** जेष्ठ सोमवार को लगेगा विशाल भंडारा कुनिहार की प्रसिद्ध प्राचीन शिव ताण्डव गुफा में रविवार से दो दिवसीय राम चरित मानस कथा पाठ का शुभारंभ किया जाएगा, जिसे जेष्ठ सोमवार को हवन व पूर्णाहुति के साथ विराम दिया जाएगा। यह जानकारी गुफा विकास समिति के अध्यक्ष राम रतन तनवर व मीडिया प्रभारी मनु भारद्वाज ने दी। उन्होंने बताया कि जेष्ठ सोमवार को कथा विराम के बाद शिव भक्तों व क्षेत्रवासियों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन समिति व शंभू परिवार द्वारा किया जाएगा। समिति व शंभू परिवार ने सभी शिव भक्तों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर गुफा में विराजमान प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन करने तथा भंडारा ग्रहण करने की अपील की हैं। गुफा में भजन कीर्तन का भी आयोजन शिव भक्तों द्वारा किया जाएगा।
आज यानी 16 नवंबर को खंड सोलन की तीसरी अंडर 12 दो दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ उप शिक्षा निदेशक प्रारंभिक शिव कुमार शर्मा द्वारा किया गया। यह खेल प्रतियोगिताएं केंद्र पाठशाला शमरोड़ के प्रांगण में आयोजित की जा रही हैं। इन खेलकूद प्रतियोगिताओं की अध्यक्षता खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी हरिराम चंदेल द्वारा की जा रही है। खेलकूद प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शिव कुमार शर्मा उप शिक्षा निदेशक प्रारंभिक शिक्षा बतौर मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के तौर पर पूनम कालटा प्रधानाचार्य वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला शमरोड़ मदन हिमाचली ग्राम पंचायत प्रधान शमरोड उपस्थित रहे। इस खेलकूद प्रतियोगिता में मुख्य तौर पर कबड्डी खो खो वॉलीबॉल बैडमिंटन एथलेटिक्स कल्चरल में लोक नृत्य भाषण प्रतियोगिता और क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में खंड सोलन के 12 केदो के 66 पाठशालाओं से लगभग 250 छात्र और छात्राएं भाग ले रही हैं। सबसे पहली प्रस्तुति मार्च पास्ट की रही, इसमें जोन शमरोड़ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
एचपीएस अधिकारी विनोद धीमान ने एसपी बद्दी का कार्यभार संभाल लिया है। एसपी बद्दी इल्मा अफरोज के छुट्टी पर जाने की वजह से रिक्त पड़े पद पर प्रदेश सरकार ने एचपीएस अधिकारी विनोद धीमान की तैनाती की है। पुलिस जि़ला बद्दी के नए कप्तान विनोद धीमान ने गुरुवार को जिला मुख्यालय में विधिवत कार्यभार सभाला। एएसपी अशोक वर्मा ने एसपी विनोद धीमान का स्वागत किया और एसपी कार्यालय में तैनात स्टाफ से परिचय करवाया। 2018 बैच की आईपीएस अधिकारी इल्मा अफरोज पुलिस अधीक्षक बद्दी के अर्जित अवकाश अवधि के दौरान 2007 बैच के एचपीपीएस अधिकारी विनोद कुमार को एसपी बद्दी का कार्यभार सौंपा गया है। विनोद कुमार आठवीं बटालियन होम गार्ड चंबा में कमांडेंट के पद पर तैनात थे, जब तक आईपीएस अधिकारी इल्मा अफरोज छुट्टी से वापस आकर कार्यभार ग्रहण नहीं कर लेती एसपी बद्दी के पद पर एसपी विनोद कुमार धीमान तैनात रहेंगे।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार विपक्ष के दुष्प्रचार से विचलित नहीं होगी और प्रदेश की जनता की भलाई के लिए काम करती रहेगी। रामपुर के दत्तनगर में हिमाचल के सबसे बड़े मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट के लोकार्पण अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार की मदद के बिना प्राकृतिक आपदा से प्रभावित 23 हजार परिवारों का पुनर्वास किया। सीएम ने कहा कि प्रदेश के किसानों से लिए जाने वाले दूध के दाम सरकार अगले साल के बजट में और बढ़ाएगी। अभी सरकार किसानों से गाय का दूध 45 रुपये और भैंस का दूध 55 रुपये प्रतिलीटर के हिसाब से खरीद रही है। पूर्व जयराम सरकार ने बिना बजट और पर्याप्त स्टाफ के शिक्षण और स्वास्थ्य संस्थान खोले। चुनावी लाभ के लिए 5,000 करोड़ की रेवड़ियां बांटीं। सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार पशुपालन विभाग में 900 पशु फार्मासिस्टों की भर्ती करने जा रही है, ताकि पशुपालकों को घरद्वार पर बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के कार्यों के कारण ही हिमाचल गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं देने में देशभर में पिछड़ गया। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार देवी-देवताओं और जनता के आशीर्वाद से हर चुनौती पर विजय प्राप्त कर रही है। राजनीतिक चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करते हुए कांग्रेस पार्टी के विधायकों की संख्या फिर से 40 हो गई है।
हिमाचल में सैलानियों की संख्या में इजाफा हुआ है। वीकेंड पर एक साथ तीन छुट्टियों के चलते हिमाचल में टूरिस्ट की संख्या बढ़ी हैं। शिमला, कुफरी, कसौली, चायल, नारकंडा, मनाली और धर्मशाला में बड़ी संख्या में टूरिस्ट उमड़े हैं। प्रदेश के होटलों में ऑक्यूपेंसी बढ़कर 50 फीसदी तक पहुंच गई है। रोहतांग सहित प्रदेश की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी के बाद सैलानियों का आकर्षण बढ़ा है। विंटर टूरिस्ट सीजन से पहले हिमाचल में सैलानियों की संख्या बढ़ने से पर्यटन कारोबारी उत्साहित हैं। रोहतांग में हुई बर्फबारी के बाद बाहरी राज्यों के सैलानियों ने मनाली का रुख करना शुरू कर दिया है। बीते एक सप्ताह में मनाली पहुंचने वाले सैलानियों की संख्या करीब दोगुनी हो गई है। शिमला, कसौली, चायल, कुफरी और नारकंडा में भी वीकेंड पर टूरिस्टों की आवाजाही बढ़ गई है। शिमला के रिज मैदान और मालरोड पर शुक्रवार को सैलानियों की खूब चहलपहल रही। कुफरी में सैलानियों ने घुड़सवारी का लुत्फ उठाया। नारकंडा की हाटू पीक पहुंचने वाले सैलानियों की संख्या बढ़नी शुरू हो गई है। शुक्रवार को कसौली में सैलानियों की संख्या बढ़ने से ट्रैफिक जाम की समस्या पेश आई। फेडरेशन ऑफ ऑल हिमाचल होटल एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि लांग वीकेंड पर हिमाचल के पर्यटन स्थल सैलानियों से गुलजार हो गए हैं। विंटर टूरिस्ट सीजन से पहले वीकेंड पर टूरिस्टों की संख्या बढ़ने से आने वाले दिनों में अच्छे कारोबार की उम्मीद है। रोहतांग में हुई बर्फबारी के बाद मनाली में सैलानियों की संख्या में इजाफा हुआ है। वीकेंड पर तीन दिन की छुट्टियों के पैकेज के चलते भारी संख्या में सैलानी हिमाचल पहुंचे हैं। होटलों में ऑक्यूऐंसी 50 फीसदी तक पहुंच गई है। अच्छी बर्फबारी हाेने पर सैलानियों की संख्या में बूम आएगा
शिमला: हिमाचल प्रदेश में हाल ही में हाईकोर्ट में सीपीएस की नियुक्तियां निरस्त होने के बाद प्रदेश मंत्रिमंडल की आज बैठक होगी। शिमला स्थित प्रदेश सचिवालय में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली मंत्रिमंडल की इस बैठक में हाईकोर्ट में सीपीएस की नियुक्तियां निरस्त होने पर चर्चा हो सकती है। वहीं, प्रदेश की सुक्खू सरकार का दो साल का कार्यकाल 11 दिसंबर को पूरा होने जा रहा है। ऐसे में कैबिनेट की मीटिंग में दो साल का कार्यकाल पूरा होने को लेकर मनाए जाने वाले जश्न को लेकर भी चर्चा हो सकती है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में करुणामूलक आधार पर नियुक्ति देने से संबंधित विषय को लेकर गठित मंत्रिमंडलीय उपसमिति की सिफारिशों पर बैठक में चर्चा होने की संभावना है। इसी तरह से विधानसभा का शीतकालीन सत्र भी होना है, जिस पर भी कैबिनेट की चर्चा हो सकती है। हिमाचल में आगामी बजट को लेकर सरकार ने अपनी तैयारियां भी शुरू कर दी है। इसको लेकर मुख्यमंत्री पहले ही मंत्रिमंडल के सहयोगियों और अधिकारियों के साथ बैठक कर चुके हैं, जिसमें मंत्रियों से अपने-अपने विभागों से संबंधित प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है, ताकि इसे बजट में शामिल करके आम जनता को फायदा पहुंचाया जा सके। हिमाचल में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है। प्रदेश में साल 2022 हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की भी गारंटी दी थी। हर बार कैबिनेट की मीटिंग में सरकार का नए पदों को सृजित कर इन्हें भरे जाने का प्रयास रहता है। ऐसे में आज आयोजित होने वाली कैबिनेट की बैठक में विभिन्न विभागों में और भी नए पद सृजित किए जा सकते हैं। इसको देखते हुए युवाओं को कैबिनेट की मीटिंग से काफी उम्मीदें रहती है। सीएम सुक्खू की अध्यक्षता में पिछली कैबिनेट बैठक 22 अक्टूबर को आयोजित हुई थी, जिसमें मंत्रिमंडल ने वन विभाग में 2,061 वन मित्रों की नियुक्ति को मंजूरी दी थी। इसी तरह से कैबिनेट ने मुख्यमंत्री आरोग्य पशुधन योजना के तहत प्रदेश के पशु चिकित्सालय में सालों से सेवाएं दे रहे GPVA को नियमित करने के लिए 964 पद सृजित किए थे। वहीं, कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग में वर्क इंस्पेक्टर के 100 पदों को भरने की भी मंजूरी दी गई थी। इसके अलावा सुक्खू कैबिनेट ने डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, हमीरपुर में 150 स्टाफ नर्स के पद भरने का भी फैसला लिया था। इसी तरह से मंत्रिमंडल ने चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर में सामान्य चिकित्सा, शिशु रोग, सामान्य शल्य चिकित्सा, अस्थि रोग, एनेस्थीसिया और रेडियोलॉजी विभागों में छह एसोसिएट प्रोफेसर के पद और 10 सहायक प्रोफेसर पद सृजित कर भरने का भी फैसला लिया गया था।
सोलन देऊंघाट की रहने वाली एक नाबालिग लड़की घर में पड़ी डांट से ऐसे उखड़ी की घर छोड़कर ही चली गई। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए किशोरी को सोलन के नडोह गांव के पास से बरामद करके परिजनों के हवाले कर दिया है। सोलन के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार देऊंघाट निवासी एक महिला ने सदर पुलिस थाने को दी गई शिकायत में कहा कि उनकी 14 वर्ष की बेटी 12 नवंबर को घर से स्कूल के लिए निकली थी। लेकिन इसके बाद वह घर नहीं लौटी। महिला ने बताया कि काफी खोजबीन के बाद भी उन्हें बेटी का कहीं सुराग नहीं मिला। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज करके त्वरित प्रभाव से किशोरी की तलाश शुरू की। काफी प्रयास के बाद सोलन के नडोह गांव के पास किशोरी पुलिस के हाथ लग गई। इसके बाद पुलिस ने किशोरी का सोलन के जोनल चिकित्सालय में मेडिकल परीक्षण कराने के बाद परिजनों के हवाले कर दिया। एसपी सोलन के अनुसार पूछताछ में पता चला कि किशोरी माता पिता से मनमुटाव के बाद बिना बताए घर से निकल गई थी। एसपी के अनुसार मामले की जांच जारी है।
आज साई संजीवनी इंस्टीट्यूट और हॉस्पिटल, सोलन में विश्व मधुमेह दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कॉलेज के चेयरमैन डॉ. संजय अग्रवाल और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. सविता अग्रवाल ने विद्यार्थियों को विश्व मधुमेह रोग के बारे में जानकारी दी। इस साल के विश्व मधुमेह दिवस का विषय "बाधाओं को तोड़ना, अंतराल लाना: उपचार और देखभाल तक समान पहुंच पर जोर देना" था, जिसके विषय पर पूरा कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर बच्चों ने रंगोली बनाई और मधुमेह के कारणों, लक्षणों और उसके उपचार के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर कॉलेज के चेयरमैन डॉ. संजय अग्रवाल ने बच्चों को मधुमेह के बारे में और इसके बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने मुख्य लक्षणों जैसे पॉलीयूरिया (बार-बार पेशाब आना), पॉलीडिप्सिया (अधिक प्यास लगना), और पॉलीफेजिया (अधिक भूख लगना) के बारे में बताया। इसके साथ ही, उन्होंने सामान्य रक्त शर्करा स्तर के बारे में भी जानकारी प्रदान की। इसी अवसर पर, डॉ. संजय अग्रवाल और डॉ. सविता अग्रवाल ने बच्चों को बाल दिवस की शुभकामनाएं दीं और निरंतर इस तरह के कार्यक्रमों के बारे में जागरूक रहने की प्रेरणा प्रदान की। कॉलेज की प्रिंसिपल दिवया व सभी अध्यापक उपस्थित रहे।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पट्टाबरावरी ने अपना वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह विद्यालय परिसर में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया। समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे मदन लाल बदन सेवानिवृत वरिष्ठ लेखा अधिकारी कार्यालय प्रधान महा लेखाकार हिमाचल प्रदेश शिमला का विद्यालय परिवार द्वारा फूलमालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया गया। सरस्वती वंदना और वंदे मातरम के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। विद्यालय प्रधानाचार्य कमलेश चौहान व स्टाफ द्वारा मुख्य अतिथि को शॉल टोपी व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय प्रधानाचार्य ने मुख्य अतिथि व अन्य अतिथियों का स्वागत कर विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट सबके सामने रखी। उन्होंने कहा कि विद्यालय के छात्र छात्रा पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद व अन्य सामाजिक गतिविधियों में भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लेकर विद्यालय व क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं। समारोह में विद्यालय के बच्चो द्वारा एक से एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिसमें नाटी, गिद्दा,,समूह गान, भांगड़ा , पंजाबी ,राजस्थानी व पहाड़ी कार्यक्रम प्रस्तुत कर बच्चो ने खूब वाहवाही लूटी। मुख्य अतिथि ने अपने सम्बोधन में विद्यालय को वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की बधाई देते हुए बच्चो से अपील करते हुए कहा कि अपने अध्यापकों व अभिभावकों के मार्ग दर्शन में अपने जीवन में कामयाबी हासिल कर अपना कैरियर बनाए तथा समाज में फैल रहे जानलेवा नशे से दूर रहे। उन्होंने कहा कि हमें पढ़ाई के साथ-साथ खेल-कूद व अन्य सामाजिक गतिविधियों में भी बढ़चढ़ कर भाग लेना चाहिए। अंत में मुख्यातिथि ने वर्षभर की विद्यालय गतिविधियों में अव्वल रहने वाले छात्रों को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर गोपाल शर्मा, सुखराम, राम कौशल, डी डी कश्यप, दीश सिंह, लायक राम, हरीश कौशल, नेक राम कौंडल, शिवदत शर्मा, ख्यालीराम, कन्हैयालाल,अ जीत आदि मौजूद रहे।
भारतीय जनता पार्टी सोलन के जिलाध्यक्ष रतन सिंह पाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण फैंसले ने साबित कर दिया कि हिमाचल प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार ने किस प्रकार गैर कानूनी तरीके से मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति करते हुए दो साल व्यतीत कर दिए। लगातार हिमाचल प्रदेश के पैसे का दुरूपयोग हुआ, शक्तियों का दुरूपयोग हुआ, 6 मुख्य संसदीय सचिव बनाकर उनको मंत्रियो के बराबर शक्तियां देना गैर कानूनी रहा, संविधान के खिलाफ रहा। पाल ने कहा कि हम हिमाचल प्रदेश के उच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हैं, जिन्होनें सभी 6 मुख्य संसदीय सचिवों को पदमुक्त करने का निर्देश दिया। इनकी शक्तियां व कानून को समाप्त करने का जो फैंसला किया, वो स्वागत योग्य कदम है और हिमाचल प्रदेश की जनता के साथ अन्यायपूर्ण रवैया वर्तमान कांग्रेस सरकार ने किया है, हम उसकी निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू द्वारा यह फैसला असंवैधानिक और तानाशाहीपूर्ण तरीके से लिया गया था। भारतीय जनता पार्टी मांग करती है कि सीपीएस के पद पर नियुक्त किए गए सभी विधानसभा सदस्यों की सदस्यता भी रद्द की जाए। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बाद भी सरकार द्वारा तानाशाही पूर्ण तरीके से यह नियुक्ति अपने इस विधायकों को खुश रखने के लिए की गई थी, जिसका खर्च प्रदेश के आम टैक्स पेयर्स को उठाना पड़ा। सुक्खू सरकार ने यह निर्णय संविधान के दायरे के बाहर रहकर लिया था, जिसे आज न्यायालय द्वारा रद्द कर दिया है। सरकार द्वारा किए गए इस फैसले से स्पष्ट है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार संविधान के बजाय अपने प्रावधानों से चलना पसंद करती है। पाल ने कहा कि भाजपा पहले दिन से ही सीपीएस बनाने के फैसले के खिलाफ थी क्योंकि यह असंवैधानिक था। न्यायालय के आदेशों की उल्लंघना थी। इसके विरुद्ध भाजपा ने आवाज उठाई, न्यायालय गए और सरकार के इस फैसले को चुनौती दी गई। असंवैधानिक निर्णय को औचित्यपूर्ण ठहराने में सुक्खू सरकार ने हर स्तर पर राज्य के संसाधनों का प्रयोग किया। पहले हमारी पार्टी के नेताओं के द्वारा दाखिल की गई याचिकाओं के औचित्य पर सवाल उठाने में प्रदेश के करोड़ों रुपए वकीलों की फीस में खर्च की जो ऊर्जा और संसाधन प्रदेश के विकास के लिए लगाए जाने थे उन्हें सरकार ने अपने तानाशाही फैसलों को जायज ठहराने में खर्च किए।
हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में स्टेट काउंसिल ऑफ वोकेशनल ट्रेनिंग (एससीवीटी) की परीक्षाएं ऑनलाइन करवाने का फैसला लिया है। इसके कारण जहां कागजों की बचत होगी तो वहीं परिणाम भी समय पर निकाला ज सकेगा। बता दें कि तकनीकी शिक्षा बोर्ड की ओर से हर वर्ष औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में एससीवीटी परीक्षा ऑफलाइन मोड पर करवाई जाती है। इस प्रणाली में समय के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। लिहाजा, अब बोर्ड ने बदलाव करते हुए परीक्षा का संचालन ऑनलाइन मोड पर करवाने का फैसला लिया है। इसके लिए बोर्ड की ओर से पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। इस बार से अब ऑनलाइन ही परीक्षाएं करवाई जाएंगी। एससीवीटी की परीक्षाएं ऑनलाइन करवाने के लिए सितंबर में ट्रायल हुआ था। प्रदेश भर में स्थापित 15 केंद्रों पर ऑनलाइन मोड पर 23 ट्रेडों की परीक्षाएं करवाई गई थीं। ट्रायल सफल रहा था। सिर्फ दो ट्रेडों की परीक्षाएं ऑनलाइन नहीं हो पाई थीं, क्योंकि उन विषयों का अधिकतर भाग थियोरी पर आधारित था। ऑनलाइन आयोजित हुई परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों से एमसीक्यू प्रश्न पूछे गए थे। ऑनलाइन परीक्षा के दौरान टाइमर कंप्यूटर स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा, जिसके चलते अभ्यर्थियों को समय का भी साथ-साथ पता चलता रहेगा। ऑनलाइन परीक्षा का एक फायदा यह भी होगा कि अगर परीक्षा के दौरान विद्युत आपूर्ति बाधित होती है तो परीक्षा का समय भी रुक जाएगा। जैसे ही फिर बिजली आएगी, तो परीक्षा का टाइम वहीं से शुरू होगा, जहां से बिजली गुल हुई थी। हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड ने एससीवीटी परीक्षाओं के आयोजन के लिए एक नई पहल की है। इस बार से ट्रेड शुरु होने के दौरान ली जाने वाली एससीवीटी परीक्षाओं का आयोजन कंप्यूटर आधारित परीक्षण (सीबीटी) के तहत लिया गया है। इससे जहां कागज की की बचत हुई है, वहीं अन्य भी कई प्रकार के लाभ मिले हैं हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर ने दिसंबर व जनवरी माह में प्रस्तावित परीक्षाओं के लिए परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि 16 नवंबर तक बढ़ाई है। पूर्व में आवेदन के लिए 12 नवंबर तक का समय प्रदान किया गया था, परंतु कुछेक विद्यार्थी निजी कारणों से आवेदन नहीं कर पाए थे। अब तिथि बढ़ने से स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षा के नियमित सेमेस्टर और रि-अपीयर के विद्यार्थी 16 नवंबर तक बिना विलंब शुल्क के ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भर सकते हैं। तकनीकी विवि के परीक्षा नियंत्रक कमल देव सिंह कंवर ने कहा कि दिसंबर 2024 और जनवरी 2025 में प्रस्तावित परीक्षा की संभावित तिथियां भी घोषित कर दी हैं। विद्यार्थी उपरोक्त तिथि तक ऑनलाइन माध्यम से परीक्षा फॉर्म भर सकते हैं।
हिमाचल में 15 नवंबर से मौसम करवट बदल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार पश्चिमी हिमालय में 14 नवंबर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। हालांकि इस दौरान अधिक वर्षा व हिमपात के आसार नहीं हैं। कांगड़ा व कुल्लू में हल्की वर्षा, लाहुल स्पीति, चंबा व कुल्लू के ऊपरी क्षेत्रों में बर्फ के हल्के फाहे गिर सकते हैं। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में वर्षा व हिमपात की संभावना नहीं है। प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में सुबह कोहरा पड़ना जारी है। ऊना जिला में 10 दिन तक घना कोहरा पड़ने की संभावना है। मंडी, कांगड़ा व हमीरपुर जिले शिमला से अधिक ठंडे है। बुधवार को शिमला का न्यूनतम तापमान 10.6, मंडी का 9.3 और कागंडा व हमीरपुर का 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है। मौसम विभाग ने हमीरपुर, मंडी व बिलासपुर के कई क्षेत्रों में 17 नवंबर तक कोहरे को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। कोहरे के कारण प्रदेश में सुबह और शाम ठंड काफी बढ़ गई है। दोपहर को धूप लोगों को परेशान कर रही है। करीब डेढ़ माह से वर्षा न होने से किसान व बागवान परेशान हैं। आने वाले दिनों में वर्षा नहीं हुई तो किसानों व बागवानों की मुश्किल बढ़ सकती है। प्रदेश में शुष्क ठंड से फिलहाल राहत नहीं मिलने वाली है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले चार दिन तक मंडी, बिलासपुर, ऊना और कुछ अन्य स्थानों पर सुबह व शाम घना कोहरा छाया रहेगा। इससे यातायात सेवाएं प्रभावित होंगी। 15 व 16 नवंबर को एक-दो ऊंचे क्षेत्रों में हिमपात और वर्षा की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के बाद मुख्य संसदीय सचिवों के सचिवालय में कार्यालय खाली कराने के आदेश जारी कर दिए गए हैं और कुछ दफ्तर खाली भी कर दिए गए हैं। सीपीएस के साथ लगाया गया स्टाफ भी वापस बुला दिया गया है। गाड़ियां इनसे वापस ले ली गई हैं। प्रदेश सरकार ने बुधवार शाम को ही यह आदेश जारी किए। यहीं नहीं इन सीपीएस को सरकार की ओर से दी गई सभी सुख सुविधाएं भी हट जाएंगी। सरकारी कोठियां भी खाली करनी होंगी। बुधवार को हाईकोर्ट के फैसले के बाद सचिवालय में सीपीएस के कमरों में सन्नाटा पसरा रहा। कई भी सीपीएस सचिवालय में नहीं देखे गए। सात मंत्रियों के साथ ही इन सीपीएस ने गोपनीयता की शपथ ली थी। सक्खू सरकार में मुख्य संसदीय सचिव मोहन लाल ब्राक्टा को विधि विभाग, संसदीय कार्य विभाग और बागवानी विभाग, रामकुमार को नगर नियोजन विभाग, उद्योग विभाग और राजस्व, आशीष बुटेल को शहरी विकास विभाग के साथ शिक्षा विभाग में मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के साथ अटैच किया गया। वहीं, मुख्य संसदीय सचिव किशोरी लाल को पशुपालन विभाग, ग्रामीण विकास के साथ पंचायती राज विभाग की जिम्मेवारी सौंपी गई। संजय अवस्थी को स्वास्थ्य जनसंपर्क और लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई। मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर को ऊर्जा, वन, परिवहन और पर्यटन विभाग विभाग का जिम्मा सौंपा गया। यह छह मुख्य संसदीय सचिव अलग-अलग विभागों के मंत्रियों की काम में मदद करने का जिम्मा दिया गया। हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश सरकार ने मुख्य संसदीय सचिव से स्टाफ हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। वरिष्ठ निजी सचिव भूरी सिंह राणा, तहमीना बेगम और विशेष निजी सचिव सत्येंद्र कुमार सहित अन्य स्टाफ को वापस बुलाया गया है। अब कार्मिक विभाग की ओर से इनकी अलग से नियुक्ति के आदेश जारी किए जाएंगे। राज्यपाल से मंजूरी के बाद यह फैसला लिया गया है। इसके साथ ही सरकार ने सीपीएस के स्टाफ के कर्मचारी यानकी देवी, सुनीता ठाकुर, उत्तम चंद, चेतन, संदीप, चंद्र, धर्मपाल, रविंद्र, नेत्र सिंह, मोहिंद्र, विनोद, टिक्कम राम, नीरज और भूपिंद्र को वापस बुलाने के आदेश जारी किए हैं।हिमाचल हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि प्रदेश में सीपीएस/पीएस की नियुक्ति का कानून फैसला आने तक लागू था। अयोग्यता अधिनियम 1971 के तहत सीपीएस/ पीएस की नियुक्तियों को संरक्षण दिया गया था, लेकिन इस फैसले के बाद मुख्य संसदीय सचिवों व संसदीय सचिवों की नियुक्ति को ऑफिस ऑफ प्रॉफिट माना जाएगा। एेसे में यदि अब सीपीएस नियुक्त होते हैं, तो उनकी विधायकी भी जाएगी।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) की नियुक्तियों के सांविधानिक दर्जे पर बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने सीपीएस एक्ट को निरस्त कर दिया है। इसके तहत सीपीएस को दी जा रही सभी सुविधाओं को खत्म कर दिया गया है। अब छह मुख्य संसदीय सचिव अब सिर्फ विधायक के ताैर पर ही कार्य करेंगे। कोर्ट ने सीपीएस की नियुक्तियों को असांविधानिक बताया है। इस मामले में अदालत में पीपल फॉर रिस्पॉन्सिबल गवर्नेंस संस्था की ओर से वर्ष 2016 में याचिका दायर की गई थी। अदालत में दूसरी याचिका कल्पना और तीसरी भाजपा नेता पूर्व सीपीएस सतपाल सत्ती सहित अन्य 11 भाजपा के विधायकों की ओर से दायर की गई थी। इन तीनों याचिकाओं में मूल प्रश्न हिमाचल प्रदेश में 2006 में बनाया गया एक्ट है। इसके तहत पहले भाजपा सरकार ने अपने विधायकों को सीपीएस बनाया था। अब कांग्रेस सरकार ने छह विधायकों को सीपीएस बनाया है। सरकार ने इस मामले में बहस के लिए सुप्रीम कोर्ट के दो वरिष्ठ अधिवक्ता नियुक्त किए। भाजपा की ओर से दी गई याचिका में कहा गया है कि सीपीएस पद का संविधान में प्रावधान नहीं है और भारत के संविधान के अनुच्छेद 164 के तहत प्रदेश में 15 प्रतिशत से ज्यादा मंत्रिमंडल नहीं बनाया जा सकता, जिससे हिमाचल में संख्या 12 ही हो सकती है। सीपीएस बनाने के बाद यह संख्या 17-18 पहुंच जाती है। अब हाईकोर्ट ने सीपीएस नियुक्ति एक्ट को निरस्त कर दिया है। वर्तमान कांग्रेस सरकार में छह मुख्य संसदीय सचिव है। सुक्खू सरकार ने अर्की विधानसभा क्षेत्र से संजय अवस्थी, कुल्लू से सुंदर सिंह, दून से राम कुमार, रोहड़ू से मोहन लाल ब्राक्टा, पालमपुर से आशीष बुटेल और बैजनाथ से किशोरी लाल को सीपीएस बनाया है। प्रदेश में सीपीएस का मूल वेतन 65 हजार रुपये है। भत्ते मिलाकर ये वेतन 2.20 लाख रुपये प्रति महीना पहुंच जाता है। इसके अलावा सीपीएस को गाड़ी, स्टाफ अलग भी मुहैया करवाया जाता है। विधायकों और सीपीएस के वेतन में 10 हजार रुपये का अंतर है। विधायकों का वेतन और भत्ते प्रति माह 2.10 लाख रुपये है। कुल मिलाकर सीपीएस को मिलने वाले सुविधाओं पर ही सवाल उठते रहे हैं। वैसे सीपीएस की नियुक्ति पर सियासी संग्राम देश के तमाम राज्यों में होता आया है। पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2013 में 10 सीपीएस नियुक्त किए थे। प्रेम कुमार धूमल ने वर्ष 2007 में दूसरी बार सत्ता में आए तो उनके नेतृत्व वाली सरकार ने 18 महीने के कार्यकाल के बाद 2009 में तीन सीपीएस की नियुक्ति की थी। इनमें सतपाल सिंह सत्ती, वीरेंद्र कंवर व सुखराम चौधरी शामिल थे। हिमाचल प्रदेश संसदीय सचिव (नियुक्ति, वेतन, भत्ते, शक्तियां, विशेषाधिकार और सुविधाएं) अधिनियम 2006 के मुताबिक सीपीएस को मंत्री की तरह कार्य करने की पहले से ही मनाही है। इसके तहत ही सीपीएस नियुक्तियां होती आई हैं। हालांकि, असम और हिमाचल प्रदेश में सीपीएस के लिए बनाए नियमों में भिन्नता है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ममलीग में NSS का 7 दिवसीय शिविर 8 नवंबर से 14 नवंबर तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें आज छठे दिन विभिन्न गतिविधियां राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवियों द्वारा की गई , जिसमें प्रभात फेरी, योग व आसन उसके उपरांत प्रोजेक्ट वर्क के तहत गांव ममलीग में पानी के स्रोतों व गलियों की साफ सफाई की गई साथ ही स्वास्थ्य केंद्र की भी साफ सफाई की गई। इस दौरान विद्यार्थियों ने चार बोरी प्लास्टिक कचरे की एकत्र की तथा उसका निपटान भी किया। दोपहर बाद बौद्धिक सत्र में एस०एच०ओ० पुलिस थाना सायरी बाला राम ठाकुर द्वारा स्वयंसेवियों को साइबर क्राइम व अन्य तरह के जुर्म नशे आदि के बारे में जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम अधिकारी संदीप ठाकुर व बिना गुप्ता के अतिरिक्त विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेश चौहान, प्रवक्ता राम नेगी, रघुवीर सिंह, मनोज ठाकुर, प्रदीप कुमार, मदन कुमार आदि उपस्थित रहे।
हिमाचल पथ परिवहन सेवा निवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच अर्की इकाई की अति आवश्यक बैठक शुक्रवार 15 नवंबर को पेंशनर्ज कार्यालय तालाब कुनिहार में इकाई अध्यक्ष बलबीर सिंह चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित की जा रही है। बलबीर सिंह चौधरी ने अर्की इकाई के सभी सदस्यों से इस अति आवश्यक बैठक में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने सभी पेंशनरों से आग्रह किया है कि 15 नवंबर को ठीक 11 बजे पेंशनर कार्यालय तालाब कुनिहार में पहुंचे तथा पेंशनरो की समस्या व आगामी रणनीति बारे चर्चा में बढ़चढ़ कर भाग लें।
** ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी, मैदानी क्षेत्रों में धुंध का अलर्ट जारी हिमाचल प्रदेश में फ़िलहाल मौसम शुष्क चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार कल से लाहौल- स्पीति, चंबा, कांगड़ा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे इन क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है। इसके अलावा मंडी, बिलासपुर और हमीरपुर में घनी धुंध का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा है कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के चलते आने वाले दिनों में कुछ एक जिलों में तापमान तीन डिग्री तक गिर सकते हैं। उन्होंने कहा कि 14 और 15 नवंबर को उतरी भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते चंबा, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति में हल्की फुल्की बारिश और अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने के आसार बन रहे हैं। मानसून अलविदा होने के बाद से प्रदेश में न के बराबर बारिश हुई है, जिसके चलते अक्टूबर में 95 फीसदी कम बारिश आंकी गई है और नवंबर में भी अभी तक कोई बारिश नहीं हुई है ।
शिमला: हिमाचल में 80 फीसदी से ज्यादा आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में बसती है, जिनकी आजीविका खेतीबाड़ी पर निर्भर है, लेकिन पिछले कुछ सालों में जंगली जानवरों की लगातार बढ़ती समस्या के कारण बहुत से किसानों ने खेती बाड़ी के पारंपरिक पेशे को छोड़ना शुरू कर दिया है और अब रोजी रोटी की तलाश में शहर की तरफ पलायन कर रहे हैं। ऐसे में सुक्खू सरकार ने किसानों की पीड़ा को समझते हुए नई पहल की है, जिसके तहत अब सरकार सोलर फेंसिंग की जगह कांटेदार तार व जाली से बाड़बंदी को बढ़ावा दे रही है। इस तरीके से की गई बाड़बंदी ज्यादा मजबूत और लंबे समय तक टिकेगी। कांटेदार तार व जाली से बाड़बंदी के लिए सुक्खू सरकार किसानों को 70 फीसदी की सब्सिडी का लाभ देगी। बाकी का पैसा किसानों को अपनी जेब से खर्च करना होगा। वहीं, अब सरकार ने सोलर फेंसिंग के लिए सब्सिडी नहीं देने का फैसला लिया है। ऐसे में जिन किसानों व बागवानों ने पहले ही सोलर फेंसिंग के लिए आवेदन किया है। अब उन्हें भी नए सिरे से कांटेदार तार व जाली के लिए एप्लिकेशन देनी होगी। कृषि विभाग के सभी उप निदेशकों व अन्य फील्ड स्टाफ को इसको लेकर किसानों के बीच प्रचार व प्रसार करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस योजना का लाभ लेने के लिए लोक मित्र केंद्र से अपना आवेदन कर सकते हैं। किसानों को बाड़बंदी के लिए आवेदन करते समय कई दस्तावेज लगाने जरूरी हैं। इसमें आधार कार्ड, जमीन के खाता खतौनी, बैंक पासबुक के पहले पन्ने की फोटोकॉपी, जाति प्रमाण पत्र और बाढ़ लगाने का एस्टीमेट होना आवश्यक है। बाड़बंदी के लिए 'पहले आओ पहले पाओ' के आधार पर स्वीकृति दी जाएगी। वहीं, लोहे के एंगल के साथ 6 फुट ऊंची कांटेदार तार बाड़ लगाने के लिए 416 रुपए की जगह 291 रुपए प्रति मीटर की दर से अनुदान दिया जाएगा। इसी तरह से लोहे के एंगल के साथ जालीदार तार की बाड़ लगाने पर 640 की जगह 448 रुपए प्रति मीटर की दर से अनुदान मिलेगा। हिमाचल में अभी भी 80 फीसदी से ज्यादा की ग्रामीण आबादी कृषि और बागवानी पर निर्भर है। प्रदेश में 9.97 लाख परिवार खेती बाड़ी के पारंपरिक पेशे से जुड़े हैं। इनमें 1 हेक्टेयर से कम जमीन वाले सबसे अधिक 7.15 लाख मार्जिनल किसान है। इसी तरह से 1 से 2 हेक्टेयर जमीन होल्डिंग वाले लघु किसानों की संख्या 1.74 लाख है। 2 से 4 लैंड होल्डिंग सेमी मीडियम किसानों की संख्या 0.82 लाख है। इसके अलावा 4 से 10 हेक्टेयर मध्यम किसानों की संख्या 0.26 लाख है। वहीं, 10 हेक्टेयर से अधिक लैंड होल्डिंग वाले किसानों की संख्या सबसे कम 0.03 लाख है।
स्वास्थ्य फिटनेस सर्टिफिकेट न देने वाले जिले के स्कूलों में तैनात मिड-डे-मील वर्करों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसकी शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को लेकर सरकार और विभाग ने यह निर्णय लिया है। हर छह माह बाद सरकारी स्कूलों में कार्यरत मिड-डे-मील वर्करों को फिटनेस सर्टिफिकेट देना होगा। इसकी जांच के लिए जल्द शिक्षा विभाग की टीम भी स्कूलों का निरीक्षण कर जांच करेंगी। स्कूलों में मिड-डे मील के तहत तैनात कर्मियों को हर छह माह बाद अपने स्वास्थ्य की जांच करवानी होगी। इससे स्पष्ट होगा कि खाना बनाने वाले कर्मी किसी गंभीर बीमारी की चपेट में तो नहीं हैं। मिड डे मील वर्करों का एनएफएसए के तहत मेडिकल होगा। यह फैसला स्वच्छ भोजन को लेकर लिया गया है। इसके अलावा खाना बनाते समय टोपी, ग्लब्स समेत अन्य स्वच्छता का भी ध्यान रखना होगा। स्कूल एमडीएम प्रभारी को भी स्वच्छता समेत अन्य व्यवस्था का ध्यान रखना होगा। फिटनेस सर्टिफिकेट या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर स्कूल मुखिया के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा राशन की निगरानी का जिम्मा स्कूल मुखिया और मिड डे मील इंचार्ज को सौंपा है। राशन की गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर स्कूल मुखिया के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसमें कितने बच्चों ने दोपहर का भोजन खाया इसकी भी एसएमएस से जानकारी देनी होगी। जिला नोडल अधिकारी एमडीएम राज कुमार पराशर ने बताया कि जिले के स्कूलों में कार्यरत मिड-डे-मील वर्करों और सहायकों के लिए स्वास्थ्य फिटनेस सर्टिफिकेट देना अनिवार्य किया है। इसमें हर छह माह बाद कर्मी को स्वास्थ्य की जांच करवानी होगी। इसके अलावा रसोईघर में स्वच्छता समेत अन्य व्यवस्थाओं का ध्यान रखने के भी निर्देश दिए है। इसके लिए जल्द स्कूलों का निरीक्षण कर जांच की जाएगी।
हिमाचल हाईकोर्ट ने बीआरसीसी के लिए एक कार्यकाल से ज्यादा आवेदन करने के मामले में दायर जेबीटी और टीजीटी की याचिका खारिज कर दी है। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने याचिका खारिज करते हुए सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया। अदालत ने कहा है कि जेबीटी और टीजीटी की नियुक्ति का उद्देश्य छात्रों को शिक्षा प्रदान करना है। सरकार की ओर से अदालत में कहा गया था कि प्रदेश के स्कूलों में बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद खाली हैं, ऐसे में उन्हें दोबारा बीआरसीसी नियुक्त नहीं किया जा सकता। याचिकाकर्ता ने सरकार की अधिसूचना को हाईकोर्ट में चुनौती दे दी। अधिसूचना में कहा गया था कि जो एक बार बीआरसी के रूप में काम कर चुके हैं वह इन पदों के लिए फिर से आवेदन नहीं कर सकते हैं। बीआरसीसी नियुक्त किए अध्यापकों का मुख्य कार्य छात्रों को पढ़ना है। याचिकाकर्ता विभिन्न स्कूलों में जेबीटी शिक्षक के रूप में नियुक्त किए गए थे। वर्ष 2017 में जेबीटी शिक्षक के रूप में उनकी नियुक्ति के दौरान उन्हें बीआरसी के रूप में कार्य करने के लिए नियुक्त किया गया।
** 90 अंकों की लिखित परीक्षा, निगेटिव मार्किंग हिमाचल प्रदेश में 1,088 पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती के लिए करीब 1.15 लाख आवेदन पहुंचे हैं। राज्य लोकसेवा आयोग के पास ऑनलाइन आवेदन करने का अभ्यर्थियों के पास मंगलवार को आखिरी दिन था। बीते दिनों आवेदन करने में तकनीकी समस्याएं आने पर आयोग ने तारीख बढ़ाई थी। पहले आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 अक्तूबर तय की गई थी। इस दौरान तक 92 हजार आवेदन हुए थे। अब कुल आवेदनों की संख्या बढ़कर 1.15 लाख पहुंच गई है। पुलिस कांस्टेबल भर्ती में पुरुषों के लिए 708 और महिलाओं के लिए 380 पद आरक्षित हैं। लिखित परीक्षा पास करने वालों की पुलिस विभाग शारीरिक दक्षता परीक्षा लेगा। पुलिस विभाग में यह भर्ती विशेष कांस्टेबल पदनाम में की जा रही है। चयनित विशेष पुलिस कांस्टेबलों को नशे की रोकथाम का काम दिया जाएगा। भर्ती परीक्षा पास करने वालों का डोप टेस्ट भी होगा। 18 से 25 वर्ष की आयु के अभ्यर्थी भर्ती के लिए पात्र हैं। चयनित विशेष पुलिस कांस्टेबलों को लेवल तीन में 20200-64000 रुपये के पे बैंड में वेतन मिलेगा। शारीरिक मानक परीक्षण और शारीरिक दक्षता परीक्षण से युक्त शारीरिक परीक्षण हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग की ओर से निर्धारित और संचालित किया जाएगा, जो आयोग को ऊंचाई के लिए दिए गए अंकों के साथ योग्य उम्मीदवारों की सूची प्रदान करेगा। शारीरिक परीक्षण में सफल अभ्यर्थियों को आयोग की ओर से करवाई जाने वाली दो घंटे की अवधि की ऑफलाइन बहुविकल्पीय वस्तुनिष्ठ प्रकार की लिखित परीक्षा में प्रवेश दिया जाएगा। लिखित परीक्षा में 90 अंक होंगे और निगेटिव मार्किंग होगी। शारीरिक परीक्षण और लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को पुलिस विभाग की ओर से किए जाने वाले दस्तावेज सत्यापन के लिए आयोग के कार्य नियमों के अनुसार विचार के क्षेत्र के अनुसार शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। वे दस्तावेज सत्यापन के दौरान उम्मीदवारों को एनसीसी प्रमाण पत्र के अंक भी प्रदान करेंगे।
** वैदिक मंत्रोच्चार और दीप प्रज्वलन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ ** प्रधानाचार्य ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की बढ़ाई शोभा सोलन: दयानंद आदर्श विद्यालय के प्रांगण में आज 44वां वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह बड़े धूमधाम से आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों की उपलब्धियों और सह पाठ्यक्रम योगदान को मान्यता देना था। समारोह में प्रधानाचार्य ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। वैदिक मंत्रोच्चारण और दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। हेड गर्ल काव्या ने मुख्य अतिथि को बैज पहनाकर उनका स्वागत किया। इसके पश्चात छात्रों ने गणेश वंदना की प्रस्तुति दी। मुख्य अतिथि द्वारा एकेडमिक्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया, जिनमें शिवांश, अक्षिता, काव्यांश चौहान, तन्वी ठाकुर, आदित्य, अक्षरा, सिद्धि, दृष्टि और धन्या शामिल थे। समारोह में स्कूल टीम और वालंटियर्स को भी पुरस्कृत किया गया। हेड गर्ल काव्या वर्मा, हेड बॉय अनमोल, वाइस कैप्टन तनीषा और बेअंत, स्पोर्ट्स कैप्टन धन्या, हाउस कैप्टन में विरजानंद हाउस से दिव्यांशी और अमानत, दयानंद हाउस से दीपांशी और साहिल पाल, श्रद्धानंद हाउस से ऐरीश और निखिल, विवेकानंद हाउस से अर्शिया और उदय शामिल थे। इसके अतिरिक्त, गार्गी, हिमांशी, कृतिका, शगुन, सौम्या, चिराग, ईशान, उज्जवल, मयंक, अक्षित, और प्रिया सहित अन्य स्कूल टीम के सदस्यों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विविध प्रस्तुतियां दी गईं जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा, विशेष आकर्षण रहे विष्णु स्तुति, पंजाबी गिद्दा, और क्लासिकल डांस। मुख्य अतिथि ने समर्पित शिक्षकों को भी सम्मानित किया, जिनमें कोऑर्डिनेटर वीर सिंह, जगदीश, श्वेता, अमित, गंगा, रीता, मिडल क्लास एक्टिविटी इंचार्ज अंजना, स्पोर्ट्स इंचार्ज वीणा कौशिक, वंदना शर्मा, सीरियल एक्टिविटी इंचार्ज वंदना सोबती, उत्कृष्ट वीडियोग्राफर और कोरियोग्राफर संजू राजपूत का नाम प्रमुखता से शामिल था। कक्षा 12वीं के छात्रों को विशेष पुरस्कार से नवाजा गया, जिनमें बेस्ट स्टूडेंट: तनीषा चौहान, उदय मित्तल अवार्ड: बेअंत सिंह,आर्य कुमारी: प्राणशिता और पावनी, बेस्ट एंकर: अनरज्ञा दीवान और काव्या वर्मा, बेस्ट हाउस इन स्पोर्ट्स: दयानंद हाउस, बेस्ट हाउस इन मॉर्निंग असेम्बली गतिविधियों: श्रद्धानंद हाउस, बेस्ट क्लास इन मिडल क्लासेस: छठी ए, बेस्ट क्लास इन हायर क्लासेस: नौवीं बी, मुख्य अतिथि और प्रिंसिपल ऊषा मित्तल ने छात्रों को संबोधित करते हुए नशे से दूर रहने और देश के निर्माण में अपना योगदान बढ़ाने का संदेश दिया। उन्होंने बच्चों को बताया कि मेहनत, समर्पण और उत्कृष्टता की खोज सबसे महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम का संचालन एक्टिविटी इंचार्ज वंदना सोबती के मार्गदर्शन में कक्षा 12वीं की छात्रा अनरज्ञा दीवान द्वारा किया गया। समारोह का समापन शांति पाठ के साथ हुआ।
यूको बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश का 14वां त्रिवार्षिक सम्मेलन सोलन स्थित हिमानी रिसॉर्ट में आयोजित किया गया, जिसमें पूरे प्रदेश से लगभग 250 अधिकारियों ने भाग लिया । कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना व दीप प्रज्वलन से हुई। कार्यक्रम के प्रथम सत्र के मुख्य अतिथि यूको बैंक के महा प्रबंधक रणजीत सिंह रहे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान डी एस सान्याल ने की। इस अवसर पर अखिल भारतीय यूको बैंक अधिकारी संघ के चेयरमैन दीपांकर मित्र, महासचिव संदीप चौबे, एडवाइजरी काउंसिल के अध्यक्ष अशोक हांडा, हिमाचल इकाई के चेयरमैन जे सी शांडिल, एडवाइजरी काउंसिल के संयोजक रवींद्र कुमार शर्मा,महासचिव पीयूष राठौर ,संयुक्त सचिव दिलावर चौहान के अलावा कई व्यक्ति मौजूद थे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि व अन्य वशिष्ट अतिथियों को सम्मानित कर उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किये गए।अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि हिमाचल के अधिकारी बहुत मेहनती हैं तथा पूरी निष्ठा से काम करते है । उन्होंने कहा कि सभी मिल कर प्रयास करें तथा अपनी जिम्मेवारी को अच्छी तरह से निभाएं। कोई भी खाता खोलती बार बैंक के नियमों का पालन करें। आजकल धोखाधड़ी के मामले व साईबर क्राइम ज़्यादा हो रहे है इनसे खुद भी बचें और बैंक को भी बचाएं। इस अवसर पर महासचिव पीयूष राठौर ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की जिसे उपस्थित सभी अधिकारियों ने ध्वनिमत से स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि बैंक अधिकारियों का जीवन बहुत कठिन हो गया है। उनके बैंक में आने का तो समय है लेकिन जाने का समय नहीं है जिससे परिवारिक जीवन बहुत प्रभावित हो रहा है। बैंक कर्मचारियों व अधिकारियों से सम्बंधित कई मांगें हैं जो बहुत दिनों से लंबित हैं। 12वे वेतन समझौते में आईबीए ने बैंकों में 5 दिन के सप्ताह को मंजूरी दी थी,जिसे अभी तक लागू नहीं किया जा रहा है। अधिकारियों का स्थानांतरण बहुत दूर किया जा रहा है,बैंकों की शाखाएं बहुत दुर्गम व कठिन क्षेत्रों में हैं जिन्हें नान फैमिली स्टेशन माना जाता है ऐसे स्थानों में से कुछ को नान फैमिली स्टेशन की सूची से मनमाने तरीके से हटाया जा रहा है, जबकि ऐसे क्षेत्रों में खुली नई शाखाओं को नान फैमिली स्टेशन नहीं माना जा रहा है,अधिकारियों के काम करने का समय निर्धारित नहीं है तथा जब प्रबंधन चाहे उन्हें काम पर बुला लेता है। अधिकारियों के कार्य का भी समय तय होना चाहिए तथा यदि बहुत ही जरूरी हो तभी छुट्टी वाले दिन बुलाया जाना चाहिए। अधिकारियों के काम करने का निर्धारित समय न होने के कारण परिवार और कार्य में समन्वय स्थापित नहीं हो रहा है, जिससे अधिकारी मानसिक तनाव में हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों से एकजुट होने का आह्वान किया ताकि अधिकारियों के अधिकारों की लड़ाई इक्कठे होकर लड़ी जा सके। इस अवसर पर नील केतन साहू ने बहुत सुंदर नृत्य प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी, जबकि जयप्रकाश शर्मा ने अपने मधुर कण्ठ में लोक गीत गाकर समां बांध दिया। इस अवसर पर हिमाचल के बैंकों में ट्रेड यूनियन आंदोलन के भीष्मपितामह जे सी शांडिल को अपना पदभार छोड़ने पर भावबीनी विदाई दी गई। इस सम्मेलन में विभिन्न बैंकों की यूनियनों के कई प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। सम्मेलन के अंत में अशोक हांडा चुनाव अधिकारी की देखरेख वर्ष 2024-27 के लिए सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें रवींद्र कुमार शर्मा को चेयरमैन, डी एस सान्याल को प्रधान, पीयूष राठौर को महासचिव, अनूप राव व मयूर मेहता को वरिष्ठ उपप्रधान, दिलावर चौहान को संयुक्त सचिव,अभिषेक डोगरा व अमित को उपप्रधान,आशीष माहना, पवन नवालिया व वैभव शर्मा को उप महसचिब, विशाल चौहान व किशोर कुमार को अंचल प्रधान, पार्थ व विक्रांत खनूरिया को अंचल सचिव, दीप्तांशु, रजत,आयूष, अनुराधा,रामकिशन, हितेंद्र, संदीप वर्मा को सह सचिव, अंकुश व रविंद्र कपूर को उप अंचल सचिव, बी के भारद्वाज को एडवाइजरी कौंसिल का चेयरमैन बनाया गया। प्रिंस कापटा, अभिनव,सुनील, रोहित ,हतासन्न, अक्षित,विश्वजीत, सुनील वर्मा, गौरव, अनुराग,भिनव,नेहा को कार्यकारिणी का सदस्य बनाया गया। सम्मेलन के अंत में संयुक्त सचिव दिलावर चौहान ने सभी उपस्थित अतिथियों व अधिकारियों का सम्मेलन को सफल बनाने के लिए धन्यवाद किया।
** 1200 को मिलेगा रोजगार हिमाचल में निवेशकों ने 24 नए उद्योग स्थापित करने के लिए उद्योग विभाग के पास आवेदन किया है। कई बड़े औद्योगिक घराने करीब 600 करोड़ रुपये का निवेश कर यहां अपने उद्योग लगाएंगे। इन उद्योगों में प्रदेश के करीब 1,200 लोगों को रोजगार मिलेगा। राज्य एकल खिड़की स्वीकृति एवं निगरानी प्राधिकरण (सिंगल विंडो) की बैठक में निवेशकों के आवेदनों को मंजूरी मिलेगी। जिन नए उद्याेगों के लिए आवेदन आए हैं उनमें फार्मा, पैकेजिंग, फूड और हेल्थकेयर से संबंधित उद्योग शामिल हैं। सिंगल विंडो की बैठक मुख्यमंत्री सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित होती है। उद्याेग विभाग ने बैठक के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से समय मांगा है। सीएम सेे समय मिलने के बाद बैठक होगी। 23 जुलाई को सिंगल विंडो की बैठक हुई थी। इसमें नए उद्योग स्थापित करने और मौजूदा इकाइयों के विस्तार को 25 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई थी। उसके बाद चार महीनों से बैठक नहीं हुई है। निर्वाना कंकरीट लिमिटेड ने भी हिमाचल में निवेश को लेकर दिलचस्पी दिखाई है। कंपनी प्रबंधन के अधिकारियों ने सोमवार को सचिवालय में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना से मुलाकात की। बैठक में हिमाचल में सीमेंट उद्योग स्थापित करने की संभावनाओं पर विस्तृत विचार विमर्श हुआ। आने वाले दिनों में निर्वाना कंकरीट लिमिटेड के प्रतिनिधि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भी मुलाकात करने वाले हैं।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने वर्ष 2025-26 सत्र से एनईपी-2020 के तहत चार वर्षीय स्नातक डिग्री कोर्स शुरू करने के लिए कवायद तेज कर दी है। एचपीयू ने यूजी कोर्स का एक साल का पाठ्यक्रम भी तैयार कर लिया है। शेष बचे पाठ्यक्रम को तैयार करने के लिए कमेटी गठित की गई है। विवि ने एक साल के पाठ्यक्रम को बोर्ड ऑफ स्टडीज, फैकल्टी और एकेडमिक काउंसिल से एक माह में मंजूरी दिलवाने का लक्ष्य रखा है। विवि का दावा है कि पाठ्यक्रम का 90 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। अब इसे एकेडमिक काउंसिल से मंजूरी दिलवाना बाकी है। इसके बाद इसे विवि की ईसी से भी मंजूरी जरूरी है। एनईपी के तहत चार वर्षीय स्नातक डिग्री कोर्स शुरू होने से फिर से सेमेस्टर सिस्टम लागू होना है। इसके लिए विवि में फिर से परीक्षा प्रणाली सहित बड़ा बदलाव किया तय है। पूरे देश में सेमेस्टर सिस्टम के तहत ही विश्वविद्यालयों ने एनईपी को यूजी में लागू किया है। इससे पहले रूसा के लागू किए जाने पर 2012-13 से 2017 तक विवि में सेमेस्टर सिस्टम लागू किया गया था। वर्ष 2017 में फिर से वार्षिक परीक्षा प्रणाली शुरू हुई थी। अभी विवि पिछले सेमेस्टर सिस्टम और वर्तमान वार्षिक प्रणाली दोनों के तहत परीक्षाएं संचालित कर रहा है। चार वर्षीय यूजी डिग्री कोर्स शुरू होने पर परीक्षा प्रणाली के साथ-साथ एकेडमिक शेड्यूल में बड़ा बदलाव होना है। विवि पाठ्यक्रम को मंजूरी दिलवाने और आर्डिनेंस में नए रेगुलेशन लागू करने जैसी आवश्यक प्रक्रिया को कम से कम समय में पूरा करने का काम शुरू कर चुका है। इसके लिए एक माह की समय सीमा तय की गई है।एनईपी-2020 के तहत यूजी का चार वर्षीय डिग्री कोर्स शुरू करने के लिए बनी कमेटी में शामिल कॉलेज प्राध्यापक नए सिस्टम को सेमेस्टर की जगह वार्षिक प्रणाली में लागू करने की मांग कर रहे है। कॉलेज प्राध्यापक संघ की अध्यक्ष डॉ. वनिता सकलानी और सचिव संजय कांगो ने कहा कि सभी कॉलेजों में चार साल के डिग्री कोर्स के लिए मूलभूत सुविधाएं कम हैं। डिग्री कोर्स रिसर्च के साथ चरणबद्ध तरीके से बड़े कॉलेजों में चरणों में लागू किया जाए। छोटे कॉलेजों में तीन साल की डिग्री ही जारी रहे। प्रदेश में 48 के करीब कॉलेज ऐसे हैं जहां सिर्फ पांच शिक्षक भी पूरे नहीं हैं। करीब 20 कॉलेज ऐसे हैं जहां बहुत ठंड होने से तीन से चार महीने भी कक्षाएं संभव नहीं हैं, ऐसे में वहां पढ़ाई जारी रखना, परीक्षाएं करवाने समेत खेल गतिविधियों करवाना भी मुश्किल होता है।
हिमाचल में आपदा राहत राशि कहां खर्च की गई, इसको लेकर सरकार ने सभी उपायुक्तों से रिपोर्ट तलब की है। कई जगह राहत राशि का सही उपयोग नहीं होने की शिकायतें मिलने पर राज्य सरकार ने यह कदम उठाया है। जिस काम के लिए राशि जारी की गई है, क्या मौके पर काम हुआ है या नहीं? इसकी रिपोर्ट सरकार ने डीसी से मांगी है। हाल ही में सचिवालय में डीसी और एसपी के साथ बैठक में भी राशि के दुरुपयोग का मामला उठा था। इस पर मुख्यमंत्री ने डीसी से रिपोर्ट तलब कर दी। राशि उन लोगों को दी गई, जिनके आपदा में घर ढह गए थे। कइयों की जमीन बाढ़ के चलते बह गई। सरकार आर्थिक तंगी के बावजूद हिमाचल में भारी बरसात से प्रभावित लोगों के लिए 4,500 कराेड़ रुपये का आपदा राहत पैकेज लाई थी। इसमें 3,500 करोड़ रुपये सरकार ने अपने संसाधनों से खर्च किया, जबकि 1,000 करोड़ मनरेगा के तहत व्यय किया गया। सरकार ने पूरी तरह से क्षतिग्रस्त 3,500 मकानों के निर्माण के लिए सात-सात लाख की मदद करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही घर बनाने के लिए सीमेंट भी सरकारी रेट (280 रुपये प्रति बैग) पर दिया। आवास निर्माण के दौरान बिजली-पानी का खर्चा भी सरकार ने उठाया। कच्चे-पक्के मकानों को नुकसान पहुंचने पर आर्थिक मदद 15 से 25 गुणा बढ़ाई गई। हिमाचल में 16 हजार से अधिक घर आपदा से पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। विधानसभा मानसून सत्र में भी इस मसले पर तीन दिन तक बहस हुई। प्रदेश में राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और केंद्र से हिमाचल को विशेष राहत पैकेज की मांग का प्रस्ताव रखा गया। मगर भाजपा ने प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया। प्राकृतिक आपदा के चलते हिमाचल सरकार ने अपने स्तर पर 4,500 करोड़ का राहत पैकेज घोषित किया था। राहत राशि प्रभावितों को दी गई है। इसका सही तरीके से इस्तेमाल किया है या नहीं, उपायुक्तों से रिपोर्ट मांगी गई है।
हिमाचल प्रदेश में फ़िलहाल मौसम शुष्क चल रहा है। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ जम्मू कश्मीर में सक्रिय हो चुका है, जिसका प्रभाव आज देर रात तक लाहौल- स्पीति, चंबा कांगड़ा के ऊंचाई वालके क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना देखने को मिल सकता है और अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। वहीं इस अवसर पर मौसम विभाग के निर्देशक कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि वैसे तो कुछ दिनों तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रहे थे परंतु अब जिस तरह से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है जिसके चलते आने वाले दिनों में कुछ एक जिलों में तीन डिग्री तक गिर सकते हैं । वहीं उन्होंने कहा कि 14 नवंबर और 15 नवंबर को उतरी भारत में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते चंबा , कांगड़ा ,लाहौल-स्पीति में एक बार फिरसे एक बार हल्की फुल्की बारिश और अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना होने के आसार बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि धुंध की बात की है तो वह भाखड़ा बांध के आसपास का क्षेत्र बिलासपुर में पिछले चार पांच दिनों से सुबह और शाम के समय घने कोरे की संभावना बनी हुई है, जिसके चलते विजिबिलिटी बहुत ही कम बनी हुई है।
पिछले दो दिनों से कुनिहार को नगर पंचायत बनाने के विरोध में जहां तीनों पंचायतों के लोग व विकास सभाएं इसका कड़ा विरोध कर रही हैं तो वहीं आज सोमवार को हाटकोट पंचायत को नगर पंचायत बनाने की मांग को लेकर हिंदुस्तान जन सेवा समिति कुनिहार व अन्य लोगों ने एक बैठक की। हिन्दुस्तान जन सेवा समिति कुनिहार के अध्यक्ष आर पी जोशी ने चर्चा के दौरान बतलाया कि हाटकोट पंचायत को नगर पंचायत बनाये जाने के लिए दिनांक 7-1-2018 को हाटकोट पंचायत ने प्रस्ताव पारित किया था के हाटकोट पंचायत को नगर पंचायत बनाया जाये।ये बहुत ही ज़रूरी है यदि हाटकोट पंचायत को शीघ्र ही नगर पंचायत नहीं बनाया जाता है तो भविष्य में हाटकोट की प्राचीन गलियाँ और सड़के पूर्ण रूप से बंद या अवरुद्ध हो जाएगी सिर्फ़ राजस्व विभाग के लट्ठे में ही नज़र आएगी । उन्होंने कहा कि कुछ गालियां तो ऐसी है यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो लाश को निकाल पाना मुश्किल हो गया है कभी ये गालियां व सड़कें काफ़ी चोडी होती थी परन्तु आज ये सिकुड़ कर रह गई है। आर पी जोशी ने कहा कि हमने कभी भी कुनिहार और कोठी पंचायत को नगर पंचायत बनाने के लिए कोई पत्राचार नहीं किया न ही किसी को पत्र लिखा। जो लोग हाटकोट पंचायत को नगर पंचायत बनाए जाने का विरोध कर रहे हैं मैं इनसे पूछना चाहता हूँ क्या इन्होंने कभी कुनिहार में अटल आदर्श स्कूल जिसका कार्य आरंभ हो गया था, जिसकी घोषणा पूर्व मुख्यमंत्री ने की थी निर्माण शुरू करवाने के बारे में सरकार या प्रशासन से कोई बीतचीत या कोई पत्राचार किया, कुनिहार तहसील के भवन जिसके लिए पूर्व सरकार द्वारा 50 लाख रूपये मंज़ूर किये थे जिसके लिए कुनिहार ब्लॉक में तहसील के लिए ज़मीन आबंटीत हुई थी भवन को ना बनाने के लिए कोई रोष किया या रैली निकाली या कोई पत्राचार किया। इसके अलावा कुनिहार आई पी एच विभाग में सहायक अभियंता की पोस्ट पूर्व सरकार से मंज़ूर करवाई थी लेकिन कांग्रेस सरकार ने आते ही इस पोस्ट की अधिसूचना को रद्द कर दिया था क्या इस पोस्ट को बहाल करवाने के लिए इन लोगों ने कोई पत्राचार किया या किसी मन्त्री से मिले नहीं,ये सिर्फ़ अपनी राजनीति चमकाने के लिए और अख़बारों की सुर्ख़ियों में रहने के लिए और हाटकोट का विकास रुकवाने के लिए कार्य करते रहते हैं।इस बैठक में हाटकोट के वरिष्ठ नागरिक,भारतीय राज्य पैंशन महासंघ कुनिहार के सदस्य, सपारक ग्रूप रजिस्टर हाटकोट के सदस्य इन्द्र पाल शर्मा, मोहन लाल भारद्वाज,ओमप्रकाश गर्ग,अशोक कुमार ,जगदीश चंदेल, गोपाल कृष्ण, सुभाष शर्मा,भगवान सिंह वर्मा, हरी दास, हेत राम आदि शामिल रहे।
** स्कूल के प्रधानाचार्य ने बच्चों को दी बधाई बी एल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल कुनिहार के 4 छात्र- छात्राओं ने राज्य स्तरीय खेलों में अपना दबदबा कायम रखा है I जानकारी देते हुए विद्यालय अध्यक्ष ने बताया की हमे यह बड़े गर्व की बात है की वंशिका ठाकुर , सिमरन, अर्निका और शिवम् भरद्वाज ने जिला हमीरपुर में आयोजित राज्य स्तरीय अंडर-19 छात्र -छात्रा खेलकूद प्रतियोगिता शॉट पुट व डिसक्स थ्रो प्रतियोगिता में भाग लिया था, जिसमे वंशिका ठाकुर ने शॉट पुट में गोल्ड मैडल, शिवम भरद्वाज ने सिल्वर मैडल और सिमरन ने ऊँची कूद में सिल्वर मैडल सोलन जिले के नाम किया, जिससे वंशिका, सिमरन, शिवम और U -14 में जिगर का चयन राष्ट्रीय स्तर की खेल कूद सपर्धा के लिए हुआ है Iविद्यालय आने पर वंशिका ठाकुर , सिमरन, अर्निका और शिवम भरद्वाज और इनके अभिभावकों का फुल मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया गया और मिठाई खिलाकर सम्मानित किया गया I उन्होंने बताया कि इस स्पर्धा के लिए उच्चतर शिक्षा निदेशक हिमाचल प्रदेश व प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक हिमाचल प्रदेश के मार्गदर्शन से आयोजित राज्य सतरीय खेल कूद प्रतियोगिता में विद्यालय के बच्चों ने अपना परचम लहराया है I विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा की इस वर्ष चार बच्चों का राष्ट्रीय स्तर पर चयन होने से विद्यालय के लिए बड़े हर्ष की बात है I विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने इस उपलब्धि के लिए उच्च उप शिक्षा निदेशक सोलन जगदीश नेगी , शिव कुमार शर्मा प्रारम्भिक उपशिक्षा निदेशक सोलन का धन्यवाद व्यक्त किया है और कहा कि इनके मार्ग दर्शन से ये बच्चे हिमाचल प्रदेश का नेतृत्व कर विद्यालय का, इलाके का और हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन करेगी I विद्यालय प्रधानाचार्य पुर्शोतम गुलेरिया, मुख्याध्यापिका सुषमा शर्मा ने इस उपलब्धि के लिए वंशिका ठाकुर, सिमरन और शिवम, शारीरिक शिक्षक अरुणा शर्मा और अमर देव उनके अभिभावकों को भी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है व उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
हिमाचल प्रदेश में ग्रामीणों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए अब नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में सरकार ने सभी जिलों के उपायुक्तों से प्रस्ताव मांगे हैं। यदि नई पंचायतें बनती हैं, तो कई पंचायतों की सीमाएं भी बदलेंगी और उनका पुनर्सीमांकन भी किया जाएगा। आने वाले दिसंबर में पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं, और इसकी तैयारियाँ पहले से ही शुरू हो चुकी हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 में भी पंचायत चुनाव से पहले 412 नई पंचायतें बनाई गई थीं। अब सवाल उठता है कि नई पंचायतों के गठन की मांग क्यों की जा रही है। इसके कई कारण हैं, जैसे जनसंख्या में वृद्धि, प्रशासनिक और विकासात्मक जरूरतें, जब किसी क्षेत्र की जनसंख्या बढ़ती है, तो उस पर पंचायतों का दबाव भी बढ़ता है। ऐसे में नए क्षेत्रों को कवर करने के लिए अधिक पंचायतों का गठन किया जाता है। साथ ही, दूर-दराज के क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन, शिक्षा, सड़क, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भी नई पंचायतों के गठन की प्रमुख वजह है। इसलिए, अब नई ग्राम पंचायतों के गठन के लिए उपायुक्तों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। यदि नियमानुसार नई पंचायतों का गठन आवश्यक हुआ, तो इसे लागू किया जाएगा।
** रोबोटिक और ड्रोन का दिया जा रहा प्रशिक्षण शिमला: हिमाचल को देश का कौशल हब बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। ऐसे में युवाओं का कौशल उन्नयन कर उद्योगों की मांग के अनुसार उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी कड़ी में राजकीय हाइड्रो इंजीनियरिंग महाविद्यालय बंदला में डिग्री कोर्स कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग के तहत एआई और डाटा साइंस, राजकीय बहुतकनीकी संस्थान रोहड़ू में कंप्यूटर इंजीनियरिंग व आईओटी डिप्लोमा कोर्स और राजकीय बहुतकनीकी संस्थान चम्बा में मैकाट्रोनिक्स डिप्लोमा कोर्स जैसे नए पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। न्यू एज पाठ्यक्रमों के शुरू होने से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के मार्ग खुल रहे हैं। प्रदेश सरकार का लक्ष्य कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा में नए आयाम स्थापित कर युवाओं को रोजगार प्रदाता बनाना है। नई तकनीक के क्षेत्र में ज्ञान के साथ-साथ प्रशिक्षण की भी अहम भूमिका है। प्रशिक्षुओं को बेहतर तकनीकी ज्ञान देने को राजकीय बहुतकनीकी संस्थानों के 38 विद्यार्थियों और राजकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालयों और बहुतकनीकी संस्थानों के 20 प्रशिक्षकों को आईआईटी मंडी में रोबोटिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भी युवाओं को नए अवसर प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार प्रयासरत है। इस दिशा में राजकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के 20 प्रशिक्षकों को आईआईटी रोपड़ और दिल्ली में सेमीकंडक्टर इको-सिस्टम का प्रशिक्षण दिया गया है। प्रदेश सरकार राज्य में सेमीकंडक्टर उद्योग स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। सरकार की इस नई पहल का उद्देश्य युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा करना और प्रदेश में प्रोद्यौगिकी के विकास को बढ़ावा देना है। बहुतकनीकी एवं इंजीनियरिंग के 10 संकाय सदस्यों और 6 विद्यार्थियों को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान ऊना में मशीन लर्निंग से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया गया। हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील राज्य है, इसको देखते हुए युवाओं को ड्रोन प्रौद्योगिकी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ड्रोन प्रौद्योगिकी आपदा प्रतिक्रिया प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रदेश के 11 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में युवाओं को ड्रोन से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके तहत 128 प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण ले रहे हैं। सरकार के यह प्रयास हिमाचल को आईटी हब के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। वहीं, छात्रों को गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक प्रशिक्षण देने के लिए व्यापक स्तर पर सुधार किए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश मेें 363 तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक शिक्षा संस्थान कार्यरत हैं। युवाओं को बेहतर प्लेसमेंट के अवसर प्रदान करने के लिए रोजगार मेलों व कैम्पस इंटरव्यू का आयोजन भी निरंतर करवाया जाता है। सुक्खू सरकार के कार्यकाल के दौरान सरकारी अभियान्त्रिकी महाविद्यालयों, राजकीय फार्मेसी महाविद्यालय, बहुतकनीकी एवं औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के करीब 5,731 प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न कैंपस इंटरव्यू के माध्यम से रोजगार उपलब्ध करवाए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक मामले में वन भूमि पर किए अवैध अतिक्रमण को हटाने के आदेश दिए हैं। उच्च न्यायालय ने राजस्व विभाग और वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि विवादित जमीन की नाप-नपाई 6 दिसंबर 2024 से पहले की जाए। सरकारी और वन भूमि पर अगर किसी भी तरह का अवैध अतिक्रमण पाया गया तो उसे हटाया जाए और वहां पर स्थायी बाउंड्री लगाई जाए। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की अदालत ने आदेश की अनुपालना रिपोर्ट 13 दिसंबर को पेश करने को कहा है। याचिकाकर्ता ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे को नियमित करने के लिए सरकार के पास एक अर्जी दी थी। याचिकाकर्ता ने माना था कि उसने वन भूमि जमीन पर तीन बीघा और तीन बिस्वा अतिक्रमण किया है। सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने के मामले में सरकार ने इस पर हिमाचल प्रदेश सरकारी स्थान अप्राधिकृत अधिभोगियों की बेदखली अधिनियम 1971 की धारा 4 के तहत कार्रवाई की। सरकार ने कहा कि अतिक्रमण वन विभाग की अधिसूचना 1896 के तहत वन भूमि पर है। इस पर किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं किया जा सकता है। अदालत ने पाया कि केंद्र सरकार के प्रस्ताव के बिना कोई भी वन भूमि नियमित नहीं की जा सकती है। वन भूमि का उपयोग गैर वन भूमि के लिए नहीं किया जा सकता है। अदालत ने अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि वन भूमि पर किसी भी तरह का अवैध ढांचे और अतिक्रमण अगर पाया जाता है तो उसे हटा दिया जाए।
** प्रारम्भिक खंड शिक्षा अधिकारी सोलन हरी राम चन्देल की अध्यक्षता में हुआ मेले का आयोजन आज 10 नवंबर को राजकीय प्रारम्भिक पाठशाला पुंजविला में खंड स्तरीय बाल मेला, प्रारम्भिक खंड शिक्षा अधिकारी सोलन हरी राम चन्देल की अध्यक्षता में आयोजित किया गया l इस कार्यक्रम में जिला शिक्षा उपनिदेशक जगदीश नेगी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की उनके साथ रंजना नैयर BEEO इंस्पेक्शन, MD चौहान HM इंस्पेक्शन और करतार सिंह अधीक्षक रा0,व0,मा0 पाठशाला गूगाघाट बतौर वशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे l इस कार्यक्रम में खंड सोलन के 66 प्राथमिक पाठशालाओं से लगभग 200 विद्यार्थियों ने भाग लिया l ये विद्यार्थी खंड के 12 केंद्र पाठशालाओं का प्रतिनिधित्व कर रहे थे l इन बच्चों ने एकल नृत्य, एकल गान,समूहगान,समूहनृत्य,भाषणएकाकी,फैन्सीड्रैस,प्रशनोतरी,चैस,कैरम चित्रकला, कुर्सीदौड़, चमच्च रेस आदि प्रतियोगिताओं में भाग लिया l शिक्षा उपनिदेशक जगदीश नेगी ने बच्चों को अपना आशीर्वाद दिया और उपस्थित शिक्षकों का बच्चों के शिक्षण स्तर में सुधार हेतु दिशानिर्देश दिए l साथ ही खंड के शिक्षकों का NAS राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण 2024, में बच्चों के प्रदर्शन को सुधारने हेतु दिशानिर्देश व शुभकामनाएं दी, सभी शिक्षकों के इस बारे में प्रयासों को सहारा गया l शिक्षा उपनिदेशक जगदीश नेगी ने प्रारम्भिक खंड शिक्षा अधिकारी सोलन हरी राम चन्देल को इस कार्यक्रम का भव्य आयोजन करने के लिए उनकी भूरी-भूरी प्रशंसा की l इन प्रतियोगिताओं में विजेता रहे छात्रों का जिला स्तर बाल मेले के लिए चयन किया गया, जिला स्तर बाल मेला रा0,व0,मा0 पाठशाला अर्की में 13-14 नवंबर 2024 को होना निश्चित हुआ है l ये सभी चयनित छात्र- छात्राएं उपरोक्त तिथियों मे जिला स्तरीय बाल मेले में भाग लेंगे l
** वार्षिक दिवस मनाने के लिए रेस्पेक्टेड पेरेंट्स और ग्रैंड पेरेंट्स के लिए एक भव्य कार्यक्रम हुआ आयोजित आज साई इंटरनेशनल स्कूल ने भाषा एवं संस्कृति विभाग कोठों में वार्षिक दिवस मनाने के लिए रेस्पेक्टेड पेरेंट्स और ग्रैंड पेरेंट्स के लिए एक भव्य कार्यक्रम अभिनंदन का आयोजन किया। साई इंटरनेशनल स्कूल ने आज के वार्षिक समारोह में उपलब्धि, सफलता और विजय के रंगों का जश्न मनाया, जहां शिक्षार्थियों ने अपने शानदार प्रदर्शन का प्रदर्शन किया। समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. शिव कुमार शर्मा उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा, सोलन थे। संजय अग्रवाल (चेयरमैन साई संजीवनी हॉस्पिटल), मासूम सिंघा (प्रिंसिपल एम.आर.ए. डी.ए.वी.) और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने अपनी सौम्य उपस्थिति से इस अवसर की शोभा बढ़ाई। स्कूल के चेयरमैन रमिंदर बावा ने मुख्य अतिथि और सभी व्यक्तियों को मोमेंटो और शॉल देकर सम्मानित किया। समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद स्कूल के चेयरमैन रमिंदर बावा ने सभी विशिष्ट अतिथियों का पुष्पवर्षा से स्वागत किया। शिक्षार्थियों ने सुंदर नृत्य प्रस्तुतियां जैसे कि कृष्ण लीला, बिहू, फनी डांस, नाटी, भांगड़ा आदि से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, क्योंकि बच्चों ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और साथ ही सीस की टैलेंटिड मदर्स ने बच्चों के साथ नाटी प्रस्तुति दी जिसमें मिस. ममता पंवर, दीपिका भगनाल, कविता ठाकुर, सुलक्षणा शर्मा, ऊषा चौहान, वर्षा ठाकुर आदि ने भाग लिया। इस अवसर पर शिक्षार्थियों द्वारा कराटे का प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें उन्होंने टाइल्स तोड़कर, पिरामिड बनाकर तथा विभिन्न प्रकार के कराटे मूव्स करके शक्ति एवं वीरता का प्रदर्शन किया। विद्यालय द्वारा वर्ष भर आयोजित की गई विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए शिक्षार्थियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया। स्कूल ने अपनी वार्षिक पत्रिका ओरियन का उद्घाटन मुख्य अतिथि और अन्य व्यक्तियों द्वारा किया। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त स्टाफ एवं मीडिया सहयोगियों को भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षिकाओं द्वारा राष्ट्रगान प्रस्तुति के साथ हुआ। विद्यालय द्वारा वर्ष भर आयोजित की जाने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए भी शिक्षार्थियों को मोमेंटो द्वारा सम्मानित किया गया, जिनमें वान्या कटोच, विहाना, नैवेध्या, यतिका, सानिध्य ठाकुर, भाविक,अभिमन्यु, गौरी, आरुषि, शिवांश, वेदांश, संचित, राघव, वर्णिका, ओशीन, पार्थ,पुष्कर को विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
** सभा ने बैठक कर किया कड़ा विरोध कुनिहार को नगर पंचायत बनाने के विरोध में कुनिहार विकास सभा के बाद अब कोठी विकास सभा भी कूद गई है। गौर रहे कि शनिवार को जैसे ही कुनिहार क्षेत्र के लोगों को कुनिहार को नगर पंचायत बनाए जाने का पता चला तो कुनिहार विकास सभा सहित अन्य संस्थाओं सहित क्षेत्र की तीनो पंचायतों कोठी ,हाटकोट व कुनिहार के लोगों ने लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में इक्कठे होकर एक बैठक कर नगर पंचायत बनाने का कड़ा विरोध किया ।इसी कड़ी में आज रविवार को कोठी विकास सभा व बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ की बैठक सन्तराम ठाकुर की अध्यक्षता में कोठी गांव में आयाजित की गई। बैठक में कुनिहार में प्रस्तावित नगर पंचायत बनाने के मुद्दे पर गहन विचार विमर्श किया गया। सभा के महासचिव रतन तनवर ने बताया कि बैठक में सभी उपस्थित जनों ने सरकार तथा कुछ निहित स्वार्थी तत्वो द्वारा किए जा रहे प्रयास की एक सुर में भत्सर्ना की तथा तीनो पंचायतो को बांटने का षडयंत्र करार दिया। कुनिहार क्षेत्र के सभी कृषकों व पशु पालको को ग्रामीण क्षेत्र मे मिलने वाले समस्त लाभों से वंचित करने की साजिश बताया । बैठक मे सरकार से आग्रह किया गया कि इस ग्रामिण क्षेत्र में तीनों पंचायतो को यथास्थिति बनाए रहने दिया जाए तथा प्रस्तावित कुनिहार नगर पंचायत के मुद्दे को उछालने से पहले ही समाप्त कर दिया जाए। बैठक में यह भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि सरकार कुनिहार में नगर पंचायत बनाने को कृतसंकल्प ही है तो मेन बाजार की सीमा पर स्थित विकास सभा के कार्यक्षेत्र के कोठी पंचायत के रेवेन्यु गांवो कोठी प्रथम, कोठी द्वितिय, पुलहाड़ा ,तनसोला व तलोछ को प्रस्तावित नगर पंचायत में नहीं मिलाया जाना चाहिए तथा हमारे गाँवो को वर्तमान कोठी पंचायत में ही रहने दिया जाए । यदि सरकार इन गांवों को प्रस्तावित नगर पंचायत में मिलाने का प्रयास करेगी तो गांववासियो को इसके विरोध में सड़कों पर उतरने को मजबुर होना पड़ेगा तथा गांववासी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाने को बाध्य होगे।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पट्टाबरावरी का वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह बड़ी धूमधाम से 14 नवंबर को विद्यालय परिसर में मनाया जाएगा। जानकारी देते हुए विद्यालय प्रधानाचार्य कमलेश चौहान ने बताया कि वीरवार 14 नवंबर सुबह 11 बजे समारोह का शुभारंभ किया जाएगा, जिसमें मदन लाल बदन सेवानिवृत वरिष्ठ लेखा अधिकारी कार्यालय प्रधान महा लेखाकार हिमाचल प्रदेश शिमला मुख्यातिथि के तौर पर शिरकत कर मेधावी बच्चों को सम्मानित करेंगे। प्रधानाचार्य ने बताया कि समारोह की सभी तैयारियां जोर शोर से चली हुई हैं, जिसमें सभी अध्यापक अपना सहयोग कर रहे हैं। विद्यालय के विद्यार्थी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी में जुटे हुए हैं। समारोह के अंत में मुख्यातिथि द्वारा वर्ष भर की शैक्षणिक,खेलकूद व अन्य गतिविधियों में अव्वल रहने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया जाएगा। विद्यालय परिवार ने सभी अभिभावकों से इस कार्यक्रम में पहुंचने की अपील की हैं।
सोलन: शहर में स्लॉटर हाउस नहीं बनने से मीट दुकानों में ही काटा जा रहा है। इसे मांस की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पिछले पांच सालों से स्लॉटर हाउस बनाने के लिए आज तक जमीन की तलाश जारी है लेकिन अभी तक नगर निगम उपयुक्त जमीन का चयन नहीं कर पाया है। भवन बनने के बाद प्रत्येक मीट शॉप पर मांस काटने पर प्रतिबंध लग जाएगा। स्लॉटर हाउस बनने के बाद मीट की दुकानों में मांग के अनुसार ताजा मांस सप्लाई किया जाएगा। लोगों के स्वास्थ्य को लेकर यह फैसला लिया था लेकिन कई वर्षों से अभी तक जगह की तलाश की जा रही है। नगर परिषद के समय से ही स्लॉटर हाउस बनाने के लिए प्रस्ताव पारित कर जगह की तलाश की जा रही है। शहर के किनारे पर कुछ जगह चयनित भी की थी लेकिन इन सभी जगहों में खामियों को देख इन्हें रद्द किया गया था। उधर, नगर निगम कमिश्नर एकता कापटा ने कहा कि स्लॉटर हाउस बनाने के लिए अभी जगह की तलाश जारी है। जगह मिलने के बाद ही अगला फैसला लिया जाएगा। शहर में स्लॉटर हाउस बनने के बाद शहर की मीट शॉप पर मांस काटने पर प्रतिबंध रहेगा। सभी दुकानों को यहीं से मांग के अनुसार ताजा मांस उपलब्ध करवाया जाएगा।
** विरोध स्वरूप लोक निर्माण विभाग कुनिहार के विश्राम गृह में भारी संख्या में जुटे लोग कुनिहार को नगर पंचायत बनाने के विरोध में लोगो में रोष व्याप्त है आज इसी सिलसिले में कुनिहार रेस्ट हाऊस में विरोध स्वरूप एक बैठक आयोजित की गई, जिसमे कुनिहार की विभिन संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में कुनिहार विकास सभा के प्रधान गोपाल पंवर ने कहा कि उपायुक्त सोलन व एसडीएम अर्की द्वारा पंचायत व वीडियो को चिट्ठी आई है कि कुनिहार की तीनों पंचायत को नगर पंचायत में बनाए जाने की प्रपोजल भेजा जाए, जिसका तीनों पंचायतो के लोग व पूरी कार्यकारिणी विरोध करती है और एक मत से प्रस्ताव पारित करती है कि कुनिहार की तीनों पंचायतों को नगर पंचायत बनाने की कोशिश ना की जाए क्योंकि कुनिहार कस्बे के अलावा बाकी तीनो पंचायत में गांव के लोग रहते हैं और जिनका व्यवसाय कृषि पर निर्भर है। सभी लोग इसके विरोध में है । सरकार से मांग की जाती है कि अगर बिना लोगों की सहमति से नगर पंचायत का आदेश थोपा गया तो लोग सड़कों में आए जाऐगे और उसका पूरा-विरोध किया जाएगा। वही कुनिहार विकास सभा के पूर्व प्रधान धनी राम तनवर ने कहा कि समझ नहीं आता कि एक ही दिन में इसकी प्रपोज क्यों मांगी गई है इसके क्या कारण है और लोगों की राय लेने के लिए पंचायतो को जनरल हाउस बुलाने के लिए एक हफ्ते का समय क्यों नहीं दिया गया, जबकि आज व कल छुट्टी होने के बावजूद भी इतनी जल्दी इस कार्यों को करने की जरूरत क्यों महसूस हुई। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव की कॉपी उपायुक्त सोलन ,एसडीम अर्की ,कुनिहार वीडियो, व प्रधान कोठी, कुनिहार व हाटकोट को कार्रवाई हेतु भेज कर मांग की जाती है कि सरकार के नोटीस में यह बात लाई जाए की इसका पूरा विरोध तीनों पंचायत के लोग कुनिहार के कर रहे हैं। और कोई भी सख्त कदम उठाने के लिए कुनिहार की जनता त्यार है, जिसकी जिम्मेदारी पूरी सरकार पर होगी। वही बैठक में कुनिहार विकास सभा प्रधान गोपाल पंवर, मुख्य सलाहकार भागमल तंवर, कार्यकारिणी के सदस्य नागेंद्र ठाकुर, बाबूराम तंवर, संतराम, देवी राम, प्रेम राज चौधरी, बलबीर चौधरी मोहन चौधरी ,जगदीश ठाकुर, बरिषट सलाहकार धनीराम तनवर, हेमराज, दीप राम, धर्म सिंह, सोहनलाल, दिनेश, बिट्टू, मोहन ठाकुर, सनी राघव, ज्ञान गर्ग, ज्ञान ठाकुर व विनोद जोशी, राकेश झांजी सहित काफी लोग मौजूद रहे।
माँ दुर्गा मेला पट्टा बरावरी मेले का शुभारंभ माता कि पूजा अर्चना से किया गया I जानकारी देते हुए दुर्गा माता मेला कमेटी प्रधान सीस राम कश्यप ने बताया कि माँ दुर्गा मेला पट्टा बरावरी मेले में गोपाल शर्मा अध्यक्ष बी एल सेंट्रल पब्लिक स्कूल कुनिहार ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की I मेला कमेटी के सभी सदस्यों और ग्राम पंचायत पट्टा बरावरी के प्रधान हरीश कौशल व् अन्य सभी सदस्यों ने मुख्यातिथि का भव्य स्वागत किया I उसके उपरान्त मुख्यातिथि द्वारा माता के मंदिर में पूजा अर्चना की गई I दुर्गा माता को हलवे का प्रशाद व् चुन्नी चढ़ा कर मेले कि शुरूवात कि गई I उन्होंने बताया कि मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा बॉलीवॉल व कब्बड्डी की प्रतियोगिताएं भी करवाई जा रही है, जिसमें स्थानीय व आसपास से कई टीमें भाग ले रही है। इस अवसर पर हरीश कौशल , सीस राम कश्यप, कन्हैया लाल , प्रेम चंद , अजित कौशल, खयाली राम , प्रेम राज , रशीद मोहम्द , नानक चंद , संजय कुमार , नेक राम, संत राम, शेख मोहम्द, रतन लाल आदि मौजूद रहे I
तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी, हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू और कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने मुंबई में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, जब मैं महाराष्ट्र कांग्रेस कार्यालय पहुंचा तो पवन खेड़ा ने मुझे समोसा ऑफर किया। फिर मैंने पूछा कि यहां जो राजनीति हो रही है, वह समोसे पर है या विकास पर, महिलाओं के सम्मान पर। सच हमेशा झूठ का सामना करता है, लेकिन अंत में जीत सच की ही होती है। महाराष्ट्र की तरह ही हिमाचल प्रदेश में भी राज्यसभा चुनाव के दौरान 'ऑपरेशन लोटस' चलाया गया।
** कुछ जिलों में कोहरे का यलो अलर्ट हिमाचल में मौसम में आए बदलाव से ठंड बढ़ गई है। अधिकतम तापमान में पांच डिग्री की कमी दर्ज हुई है। शुक्रवार को प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में अधिकतम तापमान 30 डिग्री तक भी नहीं पहुंचा। सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान जिला सिरमौर के धौलाकुआं में 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मंडी और बिलासपुर जिले के कई क्षेत्रों में शनिवार और रविवार को घना कोहरा पड़ने का येलो अलर्ट जारी हुआ है। अगले एक सप्ताह तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में चार से पांच डिग्री की कमी आने के आसार जताए गए हैं। 10 नवंबर तक प्रदेश में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। 11 नवंबर को मध्य और उच्च पर्वतीय आठ जिलों किन्नौर, लाहौल-स्पीति, शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा में बारिश व बर्फबारी की संभावना है। वीरवार रात को ताबो में न्यूनतम पारा माइनस तीन डिग्री दर्ज हुआ। कल्पा और केलांग में भी रात के तापमान में कमी आई है। शुक्रवार सुबह और शाम सुंदरनगर, मंडी, बिलासपुर और शिमला में भी कोहरा छाया रहा। इससे मौसम में ठंड बढ़ गई है। शुक्रवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में दिन के समय धूप खिली। शाम को मौसम में बदलाव आने से कई क्षेत्र ठंड की चपेट में आए।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बैंक से धोखाधड़ी के मामले में हिमाचल के बद्दी सहित अन्य 10 स्थानों पर दबिश दी है। यह कार्रवाई गुगलानी समूह की विभिन्न कंपनियों मेसर्स सुपर मल्टीकलर प्रिंटर्स प्राइवेट लि.और मेसर्स इन फूड्स प्राइवेट लि. और उनके निदेशक सुनील, सुमन गुगलानी सहित अन्य की ओर से किए दो बैंकों से धोखाधड़ी मामलों में हुई है। इससे बैंकों को 125.40 करोड़ और 53.88 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। ऋण लेने वाली कंपनियां मल्टीकलर ऑफसेट प्रिंटिंग और कंप्यूटर स्टेशनरी के व्यवसाय में लगी हुई थी। मामले की जांच के तहत ईडी ने बद्दी के साथ ही चंडीगढ़, पंचकूला (हरियाणा), मोहाली और अमृतसर (पंजाब), दिल्ली और अहमदाबाद (गुजरात) स्थित 11 परिसरों में तलाशी अभियान चलाया। आरोपियों पर एफआईआर के अनुसार पीएनबी, केनरा बैंक, एसबीआई, आईसीआईसीआई और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को कुल 179.28 करोड़ रुपये का जानबूझकर नुकसान पहुंचाने का आरोप है। धोखाधड़ी करने वाली कंपनियों ने ऋण लेने के लिए जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। ईडी की तलाशी में कई नए बैंक खातों का पता चला है। साथ ही 3 लाख रुपए की नकदी, अपराध संकेती दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं।
*बारिश न होने से पौधों के सूखने की आशंका बीते दो माह से बारिश न होने के कारण हिमाचल में सेब के बगीचे सूखे की चपेट में आ गए हैं। पौधों की छाल उखड़ने लगी है, जिससे कैंकर रोग फैलने का खतरा पैदा हो गया है। बारिश नहीं हुई तो सेब के पौधों के सूखने की आशंका है और अगले सीजन में सेब की फसल पर भी इसका असर पड़ सकता है। प्रदेश में सेब की फसल के तुड़ान के बाद करीब दो महीनों से बारिश नहीं हुई है। इस तरह की परिस्थिति प्रदेश में कई वर्षो के बाद बनी है। सेब के पौधों में जो सामान्य वृद्धि देखने को मिलती थी, वह रुक गई है। पेड़ों की छाल में दरारें आनी शुरू हो गई हैं, जिनसे रस बह रहा है। इन परिस्थितियों में कैंकर फैलने का खतरा बढ़ गया है। अगले लंबे समय तक ऐसे हालात बने रहते हैं तो पौधे सूख भी सकते हैं।नमी का स्तर घटने से मिट्टी सख्त हो गई है और लाभकारी जीवाणु निष्क्रिय हो रहे हैं। यह जीवाणु पौधों के पोषण और वृद्धि के लिए जरूरी होते हैं। उद्यान विभाग और नौणी विश्वविद्यालय ने बागवानों को बगीचों की नियमित निगरानी की हिदायत दी है, ताकि बचाव के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें। विषय विशेषज्ञ उद्यान, तकनीकी विशेषज्ञ सीपीएस डॉ. कुशाल सिंह मेहता ने बताया कि बीते दो महीने से बारिश न होने के कारण पौधों को नुकसान पहुंचना शुरू हो गया है। बागवानों को बगीचों में सिंचाई और मल्चिंग करने और कैंकर से बचाव के लिए कॉपर ऑक्सीक्लोराइड का छिड़काव करने का सुझाव दिया गया है। उच्च घनत्व पौधरोपण वाले बगीचों में टपक सिंचाई (ड्रिप इरिगेशन) की सुविधा उपलब्ध है तो नियमित अंतराल पर सिंचाई करें। बगीचों में सूखे घास की मोटी परत का मल्चिंग के तौर पर इस्तेमाल करें, ताकि वाष्पीकरण को रोककर नमी बनी रहे। जिन पौधों की छाल में दरारें आ चुकी हैं और रस बह रहा है, वहां कैंकर रोग से बचाव आवश्यक है। रोग के प्रसार को रोकने के लिए कॉपर ऑक्सीक्लोराइड का छिड़काव करें। इसके लिए 600 ग्राम कॉपर ऑक्सीक्लोराइड को 200 लीटर पानी में घोलकर पौधों पर छिड़काव करें। यह फफूंदनाशी उपाय कैंकर के संक्रमण को रोकने में मदद करेगा और पौधों को स्वस्थ रखेगा।
मंडी: बीती महीने 23 अक्टूबर की रात को एक निजी नर्सिंग संस्थान के होस्टल की चौथी मंजिल से गिरकर नर्सिंग छात्रा अंजना की संदिग्ध मौत हो गई थी, जिसे लेकर उसके परिजनों ने एसपी ऑफिस के बाहर धरना प्रदर्शन कर खूब हंगामा किया। मौके पर मौजूद एएसपी मंडी सागर चंद्र व डीएसपी मंडी सुंदरनगर सहित अन्य पुलिस अधिकारी गुस्साए परिजनों को शांत कराते हुए नजर आए। इस दौरान गुस्साए पजिनों ने एसपी ऑफिस के अंदर घुसने का भी प्रयास किया, जिस पर पुलिस अधिकारियों ने गुस्साए परिजनों का शांत करवाया। इससे पहले परिजनों ने मंडी शहर में आक्रोश रैली निकाली और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की है, बल्कि उसकी हत्या की गई है। परिजनों ने पुलिस पर केस को दबाने के आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस इस मामले के तथ्यों को छिपाने का काम कर रही है। मृतक अंजना के पिता भगत राम ने बताया, "जब मैं अपनी बेटी को अस्पताल लेकर गया तो देखा की उसके सिर पर चोटें आई हैं, जबकि हमें बताया गया था कि हमारी बेटी चौथी मंजिल से गिरी है। चौथी मंजिल से गिरने के बाद हमारी बेटी को केवल सिर पर ही क्यों चोटे आई? जबकि शरीर के अन्य अंग बिल्कुल ठीक हैं। वहीं, भगत राम ने कहा कि जिस दिन यह घटना हुई है, वहां पर हॉस्टल के सीसीटीवी कैमरे भी खराब बताए जा रहे हैं, जिससे जाहिर होता है कि इस मामले में पुलिस दबाव में आकर तथ्यों को छिपाने की कोशिश कर रही है। मृतका के परिजन बलदेव ठाकुर ने बताया, "शिकायत करने के बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है, जबकि सभी परिजन इस मामले में पुलिस का सहयोग करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। एफआइआर दर्ज करवाने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। पुलिस कह रही है कि उन्हें घटना स्थल पर सबूत नहीं मिले हैं, जबकि हॉस्टल में मौजूद अन्य लड़कियां अगल-अलग ब्यान दे रही हैं। इस मामले में परिजनों ने जिला प्रशासन व प्रदेश सरकार से उचित कार्रवाई की मांग उठाते हुए उन्हें न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। साथ ही परिजनों ने चेताया कि अगर उन्हें जल्द न्याय नहीं मिलता है तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। मंडी जिले के सराज क्षेत्र के गुराण गांव की अंजना ठाकुर सुंदरनगर में एक निजी शिक्षण संस्थान और हॉस्टल में अक्टूबर महीने में पहुंची थी। अंजना यहां पोस्ट बेसिक नर्सिंग में प्रथम वर्ष में थी। बीते 23 अक्टूबर की रात को अंजना रहस्यमयी परिस्थितियों में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिर गई। घायल अवस्था में अंजना को नेरचौक मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां से उसे पीजीआई और उसके बाद उसे चंडीगढ़ के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, मगर 25 अक्तूबर को इलाज के दौरान अंजना ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद परिजन उनकी बेटी की हत्या की आशंका के आरोप लगाते हुए पुलिस से उचित कार्रवाई की मांग कर रहे है। परिजनों का ये भी आरोप है कि पुलिस इस मामले में दबाव में आकर काम कर रही है।
हिमाचल हाईकोर्ट ने राज्य में अनुबंध के आधार पर नियुक्त किए फॉरेस्ट गार्ड को पे फिक्सेशन स्केल 2022 का लाभ देने के आदेश जारी किए हैं। अदालत ने वर्ष 2022 से पहले अनुबंध के आधार पर नियुक्त किए गए वन रक्षकों के पक्ष में यह महत्वपूर्ण फैसला दिया है। वन रक्षकों को यह लाभ वर्ष 2020 से मिलेगा। अदालत ने कहा कि सरकार कर्मचारियों को उनके वित्तीय लाभ देने से वंचित नहीं रख सकती है।न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने याचिका का निपटारा करते हुए अनुबंध पर लगे वर्ष 2021 से पहले कर्मचारियों को पे स्केल का लाभ दिए जाने के आदेश पारित किए हैं। अभी तक धर्मशाला सर्किल को 3 जनवरी 2022 का पे फिक्सेशन का लाभ दिया जा रहा था। अदालत के आदेश के बाद प्रदेश में 2022 से पहले नियुक्त किए गए सभी वन रक्षकों को यह लाभ मिलेगा। बता दें कि राज्य सरकार ने इन वन रक्षकों की नियुक्तियां वर्ष 2019 में अनुबंध के आधार पर की थीं। वर्ष 2021 में इनकी सेवाओं को स्थायी किया गया, लेकिन सरकार ने इन्हें 3 जनवरी 2022 के पे स्केल का लाभ नहीं दिया गया। इसी आदेश के खिलाफ याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत से मांग की गई थी कि उनकी अनुबंध सेवाओं को स्थायी नियुक्ति के लिए गिना जाए और उन्हें 2022 के पे स्केल का लाभ दिया जाए। सरकार की ओर से कहा गया था कि 2022 का लाभ केवल स्थायी कर्मचारियों को ही दिया जाएगा। हिमाचल सरकार ने जिला न्यायाधीशों के वर्ग में कुल पदों की संख्या काडर ग्रेड पे के साथ 25 से बढ़ाकर 35 फीसदी कर दी है। इसके साथ ही जिन जिला न्यायाधीशों को सेवाएं करते 5 वर्ष हो चुके हैं, उन्हें चयन ग्रेड पे प्रदान किया जाएगा। हाईकोर्ट की ओर से जिला न्यायाधीशों के वर्ग से योग्यता व वरिष्ठता के आधार पर इस ग्रेड में नियुक्त करने के लिए चुने जाएंगे, उन्हें चयन ग्रेड में रखा गया है। उन्हें चयन ग्रेड जिला न्यायाधीश कहा जाएगा। जिला न्यायाधीशों के कुल पदों की संख्या 10 से बढ़ाकर 15 फीसदी की गई है। अधिसूचना के मुताबिक जिन जिला न्यायाधीशों की सेवाएं तीन साल से ज्यादा होंगी, उन्हें उच्च न्यायालय की ओर से योग्यता व वरिष्ठता के आधार पर वेतनमान दिया जाएगा और इन्हें सुपर टाइम स्केल जिला न्यायाधीश कहा जाएगा। हिमाचल प्रदेश न्यायिक अधिकारी वेतन, भत्ते और सेवा की शर्तें अधिनियम 2004 के नियम 3 की उपधारा (4) में संशोधन किया गया है।
सोलन पुलिस ने दोहरी दीवार के पास नाकेबंदी के दौरान एक जेन कार में सवार शिमला जिले के रामपुर उपमंडल के दो युवकों के हवाले से सात ग्राम चिट्टा बरामद किया है। इस दौरान कार को पुलिस ने सीज कर दिया है। दोनों युवकों के आपराधिक रिकार्ड की जानकारी जुटाई जा रही है। सोलन के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार पिछली रात सिटी पुलिस चौकी टीम सोलन शहर के दोहरी दीवार के पास नाकाबन्दी पर मौजूद थी। इसी दौरान रात के दो बजे के करीब एक जेन कार धरमपुर की तरफ से आती दिखाई पड़ी। कार को पुलिस ने नाकेबंदी के दौरान रोका और उसकी तलाशी के बाद कार सवार दो युवकों को नीचे उतार कर उनकी भी तलाशी ली गई। इस दौरान उनके हवाले से सात ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। पुलिस टीम ने दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। कार को सीज कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किये गए युवकों की पहचान शिमला जिले के रामपुर उपमंडल के दत्तनगर क्षेत्र के निरसू गांव निवासी 26 वर्षीय गुलशन कुमार व दरकाली गांव के 24 वर्षीय प्रभु दयाल के रूप में हुई है। जांच के दौरान वारदात में संलिप्त गाड़ी जैन कार को जब्त करके कब्जा पुलिस में लिया गया । आरोपियों के पूर्व अपराधिक रिकार्ड की पड़ताल की जा रही है । गिरफ्तार दोनों आरोपियों को आज न्यायालय में पेश किया गया। उन्होंने बताया कि मामले में जांच जारी है और दोनों युवकों के पुराने आपराधिक रिकार्ड की जानकारी जुटाई जा रही है।
सरकार द्वारा आमजन को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें चलाई गई है। लेकिन विभाग इस सेवा को सही से चलाने में असमर्थ दिखाई दे रहा है। सोलन जिला के विभिन्न रूटों पर आये दिन निगम की कोई ना कोई बस नहीं जाती जिस से यात्री परेशान होते है। सोलन से बीशा चलने वाली बस विगत एक सप्ताह में चार दिन रूट पर नहीं गई जिस से करीब आधा दर्जन पंचायतों के सैकड़ों लोगों को परेशानियों से दो चार होना पड़ा । दफतर वालो से लेकर स्कूली बच्चों को इस बस सेवा के ना चलने से परेशानियों से दो चार होना पडा। ग्रामीणों के अनुसार बस के चालक की मनोपली के कारण नियमित बस नहीं चलती । इसी रूट पर बस के चालक का घर भी पड़ता है जिस वजह से वह अपनी मनोपली करता है व बस सेवा सुचारू नहीं चल रहीं है। इस रूट पर आने वाली ग्राम पंचायत धरोट की प्रधान कमलेश ने बताया कि विगत एक सप्ताह में सोलन से बीशा वाया बसाल शलूमना चलने वाली एचआरटीसी की बस चार दिन रूट पर नहीं आई जिस से ग्रामीणों को परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है। जिस बारे में उन्होंने स्थानीय आर एम से भी बात की है। उन्होंने कहा कि अब वह मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर इसकी शिकायत कर रहीं है क्यूकि इस बस सेवा के नियमित न चलने से दूरदराज के ग्रामीणों को भारी परेशानियों से दो चार होना पड रहा है। वहीं इस बारे जब आर एम सोलन सुरेन्द्र राजपुत से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह इस प्रकरण में उचित जांच करेंगे कि क्यूं बस इस रूट पर नहीं जा रहीं है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए चलाई गई बसे आगे से मिस ना हो इस बात को वह स्वयं सुनिश्चित करेंगे।
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने अमान्य विवाह से पैदा हुए बच्चों के अधिकार को लेकर महत्त्वपूर्ण व्यवस्था देते हुए कहा है कि अवैध संबंधों अथवा अमान्य वैवाहिक संबंधों से पैदा हुए बच्चों का पंजीकरण करने से इनकार करना गैरकानूनी है। कोर्ट ने नाबालिग बच्चों की ओर से दायर याचिका को स्वीकारते हुए कहा कि याचिकाकर्ता जीवित प्राणी हैं। इस तथ्य को कानून में स्वीकार किया जाना चाहिए। इसलिए उनके नाम संबंधित पंचायत के रिकार्ड में दर्ज किए जाने चाहिए। न्यायाधीश ज्योत्स्ना रिवाल दुआ ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ताओं के नाम पंचायत रिकार्ड में दर्ज करना हिंदू विवाह अधिनियम की धारा-16 के प्रावधानों के अनुरूप होगा, जिसमें माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित कानून को ध्यान में रखा गया है। कोर्ट ने प्रतिवादियों की आपत्ति को खारिज करते हुए कहा कि चूंकि याचिकाकर्ताओं के माता-पिता के बीच विवाह विशेष विवाह अधिनियम की धारा-4 के प्रावधानों के मद्देनजर पंजीकृत नहीं किया जा सकता है और इस आधार पर याचिकाकर्ताओं के नाम पंचायत रिकार्ड में दर्ज नहीं किए जा सकते हैं। स्पष्ट रूप से गलत धारणा है और हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 16 (1) के महत्त्व का उल्लंघन करता है। मामले के अनुसार तीन नाबालिग बच्चों, जिनकी उम्र क्रमश: 12, नौ और पांच वर्ष है, ने अपनी मातृ प्राकृतिक अभिभावक के माध्यम से याचिका दायर कर प्रतिवादियों को पंचायत रिकार्ड यानी जन्म रजिस्टर और परिवार रजिस्टर में उनके नाम दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की थी।
कंपनी ने आठ महीने में तीन करोड़ से अधिक गोलियां बना डालीं। कंपनी के पास इन्हें बनाने का लाइसेंस है, लेकिन इन दवाओं की कहां-कहां खपत की गई, इसमें बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। मामले के तार यूपी, बिहार और महाराष्ट्र तक जुड़े हुए हैं। एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स यूपी, बिहार में दबिश देकर किंगपिन की तलाश कर रही है। इतना ही नहीं, फार्मा कंपनी पर टैक्स चोरी का भी गंभीर आरोप है, जिस दवा के एक डिब्बे की कीमत करीब 4200 रुपये है, उसकी कीमत 225 रुपये दिखाई गई। इसे राज्य सरकार को सीधे तौर पर करोड़ों की चपत लगाई है। मामला सामने आने के बाद थाना सीआईडी शिमला में मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश अमल में लाई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई हाल ही में ड्रग कंट्रोल विभाग और एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स की ओर से की गई जांच के बाद हुई है। इसमें बड़ी मात्रा में ट्रामाडोल और अन्य नियंत्रित पदार्थों से युक्त दवाइयां अवैध तरीके से बेची जा रही थीं। मेसर्स मेडिक्रॉस लेबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड की ओर से संचालित इस फार्मास्युटिकल इकाई ने मेडिडोल एसआर, ट्रोहमा-100, प्रोक्सिमो-स्पास और अन्य साइकोट्रोपिक दवाओं का उत्पादन किया था। इकाई के खिलाफ यह जांच इसलिए शुरू की गई, क्योंकि सूत्रों ने बताया था कि यह दवाइयां बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं, जो मादक पदार्थों के दुरुपयोग का कारण बन सकती हैं। 28-29 सितंबर को ड्रग कंट्रोलर के निरीक्षण और एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स की टीम के साथ इस फार्मा यूनिट का दौरा किया गया, जहां पाया गया कि इकाई में उत्पादित दवाइयां विभिन्न राज्यों में थोक विक्रेताओं को बिना उचित रसीदों और रिकॉर्ड के बेची जा रही थीं। कुछ विक्रेताओं के दस्तावेज भी संदिग्ध पाए गए । इन दवाओं को अन्य राज्यों में भी आपूर्ति की जा रही थी। विशेष रूप से, ऊना स्थित एक फार्मास्युटिकल्स को मेडिडोल-एसआर टैबलेट और अन्य दवाइयां भेजी गई थीं, जहां ड्रग इंस्पेक्टर ने एक छापे में अवैध रूप से स्टॉक कंट्रोल्ड ड्रग्स जब्त कीं। फार्मास्युटिकल्स के मालिक और अन्य आरोपी इस अवैध कारोबार में शामिल पाए गए, जिनके पास बिक्री और आपूर्ति से संबंधित कोई उचित रिकार्ड नहीं था। साइकोट्रॉपिक दवाएं मानसिक स्वास्थ्य संबंधी विकारों के इलाज के लिए उपयोग की जाती हैं।
सोलन: 8 नवंबर को सोलन के दुर्गा क्लब में एक निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर का आयोजन एमएमयू सोलन और रोटरी क्लब सोलन के द्वारा किया जाएगा। सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलने वाले इस शिविर में मुफ्त ईसीजी, ब्लड शुगर और दवाइयां भी उपलब्ध होंगी। इस जांच शिविर में कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. सी.बी. पांडे और मेडिसिन के एचओडी डॉ. किरण कुमार सिंगल विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।


















































