तीनों मृतक नोएडा दिल्ली के रहने वाले थे। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्त के बाद शवों को खाई में बाहर निकाली। पुलिस ने घटना के संबंध में मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
शिमला जिले के रोहड़ू में एक बार फिर आसमानी कहर बरपा है। जानकारी के अनुसार छौहारा विकास खंड की डिसवाणी पंचायत के तहत आने वाली लैला खड्ड में बाढ़ आ गई, जिसके चलते तीन लोग मलबे में दब गए। बताया जा रहा है कि जगोटी गांव निवासी रोशन लाल और उनकी धर्म पत्नी भागा देवी लैला में ढाबा चलाते थे। बीती रात उनका पोता कार्तिक भी उनके साथ लैला में ही था। इस दौरान रात दो से तीन बजे के बीच लैला खड्ड में आए भारी फ्लड में ढाबा बह गया, जिसके बाद तीनों लापता हंै। पुलिस व प्रशासन ने स्थानीय लोगों के साथ जेसीबी की मदद से राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि बाढ़ में रोशन लाल पुत्र शालिग राम, भागा देवी पत्नी रोशन लाल और कार्तिक पुत्र यशवंत या बह गए हैं या मलबे में दब गए हैं। बाढ़ से एक मकान और 5 गडिय़ों को भी नुकसान पहुंचा है।
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट की। उन्होंने उन्हें राज्य में भारी बारिश और बादल फटने से हुए नुकसान से अवगत करवाया। राज्यपाल ने प्रधानमंत्री को राज्य सरकार और एन.डी.आर.एफ. द्वारा संचालित किए जा रहे राहत और बचाव कार्यों के बारे में जानकारी दी तथा राज्य को सहायता राशि जारी करने और अर्द्धसैनिक बलों व एन.डी.आर.एफ. को तैनात करने के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। राज्यपाल ने प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री को अवगत करवाया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से मंडी और सोलन जिलों में प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति की समीक्षा की है। प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री ने राज्यपाल को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने राज्य में आपदा से नुकसान का आकलन के लिए आए दल के साथ की बैठक मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वित्तीय सलाहकार रवनीश कुमार के नेतृत्व में राज्य में आपदा से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए आए आठ सदस्यीय केंद्रीय दल के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय दल को अवगत करवाया कि प्रदेश में भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ के कारण भारी नुकसान हुआ है, जिसे देखते हुए केंद्र सरकार को हिमाचल की उदारता से मदद करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार को वर्ष 2013 में केदारनाथ में आई आपदा के दौरान मिली सहायता की तर्ज पर हिमाचल को भी केन्द्र सरकार की ओर से आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के आपदा से संबंधित वर्तमान दिशा-निर्देशों में बहुत कम आर्थिक सहायता का प्रावधान है। प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और निर्माण इत्यादि की अधिक लागत को देखते केंद्र सरकार को हिमाचल सहित अन्य पहाड़ी राज्यों को अलग पैटर्न पर आर्थिक सहायता प्रदान करनी चाहिए। सुक्खू ने कहा कि भारी बारिश और बाढ़ के कारण प्रदेश में बिजली, पानी और सड़क परियोजनाओं को बड़े पैमाने पर क्षति पहुंची है, जिसे स्थाई रूप से बहाल करने में काफी वक्त लगेगा और विशेष आर्थिक सहायता की भी आवश्यकता होगी। ऐसे में इस त्रासदी से उबरने के लिए प्रदेश को उदार वित्तीय मदद के लिए केन्द्र सरकार को आगे आना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अन्तरिम राहत के लिए केन्द्र सरकार को पत्र भी लिखा है और मानसून के बाद इस बारे में संशोधित ज्ञापन दिया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज यहां बताया कि किसानों और बागवानों की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने सेब और आलू के सुचारू परिवहन के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करने वाले बाहरी राज्यों के ट्रकों को विशेष पथ कर (एसआरटी) के भुगतान से छूट देने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय परमिट के अंतर्गत नहीं आने वाले ट्रकों को इस वर्ष 20 जुलाई से 31अक्टूबर तक इस छूट का लाभ मिलेगा। मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि यह निर्णय किसानों और बागवानों के उत्थान के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे सेब व आलू के सीजन में ढुलाई की पर्याप्त परिवहन सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस छूट के परिणामस्वरूप परिवहन लागत में कमी आएगी, जिससे उत्पादकों की आय में भी वृद्धि होगी। उप-मुख्यमंत्री, जिनके पास परिवहन मंत्री का प्रभार भी है, ने दोहराया कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से कठिन समय में विशेषकर उन बागवानों एवं कृषकों को राहत मिलेगी जो भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ के कारण प्रभावित हुए हैं।
भाजपा के नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल सरकार बागवानों के साथ अन्याय कर रही है। अगर आप गौर से देखें तो मुख्यमंत्री, बागवानी मंत्री और ठियोग के विधायक के बीच बिलकुल भी आपसी तालमेल नहीं है। मुख्यमंत्री कहते हैं कि सेब जिस प्रकार बिक रहा था, उसी प्रकार बिकेगा, बागवानी मंत्री कहते हैं कि किलो के हिसाब से बिकेगा और उनके विधायक कुछ और ही कहते हैं। इससे भगवानों को बड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है, सेब बागवान किलो के हिसाब से सेब कैसे बेचेंगे जब उसको तोलने की कोई भी सुविधा मंडियों में है ही नहीं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हर प्रकार से हिमाचल प्रदेश की इस आपदा के समय मदद की है चाहे वह हेलीकॉप्टर प्रदान करना हो या राहत राशि हो। पर कांग्रेस सरकार ने केंद्र सरकार का धन्यवाद तक नहीं किया। उन्होंने कहा की यहां तक कि कांग्रेस के नेताओं ने यह तक कह डाला की आपदा में फसे लोगों को बचाने के लिए आर्मी उपस्थित ही नहीं थी और मुख्यमंत्री उनको बचा कर ले आए। मैं पूछना चाहता हूं कि आर्मी के जवान ही थे जो आपदा में फसे हुए लोगों को निकाल कर लेकर आए, क्या मुख्यमंत्री उनको कंधे पर उठाकर लेकर आए। उन्होंने कहा कि केंद्र ने जो आपदा के लिए राशि भेजी है उसको कांग्रेस के मंत्री और नेता नकद रूप में लोगों के बीच में बांट रहे हैं। उसको लेकर फोटो खिंचवा रहे हैं वह केवल मात्र श्रेय लेना चाहते हैं और कुछ भी नहीं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का मैं धन्यवाद करना चाहता हूं कि उन्होंने तुरंत हिमाचल प्रदेश के नेशनल हाईवे को ठीक करने के लिए राशि प्रदान की है और टोल टैक्स भी माफ किया है। उन्होंने भाजपा के समस्त नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं भी दी और कहा कि आगामी 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा हिमाचल प्रदेश की सभी चारों सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी और एक बार फिर केंद्र में भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनाएगी। इस मौके पर भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर से मिला उसमें प्रदेश महामंत्री बिहारी लाल शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव कटवाल, सचिव विनोद कुमार, डॉ. संजय ठाकुर, कार्यालय सचिव प्रमोद ठाकुर, कार्यालय सह सचिव किरण बाबा, सपना कश्यप, प्रदेश कोषाध्यक्ष कमल सूद, प्रदेश मीडिया प्रभारी करण नंदा, सह मीडिया प्रभारी प्यार सिंह, रमा ठाकुर और सुदीप महाजन उपस्थित रहे।


















































