भाजपा प्रदेश प्रवक्ता चेतन बरागटा ने कहा की महंगाई हटाने का वादा कर सत्ता में आई कांग्रेस ने आते ही डीजल के दामों में 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि कर दी। उसके तीन महीने बाद दोबारा 3.50 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि कर दी।जिस कारण जनता पर भारी बरसात के साथ-साथ कांग्रेस सरकार की मार भी पड़ रही है। उन्होंने ने कहा कि पिछले 8 महीने में खाद्य तेलों के दाम राशन डिपुओं में दो बार बढ़ गए। डिपुओं में दाल पर 16 रुपये किलो का दाम बढ़ना प्रदेश की जनता के साथ धोखा है। भारी बरसात के कारण गरीब जनता का वैसे ही परेशान है, उपर से दालों और डीजल का रेट बढ़ा कर प्रदेश सरकार ने जनता पर दोहरी मार की है। उन्होंने कहा की प्रदेश सरकार की इस कार्यप्रणाली से प्रदेश की जनता परेशान है। चेतन बरागटा ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार हिमाचल की जनता पर अतिरिक्त बोझ ढ़ालकर उनके जीवनयापन में कठिनाई पैदा कर रही है, वहीँ दूसरी ओर केंद्र सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की जनता के बोझ को कम करने मे प्रयासरत्त है। हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में 200 रुपये की कटौती की गई है। जिससे दिल्ली में अब घरेलू गैस सिलेंडर के दाम घटकर 903 रुपये हो गए हैं जो पहले 1103 रुपये थे। ऐसे में हिमाचल प्रदेश में भी अब 200 रुपये की कटौती की गई है और जिन महिलाओं के पास उज्ज्वला योजना के गैस सिलेंडर है। उन्हें अब सिलेंडर भरने के लिए 400 रुपये कम अदा करने होंगे। जिससे उज्जवला योजना के तहत सिलेंडर लेने वालों को दोहरा फायदा होगा। मोदी सरकार ने LPG सिलेंडर की कीमतों में 200 रुपये की कटौती करने का जो फैसला लिया है। इससे करीब 30 करोड़ ग्राहकों को फायदा होगा वहीं, 75 लाख महिलाओं को उज्जवला के तहत नए कनेक्शन भी दिए जाएंगे।
शिक्षा का उद्देश्य पूर्ण रूप से विकसित और शांतिप्रिय व्यक्तित्व रखने वाले व्यक्तियों का निर्माण करना है, जिनका पोषण विश्व और उनके आसपास के समाज के लिए कुछ बड़ी सोच रखने के लिए किया गया हो। एक बालक को केवल सूचनाएं प्रदान करने की प्रक्रिया के द्वारा नहीं बल्कि समग्र रूप से शिक्षित किया जाना चाहिए। गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर का मानना है, 'कक्षा में बैठने से ही कोई शिक्षित हो रहा है, हम ऐसा नहीं मान सकते। हमें बच्चे के मन और शरीर के संपूर्ण विकास पर ध्यान देने के साथ-साथ उसमें अपनापन, साझा करने और दूसरों की देखभाल करने की भावना, प्रेम, अहिंसा और शांति जैसे मानवीय मूल्यों को विकसित करने पर भी ध्यान देना होगा।Ó एक सुंदर विचार है, जो प्राचीन गुरु-शिष्य परंपरा का हिस्सा था, जिसे आज पुनर्जीवित किया जाना चाहिए। एक अच्छा शिक्षक सदा यही चाहेगा कि उसका छात्र विजयी हो और एक अच्छा छात्र उस शिक्षक की जीत की कामना करेगा, जिसका ह्रदय विशाल है। छात्र जानता था कि उसके अल्प ज्ञान की विजय केवल दुख लाएगी, जबकि गुरु के महान ज्ञान की जीत केवल अच्छाई लाएगी। इस सोच ने छात्र और शिक्षक के मध्य एक स्वस्थ संबंध बनाया, जहां छात्र और शिक्षक अपनी वृद्धि और विकास की यात्रा पर एक-दूसरे पर पूरा भरोसा करते थे। अच्छे शिक्षक का धैर्यवान होना जरूरी एक अच्छे शिक्षक को बहुत धैर्य की आवश्यकता होती है। एक शिक्षक का धैर्य छात्रों के जीवन में चमत्कार पैदा कर सकता है, भले ही वे सीखने में थोड़े धीमे हों। माता-पिता को घर पर केवल एक या दो बच्चों को संभालना होता है, जबकि शिक्षकों को छात्रों से भरे कक्ष को संभालना होता है। यह स्पष्ट रूप से शिक्षकों के लिए अधिक तनावपूर्ण और कठिन है। इसलिए शिक्षकों को अधिक केंद्रित होने की जरूरत है। ध्यान और श्वास अभ्यास जैसी विधियाँ शिक्षकों को शांत और केंद्रित रहने के लिए तैयार करने में काफी मदद कर सकती हैं। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि बच्चे हर समय शिक्षकों को देख रहे होते हैं और उनसे सीख रहे होते हैं। शिष्य को प्रत्येक कदम पर मार्गदर्शन की आवश्यकता आज शिक्षकों के लिए यह समझना बहुत महत्वपूर्ण है कि छात्र कहां खड़े हैं और उन्हें वहां से अंतिम लक्ष्य तक जाने में प्रत्येक कदम पर मार्गदर्शन की आवश्यकता है। यहां हम भगवान कृष्ण से सीख सकते हैं कि किस तरह वे कदम दर कदम धैर्य और प्रेम के साथ अर्जुन को अंतिम मंजिल तक ले जाते हैं। आरंभ में अर्जुन भ्रमित थे और उनके मन में बहुत सारे सवाल थे। जैसे-जैसे एक छात्र बड़ा होता है, उसे बहुत अधिक भ्रम होना स्वाभाविक है क्योंकि उसकी अवधारणाएं टूटती रहती हैं। उदाहरण के लिए, हम सीखते हैं कि सूर्य पूर्व में उगता है, बाद में हमें पता चलता कि वास्तव में ग्रह कैसे गति करते हैं। इसलिए एक अच्छा शिक्षक छात्र के मन में उठने वाले इन सवालों के दौरान मार्गदर्शन करने के लिए उपलब्ध होता है। एक अच्छा शिक्षक जानकार होता है और छात्र को इन भ्रमों को दूर करने के लिए मार्गदर्शन करता है। साथ ही कई बार जरूरत पड़ने पर शिक्षक भ्रम पैदा भी कर सकते हैं। विद्रोही लोगों को प्रोत्साहन और पीठ थपथपाने की जरूरत शिक्षकों को एक नाजुक संयोजन के लिए प्रयास करना चाहिए जो है प्रेम के साथ दृढ़ता। ऐसे शिक्षक हैं, जो बहुत प्रेम करते हैं और कुछ अन्य केवल कठोर हैं। ऐसे बच्चे हैं जो विद्रोही हैं और ऐसे बच्चे हैं जो भीरु और शर्मीले हैं। विद्रोही लोगों को प्रोत्साहन और पीठ थपथपाने की जरूरत है। आपको उन्हें प्यार और उनकी देखभाल का एहसास कराना चाहिए और यह एहसास दिलाना चाहिए कि वे आपके अपने हैं। लेकिन जो बच्चे शर्मीले और डरपोक हैं, उन्हें खुलकर आगे आने और बोलने में सक्षम बनाने के लिए आप थोड़ा दृढ़ हो सकते हैं। उनके साथ सख्ती से पेश आएं और प्रेम भी करें। अक्सर हम इसका विपरीत करते हैं। शिक्षक विद्रोही बच्चों के साथ सख्ती से पेश आते हैं और शर्मीले बच्चों के साथ उदार बन जाते हैं। तब उनका व्यवहार का क्रम बेहतरी के लिए नहीं बदलेगा। आपको कठोर और कोमल दोनों होने की आवश्यकता है, अन्यथा आप छात्र का मार्गदर्शन उस दिशा की ओर नहीं कर पाएंगे जहां आप उन्हें ले जाना चाहते हैं।
जब पुलिस के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं माफिया तो आम आदमी कैसे करेगा खनन की शिकायत नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांगड़ा के लंज में अवैध खनन कर रहे माफिया को जब पुलिस ने रोका तो वह पुलिस से ही उलझ गया और उनसे ही अभद्रता करने लगे। यह कोई पहला मामला नहीं है, जब खनन माफिया ने पुलिस के साथ ही दुर्व्यवहार किया हो। इसके पहले प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से इस तरह की खबरें आए दिन सामने आ रही है। सरकार को यह बताना होगा कि आखिर खनन माफियाओं में इतना हौसला कहां से आ रहा है। उनकी इतनी हैसला अफजाई कौन कर रहा है। कौन इन खनन माफ़ियाओं को शह दे रहा है कि वह पुलिस से उलझने से भी बाज़ नहीं आ रहे है। उन्होंने कहा की प्रदेश में माफियाओं का इस तरह मन बढ़ जाना प्रदेश के लिए सही नहीं हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस तरह के माफ़ियाओं पर सरकार गंभीरता से कार्रवाई करे। जल्दी से जल्दी कड़ी से कड़ी सजा दिलवाए। जिससे माफ़ियाओं के हौसले टूटे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि खनन से एक तरफ़ पेयजल और सिंचाई वाली इन परियोजनाओं को जहां नुक़सान हो रहा है तो दूसरी तरफ़ स्थानीय लोगों के खेतों, फसलों और घरों को ख़तरा बढ़ रहा हैं। ऐसे में सरकार द्वारा अवैध खनन रोकने की दिशा में सख़्त से सख़्त कदम उठाए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार दावा कर रही है कि प्रदेश में आपदा प्रभावित इलाक़ों में खनन का काम पूरी तरह से बंद है लेकिन खनन माफिया मान नहीं रहे हैं। वह खनन भी कर रहे हैं और लोगों की शिकायत के बाद उन्हें रोकने के लिए आने वाली पुलिस के साथ भी दुर्व्यवहार कर रहे हैं। कांगड़ा के लंज स्थित पेयजल योजना हरिपुर और सिंचाई योजना लंज के पास अवैध खनन करने की सूचना पर जब पुलिस माफ़ियाओं के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने पहुंची तो खनन माफिया पुलिस के जवानों से ही भिड़ गये। खनन कर रही जेसीबी और ट्रैक्टर को सीज करने का जमकर विरोध किया, मामले को बढ़ता देख कार्रवाई करने गई पुलिस ने और फ़ोर्स बुलाई तब जाकर खनन कर रहे माफिया को क़ाबू में किया जा सका। जयराम ठाकुर ने कहा कि अख़बारों की मानें तो कि कांगड़ा थाने के अन्तर्गत आने वाली लंज चौकी में ही दो महीनें में खनन माफ़ियाओं द्वारा, मार-पीट, डराने-धमकाने के चार मामले पेश आ चुके हैं। बाक़ी प्रदेश के हाल का अंदाज़ा इससे भी आसानी लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि खनन के मामले में स्थानीय लोगों भी पुलिस को सूचनाएं भी देते हैं, जिससे खनन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाती है। जब पुलिस के साथ माफिया इस तरह का से बदसलूकी करेंगे तो आम जनता माफ़ियाओं के खिलाफ आवाज कैसे उठाएगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनी राम शांडिल ने कहा कि सोलन के कथेड़ में बहु उद्देश्य अस्पताल के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल के निर्माण कार्य में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए। डॉ. शांडिल आज सोलन स्थित कथेड़ में बहुउद्देशीय अस्पताल निर्माण का निरीक्षण कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल सोलन, शिमला, सिरमौर के साथ-साथ पर्यटकों के लिए जीवन रक्षक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल के निर्माण कार्य को समय पर पूरा करना और निर्माण कार्य की गुणवत्ता विश्व स्तरीय बनाए रखने के लिए वह स्वयं नियमित तौर पर निरीक्षण सुनिश्चित बना रहे है। निर्माण कार्य में संलग्न सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदार को निर्देश दिए गए है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने आज पुन: निर्माण कार्य का जायज़ा लिया और उचित दिशा-निर्देश जारी किए। डॉ. शांडिल ने कहा कि लोगों को विश्व स्तर की बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से सोलन के कथेड़ में लगभग 100 करोड़ रुपए की लागत से विश्व स्तरीय अत्याधुनिक बहुविशेषज्ञ अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। यहां लगभग 30 करोड़ रुपए की लागत से मातृ-शिशु इकाई का निर्माण भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल में त्वरित उपचार के दृष्टिगत हेलीकॉप्टर उतारने की सुविधा भी होगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में तृतीय स्तर के ट्रॉमा सेंटर के निर्माण से प्रदेश के इस महत्वपूर्ण राजमार्ग पर आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। इस अवसर पर नगर निगम सोलन के पार्षद सरदार सिंह ठाकुर, शहरी कांग्रेस समिति के अध्यक्ष अंकुश सूद, कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. राजन उप्पल, तहसीलदार सोलन मुलतान सिंह बनियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
छात्र नेतृत्व वाले नवाचार को प्रज्वलित करने के लिए शूलिनी विश्वविद्यालय ने छात्र अनुसंधान परिषद (एसआरसी) की स्थापना की। परिषद की स्थापना अनित्य कुमार गुप्ता द्वारा की गई जो छात्र अनुसंधान, सहयोग और रचनात्मकता को बढ़ावा देने वाला एक गतिशील मंच होगा। समारोह में प्रतिष्ठित वक्ताओं ने बहुमूल्य अंतर्दृष्टि और अनुभव साझा किए। इनमें शूलिनी यूनिवर्सिटी के संस्थापक और चांसलर प्रोफेसर पीके खोसला, डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रोफेसर सौरभ कुलश्रेष्ठ, प्रेसिडेंट इनोवेशन एंड मार्केटिंग आशीष खोसला, चीफ लर्निंग ऑफिसर डॉ. आशु खोसला, प्रेसिडेंट और डीन फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट साइंस मुनीश सहरावत, डीन ऑफ इंजीनियरिंग प्रोफेसर वीरेंद्र रिहानी, सहायक प्रोफेसर पुनीत कपूर और अरविंद शर्मा शामिल हैं। अकादमिक उन्नति को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए, प्रोफेसर पीके खोसला ने छात्र अनुसंधान परिषद के लिए विशेष निधि के रूप में 5 लाख रुपये के आवंटन की घोषणा की। उन्होंने छात्रों के समर्पण और नवीन विचारों की सराहना की और उन्हें प्रगतिशील दुनिया के लिए अनुसंधान में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। अंत: विषय अनुसंधान को प्रोत्साहित करते हुए, डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रोफेसर कुलश्रेष्ठ ने आग्रह किया कि इसे एसटीईएम क्षेत्रों से आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने अनुसंधान के सामाजिक प्रभाव पर जोर दिया और बताया कि कैसे सामूहिक शैक्षणिक प्रयास एक उज्जवल भविष्य को आकार दे सकते हैं। इनोवेशन और मार्केटिंग के अध्यक्ष आशीष खोसला ने नवाचार को बढ़ावा देने में जिज्ञासा की भूमिका के बारे में बात की। न्यूटन और आइंस्टीन जैसे इतिहास के प्रसिद्ध विचारकों से प्रेरणा लेते हुए, उन्होंने समस्या-समाधान के लिए बहु-विषयक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित किया। मुख्य शिक्षण अधिकारी डॉ. आशु खोसला ने छात्रों को यह शाश्वत कहावत बताई कि 'भगवान उनकी मदद करता है जो अपनी मदद खुद करते हैं,Ó यात्रा कहां से शुरू करें और कहां समाप्त करें, यह समझकर प्राथमिकता के सार पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता देने में सामान्य समस्याओं को हल करने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए व्यस्त कार्यक्रम से समय निकालना शामिल है। प्रबंधन विज्ञान संकाय के डीन मुनीश सहरावत ने टीम वर्क के महत्व पर प्रकाश डाला, उन्होंने एक एकजुट इकाई बनाने में प्रभावी संचार और समर्पण की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी अपने विचार साझा किए। इंजीनियरिंग के डीन प्रोफेसर वीरेंद्र रिहानी ने शोध के दोहरे लाभों पर चर्चा की। सहायक प्रोफेसर पुनीत कपूर और सहायक प्रोफेसर अरविंद शर्मा ने अनुसंधान के प्रारंभिक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने नवोदित शोधकर्ताओं से आग्रह किया कि वे अपने अनुसंधान परियोजनाओं में उतरने से पहले समीक्षा पत्रों से जुड़ें। यह घोषणा भी की गई कि यह नया छात्र-संचालित अनुसंधान केंद्र जल्द ही भारत सरकार के साथ सहयोग करेगा। इस आगामी गठबंधन का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर परिषद की पहुंच और प्रभाव को बढ़ाना है।
पुलिस थाना कुनिहार के अंतर्गत एक व्यक्ति पर दुकान में 58 बोतल देशी शराब रखने का मामला दर्ज हुआ है। प्राप्त जानकारी अनुसार थाना कुनिहार एएसआई केशव राम पुलिस टीम के साथ गम्बरपुल, मान, बवासी आदि स्थानों पर गस्त पर थे। जब पुलिस टीम गस्त के दौरान गांव बवासी एक दुकान पर पहुंची तो दुकान मालिक प्रताप सिंह पुलिस को देखकर हड़बड़ा गया। दुकान में कोई मादक पदार्थ व अन्य संदिग्ध वस्तु होने का शक होने पर दुकान की तलाशी लेने पर दुकान के अंदर एक कोने में छुपाकर रखी 58 बोतल देसी शराब की बरामद हुई। जानकारी देते हुए डीएसपी सोलन भीष्म ठाकुर ने बताया कि पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई की जा रही है।
एक लाख में बिकने वाला मशरूम रहेगा मुख्य आकर्षण खुंब निदेशालय सोलन (डीएमआर) में दस सितंबर को राष्ट्र स्तरीय खुंब मेले का आयोजन किया जा रहा है। तैयारियां शुरू हो गई हैं। मेले का मुख्य आकर्षण एक लाख रुपये प्रति किलो बिकने वाली कोर्डिसीपस मीलिट्रेनस (कीड़ा-जड़ी) समेत मशरूम की सात नई किस्में भी रहेंगी। मेले में देशभर से करीब 1200 मशरूम उत्पादकों सहित विभिन्न विभागों के वैज्ञानिक भी भाग लेंगे। मेले के दौरान हिमाचल प्रदेश में कच्चा माल महंगा होने से घट रही मशरूम पैदावार पर भी चर्चा कर इसके लिए विकल्प भी तलाशा जाएगा। जानकारी के अनुसार खुंब मेला वर्ष 1998 से मनाया जा रहा है। इसमें देश भर के मशरूम उत्पादक भाग लेते हैं। इस दौरान उत्पादकों को मशरूम तैयार करने में आ रही समस्याओं सहित मशरूम में लगने वाले रोगों पर चर्चा की जाती है। देश भर में हर वर्ष 3010 मीट्रिक टन मशरूम तैयार की जाती है। इससे करीब चार अरब से अधिक का कारोबार होता है। इसके अलावा अकेले हिमाचल में ही 15 हजार टन मशरूम से करीब दो करोड़ का कारोबार होता है। लेकिन अब हिमाचल में मशरूम की पैदावार में कमी आई है। इसका मुख्य कारण कच्चा माल महंगा होना बताया जा रहा है। उधर, खुंब अनुसंधान एवं निदेशालय के निदेशक डॉ. वीपी शर्मा ने बताया कि राष्ट्रस्तरीय मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस मेले के दौरान देशभर से आए मशरूम उत्पादकों की नई तकनीक सहित अन्य विषयों की जानकारी प्रदान की जाएगी। प्रदर्शनी में गेनोडोरमा, हेरेशियम, शिटाखे, ऑस्टर मशरूम सहित मशरूम से तैयार खाद्य वस्तुएं, जिनमें आचार, मशरूम केक, मशरूम कैंडी, मशरूम ज्वार बिस्कुट समेत अन्य मशरूम के मूल्य संवर्धित उत्पाद शामिल रहेंगे। इसके अलावा पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छतीसगढ़, तमिलनाडु, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, गुजरात, चंडीगढ़, जम्मू व कश्मीर, मणिपुर सहित अन्य राज्यों के किसान भी मेले में भाग लेगे।
त्योहारी सीजन से पहले ही हिमाचल प्रदेश मिल्क फेडरेशन ने दुग्ध उत्पादों के दाम बढ़ाकर उपभोक्ताओं को झटका दे दिया है। फेडरेशन ने अलग-अलग उत्पादों के 2.50 से 50 रुपये तक दाम बढ़ा दिए हैं। फेडरेशन का हिम देसी घी 50 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 650 रुपये प्रतिकिलो मिलेगा। हालांकि दूध के दामों में बढ़ोतरी नहीं हुई। फेडरेशन ने देसी घी के अलावा पनीर के 200 ग्राम पैकेट के दाम में छह रुपये बढ़ोतरी की है। हिम खोया में प्रतिकिलो के हिसाब से 20 रुपये बढ़ोतरी की गई है। हिम बटर में 25 रुपये आधा किलो के हिसाब से बढ़ाए गए हैं। मिल्क फेडरेशन के चक्कर स्थित प्लांट के यूनिट प्रभारी शुभम ने बताया कि दुग्ध उत्पादों के बढ़े हुए दाम 1 सितंबर से लागू हो गए हैं।
मुख्य सचिव एवं राज्य कार्यकारी समिति के अध्यक्ष प्रबोध सक्सेना ने आज यहां राज्य आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 24 (1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य में निर्माण गतिविधियों के संबंध में आदेश जारी किए हैं। इन आदशों के अनुसार आपदा प्रभावित इमारतों और सड़कों के पुनर्निर्माण कार्यों को छोड़कर किसी भी प्रकार के निजी विकास और निर्माण गतिविधि के लिए पहाड़ियों के कटान पर पूरे राज्य में 16 सितंबर तक प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अतिरिक्त शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, सोलन और चंबा जिलों में वाणिज्यिक, पर्यटन इकाइयों के निर्माण के संबंध में 16 सितंबर तक नई योजना अनुमति एवं भवन अनुमति पर प्रतिबंध रहेगा।यह निर्णय प्रदेश में भारी बरसात के कारण आई प्राकृतिक आपदा के दृष्टिगत मानवीय जीवन, आधारभूत संरचना, पारिस्थितिकी की सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार भारी वर्षा एवं भूस्खलन के कारण आपदा ग्रस्त प्रभावितों के उचित पुनर्वास एवं सुरक्षा के लिए दृढ़ संकल्प होकर कार्य कर रही है। डॉ. शांडिल ने आज सोलन ज़िला के नालागढ़ उपमण्डल की ग्राम पंचायत पंजेहरा के घनीरी, ग्राम पंचायत कोइडी तथा ग्राम पंचायत रामशहर के मंजेहड़ में भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान का जायज़ा लिया और प्रभावितों को दुख-दर्द जाना व आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार उनकी यथा संभव सहायता करेगी। डॉ. शांडिल ने कहा कि वह भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान का स्वयं जायज़ा ले रहे हैं और यह सुनिश्चित बना रहे है कि प्रभावितों को उचित राहत एवं पुनर्वास के साथ-साथ सहारा मिले। उन्होंने सोलन ज़िला के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर नुकसान की वास्तविकता जानी है और ज़िला प्रशासन को निर्देश दिए है कि प्रदेश सरकार के निर्णय अनुरूप कहीं भी राहत एवं पुनर्वास में कमी न रहे। स्वास्थ्य मंत्री ने नालागढ़ उप मंडल की ग्राम पंचायत बाहा के गांव घनीरी में राहत शिविर में रह रहे वर्षा से प्रभावित लोगों से मुलाकात की। उन्होंने प्रभावितों को प्रदान की जा रही सुविधाओं का जायज़ा लिया तथा 25 परिवारों को राशन किटें वितरित की।
मार्ग के खुलने से लोगों के साथ लोक निर्माण विभाग ने भी राहत की सांस करीब दो माह के बाद शनिवार को लोक निर्माण विभाग ने परवाणू -पट्टा मार्ग को छोटे बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया है। मार्ग के बहाल होने पर हजारों लोगों के साथ लोक निर्माण विभाग ने भी राहत की सांस ली है। उक्त मार्ग को खुलवाने के लिए लोक निर्माण विभाग को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। गौरतलब है कि नौ व दस जुलाई को हुई भारी बरसात के कारण के कारण रलिरुग नामक स्थान पर भारी भूस्खलन होने के कारण मार्ग पर मलबा आ गया था। हालांकि विभाग ने मार्ग अवरुद्ध होने पर जेसीबी लगा दी थी लेकिन पहाड़ी से मलबा रुकने का नाम नहीं ले रहा था व यहाँ पर विभाग के कर्मचारी, मशीन ऑपरेटर को जान जोखिम में डाल कर कार्य करना पड़ा। सड़क के साथ मलकिती भूमि होने से लोक निर्माण विभाग को मिटी फेंकने मे मुश्किल आती रही। मामले को सुलझाने के लिये खुद स्थानीय विधायक विनोद सुल्तानपुरी को मोर्चा संभालना पड़ा। विधायक ने लोगों से बातचीत कर मामले का निपटारा कियाव विभाग को मार्ग खोलने के लिए पोप्लेन मशीन लाने के आदेश दिए। विधायक के आदेश के बाद दूसरे दिन बड़ी मशीने मार्ग खोलने को पहुंची। उसके बाद मार्ग खोलने के कार्य में तेजी आई। मार्ग खोलने का कार्य चल रहा था कि पंद्रह अगस्त को भारी बरसात से एक बार फिर भारी मात्रा में भूस्खलन हो गया। मार्ग बंद होने के कारण परवाणू औद्योगिक एरिया में जाने वाले लोगों को जान जोखिम में डालकर जाना पड़ रहा था। साथ ही बीमार लोगों, किसानों को बड़ी परेशानी हो रही थी। बीते 29 अगस्त को प्रदेश के बागवानी,राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, विधायक विनोद सुल्तानपुरी के साथ इलाके में बारिश से हुये नुकसान का जायजा लेने पहुंचे थे। अपने दौरे के दौरान मार्ग के अभी तक ना खुलने से मंत्री खासे नाराज दिखे थे तथा उन्होंने लोक निर्माण विभाग को आदेश दिए थे कि सड़क को जल्दी खोले ताकि जनता को राहत मिल सके। मंत्री के आदेशों के बाद विभाग ने दिन रात एक कर सड़क शानिवार को छोटे बड़े वाहनों की निकासी के लिये खोल दिया। सड़क के बहाल होने पर स्थानीय जनता ने कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी, विधायक विनोद सुल्तानपुरी, लोक निर्माण का आभार व्यक्त किया है। उधर, इस विषय मे लोक निर्माण विभाग के कनिस्ट अभियंता आतिश ठाकुर ने बताया कि शनिवार को मार्ग छोटे बड़े वाहनों के लिए खोल दिया गया है वाहनों को गुजरते समय कोई परेशानी ना हो इसके लिये जेसीबी, पोप्लेन मशीन को मौके पर रखा गया है।
बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, बॉटनी और केमिस्ट्री के स्नातकोत्तर (पीजी) छात्रों के लिए शूलिनी इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज एंड बिजनेस (एसआईएलबी) में इंडक्शन प्रोग्राम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि शूलिनी विश्वविद्यालय के चांसलर प्रोफेसर पी.के.खोसला थे। उन्होंने एक प्रेरणादायक भाषण दिया जिसमे उन्होंने विज्ञान और अध्यात्म के बीच दिलचस्प अंतरसंबंध पर अपने विचार साझा किये । प्रोफेसर खोसला की अंतर्दृष्टि ने एसआईएलबी में अपनी शैक्षणिक यात्रा शुरू करते समय छात्रों के लिए मार्ग प्रशस्त किया। नेतृत्व को समर्पित सत्र की अध्यक्षता शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अतुल खोसला द्वारा की गयी । प्रोफेसर अतुल खोसला ने विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण नेता बनने वाले सामान्य व्यक्तियों की असाधारण यात्राओं पर अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी आकर्षक बातचीत ने न केवल मूल्यवान सीख दी, बल्कि छात्रों में उत्साह भी जगाया कार्यक्रम की शुरुआत एसआईएलबी की अध्यक्षा श्रीमती सरोज खोसला के स्वागत के साथ हुई, जिन्होंने आने वाले छात्रों को शुभकामनाएं दीं। एसआईएलबी के संकाय सदस्य भी स्वागत में शामिल हुए, जिससे छात्रों के लिए अपनी शैक्षणिक यात्रा शुरू करने के लिए अनुकूल माहौल तैयार हुआ। एसआईएलबी में इंडक्शन प्रोग्राम ने नए छात्रों के लिए अमूल्य अंतर्दृष्टि, प्रेरणा और अकादमिक समुदाय से जुड़े होने की भावना हासिल करने के लिए एक अनुकरणीय मंच के रूप में कार्य किया। संस्थान इन प्रतिभाशाली दिमागों को पोषित करने और जैव प्रौद्योगिकी, माइक्रोबायोलॉजी, वनस्पति विज्ञान और रसायन विज्ञान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखने के लिए तत्पर है।
जानकारी देते हुए अतिरिक्त सहायक अभियंता इंजीनियर मोहिंद्र सिंह ने बताया कि 11 केवी कुनिहार फीडर में एच टी लाईन का कार्य करने के लिए 4 सितंबर को सुबह 9 बजे से सायं 5 बजे तक शटडाउन लिया जाना है। इस कारण उपमंडल कुनिहार के अंतर्गत आने वाले ग्राम कुनिहार, बेहली, आंजी, कथार, जमरोट, कोटि, देलगी,जाडली, हरिपुर, दोची, भोला, धनेरी, रापुल इत्यादि में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की गई है।
साईं इंटरनेशनल स्कूल में आज फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें नर्सरी व केजी के बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। प्रतियोगिता में बच्चों ने पुलिस अधिकारी, चंद्रयान 3, डॉक्टर, पीएम नरेंद्र मोदी, भारत माता, साई बाबा, बेटी बचाओ के साथ ही सैनिक के रूप में अपनी भूमिकाओं को निभाया। इस अवसर पर बच्चों में आत्मविश्वास दिखा। इस आयोजन पर स्कूल के डायरेक्टर रमिंदर बावा ने अपने संबोधन में बच्चों की प्रशंसा की और अभिभावकों को प्रोत्साहित किया कि वे अपने बच्चों को आगे भी स्कूल के इस तरह के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता बच्चों के अंदर छुपी हुई प्रतिभा को उभार कर सामाजिक, बौद्धिक और नैतिक मूल्यों का विकास कराती है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने प्रतिभाशाली युवा लेखिका, पाइनग्रोव स्कूल धर्मपुर की कक्षा सातवीं ए की छात्रा रेवा कश्यप द्वारा लिखित 'ड्रीम कैचरÓ नामक लघु कहानियों के एक आकर्षक संग्रह का अनावरण किया। विमोचन कार्यक्रम प्रतिष्ठित राजभवन में हुआ, जहां राज्यपाल शुक्ला ने रेवा की उल्लेखनीय रचनात्मकता और कहानी कहने की क्षमता की सराहना की। 'ड्रीम कैचरÓ ऐसा काव्य है, जिसमें 18 लघु कथाएं शामिल हैं, जो अपने पाठकों को कल्पना के एक आकर्षक क्षेत्र में ले जाता है। ड्रीम कैचर के साथ रेवा कश्यप ने मनोरम कहानियों को गढ़ने की क्षमता प्रदर्शित की है, जो न केवल वास्तविकता और कल्पना के बीच की खाई को पाटती है, बल्कि उम्र की बाधाओं को भी पार करती है। वह सभी उम्र के पाठकों को अपने अनूठे सपनों की खोज के लिए प्रेरित करती है, जो धीरे-धीरे हमें जीवन जीने का सबक सिखाते हैं। सात वर्षीय रेवा दिन में देखती और पढ़ती थी और रात में सपना देखती थी। उसकी सुबहें उसके सपनों की ओस से छलकी हुई थीं। उसने यादें बनाने के लिए उन्हें शब्दों में व्यक्त करना शुरू कर दिया, इस बात से अनजान कि सात साल की उम्र में वह अपनी पहली किताब लिख रही थी। यह दस साल की उम्र तक चलता रहा। कहानियां एकत्र की गईं और उसके सपने दिन की रोशनी देखने के लिए तैयार थे। अत: 'ड्रीम कैचरÓ पुस्तक रैक पर आ गई। उनकी कहानियों की मासूमियत मूल्यों को उजागर करती है और बच्चों की दुनिया को समझाती है। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने रेवा कश्यप की उनके उत्कृष्ट प्रथम कार्य के लिए सराहना की। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे उनकी कहानियां हास्य, रहस्य और मानवीय भावनाओं का समृद्ध मिश्रण हैं, जो उन्हें सभी के लिए दिलचस्प बनाती हैं। रेवा की निर्जीव वस्तुओं, फलों और सब्जियों को संबंधित मानवीय गुणों से जोड़ने की अद्वितीय क्षमता उनके असाधारण लेखन का परिचायक है। राज्यपाल शुक्ल ने साहित्य जगत में रेवा की शुरुआती उपलब्धि की सराहना की और उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने रेवा की रचनात्मक यात्रा में सहयोग देने में उनकी मां शालिनी शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका को सराहा एवं उन्हें बधाई ज्ञापित की। यह पुस्तक चंडीगढ़ में प्रमुख बुकस्टोर्स और ऑनलाइन अमेज़न पर खरीदने के लिए उपलब्ध है। पाइनग्रोव स्कूल के कार्यकारी निदेशक कैप्टन ए जे सिंह, प्रबंधन प्रमुख मिस समीक्षा सिंह, स्पेशल एजुकेटर मिस श्रिया, प्रधानाचार्य संजय चौहान, हैड एलीमेंट्री डॉ किरण अत्री एवं अन्य अधिकारियों नें भी रेवा एवं उनकी माता शालिनी शर्मा को बधाई दी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार देर सायं सभी उपायुक्तों के साथ एक वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता की और उन्हें अपने जिलों में भारी बारिश से हुए नुकसान का तीन दिन के भीतर आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने आपदा प्रभावितों की सहायता के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए अधिकारियों को राहत व पुनर्वास कार्यों मेें तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों से क्षति की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपायुक्त जिलों में क्षति का मूल्यांकन कर सम्बंधित क्षेत्रों को आपदा प्रभावित क्षेत्र का दर्जा प्रदान करें। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को राहत राशि के उचित वितरण के लिए एसडीएम और उपायुक्तों सहित राजस्व अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण हुई तबाही के दृष्टिगत राज्य सरकार ने एक विशेष राहत पैकेज की घोषणा की है। इसमें प्रभावितों की सहायता के लिए दस गुणा तक बढ़ा मुआवजा प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में पक्के मकान को आंशिक क्षति पर 12,500 रुपये और कच्चे घर को आंशिक क्षति होने पर 10,000 रुपये की राहत राशि दी जाती थी। लेकिन प्राकृतिक त्रासदी के कारण हुए नुकसान को देखते हुए सरकार ने इसे बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहले दुकानों और ढाबों को हुए नुकसान के मुआवजे के रूप में सामान के बदले केवल 10 हजार रुपये की आंशिक आर्थिक सहायता मिलती थी जिसे अब राज्य सरकार ने दस गुना बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया है। इसके अलावा, नए प्रावधानों के अनुसार दुधारू और भारवाहक मवेशियों की मृत्यु पर प्रति पशु 55,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी और भेड़, बकरी और सुअर की मृत्यु की स्थिति में वित्तीय सहायता को 4000 रुपये से बढ़ाकर 6000 रुपये कर दिया गया है। प्रदेश में धंसते क्षेत्रों के संबंध में चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की प्राकृतिक आपदा के कारण उत्पन्न स्थितियों का गहन अध्ययन करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिन प्रभावितों की सम्पत्ति पूर्ण रूप से नष्ट हो गई है, उन्हें पर्याप्त सहायता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि ईमारती लकड़ी और ईंधन की लकड़ी की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश से बाहर इनके निर्यात पर प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इस आदेश की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने आपदा के दौरान उपायुक्तों द्वारा किए गए त्वरित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रतिबद्धता के फलस्वरूप 48 घंटों के भीतर विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति बहाल की गई। उन्होंने कहा कि अब विभाग सड़कों की मरम्मत पर विशेष ध्यान दे ताकि किसान अपनी उपज समयबद्ध बाजार तक पहुंचा सकें। उन्होंने कहा कि सड़कों को बहाल करने के लिए मशीनें किराये पर लेने में धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। बैठक में प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा, प्रधान सचिव लोक निर्माण भरत खेड़ा, प्रधान सचिव वित्त मनीष गर्ग, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निदेशक डीसी राणा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के प्रावधानों के तहत हुई गिरफ्तारियां हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित 250 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के प्रावधानों के तहत की गई हैं। इनमें एएसएएमएस एजुकेशन ग्रुप के पार्टनर राजदीप जोसन और कृष्ण कुमार, केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट पंडोगा के उपाध्यक्ष हितेश गांधी और प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय की छात्रवृत्ति शाखा के तत्कालीन अधिकारी अरविंद राजटा शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों को विशेष न्यायालय पीएमएलए शिमला में पेश किया गया। न्यायालय ने चारों को पांच दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया। ईडी ने सीबीआई शिमला की ओर से दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की है। आरोप है कि राज्य शिक्षा विभाग, निजी संस्थान और बैंक अधिकारी करीब 250 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति निधि के वितरण में बड़े पैमाने पर गलत विनियोजन में शामिल थे। ईडी की जांच से पता चला कि राजदीप जोसन और कृष्ण कुमार ने मैसर्स एएसएएमएस एजुकेशन ग्रुप एंड स्किल डेवलपमेंट सोसायटी के माध्यम से फर्जी दस्तावेज पेश करके अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित विद्यार्थियों के लिए पोस्ट-मैट्रिक योजना के तहत छात्रवृत्ति घोटाला किया। इसी तरह हितेश गांधी की अध्यक्षता वाले केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट पंडोगा ने छात्रवृत्ति के लिए फर्जी दावे किए, जिन्हें अरविंद राजटा ने सत्यापित किया। हितेश गांधी ने विद्यार्थियों के बैंक खाते में वितरित छात्रवृत्ति को केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिया। इससे पहले 31 अगस्त को चार राज्यों में 24 स्थानों पर तलाशी ली गई थी। इसमें 4.42 करोड़ रुपये की अंतिम कुर्की आदेश दिया गया था। हिमाचल, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के 24 स्थानों पर पड़े थे छापे प्रवर्तन निदेशालय ने छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में 29 अगस्त को हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के 24 स्थानों पर इस मामले में छापे मारे थे। ईडी ने इन छापों के दौरान बैंक खातों में 2.55 करोड़ रुपये की अघोषित नकदी जब्त की थी। छात्रवृत्ति घोटाले में संलिप्त आरोपियों ने खोल दिए होटल और शराब के ठेके हिमाचल में सामने आए 250 करोड़ रुपये से अधिक के बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले में संलिप्त कुछ निजी शिक्षण संस्थानों के मालिकों ने होटल और शराब के ठेके भी खोल दिए हैं। इन्होंने इसी बीच जमीन की भी खरीद-फरोख्त की है। सीबीआई की जांच में इसका खुलासा हुआ है। इनके पास आय से अधिक संपत्ति है, जिसे प्रवर्तन निदेशालय जब्त कर रहा है। सीबीआई ने अब तक की जांच के तहत करीब 28 निजी संस्थानों को छात्रवृत्ति घोटाले में संलिप्त पाया है। इनमें से 15 संस्थानों की जांच पूरी हो चुकी है। इनके खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल किए जा चुके हैं। 13 निजी शिक्षण संस्थानों की जांच चल रही है। यह घोटाला 2013 से 2019 के बीच हुआ है। पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर छात्रवृत्ति हुई जारी सीबीआई जांच में खुलासा हुआ है कि छात्रवृत्ति घोटाले को लेकर हर स्तर पर अनियमितताएं बरती गईं। आपसी मिलीभगत से निजी संस्थानों को पहले आओ और पहले पाओ के आधार पर छात्रवृत्ति के लिए बजट जारी हुआ। यही कारण रहा है कि छात्रवृत्ति का 80 प्रतिशत बजट निजी और 20 प्रतिशत बजट सरकारी संस्थानों को जारी हुआ।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निर्वाचक नामावली को शुद्ध एवं त्रुटिरहित व अद्यतन बनाए रखने के उदेश्य से बी.एल.ओ. द्वारा 21-07-2023 से अपने मतदान क्षेत्र के अन्तर्गत घर-घर जाकर फोटोयुक्त मतदाता सूचियों में विद्यमान प्रविष्टियों के सत्यापन का कार्यक्रम आरम्भ किया गया था जो कि दिनांक 21-08-2023 तक चला। इस दौरान 01-10-2023 की अहर्ता तिथि के आधार पर 18 वर्ष से अधिक आयु प्राप्त कर चुके 32,403 मतदाताओं की पहचान कर प्रारूप 6 पर आवेदन प्राप्त कर लिये गये है। सत्यापन के दौरान 18,445 मतदाता अनुपस्थित व 41,488 स्थानान्तरित मतदाता चिन्हित किये गये। इसके अतिरिक्त मतदाता सूची में 3,335 दोहरे रूप से पंजीकृत, व 40,939 मृत मतदाताओं की पहचान की गई तथा फोटो मतदाता सूची में 21,723 मतदाताओं की खराब व धुन्धली फोटो को रंगीन फोटो से परिवर्तित करने हेतु पहचान की गई। इसके अतिरिक्त उन्होने यह भी बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार हिमाचल प्रदेश के समस्त 68 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के मतदान केन्द्रों के भौतिक सत्यापन का कार्यक्रम भी समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों, समस्त निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों एवं उप-मण्डलाधिकारी की देख रेख में दिनांक 22-08-2023 से 31-08-2023 तक चलाया गया था। उन्होंने कहा कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 25 के प्रावधानुसार 2 से 8 सितम्बर, 2023 तक मतदान केंद्रों की सूचियां प्रारूप में प्रकाशित की जायेंगी। यह सूचियां समस्त जिला निर्वाचन कार्यालयों, समस्त निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी एवं उप-मण्डलाधिकारी (नागरिक), समस्त तहसीलों व उप-तहसीलों के कार्यालयों में जनसाधारण के निःशुल्क निरीक्षण के लिए उपलब्ध रहेेंगी। इस दौरान यह सूचियां https://ceohimachal.gov.in पर भी देखी जा सकती हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि प्रदेशवासी मतदान केंद्रों के युक्तिकरण के सम्बंध में अपनी कोई आपत्ति अथवा परामर्श 2 से 8 सितम्बर, 2023 तक अपने जिले से सम्बंधित जिला निर्वाचन अधिकारी (जिलाधीश), निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एडीएम/एसडीएम) के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।
अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय यादव ने गत दिवस जिला स्तरीय आधार निगरानी समिति की चतुर्थ बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने सोलन जिला के सभी आधार केंद्रों में विभिन्न आधार संबंधित सुविधाएं सुचारू एवं समयबद्ध उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिला के बैंकों, डाकघरों, भारतीय संचार निगम लिमिटेड के केंद्रों और लोक मित्र केंद्रों आदि में संचालित विभिन्न आधार केंद्रों में सेवाएं बिना किसी रूकावट के सुचारू उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सुचारू आधार सुविधाएं प्राप्त न होने से लोगों को दूर-दराज के क्षेत्रों से उपायुक्त कार्यालय आना पड़ता है और इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि ज़िला के अन्य आधार केंद्रों पर धीमी गति से कार्य होने से जिला मुख्यालय स्थित आधार केंद्र पर अनावश्यक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने ऐसे आधार केंद्रों को स्थगित करने के निर्देश दिए जो बहुत समय से सेवाएं नहीं दे रहे हैं। उन्होंने सभी आधार सेवा देने वाले विभागों को दूर दराज के क्षेत्रों में भी आधार सेवाएं उपलब्ध करवाने पर बल दिया। अतिरिक्त उपायुक्त ने जिलावासियों से समय पर अपने आधार कार्ड को अपडेट करने की अपील की। उन्होंने कहा कि 10 वर्ष या उससे अधिक समय पहले आधार कार्ड बनवा चुके ऐसे लोग जिन्होंने अभी तक एक बार भी अपना आधार कार्ड अपडेट नहीं करवाया है वे अपने आधार दस्तावेज शीघ्र अपडेट करवाएं। उन्होंने कहा कि अपडेशन की सुविधा आधार केंद्रों पर उपलब्ध है। नागरिक स्वयं भी अपने दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने पांच वर्ष तक के बच्चों का अधार नामांकन भी अवश्य करवाना चाहिए। उन्होंने 5 और 15 वर्ष की आयु प्राप्त करने के उपरान्त बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेशन का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि यदि आधार धारक द्वारा पांच और पन्द्रह वर्ष की आयु प्राप्त करने के दो वर्ष के भीतर बायोमेट्रिक अपडेशन नहीं किया जाता है, तो आधार निष्क्रिय हो सकता है। उन्होंने कहा कि अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेशन नि:शुल्क उपलब्ध है। उन्होंने सभी आधार केंद्रों पर क्यू आर कोड चलित यू.पी.आई लेनदेन को भी चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने जन-जन की सुविधा के लिए आधार संबंधित शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि शिविर आयोजन के संबंध में नोडल अधिकारी से अनुमति प्राप्त की जा सकती है। उप पुलिस अधीक्षक सोलन अनिल धौल्टा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. राजन उप्पल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के गांव पंजेहरा से अखिल गौतम को जिला सोलन का जिला सचिव बनाया गया। इसके लिए अखिल गौतम ने युवा कांग्रेस हाईकमान का धन्यवाद किया। उन्होंने पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह, हिमाचल युवा कांग्रेस के प्रभारी विनीत कंबोज, युवा कांग्रेस के अध्यक्ष निगम भंडारी, कार्यकारी अध्यक्ष यदुपति ठाकुर, जिला सोलन के प्रभारी व हिमाचल युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल चौहान, गौरव ठाकुर, चंदन राणा व हिमाचल प्रदेश यूथ कांग्रेस के सचिव अभी शर्मा का धन्यवाद किया। अखिल गौतम ने बताया कि संगठन के लिए दिन रात काम करेंगे व लोगों की समस्याओं का समाधान करवाने के लिए पूरा प्रयास करेंगे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए क्षेत्र की जलवायु के अनुरूप पौधारोपण करना आवश्यक है। डॉ. शांडिल ने आज सोलन स्थित आश्रय गौशाला में सारथी सोशल वेलफेयर सोसायटी सोलन व वन विभाग के सहयोग द्वारा आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में 'आंवलाÓ का पौधा रोपित करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने कहा कि पौधारोपण क्षेत्र की जलवायु के अनुरूप किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में पौधे स्वस्थ पेड़ का रूप लेकर पर्यावरण को हरा-भरा कर सके। उन्होंने कहा कि जितने अधिक वन होंगे पर्यावरण उतना ही अधिक सुरक्षित व साफ-सुथरा होगा। पेड़-पौधें न केवल कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं बल्कि वातावरण से कई अन्य हानिकारक गैसों को भी अवशोषित करते हैं जिससे वातावरण को ताजगी मिलती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को पेड़ पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी को प्राकृतिक पेयजल स्रोतों व तालाबों की समय-समय पर साफ-सफाई करनी चाहिए। हम सभी को अपने चारों ओर मौजूद अपने पर्यावरण को स्वच्छ रखने का संकल्प लेना चाहिए। यदि इस प्रकार हर व्यक्ति अपने स्तर पर पर्यावरण की रक्षा के लिए तत्पर रहेगा, तो पर्यावरण में असंतुलन की स्थिति कभी पैदा नहीं होगी। उन्होंने आमजन से आग्रह किया कि पौधारोपण के पश्चात पौधे की समुचित देखभाल करना भी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश इस समय विकट परिस्थितियों से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि इस संकट की घड़ी से निपटने के लिए प्रदेशवासियों का सहयोग आपेक्षित है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान के प्रभावितों के पुनर्वास के लिए कृत संकल्प है। उन्होंने आश्रय गौशाला में पानी की समस्या के निपटारे के लिए जल शक्ति विभाग को निर्देश जारी किए। उन्होंने आश्रय गौशाला के विकास कार्यों के लिए 5 लाख रुपये देने की घोषणा की। इस अवसर पर राजकीय महाविद्यालय सोलन के राष्ट्रीय कैडेट कोर के छात्र एवं छात्रा कैडेट, राष्ट्रीय सेवा योजना के विद्यार्थियों तथा इन्हरव्हील क्लब सोलन सिटी ने कचनार, आडू, देवदार तथा आंवला के लगभग 100 फलदार पौधे रोपित किए।
राजस्व, बागवानी तथा जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज सोलन जिला के परवाणु स्थित हिमाचल प्रदेश फल विधायन संयंत्र तथा टर्मिनल फल मंडी का निरीक्षण किया। उन्होंने फल विधायन संयंत्र परवाणु को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने परवाणु स्थित सेब मंडी में आड़तियों द्वारा सेब के नीलामी की प्रक्रिया को देखा। उन्होंने आड़तियों से आग्रह किया कि सेब की नीलामी सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार कराएं। इस अवसर पर आड़तियों ने उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत भी करवाया। राजस्व मंत्री ने कसौली विधानसभा क्षेत्र के विकास खंड धर्मपुर की ग्राम पंचायत कोट बेजा के गांव गुनाई में वर्षा से प्रभावित लोगों से भेंट की। उन्होंने भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान का जायजा लिया और प्रभावितों की समस्याओं को सुना तथा इनके निपटारे के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी दिए। जगत सिंह नेगी ने ग्राम पंचायत जावली के गांव सूजी में नंदलाल और सेवक राम के क्षतिग्रस्त मकान का जायजा लिया और प्रभावित को यथा संभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने ग्राम पचंायत जावली व ग्राम पचंायत सनवारा के समीप राष्ट्रीय उच्च मार्ग 5 में हुए भूस्खलन का जायजा भी लिया। उन्होंने प्रभावितों को आश्वासन दिया कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग 5 के साथ लगते क्षेत्रों का भू-सर्वेक्षण करवाया जाएगा ताकि भविष्य में आपदा से अधिक नुकसान न हो। राजस्व मंत्री ने कसौली विधानसभा क्षेत्र के लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में जन समस्याएं सुनी और संबंधित अधिकारियों को इनके निपटारे के निर्देश दिए। उन्होंने सोलन विकास खंड के शामती तथा डमरोग में भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अवरुद्ध मार्गों को शीघ्र बहाल करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर कसौली विधानसभा के विधायक विनोद सुल्तानपुरी, ग्राम पंचायत कोट बेजा की प्रधान किरण, ग्राम पंचायत सनवारा के प्रधान दिनेश ठाकुर, ग्राम पंचायत कोट बेजा के उप प्रधान सुनील, हिमाचल प्रदेश फल विधायन संयंत्र के प्रबंध निदेशक हरीश वर्मा, सहायक तकनीकी अधिकारी सुनील ठाकुर, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह, उपमंडलाधिकारी कसौली गौरव महाजन, प्रदेश फल विधायन संयंत्र सोलन के सचिव रविंद्र शर्मा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
सिरमौर जिला प्रशासन से सांसद सुरेश कश्यप ने आग्रह किया कि बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री और राहत राशि पहुंचने का कार्य शीघ्र करें। सांसद सुरेश कश्यप आज सिरमौर जिला के रेणुका चुनाव क्षेत्र में खादरी, दुबुड़ी टिककर, खैर नाबड़ा, आलिया जरग और ककनौला जामूकोटी आदि गांवों में बाढ़ से प्रभावित परिवारों से बोल रहे थे। सुरेश कश्यप ने बताया कि इस संकट की घड़ी में वह व्यक्तिगत तौर पर समर्पित भाव से प्रभावित परिवारों के साथ उनका दुख दर्द बांटने आए हैं और उन्हें सरकार की ओर से हर संभव सहायता दिलाने के लिए पूरे प्रयास करेंगे। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश को इस दुख की घड़ी में हर संभव सहायता करने के लिए तत्पर है और अभी तक प्रदेश को 1200 करोड़ से अधिक की राहत राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है, जिसमें 822 करोड़ एचडीआरएफ के अंतर्गत और 400 करोड़ सीआरएफ के अंतर्गत उपलब्ध करवाई जा चुकी है। इसके अतिरिक्त हाल ही में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तीन के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार द्वारा 2643 करोड़ रुपए भेजे जा चुके हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों को केंद्र द्वारा उपलब्ध कराई जा रही राहत राशि का सदुपयोग कर तुरंत प्रभावित लोगों को राहत पहुंचने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रदेश के अंदर सभी राष्ट्रीय उच्च मार्गों और राज्य उच्च मार्गों की मरम्मत करने का निर्णय लिया है और इन मार्गों कि शीघ्र मरम्मत के लिए युद्ध स्तर पर कार्य शुरू किये जाएंगे। इस दौरान जिला परिषद अध्यक्ष सीमा कन्याल, पंचायत समिति नाहन की अध्यक्ष अनीता शर्मा, रेणुका से भाजपा के प्रत्याशी रहे नारायण सिंह, पंचायत समिति संगड़ाह के निवर्तमान अध्यक्ष मेलाराम शर्मा, रेणुका भाजपा मंडल के प्रधान राजेंद्र ठाकुर, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष राजेन्द्र खूड़ी सहित अनेक भाजपा नेता मौजूद रहे।
पेशेवर चालकों के सम्मान के लिए इस वर्ष भी चालक संघ ड्राइवर डे का कार्यक्रम 17 सितंबर को जिला सोलन के दाड़लाघाट के समीप जालपा माता मंदिर में होने जा रहा है। इस कार्यक्रम में प्रदेश के सभी जिलों के ड्राइवर भाग लेंगे व पिछले वर्ष में सड़क हादसों में मारे गए चालक साथियों की याद में मौन रखा जाएगा। हिमाचल मोटर चालक संघ के संस्थापक सत्यम ने कहा कि ड्राइविंग का कार्य एक जटिल, कठिन कार्य है। इसमें शारिरिक व मानसिक रूप से पूर्णतया स्वस्थ लोग ही कार्य कर सकते हैं, लेकिन आज सड़कों पर चालकों के साथ मार-पिटाई की वारदातें लगातार बढ़ रही हैं और उन्हें कम वेतन में ज्यादा समय तक काम करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर बुनियादी सुविधाएं न होने से चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि चालकों के लिए कल्याण बोर्ड का गठन किया जाए और सामाजिक सुरक्षा के लिए कानून बनाया जाए, जिससे ड्राइवर वर्ग की स्थिति सुदृढ़ हो सके। इस कार्यक्रम में स्थानीय गाड़ी मालिकों का भी सहयोग प्राप्त हुआ है और चालकों के लिए लंगर की व्यवस्था भी की गई है।
प्रभावित लोगों की समस्याओं को जल्द हल करने के दिए निर्देश प्रदेश के राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी और कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने कोटबेजा में बरसात से हुए नुकसान का जायजा लिया व प्रभावित लोगों की समस्याओं को सुना। इस दौरान नेगी ने उपस्थित अधिकारियों को प्रभावितों की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि इस बरसात में कोटबेजा पंचायत का बनोई गांव में भूस्खलन से करीब 15 परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे। लोग आसपास गांव में रह रहे हैं साथ ही पंचायत के ठन्दू झगड़ गांव में भी कई मकान बारिश की भेंट चढ़ गए थे। इस गांव के लोगों को मंत्री ने बालदिया मंदिर की सराय में रहने के लिए कहा। इस दौरान मंत्री आपदा में चल रहे विभागों के कार्यों से काफी असंतुष्ट दिखे। उन्होंने कृषि, लोक निर्माण विभाग, जलशक्ति विभाग, विद्युत विभाग की जमकर क्लास लगाई। मंत्री के सामने लोगों ने शिकायत की कि हमारे डेमेज हुए मकानों से विभाग लाइट नहीं काट रहा है व करंट फैलने की संभावना बनी हुई है, जिस पर मंत्री ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को डेमेज मकानों की लाइट काटने को कहा। मंत्री लोक निर्माण विभाग के कार्य से भी नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि 40 दिनों से सड़क बंद पड़ी सड़क को जल्द खोला जाना चहिए था। उन्होंने विभाग को आदेश दिए कि बड़ी मशीनों से जल्द सड़क खोली जाए। मंत्री में कृषि व राजस्व विभाग को संयुक्त रूप से लोगों की फसलों को हुए नुकसान की रिपोर्ट जल्द बनाने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामसभा में प्रभवित परिवारों को जमीन का चयन किया जाए। उन्होंने कहा कि बरसात के कारण डेमेज हुई भूमि को खेती योग्य करने के लिए मनरेगा योजना के तहत भूमि सुधार किया जाएगा। बागवानी मंत्री ने कहा कि मनरेगा में बीस कार्य चलने की कोई गाइडलाइन नहीं है। उन्होंने लोगों से कहा कि आप काम के लिए पंचायत में आवेदन करें। उन्होंने कहा कि केंद्र से हमे कोई आपदा पर पैकेज नहीं मिला है। व जो पैसा केंद्र से मिला है वह आपदा के लिए हर साल मिलता है व इसकी अग्रिम किस्त मिली है। उन्होंने कहा कि बेघर हुए लोगों को जल्दी ही जमीन मुहैया करवाई जायगी व घर बनाने के लिये आर्थिक सहायता भी की जाएगी। कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने बनोई सड़क के लिए पैसा देने की घोषणा की।
हरिपुरधार-रोनहाट मार्ग पर जुनेली के समीप अल्टो कार के खाई में गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई है। वहीं 2 घायल बताए जा रहे हैं। मृतक व घायल शिमला जिला के कुपवी के पुजारली के रहने वाले थे। मिली जानकारी के अनुसार एक ही परिवार के पांच लोग किसी के अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे। तीन मृतकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। जबकि एक घायल को प्राथमिक उपचार के बाद आईजीएमसी शिमला रैफर कर दिया गया है, जबकि एक घायल का सीएचसी हरिपुरधार में ही उपचार चल रहा है। दुर्घटना के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर सीएचसी हरिपुरधार में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
रक्षा बंधन का त्योहार श्रावण महीने में पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस उत्सव को मनाने के लिए साई इंटरनेशनल स्कूल के शिक्षार्थियों के लिए 'राखी बनाने की गतिविधिÓ का आयोजन किया गया। इस गतिविधि में सभी विद्यार्थियों ने बड़े जोश के साथ भाग लिया। छात्रों ने रेशमी धागे, चमकीले रिबन आदि जैसे विभिन्न सामग्रियों का उपयोग करके सुंदर राखी बनाई। रक्षा बंधन भाई और बहन के बीच प्रेम और विश्वास का उत्सव मनाने का एक अनमोल और पवित्र अवसर है। इस गतिविधि का उद्देश्य हमारे संस्कारों और संस्कृति में उनकी रुचि पैदा करना और साथ ही उन्हें भाइयों और बहनों के खूबसूरत रिश्ते का एहसास कराना था। इस अवसर पर प्री-नर्सरी से कक्षा एक तक के विद्यार्थी पारंपरिक परिधानों में सजे-धजे आए। नन्ही छात्राओं ने छात्रों की कलाई में राखी बांधी और शुभकामनाएं दीं।
कहा-पात्र विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए 20 लाख रुपये का ऋण प्रदान करने की सुविधा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि राज्य सरकार ने पात्र हिमाचली विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज की दर पर ऋण प्रदान करने के लिए वित्त वर्ष 2023-24 से डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना लागू की है। उन्होंने कहा कि इस योजना से यह सुनिश्चित होगा कि राज्य का कोई भी युवा वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण उच्च या व्यावसायिक शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जिस परिवार की वार्षिक आय 4 लाख रुपये से कम है, उस परिवार का छात्र इस योजना के तहत ऋण प्राप्त करने के लिए पात्र है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों में जहां बैंक को शुल्क राशि की पहली किस्त जारी करने में समय लग रहा है, संबंधित संस्थान को शुल्क राशि की पहली किस्त जारी करने के लिए सभी जिलों के उपायुक्त कार्यालय के स्तर पर एक कोष बनाया जाएगा ताकि छात्र को संस्थान में प्रवेश लेने में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उच्च शिक्षा विभाग से पात्र छात्रों द्वारा लिए गए शिक्षा ऋण के बदले ब्याज सब्सिडी का दावा करने के लिए नोडल बैंक नामित करेगी। उन्होंने कहा कि नोडल बैंक उच्च शिक्षा विभाग के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित करेगा। उन्होंने कहा कि ऋण लेने वाले विद्यार्थियों को अपनी पसंद के संस्थान में प्रवेश पाने से पहले पोर्टल पर अपना पंजीकरण करना होगा और योजना के तहत अपने आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इसके पश्चात विद्यार्थी को प्रवेश में चयनित होने का प्रमाणन करने से संबंधित दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे। विद्यार्थी के पात्र पाए जाने पर उच्च शिक्षा निदेशक ऋण की पहली किस्त जारी करने के लिए संबंधित बैंक को मामले की सिफारिश करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत पात्र विद्यार्थी हिमाचल प्रदेश में स्थित किसी भी अनुसूचित बैंक से शिक्षा ऋण प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि योजना के तहत विद्यार्थी बोर्डिंग, आवास, ट्यूशन फीस, किताबें और उनकी शिक्षा से जुड़े अन्य संबद्ध खर्चों को पूरा करने के लिए अधिकतम 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण ले सकते हैं। सीएम सुक्खू ने कहा कि पिछली कक्षा में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले छात्र व्यावसायिक व तकनीकी शिक्षा जैसे इंजीनियरिंग, चिकित्सा, प्रबंधन, पैरा मेडिकल फार्मेसी, नर्सिंग, विधि इत्यादि में डिप्लोमा व डिग्री कोर्स तथा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, बहुतकनीकी संस्थानों से तकनीकी कोर्स तथा मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों और विश्वविद्यालयों से पी.एच.डी. करने के लिए एक प्रतिशत ब्याज की दर से ऋण लेने के लिए पात्र होंगे। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक ऋण की सुविधा का लाभ प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों के पंजीकरण एवं प्रवेश तिथि को आयु सीमा 28 वर्ष निर्धारित की गई है। सुक्खू ने कहा कि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और छात्रों की प्रगति की निगरानी के लिए नियमित अवधि में योजना के परिणामों का मूल्यांकन करने के लिए एक तंत्र विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग शिकायत निवारण अधिकारी नामित करेगा, जिसके पास छात्र ईमेल, डाक या किसी डिजिटल माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीब छात्रों को उनकी क्षमता के अनुरूप जीवन में उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करेगी।
राजस्व, बागवानी तथा जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आज जिला सोलन के आपदा प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया तथा आपदा प्रभावित क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को सुना। राजस्व मंत्री ने आश्वासन दिया कि अतिवृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई के लिए यथासंभव प्रयास किए जाएंगे। जगत सिंह नेगी ने सोलन विधानसभा क्षेत्र के विकास खंड कंडाघाट की ग्राम पंचायत देलगी के गांव खैरी में राकेश, जय चंद और हरदेव के क्षतिग्रस्त मकान का जायज़ा लिया। राजस्व मंत्री तदोपरांत कसौली विधानसभा क्षेत्र के विकास खंड सोलन की ग्राम पंचायत शडियाणा के गांव थड़ी में भूस्खलन से हुए नुकसान तथा राजकीय प्राथमिक पाठशाला शडियाणा के क्षतिग्रस्त भवन का निरीक्षण भी किया। इसके उपरांत उन्होंने आपदा प्रभावितों के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सुबाथू में बनाए गए राहत शिविर में रह रहे प्रभावितों से भेंट की तथा यथासम्भव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने सुबाथू-धर्मपुर मार्ग छावनी क्षेत्र में टूटे हिस्से का निरीक्षण किया और सेना के अधिकारियों के साथ मार्ग को शीघ्र बहाल करने के बारे विस्तारपूर्वक चर्चा की। जगत सिंह नेगी ने तत्पशात दून विधानसभा क्षेत्र के धर्मपुर विकास खण्ड की ग्राम पंचायत जाडला के गांव खाल्टू में भारी वर्षा के कारण आए भूस्खलन का निरीक्षण किया। राजस्व मंत्री दून विधानसभा क्षेत्र के धर्मपुर विकास खण्ड की ग्राम पंचायत कृष्णगढ़-कुठाड़ तथा ग्राम पंचायत दाड़वां के बनलगी में प्रभावित लोगों से मिले और उन्हें यथा सम्भव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान के पीड़ितों के मामलो पर रिपोर्ट तैयार करने के दिशा-निर्देश दिए। मुख्य संसदीय सचिव (उद्योग, राजस्व तथा नगर नियोजन) राम कुमार ने कहा कि आपदा के मध्य प्रभावितों का पुनर्वास और विभिन्न कार्यों को गति प्रदान करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। इस अवसर पर ग्राम पंचायत देलगी की प्रधान प्रोमिला शर्मा, ग्राम पंचायत कृष्णगढ़ के प्रधान कैलाश शर्मा, ग्राम पंचायत दाड़वां के प्रधान रमेश ठाकुर, ज़िला कांग्रेस के अध्यक्ष शिव कुमार, खंड कांग्रेस समिति के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, खंड कांग्रेस समिति दून के अध्यक्ष कुलतार सिंह, प्रदेश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के निदेशक जतिन साहनी, नगर निगम सोलन के मनोनीत पार्षद रजत थापा, कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त अजय यादव, उपमण्डलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर, तहसीलदार सोलन मुल्तान सिंह बनियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा ग्रामीण उपस्थित थे।
युवाओं को सही मार्ग दिखाने में पूर्व सैनिकों को निभानी होगी महत्वपूर्ण भूमिका मुख्य ससंदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग) संजय अवस्थी ने कहा कि भारतीय सेना को पूरे विश्व में अपनी बहादुरी, समर्पण तथा दृढ़ संकल्प के लिए जाना जाता है। संजय अवस्थी आज सोलन ज़िला के अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बातल के सैनिक सामुदायिक भवन में पूर्व सैनिक लीग के 8वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह को मुख्यतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे। संजय अवस्थी ने इस अवसर पर शूरवीरों को नमन करते हुए कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए समर्पित भारत के वीरों पर देश को गर्व है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपने सैनिकों की आन-बान और शान को कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हंै। उन्होंने इस अवसर पर वीर नारियों को नमन करते हुए कहा कि उनके सहयोग एवं समर्पण से ही सैनिक अपने कार्य का निर्वहन उचित प्रकार से कर पाते हैं। मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि वीर भूमि हिमाचल प्रदेश में शौर्य, साहस एवं त्याग की समृद्ध परंपरा रही है। हिमाचल प्रदेश के रणबांकुरों ने साहस और बलिदान की परम्परा को सदैव कायम रखा है। उन्होंने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र के बातल में शहीद स्मारक निर्मित किया जाएगा। उन्होंने उपमंडलाधिकारी अर्की को शहीद स्मारक निर्माण के लिए भूमि चयनित करने के आदेश दिए। संजय अवस्थी ने कहा कि पूर्व एवं सेवारत सैनिक देश एवं प्रदेशवासियों के लिए ऊर्जा का अनंत स्त्रोत हैं। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति को दिशा प्रदान करने में पूर्व सैनिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने पूर्व सैनिकों से आग्रह किया कि युवाओं को भारतीय सेना की गौरवशाली परम्परा से जुड़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने आह्वान किया कि सैनिक लीग के इस भवन में एक पुस्तकालय विकसित किया जाए, जहां युवा भारतीय सेना में सम्मिलित होने के लिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर सकें। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने में भी पूर्व सैनिकों को अपना योगदान देना होगा। मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि इस वर्ष हिमाचल वृह्द स्तर पर आपदा का सामना कर रहा है। वर्तमान में सरकार का उद्देश्य प्रभावितों का समुचित पुनर्वास एवं राहत सुनिश्चित बनाना है। उन्होंने कहा कि विकास एक निरंतर प्रक्रिया है और यह प्रयास किया जा रहा है कि राज्य का विकास उचित दिशा में आगे बढ़े। संजय अवस्थी ने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित बनाया जा रहा है। नागरिक अस्पताल अर्की में 7 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति कर दी गई है। उन्होंने कहा कि नागरिक अस्पताल अर्की में 54 लाख रुपये की लागत से शीघ्र ही अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि राजकीय डिग्री कॉलेज अर्की में एम.ए इतिहास और अंग्रेजी की कक्षाएं भी आरंभ होंगी। उन्होंने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र सहित जन-जन की आस्था के केंद्र बाड़ीधार को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने का कार्य प्रगति पर है। इस धार्मिक स्थल को रज्जू मार्ग से जोड़ने के लिए 200 करोड़ रुपए की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि बाड़ीधार में पर्यटन परियोजना के लिए 103 बीघा भूमि चिन्हित की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान सरकार वायदों को धरातल पर लागू कर रही है। प्रदेश के एनपीएस कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना में समाहित कर लिया गया है और कर्मियों को पुरानी पेंशन मिलनी भी आरम्भ हो गई है। उन्होंने पूर्व सैनिक लीग बातल के भवन के अतिरिक्त निर्माण के लिए आरम्भिक धनराशि के रूप में 3 लाख रुपए उपलब्ध करवाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसके निर्माण के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। मुख्य संसदीय सचिव ने इस अवसर पर जन समस्याएं सुनी और सम्बन्धित अधिकारियों को इनके त्वरित निपटारे के निर्देश दिए। इस अवसर पर ग्राम पंचायत बातल की प्रधान उर्मिल शर्मा, ग्राम पंचायत जलाना की प्रधान सुनीता गर्ग, खंड कांग्रेस अर्की के अध्यक्ष सतीश कश्यप, कांग्रेस अनुसूचित जाति लीग के अध्यक्ष सी.डी. बसंल, व्यापार मंडल अर्की के अध्यक्ष अनुज गुप्ता, बीडीसी सदस्य भावना शर्मा, पूर्व प्रधान ग्राम पंचायत बातल रतन लाल, नगर पंचायत अर्की की पूर्व अध्यक्ष सीमा शर्मा, पूर्व सैनिक लीग अर्की के अध्यक्ष कैप्टन पदम् देव ठाकुर, पूर्व सैनिक लीग ज़िला सोलन के अध्यक्ष कैप्टन मोहन लाल शर्मा, कांग्रेस समिति के कोषाध्यक्ष रोशन वर्मा, कांग्रेस के ज़िला महासचिव राजेंद्र रावत, लेखराम, किशोर शर्मा, कैप्टन विजय, चमन लाल अंगीरस, उपमंडलाधिकारी अर्की यादविंदर पाल, उप पुलिस अधीक्षक दाड़लाघाट संदीप शर्मा, जल शक्ति विभाग अर्की के अधिशाषी अभियंता विवेक कटोच, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता सुरेश गुप्ता, पूर्व सैनिक लीग के सदस्य तथा ग्रामीण उपस्थित थे।
जब आंखों के सामने ही सपनों का आशियाना धराशायी हो जाए तो दर्द कितना होता होगा, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। ऐसा ही दर्द मंडी जिले के उप मंडल सरकाघाट के कई परिवारों का है। इनमें से एक अति निर्धन परिवार उप मंडल की ग्राम पंचायत रिस्सा के गांव रिस्सा का है। रिन्टू पुत्र टेक चंद के परिवार पर आपदा एक कहर बनकर आ बरसी है। इस बरसात ने इनका नया और पुराना घर दोनों छीन लिये हैं। यही नहीं गांव की सारी जमीन भूस्खलन की चपेट में आ गई है तथा मौजूदा समय में रिन्टू अपने पूरे परिवार के साथ रिस्सा के सरकारी स्कूल में अपना कष्ट भरा समय गुजार रहे हैं। आप सभी दानी सज्जनों से एक सादर अपील है कि आपकी छोटी से छोटी मदद भी इन सबको एक कुटिया बनाने में सहायक सिद्ध हो सकती है। ये लोग सरकार से भी अपील कर रहे हैं मदद की। दानी सज्जन निम्नलिखित अकाउंट नंबर में आप स्वेच्छा अनुसार सहयोग कर सकते हैं। Rintu S/O Tek Chand VPO Rissa, Sarkaghat, Mandi HP 175024 Himachal Pradesh Framing Bank Account Details 87491700075321 IFSC Code PUNBOHPGB04 इनके फोन नंबर हैं 78078 73145, 7807177180
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने आज सोलन जिला के कंडाघाट उप मंडल की ग्राम पंचायत ममलीग के गांव जडोन में गत दिनों से भारी वर्षा से प्रभावित जमना देवी के परिवार को राज्य आपदा निधि के तहत 15 लाख रुपये की राहत राशि का चेक भेंट किया। गत दिनों भारी वर्षा एवं भूस्खलन के कारण जमुना देवी के परिवार के 7 सदस्यों की दु:खद मृत्यु हो गई थी। इस आपदा में उनका मकान भी क्षतिग्रस्त हो गया था। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर कहा कि अपनों की मृत्यु के कारण उपजे दु:ख एवं खालीपन को कभी नहीं भरा जा सकता। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के संवदेनशील नेतृत्व में प्रदेश सरकार यह प्रयास कर रही है कि प्रभावितों के ज़ख्मों पर मरहम लगाकर उनके दु:ख को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रभावितों के साथ है और समयबद्ध राहत एवं पुनर्वास सुनिश्चित बनाना प्रदेश सरकार का उद्देश्य है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस हृदय विदारक समय में प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू स्वयं प्रभावित परिवार का दु:ख साझा करने जडोन पहुंंचे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इससे पूर्व पीड़ित परिवार को एक लाख रुपए की फौरी सहायता राशि प्रदेश सरकार की ओर से प्रदान की जा चुकी है।
जिला रोजगार कार्यालय सोलन में 31 अगस्त को 242 विभिन्न पदों के लिए कैंपस इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे। यह जानकारी आज यहां जिला रोजगार अधिकारी सोलन संदीप ठाकुर ने दी। उन्होंने कहा कि इन 242 पदों पर भर्ती के लिए इच्छुक उम्मीदवार सभी अनिवार्य प्रमाण-पत्रों तथा दस्तावेजों सहित जिला रोजगार कार्यालय सोलन में 31 अगस्त को प्रात: 10.30 बजे पहुंचकर कैंपस इंटरव्यू में भाग ले सकते है। संदीप ठाकुर ने कहा कि मैसर्ज कोरोना रेमिडिज प्राईवेट लिमिटिड सोलन में 14 पद, मैसर्ज टेक्निको एग्री लिमिटिड बद्दी में 13 पद, मैसज़र् गेबरियल इंडिया परवाणू के 15 पद, मैसर्ज औरो टेक्सटाइल प्राईवेट लिमिटिड बद्दी के 100 पद तथा एसआईएसलिआरटीए बिलासपुर में 100 पदों पर भर्ती के लिए कैंपस इंटरव्यू 31 अगस्तको जिला रोजगार कार्यालय सोलन में आयोजित किए जाएंगे। संदीप ठाकुर ने कहा कि उक्त पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता 10वीं, 12वीं, बी.फार्मा, एम.फार्मा, बी.एस.सी, एम.एस.सी, डिप्लोमा मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलैक्ट्रिोनिकल निर्धारित की गई है। उम्मीदवार की आयु 19 से 37 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सिक्योरटी गार्ड पद के लिए विशिष्ट शारीरिक मापदण्ड ऊंचाई 168 सेमी, भार 56 किलोग्राम निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नंबर 01792-227242 तथा मोबाईल नंबर 70189-18595 व 78768-26291 पर संपर्क किया जा सकता है।
सोलन जिला के अर्की उपमंडल का सुप्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक सायर मेला इस वर्ष 17 से 19 सितम्बर, 2023 तक अर्की के चैगान मैदान में आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी आज यहां इस संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य ससंदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा श्रम एवं रोज़गार विभाग) संजय अवस्थी ने दी। संजय अवस्थी ने कहा कि इस वर्ष हिमाचल विकट प्राकृतिक संकट का सामना कर रहा है। प्रदेश सरकार आपदा के प्रभाव एवं कारकों को न्यून करने, राहत एवं पुनर्वास सुनिश्चित बनाने और प्रभावितों को आश्वस्त करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि देवी-देवताओं के आशीर्वाद और सभी के सहयोग से हिमाचल पुन: प्रगति पथ पर अग्रसर होगा तथा सभी प्रभावितों को समुचित आश्रय प्राप्त होगा। उन्होंने आपदा के समय में एकजुट होकर कार्य करने और आपदा प्रभावितों की समुचित सहायता सुनिश्चित बनाने के लिए सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और गैर-सरकारी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया।
केंद्रीय सूचना प्रसारण एवं युवा व खेल मामलों के मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया है कि हिमाचल प्रदेश में आपदा पीड़ितों के लिए केंद्र सरकार 6,000 घर बनाएगी। पीएम ग्रामीण आवास योजना के तहत ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इसकी मंजूरी दे दी है। शुक्रवार को अनुराग ठाकुर ने नई दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास व पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह से मुलाकात कर मंजूरी देने के लिए आभार जताया। अनुराग ने बताया कि हाल ही में 5,000 घरों को मंजूरी मिली थी। इस आपदा में केंद्र से अब तक कुल 11,000 घर मंजूर हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार केंद्र हिमाचल की हरसंभव सहायता कर रहा है। बीते दिनों भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल के साथ उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन संपर्क विभाग) संजय अवस्थी ने आज सोलन जि़ला के अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत नवगांव के गोदन गांव में बाढ़ प्रभावित परिवारों का कुशलक्षेम जाना और त्रासदी में उनके पशुधन की मृत्यु पर राहत राशि प्रदान की। गोदन गांव में भारी वर्षा के कारण बाढ़ प्रभावित परिवारों के पशुधन की मृत्यु हो गई थी। मुख्य संसदीय सचिव ने प्रभावित राकेश कुमार सुपुत्र स्व. दया राम निवासी गांव गोदन को पशुधन की मृत्यु पर 30 हजार रुपये प्रदान किए। प्रभावित व्यक्ति को त्वरित राहत के रूप में 10 हजार रुपये पहले ही प्रदान किए जा चुके हैं। संजय अवस्थी ने इस अवसर पर प्रभावित परिवारों को विश्वास दिलाया कि आपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार एक-एक व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित बनाने और प्रभावितों को समय पर राहत सामग्री एवं राशि उपलब्ध करवाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों का उचित पुनर्वास प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। यह प्रयास किया जा रहा है कि न केवल प्रभावितों का जीवन पुन: सही दिशा में आगे बढ़े अपितु उनकी आर्थिकी भी मज़बूत हो सके। उन्होंने कहा कि पीडि़त परिवार की यथा सम्भव सहायता सुनिश्चित बनाई जाएगी। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि भारी वर्षा के कारण हुए एवं हो रहे नुकसान की रिपोर्ट शीघ्र पे्रेषित करें ताकि समुचित राहत त्वरित प्रदान की जा सके। उन्होंने ग्राम पंचायत प्रधानों से आग्रह किया कि नुकसान की रिपोर्ट शीघ्र तैयार करने में सहायता करें। इस अवसर पर जिला कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सी.डी. बसंल, जि़ला कांग्रेस महामंत्री राजेन्द्र रावत, अर्की व्यापार मण्डल के अध्यक्ष अनुज गुप्ता, उपमण्डलाधिकारी अर्की यादविंदर पॉल, अन्य अधिकारी, गणमान्य व्यक्ति एवं ग्रामवासी उपस्थित थे।
शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अतुल खोसला ने प्रतिष्ठित 'जी20 यूनिवर्सिटीज इंपैक्ट समिट' कार्यान्वयन और एसडीजी में मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया। टाइम्स हायर एजुकेशन (टीएचई), लंदन, एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (एआईयू) और ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित शिखर सम्मेलन, जेजीयू इंटरनेशनल एकेडमी, ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में नई दिल्ली में आयोजित किया गया था। भारत की जी20 की अध्यक्षता के अनुरूप शिखर सम्मेलन में सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) और उनके कार्यान्वयन पर विचार-विमर्श करने के लिए जी20 देशों के विश्वविद्यालयों के शिक्षाविदों, विद्वानों और दूरदर्शी लोगों को एक साथ लाया गया। इस कार्यक्रम ने वैश्विक स्थिरता की खोज में जी20 समुदाय में विश्वविद्यालयों द्वारा प्राप्त प्रगति और चुनौतियों के बारे में व्यापक समझ प्रदान की। प्रोफेसर अतुल खोसला ने सतत विकास और उच्च शिक्षा पर अपनी बात रखते हुए एसडीजी को प्राप्त करने की दिशा में सकारात्मक प्रभाव, नवाचार और परिवर्तन लाने में विश्वविद्यालयों द्वारा निभाई जाने वाली महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रोफेसर खोसला ने अनुसंधान, शिक्षा और सामुदायिक जुड़ाव में विश्वविद्यालयों द्वारा किए जा सकने वाले बहुमुखी योगदान पर भी प्रकाश डाला। इस तरह के महत्वपूर्ण वैश्विक संवाद में योगदान देने के अवसर के लिए आभार व्यक्त करते हुए, प्रोफेसर अतुल खोसला ने कहा कि इस सभा का हिस्सा बनना एक सम्मान की बात है जो एक स्थायी भविष्य को आकार देने में विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका की कल्पना करता है। उन्होंने आगे कहा कि शूलिनी विश्वविद्यालय एसडीजी के साथ हमारे प्रयासों को संरेखित करते हुए अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस हाई-प्रोफाइल शिखर सम्मेलन में शूलिनी विश्वविद्यालय की भागीदारी अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति इसकी प्रतिबद्धता और वैश्विक स्थिरता एजेंडे को आगे बढ़ाने के प्रति इसके समर्पण को रेखांकित करती है। एसडीजी और उससे आगे के कार्यान्वयन पर चर्चा में सक्रिय रूप से शामिल होकर, विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान और सामुदायिक आउटरीच के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाने में एक वैश्विक नेता के रूप में अपनी स्थिति की पुष्टि करता है। शिखर सम्मेलन जी20 में विश्वविद्यालयों के बीच एसडीजी में अपने प्रयासों और सहयोग को तेज करने और अधिक न्यायसंगत, समृद्ध और सशक्त संसार बनाने में योगदान करने के सामूहिक दृढ़ संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन संपर्क विभाग) संजय अवस्थी 26 अगस्त को सोलन के प्रवास पर आ रहे हैं। संजय अवस्थी 26 अगस्त को प्रात: 11.30 बजे उपायुक्त कार्यालय सोलन में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय सायर मेला समिति अर्की की बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने दो बच्चों की संख्या वाले 143 स्कूल डि नोटिफाई किए हैं। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने 117 प्राथमिक विद्यायल और 26 माध्यमिक विद्यालय बंद किए जाने को लेकर आदेश जारी कर दिए हैं। बिलासपुर जिले में 6, चंबा में 8, हमीरपुर में 4, कांगड़ा में 17, किन्नौर में 5, कुल्लू में 4, लाहौल-स्पीति में 19, मंडी में 18, शिमला में 25, सिरमौर में 3, सोलन में 7 और ऊना में 1 प्राथमिक विद्यालय डि नोटिफाई किया गया है। चंबा जिले में 2, कांगड़ा में 3, किन्नौर में 2, लाहौल-स्पीति में 7, मडी में 5, शिमला में 6 और सिरमौर में 1 माध्यमिक विद्यालय डि नोटिफाई किया गया है। वहीं विद्यार्थियों की संख्या बढऩे पर हिमाचल सरकार ने बंद किए 20 स्कूलों को दोबारा खोलने की अधिसूचना जारी की है। चंबा, कांगड़ा, शिमला, सिरमौर, सोलन और मंडी जिले में ये स्कूल दोबारा खोले गए हैं।
बद्दी को पिंजौर से जोडऩे वाला मुख्य समेत वैकल्पिक पुल भी ढहा गया है। बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ के लिए ट्रक रूपनगर होकर आएंगे। इससे वाहनों को 100 किमी का अतिरिक्त सफर करना पड़ेगा। उद्योगों समेत स्थानीय लोगों का संपर्क भी कट गया है। सुबह से सड़े मार्ग पर जाम लग रहा है। प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है। बीबीएन में लोगों को कई दिन तक परेशानी झेलनी पड़ सकती है। बीबीएन की लाइफलाइन बद्दी पुल के टूटने से प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में 35 फीसदी तक उत्पादन ठप हो गया है। बीबीएन में प्रतिदिन 500 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। यहां कामगार व कर्मचारी हरियाणा के पिंजौर, कालका व पंचकूला की ओर से आते हैं। इन कामगारों को लाने के लिए बसें तो लगी हैं, लेकिन 15 किमी का रास्ता तीन घंटे में तय हो रहा है। वैकल्पिक मार्गों पर जाम लग रहा है। बीबीएन में कच्चा माल लेकर बड़े ट्रक आते हैं। वह इस मार्ग पर नहीं चल पाएंगे। इससे जिन उद्योगों के पास कच्चा माल नहीं है, वह तो बंद हो जाएंगे। इस बीच अगर प्रशासन की ओर से पुल की रिपेयर नहीं की गई तो बड़े उद्योगों को भी नुकसान उठाना पड़ेगा। इस बारे में बीबीएनआईए ने केंद्रीय भू-तल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को भी पत्र लिखा है। संघ ने औद्योगिक क्षेत्र को बचाने के लिए वैकल्पिक पुल बनाने की मांग की है। बीबीएनडीए के सीईओ ललित जैन के साथ वीरवार को हुई बैठक में आपदा को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है। बीबीएनआई के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने कहा कि यह प्राकृतिक आपदा है और इसके लिए वह किसी को दोषी नहीं मान रहे हैं। अभी ढेरोंवाल व बालद खड्ड पर पुल है। हालांकि जाम तो लग रहा है लेकिन यहां पर पूरी तरह से आवाजाही ठप नहीं हुई है। बद्दी पुल बीबीएन की लाइफलाइन है और एनएचआई को बरसात से पहले ही पुल तैयार करना चाहिए था।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के 6,000 से अधिक पद भरने के लिए अक्तूबर से भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। राज्य सचिवालय में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि नया भर्ती आयोग गठित होते ही शिक्षा विभाग भर्तियां शुरू करेगा। प्रारंभिक शिक्षा विभाग में 5,300 और उच्च शिक्षा विभाग में 1,000 पद भरे जाएंगे। प्रदेश कैबिनेट ने इन पदों को भरने के लिए पहले ही मंजूरी दे दी है। शिक्षा मंत्री ने कहा है विभाग अपने स्तर पर भी प्रयास कर रहा है कि रिक्त पद जल्द भरे जाएं। पदोन्नति और बैचवाइज आधार पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। पांच वर्ष बाद नियमित प्रिंसिपल कॉलेजों में पदोन्नत कर दिए गए हैं। अन्य श्रेणियों के शिक्षकों के पद पदोन्नति से भरे जा रहे हैं। बैचवाइज आधार पर भी जिला शिक्षा अधिकारी भर्तियां कर रहे हैं। बीते दिनों ही मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश में भर्तियां करने के लिए नया आयोग गठित करने की बात कही है। इसके लिए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दीपक सानन की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। कमेटी अक्तूबर में अपनी रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट के मिलते ही नया भर्ती आयोग गठित किया जाएगा। पेपर लीक मामले में भंग किए गए हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग की जगह नया भर्ती आयोग बनाया जाना है।
जिला युवा सेवा एवं खेल सोलन द्वारा 26 अगस्त को ज़िला स्तरीय मेजर ध्यानचंद स्मारक प्रतिभा खोज हॉकी खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी आज यहां ज़िला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारी सविंद्र सिंह कायथ ने दी। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता का आयोजन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कंडाघाट के समीप युवा सेवाएं एवं खेल विभाग के खेल मैदान में किया जाएगा। सविंद्र सिंह कायथ ने कहा कि प्रत्येक वर्ष हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंति के अवसर पर 29 अगस्त को खेल दिवस का अयोजन किया जाता है। इस उपलक्ष्य में ज़िला युवा सेवाएं एवं खेल विभाग सोलन द्वारा पुरूष वर्ग में ज़िला से राज्य स्तर तक अंडर 19 हॉकी खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रत्येक खण्ड से एक टीम आएगी। जिन प्रतिभागियों का जन्म वर्ष 2005 या उसके बाद हुआ है, वह इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। खेल प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए इच्छुक प्रतिभागियों को 26 अगस्त, 2023 को प्रात: 10.00 बजे तक अपने आयु प्रमाण पत्रों सहित कण्डाघाट खेल मैदान में पहुंचना होगा। ज़िला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारी ने कहा कि ज़िला स्तरीय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाली 16 सदस्यीय टीम 28 व 29 अगस्त, 2023 को ऊना ज़िला में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेगी। उन्होंने कहा कि इस टीम को विभाग द्वारा प्लेइंग किट व अन्य सामान उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ज़िला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को विभागीय नियमानुसार साधारण बस किराया अथवा भत्ता, दैनिक भत्ता प्रदान किया जाएगा।
उपायुक्त को प्रभावितों को भूमि उपलब्ध करवाने के दिए निर्देश मुख्य संसदीय सचिव (उद्योग, राजस्व तथा नगर नियोजन) राम कुमार ने आज दून विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सौड़ी के गांव नवानगर और माजरी में भारी वर्षा से हुए नुकसान का जायज़ा लिया और प्रभावित लोगों को यथा सम्भव का आश्वासन दिया। राम कुमार ने कहा कि आपदा के दु:खद क्षणों में प्रदेश सरकार प्रभावित लोगों के साथ है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को सरकार द्वारा सहायता राशि बढ़ौतरी दरों के अनुसार राहत राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को मकान बनाने के लिए शीघ्र ही 03-03 बिस्वा भूमि शीघ्र उपलब्ध करवाने के संबंध में उपायुक्त सोलन को निर्देश दिए गए है। उन्होंने कहा कि आपदा के प्रभाव को न्यून करना और सभी की सुरक्षा सुनिश्चित बनाना प्रदेश सरकार का कर्तव्य है। प्रदेश सरकार इस दिशा में दिन-रात कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उनके कैबिनेट के सभी सहयोगी, सभी मुख्य संसदीय सचिव तथा अन्य जन एवं अधिकारी व कर्मचारी 24ग7 कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अतिरिक्त उपायुक्त को निर्देश दिए कि प्रभावितों तक त्वरित सहायता पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि भारी वर्षा के कारण हुए भूस्खलन से बालद नदी में इक्_ा हो रहा है जिससे खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि नुकसान के कारणों को जानने के लिए प्रशासन द्वारा शीघ्र ही भू-सर्वेक्षण करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि माजरी गांव के प्रभावित लोगों को भटोली कलां स्थित स्थानीय स्कूल तथा गुरुद्वारे में स्थानांतरण कर दिया गया है। प्रभावितों को प्रशासन की ओर से तरपाले तथा राशन वितरित किया गया है। राम कुमार ने भारी वर्षा से नवानगर गांव के 15 परिवारों तथा माजरी गांव के 7 परिवारों को जिसके मकान टूटे है, को अपनी ओर से 10-10 हजार रुपये तथा कम क्षतिग्रस्त मकान मालिकों को अपनी ओर से 5-5 हजार की सहायता राशि वितरित की। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय यादव, उपमंडलाधिकारी नालागढ़ दिव्यांशु सिंगल, खण्ड विकास अधिकारी नालागढ़ गौरव धीमान सहित ग्राम पंचायत सौड़ी के पूर्व प्रधान राम प्रकाश एवं जल शक्ति तथा लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित ग्रामीण उपस्थित थे।
गुरुवार को जिला प्रशासन के आदेशों के बाद ग्रामीण राजस्व अधिकारी, पंचायत प्रधान, पंचायत सदस्य व ग्रामीणों ने कोट बेजा स्कूल के पुराने भवन का निरीक्षण किया व भवन को सभी लोगों ने बच्चों के लिए सुरक्षित बताया। स्कूल का पुराने भवन में बिजली, पानी की उचित व्यवस्था होने के साथ साथ कोई खतरा नहीं पाया गया। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए यहां पर स्कूल शिफ्ट होना चाहिए। गौरतलब है कि कोट बेजा स्कूल का नया भवन नदी के साथ होने के कारण स्कूल को जाने वाला एकमात्र रास्ता भारी बरसात के कारण दस जुलाई को हुई बह गया था तथा दो दिन पूर्व हुए बारिश से स्कूल के पीछे पहाड़ से भारी मलबा भवन के अंदर आ गया था। साथ ही स्कूल की निचली मंजिल में पानी पानी हो गया था। बुधवार को ग्रामीणों ने स्कूल को दौरा कर बताया था कि स्कूल का नया भवन बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं है। मामला मीडिया में आने के बाद जिला प्रशासन के आदेशों के बाद गुरुवार को ग्रामीण राजस्व अधिकारी नीरज कुमार, पंचायत प्रधान किरण ठाकुर, वार्ड मेंबर लोकनाथ, पुष्पेंद्र कंवर, नरेश कुमार, नंदलाल, लालसिंह, हीरालाल, बिटू कंवर, सोनू कपूर मस्तराम, मनोहर सिंह, राकेश ठाकुर, देवराज,आदि ने स्कूल के पुराने भवन के कमरों का दौरा किया। वहीं, ग्रामीण राजस्व अधिकारी ने बताया कि स्कूल के पुराने भवन का ग्रामीणों के सामने निरीक्षण किया गया। पुराने भवन के सुरक्षित होने की सूचना प्रशासन को भेज दी गई है।
चार साल की समायरा का वो मुस्कुराता चेहरा अब कभी नहीं दिखेगा। घर के उस आंगन में हंसती खेलती समायरा अब कभी नजर नहीं आएगी। कुदरत के इस कहर ने न जाने कितने परिवारों को उजाड़ दिया है। तबाही की ये तस्वीरें जब भी जहन में आती है रूह कांप उठती है। ये त्रासदी इतने गहरे जख्म देगी इस बात का अंदेशा भी नहीं था। शिव बावड़ी का वो हादसा भुलाए नई भूलता। पल भर में मंदिर मलबे में तब्दील हो चुका था। सोमवार का वो दिन उन लोगो के लिए काल का दिन बनकर आया था जो उस दिन शिव बावड़ी मंदिर में मौजूद थे। समायरा का पूरा परिवार इस हादसे में खत्म हो चुका है। 7 लोगों का एक साथ चले जाना बेहद दुखद है और उससे भी ज़्यादा दुखद अपनों की आखिरी झलक को तरस जाना। 11 दिन बीत चुके जाने के बाद समायरा का शव आज बरामद किया गया है। 11 दिन तक वो परिवार उस नन्ही सी बेटी की आखरी झलक देखने के लिए तरस गया था। वो परिवार पूरी तरह से बिखर चुका है। इस हादसे ने वो नासूर दर्द दिया है जो शायद ही किसी के जहन से कभी जाए।
मां की नजरे अपने दुलारे बेटे का इंतजार करती रही, एक पत्नी अपने सुहाग की सलामती के लिए दिन-रात प्रार्थना करती रही और वो नन्ही बच्ची रोज पूछती थी पापा कब आएंगे। नीरज के परिवार की नजरें घटनास्थल पर चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन पर थी और आस थी कि कुछ ऐसा चमत्कार हो जाए की नीरज सकुशल लौटे। दिन बीतता गया और परिवार की हिम्मत और आस्था अब जवाब दे रही थी। नीरज के सकुशल लौटने की उम्मीद दिन-व-दिन कम होते जा रही थी। 24 अगस्त को शिमला के शिव बावड़ी हादसे के घटनास्थल से नीरज का शव 11 दिन बाद मिला। हादसे वाले दिन नीरज शिव मंदिर में जलाभिषेक के लिए गया था, लेकिन चंद लम्हों में शिव बावड़ी मंदिर का नामोनिशान तक नहीं रहा। तबाही के उस मलबे में 20 लोगों ने अपनी जान गवां दी। जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों पर दुखो का पहाड़ टूट चूका है, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। नीरज के परिवार वालो का दु:ख शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। 11 दिन तक वो परिवार इस आस में बैठा रहा की शायद नीरज वापस लौट आएंगे। हर रोज इसी उम्मीद में वो नम आंखें इंतजार में रहीं, लेकिन आज लापता नीरज ठाकुर का शव बरामद कर लिया गया है। नीरज समरहिल के रहने वाले थे। नीरज का कुल्लू में होटल का कारोबार था। इस दुखद हादसे में नीरज ठाकुर अपनी मां शांति देवी, पत्नी समा ठाकुर और बेटी सान्या को पीछे छोड़ गए हैं। पल भर में नीरज के परिवार की खुशियां खत्म हो गई है। इस आपदा ने लोगो को जो जख्म दिए हैं, वो कभी नहीं भूल सकते।
मकान नहीं, जीवन भर की पूंजी थी। वो सपनों का आशियाना था जो पल भर में तबाह हो गया। कितना दर्दनाक रहा होगा वो मंजर जब लोगों ने अपने घरों को अपनी आँखों के सामने ताश के पत्तों की तरह बिखरते हुए देखा होगा। ये सोचना भी बेहद मुश्किल है। हिमाचल में आसमान से बरस रही आफत से सैकड़ों लोग बेघर हो चुके हैं। दरकते पहाड़, धंसती जमीन और टूटते मकान इस ओर इशारा कर रहे है कि हिमाचल पर ये संकट बड़ा है और ये संकट अभी टला नहीं है। आफत की बरसात ने ऐसा कोहराम मचाया है कि लोग रात को अपने घरों में चैन की नींद भी नहीं सो पा रहे हैं। 24 जून वो तारीख थी जब हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की एंट्री हुई थी। तबसे अब तक भारी बारिश का दौर जारी है। हिमाचल प्रदेश आपदा प्रबंधन की तरफ से जारी रिपोर्ट में अब तक 2220 घर पूरी तरह से जमींदोज हो चुके हैं। जबकि 11 हजार के करीब घरों में दरारें आई हैं। इसी तरह 9819 घर ऐसे है जिन्हे थोड़ा बहुत नुक्सान पहुंचा है। इस रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में बारिश और फ्लैश फ्लड में 4695 से अधिक गौशालाएं बह गई हैं। 300 से अधिक दुकानें बारिश में ढह गई हैं। भारी बारिश के कारण हिमाचल में अब तक 8 हजार 99 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। कुदरत के इस कहर के कारण अब तक 350 से अधिक लोगों की मौत भी हो चुकी है। इस आपदा से जो हिमाचल को नुक्सान पहुंचा है शायद वो कुछ वक्त के बाद सामान्य भी हो जाए, कुछ समय बाद सब वापिस पटरी पर लौट आए, लेकिन जिन लोगों ने इस त्रासदी में अपनों को खोया है वो अब कभी लौट कर नहीं आएंगे। जब भी तबाही की ये तस्वीरें जहन में आएंगी उन लोगो की आंखें फिर नम हो जाएंगी। आपदा के दिए ये जख्म सदा हरे रहेंगे।
14 अगस्त को नितिका का जन्मदिन था। हमेशा की तरह वो अपने पापा के विश करने का इंतज़ार कर रही थी। नितिका अपने पापा की फोन कॉल का इंतज़ार करते-करते थक गयी। जब उसके पापा का कॉल नहीं आया तो उसने खुद कॉल की लेकिन नंबर नहीं लगा। इसके बाद जो खबर शिमला के समरहिल से आई वो दिल दहला देने वाली थी ।यहाँ सावन की शिवरात्रि की पूजा के लिए जिस शिव बावड़ी मंदिर में सात लोगों का पूरा परिवार पूजा करने गया था, वहां लैंडस्लाइड हुआ और सभी मलबे में दब गए हैं। वो लुधियाना से तुरंत शिमला के लिए निकली। शाम को यहां पहुंचीं तो देखा कि सात में से चार परिजन उनकी मां संतोष शर्मा, भाई अमन और भाई की बेटियों नायरा और साशा के शव मलबे से निकाले जा चुके थे। सावन का छठा सोमवार और 14 अगस्त का वो दिन, नितिका अब शायद कभी नहीं भूल पाएगी। इन चार शवों को मुखाग्नि भी नितिका ने ही दी। तीसरे दिन उनके भाई अमन की पत्नी अर्चना का शव मिला, जिसका संस्कार अर्चना के भाई ने किया। परिवार में इकलौती बची नितिका का कहना है कि उसे 14 अगस्त का दिन कभी नहीं भूल सकता। पापा पवन शर्मा और भतीजी समायरा अभी भी लापता हैं। नितिका का रो रो कर बुरा हाल है। नितिका कहती है, 'वक्त बीत जायेगा, लेकिन यह जख़्म कभी नहीं भर पायेगा।Ó
हिमाचल प्रदेश में आई त्रासदी ने जो दर्द दिया है वो नासूर है। त्रासदी ने जो गहरे जख्म दिए हैं, इन जख्मों का न मरहम है और न कोई दवा और न ही आने वाला वक्त ये जख्म भर सकता है। मंडी के पड़ोह के रहने वाले नितीश भी इसी दर्द से गुजर रहे हैं। 14 अगस्त की वो सुबह नितीश के परिवार के लिए नया सवेरा नहीं, बल्कि काल का ग्रास ले आया। 14 अगस्त की सुबह लगभग 5 बजे नितीश के घर के पीछे अचानक ढेर सारा मलबा आ गया। अफरातफरी में सभी घर से बाहर निकल आए, लेकिन 6 महीने की सानिया घर के अंदर ही रह गई थी। नितेश की 18 वर्षीय पत्नी मोनिका और 17 वर्षीय बहन रविता उस दुधमुंही को बचाने के लिए घर के अंदर गई। ये दोनों यही सोचकर घर में गई कि बच्ची को उठाकर तुरंत बाहर आ जाएंगी, लेकिन होनी को कौन टाल सकता है। अचानक मलबा घर पर आ गया और तीनों घर सहित उस मलबे में दब गईं। 45 वर्षीय माता रचना देवी और 11 वर्षीय एक अन्य बहन गोपी मलबे की चपेट में आ गई और उसके साथ बहती चली गई। इतने में गांव वालों को पता चल गया और उन्होंने दोनों मां-बेटी को बाहर निकाल दिया। नितीश और उसकी एक अन्य 15 वर्षीय बहन जाह्नवी भागकर खुद को बचाने में कामयाब हो सके। मां के पांव में गंभीर चोट लग चुकी थी। पांव का इन्फेक्शन इतना बढ़ गया कि डॉक्टरों को घुटने से नीचे पांव ही काटना पड़ गया। माता हॉस्पिटल में उपचारधीन है, लेकिन अभी पत्नी, बेटी और बहन का कोई सुराग नहीं लग पाया है। परिवार के इकलौते सहारे नितीश के सिर पर दुखों का पहाड़ टूटने के साथ-साथ जिम्मेदारियों का बोझ भी है। अब नितीश को समझ नहीं आ रहा कि वो अस्पताल में उपचाराधीन मां को संभाले या फिर सांबल में आकर दिन भर अपनी पत्नी, बेटी और बहन के लिए चल रहे तलाशी कार्य को देखे। नितीश पर जो दुखो का पहाड़ टूटा है उस दर्द को शब्दों में बयां करना नामुमकिन है और नामुमकिन है इस हानि की भरपाई कर पाना।
हिमाचल प्रदेश भवन, सड़क एवं अन्य निर्माण मजदूर यूनियन (सीटू) की राज्य कमेटी के आह्वान पर जिला कमेटी सोलन का एक प्रतिनिधिमंडल श्रम कल्याण अधिकारी सोलन से मिला व उनके माध्यम से कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल, अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश भवन एवम् अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड को निर्माण मजदूरों की मांगों से संबंधित एक ज्ञापन भेजा। इस ज्ञापन के माध्यम से यूनियन ने निम्नलिखित मांगों को उठाया है : 1. राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड से पंजीकृत मजदूरों की सहायता राशि संबंधीत पिछले तीन वर्षों की राशि तुरंत जारी की जाये। 2. 12 दिसंबर 2022 को बोर्ड से जारी पत्र के बाद रोक गए बोर्ड के कार्य को तुरंत बहाल किया जाये 3. निर्माण मजदूरों का पंजीकरण, नवीनीकरण और सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया तुरंत बहाल की जाये। 4. भवन निर्माण में कार्य करने वाले मजदूरों के रोजगार प्रमाण पत्र में सैस (उपकर) अदायगी की शर्त हटाई जाये। 5. निर्माण मजदूरों को रोजगार प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार पूर्व की भांति पंजीकृत मजदूर यूनियनों के लिये बहाल किया जाये। 6. ग्राम पंचायतों में विभिन्न मद्दों के तहत होने वाले निर्माण कार्यों को बोर्ड के साथ पंजीकृत होने के लिये मान्य किया जायें। 7. बोर्ड के बजट से प्रशासनिक खर्चे कम और मजदूरों की सहायता संबंधी खर्चे अधिक किये जाये। 8. बोर्ड से पंजीकृत मजदूरों को प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुक्सान की भरपाई के लिये सहायता राशि प्रदान की जाये। 9. पंजीकृत मजदूर की पत्नी या पति की मौत होने पर भी उसे मृत्यु प्रसुविधा प्रदान की जाये। 10. बोर्ड के संसाधन बढ़ाने के लिये सैस एक्ट के प्रावधानों का सख्ती से लागू किया जाये। 11. पिछले एक साल से बोर्ड में पंजीकृत मजदूरों का नवीनीकरण न होने के कारण इसके लिये एक वर्ष का अतिरिक्त समय दिया जाये। गौरतलब है कि उक्त मांगों को इससे पूर्व भी प्रदेश भर से मजदूरों के द्वारा सरकार के समक्ष उठाया जा चुका है। मगर सरकार के द्वारा इन समस्याओं को हल करने के बजाए महज आश्वासन दिए जा रहे हैं और प्रदेश सरकार मजदूरों के पंजीकरण की प्रक्रिया में फसे पेंच को सुलझाने के लिए कोई सकारात्मक पहल करती हुई नजर नहीं आ रही है। इस मौके पर जिला सचिव राकेश कुमार, जिलाध्यक्ष जोगिंदर धीमान व कोषाध्यक्ष मोहित वर्मा सहित ललित कुमार, प्रेम सिंह, सोनम किशोर नेगी, सुरेश आदि सदस्य शामिल रहे।


















































