अखिल भारतीय किसान सभा जिला सोलन इकाई ने देशभर के संघर्षशील किसानों तथा किसान संगठनों व समाज के अन्य वर्गों जिन्होंने किसान आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया,तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने पर सभी को बधाई दी है। सोलन जिला कमेटी अध्यक्ष रामकृष्ण शर्मा ने प्रेस के नाम जारी ब्यान में कहा कि लगभग 1 वर्ष के लंबे आंदोलन का नतीजा है कि सरकार को किसानों के आगे झुकने को विवश होना पड़ा। किसान आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था। किसान सभा ने इस आंदोलन के दौरान शहीद हुए 600 से अधिक किसानों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी कुर्बानियां रंग लाई व सरकार को हिटलर शाही नीतियां छोड़कर काले कानूनों को वापस लेना पड़ा। किसान सभा ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि यह सरकार देश के 600 से अधिक किसानों की हत्या की जिम्मेदार है। तथा इसकी जवाबदेही आने वाले समय में उसे देनी होगी। किसान सभा ने मजदूरों के बारे अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि किसान सभा मजदूरों के खिलाफ बनाए गए लेबर कोड के खिलाफ मजदूरों के आंदोलन में कंधे से कंधा मिलाकर साथ देगी। किसान सभा ने केंद्र की सरकार को मजदूर एवं किसान विरोधी सरकार घोषित करते हुए कहा कि यह सरकार तानाशाही तरीके से कार्य कर रही है तथा देश की जनता की आवाज को अनसुना कर रही है जिसका खामियाजा भाजपा ने इन उपचुनाव में बहुत लिया है तथा आने वाले समय में भाजपा हर चुनाव हारेगी यह तय है।
कोरोना काल के बाद लम्बे समय से बंद पड़े स्कूलों को अब सरकार ने पूरी तरह से खोल दिया है। इसी के चलते सरकार के दिशा निर्देशों अनुसार गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल कुनिहार में पहली कक्षा से बच्चों के लिए स्कूल खोल दिए गए। नन्हे बच्चों के स्कूल पहुंचने पर अध्यापकों ने उनका हर्ष उल्लास के साथ स्वागत किया। स्कूल खुलने के बाद छोटे बच्चों में अब काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। बता दें की सरकार ने 15 नवंबर से पहली व दूसरी कक्षाओं के बच्चों के लिए स्कूल खोलने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद अब प्रदेश के सभी निजी व सरकारी स्कूलों में बच्चों की नियमित कक्षाएं लग रही है। इस दौरान स्कूल प्रशासन द्वारा कोरोना नियमों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का राज्यस्तरीय स्थापना दिवस 20 नवम्बर को नगर निगम हॉल ठोडो ग्राउन्ड में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष अश्वनी ठाकुर, महामंत्री राजेश शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। समारोह में राज्य कार्यकारिणी के पधादिकारी, विभिन्न विभागीय संगठनों के प्रदेश पदाधिकारियों व विभिन्न जिलों के अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष, महामंत्री, पदाधिकारियों की उपस्थिति अपेक्षित है। अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महामंत्री राजेश शर्मा ने बताया कि महासंघ का गठन 20 नवम्बर, 1966 को हुआ था। तब से लेकर महासंघ हर वर्ष स्थापना दिवस मनाता रहा है। इसमे पूर्व में रहे महासंघ के नेताओं को सम्मानित किया जाता है तथा नए कर्मचारियों को महासंघ के इतिहास के बारे में अवगत करवाया जाता है। राजेश शर्मा ने कहा कि इन 51 वर्षों के कार्यकाल मे महासंघ ने कई उतार चढ़ाव देखे हैं। वह चाहे 1970 का आंदोलन हो, 1980 का गोली कांड हो या 1992 का आंदोलन हो। कर्मचारी महासंघ ने समय-समय पर सरकारों से लोहा लिया है तथा कर्मचारी हित में संघर्ष किया है। इस समारोह को लेकर प्रदेश के कर्मचारियों मे भारी उत्साह है इसके बाद 27-11-2021 को हिमाचल सरकार ने संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक आयोजित करने की तिथि निर्धारित कर दी है। उन्होंने बताया कि महासंघ ने अपना 62 सूत्रीय माँग पत्र सरकार को पहले ही प्रेषित कर दिया है। राजेश शर्मा ने प्रदेश के अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों, विभिन्न विभागीय संगठनों के प्रदेश पदाधिकारियों व विभिन्न जिलों के अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष, महामंत्री, पदाधिकारियों से अनुरोध किया है कि उपरोक्त स्थान तथा समय पर पहुँच कर इस अवसर को यादगार बनाने के लिए अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय घणागुघाट की पीएचसी की डॉक्टर कविता व उनकी टीम ने विद्यालय के 15 अध्यापकों व दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के आरटीपीसीआर कोविड-19 के सैंपल लिए जिसमें सभी अध्यापकों कर्मचारी की रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई। इसके अतिरिक्त जमा एक और जमा दो के 48 छात्रों का आरएटी किया गया। इसमें भी सभी विद्यार्थियों की नेगेटिव रिपोर्ट आई। इन रिपोर्टों के आधार पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय में कोविड-19 के सभी दिशा निर्देशों का पालन किया जा रहा है और एसओपी का भी पूर्णरूपेण पालन किया जा रहा है।
ग्राम पंचायत सुरजपुर में मांगों को लेकर लोगों का धरना प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने मोमबत्तीयां जलाकर अपना गुस्सा जाहिर किया। प्रशासन से नाराज चल रहे पंचायत के लोग 15 नवंबर से धरने पर बैठे हुए है। पंचायत प्रधान ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि वीरवार को उन्होंने मोमबत्तियों के साथ प्रदर्शन किया है जो प्रशासन और सरकार की अंधेरगर्दी को दर्शाता है। अपनी कुछ जायज मांगों को लेकर वो लोग सोमवार से धरने पर बैठे हुए है। अभी तक प्रशासन की तरफ से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नही आई है।उन्होंने बताया कि जब तक उनकी समस्याओं को सुलझाने के लिए प्रयास नही होते तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
GNA University organized a 2 Day Intra Departmental Talent Hunt cum Youth Festival Competition for its UG & PG Students. The event was coordinated by Mr. Gaurav K. Mangar and Ms. Sarbjit Kaur. More than 230 students of the department took part in this competition. The main objective behind organizing this vibrant event was to discover the hidden talent amongst the students and to expose out the same towards healthy competition. This talent hunt included a blend of 11 events and activities such as Declamation, On the Spot Photography, Best out of Waste, Commerce Rangoli, Group Dance, Treasure Hunt, Poster Making, Singing, Solo Dancing, Ad Mad Show, and Creative Writing. These events included participation on an individual and team basis. The judges appreciated the talent of the students and lauded them for the efforts put in by them. The Valedictory Session was inaugurated by the benign presence of the Honourable Chief Guest, Ms. Jasleen Sihra, an eminent Nutritionist as the Guest of Honour, Ms. Tarveen Kaur who is a motivational speaker, worthy Vice-Chancellor of GNA University, Dr. V.K. Rattan, and Dean Academics Dr. Monika Hanspal. The Valedictory Session witnessed exhibitions of creations by the students in Best Out of Waste, Poster Making, and some of the performances from singing and dancing which were lauded by the Chief Guest. Certificates and mementos were announced to the winners at the end of the ceremony and a certificate of participation was awarded to all the participants. MBA 1 was declared the overall winner of the talent hunt. Dr. V.K. Rattan at the end thanked the Chief Guest and Guest Honour for making their benign presence into the event and also congratulated the winners. He appreciated the efforts of GNA Business School and Dr. Sameer Verma, Dean- GNA Business School for organizing such a wonderful event. Thus, the competition concluded on a splendid note. Mr. Gurdeep Singh Sihra, the Pro-Chancellor, GNA University expressed, “I appreciate the endeavors of the Department for organizing such trending and enthusiastic events for the students.” Dr. VK Rattan, the Vice-Chancellor, GNA University said, “The University is always ready to offer the best to our Guides in all the various upcoming Spheres.” Dr. Monika Hanspal, Dean Academics, GNA University said, “I am really happy to witness the active participation of the participants in such events of their talent and skill enhancement.”
वीरवार को कुनिहार में आयोजित होने वाले दो दिवसीय पुरातन शरद महोत्सव ठोडा मेले का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर बतौर मुख्यातिथि अर्की कल्याण संस्था के अध्यक्ष रूपसिंह ठाकुर ने प्राचीन तालाब मंदिर में दनोदेव महराज की पूजा अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने मेले के दौरान आयोजित होने वाली खेल प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया। प्रधान ग्राम पंचायत कुनिहार राकेश ठाकुर, प्रधान ग्राम पंचायत हाटकोट जगदीश अत्रि, उप प्रधान हरिदास, उप प्रधान रोहित जोशी सहित मेला एवं खेल समिति के सभी सदस्य मौजूद रहे। प्रधान राकेश ठाकुर ने बताया कि दो दिनों तक चलने वाले इस मेले के दौरान कबड्डी, बैडमिंटन, शतरंज, रंगोली, गिद्दा, मेहंदी आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 19 नवम्बर को प्राचीन ठोडा तीर अंदाजी का आयोजन किया जाएगा तथा दानोदेव महाराज की भव्य झांकी राजदरबार कुनिहार बाजार से होती हुई तालाब मन्दिर पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि बच्चो के मनोरंजन का भी विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों व लोगो से अपील की है कि मेले के दौरान कोविड- 19 नियमो का पालन करे।
आंगनबाड़ी सर्कल दाड़लाघाट में 29 केंद्रों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सीएचसी संचालक दाड़लाघाट गोपाल कृष्ण द्वारा डिजिटल इंडिया के तहत पोषण ट्रेकर एप्लीकेशन की ट्रेनिंग दी गयी। इस मौके पर सर्कल सुपरवाइजर सुनीता विशेष रूप से मौजूद रही। इस दौरान सीएचसी संचालक गोपाल कृष्ण ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इस एप्लीकेशन में एडब्ल्यूडब्ल्यू द्वारा ऑनलाइन डाटा भरने के बारे में सॉफ्टवेयर की जानकारी दी।
ग्राम पंचायत सुरजपुर में अपनी मांगों को लेकर लोगों का धरना प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। प्रशासन की अनदेखी से नाराज स्थानीय लोग सोमवार से धरने पर बैठे हुए है। समस्यों का समाधान न होता देख लोगों में रोष पनप रहा है। पंचायत प्रधान ओम प्रकाश शर्मा ने बताया की पंचायत के लोगों की मांगें बिल्कुल जायज है अपनी जायज मांगों के लिए भी लोगों को सड़क पर उतर कर आंदोलन करना पड़ रहा है। प्रशासन और सरकार दोनों लंबे समय से मुक्त दर्शक बने हुए है। जब तक उनकी समस्याओं को सुलझाने के लिए ठोस कदम नही उठाये जाते तब तक उनका धरना प्रदर्शन इसी तरह जारी रहेगा। इस दौरान नरेश ठाकुर, कपिल ठाकुर, निम चंद ठाकुर, पूर्व पंचायत उप प्रधान राजू ठाकुर, राजेन्द्र, देवेन्द्र शर्मा, हेत राम, शेर सिंह, अनिल ठाकुर, हेम चंद, कृष्ण चंद, प्रकाश वैद्य, प्रकाश, सन्त राम वैद्य, गोविंद राम, कामेश्वर शर्मा, कृष्ण चंद रेउटा, मदन शर्मा, सुभम चंदेल आदि मौजूद थे।
उपायुक्त सोलन कृतिकाकुल्हारी ने आज कसौली विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत जाबली से जनमंच प्रचार वाहन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस जनमंच प्रचार वाहन के माध्यम से धर्मपुर विकास खण्ड की 11 ग्राम पंचायतों तथा नगर परिषद परवाणू में लोगों को जनमंच में अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चत करने के लिए जागरूक किया जाएगा। उपायुक्त ने इसके उपरांत नगर परिषद परवाणू के सभागार में नगर परिषद परवाणू के पार्षदों तथा विभिन्न 11 ग्राम पंचायतों के प्रधानों के साथ बैठक की। बैठक में पूर्व जनमंच की गतिवधियों पर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि पेयजल, सिंचाई, विद्युत आपूर्ति तथा सम्पर्क मार्गों के सम्बन्ध में अनेक समस्याएं ऐसी होती हैं जिनका निपटारा स्थानीय स्तर पर आसानी से किया जा सकता है। उन्होंने विभागों को निर्देश दिए कि ऐसी समस्याओं के समाधान का पूर्व जनमंच कार्यक्रमों में प्रयास किया जाए। उपायुक्त ने विभिन्न विभागों को निर्देश दिए कि जनमंच स्थल पर अपने स्टाॅल में योजनाओं की पूरी जानकारी तैयार रखें। उन्होंने सभी 11 ग्राम पंचायतों के सचिवों को निर्देश दिए कि 19 नवम्बर तक प्राप्त शिकायतों और मांगों को अविलम्ब उपमण्डलाधिकारी कार्यालय कसौली को प्रेषित करें। उन्होंने कहा कि सभी 11 ग्राम पंचायतों में लोगों को यह अवगत करवाया जाए कि शिकायतों एवं मांगों के विषय में आवेदन पत्र प्रस्तुत करते समय आवेदक का नाम, पता, हस्ताक्षर व मोबाइल नम्बर अनिवार्य रूप से अंकित हो। उन्होंने कहा कि आवेदक का नाम, पता व हस्ताक्षर रहित आवेदनों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आवेदक की जानकारी उपलब्ध होने से समस्या निवारण सुगमता से होता है। उन्होंने कहा कि प्राप्त शिकायतों एवं समाधान की पूरी जानकारी का अवलोकन स्वयं मुख्यमंत्री द्वारा किया जाता है। जनमंच में आवेदक भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि जनमंच स्थल पर कोविड-19 से बचाव के लिए टीकाकरण शिविर भी लगाया जाएगा। उपायुक्त ने इससे पूर्व जनमंच स्थल दशहरा ग्राउंड का निरीक्षण किया तथा विभिन्न व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया। इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. डेजी ठाकुर, नगर परिषद परवाणू की अध्यक्ष निशा शर्मा, उपाध्यक्ष सोनिया शर्मा, विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधान भारतीय प्रशासनिक सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारी ओम कान्त ठाकुर, उपमण्डलाधिकारी कसौली डाॅ. संजीव धीमान, सहायक आयुक्त परवाणू गौरव महाजन, खण्ड विकास अधिकारी धर्मपुर सुभाष अत्री, नगर परिषद परवाणू के कार्याकरी अधिकारी ललित कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
जिला दण्डाधिकारी सोलन कृतिका कुल्हारी ने सोलन जिला के नालागढ़ उमपण्डल में राष्ट्रीय राजमार्ग-105 पर कालका चौक नालागढ़ से टोल बैरियर बद्दी तथा पुलिस अधीक्षक बद्दी कार्यालय से टोल बैरियर बद्दी वाया सनसिटी मार्ग तक के क्षेत्र को भारी वाहनों के लिए वन वे ट्रेफिक मार्ग घोषित किया है। यह आदेश सांय 5.00 बजे सांय 7.30 बजे तक लागू रहेंगे। यह आदेश मोटर वाहन अधिनियम 1988 विभिन्न धाराओं के अन्तर्गत जारी किए गए हैं। विद्यालय की बसें, शैक्षणिक संस्थानों की बसें, रूट के अनुसार चलने वाली बसें, आवश्यक सेवाओं के लिए तैनात वाहन, रोगी वाहन, अग्निशमन वाहन तथा कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए प्रयुक्त वाहनों पर यह आदेश लागू नहीं होंगे।
उपायुक्त सोलन कृतिका कुलहरी ने आज यहां विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ 21 नवम्बर को आयोजित किए जा रहे जनमंच के सम्बन्ध में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। कृतिका कुलहरी ने कहा कि सोलन जिला का 21वां जनमंच 21 नवम्बर को कसौली विधानसभा क्षेत्र के परवाणू के सैक्टर-5 स्थित दशहरा मैदान में आयोजित किया जाएगा। जनमंच की अध्यक्षता प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डाॅ. राजीव सैजल करेंगे। जनमंच प्रातः 10.00 बजे आरम्भ होगा। उपायुक्त ने जनमंच कार्यक्रम के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी जनमंच में पूरी तैयारी के साथ आएं। उन्होंने कहा कि पूर्व जनमंच गतिविधियों के अन्तर्गत जिन शिकायतों व मांगों का निराकरण किया जा चुका है उनकी अलग से सूची तैयार करें। उन्होंने कहा कि जनमंच में विकास खण्ड धर्मपुर की ग्राम पंचायत टकसाल, महलों, बनासर, चामो, नारायणी, प्राथा, कोटबेजा, जंगेशु, जाबली, कोटीनाम्भ तथा निहरी सहित नगर परिषद परवाणू की समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जनमंच के लिए आवेदन 19 नवम्बर को सांय 5.00 बजे तक स्वीकार किए जाएंगे। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि जनमंच में स्थानांतरण, सरकारी नौकरी की मांग, न्यायालय में विचाराधीन मामलों, लोकार्पण तथा पेयजल, स्वास्थ्य केन्द्र इत्यादि के लिए नई योजनाओं की मांग जिसमें बजटीय आवश्यकताएं हैं, को विषय सूची में नहीं रखा जाएगा। बैठक में सोलन जिला में पूर्व में आयोजित जनमंचों के लम्बित मामलों पर भी विचार-विमर्श किया गया। जलशक्ति विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत बोर्ड, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण तथा हिमाचल पथ परिवहन निगम से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की गई तथा सम्बन्धित अधिकारियों को समस्याओं के निपटारे के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सोलन वीरेन्द्र शर्मा, उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय कुमार यादव, उपमण्डलाधिकारी कसौली डाॅ. संजीव धीमान, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राजन उप्पल, जिला राजस्व अधिकारी केशव, खण्ड विकास अधिकारी धर्मपुर सुभाष अत्री सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
ग्राम पंचायत सुरजपुर में अपनी मांगों को लेकर लोगों का धरना प्रदर्शन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान लोगों ने प्रशासन द्वारा की जा रही क्षेत्र की अनदेखी पर रोष व्यक्त किया गया। पंचायत प्रधान ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि धरना प्रदर्शन का आज दूसरा दिन है अभी तक प्रशासन की तरफ से बातचीत के लिए कोई पहल नही हुई है। जब तक उनकी समस्याओं को सुलझाने के लिए कोई ठोस कदम नही उठाये जाते तब तक उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रशासन की अनदेखी की वजह से आज पंचायत के लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर हो गए है। उन्होंने बताया कि उनका धरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण है लेकिन जल्द उनकी समस्याओं का समाधान नही हुआ तो उनका आंदोलन उग्र हो सकता है। जिसकी पूरीजिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की ही होगी।
सोलन जिला का 21वां जनमंच 21 नवम्बर को कसौली विधानसभा क्षेत्र के परवाणू के सैक्टर-5 स्थित दशहरा मैदान में आयोजित किया जाएगा। जनमंच की अध्यक्षता प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डाॅ.राजीव सैजल करेंगे। इस सम्बन्ध में उपायुक्त सोलन कृतिका कुलहरी द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस अधिसूचना के अनुसार जनमंच प्रातः 10.00 बजे आरम्भ होगा। इस जनमंच में विकास खण्ड धर्मपुर की ग्राम पंचायत टकसाल, महलों, बनासर, चामो, नारायणी, प्राथा, कोटबेजा, जंगेशु, जाबली, कोटीनाम्भ तथा निहरी सहित नगर परिषद परवाणू की समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अधिसूचना के अनुसार जनमंच के लिए आवेदन 19 नवम्बर तक स्वीकार किए जाएंगे। जनमंच के आयोजन के लिए 17 नवम्बर को प्रातः 11.00 बजे मिनी सचिवालय सोलन में बैठक आयोजित की जाएगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र का देश एवं प्रदेश की आर्थिकी को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान है। डाॅ. सैजल आज यहां 68वें सहकारी सप्ताह के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय सहकारी समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। डाॅ. सैजल ने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में सहकारी क्षेत्र के माध्यम से बेरोजगार शिक्षित युवाओं को रोज़गार एवं स्वरोज़गार प्रदान करने की अपार सम्भावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि कभी देश को सहकार क्षेत्र में राह दिखाने वाला हिमाचल आज पुनः इस क्षेत्र में अग्रणी बन सकता है। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की अनेक योजनाएं युवाओं को स्वावलम्बी बनाने की दिशा में कार्यरत हैं। सहकारिता क्षेत्र इस दिशा में और सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सोलन जिला में 441 सहकारी सभाएं पंजीकृत हैं। सोलन जिला के जोगिन्द्रा केन्द्रीय सहकारी बैंक, दि बघाट अर्बन सहकारी बैंक और दि परवाणू अर्बन सहकारी बैंक को पूरे प्रदेश में जाना जाता है। सोलन जिला में 167 प्राथमिक कृषि सहकारी सभाएं और एक जिला सहकारी विपणन एवं उपभोक्ता कार्यसंघ कार्यरत है। इस अवसर पर जिला परिषद सोलन के अध्यक्ष रमेश कुमार, एपीएमसी सोलन के अध्यक्ष संजीव कश्यप, बीडीसी अध्यक्ष जमना ठाकुर, उपाध्यक्ष मदन मोहन मेहता, जिला सहकारी संघ के अध्यक्ष सुंदरम ठाकुर, भाजपा मण्डल कसौली के अध्यक्ष कपूर सिंह वर्मा, दुग्ध सुधार सभा के अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा, किशोर न्याय बोर्ड के निदेशक राजकुमार सिंगला, उपमण्डलाधिकारी कसौली डाॅ. संजीव धीमान, खण्ड विकास अधिकारी सुभाष अत्री बघाट बैंक के निदेशक अमर सिंह ठाकुर, सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं नीलम कश्यप, अजय बंसल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
ग्राम पंचायत रौड़ी के बटेड़ गांव में एक सप्ताह में 5 गऊओं की मौत हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत रोड़ी के बटेड़ गांव में पशुपालक चेतराम तथा उसके भाई की पांच दूधारू गऊएं किसी अज्ञात रोग के कारण मर गई। यह सुनकर इलाके में सनसनी फैल गई है।चेतराम के अनुसार प्रत्येक गाय की कीमत 50,000 रुपए है। उन्होंने बताया कि गऊओं का यथासंभव इलाज करवाया लेकिन उनकी पूरी गऊशाला खाली हो गई। वेटरनरी डॉक्टर दाड़लाघाट मानवी चौधरी ने बताया कि जब उन्हें पहली दो गाएं मरने की जानकारी मिली तो उन्होंने गऊओं के ब्लड सैंपल लेकर लैब में भेजें। इन गायों में थिलोरियोसिस नामक रोग पाया गया। यह रोग चिड़न के कारण भी होता है। इसके अतिरिक्त गऊओं को जॉन्डिस भी हो गया था। उनके अनुसार लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि यह इतना संक्रमित होने वाला रोग नहीं है। उन्होंने कहा कि अभी और ब्लड सैंपल अन्वेषण हेतु लैब में भेजे जा रहे हैं।
उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय कुमार यादव ने कहा कि विश्वसनीयता पत्रकारिता का मूल आधार है और सभी पत्रकारों को अपनी विश्वसनीयता कायम रखते हुए जनहित में कार्य करना चाहिए। अजय कुमार यादव ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर उपस्थित पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। इस वर्ष भारतीय प्रेस परिषद के सुझाव पर ‘मीडिया से किसको डर नहीं विषय पर पूरे देश के साथ-साथ सोलन जिला के पत्रकारों द्वारा भी सारगर्भित विचार-विमर्श किया गया। अजय कुमार यादव ने कहा कि मीडिया के विभिन्न आयामों के माध्यम से आमजन को न केवल जन कल्याणकारी नीतियों एवं कार्यक्रमों की जानकारी मिलती है अपितु नियमित संवाद भी स्थापित होता है। उन्होंने कहा कि मीडिया के द्वारा प्रकाशित किए जाने वाले नकारात्मक समाचार सशक्त फीडबैक का कार्य करते हैं। इसके माध्यम से जहां नीतियों एवं कार्यक्रमों को अधिक जनमुखी बनाने में सहायता मिलती है वहीं आमजन की आशाओं का भी ज्ञान होता है। जिला लोक संपर्क अधिकारी हेमन्त वत्स ने सभी का स्वागत किया तथा विषय की जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर विभिन्न समाचार पत्रों, इलैक्ट्राॅनिक मीडिया के ब्यूरो प्रमुख तथा संवाद्दाताओं सहित जिला लोक संपर्क अधिकारी कार्यालय के कर्मचारी उपस्थित थे।
पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन इकाई पट्टाबरावरी- हरिपुर की मासिक बैठक इकाई अध्यक्ष डी डी कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में चर्चा कर डी डी कश्यप ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पेंशनरो तथा कर्मचारियों की अभी तक कोई भी मांगें नही मानी है। वर्ष 2003 के जितने भी कर्मचारी भर्ती हुए हैं, उन्हें पेंशन से वंचित रखा गया है और इस तरह पेंशनरों की संख्या दिन प्रतिदिन कम होती जा रही है। डी डी कश्यप ने कहा कि 27 नवम्बर को होने वाली सरकार से सँयुक्त सलाहकार समिति की बैठक में सरकार को विचार कर पुरानी पेंशन को बहाल कर कर्मचारियों को इसका लाभ देना चाहिए। बैठक में चर्चा की गई कि अभी हाल ही में पंजाब सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनरों का छठा वेतन आयोग जुलाई 2021 से लागू कर दिया है। जनवरी 2016 से कर्मचारियों और पेंशनरो को इसका लाभ मिलेगा इसके साथ ही पंजाब सरकार ने 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर्मचारियों व पेंशनरों के मूल वेतन में करने की घोषणा की है। डी डी कश्यप सहित अन्य पेंशनरो ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि पंजाब की तर्ज पर इसे हिमाचल में भी लागू किया जाए। बैठक में पेंडिंग पड़े महंगाई भत्ते देने की भी सरकार से मांग की गई। इस बैठक में जगदेव गर्ग, रोशन लाल कौंडल, जगदीश शर्मा, दुनिचन्द ठाकुर, प्रेम चन्द कश्यप, नेकराम कौंडल, शीला देवी, हंसराज शर्मा, सन्तोष कुमार, राम नाथ शर्मा आदि उपस्थित रहे।
ग्राम पंचायत सुरजपुर में लोगों ने सोमवार को अपनी मांगों को लेकर अनिश्चित काल के लिए धरना प्रदर्शन शुरू किया। लोगों का आरोप है कि प्रशासन पंचायत में लोगों की समस्याओं की अनदेखी कर रहा है। बार बार समस्याओं से निजात दिलाने की मांग करने के बावजूद भी कोई सुनवाई नही हो रही है। जिसके चलते लोगों को सड़कों पर उतर कर आंदोलन करना पड़ रहा है। पंचायत प्रधान ओम प्रकाश शर्मा का कहना है कि पिपलुघाट चौक पर लोगों को सार्वजनिक शौचालय, रेन शेल्टर, पार्किंग आदि की सुविधा के अभाव में परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई गांवों में गैस की गाड़ी नहीं पहुंच पा रही है। पंचायत के अंतर्गत कई सड़कों की रिपेयरिंग समय पर नहीं हो रही है। पंचायत के कई गांवों में लोग पीने के पानी जैसी मूलभत सुविधा से वंचित है। जल शक्ति विभाग कई गांवों में खराब हो चुकी पाइपलाइन को नहीं बदल पा रहा है।उन्होंने बताया की प्रशासन को बार बार समस्याओं से अवगत करवाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जिसके चलते जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर हो गई है। उन्होंने बताया कि जब तक समस्याओं के समाधन के लिए प्रशासन सकारात्मक कदम नहीं उठता है, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
एसएफआई सोलन इकाई द्वारा विश्वविद्यालय में पीएचडी के अंदर हो रही धांधलियो के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। एसएफआई ने कहा क़ि हमारे कुलपति द्वारा अपने बेटे को पीएचडी में एडमिशन दिलाने के लिए यूजीसी की गाइडलाइन को दरकिनार करते हुए अपने बेटे की डायरेक्ट एडमिशन करवाई है। यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार पीएचडी में एडमिशन के लिए नेट जेआरएफ पास करने के बाद प्रवेश परीक्षा देनी होती थी। उसे क्लियर करने के बाद पीएचडी में प्रवेश मिलता था। परंतु अपने उच्च पद का दुरुपयोग कर कुलपति ने अपने बेटे को बिना किसी टेस्ट के ही सीधा प्रवेश दे दिया। एसएफआई कड़े शब्दों में इसकी निंदा करती है और मांग करती है कि जल्द से जल्द इस प्रवेश को वापिस लिया जाए। वहीं दूसरी ओर न्यू एजुकेशन पॉलिसी को हिमाचल में लागू करने के लिए सरकार काफी समय लंबे समय से कोशिश कर रही है इस पॉलिसी के अंदर हमारी शिक्षा को निजीकरण और सांप्रदायिकरण किया जा रहा है 2014 में रूसा सिस्टम को भी सबसे पहले हिमाचल प्रदेश में लागू किया गया। एसएफआई मांग करती है कि नई शिक्षा नीति को वापस लिया जाए। न्यू एजुकेशन पॉलिसी के माध्यम से सरकार आंगनवाड़ी को प्राइमरी स्कूलों के साथ मर्ज करने की बात कर रही है और वहीं पर स्कूलों को भी निजी हाथों में सौंप रही है और जिन स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों की संख्या कम है उनको प्राइवेट के साथ मर्ज करने की बात नई शिक्षा नीति मे की गई है। इसी के साथ साथ PTA के नाम पर जो छात्रों से करोड़ों रुपए लूटे जा रहे हैं उसे छात्रों से लेना बंद किया जाए। हर साल विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों से पीटीए के नाम पर करोड़ों रुपए लूटता है पर वह कहां खर्च होते हैं इसका कोई ब्यौरा नहीं है। साथ ही महाविद्यालय के अंदर खाली पड़े अध्यापकों के पदों को भी जल्द से जल्द भरा जाए। एसएफआई मांग करती है कि कुलपति के ऊपर से सख्त कार्रवाई हो। न्यू एजुकेशन पॉलिसी को हिमाचल में इंप्लीमेंट न किया जाए तथा पीटीए के नाम पर छात्रों को लूटना बंद करें। अगर जल्द से जल्द इन मागों को पूरा नहीं किया गया तो एसएफआई छात्रों को लामबंद करते हुए एक उग्र आंदोलन करेगी। जिसका जिम्मेदार विश्वविद्यालय प्रशासन तथा हमारी सरकार होगी इस मौके पर शिवानी, संतोष, वंशिका, संजय, श्रेया, शलेजा अंकिता, आर्यन, सौरव सहित 20 लोग सम्मिलित थे।
मिसाल : सेवा ही सर्वोपरि के सिद्धांत को जैन परिवार ने किया आत्मसात - डॉ अजित पाल जैन ने करीब चार दशक पहले की थी लार्ड महावीर नर्सिंग कॉलेज एंड हॉस्पिटल की शुरुआत - पुत्र डॉ गगन जैन और उनकी पत्नी डॉ आशिमा जैन भी जुटे है मानव सेवा में सोलन जिला में एक परिवार प्रदेश के लोगों को वर्षों से बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं देने में दिन रात जुटा है। हम बात कर रहें है डॉ अजित पॉल जैन व डॉ गगन जैन की, जो काफी वर्षो से लार्ड महावीर नर्सिंग कॉलेज एंड हॉस्पिटल व गगन हॉस्पिटल को चला रहे है। बता दें कि लार्ड महावीर नर्सिंग कॉलेज व अस्पताल (नालागढ़) प्रदेश का पहला नर्सिंग कॉलेज है, जिसकी नींव डॉ अजित पॉल जैन ने करीब चार दशक पूर्व रखी थी। आज लार्ड महावीर नर्सिंग कॉलेज व अस्पताल प्रदेश भर में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। डॉ अजित के बेटे गगन को भी बचपन से ही सामाजिक कार्यों के प्रति रूचि थी और अपने पिता से बेहद प्रेरित थे। गगन जैन को उन्हीं से चिकित्सक बनने की प्रेरणा मिली। पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए डॉ गगन जैन ने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद मुंबई से एमबीबीएस किया। डॉ गगन ने करीब पांच साल तक सरकारी अस्पताल में अपनी सेवाएं दी। इसके बाद लार्ड महावीर नर्सिंग कॉलेज व अस्पताल में भी कुछ वर्षों तक काम किया। तदोपरांत डॉ गगन जैन ने बद्दी में गगन हॉस्पिटल की स्थापना की। आज दोनों अस्पताल न केवल बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सोलन जिला में प्रसिद्ध है बल्कि पूरे प्रदेश से मरीज यहाँ उपचार करवाने आते है। आज लॉर्ड महावीर नर्सिंग कॉलेज और गगन हॉस्पिटल में नवीनतम तकनीक से परिपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर है और सुपर-स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही है। हर वर्ष करीबन 15 हजार से अधिक मरीज यहाँ उपचार करवाने आते है। खास तौर पर सोलन, शिमला, सिरमौर जिला के लोगो के लिए यह अस्पताल वरदान साबित हुआ है। यहां 16 स्पेशलिटी डिपार्टमेंट्स है जहां छात्रों को बेहतरीन शिक्षा दी जा रही है, साथ ही मरीजों का क्वालिटी ट्रीटमेंट कर समाज के प्रति अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अस्पताल में कार्डियोलॉजी, डेंटल, ईएनटी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी (चिकित्सा और शल्य चिकित्सा), सामान्य सर्जरी, स्त्री रोग सर्जरी, न्यूरोलॉजी, प्रसूति और स्त्री रोग, नेत्र विज्ञान, बाल चिकित्सा सर्जरी, पल्मोनोलॉजी और मूत्रविज्ञान सहित अन्य सुविधाएँ शामिल है। अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर और पूरी तरह से आधुनिक उपकरणों से लेस आईसीयू, दो ओटी, लेबर रूम, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे मशीन 500 एमए, 100 एमए (पोर्टेबल), सी-आर्म मशीन, लिथोट्रिप्सी मशीन, क्लिनिकल लैब, ऑडियोमेट्री, पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट, ईईजी, ईसीजी, टीएमटी, फिजियोथेरेपी के लिए कई उपकरण इन्सटाल्ड किए गए है। जरुरतमंदो की सेवा में भी आगे : लार्ड महावीर नर्सिंग कॉलेज और अस्पताल व गगन अस्पताल में गरीब तबके के लोगों को फ्री मेडिकल सुविधाएं भी दी जाती है। समय समय पर चिकित्सा जांच शिविर, दवा वितरण, जागरूकता वार्ता और सब्सिडी के तहत गरीबों का इलाज किया जाता है। इसके अतिरिक्त लोगों को नशे से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से अब तक सैंकड़ों शिविर आयोजित किये जा चुके है। परिवार की जड़ मजबूत हो तो हर कार्य सम्भव- डॉ गगन रिश्तों का तानाबाना स्नेह बांटना भी सिखाता है और हर कार्य में साथ देना भी। डॉ गगन जैन ने बताया कि उनके हर पग पग पर उनके परिवार का अहम योगदान रहा है। आज वो जो कुछ भी अपना लक्ष्य पूर्ण कर चुके है, जो भी समाज के लिए कर पा रहे है इन सब के पीछे परिवार की एकता भी है। उनके माता- पिता ने उनको सही मार्गदर्शन दिखाया तो उनकी पत्नी डॉ आशिमा जैन उनकी ताकत बनीं। डॉ जैन कहते है की साथ रहते हुए इंसानियत से जुड़ी जो समझ और सीख घर के सदस्यों को मिलती है वो हमेशा उन्हें जमीन से जोड़े रखने का काम करती है। अपनों से मिले अनुभव और संस्कार किसी भी इंसान के जीवन को सही और सार्थक दिशा दे सकते हैं।
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान शिमला आईआरएसी में एक दिवसीय बागवानी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में 31 किसानों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का आयोजन अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन दाड़लाघाट के द्वारा करवाया गया। बागवानी प्रशिक्षण में आईआरएसी शिमला की तरफ से डॉ प्रमाणिक, डॉ एके शुक्ला, डॉ संतोष ने बागवानों को प्रशिक्षण दिया। इस प्रशिक्षण में बागवानों को कटिंग, बडिंग, पुनिग ट्रेनिंग की जानकारी दी गई तथा बीमारियों के बारे में भी अवगत करवाया गया। इस दौरान फलों के बारे में भी जानकारी दी गई। इस बागवानी प्रशिक्षण शिवर में एसीएफ से सरिता, अनिल कुमार, रेखा, चम्पा देवी, मीना देवी, रजनी, गीता, वीना, नीना, जगदीश, निर्मला सहित अन्य उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार आवश्यक रख-रखाव के दृष्टिगत 14 नवम्बर को सोलन शहर के कुछ क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड के वरिष्ठ अधिशाषी अभियन्ता विकास गुप्ता ने दी। उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत 14 नवम्बर को प्रातः 10.00 बजे से सांय 05.30 बजे तक ओल्ड कोर्ट रोड, चैक बाजार, होस्पिटल रोड (होस्पिटल रोड से दुर्गा क्लब से लोक निर्माण विभाग के वृत कार्यालय से चौक बाजार), बान मोहल्ला के कुछ क्षेत्रों, शूलिनी माता मन्दिर मार्ग तथा आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि में लोगों से सहयोग की अपील की है।
जिला दण्डाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण सोलन की अध्यक्ष कृतिका कुल्हारी ने कोविड-19 टीकाकरण की द्वितीय खुराक का शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के सम्बन्ध में आवश्यक आदेश जारी किए हैं। जिला दण्डाधिकारी ने जिला के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़, परवाणु, कसौली तथा सोलन उपमण्डल में स्थापित सभी औद्योगिक इकाईयों को सम्बन्धित स्वास्थ्य अधिकरियों से सम्पर्क स्थापित कर अपने-अपने संस्थान में कार्यरत कामगारों एवं कर्मचारियों का कोविड-19 से बचाव के लिए दूसरी खुराक का टीकाकरण 24 नवम्बर की निर्धारित अवधि तक सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए हैं। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि सोलन जिला में कार्यरत सभी औद्योगिक संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी, प्रोत्साहक, सेवा प्रदाता, कच्चे माल के आपूर्तिकर्ता तथा विभिन्न औद्योगिक इकाईयों के निरीक्षण प्राधिकरण जिला में आवागमन के दौरान कोविड-19 से बचाव के लिए दूसरी खुराक के टीकाकरण का प्रमाणपत्र अपने साथ रखें। जिला सोलन में स्थापित सभी औद्योगिक इकाईयों के प्रमुख यह सुनिश्चित बनाएंगे कि उनके सभी कर्मियों एवं कामगारों का निर्धारित अवधि में कोविड-19 से बचाव के लिए दूसरी खुराक का टीकाकरण हो जाए। इस विषय में सम्बन्धित श्रम अधिकारी को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं। यह आदेश तुरन्त प्रभाव से प्रभावी हो गए हैं तथा आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे। आदेश आपदा प्रबन्धन अधिनियम की धारा 33 एवं 34 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं।
जिला दण्डाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण सोलन की अध्यक्ष कृतिका कुल्हारी ने कोविड-19 टीकाकरण की द्वितीय खुराक का शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के सम्बन्ध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हिमाचल प्रदेश के मिशन निदेशक के आदेशों के अनुरूप आवश्यक आदेश जारी किए हैं। जिला दण्डाधिकारी ने जिला सोलन के सभी केन्द्रीय एवं राज्य विभागों सहित सभी केन्द्रीय तथा राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों के विभाग प्रमुखों को यह सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए हैं कि उनके अधीन कार्यरत सभी अधिकारी एवं कर्मियों का कोविड-19 से बचाव के लिए दूसरी खुराक का टीकाकरण 24 नवम्बर की निर्धारित अवधि तक हो जाए। इस सम्बन्ध में सभी जिला स्तरीय विभागाध्यक्ष, जिला टीकाकरण अधिकारी को ई-मेल dpo4solan@gmail.com पर रिपोर्ट प्रेषित करना सुनिश्चित करेंगे। यह आदेश तुरन्त प्रभाव से प्रभावी हो गए हैं तथा आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे। आदेश आपदा प्रबन्धन अधिनियम की धारा 33 एवं 34 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं।
जिला दण्डाधिकारी सोलन कृतिका कुलहरी ने जिला में आवश्यक वस्तुओं के अधिकतम परचून मूल्य निर्धारित करने के संबंध में अधिसूचना जारी की है। यह अधिसूचना हिमाचल प्रदेश जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी रोकथाम आदेश 1977 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी की गई है। अधिसूचना के अनुसार बकरा अथवा भेडे का मीट 500 रुपये प्रति किलोग्राम, सूअर का मीट 250 रुपये प्रति किलोग्राम, ड्रेस्ड चिकन तथा डेªस्ड ब्राॅयलर 200 रुपये प्रति किलोग्राम, बिना तली मछली 250 रुपये प्रति किलोग्राम, तली हुई मछली 300 रुपये प्रति किलोग्राम तथा जीवित मुर्गे का मूल्य 150 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। यह सभी करों एवं अन्य शुल्क सहित अधिकतम परचून मूल्य है। जिला के ढाबों तथा प्रतिष्ठानों में तंदूरी चपाती 07 रुपये प्रति चपाती, तवा चपाती 06 रुपये प्रति चपाती, भरा हुआ परांठा 25 रुपये प्रति परांठा, फुल डाईट (चावल चपाती एवं दाल तथा सब्जी) 70 रुपये, एक प्लेट चावल 50 रुपये प्रति प्लेट, दाल फ्राईड 60 रुपये प्रति प्लेट, मीट करी 120 रुपये प्रति प्लेट, चिकन करी 100 रुपये प्रति प्लेट, वेजीटेबल स्पेशल 70 रुपये प्रति प्लेट, मटर अथवा पालक पनीर 90 रुपये प्रति प्लेट, सब्जी अथवा चना एवं दही के साथ 02 पूरी 50 रुपये प्रति प्लेट तथा रायता 50 रुपये प्रति प्लेट निर्धारित किया गया है। यह अधिकतम परचून मूल्य है। स्थानीय दूध की दर 40 रुपये प्रति लीटर, सभी ब्रान्ड के पैकेट वाले दूध की दर मुद्रित मूल्य के अनुसार, पनीर 260 रुपये प्रति किलोग्राम तथा दही का मूल्य 60 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। यह अधिकतम परचून मूल्य है। सभी ब्रान्ड के शीतल पेय मुद्रित दर के अनुसार विक्रय किए जा सकते हैं। आदेशों के अनुसार उक्त सभी विक्रेताओं को अपने प्रतिष्ठान के द्वार पर हस्ताक्षरित मूल्य सूची प्रदर्शित करनी होगी। उपभोक्ता की मांग पर कैश मेमो जारी करना आवश्यक होगा। यह मूल्य सूची आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से एक माह की अवधि तक वैध होगी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी सोलन कपिल शर्मा ने कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को समानता से जीवनयापन का अधिकार प्रदान करता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला वासियों को इस दिशा में जागरूक करने के लिए निरन्तर प्रयासरत है। कपिल शर्मा आज यहां विधिक सेवाएं सप्ताह के अवसर पर अखिल भारतीय विधिक जागरूकता एवं आउटरीच अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कपिल शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि हमारा संविधान देश के सभी नागरिकों को सभी स्तरों पर एवं सभी क्षेत्रों में समान रूप से आगे बढ़ने एवं सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जहां विभन्न अधिनियम एवं कानून बनाए गए हैं वहीं राष्ट्रीय, राज्य एवं जिला स्तरीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा नियमित रूप से जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि विधिक सेवाओं से लाभ प्राप्त करने के लिए असपने समीप के न्यायिक अधिकारी अथवा पैरा लीगल वालंटियर से जानकारी प्राप्त करें अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन से दूरभाष नम्बर 01792-220713 अथवा ई-मेल secy-dlsa-sol-hp@gov.in पर सम्पर्क करें। उन्होंने कहा कि विधिक सेवाओं के विषय में लोगों को जागरूक बनाने में अखिल भारतीय विधिक जागरूकता एवं आउटरीच अभियान विशेष रूप से सफल रहा है। उन्होंने कहा कि शोषण, घरेलू हिंसा एवं अन्य उत्पीड़न से महिलाओं को बचाने के लिए जहां महिलाओं को कानून की व्यापक जानकारी होनी चाहिए वहीं समाज के सभी वर्गों का इस दिशा में सचेत रहना भी आवश्यक है। कपिल शर्मा ने इस अवसर पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की पीड़ित प्रतिपूर्ति योजना, प्रदेश में कार्यान्वित की जा रही अपराध प्रतिपूर्ति योजना सहित लैंगिक उत्पीड़न से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, कर्मचारी प्रतिपूर्ति अधिनियम एवं श्रम अधिनियमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक मामले सुलझाने का आग्रह किया। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी ने कहा कि 03 लाख रुपए से कम वार्षिक आय वाले व्यक्ति, महिला, दिव्यांग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या बच्चों को निःशुल्क कानूनी प्रदान करने का प्रावधान है ताकि धन के अभाव या अन्य किसी लाचारी के कारण ज़रूरतमंदों को न्याय से वंचित न होना पड़े। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन की डाॅ.शालिनी ने इस अवसर पर कहा कि अब सभी दिव्यांग जनों को विकलांगता प्रमाणपत्र के स्थान पर यूडी आईडी प्रदान की जा रही है। इसके लिए दिव्यांग व्यक्ति को कम से कम एक बार अस्पताल आना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगता जांच के लिए क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में प्रत्येक बृहस्पतिवार तथा नालागढ़ में प्रत्येक द्वितीय शुक्रवार को शिविर आयोजित किए जाते हैं। जिला कल्याण अधिकारी जीएल शर्मा ने इस अवसर पर सामाजिक पैंशन सहित कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। स्वास्थ्य शिक्षक सुषमा शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग तथा सीडीपीओ सोलन कविता गौतम ने महिला कल्याण की दिशा में कार्यान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर शिशुओं के अन्न प्राशन संस्कार सहित शगुन, बेटी है अनमोल, मदर टेरेसा मातृ असहाय सम्बल योजना इत्यादि के लाभार्थियों को सम्मानित भी किया गया। पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ता सहित बड़ी संख्या में महिलाएं इस अवसर पर उपस्थित थीं।
जिला दण्डाधिकारी सोलन कृतिका कुलहरी ने सोलन शहर में रूट के अनुसार ऑटो रिक्शा के किराए का निर्धारण कर दिया है। यह निर्धारण पूर्व में जारी सभी अधिसूचनाओं को निरस्त करते हुए प्रदेश परिवहन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना की अनुपालना में किया गया है। इस सम्बन्ध में ऑटो रिक्शा आपरेटर यूनियन की सहमति से क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सोलन द्वारा प्रस्ताव दिया गया था। इस सम्बन्ध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार पुराना बस अड्डा से चम्बाघाट तक किराया प्रति यात्री 10 रुपए तथा पूरे ऑटो रिक्शा का किराया 35 रुपए निर्धारित किया गया है। पुराना बस अड्डा से कोटला नाला तक ऑटो रिक्शा का किराया प्रति यात्री 15 रुपए तथा पूरे ऑटो रिक्शा का किराया 50 रुपए निर्धारित किया गया है। पुराना बस अड्डा से दोहरी दीवार पुलिस गुमटी तक ऑटो रिक्शा का किराया प्रति यात्री 10 रुपए तथा पूरे रिक्शा का किराया 40 रुपए निर्धारित किया गया है। पुराना उपायुक्त कार्यालय चैक से सपरून चैक अथवा दोहरी दीवार पुलिस गुमटी तक ऑटो रिक्शा का किराया प्रति यात्री 10 रुपए तथा पूरे रिक्शा का किराया 30 रुपए निर्धारित किया गया है। कोटला नाला से पुराना उपायुक्त कार्यालय चैक तक ऑटो रिक्शा का किराया प्रति यात्री 10 रुपए तथा पूरे रिक्शा का किराया 30 रुपए निर्धारित किया गया है। आदेशों के अनुसार पुराना उपायुक्त कार्यालय चैक से क्षेत्रीय अस्पताल सोलन तक ऑटो रिक्शा का किराया प्रति यात्री 15 रुपए तथा पूरे ऑटो रिक्शा का किराया 50 रुपए निर्धारित किया गया है। पुराना बस अड्डा से क्षेत्रीय अस्पताल सोलन तक ऑटो रिक्शा का किराया प्रति यात्री 20 रुपए तथा पूरे ऑटो रिक्शा का किराया 65 रुपए निर्धारित किया गया है। दोहरी दीवार पुलिस गुमटी से क्षेत्रीय अस्पताल सोलन तक ऑटो रिक्शा का किराया प्रति यात्री 20 रुपए तथा पूरे ऑटो रिक्शा का किराया 65 रुपए निर्धारित किया गया है। पुराना बस अड्डा से शामती स्थित काली माता मंदिर तक ऑटो रिक्शा का किराया प्रति यात्री 25 रुपए तथा पूरे ऑटो रिक्शा का किराया 70 रुपए निर्धारित किया गया है। आदेशों के अनुसार दोहरी दीवार पुलिस गुमटी से शामती स्थित काली माता मंदिर तक ऑटो रिक्शा का किराया प्रति यात्री 25 रुपए तथा पूरे ऑटो रिक्शा का किराया 70 रुपए निर्धारित किया गया है। पुराना उपायुक्त कार्यालय चैक से शामती स्थित काली माता मंदिर तक ऑटो रिक्शा का किराया प्रति यात्री 20 रुपए तथा पूरे ऑटो रिक्शा का किराया 50 रुपए निर्धारित किया गया है। पुराना उपायुक्त कार्यालय चैक से न्यू बस अड्डा सोलन तक ऑटो रिक्शा का किराया प्रति यात्री 20 रुपए तथा पूरे ऑटो रिक्शा का किराया 60 रुपए निर्धारित किया गया है। दोहरी दीवार पुलिस गुमटी से न्यू बस अड्डा सोलन तक ऑटो रिक्शा का किराया प्रति यात्री 20 रुपए तथा पूरे ऑटो रिक्शा का किराया 60 रुपए निर्धारित किया गया है। चम्बाघाट से न्यू बस अड्डा सोलन तक ऑटो रिक्शा का किराया प्रति यात्री 20 रुपए तथा पूरे ऑटो रिक्शा का किराया 60 रुपए निर्धारित किया गया है। इन आदेशों के अनुसार दोहरी दीवार से रबौण तक ऑटो रिक्शा का किराया प्रति यात्री 10 रुपए तथा पूरे ऑटो रिक्शा का किराया 30 रुपए निर्धारित किया गया है। दोहरी से आंजी तक ऑटो रिक्शा का किराया प्रति यात्री 10 रुपए तथा पूरे ऑटो रिक्शा का किराया 35 रुपए निर्धारित किया गया है। दोहरी दीवार से आंजी स्थित सागर रतन तक ऑटो रिक्शा का किराया प्रति यात्री 15 रुपए तथा पूरे ऑटो रिक्शा का किराया 45 रुपए निर्धारित किया गया है। पुराना बस अड्डा से पुराना उपायुक्त कार्यालय सोलन तक ऑटो रिक्शा का किराया प्रति यात्री 10 रुपए तथा पूरे ऑटो रिक्शा का किराया 25 रुपए निर्धारित किया गया है। दोहरी दीवार से फेज-1 हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी तथा फेज-2 हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी तक पूरे ऑटो का किराया 45 रुपए निर्धारित किया गया है। चम्बाघाट से सब्जी मण्डी तक ऑटो रिक्शा का किराया प्रति यात्री 15 रुपए तथा पूरे ऑटो रिक्शा का किराया 50 रुपए निर्धारित किया गया है। न्यू बस अड्डे से सब्जी मण्डी तक ऑटो रिक्शा का किराया प्रति यात्री 15 रुपए तथा पूरे ऑटो रिक्शा का किराया 50 रुपए निर्धारित किया गया है। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि उपरोक्त सभी स्थानों के माध्यम वापसी का किराया भी समान होगा। ऑटो रिक्शा को सबलेटिंग आधार पर नहीं चलाया जाएगा। किन्हीं भी 02 स्टेशनों के मध्य न्यूनतम किराया 10 रुपए होगा। ऑटो रिक्शा में परिवहन विभाग द्वारा जारी लाइसेंस के अनुरूप ही अधिकतम सवारियां बिठाईं जा सकती हैं। ऑटो रिक्शा के चलने के प्रारम्भ बिन्दु से अन्तिम बिन्दु तक का किराया उपरोक्त आदेशों के अनुरूप रहेगा। उदाहरण के तौर पर यदि कोई सवारी सपरून से पुराना बस अड्डा जाते हुए जिला न्यायालय के पास ऑटो रिक्शा में बैठती है और आनंद सिनेमा के पास उतरती है तो 10 रुपए किराया देय होगा।
उपायुक्त सोलन कृतिका कुलहरी ने मुख्य डाकघर सोलन में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के साथ सम्बद्ध महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के विक्रय के लिए स्थायी बिक्री केन्द्र ‘महिला शक्ति केन्द्र’ का विधिवत शुभारम्भ किया। यह केन्द्र जिला ग्रामीण विकास अभिकरण सोलन द्वारा डाक विभाग सोलन के सहयोग से स्थापित किया गया है। उपायुक्त ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को उनके उत्पादों की बिक्री के लिए बेहतर मंच प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा डाक विभाग के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। कृतिका कुलहरी ने इस अवसर पर कहा कि महिला शक्ति केन्द्र के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को अपने विविध उत्पादों का विक्रय करने के लिए स्थायी स्थान उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन व मुख्यमंत्री ग्राम कौशल योजना के तहत विभिन्न स्वयं सहायता समूहों द्वारा आचार, चटनी, जूस, ज्वेलरी, स्वेटर, वाॅल हैंगिंग, खजूर व चीड़ की पत्तियों से निर्मित उत्पाद एवं अन्य हस्तकला उत्पाद तैयार किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह उत्पाद श्रेष्ठ गुणवत्ता के साथ-साथ मूल्य की दृष्टि से भी बेहतर होते हैं। उत्पादों की बिक्री का स्थायी मंच उत्पादकों एवं ग्राहकों, दोनों के लिए बेहतर सिद्ध होगा। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को स्वयं भी खरीदें एवं अन्य को भी इस दिशा में प्रेरित करें। इस अवसर पर ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक एवं जिला मिशन प्रबन्धक विजय कान्त नेगी, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के उप उपनिदेशक एवं परियोजना अधिकारी राजकुमार, खण्ड विकास अधिकारी सोलन रमेश शर्मा, जिला परियोजना प्रबन्धक प्रियंका, पोस्टमास्टर विशाल ओबरॉय, डाक अधीक्षक रतन चंद शर्मा, एसईबीपीओ भीष्मा गुप्ता, एलएसईओ तारा, सुनील चैहान, सुनीला शर्मा, विभिन्न स्वयं सहायता समूहों के सदस्य उपस्थित थे।
उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हारी ने कहा कि जिला की 24 नवम्बर तक कोविड-19 से बचाव के लिए टीकाकरण की दूसरी खुराक प्रदान करने के लक्ष्य को प्राप्त करने वाली ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा। उपायुक्त आज यहां वीडियो काॅन्फ्रेन्सिग के माध्यम से कोविड-19 टीकाकरण के सम्बन्ध में सभी उपमण्डलाधिकारियों, खण्ड चिकित्सा अधिकारियों एवं अन्य के साथ आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता कर रही थी। कृतिका कुल्हारी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कोविड-19 से बचाव के लिए शत-प्रतिशत टीकाकरण के लिए 24 नवम्बरकी तिथि निर्धारित की है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में लक्ष्य को पूर्ण रूप से प्राप्त करने के लिए 29 नवम्बर तक माॅपअप राउन्ड आयोजित किया जाएगा। उन्होंने सभी उपमण्डलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला के सभी पात्र व्यक्तियों के शत-प्रतिशत टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के साथ मिलकर योजनाबद्ध कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि लक्ष्य प्राप्त करने वाली ग्राम पंचायतों को आर्थिक लाभ देकर सम्मानित किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि लोगों को इस दिशा में जागरूक किया जाए। लोगों को बताया जाए कि यदि उन्हें दूसरी खुराक के सम्बन्ध में मोबाइल पर संदेश प्राप्त नहीं हुआ है तो संदेश की प्रतीक्षा न करें और अपने निकटतम टीकाकरण केन्द्र पर जाकर टीका लगवाएं। इस दिशा में आशा कार्यकर्ता अथवा निकट के स्वास्थ्य केन्द्र से सम्पर्क करें। उन्होंने कहा कि टीकाकरण की दोनों खुराक कोविड-19 से बचाव का विश्वसनीय एवं सुरक्षित उपाय है। जिला के सभी उपमण्डलाधिकारियों, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ.राजन उप्पल, जिला कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. मुक्ता रस्तोगी, खण्ड विकास अधिकारियों एवं खण्ड चिकित्सा अधिकारियों सहित अन्य सम्बद्ध अधिकारियों ने वीडियो कान्फ्रेन्सिग में भाग लिया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डाॅ.राजीव सैजल ने कहा कि गाय मानव को प्रकृति द्वारा प्रदत्त ऐसा उपहार है जो एक माता के रूप में समस्त धरा का पोषण करती है। उन्होंने कहा कि गौ माता की रक्षा का हम सभी का नैतिक उत्तरदायित्व है। डाॅ.सैजल आज गोपाष्टमी के शुभ अवसर पर सोलन स्थित आश्रय गौ सदन में आयोजित समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। डाॅ. सैजल ने इस अवसर पर सभी को गोपाष्टमी की बधाई दी। उन्होंने इस अवसर पर आश्रय गौ सदन में गौ पूजन किया और हवन में भाग लिया। आयुष मंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार गौ सेवा की दिशा में समर्पित होकर कार्य कर रही है। राज्य में स्थित गौ अभ्यरण्यों और गौ सदनों के माध्यम से प्रति गौवंश एक निश्चित अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पशु पालकों को उच्च श्रेणी की विशेषज्ञ सुविधाएं प्रदान करने के लिए इस वित्त वर्ष में 03 क्षेत्रीय पशु अस्पतालों, 10 पशु चिकित्सका पाॅली क्लीनिकों को आधुनिक उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। उपमण्डलीय स्तर के पशु चिकित्सा संस्थानों को सुदृढ़ करने के लिए 05 करोड़ रुपए व्यय किए जा रहे हैं। डाॅ.सैजल ने इस अवसर पर आश्रय गौ सदन का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं तथा गौ संरक्षण के विषय में पूर्ण जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर योगी जसमत नाथ, स्वामी श्याम भारती, योगी पवन नाथ, स्वामी चाहर नाथ, योगी पवन गिरी तथा डाॅ. चन्दन को सम्मानित भी किया गया।
सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के लिए कार्यान्वित किए जा रहे विशेष प्रचार अभियान के अन्तर्गत आज पर्वतीय लोकमंच दाड़वां के कलाकारों द्वारा नालागढ़ विकास की ग्राम पंचायत बारियां तथा ग्राम पंचायत कोइडी में प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से अवगत करवाया गया। धर्मपुर विकास खण्ड में शिव शक्ति कलामंच के कलाकारों द्वारा ग्राम पंचायत रौड़ी तथा जाडला, हिम सांस्कृतिक दल ममलीग के कलाकारों द्वारा ग्राम पंचायत बाड़ियां के गांव पट्टा तथा ग्राम पंचायत सूरजपुर में प्रदेश सरकार की जन कल्याणकारी नीतियों तथा योजनाओं की जानकारी गीत-संगीत एवं नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से प्रदान की गई। कलाकारों ने बताया कि महत्वाकांक्षी मुख्यमन्त्री स्वावलंबन योजना के तहत अभी तक ज़िला उद्योग केन्द्र सोलन द्वारा विभिन्न लाभार्थियों को उपदान के रूप में 13.57 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। लोगों को जानकारी दी गई कि जिला में अभी तक 13 हज़ार 311 युवाओं को कौशल विकास भत्ता योजना के अन्तर्गत 8 करोड़ रुपए से अधिक उपलब्ध करवाए गए। लोगों को बताया गया कि विवाह अनुदान योजना के अन्तर्गत स्वेच्छा से 40 से 74 प्रतिशत तक दिव्यांग लड़के अथवा लड़की से विवाह करने पर प्रोत्साहन के रूप में 25 हजार रुपए तथा 74 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता की स्थिति में 50 हजार रुपए की राशि प्रदान की जाती है। कलाकारों द्वारा इस अवसर पर नशा निवारण के साथ-साथ कोविड-19 नियमों के विषय में भी जागरूक किया गया। कलाकारों ने बताया कि कोविड-19 का खतरा अभी बना हुआ है। ऐसे में जरूरी है कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का प्रयोग करें तथा आवश्यक सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करें।
सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के लिए कार्यान्वित किए जा रहे विशेष प्रचार अभियान की कड़ी में आज सप्तक कलामंच के कलाकारों द्वारा सोलन विकास खण्ड की ग्राम पंचायत आंजी तथा तोप की बेड़, अक्षिता कलामंच के कलाकारों द्वारा कण्डाघाट विकास खण्ड की ग्राम पंचायत पौधना तथा छावशा एवं पूजा कलामंच बाड़ीधार के कलाकारों द्वारा कुनिहार विकास खण्ड की ग्राम पंचायत दावंटी के गांव लाहमो में लोगों को प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से अवगत करवाया गया। कलाकारों ने विशेष प्रचार अभियान के अन्तर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के लिए कार्यान्वित की जा रही योजनाओं के साथ-साथ सरकार की जन कल्याणकारी नीतियों तथा योजनाओं की जानकारी गीत-संगीत एवं नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से प्रदान की। कलाकारों ने स्वर्ण जयंती आश्रय योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि अनुसूचति जाति, अनुसूचित जन जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग जिनक नाम राजस्व रिकार्ड में हो को मकान बनाने के लिए 1.50 लाख रुपए का अनुदान प्रदान किया जाता है। इसके लिए लाभार्थी की वार्षिक आय 35 हजार से कम होनी चाहिए। कलाकारों ने जानकारी दी कि ज़िला में अभी तक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग, विधवा, अल्पसंख्यक तथा एकल नारी वर्ग के 552 लाभार्थियों को ‘स्वर्ण जयंती’ आश्रय योजना के तहत 07 करोड़ 81 लाख रुपए उपलब्ध करवाए गए। लोगों को बताया गया कि सोलन ज़िला में वर्तमान में 35890 पात्र लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पैंशन प्रदान की जा रही है। गत साढे़ 03 वर्षों में सामाजिक सुरक्षा पैंशन उपलब्ध करवाने पर लगभग 147 करोड़ रुपए व्यय किए गए हैं। ज़िला में 60 से 69 वर्ष के सामाजिक सुरक्षा पैंशन धारकों की संख्या 11 हज़ार 32 है। 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के पैंशनरों की संख्या 16855 है। 65 से 69 वर्ष आयुवर्ग में 2560 पात्र महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा पैंशन दी जा रही है। कलाकारों ने बताया कि महिला सशक्तिकरण व पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से कार्यान्वित की जा रही महत्वाकांक्षी हिमाचल गृहिणी सुविधा के तहत सोलन ज़िला में अभी तक लगभग 17 हजार लाभार्थियों को गैस कुनैक्शन निःशुल्क प्रदान किए गए हैं। कलाकारों द्वारा इस अवसर पर नशा निवारण के साथ-साथ कोविड-19 नियमों के विषय में भी जागरूक किया गया। कलाकारों ने बताया कि कोविड-19 का खतरा अभी बना हुआ है। ऐसे में जरूरी है कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का प्रयोग करें तथा आवश्यक सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करें।
राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक द्वारा एग्री क्लीनिक एवं एग्री बिजनेस योजना पर एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में बैंकर्स, सम्बन्धित विभागों, कृषि व बागवानी से सम्बन्धित डिप्लोमा या डिग्री धारकों को योजना के विषय में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। नाबार्ड के जिला विकास प्रबन्धक अशोक चैहान ने कहा कि योजना का उद्देश्य कृषि क्लीनिकों का निर्माण कर फसलों एवं पशुओं की उत्पादकता बढ़ाना तथा कृषकों की आय में आशातीत वृद्धि करने के लिए उन्हें विशेषज्ञों द्वारा परामर्श व सेवाएं प्रदान करना है। अशोक चैहान ने कार्यशाला में एसीएबीसी योजना की विस्तृत जानकारी प्रदान की। योजना के अंतर्गत कृषि संबंधी शैक्षणिक योग्यता प्राप्त पात्र अभ्यर्थियों को मैनेज, हैदराबाद द्वारा चिन्हित नोडल प्रशिक्षण संस्थान में कृषि उद्यमिता आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इसके उपरांत एसीएबीसी योजना के अंतर्गत उद्यम लगाने के लिए नाबार्ड के माध्यम से संचालित ऋण उपदान का लाभ उठाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नोडल प्रशिक्षण संस्थान में दिया जाने वाला प्रशिक्षण आवासीय एवं निःशुल्क है। एसीएबीसी के माध्यम से कृषकों को एक ही स्थान पर जानकारी उपलब्ध होती है। इसके माध्यम से किसान उन्नत तकनीकों का प्रयोग कर अपनी आय में सकारात्मक वृद्धि कर सकते हैं। साथ ही उद्यमी, योजना के अंतर्गत सहायता प्राप्त कर अपने उद्यम के माध्यम से आय अर्जित कर सकते हैं।
बुधवार को भारत स्काउट एंड गाइड हिमाचल प्रदेश राजकीय महाविद्यालय सोलन की रोवर रेंजर इकाई द्वारा इच्छुक रोवर्स और रेंजर्स का प्रवेश परिक्षण करवाया गया। इच्छुक रोवर्स रेंजर्स गंभीरता एवं अनुशासन से परिक्षण के दौरान मौजूद रहे। सब कुछ सुचारू रूप से किया गया। परिक्षण दो भागो में लिया गया, लिखित एवं मौखिक। जिसमे सिलेबस के अंतर्गत कई चीज़ें जैसे, स्काउटिंग इतिहास, झंडा गीत, नियम, कर्तवय एवं स्काउट संकेत जैसी चीज़ें, इच्छुक रोवर रेंजर्स से पूछी गयी। बता दें कि प्रवेश परिक्षण, स्काउटिंग में प्रवेश प्रथम पड़ाव है। इसे उत्तीर्ण करने के पश्चात इच्छुक रोवर्स रेंजर्स, पूर्ण रूप से रोवर रेंजर् कहलाते हैं। जानकारी के लिए बता दें कि इसके पश्चात रोवर रेंजर्स कई अन्य पड़ावों को पार कर, अपनी एडवांसमेंट करते है। जिसमें निपुण परीक्षा, राज्य पुरस्कार परीक्षा तथा राष्ट्रपति पुरस्कार परीक्षण शामिल है। आज का प्रवेश परिक्षण यूनिट के रोवर लीडर भूपेश ठाकुर की अध्यक्षता में किया गया। जिसमे अन्य सीनियर रोवर्स रेंजर्स भी शामिल रहे ।
उपतहसील कार्यालय दाड़लाघाट में सोमवार को विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इसमें कार्यालय कानूनगो कृष्ण चंद की पदोन्नति नायब तहसीलदार संगड़ाह के पद पर होने के बाद विदाई दी गयी। नायब तहसील कार्यालय के वरिष्ठ सहायक राजेन्द्र ठाकुर तथा कर्मचारियों ने कृष्ण चंद को अंगवस्त्रम व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर कानूनगो बलवंत, विजय कांत, पटवार कानूनगो संघ के प्रधान कपिल ठाकुर, पूर्व बीडीसी उपाध्यक्ष जगदीश ठाकुर सहित कार्यालय का सारा स्टाफ उपस्थित रहा।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड सेवानिवृत्त वेलफेयर एसोसिएशन दाड़लाघाट व नम्होल यूनिट की मासिक बैठक का आयोजन हुआ। बैठक की अध्यक्षता सुखराम नड्डा ने की। महासचिव प्रेम केशव ने कहा कि सरकार सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पुरानी मांगों को लेकर चर्चा की गई। सदस्यों ने सरकार से आग्रह किया कि सेवानिवृत कर्मचारियों की सुविधा हेतु पग उठाए जाए। बैठक में सदस्यों ने बिलासपुर डिविजन के एक्सईएन से आग्रह किया कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बिना वजह तंग ना किया जाए, क्योंकि जीआईएस से संबंधित देय राशि आज तक कर्मचारियों को न मिल पाना कार्यालय में बैठे कर्मचारियों की नाकामी मानी जा रही है। वंही उन्होंने बताया कि दिसम्बर 17 को यूनिट स्तर पर पेंशन दिवस का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान मासिक बैठक भी की जाएगी। बैठक में सुखराम नड्डा, प्रेम केशव, जगत पाल, रणजीत सिंह, दिलाराम, रामलाल, दिलूराम, मनीराम, बालकराम, सुहारूराम, जगन्नाथ, अशोक शर्मा सहित अन्य सदस्यों ने भाग लिया।
सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के लिए कार्यान्वित किए जा रहे विशेष प्रचार अभियान की कड़ी में आज सप्तक कलामंच के कलाकारों द्वारा सोलन विकास खण्ड की ग्राम पंचायत बड़ोग तथा अन्हेच, अक्षिता कलामंच के कलाकारों द्वारा कण्डाघाट विकास खण्ड की ग्राम पंचायत कोट तथा देलगी एवं पूजा कलामंच बाड़ीधार के कलाकारों द्वारा कुनिहार विकास खण्ड की ग्राम पंचायत क्यारड़ तथा ग्राम पंचायत घणागुघाट के गांव शेरपुर में लोगों प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से अवगत करवाया गया। कलाकारों ने विशेष प्रचार अभियान के अन्तर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के लिए कार्यान्वित की जा रही योजनाओं के साथ-साथ सरकार की जन कल्याणकारी नीतियों तथा योजनाओं की जानकारी गीत-संगीत एवं नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से प्रदान की गई। कलाकारों ने बताया कि अनुसूचित जाति, जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के व्यक्ति जिनकी वार्षिक आय 35 हजार रुपए से कम है के लिए अनुवर्ती कार्यक्रम कार्यान्वित किए गए है। इसके लिए लाभार्थी को आईअीआई या किसी अन्य प्रशिक्षण केन्द्र से प्रशिक्षण प्राप्त किया होना चाहिए। पात्र लाभार्थी को सिलाई मशीन एवं उपकरण क्रय करने के लिए 1800 रुपए तथा कताई-बुनाई एवं चमड़ा कार्य के औज़ार के लिए 1300 रुपए प्रति लाभार्थी सहायता प्रदान की जाती है। स्वर्ण जयंती आश्रय योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि अनुसूचति जाति, अनुसूचित जन जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग जिनक नाम राजस्व रिकार्ड में हो को मकान बनाने के लिए 1.50 लाख रुपए का अनुदान प्रदान किया जाता है। इसके लिए लाभार्थी की वार्षिक आय 35 हजार से कम होनी चाहिए। कलाकारों ने बताया कि महिला सशक्तिकरण व पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से कार्यान्वित की जा रही महत्वाकांक्षी हिमाचल गृहिणी सुविधा के तहत सोलन ज़िला में अभी तक लगभग 17 हजार लाभार्थियों को गैस कुनैक्शन निःशुल्क प्रदान किए गए हैं। कलाकारों द्वारा इस अवसर पर नशा निवारण के साथ-साथ कोविड-19 नियमों के विषय में भी जागरूक किया गया। कलाकारों ने बताया कि कोविड-19 का खतरा अभी बना हुआ है। ऐसे में जरूरी है कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का प्रयोग करें तथा आवश्यक सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करें।
सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के लिए कार्यान्वित किए जा रहे विशेष प्रचार अभियान के अन्तर्गत बुधवार को पर्वतीय लोकमंच दाड़वा के कलाकारों द्वारा नालागढ़ विकास की ग्राम पंचायत मंझोली तथा प्लासी में प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से अवगत करवाया गया। धर्मपुर विकास खण्ड में शिव शक्ति कलामंच के कलाकारों द्वारा ग्राम पंचायत गोयला तथा बढलग तथा हिम सांस्कृतिक दल ममलीग के कलाकारों द्वारा ग्राम पंचायत कोटबेजा के गांव ठंडू तथा ग्राम पंचायत भागुड़ी में सरकार की जन कल्याणकारी नीतियों तथा योजनाओं की जानकारी गीत-संगीत एवं नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से प्रदान की गई। लोगों को बताया गया कि जल से कृषि को बल योजना के अन्तर्गत योजना पर 67 करोड़़ रुपये व्यय करके 292 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा प्रदान की जा चुकी है और इससे एक हजार 172 किसान लाभान्वित हुए हैं। जल जीवन मिशन के तहत अब तक लगभग 6 लाख घरों को पेयजल कनेक्शन उपलब्ध करवाए जा चुके हैं। विवाह अनुदान योजना के अन्तर्गत स्वेच्छा से 40 से 74 प्रतिशत तक दिव्यांग लड़के अथवा लड़की से विवाह करने पर प्रोत्साहन के रूप में 25 हजार रुपए तथा 74 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता की स्थिति में 50 हजार रुपए की राशि प्रदान की जाती है। लोगों को जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत सोलन ज़िला के विकास खण्ड सोलन, कण्डाघाट, धर्मपुर व कुनिहार में 100 अनुसूचित जाति बाहुल्य गांव में लगभग 21 करोड़ रुपए व्यय कर सभी 100 गांवों को आदर्श घोषित किया गया है। कलाकारों द्वारा इस अवसर पर नशा निवारण के साथ-साथ कोविड-19 नियमों के विषय में भी जागरूक किया गया। कलाकारों ने बताया कि कोविड-19 का खतरा अभी बना हुआ है। ऐसे में जरूरी है कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का प्रयोग करें तथा आवश्यक सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करें।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डाॅ.राजीव सैजल 11 नवम्बर को सोलन जिला के प्रवास पर रहेंगे। डाॅ.सैजल 11 नवम्बर को सब्जी मण्डी सोलन के समीप आश्रय गौ सदन में गौ पूजन एवं हवन में भाग लेंगे। वे तदोपरान्त दिन में 12.30 बजे से धर्मपुर में जनसमस्याएं सुनेंगे।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्युत लाईनों के आवश्यक मुरम्मत एवं रखरखाव कार्य के दृष्टिगत 11 केवी शामती तथा 11 केवी मड़योग फीडर की विद्युत आपूर्ति 11 नवम्बर को बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड के वरिष्ठ अधिशाषी अभियन्ता विकास गुप्ता ने दी। विकास गुप्ता ने कहा कि इसके दृष्टिगत 11 नवम्बर, 2021 को दोपहर 1.00 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक शामती, मंझोली, क्यार, सनहोल, नंदल, कोटला पंजोला, धौलांजी, नौणी बाजार, धारों की धार, धर्जा, अम्बर कोठी, बडलेच एवं इसके आसपास के क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि के दौरान लोगों से सहयोग की अपील की है।
संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा बुधवार को गरु, वाकनाघाट मैं बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य रुप से संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक मनीष ठाकुर, जिला परिषद सदस्य मनोज वर्मा, किसान मोर्चा के सह संयोजक नीतीश कुमार, अध्यक्ष अनिल शर्मा व उपाध्यक्ष सुरेश कुमार, प्यारे लाल वर्मा, अशोक कुमार, सायरी पंचायत की प्रधान अंजू राठौर, ममलीग पंचायत की पूर्व प्रधान सत्या देवी रूप राम, पदम कँवर मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस बैठक में आस पास की पंचायतों के किसानों ने भाग लिया। किसानी पर आ रहे संकट को दूर करने के लिए संगठन को मजबूत करने की जरूरत को देखते हुए, गावों गावों में संगठन को मजबूत करने और सब किसानों ने एक जुटता से आंदोलन का समर्थन करने को कहा।
बी एल सेंट्रल पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार में प्रारंभिक कक्षाओं के फिर से स्कूल खुलने से बच्चों में ख़ुशी की लहर नजर आई है I विद्यालय प्रधानाचार्य ने जानकारी देते हुए बताया की हिमाचल प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए फिर से विद्यालय खुलने के आदेश होने से बच्चों में ख़ुशी है I 10 नवंबर से कक्षा तीसरी से कक्षा सातवीं तक के बच्चे ख़ुशी ख़ुशी विद्यालय आ रहें हैं। अभिभावकों को भी विद्यालय खुलने से बहुत ख़ुशी हुई है I विद्यालय के सभी अध्यापक वर्ग भी बच्चो के आगमन पर प्रसन्न हुए हैं। विद्यालय प्रधानाचार्य पुर्शोतम लाल ने बताया की विद्यालय में पहले ही दिन कक्षा तीसरी से सातवीं तक के 218 बच्चे उपस्तिथ हुए हैं। उन्होंने बताया की बच्चों के लिए कोविड-19 SOP दिशा निर्देश का पालन किया जा रहा है I जिसमें सभी बच्चों की थर्मल स्कैनिंग और सैनीटाईज किया जा रहा है I विद्यालय में सोशल डिसटेंसिंग का पूरा ख्याल रखा गया है I सभी को नियन का पालन करते हुए हैण्ड सैनीटाईजर, मास्क, पानी की बोतल का साथ लाना सुनिश्चित किया गया है I विद्यालय में हर रोज सभी डेस्कों, कमरों व हॉल को सैनीटाईज भी किया जा रहा है।
अर्की के नवनिर्वाचित विधायक संजय अवस्थी का अपने घर कंधर को जाते हुए पंचायत कांग्रेस कमेटी दाड़लाघाट द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। कार्यकर्ताओं ने उनके पक्ष में जमकर नारेबाजी करते हुए आतिशबाजी की। इस सूक्ष्म कार्यक्रम में विधायक संजय अवस्थी ने कहा कि उन्हें विधानसभा भेजने में हर वर्ग का सहयोग रहा है। क्षेत्र की जनता ने उन्हें भारी मतों से विजय बनाने का जो कार्य किया है, वह उसके सदैव ऋणी रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रचार-प्रसार के दौरान उन्होंने जो वादे किए उन्हें वे जरूर पूरा करेंगे। वह जनता के बीच रहकर उनके सुख-दुख में साथ देंगे। इस दौरान पूर्व बीडीसी उपाध्यक्ष जगदीश ठाकुर, पूर्व उपप्रधान राजेश गुप्ता, पंचायत कांग्रेस कमेटी के उपप्रधान मोहन सिंह ठाकुर, पंचायत सदस्य ललित गौतम, उमेश कुमार, निमचन्द, पिंकी, शारदा देवी, अनुराधा, पूर्व प्रधान पारनु विद्यासागर, हीरालाल, मनीराम, सोहनलाल ठाकुर, पवन, जयसिंह, कमलेश, दीपक आदि उपस्थित थे।
सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा सोलन जिला के सभी पांचों विकास खण्डों में आज से अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण के लिए कार्यान्वित की जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के लिए विशेष प्रचार अभियान आरम्भ हुआ। विशेष प्रचार अभियान के अन्तर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के लिए कार्यान्वित की जा रही योजनाओं के साथ-साथ सरकार की जन कल्याणकारी नीतियों तथा योजनाओं की जानकारी गीत-संगीत एवं नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से प्रदान की गई। सप्तक कलामंच के कलाकारों द्वारा सोलन विकास खण्ड की ग्राम पंचायत पड़ग तथा ग्राम पंचायत सलोगड़ा, अक्षिता कलामंच के कलाकारों द्वारा कण्डाघाट विकास खण्ड की ग्राम पंचायत काहला तथा ममलीग एवं पूजा कलामंच बाड़ीधार के कलाकारों द्वारा कुनिहार विकास खण्ड की ग्राम पंचायत समोग के गांव गाहदा तथा ग्राम पंचायत दानोघाट के गांव सज्याड़ा में लोगों प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से अवगत करवाया गया। कलाकारों द्वारा गीत-संगीत एवं नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जहां लोगों का मनोरंजन किया गया वहीं प्रदेश सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की गई। कलाकारों ने उपस्थित जनसमूह को मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम योजना की जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि इस योजना के अन्तर्गत ऐसे गांवों का चयन किया जा रहा है जहां अनुसूचित जाति की जनसंख्या 40 प्रतिशत या इससे अधिक है। योजना के अन्तर्गत चयनित गांवों में सड़कों का निर्माण, पेयजल आपूर्ति, घरों व गलियों में लाईट व्यवस्था साफ-सफाई, दूरभाष, शिक्षा एवं बैकिंग जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। लोगों को जानकारी दी गई कि अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्ल्संख्यक, एकल नारी, विधवा, दिव्यांग के बीपीएल परिवार से सम्बन्धित अभ्यर्थियों या जिनकी वार्षिक आय 2 लाख रुपए से कम हो, को विभिन्न कम्प्यूटर पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। लोगों को बताया गया कि संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित प्रारम्भिक सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यार्थियों को सहायता योजना के अन्तर्गत 30 हजार रुपए की सहायात राशि प्रदान की जाती है। कलाकारों द्वारा इस अवसर पर नशा निवारण के साथ-साथ कोविड-19 नियमों के विषय में भी जागरूक किया गया। कलाकारों ने बताया कि कोविड-19 का खतरा अभी बना हुआ है। ऐसे में जरूरी है कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का प्रयोग करें तथा आवश्यक सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करें। इस अवसर पर ग्राम पंचायत पड़ग की प्रधान मीरा देवी, उप प्रधान वेद प्रकाश, वार्ड सदस्य तारा चंद, महिला मण्डल प्रधान कमला देवी, ग्राम पंचायत सलोगड़ा की प्रधान सरोज चैहान, उपप्रधान भूपेन्द्र शर्मा, बीडीसी सदस्य नेहा कश्यप, वार्ड सदस्य सुनीता, रीना, ग्राम पंचायत ममलीग के प्रधान हरीचंद ठाकुर, उपप्रधान संजीव ठाकुर, सचिव हरीचंद, वार्ड सदस्य नरेश कुमार एवं कौशल्या देवी, ग्राम पंचायत काहला की प्रधान रीता देवी, उपप्रधान राजेश कुमार, वार्ड सदस्य मीना, देशराज, शिवानी, प्रितमा, मदन लाल, ग्राम पंचायत समोग की प्रधान सुमित्रा देवी, उपप्रधान कैलाश भाटिया, वार्ड सदस्य भूपेन्द्र, पंचायत सचिव तेजेन्द्र वर्मा, ग्राम पंचायत दानोघाट की प्रधान मंजू ठाकुर, उपप्रधान टेकचन्द, वार्ड सदस्य मालती देवी सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण के लिए कार्यान्वित की जा रही योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के लिए कार्यान्वित किए जा रहे विशेष प्रचार अभियान के अन्तर्गत आज पर्वतीय लोकमंच दाड़वा के कलाकारों द्वारा नालागढ़ विकास की ग्राम पंचायत रामशहर तथा छियाछी में प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से अवगत करवाया गया। धर्मपुर विकास खण्ड में शिव शक्ति कलामंच के कलाकारों द्वारा ग्राम पंचायत दाड़वां के गांव शायला तथा ग्राम पंचायत चण्डी के गांव बोंटरा तथा हिम सांस्कृतिक दल ममलीग के कलाकारों द्वारा ग्राम पंचायत कृष्णगढ़ के गांव कुठाड़, ग्राम पंचायत घड़सी के गांव घड़सी में सरकार की जन कल्याणकारी नीतियों तथा योजनाओं की जानकारी गीत-संगीत एवं नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से प्रदान की गई। कलाकरों ने बताया कि राज्य में सामाजिक सुरक्षा पैंशन योजना के अन्तर्गत सोलन ज़िला में वर्तमान में लगभग 36 हजार पात्र लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पैंशन प्रदान की जा रही है। सामाजिक सुरक्षा पैंशन उपलब्ध करवाने पर लगभग 147 करोड़ रुपए व्यय किए गए हैं। ज़िला में 60 से 69 वर्ष के सामाजिक सुरक्षा पैंशन धारकों की संख्या 11 हज़ार 32 है। 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के पैंशनरों की संख्या 16,855 है। 65 से 69 वर्ष आयुवर्ग में 2560 पात्र महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा पैंशन दी जा रही है। लोगों को जानकारी दी गई कि अनुसूचित जाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र-छरत्राओं के लिए केन्द्रीय प्रायोजित छात्रावास निर्माण योजना के अनतर्गत 50ः50 के अनुपात में 8 छात्रावास निर्माण योजना का कार्यान्वयन किया जा रहा है। विवाह अनुदान योजना के अन्तर्गत स्वेच्छा से 40 से 74 प्रतिशत तक दिव्यांग लड़के अथवा लड़की से विवाह करने पर प्रोत्साहन के रूप में 25 हजार रुपए तथा 74 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता की स्थिति में 50 हजार रुपए की राशि प्रदान की जाती है। कलाकारों द्वारा इस अवसर पर नशा निवारण के साथ-साथ कोविड-19 नियमों के विषय में भी जागरूक किया गया। कलाकारों ने बताया कि कोविड-19 का खतरा अभी बना हुआ है। ऐसे में जरूरी है कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का प्रयोग करें तथा आवश्यक सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करें। इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य राहुल शर्मा, बीडीसी सदस्य सुषमा शर्मा, ग्राम पंचायत रामशहर की प्रधान कृष्णा शर्मा, उप प्रधान हेमराज, ग्राम पंचायत छियाछी की प्रधान कांता देवी, उपप्रधान परमजीत सिंह, ग्राम पंचायत घड़सी के प्रधान सुरेन्द्र कुमार, उपप्रधान दिनेश शर्मा, वार्ड सदस्य रेणू, सावित्री, अनूप कुमार, ग्राम पंचायत कृष्णगढ़ के प्रधान कैलाश शर्मा, उपप्रधान पुष्पेन्द्र, ग्राम पंचायत दाड़वां के प्रधान रमेश चंद, वार्ड सदस्य केशव राम, मास्टर किरपा राम, ग्राम पंचायत चण्डी के प्रधान बलवंत, वार्ड सदस्य चमन लाल, मनोज चैहान, सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
राष्ट्रीय विधिक सेवाएं दिवस पर आज राष्ट्रीय महिला आयोग, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन द्वारा ग्राम पंचायत नौणी मझगांव में एक दिवसीय महिला जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन के सचिव एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी कपिल शर्मा ने की। कपिल शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि भारत का संविधान समाज के सभी वर्गों को एक समान अधिकार प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को न्याय प्राप्त करने के बराबर अधिकार प्रदान करने और इस दिशा में जागरूक बनाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा नियमित रूप से जागरूकता शिविर आयोजित किए जाते हैं। महिलाओं को विभिन्न अधिनियमों एवं कानून की जानकारी प्रदान करने के लिए अलग से भी शिविर आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को पूर्ण रूप से समानता का अधिकार दिलाने के लिए समाज के सभी वर्गों के दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शोषण, घरेलू हिंसा एवं अन्य उत्पीड़न से महिलाओं को बचाने के लिए जहां महिलाओं को कानून की व्यापक जानकारी होनी चाहिए वहीं समाज के सभी वर्गों का इस दिशा में सचेत रहना भी आवश्यक है। उन्होंने इस अवसर पर घरेलू हिंसा अधिनियम-2005, मौखिक व भावनात्मक उत्पीड़न एवं आर्थिक उत्पीड़न के विषय में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक मामले सुलझाने का आग्रह किया। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी ने कहा कि 03 लाख रुपए से कम वार्षिक आय वाले व्यक्ति, महिला, दिव्यांग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या बच्चों को निःशुल्क कानूनी प्रदान करने का प्रावधान है ताकि धन के अभाव या अन्य किसी लाचारी के कारण ज़रूरतमंदों को न्याय से वंचित न होना पड़े। उन्होंने नालसा ऐप विधिक सेवा डोर टू डोर अभियान, पोस्को अधिनियम तथा आऊटरीच अभियान के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की। कपिल शर्मा ने कहा कि अखिल भारतीय विधिक जागरूकता एवं आउटरीच अभियान के अन्तर्गत इन जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। 14 नवम्बर तक विधिक जागरूकता एवं अन्य आऊटरीच गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इससे पूर्व अधिवक्ता दोषी नेगी ने महिलाओं को स्वास्थ्य का अधिकार, भू्रण हत्या, गर्भाधारण के बारे में जानकारी प्रदान की गई। शिविर में महिलाओं को गिरफ्तार करने से पूर्व तथा गिरफ्तारी के पश्चात के अधिकारों के बारे में भी बताया गया। अधिवक्ता श्वेता शर्मा ने दहेज उन्मूलन अधिनियम तथा भरण-पोषण अधिनियम के बारे में महिलाओं में जानकारी प्रदान की। शूलिनी विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर डाॅ. पुष्पांजलि सूद ने भारतीय अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका तथा इसी विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर स्वाति सोनी ने देश व प्रदेश की उन्नति में हिमाचल की महिलाओं के योगदान पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर ग्राम पंचायत नौणी मझगांव के प्रधान मदन हिमाचली ने सभी का स्वागत करते हुए आग्रह किया इस तरह के शिविर नियमित अन्तराल पर आयोजित किए जाने चाहिएं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सदैव सजग रहना होगा। शिविर में ग्राम पंचायत नौणी मझगांव के पूर्व प्रधान राम किशन मैहता, बीडीसी सदस्य अनीता, डाॅ.शालिनी, डाॅ.योगिता, आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक योगिता चैधरी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य विभाग से डाॅ.वन्दना तथा बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया।
राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा 11 नवम्बर को एग्री क्लीनिक एवं एग्री बिजनेस योजना पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। यह जानकारी नाबार्ड के जिला विकास प्रबन्धक अशोक चैहान ने दी। अशोक चैहान ने कहा कि यह कार्यशाला हिमानी होटल सोलन में प्रातः 11.00 बजे आरम्भ होगी। कार्यशाला में बैंकर्स, सम्बन्धित विभागों, सम्भावित उद्यमियों जो कृषि व बागवानी से सम्बन्धित डिप्लोमा या डिग्री धारक है, को योजना के विषय में परिचित करवाया जाएगा।
जिला परिषद सोलन की त्रैमासिक बैठक 11 नवम्बर को जिला परिषद भवन सपरून, सोलन में आयोजित की जाएगी। यह जानकारी जिला पंचायत अधिकारी एवं जिला परिषद के सचिव रमेश चंद ने दी। उन्होंने कहा कि बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद अध्यक्ष रमेश ठाकुर करेंगे। बैठक प्रातः 11.00 बजे आरम्भ होगी।
जिला दण्डाधिकारी सोलन कृतिका कुलहरी ने कोविड-19 संकट के दृष्टिगत प्रदेश के मुख्य सचिव एवं राज्य कार्यकारी समिति के अध्यक्ष द्वारा 8 नवम्बर को विद्यालय खोलने के सम्बन्ध में जारी आदेशों के अनुरूप आवश्यक आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार शिक्षा विभाग को सोलन जिला में 10 नवम्बर से कक्षा तीसरी से विद्यालय खोलने की अनुमति प्रदान की गई है। पहली तथा दूसरी कक्षा के लिए विद्यालय 15 नवम्बर से खोलने की अनुमति दी गई है। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि शिक्षा विभाग ऐसी सभी मानक परिचालन प्रक्रियाओं का पालन करेगा जो कोविड-19 नियम पालन के अनुरूप हो तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करती हों। राज्य में मास्क नहीं तो सेवा नहीं की नीति क्रियाशील रहेगी। सभी सामाजिक, अकादमिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, राजनीतिक, धार्मिक एवं अन्य समागमों के लिए इंडोर, कवर्ड क्षेत्रों तथा खुले स्थानों में कुल क्षमता के 50 प्रतिशत के साथ कार्यक्रम की अनुमति होगी। सभी स्थानों पर कोविड-19 सुरक्षा मानकों एवं नियमों का पालन करना होगा। इन आदेशों की अवहेलना तथा कोविड-19 से बचाव के लिए उपयुक्त व्यवहार की अनुपालना न करने पर दोषी के विरूद्ध आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 की धारा 51 से 60, भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 एवं अन्य लागू विधिक प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं तथा आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे।


















































