हिमाचल प्रदेश में फेस्टिव सीजन में सुक्खू सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को 4 फीसदी डीए देने के साथ पेंडिंग मेडिकल बिलों के भुगतान का ऐलान किया है। वहीं, कर्मचारियों और पेंशनर्स को अगले महीने यानी नवंबर में दी जाने वाली सैलरी और पेंशन को भी एडवांस में दिवाली से पहले 28 अक्टूबर को देने की घोषणा की गई है। ऐसे में त्योहारी सीजन में कई सौगातें एक साथ मिलने पर लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की नाराजगी सरकार के प्रति कुछ हद तक दूर हो गई है। फेस्टिवल सीजन में 4 फीसदी डीए की किश्त देने, पेंडिंग मेडिकल बिलों के भुगतान और अगले महीने की सैलरी और पेंशन एडवांस में 28 अक्टूबर को डाले जाने के ऐलान से कर्मचारी और पेंशनर्स खुश हैं, लेकिन इसके साथ ही कुछ लंबित मांगों को लेकर सचिवालय कर्मचारियों का आज दोपहर बाद 1.30 जनरल हाउस होने जा रहा है, जिसमें सीएम सुक्खू की सरकार की ओर से कर्मचारी डीए की 4 फीसदी किश्त देने सहित एडवांस सैलरी और पेंशन सहित मेडिकल बिलों के बिलों के भुगतान करने के फैसले पर मुख्यमंत्री का धन्यवाद करेंगे।इसके साथ ही कर्मचारियों की अन्य लंबित मांगे भी सरकार के ध्यान में लाई जाएंगी। हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं परिसंघ के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कर्मचारियों और पेंशनर्स को 4 फीसदी डीए सहित मेडिकल बिलों के भुगतान और अगले महीने की सैलरी और पेंशन एडवांस में 28 अक्टूबर को डाले जाने के ऐलान को लेकर मुख्यमंत्री का आभार जताया है। उन्होंने कहा "जहां तक जनरल हाउस की बात है तो ये पहले से ही प्रस्तावित है। हमने कहा था कि 15 अक्टूबर को जनरल हाउस करेंगे। इस बीच सरकार कुछ देती है तो हम धन्यवाद करेंगे, वरना आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। संजीव शर्मा का कहना है कि जनरल हाउस में कर्मचारियों को 2016 से 2022 के बीच का एरियर के भुगतान, साल में अनुबंध कर्मचारियों को दो बार नियमित करने और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति बनाने की मांग रखी जाएगी। उनका कहना है कि जनरल हाउस में प्रिविलेज मोशन को वापस लेने की भी मांग रखी जाएगी।
हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर की आरटीओ यानी रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर सोना चंदेल ने पंजाब रोडवेज के अमृतसर डिपो-2 के जीएम को नोटिस जारी किया है। इतना ही नहीं संबंधित डिपो की पांवटा साहिब-अमृतसर रूट पर बिना परमिट के चलने वाली एक बस पर 10,000 रुपए का चालान भी किया गया है। आरटीओ की ओर से जीएम को जारी नोटिस में संबंधित बस के ड्राइवर-कंडक्टर को आरटीओ कार्यालय नाहन में तलब किया गया है। आरटीओ ने यह कार्रवाई नाहन निवासी एक यात्री के. टांक की शिकायत पर अमल में लाई है। दरअसल के. टांक ने 18 सितंबर 2024 को इस बाबत आरटीओ सिरमौर को ई-मेल के जरिए पांवटा साहिब-अमृतसर रूट पर पंजाब रोडवेज बस की शिकायत भेजी थी। अमृतसर डिपो-2 की यह बस पांवटा साहिब से शाम 6:25 पर चलती है, जो शाम करीब साढ़े 7 बजे नाहन से 3 किलोमीटर दूर दोसड़का पहुंचती है। टांक ने बताया कि वह प्रतिदिन पांवटा साहिब से नाहन तक सफर करते हैं। आरटीओ को शिकायत करने से कुछ दिन पहले वह इसी बस में पांवटा साहिब से नाहन आ रहे था। बस का रूट पांवटा साहिब-नाहन-अमृतसर था, जैसे ही बस दोसड़का पर पहुंची, तो नाहन आने वाली सवारियों को दोसड़का पर ही उतार दिया गया, जिसमें वह भी शामिल थे. जबकि टिकट की एवज में पैसे पूरे नाहन तक के लिए गए। टांक ने बताया कि इसको लेकर बस के ड्राइवर-कंडक्टर देरी का बहाना बनाकर नाहन न आकर दोसड़का से ही बस लेकर अपने निर्धारित गंतव्य की तरफ निकल गए। यही नहीं 100 रुपए पूरा किराया वसूलने के बाद जो टिकट उन्हें दिया गया, उस पर भी बस का रूट पांवटा साहिब-नाहन दर्शाया गया है। इसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत आरटीओ नाहन कार्यालय से की। शिकायत पर आरटीओ सिरमौर ने न केवल बिना परमिट पर संबंधित बस का 10,000 रुपए का चालान किया, बल्कि गत 7 अक्टूबर 2024 को पंजाब रोडवेज अमृतसर-2 के जीएम को भी कें. टांक की शिकायत के साथ एक नोटिस जारी किया। नोटिस में कहा गया है कि इस शिकायत के अलावा टेलीफोन पर भी इस बारे में काफी शिकायतें मिल रही हैं। वहीं, अमृतसर डिपो की बसों के नाहन-दोसड़का से रूट बदलने की सूचनाएं भी बार-बार मिल रही हैं। इसके चलते यात्रियों खासकर बुजुर्गों, बच्चों व महिलाओं को सामान सहित दोसड़का में उतारा जा रहा है, जबकि उनसे नाहन तक का किराया पूरा वसूल किया जा रहा है। नोटिस में जीएम से कहा गया कि पंजाब रोडवेज बस के ड्राइवर-कंडक्टर को 16 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे आरटीओ कार्यालय नाहन में उपस्थित होने और इस लापरवाही के कारणों को बताने का निर्देश दें। साथ ही यह भी कहा गया कि संबंधित बसों को नाहन के जरिए अपने निर्धारित मार्ग पर बस चलाने के लिए भी निर्देशित करें। ऐसा न होने की सूरत में आरटीओ कार्यालय एमवी एक्ट 1998 के प्रावधानों और उसके तहत बनाए गए नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई करने के लिए बाध्य होगा।
पेंशनर एसोसिएसन कुनिहार की मासिक बैठक आज एसोसिएसन के प्रधान विनोद जोशी की अध्यक्षता में पेंशनर भवन कुनिहार में आयोजित की गई। बैठक में सर्व प्रथम 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने पर सरकार का आभार प्रकट किया तथा सरकार से अनुरोध किया गया कि लम्बित बकाया राशि के भुगतान के बारे जल्दी कोई निर्णय लिया जाए। पेंशनरों ने कहा कि 1जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2022 के बीच सेवा निवृत कर्मचारियों के वित्तीय लाभ संशोधित वेतनमान का अभी तक भुगतान नहीं हुआ है, जबकि 1जनवरी 2022 के बाद सेवा निवृत कर्मचारियों को सभी लाभ दिए जा चुके हैं, जो कि अन्याय व पक्षपात वाला निर्णय है। पेंशनरों ने मांग की हैं कि सेवा निवृत कर्मचारियों की ग्रेजुएटी की एवज में 15 वर्ष तक कटने वाली राशि को भी घटा कर दस वर्ष आठ माह के पश्चात पेंशन के साथ समायोजित करने के आदेश किए जाए, क्योंकि यह सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया निर्णय है। पेंशनरों ने कहा कि 65,70 और 75 वर्ष के सेवा निवृत कर्मचारियों के 5,10 और 15 प्रतिशत के लाभ को भी पेंशन में समायोजित किया जाए। इसके अलावा जुलाई 2022 से मार्च 2024 तक का महंगाई भत्ते का एरियर तो दे ही दिया जाए अब भी जो किश्त दी उसके एरियर के बारे में अलग आदेश के लिए कहा गया है। पेंशनरों ने मांग की हैं कि महंगाई भत्ते की किश्त का एरियर तो कम से कम साथ देना ही चाहिए। एसोसिएसन के प्रधान विनोद जोशी ने सभी पेंशनरों का बैठक में पहुंचने के लिए धन्यवाद किया। इस बैठक में विनोद जोशी के अलावा गोपाल सिंह, ज्ञान चंद, के एल तनवर, दिला राम पंवर, राम स्वरूप, विजय सिंह कंवर, डी एन परिहार, दीपराम ठाकुर आदि मौजूद रहे।
बी एल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार में रविवार से सात दिवसीय एन एस एस वार्षिक शिविर का शुभारम्भ किया गया I इस सात दिवसीय एन एस एस वार्षिक शिविर के समारोह में गोपाल शर्मा विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की I मंच का संचालन करते हुए मीरा कौशल ने मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि विद्यालय प्रधानाचार्य पुर्शोतम लाल व मुख्याध्यापिका सुषमा शर्मा का स्वागत किया I मुख्य अतिथि ने विधिवत ध्वजारोहण करके सात दिवसीय एन एस एस वार्षिक शिविर का शुभारम्भ किया I एन एस एस प्रभारी पूनम शर्मा ने बताया की यह शिविर 13 अक्तूबर से 19 अक्तूबर तक चलेगा, जिसमे 33 स्वयंसेवक भाग ले रहे है I उन्होंने बताया कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया, उसके उपरान्त स्वयंसेवकों द्वारा एन एस एस गान प्रस्तुत किया गया I एन एस एस प्रभारी पूनम शर्मा और पुर्शोतम लाल गुलेरिया ने मुख्यातिथि को एन एस एस कैप , बैच और समृति चिन्ह देकर सम्मानित किया I साथ ही इस समारोह के विशिष्ट अतिथि पुर्शोतम लाल और सुषमा शर्मा को भी एन एस ऍस प्रभारी और अध्यापको द्वारा सम्मानित किया गया I मुख्य अतिथि गोपाल शर्मा ने अपने वक्तव्य में एन एस एस स्वयंसेवकों को एन एस एस के बारे में अवगत कराया गया तथा साथ ही स्वच्छ भारत अभियान तथा सामाज की सेवा करने व् आपसी भाईचारा बनाए रखने में स्वयंसेवकों को जानकारी प्रदान की, जिससे हम एक अच्छा समाज बना कर देश के निर्माण में अपना योगदान दे सकते है I विद्यालय प्रधानाचार्य ने बताया कि एन एस एस विशेष शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, सामाजिक कार्यकर्ता, प्रधान ग्राम पंचायत हाटकोट आदि व्यक्तियो के रूप में एन एस एस के स्वयंसेवकों को अपना अपना ज्ञान साँझा करेंगे I एन एस एस स्वंयसेवक इस शिविर के दौरान गोद लिए गावं हाटकोट, हॉस्पिटल, पुलिस थाना, मंदिर तालाब, ठाकुर द्वारा और गौशाला आदि स्थानों में जाकर सफाई भी करेंगे I विद्यालय के समस्त अध्यापक वर्ग ने भी एन एस एस वार्षिक शिविर के शुभारम्भ पर सभी स्वयंसेवकों को बधाई दी I इस शिविर के शुभारम्भ पर एन एस एस स्वयंसेवकों द्वारा सांकृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए I मंच का संचालन करते हुए मीरा कौशल ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि व अन्य सभी का धन्यवाद किया। इस अवसर पर अध्यापक ईशान भाटिया , सुमन कुमारी , मीरा कौशल ,अरुणा शर्मा, रजनी सूद , आरती भरद्वाज भी मौजूद रहे I
हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने दिवाली से पहले जल शक्ति विभाग में 12 साल का सेवाकाल पूरा कर चुके कर्मचारियों को तोहफा दिया है। प्रदेश सरकार ने 184 जल रक्षकों को अब पंप अटेंडेंट बनाया है। जल शक्ति विभाग ने अनुबंध अवधि पूरी किए जाने के बाद इन्हें पंप अटेंडेंट बनाने का फैसला लिया है। ऐसे में अब दो साल की अनुबंध अवधि पूरी करने के बाद ये सभी कर्मचारी विभाग में रेगुलर किए जाएंगे, जिससे इन्हें राज्य सरकार की ओर से तय वेतन और भत्तों का लाभ मिलेगा। इस तरह से इन कर्मचारियों की अब दिवाली रोशन होने वाली है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने जल रक्षकों के लिए 12 साल की अनुबंध अवधि तय की है, जिन्हें 5400 रुपए मासिक मानदेय दिया जाता है। प्रदेश भर में 184 कर्मचारियों ने 12 साल की तय अवधि को पूरा कर लिया है। इस लिए इन्हें पंप अटेंडेंट बनाया गया है। प्रदेश में इस समय छह हजार जल रक्षक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन जल रक्षक को 60 फीसदी भुगतान जल शक्ति विभाग के माध्यम से मिल रहा है, वहीं 40 फीसदी भुगतान पंचायत करती हैं। हिमाचल प्रदेश में अब भी करीब 700 कर्मचारी ऐसे हैं, जो इस अवधि को पूरा कर रहे हैं और इसी साल दिसंबर तक इनका 12 साल का कार्यकाल पूरा हो जाएगा। ऐसे में जल शक्ति विभाग को दिसंबर में इन कर्मचारियों को लेकर भी फैसला करना होगा। वहीं, जल रक्षक इस 60-40 के कोटे को खत्म कर खुद को पूरी तरह से जल शक्ति विभाग के अधीन किए जाने की मांग कर रहे हैं। जल रक्षक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रूप लाल ने 184 कर्मचारियों को नियमित करने के फैसले का स्वागत किया है। लेकिन अभी भी जल रक्षकों को 12 साल की अवधि पूरी होने के बाद ही नियमित किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने पंप अटेंडेंट बनने वाले सभी कर्मचारियों को बधाई दी है। डिप्टी सीएम ने कहा, "अब कठिन समय पूरा करने वाले सभी कर्मचारियों का भविष्य उज्जवल होगा। राज्य सरकार ने कर्मचारियों को नियमित करने के लिए दो साल की समयावधि तय की है। अब कर्मचारी दो साल के बाद नियमित हो जाएंगे।
मुख्य संसदीय सचिव (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लोक निर्माण तथा सूचना एंव जन सम्पर्क विभाग) संजय अवस्थी ने कहा कि मेलों एवं त्यौहारों की परम्परा हमें संस्कृति और इतिहास की गहन जानकारी प्रदान कर भविष्य को बेहतर बनाने में सहायता करती है। संजय अवस्थी गत रात्रि सोलन ज़िला के अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बातल में दो दिवसीय दशहरा मेला की प्रथम सांस्कृतिक सन्ध्या को सम्बोधित कर रहे थे। संजय अवस्थी ने कहा कि हमारी समृद्ध संस्कृति और हस्तशिल्प समय के साथ यथावत है और इनके संरक्षण में बेहतर भविष्य निहित है। उन्होंने कहा कि संस्कृति और परम्पराएं तथा हस्तशिल्प में समय के साथ बदलाव होते हैं। उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित बनाना होगा कि संस्कृति का मूल स्वरूप बना रहे। संस्कृति, परम्परा तथा हस्तशिल्प को संजोकर न केवल पर्यटन क्षेत्र को नए आयाम दिए जा सकते हैं बल्कि आर्थिक बेहतरी भी प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सांस्कृतिक संरक्षण के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र के विस्तार और आर्थिकी की मज़बूती पर बल दे रही है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि अपनी समृद्ध विरासत को सहेज कर रखने में सकारात्मक भूमिका निभाएं। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने का आग्रह भी किया। उन्होंने सभी को विजयदश्मी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान राम भारतीय चेतना के कारक हैं और उनके द्वारा स्थापित मार्ग का अनुसरण करना हम सभी का कर्त्वय है। उन्होंने दो दिवसीय बातल दश्हरा मेले की भी सभी क्षेत्रवासियों को बधाई दी। संजय अवस्थी ने इस अवसर पर बातल में मंच निर्माण कार्य के लिए 1.50 लाख रुपए, युवक मंडल बातल के भवन निर्माण कार्य के लिए 1 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की तथा भविष्य में आकलन अनुसार समुचित धनराशि उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने महिला मंडल शिवरी के भवन निर्माण कार्य के लिए 1 लाख रुपए, पोखटू सामुदायिक भवन निर्माण कार्य के लिए 1 लाख रुपए व आयोजन समिति को 31000 रुपये देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की अन्य मांगों को चरणबद्ध आधार पर पूरा किया जाएगा। मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि ग्राम पंचायत बातल के लिए मल निकासी योजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर ली गई है तथा शीघ्र ही इसका कार्य आरम्भ किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र में कचरा प्रबन्धन की आवश्यकता पर भी बल दिया।उन्होंने इस अवसर पर कबड्डी और वॉलीबाल के विजेताओं को पुरस्कृत भी किया। कबड्डी में धुन्धन की टीम विजेता और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला की टीम उप विजेता रही। विजेता, उप विजेता टीम को क्रमशः 5100 रुपए और 3100 रुपए नगद पुरस्कार के साथ ट्राफी व वॉलीबाल की विजेता पट्टा बरौरी व उप विजेता कुठार की टीमों को 5100 रुपए तथा 3100 रुपए के नगद पुरस्कार के साथ ट्राफी प्रदान की गई। दो दिवसीय दशहरा मेला बातल की प्रथम सांस्कृतिक सन्ध्या में स्थानीय एवं अन्य कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियां दी। खंड कांग्रेस समिति अर्की के अध्यक्ष सतीश कश्यप, नगर पंचायत अर्की के अध्यक्ष अनुज गुप्ता, पार्षदगण, ग्राम पंचायत बातल की प्रधान उर्मिल शर्मा, कांग्रेस पार्टी के विभिन्न पदाधिकारी, नगर पंचायत अर्की की पूर्व अध्यक्ष सीमा शर्मा, ग्राम पंचायत बातल के उप प्रधान भरत शर्मा, मेला समिति के प्रधान रोहित शर्मा व अन्य जन तथा क्षेत्रवासी इस अवसर पर उपस्थित थे।
कुनिहार में दशहरा वाली रात्रि एक बाईक सड़क किनारे खड़ी इनोवा गाड़ी से टकरा गई, जिसमे बाईक चालक की मौत हो गई। प्राप्त सूचना अनुसार नवीन कुमार पुत्र रमेश चंद निवासी गाँव हाटकोट डा0 कुनिहार तह0 अर्की के ब्यान पर थाना कुनिहार में मामला दर्ज हुआ कि यह अपने कमरे में बैठा हुआ था तो रात इसे अपने घर के बाहर जोर से किसी गाड़ी के टकराने की आवाज सुनाई दी, जिस पर यह एकदम अपने घर से बाहर निकला तो इसने देखा कि इसके घर के सामने जय माँ मंगला हार्डवेयर के बाहर खड़ी गाड़ी INNOVA नम्बर HP 11C-0295 को एक मोटरसाईकल ने टक्कर मार दी तथा मोटरसाईकल वहीं सड़क के साथ पड़ी हुई थी तथा मोटरसाईकल सवार दो लड़के भी वहीं सड़क पर पड़े हुए थे, जिन्हें इस हादसे में काफी चोटे आई हुई थी, जिन्हें स्थानीय लोग ईलाज के लिए कुनिहार अस्पताल ले आए। इसके बाद में मोटरसाईकल चालक का नाम रविन्द्र कुमार गौतम पुत्र कृष्ण चंद गौतम निवासी गांव व डा0 बातल तह0 अर्की जिला सोलन व साथ बैठे व्यक्ति का नाम अनूप कुमार निवासी गोयला व मोटरसाईकल न0 HP11 B-3214 मालूम हुआ, जिस स्थान पर मोटरसाईकल चालक ने सड़क से बाहर जाकर उपरोक्त गाड़ी को टक्कर मारी है वहां पर सड़क काफी चौड़ी है । यह हादसा मोटरसाईकल नम्बर HP 11B-3214 के चालक द्वारा मोटरसाईकल को लापरवाही, तेज रफ्तारी व गलत दिशा में चलाने के कारण हुआ है। प्राप्त सूचना अनुसार रात को दोनो व्यक्ति को ईलाज के बाद घर भेज दिया गया था सुबह उसमें बाइक चालक रविंद्र कुमार गौतम पुत्र कृष्ण चंद्र गौतम निवासी गांव बातल डाकघर बातल तहसील अर्की जिला सोलन की मृत्यु हो गई । पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अर्की अस्पताल में मृतक का पोस्ट मार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। मामले की पुष्टि डी एस पी अशोक चौहान ने की है।
पुलिस पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन जिला सोलन के मुख्य सलाहकार धनीराम तंनवर, प्रधान श्यामलाल ठाकुर, महासचिव सतपाल शर्मा ,दीप राम ठाकुर, नागेंद्र ठाकुर, रतिराम शर्मा, संतराम चंदेल, जसबीर सिंह ,नेकीराम ,वेद ठाकुर ,बीना देवी ,पुष्पा सूद, रूप राम ठाकुर ,आशा राणा, धर्म सिंह ठाकुर ,जीत सिंह, श्यामलाल भाटिया, पतराम पवंर व समस्त कार्यकारिणी ने तथा जिला सोलन के समस्त पुलिस पेंशनरों ने मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा किए जाने का स्वागत और धन्यवाद किया है कि पेंशनरों के सभी वित्तीय लाभ 28 अक्टूबर तक दिवाली से पहले प्रदान कर दिए जाएंगे, जिसमें 4% डी ए, चिकित्सा बिल जो कई सालों से पैडिंग थे उनकी अदायगी करना और जो 75 साल की उम्र से ऊपर के पेंशनर को बकाया साढ़े 22 परसेंट एरियर की राशि प्रदान करना व हर महीने सभी पेंशनर की पेंशन महीने की पहली तारीख को देना इस प्रकार की घोषणा से सभी पेंशनरों में खुशी की लहर है। धनीराम तनवर ने कहा कि रिटायर होने के बाद इस उम्र में सभी पेंशनरों को अपने बकाया वित्तीय लाभ की राशि के भुगतान का इंतजार रहता है ताकि वह अपनी बकाया जिंदगी को अच्छे से गुजार सकेऔर वह अपनी गंभीर बीमारियों का इलाज समय पर कर सके। संगठन प्रदेश सरकार का फिर से आभार प्रकट करती है कि इस प्रकार की आर्थिक परिस्थितियों पर भी सरकार ने पेंशनरों के लिए यह वित्तीय लाभ देने की घोषणा की है जो बहुत ही काबिले तारीफ है और भविष्य में भी पेंशनर आशा रखते हैं कि इसी प्रकार से इनके वित्तीय लाभ सरकार द्वारा समय-समय पर प्रदान किए जाते रहेंगे।
**दशहरे पर ठोडो मैदान में होगा कुश्ती का आयोजन विजयादशमी के पावन अवसर पर सोलन के ठोडो ग्राउंड में तैयारियां लगभग पूरी हो गई है। इस बार सोलन के ऐतिहासिक ठोडो ग्राउंड में 40 फुट ऊंचे रावण के साथ-साथ कुंभकरण जिसकी लंबाई 35 और मेघनाथ जिसकी लंबाई 30 फीट हैं इनका दहन होगा। इसके साथ सोलन के ऐतिहासिक ठोडो मैदान में कुश्ती का आयोजन भी किया जाएगा। थोड़ी ही देर में रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों को खड़ा कर दिया जाएगा। पहली बार पुतलों का निर्माण करने पंजाब के भटिंडा से सोलन पहुंचे कारीगर बबलू का कहना है कि वो पिछले 10 सालो से पुतले बनाने का काम कर रहे है और इस बार सोलन में दशहरे के मौके पर उन्हें पुतले बनाने का मौका मिला। बता दे कि इस बार भी रावण का दहन प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री एवं सोलन के विधायक धनी राम शांडिल करेंगे।
हिमाचल देशभर समेत हिमाचल प्रदेश में भी आज धूमधाम से दशहरा पर्व मनाया जा रहा है। शाम के समय प्रदेशभर में रावण दहन किया जाएगा। वहीं, हिमाचल प्रदेश का एक ऐसा जिला भी हैं,जहां पर रावण दहन नहीं होगा। प्रदेश के बाकी शहरों की तरह यहां पर जिला स्तरीय दशहरा उत्सव नहीं मनाया जाता है और न ही यहां पर रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले जलाए जाते हैं। हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर शहर में दशहरा पर्व नहीं मनाया जा रहा है और न ही यहां पर विजयदशमी का उत्सव मनाने को लेकर कोई तैयारी की गई है। पिछले 3 सालों से यहां पर दशहरे का त्योहार नहीं मनाया जाता है। हालांकि हमीरपुर शहर में राम नाटक क्लब द्वारा भव्य रामलीला का आयोजन किया जाता है, लेकिन यहां पर रावण दहन नहीं किया जाता है। शहरवासियों ने यहां भी दशहरा पर्व मनाने की प्रशासन से अपील की है। दरअसल हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश हैं कि स्कूल के मैदानों में सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं हो सकते हैं, जिसके चलते हमीरपुर शहर में पिछले तीन सालों से रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले नहीं जलाए जाते हैं। हमीरपुर में दशहरा उत्सव स्कूल मैदान में मनाया जाता था। ऐसे में हाईकोर्ट के फैसले के बाद से स्कूल मैदान में दशहरा उत्सव नहीं मनाया जा रहा है। वहीं, शहर के व्यापारियों और लोगों का कहना है कि हमीरपुर में भी अन्य शहरों की तरह दशहरा उत्सव का आयोजन किया जाना चाहिए। दशहरा कमेटी हमीरपुर के पूर्व प्रधान दीप बजाज का कहना है, "हमीरपुर शहर में दशहरे का सबसे बड़ा पर्व मनाया जाता था। तीन सालों से अब तक हाईकोर्ट के आदेशों के बाद बाल स्कूल के मैदान में गतिविधियां नहीं हो पा रही है। इसके साथ ही बाल स्कूल मैदान में कोरियन ग्रास लगाए जाने से भी मैदान में कोई कार्यक्रम नहीं हो पा रहा है। हमीरपुर शहर के लोगों ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि हमीरपुर में भी दशहरे का आयोजन किया जाना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश में अब तय समय अवधि ही नहीं, परीक्षा परिणाम भी शिक्षकों की पदोन्नति का आधार बनेगा। कम परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षकों की एसीआर में निगेटिव टिप्पणी भी लिखी जाएगी। प्रदेश सरकार ने पदोन्नति और एसीआर से जुड़ी पुरानी व्यवस्था को बदल दिया है। लगातार प्रदर्शन में गिरावट आने पर शिक्षकों की वेतन वृद्धि भी रोकी जाएगी। प्रदेश में गुणात्मक शिक्षा देने और शिक्षकों की जवाबदेही तय करने के लिए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने विभागीय अधिकारियों को इस बाबत निर्देश जारी किए हैं। अभी तक एसीआर में नकारात्मक टिप्पणी करने का प्रावधान नहीं था। इस वर्ष से पुरानी व्यवस्था में बदलाव करते हुए नए प्रावधान कर दिए गए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश का प्रदर्शन लगातार कम होता जा रहा है। नेशनल अचीवमेंट सर्वे में देश में हिमाचल 21वें स्थान पर पहुंच गया है। प्रदेश की गिनती कुछ वर्ष पहले तक टॉप तीन राज्यों में हाेती थी। सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या में भी बड़ी कमी आई है। बीते दो दशकों में सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या में 5 लाख से अधिक की कमी आई है। इस कारण प्रदेश में बीते दिनों 500 से अधिक स्कूलों को मर्ज भी करना पड़ा है। इन कमियों को दूर करते हुए अब सरकार ने शिक्षकों की जवाबदेही तय करने के लिए कड़े फैसले लिए हैं। इसी कड़ी में पदोन्नति को परीक्षा परिणाम के साथ जोड़ा गया है। अब पदोन्नति सिर्फ तय समय अवधि पूरी करने पर ही नहीं मिलेगी। परीक्षा परिणाम को भी आंका जाएगा। इसके अलावा शिक्षकों की एसीआर में भी कम परिणाम को दर्ज किया जाएगा। निगेटिव टिप्पणियां भी अब एसीआर में की जाएंगी। बीते दिनों ही स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा के नतीजों में 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले 116 स्कूलोंं के 250 शिक्षकों को नोटिस जारी हुए हैं। इन प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों (टीजीटी) को इस बार वार्षिक इंक्रीमेंट नहीं मिलेगी। कुल 116 स्कूलों में 30 स्कूल ऐसे भी हैं, जहां परीक्षा परिणाम शून्य रहा है। भविष्य में इस तरह के परिणाम ना आए, इसके लिए शिक्षकों को सतर्क करने के लिए पदोन्नति और एसीआर से परीक्षा परिणाम को जोड़ा गया है।
सोलन: दयानंद आदर्श विद्यालय के प्रांगण में 8 अक्टूबर 2024 को सीनियर सेक्शन किंडर गार्डन के प्री नर्सरी, नर्सरी, एलकेजी यूकेजी व फर्स्ट के नन्हे मुन्ने बच्चों के लिए फैंसी ड्रेस व सोलो डांस कंपटीशन का आयोजन किया गया। प्रिंसिपल ऊषा मित्तल ने बताया कि इसका आयोजन अनुराधा,रीता व ममता के मार्गदर्शन में करवाया गया। कार्यक्रम का आगाज दीप प्रज्वलन व वैदिक मंत्र उच्चारण द्वारा किया गया। इसके साथ साथ कार्यक्रम का मंचन प्लस टू की छात्रा अनरज्ञा दीवान द्वारा किया गया। प्रिंसिपल ऊषा मित्तल ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम से बच्चों में आत्मविश्वास व प्रतिस्पर्धा की भावना जागृत होती है। और उनके व्यक्तित्व में निखार आता है। प्री नर्सरी में फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में आधृत को हिमाचली लड़के के रूप में प्रथम , आदिव को मिस्टर शशि भूषण मित्तल के रूप में सांत्वना पुरस्कार प्राप्त हुआ। नर्सरी क्लास की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में शानवी को प्रिंसिपल मैम के रूप में, अनायरा को भारत माता, युवान को स्वामी दयानन्द के रूप में प्रथम स्थान मिला वही माहिरा ने रानी लक्ष्मी बाई, अभियान ने फेसबुक, व्हाट्सप्प, शिवांश को शहीद भगत सिंह के रूप में द्वितीय स्थान मिला और रितिका ने बटरफ्लाई , युवराज ने ॐ स्कूल फ्लैग की भूमिका ऐडा कर तृतीय स्थान झटका। एल. के. जी. के सोलो डांस कंपटीशन में छात्र केटेगरी में काव्यांश चौहान व लक्ष्य प्रथम, महावित गुप्ता द्वितीय, और दिवेश व अर्श बंसल तृतीय स्थान पर रहे।छात्रा वर्ग में अमायरा व ख्याति प्रथम, अविका व आराध्या द्वितीय और आरुषि तृतीय स्थान पर रही। यूकेजी के सोलो डांस कंपटीशन में नव्या, रितिका व आशना प्रथम, रिद्धि राठौर व गुंजन द्वितीय, निविदाया व आरोही तृतीया और निहान को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। फर्स्ट क्लास के सोलो डांस कंपटीशन में लड़कों में अद्वैत व सूर्य प्रथम, काव्यांश वियान कश्यप व सूर्यांश द्वितीय व ऋत्विक, पार्थ व वियान तृतीय स्थान पर रहे। लड़कियाँ एम. अंशिका को उत्कृष्ट कलाकार का पुरस्कार मिला, श्रीचा प्रथम, केदारा द्वितीय और शारिका तृतीय स्थान पर रहीं। प्रिंसिपल ऊषा मित्तल ने सभी विजेताओं को बधाई दी और अभिभावकों का धन्यवाद देते हुए उनसे आग्रह किया कि वह अपने बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। अभिभावकों ने अपने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए। कहा कि उनके बच्चे ऐसे विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं जहां बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ मोरल वैल्यूज भी दी जाती हैl कार्यक्रम का समापन शांति पाठ द्वारा किया गया।
शिमला: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल की कांग्रेस सरकार ने बिजली सब्सिडी का युक्तिकरण किया है। उद्योगों को दी जाने वाली बिजली सब्सिडी खत्म करने से सरकार अपने खजाने को ब्रीदिंग स्पेस देना चाहती है, लेकिन इससे उद्योगपति नाराज हो गए हैं। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू का दावा है कि सब्सिडी खत्म करने के बावजूद हिमाचल में उद्योगों को पड़ोसी राज्यों से सस्ती बिजली मिल रही है। वहीं,उद्योगपति इस दावे से इनकार करते हुए कह रहे हैं कि बिजली पड़ोसी राज्यों से महंगी है। इसे लेकर भारतीय उद्योग परिसंघ यानी सीआईआई के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में ऊर्जा सचिव राकेश कंवर से भी मुलाकात की है। ऊर्जा सचिव ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि हिमाचल व पड़ोसी राज्यों की बिजली दरों का तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा। साथ ही इस मामले को सीएम सुक्खू के समक्ष रखा जाएगा। अगले हफ्ते इस मामले में फिर से सीआईआई के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जाएगी। हिमाचल प्रदेश को देश का उर्जा राज्य कहा जाता है। हिमाचल प्रदेश बैंकिंग सिस्टम के जरिए देश के अन्य राज्यों को बिजली सप्लाई करता है। राज्य में पांच नदियां ऐसी हैं, जो बारहमासी हैं। हिमाचल में 24 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता है, लेकिन अभी तक 11209 मेगावाट जल विद्युत ही उत्पादन हो रहा है। राजस्व की बात की जाए तो हिमाचल प्रदेश ने वर्ष 2023-24 में बिजली उत्पादन से 1434 करोड़ रुपए का राजस्व जुटाया है। हिमाचल में उद्योग जगत सबसे बड़ा बिजली का उपभोक्ता है। उद्योग जगत में 2023-24 में 6382.64 मिलियन यूनिट बिजली की खपत हुई। ये कुल बिजली खपत का 58.26 फीसदी है। ये आंकड़ा दिसंबर 2023 तक का है। यानी उद्योगों को सबसे अधिक बिजली दी जाती है। राज्य सरकार उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए बिजली पर सब्सिडी प्रदान करती है। राज्य सरकार ने इस सब्सिडी का युक्तिकरण किया है। उसके बाद से बिजली महंगी हुई है। सरकार का तर्क है कि बिजली में सब्सिडी से सरकार के खजाने पर सालाना 900 करोड़ रुपए का बोझ पड़ता है। सीएम सुक्खू का कहना है कि राज्य सरकार ने उद्योगों को दी जाने वाली विद्युत सब्सिडी का युक्तिकरण किया है। सीएम का दावा है कि पड़ोसी राज्यों की तुलना में हिमाचल में उद्योगों को सस्ती दर पर पावर सप्लाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि 33 केवी (किलोवाट) से 220 केवी तक की वोल्टेज आपूर्ति वाले बड़े उद्योगों को पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड की तुलना में एक रुपए प्रति यूनिट से अधिक सस्ती दर पर बिजली दी जाएगी। सीएम का कहना है कि राज्य में केवल 159 इंडस्ट्रियल यूनिट्स हैं, जिन्हें 33 केवी से 220 केवी तक बिजली की आपूर्ति की जरूरत है। आंकड़ों के अनुसार हिमाचल में 33 केवी से 220 केवी तक वोल्टेज आपूर्ति के बड़े उद्योगों के अलावा 11 केवी और 22 केवी की वोल्टेज आपूर्ति वाले 2,011 उद्योग है। इन यूनिट्स को भी पड़ोसी राज्यों की तुलना में एक रुपए प्रति यूनिट से अधिक सस्ती दर पर बिजली दी जा रही है। इन उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने विद्युत शुल्क को 16.5 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया है। राज्य में कुल 31,298 लघु और मध्यम उद्योग इकाइयां हैं। इन्हें पहले की तरह ही सब्सिडी मिलती रहेगी। हिमाचल प्रदेश में सोलन, सिरमौर, कांगड़ा, ऊना आदि जिलों में सबसे अधिक उद्योग हैं। यहां के उद्योगपति सरकार के बिजली सब्सिडी खत्म करने के फैसले से खुश नहीं हैं। डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री के निर्वाचन क्षेत्र हरोली में बल्क ड्रग पार्क का निर्माण होना है। यहां हरोली ब्लॉक इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ने बिजली सब्सिडी की बहाली की मांग उठाई है। एसोसिएशन के पदाधिकारी राकेश कौशल का कहना है कि ऊना के टाहलीवाल औद्योगिक क्षेत्र की नौ इंडस्ट्रियल यूनिट्स जो 33 केवी से 220 केवी की खपत वाली हैं, पर अनुदान खत्म होने से 14 करोड़ रुपए सालाना का बोझ पड़ेगा। यदि सब्सिडी बहाल न हुई तो तालाबंदी कर पलायन की नौबत आ जाएगी। वहीं, हिमाचल प्रदेश स्टील इंडस्ट्री एसोसिएशन के मुखिया मेघराज गर्ग का कहना है कि राज्य सरकार ने दो साल में बिजली की दरों में 46 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। एसोसिएशन के महासचिव राजीव सिंघल का कहना है, हिमाचल में पंजाब के मुकाबले पचास पैसे प्रति यूनिट अधिक रेट है। पंजाब, हरियाणा व जेएंडके सहित उत्तराखंड से अधिक दरें अब हिमाचल की हैं। वहीं, राज्य सरकार के ऊर्जा सचिव राकेश कंवर का कहना है कि पड़ोसी राज्यों की दरों के साथ हिमाचल की दरों का तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा। उद्योगपतियों के प्रतिनिधियों से साथ फिर से बैठक की जाएगी। उद्योग जगत का कहना है कि हिमाचल में एक रुपए सब्सिडी खत्म होने के बाद बिजली पड़ोसी राज्यों से यहां बिजली महंगी हो गई है। वहीं, सरकार का दावा है कि बिजली अभी भी पड़ोसी राज्यों से सस्ती है। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो हिमाचल प्रदेश में अभी बिजली सब्सिडी खत्म करने के बाद 66 केवी उपभोग वाली इंडस्ट्रियल यूनिट्स को 7.70 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है। ये दरें एक रुपए प्रति यूनिट की सब्सिडी खत्म होने के बाद की हैं। वहीं, इससे पहले 31 मार्च 2023 को ये दर 5.29 पैसे प्रति यूनिट थी। इसमें लोड फैक्टर का भी हिसाब होता है। वहीं, 220 केवी उपभोग करने वाले उद्योगों को अब 7.58 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है। ये पहले 5.19 पैसे प्रति यूनिट थी। वहीं, जेएंडके में ये दर 5.37 पैसे प्रति यूनिट, हरियाणा में 6.76 पैसे प्रति यूनिट व पंजाब में 7.45 पैसे प्रति यूनिट है। ये आंकड़े 24 सितंबर को दरें बढ़ाने के बाद के है। फिलहाल अब उद्योगपतियों को अगले हफ्ते ऊर्जा सचिव के साथ मीटिंग का इंतजार है। राज्य सरकार का दावा है कि सब्सिडी खत्म होने के बाद उसे सालाना अधिकतम 600 करोड़ रुपए बचेंगे। अभी राज्य सरकार सभी उद्योगों को बिजली सब्सिडी पर 900 करोड़ सालाना खर्च कर रही है। इसमें से छोटे यूनिट्स को सब्सिडी जारी है और उनकी बिजली ड्यूटी भी घटाई गई है।
हिमाचल प्रदेश में देहरा में आयोजित हुए राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद सरकार और कर्मचारियों के बीच में तनातनी लगातार बढ़ती जा रही है। आजादी के महापर्व के दिन डीए और संशोधित वेतनमान के एरियर के भुगतान की घोषणा न होने से प्रदेश की कल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने वाले कर्मचारी सरकार से नाराज चल रहे हैं। विभिन्न कर्मचारी महासंघ सरकार से बार-बार डीए और एरियर के भुगतान की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने कर्मचारियों की मांग को गंभीरता से नहीं लिया है। वहीं, सीएम सुक्खू ने स्वस्थ होने के बाद से सचिवालय में अब अपना रूटीन का कार्य संभाल लिया है, जिस पर कर्मचारियों ने सीएम को वार्ता के लिए बुलाए जाने के लिए दो दिन का समय दिया था, जो अब पूरा हो गया है, लेकिन सरकार ने कर्मचारियों को बातचीत के लिए नहीं बुलाया है। ऐसे में हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी परिसंघ ने 15 अक्टूबर को जनरल हाउस बुला लिया है। इस दिन फिर से अब सुक्खू सरकार पर कर्मचारियों का गुबार उतरेगा। हिमाचल प्रदेश में अपनी मांगों को लेकर सचिवालय कर्मचारियों ने 21 और 23 अगस्त को जनरल हाउस बुलाया था, जिसमें सरकार को विधानसभा के मानसून सत्र समाप्त होने के बाद डीए और एरियर के भुगतान किए जाने का अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन कर्मचारियों को सरकार के खिलाफ भाषणबाजी करने पर नोटिस जारी किए गए। यही नहीं कैबिनेट मंत्री के खिलाफ बोलने पर प्रिविलेज मोशन भी लाया गया है। ऐसे में सीएम के साथ वार्ता से पहले कर्मचारी प्रिविलेज मोशन और नोटिस को वापस लेने की भी मांग कर रहे हैं। इस पर भी सरकार की तरफ से कोई फैसला अभी तक नहीं लिया गया है। ऐसे में नाराज चल रहे कर्मचारियों के सब्र का बांध फिर से टूट गया है, जिसके बाद अब 15 अक्टूबर को सचिवालय परिसर में कर्मचारियों का जनरल हाउस होगा। ऐसे में सीएम सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार की मुश्किलें फिर से बढ़ सकती हैं। हाल ही में सचिवालय में कर्मचारियों की बैठक हुई थी। हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी परिसंघ के अध्यक्ष संजीव शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई, मीटिंग अब 15 अक्टूबर को जनरल हाउस करने का फैसला लिया गया है। ये जनरल हाउस सचिवालय परिसर में दोपहर बाद 1.30 होगा, जिसमें प्रदेश के विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठन भी जुटेंगे। हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी परिसंघ के अध्यक्ष संजीव शर्मा का कहना है,15 अक्टूबर को जनरल हाउस बुलाया गया है। कर्मचारियों के डीए और एरियर के भुगतान को लेकर भी सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया है। इसके अलावा पेंशनर्स को इस महीने 9 तारीख को पेंशन जारी की गई पिछले महीने सितंबर में कर्मचारियों को भी वेतन 5 तारीख को दिया गया। वहीं पेंशनर्स के खाते में भी 10 तारीख पेंशन डाली गई थी। इसलिए अब जनरल हाउस बुलाया गया है, जिसमें आगामी रणनीति तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री को उनके 62वें जन्मदिवस पर बधाई दी। मुख्यमंत्री ने अग्निहोत्री की दीर्घ आयु तथा उत्तम स्वास्थ्य की कामना की है। उन्होंने मुकेश अग्निहोत्री के समर्पण भाव के साथ प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि मुकेश अग्निहोत्री इसी प्रकार भविष्य में भी प्रदेश के विकास और कल्याण में प्रतिबद्धता से अपना योगदान सुनिश्चित करेंगे।
डाक विभाग द्वारा आज विश्व डाक दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय डाक सप्ताह के अंतर्गत ‘फिट इंडिया फिट पोस्ट’ अभियान के तहत ‘पोस्टाथन वॉक रिले’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डाक अधीक्षक संदीप धर्माणी ने सभी को स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मस्तिष्क रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने पोस्टाथन के माध्यम से यह भी संदेश दिया कि दैनिक जीवन में फिटनेस को शामिल करना एक संतुलित और संतुष्टिपूर्ण जीवन के लिए अति आवश्यक है। इसके अतिरिक्त ‘एक पेड़ मां के नाम’ थीम के तहत सभी प्रमुख डाकघरों में वृक्षारोपण अभियान भी चलाया गया। इस अवसर पर डाक विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
कुनिहार के तालाब मंदिर परिसर में राधे श्याम परिवार संस्था द्वारा आयोजित की जा रही सात दिवसीय भागवत पुराण कथा ज्ञान यज्ञ के छठे दिन प्रसिद्ध कथा वाचक एवं बांके बिहारी विश्व मंगलम सेवा धाम के प्रमुख संस्थापक हरीजी महाराज ने कृष्ण- रुक्मिणी विवाह के प्रसंग सहित कृष्ण की अनेक लीलाओं का व्याख्यान किया। कथा वाचक ने कहा कि कृष्ण बाल्यकाल से ही गवालो के साथ गऊए चराना,गोपियों की मटकियां फोड़ना, गोपियों संग रास लीला करना, मधुर बांसुरी वादन करना, एक उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाना और इंद्र का अभिमान चूर करना जैसी कई अदभुत लीलाएं की। कथा व्यास हरिजी महाराज ने श्रोताओं को कृष्ण और रुक्मिणी के विवाह का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि रुक्मिणी कई रूपों में प्रकट हुई है और हर रूप में नारायण का ही वर्णन करती है। रुक्मिणी का भाई रुक्मिणी का विवाह शीशपाल से करवाना चाहता था सारे नगरों में शादी के कार्ड बांटने शुरू हो गए लेकिन रुक्मिणी तो मन से कृष्ण को अपना वर मानती थी। रुक्मिणी ने कृष्ण को खत लिखा कि मेरा भाई मेरी शादी शीशपाल से करवाने जा रहे हैं। यदि शीशपाल से मेरी शादी होती है तो मैं जहर खाकर मर जाऊंगी। मैं आपसे शादी करना चाहती हूं और मन से आपको अपना वर मान चुकी हूं, मुझे यहां से तुरंत ले जाएं। कृष्ण ने बहुत सोच विचार कर निर्णय लिया और अकेले ही रथ पर बैठ कर रुक्मिणी को लाने निकल गए तथा रुक्मिणी को साथ लाकर रुक्मिणी से विवाह रचा लिया। आगे के प्रसंग में कथा व्यास ने कहा कि यमुना नदी में कालिया नाग ने अपने विष को छोड़कर आतंक मचाया हुआ था, जिसके विष वाले पानी पीने से मनुष्यों व जानवरों की मृत्यु हो रही थी, जब कृष्ण को इस बात का पता चला तो कृष्ण ने कालिया नाग से युद्ध कर उसका मर्दन किया तथा यमुना को विष से मुक्त किया। डी डी कश्यप मीडिया प्रभारी विश्व मंगलम सेवा धाम ने जानकारी देते हुए बताया कि कल वीरवार 10 अक्तूबर को 11 बजे पूर्णाहुति होगी तथा 12 बजे से 2 बजे तक प्रवचन के साथ कथा को विराम दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके बाद आयोजकों द्वारा विशाल भंडारा सभी क्षेत्र वासियों के लिए लगाया जाएगा। इस अवसर पर डॉक्टर नागेश गर्ग ,गोदावरी आर्या, कृष्णा पंवर, इंदिरा शांडिल, कुमारी अनिता कश्यप, नीलम गर्ग, लता, इंदु शांडिल, कौशल्या शांडिल, कमला देवी, लछमी रघुवंशी, मीरा कश्यप, पुष्पा देवी, अंजना, सुलेखा, शीला, श्यामा नन्द शांडिल, जगदीश पंवर,जगदीश चंदेल आदि मौजूद रहे।
** सभी कलाकार कर रहे हैं अपने अपने किरदार का शानदार प्रदर्शन शरद नवरात्रों पर पूरे देश में जगह-जगह रामलीला का मंचन हो रहा है। कुनिहार में भी पिछले कई वर्षो से रामलीला जन कल्याण समिति रामलीला का मंचन करवाती आ रही है। आजकल भी यह मंचन पहले नवरात्रे से करवाया जा रहा है, जिसमे सभी स्थानीय कलाकार इसमें बढ़चढ़ कर भाग लेकर अपनी कलाकारी का सुन्दर व आकर्षक मंचन कर रहे हैं। दूर दूर से लोग भारी संख्या में प्रतिदिन यहां पहुंचकर रामलीला का आनंद ले रहे हैं। निदेशक रमण शर्मा व संदीप जोशी की अगुवाई में गौरव शर्मा राम, प्रिंस खुराना लक्ष्मण, हन्नी जोशी माता सीता , सौर्य जोशी हनुमान व संजय जोशी रावण का शानदार किरदार निभा रहे हैं तो वहीं भरत सुजल पूरी, शत्रुघ्न, पारस अरोड़ा, राजा जनक अजय जोशी,दशरथ मोनू जोशी और शबरी का किरदार सुमित बड़े सुंदर ढंग से निभा रहे है। समिति अध्यक्ष रितेश जोशी ने बताया कि पंचायत प्रधान जगदीश अत्री ,देवेंद्र उपाध्याय,स्टेज सचिव अरुण, आशीष द्वेदी,संदीप जोशी,अरविंद जोशी, मुकेश शर्मा, प्रदीप पूरी ,रोहित जोशी व सभी समिति सदस्यों सहित इस आयोजन को सफल बनाने में अपना भरपूर सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 11 अक्तूबर को रामलीला को विराम दिया जाएगा तथा 12 अक्तूबर को दशहरा मैदान में राम का किरदार निभा रहे गौरव शर्मा द्वारा तीर चलाकर रावण का विशाल पुतला जलाया जाएगा। और दशहरा उत्सव बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाएगा।
** 47 चयनित उम्मीदवारों की सूची हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने उच्च शिक्षा विभाग में प्रवक्ता (स्कूल न्यू) वाणिज्य के पदों के लिए आयोजित भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। आयोग ने लिखित वस्तुनिष्ठ और विषय योग्यता परीक्षा के बाद दस्तावेज सत्यापन में उनके प्रदर्शन के आधार पर योग्यता के क्रम में 47 उम्मीदवारों की सूची प्रवक्ता वाणिज्य पदों पर नियुक्ति के लिए अनुशंसित की है। अनुशंसित उम्मीदवारों की अंतिम नियुक्ति हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से उनके दस्तावेजों/प्रमाणपत्रों के सत्यापन के अधीन है। भर्ती परिणाम आयोग ने अपनी वेबसाइट पर अपलोड़ कर दिया है।
** इस महीने 93 फीसदी कम बरसे बादल हिमाचल प्रदेश में आगामी छह दिनों तक माैसम साफ रहने के आसार हैं। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार आज मध्य व उच्च पर्वतीय स्थानों पर कहीं-कहीं बारिश की संभावना है। 10 से लेकर 15 अक्तूबर तक पूरे प्रदेश में माैसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। आज मंडी, शिमला व सिरमाैर जिले में एक-दो स्थानों पर गरज के साथ हल्की बारिश का पूर्वानुमान है। प्रदेश की राजधानी शिमला में भी आज हल्के बादल छाए हुए हैं। मानसून सीजन में 1 से 9 अक्तूबर तक राज्य में सामान्य से 93 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि के दाैरान बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, किन्नाैर, कुल्लू, लाहाैल-स्पीति, शिमला, सिरमाैर व सोलन में बारिश हुई ही नहीं। कांगड़ा में सामान्य से 92, मंडी 48 व ऊना में 8 फीसदी कम बारिश हुई।
सोलन के यूरो किड्स प्लेस्कूल (कोटलानाला) में नवरात्रों के चलते आज डांडिया डांस का आयोजन किया गया। इस आयोजन के तहत स्कूल के सभी बच्चे विभिन्न परिधानों में सजकर आए जो कि बहुत ही सुन्दर और आकर्षक लग रहे थे। स्कूल की प्रिंसियल मिसेज सीमा बहल ने माता के नौ रुपों की जानकारी दी, इस दौरान माँ दुर्गा की पूजा-अर्चना भी की गई। बच्चों ने नवरात्र के मौके पर किए जाने वाले लोक नृत्य "डांडिया" डांस की बेहतरीन प्रस्तुति दी। इसमें अविराज, पारी, अव्या, वरनिका, सिद्धार्थ, मेतांश, प्रयाग, भशिका, वान्या, दिशा, साक्षी, युवान', भाविन, विरोबी, सारिका, मिक्षिता, अर्थ मैतांश, दिबांशी, वानी उपस्थित रहे। पूरा कार्यक्रम स्कूल के डायरेक्टर मि. शोभित बहल की देखरेख में सम्पन्न हुआ।
कुनिहार के तालाब मंदिर परिसर में सात दिवसीय भागवत पुराण कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन करवाया जा रहा है l इस पावन कथा का श्रवण करवा रहे प्रसिद्ध कथा वाचक एवं बांके बिहारी विश्व मंगल सेवा धाम के प्रमुख संस्थापक हरीजी महाराज अपनी ज्ञान भक्ति मई मधुर वाणी से कथा का रसास्वादन करा रहे हैं l कथा के पांचवे दिवस मे कृष्णा प्रकट उत्सव मनाया गया l कथावाचक ने अपने कथा प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए बताया कि जब-जब इस धरा पर अधर्म का बोलबाला होता है, तो तब-तब इस धरा की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने चौबीस अवतार धारण करके मानव रूप में इस धरा पर अवतरित होकर इस धरा की रक्षा की l इसी के तहत द्वापर युग में भगवान विष्णु ने मां देवकी के गर्भ में भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी में रोहिणी नक्षत्र में मथुरा में कंस के कारागार में जन्म लिया और वासुदेव ने उन्हें गोकुल में नंदबाबा और यशोदा के पास पालने के लिए छोड़ दिया lभगवान कृष्ण ने जन्म से ही अपनी दिव्य अलौकिक शक्तियों को दिखाना आरंभ कर दिया था l भगवान कृष्ण ने बाल रूप में गोकुल में बहुत सारी लीलाएं की l कथा के दौरान गोवर्धन पर्वत के महत्व बारे विस्तृत वृतांत सुनाया गया। इसके साथ कथावाचक ने अपने कथा प्रसंग में आधुनिक युग में गंभीर चुनौतियां और समस्याओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने युवा शक्ति को संस्कार पूर्ण नैतिक शिक्षा देने का सभी अभिभावकों से आह्वान किया। आज का मानव असीमित इच्छाओं के कारण इस भौतिकता वादी युग में बहुत आत्म केंद्रित हो गया है वह देह से ही मानव प्रतीत होता है परंतु विचार से दानव जैसे कृत्य करता है। आज का मानव शरीर से तो भारतीय प्रतीत होता है परंतु विचारों से पाश्चात्य संस्कृति का गुलाम प्रतीत होता है। उन्होंने कथा प्रसंग में उपस्थित जनसमुदाय से भागवत में लिखी हुई शिक्षाओं को अपने व्यावहारिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया। डी डी कश्यप मीडिया प्रभारी विश्व मंगलम सेवा धाम ने जानकारी देते हुए बताया कि 10 अक्तूबर को कथा को विराम दिया जाएगा तथा इस दिन कथा का समय 12 से 2 बजे तक रहेगा। इस अवसर पर गोदावरी आर्या, कृष्णा पंवर,इंदिरा शांडिल,कुमारी अनिता कश्यप,नीलम गर्ग,लता,इंदु शांडिल,कौशल्या शांडिल,कमला देवी, लछमी रघुवंशी,मीरा कश्यप,पुष्पा देवी,अंजना,सुलेखा,शीला,श्यामा नन्द शांडिल आदि मौजूद रहे।
एलआर इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, सोलन के एम.फार्म (फार्माकोलॉजी/फार्मास्युटिक्स) द्वितीय सेमेस्टर के छात्रों ने हमीरपुर तकनीकी विश्वविद्यालय की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है। संस्थान के छात्रों ने विश्वविद्यालय स्तर पर टॉप 10 में अपना स्थान सुरक्षित किया है। यह उपलब्धि संस्थान के शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति समर्पण को दर्शाती है। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन ने एलआर इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रमुख संस्थान के रूप में स्थापित किया है। संस्थान के प्रिंसिपल डॉ. अवनीत गुप्ता ने कहा, "हमारे एम.फार्म छात्रों की यह उपलब्धि हमारे लिए अत्यंत गर्व का विषय है। यह हमारे शिक्षकों के समर्पण और छात्रों की कड़ी मेहनत का परिणाम है। इस सफलता से निश्चित रूप से संस्थान का नाम रोशन हुआ है। संस्थान के सभी शिक्षकों ने छात्रों को इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह प्रदर्शन न केवल छात्रों के लिए, बल्कि पूरे संस्थान और क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। एलआर इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी अपने छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने और उनके समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। संस्थान आने वाले वर्षों में भी ऐसी ही उत्कृष्ट उपलब्धियों की आशा करता है।
** 21 विद्यालयों के लगभग 529 छात्र- छात्रा प्रतिभागी ले रहे भाग राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार में आज जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान सोलन के द्वारा संचालित दो दिवसीय राज्य स्तरीय बैंड प्रतियोगिता का शुभारंभ राज्य परियोजना अधिकारी (समग्र शिक्षा) राजेश शर्मा द्वारा किया गया। राजेश शर्मा ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में प्रदेश के 10 जिलों के राज्य सरकारी शिक्षण संस्थान,पी एम जवाहर नवोदय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय, निजी शिक्षण संस्थानों के 21विद्यालयों से लगभग 529 छात्र एवं छात्रा प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। छात्र व छात्रा वर्ग में ब्रास बैंड तथा पाईप बैंड की प्रतियोगिता करवाई जा रही है। दोनो वर्गो में से विजेता टीम राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नेतृत्व करेगी। प्रतियोगिता का समापन बुधवार 9 अक्तूबर को होगा।
कुनिहार: पूर्व सैनिक लीग जिला सोलन की एक विशेष बैठक रविवार 13 अक्तूबर को चौधरी कॉम्प्लेक्स (नजदीक सिविल अस्पताल कुनिहार ) में सूबेदार मेजर एम एल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी। कुनिहार इकाई अध्यक्ष कैप्टन रणधीर सिंह कंवर ने बैठक बारे जानकारी देते हुए बताया कि बैठक ठीक 11 बजे शुरू हो जाएगी, जिसमे सभी इकाइयों के अध्यक्षों व सचिवों से समय पर पहुंचने की अपील की गई है। उन्होंने बताया कि इस बैठक में जिला सोलन पूर्व सैनिक लीग कार्यकारिणी के चुनाव करवाने बारे में चर्चा कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। बैठक में जिला सोलन के अध्यक्ष के दिशा निर्देशों के मुताबिक इकाइयों के अध्यक्ष व सचिव भाग लेंगे।
किसानों ने लहसुन बिजाई की तैयारियां शुरू कर दी हैं। अक्तूबर से नवंबर तक प्रदेश में लहसुन की बिजाई की जाती है। इस बार लहसुन बीज की अधिक मांग से दाम भी दोगुना हो गए हैं। सब्जी मंडी में कश्मीरी लहसुन का बीज 280 से 300 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। पिछले वर्ष इसके बीज की किसानों ने 120 से 160 रुपये तक खरीद की। बढ़ते दाम के चलते एक क्विटंल बीज लगाने वाला किसान सिर्फ 50 किलो की ही खरीद कर रहा है। कई छोटे किसान तो अभी बीज खरीदने के लिए असमंजस में हैं। सब्जी मंडी सोलन में कश्मीर से लहसुन का बीज आया है। इस बार लहसुन के अच्छे दाम मिलने के बाद बीज के दामों में भी बढ़ोतरी हुई है। सोलन, सिरमौर, कुल्लू, सहित अन्य जिलों में नवंबर से अक्तूबर माह के बीच लहसुन की बिजाई का कार्य किया जाता है। सोलन सब्जी मंडी से इन दिनों सिरमौर और सोलन के किसान मजबूरन महंगे दामों में लहसुन बीज की खरीद भी कर रहे हैं। सब्जी मंडी सचिव रविंद्र शर्मा ने बताया कि प्रदेश के लहसुन में बहुत से औषधीय गुण हैं, जिस कारण इसकी मांग पूरे वर्ष रहती है। इस वर्ष भी किसानों को लहसुन के अच्छे दाम मिले हैं। इसमें लहसुन 250-350 रुपये प्रति किलो तक भी मंडी में बिका है। किसानों को सब्जी मंडी में ग्रेड के हिसाब से बीज दिया जा रहा है। जिला सोलन में हर वर्ष लहसुन से करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। सोलन, सिरमौर का लहसुन सोलन मंडी से देश सहित विदेश को भी सप्लाई किया जाता हैं। जिला सोलन के करीब 1000 हेक्टेयर भूमि पर लहसुन की पैदावार की जाती है। कृषि विभाग भी लहसुन का बीज किसानों को वितरित करता है, लेकिन अधिकतर किसान बीज की खरीद बाजार से ही करते हैं।
**चोटियों पर बर्फबारी की संभावना हिमाचल प्रदेश के कुछ भागों में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से माैसम बिगड़ने के आसार हैं। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के मध्य व उच्च पर्वतीय कुछ स्थानों पर 8 से 10 अक्तूबर तक बारिश का पूर्वानुमान है। इस दाैरान चोटियों पर हल्की बर्फबारी होने की संभावना है। इसके बाद 11 अक्तूबर से पूरे प्रदेश में माैसम साफ रहने के आसार हैं। उधर, मैदानी भागों में माैसम साफ रहने से पारा और चढ़ने के आसार हैं। आज राजधानी शिमला व आसपास भागों में धूप खिलने के साथ हल्के बादल छाए हुए हैं।
** मुख्यमंत्री बोले, राज्य के टैक्सों से उगाही करके ही केंद्र के पास आता है पैसा, खैरात नहीं बांट रहे **कहा, नड्डा कांग्रेस से गए नेता की सलाह लेना बंद करें मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के बयान पर पलटवार किया है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के बीते दिनों बयान दिया था कि केंद्र यदि मदद न करे तो एक दिन भी हिमाचल की सरकार नहीं चल सकती। इस पर सीएम सुक्खू ने कहा कि नड्डा को जानकारी होनी चाहिए कि हम संघीय ढांचे में रहते हैं। उस संघीय ढांचे में हिमाचल भी एक राज्य है। राज्य के टैक्सों से उगाही करके ही केंद्र के पास पैसा आता है। वो खैरात नहीं बांट रहे, हिमाचल के लोगों का हक है। रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट, सेंट्रल स्टेट टैक्स का शेयर भी हमारा हक है। इस तरह की बातें उन्हें(नड्डा) शोभा नहीं देतीं। सुक्खू ने कहा कि नड्डा के आजकल जो सलाहकार बने हैं वो कांग्रेस में भी रहे हैं। उनकी सलाह से बचकर रहेंगे तो अच्छा ही रहेगा। जिस प्रकार पूर्व भाजपा सरकार ने हेल्थ सेक्टर को नुकसान पहुंचाया, उसे उभारने में समय लगेगा। हमारी सरकार व्यवस्था परिवर्तन के माध्यम से एक वर्ष के भीतर इन संस्थानों को मजबूत करेगी। दो वर्ष में हमीरपुर काॅलेज, चंबा व नाहन व नेरचाैक काॅलेज के लिए पैसा दिया गया। नड्डा जी को ऐसा बयान शोभा नहीं देता, वो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री भी है। टॉयलेट सीट टैक्स मामले को लेकर सीएम ने कहा कि प्रदेश की जनता पर किसी तरह का टैक्स नहीं लगाया गया है। अभी तक न तो जनता से पानी का शुल्क लिया गया है, न टॉयलेट सीट शुल्क लिया गया है। किसी की बिजली सब्सिडी बंद नहीं की है। हरियाणा चुनाव को लेकर भाजपा की ओर से ऐसी बातें की जा रही हैं। कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई, इसके चलते इसमें गिरावट आई। हमारी सरकार इन परिस्थितियों से निपटने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इस दिशा में सरकार आईजीएमसी व टांडा मेडिकल काॅलेज में डाॅक्टर-मरीज व नर्स-मरीज अनुपात विश्वस्तरीय करने जा रही है। इसके लिए 400 पद स्टाफ नर्स के स्वीकृत किए हैं। डाॅक्टरों की भी भर्ती की जा रही है। इस दाैरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल व सीपीएस संजय अवस्थी भी माैजूद रहे।
**किसी और एजेंसी से जांच की उठाई मांग पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) संजय कुंडू सहित 10 पुलिस अफसरों के खिलाफ प्रताड़ना के आरोप से संबंधित मामले में सीआईडी ने जांच करने से इन्कार कर दिया है। सीआईडी ने इस बारे में पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि यह जांच किसी अन्य जांच एजेंसी से कराई जाए। हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय को लिखे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इस मामले के आरोपितों में एक आरोपी अधिकारी सीआईडी में सेवारत है। लिखे पत्र में इसके अलावा भी सीआईडी ने जांच न करने के कई कारण बताए हैं। सीआईडी की तरफ से लिखा गया है कि निष्पक्षता और पारदर्शिता के लिए इस मामले की जांच किसी अन्य एजेंसी को करनी चाहिए। पुलिस विभाग में पूर्व में तैनात कर्मचारी धर्मसुख नेगी की पत्नी मीना नेगी निवासी रामनी, किन्नौर ने आरोप लगाए हैं कि पुलिस के उच्च अधिकारियों ने पद का दुरुपयोग करते हुए बदले की भावना से मेरे पति के खिलाफ फर्जी जांच की। विभागीय जांच के बाद आठ वर्षों की सेवा शेष रहते 9 जुलाई 2020 को मेरे पति का पक्ष सुने बिना नौकरी से निकाल दिया गया। पूर्व कर्मचारी की पत्नी ने इसके बारे में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह और आईजी को शिकायत भेजी थी।
** सीएम सुक्खू ने किया था नवनिर्मित मुख्य कार्यालय का लोकार्पण नवरात्रों के पावन पर्व पर जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक के मुख्य कार्यालय में आज हवन कर यह कार्यालय आम जनता को सेवाएं प्रदान करने हेतु विधिवत रूप से सोलन के बाई पास पर एच आर टी सी वर्कशॉप के नज़दीक शुरू हो गया। ज्ञात रहे की यह वर्ष जोगिंद्रा बैंक के इतिहास में स्वर्णिम रहा है और 20 अगस्त को इस बैंक ने अपनी गौरवशाली यात्रा के 100 वर्ष पूर्ण किए। प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शताब्दी वर्ष समारोह में अपनी गरिमामयी उपस्थिति में नवनिर्मित मुख्य कार्यालय का लोकार्पण किया और बैंक के नए Logo को लॉन्च किया था। इस भवन के निर्माण में लगभग 8 करोड़ व्यय हुए और इस भवन में सभी प्रकार की सुविधाएँ उपलब्ध है। बैंक के चेयरमैन अधिवक्ता मुकेश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पण के उपरातं बैंक के महत्वपूर्ण डाटा को पुराने हेड ऑफिस से नए भवन में स्थानन्तरित करने का कार्य शुरू किया गया, जिसे पूर्ण कर लिया गया था और नवरात्रों के पावन पर्व पर हवन कर यह कार्यालय आम जनता को सेवाएं प्रदान करने के लिए आज से शुरू किया गया। उन्होंने सभी मूल्यवान ग्राहको और आम जन से निवेदन किया है कि अब से सभी प्रकार की सेवाओं के लिए बाई पास पर एच आर टी सी वर्कशॉप के नज़दीक मिलेगी और राजगढ़ रोड स्थित हेड ऑफिस में कोई भी सुविधा नहीं मिलेगी। इस अवसर पर बैंक के प्रबंधक निदेशक पंकज सूद, डायरेक्टर,जितेंद्र ठाकुर , संजीव कौशल, हजूरा सिंह बैंक के सभी वरिष्ठ अधिकारी कुलदीप कुमार, राम पॉल, हरीश शर्मा, भारत भूषण, लीला दत्त शर्मा, गुरमीत सिंह एवं कर्मचारी उपस्थित रहे ।
हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों में दी जा रही पानी की फ्री सुविधा को सरकार ने एक अक्टूबर से बंद कर दिया है, जिसके बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को इस महीने से 100 रुपए प्रति कनेक्शन के हिसाब से पानी के बिलों का भुगतान करना होगा। लेकिन प्रदेश में जिन उपभोक्ताओं ने मई 2022 में फ्री पानी की सुविधा मिलने से पहले के बिलों को जमा नहीं किया है। ऐसे उपभोक्ताओं से भी जल शक्ति विभाग ने पानी के बिल वसूलने जाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके तहत करसोग जल शक्ति विभाग मंडल ने ऐसे करीब 12 हजार उपभोक्ताओं को अंतिम नोटिस जारी कर दिया है, जिसमें उपभोक्ताओं को निर्धारित समय में पानी के बकाया बिलों के भुगतान का आखिरी मौका दिया गया है। इसके बाद भी अगर पानी के बिल जमा किए गए जाते हैं तो ऐसे लोगों को कनेक्शन बिना किसी अग्रिम सूचना के काट दिया जाएगा, जल शक्ति विभाग ने सभी पंचायतों में संबंधित वाटर गार्ड के माध्यम से पानी के बिलों के साथ ही नोटिस भी जारी कर दिए हैं। वहीं, जल शक्ति विभाग करसोग मंडल ने उपभोक्ताओं से तय समय में बिलों का भुगतान करने की भी अपील की है। करसोग में लोगों पर जल शक्ति विभाग की पानी के बकाया बिलों की करीब 47 लाख की देनदारी है। हिमाचल प्रदेश में पूर्व भाजपा की जयराम सरकार ने 15 अप्रैल 2022 को ग्रामीण क्षेत्रों में फ्री पानी की सुविधा देने की घोषणा की थी, जिसकी अधिसूचना मई 2022 में जारी हुई थी। इस तरह से पिछले 28 महीनों से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को फ्री पानी दिया जा रहा था, लेकिन करसोग उपमंडल में 12 हजार के करीब ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन्होंने पानी की फ्री सुविधा मिलने से पहले के बिलों का भुगतान नहीं किया है, जिसमें सैंकड़ों की संख्या में ऐसे उपभोक्ता भी है, जिनके पानी के बिलों की बकाया राशि 10 हजार से अधिक है। हालांकि जल शक्ति विभाग लोगों से कई बार बिलों के भुगतान किए जाने की अपील कर चुका है, लेकिन इसके बाद भी उपभोक्ताओं ने बिल जमा नहीं किए हैं। ऐसे ने अब विभाग ने ऐसे उपभोक्ताओं को बिलों के भुगतान करने का अंतिम नोटिस जारी कर दिया है।
**मेला कसौली न्यू मॉल रोड पर किया गया आयोजित माँ शूलिनी सेवा ट्रस्ट और वेस्ट वॉरियर कसौली द्वारा रविवार को दान उत्सव मेले का अयोजन किया गया। यह मेला कसौली न्यू मॉल रोड पर आयोजित किया गया। इसकी शुरूआत एक मैराथन से की गई। मैराथन का शुभारंभ कसौली कैंप कमांडर रोहित राय और मां शूलिनी सेवा ट्रस्ट के संस्थापक सूरज शानू द्वारा हरी झंडी दिखा कर किया गया,जिसमें लगभग 30 लोगों ने हिस्सा लिया। इस दान उत्सव का उद्देश्य दान ही सेवा हैं और लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना था, जिसमे ट्रस्ट और वेस्ट वॉरियर कसौली द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए और 9. सोल कनेक्शन पॉडकास्ट स्टूडियो ने स्टेज शोज सुनियोजित किए, जिसमे गायन प्रतियोगिता, स्टोरी टेलिंग, फूड स्टॉल और कई खेलों का अयोजन भी किया गया। इस मेले में लोगों ने कई तरह की वस्तुएं दान की । पुराने कपड़े, पेन और अन्य वस्तुएं जरूरतमंदों को दान की गई। इस दान उत्सव में चंडीगढ़, सोलन और आस पास के इलाकों से आए लोगों ने भाग लिया और इस दान उत्सव में अपनी सेवाएं प्रदान की।
** सरकार के प्रति पेंशनरों में भारी रोष भारतीय राज्य पेंशनर महासंघ कुनिहार इकाई की बैठक आज अध्यक्ष आर पी जोशी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों को इस माह वेतन 1 तारीख़ और पैंशन 9 तारीख़ को देने के आदेश जारी किए हैं, जिससे सभी पैंशनरो में भारी रोष है। पेंशनरों ने कहा कि सरकार बोल रही है वेतन और पैंशन 5 और 10 तारीख़ को देने से 6 करोड़ कि बचत होती है पेंशनरों ने मांग की है कि सरकार प्रति माह 30 तारीख को वेतन और पैंशन को रिलीज कर दे। लेकिन सरकार पर किसी प्रकार का कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है। मुख्यमंत्री के कानों पर जूं तक नहीं रेग रही हैं आज तक हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहले कभी ऐसा नहीं हुआ। सरकारी कर्मचारियों को वेतन और पैंशनरो को पैंशन के लिए सरकार का मुँह देखना पड़ रहा है। सरकार ने हिमाचल प्रदेश में हर चीज के रेट पाँच और छह गुणा कर दिए, जिससे गरीब व्यक्ति की स्थिति बहुत दयनीय हो गई है। पेंशनरों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को प्रदेश के किसी भी त्तबके से कोई सरोकार नहीं है आज प्रदेश दयनीय स्थिति में आ चुका है। सरकार इस और सज्ञान ले और कर्मचारियों और पैंशनरो को सड़को पर उतरने के लिए मजबूर न करें।सरकारी कर्मचारी प्रदेश की तरकी की रीड की हड्डी होते हैं यदि रीड की हड्डी सूकड गई तो प्रदेश की तरकी पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लग जाएगा। मुख्यमंत्री इस पर कुछ नहीं बोल रहे है। उन्होंने कहा कि सरकार पैंशनरो का बकाया महंगाई भत्ते भी जारी करने की कृपा करे। सरकार अभी तक पूर्ण रूप से विफल रही है न ही सरकार द्वारा अभी तक मैडिकल बिलों का भुगतान भी नहीं हुआ हैं ,बहुत से पैंशनर स्वर्ग सिधार गए,बहुत से कई गम्भीर बीमारीयो से ग्रस्त हैं जो आशा लगाए बैठे है कि मैडिकल बिलों का भुगतान होगा, सरकार इसके लिए अभिलंब बजट जारी करे। ताकी समय रहते लोगों को मैडिकल बिल का भुगतान किया जा सके। ताकि बीमार पैंशनर अपना ईलाज समय पर करवा सके। कैशलेस सुविधा को तुरंत लागू करने की कृपा करे। सरकार के पास हिमाचल प्रदेश राज्य पथ परिवहन निगम के देय भत्ते भी अभी बकाया हैं। सचिवालय द्वारा जो सरकार के प्रति प्रोटेस्ट किया गया है भारतीय राज्य पेंशन महासंघ उसका समर्थन करता है और जो सरकार द्वारा नोटिस जारी किए गए हैं उन्हें बिना किसी देरी के वापस ले, जिन्होंने समस्त कर्मचारियों को सरकार की नीतियों और कर्मचारियों के हक़ के बारे में विस्तार पूर्वक समझाया। कई बार संसदीय सचिव से कुनिहार अस्पताल में मैडिसन स्पेशलिस्ट को नियुक्त करने बारे अनुरोध किया गया था। यदि एक महीने के अंदर मैडिसन स्पैशलिसट को नियुक्त नहीं किया गया तो नवम्बर माह की 6 तारीख़ को कुनिहार अस्पताल में धरना दिया जाएगा। बैठक में विद्युत विभाग, शिक्षा विभाग, हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग, पुलिस विभाग, वन विभाग, हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम, उद्यान विभाग ,खेतीबाड़ी विभाग,राजस्व विभाग,खाद्य एवं आपूर्ति विभाग सचिवालय विभाग के पैंशनर हरी दास, विरेंद्र कुमार, जगदीश, चंदेल, कंचन माला ,ओम प्रकाश गर्ग,सत पाल शर्मा, चेत राम तनवर,सोहन लाल,एस पी शर्मा,जे पी शाह ,भगवान सिंह वर्मा,प्रकाश राणा,असोक कुमार, राजेश जोशी, सुशील कुमार और गोपाल कृष्ण शर्मा आदि उपस्थित रहे हैं।
विद्युत उपमंडल कुनिहार के अंतर्गत आने वाले उपभोक्ताओं के विद्युत मीटर अब केवाईसी से लिंक किए जा रहे हैं, जिसके लिए विभाग ने इसकी अंतिम तिथि 31अक्तूबर रखी है। जानकारी देते हुए इंजीनियर मोहिंदर सिंह चौधरी सहायक अभियंता विद्युत उपखंड एचपीएसईबीएल ने बताया कि विद्युत उपमंडल कुनिहार के अंतर्गत आने वाले सभी घरेलू एवं होटल उपभोक्ताओं से अपील की जाती है कि विद्युत विभाग द्वारा विद्युत मीटर खाता संख्या (consumer id) को उनके आधार कार्ड (KYC) से लिंक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसकी अंतिम तिथि 31.10.2024 है। उन्होंने बताया कि केवाईसी करवाने के लिए उपभोक्ताओं के पास आधार कार्ड, राशन कार्ड ,कोई भी नया/पुराना विद्युत बिल जैसे आवश्यक दस्तावेज होने चाहिए तथा केवाईसी करवाने के दौरान उन्हें अपना मोबाइल भी अपने पास रखना होगा, जो मोबाइल नंबर आधार कार्ड से लिंक हो। उन्होंने कहा कि यदि कोई उपभोक्ता केवाईसी करवाने में सहयोग नहीं करता है या केवाईसी नहीं करवाना चाहता है, तो वह उपभोक्ता भविष्य में विद्युत बिलों में मिलने वाली सुविधाओं से वंचित रह सकता है, जिसके लिए वह उपभोक्ता स्वयं जिम्मेदार होगा। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से 31अक्तूबर तक अपने विद्युत मीटर की केवाईसी करवाने में सहयोग की अपील की है।
पेंशनर संगठन कुनिहार इकाई की मासिक बैठक जो हर माह 7 तारीख को आयोजित होती थी इस बार यह बैठक 14 अक्तूबर को निश्चित की गई हैं। इकाई के प्रधान विनोद जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारी सदस्यों को मीडिया के माध्यम से सूचित किया है कि इकाई की जो मासिक बैठक हर माह की 7 तारीख को प्रस्तावित होती थी व नवरात्रों दशहरा पर्व तथा इस दौरान अधिक शादियों की वजह से 14 अक्तूबर को रखी गई है ,यह निर्णय कार्यकारिणी के ज्यादातर सदस्यों के आग्रह पर लिया गया है। उन्होंने कार्यकारिणी के सभी सदस्यों से आग्रह किया है कि वह इस माह 14 अक्टूबर 2024 सोमवार को मासिक बैठक में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने की कृपा करें।
** कुनिहार बाजार में निकाली भव्य कलश यात्रा मंदिर परिसर तालाब कुनिहार में राधे श्याम परिवार संस्था के सौजन्य से 7 दिवसीय भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। प्रसिद्ध आचार्य व कथा वाचक विश्व मंगलम सेवा धाम के प्रमुख संस्थापक हरिजी महाराज तथा भागवत ग्रंथ का फूल-मालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया गया और संस्था तथा क्षेत्र की महिलाओ ने कलश यात्रा में भाग लिया। कलश यात्रा पूरे बाजार से पुराना बस अड्डा होते हुए कथा स्थल तालाब मंदिर पहुंची तथा मंत्रोचारण के साथ विधिवत रूप से कलश स्थापना की गई। उसके उपरांत कथा वाचक हरिजी महाराज ने अपनी मधुर वाणी से कथा का शुभारंभ किया। उन्होंने सबसे पहले सभी क्षेत्र वासियों व सनातन प्रेमियों को शरद नवरात्रों की बधाई दी। उसके उपरांत उन्होंने अपने प्रसंग में कहा कि देवी नारी शक्ति को समर्पित है। देवी के नौ रूप है मां के पहले रूप को शैल पुत्री कहा जाता है, जिसे पहाड़ों की पुत्री भी कहा जाता है क्योंकि उनके पिता पर्वत राज हिमालय थे। मां का दूसरा रूप ब्रहम चारणी है। मां पार्वती ने ब्रहम चारणी रूप में भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तपस्या की और भगवान शिव पार्वती की घोर तपस्या देखकर अति प्रसन्न हुए और पार्वती से विवाह कर लिया। इसके अलावा कथा के अनेक प्रसंग कथा व्यास ने भक्तो को सुनाए। राधे श्याम परिवार की प्रधान कृष्णा पंवर तथा महा सचिव इंदिरा शांडिल ने जानकारी देते हुए बताया कि यह सात दिवसीय कथा 10 अक्तूबर तक चलेगी तथा कथा का समय प्रतिदिन 1 से 4 बजे तक रहेगा। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन शाम 7 बजे से 9 बजे तक पंडाल में भजन कीर्तन किया जाएगा। इस अवसर पर गोदावरी आर्या, अनिता कश्यप, नीलम गर्ग, लता कश्यप, श्यामा नन्द शांडिल, जगदीश पंवर, कृष्णा पंवर, इंदिरा शांडिल तथा डी डी कश्यप मीडिया प्रभारी विश्व मंगलम सेवा धाम आदि उपस्थित रहे।
** हर गलत जवाब पर कटेंगे अंक हिमाचल में शुरू होने जा रही विशेष पुलिस कांस्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा में निगेटिव मार्किंग होगी, ऐसे में हर गलत जवाब पर 0.25 अंक कटेंगे। किसी प्रश्न का उत्तर न देने पर भी निगेटिव मार्किंग होगी। अगर चार उपलब्ध उत्तरों में से कोई भी सही नहीं लगता है तो पांचवें विकल्प पर निशान लगाना होगा। इससे अंक नहीं कटेंगे। 90 अंकों की लिखित परीक्षा दो घंटे की होगी। फिजिकल ग्राउंड टेस्ट पास करने वाले अभ्यर्थियों को ही लिखित परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा। अभ्यर्थियों को शारीरिक लंबाई के आधार पर एक से छह और एनसीसी सर्टिफिकेट के आधार पर 4 अंक मिलेंगे। लिखित परीक्षा लोकसेवा आयोग और फिजिकल टेस्ट पुलिस विभाग करवाएगा। चयनित पुलिस कांस्टेबलों को पीटीसी डरोह में 9 माह का विशेष कमांडो कोर्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण और कमांडो कोर्स पास न करने वाले अभ्यर्थी भर्ती से बाहर होंगे। आयाेग की ओर से शुक्रवार को कांस्टेबल भर्ती को लेकर दिशा निर्देश जारी किए गए। दसवीं और बारहवीं कक्षा पास करने वाले या मूल रूप से हिमाचली युवा भर्ती में शामिल हो सकेंंगे। दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थी अपात्र होंगे। सामान्य श्रेणी के पुरुष आवेदकों को 600 और आरक्षित वर्ग के पुरुषों को 150 रुपये फीस चुकानी होगी। वहीं, एनसीसी सी सर्टिफिकेट पर 4, बी पर 2 और ए सर्टिफिकेट पर एक अंक अभ्यर्थियों को दिया जाएगा। पुरुषों को लंबाई के आधार पर 0 से छह अंक दिए जाएंगे। 5 फीट 7 इंच शारीरिक लंबाई तक एक, 5 फीट 8 इंच तक दो अंक, 5.9 फीट पर तीन, 5.10 फीट पर चार, 5.11 फीट पर 5 और 6 फीट या इससे अधिक लंबाई पर छह अंक मिलेंगे। महिलाओं की भर्ती में 5 फीट 3 इंच शारीरिक लंबाई पर एक अंक, 5.4 फीट पर दो, 5.5 फीट पर तीन, 5.6 फीट पर चार, 5.7 फीट पर पांच और 5 फीट 8 इंच या इससे अधिक लंबाई पर छह अंक मिलेंगे। फिजिकल टेस्ट के तहत पुरुषों को 5 मिनट 30 सेकेंड में 1500 मीटर दौड़ पूरी करनी होगी। वहीं, ऊंची कूद 1.35 मीटर की करनी होगी। 100 मीटर रेस 14 सेकेंड में पूरी करनी होगी। ब्राड जंप 4 मीटर तय है। महिलाओं को 800 मीटर रेस 3 मिनट 45 सेकेंड में पूरी करनी होगी। हाई जंप 1.10 मीटर, ब्राड जंप 3 मीटर तय है। 100 मीटर रेस 17 सेकेंड में पूरी करनी होगी। सभी मानकों को पूरा करने वाले अभ्यर्थी ही लिखित परीक्षा में बैठने के लिए पात्र होंगे। जो मानक पूरा नहीं करेगा, वह बाहर रहेगा।
**डम्पिंग साइट से कूड़ा न उठाने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का एक्शन सोलन नगर निगम पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 9.90 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। सलोगड़ा डम्पिंग साइट से कूड़े का पहाड़ कम न करने पर निगम पर ये जुर्माना लगाया गया है। देशभर में 2 अक्टूबर तक स्वच्छता पखवाड़ा चलाया जा रहा था, जिसके तहत नगर निगम सोलन भी स्वच्छता पखवाड़े को धूमधाम से मना रही थी लेकिन स्वच्छता पखवाड़े के खत्म होते ही नगर निगम को अस्वच्छता फैलाने के लिए भारी भरकम जुर्माना लग गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा निगम को कचरे के पहाड़ को उठाने के लिए कई बार निर्देश दिए गए, लेकिन निगम ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसी लेटलतीफी के कारण अब नगर निगम को 9.90 लाख का भारी भरकम जुर्माना भरना पड़ेगा। बोर्ड की मानें तो बरसात में वहां से हजारों टन कचरा पानी के साथ बह गया है। इसके कारण आस -पास के जल स्रोत भी दूषित हो गए। अब देखना ये होगा कि निगम इस जुर्माने को कैसे भरेगी। जनवरी में जारी हुए स्वच्छता सर्वेक्षण में भी ठोस कचरा प्रबंधन सयंत्र सलोगड़ा को जीरो नम्बर मिले थे लेकिन शायद निगम ने इससे भी कोई सबक नहीं लिया।
सोलन के शूलिनी मंदिर में घटस्थापना के साथ मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना के लिए उमड़ा आस्था का जनसैलाब
सोलन/सन्नी गौतम: शारदीय नवरात्रि के आज पहले दिन ही मां शूलिनी के दर पर सुबह से ही भक्तो का तांता लगना शुरू हो गया है। शूलिनी मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु मां का आशीष लेने पहुंचे। सुबह चार बजे से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का आगमन होने लगा और भजन कीर्तन कर सभी ने मां का आशीष लिया। बता दें कि नवरात्रि का हर दिन माता दुर्गा के एक खास अवतार/ स्वरूप को समर्पित होता है। माता के भक्त हर दिन के हिसाब से विशिष्ट रंग का पोशाक पहनते हैं। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाती है। नवरात्रि उत्सव के दौरान घटस्थापना सबसे प्रमुख व अति महत्वपूर्ण अंग है। नवरात्रि के प्रथम दिवस पर वैदिक मंत्रोचारण के बीच घटस्थापना कर देवी माता का आवाहन किया जाता है। इसके बाद नवरात्रि का पूजन व व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि शैलपुत्री की पूजा से चंद्र ग्रह से जुड़े नकरात्मक प्रभावों से मां रक्षा करती हैं। चमेली का फूल देवी शैलपुत्री को काफी प्रिय है। देवी माता के शैलपुत्री रूप में उन्हें दो भुजाओं के साथ देखा जा सकता है। उनके एक हाथ (दाहिने) में त्रिशूल होता है। वहीं दूसरे (बायें) हाथ में उन्हें कमल पुष्प के साथ देख सकते हैं। माना जाता है कि सौभाग्य प्रदान करने वाले चंद्रमा, माता शैलपुत्री के द्वारा शासित हैं। द्रिक पंचांग के अनुसार देवी सती के रूप में आत्मदाह करने के बाद, माता पार्वती ने हिमालय (पर्वतराज) की पुत्री के रूप में जन्म लिया। संस्कृत में शैल का शाब्दिक अर्थ पर्वत होता है। माता के प्रथम स्वरूप यानि पर्वत की पुत्री को शैलपुत्री के नाम से जाना जाता है। बैल, देवी शैलपुत्री का वाहन है। इस कारण उन्हें वृषारूढ़ा भी कहा जाता है। माता के शैलपुत्री रूप की विशेषता के कारण नवरात्रि के पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की प्रथा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूर्व जन्म में देवी सती की तरह माता शैलपुत्री का विवाह भी प्रभु शिव के साथ हुआ था।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को बीएड की खाली 1,369 सीटों को भरने के लिए विवि ने भले ही फाइनल मॉप अप राउंड करने का फैसला लिया है, लेकिन शैक्षणिक सत्र 2024-26 में भी विवि से संबद्ध निजी बीएड कॉलेजों की सभी सीटें भर पाएगी ऐसा नहीं लग रहा है। इस बार भी विवि प्रशासन और बीएड एडमिशन एंड काउंसलिंग कमेटी को प्रवेश परीक्षा में सामान्य वर्ग के लिए निर्धारित 53 अंक और आरक्षित वर्ग को 45 फीसदी अंकों की शर्त को समाप्त करनी पड़ सकती है। निजी बीएड कॉलेज प्रबंधकों ने खाली सीटों को भरने के लिए शर्त में छूट देने के लिए प्रशासन को मांग पत्र सौंपा है। इस फाइनल मॉप अप काउंसलिंग राउंड में कितने विद्यार्थी काउंसलिंग के लिए आवेदन करते हैं और इनमें से कितने काउंसलिंग में भाग लेते हैं, इसकी संख्या पर ही पात्रता शर्त में छूट देने का विवि का फैसला होगा। इस बार एचपीयू से संबद्ध सरकारी और निजी बीएड संस्थानों की 5,650 सीटों के लिए परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों में से 10,003 यानी दोगुने विद्यार्थियों ने न्यूनतम अंक अर्जित किए थे। इसके बावजूद चार काउंसलिंग के राउंड के लिए या तो आवेदन ही नहीं किया, या काउंसलिंग में अपीयर नहीं हुए। पांच हजार से अधिक छात्र पात्र होने के बावजूद सीटें नहीं भरीं। विवि को छात्र नहीं मिलते हैं तो सीटें खाली रह जाएंगी। इसके बाद विवि के पास न्यूनतम अंकों की शर्त को हटाकर सिर्फ बीएड में प्रवेश लेने वालों को प्रवेश का मौका देना पड़ सकता है। ऐसा लगातार होता भी रहा है। पात्रता की शर्तों को हटाने के बन चुकी इस रिवायत के जारी रहने से विवि प्रवेश परीक्षा के लिए इतनी कसरत करने, समय से परिणाम घोषित करने काउंसलिंग करवाने की पूरी कसरत का कोई मायने नहीं रह जाता है। विवि से संबद्ध निजी बीएड कॉलेजों की दस फीसदी मैनेजमेंट कोटा की सीटों को आवंटित करने को अभी प्रक्रिया शुरू होनी है। इसका शेड्यूल विवि की एडमिशन काउंसलिंग कमेटी अलग से जारी करेगी। कोटा की 10 फीसदी सीटों में करीब 560 सीटें भरी जानी हैं। इसके लिए एडमिशन और काउंसलिंग कमेटी की डीएस प्रो. बीके शिवराम की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में फैसला होना है।शैक्षणिक सत्र 2023-25 में बीएड को लेकर छात्रों का रुझान और रुचि इस बार की तुलना में अधिक रही थी। इसके चलते प्रवेश परीक्षा में सामान्य वर्ग में 53 और आरक्षित में 45 अंक लेने वाले छात्रों में से ही बीएड की सभी सीटें भर गई थी। इस बार 1300 से अधिक सीटें चार राउंड, स्पॉट काउंसलिंग के राउंड होने के बावजूद खाली हैं।
मानसून की विदाई के साथ अब हिमाचल प्रदेश में विकास कार्य गति पकड़ेंगे। एक महीने में जिन शहरों में सड़कों की टारिंग नहीं हुई है, उन्हें पूरा करने का लोक निर्माण विभाग ने लक्ष्य रखा है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में रात को भी टारिंग की जाएगी। बरसात के कारण जिन सड़कों के किनारे डंगे ढह गए थे उनका काम भी निर्धारित समय में निपटाया जा सकेगा। लोक निर्माण विभाग ने मानसून के चलते फील्ड में भेजे कर्मचारियों को वापस अपने-अपने कार्यालय बुला लिया है। निर्देश दिए गए हैं कि सड़कों की टारिंग, भवनों व पार्किंग के निर्माण के दौरान इंजीनियर का मौके पर होना अनिवार्य है ताकि विकास कार्यों की गुणवत्ता बनी रहे। ठेकेदारों को भी निर्धारित समय में काम निपटाने को कहा गया है। उधर, जलशक्ति विभाग ने भी पानी के स्रोतों को सुधारने के निर्देश जारी किए हैं। मानसून के चलते जिन स्रोतों को नुकसान हुआ है, उन्हें दुरुस्त करने को कहा है। जो स्रोत आपदा से ढह गए हैं उन्हें नए सिरे से बनाने के लिए टेंडर आमंत्रित करने को कहा है। पेयजल कनेक्शनों पर लगी रोक को भी प्रदेश सरकार जल्द हटा सकती है। उल्लेखनीय है कि हिमाचल में 27 जून को मानसून ने दस्तक दी थी। इसी बीच शिमला, कुल्लू, मंडी में मानसून ने तबाही मचाई थी। कई भवन व स्कूल बाढ़ में बह गए। विभागों को भारी नुकसान हुआ था। प्रदेश में 4 अक्तूबर तक मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। 5 से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मध्य और उच्च पर्वतीय आठ जिलों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू, चंबा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति के कई क्षेत्रों में बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में 8 अक्तूबर तक माैसम खराब बना रह सकता है। मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगडा में मौसम साफ रहेगा। प्रदेश में मानसून के चलते राज्य सरकार को 1,360 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है। बागवानी, जल शक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग को इस सीजन में भारी क्षति हुइ। कुल्लू, मंडी और जिला शिमला में बाढ़ से ज्यादा नुकसान हुआ। बादल फटने, बारिश, बाढ़, वाहन दुर्घटना और गिरने से 342 लोगों की मृत्यु हुई है, 535 घायल हुए और 28 लोगों का पता नहीं चल पाया है। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश में 81 पक्के मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि 122 कच्चे मकान बाढ़ से ढह गए। वहीं 537 पशुशालाएं ध्वस्त हो गईं। कृषि विभाग को 132.64 लाख, बागवानी को 1,39,985.835 लाख, लोक निर्माण विभाग को 63,321.41, जेएसवी - 54,088.04 लाख, बिजली बोर्ड को 98.91 लाख, मत्स्य पालन विभाग को 87 लाख और पशुपालन विभाग को 3.25 लाख का नुकसान हुआ था।
सोलन/ सन्नी गौतम: ठोडो मैदान की सीढ़ियों के पास अचेतावस्था में पड़े मिले एक व्यक्ति ने चिकित्सालय में पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। मृतक की शिनाख्त कोटलानाला के जेबीटी रोड स्थित आफिसर्स कालोनी निवास इंद्रजीत सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि 22 सितंबर के बाद इंद्रजीत अपने घर नहीं गया था तब से ही उसके परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। इंद्रजीत शराब का आदी बताया गया है।सोलन के एसपी गौरव सिंह के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार कल पुलिस चौकी शहर सोलन को क्षेत्रीय अस्पताल सोलन से सूचना मिली की एक व्यक्ति को ठोडो ग्राउंड से उसके परिजन उपचार हेतू क्षेत्रिय अस्पताल लाए हैं, जिसे प्राथमिक जांच के दौरान चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया है। इस जानकारी पर सिटी चौकी की टीम अस्पताल पहुंची और आपातकालीन कक्ष में रखे गए मृत शरीर को कब्जे में लेकर उसका पंचनामा करवाया। मृतक के परिजन उसके साथ ही थे, इसलिए उसकी शिनाख्त करने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई। उसकी शिनाख्त सोलन के कोटलानाला में जेबीटी रोड स्थित ऑफिसर्ज कालोनी में रहने वाले 34 वर्षीय इंद्रीजत सिंह के रूप में हुई। उसके शरीर पर किसी प्रकार की चोट का कोई निशान नहीं पाया गया। उसके परिजनों ने बताया कि इंद्रजीत शराब का आदि हो गया था, जिसके लिए उसे उसके परिवार के लोग भी बहुत समझाते थे, परन्तु इन्द्रजीत सिंह किसी की बात नहीं सुनता था। इन्द्रजीत सिंह कई दिनों तक घर से गायब रहता था। 22 सितंबर से ही वह घर वापस नहीं लौटा था। 2/3 दिनों से इन्द्रजीत सिंह के परिवार के लोग उसे तलाश कर रहे थे, परन्तु इन्द्रजीत सिंह का कोई पता न चल रहा था। कल उसके परिजनों को इंद्रजीत बेहाशी की हालत में ठोडो ग्राउंड के पास सीढियों के समीप मिला, जिस पर वे लोग उसे उपचार हेतू क्षेत्रिय अस्पताल सोलन ले गये थे, परन्तु चिकित्सकों ने उसे जाँच के दौरान मृत घोषित कर दिया । फिलहाल परिजनों ने उसकी मौत को स्वाभाविक ही करार दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सोलन /सन्नी गौतम: हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन और सिरमौर जिले की सीमा के साथ लगते गांव सनोरा के समीप देर रात एक ट्रक छोटे पुल पर फंस गया, जिसके कारण सिरमौर की सीमा पर कई किलोमीटर का जाम लगा हुआ है। सुबह तीन बजे से यहां भीषण जाम की स्थिति बनी हुई है। दोनों तरफ करीब 10 किलोमीटर तक जाम लगा हुआ है। सुबह तीन बजे से ही सभी वाहन चालक भूखे प्यासे जाम खुलने के इंतजार में लगे है।जानकारी के अनुसार यह ट्रक हिमाचल से उड़ीसा सेब लेकर जा रहा था। लेकिन रात को अचानक ड्राइव ट्रक पर नियंत्रण नहीं रख पाया और पुल के बीचो बीच फंस गया। गनीमत यह रही कि यह ट्रक सड़क पर पलटने से बच गया। अगर यह पलट जाता तो यह एक बड़ी घटना हो सकती थी। इस क्षेत्र में हायड्रा या बड़ी क्रेन का प्रबंध नहीं हो पा रहा है, जिसकी वजह से यह जाम बढ़ता जा रहा है और कब खुल पाएगा यह कहना संभव नहीं है। लोग रात से भूखे प्यासे जाम में फंसे है। जाम में फंसे लोगों से जब बात की उन्होंने बताया की सुबह 3 बजे से ही हम जाम में फंसे हुए है। अभी तक ना तो इस ट्रक को यहां से हटाया गया और ना ही जाम को क्लियर करवाया गया। हम भूखे प्यासे बस इंतजार कर रहे है। हमारा पुलिस प्रशासन से निवेदन है कि जल्द से जल्द इस ट्रक को यहां से हटा कर जाम क्लियर करवाया जाए। ताकि हम अपने गंतव्य स्थान पर पहुंच सके।
सोलन/सन्नी गौतम: जगदंबा रामलीला मंडल द्वारा हर वर्ष होने वाली रामलीला का बीतीरात शुभारंभ हो गया है। नगर निगम सोलन की मेयर, डिप्टी मेयर और पूर्व मेयर ने पहले दिन की रामलीला का शुभारंभ किया। प्रथम दिन की रामलीला में मनु व देवी सतरूपा का भगवान विष्णु से वरदान मांगना और प्रसन्न होकर विष्णु द्वारा त्रेता युग में उनके ही घर पर अवतरित होने का आशीर्वाद देने की लीला का मंचन किया गया। बाद में अंधे माता पिता के लिए पानी लेने गए श्रवण कुमार पर राजा दशरथ के शब्दभेदी वाण से हमला करना और श्रवण कुमार की मृत्यु के बाद उनके माता पिता द्वारा दशरथ को श्राप देने तक की लीला का मंचन किया गया। रामलीला के निर्देशक हरीश मरवाह ने बताया कि प्रथम दिन की रामलीला में नगर निगम की मेयर ऊषा शर्मा, डिप्टी मेयर मीरा आनंद, और पूर्व मेयर पूनम ग्रोवर बतौर मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि उपस्थित हुई। रामलीला मंडल के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद आरती के साथ प्रथम दिन की रामलीला का मंचन शुरू किया गया। रामलीला मंचन के दौरान पृथ्वी लोक के पहले पुरुष व स्त्री के रूप में पहचाने जाने वाले मनु व देवी सतरूपा ने भगवान विष्णु की आराधना करके उन्हें प्रसन्न किया और फिर उन्हें अपने पुत्र के रूप में जन्म लेने के लिए आशीर्वाद देने के लिए आग्रह किया। तब भगवान विष्णु ने उन्हें आशीर्वाद दिया कि त्रेत्रा युग में वे उन्हीं की पत्नी देवी सतरूपा के गर्भ से जन्म लेकर पृथ्वी लोक से पाप का विनाश करेंगे। यहीं मनु और सतरूपा बाद में दशरथ और देवी कौशल्या के रूप में जन्मे और भगवान विष्णु ने राम के रूप में कौशल्या माता के पेट से जन्म लिया। रात की रामलीला में मनु और सतरूपा की तपस्या और भगवान विष्णु द्वारा उन्हें दिया गया आशीर्वाद और उसके बाद दशरथ के हाथों अन्जाने में श्रवण कुमार की हत्या तक की लीला का मंचन किया गया। देर रात तक रामलीला जारी रही। मंगलवार की रात के रामलीला मंचन में रामलीला मंडल के अध्यक्ष धमेंद्र ठाकुर, निर्देशक हरीश मरवाह, महासचिव सुमित खन्ना, सह कोषाध्यक्ष मनोज गुप्ता,कार्यकारिणी के सभी सदस्य उपस्थित थे।आज की रामलीला में इंद्र दरबार, व नारद मोह की लीलाओं का मंचन किया जाएगा। इनमें नीरज को इंद्र, बाबूजी को कामदेव, अमित को नारद और भूपेंद्र चौहान को भगवान विष्णु के रूप में देख सकेंगे। मरवाह ने बताया कि इस बार की राललीला की खासियत है कि रामलीला के तमाम स्त्री पात्रों को महिला कलाकारों द्वारा ही अभिनीत किया जाएगा।
** सरे आम खुल्ले में फेंका जा रहा है इंडस्ट्रियल वेस्टइंजेक्शन की सीरिंज नालागढ़/सन्नी गौतम: बद्दी में इन दिनों नामी कंपनियों द्वारा नियमों की सरे आम धजियाँ उड़ाई जा रही है हाउसिंग बोर्ड को जाने वाली सड़क के किनारे ख़ाली ज़मीन पर कुछ कंपनियों द्वारा खुल्लें में सरे आम इंडस्ट्रियल वेस्ट फेंका जा रहा है कंपनियों द्वारा बड़े बड़े बोरों व खुल्ला वेस्ट सड़क के किनारे फेंका जा रहा है, जिसमे इंजेक्शन की सिरिंजे ख़ाली बॉटल व यहाँ तक भरे हुए इंजेक्शन भारी मात्रा में फेंके हुए है, जबकि नियमानुसार फार्मा कंपनी को इंजेक्शन की सिरींजे व रिजेक्टेड इंजेक्शन व अन्य प्रकार के इंडस्ट्रियल वेस्ट को डिस्पोज करना होता है। कंपनी इंडस्ट्रियल वेस्ट को दूसरे कचरे के साथ नहीं फेंक सकती परंतु कुछ कंपनियाँ थोड़े से पैसे बचाने के चक्कर में खुल्लें में व अन्य कचरे के साथ मिलकर सड़कों के किनारे फेंक कर इंसानों और जानवरों की ज़िंदगियों से खेल रही है। हिमपरिवेश संस्था के सदस्य गुरदयाल ने बताया की वह किसी काम से सन्डोली जा रहा था तो हाउसिंग बोर्ड जाने वाली सड़क के किनारे ख़ाली पड़ी ज़मीन पर ढेर सारा कचरा गिरा देखा ध्यान से देखने पर पता चला की कचरे में इंजेक्शन की सिरिंजे भरे हुए इंजेक्शन व बोतले काफ़ी मात्रा में बोरों में भर कर फेंकी हुई है। गुरदयाल ने कहा की अगर इस कचरे को पशु खा जाते है तो सोच कर देखे की पशुओं की क्या हालत हो जाएगी। पशु इसको खाकर मर भी सकते है और छोटे छोटे बचे कचरा चुनने आते है और इंजेक्शन की वजह से उनको गंभीर बीमारी भी हो सकती है या कोई बड़ा हादसा हो सकता है उन्होंने कहा की मौक़े पर पोल्युशन बोर्ड की टीम को बुलाया है। भरे हुए इंजेक्शनों पर कंपनी के लेवल लगे हुए है जिससे पता चलता है की इंडस्ट्रियल वेस्ट किस कंपनी का है ऐसे उद्योगों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्यवाही होनी चाहिए। वहीं ज़मीन के मालिक का कहना है की मेरी ख़ाली पड़ी एग्रीकल्चर ज़मीन पर कंपनियों द्वारा कचरा फेंका जा रहा है मैं चाहता हूँ कि प्रशासन उनपर सख़्त कार्यवाही करे और कंपनियाँ मेरी जगह की सफ़ाई करवाए।
सोलन के राजगढ़ रोड स्थित शूलिनी होमियो क्लीनिक के चिकित्सक डा.अमित डबास को मुंबई के रिद्धी सिद्धी विनायक संस्था द्वारा बेस्ट होमियोपैथिक फिजिशियन इन हिमाचल प्रदेश अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। यह अवार्ड उन्हें 13 नवंबर को मुंबई में आयोजित इंडिया हेल्थ केयर एक्सीलेंसी अवार्ड 2024 सम्मान समारोह में सिने तारिका माधुरी दीक्षित के हाथों प्रदान किया जाएगा। बता दे कि इससे पहले भी उन्हें इंटरनेशनल अवार्ड— 2020, प्राइड आफ सोलन 2024, राष्ट्रीय समाज सेवा रत्न 2020, जीवन रक्षक अवार्ड 2019 और सोशल हीरो अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। डा. अमित डबास ने इस घोषणा के बाद खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि वे पिछले लगभग 14 साल से हिमाचल के सोलन में मरीजों की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 13 नवंबर को फिल्म स्टार माधुरी दीक्षित के हाथों सम्मानित होने के प्रस्ताव से उन्हें नई ऊर्जा मिली है। वे प्रयास करेंगे कि इस कार्यक्रम में शामिल हों। उन्होंने बताया कि संस्था काफी समय से उनके कामों पर नजर बनाए हुए थी और संस्था ने अवार्ड घोषित करने से पहले उनके कामों को कई मानकों पर तौल कर उनके नाम की घोषणा की हैं ।
शिव मंदिर परिसर तालाब कुनिहार में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 4 से 10 अक्तूबर तक राधे श्याम परिवार कुनिहार की तरफ से किया जाएगा। इसमें प्रसिद्ध कथा वाचक एवं बांके बिहारी विश्व मंगलम सेवाधाम के प्रमुख संस्थापक हरिजी महराज अपनी मधुर वाणी से श्रोताओं में ज्ञान यज्ञ की गंगा प्रवाहित करेंगे। यह जानकारी राधे श्याम परिवार संस्था की प्रधान कृष्णा पंवर तथा महासचिव इंदिरा शांडिल ने प्रेस को जारी संयुक्त बयान में दी है। उन्होंने बताया 4 अक्तूबर को लगभग तीन बजे शिव मंदिर के मुख्यद्वार पर समस्त राधे श्याम परिवार व संस्था से जुड़ी महिलाएं कथा व्यास हरीजी महाराज व पुराण ग्रंथ का स्वागत करेंगी तथा कलश यात्रा निकाली जाएगी। इसके उपरांत हरिजी महाराज द्वारा पंडाल में विधिवत रूप से कलश की स्थापना की जाएगी। पूजा अर्चना के उपरांत श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ होगा। राधे श्याम परिवार संस्था के मुख्य सलाहकार तथा कथा के प्रमुख आयोजक श्यामानंद शांडिल और मुख्य ऑडिट ऑफिसर जगदीश पंवर ने कहा कि मूल पाठ का समय प्रातः 5 बजे से होगा तथा कथा प्रवचन का समय प्रतिदिन 1 बजे से सायं 4 बजे तक रहेगा। रोजाना कथा पंडाल में सायं 7 से 9 बजे तक आरती व भजन कीर्तन होगा। श्यामानंद शांडिल ने बताया कि 10 अक्तूबर, 2024 को प्रातः 11 बजे पूर्णाहुति के समय श्रीमद्भावगत कथा विश्राम की ओर अग्रसर होगी। उन्होंने कहा कि 10 अक्तूबर को कथा प्रवचन का समय 12 बजे दोपहर से 2 बजे तक होगा। इसके बाद क्षेत्रवासियों में भंडारे का भोग वितरित किया जाएगा। राधे श्याम परिवार संस्था की प्रधान कृष्णा पंवर, सलाहकार नीलम कौंडल, हेमलता कश्यप, मीडिया प्रभारी एवं कोषाध्यक्ष अंजना कश्यप, महासचिव इंदिरा शांडिल, सहसचिव गोदावरी देवी ने इस नवरात्र पर्व पर धार्मिक स्थल शिव मंदिर परिसर तालाब में श्रीमद्भागवत कथा आयोजित करने का बीड़ा उठाया है। इस संस्था के साथ क्षेत्र की बहुत सी महिलाएं जुड़ी हैं, जिनके प्रयासों से इस कथा का सफलतापूर्वक आयोजन किया जाएगा। संस्था की उक्त सभी पदाधिकारियों ने क्षेत्रवासियों से आह्वान किया है कि वे श्रीमद्भावगत कथा में बढ़ चढ़कर भाग लें और अपने जीवन को सफल बनाएं। यह जानकारी विश्व मंगलम सेवाधाम के मीडिया प्रभारी डीडी कश्यप ने प्रेस को जारी बयान में दी है। कश्यप ने कहा कि कथा के सफल आयोजन के लिए तैयारियां जोरों पर चली हुई है। उन्होंने क्षेत्र के सभी प्रबुद्धजनों से आह्वान किया है कि वे श्रीमद्भागवत कथा में बढ़ चढ़कर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें।
द एसवीएन स्कूल बडोर घाटी में महात्मा गांधी की 155 वीं पुण्य तिथि के अवसर पर सभी विद्यार्थियो द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर विद्यार्थियों के लिए नारा लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने देशभक्ति के भाव प्रकट करते हुए और अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हुए सुन्दर व आकर्षक नारों का निर्माण किया। इस प्रतियोगिता में सभी विद्यार्थियों ने बढ़- चढ़ कर भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल प्रिंसिपल सागरिका बक्शी ने की। दूसरी ओर 'स्वभाव स्वच्छता - संस्कार स्वच्छता' विषय के अंतर्गत विद्यालय में स्वच्छता की भागीदारी के लिए स्कूल के सभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। स्कूल निदेशक लूपिन गर्ग ने सभी कर्मचारियों को सम्मान पत्र व उपहार भेंट किए । कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी विद्यार्थियों को इन कर्मचारियों के काम की महत्ता बताते हुए धन्यवाद दिया कि विद्यालय को स्वच्छ व सुंदर बनाने में उनकी बहुत बड़ी भागीदारी है। साथ ही स्वच्छ भारत अभियान के तहत विद्यार्थियों से अपील की कि अपने घर व स्कूल में सफाई बनाए रखें और स्वस्थ रहें।
राष्ट्र के विकास के योगदान में युवाओं की भागीदारी पर वाद विवाद प्रोतियोगिता में विभिन्न स्कूल, जिनमे एस.वी.एन कुनिहार, बद्दी इंटरनेशनल स्कूल, चिन्मय विद्यालय, बाल भारती पब्लिक स्कूल और द गुड शैपर्ड स्कूल धर्जा शामिल थे। ये प्रतियोगिता हब ऑफ लर्निंग सीबीएसई सोलन द्वारा अयोजित की गई, जिसके मुख्य अतिथि सचिन - हब ऑफ लर्निंग के मुख्य समन्वयक, सोनिया कंवर नोडल अधिकारी और अंजू वर्मा एनेंट्स कॉर्डिनेटर भी शामिल थे। गुड शैपर्ड स्कूल की प्रिंसिपल लोरेटा एलिस और वाइस प्रिंसिपलपेटुला कोरैया ने इस कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागतम नृत्य और प्रतिभागियों के स्वागत में एक गीत के साथ हुई। बच्चों ने दृढ़ विश्वास के साथ प्रस्ताव के पक्ष और विपक्ष में अपने विचार प्रस्तुत किए। इस प्रतियोगिता में "फॉर द मोशन" के विजेताओं में चिन्मय विद्यालय की ओजस्वी प्रथम, गुड शैपर्ड स्कूल धर्जा की समृद्धि ठाकुर, द्वितीय स्थान पर और बाल भारती पब्लिक स्कूल के रुद्रांश तृतीय स्थान पर रहे। विरुद्ध प्रस्ताव' से विजेता - प्रथम बाल भारती पब्लिक स्कूल - आरवी ठाकुर, द्वितीय - चिन्मय विद्यालय तोमर, तृतीय गुड शैपर्ड स्कूल, धर्जा - देव्यांशी ठाकुर। सर्वश्रेष्ठ इंटरजेक्टर का पुरस्कार बद्दी इंटरनेशनल स्कूल को मिला। सर्वश्रेष्ठ टीम चिन्मय स्कूल को मिली। प्रिंसिपल लोरेटा एलिस ने विजेताओं और प्रतिभागियों को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी। श्रीम ने भी छात्रों को बधाई दी और कार्यक्रम को बहुत अच्छे से संचालित करने के प्रयासों के लिए गुड शैपर्ड की सराहना की।
बीएल सेंट्रल पब्लिक स्कूल सोलन शामती का वार्षिक सम्मेलन 29/9/24 रविवार को कला केंद्र ऑडिटोरियम कोठो, राजगढ़ रोड सोलन में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य विषय था हम साथ साथ उन्नति करें (राइस टुगेदर)। समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला भाषा अधिकारी सोलन की अधिकारी आदरणीय ममता वर्मा द्वारा दीप प्रज्वलित कर के किया गया, जिनके साथ MIS डाइट सोलन के इंचार्ज गोविंद ठाकुर, गुड शेफर्ड स्कूल दर्जे की प्रिंसिपल लोरेटा एलिस, बी एल शिक्षा समिति के संस्थापक की धर्मपत्नी, साई बिलाइट इंटरनेशनल स्कूल की अध्यक्षता वीना बक्शी, हेमा शर्मा, सुरेश शर्मा, मोनिका शर्मा इस अवसर पर सब उपस्थित रहें। समारोह की शुरुआत स्वागत गीत से की गई। इसके बाद बच्चों द्वारा की गई सांस्कृतिक गतिविधियां, जिसमें दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। इसके साथ ही बच्चों ने लघु नाटिका द्वारा नारी के प्रति बढ़ते अपराधों को रोकने व उसके प्रति सम्मान बढ़ाने पर नाटक प्रस्तुत किया। इसके साथ ही क्लासिकल और पंजाबी डांस ने भी अभिभावकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर स्कूल के अध्यक्ष अशोक शर्मा, संस्था के प्रबंधक अमित शर्मा, निदेशक जसवीर सिंह मान ने भी बच्चों के अद्भुत कार्यक्रमों को सराहा। इसके साथ शिक्षा के क्षेत्र के मेधावी और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। अंत में प्रधानाचार्य कमलप्रीत कौर ने समारोह को सफल बनाने के लिए छात्रों, अध्यापकों अभिभावकों की उपस्थिति को सराहा व सभी का धन्यवाद किया और छात्रों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।


















































