उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा विभाग सोलन द्वारा कला अध्यापकों के 22 पदों के लिए बैच आधार पर भर्ती के लिए जिला सोलन से सम्बन्धित उम्मीदवारों की काउन्सिलिंग 27 दिसम्बर, 2021 को आयोजित की जाएगी। अन्य जिलों के उम्मीदवारों के लिए काउन्सिलिंग 28 से 30 दिसम्बर, 2021 तक आयोजित की जाएगी। यह जानकारी उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा दीवान चंदेल ने दी। दीवान चंदेल ने कहा कि यह काउन्सिलिंग उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा सोलन के कार्यालय में आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सोलन ज़िला के उम्मीदवारों के लिए काउन्सिलिंग 27 दिसम्बर, 2021 को आयोजित की जाएगी। 28 दिसम्बर, 2021 को बिलासपुर, सिरमौर तथा मण्डी तथा 29 दिसम्बर, 2021 को किन्नौर, शिमला, कांगड़ा तथा चम्बा ज़िलों के उम्मीदवारों के लिए काउन्सिलिंग आयोजित की जाएगी। 30 दिसम्बर, 2021 को हमीरपुर, ऊना, कुल्लू तथा लाहौल-स्पीति ज़िला के उम्मीदवारों के लिए काउन्सिलिंग आयोजित की जाएगी। दीवान चंदेल ने कहा कि काउन्सिलिंग के लिए सामान्य वर्ग के 09 पदों के लिए वर्ष 2004 तक का बैच, अनुसूचित जाति वर्ग के 05 पदों के लिए वर्ष तक का 2005 बैच, अन्य पिछड़ा वर्ग के 04 पदों के लिए वर्ष 2010 तक का बैच, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 03 पदों के लिए वर्ष 2005 तक का बैच तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के 01 पद के लिए वर्ष 2005 तक का बैच निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि काउन्सिलिंग के लिए सोलन ज़िला के पात्र उम्मीदवारों को बुलावा पत्र प्रेषित किए जा रहे हैं। यदि किसी उम्मीदवार को बुलावा पत्र नहीं मिलता है तो वह कार्यालय की वैबसाईट www.ddeesolan.tk पर अपलोड की गई सूची को देख सकते हैं। यदि किसी उम्मीदवार का नाम रोजगार कार्यालय से छूट गया हो तो वह अपने नज़दीकी रोजगार कार्यालय से 20 दिसम्बर, 2021 तक अपना नाम इस कार्यालय को प्रेषित कर सकते हैं। दीवान चंदेल ने कहा कि सभी उम्मीदवारों को काउन्सिलिंग के दिन सभी अर्हता एवं पात्रता पूर्ण करते हुए बायो डाटा प्रपत्र को भरकर लाना होगा। यह बायोडाटा प्रपत्र उपरोक्त वैबसाईट पर उपलब्ध है। Solan Himachal News
सोलन जिला में पुनरोत्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा पुनरोत्थान मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत विभिन्न रबी फसलों का बीमा किया जा रहा है। यह जानकारी कृषि उपनिदेशक सोलन डाॅ. राजेश कौशिक ने दी। डाॅ. राजेश कौशिक ने कहा कि पुनरोत्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत रबी मौसम में गेहूं व जौ की फसलों को शामिल किया गया है। इसके अंतर्गत बीमा करवाने की अन्तिम तिथि 15 दिसम्बर 2021 निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि पुनरोत्थान मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अन्तर्गत रबी मौसम में टमाटर व ज़िला के धर्मपुर विकास खंड के लिए शिमला मिर्च की फसल को शामिल किया गया है। इस योजना के तहत बीमा करवाने की अन्तिम तिथि 28 फरवरी 2022 निर्धारित की गई है। कृषि उपनिदेशक ने कहा कि किसान इन फसलों का बीमा अपने समीप के लोकमित्र केंद्रों के माध्यम से करवा सकते हैं। इसके लिए किसान जमाबंदी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, बिजाई प्रमाण पत्र इत्यादि जैसे अपने दस्तावेज लेकर लोकमित्र केंद्रों में जाएं अथवा ऑनलाइन पोर्टल https://pmfby.gov.in पर आवेदन करें। उन्होंने कहा कि ऋणधारक किसान यदि इन योजनाओं का लाभ नहीं लेना चाहते तो वह संबंधित बैंक को इस बारे में अन्तिम तिथि से 7 दिन पूर्व अवश्य सूचित करें अन्यथा उनकी फसल का बीमा स्वतः हो जाएगा। डाॅ. राजेश कौशिक ने कहा कि गेहूं की फसल के लिए कुल बीमित राशि 2400 रुपए तथा जौ की फसल के लिए बीमित राशि 2000 रुपए प्रति बीघा निर्धारित की गई है। किसानों को गेहूं की फसल के लिए 36 रुपए प्रति बीघा तथा जौ की फसल के लिए 30 रुपए प्रति बीघा प्रीमियम राशि अदा करनी होगी। टमाटर की फसल के लिए कुल बीमित राशि 8000 रुपए प्रति बीघा तथा शिमला मिर्च की फसल के लिए कुल बीमित राशि 3200 रुपए प्रति बीघा निर्धारित की गई है। किसानों को टमाटर की फसल के लिए 400 रुपए प्रति बीघा तथा शिमला मिर्च की फसल के लिए 160 रुपए प्रति बीघा प्रीमियम राशि अदा करनी होगी। कृषि उपनिदेशक ने कहा कि पुनरोत्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना व पुनरोत्थान मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अंतर्गत कम वर्षा, सूखा, बाढ़, सैलाब, भूमि कटाव, ओलावृष्टि और फसल कटाई के उपरान्त 02 सप्ताह तक होने वाले नुकसान तथा स्थानीय आपदाओं को कवर किया जाता है। उन्होंने ज़िला के किसानो से आग्रह किया है कि इन योजनाओं के अन्तर्गत अपनी फसलों का बीमा करवाएं ताकि फसलों का नुकसान होने पर बीमा कंपनियों से मुआवज़ा मिल सके। उन्होंने कहा कि बीमा करवाने के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी को चयनित किया गया है। इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी के लिए अपने समीप के कृषि अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है। Solan Himachal News
सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग सोलन द्वारा कार्यान्वित किए गए विशेष प्रचार अभियान के अन्तर्गत बुधवार को हिम सांस्कृतिक दल के कलाकारों द्वारा सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सेरबनेड़ा तथा मशीवर में लोगों को कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। इसका मुख्य उदेश्य गीत-संगीत के माध्यम से ग्राम पंचायत सेनबनेड़ा, मशीवर, कक्कड़हट्टी तथा चामतभड़ेच में कल्याणकारी योजनाएं आमजन को प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों से अवगत करवाना है। कसौली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कक्कड़हट्टी तथा चामतभड़ेच में पर्वतीय लोक मंच दाड़वां के कलाकारों द्वारा गीत-संगीत एवं नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के बारे में अवगत करवाया गया। कलाकारों ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा सामाजिक सुरक्षा पैंशन योजना के अन्तर्गत वृद्ध, एकल नारी, कुष्ठ रोगी, ट्रांसजेंडर, विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है। सोलन जिला में 60 से 69 वर्ष के सामाजिक सुरक्षा पैंशन धारकों की संख्या 6747 है। 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के सामाजिक सुरक्षा पैंशनरों की कुल संख्या 11896 है। कलाकारों ने बताया कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना के तहत बाड़बंदी के लिए किसानों को सहायता प्रदान की जा रही है ताकि किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाया जा सके। योजना के तहत 3873 किसानों ने सोलर फेसिंग कांटेदार तार द्वारा बाड़बंदी कर फसलों का संरक्षण किया है। सोलर फैसिंग लगाने के लिए 85 प्रतिशत तक उपदान प्रदान किया जा रहा है। योजना के तहत किसानों के खेत के चारों ओर बाड़ लगाई जाती है, जिसे सौर ऊर्जा से संचालित किया जाता है। लोगों को इन योजनाओं का लाभ उठाने के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कलाकारों ने बताया कि महिला सशक्तिकरण व पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से कार्यान्वित की जा रही महत्वाकांक्षी हिमाचल गृहिणी सुविधा के तहत सोलन ज़िला में अभी तक 17 हजार से अधिक लाभार्थियों को गैस कनेक्शन निःशुल्क प्रदान किए गए हैं। कलाकारों द्वारा इस अवसर पर नशा निवारण के साथ-साथ कोविड-19 नियमों के विषय में भी जागरूक किया गया। कलाकारों ने बताया कि कोविड-19 का खतरा अभी बना हुआ है। ऐसे में जरूरी है कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का प्रयोग करें तथा आवश्यक सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करें। Solan Himachal Pradesh News
ग्राम पंचायत मंधाला, कालूझिंडा, चिल्लड़, बहेड़ी, डूमैहर तथा सानण में कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गयी। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा सोलन जिला के पांचों विधानसभा क्षेत्रों में प्रदेश सरकार की नीतियों व कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विशेष प्रचार अभियान आरम्भ हुआ। विशेष प्रचार अभियान के अन्तर्गत सोलन जिला के पांचों विधानसभा क्षेत्रों में गीत-संगीत एवं नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से कल्याणकारी योजनाओं व कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान की गई। आम जन को कोविड-19 से बचाव तथा नशा निवारण के प्रति भी जागरूक किया गया। सप्तक कलामंच के कलाकारों द्वारा दून विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम पंचायत मंधाला तथा कालूझिंडा, पूजा कलामंच बाड़ीधार के कलाकारों द्वारा नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत चिल्लड़ तथा बहेड़ी में लोगों को प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में अवगत करवाया गया। शिव शक्ति कलामंच के कलाकारों द्वारा अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत डूमैहर तथा सानण में गीत-संगीत व नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। कलाकारों ने समूह गान ‘विकास की राह पर क्षितिज की ओर चल रहा हिमाचल बढ़ रहा हिमाचल’ के माध्यम से मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन, सामाजिक सुरक्षा पैंशन, जनमंच, मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना, मुख्यमंत्री सहारा योजना तथा हिमकेयर योजना की जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन-1100 आरम्भ की गई है। यह हेल्पलाइन रविवार को छोड़कर सप्ताह के 06 दिन सुबह 7.00 बजे से रात 10.00 बजे तक कार्य कर रही है। लोग इस हेल्पलाइन पर अपनी किसी भी प्रकार की समस्या को दर्ज करवा सकते हैं। कलाकारों द्वारा इस अवसर पर नशा निवारण के साथ-साथ कोविड-19 नियमों के विषय में भी जागरूक किया गया। कलाकारों ने बताया कि कोविड-19 का खतरा अभी बना हुआ है। ऐसे में जरूरी है कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का प्रयोग करें तथा आवश्यक सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करें। इस अवसर पर ग्राम पंचायत मंधाला के प्रधान लता देवी, पंचायत सचिव सुरेश कुमार, वार्ड सदस्य पूनम देवी सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। Solan Himachal News
सोलन: संतुलित सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए विभिन्न वर्गों का सशक्तिकरण आवश्यक- डाॅ. सैजल | Solan News
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने बुधवार को अनुसूचित जाति उप योजना की जिला स्तरीय अनुश्रवण एवं समीक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता की। डाॅ. सैजल ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों का सशक्तिकरण सुनिश्चित बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि संतुलित सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए समाज के सभी वर्गों का सशक्तिकरण आवश्यक है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सरकारी विभागों के साथ-साथ स्वयंसेवी संस्थाओं और आमजन का समन्वय आवश्यक है। प्रदेश सरकार विभिन्न योजनाओं विशेषकर अनुसूचित जाति उप योजना के तहत कुल बजट का समुचित प्रतिशत उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन के कल्याण के लिए आयोजित की जा रही बैठकों में व्यय किए गए धन तथा पूर्ण की गई योजनाओं की समुचित जानकारी उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि इन बैठकों के माध्यम से आमजन का विकास सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। यह तभी सम्भव है जब अधिकारी ज़मीनी स्तर पर योजना को समय पर पूर्ण करें। उन्होंने उपायुक्त सोलन को निर्देश दिए कि बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। आयुष मंत्री ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि पशुपालन विभाग के कार्यालय भवन के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा किया जाए। वन विभाग एक बूटा बेटी के नाम योजना के तहत अधिक से अधिक पौधरोपण सुनिश्चित करे। बैठक में जानकारी देते हुए हुआ कहा कि वर्ष 2021-22 में अनुसूचित जाति उप योजना के तहत सोलन जिला में विभिन्न विभागों द्वारा लगभग 32 करोड़ रुपए व्यय किए गए हैं। उपायुक्त ज़फ़र इकबाल ने विश्वास दिलाया कि बैठक में दिए गए निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित बनाया जाएगा। बैठक मे अर्की के विधायक संजय अवस्थी, नगर निगम सोलन की महापौर पूनम ग्रोवर, नगर परिषद सोलन की अध्यक्ष निशा शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त ज़फ़र इकबाल, उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। Solan Himachal News
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने बुधवार को जिला कल्याण समिति की बैठक की अध्यक्षता की। डाॅ. सैजल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभ लक्षित वर्गों तक समय पर पहुंचाए ताकि समाज के सभी वर्गों का एकसमान विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के लिए कल्याण शब्द का अर्थ अत्यन्त व्यापक एवं विस्तृत है। प्रदेश सरकार समाज के सभी वर्गों का समयबद्ध कल्याण सुनिश्चित बनाने के लिए कार्यरत है। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सभी विभागों द्वारा अनेक योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। इन योजनाओं के लाभ लक्षित वर्गों तक समय पर पहुंचाने के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों का नियमित सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग की संतुष्टि तभी सम्भव है जब प्रदेश का संतुलित विकास और समाज के कमजोर वर्गों का अपेक्षित आर्थिक उत्थान हो। उन्होंने सभी अधिकारियों का आह्वान किया कि वे आम जन के लाभ के लिए गांव-गांव तक पहुंचे। डॉ सैजल ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण विकास की धीमी हुई गति को पुनः तेज़ करने के लिए प्रदेश सरकार अथक प्रयास कर रही है। अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कर्तव्यनिष्ठा तथा आमजन के सहयोग से हिमाचल पुनः प्रगति के पथ पर तीव्र गति से अग्रसर हो रहा है। उन्होंने उपनिदेशक शिक्षा को निर्देश दिए कि दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना के अन्तर्गत पात्र लाभार्थियों की सूची सम्बन्धित विभाग को समय पर प्रेषित करें ताकि छात्रों को योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सामाजिक सुरक्षा से सम्बन्धित योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें तथा योजनाओं से सम्बन्धित कैलेण्डर तैयार कर जागरूकता कार्यक्रम गांव-गांव तक आयोजित करें। बैठक में जानकारी देते हुए कहा कि सोलन जिला में वर्ष 2020-21 में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर लगभग 38.55 करोड़ रुपए व्यय किए गए तथा इस अवधि में सामाजिक सुरक्षा पैंशन के 33,927 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया। वित्त वर्ष 2021-22 में सोलन जिला में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर 56.58 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। जिला में सामाजिक सुरक्षा पैंशन के तहत वर्तमान में वृद्धावस्था पैंशन, दिव्यांगता राहत भत्ता, विधवा अथवा परित्यकता पैंशन, एकल नारी पैंशन, कुष्ठ रोगी पुनर्वास भत्ता, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पैंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पैंशन एवं ट्रान्स जेंडर पैंशन प्रदान की जा रही हैं। वित्त वर्ष 2021-22 में सोलन जिला में 35,906 सामाजिक सुरक्षा पैंशन धारकों को पैंशन उपलब्ध करवाई जा रही है। बैठक में स्वर्ण जयंती आश्रय योजना, अनुवर्ती कार्यक्रम, अन्तरजातीय विवाह योजना, दिव्यांग छात्रवृत्ति, विवाह अनुदान, राष्ट्रीय परिवार सहायता कार्यक्रम सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर सारगर्भित चर्चा की गई। Solan Himachal Pradesh News
विद्युत बोर्ड डिवीज़न परवाणू से प्राप्त जानकारी के अनुसार जरूरी रखरखाव/मरम्मत एवं मैसर्ज़ ईएसआई हॉस्पिटल और मैसर्ज़ वेर्टियर (पी) लिमिटेड को नए कनेक्शन जारी करने के दृष्टिगत 12 दिसंबर, 2021 को प्रातः 09.00 बजे से सांय 05.00 बजे तक परवाणू टाउन के सेक्टर -1, कसौली रोड, ईएसआई अस्पताल, एमसी कार्यालय परवाणू, मैसर्ज़ माइल स्टोन, मैसर्ज़ आरएस इंडस्ट्री, मैसर्ज़ सावस्तीके इंडस्ट्रीज़, मैसर्ज़ हिमाचल पावर प्रोडक्ट, मैसर्ज़ आनंद एनकेमको, पुलिस स्टेशन, पोल फैक्ट्री साइड, गेब्रियल रोड, परवाणू मार्केट, सेक्टर-1 में मैसर्ज़ मित्रा, सेक्टर-2 में मैसर्ज़ एचपीएमसी कोल्ड स्टोर, सेक्टर-2 में मैसर्ज़ एचपी एग्रो इंड, मैसर्ज़ होटल विंडसमूर, मैसर्ज़ होटल पार्क इन, मैसर्ज़ आधुनिक पैकेजर्स (यूनिट-I और II) सेक्टर-2 में, मैसर्ज़ मोरपेन लेबोरेटरी (यूनिट-I और II) सेक्टर-2 में, मैसर्ज़ आर्गे हेल्थक्राफ्ट सेक्टर-2, मैसर्ज़ बालाजी इंडस्ट्रीज़ सेक्टर-2, मैसर्ज़ शिवालिक इंड सेक्टर-2 में, सेक्टर-2 में मैसर्ज़ माइक्रोटेक न्यू टेक्नोलॉजी, सेक्टर-2 में मैसर्ज़ हिम मेटल इंड, सेक्टर-2 में मैसर्ज़ इंड स्विफ्ट, सेक्टर-2 में मैसर्ज़ अजंता इंडस्ट्री, मैसर्ज़ सेक्टर -2 में हिल्टन इंड, सेक्टर -2 में मैसर्ज़ एंसिस्को इंड, सेक्टर -2 में मैसर्ज़ हिमाचल पावरट्रॉनिक, सेक्टर -2 परवाणू तथा इसके आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। अधिशासी अभियंता राहुल वर्मा ने आमजन से इस अवधि में सहयोग की अपील की है। Parwanoo Solan | Himachal News
डाॅ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के 11वें दीक्षांत के अवसर पर मंगलवार को एक समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राजयपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर समारोह मे बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए। उन्होंने दीक्षांत समारोह में मेधावी छात्र-छात्राओं को 665 डिग्रियां, 11 स्वर्ण पदक और 261 मेरिट प्रमाण पत्र प्रदान किए। राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने अपने सम्बोधन मे कहा कि उपाधि धारकों को यह निर्णय लेना होगा कि वह रोजगार प्राप्त करने वाले अथवा रोजगार प्रदाता बनना चाहते है। उन्होंने युवा विज्ञानियों से आग्रह किया कि वे विश्वविद्यालय द्वारा स्थापित उच्च मानकों पर खरा उतरने का प्रयास करें क्यूंकि देश और विश्व में वे इस विश्वविद्यालय से निकले वैज्ञानिक के रूप में पहचाने जाएंगे। स्वर्ण पदक विजेताओं और उपाधी धारकों को शुभकामानाएं देते हुए उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह एक ऐसा स्मरणीय पल है जो हमें भविष्य में उन्नति और इसमें विश्वविद्यालय के विशेष योगदान की याद दिलाता रहेगा। उन्होंने आग्रह किया कि युवा अपना शोध कार्य कृषि समुदाय तक लेकर जाएं। जब तक यह शोध किसानों तक नहीं पहुंचता है, इसका कुछ भी उपयोग नहीं है। राजयपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह एक ऐसा औपचारिक आयोजन है जहां न केवल छात्रों को सम्मानित किया जाता है बल्कि विश्वविद्यालय को भी उनके प्रति कृतज्ञता जताने का अवसर प्राप्त होता है। यह उपलब्धियां छात्रों के कड़े परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने इसमें शिक्षकों, गैर शिक्षकों और छात्रों के अभिभावकों के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि छात्रों की यह उपाधियां तभी मूल्यवान हैं जब उनका शोध खेतों तक पहुंचेगा। जीवन मे सीखने की प्रक्रिया कभी भी समाप्त नहीं होती है बल्कि आज का यह दिन नई शिक्षा और नए लक्ष्यों को प्राप्त करने की शुरूआत का दिवस है। उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि वे अवसरों का लाभ उठाते हुए स्वयं मे समाज का नेतृत्व करने और इसे आगे ले जाने की क्षमता विकसित करें। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को उद्यमिता के क्षेत्र मे परामर्श केन्द्र विकसित करने के भी निर्देश दिए। राज्यपाल ने कहा कि किसानों की रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता को कम करने की आवश्यकता है क्योंकि यह कीटनाशक प्रतिवर्ष महंगे होते जा रहे है। उन्होंने आग्रह किया कि फल-सब्जियों इत्यादि को कीटों और विभिन्न रोगों से सुरक्षित रखने के लिए रासायनिक कीटनाशकों के स्थान पर प्राकृतिक संसाधनों को अपनाने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए। सुरक्षित खाद्य पदार्थों का उत्पादन हमारा उद्देश्य होना चाहिए और राज्य सरकार ने हिमाचल को प्राकृतिक खेती राज्य के रूप मे विकसित करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार के यह प्रयास इस लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल सिद्ध होंगे। Nauni University News Solan
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डाॅ. राजीव सैजल 8 दिसम्बर, 2021 को सोलन के प्रवास पर रहेंगे। डाॅ. सैजल 8 दिसम्बर को प्रातः 11.00 बजे उपायुक्त कार्यालय सोलन में ज़िला कल्याण समिति की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। Solan News
हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के जिला सोलन (Solan) के परवाणू में मंडी समिति की ओर से पुष्प मंडी का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। 15 दिसंबर को परवाणू में मंडी उत्पादकों के लिए खोल दी जाएगी। जिससे प्रदेश के पुष्प उत्पादकों को सुविधा मिलेगी। मंडी समिति सोलन की ओर से कालका-शिमला एनएच पर परवाणू के समीप एक करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से पुष्प मंडी का निर्माण किया है। प्रथम चरण में मंडी में दस दुकानों का निर्माण किया गया है। जहां पर जिला सहित प्रदेश के पुष्प उत्पादक अपने फूलों को बेच सकेंगे। वर्तमान में किसान दिल्ली, करनाल, चंडीगढ़ समेत अन्य बाहरी राज्यों को फूल सप्लाई कर रहे है। जिस कारण उन्हे संबंधित राज्यों तक फूल पहुंचाना महंगा पड़ रहा है। लेकिन अब इस मंडी के खुलने से प्रदेश का फूल प्रदेश में ही बिक जाएगा। Himachal Pradesh News | Solan
प्रदेश सरकार की नीतियों व कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा 08 से 20 दिसम्बर, 2021 तक सोलन जिला में विशेष प्रचार अभियान कार्यान्वित किया जा रहा है। यह जानकारी एक सरकारी प्रवक्ता ने एक विशेष प्रचार अभियान के अंतर्गत सोमवार को दी। उन्होंने कहा कि विशेष प्रचार अभियान के अन्तर्गत सोलन जिला के पांचों विधानसभा क्षेत्रों में गीत-संगीत एवं नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से कल्याणकारी योजनाओं व कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान की जाएगी। इन कार्यक्रमों को कोविड-19 से बचाव तथा नशा निवारण के प्रति भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। प्रवक्ता ने कहा कि सोलन विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों में हिम सांस्कृतिक दल के कलाकारों, कसौली विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत पर्वतीय लोकमंच दाड़वां के कलाकारों, अर्की विधानभा क्षेत्र में शिव शक्ति कलामंच के कलाकारों, नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र में पूजा कलामंच बाड़ीधार के कलाकारों तथा दून विधानसभा क्षेत्र में सप्तक कला रंगमंच कण्डाघाट के कलाकारों द्वारा प्रदेश सरकार की नीतियों व कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान की जाएगी। Solan News | Himachal Pradesh
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि प्रदेश सरकार विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से जन-जन को समय पर लाभान्वित करने के लिए कृतसंकल्प है। डाॅ. सैजल ने सोमवार को कसौली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत जंगेशू में मसूलखाना-डुगला सम्पर्क मार्ग का लोकार्पण करने के उपरान्त उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित किया। इस सम्पर्क मार्ग से क्षेत्र के 02 गांवों की जनसंख्या लाभान्वित होगी। डाॅ. सैजल ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में संतुलित विकास को प्राथमिकता प्रदान कर रही है। प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य तथा शिक्षा जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए समान रूप से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार जनमंच जैसे सशक्त कार्यक्रम और मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाईन 1100 के माध्यम से जन-जन तक पहुंचकर कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर करने के लिए प्रयासरत है तथा इस दिशा में केन्द्र से भी हिमाचल को भरपूर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि गत दिवस बिलासुपर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की ओपीडी का शुभारम्भ हुआ। एम्स के माध्यम से प्रदेश के लोगों को उच्च स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने अभी तक के कार्यकाल में 1600 चिकित्सकों को नियुक्ति दी हैं ताकि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। आयुष मंत्री ने कहा कि जन-जन के सहयोग, चिकित्सकों, पैरामेडिकल कर्मियों एवं अन्य के द्वारा किए गए सत्त प्रयासों के कारण हिमाचल प्रदेश कोविड-19 महामारी का सफलतापूर्वक सामना कर पाया है। सभी के सत्त प्रयासों के कारण ही हिमाचल देश का ऐसा पहला राज्य बना है जहां कोविड-19 टीकाकरण की दूसरी डोज़ भी सभी पात्र व्यक्तियों को लग चुकी है। डाॅ. सैजल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पैंशन के लाभार्थियों की आयु सीमा 80 वर्ष से घटाकर 70 वर्ष की है तथा पैंशन को 750 रुपए से बढ़ाकर से 1500 रूपए किया गया है। महिलाओं के लिए सामाजिक सुरक्षा पैंशन की आयु 65 वर्ष की गई है। हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना के माध्यम से राज्य की हर महिला को संबल मिला है। योजना के माध्यम से प्रत्येक पात्र परिवार को निःशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किया गया है। इस अवसर पर उन्होंने आश्वासन दिया कि क्षेत्र की विभिन्न मांगों को चरणबद्ध आधार पर शीघ्र पूरा किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के चाहा से बोच माता मंदिर तक रोगी वाहन मार्ग के निर्माण के लिए 2.50 लाख रुपए देने की घोषणा की। जलशक्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों की पेयजल सम्बन्धी समस्याओं का शीघ्र निपटारा किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शीघ्र ही क्षेत्र के लिए 103 करोड़ रुपए की प्रस्तावित पेयजल योजना का शिलान्यास करेंगे। Solan News Updates | Himachal Pradesh
अटल शिक्षा कुञ्ज, कालूझंडा स्थित आईईसी विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग में कार्यरत प्रोफेसर जितेन्द्र सिंह को आईपीजीए, उत्तराखंड द्वारा अकादमिक और अनुसंधान के क्षेत्र में सराहनीय भागीदारी एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 'एक्सेलेंस अवार्ड' से सम्मानित किया गया। यह अवार्ड उन्हें 4 दिसम्बर को हरिद्वार में मॉडर्न एपरोचिज ऑफ रिचर्स इन बेसिक एवं अप्लाइड साइंसिज विषय पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजन पर दिया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सुनील जोशी मुख्य-अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस कार्यक्रम में देश एवं विदेश से ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से लगभग 300 वैज्ञानिक, अध्यापक, रिसर्च स्कोलर्स, विद्यार्थी एवं फार्मा उद्योगों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस सम्मेलन में देश के अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों के विद्वानों के अलावा कनाडा, अमेरिका, चीन, मलेशिया जैसे देशों के वैज्ञानिकों ने भी ऑनलाइन माध्यम से हिस्सा लिया। हरियाणा के जिला महेंद्रगढ़ में जन्मे प्रोफेसर डॉ० जितेन्द्र सिंह आईईसी विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग के डीन के अलावा विश्वविद्यालय में कुलपति का कार्यभार भी संभाल रहे हैं। प्रो० सिंह द्वारा की गयी रिसर्च 38 प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हो चुकी है तथा वह बेस्ट टीचर एवं बेस्ट डीन के अवार्ड द्वारा भी सम्मानित किये जा चुके हैं। Solan News Update | Himachal Pradesh
यूको आरसेटी सोलन द्वारा आयोजित 10 दिवसीय निःशुल्क फ़ास्ट फ़ूड स्टाल उद्यमी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज सफल समापन हुआ l इस 10 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 22 लोगों ने हिस्सा लिया था। जिसमें यूको आरसेटी द्वारा उन्हें फ़ास्ट फ़ूड बनाने व व्यक्तित्व विकास के अलग अलग आयामों के लिए प्रशिक्षित किया गया व स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया गया l इस कार्यक्रम की ट्रेनर गुरप्यारी रही l समापन दिवस मे एलडीएम केके जसवाल, वित्तीय साक्षरता अधिकारी एमपी मदान, गोपाल बंसल आदि मौजूद रहे l जानकारी देते हुए आरसेटी निदेशक रोहित कश्यप ने बताया कि स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाले इस तरह के विभिन्न कार्यक्रम यूको आरसेटी द्वारा जिला सोलन के निवासियों के लिए मुफ्त चलाये जा रहे हैं। Himachal Pradesh | Solan News Update
2022 विधानसभा चुनाव का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और दोनों राजनैतिक दलों के साथ -साथ टिकट के चाहवान भी मैदान में डटे है। यूं तो हर सीट पर रोचक घमासान तय है और अभी से खींचतान भी चरम पर है, पर सोलन निर्वाचन क्षेत्र की कहानी अलग भी है और अजब भी। यहां कांग्रेस के पास 80 पार कर चुके कर्नल का कोई विकल्प नहीं दिखता तो भाजपा के डॉक्टर अपनों के मर्ज का ही सबब बने हुए है। कर्नल के नेतृत्व में कांग्रेस लगातार अच्छा कर रही है, बावजूद इसके उनके विरोधियों की खासी तादाद है। पर वर्तमान में कोई ऐसा नहीं दिखता जो कर्नल के टिकट को चुनौती दे रहा हो। उधर भाजपा में डॉ राजेश कश्यप को अपने ही पूरी तरह नहीं स्वीकार रहे। विरोधी इसी ताक में है कि कोई मौका हाथ लगे और डॉक्टर को चित कर दे। पार्टी इसका खामियाजा भी उठा रही है। सोलन की वर्तमान सियासत को समझने के लिए बीते दो दशक पर नज़र डालना जरूरी है। वर्ष 2000 में सोलन विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ था और उस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी डॉ राजीव बिंदल ने जीत दर्ज की थी। ये पहली बार था जब बिंदल विधानसभा पहुंचे थे, यानी ये प्रदेश की सियासत में बिंदल की एंट्री थी। इसके बाद 2003 और 2007 में भी बिंदल जीते और सोलन निर्वाचन क्षेत्र भाजपा का मजबूत गढ़ बना गया। बिंदल ने आते ही तमाम विरोधी भी साइडलाइन कर दिए और इस दौरान सोलन में कांग्रेस भी कमजोर होती गई। फिर बदले परिसीमन के बाद सोलन निर्वाचन क्षेत्र आरक्षित हो गया और 2012 के विधानसभा चुनाव में बिंदल चेहरा नहीं रहे। बिंदल ने नाहन को कर्मभूमि बनाया और पार्टी ने कुमारी शीला को चेहरा। वहीं कांग्रेस ने दो बार शिमला संसदीय क्षेत्र से सांसद रहे कर्नल धनीराम शांडिल को मैदान में उतारा। नतीजे आये और शांडिल की जीत के साथ ही कांग्रेस ने जीत का सूखा खत्म किया। तब से अब तक सोलन निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा लगातार कमजोर होती दिखी है। बिंदल के बाद जिस एक अदद चेहरे की जरुरत पार्टी को है उसे लेकर अब भी संशय की स्थिति है। 2017 के विधानसभा चुनाव में जहां कांग्रेस ने फिर कर्नल धनीराम शांडिल पर भरोसा जताया था तो भाजपा ने आईजीएमसी में बतौर चिकित्सक सेवाएं देते रहे डॉ राजेश कश्यप को मैदान में उतारा। तब कुमारी शीला और तरसेम भारती भी दावेदार थे लेकिन डॉ राजेश कश्यप की पैराशूट लैंडिंग ने सबके अरमानो पर पानी फेर दिया। माना जाता है कि टिकट के लिए उनकी राह प्रशस्त करने में तब डॉ राजीव बिंदल की भी अहम भूमिका रही थी। हालांकि बिंदल के करीबी ही टिकट आवंटन को लेकर नाराज़ थे। खेर नजदीकी मुकाबले में डॉ राजेश कश्यप हार गए और कर्नल धनीराम शांडिल लगातार दूसरी बार विधानसभा पहुंचे। इस चुनाव के बाद सोलन भाजपा में बहुत कुछ बदला और पार्टी दो धड़ों में बंटी दिखी है। चुनाव के बाद कश्यप आहिस्ता-आहिस्ता सोफट गुट के नजदीक हो गए। वहीं महेंद्र नाथ सोफत जिन्हे बिंदल का धुर विरोधी माना जाता है। इसी गुटबाजी का नतीजा है कि इसी वर्ष हुए जिला परिषद और सोलन नगर निगम चुनाव भी भाजपा के लिए प्रतिकूल रहे है और वर्तमान स्थिति में पार्टी के लिए 2022 की राह भी आसान होने वाली नहीं है। शीला और तरसेम, सक्रियता और पकड़ दोनों बढ़ाने होंगे ! भले ही सोलन भाजपा में एक बड़ा तबका डॉ राजेश कश्यप के विरोध में दिख रहा हो लेकिन सवाल ये है कि 2022 में यदि डॉ राजेश कश्यप नहीं तो कौन ? जिला परिषद् चुनाव में सलोगड़ा वार्ड से कुमारी शीला भाजपा उम्मीदवार थी। लगातार तीन चुनाव जीत चुकी कुमारी शीला जीत का चौका लगाने का दावा कर रही थी लेकिन जनता का आशीर्वाद उन्हें नहीं मिला। ये हार कुमारी शीला के लिए बड़ा झटका है। शीला अगर जीत जाती तो 2022 के लिए उनका दावा भी मजबूत होता, किन्तु ऐसा हुआ नहीं। शीला अधिक सक्रीय भी नहीं दिख रही है। ऐसी ही स्थिति 2017 तक पार्टी में प्रो एक्टिव दिखते रहे तरसेम भारती की है। पहले ख़राब स्वास्थ्य ने तरसेम को सक्रिय राजनीति से दूर रखा। अब भी वे अधिक सक्रिय नहीं दिखते और न ही पार्टी के जमीनी संगठन में उनकी स्वीकार्यता और पकड़ दिखती है। इन दोनों नेताओं को यदि 2022 के लिए अपना दावा मजबूत करना है तो सक्रियता भी बढ़ानी होगी और दमखम भी दिखाना होगा। वर्तमान स्थिति में तो ये डॉ राजेश कश्यप को ज्यादा टक्कर देते नहीं दिखते। क्या दो भाइयों में होगा टिकट के लिए मुकाबला ? भाजपा के सामने एक अन्य विकल्प पूर्व सांसद वीरेंद्र कश्यप भी हो सकते है। कश्यप दो बार शिमला संसदीय क्षेत्र से सांसद रहे है। रोचक बात ये है कि डॉ राजेश कश्यप और वीरेंद्र कश्यप भाई है। पर वीरेंद्र कश्यप 2019 लोकसभा चुनाव में टिकट कटने के बाद से ही लगभग साइलेंट है। जानकार मानते है कि सियासत महाठगिनी है और 2022 में टिकट के लिए दो भाई भी अगर दौड़ में दिखे तो शायद किसी को हैरानी न हो। कश्यप फेस, पर तालमेल बैठाने में फेल सोलन की सियासत में फिलवक्त डॉ राजेश कश्यप ही भाजपा का प्राइम फेस है। सरकार में कामकाज करवाने का रसूख कश्यप का ही माना जाता है लेकिन जमीनी संगठन में ही उन्हें लेकर स्वीकार्यता नहीं दिखती। दरअसल भाजपा के संगठन में बिंदल के निष्ठावानों की भरमार है। ऐसे में डॉ कश्यप के साथ संगठन पूरी तरह कदमताल करता नहीं दिखता। वहीँ कश्यप भी अब तक संगठन में उस तरह की जमीनी पैठ नहीं बना पाए जैसी समर्थकों को उनसे उम्मीद थी। इसी तालमेल की कमी का खामियाजा पार्टी जिला परिषद और नगर निगम चुनाव में भुगत चुकी है। हालात नहीं बदले तो निजी तौर पर डॉ राजेश कश्यप के लिए भी आगे की राह बेहद मुश्किल होगी। शांडिल का विकल्प नहीं 81 पार कर चुके डॉ कर्नल धनीराम शांडिल इस वक्त सोलन कांग्रेस का सबसे बड़ा और मजबूत चेहरा है। 2012 में शांडिल ने ही सोलन में कांग्रेस की वापसी करवाई थी और अब भी वे ही सोलन निर्वाचन क्षेत्र में एकछत्र नेता है। 2022 में भी संभवतः शांडिल ही कांग्रेस का चेहरा होंगे क्यों कि उनका विकल्प पार्टी के पास नहीं दिखता। वीरभद्र सरकार में मंत्री रहे शांडिल को गांधी परिवार का करीबी माना जाता है और यदि पार्टी की सत्ता वापसी होती है तो उन्हें कोई महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी भी दी जा सकती है। पर ये जहन में रखना भी जरूरी है कि 2022 विधानसभा चुनाव के वक्त शांडिल की उम्र 82 पार होगी और उनका विकल्प न होना पार्टी के अच्छी स्थिति नहीं है। गिले शिकवे मिटाकर होगी राह आसान वीरभद्र सरकार में मंत्री रहते हुए कर्नल धनीराम शांडिल ने साढ़े चार सौ करोड़ से अधिक के काम करवाए थे, हालांकि इसके बावजूद शांडिल प्रभावशाली जीत दर्ज नहीं कर सके। कई मौकों पर शांडिल पार्टी के एक गुट पर 2017 में उनके विरोध में काम करने की बात कह चुके है। जिला परिषद् चुनाव में सिरिनगर वार्ड के टिकट के लिए वरिष्ठ नेता रमेश ठाकुर और कर्नल में खुलकर ठनी और उस दौरान शांडिल ने रमेश ठाकुर की पत्नी लीला देवी का टिकट कटवाया। बावजूद इसके लीला देवी जीत दर्ज करने में कामयाब रही। रमेश ठाकुर पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी मानते जाते है, पर अब वीरभद्र सिंह के निधन के बाद बदली स्तिथि में राजनैतिक समीकरण भी बदल सकते है। कंडाघाट ब्लॉक में ठाकुर का अच्छा प्रभाव है और 2022 में यदि पार्टी को बेहतर करना है तो कर्नल और ठाकुर को साथ आना होगा। बेदाग़ भी और गुटबाजी से भी दूर है शांडिल डॉ कर्नल धनीराम शांडिल, हिमाचल की सियासत का वो बेदाग़ नाम जिस पर विरोधी भी कभी कीचड़ नहीं उछाल पाएं। वीरभद्र सरकार के खिलाफ वर्ष 2016 में भाजपा एक चार्जशीट लाई जिसमे कांग्रेस के मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप थे। तब भाजपा ने तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह, बेटे विक्रमादित्य सिंह, प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू, 10 मंत्रियों, 6 सीपीएस और 10 बोर्ड-निगम-बैंकों के अध्यक्ष-उपाध्यक्षों समेत कुल 40 नेताओं और एक अफसर पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। पर उस चार्जशीट में भी कर्नल धनीराम शांडिल का नाम नहीं था। यानी विपक्ष भी कभी उनकी ईमानदारी पर सवाल नहीं उठा पाया। एक बात और कर्नल शांडिल की खूबी है, वो है उनकी गुटबाजी से दुरी। प्रदेश कांग्रेस में कई धड़े है, पर शांडिल किसी भी गुट में शामिल नहीं है। ऐसे में शांडिल से पार पाने को भाजपा को संगठित भी होना होगा और पूरी ताकत भी झोंकनी होगी। Himachal Pradesh | Solan News | Himachal Politics
धीरे धीरे प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावो की गर्मी बढ़ती दिखाई दे रही है। अर्की विधानसभा का उपचुनाव आप सभी लोगों के सहयोग से जीत लिया, अब 2022 का मुख्य चुनाव भी आप लोगों के सहयोग से भारी मतों से जीतेंगे यह बातें आज ब्लॉक कांग्रेस अर्की के अध्यक्ष सतीश कश्यप ने पंचायत कांग्रेस कमेटी दाड़लाघाट, बरायली व रौडी के कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से अपील की कि जैसे इस उपचुनाव में कार्यकर्ताओं ने कार्य किया वैसा ही कार्य खूब मेहनत के साथ 2022 में करें।उन्होंने कहा कि 2022 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है।इस अवसर पर उन्होंने तीनों पंचायतों में पंचायत कांग्रेस कमेटी का भी गठन किया।जिसमें दाड़लाघाट पंचायत से मनोज गौतम, रौडी से प्रेम केशव व बरायली पंचायत से कमलेश गौतम को प्रधान बनाया गया।बाकी कार्यकारिणी बनाने के लिए इन प्रधानों को अधिकृत किया। उन्होंने नवनिर्वाचित पंचायत कांग्रेस के प्रधानों को बधाई दी। इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता लाला शंकर दास, मोहन सिंह ठाकुर, जगदीश ठाकुर, राजेश गुप्ता, सुरेंद्र ठाकुर, राजेश शर्मा, प्यारेलाल, बाबूराम, मनशा राम, अमरदेव, जसवंत सोनी, जयसिंह, सोहनलाल, उमेश, ललित, जयदेव, सत्यप्रकाश, दीपक, पवन, विक्रम व तीनो पंचायतों के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। Darlaghat Solan News
अग्रवाल सभा सोलन (Solan) की एक महत्वपूर्ण बैठक वैद्य रमेश बिंदल कीअध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस बैठक में दिनेश गर्ग को सर्वसम्मति से सभा का नया प्रधान व सतीश बंसल को वरिष्ठ उपप्रधान चुना गया। इससे पहले सभा के निवर्तमान प्रधान माया राम गर्ग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। इसके पश्चात बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से सभा के नये प्रधान का चुनाव किया गया । सभा के नव निर्वाचित प्रधान दिनेश गर्ग व वरिष्ठ उपप्रधान सतीश बंसल ने सभा की कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। सभा का मुख्य संरक्षक सर्वश्री विनोद गुप्ता, रमेश बिंदल, पवन गुप्ता, रमेश बंसल, विक्रम अग्रवाल, अमरनाथ बंसल, रमेश सिंगला, मायाराम गर्ग,सांवल मल व राधेश्याम गोयल को बनाया गया है जबकि रविन्द्र गुप्ता को सलाहकार बनाया गया है। सुशील बंसल व राम अवतार को उप प्रधान, राकेश अग्रवाल को महासचिव, राजीव गुप्ता को कोषाध्यक्ष, भूपेन्द्र बंसल व सुनील कुमार को सचिव, राहुल गोयल व राकेश अग्रवाल को संयुक्त सचिव बनाया गया है। इसके अलावा पवन गोयल, राजन अग्रवाल, मनोज गुप्ता, टिक्का राम, पवन गर्ग, भीष्म गर्ग, नरेश गर्ग, मदन गुप्ता, अश्विनी सिंगला व मनीष अग्रवाल को कार्यकारिणी का सदस्य बनाया गया है। Solan News
सड़कें ऐसा घाव हैं जिसकी टीस हर समय उठती है।आए दिन अनेक दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं। सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के दावे में सरकार कितनी सच्ची है ,इस बात की कहानी शालाघाट-दाड़लाघाट से भराडीघाट तक नेशनल हाईवे की सड़कें खुद-ब-खुद बताती हैं। हकीकत यह है कि यहां की सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। यही हाल नेशनल हाईवे-205 हिमफेड खाद डिपू स्यार के समीप सड़क का है। सड़क की खस्ता हालत के चलते वाहन चालक परेशान है। यही नहीं जगह-जगह पड़े गड्ढों से हादसे की भी आशंका बनी हुई है। इस सड़क पर उद्योग होने से भारी-भरकम वाहनों का आना जाना लगा रहता है। इससे सड़क जल्द क्षतिग्रस्त हो जाती है।सड़क पर जगह-जगह पड़े गड्ढों से वाहन चालकों को तो क्या पैदल चलने वाले भीदिक्कत झेलनी पड़ रही है। स्थानीय निवासी जगदीश ठाकुर,अनिल गुप्ता, प्रेम केशव, विनोद कंवर,सुरेंद्र वर्मा, नीरज कपिला, सुमन गौतम, प्रदीप, रवि, जयदेव, कमल कौंडल, जियालाल, राजेश, मनोज गौतम, दीपक गजपति, जय सिंह ठाकुर, सुरेंद्र ठाकुर, सुमन गुप्ता, किशोरी, पवन, कमलेश सहित अन्य लोगों ने बताया कि शालाघाट से लेकर दसेरन लिंक रोड़,भराडीघाट,चमाकडीपुल, दाड़लामोड़, छामला, स्यार, धमोग, चंदेल सर्विस स्टेशन सहित दाड़लाघाट बाजार सड़क की हालत बदतर हो गई है।सबसे ज्यादा मुश्किल सड़क में चलने वाले लोगों को हो रही है।इसके अलावा राहगीरों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।सड़क खराब होने के कारण हिमफेड खाद डिपू स्यार के समीप सड़क सहित अन्य मार्गों की मरम्मत निर्माण कार्य कुछ समय पूर्व किया गया था पर कुछ समय मे ही मरम्मत निर्माण गड्ढों में तब्दील हो गई। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जल्द से जल्द इन गड्ढों को ठीक करवाया जाए या तो पंचिंग दोबारा से की जाए। आपको बता दें जब इस बारे प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुरेश शर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि आज ही वहां पर सड़क की स्थिति को देखने के लिए लेबर भेज दी है एक हफ्ते के अंदर इस सड़क को ठीक कर दिया जाएगा। Darlaghat Solan News
एचपीएसबील पेंशनर्ज वेलफेयर एसोसिएशन कुनिहार उप इकाई की मासिक बैठक सभा के वित्त सचिव रूपेंद्र कौशल की अध्यक्षता में आयोजित की गई।बैठक मे इकाई अध्यक्ष रतन तनवर ने सदस्यों को इकाई तथा प्रदेशिक स्तर पर सभा की गतिविधियों के बारे विस्तारपूर्वक जानकारी दी। बैठक में सभी उपस्थित सदस्यों ने बोर्ड प्रबन्धको से 1 जनवरी 2016 से दिया जाने वाला संशोधित वेतनमान व पेंशन स्केल अतिशीघ्र जारी करने का आग्रह किया क्योंकि प्रदेश सरकार इसे पहले ही जारी कर चुकी है। बैठक में सदस्यों ने पेंशनरों को भी विद्युत भत्ता और एल टी सी देने मांग की। इसके साथ ही प्रबंधक वर्ग से फील्ड स्टाफ जल्द भरने का आग्रह किया क्योंकि उनके बगैर लोगो की समस्याओं का समय पर निराकरण नही हो रहा है जिसकी वजह से बोर्ड की जनता में बदनामी हो रही है। Kunihar solan News
दाड़लाघाट उपमंडल के अंतर्गत बिजली बोर्ड द्वारा लगाए जा रहे अघोषित बिजली कट की वजह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सुबह 7:00 से 9:00 तक जब सभी अपने अपने काम पर जाने के लिए तैयार हो रहे होते हैं,अधिकतर बिजली उस समय गुल रहती है। बच्चों की परीक्षा चल रही है लेकिन बिजली न रहने से उनकी पढ़ाई में भी बाधा पड़ रही है। विभाग के शिकायत कक्ष में जब फोन किया जाता है तो फोन की घंटी तो बजती है लेकिन उठाता कोई नहीं। इस तरह बिजली के अघोषित कट ने सर्दियों के मौसम में हर वर्ग को परेशान कर रखा है। स्थानीय लोगों में अनिल गुप्ता,सुरेन्द्र वर्मा,कमल ठाकुर,सुरेन्द्र ठाकुर,उमेश, पवन,दिनेश,रोशन,पंकज,राजेंद्र, संजीव,राजकुमार सहित स्थानीय लोगों ने कहा कि बिजली कट की सूचना न मिलने के चलते लोगो को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। जब इस बारे बिजली बोर्ड के सहायक अभिंयता ई.तृप्त राज से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सर्दियों के मौसम में बिजली की डिमांड ज्यादा होने की वजह से ट्रांसफार्मर के फ्यूज उड़ जाते है,जिस कारण बिजली बाधित होती है,लेकिन कर्मचारी को तुरंत भेजकर बिजली चालू करवा दी जाती है। Solan News
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड सेवानिवृत्त वेलफेयर एसोसिएशन दाड़लाघाट एवं नम्होल यूनिट 17 दिसंबर को अपना स्थापना दिवस मनाएगा। महासचिव प्रेम केशव ने बताया इस मौके पर मासिक बैठक का आयोजन भी किया जायेगा। सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा इस दिन सभी पुरानी मांगों के बारे में एक बार फिर प्रदेश सरकार को चेताया जाएगा। इस दिवस के दौरान वरिष्ठ सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानित भी किया जाएगा। यूनिट के अध्यक्ष सुखराम नड्डा ने सभी वरिष्ठ नागरिकों एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों से आग्रह किया है 17 दिसम्बर को प्रातः 11 बजे नम्होल पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में ज्यादा से ज्यादा संख्या में आकर इस आयोजन को सफल बनाने की अपील की है। HPSEB Himachal News
05 दिसम्बर, 2021 अर्थात कल रविवार को हिमाचल प्रदेश एक ओर ऐतिहासिक उपलब्धि का गवाह बनेगा। हिमाचल के लिए इस दिन बिलासपुर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की ओपीडी का शुभारम्भ किया जाएगा वहीं कोविड-19 से बचाव के लिए दूसरी डोज़ के टीकाकरण का शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने पर राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त सोलन ज़फ़र इकबाल ने आज यहां दी। ज़फ़र इकबाल ने कहा कि केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डाॅ. मनसुख मांडविया, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा तथा हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की गरिमामयी उपस्थिति में यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर भी समारोह में उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा कि सोलन जिला में इस कार्यक्रम को 02 स्थानों पर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से दिखाने की व्यवस्था की गई है। सोलन में नगर निगम सोलन के सभागार में तथा नालागढ़ में ट्रक ऑपरेटर यूनियन नालागढ़ के सभागार में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से कार्यक्रम का लाईव प्रसारण किया जाएगा। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि कार्यक्रम को दूरदर्शन के डीडी हिमाचल चैनल सहित डीटीएच टाटा स्काई चैनल नम्बर 1925, एयरटेल चैनल नम्बर 1963, फास्टवे के चैनल नम्बर 207 तथा जनता टीवी चैनल पर देखा जा सकेगा। Himachal News | Himachal Pradesh Samachar
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि जनप्रतिनिधि का मुख्य ध्येय लोक कल्याण तथा समाज सेवा होना चाहिए ताकि आमजन को समय पर सहायता प्रदान की जा सके। डाॅ. सैजल आज सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत जौणाजी के फ्लाई, कनाह तथा दरांह-मनूह में 21 लाख रुपए की लागत से निर्मित 03 सामुदायिक भवनों का लोकार्पण करने के उपरान्त उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित कर रहे थे। ग्राम पंचायत जौणाजी के दरांह-मनूह में 15 लाख रुपए, फ्लाई में 03 लाख रुपए तथा कनाह में 03 लाख रुपए की लागत से एक-एक सामुदायिक भवन निर्मित किया गया है। डाॅ. सैजल ने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों को विकास कार्यों के माध्यम से जनता के ऋण को उतारने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास के लाभ जन-जन तक पहुंचाना ही प्रदेश सरकार का लक्ष्य है। आयुष मंत्री ने कहा कि विकास एक सत्त प्रक्रिया है। कोई भी विकास कार्य जनता के सहयोग के बिना सम्पन्न नहीं होता। उन्होंने कहा कि लोकतन्त्र में जनता अपने प्रतिनिधियों को बड़ी उम्मीदों के साथ चुनती है और आमजन की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए जन प्रतिनिधियों को दिन-रात मेहनत करनी चाहिए। जनता के आशीर्वाद से ही जनप्रतिनिधि विकास को नई दिशा प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में वीआईपी संस्कृति को समाप्त करने की पहल की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने नवीन योजनाएं आम्भ की हैं। इनके व्यापक स्तर पर बेहतर परिणाम आए हैं। उन्होंने कहा कि जनमंच के माध्यम से प्रदेश सरकार लोगों के घरद्वार पर पहुंचकर जनसमस्याओं का हल कर रही है। हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना के माध्यम से राज्य की हर महिला को संबल मिला है। योजना के माध्यम से प्रत्येक पात्र परिवार को निःशुल्क गैस कुनैक्शन प्रदान किया गया है। इससे जहां पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिला है वहीं महिलाओं को धुएं से भी राहत मिली है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोविड के संकट से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने व्यापक पग उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 टीकाकरण की पहली डोज लगाने में हिमाचल पूरे देश में प्रथम रहा है। डाॅ. सैजल ने इस अवसर पर आश्वासन दिया कि क्षेत्र की विभिन्न मांगों को चरणबद्ध आधार पर शीघ्र पूरा किया जाएगा। इससे पूर्व बीडीसी सोलन के उपाध्यक्ष लक्ष्मी ठाकुर ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और क्षेत्र की विभिन्न मांगे उनके समक्ष प्रस्तुत की। बीडीसी सोलन के अध्यक्ष भीम सिंह, प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी के सदस्य रविन्द्र परिहार, भाजपा जिला महामंत्री नंदराम कश्यप, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष शीला, भाजपा मंडल सोलन के अध्यक्ष मदन ठाकुर, महामंत्री संजीव सूद, उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र ठाकुर, चंद्रकांत शर्मा, ग्राम पंचायत मशीवर के प्रधान नरेन्द्र ठाकुर, ग्राम पंचायत प्रधान जौणाजी की प्रधान जयवंती कश्यप, उप प्रधान अमरदत शर्मा, बीडीसी सदस्य किरण, ललिता, उपभोक्ता विपणन समिति के निदेशक कान्ति स्वरूप शर्मा, ग्राम पंचायत कोठों के उप प्रधान सुनील ठाकुर, भाजपा अन्य पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला अध्यक्ष संतोष भारद्वाज, भाजपा तथा भाजयुमो के अन्य पदाधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे। Solan News
कुनिहार के मिडल स्कूल सिहांवाँ में स्कूल की चपरासी के कोरोना पॉजिटिव आने से स्कूल में पढ़ रहे बच्चों व अभिभावकों एवं स्कूल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। मिली जानकारी के अनुसार मिडल स्कूल सिहांवाँ में चपरासी के पद पर कार्यरत महिला की तबियत खराब होने के कारण जब महिला सी एच कुनिहार पहुंची तो वहां कोरोना का टैस्ट किया तो महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई।स्वास्थ्य विभाग द्वारा महिला को 108 एम्बुलेंस में उसके घर पहुंचाकर 14 दिन के लिए कवरन्टीन कर दिया गया। महिला की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के कारण शनिवार को स्वास्थ्य पर्यवेक्षक कृष्ण चन्द वर्मा व टीम द्वारा स्कूल के 3 स्टाफ व 28 बच्चों के कोरोना टैस्ट किये गए जिसमे सभी की रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई। जिससे स्कूल प्रबंधन व अभिभावकों ने राहत की सांस ली। स्वास्थ्य पर्यवेक्षक ने बताया कि महिला की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के कारण महिला को 14 दिनों को होम कवरन्टीन कर दिया गया है व स्कूली बच्चों व स्टाफ के सैम्पल लिए गए जिसमे सभी की रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई। एहतियात के तौर पर स्कूल प्रबन्धन द्वारा विद्यालय को सेनेटाइज किया जा रहा है। Kunihar Solan News
एहसास क्लब कुनिहार के सौजन्य से हिम एकादश ओपन क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन महाराजा पदमसिंह स्टेडियम कुनिहार (तालाब) में करवाया जा रहा है। जानकारी देते हुए क्लब के सदस्य हरजिंदर ठाकुर ने बताया कि इस प्रतियोगिता का शुभारम्भ रविवार 5 दिसम्बर से होगा जिसमे स्थानीय टीमो सहित अन्य क्षेत्रो से भी बेहतरीन टीमें भाग लेंगी। प्रतियोगिता के फाइनल में विजेता टीम को 51 हजार व ट्राफी तथा उप विजेता टीम को 31 हजार व ट्राफी के साथ सम्मानित किया जाएगा। एहसास क्लब के सभी सदस्यों ने क्रिकेट प्रेमियों से अपील की है कि क्रिकेट प्रतियोगिता का आनन्द लेने के लिए अधिक से अधिक संख्या में पधारे ताकि साथ साथ खिलाड़ियों का मनोबल भी बढ़े। Kunihar Solan News
मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डाॅ. राजन उप्पल ने जिला वासियों से अपील की है कि कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रॉन से घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए कोविड नियमों की अनुपालना आवश्यक है क्योंकि कोविड-19 का खतरा अभी तक टला नहीं है। डाॅ. उप्पल ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक है कि भीड़-भाड़ वाले स्थानों में जाने से परहेज करें, 02 व्यक्तियों के मध्य 02 गज़ की दूरी बनाए रखें तथा नाक से लेकर ठोडी तक ढकते हुए मास्क का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए बार-बार अपने हाथों को साबुन अथवा एल्कोहल युक्त सेनिटाइजर से साफ करते रहें। कोविड-19 से बचाव के लिए कोविड टीकाकरण की दोनों डोज़ लेना सुनिश्चित करें। उन्होंने जिला के सभी निवासियों का आह्वान किया कि खांसी, जुकाम, बुखार या सांस लेने में दिक्कत होने पर शीघ्र चिकित्सक की सलाह लें। उन्होंने कहा कि जिला के सभी चिकित्सा अधिकारियों को जिला के सभी आईसोलेशन वार्ड को व्यवस्थित रखने के दिशा-निर्देश दिए गए हैं ताकि आवश्यकता पड़ने पर रोगियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
विश्व दिव्यांगता दिवस का जिला स्तरीय कार्यक्रम शुक्रवार को सोलन जिला के कण्डाघाट में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाईट) सोलन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। जिला कल्याण अधिकारी सोलन गिरधारी लाल शर्मा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि दिव्यांग जन समाज का अभिन्न अंग हैं और इनके उत्थान की दिशा में सरकार के साथ-साथ विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाओं को भी मिल-जुलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि दिव्यांगो के अधिकारों व आवश्यकताओं के विषय में चिंतन व चर्चा करने के उद्देश्य से ही विश्व में वर्ष 1992 से 3 दिसम्बर का दिन विश्व दिव्यांगता दिवस के रूप में मनाया जाता है, ताकि दिव्यांगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा दिव्यांगों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं कार्यान्वित की गई हैं। दिव्यांगता राहत भत्ता योजना के अन्तर्गत जिला में 3883 दिव्यांगजनों को प्रति माह 1000 रुपए विकलांगता राहत भत्ता प्रदान किया जा रहा है। दिव्यांग छात्रों को छात्रवृति योजना के अन्तर्गत प्रथम कक्षा से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए 625 रुपए से 3750 रुपए प्रति माह छात्रवृति प्रदान की जा रही है। इसके लिए ज़िला में 22 दिव्यांग छात्रों को 2.28 लाख रुपए की छात्रवृति प्रदान की जा चुकी है। जिला कल्याण अधिकारी ने कहा कि सोलन जिला में दिव्यांगों को विवाह अनुदान योजना के अन्तर्गत 06 दम्पत्तियों को विवाह करने पर 1.75 लाख रुपए की पुरस्कार राशि वितरित की गई है। उन्होंने कहा कि 40 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांग व्यक्तियों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा यूडीआईडी कार्ड जारी किए जा रहे हैं। जिला में यूडीआईडी पोर्टल पर 6527 लोगों ने पंजीकरण किया है, जिनमें से 3417 दिव्यांग व्यक्तियों को कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इस अवसर पर भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) मोहाली द्वारा निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। चिकित्सकों की टीम द्वारा बच्चों की चिकित्सा जांच की गई। चिकित्सकों द्वारा दिव्यांगजनों के लिए सहायता उपकरणों के बारे में जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में अभिभावकों, बच्चों तथा अध्यापकों के मध्य परामर्श सत्र का आयोजन भी किया गया। गणपति एजूकेशन सोसायटी कुनिहार तथा डाईट सोलन के समन्वयक ने दिव्यांगजनों से व्यवहार के प्रति जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर दिव्यांग बच्चों के मध्य कुर्सी तथा चम्मच दौड़ प्रतियोगिताएं भी करवाई गई। कार्यक्रम में जिला के 44 दिव्यांग बच्चों ने भाग लिया। इस अवसर पर तहसील कल्याण अधिकारी कण्डाघाट गवा सिंगे, तहसील कल्याण अधिकारी सोलन अनुराधा तनवर, समन्वयक डाॅ. संजय, अधीक्षक राजेन्द्र रघुवंशी, एलिम्को से डाॅ. कपिल निशाद, रेडियालाॅजिस्ट प्रेम शंकर, खण्ड स्त्रोत समन्वयक रजनीश कौशिक, आईईडी समन्वयक राजेश कुमार सहित दिव्यांग जन उपस्थित थे।
सोलन: मौलिक अधिकारों के साथ-साथ मौलिक कर्तव्यों की अनुपालना भी आवश्यक: सुरेश भारद्वाज शहरी विकास, नगर नियोजन, आवास, विधि, संसदीय कार्य एवं सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि भारत के संविधान में प्रत्येक नागरिक के लिए मौलिक अधिकार एवं मौलिक कर्तव्य निर्धारित किए गए हैं और इनकी अनुपालना हम सभी का दायित्व है। सुरेश भारद्वाज ने शुक्रवार को शूलिनी विश्वविद्यालय सोलन द्वारा संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित प्रथम विधिक संगोष्ठी के विदाई सत्र को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि मौलिक अधिकार एवं मौलिक कर्तव्य सभी नागरिकों के लिए समान हैं। उन्होंने कहा कि हमें सदैव यह स्मरण रखना चाहिए कि अधिकार और कर्तव्य एक-दूसरे के पूरक हैं। इन दोनों के अनुपालना जहां भारत को एक उत्तरदायी राष्ट्र के रूप में स्थापित करती है वहीं नागरिकों को सही मार्ग का अनुसरण करना भी सिखाती है। विधि मंत्री ने कहा कि भारत जैसे विशाल देश में संविधान और विधिक नियमों की जानकारी प्रत्येक नागरिक के लिए आवश्यक है। उन्होंने विधि के छात्रों का आह्वान किया कि वे अपने परिवेश में लोगों को संविधान और विधि की जानकारी अवश्य प्रदान करें ताकि कोई भी नागरिक न्याय से वंचित न रहे। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि भारत का संविधान विश्व का श्रेष्ठतम संविधान है। हमारे संविधान निर्माताओं ने संविधान की रचना करते समय यह सुनिश्चित कर लिया था कि संविधान को समय के साथ कैसे परिवर्तनशील रखा जाए। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए संविधान संशोधन का प्रावधान किया गया। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुरूप राज्य का कार्यभार चलाने के लिए विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका को विधि सम्मत अधिकार एवं कर्तव्य प्रदान किए गए। शहरी विकास मंत्री ने कहा कि संविधान की समुचित जानकारी के लिए छात्रों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा प्रदान किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश स्वतन्त्रता की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। यह अवसर हमें स्वाधीनता संग्राम में अपने प्राणों की आहूति देने वाले प्रत्येक जन को नमन करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर हमें यह भी निर्णय लेना होगा कि प्रत्येक नागरिक जहां अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनें वहीं मौलिक कर्तव्यों के पालन से भी पीछे न हटे। उन्होंने कहा कि अधिकारों का सम्मान होना चाहिए। सुरेश भारद्वाज ने इस अवसर पर प्रोफेसर नन्दन शर्मा द्वारा लिखित पुस्तक ‘फण्डामेन्टलस और मीडिया लाॅ’ का विमोचन भी किया। उन्होंने प्रतियोगिताओं के छात्रों को सम्मानित भी किया। इससे पूर्व शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर (डाॅ.) पी.के. खोसला तथा उप कुलपति प्रोफेसर अतुल खोसला ने भी विषय पर सारगर्भित जानकारी प्रदान की। विभिन्न विश्वविद्यालयों के विधि विभागों के प्राध्यापकों सहित शूलिनी विश्वविद्यालय के छात्रों ने भी विषय पर प्रकाश डाला। प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी सदस्य डाॅ. राजेश कश्यप, भाजपा के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी, शूलिनी विश्वविद्यालय एवं अन्य विश्वविद्यालयों के प्राध्यापक, छात्र तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
अल्ट्राटेक कम्युनिटी वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा प्रशासनिक भवन बागा सीमेंट वर्क्स में 3 माह के सिलाई एवं कम्प्यूटर प्रशिक्षण प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन बागा सीमेंट वर्क्स के इकाई प्रमुख विवेक माथूर एवं संगनी महिला मण्डल की अध्यक्षा मोनिका माथूर द्वारा संगनी महिला मण्डल की सदस्यों की उपस्थिति में किया गया। समाजिक उतरदायित्व प्रभारी कुलीन देशमुख द्वारा क्षेत्र में विकास कार्यक्रमों के बारे में अवगत करवाया गया एवं सुजाता वर्मा एवं रीचा ठाकुर द्वारा कम्पयुटर एवं सिलाई प्रशिक्षण पर विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण पूर्ण करने के पश्चात 31 प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरीत किए। इस मौके पर छात्र-छात्राओं द्वारा अपने अनुभवों को अतिथियों के साथ साझा किया। शिखा सोनी द्वारा बताया गया कि दूरदराज के क्षेत्र में कम्प्यूटर शिक्षण न होने के फलस्वरूप हम आज की कम्प्यूटर की आवश्यकता होने के उपरान्त भी प्रशिक्षण से वच्छित थे, ऐसे समय में समुदाय की आवश्यकता को ध्यान में रख कर अल्ट्राटेक कम्युनिटी वेलफेयर फाउडेशन द्वारा कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना की गई जिससे दूरदराज के बच्चों को अपने गाँव में ही शिक्षा प्राप्त हो रही है।
राजकीय महाविद्यालय दाड़लाघाट में महाविद्यालय के रेड रिबन तथा एनएसएस क्लब द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर जनेश कपूर ने की। इस आयोजन हेतु सीएमओ सोलन डॉ मुक्ता रस्तोगी ने रेड क्रॉस सोसायटी की एक आंख सदस्यीय टीम डॉक्टर मोहित भारद्वाज की अध्यक्षता में इस कार्य हेतु प्रेषित की। इस पुनीत कार्य में महाविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों, गैर शिक्षकों तथा स्थानीय जनता ने हिस्सा लेकर 33 यूनिट रक्तदान किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ जनेश कपूर ने इस कार्यक्रम की सफलता पर बोलते हुए बताया कि उन्होंने तथा उनके कॉलेज परिवार द्वारा समाज के प्रति अपना दायित्व समझते हुए इस रक्तदान का आयोजन किया गया। उन्होंने इस आयोजन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहां कि उन्होंने अपने टारगेट से अधिक रक्त एकत्रित किया है जो समाज के जरूरतमंदों की सहायता करेगा।
पाइनग्रोव स्कूल सुबाथू जिला सोलन (Solan) में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की लड़कियों के लिए चयन परीक्षा 11 दिसंबर को आयोजित की जाएगी। गौरतलब है कि इससे पहले भी पाइनग्रोव स्कूल ने इस चयन परीक्षा द्वारा जिला सोलन की नौ छात्राओं को चयनित किया था और वे आज भी स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। बता दें कि इस परीक्षा में चयनित होने के लिए छात्रा को हिमाचल प्रदेश की स्थाई निवासी होना अनिवार्य है। छात्रा प्रथम कक्षा से ही सरकारी पाठशाला में पढ़ रही हो और छात्रा की आयु 9 वर्ष से अधिक और 12 वर्ष से कम होनी चाहिए। साथ ही छात्रा का वर्तमान में पाँचवीं कक्षा में होना अनिवार्य है। बता दें कि चयन परीक्षा के आधार पर दो सर्वश्रेष्ठ छात्राओं को पाइनग्रोव स्कूल सुबाथू में प्रवेश दिया जाएगा। इन छात्राओं को पाइनग्रोव स्कूल द्वारा नि:शुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी। पाइनग्रोव स्कूल सीबीएसई, आईपीएससी, आईएवाईपी और एनसीसी बिट्रिश काऊंसिल आईएसओ 9001.2000 से प्रमाणित है। वंही पाइनग्रोव स्कूल ने डीसी सोलन के माध्यम से शिक्षा विभाग सोलन को सूचित किया है कि वह अपने बलबूते पर गरीब परिवारों की लड़कियों की सहायता कर रहे हैं। गत वर्ष यह परीक्षा कोविड के कारण रद्द कर दी गई थी।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धुंदन में प्रधानाचार्य सरताज सिंह राठौर की अध्यक्षता में विश्व एड्स दिवस मनाया गया। इस उपलक्ष्य पर एसओपी के निर्देशों का पालन करते हुए नारा लेखन, भाषण तथा चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन छठी से आठवीं कक्षा तक किया गया। इन प्रतियोगिताओं में सभी बच्चों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। नारा लेखन में अंजलि सहगल, भाषण में कृतिका व उधव गुप्ता तथा चित्र कला प्रतियोगिता में संगम कपिला, हर्षिता तथा पूर्णिमा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। एड्स दिवस पर अनिता कौंडल, सुमन और डॉ अनिता देवी ने बच्चों को एड्स से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। इसके अतिरिक्त नरेन्द्र कपिला, अमर सिंह वर्मा, जय प्रकाश मिश्रा, नरेन्द्र कुमार, जागृति कपिला तथा मुकेश कपिला ने बच्चों को एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डाॅ. राजीव सैजल 3 दिसम्बर से सोलन (Solan) जिला के प्रवास पर आ रहे हैं। डाॅ. सैजल 03 दिसम्बर, 2021 को दिन में 12.00 बजे कसौली विधानसभा क्षेत्र के धर्मपुर में जनसमस्याएं सुनेंगे। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री 04 दिसम्बर, 2021 को प्रातः 11.00 बजे सोलन विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम पंचायत जौणाजी में सामुदायिक भवन का लोकार्पण करेंगे। 06 दिसम्बर, 2021 को प्रातः 10.00 बजे कसौली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत जंगेशू में मसूलखाना-डुगला सम्पर्क मार्ग का लोकार्पण करेंगे।
शहरी विकास, नगर नियोजन, आवास, विधि, संसदीय कार्य एवं सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज 03 दिसम्बर, 2021 को सोलन के प्रवास पर रहेंगे। सुरेश भारद्वाज 03 दिसम्बर को प्रातः 11.00 बजे शूलिनी विश्वविद्यालय सोलन द्वारा संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित प्रथम विधिक संगोष्ठी के विदाई सत्र में मुख्य अतिथि होंगे।
विश्व दिव्यांगता दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम इस वर्ष 03 दिसम्बर, 2021 को कण्डाघाट के होटल फैलकाॅन में आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी वीरवार को जिला कल्याण अधिकारी जीएल शर्मा ने दी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. विकास सूद करेंगे। कार्यक्रम प्रातः 11.00 बजे आरम्भ होगा। कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों की खेलकूद एवं चित्रकला प्रतियोगिता तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
केन्द्र सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र के कामगारों का राष्ट्रीय स्तर का डाटाबेस तैयार किया जा रहा है ताकि इन कामगारों को समय पर राहत प्रदान की जा सके। इस दिशा में प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार सोलन जिला में भी यह डाटाबेस तैयार किया जा रहा है। यह जानकारी वीरवार को सोलन के श्रम अधिकारी एवं कामगारों के पंजीकरण के लिए गठित जिला स्तरीय कार्यान्वयन समिति के सदस्य सचिव पृथ्वी सिंह वर्मा ने दी। पृथ्वी सिंह वर्मा ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के कामगारों का पंजीकरण इस कार्य के लिए विशेष रूप से विकसित ई-श्रम पोर्टल पर किया जा रहा है। यह पोर्टल केन्द्रीय श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय द्वारा विकसित किया गया है। उन्होंने कहा कि ई-श्रम पोर्टल पर 31 दिसम्बर, 2021 तक हिमाचल प्रदेश के 20.87 लाख असंगठित कामगारों के पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सोलन जिला में 30 नवम्बर, 2021 तक कुल 10174 आवेदकों का पंजीकरण किया गया है। इनमें से 5730 आवेदकों ने लोकमित्र केन्द्र के माध्यम से जबकि 4444 ने स्वयं ई-श्रम पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाया है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में संलग्न कामगार, मनरेगा कामगार, प्रवासी कामगार, घरेलू कामगार, कृषि कार्य में संलग्न श्रमिक, स्वरोज़गार कामगार, गली-मुहल्ले में सामान का विक्रय करने वाले, छोटे दुकानदार एवं उनके कामगार, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, जलवाहक, जल रक्षक, मोटर ट्रान्सपोर्ट कामगार, मछुआरे, असंगठित प्लान्टेशन कामगार, दूध का विक्रय करने वाले एवं असंगठित क्षेत्र के इसी प्रकार के अन्य समूहों को असंगठित कामगारों की श्रेणी में सम्मिलत किया गया है। श्रम अधिकारी ने कहा कि 16 से 59 वर्ष आयुवर्ग के ऐसे भारतीय नागरिक जो उपरोक्त में से किसी भी कार्य में संलग्न हैं का ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह कामगार ई-श्रम पोर्टल पर स्वयं अथवा लोकमित्र केन्द्र के माध्यम से अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। इसके लिए कोई शुल्क देय नहीं है। उन्होंने कहा कि लाभार्थी के पास अपना आधार नम्बर, आधार से जुड़ा हुआ क्रियाशील मोबाइल नम्बर तथा बैंक खाता होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजीकृत कामगार का प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत बीमा किया जाता है। मृत्यु की स्थिति में योजना के तहत पंजीकृत कामगार 02 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा कवरेज तथा स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 01 लाख रुपए का स्थायी दिव्यांगता कवरेज के लिए पात्र हैं। इसके लिए कामगार के पारिवारिक सदस्य अथवा नामित सदस्य को ई-श्रम पोर्टल पर आवेदन करना होगा। पृथ्वी सिंह वर्मा ने कहा कि ई-श्रम पोर्टल पर सोलन जिला के असंगठित क्षेत्र में कार्यरत सभी कामगारों के पंजीकरण के लिए ज़िला स्तरीय कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई है। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त सोलन ज़फ़र इकबाल ने सभी सम्बद्ध विभागों एवं अन्य को निर्देश दिए कि सोलन ज़िला के असंगठित क्षेत्र में कार्यरत सभी कामगारों का ई-श्रम पोर्टल पर निर्धारित तिथि तक पंजीकरण करना सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने कहा कि पंजीकरण के विषय में लक्षित समूहों को जागरूक करने के लिए निर्माण स्थलों, विकास खण्डों एवं ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि असंगठित क्षेत्र में कार्यरत कामगारों का ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण करवाना सुनिश्चित बनाएं ताकि इन्हें आवश्यकता के समय त्वरित सहायता प्रदान की जा सके।
राज्य कर एवं आबकारी विभाग सोलन द्वारा वस्तु एवं सेवा कर के विषय में राजकीय महाविद्यालय सोलन में जिला स्तरीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता में सोलन जिला के 06 महाविद्यालयों ने भाग लिया। यह जानकारी उप आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी जिला सोलन हिमांशु आर.पंवर ने दी। हिमांशु पंवर ने कहा कि प्रतियोगिता में प्रत्येक महाविद्यालय की टीम में 02-02 छात्र उपस्थित रहे। प्रथम स्थान पर रहने वाली टीम को 05 हजार रुपए, द्वितीय पुरस्कार प्राप्त करने वाली टीम को 04 हजार रुपए तथा तृतीय स्थान पर रहने वाली टीम को 03 हजार रुपए का पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में राजकीय डिग्री काॅलेज कण्डाघाट के भावेश बिष्ट तथा वरूण शर्मा प्रथम स्थान पर रहे। राजकीय डिग्री काॅलेज सोलन के आयुष शर्मा एवं माणिक शर्मा द्वितीय स्थान पर रहे। राजकीय डिग्री काॅलेज धर्मपुर की पूजा मालरा तथा रूमानी चैहान तृतीय स्थान पर रहीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं की वस्तु एवं सेवा कर के विषय में रूचि और बढ़ी है। इसके माध्यम से युवा पीढ़ी इस विषय के सम्बन्ध में अधिक जागरूक बनेगी। सोलन के उप आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी हिमांशु आर. पंवर तथा राजकीय डिग्री काॅलेज सोलन के उप प्रधानचार्य डाॅ. ओपी चैहान ने विजेताओं को स्मृति चिन्ह व पुरस्कार आवंटित किए। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी आवंटित किए गए। प्रतियोगिता में राजकीय डिग्री काॅलेज कण्डाघाट, गोस्वामी गणेश दत्त एसडी काॅलेज सुबाथू, राजकीय डिग्री काॅलेज, राजकीय डिग्री काॅलेज अर्की, राजकीय डिग्री काॅलेज धर्मपुर तथा राजकीय डिग्री काॅलेज दाड़लाघाट की टीमों ने भाग लिया। इस अवसर पर राजकीय डिग्री काॅलेज सोलन के वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष राजेश भट्ट, इसी विषय की प्रवक्ता एवं समन्वयक गीतिका ठाकुर, सहायक आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी जिला सोलन रविन्द्र कुमार, पदमा छोदोन एवं अपूर्व चंदेल सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं विभिन्न महाविद्यालयों से आए प्राध्यापक उपस्थित थे।
पुलिस थाना बागा के अंर्तगत शटरिंग की लोहे की प्लेटें गुम होने का मामला दर्ज हुआ है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार राजेन्द्र पाल शर्मा पुत्र कृष्ण दास, गांव बरड़, डा.सुनाहणी तह.घुमारवीं, जिला बिलासपुर ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह लोक निर्माण विभाग में बतौर ठेकेदार काम करता है। उसने कंधर-समत्याड़ी सड़क पर पुल निर्माण का ठेका ले रखा है। 28 नवंबर को वह दिन में स्वयं काम की देखरेख करने गया था, सामान की देखरेख व काम पर लगे व्यक्ति छांगुराम व राजकुमार ने सुबह उसे फोन करके बताया कि काम की साईट पर जो शटरिंग के लिए लोहे की 156 प्लेटे रखी थी, उनमें से करीब 97 प्लेटस गायब हो गयी तथा वहां पर केवल 59 प्लेटे ही बची हैं। इन प्लेटस को रात को कोई चोरी करके गाड़ी में भरकर ले गया है। छांगुराम व राजकुमार ने नजदीक के लोगों से भी पूछताछ की परन्तु चोरों का कोई सुराग न मिला जिस कारण इसे लाखों रुपये का नुक्सान हो गया है। पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए आईपीसी की धारा 379 के अंर्तगत मामला दर्ज किया है। मामले की पुष्टि डीएसपी दाड़लाघाट प्रताप सिंह ठाकुर ने की है।
जल शक्ति, राजस्व, बागवानी एवं सैनिक कल्याण मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर ने कृषि एवं बागवानी वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि वे हिमाचल की जलवायुगत परिस्थितियों के अनुसार शोध करें ताकि प्रदेश के किसान-बागवान इससे और अधिक लाभान्वित हों। महेन्द्र सिंह ठाकुर ने बुधवार को डाॅ. यशवन्त सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी, सोलन के 37वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों को स्थानीय स्तर पर पौधों में पनपने वाले रोगों की रोकथाम पर गहन अनुसन्धान करना होगा। हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी में कृषि एवं बागवानी क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान है और नौणी स्थित बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय इस दिशा में सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप यह आवश्यक है कि वैज्ञानिक कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में नवाचार एवं तकनीकी नवाचार के लिए प्रयासरत रहें और इसे खेत तक पहुंचाएं। उन्होंने वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि वे जल संरक्षण की दिशा में भी कार्य करें। जल का पुनः चक्रण एवं एक-एक बून्द का संरक्षण भविष्य में कृषि क्षेत्र के लिए संजीवनी सिद्ध होगा। महेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कहा कि हिमाचल प्रदेश की पूरे देश में फल राज्य के रूप में विशेष पहचान है तथा इस दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा सत्त प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के निचले क्षेत्रों में बागवानी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 1688 करोड़ रुपए की परियोजना स्वीकृत की गई है। केन्द्र तथा राज्य सरकार किन्नौर जिला के सेब को विश्वस्तरीय ब्राण्ड बनाने के लिए कृतसंकल्प है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए भारत सरकार द्वारा किन्नौर जिला के सेब के लिए 50 करोड़ रुपए की परियोजना आरम्भ की गई है। शिमला जिला के चैपाल क्षेत्र में अखरोट के लिए भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित योजना भी आरम्भ की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के निचले जिलों में अमरूद, मौसम्मी, लीची, अनार इत्यादि के उत्पादन में बढ़ोत्तरी करने के लिए वैज्ञानिकों से अनुसन्धान करने का आग्रह भी किया गया। उन्होंने कहा कि खुम्भ के अपशिष्ट को बागवानी में प्रयोग करने की दिशा में भी कार्य किया जाना आवश्यक है। उन्होंने आशा जताई कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी देश को श्रेष्ठ वैज्ञानिक प्रदान करता रहेगा। वन, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री राकेश पठानिया ने इस अवसर पर कहा कि बागवानी वैज्ञानिकों को हिमाचल प्रदेश को देश का सर्वोत्तम फल उत्पादक क्षेत्र बनाने की दिशा में कार्य करना होगा। इससे जहां किसानों एवं बागवानों की आय में आशातीत बढ़ोत्तरी होगी वहीं प्रदेश की आर्थिकी को भी संबल मिलेगा। उन्होंने आग्रह किया कि मांग और जलवायु के अनुरूप फलों की नई किस्में एवं रूट स्टाॅक विकसित करें। अनुसन्धान को खेत तक पहुंचा कर ही किसान एवं बागवान को लाभान्वित किया जा सकता है। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के 06 प्रकाशनों का विमोचन किया और 14 प्रगतिशील किसानों सहित विश्वविद्यालय के उत्कृष्ट छात्रों को भी सम्मानित किया। सोलन के विधायक डाॅ. कर्नल धनीराम शांडिल ने छात्रों को विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस की बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सरयांज में विश्व एड्स दिवस बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय में कोरोना नियमों का पालन करते हुए संक्षिप्त कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षित स्नातक विज्ञान हेमराज ठाकुर ने कार्यक्रम का संचालन किया और सभी छात्रों को एड्स जैसी लाइलाज बीमारी के कारण, लक्षण एवं बचाव की जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर प्रवक्ता अर्थशास्त्र प्रकाश बट्टू ने सभी छात्रों को नैतिकता का पालन करते हुए आचरण करने का आह्वान किया। प्रधानाचार्य प्रेमलाल नेगी ने भी उपस्थित छात्रों और शिक्षकों को इस घातक बीमारी के विश्वव्यापी प्रभावों की जानकारी दी। प्रधानाचार्य प्रेम लाल नेगी ने सभी छात्रों से आह्वान किया कि सभी छात्र जाकरूक हो कर इस बीमारी से बचाव के लिए समाज में जागरूकता पैदा कर राष्ट्र हित में सहयोग करें। उन्होंने छात्रों को कोरोना वायरस महामारी के समय सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए अपनी पढ़ाई को सुचारू रूप से करने और दुर्व्यसनों से दूर रहने का आह्वान भी किया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक और अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के मुख्य महाप्रबन्धक दिनेश रैना गत दिवस सोलन जिला के दाड़लाघाट में दी अमृतधारा मिल्क प्रोड्यूसर मार्केटिंग काॅओपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, दाड़लाघाट के रुरल मार्ट ऑन व्हील्स के रूप में स्वीकृत मोबाइल वैन का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नाबार्ड द्वारा इस वाहन के क्रय के लिए अमृतधारा कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) को 50 प्रतिशत की अनुदान सहायता के रूप में 4.77 लाख रुपए प्रदान किए गए हैं। इस वाहन के माध्यम से एफपीओपी के 300 से अधिक सदस्य लाभान्वित होंगे। एफपीओ द्वारा अब तक दूध के संग्रहण एवं विपणन के लिए किराए के वाहन का प्रयोग किया जाता था किन्तु अब अपना वाहन होने से एफपीओ के परिचालन लागत में कमी आएगी व अपने उत्पादों की यह सुगमता से विपणन किया जा सकेगा। दिनेश रैना ने कहा कि अमृतधारा का गठन वर्ष 2016 में नाबार्ड की कृषक उत्पादक संगठनों को संवर्धित करने की योजना के अंतर्गत अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन, दाड़लाघाट द्वारा किया गया था। यह पूर्णतः महिलाओं का संगठन है जिसे महिलाओं द्वारा स्वयं चलाया जा रहा है। वर्ष 2020-21 के दौरान इसके द्वारा 86 लाख रुपए का कारोबार किया गया था। इसके उत्पादों में दूध एवं दूध से बने उत्पाद हैं तथा अपने सदस्यों को यह पशुचारा व छोटे कृषि उपकरण भी उपलब्ध करवाता है। उन्होंने अमूल से प्रेरणा लेते हुए एफपीओ को नवाचार करते रहने का सुझाव दिया। एफपीओ की सफलता का मूल कारक उसके द्वारा अपने किसानों को बेहतर मूल्य दिया जाना है। इससे किसान अपने एफपीओ से लगातार जुड़ा रहेगा। उन्होने एफपीओ को वाहन के शुभारम्भ पर बधाई दी तथा भविष्य की कार्ययोजनाओं को मूर्त रूप देने के लिए ठोस व्यापारिक योजना बनाकर चलने की आवश्यकता पर बल दिया।
हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के संगठनात्मक जिला दाड़लाघाट की कार्यकारणी 2021-2024 के चुनाव हेतु सरस्वती विद्या मंदिर दाड़लाघाट में आम सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर प्रान्त महामंत्री विनोद सूद मुख्यातिथि रहे जबकि वरिष्ठ उपाध्यक्ष जिला शिमला सतविंद्र शर्मा, कोषाध्यक्ष जिला शिमला संजय झा बतौर चुनाव अधिकारी के रूप में मौजूद रहे। इस दौरान आम सभा में हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ जिला दाड़लाघाट के त्रिवर्षीय चुनाव पर्यवेक्षक व सोलन विभाग संगठन प्रमुख नरेन्द्र कपिल द्वारा चुनावी प्रक्रिया को संम्पन्न करवाया गया। सर्वसम्मति से संगठनात्मक जिला के अध्यक्ष के लिए शंकर देव शर्मा को चुना गया। जबकि ज़िला वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुमारी सुमन बट्टू, जिला मंत्री प्रदीप चंदेल, संगठन मंत्री अमर देव शर्मा व कोषाध्यक्ष तेजेन्द्र शर्मा को दायित्व दिया गया। जबकि अन्य कार्यकारणी के लिए ज़िला अध्यक्ष को अधिकार दिया गया। नवनियुक्त जिलाध्यक्ष शंकर देव शर्मा ने कहा कि शिक्षक महासंघ हिमाचल के सभी शिक्षक वर्गों की मांगे सरकार के समक्ष उचित मंच पर उठाता रहा है। भविष्य में जिले का नेतृत्व करते हुए संगठन के प्रति निष्ठावान रहूंगा। आम सभा मे मुख्यातिथि विनोद सूद ने भी विचार रखे। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के विभिन्न स्थानों से आए सदस्य मौजूद रहे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डाॅ. राजीव सैजल प्रथम दिसम्बर, 2021 को सोलन के प्रवास पर आ रहे हैं। डाॅ. सैजल प्रथम दिसम्बर, 2021 को प्रातः 10.00 बजे डाॅ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के 37वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में विशेष अतिथि होंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त सोलन कृतिका कुलहरी ने सोलन जिला की उन ग्राम पंचायतों के लिए मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम घोषित करने के सम्बन्ध में अधिसूचना जारी की है जहां पंचायती राज पदाधिकारियों के पद रिक्त हैं। यह अधिसूचना हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन) नियम 1994 के नियम-17 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी की गई है। इस सम्बन्ध में राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण का कार्यक्रम सूचित किया गया है। इस कार्यक्रम के अनुसार प्रथम नवम्बर, 2021 की अर्हता तिथि के अनुसार पात्र नागरिक उन ग्राम पंचायतों में मतदाता के रूप में अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं जहां किसी कारणवश कोई पद रिक्त है। अधिसूचना के अनुसार इस कार्य के लिए खण्ड विकास अधिकारी कुनिहार, धर्मपुर तथा कण्डाघाट को पुनरीक्षण प्राधिकारी नियुक्त किया गया है। पुनरीक्षण प्राधिकारी अपने सम्बन्धित विकास खण्ड में मतदाता सूचियों से सम्बन्धित दावों तथा आक्षेपों पर निर्णय लेंगे। इस अधिसूचना के अनुसार मतदाता सूचियों का प्रारूप प्रकाशन 29 नवम्बर, 2021 को कर दिया गया है। 06 दिसम्बर, 2021 तक दावे तथा आक्षेप पुनरीक्षण प्राधिकारी के समक्ष दाखिल किए जा सकेंगे। 13 दिसम्बर, 2021 तक दावे व आक्षेपों का निपटारा किया जाएगा। अपील प्राधिकारी के समक्ष 20 दिसम्बर, 2021 तक अपील दाखिल की जा सकती है। 24 दिसम्बर, 2021 तक अपीलों का निपटारा किया जाएगा। 27 दिसम्बर, 2021 को मतदाता सूचियां अंतिम रूप से प्रकाशित कर दी जाएंगी।
अमृतधारा दुग्ध उत्पादन एवं विपणन सहकारी समिति दाड़लाघाट ने दुग्ध एकत्रीकरण तथा वितरण हेतु अपना नया वाहन का शुभारम्भ किया।नाबार्ड के चीफ जनरल मैनेजर दिनेश राणा इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। सर्वप्रथम नाबार्ड से आए सीजेएम दिनेश राणा, डीजे एमबीआर प्रेमी, डीडीएम अशोक कुमार ने पूजा अर्चना की। तत्पश्चात दिनेश राणा ने हरी झंडी दिखाकर दुग्ध वितरण वाहन का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि यह वाहन अमृतधारा दुग्ध उत्पादन एवं विपणन सहकारी समिति इस वाहन की सहायता से अपना वार्षिक टर्नओवर निश्चित रूप से बढ़ा सकती हैं। बता दें की इस वाहन की खरीद हेतु 50% अमृतधारा दुग्ध समिति द्वारा वहन किया गया और 50% की सहयोग राशि नाबार्ड ने अदा की। अमृतधारा दूध उत्पादन समिति के प्रधान शांता शर्मा ने बताया कि उनकी इस समिति के साथ 320 परिवार जुड़ चुके हैं जिन्होंने दुग्ध उत्पादन को अपना आजीविका का साधन बनाया है। उन्होंने बताया कि समिति का वार्षिक टर्नओवर लगभग 86 लाख का हो गया है। समिति के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रेनू ठाकुर ने बताया कि अभी तक वह 800 लीटर प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन कर रही हैं, उनका लक्ष्य इसे तीन गुना बढ़ाने का है। उन्होंने बताया कि वह घर घर फीड पशु चारा साइलेज पहुंचा रहे हैं जिससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो रही है। अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन के कार्यक्रम अधिकारी भूपेंद्र गांधी ने महिलाओं द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इस मौके पर समिति के संचालक एवं प्रधान शांता शर्मा,चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रेनू ठाकुर, सदस्य सुलोचना, सुमन, कांता ठाकुर, कृष्णा, रूपा ठाकुर इत्यादि शामिल रही।
उपायुक्त सोलन कृतिका कुलहरी की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला योजना विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला के सभी विकास खण्ड अधिकारियों, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग तथा स्थानीय शहरी निकायों के अधिकारियों के साथ विभिन्न योजना शीर्षों के अन्तर्गत योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने बैठक में वर्ष 2019-20, वर्ष 2020-21 के दौरान स्वीकृत कार्यों को पूर्ण करके उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न लम्बित विकास कार्यों को पूर्ण करने के लिए अधिकारी जमीनी स्तर पर निरीक्षण कर उचित कदम उठाएं। इस बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ज़फ़र इकबाल, जिला योजना अधिकारी नरेश शर्मा, साख योजना अधिकारी देश राज, खण्ड विकास अधिकारी सोलन रमेश शर्मा, खण्ड विकास अधिकारी धर्मपुर सुभाष अत्री, खण्ड विकास अधिकारी कुनिहार तारा शर्मा, खण्ड विकास अधिकारी कण्डाघाट एचसी शर्मा, खण्ड विकास अधिकारी नालागढ़ ओम पाल, लोक निर्माण विभाग अर्की के अधिशाषी अभियन्ता रवि कपूर, सोलन के अरविंद शर्मा, नालागढ़ के अजय शर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कुनिहार : ममलीग के गाँव सतडोल में चल रहे शिव महापुराण कथा के 9वे दिवस में आचार्य हरि महराज ने भगवान शिव पार्वती का गुणगान करते हुए कहा कि माँ पार्वती को हिमालय पहाड़ों की पुत्री कहा जाता है क्योकि माँ पार्वती के पिता पर्वतराज हिमालय के राजा थे और माँ पार्वती को पहले रूप में शेल पुत्री भी कहा जाता है। आचार्य हरि महराज ने कहा कि नवरात्रों के पहले तीन देवी दुर्गा के लिए समर्पित किये गए हैं जिसमे तीनों दिनों में नारी के तीन रूपों की पूजा की जाती है पहले दिन बालिका दूसरे दिन युवती व् तीसरे दिन महिला के रूप में पूजा की जाती है आचार्य ने शिव शक्ति माँ सती देवी जगतम्बा तथा जगन्नाथ पूरी मंदिर के प्रसंग से भी श्रधालुओ को अवगत करवाया हरी महराज ने कहा कि जो भी श्रोता सच्चे मन से शिव महापुराण कथा को सुनते है उनके जन्म जन्मान्तर के पाप दोष नष्ट हो जाते है व् भविष्य में कभी संकट नही आता है मिडिया प्रभारी बांके बिहारी विश्व मांगलिक सेवा धाम डी डी कश्यप ने बताया कि कथा की पूर्णाहुति 2 दिसम्बर को होगी इस मोके पर चन्द्रमोहन, गोदावरी देवी ,संतराम कोंडल, हरिराम ,सतीश कुमार वर्मा, प्रेमसिंह, रोशनलाल ,अश्वनी कुमार मेहता, मनमोहन शर्मा, लायक राम सहित काफी संख्या में श्रधालुओ ने कथा का आनंद उठाया।
भारत के निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सोलन जिला के 54-कसौली विधानसभा क्षेत्र में पात्र नागरिकों को अपना नाम मतदाता सूचियों में दर्ज करवाने तथा मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी एवं तहसीलदार कसौली मनमोहन जिस्टू ने आज प्रचार एवं जागरूकता वाहन को रवाना किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि पात्र नागरिकों को अपना नाम मतदाता सूचियों में दर्ज करवाने तथा मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए इस प्रचार वाहन के माध्यम से कसौली विधानसभा क्षेत्र में स्थित विद्यालयों, महाविद्यालयों, बस अड्डे तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों में आम लोगों को मतदाता सूचियों में नाम दर्ज करवाने के लिए जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2022 को 18 वर्ष या उससे अधिक की आयु पूर्ण करने वाले युवा मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं। पात्र मतदाता 9 दिसम्बर तक मतदाता सूचियों में अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं। इस कार्य के लिए सभी मतदान केन्द्रों पर अभिहित अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदाता हेल्पलाइन मोबाइल ऐप, वेबसाईट https://voterportal.eci.gov.in/ तथा https://nvsp.in/ के माध्यम से ऑनलाइन नाम दर्ज करने की सुविधा भी प्रदान की गई है। उन्होंने सभी नागरिकों विशेषकर 18 से 19 वर्ष पूर्ण कर चुके युवाओं से आग्रह किया कि वह मतदाता सूचियों में अपना नाम दर्ज करें ताकि मतदाता सूची को नवीनतम व त्रुटिरहित बनाया जा सके और कोई भी योग्य मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
हिमाचल पथ परिवहन निगम में कार्यरत पीस मील वर्कर टूल डाउन हड़ताल पर बैठ गए हैं। परवाणू में भी कर्मचारियों ने वर्कशाप में काम बंद कर दिया है। पीसमिल कर्मचारियों ने मांग की है कि जब तक उन्हें अनुबंध पर नही लिया जाता, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। हिमाचल प्रदेश पीसमील वर्कर कर्मचारी मंच परवाणू के प्रधान सुनील पुंडीर ने बताया कि अगस्त में भी कर्मचारियों को अनुबंध पर करने की मांग को लेकर टूल डाउन हड़ताल की गई थी। 17 अगस्त से 24 अगस्त तक चली हड़ताल को परिवहन मंत्री और निगम प्रबंधन के आश्वासन के बाद वापस लिया गया था। लेकिन मंत्री और प्रबंधन का आश्वासन झूठा निकला है। ऐसे में पीस मील वर्कर खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आज से पूरे प्रदेश में पीसमील वर्कर अनिश्चितकालीन टूल डाउन स्ट्राइक बैठेंगे।
भविष्य में चीड़ की पेड़ों से गिरी हुई पत्तियाँ परेशानी नहीं बनेगी बल्कि इसे ईंधन बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। डॉ यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्याल, नौणी के बेसिक साइन्स विभाग के वैज्ञानिक पिछले करीब दो वर्षों से इस विषय पर अनुसंधान कर रहे है। अब तक गन्ना व चावल से इथनॉल तैयार होता है। विश्वविद्यालय के विज्ञानियों का कहना है कि इस तकनीक को भविष्य में पराली पर भी इस्तेमाल किया जाएगा। इस तकनीक के विकसित होने से एथनाल बनाने के लिए खाद्य पदार्थों पर निर्भरता कम हो जाएगी। विवि के पीआरओ सुचेत अत्री ने बताया कि वर्तमान में एथानॉल गन्ना, चावल आदि जैसे खाद्य प्रदार्थों से बनाया जाता है। जबकि इस परियोजना में जैविक अपशिष्ट का इस्तेमाल कर इथनॉल बनाने पर महत्वपूर्व कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में अब तक इस अप्रयुक्त वन अपशिष्ट से ईंधन ग्रेड इथेनॉल का उत्पादन करने के लिए एक नई तकनीक विकसित करने का काम पूरा किया जा चुका है। यह है इथनोल बनाने की प्रक्रिया इस प्रक्रिया में मुख्य रूप से विशेष माइक्रोब का इस्तेमाल कर प्रतिरोधी पत्तियों को घोल दिया जाता है और इसका किण्वन(जैव-रासायनिक क्रिया) का मानकीकरण कर इथेनॉल में बदल दिया जाता है। भारत सरकार की वर्ष 2025 तक वाहनों को चलाने के लिए पेट्रोल में 20% इथेनॉल का सम्मिश्रण पर स्विच करने के लक्ष्य से इस परियोजना को आने वाले भविष्य में अधिक मांग वाली नवीन प्रौद्योगिकी के रूप में देखा जाएगा। हिमाचल सरकार ने भी अभी हाल ही में एक इथनॉल प्लांट लगाने का निर्णय लिया है। विवि के इस अनुसंधान से चीड़ की पत्तियों का पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन का मार्ग मिलेगा और यह न केवल इस जैविक अपशिष्ट के उचित निपटान में मदद करेगा बल्कि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी योगदान देगा क्योंकि एथानॉल बनाने के लिए खाद्य पदार्थों पर निर्भरता कम हो जाएगी। कोविड -19 महामारी के कारण इस परियोजना की प्रगति पर असर पड़ा है। बावजूद इसके जीबीपंत राष्ट्रीय संस्थान के निदेशक द्वारा इस प्रोजेक्ट में किए जा रहे कार्य की सराहना की गई है। परियोजना के अंतिम वर्ष में इस नवीन प्रौद्योगिकी को सफलतापूर्वक उद्योग में स्थानांतरित करने के लिए वित्त पोषण एजेंसी के साथ प्रौद्योगिकी के सत्यापन पर कार्य किया जाएगा। दो चरण की है प्रक्रिया इस माध्यम से एथनाल प्राप्त करने के लिए दो चरणों की प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। पहले चरण में पत्तियों को सूक्ष्मजीवों की मदद से तोड़कर सेल्यूलोज (कार्बोहाइड्रेट) अलग किया जाता है और शुगर की फार्म में लाया जाता है। दूसरे चरण में शुगर से इथनॉल बनाया जाता है। यह इथेनाल वैसा ही होगा जैसा चावल व गन्ने से तैयार किया जाता है। विश्वविद्यालय के निदेशक, अनुसंधान डा. रविंद्र शर्मा ने बताया कि आने वाले वर्षों में इथनॉल का ईंधन के तौर पर उपयोग महत्वपूर्ण होता जाएगा। यह प्रदूषण कम करने मे भी सहायक होगा। प्रदूषण नियंत्रण में सहायक है इथनॉल इथनॉल एक प्रकार का अल्कोहल है। इथनॉल के इस्तेमाल से वाहन से कार्बन मोनोआक्साइड उत्सर्जन 35 फीसद कम होता है। यह सल्फर डाइआक्साइड को भी कम करता है। इसमें 35 फीसद आक्सीजन होती है और इससे नाइट्रोजन आक्साइड उत्सर्जन में कमी आती है। इथनॉल को पेट्रोल में मिलाकर गाडिय़ों में ईंधन की तरह प्रयोग किया जा सकता है। इथेनॉल के लिए तीन प्लांट मंजूर बाईट कुछ माह पूर्व केंद्र सरकार की तरफ से हिमाचल प्रदेश के लिए इथेनॉल के 3 प्लांट मंजूर हुए हैं। इससे प्रदेश में 600 करोड़ रुपए का निवेश होगा। इसके लिए केंद्र सरकार की तरफ से हिमाचल प्रदेश की 3 कंपनियों को शॉर्ट लिस्ट किया है। इस प्लांट को लगाए जाने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से नई गाइडलाइन जारी की गई है। इसके तहत कंपनी को 5 फीसदी का शेयर ही लगाना होगा, जबकि शेष 95 फीसदी की फंडिंग बैंक से लिए जाने वाले ऋण से होगी। केंद्र सरकार की ओर से देश के 4 राज्यों के लिए इस तरह के पलांट मंजूर किए गए हैं, जिनमें से हिमाचल भी शामिल है। हिमाचल प्रदेश में 2 प्लांट कांगड़ा जबकि 1 प्लांट सोलन जिले में स्थापित किया जाएगा। इसमें से पहले प्लांट की क्षमता 1250 किलोलीटर, दूसरे की 150 किलोलीटर और तीसरे की क्षमता 200 किलोलीटर प्रतिदिन होगी। इससे प्रदेश में युवाओं को सीधे तौर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। सुलगते जंगलों से मिली शोध की प्रेरणा विश्वविद्यालय के बेसिक साइंस विभाग की अध्यक्ष डा. निवेदिता शर्मा इस परियोजना की मुख्य अन्वेषक हैं। अनुसंधान कार्य में रिसर्च एसोसिएट डा. निशा शर्मा ने भी साथ दिया। डा. निवेदिता ने बताया कि वह दो साल से इस पर शोध कर रही हैं। वनों की आग की घटनाओं से चिंतित होकर उन्हेंं शोध की प्रेरणा मिली, क्योंकि वनों की आग का एक बड़ा कारण नीचे गिरी चीड़ की पत्तियां भी हैं। उनका कहना है कि वह पेट्रोलियम पदार्थों के दोहन विषय पर भी कई कार्यशालाओं में भाग ले चुकी हैं, वहां से भी काफी प्रेरणा मिली।


















































