कहा- जनता के साथ छल कर रही प्रदेश की सरकार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा हिमाचल प्रदेश सरकार को 3आर पर काम करना चाहिए रिस्टोरेशन, रिहैबिलिटेशन और रिपेयर। अभी तक इन तीनों कार्यों में गति धीमी चल रही है और अगर हिमाचल प्रदेश की जनता को राहत प्रदान करनी है तो इस 3आर में तेजी लानी होगी। वर्तमान प्रदेश सरकार को केंद्र सरकार का स्पष्ट शब्दों में धन्यवाद और आभार व्यक्त करना चाहिए, क्योंकि पिछले दिनों ही केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी संसद छोड़ हिमाचल प्रदेश में बाढ़ से नुकसान का जायजा और बड़ी राहत भी प्रदान करके गए, इस आपदा की घड़ी में प्रदेश सरकार को खुले धीरे करके आगे बढ़ना चाहिए। डॉ. बिंदल ने कहा, 'मैं स्पष्ट शब्दों में कहना चाहता हूं कि हिमाचल प्रदेश की सरकार जनता के साथ छल और राजनीति कर रही है।Ó केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश की मदद की है, उसको स्पष्ट रूप से जनता के समक्ष लाया नहीं जा रहा है। यह कांग्रेस सरकार इस आपदा की घड़ी में गरीबों को जो राहत राशि प्रदान कर रही है उसमें भाई भतीजावाद हो रहा है, किसी को कम या किसी को ज्यादा राशि प्रदान की जा रही है। सरकार की ओर से कोई मापदंड नहीं है। आज के जमाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बटन दबाते हैं तो देश के सभी किसान भाइयों के खाते में किसान सम्मान निधि पहुंच जाती है, पर कांग्रेस के नेता आपदा में दी जाने वाली राहत राशि को नकद बांट रहे हैं। हम मांग करते हैं कि यह राशि डीबीटी के माध्यम से व्यक्ति के खाते में सीधी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार किसानों के साथ भी राजनीति कर रही है। सेब के विषय में किसान भाइयों को उलझा के रखा है, कभी सेब के कार्टन और वेट में। अब इस सरकार से सड़के ही नहीं खुल रही है, हर जिले में लगभग 300 सड़कें बंद है और आज सेब, टमाटर, मटर की फसलें मंडी तक नहीं पहुंच पा रही है। इस समय फसलें पहुंचती हंै तो यकीनन किसानों को दाम कम मिलता है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन में हिमाचल प्रदेश की जनजातीय बोलियों की शब्दावली जारी की। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के जनजातीय अध्ययन केंद्र के निदेशक प्रो. चंद्र मोहन परसीरा ने जनजातीय लोगों की मदद से यह शब्दावली तैयार की है। इस अवसर पर राज्यपाल ने टीम के सभी सदस्यों को बधाई देते हुए शोध कार्य के लिए उनकी सराहना की।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भेंट की। मुख्यमंत्री ने 830 करोड़ रुपये की विशेष केंद्रीय सहायता के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री का आभार व्यक्त किया और राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने, संसाधन सृजन और बहाली कार्यों की गति में तेजी लाने के लिए केंद्र सरकार से अतिरिक्त विशेष केंद्रीय सहायता का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में बाढ़ के दौरान सड़कों, पुलों, जलापूर्ति योजनाओं, सिंचाई योजनाओं, शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संस्थानों, पशुधन व मानव जीवन, सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को हुई भारी क्षति के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि लगभग 8000 करोड़ के नुकसान का आकलन किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने स्वयं के अल्प संसाधनों से राहत और बहाली अभियान चलाया जो राज्य के बुनियादी ढांचे को पटरी पर लाने के लिए अपर्याप्त है। ऐस में उन्होंने केंद्र से समर्थन और सहायता का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री ने हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री से किया आग्रह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट की। मुख्यमंत्री ने भारी बारिश एवं बाढ़ से हुई क्षति का आकलन करने के लिए केंद्रीय समिति को प्रदेश में भेजने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने केंद्रीय समिति की अनुशंसा के अनुसार राज्य को शीघ्रातिशीघ्र राशि जारी करने का आग्रह करते हुए कहा कि प्रदेश में क्षतिग्रस्त आधारभूत संरचना के पुनर्निर्माण में लगभग एक से दो वर्ष का समय लगेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में भारी बारिश और बादल फटने इत्यादि की घटनाओं से हुए भारी नुकसान से उन्हें अवगत करवाया और राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए 2 हजार करोड़ रुपये की तुरंत राहत प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने अवगत करवाया कि आपदा राहत के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए केंद्र से प्राप्त निधि सम्बंधित विभागों और उपायुक्तों को राहत अभियान के लिए जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019-2020 तथा वर्ष 2020-2021 के लिए राष्ट्रीय और राज्य आपदा राहत निधि के तहत लम्बित 315 करोड़ रुपये की राशि शीघ्र जारी की जाए, क्योंकि अभी तक प्राप्त राशि प्रदेश में बड़े स्तर पर हुई क्षति के विपरीत बहुत कम है। गृह मंत्री ने राज्य को हरसम्भव सहायता का आश्वासन दिया। इस अवसर पर मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा भी उपस्थित थे।
शिमला डीसी ऑफिस के बाहर किया धरना-प्रदर्शन बेरोजगार शारीरिक शिक्षा कल्याण संगठन हिमाचल प्रदेश ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बेरोजगार शिक्षकों ने शिमला डीसी ऑफिस के बाहर धरना प्रदर्शन कर खाली पड़े पदों को शीघ्र भरने की सरकार से मांग की है और कहा है कि अगर एक महीने कर भीतर शारीरिक शिक्षकों के 870 पदों को भरने की भर्ती प्रक्रिया को शुरू नहीं किया तो वे परिवार सहित अनशन पर बैठा जाएंगे और जो भी पढ़ाई की है उसके डिग्री-डिप्लोमा सरकार को सौंप देंगे। बेरोजगार शारीरिक शिक्षा कल्याण संगठन हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष रामेश राजपूत ने कहा कि सरकार ने शारीरिक शिक्षकों के 870 पदों को भरने की भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। कोर्ट में जाने की वजह से लटक गई थी, लेकिन अब कोर्ट ने मामले को डिसमिस कर दिया है। इसलिए सरकार भर्ती प्रक्रिया को शुरू करें। कई बार सरकार के ध्यान में मामला लाया गया, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला। आज मजबूरन बेरोजगार शारीरिक शिक्षक धरना प्रदर्शन किया है क्योंकि अब सब्र का बांध टूट गया है और उम्र भी हाथ से निकलती जा रही है। लगभग 22 से 25 हज़ार बेरोजगार शारीरिक शिक्षक नौकरी का इंतजार कर रहे हैं, इसलिए सरकार भर्ती प्रक्रिया को जल्दी शुरू करें।
बेरोजगार शारीरिक शिक्षा कल्याण संगठन हिमाचल प्रदेश ने सरकार के खिलाफ़ मोर्चा खोल दिया है। शारीरिक शिक्षकों ने शिमला डीसी आफिस के बाहर धरना प्रदर्शन कर खाली पड़े पदों को शीघ्र भरने की सरकार से मांग की है और कहा है कि अगर एक महीने के भीतर शारीरिक शिक्षकों के 870 पदों को भरने की भर्ती प्रक्रिया को शुरू नही किया गया तो वे परिवार सहित अनशन पर बैठा जाएंगे और जो भी पढ़ाई की है उसके डिग्री डिप्लोमा सरकार को सौंप देंगे। बेरोजगार शारीरिक शिक्षा कल्याण संगठन हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष रामेश राजपूत ने कहा कि सरकार ने शारीरिक शिक्षकों के 870 पदों को भरने की भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी जो कोर्ट में जाने की वजह से लटक गई थी। लेकिन अब कोर्ट ने मामले को डिसमिस कर दिया है इसलिए सरकार भर्ती प्रक्रिया को शुरू करें। कई बार सरकार के ध्यान में मामला लाया गया लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला इसलिए आज मजबूरन बेरोजगार शारीरिक शिक्षक धरना प्रदर्शन किया है क्योंकि अब सब्र का बांध टूट गया है और उम्र भी हाथ से निकलती जा रही है। लगभग 22 से 25 हज़ार बेरोजगार शारीरिक शिक्षक नौकरी का इंतजार कर रहे हैं इसलिए सरकार भर्ती प्रक्रिया को जल्दी शुरू करें।
पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के गतिशील नेतृत्व में राज्य सरकार ने 'मुख्यमंत्री वन विस्तार योजनाÓ शुरू की है। प्रदेश मंत्रिमंडल द्वारा हाल ही में स्वीकृत इस योजना का लक्ष्य राज्य में वन क्षेत्र का विस्तार करना है, जिससे पारिस्थितिकी तंत्र और सामाजिक-आर्थिक जनजीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इस महत्वाकांक्षी योजना के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपने नैसर्गिक सौंदर्य और जैव विविधता के लिए जाना जाता है। इस योजना के तहत राज्य की बंजर पहाड़ियों में वृक्षारोपण द्वारा भू-क्षरण जैसी समस्या से कुशलतापूर्वक निपटा जा सकता है। राष्ट्रीय वन नीति-1988 के अनुसार पहाड़ी और पर्वतीय क्षेत्रों को अपने भौगोलिक क्षेत्र का दो-तिहाई हिस्सा वन और वृक्ष आवरण के अंतर्गत बनाए रखना आवश्यक है। मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना के तहत इस वर्ष राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में लगभग 257 हेक्टेयर बंजर पहाड़ियों पर पर्यावरण-अनुकूल प्रजातियों के रोपण की योजना बनाई है। इस अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार ने वनीकरण के लिए चयनित क्षेत्रों में नई पौध की देखभाल हेतु सात वर्षों की अवधि के लिए स्थानीय लोगों की सेवाएं लेने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम के उचित कार्यान्वयन, देखरेख और निगरानी के लिए वन विभाग एक समर्पित टास्कफोर्स की स्थापना की जाएगी। अभियान के तहत रोपित पौधों की देखभाल केे महत्व पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि टास्कफोर्स वृक्षारोपण सीजन के दौरान हर पखवाड़े में कम से कम एक बार बैठक करेगी, ताकि प्रगति की समीक्षा की जा सके और वनीकरण कार्यों का समय पर निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रीय इकाइयों के साथ समन्वय किया जा सके। इसके अलावा सरकार पर्यावरण संरक्षण के प्रयास में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गैर-सरकारी एजेंसियों, व्यक्तियों, स्वयं सहायता समूहों और संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को वृक्षारोपण स्थलों को अपनाने व उनकी उचित देखभाल सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना से न केवल वन क्षेत्र बढ़ने की उम्मीद है बल्कि यह पहाड़ी चोटियों पर जंगली खरपतवार को खत्म करने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, यह पहल राज्य के लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा करेगी, जिससे सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा।
कहा- सभी जिलों को मरम्मत कार्यों के लिए उपलब्ध करवाया गया है फंड राजस्व, बागबानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि बारिश से क्षतिग्रस्त सभी सड़कों तथा पेयजल योजनाओं की त्वरित मरम्मत सुनिश्चित की जाए इस के लिए राज्य सरकार की ओर से सभी जिलों को आवश्यक फंड उपलब्ध करवाया गया है। बुधवार को धर्मशाला के स्कूल शिक्षा बोर्ड के सभागार में जिला राहत एवं पुनर्वास समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राजस्व मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में मानवीय सरोकारों को समर्पित प्रदेश सरकार आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास कार्य युद्ध स्तर पर संचालित कर रही है। राहत एवं पुनर्वास कार्यों को तीव्र गति से संचालित किया जा रहा है जिसकी सराहना विश्व बैंक द्वारा भी की गई है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में राहत पुनर्वास के कार्यों की समीक्षा के लिए जिला स्तरीय राहत एवं पुनर्वास समितियों का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों के राहत तथा पुनर्वास के कार्यों में तत्परता के साथ सभी विभागीय अधिकारियों को कार्य करना चाहिए, इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं की जाए। मनरेगा के तहत भी बारिश से क्षतिग्रस्त कार्यों की मरम्मत का प्रावधान राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि मनरेगा के तहत बारिश से क्षतिग्रस्त निजी कार्यों के लिए भी मरम्मत का प्रावधान किया गया है तथा ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को इस बाबत पंचायत स्तर पर लोगों को जानकारी प्रदान करनी चाहिए तथा ज्यादा से ज्यादा सेल्फ मनरेगा के तहत अपू्रवल के लिए भेजें ताकि बारिश से प्रभावित लोगों को लाभांवित किया जा सके। विकास खंड अधिकारियों को भी मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों की जानकारी को लेकर पंचायत प्रधानों के साथ बैठकें करने के निर्देश दिए गए हैं। पीडब्ल्यूडी, कृषि, जलशक्ति, विद्युत विभाग में 287 करोड़ का नुकसान कांगड़ा जिला में भारी बारिश से लोक निर्माण विभाग को 83 करोड़ जिसमें 397 मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं। जलशक्ति विभाग को 146 करोड़ इसमें 571 पेयजल योजनाएं बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुई हैं। विद्युत विभाग को 16 करोड़ तथा कृषि विभाग को 34 करोड़ का नुक्सान हुआ है। कृषि विभाग के तहत इंदौरा तथा फतेहपुर में किसानों को सबसे ज्यादा नुक्सान हुआ है, शिक्षा विभाग को आठ करोड़ के करीब नुक्सान का आकलन किया गया है। चक्की पुल का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के दिए निर्देश राजस्व मंत्री ने चक्की पुल का निर्माण कार्य तत्परता के साथ पूरा करने के निर्देश एनएचएआई के अधिकारियों को दिए गए हैं इसके साथ ही यातायात के लिए वैकल्पिक मार्ग की मरम्मत के लिए एनएचएआई के अधिकारियों को कारगर कदम उठाने के लिए कहा गया है ताकि लोगों को किसी आवागमन में किसी भी तरह की दिक्कतें नहीं झेलनी पड़ें। उन्होंने कहा कि चक्की पुल को बाढ़ से बचाने के लिए ठोस उपाय किए जाएं ताकि हर वर्ष बारिश में चक्की पुल को यातायात के लिए बंद नहीं करना पड़े। मानसून सीजन से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में डी सिल्टिंग अभियान को सराहा राजस्व मंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा मानसून सीजन से पहले मनरेगा के तहत नालों तथा नालियों से गाद हटाने के लिए चलाए गए अभियान की सराहना करते हुए कहा कि पानी की निकासी सही होने से बाढ़ इत्यादि के खतरे की आशंका कम हो जाती है। कांगड़ा जिला में मनरेगा के तहत 3097 कार्य किए गए हैं इसके कारण भी कांगड़ा जिला में बारिश से नुक्सान को कम किया जा सका है। ग्रामीण स्तर पर तैयार किए जाएं आपदा मित्र राजस्व मंत्री ने कहा कि आपदा से बचाव के लिए ग्रामीण स्तर पर आपदा प्रबंधन कमेटियां गठित करना जरूरी हैं तथा इस दिशा में महिला मंडलों, पंचायत प्रतिनिधियों, युवक मंडलों को आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षित किया जाए ताकि आपदा के समय राहत तथा पुनर्वास के कार्यों को त्वरित प्रभाव से आरंभ किया जा सके और नुक्सान को भी कम करने में मदद मिल सके। इस अवसर पर डीसी डा निपुण जिंदल ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा बारिश के दौरान राहत तथा पुनर्वास के कार्यों का विस्तार से ब्यौरा दिया। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव किशोरी लाल, विधायक केवल सिंह पठानिया, विधायक मलेंद्र राजन, एसपी शालिनी अग्निहोत्री, एसपी अशोक रत्न, एडीएम रोहित राठौर, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, वन विभाग, कृषि, बागबानी विभाग के अधिकारी, उपमंडलाधिकारी भी उपस्थित थे।
ग्रेटर नोएडा में इंडिया इंटरनेशनल होस्पिटेलिटी एक्सपो में बतौर मुख्यातिथि हुए शामिल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने होटल व्यवसायियों एवं आतिथ्य उद्यमियों से प्रदेश में निवेश करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रदेश में पर्यटन उद्योग के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री आज नई दिल्ली में इंडिया एक्सपो सेंटर और ग्रेटर नोएडा मार्ट द्वारा आयोजित इंडिया इंटरनेशनल होस्पिटेलिटी एक्सपो-2023 को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में हिमाचल सभी मौसम के सर्वाधिक पसंदीदा पर्यटन गंतव्य के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेहतर कानून-व्यवस्था, शांतिपूर्ण वातावरण एवं नैसर्गिक सौन्दर्य राज्य को अलग पहचान दिलाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पांच सितारा और सात सितारा होटलों, स्वास्थ्य एवं वेलनेस केन्द्रों, वृद्धाश्रमों आदि में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण मुक्त वातावरण और यहां की स्वच्छ जलवायु वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्यवर्धक है। उन्होंने कहा कि होम-स्टे योजना के घर से काम करने वाले कॉरपोरेट कर्मचारियों को बड़ी संख्या में हिमाचल की ओर आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश बर्फीले क्षेत्रों से लेकर जंगलों, जलाश्यों और सभी प्रकार के मौसम में अनुकूल वातावरण उपलब्ध होने के कारण एक आदर्श एवं बहुआयामी पर्यटन गंतव्य है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार हवाई सम्पर्क सेवाओं (कनेक्टिविटी) में और सुधार के लिए प्रयास कर रही है तथा सभी जिला मुख्यालयों में हेलीपोर्ट सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली से शिमला और धर्मशाला के लिए हवाई उड़ानों की सुविधा पहले से ही उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा हवाई अड्डे को पूर्ण आकार का हवाई अड्डा बनाने के लिए आवश्यक कार्यों के अलावा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शीघ्र पूर्ण की जाएगी। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता, हवाई कनेक्टिविटी, प्राकृतिक सुंदरता और जलाशयों जैसे प्रचुर संसाधनों की उपलब्धता के कारण जिला कांगड़ा को पर्यटन राजधानी घोषित किया गया है। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों को प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया और कहा कि राज्य सरकार नियमों के अनुसार उनके प्रस्तावों को त्वरित मंजूरी प्रदान करना सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संसाधनों या भूमि की कोई कमी नहीं है और राज्य सरकार इस क्षेत्र में निवेश आमंत्रित करने के लिए पूर्णत: तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल में हुई भारी बारिश के दौरान वह स्वयं और प्रदेश सरकार के मंत्री प्रभावित स्थलों के दौरे पर रहे और बर्फबारी के कारण चंद्रताल में फंसे 300 से अधिक पर्यटकों और अन्य स्थानों से लगभग 70 हजार पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आने वाले सभी पर्यटकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने हिमाचल पवेलियन का शुभारम्भ भी किया। इस पवेलियन में विशेष रूप से हिमाचली व्यंजनों पर आधारित बोटी धाम का प्रबंध किया गया है। इसके उपरांत, मुख्यमंत्री ने इंडियन एक्सपो मार्ट लिमिटेड (आईईएमएल) और होटल उद्योग के सदस्यों के साथ भी बैठक की। इस अवसर पर राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार और उद्यमियों के दृष्टिकोण पर चर्चा की गई। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के उपाध्यक्ष आर.एस. बाली कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने हिमाचल, विशेषकर कांगड़ा जिले के लिए प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि राज्य प्री-वेडिंग और वेडिंग डेस्टीनेशन के रूप में उभर रहा है। राज्य में अधिकांश स्थान अब यात्रा के लिए सुरक्षित हैं और केवल ब्यास नदी बेसिन ही भारी बारिश और बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। राज्य में सड़क बुनियादी ढांचे को बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए गए हैं। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार की योजनाओं की जानकारी प्रदान की। इंडियन एक्सपो मार्ट लिमिटेड (आईईएमएल) के अध्यक्ष राकेश कुमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक अमित कश्यप ने बताया कि हिमाचली व्यंजनों को लोकप्रिय बनाने के लिए निगम के होटलों और हिमाचल भवन में हिमाचली थाली परोसी जा रही है।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर पलटवार करते हुए कहा है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के हिमाचल दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, लोक निर्माण मंत्री व मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर साथ रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जिला कुल्लू के साथ-साथ प्रदेश के विभिन्न भागों में भारी बारिश तथा बाढ़ के कारण हुए नुकसान बारे में केंद्रीय मंत्री को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पहले भी कुल्लू जिला का दौरा कर चुके हैं और लगभग 60 घंटे ग्रांऊड जीरो पर रहकर प्रभावित लोगों की मदद कर चुके हैं तथा उन्हें सभी तथ्यों और जिला कुल्लू में हुए नुकसान की पूर्ण जानकारी है। जब प्रदेश में बारिश कहर बरपा रही थी, तब मुख्यमंत्री आपदा के बीच रह कर फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटे रहे। वहीं, नेता प्रतिपक्ष आपदा की परवाह न करते हुए केवल मात्र अखबारों की सुर्खियों में बने रहने के लिए बयानबाजी करते रहे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के आग्रह पर ही केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी हिमाचल प्रदेश में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के लिए आए थे, ताकि वह अपनी आंखों से राज्य में हुए नुकसान की सही जानकारी ले सकें। दोनों मंत्रियों ने कहा कि जय राम ठाकुर इस संवेदनशील मुद्दे पर केवल और केवल राजनीति कर प्रदेश के लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे उचित नहीं ठहराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से सड़कों की मरम्मत के लिए 400 करोड़ रुपए की राशि सीआरआईएफ में ही दी जा रही है, जबकि अलग से कोई राशि जारी नहीं की गई है। इसलिए नेता प्रतिपक्ष प्रदेश की जनता के सामने झूठ बोलने से परहेज ही करें। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राम सुभग सिंह को सेवा विस्तार देने के मामले पर मंत्रियों ने कहा कि उन्हें पीएमओ से पहले ही क्लीन चिट मिल चुकी है और अब उन पर कोई आरोप नहीं है। ऐसे में राम सुभग सिंह पर जय राम ठाकुर ओच्छी राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष को सलाह दी कि वह आपदा की इस घड़ी में राजनीति छोड़कर प्रदेश सरकार को अपना सकारात्मक सहयोग दें ताकि प्रभावित परिवारों की अधिक से अधिक सहायता की जा सके।
प्रधान सचिव, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले आरडी नजीम ने आज यहां बताया कि इस बार पूरे राज्य में धान की खरीद हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से ही की जाएगी। इससे किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2203 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धान की खरीद 3 अक्तूबर से 26 दिसंबर तक की जाएगी। धान की खरीद प्रदेश में 9 मंडियों, अनाज मंडी फतेहपुर, रियाली व मिलवां, जिला कांगड़ा, धौला कुआं, पावंटा साहिब, ़िला सिरमौर, मार्केट यार्ड नालागढ़, मलपुर, बद्दी, जिला सोलन तथा मार्केट यार्ड टकराला, रामपुर, ज़िला ऊना के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को द्धह्लह्लश्चह्य:// द्धश्चड्डश्चश्चश्च.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ पोर्टल पर अपनी फसल का ब्यौरा भरने के उपरांत फसल बिक्री के लिए पंजीकरण करना होगा। इसके लिए पोर्टल 20 सितंबर, 2023 से खोल दिया जाएगा। किसानों को सही उपज की विक्रय राशि 48 घंटे के भीतर ऑनलाइन माध्यम से बैंक खाते में प्राप्त हो जाएगी।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि केंदीय्र मंत्री नितिन गडकरी संसद का महत्वपूर्ण सत्र छोड़ हिमाचल आए, पर दुर्भाग्यपूर्ण बात यह थी कि उस समय सचिव पीडब्ल्यूडी व ईएनसी पीडब्ल्यूडी मौके पर उपस्थित नहीं थे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को बार-बार उनको फोन करके जानकारी लेनी पड़ रही थी। अगर केंद्रीय मंत्री का सामान्य दौरा भी होता तो प्रोटोकॉल के मुताबिक उन को उपस्थित होना चाहिए। मुख्यमंत्री या मंत्री हो न हो पर अफसरों को इस मौके पर उपस्थित होना अनिवार्य है, क्योंकि सही मायने में कितना नुकसान हुआ है यह अफसर ही केंद्र मंत्री के समक्ष रख सकते हैं। जयराम ने कहा कि निरीक्षण के दौरान जो नुकसान का आकलन सामने आ रहा है वह 2500 करोड़ से ज्यादा होगा और केंद्र मंत्री ने आश्वासन दिया है कि सारा खर्च केंद्र वाहन करेगा, यह बहुत बड़ी बात है। कहा कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने प्रदेश में बरसात से हुए नुकसान का जायजा लेने के बाद सड़कों की मरम्मत के लिए 400 करोड़ रुपये देने की घोषणा की यह ऐतिहासिक है। इस राशि से फोरलेन, नेशनल हाईवे और तटीकरण का काम होगा। प्रदेश को यह राशि सेतु भारतम परियोजना और सेंट्रल रोड फंड (सीआरएफ) के तहत दी जा रही है। केंद्र सरकार प्रदेश में 12,000 करोड़ खर्चकर 68 टनलों का निर्माण कर रही है। 11 टनल 15 किलोमीटर लंबाई की बन चुकी हैं। 27 टनलों का निर्माण हो रहा है और 30 का निर्माण होना है। उन्होंने कहा कि बिजली महादेव रोप-वे का कार्य जल्द शुरू होगा और 15 अगस्त तक इसका अवार्ड कर दिया जाएगा। इस रोप-वे के निर्माण के लिए 250 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इस रोप-वे से पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि वे केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त करते हैं कि वे लोकसभा के महत्वपूर्ण सत्र छोड़ हिमाचल में बाढ़ के कारण हुए नुकसान का जायजा लेने आए। जयराम ने राम सुभाग सिंह की नियुक्ति के प्रश्न पर कहा कि इस पर मुख्यमंत्री सुक्खू को बोलना चाहिए क्योंकि उन्होंने विधानसभा सत्र के दौरान इन पर खूब भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। सिंह को प्रधान सलाहकार बनाने की सुक्खू को क्या मजबूरी रही है। एसे अनेक अधिकारी हैं जिनके काम पर प्रश्नचिन्ह लगे हैं।
धर्मशाला के कचहरी बाजार और ढगवार में खोले क्षेत्रीय विधायक कार्यालय, नरवाणा हेरिटेज में काटा 52 किलो का केक निर्धन परिवारों को आर्थिक मदद देकर साकार किया 'जनता ही जनार्दन' का स्लोगन हजारों समर्थक एक साथ बोले, सुधीर ही सुधार देश भर में चर्चित 'जनता ही जनार्दनÓ के स्लोगन को साकार करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा ने अपना 52वां जन्मदिन गरीब जनता को समर्पित कर दिया। बुधवार को दिग्गज कांग्रेस नेता सुधीर शर्मा ने अपना जन्मदिवस पूरी सादगी के साथ मनाया। नरवाणा हेरिटेज में मुख्य कार्यक्रम में सुधीर शर्मा ने 101 निर्धन परिवारों को आर्थिक मदद देकर नई परिपाटी की शुरूआत की। इस दौरान सुधीर शर्मा ने हजारों समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि उनका जीवन निर्धन जनता को समर्पित है। कार्यक्रम में उन्होंने अति निर्धन परिवारों को आर्थिक मदद देने के अलावा सैकड़ों बच्चियों को सिलाई मशीनें दीं, ताकि वे आत्मनिर्भर हों सकें। कार्यक्रम में समर्थकों ने खासतौर पर उनके लिए 52 किलो का केक बनाया था। सुधीर शर्मा ने कहा कि बरसात की आपदा के चलते वह अपना जन्मदिवस धूमधाम से नहीं मना रहे। इस पर हजारों समर्थकों ने 'सुधीर ही सुधारÓ के जोरदार नारे लगाए। इस दौरान मेहमानों को पारंपरिक धाम परोसी गई। नरवाणा में कार्यक्रम के बाद सुधीर शर्मा ने धर्मशाला के कचहरी बाजार में कांग्रेस पार्टी का एक और क्षेत्रीय विधायक कार्यायल खोला। इस आफिस में आमजन अपनी समस्याएं बता सकेगा। तदोपरांत उन्होंने धर्मशाला के निचले क्षेत्र की पंचायत ढगवार में एक और क्षेत्रीय विधायक कार्यालय खोला। इन दफ्तरों का मकसद यह है कि शहर व गांव के लोग निकटवर्ती क्षेत्रों में अपनी समस्याएं रख सकें। इन दफ्तरों से सुधीर शर्मा तीन पट्टियों में बसे धर्मशाला हलके की जनता के और करीब होंगे। मसलन दाड़ी आफिस में चामुंडा, टंग, नरवाणा, योल आदि इलाकों को सुविधा मिलेगी तो धर्मशाला आफिस में शहर के लोग अपना दर्द बता सकेंगे। ढगवार वाले आफिस में निचले क्षेत्रों की 20 पंचायतों के लोग अपनी समस्याएं रख पाएंगे। ऐसे में धर्मशाला की जनता के लिए तीन आफिस हो गए हैं। दिन भर बधाइयों का दौर सुधीर शर्मा को अल सुबह से बधाइयों का दौर शुरू हो गया। उन्हें फेसबुक, टिवटर, व्हट्ऐप, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, हाइक आदि सोशल मीडिया पर बधाइयों का दौर शुरू हो गया। समर्थक अपने अपने तरीकों से उन्हें टैग करके बधाई दे रहे थे। कई लोगों ने सुधीर शर्मा के स्लोगन सुधीर ही सुधार और जनता ही जनार्दन को टैग करके पोस्ट डालीं। स्मार्ट सिटी है सबसे बड़ी देन शांत स्वभाव के सुधीर शर्मा जितने कम शब्द बोलते हंै, उनका एक्शन उतना ही जोरदार होता है। हिमाचल को स्मार्ट सिटी सरीखा बड़ा प्रोजेक्ट देने वाले सुधीर शर्मा का जन्म बैजनाथ में 2 अगस्त 1972 को हुआ था। वह हिमाचल के दिवंगत फायर ब्रांड लीडर संतराम शर्मा के सुपुत्र हैं। वह बैजनाथ में साल 2003 और 2007 में विधायक रहे। साल 2012 में उन्होंने धर्मशाला में एंट्री की। जीतने के बाद उस समय बतौर शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा के कार्यकाल में धर्मशाला में रोप-वे, स्मार्ट सिटी, ट्यूलिप गार्डन, आईटी पार्क जैसे बड़े प्रोजेक्ट चर्चाओं में आए,तो पूरे देश में उनकी चर्चा होने लगी। सुधीर शर्मा विधानसभा में पूरे हिमाचल कसे संबंधित मसले उठाते हैं। सुधीर शर्मा की बदौलत धर्मशाला में स्मार्ट सिटी के 75 प्रोजेक्टों पर काम चल रहा है। धर्मशाला में मुख्य सचिव, जी-20 व महिला सांसदों के बड़े इवेंट हुए हैं। शहर और गांव बनाने हैं स्मार्ट मौजूदा समय में सुधीर शर्मा ने धर्मशाला के गांवों में 12 नए प्ले ग्राउंड बनाने का टारगेट लिया है। नाबार्ड के तहत 5 बड़ी सडक़ों का काम चल रहा है। पास्सू में 12 जुलाई 2021 को बही सडक़ काम तेज हुआ है। पास्सू में ही एक पुल पूरा हो चुका है। सब्जी मंडी और ओबीसी भवन का काम तेज हुआ है। मांझी खड्ड के तटीकरण का काम चल रहा है। मकलोडगंज से सटे गांवों को लिंक रोड बन रहे हंै। धर्मशाला मे ग्रीन स्पेस बढ़ाया जा रहा है। धर्मशाला शहर में स्मार्ट रोड, सिटी पैसेंजर सिस्टम, स्मार्ट बस अड्डे समेत कई दफ्तरों को नया लुक मिला है। ढगवार में पुराने मिल्क प्लांट को ढाई सौ करोड से नया लुक दिया जा रहा है। मसरेहड़ और ढगवार के लिए पौने तीन करोड़ से सडक़ बन रही है।
प्रदेश कांग्रेस महामंत्री संगठन रजनीश किमटा ने कहा है कि चौपाल क्षेत्र में जल्द ही बंद पड़ी ग्रामीण संपर्क सड़कों को बहाल कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सड़कों की मुरम्मत के लिये एक करोड़ की राशि लोक निर्माण विभाग को व 15 लाख ब्लॉक को ग्रामीण सड़कों की बहाली के लिए जारी किए है। आज उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी चौपाल ,नेरवा व अन्य क्षेत्रों का दौरा किया ।उपायुक्त ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को वर्षा से प्रभावित ग्रामीण सम्पर्क सड़कों की जल्द बहाली के आदेश दिए हैं। किमटा ने उपायुक्त से वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों, रिहायशी घरों व अन्य के नुकसान की जानकारी देते हुए बताया कि इस क्षेत्र के अधिकतर लोगों का व्यवसाय बागवानी व खेतीबाड़ी है। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के चलते लोगों के खेतों को भी भारी नुकसान पहुंचा हैं। फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। उन्होंने उपायुक्त से प्रभावित लोगों की जल्द मदद का आग्रह किया। किमटा ने बताया कि जल्द ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू चौपाल क्षेत्र का दौरा भी करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से इस बारे आग्रह किया था,जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया हैं। किमटा ने कहा कि चौपाल विधानसभा क्षेत्र में विकास की गति को तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भले ही इस क्षेत्र से उन्हें चुनाव में जीत हासिल नही हुई बाबजूद इसके लोगों की समस्याओं को दूर करना व जन सेवा करना उनकी राजनीति का मुख्य उद्देश्य हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के युवाओं को यहां रोजगार के अवसर प्राप्त हो इसके लिए यहां लघु उद्योगों की स्थापना पर भी विचार किया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में लघु उद्योगों को बढ़वा देने के लिये एक बड़ी कार्य योजना पर मंथन कर रही है जिससे प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
युवाओं को अब रोजगार कार्यालय में ऑनलाईन पंजीकरण की सुविधा प्राप्त हो गई है। अब युवा रोजगार कार्यालय में अपना नाम ऑनलाईन दर्ज करवा सकेंगे। यह जानकारी जिला रोजगार अधिकारी सोलन संदीप ठाकुर ने दी। संदीप ठाकुर ने कहा कि नाम दर्ज करवाने कि ऑनलाईन सुविधा प्राप्त होने से युवाओं को अपने दस्तावेज जमा करवाने के लिए रोज़गार कार्यालय नहीं आना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोज़गार कार्यालय में ऑनलाईन पंजीकरण के लिए द्धह्लह्लश्च://द्गद्गद्वद्बह्य.द्धश्च.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ/ पर जाना होगा और लॉगईन कर अपने स्वयं प्रमाणन (सेल्फ अटेस्टेड) संबन्धित दस्तावेजों को अपलोड कर ऑनलाईन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए कार्यालय के दूरभाष नम्बर 01792-227242 पर संपर्क किया जा सकता है।
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर चक्की मोड के पास सड़क का करीब 40 मीटर हिस्सा ढह गया। वहीं, दूसरी ओर सड़क पर भारी मात्रा में भूस्खलन हो गया। जिससे देर रात 2:45 बजे से वाहनों की आवाजाही पर ब्रेक लग गई। सोलन पुलिस की ओर से वाहनों को वैकल्पिक मार्ग पर डायवर्ट किया गया है। मौके पर पुलिस की तैनाती की गई है। इसी के साथ वाहन चालकों के लिए रूट प्लान भी डाला गया है, ताकि वह आसानी से आवाजाही कर सकें। शिमला की ओर आने वाली दूध, ब्रेड समेत अन्य गाड़ियां आज नहीं पहुंचीं। वहीं वैकल्पिक मार्ग धर्मपुर-कसौली-परवाणू संकरा होने से जाम की समस्या बनी रही। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सोलन के प्रवक्ता ने बताया कि चक्की मोड के पास भूस्खलन से बंद नेशनल हाईवे को दोपहर 12:30 बजे छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है तथा जिला प्रशासन के द्वारा यातायात में फंसे हुए यात्रियों के लिए पानी, बिस्कुट भेज दिए गए हैं। दोनों तरफ से यात्रियों के लिए बस की व्यवस्था कर दी गई है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वर्ष 2016 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एवं डाॅ. यशवंत सिंह परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के कुलसचिव संदीप नेगी के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। संदीप नेगी का आज पीजीआई चण्डीगढ़ में निधन हो गया। वे 47 वर्ष के थे। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संदीप नेगी ने प्रदेश सरकार में विभिन्न प्रशासनिक पदों पर रहते हुए पूरी कुशलता के साथ अपनी सेवाएं प्रदान कीं। उन्होंने कहा कि उनके निधन से राज्य ने एक समर्पित भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी खोया है।
मुख्यमंत्री ने 28.38 करोड़ की लसेब एवं फल मंडी सोलन तथा टर्मिनल मंडी परवाणु का किया लोकार्पण मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज सोलन जिला में 28.38 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सेब एवं फल मण्ंडी सोलन तथा टर्मिनल मंडी परवाणु का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड एवं कृषि उपज मण्डी समिति सोलन के अंतर्गत सोलन में 9.88 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित सेब एवं फल मंडी सोलन का लोकार्पण किया। उन्होंने सोलन जिला के परवाणु में 18.50 करोड़ रुपये की लागत से टर्मिनल मंडी परवाणु के उन्नयन, सुदृढ़ीकरण, सम्पर्क सड़क एवं पार्किंग का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री को इस अवसर पर फल एवं सब्जी मंडी आढ़ती ऐसोसिएशन सोलन द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए सहयोग राशि के रूप में 11 लाख रुपये का चेक भेंट किया गया। उत्तराखंड भ्रातृ मंडल सोलन की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 51 हजार रुपये का चैक भेंट किया गया। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस अवसर पर सोलन तथा परवाणु में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार किसानों एवं बागवानों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए कृतसंकल्प है। राज्य सरकार क्षेत्र विशेष की परिस्थिति के अनुसार फल उत्पादन बढ़ाने के लिए फल केंद्र (हब) विकसित करने की ओर अग्रसर है। यह प्रयास किया जा रहा है कि राज्य में उच्च घनत्व फल पौधरोपण एवं सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली अपनाकर बागवानी का क्षेत्रफल बढ़ाया जाए। इससे बागवानों की आय में आशातीत वृद्धि होगी और प्रदेश की विविध जलवायु के अनुरूप फलों के विभिन्न किस्में उगाई जा सकेंगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश शिवा परियोजना के तहत प्रदेश में 6000 हैक्टेयर क्षेत्रफल में दो चरणों में बागवानी विकास सुनिश्चित किया जाएगा। 1292 करोड़ रुपये की इस परियोजना से 15 हजार से अधिक बागवान परिवार लाभान्वित होंगे। यह परियोजना प्रदेश के 07 जिलों सोलन, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और ऊना में कार्यान्वित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत संतरा, अमरूद, अनार, लिची, प्लम, परसीमन, आम इत्यादि के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस वर्ष भारी बारिश के कारण प्रदेश को व्यापक स्तर पर नुकसान हुआ है। राज्य सरकार एक ओर जहां मूलभूत सुविधाओं को युद्ध स्तर पर बहाल कर रही है, वहीं आमजन को निश्चित समयावधि में राहत पहुंचाई जा रही है। आपदा में घिरे लोगों की सहायता के लिए प्रदेश सरकार ने फौरी राहत को बढ़ा कर एक लाख रुपये किया है। नष्ट फसलों की एवज में अब तीन हजार रुपये प्रति कनाल प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से हिमाचल को इस आपदा से उबारा जायेगा। कसौली सेे विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने परवाणु में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए टर्मिनल मण्डी के विधिवत शुभारम्भ के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के संवेदनशील नेतृत्व में प्रदेश सफलता के साथ आपदा से उभर रहा है। मुख्यमंत्री की कुशल कार्यप्रणाली को हाल ही में विश्व बैंक द्वारा भी सराहा गया है। मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार चौधरी एवं संजय अवस्थी, चिंतपूर्णी से विधायक सुदर्शन बबलू, नगर निगम सोलन की महापौर पूनम ग्रोवर, उप महापौर राजीव कौड़ा, पार्षदगण, प्रदेश कांग्रेस समिति के उपाध्यक्ष राहुल सिंह ठाकुर, सुरेन्द्र सेठी, एपीएमसी सोलन के पूर्व अध्यक्ष रमेश ठाकुर, जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष शिव कुमार, बघाट बैंक के अध्यक्ष अरुण शर्मा, जोगिन्द्रा बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, कांग्रेस पार्टी के अन्य पदाधिकारी, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह, बागवान, आढ़ती तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्रदेश में आग की घटनाओं से प्रभावी ढंग से निपटने एवं इन्हें नियंत्रित करने के लिए प्रदेश सरकार अग्निशमन प्रबंधन को और सुदृढ़ कर रही है। इसके तहत रणनीतिक अग्निशमन केंद्रों की स्थापना, अग्नि कर्मियों एवं निधि की पर्याप्त उपलब्धता, इस तरह की घटनाओं पर गहन अनुसंधान, जागरूकता अभियान, विभिन्न विभागों में बेहतर आपसी समन्वय इत्यादि सुनिश्चित किया जा रहा है। राज्य सरकार ऐसी घटनाओं से बचाव के दृष्टिगत बेहतर प्रबंधन के लिए विशेष रणनीति तैयार कर रही है ताकि बहुमूल्य जीवन और सम्पति को आग जैसी अनचाही घटनाओं से होने वाली क्षति को कम से कम किया जा सके। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार राज्य में अग्निशमन सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है ताकि आग की घटनाओं से निपटने के लिए त्वरित एवं समयबद्ध कदम उठाए जा सकें। सामान्य आग की घटनाओं तथा तेल से लगने वाली आग से निपटने के लिए हाल ही में 10 उच्च तकनीकयुक्त अग्निशमन वाहन प्रदान किए गए हैं। इन वाहनों में फोम तैयार करने की मशीनें लगाई गई हैं जिससे इनकी क्षमता में और वृद्धि हुई है। अग्निशमन सेवाओं में इन आधुनिक वाहनों की उपलब्धता से अब राज्य में अग्निशमन वाहनों की संख्या 230 हो गई है। अग्निशमन विभाग को अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित करने के अतिरिक्त प्रदेश सरकार ने तीन नए अग्निशमन उपकेंद्र स्थापित करने का भी निर्णय लिया है। यह केंद्र लाहौल-स्पिति जिला के काजा, चम्बा के किलाड़ तथा हमीरपुर ज़िला के नादौन में स्थापित किए जायेंगे। इसके साथ ही शिमला जिला के देहां में अग्निशमन चौकी स्थापित की जाएगी। इस तरह की पहलें अपने नागरिकों की सुरक्षा के प्रति प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। अग्निशमन सुरक्षा के अंतर्गत प्रभावी योजना और ढांचागत डिजाईन में बदलाव लाते हुए आग जैसी घटनाओं में इसे और अधिक फैलने तथा कारगर ढंग से नियंत्रित करने पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। राज्य में अग्निशमन सेवाओं को और सुदृढ़ करने के दृष्टिगत एक करोड़ 60 लाख रुपये की राशि अतिरिक्त अत्याधुनिक उपकरणों की खरीद के लिए आवंटित की गई है। इसके साथ ही अग्निशमन केंद्रों के निर्माण और कार्यालय तथा आवासीय सुविधाओं के लिए 9.80 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। इससे अग्निशमन कर्मियों को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ ही कार्य करने के लिए बेहतर माहौल मिल सकेगा जिससे आग जैसी घटनाओं से निपटने में उनका मनोबल भी बढ़ेगा।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता व ठियोग विधानसभा क्षेत्र से विधायक कुलदीप राठौर ने मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस के महासचिव व मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेश मामलों के प्रभारी जय प्रकाश अग्रवाल से मुलाकात की। राठौर को मध्य प्रदेश चुनाव के लिए पर्यवेक्षक तैनात किया गया है। बैठक के दौरान उन्होंने पूरी रिपोर्ट मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेश मामलों के प्रभारी के समक्ष रखी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस की पूरी टीम ने चुनाव के लिए मेहनत की है। पूरी कांग्रेस पार्टी संगठित होकर जमीनी स्तर पर काम कर रही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओ की मेहनत के बूते पार्टी विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करेगी। इस दौरान हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव हरिकृषण हिमराल भी मौजूद थे। जय प्रकाश अग्रवाल ने कुलदीप राठौर को बधाई दी व कहा कि पार्टी हाईकमान ने जो जिम्मेदवारी उन्होंने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है। उन्होंने कहा कि राठौर ने विधानसभा क्षेत्रों में जाकर कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर जिस तरह से समन्वय बनाया व पार्टी कार्यकर्ताओं को कार्य करने के लिए प्रेरित किया वह सराहनीय है। बता दें कि मध्य प्रदेश चुनाव के लिए पर्यवेक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद राठौर ने हर विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया व कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें की। राठौर ने अपनी रिपोर्ट में पूरे तथ्य बताए हैं कि पार्टी कहां पर कितनी मजबूत है और किन किन विधानसभा क्षेत्रों में ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है।
भारतीय वायु सेना ने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर वायु प्रवेश जनवरी, 2024 के लिए चयन परीक्षा के लिए अविवाहित भारतीय पुरुष और महिला उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। कमांडिंग आफिसर विंग कमांडर एसवीजी रेड्डी ने आज यहां बताया कि इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है और 17 अगस्त को रात 11 बजे तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन परीक्षा 13 अक्तूबर से ली जाएंगी। उन्होंने बताया कि 27 जून, 2003 से 27 दिसंबर, 2006 के बीच जन्में युवा आवेदन के लिए पात्र होंगे, जिसमें यह दोनों तिथियां भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक योग्यता के तहत विज्ञान विषय तथा विज्ञान के अलावा अन्य विषयों के अभ्यर्थी पात्र होंगे। पंजीकरण और परीक्षा शुल्क 250 रुपये निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रवेश स्तर की योग्यता पर विस्तृत जानकारी तथा चिकित्सा मानक, नियम और शर्तें, ऑनलाइन आवेदन और पंजीकरण के लिए निर्देश इत्यादि के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
xएचपीयू शिमला के क्षेत्रीय केंद्र धर्मशाला में पीजी कोर्स में प्रवेश के लिए काउंसलिंग का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। केंद्र के निदेशक की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार एमएससी गणित, भूगर्भ विज्ञान, एमसीए दो वर्षीय कोर्स, पीजीडीसीए, एलएलबी तीन वर्षीय कोर्स, एमए संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, राजनीति शास्त्र, इतिहास, अर्थशास्त्र, एमकॉम, एमएससी गणित के लिए 7 से 11 अगस्त तक परिसर में काउंसलिंग होगी। अंग्रेजी, एमकॉम की 7, एमए इतिहास, एमसीए, पीजीडीसीए की 8 एमएससी गणित, एमए अर्थशास्त्र, संस्कृत की 9, एलएलबी, एमएस राजनीति विज्ञान 10, भूगर्भ विज्ञान और एमए हिंदी की काउंसलिंग 11 अगस्त को क्षेत्रीय केंद्र खनियारा, धर्मशाला में होगी। केंद्र एमबीए की काउंसलिंग की तिथि अलग से जारी करेगा। कल्चरल कोटे की सीटों के लिए काउंसलिंग 5 को पीजी में कल्चरल कोटे की सीटों के लिए पांच अगस्त को काउंसलिंग होगी। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. श्याम लाल कौशल ने कोटे के तहत आवेदन करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को तय तिथि को सुबह साढ़े ग्यारह बजे काउंसलिंग में शामिल होने की अपील की है।
एएनटीएफ राज्य सीआईडी शिमला रेंज ने सुनील कुमार पुत्र लाल चंद निवासी गांव खलेट, डाकघर खुन्नी, तहसील ननखड़ी, जिला शिमला के कब्जे से 21 ग्राम चिट्टा और 0.46 ग्राम मेथम्फेटामाइन पकड़ा। इस जांच के दौरान आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए एक टाटा कैंटर ट्रक नंबर एचपी64ए-9942 को भी कब्जे में ले लिया गया। एफआईआर नंबर 89/23 दिनांक। 01/08/2023 को एनडी एंड पीएस अधिनियम की धारा 21,22-61-85 के तहत पुलिस स्टेशन परवाणू, जिला सोलन में मामला दर्ज किया गया है।
हिमाचल में भारी बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी मंगलवार सुबह कुल्लू पहुंचे। भुंतर हवाई अड्डे में नितिन गडकरी के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इसके बाद गडकरी फोरलेन के निरीक्षण के लिए मनाली रवाना हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी उनके साथ मौजूद रहे। मनाली पहुंचकर गडकरी ने भारी बारिश व बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए फोरलेन का निरीक्षण किया। इस दौरान वे बाढ़ प्रभावितों से भी मिले। ञ्जह्म्द्गठ्ठस्रद्बठ्ठद्द ङ्कद्बस्रद्गशह्य कुल्लू पहुंचने से पहले गडकरी ने मंडी में बाढ़ प्रभावित इलाकों और फोरलेन का हवाई निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के अलावा लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर भी मौजूद रहे। हेलिकाप्टर में विक्रमादित्य ने केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री व अन्य के साथ सेल्फी भी ली। बताया जा रहा है कि फोरलेन का निरीक्षण करने के बाद नितिन गडकरी नग्गर के बड़ागढ़ रिजॉर्ट में एनएचएआई के साथ बैठक करेंगे। बता दें, बीते दिनों में भारी बारिश, बाढ़ व बादल फटने से सबसे अधिक फोरलेन को नुकसान कुल्लू और मनाली में हुआ है। यहां पर कई स्थानों पर तो फोरलेन का नामोनिशान तक मिट गया है। बारिश और बाढ़ से कारण एनएचआई को भारी नुकसान हुआ है। इसी तरह कालका-शिमला फोरलेन को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
संसद से संशोधित अनुसूचित जनजाति संशोधन विधेयक पारित होने के बाद हाटियों के हौसले सातवें आसमान पर है। जैसे ही राष्ट्रपति से संशोधित विधेयक पर स्वीकृति की मुहर लग जाती है वैसे ही यह मामला क्रियान्वित होने के लिए राज्य सरकार के पास आएगा। केंद्रीय हाटी समिति और हाटी विकास मंच पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर से शिमला में मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर ने हाटी समुदाय की भावी पीढ़ियों के हितों की ना केवल चिंता की बल्कि इस मसले को केंद्र से हल करवाने के लिए गंभीर प्रयास किए थे। शिमला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंच के पदाधिकारियों ने कहा की नरेंद्र मोदी सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण ही हाटी मामला सिरे चढ़ा। उन्होंने संसद से विधेयक पारित करवाने के लिए देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ,गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर, हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर , पूर्व विधायक बलदेव सिंह तोमर,,पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ,पूर्व सांसद वीरेंद्र कश्यप, मौजूदा सांसद सुरेश कश्यप समेत भाजपा के प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने जीत का श्रेय जनता के आंदोलन और आंदोलन के तमाम पुरोधा को दिया।उन्होंने कहा कि यह हाटी की जीत है, माटी की जीत है आधी आबादी महिलाओं की जीत है। यह युवाओं के जोश की जीत है और बुजुर्गों के होश की जीत है। उन्होंने केंद्रीय हाटी समिति के 1980 से लेकर रहे तमाम पदाधिकारियों मौजूदा पदाधिकारियों का भी आभार जताया। इसके अलावा शिलाई के पूर्व विधायक बलदेव तोमर के प्रयासों की भी विशेष सराहना की। उन्होंने महाखुंबलियों के माध्यम से आंदोलन में आए सभी लोगों अलग-अलग वर्गों के प्रतिनिधियों नंबरदार और जेलदारों ,पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, कर्मचारियों ,सेवानिवृत्त कर्मियों का विशेष आभार जताया। उन्होंने केंद्रीय हाटी समिति की चंडीगढ़, सोलन, शिलाई, राजगढ़ , रोनहाट , पाओंटा, नाहन, हरिपुरधार,संगड़ाह, पझोता, कफोटा समेत तमाम इकाइयों और उनके पदाधिकारियों का भी आभार जताया। दांव पर रखा रोजगार शिमला इकाई के हाटी योद्धाओं ने अपने रोजगार की भी परवाह नहीं की। आंदोलन की खातिर उन्होंने अपने रोजगार, अपने कैरियर को दांव पर रखा। आंदोलन की मशाल को तार्किक अंत तक पहुंचाने तक जलाए रखा। हाटी समुदाय इनके योगदान को हमेशा याद रखेगा।हाटी विकास मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिंगटा,मुख्य प्रवक्ता डॉ रमेश सिंगटा, महासचिव अतर सिंह तोमर प्रवक्ता जी एस तोमर, ठाकुर खजान सिंह ,मदन तोमर, कपिल चौहान, दलीप सिंगटा, काकू राम ठाकुर, मुकेश ठाकुर, नीतू चौहान, शूरवीर ठाकुर,अनुज शर्मा, दिनेश कुमार, भीम सूर्यवंशी, अमित चौहान, पिंकू बिरसांटा, विक्की ठाकुर, कपिल कपूर, विपिन पुंडीर, भीम सिंह, बलबीर राणा, दिनेश ठाकुर, दीपक नेगी, प्रताप मोहन चौहान खदराई कपिल शर्मा,,लाल सिंह, श्याम सिंह , खजान सिंह ठाकुर,सुशील, आशु चौहान, सुरजीत ठाकुर, अमन ठाकुर, राकेश शर्मा, सुरेश सिंह, जय ठाकुर ,ओमप्रकाश शर्मा, ओमप्रकाश ठाकुर, चंद्रमणि शर्मा, आत्माराम शर्मा, गोपाल ठाकुर, सचिन तोमर ,खजान ठाकुर, भरत पुंडीर ,दलीप सिंह तोमर, भीम सिंह तिलकान, कपिल शर्मा, सहित पवन शर्मा, रण सिंह ठाकुर, सतीश चौहान, दिनेश चौहान,सहित मंच के हाटी नेता उपस्थित रहे।
कहा-सेब उत्पादक क्षेत्रों में सड़क बहाली को दी जाएगी प्राथमिकता मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां लोक निर्माण विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश और भू-स्खलन के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और शीघ्र बहाली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोहराया कि सेब उत्पादक क्षेत्रों की सड़कों की बहाली को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि बागवानों की उपज को समय पर बाजार तक पहुंचाया जा सके। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आपदा प्रभावित सड़कों की शीघ्र बहाली के लिए 23 करोड़ रुपये और स्वीकृत किए हैं। उन्होंने कहा कि इस राशि में से पांच करोड़ रुपये यशवंत नगर से छैला तक की सड़क के मरम्मत कार्य पर खर्च किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, शिमला जिले के सेब उत्पादक क्षेत्रों के तहत लोक निर्माण विभाग के सात मण्डल में प्रत्येक को सड़कों की मरम्मत एवं बहाली के लिए एक-एक करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उन लोक निर्माण विभाग मण्डलों को भी एक-एक करोड़ रुपये आबंटित किए गए हैं, जहां प्राकृतिक आपदा के कारण क्षति अधिक हुई है, जिनमें कुल्लू जिले के चार विकास खण्ड, सिरमौर जिले के शिलाई और राजगढ़ विकास खंड शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही वह चौपाल और जुब्बल-कोटखाई क्षेत्रों का दौरा करेंगे तथा इन क्षेत्रों में किए जा रहे मरम्मत कार्यों की समीक्षा करेंगे। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को वाहनों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़कों पर गिरा मलबा हटाने के लिए मशीनरी खरीदने से लेकर उसे प्रभावित क्षेत्रों में तैनात करने का कार्य समयबद्ध सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों की मरम्मत के लिए राज्य सरकार धन की कोई कमी नहीं आने देगी। उन्होंने अधिकारियों को अग्रिम भुगतान के साथ लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृहों की ऑनलाइन बुकिंग प्रारम्भ करने को कहा साथ ही कहा कि जल शक्ति विभाग को भी इस प्रक्रिया का अनुसरण करना चाहिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की अनुमानित लागत में बढ़ोतरी की प्रथा को रोकने पर बल देते हुए अधिकारियों को क्लॉज 10 सीसी को हटाने के भी निर्देश दिए। बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, विधायक चंद्रशेखर और चैतन्य शर्मा, प्रधान सचिव राजस्व ओंकार शर्मा, प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग भरत खेड़ा, सचिव वित्त अक्षय सूद, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग अजय गुप्ता एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रथम अगस्त को सोलन जिला के प्रवास पर आ रहे हैं। वे 4 बजे सोलन स्थित सेब एवं फल मंडी का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री तदोपरांत कालका-शिमला राष्ट्रीय उच्च मार्ग के परवाणु-सोलन हिस्से को भारी वर्षा के कारण पहुंची क्षति का जायज़ा लेने के लिए हवाई सर्वेक्षण करेंगे। सुखविंदर सिंह सुक्खू इसी दिन सायं 5.45 बजे कसौली विधानसभा क्षेत्र के परवाणु में निर्मित टर्मिनल मंडी का लोकार्पण भी करेंगे।
पाइनग्रोव स्कूल सुबाथू ने हाल ही में छात्रों के बीच खेल भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा करने के उद्देश्य से लीग आधार पर अंतर्सदनीय फुटबॉल मैचों की मेजबानी की। इस प्रतियोगिता में टीम वर्क, शारीरिक फिटनेस और समन्वय पर जोर दिया गया, जबकि छात्रों को अपने फुटबॉल कौशल और जुनून का प्रदर्शन करने का मौका मिला। कनिष्ठ वर्ग में टीक सदन ने अन्य तीन सदनों पर जीत हासिल की, जबकि चिनार सदन ने वरिष्ठ वर्ग में अपना दबदबा बनाए रखा। वरिष्ठ वर्ग में चिनार सदन के खिलाड़ियों ने ओक सदन को छह-एक से करारी शिकस्त दी। दूसरे दिन सुबह चिनार सदन का मुकाबला टीक सदन के साथ था। टॉस जीतने बाद टीक सदन के हरसिमरजीत ने अपना पहला गोल किए। आधे समय तक टीक सदन का स्कोर चार -एक था। प्रतियोगिता का दूसरा हाफ शुरू होते ही चिनार सदन के खिलाड़ियों ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और एक के बाद अनेक गोल दागे। चिनार सदन के खिलाड़ियों ने टीक सदन की कमर तोड़ दी और प्रतियोगिता का मुकावला आठ-एक से जीत कर ट्राफी पर कब्ज़ा किया। चिनार सदन के अयान महाजन ने अपनी टीम के लिए सर्वाधिक तीन गोल किया। कनिष्ठ वर्ग में, माणिक चौहान उल्लेखनीय गोल स्कोरिंग क्षमताओं के साथ सर्वोच्च स्कोरर के रूप में चमके, जबकि बलकरण सिंह को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर से नवाजा गया। वरिष्ठ वर्ग में अयान महाजन ने अपनी टीम के लिए सबसे ज्यादा गोल किया और उन्हें सर्वोच्च स्कोरर का खिताब दिया गया, जबकि देवदार सदन के दीनव गोयल ने सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर का खिताब अपने नाम अर्जित किया। हेमांग ठाकुर कनिष्ठ वर्ग में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के रूप में सामने आए, जबकि हरसिमरजीत सिंह विरदी ने उल्लेखनीय नेतृत्व और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का खिताब दिया गया ,जिससे उन्हें वरिष्ठ वर्ग में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का खिताब दिया गया। अंत में विजयी सदन के विद्यार्थियों को मंच पर हेड टीचर पंकज शर्मा, के द्वारा पुरुस्कृत किया गया और उन्होंने सभी खिलाड़ियों से फाइनल तक पहुंचने के सफ़र पर बातचीत करके सभी से व्यक्तिगत रूप में मिलकर शुभकामनाएं ज्ञापित की। इस अवसर पर गतिविधि प्रभारी गुरप्रीत सिंह, हेड ऑफ स्पोर्ट्स दिगंबर भट्ट, फुटबॉल कोच विनीत सिंह और अन्य स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे।
न्यायमूर्ति रंजन शर्मा, न्यायमूर्ति बिपिन चंद्र नेगी और न्यायमूर्ति राकेश कैंथला ने आज यहां हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के रूप में शपथ ग्रहण की। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने राजभवन में आयोजित एक गरिमापूर्ण समारोह में उन्हें पद की शपथ दिलाई। इस समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति ममीदन्ना सत्य रत्न श्री रामचन्द्र राव भी उपस्थित थे। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने शपथ समारोह की कार्यवाही का संचालन किया और भारत के माननीय राष्ट्रपति द्वारा जारी नियुक्ति पत्र पढ़े।राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा ने शपथ-पत्र पर राज्यपाल और माननीय न्यायाधीशों के हस्ताक्षर प्राप्त किए। लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति पीएस राणा, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, विधायक सुधीर शर्मा और केवल सिंह पठानिया, महापौर सुरेंद्र चौहान, महाधिवक्ता अनूप रतन, विभिन्न बोर्डों और निगमों के अध्यक्ष एवं सदस्य, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, वरिष्ठ न्यायिक, नागरिक और पुलिस अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे। न्यायमूर्ति रंजन शर्मा का जन्म 21 अगस्त, 1968 को जिला कांगड़ा के धर्मशाला में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राजकीय विद्यालय धर्मशाला से ग्रहण की। उन्हें रोहतक विश्वविद्यालय से एलएलबी में स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। उन्होंने दिसंबर, 1991 में एक अधिवक्ता के रूप में कार्यभार संभाला और मार्च, 2019 में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया था। उन्होंने वर्ष 2008 और 2018 में दो बार अतिरिक्त महाधिवक्ता के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। न्यायमूर्ति रंजन शर्मा ने विधि के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य किया है। कांगड़ा जिला के धर्मशाला में 20 जुलाई, 1968 को जन्में न्यायमूर्ति बिपिन चंद्र नेगी किन्नौर जिला से संबंध रखते हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा सेंट एडवर्ड स्कूल, शिमला, और दिल्ली पब्लिक स्कूल, आरकेपुरम नई दिल्ली से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.ए अर्थशास्त्र (ऑनर्स) और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला से एलएलबी की उपाधि प्राप्त की। उन्हें वर्ष, 1994 में एक अधिवक्त के रूप में कार्य आरम्भ किया और उन्हें वर्ष 2015 में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया था। न्यायमूर्ति बिपिन चंद्र नेगी ने विधि के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दीं हैं। न्यायमूर्ति राकेश कैंथला का जन्म 23 मई, 1968 को शिमला में हुआ। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा डी.ए.वी.स्कूल, लक्कड़ बाजार से तथा स्नातक की उपाधि राजकीय महाविद्यालय संजौली, शिमला, से प्राप्त की। उन्होंने वर्ष 1991 में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से एलएलबी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने वर्ष 1991 में एक अधिवक्ता के रूप में कार्य आरम्भ किया और कानून के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दीं। न्यायमूर्ति राकेश कैंथला ने वर्ष 1995 में हिमाचल न्यायिक सेवा परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वर्ष, 2010 में उन्होंने न्यायिक अधिकारियों की सीमित (लिमिटेड) प्रतियोगी परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया और अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में नियक्त हुए। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में विभिन्न सिविल और सत्र डिवीजनों में न्यायिक अधिकारी के रूप में कार्य किया है। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत होने से पहले वह बतौर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मंडी में कार्यरत थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज उद्यान विभाग द्वारा प्रकाशित 'व्यावसायिक मौन पालनÓ पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर बागवानी, राजस्व एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी, विधायक चंद्रशेखर, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, निदेशक बागवानी संदीप कदम, उद्यान विभाग के डॉ. कर्म सिंह वर्मा, डॉ. रंजन शर्मा तथा इस पुस्तक के लेखन डॉ. शरद गुप्ता व दमेश शर्मा उपस्थित थे। इस पुस्तक में मधुमक्खी पालन हेतु नवीनतम जानकारियों को समाहित किया गया है। यह किताब प्रदेश के मौन पालकों को मात्र 100 रुपये में उपलब्ध होगी। इस किताब को निदेशालय उद्यान विभाग, शिमला से प्राप्त किया जा सकता है तथा विभाग के ई-उद्यान पोर्टल पर भी यह उपलब्ध रहेगी।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार के अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के तत्वावधान में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा प्रदेश के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में छठी कक्षा में प्रवेश के लिए २९ जुलाई को आयोजित होने वाली परीक्षा (ईएमआरएसएसटी-२०२३) स्थगित कर दी गई है। उन्होंने बताया कि यह परीक्षा भारी बारिश से सम्पर्क मार्गों के अवरूद्ध होने तथा संचार सुविधा में बाधा उत्पन्न होने के दृष्टिगत स्थगित गई है। परीक्षा की आगामी तिथि पुनः घोषित की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने आठ एचएएस अधिकारियों के तबादला व तैनाती आदेश जारी किए हैं। शुक्रवार को कार्मिक विभाग की ओर से जारी तबादला आदेशों के तहत अमित कलथाइक को सहायक आयुक्त(राजस्व)-कम-तहसीलदार थुनाग मंडी, मयंक शर्मा कमरऊ सिरमौर, अर्शिया शर्मा झंडूता बिलासपुर, शिखा इंदौरा कांगड़ा, आकांक्षा शर्मा भुंतर कुल्लू, ओशिन संधोल मंडी, मोहित रत्न कांगड़ा व कुलवंत सिंह पोटन को पूह किन्नौर तैनात किया गया है। इस संबंध में मुख्य सचिव की तरफ से विशेष सचिव कार्मिक अमरजीत सिंह ने नियुक्ति आदेश जारी किए हैं।
हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश, भूस्खलन और बाढ़ के कारण हाल ही में हुई आपदा से निपटने के लिए प्रभावी प्रबंधन में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा किए गए अनुकरणीय प्रयासों की विश्व बैंक ने सराहना की है। भारत में बैंक के कंट्री डायरेक्टर अगस्ते तानो कौमे ने एक पत्र के माध्यम से प्राकृतिक आपदा के कारण उत्पन्न हुई स्थितियों से कुशलतापूर्वक निपटने के लिए मुख्यमंत्री की असाधारण नेतृत्व क्षमताओं की सराहना की। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए व्यक्तिगत रूप से निगरानी और प्रदेश से पर्यटकों की सकुशल वापसी सुनिश्चित करने तथा त्वरित कदम उठाने के लिए मुख्यमंत्री की सराहना की। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हाल ही में आपदा के कारण प्रदेश को भारी क्षति पहुंची है और इस की भरपाई करने में कम से कम एक वर्ष लगेगा। उन्होंने कहा कि अब तक 8000 करोड़ रुपये से अधिक नुकसान का अनुमान है और सड़क, पुल, बिजली और पानी की आपूर्ति जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थायी बहाली राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह राज्य और प्रदेशवासियों के लिए परीक्षा की घड़ी है और विश्व बैंक का सहयोग यहां पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विश्व बैंक ने प्रदेश को नुकसान के व्यापक आकलन और पूर्ण सहायता प्रदान करने की पेशकश की है। विश्व बैंक ने सड़क, बिजली, जलापूर्ति, आवास, सार्वजनिक भवन, सिंचाई बुनियादी ढांचे, कृषि, बागवानी, पशुधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नुकसान के सटीक आंकलन के लिए वैश्विक आपदा न्यूनीकरण और पुनर्प्राप्ति सुविधा (जीएफडीआरआर) के सहयोग से मूल्यांकन का प्रस्ताव दिया है। प्रस्तावित मूल्यांकन का उद्देश्य पुनर्वास प्रक्रिया में सहायता और पुनर्निर्माण प्रयासों को सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना है। इसके अलावा, विश्व बैंक, पुनर्वास और पुनर्निर्माण, आपदा जोखिम प्रबंधन, अधोसंरचना निर्माण, पारिस्थितिकी तंत्र और आजीविका के लिए तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए भी तैयार है। मुख्यमंत्री ने इस चुनौतीपूर्ण समय में उदारतापूर्ण सहयोग प्रदान करने के लिए विश्व बैंक का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि विश्व बैंक की सहायता से राज्य पुनर्वास और पुनर्निर्माण की दिशा में आगे बढ़ेगा और भविष्य में आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए सुदृढ़ प्रणाली विकसित करने की दिशा में कार्य करेगा।
हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) के महाप्रबंधक अंकुश वडेहरा ने कम्पनी की ओर से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को आज यहां मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए एक करोड़ रुपये का चेक भेंट किया। इस योगदान के अलावा एचयूएल ने प्रभावित क्षेत्रों के लिए 50 लाख रुपये के दैनिक आवश्यकताओं की वस्तुएं जैस हॉर्लिक्स, लाइफबॉय, रेड लेबल टी सहित अन्य उत्पाद प्रदान करने का भी प्रस्ताव दिया है। इसके अतिरिक्त कंपनी भागीदारों और एजेंसियों की मदद से राहत और पुनर्वास कार्य में भी सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने इस योगदान के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे सरकार के राहत एवं पुनर्वास कार्य को बल प्रदान करेगा।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान शिमला शामलाघाट के प्रशिक्षुओं को दक्षता का पाठ पढ़ाया गया। गत 24 जुलाई से चल रहे पांच दिवसीय कार्यशाला का समापन शुक्रवार को हुआ। इस दौरान यहां के प्रशिक्षुओं को हर पहलुओं के बारे जानकारी दी गई। खास कर एक अध्यापक की भूमिका और दक्षता के बारे अवगत करवाया गया। डाइट में प्रोग्राम एंड एक्टिविटी को-ऑर्डिनेटर आशा जोक्टा ने बताया कि यहां आयोजित पांच दिवसीय पांच दक्षता निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ 24 जुलाई को ज़िला परियोजना अधिकारी जय देव नेगी के द्वारा किया गया,जो शुक्रवार को संपन्न हुआ। कार्यशाला के दौरान जयदेव नगी ने 21वीं शताब्दी में शिक्षक की भूमिका के बारे में जानकारी दी। प्रोग्राम एंड एक्टिविटी को-ऑर्डिनेटर आशा जोक्टा के अनुसार इस कार्यशाला में बतौर स्रोत व्यक्ति नरेश छाजटा(सांकेतिक भाषा ), कृष्ण गज़टा (कक्षा कक्ष प्रबंधन), आंचल आर्य (अंग्रेजी भाषा), राजेश झाल्टा (अभिप्रेरणा ), वीरेंद्र शर्मा (सुलेखन ) और प्रवीण मेघटा ने वर्तमान समय में कंप्यूटर की भूमिका पर प्रशिक्षुओं को विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस दक्षता निर्माण कार्यशाला से प्रशिक्षु बहुत लाभांवित हुए। कार्यक्रम के अंतिम दिन निरुपमा धंजल ने प्रशिक्षुओं को हेल्थ एंड वैलनेस की विस्तृत जानकारी दी।
प्रदेश भाजपा के राज्य प्रवक्ता विवेक शर्मा ने जारी बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 11,27,80,670 किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना की 14वीं किस्त जारी की, वहीं सभी जिलों, कस्बों, बड़े बाजारों में 137 किसान समृद्धि केंद्रों का शुभारंभ भी किया। ये केंद्र वन स्टॉप शॉप के रूप में किसानों के लिए एक छत के नीचे सब सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दृष्टि से कार्य करेंगे। बीज से लेकर खाद तक उपकरणों से लेकर लाभार्थी योजनाओं तक मिट्टी प्रशिक्षण से लेकर नवीनतम पैकिंग तकनीक तक। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल किसान मोर्चा, प्रदेश के समस्त कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा व कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर का आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा अगर प्रदेश कि कांग्रेस सरकार को वास्तविकता में प्रदेश के किसानों बागवानी के प्रति संवेदनशील है तो अवश्य ही इस योजना को नीचे तक पहुंचाने में कांग्रेस के नेता सहयोग करेंगे। उन्होंने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश की माता और बहनों के खातों में कांग्रेस की प्रदेश सरकार द्वारा 1500 रुपये की गारंटी वाली राशि की फाइल कहां पहुंची कृपया सरकार बताए। गोबर खरीद केंद्र कहां खोले जा रहे हंै, उसकी भी सूची कांग्रेस सरकार को जारी करनी चाहिए, अन्यथा प्रदेश को भ्रमित करने के लिए कांग्रेस के नेताओं को माफी मांगनी चाहिए।
राजस्व, बागवानी व जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, विधायक कुलदीप राठौर, व नंद लाल के साथ ठयोग, कुमारसेन विधानसभा हलके के माधावानी गांव में प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों, बगीचों, मकानों को हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याओं को भी सुना। बागवानी मंत्री व शिक्षा शिक्षा मंत्री ने कुमारसैन के साथ ननखड़ी व रामपुर क्षेत्र के खोलीघाट सहित अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया व राहत कार्यो का जायज़ा लिया। आपदा पुनर्वास समिति अध्यक्ष राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी अधिकारियो को राहत कार्यों में तेजी लाने का आदेश दिया व विभाग को भारी बरसात मे हुए निजी अथवा सामुदायिक नुकसान का सही आंकलन जल्द करने का भी आश्वासन दिया है।
हिमाचल प्रदेश में बारिश का कहर लगातार जारी है। नेशनल हाईवे पांच रामपुर की ब्रौनी खड्ड में भूस्खलन से फिर बंद हो गया है। इससे किन्नौर जिले व सीमावर्ती क्षेत्रों का अन्य भागों से सड़क संपर्क कट गया है। वहीं, आसपास के हजारों लोगों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं। भारी बारिश के चलते हाईवे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। गुरुवार को ही ब्रौनी खड्ड और पशाडा खड्ड के पास भूस्खलन से बंद एनएच पांच 12 घंटों बाद यातायात के लिए बहाल हुआ था, लेकिन शुक्रवार को यह फिर बंद हो गया है। किन्नौर व शिमला जिले में लगातार जारी बारिश ने लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। किन्नौर में अधिकांश ग्रामीण सड़कों पर यातायात ठप है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से प्रदेश के कई भागों में 28 व 29 जुलाई के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 30 जुलाई से मौसम में कुछ सुधार की संभावना है। गुरुवार रात को कटौला मंडी में 118.3, धर्मशाला 76.2, करसोग 71.2, मंडी 63.3 और रामपुर में 49.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। शिमला में भी रात से बारिश हो रही है। 204 जलापूर्ति योजनाएं भी बाधित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार प्रदेश में शुक्रवार सुबह 10 बजे तक जगह-जगह भूस्खलन से 466 सड़कें यातायात के लिए ठप थीं। शिमला जिले से सबसे ज्यादा 220 और कुल्लू में 115 सड़कें बंद हैं। वहीं, राज्य में 552 बिजली ट्रांसफार्मर भी बाधित हैं। इसी तरह 204 जलापूर्ति योजनाएं भी बाधित चल रही हैं। शिमला, कुल्लू व मंडी में सबसे ज्यादा बिजली ट्रांसफार्मर बाधित हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि राज्य सरकार के अथक प्रयासों के फलस्वरूप प्रदेश में एक बड़े चिड़ियाघर की स्थापना के लिए केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) से पूर्व स्वीकृति प्राप्त हो गई है। प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के दृष्टिगत बड़े चिड़ियाघर की स्थापना एक महत्त्वपूर्ण कदम साबित होगा। उन्होंने कहा कि जिला कांगड़ा के बनखण्डी में बड़े चिड़ियाघर की स्थापना प्रदेश सरकार की महत्त्वाकांक्षी परियोजना है। केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की पूर्व स्वीकृति से सरकार की इस परियोजना को मूर्तरूप प्रदान करने में बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में स्थापित करने का निर्णय लिया है और राज्य सरकार के प्रयासों को साकार करने में यह परियोजना मील पत्थर साबित होगी। प्रधान मुख्य अरण्यपाल (वन बल प्रमुख) राजीव कुमार ने बताया कि केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण द्वारा जून, 2023 को बुलाई गई 108वीं तकनीकी समिति की बैठक के दौरान बड़े चिड़ियाघर की स्थापना के प्रस्ताव का गहन मूल्यांकन करने के उपरान्त, समिति ने इसकी स्थापना के लिए स्वीकृति प्रदान करने की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि इस चिड़ियाघर में विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान कर प्रदेश और अन्य क्षेत्रों के मूल वन्य जीवों को रखा जाएगा। यह चिड़ियाघर पर्यटकों के लिए वन्य जीवों से जुड़ने, उनके प्राकृतिक व्यवहार और पारिस्थितिक महत्त्व की समझ विकसित करने के केंद्र के रूप में कार्य करेगा। यह चिड़ियाघर वन्य जीव संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवासों की रक्षा के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक करेगा।
स्वास्थ्य मंत्री बोले- हर साल बनते हैं दवाइयों के लाखों बैच, कम गुणवत्ता वाली दवाओं की दर महज एक प्रतिशत हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री कर्नल (रिटा.) धनी राम शांडिल ने हिमाचल में फार्मा कंपनियों द्वारा उत्पादित की जा रही दवाइयों की गुणवत्ता को लेकर लगातार उठ रहे आशंकाओं को दूर करने की पहल की है। शांडिल ने कांगड़ा दौरे के दौरान जारी बयान में कहा कि महज कुछ लोगों की वजह से पूरे प्रदेश के फार्मा उद्योग को बदनाम नहीं किया जाना चाहिए और जो भी लोग इस पर अनापशनाप बयानबाजी करते हैं वो तकनीकी तथ्यों से अनभिज्ञ है। ऐसे लोग तथ्यों की जानकारी बिना गलत बयानबाजी न करें क्योंकि इससे देश में हिमाचल की छवि खराब होती है। कर्नल शांडिल ने कहा कि प्रदेश में बन रही दवाइयां गुणवत्ता के सभी मानकों पर खरी उतरती हैं। हर साल प्रदेश की फार्मा कंपनियों से दवाइयों के लाखों बैच बिक्री के लिए निकलते हैं। शांडिल ने कहा कि दवाइयों की गुणवत्ता में कमी आने के कई कारण होते हैं। इनमें रखरखाव में कमी, उचित तापमान का अभाव , ट्रांसपोर्टेशन के दौरान हुई लापरवाही आदि शामिल हैं। ऐसे में हर दवाइयों की शुद्धता पर सवाल उठाना सही नहीं है। दवाओं की गुणवत्ता पर हायतौबा मचाने वाले पहले तकनीकी जानकारी हासिल करें तो बेहतर होगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य ड्रग कंट्रोलर विभाग द्वारा प्रदेश में चल रही फार्मा कंपनियों में उत्पादन का नियमित निरीक्षण किया जाता है। कमी मिलने पर तुरन्त कार्रवाई होती है। कांग्रेस सरकार ने अपने सात माह के कार्यकाल में शिकायतें मिलने पर करीब 30 दवा निर्माताओं के लाइसेंस रद्द किए हैं। इतना ही नहीं, राज्य के दवा निरीक्षकों ने पहली बार अनियमितताएं बरतने वाले कई दवा निर्माताओं पर केस दर्ज करवाकर उन्हें गिरफ्तार भी करवाया है जिनकी संख्या 11 के आसपास है। शांडिल ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर एनएसक्यू दवाओं का प्रतिशत 3: के लगभग है जबकि उसके आगे हिमाचल का प्रतिशत कुछ भी नहीं है । फिर भी हम सख्त कदम उठा रहे हैं और आगे भी उठाएंगे । हिमाचल में अंतरराष्ट्रीय स्तर की दवा कंपनियां काम कर रही हैं और इनकी वजह से हिमाचल का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर है। कुछ काली भेड़ों की वजह से पूरे प्रदेश और यहां के उद्योगों को बदनाम करना सही नहीं है। शांडिल ने कहा कि वह आने वाले समय में सेहत महकमे को और सशक्त करेंगे। फील्ड में कार्यरत विशेषकर छापेमारी में संलग्न विभागीय अधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जाएगी। विभाग में किसी भी स्तर पर यदि कोई भी कमी पाई जाती है तो उसे शीघ्र दूर किया जाएगा।
राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त युनूस ने आज यहां बताया कि विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ कड़ी कार्रर्वाई करते हुए बरोटीवाला, टिपरा, कुल्हाड़ीवाला व सैन्सीवाला में छ: सदिग्ध स्थानों में हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम, 2011 के तहत छापामारी की। छापामारी के दौरान दो करियाना दुकानों से 80 बोतलें देशी शराब बरामद की गईं। बरामद की गई शराब चण्डीगढ़ में विक्रय के लिए थी। एक करियाना दुकान के सामने एक स्कूटी में से भी शराब की 14 बोतलें बरामद की गईं। बरोटीवाला क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री की शिकायतों के मद्देनज़र यह कार्रवाई की गई और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाही जारी रहेगी। अप्रैल 2023 से 26 जुलाई, 2023 तक बीबीएन में अलग-अलग छापेमारियों में अवैध शराब के 19 मामले पकड़े गए जिसमें अब तक 1114.482 लीटर शराब बरामद व जब्त की गई है। आयुक्त ने बताया कि अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ पूरे प्रदेश में लगातार अभियान चलाया जा रहा है जिसमें विभिन्न जिलों व विशेष टीमों ने अलग अलग जगह कार्रवाई की गई है। आबकारी आयुक्त ने बताया कि विभाग ने प्रदेश में एक माह में अलग-अलग जगह से लगभग 750 पेटी अवैध शराब जब्त की है तथा विभिन्न धाराओं में 200 मामले आबकारी अधिनियम के अंतर्गत दर्ज किए हैं। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को अवैध शराब के खिलाफ सख्ती से कार्यवाही करने के निर्देश देते हुए आमजन से भी आग्रह किया कि अवैध शराब से सम्बन्धित मामले नजर में आते ही विभाग के ध्यानार्थ लाएं। उन्होंने बताया कि विभाग ने मुख्यालय में कन्ट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है जो कि चौबीसों घंटे कार्य करेगा। इस संदर्भ में कोई भी शिकायत दूरभाष नम्बर 94183-31426 पर दर्ज करवाई जा सकती है।
उप मुख्यमंत्री ने ज्वालाजी मंदिर में नवाया शीश राज्य के शक्तिपीठ हर वर्ष लाखों श्रद्वालुओं को आकर्षित करते हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश के प्रमुख मंदिरों को ई-कनेक्ट करने के लिए महत्वपूर्ण पहल की है जिससे भक्तों को घर बैठे ही दर्शन की सुविधा सुनिश्चित होगी। यह जानकारी उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने वीरवार को ज्वालामुखी मंदिर में पूजा अर्चना करने के उपरांत दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य के मंदिरों, शक्तिपीठों में हवन, भंडारा और जागरण समारोहों के लिए आनलाइन बुकिंग की सुविधा प्रदान करने के लिए एक पायलट योजना आरंभ की है। इस डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से श्रद्वालु मंदिर के पुजारियों से भी जुड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि तीर्थ यात्रियों के अनुभवों को और सुखद बनाने के लिए सरकार प्रमुख मंदिरों के सौंदर्यीकरण तथा बुनियादी ढांचे के विकास पर भी कार्य कर रही है। श्रद्वालुओं को मंदिरों में विश्राम के लिए भी बेहतर सुविधाओं पर विशेष बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के तीर्थ स्थान पर्यटन का केंद्र बिंदु है तथा इसी दृष्टि से मंदिरों को विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है ताकि तीर्थाटन के साथ साथ स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिल सकें। उन्होंने कहा कि ज्वालाजी मंदिर हिमाचल का एक प्रमुख शक्तिपीठ है तथा इसे सुनियोजित तरीके से विकसित किया जाएगा ताकि श्रद्वालुओं को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आए। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि कला तथा लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए भी सरकार कारगर कदम उठा रही है इस बाबत हिमाचल की विभिन्न कलाओं को देश भर में पहचान दिलाने के लिए सार्थक पहल की है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने बताया कि आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश का 75 वर्ष पूर्ण होने पर गेयटी सभागार शिमला में बहुत ही धूमधाम से किया गया। इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजशरण शाही मुख्य अतिथि व वशिष्ठ अतिथि के रूप में अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवान बबिता फोगाट उपस्थित रहीं। फोगाट ने संबोधन करते हुए विद्यार्थी परिषद द्वारा आयोजित मिशन साहसी कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद को ऐसे ओर कार्यक्रम छात्राओं के लिए करवाने चाहिए व यहां मेरे सहयोग व सहायता की जरूरत होगी वह मैं करूंगी। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के 75 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम अमृत महोत्सव समारोह की सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। आकाश नेगी ने बताया कि इस अमृत महोत्सव समारोह कार्यक्रम में देश व प्रदेश कानाम ऊंचा करने वाले व सामाजिक क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले महानुभावों को भी सम्मानित किया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के इस अमृत महोत्सव समारोह कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश की संस्कृति की भी झलक सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से देखने को मिली। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से अभाविप के पूर्व कार्यकर्ता, शिमला जिला की विभिन्न इकाइयों के कार्यकर्ता व छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
कांग्रेस पूर्व सैनिक विभाग के प्रभारी व उपाध्यक्ष मेजर जनरल धर्मवीर सिंह राणा (सेवानिवृत्त) ने कहा कि 26 जुलाई को भारतीय सेना द्वारा कारगिल की ऊंची चोटियों पर पाकिस्तानी सेना को परास्त करने व शहीद सैनिकों की शहादत को याद करते हुए मनाया जाता है। प्रदेश कांग्रेस सरकार ने सभी शहीद सैनिकों के समक्ष नतमस्तक होते हुए, पूर्व सैनिकों, उनके परिजनों के हितों व इस परम्परा का सम्मान करते करते हुए पूर्व की तरह कारगिल युद्ध विजय दिवस बहुत बड़े स्तर पर प्रदेश भर में मनाया। कांग्रेस पूर्व सैनिक विभाग, जिला सैनिक कल्याण विभाग,जिला प्रशासन द्वारा राज्य व हर जिला,ब्लाक स्तर पर भी शहीद सैनिकों को स्मरण कर कार्यक्रम आयोजित किये गए। देवभूमि हिमाचल प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सर्वप्रथम अपनी और से शहीदों के प्रति अपनी सच्ची संवेदना व श्रद्धांजलि अर्पित कर अपनी कृतज्ञता प्रकट की। सभी जिलों में कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को सलामी देकर सैनिक युद्ध स्मारकों पर श्रद्धासुमन व मालाएं अर्पित की गई। वीरभूमि हिमाचल प्रदेश के रणबांकुरों के परिवारों,वीर नारियों और कारगिल युद्ध में भाग लेने वाले पूर्व सैनिकों को प्रदेश भर में कांग्रेस सरकार द्वारा सम्मानित किया गया। जिसमें प्रदेश भर से हज़ारों पूर्व सैनिकों, पूर्व सैनिक संगठनों, सैनिक लीग व सैनिक परिवारों व स्थानीय लोगों ने बहुत भारी संख्या में हिस्सा लिया। कांग्रेस पूर्व सैनिक विभाग के प्रभारी व उपाध्यक्ष मेजर जनरल धर्मवीर सिंह राणा ने कहा कि जहां प्रदेश सरकार शहीद सैनिकों को स्मरण कर विजय दिवस समारोह आयोजित किए वहीं दूसरी तरफ़ भाजपा के एक प्रवक्ता ने इस पुण्य अवसर पर औछी राजनीति करते हुए ब्यान दिया कि 'प्रदेश सरकार कारगिल विजय दिवस समारोह मनाना भूल गई है'। भाजपा प्रवक्ता की यह बात निन्दनीय व शत प्रतिशत झूठ है और हम सभी इसका खंडन करते हैं। हमारे बहादुर शहीद सैनिकों का अपमान कदापि बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मेजर जनरल राणा व समस्त कांग्रेस पूर्व सैनिक विभाग ने कहा कि शहीद सैनिकों के नाम पर भाजपा की झूठी व औछी राजनीति किसी से छुपी नहीं है। भाजपा प्रवक्ता को पहले सब कुछ जान लेना चाहिए था,आज के सभी समाचार पत्रों, मीडिया में माननीय मुख्यमंत्री जी का श्रद्धा सन्देश एवं प्रदेश सरकार द्वारा प्रायोजित शहीद सैनिकों के सम्मान में आयोजित सभी कार्यक्रमों का ब्यौरा भरा पड़ा है। भाजपा की झूठी बयानबाजी का प्रदेश भर के सभी पूर्व सैनिकों ने भी कड़ा संज्ञान लिया है। अत: भाजपा को सलाह है कि भविष्य में भी सेना के शहीदों,पूर्व सैनिकों व उनके आश्रितों के नाम पर राजनीति करने से परहेज़ रखे।
विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी तरीके से कार्यान्वित करने और लोगों को लाभान्वित करने के लिए राज्य सरकार ने ग्राम पंचायतों की तर्ज पर शहरी क्षेत्रों में भी 'परिवार रजिस्टर' बनाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के परिवार रजिस्टर के रखरखाव नियम, 2023 के एक प्रारूप को हाल ही में राज्य मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। शहरी क्षेत्रों में परिवार रजिस्टर को लागू करने के लिए राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम की धारा 48 ए धारा 308 ए और हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम की धारा 43 (5) और धारा 393 में संशोधन किया गया है ताकि परिवार रजिस्टर के रखरखाव का प्रावधान किया जा सके। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार का यह नवोन्मेषी कदम शहरी क्षेत्रों के लिए योजनाओं को तैयार करने के दृष्टिगत निर्णय लेने में मील पत्थर साबित होगा। इससे इन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के बारे में महत्वपूर्ण डॉटा उपलब्ध होगा, जिसके उपयोग से संसाधनों के बेहतर आबंटन सुनिश्चित कर जन कल्याण के लिए स्टीक योजनाएं बना जा सकेंगी। अभी तक केवल ग्राम पंचायतों में ही परिवार रजिस्टर रखे जाते थे। इस पहल के साथ, शहरी आबादी की आपत्तियों और सुझावों के उपरांत अंतिम मंजूरी मिलने के बाद शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोग सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं का प्रभावी ढंग से लाभ प्राप्त कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त प्रत्येक वर्ष 31 जनवरी तक परिवार रजिस्टर को संशोधित किया जा सकता है और सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आवश्यक संशोधन किए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार में रहने वाले सदस्यों, उनके व्यवसाय, जाति, शैक्षणिक स्थिति और अन्य आवश्यक विवरणों का रिकार्ड रखना महत्वपूर्ण है। पारिवारिक रिकार्ड सुनिश्चित होने से सरकार द्वारा प्रायोजित कल्याणकारी योजनाओं का स्थानीय निकायों के लोगों को लाभ प्राप्त करने में मदद मिलेगी। संशोधित नियमों के तहत वार्ड समिति के संबंधित सचिव को वार्ड के वास्तविक निवासियों के परिवारों के विवरण के लिए घर-घर जाकर सर्वेक्षण करना आवश्यक होगा। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी या नगर पंचायत के सचिव या इसके लिए विशेष रूप से नामित सत्यापन अधिकारी द्वारा रजिस्टर सत्यापित किया जाएगा। सभी आवश्यक संशोधन और सत्यापन पूरे होने के उपरांत तैयार किया गया अंतिम परिवार रजिस्टर अनुमोदन के लिए सदन के समक्ष रखा जाएगा और राजपत्र में प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद संबंधित अधिकारी द्वारा यह डाटा ऑनलाइन मोड के माध्यम से आम जनता को उपलब्ध करवाया जाएगा।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा राशन वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के दृष्टिगत उपभोक्ताओं के राशन कार्डों में उनकी आधार संख्या पंजीकृत की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी तक 99.60 प्रतिशत राशनकार्ड लाभार्थियों के राशनकार्ड को आधार संख्या से जोड़ा जा चुका है। प्रदेश में कुल 74,60,584 लाभार्थी हैं, जिनमें से 74,30,737 लाभार्थियों के आधार राशनकार्ड से जोड़ दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिन लाभार्थियों ने अभी तक अपने राशनकार्ड को आधार से नहीं जोड़ा है वह 15 अगस्त से पूर्व नजदीकी राशन डिपो में जाकर अपना आधार दर्ज करवा सकते हैं। यदि कोई अपना आधार 15 अगस्त तक दर्ज नहीं करवाता है तो इस स्थिति में राशनकार्ड को अस्थाई रूप से बंद कर दिया जाएगा तथा आधार की जानकारी उपलब्ध करवाने के बाद ही राशनकार्ड को फिर से शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राशनकार्ड धारकों की सुविधा के लिए लाभार्थिर्यों के मोबाइल नंबर को भी उनके राशनकार्ड के साथ जोड़ा जा रहा है ताकि उचित मूल्य की दुकानों पर उपलब्ध करवाए जा रहे खाद्यान्नों की सुविधा संबंधित जानकारी उपभोक्ताओं को पंजीकृत मोबाइल पर दी जा सके। उपभोक्ता विभागीय वेबसाइट/पारदर्शिता पोर्टल पर जाकर अपडेट मोबाइल नम्बर विकल्प के अधीन अपने 12 अंकों के आधार नम्बर दर्ज करवाने के उपरांत अपना मोबाइल नम्बर अपडेट कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विभाग उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से ई-केवाईसी के माध्यम से यह सुनिश्चित कर रहा है कि राशनकार्ड में दर्ज व्यक्ति का नाम, जन्मतिथि तथा लिंग आधार में दर्ज डाटा के अनुरूप ही हो। इस विषय में उपभोक्ता अधिक जानकारी विभागीय वेबसाइट/पारदर्शिता पोर्टल पर प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सभी उचित मूल्य दुकानदारों को समयबद्ध ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां विजय दिवस पर कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इन वीर सपूतों ने देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए राष्ट्र के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। े इन बहादुर जवानों की स्मृति में हर वर्ष 26 जुलाई को विजय दिवस मनाया जाता है। उन्होंने प्रदेशवासियों की ओर से शहीदों को नमन करते हुए कहा कि देश की भावी पीढ़ियों के लिए वे प्रेरणास्रोत हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए कारगिल में अदम्य साहस का परिचय देने वाले भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और प्रदेश के 52 वीर सपूतों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि उनके बलिदान को देश सदैव याद रखेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के बहादुर सैनिकों का साहस व देशभक्ति, नि:स्वार्थ राष्ट्र सेवा की सच्ची भावना को दर्शाता है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में चल रही कांग्रेस सरकार इतिहास में सदा जनता के साथ छल किए जाने के बारे में ही जानी जाएगी। दिसंबर 2022 में कांग्रेस सरकार सत्ता में केवल इसलिए आई कि चुनाव के दौरान लोक लुभावन गारंटियां दी गई 22.50 लाख बहनों को धोखे में रखकर उनका वोट लिया गया। हर कोने में, हर मोहल्ले में, हर गांव में, हर चौक-चैराहे पर चिल्ला-चिल्लाकर कांग्रेस नेता यह बयान देते रहे कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आते ही 18 साल से 60 साल की हर महिला को 1500 रुपये महीना उसके खाते में आएगा। न उससे यह पूछा जाएगा कि उनकी जाति क्या है, आय क्या है और बिना किसी शर्त के पहली कैबिनेट से यह पैसा बहनो के खाते में आएगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर 1500 रुपये दिए जाने के फॉर्म भरवाए और बहन-बेटियों को वोट लेने के लिए गारंटी दी। बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार 22 लाख बहनों के साथ धोखा कर रही है, अन्याय कर रही है। माननीय मुख्यमंत्री का यह बयान कि हमने बहनो की गारंटी पूरी कर दी है, इस बात को साबित करता है कि कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस सरकार की नीयत में पहले दिन भी खोट था और आज भी है। स्पिति ब्लॉक की चंद बहनों को 1500 रुपये महीने की पेंशन लगाकर यह घोषित करना कि सरकार ने आपकी गारंटी पूरी की है, इससे बड़ा धोखा हिमाचल प्रदेश की बहनों के साथ कोई नहीं हो सकता। पिछले 8 महीने में प्रदेश सरकार गारंटियों के मुद्दे से जनता का ध्यान भटकाने के लिए तरह-तरह के मुद्दे घड़ रही है जिन मुद्दों का गारंटियों के साथ कोई मेल नहीं है। चुनाव के दौरान 5 लाख बेरोजगारों को नौकरी देने की गारंटी दी गई। नौकरी देना तो दूर की बात, सैंकड़ों लोगों को नौकरी से निकाल दिया गया। नौकरी देने वाला संस्थान बंद कर दिया और युवाओं को प्रदेश सचिवालय के बाहर आंसू बहाने के लिए छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता कांग्रेस से एक-एक गारंटी का हिसाब लेगी।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने 22 खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) के तबादले हैं। सचिव ग्रामीण विकास प्रियतु मंडल ने तबादला आदेश जारी किए हैं। यशपाल को परियोजना निदेशक बिलासपुर, ओम प्रकाश को को परियोजना निदेशक चंबा, राजकुमार को परियोजना निदेशक हमीरपुर, चंद्रवीर को परियोजना निदेशक कांगड़ा, सिकंदर को परियोजना निदेशक किन्नौर, पारुल कटयार को परियोजना निदेशक लाहौल-स्पीति, जयवंती को परियोजना निदेशक कुल्लू, कीर्ति चंदेल को परियोजना निदेशक शिमला लगाया गया है।
एनएसयूआई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई के द्वारा आज मणिपुर हिंसा को लेकर केंद्र की मोदी सरकार के ख़िलाफ़ विश्वविद्यालय के पिंक पेटल चौक पर धरना प्रदर्शन किया गया। हिमाचल प्रदेश एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर ने कहा कि मणिपुर राज्य में पिछले ढाई महीने से काफी भयंकर हिंसा हो रही है। इसी बीच सोशल मीडिया पर मणिपुर राज्य का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें लोगों की भीड़ दो आदिवासी महिलाओं को निर्वस्त्र करके घुमा रही है। मणिपुर राज्य में पिछले ढाई महीने से काफी भयंकर हिंसा हो रही है। इसी बीच सोशल मीडिया पर मणिपुर राज्य का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें लोगों की भीड़ 2 महिलाओं को नंगा करके घुमा रही है, लेकिन केंद्र सरकार और मणिपुर सरकार इस निदनीय कृत्य पर आज तक कार्यवाही करने में असमर्थ है। जहां एक और केंद्र भाजपा सरकार बेटी बचाओ बेटी बेटीपढ़ाओ का नारा देती है मणिपुर में बेटियों पर अत्याचार हो रहे है लेकिन केंद्र कि भाजपा सरकार आज तक चुपी साध के बैठी है। उन्होंने कहा है कि आज देशवासियों को ये सोचने कि ज़रूर है कि बेटियों को बचाना किस से है। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई माँग करती है की दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाये और मणिपुर के मुख्यमंत्री नैतिकता के आधार पर जल्द से जल्द इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।


















































