प्रदेश कांग्रेस महासचिव बोले- सांसद प्रतिभा सिंह को किसी से प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं प्रदेश कांग्रेस महासचिव देवेंद्र बुशैहरी ने सांसद सुरेश कश्यप को आड़े हाथ लेते हुए कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए केंद्रीय सहायता के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं, लेकिन भाजपा इसमें कोई भी सहयोग नहीं कर रही है। उन्होंने कहा है कि प्रतिभा सिंह केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी व गिरिराज सिंह से मिलकर आपदा से हुए नुकसान में मदद की गुहार लगा चुकी हैं। देवेंद्र बुशैहरी ने प्रतिभा सिंह के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा है कि उन्होंने प्रदेश के सभी भाजपा सांसदों को पत्र लिखकर जो पहल की है, वह बहुत ही सराहनीय है और भाजपा के सभी सांसदों को इसमें पूरा सहयोग करना चाहिए। बुशैहरी ने कश्यप को प्रतिभा सिंह पर दिए उनके बयान की आलोचना करते हुए कहा है कि उन्हें अपना चश्मा बदल लेना चाहिए। ऊलजलूल बयानबाजी से उन्हें कुछ हासिल होने वाला नहीं। प्रतिभा सिंह को उनसे किसी भी प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं। उन्होंने कहा है कि प्रतिभा सिंह अपने संसदीय क्षेत्र मंडी का व्यापक दौरा कर चुकी हैं। अभी पिछले कल ही उन्होंने रामपुर, आनी,करसोग के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है, जबकि इससे पूर्व मंडी, सुंदरनगर, द्रंग, नाचन, सरकाघाट का विस्तृत दौरा कर प्रभावित लोगों से मिलकर अधिकारियों से पुनर्निर्माण व राहत कार्यो की समीक्षा बैठके भी कर चुकी हैं। बुशैहरी ने कहा कि कश्यप बताएं कि उन्होंने इस आपदा से निपटने के लिए केंद्र के किस नेता से मदद मांगी। उन्होंने कहा कि उन्हें यह भी बताना चाहिए कि उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र शिमला में भूस्खलन से प्रभावित कितने क्षेत्रों का दौरा किया। उन्हें यह भी बताना चाहिए कि कालका-शिमला राष्ट्रीय राज मार्ग को दुरुस्त करने के लिए उन्होंने केंद्र सरकार या राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से कितनी बार बातचीत की। बुशैहरी ने कश्यप पर तंज कसते हुए कहा है कि उन्हें अपने संसदीय क्षेत्र में भूस्खलन से प्रभावित लोगों को राहत व पुनर्वास कार्यों की चिंता करनी चाहिए ,न कि मंडी संसदीय क्षेत्र की।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 12 सितंबर को आवश्यक रखरखाव एवं मरम्मत के दृष्टिगत सोलन शहर के कुछ क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जनकारी आज यहां विद्युत बोर्ड के अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता सोलन राहुल वर्मा ने दी। राहुल वर्मा ने कहा कि 12 सितंबर को प्रात: 10 बजे से सायं 5 बजे तक सोलन शहर के पोल्ट्री फार्म, तहसील, कोटलानाला, पुलिस थाना, धोबीघाट, वार्ड नंबर 7, संस्कृति महाविद्यालय, आदर्श नगर तथा आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि में लोगों से सहयोग की अपील की है।
कहा- प्रदेश सरकार अदा करेगी आवास का किराया मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए आज यहां मंडे मीटिंग की अध्यक्षता की। उन्होंने योजनाओं व विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भारी बारिश के कारण घर क्षतिग्रस्त होने से जो लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं, उन्हें प्रदेश सरकार किराए पर आवासीय सुविधा उपलब्ध करवाएगी। मकान का किराया प्रदेश सरकार अदा करेगी। इसके दृष्टिगत दो व तीन कमरों के सेट किराए पर लेने का प्रावधान किया जाएगा। इस संबंध में सभी उपायुक्तों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला नगर निगम क्षेत्र में भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत के लिए 10 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। उन्होंने शिमला में विभिन्न क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त सड़कों व गिरे हुए डंगों के कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी अभियांत्रिकी महाविद्यालयों में अगले शैक्षणिक सत्र से कृत्रिम मेधा (एआई) के पाठ्यक्रम आरम्भ किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षण संस्थानों में भविष्य की चुनौतियों के आधार पर एआई पाठ्यक्रम आरम्भ करना समय की मांग है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मत्स्य क्षेत्र में स्वरोजगार के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण से योजनाओं का कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने हेलीपोर्टस के निर्माण कार्य की प्रक्रिया की प्रगति की हर सप्ताह समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कटहल की खेती की अपार सम्भावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग द्वारा किसानों को कटहल की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वाहनों के फिटनेस प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन व समयादेश (अपॉइंटमेंट) के लिए प्रभावी ऑन-लाईन प्रणाली विकसित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव ओंकार चंद शर्मा, भरत खेड़ा, आरडी. नजीम, देवेश कुमार, डॉ. अमनदीप गर्ग और विभिन्न सचिव उपस्थित थे।
-पाइनग्रोव स्कूल धर्मपुर में चल रही डिबेट का हुआ समापन पाइनग्रोव स्कूल धर्मपुर में चल रहे मोहिंदर मेमोरियल द्विभाषीय टर्नकोट डिबेट का समापन हो गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शूलिनी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर अतुल खोसला उपस्थित रहे। इनके साथ शूलिनी विश्वविद्यालय के आउटरीच विभाग के वरिष्ठ सलाहकार और लॉरेंस स्कूल सनावर के पूर्व हेडमास्टर प्रवीण वशिष्ठ, पाइनग्रोव स्कूल की प्रशासन निदेशक मिस समीक्षा सिंह और पाइनग्रोव स्कूल की स्पेशल एजुकेटर मिस श्रिया दुआ एवं विद्यालय के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। निर्णायक मंडल में अंग्रेजी भाषा की प्रस्तुतियों को जांचने हेतु कैप्टन सुधीर दीवान और डॉ. हर्ष वर्धन सिंह खिमटा बतौर अंग्रेजी भाषा निर्णायकों के रूप में एवं डॉ. दिनेश कुमार और हेमांक कपिल, हिंदी भाषा के निर्णायकों के रूप में लगातार दूसरे दिन भी उपस्थित रहे। पावर-पैक फाइनल राउंड के अतीव उच्च स्तरीय विषय 'भारत में नया कृषि सुधार कानून कृषि आधुनिकीकरण की दिशा में एक आवश्यक कदम है' ने सभी 17 फाइनलिस्टों को अति गंभीर एवं शोधपूर्ण प्रस्तुति देने को बाध्य किया। लगातार एक के बाद एक प्रस्तुतियों पर पैनी नजर रखने के पश्चात चारों निर्णायकों के परिणामों को हेड ऑफ कल्चरल अफेयर्स मिस्टर विशाल गौरी ने घोषित किया इसमें इंडियन मिलिट्री कॉलेज देहरादून की टीम विजेता रही। वहीं प्रथम उपविजेता सेंट कबीर पब्लिक स्कूल चंडीगढ़ व द्वितीय उपविजेता पाइनग्रोव स्कूल धर्मपुर की टीम रही। व्यक्तिगत पुरस्कारों में इंडियन मिलिट्री कॉलेज देहरादून के आरुष गोस्वामी प्रथम, पाइनग्रोव स्कूल धर्मपुर के येरिक गौरी द्वितीय एवं सेंट कबीर पब्लिक स्कूल चंडीगढ़ के आर्यमन जैन तीसरे सथान पर रहे। इसके अतिरिक्त छह सांत्वना पदक भी प्रदान किए गए। सांत्वना पुरस्कार पाने वाले प्रतिभागी वाइन बर्ग एलैन स्कूल मसूरी की सोम्या गुप्ता विद्या देवी जिंदल स्कूल हिसार की शिप्रा शर्मा वाइनबर्ग एलैन स्कूल मसूरी की अचिंत्या बंसल- पाइनग्रोव स्कूल सुबाथू की राधिका एमराल्ड हाइट्स इंटरनेशनल स्कूल इंदौर मध्यप्रदेश की हरबाणी कौर, राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज देहरादून के वेदांत राय रहे। मुख्य अतिथि वाइस चांसलर अतुल खोसला, शूलिनी विश्वविद्यालय के आउटरीच विभाग के वरिष्ठ सलाहकार और लॉरेंस स्कूलसनावर के पूर्व हेडमास्टर प्रवीण वशिष्ठ एवं सभी निर्णायकों को पाइनग्रोव स्कूल की ओर से विद्यालय की प्रशासन निदेशक मिस समीक्षा सिंह ने धन्यवाद स्वरूप उपहार भेंट किए। पाइनग्रोव स्कूल के कार्यकारी निदेशक कैप्टन एजे सिंह ने सभी प्रतिभागियों को बधाई संदेश एवं प्रतिभागी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, मुख्य अतिथि, अन्य अधिकारियों और निर्णायकों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
कहा- बिजली के दाम इस कदर बढ़ाने से उद्योग बंद होंगे और महंगाई बढ़ेगी इससे स्टील और सीमेंट के भी दाम बढ़ेंगे और आपदा प्रभावितों को दोहरी मार पड़ेगी नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा बिजली के शुल्क में डेढ़ गुना वृद्धि करके सरकार प्रदेश में चल रहे उद्योगों को बर्बाद करना चाह रही है। उन्होंने कहा कि बिजली के शुल्क को सरकार ने अलग बढ़ाए और पिछली सरकार द्वारा प्रदेश में नए उद्योगों को लगाने हेतु को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा दी गई रियायत को वापस ले लिया गया है। उन्होंने कहा यह एक दुर्भाग्यपूर्ण और राजनीतिक बदले की भावना से लिया गया फैसला है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार पार्टी की नहीं प्रदेश की होती है। एक सरकार उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहन देती है, दूसरी सरकार आकर वह सुविधाएं छीन लेती है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कोरोना के बाद प्रदेश में उद्योग-धंधों को गति देने के लिए हमारी सरकार ने उद्योगों को निर्धारित समय के लिए कुछ रियायतें दी थी। उसे भी ख़त्म कर दिया गया है। जयराम ठाकुर ने कहा ऐसे चलता रहा तो प्रदेश में नए उद्योग आने के बजाय जो यहां काम कर रहे हैं, वे भी बाहर जाने को मज़बूर हो जाएंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उद्योग लगाने के लिए हम उद्योगपतियों को देश में सबसे सस्ती बिजली देने का वादा करके लाए और आज उन्हें सबसे महंगी बिजली मिल रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उद्योगों के लगने से प्रदेश में उत्पादन होता हैं। प्रदेश में हज़ारों की संख्या में लोगों को सीधा रोज़गार मिलता है। इसके अलावा भी तमाम तरह के अवसर उपलब्ध होते हैं। बिना उद्योगों प्रदेश के विकास की कल्पना भी नहीं की जा सकती है लेकिन सरकार प्रदेश में उद्योग धंधों को बर्बाद करना चाहती है। इस तरह के फ़ैसले लेने वाले लोग उसी डाल को काटना चाहते हैं, जिस पर बैठे हैं । नेता प्रतिपक्ष ने जहां कि प्रदेश में उद्योग धंधों को बर्बाद करने और उन्हें प्रदेश से बाहर भेजने पर योजनाबद्ध तरीक़े से काम हो रहा है। एक तरफ़ सरकार के तुगलकी फ़ैसले उद्योगों में आर्थिक असुरक्षा की भावना पैदा कर रही हैं तो दूसरी तरफ़ बेख़ौफ़ माफिया तंत्र उद्योगपतियों को डरा रहा है। जिसके कारण वह स्वयं ही प्रदेश से जाना चाहते हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह माफिया किसकी शह पर काम कर रहे हैं। इन्हें कौन संरक्षण दे रहा है। यह बात मुख्यमंत्री को पता करके, उन पर कार्रवाई करनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि नई दरों के तहत एचटी (हाई टेंशन) के अधीन आने वाले उद्योग के लिए बिजली शुल्क 11 प्रतिशत से बढ़ाकर 19 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि ईएचटी (एक्सट्रीम हाई टेंशन) उद्योगों के लिए इसे 13प्रतिशत से बढ़ाकर 19 प्रतिशत कर दिया गया है। छोटे और मध्यम उद्योगो पर बिजली शुल्क 11 प्रतिशत से 17 प्रतिशत तक बढ़ाया है। सीमेंट संयंत्रों पर बिजली शुल्क 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। यही नही डीजी (डीज़ल जनरेटर) सेट द्वारा बिजली उत्पादन पर 45 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली शुल्क भी लगाया गया है और कैप्टिव उत्पादन और हरित ऊर्जा पर विद्युत शुल्क में दी गई छूट भी वापस ले ली गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न बिजली उपयोग के आधार पर पूर्व सरकार ने पांच साल तक बिजली में रियायत देने की नीति बनाई थी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बिजली शुल्क में वृद्धि से प्रदेश में सीमेंट और लोहे का दाम भी महंगा हो जाएगा। जिससे आपदा में अपना घर गंवा चुके लोगों को दोहरी मार पड़ेगी। सरकार ने पहली आपदा के बाद ही डीज़ल के दाम बढ़ाकर आपदा प्रभावित प्रदेश में लोगों पर महंगाई का बोझ सरकार पहले ही डाल चुकी हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इसके पहले सुक्खू सरकार ने बिजली, पानी, कूड़ा उठाने साथ प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाकर लोगों पर महंगाई का बोझ पहले ही डाल चुकी है। सत्ता में आते ही सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन की बात की और लोगों के जेब पर बोझ डालने का काम करना शुरू कर दिया। हर चीज के दाम बढ़ा दिये। जिन्हें हमारी सरकार में बिजली, पानी, डीज़ल, सब महंगा लगता था और रोज़ सड़कों पर उतर कर शोर मचाते थे। आज उन्होंने सारी चीजों के दाम बढ़ा दिए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आपदा के समय में भी प्रदेश के लोगों पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष महंगाई का बोझ बढ़ाना किसी भी तरह से सही नहीं हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने पौधना के गांव पपलोल में शहीद रोशन लाल मेले का किया शुभारंभ राज्य में आयोजित होने वाले मेले प्रदेश की समृद्ध संस्कृति को संरक्षित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। यह बात स्वास्थ्य एव परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने आज जिला सोलन के कंडाघाट उपमंडल की ग्राम पंचायत पौधना के गांव पपलोल में शहीद रोशन लाल मेले के शुभारंभ अवसर पर बतौर मुख्यातिथि कही। उन्होंने शहीद को नमन करते हुए क्षेत्र वासियों को शहीद रोशन लाल मेले की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश के हर गांव और शहर की भिन्न सांस्कृतिक पहचान है। उन्होंने कहा कि मेलों के माध्यम से संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करके आपसी भाईचारे की भावना को बढ़ावा मिलता है। स्वास्थ्य मंत्री ने शहीद रोशन लाल को नमन करते हुए कहा कि ऐसे मेले युवाओं को देशभक्ति की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि गत दिनों भारी वर्षा से प्रदेश में बहुत अधिक नुकसान हुआ है। भविष्य में हमें योजना व तरीके से सड़कों, भवनों इत्यादि का निर्माण करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रभावित लोगों को उचित मुआवज़ा दे रही है। उन्होंने कहा कि युवा नशे की लत से दूर रहें, इसके लिए परिवार के सदस्य अपने बच्चों पर नजर भी रखें ताकि युवा नशे की ओर आकर्षित न हों। उन्होंने कहा कि मेलों में आयोजित होने वाली खेलकूद प्रतियोगिताएं युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी संस्कृति को जानने और उसे संजोए रखने मे मेले एवं उत्सव अहम भूमिका निभाते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने पपलोल खेल मैदान के लिए पहली किस्त के रूप में 10 लाख रुपए, मोक्षधाम पपलोल के निर्माण के लिए 1.50 लाख रुपए, रनहोल सामुदायिक भवन निर्माण की पहली किस्त के रूप में 3 लाख रुपए, पपलोल सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 2 लाख रुपए तथा राजकीय उच्च विद्यालय पपलोल के खेल मैदान को समतल करने के लिए 1 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने शहीद रोशन लाल क्लब पपलोल को अपनी ऐच्छिक निधि से 21 हज़ार रुपए देने की भी घोषणा की। इससे पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने ग्राम पंचायत पोधना के गांव काटल में भारी वर्षा से हुए भूस्खलन क्षेत्र का निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत पौधना की प्रधान अनीता, उप प्रधान संजीव ठाकुर, प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव रमेश ठाकुर, खण्ड कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, मेला कमेटी के निदेशक अरुण कुमार, प्रधान राहुल ठाकुर, उप प्रधान अमन देव शर्मा, सचिव बलवंत ठाकुर, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सोलन के सचिव राजेश ठाकुर, मेला कमेटी के प्रधान हरनाम सिंह, विभिन्न विभागों के अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड सोलन ने अपने पंजीकृत कामगारों एवं लाभार्थियों से आग्रह किया है कि वे अपने परिवार नकल की स्व सत्यापित फोटो कॉपी पथा परिवार नकल के अनुसार अपने परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड की स्व सत्यापित ¼Self Attested½ फोटो कॉपी 10 दिनों के भीतर श्रम कल्याण अधिकारी सोलन, जिला सोलन के कायालय में स्वंय अथवा डाक के माध्यम से जमा करवाएं। यह जानकारी श्रम कल्याण अधिकारी सोलन ललित शर्मा ने दी। ललित शर्मा ने कहा कि जिला सोलन में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कार्य करने वाले कामगारों को श्रम कल्याण बोर्ड के माध्यम से मिलने वाली विभिन्न योजनाओं के लाभ नियमित रूप से प्राप्त करने के लिए परिवार नकल की स्व स्तयापित फोटो कॉपी पथा परिवार नकल के अनुसार अपने परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड की स्व स्तयापित फोटो कॉपी जमा करवानी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अधिक जानकारी के लिय श्रम कल्याण अधिकारी के कार्यालय दूरभाष नंबर 01792-298575 पर संपर्क किया जा सकता है।
स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड न्यू मीडिया शूलिनी विश्वविद्यालय द्वारा फिल्म निर्माण क्लब सिनेडिकेट के सहयोग से विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए फ्रेम्स एंड स्टोरीज शीर्षक से एक इंटरैक्टिव सत्र का आयोजन किया। सत्र के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्देशक ओजस्वी शर्मा थे, जिन्हें भारतीय फिल्म उद्योग में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए जाना जाता है। वह भारत के एक प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक, निर्माता और पटकथा लेखक हैं, जिन्हें भारत सरकार द्वारा 68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में उनकी फिल्म एडमिटेड के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार रजत कमल से सम्मानित किया गया था। स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड न्यू मीडिया के निदेशक प्रोफेसर विपिन पब्बी ने अतिथि का स्वागत किया और कहा कि यह कार्यक्रम छात्रों के बीच रचनात्मकता, नवाचार और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया गया है। फ्रेम्स एंड स्टोरीज़ ने एक अद्वितीय मंच की पेशकश की, जिसने सिनेमा, पत्रकारिता, एलजीबीटीक्यू+ वकालत और अभिनय के विविध क्षेत्रों को एक समृद्ध अनुभव में परिवर्तित कर दिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण इंटरैक्टिव पैनल चर्चा थी, जिससे छात्रों को ओजस्वी शर्मा के साथ सीधे बातचीत में शामिल होने का दुर्लभ अवसर मिला। उनकी गहन अंतर्दृष्टि और शिल्प के प्रति अटूट जुनून ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया और प्रेरणा की एक अमिट छाप छोड़ी। फिल्म निर्माण पैनल ने सिनेमाई कहानी कहने की जटिल कला पर प्रकाश डालते हुए केंद्र स्तर पर कदम रखा। एक विचार की कल्पना करने से लेकर पोस्ट-प्रोडक्शन में अंतिम उत्कर्ष तक, इस पैनल ने कल्पना की मनोरम छवियों में परिवर्तन को स्पष्ट किया, जिससे छात्रों को फिल्म निर्माण प्रक्रिया की गहन समझ से समृद्ध किया गया। पत्रकारिता पैनल ने मीडिया और सिनेमा के बीच सहजीवी संबंध का पता लगाने के लिए निपुण पत्रकारों के एक पैनल को एक साथ लाया। इस दिलचस्प चर्चा ने न केवल सार्वजनिक धारणा को आकार देने में मीडिया की भूमिका को प्रदर्शित किया, बल्कि इस बात पर भी जोर दिया कि सिनेमा संचार के लिए एक शक्तिशाली माध्यम के रूप में कैसे कार्य करता है। रुत्रक्चञ्जक्त+ पैनल सिनेमा में समावेशिता और विविधता पर एक दिलचस्प चर्चा थी। ओजस्वी और पैनलिस्टों ने प्रामाणिक एलजीबीटीक्यू+ प्रतिनिधित्व के महत्व पर प्रकाश डाला, रूढ़िवादिता को चुनौती देने और स्वीकार्यता को बढ़ावा देने की सिनेमा की शक्ति को स्वीकार किया। द एक्टर्स पैनल नाम के एक अन्य पैनल में अभिनय की कला पर प्रकाश डाला गया, जिसमें पात्रों को सिल्वर स्क्रीन पर जीवंत करने की जटिलताओं को उजागर किया गया। दर्शकों में महत्वाकांक्षी अभिनेताओं को कला में मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्राप्त हुई, जिससे उनके अभिनेता बनने के सपने संजोए गए। सिनेडिकेट के अध्यक्ष निहित श्रीवास्तव ने कहा कि फिल्म निर्माण क्लब शूलिनी विश्वविद्यालय के प्रतिभाशाली छात्रों को प्रेरित और सशक्त बनाने वाले कार्यक्रमों की मेजबानी करता है और भविष्य में इस प्रकार के कई कार्यक्रम करने की योजना है। सत्र का समापन प्रो.विपिन पब्बी के धन्यवाद प्रस्ताव से हुआ। अपनी टिप्पणी में उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को उद्योग के दिग्गजों के साथ बातचीत करने, उनके जुनून का पता लगाने और उनके क्षितिज को व्यापक बनाने के लिए एक मंच प्रदान करने की विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं। सत्र में छात्रों, संकाय सदस्यों और उत्साही फिल्म प्रेमियों ने भाग लिया, जो ओजस्वी शर्मा की उपस्थिति और ज्ञान के भंडार को साझा करने की उनकी इच्छा से मंत्रमुग्ध थे।
सीएम ने जी-20 सम्मेलन के उपलक्ष्य पर राष्ट्रपति द्वारा आयोजित रात्रि भोज में लिया भाग मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा जी-20 शिखर सम्मेलन के अवसर पर आयोजित रात्रि भोज में भाग लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेेंद्र मोदी से भी मुलाकात की और उनके समक्ष प्रदेश हित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रधानमंत्री को प्रदेश में भारी बारिश के कारण आई आपदा से हुए नुकसान के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी और उनसे प्रदेश में हुई त्रासदी को 'राष्ट्रीय आपदाÓ घोषित करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि गत दो महीनों में भारी बारिश, भू-स्खलन और बाढ़ के कारण प्रदेश में 400 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवाई है और 13 हजार से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा है, जिस कारण हजारों परिवार बेघर हो गए हैं। उन्होंने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा के कारण प्रदेश को 12 हजार करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से कहा कि इस आपदा से उबरने के लिए प्रदेश को केंद्र की ओर से आर्थिक पैकेज की आवश्यकता है। आपदा के कारण प्रदेश में हुए अभूतपूर्व नुकसान के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि भुज और केदारनाथ मेें आई आपदा की तर्ज पर हिमाचल को भी विशेष राहत पैकेज दिया जाना चाहिए। नरेंद्र मोदी ने ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा उठाए गए प्रदेश हित के मद्दों को ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि प्रदेश की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बिडेन, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस, जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान सहित अन्य देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, 19 आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि, संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि, केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के अलावा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
-पंचायत ने अपने स्तर पर बनाई थी परियोजना, बरसात में वो भी हो गई बंद -गांववासियों ने सरकार व स्थानीय विधायक से की योजना का नवनिर्माण करने करने की मांग आजादी के 75 वर्ष बाद भी कसौली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोट बेजा के मजेड गांव में जल शक्ति विभाग की कोई भी पेयजल योजना नहीं है। हालांकि पंचायत स्तर पर गांव के लिए एक स्कीम द्वारा पानी पहुंच रहा था, लेकिन इस वर्ष हुई भारी बरसात के कारण पंचायत द्वारा बनाई गई परियोजना का नामोनिशान मिट गया है। फलस्वरूप गांव में पानी का संकट खड़ा हो गया है। गांववासियों ने पंचायत प्रतिनिधियों को पेयजल योजना को हुए नुकसान की जानकारी दे दी है। वहीं, अब पंचायत के लिए इस परियोजना को बनाना किसी चुनौती से कम नहीं है। पेजयल परियोजना की पाईप ठीक हालत में है, लेकिन पेयजल टैंक के ऊपर भारी मलबा आ गया है, हालांकि टैंक को कोई नुकसान नहीं हुआ है। पंचयात के तहत आने वाली इस योजना के पेयजल स्टोर टैंक की कई वर्षों से सफाई भी नहीं हुई है। साथ ही विभाग की स्कीम न होने के कारण इसमें कोई दवाई (ब्लिचिंग पाउडर) भी नहीं डाला जाता है। गांववासियों द्वारा टैंक की समय-समय पर सफाई की जाती है। पेयजल लाइन की रिपेयर का कार्य ग्रामीणों द्वारा अपने खर्चे पर किया जाता रहा है। अब पंचयात ने प्रस्ताव पास कर कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी से आग्रह किया है कि बरसात में खत्म हुए पेयजल स्त्रोत का नवनिर्माण करवाया जाए व जल शक्ति विभाग की गिरि पेयजल योजना से उक्त गांव को जोड़ा जाए, ताकि लोगों को पीने का पानी मिल सके। युवा कांग्रेसी नेता पुष्पेंद्र कंवर व ग्रामीणों अरविंद सिंह, लाल सिंह, नरेंद्र सिंह, राजेेंद्र सिंह विपिन आदि ने बताया कि बरसात में पेयजल स्त्रोत खत्म हो गया है, जिस कारण गांव में पीने के पानी का गंभीर संकट पैदा हो गया है। उन्होंने प्रदेश सरकार व विधायक से मांग की है कि पेयजल योजना का नवनिर्माण करवाया किया जाए।
कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर परवाणू से कुमारहट्टी तक राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की तकनीकी टीम ने पहाड़ों के दरकने के कारण का पता लगाया। इस टीम में आईआईटी रुड़की, आईआईटी मंडी और एनएचएआई के सेवानिवृत्त अधिकारी मौजूद थे। टीम ने चक्की मोड़ में मिट्टी के सैंपल भी भरे। इसी के साथ फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी से भी किस प्रकार की कटिंग की गई है, समेत कई प्रकार के इनपुट लिए हैं। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण शिमला से भी कई प्रकार का डाटा टीम ने मांगा है। जैसे ही यह डाटा विशेष तकनीकी टीम के पास पहुंचता है, उसके बाद परवाणू-सोलन फोरलेन पर आगामी निर्माण कार्य के लिए रिपोर्ट तैयार की जाएगी। बताया जा रहा है कि इस माह के अंत तक यह रिपोर्ट तैयार कर एनएचएआई को देगी। इसके बाद ही कई महत्वपूर्ण जगहों पर कार्य शुरू किया जाएगा। इसी टीम की रिपोर्ट के अनुसार चक्कीमोड़ पर निर्माण कार्य के लिए ड्राइंग तैयार की जाएगी। वहीं वर्तमान में भी चक्कीमोड़ में पहाड़ से मलबा नहीं रुक रहा है। भूस्खलन के बाद वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ रही है। वहीं परवाणू से सोलन के बीच कई जगह ऐसी हैं, जहां मलबा हटाना गले की फांस बनता जा रहा है। जैसे ही मलबा हटाया जा रहा है, वैसे ही पहाड़ी से भूस्खलन हो जाता है। परवाणू से कुमारहट्टी तक एनएचएआई की विशेष टीम ने दौरा किया है। कुछ डाटा एनएचएआई से भी मांगा है, जो टीम को जल्द दे दिया जाएगा। इसके बाद आगामी कार्य शुरू होगा। - आनंद दहिया, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई शिमला।
स्वास्थ्य एव परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने गत दिवस सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत आंजी के बडलयाणा गांव में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावितों को आश्वास्त किया कि संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार उनके साथ है। इस अवसर पर ग्राम पंचायत आंजी, ग्राम पंचायत सपरुन व ग्राम पंचायत शामती के पंचायत प्रतिनिधियों ने पंचायतों से सम्बंधित समस्याओं से अवगत करवाया व पंचायतों में सामूहिक रूप में करवाए जाने वाले विकास कार्यों के बारे में भी स्वास्थ्य मंत्री को अवगत करवाया व मांग पत्र सौंपा।स्वास्थ्य मंत्री ने ग्रामीणों की मांगों पर विचार कर प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर जोगिन्द्रा केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, खंड कांग्रेस समिति के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, मनोनीत पार्षद रजत थापा, ग्राम पंचायत आंजी की प्रधान कविता,ग्राम पंचायत सपरुन की प्रधान रेनू ,ग्राम पंचायत शामती के उपप्रधान राकेश मेहता, स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी अमित रंजन तलवार सहित पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित थे।
शूलिनी यूनिवर्सिटी ने नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनीज (नैसकॉम) के साथ साझेदारी में प्रौद्योगिकी में भविष्य के करियर और विज्ञान और प्रौद्योगिकी की लगातार विकसित हो रही दुनिया में सीखने और फिर से सीखने के महत्व पर एक सम्मेलन का आयोजन किया। यह सम्मेलन नैसकॉम, फ्यूचर स्किल्स और डिजिटल अड्डा का एक संयुक्त प्रयास था, जिसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी-संचालित करियर के गतिशील परिदृश्य के लिए बिजनेस और आईटी के क्षेत्र के छात्रों को तैयार करना था। चांसलर प्रो. पीके खोसला ने उपस्थित लोगों का स्वागत किया और तकनीकी प्रगति की तीव्र गति और नैसकॉम और शूलिनी जैसे संस्थानों के बीच सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रोफेसर अतुल खोसला कुलपति शूलिनी विश्वविद्यालय ने कहा कि कि समय तेजी से आगे बढ़ रहा है, और इसलिए नैसकॉम शूलिनी के साथ प्रशिक्षण और सहयोग की साझेदारी, करने के लिए ये कांफ्रेंस राखी गयी थी। इनोवेशन के अध्यक्ष आशीष खोसला, शूलिनी विश्वविद्यालय में वैश्विक सलाहकार बोर्ड के सदस्य अनुराग सिन्हा के साथ एक व्यावहारिक ऑनलाइन बातचीत में शामिल हुए। आईटी उद्योग में नौकरी की संभावनाओं की खोज पर पैनल चर्चा का आयोजन और संचालन नैसकॉम की सेक्टर स्किल काउंसिल का प्रतिनिधित्व करने वाली कामना जैन ने किया, इस सत्र में आकर्षक चर्चाएं हुईं, टेक महिंद्रा के योग्यता प्रमुख तारिक शर्मा ने छात्रों को अपने पाठ्यक्रमों के साथ-साथ उद्योग के लिए तैयारी करने के लिए प्रोत्साहित किया। वूस्पर इन्फोटेक के निदेशक और सीईओ रमनजीत सिंह ने छात्रों को तकनीकी कौशल के साथ-साथ रणनीतिक योजना पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। इनोवेशन के अध्यक्ष आशीष खोसला ने इस पैनल चर्चा के दौरान भविष्य के कौशल के साथ शूलिनी की साझेदारी की घोषणा की। सॉफ्टप्रोडिजी के सीईओ सौम्यजीत चक्रवर्ती और हिटबुल्सआई के सह-संस्थापक हिरदेश मदान जैसे उद्योग विशेषज्ञों वाले पैनल ने मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्रदान की और क्षेत्र के अनुभव, इंटर्नशिप की तैयारी और बहुत कुछ के बारे में छात्रों के सवालों के जवाब दिए। सम्मेलन का समापन शूलिनी विश्वविद्यालय में प्रबंधन विज्ञान के डीन प्रोफेसर मुनीश सहरावत के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी एक क्षैतिज पैमाना है, इसलिए सहयोग और पुनर्कल्पना आगे बढ़ने का रास्ता है।
-सौरभ वैद और दरशोक ठाकुर को चुना वरिष्ठ उपाध्यक्ष - प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के सभागार में संपन्न हुए चुनाव प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के चुनाव आज प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के सभागार में संपन्न हुए। चुनाव प्रक्रिया में अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एसएस जोगटा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। चुनाव प्रभारी लाल सिंह चावला तथा सह प्रभारी हेम सिंह ठाकुर की देखरेख में संपन्न हुए। चुनाव में सभी 12 जिलों के अध्यक्षों तथा उनके प्रतिनिधि और 90 विभिन्न कर्मचारी संगठनों केअध्यक्ष-महासचिव व अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया। सभागार में लगभग 1100 कर्मचारी उपस्थित रहे। चुनाव में प्रदीप ठाकुर को सर्वसम्मति से प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का अध्यक्ष चुना गया। चुनाव में सौरभ वैद जिला कांगड़ा तथा दरशोक ठाकुर जिला हमीरपुर को वरिष्ठ उपाध्यक्ष चुना गया। महासचिव भरत शर्मा जिला शिमला तथा कोषाध्यक्ष इंद्रजत शर्मा जिला सिरमौर से चुने गए। शमशेर ठाकुर मुख्य सलाहकार, कुशल शर्मा मुख्य प्रवक्ता, एम आर वर्मा मुख्य संरक्षक, पंकज शर्मा मीडिया प्रभारी, सुनील तोमर उपाध्यक्ष, नसीब सिंह, सोनम, मोहनलाल कश्यप, हंसराज उपाध्यक्ष रजनीश प्रवक्ता, अंकुर सचिव, ईश्वर उपाध्यक्ष, प्रवेश, हितेश शर्मा सचिव, कश्मीर सचिव, विनोद सलाहकार, नवीन रविकांत सोलन उपाध्यक्ष, मराठा सलाहकार, देव नेगी कार्यालय सचिव, नित्यानंद, रामेश्वर, कंवर सिंह ठाकुर, सुनीता मेहता उपाध्यक्ष, संजय कुमार, रजनीश, कमल शर्मा, सुरेश कुमार, जीवन गौतम, सरवन, पूजा सेन, भावना ठाकुर इत्यादि को राज्य कार्यकारिणी में चुना गया। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने उन्हें अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का अध्यक्ष चुनने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि नवनियुक्त कार्यकारिणी कर्मचारियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान हेतु प्रयास करेगी, जिसके लिए आज शाम को ही कार्यकारिणी की बैठक कर रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने प्रदेश भर से पहुंचे सभी कर्मचारियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि जल्द प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिलकर सभी समस्याओं को उनके समक्ष रखा जाएगा। उनसे जल्द संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक हेतु भी आग्रह किया जाएगा, ताकि संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक में कर्मचारियों के सभी समस्याओं का निपटारा हो सके।
- कहा, बजट भाषण में प्रदेश से किए गए वादे भूली सरकार -मुख्यमंत्री बताएं- हरित प्रदेश से जुड़ी योजनाओं में क्या काम हुआ और कितने लोगों को लाभ मिला नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देश का पहला हरित राज्य बनाने का दावा कहां गया। शपथ ग्रहण से लेकर बजट तक मुख्यमंत्री ने हिमाचल को देश का पहला हरित राज्य बनाने को लेकर बड़ी-बड़ी बातें कहीं थीं। सरकार बने 9 महीने और विधानसभा में बजट को आए लगभग 7 महीने का समय बीत गया है। इस दौरान सरकार ने हिमाचल को हरित प्रदेश बनाने की दिशा में कौन से कदम उठाए हैं। इस बात का जवाब मुख्यमंत्री को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डेढ़ हजार इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा एचआरटीसी में शामिल करने और निजी बसों के संचालकों को इलेक्ट्रिक वाहन लेने पर सब्सिडी देने की घोषणा थी, परिवहन मंत्री प्रदेश को बताएं कि कितने निजी बस संचालकों को यह सब्सिडी अब तक दी गई है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इन सारे वादों, सारी योजनाओं की घोषणा मुख्यमंत्री ने बिना किसी प्लान के ही कर दी थी। इसलिए आज तक इन योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं हो पाया है और जिस प्रकार यह सरकार काम कर रही है उससे यह साफ़ है कि इनकी हिमाचल को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की कोई नीयत नहीं है। नालागढ़ में मेडिकल डिवाइसेज में गाड़ी लगाने को हुआ गोलीकांड दुर्भाग्यपूर्ण नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने नालागढ़ के मेडिकल डिवाइसेज पार्क में गाड़ी लगाने को लेकर हुए गोलीकांड को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। प्रेस वक्तव्य जारी करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में माफिया पूरी तरह से हावी है। इस तरह की घटनाएं प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को प्रभावित करेंगी और प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को भी समाप्त कर देंगी। प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र में आए दिन इस तरह की वर्चस्व की लड़ाई देखने को मिल रही हैं। माफिया की इस तरह के मनोबल का क्या कारण हैं। उन्हें कौन शह दे रहा है। मुख्यमंत्री को यह पता होना चाहिए। जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री से प्रदेश में पनप रहे इस तरह के संगठित माफिया राज के ख़िलाफ़ अभियान चलाकर कठोर से कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
गांव बटेड़ में दो नेपालियों की आपस में हुई मारपीट में एक की मौत होने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस द्वारा आगामी कार्रवाई की जा रही है। जानकारी के मुताबिक दाड़लाघाट थाने में 6 सितंबर को मामला दर्ज हुआ था। पुलिस ने मामले के बारे पूछताछ तो पाया कि नेपाली मूल के ये लोग पिछले करीब 2 महीने से गांव बटेड़ में मिट्टी के कच्चे मकान में रहते हंै। 6 सितंबर को जन्माष्टमी पर धर्मराज शराब पीने लगा। समय करीब 10 बजे जब ये लोग वापस आए तो इन्होंने देखा कि धर्मराज अचेत अवस्था में सोया हुआ था औऱ उसने बिस्तर के साथ ही उल्टी की हुई थी। उसके बाद इन्होंने अपने मालिक और प्रधान ग्राम पंचायत हनुमान बडोग को फोन किया। उन्होंने बताया कि धर्मराज की मृत्यु अधिक मात्रा में शराब पीने के कारण हुई है। इसके उपरांत पुलिस धर्मराज को मेडिकल करवाने हेतु अर्की अस्पताल ले गई। जहां पर धर्मराज को मृत घोषित कर दिया गया। इसके उपरांत धर्मराज के शव को शव गृह में रख दिया गया। लाश का बारीकी से निरीक्षण करने पर उस पर मारपीट के निशान पाए गए। लाश को पोस्टमोर्टम हेतु आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया। 8 सितंबर को मृतक के भाई व अन्य परिजनों के सामने शव का गहनता से निरीक्षण किया गया तथा पाया गया कि मृतक की मृत्यु अत्यधिक मारपीट करने व स्ट्रैंगुलेट करने के कारण हुई है, जो संदिग्ध है। मामले में जांच के दौरान पाया गया है कि 5 सितंबर की शाम को धर्मराज की साथी काली बहादुर से मारपीट हुई थी तथा 6 सितंबर को सुबह जब धर्मराज की तबीयत ज्यादा खराब हो गई तो वे लोग उसे उपचार हेतु प्राईवेट क्लीनिक धुंधन ले गए थे। धर्मराज की ज्यादा तबीयत खराब होने पर इसे बिस्तर पर लेटा दिया था। पुलिस को सूचना मिलने पर धर्मराज को परिजन उपचार हेतु अर्की अस्पताल ले गए थे, जहां पर धर्मराज को मृत घोषित किया गया था। जांच में पाया गया कि धर्मराज की मृत्यु काली बहादुर द्वारा मारपीट करने के कारण हुई है। पुलिस ने 8 सितंबर को काली बहादुर को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। मामले में आगामी जांच जारी है।
पेंशनर्स एसोसिएशन इकाई कुनिहार की मासिक बैठक इकाई अध्यक्ष जगदीश सिंह की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में सरकार से महंगाई भत्ते की बकाया राशि का शीघ्र भुगतान करने का अनुरोध किया गया। सरकार से यह भी मांग की गई कि 2016 के बाद रिटायर हुए पेंशनरों को बढ़ी हुई पेंशन की अदायगी शीघ्र की जाए। बैठक में सभी कार्यकारिणी के सदस्यों से आग्रह किया गया कि हर महीने की 7 तारीख को पेंशनर कार्यालय कुनिहार में बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें, ताकि पेंशनरों की समस्या पर चर्चा कर उनका हल किया जा सके।
वरिष्ठ लेखिका डॉ. नलिनी विभा 'नाजली' को 'आजीवन साहित्य उपलब्धि सम्मान' चार युवा लेखिकाओं-डॉ. प्रेरणा ठाकरे, डॉ. देवकन्या ठाकुर, दीप्ति सारस्वत 'प्रतिमा' और डॉ. देविना अक्षयवर को मिलेगा 'युवा साहित्य सृजन सम्मान' देश और प्रदेश में अपने अनूठे साहित्यिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय सोच के कार्यक्रमों के लिए प्रतिष्ठित हिमालय साहित्य संस्कृति एवं पर्यावरण मंच पांच महिला लेखिकाओं को उनके हिंदी और हिंदी साहित्य के क्षेत्र में दिए रहे उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित करेगा। इन रचनाकारों में हिंदी और उर्दू की प्रख्यात वरिष्ठ लेखिका-गजलकार डॉ. नलिनी विभा 'नाजली' को 'आजीवन उपलब्धि साहित्य सम्मान' और चार युवा लेखिकाओं-डॉ. प्रेरणा ठाकरे (नीमच मध्य प्रदेश), डॉ. देवकन्या ठाकुर, दीप्ति सारस्वत 'प्रतिमा' व डॉ. देविना अक्षयवर को 'हिमालय युवा साहित्य सम्मान' से अलंकृत किया जाएगा। यह जानकारी प्रख्यात लेखक व हिमालय साहित्य मंच के अध्यक्ष एसआर हरनोट ने आज शिमला में एक प्रेस नोट जारी कर मीडिया को दी। सम्मान समारोह शिमला में अक्तूबर मास में आयोजित किया जाएगा, जिसकी तिथियों की घोषणा जल्दी ही की जाएगी। डॉ. नलिनी विभा 'नाजली' वरिष्ठ लेखिका डॉ. नलिनी विभा 'नाजली' का नाम एक शायरा/गजलकार के रूप में देश भर में प्रख्यात है। उनके अब तक 13 गजल संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं जिनमें दो पुस्तकें बच्चों के लिए भी शामिल हैं। हाल ही में उनका गजलों का वृहद् गं्रथ 'दीवान-ए-नाजली' प्रकाशित हुआ है जिसमें उनकी पांच सौ के करीब गजलें संग्रहीत हैं। नाजली को प्रदेश और देश के अनेक पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। डॉ. प्ररेणा ठाकरे डॉ. प्ररेणा ठाकरे की मूल भाषा मराठी है, जबकि वे पिछले लगभग 25 सालों से हिंदी की मंचीय कविता में बेहद सक्रिय हैं और अपने प्रदेश में एक सैलेब्रिटी की तरह लोकप्रिय हैं। हिंदी साहित्य में पीएचडी डॉ. प्रेरणा ठाकरे मध्य प्रदेश के नीमच में एक सरकारी कॉलेज में हिन्दी की आचार्य हैं। मंचीय कविता और बच्चों को कई व्यवहारिक सम सामायिक विषयों को पढ़ाने में उनकी महारथ है। वे हिंदी कविता, गजल और कहानी लेखन में सम्मान रूप से सक्रिय हैं। उनकी अबतक कविता और गजलों की चार और कहानी की एक पुस्तक प्रकाशित हैं। वे कई राज्य सम्मानों से अलंकृत हैं। डॉ. देवकन्या ठाकुर डॉ. देवकन्या ठाकुर हिंदी साहित्य और फिल्म निर्माण में सक्रिय हैं। अब तक अंग्रेजी और हिंदी में पांच पुस्तकें प्रकाशित हैं और हिमाचल के कई दुर्लभ विषयों में कई फिल्मों का निर्माण कर चुकी है जिन्हें कई राज्य और राष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं। पिछले कई सालों से देवकन्या ठाकुर शिमला अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल का सफल संचालन कर रही है। दीप्ति सारस्वत 'प्रतिमा' दीप्ति सारस्वत 'प्रतिमा' लेखन के साथ अध्यापन में रहते हुए हिन्दी की सेवा कर रही है। उनकी अब चार कविता और एक कहानी की पुस्तक प्रकाशित हो चुकी है। साथ ही डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। डॉ. देविना अक्षयवर डॉ. देविना अक्षयवर मूल रूप से मोरिशस की निवासी हैं, लेकिन जेएनयू में पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने के बाद उन्होंने स्थायी निवास शिमला बना लिया है। वे फ्रेंच भाषा की विद्वान भी हैं। इन दिनों शिमला के प्रतिष्ठित कॉलेज सैंट बीड्स में हिंदी की सहायक प्रोफेसर हैं। प्रवासी साहित्य को लेकर उनका अध्ययन हैं और वे कविता, कहानी और आलोचना में समान रूप से अपनी भूमिका निभा रही हैं।
छह विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों और आईसीएआर संस्थानों के 20 वैज्ञानिकों ने डॉ. यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान और प्रशिक्षण स्टेशन मशोबरा का दौरा किया और सेब में सफल प्राकृतिक खेती परीक्षणों के बारे में जाना। यह दौरा विश्वविद्यालय द्वारा प्राकृतिक खेती पर आयोजित दो सप्ताह के राष्ट्रीय प्रशिक्षण का हिस्सा था। इस कार्यक्रम को आईसीएआर राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना की संस्थागत योजना (एनएएचईपी आईडीपी) द्वारा समर्थित किया जा रहा है। हरियाणा, पंजाब, जम्मू और कश्मीर और हिमाचल के वैज्ञानिक प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं। यह दौरा सेब की खेती के लिए विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित प्राकृतिक खेती मॉडल को प्रदर्शित करने के लिए किया गया। डॉ. उषा शर्मा ने विश्वविद्यालय द्वारा प्राकृतिक खेती के तहत सेब पर किये गये विभिन्न सफल परीक्षणों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। प्राकृतिक खेती सेब प्रदर्शन बगीचे का एक भ्रमण भी आयोजित किया गया। विभिन्न सब्जियों जैसे गोभी, बीन और जंगली गेंदा आदि के बारे में समझाया गया, जो इस पर्यावरणीय कृषि पद्धति के तहत बहुस्तरीय फसल प्रणाली के तहत लगाए गए थे। परीक्षण के नतीजे प्रशिक्षुओं के साथ भी साझा किये गये। केंद्र के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. दिनेश ठाकुर ने भी प्रशिक्षुओं से बातचीत की और उन्हें स्टेशन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी। इस अवसर पर प्रशिक्षुओं के साथ विश्वविद्यालय की प्राकृतिक कृषि टीम के सदस्य डॉ. कुलदीप ठाकुर भी उपस्थित रहे। गांव धगोगी में किसानों के खेतों का दौरा भी किया गया, जहां मोहन वर्मा, खिमी देवी और कपिल वर्मा ने सेब के साथ-साथ अपनी आय बढ़ाने के लिए उनके द्वारा उगाई जाने वाली शिमला मिर्च, बीन, भिंडी और खीरा जैसी अतिरिक्त फसलों के लिए अपने प्राकृतिक खेती मॉडल दिखाए। किसानों ने प्रतिभागियों के साथ अपने अनुभव साझा किए और उन्हें बताया कि कैसे प्राकृतिक खेती को अपनाने से उन्हें अपनी आय में सुधार करने में मदद मिली है।
शूलिनी विश्वविद्यालय के योगानंद सेंटर फॉर थियोलॉजी (वाईसीटी) ने विश्वविद्यालय परिसर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी शाम का आयोजन किया, जिसमें विभिन्न शैक्षणिक विषयों के छात्रों की अटूट भक्ति और उत्साह का प्रदर्शन हुआ। यह आयोजन, आध्यात्मिक गतिविधियों की एक श्रृंखला द्वारा चिह्नित किया गया। उत्सव की शुरुआत भगवान कृष्ण की भक्ति के साथ सत्र की शुरुआत संचालन निदेशक ब्रिगेडियर मेहता और प्रबंधन विज्ञान संकाय की मीनाक्षी अहलावत ने की। प्रबंधन, कानून, उदार कला, विज्ञान और इंजीनियरिंग सहित विविध पृष्ठभूमि के छात्रों ने विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लिया, जो भगवान कृष्ण के प्रति उनकी गहरी भक्ति और असीम उत्साह को दर्शाता है। क्रिएटिव स्टूडियो के छात्रों द्वारा मटकी सजावट प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें पलक, सुहानी और मोनिका विजेता रहीं। शाम का समापन एक मनभावन भजन संध्या और आरती के साथ हुआ, जिसके बाद प्रसाद का वितरण हुआ, जिससे उपस्थित सभी लोगों के बीच दिव्य आनंद और एकता का माहौल बन गया। शूलिनी विश्वविद्यालय के प्रबंधन विज्ञान संकाय और योगानंद सेंटर फॉर थियोलॉजी की समन्वयक डॉ. सुप्रिया श्रीवास्तव ने चांसलर प्रो. पीके खोसला, कुलपति प्रो. अतुल खोसला और विवेक अत्रे पूर्व (आईएएस), वाईसीटी, शूलिनी विश्वविद्यालय के अध्यक्ष, के समर्थन से इन आध्यात्मिक रूप से समृद्ध गतिविधियों का आयोजन किया।
-स्वास्थ्य मंत्री ने ठोडो मैदान में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता का किया शुभारंभ स्वास्थ्य एव परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि समग्र व्यक्तित्व निर्माण में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। डॉ. शांडिल आज यहां एतिहासिक ठोडो मैदान में सोलन हॉकी क्लब द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता के शुभारंभ के अवसर पर उपस्थित खिलाड़ियों एवं अन्य को संबोधित कर रहे थे। तीन दिवसीय इस प्रतियोगिता में 16 वर्ष से अधिक आयुवर्ग की 14 टीमों के लगभग 200 महिला व पुरुष खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर कहा कि खेल युवाओं को परिपक्व बनाकर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के लिए अनुशासन, समर्पण और एक निष्ठ प्रयास आवश्यक हैं तथा खेल हमें इन सभी गुणों को आत्मसात करने में निपुण बनाते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत को पूरे विश्व में हॉकी के बेहतरीन खिलाड़ियों के लिए जाना जाता है। गत ऑलम्पिक खेलों में हॉकी में कांस्य पदक जीतकर भारत पुन: हॉकी में अपना लोहा मनवाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारतीय हॉकी अपना खोया वैभव प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर है। डॉ. शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्राम स्तर तक खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में कार्यरत है। बेहतर सुविधा युक्त खेल मैदान निर्मित करने के लिए योजनाबद्ध कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सोलन में हॉकी खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए एस्ट्रोटर्फ मैदान विकसित करने की सम्भावनाएं तलाशी जाएंगी। उन्होंने कहा कि सोलन में बेहतर सुविधा युक्त स्टेडियम भी निर्मित किया जाएगा। उन्होंने आशा जताई कि यह प्रतियोगिता ख्लिाड़ियों की प्रतिभा निखारने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने खिलाड़ियों से आग्रह किया कि अपने युवा साथियों को नशे से दूर रखने में निर्णायक भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष हिमाचल को प्राकृतिक आपदा के कारण अप्रत्याशित नुक्सान उठाना पड़ा है। उन्होंने युवाओ से आग्रह किया कि प्रदेश के पुनर्निर्माण में रचनात्मक सहयोग प्रदान करें। डॉ. शांडिल ने सोलन हॉकी क्लब को अपनी एच्छिक निधि से एक लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। सोलन के प्रसिद्ध व्यवसायी विनोद गुप्ता ने इस अवसर पर डॉ. शांडिल को मुख्यमन्त्री राहत कोष के लिए 51,000 रुपए का चैक भेंट किया। प्रतियोगिता के आयोजकों द्वारा अवगत करवाया गया कि सोलन हॉकी क्लब की ओर से गत चार वर्षो से हॉकी को बढ़ावा देने के लिए युवाओ को नि:शुल्क प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने प्रतियोगिता की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की। नगर निगम सोलन की महापौर पूनम ग्रोवर, जोगिेंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, खंड कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, शहरी कांग्रेस के अध्यक्ष अंकुश सूद, खण्ड कांग्रेस समिति सोलन के महासचिव कुनाल सूद, अस्पताल रोगी कल्याण समिति के सदस्य विनीश धीर, वरिष्ठ कांगे्रसी नेता सुशील चोधरी, नगर निगम सोलन के मनोनीत पार्षद रजत थापा, उप मंडलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर, सोलन हॉकी क्लब के अध्यक्ष कैप्टन एसपी जगोता, आयोजक सचिव पंकज गुप्ता, अन्य सदस्य, गणमान्य अतिथि तथा खिलाड़ी इस अवसर पर उपस्थित थे।
-श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर कुमारहट्टी में आयोजित की गई प्रतियोगिता श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर वीरवार को कुमारहट्टी में मटकी फोड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें पिंकू इलेवन की टीम ने मटकी फोड़ कर खिताब पर कब्जा किया। कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने विजेता टीम को ट्रॉफी व इनाम की राशि देकर पुरस्कृत किया। कुमारहट्टी के वीरभद्र खेल परिसर में आयोजित इस भव्य समारोह में हजारों ग्रामीण उपस्थित थे। विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने कृष्ण सखा मंडल को अपनी ओर से इक्कीस हजार रुपये की राशि भेंट की। इस अवसर पर भंडारे का भी आयोजन हुआ। वहीं, स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम में सर्व हितकारी शिक्षा निकेतन कुमारहट्टी, मानव एकता पब्लिक स्कूल सुल्तानपुर, पाइन व्यू स्मार्ट स्कूल कुमरहट्टी के बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत अघोरी की झांकी, राधा कृष्ण व काली माता की झांकी भी आकर्षण का मुख्य केंद्र रहीं। आयोजन में बच्चों की स्पून रेस, कॉपी रेस, महिलाओं व पुरुषों की म्यूजिकल चेयर रेस, व रस्साकशी का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन नवीन सूद ने किया। व्यापार मंडल व कृष्ण सखा मंडल ने विधायक विनोद सुल्तानपुरी को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर कांग्रेस कमेटी के प्रदेश उपाध्यक्ष राहुल ठाकुर, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा, जिला परिषद सदस्य राजेंद्र ठाकुर, अनहेच पंचायत के प्रधान मोहनलाल कंवर, बड़ोग पंचायत के उप प्रधान गुरुदेव शर्मा,भानु गर्ग, रूपलाल ठाकुर बड़ोग, कुणाल गर्ग, आकाश ठाकुर, रजत सूद, साहिल बंसल,मुकेश ठाकुर, हिमांशु सूद, अजय ठाकुर, वरुण अग्रवाल, मोंटू अग्रवाल, अंकुश सूद, संदीप अग्रवाल, सनी सूद, रूप लाल ठाकुर सुल्तानपुर, कुंदन वर्मा, देवेंद्र गुप्ता,सौरभ अग्रवाल, हार्दिक ठाकुर, प्रताप ठाकुर,जयपाल अग्रवाल, हंसराज सूद, गौरव गुप्ता, विजय गर्ग, अशोक सूद, जियालाल ठाकुर, ज्ञान अग्रवाल, राजेश गुप्ता व अन्य गाने मान्य व्यक्ति उपस्थित थे। सुलतानपुरी ने खेलों में प्रथम आए बच्चों को सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले बच्चों व विभिन्न खेलों के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से जहां आपसी भाईचारा बढ़ता है। वहीं बच्चों को अपनी संस्कृति को पहचानने का भी अवसर मिलता है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में, मटकी फोड़ प्रतियोगिता को शुरू करने की शुरुआत भी कुमारहट्टी से ही हुई थी। कृष्ण सखा मंडल इस कार्यक्रम को पिछले अठारह वर्ष से लगातार आयोजित करवा रहा है। इसे देखने के लिए कुमारहट्टी के अलावा बड़ोग, सुलतानपुर, सोलन, धरमपुर, कसौली, गड़खल, सुबाथू, डगशाई,व भोज नगर से लोग हजारों लोग पहुंचे हुए थे।
कहा- लोकतंत्र में विकास के लाभ लक्षित वर्गों तक पहुंचाने में जनप्रतिनिधि महत्वपूर्ण मुख्य संसदीय सचिव (स्वास्थ्य एव परिवार कल्याण, लोक निर्माण तथा सूचना एवं जन संपर्क) संजय अवस्थी ने कहा कि लोकतन्त्र में विकास के लाभ लक्षित वर्गों तक पंहुचाने में जन प्रतिनिधि महत्वपूर्ण माध्यम हैं। संजय अवस्थी आज सोजल जिला के अर्की में नगर पंचायत अर्की के 3 मनोनीत पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह के उपरान्त उपस्थित जन प्रतिनिधियों एवं अन्य को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी की गरिमामयी उपस्थिति में आज अर्की में आयोजित एक सादे समारोह में नगर पंचायत अर्की के मनोनीत पार्षद के रूप में कुलदीप सूद, विनय वशिष्ठ तथा प्रदीप शर्मा को शपथ दिलाई गई। अर्की के उप मंडलाधिकारी यादविंद्र पाल ने मनोनीत पार्षदों को और गोपनीयता की शपथ दिलाई। मुख्य संसदीय सचिव ने पार्षदों के मनोनयन के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मनोनीत पार्षदों को शुभकामनाएं देते हुए आशा जताई कि सभी पार्षद जन अपेक्षाओं पर खरा उतरेगेें। उन्होंने कहा कि अर्की को प्रदेश का आदर्श विधानसभा क्षेत्र बनाने के लिए सभी का सहयोग अपेक्षित है। इस दिशा में नगर पंचायत अर्की के पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। संजय अवस्थी ने कहा कि वर्तमान सरकार अर्की के विकास को नई दिशा प्रदान करने के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र में पर्यटन, शिक्षा, लोक निर्माण एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में अधोसरंचनात्मक बदलाव किए जा रहे हैं। इनसे समूूचा क्षेत्र लाभान्वित होगा। उन्होंने कहा कि अर्की के प्राचीन धार्मिक स्थल बाड़ीधार को विकसित करने से क्षेत्र में रोज़गार एवं स्वरोज़गार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि अर्की के विकास को गति प्रदान करने के सभी प्रयासों को प्रदेश सरकार का संबल प्राप्त होगा। अवस्थी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण अस्त-व्यस्त प्रदेश को पुन: विकास के मार्ग पर अग्रसर करने में सभी को अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करना होगा। इस अवसर पर खंड कांग्रेस अर्की के अध्यक्ष सतीश कश्यप, नगर पंचायत अर्की के अध्यक्ष हेमेंद्र गुप्ता, जिला कांग्रेस महासचिव राजेंद्र रावत, युवा कांग्रेस अर्की के अध्यक्ष हेमंत वर्मा, नगर पंचायत अर्की की पूर्व अध्यक्ष सीमा शर्मा, पार्षद धर्मपाल शर्मा, भारती वर्मा, रुचिका गुप्ता, अंजू, ग्राम पंचायत चम्यवाल की पूर्व प्रधान उर्मिला, रोहांज जलाना की प्रधान सुनीता गर्ग, खंड कांग्रेस अर्की के कोषाध्यक्ष रोशन वर्मा, धर्मपाल गौतम, सचिव डीडी कश्यप, पार्षद हेमलता शर्मा सहित अन्य गणमान्य एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
छात्र-छात्राओं ने स्किट के माध्यम से फिजियोथेरेपी के बारे में किया जागरूक जिला सोलन के अटल शिक्षा कुंज स्थित आईईसी विश्वविद्यालय में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय फिजियोथेरेपी दिवस का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारीगण, फिजियोथेरेपी विभाग के शिक्षक, अन्य विभागों के विभागाध्यक्ष एवं समस्त विद्यार्थी उपस्थित रहे। इस अवसर पर विभाग के बच्चों ने फिजियोथैरेपी विषय के महत्व और वर्तमान समय में बढ़ती मांग के बारे में बताया। वहीं, कार्यक्रम में विभाग के बच्चों ने स्किट, नाटी, भांगड़ा, गायन, भाषण आदि की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ की गई। कार्यक्रम में नालागढ़ सिविल अस्पताल में सेवारत सीनियर फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. पुनीत सिंह बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। डॉ. पुनीत सिंह ने बताया कि इस वर्ष विश्व फिजियोथेरेपी दिवस का थीम अर्थराइटिस है। इसमें अर्थराइटिस के विभिन्न प्रकार और उनके प्रभाव के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इसके पश्चात फिजियोथेरेपी विभाग के छात्र-छात्राओं ने नाटी और भांगड़ा की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान विद्यार्थियों ने स्किट प्रस्तुत करके फिजियोथेरेपी का महत्व बताया। विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अशोक पुरी ने अपने संदेश में कहा कि बदली जीवन शैली के कारण अर्थराइटिस सहित अन्य समस्याओं से बचाव के लिए फिजियोथेरेपी सहायक सिद्ध हो रही है। फिजियोथेरेपी विषय के बारे में सही जानकारी होने पर हम इन बीमारियों से निजात पा सकते हैं।
बिलासपुर जिले के लुहणु मैदान में चल रही अग्निवीर सेना भर्ती रैली में हजारों की संख्या में युवा भारतीय सेना में शामिल होने के लिए भाग ले रहे हैं। जिला ऊना के गांव नलवाड़ी तहसील बंगाना के जुड़वा भाई सौरव कुमार और गौरव कुमार जो हमीरपुर में हुई रैली में सफल नहीं हो पाए थे, लुहणु मैदान में आयोजित रैली में उन्होंने अपनी सफलता का परचम लहराया। आश्चर्यजनक बात यह है कि दोनों जुड़वा भाई एक साथ सभी पायदानों को पार करते हुए सेना के लिए चुने गए हैं। विगत रैली की असफलता से सबक लेकर दोनों भाइयों ने कठोर परिश्रम के साथ सभी बाधाओं को पार करने की मन में ठानी। माता-पिता के आशीर्वाद तथा विभिन्न लोगों से प्रेरणा प्राप्त कर इस रैली में सफल हुए इन दोनों भाइयों का कहना है कि सेना भर्ती रैली में परिश्रम के माध्यम से ही स्थान पाया जा सकता है। सौरव और गौरव का कहना है कि रैली से पूर्व सी टेस्ट की सुविधा होने से छंटनी हो कर अभ्यर्थी शारीरिक क्षमता के विभिन्न आयोजनों में भाग लेता है। इससे दौड़ने में अधिक भीड़ न होने से अभ्यर्थी द्वाराअपनी क्षमता को बेहतर रूप में प्रदर्शित किया जा सकता है। उन्होंने इस प्रक्रिया को प्रारंभ करने के लिए सेना का आभार व्यक्त किया। दोनों भाईयों ने शैक्षणिक क्षेत्र में भी उत्कृष्ट मुकाम प्राप्त किया है बावजूद इसके अन्य विकल्पों के होते हुए भी उन्होंने सेना में भर्ती होकर देश सेवा को सबसे बेहतर विकल्प के रूप में चुना। इनके पिता बलवंत सिंह का कहना है कि उन्होंने इन दोनों बेटों को सेना के लिए समर्पित किया है यद्यपि एक और बेटा है जो मानसिक दिव्यांग है। उन्होंने अग्नि वीर सैन्य भर्ती के प्रति अपनी पूरी आस्था जताते हुए बच्चों द्वारा किए गए प्रदर्शन पर प्रसन्नता जाहिर की। ऐसे ही जिला हमीरपुर के काकडियार के जुड़वा भाई अखिल राठौर और निखिल राठोर भी इस रैली में अपने बचपन के सपने को साकार करने में सक्षम हुए हैं। बड़े भाई व बहुत से परिवार जन भारतीय सेना में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं यही जज्बा अखिल और निखिल के मन में भी भरा हुआ था यह दोनों भाई बताते हैं कि अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्हें जहां परिवारजनों से प्रेरणा मिली वही गांव के कुछ लोग भी मार्गदर्शक बने। यह फौज में अपने सुनहरे भविष्य को संवारने के लिए आतुर है। अखिल और निखिल कहते हैं कि आज बहुत से युवा भारतीय सेवा का अंग प्रत्यंग बन देश की सेवा के लिए तत्पर है युवाओं में इसके लिए होड़ लगी है। जिला ऊना के हरोली क्षेत्र से संबंध रखने वाले मनीष कुमार ने जमा दो की परीक्षा 92 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की परिवार तथा स्वयं के समक्ष जीवन यापन के लिए अनेक विकल्पों में से इन्होंने सेना में जाकर देश के प्रति अपने कर्तव्य के निर्वहन को ही सबसे उचित समझा। मनीष कुमार का कहना है कि अग्नि वीर सैनिक में यदि योग्यता और समर्थ है तो वह सेना में लंबे समय के लिए अपनी सेवाएं प्रदान कर सकता है। गौरतलब है कि लुहणु मैदान में आयोजित अग्नि वीर भर्ती रैली में बहुत से ऐसे युवाओं ने भाग लिया जो न केवल शैक्षणिक योग्यता में उत्कृष्ट मुकाम हासिल किए हुए थे, अपितु अन्य वोकेशनल ट्रेनिंग या किसी और विषय में भी महारत रखते थे, किंतु इन्होंने उन सब को दरकिनार कर भारतीय सेना का सिपाही बन देश के प्रति अपने कर्तव्य को पूरा करने का लक्ष्य ही चुना।
हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित 250 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले में निजी शिक्षण संस्थान फर्जी दावे करते रहे और शिक्षा विभाग के अधिकारी इन दावों को सत्यापित करते रहे। सीबीआई की जांच में इसका खुलासा हुआ है। ईडी की ओर से गिरफ्तार चार आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ है। मामले में हर स्तर पर अनियमितताएं बरती गई हैं। आरोप हैं कि निजी शिक्षण संस्थान और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से छात्रवृत्ति का बजट जारी हुआ है। इन आरोपियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम-2002 के प्रावधानों के कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। आरोपियों की संपत्ति, बैंक खाते से लेनदेन, कैसे छात्रवृत्ति को इधर से उधर किया गया, इसे लेकर प्रवर्तन निदेशालय बारीकी से जांच कर रहा है। उल्लेखनीय है कि ईडी ने छात्रवृत्ति घोटाले में एएसएएमएस एजुकेशन ग्रुप के पार्टनर राजदीप जोसन और कृष्ण कुमार, केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट पंडोगा के उपाध्यक्ष हितेश गांधी और प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय की छात्रवृत्ति शाखा के तत्कालीन अधिकारी को गिरफ्तार किया है। आरोप हैं कि निजी शिक्षण संस्थान ने फर्जी दस्तावेज पेश करके अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित विद्यार्थियों के लिए पोस्ट-मैट्रिक योजना में छात्रवृत्ति घोटाला किया। यह है मामला छात्रवृत्ति घोटाले में ईडी ने सीबीआई शिमला की ओर से दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की है। आरोप लगाया गया था कि राज्य शिक्षा विभाग, निजी संस्थान और बैंक अधिकारी 250 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति निधि के वितरण में बड़े पैमाने पर गलत विनियोजन में शामिल थे। इस मामले में सीबीआई और ईडी कई अधिकारियों और निजी शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
सोलन की रहने वाली एक महिला ने सोलन थाने में शिकायत दर्ज करवाई कि 7 सितंबर को जब वह अपनी ड्यूटी पर थी तो एक बाबा उनकी शॉप में आया और पैसे मांगने लगा। महिला ने उसे 5 रुपये दिए तो बाबा कहने लगा कि यह कम हंै। उसने 100 रुपये का नोट दिया, फिर बाबा ने आशीर्वाद के लिए इसके सिर पर हाथ रखा व संस्कृत में मंत्र पढ़ने लगा। महिला ने बताया कि उसे उस समय कुछ पता नहीं चला तथा बाबा जब वहां से चला गया तो उसके दाहिने हाथ की मीडल अंगुली में पहनी हुई सोने की अंगुठी गायब थी। अंगुठी की करीब 50000 रुपये है। शिकायत पर सोलन थाने में मामला दर्ज कर अन्वेषण शुरू किया गया और फरार बाबा के बारे में सभी थानों को सूचित किया गया। आरोपी बाबा सुखविंदर नाथ, निवासी संगरूर, पंजाब अपनी मोटरसाइकिल से फरार हो गया था, जिसे परवाणू पुलिस ने इंटरसेप्ट किया और इसे गिरफ़्तार कर सदर थाने में मुक़दमा चलाया गया है। आरोपी से चोरी की गई सोने की अंगूठी भी बरामद कर ली गई है।
केंद्र सरकार को भेजी 10 करोड़ रुपये की डीपीआर हिमाचल सरकार प्रदेश में तीन नए नर्सिंग कॉलेज खोलेगी। यह कॉलेज चंबा, हमीरपुर और जिला सिरमौर के नाहन में खोले जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने डीपीआर तैयार कर केंद्र को भेज दी है। तीनों नर्सिंग कॉलेज में आधारभूत ढांचा विकसित करने पर 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रति नर्सिंग संस्थान को 3 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि दी जानी है। वर्तमान में हिमाचल में इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) और मंडी में दो ही सरकारी नर्सिंग कॉलेज हैं। जबकि नर्सिंग स्कूलों की संख्या 15 से ज्यादा है। प्रदेश सरकार ने नए खोले जाने वाले नर्सिंग कॉलेजों में 40-40 सीटें निर्धारित करने का फैसला लिया है। जैसे-जैसे आधारभूत ढांचा विकसित होगा। केंद्र सरकार से सीटें बढ़ाने की सिफारिश की जाएगी। हिमाचल में 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद बड़ी संख्या में छात्राएं नर्सिंग और मिडवाइफ के कोर्स कर रही हैं। निजी संस्थानों में नर्सिंग का कोर्स करने के लिए चार लाख रुपये से ज्यादा खर्च आता है। इसमें हॉस्टल, वर्दी व अन्य खर्चे भी शामिल हैं। हजारों की संख्या में छात्राएं यह कोर्स कर रही हैं। हालांकि सरकारी कॉलेजों फीस कम है। इसमें एक साल का खर्च करीब 70 हजार के पास रहता है। हिमाचल में नए नर्सिंग कॉलेज खुलने से कई और छात्राएं सरकारी संस्थानों में प्रशिक्षण हासिल कर सकेंगी। चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. सीता ठाकुर ने बताया कि हिमाचल में नए नर्सिंग कॉलेज खोलने के लिए 10 करोड़ रुपये की डीपीआर केंद्र को भेज दी गई है।
टीएचडीसीआईएल ने 4 सितंबर को अपने सम्मानित व्यवस्थापकों और निवेशकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें कंपनी के द्वारा इमीनेंट बांड जारी करने की तैयारी में पारदर्शिता और सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता जारी की गई। बैठक के दौरान कंपनी ने अपनी विकास संभावनाओं और वित्तीय स्थिति का व्यापक प्रस्तुतीकरण किया। इस बैठक के माध्यम से कंपनी के मूल्यवान व्यवस्थापकों और निवेशकों के साथ सार्थक बातचीत में शामिल होने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया गया, जिससे कंपनी की रणनीतिक दिशा की गहरी समझ को बढ़ावा मिला। इस बैठक में मुख्य सत्र जे बेहेरा, निदेशक (वित्त) के नेतत्ृव में टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड टीम का व्यापक एवं उपयोगी विचार-विमर्श रहा। बेहेरा ने अपने संबोधन से टीएचडीसीआईएल की विस्तार रणनीतियों और क्रेडिट रेटिंग से संबंधित अनेक प्रश्नों का उत्तर दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बातचीत कंपनी के बारे में अपने हितधारकों को पूर्ण रूप से संसूचित करने एवं कंपनी की वित्तीय रणनीतियों में उनके विश्वास को प्रोत्साहित करने की हमारी प्रतिबद्धता का उदाहरण प्रस्तुत करती है। बेहेरा ने बताया कि हमारी आगामी परियोजनाओं के चालू होने से कंपनी की क्रेडिट रेटिंग में उल्लखेनीय वृद्धि होने की आशा है। यह विकास हमारी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और हमारे निवेशकों को बेहतर मूल्य प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। इन चर्चाओं के अलावा, बैठक में आगामी बांड बोली प्रक्रिया के लिए शीघ्र तिथि निश्चित करने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। यह बैठक उत्पादनपरक बातचीत को बढ़ावा देने और कंपनी के वित्तीय दृष्टिकोण स्पष्टता जाहिर करने के लिए हमारे सक्रिय दृष्टिकोण र्का प्रतीक है। वहीं, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई ने बैठक की उपयोगिता पर बल देते हुए कहा कि अपनी कमीशन की गई परियोजनाओं के उत्कृष्ट अनुरक्षण के साथ-साथ विद्युत परियोजना का विकास हमारी मुख्य शर्त है।
रोटरी सोलन ने आज क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में 7 नवजात शिशुओं (6 लड़कियों और 1 लड़के) को 1100 शगुन और आरटीएन भानु शर्मा के सौजन्य से नवजात किट और नवजात शिशुओं के लिए डायपर और माताओं के लिए खाने की सामग्री के रूप में अन्य उपहार देकर स्वागत किया। इस अवसर पर रोटरी के अध्यक्ष एमपी कंवर और आरटीएन विजय दुग्गल के अलावा रोटेरियन बीसी सहगल, डॉ. कमल अटवाल, भुवनेश विजय, सूरज गुप्ता, एसडी रतन और आरटीएन महेश गंभीर भी मौजूद रहे। आरटीएन एमपी कंवर ने इस कार्य के लिए माता-पिता और रोटरी सोलन के सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने जन्माष्टमी के पवित्र अवसर पर अपने बेटे का जन्मदिन इस अनूठे अंदाज में मनाने के लिए और आरटीएन भानु शर्मा की सराहना की।
समेकित बाल विकास परियोजना सोलन की अनुश्रवण समिति, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा पोषण अभियान-2 की खंड स्तरीय बैठक का आयोजन आज यहां उपमंडलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर की अध्यक्षता में किया गया। कविता ठाकुर ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता विभाग द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में सराहनीय कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ज़िला में पोषण स्तर वर्गीकरण के दौरान अतिकुपोषित बच्चों को क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में चलाए जा रहे डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेशन सेंटर में स्वास्थ्य जांच और परामर्श के लिए लाया जाए ताकि जिला को कुपोषण रहित बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि पूरक पोषाहार कार्यक्रम के तहत सोलन खंड में 6 माह से 3 वर्ष के 3447 बच्चों, 3 से 6 वर्ष तक के 639 बच्चों व 1253 माताओं को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शालापूर्व शिक्षा कार्यक्रम के तहत 3 से 6 वर्ष के 639 बच्चों को लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पोषण स्तर के वर्गीकरण के दौरान सोलन खण्ड में 6984 बच्चों का वज़न मापा गया। इसमें से 6780 बच्चों का वजन सामान्य पाया गया जबकि 178 बच्चों का वज़न मध्यम और 26 बच्चे अतिकुपोषित पाए गए। उन्होंने कहा कि सोलन खण्ड में मार्च तक बाल मृत्यु दर 11.28 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि सोलन खण्ड में एक वर्ष तक के सभी बच्चों का सम्पूर्ण टीकाकरण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा सभी लाभार्थियों की चरणबद्ध तरीके से स्वास्थ्य जांच की जा रही है तथा लाभार्थियों के लिए विशेष शिविर का आयोजन कर विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सोलन खण्ड में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत 1.02 लाख रुपए की राशि, विधवा पुर्नविवाह योजना के अंतर्गत 65 हजार रुपए, मटर टेरेसा योजना के अंतर्गत 30 हजार रुपए तथा शगुन योजना के अंतर्गत 3.72 लाख रुपए की राशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 के अंतर्गत संरक्षण अधिकारियों के पास 55 शिकायतें प्राप्त हुई हंै। इन पर नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पोषण अभियान 2.0 के तहत पोषण माह का आयोजन, सामुदायिक आधारित गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। कविता ठाकुर ने कहा कि सोलन विकास खंड में प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र में ग्राम पंचायत स्तर पर बेटी जन्मोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। बैठक में अवगत करवाया गया कि सोलन विकास खंड में इस अवधि में दहेज प्रतिरोधक अधिनियम, 1961, अनैतिक देह व्यापार निषेध अधिनियम, 1956 के तहत कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है। हिमाचल प्रदेश विवाह पंजीकरण अधिनियम, 1996 के विषय में विभिन्न जागरूकता शिविरों में लोगों को अवगत करवाया जा रहा है। बाल विकास परियोजना अधिकारी सोलन कविता गौतम ने विभाग द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की गतिविधियों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में उप पुलिस अधीक्षक सोलन अनिल धोलटा एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
कृष्ण जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर चमकने वाले अर्ध चंद्रमा का एक सुंदर अभिप्राय है कि यह वास्तविकता के व्यक्त और अव्यक्त दोनों आयामों, दृश्य भौतिक क्षेत्र और अदृश्य आध्यात्मिक क्षेत्र के मध्य सही संतुलन का प्रतिनिधित्व करता है, जो भगवान कृष्ण के दोनों लोकों के स्वामित्व को दर्शाता है। हम जिस युग में रह रहे हैं उसके लिए उनकी शिक्षाएं अद्वितीय और अति प्रासंगिक हैं। वे न तो आपको भौतिक गतिविधियों में डूबने देती हैं और न ही आपको पूरी तरह से उदासीनता की ओर ले जाती हैं। जब हम यह उत्सव मनाते हैं, तो हम प्रकृति में बिल्कुल विपरीत लेकिन पूरक गुणों को आत्मसात करते हैं और उन्हें प्रकट करते हैं। यह एक ऐसा कौशल है जो हमें उस कमल की तरह बनाता है जो कीचड़ में उगता तो है फिर भी जिसकी पत्तियां शुद्ध और कीचड़ से अछूती रहती हैं। कृष्ण का अर्थ है, वह जो सबसे मोहक और आकर्षक है, अर्थात स्वयं आत्मा। राधे-श्याम, व्यक्ति के अनंत से मिलन का प्रतिनिधित्व करते हैं। प्रत्येक प्राणी की आत्मा ही कृष्ण है। जब हम अपने अपने वास्तविक स्वरूप में बस जाते हैं, तो हमारा व्यक्तित्व खिल उठता है, हमारे भीतर कौशल विकसित है और जीवन में प्रचुरता आती है। कृष्ण को माखन चुराने के लिए जाना जाता है। इस रूपक का क्या अर्थ है? मक्खन वह है जो आपको किसी प्रक्रिया के अंत में मिलता है; दूध पहले दही बनता है, फिर उसे मथकर मक्खन प्राप्त किया जाता है। इसी तरह, जीवन में कई घटनाओं के माध्यम से मंथन की प्रक्रिया होती है। लेकिन अंत में जब मंथन समाप्त हो जाता है, तो हमें मक्खन अर्थात हमारे भीतर की पवित्रता प्राप्त होती है। भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव मनाने का पूरा सार, प्रतिकूल और अनुकूल दोनों परिस्थितियों में संतुलन बनाये रहना, प्रसन्न, केंद्रित और आनंदित रहना है। जब जीवन में सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा हो तो आप एक बड़ी मुस्कान रख सकते हैं, लेकिन यदि प्रतिकूल परिस्थितियों में भी आप अपनी मुस्कान बनाए रख सकते हैं, तो आपको समझना चाहिए कि आपने जीवन में कुछ अद्भुत प्राप्त कर लिया है। यह तो हम कृष्ण के दृष्टिकोण से ही सीखते हैं! वे एक पैर धरती पर टिकाकर और दूसरा पैर धरती से ऊपर उठाकर खड़े हैं; जीवन में नृत्य तभी घटित हो सकता है। यदि आपके दोनों पैर भूमि पर टिके हुए हैं तो नृत्य नहीं हो सकता। यदि आपका मन हर समय सांसारिक चिंताओं में डूबा रहता है, तो आप नृत्य कैसे कर सकते हैं? साक्षी बनें। जब आप बिना लालसा या द्वेष के मन में अशांति को देख पाते हैं, तो आप उससे ऊपर उठ सकते हैं। इसलिए जब आप पछतावे और चिंताओं से परेशान हों, तो यह सोचने के बजाय कि यह कैसे नहीं होना चाहिए था, आपको बस समर्पण करने की आवश्यकता है। तब आप कृष्ण की तरह जीवन के उतार-चढ़ाव में नृत्य करने में सक्षम हों जाएंगे। इतने सारे लोग कृष्ण तक क्यों नहीं पहुंच पाते? कृष्ण कहते हैं, इसका कारण यह है कि उनका मन राग-द्वेष में डूबा हुआ है। जो व्यक्ति तीव्र लालसा रखता है या बहुत अधिक घृणा करता है वह मोह या आसक्ति के जाल में फंस जाता है। जब ऐसे व्यक्तियों को जीवन में धन या संबंधों में समस्याओं का सामना करना पड़ता है, तो उनका मस्तिष्क इससे ग्रस्त हो जाता है, वे अनगिनत घंटे, महीने या वर्ष चिंता में ही बिता देते हैं, इससे उबरने में सक्षम नहीं हो पाते, यह नहीं जान पाते कि भगवान कृष्ण कौन हैं। भगवान कृष्ण कहते हैं, जिनके पाप नष्ट नहीं होते वे अज्ञान और भ्रम में फंसे रहते हैं लेकिन जिनके पुण्य फल देने लगते हैं, वे अपने सभी दुखों से मुक्त हो जाते हैं और मेरी ओर आकर्षित होने लगते हैं। जब आप प्रबुद्धि की ओर चलना शुरू करते हैं, तो अज्ञानता का अंधकार नहीं रह सकता। पाप हमें इस यात्रा का आरंभ नहीं करने देता। यही वह बात है जो हमें दुख, पीड़ा और कष्ट देती है। लेकिन जब आप समझ जाते हैं कि आप यह शरीर नहीं, बल्कि शुद्ध चेतना हैं, तो आपके भीतर अपार शक्ति का उदय होता है। एक बार जब परमात्मा में विश्वास पैदा हो जाता है या अनुभव हो जाता है, तो आपको और कुछ करने की आवश्यकता नहीं होती। अपने विश्वास पर रत्ती भर भी संदेह न करें। ईश्वर को वास्तव में जानने और उसके प्रकाश में चलने का यही अर्थ है। कृष्ण सभी संभावनाओं; मनुष्य और ईश्वर होने के प्रत्येक पहलू के पूर्ण विकसित होने के प्रतीक हैं। जन्माष्टमी वह दिन है जब आप कृष्ण के विराट स्वरूप को एक बार फिर से इस चेतना में याद करते हैं और उनकी अनुभूति करते हैं। अपने वास्तविक स्वरूप को अपने दैनिक जीवन में प्रकट करना ही कृष्ण के जन्म का वास्तविक रहस्य है।
सूरज की तरह चमकना है तो सूरज की तरह तपना होगा। यह बात उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा 2022 में सिविल जज एवं ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट के पद चयनित हुए विशाल ठाकुर ने मिनर्वा संस्थान में आयोजित शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य पर बच्चों को संबोधित करते हुए कही। मिनर्वा संस्थान से शिक्षा उत्तीर्ण कर बुलंदियां हासिल करने वाले दो सगे भाईयों व उनके अभिभावकों के लिए शिक्षक दिवस के मौके पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विशाल ठाकुर ने कहा, 'मैं शिक्षक दिवस पर अपने सभी गुरुजनों का आभार प्रकट करना चाहता हूं, जिनकी बदौलत मैं आज इस मुकाम तक पहुंचा हूं।Ó उन्होंने कहा कि शिक्षक मोमबत्ती की तरह होता है, जो स्वयं को जलाकर दूसरों को प्रकाश देता है। उन्होंने कहा कि 9वीं कक्षा से जमा दो कक्षा तक की पढ़ाई मिनर्वा स्कूल से उत्तीर्ण की। विशाल ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि कड़ी मेहनत व लग्न के साथ पढ़ेंगे तो मुकाम जरूर हासिल होगा। जीवन एक संघर्ष है। इसमें कई बाधाएं आएंगी, लेकिन जो इन मुश्किल परिस्थियों को पीछे छोड़ आगे बढ़ेगा वह अपने मुकाम तक जरूर पहुंचेगा। उनके छोटे भाई विकास ठाकुर जो इसी वर्ष मध्य प्रदेश न्यायिक सेवा में बतौर सिविल जज एवं ज्यूडीशियल मैजिस्ट्रेट नियुक्त हुए हैं, उन्होंने भी बच्चों के साथ विचार साझा करते हुए उनका मार्गदर्शन किया। वहीं, पाठशाला प्रधानाचार्य परवेश चंदेल ने अपने संबोधन में कहा कि कोई भी किसी भी क्षेत्र में लक्ष्य प्राप्त करना मुश्किल नहीं है, लेकिन इसके लिए लगन व मेहनत की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वैसे तो बच्चों को माता-पिता के नाम से जाना जाता है, लेकिन यदि माता पिता को बच्चों के नाम से जाना जाए तो यह माता पिता के लिए अलग खुशी होती है।
चंबा, कांगड़ा, शिमला और अन्य जिलों के भ्रमण कर सकते हैं सैलानी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज जिला हमीरपुर के नादौन में कहा कि हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण प्रदेश में कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं और निजी एवं सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के दृढ़ एवं त्वरित प्रयासों के फलस्वरूप राज्य में सड़कों को काफी हद तक बहाल कर दिया गया है तथा प्रदेश में आगंतुकों के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह राज्य की अब तक की सबसे भीषण त्रासदी थी, लेकिन अब राज्य में हालात सामान्य हो रहे हैं। नादौन में मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पर्यटकों के लिए सुरक्षित है और पर्यटक अब चंबा, कांगड़ा, शिमला और अन्य जिलों के भ्रमण पर आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने और सभी प्रभावितों को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विपदा के समय में भी नेता प्रतिपक्ष प्रभावित परिवारों की पीड़ा के प्रति सहानुभूति व्यक्त करने के बजाय राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने नेतापक्ष से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संपर्क कर हिमाचल प्रदेश के लिए केदारनाथ और भुज त्रासदी की तर्ज पर विशेष पैकेज प्रदान करने के लिए आग्रह करने का आहवान किया। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और उत्तराखंड और गुजरात में प्रदान की गई सहायता के समान वित्तीय सहायता प्रदान करने की बार-बार अपील की है, लेकिन अभी तक केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में कोई भी कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार अपने संसाधनों से प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने के हरसंभव प्रयास कर रही है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने प्रदेश पर 75 हजार करोड़ रुपये के ऋण का बोझ डाला तथा केवल राजनीतिक लाभ के लिए कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार कर्मचारियों के बकाया और भत्ते देने में विफल रही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता संभालने के पश्चात वित्तीय बाधाओं के बावजूद कर्मचारियों के हितों में अभूतपूर्व निर्णय लेकर पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया है।
साई इंटरनेशनल स्कूल में श्री कृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। जन्माष्टमी भगवान कृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाई जाती है, जो भगवान विष्णु के सबसे शक्तिशाली और प्रसिद्ध अवतारों में से एक हैं। इस उत्सव के लिए स्कूल को अच्छी तरह से सजाया गया था। आरती और भजन गाए गए और जन्माष्टमी से संबंधित गाने बजाए गए। प्री-नर्सरी, नर्सरी और केजी के छात्र पारंपरिक रूप से राधा और कृष्ण की पोशाक पहनकर आए। बच्चों द्वारा एक शानदार रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां उन्होंने गीत, नृत्य और भाषण प्रस्तुत किए। इस अवसर की शोभा बढ़ाने के लिए 'दही हांडीÓ का भी आयोजन किया गया। स्कूल के चेयरमैन रमिंदर बावा ने सभी को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।
हिमाचल छात्र संघ (हिमसू) चंडीगढ़ ने इस बार पंजाब विश्विद्यालय चंडीगढ़ में आज होने वाले छात्र संघ चुनाव में उपाध्यक्ष पद के लिए कसौली के गौरव काशीव को छात्र संघ चुनाव में पार्टी की तरफ से मैदान में उतारा है। गौरव पंजाब विश्विद्यालय चंडीगढ़ के यूआईईटी इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में एमटेक की पढ़ाई कर रहे हैं। गौरव काशीव अपने साथियों के साथ अपनी जीत के लिए विभिन्न विभागों और हास्टल में जा कर सभी विद्यार्थियों से वोट की अपील कर रहे हैं। हिमसू लंबे समय से पंजाब विश्विद्यालय चंडीगढ़ में छात्रों के हित के लिए काम कर रही है और हर वर्ष छात्र संघ चुनाव लड़ते आ रही हैं, जिसमें उससे कई बार सफ़लता मिली है। इस बार हिमसू सीवाईएसएस के साथ मिलकर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर लड़ रही हैं, जिनका कोड 2300 है। इससे पहले भी पीयू चुनावों में हिमसू संयुक्त उम्मीदवारों के साथ कई बार जीत हासिल कर चुकी है। पंजाब विश्विद्यालय में हिमाचल प्रदेश के छात्र-छात्राओं की संख्या ज्यादा होने से हिमसू चुनावों में महत्वपूर्ण दल बन कर उभरते आई है। वर्ष 2015 में हिमसू की प्रीति नेगी 1700 वोटों से उपाध्यक्ष पद हासिल कर रिकार्ड बना चुकी है। हिमसू पंजाब विश्विद्यालय चंडीगढ़ के साथ साथ चंडीगढ़ के डीएवी 10 और एसडी 32 कॉलेज में भी छात्र संघ चुनाव लड़ रही है। कॉलेजों में बहुत बार हिमसू पार्टी को जीत मिली है। हिमसू पार्टी के सदस्य अपनी जीत के लिए पंजाब विश्विद्यालय चंडीगढ़ और कॉलेजों मे भी पूरी मेहनत कर रहे हैं। उनका दावा है कि उन्होंने विद्यार्थियों के हित के लिए कार्य किया है और उनको जीत जरूर मिलेगी। 6 सितंबर को पंजाब विश्विद्यालय चंडीगढ़ और कॉलेज में चुनाव होंगे और शाम को इसके नतीजे आएंगे।
बीएल सेंट्रल पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुुनिहार में जन्माष्टमी पर्व बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया। इस समारोह में प्रधानाचार्य पुरुषोत्तम लाल व मुख्याध्यापिका सुषमा शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। मुख्यातिथि ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस पर्व में विद्यालय के नौनिहालों द्वारा भगवान कृष्ण, राधा रानी और गोकुल की गोपियां व ग्वाले बनकर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। प्रधानाचार्य ने बताया कि नर्सरी से पांचवीं कक्षा तक के नौनिहालों ने राधा कृष्ण के वेशभूषा में उनके भजनों पर नृत्य किया और सबका मन मोह लिया। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष व अध्यापक अभिभावक संघ के अध्यक्ष ने भी सभी बच्चों, अध्यापकों और अभिभावकों को जन्माष्टमी की बधाई दी। इस अवसर पर सभी अध्यापक वर्ग व बच्चे मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों को फल बांटे गये।
10वीं वार्षिक शूलिनी मैराथन में चांसलर प्रोफेसर पीके खोसला और कुलपति प्रोफेसर अतुल खोसला के नेतृत्व में शूलिनी विश्वविद्यालय के प्रतिभागियों ने शिक्षक दिवस का उत्साहपूर्वक जश्न मनाया। डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर (डीएसडब्ल्यू) टीम द्वारा आयोजित द्वारा मैराथन को थोडो ग्राउंड से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा, आईएएस, अवसर के मुख्य अतिथि थे। इस कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों का मिश्रण देखा गया, जिनमें से प्रत्येक ने मैराथन की सफलता में योगदान दिया। सभी के लिए समावेशी माहौल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिभागियों को अलग-अलग आयु समूहों में वर्गीकृत किया गया था। छात्रों के बीच प्रतिस्पर्धा कड़ी थी, जिसमें डेविड, ऑर्गोप्रेशन घोष और शैल ने लड़कों के लिए शीर्ष तीन स्थान हासिल किए, जबकि लड़कियों की श्रेणी में राधिका, अनुष्का और मिर्गना ने शीर्ष स्थान हासिल किया। संकाय और स्टाफ सदस्यों के लिए, प्रतियोगिता समान रूप से उत्साही थी, और इसे भी आयु वर्ग में वर्गीकृत किया गया था। 35 वर्ष तक वर्ग में, ज्ञानचंद पुरुष चैंपियन के रूप में उभरे, जबकि आनंदिता और सना महिला वर्ग में। 35-45 वर्ष श्रेणी में, विकास और रेनू सूद पाल ने क्रमश: पुरुषों और महिलाओं के बीच पहला स्थान हासिल किया। सौरभ कुलश्रेष्ठ और ऐलिस ने क्रमश: पुरुषों और महिलाओं की 45-50 वर्ष श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। 50-55 वर्ष श्रेणी में, आशीष खोसला ने शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि प्रोफेसर अतुल खोसका ने दूसरा स्थान हासिल किया। अंत में, 55-65 वर्ष श्रेणी में, प्रबंधन विज्ञान के डीन, मुनीश सहरावत ने असाधारण एथलेटिकिज्म का प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। मैराथन ने न केवल एथलेटिक कौशल बल्कि सौहार्द का भी जश्न मनाया, जिसमें विजेताओं को मौद्रिक पुरस्कार दिए गए। प्रथम स्थान पाने वाले विजेताओं को रु. 3000, दूसरे स्थान के विजेताओं को रु. 2000, और तीसरे स्थान के विजेताओं को रु. 1500. इसके अतिरिक्त, सभी प्रतिभागियों को सोच-समझकर जलपान और पानी उपलब्ध कराया गया, जिससे चुनौतीपूर्ण दौड़ के दौरान उनकी भलाई सुनिश्चित हुई। 10वीं वार्षिक शूलिनी मैराथन ने न केवल शिक्षक दिवस को मनाया गया, बल्कि शूलिनी विश्वविद्यालय समुदाय के भीतर एकता, एथलेटिकवाद और समर्पण की भावना को भी प्रदर्शित किया। छात्र कल्याण अधिष्ठाता श्रीमती पूनम नंदा ने कहा कि यह आयोजन अकादमिक क्षेत्र और रनिंग ट्रैक दोनों में उत्कृष्टता प्राप्त करने में सामूहिक प्रयास की शक्ति की याद दिलाता है।
छात्र-छात्राओं ने नाटी-भांगड़ा पर दीं मनमोहक प्रस्तुतियां जिला सोलन के अटल शिक्षा कुंज स्थित आईईसी विश्वविद्यालय में मंगलवार को हर वर्ष की भांति शिक्षक दिवस का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारीगण, शिक्षक, विद्यार्थी एवं अन्य स्टाफ मौजूद रहा। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की छात्र-छात्राओं ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। वहीं, विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने सब शिक्षकों को सम्मानित कर उनके प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान का भाव व्यक्त किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ की गई। इसके पश्चात विश्वविद्यालय के फार्मेसी, मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग, फैशन डिजाइनिंग, फिजियोथेरेपी, ह्यूमैनिटीज आदि विभागों के छात्र-छात्राओं ने फिल्मी गानों और लोकगीतों पर आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। नाटी और भांगड़ा पर विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों को खूब सराहा गया। इस दौरान शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मिलकर टंग ट्विस्टर, डेयर गेम, रैंप वॉक आदि गेम्स का भी आयोजन किया। शिक्षक दिवस कार्यक्रम पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अशोक पुरी ने आचार्य चाणक्य के कथन को दोहराते हुए कहा कि शिक्षक कभी भी साधारण नहीं होता। निर्माण और प्रलय दोनों उसकी गोद में पलते हैं। ऐसे में शिक्षण के महान दायित्व का हर शिक्षक को पूरी निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ निर्वहन करना चाहिए। शिक्षक को बच्चों का पसंदीदा शिक्षक बनने के साथ-साथ हितकारी शिक्षक बनने का भी प्रयास करना चाहिए।
देश का प्रसिद्ध पर्यटन गंतव्य हिमाचल प्रदेश एक बार फिर पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। हिमाचल प्रदेश पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक अमित कश्यप ने बताया कि पर्यटक कसौली, शिमला, चायल, नारकंडा और किन्नौर जैसे खूबसूरत पर्यटन गंतव्यों की यात्रा और भ्रमण कर सकते हैं। इन पर्यटन गंतव्यों के लिए सड़क मार्ग खुले हैं और कोई भी इन गंतव्यों की सुरक्षित यात्रा कर सकता है। उन्होंने बताया कि कांगड़ा घाटी, धर्मशाला, मैक्लोडगंज, पालमपुर, डलहौजी, खज्जियार और चंबा के भ्रमण के लिए भी सड़क मार्ग खुले हैं। पर्यटक वर्तमान सीजन में राज्य के अधिकांश होटलों में विशेष छूट की सुविधा का लाभ भी उठा सकते हैं। उन्होंनेे बताया कि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में पर्यटन क्षेत्र का योगदान 7 प्रतिशत है। इसके अलावा, पर्यटन क्षेत्र राज्य में कुल रोजगार में लगभग 14.42 प्रतिशत प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार का योगदान देता है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण सड़क मार्ग से यात्रा के लिए राज्य के कुछ हिस्सों में व्यवधान उत्पन्न हुआ, हालांकि सड़क मार्गों को बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर किये गए प्रयासों से पर्यटक अब चंबा, कांगड़ा, शिमला और अन्य जिलों की यात्रा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों से शिमला से धर्मशाला के लिए हवाई सेवा कनेक्टिविटी प्रदान की गई है और अब दिल्ली से शिमला और शिमला से धर्मशाला (गग्गल हवाई अड्डा) के लिए अलायन्स एयर की दैनिक उड़ान भी उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि शिमला-धर्मशाला-शिमला की सभी सीटों के किराये पर सब्सिडी राज्य सरकार द्वारा वहन की जा रही है। इस रूट पर कुल किराया प्रति सीट 3000 रुपये (टैक्स अतिरिक्त) निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त, हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों की सुविधा के लिए उड़ान योजना के अंतर्गत पवन हंस द्वारा संचालित हेलीकाप्टर सेवा की उड़ानें चंडीगढ़ से शिमला और शिमला से रामपुर, मंडी, कुल्लू तथा धर्मशाला के लिए उपलब्ध हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले हिमाचल प्रदेश के 16 शिक्षकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार से नवाजा गया है। मंगलवार सुबह शिक्षक दिवस पर राजभवन शिमला में राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर इन शिक्षकों को सम्मानित किया। कांगड़ा, बिलासपुर, लाहौल-स्पीति और किन्नौर से एक भी शिक्षक का पुरस्कार के लिए चयन नहीं हुआ है। जिला शिमला से चार, कुल्लू-ऊना और हमीरपुर से दो-दो शिक्षकों को चुना गया है। मंडी-सोलन-सिरमौर और चंबा जिला से पुरस्कार के लिए एक-एक शिक्षक का चयन हुआ है। 10 शिक्षकों का चयन प्रदेशभर से प्राप्त हुए 39 आवेदनों के आधार हुआ था। तीन शिक्षकों किशोरी लाल, दलीप सिंह और हरीराम शर्मा को सरकार की ओर से गठित राज्य स्तरीय कमेटी ने चयनित किया। कार्यक्रम में इन शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और शॉल व टोपी देकर सम्मानित किया गया। वहीं, पुरस्कार के लिए एक शिक्षक का नाम समारोह के दौरान ही घोषित किया गया। इसके अलावा बीते वर्ष राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिमला के वीरेंद्र कुमार व चंबा के युद्धवीर सिंह को भी राज्य पुरस्कार दिया गया पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों की सूची शिक्षक का नाम स्कूल का नाम पद अमर चंद चौहान वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल आनी, कुल्लू प्रिंसिपल दीपक कुमार वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल चंबा प्रवक्ता बायोलॉजी अशोक कुमार वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल मंडी प्रवक्ता वाणिज्य कृष्ण लाल वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बजौरा, कुल्लू डीपीई हेम राज वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हिमरी, शिमला टीजीटी नॉन मेडिकल कमल किशोर वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल त्यूरी, ऊना कला शिक्षक नरेश शर्मा प्राथमिक स्कूल गिरथरी, हमीरपुर मुख्य शिक्षक प्रदीप कुमार प्राथमिक स्कूल सलोह, सोलन जेबीटी शिव कुमार प्राथमिक स्कूल ककराना, ऊना जेबीटी कैलाश सिंह शर्मा केंद्रीय प्राथमिक स्कूल लालपानी, शिमला जेबीटी किशोरी लाल उपशिक्षा निदेशक कार्यालय हमीरपुर सीएचटी दलीप सिंह वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल वासनी, सिरमौर प्रवक्ता अंग्रेजी हरि राम शर्मा मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल नेरवा, शिमला प्रिसिंपल सुरजीत सिंह राठौर छोटा शिमला स्कूल प्रवक्ता
भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, जो एक दार्शनिक और एक महान शिक्षक थे, के जन्म के उपलक्ष्य में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। आज साई इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों द्वारा शिक्षक दिवस का आयोजन बड़े उत्साह और जोश के साथ किया गया। इस अवसर पर छात्रों ने शिक्षकों के लिए कई मनोरंजक खेलों प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। इस अवसर पर बच्चों ने सोलो और ग्रुप डांस प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में सभी विद्यार्थी स्कूल ड्रेस में शामिल हुए। कार्यक्रम स्कूल के ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया था जिसे फूलों और झालरों वा गुब्बारों से खूबसूरती से सजाया गया था। बच्चों ने टीचर्स को कार्ड ब बुके देकर सम्मानित किया।
विधानसभा के तीसरे सत्र (मानसून सत्र) के चलते शिक्षा विभाग में 11 से 25 सितंबर तक छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है। 18 सितंबर से शुरू होने वाले मानसून सत्र के चलते उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने निर्देश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को मानसून सत्र के चलते रविवार सहित अन्य छुट्टियों के दौरान भी बुलाया जा सकता है। सुबह आठ से रात आठ बजे तक अफसरों को दफ्तर में मौजूद रहना होगा। विभाग ने विधानसभा में शिक्षा विभाग से संबंधित लगे सभी प्रश्नों के जवाब जल्द देने के लिए भी कहा है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विभाग से संबंधित सभी प्रश्नों के जवाब तैयार होने चाहिए। अधिकारियों के पास हर तरह की जानकारी होनी चाहिए। हर शाखा में कम से कम एक अधिकारी इस दौरान रोजाना सुबह साढ़े आठ बजे ऑफिस में होना चाहिए। इनकी छुट्टियां हुई हैं रद्द अतिरिक्त निदेशक प्रशासन, कॉलेज, स्कूल उच्च शिक्षा, संयुक्त निदेशक कॉलेज, संयुक्त निदेशक फाइनेंस एंड अकाउंट, सह निदेशक, उच्च शिक्षा के सभी उपनिदेशक, सभी सरकारी कॉलेजों के प्रिंसिपल, कमांडर एनसीसी और चीफ लाइब्रेरियन सेंट्रल स्टेट लाइब्रेरी सोलन, प्रारंभिक शिक्षा के सभी उपनिदेशक, प्रिंसिपल डाइट की छुट्टियां रद्द करने के आदेश दिए गए हैं। इन अधिकारियों के तहत काम करने वाले स्टाफ को भी छुट्टियां नहीं मिलेंगी। विभाग में विभिन्न श्रेणी के कर्मचारियों के कितने पद सृजित हैं, कितने पद रिक्त हैं। कितने पद भरे गए हैं। निदेशालय के अधिकारियों ने कितने स्कूलों, कॉलेजों का निरीक्षण किया। कितने नए स्कूल, कॉलेज खोले गए। सरकार की विभिन्न योजनाओं का क्या स्टेटस है।
जिला सोलन के परवाणू के रहने वाले मनीष शर्मा की शिकायत पर 3 सितंबर को थाना परवाणू में आईपीएस की धाराओं 454, 380, 511 में चोरी से संबंधित मामला दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता ने शिकायत दी है कि ओम सन्स कंपनी परवाणू सेक्टर-1 में प्लांट न. 32 में स्थित टिप फैक्टरी 4 के प्लांट में मशीनरी रखी है। यह प्लांट अभी बंद पड़ा है। 3 सितंबर को जब वह अन्य मजदूरों को साथ लेकर इस टिप फैक्टरी के गेट को बंद करने गए तो हरीश नामक लड़का फैक्टरी में पाया गया, जिसके पास मशीनरी खोलने की चाबियां भी थीं। इन्होंने उसे मौके पर पकड़ा व पुलिस को मौका पर बुलाया। यह लड़का अपने अन्य साथियों के साथ काफी समय से इस फैक्टरी में चोरी की फिराक में था। उक्त दिन भी इसने चोरी करने की नियत से फैक्टरी में प्रवेश किया था। शिकायत पर आरोपी हरीश (24) पुत्र मन बहादुर निवासी कामली, परवाणू को पुलिस थाना की टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को पहले भी चोरी और नशा तस्करी के आरोप में गिरफ़्तार किया जा चुका है। मामले में पुलिस की जांच जारी है।
सोलन जिले में 30 सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण माह आयोजित किया जा रहा है। यह जानकारी आज यहां जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेंद्र सिंह नेगी ने दी। राजेेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि इस वर्ष का राष्ट्रीय पोषण माह का विषय 'सुपोषित भारत, साक्षर भारत, सशक्त भारतÓ है। उन्होंने कहा कि पोषण माह के तहत स्तनपान, पूरक आहार, स्वस्थ बालक स्पर्धा, पोषण भी पढ़ाई भी, मेरा माटी मेरा देश, मिशन लाइफ माध्यम से पोषण में सुधार, आयुर्वेद के माध्यम से स्वस्थ जीवन इत्यादि कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ज़िला के आंगनवाड़ी केंद्रों में भी सामुदायिक आधारित गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों में गोद भराई तथा अन्न्प्राशन इत्यादि आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह में आगंनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा पोषण अभियान भी चलाया जाएगा।
जिला सोलन के अंतर्गत कुनिहार के पुनीत अत्री को शिमला में रविवार को प्रदेश के राज्य पाल शिव प्रताप शुक्ल द्वारा डीजीपी डिस्क अवॉर्ड से नवाजा गया। इससे कुनिहार क्षेत्र में खुशी की लहर है। उल्लेखनीय है कि पुनीत अत्री जिला सोलन के कुनिहार के हाटकोट से संबंध रखते हैं। उनकी प्रारंभिक पढ़ाई कुनिहार स्कूल से हुई है। पुनीत अत्री के पिता कृष्ण लाल कृषक हैं, जबकि माता लता देवी कृषि विभाग में कार्यरत हैं। पुनीत की बहन भी पुलिस विभाग में कार्यरत हैं, उनके चाचा जगदीश अत्री भी पुलिस विभाग शिमला से सेवानिवृत्त हुए हैं व वर्तमान में ग्राम पंचायत हाटकोट के प्रधान पद पर हैं। पुनीत की पत्नी शिक्षा विभाग में सरकारी नौकरी करती हैं। इस अवॉर्ड के लिए संभव चेरिटेबल संस्था कुनिहार की अध्यक्ष प्रतिभा कंवर, कौशल्या कंवर, हिमांशु झांजी, अक्षरेस शर्मा, संजय जोशी, प्रदीप पूरी, संदीप जोशी, प्रधुमन शर्मा, अरविंद जोशी, अशोक कुमार, मुकेश शर्मा, रणजीत ठाकुर, राम लीला जनकल्याण समिति कुनिहार व ग्राम पंचायत हाटकोट के सभी सदस्यों ने इस उपलब्धि पर पुनीत व परिवार को बधाई दी है।
हिमाचल प्रदेश प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने शिक्षक दिवस से एक दिन पूर्व राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। इस बार 13 शिक्षकों को इस पुरस्कार से नवाजा जाएगा। चयनित शिक्षकों को मंगलवार को राजभवन शिमला में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल सम्मानित करेंगे। शिक्षकों के यह पुरस्कार शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य और विद्यार्थियों को पढ़ाने में विशेष रुचि लेने के लिए दिया जा रहा है। इनमें से तीन शिक्षकों को सरकार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य के लिए शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित किया गया। पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों की सूची शिक्षक का नाम स्कूल का नाम पद अमर चंद चौहान जीएसएसएस आनी प्रिंसिपल दीपक कुमार जीबीएसएसएस चंबा प्रवक्ता बायोलॉजी अशोक कुमार जीबीएसएसएस मंडी प्रवक्ता वाणिज्य कृष्ण लाल जीएसएसएस बजौरा डीपीई हेम राज जीएसएसएस हिमरी शिमला टीजीटी नॉन मेडिकल कमल किशोर जीएसएसएस त्यूरी ऊना कला शिक्षक नरेश शर्मा जीपीएस गिरथरी मुख्य शिक्षक प्रदीप कुमार जीपीएस सलोह जेबीटी शिव कुमार जीपीएस ककराना जेबीटी कैलाश सिंह शर्मा जीसीपीएस लालपानी जेबीटी किशोरी लाल उप शिक्षा निदेशक कार्यालय हमीरपुर सीएचटी दलीप सिंह जीएसएसएस वसवानी प्रवक्ता अंग्रेजी हरि राम शर्मा जीएमएसएसएस नेरवा प्रिंसिपल
विकास कार्यों में तेजी लाने और सभी परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने के दिए निर्देश मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए आज यहां आयोजित प्रशासनिक सचिवों की मंडे मीटिंग की अध्यक्षता की। उन्होंने विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी परियोजनाओं को समयबद्ध पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय में सभी फाइलें ई-फाइल प्रणाली के माध्यम से भेजी जाए। इससे समय की बचत होगी और कार्यों को शीघ्र निपटाने में मदद भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली सभी जन सेवाओं के लिए ऑनलाइन प्रणाली समयबद्ध कार्यान्वित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गवर्नेंस में सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग को विशेष अधिमान दे रही है। इससे प्रशासन में पारदर्शिता के साथ-साथ दक्षता भी सुनिश्चित होती है। उन्होंने सभी नगर निगमों और शहरी स्थानीय निकायों का पूर्णतया डिजिटाइजेशन सुनिश्चित करने को भी कहा। इससे लोगों को अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन माध्यम से उनके घर में ही प्राप्त हो सकेंगी। मुख्यमंत्री ने नींबू प्रजाति फल उत्पादन बहुल क्षेत्र में अतिरिक्त जूस से साइडर बनाने के लिए आधुनिक संयंत्र स्थापित करने की संभावनाएं तलाश करने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए उन्होंने शिमला, रिज स्थित पुस्तकालय के खुलने का समय बढ़ाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, राजीव गांधी रोजगार योजना सहित अन्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा भी की। बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, विभिन्न प्रधान सचिव और अन्य सचिव उपस्थित थे।
जिला सोलन के पुलिस थाना कसौली के एसएचओ यशपाल शर्मा को उनके साहसिक एवं कर्तव्यनिष्ठा व ईमानदारी से कार्य करने पर राज्यपाल राम प्रसाद शुक्ल द्वारा गत दिवस गेयटी थियेटर, शिमला में डीजीपी डिस्क अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यशपाल शर्मा मूलत: जिला सिरमौर के धार टी धार क्षेत्र की सैर पंचायत के गांव थान के निवासी हैं। वे 1987 में पुलिस विभाग में बतौर सिपाही भर्ती हुए थे। वर्तमान में थाना कसौली में बतौर एसएचओ कार्यरत हैं। इन्हें पहले भी उत्कृष्ट कार्य के लिए विभाग व सामाजिक संस्थाओं ने कई बार सम्मानित किया है।
राज्य विद्युत बोर्ड पेंशनर्ज वेलफेयर एसोसिएशन की कुनिहार इकाई ने की बैठक राज्य विद्युत बोर्ड पेंशनर्ज वेलफेयर एसोसिएशन की कुनिहार इकाई ने मासिक बैठक का आयोजन एक निजी होटल में इकाई अध्यक्ष ई. रत्न तनवर की अध्यक्षता में किया। बैठक में सभी सदस्यों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। सबसे पहले सदस्यों ने दो मिनट का मौन धारण कर आपदा में जान गंवाने वाले लोगोंं को भावभिनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उसके उपरांत इकाई की सदस्यता ग्रहण किए नए सदस्यों का फूलमाला पहना कर स्वागत किया गया। सदस्यों ने प्रदेश सरकार से एक सुर में मांग की कि संशोधित वेतनमानों का बकाया एरियर तथा 8 प्रतिशत डीए/डीआर एकमुश्त पेंशनर्ज को दिया जाए। बोर्ड से मांग की गई कि पेंशनर्ज को संशोधित वेतनमानों के अनुसार फिक्स मेडकल भत्ता लेने के लिए ऑप्शन देने का एक मौका प्रदान किया जाए। यह भी मांग की गई कि 1.1.16 के बाद रिटायर हुए सभी पेंशनर्ज को संशोधित पेंशन निर्धारण की कॉपी उपलब्ध करवाई जाए। बैठक में यह भी मांग की गई कि बोर्ड कर्मचारियों को ओपीएस जल्द से जल्द लागू की जाए। ई. रतन तनवर ने बोर्ड से आग्रह किया कि राज्य महासचिव द्वारा लिखे गए पत्रों का संज्ञान लेकर नेशनल पेंशन निर्धारण उचित फार्मुले के तहत सही से किया जाए तथा अकाउंट विंग की शाखाओं में उचित समन्वय बनाया जाए, ताकि कर्मचारियों की गलती का दंड पेंशनर्स को न भुगतना पड़े। बैठक में रत्न तनवर, रुपेेंद्र कौशल, आरपी तनवार, रमेश कश्यप, देवी सिंह तनवर, हेम चंद तनवर, रामदास तनवर, गोपाल गर्ग, ओमी दत्त शांडिल, प्रेमसिंह चौहान, नरेंद्र्र सिंह पाल, देवी चंद, सोहन लाल, रूप राम पाल, परमा नंद संत राम कश्यप, सुरेश शमा, कैलाश शर्मा, देशराज पाठक, दलीप कुमार, ओम प्रकाश, ललित सेन, कालु राम, चेतराम, धर्म सिंह, बाबूराम ठाकुर, कमल कांत, भुवनेश आदि पेंशनर उपस्थित रहे।


















































